पीएम मोदी पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, चुनाव आयोग को 700 नागरिकों ने लिखा पत्र

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महिला आरक्षण बिल को लेकर 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को संबोधन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पास नहीं होने के लिए कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी और विपक्षी दलों को ज़िम्मेदार ठहराया। अब 700 से अधिक नागरिकों ने चुनाव आयोग को लेटर लिखकर इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। लेटर लिखने वालों में पूर्व ब्यूरोक्रेट्स, एक्टिविस्ट और पत्रकार शामिल हैं।

चुनाव आयोग से जांच की मांग

700 से ज्यादा लोगों ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर शिकायत की है। उनका कहना है कि यह भाषण चुनावी आचार संहिता के दौरान दिया गया और इस भाषण से आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। इस वजह से इसका असर निष्पक्ष चुनाव के नियमों पर पड़ सकता है। इनका मानना है कि इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग को तुरंत जांच करनी चाहिए।

शिकायतकर्ताओं ने कहा-पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर 33% महिला आरक्षण को लेकर हमला बोला, जो चुनावी माहौल में पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी में आता है। उनका आरोप है कि सरकारी तंत्र और सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए किया गया, जिससे निष्पक्ष चुनाव की मूल भावना प्रभावित होती है

कंटेंट और प्रसारण के तरीकों की जांच की मांग

शिकायत में कहा गया कि भाषण का कंटेंट और उसके प्रसारण के तरीके दोनों पर जांच होनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की कि अगर प्रसारण के लिए अनुमति दी गई थी, तो विपक्षी दलों को भी उतना ही एयरटाइम दिया जाना चाहिए। इसके अलावा अगर भाषण में आचार संहिता का उल्लंघन किया गया हो तो उसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से हटाने की भी मांग की गई है।

शिकायत पत्र पर किन-किन लोगों ने किए हस्ताक्षर

शिकायत पर हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, पूर्व आईएएस एम. जी. देवसहायम, शिक्षाविद जोया हसन, संगीतकार टी. एम. कृष्णा और राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबोधन दूरदर्शन, संसद टीवी और ऑल इंडिया रेडियो जैसे सरकारी माध्यमों पर लाइव प्रसारित किया गया जो पूरी तरह सार्वजनिक धन से संचालित होते हैं।

पीएम के संबोधन में किस बात पर विवाद?

दरअसल, राष्ट्र के नाम अपने संबोधन की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने कहा, देश की करोड़ों महिलाओं की नज़र संसद पर थी। मुझे भी देखकर दुख हुआ कि नारी शक्ति का ये प्रस्ताव जब गिरा तो कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके जैसी परिवारवादी पार्टियां ख़ुशियां मना रही थीं। ऐसे लोगों को इस देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी। करीब 30 मिनट के इस संबोधन में पीएम मोदी ने कई बार कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके समेत तमाम विपक्षी दलों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।

शाहाबाद सहित तीन एसडीएम के कार्यक्षेत्र में फेरबदल
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रितेश मिश्रा
हरदोई। जिलाधिकारी अनुनय झा ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिले के तीन उपजिलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया है। इस बदलाव के तहत सदर एसडीएम सुशील कुमार मिश्र को शाहाबाद का उपजिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

वहीं शाहाबाद एसडीएम अंकित तिवारी को सवायजपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दूसरी ओर सवायजपुर के एसडीएम मयंक कुंडू अब सदर तहसील का कार्यभार संभालेंगे।

जिलाधिकारी द्वारा अचानक किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल को लेकर जिले में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि प्रशासनिक कार्यों में तेजी और बेहतर समन्वय के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
बीईओ पर अवैध वसूली का आरोप
आखिर कब तक भ्रष्टाचार पर मौन रहेंगे बेसिक शिक्षा अधिकारी

रितेश मिश्रा
हरदोई ग्राम लखनौर निवासी कुलदीप मिश्रा ने भरखनी बी ई ओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को एक लिखित शिकायत पत्र देकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

आरोप है कि भरखनी के खण्ड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह द्वारा ब्लॉक के करीब 70 शिक्षकों से प्रति माह लगभग 5000 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है।
यह वसूली शिक्षकों की कथित अनुपस्थिति के बदले “सेटिंग” के नाम पर की जाती है। बताया गया है कि कुछ शिक्षक महीने में कई दिन विद्यालय नहीं जाते, जबकि कुछ पूरे वर्ष ही अनुपस्थित रहते हैं और उनके लिए अलग दर निर्धारित है।

प्रतिवेदन में  उल्लेख किया गया है कि इस अवैध वसूली में एक अनुदेशक नितीश, जूनियर हाई स्कूल सवायजपुर, मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और पूरी व्यवस्था उसी के माध्यम से संचालित हो रही है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कम्पोजिट ग्रांट की राशि में से भी लगभग 20 प्रतिशत तक की अवैध कटौती की जा रही है। इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि विद्यालयों की शैक्षिक व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हो रही है।

प्रार्थी ने अपने गांव समेत पूरे क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था के चौपट होने की बात कही है। उनका कहना है कि जहां एक ओर सरकार “स्कूल चलो अभियान” जैसे कार्यक्रम चला रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की कथित अनियमितताएं सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रही हैं।

शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि संबंधित अधिकारी के पास सांडी विकास खण्ड का भी अतिरिक्त प्रभार है, जिससे वहां भी इसी प्रकार की अनियमितताओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

प्रार्थी ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गोपनीय जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय एवं आपराधिक कार्रवाई की मांग की है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके और सरकारी योजनाओं का सही लाभ विद्यार्थियों तक पहुंच सके।
लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है इसका पता जांच के बाद ही लग पाएगा
₹10 के स्टांप पर करोड़ों की सरकारी जमीन का खेल, पिहानी में नौटेरी से हो गई खरीद-फरोख्त!
गाटा संख्या 663 पर बड़ा फर्जीवाड़ा, राजस्व विभाग को जानकारी फिर भी कार्रवाई शून्य

बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):
कस्बे में सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां महज ₹10 के स्टांप नोटरी के जरिए करोड़ों की सरकारी जमीन का सौदा कर दिया गया। मामला रामलीला मैदान के निकटगाटा संख्या 663 से जुड़ा है, जो सरकारी अभिलेखों में रास्ते की दर्ज भूमि बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम आटा बुजुर्ग (जिला शाहजहांपुर) निवासी दिलशेर पुत्र नब्बू शाह एवं सईक द्वारा वर्ष 2017 में करीब ₹2.35 लाख में जमीन खरीदने का दावा किया गया। हैरानी की बात यह है कि यह खरीद-फरोख्त रजिस्ट्री के बजाय सिर्फ नोटरी पर की गई, जबकि संबंधित जमीन सरकारी बताई जा रही है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि करोड़ों की इस सरकारी जमीन का सौदा ₹10 के साधारण स्टांप पेपर पर नोटरी के जरिए कर दिया गया। जबकि नियमों के अनुसार सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त न तो संभव है और न ही नोटरी के जरिए वैध मानी जाती है। इसके बावजूद खुलेआम इस तरह का खेल होना प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों की कीमत वाली इस जमीन को नियमों को दरकिनार कर दबंगई के दम पर कब्जाने की कोशिश की गई। पूरे मामले की जानकारी राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रदेश में सख्त कानून व्यवस्था और बुलडोजर कार्रवाई के दावों के बीच पिहानी का यह मामला प्रशासनिक उदासीनता और दबंगों के हौसलों की कहानी बयां कर रहा है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस प्रकरण में कब तक कार्रवाई करता है या फिर मामला यूं ही फाइलों में दबकर रह जाएगा।
उप्र में 10 जिलों के जिलाधिकारी समेत 24 आईएएस अफसरों का तबादला
लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार की देर रात एक बार फिर बड़े पैमाने में आईएएस अफसरों का तबादला किय गया है। इससे ठीक एक दिन पहले 40 आईएएस और अपर पुलिस अधीक्षकों के तबादले हुए थे।
सोमवार की देर रात को जारी तबादले के क्रम में गाजीपुर के जिलाधिकारी अविनाश कुमार को अलीगढ़ जिलाधिकारी बनाया है। अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, राजस्व परिषद, यूपी अरविंद सिंह को एटा का जिलाधिकारी। विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग, यूपी अमित आसेरी को बांदा का जिलाधिकारी, बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. अंकुर लाठर को फर्रुखाबाद का जिलाधिकारी, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कविता मीना को हापुड़ का जिलाधिकारी, विशेष सचिव पर्यटन विभाग, यूपी ईशा प्रिया को अम्बेडकर नगर का जिलाधिकारी बनाया है।

अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण कानपुर नगर से चर्चित गोड़ को सोनभद्र का जिलाधिकारी, अंबेडकरनगर के जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को गाजीपुर का नया जिलाधिकारी, बाराबंकी के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी को जिलाधिकारी अयोध्या की जिम्मेदारी दी है। विशेष सचिव मुख्यमंत्री एवं नागरिक उड्डयन विभाग, यूपी शासन एवं निदेशक, नागरिक उड्डयन, ईशान प्रताप सिंह को बाराबंकी का जिलाधिकारी बनाया गया। वहीं, अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे को विशेष सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनाती मिली है।

इसी तरह एटा के जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह को अपर राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान में नई तैनाती मिली है। इसके साथ उन्हें मध्याह्न भोजन अभिकरण का निदेशक की भी जिम्मेदारी दी गई है। हापुड़ के जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय को राजस्व परिषद में अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, अलीगढ़ के जिलाधिकारी संजीव रंजन को विशेष सचिव, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश शासन भेजा गया। बांदा की जिलाधिकारी जे. रीभा को विशेष सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म बनाया है। इसी प्रकार विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, यूपी शासन एवं अपर निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म यूपी अरुण कुमार को विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, यूपी शासन के प्रभार से अवमुक्त कर दिया है।

फर्रूखाबाद के जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी को विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग व सोनभद्र के जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह को उच्च शिक्षा विभाग में विशेष सचिव, कानपुर की मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) दीक्षा जैन को उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया है।

शाहजहांपुर की सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह सिनसिनवार को बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष, सीतापुर की सीडीओ प्रणता ऐश्वर्या को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष। सोनभद्र में संयुक्त मजिस्ट्रेट उत्कर्ष द्विवेदी को शाहजहांपुर, मथुरा के संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव जे. जैन को कानपुर नगर व मेरठ की संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षा जोशी को सीतापुर का नया सीडीओ बनाया है।
প্রচার

*নিবাচনী কেন্দ্র: বারাসাত*

*তৃণমূল কংগ্রেস প্রার্থী: সব্যসাচী দত্ত*

*নিজস্ব প্রতিনিধি* : বিধানসভা নির্বাচনে প্রচার এখন তুঙ্গে।২৩ এপ্রিল রাজ্যে প্রথম দফায় ভোট হবে। তবে উত্তর ২৪ পরগনায় ভোট ২৯ এপ্রিল। সোমবার সন্ধ্যায় বারাসাত পৌরসভার ৪ নং ওয়ার্ডে ভোট প্রচারে এসেছিলেন তৃণমূল প্রার্থী সব্যসাচী দত্ত। সঙ্গে উপস্থিত ছিলেন ওয়ার্ড কাউন্সিলর শিল্পী দাস সহ অন্যান্য তৃণমূল কর্মীবৃন্দ। মিছিলে মহিলাদের উপস্থিতি ছিল চোখে পড়ার মতো। প্রার্থীর কথায় তিনিই জিতছেন। *ছবি: কমল গুহ।*
লিফলেট বিলি শেষে ফেরার পথে বিজেপি সমর্থকের উপর হামলার অভিযোগ, গুরুতর জখম যুবক হাসপাতালে
বসিরহাট : টাকিতে রাজনৈতিক উত্তেজনা নতুন করে চড়ল বিজেপি সমর্থককে মারধরের অভিযোগকে কেন্দ্র করে। স্থানীয় সূত্রে জানা যায়, গত কয়েকদিন ধরে টাকি পৌরসভার ৩ ও ৪ নম্বর ওয়ার্ডে বিজেপির তরফে প্রচার কর্মসূচি জোরকদমে চলছিল। কর্মীরা বাড়ি বাড়ি গিয়ে লিফলেট বিতরণ করছিলেন এবং ভোটের প্রচার চালাচ্ছিলেন।
অভিযোগ, সোমবার রাতে সেই প্রচার সেরে বাড়ি ফেরার পথে আচমকাই হামলার মুখে পড়েন বিজেপি সমর্থকরা। বিজেপির দাবি, তৃণমূল কংগ্রেসের কর্মীরাই পরিকল্পিতভাবে এই হামলা চালায়। ঘটনায় গুরুতর আহত হন সোহম হালদার নামে এক যুবক। যিনি স্থানীয় এক বিজেপি নেত্রীর ভাই বলেও জানা গিয়েছে। অভিযোগ, তাকে লক্ষ্য করে বেধড়ক মারধর করা হয় এবং মারাত্মকভাবে জখম অবস্থায় ফেলে রাখা হয়।
ঘটনার পর আহত সোহম হালদারকে তড়িঘড়ি উদ্ধার করে নিয়ে যাওয়া হয় টাকি গ্রামীণ হাসপাতালে। সেখানে তার চিকিৎসা শুরু হয়। খবর পেয়ে রাতেই হাসপাতালে পৌঁছে যান বসিরহাট দক্ষিণ বিধানসভা কেন্দ্রের বিজেপি প্রার্থী ডাঃ শৌর্য্য ব্যানার্জি। তিনি আহতের শারীরিক অবস্থার খোঁজ নেন এবং প্রয়োজনীয় চিকিৎসার ব্যবস্থা করার আশ্বাস দেন। পাশাপাশি, আক্রান্তের পরিবারের পাশে থাকার প্রতিশ্রুতিও দেন তিনি।
এই ঘটনাকে ঘিরে এলাকায় চাঞ্চল্য ছড়িয়েছে। বিজেপির পক্ষ থেকে জানানো হয়েছে, পুরো ঘটনার বিস্তারিত বিবরণ দিয়ে হাসনাবাদ থানায় লিখিত অভিযোগ দায়ের করা হবে। নির্বাচনের মুখে এই ধরনের ঘটনা এলাকায় রাজনৈতিক উত্তেজনা আরও বাড়িয়ে তুলছে বলে মনে করছেন স্থানীয়রা। পরিস্থিতির দিকে নজর রাখছে প্রশাসন।
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि को मारी गोली, लखनऊ रिफर
*गाड़ी में बैठते समय कहासुनी के बाद दबंगों ने मारी गोली

गोंडा।जिले के परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डेसरास ग्राम पंचायत के गजराज पुरवा में सोमवार देर रात लगभग 10 बजे चुनावी रंजिश को लेकर गोलीबारी की घटना सामने आई है।जहाँ जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह को गांव के कुछ लोगों ने आपसी कहासुनी के बाद गोली मार दिया।गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा से लखनऊ रिफर कर दिया गया है।यह घटना देर रात  उस समय हुई जब भूपेंद्र सिंह अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे।गोली लगने के बाद उनकी गाड़ी एक पेड़ से टकरा गई।घटना के तत्काल बाद परिवार के सदस्य उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसपुर ले गये,जहाँ से उन्हें जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज भेज दिया गया।जहाँ उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ रिफर कर दिया गया है।भूपेंद्र सिंह के पेट में गोली के छर्रे लगे हैं,जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल घटना स्थल पर पहुंचे।उन्होंने भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह की पत्नी और परसपुर पंचम से जिला पंचायत सदस्य अनामिका सिंह से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त किया।घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने पांच टीमों का गठन किया है।भूपेंद्र सिंह पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी बताए जाते हैं।उनकी पत्नी अनामिका सिंह परसपुर पंचम क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हैं।भूपेंद्र सिंह स्वयं भी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि होने के साथ साथ प्रधानी के चुनाव की तैयारी कर रहे थे।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह घटना चुनावी रंजिश और आपसी कहासुनी का प्रतीत होता है।पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि किया कि उन्होंने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया है।उन्होंने बताया कि घटना के खुलासे और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच पुलिस टीमों को लगाया गया है।पुलिस ने जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस से नीचे उतारते समय साथ आए लोगों ने मेडिकल कालेज की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा गार्ड से गाली गलौज किया है,जिससे मेडिकल कालेज में तैनात कई गार्ड नाराज हैं और उन्होंने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग किया है।
लखनऊ में एडीजी पीएसी की सख्त समीक्षा, ट्रेनिंग से लेकर लंबित मामलों तक दिए बड़े निर्देश
लखनऊ । राजधानी में सोमवार को एडीजी पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार ने मुख्यालय सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम समीक्षा बैठक की। इस दौरान अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन क्लस्टर प्रतियोगिता 2025-26 और आरटीसी पीओपी की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में एडीजी पीएसी ने दंगा नियंत्रण और बाढ़ राहत जैसे संवेदनशील विषयों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन दोनों परिस्थितियों से निपटने के लिए जवानों का प्रशिक्षण मजबूत और व्यावहारिक होना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा बैठक में लंबित मृतक आश्रित मामलों, पेंशन प्रकरणों, शिकायतों और विभागीय कार्यवाहियों के जल्द निस्तारण पर भी जोर दिया गया। एडीजी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाया जाए, जिससे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को राहत मिल सके।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक मध्य जोन, सभी पुलिस उप महानिरीक्षक पीएसी और विभिन्न बटालियनों के सेनानायक भी मौजूद रहे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण, प्रशासनिक कार्यों और प्रतियोगिताओं की तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
कुछ सीमाएं कभी नहीं लांघी जानी चाहिए...',पहलगाम हमले की बरसी से एक दिन पहले भारतीय सेना का कड़ा संदेश

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22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद पहलगाम अब धीरे-धीरे अपने पुराने रंग में लौटता दिख रहा है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद, भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान में मौजूद लश्कर और जैश के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। अब एक साल बाद भारत उन जानों के नुकसान को एक बार फिर याद कर रहा है और शोक मना रहा है। इस बीच भारतीय सेना ने कड़ा संदेश दिया है।

एकजुट भारत का संदेश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ से पहले, भारतीय सेना ने मंगलवार को आतंकवाद के खिलाफ भारत के अडिग रुख को दोहराते हुए एक संदेश जारी किया। सोशल मीडिया साइट्स पर जारी किए गए पोस्ट में भारतीय सेना के संदेश में कहा गया है, 'जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है। न्याय मिलता है। भारत एकजुट है।'

भारतीय सेना की आतंकियों को चेतावनी

भारतीय सेना ने आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा, 'कुछ सीमाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें कभी पार नहीं करना चाहिए।' सेना ने अपनी इस पोस्ट में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया है।

कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई

इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले पूरे कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हमले की बरसी को देखते हुए, सभी सुरक्षा एजेंसियों को संभावित गतिविधियों, विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्रों के आसपास सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एक प्रभावी व बड़ी सुरक्षा योजना सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर बैठकें आयोजित की गई हैं, और वरिष्ठ अधिकारी इन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।

पहलगाम आतंकी हमला और “ऑपरेशन सिंदूर”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने छुट्टियां मना रहे 26 निर्दोष (25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक) लोगों पर निर्मम हत्या की थी। इस आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। इसके बाद भारत की मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकाने ध्वस्त किए गए। इससे घबराए पाकिस्तान ने 10 मई को भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू किया गया।

पीएम मोदी पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, चुनाव आयोग को 700 नागरिकों ने लिखा पत्र

#pmmodispeechcontroversymccviolation700citizenscomplainttoeci

महिला आरक्षण बिल को लेकर 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को संबोधन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पास नहीं होने के लिए कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी और विपक्षी दलों को ज़िम्मेदार ठहराया। अब 700 से अधिक नागरिकों ने चुनाव आयोग को लेटर लिखकर इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। लेटर लिखने वालों में पूर्व ब्यूरोक्रेट्स, एक्टिविस्ट और पत्रकार शामिल हैं।

चुनाव आयोग से जांच की मांग

700 से ज्यादा लोगों ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर शिकायत की है। उनका कहना है कि यह भाषण चुनावी आचार संहिता के दौरान दिया गया और इस भाषण से आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। इस वजह से इसका असर निष्पक्ष चुनाव के नियमों पर पड़ सकता है। इनका मानना है कि इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग को तुरंत जांच करनी चाहिए।

शिकायतकर्ताओं ने कहा-पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर 33% महिला आरक्षण को लेकर हमला बोला, जो चुनावी माहौल में पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी में आता है। उनका आरोप है कि सरकारी तंत्र और सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए किया गया, जिससे निष्पक्ष चुनाव की मूल भावना प्रभावित होती है

कंटेंट और प्रसारण के तरीकों की जांच की मांग

शिकायत में कहा गया कि भाषण का कंटेंट और उसके प्रसारण के तरीके दोनों पर जांच होनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की कि अगर प्रसारण के लिए अनुमति दी गई थी, तो विपक्षी दलों को भी उतना ही एयरटाइम दिया जाना चाहिए। इसके अलावा अगर भाषण में आचार संहिता का उल्लंघन किया गया हो तो उसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से हटाने की भी मांग की गई है।

शिकायत पत्र पर किन-किन लोगों ने किए हस्ताक्षर

शिकायत पर हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, पूर्व आईएएस एम. जी. देवसहायम, शिक्षाविद जोया हसन, संगीतकार टी. एम. कृष्णा और राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबोधन दूरदर्शन, संसद टीवी और ऑल इंडिया रेडियो जैसे सरकारी माध्यमों पर लाइव प्रसारित किया गया जो पूरी तरह सार्वजनिक धन से संचालित होते हैं।

पीएम के संबोधन में किस बात पर विवाद?

दरअसल, राष्ट्र के नाम अपने संबोधन की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने कहा, देश की करोड़ों महिलाओं की नज़र संसद पर थी। मुझे भी देखकर दुख हुआ कि नारी शक्ति का ये प्रस्ताव जब गिरा तो कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके जैसी परिवारवादी पार्टियां ख़ुशियां मना रही थीं। ऐसे लोगों को इस देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी। करीब 30 मिनट के इस संबोधन में पीएम मोदी ने कई बार कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके समेत तमाम विपक्षी दलों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।

शाहाबाद सहित तीन एसडीएम के कार्यक्षेत्र में फेरबदल
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रितेश मिश्रा
हरदोई। जिलाधिकारी अनुनय झा ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिले के तीन उपजिलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया है। इस बदलाव के तहत सदर एसडीएम सुशील कुमार मिश्र को शाहाबाद का उपजिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

वहीं शाहाबाद एसडीएम अंकित तिवारी को सवायजपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दूसरी ओर सवायजपुर के एसडीएम मयंक कुंडू अब सदर तहसील का कार्यभार संभालेंगे।

जिलाधिकारी द्वारा अचानक किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल को लेकर जिले में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि प्रशासनिक कार्यों में तेजी और बेहतर समन्वय के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
बीईओ पर अवैध वसूली का आरोप
आखिर कब तक भ्रष्टाचार पर मौन रहेंगे बेसिक शिक्षा अधिकारी

रितेश मिश्रा
हरदोई ग्राम लखनौर निवासी कुलदीप मिश्रा ने भरखनी बी ई ओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को एक लिखित शिकायत पत्र देकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

आरोप है कि भरखनी के खण्ड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह द्वारा ब्लॉक के करीब 70 शिक्षकों से प्रति माह लगभग 5000 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है।
यह वसूली शिक्षकों की कथित अनुपस्थिति के बदले “सेटिंग” के नाम पर की जाती है। बताया गया है कि कुछ शिक्षक महीने में कई दिन विद्यालय नहीं जाते, जबकि कुछ पूरे वर्ष ही अनुपस्थित रहते हैं और उनके लिए अलग दर निर्धारित है।

प्रतिवेदन में  उल्लेख किया गया है कि इस अवैध वसूली में एक अनुदेशक नितीश, जूनियर हाई स्कूल सवायजपुर, मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और पूरी व्यवस्था उसी के माध्यम से संचालित हो रही है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कम्पोजिट ग्रांट की राशि में से भी लगभग 20 प्रतिशत तक की अवैध कटौती की जा रही है। इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि विद्यालयों की शैक्षिक व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हो रही है।

प्रार्थी ने अपने गांव समेत पूरे क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था के चौपट होने की बात कही है। उनका कहना है कि जहां एक ओर सरकार “स्कूल चलो अभियान” जैसे कार्यक्रम चला रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की कथित अनियमितताएं सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रही हैं।

शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि संबंधित अधिकारी के पास सांडी विकास खण्ड का भी अतिरिक्त प्रभार है, जिससे वहां भी इसी प्रकार की अनियमितताओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

प्रार्थी ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गोपनीय जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय एवं आपराधिक कार्रवाई की मांग की है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके और सरकारी योजनाओं का सही लाभ विद्यार्थियों तक पहुंच सके।
लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है इसका पता जांच के बाद ही लग पाएगा
₹10 के स्टांप पर करोड़ों की सरकारी जमीन का खेल, पिहानी में नौटेरी से हो गई खरीद-फरोख्त!
गाटा संख्या 663 पर बड़ा फर्जीवाड़ा, राजस्व विभाग को जानकारी फिर भी कार्रवाई शून्य

बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):
कस्बे में सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां महज ₹10 के स्टांप नोटरी के जरिए करोड़ों की सरकारी जमीन का सौदा कर दिया गया। मामला रामलीला मैदान के निकटगाटा संख्या 663 से जुड़ा है, जो सरकारी अभिलेखों में रास्ते की दर्ज भूमि बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम आटा बुजुर्ग (जिला शाहजहांपुर) निवासी दिलशेर पुत्र नब्बू शाह एवं सईक द्वारा वर्ष 2017 में करीब ₹2.35 लाख में जमीन खरीदने का दावा किया गया। हैरानी की बात यह है कि यह खरीद-फरोख्त रजिस्ट्री के बजाय सिर्फ नोटरी पर की गई, जबकि संबंधित जमीन सरकारी बताई जा रही है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि करोड़ों की इस सरकारी जमीन का सौदा ₹10 के साधारण स्टांप पेपर पर नोटरी के जरिए कर दिया गया। जबकि नियमों के अनुसार सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त न तो संभव है और न ही नोटरी के जरिए वैध मानी जाती है। इसके बावजूद खुलेआम इस तरह का खेल होना प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों की कीमत वाली इस जमीन को नियमों को दरकिनार कर दबंगई के दम पर कब्जाने की कोशिश की गई। पूरे मामले की जानकारी राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रदेश में सख्त कानून व्यवस्था और बुलडोजर कार्रवाई के दावों के बीच पिहानी का यह मामला प्रशासनिक उदासीनता और दबंगों के हौसलों की कहानी बयां कर रहा है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस प्रकरण में कब तक कार्रवाई करता है या फिर मामला यूं ही फाइलों में दबकर रह जाएगा।
उप्र में 10 जिलों के जिलाधिकारी समेत 24 आईएएस अफसरों का तबादला
लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार की देर रात एक बार फिर बड़े पैमाने में आईएएस अफसरों का तबादला किय गया है। इससे ठीक एक दिन पहले 40 आईएएस और अपर पुलिस अधीक्षकों के तबादले हुए थे।
सोमवार की देर रात को जारी तबादले के क्रम में गाजीपुर के जिलाधिकारी अविनाश कुमार को अलीगढ़ जिलाधिकारी बनाया है। अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, राजस्व परिषद, यूपी अरविंद सिंह को एटा का जिलाधिकारी। विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग, यूपी अमित आसेरी को बांदा का जिलाधिकारी, बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. अंकुर लाठर को फर्रुखाबाद का जिलाधिकारी, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कविता मीना को हापुड़ का जिलाधिकारी, विशेष सचिव पर्यटन विभाग, यूपी ईशा प्रिया को अम्बेडकर नगर का जिलाधिकारी बनाया है।

अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण कानपुर नगर से चर्चित गोड़ को सोनभद्र का जिलाधिकारी, अंबेडकरनगर के जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को गाजीपुर का नया जिलाधिकारी, बाराबंकी के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी को जिलाधिकारी अयोध्या की जिम्मेदारी दी है। विशेष सचिव मुख्यमंत्री एवं नागरिक उड्डयन विभाग, यूपी शासन एवं निदेशक, नागरिक उड्डयन, ईशान प्रताप सिंह को बाराबंकी का जिलाधिकारी बनाया गया। वहीं, अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे को विशेष सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनाती मिली है।

इसी तरह एटा के जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह को अपर राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान में नई तैनाती मिली है। इसके साथ उन्हें मध्याह्न भोजन अभिकरण का निदेशक की भी जिम्मेदारी दी गई है। हापुड़ के जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय को राजस्व परिषद में अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, अलीगढ़ के जिलाधिकारी संजीव रंजन को विशेष सचिव, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश शासन भेजा गया। बांदा की जिलाधिकारी जे. रीभा को विशेष सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म बनाया है। इसी प्रकार विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, यूपी शासन एवं अपर निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म यूपी अरुण कुमार को विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, यूपी शासन के प्रभार से अवमुक्त कर दिया है।

फर्रूखाबाद के जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी को विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग व सोनभद्र के जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह को उच्च शिक्षा विभाग में विशेष सचिव, कानपुर की मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) दीक्षा जैन को उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया है।

शाहजहांपुर की सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह सिनसिनवार को बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष, सीतापुर की सीडीओ प्रणता ऐश्वर्या को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष। सोनभद्र में संयुक्त मजिस्ट्रेट उत्कर्ष द्विवेदी को शाहजहांपुर, मथुरा के संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव जे. जैन को कानपुर नगर व मेरठ की संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षा जोशी को सीतापुर का नया सीडीओ बनाया है।
প্রচার

*নিবাচনী কেন্দ্র: বারাসাত*

*তৃণমূল কংগ্রেস প্রার্থী: সব্যসাচী দত্ত*

*নিজস্ব প্রতিনিধি* : বিধানসভা নির্বাচনে প্রচার এখন তুঙ্গে।২৩ এপ্রিল রাজ্যে প্রথম দফায় ভোট হবে। তবে উত্তর ২৪ পরগনায় ভোট ২৯ এপ্রিল। সোমবার সন্ধ্যায় বারাসাত পৌরসভার ৪ নং ওয়ার্ডে ভোট প্রচারে এসেছিলেন তৃণমূল প্রার্থী সব্যসাচী দত্ত। সঙ্গে উপস্থিত ছিলেন ওয়ার্ড কাউন্সিলর শিল্পী দাস সহ অন্যান্য তৃণমূল কর্মীবৃন্দ। মিছিলে মহিলাদের উপস্থিতি ছিল চোখে পড়ার মতো। প্রার্থীর কথায় তিনিই জিতছেন। *ছবি: কমল গুহ।*
লিফলেট বিলি শেষে ফেরার পথে বিজেপি সমর্থকের উপর হামলার অভিযোগ, গুরুতর জখম যুবক হাসপাতালে
বসিরহাট : টাকিতে রাজনৈতিক উত্তেজনা নতুন করে চড়ল বিজেপি সমর্থককে মারধরের অভিযোগকে কেন্দ্র করে। স্থানীয় সূত্রে জানা যায়, গত কয়েকদিন ধরে টাকি পৌরসভার ৩ ও ৪ নম্বর ওয়ার্ডে বিজেপির তরফে প্রচার কর্মসূচি জোরকদমে চলছিল। কর্মীরা বাড়ি বাড়ি গিয়ে লিফলেট বিতরণ করছিলেন এবং ভোটের প্রচার চালাচ্ছিলেন।
অভিযোগ, সোমবার রাতে সেই প্রচার সেরে বাড়ি ফেরার পথে আচমকাই হামলার মুখে পড়েন বিজেপি সমর্থকরা। বিজেপির দাবি, তৃণমূল কংগ্রেসের কর্মীরাই পরিকল্পিতভাবে এই হামলা চালায়। ঘটনায় গুরুতর আহত হন সোহম হালদার নামে এক যুবক। যিনি স্থানীয় এক বিজেপি নেত্রীর ভাই বলেও জানা গিয়েছে। অভিযোগ, তাকে লক্ষ্য করে বেধড়ক মারধর করা হয় এবং মারাত্মকভাবে জখম অবস্থায় ফেলে রাখা হয়।
ঘটনার পর আহত সোহম হালদারকে তড়িঘড়ি উদ্ধার করে নিয়ে যাওয়া হয় টাকি গ্রামীণ হাসপাতালে। সেখানে তার চিকিৎসা শুরু হয়। খবর পেয়ে রাতেই হাসপাতালে পৌঁছে যান বসিরহাট দক্ষিণ বিধানসভা কেন্দ্রের বিজেপি প্রার্থী ডাঃ শৌর্য্য ব্যানার্জি। তিনি আহতের শারীরিক অবস্থার খোঁজ নেন এবং প্রয়োজনীয় চিকিৎসার ব্যবস্থা করার আশ্বাস দেন। পাশাপাশি, আক্রান্তের পরিবারের পাশে থাকার প্রতিশ্রুতিও দেন তিনি।
এই ঘটনাকে ঘিরে এলাকায় চাঞ্চল্য ছড়িয়েছে। বিজেপির পক্ষ থেকে জানানো হয়েছে, পুরো ঘটনার বিস্তারিত বিবরণ দিয়ে হাসনাবাদ থানায় লিখিত অভিযোগ দায়ের করা হবে। নির্বাচনের মুখে এই ধরনের ঘটনা এলাকায় রাজনৈতিক উত্তেজনা আরও বাড়িয়ে তুলছে বলে মনে করছেন স্থানীয়রা। পরিস্থিতির দিকে নজর রাখছে প্রশাসন।
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि को मारी गोली, लखनऊ रिफर
*गाड़ी में बैठते समय कहासुनी के बाद दबंगों ने मारी गोली

गोंडा।जिले के परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डेसरास ग्राम पंचायत के गजराज पुरवा में सोमवार देर रात लगभग 10 बजे चुनावी रंजिश को लेकर गोलीबारी की घटना सामने आई है।जहाँ जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह को गांव के कुछ लोगों ने आपसी कहासुनी के बाद गोली मार दिया।गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा से लखनऊ रिफर कर दिया गया है।यह घटना देर रात  उस समय हुई जब भूपेंद्र सिंह अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे।गोली लगने के बाद उनकी गाड़ी एक पेड़ से टकरा गई।घटना के तत्काल बाद परिवार के सदस्य उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसपुर ले गये,जहाँ से उन्हें जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज भेज दिया गया।जहाँ उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ रिफर कर दिया गया है।भूपेंद्र सिंह के पेट में गोली के छर्रे लगे हैं,जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल घटना स्थल पर पहुंचे।उन्होंने भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह की पत्नी और परसपुर पंचम से जिला पंचायत सदस्य अनामिका सिंह से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त किया।घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने पांच टीमों का गठन किया है।भूपेंद्र सिंह पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी बताए जाते हैं।उनकी पत्नी अनामिका सिंह परसपुर पंचम क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हैं।भूपेंद्र सिंह स्वयं भी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि होने के साथ साथ प्रधानी के चुनाव की तैयारी कर रहे थे।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह घटना चुनावी रंजिश और आपसी कहासुनी का प्रतीत होता है।पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि किया कि उन्होंने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया है।उन्होंने बताया कि घटना के खुलासे और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच पुलिस टीमों को लगाया गया है।पुलिस ने जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस से नीचे उतारते समय साथ आए लोगों ने मेडिकल कालेज की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा गार्ड से गाली गलौज किया है,जिससे मेडिकल कालेज में तैनात कई गार्ड नाराज हैं और उन्होंने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग किया है।
लखनऊ में एडीजी पीएसी की सख्त समीक्षा, ट्रेनिंग से लेकर लंबित मामलों तक दिए बड़े निर्देश
लखनऊ । राजधानी में सोमवार को एडीजी पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार ने मुख्यालय सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम समीक्षा बैठक की। इस दौरान अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन क्लस्टर प्रतियोगिता 2025-26 और आरटीसी पीओपी की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में एडीजी पीएसी ने दंगा नियंत्रण और बाढ़ राहत जैसे संवेदनशील विषयों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन दोनों परिस्थितियों से निपटने के लिए जवानों का प्रशिक्षण मजबूत और व्यावहारिक होना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा बैठक में लंबित मृतक आश्रित मामलों, पेंशन प्रकरणों, शिकायतों और विभागीय कार्यवाहियों के जल्द निस्तारण पर भी जोर दिया गया। एडीजी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाया जाए, जिससे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को राहत मिल सके।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक मध्य जोन, सभी पुलिस उप महानिरीक्षक पीएसी और विभिन्न बटालियनों के सेनानायक भी मौजूद रहे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण, प्रशासनिक कार्यों और प्रतियोगिताओं की तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
कुछ सीमाएं कभी नहीं लांघी जानी चाहिए...',पहलगाम हमले की बरसी से एक दिन पहले भारतीय सेना का कड़ा संदेश

#indianarmystrongmessageaheadofpahalgamattackanniversary

22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद पहलगाम अब धीरे-धीरे अपने पुराने रंग में लौटता दिख रहा है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद, भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान में मौजूद लश्कर और जैश के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। अब एक साल बाद भारत उन जानों के नुकसान को एक बार फिर याद कर रहा है और शोक मना रहा है। इस बीच भारतीय सेना ने कड़ा संदेश दिया है।

एकजुट भारत का संदेश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ से पहले, भारतीय सेना ने मंगलवार को आतंकवाद के खिलाफ भारत के अडिग रुख को दोहराते हुए एक संदेश जारी किया। सोशल मीडिया साइट्स पर जारी किए गए पोस्ट में भारतीय सेना के संदेश में कहा गया है, 'जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है। न्याय मिलता है। भारत एकजुट है।'

भारतीय सेना की आतंकियों को चेतावनी

भारतीय सेना ने आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा, 'कुछ सीमाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें कभी पार नहीं करना चाहिए।' सेना ने अपनी इस पोस्ट में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया है।

कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई

इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले पूरे कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हमले की बरसी को देखते हुए, सभी सुरक्षा एजेंसियों को संभावित गतिविधियों, विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्रों के आसपास सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एक प्रभावी व बड़ी सुरक्षा योजना सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर बैठकें आयोजित की गई हैं, और वरिष्ठ अधिकारी इन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।

पहलगाम आतंकी हमला और “ऑपरेशन सिंदूर”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने छुट्टियां मना रहे 26 निर्दोष (25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक) लोगों पर निर्मम हत्या की थी। इस आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। इसके बाद भारत की मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकाने ध्वस्त किए गए। इससे घबराए पाकिस्तान ने 10 मई को भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू किया गया।