10 दिन में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम, जानें अब कितनी हो गई नई कीमत

#petroldieselpriceshikedagain3rdtimein10_days

पेट्रोल-डीजल की कीमतें आज फिर बढ़ गईं। बीते नौ दिनों में यह तीसरी बढ़ोतरी है। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार आज यानी 23 मई 2026, बुधवार को दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ। आज डीजल के कीमत में भी 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।

दिल्ली में अब कितने का हुआ पेट्रोल-डीजल

दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद इसकी नई कीमत 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, डीजल 91 पैसे महंगा होकर 92.49 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

बीते 10 दिनों में तीसरी बढ़ोतरी

इस साल 15 मई, शुक्रवार को सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पहली बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये या इससे ज्यादा की बढ़ोतरी की थी। यह बढ़ोतरी करीब चार साल बाद हुई थी। उसके चार दिन बाद ही मंगलवार, 19 मई 2026 को भी पेट्रोल की कीमतों में (दिल्ली की कीमत) 87 पैसे जबकि डीजल की कीमतों में 91 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद आज एक बार फिर से पेट्रोल को को 91 पैसे जबकि डीजल को 87 पैसे प्रति लीटर महंगा कर दिया गया है।कोलकाता में 94 पैसे की बढ़ोतरी के साथ कीमत 110.64 रुपये, मुंबई में 90 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 108.49 रुपये और चेन्नई में 82 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 103.31 रुपये पर पहुंच गई है।

कच्चे तेल की तीमतों में तेजी

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आज मामूली तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 0.96 फीसदी तेजी के साथ 103.5 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 0.25 फीसदी तेजी के साथ 96.60 डॉलर प्रति बैरल पर है। इंडियन बास्केट क्रूड में भी तेजी आई है और यह 0.45 फीसदी तेजी के साथ 109.3 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।

क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल और डीजल के दाम?

पिछले कुछ दिनों में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी वजह से तेल कंपनियों ने खुदरा ईंधन कीमतों में फिर बढ़ोतरी की है। तेल कंपनियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल बना हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ रहा है, जो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं।

খেলা ইস্টবেঙ্গলের বিজয়োৎসব উদযাপন ঘিরে
নিজস্ব প্রতিনিধি: আই এস এল এ ইস্টবেঙ্গলের বিজয়কে ঘিরে শুক্রবার ইস্টবেঙ্গল মাঠে এক বর্ণাঢ্য অনুষ্ঠানের আয়োজন করা হয়েছিল। খেলোয়াড়, কোচ, ক্লাব কর্মকর্তা, সমর্থক সব একসাথে আনন্দে মিলে মিশে একাকার হয়েগিয়েছিল। ট্রফি হাতে ছবি তুলতে দেখা গেল কোচ অস্কার ব্রুজো সহ অন্যান্য খেলোয়াড়দের। এদিন বাম প্রার্থী দীপ্সিতা ধর কেও দেখা গেল সমর্থকদের ভিড়ে আনন্দে ভেসে যেতে। বি: সঞ্জয় হাজরা।
तिकोनिया पार्क में लगा “हमारा स्वाभिमानकुशभवनपुर” इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड
*स्वामी विवेकानंद के विचारों के साथ नगर को मिला नई पहचान का संदेश*

नगर के तिकोनिया पार्क में आज नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल द्वारा “हमारा स्वाभिमान कुशभवनपुर” इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई, जहां भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों एवं नगर के गणमान्य लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके विचारों को याद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल ने कहा कि जनपदवासियों की लंबे समय से मांग थी कि नगर में सांस्कृतिक पहचान और जनभावनाओं से जुड़े कार्य किए जाएं। इसी क्रम में आधुनिक तकनीक एवं आकर्षक प्रकाश व्यवस्था से युक्त “हमारा स्वाभिमान कुशभवनपुर” इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड स्थापित कराया गया है, जो नगरवासियों को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं और नगर पालिका इस स्थल को प्रेरणा एवं सांस्कृतिक चेतना के केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में कुशभवनपुर नाम को लेकर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल ने कहा कि यह विषय जनभावनाओं से जुड़ा हुआ है और इस संबंध में शासन स्तर तक बात पहुंचाई गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में जनभावनाओं के अनुरूप सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
इस दौरान भारत विकास परिषद के पदाधिकारी, नगर पालिका प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।
पेट्रोल लेने जा रहे युवक को थार ने रौंदा दर्दनाक मौत*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। गोपीगंज के किशुनदेवपुर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार रात हुए भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी बाल-बाल बच गया।
ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के चकटोडर निवासी अनुपम उर्फ सूरज तिवारी (32) अपने साथी धीरज पाण्डेय के साथ प्रयागराज से लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि रास्ते में उनकी कार का पेट्रोल खत्म हो गया, जिसके बाद दोनों पैदल पेट्रोल लेने जा रहे थे। तभी वाराणसी से प्रयागराज की ओर जा रही तेज रफ्तार अज्ञात थार ने अनुपम को जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे में गंभीर रूप से घायल अनुपम को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
जनपद में हीटवेव से निपटने हेतु तैयारियों की समीक्षा बैठक कर जिलाधिकारी द्वारा दिये गये आवश्यक दिशा- निर्देश
भीषण गर्मी को लेकर प्रशासन गंभीर, जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की बैठक में हुई तैयारियों की समीक्षा

सुलतानपुर, जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न प्रकार की सम्भावित आपदाओं विशेष रूप से बाढ़, लू, सूखा, भारी वर्षा से बचाव एवं योजना निर्माण किये जाने को दृष्टिगत रखते हुए जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) राकेश सिंह सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक में जनपद में हीट वेव से बचाव, राहत एवं जनजागरूकता, बाढ़ प्रबन्धन, सूखा प्रबन्धन, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, विद्युत, श्रम, शिक्षा सहित आदि विभागों द्वारा राहत बचाव सम्बन्धी तैयारियों का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण का अवलोकन करते हुए विस्तृत समीक्षा की गयी तथा सम्बन्धित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
          
जिलाधिकारी ने कहा कि हीट वेव को एक गंभीर आपदा के रूप में लेते हुए सभी विभाग समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं जिला चिकित्सालय में हीट स्ट्रोक, डायरिया, उल्टी, दस्त से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु पर्याप्त दवाओं, ओआरएस, पेयजल एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। साथ ही चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी संवेदनशीलता के साथ लगायी जाये।
          
बैठक में नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों को सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था करने, प्याऊ संचालित कराने तथा साफ-सफाई बनाये रखने तथा तहसील स्तर पर आम जनमानस हेतु कूलरूम तैयार किये जाने के निर्देश दिये गये। विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जारी हेल्पलाइन नम्बरों पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाये तथा जल निगम को पर्याप्त जलापूर्ति बनाये रखने के निर्देश दिये गये।

जिलाधिकारी ने श्रम विभाग एवं सम्बन्धित अधिकारियों को निर्माण स्थलों एवं खुले में कार्य करने वाले श्रमिकों के कार्य समय हेतु श्रम विभाग द्वारा एडवाइजरी जारी कर समय में परिवर्तन करते हुए दोपहर 12ः00 बजे से 03ः00 के मध्य किसी श्रमिक से कार्य न लिये जाने हेतु निर्देशित किया गया तथा निर्माण स्थलों, ईट भट्ठों सहित अन्य स्थलों का निरीक्षण कर जारी एडवाइजरी का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर विभिन्न स्थलों पर श्रमिकों हेतु स्वास्थ्य परीक्षण कैम्प लगाया जाये।
        
जिलाधिकारी द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित करते हुए कहा गया कि सभी विद्यालयों को बन्द रखा जाये, किसी प्रकार का समर कैम्प आदि न संचालित किया जाये, यह भी सुनिश्चित करें।
        
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि जनपद स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाये, जिसके अंतर्गत सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार कर आमजन को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने, अधिक मात्रा में पानी पीने, हल्के सूती वस्त्र पहनने एवं लू से बचाव सम्बन्धी उपायों की जानकारी दी जाये।
        
जिलाधिकारी द्वारा कम बारिश की स्थिति में पड़ने वाले सूखे से निपटने के लिये की गयी तैयारियों के सम्बन्ध में सम्बन्धित से जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देशित किया कि फसलों को बचाने हेतु उचित व्यवस्था, खराब नलकूपों व सूखे तालाबों को चिन्हित कर ससमय सही करा लिया जाये। सूखे की स्थिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ सभी को मिले यह सुनिश्चित किया जाय।

जिलाधिकारी द्वारा सम्भावित बाढ़ प्रबन्धन हेतु गोमती नदी में आने वाली बाढ़ से राहत व बचाव हेतु तैयार किये गये एक्शन प्लान की समीक्षा की गयी। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि राशन, जरूरत के सामान, दवाईयां, मूलभूत सुविधाएं, नाव, गोताखोर, बाढ़ चौकियां तहसीलवार, बाढ़ शरणालय, स्नेक वेनम, एनडीआरएफ, मेडिकल स्टाफ, पेयजल, खाद्य सामग्री आदि की पहले से तैयारियां कर ली जाय और दिये गये दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाये। उन्होंने निर्देशित किया कि सम्भावित भारी वर्षा के दौरान होने वाले जलभराव की स्थिति से निपटने के लिये नालों की सफाई, ड्रेनेज सिस्टम को साफ रखने की तैयारी पूर्व से करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि सम्भावित प्रभावित क्षेत्रों में समय से पहले हेल्पलाइन नम्बरों को जनसामान्य तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाये।
       
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि हीट वेव, सूखा, बाढ़ से सम्बन्धित किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने हेतु त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें तथा विभागीय कार्ययोजना के अनुसार सतत निगरानी बनाये रखें। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी। बैठक में सभी सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मंडल के समग्र विकास का प्रस्तुत किया रोडमैप

*कृषि, पर्यटन और रोजगार पर फोकस, आयुक्त ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखी देवीपाटन मंडल विकास की व्यापक योजना*

*देवीपाटन मंडल को नई पहचान दिलाने की तैयारी, आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मुख्यमंत्री को प्रस्तुत किया विजन प्लान*

*सीएम ने विजन प्लान की सराहना, बोले जल्द लागू करें विजनरी प्लान*

*गोण्डा, 22 मई* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शुक्रवार शाम को उनके सरकारी आवास पर देवीपाटन मंडल की मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट की। साथ ही मुख्यमंत्री को देवीपाटन मंडल के समग्र एवं योजनाबद्ध विकास के बारे में विस्तृत बताया। मुलाकात के दौरान मंडलायुक्त ने सीएम के सामने मंडल के चारों जनपदों गोंडा, बलरामपुर, बहराइच एवं श्रावस्ती की संभावनाओं, प्रमुख चुनौतियों तथा उनके समाधान के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसके साथ विकास का विजन डॉक्यूमेंट प्रस्तुत किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने काफी सराहना की और इसे जल्द लागू करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर मण्डलायुक्त ने सीएम को बहराइच के ओडीओपी उत्पात गिफ्ट किया।

*कतर्नियाघाट क्षेत्र में इको-टूरिज्म और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रस्तुत की कार्ययोजना*
आयुक्त ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि देवीपाटन मंडल कृषि, धार्मिक पर्यटन, वन एवं प्राकृतिक संसाधनों, सीमा क्षेत्रीय व्यापार तथा सांस्कृतिक विरासत की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि यदि योजनाबद्ध तरीके से आधारभूत संरचना, सिंचाई, पर्यटन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों में कार्य किया जाए तो मंडल को प्रदेश के अग्रणी क्षेत्रों में विकसित किया जा सकता है।उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि गोण्डा, श्रावस्ती एवं बलरामपुर जैसे जनपद बौद्ध एवं धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं रखते हैं। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, सड़क संपर्क, होटल एवं यात्री सुविधाओं के विकास से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन किया जा सकता है। वहीं बहराइच के कतर्नियाघाट क्षेत्र में इको-टूरिज्म और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।

*कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना से युवाओं को  मिलेगा स्थानीय स्तर पर रोजगार*
आयुक्त ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, जैविक खेती, फसल विविधीकरण तथा किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मंडल में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके साथ ही आयुक्त ने मुख्यमंत्री को देवीपाटन मंडल में संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं एवं निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स की प्रगति से भी विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने मंडल में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, पर्यटन एवं आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा उनकी प्रगति की जानकारी दी। प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट एवं विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन पर मुख्यमंत्री ने देवीपाटन मंडल के विकास को लेकर प्रस्तुत योजनाओं एवं सुझावों की सराहना की तथा आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।

*आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध : आयुक्त*
आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मुख्यमंत्री से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए मंडल के समग्र विकास के लिए शासन स्तर से निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। आयुक्त ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप देवीपाटन मंडल को विकास, सुशासन, रोजगार, पर्यटन एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है।
भाई से झगड़े के बाद खुद को लगाई आग,युवक की दर्दनाक मौत...

रितेश मिश्रा
हरदोई  अतरौली थाना क्षेत्र के नरोईया गांव में बाइक को लेकर दो सगे भाइयों के बीच हुआ विवाद दर्दनाक हादसे में बदल गया। शुक्रवार शाम नशे की हालत में बड़ा भाई शेरू बाइक मांगने दुकान पहुंचा, लेकिन छोटे भाई निखिल ने उसकी हालत देखते हुए बाइक देने से इनकार कर दिया। इसी बात पर दोनों में कहासुनी शुरू हो गई। गुस्से में पहले बाइक पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। जब आग बुझाने की कोशिश हुई तो विवाद और बढ़ गया।
कुछ ही देर बाद निखिल ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। आग की लपटों में घिरे युवक को गंभीर हालत में सीएचसी भरावन ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना का लाइव वीडियो सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
Rajesh Mohandas Explains the “AI Complexity Gap” Facing Modern Enterprises

Rajesh Mohandas is emerging as a powerful voice at the intersection of law, technology, governance, and artificial intelligence — a convergence that is becoming essential as AI rapidly reshapes business, regulation, and society.With over 24 years of global experience, including his role as former Vice President at Thomson Reuters, he brings deep expertise in enterprise transformation, governance, risk management, and digital innovation. What sets him apart is his rare dual identity as both a technologist and a legal professional, allowing him to approach AI not just as technology, but as a complex challenge involving compliance, cybersecurity, ethics, and accountability.

As organizations race to adopt AI while facing rising regulatory pressure and operational uncertainty, Rajesh works closely with enterprises to build governance-led, responsible AI systems. His approach focuses on creating scalable, explainable, and legally defensible AI frameworks that balance innovation with risk control.

He is actively contributing to next-generation AI thinking beyond traditional models, working on governance frameworks around emerging systems like LBMs, LAMs, World Models, and hybrid architectures. His work helps organizations bridge what he describes as the “AI Complexity Gap” — where adoption outpaces governance, security, and control.

Rajesh also highlights the growing risks in the AI era, including deepfake fraud, synthetic identities, cyber threats, data privacy issues, algorithmic bias, and regulatory exposure. His governance-first frameworks are designed to help enterprises proactively mitigate these risks before they turn into compliance failures or reputational damage.

In today’s evolving AI economy, Rajesh represents a new category of leadership — the “lawyer-technologist” — combining legal strategy with technology execution. This role is becoming critical for organizations navigating AI regulations, data governance pressures, and cybersecurity challenges at the boardroom level.

Beyond the corporate world, he is the visionary behind Nyaya Darpan Foundation, an initiative focused on AI-led awareness, human rights, and access to justice. Through this, he collaborates with Sonia & Partners Law Firm to support legal awareness, pro bono services, and social impact initiatives.

Nyaya Darpan Foundation: "nyayadarpan.com"

Sonia & Partners Law Firm: "lawyersonia.com"

LinkedIn: "linkedin.com"

As AI continues to redefine industries and institutions, Rajesh Mohandas is positioning himself as a governance-focused thought leader shaping responsible and sustainable AI adoption.

Because in the end, success will not depend on who adopts AI the fastest — but on who governs it the wisest.

AirOK Reflects India’s Growing Focus on Indoor Air Quality as a Preventive Health Priority

India — April 2026: As India’s cities continue to expand and urban living becomes more complex, families are beginning to pay closer attention to an issue that was once rarely discussed — the quality of the air inside their homes. Indoor air quality is gradually moving into the mainstream conversation on preventive health, reflecting a broader shift in how households think about long-term well-being.Urbanization has brought undeniable progress, but it has also introduced new environmental challenges. Continuous construction, increasing traffic density, and rising population levels have changed the way people interact with their surroundings. While outdoor pollution remains highly visible, the conditions inside homes and enclosed spaces are now receiving growing attention, particularly because people spend most of their time indoors.

In many residential areas, pollutants from outside can enter indoor environments through routine daily activity. Dust, smoke particles, and microscopic pollutants can accumulate slowly, especially in apartments where airflow is limited. Unlike sudden health risks, the impact of indoor air quality often develops gradually. Families may experience recurring discomfort such as fatigue, throat irritation, headaches, or disrupted sleep without immediately identifying the underlying environmental cause.

This emerging awareness is encouraging households to adopt a more preventive approach to managing their living environments. Just as earlier generations recognized the importance of clean drinking water and sanitation, today’s families are beginning to view indoor air quality as another essential component of healthy living. The emphasis is shifting from reacting to problems after they arise to taking practical steps that support consistent well-being.

Within this evolving landscape, Indian-developed technologies are playing a more visible role. There is increasing recognition that solutions designed specifically for local environmental conditions can offer practical advantages. India’s urban settings present unique challenges, including high dust levels, frequent construction activity, and varying power supply conditions. Addressing these realities requires systems built with an understanding of local needs rather than assumptions based on different geographic contexts.

AirOK has emerged as one example of this growing domestic capability. Its significance lies in representing an approach that prioritizes adaptation to Indian conditions while supporting the broader goal of healthier indoor environments. The development of such technologies reflects a wider movement toward building local expertise in areas that directly influence public health and everyday comfort.

Industry observers note that the increasing presence of Indian brands like AirOK signals a shift in how environmental health challenges are being addressed. Instead of relying solely on external solutions, there is a growing emphasis on innovation that originates within the country and responds directly to the realities of urban living. This trend aligns with national priorities around self-reliance, sustainability, and practical problem-solving.

The conversation around indoor air quality is therefore expanding beyond individual households. It is becoming part of a larger discussion about how cities can support healthier communities in the long term. As awareness continues to grow, maintaining clean indoor air is likely to become a routine expectation in modern homes, much like access to safe water and reliable sanitation.

In this context, the role of initiatives such as AirOK is not defined by marketing claims, but by their contribution to a changing mindset — one that recognizes the importance of prevention, preparedness, and locally relevant solutions in shaping healthier urban living across India.

भोपाल आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: स्कूटर से 54 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त, आरोपी जेल भेजा

भोपाल। भोपाल आबकारी विभाग ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान तेज करते हुए एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशन में, सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के मार्गदर्शन तथा नियंत्रण कक्ष प्रभारी आर.जी. भदौरिया के नेतृत्व में जिले की आबकारी टीम ने बड़ी सफलता हासिल की।

मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आबकारी टीम ने प्लैटिनम प्लाजा के पास टीटी नगर रोड क्षेत्र में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान आरोपी संतोष लोंधे पुत्र कन्हैया लोंधे के स्कूटर से 54 बल्क लीटर अवैध देशी प्लेन मदिरा बरामद की गई। टीम ने मौके से शराब सहित वाहन को जब्त कर लिया।

आरोपी के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 (संशोधन 2000) की धारा 34(1)(क) एवं 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया

आबकारी विभाग के अनुसार, जब्त की गई अवैध शराब की अनुमानित कीमत 22,500 रुपये, जबकि वाहन की कीमत करीब 1 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई वृत्त प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी एम.के. विश्वकर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुई।

इसी क्रम में आबकारी विभाग की दूसरी टीम ने बैरागढ़ क्षेत्र के ग्राम सलाम बरखेड़ा में कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति के कब्जे से 40 पाव देशी शराब बरामद की। वहीं डरविन ढाबा से बीयर की बोतलें भी जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।

सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ विभाग का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

10 दिन में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम, जानें अब कितनी हो गई नई कीमत

#petroldieselpriceshikedagain3rdtimein10_days

पेट्रोल-डीजल की कीमतें आज फिर बढ़ गईं। बीते नौ दिनों में यह तीसरी बढ़ोतरी है। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार आज यानी 23 मई 2026, बुधवार को दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ। आज डीजल के कीमत में भी 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।

दिल्ली में अब कितने का हुआ पेट्रोल-डीजल

दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद इसकी नई कीमत 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, डीजल 91 पैसे महंगा होकर 92.49 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

बीते 10 दिनों में तीसरी बढ़ोतरी

इस साल 15 मई, शुक्रवार को सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पहली बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये या इससे ज्यादा की बढ़ोतरी की थी। यह बढ़ोतरी करीब चार साल बाद हुई थी। उसके चार दिन बाद ही मंगलवार, 19 मई 2026 को भी पेट्रोल की कीमतों में (दिल्ली की कीमत) 87 पैसे जबकि डीजल की कीमतों में 91 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद आज एक बार फिर से पेट्रोल को को 91 पैसे जबकि डीजल को 87 पैसे प्रति लीटर महंगा कर दिया गया है।कोलकाता में 94 पैसे की बढ़ोतरी के साथ कीमत 110.64 रुपये, मुंबई में 90 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 108.49 रुपये और चेन्नई में 82 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 103.31 रुपये पर पहुंच गई है।

कच्चे तेल की तीमतों में तेजी

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आज मामूली तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 0.96 फीसदी तेजी के साथ 103.5 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 0.25 फीसदी तेजी के साथ 96.60 डॉलर प्रति बैरल पर है। इंडियन बास्केट क्रूड में भी तेजी आई है और यह 0.45 फीसदी तेजी के साथ 109.3 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।

क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल और डीजल के दाम?

पिछले कुछ दिनों में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी वजह से तेल कंपनियों ने खुदरा ईंधन कीमतों में फिर बढ़ोतरी की है। तेल कंपनियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल बना हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ रहा है, जो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं।

খেলা ইস্টবেঙ্গলের বিজয়োৎসব উদযাপন ঘিরে
নিজস্ব প্রতিনিধি: আই এস এল এ ইস্টবেঙ্গলের বিজয়কে ঘিরে শুক্রবার ইস্টবেঙ্গল মাঠে এক বর্ণাঢ্য অনুষ্ঠানের আয়োজন করা হয়েছিল। খেলোয়াড়, কোচ, ক্লাব কর্মকর্তা, সমর্থক সব একসাথে আনন্দে মিলে মিশে একাকার হয়েগিয়েছিল। ট্রফি হাতে ছবি তুলতে দেখা গেল কোচ অস্কার ব্রুজো সহ অন্যান্য খেলোয়াড়দের। এদিন বাম প্রার্থী দীপ্সিতা ধর কেও দেখা গেল সমর্থকদের ভিড়ে আনন্দে ভেসে যেতে। বি: সঞ্জয় হাজরা।
तिकोनिया पार्क में लगा “हमारा स्वाभिमानकुशभवनपुर” इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड
*स्वामी विवेकानंद के विचारों के साथ नगर को मिला नई पहचान का संदेश*

नगर के तिकोनिया पार्क में आज नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल द्वारा “हमारा स्वाभिमान कुशभवनपुर” इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई, जहां भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों एवं नगर के गणमान्य लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके विचारों को याद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल ने कहा कि जनपदवासियों की लंबे समय से मांग थी कि नगर में सांस्कृतिक पहचान और जनभावनाओं से जुड़े कार्य किए जाएं। इसी क्रम में आधुनिक तकनीक एवं आकर्षक प्रकाश व्यवस्था से युक्त “हमारा स्वाभिमान कुशभवनपुर” इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड स्थापित कराया गया है, जो नगरवासियों को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं और नगर पालिका इस स्थल को प्रेरणा एवं सांस्कृतिक चेतना के केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में कुशभवनपुर नाम को लेकर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल ने कहा कि यह विषय जनभावनाओं से जुड़ा हुआ है और इस संबंध में शासन स्तर तक बात पहुंचाई गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में जनभावनाओं के अनुरूप सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
इस दौरान भारत विकास परिषद के पदाधिकारी, नगर पालिका प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।
पेट्रोल लेने जा रहे युवक को थार ने रौंदा दर्दनाक मौत*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। गोपीगंज के किशुनदेवपुर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार रात हुए भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी बाल-बाल बच गया।
ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के चकटोडर निवासी अनुपम उर्फ सूरज तिवारी (32) अपने साथी धीरज पाण्डेय के साथ प्रयागराज से लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि रास्ते में उनकी कार का पेट्रोल खत्म हो गया, जिसके बाद दोनों पैदल पेट्रोल लेने जा रहे थे। तभी वाराणसी से प्रयागराज की ओर जा रही तेज रफ्तार अज्ञात थार ने अनुपम को जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे में गंभीर रूप से घायल अनुपम को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
जनपद में हीटवेव से निपटने हेतु तैयारियों की समीक्षा बैठक कर जिलाधिकारी द्वारा दिये गये आवश्यक दिशा- निर्देश
भीषण गर्मी को लेकर प्रशासन गंभीर, जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की बैठक में हुई तैयारियों की समीक्षा

सुलतानपुर, जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न प्रकार की सम्भावित आपदाओं विशेष रूप से बाढ़, लू, सूखा, भारी वर्षा से बचाव एवं योजना निर्माण किये जाने को दृष्टिगत रखते हुए जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) राकेश सिंह सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक में जनपद में हीट वेव से बचाव, राहत एवं जनजागरूकता, बाढ़ प्रबन्धन, सूखा प्रबन्धन, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, विद्युत, श्रम, शिक्षा सहित आदि विभागों द्वारा राहत बचाव सम्बन्धी तैयारियों का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण का अवलोकन करते हुए विस्तृत समीक्षा की गयी तथा सम्बन्धित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
          
जिलाधिकारी ने कहा कि हीट वेव को एक गंभीर आपदा के रूप में लेते हुए सभी विभाग समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं जिला चिकित्सालय में हीट स्ट्रोक, डायरिया, उल्टी, दस्त से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु पर्याप्त दवाओं, ओआरएस, पेयजल एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। साथ ही चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी संवेदनशीलता के साथ लगायी जाये।
          
बैठक में नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों को सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था करने, प्याऊ संचालित कराने तथा साफ-सफाई बनाये रखने तथा तहसील स्तर पर आम जनमानस हेतु कूलरूम तैयार किये जाने के निर्देश दिये गये। विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जारी हेल्पलाइन नम्बरों पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाये तथा जल निगम को पर्याप्त जलापूर्ति बनाये रखने के निर्देश दिये गये।

जिलाधिकारी ने श्रम विभाग एवं सम्बन्धित अधिकारियों को निर्माण स्थलों एवं खुले में कार्य करने वाले श्रमिकों के कार्य समय हेतु श्रम विभाग द्वारा एडवाइजरी जारी कर समय में परिवर्तन करते हुए दोपहर 12ः00 बजे से 03ः00 के मध्य किसी श्रमिक से कार्य न लिये जाने हेतु निर्देशित किया गया तथा निर्माण स्थलों, ईट भट्ठों सहित अन्य स्थलों का निरीक्षण कर जारी एडवाइजरी का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर विभिन्न स्थलों पर श्रमिकों हेतु स्वास्थ्य परीक्षण कैम्प लगाया जाये।
        
जिलाधिकारी द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित करते हुए कहा गया कि सभी विद्यालयों को बन्द रखा जाये, किसी प्रकार का समर कैम्प आदि न संचालित किया जाये, यह भी सुनिश्चित करें।
        
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि जनपद स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाये, जिसके अंतर्गत सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार कर आमजन को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने, अधिक मात्रा में पानी पीने, हल्के सूती वस्त्र पहनने एवं लू से बचाव सम्बन्धी उपायों की जानकारी दी जाये।
        
जिलाधिकारी द्वारा कम बारिश की स्थिति में पड़ने वाले सूखे से निपटने के लिये की गयी तैयारियों के सम्बन्ध में सम्बन्धित से जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देशित किया कि फसलों को बचाने हेतु उचित व्यवस्था, खराब नलकूपों व सूखे तालाबों को चिन्हित कर ससमय सही करा लिया जाये। सूखे की स्थिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ सभी को मिले यह सुनिश्चित किया जाय।

जिलाधिकारी द्वारा सम्भावित बाढ़ प्रबन्धन हेतु गोमती नदी में आने वाली बाढ़ से राहत व बचाव हेतु तैयार किये गये एक्शन प्लान की समीक्षा की गयी। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि राशन, जरूरत के सामान, दवाईयां, मूलभूत सुविधाएं, नाव, गोताखोर, बाढ़ चौकियां तहसीलवार, बाढ़ शरणालय, स्नेक वेनम, एनडीआरएफ, मेडिकल स्टाफ, पेयजल, खाद्य सामग्री आदि की पहले से तैयारियां कर ली जाय और दिये गये दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाये। उन्होंने निर्देशित किया कि सम्भावित भारी वर्षा के दौरान होने वाले जलभराव की स्थिति से निपटने के लिये नालों की सफाई, ड्रेनेज सिस्टम को साफ रखने की तैयारी पूर्व से करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि सम्भावित प्रभावित क्षेत्रों में समय से पहले हेल्पलाइन नम्बरों को जनसामान्य तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाये।
       
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि हीट वेव, सूखा, बाढ़ से सम्बन्धित किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने हेतु त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें तथा विभागीय कार्ययोजना के अनुसार सतत निगरानी बनाये रखें। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी। बैठक में सभी सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मंडल के समग्र विकास का प्रस्तुत किया रोडमैप

*कृषि, पर्यटन और रोजगार पर फोकस, आयुक्त ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखी देवीपाटन मंडल विकास की व्यापक योजना*

*देवीपाटन मंडल को नई पहचान दिलाने की तैयारी, आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मुख्यमंत्री को प्रस्तुत किया विजन प्लान*

*सीएम ने विजन प्लान की सराहना, बोले जल्द लागू करें विजनरी प्लान*

*गोण्डा, 22 मई* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शुक्रवार शाम को उनके सरकारी आवास पर देवीपाटन मंडल की मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट की। साथ ही मुख्यमंत्री को देवीपाटन मंडल के समग्र एवं योजनाबद्ध विकास के बारे में विस्तृत बताया। मुलाकात के दौरान मंडलायुक्त ने सीएम के सामने मंडल के चारों जनपदों गोंडा, बलरामपुर, बहराइच एवं श्रावस्ती की संभावनाओं, प्रमुख चुनौतियों तथा उनके समाधान के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसके साथ विकास का विजन डॉक्यूमेंट प्रस्तुत किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने काफी सराहना की और इसे जल्द लागू करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर मण्डलायुक्त ने सीएम को बहराइच के ओडीओपी उत्पात गिफ्ट किया।

*कतर्नियाघाट क्षेत्र में इको-टूरिज्म और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रस्तुत की कार्ययोजना*
आयुक्त ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि देवीपाटन मंडल कृषि, धार्मिक पर्यटन, वन एवं प्राकृतिक संसाधनों, सीमा क्षेत्रीय व्यापार तथा सांस्कृतिक विरासत की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि यदि योजनाबद्ध तरीके से आधारभूत संरचना, सिंचाई, पर्यटन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों में कार्य किया जाए तो मंडल को प्रदेश के अग्रणी क्षेत्रों में विकसित किया जा सकता है।उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि गोण्डा, श्रावस्ती एवं बलरामपुर जैसे जनपद बौद्ध एवं धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं रखते हैं। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, सड़क संपर्क, होटल एवं यात्री सुविधाओं के विकास से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन किया जा सकता है। वहीं बहराइच के कतर्नियाघाट क्षेत्र में इको-टूरिज्म और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।

*कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना से युवाओं को  मिलेगा स्थानीय स्तर पर रोजगार*
आयुक्त ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, जैविक खेती, फसल विविधीकरण तथा किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मंडल में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके साथ ही आयुक्त ने मुख्यमंत्री को देवीपाटन मंडल में संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं एवं निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स की प्रगति से भी विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने मंडल में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, पर्यटन एवं आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा उनकी प्रगति की जानकारी दी। प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट एवं विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन पर मुख्यमंत्री ने देवीपाटन मंडल के विकास को लेकर प्रस्तुत योजनाओं एवं सुझावों की सराहना की तथा आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।

*आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध : आयुक्त*
आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मुख्यमंत्री से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए मंडल के समग्र विकास के लिए शासन स्तर से निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। आयुक्त ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप देवीपाटन मंडल को विकास, सुशासन, रोजगार, पर्यटन एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है।
भाई से झगड़े के बाद खुद को लगाई आग,युवक की दर्दनाक मौत...

रितेश मिश्रा
हरदोई  अतरौली थाना क्षेत्र के नरोईया गांव में बाइक को लेकर दो सगे भाइयों के बीच हुआ विवाद दर्दनाक हादसे में बदल गया। शुक्रवार शाम नशे की हालत में बड़ा भाई शेरू बाइक मांगने दुकान पहुंचा, लेकिन छोटे भाई निखिल ने उसकी हालत देखते हुए बाइक देने से इनकार कर दिया। इसी बात पर दोनों में कहासुनी शुरू हो गई। गुस्से में पहले बाइक पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। जब आग बुझाने की कोशिश हुई तो विवाद और बढ़ गया।
कुछ ही देर बाद निखिल ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। आग की लपटों में घिरे युवक को गंभीर हालत में सीएचसी भरावन ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना का लाइव वीडियो सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
Rajesh Mohandas Explains the “AI Complexity Gap” Facing Modern Enterprises

Rajesh Mohandas is emerging as a powerful voice at the intersection of law, technology, governance, and artificial intelligence — a convergence that is becoming essential as AI rapidly reshapes business, regulation, and society.With over 24 years of global experience, including his role as former Vice President at Thomson Reuters, he brings deep expertise in enterprise transformation, governance, risk management, and digital innovation. What sets him apart is his rare dual identity as both a technologist and a legal professional, allowing him to approach AI not just as technology, but as a complex challenge involving compliance, cybersecurity, ethics, and accountability.

As organizations race to adopt AI while facing rising regulatory pressure and operational uncertainty, Rajesh works closely with enterprises to build governance-led, responsible AI systems. His approach focuses on creating scalable, explainable, and legally defensible AI frameworks that balance innovation with risk control.

He is actively contributing to next-generation AI thinking beyond traditional models, working on governance frameworks around emerging systems like LBMs, LAMs, World Models, and hybrid architectures. His work helps organizations bridge what he describes as the “AI Complexity Gap” — where adoption outpaces governance, security, and control.

Rajesh also highlights the growing risks in the AI era, including deepfake fraud, synthetic identities, cyber threats, data privacy issues, algorithmic bias, and regulatory exposure. His governance-first frameworks are designed to help enterprises proactively mitigate these risks before they turn into compliance failures or reputational damage.

In today’s evolving AI economy, Rajesh represents a new category of leadership — the “lawyer-technologist” — combining legal strategy with technology execution. This role is becoming critical for organizations navigating AI regulations, data governance pressures, and cybersecurity challenges at the boardroom level.

Beyond the corporate world, he is the visionary behind Nyaya Darpan Foundation, an initiative focused on AI-led awareness, human rights, and access to justice. Through this, he collaborates with Sonia & Partners Law Firm to support legal awareness, pro bono services, and social impact initiatives.

Nyaya Darpan Foundation: "nyayadarpan.com"

Sonia & Partners Law Firm: "lawyersonia.com"

LinkedIn: "linkedin.com"

As AI continues to redefine industries and institutions, Rajesh Mohandas is positioning himself as a governance-focused thought leader shaping responsible and sustainable AI adoption.

Because in the end, success will not depend on who adopts AI the fastest — but on who governs it the wisest.

AirOK Reflects India’s Growing Focus on Indoor Air Quality as a Preventive Health Priority

India — April 2026: As India’s cities continue to expand and urban living becomes more complex, families are beginning to pay closer attention to an issue that was once rarely discussed — the quality of the air inside their homes. Indoor air quality is gradually moving into the mainstream conversation on preventive health, reflecting a broader shift in how households think about long-term well-being.Urbanization has brought undeniable progress, but it has also introduced new environmental challenges. Continuous construction, increasing traffic density, and rising population levels have changed the way people interact with their surroundings. While outdoor pollution remains highly visible, the conditions inside homes and enclosed spaces are now receiving growing attention, particularly because people spend most of their time indoors.

In many residential areas, pollutants from outside can enter indoor environments through routine daily activity. Dust, smoke particles, and microscopic pollutants can accumulate slowly, especially in apartments where airflow is limited. Unlike sudden health risks, the impact of indoor air quality often develops gradually. Families may experience recurring discomfort such as fatigue, throat irritation, headaches, or disrupted sleep without immediately identifying the underlying environmental cause.

This emerging awareness is encouraging households to adopt a more preventive approach to managing their living environments. Just as earlier generations recognized the importance of clean drinking water and sanitation, today’s families are beginning to view indoor air quality as another essential component of healthy living. The emphasis is shifting from reacting to problems after they arise to taking practical steps that support consistent well-being.

Within this evolving landscape, Indian-developed technologies are playing a more visible role. There is increasing recognition that solutions designed specifically for local environmental conditions can offer practical advantages. India’s urban settings present unique challenges, including high dust levels, frequent construction activity, and varying power supply conditions. Addressing these realities requires systems built with an understanding of local needs rather than assumptions based on different geographic contexts.

AirOK has emerged as one example of this growing domestic capability. Its significance lies in representing an approach that prioritizes adaptation to Indian conditions while supporting the broader goal of healthier indoor environments. The development of such technologies reflects a wider movement toward building local expertise in areas that directly influence public health and everyday comfort.

Industry observers note that the increasing presence of Indian brands like AirOK signals a shift in how environmental health challenges are being addressed. Instead of relying solely on external solutions, there is a growing emphasis on innovation that originates within the country and responds directly to the realities of urban living. This trend aligns with national priorities around self-reliance, sustainability, and practical problem-solving.

The conversation around indoor air quality is therefore expanding beyond individual households. It is becoming part of a larger discussion about how cities can support healthier communities in the long term. As awareness continues to grow, maintaining clean indoor air is likely to become a routine expectation in modern homes, much like access to safe water and reliable sanitation.

In this context, the role of initiatives such as AirOK is not defined by marketing claims, but by their contribution to a changing mindset — one that recognizes the importance of prevention, preparedness, and locally relevant solutions in shaping healthier urban living across India.

भोपाल आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: स्कूटर से 54 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त, आरोपी जेल भेजा

भोपाल। भोपाल आबकारी विभाग ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान तेज करते हुए एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशन में, सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के मार्गदर्शन तथा नियंत्रण कक्ष प्रभारी आर.जी. भदौरिया के नेतृत्व में जिले की आबकारी टीम ने बड़ी सफलता हासिल की।

मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आबकारी टीम ने प्लैटिनम प्लाजा के पास टीटी नगर रोड क्षेत्र में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान आरोपी संतोष लोंधे पुत्र कन्हैया लोंधे के स्कूटर से 54 बल्क लीटर अवैध देशी प्लेन मदिरा बरामद की गई। टीम ने मौके से शराब सहित वाहन को जब्त कर लिया।

आरोपी के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 (संशोधन 2000) की धारा 34(1)(क) एवं 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया

आबकारी विभाग के अनुसार, जब्त की गई अवैध शराब की अनुमानित कीमत 22,500 रुपये, जबकि वाहन की कीमत करीब 1 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई वृत्त प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी एम.के. विश्वकर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुई।

इसी क्रम में आबकारी विभाग की दूसरी टीम ने बैरागढ़ क्षेत्र के ग्राम सलाम बरखेड़ा में कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति के कब्जे से 40 पाव देशी शराब बरामद की। वहीं डरविन ढाबा से बीयर की बोतलें भी जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।

सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ विभाग का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।