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May 21 2021, 15:08

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टूलकिट मामले  में संबित पात्रा के ट्विट को ट्विटर ने बताया 'मैनिपुलेटेड मीडिया'

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बदनाम करने से जुड़ी कथित टूलकिट मामले ट्विटर ने बयान जारी किया है। ट्विटर ने उसे 'मैनिपुलेटेड मीडिया' बताया है। बता दें कि 18 मई को भाजपा नेता संबित पात्रा ने एक ट्वीट कर कांग्रेस पर टूलकिट तैयार करने का आरोप लगाया था।


ट्विटर ने क्यों लिया एक्शन?
संबित पात्रा के इस ट्वीट पर माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने एक्शन लिया है और इसे मैनिपुलेटेड मीडिया बताया है। ट्विटर की पॉलिसी के मुताबिक, अगर किसी जानकारी को आपने ट्वीट किया है और उसका सोर्स सटीक नहीं है और उसमें उपलब्ध जानकारी भी गलत है तो इस तरह का लेबल लगाया जाता है। ये लेबल वीडियो, ट्वीट, फोटो या अन्य किसी भी कंटेंट पर लगाया जा सकता है। 

पीएम की छवि बिगाड़ने का लगाया था आरोप
संबित पात्रा ने 18 मई को एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि कांग्रेस पार्टी एक टूलकिट के जरिए कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी की छवि को बिगाड़ने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया था कि महामारी में कांग्रेस गिद्ध राजनीति कर रही है।

बीजेपी नेताओं के अकाउंट को स्थायी रूप से निलंबित करने की मांग
संबित पात्रा समेत बीजेपी नेताओं के इस आरोप के बाद कांग्रेस ने गुरूवार को ट्विटर से लिखित तौर पर कहा था कि वब समाज में गलत जानकारी और अशांति फैलाने के लिए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई बीजेपी नेताओं के अकाउंट को स्थायी रूप से निलंबित कर दें। कांग्रेस ने दावा किया था कि बीजेपी ने जिस कथित टूलकिट के दस्तावेज जारी किए हैं वो फर्जी है।

कांग्रेस की शिकायत के बाद ट्विटर ने अपनी जांच में पात्रा के ट्वीट को 'मैनुपुलेटेड मीडिया' कैटेगरी में मार्क किया है। जिसके तहत उसने इस ट्वीट के नीचे 'तोड़ मोड़ कर दिखाया गया मीडिया' लिखा है।

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May 21 2021, 14:48

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चिपको आंदोलन के प्रणेता सुंदरलाल बहुगुणा का निधर, कोरोना संक्रमण के कारण चल रहे थे बीमार

पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा का कोरोना संक्रमण से निधन हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तबीयत खराब होने की वजह से उनका पिछले कुछ दिनों से एम्स ऋषिकेश में इलाज चल रहा था। आज 12 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। 
कोरोना समेत अन्‍य बीमारियों से ग्रसित होने के कारण उन्‍हें 8 मई को एम्‍स में भर्ती कराया गया था। प्रदेश के मुख्‍यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उनके निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया है। सीएम रावत ने कहा कि पहाड़ों में जल, जंगल और जमीन के मसलों को अपनी प्राथमिकता में रखने वाले और रियासतों में जनता को उनका हक दिलाने वाले श्री बहुगुणा जी के प्रयास को सदैव याद राखा जाएगा।

चिपको आंदोलन के प्रमुख नेता थे बहुगुणा
9 जनवरी 1927 को सिलयारा, उत्तराखंड जन्में सुंदरलाल बहुगुणा एक प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और चिपको आंदोलन के प्रमुख नेता थे। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए उन्होंने चिपको आंदोलन से लेकर किसान आंदोलन तक का सफर तय किया। 

13 साल की उम्र शुरू किया राजनीतिक सफर
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अनुयायी बहुगुणा ने 13 वर्ष की उम्र में ही राजनीतिक सफर की शुरुआत कर ली थी। वर्ष 1949 में मीराबेन व ठक्कर बाप्पा से बहुगुणा की मुलाकात हुई। यहीं से उनका आंदोलन का सफर शुरू हुआ। मंदिरों में दलितों को प्रवेश का अधिकार दिलाने के लिए प्रदर्शन करना शुरू किया। समाज के लोगों के लिए काम करने हेतु बहुगुणा ने 1956 में शादी होने के बाद राजनीतिक जीवन से संन्यास लेने का निर्णय लिया और अपनी पत्नी विमला नौटियाल के सहयोग से बहुगुणा ने पर्वतीय नवजीवन मण्डल की स्थापना की।

1970 में शुरू किया चिपको आंदोलन
सुंदरलाल बहुगुणा का मानना था कि पेड़ हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए उन्होंने 1970 में गढ़वाल हिमालय में पेड़ों को काटने के विरोध में आंदोलन की शुरुआत की। यह विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गया। 26 मार्च 1974 में चमोली जिला में जब ठेकेदार पेड़ो को काटने के लिए पधारे तब ग्रामीण महिलाएं पेड़ो से चिप्पकर खड़ी हो गईं। परिणामस्वरूप तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 15 साल के लिए पेड़ो को काटने पर रोक लगा दिया। चिपको आंदोलन की वजह से बहुगुणा विश्व में वृक्षमित्र के नाम प्रसिद्ध हो गए।

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May 21 2021, 14:04

चंद मिनटों में जानिए, देश भर की कुछ अहम खबरें, क्योंकि खबरों से अपडेट रहना है जरूरी
  




पुणे की कंपनी ने कोवीसेल्फ किट बनाई; आप 2 मिनट में जांच कर सकते हैं, 15 मिनट में रिजल्ट दे देगी

बंगाल की खाड़ी में बन रहा लो प्रेशर, फिर आ सकता है अम्फान जैसा चक्रवात, मौसम विभाग ने दी चेतावनी। 

भारत बायोटेक ने गुजरात के अंकलेश्वर में चिरोन बेहरिंग वैक्सीन (भारत बायोटेक की पूर्ण स्वामित्व सहायक कंपनी)में COVAXIN के लिए अतिरिक्त विनिर्माण क्षमताओं को तुरंत बढ़ाने की घोषणा की।

तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को खत लिखकर पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के दोषियों की उम्रकैद की सजा कम करने की मांग की।

आयकर विभाग ने 2021 का इनकम टैक्स रिटर्न भरने की सीमा 2 महीने बढ़ाकर 30 सितंबर तक की।

दिल्ली के सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर में पीएम केयर फंड्स से 150 जीपीएस वाले वेंटिलेटर बेड लगाए गए। पहले से यहां 500 ऑक्सीजन बेड कर रहे हैं काम : आईटीबीपी

एयर इंडिया में निकली वैकेंसी, पे-स्केल 50 हजार तक।

कोविड-19 की दवा 2-डीजी पर केंद्र सरकार को पूरा भरोसा, जारी रहेंगे क्लीनिकल ट्रायल।

ब्लैक फंगस क्यों बढ़ा
 ऑक्सीजन देते वक्त लापरवाही और गैस को नमी देने वाला पानी शुद्ध न होना, फंगस पनपने की बड़ी वजह।

केंद्र ने सभी राज्यों को अलर्ट किया, गुजरात-राजस्थान समेत 5 राज्यों में ब्लैक फंगस महामारी घोषित; दिल्ली में भी अलग सेंटर।

भ्रष्टाचार केस में BJP सांसद अर्जुन सिंह को बंगाल CID का नोटिस, 25 मई को हाजिर होने का आदेश। 

नारदा मामले में शुक्रवार को सुनवाई करेगा कलकत्ता हाई कोर्ट, जेल में हैं टीएमसी के चार नेता।

कांग्रेस ने देवव्रत सैकिया को असम विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में चुना।

सरकारी नौकरी
 लेबोरेटरी टेक्नीशियन और फार्मासिस्ट के 185 पदों पर निकली भर्ती, 28 मई आवेदन की आखिरी तारीख। 

सरकारी नौकरी
पश्चिम रेलवे ने ट्रेड अप्रेंटिस के 3591 पदों पर निकाली भर्ती, 25 मई से आवेदन कर सकेंगे 10वीं पास कैंडिडेट्स। 

सरकारी नौकरी
 आंगनवाड़ी वर्कर समेत 53,000 पदों पर भर्ती के लिए करें अप्लाई, 6 जून तक जारी रहेगी आवेदन प्रक्रिया।

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May 21 2021, 14:04

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राज्यों में कोरोना प्रबंधन के अलग अलग तरीके अपनाए जाने की स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रशंसा, राजस्थान के ‘ऑक्सीजन मित्र’ से लेकर केरल में ’ऑक्सीजन नर्स’ तक की प्रशंसा

देश में अलग अलग राज्यों में कोरोना प्रबंधन को लेकर कई तरह के तरीके अपनाये जा रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने इनकी प्रशंसा की है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखकर कोरोना महामारी से लड़ने के लिए उनकी तरफ से शुरू की गई कुछ पहलों की सराहना की है. 
चिट्ठी में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने 18 और 20 मई को पीएम मोदी की कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों के कलेक्टर और म्यूनिसिपल कमिश्नरों के साथ हुई बैठक का जिक्र किया। उन्होंने चिट्ठी में लिखा कि कोरोना प्रबंधन के लिए राज्यों और जिलों ने स्थानीय स्तर पर शुरू की गई कई पहलें सराहना के योग्य हैं।

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इनमें से उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में कोविड केयर सेंटर और आइसोलेशन सेंटर की स्थापना की गयी जो फिलहाल संचालित है. इसके संचालन में रेजींडेट वेल्फेयर एसोसियेशन का सहयोग मिल रहा है. मध्यप्रदेश में मुहल्ला स्तर पर सामुदायिक सहभागिता लाने के लिए प्रखंड से लेकर जिलास्तर के प्रतिनिधियों को इसमें जोड़ गया. जो पिछले बार चुनाव हारे थे उन्हें भी शामिल किया गया ताकि जल्द से जल्द कंटेनमेंट जोन में आइसोलेशन की सुविधा दी जा सके. 

इस दौरान हरियाणा में कार्यस्थल पर कोरोना वैक्सीन देने का इसके अलावा वैक्सीनेशन केंद्रो द्वारा वैक्सीनेशन ड्राइव चलाए जाने का भी जिक्र किया गया। साथ ही हरियाणा के गुरुग्राम में डिजिटल पोर्टल के जरिये इस बात व्यवस्था की गयी की कोई भी व्यक्ति रियल टाइम पर अस्पताल में बेड की संख्या और उपलब्ध ऑक्सीजन और एंबुलेंस की जानकारी सुनिश्चित करायी गयी.

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि उत्तर प्रदेश में काशी कोविड रेस्पॉंस केंद्र का बेहतरीन इस्तेमाल किया गया. इसमें वाराणसी ले लोगों को कोरोना से संबंधित जानकारी मिलती थी. 

इसके अलावा चेन्नई में टैक्सी एंबुलेंस सेवा का इस्तेमाल किया गया. चंडीगढ़ में आयुष की दवाओं और आयुष मंत्रालय का कोरोना प्रबंधन के लिए बेहतर इस्तेमाल किया गया. छत्तीसगढ़ के जांगीरचंपा जिले के हाट बाजारों में आयुष काढ़ा का वितरण किया गया. महाराष्ट्र के अहमदनगर में सामुदायिक भागीदारी से कोविड केयर केंद्रो में टीफिन बॉक्स उपलब्ध कराया गया.

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राजस्थान के बीकानेर में कोरोना के अलावा दूसरी बीमारियों से ग्रामीणों का इलाज करने के लिए मोबाइल ओपीडी बेड की शुरूआत की भी सराहना की. इसके अलावा ऑक्सीजन की बर्बादी रोकने के लिए प्रत्येक अस्पताल में ऑक्सीजन मित्र रखे गये. 

उत्तर प्रदेश के रायबरेली के गांवों में डोर टू डोर RT-PCR और RAT टेस्ट अभियान चलाया गया. जिसके कारण रायबरेली में एक महीने में ही सक

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May 21 2021, 13:28

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नारद स्टिंग केसः टीएमसी के चारों नेताओं को नहीं मिली जमानत, कोर्ट ने नजरबंद रखे जाने का दिया आदेश

नारदा स्टिंग मामले में गिरफ्तार किए गए तृणमूल कांग्रेस के चारों नेता हाउस अरेस्ट रहेंगे। यह फैसला कोलकाता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की पीठ ने सुनाया है। 

दरअसल पीठ इस मामले पर बंटी हुई दिखी। अरिजीत बनर्जी टीएमसी नेता सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा, फिरहाद हाकिम और पार्टी के पूर्व नेता शोभन चटर्जी को जमानत देने के लिए सहमत थे। लेकिन कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल जमानत के खिलाफ थे। इसलिए अब इस मामले की सुनवाई बड़ी पीठ करेगी, तब तक टीएमसी नेताओं के नजरबंद रखने का आदेश दिया गया है।
सीबीआई और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस दोनों ने ही नजरबंद रखे जाने के आदेश का विरोध किया।  सीबीआई की ओर से कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से अपने आदेश पर स्टे लगाने को कहा। वहीं, टीएमसी नेताओं के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से कहा कि नजरबंद रखा जाना भी गिरफ्तारी से कम नहीं है। उन्हें रिहा कर दिया जाना चाहिए। 

हाईकोर्ट ने सोमवार रात को जमानत पर लगा दी थी रोक
इससे पहले हाईकोर्ट ने सोमवार रात को जमानत पर रोक लगा दी थी। सोमवार हुए ड्रामे के बाद सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने चारों नेताओं को बेल दे दी थी। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने यह बेल खारिज कर दी थी। इसके बाद चारों नेताओं को कोलकाता की प्रेसीडेंसी जेल ले जाया गया था।

सीबीआई ने की थी मामले को ट्रांसफर करने की मांग
चारों टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी के बाद बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सीबीआई दफ्तर में धरने पर बैठ गईं थीं। इस बीच, सीबीआई ने 'असामान्य स्थितियों' का हवाला देते हुए मामले को ट्रांसफर करने की मांग की थी। सीबीआई ने यह भी कहा है कि कोलकाता में उसके दफ्तर के बाहर बड़ी संख्या में लोगों के प्रदर्शन करने की वजह से वह चारों गिरफ्तार नेताओं को कोर्ट में सीधे पेश नहीं कर सकी।

क्या है मामला ?
नारदा टीवी न्यूज चैनल के मैथ्यू सैमुअल ने साल 2014 में कथित स्टिंग ऑपरेशन किया था जिसमें तृणमूल कांगेस के मंत्री, सांसद और विधायक लाभ के बदले में कंपनी के प्रतिनिधियों से कथित तौर पर पैसा लेते नजर आए थे। यह टेप पश्चिम बंगाल में 2016 के विधानसभा चुनाव के ठीक पहले सार्वजनिक हुआ था। कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्टिंग ऑपरेशन के संबंध में मार्च 2017 को सीबीआई जांच का आदेश दिया था।

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May 21 2021, 11:49

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भारत में 50 फीसदी लोग मास्क नहीं पहनते, मात्र 14 प्रतिशत लोग सही तरीके से करते हैं मास्क का इस्तेमाल

भारत में कोरोना महामारी के बीच लापरवाही भी जारी है. भारत में 50 फीसदी लोग मास्क नहीं पहनते हैं. इतना ही नहीं जो 50 फीसदी लोग मास्क पहनते हैं, उनमें से मात्र 14 प्रतिशत लोग ही सही तरीके से मास्क पहनते हैं. गुरुवार को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के संयुक्त सचिव द्वारा साझा किए गए एक रिपोर्ट के आधार पर इस बात का खुलासा हुआ है. 

100 में सात लोग की सही तरीके से मास्क पहनते हैं
कोरोना की रुटीन ब्रीफिंग करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि देश में केवल 100 में सात लोग की सही तरीके से मास्क पहनते हैं. जबकि बाकी लोग मास्क को ठुड्डी और मुंह पर पहनते हैं.  स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि इसका पता लगाने के लिए 25 दिनों में 2000 लोगों के सैंपल साइज पर सर्वे किया गया. इस दौरान उन्हें कोरोना महमारी को रोकने के लिए अपनाये जाने वाले गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने का निर्देश भी दिया. 

सोशल डिस्टेंसिंग नहीं मानने वाले एक महीने में 406 को कर सकते हैं संक्रमित
स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि अगर कोई व्यक्ति सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करता है तो वह व्यक्ति एक महीने में 406 लोगों को संक्रमित कर सकता है. कोराना के प्रसार को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग एक बेहतरीन और प्रभावी टीका है.

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May 21 2021, 11:19

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महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, एनकाउंटर में 13 नक्सली ढेर

महाराष्ट्र में नक्सल विरोधी अभियान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें 13 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। मारे गए सभी नक्सलियों के शवों को बरामद कर लिया गया है। 

यह मुठभेड़ गढ़चिरौली के एटापल्ली के जंगलों में महाराष्ट्र पुलिस की सी-60 यूनिट और नक्सलियों के बीच हुई है। हालांकि अभी तक बरामद शवों की पहचान नहीं हो गई है। इलाके में अभी पुलिस टीम का तलाशी अभियान चल रहा है। बता दें कि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली इलाका छत्तीसगढ़ की सीमा से लगा हुआ है। यह पूरा क्षेत्र नक्सल प्रभावित है।

बताया जा रहा है कि पुलिस टीम को इलाके में नक्सलियों के बारे में जानकारी मिली थी। जिसके बाद पुलिस की सी-60 कमांडो टीम ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान नक्सलवादियों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया और फिर एनकाउंटर शुरू हो गया। जिसमें 13 नक्सली मार गिराए गए। गढ़चिरौली के डीआईजी संदीप पाटिल ने भी इसकी पुष्टि की है।
इससे पहले 29 मार्च को गढ़चिरौली में खोब्रामेन्धा के गहरे जंगलों में सुरक्षाबलों के साथ दो मुठभेड़ों के बाद दो महिलाओं सहित कम से कम पांच नक्सलवादियों को मारे गए थे। पहला एनकाउंटर तब हुआ, जब गढ़चिरौली पुलिस की सी-60 कमांडो टीम शनिवार सुबह तलाशी अभियान में लगी हुई थी। दोनों ओर से गोलीबारी एक घंटे से अधिक समय तक जारी रही, जिसके बाद नक्सलवादी पीछे हट गए और सुबह के समय वह जंगल में अंदर की तरफ भाग गए।
बाद में पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में छानबीन की और इलाके से 3 प्रेशर कुकर बम, 303 राइफल मैगजीन, जिंदा कारतूस, बिजली के तारों के बंडल, फायर-क्रैकर बम, दवाइयां और अन्य सामग्री बरामद की गई थी। वहीं दूसरी मुठभेड़ के दौरान जवाबी फायरिंग में सी-60 कमांडो ने पांच नक्सलवादियों को मार गिराया, जिसमें दो महिलाएं भी शामिल थीं।

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May 21 2021, 10:51

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कोरोना की दूसरी लहर का सामना करने के लिए कितनी तैयार थी भारत सरकार ?

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से देश का एक बड़ा हिस्सा गंभीर रूप से प्रभावित है। महामारी अब तेजी से ग्रामीण इलाकों में भी फैल चुकी है। दूसरी लहर का त्राहिमाम अभी रुका नहीं है। संक्रमण की रफ्तार भले ही थोड़ी कम हो गई हो, लेकिन मौत के आंकड़े अभी डरा रहे हैं। 

मार्च के दूसरे हफ्ते से कोरोना संक्रमण ने ऐसी तेजी पकड़ी की हर नए दिन के साथ सारे रिकॉर्ड टूटने लगे। हर तरफ त्राही मच गई। अस्पततालों में बेड की कमी ऑक्सीजन की कमी से हालात दयनीय हो गए। अस्पताल के बाहर दम तोड़ने मरीजों से स्थिति भयावह होती चली गई। इस दौरान हर तरफ सरकारी के स्ततर पर भी लाचारी देखी गई। देश में इस हालात से पता चल गया कि केंद्र और राज्य दोनों कोरोना की दूसरी लहर के लिए तैयार नहीं थे। इसलिए वे दूसरी लहर से हो रहे नुक़सान को रोकने या कम करने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने में विफल रहे।

हालांकि इस बारे में बार-बार कई चेतावनी जारी की गई थी। नवंबर में, स्वास्थ्य मामलों की स्थायी संसदीय समिति ने कहा था कि देश में ऑक्सीजन की सप्लाई और सरकारी अस्पतालों में बेड दोनों अपर्याप्त हैं। मार्च की शुरुआत में, सरकार के बनाए वैज्ञानिकों के एक विशेषज्ञ समूह ने कोरोना वायरस के कहीं अधिक संक्रामक वैरियंट को लेकर अधिकारियों को चेताया था।  

इसके बावजूद, 8 मार्च को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन ने कोरोना महामारी के ख़त्म होने की घोषणा कर दी. ऐसे में सवाल उठता है कि आखि़र सरकार से कहां पर 'चूक' हो गई?


22 दिनों में मिली विदेशी सहायता
हालांकि कोरोना की दूसरी लहर से मचे हाहाकार के बीच दुनियाभर के देशों ने मदद का हाथ बढ़ाया। 27 अप्रैल से 19 मई के बीच भारत को बड़ी संख्या में विदेशी सहायता मिली। जिसे जरूरतमंद राज्यों में वितरित किया गया। 27 अप्रैल से 19 मई यानी इन 22 दिनों में मिली विदेशी सहायता की बात करें तोः

-10, 425 वेंटिलेटर मिले। वहीं आंकड़े बतातते हैं कि अप्रैल 2020 से जनवरी 2021 (10 महीने) तक भारत ने सार्वजनिक क्षेत्र में कुल 10461 नए वेंटिलेटर बनाए। 
-विदेश में 22 दिनों में 15,801 ऑक्सीजन सिलिंडर मिले।
-13,093 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर
-19 ऑक्सीजन जेनेरेशन प्लांट
-और 6.1 लाख डोज रेमडिसीवर इंजेक्शन की मिली

विदेशों से मिली ये सहायता ये दिखाता है कि भारत COVID19 की दूसरी लहर का सामना करने के लिए कितना तैयार था।

भारत का स्वास्थ्य पर खर्च जीडीपी का लगभग 3.6 फ़ीसदी
देश के अंदर मार्च-अप्रैल में उत्पन्न हुए हालात ने कई और चीज़ों को सामने ला दिया है। इस आपदा ने अच्छे से बता दिया कि भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य का ढांचा कितना कमज़ोर है और दशकों से इसकी कितनी उपेक्षा की गई है। अस्पतालों के बाहर बिना इलाज के दम तोड़ने वाले लोगों को देखकर केवल दिल नहीं दहल रहे हैं। ये नजारे बता 

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     @India   अस्पतालों के बाहर बिना इलाज के दम तोड़ने वाले लोगों को देखकर केवल दिल नहीं दहल रहे हैं। ये नजारे बता रहे हैं कि हेल्थ सेक्टर के बुनियादी ढांचे की असलियत आखि़र क्या है।
    
    निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों को मिलाकर देखें तो पिछले छह सालों में भारत का स्वास्थ्य पर खर्च जीडीपी का लगभग 3.6 फ़ीसदी रहा है। 2018 में यह ब्रिक्स के सभी पांच देशों में सबसे कम है। सबसे अधिक ब्राजील ने 9.2 फीसद, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने 8.1 फीसद, रूस ने 5.3 फ़ीसद और चीन ने 5 फ़ीसदी खर्च किया।
    
    
    श्रीलंका और थाईलैंड भी हेल्थ सेक्टर पर करते हैं भारत से ज्यादा खर्च
    यदि विकसित देशों की बात करें तो वे स्वास्थ्य पर अपनी जीडीपी का कहीं ज्यादा हिस्सा खर्च करते हैं। 2018 में, अमेरिका ने इस सेक्टर पर 16.9 फ़ीसदी जबकि जर्मनी ने 11.2 फ़ीसदी खर्च किया था। भारत से कहीं छोटे देशों जैसे श्रीलंका और थाईलैंड ने भी हेल्थ सेक्टर पर कहीं ज्यादा खर्च किया है। श्रीलंका ने अपनी जीडीपी का 3.79 फीसदी इस मामले में खर्च किया, जबकि थाईलैंड ने 3.76 फीसदी।
    
    
    भारत में हर 10,000 लोगों पर 10 से कम डॉक्टर
    चिंता की एक बात यह भी है कि भारत में हर 10,000 लोगों पर 10 से कम डॉक्टर हैं। कुछ राज्यों में तो यह आंकड़ा पांच से भी कम है। 
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May 21 2021, 09:54

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बीते 24 घंटे कोरोना से मौत का आंकड़ा फिर 4 हजार के पार, संक्रमण के मामले में आई कमी

देश में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। भारत में कोरोना वायरस के मामलों में गिरावट देखी जा रही है, लेकिन मृत्यु दर अभी भी ज्यादा बना हुआ है। बीते कुछ दिनों से संक्रमण के मामले 3 लाख से कम आ रहे हैं, लेकिन मौतों का बढ़ता आंकड़ा अभी भी चिंतित कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को भी देश में कोरोना के 2 लाख 59 हजार 591 नए मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, कोरोना से होने वाली मौतें एक बार फिर 4 हजार पार हो गई हैं। देशभर में बीते 24 घंटे के अंदर कोरोना वायरस की वजह से 4 हजार 209 लोगों ने दम तोड़ दिया है।


24 घंटे में 3.57 लाख मरीज हे ठीक
नए आंकड़ों के जारी होने के बाद भारत में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 2 करोड़ 60 लाख 31 हजार 991 पहुंच गई है। वहीं, इस वायरस ने अब तक 2 लाख 91 हजार 331 लोगों की जान ले ली है।  फिलहाल देश में कोरोना वायरस के 30 लाख 27 हजार 925 ऐक्टिव केस हैं। राहत की बात यह है कि बीते 24 घंटे के अंदर 3 लाख 57 हजार से ज्यादा कोरोना मरीज ठीक भी हुए हैं। यह आंकड़ा नए मामलों से कहीं ज्यादा है। देश में अब तक कुल 2 करोड़ 27 लाख 12 हजार 735 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं।

टीके की कमी के कारण टीकाकरण केंद्र बंद
पूरा देश इस इस वक्त वैक्सीन की कमी से जूझ रहा है। कई राज्यों में तो टीके की कमी के कारण टीकाकरण केंद्रों को बंद करना पड़ा है। मुंबई-दिल्ली, कर्नाटक, ओडिशा समेत कई राज्यों में टीकाकरण केंद्रों को बंद कर दिया गया है।  दो महीने पहले जिस रफ्तार से टीकाकरण अभियान चल रहा था, वह सुस्त पड़ा हुआ है।  पिछले सात दिन में  इसमें जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। 14 मार्च के बाद से देश में वैक्सीनेशन की भारी कमी हुई है। औसतन हर रोज 13.42 लाख लोगों को टीका लगाया जा रहा था,लेकिन  गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल 11.66 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। 

114 दिनों में वैक्सीन की 17 करोड़ डोज लगाई गई
पिछले दिनों केंद्र सरकार की ओर से बयान जारी किया गया कि अब तक 114 दिनों में वैक्सीन की 17 करोड़ डोज लगाई गई हैं, हालांकि लक्ष्य पूरा करने के लिए 60 करोड़ वैक्सीन डोज की जरूरत है। वहीं वैक्सीन उत्पादन करने वाली सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक अगस्त तक बढ़ाने की बात कह रही है। दोनों कंपनियों ने सरकार को सूचित किया कि अगस्त तक वे क्रमश: 10 करोड़ और 7.8 करोड़ डोजों को अपने उत्पादन को बढ़ाएंगे।

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May 21 2021, 09:54

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बीते 24 घंटे कोरोना से मौत का आंकड़ा फिर 4 हजार के पार, संक्रमण के मामले में आई कमी

देश में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। भारत में कोरोना वायरस के मामलों में गिरावट देखी जा रही है, लेकिन मृत्यु दर अभी भी ज्यादा बना हुआ है। बीते कुछ दिनों से संक्रमण के मामले 3 लाख से कम आ रहे हैं, लेकिन मौतों का बढ़ता आंकड़ा अभी भी चिंतित कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को भी देश में कोरोना के 2 लाख 59 हजार 591 नए मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, कोरोना से होने वाली मौतें एक बार फिर 4 हजार पार हो गई हैं। देशभर में बीते 24 घंटे के अंदर कोरोना वायरस की वजह से 4 हजार 209 लोगों ने दम तोड़ दिया है।


24 घंटे में 3.57 लाख मरीज हे ठीक
नए आंकड़ों के जारी होने के बाद भारत में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 2 करोड़ 60 लाख 31 हजार 991 पहुंच गई है। वहीं, इस वायरस ने अब तक 2 लाख 91 हजार 331 लोगों की जान ले ली है।  फिलहाल देश में कोरोना वायरस के 30 लाख 27 हजार 925 ऐक्टिव केस हैं। राहत की बात यह है कि बीते 24 घंटे के अंदर 3 लाख 57 हजार से ज्यादा कोरोना मरीज ठीक भी हुए हैं। यह आंकड़ा नए मामलों से कहीं ज्यादा है। देश में अब तक कुल 2 करोड़ 27 लाख 12 हजार 735 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं।

टीके की कमी के कारण टीकाकरण केंद्र बंद
पूरा देश इस इस वक्त वैक्सीन की कमी से जूझ रहा है। कई राज्यों में तो टीके की कमी के कारण टीकाकरण केंद्रों को बंद करना पड़ा है। मुंबई-दिल्ली, कर्नाटक, ओडिशा समेत कई राज्यों में टीकाकरण केंद्रों को बंद कर दिया गया है।  दो महीने पहले जिस रफ्तार से टीकाकरण अभियान चल रहा था, वह सुस्त पड़ा हुआ है।  पिछले सात दिन में  इसमें जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। 14 मार्च के बाद से देश में वैक्सीनेशन की भारी कमी हुई है। औसतन हर रोज 13.42 लाख लोगों को टीका लगाया जा रहा था,लेकिन  गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल 11.66 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। 

114 दिनों में वैक्सीन की 17 करोड़ डोज लगाई गई
पिछले दिनों केंद्र सरकार की ओर से बयान जारी किया गया कि अब तक 114 दिनों में वैक्सीन की 17 करोड़ डोज लगाई गई हैं, हालांकि लक्ष्य पूरा करने के लिए 60 करोड़ वैक्सीन डोज की जरूरत है। वहीं वैक्सीन उत्पादन करने वाली सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक अगस्त तक बढ़ाने की बात कह रही है। दोनों कंपनियों ने सरकार को सूचित किया कि अगस्त तक वे क्रमश: 10 करोड़ और 7.8 करोड़ डोजों को अपने उत्पादन को बढ़ाएंगे।