होटवार जेल में महिला कैदी के यौन शोषण का मामले में नया मोड़, कुशवाहा समाज आया आगे

बिरसा मुंडा जेल में महिला कैदी के साथ गठित तौर पर यौन शोषण और गर्भवती मामले में मेडिकल रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद कुशवाहा समाज आया आगे। जेल प्रकरण मामले में विजय कुशवाहा ने कहा कि बाबूलाल मराठी कुशवाहा समाज को ही टारगेट कर गलत आरोप लगा रहे है।

जिस तरह से जेल कारा अधीक्षक पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। मेडिकल रिपोर्ट में पूरी तरह से निराधार और नेगेटिव आया। कुशवाहा समाज की ओर से कहा गया कि बिना साक्षी के किसी व्यक्ति विशेष पर गंभीर आरोप लगाना गलत है। अगले 24 घंटा में बाबूलाल मरांडी साझे दे नहीं तो माफी मांगे अन्यथा पूरे जिले में कुशवाहा समाज आंदोलन करेगा।

जेल प्रकरण मामले में झालसा ने स्वतः संज्ञान लिया, डालसा तो टीम पहुंची जेल

रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल मैं महिला कैदी के यौन शोषण मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) ने गंभीर रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है।

वीडियो में खबरें प्रकाशित होने के बाद झालसा ने डालसा, रांची को मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इसके बाद टीम कथित की गई जिसमें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, डालसा सचिव, महिला एलएडीसी चीफ समेत अन्य महिला सदस्य शामिल थीं। जांच टीम ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की। जेल चिकित्सक का भी बयान दर्ज किया गया।

निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि जेल के किसी भी वार्ड में शिकायत पेटी नहीं लगाई गई थी। इस पर जांच टीम ने नाराजगी जताई और जेल अधीक्षक को दो दिनों के भीतर सभी वार्डों में शिकायत पेटियां लगाने का निर्देश दिया।

पीवीयूएनएल ने हासिल की 1600 मेगावाट क्षमता की ऐतिहासिक उपलब्धि; एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता 90 गीगावाट के पार

पीवीयूएनएल, जो कि एनटीपीसी एवं झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) का संयुक्त उपक्रम है, ने 11 मई 2026 को पतरातु सुपर थर्मल पावर परियोजना की यूनिट-2 (800 मेगावाट) के सफल ट्रायल ऑपरेशन के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही पीवीयूएनएल की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 1600 मेगावाट हो गई है। इसी उपलब्धि के साथ एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता भी 90 गीगावाट के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई है।

इस अवसर पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Ashok Kumar Sehgal ने कहा कि यूनिट-2 के चालू होने के साथ पीवीयूएनएल झारखंड के ऊर्जा परिदृश्य में एक परिवर्तनकारी परियोजना के रूप में उभरा है। परियोजना से उत्पादित 85 प्रतिशत बिजली झारखंड राज्य को आवंटित की गई है, जिससे राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी तथा वर्तमान एवं भविष्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

उन्होंने बताया कि इससे पूर्व यूनिट-1 का वाणिज्यिक संचालन (COD) 05 नवंबर 2025 को घोषित किया गया था तथा यूनिट-2 ने मार्च 2026 में पूर्ण भार क्षमता हासिल कर ली थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पीवीयूएनएल द्वारा 2,062.90 मिलियन यूनिट (MU) विद्युत उत्पादन किया गया। वहीं परियोजना की यूनिट-3 का कार्य भी तेज गति से प्रगति पर है और इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 में चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्नत अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल (USC) तकनीक, एयर कूल्ड कंडेंसर (ACC) तथा 100 प्रतिशत ड्राई ऐश सिस्टम पर आधारित यह परियोजना सतत एवं पर्यावरण अनुकूल तापीय ऊर्जा उत्पादन का भविष्य प्रस्तुत करती है। पीवीयूएनएल कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है।

श्री ए.के. सहगल ने आगे कहा कि पीवीयूएनएल एवं एनटीपीसी राष्ट्र के ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति में योगदान देते हुए विश्वसनीय एवं सतत विद्युत आपूर्ति हेतु प्रतिबद्ध हैं तथा वर्तमान एवं भावी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए एनटीपीसी, जेबीवीएनएल, झारखंड सरकार, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA), विद्युत मंत्रालय (MoP), भेल (BHEL), सहयोगी संस्थाओं, श्रमिकों एवं सभी हितधारकों के निरंतर सहयोग एवं समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया।

स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत पीवीयूएनएल द्वारा कटिया मार्केट में स्वच्छता अभियान आयोजित

पतरातु, 19 मई 2026: स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत आज Patratu Vidyut Utpadan Nigam Limited द्वारा कटिया मार्केट क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का नेतृत्व पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Shri A.K. Sehgal ने किया। इस अवसर पर श्री अनुपम मुखर्जी, सीजीएम (प्रोजेक्ट), श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (ओ एंड एम), तथा श्री जियाउर रहमान, एचओएचआर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

अभियान के दौरान कटिया मार्केट परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की गई। साथ ही लोगों के उपयोग हेतु विभिन्न स्थानों पर डस्टबिन वितरित एवं स्थापित किए गए, ताकि क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा मिल सके।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों द्वारा स्थानीय दुकानदारों एवं आमजन को कचरा प्रबंधन, सूखा एवं गीला कचरा पृथक्करण तथा स्वच्छ वातावरण के महत्व के संबंध में जागरूक किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने में सहयोग करें।

कार्यक्रम के दौरान Shri A.K. Sehgal ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

पूर्व नगरसेवक सुरेश ठाकुर के निधन से वाकोला में शोक की लहर
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका में 2 बार नगरसेवक रहे सूर्यवंश ( सुरेश) ठाकुर का आज सुबह 75 वर्ष की उम्र में माहिम के रहेजा अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही सांताक्रूज़ पूर्व के वाकोला परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। सुरेश ठाकुर अपने पीछे अपने दो बेटों सुनील ठाकुर, अनिल ठाकुर और  पौत्र पौत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए। उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि मैंने अपना एक पुराना साथी खो दिया। सुरेश ठाकुर अत्यंत विनम्र, शालीन और उदार होने के साथ-साथ सबके दुख सुख में खड़े रहने वाले इंसान थे। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को यह सदमा बर्दाश्त करने की ताकत दें। सुरेश ठाकुर के निधन पर पूर्व सांसद विनायक राऊत, नगरसेवक सदा परब, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, कृपाशंकर पाण्डेय, पूर्व नगरसेवक ब्रायन मिरांडा, शेखर सालियन, जीतू यादव, राम यादव जयप्रकाश विश्वकर्मा, रमाशंकर सिंह, जेपी सिंह, अजय सिंह, जगदीश सिंह, विनय शुक्ला, सुशील राय, विजई सिंह, डॉ मुकेश शुक्ला समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
खराब प्रगति पर डीएम ने लिया एक्शन,आंगनबाड़ी कार्यकत्री,मुख्य सेविका और बाल विकास परियोजना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस
फर्रुखाबाद l बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन तथा अनुश्रवण हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। बैठक में बाल विकास विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार (मनरेगा), उपायुक्त श्रम एवं रोजगार (एन०आर०एल०एम०), अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी एन०आर०सी०, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, समस्त मुख्य सेविका सहित संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों का सही ढंग से वजन एवं लंबाई मापन सुनिश्चित कर सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों का चिन्हांकन करते हुए उनके स्वास्थ्य प्रबंधन एवं पोषण सुधार के लिए प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए, ताकि उन्हें कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाया जा सके।
माह जून 2026 में आयोजित होने वाले “संभव अभियान” की सफलता हेतु प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र पर बच्चों की ड्यू-लिस्ट तैयार कर वजन एवं लंबाई मापन सुनिश्चित करने तथा ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस की उपलब्धता एवं कार्यशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि समस्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां पोषण ट्रैकर एप पर सैम एवं मैम बच्चों का वजन एवं लंबाई सही-सही अंकित करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी निरीक्षण के दौरान गलत आंकड़े पाए जाने पर संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मुख्य सेविका एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
बैठक में समस्त मुख्य सेविकाओं को उनकी दैनिक एवं पाक्षिक डायरी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को क्षेत्रीय मुख्य सेविकाओं एवं कार्यकत्रियों का नियमित अभिमुखीकरण प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक आयोजित कर विभागीय कार्यों में गतिशीलता लाने हेतु निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी अपने विगत माह की निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं जिन केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव हो, उनका सर्वे कर तत्काल आख्या जिला कार्यक्रम अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत लाभान्वित किए जाने तथा केवल नियमानुसार पात्र लाभार्थियों को ही योजना का लाभ दिए जाने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं मुख्य सेविकाएं सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के घर-घर भ्रमण कर उन्हें स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान करते हुए जनजागरूकता का प्रसार सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने खराब प्रगति वाले क्षेत्रों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि जिन मुख्य सेविकाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं है, उन्हें जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी मोहम्मदाबाद एवं संबंधित क्षेत्रीय मुख्य सेविका को खराब प्रगति के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के निर्देश दिए गए।
नसबंदी को पकड़े गए कुत्ते मोहल्ले में नहीं छोड़े गए, डीएम को दिया ज्ञापन

फर्रुखाबाद l नगर पालिका परिषद द्वारा डीएम के निर्देश पर आवारा घूमने वाले तीन हज़ार कुत्तों को नसबंदी कराने के लिए कैद किया गया लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया l कुत्तों की समस्या को लेकर एडवोकेट आयुष सक्सेना मंगलवार को जिला अधिकारी डॉ अंकुर लाठर को इस संबंध में ज्ञापन दिया है जिन्होंने जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें अवगत कराया कि डॉग स्ट्रीट जो की नसबंदी के लिए पकड़े गए थे नसबंदी होने के बाद उन मोहल्ले में नहीं पहुंचाएं गए ऐसे गली मोहल्ले के कुत्तों की  संख्या लगभग 3000 है , लेकिन इन कुत्तों की नसबंदी   हुई है कि नहीं बल्कि जहा से पकड़ा गया वहां पर नहीं छोड़ा गया है जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है l जिलाधिकारी ने नगर पालिका ईओ से कहा है कि तत्काल प्रभाव से कारवाई करने के निर्देश दिए हैं l
सर्राफा व्यापारियों के साथ जिलाधिकारी ने की बैठक, व्यापारियो ने प्रशासन को दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन

फर्रुखाबाद l मंगलवार को जनपद के सर्राफा व्यापारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई l इस दौरान प्रधानमंत्री द्वारा की गई अपील के समर्थन एवं सहयोग प्रदान करने हेतु व्यापारियों से अनुरोध किया गया। बैठक में जनहित एवं राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपस्थित सर्राफा व्यापारियों से आह्वान किया गया कि वे समाज एवं राष्ट्र के व्यापक हित में संचालित प्रयासों में सक्रिय सहभागिता निभाएं तथा प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सहयोग करें। अधिकारियों द्वारा कहा गया कि व्यापारिक समुदाय समाज की आर्थिक एवं सामाजिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है और उनकी सहभागिता से जनकल्याणकारी प्रयासों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
बैठक में व्यापारियों ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया तथा कहा कि वे राष्ट्रहित एवं जनहित से जुड़े प्रत्येक अभियान एवं अपील में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई तथा प्रशासन एवं व्यापारियों के मध्य बेहतर समन्वय एवं सहयोग बनाए रखने पर बल दिया गया।
फिर महकेगी बुंदेलखंड की रसोई, 'बुंदेली शेफ सीज़न- 4' जल्द लेकर आ रहा है स्वाद, सपनों और पहचान का सबसे बड़ा मंच

इंदौर,  मई, 2026: कुछ स्वाद सिर्फ ज़ुबान पर नहीं ठहरते, वे हर दिन महकती यादों में बस जाते हैं। कुछ रसोइयाँ सिर्फ भोजन ही नहीं पकातीं, वे अपने घर, अपनी मिट्टी और अपनी परंपरा की कहानियाँ परोसती हैं। बुंदेलखंड की वही सौंधी खुशबू, वही देसी तड़का और वही आत्मीयता अब एक बार फिर पूरे क्षेत्र को उत्साह से भरने लौट रही है। 'बुंदेली शेफ' अब अपने चौथे सीज़न के साथ फिर तैयार है, जहाँ रसोई से निकलने वाली हर खुशबू सिर्फ व्यंजन ही नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की पहचान बनकर सामने आएगी।

बुंदेली पाक और महिलाओं के हुनर को देखते हुए, अब सीज़न 4 पहले से कहीं ज्यादा भव्य और रोमांचक होने जा रहा है। इस बार प्रतिभागियों के हुनर को परखने के लिए तीन बड़े ऑडिशन राउंड्स आयोजित किए जाएँगे। इन राउंड्स में चयनित पाककला की होनहार प्रतिभागियों को क्रमशः क्वार्टर फाइनल, सेमी फाइनल और फिर भव्य ग्रैंड फिनाले में अपने हुनर की करछी चलाने का मौका मिलेगें और इस प्रकार बुंदेलखंड की सर्वश्रेष्ठ रसोई की नई पहचान सामने आएगी।

बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जब हमने 'बुंदेली शेफ' की शुरुआत की थी, तब हमारा उद्देश्य सिर्फ एक कुकिंग शो बनाना नहीं था, बल्कि बुंदेलखंड की उन प्रतिभाशाली महिलाओं को एक ऐसा मंच देना था, जिनका हुनर अक्सर घर की चारदीवारी तक ही सीमित रह जाता है। पिछले तीन सीज़न्स में हमने देखा कि कैसे इस मंच ने कई महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास जगाया, उन्हें नई पहचान दी और उनके सपनों को नई उड़ान दी। आज 'बुंदेली शेफ' सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की संस्कृति, परंपरा और स्वाद का उत्सव बन चुका है। यही हमारी सफलता है और आगे इसे बढ़ने के लिए प्रेरणा भी है। सीज़न 4 में हम और भी नए चेहरे, पाककला की नई कहानियों और ऐसे अनोखे स्वादों से परिचित होने जा रहे हैं, जो एक बार फिर पूरे बुंदेलखंड को अपनी मिट्टी पर गर्व करने का मौका देंगे।"

पिछले तीन सीज़न्स में इस मंच ने न सिर्फ कई प्रतिभाओं को पहचान दी, बल्कि यह हजारों महिलाओं के भीतर छिपे आत्मविश्वास को भी नई उड़ान देने का माध्यम रहा है। सीज़न 1 की विजेता शमिता सिंह ने अपने सहज और पारंपरिक स्वाद से लोगों का दिल जीता। इसके बाद सीज़न 2 में ज़हीदा परवीन ने यह साबित किया कि बुंदेली रसोई में हुनर और प्रयोग दोनों साथ-साथ बखूबी चल सकते हैं। वहीं, कुछ माह पूर्व ही सम्पन्न हुए सीज़न 3 में शाजिदा अमीर ने अपने लाजवाब व्यंजनों से ऐसा जादू चलाया कि उनकी जीत पूरे बुंदेलखंड के लिए गर्व का क्षण बन गई।

'बुंदेली शेफ' अब सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं रह गया है, बल्कि यह उस भावना का उत्सव बन चुका है, जहाँ महिलाएँ अपनी थाली में अपने अपना हुनर, अपने सपने और अपने संस्कार लेकर आती हैं। हर बढ़ते सीज़न के साथ यह मंच इस बात को साबित कर रहा है कि बुंदेलखंड की रसोई में सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि दुनिया को जोड़ लेने वाली आत्मीयता भी बसती है।

सीज़न 4 की चर्चा अभी से लोगों के बीच उत्साह पैदा करने लगी है। क्योंकि यह मंच केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि उस मिट्टी की खुशबू को दुनिया तक पहुँचाने के लिए है, जो हर बुंदेली रसोई में आज भी प्रेम, अपनापन और परंपरा के साथ पकती है।
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, डॉग लवर्स की याचिका की खारिज, नहीं बदला अपना पुराना आदेश

#supremecourtdecisiononstreetdogsrefusestochangeitsprevious_order

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्‍तों पर अपने पूर्व के फैसलों को बदलने की मांग को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और उनसे जुड़ी सार्वजनिक सुरक्षा चिंताओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अपने 25 नवंबर के आदेश में बदलाव करने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि वह जमीनी सच्चाइयों से आंखें बंद नहीं की जा सकती। अदालत ने सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि नागरिकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

नसबंदी के बाद पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार

स्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने सुनवाई की। अदालत ने शैक्षणिक संस्थानों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों, खेल परिसरों, अस्पतालों आदि जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पूर्व के निर्देशों को बदलने से इनकार कर दिया और कुत्तों को नसबंदी के बाद वापस पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।

कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी

जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी है और यह दिखाता है कि संबंधित अथॉरिटी की लापरवाही है। डॉग बाइट की समस्या चिंता में डालने वाली है। राजस्थान के गंगानगर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा से हमें चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं। तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही आंकड़े सामने आए हैं। दिल्ली के IGI एयरपोर्ट में भी जनवरी से अब तक 31 डॉग बाइट की घटनाएं हुई हैं। विदेशी पर्यटकों को भी कुत्तों ने काटा है। देश भर में रैबीज से मौत की कई घटनाएं हुई हैं।

राइट टू लाइफ को लेकर राज्य सरकारों पर सख्त

शीर्ष अदालत ने कहा, "Animal Birth Control" नियमों को सही तरीके से लागू करने में गंभीर लापरवाही हुई है, जिसकी वजह से समस्या बढ़ी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों का यह दायित्व है कि लोगों के जीवन की रक्षा करें। राइट टू लाइफ की रक्षा करना राज्य और यूटी की जिम्मेदारी है।सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि यदि राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों ने समय रहते दूरदर्शिता के साथ काम किया होता, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मुद्दे पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को Animal Birth Control (ABC) गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित राज्यों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी, व्यवस्थित और वैज्ञानिक कदम उठाना बेहद जरूरी है। अदालत ने निर्देश दिया कि देश के हर जिले में कम से कम एक ABC सेंटर स्थापित किया जाए, जहां प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। अदालत ने माना कि मौजूदा व्यवस्था कई स्थानों पर बेहद कमजोर है और इसका सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

केजरीवाल-सिसोदिया को हाईकोर्ट का नोटिस, जस्टिस स्वर्ण कांता के खिलाफ अभियान चलाने का आरोप

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दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब नीति मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को निशाना बनाने के लिए कथित तौर पर चलाए गए एक सुनियोजित सोशल मीडिया अभियान के संबंध में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य को नोटिस जारी किया है।

चार हफ्ते में मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को आपराधिक अवमानना के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अदालत ने अवमानना मामले में सभी नेताओं को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।

आप नेताओं पर अवमानना करने के आरोप

आम आदमी पार्टी के नेताओं पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित तौर पर 'मानहानिकारक और अपमानजनक' टिप्पणियां करने का आरोप है। सुनवाई जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच के पास है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए थे। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने कहा था कि वे आबकारी नीति मामले के कुछ बरी किए गए आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया पर उनके और अदालत के खिलाफ की गई अत्यंत अपमानजनक, मानहानिकारक और घृणित टिप्पणियों पर चुप नहीं रह सकती हैं।

कई सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति

जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने जोर देकर कहा था कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कानूनी उपायों को अपनाने के बजाय सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ बदनामी का एक "सोचा-समझा अभियान" चलाया, और यह साफ किया कि सभी आरोपियों को बरी करने के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर अब कोई दूसरी बेंच सुनवाई करेगी। जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने उन लोगों के कई सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति जताई, जिन पर अवमानना का आरोप है। इन पोस्ट में उन पर "राजनीतिक निष्ठा" और "जुड़ाव" रखने का आरोप लगाया गया था और कथित तौर पर वाराणसी के एक शिक्षण संस्थान में दिए गए उनके भाषण का एक गुमराह करने वाला "एडिट किया हुआ" वीडियो पोस्ट करके उन्हें निशाना बनाया गया था।

होटवार जेल में महिला कैदी के यौन शोषण का मामले में नया मोड़, कुशवाहा समाज आया आगे

बिरसा मुंडा जेल में महिला कैदी के साथ गठित तौर पर यौन शोषण और गर्भवती मामले में मेडिकल रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद कुशवाहा समाज आया आगे। जेल प्रकरण मामले में विजय कुशवाहा ने कहा कि बाबूलाल मराठी कुशवाहा समाज को ही टारगेट कर गलत आरोप लगा रहे है।

जिस तरह से जेल कारा अधीक्षक पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। मेडिकल रिपोर्ट में पूरी तरह से निराधार और नेगेटिव आया। कुशवाहा समाज की ओर से कहा गया कि बिना साक्षी के किसी व्यक्ति विशेष पर गंभीर आरोप लगाना गलत है। अगले 24 घंटा में बाबूलाल मरांडी साझे दे नहीं तो माफी मांगे अन्यथा पूरे जिले में कुशवाहा समाज आंदोलन करेगा।

जेल प्रकरण मामले में झालसा ने स्वतः संज्ञान लिया, डालसा तो टीम पहुंची जेल

रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल मैं महिला कैदी के यौन शोषण मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) ने गंभीर रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है।

वीडियो में खबरें प्रकाशित होने के बाद झालसा ने डालसा, रांची को मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इसके बाद टीम कथित की गई जिसमें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, डालसा सचिव, महिला एलएडीसी चीफ समेत अन्य महिला सदस्य शामिल थीं। जांच टीम ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की। जेल चिकित्सक का भी बयान दर्ज किया गया।

निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि जेल के किसी भी वार्ड में शिकायत पेटी नहीं लगाई गई थी। इस पर जांच टीम ने नाराजगी जताई और जेल अधीक्षक को दो दिनों के भीतर सभी वार्डों में शिकायत पेटियां लगाने का निर्देश दिया।

पीवीयूएनएल ने हासिल की 1600 मेगावाट क्षमता की ऐतिहासिक उपलब्धि; एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता 90 गीगावाट के पार

पीवीयूएनएल, जो कि एनटीपीसी एवं झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) का संयुक्त उपक्रम है, ने 11 मई 2026 को पतरातु सुपर थर्मल पावर परियोजना की यूनिट-2 (800 मेगावाट) के सफल ट्रायल ऑपरेशन के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही पीवीयूएनएल की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 1600 मेगावाट हो गई है। इसी उपलब्धि के साथ एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता भी 90 गीगावाट के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई है।

इस अवसर पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Ashok Kumar Sehgal ने कहा कि यूनिट-2 के चालू होने के साथ पीवीयूएनएल झारखंड के ऊर्जा परिदृश्य में एक परिवर्तनकारी परियोजना के रूप में उभरा है। परियोजना से उत्पादित 85 प्रतिशत बिजली झारखंड राज्य को आवंटित की गई है, जिससे राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी तथा वर्तमान एवं भविष्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

उन्होंने बताया कि इससे पूर्व यूनिट-1 का वाणिज्यिक संचालन (COD) 05 नवंबर 2025 को घोषित किया गया था तथा यूनिट-2 ने मार्च 2026 में पूर्ण भार क्षमता हासिल कर ली थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पीवीयूएनएल द्वारा 2,062.90 मिलियन यूनिट (MU) विद्युत उत्पादन किया गया। वहीं परियोजना की यूनिट-3 का कार्य भी तेज गति से प्रगति पर है और इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 में चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्नत अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल (USC) तकनीक, एयर कूल्ड कंडेंसर (ACC) तथा 100 प्रतिशत ड्राई ऐश सिस्टम पर आधारित यह परियोजना सतत एवं पर्यावरण अनुकूल तापीय ऊर्जा उत्पादन का भविष्य प्रस्तुत करती है। पीवीयूएनएल कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है।

श्री ए.के. सहगल ने आगे कहा कि पीवीयूएनएल एवं एनटीपीसी राष्ट्र के ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति में योगदान देते हुए विश्वसनीय एवं सतत विद्युत आपूर्ति हेतु प्रतिबद्ध हैं तथा वर्तमान एवं भावी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए एनटीपीसी, जेबीवीएनएल, झारखंड सरकार, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA), विद्युत मंत्रालय (MoP), भेल (BHEL), सहयोगी संस्थाओं, श्रमिकों एवं सभी हितधारकों के निरंतर सहयोग एवं समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया।

स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत पीवीयूएनएल द्वारा कटिया मार्केट में स्वच्छता अभियान आयोजित

पतरातु, 19 मई 2026: स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत आज Patratu Vidyut Utpadan Nigam Limited द्वारा कटिया मार्केट क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का नेतृत्व पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Shri A.K. Sehgal ने किया। इस अवसर पर श्री अनुपम मुखर्जी, सीजीएम (प्रोजेक्ट), श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (ओ एंड एम), तथा श्री जियाउर रहमान, एचओएचआर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

अभियान के दौरान कटिया मार्केट परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की गई। साथ ही लोगों के उपयोग हेतु विभिन्न स्थानों पर डस्टबिन वितरित एवं स्थापित किए गए, ताकि क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा मिल सके।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों द्वारा स्थानीय दुकानदारों एवं आमजन को कचरा प्रबंधन, सूखा एवं गीला कचरा पृथक्करण तथा स्वच्छ वातावरण के महत्व के संबंध में जागरूक किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने में सहयोग करें।

कार्यक्रम के दौरान Shri A.K. Sehgal ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

पूर्व नगरसेवक सुरेश ठाकुर के निधन से वाकोला में शोक की लहर
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका में 2 बार नगरसेवक रहे सूर्यवंश ( सुरेश) ठाकुर का आज सुबह 75 वर्ष की उम्र में माहिम के रहेजा अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही सांताक्रूज़ पूर्व के वाकोला परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। सुरेश ठाकुर अपने पीछे अपने दो बेटों सुनील ठाकुर, अनिल ठाकुर और  पौत्र पौत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए। उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि मैंने अपना एक पुराना साथी खो दिया। सुरेश ठाकुर अत्यंत विनम्र, शालीन और उदार होने के साथ-साथ सबके दुख सुख में खड़े रहने वाले इंसान थे। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को यह सदमा बर्दाश्त करने की ताकत दें। सुरेश ठाकुर के निधन पर पूर्व सांसद विनायक राऊत, नगरसेवक सदा परब, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, कृपाशंकर पाण्डेय, पूर्व नगरसेवक ब्रायन मिरांडा, शेखर सालियन, जीतू यादव, राम यादव जयप्रकाश विश्वकर्मा, रमाशंकर सिंह, जेपी सिंह, अजय सिंह, जगदीश सिंह, विनय शुक्ला, सुशील राय, विजई सिंह, डॉ मुकेश शुक्ला समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
खराब प्रगति पर डीएम ने लिया एक्शन,आंगनबाड़ी कार्यकत्री,मुख्य सेविका और बाल विकास परियोजना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस
फर्रुखाबाद l बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन तथा अनुश्रवण हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। बैठक में बाल विकास विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार (मनरेगा), उपायुक्त श्रम एवं रोजगार (एन०आर०एल०एम०), अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी एन०आर०सी०, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, समस्त मुख्य सेविका सहित संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों का सही ढंग से वजन एवं लंबाई मापन सुनिश्चित कर सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों का चिन्हांकन करते हुए उनके स्वास्थ्य प्रबंधन एवं पोषण सुधार के लिए प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए, ताकि उन्हें कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाया जा सके।
माह जून 2026 में आयोजित होने वाले “संभव अभियान” की सफलता हेतु प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र पर बच्चों की ड्यू-लिस्ट तैयार कर वजन एवं लंबाई मापन सुनिश्चित करने तथा ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस की उपलब्धता एवं कार्यशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि समस्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां पोषण ट्रैकर एप पर सैम एवं मैम बच्चों का वजन एवं लंबाई सही-सही अंकित करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी निरीक्षण के दौरान गलत आंकड़े पाए जाने पर संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मुख्य सेविका एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
बैठक में समस्त मुख्य सेविकाओं को उनकी दैनिक एवं पाक्षिक डायरी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को क्षेत्रीय मुख्य सेविकाओं एवं कार्यकत्रियों का नियमित अभिमुखीकरण प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक आयोजित कर विभागीय कार्यों में गतिशीलता लाने हेतु निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी अपने विगत माह की निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं जिन केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव हो, उनका सर्वे कर तत्काल आख्या जिला कार्यक्रम अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत लाभान्वित किए जाने तथा केवल नियमानुसार पात्र लाभार्थियों को ही योजना का लाभ दिए जाने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं मुख्य सेविकाएं सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के घर-घर भ्रमण कर उन्हें स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान करते हुए जनजागरूकता का प्रसार सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने खराब प्रगति वाले क्षेत्रों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि जिन मुख्य सेविकाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं है, उन्हें जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी मोहम्मदाबाद एवं संबंधित क्षेत्रीय मुख्य सेविका को खराब प्रगति के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के निर्देश दिए गए।
नसबंदी को पकड़े गए कुत्ते मोहल्ले में नहीं छोड़े गए, डीएम को दिया ज्ञापन

फर्रुखाबाद l नगर पालिका परिषद द्वारा डीएम के निर्देश पर आवारा घूमने वाले तीन हज़ार कुत्तों को नसबंदी कराने के लिए कैद किया गया लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया l कुत्तों की समस्या को लेकर एडवोकेट आयुष सक्सेना मंगलवार को जिला अधिकारी डॉ अंकुर लाठर को इस संबंध में ज्ञापन दिया है जिन्होंने जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें अवगत कराया कि डॉग स्ट्रीट जो की नसबंदी के लिए पकड़े गए थे नसबंदी होने के बाद उन मोहल्ले में नहीं पहुंचाएं गए ऐसे गली मोहल्ले के कुत्तों की  संख्या लगभग 3000 है , लेकिन इन कुत्तों की नसबंदी   हुई है कि नहीं बल्कि जहा से पकड़ा गया वहां पर नहीं छोड़ा गया है जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है l जिलाधिकारी ने नगर पालिका ईओ से कहा है कि तत्काल प्रभाव से कारवाई करने के निर्देश दिए हैं l
सर्राफा व्यापारियों के साथ जिलाधिकारी ने की बैठक, व्यापारियो ने प्रशासन को दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन

फर्रुखाबाद l मंगलवार को जनपद के सर्राफा व्यापारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई l इस दौरान प्रधानमंत्री द्वारा की गई अपील के समर्थन एवं सहयोग प्रदान करने हेतु व्यापारियों से अनुरोध किया गया। बैठक में जनहित एवं राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपस्थित सर्राफा व्यापारियों से आह्वान किया गया कि वे समाज एवं राष्ट्र के व्यापक हित में संचालित प्रयासों में सक्रिय सहभागिता निभाएं तथा प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सहयोग करें। अधिकारियों द्वारा कहा गया कि व्यापारिक समुदाय समाज की आर्थिक एवं सामाजिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है और उनकी सहभागिता से जनकल्याणकारी प्रयासों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
बैठक में व्यापारियों ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया तथा कहा कि वे राष्ट्रहित एवं जनहित से जुड़े प्रत्येक अभियान एवं अपील में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई तथा प्रशासन एवं व्यापारियों के मध्य बेहतर समन्वय एवं सहयोग बनाए रखने पर बल दिया गया।
फिर महकेगी बुंदेलखंड की रसोई, 'बुंदेली शेफ सीज़न- 4' जल्द लेकर आ रहा है स्वाद, सपनों और पहचान का सबसे बड़ा मंच

इंदौर,  मई, 2026: कुछ स्वाद सिर्फ ज़ुबान पर नहीं ठहरते, वे हर दिन महकती यादों में बस जाते हैं। कुछ रसोइयाँ सिर्फ भोजन ही नहीं पकातीं, वे अपने घर, अपनी मिट्टी और अपनी परंपरा की कहानियाँ परोसती हैं। बुंदेलखंड की वही सौंधी खुशबू, वही देसी तड़का और वही आत्मीयता अब एक बार फिर पूरे क्षेत्र को उत्साह से भरने लौट रही है। 'बुंदेली शेफ' अब अपने चौथे सीज़न के साथ फिर तैयार है, जहाँ रसोई से निकलने वाली हर खुशबू सिर्फ व्यंजन ही नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की पहचान बनकर सामने आएगी।

बुंदेली पाक और महिलाओं के हुनर को देखते हुए, अब सीज़न 4 पहले से कहीं ज्यादा भव्य और रोमांचक होने जा रहा है। इस बार प्रतिभागियों के हुनर को परखने के लिए तीन बड़े ऑडिशन राउंड्स आयोजित किए जाएँगे। इन राउंड्स में चयनित पाककला की होनहार प्रतिभागियों को क्रमशः क्वार्टर फाइनल, सेमी फाइनल और फिर भव्य ग्रैंड फिनाले में अपने हुनर की करछी चलाने का मौका मिलेगें और इस प्रकार बुंदेलखंड की सर्वश्रेष्ठ रसोई की नई पहचान सामने आएगी।

बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जब हमने 'बुंदेली शेफ' की शुरुआत की थी, तब हमारा उद्देश्य सिर्फ एक कुकिंग शो बनाना नहीं था, बल्कि बुंदेलखंड की उन प्रतिभाशाली महिलाओं को एक ऐसा मंच देना था, जिनका हुनर अक्सर घर की चारदीवारी तक ही सीमित रह जाता है। पिछले तीन सीज़न्स में हमने देखा कि कैसे इस मंच ने कई महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास जगाया, उन्हें नई पहचान दी और उनके सपनों को नई उड़ान दी। आज 'बुंदेली शेफ' सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की संस्कृति, परंपरा और स्वाद का उत्सव बन चुका है। यही हमारी सफलता है और आगे इसे बढ़ने के लिए प्रेरणा भी है। सीज़न 4 में हम और भी नए चेहरे, पाककला की नई कहानियों और ऐसे अनोखे स्वादों से परिचित होने जा रहे हैं, जो एक बार फिर पूरे बुंदेलखंड को अपनी मिट्टी पर गर्व करने का मौका देंगे।"

पिछले तीन सीज़न्स में इस मंच ने न सिर्फ कई प्रतिभाओं को पहचान दी, बल्कि यह हजारों महिलाओं के भीतर छिपे आत्मविश्वास को भी नई उड़ान देने का माध्यम रहा है। सीज़न 1 की विजेता शमिता सिंह ने अपने सहज और पारंपरिक स्वाद से लोगों का दिल जीता। इसके बाद सीज़न 2 में ज़हीदा परवीन ने यह साबित किया कि बुंदेली रसोई में हुनर और प्रयोग दोनों साथ-साथ बखूबी चल सकते हैं। वहीं, कुछ माह पूर्व ही सम्पन्न हुए सीज़न 3 में शाजिदा अमीर ने अपने लाजवाब व्यंजनों से ऐसा जादू चलाया कि उनकी जीत पूरे बुंदेलखंड के लिए गर्व का क्षण बन गई।

'बुंदेली शेफ' अब सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं रह गया है, बल्कि यह उस भावना का उत्सव बन चुका है, जहाँ महिलाएँ अपनी थाली में अपने अपना हुनर, अपने सपने और अपने संस्कार लेकर आती हैं। हर बढ़ते सीज़न के साथ यह मंच इस बात को साबित कर रहा है कि बुंदेलखंड की रसोई में सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि दुनिया को जोड़ लेने वाली आत्मीयता भी बसती है।

सीज़न 4 की चर्चा अभी से लोगों के बीच उत्साह पैदा करने लगी है। क्योंकि यह मंच केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि उस मिट्टी की खुशबू को दुनिया तक पहुँचाने के लिए है, जो हर बुंदेली रसोई में आज भी प्रेम, अपनापन और परंपरा के साथ पकती है।
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, डॉग लवर्स की याचिका की खारिज, नहीं बदला अपना पुराना आदेश

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सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्‍तों पर अपने पूर्व के फैसलों को बदलने की मांग को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और उनसे जुड़ी सार्वजनिक सुरक्षा चिंताओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अपने 25 नवंबर के आदेश में बदलाव करने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि वह जमीनी सच्चाइयों से आंखें बंद नहीं की जा सकती। अदालत ने सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि नागरिकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

नसबंदी के बाद पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार

स्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने सुनवाई की। अदालत ने शैक्षणिक संस्थानों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों, खेल परिसरों, अस्पतालों आदि जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पूर्व के निर्देशों को बदलने से इनकार कर दिया और कुत्तों को नसबंदी के बाद वापस पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।

कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी

जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी है और यह दिखाता है कि संबंधित अथॉरिटी की लापरवाही है। डॉग बाइट की समस्या चिंता में डालने वाली है। राजस्थान के गंगानगर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा से हमें चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं। तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही आंकड़े सामने आए हैं। दिल्ली के IGI एयरपोर्ट में भी जनवरी से अब तक 31 डॉग बाइट की घटनाएं हुई हैं। विदेशी पर्यटकों को भी कुत्तों ने काटा है। देश भर में रैबीज से मौत की कई घटनाएं हुई हैं।

राइट टू लाइफ को लेकर राज्य सरकारों पर सख्त

शीर्ष अदालत ने कहा, "Animal Birth Control" नियमों को सही तरीके से लागू करने में गंभीर लापरवाही हुई है, जिसकी वजह से समस्या बढ़ी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों का यह दायित्व है कि लोगों के जीवन की रक्षा करें। राइट टू लाइफ की रक्षा करना राज्य और यूटी की जिम्मेदारी है।सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि यदि राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों ने समय रहते दूरदर्शिता के साथ काम किया होता, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मुद्दे पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को Animal Birth Control (ABC) गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित राज्यों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी, व्यवस्थित और वैज्ञानिक कदम उठाना बेहद जरूरी है। अदालत ने निर्देश दिया कि देश के हर जिले में कम से कम एक ABC सेंटर स्थापित किया जाए, जहां प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। अदालत ने माना कि मौजूदा व्यवस्था कई स्थानों पर बेहद कमजोर है और इसका सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

केजरीवाल-सिसोदिया को हाईकोर्ट का नोटिस, जस्टिस स्वर्ण कांता के खिलाफ अभियान चलाने का आरोप

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दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब नीति मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को निशाना बनाने के लिए कथित तौर पर चलाए गए एक सुनियोजित सोशल मीडिया अभियान के संबंध में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य को नोटिस जारी किया है।

चार हफ्ते में मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को आपराधिक अवमानना के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अदालत ने अवमानना मामले में सभी नेताओं को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।

आप नेताओं पर अवमानना करने के आरोप

आम आदमी पार्टी के नेताओं पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित तौर पर 'मानहानिकारक और अपमानजनक' टिप्पणियां करने का आरोप है। सुनवाई जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच के पास है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए थे। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने कहा था कि वे आबकारी नीति मामले के कुछ बरी किए गए आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया पर उनके और अदालत के खिलाफ की गई अत्यंत अपमानजनक, मानहानिकारक और घृणित टिप्पणियों पर चुप नहीं रह सकती हैं।

कई सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति

जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने जोर देकर कहा था कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कानूनी उपायों को अपनाने के बजाय सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ बदनामी का एक "सोचा-समझा अभियान" चलाया, और यह साफ किया कि सभी आरोपियों को बरी करने के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर अब कोई दूसरी बेंच सुनवाई करेगी। जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने उन लोगों के कई सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति जताई, जिन पर अवमानना का आरोप है। इन पोस्ट में उन पर "राजनीतिक निष्ठा" और "जुड़ाव" रखने का आरोप लगाया गया था और कथित तौर पर वाराणसी के एक शिक्षण संस्थान में दिए गए उनके भाषण का एक गुमराह करने वाला "एडिट किया हुआ" वीडियो पोस्ट करके उन्हें निशाना बनाया गया था।