फार्मर रजिस्ट्री को लेकर जखनिया तहसील में बैठक, 6-7 अप्रैल को ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान  2026


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, तहसील कोरांव सभागार में गुरुवार को उप जिलाधिकारी अतुल कुमार की अध्यक्षता में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधान, सचिव, लेखपाल, कोटेदार,राधा सिंह पंचायत सहायक, नोडल अधिकारी एवं सेक्टर अधिकारियों को फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।उप जिलाधिकारी ने प्रधानों एवं सचिवों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायतों में मुनादी के माध्यम से किसानों को जागरूक करें तथा 6 व 7 अप्रैल को ग्राम पंचायत भवनों पर कैंप लगाकर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण रूप से सुनिश्चित कराएं।उन्होंने लेखपालों को निर्देश दिया कि 3, 4 एवं 5 अप्रैल तक जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री लंबित है, उनके अभिलेखों का सत्यापन एवं आवश्यक संशोधन कर कार्य को पूर्ण करें, ताकि निर्धारित तिथियों में किसी प्रकार की बाधा न हो।बैठक में फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित अन्य बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई तथा उप जिलाधिकारी द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर तहसील सभागार में समस्त संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
एक ही विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,करंट के मौत पर रिपोर्टों में विरोधाभास
*दोनों ने कहा अचानक तार टूटकर गिरने से हुई मौत

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पथवलिया गांव निवासी अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी (37) की करंट लगने से हुई मौत अब सवालों के घेरे में है।जिसका कारण बिजली विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,जिसमें घटना का कारण अलग अलग बताया गया है।एक ही विभाग की दो रिपोर्टों ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को उलझन में डाल दिया है कि आखिर सच क्या है?मुख्य अभियंता की जांच रिपोर्ट के मुताबिक घटना के समय रंजीत तिवारी अपने घर के पास विद्युत लाइन में हो रहे स्पार्किंग की वीडियो बना रहे थे कि तभी तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई तो वहीं दूसरी तरफ तीन अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में पूरी कहानी कुछ अलग है।इस रिपोर्ट के अनुसार रंजीत तिवारी घटना के समय अपने घर से दायित्वों के निर्वहन हेतु निकल रहे थे कि तभी तेज हवा के कारण बिजली का तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और विद्युत स्पर्शाघात से उनकी जान चली गई।अर्थात विभाग की एक रिपोर्ट रंजीत तिवारी को मौके पर खड़ा बता रही है तो दूसरी रिपोर्ट में उन्हें रास्ते पर चलते हुए बताया गया है।मुख्य अभियंता की रिपोर्ट में घटना की तकनीकी वजह भी विस्तार से बताई गई है।जिसमें बताया गया है कि रंजीत तिवारी के घर के सामने से लगभग 30 साल पुरानी 11 हजार केवि एचटी लाइन गुजरती है और घर के पास एक जंगल जलेबी का पेड़ है जिसकी दूरी तार से बेहद कम है,तेज हवा के कारण तार पेड़ के तने से टकराया और स्पार्किंग होने लगी।इसी दौरान तार टूटकर नीचे गिर गया तथा रंजीत तिवारी उसकी चपेट में आ गए।हालांकि विभाग ने यह भी दावा किया कि लाइन की उंचाई और सिस्टम मानकों के अनुसार सही था और हाल ही में पेड़ों की छंटाई भी कराई गई थी।यहाँ गौरतलब है कि दोनों रिपोर्ट में एक बात समान है कि किसी भी बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी को दोषी नहीं ठहराया गया है।वहीं इसके उलट रंजीत तिवारी के पड़ोसी को जिम्मेदार ठहराया गया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस जंगल जलेबी के पेड़ से तार टकराया वह पड़ोसी की जमीन पर था और उसने पेड़ कटवाने का विरोध किया था।विभाग का दावा है कि कई बार कोशिश करने के बावजूद पेड़ की कटाई नहीं हो सकी,जबकि वही पेड़ हादसे की मुख्य वजह बना।अब सवाल उठ रहा है कि यदि खतरा इतना बड़ा था तो विभाग द्वारा वैकल्पिक उपाय क्यों नहीं किया गया।तीन अधिकारियों की संयुक्त रिपोर्ट में मृतक की पत्नी पूजा तिवारी को विभागीय नियमों के तहत मुआवजा देने की सिफारिश की गई है।परन्तु इस पूरे मामले में बड़ा सवाल अभी भी बरकरार है कि क्या यह सिर्फ एक हादसा था या विभागीय लापरवाही?मामले की दो अलग अलग रिपोर्टों ने घटना को और उलझा दिया है।एक ही विभाग के अंदर सच्चाई के दो संस्करण सामने आने से लोगों का भरोसा भी डगमगाया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ अथवा लाइन को लेकर ठोस कदम उठाए जाते तो संभवतः एक जान बचाई जा सकती थी।वहीं अब सबकी नजर इस पर है कि प्रशासन इस विरोधाभास को सुलझाकर असली जिम्मेदार तय करता है अथवा रह मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।
नवोदय विद्यालय परीक्षा में प्राथमिक विद्यालय सुतौली के दो बच्चों ने रचा इतिहास

जौनपुर। प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सबसे कठिन परीक्षा कही जाने वाली नवोदय विद्यालय परीक्षा में प्राथमिक विद्यालय सुतौली के दो बच्चों ने अपनी अपनी कैटेगरी में पूरे जनपद में प्रथम रैंक प्राप्त कर नाम रोशन किया है। विद्यालय के सक्षम दुबे पुत्र सुशील दुबे ने सामान्य केटेगरी में तथा काव्या राव पुत्री प्रदीप राव ने एससी कैटेगरी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। आज विद्यालय प्रांगण में चयनित विद्यार्थियों का अभिनंदन किया गया। विद्यालय परिवार की तरफ से दोनों बच्चों को पुरस्कार के रूप में साइकिल देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधान एड.अमरनाथ ने की। मुख्य अतिथि के रूप में प्राथमिक शिक्षक संघ के मांडलिक संगठन मंत्री व जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ल, विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे तथा सम्मानित अतिथि के रूप में तहसील प्रभारी अनिल कुमार पांडे, ब्लॉक अध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राम सिंह, ब्लॉक महामंत्री ओम प्रकाश गुप्ता, संघर्ष समिति के ब्लॉक अध्यक्ष विजेंद्र शर्मा, एआरपी अभिषेक तिवारी, दिनेश यादव, अरविंद मौर्य, राकेश कुमार पाल, प्रधानाध्यापक राजीव पांडे, उमेश कुमार चतुर्वेदी, आनंद तिवारी ,अशोक पांडे, श्याम लाल यादव, बजरंग बहादुर गुप्ता, विजय यादव, अरुण पाठक, संदीप यादव, विजय मौर्य, प्रदीप समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राज भारत मिश्र ने किया तथा आभार विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिवाकर दुबे ने व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रधान अवधेश तिवारी, दयाशंकर तिवारी, कोमल कोटेदार, जगदंबा प्रसाद पांडे, राम लवट के अलावा विद्यालय परिवार की तरफ से योगेश भारती, दुर्गेश पांडे, प्रवेश वर्मा, शकुंतला देवी, रागिनी मिश्रा उपस्थित रहे।
70 से ज्यादा की उम्र के लोगों के बनेंगे आयुष्मान कार्ड, छह सदस्यीय

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद में विशेष अभियान के तहत 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विभाग ने छह सदस्यीय टीम का गठन किया है। सीएचसी अधीक्षक के नेतृत्व में बनी टीम आयुष्मान कार्ड बनाने की मॉनीटरिंग करेगी। टीम किस एएनएम, सीएचओ ने कितने कार्ड बनाए हैं और कहां लक्ष्य के सापेक्ष कितना काम हुआ है। इसकी नियमित रिपोर्ट तैयार करेगी। जिले में आयुष्मान योजना के तहत 70 साल से अधिक उम्र के 30 हजार लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। इसमें अब तक 26163 लोगों का कार्ड बन चुका है। डीएम शैलेष कुमार के निर्देश पर सीडीओ, डीसी, डीपीओ, डीपीआरओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम संयुक्त रूप से कार्ड बना रही है। सीएमओ स्तर से गठित की गई टीम सीएचसी अधीक्षक के निगरानी में काम करेंगी। टीम का मुख्य काम होगा कौन सी आशा, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कितने कार्ड बनाए हैं। विभागीय निर्देश है कि रोजाना आशा, एएनएम, सीएचओ मिलकर 50 कार्ड बनाएं। उम्र के कारण जिन बुुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बनाने में अड़चन आ रही है।
उसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का चयन करके आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। सीएमओ कार्यालय से उम्र का सत्यापन कराने के बाद आधार कार्ड में उम्र संशोधन करवाने के लिए प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है। ये प्रक्रिया 24 घंटे के अंदर पूरी की जा रही है। अभियान चलाकर स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जा कर कार्ड बना रहे हैं।


छह सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम में एक - एक स्वास्थ्यकर्मी होंगे। इसके अलावा आधार कार्ड में जन्म तिथि संशोधित कराने के लिए उम्र का परीक्षण किया जा रहा है। यह नई व्यवस्था कार्यालय में लागू कर दी गई है। इससे आधार कार्ड में जन्म तिथि संशोधित होगा। इससे आयुष्मान कार्ड बन सकेगा।

डॉ एसके चक सीएमओ भदोही
70 से ज्यादा की उम्र के लोगों के बनेंगे आयुष्मान कार्ड, छह सदस्यीय

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद में विशेष अभियान के तहत 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विभाग ने छह सदस्यीय टीम का गठन किया है। सीएचसी अधीक्षक के नेतृत्व में बनी टीम आयुष्मान कार्ड बनाने की मॉनीटरिंग करेगी। टीम किस एएनएम, सीएचओ ने कितने कार्ड बनाए हैं और कहां लक्ष्य के सापेक्ष कितना काम हुआ है। इसकी नियमित रिपोर्ट तैयार करेगी। जिले में आयुष्मान योजना के तहत 70 साल से अधिक उम्र के 30 हजार लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। इसमें अब तक 26163 लोगों का कार्ड बन चुका है। डीएम शैलेष कुमार के निर्देश पर सीडीओ, डीसी, डीपीओ, डीपीआरओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम संयुक्त रूप से कार्ड बना रही है। सीएमओ स्तर से गठित की गई टीम सीएचसी अधीक्षक के निगरानी में काम करेंगी। टीम का मुख्य काम होगा कौन सी आशा, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कितने कार्ड बनाए हैं। विभागीय निर्देश है कि रोजाना आशा, एएनएम, सीएचओ मिलकर 50 कार्ड बनाएं। उम्र के कारण जिन बुुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बनाने में अड़चन आ रही है।
उसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का चयन करके आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। सीएमओ कार्यालय से उम्र का सत्यापन कराने के बाद आधार कार्ड में उम्र संशोधन करवाने के लिए प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है। ये प्रक्रिया 24 घंटे के अंदर पूरी की जा रही है। अभियान चलाकर स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जा कर कार्ड बना रहे हैं।


छह सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम में एक - एक स्वास्थ्यकर्मी होंगे। इसके अलावा आधार कार्ड में जन्म तिथि संशोधित कराने के लिए उम्र का परीक्षण किया जा रहा है। यह नई व्यवस्था कार्यालय में लागू कर दी गई है। इससे आधार कार्ड में जन्म तिथि संशोधित होगा। इससे आयुष्मान कार्ड बन सकेगा।

डॉ एसके चक सीएमओ भदोही
होमगार्ड की परीक्षा के लिए जिले में बनाए गए छह केंद्र


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में उत्तर प्रदेश होमगार्ड अभ्यर्थी परीक्षा छह केंद्रों पर होगी। यह परीक्षा 25 से 27 अप्रैल तक चलेगी। छह केंद्रों पर प्रतिदिन दो पालियों में परीक्षा होगी। एक पाली में 2496 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। 25 से 27 अप्रैल तक करीब 15 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके लिए छह केंद्राध्यक्ष और छह मजिस्ट्रेट नामित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश होमगार्ड अभ्यर्थी परीक्षा 25 से 27 अप्रैल तक होगी। निदेशालय से इसके लिए जिले में छह केंद्र बनाए गए हैं। इसमें विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज ज्ञानपुर, काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर विश्वविद्यालय ज्ञानपुर, जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज ज्ञानपुर, ज्ञानदेवी बालिका इंटर कॉलेज भदोही, एमए समद इंटर कॉलेज भदोही, श्री इंद्र बहादुर सिंह नेशनल इंटर कॉलेज भदोही शामिल है। तीन केंद्रों पर 480-480 और तीन केंद्रों पर 384 सहित कुल छह केंद्रों पर एक पाली में 2496 अभ्यर्थी शामिल होंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि परीक्षा के लिए छह केंद्राध्यक्ष और छह मजिस्ट्रेट नामित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी केंद्रों पर परीक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में कराई जाएंगी।
सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग: हमीरपुर नंबर-1, बरेली दूसरे और रामपुर तीसरे स्थान पर

* मार्च रिपोर्ट में टॉप-5 में मैनपुरी और हरदोई भी शामिल, 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों की होती है निगरानी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार तेज होती नजर आ रही है। सीएम डैशबोर्ड की मार्च माह की रिपोर्ट में हमीरपुर ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि बरेली दूसरे और रामपुर तीसरे स्थान पर रहा है।
सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से प्रदेश में जनसुनवाई, जनकल्याणकारी योजनाओं, राजस्व कार्यों और कानून-व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाती है। इससे जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आई है।
* हर माह होती है व्यापक समीक्षा
सीएम डैशबोर्ड के जरिए हर महीने प्रदेश के 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों की समीक्षा की जाती है। इन कार्यक्रमों का मूल्यांकन विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाता है, जिसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। मार्च की रिपोर्ट में हमीरपुर ने 10 में से 9.55 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया, जबकि बरेली ने 9.54 और रामपुर ने 9.51 अंक के साथ क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान पाया।
* टॉप-5 में मैनपुरी और हरदोई
रिपोर्ट के अनुसार मैनपुरी चौथे और हरदोई पांचवें स्थान पर रहे। इसके अलावा टॉप-10 जिलों में शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, जालौन, सोनभद्र और कौशांबी ने भी जगह बनाई है।
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के मुताबिक यह रैंकिंग प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों की गुणवत्ता और राजस्व प्रबंधन के आधार पर तय की जाती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा रहा है, जिसका सकारात्मक परिणाम रैंकिंग में देखने को मिल रहा है।
सीएम डैशबोर्ड की सख्त निगरानी से प्रदेश में विकास कार्यों में तेजी आई है और “उत्तम प्रदेश” के लक्ष्य की ओर उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है।
सुपिरियर ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट को ग्रेट प्लेस टू वर्क सर्टिफिकेट मिला
रमेश दूबे

संतकबीरनगर , सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के लिए यह अत्यंत गर्व एवं हर्ष का विषय है कि चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में समूह को प्रतिष्ठित “ग्रेट प्लेस टू वर्क” सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि समूह की उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, पारदर्शी नीतियों तथा कर्मचारियों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के अंतर्गत समूह की सभी इकाइयाँ—सुपीरियर ड्रिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, नर्मदा ड्रिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, उदयपुर बेवरेज लिमिटेड, सुपीरियर पॉलिमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, इंडो यूरोपियन बेवरेज लिमिटेड, सुपीरियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड एवं चंद्रिका पावर प्राइवेट लिमिटेड—को यह सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है।
यह सर्टिफिकेशन कर्मचारियों के व्यापक फीडबैक, ऑनलाइन सर्वे, साक्षात्कार, समूह की कार्य संस्कृति तथा कर्मचारी लाभ से संबंधित डेटा के विस्तृत मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किया गया है।
ग्रुप के सीएचआरओ एवं कॉर्पोरेट अफेयर्स प्रमुख, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि सभी इकाइयों में ऑनलाइन माध्यम से कर्मचारियों का निष्पक्ष फीडबैक लिया गया, जिसके आधार पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई। उन्होंने कंपनी की नीतियों एवं कार्यप्रणाली से कर्मचारियों के उच्च स्तर के संतोष पर प्रसन्नता व्यक्त की।
इस सर्टिफिकेशन प्रक्रिया का नेतृत्व मनी गुप्ता एवं मनीष मिश्रा द्वारा किया गया, जिसमें सभी प्लांट निदेशकों, जीएम, एचओडी, प्लांट एचआर टीमों सहित कर्मचारियों एवं श्रमिकों का सराहनीय सहयोग रहा।
समूह के सीईओ आशीष शेट्टी ने इस उपलब्धि के लिए सभी कर्मचारियों, प्रबंधन टीम एवं सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास, समर्पण एवं सकारात्मक कार्य वातावरण का परिणाम है।
सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज भविष्य में भी कर्मचारियों के हितों, उत्कृष्ट कार्य संस्कृति एवं सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता रहेगा।
संसद में पीएम मोदी और राहुल गांधी की मुलाकात, काफी देर तक हुई बातचीत

#mp_rahul_gandhi_met_pm_modi_inside_parliament

संवाद लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। सियासत में वैचारिक मतभेद का मतलब संवाद की कमी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, ऐसा होता नहीं है। इसलिए तो आज देश की संसद के अंदर से आई एक तस्वीर चर्चा का विषय बन गई है। ये तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज संसद परिसर में अचानक ही आमने-सामने आ गए। इस दौरान राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने भी हाथ जोड़कर उनके अभिवादन को स्वीकार किया। यही नहीं दोनों ही नेताओं के बीच फिर काफी देर तक बातचीत होती रही।

दरअसल, आज महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती है। इस मौके पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर खास आयोजन रखा गया। इसी मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद और लोकसभा स्पीकर समेत सियासी दिग्गज पहुंचे थे। इसी समारोह में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात हुई।

इस मुलाकात का एक वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। 1 मिनट 34 सेकेंड के इस वीडियो में पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। पहले तो पीएम ने बाकी खड़े सांसदों का अभिवादन किया फिर पीछे मुड़कर राहुल गांधी के पास आए। इसके बाद काफी देर तक आपस में बातचीत करते दिखे।

सुप्रिया ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट को ग्रेट प्लेस टू वर्क सर्टिफिकेट मिला

रमेश दूबे

सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के लिए यह अत्यंत गर्व एवं हर्ष का विषय है कि चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में समूह को प्रतिष्ठित “ग्रेट प्लेस टू वर्क” सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि समूह की उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, पारदर्शी नीतियों तथा कर्मचारियों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के अंतर्गत समूह की सभी इकाइयाँ—सुपीरियर ड्रिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, नर्मदा ड्रिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, उदयपुर बेवरेज लिमिटेड, सुपीरियर पॉलिमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, इंडो यूरोपियन बेवरेज लिमिटेड, सुपीरियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड एवं चंद्रिका पावर प्राइवेट लिमिटेड—को यह सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है।
यह सर्टिफिकेशन कर्मचारियों के व्यापक फीडबैक, ऑनलाइन सर्वे, साक्षात्कार, समूह की कार्य संस्कृति तथा कर्मचारी लाभ से संबंधित डेटा के विस्तृत मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किया गया है।
ग्रुप के सीएचआरओ एवं कॉर्पोरेट अफेयर्स प्रमुख, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि सभी इकाइयों में ऑनलाइन माध्यम से कर्मचारियों का निष्पक्ष फीडबैक लिया गया, जिसके आधार पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई। उन्होंने कंपनी की नीतियों एवं कार्यप्रणाली से कर्मचारियों के उच्च स्तर के संतोष पर प्रसन्नता व्यक्त की।
इस सर्टिफिकेशन प्रक्रिया का नेतृत्व मनी गुप्ता एवं मनीष मिश्रा द्वारा किया गया, जिसमें सभी प्लांट निदेशकों, जीएम, एचओडी, प्लांट एचआर टीमों सहित कर्मचारियों एवं श्रमिकों का सराहनीय सहयोग रहा।
समूह के सीईओ आशीष शेट्टी ने इस उपलब्धि के लिए सभी कर्मचारियों, प्रबंधन टीम एवं सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास, समर्पण एवं सकारात्मक कार्य वातावरण का परिणाम है।
सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज भविष्य में भी कर्मचारियों के हितों, उत्कृष्ट कार्य संस्कृति एवं सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता रहेगा।
फार्मर रजिस्ट्री को लेकर जखनिया तहसील में बैठक, 6-7 अप्रैल को ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान  2026


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, तहसील कोरांव सभागार में गुरुवार को उप जिलाधिकारी अतुल कुमार की अध्यक्षता में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधान, सचिव, लेखपाल, कोटेदार,राधा सिंह पंचायत सहायक, नोडल अधिकारी एवं सेक्टर अधिकारियों को फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।उप जिलाधिकारी ने प्रधानों एवं सचिवों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायतों में मुनादी के माध्यम से किसानों को जागरूक करें तथा 6 व 7 अप्रैल को ग्राम पंचायत भवनों पर कैंप लगाकर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण रूप से सुनिश्चित कराएं।उन्होंने लेखपालों को निर्देश दिया कि 3, 4 एवं 5 अप्रैल तक जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री लंबित है, उनके अभिलेखों का सत्यापन एवं आवश्यक संशोधन कर कार्य को पूर्ण करें, ताकि निर्धारित तिथियों में किसी प्रकार की बाधा न हो।बैठक में फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित अन्य बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई तथा उप जिलाधिकारी द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर तहसील सभागार में समस्त संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
एक ही विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,करंट के मौत पर रिपोर्टों में विरोधाभास
*दोनों ने कहा अचानक तार टूटकर गिरने से हुई मौत

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पथवलिया गांव निवासी अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी (37) की करंट लगने से हुई मौत अब सवालों के घेरे में है।जिसका कारण बिजली विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,जिसमें घटना का कारण अलग अलग बताया गया है।एक ही विभाग की दो रिपोर्टों ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को उलझन में डाल दिया है कि आखिर सच क्या है?मुख्य अभियंता की जांच रिपोर्ट के मुताबिक घटना के समय रंजीत तिवारी अपने घर के पास विद्युत लाइन में हो रहे स्पार्किंग की वीडियो बना रहे थे कि तभी तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई तो वहीं दूसरी तरफ तीन अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में पूरी कहानी कुछ अलग है।इस रिपोर्ट के अनुसार रंजीत तिवारी घटना के समय अपने घर से दायित्वों के निर्वहन हेतु निकल रहे थे कि तभी तेज हवा के कारण बिजली का तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और विद्युत स्पर्शाघात से उनकी जान चली गई।अर्थात विभाग की एक रिपोर्ट रंजीत तिवारी को मौके पर खड़ा बता रही है तो दूसरी रिपोर्ट में उन्हें रास्ते पर चलते हुए बताया गया है।मुख्य अभियंता की रिपोर्ट में घटना की तकनीकी वजह भी विस्तार से बताई गई है।जिसमें बताया गया है कि रंजीत तिवारी के घर के सामने से लगभग 30 साल पुरानी 11 हजार केवि एचटी लाइन गुजरती है और घर के पास एक जंगल जलेबी का पेड़ है जिसकी दूरी तार से बेहद कम है,तेज हवा के कारण तार पेड़ के तने से टकराया और स्पार्किंग होने लगी।इसी दौरान तार टूटकर नीचे गिर गया तथा रंजीत तिवारी उसकी चपेट में आ गए।हालांकि विभाग ने यह भी दावा किया कि लाइन की उंचाई और सिस्टम मानकों के अनुसार सही था और हाल ही में पेड़ों की छंटाई भी कराई गई थी।यहाँ गौरतलब है कि दोनों रिपोर्ट में एक बात समान है कि किसी भी बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी को दोषी नहीं ठहराया गया है।वहीं इसके उलट रंजीत तिवारी के पड़ोसी को जिम्मेदार ठहराया गया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस जंगल जलेबी के पेड़ से तार टकराया वह पड़ोसी की जमीन पर था और उसने पेड़ कटवाने का विरोध किया था।विभाग का दावा है कि कई बार कोशिश करने के बावजूद पेड़ की कटाई नहीं हो सकी,जबकि वही पेड़ हादसे की मुख्य वजह बना।अब सवाल उठ रहा है कि यदि खतरा इतना बड़ा था तो विभाग द्वारा वैकल्पिक उपाय क्यों नहीं किया गया।तीन अधिकारियों की संयुक्त रिपोर्ट में मृतक की पत्नी पूजा तिवारी को विभागीय नियमों के तहत मुआवजा देने की सिफारिश की गई है।परन्तु इस पूरे मामले में बड़ा सवाल अभी भी बरकरार है कि क्या यह सिर्फ एक हादसा था या विभागीय लापरवाही?मामले की दो अलग अलग रिपोर्टों ने घटना को और उलझा दिया है।एक ही विभाग के अंदर सच्चाई के दो संस्करण सामने आने से लोगों का भरोसा भी डगमगाया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ अथवा लाइन को लेकर ठोस कदम उठाए जाते तो संभवतः एक जान बचाई जा सकती थी।वहीं अब सबकी नजर इस पर है कि प्रशासन इस विरोधाभास को सुलझाकर असली जिम्मेदार तय करता है अथवा रह मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।
नवोदय विद्यालय परीक्षा में प्राथमिक विद्यालय सुतौली के दो बच्चों ने रचा इतिहास

जौनपुर। प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सबसे कठिन परीक्षा कही जाने वाली नवोदय विद्यालय परीक्षा में प्राथमिक विद्यालय सुतौली के दो बच्चों ने अपनी अपनी कैटेगरी में पूरे जनपद में प्रथम रैंक प्राप्त कर नाम रोशन किया है। विद्यालय के सक्षम दुबे पुत्र सुशील दुबे ने सामान्य केटेगरी में तथा काव्या राव पुत्री प्रदीप राव ने एससी कैटेगरी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। आज विद्यालय प्रांगण में चयनित विद्यार्थियों का अभिनंदन किया गया। विद्यालय परिवार की तरफ से दोनों बच्चों को पुरस्कार के रूप में साइकिल देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधान एड.अमरनाथ ने की। मुख्य अतिथि के रूप में प्राथमिक शिक्षक संघ के मांडलिक संगठन मंत्री व जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ल, विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे तथा सम्मानित अतिथि के रूप में तहसील प्रभारी अनिल कुमार पांडे, ब्लॉक अध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राम सिंह, ब्लॉक महामंत्री ओम प्रकाश गुप्ता, संघर्ष समिति के ब्लॉक अध्यक्ष विजेंद्र शर्मा, एआरपी अभिषेक तिवारी, दिनेश यादव, अरविंद मौर्य, राकेश कुमार पाल, प्रधानाध्यापक राजीव पांडे, उमेश कुमार चतुर्वेदी, आनंद तिवारी ,अशोक पांडे, श्याम लाल यादव, बजरंग बहादुर गुप्ता, विजय यादव, अरुण पाठक, संदीप यादव, विजय मौर्य, प्रदीप समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राज भारत मिश्र ने किया तथा आभार विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिवाकर दुबे ने व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रधान अवधेश तिवारी, दयाशंकर तिवारी, कोमल कोटेदार, जगदंबा प्रसाद पांडे, राम लवट के अलावा विद्यालय परिवार की तरफ से योगेश भारती, दुर्गेश पांडे, प्रवेश वर्मा, शकुंतला देवी, रागिनी मिश्रा उपस्थित रहे।
70 से ज्यादा की उम्र के लोगों के बनेंगे आयुष्मान कार्ड, छह सदस्यीय

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद में विशेष अभियान के तहत 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विभाग ने छह सदस्यीय टीम का गठन किया है। सीएचसी अधीक्षक के नेतृत्व में बनी टीम आयुष्मान कार्ड बनाने की मॉनीटरिंग करेगी। टीम किस एएनएम, सीएचओ ने कितने कार्ड बनाए हैं और कहां लक्ष्य के सापेक्ष कितना काम हुआ है। इसकी नियमित रिपोर्ट तैयार करेगी। जिले में आयुष्मान योजना के तहत 70 साल से अधिक उम्र के 30 हजार लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। इसमें अब तक 26163 लोगों का कार्ड बन चुका है। डीएम शैलेष कुमार के निर्देश पर सीडीओ, डीसी, डीपीओ, डीपीआरओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम संयुक्त रूप से कार्ड बना रही है। सीएमओ स्तर से गठित की गई टीम सीएचसी अधीक्षक के निगरानी में काम करेंगी। टीम का मुख्य काम होगा कौन सी आशा, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कितने कार्ड बनाए हैं। विभागीय निर्देश है कि रोजाना आशा, एएनएम, सीएचओ मिलकर 50 कार्ड बनाएं। उम्र के कारण जिन बुुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बनाने में अड़चन आ रही है।
उसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का चयन करके आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। सीएमओ कार्यालय से उम्र का सत्यापन कराने के बाद आधार कार्ड में उम्र संशोधन करवाने के लिए प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है। ये प्रक्रिया 24 घंटे के अंदर पूरी की जा रही है। अभियान चलाकर स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जा कर कार्ड बना रहे हैं।


छह सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम में एक - एक स्वास्थ्यकर्मी होंगे। इसके अलावा आधार कार्ड में जन्म तिथि संशोधित कराने के लिए उम्र का परीक्षण किया जा रहा है। यह नई व्यवस्था कार्यालय में लागू कर दी गई है। इससे आधार कार्ड में जन्म तिथि संशोधित होगा। इससे आयुष्मान कार्ड बन सकेगा।

डॉ एसके चक सीएमओ भदोही
70 से ज्यादा की उम्र के लोगों के बनेंगे आयुष्मान कार्ड, छह सदस्यीय

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद में विशेष अभियान के तहत 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विभाग ने छह सदस्यीय टीम का गठन किया है। सीएचसी अधीक्षक के नेतृत्व में बनी टीम आयुष्मान कार्ड बनाने की मॉनीटरिंग करेगी। टीम किस एएनएम, सीएचओ ने कितने कार्ड बनाए हैं और कहां लक्ष्य के सापेक्ष कितना काम हुआ है। इसकी नियमित रिपोर्ट तैयार करेगी। जिले में आयुष्मान योजना के तहत 70 साल से अधिक उम्र के 30 हजार लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। इसमें अब तक 26163 लोगों का कार्ड बन चुका है। डीएम शैलेष कुमार के निर्देश पर सीडीओ, डीसी, डीपीओ, डीपीआरओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम संयुक्त रूप से कार्ड बना रही है। सीएमओ स्तर से गठित की गई टीम सीएचसी अधीक्षक के निगरानी में काम करेंगी। टीम का मुख्य काम होगा कौन सी आशा, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कितने कार्ड बनाए हैं। विभागीय निर्देश है कि रोजाना आशा, एएनएम, सीएचओ मिलकर 50 कार्ड बनाएं। उम्र के कारण जिन बुुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बनाने में अड़चन आ रही है।
उसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का चयन करके आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। सीएमओ कार्यालय से उम्र का सत्यापन कराने के बाद आधार कार्ड में उम्र संशोधन करवाने के लिए प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है। ये प्रक्रिया 24 घंटे के अंदर पूरी की जा रही है। अभियान चलाकर स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जा कर कार्ड बना रहे हैं।


छह सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम में एक - एक स्वास्थ्यकर्मी होंगे। इसके अलावा आधार कार्ड में जन्म तिथि संशोधित कराने के लिए उम्र का परीक्षण किया जा रहा है। यह नई व्यवस्था कार्यालय में लागू कर दी गई है। इससे आधार कार्ड में जन्म तिथि संशोधित होगा। इससे आयुष्मान कार्ड बन सकेगा।

डॉ एसके चक सीएमओ भदोही
होमगार्ड की परीक्षा के लिए जिले में बनाए गए छह केंद्र


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में उत्तर प्रदेश होमगार्ड अभ्यर्थी परीक्षा छह केंद्रों पर होगी। यह परीक्षा 25 से 27 अप्रैल तक चलेगी। छह केंद्रों पर प्रतिदिन दो पालियों में परीक्षा होगी। एक पाली में 2496 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। 25 से 27 अप्रैल तक करीब 15 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके लिए छह केंद्राध्यक्ष और छह मजिस्ट्रेट नामित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश होमगार्ड अभ्यर्थी परीक्षा 25 से 27 अप्रैल तक होगी। निदेशालय से इसके लिए जिले में छह केंद्र बनाए गए हैं। इसमें विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज ज्ञानपुर, काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर विश्वविद्यालय ज्ञानपुर, जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज ज्ञानपुर, ज्ञानदेवी बालिका इंटर कॉलेज भदोही, एमए समद इंटर कॉलेज भदोही, श्री इंद्र बहादुर सिंह नेशनल इंटर कॉलेज भदोही शामिल है। तीन केंद्रों पर 480-480 और तीन केंद्रों पर 384 सहित कुल छह केंद्रों पर एक पाली में 2496 अभ्यर्थी शामिल होंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि परीक्षा के लिए छह केंद्राध्यक्ष और छह मजिस्ट्रेट नामित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी केंद्रों पर परीक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में कराई जाएंगी।
सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग: हमीरपुर नंबर-1, बरेली दूसरे और रामपुर तीसरे स्थान पर

* मार्च रिपोर्ट में टॉप-5 में मैनपुरी और हरदोई भी शामिल, 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों की होती है निगरानी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार तेज होती नजर आ रही है। सीएम डैशबोर्ड की मार्च माह की रिपोर्ट में हमीरपुर ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि बरेली दूसरे और रामपुर तीसरे स्थान पर रहा है।
सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से प्रदेश में जनसुनवाई, जनकल्याणकारी योजनाओं, राजस्व कार्यों और कानून-व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाती है। इससे जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आई है।
* हर माह होती है व्यापक समीक्षा
सीएम डैशबोर्ड के जरिए हर महीने प्रदेश के 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों की समीक्षा की जाती है। इन कार्यक्रमों का मूल्यांकन विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाता है, जिसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। मार्च की रिपोर्ट में हमीरपुर ने 10 में से 9.55 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया, जबकि बरेली ने 9.54 और रामपुर ने 9.51 अंक के साथ क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान पाया।
* टॉप-5 में मैनपुरी और हरदोई
रिपोर्ट के अनुसार मैनपुरी चौथे और हरदोई पांचवें स्थान पर रहे। इसके अलावा टॉप-10 जिलों में शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, जालौन, सोनभद्र और कौशांबी ने भी जगह बनाई है।
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के मुताबिक यह रैंकिंग प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों की गुणवत्ता और राजस्व प्रबंधन के आधार पर तय की जाती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा रहा है, जिसका सकारात्मक परिणाम रैंकिंग में देखने को मिल रहा है।
सीएम डैशबोर्ड की सख्त निगरानी से प्रदेश में विकास कार्यों में तेजी आई है और “उत्तम प्रदेश” के लक्ष्य की ओर उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है।
सुपिरियर ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट को ग्रेट प्लेस टू वर्क सर्टिफिकेट मिला
रमेश दूबे

संतकबीरनगर , सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के लिए यह अत्यंत गर्व एवं हर्ष का विषय है कि चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में समूह को प्रतिष्ठित “ग्रेट प्लेस टू वर्क” सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि समूह की उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, पारदर्शी नीतियों तथा कर्मचारियों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के अंतर्गत समूह की सभी इकाइयाँ—सुपीरियर ड्रिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, नर्मदा ड्रिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, उदयपुर बेवरेज लिमिटेड, सुपीरियर पॉलिमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, इंडो यूरोपियन बेवरेज लिमिटेड, सुपीरियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड एवं चंद्रिका पावर प्राइवेट लिमिटेड—को यह सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है।
यह सर्टिफिकेशन कर्मचारियों के व्यापक फीडबैक, ऑनलाइन सर्वे, साक्षात्कार, समूह की कार्य संस्कृति तथा कर्मचारी लाभ से संबंधित डेटा के विस्तृत मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किया गया है।
ग्रुप के सीएचआरओ एवं कॉर्पोरेट अफेयर्स प्रमुख, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि सभी इकाइयों में ऑनलाइन माध्यम से कर्मचारियों का निष्पक्ष फीडबैक लिया गया, जिसके आधार पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई। उन्होंने कंपनी की नीतियों एवं कार्यप्रणाली से कर्मचारियों के उच्च स्तर के संतोष पर प्रसन्नता व्यक्त की।
इस सर्टिफिकेशन प्रक्रिया का नेतृत्व मनी गुप्ता एवं मनीष मिश्रा द्वारा किया गया, जिसमें सभी प्लांट निदेशकों, जीएम, एचओडी, प्लांट एचआर टीमों सहित कर्मचारियों एवं श्रमिकों का सराहनीय सहयोग रहा।
समूह के सीईओ आशीष शेट्टी ने इस उपलब्धि के लिए सभी कर्मचारियों, प्रबंधन टीम एवं सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास, समर्पण एवं सकारात्मक कार्य वातावरण का परिणाम है।
सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज भविष्य में भी कर्मचारियों के हितों, उत्कृष्ट कार्य संस्कृति एवं सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता रहेगा।
संसद में पीएम मोदी और राहुल गांधी की मुलाकात, काफी देर तक हुई बातचीत

#mp_rahul_gandhi_met_pm_modi_inside_parliament

संवाद लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। सियासत में वैचारिक मतभेद का मतलब संवाद की कमी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, ऐसा होता नहीं है। इसलिए तो आज देश की संसद के अंदर से आई एक तस्वीर चर्चा का विषय बन गई है। ये तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज संसद परिसर में अचानक ही आमने-सामने आ गए। इस दौरान राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने भी हाथ जोड़कर उनके अभिवादन को स्वीकार किया। यही नहीं दोनों ही नेताओं के बीच फिर काफी देर तक बातचीत होती रही।

दरअसल, आज महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती है। इस मौके पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर खास आयोजन रखा गया। इसी मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद और लोकसभा स्पीकर समेत सियासी दिग्गज पहुंचे थे। इसी समारोह में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात हुई।

इस मुलाकात का एक वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। 1 मिनट 34 सेकेंड के इस वीडियो में पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। पहले तो पीएम ने बाकी खड़े सांसदों का अभिवादन किया फिर पीछे मुड़कर राहुल गांधी के पास आए। इसके बाद काफी देर तक आपस में बातचीत करते दिखे।

सुप्रिया ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट को ग्रेट प्लेस टू वर्क सर्टिफिकेट मिला

रमेश दूबे

सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के लिए यह अत्यंत गर्व एवं हर्ष का विषय है कि चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में समूह को प्रतिष्ठित “ग्रेट प्लेस टू वर्क” सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि समूह की उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, पारदर्शी नीतियों तथा कर्मचारियों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के अंतर्गत समूह की सभी इकाइयाँ—सुपीरियर ड्रिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, नर्मदा ड्रिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, उदयपुर बेवरेज लिमिटेड, सुपीरियर पॉलिमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, इंडो यूरोपियन बेवरेज लिमिटेड, सुपीरियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड एवं चंद्रिका पावर प्राइवेट लिमिटेड—को यह सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है।
यह सर्टिफिकेशन कर्मचारियों के व्यापक फीडबैक, ऑनलाइन सर्वे, साक्षात्कार, समूह की कार्य संस्कृति तथा कर्मचारी लाभ से संबंधित डेटा के विस्तृत मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किया गया है।
ग्रुप के सीएचआरओ एवं कॉर्पोरेट अफेयर्स प्रमुख, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि सभी इकाइयों में ऑनलाइन माध्यम से कर्मचारियों का निष्पक्ष फीडबैक लिया गया, जिसके आधार पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई। उन्होंने कंपनी की नीतियों एवं कार्यप्रणाली से कर्मचारियों के उच्च स्तर के संतोष पर प्रसन्नता व्यक्त की।
इस सर्टिफिकेशन प्रक्रिया का नेतृत्व मनी गुप्ता एवं मनीष मिश्रा द्वारा किया गया, जिसमें सभी प्लांट निदेशकों, जीएम, एचओडी, प्लांट एचआर टीमों सहित कर्मचारियों एवं श्रमिकों का सराहनीय सहयोग रहा।
समूह के सीईओ आशीष शेट्टी ने इस उपलब्धि के लिए सभी कर्मचारियों, प्रबंधन टीम एवं सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास, समर्पण एवं सकारात्मक कार्य वातावरण का परिणाम है।
सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज भविष्य में भी कर्मचारियों के हितों, उत्कृष्ट कार्य संस्कृति एवं सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता रहेगा।