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Jun 10 2021, 14:10

18 साल से कम उम्र के बच्चों में ब्लैक  फंगस को लेकर केंद्र की गाइडलाइन, जानिए क्या है हिदायतें! 

  नई दिल्ली, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (Director General of Health Services, DGHC) ने बुधवार को 18 साल से कम उम्र के किशोरों व बच्चों में ब्लैक फंगस या म्यूकरमाइकोसिस (Mucormycosis or black fungus) के लिए दिशानिर्देश जारी की है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, म्यूकरमाइकोसिस गंभीर फंगस संक्रमण है जो स्टेरॉयड के गलत या अधिक मात्रा में इस्तेमाल, कैंसर, अंग या स्टेम सेल के प्रत्यारोपण, डायबीटिज को उपयुक्त तरीके से नियंत्रित न करने या फिर लंबे समय तक आइसीयू में इलाज की वजह से होता है। DGHC ने  गाइडलाइन में कहा, 'म्यूकरमाइकोसिस का इलाज शुरू करने के लिए टेस्ट के नतीजों का इंतजार न करें क्योंकि यह एक इमरजेंसी है।' 

साथ ही इसमें बताया गया है कि जिन्हें एंफोटेरिसिन बी (Amphotericin B) नहीं दिया जा सकता है उन्हें पोसाकोनाजोल (Posaconazole) दिया जाना चाहिए ।  इसमें बताया गया है कि 11 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इस दवा की खुराक कितनी होनी चाहिए।


गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि इलाज की शुरुआत में की गई दवा जरूरत पड़ने पर ही दोहराई जाए।

कोरोना से संक्रमित या कोरोना से ठीक हुए मरीजों में ब्लैक फंगस इंफेक्शन का मामला अधिक देखा गया। इसके कारण मरीज़ों की आंखों की रोशनी खत्म होने के बाद संक्रमण और न बढ़े इसके लिए आंखें निकालनी पड़ जाती है। जिन लोगों में डायबिटीज़ है, उनमें इसका संक्रमण देखा जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि कोविड-19 रोगियों के उपचार में स्टेरॉयड का उपयोग फंगल संक्रमण का एक कारण हो सकता है। म्यूकरमाइकोसिस गंभीर बीमारी है जिसकी वजह से नाक, कान और गले के अलावा शरीर के दूसरे अंगों को भी नुकसान होता है।

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Jun 10 2021, 14:07

कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए जितिन प्रसाद पर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने कसा तंज, दो टूक जवाब! 

भोपाल, मध्य प्रदेश में इसको लेकर चर्चाएं गर्म हैं कि मोदी सरकार में ज्योतिरादित्य सिंधिया कोई बड़ा पद मिलेगा। हो सकता है कि उन्हें कैबिनेट मंत्री का पद दिया जाए। इसे लेकर उनके समर्थक काफी उत्साहित हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल में पोर्टफोलियो के बारे में पूछे जाने पर भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मेरी प्राथमिकता जनसेवा है। मैंने अपने पिता और दादा के नक्शेकदम पर चलते हुए उस विचारधारा को जारी रखा हुआ है। कोई पद मिले या कोई पद न मिले लेकिन लोगों की निरंतर सेवा हमारे सिंधिया परिवार का पारंपरिक मूल्य है।


जितिन प्रसाद के कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने पर भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि वो मेरे छोटे भाई की तरह है। भाजपा में जितिन प्रसाद का तहे दिल से, आत्मा की गहराइयों से स्वागत करता हूं। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में ये भारतीय जनता पार्टी को आगे करने में पूरा योगदान करेंगे। ज्योतिरादित्य की तरह जितिन प्रसाद के पिता भी बड़े कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री रहे थे। जितिन प्रसाद औऱ ज्योतिरादित्य भी मनमोहन सिंह की सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। जितिन प्रसाद 2004 और 2009 में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस से सांसद रहे थे।

ज्ञात हो कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ही ऐसी अटकलें जोरों पर थीं कि जितिन प्रसाद भाजपा में जा सकते हैं। माना जाता है कि कांग्रेस हाई कमान के त्वरित हस्तक्षेप के कारण जितिन प्रसाद ने अपना फैसला तब वापस ले लिया था।

ज्‍योतिरादित्‍य के बाद भाजपा में जाने वाले जितिन प्रसाद राहुल गांधी के दूसरे सबसे करीबी नेता हैं। मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता ज्‍योतिरादित्‍य ने पिछले साल भाजपा ज्‍वॉइन की थी और उनके समर्थक विधायकों के इस्तीफे के कारण कांग्रेस को एमपी सरकार भी गंवानी पड़ी थी। जितिन प्रसाद को पार्टी में शामिल करके उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समुदाय तक अपनी पहुंच को और बढ़ाने की रणनीति भाजपा ने चली है। इससे पहले भाजपा पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी नौकरशाह रहे एके शर्मा को भी पार्टी में शामिल कर चुकी है।

जितिन प्रसाद 2014 और 2019 का लोकसभा चुनाव हार गए थे। उन्होंने 2017 का विधानसभा चुनाव भी लड़ा लेकिन वे हार गए। जितिन कांग्रेस के असंतुष्ट समूह "जी-23" का हिस्‍सा भी थे, जिसने पार्टी में व्यापक सुधार के लिए सोनिया गांधी को पत्र लिखा था। इस पत्र में जी-23 समूह ने कांग्रेस में पूर्णकालिक नेतृत्‍व की आवाज उठाई थी। हालांकि 'असंतोष' जताने के बाद उन्‍हें पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के प्रचार अभियान से जोड़ा गया था, लेकिन इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। कांग्रेस को बंगाल चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली।

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Jun 10 2021, 08:17

गाजियाबाद जिले में चारपाई पर घेर में बैठे किसान  की बदमाशों ने की गोली मारकर कर  हत्या, 

गाजियाबाद जिले के मोदीनगर थानाक्षेत्र के गांव खंजरपुर में बुधवार रात को घेर में चारपाई पर बैठे किसान की ताबड़तोड़ गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। गोली मारने के बाद बदमाश आराम से फरार होने में कामयाब रहे। सूचना मिलते ही भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया जा रहा हैं कि पुरानी रंजिश को लेकर हत्या की गई हैं। गांव खंजरपुर में किसान टीटू (50) अपनी पत्नी व पुत्र के साथ रहता था। वह प्रत्येक दिन रात को खाना खाने के बाद घेर में सोने के लिए जाता था। बताया जा रहा है कि टीटू बुधवार रात 8:40 बजे खाना खाने के बाद सोने के लिए घर से घेर के लिए निकला।

बताया जा रहा कि वह घेर में चारपाई पर बैठे थे। इसी बीच गोली चलने की आवाज आई। गोली की आवाज सुनते ही जब लोग घेर में पहुंचे तो टीटू लहू लुहान हालात में चारपाई पर पड़ा था। बदमाशों ने टीटू को क़ई गोली मारकर रखी थी। लोगों ने बताया कि टीटू को सात गोली मारी गई हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई हैं। थानाप्रभारी ने बताया कि हमलावर पैदल थे या किसी वाहन से ये अभी पता नहीं चल पाया है। जांच में पता चला है पुरानी रंजिश के चलते किसान की हत्या हुई हैं। खबर लिखे जाने तक पुलिस को तहरीर नहीं मिली हैं।

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Jun 10 2021, 08:14

सचिन पायलट के बयान से फिर तेज हुए सियासी सरगर्मी! 

पिछले वर्ष कांग्रेस नेता सचिन पायलट द्वारा उठाए गए मुद्दों पर आलाकमान की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने संबंधी बयान के बीच राजस्थान में एक बार फिर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड़ ने मंगलवार को कांग्रेस में कथित तौर पर बढ़ते असंतोष का हवाला देते हुए ट्वीट किया तो पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट ने उन्हें अपनी पार्टी यानी भाजपा की आंतरिक कलह को देखने की सलाह दी।

पायलट के साक्षात्कार के बाद राठौड़ ने ट्वीट किया,'आखिर मन का दर्द होठों पर आ ही गया। ये चिंगारी कब बारूद बनकर फूटेगी, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने अहम भूमिका निभाई थी। सुलह कमेटी के पास मुद्दे अब भी अनसुलझे ही हैं। न जाने कब क्या हो जाए।'

पायलट ने इसकी प्रतिक्रिया में ट्वीट किया, 'राज्य के भाजपा नेताओं को व्यर्थ बयानबाजी के बजाय अपनी स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। आपसी फूट व अंतर्कलह इतनी हावी है कि राज्य में भाजपा विपक्ष की भूमिका भी नहीं निभा पा रही।' उन्होंने आगे कहा, इनकी नाकाम नीतियों से देश में उपजे संकट में जनता को अकेला छोड़ने वालों को जनता करारा जवाब देगी। हालांकि, पायलट से इस मुद्दे पर बात करने के लिए जब संपर्क किया गया तो उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

पायलट ने व्यक्त की है नाराजगी
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने 10 महीने पूर्व उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गठित केंद्रीय समिति द्वारा अब तक कोई कार्यवाही नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की है। बता दें कि राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार में राजनीतिक नियुक्ति और मंत्रिमंडल फेरबदल का इंतजार पायलट खेमे के लोग कर रहे हैं। इससे पूर्व पायलट समर्थक वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी जिन्होंने हाल ही में कुछ मुद्दों को लेकर सरकार से नाराजगी जाहिर करते हुए अपना त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को भेजा दिया था। पायलट खेमे के अन्य नेताओं में शामिल वेद प्रकाश सोलंकी, रमेश मीणा ने हाल ही में सरकार के विरोध में अपनी आवाज उठाते हुए चिंताएं व्यक्त की थी।

मुद्दा उठाना गलत नहीं : भंवर जितेंद्र
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भंवर जितेंद्र ने बुधवार को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि पार्टी आलाकमान ने कोई वादा किया है तो उसे पूरा करना चाहिए। सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पार्टी आलाकमान अथवा प्रभारी महासचिव से जो भी बातचीत हुई है, उन्हें इसे पूरा करना चाहिए। यदि उन्होंने कोई मुद्दा उठाया तो मैं नहीं समझता उसमें कुछ गलत है।

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Jun 10 2021, 08:04

मानसून की पहली बारिश में ही मुंबई बेहाल, जलजमाव ने किया जीवन अस्त-व्यस्त! 

मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में बुधवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दी और पहले ही दिन भारी बारिश से देश की वित्तीय राजधानी तथा उसके उपनगरों में कई स्थानों पर पानी भर गया जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ और सड़क याातायात के साथ ही लोकल ट्रेन सेवाएं भी बाधित हुईं।
इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई और पड़ोसी ठाणे, पालघर तथा रायगढ़ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी कर कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक खराब मौसम रहने की भविष्यवाणी की है। साथ ही राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की 15 टीमों को महाराष्ट्र के तटीय जिलों में तैनात किया गया है।

भारी बारिश के कारण मुंबई के विभिन्न हिस्सों में पानी भर गया और इसके कारण यातायात पुलिस को चार सबवे बंद करने पड़े वहीं कई चालकों को अपने वाहन सड़कों पर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। लोकल ट्रेन सेवाएं भी बाधित हुयीं जो केवल स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मियों के लिए चल रही हैं।
पुलिस उपायुक्त (यातायात) पश्चिमी उपनगर सोमनाथ घरगे ने पीटीआई-भाषा से कहा, "हमने कुछ स्थानों पर दो फुट तक पानी भर जाने के कारण चार सबवे बंद कर दिए हैं। हालांकि, एसवी रोड, लिंकिंग रोड और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर यातायात सुचारू है।


अधिकारी ने कहा कि भारी बारिश के कारण दृश्यता कम हो गई और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इसलिए यातायात पुलिस कर्मी ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सड़कों पर तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर फंसे वाहनों को हटाने के लिए क्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बीच पुलिस ने मुंबई वासियों से अपने घरों से अनावश्यक बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

अधिकारियों ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) से पड़ोसी ठाणे और नवी मुंबई में वाशी तक की उपनगरीय ट्रेन सेवाओं को पटरियों पर पानी भर जाने के कारण स्थगित कर दिया गया है। आईएमडी के अनुसार पश्चिमी उपनगर सांताक्रूज में सुबह 8.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक छह घंटों में 164.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि दक्षिण मुंबई के कोलाबा में इस दौरान 32.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।

आईएमडी के मुंबई कार्यालय के प्रमुख डॉ जयंत सरकार ने सुबह कहा," आज मानसून मुंबई पहुंच गया। आईएमडी ने कहा कि अगले दो से तीन दिनों में महाराष्ट्र के शेष हिस्सों में मानसून के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इस बीच, पश्चिम रेलवे के मुख्य प्रवक्ता सुमित ठाकुर ने कहा कि पश्चिम रेलवे मार्ग पर कोई व्यवधान नहीं आया और उसकी लोकल ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि पानी निकालने के लिए पंप लगाए जा रहे हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि बारिश के कारण जमा हुए पानी को जल्द से जल्द निकाला जाए और पर

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Jun 10 2021, 07:15

वकील की पत्नी को छुड़ाने पहुंचा एसटीएफ टीम, ग्रामीणों ने डकैत समझ कर घेरा,  भागे  किडनैपर! 

सुशांत गोल्फ सिटी से हाईकोर्ट के एक वकील की पत्नी का अपहरण करने वाले बदमाशों की घेराबंदी करने जब एसटीएफ की टीम मोहनलालगंज पहुंची तो ग्रामीणों ने उन्हें डकैत समझ कर घेर लिया था। इस बीच ही स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिलने पर वहां पहुंच गई थी। पुलिस की अचानक सरगर्मी बढ़ते देख कुछ दूरी पर मौजूद अपहरणकर्ता फरार हो गये। 

इस बीच अपहरणकर्ताओं का मददगार संतोष चौबे ही हाथ लगा। संतोष ने आरोपियों के बारे में कई जानकारियां मिलने के बाद एसटीएफ और कमिश्नरेट पुलिस ने कई जगह दबिश दी। इस दौरान दो लोग हिरासत में लिये गये हैं। इनमें से एक व्यक्ति ने अपहरण में इस्तेमाल पुरानी कार बदमाशों को दी थी।


कार में बैठाते ही बोरे से सिर ढक दिया था
पीड़िता को सकुशल छुड़ाने के बाद अफसरों ने उससे काफी देर तक पूछताछ की। पीड़िता ने बताया कि उसे कार में बैठाते ही दो लोगों ने उनके चेहरे पर बोरा ओढ़ा दिया था। अपहरण करने वाले युवक संतोष को फौजी कह रहे थे। एसटीएफ को पता चला था कि संतोष किराये के मकान में रहता था और एसआई व सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा था। इस वजह से दोस्त उसे फौजी कहते थे।

बिजली मिस्त्री बनकर पहुंचे थे डिप्टी एसपी 
वकील को संतोष चौबे पीड़िता के फोन से ही फिरौती के लिये फोन करता था। वह घर से निकल कर कुछ दूरी पर खेत में जाता, फिर कॉल करने के बाद फोन बंद कर लेता था। उसने दो दिन में 16 कॉल की थी। इसी बीच वकील से जब 25 लाख रुपये फिरौती देने की बात तय हो गई तो उसने आठ जून की रात आठ बजे तक हर हाल में रुपये देने को कहा। पत्नी सकुशल है, इस बारे में पूछने पर अपहरणकर्ताओं ने उनका एक वीडियो वकील को भेजा था। 

इस बीच एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक सिंह व उनकी टीम के इंस्पेक्टर खंभे पर लगी लाइट सही करने के बहाने इलाके में गये। इस दौरान ही संतोष उन्हें बार-बार अपने कमरे की लाइट जला कर छत पर आते-जाते दिखा। उसकी हरकत संदिग्ध दिखी तो टीम पड़ोस के मकान से छत पर पहुंची थी। इस दौरान सादे कपड़ों में 8-10 लोगों को पिस्टल के साथ देखकर लोगों ने डकैत समझ लिया था। एसटीएफ ने पुलिस की मदद से पीड़िता को छुड़ा लिया था। 

मुख्य साजिशकर्ता बबलू ने रुपयों के लिये रची साजिश
संतोष ने बताया कि उसे सिर्फ निगरानी के लिये कहा गया था। इसके बाद उसे दो से तीन लाख रुपये देने का लालच दिया गया था। उसने कुबूला कि अपहरण की साजिश अंबेडकरनगर निवासी बबलू व रोहित ने रची थी। इस साजिश में उसके अलावा नौ लोग थे। ये सभी फरार है। इनमें पांच आरोपी मोहनलालगंज के ही रहने वाले हैं।

एक सिपाही भी शक के दायरे में
सूत्रों का कहना है कि पुलिस जब भी इलाके में जाती थी तो अपहरणकर्ता को पता चल जाता था। अपहरणकर्ताओं को पुलिस के हर कदम की जानकारी देने में एक सिपाही का हाथ माना जा रहा है। हालांकि पुलिस अधिकारी इससे इनकार कर रहे है। पर, इस बात की पड़ता

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Jun 10 2021, 07:10

झारखंड में पेड़ से लटका मिला बीजेपी नेता के नाबालिग बेटी का शव ,परिजनों का आरोप दुष्कर्म हुआ है! मामले की तहकीकात की जा रही है! 

झारखंड के पलामू जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता की नाबालिग बेटी की लाश पेड़ पर लटकी मिलने के बाद से खलबली मच गई है। बुधवार को 16 साल की लड़की की लाश पलामू के जंगलों में पेड़ से लटकी हुई मिली है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी बताया जा रहा है कि नाबालिग लड़की की एक आंख भी निकाल ली गई थी। 10वीं क्लास में पढ़ने वाली लड़की की डेड बॉडी मिलने के बाद बुधवार की शाम को उसका अंतिम संस्कार किया गया है। बताया जा रहा है कि एक स्थानीय भाजपा नेता की वो सबसे छोटी बेटी थीं। 

मौका-ए-वारदात से पुलिस ने एक मोबाइल भी बरामद किया है। शुरुआती तौर पर मोबाइल के कॉल डेटा रिकॉर्ड्स के आधार पर पुलिस ने 23 साल के एक युवक प्रदीप कुमार सिंह धनुक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यहां जानकारी दी है कि प्रदीप कुमार इस मामले का संदिग्ध है। प्रदीप कुमार शादीशुदा है और इस घटना में उसके और भी साथी शामिल हो सकते हैं। 

इधर मृतक लड़की के परिजनों ने बताया है कि लड़की बीते 7 जून की सुबह 10 बजे से घर से लापता थी। स्थानीय थाने के इंचार्ज ने बताया है कि लड़की के परिवार वालों ने मंगलवार को लड़की की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस लड़की की तलाश कर रही थी लेकिन इस बीच स्थानीय लोगों को लड़की की पेड़ पर टंगी लाश मिली। 

बताया जा रहा है कि एक कपड़े के सहारे लड़की की बॉडी को पेड़ पर लटकाया गया था। लड़की की आंखें भी निकाल ली गई थी। अधिकारियों को आशंका है कि हत्या से पहले लड़की की बेरहमी से पिटाई की गई थी। इसके बाद इसे आत्महत्या दर्शाने के लिए उसे पेड़ से लटका दिया गया था। लड़की के परिजनों ने इस मामले में दुष्कर्म किये जाने का आरोप भी लगाया है। 

इधर इस मामले पर पलामू के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि हत्या से पहले लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ था या नहीं? पुलिस इस मामले में सभी एंगल से जांच-पड़ताल कर रही है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि लड़की और उसके परिजनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था और उसके बाद से ही लड़की लापता हो गई थी। 

बहरहाल अब इस मामले में झारखंड भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल सहदेव ने कहा है कि अगर पुलिस परिजनों की आशंकाओं को दूर नहीं कर पाती है तब इस मामले में पार्टी स्वतंत्र जांच की मांग करेगी।

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Jun 10 2021, 07:05

मुंबई में दर्दनाक हादसा , इमारत ढहने से 9 लोगों की मौत , 7 लोग गंभीर रूप से घायल! 

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बुधवार की देर रात एक बड़ा हादसा हो गया और इमारत ढहने से कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने सूचना दी कि बुधवार देर रात मुंबई के मलाड पश्चिम के न्यू कलेक्टर परिसर में एक आवासीय इमारत गिरने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए।

बीएमसी के अनुसार, इस घटना ने पास की एक आवासीय ढांचे को भी अपनी चपेट में ले लिया। नगर निगम ने कहा कि इसने क्षेत्र में एक और आवासीय संरचना को भी प्रभावित किया जो अब खतरनाक स्थिति में है। प्रभावित इमारतों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त इमारत में फंसे लोगों को बचाने के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। घायलों को बीडीबीए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। 

मुंबई में जोन 11 के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विशाल ठाकुर ने कहा कि महिलाओं और बच्चों सहित 15 लोगों को बचा लिया गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका है। लोगों को बचाने के लिए टीमें यहां मौजूद हैं। वहीं, घटना स्थल पर पहुंचे महाराष्ट्र के मंत्री असलम शेख ने कहा कि बारिश के कारण इमारतें गिर गई हैं। बचाव अभियान जारी है। घायल लोगों को अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। इमारतों के मलबे को हटाया जा रहा है ताकि यह देखा जा सके कि और लोग इसके नीचे फंसे हैं या नहीं। 


मौके पर मौजूद स्थानीय निवासी सिद्दीकी ने बताया कि घटना रात करीब 10 बजे हुई। चश्मदीद ने कहा 'यह घटना रात करीब 10:15 बजे हुई। दो लोगों द्वारा हमें इमारत छोड़ने के लिए कहने के बाद मैं बाहर आया। जैसे ही मैं बाहर निकल रहा था, मैंने देखा कि हमारी इमारत के पास एक डेयरी सहित तीन इमारतों को ध्वस्त कर दिया गया था।'

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Jun 09 2021, 23:36

बाबा रामदेव को झटका, भूटान के बाद अब नेपाल ने भी रोका पतंजलि की कोरोनिल् कीट का वितरण ! 

भूटान के बाद अब नेपाल ने भी पतंजलि को झटका दिया है। नेपाल के डिपार्टमेंट ऑफ आयुर्वेद एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन ने कोरोनिल किट के वितरण पर रोक लगा दी है। यह किट योगगुरु रामदेव ने नेपाल को तोहफे में दिया था। नेपाल की तरफ से कहा गया है कि पतंजलि ने जिस कोरोनिल को Covid-19 से लड़ने में उपयोगी बताया है उसका वितरण नियमों के मुताबिक नहीं किया गया था।

नेपाल सरकार ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि कोरोनिल किट में शामिल टैबलेट और नजर ऑयल Covid-19 को हराने वाली अन्य दवाइयों के बराबर नहीं हैं। नेपाली अधिकारियों ने हाल ही में इंडियन मेडिकल एसोसिशन द्वारा कही गई उस बात का भी जिक्र किया है जिसमें एसोसिएशन ने रामदेव को चुनौती दी थी कि वो साबित कर के दिखाएं कि उनका प्रोडक्ट कोरोना से लड़ने में सक्षम है। 

हालांकि, नेपाल में अभी पतंजलि ग्रुप का बड़ा कारोबार है। नेपाली सरकार का यह आदेश राजनीतिक विवादों में भी घिरता नजर आ रहा है। दरअसल नेपाल को कोरोनिल के यह किट पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हृदयेश त्रिपाठी और महिला और बाल विकास की इंचार्ज जूली महतो के कार्यकाल के दौरान मिले थे। जूली महतो के भाई उपेंद्र महतो बड़े उद्योगपति हैं और नेपाल में पतंजलि ग्रुप के पार्टनर भी हैं। नेपाल सरकार का कहना है कि यह किट उपहार के तौर पर दिये गये थे, इनके व्यवसायिक वितरण पर कोई फैसला नहीं किया गया है। जूली महतो और उनके पति रघुवीर महासेठ कोरोना पॉजीटिव भी हुए थे।

नवीनतम आदेश की व्याख्या ओली सरकार द्वारा पतंजलि समूह से दूरी बनाने के प्रयास के रूप में की जा रही। पिछले हफ्ते कैबिनेट फेरबदल के बाद, रघुवीर महासेठ को तीन उप प्रधानमंत्रियों में से एक नियुक्त किया गया है और वह विदेश मंत्रालय के प्रभारी भी हैं। शेर बहादुर तमांग ने नए स्वास्थ्य मंत्री के रूप में पदभार संभाला है। महतो और महासेठ नेपाल के प्रमुख मधेसी परिवार हैं और नेपाल में रामदेव की व्यावसायिक सुविधाएं भी ज्यादातर मधेस क्षेत्र में स्थित हैं जिन्हें तराई मैदान भी कहा जाता है।

यहां आपको बता दें कि इससे पहले भूटान ने भी अपने यहां कोरोनिल किट के वितरण पर रोक लगाई है। हाल ही में भूटान ड्रग रेग्यूलेटरी ऑथोरिटी ने इस दवा को वितरित किए जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। हाल ही में बाबा रामदेव ने एलोपैथी दवाई को बकबास करार दिया था जिसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने उनका विरोध किया था। बाद में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के उत्तराखंड ब्रांच ने बाबा रामदेव पर 10 हजार करोड़ रुपये की मानहानि का दावा किया था। हालांकि, बाद में माफी मांग लेने के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बाबा रामदेव के खिलाफ दायर याचिका को वापस लेने की बात कही थी।

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Jun 09 2021, 21:11

वैक्सीन लगाने के बाद अगर बुखार आ जाए तो चिंता ना करें, जानिए क्या कहते हैं एक्सपोर्ट! 

रांची, यदि वैक्‍सीन लगवाने के बाद बुखार आता है तो चिंता करने की आवश्‍यकता नहीं है। इसे नकारात्‍मक न लें। बुखार इस बात का संकेत है कि आपका शरीर एंटीबॉडी बना रहा है। यह कहना है कि शहर के वरिष्‍ठ डॉक्‍टर अभिषेक रामाधीन का। जागरण न्यू मीडिया की फैक्ट चेकिंग वेबसाइट विश्वास न्यूज की ओर से बुधवार को 'सच के साथी, वैक्‍सीन के लिए हां' मीडिया साक्षरता कार्यक्रम के तहत वरिष्‍ठ डॉक्‍टर अभिषेक रामाधीन रांची के लोगों को संबोधित कर रहे थे।

डॉक्‍टर अभिषेक ने बताया कि जिन लोगों को कोरोना हो चुका है, वे 3-4 महीने बाद ही वैक्‍सीन लगवाएं, क्‍यों‍कि कोरोना के कारण शरीर पहले ही एंटीबॉडी बना चुका है। ऐसे में यदि सही होने के तुरंत बाद वैक्‍सीन लगवाते हैं तो इसका कोई मतलब नहीं है। वेबिनार में दर्शकों से रूबरू होते हुए झारखंड अकादमिक काउंसिल के अध्‍यक्ष डॉक्‍टर अरविंद प्रसाद सिंह ने कहा है कि शहरों में जागरूकता के कारण लोग वैक्‍सीनेशन के लिए आगे आ रहे हैं, लेकिन ग्रामीण अंचलों में जागरूकता की कमी है।

वेबिनार में विश्वास न्यूज के प्रशिक्षित पत्रकारों के साथ-साथ वैक्‍सीनेशन अभियान से जुड़े एक्‍सपर्ट, कोरोना टीके को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों और अफवाहों के प्रति लोगों को जागरूक किया। वेबिनार में वैक्‍सीन के बारे में विस्‍तार से बताया गया। वहीं, विश्‍वास न्‍यूज के फैक्‍ट चेकर्स ने फेक न्यूज की पहचान के तरीकों और इसके लिए ऑनलाइन उपलब्ध टूल्स के बारे में जानकारी दी। इस वेबिनार में प्रशिक्षित फैक्ट चेकर्स के अलावा झारखंड अकादमिक काउंसिल के अध्‍यक्ष डॉक्‍टर अरविंद प्रसाद सिंह और रांची के डॉक्‍टर अभिषेक रामाधीन लोगों से रूबरू हुए।

आइएफसीएन वैक्सीन ग्रांट प्रोग्राम के तहत विश्‍वास न्‍यूज देश के 12 शहरों के लिए 'सच के साथी-वैक्‍सीन के लिए हां' कार्यक्रम लेकर आया है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ, पटना और मुजफ्फरपुर के बाद बुधवार को रांची के लोगों के लिए वेबिनार का आयोजन किया गया था। अब जमशेदपुर, आगरा, इंदौर और भोपाल के नागरिकों के लिए भी इसी तरह के वेबिनार का आयोजन होगा। यह कार्यक्रम 30 सितंबर तक चलेगा।