रिश्तों का कत्ल: कलयुगी चाचा ने उजाड़ दिया भाई का संसार,तीन मासूमों की गला रेतकर किया निर्मम हत्या
औरंगाबाद रिश्तों की मर्यादा और ममता को शर्मसार करने वाली एवं रोंगटे खड़े कर देने वाली एक हृदयविदारक वारदात में शुक्रवार को खुटहन गांव का एक घर खून से लाल हो गया। एक सनकी चाचा ने घरेलू विवाद का बदला लेने के लिए अपने सगे बड़े भाई के तीन मासूम बच्चों की बलि चढ़ा दी। आरोपी अमंत पाल उर्फ अमन पाल ने अपनी रंजिश का शिकार उन नन्हे-मुन्नों को बनाया,जो उसे 'चाचा' कहकर पुकारते थें । आरोपी ने बड़े हीं शातिराना अंदाज में वारदात को अंजाम दिया और फिर पकड़े जाने के डर से या पश्चाताप में खुद का गला भी रेत लिया। इस सामूहिक हत्याकांड के बाद पूरे अनुमंडल में सनसनी फैल गई है।
पैसे के विवाद ने बनाया 'हैवान', मां के अपमान का बदला बच्चों से लिया
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इस खौफनाक वारदात के पीछे की वजह महज कुछ हजार रुपये और मां के साथ हुई कहासुनी बताई जा रही है। बताया जाता है कि बड़ा भाई गुड्डू पाल और छोटा भाई अमंत पाल दोनों बाहर रहकर कमाते थें । पैसों के लेनदेन को लेकर घर में अक्सर 'तू-तू मैं-मैं' होती थी। दो दिन पूर्व जब बड़ा भाई मुंबई काम पर लौटा,तो पीछे से आए अमंत ने मां से पुरानी मारपीट की बात सुनी। बस, इसी बात ने उसके भीतर हैवानियत जगा दी। उसने ठान लिया कि वह अपने भाई का 'वंश' हीं खत्म कर देगा। शुक्रवार की सुबह उसने उस वक्त का इंतजार किया जब घर के बाकी लोग काम में उलझे थें।
कमरे में बजता रहा संगीत और बाहर सिसकती रही इंसानियत
आरोपी ने कत्ल की पटकथा पहले हीं लिख ली थी। उसने कमरे में लगे होम थिएटर बॉक्स की आवाज इतनी तेज कर दी कि मासूमों की चीखें पड़ोसियों के कानों तक न पहुंच सकें। उसने अपने भतीजे अनीश (10),आयुष (7) और भतीजी अनुष्का (5) को मोबाइल पर गेम दिखाने का लालच देकर कमरे में ले गया। मासूम अपने चाचा की गलत नीयत से बेखबर होकर कमरे में चले गए। जैसे हीं दरवाजा बंद हुआ, अमंत ने धारदार हथियार निकाला और बारी-बारी से तीनों का गला रेतनें लगा। बच्चों के चीख पुकार सुन मां दौड़ी आई, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था और वह बेबस माँ चाह कर भी कुछ नहीं कर पाई।जब तक ग्रामीण दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे,तीनों मासूम दम तोड़ चुके थें और कमरा बूचड़खाना बन चुका था।
हमर लइकवन के का दोष हलै.. : मां की चीख से सहम गया पुरा गांव व क्षेत्र
घटनास्थल पर मौजूद हर शख्स की आंखें उस वक्त छलक उठीं, जब बच्चों की मां अनीता देवी बदहवास होकर जमीन पर गिरने पटकाने लगीं। वह चीख-चीख कर कह रही थीं, "हमर लइकवन दुश्मनवा के का बिगड़ले हलक मईया? ऊ त तनी-तनी सन हलक,ओकरा से केकर का दुश्मनी हलै?" मां का यह विलाप सुनकर गांव की महिलाएं क्या पुरुषों की आँखों में भी आंसू नहीं रुक पायें। अनीता बार-बार बेहोश हो रही हैं और होश आते हीं अपने बच्चों के नाम पुकारने लगती हैं। उनके करुण क्रंदन ने गांव की हवाओं में भी गम घोल दिया है।
गंभीर हालात में आरोपी गया रेफर,औरंगाबाद सदर अस्पताल में होगा बच्चों का पोस्टमार्टम
दाऊदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने बताया कि आरोपी अमंत पाल ने बच्चों की हत्या के बाद खुदकुशी का प्रयास किया।हसपुरा पुलिस उसे उठा कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसपुरा लेकर गई,जहाँ डॉ.संजय नें प्राथमिक उपचार करने के बाद स्तिथि गंभीर देखते हुये मगध मेडिकल कॉलेज,गयाजी रेफर कर दिया है। पुलिस ने मौके से हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार जब्त कर लिया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट है कि विवाद मामूली था,लेकिन आरोपी के सनकीपन ने इसे एक बड़े नरसंहार में बदल दिया। पुलिस मामले की हर बिंदु पर जांच कर रही है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का हर सम्भव भरोसा दिया है।
औरंगाबाद से धिरेन्द्र पाण्डेय
7 min ago
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