रिटायर्ड IAS ने अस्पताल पर लगाया बंधक बनाने का आरोप, पुलिस जांच शुरू

पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा का दावा— डिस्चार्ज में देरी, बाहर निकलने की कोशिश पर फिर भर्ती किया गया; 112 पर कॉल के बाद मामला खुला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश IAS एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और 1978 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी किशोर कुमार सिन्हा ने राजधानी के एक निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व अधिकारी का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें तय समय पर डिस्चार्ज नहीं किया गया और अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध रोके रखा।

जानकारी के अनुसार, पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा हाल ही में इलाज के लिए नोवा हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। उनका आरोप है कि अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश करने पर डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें दोबारा पकड़कर अस्पताल में भर्ती कर दिया।बताया जा रहा है कि स्थिति से परेशान होकर उन्होंने पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल किया, जिसके बाद उन्हें राहत मिली।

किशोर कुमार सिन्हा प्रशासनिक सेवा में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। वह स्टेट विजिलेंस कमीशन एवं ट्रिब्यूनल के अध्यक्षरेवेन्यू बोर्ड के सदस्य और प्रमुख सचिव राजस्व जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

 मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं। पुलिस जांच के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे।

कानून व्यवस्था पर CM योगी सख्त, सुस्त अफसरों की देर रात क्लास


* घटनाओं पर नाराज़ मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद, जौनपुर, वाराणसी समेत कई जिलों के अफसरों को लगाई फटकार, VC के बाद लखनऊ में ACP-SHO समेत थानेदार हटाए गए

लखनऊ। प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में फील्ड अधिकारियों के पेंच कस दिए। घटनाओं पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने कड़ी फटकार लगाई। बैठक में गाजियाबाद, जौनपुर, वाराणसी समेत कई जिलों के अफसर मुख्यमंत्री के निशाने पर रहे।

सूत्रों के मुताबिक, कानून व्यवस्था को लेकर लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और समीक्षा बैठकों के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं दिखने पर मुख्यमंत्री ने नाराज़गी जताई। बड़े अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई न होने से निचले स्तर के अफसर निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, इस मुद्दे पर भी सवाल उठे।

बैठक के तुरंत बाद राजधानी लखनऊ में कार्रवाई देखने को मिली। बढ़ती घटनाओं को देखते हुए विभूति खंड क्षेत्र के ACP, SHO और गोमती नगर विस्तार थाने के प्रभारी को हटा दिया गया। माना जा रहा है कि कानून व्यवस्था को लेकर सरकार अब जवाबदेही तय करने के मूड में है। संदेश साफ है कि कानून व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
पुलिस महानिदेशक पीएसी ने 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद का किया निरीक्षण, जवानों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
लखनऊ । पुलिस महानिदेशक पीएसी उत्तर प्रदेश आलोक सिंह द्वारा 41वीं वाहिनी पीएसी, गाजियाबाद का भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया। इस दौरान सभी मोर्चों का निरीक्षण करते हुए जवानों से ‘आर्क ऑफ फायर’ के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही क्वार्टर गार्ड की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिदेशक ने प्रशासनिक भवन के विभिन्न कार्यालयों, वाहिनी अस्पताल एवं परिसर में स्थापित सेनेटरी नैपकिन मेकिंग मशीन का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने पी.एम.एस. तथा निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का जायजा लेकर संबंधित अभियंताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्पोर्ट्स हॉस्टल का भी निरीक्षण किया गया।

तत्पश्चात मनोरंजन कक्ष में आयोजित सैनिक सम्मेलन में उन्होंने जवानों की समस्याओं को सुना तथा उनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। अपने संबोधन में उन्होंने सभी कार्मिकों को सोशल मीडिया पॉलिसी का कड़ाई से पालन करने, शारीरिक दक्षता एवं एबीसी कोर्स पर विशेष ध्यान देने तथा वर्तमान समय में अर्बन नक्सलवाद की चुनौतियों के प्रति सतर्क एवं सजग रहने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर डीआईजी पीएसी मेरठ अनुभाग मेरठ श्रीमती कल्पना सक्सेना, सेनानायक 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद डॉ. दिनेश यादव, सेनानायक 5वीं वाहिनी यूपीएसएसएफ सहारनपुर डॉ. एम.पी. सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
छात्र संख्या कम होने पर बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि, डीएम ने बेसिक शिक्षा की मासिक बैठक ली
फर्रुखाबाद l  बेसिक शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, नामांकन अभियान तथा दिव्यांग बच्चों हेतु संचालित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत निर्धारित 35,800 नामांकन लक्ष्य के सापेक्ष केवल 25,421 नामांकन होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नामांकन बढ़ाने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विशेष प्रयास करने होंगे तथा शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी रणनीति अपनानी होगी।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र में नामांकन की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी का दायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। वहीं कम्पिल नगर क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम नामांकन होने पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया तथा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को मुख्यालय से संबद्ध किए जाने हेतु निर्देशित किया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में 10 से कम विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है, उनकी सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए। साथ ही ऐसे विद्यालयों की स्थिति के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्यवाही कर आख्या प्रस्तुत की जाए।
बैठक में समावेशी शिक्षा की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्पेशल एजुकेटर द्वारा मई माह के दौरान कितने दिव्यांग बच्चों के घर जाकर भ्रमण किया गया है, इसकी विस्तृत सूची उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक विद्यालय में विशेष शिविर आयोजित कर फैमिली आईडी बनवाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे पात्र परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सके।
दिव्यांग बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के लिए सुलभ शौचालय उपलब्ध नहीं हैं, वहां तत्काल निर्माण कार्य कराया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक खेल सामग्री एवं खेल उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी विद्यालयी जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
विशेष लोक अदालत 21 अगस्त को होगी आयोजित
फर्रुखाबाद l
मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर सर्वोच्च न्यायालय में लंबित वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण हेतु सम्पूर्ण भारतवर्ष में "समाधान समारोह-2026" का शुभारम्भ 21 अप्रैल, 2026 को किया गया है। यह अभियान  21, 22 एवं 23 अगस्त, 2026 को आयोजित विशेष लोक अदालत की बैठक सम्पन्न होगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फर्रुखाबाद परिसर में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समाधान समारोह-2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु जागरूकता शिविर का उद्घाटन किया गया। जनपद न्यायाधीश द्वारा फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारम्भकिया गया। इस कार्यक्रम का संचालन श्रीमती बिंदिया भटनागर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया।
समाधान समारोह के अंतर्गत चिन्हित वादों में प्री-सिटिंग वार्ता के माध्यम से पक्षकारों के मध्य सुलह-समझौते के आधार पर अधिकाधिक वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाना है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु वादों के चिन्हीकरण, प्री-सिटिंग वार्ताओं के संचालन तथा अधिकाधिक वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण के लिए विभिन्न प्री-सिटिंग बैंचों का गठन किया गया है।

कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें अपर जनपद न्यायाधीश अभिनितम उपाध्याय अपर जिला जज प्रथम, शैलेन्द्र सचान विशेष न्यायाधीश डकैती, तरुण कुमार सिंह विशेष न्यायाधीश एससी एसटी, रितिका त्यागी अपर जिला जज पाक्सो, दिपेन्द्र कुमार सिंह विशेष न्यायाधीश ईसी. एक्ट अकिंत कुमार मित्तल अपर जिला जज  संजय कुमार षष्ठम विशेष न्यायाधीश एफ.टी.सी। सहित अन्य न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
जनपद न्यायाधीश महोदय ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समाधान समारोह-2026 को सफल बनाने हेतु समन्वित प्रयास करने तथा अधिकाधिक वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
एक माह से लापता युवक का नहीं लगा सुराग, परिजन परेशान
अमृतपुर फर्रुखाबाद

थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम पिथनापुर निवासी लालू पुत्र राजाराम बीते लगभग एक माह से लापता है। परिजनों के अनुसार लालू अपनी माता कलावती के साथ बलीपट्टी गंगा स्नान करने गया था। वापस लौटते समय वह हरसिंहपुर चौराहे स्थित काली माता मंदिर पर रुक गया।
माता कलावती ने बताया कि लालू अक्सर काली माता मंदिर पर जाया करता था और सामान्यतः शाम तक घर लौट आता था, लेकिन इस बार वह वापस नहीं आया। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका।
परिजनों ने रिश्तेदारों एवं आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है। परिवार युवक की सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है और प्रशासन से भी मदद की मांग की है।
অল ইন্ডিয়া স্কুল রোয়িং প্রতিযোগিতা
নিজস্ব প্রতিনিধি: কলকাতা লেক ক্লাবের উদ্যোগে ৫১ তম অল ইন্ডিয়া স্কুল রোয়িং প্রতিযোগিতা অনুষ্ঠিত হয়ে গেল কলকাতার রবীন্দ্র সরোবরে। শনিবারের এই অনুষ্ঠানে উপস্থিত ছিলেন বিজেপির রাজ্য সভাপতি শমীক ভট্টাচার্য, পদ্মশ্রী সম্মানে সম্মানিত সাঁতারু বুলা চৌধুরী সহ বিশিষ্ট ব্যক্তিবর্গ। কলকাতা শহরতলী এবং বিভিন্ন রাজ্য মিলিয়ে ৪৩ টি স্কুল এই প্রতিযোগিতায় অংশগ্রহণ করেছিল।
ছবি: সঞ্জয় হাজরা
Indian Hosting Startup Zakhost Secures ₹1 Crore Investment From US Angel Investor

Indian hosting and digital infrastructure company Zakhost has announced the successful raise of ₹1 crore from a US-based angel investor, marking a significant milestone in the company’s growth journey.The investment comes at a time when demand for reliable digital infrastructure, cloud solutions and hosting services continues to grow rapidly across businesses, startups and ecommerce platforms in India.

Founded in 2016, Zakhost has steadily built its presence in the hosting and infrastructure space by focusing on performance, customer support and scalable digital solutions for businesses of all sizes.

The newly raised capital will primarily be used towards infrastructure expansion, technology enhancement and strengthening the company’s customer support ecosystem.

Speaking on the development, Akshaydeep Punj, Founder of Zakhost, said:

“This investment represents confidence in the vision and long-term direction of Zakhost. Over the years, our focus has remained on building reliable and customer-centric infrastructure solutions that businesses can genuinely depend on. We’re excited to accelerate our growth journey and continue improving the overall hosting experience for our customers.”

Zakhost currently offers a range of services including:

● Web Hosting

● VPS Hosting

● Dedicated Servers

● Cloud Solutions

● Domain Services

● Business Email Solutions

The company believes the increasing adoption of digital businesses, AI-driven technologies and cloud infrastructure will continue creating strong opportunities within the hosting industry over the coming years.

Industry experts have also observed growing international investor interest in emerging Indian technology and infrastructure startups, especially companies building long-term digital ecosystems outside traditional startup categories.

Over the last decade, the hosting industry has evolved significantly with businesses demanding faster, more secure and scalable digital infrastructure. Zakhost aims to position itself as a modern infrastructure partner for startups, SMEs, agencies and growing online businesses.

The company also plans to continue investing in technologies and support systems that simplify hosting and digital management for customers.

रामबदन यादव के आकस्मिक निधन पर शिक्षा-जगत और समाज में शोक की लहर
संजीव सिंह बलिया, नगरा मलप में 16 मई 2026 — समाज और शिक्षा के क्षेत्र में एक गहरे शोक ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया जब अवकाशप्राप्त प्रवक्ता और समाजसेवी रामबदन यादव का आकस्मिक निधन हो गया। वे स्व. प्रधानाचार्य मलिकार यादव के पुत्र थे और उच्च शिक्षा में परिष्कृत—एम.ए. (भूगोल) व बी.एड। शैक्षिक सेवाएँ और सामाजिक योगदान रामबदन यादव ने दशकों तक श्री गांधी महा विद्यालय, मलय नगर मलप, बलिया में भूगोल प्रवक्ता के रूप में शिक्षा दी और विद्यालय के शैक्षिक मानक को उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और शिक्षण से अनेक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन हुआ और विद्यालय की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई। अपने करियर में उन्होंने दिसपुर, गुवाहाटी में सुपरवाइजर के रूप में भी सेवाएँ प्रदान कीं, जिससे उनका शैक्षिक दायरा व्यापक हुआ। उनके पिता मलिकार यादव ने राम-लक्ष्मण सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरायचावट में कोषाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक सेवा दी—शैक्षिक परिवार की यह परंपरा रामबदन जी में स्पष्ट रूप से दिखाई देती रही। पारिवारिक जीवन रामबदन यादव के पारिवारिक जीवन में उनके चार संतानें हैं: ब्रजेश यादव (व्यवसायी), राकेश यादव (अध्यापक), संगीता यादव (अध्यापिका) तथा शैलेश यादव 'पिंटू' (समाजसेवी)। दोनों बुहुएँ भी अध्यापिका हैं। उनके पिता का प्रारंभिक संबंध प्रसिद्ध उद्योगपति व स्टील प्लांट के मालिक बाबु रामनगीना सिंह कोदईं से रहा, जो उनके मित्र और सहपाठी थे। परिजन, मित्र और शैक्षिक समुदाय रामबदन जी के आकस्मिक निधन से गहरे सदमे में हैं। समारोह और श्रद्धांजलि रामबदन यादव का तेरहवीं संस्कार 28 मई 2026 को संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, समाजसेवी और शिक्षक उपस्थित रहे और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्थानीय समाज और शिक्षण समुदाय ने शोक-संदेश और श्रद्धांजलि सभाओं के माध्यम से परिवार को सांत्वना दी। स्थानीय प्रतिक्रिया और विरासत उनके निधन से स्थानीय शिक्षा जगत और सामाजिक कार्यों में एक खालीपन उत्पन्न हुआ है। सहकर्मियों ने रामबदन जी की सरलता, समर्पण और छात्रों के प्रति उनकी निष्ठा का स्मरण किया। कई शिक्षण संस्थानों में उनके योगदान और अनुशासन को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया जा रहा है। परिवार, मित्रों और सहकर्मियों ने उनके स्मरण में आने वाले दिनों में अनेक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है ताकि शिक्षक व समाजसेवी के रूप में उनकी याद जीवित रहे।
गुरारू की मलना पंचायत में योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, मुख्यमंत्री से लेकर डीएम तक भेजी शिकायत

गया। गया जिले के गुरारू प्रखंड अंतर्गत मलना पंचायत में संचालित सरकारी योजनाओं में अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए एक ग्रामीण बालेश्वर कुमार ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कई योजनाओं का कार्य धरातल पर सही तरीके से नहीं कराया गया, जबकि कागजों पर कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी राशि का उपयोग कर लिया गया। मलना पंचायत निवासी बालेश्वर कुमार द्वारा दिए गए आवेदन में पंचायत रोजगार सेवक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर कार्य दिखाया गया है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और है। आवेदन में कहा गया है कि कई जगहों पर कार्य नहीं होने के बावजूद योजनाओं की फोटो अपलोड कर और कागजी प्रक्रिया पूरी कर राशि निकासी की गई है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है तथा संबंधित कार्यों की निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर की अनियमितता उजागर हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि संबंधित योजनाओं की स्थल जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, बिहार सरकार, जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी गया तथा उप विकास आयुक्त को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार का कहना है कि सरकारी धन जनता के विकास के लिए होता है और यदि उसमें गड़बड़ी की जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण भी जांच की मांग कर रहे हैं।

रिटायर्ड IAS ने अस्पताल पर लगाया बंधक बनाने का आरोप, पुलिस जांच शुरू

पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा का दावा— डिस्चार्ज में देरी, बाहर निकलने की कोशिश पर फिर भर्ती किया गया; 112 पर कॉल के बाद मामला खुला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश IAS एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और 1978 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी किशोर कुमार सिन्हा ने राजधानी के एक निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व अधिकारी का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें तय समय पर डिस्चार्ज नहीं किया गया और अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध रोके रखा।

जानकारी के अनुसार, पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा हाल ही में इलाज के लिए नोवा हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। उनका आरोप है कि अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश करने पर डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें दोबारा पकड़कर अस्पताल में भर्ती कर दिया।बताया जा रहा है कि स्थिति से परेशान होकर उन्होंने पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल किया, जिसके बाद उन्हें राहत मिली।

किशोर कुमार सिन्हा प्रशासनिक सेवा में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। वह स्टेट विजिलेंस कमीशन एवं ट्रिब्यूनल के अध्यक्षरेवेन्यू बोर्ड के सदस्य और प्रमुख सचिव राजस्व जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

 मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं। पुलिस जांच के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे।

कानून व्यवस्था पर CM योगी सख्त, सुस्त अफसरों की देर रात क्लास


* घटनाओं पर नाराज़ मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद, जौनपुर, वाराणसी समेत कई जिलों के अफसरों को लगाई फटकार, VC के बाद लखनऊ में ACP-SHO समेत थानेदार हटाए गए

लखनऊ। प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में फील्ड अधिकारियों के पेंच कस दिए। घटनाओं पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने कड़ी फटकार लगाई। बैठक में गाजियाबाद, जौनपुर, वाराणसी समेत कई जिलों के अफसर मुख्यमंत्री के निशाने पर रहे।

सूत्रों के मुताबिक, कानून व्यवस्था को लेकर लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और समीक्षा बैठकों के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं दिखने पर मुख्यमंत्री ने नाराज़गी जताई। बड़े अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई न होने से निचले स्तर के अफसर निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, इस मुद्दे पर भी सवाल उठे।

बैठक के तुरंत बाद राजधानी लखनऊ में कार्रवाई देखने को मिली। बढ़ती घटनाओं को देखते हुए विभूति खंड क्षेत्र के ACP, SHO और गोमती नगर विस्तार थाने के प्रभारी को हटा दिया गया। माना जा रहा है कि कानून व्यवस्था को लेकर सरकार अब जवाबदेही तय करने के मूड में है। संदेश साफ है कि कानून व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
पुलिस महानिदेशक पीएसी ने 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद का किया निरीक्षण, जवानों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
लखनऊ । पुलिस महानिदेशक पीएसी उत्तर प्रदेश आलोक सिंह द्वारा 41वीं वाहिनी पीएसी, गाजियाबाद का भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया। इस दौरान सभी मोर्चों का निरीक्षण करते हुए जवानों से ‘आर्क ऑफ फायर’ के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही क्वार्टर गार्ड की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिदेशक ने प्रशासनिक भवन के विभिन्न कार्यालयों, वाहिनी अस्पताल एवं परिसर में स्थापित सेनेटरी नैपकिन मेकिंग मशीन का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने पी.एम.एस. तथा निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का जायजा लेकर संबंधित अभियंताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्पोर्ट्स हॉस्टल का भी निरीक्षण किया गया।

तत्पश्चात मनोरंजन कक्ष में आयोजित सैनिक सम्मेलन में उन्होंने जवानों की समस्याओं को सुना तथा उनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। अपने संबोधन में उन्होंने सभी कार्मिकों को सोशल मीडिया पॉलिसी का कड़ाई से पालन करने, शारीरिक दक्षता एवं एबीसी कोर्स पर विशेष ध्यान देने तथा वर्तमान समय में अर्बन नक्सलवाद की चुनौतियों के प्रति सतर्क एवं सजग रहने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर डीआईजी पीएसी मेरठ अनुभाग मेरठ श्रीमती कल्पना सक्सेना, सेनानायक 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद डॉ. दिनेश यादव, सेनानायक 5वीं वाहिनी यूपीएसएसएफ सहारनपुर डॉ. एम.पी. सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
छात्र संख्या कम होने पर बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि, डीएम ने बेसिक शिक्षा की मासिक बैठक ली
फर्रुखाबाद l  बेसिक शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, नामांकन अभियान तथा दिव्यांग बच्चों हेतु संचालित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत निर्धारित 35,800 नामांकन लक्ष्य के सापेक्ष केवल 25,421 नामांकन होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नामांकन बढ़ाने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विशेष प्रयास करने होंगे तथा शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी रणनीति अपनानी होगी।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र में नामांकन की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी का दायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। वहीं कम्पिल नगर क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम नामांकन होने पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया तथा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को मुख्यालय से संबद्ध किए जाने हेतु निर्देशित किया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में 10 से कम विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है, उनकी सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए। साथ ही ऐसे विद्यालयों की स्थिति के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्यवाही कर आख्या प्रस्तुत की जाए।
बैठक में समावेशी शिक्षा की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्पेशल एजुकेटर द्वारा मई माह के दौरान कितने दिव्यांग बच्चों के घर जाकर भ्रमण किया गया है, इसकी विस्तृत सूची उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक विद्यालय में विशेष शिविर आयोजित कर फैमिली आईडी बनवाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे पात्र परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सके।
दिव्यांग बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के लिए सुलभ शौचालय उपलब्ध नहीं हैं, वहां तत्काल निर्माण कार्य कराया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक खेल सामग्री एवं खेल उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी विद्यालयी जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
विशेष लोक अदालत 21 अगस्त को होगी आयोजित
फर्रुखाबाद l
मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर सर्वोच्च न्यायालय में लंबित वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण हेतु सम्पूर्ण भारतवर्ष में "समाधान समारोह-2026" का शुभारम्भ 21 अप्रैल, 2026 को किया गया है। यह अभियान  21, 22 एवं 23 अगस्त, 2026 को आयोजित विशेष लोक अदालत की बैठक सम्पन्न होगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फर्रुखाबाद परिसर में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समाधान समारोह-2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु जागरूकता शिविर का उद्घाटन किया गया। जनपद न्यायाधीश द्वारा फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारम्भकिया गया। इस कार्यक्रम का संचालन श्रीमती बिंदिया भटनागर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया।
समाधान समारोह के अंतर्गत चिन्हित वादों में प्री-सिटिंग वार्ता के माध्यम से पक्षकारों के मध्य सुलह-समझौते के आधार पर अधिकाधिक वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाना है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु वादों के चिन्हीकरण, प्री-सिटिंग वार्ताओं के संचालन तथा अधिकाधिक वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण के लिए विभिन्न प्री-सिटिंग बैंचों का गठन किया गया है।

कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें अपर जनपद न्यायाधीश अभिनितम उपाध्याय अपर जिला जज प्रथम, शैलेन्द्र सचान विशेष न्यायाधीश डकैती, तरुण कुमार सिंह विशेष न्यायाधीश एससी एसटी, रितिका त्यागी अपर जिला जज पाक्सो, दिपेन्द्र कुमार सिंह विशेष न्यायाधीश ईसी. एक्ट अकिंत कुमार मित्तल अपर जिला जज  संजय कुमार षष्ठम विशेष न्यायाधीश एफ.टी.सी। सहित अन्य न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
जनपद न्यायाधीश महोदय ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समाधान समारोह-2026 को सफल बनाने हेतु समन्वित प्रयास करने तथा अधिकाधिक वादों के सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
एक माह से लापता युवक का नहीं लगा सुराग, परिजन परेशान
अमृतपुर फर्रुखाबाद

थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम पिथनापुर निवासी लालू पुत्र राजाराम बीते लगभग एक माह से लापता है। परिजनों के अनुसार लालू अपनी माता कलावती के साथ बलीपट्टी गंगा स्नान करने गया था। वापस लौटते समय वह हरसिंहपुर चौराहे स्थित काली माता मंदिर पर रुक गया।
माता कलावती ने बताया कि लालू अक्सर काली माता मंदिर पर जाया करता था और सामान्यतः शाम तक घर लौट आता था, लेकिन इस बार वह वापस नहीं आया। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका।
परिजनों ने रिश्तेदारों एवं आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है। परिवार युवक की सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है और प्रशासन से भी मदद की मांग की है।
অল ইন্ডিয়া স্কুল রোয়িং প্রতিযোগিতা
নিজস্ব প্রতিনিধি: কলকাতা লেক ক্লাবের উদ্যোগে ৫১ তম অল ইন্ডিয়া স্কুল রোয়িং প্রতিযোগিতা অনুষ্ঠিত হয়ে গেল কলকাতার রবীন্দ্র সরোবরে। শনিবারের এই অনুষ্ঠানে উপস্থিত ছিলেন বিজেপির রাজ্য সভাপতি শমীক ভট্টাচার্য, পদ্মশ্রী সম্মানে সম্মানিত সাঁতারু বুলা চৌধুরী সহ বিশিষ্ট ব্যক্তিবর্গ। কলকাতা শহরতলী এবং বিভিন্ন রাজ্য মিলিয়ে ৪৩ টি স্কুল এই প্রতিযোগিতায় অংশগ্রহণ করেছিল।
ছবি: সঞ্জয় হাজরা
Indian Hosting Startup Zakhost Secures ₹1 Crore Investment From US Angel Investor

Indian hosting and digital infrastructure company Zakhost has announced the successful raise of ₹1 crore from a US-based angel investor, marking a significant milestone in the company’s growth journey.The investment comes at a time when demand for reliable digital infrastructure, cloud solutions and hosting services continues to grow rapidly across businesses, startups and ecommerce platforms in India.

Founded in 2016, Zakhost has steadily built its presence in the hosting and infrastructure space by focusing on performance, customer support and scalable digital solutions for businesses of all sizes.

The newly raised capital will primarily be used towards infrastructure expansion, technology enhancement and strengthening the company’s customer support ecosystem.

Speaking on the development, Akshaydeep Punj, Founder of Zakhost, said:

“This investment represents confidence in the vision and long-term direction of Zakhost. Over the years, our focus has remained on building reliable and customer-centric infrastructure solutions that businesses can genuinely depend on. We’re excited to accelerate our growth journey and continue improving the overall hosting experience for our customers.”

Zakhost currently offers a range of services including:

● Web Hosting

● VPS Hosting

● Dedicated Servers

● Cloud Solutions

● Domain Services

● Business Email Solutions

The company believes the increasing adoption of digital businesses, AI-driven technologies and cloud infrastructure will continue creating strong opportunities within the hosting industry over the coming years.

Industry experts have also observed growing international investor interest in emerging Indian technology and infrastructure startups, especially companies building long-term digital ecosystems outside traditional startup categories.

Over the last decade, the hosting industry has evolved significantly with businesses demanding faster, more secure and scalable digital infrastructure. Zakhost aims to position itself as a modern infrastructure partner for startups, SMEs, agencies and growing online businesses.

The company also plans to continue investing in technologies and support systems that simplify hosting and digital management for customers.

रामबदन यादव के आकस्मिक निधन पर शिक्षा-जगत और समाज में शोक की लहर
संजीव सिंह बलिया, नगरा मलप में 16 मई 2026 — समाज और शिक्षा के क्षेत्र में एक गहरे शोक ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया जब अवकाशप्राप्त प्रवक्ता और समाजसेवी रामबदन यादव का आकस्मिक निधन हो गया। वे स्व. प्रधानाचार्य मलिकार यादव के पुत्र थे और उच्च शिक्षा में परिष्कृत—एम.ए. (भूगोल) व बी.एड। शैक्षिक सेवाएँ और सामाजिक योगदान रामबदन यादव ने दशकों तक श्री गांधी महा विद्यालय, मलय नगर मलप, बलिया में भूगोल प्रवक्ता के रूप में शिक्षा दी और विद्यालय के शैक्षिक मानक को उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और शिक्षण से अनेक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन हुआ और विद्यालय की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई। अपने करियर में उन्होंने दिसपुर, गुवाहाटी में सुपरवाइजर के रूप में भी सेवाएँ प्रदान कीं, जिससे उनका शैक्षिक दायरा व्यापक हुआ। उनके पिता मलिकार यादव ने राम-लक्ष्मण सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरायचावट में कोषाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक सेवा दी—शैक्षिक परिवार की यह परंपरा रामबदन जी में स्पष्ट रूप से दिखाई देती रही। पारिवारिक जीवन रामबदन यादव के पारिवारिक जीवन में उनके चार संतानें हैं: ब्रजेश यादव (व्यवसायी), राकेश यादव (अध्यापक), संगीता यादव (अध्यापिका) तथा शैलेश यादव 'पिंटू' (समाजसेवी)। दोनों बुहुएँ भी अध्यापिका हैं। उनके पिता का प्रारंभिक संबंध प्रसिद्ध उद्योगपति व स्टील प्लांट के मालिक बाबु रामनगीना सिंह कोदईं से रहा, जो उनके मित्र और सहपाठी थे। परिजन, मित्र और शैक्षिक समुदाय रामबदन जी के आकस्मिक निधन से गहरे सदमे में हैं। समारोह और श्रद्धांजलि रामबदन यादव का तेरहवीं संस्कार 28 मई 2026 को संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, समाजसेवी और शिक्षक उपस्थित रहे और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्थानीय समाज और शिक्षण समुदाय ने शोक-संदेश और श्रद्धांजलि सभाओं के माध्यम से परिवार को सांत्वना दी। स्थानीय प्रतिक्रिया और विरासत उनके निधन से स्थानीय शिक्षा जगत और सामाजिक कार्यों में एक खालीपन उत्पन्न हुआ है। सहकर्मियों ने रामबदन जी की सरलता, समर्पण और छात्रों के प्रति उनकी निष्ठा का स्मरण किया। कई शिक्षण संस्थानों में उनके योगदान और अनुशासन को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया जा रहा है। परिवार, मित्रों और सहकर्मियों ने उनके स्मरण में आने वाले दिनों में अनेक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है ताकि शिक्षक व समाजसेवी के रूप में उनकी याद जीवित रहे।
गुरारू की मलना पंचायत में योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, मुख्यमंत्री से लेकर डीएम तक भेजी शिकायत

गया। गया जिले के गुरारू प्रखंड अंतर्गत मलना पंचायत में संचालित सरकारी योजनाओं में अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए एक ग्रामीण बालेश्वर कुमार ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कई योजनाओं का कार्य धरातल पर सही तरीके से नहीं कराया गया, जबकि कागजों पर कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी राशि का उपयोग कर लिया गया। मलना पंचायत निवासी बालेश्वर कुमार द्वारा दिए गए आवेदन में पंचायत रोजगार सेवक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर कार्य दिखाया गया है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और है। आवेदन में कहा गया है कि कई जगहों पर कार्य नहीं होने के बावजूद योजनाओं की फोटो अपलोड कर और कागजी प्रक्रिया पूरी कर राशि निकासी की गई है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है तथा संबंधित कार्यों की निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर की अनियमितता उजागर हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि संबंधित योजनाओं की स्थल जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, बिहार सरकार, जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी गया तथा उप विकास आयुक्त को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार का कहना है कि सरकारी धन जनता के विकास के लिए होता है और यदि उसमें गड़बड़ी की जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण भी जांच की मांग कर रहे हैं।