खबरदार! बाल-विवाह एक गंभीर कानूनन अपराध है” जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय परिसर में जिला प्रशासन व महिला कल्याण विभाग का जागरूकता अभियान
अमर बहादुर सिंह,बलिया शहर!
बाल-विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से महिला कल्याण विभाग, जनपद बलिया एवं हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन के संयुक्त तत्वावधान में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय परिसर में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को बाल-विवाह से जुड़े कानून, दंडात्मक प्रावधान एवं इसके सामाजिक दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी गई। अभियान के माध्यम से स्पष्ट किया गया कि 21 वर्ष से कम आयु के लड़के एवं 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह कराना कानूनन अपराध है, जिसके लिए सख्त दंड का प्रावधान है। कार्यक्रम में बताया गया कि बाल-विवाह करवाने वाले दोषी माता-पिता, रिश्तेदारों, पंडित, मौलवी सहित विवाह में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को 2 वर्ष तक की सजा अथवा 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसके साथ ही बाल-विवाह में अपनी सेवाएं देने वाले नाई, रसोइया, बैंड, टेंट, सजावट अथवा किसी भी प्रकार से सहयोग करने वालों पर भी समान रूप से कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। जिला प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि बाल-विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि एक दंडनीय अपराध है, जिससे बच्चों के भविष्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों का दायित्व है कि वे इस अपराध के विरुद्ध जागरूक रहें और इसकी सूचना समय पर प्रशासन को दें। इस अवसर पर अंजली सिंह (डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर), बलिया ने कहा कि यदि कहीं भी बाल-विवाह की जानकारी मिलती है तो तत्काल संबंधित विभाग, महिला कल्याण कार्यालय अथवा प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार व समाज को भी जागरूक करें। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रियंका सिंह (सेंटर मैनेजर, वन स्टॉप सेंटर), अंजली सिंह (डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर), निकिता सिंह (जेंडर स्पेशलिस्ट), एमएसडब्ल्यू विभागाध्यक्ष पुष्पा मिश्रा, रूबी मैम, प्रेम भूषण यादव सर सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शिक्षकों की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं प्रतिभागियों ने बाल-विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा प्रत्येक बच्चे को उसके अधिकार दिलाने का संकल्प लिया। यह जागरूकता अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम माना जा रहा है।
4 min ago
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