SIR নিয়ে সুপ্রিম কোর্টে স্ট্যাটাস রিপোর্ট জমা দিল হাইকোর্ট, নয়া নির্দেশ জারি সুপ্রিম কোর্টের

Desk: মঙ্গলবার SIR-এর কাজ নিয়ে সুপ্রিম কোর্টকে স্ট্যাটাস রিপোর্ট জমা দিল কলকাতা হাইকোর্ট। সুপ্রিম কোর্টের নির্দেশের পর ২৫০ জন মতো জুডিশিয়াল অফিসারকে নিয়োগ করা হয়েছে এস আই আর কাজের জন্য। এখনও প্রায় ৮০ লাখ নথি খতিয়ে দেখতে হবে। যদি একজন অফিসার ৫০ করে নথি দিনে যাচাই করেন তাহলেও ৮০ দিন সময় লাগবে। এই স্ট্যাটাস রিপোর্ট পাওয়ার পরেই সুপ্রিম কোর্ট নতুন নির্দেশ দেয়।প্রয়োজনে তিন বছর চাকরি হয়েছে এমন বিচারপতিকে এই কাজে নিয়োগ করতে হবে। প্রতিবেশী রাজ্য(ঝাড়খণ্ড , ওড়িশা)থেকেও বিচারকদের নিয়োগের পরামর্শ।২৮ ফ্রেব্রয়ারিতে প্রকাশ হবে ফাইনাল ভোটার লিস্ট।এরপর সাপ্লিমেন্টারি লিষ্ট প্রকাশ করা হবে।
थाना महुली पुलिस द्वारा 02 किलो अवैध गाँजा के साथ अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार
            
संतकबीरनगर । पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री सुशील कुमार सिंह* के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा *श्री अभय नाथ मिश्रा* के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष महुली *श्री दुर्गेश पाण्डेय* के नेतृत्व में चेकिंग संदिग्ध व्यक्ति / वाहन व भ्रमण क्षेत्र के दौरान अभियुक्त नाम पता दरगाहे उर्फ छोटू पुत्र हरिराम निवासी सूरज देवरिया थाना हरपुर बुदहट जनपद गोरखपुर को कालीजगदीशपुर से गौरा जाने वाले मार्ग के पास से 02 किलो अवैध गाँजा के साथ के गिरफ्तार कर आज दिनांक 24.02.2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय व मानवाधिकार आयोग के आदेशों-निर्देशों का अक्षरः पालन करते हुए माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।
*गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण-*
दरगाहे उर्फ छोटू पुत्र हरिराम निवासी सूरज देवरिया थाना हरपुर बुदहट जनपद गोरखपुर ।                              
*पंजीकृत अभियोग–*
मु0अ0स0 74/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर ।
*बरामदगी-* 
• 02 किलो अवैध गाँजा ।
• 01 अदद मोटर साइकिल ।
• 01 अदद मोबाइल ।
• 230 नगद रुपये ।


*गिरफ्तार करने वाले पुलिस बल का विवरण-* प्रभारी उ0नि0 श्री नागेन्द्र कुमार सिंह, का0 अरविन्द कुमार यादव, का0 सुनील कुमार सिंह, का0 मुकेश कुमार, का0 रितेश यादव ।
किसानों की खाद बहबलपुर सिवारा सचिव बेच रहे ब्लेक में, किसानों ने डीएम को दिया ज्ञापन
फर्रुखाबाद l विकासखंड कायमगंज क्षेत्र की साधन सहकारी समिति लि० बहबलपुर के अध्यक्ष जवाहरलाल मिश्रा ने मंगलवार को कलेक्ट पहुंचकर जिलाधिकारी को सचिव द्वारा किसानों को मिलने वाली खाद का खुले बाजार में धरने से ब्लैक में बेच रहा है l किसानों ने जिलाधिकारी से सचिन के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है l  जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहां है कि सहकारी समिति बहबलपुर सिवारा के सचिव अभय सक्सेना जिनके पास चार्ज है।  सचिव अभय सक्सेना किसानो को निर्धारित कीमत पर खाद डी०ए०पी० यूरिया न देकर मनमाने रेट पर ब्लेक मे बेंच रहे है। जब कई किसानो ने शिकायत की है लेकिन सचिव अभय सक्सेना ने खाद ब्लेक मे बेंचना बन्द नहीं किया। इस प्रकार सीधे साधे किसानो की खाद ब्लेक में बेचकर जेब भर रहे है। जब ज्यादा कहा तो मुझे धमकी दी कि मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता जबकि अभय सक्सेना विकास खण्ड कायमगंज मे ए०डी०ओ० कोआपरेटिव है। साधन सहकारी समिति बहबलपुर सिवारा का चार्ज है। ऐसे भ्रष्ट अधिकारी/सचिव के विरूद्ध जॉच कर कार्यवाही किए जाने की मांग की है l

उन्होंने भ्रष्ट ए०डी०ओ० कोआपरेटिव अभय सक्सेना सचिव साधन सहकारी समिति बहबलपुर सिवारा के विरूद्ध जॉच कर कार्यवाही करने की मांग की है l
झारखंड बजट 2026-27: 1.58 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश, 'नया झारखंड' बनाने का रोडमैप तैयार

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रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट विधानसभा में पेश करते हुए राज्य के समग्र विकास का स्पष्ट रोडमैप रखा. 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये के इस बजट में बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को विकास का इंजन बताया गया है.

बजट का आकार और वित्तीय तस्वीर

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सकल बजट अनुमान पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक रखा गया है. राजस्व व्यय के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक और पूंजीगत व्यय के लिए 37,708 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया कि यह बजट विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को भी साधने का प्रयास है. राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो राज्य के GSDP का 2.18 प्रतिशत है.

निधि की व्यवस्था के लिए अपने कर राजस्व से 46,000 करोड़, गैर कर राजस्व से 20,700 करोड़, केंद्रीय सहायता से 18,273.66 करोड़, केंद्रीय करों में राज्य के हिस्सेदारी के रूप में 51,236.38 करोड़, लोक ऋण से 22,049.96 करोड़ और उधार तथा अग्रिम की वसूली से 300 करोड़ रु होने का अनुमान है.

GSDP दोगुना करने का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में झारखंड की अर्थव्यवस्था को दोगुना करना है. इसके लिए कृषि, उद्योग, भौतिक संरचना, वित्तीय क्षेत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष फोकस रखा गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा संसाधनों के बेहतर उपयोग और सूखे जैसे बाहरी कारकों के प्रभाव को कम कर 14 प्रतिशत की लक्षित विकास दर हासिल की जाएगी.

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल

महिला किसान खुशहाली योजना के जरिए महिला किसानों को आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा. नकदी फसलों के विस्तार, कोल्ड स्टोरेज युक्त कोऑपरेटिव मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स और लघु वन उत्पादों के उन्नयन से ग्रामीण आय बढ़ाने का प्रयास किया गया है.

शिक्षा और कौशल विकास

राज्य के सभी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को Jharkhand Institute of Technology के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना और चयनित ITI में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण की योजना पेश की गई है.

स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा निवेश

कैंसर की शुरुआती पहचान और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों में PET-CT, कैथलैब और जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें लगेंगी. 750 अबुआ दवाखानों के माध्यम से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है.

सड़क, पुल और पर्यटन को रफ्तार

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और सेतु योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पर्यटन के क्षेत्र में ग्लास ब्रिज, रोपवे, स्काइवॉक, सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी परियोजनाओं से राज्य को नया पर्यटन मानचित्र देने की तैयारी है.

निवेश और रोजगार

सरकार के अनुसार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से झारखंड को 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे करीब 45 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना है. इसके अलावा औद्योगिक नीतियों के तहत 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है.

बाल बजट और जेंडर बजट

इस बजट की खासियत आउटकम बजट के तहत तैयार किया गया बाल बजट और जेंडर बजट है. बच्चों से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल योजना आकार का 10.7 प्रतिशत और महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है.

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 को सरकार ने “विकास, निवेश और सामाजिक न्याय का संतुलित दस्तावेज” बताया है, जो झारखंड को अगले दशक में तेज आर्थिक वृद्धि की राह पर ले जाने का दावा करता है.

नीला ड्रम कांड : एक घर, जो चार दिन तक चुप रहा…, हत्या करने के बाद पिता के शव के टुकड़े कर लगाता रहा ठिकाने
लखनऊ । राजधानी Lucknow के आशियाना इलाके का वह मकान बाहर से बिल्कुल सामान्य दिखता था। दरवाजा बंद था, खिड़कियां भी रोज की तरह ही। लेकिन अंदर एक ऐसा सन्नाटा पसरा था, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह—एक पिता, एक कारोबारी, एक जिम्मेदार अभिभावक—अब इस दुनिया में नहीं थे। उनकी मौत किसी हादसे में नहीं, बल्कि उसी बेटे के हाथों हुई, जिसे उन्होंने सपने दिखाए थे।

सपनों का दबाव, रिश्तों की दरार

परिवार वालों और पुलिस के मुताबिक, पिता अपने 21 वर्षीय बेटे अक्षत प्रताप सिंह पर नीट की तैयारी का दबाव बना रहे थे। अक्षत बीबीए का छात्र था, लेकिन पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बने।20 फरवरी की सुबह घर की चारदीवारी के भीतर पिता-पुत्र के बीच बहस हुई। बहस इतनी बढ़ी कि गोलियों की आवाज ने एक परिवार को हमेशा के लिए तोड़ दिया।

बहन की आंखों में ठहर गया डर

गोली चलने की आवाज सुनकर छोटी बहन कृति कमरे में पहुंची। सामने पिता का निर्जीव शरीर पड़ा था। उस क्षण की दहशत उसकी आंखों में जम गई। बताया जाता है कि भाई ने उसे धमकाकर चुप करा दिया। चार दिन तक वह उसी घर में बंद रही—जहां एक तरफ पिता की लाश थी और दूसरी तरफ भाई का खौफ।

एक बेटे का भयावह फैसला

हत्या के बाद आरोपी ने जो किया, उसने इस घटना को और भी दर्दनाक बना दिया। शव को ठिकाने लगाने की कोशिश, टुकड़े करना, ड्रम में छिपाना—ये सब उस मानसिक उथल-पुथल की कहानी कहते हैं, जहां रिश्ते और संवेदनाएं कहीं पीछे छूट गईं।पड़ोसियों को बताया गया कि पिता दिल्ली गए हैं। गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई। लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने सच्चाई की परतें खोल दीं।

सवाल जो रह गए

यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उन अनकहे दबावों की भी कहानी है जो कई घरों में पल रहे होते हैं। सपनों का बोझ कब संवाद की जगह ले लेता है, और कब रिश्तों की डोर इतनी कमजोर हो जाती है कि एक पल का गुस्सा जिंदगी छीन लेता है—यह कोई नहीं जान पाता।आज वह घर पुलिस की जांच का हिस्सा है। एक पिता की चिता सजेगी, एक बेटा सलाखों के पीछे है, और एक बेटी की आंखों में हमेशा के लिए वह दृश्य कैद हो गया है।यह कहानी सिर्फ अपराध की नहीं, टूटते संवाद और बिखरते विश्वास की भी है।
लेखपाल भर्ती की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग तेज, अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
लखनऊ। लेखपाल भर्ती परीक्षा की आवेदन प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आवेदन की अंतिम तिथि 28 जनवरी निर्धारित थी, लेकिन अभ्यर्थियों का आरोप है कि 26, 27 और 28 जनवरी को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की वेबसाइट पूरी तरह ठप रही, जिससे हजारों अभ्यर्थी आवेदन करने से वंचित रह गए। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने सपा मुखिया अखिलेश यादव से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार और आयोग से न्याय दिलाने में विपक्ष को आगे आना चाहिए ताकि तकनीकी खामी का खामियाजा छात्रों को न भुगतना पड़े।

* कोर्ट की टिप्पणी, फिर भी समाधान नहीं
अभ्यर्थियों के मुताबिक 19 फरवरी को कोर्ट ने भी बच्चों के फॉर्म भरवाने की बात कही थी, लेकिन आयोग का तर्क है कि फीस जमा न हो पाने के पीछे बैंकिंग तकनीकी समस्या रही। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि बैंकिंग सिस्टम में दिक्कत थी तो इसकी सजा अभ्यर्थियों को क्यों मिले?

* आयोग कार्यालय के चक्कर, सोशल मीडिया पर अभियान
सर्वर डाउन और फीस जमा न हो पाने की समस्या को लेकर अभ्यर्थी आयोग कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर #UPSSSC_lekpal_form_apply_date_extend अभियान भी चलाया जा रहा है। अभ्यर्थी लिखित प्रार्थना पत्र देकर आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

* भविष्य को लेकर चिंता
अभ्यर्थियों का कहना है कि तकनीकी खामी की सजा उन्हें नहीं दी जानी चाहिए। फिलहाल सभी की निगाहें आयोग और सरकार के फैसले पर टिकी हैं। अंतिम तिथि बढ़ाने को लेकर सकारात्मक निर्णय की उम्मीद में छात्र इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि उनका भविष्य इस भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।
झारखंड बजट 2026-27: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर आज खोलेंगे पिटारा, महिलाओं और युवाओं पर रहेगा फोकस

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रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज, 24 फरवरी को राज्य का वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सदन पटल पर बजट रखेंगे। इस बार का बजट राज्य के विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मंत्री ने पहले ही संकेत दिए हैं कि इसमें महिलाओं के स्वावलंबन के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

बजट की मुख्य प्राथमिकताएं:

सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बजट में 'समावेशी विकास' का लक्ष्य लेकर चल रही है। बजट के केंद्र में मुख्य रूप से चार स्तंभ होने की उम्मीद है:

महिला सशक्तिकरण: महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं और सुरक्षा के लिए बड़ा आवंटन।

युवा एवं रोजगार: स्वरोजगार को बढ़ावा देने और खाली पड़े सरकारी पदों को भरने के लिए वित्तीय रोडमैप।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य: ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर अस्पताल और स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।

कनेक्टिविटी: दूर-दराज के गांवों को मुख्य सड़कों और डिजिटल माध्यमों से जोड़ना।

जनता की उम्मीदें:

झारखंड की जनता को उम्मीद है कि बढ़ती महंगाई के बीच सरकार कुछ कर राहत (Tax relief) और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मध्यम वर्ग और किसानों को राहत पहुंचाएगी। वित्त मंत्री के इस 'पिटारे' से यह साफ होगा कि झारखंड आगामी वर्षों में विकास की कितनी ऊंची छलांग लगाने के लिए तैयार है।

गया में 28 फरवरी को विशेष रोजगार शिविर, 800+ पदों पर भर्ती का मौका

गया: बिहार सरकार के युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग द्वारा गया स्थित अवर प्रादेशिक नियोजनालय, केंदुई परिसर में 28 फरवरी 2026 को विशेष रोजगार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर गया जिले तथा आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय नियोजकों के साथ-साथ बिहार और देश के विभिन्न हिस्सों से आई कंपनियाँ भाग लेंगी।

इस रोजगार शिविर में लगभग 12 से 14 प्रतिष्ठित कंपनियाँ भाग लेकर करीब 800 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती करेंगी। उपलब्ध नौकरियाँ सुरक्षा सेवाएँ, बीमा, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिलीवरी, सेल्स, ऑटोमोबाइल, शिक्षा और तकनीकी सेवाओं जैसे विविध क्षेत्रों से संबंधित होंगी। अलग-अलग योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए अवसर उपलब्ध हैं — 8वीं, 10वीं, इंटर, आईटीआई, डिप्लोमा और स्नातक पास उम्मीदवार इसमें भाग ले सकते हैं।

चयनित अभ्यर्थियों को कंपनी और पद के अनुसार लगभग ₹10,000 से ₹25,000 प्रतिमाह वेतन मिलने की संभावना है। कई पद गया जिले में ही उपलब्ध होंगे, जबकि कुछ नियुक्तियाँ राज्य और देश के अन्य शहरों में भी की जाएँगी। शिविर में सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए विभागीय स्टॉल भी लगाए जाएँगे, जिससे युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएँ मिल सकें।

आयोजकों ने युवाओं से अपील की है कि वे अपने बायोडाटा, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो के साथ समय पर पहुँचें। शिविर में भाग लेना पूरी तरह निःशुल्क है। रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह अपने करियर को नई दिशा देने का सुनहरा अवसर माना जा रहा है।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आ रहे भारत, क्या ट्रूडो से बढ़े विवाद के बाद सुधरेंगे रिश्ते?

#canadapmmarkcarneytovisitindia

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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत दौरे पर आने वाले हैं। मार्क कर्नी 26 फरवरी को भारत पहुंच रहे हैं। ये दौरा ऐसे वक्त में अहम माना जा रहा है जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ट्रेड में काफी उठापटक चल रही है। वहीं, ट्रूडो कार्यकाल में आई भारत-कनाडा रिश्तों में खटास के बाद कनाडाई पीएम का दौरा कापी अहम माना जा रहा है।

कनाडा-भारत के रिश्तों पर होगा फोकस

कार्नी 26 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक इंडो-पैसिफिक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मार्क कार्नी 26 फरवरी भारत पहुंचेंगे। इस दौरान वह सबसे पहले मुंबई जाएंगे। इसके बाद वह दिल्ली आएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। मार्क कार्नी के कार्यालय की तरफ से जारी बयान में यह जानकारी दी गई है। बयान के मुताबिक, "प्रधानमंत्री कार्नी सबसे पहले मुंबई पहुंचेंगे। फिर नई दिल्ली जाएंगे, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे। दोनों नेता कनाडा-भारत के रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने को लेकर बातचीत पर फोकस करेंगे।"

भारत के बड़े बिजनेस लीडर्स से मुलाकात

मार्क कार्नी अपने भारत दौरे की शुरुआत मुंबई से करेंगे, जहां वो देश के बड़े बिजनेस लीडर्स के साथ मुलाकात करेंगे। उनका मकसद कनाडा में भारतीय निवेश को बढ़ावा देना और दोनों देशों की कंपनियों के बीच साझेदारी को मजबूत करना रहेगा। इनमें ट्रेड, एनर्जी, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), टैलेंट और संस्कृति, और डिफेंस में बड़ी नई पार्टनरशिप शामिल होंगी। इसके बाद वो नई दिल्ली पहुंचेंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत।

ऑस्ट्रेलिया और जापान भी जाएंगे कनाडाई पीएम

पीएम कर्नी भारत दौरे के बाद ऑस्ट्रेलिया के सिडनी और कैनबरा भी जाएंगे। जहां वे पीएम एंथनी अल्बानीज़ से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, व्यापार और एआई मेत उन्नत प्रौद्योगिकियों पर सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। पीएम कार्नी इस दौरान ऑस्ट्रेलिया की संसद के दोनों सदनों और आमंत्रित गणमान्य अतिथियों को भी संबोधित करेंगे। 20 सालों में ऐसा पहली बार होगा जब कोई कनाडाई प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया की संसद को संबोधित करेगा। कनाडा के पीएम कर्मी इसके बाद जापान के टोक्यो पहुंचकर प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए से मुलाकात करेंगे। उनके बीच स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों और खाद्य सुरक्षा में पारस्परिक निवेश और साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा होगी।

लखनऊ से विशेष रिपोर्ट - विधानसभा चुनाव से पहले बसपा का बूथ फोकस, 15 हजार कमेटियों के गठन का लक्ष्य

लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने अपनी जमीनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने प्रदेशभर में 15 हजार बूथ कमेटियों के गठन का लक्ष्य तय किया है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए यह अभियान 14 अप्रैल तक पूरा करने की तैयारी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना ही इस बार की मुख्य रणनीति है। 14 अप्रैल को भीमराव आंबेडकर जयंती तक सभी बूथ कमेटियों का गठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

* अप्रैल से आकाश आनंद के रोड शो
अप्रैल माह से पार्टी के युवा चेहरे आकाश आनंद प्रदेशभर में रोड शो और जन सभाएं करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी युवाओं और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी। माना जा रहा है कि आकाश आनंद की सभाएं संगठन में नई ऊर्जा भरने का काम करेंगी।

* कांशीराम जयंती पर बड़ा आयोजन
बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर पार्टी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस आयोजन के माध्यम से पार्टी अपने कोर वोट बैंक को एकजुट करने और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देने की तैयारी में है।

* प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की रणनीति
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वे विभिन्न जिलों में कार्यक्रम कर समाज के प्रभावशाली वर्गों के साथ संवाद स्थापित करेंगे।
बसपा की यह सक्रियता संकेत दे रही है कि पार्टी इस बार बूथ स्तर की मजबूती और सामाजिक समीकरणों के सहारे चुनावी मैदान में मजबूती से उतरने की तैयारी में है।
SIR নিয়ে সুপ্রিম কোর্টে স্ট্যাটাস রিপোর্ট জমা দিল হাইকোর্ট, নয়া নির্দেশ জারি সুপ্রিম কোর্টের

Desk: মঙ্গলবার SIR-এর কাজ নিয়ে সুপ্রিম কোর্টকে স্ট্যাটাস রিপোর্ট জমা দিল কলকাতা হাইকোর্ট। সুপ্রিম কোর্টের নির্দেশের পর ২৫০ জন মতো জুডিশিয়াল অফিসারকে নিয়োগ করা হয়েছে এস আই আর কাজের জন্য। এখনও প্রায় ৮০ লাখ নথি খতিয়ে দেখতে হবে। যদি একজন অফিসার ৫০ করে নথি দিনে যাচাই করেন তাহলেও ৮০ দিন সময় লাগবে। এই স্ট্যাটাস রিপোর্ট পাওয়ার পরেই সুপ্রিম কোর্ট নতুন নির্দেশ দেয়।প্রয়োজনে তিন বছর চাকরি হয়েছে এমন বিচারপতিকে এই কাজে নিয়োগ করতে হবে। প্রতিবেশী রাজ্য(ঝাড়খণ্ড , ওড়িশা)থেকেও বিচারকদের নিয়োগের পরামর্শ।২৮ ফ্রেব্রয়ারিতে প্রকাশ হবে ফাইনাল ভোটার লিস্ট।এরপর সাপ্লিমেন্টারি লিষ্ট প্রকাশ করা হবে।
थाना महुली पुलिस द्वारा 02 किलो अवैध गाँजा के साथ अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार
            
संतकबीरनगर । पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री सुशील कुमार सिंह* के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा *श्री अभय नाथ मिश्रा* के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष महुली *श्री दुर्गेश पाण्डेय* के नेतृत्व में चेकिंग संदिग्ध व्यक्ति / वाहन व भ्रमण क्षेत्र के दौरान अभियुक्त नाम पता दरगाहे उर्फ छोटू पुत्र हरिराम निवासी सूरज देवरिया थाना हरपुर बुदहट जनपद गोरखपुर को कालीजगदीशपुर से गौरा जाने वाले मार्ग के पास से 02 किलो अवैध गाँजा के साथ के गिरफ्तार कर आज दिनांक 24.02.2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय व मानवाधिकार आयोग के आदेशों-निर्देशों का अक्षरः पालन करते हुए माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।
*गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण-*
दरगाहे उर्फ छोटू पुत्र हरिराम निवासी सूरज देवरिया थाना हरपुर बुदहट जनपद गोरखपुर ।                              
*पंजीकृत अभियोग–*
मु0अ0स0 74/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर ।
*बरामदगी-* 
• 02 किलो अवैध गाँजा ।
• 01 अदद मोटर साइकिल ।
• 01 अदद मोबाइल ।
• 230 नगद रुपये ।


*गिरफ्तार करने वाले पुलिस बल का विवरण-* प्रभारी उ0नि0 श्री नागेन्द्र कुमार सिंह, का0 अरविन्द कुमार यादव, का0 सुनील कुमार सिंह, का0 मुकेश कुमार, का0 रितेश यादव ।
किसानों की खाद बहबलपुर सिवारा सचिव बेच रहे ब्लेक में, किसानों ने डीएम को दिया ज्ञापन
फर्रुखाबाद l विकासखंड कायमगंज क्षेत्र की साधन सहकारी समिति लि० बहबलपुर के अध्यक्ष जवाहरलाल मिश्रा ने मंगलवार को कलेक्ट पहुंचकर जिलाधिकारी को सचिव द्वारा किसानों को मिलने वाली खाद का खुले बाजार में धरने से ब्लैक में बेच रहा है l किसानों ने जिलाधिकारी से सचिन के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है l  जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहां है कि सहकारी समिति बहबलपुर सिवारा के सचिव अभय सक्सेना जिनके पास चार्ज है।  सचिव अभय सक्सेना किसानो को निर्धारित कीमत पर खाद डी०ए०पी० यूरिया न देकर मनमाने रेट पर ब्लेक मे बेंच रहे है। जब कई किसानो ने शिकायत की है लेकिन सचिव अभय सक्सेना ने खाद ब्लेक मे बेंचना बन्द नहीं किया। इस प्रकार सीधे साधे किसानो की खाद ब्लेक में बेचकर जेब भर रहे है। जब ज्यादा कहा तो मुझे धमकी दी कि मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता जबकि अभय सक्सेना विकास खण्ड कायमगंज मे ए०डी०ओ० कोआपरेटिव है। साधन सहकारी समिति बहबलपुर सिवारा का चार्ज है। ऐसे भ्रष्ट अधिकारी/सचिव के विरूद्ध जॉच कर कार्यवाही किए जाने की मांग की है l

उन्होंने भ्रष्ट ए०डी०ओ० कोआपरेटिव अभय सक्सेना सचिव साधन सहकारी समिति बहबलपुर सिवारा के विरूद्ध जॉच कर कार्यवाही करने की मांग की है l
झारखंड बजट 2026-27: 1.58 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश, 'नया झारखंड' बनाने का रोडमैप तैयार

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रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट विधानसभा में पेश करते हुए राज्य के समग्र विकास का स्पष्ट रोडमैप रखा. 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये के इस बजट में बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को विकास का इंजन बताया गया है.

बजट का आकार और वित्तीय तस्वीर

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सकल बजट अनुमान पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक रखा गया है. राजस्व व्यय के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक और पूंजीगत व्यय के लिए 37,708 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया कि यह बजट विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को भी साधने का प्रयास है. राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो राज्य के GSDP का 2.18 प्रतिशत है.

निधि की व्यवस्था के लिए अपने कर राजस्व से 46,000 करोड़, गैर कर राजस्व से 20,700 करोड़, केंद्रीय सहायता से 18,273.66 करोड़, केंद्रीय करों में राज्य के हिस्सेदारी के रूप में 51,236.38 करोड़, लोक ऋण से 22,049.96 करोड़ और उधार तथा अग्रिम की वसूली से 300 करोड़ रु होने का अनुमान है.

GSDP दोगुना करने का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में झारखंड की अर्थव्यवस्था को दोगुना करना है. इसके लिए कृषि, उद्योग, भौतिक संरचना, वित्तीय क्षेत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष फोकस रखा गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा संसाधनों के बेहतर उपयोग और सूखे जैसे बाहरी कारकों के प्रभाव को कम कर 14 प्रतिशत की लक्षित विकास दर हासिल की जाएगी.

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल

महिला किसान खुशहाली योजना के जरिए महिला किसानों को आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा. नकदी फसलों के विस्तार, कोल्ड स्टोरेज युक्त कोऑपरेटिव मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स और लघु वन उत्पादों के उन्नयन से ग्रामीण आय बढ़ाने का प्रयास किया गया है.

शिक्षा और कौशल विकास

राज्य के सभी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को Jharkhand Institute of Technology के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना और चयनित ITI में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण की योजना पेश की गई है.

स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा निवेश

कैंसर की शुरुआती पहचान और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों में PET-CT, कैथलैब और जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें लगेंगी. 750 अबुआ दवाखानों के माध्यम से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है.

सड़क, पुल और पर्यटन को रफ्तार

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और सेतु योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पर्यटन के क्षेत्र में ग्लास ब्रिज, रोपवे, स्काइवॉक, सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी परियोजनाओं से राज्य को नया पर्यटन मानचित्र देने की तैयारी है.

निवेश और रोजगार

सरकार के अनुसार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से झारखंड को 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे करीब 45 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना है. इसके अलावा औद्योगिक नीतियों के तहत 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है.

बाल बजट और जेंडर बजट

इस बजट की खासियत आउटकम बजट के तहत तैयार किया गया बाल बजट और जेंडर बजट है. बच्चों से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल योजना आकार का 10.7 प्रतिशत और महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है.

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 को सरकार ने “विकास, निवेश और सामाजिक न्याय का संतुलित दस्तावेज” बताया है, जो झारखंड को अगले दशक में तेज आर्थिक वृद्धि की राह पर ले जाने का दावा करता है.

नीला ड्रम कांड : एक घर, जो चार दिन तक चुप रहा…, हत्या करने के बाद पिता के शव के टुकड़े कर लगाता रहा ठिकाने
लखनऊ । राजधानी Lucknow के आशियाना इलाके का वह मकान बाहर से बिल्कुल सामान्य दिखता था। दरवाजा बंद था, खिड़कियां भी रोज की तरह ही। लेकिन अंदर एक ऐसा सन्नाटा पसरा था, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह—एक पिता, एक कारोबारी, एक जिम्मेदार अभिभावक—अब इस दुनिया में नहीं थे। उनकी मौत किसी हादसे में नहीं, बल्कि उसी बेटे के हाथों हुई, जिसे उन्होंने सपने दिखाए थे।

सपनों का दबाव, रिश्तों की दरार

परिवार वालों और पुलिस के मुताबिक, पिता अपने 21 वर्षीय बेटे अक्षत प्रताप सिंह पर नीट की तैयारी का दबाव बना रहे थे। अक्षत बीबीए का छात्र था, लेकिन पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बने।20 फरवरी की सुबह घर की चारदीवारी के भीतर पिता-पुत्र के बीच बहस हुई। बहस इतनी बढ़ी कि गोलियों की आवाज ने एक परिवार को हमेशा के लिए तोड़ दिया।

बहन की आंखों में ठहर गया डर

गोली चलने की आवाज सुनकर छोटी बहन कृति कमरे में पहुंची। सामने पिता का निर्जीव शरीर पड़ा था। उस क्षण की दहशत उसकी आंखों में जम गई। बताया जाता है कि भाई ने उसे धमकाकर चुप करा दिया। चार दिन तक वह उसी घर में बंद रही—जहां एक तरफ पिता की लाश थी और दूसरी तरफ भाई का खौफ।

एक बेटे का भयावह फैसला

हत्या के बाद आरोपी ने जो किया, उसने इस घटना को और भी दर्दनाक बना दिया। शव को ठिकाने लगाने की कोशिश, टुकड़े करना, ड्रम में छिपाना—ये सब उस मानसिक उथल-पुथल की कहानी कहते हैं, जहां रिश्ते और संवेदनाएं कहीं पीछे छूट गईं।पड़ोसियों को बताया गया कि पिता दिल्ली गए हैं। गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई। लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने सच्चाई की परतें खोल दीं।

सवाल जो रह गए

यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उन अनकहे दबावों की भी कहानी है जो कई घरों में पल रहे होते हैं। सपनों का बोझ कब संवाद की जगह ले लेता है, और कब रिश्तों की डोर इतनी कमजोर हो जाती है कि एक पल का गुस्सा जिंदगी छीन लेता है—यह कोई नहीं जान पाता।आज वह घर पुलिस की जांच का हिस्सा है। एक पिता की चिता सजेगी, एक बेटा सलाखों के पीछे है, और एक बेटी की आंखों में हमेशा के लिए वह दृश्य कैद हो गया है।यह कहानी सिर्फ अपराध की नहीं, टूटते संवाद और बिखरते विश्वास की भी है।
लेखपाल भर्ती की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग तेज, अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
लखनऊ। लेखपाल भर्ती परीक्षा की आवेदन प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आवेदन की अंतिम तिथि 28 जनवरी निर्धारित थी, लेकिन अभ्यर्थियों का आरोप है कि 26, 27 और 28 जनवरी को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की वेबसाइट पूरी तरह ठप रही, जिससे हजारों अभ्यर्थी आवेदन करने से वंचित रह गए। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने सपा मुखिया अखिलेश यादव से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार और आयोग से न्याय दिलाने में विपक्ष को आगे आना चाहिए ताकि तकनीकी खामी का खामियाजा छात्रों को न भुगतना पड़े।

* कोर्ट की टिप्पणी, फिर भी समाधान नहीं
अभ्यर्थियों के मुताबिक 19 फरवरी को कोर्ट ने भी बच्चों के फॉर्म भरवाने की बात कही थी, लेकिन आयोग का तर्क है कि फीस जमा न हो पाने के पीछे बैंकिंग तकनीकी समस्या रही। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि बैंकिंग सिस्टम में दिक्कत थी तो इसकी सजा अभ्यर्थियों को क्यों मिले?

* आयोग कार्यालय के चक्कर, सोशल मीडिया पर अभियान
सर्वर डाउन और फीस जमा न हो पाने की समस्या को लेकर अभ्यर्थी आयोग कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर #UPSSSC_lekpal_form_apply_date_extend अभियान भी चलाया जा रहा है। अभ्यर्थी लिखित प्रार्थना पत्र देकर आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

* भविष्य को लेकर चिंता
अभ्यर्थियों का कहना है कि तकनीकी खामी की सजा उन्हें नहीं दी जानी चाहिए। फिलहाल सभी की निगाहें आयोग और सरकार के फैसले पर टिकी हैं। अंतिम तिथि बढ़ाने को लेकर सकारात्मक निर्णय की उम्मीद में छात्र इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि उनका भविष्य इस भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।
झारखंड बजट 2026-27: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर आज खोलेंगे पिटारा, महिलाओं और युवाओं पर रहेगा फोकस

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रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज, 24 फरवरी को राज्य का वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सदन पटल पर बजट रखेंगे। इस बार का बजट राज्य के विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मंत्री ने पहले ही संकेत दिए हैं कि इसमें महिलाओं के स्वावलंबन के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

बजट की मुख्य प्राथमिकताएं:

सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बजट में 'समावेशी विकास' का लक्ष्य लेकर चल रही है। बजट के केंद्र में मुख्य रूप से चार स्तंभ होने की उम्मीद है:

महिला सशक्तिकरण: महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं और सुरक्षा के लिए बड़ा आवंटन।

युवा एवं रोजगार: स्वरोजगार को बढ़ावा देने और खाली पड़े सरकारी पदों को भरने के लिए वित्तीय रोडमैप।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य: ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर अस्पताल और स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।

कनेक्टिविटी: दूर-दराज के गांवों को मुख्य सड़कों और डिजिटल माध्यमों से जोड़ना।

जनता की उम्मीदें:

झारखंड की जनता को उम्मीद है कि बढ़ती महंगाई के बीच सरकार कुछ कर राहत (Tax relief) और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मध्यम वर्ग और किसानों को राहत पहुंचाएगी। वित्त मंत्री के इस 'पिटारे' से यह साफ होगा कि झारखंड आगामी वर्षों में विकास की कितनी ऊंची छलांग लगाने के लिए तैयार है।

गया में 28 फरवरी को विशेष रोजगार शिविर, 800+ पदों पर भर्ती का मौका

गया: बिहार सरकार के युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग द्वारा गया स्थित अवर प्रादेशिक नियोजनालय, केंदुई परिसर में 28 फरवरी 2026 को विशेष रोजगार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर गया जिले तथा आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय नियोजकों के साथ-साथ बिहार और देश के विभिन्न हिस्सों से आई कंपनियाँ भाग लेंगी।

इस रोजगार शिविर में लगभग 12 से 14 प्रतिष्ठित कंपनियाँ भाग लेकर करीब 800 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती करेंगी। उपलब्ध नौकरियाँ सुरक्षा सेवाएँ, बीमा, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिलीवरी, सेल्स, ऑटोमोबाइल, शिक्षा और तकनीकी सेवाओं जैसे विविध क्षेत्रों से संबंधित होंगी। अलग-अलग योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए अवसर उपलब्ध हैं — 8वीं, 10वीं, इंटर, आईटीआई, डिप्लोमा और स्नातक पास उम्मीदवार इसमें भाग ले सकते हैं।

चयनित अभ्यर्थियों को कंपनी और पद के अनुसार लगभग ₹10,000 से ₹25,000 प्रतिमाह वेतन मिलने की संभावना है। कई पद गया जिले में ही उपलब्ध होंगे, जबकि कुछ नियुक्तियाँ राज्य और देश के अन्य शहरों में भी की जाएँगी। शिविर में सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए विभागीय स्टॉल भी लगाए जाएँगे, जिससे युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएँ मिल सकें।

आयोजकों ने युवाओं से अपील की है कि वे अपने बायोडाटा, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो के साथ समय पर पहुँचें। शिविर में भाग लेना पूरी तरह निःशुल्क है। रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह अपने करियर को नई दिशा देने का सुनहरा अवसर माना जा रहा है।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आ रहे भारत, क्या ट्रूडो से बढ़े विवाद के बाद सुधरेंगे रिश्ते?

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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत दौरे पर आने वाले हैं। मार्क कर्नी 26 फरवरी को भारत पहुंच रहे हैं। ये दौरा ऐसे वक्त में अहम माना जा रहा है जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ट्रेड में काफी उठापटक चल रही है। वहीं, ट्रूडो कार्यकाल में आई भारत-कनाडा रिश्तों में खटास के बाद कनाडाई पीएम का दौरा कापी अहम माना जा रहा है।

कनाडा-भारत के रिश्तों पर होगा फोकस

कार्नी 26 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक इंडो-पैसिफिक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मार्क कार्नी 26 फरवरी भारत पहुंचेंगे। इस दौरान वह सबसे पहले मुंबई जाएंगे। इसके बाद वह दिल्ली आएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। मार्क कार्नी के कार्यालय की तरफ से जारी बयान में यह जानकारी दी गई है। बयान के मुताबिक, "प्रधानमंत्री कार्नी सबसे पहले मुंबई पहुंचेंगे। फिर नई दिल्ली जाएंगे, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे। दोनों नेता कनाडा-भारत के रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने को लेकर बातचीत पर फोकस करेंगे।"

भारत के बड़े बिजनेस लीडर्स से मुलाकात

मार्क कार्नी अपने भारत दौरे की शुरुआत मुंबई से करेंगे, जहां वो देश के बड़े बिजनेस लीडर्स के साथ मुलाकात करेंगे। उनका मकसद कनाडा में भारतीय निवेश को बढ़ावा देना और दोनों देशों की कंपनियों के बीच साझेदारी को मजबूत करना रहेगा। इनमें ट्रेड, एनर्जी, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), टैलेंट और संस्कृति, और डिफेंस में बड़ी नई पार्टनरशिप शामिल होंगी। इसके बाद वो नई दिल्ली पहुंचेंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत।

ऑस्ट्रेलिया और जापान भी जाएंगे कनाडाई पीएम

पीएम कर्नी भारत दौरे के बाद ऑस्ट्रेलिया के सिडनी और कैनबरा भी जाएंगे। जहां वे पीएम एंथनी अल्बानीज़ से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, व्यापार और एआई मेत उन्नत प्रौद्योगिकियों पर सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। पीएम कार्नी इस दौरान ऑस्ट्रेलिया की संसद के दोनों सदनों और आमंत्रित गणमान्य अतिथियों को भी संबोधित करेंगे। 20 सालों में ऐसा पहली बार होगा जब कोई कनाडाई प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया की संसद को संबोधित करेगा। कनाडा के पीएम कर्मी इसके बाद जापान के टोक्यो पहुंचकर प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए से मुलाकात करेंगे। उनके बीच स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों और खाद्य सुरक्षा में पारस्परिक निवेश और साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा होगी।

लखनऊ से विशेष रिपोर्ट - विधानसभा चुनाव से पहले बसपा का बूथ फोकस, 15 हजार कमेटियों के गठन का लक्ष्य

लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने अपनी जमीनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने प्रदेशभर में 15 हजार बूथ कमेटियों के गठन का लक्ष्य तय किया है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए यह अभियान 14 अप्रैल तक पूरा करने की तैयारी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना ही इस बार की मुख्य रणनीति है। 14 अप्रैल को भीमराव आंबेडकर जयंती तक सभी बूथ कमेटियों का गठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

* अप्रैल से आकाश आनंद के रोड शो
अप्रैल माह से पार्टी के युवा चेहरे आकाश आनंद प्रदेशभर में रोड शो और जन सभाएं करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी युवाओं और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी। माना जा रहा है कि आकाश आनंद की सभाएं संगठन में नई ऊर्जा भरने का काम करेंगी।

* कांशीराम जयंती पर बड़ा आयोजन
बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर पार्टी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस आयोजन के माध्यम से पार्टी अपने कोर वोट बैंक को एकजुट करने और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देने की तैयारी में है।

* प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की रणनीति
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वे विभिन्न जिलों में कार्यक्रम कर समाज के प्रभावशाली वर्गों के साथ संवाद स्थापित करेंगे।
बसपा की यह सक्रियता संकेत दे रही है कि पार्टी इस बार बूथ स्तर की मजबूती और सामाजिक समीकरणों के सहारे चुनावी मैदान में मजबूती से उतरने की तैयारी में है।