रांची में बैठे प्रदर्शनकारियों से राहुल गांधी ने की बात, मांगों पर सीएम हेमंत से बात करने का दिलाया भरोसा
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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ यह प्रदर्शन हो रहा है। आज 14वें दिन भी स्टूडेंट्स आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। बता दें कि कांग्रेस राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नीत गठबंधन का एक घटक दल है।
छात्रों को दिया हर संभव मदद का भरोसा
छात्र नेताओं ने दावा किया कि गुरुवार देर शाम राहुल गांदी से फोन पर बातचीत हुई। धरना दे रहे छात्र नेताओं की राहुल गांधी से बातचीत रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के मोबाइल फोन के माध्यम से कराई गई। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से अपनी मांगों का विवरण भेजने को कहा और उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनकी समस्याओं को लेकर राज्य सरकार से बात करेंगे। वो इस मामले को लेकर सीएम हेमंत सोरेन से भी बात कर सकते हैं।
मांगों की सूची व्हाट्सएप पर मंगाई
ये बातचीत लगभग 10 मिनट तक चली। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा कि वे अपनी सभी मांगों का विस्तृत ज्ञापन उन्हें व्हाट्सएप पर भेजें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पूरे मामले पर झारखंड सरकार से बात करेंगे और छात्रों की मांगों के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए।
क्या है छात्रों की मांगें?
प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि यह जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल से कराई जाए। उन्होंने जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधारों पर भी जोर दिया।
वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित
इधर, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार के साथ बातचीत करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक अधिवक्ता को शामिल किया गया। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि सरकार के समक्ष केवल छात्र प्रतिनिधि ही अपनी मांगें रखेंगे। पत्रकार और अधिवक्ता केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में मौजूद रहेंगे।
















Aug 07 2026, 13:18
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