विकसित भारत-जी राम जी कानून इस दिन से होगा लागू, मिलेगी 100 की जगह 125 दिन रोजगार की गारंटी

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केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार और आजीविका को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम लागू करने की घोषणा की है।

खत्म हो जाएगा मनरेगा कानून

केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025’ को अधिसूचित कर दिया है। यह कानून 1 जुलाई, 2026 से पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा। इसी दिन से महात्मा गांधी नरेगा (मनरेगा) कानून निरस्त हो जाएगा। सरकार का कहना है कि यह योजना मौजूदा महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून यानी मनरेगा को नए स्वरूप में आगे बढ़ाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने पर फोकस करेगी।

125 दिनों की रोजगार की गारंटी मिलेगी

इस कानून के तहत हर पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी। पहले मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार मिलता था। यदि रोजगार मांगने के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो संबंधित श्रमिक बेरोजगारी भत्ते के हकदार होंगे।

भुगतान और मुआवजे का प्रावधान

अधिनियम में मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर करने का प्रावधान है। भुगतान सीधे बैंक या डाकघर खातों में डीबीटी के जरिए किया जाएगा। यदि मजदूरी भुगतान में देरी होती है, तो श्रमिकों को प्रति दिन बकाया मजदूरी का 0.05 प्रतिशत मुआवजा भी मिलेगा।

कार्यक्रम पर अब तक का सबसे बड़ा आवंटन

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस कार्यक्रम पर ₹95,692.31 करोड़ का बजटीय आवंटन किया है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा बजटीय प्रावधान बताया गया है। राज्यों के हिस्से को जोड़कर कुल परिव्यय ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक पहुंचने का अनुमान है। सरकार का दावा है कि यह निवेश ग्रामीण आधारभूत ढांचे, रोजगार सृजन और आय बढ़ाने में मदद करेगा

हर पीड़ित को न्याय और हर पात्र को योजनाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता : केशव प्रसाद मौर्य
* जनता दर्शन में उप मुख्यमंत्री ने सुनीं जन समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर पीड़ित को न्याय दिलाना और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को लखनऊ स्थित 7-कालिदास मार्ग कैंप कार्यालय में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांगजन और युवा शामिल हुए।
जनता दर्शन में भूमि विवाद, राजस्व मामले, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। केशव प्रसाद मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का त्वरित, प्रभावी और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि ‘जनता दर्शन’ सरकार और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, जिससे वास्तविक समस्याओं की जानकारी मिलती है और उनका समयबद्ध समाधान संभव हो पाता है। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण को केवल औपचारिकता न बनाया जाए, बल्कि ऐसा समाधान किया जाए जिससे पीड़ित व्यक्ति को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
भूमि विवाद और अवैध कब्जों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने जिलाधिकारियों को राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भेजकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न और अवैध कब्जों के मामलों में आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ होना चाहिए, ताकि आमजन का शासन और प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
“मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिलाओं/बालिकाओं को किया गया जागरूक
गोण्डा। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। इस अवसर पर एण्टी रोमियो स्क्वायड टीमों एवं महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मंदिरों, भीड़-भाड़ वाले स्थलों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।

*कार्यक्रम के दौरान महिलाओं/बालिकाओं को निम्न विषयों पर विशेष रूप से जागरूक किया गया—*

महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
आत्मरक्षा के तरीके
कानून द्वारा प्रदत्त अधिकार
भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर सतर्कता बरतने के उपाय

महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उपस्थित महिलाओं से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा त्योहार के दौरान सुरक्षित आवागमन एवं संभावित जोखिमों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों को चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई, जिससे महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को भरोसा दिलाया गया कि गोण्डा पुलिस उनकी सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सदैव तत्पर है।

*महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर:*
112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
1090 – वूमेन पावर हेल्पलाइन
1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
108 – एम्बुलेंस सेवा
1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
102 – स्वास्थ्य सेवा

अतिरिक्त रूप से महिलाओं/बालिकाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना भी है, ताकि वे हर परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें।
মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারীর আপ্তসহায়ক চন্দ্রনাথের খুনিদের ১৩ দিনের পুলিশ হেফাজতের নির্দেশ আদালতের
নিজস্ব প্রতিনিধি, বারাসাত:মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারীর আপ্তসহায়ক চন্দ্রনাথের খুনিদের ১৩ দিনের পুলিশ হেফাজতের নির্দেশ দিল বারাসাত আদালত। রবিবার রাতে উত্তরপ্রদেশ থেকে ৩ শার্প শুটারকে গ্রেফতার করে সিআইডি।রবিবার গভীর রাতে অভিযানে নেমে ধৃতদের পাকড়াও করা হয়। পরে তাঁদের কলকাতায় এনে ভবানী ভবনে রাতভর জেরা করা হয়েছে বলে খবর।আজ তোলা হয় বারাসাত আদালতে।

গত ৬ মে রাতে উত্তর ২৪ পরগনার মধ্যমগ্রামের দোহারিয়ায় রাস্তায় খুব কাছ থেকে গুলি করে খুন করা হয় চন্দ্রনাথ রথকে। তখনও মুখ্যমন্ত্রী হিসেবে শপথ নেননি শুভেন্দু। বিজেপি-র বিপুল জয়ের পরই এই হামলার ঘটনায় তীব্র চাঞ্চল্য ছড়ায় রাজ্য রাজনীতিতে। তদন্তকারীদের দাবি, অত্যন্ত ঠান্ডা মাথায় এবং পরিকল্পনা করে হামলা চালানো হয়েছিল। তাঁর গতিবিধি রেইকি করে এবং গাড়ির ঠিক কোন জায়গায় তিনি বসেছিলেন তাও নজরে ছিল আততায়ীদের।ওই দিন চন্দ্রনাথকে লক্ষ্য করে পরপর চার রাউন্ড গুলি চালানো হয়। বুকে এবং হাতে গুলি লাগে তাঁর। আশঙ্কাজনক অবস্থায় হাসপাতালে নিয়ে গেলে চিকিৎসকরা মৃত বলে ঘোষণা করেন।

খুনের তদন্তে শুরু থেকেই নামে সিআইডি এবং এসটিএফ। একের পর এক সূত্র হাতে আসে গোয়েন্দাদের। শনিবার বড় ক্লু মেলে ডিজিটাল লেনদেন সূত্রে। জানা যায়, আততায়ীরা বালি টোল প্লাজায় ইউপিআইয়ের মাধ্যমে টাকা দিয়েছিল। সেই লেনদেনের তথ্য খতিয়ে দেখেই উত্তরপ্রদেশে লিঙ্ক পাওয়া যায়।সেখানে অভিযান চালিয়ে ৩ জন শার্প শুটারকে গ্রেফতার করা হয়েছে।তদন্তকারীদের অনুমান, এরা ভাড়াটে খুনি। কার নির্দেশে তারা এসেছিল, কারা এই খুনের ছক কষেছিল এবং কেন শুভেন্দু অধিকারীর ঘনিষ্ঠ সহযোগীকেই নিশানা করা হল, তা জানার চেষ্টা চলছে জেরায়।

চন্দ্রনাথ রথের খুনের পিছনে ভিনরাজ্যের যোগ রয়েছে বলে শুরু থেকেই সন্দেহ ছিল। উত্তর প্রদেশ থেকে গ্রেফতারির পর সেই জল্পনাই আরও জোরালো হল। এখন তদন্তকারীদের নজর মূল চক্রীদের খোঁজে। পুলিশের প্রাথমিক অনুমান, দুষ্কৃতী দলে কমপক্ষে আট জন ছিল। রেইকি করার পর চন্দ্রনাথকে হত্যার প্ল্যান কষেছিল আততায়ীরা।  কারো না কাদের নির্দেশে অভিযুক্তরা চন্দ্রনাথকে হত্যা করেছে তা জানতে চলছে তদন্ত।
मदर्स डे पर आकाश प्रियदर्शी ने मां के त्याग को किया नमन, कहा- मां का कर्ज चुकाना असंभव

गया: मानपुर के जनकपुर निवासी विशाल प्राइवेट आईटीआई के ट्रस्टी सदस्य सह युवा समाजसेवी आकाश प्रियदर्शी उर्फ 'एपी' ने मातृ दिवस (मदर्स डे) के विशेष अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए मां की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया ! उन्होंने कहा कि इस संसार में मां का स्थान सर्वोपरि है और उनके द्वारा किए गए त्याग व उपकारों का कर्ज कोई भी संतान कभी पूरी तरह नहीं चुका सकती.

आकाश प्रियदर्शी ने भावुक होते हुए कहा कि दुनिया में केवल मां ही ऐसी शख्सियत होती है, जो स्वयं भूखी रहकर और अपना पेट काटकर भी अपने बच्चों का पेट भरती है ! उनका निःस्वार्थ प्रेम और समर्पण ही परिवार की असली शक्ति है ! उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी मां का सदैव सम्मान करें, क्योंकि मां के आशीर्वाद के बिना जीवन में सच्ची सफलता और सुख की प्राप्ति असंभव है ! माता का प्रेम ही इस सृष्टि का आधार है.

बातों और वादों से नहीं, इरादों से जीती जाती है जंग : नूरजहां खान

* रेसलर से अधिवक्ता बनीं नूरजहां अब स्टेट बार काउंसिल चुनाव मैदान में, अधिवक्ताओं के हितों को बताया प्राथमिकता

भोपाल। भोपाल की गलियों से निकलकर खेल, सामाजिक सेवा और वकालत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाली अधिवक्ता नूरजहां खान अब स्टेट बार काउंसिल ऑफ मध्यप्रदेश के चुनाव मैदान में हैं। उनका कहना है कि “बातों और झूठे वादों से नहीं, बल्कि मजबूत इरादों से जंग जीती जाती है।”

कभी महिला रेसलर के रूप में प्रदेश का नाम रोशन करने वाली नूरजहां खान ने अपनी बेहतरीन ड्राइविंग और सामाजिक सक्रियता से भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इंसाफ की लड़ाई को अपना उद्देश्य बनाकर उन्होंने वर्ष 2017 में वकालत के पेशे में कदम रखा और इंदौर को अपनी कर्मस्थली बनाया।

नूरजहां खान वर्तमान में इंदौर अभिभाषक संघ और इंदौर हाईकोर्ट की सदस्य हैं। उन्होंने स्टेट बार काउंसिल ऑफ मध्यप्रदेश के चुनाव में सीरियल नंबर 62 से अपनी उम्मीदवारी घोषित की है। 12 मई को होने वाले चुनाव के लिए वे अधिवक्ताओं से समर्थन मांग रही हैं।

उन्होंने कहा कि वकालत के पेशे में जूनियर अधिवक्ताओं को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण कई युवा अधिवक्ता पेशा छोड़कर नौकरी की ओर रुख करने लगते हैं। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ताओं के सामने भी अनेक व्यावसायिक और प्रशासनिक समस्याएं मौजूद हैं।

नूरजहां खान का कहना है कि यदि वे स्टेट बार काउंसिल की सदस्य चुनी जाती हैं तो अधिवक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं के अधिकार, सम्मान और सुविधाओं के लिए ठोस कार्य करना है।

রাজ্যে চালু থাকা কোনও সামাজিক প্রকল্পই বন্ধ হচ্ছে না
*নিজস্ব প্রতিনিধি* : নতুন সরকারের মুখ্যমন্ত্রী শনিবার শপথ গ্রহণের পর সোমবার প্রথম ক্যাবিনেট বৈঠক পরেই সাংবাদিক সম্মেলনে শুভেন্দু অধিকারী
জানান,সাধারণ মানুষের জন্য রাজ্যে চালু থাকা কোনও সামাজিক প্রকল্পই বন্ধ হচ্ছে না। তেমনই মোদী সরকারের একগুচ্ছ প্রকল্প রাজ্যে কার্যকর করার সিদ্ধান্ত নিলেন তিনি।

এদিন নবান্নে সাংবাদিক বৈঠকে শুভেন্দু সাফ জানিয়ে দেন, “চালু থাকা কোনও সামাজিক প্রকল্প বন্ধ হবে না। তবে আমরা দেখব যেন তা স্বচ্ছভাবে চলে।” তিনি জানান, আগে চালু থাকা সমস্ত প্রকল্প থাকবে। তবে ভারতীয় নন বা মৃত কেউ এই সমস্ত প্রকল্পের সুবিধা পাবেন না বলে জানান তিনি।

এদিনের ক্যাবিনেট বৈঠকের সবচেয়ে বড় খবর হল প্রধানমন্ত্রী জন আরোগ্য যোজনা বা আয়ুষ্মান ভারত প্রকল্পে রাজ্যের অন্তর্ভুক্তি। মুখ্যমন্ত্রী বলেন, “প্রধানমন্ত্রী বলেছিলেন প্রথম ক্যাবিনেটেই আয়ুষ্মান ভারতে আমরা যুক্ত হব। আজ সেই সিদ্ধান্ত নেওয়া হল। স্বাস্থ্য সচিব, মুখ্য সচিব এবং মুখ্যমন্ত্রী দফতরের উপদেষ্টারা এই প্রক্রিয়া অতি দ্রুত সম্পন্ন করবেন।”

দীর্ঘদিন ধরে কেন্দ্রীয় সরকারের এই স্বাস্থ্য বিমা প্রকল্পটি নিয়ে কেন্দ্র-রাজ্য সংঘাত জারি ছিল। শুভেন্দু অধিকারীর এই ঘোষণার ফলে এখন থেকে রাজ্যের সাধারণ মানুষ দেশের অন্যান্য প্রান্তের মতোই ৫ লক্ষ টাকা পর্যন্ত বিনামূল্যে চিকিৎসার সুযোগ পাবেন।

এছাড়াও একগুচ্ছ কেন্দ্রীয় প্রকল্পে সবুজ পেল রাজ্য।প্রধানমন্ত্রী জন আরোগ্য যোজনা, প্রধানমন্ত্রী কৃষক বিমা যোজনা, পিএম শ্রী, বিশ্বকর্মা, বেটি বাঁচাও বেটি পড়াও, উজ্জ্বলা যোজনা-সহ একাধিক কেন্দ্রীয় প্রকল্পে বাংলাকে যুক্ত করার প্রক্রিয়া শুরু হয়েছে।জেলাশাসকদের দ্রুত সমস্ত আবেদন কেন্দ্রীয় মন্ত্রকে পাঠানোর নির্দেশ দিয়েছে নতুন মন্ত্রিসভা।

এর পাশাপাশি, তিনি বলেন, অন্যান্য সমস্ত সেন্ট্রাল স্পনসর্ড স্কিম যা এতোদিন রাজ্যে থমকে ছিল বা নাম বদলে চলছিল, সেগুলিও এবার পুরোদমে চালু হচ্ছে।স্বচ্ছতাই এই সরকারের অগ্রাধিকার থাকবে।কিছু পেপার ওয়ার্কের প্রয়োজন আছে। সংকল্পপত্রে যা ঘোষণা করা হয়েছে সেই বিষয়ে আরও কিছু সিদ্ধান্ত পরের মন্ত্রিসভার বৈঠকে নেওয়া হবে। এই সরকার 'আমিত্বে' বিশ্বাস করে না, 'আমরা' নীতিতে চলবে বলে সরাসরি জানিয়েছেন মুখ্যমন্ত্রী।

বিজেপির ৩২১ জন যাঁরা খুন হয়েছেন, তাঁদের শ্রদ্ধার সঙ্গে স্মরণ করেছেন শুভেন্দু অধিকারী। তাঁদের পরিবারের প্রতি এই সরকার দায়বদ্ধ বলে জানিয়েছেন। হত্যার বিচার দেওয়া হবে বলে আশ্বাস দিয়েছেন তিনি। তার সঙ্গে এই পরিবারগুলরি সব দায়-দায়িত্ব এখন থেকে সরকারের।

দেশের ও পশ্চিমবঙ্গের সুরক্ষাকে সবচেয়ে বেশি অগ্রাধিকার দেওয়া হবে বলে জানিয়েছেন তিনি। বিএসএফ-কে জমি হস্তান্তর প্রক্রিয়ার অনুমোদন দেওয়া হয়েছে। আজ থেকেই হস্তান্তর প্রক্রিয়া শুরু হবে। ভূমি ও রাজস্ব সচিব এবং মুখ্য সচিবকে ৪৫ দিনের মধ্যে বিএসএফ-এর জন্য প্রয়োজনীয় জমি হস্তান্তর সম্পূর্ণ করার নির্দেশ দেওয়া হয়েছে।

এতোদিন পর্যন্ত রাজ্যের IAS, IPS ও WBCS-এর কেউ কেন্দ্রীয় ট্রেনিংয়ে যুক্ত হওয়ার অনুমোদন পেতেন না। এখন থেকে অন্য রাজ্যের মতো এ রাজ্যেও কেন্দ্রীয় সেই নিয়ম চালু হবে।

এ দিন সাংবাদিক বৈঠকে শুভেন্দু অধিকারী জানিয়েছেন, রাজ্যে এতদিন BNS কার্যকর করা হয়নি। তিনি জানিয়েছেন, এখন থেকে পশ্চিমবঙ্গে ভারতীয় ন্যায় সংহিতা মেনে কাজ শুরু হলো বলে জানিয়েছেন তিনি।

সরকারি চাকরির পরীক্ষায় আবেদনের বয়সের ঊর্ধ্বসীমা ৫ বছর বাড়িয়ে দেওয়ার সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে।

কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্র মন্ত্রকের ২০২৫ সালের ১৬ জুনের জনগণনা সংক্রান্ত নির্দেশ অবিলম্বে কার্যকর করা হবে।
छात्राओं से धार्मिक प्रार्थना कराने के मामले में तीन शिक्षक निलंबित
संभल । जनपद संभल के पीएमश्री विद्यालय में छात्राओं से धार्मिक प्रार्थना कराने के मामले में तीन शिक्षक निलंबित साथ ही प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक पर मुकदमा भी दर्ज।यूपी के संभल स्थित गांव जालब सराय में स्थित पीएमश्री विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद, प्रभारी प्रधानाध्यापक वालेश कुमार और सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज को बीएसए अलका शर्मा ने निलंबित किया है। मुस्लिम शिक्षकों पर आरोप है कि वह विद्यालय में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे और हिंदू छात्रों को टोपी और छात्राओं को हिजाब पहनाते थे। 7 मई को इसका वीडियो वायरल हुआ था।
जांच के लिए संभल के खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल कुमार 8 मई को विद्यालय पहुंचे थे। बच्चों के बयान दर्ज करने के बाद रिपोर्ट बीएसए को भेजी गई। इसी क्रम में रविवार को निलंबन की कार्रवाई की गई है। प्रभारी प्रधानाध्यापक वालेश कुमार पर आरोप है कि उन्होंने उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं दी और अपने कर्तव्यों का निवर्हन नहीं किया। इसके चलते उनको निलंबित किया गया है। मोहम्मद अंजार अहमद और मोहम्मद गुल एजाज के खिलाफ नखासा थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।

इस विषय में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी संभल अंकित खंडेलवाल ने बताया कि कल दोपहर विभिन्न वीडियो के माध्यम से जानकारी संज्ञान में आई की जालम सराय स्थित पीएमश्री विद्यालय में इस तरह की गतिविधियां होना संज्ञान में पाया गया इस मामले की बीएसए और और खंड शिक्षा अधिकारी के द्वारा जांच कराई गई तो प्रथम दृष्टया इस तरह की घटना होना प्रतीत हो रहा है इसमें तत्काल ही संज्ञान लेते हुए प्रधानाचार्य , सहायक अध्यापक ओर वर्तमान प्रधानाचार्य तीनों को सस्पेंड कर दिया गया साथ ही प्रधानाचार्य ओर सहायक अध्यापक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया इस घटना की विस्तृत जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई गई जो इस मामले की विस्तृत जांच करेगी ।उन्होंने बताया की वीडियो ओर फोटो देख कर वेशभूषा और प्रार्थना के मामले में विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा ओर जांच में जो भी और तथ्य सामने आयेंगे उस पर कार्यवाही की जाएगी।
चोरी करने वाले बदमाशों से मुठभेड़, पुलिस ने की जवाबी फायरिंग  दो घायल
बबलू प्रजापति
पिहानी कोतवाली क्षेत्र में ग्राम गौखरिका में हुई ताबड़तोड़ चोरी की वारदातों का पुलिस ने मुठभेड़ के बाद खुलासा कर दिया। पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दोनों बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शाहजहांपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र निवासी बुधपाल और पिहानी के कोटकला निवासी आसिफ के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के सोने-चांदी के जेवर, नगदी, अवैध तमंचे और बिना नंबर की बाइक बरामद की है।
घटना 8 और 9 मई की रात की है, जब बदमाशों ने गौखरिया गांव में एक के बाद एक तीन घरों को निशाना बनाया था। दीपक सिंह के घर से जेवर और 20 हजार रुपये नकद चोरी किए गए, जबकि सतीश सिंह के बंद पड़े मकान का ताला तोड़कर चोरों ने अलमारी और बक्सों में रखा सामान पार कर दिया। वहीं धर्मपाल सिंह के घर में पीछे की दीवार तोड़कर घुसे बदमाश करीब 97 हजार रुपये नकद और जेवरात चोरी कर ले गए। एक ही रात में तीन घरों में हुई चोरी से गांव में दहशत फैल गई थी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सर्विलांस और स्वाट टीम को जांच में लगाया था।
सीओ हरियावां अजीत चौहान ने बताया कि 10 मई की रात पिहानी पुलिस रसूलपुर तिराहे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की बाइक से आ रहे दो युवकों को रोकने का प्रयास किया गया तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने लगे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में दोनों को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।पुलिस के अनुसार बुधपाल बेहद शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ गैंगस्टर समेत चोरी के करीब 16 मुकदमे दर्ज हैं। 25 जनवरी को पशु चोरी के मामले में वाहन चेकिंग के दौरान सवायजपुर पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में उसके बाएं पैर में गोली लगी थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और करीब एक माह पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था।
वहीं आसिफ दिल्ली में रहकर सिलाई का काम करता था, लेकिन वह लोनी में अपने ही दोस्त की हत्या के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस का कहना है कि करीब दस दिन पहले ही वह पिहानी लौटा था और बुधपाल के संपर्क में आने के बाद दोनों ने मिलकर गौखरिया में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई में जुटी है।
स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों ने उठाई सुविधाओं और आरक्षण बढ़ाने की मांग
रितेश मिश्रा
हरदोई। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों ने प्रदेश सरकार के समक्ष विभिन्न मांगों को लेकर मांग पत्र प्रस्तुत किया है। पत्र में कहा गया है कि आजादी की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सेनानियों के परिवारों को पर्याप्त सुविधाएं और सम्मान मिलना चाहिए।
मांग पत्र में प्रमुख रूप से उत्तराधिकारियों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा परिचय पत्र जारी किए जाने की मांग की गई है, ताकि उन्हें सरकारी स्तर पर पहचान मिल सके। इसके अलावा महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश के दौरान आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाने की भी मांग उठाई गई है, जिससे सेनानी परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकें।
उत्तराधिकारियों ने प्रदेश और केंद्र सरकार की नौकरियों में भी आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाने की मांग रखी है। उनका कहना है कि वर्तमान में मिलने वाला लाभ सीमित होने के कारण अधिकांश परिवार इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
मांग पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्तमान व्यवस्था में केवल स्वतंत्रता सेनानी के पुत्र और पौत्र को ही आरक्षण का लाभ मिलता है, जबकि आयु सीमा अधिक हो जाने के कारण कई लोग इससे वंचित रह जाते हैं। ऐसे में प्रपौत्रों को भी आरक्षण सूची में शामिल किए जाने की मांग की गई है।
इसके साथ ही परिवहन निगम की बसों में उत्तराधिकारियों को निशुल्क यात्रा सुविधा देने के लिए परिचय पत्र जारी करने की मांग भी रखी गई है, ताकि परिवारजन मुफ्त यात्रा का लाभ प्राप्त कर सकें।
उत्तराधिकारियों ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए दिए गए बलिदानों को स्मरण करते हुए उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए और आवश्यक आदेश जारी किए जाएं। मांग पत्र पर देवेंद्र विक्रम सिंह सहित अन्य लोगों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
विकसित भारत-जी राम जी कानून इस दिन से होगा लागू, मिलेगी 100 की जगह 125 दिन रोजगार की गारंटी

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केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार और आजीविका को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम लागू करने की घोषणा की है।

खत्म हो जाएगा मनरेगा कानून

केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025’ को अधिसूचित कर दिया है। यह कानून 1 जुलाई, 2026 से पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा। इसी दिन से महात्मा गांधी नरेगा (मनरेगा) कानून निरस्त हो जाएगा। सरकार का कहना है कि यह योजना मौजूदा महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून यानी मनरेगा को नए स्वरूप में आगे बढ़ाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने पर फोकस करेगी।

125 दिनों की रोजगार की गारंटी मिलेगी

इस कानून के तहत हर पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी। पहले मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार मिलता था। यदि रोजगार मांगने के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो संबंधित श्रमिक बेरोजगारी भत्ते के हकदार होंगे।

भुगतान और मुआवजे का प्रावधान

अधिनियम में मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर करने का प्रावधान है। भुगतान सीधे बैंक या डाकघर खातों में डीबीटी के जरिए किया जाएगा। यदि मजदूरी भुगतान में देरी होती है, तो श्रमिकों को प्रति दिन बकाया मजदूरी का 0.05 प्रतिशत मुआवजा भी मिलेगा।

कार्यक्रम पर अब तक का सबसे बड़ा आवंटन

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस कार्यक्रम पर ₹95,692.31 करोड़ का बजटीय आवंटन किया है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा बजटीय प्रावधान बताया गया है। राज्यों के हिस्से को जोड़कर कुल परिव्यय ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक पहुंचने का अनुमान है। सरकार का दावा है कि यह निवेश ग्रामीण आधारभूत ढांचे, रोजगार सृजन और आय बढ़ाने में मदद करेगा

हर पीड़ित को न्याय और हर पात्र को योजनाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता : केशव प्रसाद मौर्य
* जनता दर्शन में उप मुख्यमंत्री ने सुनीं जन समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर पीड़ित को न्याय दिलाना और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को लखनऊ स्थित 7-कालिदास मार्ग कैंप कार्यालय में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांगजन और युवा शामिल हुए।
जनता दर्शन में भूमि विवाद, राजस्व मामले, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। केशव प्रसाद मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का त्वरित, प्रभावी और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि ‘जनता दर्शन’ सरकार और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, जिससे वास्तविक समस्याओं की जानकारी मिलती है और उनका समयबद्ध समाधान संभव हो पाता है। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण को केवल औपचारिकता न बनाया जाए, बल्कि ऐसा समाधान किया जाए जिससे पीड़ित व्यक्ति को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
भूमि विवाद और अवैध कब्जों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने जिलाधिकारियों को राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भेजकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न और अवैध कब्जों के मामलों में आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ होना चाहिए, ताकि आमजन का शासन और प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
“मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिलाओं/बालिकाओं को किया गया जागरूक
गोण्डा। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। इस अवसर पर एण्टी रोमियो स्क्वायड टीमों एवं महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मंदिरों, भीड़-भाड़ वाले स्थलों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।

*कार्यक्रम के दौरान महिलाओं/बालिकाओं को निम्न विषयों पर विशेष रूप से जागरूक किया गया—*

महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
आत्मरक्षा के तरीके
कानून द्वारा प्रदत्त अधिकार
भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर सतर्कता बरतने के उपाय

महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उपस्थित महिलाओं से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा त्योहार के दौरान सुरक्षित आवागमन एवं संभावित जोखिमों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों को चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई, जिससे महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को भरोसा दिलाया गया कि गोण्डा पुलिस उनकी सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सदैव तत्पर है।

*महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर:*
112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
1090 – वूमेन पावर हेल्पलाइन
1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
108 – एम्बुलेंस सेवा
1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
102 – स्वास्थ्य सेवा

अतिरिक्त रूप से महिलाओं/बालिकाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना भी है, ताकि वे हर परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें।
মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারীর আপ্তসহায়ক চন্দ্রনাথের খুনিদের ১৩ দিনের পুলিশ হেফাজতের নির্দেশ আদালতের
নিজস্ব প্রতিনিধি, বারাসাত:মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারীর আপ্তসহায়ক চন্দ্রনাথের খুনিদের ১৩ দিনের পুলিশ হেফাজতের নির্দেশ দিল বারাসাত আদালত। রবিবার রাতে উত্তরপ্রদেশ থেকে ৩ শার্প শুটারকে গ্রেফতার করে সিআইডি।রবিবার গভীর রাতে অভিযানে নেমে ধৃতদের পাকড়াও করা হয়। পরে তাঁদের কলকাতায় এনে ভবানী ভবনে রাতভর জেরা করা হয়েছে বলে খবর।আজ তোলা হয় বারাসাত আদালতে।

গত ৬ মে রাতে উত্তর ২৪ পরগনার মধ্যমগ্রামের দোহারিয়ায় রাস্তায় খুব কাছ থেকে গুলি করে খুন করা হয় চন্দ্রনাথ রথকে। তখনও মুখ্যমন্ত্রী হিসেবে শপথ নেননি শুভেন্দু। বিজেপি-র বিপুল জয়ের পরই এই হামলার ঘটনায় তীব্র চাঞ্চল্য ছড়ায় রাজ্য রাজনীতিতে। তদন্তকারীদের দাবি, অত্যন্ত ঠান্ডা মাথায় এবং পরিকল্পনা করে হামলা চালানো হয়েছিল। তাঁর গতিবিধি রেইকি করে এবং গাড়ির ঠিক কোন জায়গায় তিনি বসেছিলেন তাও নজরে ছিল আততায়ীদের।ওই দিন চন্দ্রনাথকে লক্ষ্য করে পরপর চার রাউন্ড গুলি চালানো হয়। বুকে এবং হাতে গুলি লাগে তাঁর। আশঙ্কাজনক অবস্থায় হাসপাতালে নিয়ে গেলে চিকিৎসকরা মৃত বলে ঘোষণা করেন।

খুনের তদন্তে শুরু থেকেই নামে সিআইডি এবং এসটিএফ। একের পর এক সূত্র হাতে আসে গোয়েন্দাদের। শনিবার বড় ক্লু মেলে ডিজিটাল লেনদেন সূত্রে। জানা যায়, আততায়ীরা বালি টোল প্লাজায় ইউপিআইয়ের মাধ্যমে টাকা দিয়েছিল। সেই লেনদেনের তথ্য খতিয়ে দেখেই উত্তরপ্রদেশে লিঙ্ক পাওয়া যায়।সেখানে অভিযান চালিয়ে ৩ জন শার্প শুটারকে গ্রেফতার করা হয়েছে।তদন্তকারীদের অনুমান, এরা ভাড়াটে খুনি। কার নির্দেশে তারা এসেছিল, কারা এই খুনের ছক কষেছিল এবং কেন শুভেন্দু অধিকারীর ঘনিষ্ঠ সহযোগীকেই নিশানা করা হল, তা জানার চেষ্টা চলছে জেরায়।

চন্দ্রনাথ রথের খুনের পিছনে ভিনরাজ্যের যোগ রয়েছে বলে শুরু থেকেই সন্দেহ ছিল। উত্তর প্রদেশ থেকে গ্রেফতারির পর সেই জল্পনাই আরও জোরালো হল। এখন তদন্তকারীদের নজর মূল চক্রীদের খোঁজে। পুলিশের প্রাথমিক অনুমান, দুষ্কৃতী দলে কমপক্ষে আট জন ছিল। রেইকি করার পর চন্দ্রনাথকে হত্যার প্ল্যান কষেছিল আততায়ীরা।  কারো না কাদের নির্দেশে অভিযুক্তরা চন্দ্রনাথকে হত্যা করেছে তা জানতে চলছে তদন্ত।
मदर्स डे पर आकाश प्रियदर्शी ने मां के त्याग को किया नमन, कहा- मां का कर्ज चुकाना असंभव

गया: मानपुर के जनकपुर निवासी विशाल प्राइवेट आईटीआई के ट्रस्टी सदस्य सह युवा समाजसेवी आकाश प्रियदर्शी उर्फ 'एपी' ने मातृ दिवस (मदर्स डे) के विशेष अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए मां की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया ! उन्होंने कहा कि इस संसार में मां का स्थान सर्वोपरि है और उनके द्वारा किए गए त्याग व उपकारों का कर्ज कोई भी संतान कभी पूरी तरह नहीं चुका सकती.

आकाश प्रियदर्शी ने भावुक होते हुए कहा कि दुनिया में केवल मां ही ऐसी शख्सियत होती है, जो स्वयं भूखी रहकर और अपना पेट काटकर भी अपने बच्चों का पेट भरती है ! उनका निःस्वार्थ प्रेम और समर्पण ही परिवार की असली शक्ति है ! उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी मां का सदैव सम्मान करें, क्योंकि मां के आशीर्वाद के बिना जीवन में सच्ची सफलता और सुख की प्राप्ति असंभव है ! माता का प्रेम ही इस सृष्टि का आधार है.

बातों और वादों से नहीं, इरादों से जीती जाती है जंग : नूरजहां खान

* रेसलर से अधिवक्ता बनीं नूरजहां अब स्टेट बार काउंसिल चुनाव मैदान में, अधिवक्ताओं के हितों को बताया प्राथमिकता

भोपाल। भोपाल की गलियों से निकलकर खेल, सामाजिक सेवा और वकालत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाली अधिवक्ता नूरजहां खान अब स्टेट बार काउंसिल ऑफ मध्यप्रदेश के चुनाव मैदान में हैं। उनका कहना है कि “बातों और झूठे वादों से नहीं, बल्कि मजबूत इरादों से जंग जीती जाती है।”

कभी महिला रेसलर के रूप में प्रदेश का नाम रोशन करने वाली नूरजहां खान ने अपनी बेहतरीन ड्राइविंग और सामाजिक सक्रियता से भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इंसाफ की लड़ाई को अपना उद्देश्य बनाकर उन्होंने वर्ष 2017 में वकालत के पेशे में कदम रखा और इंदौर को अपनी कर्मस्थली बनाया।

नूरजहां खान वर्तमान में इंदौर अभिभाषक संघ और इंदौर हाईकोर्ट की सदस्य हैं। उन्होंने स्टेट बार काउंसिल ऑफ मध्यप्रदेश के चुनाव में सीरियल नंबर 62 से अपनी उम्मीदवारी घोषित की है। 12 मई को होने वाले चुनाव के लिए वे अधिवक्ताओं से समर्थन मांग रही हैं।

उन्होंने कहा कि वकालत के पेशे में जूनियर अधिवक्ताओं को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण कई युवा अधिवक्ता पेशा छोड़कर नौकरी की ओर रुख करने लगते हैं। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ताओं के सामने भी अनेक व्यावसायिक और प्रशासनिक समस्याएं मौजूद हैं।

नूरजहां खान का कहना है कि यदि वे स्टेट बार काउंसिल की सदस्य चुनी जाती हैं तो अधिवक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं के अधिकार, सम्मान और सुविधाओं के लिए ठोस कार्य करना है।

রাজ্যে চালু থাকা কোনও সামাজিক প্রকল্পই বন্ধ হচ্ছে না
*নিজস্ব প্রতিনিধি* : নতুন সরকারের মুখ্যমন্ত্রী শনিবার শপথ গ্রহণের পর সোমবার প্রথম ক্যাবিনেট বৈঠক পরেই সাংবাদিক সম্মেলনে শুভেন্দু অধিকারী
জানান,সাধারণ মানুষের জন্য রাজ্যে চালু থাকা কোনও সামাজিক প্রকল্পই বন্ধ হচ্ছে না। তেমনই মোদী সরকারের একগুচ্ছ প্রকল্প রাজ্যে কার্যকর করার সিদ্ধান্ত নিলেন তিনি।

এদিন নবান্নে সাংবাদিক বৈঠকে শুভেন্দু সাফ জানিয়ে দেন, “চালু থাকা কোনও সামাজিক প্রকল্প বন্ধ হবে না। তবে আমরা দেখব যেন তা স্বচ্ছভাবে চলে।” তিনি জানান, আগে চালু থাকা সমস্ত প্রকল্প থাকবে। তবে ভারতীয় নন বা মৃত কেউ এই সমস্ত প্রকল্পের সুবিধা পাবেন না বলে জানান তিনি।

এদিনের ক্যাবিনেট বৈঠকের সবচেয়ে বড় খবর হল প্রধানমন্ত্রী জন আরোগ্য যোজনা বা আয়ুষ্মান ভারত প্রকল্পে রাজ্যের অন্তর্ভুক্তি। মুখ্যমন্ত্রী বলেন, “প্রধানমন্ত্রী বলেছিলেন প্রথম ক্যাবিনেটেই আয়ুষ্মান ভারতে আমরা যুক্ত হব। আজ সেই সিদ্ধান্ত নেওয়া হল। স্বাস্থ্য সচিব, মুখ্য সচিব এবং মুখ্যমন্ত্রী দফতরের উপদেষ্টারা এই প্রক্রিয়া অতি দ্রুত সম্পন্ন করবেন।”

দীর্ঘদিন ধরে কেন্দ্রীয় সরকারের এই স্বাস্থ্য বিমা প্রকল্পটি নিয়ে কেন্দ্র-রাজ্য সংঘাত জারি ছিল। শুভেন্দু অধিকারীর এই ঘোষণার ফলে এখন থেকে রাজ্যের সাধারণ মানুষ দেশের অন্যান্য প্রান্তের মতোই ৫ লক্ষ টাকা পর্যন্ত বিনামূল্যে চিকিৎসার সুযোগ পাবেন।

এছাড়াও একগুচ্ছ কেন্দ্রীয় প্রকল্পে সবুজ পেল রাজ্য।প্রধানমন্ত্রী জন আরোগ্য যোজনা, প্রধানমন্ত্রী কৃষক বিমা যোজনা, পিএম শ্রী, বিশ্বকর্মা, বেটি বাঁচাও বেটি পড়াও, উজ্জ্বলা যোজনা-সহ একাধিক কেন্দ্রীয় প্রকল্পে বাংলাকে যুক্ত করার প্রক্রিয়া শুরু হয়েছে।জেলাশাসকদের দ্রুত সমস্ত আবেদন কেন্দ্রীয় মন্ত্রকে পাঠানোর নির্দেশ দিয়েছে নতুন মন্ত্রিসভা।

এর পাশাপাশি, তিনি বলেন, অন্যান্য সমস্ত সেন্ট্রাল স্পনসর্ড স্কিম যা এতোদিন রাজ্যে থমকে ছিল বা নাম বদলে চলছিল, সেগুলিও এবার পুরোদমে চালু হচ্ছে।স্বচ্ছতাই এই সরকারের অগ্রাধিকার থাকবে।কিছু পেপার ওয়ার্কের প্রয়োজন আছে। সংকল্পপত্রে যা ঘোষণা করা হয়েছে সেই বিষয়ে আরও কিছু সিদ্ধান্ত পরের মন্ত্রিসভার বৈঠকে নেওয়া হবে। এই সরকার 'আমিত্বে' বিশ্বাস করে না, 'আমরা' নীতিতে চলবে বলে সরাসরি জানিয়েছেন মুখ্যমন্ত্রী।

বিজেপির ৩২১ জন যাঁরা খুন হয়েছেন, তাঁদের শ্রদ্ধার সঙ্গে স্মরণ করেছেন শুভেন্দু অধিকারী। তাঁদের পরিবারের প্রতি এই সরকার দায়বদ্ধ বলে জানিয়েছেন। হত্যার বিচার দেওয়া হবে বলে আশ্বাস দিয়েছেন তিনি। তার সঙ্গে এই পরিবারগুলরি সব দায়-দায়িত্ব এখন থেকে সরকারের।

দেশের ও পশ্চিমবঙ্গের সুরক্ষাকে সবচেয়ে বেশি অগ্রাধিকার দেওয়া হবে বলে জানিয়েছেন তিনি। বিএসএফ-কে জমি হস্তান্তর প্রক্রিয়ার অনুমোদন দেওয়া হয়েছে। আজ থেকেই হস্তান্তর প্রক্রিয়া শুরু হবে। ভূমি ও রাজস্ব সচিব এবং মুখ্য সচিবকে ৪৫ দিনের মধ্যে বিএসএফ-এর জন্য প্রয়োজনীয় জমি হস্তান্তর সম্পূর্ণ করার নির্দেশ দেওয়া হয়েছে।

এতোদিন পর্যন্ত রাজ্যের IAS, IPS ও WBCS-এর কেউ কেন্দ্রীয় ট্রেনিংয়ে যুক্ত হওয়ার অনুমোদন পেতেন না। এখন থেকে অন্য রাজ্যের মতো এ রাজ্যেও কেন্দ্রীয় সেই নিয়ম চালু হবে।

এ দিন সাংবাদিক বৈঠকে শুভেন্দু অধিকারী জানিয়েছেন, রাজ্যে এতদিন BNS কার্যকর করা হয়নি। তিনি জানিয়েছেন, এখন থেকে পশ্চিমবঙ্গে ভারতীয় ন্যায় সংহিতা মেনে কাজ শুরু হলো বলে জানিয়েছেন তিনি।

সরকারি চাকরির পরীক্ষায় আবেদনের বয়সের ঊর্ধ্বসীমা ৫ বছর বাড়িয়ে দেওয়ার সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে।

কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্র মন্ত্রকের ২০২৫ সালের ১৬ জুনের জনগণনা সংক্রান্ত নির্দেশ অবিলম্বে কার্যকর করা হবে।
छात्राओं से धार्मिक प्रार्थना कराने के मामले में तीन शिक्षक निलंबित
संभल । जनपद संभल के पीएमश्री विद्यालय में छात्राओं से धार्मिक प्रार्थना कराने के मामले में तीन शिक्षक निलंबित साथ ही प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक पर मुकदमा भी दर्ज।यूपी के संभल स्थित गांव जालब सराय में स्थित पीएमश्री विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद, प्रभारी प्रधानाध्यापक वालेश कुमार और सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज को बीएसए अलका शर्मा ने निलंबित किया है। मुस्लिम शिक्षकों पर आरोप है कि वह विद्यालय में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे और हिंदू छात्रों को टोपी और छात्राओं को हिजाब पहनाते थे। 7 मई को इसका वीडियो वायरल हुआ था।
जांच के लिए संभल के खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल कुमार 8 मई को विद्यालय पहुंचे थे। बच्चों के बयान दर्ज करने के बाद रिपोर्ट बीएसए को भेजी गई। इसी क्रम में रविवार को निलंबन की कार्रवाई की गई है। प्रभारी प्रधानाध्यापक वालेश कुमार पर आरोप है कि उन्होंने उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं दी और अपने कर्तव्यों का निवर्हन नहीं किया। इसके चलते उनको निलंबित किया गया है। मोहम्मद अंजार अहमद और मोहम्मद गुल एजाज के खिलाफ नखासा थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।

इस विषय में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी संभल अंकित खंडेलवाल ने बताया कि कल दोपहर विभिन्न वीडियो के माध्यम से जानकारी संज्ञान में आई की जालम सराय स्थित पीएमश्री विद्यालय में इस तरह की गतिविधियां होना संज्ञान में पाया गया इस मामले की बीएसए और और खंड शिक्षा अधिकारी के द्वारा जांच कराई गई तो प्रथम दृष्टया इस तरह की घटना होना प्रतीत हो रहा है इसमें तत्काल ही संज्ञान लेते हुए प्रधानाचार्य , सहायक अध्यापक ओर वर्तमान प्रधानाचार्य तीनों को सस्पेंड कर दिया गया साथ ही प्रधानाचार्य ओर सहायक अध्यापक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया इस घटना की विस्तृत जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई गई जो इस मामले की विस्तृत जांच करेगी ।उन्होंने बताया की वीडियो ओर फोटो देख कर वेशभूषा और प्रार्थना के मामले में विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा ओर जांच में जो भी और तथ्य सामने आयेंगे उस पर कार्यवाही की जाएगी।
चोरी करने वाले बदमाशों से मुठभेड़, पुलिस ने की जवाबी फायरिंग  दो घायल
बबलू प्रजापति
पिहानी कोतवाली क्षेत्र में ग्राम गौखरिका में हुई ताबड़तोड़ चोरी की वारदातों का पुलिस ने मुठभेड़ के बाद खुलासा कर दिया। पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दोनों बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शाहजहांपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र निवासी बुधपाल और पिहानी के कोटकला निवासी आसिफ के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के सोने-चांदी के जेवर, नगदी, अवैध तमंचे और बिना नंबर की बाइक बरामद की है।
घटना 8 और 9 मई की रात की है, जब बदमाशों ने गौखरिया गांव में एक के बाद एक तीन घरों को निशाना बनाया था। दीपक सिंह के घर से जेवर और 20 हजार रुपये नकद चोरी किए गए, जबकि सतीश सिंह के बंद पड़े मकान का ताला तोड़कर चोरों ने अलमारी और बक्सों में रखा सामान पार कर दिया। वहीं धर्मपाल सिंह के घर में पीछे की दीवार तोड़कर घुसे बदमाश करीब 97 हजार रुपये नकद और जेवरात चोरी कर ले गए। एक ही रात में तीन घरों में हुई चोरी से गांव में दहशत फैल गई थी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सर्विलांस और स्वाट टीम को जांच में लगाया था।
सीओ हरियावां अजीत चौहान ने बताया कि 10 मई की रात पिहानी पुलिस रसूलपुर तिराहे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की बाइक से आ रहे दो युवकों को रोकने का प्रयास किया गया तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने लगे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में दोनों को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।पुलिस के अनुसार बुधपाल बेहद शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ गैंगस्टर समेत चोरी के करीब 16 मुकदमे दर्ज हैं। 25 जनवरी को पशु चोरी के मामले में वाहन चेकिंग के दौरान सवायजपुर पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में उसके बाएं पैर में गोली लगी थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और करीब एक माह पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था।
वहीं आसिफ दिल्ली में रहकर सिलाई का काम करता था, लेकिन वह लोनी में अपने ही दोस्त की हत्या के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस का कहना है कि करीब दस दिन पहले ही वह पिहानी लौटा था और बुधपाल के संपर्क में आने के बाद दोनों ने मिलकर गौखरिया में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई में जुटी है।
स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों ने उठाई सुविधाओं और आरक्षण बढ़ाने की मांग
रितेश मिश्रा
हरदोई। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों ने प्रदेश सरकार के समक्ष विभिन्न मांगों को लेकर मांग पत्र प्रस्तुत किया है। पत्र में कहा गया है कि आजादी की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सेनानियों के परिवारों को पर्याप्त सुविधाएं और सम्मान मिलना चाहिए।
मांग पत्र में प्रमुख रूप से उत्तराधिकारियों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा परिचय पत्र जारी किए जाने की मांग की गई है, ताकि उन्हें सरकारी स्तर पर पहचान मिल सके। इसके अलावा महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश के दौरान आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाने की भी मांग उठाई गई है, जिससे सेनानी परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकें।
उत्तराधिकारियों ने प्रदेश और केंद्र सरकार की नौकरियों में भी आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाने की मांग रखी है। उनका कहना है कि वर्तमान में मिलने वाला लाभ सीमित होने के कारण अधिकांश परिवार इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
मांग पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्तमान व्यवस्था में केवल स्वतंत्रता सेनानी के पुत्र और पौत्र को ही आरक्षण का लाभ मिलता है, जबकि आयु सीमा अधिक हो जाने के कारण कई लोग इससे वंचित रह जाते हैं। ऐसे में प्रपौत्रों को भी आरक्षण सूची में शामिल किए जाने की मांग की गई है।
इसके साथ ही परिवहन निगम की बसों में उत्तराधिकारियों को निशुल्क यात्रा सुविधा देने के लिए परिचय पत्र जारी करने की मांग भी रखी गई है, ताकि परिवारजन मुफ्त यात्रा का लाभ प्राप्त कर सकें।
उत्तराधिकारियों ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए दिए गए बलिदानों को स्मरण करते हुए उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए और आवश्यक आदेश जारी किए जाएं। मांग पत्र पर देवेंद्र विक्रम सिंह सहित अन्य लोगों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।