भारत-मलयेशिया के बीच कई अहम समझौते, जानें द्विपक्षीय वार्ता में पीएम मोदी ने क्‍या-क्‍या कहा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे का आज (रविवार) दूसरा दिन है। पीएम मोदी ने आज मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ पुत्राजाया स्थित पेरदाना पुत्रा भवन में मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के मंत्रियों और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें भारत-मलेशिया संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।

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मलेशिया दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत मलेशिया की साझेदारी ऐतिहासिक है। दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग मजबूत हो रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज कृषि और विनिर्माण से लेकर स्वच्छ ऊर्जा और सेमीकंडक्टर तक, हर क्षेत्र में हमारा सहयोग गहरा रहा है। कौशल विकास और क्षमता निर्माण में भी हम महत्वपूर्ण भागीदार हैं।

मलेशिया में हुए भव्‍य स्‍वागत को लेकर पीएम मोदी ने कहा, 'मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिस तरह से आपने मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया, और जिस तरह से आपने कुछ ही घंटों में पारंपरिक रीति-रिवाजों से परे जाकर मलेशियाई जीवन को इतनी खूबसूरती से प्रस्तुत किया, और जिस उत्कृष्ट तरीके से आपने हर चीज का आयोजन किया, वह हमेशा हमारी यादों में रहेगा, और इसके लिए मैं आपको हार्दिक और विशेष धन्यवाद देता हूं।

वहीं मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और मलयेशिया के बीच रिश्ते बेहद अच्छे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच कुछ ऐसे मुद्दे भी हैं, जिन पर दोनों पक्षों की टीमें मिलकर काम करेंगी। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में हर क्षेत्र में सहयोग और बढ़ेगा। अनवर इब्राहिम ने यह भी कहा कि यह यात्रा उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है।

दोनों देशों के बीच होने वाली प्रतिनिधिमंडल की बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, शिक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुए। बता दें कि दोनों नेताओं ने भारत और मलेशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस मुलाकात को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक सक्रियता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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Malaria and Its Health Impact

Malaria is a widespread mosquito-borne illness that affects many people in Hyderabad, especially during the rainy and post-monsoon seasons. It is caused by parasites transmitted through the bite of infected mosquitoes. If malaria is not treated on time, it can result in severe weakness, recurring fever, anemia, and complications affecting major organs. Seeking early care from a qualified homeo doctor in Hyderabad helps manage the condition safely and effectively.

Malaria often interferes with daily activities, work performance, and overall quality of life. Timely diagnosis and the right treatment approach play an important role in preventing long-term health issues.

Common Symptoms and Causes of Malaria

The most common symptoms of malaria include high fever with chills, sweating, headache, body pain, nausea, vomiting, fatigue, and loss of appetite. In prolonged cases, patients may experience anemia and reduced immunity.

Malaria is caused by Plasmodium parasites spread through female Anopheles mosquitoes. Stagnant water, poor sanitation, and humid weather conditions increase the risk of malaria transmission in cities like Hyderabad. Awareness and preventive measures are essential to reduce infection risk.

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मलेशिया दौरे के लिए रवाना हुए पीएम मोदी, रवानगी से पहले भारतीय समुदाय को लेकर कही ये बात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मलेशिया के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए। पीएम मोदी के मलेशिया दौरे के दौरान भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है। यह यात्रा मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर हो रही है, जिसमें रक्षा, सुरक्षा, आर्थिक व नवाचार सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा।

मलेशिया रवानगी से पहले पीएम मोदी ने कहा, ''भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों में हाल के वर्षों में निरंतर प्रगति हुई है।'' उन्होंने कहा, ''मैं प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी चर्चाओं और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर उत्साहित हूं।'' उन्होंने कहा, ''हमारा लक्ष्य अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करना, अपनी आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना तथा नए क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करना है।''

मलेशिया में भव्य स्वागत की तैयारी

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को लेकर मलेशिया में भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह है। कुआलालंपुर में उनके स्वागत के लिए एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसका नाम है ‘वेलकम मोदी जी’। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि यहां 750 से ज्यादा कलाकार एक साथ मंच पर उतरेंगे और सामूहिक नृत्य प्रस्तुति देंगे। आयोजकों का दावा है कि यह आयोजन मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है। रिकॉर्ड के लिए आवेदन पहले ही किया जा चुका है और रिकॉर्ड्स टीम मौके पर मौजूद रहेगी।

क्यों खास है यह दौरा?

पीएम मोदी के इस दौरे का मकसद व्यापार, निवेश, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।प्रधानमंत्री मोदी की यह मलेशिया की तीसरी यात्रा है। अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदले जाने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है। पीएम मोदी इस दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान 10वां भारत-मलेशिया सीईओ मंच भी आयोजित होगा।

परीक्षा पे चर्चा आज, पीएम मोदी छात्रों से करेंगे संवाद, देख सकेंगे लाइव

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विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से बाहर निकालने और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का आयोजन आज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को परीक्षा पे चर्चा करेंगे।

कार्यक्रम कहां और कितने बजे होगा?

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का आयोजन आज यानी 6 फरवरी को सुबह 10 बजे से होगा। इसकी स्क्रीनिंग संसद के बालयोगी ऑडिटोरियम में होगी, जहां करीब 250 छात्र मौजूद रहेंगे।

परीक्षा पे चर्चा को लाइव कहां देख सकते हैं?

इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रधानमंत्री के यूट्यूब चैनल, दूरदर्शन (डीडी) और शिक्षा मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा. आप अपनी सुविधानुसार इसे कहीं भी देख सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन का बना नया रिकॉर्ड

इस साल कार्यक्रम ने अपनी लोकप्रियता के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बार 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल के 3.53 करोड़ के ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ से कहीं ज्यादा है।

'एग्जाम वॉरियर्स' अभियान का हिस्सा

परीक्षा पे चर्चा केंद्र सरकार की एग्जाम वॉरियर्स पहल से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाली चिंता और दबाव से बाहर निकालना है। फरवरी के मध्य से सीबीएसई सहित विभिन्न बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और अप्रैल में जेईई मेन जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं भी आयोजित होंगी। ऐसे समय में यह संवाद छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार माना जाता है।

हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं…जानें आर्थिक सर्वे से पहले क्या बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बजट सत्र के दूसरे दिन संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आर्थिक सर्वे से पहले कहा अपने संबोधन में कहा कि देश का ध्यान इस समय केंद्रीय बजट पर केंद्रित होना स्वाभाविक है, क्योंकि बजट देश की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को तय करता है।

पीएम मोदी ने कहा, "कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने कई मार्गदर्शन वाली बाते हम सभी के सामने रखी थी। सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति जी ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है। 21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीत चुका है और यह 2/4 का प्रारंभ हो रहा है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह दौर प्रारंभ हो रहा है।"

भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, "आत्मविश्वास भरा भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्जवल है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। हमें गुणवत्ता पर बल देना है। आज बाजार खुल गया है तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है। 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरे, किसान, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है।"

रिफॉर्म एक्सप्रेस को मिल रही गति- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन इस सरकार की पहचान रही है रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। उन्होंने कहा, अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं कि इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति लगा रहे हैं। जिसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को लगातार गति मिल रही है। इस दौरान पीएम मोदी का इशारा 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर था।

भारत-ईयू एफटीए पर क्या बोले पीएम

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के उज्ज्वल भविष्य और भारतीय युवाओं के लिए नई संभावनाओं का संकेत है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह समझौता आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि मौजूदा तिमाही की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है और आज आत्मविश्वासी भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

भारत ने ईयू के साथ की अब तक की सबसे बड़ी ट्रेड डील, पीएम मोदी ने कहा- मदर ऑफ ऑल डील्स

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भारत और यूरोपीय यूनियन (यूई) के लिए आज का दिन बेहद खास और ऐतिहासिक है। आज दोनों पक्षों के बीच फ्री ट्रेड डील हुई है। इसे व्यापार जगत की सबसे बड़ी संधियों में से एक माना जा रहा है। इस समझौते की अहमियत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे "मदर ऑफ ऑल डील्स" (अब तक का सबसे ऐतिहासिक समझौता) करार दिया है। मंगलवार को पीएम मोदी ने समझौता का एलान करते हुए कहा कि यह साझेदारी दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी की मिसाल है। यह समझौता वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन को मजबूत करेगा।"

समझौते के पूरा होने की घोषणा राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में की गई, जिसकी मेजबानी प्रधानमंत्री मोदी ने की, जिसमें वॉन डेर लेयेन और कोस्टा मौजूद थे। भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता से दोनों देशों के बीच संबंधों की समग्र दिशा में महत्वपूर्ण विस्तार होने की उम्मीद है क्योंकि यह विविध क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खोलेगा।

ये ट्रेड डील साझा समृद्धि का ब्लूप्रिंट-पीएम मोदी

मोदी ने यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी में इसका ऐलान किया। मोदी ने कोस्टा और वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "आज भारत ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरा किया है। 27 जनवरी को भारत ने 27 यूरोपीय देशों के साथ यह एफटीए साइन किया है। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा, नए इनोवेशन पार्टनरशिप बनेंगी और वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन मजबूत होंगी। यह सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का एक ब्लूप्रिंट है।"

डील को रणनीतिक समझौतों से भी जोड़ा

प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापार समझौते को व्यापक रणनीतिक समझौतों से भी जोड़ा, जिसमें रक्षा, सुरक्षा और गतिशीलता के लिए व्यापक ढांचा शामिल है। उन्होंने कहा, "रक्षा वह आधार है जो हमारे रिश्ते को नया आकार दे रहा है। आतंकवाद-रोधी, समुद्री और साइबर सुरक्षा सहयोग मजबूत होगा। हमारी रक्षा कंपनियां सह-उत्पादन और सह-विकास के लिए नए अवसर तलाशेंगी।"

उर्सुला वॉन ने कहा- हमने कर दिखाया

यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के बाद कहा, "प्रधानमंत्री मोदी, हमने कर दिखाया। हमने मदर ऑफ ऑल डील्स डिलीवर की है।" यूरोप भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है।

अमेरिका के साथ ट्रेड डील अटकी

दोनों पक्षों के बीच यह डील ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील पर बातचीत अटकी हुई है। माना जा रहा है कि अमेरिका को निर्यात में होने वाले नुकसान की भरपाई यूरोप से की जा सकती है।

77वें गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी ने पहनी मरून पगड़ी, जानिए क्या है संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस के मौके पर रंगीन पगड़ी पहनने का अपना ट्रेडिशन इस साल भी जारी रखा। इस बार भी प्रधानमंत्री मोदी की खास पगड़ी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पीएम मोदी का ये पहनावा सांस्कृतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। यह भारत की सांस्कृतिक विविधता और विरासत को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय समर स्मारक पर जाकर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी की वेशभूषा की बात करें तो उन्होंने गहरे नीले रंग का कुर्ता पहना। उन्होंने इस पर आसमानी रंग की जैकेट पहनी। सफेद चूड़ीदार पायजामे के साथ पारंपरिक काले जूतों ने पीएम मोदी के लुक को पूरा किया।

पगड़ी पर सुनहरे रंग की कढ़ाई

प्रधानमंत्री ने आज के खास मौके पर मरून रंग की पगड़ी पहनी। इस पगड़ी पर सुनहरे रंग की कढ़ाई की गई है। पगड़ी के पिछले हिस्से में हरे रंग पर सुनहरे रंग की शानदार कढ़ाई देखने को मिली। साफे के आखिरी हिस्से में हरे रंग के नीचे पीले रंग का मिश्रण देखने को मिला।

पहली भी पीएम की पगड़ी ने खींचा है लोगों का ध्यान

इससे पहले के गणतंत्र दिवस समारोहों में भी प्रधानमंत्री मोदी की पगड़ी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती रही है। बता दें कि 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में पीएम मोदी ने चमकीले लाल और पीले रंग का बंधेज साफा पहना था, जो राजस्थानी और गुजराती संस्कृति से जुड़ा एक पारंपरिक टाई-डाई कपड़ा है, जिसे उन्होंने सफेद कुर्ते-पायजामे और भूरे रंग की बंदगला जैकेट के साथ पहना था।

हर बार चर्चा में रहती है पीएम मोदी की पगड़ी

हर साल पीएम मोदी का गणतंत्र दिवस का पहनावा चर्चा का विषय बन जाता है। उनकी पगड़ी हमेशा ही लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है। बीते कुछ वर्षों में पीएम मोदी ने राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और अन्य राज्यों की पगड़ियां और टोपियां पहनी हैं। इन सभी का अपना सांस्कृतिक महत्व रहा है।

प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर राष्ट्रीय समर स्मारक पहुंचने के पर मरून रंग की पगड़ी पहनी। इस पगड़ी पर सुनहरे रंग की कढ़ाई की गई है। पगड़ी के पिछले हिस्से में हरे रंग पर सुनहरे रंग की शानदार कढ़ाई देखने को मिली। साफे के आखिरी हिस्से में हरे रंग के नीचे पीले रंग का मिश्रण देखने को मिला।

उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, ऑरेंज अलर्ट जारी, 24 जनवरी तक भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान

भारत ने विविधता को ताकत में बदला, सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, CSPOC में बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। इस कॉन्फ्रेंस में 42 देशों के 61 स्पीकर्स और ऑफिसर्स शामिल हैं। संविधान सदन में आयोजित इस समारोह में पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पर कभी संदेह किया गया। लेकिन आज वही लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। यही वजह है कि भारत न सिर्फ स्थिर है बल्कि तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं सबका स्वागत करता हूं। जिस स्थान पर आप सभी बैठे हैं वो भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। गुलामी के आखिरी वर्षों में जब भारत की आजादी तय हो चुकी थी तब इसी सेंटल हॉल में भारत के संविधान की रचना के लिए संविधान सभा की बैठकें हुई। 75 सालों तक ये इमारत भारत की संसद रही। यहां अनेक चर्चाएं हुई, अनेक फैसले लिए गए। अब इसको संविधान सदन का नाम दिया गया है।

डाइवर्सिटी को डेमोक्रेसी की ताकत बना दिया-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि यह चौथा अवसर है, जब कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स की कॉन्फ्रेंस भारत में हो रही है। इस बार इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय इफेक्टिव डिलीवरी ऑफ पर्लियामेंट्री डेमोक्रेसी है। भारत ने डाइवर्सिटी को डेमोक्रेसी की ताकत बना दिया। भारत ने साबित किया कि डमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशन और डेमोक्रेटिक प्रॉसेस, डेमोक्रेसी को स्टेबिलिटी, स्पीड और स्केल तीनों देते हैं।

भारत में लोकतंत्र को लेकर गंभीर संदेह था-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, आज के वैश्विक संदर्भ में बहुत प्रासंगिक है। जब भारत आजाद हुआ था, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बात पर गंभीर संदेह था कि इतनी ज़्यादा विविधता वाले देश में लोकतंत्र टिक पाएगा या नहीं। भारत ने इन आशंकाओं को गलत साबित किया और अपनी विविधता को अपने लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत में बदल दिया। एक और आशंका यह थी कि अगर लोकतंत्र किसी तरह बच भी गया, तो भारत विकास के मामले में कुछ खास नहीं कर पाएगा।

हमारे लोकतंत्र का पैमाना असाधारण-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा की भारत की राष्ट्रपति देश की पहले नागरिक, एक महिला हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री भी महिला हैं। आज, भारतीय महिलाएं न केवल लोकतंत्र में भाग ले रही हैं बल्कि नेतृत्व भी कर रही हैं। आपमें से कई लोग भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र के रूप में जानते हैं। वास्तव में, हमारे लोकतंत्र का पैमाना असाधारण है। उदाहरण के तौर पर, 2024 में हुए भारत के आम चुनाव मानव इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास थे। लगभग 98 करोड़ नागरिकों ने वोट के लिए पंजीकरण कराया। यह संख्या कुछ महाद्वीपों की जनसंख्या से भी अधिक है। चुनावों में 8,000 से अधिक उम्मीदवार और 700 से अधिक राजनीतिक पार्टियां भाग लीं। महिलाओं के मतदान में भी रिकॉर्ड भागीदारी देखी गई।

सभी देशों के विकास में योगदान का प्रयास-पीएम मोदी

कॉमनवेल्थ देशों की कुल जनसंख्या का लगभग 50 फीसदी हिस्सा भारत में बसता है। हमारा प्रयास रहा है कि भारत सभी देशों के विकास में अधिक से अधिक योगदान करे। कॉमनवेल्थ के सतत विकास लक्ष्यों में स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में हम पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी प्रतिबद्धता को पूरा कर रहे हैं। भारत सभी साथियों से सीखने का निरंतर प्रयास करता है। हमारा ये भी प्रयास होता है कि हमारे अनुभव अन्य कॉमनवेल्थ साझेदारों के भी काम आए। आज दुनिया अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में वैश्विक दक्षिण के लिए भी नए रास्ते बनाने का समय है।

पीएम मोदी ने ‘दोस्त’ नेतन्याहू को लगाया फोन, इन मुद्दों पर हुई बात

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वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद बने हालात के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक दूसरे पर फोन पर बात की है। इस महत्वपूर्ण बातचीत का ब्योरा पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दिया है।

पीएम मोदी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "अपने दोस्त, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात करके खुशी हुई। उन्हें और इजराइल के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। हमने आने वाले साल में भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। साथ ही हमने क्षेत्रीय स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और आतंकवाद से ज्यादा मजबूती से लड़ने के अपने साझा संकल्प को दोहराया।

वैश्विक राजनीतिक हालात में उथलपुथल

पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई ये बातचीत ऐसे समय हुई है, जब पूरी दुनिया की वैश्विक राजनीतिक हालात में उथलपुथल मची हुई हैं। इतिहास में पहली बार किसी देश के राष्ट्रपति को उसके देश में घुसकर गिरफ्तार किया गया है और विदेशी धरती पर ले जाकर उसके खिलाफ केस चलाया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कमांडो फोर्स भेजकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अरेस्ट कर लिया है। मादुरो पर ट्रंप ने अमेरिका में ड्रग्स और गन अवैध रूप से भेजने का आरोप लगाया है।

बीते साल दिसंबर में हुई थी बातचीत

इससे पहले बीते साल दिसंबर के दूसरे सप्ताह इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को फोन किया था। इस दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर बातचीत की थी। इस बाचतीच में भी दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी दोहराई थी। दो टूक कहा था कि आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भारत-मलयेशिया के बीच कई अहम समझौते, जानें द्विपक्षीय वार्ता में पीएम मोदी ने क्‍या-क्‍या कहा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे का आज (रविवार) दूसरा दिन है। पीएम मोदी ने आज मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ पुत्राजाया स्थित पेरदाना पुत्रा भवन में मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के मंत्रियों और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें भारत-मलेशिया संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।

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मलेशिया दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत मलेशिया की साझेदारी ऐतिहासिक है। दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग मजबूत हो रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज कृषि और विनिर्माण से लेकर स्वच्छ ऊर्जा और सेमीकंडक्टर तक, हर क्षेत्र में हमारा सहयोग गहरा रहा है। कौशल विकास और क्षमता निर्माण में भी हम महत्वपूर्ण भागीदार हैं।

मलेशिया में हुए भव्‍य स्‍वागत को लेकर पीएम मोदी ने कहा, 'मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिस तरह से आपने मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया, और जिस तरह से आपने कुछ ही घंटों में पारंपरिक रीति-रिवाजों से परे जाकर मलेशियाई जीवन को इतनी खूबसूरती से प्रस्तुत किया, और जिस उत्कृष्ट तरीके से आपने हर चीज का आयोजन किया, वह हमेशा हमारी यादों में रहेगा, और इसके लिए मैं आपको हार्दिक और विशेष धन्यवाद देता हूं।

वहीं मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और मलयेशिया के बीच रिश्ते बेहद अच्छे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच कुछ ऐसे मुद्दे भी हैं, जिन पर दोनों पक्षों की टीमें मिलकर काम करेंगी। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में हर क्षेत्र में सहयोग और बढ़ेगा। अनवर इब्राहिम ने यह भी कहा कि यह यात्रा उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है।

दोनों देशों के बीच होने वाली प्रतिनिधिमंडल की बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, शिक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुए। बता दें कि दोनों नेताओं ने भारत और मलेशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस मुलाकात को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक सक्रियता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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Malaria and Its Health Impact

Malaria is a widespread mosquito-borne illness that affects many people in Hyderabad, especially during the rainy and post-monsoon seasons. It is caused by parasites transmitted through the bite of infected mosquitoes. If malaria is not treated on time, it can result in severe weakness, recurring fever, anemia, and complications affecting major organs. Seeking early care from a qualified homeo doctor in Hyderabad helps manage the condition safely and effectively.

Malaria often interferes with daily activities, work performance, and overall quality of life. Timely diagnosis and the right treatment approach play an important role in preventing long-term health issues.

Common Symptoms and Causes of Malaria

The most common symptoms of malaria include high fever with chills, sweating, headache, body pain, nausea, vomiting, fatigue, and loss of appetite. In prolonged cases, patients may experience anemia and reduced immunity.

Malaria is caused by Plasmodium parasites spread through female Anopheles mosquitoes. Stagnant water, poor sanitation, and humid weather conditions increase the risk of malaria transmission in cities like Hyderabad. Awareness and preventive measures are essential to reduce infection risk.

Homeopathy Treatment for Malaria

Homeopathy provides a natural, safe, and individualized approach to malaria care. An experienced homeo doctor in Hyderabad considers the patient’s symptoms, immunity level, and overall constitution before planning treatment. Homeopathy supports the body’s natural healing process, helps control fever patterns, reduces weakness, and improves immune response.

This holistic method focuses on long-term recovery and lowering the chances of recurrence. Homeopathy is gentle, non-toxic, and suitable for people of all age groups.

Spiritual Homeopathy – Natural Care in Hyderabad

Spiritual Homeopathy is known for its patient-focused and holistic treatment approach. With experienced homeo doctors and personalized care plans, the clinic supports malaria recovery by strengthening immunity and promoting overall wellness. Patients across Hyderabad trust Spiritual Homeopathy for ethical practice and consistent natural care.

Call to Action

For safe and effective malaria management, consult an experienced homeo doctor in Hyderabad today.

Call: 9069176176

मलेशिया दौरे के लिए रवाना हुए पीएम मोदी, रवानगी से पहले भारतीय समुदाय को लेकर कही ये बात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मलेशिया के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए। पीएम मोदी के मलेशिया दौरे के दौरान भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है। यह यात्रा मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर हो रही है, जिसमें रक्षा, सुरक्षा, आर्थिक व नवाचार सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा।

मलेशिया रवानगी से पहले पीएम मोदी ने कहा, ''भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों में हाल के वर्षों में निरंतर प्रगति हुई है।'' उन्होंने कहा, ''मैं प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी चर्चाओं और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर उत्साहित हूं।'' उन्होंने कहा, ''हमारा लक्ष्य अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करना, अपनी आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना तथा नए क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करना है।''

मलेशिया में भव्य स्वागत की तैयारी

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को लेकर मलेशिया में भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह है। कुआलालंपुर में उनके स्वागत के लिए एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसका नाम है ‘वेलकम मोदी जी’। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि यहां 750 से ज्यादा कलाकार एक साथ मंच पर उतरेंगे और सामूहिक नृत्य प्रस्तुति देंगे। आयोजकों का दावा है कि यह आयोजन मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है। रिकॉर्ड के लिए आवेदन पहले ही किया जा चुका है और रिकॉर्ड्स टीम मौके पर मौजूद रहेगी।

क्यों खास है यह दौरा?

पीएम मोदी के इस दौरे का मकसद व्यापार, निवेश, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।प्रधानमंत्री मोदी की यह मलेशिया की तीसरी यात्रा है। अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदले जाने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है। पीएम मोदी इस दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान 10वां भारत-मलेशिया सीईओ मंच भी आयोजित होगा।

परीक्षा पे चर्चा आज, पीएम मोदी छात्रों से करेंगे संवाद, देख सकेंगे लाइव

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विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से बाहर निकालने और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का आयोजन आज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को परीक्षा पे चर्चा करेंगे।

कार्यक्रम कहां और कितने बजे होगा?

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का आयोजन आज यानी 6 फरवरी को सुबह 10 बजे से होगा। इसकी स्क्रीनिंग संसद के बालयोगी ऑडिटोरियम में होगी, जहां करीब 250 छात्र मौजूद रहेंगे।

परीक्षा पे चर्चा को लाइव कहां देख सकते हैं?

इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रधानमंत्री के यूट्यूब चैनल, दूरदर्शन (डीडी) और शिक्षा मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा. आप अपनी सुविधानुसार इसे कहीं भी देख सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन का बना नया रिकॉर्ड

इस साल कार्यक्रम ने अपनी लोकप्रियता के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बार 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल के 3.53 करोड़ के ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ से कहीं ज्यादा है।

'एग्जाम वॉरियर्स' अभियान का हिस्सा

परीक्षा पे चर्चा केंद्र सरकार की एग्जाम वॉरियर्स पहल से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाली चिंता और दबाव से बाहर निकालना है। फरवरी के मध्य से सीबीएसई सहित विभिन्न बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और अप्रैल में जेईई मेन जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं भी आयोजित होंगी। ऐसे समय में यह संवाद छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार माना जाता है।

हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं…जानें आर्थिक सर्वे से पहले क्या बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बजट सत्र के दूसरे दिन संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आर्थिक सर्वे से पहले कहा अपने संबोधन में कहा कि देश का ध्यान इस समय केंद्रीय बजट पर केंद्रित होना स्वाभाविक है, क्योंकि बजट देश की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को तय करता है।

पीएम मोदी ने कहा, "कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने कई मार्गदर्शन वाली बाते हम सभी के सामने रखी थी। सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति जी ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है। 21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीत चुका है और यह 2/4 का प्रारंभ हो रहा है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह दौर प्रारंभ हो रहा है।"

भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, "आत्मविश्वास भरा भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्जवल है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। हमें गुणवत्ता पर बल देना है। आज बाजार खुल गया है तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है। 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरे, किसान, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है।"

रिफॉर्म एक्सप्रेस को मिल रही गति- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन इस सरकार की पहचान रही है रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। उन्होंने कहा, अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं कि इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति लगा रहे हैं। जिसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को लगातार गति मिल रही है। इस दौरान पीएम मोदी का इशारा 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर था।

भारत-ईयू एफटीए पर क्या बोले पीएम

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के उज्ज्वल भविष्य और भारतीय युवाओं के लिए नई संभावनाओं का संकेत है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह समझौता आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि मौजूदा तिमाही की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है और आज आत्मविश्वासी भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

भारत ने ईयू के साथ की अब तक की सबसे बड़ी ट्रेड डील, पीएम मोदी ने कहा- मदर ऑफ ऑल डील्स

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भारत और यूरोपीय यूनियन (यूई) के लिए आज का दिन बेहद खास और ऐतिहासिक है। आज दोनों पक्षों के बीच फ्री ट्रेड डील हुई है। इसे व्यापार जगत की सबसे बड़ी संधियों में से एक माना जा रहा है। इस समझौते की अहमियत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे "मदर ऑफ ऑल डील्स" (अब तक का सबसे ऐतिहासिक समझौता) करार दिया है। मंगलवार को पीएम मोदी ने समझौता का एलान करते हुए कहा कि यह साझेदारी दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी की मिसाल है। यह समझौता वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन को मजबूत करेगा।"

समझौते के पूरा होने की घोषणा राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में की गई, जिसकी मेजबानी प्रधानमंत्री मोदी ने की, जिसमें वॉन डेर लेयेन और कोस्टा मौजूद थे। भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता से दोनों देशों के बीच संबंधों की समग्र दिशा में महत्वपूर्ण विस्तार होने की उम्मीद है क्योंकि यह विविध क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खोलेगा।

ये ट्रेड डील साझा समृद्धि का ब्लूप्रिंट-पीएम मोदी

मोदी ने यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी में इसका ऐलान किया। मोदी ने कोस्टा और वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "आज भारत ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरा किया है। 27 जनवरी को भारत ने 27 यूरोपीय देशों के साथ यह एफटीए साइन किया है। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा, नए इनोवेशन पार्टनरशिप बनेंगी और वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन मजबूत होंगी। यह सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का एक ब्लूप्रिंट है।"

डील को रणनीतिक समझौतों से भी जोड़ा

प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापार समझौते को व्यापक रणनीतिक समझौतों से भी जोड़ा, जिसमें रक्षा, सुरक्षा और गतिशीलता के लिए व्यापक ढांचा शामिल है। उन्होंने कहा, "रक्षा वह आधार है जो हमारे रिश्ते को नया आकार दे रहा है। आतंकवाद-रोधी, समुद्री और साइबर सुरक्षा सहयोग मजबूत होगा। हमारी रक्षा कंपनियां सह-उत्पादन और सह-विकास के लिए नए अवसर तलाशेंगी।"

उर्सुला वॉन ने कहा- हमने कर दिखाया

यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के बाद कहा, "प्रधानमंत्री मोदी, हमने कर दिखाया। हमने मदर ऑफ ऑल डील्स डिलीवर की है।" यूरोप भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है।

अमेरिका के साथ ट्रेड डील अटकी

दोनों पक्षों के बीच यह डील ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील पर बातचीत अटकी हुई है। माना जा रहा है कि अमेरिका को निर्यात में होने वाले नुकसान की भरपाई यूरोप से की जा सकती है।

77वें गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी ने पहनी मरून पगड़ी, जानिए क्या है संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस के मौके पर रंगीन पगड़ी पहनने का अपना ट्रेडिशन इस साल भी जारी रखा। इस बार भी प्रधानमंत्री मोदी की खास पगड़ी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पीएम मोदी का ये पहनावा सांस्कृतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। यह भारत की सांस्कृतिक विविधता और विरासत को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय समर स्मारक पर जाकर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी की वेशभूषा की बात करें तो उन्होंने गहरे नीले रंग का कुर्ता पहना। उन्होंने इस पर आसमानी रंग की जैकेट पहनी। सफेद चूड़ीदार पायजामे के साथ पारंपरिक काले जूतों ने पीएम मोदी के लुक को पूरा किया।

पगड़ी पर सुनहरे रंग की कढ़ाई

प्रधानमंत्री ने आज के खास मौके पर मरून रंग की पगड़ी पहनी। इस पगड़ी पर सुनहरे रंग की कढ़ाई की गई है। पगड़ी के पिछले हिस्से में हरे रंग पर सुनहरे रंग की शानदार कढ़ाई देखने को मिली। साफे के आखिरी हिस्से में हरे रंग के नीचे पीले रंग का मिश्रण देखने को मिला।

पहली भी पीएम की पगड़ी ने खींचा है लोगों का ध्यान

इससे पहले के गणतंत्र दिवस समारोहों में भी प्रधानमंत्री मोदी की पगड़ी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती रही है। बता दें कि 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में पीएम मोदी ने चमकीले लाल और पीले रंग का बंधेज साफा पहना था, जो राजस्थानी और गुजराती संस्कृति से जुड़ा एक पारंपरिक टाई-डाई कपड़ा है, जिसे उन्होंने सफेद कुर्ते-पायजामे और भूरे रंग की बंदगला जैकेट के साथ पहना था।

हर बार चर्चा में रहती है पीएम मोदी की पगड़ी

हर साल पीएम मोदी का गणतंत्र दिवस का पहनावा चर्चा का विषय बन जाता है। उनकी पगड़ी हमेशा ही लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है। बीते कुछ वर्षों में पीएम मोदी ने राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और अन्य राज्यों की पगड़ियां और टोपियां पहनी हैं। इन सभी का अपना सांस्कृतिक महत्व रहा है।

प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर राष्ट्रीय समर स्मारक पहुंचने के पर मरून रंग की पगड़ी पहनी। इस पगड़ी पर सुनहरे रंग की कढ़ाई की गई है। पगड़ी के पिछले हिस्से में हरे रंग पर सुनहरे रंग की शानदार कढ़ाई देखने को मिली। साफे के आखिरी हिस्से में हरे रंग के नीचे पीले रंग का मिश्रण देखने को मिला।

उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, ऑरेंज अलर्ट जारी, 24 जनवरी तक भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान

भारत ने विविधता को ताकत में बदला, सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, CSPOC में बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। इस कॉन्फ्रेंस में 42 देशों के 61 स्पीकर्स और ऑफिसर्स शामिल हैं। संविधान सदन में आयोजित इस समारोह में पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पर कभी संदेह किया गया। लेकिन आज वही लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। यही वजह है कि भारत न सिर्फ स्थिर है बल्कि तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं सबका स्वागत करता हूं। जिस स्थान पर आप सभी बैठे हैं वो भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। गुलामी के आखिरी वर्षों में जब भारत की आजादी तय हो चुकी थी तब इसी सेंटल हॉल में भारत के संविधान की रचना के लिए संविधान सभा की बैठकें हुई। 75 सालों तक ये इमारत भारत की संसद रही। यहां अनेक चर्चाएं हुई, अनेक फैसले लिए गए। अब इसको संविधान सदन का नाम दिया गया है।

डाइवर्सिटी को डेमोक्रेसी की ताकत बना दिया-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि यह चौथा अवसर है, जब कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स की कॉन्फ्रेंस भारत में हो रही है। इस बार इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय इफेक्टिव डिलीवरी ऑफ पर्लियामेंट्री डेमोक्रेसी है। भारत ने डाइवर्सिटी को डेमोक्रेसी की ताकत बना दिया। भारत ने साबित किया कि डमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशन और डेमोक्रेटिक प्रॉसेस, डेमोक्रेसी को स्टेबिलिटी, स्पीड और स्केल तीनों देते हैं।

भारत में लोकतंत्र को लेकर गंभीर संदेह था-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, आज के वैश्विक संदर्भ में बहुत प्रासंगिक है। जब भारत आजाद हुआ था, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बात पर गंभीर संदेह था कि इतनी ज़्यादा विविधता वाले देश में लोकतंत्र टिक पाएगा या नहीं। भारत ने इन आशंकाओं को गलत साबित किया और अपनी विविधता को अपने लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत में बदल दिया। एक और आशंका यह थी कि अगर लोकतंत्र किसी तरह बच भी गया, तो भारत विकास के मामले में कुछ खास नहीं कर पाएगा।

हमारे लोकतंत्र का पैमाना असाधारण-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा की भारत की राष्ट्रपति देश की पहले नागरिक, एक महिला हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री भी महिला हैं। आज, भारतीय महिलाएं न केवल लोकतंत्र में भाग ले रही हैं बल्कि नेतृत्व भी कर रही हैं। आपमें से कई लोग भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र के रूप में जानते हैं। वास्तव में, हमारे लोकतंत्र का पैमाना असाधारण है। उदाहरण के तौर पर, 2024 में हुए भारत के आम चुनाव मानव इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास थे। लगभग 98 करोड़ नागरिकों ने वोट के लिए पंजीकरण कराया। यह संख्या कुछ महाद्वीपों की जनसंख्या से भी अधिक है। चुनावों में 8,000 से अधिक उम्मीदवार और 700 से अधिक राजनीतिक पार्टियां भाग लीं। महिलाओं के मतदान में भी रिकॉर्ड भागीदारी देखी गई।

सभी देशों के विकास में योगदान का प्रयास-पीएम मोदी

कॉमनवेल्थ देशों की कुल जनसंख्या का लगभग 50 फीसदी हिस्सा भारत में बसता है। हमारा प्रयास रहा है कि भारत सभी देशों के विकास में अधिक से अधिक योगदान करे। कॉमनवेल्थ के सतत विकास लक्ष्यों में स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में हम पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी प्रतिबद्धता को पूरा कर रहे हैं। भारत सभी साथियों से सीखने का निरंतर प्रयास करता है। हमारा ये भी प्रयास होता है कि हमारे अनुभव अन्य कॉमनवेल्थ साझेदारों के भी काम आए। आज दुनिया अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में वैश्विक दक्षिण के लिए भी नए रास्ते बनाने का समय है।

पीएम मोदी ने ‘दोस्त’ नेतन्याहू को लगाया फोन, इन मुद्दों पर हुई बात

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वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद बने हालात के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक दूसरे पर फोन पर बात की है। इस महत्वपूर्ण बातचीत का ब्योरा पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दिया है।

पीएम मोदी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "अपने दोस्त, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात करके खुशी हुई। उन्हें और इजराइल के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। हमने आने वाले साल में भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। साथ ही हमने क्षेत्रीय स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और आतंकवाद से ज्यादा मजबूती से लड़ने के अपने साझा संकल्प को दोहराया।

वैश्विक राजनीतिक हालात में उथलपुथल

पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई ये बातचीत ऐसे समय हुई है, जब पूरी दुनिया की वैश्विक राजनीतिक हालात में उथलपुथल मची हुई हैं। इतिहास में पहली बार किसी देश के राष्ट्रपति को उसके देश में घुसकर गिरफ्तार किया गया है और विदेशी धरती पर ले जाकर उसके खिलाफ केस चलाया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कमांडो फोर्स भेजकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अरेस्ट कर लिया है। मादुरो पर ट्रंप ने अमेरिका में ड्रग्स और गन अवैध रूप से भेजने का आरोप लगाया है।

बीते साल दिसंबर में हुई थी बातचीत

इससे पहले बीते साल दिसंबर के दूसरे सप्ताह इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को फोन किया था। इस दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर बातचीत की थी। इस बाचतीच में भी दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी दोहराई थी। दो टूक कहा था कि आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।