भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा', पहलगाम हमले की बरसी पर पीएम मोदी का सख्त संदेश

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आज पहलगाम हमले की पहली बरसी है। पिछले साल 2025 में इसी दिन पहलगाम में आतंकियों ने 26 निर्दोषों लोगों की जान ले ली थी। पीएम मोदी ने इस दिन को याद करते हुए मृतकों के प्रति अपनी संवेदना जताई है। साथ ही आतंकवाद को लेकर एक बार फिर बड़ा और सख्त संदेश दिया है।

आतंकियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, 'पिछले साल आज ही के दिन पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को हम याद कर रहे हैं। उन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा। मेरी संवेदनाएं उन शोक-संतप्त परिवारों के साथ हैं, जो इस अपार क्षति का सामना कर रहे हैं। एक राष्ट्र के रूप में, हम इस दुख और संकल्प की घड़ी में एकजुट हैं। भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा। आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।'

देश की प्रतिक्रिया मजबूत, स्पष्ट और निर्णायक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पहलगाम में हुए आतंकी हमले की बरसी पर जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को हुए इस कायरतापूर्ण हमले में जिन निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई, उन्हें देश कभी नहीं भूल सकता। राजनाथ सिंह ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दर्द को पूरा देश साझा करता है। उन्होंने कहा कि यह घाव भारत की स्मृतियों में हमेशा ताजा रहेगा।रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि भारत ने दशकों से सीमा पार आतंकवाद का सामना किया है, लेकिन आज देश की प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक मजबूत, स्पष्ट और निर्णायक है। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत की एकता और नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश का जवाब पूरी शक्ति और दृढ़ता के साथ दिया जाएगा।

धर्म पूछ-पूछकर लोगों को मारी गई थी गोली

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल बड़ा आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने बैसरन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाया था। यहां धर्म पूछ-पूछकर लोगों को गोली मार दी गई थी। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया और पाकिस्तान स्थित आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया था।

कुछ सीमाएं कभी नहीं लांघी जानी चाहिए...',पहलगाम हमले की बरसी से एक दिन पहले भारतीय सेना का कड़ा संदेश

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22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद पहलगाम अब धीरे-धीरे अपने पुराने रंग में लौटता दिख रहा है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद, भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान में मौजूद लश्कर और जैश के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। अब एक साल बाद भारत उन जानों के नुकसान को एक बार फिर याद कर रहा है और शोक मना रहा है। इस बीच भारतीय सेना ने कड़ा संदेश दिया है।

एकजुट भारत का संदेश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ से पहले, भारतीय सेना ने मंगलवार को आतंकवाद के खिलाफ भारत के अडिग रुख को दोहराते हुए एक संदेश जारी किया। सोशल मीडिया साइट्स पर जारी किए गए पोस्ट में भारतीय सेना के संदेश में कहा गया है, 'जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है। न्याय मिलता है। भारत एकजुट है।'

भारतीय सेना की आतंकियों को चेतावनी

भारतीय सेना ने आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा, 'कुछ सीमाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें कभी पार नहीं करना चाहिए।' सेना ने अपनी इस पोस्ट में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया है।

कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई

इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले पूरे कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हमले की बरसी को देखते हुए, सभी सुरक्षा एजेंसियों को संभावित गतिविधियों, विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्रों के आसपास सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एक प्रभावी व बड़ी सुरक्षा योजना सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर बैठकें आयोजित की गई हैं, और वरिष्ठ अधिकारी इन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।

पहलगाम आतंकी हमला और “ऑपरेशन सिंदूर”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने छुट्टियां मना रहे 26 निर्दोष (25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक) लोगों पर निर्मम हत्या की थी। इस आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। इसके बाद भारत की मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकाने ध्वस्त किए गए। इससे घबराए पाकिस्तान ने 10 मई को भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू किया गया।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती आज, पीएम मोदी ने किया खास मैसेज

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आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला समेत तमाम राजनीतिक-सामाजिक हस्तियों ने दिल्ली में बनाए गए स्मारक- 'सदैव अटल' जाकर दिवंगत राजनेता को नमन किया।

पीएम मोदी का खास पोस्ट

इससे पहले पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को खास तरीके से याद किया। पीएम मोदी ने एक्स पर बेहद खास पोस्ट की है। पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए अपने एक्स हैंडल पर वीडियो साझा किया। उन्होंने वाजपेयी के आचरण, विचार और अटल संकल्प को राजनीति का आदर्श मानक करार दिया।

पीएम मोदी ने अटल जी को ऐसे किया याद

पीएम मोदी ने लिखा, 'आदरणीय अटल जी की जन्म-जयंती हम सबके लिए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का एक विशेष अवसर है। उनका आचरण, शालीनता, वैचारिक दृढ़ता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प भारतीय राजनीति के लिए एक आदर्श मानक है। उन्होंने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि श्रेष्ठता पद से नहीं, आचरण से स्थापित होती है और वही समाज को दिशा देती है।'

पीएम मोदी ने शेयर किया वीडियो

प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें उनके पुराने भाषण हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को लेकर कहा था कि अटलजी की वाणी सिर्फ बीजेपी की आवाज नहीं बनी थी, बल्कि इस देश में एक समय ऐसा था जब अटलजी की वाणी भारत के सामान्य मानवीय आशाओं और आकांक्षाओं की वाणी बन चुकी थी। अटलजी बोल रहे हैं, मतलब देश बोल रहा है। अटलजी बोल रहे हैं, मतलब वह अपनी भावनाओं को नहीं, बल्कि देश के जन-जन की भावनाओं को समेटकर उनको अभिव्यक्ति दे रहे हैं।

“सदैव अटल” पहुंची राष्ट्रपति समेत ये हस्तियां

पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की 101वीं जयंती पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला समेत कई भाजपा नेताओं ने वाजपेयी की स्मृति में बनाए गए स्मारक- सदैव अटल पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

संसद पर आतंकी हमले की 24वीं बरसी आज, पीएम मोदी-राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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संसद भवन पर हमले की आज 24वीं बरसी है। 2001 में आज ही के दिन आतंकवादियों ने देश की संसद को निशाना बनाया था, जिसमें कई वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। देश उन वीर सपूतों को याद कर रहा है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना आतंकियों को मंसूबों को नाकामयाब कर दिया।

संसद हमले की 24वीं बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू और अन्य सांसदों और इस हमले में शहीद सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि दीं और उनके बलिदान को याद किया।

13 दिसंबर 2001 को हुए संसद हमले की याद में आज संविधान सदन (पुरानी संसद भवन) में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था। इस दौरान सीआईएसएफ के जवानों ने 'सम्मान गार्ड' दिया, जिसके बाद कुछ मिनट का मौन भी रखा गया। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित समारोह में सभी नेताओं ने फूल चढ़ाकर और श्रद्धांजलि देकर शहीद सुरक्षा कर्मियों के अदम्य साहस और बलिदान को सम्मानित किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सबसे पहले श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद पीएम मोदी, राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने भी जवानों की तस्वीरों के पास पुष्प अर्पित किए।

पीएम मोदी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज के दिन हमारा देश 2001 में संसद पर हुए भयानक हमले में अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को याद करता है। इस संकटपूर्ण समय में उनके साहस, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा सराहनीय थी। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए आभारी रहेगा।

अमित शाह ने वीरों के साहस को किया स्मरण

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, आज का दिन आतंकवाद के खिलाफ हमारे सुरक्षाबलों के उस अदम्य शौर्य व साहस को फिर से स्मरण करने का दिन है, जब वर्ष 2001 में विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर, हमारे संसद भवन पर हुए कायराना आतंकी हमले को उन्होंने अपने जज्बे से नाकाम किया। आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को नमन करता हूं। यह राष्ट्र वीर सेनानियों के त्याग व बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।

राहुल गांधी ने शहीद के बलिदान को किया याद

वहीं, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, संसद भवन पर 2001 में हुए दुस्साहसी आतंकवादी हमले के दौरान देश के सम्मान की रक्षा करने वाले शहीद जवानों को कोटि कोटि नमन और विनम्र श्रद्धांजलि। भारत आपका यह बलिदान हमेशा याद रखेगा और इससे देशप्रेम की प्रेरणा लेता रहेगा।

धरती आबा बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती आज, राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

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भगवान बिरसा मुंडा की आज 150वीं जयंती है। बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। हर साल 15 नवंबर को झारखंड का स्थापना दिवस भी मनाया जाता है। साल 2000 में बिहार से अलग होकर झारखंड एक अलग राज्य बना। झारखंड आज अपना 25वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस 'रजत जयंती' के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धरती आबा को श्रद्धासुमन अर्पित किया है साथ ही झारखंड की जनता को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

इस मौके पर संसद परिसर में स्थापित धरती आबा बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। संसद परिसर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोक सभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई मंत्रियों और केंद्रीय कर्मियों ने बिरसा मुंडा को नमन किया। झारखंड में जन्मे मां भारती के इस सपूत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, सभी को झारखंड राज्य की स्थापना की रजत जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान बिरसा मुंडा की इस धरती के प्रतिभाशाली और कर्मठ लोगों ने राज्य का और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध यह राज्य देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। यहां के जनजातीय समुदाय की समृद्ध लोक-कलाओं की देश-विदेश में प्रतिष्ठा है। यहां के शूरवीरों ने भारत माता की सेवा के अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। मेरी मंगलकामना है कि झारखंड प्रगति-पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे और राज्य के सभी निवासियों का भविष्य उज्ज्वल हो।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, झारखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती पर सभी निवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। वीरता, आत्मसम्मान और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से ओतप्रोत भगवान बिरसा मुंडा की यह धरती अपने गौरवशाली इतिहास के लिए जानी जाती है। अपने कर्मठ जनों के योगदान से समृद्ध यह राज्य देश के विकास में अमूल्य भूमिका निभा रहा है। मेरी यही कामना है कि झारखंड निरंतर प्रगति के नए शिखर छूता रहे और यहाँ की धरती सदा समृद्धि व सुख-शांति से परिपूर्ण रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखे संदेश में कहा, देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा जी को उनकी 150वीं जयंती पर शत-शत नमन। जनजातीय गौरव दिवस के इस पावन अवसर पर पूरा देश मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनके अतुलनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण कर रहा है। विदेशी हुकूमत के अन्याय के खिलाफ उनका संघर्ष और बलिदान हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।

एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, जनजातीय संस्कृति से समृद्ध गौरवशाली प्रदेश झारखंड के सभी निवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। भगवान बिरसा मुंडा जी की इस धरती का इतिहास साहस, संघर्ष और स्वाभिमान की गाथाओं से भरा हुआ है। आज इस विशेष अवसर पर मैं राज्य के अपने सभी परिवारजनों के साथ ही यहां की प्रगति और समृद्धि की कामना करता हूं।

सरदार पटेल 150वीं जयंती आज, पीएम मोदी ने ली एकता दिवस परेड की सलामी, दिलाई एकजुटता की शपथ

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सरदार वल्लभभाई पटेल की आज 150वीं जयंती है। आज गुजरात स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर नर्मदा के केवडिया में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया। उन्होंने स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

पीएम मोदी ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए लोगों को एकता की शपथ दिलाई। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल पूरी तरह से जनसेवा के लिए समर्पित थे। पटेल एकता और अखंडता के प्रतीक थे। उनको देश की एकता का सूत्रधार भी कहा जा सकता है।

पीएम मोदी ने साथ शपथ लेते हुए वहां मौजूद लोगों ने दोहराया, मैं सच्ची निष्ठा से शपथ लेता हूं कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वंय को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का की हर प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूं। जिसे सरदार बल्लभ बाई पटेल की दूरदर्शिता और कार्य द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्य निष्ठा से संकल्प करता हूं।

भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक’, आपातकाल के 50 साल पर बोले पीएम मोदी

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देश में 1975 को लगाए गए आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकतंत्र के इतिहास के काले अध्याय को याद करते हुए कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक आपातकाल लागू होने के पचास साल पूरे हो गए हैं। यह वो वक्त था जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र को बंधक बना लिया था।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स लिखा, यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है। भारत के लोग इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाते हैं। इस दिन, भारतीय संविधान के मूल्यों को दरकिनार कर दिया गया, मौलिक अधिकार छीन लिए गए, प्रेस की स्वतंत्रता को खत्म कर दिया गया। कई राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्रों और आम नागरिकों को जेल में डाल दिया गया।

तब मैं आरएसएस का युवा प्रचारक था-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने लिखा कि जब आपातकाल लगाया गया था, तब मैं आरएसएस का युवा प्रचारक था। आपातकाल विरोधी आंदोलन मेरे लिए सीखने का एक अनुभव था। इसने हमारे लोकतांत्रिक ढांचे को बचाए रखने की अहमियत को फिर से पुष्ट किया। साथ ही, मुझे राजनीतिक स्पेक्ट्रम के सभी लोगों से बहुत कुछ सीखने को मिला। पीएम ने लिखा कि मुझे खुशी है कि ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन ने उन अनुभवों में से कुछ को एक किताब के रूप में संकलित किया है, जिसकी प्रस्तावना श्री एच.डी. देवेगौड़ा जी ने लिखी है, जो खुद आपातकाल विरोधी आंदोलन के एक दिग्गज थे।

आपातकाल के खिलाफ लड़ने वालों को सलाम-पीएम मोदी

पीएम ने आपातकाल के खिलाफ खड़े होने वालों को सलाम किया। पीएम ने कहा हम आपातकाल के खिलाफ लड़ाई में डटे रहने वाले हर व्यक्ति को सलाम करते हैं। ये पूरे भारत से, हर क्षेत्र से, अलग-अलग विचारधाराओं से आए लोग थे, जिन्होंने एक ही उद्देश्य से एक-दूसरे के साथ मिलकर काम किया। भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा करना और उन आदर्शों को बनाए रखना, जिनके लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना जीवन समर्पित कर दिया। यह उनका सामूहिक संघर्ष ही था, जिसने सुनिश्चित किया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार को लोकतंत्र बहाल करना पड़ा और नए चुनाव कराने पड़े, जिसमें वे बुरी तरह हार गए।

50 साल पहले लगे आपातकाल के विरोध में भाजपा आज मनाएगी संविधान हत्या दिवस, दिलाई जाएगी काले दौर की याद

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देश में आपातकाल की घोषणा हुए आज 50 साल हो गए। साल 1975 में 25 और 26 जून की दरम्यानी रात से 21 मार्च 1977 तक (21 महीने) तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की घोषणा की थी। आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर बुधवार को भाजपा देशभर में संविधान हत्या दिवस का आयोजन करेगी। विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के जरिये लोगों को आपातकाल के काले दौर की याद दिलाई जाएगी। जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में मीसा बंदियों का सम्मान किया जाएगा।

पीएम मोदी ने लिया संविधान हत्या दिवस मनाने का निर्णय

इससे पहले आपातकाल की 50वीं बरसी की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली में श्यामा प्रसाद मुखर्जी न्यास की ओर से आयोजित आपातकाल के 50 साल कार्यक्रम में शाह ने कहा कि जब 11 जुलाई 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्णय किया कि हर वर्ष 25 जून को संविधान हत्या दिवस मनाया जाएगा, तब यह सवाल उठे कि 50 साल पहले हुई किसी घटना पर बात करके आज क्या हासिल होगा?

आपातकाल तानाशाही मानसिकता और सत्ता की भूख की उपज-शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने आपातकाल को अन्यायकाल बताया है। अमित शाह ने कहा कि 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का लाया आपातकाल असल में कांग्रेस का अन्यायकाल था। आपातकाल परिस्थिति और मजबूरी की नहीं बल्कि तानाशाही मानसिकता और सत्ता की भूख की उपज होता है। शाह ने यह भी कहा कि 25 जून सभी को याद दिलाता है कि कांग्रेस सत्ता के लिए किस हद तक जा सकती है।

मणिपुर हिंसा के दो साल, हाई अलर्ट के बीच मैतेई-कुकी ने बंद का किया ऐलान

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मणिपुर में जातीय हिंसा के आज दो साल पूरे हो गए। इसको लेकर मैतेई और कुकि समुदायों ने राज्यभर में शटडाउन का आह्वान किया। इस दौरान जहां मैतेई समुदाय की एक संगठन ने इंफाल में 'मणिपुर पीपल्स कन्वेंशन' आयोजित किया, वहीं कुकी समुदाय ने 'डे ऑफ सेपरेशन' मनाया। मणिपुर में लगभग सभी जगह आज बाजार, दुकानें और स्कूल-कॉलेज बंद हैं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। इधर, राज्य में तनाव को देखते हुए सुरक्षाबलों ने इम्फाल, चुराचांदपुर और कंगपोकपी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।

सुरक्षाबलों ने 20 किमी किया फ्लैग मार्च

मणिपुर हिंसा की दूसरी बरसी से एक दिन पहले (2 मई) सुरक्षाबलों ने फ्लैग मार्च किया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 34 बटालियन के डीआईजी सुशांकर उपाध्याय ने बताया कि इस फ्लैग मार्च से लोगों में एक भरोसा पैदा होगा। लोगों को लगेगा कि हालात पर काबू पाने के लिए यहां एक न्यूट्रल (किसी के पक्ष में नहीं) फोर्स है।

डीआईजी उपाध्याय ने ये भी बताया कि फ्लैग मार्च में 1000 जवान शामिल हुए। हमने इसे इम्फाल पुलिस के साथ कोऑर्डिनेशन में आयोजित किया था। हमने करीब 20 किमी का मार्च निकाला। हम लोगों में एक तरह का विश्वास और उपद्रवियों को चेतावनी देना चाहते थे।

13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन, नई सरकार की मांग तेज

मणिपुर में 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन है, लेकिन मौजूदा विधानसभा भंग नहीं हुई है। सिर्फ निलंबित है। इसलिए कई नागरिक संगठन इसके विरोध में उतर आए हैं। सियासी ताकत पूर्व सीएम एन. वीरेन सिंह के हाथ में है, क्योंकि यहां भाजपा बिखरी हुई है। चार-पांच दिन पहले ही 21 विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर राज्य में तत्काल लोकप्रिय सरकार बनाने की मांग की थी। पत्र पर भाजपा के 14 विधायकों ने साइन किए हैं।

हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए

मणिपुर में दो साल पहले मैतेई और कुकि समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी, जिसमें 260 से अधिक लोग मारे गए थे और 70,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हो गए थे। इस मामले में 6 हजार एफआईआर दर्ज हुईं, उनमें करीब 2500 में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।

उद्धव गुट का बड़ा दांव, संजय राउत ने की बाला साहब को भारत रत्न देने की मांग

#balthackeraybirthanniversaryubtshivsenademandsbharat_ratna

शिवसेना के संसथापक बाला साहब ठाकरे की आज जयंती है। बाला साहब ठाकरे की 99वीं जयंती पर शिंदे गुट की शिवसेना (यूबीटी) ने बाल ठाकरे को भारत रत्न दिए जाने की मांग उठाई। संजय राउत ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को 26 जनवरी के मौके पर बाला साहब ठाकरे भारत रत्न देने का ऐलान करना चाहिए।

संजय राउत ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने अपने पूरे जीवनकाल में सिर्फ दूसरों को आगे बढ़ाया। उन्होंने कभी भी वसूलों के साथ समझौता नहीं किया। ठाकरे को जब देशहित में जो फैसला लगा, वो किया। चाहे इंदिरा को समर्थन देने की बात हो चाहे बीजेपी को।राउत ने कहा कि पिछले दस वर्षों में भाजपा सरकार ने कुछ ऐसे लोगों को भारत रत्न दिया है, जो इसके हकदार नहीं थे।

बाल ठाकरे के भारत रत्न से सावरकर को कैसे मिलेगा सम्मान?

बाल ठाकरे की जयंती के अवसर पर बोलते हुए संजय राउत ने कहा कि बाल ठाकरे को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने हिंदुत्व के बीज इस देश में बोए। उन्होंने कहा कि ठाकरे की जन्म शताब्दी एक साल दूर है और इस शताब्दी से पहले उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि अगर बाल ठाकरे को भारत रत्न मिलेगा, तो इससे वीर सावरकर को भी सम्मान मिलेगा।

पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

इधर, बालासाहेब ठाकरे की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा है। पीएम ने अपने पोस्ट में लिखा- मैं बालासाहेब ठाकरे जी को उनके जन्मदिन पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्हें जन कल्याण और महाराष्ट्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए व्यापक रूप से सम्मान दिया जाता है और याद किया जाता है। उन्होंने अपनी मूल मान्यताओं से कभी समझौता नहीं किया और हमेशा भारतीय संस्कृति के गौरव को बढ़ाने में अपना योगदान दिया।

भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा', पहलगाम हमले की बरसी पर पीएम मोदी का सख्त संदेश

#pahalgam

आज पहलगाम हमले की पहली बरसी है। पिछले साल 2025 में इसी दिन पहलगाम में आतंकियों ने 26 निर्दोषों लोगों की जान ले ली थी। पीएम मोदी ने इस दिन को याद करते हुए मृतकों के प्रति अपनी संवेदना जताई है। साथ ही आतंकवाद को लेकर एक बार फिर बड़ा और सख्त संदेश दिया है।

आतंकियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, 'पिछले साल आज ही के दिन पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को हम याद कर रहे हैं। उन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा। मेरी संवेदनाएं उन शोक-संतप्त परिवारों के साथ हैं, जो इस अपार क्षति का सामना कर रहे हैं। एक राष्ट्र के रूप में, हम इस दुख और संकल्प की घड़ी में एकजुट हैं। भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा। आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।'

देश की प्रतिक्रिया मजबूत, स्पष्ट और निर्णायक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पहलगाम में हुए आतंकी हमले की बरसी पर जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को हुए इस कायरतापूर्ण हमले में जिन निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई, उन्हें देश कभी नहीं भूल सकता। राजनाथ सिंह ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दर्द को पूरा देश साझा करता है। उन्होंने कहा कि यह घाव भारत की स्मृतियों में हमेशा ताजा रहेगा।रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि भारत ने दशकों से सीमा पार आतंकवाद का सामना किया है, लेकिन आज देश की प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक मजबूत, स्पष्ट और निर्णायक है। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत की एकता और नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश का जवाब पूरी शक्ति और दृढ़ता के साथ दिया जाएगा।

धर्म पूछ-पूछकर लोगों को मारी गई थी गोली

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल बड़ा आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने बैसरन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाया था। यहां धर्म पूछ-पूछकर लोगों को गोली मार दी गई थी। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया और पाकिस्तान स्थित आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया था।

कुछ सीमाएं कभी नहीं लांघी जानी चाहिए...',पहलगाम हमले की बरसी से एक दिन पहले भारतीय सेना का कड़ा संदेश

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22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद पहलगाम अब धीरे-धीरे अपने पुराने रंग में लौटता दिख रहा है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद, भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान में मौजूद लश्कर और जैश के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। अब एक साल बाद भारत उन जानों के नुकसान को एक बार फिर याद कर रहा है और शोक मना रहा है। इस बीच भारतीय सेना ने कड़ा संदेश दिया है।

एकजुट भारत का संदेश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ से पहले, भारतीय सेना ने मंगलवार को आतंकवाद के खिलाफ भारत के अडिग रुख को दोहराते हुए एक संदेश जारी किया। सोशल मीडिया साइट्स पर जारी किए गए पोस्ट में भारतीय सेना के संदेश में कहा गया है, 'जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है। न्याय मिलता है। भारत एकजुट है।'

भारतीय सेना की आतंकियों को चेतावनी

भारतीय सेना ने आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा, 'कुछ सीमाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें कभी पार नहीं करना चाहिए।' सेना ने अपनी इस पोस्ट में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया है।

कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई

इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले पूरे कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हमले की बरसी को देखते हुए, सभी सुरक्षा एजेंसियों को संभावित गतिविधियों, विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्रों के आसपास सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एक प्रभावी व बड़ी सुरक्षा योजना सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर बैठकें आयोजित की गई हैं, और वरिष्ठ अधिकारी इन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।

पहलगाम आतंकी हमला और “ऑपरेशन सिंदूर”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने छुट्टियां मना रहे 26 निर्दोष (25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक) लोगों पर निर्मम हत्या की थी। इस आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। इसके बाद भारत की मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकाने ध्वस्त किए गए। इससे घबराए पाकिस्तान ने 10 मई को भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू किया गया।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती आज, पीएम मोदी ने किया खास मैसेज

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आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला समेत तमाम राजनीतिक-सामाजिक हस्तियों ने दिल्ली में बनाए गए स्मारक- 'सदैव अटल' जाकर दिवंगत राजनेता को नमन किया।

पीएम मोदी का खास पोस्ट

इससे पहले पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को खास तरीके से याद किया। पीएम मोदी ने एक्स पर बेहद खास पोस्ट की है। पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए अपने एक्स हैंडल पर वीडियो साझा किया। उन्होंने वाजपेयी के आचरण, विचार और अटल संकल्प को राजनीति का आदर्श मानक करार दिया।

पीएम मोदी ने अटल जी को ऐसे किया याद

पीएम मोदी ने लिखा, 'आदरणीय अटल जी की जन्म-जयंती हम सबके लिए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का एक विशेष अवसर है। उनका आचरण, शालीनता, वैचारिक दृढ़ता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प भारतीय राजनीति के लिए एक आदर्श मानक है। उन्होंने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि श्रेष्ठता पद से नहीं, आचरण से स्थापित होती है और वही समाज को दिशा देती है।'

पीएम मोदी ने शेयर किया वीडियो

प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें उनके पुराने भाषण हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को लेकर कहा था कि अटलजी की वाणी सिर्फ बीजेपी की आवाज नहीं बनी थी, बल्कि इस देश में एक समय ऐसा था जब अटलजी की वाणी भारत के सामान्य मानवीय आशाओं और आकांक्षाओं की वाणी बन चुकी थी। अटलजी बोल रहे हैं, मतलब देश बोल रहा है। अटलजी बोल रहे हैं, मतलब वह अपनी भावनाओं को नहीं, बल्कि देश के जन-जन की भावनाओं को समेटकर उनको अभिव्यक्ति दे रहे हैं।

“सदैव अटल” पहुंची राष्ट्रपति समेत ये हस्तियां

पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की 101वीं जयंती पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला समेत कई भाजपा नेताओं ने वाजपेयी की स्मृति में बनाए गए स्मारक- सदैव अटल पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

संसद पर आतंकी हमले की 24वीं बरसी आज, पीएम मोदी-राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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संसद भवन पर हमले की आज 24वीं बरसी है। 2001 में आज ही के दिन आतंकवादियों ने देश की संसद को निशाना बनाया था, जिसमें कई वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। देश उन वीर सपूतों को याद कर रहा है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना आतंकियों को मंसूबों को नाकामयाब कर दिया।

संसद हमले की 24वीं बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू और अन्य सांसदों और इस हमले में शहीद सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि दीं और उनके बलिदान को याद किया।

13 दिसंबर 2001 को हुए संसद हमले की याद में आज संविधान सदन (पुरानी संसद भवन) में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था। इस दौरान सीआईएसएफ के जवानों ने 'सम्मान गार्ड' दिया, जिसके बाद कुछ मिनट का मौन भी रखा गया। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित समारोह में सभी नेताओं ने फूल चढ़ाकर और श्रद्धांजलि देकर शहीद सुरक्षा कर्मियों के अदम्य साहस और बलिदान को सम्मानित किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सबसे पहले श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद पीएम मोदी, राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने भी जवानों की तस्वीरों के पास पुष्प अर्पित किए।

पीएम मोदी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज के दिन हमारा देश 2001 में संसद पर हुए भयानक हमले में अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को याद करता है। इस संकटपूर्ण समय में उनके साहस, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा सराहनीय थी। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए आभारी रहेगा।

अमित शाह ने वीरों के साहस को किया स्मरण

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, आज का दिन आतंकवाद के खिलाफ हमारे सुरक्षाबलों के उस अदम्य शौर्य व साहस को फिर से स्मरण करने का दिन है, जब वर्ष 2001 में विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर, हमारे संसद भवन पर हुए कायराना आतंकी हमले को उन्होंने अपने जज्बे से नाकाम किया। आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को नमन करता हूं। यह राष्ट्र वीर सेनानियों के त्याग व बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।

राहुल गांधी ने शहीद के बलिदान को किया याद

वहीं, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, संसद भवन पर 2001 में हुए दुस्साहसी आतंकवादी हमले के दौरान देश के सम्मान की रक्षा करने वाले शहीद जवानों को कोटि कोटि नमन और विनम्र श्रद्धांजलि। भारत आपका यह बलिदान हमेशा याद रखेगा और इससे देशप्रेम की प्रेरणा लेता रहेगा।

धरती आबा बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती आज, राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

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भगवान बिरसा मुंडा की आज 150वीं जयंती है। बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। हर साल 15 नवंबर को झारखंड का स्थापना दिवस भी मनाया जाता है। साल 2000 में बिहार से अलग होकर झारखंड एक अलग राज्य बना। झारखंड आज अपना 25वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस 'रजत जयंती' के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धरती आबा को श्रद्धासुमन अर्पित किया है साथ ही झारखंड की जनता को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

इस मौके पर संसद परिसर में स्थापित धरती आबा बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। संसद परिसर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोक सभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई मंत्रियों और केंद्रीय कर्मियों ने बिरसा मुंडा को नमन किया। झारखंड में जन्मे मां भारती के इस सपूत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, सभी को झारखंड राज्य की स्थापना की रजत जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान बिरसा मुंडा की इस धरती के प्रतिभाशाली और कर्मठ लोगों ने राज्य का और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध यह राज्य देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। यहां के जनजातीय समुदाय की समृद्ध लोक-कलाओं की देश-विदेश में प्रतिष्ठा है। यहां के शूरवीरों ने भारत माता की सेवा के अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। मेरी मंगलकामना है कि झारखंड प्रगति-पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे और राज्य के सभी निवासियों का भविष्य उज्ज्वल हो।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, झारखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती पर सभी निवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। वीरता, आत्मसम्मान और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से ओतप्रोत भगवान बिरसा मुंडा की यह धरती अपने गौरवशाली इतिहास के लिए जानी जाती है। अपने कर्मठ जनों के योगदान से समृद्ध यह राज्य देश के विकास में अमूल्य भूमिका निभा रहा है। मेरी यही कामना है कि झारखंड निरंतर प्रगति के नए शिखर छूता रहे और यहाँ की धरती सदा समृद्धि व सुख-शांति से परिपूर्ण रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखे संदेश में कहा, देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा जी को उनकी 150वीं जयंती पर शत-शत नमन। जनजातीय गौरव दिवस के इस पावन अवसर पर पूरा देश मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनके अतुलनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण कर रहा है। विदेशी हुकूमत के अन्याय के खिलाफ उनका संघर्ष और बलिदान हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।

एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, जनजातीय संस्कृति से समृद्ध गौरवशाली प्रदेश झारखंड के सभी निवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। भगवान बिरसा मुंडा जी की इस धरती का इतिहास साहस, संघर्ष और स्वाभिमान की गाथाओं से भरा हुआ है। आज इस विशेष अवसर पर मैं राज्य के अपने सभी परिवारजनों के साथ ही यहां की प्रगति और समृद्धि की कामना करता हूं।

सरदार पटेल 150वीं जयंती आज, पीएम मोदी ने ली एकता दिवस परेड की सलामी, दिलाई एकजुटता की शपथ

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सरदार वल्लभभाई पटेल की आज 150वीं जयंती है। आज गुजरात स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर नर्मदा के केवडिया में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया। उन्होंने स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

पीएम मोदी ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए लोगों को एकता की शपथ दिलाई। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल पूरी तरह से जनसेवा के लिए समर्पित थे। पटेल एकता और अखंडता के प्रतीक थे। उनको देश की एकता का सूत्रधार भी कहा जा सकता है।

पीएम मोदी ने साथ शपथ लेते हुए वहां मौजूद लोगों ने दोहराया, मैं सच्ची निष्ठा से शपथ लेता हूं कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वंय को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का की हर प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूं। जिसे सरदार बल्लभ बाई पटेल की दूरदर्शिता और कार्य द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्य निष्ठा से संकल्प करता हूं।

भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक’, आपातकाल के 50 साल पर बोले पीएम मोदी

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देश में 1975 को लगाए गए आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकतंत्र के इतिहास के काले अध्याय को याद करते हुए कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक आपातकाल लागू होने के पचास साल पूरे हो गए हैं। यह वो वक्त था जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र को बंधक बना लिया था।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स लिखा, यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है। भारत के लोग इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाते हैं। इस दिन, भारतीय संविधान के मूल्यों को दरकिनार कर दिया गया, मौलिक अधिकार छीन लिए गए, प्रेस की स्वतंत्रता को खत्म कर दिया गया। कई राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्रों और आम नागरिकों को जेल में डाल दिया गया।

तब मैं आरएसएस का युवा प्रचारक था-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने लिखा कि जब आपातकाल लगाया गया था, तब मैं आरएसएस का युवा प्रचारक था। आपातकाल विरोधी आंदोलन मेरे लिए सीखने का एक अनुभव था। इसने हमारे लोकतांत्रिक ढांचे को बचाए रखने की अहमियत को फिर से पुष्ट किया। साथ ही, मुझे राजनीतिक स्पेक्ट्रम के सभी लोगों से बहुत कुछ सीखने को मिला। पीएम ने लिखा कि मुझे खुशी है कि ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन ने उन अनुभवों में से कुछ को एक किताब के रूप में संकलित किया है, जिसकी प्रस्तावना श्री एच.डी. देवेगौड़ा जी ने लिखी है, जो खुद आपातकाल विरोधी आंदोलन के एक दिग्गज थे।

आपातकाल के खिलाफ लड़ने वालों को सलाम-पीएम मोदी

पीएम ने आपातकाल के खिलाफ खड़े होने वालों को सलाम किया। पीएम ने कहा हम आपातकाल के खिलाफ लड़ाई में डटे रहने वाले हर व्यक्ति को सलाम करते हैं। ये पूरे भारत से, हर क्षेत्र से, अलग-अलग विचारधाराओं से आए लोग थे, जिन्होंने एक ही उद्देश्य से एक-दूसरे के साथ मिलकर काम किया। भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा करना और उन आदर्शों को बनाए रखना, जिनके लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना जीवन समर्पित कर दिया। यह उनका सामूहिक संघर्ष ही था, जिसने सुनिश्चित किया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार को लोकतंत्र बहाल करना पड़ा और नए चुनाव कराने पड़े, जिसमें वे बुरी तरह हार गए।

50 साल पहले लगे आपातकाल के विरोध में भाजपा आज मनाएगी संविधान हत्या दिवस, दिलाई जाएगी काले दौर की याद

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देश में आपातकाल की घोषणा हुए आज 50 साल हो गए। साल 1975 में 25 और 26 जून की दरम्यानी रात से 21 मार्च 1977 तक (21 महीने) तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की घोषणा की थी। आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर बुधवार को भाजपा देशभर में संविधान हत्या दिवस का आयोजन करेगी। विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के जरिये लोगों को आपातकाल के काले दौर की याद दिलाई जाएगी। जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में मीसा बंदियों का सम्मान किया जाएगा।

पीएम मोदी ने लिया संविधान हत्या दिवस मनाने का निर्णय

इससे पहले आपातकाल की 50वीं बरसी की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली में श्यामा प्रसाद मुखर्जी न्यास की ओर से आयोजित आपातकाल के 50 साल कार्यक्रम में शाह ने कहा कि जब 11 जुलाई 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्णय किया कि हर वर्ष 25 जून को संविधान हत्या दिवस मनाया जाएगा, तब यह सवाल उठे कि 50 साल पहले हुई किसी घटना पर बात करके आज क्या हासिल होगा?

आपातकाल तानाशाही मानसिकता और सत्ता की भूख की उपज-शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने आपातकाल को अन्यायकाल बताया है। अमित शाह ने कहा कि 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का लाया आपातकाल असल में कांग्रेस का अन्यायकाल था। आपातकाल परिस्थिति और मजबूरी की नहीं बल्कि तानाशाही मानसिकता और सत्ता की भूख की उपज होता है। शाह ने यह भी कहा कि 25 जून सभी को याद दिलाता है कि कांग्रेस सत्ता के लिए किस हद तक जा सकती है।

मणिपुर हिंसा के दो साल, हाई अलर्ट के बीच मैतेई-कुकी ने बंद का किया ऐलान

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मणिपुर में जातीय हिंसा के आज दो साल पूरे हो गए। इसको लेकर मैतेई और कुकि समुदायों ने राज्यभर में शटडाउन का आह्वान किया। इस दौरान जहां मैतेई समुदाय की एक संगठन ने इंफाल में 'मणिपुर पीपल्स कन्वेंशन' आयोजित किया, वहीं कुकी समुदाय ने 'डे ऑफ सेपरेशन' मनाया। मणिपुर में लगभग सभी जगह आज बाजार, दुकानें और स्कूल-कॉलेज बंद हैं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। इधर, राज्य में तनाव को देखते हुए सुरक्षाबलों ने इम्फाल, चुराचांदपुर और कंगपोकपी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।

सुरक्षाबलों ने 20 किमी किया फ्लैग मार्च

मणिपुर हिंसा की दूसरी बरसी से एक दिन पहले (2 मई) सुरक्षाबलों ने फ्लैग मार्च किया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 34 बटालियन के डीआईजी सुशांकर उपाध्याय ने बताया कि इस फ्लैग मार्च से लोगों में एक भरोसा पैदा होगा। लोगों को लगेगा कि हालात पर काबू पाने के लिए यहां एक न्यूट्रल (किसी के पक्ष में नहीं) फोर्स है।

डीआईजी उपाध्याय ने ये भी बताया कि फ्लैग मार्च में 1000 जवान शामिल हुए। हमने इसे इम्फाल पुलिस के साथ कोऑर्डिनेशन में आयोजित किया था। हमने करीब 20 किमी का मार्च निकाला। हम लोगों में एक तरह का विश्वास और उपद्रवियों को चेतावनी देना चाहते थे।

13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन, नई सरकार की मांग तेज

मणिपुर में 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन है, लेकिन मौजूदा विधानसभा भंग नहीं हुई है। सिर्फ निलंबित है। इसलिए कई नागरिक संगठन इसके विरोध में उतर आए हैं। सियासी ताकत पूर्व सीएम एन. वीरेन सिंह के हाथ में है, क्योंकि यहां भाजपा बिखरी हुई है। चार-पांच दिन पहले ही 21 विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर राज्य में तत्काल लोकप्रिय सरकार बनाने की मांग की थी। पत्र पर भाजपा के 14 विधायकों ने साइन किए हैं।

हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए

मणिपुर में दो साल पहले मैतेई और कुकि समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी, जिसमें 260 से अधिक लोग मारे गए थे और 70,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हो गए थे। इस मामले में 6 हजार एफआईआर दर्ज हुईं, उनमें करीब 2500 में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।

उद्धव गुट का बड़ा दांव, संजय राउत ने की बाला साहब को भारत रत्न देने की मांग

#balthackeraybirthanniversaryubtshivsenademandsbharat_ratna

शिवसेना के संसथापक बाला साहब ठाकरे की आज जयंती है। बाला साहब ठाकरे की 99वीं जयंती पर शिंदे गुट की शिवसेना (यूबीटी) ने बाल ठाकरे को भारत रत्न दिए जाने की मांग उठाई। संजय राउत ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को 26 जनवरी के मौके पर बाला साहब ठाकरे भारत रत्न देने का ऐलान करना चाहिए।

संजय राउत ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने अपने पूरे जीवनकाल में सिर्फ दूसरों को आगे बढ़ाया। उन्होंने कभी भी वसूलों के साथ समझौता नहीं किया। ठाकरे को जब देशहित में जो फैसला लगा, वो किया। चाहे इंदिरा को समर्थन देने की बात हो चाहे बीजेपी को।राउत ने कहा कि पिछले दस वर्षों में भाजपा सरकार ने कुछ ऐसे लोगों को भारत रत्न दिया है, जो इसके हकदार नहीं थे।

बाल ठाकरे के भारत रत्न से सावरकर को कैसे मिलेगा सम्मान?

बाल ठाकरे की जयंती के अवसर पर बोलते हुए संजय राउत ने कहा कि बाल ठाकरे को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने हिंदुत्व के बीज इस देश में बोए। उन्होंने कहा कि ठाकरे की जन्म शताब्दी एक साल दूर है और इस शताब्दी से पहले उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि अगर बाल ठाकरे को भारत रत्न मिलेगा, तो इससे वीर सावरकर को भी सम्मान मिलेगा।

पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

इधर, बालासाहेब ठाकरे की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा है। पीएम ने अपने पोस्ट में लिखा- मैं बालासाहेब ठाकरे जी को उनके जन्मदिन पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्हें जन कल्याण और महाराष्ट्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए व्यापक रूप से सम्मान दिया जाता है और याद किया जाता है। उन्होंने अपनी मूल मान्यताओं से कभी समझौता नहीं किया और हमेशा भारतीय संस्कृति के गौरव को बढ़ाने में अपना योगदान दिया।