किसानों पर योगी सरकार का फोकस: केसीसी व फसल बीमा में तेजी के निर्देश

* 15 मई से विशेष अभियान, हर पात्र किसान को योजनाओं से जोड़ने पर जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष सं0-44-ख में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभागों और बैंकों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
मंत्री शाही ने कहा कि योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केसीसी और फसल बीमा जैसी योजनाओं का लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के डाटा का उपयोग कर अधिक से अधिक किसानों को केसीसी से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विभागीय पोर्टलों पर फार्मर आईडी के माध्यम से योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
समीक्षा में सामने आया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में केसीसी खातों का नवीनीकरण लंबित है और कई खाते एनपीए की श्रेणी में चले गए हैं। इस पर मंत्री ने बैंक और विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर खातों को नियमित करने और किसानों को समय पर ऋण अदायगी के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने घोषणा की कि 15 मई से विशेष अभियान चलाकर नए केसीसी जारी किए जाएंगे और अधिक किसानों को इससे जोड़ा जाएगा।
मंत्री ने किसानों को समय पर ऋण चुकाने पर ब्याज में मिलने वाली छूट की जानकारी देने पर जोर देते हुए बैंकों को शाखा स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने, नोटिस बोर्ड लगाने और किसानों से सीधे संवाद करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि जिन किसानों का प्रीमियम काटा गया है, उनका बीमा हर हाल में सुनिश्चित किया जाए और उसका पारदर्शी रिकॉर्ड रखा जाए। अधिकारियों को बीमा कवरेज, दावों और लाभार्थियों का स्पष्ट डेटा तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) समेत अन्य योजनाओं की धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए मंत्री शाही ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी और ब्याज में छूट का लाभ तभी मिलेगा जब बैंक सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बैंकों से सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और कृषि निवेश को बढ़ावा देने की अपील की।
मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विभागों और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने सभी योजनाओं की नियमित निगरानी और जमीनी स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में केशव मौर्य ने सुनीं समस्याएं, त्वरित निस्तारण के सख्त निर्देश
* भूमि विवाद, पेंशन, आवास व रोजगार से जुड़े मामलों पर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित, प्रभावी एवं न्यायसंगत निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनता दर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने अपनी व्यक्तिगत व सार्वजनिक समस्याएं सीधे उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। इनमें भूमि विवाद, राजस्व मामले, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन आमजन से सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम है, जिससे जमीनी हकीकत सामने आती है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवश्यक मामलों में मौके पर जाकर निरीक्षण कर पीड़ितों को समयबद्ध राहत देने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि हर पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए और सरकार जनहित के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कोई भी फरियादी निराश नहीं लौटेगा और हर समस्या का यथासंभव समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
श्री मौर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का संतुष्टिपरक और समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा जिम्मेदारी भी तय की जाए। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान इस प्रकार हो कि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
महिलाओं, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की शिकायतों को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए। भूमि संबंधी मामलों में जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जाकर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
गोबर आधारित कम्पोस्ट व बायोगैस को बढ़ावा: गौशालाओं को बनाया जाएगा उत्पादन केंद्र

* जैविक खेती को नई दिशा, किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की व्यापक योजना

लखनऊ। प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष 44-ख में पशुपालन एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर गोबर आधारित कम्पोस्ट, बायोगैस, जीवामृत और घनामृत के उत्पादन, उपयोग व विपणन को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता को पुनर्स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश में उपलब्ध गोबर संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग कर बड़े पैमाने पर जैविक खाद का उत्पादन किया जा सकता है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशालाओं को उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित कर उन्हें कम्पोस्ट व अन्य जैविक उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भर बनाया जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में लाखों मीट्रिक टन कम्पोस्ट उत्पादन की क्षमता मौजूद है। इसके लिए गोशालाओं, डेयरी इकाइयों और किसानों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। मंत्री ने झांसी, चंदौली, फर्रुखाबाद, कानपुर और बाराबंकी में संचालित सफल बायोगैस व जैविक खाद मॉडलों का उल्लेख करते हुए इन्हें प्रदेशभर में विस्तार देने के निर्देश दिए।
कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्रों के विस्तार और गोबर गैस प्लांट्स की स्थापना पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि बायोगैस से ऊर्जा के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद (स्लरी) भी प्राप्त होती है, जिससे किसानों को दोहरा लाभ मिलता है। उन्होंने गोबर आधारित खाद के मानकीकरण पर विशेष जोर देते हुए पैकेजिंग, नमी स्तर और गुणवत्ता के स्पष्ट मानक तय करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को भरोसेमंद उत्पाद मिल सके। सहकारी समितियों के माध्यम से इसकी उपलब्धता बढ़ाने और यूरिया के साथ इसके उपयोग को प्रोत्साहित करने पर भी विचार किया गया।
मंत्री ने कहा कि गोबर आधारित खाद मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाकर उत्पादन क्षमता को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करती है। इस दिशा में कृषि वैज्ञानिकों, विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से कम लागत वाले मॉडल विकसित किए जाएंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गोबर गैस संयंत्रों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएंगी और जैविक खाद के प्रभावी विपणन के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि कृषि और पशुपालन के एकीकरण से जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। गोबर आधारित उत्पादों के उपयोग से जहां पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।
गौ संरक्षण व किसान सुरक्षा को लेकर गौ रक्षा वाहिनी ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

सुल्तानपुर। जनपद में गौवंश संरक्षण, पशु कल्याण, किसानों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्थित पशु प्रबंधन व्यवस्था को लेकर गौ रक्षा वाहिनी ने सोमवार को जिलाधिकारी को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भीषण गर्मी में पशुओं के लिए पानी-छाया की व्यवस्था, आवारा गौवंश को गौशालाओं में भेजने के लिए विशेष अभियान, गौकशी पर सख्त कार्रवाई तथा किसानों की फसलों की सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
इस दौरान प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह और प्रदेश महामंत्री जय शंकर दुबे ने संगठन की ओर से प्रशासन का ध्यान जनपद की जमीनी समस्याओं की ओर आकर्षित कराया। दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि
“भीषण गर्मी में गौवंश की स्थिति अत्यंत दयनीय हो जाती है। जगह-जगह पानी और छाया की व्यवस्था कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। साथ ही आवारा पशुओं से किसानों की फसल को भारी नुकसान हो रहा है, जिसके लिए ठोस नीति बनना आवश्यक है।”
वहीं प्रदेश महामंत्री जय शंकर दुबे ने कहा कि
“गौकशी और अवैध पशु व्यापार पर पूर्णतः रोक लगनी चाहिए। प्रशासन यदि सख्ती से कार्रवाई करे तो ऐसी गतिविधियों पर लगाम लग सकती है। साथ ही गौशालाओं की नियमित मॉनिटरिंग भी जरूरी है, ताकि व्यवस्थाएं सुधर सकें।”
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि पशु छोड़ने वाले पशुपालकों पर कार्रवाई, बीमा घोटालों की जांच, पशु बाजार लाइसेंसधारकों की समीक्षा, आवारा कुत्तों के नियंत्रण की नीति, तथा जनपद स्तर पर हेल्पलाइन/कंट्रोल रूम की स्थापना जैसे कदम तत्काल उठाए जाएं।
इस मौके पर महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष पूनम सिंह ने कहा कि
“गौसेवा केवल आस्था नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है, इसमें महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी जरूरी है।”
महामंत्री लक्की बरनवाल ने कहा कि
“गौशालाओं की स्थिति सुधारने के साथ-साथ पशुओं के भोजन और चिकित्सा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।”
जिला महामंत्री शनि मिश्रा ने प्रशासन से मांग की कि
“हर महीने गौशालाओं का निरीक्षण कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।”
इस अवसर पर संरक्षक राकेश सिंह दद्दू, गौ सेवक अंकित अग्रहरी,जिला उपाध्यक्ष राजवीर श्रीवास्तव, जिला सचिव बजरंगी साहू, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप कसौधन, मुकेश कसौधन, अभय सोनी, नीरज अग्रहरी, आशीष कुमार द्विवेदी, सुभाष पाठक, बृजेश श्रीवास्तव उर्फ बंटू सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गौ रक्षा वाहिनी ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र प्रभावी कार्यवाही करेगा, जिससे जनपद में गौसंरक्षण, किसान हित और जनसुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बंगाल की जनता ने विकास, सुशासन और राष्ट्रहित के लिए दबाई बटन : कृपाशंकर सिंह

मुंबई। पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत ने जहां भाजपाइयों को जोश और उत्साह में भर दिया है, वहीं विपक्षी खेमे में निराशा साफ तौर पर दिखाई दे रही है। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री तथा जौनपुर लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह ने कहा कि बंगाल की जनता ने विकास ,सुशासन और राष्ट्रहित के लिए बटन दबाया। यह प्रधानमंत्री के प्रति जनता के विश्वास की विजय है। उन्होंने कहा कि हिंदू विरोधी सरकार को जनता ने बंगाल की खाड़ी में डुबो दिया। अब पश्चिम बंगाल में विकास का नया दौर शुरू होगा। उन्होंने कहा कि इस बार टीएमसी के गुंडो की नहीं चली। भाजपा की शानदार जीत ने उनके अत्याचार पर बुलडोजर चला दिया है। पश्चिम बंगाल चुनाव में पूरे समय तक चुनाव प्रचार करने वाले कृपाशंकर सिंह ने कहा कि बंगाल की जनता जग चुकी है। उद्योग धंधे और विकास की योजनाओं को विनाश करने वाले एक निरंकुश शासन का अंत हो गया। उन्होंने कहा कि अब लेफ्ट पार्टी की तरह टीएमसी का भी सदा के लिए अंत हो गया। चुनाव प्रचार के दौरान कृपाशंकर का एक नारा – चार मई, दीदी गई, लोगों के बीच खास लोकप्रिय रहा।
प्रधानमंत्री मोदी के विकास सुशासन और राष्ट्रवाद का जनादेश : आचार्य पवन त्रिपाठी
मुंबई। पश्चिम बंगाल असम और पुंडुचेरी में भाजपा को मिली शानदार विजय को ऐतिहासिक बताते हुए श्री सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष तथा मुंबई भाजपा के महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बंगाल जितना उनकी सच्ची श्रद्धांजलि है। बंगाल की जनता ने एक निरंकुश शासन का अंत करते हुए प्रधानमंत्री के विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद को चुना। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने अत्याचार, अनाचार और मुस्लिम तुष्टिकरण को पूरी तरह से नकार दिया। उन्होंने कहा कि अब पश्चिम बंगाल में विकास का नया दौर शुरू होगा। उद्योग धंधों को बढ़ावा मिलेगा और लोग निडर होकर जीवन यापन करेंगे।
इचाक में पत्रकारों से मारपीट पर बढ़ा विवाद, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

इचाक। हजारीबाग में दो युवतियों और एक युवक की हत्या के चर्चित मामले के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के दौरे के दौरान पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के विरोध में सोमवार को इचाक प्रखंड के पत्रकारों ने राज्यपाल के नाम बीडीओ संतोष कुमार को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की।

ज्ञापन में पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि मंत्री के हजारीबाग अस्पताल पहुंचने पर कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की। सबसे गंभीर बात यह बताई गई कि घटना के समय मंत्री स्वयं मौजूद थे, लेकिन उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने या पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की।

पत्रकारों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का रवैया भी संवेदनहीन रहा। उन्होंने न तो मारपीट कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया और न ही पत्रकारों के प्रति सहानुभूति दिखाई। इसको लेकर ज्ञापन में संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित करने तथा सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग भी उठाई गई है।

प्रेस क्लब इचाक के अध्यक्ष अनिल राणा ने कहा कि यह घटना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने के दौरान सचिव गणेश कुमार प्रजापति, संरक्षक रामशरण शर्मा,अभिषेक कुमार, महेश कुमार मेहता, रंजीत मेहता, राम अवतार स्वर्णकार, सूरज कुमार, सुशांत सोनी, सहित कई पत्रकार मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

जनपद के विभिन्न मार्गों एवं सेतुओं की कार्ययोजना तैयार करने के संबंध में जनप्रतिनिधियों के साथ जिलाधिकारी ने की बैठक*


*विधानसभा एवं लोकसभावार सड़कों तथा सेतुओं के निर्माण से संबंधित प्रस्ताव किये गए आमंत्रित*


*बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों व सेतुओं के सुदृढ़ीकरण एवं यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु दिये सुझाव*


*गोण्डा 04 मई,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जनपद के विभिन्न मार्गों एवं सेतुओं के निर्माण हेतु कार्ययोजना तैयार करने के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के माननीय जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए विकास कार्यों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक के दौरान जनपद के माननीय विधायक, माननीय सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से विधानसभा एवं लोकसभावार सड़कों तथा सेतुओं के निर्माण से संबंधित प्रस्ताव आमंत्रित किए गए। जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप सड़क निर्माण, सेतु निर्माण, जर्जर मार्गों के सुदृढ़ीकरण एवं यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ प्रस्तावों की व्यवहारिकता, प्राथमिकता एवं बजट संबंधी बिंदुओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्राप्त प्रस्तावों का गंभीरता से परीक्षण करते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद के विकास में सड़क एवं सेतु निर्माण की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क भी बेहतर होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए तथा समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूर्ण कराया जाए।

बैठक का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर जनपद में सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित सड़क और सेतु नेटवर्क विकसित करना है, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिल सके।

बैठक के दौरान वहां पर उपस्थित  सांसद तथा  विधायकगणों व अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने विधानसभा से संबंधित सड़कों व सेतुओं के निर्माण हेतु प्रस्ताव दिए हैं।

बैठक में  विधायक तरबगंज श्री प्रेम नारायण पाण्डेय, एमएलसी गोण्डा श्री अवधेश कुमार सिंह उर्फ मन्जू सिंह, माननीय सांसद गोण्डा/केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री प्रतिनिधि राजेश सिंह,  सांसद कैसरगंज एवं विधायक सदर गोण्डा प्रतिनिधि संजीव सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा एक्सईएन प्रांतीय खण्ड प्रमोद त्रिपाठी, एक्सईएन लोक निर्माण खंड-1 सुरेशराम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
रामगढ़ में ‘दिशा’ बैठक: अवैध खनन पर सख्ती, पेयजल और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश

रामगढ़ - सोमवार को रामगढ़ जिला समाहरणालय सभागार में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। समिति के अध्यक्ष- सह- हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में रामगढ़ जिले में संचालित विभिन्न विभागों की जनहितकारी और विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। पिछली बैठक में हुए कार्यों की प्रगति पर चर्चा के साथ ही क्षेत्र की कई ज्वलंत और गंभीर समस्याओं पर भी गहन विचार विमर्श हुआ। बतौर समिति अध्यक्ष सांसद मनीष जायसवाल और उपायुक्त ऋतुराज ने जनहित के मुद्दों पर कड़ा रुख अख्तियार किया। बैठक में सबसे गंभीर मुद्दा अवैध खनन का रहा, जहाँ सांसद मनीष जायसवाल ने डीएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अवैध कोयला, बालू और पत्थर खनन से न केवल राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि इस क्षेत्र के नदियों पर बने कई इंटेक वेल और कई महत्वपूर्ण पुलों पर भी खतरा मंडरा रहा है। इस पर उपायुक्त ने तत्काल विशेष टास्क फोर्स गठित करने और संवेदनशील इलाकों में चौकीदारों की तैनाती के निर्देश दिए। कौशल विकास के नाम पर केवल कागजी आंकड़े प्रस्तुत करने वाली एजेंसियों को चेतावनी दी गई कि नौकरी के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा और स्थानीय कंपनियों के साथ समन्वय कर युवाओं को वास्तविक रोजगार से जोड़ा जाएगा। साथ ही आरईओ विभाग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में तेजी लाने और संवेदकों की मॉनिटरिंग करने को कहा गया। सामाजिक सुरक्षा के तहत मैय्या योजना के छूटे हुए लाभार्थियों के लिए विशेष कैंप लगाने और पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया।

कृषि और पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया कि वे योजनाओं का लाभ देने के लिए लगने वाले कैंपों और मेलों में जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल करें। स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि सरकारी अस्पतालों से मरीजों को निजी क्लीनिकों में रेफर करने का खेल अब बंद होना चाहिए और अस्पताल के 500 मीटर के दायरे में निजी क्लीनिकों के संचालन पर सख्ती बरती जाए। शिक्षा के क्षेत्र में जिले के खराब परीक्षा परिणाम पर कड़ा संज्ञान लेते हुए शिक्षकों की जवाबदेही तय की गई और जहाँ शिक्षकों की कमी है, वहां इस क्षेत्र में कार्यरत कंपनियों के सहयोग से वैकल्पिक शिक्षकों की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे। जिले के शत प्रतिशत आंगनबाड़ी के केंद्र का निर्माण पूर्ण कराया जाय। शत प्रतिशत अपना भवन, पेयजल, सुविधायुक्त करें। पेयजल स्वच्छता कार्यपालक अभियंता को जमकर फटकार लगाया और उनसे पूर्व के मीटिंग में दिए गए निर्देश के आलोक में जब रिपोर्ट मांगा गया तो उन्होंने हाथ खड़ा कर दिया। रामगढ़ नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्र में बंद पड़े पेयजलापूर्ति योजना और फर्जी आंकड़ा प्रस्तुत करने पर सभी जनप्रतिनिधि एक स्वर में खूब बिफरे। गर्मी का समय है जनता को पानी चाहिए। उन्हें निर्देश दिया गया कि पंचायतवार पेयजल की योजना की स्थिति का जायजा धरातल पर एक सर्वे कराकर जुटाएं, कंज्यूमर फी वसूली को सुनिश्चित करें। जिले में बंद पड़ी सभी बड़े जलापूर्ति योजनाओं को तत्काल आपतकाल बैठक बुलाकर सुचारू कराने की दिशा में उपायुक्त स्तर पर एक हाई लेवल बैठक करने का निर्णय लिया गया है। चरही मोड़ और कुजू से पहले एनएच पर फ्लाईओवर निर्माण कराने, चुटूपालू घाटी पर बंद पड़े शत प्रतिशत स्ट्रीट लाइट को चालू कराने का दिशा- निर्देश दिया गया। एनएचआई ब्लैक स्पॉट पर विशेष फोकस करें ताकि सड़क दुर्घटना के केस शून्य हो सके और लोगों की जान बच सकें। 

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य यही रहा कि सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो सके ।

प्रमुख योजनाओं की समीक्षा और निर्देश: बैठक में मनरेगा, अंत्योदय योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम कौशल योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), स्वच्छ भारत मिशन, नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वॉटर प्रोग्राम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन, अटल मिशन फॉर रिन्यूएबल अर्बन ट्रांसफॉरमेशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, नेशनल हेल्थ मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट स्कीम, उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत पब्लिक इंटीग्रेंट प्रोग्राम, रेलवे, हाईवे, वाटर वेज, माइंस से संबंधित आधारभूत संरचना निर्माण की योजना, प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना, ई-नाम, पीएमकेएसवाई, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना सहित कई अन्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। विभिन्न क्षेत्रों के माननीय विधायकों और ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने जनहित में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए, जिन पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

 बैठक में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्ति: इस अवसर पर बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ़ तिवारी महतो, रामगढ़ विधायक ममता देवी, जिला परिषद अध्यक्ष सुधा देवी, नगर परिषद अध्यक्ष कुसुमलता कुमारी, रामगढ़ के उपायुक्त सह समिति के सचिव ऋतुराज, उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, जिले के विभिन्न प्रखंडों के प्रमुखगण, तथा रामगढ़, दुलमी, चितरपुर, गोला, मांडू और पतरातु प्रखंड के चयनित मुखिया सह समिति सदस्यगण उपस्थित रहे।

चकमार्ग विवादों पर आयुक्त का एक्शन प्लान, जल्द खुलेंगे अवरुद्ध रास्ते
*आयुक्त का बड़ा फैसला: पैमाइश के बाद तुरंत होगा मिट्टी पटाई व खड़ंजा*


*चकमार्गों पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती, आयुक्त ने दिए त्वरित कार्रवाई के आदेश*


*आयुक्त बोलीं—अवरुद्ध रास्ते अब बर्दाश्त नहीं, राजस्व-विकास विभाग के समन्वय से होगी कार्रवाई* 


*गोण्डा, 05 मई 2026*   -   देवीपाटन मण्डल की आयुक्त ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के आकस्मिक निरीक्षण के बाद चकमार्गों पर हो रहे अतिक्रमण और अवरुद्ध रास्तों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। तहसील कर्नैलगंज में जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे प्रार्थना-पत्र सामने आने पर *आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल* ने मण्डल के सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल पैमाइश कर देना पर्याप्त नहीं है। जब तक चकमार्गों पर मिट्टी पटाई या खड़ंजा निर्माण नहीं होगा, तब तक रास्ते स्थायी रूप से अतिक्रमणमुक्त नहीं हो पाएंगे और विवाद की स्थिति बनी रहेगी। इसे देखते हुए राजस्व और विकास विभाग के बीच अनिवार्य समन्वय पर विशेष जोर दिया गया है।

निर्देशों के अनुसार, क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा पैमाइश के बाद चकमार्गों की सूची ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि ग्राम पंचायत स्तर पर प्रस्ताव पारित कर शीघ्र निर्माण कार्य कराया जा सके। साथ ही, तहसील स्तर पर लेखपालों से प्राप्त सूची को तहसीलदार के माध्यम से उप जिलाधिकारी और खण्ड विकास अधिकारी तक पहुंचाया जाएगा, जहां से वित्तीय प्रबंधन कराकर कार्य सुनिश्चित होगा। आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र पंचायतवार चिह्नित चकमार्गों की सूची जिला स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिलाधिकारी को भेजी जाए, ताकि बड़े और छूटे हुए चकमार्गों पर भी प्राथमिकता से कार्य हो सके। अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस की उपस्थिति भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए आयुक्त ने कहा कि जहां चकमार्गों पर अस्थाई निर्माण हैं, उन्हें न्यायालय के माध्यम से न कराकर सीधे अतिक्रमणमुक्त कराया जाये। आयुक्त ने देवीपाटन मण्डल के सभी जिलाधिकारियों से इस सम्बन्ध में 15 दिनों के भीतर विस्तृत सूचना मांगी है। साथ ही, अवशेष चकमार्गों का सीमांकन कराकर फोटो सहित संकलित आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस सख्ती से साफ संकेत है कि अब चकमार्गों पर कब्जा और रास्तों की बाधा को लेकर प्रशासन शून्य सहनशीलता की नीति पर काम करेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विवाद कम हों और आमजन को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
किसानों पर योगी सरकार का फोकस: केसीसी व फसल बीमा में तेजी के निर्देश

* 15 मई से विशेष अभियान, हर पात्र किसान को योजनाओं से जोड़ने पर जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष सं0-44-ख में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभागों और बैंकों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
मंत्री शाही ने कहा कि योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केसीसी और फसल बीमा जैसी योजनाओं का लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के डाटा का उपयोग कर अधिक से अधिक किसानों को केसीसी से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विभागीय पोर्टलों पर फार्मर आईडी के माध्यम से योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
समीक्षा में सामने आया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में केसीसी खातों का नवीनीकरण लंबित है और कई खाते एनपीए की श्रेणी में चले गए हैं। इस पर मंत्री ने बैंक और विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर खातों को नियमित करने और किसानों को समय पर ऋण अदायगी के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने घोषणा की कि 15 मई से विशेष अभियान चलाकर नए केसीसी जारी किए जाएंगे और अधिक किसानों को इससे जोड़ा जाएगा।
मंत्री ने किसानों को समय पर ऋण चुकाने पर ब्याज में मिलने वाली छूट की जानकारी देने पर जोर देते हुए बैंकों को शाखा स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने, नोटिस बोर्ड लगाने और किसानों से सीधे संवाद करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि जिन किसानों का प्रीमियम काटा गया है, उनका बीमा हर हाल में सुनिश्चित किया जाए और उसका पारदर्शी रिकॉर्ड रखा जाए। अधिकारियों को बीमा कवरेज, दावों और लाभार्थियों का स्पष्ट डेटा तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) समेत अन्य योजनाओं की धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए मंत्री शाही ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी और ब्याज में छूट का लाभ तभी मिलेगा जब बैंक सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बैंकों से सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और कृषि निवेश को बढ़ावा देने की अपील की।
मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विभागों और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने सभी योजनाओं की नियमित निगरानी और जमीनी स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में केशव मौर्य ने सुनीं समस्याएं, त्वरित निस्तारण के सख्त निर्देश
* भूमि विवाद, पेंशन, आवास व रोजगार से जुड़े मामलों पर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित, प्रभावी एवं न्यायसंगत निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनता दर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने अपनी व्यक्तिगत व सार्वजनिक समस्याएं सीधे उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। इनमें भूमि विवाद, राजस्व मामले, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन आमजन से सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम है, जिससे जमीनी हकीकत सामने आती है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवश्यक मामलों में मौके पर जाकर निरीक्षण कर पीड़ितों को समयबद्ध राहत देने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि हर पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए और सरकार जनहित के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कोई भी फरियादी निराश नहीं लौटेगा और हर समस्या का यथासंभव समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
श्री मौर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का संतुष्टिपरक और समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा जिम्मेदारी भी तय की जाए। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान इस प्रकार हो कि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
महिलाओं, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की शिकायतों को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए। भूमि संबंधी मामलों में जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जाकर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
गोबर आधारित कम्पोस्ट व बायोगैस को बढ़ावा: गौशालाओं को बनाया जाएगा उत्पादन केंद्र

* जैविक खेती को नई दिशा, किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की व्यापक योजना

लखनऊ। प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष 44-ख में पशुपालन एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर गोबर आधारित कम्पोस्ट, बायोगैस, जीवामृत और घनामृत के उत्पादन, उपयोग व विपणन को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता को पुनर्स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश में उपलब्ध गोबर संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग कर बड़े पैमाने पर जैविक खाद का उत्पादन किया जा सकता है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशालाओं को उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित कर उन्हें कम्पोस्ट व अन्य जैविक उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भर बनाया जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में लाखों मीट्रिक टन कम्पोस्ट उत्पादन की क्षमता मौजूद है। इसके लिए गोशालाओं, डेयरी इकाइयों और किसानों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। मंत्री ने झांसी, चंदौली, फर्रुखाबाद, कानपुर और बाराबंकी में संचालित सफल बायोगैस व जैविक खाद मॉडलों का उल्लेख करते हुए इन्हें प्रदेशभर में विस्तार देने के निर्देश दिए।
कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्रों के विस्तार और गोबर गैस प्लांट्स की स्थापना पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि बायोगैस से ऊर्जा के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद (स्लरी) भी प्राप्त होती है, जिससे किसानों को दोहरा लाभ मिलता है। उन्होंने गोबर आधारित खाद के मानकीकरण पर विशेष जोर देते हुए पैकेजिंग, नमी स्तर और गुणवत्ता के स्पष्ट मानक तय करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को भरोसेमंद उत्पाद मिल सके। सहकारी समितियों के माध्यम से इसकी उपलब्धता बढ़ाने और यूरिया के साथ इसके उपयोग को प्रोत्साहित करने पर भी विचार किया गया।
मंत्री ने कहा कि गोबर आधारित खाद मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाकर उत्पादन क्षमता को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करती है। इस दिशा में कृषि वैज्ञानिकों, विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से कम लागत वाले मॉडल विकसित किए जाएंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गोबर गैस संयंत्रों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएंगी और जैविक खाद के प्रभावी विपणन के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि कृषि और पशुपालन के एकीकरण से जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। गोबर आधारित उत्पादों के उपयोग से जहां पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।
गौ संरक्षण व किसान सुरक्षा को लेकर गौ रक्षा वाहिनी ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

सुल्तानपुर। जनपद में गौवंश संरक्षण, पशु कल्याण, किसानों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्थित पशु प्रबंधन व्यवस्था को लेकर गौ रक्षा वाहिनी ने सोमवार को जिलाधिकारी को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भीषण गर्मी में पशुओं के लिए पानी-छाया की व्यवस्था, आवारा गौवंश को गौशालाओं में भेजने के लिए विशेष अभियान, गौकशी पर सख्त कार्रवाई तथा किसानों की फसलों की सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
इस दौरान प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह और प्रदेश महामंत्री जय शंकर दुबे ने संगठन की ओर से प्रशासन का ध्यान जनपद की जमीनी समस्याओं की ओर आकर्षित कराया। दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि
“भीषण गर्मी में गौवंश की स्थिति अत्यंत दयनीय हो जाती है। जगह-जगह पानी और छाया की व्यवस्था कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। साथ ही आवारा पशुओं से किसानों की फसल को भारी नुकसान हो रहा है, जिसके लिए ठोस नीति बनना आवश्यक है।”
वहीं प्रदेश महामंत्री जय शंकर दुबे ने कहा कि
“गौकशी और अवैध पशु व्यापार पर पूर्णतः रोक लगनी चाहिए। प्रशासन यदि सख्ती से कार्रवाई करे तो ऐसी गतिविधियों पर लगाम लग सकती है। साथ ही गौशालाओं की नियमित मॉनिटरिंग भी जरूरी है, ताकि व्यवस्थाएं सुधर सकें।”
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि पशु छोड़ने वाले पशुपालकों पर कार्रवाई, बीमा घोटालों की जांच, पशु बाजार लाइसेंसधारकों की समीक्षा, आवारा कुत्तों के नियंत्रण की नीति, तथा जनपद स्तर पर हेल्पलाइन/कंट्रोल रूम की स्थापना जैसे कदम तत्काल उठाए जाएं।
इस मौके पर महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष पूनम सिंह ने कहा कि
“गौसेवा केवल आस्था नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है, इसमें महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी जरूरी है।”
महामंत्री लक्की बरनवाल ने कहा कि
“गौशालाओं की स्थिति सुधारने के साथ-साथ पशुओं के भोजन और चिकित्सा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।”
जिला महामंत्री शनि मिश्रा ने प्रशासन से मांग की कि
“हर महीने गौशालाओं का निरीक्षण कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।”
इस अवसर पर संरक्षक राकेश सिंह दद्दू, गौ सेवक अंकित अग्रहरी,जिला उपाध्यक्ष राजवीर श्रीवास्तव, जिला सचिव बजरंगी साहू, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप कसौधन, मुकेश कसौधन, अभय सोनी, नीरज अग्रहरी, आशीष कुमार द्विवेदी, सुभाष पाठक, बृजेश श्रीवास्तव उर्फ बंटू सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गौ रक्षा वाहिनी ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र प्रभावी कार्यवाही करेगा, जिससे जनपद में गौसंरक्षण, किसान हित और जनसुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बंगाल की जनता ने विकास, सुशासन और राष्ट्रहित के लिए दबाई बटन : कृपाशंकर सिंह

मुंबई। पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत ने जहां भाजपाइयों को जोश और उत्साह में भर दिया है, वहीं विपक्षी खेमे में निराशा साफ तौर पर दिखाई दे रही है। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री तथा जौनपुर लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह ने कहा कि बंगाल की जनता ने विकास ,सुशासन और राष्ट्रहित के लिए बटन दबाया। यह प्रधानमंत्री के प्रति जनता के विश्वास की विजय है। उन्होंने कहा कि हिंदू विरोधी सरकार को जनता ने बंगाल की खाड़ी में डुबो दिया। अब पश्चिम बंगाल में विकास का नया दौर शुरू होगा। उन्होंने कहा कि इस बार टीएमसी के गुंडो की नहीं चली। भाजपा की शानदार जीत ने उनके अत्याचार पर बुलडोजर चला दिया है। पश्चिम बंगाल चुनाव में पूरे समय तक चुनाव प्रचार करने वाले कृपाशंकर सिंह ने कहा कि बंगाल की जनता जग चुकी है। उद्योग धंधे और विकास की योजनाओं को विनाश करने वाले एक निरंकुश शासन का अंत हो गया। उन्होंने कहा कि अब लेफ्ट पार्टी की तरह टीएमसी का भी सदा के लिए अंत हो गया। चुनाव प्रचार के दौरान कृपाशंकर का एक नारा – चार मई, दीदी गई, लोगों के बीच खास लोकप्रिय रहा।
प्रधानमंत्री मोदी के विकास सुशासन और राष्ट्रवाद का जनादेश : आचार्य पवन त्रिपाठी
मुंबई। पश्चिम बंगाल असम और पुंडुचेरी में भाजपा को मिली शानदार विजय को ऐतिहासिक बताते हुए श्री सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष तथा मुंबई भाजपा के महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बंगाल जितना उनकी सच्ची श्रद्धांजलि है। बंगाल की जनता ने एक निरंकुश शासन का अंत करते हुए प्रधानमंत्री के विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद को चुना। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने अत्याचार, अनाचार और मुस्लिम तुष्टिकरण को पूरी तरह से नकार दिया। उन्होंने कहा कि अब पश्चिम बंगाल में विकास का नया दौर शुरू होगा। उद्योग धंधों को बढ़ावा मिलेगा और लोग निडर होकर जीवन यापन करेंगे।
इचाक में पत्रकारों से मारपीट पर बढ़ा विवाद, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

इचाक। हजारीबाग में दो युवतियों और एक युवक की हत्या के चर्चित मामले के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के दौरे के दौरान पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के विरोध में सोमवार को इचाक प्रखंड के पत्रकारों ने राज्यपाल के नाम बीडीओ संतोष कुमार को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की।

ज्ञापन में पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि मंत्री के हजारीबाग अस्पताल पहुंचने पर कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की। सबसे गंभीर बात यह बताई गई कि घटना के समय मंत्री स्वयं मौजूद थे, लेकिन उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने या पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की।

पत्रकारों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का रवैया भी संवेदनहीन रहा। उन्होंने न तो मारपीट कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया और न ही पत्रकारों के प्रति सहानुभूति दिखाई। इसको लेकर ज्ञापन में संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित करने तथा सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग भी उठाई गई है।

प्रेस क्लब इचाक के अध्यक्ष अनिल राणा ने कहा कि यह घटना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने के दौरान सचिव गणेश कुमार प्रजापति, संरक्षक रामशरण शर्मा,अभिषेक कुमार, महेश कुमार मेहता, रंजीत मेहता, राम अवतार स्वर्णकार, सूरज कुमार, सुशांत सोनी, सहित कई पत्रकार मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

जनपद के विभिन्न मार्गों एवं सेतुओं की कार्ययोजना तैयार करने के संबंध में जनप्रतिनिधियों के साथ जिलाधिकारी ने की बैठक*


*विधानसभा एवं लोकसभावार सड़कों तथा सेतुओं के निर्माण से संबंधित प्रस्ताव किये गए आमंत्रित*


*बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों व सेतुओं के सुदृढ़ीकरण एवं यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु दिये सुझाव*


*गोण्डा 04 मई,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जनपद के विभिन्न मार्गों एवं सेतुओं के निर्माण हेतु कार्ययोजना तैयार करने के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के माननीय जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए विकास कार्यों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक के दौरान जनपद के माननीय विधायक, माननीय सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से विधानसभा एवं लोकसभावार सड़कों तथा सेतुओं के निर्माण से संबंधित प्रस्ताव आमंत्रित किए गए। जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप सड़क निर्माण, सेतु निर्माण, जर्जर मार्गों के सुदृढ़ीकरण एवं यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ प्रस्तावों की व्यवहारिकता, प्राथमिकता एवं बजट संबंधी बिंदुओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्राप्त प्रस्तावों का गंभीरता से परीक्षण करते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद के विकास में सड़क एवं सेतु निर्माण की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क भी बेहतर होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए तथा समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूर्ण कराया जाए।

बैठक का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर जनपद में सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित सड़क और सेतु नेटवर्क विकसित करना है, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिल सके।

बैठक के दौरान वहां पर उपस्थित  सांसद तथा  विधायकगणों व अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने विधानसभा से संबंधित सड़कों व सेतुओं के निर्माण हेतु प्रस्ताव दिए हैं।

बैठक में  विधायक तरबगंज श्री प्रेम नारायण पाण्डेय, एमएलसी गोण्डा श्री अवधेश कुमार सिंह उर्फ मन्जू सिंह, माननीय सांसद गोण्डा/केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री प्रतिनिधि राजेश सिंह,  सांसद कैसरगंज एवं विधायक सदर गोण्डा प्रतिनिधि संजीव सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा एक्सईएन प्रांतीय खण्ड प्रमोद त्रिपाठी, एक्सईएन लोक निर्माण खंड-1 सुरेशराम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
रामगढ़ में ‘दिशा’ बैठक: अवैध खनन पर सख्ती, पेयजल और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश

रामगढ़ - सोमवार को रामगढ़ जिला समाहरणालय सभागार में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। समिति के अध्यक्ष- सह- हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में रामगढ़ जिले में संचालित विभिन्न विभागों की जनहितकारी और विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। पिछली बैठक में हुए कार्यों की प्रगति पर चर्चा के साथ ही क्षेत्र की कई ज्वलंत और गंभीर समस्याओं पर भी गहन विचार विमर्श हुआ। बतौर समिति अध्यक्ष सांसद मनीष जायसवाल और उपायुक्त ऋतुराज ने जनहित के मुद्दों पर कड़ा रुख अख्तियार किया। बैठक में सबसे गंभीर मुद्दा अवैध खनन का रहा, जहाँ सांसद मनीष जायसवाल ने डीएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अवैध कोयला, बालू और पत्थर खनन से न केवल राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि इस क्षेत्र के नदियों पर बने कई इंटेक वेल और कई महत्वपूर्ण पुलों पर भी खतरा मंडरा रहा है। इस पर उपायुक्त ने तत्काल विशेष टास्क फोर्स गठित करने और संवेदनशील इलाकों में चौकीदारों की तैनाती के निर्देश दिए। कौशल विकास के नाम पर केवल कागजी आंकड़े प्रस्तुत करने वाली एजेंसियों को चेतावनी दी गई कि नौकरी के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा और स्थानीय कंपनियों के साथ समन्वय कर युवाओं को वास्तविक रोजगार से जोड़ा जाएगा। साथ ही आरईओ विभाग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में तेजी लाने और संवेदकों की मॉनिटरिंग करने को कहा गया। सामाजिक सुरक्षा के तहत मैय्या योजना के छूटे हुए लाभार्थियों के लिए विशेष कैंप लगाने और पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया।

कृषि और पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया कि वे योजनाओं का लाभ देने के लिए लगने वाले कैंपों और मेलों में जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल करें। स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि सरकारी अस्पतालों से मरीजों को निजी क्लीनिकों में रेफर करने का खेल अब बंद होना चाहिए और अस्पताल के 500 मीटर के दायरे में निजी क्लीनिकों के संचालन पर सख्ती बरती जाए। शिक्षा के क्षेत्र में जिले के खराब परीक्षा परिणाम पर कड़ा संज्ञान लेते हुए शिक्षकों की जवाबदेही तय की गई और जहाँ शिक्षकों की कमी है, वहां इस क्षेत्र में कार्यरत कंपनियों के सहयोग से वैकल्पिक शिक्षकों की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे। जिले के शत प्रतिशत आंगनबाड़ी के केंद्र का निर्माण पूर्ण कराया जाय। शत प्रतिशत अपना भवन, पेयजल, सुविधायुक्त करें। पेयजल स्वच्छता कार्यपालक अभियंता को जमकर फटकार लगाया और उनसे पूर्व के मीटिंग में दिए गए निर्देश के आलोक में जब रिपोर्ट मांगा गया तो उन्होंने हाथ खड़ा कर दिया। रामगढ़ नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्र में बंद पड़े पेयजलापूर्ति योजना और फर्जी आंकड़ा प्रस्तुत करने पर सभी जनप्रतिनिधि एक स्वर में खूब बिफरे। गर्मी का समय है जनता को पानी चाहिए। उन्हें निर्देश दिया गया कि पंचायतवार पेयजल की योजना की स्थिति का जायजा धरातल पर एक सर्वे कराकर जुटाएं, कंज्यूमर फी वसूली को सुनिश्चित करें। जिले में बंद पड़ी सभी बड़े जलापूर्ति योजनाओं को तत्काल आपतकाल बैठक बुलाकर सुचारू कराने की दिशा में उपायुक्त स्तर पर एक हाई लेवल बैठक करने का निर्णय लिया गया है। चरही मोड़ और कुजू से पहले एनएच पर फ्लाईओवर निर्माण कराने, चुटूपालू घाटी पर बंद पड़े शत प्रतिशत स्ट्रीट लाइट को चालू कराने का दिशा- निर्देश दिया गया। एनएचआई ब्लैक स्पॉट पर विशेष फोकस करें ताकि सड़क दुर्घटना के केस शून्य हो सके और लोगों की जान बच सकें। 

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य यही रहा कि सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो सके ।

प्रमुख योजनाओं की समीक्षा और निर्देश: बैठक में मनरेगा, अंत्योदय योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम कौशल योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), स्वच्छ भारत मिशन, नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वॉटर प्रोग्राम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन, अटल मिशन फॉर रिन्यूएबल अर्बन ट्रांसफॉरमेशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, नेशनल हेल्थ मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट स्कीम, उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत पब्लिक इंटीग्रेंट प्रोग्राम, रेलवे, हाईवे, वाटर वेज, माइंस से संबंधित आधारभूत संरचना निर्माण की योजना, प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना, ई-नाम, पीएमकेएसवाई, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना सहित कई अन्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। विभिन्न क्षेत्रों के माननीय विधायकों और ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने जनहित में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए, जिन पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

 बैठक में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्ति: इस अवसर पर बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ़ तिवारी महतो, रामगढ़ विधायक ममता देवी, जिला परिषद अध्यक्ष सुधा देवी, नगर परिषद अध्यक्ष कुसुमलता कुमारी, रामगढ़ के उपायुक्त सह समिति के सचिव ऋतुराज, उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, जिले के विभिन्न प्रखंडों के प्रमुखगण, तथा रामगढ़, दुलमी, चितरपुर, गोला, मांडू और पतरातु प्रखंड के चयनित मुखिया सह समिति सदस्यगण उपस्थित रहे।

चकमार्ग विवादों पर आयुक्त का एक्शन प्लान, जल्द खुलेंगे अवरुद्ध रास्ते
*आयुक्त का बड़ा फैसला: पैमाइश के बाद तुरंत होगा मिट्टी पटाई व खड़ंजा*


*चकमार्गों पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती, आयुक्त ने दिए त्वरित कार्रवाई के आदेश*


*आयुक्त बोलीं—अवरुद्ध रास्ते अब बर्दाश्त नहीं, राजस्व-विकास विभाग के समन्वय से होगी कार्रवाई* 


*गोण्डा, 05 मई 2026*   -   देवीपाटन मण्डल की आयुक्त ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के आकस्मिक निरीक्षण के बाद चकमार्गों पर हो रहे अतिक्रमण और अवरुद्ध रास्तों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। तहसील कर्नैलगंज में जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे प्रार्थना-पत्र सामने आने पर *आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल* ने मण्डल के सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल पैमाइश कर देना पर्याप्त नहीं है। जब तक चकमार्गों पर मिट्टी पटाई या खड़ंजा निर्माण नहीं होगा, तब तक रास्ते स्थायी रूप से अतिक्रमणमुक्त नहीं हो पाएंगे और विवाद की स्थिति बनी रहेगी। इसे देखते हुए राजस्व और विकास विभाग के बीच अनिवार्य समन्वय पर विशेष जोर दिया गया है।

निर्देशों के अनुसार, क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा पैमाइश के बाद चकमार्गों की सूची ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि ग्राम पंचायत स्तर पर प्रस्ताव पारित कर शीघ्र निर्माण कार्य कराया जा सके। साथ ही, तहसील स्तर पर लेखपालों से प्राप्त सूची को तहसीलदार के माध्यम से उप जिलाधिकारी और खण्ड विकास अधिकारी तक पहुंचाया जाएगा, जहां से वित्तीय प्रबंधन कराकर कार्य सुनिश्चित होगा। आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र पंचायतवार चिह्नित चकमार्गों की सूची जिला स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिलाधिकारी को भेजी जाए, ताकि बड़े और छूटे हुए चकमार्गों पर भी प्राथमिकता से कार्य हो सके। अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस की उपस्थिति भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए आयुक्त ने कहा कि जहां चकमार्गों पर अस्थाई निर्माण हैं, उन्हें न्यायालय के माध्यम से न कराकर सीधे अतिक्रमणमुक्त कराया जाये। आयुक्त ने देवीपाटन मण्डल के सभी जिलाधिकारियों से इस सम्बन्ध में 15 दिनों के भीतर विस्तृत सूचना मांगी है। साथ ही, अवशेष चकमार्गों का सीमांकन कराकर फोटो सहित संकलित आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस सख्ती से साफ संकेत है कि अब चकमार्गों पर कब्जा और रास्तों की बाधा को लेकर प्रशासन शून्य सहनशीलता की नीति पर काम करेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विवाद कम हों और आमजन को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।