एसआरआई पर विपक्ष एकजुट, 23 पार्टियों ने सीजेआई सूर्यकांत को लिखी चिट्ठी

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चुनाव आयोग की तरफ से कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर विपक्ष एकजुट नजर आ रहै है। इस मामले में 23 राजनीतिक दलों और 1 निर्दलीय सांसद ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है।

सीजेआई को विपक्ष का ज्वाइंट लेटर

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। कांग्रेस सांसद ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, '8 जून, 2026 को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में 21 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने हिस्सा लिया था। बैठक में मुख्य न्यायाधीश को एक जाइंट लेटर भेजने का फैसला किया गया था। इस लेटर को भेजने का मकसद चुनाव आयोग की 'एसआईआर' प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों की तरफ ध्यान आकर्षित करना था।'

23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय उम्मीदवार के हस्ताक्षर

जयराम रमेश ने आगे लिखा, 'इसी फैसले के तहत, आज (30 जून) को मुख्य न्यायाधीश को एक संयुक्त पत्र भेज दिया गया है, जिस पर अब 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय उम्मीदवार के हस्ताक्षर हैं। विपक्ष के सभी दल एकजुटता, एकता और प्रतिरोध की भावना के साथ मजबूती से एक साथ खड़े हैं।'

इन नेताओं ने किए हस्ताक्षर

जानकारी के अनुसार सीजेआई सूर्यकांत को विपक्षी दलों की ओर से भेजी गई चिट्ठी पर दस्तखत करने वालों में, कांग्रेस से राहुल गांधी, टीएमसी से ममता बनर्जी, आरजेडी से तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) से संजय राउत के नाम शामिल हैं। हालांकि, विपक्ष की चिट्ठी में क्या बातें लिखी गई हैं, यह बात अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

एसआईआर के मुद्दे पर एकजुट हुआ विपक्ष

सीजेआई को चिट्ठी लिखने के मामले में विपक्ष एक बार फिर साथ आ गए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर आरोप लगाकर 2025 में इंडी गठबंधन से किनारा कर लिया था। वहीं हालिया तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस जिस तरह से पाला बदलकर सीएम सी जोसेफ विजय की टीवीके के साथ जाकर सरकार में शामिल हो गई, उसके बाद डीएमके ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलकर इंडी अलायंस से दूरी बना ली थी।

हेमन्त सोरेन ने हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन आज हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

झारखण्ड: 30 जून से 29 जुलाई तक चलेगा मतदाता मैपिंग अभियान

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु राज्य में कार्यक्रम चलाए जा रहे है। अधिक से अधिक मतदाताओं तक जागरूकता उपलब्ध कराने के लिए सोशल मीडिया एक सशक्त माध्यम है। पदाधिकारी सोशल मीडिया पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का विशेष प्रचार प्रसार करना सुनिश्चित करें । श्री के. रवि कुमार निर्वाचन सदन से ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, शिक्षा विभाग एवं सूचना जनसंपर्क विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कह कि 30 जून को हैशटैग #JharkhandSIR अभियान में सभी ELC अवश्य भाग लें। उन्होंने कहा कि सभी जिला स्तर के सोशल मीडिया हैंडल्स है उससे इस हैशटैग अभियान में प्रचार सामग्रियों का प्रसार करना अवश्य सुनिश्चित करें। जिससे अधिक से अधिक मतदाताओं तक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तथ्यों की जानकारी पहुंच सके।

श्री के रवि कुमार ने कहा कि राज्य में 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर घर जाकर मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगी। इस दौरान वैसे मतदाता जिनका विगत के विशेष गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी है वे अपने बीएलओ द्वारा इन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय अपनी जानकारी साझा कर मैपिंग कर सकते हैं।

इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी श्री देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय कुमार, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह सहित सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, शिक्षा विभाग एवं सूचना जनसंपर्क विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

मस्जिदों में बैठकों को लेकर मंगल प्रभात लोढ़ा ने चुनाव अधिकारियों से की शिकायत

मुंबई।  भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे  मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान मालाबार हिल विधानसभा क्षेत्र में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के संबंध में महाराष्ट्र के कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री तथा मलबार हिल के विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने आज विल्सन कॉलेज में मालाबार हिल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बालासाहेब वाघचौरे से भेंटकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर मंत्री लोढ़ा ने चुनाव अधिकारियों को शिकायत प्रस्तुत की कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मस्जिदों में जाकर एक विशेष समुदाय के नागरिकों के मतदाता पंजीकरण के लिए बैठकें आयोजित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों के माध्यम से मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को अनुचित रूप से प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने इस मामले की तत्काल जांच कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। मंत्री लोढ़ा ने जानकारी दी कि चुनाव अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है तथा इस विषय में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। मंत्री लोढ़ा ने कहा कि कुछ लोग दोहरे पंजीकरण (डबल रजिस्ट्रेशन) का प्रयास कर रहे हैं। विभिन्न राज्यों में उनके नाम मतदाता के रूप में दर्ज हैं। पश्चिम बंगाल में ऐसा षड्यंत्र उजागर हुआ था, जिसके बाद वहां से 97 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। लेकिन यहां इस प्रकार का दोहरा पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी कारण इसका रास्ता निकालने के लिए बूथ लेवल अधिकारी अथवा अन्य अधिकारियों की सहायता से मस्जिदों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। नागरिकों की सतर्कता के कारण यह मामला सामने आया है। यहां यह गतिविधि बंद हो गई हो सकती है, लेकिन हमें जानकारी मिली है कि अन्य स्थानों पर यह अभी भी जारी है। एसआईआर प्रक्रिया के संबंध में मालाबार हिल के नागरिकों ने विभिन्न मांगें रखी हैं। उनकी प्रमुख मांग यह है कि जो नागरिक वर्तमान में अस्थायी रूप से अन्यत्र रह रहे हैं, उनका मतदाता पंजीकरण एसआईआर प्रक्रिया के दौरान उनके अस्थायी पते पर स्थानांतरित न किया जाए, बल्कि उनके स्थायी पते पर ही बनाए रखा जाए। उनका कहना है कि अस्थायी पता केवल सीमित अवधि के लिए होता है और संबंधित नागरिक भविष्य में पुनः अपने स्थायी निवास पर लौटेंगे। यदि उनका मतदाता पंजीकरण अस्थायी पते पर किया जाता है, तो भविष्य में उन्हें पुनः पता परिवर्तन की अलग प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। इन तथा अन्य मांगों के संबंध में श्री लोढ़ा ने नागरिकों की ओर से मुख्य निर्वाचन अधिकारी को विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि, “हमारी मांग है कि मतदाता सत्यापन प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमबद्ध तरीके से संचालित की जाए। किसी भी पात्र मतदाता के साथ अन्याय न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग को तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए। जर्जर इमारतों, पुनर्विकास परियोजनाओं तथा एसआरए परियोजनाओं के कारण अनेक नागरिक अपने मूल निवास स्थान से दूर रह रहे हैं। उनका पंजीकरण या तो नहीं हुआ है अथवा अन्य स्थानों पर हो गया है। यह समस्या केवल मुंबई तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में मौजूद है। ऐसे नागरिकों को उनके अस्थायी पते पर सूचना भेजना, विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित करना अथवा उनके लिए अलग व्यवस्था उपलब्ध कराना जैसी पहलें तत्काल की जानी चाहिए। साथ ही, मतदाता सत्यापन के लिए नियुक्त बूथ लेवल अधिकारी (BLO/BLA) को अभी तक आधिकारिक मान्यता अथवा संबंधित प्राधिकरण पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, जिससे कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्हें आवश्यक दस्तावेज यथाशीघ्र उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
मतदाताओं की सुविधा हेतु समाहरणालय परिसर में हेल्प डेस्क का शुभारंभ

मतदाताओं को निर्वाचन संबंधी सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समाहरणालय भवन परिसर में हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया गया। इसका उद्घाटन उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री हेमन्त सती द्वारा किया गया।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत मतदाताओं को आवश्यक जानकारी एवं सहायता प्रदान करने के लिए यह हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है। हेल्प डेस्क के माध्यम से टोल फ्री नंबर-1950 पर संपर्क कर मतदाता पंजीकरण, नाम संशोधन, मतदाता सूची से नाम विलोपन तथा निर्वाचन संबंधी आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि हेल्प डेस्क के माध्यम से दिव्यांग, प्रवासी एवं बुजुर्ग मतदाताओं को विशेष सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे निर्वाचन प्रक्रिया में सहजता से भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। साथ ही मतदाताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान एवं आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।

यह हेल्प डेस्क समाहरणालय भवन के ग्राउंड फ्लोर में संचालित होगा, जहां प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा मतदाताओं को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे SIR-2026 के तहत अपने निर्वाचन संबंधी कार्यों एवं जानकारी के लिए हेल्प डेस्क तथा टोल फ्री नंबर-1950 का अधिकतम उपयोग करें।

उपायुक्त हेमन्त सती द्वारा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को SIR के विभिन्न चरणों से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री हेमन्त सती की अध्यक्षता में आज 25 जून को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) 2026 के संबंध में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को SIR की संपूर्ण प्रक्रिया एवं इसके विभिन्न चरणों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाना है, जिससे सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके तथा अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जा सके।

उपायुक्त ने पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सीमा, दावा एवं आपत्ति की प्रक्रिया, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम विलोपित करने तथा आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं को जागरूक करें तथा पुनरीक्षण कार्य में प्रशासन का सहयोग करें।

बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों को निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों, प्रपत्रों के उपयोग एवं ऑनलाइन सुविधाओं के बारे में भी अवगत कराया गया।

उपायुक्त ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आधारशिला है और इसकी शुद्धता सुनिश्चित करने में राजनीतिक दलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि जिले में मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य सफलतापूर्वक एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके।

बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती वेदवंती कुमारी एवं राजनीतिक दलों में आम आदमी पार्टी से श्री शशि कुमार सिंह, बहुजन समाज पार्टी से श्रीमती शीला देवी,भारतीय जनता पार्टी से श्री जयनारायण मेहता, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया(मा0) से श्री गणेश कुमार सीटू, इंडियन नेशनल कांग्रेस से श्री निसार खान, आजसू से श्री शुभम राणा, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा से श्री सुनील कुमार शर्मा तथा राष्ट्रीय जनता दल से श्री हीरामन यादव उपस्थित थे।

झामुमो साहेबगंज की बूथ स्तरीय व BLA-2 बैठक संपन्न, SIR अभियान पर कार्यकर्ताओं को दिए दिशा-निर्देश

आज साहेबगंज के टाउन हॉल में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की एक दिवसीय बूथ स्तरीय एवं BLA-2 बैठक जिला अध्यक्ष अरुण सिंह जी के अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में माननीय केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्री विनोद पांडेय जी, माननीय केंद्रीय सचिव एवं प्रवक्ता पंकज मिश्रा जी, माननीय सांसद श्री विजय कुमार हांसदा जी, राजमहल विधायक एमटी राजा जी, बोरियो विधायक श्री धनंजय सोरेन जी तथा जिला सचिव सुरेश टुडू, केंद्रीय समिति सदस्य संजय गोस्वामी जी, केंद्रीय समिति सदस्य संजीव शामू हेंब्रम जी, केंद्रीय समिति सदस्य संजय मिश्रा उर्फ बबलू मिश्रा जी, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती मोनिका किस्कू जी, नगर परिषद अध्यक्ष रामनाथ पासवान उर्फ छोटू पासवान जी, नगर पंचायत अध्यक्ष किताबुदीन शेख जी, विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के संबंध में BLA-2 एवं बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को विस्तृत जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची के प्रति सतर्क एवं सक्रिय रहने का आह्वान किया, ताकि किसी भी पात्र पुरुष या महिला मतदाता का नाम किसी भी परिस्थिति में मतदाता सूची से न छूटे या कटे।

देवघर-भाजपा के सत्संग नगर मंडल की एक बैठक हुई जिसमें प्रभारी के रूप में जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया उपस्थित रहे।
देवघर: 8 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी के सत्संग नगर मंडल की एक बैठक हुई जिसमें प्रभारी के रूप में जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया उपस्थित थें l बैठक में 10 तारीख को SIR पर जिला कार्यशाला, केंद्र सरकार के 12 सालों के जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाना, मेरा बूथ सबसे मजबूत, एक पेड़ माँ के नाम तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को लेकर विचार विमर्श किया गया l बैठक में मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया,निर्मल मिश्रा, संध्या कुमारी, सरिता बरनवाल, प्रेमलता बरनवाल, संगीता बरनवाल, उमिता बरनवाल, राजेश गुप्ता,सुभेंदु सुमन अमित,टुनटुन कुमार, अमित शेखर ठाकुर आदि लोग मौजूद थे l
रोमी पंचायत में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य का निरीक्षण, मुन्ना सिंह ने दिए आवश्यक निर्देश

हजारीबाग सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने बुधवार को कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत रोमी पंचायत में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत 6 मतदान केंद्रों का भ्रमण कर बूथों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जय प्रकाश भाई पटेल भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान मुन्ना सिंह ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के साथ विस्तारपूर्वक संवाद कर मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित कार्यों की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी जीवित एवं पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं छूटना चाहिए। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम किसी कारणवश सूची में दर्ज नहीं हो पाया है, तो उसका नाम अविलंब जोड़ने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, ताकि लोकतंत्र में हर नागरिक की भागीदारी बनी रहे।

मुन्ना सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता की भागीदारी में निहित है और मतदाता सूची उसकी सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है। निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की मर्यादा और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है।

उन्होंने आगे कहा कि बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता, पारदर्शिता और जवाबदेही ही मजबूत लोकतंत्र का परिचायक है। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

वहीं जिला अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल ने भी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी अधिकारियों, BLO एवं कार्यकर्ताओं से गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की।

SIR पर लगी मुहर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- चुनाव आयोग का ये अधिकार है

#supremecourttodeliververdictonpleaschallengingsir

सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एसआईआर कराना चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि मुक्त और निष्पक्ष चुनाव के लिए एसआईआर जरूरी है।

SIR चुनाव आयोग का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21(3) चुनाव आयोग को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का अधिकार देते हैं। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि SIR प्रक्रिया जन प्रतिनिधित्व अधिनियम में ‘नई जान फूंकने’ का काम करती है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को ज्यादा शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है।

कोर्ट ने बताया SIR क्यों जरूरी

सीजेआई सूर्यकांत ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कहा कि बिहार में चल रही SIR प्रक्रिया संविधान के उस मूल दायित्व से अलग नहीं है, जिसका संबंध स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने से है। अदालत ने माना कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की प्रक्रिया चलाने का अधिकार है। अदालत ने कहा कि बिहार में बड़े पैमाने पर जनसांख्यिकीय बदलाव, शहरीकरण और प्रवासन के कारण मतदाता सूची में व्यापक परिवर्तन हुए हैं, जिसके चलते चुनाव आयोग ने यह प्रक्रिया शुरू की।

दस्तावेज मांगने का मतलब उन्हें नागरिक ना मानना नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR की प्रकिया में कोई गलती नहीं है। लोगों को अपनी जानकारी जोड़ने, सुधार करने और आपत्ति/अपील करने के कई मौके दिए गए। अगर मतदाताओं से SIR के दौरान अपने दस्तावेज या जानकारी देने के लिए कहा जाता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उनको नागरिक नहीं माना जा रहा है। निष्पक्ष चुनाव सिर्फ वोट डालने की प्रक्रिया तक सीमित नहीं होते। उनका सबसे महत्वपूर्ण आधार सही, भरोसेमंद और सटीक वोटर लिस्ट होती है। ऐसे में वोटर लिस्ट को अपडेट करना गलत नहीं माना जा सकता।

SIR के खिलाफ याचिका में क्या?

इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि इतने बड़े स्तर पर SIR कराना जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के खिलाफ है और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया कानून के दायरे में है और उसका उद्देश्य वैध है। इस फैसले को बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कराए गए वोटर लिस्ट सुधार अभियान पर चुनाव आयोग के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। साथ ही यह निर्णय भविष्य में देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।

एसआरआई पर विपक्ष एकजुट, 23 पार्टियों ने सीजेआई सूर्यकांत को लिखी चिट्ठी

#sirprocess23oppositionpartieswrittentocjisurya-kant

चुनाव आयोग की तरफ से कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर विपक्ष एकजुट नजर आ रहै है। इस मामले में 23 राजनीतिक दलों और 1 निर्दलीय सांसद ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है।

सीजेआई को विपक्ष का ज्वाइंट लेटर

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। कांग्रेस सांसद ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, '8 जून, 2026 को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में 21 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने हिस्सा लिया था। बैठक में मुख्य न्यायाधीश को एक जाइंट लेटर भेजने का फैसला किया गया था। इस लेटर को भेजने का मकसद चुनाव आयोग की 'एसआईआर' प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों की तरफ ध्यान आकर्षित करना था।'

23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय उम्मीदवार के हस्ताक्षर

जयराम रमेश ने आगे लिखा, 'इसी फैसले के तहत, आज (30 जून) को मुख्य न्यायाधीश को एक संयुक्त पत्र भेज दिया गया है, जिस पर अब 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय उम्मीदवार के हस्ताक्षर हैं। विपक्ष के सभी दल एकजुटता, एकता और प्रतिरोध की भावना के साथ मजबूती से एक साथ खड़े हैं।'

इन नेताओं ने किए हस्ताक्षर

जानकारी के अनुसार सीजेआई सूर्यकांत को विपक्षी दलों की ओर से भेजी गई चिट्ठी पर दस्तखत करने वालों में, कांग्रेस से राहुल गांधी, टीएमसी से ममता बनर्जी, आरजेडी से तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) से संजय राउत के नाम शामिल हैं। हालांकि, विपक्ष की चिट्ठी में क्या बातें लिखी गई हैं, यह बात अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

एसआईआर के मुद्दे पर एकजुट हुआ विपक्ष

सीजेआई को चिट्ठी लिखने के मामले में विपक्ष एक बार फिर साथ आ गए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर आरोप लगाकर 2025 में इंडी गठबंधन से किनारा कर लिया था। वहीं हालिया तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस जिस तरह से पाला बदलकर सीएम सी जोसेफ विजय की टीवीके के साथ जाकर सरकार में शामिल हो गई, उसके बाद डीएमके ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलकर इंडी अलायंस से दूरी बना ली थी।

हेमन्त सोरेन ने हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन आज हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

झारखण्ड: 30 जून से 29 जुलाई तक चलेगा मतदाता मैपिंग अभियान

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु राज्य में कार्यक्रम चलाए जा रहे है। अधिक से अधिक मतदाताओं तक जागरूकता उपलब्ध कराने के लिए सोशल मीडिया एक सशक्त माध्यम है। पदाधिकारी सोशल मीडिया पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का विशेष प्रचार प्रसार करना सुनिश्चित करें । श्री के. रवि कुमार निर्वाचन सदन से ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, शिक्षा विभाग एवं सूचना जनसंपर्क विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कह कि 30 जून को हैशटैग #JharkhandSIR अभियान में सभी ELC अवश्य भाग लें। उन्होंने कहा कि सभी जिला स्तर के सोशल मीडिया हैंडल्स है उससे इस हैशटैग अभियान में प्रचार सामग्रियों का प्रसार करना अवश्य सुनिश्चित करें। जिससे अधिक से अधिक मतदाताओं तक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तथ्यों की जानकारी पहुंच सके।

श्री के रवि कुमार ने कहा कि राज्य में 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर घर जाकर मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगी। इस दौरान वैसे मतदाता जिनका विगत के विशेष गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी है वे अपने बीएलओ द्वारा इन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय अपनी जानकारी साझा कर मैपिंग कर सकते हैं।

इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी श्री देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय कुमार, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह सहित सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, शिक्षा विभाग एवं सूचना जनसंपर्क विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

मस्जिदों में बैठकों को लेकर मंगल प्रभात लोढ़ा ने चुनाव अधिकारियों से की शिकायत

मुंबई।  भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे  मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान मालाबार हिल विधानसभा क्षेत्र में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के संबंध में महाराष्ट्र के कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री तथा मलबार हिल के विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने आज विल्सन कॉलेज में मालाबार हिल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बालासाहेब वाघचौरे से भेंटकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर मंत्री लोढ़ा ने चुनाव अधिकारियों को शिकायत प्रस्तुत की कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मस्जिदों में जाकर एक विशेष समुदाय के नागरिकों के मतदाता पंजीकरण के लिए बैठकें आयोजित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों के माध्यम से मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को अनुचित रूप से प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने इस मामले की तत्काल जांच कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। मंत्री लोढ़ा ने जानकारी दी कि चुनाव अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है तथा इस विषय में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। मंत्री लोढ़ा ने कहा कि कुछ लोग दोहरे पंजीकरण (डबल रजिस्ट्रेशन) का प्रयास कर रहे हैं। विभिन्न राज्यों में उनके नाम मतदाता के रूप में दर्ज हैं। पश्चिम बंगाल में ऐसा षड्यंत्र उजागर हुआ था, जिसके बाद वहां से 97 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। लेकिन यहां इस प्रकार का दोहरा पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी कारण इसका रास्ता निकालने के लिए बूथ लेवल अधिकारी अथवा अन्य अधिकारियों की सहायता से मस्जिदों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। नागरिकों की सतर्कता के कारण यह मामला सामने आया है। यहां यह गतिविधि बंद हो गई हो सकती है, लेकिन हमें जानकारी मिली है कि अन्य स्थानों पर यह अभी भी जारी है। एसआईआर प्रक्रिया के संबंध में मालाबार हिल के नागरिकों ने विभिन्न मांगें रखी हैं। उनकी प्रमुख मांग यह है कि जो नागरिक वर्तमान में अस्थायी रूप से अन्यत्र रह रहे हैं, उनका मतदाता पंजीकरण एसआईआर प्रक्रिया के दौरान उनके अस्थायी पते पर स्थानांतरित न किया जाए, बल्कि उनके स्थायी पते पर ही बनाए रखा जाए। उनका कहना है कि अस्थायी पता केवल सीमित अवधि के लिए होता है और संबंधित नागरिक भविष्य में पुनः अपने स्थायी निवास पर लौटेंगे। यदि उनका मतदाता पंजीकरण अस्थायी पते पर किया जाता है, तो भविष्य में उन्हें पुनः पता परिवर्तन की अलग प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। इन तथा अन्य मांगों के संबंध में श्री लोढ़ा ने नागरिकों की ओर से मुख्य निर्वाचन अधिकारी को विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि, “हमारी मांग है कि मतदाता सत्यापन प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमबद्ध तरीके से संचालित की जाए। किसी भी पात्र मतदाता के साथ अन्याय न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग को तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए। जर्जर इमारतों, पुनर्विकास परियोजनाओं तथा एसआरए परियोजनाओं के कारण अनेक नागरिक अपने मूल निवास स्थान से दूर रह रहे हैं। उनका पंजीकरण या तो नहीं हुआ है अथवा अन्य स्थानों पर हो गया है। यह समस्या केवल मुंबई तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में मौजूद है। ऐसे नागरिकों को उनके अस्थायी पते पर सूचना भेजना, विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित करना अथवा उनके लिए अलग व्यवस्था उपलब्ध कराना जैसी पहलें तत्काल की जानी चाहिए। साथ ही, मतदाता सत्यापन के लिए नियुक्त बूथ लेवल अधिकारी (BLO/BLA) को अभी तक आधिकारिक मान्यता अथवा संबंधित प्राधिकरण पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, जिससे कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्हें आवश्यक दस्तावेज यथाशीघ्र उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
मतदाताओं की सुविधा हेतु समाहरणालय परिसर में हेल्प डेस्क का शुभारंभ

मतदाताओं को निर्वाचन संबंधी सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समाहरणालय भवन परिसर में हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया गया। इसका उद्घाटन उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री हेमन्त सती द्वारा किया गया।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत मतदाताओं को आवश्यक जानकारी एवं सहायता प्रदान करने के लिए यह हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है। हेल्प डेस्क के माध्यम से टोल फ्री नंबर-1950 पर संपर्क कर मतदाता पंजीकरण, नाम संशोधन, मतदाता सूची से नाम विलोपन तथा निर्वाचन संबंधी आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि हेल्प डेस्क के माध्यम से दिव्यांग, प्रवासी एवं बुजुर्ग मतदाताओं को विशेष सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे निर्वाचन प्रक्रिया में सहजता से भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। साथ ही मतदाताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान एवं आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।

यह हेल्प डेस्क समाहरणालय भवन के ग्राउंड फ्लोर में संचालित होगा, जहां प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा मतदाताओं को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे SIR-2026 के तहत अपने निर्वाचन संबंधी कार्यों एवं जानकारी के लिए हेल्प डेस्क तथा टोल फ्री नंबर-1950 का अधिकतम उपयोग करें।

उपायुक्त हेमन्त सती द्वारा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को SIR के विभिन्न चरणों से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री हेमन्त सती की अध्यक्षता में आज 25 जून को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) 2026 के संबंध में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को SIR की संपूर्ण प्रक्रिया एवं इसके विभिन्न चरणों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाना है, जिससे सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके तथा अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जा सके।

उपायुक्त ने पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सीमा, दावा एवं आपत्ति की प्रक्रिया, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम विलोपित करने तथा आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं को जागरूक करें तथा पुनरीक्षण कार्य में प्रशासन का सहयोग करें।

बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों को निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों, प्रपत्रों के उपयोग एवं ऑनलाइन सुविधाओं के बारे में भी अवगत कराया गया।

उपायुक्त ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आधारशिला है और इसकी शुद्धता सुनिश्चित करने में राजनीतिक दलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि जिले में मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य सफलतापूर्वक एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके।

बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती वेदवंती कुमारी एवं राजनीतिक दलों में आम आदमी पार्टी से श्री शशि कुमार सिंह, बहुजन समाज पार्टी से श्रीमती शीला देवी,भारतीय जनता पार्टी से श्री जयनारायण मेहता, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया(मा0) से श्री गणेश कुमार सीटू, इंडियन नेशनल कांग्रेस से श्री निसार खान, आजसू से श्री शुभम राणा, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा से श्री सुनील कुमार शर्मा तथा राष्ट्रीय जनता दल से श्री हीरामन यादव उपस्थित थे।

झामुमो साहेबगंज की बूथ स्तरीय व BLA-2 बैठक संपन्न, SIR अभियान पर कार्यकर्ताओं को दिए दिशा-निर्देश

आज साहेबगंज के टाउन हॉल में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की एक दिवसीय बूथ स्तरीय एवं BLA-2 बैठक जिला अध्यक्ष अरुण सिंह जी के अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में माननीय केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्री विनोद पांडेय जी, माननीय केंद्रीय सचिव एवं प्रवक्ता पंकज मिश्रा जी, माननीय सांसद श्री विजय कुमार हांसदा जी, राजमहल विधायक एमटी राजा जी, बोरियो विधायक श्री धनंजय सोरेन जी तथा जिला सचिव सुरेश टुडू, केंद्रीय समिति सदस्य संजय गोस्वामी जी, केंद्रीय समिति सदस्य संजीव शामू हेंब्रम जी, केंद्रीय समिति सदस्य संजय मिश्रा उर्फ बबलू मिश्रा जी, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती मोनिका किस्कू जी, नगर परिषद अध्यक्ष रामनाथ पासवान उर्फ छोटू पासवान जी, नगर पंचायत अध्यक्ष किताबुदीन शेख जी, विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के संबंध में BLA-2 एवं बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को विस्तृत जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची के प्रति सतर्क एवं सक्रिय रहने का आह्वान किया, ताकि किसी भी पात्र पुरुष या महिला मतदाता का नाम किसी भी परिस्थिति में मतदाता सूची से न छूटे या कटे।

देवघर-भाजपा के सत्संग नगर मंडल की एक बैठक हुई जिसमें प्रभारी के रूप में जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया उपस्थित रहे।
देवघर: 8 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी के सत्संग नगर मंडल की एक बैठक हुई जिसमें प्रभारी के रूप में जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया उपस्थित थें l बैठक में 10 तारीख को SIR पर जिला कार्यशाला, केंद्र सरकार के 12 सालों के जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाना, मेरा बूथ सबसे मजबूत, एक पेड़ माँ के नाम तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को लेकर विचार विमर्श किया गया l बैठक में मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया,निर्मल मिश्रा, संध्या कुमारी, सरिता बरनवाल, प्रेमलता बरनवाल, संगीता बरनवाल, उमिता बरनवाल, राजेश गुप्ता,सुभेंदु सुमन अमित,टुनटुन कुमार, अमित शेखर ठाकुर आदि लोग मौजूद थे l
रोमी पंचायत में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य का निरीक्षण, मुन्ना सिंह ने दिए आवश्यक निर्देश

हजारीबाग सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने बुधवार को कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत रोमी पंचायत में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत 6 मतदान केंद्रों का भ्रमण कर बूथों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जय प्रकाश भाई पटेल भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान मुन्ना सिंह ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के साथ विस्तारपूर्वक संवाद कर मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित कार्यों की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी जीवित एवं पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं छूटना चाहिए। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम किसी कारणवश सूची में दर्ज नहीं हो पाया है, तो उसका नाम अविलंब जोड़ने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, ताकि लोकतंत्र में हर नागरिक की भागीदारी बनी रहे।

मुन्ना सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता की भागीदारी में निहित है और मतदाता सूची उसकी सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है। निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की मर्यादा और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है।

उन्होंने आगे कहा कि बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता, पारदर्शिता और जवाबदेही ही मजबूत लोकतंत्र का परिचायक है। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

वहीं जिला अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल ने भी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी अधिकारियों, BLO एवं कार्यकर्ताओं से गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की।

SIR पर लगी मुहर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- चुनाव आयोग का ये अधिकार है

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सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एसआईआर कराना चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि मुक्त और निष्पक्ष चुनाव के लिए एसआईआर जरूरी है।

SIR चुनाव आयोग का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21(3) चुनाव आयोग को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का अधिकार देते हैं। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि SIR प्रक्रिया जन प्रतिनिधित्व अधिनियम में ‘नई जान फूंकने’ का काम करती है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को ज्यादा शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है।

कोर्ट ने बताया SIR क्यों जरूरी

सीजेआई सूर्यकांत ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कहा कि बिहार में चल रही SIR प्रक्रिया संविधान के उस मूल दायित्व से अलग नहीं है, जिसका संबंध स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने से है। अदालत ने माना कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की प्रक्रिया चलाने का अधिकार है। अदालत ने कहा कि बिहार में बड़े पैमाने पर जनसांख्यिकीय बदलाव, शहरीकरण और प्रवासन के कारण मतदाता सूची में व्यापक परिवर्तन हुए हैं, जिसके चलते चुनाव आयोग ने यह प्रक्रिया शुरू की।

दस्तावेज मांगने का मतलब उन्हें नागरिक ना मानना नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR की प्रकिया में कोई गलती नहीं है। लोगों को अपनी जानकारी जोड़ने, सुधार करने और आपत्ति/अपील करने के कई मौके दिए गए। अगर मतदाताओं से SIR के दौरान अपने दस्तावेज या जानकारी देने के लिए कहा जाता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उनको नागरिक नहीं माना जा रहा है। निष्पक्ष चुनाव सिर्फ वोट डालने की प्रक्रिया तक सीमित नहीं होते। उनका सबसे महत्वपूर्ण आधार सही, भरोसेमंद और सटीक वोटर लिस्ट होती है। ऐसे में वोटर लिस्ट को अपडेट करना गलत नहीं माना जा सकता।

SIR के खिलाफ याचिका में क्या?

इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि इतने बड़े स्तर पर SIR कराना जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के खिलाफ है और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया कानून के दायरे में है और उसका उद्देश्य वैध है। इस फैसले को बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कराए गए वोटर लिस्ट सुधार अभियान पर चुनाव आयोग के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। साथ ही यह निर्णय भविष्य में देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।