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Jun 06 2022, 18:36

ममता सरकार ने की न्यू टाउन में अदाणी समूह को 51.7 एकड़ जमीन देने की घोषणा, कैबिनेट में लिया गया निर्णय

कोलकाता. बंगाल की ममता सरकार कोलकाता से सटे राजारहाट न्यूटाउन में अदाणी समूह को 51.7 एकड़ जमीन देने की घोषणा की है. संसदीय कार्यमंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि सोमवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया है कि अदाणी समूह को जमीन आवंटित की जाएगी. उन्होंने कहा कि न्यू टाउन में बंगाल सिलिकान वैली में अदाणी समूह के स्वामित्व वाली कंपनी को जमीन दी जाएगी. वे इस जमीन पर एक बड़ा डाटा सेंटर स्थापित करेंगे.

पार्थ ने कहा कि अदाणी समूह की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बंगाल टेक पार्क की ओर बंगाल सिलिकान वैली में एक डाटा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव मिला था. उस प्रस्ताव पर सोमवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में बंगाल सिलिकन वैली में 51.7 एकड़ जमीन बंगाल टेक पार्क को 99 साल की लीज पर देने का फैसला किया गया है. वहां डेटा सेंटर बनने से रोजगार के बहुत सारे अवसर तैयार होंगे. बंगाल सिलिकान वैली की आधारशिला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2019 में रखी थी. लेकिन इसके बाद वहां एक भी ईंट नहीं डाली गई.

मुख्यमंत्री की तस्वीर वाले सिर्फ बैनर होर्डिंग दिखते हैं. इसे लेकर भाजपा बार-बार राज्य सरकार का मजाक उड़ाती रही है. पहले इस सिलिकान वैली में सिर्फ आइटी कंपनियों को ही जमीन देने की बात हुई थी, लेकिन अभी एक माह पूर्व अप्रैल में हुए बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि इस वैली में अब सेमीकंडक्टर चिप से लेकर डेटा सेंटर के लिए भी जमीन दी जाएगी. माना जा रहा है कि इसके बाद ही यह प्रस्ताव आया है और उस पर तत्काल निर्णय लिया गया है.


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Jun 06 2022, 18:20

अब कर्मचारी सेवा आयोग के माध्यम से होगी ग्रुप डी कर्मचारियों की नियुक्ति

कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार ने स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के जरिए ग्रुप सी और डी में शिक्षकों की नियुक्ति में हुई बड़े पैमाने पर धांधली से सबक लिया है. सोमवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया है कि ग्रुप डी कर्मियों की नियुक्ति के लिए जो रिक्रूटमेंट बोर्ड गठित किया गया था उसे खत्म किया जाएगा. अब राज्य में ग्रुप डी कर्मियों की नियुक्ति भी स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के जरिए होगा.

इसके अलावा 2500 आशा कर्मियों की नियुक्ति का भी निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया है. बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि पिछले छह से सात सालों में ग्रुप डी नियुक्ति बोर्ड के जरिए महज पांच हजार नियुक्तियां हुई हैं जिसमें भी बड़े पैमाने पर धांधली की वजह से राज्य सरकार को फजीहत झेलनी पड़ी है. इसीलिए इस बोर्ड को खत्म करने का निर्णय लिया गया है. इसके अलावा कोरोना संकट के समय आशा कर्मियों की सराहना विश्व स्वास्थ्य संगठन ने की थी.

बच्चों की चिकित्सा, टीकाकरण और महिलाओं के प्रसव के समय मदद में सबसे अधिक मददगार आशा कर्मी ही बनी थीं क्योंकि डॉक्टर और नर्स कोरोना उन्मूलन में लगे थे. इसीलिए अब राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, सफाई, ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और घर-घर घूमकर स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आशा कर्मियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है.


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Jun 06 2022, 17:22

कोल इंडिया का अब हरित खनन विकल्पों को आजमाने पर जोर: चेयरमैन

कोलकाता. सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) अब हरित खनन विकल्पों का लक्ष्य लेकर चल रही है और प्रौद्योगिकी की मदद से भूमिगत खदानों से कोयला उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है. सीआईएल के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छ पारिस्थितिकी के लिए अनुकूल मानी जाने वाली भूमिगत खदानों से उत्पादन बढ़ाने के लिए नई प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर कंपनी का ध्यान है.

इसके अलावा कोयले के पर्यावरणानुकूल परिवहन के लिए कंपनी देशभर में 35 कोयला भंडारण केंद्र विकसित करने में भी लगी हुई है. सीआईएल की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कोयले एवं अन्य जीवाश्म ईंधनों के जलने से वैश्विक जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंताएं गहरा रही हैं. जीवाश्म ईंधनों के इस्तेमाल से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन होता है. श्री अग्रवाल ने कहा, ‘‘सीआईएल हरित खनन विकल्पों का भी लक्ष्य लेकर चल रही है और अपने भूमिगत उत्पादन को बढ़ाने की योजना बना रही है.''

उन्होंने कहा कि सीआईएल पर्यावरण संरक्षण और अपने खनन क्षेत्रों के इर्दगिर्द एक हरित छतरी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई ने वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 30.4 लाख से अधिक पौधे लगाए और अपने हरित क्षेत्र को बढ़ाकर 1,468.5 हेक्टेयर तक पहुंचा दिया. घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी रखने वाली सीआईएल के प्रमुख अग्रवाल ने कहा कि अब तक 27 ईको पार्क और खनन पर्यटन परियोजनाएं विकसित की जा चुकी हैं.

उपग्रहों से मिली तस्वीरें ये संकेत देती हैं कि 76 प्रमुख खुली परियोजनाओं ने खनन हो चुके 62.5 प्रतिशत इलाके को अपना लिया है और सक्रिय खनन सिर्फ 37.5 प्रतिशत इलाके तक ही सीमित रह गया है. खनन के कारण खराब हुई प्रति एक हेक्टेयर भूमि के लिए सीआईएल ने लगभग दो हेक्टेयर जमीन में हरित आवरण विकसित किया है.


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Jun 06 2022, 17:00

केके की मौत का केस पहुंचा हाइकोर्ट, सीबीआइ जांच की मांग

कोलकाता. प्रख्यात पार्श्व गायक कृष्णकुमार कुन्नाथ उर्फ केके अब हमारे बीच नहीं हैं. महानगर में लाइव कॉन्सर्ट के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था. अब केके की मौत का मामला कलकत्ता हाइकोर्ट पहुंच गया है. हाइकोर्ट के अधिवक्ता रविशंकर चटर्जी ने जनहित याचिका दायर कर केके की मौत के मामले की सीबीआई जांच कराने का अनुरोध किया है. ध्यान रहे कि केके यहां दक्षिण कोलकाता के नजरुल मंच में एक कॉलेज के उत्सव में परफॉर्म करने आये थे.

हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव ने याचिका दायर करने की अनुमति दे दी. उसके बाद ही अधिवक्ता रविशंकर चटर्जी ने याचिका दायर कर गायक की मौत के मामले की सीबीआइ जांच की अपील की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या व्यवस्था में आयोजकों की लापरवाही से गायक की मौत हुई. इधर, कोलकाता पुलिस केके की मौत की जांच कर रही है. हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में केके की मौत का कारण हृदयाघात बताया गया है.


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Jun 06 2022, 16:59

एसएससी के माध्यम से नियुक्ति में अनियमितता का आरोप,

हाइकोर्ट ने शिक्षक की नौकरी रद्द करने का आदेश

कोलकाता. स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के जरिए गैरकानूनी तरीके से नियुक्त हुए एक और शिक्षक की नौकरी रद्द करने का आदेश हाई कोर्ट ने दिया है. न्यायमूर्ति राजशेखर महंथा की नई पीठ ने सोमवार को सुनवाई के बाद नौवीं और दसवीं श्रेणी में नियुक्त एक शिक्षक की नियुक्ति रद्द करने का आदेश दिया है. इसके पहले न्यायमूर्ति अभिजीत गांगुली की पीठ में इन मामलों की सुनवाई होती थी लेकिन कोर्ट ने रूटीन बदली के तहत अब एसएससी संबंधी मामलों की सुनवाई न्यायमूर्ति राजशेखर महंथा की पीठ में शिफ्ट कर दी है.

बताया गया है कि नौवीं और दसवीं श्रेणी की नियुक्ति परीक्षा में इतने बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी की मेरिट लिस्ट में जिस व्यक्ति का नाम 200 नंबर पर था उसे नियुक्ति ही नहीं मिली जबकि 275 नंबर पर जिसका नाम था उसे शिक्षक के तौर पर नियुक्त कर दिया गया है. अब कोर्ट ने सोमवार को स्पष्ट तौर पर एसएससी से कहा है कि मेरिट लिस्ट में 275 नंबर पर मौजूद जिस व्यक्ति को नौकरी दी गई है उसे तुरंत रद्द किया जाए.


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Jun 04 2022, 17:36

हाइकोर्ट को मिले और दो जज,तीन सप्ताह में आठ जजों की हुई नियुक्ति

कोलकाता. केंद्र सरकार ने देश के सात हाईकोर्ट में 12 जजों की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है. इन 12 नामों में आठ बार एसोसिएशन से आए वकील हैं और चार न्यायिक अधिकारियों को प्रमोट करके हाईकोर्ट जज नियुक्त किया गया है. सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, इनमें सात एडिशनल जज और चार जज के रूप में शपथ ले रहे हैं. इनकी नियुक्तियों की घोषणा करने वाली अधिसूचना विधि और न्याय मंत्रालय में न्याय विभाग द्वारा जारी की गई है. आने वाले दिनों में कुछ और नियुक्तियों की घोषणा होने की उम्मीद है. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम से मिली सिफारिशों के बाद जज नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों के बारे में जांच और तहकीकात का काम लगभग पूरा हो गया है.

पटना और राजस्थान हाईकोर्ट में दो-दो जज, बॉम्बे, कलकत्ता और मद्रास हाईकोर्ट में दो-दो एडिशनल जज, ओडिशा हाईकोर्ट में एक जज और झारखंड हाईकोर्ट में एक एडिशनल जज की नियुक्ति हो रही है. कलकत्ता हाइकोर्ट में वकील राजा बसु चौधरी और लापिता बनर्जी को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है.

बताया गया है कि केंद्रीय कानून मंत्रालय ने हाइकोर्ट में जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है और मई महीने से देश के प्राय: सभी हाइकोर्ट में रिक्त पदों पर न्यायाधीशों की नियुक्ति की जा रही है. कलकत्ता हाइकोर्ट में ही पिछले 21 दिनों के अंदर आठ जजों की नियुक्ति की गयी है. कलकत्ता हाइकोर्ट में न्यायाधीश के कुल 72 पद हैं. इन दो नई नियुक्तियों के बाद यहां जजों की संख्या बढ़ कर 45 हो गयी है, लेकिन अभी भी 27 पद रिक्त हैं.


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Jun 04 2022, 16:53

टाला ब्रिज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में,अगले दो महीने के अंदर होगा उद्घाटन

कोलकाता. महानगर को उत्तर 24 परगना जिले से जोड़ने वाले टाला ब्रिज का पुनर्निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जो अगले कुछ दिनों में पूरा हो जायेगा. हालांकि, टाला ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा करने की डेडलाइन दो बार पार हो चुकी है. उम्मीद की जा रही थी कि बंगाल में पोइला बैशाख के पहले इसका उद्घाटन कर दिया जायेगा. लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं होने की वजह से अब तक इसका उद्घाटन नहीं हो पाया है. राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री मलय घटक ने निर्माण कार्य का जायजा लेने के बाद कहा था कि कि मार्च-अप्रैल तक ब्रिज शुरू हो जायेगा, लेकिन किन्ही कारणों से ऐसा नहीं हो पाया है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अब जुलाई तक नया टाला ब्रिज की शुरूआत हो सकती है. अभी भी काम जारी है. स्थानीय विधायक व डिप्टी मेयर अतिन घोष ने कहा कि ब्रिज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि जुलाई से नया टाला ब्रिज चालू हो जायेगा. इस ओर काम तेजी से चल रहा है. डिप्टी मेयर खुद कई बार निर्माणाधीन ब्रिज का परिदर्शन कर चुके हैं तथा इंजीनियरों से बातचीत करके काम पर पूरी निगरानी बनाये हुए हैं. ब्रिज तैयार का अनुमानिक खर्च करीब 465 करोड़ रुपये है. जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नये ब्रिज का उद्घाटन कर सकती हैं.


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Jun 04 2022, 16:51

लौह इरादेः परिवार की मदद के लिए सब्जियां बेचती है 102 वर्षीय महिला

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की 102 वर्षीय लक्ष्मी मैती के लिए उम्र महज एक संख्या है, जो अपने परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए पिछले पांच दशकों से सब्जियां बेचने का काम कर रही हैं. इस उम्र में भी काम करने की अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और हौसले के जरिए लक्ष्मी मैती लोगों के लिए एक मिसाल बनी हुई हैं.

पश्चिम बंगाल के पूर्बा मेदिनीपुर जिले के जोगीबेर्ह गांव की रहने वाली लक्ष्मी मैती प्रत्येक दिन सुबह चार बजे कोलाघाट से थोक में सब्जियां खरीदती हैं और उन्हें रिक्शा में लदवाकर एक स्थानीय बाजार में बिक्री के लिए जाती हैं. लक्ष्मी ने अपनी परिस्थितियों के बारे में बात करते हुए कहा, ''लगभग 48 साल पहले मेरे पति की मृत्यु के बाद, हमें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और कई दिनों तक बिना भोजन के रहना पड़ा. इसके बाद घर चलाने के लिए मैंने सब्जी बेचने का काम शुरू किया. उस समय मेरा बेटा केवल 16 साल का था. उन दिनों जब मैं कभी बीमार हो जाती थी तो हमें अपनी बुनियादी जरुरतों को पूरा करने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था.

हालांकि, मैंने हमेशा से पूरी कोशिश की है कि मैं अपने परिवार की जरुरतों को पूरा कर सकूं.'' हालांकि, पिछले एक दशक में गैर-सरकारी संगठन हेल्पएज इंडिया के समर्थन की बदौलत लक्ष्मी मैती की परिस्थिति में सुधार हुआ है, जिसने बुजुर्ग महिलाओं के लिए ईएसएचजी (बुजुर्ग स्वयं सहायता समूह) योजना शुरू की है. गैर-सरकारी संगठन हेल्पएज इंडिया की मदद से लक्ष्मी के घर की स्थिति में भी सुधार आया है और उसके घर में अब नयी साज-सज्जा और एक टेलीविजन सेट भी है.

लक्ष्मी ने कहा, ''हमारी स्थिति आठ साल पहले बेहतर हुई जब एनजीओ ने मेरे बेटे के लिए चाय-नाश्ता वेंडिंग व्यवसाय स्थापित करने के लिए हमें 40,000 रुपये का ऋण प्रदान किया.'' लक्ष्मी मैती के 64 वर्षीय बेटे गौर ने गर्व के साथ कहा कि उनकी मां देवी दुर्गा का अवतार हैं. गौर ने कहा, ''मेरी मां ने न केवल मेरा बल्कि मेरे बच्चों का भी पालन-पोषण किया. उसने मेरी बेटी की शादी का भी खर्च उठाया, हमें एक पक्का घर दिलाया, और अपना कर्ज भी चुकाया. ज्यादातर मामलों में एक बेटा अपनी बूढ़ी मां की देखभाल करता है. हालांकि, मेरी मां कभी मुझ पर निर्भर नहीं रहीं, वह फौलादी इरादों वाली एक महिला हैं.''


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Jun 03 2022, 18:50

सभी जिलों में हर महीने होंगी ‘कन्याश्री प्लस' योजना से जुड़ी गतिविधियां : मंत्री

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग ने सामाजिक परिवर्तन के लिए ज्ञान कौशल से किशोरियों को सशक्त बनाने के मकसद से राज्य के सभी जिलों में हर महीने ‘कन्याश्री प्लस' योजना से जुड़ी गतिविधियों को आयोजित करने का निर्णय लिया है. राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा ने यह जानकारी दी. पांजा ने कहा, ‘‘हम ‘कन्याश्री प्लस' योजना की सभी पहलों को एक मंच के तहत ला रहे हैं और हर जिला प्रशासन से हर महीने ऐसी गतिविधियां आयोजित करने के लिए कहा गया है. ये गैर-नकद गतिविधियां हैं.''

‘कन्याश्री प्लस' एक बहुआयामी योजना है, जो न केवल किशोरियों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के अवसर पैदा करने का भी प्रयास करती है. महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग ने ‘किशोर कार्यक्रम और बाल विवाह के खिलाफ जिला कार्य योजना सम्मेलन' का आयोजन किया. इसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा सिनी इंडिया, चाइल्डलाइन, क्राई जैसी विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों और यूनिसेफ की राज्य इकाई के सदस्यों ने किशोरों के सशक्तिकरण के मुद्दे पर चर्चा की. मंत्री ने कहा कि बाल विवाह के खिलाफ जिला स्तर पर कार्य योजना बनाने और इस मुद्दे को लेकर लोगों में जागरूकता का स्तर बढ़ाने पर चर्चा हुई.

उन्होंने कहा, ‘‘हमने गांवों और प्रखंडों तथा वार्ड और नगर के बीच के मुद्दों को हल करने के लिए अन्य बाल संरक्षण समितियों के गठन पर चर्चा की. वे बाल विवाह, तस्करी के साथ-साथ यह भी देखेंगी कि लड़कियां स्कूल जा रही हैं या नहीं? कहीं वे खून की कमी से तो नहीं जूझ रही हैं?'' पांजा ने कहा कि कार्यशाला में ‘पालक देखभाल दिशा-निर्देश' पर भी चर्चा हुई. उन्होंने ‘मासिक धर्म स्वच्छता ट्रैकर', ‘वित्तीय साक्षरता मॉड्यूल', ‘बाल विवाह समाप्त करने से जुड़ी योजनाओं के लिए दिशा-निर्देश' और ‘पालक देखभाल 2021 पर पश्चिम बंगाल दिशा-निर्देश' संबंधी प्रकाशनों का अनावरण भी किया.


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Jun 03 2022, 18:48

पाइप के माध्यम से पानी की आपूर्ति का कनेक्शन देने में बंगाल फिर अव्वल

कोलकाता. केंद्र सरकार ने देश के सभी गांवों में पाइप से घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन अभियान छेड़ा है, जिसे बंगाल सरकार यहां 'जल स्वप्न' नाम से क्रियान्वित कर रही है. राज्य के नागरिक स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीते मई में पाइप से जलापूर्ति का कनेक्शन देने में पश्चिम बंगाल पूरे देश में प्रथम स्थान पर रहा. सिर्फ मई में ही 1.98 लाख से अधिक घरों में पाइप से पानी का कनेक्शन दिया गया है.

पीएचई विभाग से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बंगाल सरकार ने मई में 198445 कनेक्शन दिये हैं. उसके बाद कर्नाटक सरकार ने 185304 कनेक्शन और तमिलनाडु सरकार ने 159208 कनेक्शन दिये हैं. वहीं, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे भाजपा शासित राज्यों ने क्रमशः 84660 और 48607 कनेक्शन ही दिये हैं. बताया गया है कि जुलाई 2020 से जल स्वप्न योजना की शुरुआत से अब तक बंगाल में 41,97,361 परिवारों को पाइप से जलापूर्ति का कनेक्शन दिया गया है.

बताया गया है कि वित्त वर्ष 2021- 22 में भी बंगाल के गांव-देहात के घरों में नल के पानी के कनेक्शन देने में यह राज्य पूरे देश में शीर्ष स्थान पर रहा. बंगाल सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 में 23.37 लाख से अधिक कनेक्शन दिये हैं, जो इस मामले में दूसरा व तीसरा स्थान पानेवाले ओड़िशा व बिहार से काफी अधिक है. ओड़िशा ने 17.47 लाख और बिहार सरकार ने 17.39 लाख ऐसे कनेक्शन दिये हैं. वहीं, भाजपा शासित गुजरात व उत्तर प्रदेश ने क्रमशः मात्र 9.51 और 6.57 लाख ही कनेक्शन देकर बहुत पीछे रहे.

इस संबंध में राज्य के पीएचई मंत्री पुलक राय ने बताया कि बंगाल के पीएचई विभाग ने वित्त वर्ष 2021-22 में 8399.50 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत से कुल 2941 जलापूर्ति योजनाएं शुरू की हैं. गत मार्च में समाप्त वित्त वर्ष में लगभग 56000 स्कूलों और 38000 आंगनबाड़ी केंद्रों में नल से जलापूर्ति की सुविधा दी गयी है. उन्होंने आगे कहा : हम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देशों के अनुरूप यहां के लोगों तक जल्द से जल्द ‘जल स्वप्न’ योजना का लाभ पहुंचाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं. पीएचई विभाग ने वर्ष 2024 तक इस योजना के तहत 1.77 करोड़ परिवारों को नल से पानी का कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है.