गिरिडीह जेल में कार्यरत पुलिस कर्मी को कारा जाने के क्रम में अपराधी ने मारी गोली,गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती


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(डेस्क खबर)

गिरिडीह : मंगलवार की रात गिरिडीह जेल के एक सिपाही को गोली मारकर हत्या करने की कोशिश की गई. इस घटना को लेकर् कई तरह की आशंका जाहिर की जा रही है। सवाल उठ रहा है कि यह हमला अपराधी ने अपने हथियार से हमला किया गिरिडीह जेल के सिपाही की रिवाल्वर छीन कर फायरिंग की, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. 

घायल सिपाही शशि भूषण यादव को गिरिडीह सदर अस्पताल से धनबाद भेजा गया, लेकिन धनबाद से भी उसे बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर ले जाया गया है. सिपाही को 4 गोलियां लगी है. फिलहाल उनकी हालत गंभीर है. 

बाइक से जाने के क्रम में हुआ हमला

जानकारी के अनुसार केंद्रीय कारा में तैनात सिपाही शशि भूषण यादव अपनी बाइक से केंद्रीय कारा की ओर जा रहे थे कि बाइक सवार अपराधियों ने फायरिंग करनी शुरू कर दी. इसे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. जिस जगह पर शशि भूषण यादव को गोली मारी गई है, वहां से गिरिडीह जेल की दूरी 500 मीटर बताई गई है. गोली चलने की आवाज सुन आसपास के लोग भयाक्रांत हो गए. सूचना मिलने पर प्रशासनिक महकमे में भी हड़कंप मच गया. थाना प्रभारी से लेकर अन्य पुलिस अधिकारी, जेल के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे. उसके बाद खून से लथपथ सिपाही को गिरिडीह सदर अस्पताल लेकर गए. गिरिडीह सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घायल सिपाही को बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया गया. धनबाद से उसे दुर्गापुर ले जाया गया है.

सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही है पुलिस

पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाल रही है. इसके पहले भी दुमका जेल में संत्री को गोली मारी गई थी. इस तरह की लगातार घटनाएं हो रही है ,तो क्या अब जेल में बंद अपराधी जेल में तैनात सुरक्षाकर्मियों को निशाने पर ले रखा है. आखिर गिरिडीह जेल में हाल के दिनों में दो घटनाएं क्यों हुई, कौन करा रहा है ऐसी घटनाएं .इसकी गंभीरता से जांच करने की जरूरत है .वैसे धनबाद में पकड़ाए अपराधियों ने स्वीकार किया था कि दुमका जेल के संत्री को उन लोगों ने ही गोली मारी थी. इसका मतलब है कि यह सब घटनाएं अंतर प्रांतीय अपराधिक गिरोह के आकाओं के इशारे पर हो रहा है. आका अपनी दबंग ता साबित करने के लिए घटनाएं करा रहे हैं और जेल में अपनी मनमर्जी करना चाहते हैं.

पार्श्वनाथ तीर्थंकर दिगंबर जिनविंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में रही धूम, समापन कल


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 निमियाघाट (गिरिडीह) : पारसनाथ की तलहटी पर निमियाघाट में स्थित जैन तीर्थस्थल पुरुषार्थ आश्रम में श्री 1008 श्री मज्जिनेन्द्र चिंतामणि पार्श्वनाथ तीर्थंकर दिगंबर जिनविंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव भब्य रूप में 18 फरवरी से 22 फरवरी तक होगा।

यह महोत्सव सबसे अधिक 557 दिन की तपस्या करने वाले सिंह निष्क्रिय व्रत धारी जैन संत अन्तर्मना आचार्य श्री के मंगल सानिध्य में हो रहा है।आज मंगलवार को चौथे दिन 1008 पारस नाथ भगवान का ज्ञान कल्याणक अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज के सानिध्य में धूमधाम से हुआ।

 महोत्सव में झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे जैन श्रद्धालू महिला-पुरुष शामिल हुए। पूरा तीर्थ क्षेत्र भगवान पार्श्वनाथ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। 

मंदिर निर्माणकर्ता विजय-राजू देवी कासलिवाल कोलकत्ता के द्वारा किया गया साथ ही धार्मिक कार्यक्रमों की धूम मची रही। सुबह में अन्तर्मना की नित्य भक्ति  अभिषेक व शांतिधारा के बाद पंचकल्याणक की पूजा की गई पूजा में आज आचार्य श्री ने आहार की क्रिया के बारे में बताया कि एक भगवान को आहार करना सैकड़ो मुनिराज को आहार कराने से ज्यादा पुण्य है ,की इस संसार मे अपनी नज़रिया को ठीक करने से सब जगह अच्छा और सकारात्मक दिखेगा ओर जिसकी नज़रिया अच्छी नही है उसे सब जगह बुराई दिखेगा ।

इस संसार मे बुरा कुछ भी नही है नज़रिया ही सब कुछ है ।गांधी जी ने कहा था कि बुरा मत देखो,बुरा मत सुनो,बुरा मत कहो मगर हम कहते है इससे पहले बुरा सोचना बंद करो तो सब कुछ अपने सही हो जाएगा ।इसके बाद आज पारसनाथ कुमार को तरुण भैया ले कर आहार के लिए निकले सेकड़ो लोग आहार देने के लिए लाइन में थे इसमे आहार देने का सौभाग्य मिला। इस क्रिया में बाद सभी साधु गण की आहारचर्या हुई। दिन में समोसरण लगाया गया,समवसरण का उद्घाटन मनोज जैन धनबाद ने किया इसके बाद अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महामुनिराज ने सभी भक्तों के जिज्ञासा का समाधान 

सोधर्म इंद्र ने प्रश्न किया कि मनुष्य अंधा,बहरा, गंगा क्यो होता है ?

समवसरण में बैठे अन्तर्मना आचार्य श्री ने बताया कि जो जीव धर्म की बाते सुन करके मुख मोड़ लेता है, धर्म की वाणी को सुनकर के अनसुना करता है ,और धर्म का लाभ लेता है ऐसा मनुष्य अंधा बहरा ओर गूंगा होता है

*एक जिज्ञासु ने प्रश्न किया कि मनुष्य त्रियंच क्यो होता है?

अन्तर्मना ने बताया कि जो धर्म का पैसा को अपने जीवनोपयोगी में लगता है वो नियम से त्रियंच बनता है।

देव गति के मनुष्य ने प्रश्न किया कि मनुष्य निर्धन क्यो होता है ?

अन्तर्मना आचार्य श्री ने बताया कि जो मनुष्य दान देता है उसका हँसी उड़ाना, उससे जलना ये करने से मनुष्य नियम से निर्धन होता है।

पुरुषार्थ आश्रम में नवनिर्मित मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा की ज्ञान कल्याणक आज मनाया गया,कल भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाया जाएगा।सभी कार्यक्रम उपाध्याय सौम्य मूर्ति 108 पीयूष सागर जी महाराज के निर्देशन में हो रहा है।

गिरिडीह: बिरनी थाना क्षेत्र के स्कूल में प्रार्थना के दौरान एक छात्र के अचानक गिरने के बाद हो गई उसकी मौत

गिरिडीह: जिले के बिरनी थाना क्षेत्र में स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान एक छात्र के अचानक गिरने के बाद उसकी मौत हो गई. घटना शुक्रवार को सुबह 9 बजे की है. मृतक छात्र का नाम हितेश कुमार है और वह बिरनी के मंझलाडीह का रहने वाला था।बताया जा रहा है कि भलुआ स्थित एक निजी स्कूल में छठे क्लास का छात्र हितेश प्रार्थना सभा के दौरान अचानक गिर गया। विधालय प्रबंधन के द्वारा उसे आनन- फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरनी ले जाया गया. जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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इधर परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हो-हंगामा भी किया. परिजनों का आरोप है कि डाक्टर दस मिनट के बाद पहुंचे और बाहर बेड पर ही लेटा दिया. बताया जाता है कि उसके पिता प्रवासी मजदूर हैं और सूरत में मजदूरी करते हैं. इधर अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को शव सौंप दिया है. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।