Streetbuzznews

6 hours ago

Pilot Chef’s vision to open 100+ outlet in 2 years

Once upon a time in a Delhi Govt Boys School Friends , one of young boy named Satvir Singh He was bright, ambitious, and full of ideas. Despite coming from a middle-class family, Satvir Singh always dreamt big. His parents, hardworking individuals with modest means, instilled in him the values of diligence and perseverance.

From a young age, Satvir Singh after completion of study , Satvir got jobs in multiple companies but he not satisfied because his dream was big and dreaming of creating something that would change the world. His best friend, Akash Kumar shared his passion for innovation. Together, they spent countless afternoons brainstorming ideas every day,

One day proposed Satvir Singh click an idea in his mind that 90% percents Indians have dream to travel by airplane and get flights experience because in India flights travelling quite expensive so he started a cafe with airplane concept with air hostess and service , interior like as is it like airplane to full fill Indians customers dream to have flights experience with very innovative foods with amazing taste ,They spent weeks refining their concept, conducting market research, and teaching themselves the necessary skills to bring their idea to life.

With their savings from summer jobs and a small loan from Akash kumar relatives they finally launched their Business concept , Pilot Chef’s into the world. Initially, the response was lukewarm, but Satvir Singh and Akash Kumar refused to give up. They tirelessly promoted their concept on social media, reached out to influencers, and attended local events to spread the word.

Slowly but surely, their hard work began to pay off. Customers who took services and have burgers of pilot Chef’s praised cafe over all services ,Encouraged by their initial success, Satvir Singh and Akash worked day and night to improve their Pilot Chef’s Services to serve better experience to customers adding more services to give pilot chef’s customers food experience which touches customers soul.

Pilot Chef’s gained traction, investors began to take notice. With their pitch decks in hand and passion in their hearts, Satvir Singh and Akash Kumar pitched their startup to venture capitalists, highlighting their vision for the future of Cafe technology with very Unique cafe experience for customers . Despite facing numerous rejections, they remained undeterred, refining their pitch with each setback.

Finally, their perseverance paid off when they secured their first round of funding from a Akash kumar brother.

Years passed, and Pilot Chefs continued to thrive. Satvir Singh and Akash kumar once-small startup had grown into a multinational brand employing hundreds of people and full fill thousands of customers dream to have airplanes experience Despite their success, they remained grounded, never forgetting their humble beginnings .

Their journey from middle-class boys with a dream to successful entrepreneurs served as an inspiration to countless others. And as they looked back on their incredible journey, they knew that with determination, hard work, and a dash of creativity, anything was possible.

Pilot chefs vision to open 100+ outlet in 3 Countries to provide very amazing cafe experience to customers. This Indian startup ready to touch 100 outlet milestone till September 2025 , Satvir Singh added.

www.Pilotchefs.com

India

May 22 2024, 18:43

कलकत्ता हाईकोर्ट से ममता बनर्जी सरकार को बड़ा झटका,2010 के बाद दिए गई सभी ओबीसी सर्टिफिकेट को रद्द

#calcuttahighcourtwestbengalobclistreleasedafter2010rejected

लोकसभा चुनावों के बीच ममता बनर्जी सरकार को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 2010 के बाद बनाई गई सभी ओबीसी सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया है।हाईकोर्ट के इस आदेश के परिणामस्वरूप करीब पांच लाख ओबीसी प्रमाणपत्र रद्द कर दिए गए। हालांकि, साथ ही हाईकोर्ट ने कहा, इस प्रमाणपत्र के जिन उपयोगकर्ताओं को पहले ही मौका मिल चुका है, उन पर इस फैसले का असर नहीं होगा। 

कलकत्ता हाई कोर्ट का कहना है कि 2010 के बाद जितने भी ओबीसी सर्टिफिकेट बनाए गए हैं, वे कानून के मुताबिक ठीक से नहीं बनाए गए हैं। इसलिए उस प्रमाणपत्र को रद्द किया जाना चाहिए, लेकिन साथ ही हाईकोर्ट ने कहा है कि इस निर्देश का उन लोगों पर कोई असर नहीं होगा जो पहले ही इस सर्टिफिकेट के जरिए नौकरी पा चुके हैं या नौकरी पाने की प्रक्रिया में हैं। अन्य लोग अब उस प्रमाणपत्र का उपयोग रोजगार प्रक्रिया में नहीं कर सकेंगे।

रद्द हो जाएंगे पांच लाख ओबीसी सर्टिफिकेट

कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश से 2010 के बाद बनाई गई सभी ओबीसी सर्टिफिकेट रद्द हो जाएंगे। इसके चलते राज्य में करीब 5 लाख ओबीसी सर्टिफिकेट रद्द होने की संभावना है। हालांकि कलकत्ता हाईकोर्ट का कहना है कि 2010 से पहले घोषित ओबीसी वर्ग के लोगों के प्रमाण पत्र वैध हैं। इसके साथ ही जिन्हें 2010 के बाद ओबीसी आरक्षण के कारण नौकरी मिल गई है या भर्ती की प्रक्रिया में हैं, वे भी वैध हैं।

सर्टिफिकेट के आधार पर जिन्हें नौकरी मिली उनका क्या?

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कहा कि साल 2010 के बाद बनाए गए ओबीसी प्रमाणपत्र में कानून का पूरी तरह से अनुपालन नहीं किया गया। इस फैसले के बाद यह सवाल उठा है कि क्या इन सर्टिफिकेट के आधार पर जिन्हें नौकरी मिली है, उन पर क्या प्रभाव पड़ेगा? इस पर कोर्ट ने साफ कहा कि पहले जारी ओबीसी सर्टिफिकेट से जिन्हें नौकरी मिली है। उन पर इस फैसले का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और न ही इस फैसले का उन पर कोई प्रभाव पड़ेगा, जो नौकरी पाने की प्रक्रिया में हैं।

India

May 21 2024, 13:11

हेलिकॉप्टर क्रैश के बाद ईरान ने अमेरिका से मांगी थी मदद, जानें क्यों आगे नहीं आया यूएस
#america_said_iran_ask_for_assistance_just_after_iranian_president_helicopter_crash
ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री की हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत के बाद कई देशों ने दुख जाहिर किया है और ईरान के साथ इस दुख की घड़ी में खड़े रहने की बात भी कही है।वहीं, ईरान के राष्ट्रपति की हेलीकॉप्टर हादसे में मौत पर अमेरिका ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। हादसे पर संवेदना व्यक्त करते हुए अमेरिका ने इब्राहिम रईसी को 'ईरानी लोगों के दमन में क्रूर भागीदार' बताया। इसके साथ ही उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया कि ईरान ने रईसी की तलाश के लिए अमेरिका से अनुरोध किया था, जिसे पूरा नहीं किया गया।

अमेरिका के विदेश विभाग ने एक बयान में कहा, ईरान, जिसका 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से वाशिंगटन के साथ कोई राजनयिक संबंध नहीं है, उसने कोहरे के मौसम में रईसी के पुराने हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उनसे संपर्क किया था। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने मीडिया को बताया कि ईरानी सरकार ने हमसे सहायता की मांग की थी। उन्होंने आगे कहा जैसे हम दूसरे देशों की मुसीबत के समय मदद करते हैं, वैसे ही ईरान की भी करना चाहते हैं। लेकिन तार्किक कारणों से हम मदद करने में असमर्थ हैं। हालांकि मिलर ने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने सोमवार को एक बयान में कहा, ईरान एक नए राष्ट्रपति का चयन कर रहा है। हम ईरानी लोगों और मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता के लिए उनके संघर्ष के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करते हैं।मिलर ने कहा, हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी लगभग चार दशक तक ईरानी लोगों के दमन में एक क्रूर भागीदार थे। राष्ट्रपति के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान कुछ सबसे बुरे मानवाधिकार हनन हुए।

बता दें कि ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री होसैन अमीर अब्दुल्लाहियान रविवार को हुए एक हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए थे। उनके शव सोमवार सुबह ईरान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में पूर्वी अजरबैजान के पहाड़ी क्षेत्र में पाया गए। रईसी रविवार को ईरान-अजरबैजान बॉर्डर पर एक बांध का उद्घाटन करने गए थे। इस कार्यक्रम में अजरबैजानी राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव भी शामिल हुए थे। कार्यक्रम से लौटते वक्त तबरेज से कुछ दूर पहाड़ियों में रईसी को लेकर आ रहा हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। हेलीकॉप्टर हादसे में रईसी के साथ सवार विदेश मंत्री अब्दुल्लाहियान, पूर्वी अजरबैजान के गवर्नर मलिक रहमती, क्षेत्र में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि के साथ ही राष्ट्रपति के सुरक्षा प्रमुख और क्रू मेंबर मारे गए थे।

India

May 16 2024, 16:06

कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड के बाद कोवैक्सिन ने बढ़ाई टेंशन, स्टडी में साइड इफेक्ट्स का दावा

#covaxinlongtermsideeffectsaftercovishieldnewreport

कोरोना महामारी के वक्त पूरी दुनिया मानो जैसे थम सी गई थी। इससे बचाव के लिए बड़े पैमाने पर लोगों ने कोविशील्ड और कोवैक्सीन टीके लगवाए थे। लेकिन अब इन दोनो टीकों के साइड इफेक्ट सामने आने लग गए हैं। कोविशील्ड बनने वाली ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनिका ने पिछले दिनों वहां की एक अदालत में टीके साइड इफेक्ट्स की बात स्वीकार की। इसके बाद अब कोवैक्सीन के भी साइड इफेक्ट की बात सामने आई रही है।कोविशील्ड के बाद अब कोवैक्सिन के साइड इफेक्ट को लेकर एक स्टडी सामने आई है। स्प्रिंगरलिंक पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि महिला किशोरों और जिन लोगों को पहले कभी एलर्जी हुई है, उनमें कोवैक्सिन लेने के बाद एईएसआई होने का खतरा ज्यादा होता है।

इकोनॉमिक टाइम्स ने साइंस जर्नल स्प्रिंगरलिंक में पब्लिश हुई एक रिसर्च के हवाले से लिखी है। रिसर्च के मुताबिक, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में हुई स्टडी में हिस्सा लेने वाले लगभग एक तिहाई लोगों में कोवैक्सिन के साइड इफेक्ट्स देखे गए हैं। इन लोगों में सांस संबंधी इन्फेक्शन, ब्लड क्लॉटिंग और स्किन से जुड़ी बीमारियां देखी गईं। शोधकर्ताओं ने पाया कि टीनएजर्स, खास तौर पर किशोरियों और किसी भी एलर्जी का सामना कर रहे लोगों को कोवैक्सिन से खतरा है।बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में शंख शुभ्रा चक्रवर्ती और उनकी टीम द्वारा की गई स्टडी में बताया गया है कि स्टडी में शामिल एक साल के फॉलो-अप के दौरान ज्यादातर एईएसआई बनी रही।

स्टडी में वैक्सीन से होने वाली 3 समस्याएं सामने आईः

1. लोगों में सांस संबंधी इन्फेक्शन बढ़ रहा

स्टडी करने वाले शंख शुभ्रा चक्रवर्ती ने कहा, "हमने उन लोगों का डेटा कलेक्ट किया जिन्हें वैक्सीन लगे एक साल हो गया था। 1,024 लोगों पर स्टडी हुई। इनमें से 635 किशोर और 291 वयस्क शामिल थे।" स्टडी के मुताबिक, 304 (47.9%) किशोरों और 124 (42.6%) वयस्कों में सांस संबंधी इन्फेक्शन (अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन) देखे गए। इससे लोगों में सर्दी, खांसी जैसी समस्याएं देखी गईं।

2. स्किन से जुड़ी बीमारियां देखी गईं

स्टडी में पाया गया कि स्टडी में हिस्सा लेने वाले टीनएजर्स में स्किन से जुड़ी बीमारियां (10.5%), नर्वस सिस्टम से जुड़े डिसऑर्डर (4.7%) और जनरल डिसऑर्डर (10.2%) देखे गए। वहीं, वयस्कों में जनरल डिसऑर्डर (8.9%), मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़े डिसऑर्डर (5.8%) और नर्वस सिस्टम से जुड़े डिसऑर्डर (5.5%) देखे गए।

3. गुलियन बेरी सिंड्रोम (GBS) भी हो सकता है

कोवैक्सिन के साइड इफेक्ट्स पर हुई स्टडी में 4.6% किशोरियों में मासिक धर्म संबंधी असामान्यताएं (अनियमित पीरियड्स) देखी गईं। प्रतिभागियों में आंखों से जुड़ी असामान्यताएं (2.7%) और हाइपोथायरायडिज्म (0.6%) भी देखा गया। वहीं, 0.3% प्रतिभागियों में स्ट्रोक और 0.1% प्रतिभागियों में गुलियन बेरी सिंड्रोम (GBS) की पहचान भी हुई।

स्टडी में 1,024 शामिल लोगों में से 635 किशोरों और 291 वयस्कों से 1 साल के फॉलो-अप के दौरान संपर्क किया गया। स्टडी में बताया गया है कि 304 (47.9%) किशोरों और 124 (42.6%) वयस्कों में ऊपरी श्वसन तंत्र में संक्रमण की सूचना मिली। इस स्टडी में यह भी पाया गया कि 4.6% महिला प्रतिभागियों को मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं हुईं। 2.7% प्रतिभागियों में आंखों से जुड़ी समस्याएं देखी गईं और 0.6% में थायराइड की कमी पाई गई। इसके अलावा स्टडी में लोगों को यह समस्या भी हुई।

India

May 15 2024, 20:22

पीएम मोदी के बाद कौन करेगा बीजेपी की अगुवाई?*
#who_will_lead_bjp_after_pm_modi
तिहाड़ जेल से छूटते ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लाख टके का सवाल उठाया है।केजरीवाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले साल सितंबर में 75 साल के हो जाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी ने ही यह नियम बनाया था कि 75 साल के ऊपर के लोगों को रिटायर किया जाएगा। इसी के तहत लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा और सुमित्रा महाजन जैसे नेताओं को रिटायर किया गया। केजरीवाल ने ये भी कहा कि नरेन्द्र मोदी के बाद अमित शाह प्रधानमंत्री बनेंगे। केजरीवाल के इस सवाल के बाद बड़ा प्रश्न ये उठता है कि क्या नरेन्द्र मोदी के बाद अमित शाह बीजेपी की अगुवाई कर सकेंगे? ये सवाल इसलिए क्योंकि आज के समय में 'मोदी' बीजेपी से भी बड़ा नाम है। नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद बीजेपी पर अपना संपूर्ण वर्चस्व स्थापित किया। बेशक बीजेपी का अपना परंपरिक वोटर भी है। लेकिन एक बहुत बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो मोदी के नाम पर बीजेपी को वोट देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे वर्ग, समाज, जातियों आदि में बीजेपी की पैठ बनाई है, जो हमेशा से बीजेपी से दूर हुआ करते थे। यही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने भारत की विदेश नीति को नए आयाम दिए हैं। इसमें उन देशों के साथ रिश्ते बनाना जो अब तक अनछुए रहे या फिर ताकतवर देशों के साथ आंखों में आंखें डालकर बात करना, मोदी सरकार ने विदेश नीति में उदारता और कठोरता, दोनों का जबर्दस्त सामंजस्य लाया है। हाल के सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार अपने मजबूती का प्रदर्शन कर रही है। दुनिया भी आज भारतीय अर्थवस्था की ताकत को मान रही है। वर्ष 2014 में भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की दसवीं बड़ी अर्थव्यवस्था थी, जो पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है।बीजेपी का दावा है कि पीएम नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी। ऐसे में सवाल उठता है कि बीजेपी में ऐसा कौन सा चेहरा है जो नरेन्द्र मोदी की नीतियों को आगे बढ़ा सकेगा? क्या अमित शाह उन नामों में शामिल हैं जो देश के नेतृत्व की एक मिसाल कायम करेगा?

India

May 11 2024, 14:46

बीजेपी चुनाव जीती तो यूपी का सीएम बदल जाएगा, अरविंद केजरीवाल का दावा*
#cm_arvind_kejriwal_first_public_appearance_after_interim_bail
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर आ चुके हैं। शुक्रवार को जेल से बाहर आने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की।मंदिर में दर्शन करने के बाद केजरीवाल पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सबको मेरा प्रणाम। 50 दिन बाद सीधा जेल से आपके पास आया हूं, अच्छा लग रहा है। बजरंगबली की कृपा है। *आप पार्टी नहीं यह एक सोच है-केजरीवाल* केजरीवाल ने कहा कि मैं 140 करोड़ लोगों का साथ चाहता हूं। इस देश को बचाना है। मैं लोकतंत्र को बचाना चाहता हूं। मैं मंत्री, मुख्यमंत्री बनने नहीं आया नौकरी छोड़कर यहां आया हूं। मेरा देश के लिए सबकुछ कुर्बान है। केजरी वाल ने कहा हमारी आम आदमी पार्टी एक छोटी सी पार्टी है। हम दो राज्यों में हैं। 10 साल पुरानी पार्टी है, लेकिन हमारी पार्टी को कुचलने और खत्म करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई।मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक साथ हमारी पार्टी के चार टॉप नेता जेल में भेज दिए गए। बड़ी-बड़ी पार्टियों के चार टॉप नेता अगर जेल चले जाएं तो पार्टी खत्म हो जाती है। मुख्‍यमंत्री केजरीवाल ने कहा, ‘उन्होंने सोचा की पार्टी खत्म हो जाएगी, लेकिन यह पार्टी नहीं यह एक सोच है…यह बढ़ जाती है। *भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई मुझसे सीखें- केजरीवाल* आप नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार से लड़ना है तो केजरीवाल से सीखो। एक बार मेरे हाथ एक ऑडियो हाथ लगी। एक मंत्री किसी दुकानवाले से 5 लाख रुपये मांग रहा था। ये बात किसी विपक्ष को नहीं पता था, मीडिया को नहीं पता था। मैंने उसे पार्टी से निकाल दिया। इसी तरह पंजाब का एक मंत्री भी इसी भ्रष्टाचार में शामिल था। मैंने उसे पार्टी से निकाल दिया। *मोदी खतरनाक मिशान चालू कर रखा है- केजरीवाल* आप संयोजक ने कहा कि पीएम मोदी वन नेशन वन लीडर नामक खतरनाक मिशन चालू रख रखा है। वह विपक्ष के सारे नेता को निपटा देंगे और उनकी राजनीति खत्म कर देंगे। आज वह विपक्ष के सारे नेताओं को जेल भेज दिया। उत्तर से दक्षिण तक के कई नेताओं को जेल में बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर ये चुनाव जीत गए तो ये सीएम योगी आदित्यनाथ को दो महीने में निपटा देंगे। ये शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, वसुंधरा राजे का करियर खत्म कर दिया। ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे, तेजस्वी यादव जेल में होंगे। उन्होंने कहा कि ये तानाशाह देश के सभी नेताओं को खत्म कर देंगे। इसलिए मैं आज आपसे भीख मांगने के लिए आया हूं कि मेरे देश को बचा लो। मैं सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मुझे 20 दिन दिए हैं। मैं देश में बचाने के लिए पूरे देश का भ्रमण करूंगा।

Streetbuzznews

May 09 2024, 15:00

Top Notch AWS DevOps Course from Vihara Tech

 

Are you considering a career in cloud computing or seeking to enhance your skills in DevOps? Look no further than the AWS DevOps course offered by Vihara Tech. With the increasing demand for professionals proficient in cloud technologies, this course stands out as a comprehensive and practical guide to mastering Amazon Web Services (AWS) for DevOps. In this blog post, we’ll delve into some frequently asked questions about this top-notch course.

What sets Vihara Tech’s AWS DevOps course apart from others?

Vihara Tech’s AWS DevOps course distinguishes itself through a blend of theoretical knowledge and hands-on experience. The curriculum is meticulously designed by industry experts to cover essential topics such as AWS services, infrastructure as code, continuous integration/continuous deployment (CI/CD), monitoring, and security. Moreover, the course emphasises practical implementation through real-world projects and case studies, ensuring that participants gain valuable skills applicable to various job roles.

Who can benefit from this course?

This course caters to individuals at different stages of their career journey. Whether you’re a beginner looking to enter the cloud computing field or an experienced professional seeking to upskill in AWS DevOps, this course provides valuable insights and practical expertise. Software developers, system administrators, DevOps engineers, and IT professionals interested in cloud technologies can all benefit from the comprehensive content offered by Vihara Tech.

What prerequisites are required to enroll in this course?

While prior experience with AWS or DevOps is advantageous, it is not a strict requirement. The course is designed to accommodate learners with varying levels of expertise, starting from the fundamentals and progressing to advanced topics. Familiarity with basic programming concepts, Linux operating system, and networking fundamentals can be beneficial but not mandatory. Vihara Tech’s instructors are adept at guiding participants through the learning journey regardless of their background.

How is the course structured, and what learning resources are provided?

The course is structured into modules covering different aspects of AWS DevOps, each accompanied by comprehensive study materials, video tutorials, practical exercises, and quizzes. Participants have access to a dedicated learning portal where they can interact with instructors, collaborate with peers, and access additional resources. Live online sessions and recorded lectures ensure flexibility in learning, allowing participants to study at their own pace while receiving guidance from industry experts.

What career opportunities can this course lead to?

Upon completing the AWS DevOps course from Vihara Tech, participants acquire in-demand skills sought after by top employers in the industry. Graduates can explore various career paths such as AWS DevOps engineer, cloud architect, solutions architect, DevOps consultant, and system administrator. With the increasing adoption of cloud technologies, professionals proficient in AWS DevOps are well-positioned to pursue rewarding career opportunities globally.

How can I Enroll in the course, and what support is available during and after completion?

Enrolling in the AWS DevOps course is simple and can be done through Vihara Tech’s official website. Once enrolled, participants receive guidance and support from experienced instructors throughout the duration of the course. Additionally, Vihara Tech offers career counseling and job placement assistance to help participants leverage their newfound skills and expertise in the job market effectively. Post-completion, participants can join a vibrant alumni community and continue to access updated learning materials and resources.

Key Features of the Course:

Comprehensive Curriculum: The course covers a wide range of topics, including but not limited to AWS fundamentals, infrastructure as code (IaC), continuous integration and continuous deployment (CI/CD), monitoring, automation, security, and best practices for DevOps in AWS environments.

Hands-on Experience: Theory is complemented by practical exercises, real-world projects, and case studies, allowing participants to apply their knowledge in simulated environments and gain valuable hands-on experience.

Expert Guidance: Experienced instructors provide guidance and support throughout the learning journey, offering insights, answering queries, and facilitating discussions to enhance understanding and retention of course material.

Flexible Learning Options: Participants have the flexibility to choose between live online sessions and recorded lectures, enabling them to study at their own pace while accommodating personal and professional commitments.

Interactive Learning Portal: A dedicated learning portal provides access to course materials, video tutorials, quizzes, and collaborative tools, fostering engagement and interaction among participants and instructors.

Conclusion

In conclusion, Vihara Tech’s AWS DevOps course stands out as a top-notch program designed to equip participants with the knowledge and skills needed to excel in the rapidly evolving field of cloud computing. Whether you’re a beginner or an experienced professional, this course provides a solid foundation and practical experience to thrive in the world of AWS DevOps. Take the first step towards a rewarding career journey with Vihara Tech today!

FAQs: Addressing Your Queries

1. What distinguishes Vihara Tech’s AWS DevOps course from others in the market?

Vihara Tech’s AWS DevOps course stands out for its comprehensive approach to learning, combining theoretical knowledge with practical application. The curriculum is continuously updated to reflect the latest advancements in AWS services and DevOps methodologies, ensuring that participants receive relevant and industry-aligned instruction. Additionally, the emphasis on hands-on experience through real-world projects equips participants with the skills and confidence needed to tackle challenges in actual work settings.

2. Who is eligible to enroll in this course?

The course caters to individuals at various stages of their career journey, from beginners with little to no prior experience in AWS or DevOps to seasoned professionals seeking to enhance their skills and stay abreast of industry trends. While familiarity with basic programming concepts, Linux operating systems, and networking fundamentals can be advantageous, they are not prerequisites for enrollment. Vihara Tech’s instructors are adept at tailoring instruction to meet the diverse needs and backgrounds of participants.

3. How is the course structured, and what learning resources are provided?

The course is structured into modules, each focusing on specific aspects of AWS DevOps. Participants have access to comprehensive study materials, video tutorials, practical exercises, and quizzes to reinforce learning. Live online sessions and recorded lectures offer flexibility, allowing participants to study at their own pace while receiving guidance from instructors. The learning portal serves as a centralised hub for accessing course materials, interacting with instructors and peers, and engaging in collaborative learning activities.

4. What career opportunities can this course lead to?

Completing the AWS DevOps course from Vihara Tech opens doors to a wide range of career opportunities in the field of cloud computing and DevOps. Graduates can pursue roles such as AWS DevOps engineer, cloud architect, solutions architect, DevOps consultant, system administrator, and more. With the increasing adoption of cloud technologies across industries, professionals proficient in AWS DevOps are in high demand, both locally and globally.

5. How can I enroll in the course, and what support is available during and after completion?

Enrolling in the AWS DevOps course is straightforward and can be done through Vihara Tech’s official website. Once enrolled, participants receive ongoing support from experienced instructors who are committed to their success. In addition to regular guidance and feedback during the course, Vihara Tech offers career counselling and job placement assistance to help participants transition into new roles or advance in their current careers. Post-completion, participants can join a vibrant alumni community and access updated learning materials and resources to stay ahead in their field.

WestBengalBangla

May 09 2024, 11:36

এয়ার ইন্ডিয়া এক্সপ্রেসের "গণ ছুটি"বড় পদক্ষেপ কোম্পানির, গণ ছুটিতে থাকা ৩০ কর্মী বহিষ্কার

#air_india_express_25_employees_terminated_after_mass_sick_leave

এসবি নিউজ ব্যুরো: এয়ার ইন্ডিয়া এক্সপ্রেস এয়ারলাইন্স কর্মীদের বিরুদ্ধে কঠোর পদক্ষেপ নিল কর্তৃপক্ষ। যারা এয়ার ইন্ডিয়া এক্সপ্রেস 'অসুস্থ ছুটি'তে ছিল তাদের বরখাস্ত করেছে এবং তাদের বরখাস্তের চিঠি দিয়েছে। অসুস্থ ছুটিতে থাকা কর্মচারীদের মধ্যে ৩০ জনকে বহিষ্কার করা হয়েছে বলে জানা গেছে।একটি চিঠিতে, এয়ারলাইন্সটি জানায়, কেবিন ক্রু সদস্যরা "প্রায় একই সময়ে" অসুস্থ হয়ে পড়া ইঙ্গিত দেয় যে তারা ইচ্ছাকৃতভাবে এটি করেছে। বিপুল সংখ্যক কর্মচারীর গণ ছুটির কারণে গতকাল অনেকগুলি এয়ার ইন্ডিয়া এক্সপ্রেস ফ্লাইট বাতিল করতে হয়েছিল। এ কারণে যাত্রীদের চরম বিপাকে পড়তে হয়েছে। প্রতিবেদনে বলা হয়েছে, এয়ার ইন্ডিয়া এক্সপ্রেসের কিছু সিনিয়র কেবিন ক্রু সদস্যদের চুক্তি বাতিল করেছে যারা 'অসুস্থ' বলে রিপোর্ট করেছিল, যার ফলে কোম্পানির ফ্লাইট অপারেশনে ব্যাঘাত ঘটে। ডিউটিতে না আসায় কর্মচারীদের চাকরিচ্যুত করার কারণ উল্লেখ করে এয়ারলাইন্স জানায়, সংশ্লিষ্ট কর্মচারীরা কোনো উপযুক্ত কারণ ছাড়াই ইচ্ছাকৃতভাবে কাজ থেকে বিরত থাকেন। উড্ডয়নের ঠিক আগে অদৃশ্য হওয়ার কোনো কারণ?এটি দৃশ্যমান নয়। সংস্থাটি বলেছে যে গণ পর্যায়ে অসুস্থ ছুটি নেওয়াও নিয়মের লঙ্ঘন। তার একজন কর্মচারীকে পাঠানো বরখাস্তের চিঠিতে, এয়ারলাইনটি বলেছে যে টেক-অফের ঠিক আগে প্রচুর সংখ্যক এয়ারলাইন ক্রু সদস্য অসুস্থ হয়ে পড়েছিল। চিঠিতে বলা হয়েছে যে এটি কোনও যুক্তিসঙ্গত কারণ ছাড়াই কাজের ঠিক আগে তার ইচ্ছাকৃত অনুপস্থিতির দিকে ইঙ্গিত করে। কোম্পানি আছেকর্মচারীদের বরখাস্তের চিঠিতে বলা হয়েছে, "আপনার পদক্ষেপটি কেবল জনস্বার্থের জন্যই ক্ষতিকর নয়, বরং এটি বিব্রতকর, গুরুতর খ্যাতি এবং কোম্পানির গুরুতর আর্থিক ক্ষতির কারণ হয়েছে।" আমাদের জানিয়ে দেওয়া যাক যে টাটা গ্রুপের মালিকানাধীন সংস্থা এয়ার ইন্ডিয়া এক্সপ্রেসের কেবিন ক্রুরা বুধবার অভিযুক্ত অব্যবস্থাপনার প্রতিবাদে গণ ছুটি নিয়েছিল। সংবাদ মাধ্যমের খবর অনুযায়ী, মঙ্গলবার এয়ার ইন্ডিয়া এক্সপ্রেসঅভিযান স্থবির হয়ে পড়ায় প্রায় ১৫ হাজার যাত্রী ক্ষতিগ্রস্ত হয়েছেন। এয়ার ইন্ডিয়া এক্সপ্রেস উপসাগরীয় দেশগুলিতে সর্বাধিক সংখ্যক ফ্লাইট পরিচালনা করে। এমন পরিস্থিতিতে কেবিন ক্রু স্বল্পতার কারণে ভারত থেকে উপসাগরীয় দেশগুলোতে যাওয়া অনেক ফ্লাইট বাতিল করা হয়েছে। বিপুল সংখ্যক ফ্লাইট বাতিল এবং যাত্রীদের সমস্যাগুলির পরিপ্রেক্ষিতে, বেসামরিক বিমান পরিবহন মন্ত্রক বুধবার এয়ার ইন্ডিয়া এক্সপ্রেসের কাছে একটি প্রতিবেদন চেয়েছে এবং এয়ারলাইনকে নির্দেশ দিয়েছে অবিলম্বে কর্মচারীদের সমস্যা সমাধানের জন্য বলেছেন। সূত্রের মতে, এয়ার ইন্ডিয়া এবং এয়ার ইন্ডিয়া এক্সপ্রেস একীভূত হতে চলেছে, তাই উভয় এয়ারলাইন্সের পাইলট এবং কেবিন ক্রুরা মনে করছেন তাদের চাকরি বিপদে পড়েছে। তাই সবাই প্রতিবাদ করছে। গত রাত থেকে এই বিক্ষোভ আরও বড় হয়েছে, যার কারণে 70 টিরও বেশি ফ্লাইট বাতিল করা হয়েছে। এর মধ্যে রয়েছে মধ্যপ্রাচ্য ও উপসাগরীয় দেশগুলো থেকে সর্বোচ্চ ফ্লাইট।

India

May 09 2024, 10:34

एयर इंडिया एक्सप्रेस का ‘मास सिक लीव’ मामले में बड़ा एक्शन, सामूहिक छुट्टी पर गए 25 कर्मचारी निष्कासित

#air_india_express_25_employees_terminated_after_mass_sick_leave

एयर इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइंस ने सामूहिक छुट्टी पर गए कर्मचारियों के खिलाफ सख्ती दिखी है।एअर इंडिया एक्सप्रेस ने ‘सिक लीव’ पर गए कुछ कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है और टर्मिनेशन लेटर थमा दिया है। बताया जा रहा है कि सिक लीव पर गए कर्मचारियों में से 25 को निष्कासित कर दिया है। क्रू मेंबर्स में से एक को भेजे गए टर्मिनेशन लेटर में एयरलाइन ने कहा कि केबिन क्रू मेंबर्स का “लगभग एक ही समय में बीमार” होना इस बात की ओर इशारा करती है कि वह उन्होंने जानबूझकर ऐसा किया है। बता दें कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों को सामूहिक छुट्टी लेने से एयर इंडिया एक्सप्रेस की कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं थी। इसके चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था।

रिपोर्ट की मानें तो एअर इंडिया एक्सप्रेस ने बुधवार को कुछ सीनियर केबिन क्रू सदस्यों का कॉन्ट्रैक्ट समाप्त कर दिया, जिन्होंने ‘बीमार होने’ की सूचना दी थी, जिससे कंपनी को उड़ान संचालन में बाधा उत्पन्न हुई थी। ड्यूटी पर नहीं आने वाले कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के पीछे के कारण का उल्लेख करते हुए एयरलाइंस ने कहा कि बिना किसी उचित कारण के संबंधित कर्मचारी जानबूझकर काम से दूर हुए। उड़ान भरने से ठीक पहले गायब होने की कोई वजह भी नजर नहीं आ रही है। कंपनी का कहना है कि मास लेवल पर सिक लीव लेना भी नियमों का उल्लंघन है।

अपने एक कर्मचारी को भेजे गए बर्खास्तगी के पत्र में एअरलाइन ने कहा कि उड़ान भरने से ठीक पहले भारी संख्या में एअरलाइन चालक दल के सदस्यों के बीमार होने की सूचना मिली। पत्र में कहा गया है कि यह स्पष्ट रूप से बिना किसी उचित कारण के काम से ठीक पहले उनकी जानबूझकर अनुपस्थिति की ओर इशारा करता है। कंपनी ने अपने कर्मचारियों को लिखे बर्खास्तगी पत्र में कहा, ‘आपका कृत्य न केवल सार्वजनिक हित को नुकसान पहुंचाने वाला है, बल्कि इससे कंपनी को शर्मिंदगी, गंभीर प्रतिष्ठा क्षति और गंभीर मौद्रिक नुकसान भी हुआ है।’

बता दें कि टाटा समूह के स्वामित्व वाली कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस के केबिन क्रू ने कथित कुप्रबंधन के विरोध में बुधवार को सामूहिक छुट्टी ली थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार को एयर इंडिया एक्सप्रेस का परिचालन लगभग ठप होने से करीब 15 हजार यात्री प्रभावित हुए। एयर इंडिया एक्सप्रेस खाड़ी के देशों में सबसे ज्यादा उड़ानों का संचालन करती है। ऐसे में केबिन क्रू की कमी के चलते भारत से खाड़ी के देशों को जाने वाली कई उड़ानें रद्द हुईं। बड़ी संख्या में उड़ानों के रद्द होने और यात्रियों की परेशानी को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार को एयर इंडिया एक्सप्रेस से रिपोर्ट मांगी है और एयरलाइन को कर्मचारियों के साथ मुद्दे तुरंत हल करने को कहा है। 

सूत्रों के मुताबिक, एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस में विलय होने वाला है, इसलिए दोनों एयरलाइंस के पायलट और केबिन क्रू को लग रहा है कि उनकी जॉब खतरे में है। इसलिए सभी लोग प्रोटेस्ट कर रहे हैं। बीती रात से यह प्रोटेस्ट बड़ा हो गया है, जिसके कारण 70 से ज्यादा फ्लाइट कैंसल हुई हैं। इनमें मिडल ईस्ट और गल्फ देशों की सबसे ज्यादा फ्लाइट शामिल हैं।

India

May 04 2024, 12:52

सूरत, इंदौर के बाद अब पुरी में कांग्रेस उम्मीदवार का चुनाव लड़ने से इनकार, बोलीं- कैंपेन के लिए फंड नहीं दे पा रही पार्टी

#after_surat_and_indore_puri_congress_candidate_sucharita_mohanty_withdraw

सूरत, इंदौर के बाद अब कांग्रेस को फिर से झटका लगा है।ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुचारिता मोहंती ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। मोहंती ने आरोप लगाया है कि पार्टी उन्होंने आर्थिक तौर पर चुनाव लड़ने में कोई मदद नहीं कर रही है। कांग्रेस उम्मीदवार सुचारिता मोहंती ने इसको लेकर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल को चिठ्ठी लिखी है। पुरी लोकसभा सीट पर 25 मई को मतदान होना है, उससे पहले ही कांग्रेस को यह झटका लगा है। बता दें कि यहां से संबित पात्रा बीजेपी के उम्मीदवार हैं।

सुचारिता मोहंती ने शनिवार को कांग्रेस पार्टी का टिकट लौटा दिया और दावा किया कि उन्हें पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ने के लिए कोई पैसा नहीं दिया गया है। सुचारिता मोहंती ने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल को ईमेल भेजा है, जिसमें उन्होंने लिखा कि वह सांसद का टिकट लौटा रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुचारिता मोहंती ने लिखा कि पुरी लोकसभा सीट पर हमारा चुनाव प्रचार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है क्योंकि पार्टी ने मुझे चुनाव के लिए फंडिंग देने से इनकार कर दिया। ओडिशा कांग्रेस के प्रभारी डॉ अजॉय कुमार ने मुझे खुद ही चुनाव प्रचार का खर्चा उठाने को कहा। 

सुचारिता ने आगे कहा, मैं एक सैलरीड प्रोफेशनल जर्नलिस्ट थी। 10 साल पहले मैंने चुनावी राजनीति में प्रवेश किया। मैंने पुरी में अपने अभियान में अपना सब कुछ झोंक दिया है। मैंने प्रगतिशील राजनीति के लिए पब्लिक डोनेशन ड्राइव भी चलाया लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली। मैंने अनुमानित अभियान खर्च को न्यूनतम करने का भी प्रयास किया। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ।

कांग्रेस उम्मीदवार ने सुचारिता ने कहा कि मैं अपने दम पर धन नहीं जुटा सकी, इसलिए मैंने आपके और हमारी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के सभी दरवाजे खटखटाए और उनसे पुरी संसद सीट पर चुनावी कैंपेन के लिए आवश्यक फंड देने का आग्रह किया। मगर मुझे कोई सहयोग नहीं मिला। 

सुचारिता ने कहा कि यह साफ है कि केवल फंड की कमी हमें पुरी में विजयी अभियान से रोक रही है। मोहंती ने पार्टी टिकट लौटाते हुए कहा कि वह एक कांग्रेसी महिला हैं और कांग्रेस के मूल्य उनके डीएनए में हैं। मोहंती ने लिखा कि 'मैं आगे भी कांग्रेस की सिपाही रहूंगी।

ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट को हॉट सीट माना जा रहा है। यहां से भाजपा के चर्चित नेता संबित पात्रा चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस प्रत्‍याशी सुचारिता मोहंती द्वारा चुनाव न लड़ने की घोषणा के बाद पात्रा की राह आसान हो सकती है। इससे पहले सूरत और इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्‍मीदवार ऐन वक्‍त पर अपना नाम वापस ले चुके हैं। सूरत में तो भाजपा प्रत्‍याशी को विजयी भी घोषित किया जा चुका है।

Streetbuzznews

6 hours ago

Pilot Chef’s vision to open 100+ outlet in 2 years

Once upon a time in a Delhi Govt Boys School Friends , one of young boy named Satvir Singh He was bright, ambitious, and full of ideas. Despite coming from a middle-class family, Satvir Singh always dreamt big. His parents, hardworking individuals with modest means, instilled in him the values of diligence and perseverance.

From a young age, Satvir Singh after completion of study , Satvir got jobs in multiple companies but he not satisfied because his dream was big and dreaming of creating something that would change the world. His best friend, Akash Kumar shared his passion for innovation. Together, they spent countless afternoons brainstorming ideas every day,

One day proposed Satvir Singh click an idea in his mind that 90% percents Indians have dream to travel by airplane and get flights experience because in India flights travelling quite expensive so he started a cafe with airplane concept with air hostess and service , interior like as is it like airplane to full fill Indians customers dream to have flights experience with very innovative foods with amazing taste ,They spent weeks refining their concept, conducting market research, and teaching themselves the necessary skills to bring their idea to life.

With their savings from summer jobs and a small loan from Akash kumar relatives they finally launched their Business concept , Pilot Chef’s into the world. Initially, the response was lukewarm, but Satvir Singh and Akash Kumar refused to give up. They tirelessly promoted their concept on social media, reached out to influencers, and attended local events to spread the word.

Slowly but surely, their hard work began to pay off. Customers who took services and have burgers of pilot Chef’s praised cafe over all services ,Encouraged by their initial success, Satvir Singh and Akash worked day and night to improve their Pilot Chef’s Services to serve better experience to customers adding more services to give pilot chef’s customers food experience which touches customers soul.

Pilot Chef’s gained traction, investors began to take notice. With their pitch decks in hand and passion in their hearts, Satvir Singh and Akash Kumar pitched their startup to venture capitalists, highlighting their vision for the future of Cafe technology with very Unique cafe experience for customers . Despite facing numerous rejections, they remained undeterred, refining their pitch with each setback.

Finally, their perseverance paid off when they secured their first round of funding from a Akash kumar brother.

Years passed, and Pilot Chefs continued to thrive. Satvir Singh and Akash kumar once-small startup had grown into a multinational brand employing hundreds of people and full fill thousands of customers dream to have airplanes experience Despite their success, they remained grounded, never forgetting their humble beginnings .

Their journey from middle-class boys with a dream to successful entrepreneurs served as an inspiration to countless others. And as they looked back on their incredible journey, they knew that with determination, hard work, and a dash of creativity, anything was possible.

Pilot chefs vision to open 100+ outlet in 3 Countries to provide very amazing cafe experience to customers. This Indian startup ready to touch 100 outlet milestone till September 2025 , Satvir Singh added.

www.Pilotchefs.com

India

May 22 2024, 18:43

कलकत्ता हाईकोर्ट से ममता बनर्जी सरकार को बड़ा झटका,2010 के बाद दिए गई सभी ओबीसी सर्टिफिकेट को रद्द

#calcuttahighcourtwestbengalobclistreleasedafter2010rejected

लोकसभा चुनावों के बीच ममता बनर्जी सरकार को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 2010 के बाद बनाई गई सभी ओबीसी सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया है।हाईकोर्ट के इस आदेश के परिणामस्वरूप करीब पांच लाख ओबीसी प्रमाणपत्र रद्द कर दिए गए। हालांकि, साथ ही हाईकोर्ट ने कहा, इस प्रमाणपत्र के जिन उपयोगकर्ताओं को पहले ही मौका मिल चुका है, उन पर इस फैसले का असर नहीं होगा। 

कलकत्ता हाई कोर्ट का कहना है कि 2010 के बाद जितने भी ओबीसी सर्टिफिकेट बनाए गए हैं, वे कानून के मुताबिक ठीक से नहीं बनाए गए हैं। इसलिए उस प्रमाणपत्र को रद्द किया जाना चाहिए, लेकिन साथ ही हाईकोर्ट ने कहा है कि इस निर्देश का उन लोगों पर कोई असर नहीं होगा जो पहले ही इस सर्टिफिकेट के जरिए नौकरी पा चुके हैं या नौकरी पाने की प्रक्रिया में हैं। अन्य लोग अब उस प्रमाणपत्र का उपयोग रोजगार प्रक्रिया में नहीं कर सकेंगे।

रद्द हो जाएंगे पांच लाख ओबीसी सर्टिफिकेट

कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश से 2010 के बाद बनाई गई सभी ओबीसी सर्टिफिकेट रद्द हो जाएंगे। इसके चलते राज्य में करीब 5 लाख ओबीसी सर्टिफिकेट रद्द होने की संभावना है। हालांकि कलकत्ता हाईकोर्ट का कहना है कि 2010 से पहले घोषित ओबीसी वर्ग के लोगों के प्रमाण पत्र वैध हैं। इसके साथ ही जिन्हें 2010 के बाद ओबीसी आरक्षण के कारण नौकरी मिल गई है या भर्ती की प्रक्रिया में हैं, वे भी वैध हैं।

सर्टिफिकेट के आधार पर जिन्हें नौकरी मिली उनका क्या?

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कहा कि साल 2010 के बाद बनाए गए ओबीसी प्रमाणपत्र में कानून का पूरी तरह से अनुपालन नहीं किया गया। इस फैसले के बाद यह सवाल उठा है कि क्या इन सर्टिफिकेट के आधार पर जिन्हें नौकरी मिली है, उन पर क्या प्रभाव पड़ेगा? इस पर कोर्ट ने साफ कहा कि पहले जारी ओबीसी सर्टिफिकेट से जिन्हें नौकरी मिली है। उन पर इस फैसले का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और न ही इस फैसले का उन पर कोई प्रभाव पड़ेगा, जो नौकरी पाने की प्रक्रिया में हैं।