विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी से मिले शरद पवार और सुप्रिया सुले, तस्वीरों से सियासी खलबली

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संसद का मानसून सत्र चल रहा है। सत्र में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे शरद पवार ने बुधवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी ने शरद पवार का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस मौके पर सुप्रिया सुले भी उनके साथ रहीं। शरद पवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने राजनीति को गरमा दिया है।

संसद में हुई मुलाकात की तस्वीरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद शरद पवार का स्वागत करते दिखाई दिए। दूसरी तस्वीर में दोनों नेता हंसते हुए बातचीत कर रहे थे। हाथ में कुछ कागज लेकर पहुंचे शरद पवार ने पीएम मोदी को कुछ पत्र भी सौंपे। दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई? अभी इसका ब्योरा सामने नहीं आया है

एनडीए में जाने की लग रही हैं अटकलें

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पिछले कई दिनों से शरद पवार गुट के एनडीए में शामिल होने या अजित पवार गुट के साथ फिर से एक होने की अटकलें लगातार तेज हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास से आई तस्वीरों ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। प्रधानमंत्री मोदी और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। दोनों नेताओं की मुस्कुराते हुए बातचीत करती तस्वीरों ने सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे INDIA गठबंधन की बेचैनी बढ़ा दी।

परिसीमन बिल से भी जोड़कर देखा जा रहा

संसद के मानसून सत्र के दौरान शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तस्वीरें काफी कुछ कह रही हैं। दरअसल परिसीमन बिल पर बीजेपी को एनसीपी (SP) के 8 सांसदों का समर्थन चाहिए। इस मुलाकात को उससे जोड़कर भी देखा जा रहा है। सुप्रिया सुले ने सीटों में 50 फीसदी बढ़ोतरी की लिखित गारंटी मिलने पर इस बिल को सशर्त समर्थन देने के संकेत दिए हैं।

प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका-खरगे सहित कई कांग्रेस सांसद, पीएम के इस्तीफे की मांग

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए हमले के विरोध और छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई शीर्ष नेताओं ने लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने युवा छात्रों पर हुए कथित अत्याचारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

पीएम और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, "हम कल छात्रों के खिलाफ हुई बर्बरताओं का जवाब मांगने प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च निकालकर आए हैं। सरकार न तो जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।"

कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस की ओर से हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद के सुरेश, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया है।

घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे राहुल-प्रियंका

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में हुए लाठीचार्ज के एक दिन बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरएमएल अस्पताल में घायल छात्रों से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने छात्रों का हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उस घायल युवती की मां से भी मुलाकात की, जो आरएमएल अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है।

पेपर लीक राष्ट्रीय चिंता का विषय, इसे राजनीति का मुद्दा नहीं बनाया चाहिए, पीएम मोदी का बड़ा बयान

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दिल्ली में आज एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई। इसका नाम 'मंगल मिलन' दिया गया। पीएम मोदी भी इस बैठक में शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने NEET परीक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पेपर लीक राजनीति का विषय नहीं है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक के बाद दी।

पेपर लीक की खबरें पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "NEET परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की खबरें सामने आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए कि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, NEET की दोबारा परीक्षा को प्राथमिकता दी गई, इसे सफलतापूर्वक आयोजित किया गया और बिना किसी देरी के नतीजे घोषित कर दिए गए।"

पेपर लीक को लेकर सख्त संदेश

किरेन रिजिजू के मुताबिक, पीएम मोदी ने पेपर लीक मामले पर विस्‍तार से बात की। पीएम मोदी ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक फिर से नहीं होना चाहिए। साथ ही किसी भी छात्र का भविष्‍य प्रभावित नहीं होना चाहिए। पीएम मोदी ने पेपर लीक में शामिल आरोपियों को सख्‍त से सख्‍त सजा दिलाने की भी बात कही है।

पेपर लीक दलगत राजनीति का मामला नहीं

पीएम मोदी ने कहा, "पेपर लीक सिर्फ एक राज्य का मामला नहीं है। यह सिर्फ केंद्र का मामला नहीं है, हर एक राज्य में जहां-जहां पेपर लीक हो रहा है, जो लोग इस धंधे में लिप्त हैं, उनको सजा देने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। ये दलगत राजनीति का मामला नहीं है, ये पूरे देश का मामला है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो, इसके लिए सख्ती से कदम उठाए जाएं और सजा दिलाने के लिए मिलकर काम हो, ऐसा निर्देश पीएम मोदी ने दिया है।"

मानसून के साथ सत्र भी प्रोडक्टिव रहे...,संसद सत्र से पहले बोले पीएम मोदी

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आज से शुरू मानसून सत्र की कार्यवाही से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, मानसून हो या मानसून सत्र हो, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून और मानसून सत्र प्रोडक्टिव रहे। इससे देश का कल्याण होता है।

सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पिरिट पकड़ ली है। संसद का सत्र उस स्पिरिट में ऊर्जा भर सकता है। सांसद किसी भी दल के हों, उनके पास लंबा अनुभव है। संसद में सार्थक चर्चा होना, मिलजुलकर देश को आगे ले जाने की चर्चा होना आज के वक्त की मांग है। तर्क-तथ्य के साथ सदन की चर्चा को मजबूत किया जाए, हर आवाज को सम्मान मिले। मैं सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण देता हूं।

सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर देश चल पड़ा है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, पिछले 1 महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचा था और परसों ही भारत के एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है। और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं। सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है। उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं।

भारत ने 7.7 प्रतिशत का विकास दर बनाए रखा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हम अच्छी तरह जानते हैं और पूरी दुनिया को अलग-अलग इलाकों में लगातार बने हुए युद्ध के खतरे की चिंता है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया, जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। पेट्रोल, डीजल, LPG, फर्टिलाइजर और केमिकल को लेकर कई रुकावटें और संकट पैदा हुए। इसके बावजूद, भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा। यह भारत की अंदरूनी ताकत को दिखाता है और उस जोश और उत्साह की झलक देता है जिसके साथ देश नई ऊंचाइयां छूना चाहता है। इसी माहौल में मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है; देश ने रफ़्तार पकड़ ली है और संसद की भावना उस रफ्तार में नई ऊर्जा भरती है।

भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन, जानिए क्या है खासियत

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भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से ट्रेन चलेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया शेयर की ट्रेन की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे। लॉन्च से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्रेन की अंदर और बाहर की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इन तस्वीरों में ट्रेन का ड्राइवर केबिन, यात्रियों के लिए बना कोच और स्टेशन पर खड़ी ट्रेन दिखाई दे रही है। हालांकि, 17 जुलाई को सिर्फ इसका उद्घाटन होगा। नियमित यात्री सेवा कब शुरू होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

पूरी तरह भारत में ही तैयार ट्रेन

इस ट्रेन से जुड़ी कई सारी खास बातें हैं। सबसे पहले तो इस ट्रेन को पूरी तरह भारत में ही तैयार किया गया है। आम ट्रेनों की तरह इसे डीजल से चलाने की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल से चलाया जाएगा। तीसरी खास बात ये है कि ये दुनिया की सबसे लंबी और सबसे ज्यादा कैपेसिटी वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। इससे प्रदूषण भी कम होगा और क्लीन एनर्जी को देश में बढ़ावा भी मिलेगा।

90 किमीटरकी दूरी क़रीब 2 घंटे में होगी तय

यह ट्रेन 1200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जींद से सोनीपत के बीच एक तरफ की दूरी क़रीब 90 किलोमीटर है, जिसे यह ट्रेन क़रीब 2 घंटे में तय करेगी।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

रेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में संचालित होगी। ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 74009 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांपेगा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राबड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दिन में दो फेरे लगाएगी और हर रोज़ कुल क़रीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे काम करती है?

सामान्य ट्रेनें कोयले, डीजल या बिजली से चलती हैं। भारतीय रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन गैस की मदद से रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न की जाती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। जहां डीजल इंजन काला धुआं छोड़ते हैं, वहीं हाइड्रोजन इंजन से केवल पानी की भाप निकलती है। अन्य पारंपरिक इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण नहीं फैलाता।

भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन, जानिए क्या है खासियत

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भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से ट्रेन चलेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया शेयर की ट्रेन की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे। लॉन्च से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्रेन की अंदर और बाहर की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इन तस्वीरों में ट्रेन का ड्राइवर केबिन, यात्रियों के लिए बना कोच और स्टेशन पर खड़ी ट्रेन दिखाई दे रही है। हालांकि, 17 जुलाई को सिर्फ इसका उद्घाटन होगा। नियमित यात्री सेवा कब शुरू होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

पूरी तरह भारत में ही तैयार ट्रेन

इस ट्रेन से जुड़ी कई सारी खास बातें हैं। सबसे पहले तो इस ट्रेन को पूरी तरह भारत में ही तैयार किया गया है। आम ट्रेनों की तरह इसे डीजल से चलाने की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल से चलाया जाएगा। तीसरी खास बात ये है कि ये दुनिया की सबसे लंबी और सबसे ज्यादा कैपेसिटी वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। इससे प्रदूषण भी कम होगा और क्लीन एनर्जी को देश में बढ़ावा भी मिलेगा।

90 किमीटरकी दूरी क़रीब 2 घंटे में होगी तय

यह ट्रेन 1200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जींद से सोनीपत के बीच एक तरफ की दूरी क़रीब 90 किलोमीटर है, जिसे यह ट्रेन क़रीब 2 घंटे में तय करेगी।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

रेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में संचालित होगी। ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 74009 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांपेगा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राबड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दिन में दो फेरे लगाएगी और हर रोज़ कुल क़रीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे काम करती है?

सामान्य ट्रेनें कोयले, डीजल या बिजली से चलती हैं। भारतीय रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन गैस की मदद से रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न की जाती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। जहां डीजल इंजन काला धुआं छोड़ते हैं, वहीं हाइड्रोजन इंजन से केवल पानी की भाप निकलती है। अन्य पारंपरिक इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण नहीं फैलाता।

दस कदम, दस का दम’, पीएम मोदी के 3 देशों के दौरे से भारत को क्या मिला? बीजेपी ने गिनाई उपलब्धियां

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलेंड की यात्रा पर गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने रविवार को प्रेस वार्ता में विस्तार से जानकारी दी। पात्रा ने कहा कि इन यात्राओं से भारत को क्या हासिल हुआ, इसे आसान भाषा में समझाने के लिए उन्होंने 'दस कदम, दस का दम' के रूप में दस प्रमुख उपलब्धियां सामने रखीं।

बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने तीन देशों इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा की। इससे पहले उन्होंने सेशेल्स का भी दौरा किया था। इसी दौरान जापान के राष्ट्राध्यक्ष भी भारत आए थे। कुल मिलाकर इसका क्या नतीजा निकला? भारत को क्या हासिल हुआ? मैं आसान भाषा में दस अहम नतीजों के बारे में बताऊंगा 'दस कदम, दस का दम'।

पात्रा ने गिनाए ये 10 फायदेः-

1. हिंद महासागर-भारत-प्रशांत रणनीतिक गठबंधन।

2. रक्षा और समुद्री सहयोग।

3. महत्वपूर्ण खनिजों के संबंध में सहयोग।

4. ऊर्जा सुरक्षा।

5. आर्थिक और निवेश परिणाम।

6. प्रधान मंत्री को विशेष भाव और शिष्टाचार दिया गया।

7. सभ्यतागत एवं सांस्कृतिक साझेदारी।

8. डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और शैक्षिक भागीदारी।

9. खेल।

10.लोगों से लोगों के रिश्ते.

भारत की हिंद महासागर और इंडो पैसिफिक में बढ़त

संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का सबसे बड़ा परिणाम हिंद महासागर और इंडो पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करना रहा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में समान सोच वाले देशों के साथ भारत की साझेदारी पहले से अधिक मजबूत हुई है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को नई दिशा मिली है।

रक्षा और समुद्री सुरक्षा की नई मजबूती

पात्रा ने बताया कि इन दौरों के दौरान रक्षा और समुद्री सहयोग को नई मजबूती मिली। समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे भारत की समुद्री क्षमताओं और सुरक्षा हितों को बल मिलेगा।

क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर बनी अहम सहमति

पात्रा ने कहा कि भविष्य की तकनीक और उद्योगों के लिए जरूरी क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर भी महत्वपूर्ण सहमति बनी है। इससे भारत की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सकारात्मक प्रगति हुई है। इन समझौतों और सहयोग के माध्यम से भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को अधिक सुरक्षित और स्थिर बना सकेगा।

निवेश के क्षेत्र में उपलब्धि

बीजेपी नेता ने कहा कि आर्थिक सहयोग और निवेश बढ़ाने को लेकर भी महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं। विभिन्न देशों के साथ व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री को मिले विशेष सम्मान का जिक्र

उन्होंने कहा कि जिन देशों का प्रधानमंत्री ने दौरा किया, वहां उन्हें विशेष सम्मान और आत्मीयता के साथ स्वागत मिला। पात्रा के अनुसार, यह केवल प्रधानमंत्री का सम्मान नहीं बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्व मंच पर उसकी मजबूत होती साख का प्रतीक है।

सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम

पात्रा ने कहा कि भारत ने अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और साझा सभ्यतागत संबंधों को भी नई ऊर्जा देने का काम किया। विभिन्न देशों के साथ सांस्कृतिक सहयोग और पारंपरिक रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

डिजिटल और शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल

पात्रा ने बताया कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण साझेदारियां बनी हैं। इससे तकनीकी सहयोग, नवाचार और शैक्षणिक आदान प्रदान को बढ़ावा मिलेगा तथा दोनों पक्षों के छात्रों और संस्थानों को लाभ पहुंचेगा।

खेल के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति

संबित पात्रा ने कहा कि खेल के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। खेलों के माध्यम से दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने तथा खिलाड़ियों के लिए नए अवसर तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।

लोगों के बीच रिश्ते हे मजबूत

उन्होंने कहा कि इन विदेश यात्राओं का सबसे महत्वपूर्ण पहलू लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ाना है। पर्यटन, शिक्षा, व्यापार, सांस्कृतिक आदान प्रदान और सामाजिक संबंधों के माध्यम से भारत तथा साझेदार देशों के नागरिकों के बीच भरोसा और सहयोग पहले से अधिक मजबूत होगा। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं ने भारत की वैश्विक भागीदारी को नई गति देने का काम किया है।

6 दिन की यात्रा के बाद लौटे दिल्ली

बता दें कि पीएम मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की 6 दिन की यात्रा के बाद दिल्ली लौट आए हैं। तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर इस महीने की 6 से 8 तारीख तक इंडोनेशिया का दौरा किया है। इस दौरान, प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय चर्चा की और साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 18 समझौतों पर बनी सहमति, पीएम मोदी बोले-एफटीए मील का पत्थर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे पर हैं। न्यूजीलैंड के ऐतिहासिक दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑकलैंड में अपने समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। पीएम मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड को स्वाभाविक साझेदार बताया और दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच अहम समझौतौं पर आदान-प्रदान हुआ, जिसका मकसद अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना है।

रक्षा और व्यापार समेत 18 समझौतों पर हस्ताक्षर

पीएम मोदी और कीवी प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों ने अपने रिश्तों को औपचारिक रूप से सामरिक साझेदारी में बदलने का फैसला किया और इसके लिए ‘भारत-न्यूजीलैंड सामरिक साझेदारी: रोडमैप 2030’ को मंजूरी दी। इसके साथ ही रक्षा, व्यापार, खेल, पशुपालन, आपदा प्रबंधन, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग समेत कुल 18 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

भारत-न्यूजीलैंड के बीच इन समझौतों पर सहमति

1- भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं की बैठक में भारत-न्यूजीलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिए 2030 तक एक रोडमैप पर सहमति जताई। इसमें संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। इससे भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी को दिशा देने के लिए एक व्यवस्थित रोडमैप मिलता है।

2- भारत के रक्षा मंत्रालय और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के बीच समुद्री सहयोग पर मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट पर सहमति बनी। इससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।

3- भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाइड्रोग्राफी और नॉटिकल कार्टोग्राफी के मामलों में सहगोय के लिए कार्यान्वयन व्यवस्था पर सहमति बनी है।

4- भारतीय नेवी और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के आपसी लॉजिस्टिक्स सहायता पर सहमति बनी है। यह दोनों बलों के बीच रसद सहायता को आसान बनाता है।

5- भारत और न्यूजीलैंड के बीच आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति बनी। इससे दोनों देश आतंकवाद रोधी बातचीत और खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान कर सकेंगे।

6- भारत के नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) और न्यूजीलैंड की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (NEMA) के बीच सहयोग का समझौता। यह आपदा की तैयारी, उससे निपटने और उबरने की क्षमता में सहयोग को बढ़ावा देगा।

7- पशुपालन और डेयरी के क्षेत्र में भी समझौता हुआ है, जो तकनीकी सहयोग, जानकारी का आदान-प्रदान और बेहतरीन तौर-तरीकों को बढ़ावा देगा। इसका लक्ष्य किसानों को फायदा पहुंचाना और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है।

8- पर्यटन क्षेत्र में मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट के तहत दोनों तरफ से पर्यटन और लोगों के बीच आपसी मेलजोल को बढ़ावा दिया जाएगा।

9- भारत-न्यूजीलैंड ने खेल पर संयुक्त कार्य योजना पर सहमति जताई है, जिसमें खेलों को बढावा दिया जाएगा। इसमें हाई-परफॉर्मेंस खेल, खेल विज्ञान और खेल चिकिस्ता शामिल है।

10- गुजरात के लोथल में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) के विकास के लिए NMHC और न्यूजीलैंड मैरीटाइम म्यूजिमय के बीच समझौता ज्ञापन पर सहमति।

11- भारत के संस्कृति मंत्रालय और न्यूजीलैंड के संस्कृति और विरासत मंत्रालय के बीच सांस्कृतिक सहयोग पर समझौता हुआ है। इसके तहत कला, विरासत और सांस्कृतिक पहलों में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

12- 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 35000 करोड़ रुपये या 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही व्यवसायों के लिए नए अवसर, निर्यात को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए नई नौकरियां पैदा की जाएंगी।

13- दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा पर बातचीत शुरू करने पर सहमति बनी है। इसके तहत समुद्री क्षेत्र में सहयोग, समन्वय और जानकारी के आदान-प्रदान को मजबूत करना शामिल है।

14- न्यूजीलैंड ने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव के तहत समुद्री सुरक्षा को एक प्राथमिकता वाले स्तंभ के रूप में चुना है। इसके तहत अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से निपटने जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जा सकेगा।

15- न्यूजीलैंड ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस में शामिल हुआ। यह बायोफ्यूल पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगा।

16- कीवी फ्रूट एक्शन प्लान की स्थापना। इसके तहत नागालैंड व उत्तराखंड में कीवी के उत्पादन के लिए 2 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगें।

17- नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च, गोवा और यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी, न्यूजीलैंड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। इससे अंटार्कटिक क्षेत्र की समझ विकसित करने में संयुक्त शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

18- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट, कुंडली और मैसी यूनिवर्सिटी, न्यूजीलैंड के बीच MoU पर हस्ताक्षर। इसके तहत शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान में सहयोग के लिए एक ढांचा तैयार किए जाएगा।

पीएम मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े प्रम्बानन मंदिर पहुंचे, बोले- हमेशा शिव से जुड़ने का सौभाग्य मिला

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मुस्लिम देश इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर के दौरे पर पहुंचे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी उनके साथ गए। पीएम मोदी ने भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित लगभग 1,000 साल पुराने हिंदू मंदिर में पूजा-अर्चना की है। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मंदिर के संरक्षण-जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी बोले-'भव्य प्रम्बानन मंदिर

पीएम मोदी ने एक्स पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे हेलीकॉप्टर की खिड़की से वे प्रम्बानन मंदिर का नजारा देख रहे हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा-'भव्य प्रम्बानन मंदिर!' वहीं एक अन्य वीडियो में पीएम मोदी मंदिर में अन्य लोगों के साथ प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं।

मंदिर के संरक्षण और पुनर्स्थापना में भारत करेगा सहयोग

पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने संयुक्त रूप से प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापना परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना के लिए भारत और इंडोनेशिया के बीच आशय पत्र यानि लेटर ऑफ इंटेंट का आदान-प्रदान पहले ही हो चुका है।

मुझे हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने जॉइंट प्रेस कॉन्फेंस के दौरान मंगलवार को कहा था कि योग्याकार्ता में राष्ट्रपति प्रबोवो के संग मिलकर प्रम्बानन मंदिर की संरक्षण परियोजना की शुरुआत करने का मौका मिला। मुझे किसी न किसी रूप में हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला है। सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाद प्रम्बानन मंदिर के विकास का मौका मिलना मेरा सौभाग्य है।

मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य उकेरा गया

इंडोनेशिया में 10वीं सदी में बना भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। इसके केंद्र में तीन प्रमुख मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य को उकेरा गया है। ये मंदिर हिंदू धर्म के तीन प्रमुख देवों, ब्रह्मा, विष्णु और महेश को समर्पित हैं। इसके अलावा तीन अन्य मंदिर इन देवताओं के वाहनों को समर्पित हैं।

इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी, जानें क्यों अहम है ये यात्रा?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के त्रिपक्षीय दौरे के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, महासागर विजन के साथ-साथ एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगी। इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अहम बैठकें होंगी। यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण समझौतों और घोषणाओं पर भी नजर रहेगी।

रवाना होने से पहले क्या बोले पीएम मोदी

तीन देशों की यात्रा के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि इसका मकसद इन कीमती विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।

आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ेगा

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना लेख साझा किया और कहा, ‘अगले कुछ दिनों में मैं इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हो रहा हूं। इन मीटिंग का मकसद अहम विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।’

इंडोनेशिया से होगी दौरे की शुरूआत

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे की शुरुआत 6 से करेंगे। पीएम मोदी 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रहेंगे। अपनी यात्रा की शुरूआत इंडोनेशिया से करेंगे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति महामहिम प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर वे 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे। इस यात्रा के दौरान, वे इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करेंगे। राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का दौरा भी करेंगे।

8 से 10 जुलाई तक मेलबर्न का दौरा

दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुंचेंगे। मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न का दौरा करेंगे। यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर हो रही है। यहां मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। क्वॉड के तहत सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड जाएंगे। भारत और न्यूजीलैंड ने इसी साल मुक्त व्यापार समझौते पर साइन किए हैं।

चार दशक बाद भारतीय पीएम का न्यूजीलैंड दौरा

ऑस्ट्रेलिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी 10 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड के ऑकलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा होगी। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता व्यापार, वाणिज्य, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे, जिनमें पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी से मिले शरद पवार और सुप्रिया सुले, तस्वीरों से सियासी खलबली

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संसद का मानसून सत्र चल रहा है। सत्र में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे शरद पवार ने बुधवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी ने शरद पवार का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस मौके पर सुप्रिया सुले भी उनके साथ रहीं। शरद पवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने राजनीति को गरमा दिया है।

संसद में हुई मुलाकात की तस्वीरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद शरद पवार का स्वागत करते दिखाई दिए। दूसरी तस्वीर में दोनों नेता हंसते हुए बातचीत कर रहे थे। हाथ में कुछ कागज लेकर पहुंचे शरद पवार ने पीएम मोदी को कुछ पत्र भी सौंपे। दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई? अभी इसका ब्योरा सामने नहीं आया है

एनडीए में जाने की लग रही हैं अटकलें

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पिछले कई दिनों से शरद पवार गुट के एनडीए में शामिल होने या अजित पवार गुट के साथ फिर से एक होने की अटकलें लगातार तेज हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास से आई तस्वीरों ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। प्रधानमंत्री मोदी और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। दोनों नेताओं की मुस्कुराते हुए बातचीत करती तस्वीरों ने सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे INDIA गठबंधन की बेचैनी बढ़ा दी।

परिसीमन बिल से भी जोड़कर देखा जा रहा

संसद के मानसून सत्र के दौरान शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तस्वीरें काफी कुछ कह रही हैं। दरअसल परिसीमन बिल पर बीजेपी को एनसीपी (SP) के 8 सांसदों का समर्थन चाहिए। इस मुलाकात को उससे जोड़कर भी देखा जा रहा है। सुप्रिया सुले ने सीटों में 50 फीसदी बढ़ोतरी की लिखित गारंटी मिलने पर इस बिल को सशर्त समर्थन देने के संकेत दिए हैं।

प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका-खरगे सहित कई कांग्रेस सांसद, पीएम के इस्तीफे की मांग

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए हमले के विरोध और छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई शीर्ष नेताओं ने लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने युवा छात्रों पर हुए कथित अत्याचारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

पीएम और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, "हम कल छात्रों के खिलाफ हुई बर्बरताओं का जवाब मांगने प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च निकालकर आए हैं। सरकार न तो जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।"

कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस की ओर से हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद के सुरेश, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया है।

घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे राहुल-प्रियंका

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में हुए लाठीचार्ज के एक दिन बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरएमएल अस्पताल में घायल छात्रों से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने छात्रों का हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उस घायल युवती की मां से भी मुलाकात की, जो आरएमएल अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है।

पेपर लीक राष्ट्रीय चिंता का विषय, इसे राजनीति का मुद्दा नहीं बनाया चाहिए, पीएम मोदी का बड़ा बयान

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दिल्ली में आज एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई। इसका नाम 'मंगल मिलन' दिया गया। पीएम मोदी भी इस बैठक में शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने NEET परीक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पेपर लीक राजनीति का विषय नहीं है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक के बाद दी।

पेपर लीक की खबरें पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "NEET परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की खबरें सामने आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए कि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, NEET की दोबारा परीक्षा को प्राथमिकता दी गई, इसे सफलतापूर्वक आयोजित किया गया और बिना किसी देरी के नतीजे घोषित कर दिए गए।"

पेपर लीक को लेकर सख्त संदेश

किरेन रिजिजू के मुताबिक, पीएम मोदी ने पेपर लीक मामले पर विस्‍तार से बात की। पीएम मोदी ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक फिर से नहीं होना चाहिए। साथ ही किसी भी छात्र का भविष्‍य प्रभावित नहीं होना चाहिए। पीएम मोदी ने पेपर लीक में शामिल आरोपियों को सख्‍त से सख्‍त सजा दिलाने की भी बात कही है।

पेपर लीक दलगत राजनीति का मामला नहीं

पीएम मोदी ने कहा, "पेपर लीक सिर्फ एक राज्य का मामला नहीं है। यह सिर्फ केंद्र का मामला नहीं है, हर एक राज्य में जहां-जहां पेपर लीक हो रहा है, जो लोग इस धंधे में लिप्त हैं, उनको सजा देने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। ये दलगत राजनीति का मामला नहीं है, ये पूरे देश का मामला है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो, इसके लिए सख्ती से कदम उठाए जाएं और सजा दिलाने के लिए मिलकर काम हो, ऐसा निर्देश पीएम मोदी ने दिया है।"

मानसून के साथ सत्र भी प्रोडक्टिव रहे...,संसद सत्र से पहले बोले पीएम मोदी

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आज से शुरू मानसून सत्र की कार्यवाही से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, मानसून हो या मानसून सत्र हो, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून और मानसून सत्र प्रोडक्टिव रहे। इससे देश का कल्याण होता है।

सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पिरिट पकड़ ली है। संसद का सत्र उस स्पिरिट में ऊर्जा भर सकता है। सांसद किसी भी दल के हों, उनके पास लंबा अनुभव है। संसद में सार्थक चर्चा होना, मिलजुलकर देश को आगे ले जाने की चर्चा होना आज के वक्त की मांग है। तर्क-तथ्य के साथ सदन की चर्चा को मजबूत किया जाए, हर आवाज को सम्मान मिले। मैं सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण देता हूं।

सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर देश चल पड़ा है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, पिछले 1 महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचा था और परसों ही भारत के एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है। और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं। सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है। उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं।

भारत ने 7.7 प्रतिशत का विकास दर बनाए रखा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हम अच्छी तरह जानते हैं और पूरी दुनिया को अलग-अलग इलाकों में लगातार बने हुए युद्ध के खतरे की चिंता है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया, जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। पेट्रोल, डीजल, LPG, फर्टिलाइजर और केमिकल को लेकर कई रुकावटें और संकट पैदा हुए। इसके बावजूद, भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा। यह भारत की अंदरूनी ताकत को दिखाता है और उस जोश और उत्साह की झलक देता है जिसके साथ देश नई ऊंचाइयां छूना चाहता है। इसी माहौल में मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है; देश ने रफ़्तार पकड़ ली है और संसद की भावना उस रफ्तार में नई ऊर्जा भरती है।

भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन, जानिए क्या है खासियत

ॉ#countrysfirsthydrogentrainpmmodiwillflagoftoday

भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से ट्रेन चलेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया शेयर की ट्रेन की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे। लॉन्च से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्रेन की अंदर और बाहर की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इन तस्वीरों में ट्रेन का ड्राइवर केबिन, यात्रियों के लिए बना कोच और स्टेशन पर खड़ी ट्रेन दिखाई दे रही है। हालांकि, 17 जुलाई को सिर्फ इसका उद्घाटन होगा। नियमित यात्री सेवा कब शुरू होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

पूरी तरह भारत में ही तैयार ट्रेन

इस ट्रेन से जुड़ी कई सारी खास बातें हैं। सबसे पहले तो इस ट्रेन को पूरी तरह भारत में ही तैयार किया गया है। आम ट्रेनों की तरह इसे डीजल से चलाने की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल से चलाया जाएगा। तीसरी खास बात ये है कि ये दुनिया की सबसे लंबी और सबसे ज्यादा कैपेसिटी वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। इससे प्रदूषण भी कम होगा और क्लीन एनर्जी को देश में बढ़ावा भी मिलेगा।

90 किमीटरकी दूरी क़रीब 2 घंटे में होगी तय

यह ट्रेन 1200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जींद से सोनीपत के बीच एक तरफ की दूरी क़रीब 90 किलोमीटर है, जिसे यह ट्रेन क़रीब 2 घंटे में तय करेगी।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

रेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में संचालित होगी। ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 74009 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांपेगा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राबड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दिन में दो फेरे लगाएगी और हर रोज़ कुल क़रीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे काम करती है?

सामान्य ट्रेनें कोयले, डीजल या बिजली से चलती हैं। भारतीय रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन गैस की मदद से रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न की जाती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। जहां डीजल इंजन काला धुआं छोड़ते हैं, वहीं हाइड्रोजन इंजन से केवल पानी की भाप निकलती है। अन्य पारंपरिक इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण नहीं फैलाता।

भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन, जानिए क्या है खासियत

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भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से ट्रेन चलेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया शेयर की ट्रेन की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे। लॉन्च से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्रेन की अंदर और बाहर की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इन तस्वीरों में ट्रेन का ड्राइवर केबिन, यात्रियों के लिए बना कोच और स्टेशन पर खड़ी ट्रेन दिखाई दे रही है। हालांकि, 17 जुलाई को सिर्फ इसका उद्घाटन होगा। नियमित यात्री सेवा कब शुरू होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

पूरी तरह भारत में ही तैयार ट्रेन

इस ट्रेन से जुड़ी कई सारी खास बातें हैं। सबसे पहले तो इस ट्रेन को पूरी तरह भारत में ही तैयार किया गया है। आम ट्रेनों की तरह इसे डीजल से चलाने की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल से चलाया जाएगा। तीसरी खास बात ये है कि ये दुनिया की सबसे लंबी और सबसे ज्यादा कैपेसिटी वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। इससे प्रदूषण भी कम होगा और क्लीन एनर्जी को देश में बढ़ावा भी मिलेगा।

90 किमीटरकी दूरी क़रीब 2 घंटे में होगी तय

यह ट्रेन 1200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जींद से सोनीपत के बीच एक तरफ की दूरी क़रीब 90 किलोमीटर है, जिसे यह ट्रेन क़रीब 2 घंटे में तय करेगी।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

रेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में संचालित होगी। ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 74009 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांपेगा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राबड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दिन में दो फेरे लगाएगी और हर रोज़ कुल क़रीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे काम करती है?

सामान्य ट्रेनें कोयले, डीजल या बिजली से चलती हैं। भारतीय रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन गैस की मदद से रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न की जाती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। जहां डीजल इंजन काला धुआं छोड़ते हैं, वहीं हाइड्रोजन इंजन से केवल पानी की भाप निकलती है। अन्य पारंपरिक इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण नहीं फैलाता।

दस कदम, दस का दम’, पीएम मोदी के 3 देशों के दौरे से भारत को क्या मिला? बीजेपी ने गिनाई उपलब्धियां

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलेंड की यात्रा पर गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने रविवार को प्रेस वार्ता में विस्तार से जानकारी दी। पात्रा ने कहा कि इन यात्राओं से भारत को क्या हासिल हुआ, इसे आसान भाषा में समझाने के लिए उन्होंने 'दस कदम, दस का दम' के रूप में दस प्रमुख उपलब्धियां सामने रखीं।

बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने तीन देशों इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा की। इससे पहले उन्होंने सेशेल्स का भी दौरा किया था। इसी दौरान जापान के राष्ट्राध्यक्ष भी भारत आए थे। कुल मिलाकर इसका क्या नतीजा निकला? भारत को क्या हासिल हुआ? मैं आसान भाषा में दस अहम नतीजों के बारे में बताऊंगा 'दस कदम, दस का दम'।

पात्रा ने गिनाए ये 10 फायदेः-

1. हिंद महासागर-भारत-प्रशांत रणनीतिक गठबंधन।

2. रक्षा और समुद्री सहयोग।

3. महत्वपूर्ण खनिजों के संबंध में सहयोग।

4. ऊर्जा सुरक्षा।

5. आर्थिक और निवेश परिणाम।

6. प्रधान मंत्री को विशेष भाव और शिष्टाचार दिया गया।

7. सभ्यतागत एवं सांस्कृतिक साझेदारी।

8. डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और शैक्षिक भागीदारी।

9. खेल।

10.लोगों से लोगों के रिश्ते.

भारत की हिंद महासागर और इंडो पैसिफिक में बढ़त

संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का सबसे बड़ा परिणाम हिंद महासागर और इंडो पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करना रहा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में समान सोच वाले देशों के साथ भारत की साझेदारी पहले से अधिक मजबूत हुई है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को नई दिशा मिली है।

रक्षा और समुद्री सुरक्षा की नई मजबूती

पात्रा ने बताया कि इन दौरों के दौरान रक्षा और समुद्री सहयोग को नई मजबूती मिली। समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे भारत की समुद्री क्षमताओं और सुरक्षा हितों को बल मिलेगा।

क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर बनी अहम सहमति

पात्रा ने कहा कि भविष्य की तकनीक और उद्योगों के लिए जरूरी क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर भी महत्वपूर्ण सहमति बनी है। इससे भारत की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सकारात्मक प्रगति हुई है। इन समझौतों और सहयोग के माध्यम से भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को अधिक सुरक्षित और स्थिर बना सकेगा।

निवेश के क्षेत्र में उपलब्धि

बीजेपी नेता ने कहा कि आर्थिक सहयोग और निवेश बढ़ाने को लेकर भी महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं। विभिन्न देशों के साथ व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री को मिले विशेष सम्मान का जिक्र

उन्होंने कहा कि जिन देशों का प्रधानमंत्री ने दौरा किया, वहां उन्हें विशेष सम्मान और आत्मीयता के साथ स्वागत मिला। पात्रा के अनुसार, यह केवल प्रधानमंत्री का सम्मान नहीं बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्व मंच पर उसकी मजबूत होती साख का प्रतीक है।

सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम

पात्रा ने कहा कि भारत ने अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और साझा सभ्यतागत संबंधों को भी नई ऊर्जा देने का काम किया। विभिन्न देशों के साथ सांस्कृतिक सहयोग और पारंपरिक रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

डिजिटल और शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल

पात्रा ने बताया कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण साझेदारियां बनी हैं। इससे तकनीकी सहयोग, नवाचार और शैक्षणिक आदान प्रदान को बढ़ावा मिलेगा तथा दोनों पक्षों के छात्रों और संस्थानों को लाभ पहुंचेगा।

खेल के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति

संबित पात्रा ने कहा कि खेल के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। खेलों के माध्यम से दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने तथा खिलाड़ियों के लिए नए अवसर तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।

लोगों के बीच रिश्ते हे मजबूत

उन्होंने कहा कि इन विदेश यात्राओं का सबसे महत्वपूर्ण पहलू लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ाना है। पर्यटन, शिक्षा, व्यापार, सांस्कृतिक आदान प्रदान और सामाजिक संबंधों के माध्यम से भारत तथा साझेदार देशों के नागरिकों के बीच भरोसा और सहयोग पहले से अधिक मजबूत होगा। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं ने भारत की वैश्विक भागीदारी को नई गति देने का काम किया है।

6 दिन की यात्रा के बाद लौटे दिल्ली

बता दें कि पीएम मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की 6 दिन की यात्रा के बाद दिल्ली लौट आए हैं। तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर इस महीने की 6 से 8 तारीख तक इंडोनेशिया का दौरा किया है। इस दौरान, प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय चर्चा की और साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 18 समझौतों पर बनी सहमति, पीएम मोदी बोले-एफटीए मील का पत्थर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे पर हैं। न्यूजीलैंड के ऐतिहासिक दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑकलैंड में अपने समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। पीएम मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड को स्वाभाविक साझेदार बताया और दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच अहम समझौतौं पर आदान-प्रदान हुआ, जिसका मकसद अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना है।

रक्षा और व्यापार समेत 18 समझौतों पर हस्ताक्षर

पीएम मोदी और कीवी प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों ने अपने रिश्तों को औपचारिक रूप से सामरिक साझेदारी में बदलने का फैसला किया और इसके लिए ‘भारत-न्यूजीलैंड सामरिक साझेदारी: रोडमैप 2030’ को मंजूरी दी। इसके साथ ही रक्षा, व्यापार, खेल, पशुपालन, आपदा प्रबंधन, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग समेत कुल 18 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

भारत-न्यूजीलैंड के बीच इन समझौतों पर सहमति

1- भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं की बैठक में भारत-न्यूजीलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिए 2030 तक एक रोडमैप पर सहमति जताई। इसमें संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। इससे भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी को दिशा देने के लिए एक व्यवस्थित रोडमैप मिलता है।

2- भारत के रक्षा मंत्रालय और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के बीच समुद्री सहयोग पर मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट पर सहमति बनी। इससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।

3- भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाइड्रोग्राफी और नॉटिकल कार्टोग्राफी के मामलों में सहगोय के लिए कार्यान्वयन व्यवस्था पर सहमति बनी है।

4- भारतीय नेवी और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के आपसी लॉजिस्टिक्स सहायता पर सहमति बनी है। यह दोनों बलों के बीच रसद सहायता को आसान बनाता है।

5- भारत और न्यूजीलैंड के बीच आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति बनी। इससे दोनों देश आतंकवाद रोधी बातचीत और खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान कर सकेंगे।

6- भारत के नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) और न्यूजीलैंड की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (NEMA) के बीच सहयोग का समझौता। यह आपदा की तैयारी, उससे निपटने और उबरने की क्षमता में सहयोग को बढ़ावा देगा।

7- पशुपालन और डेयरी के क्षेत्र में भी समझौता हुआ है, जो तकनीकी सहयोग, जानकारी का आदान-प्रदान और बेहतरीन तौर-तरीकों को बढ़ावा देगा। इसका लक्ष्य किसानों को फायदा पहुंचाना और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है।

8- पर्यटन क्षेत्र में मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट के तहत दोनों तरफ से पर्यटन और लोगों के बीच आपसी मेलजोल को बढ़ावा दिया जाएगा।

9- भारत-न्यूजीलैंड ने खेल पर संयुक्त कार्य योजना पर सहमति जताई है, जिसमें खेलों को बढावा दिया जाएगा। इसमें हाई-परफॉर्मेंस खेल, खेल विज्ञान और खेल चिकिस्ता शामिल है।

10- गुजरात के लोथल में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) के विकास के लिए NMHC और न्यूजीलैंड मैरीटाइम म्यूजिमय के बीच समझौता ज्ञापन पर सहमति।

11- भारत के संस्कृति मंत्रालय और न्यूजीलैंड के संस्कृति और विरासत मंत्रालय के बीच सांस्कृतिक सहयोग पर समझौता हुआ है। इसके तहत कला, विरासत और सांस्कृतिक पहलों में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

12- 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 35000 करोड़ रुपये या 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही व्यवसायों के लिए नए अवसर, निर्यात को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए नई नौकरियां पैदा की जाएंगी।

13- दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा पर बातचीत शुरू करने पर सहमति बनी है। इसके तहत समुद्री क्षेत्र में सहयोग, समन्वय और जानकारी के आदान-प्रदान को मजबूत करना शामिल है।

14- न्यूजीलैंड ने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव के तहत समुद्री सुरक्षा को एक प्राथमिकता वाले स्तंभ के रूप में चुना है। इसके तहत अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से निपटने जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जा सकेगा।

15- न्यूजीलैंड ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस में शामिल हुआ। यह बायोफ्यूल पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगा।

16- कीवी फ्रूट एक्शन प्लान की स्थापना। इसके तहत नागालैंड व उत्तराखंड में कीवी के उत्पादन के लिए 2 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगें।

17- नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च, गोवा और यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी, न्यूजीलैंड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। इससे अंटार्कटिक क्षेत्र की समझ विकसित करने में संयुक्त शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

18- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट, कुंडली और मैसी यूनिवर्सिटी, न्यूजीलैंड के बीच MoU पर हस्ताक्षर। इसके तहत शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान में सहयोग के लिए एक ढांचा तैयार किए जाएगा।

पीएम मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े प्रम्बानन मंदिर पहुंचे, बोले- हमेशा शिव से जुड़ने का सौभाग्य मिला

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मुस्लिम देश इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर के दौरे पर पहुंचे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी उनके साथ गए। पीएम मोदी ने भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित लगभग 1,000 साल पुराने हिंदू मंदिर में पूजा-अर्चना की है। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मंदिर के संरक्षण-जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी बोले-'भव्य प्रम्बानन मंदिर

पीएम मोदी ने एक्स पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे हेलीकॉप्टर की खिड़की से वे प्रम्बानन मंदिर का नजारा देख रहे हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा-'भव्य प्रम्बानन मंदिर!' वहीं एक अन्य वीडियो में पीएम मोदी मंदिर में अन्य लोगों के साथ प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं।

मंदिर के संरक्षण और पुनर्स्थापना में भारत करेगा सहयोग

पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने संयुक्त रूप से प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापना परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना के लिए भारत और इंडोनेशिया के बीच आशय पत्र यानि लेटर ऑफ इंटेंट का आदान-प्रदान पहले ही हो चुका है।

मुझे हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने जॉइंट प्रेस कॉन्फेंस के दौरान मंगलवार को कहा था कि योग्याकार्ता में राष्ट्रपति प्रबोवो के संग मिलकर प्रम्बानन मंदिर की संरक्षण परियोजना की शुरुआत करने का मौका मिला। मुझे किसी न किसी रूप में हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला है। सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाद प्रम्बानन मंदिर के विकास का मौका मिलना मेरा सौभाग्य है।

मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य उकेरा गया

इंडोनेशिया में 10वीं सदी में बना भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। इसके केंद्र में तीन प्रमुख मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य को उकेरा गया है। ये मंदिर हिंदू धर्म के तीन प्रमुख देवों, ब्रह्मा, विष्णु और महेश को समर्पित हैं। इसके अलावा तीन अन्य मंदिर इन देवताओं के वाहनों को समर्पित हैं।

इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी, जानें क्यों अहम है ये यात्रा?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के त्रिपक्षीय दौरे के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, महासागर विजन के साथ-साथ एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगी। इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अहम बैठकें होंगी। यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण समझौतों और घोषणाओं पर भी नजर रहेगी।

रवाना होने से पहले क्या बोले पीएम मोदी

तीन देशों की यात्रा के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि इसका मकसद इन कीमती विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।

आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ेगा

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना लेख साझा किया और कहा, ‘अगले कुछ दिनों में मैं इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हो रहा हूं। इन मीटिंग का मकसद अहम विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।’

इंडोनेशिया से होगी दौरे की शुरूआत

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे की शुरुआत 6 से करेंगे। पीएम मोदी 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रहेंगे। अपनी यात्रा की शुरूआत इंडोनेशिया से करेंगे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति महामहिम प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर वे 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे। इस यात्रा के दौरान, वे इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करेंगे। राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का दौरा भी करेंगे।

8 से 10 जुलाई तक मेलबर्न का दौरा

दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुंचेंगे। मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न का दौरा करेंगे। यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर हो रही है। यहां मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। क्वॉड के तहत सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड जाएंगे। भारत और न्यूजीलैंड ने इसी साल मुक्त व्यापार समझौते पर साइन किए हैं।

चार दशक बाद भारतीय पीएम का न्यूजीलैंड दौरा

ऑस्ट्रेलिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी 10 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड के ऑकलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा होगी। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता व्यापार, वाणिज्य, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे, जिनमें पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।