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Oct 13 2020, 13:57

उत्तर प्रदेश (10 )और उत्तराखंड(1) की  11 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीखों की घोषणा 
  

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भारत निर्वाचन आयोग ने 11 राज्यसभा सीटों ,उत्तर प्रदेश से 10 और उत्तराखंड से एक के लिए चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। इन सीटों के लिए मतदान 9 नवंबर को होंगे ,और उसी दिन मतगणना भी कर दी जाएगी। 

  

आपको बता दे की इन सीटों पर सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने जा रहा है।

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Oct 13 2020, 10:45

जॉनसन एंड जॉनसन ने कोरोना वैक्सीन परीक्षण पर लगाई रोक, एक वोलेंटियर के बीमार होने के बाद लगी अस्थायी रोक
  

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पिछले छह से सात महीने से दुनियाभर के वैज्ञानिक कोरोना की काट ढूंढ रहे हैं। वैज्ञानिक कोरोना वायरस वैक्सीन को तैयार करने में दिन-रात लगे हैं। इसी बीच वैक्सीन को लेकर एक बुरी खबर आई है। दरअसल, कोरोना वायरस वैक्सीन को तैयार करने में जुटी अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने वैक्सीन परीक्षण पर रोक लगा दी है। कंपनी ने कहा कि परीक्षण में शामिल एक प्रतिभागी को किसी तरह की बीमारी हो गई है, जिसे देखते हुए अस्थायी रूप से परीक्षण पर रोक लगाई गई है। 

  

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में, जॉनसन एंड जॉनसन अमेरिका में वैक्सीन तैयार करने वाली उन कंपनियों की सूची में शामिल हुआ, जो परीक्षण से आगे बढ़ते हुए मानव परीक्षण चरण में पहुंचा। जॉनसन एंड जॉनसन की एडी26-सीओवी2-एस वैक्सीन अमेरिका में चौथी ऐसी वैक्सीन है, जो क्लिनिकल ट्रायल के अंतिम चरण में है।

एस्ट्राजेनेका ने भी वैक्सीन के परीक्षण पर लगाई थी रोक
इससे पहले, एस्ट्राजेनेका ने भी कोरोना वैक्सीन के परीक्षण पर रोक लगा दी थी। परीक्षण के दौरान एक प्रतिभागी बीमार पड़ गया था, जिसके बाद कंपनी ने परीक्षण को रोक दिया। हालांकि, एस्ट्राजेनेका का कोरोना वैक्सीन परीक्षण दुनिया के कई देशों में जारी है, इसे केवल अमेरिका में ही रोका गया है। 

सफलता के करीब भारत की देसी वैक्सीन
इधर भारत को वैक्सीन के क्षेत्र में सफलता हासिल हो रही है। COVAXIN, भारत बायोटेक कंपनी आईसीएमआर के सहयोग से बना रही है, वह सफलता के करीब पहुंच गई है। खबरों के मुताबिक, 'COVAXIN' के अंतिम चरण का ट्रायल जल्द ही शुरू हो सकता है।  
भारत बायोटेक कंपनी ने 'COVAXIN' के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए भारतीय दवा नियामक 'ड्रग कंट्रोलर जनरल' से मंजूरी मांगी है। डीसीजीआई (DCGI) ने कंपनी से दूसरे चरण के ट्रायल के डाटा की मांग की है, ताकि परिणाम की समीक्षा करने के बाद तीसरे चरण के ट्रायल की मंजूरी दी जा सके। भारत बायोटेक ने हाल ही में इसके लिए आवेदन किया है।

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Oct 13 2020, 10:43

भारत ने सातवें दौर की सैन्य वार्ता में चीनी सैनिकों के पूरी तरह वापसी पर दिया जोर,छठे महीने में भी सुधरते नहीं दिख रहे हालात                                     
  

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पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के समाधान के लिए सोमवार को भारत और चीन के बीच सातवें दौर की सैन्य वार्ता हुई। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वार्ता के दौरान भारत ने बीजिंग से अप्रैल पूर्व की यथास्थिति बहाल करने और विवाद के सभी बिन्दुओं से चीनी सैनिकों को पूरी तरह वापसी करने को कहा। 
सूत्रों ने बताया कि पूर्वी लद्दाख में कोर कमांडर स्तर की वार्ता दोपहर लगभग 12 बजे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चुशूल क्षेत्र में भारतीय इलाके में हुई और रात साढ़े आठ बजे के बाद भी जारी रही। 
सीमा विवाद छठे महीने भी जारी
बता दें कि सीमा विवाद छठे महीने में प्रवेश कर चुका है और विवाद का जल्द समाधान होने के आसार कम ही दिख रहे हैं, क्योंकि भारत और चीन ने बेहद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगभग एक लाख सैनिक तैनात कर रखे हैं जो लंबे गतिरोध में डटे रहने की तैयारी है। वार्ता के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों ने कहा कि एजेंडा विवाद के सभी बिन्दुओं से सैनिकों की वापसी के लिए एक प्रारूप को अंतिम रूप देने का था।
मई जारी है गतिरोध
भारतीय प्रतिनिधमंडल का नेतृत्व लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और विदेश मंत्रालय में पूर्वी एशिया मामलों के संयुक्त सचिव नवीन श्रीवास्तव कर रहे रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि वार्ता में चीनी विदेश मंत्रालय का एक अधिकारी भी चीनी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा है। सूत्रों ने बताया कि वार्ता में भारत ने जोर देकर कहा कि चीन को विवाद के सभी बिन्दुओं से अपने सैनिकों को जल्द और पूरी तरह वापस बुलाना चाहिए तथा पूर्वी लद्दाख में सभी क्षेत्रों में अप्रैल से पूर्व की यथास्थिति बहाल होनी चाहिए। गतिरोध पांच मई को शुरू हुआ था।
वार्ता से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों सहित चीन अध्ययन समूह (सीएसजी) ने सैन्य वार्ता के लिए शुक्रवार को भारत की रणनीति को अंतिम रूप दिया।

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     @India  मजबूत स्थिति में भारत
    बता दें कि भारतीय सैनिकों ने 29 और 30 अगस्त की रात पैंगोंग नदी के दक्षिणी किनारे स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कई ऊंचाइयों पर कब्जा कर लिया था जिससे वहां भारतीय सेना की स्थिति काफी मजबूत हो गई है। भारतीय सेना ने चीनी सेना के जवाब में सीमा पर टैंक और अन्य भारी अस्त्र-शस्त्र उतार दिए हैं तथा ईंधन, भोजन और सर्दियों में काम आने वाली चीजों की पर्याप्त व्यवस्था की है 
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Oct 13 2020, 08:53

हाथरस मामला : अगर वो आप में से किसी की बेटी होती तो भी अंतिम संस्कार ऐसे ही होता: हाईकोर्ट
  

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हाथरस मामले में सोमवार को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले में प्रशासन के रवैये पर नाराज़गी जताई और अधिकारियो की लापरवाही के लिए फटकार लगाई। कोर्ट ने यूपी पुलिस के एडीजी से पूछा की क्या उन्हें बलात्कार की परिभाषा मालूम है? 

  

हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े अधिकारियो से पूछा की अगर वो किसी रसूखदार की बेटी होती, या आप में से किसी परिवार की बेटी होती तो भी उसका अंतिम संस्कार ऐसे ही होता। कोर्ट ने कहा की अंतिम संस्कार की पवित्रता भंग की गई। गंगाजल की जगह केरोसिन इस्तेमाल किया गया। कोर्ट ने इसे मानवाधिकार का उल्लंघन माना। 

इस बीच पीड़ित परिवार ने कोर्ट में कहा कि उनकी बिना मर्जी के उनकी बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्हें बेटी का अंतिम बार मुंह देखने का मौका भी नहीं दिया गया। परिवार ने कहा कि अंतिम संस्कार के दौरान परिवार का कोई सदस्य वहां मौजूद नहीं था। कुछ गांव वालों को बुलाकर वहां पर गोबर के उपले रखवा दिए गए थे। परिवार ने अंतिम संस्कार सुबह 5 बजे के बाद करने की गुहार भी लगाई थी। 

इस पर हाथरस के डीएम ने जवाब दिया की भारी भीड़ की वजह से आधी रात में अंतिम संस्कार का फैसला लिया गया। डीएम का कहना था कि जिस दौरान शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था उस दौरान गॉव में 300 से 400 लोगों की भीड़ मौजूद थी। 

परिवार ने डीएम के इस बयान का विरोध किया। परिजनों का कहना था की उस दौरान वहां पर 200 से 300 पुलिस वाले थे और सिर्फ  50 से 60 गांव के लोग। 

सुनवाई के दौरान डीएम के कोरोना से मरने वाले बयान का भी जिक्र किया गया  जिसमे उन्होंने कहा था की अगर तुम्हारी बेटी कोरोना से मर जाती तो तुम्हे कुछ नहीं मिलता। 

सुनवाई के दौरान कोर्ट में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह, डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी, एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार, और हाथरस के डीएम प्रवीण कुमार मौजूद थे।  मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी.

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Oct 13 2020, 06:49

पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार पाक सेना के खिलाफ विपक्षी दलों ने उठाई आवाज
  

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पाकिस्तान में हमेशा से ही सेना का दबदबा रहा है. पाकिस्तानी सेना कई बार तख्तापलट कर चुकी है. पर पाकिस्तान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब पाकिस्तान की किसी राजनैतिक पार्टी ने सेना के खिलाफ आवाज उठाई है. पाकिस्तानी सेना इस बार देश की विपक्षी पार्टियों के निशाने पर है. दो विपक्षी पार्टियों पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज ने आरोप लगाया है कि 2018 में हुए चुनाव में इमरान खान को सत्ता में लाने के लिए सेना ने धांधली करायी थी. 

ऐसा नहीं है कि इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के सत्ता में आने के बाद पहली बार ऐसा आरोप लगा है. इससे पहले भी विपक्षी पार्टियां दबी जुबान में ऐसा आरोप लगाती रही है. पर पहली बार ऐसा हुआ की अब दोनों ही पार्टी खुल कर सामने आकर बोल रही है. 

गौरतलब है कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के युवा अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी काफी लंबे समय से पाक सेना पर निशाना साधते रहे हैं. पर इस बार उनके समर्थन में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री भी आ गये हैं. नवाज शरीफ ने तो यह भी कहा था कि वर्दी पहनकर राजनीति में हस्तक्षेप करना देश के संविधान के तहत देशद्रोह के बराबर है. 

पूर्व प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान सेना के साथ आईएसआई पर भी तंज कसा और कहा कि सेना को राजनीति से दूर रहना चाहिए. इसके अलावा बिलावल भुट्टो ने सेना को चेतावनी देते  हुए कहा कि अगर सेना इमरान खान का समर्थन करना बंद नहीं करेगी तो सभी चुने हुए प्रतिनिधि इस्तीफा दे देंगे. 




पाकिस्तान में तख्तापलट का इतिहास

सबसे पहले वर्ष 1958 में राष्ट्रपति मेजर जनरल इसंकदर मिर्जा ने उस समय के प्रधानमंत्री फिरोज खान नून की सरकार को भंग कर दिया था. इसके बाद देश में मार्शल लॉ लागू करके आर्मी इन चीफ जनरल अयूब खान को पाकिस्तान की बागडोर सौंप दी गयी थी. इसके 13 दिन बाद ही अयूब खान ने तख्ता पलट करते हुए इसंकदर मिर्जा को भी पद से हटा दिया था.

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     @India इसके बाद पाकिस्तान का दूसरा तख्तापलट आर्मी चीफ जनरल जिया उल हक द्वारा किया गया था. जिया उल हक ने 4 जून 1977 को देश के प्रधानमंत्री जुल्फीकार अली भुट्टो को पद से हटा दिया था इस तख्तापलट को 'ऑपरेशन फेयर प्ले' के नाम से भी जाना जाता है.
    
    1999 में पाकिस्तान में हुए तख्तापलट को रोकने के लिए नवाज शरीफ सरकार पूरी कोशिश की थी. आर्मी चीफ परवेज मुशर्रफ को पद से बर्खास्त करने के साथ-साथ श्रीलंका से आ रहे उनके विमान को पाकिस्तान में न उतरने देने की शरीफ सरकार की कोशिश कारगर नहीं हुई,  उससे पहले ही मुशर्रफ के वफादार सीनियर ऑफिसर्स ने 12 अक्टूबर 1999 को प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों को गिरफ्तार कर लिया.  
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Oct 13 2020, 06:34

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम, यहां जानें सस्ते दाम में सोना खरीदने का सुनहरा मौका
  

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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) स्कीम 2020-21 की सातवीं किश्त सोमवार से खुल गयी है। इसके तहत ग्राहक सस्ते दामों में सोने की खरीदारी कर सकते हैं।  गोल्ड बॉन्ड को लेकर जारी बयान में आरबीआई ने कहा कि इस बार सॉवरेन गोल्ड बांड के लिए निर्गम मूल्य 5,051 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है।  डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए पहले की तरह ही इस बार भी आरबीआई ने कहा कि जो लोग सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में ऑनलाइन निवेश करेंगे उन्हें प्रतिग्राम सोने में 50 रुपये की छूट दी जायेगी। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत सोना खरीदने वाले को प्रत्यक्ष रूप से सोना नहीं मिलता है पर इसमें निवेश करना उससे सुरक्षित है।  

  

हालांकि जो निवेशक इस बार गोल्ड बॉन्ड नहीं खरीद पायेंगे उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि इसके बाद गोल्ड बॉन्ड की आठवीं सीरीज शुरु होगी।  इसके तहत निवेशक नौ नवंबर से 13 नवंबर तक सब्क्रिप्शन ले सकते हैं। गौरतलब है की भारत सरकार की ओर से आरबीआई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम जारी कर रहा है। 

इतना सोना खरीद सकते हैं

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत निवेशक एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम एक ग्राम सोना से लेकर अधिकतम चार किलोग्राम तक सोना खरीद सकता है। जो बॉन्ड के रूप में मिलता है। गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने का फायदा यह है कि आप इसके जरिये टैक्स बचा सकते हैं। 

कौन नहीं खरीद सकते हैं गोल्ड बॉन्ड

गोल्ड बॉन्ड ट्रस्टी व्यक्तियों द्वारा नहीं खरीदा जा सकता है।  इसके अलावा ट्रस्ट, एचयूएफ, विश्वविद्यालय और धार्मिक संस्थान नहीं खरीद सकते हैं। उनके लिए इसे प्रतिबंधित किया गया है। 

कैसे खरीदे गोल्ड बॉन्ड

गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने के लिए निवेशक आरबीआई,पेमेंट बैंक और लघु वित्त बैंक को छोड़कर किसी भी बैंक में अप्लाई कर सकते हैं।  इसके अलावा स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, डाकघर एनएसई और बीएसई में एजेंट से आवेदन प्राप्त कर सकते हैं

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Oct 12 2020, 18:20

साउथ चाइना सी में मलेशिया ने दी चीन को चुनौती, 6 नावों को किया जब्त, 60 लोग हिरासत में
  

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साउथ चाइना सी में चीन को चुनौती मिला है। ये चुनौती दी है मलेशिया ने। मलेशिया की मैरीटाइम इंफोर्समेंट एजेंसी (एमएमईए) ने चीन की 6 मछली पकड़ने वाली नावों को जब्त किया है। ये नावें मलेशिया की समुद्री सीमा में स्थित जोहोर की खाड़ी में गैर कानूनी ढंग से घुसी थी। मलेशिया ने इन पर सवार 60 चीनी नागरिकों को भी हिरासत में लिया है।
एमएमईए के तानजुंग सिडिलि जोन के डायरेक्टर कैप्टन मोहम्मद जुल्फादली नयन ने कहा कि एजेंसी शुक्रवार को अपने समुद्री क्षेत्र में ऑपरेशन चला रही थी। इस दौरान दो अलग-अलग जगहों पर इन नौकाओं को देखा गया। इसके बाद कार्रवाई की गई।

6 कैप्टन और 54 क्रू मेम्बर गिरफ्तार
मलेशिया के अफसर ने कहा- जोहोर पोर्ट अथॉरिटी से हमें कुछ नौकाओं के हमारी सीमा में घुसपैठ की जानकारी मिली थी। हमारे पैट्रोलिंग दस्ते ने 2 से तीन नॉटिकल मील की दूरी पर इन्हें देखा। इनमें से तीन नौकाएं एक दूसरे के पास ही चक्कर लगा रहीं थीं। इन पर 6 कैप्टन और 54 क्रू मेम्बर सवार थे। सभी चीन के नागरिक हैं और उनकी उम्र 31 से 60 के बीच है। इन पर मर्चेंट शिपिंग ऑर्डिनेस के तहत मामला दर्ज किया गया है। ऐसे मामलों में सभी क्रू मेम्बर्स पर करीब 17 लाख रु. का जुर्माना लगाया जा सकता है या जेल हो सकती है।

साउथ चाइना सी के कई इलाकों पर मलेशिया का दावा
मलेशिया भी दक्षिण चीन सागर के कुछ क्षेत्रों पर अपना दावा करता है। उसका तर्क है कि इस सागर का कुछ क्षेत्र उनके इकोनॉमिक एक्सक्लूजन जोन्स में आता है। इस इकोनॉमिक एक्सक्लूजन जोन्स का निर्धारण 1982 में ‘यूनाइटेड नेशन्स कनवेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी’ में किया गया है। हालांकि, चीन मलेशिया के इन दावों को नहीं मानता। चीन के जहाज कई बार मलेशिया से सटे समुद्री क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं। इस क्षेत्र में चीन मलेशिया के साथ ही वियतनाम, फिलीपिंस, ताइवान, इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों के लिए भी दिक्कतें पैदा करता है।

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Oct 12 2020, 17:39

अर्थशास्त्र का नोबल पुरूस्कार पॉल आर मिलग्रोम और रॉबर्ट बी विल्सन को 
  

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इस बार का अर्थशास्त्र का नोबल पुरूस्कार  पॉल आर मिलग्रोम और रॉबर्ट बी विल्सन को दिया गया। उन्हें ये पुरूस्कार "नीलामी के सिद्धांत और नए नीलामी प्रारूपों के आविष्कार में सुधार के लिए दिया गया।  

  

इन्हे माल और सेवाओं की बिक्री के लिए पूरी तरह से नए नीलामी प्रारूपों की खोज के लिए सम्मानित किया गया। 

इस समय यह पुरस्कार इसलिए भी मायने रखता है क्योकि कुछ अर्थशास्त्रियों का अनुमान है की द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से दुनिया सबसे बड़ी मंदी के दौर से गुजर रही है। जिसकी वजह कोरोनो महामारी है। कोरोना की वजह से सरकारों ने अपनी सीमाएं बंद कर दीं । जिससे दुनिया भर की व्यावसायिक गतिविधि में तेज़ी से गिरावट आयी है।

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Oct 12 2020, 16:09

भाजपा में शामिल हुई खुशबू सुन्दर
  

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नई-दिल्ली  
 
दक्षिण भारत की चर्चित नेता खुशबू सुन्दर बीजेपी में शामिल हो गई है। आज नई दिल्ली में भाजपा ज्वाइन करने के बाद उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की। आज सुबह ही उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे दिया था। कांग्रेस पार्टी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी प्रवक्ता के पद से निष्काषित कर दिया है। 

आपको बता दे की खुशबू ने लगभग 200 से ज्यादा फिल्मो में काम किया है। वो दक्षिण भारतीय फिल्मो के साथ-साथ बॉलीवुड भी सक्रीय रही। 2014 में उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की थी,इससे पहले वो डीएमके की सदस्य थी।  पार्टी छोड़ते हुए उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया की पार्टी के शीर्ष  नेता जिनका जमीनी स्तर पर कोई लेना देना नहीं है । मेरे जैसे जमीन के लिए काम करने की इच्छा रखने वाले लोगो को आगे नहीं बढ़ने देना चाहते। 50 वर्षीय खुशबू ने कहा की वो प्रधानमंत्री के कार्यो से प्रभावित है। 

वही तमिलनाडु कांग्रेस कमिटी का कहना है की उनके इस्तीफे से कांग्रेस को कोई नुक़सान नहीं हुआ है। आपको बता दें की अगले साल तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने है।

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Oct 12 2020, 15:56

श्रीनगर मुठभेड में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर समेत दो ढेर, इस साल अब तक 75 सफल ऑपरेशनों में 180 आतंकियों का सफाया
  

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श्रीनगर - श्रीनगर के रामबाग इलाके में सोमवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने दो आतंकियों को मार गिराया। मारे गए आतंकियों में से एक लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर पाकिस्तानी आतंकी सैफुल्लाह शामिल है, जिसका नाम सीआरपीएफ हमले में भी सामने आया था।  दूसरा आतंकवादी इरशाद पुलवामा का रहने वाला है।
जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि पिछले पांच दिनों में सुरक्षाबलों द्वारा चलाया गया यह चौथा सफल ऑपरेशन है। उन्होंने बताया कि आज के ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर सैफुल्लाह को मार गिराया गया है। वह बडगाम, पुलवामा और नौगाम में हुए हमलों में शामिल था।
मुठभेड़ में दोनों आतंकवादी मारे गए
श्रीनगर के ओल्ड बरजुल्ला इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दोनों आतंकवादी मारे गए। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बाद सोमवार तड़के शहर के ओल्ड बरजुल्ला इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था। उन्होंने कहा कि सुबह करीब पौने आठ बजे जब तलाशी अभियान चल रहा था तभी आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई। गोलीबारी में दो आतंकवादियों को मार गिराया गया। 
बीते सितंबर महीने में और अभी हाल ही में नौगाम में सीआरपीएफ बलों पर हुए आतंकी हमलों में सैफुल्लाह शामिल था। मालूम हो कि नौगाम में हुए हमले में दो जवान शहीद हो गए थे। वहीं दूसरा स्थानीय आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था। उसे भी सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया। 
अब तक 75 सफल ऑपरेशनों में 180 आतंकियों का सफाया
डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि इस साल अब तक 75 सफल ऑपरेशनों में 180 आतंकियों का सफाया किया जा चुका है। इसके अलावा 138 आतंकियों और उनके मददगारों को गिरफ्तार किया गया है। इस साल के आपरेशनों के आंकड़ों ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है।