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May 22 2021, 18:48

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आईएमए ने की बाबा रामदेव के खिलाफ महामारी कानून के तहत कार्रवाई की मांग, कहा- आधुनिक चिकित्सा सुविधा भंग हो या दर्ज हो मुकदमा

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने रामदेव के खिलाफ प्रेस रिलीज जारी की है। जिसमें कहा गया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को योग गुरु रामदेव के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि उन्होंने एलोपैथी के खिलाफ गैरजिम्मेदाराना बयान दिया है। 

आईएमए ने एक बयान में कहा कि रामदेव पर महामारी रोग कानून के तहत मुकदमा चलाना चाहिए क्योंकि अशिक्षित बयान देश के शिक्षित समाज के लिए एक खतरा है और साथ ही गरीब लोग इसका शिकार हो रहे हैं। आईएमए ने कहा कि रामदेव ने दावा किया कि भारत के औषधि महानियंत्रक द्वारा स्वीकृत रेमडेसिविर, फैविफ्लू और सभी अन्य दवाएं कोविड-19 मरीजों के इलाज में विफल हो गई हैं। 

आधुनिक चिकित्सा सुविधा भंग हो या दर्ज हो मुकदमा-आईएमए
आईएमए ने कहा, ''केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री (हर्षवर्धन), जो खुद आधुनिक चिकित्सा एलोपैथी के डॉक्टर रह चुके हैं और स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रमुख हैं।वे या तो इन सज्जन की चुनौती और आरोप स्वीकार करें और आधुनिक चिकित्सा की सुविधा भंग कर दें या ऐसी अवैज्ञानिक बातों से लाखों लोगों को बचाने के लिए उन पर महामारी कानून के तहत मुकदमा दर्ज करें।'आईएमए ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक वीडियो का हवाला देते हुए ये मांग की है। 

एलोपैथी डॉक्टर लोगों की जान बचाने में जुटे-आईएमए
आईएमए ने कहा है कि एक तरफ कोरोना वायरस महामारी के बीच सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मॉर्डन मेडिसिन एलोपैथी से जुड़े डॉक्टर जंग लड़ रहे हैं। लाखों की जान बचाने में डॉक्टर पहली पंक्ति में खड़े दिखते हैं। 1200 डॉक्टर इस लड़ाई में जान गंवा चुके हैं, इसके बावजूद देशभर के एलोपैथी डॉक्टर लोगों की जान बचाने में जुटे हुए हैं। ऐसे वक्त में कुछ लोग दुर्भावनपूर्ण तरीके से और अवसरवादी रुख अपनाते हुए मॉर्डन एलोपैथी ट्रीटमेंट पर कीचड़ उछालने में पीछे नहीं दिख रहे हैं।

रामदेव ने एलोपैथी को ‘स्टूपिड और दिवालिया साइंस‘ बताया
आईएमए ने आगे लिखा है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर हो रहा है जिसमें रामदेव एलोपैथी को ‘ स्टूपिड और दिवालिया साइंस ‘ बता रहे हैं। वो भी रामदेव जिनके बारे सबको पता है कि रामदेव और उनके सहयोगी बालकृष्ण एलोपैथी ट्रीटमेंट लेते रहे हैं। लेकिन बड़े पैमाने पर लोगों को गुमराह करने के लिए झूठे और आधारहीन दावे कर रहे हैं।

आईएमए का कहना है कि अगर स्वास्थ्य मंत्री स्वत: संज्ञान नहीं लेते हैं तो एसोसिएशन को संघर्ष के लिए मजबूर होना पड़ेगा और कोर्ट का भी सहारा लेकर सच लोगों तक पहुंचाना होगा.

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May 22 2021, 18:47

-yaas 
  

24 मई की सुबह तक यास के चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका, ओडिशा समेत पांच राज्यों में हाई अलर्ट

चक्रवाती तूफान ताऊ ते के बाद अब देश के पूर्वी तटीय क्षेत्रों में चक्रवात यास का खतरा मंडराने लगा है। बंगाल की खाड़ी में उठने वाला चक्रवाती तूफान यास ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में तबाही मचा सकता है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बन गया है।  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का कहना है कि चक्रवात यास के बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने और 26 मई को ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटों को पार करने की आशंका है। 

आईएमडी ने कहा, "एक निम्न दबाव के क्षेत्र के कल, 23 मई की सुबह तक बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य क्षेत्र पर विक्षोभ में केंद्रित होने की आशंका है। इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है, जो 24 मई तक एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है और अगले 24 घंटों में बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।" मौसम विभाग ने कहा कि यह उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ता रहेगा और आगे गंभीर रूप लेगा और 26 मई की सुबह तक पश्चिम बंगाल के पास बंगाल की उत्तरी खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा और बांग्लादेश के तटों तक पहुंच जाएगा।

तूफान को लेकर पहले से ही आंध्र प्रदेश, ओडीशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसका सबसे ज्यादा असर बंगाल और ओडिशा पर पड़ेगा। अंडमान और निकोबार और पूर्वी तट के कुछ इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है। इससे बाढ़ का खतरा भी बन सकता है। 25-26 मई के बीच उड़ीसा, 26 मई को झारखंड, सिक्किम, बंगाल के हिमालयी इलाकों और 25 - 26 मई को पश्चिम बंगाल के गंगा नदी के इलाकों बारिश हो सकती है। इधर, ओडिशा सरकार ने तूफान के संभावित खतरे को देखते हुए अपने 30 से 40 जिलों को अलर्ट जारी कर दिया है।

बता दें कि पिछले हफ्ते, अत्यंत भीषण चक्रवात ताउते गुजरात तट से टकराया और पूरे पश्चिमी तट पर तबाही के निशान छोड़ गया। यह आगे चलकर कमजोर पड़ गया। इसका प्रभाव उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और यहां तक कि पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी महसूस किया गया। अप्रैल-मई और अक्टूबर-दिसंबर की अवधि में प्राय: चक्रवात आते हैं। पिछले साल मई में दो चक्रवात- अम्फान और निसर्ग भारतीय तटों से टकराये थे।

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May 22 2021, 17:29

कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं तो नाखूनों पर नजर आएंगे ऐसे लक्षण
  




नाखून सिर्फ हाथों-पैरों की खूबसूरती नहीं बढ़ाते बल्कि सेहत के लिए अलार्म का काम भी करते हैं। डायबिटीज, थायरॉइड, आयरन की कमी, फेफड़ों, स्किन प्रॉब्लम्स के साथ नाखून कोरोना होने का संकेत भी देते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर नाखून पर अजीब से लक्षण दिखाई दे तो समझ लें कि आप कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। चलिए आपको बताते हैं कि कोरोना और नाखूनों में क्या कनैक्शन है?

नाखूनों पर लाइन दिखना

 
जबकि कोरोना से रिकवरी के बाद नाखूनों पर बैंड के आकार में लाल रंग की एक लाइन उभर आती है,

 जिसे 'रेड हॉप मून साइन' कहा जाता है। ये लकीरें 6 महीनें में खुद ब खुद गायब हो जाती हैं। हालांकि इससे मरीजों को कोई परेशानी नहीं होती और वो दोबारा बढ़ना शुरु हो जाते हैं। फिलहाल इसकी वजह पता नहीं लगाई जा सकी लेकिन इसे कमजोरी का लक्षण माना जा रहा है।

गंभीर मामलों में अलग है लक्षण
एक्सपर्ट का कहना है कि अगर किसी में कोरोना के लक्षण गंभीर है तो उनमें नाखूनों का रंग व शेप भी बदल सकता है।

क्या नाखूनों से फैल सकता है कोरोना?

शोध के मुताबिक, लंबे नाखूनों पर कोरोना चिपक जाता है, जो सैनिटाइजर या हाथ धोने के बाद भी नहीं निकलता। 

ऐसे में खाना खाते वक्त यह मुंह के जरिए फेफड़ों तक पहुंच जाता है। वहीं, अगर किसी को नाखूनों चबाने की आदत हो तो यह आसानी से शरीर में प्रवेश कर जाता है।

महिलाओं को अधिक खतरा

मेडिक्योर या पेडीक्योर करवाते समय क्यूटिकल स्किन निकल जाती है।

 ऐसे में कोरोनावायरस शरीर में आसानी से प्रवेश कर जाता है। इसके अलावा आर्टिफिशियल नेल्स या नेल पॉलिश में भी वायरस आसानी से चिपककर नुकसान पहुंचा सकता है।

फैलने से कैसे रोकें कोरोना वायरस?
. हाथ धोते या सैनिटाइजर करके समय नाखूनों के अंदर की त्वचा भी साफ करें। साथ ही समय-समय पर नाखून काटते रहें।

. 2 या 3 दिन में नेल पॉलिश बदलें और मॉइस्चराइजर लगाते रहें।
 
. दिन में कम से कम एक बार गर्म पानी से नाखूनों को डुबोएं। इससे गंदगी और कीटाणु आसानी से निकल जाएंगे।

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May 22 2021, 17:24

चंद मिनटों में जानिए, देश की अहम खबरें क्योंकि खुद को अपडेट रखना है जरूरी
  



कुशासन के चलते सिर्फ भारत में है ब्लैक फंगस महामारी, ताली-थाली बजाने की घोषणा करते ही होंगे पीएम : राहुल। 

कोरोना के बीच 15 राज्यों में फैला Black Fungus, 10 में महामारी घोषित; स्टडी में दावा- मर्दों, डायबिटीज वालों को अधिक खतरा।

देश में अगस्त से शुरू होगा Sputnik V वैक्सीन का उत्पादन, सितंबर-अक्टूबर तक भारत में होंगे 85 करोड़ डोज।

कोरोना वैक्सीन मांगने US जाएंगे विदेश मंत्री एस जयशंकर, BJP सांसद सुब्रमण्यम स्वामी का तंज- वेटर वाले कपड़े न पहनने पड़ें।

आईएमए का दावा
कोरोना ने छीन लिए धरती के 420 'भगवान', सिर्फ दिल्ली में 100 डॉक्टरों की मौत। 

Covid 19  सरकार का सोशल मीडिया कंपनियों को आदेश, कोरोना के भारतीय वेरियंट वाले पोस्ट तुरंत हटाएं।

केस बढ़ रहे हैं, दवा की कमी है...ब्लैक फंगस के मरीजों को राहत के लिए तत्काल कदम उठाएं, सोनिया ने पीएम से किया आग्रह।

कोई नहीं जानता, क्यों घट रही है वैक्सीन की रफ्तार, कहीं भारी न पड़ जाए टीकाकरण में राज्य सरकारों की सुस्ती। 

भारत को अक्टूबर-दिसंबर में मिलेंगी सतह से हवा में मार करने वाली विमान भेदी एस-400 मिसाइल प्रणाली। 

ब्लैक फंगस  हरियाणा- राजस्थान के बाद मप्र में भी महामारी घोषित, कोरोना मरीजों की तरह रखा जाएगा रिकॉर्ड।

‘राम भरोसे’ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची यूपी सरकार, हर गांव में दो एम्बुलेंस और आईसीयू की सुविधा का था निर्देश। 

CM उद्धव का PM पर तंज, कहा- मैं कम से कम जमीन पर जाकर हालात का जायजा तो ले रहा हूं न कि हेलीकॉप्टर में बैठकर। 

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बड़ा एलान किया है। राज्य में एक जून से धीरे-धीरे अनलॉक होना शुरू हो जाएगा।



 झारखंड में बढ़ सकता है लॉकडाउन! ‘कोरोना का पीक अभी नहीं हुआ है पार’ : हेमंत सोरेन

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May 22 2021, 16:17

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सरकार का सोशल मीडिया कंपनियों को आदेश, कोरोना के भारतीय वैरिएंट वाले पोस्ट तुरंत हटाए जाने का निर्देश

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया कंपनियों को आदेश दिया है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद कोरोना वायरस के भारतीय वैरिएंट की खबरों को हटाएं। इस आदेश के बारे में समाचार एजेंसी रॉयटर ने जानकारी दी है। 11 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि कोरोना वायरस का B.1.617 वैरियंट जो कि सबसे पहले भारत में देखा गया है वह वैश्विक चिंता का विषय बन सकता है।

सरकार की ओर से सभी सोशल मीडिया कंपनियों को एक पत्र लिखा गया है जिसमें कहा गया कि मीडिया रिपोर्ट्स में B.1.617 को बिना किसी आधार और तथ्य के भारतीय वैरिएंट के रूप में परोसा गया है। आईटी मंत्रालय ने सभी कंपनियों को कहा है कि वे अपने प्लेटफॉर्म से उन सभी खबरों और पोस्ट को डिलीट करें जिनमें कोरोना के B.1.617 वेरियंट को भारतीय वैरिएंट कहा गया है।

B.1.617 कोरोना का एक नया वैरिएंट जरूर है लेकिन इसे भारतीय कहना सही नहीं है। पत्र में कहा गया है कि B.1.617 को भारतीय वैरिएंट कहना पूरी तरह से गलत है। यहां तक कि WHO ने भी इस वैरियंट को भारतीय वेरियंट नहीं कहा है, हालांकि इस पत्र को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

रॉयटर को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि यह पत्र सोशल मीडिया कंपनियों को सख्ती के साथ भेजा गया है। पत्र में कहा गया है कि कोरोना के किसी भी वैरिएंट को बिना किसी तथ्य भारतीय वैरिएंट कहना देश की छवि को खराब करना है। ऐसी रिपोर्ट्स से लोगों के बीच गलत संदेश जा रहा है।

बता दें कि विकिपीडिया पर भी Lineage B.1.617 नाम से एक पेज बना हुआ है जिसमें B.1.617 को कोरोना का नया वैरिएंट बताया गया है। विकिपीडिया के मुताबिक B.1.617 कोरोना का एक वैरिएंट है जिसकी पहचान सबसे पहले भारत में 5 अक्तूबर को महाराष्ट्र में हुई थी।

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May 22 2021, 16:12

नेपाल की राष्ट्रपति ने भंग की संसद, मध्यावधि चुनाव के लिए नई तारीख 12 और 19 नवंबर का किया एलान
  




नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने संसद को भंग करते हुए मध्यावधि चुनाव का एलान कर दिया है। नेपाल में 12 और 19 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होंगे।उन्होंने नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली दोनों के द्वारा सरकार बनाने के दावे को खारिज कर दिया।  

केपी शर्मा ओली और विपक्षी दल दोनों ने ही राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी को सांसदों के हस्ताक्षर वाले पत्र सौंपकर नयी सरकार बनाने का दावा पेश किया था। ओली राष्ट्रपति कार्यालय पहुंच कर संविधान के अनुच्छेद 76 (5) के अनुसार पुन: प्रधानमंत्री बनने के लिए अपनी पार्टी सीपीएन - यूएमएल के 121 सदस्यों और जनता समाजवादी पार्टी - नेपाल (जेएसपी - एन) के 32 सांसदों के समर्थन के दावे वाला पत्र सौंपा था। वहीं नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा ने 149 सांसदों का समर्थन होने का दावा किया था। देउबा प्रधानमंत्री पद का दावा पेश करने के लिए विपक्षी दलों के नेताओं के साथ राष्ट्रपति के कार्यालय पहुंचे थे।
    
ओली ने 153 सदस्यों का समर्थन होने का दावा किया था , वहीं देउबा ने दावा किया कि उनके पाले में 149 सांसद हैं। नेपाल की 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 121 सीटों के साथ सीपीएन - यूएमएल सबसे बड़ा दल है। बहुमत से सरकार बनाने के लिए 138 सीटों की जरूरत होती है।

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May 22 2021, 15:43

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गृह मंत्रालय ने बढ़ाई शुभेंदु अधिकारी के पिता और भाई की सुरक्षा, दोनों सांसदों को Y+ सिक्योरिटी


केंद्र सरकार ने सीएम ममता बनर्जी को विधान सभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से हराने वाले शुभेंदु अधिकारी के भाई और पिता को Y+ श्रेणी की सुरक्षा देने की घोषणा की है। गृह मंत्रालय ने लोकसभा सांसद शिशिर कुमार अधिकारी और दिव्येंदु अधिकारी को Y+ श्रेणी की सुरक्षा दी है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को दोनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है।
Y+ कैटेगरी की सुरक्षा में सीआरपीएफ के जवान भी तैनात होते हैं। इस कैटेगरी की सुरक्षा में सीआरपीएफ के 5 जवान होते हैं।साथ ही तीन अलग-अलग शिफ्ट में 6 पीएसओ यानी पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर भी साथ रहते हैं, यानी एक शिफ्ट में दो पीएसओ।

शुभेंदु अधिकारी और उनके पिता बीजेपी में हैं, जबकि उनके भाई दिब्येंदु अभी भी टीएमसी में ही हैं. शुभेंदु पिछली साल दिसंबर में बीजेपी में शामिल हुए थे।उसके बाद उनकी सिक्योरिटी Y+ से बढ़ाकर Z कैटेगरी की कर दी गई थी। उनके पिता शिशिर अधिकारी भी चुनावों से ऐन वक्त पहले ही बीजेपी में आए थे।इससे पहले दोनों ही तृणमूल में थे।
शुभेंदु ने विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को करीब दो हजार वोटों के अंतर से हराया है।शुभेंदु अधिकारी बंगाल में बीजेपी विधायक दल के नेता हैं। वहीं, शिशिर अधिकारी और दिब्येंदु अधिकारी दोनों ही लोकसभा सांसद हैं।

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May 22 2021, 13:57

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11 दिन बाद थमे धमाकों के शोर के बाद दिख रहा तबाही का मंजर, युद्ध में 230 फ्लिस्तीनी मारे गये, 77 परिवार विस्थापित

इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम हो चुका है. पर इस युद्ध के बाद गाजा में तबाही का मंजर हर ओर दिखाई पड़ रहा है.  जगह-जगह पर इजरायल के हवाई हमलों का शिकार बने धराशायी हो चुके बड़े बड़े मकान के मलबों का ढेर पड़ा है. उन ढेर के ऊपर लोग अपनी अपनी लुट चुकी जिंदगी के सपनों को फिर से आबाद करने की कोशिश में जुट गये हैं. 

11 दिनों तक चले इस0 युद्ध में 230 फ्लिस्तीनी मारे गये हैं. इनमें 65 बच्चे और 39 महिलाएं शामिल हैं. जबकि 1710 लोग घायल हुए हैं. घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है. कई ऐसे परिवार है जिन्होंने अपना सब कुछ खो दिया है, अपनो को खो दिया है. लगभग 77,000 लोग इस युद्ध के कारण विस्थापित हुए हैं. 

गाजा में हुए नुकसान का अगर आर्थिक तौर पर आंकलन करें तो इजरायल के हमले में उसे 332 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है. 184 आवासीय बिल्डिग धराशायी हो गये हैं.  इन भवनों में 33 अंतराष्टीय मीडिया के दफ्तर थे, सभी नष्ट हो गये हैं. सिर्फ इससे ही 92 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. 1335 घर पूरी तरह से नष्ट हो गये हैं, जबकि 13000 घरों को नुकसान पहुंचा है. हालांकि नुकसान को देखते हुए UNWRA ने गाजा को 38 मिलियन डॉलर देने की घोषणा की है.  

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार गाजा में लोग अभी भी सहमें हुए हैं. गाजा के आसमान पर 10 दिनों बाद कोई शोर नहीं है. गाजा के एक स्थानीय व्यक्ति के मुताबिक जिस मलबे के ढेर के पास वह खड़ा था वह कभी एक सैंक्चुरी हुआ करता था. पर अब सब कुछ तहस नहस हो चुका. 

अबुल औफ ने कहा कि गाजा में संचालित इस्लामिक आतंकी समूह और इजरायल के कारण यहां कोई सुरक्षित नहीं है. क्योंकि उन्हें डर है कि इजरायल कभी भी पलटवार कर सकता है.  अधिकारियों ने गाजा के आसपास की सड़कों को फिर से खोल दिया है जो संघर्ष के दौरान बंद कर दिया गया था. इस युद्ध के कारण गाजा में इतना विनाश हुआ है कि अब वहां जीवन सामान्य होने में वक्त लगेगा. 

अबुल औफ ने बताया कि इस युद्ध में उसका पूरा घर मलबे में तब्दील हो गया है. जबकि कई जगहों पर घरों के बाहर जले हुए कार और बाइक्स हमले के बाद हुए बर्बादी की गवाही दे रहे हैं. 

संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि इजरायली हमले में 17 क्लीनिक और अस्पताल क्षतिग्रस्त हो गए, साथ ही तीन बड़े डीसैलियेशन प्लांट, बिजली, सीवेज कार्य प्रभावित हुआ है, इसके अलावा 80,000 लोगो को स्वच्छ पेयजलकी सुविधा प्रभावित हुई है.  53 से ज्यादा स्कूलों को नुकसान पहुंचा है.

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May 22 2021, 11:39

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वैक्सीन की कमी से जूझ रहे भारत को अमेरिका से उम्मीद, अगले हफ्ते यूएस जाएंगे जयशंकर

कोरोना की दूसरी लहर का कहर भारत में जारी है। इस बीच वैक्सीन की कमी लगातार बनी हुई है। इस कमी की भरपाई के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर अगले हफ्ते 24 से 28 मई के बीच अमेरिका जा रहे हैं।

एस जयशंकर अमेरिका दौरे के दौरान भारत और पड़ोसी देशों में ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन की सप्लाई के लिए अमेरिका के साथ बातचीत करेंगे। एस जयशंकर अमेरिका की वैक्सीन निर्माता कंपनियों और शीर्ष अधिकारियों से भारत में वैक्सीन की सप्लाई को लेकर चर्चा करेंगे। बता दें कि, हाल ही में बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन ने एस जयशंकर से वैक्सीन की सप्लाई के लिए अमेरिका से बातचीत करने का आग्रह किया था। साथ ही नेपाल, श्रीलंका और मालदीव भी पिछले कुछ समय से वैक्सीन सप्लाई की मांग कर रहे हैं।

हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस बात की घोषणा की थी कि अमेरिका अपने वहां निर्मित फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन के दो करोड़ टीके जून के अंत तक अन्य देशों को सप्लाई करेगा। इसके अलावा एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन के 6 करोड़ डोज का निर्यात करेगा। बता दें एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन फिलहाल अमेरिका में उपयोग नहीं की जा रही है। यह निर्यात जून के आखिर तक किया जाएगा।

हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इनमें से कितना हिस्सा भारत को मिलेगा। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि जयशंकर की यात्रा के पहले अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने मैदान तैयार कर लिया है। उन्होंने इसके लिए शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों, जिनमें CDC डॉयरेक्टर रोशेल वेलेंस्की, चीफ मेडिकल एडवाइजर डॉ एंथनी फाउची शामिल हैं, उनसे मुलाकात भी की है। पिछले कुछ हफ्तों में संधू ने वैक्सीन निर्माताओं से भी मुलाकात की है। इनमें फाइजर के सीईओ एल्बर्ट बाउर्ला और जे एंड जे चेयरमैन और सीईओ एलेक्स गोर्सकी शामिल हैं। संधू ने रेमडेसिविर व कोविशील्ड के लिए कच्चा माल सप्लाई करने वाले संस्थानों के प्रमुखों से भी मुलाकात की है।

बता दें कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के अनुसार सरकार कोरोना वैक्सीन की सप्लाई और बाद में देश में उनके उत्पादन को लेकर अमेरिका की वैक्सीन निर्माता कंपनियों से सम्पर्क साधे हुए है। अमेरिकी उद्यमों के साथ कोविड-19 रोधी टीकों की खरीद और बाद में देश में उसके उत्पादन की संभावना के बारे में बातचीत कर रहा है। बागची ने गुरुवार को एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में ये जानकारी दी थी।

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May 22 2021, 11:21

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वैक्सीन की कमी से जूझ रहे भारत को अमेरिका से उम्मीद, अगले हफ्ते यूएस जाएंगे जयशंकर

कोरोना की दूसरी लहर का कहर भारत में जारी है। इस बीच वैक्सीन की कमी लगातार बनी हुई है। इस कमी की भरपाई के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर अगले हफ्ते 24 से 28 मई के बीच अमेरिका जा रहे हैं।

एस जयशंकर अमेरिका दौरे के दौरान भारत और पड़ोसी देशों में ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन की सप्लाई के लिए अमेरिका के साथ बातचीत करेंगे। एस जयशंकर अमेरिका की वैक्सीन निर्माता कंपनियों और शीर्ष अधिकारियों से भारत में वैक्सीन की सप्लाई को लेकर चर्चा करेंगे। बता दें कि, हाल ही में बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन ने एस जयशंकर से वैक्सीन की सप्लाई के लिए अमेरिका से बातचीत करने का आग्रह किया था। साथ ही नेपाल, श्रीलंका और मालदीव भी पिछले कुछ समय से वैक्सीन सप्लाई की मांग कर रहे हैं।

हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस बात की घोषणा की थी कि अमेरिका अपने वहां निर्मित फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन के दो करोड़ टीके जून के अंत तक अन्य देशों को सप्लाई करेगा। इसके अलावा एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन के 6 करोड़ डोज का निर्यात करेगा। बता दें एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन फिलहाल अमेरिका में उपयोग नहीं की जा रही है। यह निर्यात जून के आखिर तक किया जाएगा।

हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इनमें से कितना हिस्सा भारत को मिलेगा। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि जयशंकर की यात्रा के पहले अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने मैदान तैयार कर लिया है। उन्होंने इसके लिए शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों, जिनमें CDC डॉयरेक्टर रोशेल वेलेंस्की, चीफ मेडिकल एडवाइजर डॉ एंथनी फाउची शामिल हैं, उनसे मुलाकात भी की है। पिछले कुछ हफ्तों में संधू ने वैक्सीन निर्माताओं से भी मुलाकात की है। इनमें फाइजर के सीईओ एल्बर्ट बाउर्ला और जे एंड जे चेयरमैन और सीईओ एलेक्स गोर्सकी शामिल हैं। संधू ने रेमडेसिविर व कोविशील्ड के लिए कच्चा माल सप्लाई करने वाले संस्थानों के प्रमुखों से भी मुलाकात की है।

बता दें कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के अनुसार सरकार कोरोना वैक्सीन की सप्लाई और बाद में देश में उनके उत्पादन को लेकर अमेरिका की वैक्सीन निर्माता कंपनियों से सम्पर्क साधे हुए है। अमेरिकी उद्यमों के साथ कोविड-19 रोधी टीकों की खरीद और बाद में देश में उसके उत्पादन की संभावना के बारे में बातचीत कर रहा है। बागची ने गुरुवार को एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में ये जानकारी दी थी।