कुपोषण के खिलाफ राँची की 'डिजिटल स्ट्राइक': अब पोषण ट्रैकर ऐप पर होगी रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, DC ने दिए प्रशिक्षण के निर्देश

राँची, 28 जनवरी 2026: राँची जिले में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने के लिए जिला प्रशासन अब तकनीक का सहारा ले रहा है। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने 'पोषण ट्रैकर ऐप' की समीक्षा के दौरान पाया कि डेटा एंट्री में कमी के कारण जिले का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है। इसे सुधारने के लिए उन्होंने तत्काल प्रभाव से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्देश दिया है।
डेटा एंट्री में ढिलाई पर सख्त रुख
समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि उचित प्रशिक्षण के अभाव में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिकाएं ऐप पर डेटा अपलोड नहीं कर पा रही थीं। इस पर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण, Face Recognition System (FRS) और APAAR ID जैसे महत्वपूर्ण डेटा की रीयल-टाइम एंट्री अनिवार्य है।
दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर
उपायुक्त के निर्देश पर जिले के सभी प्रखंडों के सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिकाओं और चयनित आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है:
28 जनवरी: सदर, बुण्डू, तमाड़, सोनाहातु, अनगड़ा, बेड़ो, लापुंग और नगड़ी प्रखंड।
29 जनवरी: कांके, नामकुम, रातु, बुड़मू, ओरमांझी, माण्डर, चान्हों और सिल्ली प्रखंड।
क्या है पोषण ट्रैकर ऐप का लाभ?
यह ऐप गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 0-6 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की रीयल-टाइम ट्रैकिंग करता है। प्रशिक्षण के बाद, आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों की निगरानी सुगम होगी और कुपोषण की स्थिति में सुधार के लिए सटीक रणनीति बनाई जा सकेगी।
लक्ष्य: पोषण में राँची बने 'नंबर वन'
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन निरंतर मॉनिटरिंग करेगा ताकि राँची जिला पोषण के लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके। उन्होंने सभी सेविकाओं से इस ऐप का अधिकतम उपयोग करने की अपील की है।
6 hours ago
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