झारखंड के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच निवेश पर अहम बैठक।

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रांची: झारखंड में औद्योगिक निवेश और विकास की संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और टाटा समूह के चेयरमैन श्री एन. चंद्रशेखरन के बीच हुई इस मुलाकात में राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने और नए निवेश प्रस्तावों पर गहन चर्चा की गई।

बैठक के मुख्य बिंदु:

इस बैठक में राज्य सरकार और टाटा समूह के बीच आपसी समन्वय को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। चर्चा का मुख्य केंद्र झारखंड में टाटा समूह की आगामी परियोजनाएं और रोजगार सृजन रहा। मुख्यमंत्री ने टाटा समूह के लंबे जुड़ाव की सराहना करते हुए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

उपस्थिति:

इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक श्री टी.वी. नरेंद्रन, कॉरपोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष श्री डी.बी. सुंदरा रामम तथा रांची के चीफ रेजिडेंट एक्जीक्यूटिव श्री संजय मोहन श्रीवास्तव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

झारखंड में टाटा समूह का बड़ा निवेश: नई टेक्नोलॉजी और 'नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्री' पर रहेगा फोकस, CM हेमंत सोरेन और एन चंद्रशेखरन ने की साझा प्रेस वार

रांची: झारखंड के औद्योगिक परिदृश्य में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और टाटा सन्स के चेयरमैन श्री एन चंद्रशेखरन ने आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान राज्य में टाटा समूह के भविष्य के निवेश और विस्तार योजनाओं की जानकारी साझा की।

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मुख्यमंत्री का संबोधन: झारखंड और टाटा का अटूट रिश्ता

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि टाटा समूह और झारखंड का रिश्ता ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा, "टाटा समूह ने अपने सफर की शुरुआत झारखंड की मिट्टी से की थी और आज यह वैश्विक पहचान बना चुका है। देश और राज्य के विकास में इस समूह का योगदान अतुलनीय है।" मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह साझेदारी राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

टाटा सन्स के चेयरमैन ने की 'झारखंड मॉडल' की सराहना

टाटा सन्स के चेयरमैन श्री एन चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व और दूरदर्शी सोच की प्रशंसा करते हुए कहा कि झारखंड में निवेश के लिए आज एक अनुकूल माहौल (Investment Friendly Climate) तैयार हो चुका है। राज्य सरकार का रोडमैप निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

निवेश और विकास के मुख्य बिंदु:

नई टेक्नोलॉजी पर निवेश: टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसे मौजूदा प्रतिष्ठानों में अत्याधुनिक तकनीक (New Tech) पर बड़ा निवेश किया जाएगा। इसमें प्रदूषण नियंत्रण और उत्पादन तेज करने पर जोर होगा।

हाइड्रोजन बेस्ड वाहन: राज्य में उन्नत हाइड्रोजन आधारित वाहन निर्माण संयंत्र स्थापित किया गया है, जो भविष्य की तकनीक की दिशा में बड़ा कदम है।

नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्री: मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप झारखंड में 'नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्रीज' स्थापित करने के लिए सरकार और टाटा के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बनाई जाएगी।

CSR का विस्तार: टाटा समूह राज्य में अपने सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) का दायरा बढ़ाएगा और इसकी राशि में भी बढ़ोतरी की जाएगी ताकि स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिले।

स्किल डेवलपमेंट: राज्य के युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तैयार करने के लिए टाटा समूह स्किल डेवलपमेंट में सरकार का प्रमुख साझीदार बनेगा।

झारखंड: आजीवन कारावास काट रहे 23 कैदियों की रिहाई का रास्ता साफ, CM हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बड़ा फैसला

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की 36वीं बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की विभिन्न जेलों में उम्रकैद की सजा काट रहे 23 कैदियों को रिहा करने के प्रस्ताव पर अंतिम सहमति दी गई है।

गहन समीक्षा के बाद निर्णय

बैठक के दौरान परिषद द्वारा अनुशंसित नए मामलों के साथ-साथ पिछली बैठकों में अस्वीकृत किए गए 34 मामलों की बिंदुवार और गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कैदियों के अपराध की प्रकृति, संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों, जेल अधीक्षकों, प्रोबेशन अधिकारियों और न्यायालयों द्वारा दिए गए मंतव्यों को आधार बनाकर यह निर्णय लिया। रिहाई सुनिश्चित करते समय न्यायिक नियमों, सामाजिक सुरक्षा और कारा अधिनियमों का पूर्णतः पालन किया गया है।

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मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:

कैदियों का डेटाबेस: रिहा होने वाले सभी कैदियों के लिए एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाएगा ताकि उनकी गतिविधियों और पुनर्वास पर नजर रखी जा सके।

सामाजिक पुनर्वास: सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रिहा होने वाले कैदियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। उनकी आय सृजन और बेहतर सामाजिक जीवन सुनिश्चित करने के लिए जिला समन्वयकों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जागरूकता अभियान: डायन-बिसाही जैसे आरोपों में सजा काट चुके कैदियों के क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में मौजूद अधिकारी

बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, गृह एवं कारा विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती वंदना दादेल, डीजीपी श्रीमती तदाशा मिश्रा, विधि विभाग के प्रधान सचिव श्री नीरज कुमार श्रीवास्तव, जेल आईजी श्री सुदर्शन प्रसाद मंडल और न्यायिक आयुक्त श्री अनिल कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नगर क्षेत्र में पैदल मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। आगामी होली पर्व व अमेरिका ईरान जंग के चलते क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस क्षेत्राधिकारी व कोतवाली प्रभारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने नगर क्षेत्र में पैदल मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की। सोमवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी आलोक प्रसाद, कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने नगर क्षेत्र के मजा शाह चौराहा, गुरखेत बाजार,शहर बाजार, खतराना चौराहा , सर्राफा बाजार लहरपुर गेट सहित विभिन्न मार्गों पर पैदल मार्च किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। गस्त के दौरान पुलिस ने विभिन्न होलिका दहन स्थलों का भी निरीक्षण किया व विभिन्न स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की जानकारी ली।
अर्श हॉस्पिटल परिवार के द्वारा होली मिलन समारोह का किया आयोजन, होली मिलन के मौके पर दिखी ग्रामीण सांस्कृतिकमयी होली का रंग

गया: गयाजी शहर के एपी कॉलोनी स्थित संचालित अर्श सुपर स्पेशलियटी हॉस्पिटल परिवार की ओर से अस्पताल के निदेशक सह हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ नवनीत निश्चल के आवास पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। रंगोत्सव का त्यौहार होली बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर होली के पावन त्यौहार में ग्रामीण परिवेश का समावेश देखने को मिला। पारंपरिक होली के गीत एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया।

पारंपरिक एवं ग्रामीण परिवेश की होली के गीत पर सभी लोग मंत्र मुग्ध नजर आए। जहां सभी डॉक्टर एवं अन्य कर्मचारी आपस में रंग गुलाल लगाकर एक दूसरे को होली पर्व की शुभकामनाएं दी। वहीं इस मौके पर अर्श सुपर स्पेशलियटी हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ नवनीत निश्चल ने सभी को होली की शुभकामना देते हुए कहा कि यह पर्व हमारे जीवन में नया प्रकाश एवं ऊर्जा लेकर आता है। हम लोगों को सादगी एवं भाईचारे के माहौल में पर्व को मनाना चाहिए। किसी के साथ जबरदस्ती ना करते हुए पारिवारिक एवं खुशनुमा माहौल में एक दूसरे को गुलाल लगा कर होली मनानी चाहिये।

वहीं, उन्होंने कहा कि ग्रामीण होली मिलन समारोह की व्यवस्था करने का मुख्य उद्देश्य है कि ग्रामीण संस्कृतिक में होली का एक अलग ही महत्व है और हमारे कर्मचारी एवं हमारे पास जो मरीज भी आते हैं वह कहीं ना कहीं ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े होते हैं ।वही उन्होंने कहा कि हमारे अस्पताल को ऊंचाइयों तक ले जाने में सभी कर्मचारी एवं चिकित्सकों का अहम योगदान है इसके लिए भी सभी को शुभकामनाएं एवं बधाई देता हूं। वहीं अस्पताल के निदेशक डॉक्टर कविता निश्चल ने भी होली को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए लोगों से अपील किया। वही इस मौके पर उन्होंने भी होली की शुभकामनाएं एवं बधाइयां दी है.

उन्होंने भी कहा कि ग्रामीण होली मिलन की व्यवस्था करने का उद्देश्य है कि अभी भी ग्रामीण क्षेत्र से हम लोग जुड़े हुए हैं क्योंकि कहीं न कहीं सभी लोग ग्रामीण क्षेत्र से जुड़कर ही शहर में व्यवसाय या अपना परिवार का भरण पोषण करते हैं ।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से आए गायको के द्वारा भक्ति होली एवं भजन का आयोजन किया गया है जिसे सुन सभी लोग भाव विहोर हो गए ।

রাতভর রঙের উৎসবে মাতলো শহর বসিরহাট
বসিরহাট : হোলির আগেই যেন রঙের ছোঁয়ায় মাতলো বসিরহাট। বসিরহাট বসন্ত উৎসব কমিটির উদ্যোগে আগাম বসন্ত উৎসব ও দোল পূর্ণিমা উদযাপনে প্রাণ ফিরে পেল শহরের সাংস্কৃতিক পরিসর। শহর বসিরহাটের প্রাণকেন্দ্র টাউন হল মাঠে অনুষ্ঠিত এই উৎসবে সকাল থেকেই জমে ওঠে মানুষের ভিড়। উৎসবের মঞ্চ জুড়ে ছিল বাউল গান, নৃত্যানুষ্ঠান ও সংগীতানুষ্ঠান। একদিকে যেমন লোকসংস্কৃতির সুরে মাতোয়ারা হন দর্শকরা, তেমনই অন্যদিকে আবির খেলায় মেতে ওঠেন তরুণ-তরুণী থেকে শুরু করে শিশু ও প্রবীণরাও। রঙিন আবিরে রাঙা মুখ, একে অপরকে আলিঙ্গন, হাসি-আড্ডা আর সেল্ফি তোলার মুহূর্তে গোটা মাঠজুড়ে তৈরি হয় উৎসবের উচ্ছ্বাস। পাশাপাশি দর্শনার্থীদের জন্য ছিল নানা ধরনের খাবারের আয়োজন, যা উৎসবের আনন্দকে আরও বাড়িয়ে তোলে। এই আগাম বসন্ত উৎসবের উদ্যোক্তা ডাঃ শৌর্য্য ব্যানার্জি। তিনি বলেন, "দোল পূর্ণিমা মানেই শুধু রঙের উৎসব নয়, এটি সম্প্রীতি, ভালোবাসা আর একসঙ্গে থাকার বার্তা বহন করে। বর্তমান সময়ে সমাজে বিভাজন ও ব্যস্ততার মাঝেও মানুষ যেন একদিন হলেও মিলেমিশে আনন্দ করতে পারে, সেই ভাবনা থেকেই আগাম এই বসন্ত উৎসবের আয়োজন। বসিরহাট শহর বহু সংস্কৃতির মিলনক্ষেত্র। সেই ঐতিহ্যকে সামনে রেখে সকল শ্রেণী ও সম্প্রদায়ের মানুষকে এক মঞ্চে আনার চেষ্টা করেছি।"
ডাঃ ব্যানার্জি আরও জানান, এই ধরনের সামাজিক ও সাংস্কৃতিক উৎসব ভবিষ্যতেও নিয়মিত করার পরিকল্পনা রয়েছে, যাতে নতুন প্রজন্মের মধ্যে লোকসংস্কৃতি ও সাম্প্রদায়িক সম্প্রীতির বার্তা পৌঁছে দেওয়া যায়। রঙ, গান আর হাসিতে ভরা এই আগাম দোল উৎসব শেষ পর্যন্ত প্রমাণ করে দিল, উৎসবের আনন্দ কোনও নির্দিষ্ট তারিখের অপেক্ষা করে না, মানুষের মিলনই তার আসল শক্তি। বসিরহাটে সেই মিলনের ছবিই ধরা পড়ল এই বসন্ত উৎসবে।
रंग - गुलाल की सजी दुकानें बाजारों में बढ़ी रौनक
*कार्टून थीम और टैंक वाली पिचकारियां आकर्षण का केंद्र*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्साह व उमंग होली त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। रंगभरी एकादशी के बाद से ही दुकानों पर रंग-गुलाल और टोपी, मुखौटा की बिक्री बढ़ गई है। रंगों और उमंगों के इस त्योहार की आहट के साथ ही दुकानों पर रौनक बढ़ने लगी है। भदोही शहर, गोपीगंज, ज्ञानपुर, सुरियावां, घोसिया-खमरिया, ऊंज, औराई, महराजगंज, बाबूसराय, चौरी और मोढ़ समेत समस्त छोटे-बड़े बाजार स्थित दुकानों पर रात्रि दस बजे तक त्योहारी सामानों की खरीद हो रही है। दुकानों पर गुलाल, अबीर, पिचकारी, रंग-बिरंगे गुब्बारे और होली की सजावटी सामग्री की बिक्री काफी बढ़ गई है। बाजार में बच्चों के लिए कार्टून थीम वाली और टैंक वाली बड़ी पिचकारियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं, युवाओं के बीच हर्बल और ऑर्गेनिक रंगों की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। दुकानदारों के अनुसार, लोग अब त्वचा और आंखों की सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक हो गए हैं, जिसके कारण केमिकल मुक्त रंगों की बिक्री बढ़ी है। मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ गई है। गुजिया, मठरी, नमकीन और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की अग्रिम बुकिंग शुरू हो चुकी है। कई दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष छूट और ऑफर भी घोषित किए हैं। कपड़ों की दुकानों पर महिलाएं और युवा खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। सफेद कुर्ता-पायजामा और रंगीन दुपट्टों की बिक्री में तेजी आई है। होली को लेकर बाजारों में उत्साह और उमंग का माहौल है। व्यापारी बेहतर बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि आमजन त्योहार को धूमधाम से मनाने की तैयारियों में व्यस्त हैं। शहर में जगह-जगह होली का अस्थाई बाजार सजकर तैयार हैं, जहां पर हर्बल गुलाल के साथ पिचकारी, सफेदा,तरह-तरह की रंग बिरंगी टोपी, होली खेलने के लिए स्लोगन लिखी सफेद कार की टी-शर्ट और होली में उपयोग होने वाले बच्चों के आइटम्स की भरमार हैं। शहर के न्यू मार्केट और पुराने शहर के चौक बाजार इलाके में लगी दुकानों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच कर खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि पर्व के दौरान उत्पादों पर महंगाई की मार होने से लोगों में निराशा भी देखी जा रही है। अबीर-गुलाल के साथ ही पिस्टल, राकेट, गिटार के साथ ही संगीत की तान छोड़ने वाली पिचकारी बच्चों को खूब लुभा रही है। होली के रंग से बाल की सुरक्षा के लिए बाजार में बनावटी बाल भी उपलब्ध हैं। दुकानों मे विभिन्न प्रकार के मुखौटे भी बच्चों को आकर्षित कर रहे हैं। कपड़ों की दुकान के बाहर हैंगर पर होली की पोशाक भी लगनी शुरू हो गई है।
परीक्षा में 183 बच्चे सफल 12 वीं तक मिलेंगी छात्रवृत्ति
*हर्ष यादव को मिला पहला स्थान,बड़वापुर के 11 बच्चे उत्तीर्ण*



नितेश श्रीवास्तव


भदोही। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा में जिले के बच्चों ने झंडा गाड़ दिया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बड़वापुर के 11 समेत कुल 183 बच्चे परीक्षा में सफल हो गए हैं। नेवादा के हर्ष यादव ने जिले में पहला स्थान हासिल किया है। अब इनको नौवीं से 12वीं तक हर साल 12-12 हजार रुपये सालाना छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। सफल बच्चों के अभिभावकों ने शिक्षकों को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। बेसिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित विद्यालयों सहित अन्य विद्यालयों में कक्षा आठ में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को लाभान्वित करने के लिए राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित की जाती है। इसमें उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को कक्षा नौ से लेकर 12 तक की पढ़ाई के दौरान प्रति माह एक हजार रुपये की दर से 48 हजार रुपये छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। नवंबर 2025 में यह परीक्षा जिले में हुई। जिसमें दो हजार बच्चों ने भाग लिया। रविवार को इसका परीक्षाफल जारी किया गया। जिसमें हर्ष यादव ने पहला स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़वापुर के 11 छात्रों का चयन हुआ है। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक रामलाल यादव ने बताया कि बड़वापुर के चयनित बच्चों में सोनू निगम, राहुल, उदय कुमार, आयुष यादव, सोनम, नैंसी, ज्योति, गुड़िया, उजाला, तेजस और अंशिका शामिल है। बताया कि उत्तीर्ण बच्चों को कक्षा नौ से 12वीं तक हर साल 12-12 हजार की छात्रवृत्ति दी जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि शिक्षकों की मेहनत से इस बार 183 बच्चे सफल हुए
गांव के विकास को मिलेगी गति, 8.14 करोड़ जारी


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की ग्राम पंचायतों में रुके हुए विकास कार्यों को जल्द ही रफ्तार मिलेगी। पंचायत चुनाव से पहले सरकार की ओर से 15वें वित्त के रूप में अनटाइड मद यानि विशेष बजट के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी किया गया है। इससे पंचायतों में नाली, खड़ंजा, सड़क और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे। जिले के छह ब्लॉकों में 546 पंचायतें हैं। इनमें राज्य वित्त और 15वें वित्त से विकास कार्यों के लिए बजट का आवंटन किया जाता है। आबादी के हिसाब से सरकार वित्तीय वर्ष में अनटाइड और टाइड के अलग-अलग खातों में दो बार में धनराशि मुहैया कराती है। टाइड की धनराशि सिर्फ स्वच्छता आदि पर खर्च होती है जबकि अनटाइड की धनराशि पक्के कार्य और वेतन आदि में खर्च किए जाते हैं। लंबे समय से पंचायतों में विकास के लिए बजट नहीं मिल सका था, जिससे विकास कार्य रुक गए थे। लेकिन, होली से पहले शासन ने गांवों में विकास के लिए बजट जारी कर दिया है। जल्द ही पंचायत चुनाव भी होने हैं। इससे पहले सरकार ने अनटाइड के रूप में पंचायतों को बजट जारी कर दिया है। बजट के अभाव में न तो विकास की कार्ययोजना ही बन पा रही थी और न ही कार्य हो पा रहे थे लेकिन अब बजट मिलने के बाद रुके हुए विकास कार्यों को गति दी जा सकेगी। एक प्रधान ने बताया कि अनटाइड फंड में दो लाख 20 हजार से लेकर पांच लाख तक आबादी के हिसाब से पैसा मिलता है। जिला स्तर पर पैसा आ गया है। होली बाद पंचायतों के खाते में आने की उम्मीद है।



15वें वित्त आयोग से पंचायतों को अनटाइड फंड के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी हुआ है। इससे गांव में रुके विकास कार्यों में मदद मिलेगी। आबादी के हिसाब से पैसा जारी किया जाएगा।- ज्ञान प्रकाश, प्रभारी डीपीआरओ


इन कार्याे में होगा धनराशि का उपयोग
- गांव में नाली निर्माण एवं जल निकासी की व्यवस्था।
- संपर्क मार्गाें पर इंटरलाकिंग और खड़ंजा कार्य।
- पंचायत भवनों का रखरखाव एवं सुंदरीकरण।
- जिला पंचायत स्तर पर सड़कों का निर्माण।
अमेरिकी टैरिफ से उबरे निर्यातकों के सामने न‌ई परेशानी ने दी दस्तक, युद्ध लंबा खींचा तो करोबार पर दिखेगा का असर

*खाड़ी देशों के बीच छिड़े युद्ध से 80 फीसदी द्विपक्षीय कालीन कारोबार होगा प्रभावित*



नितेश श्रीवास्तव


भदोही। अमेरिकी टैरिफ से उबरे निर्यातकों के सामने अब एक नई परेशानी ने दस्तक दी है। खाड़ी देशों के बीच छिड़े युद्ध ने निर्यातकों को चिंता में डाल दिया है। वर्तमान में भले ही भारतीय कालीनों के निर्यात पर कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन युद्ध अगर लंबा खिंचता है तो निश्चित तौर पर इसका असर कारोबार पर देखने को मिलेगा। इसमें खरीदार देशों में पैनिक स्थिति होने पर 80 फीसदी द्विपक्षीय कारोबार प्रभावित होने की संभावना है। वहीं, कई अहम रास्ते प्रभावित होने के साथ अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले कारपेट एक्स्पो पर भी चिंता के बादल मंडराने लगे हैं।भारतीय कालीन की सबसे अधिक मांग अमेरिका और जर्मनी में होती है। यह दोनों देश फिलहाल प्रत्यक्ष रूप से नहीं, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध का हिस्सा बने हुए हैं। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के वाइस चेयरमैन असलम महबूब का कहना है कि निर्यातक अभी-अभी अमेरिकी टैरिफ के बोझ से निकले हैं। अगले महीने में नई दिल्ली में होेने वाले कारपेट एक्स्पो में निर्यातकों ने यह उम्मीद लगाई है कि बड़ी संख्या में अमेरिकी खरीदार आएंगे, क्योंकि बीते मेले में टैरिफ के असर के कारण खरीदारों ने दूरी बनाई थी। अब एक बार फिर से जिस तरह की स्थितियां बन रही है। उससे कहीं न कहीं कालीन व्यापारियों में यह चिंता बढ़ रही है कि युद्ध के असर से खरीदार कहीं नई दिल्ली के मेले से भी दूरी न बना लें। बताया कि अमेरिका हमारे निर्यात 60 फीसदी हिस्सेदार है। अगर जर्मनी और अन्य यूरोपिय देशों को जोड़ लिया जाए तो यह 80 फीसदी तक पहुंचा जाता है। अब आने वाले दिनों में युद्ध की स्थिति से व्यापार पर भी इसका असर देखा जा सकेगा।
झारखंड के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच निवेश पर अहम बैठक।

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रांची: झारखंड में औद्योगिक निवेश और विकास की संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और टाटा समूह के चेयरमैन श्री एन. चंद्रशेखरन के बीच हुई इस मुलाकात में राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने और नए निवेश प्रस्तावों पर गहन चर्चा की गई।

बैठक के मुख्य बिंदु:

इस बैठक में राज्य सरकार और टाटा समूह के बीच आपसी समन्वय को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। चर्चा का मुख्य केंद्र झारखंड में टाटा समूह की आगामी परियोजनाएं और रोजगार सृजन रहा। मुख्यमंत्री ने टाटा समूह के लंबे जुड़ाव की सराहना करते हुए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

उपस्थिति:

इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक श्री टी.वी. नरेंद्रन, कॉरपोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष श्री डी.बी. सुंदरा रामम तथा रांची के चीफ रेजिडेंट एक्जीक्यूटिव श्री संजय मोहन श्रीवास्तव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

झारखंड में टाटा समूह का बड़ा निवेश: नई टेक्नोलॉजी और 'नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्री' पर रहेगा फोकस, CM हेमंत सोरेन और एन चंद्रशेखरन ने की साझा प्रेस वार

रांची: झारखंड के औद्योगिक परिदृश्य में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और टाटा सन्स के चेयरमैन श्री एन चंद्रशेखरन ने आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान राज्य में टाटा समूह के भविष्य के निवेश और विस्तार योजनाओं की जानकारी साझा की।

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मुख्यमंत्री का संबोधन: झारखंड और टाटा का अटूट रिश्ता

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि टाटा समूह और झारखंड का रिश्ता ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा, "टाटा समूह ने अपने सफर की शुरुआत झारखंड की मिट्टी से की थी और आज यह वैश्विक पहचान बना चुका है। देश और राज्य के विकास में इस समूह का योगदान अतुलनीय है।" मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह साझेदारी राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

टाटा सन्स के चेयरमैन ने की 'झारखंड मॉडल' की सराहना

टाटा सन्स के चेयरमैन श्री एन चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व और दूरदर्शी सोच की प्रशंसा करते हुए कहा कि झारखंड में निवेश के लिए आज एक अनुकूल माहौल (Investment Friendly Climate) तैयार हो चुका है। राज्य सरकार का रोडमैप निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

निवेश और विकास के मुख्य बिंदु:

नई टेक्नोलॉजी पर निवेश: टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसे मौजूदा प्रतिष्ठानों में अत्याधुनिक तकनीक (New Tech) पर बड़ा निवेश किया जाएगा। इसमें प्रदूषण नियंत्रण और उत्पादन तेज करने पर जोर होगा।

हाइड्रोजन बेस्ड वाहन: राज्य में उन्नत हाइड्रोजन आधारित वाहन निर्माण संयंत्र स्थापित किया गया है, जो भविष्य की तकनीक की दिशा में बड़ा कदम है।

नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्री: मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप झारखंड में 'नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्रीज' स्थापित करने के लिए सरकार और टाटा के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बनाई जाएगी।

CSR का विस्तार: टाटा समूह राज्य में अपने सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) का दायरा बढ़ाएगा और इसकी राशि में भी बढ़ोतरी की जाएगी ताकि स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिले।

स्किल डेवलपमेंट: राज्य के युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तैयार करने के लिए टाटा समूह स्किल डेवलपमेंट में सरकार का प्रमुख साझीदार बनेगा।

झारखंड: आजीवन कारावास काट रहे 23 कैदियों की रिहाई का रास्ता साफ, CM हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बड़ा फैसला

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की 36वीं बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की विभिन्न जेलों में उम्रकैद की सजा काट रहे 23 कैदियों को रिहा करने के प्रस्ताव पर अंतिम सहमति दी गई है।

गहन समीक्षा के बाद निर्णय

बैठक के दौरान परिषद द्वारा अनुशंसित नए मामलों के साथ-साथ पिछली बैठकों में अस्वीकृत किए गए 34 मामलों की बिंदुवार और गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कैदियों के अपराध की प्रकृति, संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों, जेल अधीक्षकों, प्रोबेशन अधिकारियों और न्यायालयों द्वारा दिए गए मंतव्यों को आधार बनाकर यह निर्णय लिया। रिहाई सुनिश्चित करते समय न्यायिक नियमों, सामाजिक सुरक्षा और कारा अधिनियमों का पूर्णतः पालन किया गया है।

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मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:

कैदियों का डेटाबेस: रिहा होने वाले सभी कैदियों के लिए एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाएगा ताकि उनकी गतिविधियों और पुनर्वास पर नजर रखी जा सके।

सामाजिक पुनर्वास: सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रिहा होने वाले कैदियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। उनकी आय सृजन और बेहतर सामाजिक जीवन सुनिश्चित करने के लिए जिला समन्वयकों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जागरूकता अभियान: डायन-बिसाही जैसे आरोपों में सजा काट चुके कैदियों के क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में मौजूद अधिकारी

बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, गृह एवं कारा विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती वंदना दादेल, डीजीपी श्रीमती तदाशा मिश्रा, विधि विभाग के प्रधान सचिव श्री नीरज कुमार श्रीवास्तव, जेल आईजी श्री सुदर्शन प्रसाद मंडल और न्यायिक आयुक्त श्री अनिल कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नगर क्षेत्र में पैदल मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। आगामी होली पर्व व अमेरिका ईरान जंग के चलते क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस क्षेत्राधिकारी व कोतवाली प्रभारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने नगर क्षेत्र में पैदल मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की। सोमवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी आलोक प्रसाद, कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने नगर क्षेत्र के मजा शाह चौराहा, गुरखेत बाजार,शहर बाजार, खतराना चौराहा , सर्राफा बाजार लहरपुर गेट सहित विभिन्न मार्गों पर पैदल मार्च किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। गस्त के दौरान पुलिस ने विभिन्न होलिका दहन स्थलों का भी निरीक्षण किया व विभिन्न स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की जानकारी ली।
अर्श हॉस्पिटल परिवार के द्वारा होली मिलन समारोह का किया आयोजन, होली मिलन के मौके पर दिखी ग्रामीण सांस्कृतिकमयी होली का रंग

गया: गयाजी शहर के एपी कॉलोनी स्थित संचालित अर्श सुपर स्पेशलियटी हॉस्पिटल परिवार की ओर से अस्पताल के निदेशक सह हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ नवनीत निश्चल के आवास पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। रंगोत्सव का त्यौहार होली बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर होली के पावन त्यौहार में ग्रामीण परिवेश का समावेश देखने को मिला। पारंपरिक होली के गीत एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया।

पारंपरिक एवं ग्रामीण परिवेश की होली के गीत पर सभी लोग मंत्र मुग्ध नजर आए। जहां सभी डॉक्टर एवं अन्य कर्मचारी आपस में रंग गुलाल लगाकर एक दूसरे को होली पर्व की शुभकामनाएं दी। वहीं इस मौके पर अर्श सुपर स्पेशलियटी हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ नवनीत निश्चल ने सभी को होली की शुभकामना देते हुए कहा कि यह पर्व हमारे जीवन में नया प्रकाश एवं ऊर्जा लेकर आता है। हम लोगों को सादगी एवं भाईचारे के माहौल में पर्व को मनाना चाहिए। किसी के साथ जबरदस्ती ना करते हुए पारिवारिक एवं खुशनुमा माहौल में एक दूसरे को गुलाल लगा कर होली मनानी चाहिये।

वहीं, उन्होंने कहा कि ग्रामीण होली मिलन समारोह की व्यवस्था करने का मुख्य उद्देश्य है कि ग्रामीण संस्कृतिक में होली का एक अलग ही महत्व है और हमारे कर्मचारी एवं हमारे पास जो मरीज भी आते हैं वह कहीं ना कहीं ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े होते हैं ।वही उन्होंने कहा कि हमारे अस्पताल को ऊंचाइयों तक ले जाने में सभी कर्मचारी एवं चिकित्सकों का अहम योगदान है इसके लिए भी सभी को शुभकामनाएं एवं बधाई देता हूं। वहीं अस्पताल के निदेशक डॉक्टर कविता निश्चल ने भी होली को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए लोगों से अपील किया। वही इस मौके पर उन्होंने भी होली की शुभकामनाएं एवं बधाइयां दी है.

उन्होंने भी कहा कि ग्रामीण होली मिलन की व्यवस्था करने का उद्देश्य है कि अभी भी ग्रामीण क्षेत्र से हम लोग जुड़े हुए हैं क्योंकि कहीं न कहीं सभी लोग ग्रामीण क्षेत्र से जुड़कर ही शहर में व्यवसाय या अपना परिवार का भरण पोषण करते हैं ।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से आए गायको के द्वारा भक्ति होली एवं भजन का आयोजन किया गया है जिसे सुन सभी लोग भाव विहोर हो गए ।

রাতভর রঙের উৎসবে মাতলো শহর বসিরহাট
বসিরহাট : হোলির আগেই যেন রঙের ছোঁয়ায় মাতলো বসিরহাট। বসিরহাট বসন্ত উৎসব কমিটির উদ্যোগে আগাম বসন্ত উৎসব ও দোল পূর্ণিমা উদযাপনে প্রাণ ফিরে পেল শহরের সাংস্কৃতিক পরিসর। শহর বসিরহাটের প্রাণকেন্দ্র টাউন হল মাঠে অনুষ্ঠিত এই উৎসবে সকাল থেকেই জমে ওঠে মানুষের ভিড়। উৎসবের মঞ্চ জুড়ে ছিল বাউল গান, নৃত্যানুষ্ঠান ও সংগীতানুষ্ঠান। একদিকে যেমন লোকসংস্কৃতির সুরে মাতোয়ারা হন দর্শকরা, তেমনই অন্যদিকে আবির খেলায় মেতে ওঠেন তরুণ-তরুণী থেকে শুরু করে শিশু ও প্রবীণরাও। রঙিন আবিরে রাঙা মুখ, একে অপরকে আলিঙ্গন, হাসি-আড্ডা আর সেল্ফি তোলার মুহূর্তে গোটা মাঠজুড়ে তৈরি হয় উৎসবের উচ্ছ্বাস। পাশাপাশি দর্শনার্থীদের জন্য ছিল নানা ধরনের খাবারের আয়োজন, যা উৎসবের আনন্দকে আরও বাড়িয়ে তোলে। এই আগাম বসন্ত উৎসবের উদ্যোক্তা ডাঃ শৌর্য্য ব্যানার্জি। তিনি বলেন, "দোল পূর্ণিমা মানেই শুধু রঙের উৎসব নয়, এটি সম্প্রীতি, ভালোবাসা আর একসঙ্গে থাকার বার্তা বহন করে। বর্তমান সময়ে সমাজে বিভাজন ও ব্যস্ততার মাঝেও মানুষ যেন একদিন হলেও মিলেমিশে আনন্দ করতে পারে, সেই ভাবনা থেকেই আগাম এই বসন্ত উৎসবের আয়োজন। বসিরহাট শহর বহু সংস্কৃতির মিলনক্ষেত্র। সেই ঐতিহ্যকে সামনে রেখে সকল শ্রেণী ও সম্প্রদায়ের মানুষকে এক মঞ্চে আনার চেষ্টা করেছি।"
ডাঃ ব্যানার্জি আরও জানান, এই ধরনের সামাজিক ও সাংস্কৃতিক উৎসব ভবিষ্যতেও নিয়মিত করার পরিকল্পনা রয়েছে, যাতে নতুন প্রজন্মের মধ্যে লোকসংস্কৃতি ও সাম্প্রদায়িক সম্প্রীতির বার্তা পৌঁছে দেওয়া যায়। রঙ, গান আর হাসিতে ভরা এই আগাম দোল উৎসব শেষ পর্যন্ত প্রমাণ করে দিল, উৎসবের আনন্দ কোনও নির্দিষ্ট তারিখের অপেক্ষা করে না, মানুষের মিলনই তার আসল শক্তি। বসিরহাটে সেই মিলনের ছবিই ধরা পড়ল এই বসন্ত উৎসবে।
रंग - गुलाल की सजी दुकानें बाजारों में बढ़ी रौनक
*कार्टून थीम और टैंक वाली पिचकारियां आकर्षण का केंद्र*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्साह व उमंग होली त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। रंगभरी एकादशी के बाद से ही दुकानों पर रंग-गुलाल और टोपी, मुखौटा की बिक्री बढ़ गई है। रंगों और उमंगों के इस त्योहार की आहट के साथ ही दुकानों पर रौनक बढ़ने लगी है। भदोही शहर, गोपीगंज, ज्ञानपुर, सुरियावां, घोसिया-खमरिया, ऊंज, औराई, महराजगंज, बाबूसराय, चौरी और मोढ़ समेत समस्त छोटे-बड़े बाजार स्थित दुकानों पर रात्रि दस बजे तक त्योहारी सामानों की खरीद हो रही है। दुकानों पर गुलाल, अबीर, पिचकारी, रंग-बिरंगे गुब्बारे और होली की सजावटी सामग्री की बिक्री काफी बढ़ गई है। बाजार में बच्चों के लिए कार्टून थीम वाली और टैंक वाली बड़ी पिचकारियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं, युवाओं के बीच हर्बल और ऑर्गेनिक रंगों की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। दुकानदारों के अनुसार, लोग अब त्वचा और आंखों की सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक हो गए हैं, जिसके कारण केमिकल मुक्त रंगों की बिक्री बढ़ी है। मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ गई है। गुजिया, मठरी, नमकीन और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की अग्रिम बुकिंग शुरू हो चुकी है। कई दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष छूट और ऑफर भी घोषित किए हैं। कपड़ों की दुकानों पर महिलाएं और युवा खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। सफेद कुर्ता-पायजामा और रंगीन दुपट्टों की बिक्री में तेजी आई है। होली को लेकर बाजारों में उत्साह और उमंग का माहौल है। व्यापारी बेहतर बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि आमजन त्योहार को धूमधाम से मनाने की तैयारियों में व्यस्त हैं। शहर में जगह-जगह होली का अस्थाई बाजार सजकर तैयार हैं, जहां पर हर्बल गुलाल के साथ पिचकारी, सफेदा,तरह-तरह की रंग बिरंगी टोपी, होली खेलने के लिए स्लोगन लिखी सफेद कार की टी-शर्ट और होली में उपयोग होने वाले बच्चों के आइटम्स की भरमार हैं। शहर के न्यू मार्केट और पुराने शहर के चौक बाजार इलाके में लगी दुकानों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच कर खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि पर्व के दौरान उत्पादों पर महंगाई की मार होने से लोगों में निराशा भी देखी जा रही है। अबीर-गुलाल के साथ ही पिस्टल, राकेट, गिटार के साथ ही संगीत की तान छोड़ने वाली पिचकारी बच्चों को खूब लुभा रही है। होली के रंग से बाल की सुरक्षा के लिए बाजार में बनावटी बाल भी उपलब्ध हैं। दुकानों मे विभिन्न प्रकार के मुखौटे भी बच्चों को आकर्षित कर रहे हैं। कपड़ों की दुकान के बाहर हैंगर पर होली की पोशाक भी लगनी शुरू हो गई है।
परीक्षा में 183 बच्चे सफल 12 वीं तक मिलेंगी छात्रवृत्ति
*हर्ष यादव को मिला पहला स्थान,बड़वापुर के 11 बच्चे उत्तीर्ण*



नितेश श्रीवास्तव


भदोही। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा में जिले के बच्चों ने झंडा गाड़ दिया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बड़वापुर के 11 समेत कुल 183 बच्चे परीक्षा में सफल हो गए हैं। नेवादा के हर्ष यादव ने जिले में पहला स्थान हासिल किया है। अब इनको नौवीं से 12वीं तक हर साल 12-12 हजार रुपये सालाना छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। सफल बच्चों के अभिभावकों ने शिक्षकों को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। बेसिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित विद्यालयों सहित अन्य विद्यालयों में कक्षा आठ में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को लाभान्वित करने के लिए राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित की जाती है। इसमें उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को कक्षा नौ से लेकर 12 तक की पढ़ाई के दौरान प्रति माह एक हजार रुपये की दर से 48 हजार रुपये छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। नवंबर 2025 में यह परीक्षा जिले में हुई। जिसमें दो हजार बच्चों ने भाग लिया। रविवार को इसका परीक्षाफल जारी किया गया। जिसमें हर्ष यादव ने पहला स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़वापुर के 11 छात्रों का चयन हुआ है। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक रामलाल यादव ने बताया कि बड़वापुर के चयनित बच्चों में सोनू निगम, राहुल, उदय कुमार, आयुष यादव, सोनम, नैंसी, ज्योति, गुड़िया, उजाला, तेजस और अंशिका शामिल है। बताया कि उत्तीर्ण बच्चों को कक्षा नौ से 12वीं तक हर साल 12-12 हजार की छात्रवृत्ति दी जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि शिक्षकों की मेहनत से इस बार 183 बच्चे सफल हुए
गांव के विकास को मिलेगी गति, 8.14 करोड़ जारी


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की ग्राम पंचायतों में रुके हुए विकास कार्यों को जल्द ही रफ्तार मिलेगी। पंचायत चुनाव से पहले सरकार की ओर से 15वें वित्त के रूप में अनटाइड मद यानि विशेष बजट के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी किया गया है। इससे पंचायतों में नाली, खड़ंजा, सड़क और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे। जिले के छह ब्लॉकों में 546 पंचायतें हैं। इनमें राज्य वित्त और 15वें वित्त से विकास कार्यों के लिए बजट का आवंटन किया जाता है। आबादी के हिसाब से सरकार वित्तीय वर्ष में अनटाइड और टाइड के अलग-अलग खातों में दो बार में धनराशि मुहैया कराती है। टाइड की धनराशि सिर्फ स्वच्छता आदि पर खर्च होती है जबकि अनटाइड की धनराशि पक्के कार्य और वेतन आदि में खर्च किए जाते हैं। लंबे समय से पंचायतों में विकास के लिए बजट नहीं मिल सका था, जिससे विकास कार्य रुक गए थे। लेकिन, होली से पहले शासन ने गांवों में विकास के लिए बजट जारी कर दिया है। जल्द ही पंचायत चुनाव भी होने हैं। इससे पहले सरकार ने अनटाइड के रूप में पंचायतों को बजट जारी कर दिया है। बजट के अभाव में न तो विकास की कार्ययोजना ही बन पा रही थी और न ही कार्य हो पा रहे थे लेकिन अब बजट मिलने के बाद रुके हुए विकास कार्यों को गति दी जा सकेगी। एक प्रधान ने बताया कि अनटाइड फंड में दो लाख 20 हजार से लेकर पांच लाख तक आबादी के हिसाब से पैसा मिलता है। जिला स्तर पर पैसा आ गया है। होली बाद पंचायतों के खाते में आने की उम्मीद है।



15वें वित्त आयोग से पंचायतों को अनटाइड फंड के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी हुआ है। इससे गांव में रुके विकास कार्यों में मदद मिलेगी। आबादी के हिसाब से पैसा जारी किया जाएगा।- ज्ञान प्रकाश, प्रभारी डीपीआरओ


इन कार्याे में होगा धनराशि का उपयोग
- गांव में नाली निर्माण एवं जल निकासी की व्यवस्था।
- संपर्क मार्गाें पर इंटरलाकिंग और खड़ंजा कार्य।
- पंचायत भवनों का रखरखाव एवं सुंदरीकरण।
- जिला पंचायत स्तर पर सड़कों का निर्माण।
अमेरिकी टैरिफ से उबरे निर्यातकों के सामने न‌ई परेशानी ने दी दस्तक, युद्ध लंबा खींचा तो करोबार पर दिखेगा का असर

*खाड़ी देशों के बीच छिड़े युद्ध से 80 फीसदी द्विपक्षीय कालीन कारोबार होगा प्रभावित*



नितेश श्रीवास्तव


भदोही। अमेरिकी टैरिफ से उबरे निर्यातकों के सामने अब एक नई परेशानी ने दस्तक दी है। खाड़ी देशों के बीच छिड़े युद्ध ने निर्यातकों को चिंता में डाल दिया है। वर्तमान में भले ही भारतीय कालीनों के निर्यात पर कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन युद्ध अगर लंबा खिंचता है तो निश्चित तौर पर इसका असर कारोबार पर देखने को मिलेगा। इसमें खरीदार देशों में पैनिक स्थिति होने पर 80 फीसदी द्विपक्षीय कारोबार प्रभावित होने की संभावना है। वहीं, कई अहम रास्ते प्रभावित होने के साथ अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले कारपेट एक्स्पो पर भी चिंता के बादल मंडराने लगे हैं।भारतीय कालीन की सबसे अधिक मांग अमेरिका और जर्मनी में होती है। यह दोनों देश फिलहाल प्रत्यक्ष रूप से नहीं, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध का हिस्सा बने हुए हैं। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के वाइस चेयरमैन असलम महबूब का कहना है कि निर्यातक अभी-अभी अमेरिकी टैरिफ के बोझ से निकले हैं। अगले महीने में नई दिल्ली में होेने वाले कारपेट एक्स्पो में निर्यातकों ने यह उम्मीद लगाई है कि बड़ी संख्या में अमेरिकी खरीदार आएंगे, क्योंकि बीते मेले में टैरिफ के असर के कारण खरीदारों ने दूरी बनाई थी। अब एक बार फिर से जिस तरह की स्थितियां बन रही है। उससे कहीं न कहीं कालीन व्यापारियों में यह चिंता बढ़ रही है कि युद्ध के असर से खरीदार कहीं नई दिल्ली के मेले से भी दूरी न बना लें। बताया कि अमेरिका हमारे निर्यात 60 फीसदी हिस्सेदार है। अगर जर्मनी और अन्य यूरोपिय देशों को जोड़ लिया जाए तो यह 80 फीसदी तक पहुंचा जाता है। अब आने वाले दिनों में युद्ध की स्थिति से व्यापार पर भी इसका असर देखा जा सकेगा।