बलिया में सभी ब्लॉकों और तहसीलों पर हेलीपैड निर्माण की योजना तेजी से आगे, जमीन चिन्हित
संजीव सिंह बलिया। वीआईपी मूवमेंट, प्रशासनिक कार्यों और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए जिले के सभी ब्लॉकों में स्थायी हेलीपैड बनाने की योजना पर काम तेजी से चल रहा है। जिला प्रशासन ने बलिया की सभी तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों पर हेलीपैड निर्माण की विस्तृत योजना तैयार कर ली है। इसके लिए आवश्यक जमीन चिन्हित कर ली गई है।जहां तहसील और ब्लॉक एक ही स्थान पर स्थित हैं, वहां एक ही हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा। मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) त्रिभुवन ने बताया कि सदर तहसील में हरपुर, बांसडीह तहसील में जितौरा, रसड़ा तहसील में परसिया, बैरिया तहसील में कोटवा तथा बेल्थरारोड तहसील में मझौलिया में जमीन चिन्हित की गई है।इसी क्रम में विकास खंडों में भी हेलीपैड बनेंगे। बेलहरी ब्लॉक में दुधैला, दुबहड़ में शेर, हनुमानगंज में करनई, गड़वार में गोविंदपुर, सोहांव में शिवपुर खास, रेवतीपुर में उदहां, चिल्कहर में बलेसरा, मुरलीछपरा में इब्राहिमाबाद उपरवार, नवानगर में चेतन किशोर तथा पंदह में धनेजा में निर्माण कार्य होगा। इस पहल से जिले में हवाई संपर्क मजबूत होगा और आपात सेवाएं त्वरित पहुंच सकेंगी।
बहसूमा नगर पंचायत ने 159 लाभार्थियों के नाम चयनित कराए
बहसूमा। मेरठ।नगर पंचायत बहसूमा में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। योजना के अंतर्गत पूरे जिले में बहसूमा नगर पंचायत ने 159 लाभार्थियों के नाम चयनित कराए हैं। यह बहसूमा के इतिहास में पहली बार हुआ है जब प्रधानमंत्री आवास योजना में नगर पंचायत ने जिले में शीर्ष स्थान हासिल किया हो। इस उपलब्धि से नगर क्षेत्र की जनता में हर्ष और उत्साह का माहौल बना हुआ है।

इस अवसर पर नगर पंचायत बहसूमा के अध्यक्ष सचिव सुकड़ी ने कहा कि यह सफलता सभी सभासदों, कर्मचारियों और नगरवासियों के सहयोग व मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए गए, जिसका सकारात्मक परिणाम आज सामने आया है। नगर पंचायत के कार्यों की सराहना करते हुए जनता ने बोर्ड का आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण का कार्यक्रम मेरठ यूनिवर्सिटी सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी मेरठ की उपस्थिति में लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस दौरान लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी, क्योंकि यह योजना उनके पक्के मकान के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

बताया गया कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के खातों में ₹1,00,000 की राशि का वितरण किया गया। वहीं बहसूमा नगर पंचायत क्षेत्र में कुल ₹1 करोड़ 59 लाख रुपये की धनराशि सीधे जनता के खातों में डाली गई है। इस आर्थिक सहायता से लाभार्थी अपने आवास निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कर सकेंगे।

नगर पंचायत बहसूमा की इस उपलब्धि को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। योजना की सफलता से नगरवासियों में विश्वास बढ़ा है और भविष्य में भी इसी प्रकार जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की उम्मीद जताई जा रही है।
बहसूमा नगर पंचायत ने 159 लाभार्थियों के नाम चयनित कराए
बहसूमा। मेरठ।नगर पंचायत बहसूमा में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। योजना के अंतर्गत पूरे जिले में बहसूमा नगर पंचायत ने 159 लाभार्थियों के नाम चयनित कराए हैं। यह बहसूमा के इतिहास में पहली बार हुआ है जब प्रधानमंत्री आवास योजना में नगर पंचायत ने जिले में शीर्ष स्थान हासिल किया हो। इस उपलब्धि से नगर क्षेत्र की जनता में हर्ष और उत्साह का माहौल बना हुआ है।

इस अवसर पर नगर पंचायत बहसूमा के अध्यक्ष सचिव सुकड़ी ने कहा कि यह सफलता सभी सभासदों, कर्मचारियों और नगरवासियों के सहयोग व मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए गए, जिसका सकारात्मक परिणाम आज सामने आया है। नगर पंचायत के कार्यों की सराहना करते हुए जनता ने बोर्ड का आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण का कार्यक्रम मेरठ यूनिवर्सिटी सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी मेरठ की उपस्थिति में लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस दौरान लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी, क्योंकि यह योजना उनके पक्के मकान के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

बताया गया कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के खातों में ₹1,00,000 की राशि का वितरण किया गया। वहीं बहसूमा नगर पंचायत क्षेत्र में कुल ₹1 करोड़ 59 लाख रुपये की धनराशि सीधे जनता के खातों में डाली गई है। इस आर्थिक सहायता से लाभार्थी अपने आवास निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कर सकेंगे।

नगर पंचायत बहसूमा की इस उपलब्धि को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। योजना की सफलता से नगरवासियों में विश्वास बढ़ा है और भविष्य में भी इसी प्रकार जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की उम्मीद जताई जा रही है।
भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे नितिन नबीन; दिल्ली मुख्यालय में दाखिल किया नामांकन, कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह।*




पटना: बिहार सरकार के स्वास्थ्य एवं विधि मंत्री श्री मंगल पाण्डेय ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष श्री नितिन नबीन के निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की संभावना पर अपनी हर्षपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को श्री नबीन द्वारा नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में विधिवत नामांकन दाखिल किए जाने के बाद श्री पाण्डेय ने इसे बिहार के लिए एक 'स्वर्णिम और गौरवशाली पल' करार दिया। सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड मंत्री मंगल पाण्डेय ने बताया कि नितिन नबीन भाजपा के इतिहास में अब तक के सबसे कम उम्र (युवा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। उन्होंने कहा कि यह न केवल पार्टी के लिए बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है कि यहाँ के एक युवा और ऊर्जावान नेता को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलने जा रही है। वंशवाद पर साधा निशाना श्री पाण्डेय ने विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए कहा, "यह केवल भारतीय जनता पार्टी में ही संभव है जहाँ एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले समर्पित कार्यकर्ता को सर्वोच्च पद तक पहुँचाया जाता है। वंशवादी और परिवारवादी पार्टियों के लिए एक साधारण कार्यकर्ता का शीर्ष पर पहुँचना कल्पना से परे है।" उन्होंने इसे आंतरिक लोकतंत्र की जीत बताया। सफलता के शिखर की कामना मंगल पाण्डेय ने नितिन नबीन को अपनी आत्मिक शुभकामनाएं देते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि उन्हें इतनी शक्ति और ऊर्जा मिले जिससे वे संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर सफलता की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि श्री नबीन के नेतृत्व में पार्टी और अधिक सशक्त होकर उभरेगी।
सामाजिक संदेश: बुजुर्ग हमारी अमूल्य धरोहर— केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि निरंतर सेवा का संकल्प लेकर आगे बढ़ा फाउंडेशन।

गया-फतेहपुर रोड स्थित बीएसएफ कैंप के समीप हनुमान नगर में संचालित 'सहारा' वृद्धाश्रम में रविवार को मानवता और सामाजिक सौहार्द की एक भावपूर्ण तस्वीर देखने को मिली। प्रसिद्ध महिला सामाजिक संस्था वूमेन विंग्स फाउंडेशन की ओर से यहाँ रह रहे वृद्धजनों के सम्मान में 'दही-चूड़ा भोज' का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल भोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सेवा और आत्मीयता की नई मिसाल पेश की।

हाथों से खिलाया भोजन, बांटा आर्थिक सहयोग

संस्था की अध्यक्ष ममता सिन्हा और निदेशक रेखा अग्रवाल के नेतृत्व में दर्जनों सदस्यों ने वृद्धाश्रम पहुँचकर बुजुर्गों का हालचाल जाना। सदस्यों ने स्वयं अपने हाथों से बुजुर्गों को दही-चूड़ा खिलाया, जिससे वहां का माहौल अपनत्व से भर गया। इस अवसर पर वृद्धजनों के बीच बिस्कुट का वितरण किया गया और संस्था की ओर से उन्हें आवश्यक आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया।

जब साझा हुईं संघर्षों की कहानियां

भोज के उपरांत संवाद के दौरान जब बुजुर्ग पुरुषों और महिलाओं ने अपने जीवन की त्रासद और संघर्षपूर्ण कहानियां साझा कीं, तो वहां मौजूद सभी सदस्यों की आंखें नम हो गईं। किसी ने अपनों के बिछड़ने का गम बताया तो किसी ने अकेलेपन की पीड़ा। इन कहानियों ने समाज में बुजुर्गों की स्थिति पर सोचने को मजबूर कर दिया।

भविष्य के लिए सेवा का संकल्प

संस्था की सदस्यों ने भावुक होकर कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने घोषणा की कि वूमेन विंग्स फाउंडेशन भविष्य में भी इन बुजुर्गों के स्वास्थ्य, वस्त्र और भोजन की जरूरतों के लिए निरंतर काम करता रहेगा। वृद्धाश्रम प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बुजुर्गों में जीने की नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार होता है।

मुख्य सचिव ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की 'डेडलाइन' की तय:

उत्तर से दक्षिण बिहार तक विकास कार्यों में तेजी लाने का कड़ा निर्देश मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने आज राज्य की तीन परियोजनाओं—नार्थ कोयल जलाशय, मंडई वीयर और ताजपुर-बख्तियारपुर ग्रीनफील्ड पथ की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि ये परियोजनाएं केवल बुनियादी ढांचा नहीं, बल्कि बिहार की कृषि और कनेक्टिविटी की जीवनरेखा हैं। 1. नार्थ कोयल जलाशय परियोजना: गया के जिलाधिकारी द्वारा दी गई विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर इस परियोजना के महत्व पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि 28 जनवरी तक परियोजना में व्यापक प्रगति सुनिश्चित की जाएगी। यह दशकों पुरानी परियोजना गया और औरंगाबाद जिलों के सूखाग्रस्त इलाकों के लिए वरदान है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि नहरों के नेटवर्क (Distributaries) को इस तरह तैयार किया जाए कि खरीफ और रबी, दोनों फसलों के लिए सिंचाई सुनिश्चित हो सके। जिन क्षेत्रों में कार्य की गति धीमी है, वहाँ कार्य बल बढ़ाने और साप्ताहिक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। 2. मंडई वीयर परियोजना: मंडई वीयर की सुस्त रफ्तार पर मुख्य सचिव ने औचक निरीक्षण की चेतावनी देते हुए इसके व्यापक लाभों को रेखांकित किया। यह परियोजना फल्गु नदी की सहायक नदियों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य जल संचयन और भू-जल स्तर में सुधार करना है। इसके पूर्ण होने से जहानाबाद और आसपास के क्षेत्रों में पारंपरिक आहर-पईन प्रणाली को मजबूती मिलेगी। 3. ताजपुर-बख्तियारपुर ग्रीनफील्ड पथ: कार्य की वर्तमान प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव ने इसके रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला। कनेक्टिविटी: 51.2 किमी का यह कॉरिडोर समस्तीपुर (ताजपुर) को पटना (बख्तियारपुर) से सीधे जोड़ेगा, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी लगभग 2 घंटे कम हो जाएगी।इस पथ के दोनों ओर औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। यह मार्ग न केवल यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि वैशाली और समस्तीपुर के कृषि उत्पादों को पटना के बाजारों तक तेजी से पहुँचाने में मदद करेगा। मुख्य सचिव ने पथ निर्माण विभाग को इस सड़क के किनारे सघन पौधारोपण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और सचिवों को निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं के रास्ते में आने वाली भू-अर्जन या वन विभाग की एनओसी जैसी समस्याओं का निपटारा अंतर-विभागीय समन्वय के माध्यम से तुरंत करें। रैयतों को भुगतान भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी लीडर बनने की ओर उत्तर प्रदेश


*दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, 50 करोड़ तक सरकारी सहायता और स्टार्टअप्स को 5 साल की फंडिंग से यूपी बनेगा ग्रीन एनर्जी हब*

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में देश की अग्रणी टेक्नोलॉजी स्टेट बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी के तहत शोध, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति देने जा रही है। इसके लिए प्रदेश में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे और ग्रीन हाइड्रोजन स्टार्टअप्स को पांच वर्षों तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

*दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से विकसित होगी स्वदेशी और सस्ती तकनीक*

योजना के अंतर्गत स्थापित होने वाले दोनों सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और उपयोग से जुड़ी तकनीकों का विकास करना और लागत को न्यूनतम करना है। ये केंद्र देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से स्थापित किए जाएंगे। यहां होने वाला शोध उद्योग की जरूरतों के अनुरूप होगा, जिससे तकनीक को सीधे व्यावहारिक उपयोग में लाया जा सके।
सरकार इन दोनों सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए अधिकतम 50 करोड़ रुपये तक की शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। इस राशि से हाई-एंड रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक लैब और परीक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

*स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन*

ग्रीन हाइड्रोजन नीति के तहत स्टार्टअप्स को भी विशेष बढ़ावा दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े स्टार्टअप्स को पांच साल तक हर साल अधिकतम 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। शर्त यह होगी कि स्टार्टअप किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान के इनक्यूबेटर से जुड़ा हो। इससे युवाओं को शोध आधारित उद्यमिता के अवसर मिलेंगे और उद्योग जगत को नई स्वदेशी तकनीक उपलब्ध होगी।

*नेट जीरो लक्ष्य में यूपी की अहम भूमिका*

भारत ने वर्ष 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी का निर्माण केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
गोरखपुर जिले में प्रदेश के पहले ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा किया जा चुका है, जिससे लगभग 500 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़ी कई अन्य योजनाएं भी प्रदेश में पाइपलाइन में हैं।

*ग्रीन जॉब्स और राष्ट्रीय मिशन को मिलेगी मजबूती*

रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप्स के जरिए न सिर्फ ग्रीन जॉब्स का सृजन होगा, बल्कि नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन में भी उत्तर प्रदेश की भूमिका और मजबूत होगी। यह पहल प्रदेश को देश की ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी की राजधानी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
RTE के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए 25% सीटें आरक्षित, आवेदन 2 फरवरी से

*तीन चरणों में होगी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, लॉटरी से मिलेगा प्रवेश*

लखनऊ। प्रदेश में शिक्षा के समान अवसर और सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने RTE अधिनियम-2009 के अंतर्गत सत्र 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश की समय-सारणी जारी कर दी है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा का अवसर मिलेगा।

विभागीय निर्देशों के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। कक्षा-1 अथवा पूर्व-प्राथमिक स्तर पर पात्र बच्चों का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित हो सके। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को समयसीमा के भीतर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

*तीन चरणों में आवेदन*
RTE प्रवेश के लिए अभिभावकों को तीन चरणों में आवेदन का अवसर मिलेगा—

प्रथम चरण: 2 से 16 फरवरी

द्वितीय चरण: 21 फरवरी से 7 मार्च

तृतीय चरण: 12 से 25 मार्च

*आवश्यक दस्तावेज*
आवेदन के लिए माता या पिता का आधार कार्ड, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड तथा पेंशन या दिव्यांगता से संबंधित प्रमाण पत्र अनिवार्य होंगे।

*शुल्क पूरी तरह निःशुल्क*
RTE के अंतर्गत प्रवेशित बच्चों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। निजी विद्यालयों को प्रति छात्र निर्धारित धनराशि शासन द्वारा प्रतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाएगी।

*योजना का उद्देश्य*
इस योजना का उद्देश्य समाज के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में समान, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि शिक्षा के माध्यम से उनका भविष्य सुरक्षित और सशक्त बनाया जा सके।

*मंत्री और महानिदेशक का बयान*
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि RTE के तहत 25 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। यह पहल शिक्षा में सामाजिक न्याय और समावेशन को मजबूत करती है।

वहीं, स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए पूरी समय-सारणी जारी की गई है। ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन और लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पात्र बच्चों को समयबद्ध तरीके से प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा।

*आयु सीमा*
नर्सरी: 3 से 4 वर्ष

LKG: 4 से 5 वर्ष

UKG: 5 से 6 वर्ष

कक्षा-1: 6 से 7 वर्ष
(आयु की गणना 01 अप्रैल 2026 से होगी)

*पात्रता*
इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति, जनजाति, सामाजिक-शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग, अनाथ बच्चे, अलाभित समूह, दिव्यांग, तथा दिव्यांगता/वृद्धावस्था/विधवा पेंशन प्राप्तकर्ता के बच्चे पात्र माने गए हैं।
संप्रेषण गृह में निरुद्ध बंधिया को बीच टीबी, एचआईवी के बारे में किया गया जागरूकता

मीरजापुर। जिले को टीबी मुक्त करने के क्रम में 19 जनवरी 2026 को राज्य संप्रेषण गृह (किशोर) में निरुद्ध बंधिया के बीच टीबी एवं एचआईवी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षय विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव द्वारा टीबी के संपूर्ण लक्षणों की जानकारी देते हुए नि: शुल्क उपलब्ध जांच इलाज तथा बचाव के विषय में विस्तार पूर्वक बताया।

कहा कि आप अपने बीच के किसी भी व्यक्ति को उपरोक्त बताए गए लक्षणों से यदि प्रभावित पाते हैं तो उन्हें देश हित में सरकारी अस्पताल से जांच एवं इलाज कराने का सुझाव अवश्य दें, जिससे कि भारत देश अति शीघ्र टीबी रोग मुक्त देश हो सके। कार्यक्रम में क्षय विभाग के पीएमडीटी कोऑर्डिनेटर दुर्गेश कुमार रावत, टीबी एचबी अवध बिहारी कुशवाहा, संप्रेषण गृह  प्रभारी अधीक्षक लल्लन प्रसाद, विजय कुमार आदि मौजूद रहे।

झारखंड सरकार युवाओं को दे रही रोजगार के अवसर; जेएसएससी सीजीएल-2023 के सफल अभ्यर्थियों ने संभाली जिम्मेदारी।

रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित CGL-2023 परीक्षा में सफलता प्राप्त कर विभिन्न अंचलों में नियुक्त हुए अंचल निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर) और कानूनगो ने सोमवार को रांची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री से औपचारिक मुलाकात की। समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में उपायुक्त ने नए अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।

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सरकार की नीतियों का परिणाम

उपायुक्त ने सभी नव नियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों और युवाओं को रोजगार देने की प्रतिबद्धता का सुखद परिणाम है। उन्होंने जोर दिया कि प्रतिभाशाली अधिकारियों के आने से जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी।

डीसी के 4 महत्वपूर्ण गुरुमंत्र:

उपायुक्त ने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए चार प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:

सीखने की प्रवृत्ति: प्रशासनिक करियर की शुरुआत में निरंतर सीखना आवश्यक है। कभी भी अहंकार (ईगो) को अपने काम के बीच न आने दें।

क्षेत्रीय अनुभव: कागजी कार्यवाही के साथ-साथ फील्ड में जाकर भूमि संबंधी मामलों और राजस्व संग्रहण की बारीकियों को समझें।

जनता से व्यवहार: आम जनता के साथ शालीनता और धैर्य से पेश आएं। दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ईमानदारी: अपने कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतें ताकि शासन की छवि उज्ज्वल बनी रहे।

अबुआ साथी: जनता के लिए नई पहल

कार्यक्रम के दौरान रांची जिला प्रशासन के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9430328080 (अबुआ साथी) का भी उल्लेख किया गया, जिसके माध्यम से जनता सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती है। उपायुक्त ने विश्वास जताया कि ये युवा अधिकारी राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सेतु का काम करेंगे।

बलिया में सभी ब्लॉकों और तहसीलों पर हेलीपैड निर्माण की योजना तेजी से आगे, जमीन चिन्हित
संजीव सिंह बलिया। वीआईपी मूवमेंट, प्रशासनिक कार्यों और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए जिले के सभी ब्लॉकों में स्थायी हेलीपैड बनाने की योजना पर काम तेजी से चल रहा है। जिला प्रशासन ने बलिया की सभी तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों पर हेलीपैड निर्माण की विस्तृत योजना तैयार कर ली है। इसके लिए आवश्यक जमीन चिन्हित कर ली गई है।जहां तहसील और ब्लॉक एक ही स्थान पर स्थित हैं, वहां एक ही हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा। मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) त्रिभुवन ने बताया कि सदर तहसील में हरपुर, बांसडीह तहसील में जितौरा, रसड़ा तहसील में परसिया, बैरिया तहसील में कोटवा तथा बेल्थरारोड तहसील में मझौलिया में जमीन चिन्हित की गई है।इसी क्रम में विकास खंडों में भी हेलीपैड बनेंगे। बेलहरी ब्लॉक में दुधैला, दुबहड़ में शेर, हनुमानगंज में करनई, गड़वार में गोविंदपुर, सोहांव में शिवपुर खास, रेवतीपुर में उदहां, चिल्कहर में बलेसरा, मुरलीछपरा में इब्राहिमाबाद उपरवार, नवानगर में चेतन किशोर तथा पंदह में धनेजा में निर्माण कार्य होगा। इस पहल से जिले में हवाई संपर्क मजबूत होगा और आपात सेवाएं त्वरित पहुंच सकेंगी।
बहसूमा नगर पंचायत ने 159 लाभार्थियों के नाम चयनित कराए
बहसूमा। मेरठ।नगर पंचायत बहसूमा में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। योजना के अंतर्गत पूरे जिले में बहसूमा नगर पंचायत ने 159 लाभार्थियों के नाम चयनित कराए हैं। यह बहसूमा के इतिहास में पहली बार हुआ है जब प्रधानमंत्री आवास योजना में नगर पंचायत ने जिले में शीर्ष स्थान हासिल किया हो। इस उपलब्धि से नगर क्षेत्र की जनता में हर्ष और उत्साह का माहौल बना हुआ है।

इस अवसर पर नगर पंचायत बहसूमा के अध्यक्ष सचिव सुकड़ी ने कहा कि यह सफलता सभी सभासदों, कर्मचारियों और नगरवासियों के सहयोग व मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए गए, जिसका सकारात्मक परिणाम आज सामने आया है। नगर पंचायत के कार्यों की सराहना करते हुए जनता ने बोर्ड का आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण का कार्यक्रम मेरठ यूनिवर्सिटी सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी मेरठ की उपस्थिति में लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस दौरान लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी, क्योंकि यह योजना उनके पक्के मकान के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

बताया गया कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के खातों में ₹1,00,000 की राशि का वितरण किया गया। वहीं बहसूमा नगर पंचायत क्षेत्र में कुल ₹1 करोड़ 59 लाख रुपये की धनराशि सीधे जनता के खातों में डाली गई है। इस आर्थिक सहायता से लाभार्थी अपने आवास निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कर सकेंगे।

नगर पंचायत बहसूमा की इस उपलब्धि को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। योजना की सफलता से नगरवासियों में विश्वास बढ़ा है और भविष्य में भी इसी प्रकार जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की उम्मीद जताई जा रही है।
बहसूमा नगर पंचायत ने 159 लाभार्थियों के नाम चयनित कराए
बहसूमा। मेरठ।नगर पंचायत बहसूमा में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। योजना के अंतर्गत पूरे जिले में बहसूमा नगर पंचायत ने 159 लाभार्थियों के नाम चयनित कराए हैं। यह बहसूमा के इतिहास में पहली बार हुआ है जब प्रधानमंत्री आवास योजना में नगर पंचायत ने जिले में शीर्ष स्थान हासिल किया हो। इस उपलब्धि से नगर क्षेत्र की जनता में हर्ष और उत्साह का माहौल बना हुआ है।

इस अवसर पर नगर पंचायत बहसूमा के अध्यक्ष सचिव सुकड़ी ने कहा कि यह सफलता सभी सभासदों, कर्मचारियों और नगरवासियों के सहयोग व मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए गए, जिसका सकारात्मक परिणाम आज सामने आया है। नगर पंचायत के कार्यों की सराहना करते हुए जनता ने बोर्ड का आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण का कार्यक्रम मेरठ यूनिवर्सिटी सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी मेरठ की उपस्थिति में लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस दौरान लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी, क्योंकि यह योजना उनके पक्के मकान के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

बताया गया कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के खातों में ₹1,00,000 की राशि का वितरण किया गया। वहीं बहसूमा नगर पंचायत क्षेत्र में कुल ₹1 करोड़ 59 लाख रुपये की धनराशि सीधे जनता के खातों में डाली गई है। इस आर्थिक सहायता से लाभार्थी अपने आवास निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कर सकेंगे।

नगर पंचायत बहसूमा की इस उपलब्धि को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। योजना की सफलता से नगरवासियों में विश्वास बढ़ा है और भविष्य में भी इसी प्रकार जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की उम्मीद जताई जा रही है।
भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे नितिन नबीन; दिल्ली मुख्यालय में दाखिल किया नामांकन, कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह।*




पटना: बिहार सरकार के स्वास्थ्य एवं विधि मंत्री श्री मंगल पाण्डेय ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष श्री नितिन नबीन के निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की संभावना पर अपनी हर्षपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को श्री नबीन द्वारा नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में विधिवत नामांकन दाखिल किए जाने के बाद श्री पाण्डेय ने इसे बिहार के लिए एक 'स्वर्णिम और गौरवशाली पल' करार दिया। सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड मंत्री मंगल पाण्डेय ने बताया कि नितिन नबीन भाजपा के इतिहास में अब तक के सबसे कम उम्र (युवा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। उन्होंने कहा कि यह न केवल पार्टी के लिए बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है कि यहाँ के एक युवा और ऊर्जावान नेता को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलने जा रही है। वंशवाद पर साधा निशाना श्री पाण्डेय ने विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए कहा, "यह केवल भारतीय जनता पार्टी में ही संभव है जहाँ एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले समर्पित कार्यकर्ता को सर्वोच्च पद तक पहुँचाया जाता है। वंशवादी और परिवारवादी पार्टियों के लिए एक साधारण कार्यकर्ता का शीर्ष पर पहुँचना कल्पना से परे है।" उन्होंने इसे आंतरिक लोकतंत्र की जीत बताया। सफलता के शिखर की कामना मंगल पाण्डेय ने नितिन नबीन को अपनी आत्मिक शुभकामनाएं देते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि उन्हें इतनी शक्ति और ऊर्जा मिले जिससे वे संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर सफलता की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि श्री नबीन के नेतृत्व में पार्टी और अधिक सशक्त होकर उभरेगी।
सामाजिक संदेश: बुजुर्ग हमारी अमूल्य धरोहर— केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि निरंतर सेवा का संकल्प लेकर आगे बढ़ा फाउंडेशन।

गया-फतेहपुर रोड स्थित बीएसएफ कैंप के समीप हनुमान नगर में संचालित 'सहारा' वृद्धाश्रम में रविवार को मानवता और सामाजिक सौहार्द की एक भावपूर्ण तस्वीर देखने को मिली। प्रसिद्ध महिला सामाजिक संस्था वूमेन विंग्स फाउंडेशन की ओर से यहाँ रह रहे वृद्धजनों के सम्मान में 'दही-चूड़ा भोज' का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल भोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सेवा और आत्मीयता की नई मिसाल पेश की।

हाथों से खिलाया भोजन, बांटा आर्थिक सहयोग

संस्था की अध्यक्ष ममता सिन्हा और निदेशक रेखा अग्रवाल के नेतृत्व में दर्जनों सदस्यों ने वृद्धाश्रम पहुँचकर बुजुर्गों का हालचाल जाना। सदस्यों ने स्वयं अपने हाथों से बुजुर्गों को दही-चूड़ा खिलाया, जिससे वहां का माहौल अपनत्व से भर गया। इस अवसर पर वृद्धजनों के बीच बिस्कुट का वितरण किया गया और संस्था की ओर से उन्हें आवश्यक आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया।

जब साझा हुईं संघर्षों की कहानियां

भोज के उपरांत संवाद के दौरान जब बुजुर्ग पुरुषों और महिलाओं ने अपने जीवन की त्रासद और संघर्षपूर्ण कहानियां साझा कीं, तो वहां मौजूद सभी सदस्यों की आंखें नम हो गईं। किसी ने अपनों के बिछड़ने का गम बताया तो किसी ने अकेलेपन की पीड़ा। इन कहानियों ने समाज में बुजुर्गों की स्थिति पर सोचने को मजबूर कर दिया।

भविष्य के लिए सेवा का संकल्प

संस्था की सदस्यों ने भावुक होकर कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने घोषणा की कि वूमेन विंग्स फाउंडेशन भविष्य में भी इन बुजुर्गों के स्वास्थ्य, वस्त्र और भोजन की जरूरतों के लिए निरंतर काम करता रहेगा। वृद्धाश्रम प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बुजुर्गों में जीने की नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार होता है।

मुख्य सचिव ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की 'डेडलाइन' की तय:

उत्तर से दक्षिण बिहार तक विकास कार्यों में तेजी लाने का कड़ा निर्देश मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने आज राज्य की तीन परियोजनाओं—नार्थ कोयल जलाशय, मंडई वीयर और ताजपुर-बख्तियारपुर ग्रीनफील्ड पथ की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि ये परियोजनाएं केवल बुनियादी ढांचा नहीं, बल्कि बिहार की कृषि और कनेक्टिविटी की जीवनरेखा हैं। 1. नार्थ कोयल जलाशय परियोजना: गया के जिलाधिकारी द्वारा दी गई विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर इस परियोजना के महत्व पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि 28 जनवरी तक परियोजना में व्यापक प्रगति सुनिश्चित की जाएगी। यह दशकों पुरानी परियोजना गया और औरंगाबाद जिलों के सूखाग्रस्त इलाकों के लिए वरदान है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि नहरों के नेटवर्क (Distributaries) को इस तरह तैयार किया जाए कि खरीफ और रबी, दोनों फसलों के लिए सिंचाई सुनिश्चित हो सके। जिन क्षेत्रों में कार्य की गति धीमी है, वहाँ कार्य बल बढ़ाने और साप्ताहिक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। 2. मंडई वीयर परियोजना: मंडई वीयर की सुस्त रफ्तार पर मुख्य सचिव ने औचक निरीक्षण की चेतावनी देते हुए इसके व्यापक लाभों को रेखांकित किया। यह परियोजना फल्गु नदी की सहायक नदियों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य जल संचयन और भू-जल स्तर में सुधार करना है। इसके पूर्ण होने से जहानाबाद और आसपास के क्षेत्रों में पारंपरिक आहर-पईन प्रणाली को मजबूती मिलेगी। 3. ताजपुर-बख्तियारपुर ग्रीनफील्ड पथ: कार्य की वर्तमान प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव ने इसके रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला। कनेक्टिविटी: 51.2 किमी का यह कॉरिडोर समस्तीपुर (ताजपुर) को पटना (बख्तियारपुर) से सीधे जोड़ेगा, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी लगभग 2 घंटे कम हो जाएगी।इस पथ के दोनों ओर औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। यह मार्ग न केवल यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि वैशाली और समस्तीपुर के कृषि उत्पादों को पटना के बाजारों तक तेजी से पहुँचाने में मदद करेगा। मुख्य सचिव ने पथ निर्माण विभाग को इस सड़क के किनारे सघन पौधारोपण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और सचिवों को निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं के रास्ते में आने वाली भू-अर्जन या वन विभाग की एनओसी जैसी समस्याओं का निपटारा अंतर-विभागीय समन्वय के माध्यम से तुरंत करें। रैयतों को भुगतान भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी लीडर बनने की ओर उत्तर प्रदेश


*दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, 50 करोड़ तक सरकारी सहायता और स्टार्टअप्स को 5 साल की फंडिंग से यूपी बनेगा ग्रीन एनर्जी हब*

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में देश की अग्रणी टेक्नोलॉजी स्टेट बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी के तहत शोध, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति देने जा रही है। इसके लिए प्रदेश में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे और ग्रीन हाइड्रोजन स्टार्टअप्स को पांच वर्षों तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

*दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से विकसित होगी स्वदेशी और सस्ती तकनीक*

योजना के अंतर्गत स्थापित होने वाले दोनों सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और उपयोग से जुड़ी तकनीकों का विकास करना और लागत को न्यूनतम करना है। ये केंद्र देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से स्थापित किए जाएंगे। यहां होने वाला शोध उद्योग की जरूरतों के अनुरूप होगा, जिससे तकनीक को सीधे व्यावहारिक उपयोग में लाया जा सके।
सरकार इन दोनों सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए अधिकतम 50 करोड़ रुपये तक की शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। इस राशि से हाई-एंड रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक लैब और परीक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

*स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन*

ग्रीन हाइड्रोजन नीति के तहत स्टार्टअप्स को भी विशेष बढ़ावा दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े स्टार्टअप्स को पांच साल तक हर साल अधिकतम 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। शर्त यह होगी कि स्टार्टअप किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान के इनक्यूबेटर से जुड़ा हो। इससे युवाओं को शोध आधारित उद्यमिता के अवसर मिलेंगे और उद्योग जगत को नई स्वदेशी तकनीक उपलब्ध होगी।

*नेट जीरो लक्ष्य में यूपी की अहम भूमिका*

भारत ने वर्ष 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी का निर्माण केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
गोरखपुर जिले में प्रदेश के पहले ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा किया जा चुका है, जिससे लगभग 500 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़ी कई अन्य योजनाएं भी प्रदेश में पाइपलाइन में हैं।

*ग्रीन जॉब्स और राष्ट्रीय मिशन को मिलेगी मजबूती*

रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप्स के जरिए न सिर्फ ग्रीन जॉब्स का सृजन होगा, बल्कि नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन में भी उत्तर प्रदेश की भूमिका और मजबूत होगी। यह पहल प्रदेश को देश की ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी की राजधानी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
RTE के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए 25% सीटें आरक्षित, आवेदन 2 फरवरी से

*तीन चरणों में होगी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, लॉटरी से मिलेगा प्रवेश*

लखनऊ। प्रदेश में शिक्षा के समान अवसर और सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने RTE अधिनियम-2009 के अंतर्गत सत्र 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश की समय-सारणी जारी कर दी है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा का अवसर मिलेगा।

विभागीय निर्देशों के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। कक्षा-1 अथवा पूर्व-प्राथमिक स्तर पर पात्र बच्चों का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित हो सके। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को समयसीमा के भीतर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

*तीन चरणों में आवेदन*
RTE प्रवेश के लिए अभिभावकों को तीन चरणों में आवेदन का अवसर मिलेगा—

प्रथम चरण: 2 से 16 फरवरी

द्वितीय चरण: 21 फरवरी से 7 मार्च

तृतीय चरण: 12 से 25 मार्च

*आवश्यक दस्तावेज*
आवेदन के लिए माता या पिता का आधार कार्ड, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड तथा पेंशन या दिव्यांगता से संबंधित प्रमाण पत्र अनिवार्य होंगे।

*शुल्क पूरी तरह निःशुल्क*
RTE के अंतर्गत प्रवेशित बच्चों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। निजी विद्यालयों को प्रति छात्र निर्धारित धनराशि शासन द्वारा प्रतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाएगी।

*योजना का उद्देश्य*
इस योजना का उद्देश्य समाज के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में समान, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि शिक्षा के माध्यम से उनका भविष्य सुरक्षित और सशक्त बनाया जा सके।

*मंत्री और महानिदेशक का बयान*
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि RTE के तहत 25 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। यह पहल शिक्षा में सामाजिक न्याय और समावेशन को मजबूत करती है।

वहीं, स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए पूरी समय-सारणी जारी की गई है। ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन और लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पात्र बच्चों को समयबद्ध तरीके से प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा।

*आयु सीमा*
नर्सरी: 3 से 4 वर्ष

LKG: 4 से 5 वर्ष

UKG: 5 से 6 वर्ष

कक्षा-1: 6 से 7 वर्ष
(आयु की गणना 01 अप्रैल 2026 से होगी)

*पात्रता*
इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति, जनजाति, सामाजिक-शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग, अनाथ बच्चे, अलाभित समूह, दिव्यांग, तथा दिव्यांगता/वृद्धावस्था/विधवा पेंशन प्राप्तकर्ता के बच्चे पात्र माने गए हैं।
संप्रेषण गृह में निरुद्ध बंधिया को बीच टीबी, एचआईवी के बारे में किया गया जागरूकता

मीरजापुर। जिले को टीबी मुक्त करने के क्रम में 19 जनवरी 2026 को राज्य संप्रेषण गृह (किशोर) में निरुद्ध बंधिया के बीच टीबी एवं एचआईवी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षय विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव द्वारा टीबी के संपूर्ण लक्षणों की जानकारी देते हुए नि: शुल्क उपलब्ध जांच इलाज तथा बचाव के विषय में विस्तार पूर्वक बताया।

कहा कि आप अपने बीच के किसी भी व्यक्ति को उपरोक्त बताए गए लक्षणों से यदि प्रभावित पाते हैं तो उन्हें देश हित में सरकारी अस्पताल से जांच एवं इलाज कराने का सुझाव अवश्य दें, जिससे कि भारत देश अति शीघ्र टीबी रोग मुक्त देश हो सके। कार्यक्रम में क्षय विभाग के पीएमडीटी कोऑर्डिनेटर दुर्गेश कुमार रावत, टीबी एचबी अवध बिहारी कुशवाहा, संप्रेषण गृह  प्रभारी अधीक्षक लल्लन प्रसाद, विजय कुमार आदि मौजूद रहे।

झारखंड सरकार युवाओं को दे रही रोजगार के अवसर; जेएसएससी सीजीएल-2023 के सफल अभ्यर्थियों ने संभाली जिम्मेदारी।

रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित CGL-2023 परीक्षा में सफलता प्राप्त कर विभिन्न अंचलों में नियुक्त हुए अंचल निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर) और कानूनगो ने सोमवार को रांची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री से औपचारिक मुलाकात की। समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में उपायुक्त ने नए अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।

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सरकार की नीतियों का परिणाम

उपायुक्त ने सभी नव नियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों और युवाओं को रोजगार देने की प्रतिबद्धता का सुखद परिणाम है। उन्होंने जोर दिया कि प्रतिभाशाली अधिकारियों के आने से जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी।

डीसी के 4 महत्वपूर्ण गुरुमंत्र:

उपायुक्त ने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए चार प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:

सीखने की प्रवृत्ति: प्रशासनिक करियर की शुरुआत में निरंतर सीखना आवश्यक है। कभी भी अहंकार (ईगो) को अपने काम के बीच न आने दें।

क्षेत्रीय अनुभव: कागजी कार्यवाही के साथ-साथ फील्ड में जाकर भूमि संबंधी मामलों और राजस्व संग्रहण की बारीकियों को समझें।

जनता से व्यवहार: आम जनता के साथ शालीनता और धैर्य से पेश आएं। दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ईमानदारी: अपने कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतें ताकि शासन की छवि उज्ज्वल बनी रहे।

अबुआ साथी: जनता के लिए नई पहल

कार्यक्रम के दौरान रांची जिला प्रशासन के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9430328080 (अबुआ साथी) का भी उल्लेख किया गया, जिसके माध्यम से जनता सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती है। उपायुक्त ने विश्वास जताया कि ये युवा अधिकारी राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सेतु का काम करेंगे।