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Oct 13 2021, 14:33


अखिलेश यादव का सीएम योगी पर हमला, कहा- मुख्यमंत्री के साथ ‘बुल और बुलडोजर’ भी चला जाएगा

यूपी में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने चुनावी बिगुल फूंक दिया है। अखिलेश ने सोमवार को कानपुर से विजय रथ यात्रा का आगाज किया। अपनी विजय रथ यात्रा के दूसरे दिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि विजय रथ यात्रा पूरे राज्य में जारी रहेगी और हम राज्य के किसानों के लिए और बेरोजगारी, महंगाई, अपराध और महिलाओं पर अत्याचार जैसे मुद्दों पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। 

विजय रथ यात्रा में अखिलेश लगातार सरकार पर हमलावर हैं। उन्होंने एक बार फिर भाजपा पर देश की जनता को धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा ने बिजली संयंत्र लगाए थे, लेकिन भाजपा ने केवल बात की, बिजली नहीं दी। उन्होंने कहा कि लोगों ने भाजपा का इस कदर समर्थन किया कि उन्होंने किसी को एक भी वोट नहीं दिया, भाजपा को बहुमत से जीत दिलाई, लेकिन बाद में जनता के वोटों को धोखा दिया

इस दौरान अखिलेश ने सीएम योगी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री की दो पसंदीदा चीजें हैं 'बैल और बुलडोजर'। लेकिन इस बार लोगों ने बुलडोजर के हैंडल को ही पकड़ने का फैसला किया है और बीजेपी को वोट नहीं देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘ये जो सरकार चल रही है, ये जो हमारे बाबा मुख्यमंत्री हैं, ये बाबा मुख्यमंत्री अकेले नहीं जाएंगे, इनके साथ बुल भी चला जाएगा और बुलडोजर भी चला जाएगा 

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Oct 13 2021, 14:03


लखीमपुर खीरी हिंसा मामले को लेकर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से की मुलाकात, गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को पद से हटाने की मांग

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। इस दौरान सभी नेताओं ने गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को पद से हटाने की मांग की है।


कांग्रेस के इस प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा वरिष्ठ नेता एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल थे। कांग्रेस लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा को बर्खास्त करने की लगातार मांग कर रही है।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि हमने राष्ट्रपति से मांग कि आरोपी के पिता जो गृह राज्य मंत्री हैं, को पद से हटाया जाए। क्योंकि ऐसे में निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के दो मौजूदा जजों से भी इस मामले की जांच की जाए। 

वहीं राष्ट्रपति के मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने हमलोगों को आश्वासन दिया है कि वह आज इस मामले पर सरकार के साथ चर्चा करेंगें। उनकी (केंद्रीय गृह राज्य मंत्री) बर्खास्तगी की मांग कांग्रेस की मांग नहीं है, हमारे साथियों की मांग नहीं है, यह जनता की मांग है और पीड़ित किसान परिवारों की मांग है। 

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया क्षेत्र में गत तीन अक्तूबर को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पैतृक गांव के दौरे के विरोध को लेकर भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में मिश्रा के बेटे आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आशीष को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। 

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Oct 13 2021, 14:03


लखीमपुर खीरी हिंसा मामले को लेकर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से की मुलाकात, गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को पद से हटाने की मांग

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। इस दौरान सभी नेताओं ने गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को पद से हटाने की मांग की है।


कांग्रेस के इस प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा वरिष्ठ नेता एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल थे। कांग्रेस लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा को बर्खास्त करने की लगातार मांग कर रही है।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि हमने राष्ट्रपति से मांग कि आरोपी के पिता जो गृह राज्य मंत्री हैं, को पद से हटाया जाए। क्योंकि ऐसे में निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के दो मौजूदा जजों से भी इस मामले की जांच की जाए। 

वहीं राष्ट्रपति के मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने हमलोगों को आश्वासन दिया है कि वह आज इस मामले पर सरकार के साथ चर्चा करेंगें। उनकी (केंद्रीय गृह राज्य मंत्री) बर्खास्तगी की मांग कांग्रेस की मांग नहीं है, हमारे साथियों की मांग नहीं है, यह जनता की मांग है और पीड़ित किसान परिवारों की मांग है। 

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया क्षेत्र में गत तीन अक्तूबर को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पैतृक गांव के दौरे के विरोध को लेकर भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में मिश्रा के बेटे आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आशीष को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। 

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Oct 13 2021, 11:36

employeesfightingsaysminister
राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा का विवादित बयान, कहा- महिला कर्मचारी आपस में बहुत लड़ती हैं, सहकर्मियों को लेनी पड़ती है सिरदर्द की दवा

राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा अपने बयान के कारण एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अंतरराष्ट्रीय बालिक दिवस के मौके पर उन्होंने ऐसी बेतुकी बात कह दी, जिससे विवावद हो गया। गोविंद सिंह का कहना है कि महिला कर्मचारी आपस में बहुत लड़ती हैं। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में महिला स्टाफ है वहां झगड़े अधिक होते हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गहलोत कैबिनेट के मंत्री ने कहा, ''सरकार ने महिलाओं के लिए नीति पेश की। उन्हें प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन महिला कर्मचारियों का आपस में विवाद है। जहां महिला कर्मचारी हैं, वहां प्रधानाचार्य या शिक्षक 'सेरिडोन' लेते हैं।'' उन्होंने कहा कि मेरे पास ऐसी बहुत सी रिपोर्ट आती हैं, जहां महिलाएं स्कूलों में झगड़ा करती हैं।

उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के झगड़े कारण स्कूलों का पुरुष स्टाफ बहुत परेशान रहता है। पुरुषों और प्रधानाचार्यों को सैरीडॉन टेबलेट तक खानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के लिए योजनाएं लाई है, महिलाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं। वे इन सब से ऊपर उठकर पुरुषों से आगे निकलें।

उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान सरकार ने हमेशा महिलाओं की सुरक्षा और आराम सुनिश्चित किया और उन्हें नौकरियों में पसंदीदा पोस्टिंग दी। डोटासरा ने कहा, “हमने नौकरियों, चयन और पदोन्नति में महिलाओं को वरीयता दी है।  कई लोग कहते हैं कि हमने शहरों में और उसके आसपास सबसे अधिक महिलाओं को तैनात किया है।” 

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Oct 13 2021, 10:25


अब हर रोज होगा 20 लाख टन कोयले का उत्पादन, कोयला संकट से निपटने के लिए सरकार ने कसी कमर


देश में जारी कोयला संकट जल्द खत्म होगा। केन्द्र ने इस समस्या से निपटने के लिए कमर कस ली है। सरकार एक सप्ताह के भीतर अपने दैनिक कोयला उत्पादन को बढ़ाकर 20 लाख टन करने जा रही है। हालांकि, सरकार की ओर से मौजूदा कोयला संकट की वजहें भी बताई गई हैं। सरकारी सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि मौजूदा वक्त में कोयला संकट के कई कारण हैं। 


सरकारी सूत्र ने एएनआई को बताया कि जनवरी से कोयला मंत्रालय विभिन्न राज्यों को अपने-अपने राज्यों में कोयला लेने और स्टॉक करने के लिए लिख रहा है, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। कोल इंडिया एक सीमा तक स्टॉक कर सकता है। अगर हम सीमा से अधिक कोयले का स्टॉक करते हैं तो वहां आग का खतरा रहता है।  


राजस्थान, पश्चिम बंगाल, झारखंड की अपनी कोयला खदानें हैं लेकिन उन्होंने कोयला निकालने के लिए कुछ नहीं किया। यह पता चला है कि मंजूरी मिलने के बावजूद कुछ राज्य सरकारें फैसलों पर अमल नहीं कर पाईं और उन्होंने कोरोना और बारिश को पर्याप्त कोयला खनन नहीं करने का एक कारण बताया। हालांकि, यह भी हकीकत है कि लंबे समय तक चले मानसून ने कोयला खनन को प्रभावित किया और आयातित कोयले की बढ़ती कीमतों से भी मौजूदा स्थिति पैदा हुई। 


समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, विदेशी कोयले के आयात में 12 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिसे बिजली कंपनियां मिलाती हैं। अब जब आयातित कोयले की कीमत बढ़ गई है तो ऐसे में अपने घाटे को कम करने के लिए कंपनियों ने घरेलू कोयले की ओर शिफ्ट किया है और वह घरेलू कोयले की तलाश कर रही हैं। 

राज्यों पर कोल इंडिया का भारी बकाया है। सूत्रों से पता चला है कि महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु बड़े डिफॉल्टर हैं। सभी राज्यों को कोल इंडिया को 20,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि बड़ी मात्रा में बकाया होने के बावजूद उऩ्हें कोयले की आपूर्ति जारी है और आगे भी यह बिजली और कोयले की आपूर्ति जारी रखेगी। इसके अलावा, गांवों के विद्युतीकरण और औद्योगीकरण ने भी मांग को बढ़ा दिया है। 

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Oct 13 2021, 10:12


देश में लगातार कम हो रहा कोरोना, 24 घंटे में महज 15,823 नए केस

देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार गिरावट जारी है। लगातार 5वें दिन 20,000 से कम कोरोना केस मिले हैं। ताजा जारी आंकड़ों के मुताबिक 24 घंटे में महज 15,823 नए केस ही मिले हैं। साथ ही इसी दौरान 22,844 लोग रिकवर हुए हैं। इसके साथ ही एक्टिव केसों की संख्या तेजी से कम होते हुए 2 लाख 07 हजार 653 ही रह गई है। यह आंकड़ा बीते 214 दिनों में सबसे है। 


देश में कोरोना का रिकवरी रेट तेजी से बढ़ते हुए 98.06% हो गया है, जो मार्च 2020 से सबसे अच्छी स्थिति है। अब तक देश में कोरोना संक्रमण से 3 करोड़ 33 लाख 42 हजार 901 लोग रिकवर हो चुके हैं। कुल केसों के मुकाबले एक्टिव केसों का प्रतिशत देखें तो यह भी अब 0.61% ही बचा है, जो मार्च 2020 से सबसे कम है। 

देश में संक्रमण की साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 1.48 फीसदी रह गई है, जो 190 दिनों में सबसे कम है। जबकि रोजाना पॉजिटिविटी रेट 1.21 फीसदी है, जो 43 दिनों में सबसे कम है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक टीकाकरण के चलते भी यह स्थिति देखने को मिली है। अब तक देश में 96.43 करोड़ से ज्यादा कोरोना टीके लगाए जा चुके हैं। यही नहीं इसी महीने के अंत तक यह आंकड़ा एक अरब के पार पहुंच सकता है। 

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Oct 13 2021, 10:01

ashrafinvolved2011delhihighcourtbombings
आतंकी अशरफ 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट के सामने हुए धमाकों में था शामिल, अब टिफिन बॉक्स के जरिये ब्लास्ट करने की थी साजिश

दिल्ली के लक्ष्मी नगर में रमेश पार्क इलाके से गिरफ्तार आतंकी मोहम्मद अशरफ को लेकर कई अहम जानकारी सामने आ रही है। जांच एजेंसियों को पूछताछ में पता चला है कि अशरफ देश में पिछले सालों में हुई कई वारदातों में शामिल रहा है। मोहम्मद अशरफ वर्ष 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट के सामने हुए बम धमाकों में वह शामिल रहा है। 

आतंकी मो. अशरफ ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसे हैंडलर ने सोमवार को पाकिस्तान से व्हाट्सएप पर मैसेज भेजे थे कि हथियार की खेप पहुंच गई है। वह हथियारों की खेप को पहुंचकर दूसरी जगह पहुंचा दे। आतंकी जैसे ही लक्ष्मी नगर से अपने घर से निकला स्पेशल सेल की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

टिफिन बॉक्स में आईईडी विस्फोट करने की योजना थी
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की गिरफ्त में आए मोहम्मद अशरफ की मदद से त्योहारों के दौरान दिल्ली में बड़े पैमाने पर तबाही फैलाने की तैयारी थी। इसके लिए टिफिन बॉक्स का इस्तेमाल कर आईईडी के जरिए विस्फोट करने की योजना थी। इसके लिए उसे सीमापार से आदेश मिला था।आरोपी अशरफ ने पूछताछ में बताया कि आतंकी हमले की तैयारी के लिए हथियार और धन की व्यवस्था कर दी गई थी। उसने आईएसआई के कहने पर हथियार आदि ले लिए थे, जिसे समय आने पर बताए गए शख्श को देना था। इसके बाद भीड़-भाड़ वाली जगहों पर टिफिन बॉक्स में आईईडी विस्फोट करने की योजना थी। इनके निशाने पर दिल्ली सहित देश के कई प्रमुख शहर थे। 


हैंडलर ने हथियार की डिलीवरी के लिए लोकेशन भेजी थी
आतंकी मोहमद अशरफ को उसके पाकिस्तान हैंडलर नासिर ने उसके मोबाइल पर लोकेशन भेजी थी जहां कालिंदी कुंज घाट में हथियार छिपाए थे। इस जगह पर एक छोटा सा पिलर भी है। उसे पिलर की भी फोटो भेजी थी। उसे व्हाटसएप पर कहा गया था कि भाईजान सामान की डिलीवर लेने जाना है। स्पेशल सेल ने मोहम्मद अशरफ की निशानदेही पर कालिंदी कुंज यमुना घाट से हथियार व विस्फोटक बरामद कर लिए। यहां पर हथियार पत्थरों के नीचे जमीन में दबाकर छिपाए गए थे।

हैंडलर अशरफ को भाईजान बोलता था
हैंडलर नासिर जब भी मोहम्मद अशरफ से बात करता था तो वह उसका नाम नहीं लेता था, बल्कि उसे भाईजान बोलता था। मोहम्मद अशरफ दो मोबाइल फोन रखता था। पुलिस ने इसके कब्जे से दोनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। उसे हथियारों की डिलीवर लाने के लिए हैंडलर दो दिन से फोन कर रहा था।

सेना की वीडियो बनाकर व अन्य खुफिया जानकारी देता था
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वह भारत में कहीं भी तभी जाता था जब पाकिस्तान में बैठा उसका हैंडलर उसे निर्देश देता था। पाकिस्तान हैंडलर के कहने पर ही वह जम्मू कश्मीर जाता था और वहां आतंकियों से मिलता था। हैंडलर नासिर के कहने पर वह जम्मू कश्मीर जाता था और वहां पर सेना की मूवमेंट आदि की निगरानी करता था। सेना की वीडियो बनाकर व अन्य खुफिया जानकारी देता था। इस जानकारी के आधार पर जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले होते थे। उसने सेना की अनेकों बार खुफिया जानकारी हैंडलर नासिर को दी है। 

जम्मू कश्मीर 30 से ज्यादा बार जा चुका है
मोहम्मद अशरफ को हैंडलर उसके काम के हिसाब से पैसा देता था। वह भारत से जब भी कोई सूचना भेजता था तभी इसे पैसे मिलते थे। जम्मू कश्मीर जाने के लिए उसे ज्यादा पैसे मिलते थे। वह हैंडलर के कहने पर ही जम्मू कश्मीर जाता था और वहां से सूचनाएं हैंडलर को भेजता था। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि ये 30 बार से ज्यादा जम्मू कश्मीर जा चुका है। 

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Oct 12 2021, 16:09

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स्लीपर सेल की तरह काम करता था दिल्ली से गिरफ्तार आतंकी, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का खुलासा


नई दिल्ली - पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके के रमेश पार्क से आज एक पाकिस्तानी आतंकी को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से हथियार तथा गोला बारूद बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी को लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी।  


स्लीपर सेल की तरह काम करता था
डीसीपी प्रमोद सिंह उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहने वाले मोहम्मद अशरफ उर्फ अली ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये भारतीय पहचान पत्र हासिल किया। बिहार जाकर इसने फेक आईडी कार्ड बनवाया। यह आतंकियों के स्लीपर सेल की तरह काम करता था। यह आतंकी दिल्ली, गाजियाबाद और जम्मू-कश्मीर में रह चुका है। आईएसआई नासिर ने इसे तैयार किया। 

पीर बनकर लोगों का इलाज करता था
वह भारतीय नागरिक के तौर पर 10 साल से भारत में रह रहा था। हैंडलर के संपर्क में रहता था और पीर बनकर लोगों का इलाज करता था और एक महिला से शादी करके यहीं बस गया था। कोई एक ठिकाने पर लंब समय तक नहीं रहता था। 

उन्होंने कहा कि उसके पास से एके-47 रायफल, अन्य हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, अशरफ को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, विस्फोटक अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। अभी शुरुआती जानकारी सामने आई है। जांच जारी है। 

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Oct 12 2021, 16:09

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स्लीपर सेल की तरह काम करता था दिल्ली से गिरफ्तार आतंकी, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का खुलासा


नई दिल्ली - पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके के रमेश पार्क से आज एक पाकिस्तानी आतंकी को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से हथियार तथा गोला बारूद बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी को लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी।  


स्लीपर सेल की तरह काम करता था
डीसीपी प्रमोद सिंह उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहने वाले मोहम्मद अशरफ उर्फ अली ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये भारतीय पहचान पत्र हासिल किया। बिहार जाकर इसने फेक आईडी कार्ड बनवाया। यह आतंकियों के स्लीपर सेल की तरह काम करता था। यह आतंकी दिल्ली, गाजियाबाद और जम्मू-कश्मीर में रह चुका है। आईएसआई नासिर ने इसे तैयार किया। 

पीर बनकर लोगों का इलाज करता था
वह भारतीय नागरिक के तौर पर 10 साल से भारत में रह रहा था। हैंडलर के संपर्क में रहता था और पीर बनकर लोगों का इलाज करता था और एक महिला से शादी करके यहीं बस गया था। कोई एक ठिकाने पर लंब समय तक नहीं रहता था। 

उन्होंने कहा कि उसके पास से एके-47 रायफल, अन्य हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, अशरफ को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, विस्फोटक अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। अभी शुरुआती जानकारी सामने आई है। जांच जारी है। 

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Oct 12 2021, 14:23

for218year
बच्चे भी कोरोना संक्रमण से होंगे सुरक्षित, 2 से 18 साल के बच्चों के लिए कोवाक्सिन को मंजूरी

नई दिल्ली – देश में फिलहाल कोरोना काफी हद तक काबू में हैं। यही वजह है कि कई राज्यों में स्कूल सॉलेज खुलने लगे हैं। हालांकी अभी भी अभिभावक डरे हुए हैं और तनाव की वजह से बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। अभिभावकों को लंबे समय से  बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन का इंतजार है। ऐसे में उनके लिए राहत भरी खहर है।

कोवाक्सिन के इस्तेमाल को मंजूरी
देश में दो से 18 साल के बच्चों को कोरोना का टीका लगने का रास्ता साफ हो गया है। । ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने बच्चों के लिए भी टीकाकरण को मंजूरी दे दी है। जानकारी के तहत भारत सरकार ने दो से 18 साल तक के बच्चों के लिए कोवाक्सिन के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। इसके बाद कोवाक्सिन देश की ऐसी पहली वैक्सीन बन गई है, जिसे बच्चों पर आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिली हो। 

बच्चे भी कोरोना संक्रमण से होंगे सुरक्षित
सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने अपनी यह अनुशंसा भारत के औषधि नियामक (डीसीजीआई) को दी है। कमेटी ने अपनी अनुशंसा में कहा है कि डीसीजीआई 2 से 18 साल के बच्चों के लिए भारत बॉयोटेक की ओर से विकसित कोवैक्सीन टीके का इस्तेमाल कर सकता है। बच्चों के लिए टीका न होने की वजह से अभी भी ज्यादातर स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। टीका लग जाने के बाद बच्चे भी कोरोना महामारी के संक्रमण से सुरक्षित हो जाएंगे।  

तीन चरणों में लग सकता है बच्चों को टीका
एक्सपर्ट कमेटी ने अपनी अनुशंसा में अब यह स्पष्ट कर दिया है कि कौवैक्सीन की दो डोज बच्चों को दी जा सकती है। दीवाली से पहले बच्चों के लिए टीके को मंजूरी मिलने की बात कही जा रही थी। सूत्रों का कहना है कि पहले यह टीका 12 साल के ऊपर के उम्र वाले और पहले से बीमारी रखने वाले बच्चों को लगाया जाएगा। सरकार की कोशिश बच्चों के लिए टीका दीवाली से पहले बाजार में उतारने की है। अब चूंकि एक्सपर्ट कमेटी ने अपनी मंजूरी दे दी है तो अब स्वास्थ्य मंत्रालय बच्चों को चरणबद्ध तरीके से टीका लगाने के बारे में फैसला करेगा। सूत्रों का कहना है कि सरकार तीन चरण में बच्चों को टीका लगाने का कार्यक्रम चला सकती है।

लंबे ट्रायल के बाद मिली मंजूरी
बच्चों पर टीकाकरण की मंजूरी से पहले कोवाक्सिन को लंबे ट्रायल से गुजरना पड़ा था। भारत बायोटेक ने 18 से कम आयु के बच्चों पर तीन चरणों में ट्रायल पूरा किया था। सितंबर में दूसरे व तीसरे चरण का ट्रायल पूरा कर लिया गया था। इसके बाद भारत बायोटेक की कोवाक्सिन को मंजूरी दे दी गई है।