कौन है निशु आजाद जिसके पिता को न्याय दिलाने सड़क पर उतरी सीजेपी, संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन

#cjpprotestnishuazadfatherattackparliamentstreetpolice_station

कॉकरोच जनता पार्टी एक बार फिर सड़क पर उतरी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 जून को सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन में घायल हुए निशु आजाद के पिता को न्याय दिलाने के लिए सीजेपी संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन कर रही है। सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन में घायल हुए गाजियाबाद के संजय कुमार (38) की बेटी निशु ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर निशु का एक वीडियो आया है, जिसमें वह कह रही हैं कि अब दिल्ली पुलिस से उनकी आशा और उम्मीद टूटने लगी है।

वीडियो आने के बाद बवाल बढ़ा

निशु का वीडियो आने के बाद इसे लेकर बवाल बढ़ गया है। निशु वीडियो में कह रही हैं कि आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह साफ कह रहा कि उस पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज होना चाहिए था। निशु ने कहा कि जब मेरे पापा का सिर फोड़ा था। तब उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन डेढ़ महीने बाद भी पुलिस कुछ नहीं कर रही है। निशु ने अपना वीडियो राहुल गांधी को भी टैग किया है। उनका कहना है कि अब पुलिस से उम्मीद नहीं है। आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को कानून का डर नहीं है। अब मुझे बस राहुल गांधी से उम्मीद है।

सौरव दास का थाने के सामने धरना-प्रदर्शन

निशु दिल्ली पुलिस से एक्शन की मांग कर रही हैं। साथ ही वह स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रही हैं। इसे लेकर आज संसद थाने के बाहर काफी गहमागहमी है। निशु मामले में कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास और कुछ लोग पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे हैं। थाने के सामने सड़क पर बैठ गए हैं।

सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जंतर मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान समर्थक के पिता पर हुए हमले में कार्रवाई न करने की बात कही। रांका के अनुसार, सौरभ और उनके पूरे दल ने दिल्ली पुलिस से हमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। उन्होंने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की भी मांग की थी। हालांकि, पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। आज, घटना में शामिल लोग खुले तौर पर संजय पर हमला करने की बात स्वीकार कर रहे हैं। वे यह भी मान रहे हैं कि उन्होंने संजय को जान से मारने का प्रयास किया था। इसके बावजूद, दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर कोई कदम नहीं उठाया है। यह आरोप कपिल मिश्रा और भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रभाव में कार्रवाई न करने का है।

स्वतंत्र भारद्वाज के वीडियो में क्या?

इस बीच कथित हमलावर स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वह दावा कर रहा है कि उसने सीजेपी के एक प्रदर्शनकारी के पिता के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, उसे 60 टांके लगे थे और उसकी हालत इतनी गंभीर थी कि वह मौत के करीब पहुंच गया था। वह यह भी कहता है कि उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाना चाहिए था। वीडियो में उसने आगे कहा 'मैं अगले दिन ही पुलिस हिरासत से बाहर आ गया। मुझे जेल भी नहीं जाना पड़ा। मैंने पुलिस को यह कहते सुना कि कपिल मिश्रा का फोन आया था। वह मेरे बड़े भाई जैसे हैं।

सितंबर मध्य में बुलाया जा सकता है संसद का विशेष सत्र, परिसीमन और मह‍िला आरक्षण पर बड़ी तैयारी

#parliamentspecialsessioncouldbecalledon_september

केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार मध्य सितंबर के बाद परिसीमन व महिला आरक्षण के लिए दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है। मानसून सत्र में मोदी सरकार परिसीमन विधेयक पेश नहीं कर पाई थी। अब इसे लेकर विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। फिलहाल सरकार दो तिहाई नंबर जुटाने पर विचार कर रही है। इसके बाद सरकार संविधान संशोधन विधेयकों को पारित करने के लिए दो दिन का सत्र बुलाने पर विचार कर रही है।

संख्याबल जुटाने में जुटी सरकार

फिलहाल सरकार दो तिहाई नंबर जुटाने पर विचार कर रही है। इसके बाद सरकार संविधान संशोधन विधेयकों को पारित करने के लिए दो दिन का सत्र बुलाने पर विचार कर रही है। हालांकि इस बारे में अंतिम निर्णय तभी किया जाएगा, जब सरकार इन विधेयकों को पारित कराने के लिए आवश्यक दो तिहाई बहुमत के प्रति आश्वस्त हो जाए। सरकार की योजना विशेष सत्र से पहले कैबिनेट विस्तार के जरिये एनडीए में शामिल होने के इच्छुक दलों को साधने की है।

विशेष सत्र और कैबिनेट विस्तार में दो बड़े पेच

सरकार के सूत्र के मुताबिक, विशेष सत्र और कैबिनेट विस्तार में दो बड़े पेच हैं। सरकार चाहती है कि विस्तार से पहले एनसीपी के दोनों धड़ों का विलय हो जाए और डीएमके सरकार का हिस्सा बने। दोनों ही मामलों में बातचीत अपने अंतिम दौर में है। परिसीमन के संदर्भ में सरकार ने डीएमके को पहले ही राज्यों की सीटों की संख्या में आनुपातिक आधार पर 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी को विधेयक के मसौदे में लिखित रूप में शामिल करने का आश्वासन दिया है। एनसीपी के दोनों धड़ों में विलय को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस लगातार बातचीत कर रहे हैं।

डीएमके को लेकर फंसा मामला

परिसीमन के सवाल पर सरकार एनसीपी-एसपी के समर्थन को लेकर आश्वस्त है। मामला डीएमके को लेकर फंसा हुआ है। तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना-यूबीटी, आम आदमी पार्टी में बड़ी टूट और शरद पवार, अकाली दल के समर्थन के संकेत के बाद भी विशेष सत्र का रुख डीएमके ही तय करेगी, जिसके पास लोकसभा में 22 तो राज्यसभा में 8 सांसद हैं। इनके बिना सरकार विधेयक को पारित कराने के लिए जरूरी दो तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाएगी। सूत्र के मुताबिक, डीएमके से परिसीमन ही नहीं बल्कि राजग में शामिल होने, कैबिनेट में प्रतिनिधित्व देने जैसे मामले पर भी बात हो रही है। डीएमके की सहमति मिलते ही विशेष सत्र के साथ कैबिनेट विस्तार की रूपरेखा भी तैयार कर ली जाएगी।

मानसून सेशन का अब तक सत्रावसान नहीं

बता दें कि अभी हाल ही में 3 अगस्त को मानसून सत्र समाप्त होने के बाद दोनों सदनों को अनिश्चिकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। लेकिन अभी तक संसद का सत्रावसान नहीं हुआ है यानी तकनीकी रूप से अब भी मानसून सत्र चल रहा है और दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारी जब भी चाहें सदन की बैठक बुला सकते हैं। सद के सत्र की समाप्ति के लिए अंग्रेजी में Prorogue शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। इसका मतलब होता है एक पूरे सत्र की समाप्ति। यानी सरकार ने अभी तक मानसून सत्र को Prorogue करने की घोषणा नहीं की है। लोकसभा अध्यक्ष ने 13 अगस्त को सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल (Sine Die) तक स्थगित करने की घोषणा की थी। Sine Die का मतलब सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित करना होता है। ऐसे में सरकार के पास शीतकालीन सत्र का इंतजार किए बिना इसी सत्र को विशेष बैठक के लिए फिर से बुलाने का विकल्प है।

संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी, पैलेट गन फायरिंग मामले में FIR दर्ज करने की मांग*

#rahulgandhipelletgunvictimsahilparliamentstreetpolicestationfir

जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पैलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा अब थाने तक पहुंच गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को पीड़ित छात्र साहिल और उसके परिवार के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे। राहुल गांधी की मांग है कि छात्र को लगी चोटों की जांच हो और इस मामले में FIR दर्ज की जाए।

पैलेट गन पीड़ित साहिल लोचब का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उनकी शिकायत पर FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया है। राहुल और साहिल पहले कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन गए थे, लेकिन बाद में FIR दर्ज कराने के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में DCP ऑफिस गए। इस दौरान, राहुल गांधी ने पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी।

पैलेट गन फायरिंग में घायल युवक के साथ धरने पर बैठे

कथित पैलेट गन फायरिंग में घायल हुए युवक के साथ राहुल गांधी पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचकर उन्होंने अधिकारियों से फायरिंग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी नुपुर प्रसाद से मुलाकात की। उन्हें चार्ज संभाले अभी दो दिन ही हुए हैं। मुलाकात के बाद राहुल गांधी बाहर आए और यहां पहुंचने के बाद अचानक बाहर ही बैठ गए।

राहुल पहले भी उठे चुके हैं ये मामला

राहुल गांधी के साथ मौजूद साहिल वही छात्र है, जिसे लेकर कांग्रेस नेता पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं। राहुल गांधी ने उस दौरान छात्र के शरीर पर चोटों के निशान दिखाते हुए दावा किया था कि ये पैलेट गन के छर्रों से लगी चोटें हैं। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ और साहिल की आंख की रोशनी भी बुरी तरह प्रभावित हुई। अब राहुल गांधी चाहते हैं कि पुलिस मेडिकल जांच और दूसरे सबूतों के आधार पर यह साफ करे कि छात्र को चोट किस चीज से लगी और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए गठित की हाई पावर एक्सपर्ट कमेटी

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा तथा पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्रवाई की जांच के लिए एक पांच सदस्यीय हाई पावर एक्सपर्ट कमेटी (एचपीईसी) का गठन किया है। कमेटी यह जांच करेगी कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों ने जरूरत से ज्यादा या अनुचित बल का इस्तेमाल तो नहीं किया। इसमें पैलेट गन, बिजली के डंडे, लाठी और आंसू गैस के इस्तेमाल की परिस्थितियों की भी जांच होगी। यह देखा जाएगा कि इनका इस्तेमाल पर्याप्त चेतावनी दिए बिना या जरूरत से अधिक तो नहीं किया गया।

क्या है पैलेट गन विवाद?

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा NEET पेपर लीक को लेकर 20 जुलाई को आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट में घायलों के बयानों और मेडिकल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि 20 जुलाई के मार्च के दौरान कई प्रदर्शनकारी पैलेट गन से घायल हुए थे। रिपोर्ट्स में दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल की बात कही जा रही है, जबकि दिल्ली पुलिस ने इस तरह के हथियार के इस्तेमाल से इनकार किया और कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उनके पास न तो पैलेट गन हैं और न ही वे इनका इस्तेमाल करते हैं।

FCRA संशोधन विधेयक जेपीसी भेजने का प्रस्ताव लोकसभा में पास

#parliamentrefferedfcraamendmentbilltojpc

केंद्र सरकार ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए), 2026 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) भेजने का निर्णय लिया है। लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को ‘विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ को एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज दिया।

जेपीसी संसद के शीतकालीन सत्र तक देगी अपनी रिपोर्ट

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए), 2026 को जेपीसी को सौंपने का यह प्रस्ताव रखा। जिसे सदन ने ध्वनिमत से पास किया। इस समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल होंगे। इस समिति में लोकसभा के माननीय अध्यक्ष द्वारा नामित किए जाने वाले इस सदन के 21 सदस्य और राज्यसभा के माननीय सभापति द्वारा नामित किए जाने वाले राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल होंगे। समिति को विधेयक की जांच करने और शीतकालीन सत्र 2026 के पहले सप्ताह के आखिरी दिन तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का काम सौंपा गया है।

विपक्ष ने किया सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध

हालांकि, विपक्ष ने सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध किया। कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल ने कहा, 'सरकार अल्पसंख्यकों और एनजीओ को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है। हमारी मांग है कि सरकार इस बिल को वापस ले।' विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'केसी वेणुगोपाल ने गलत बोला है। कई दिनों से कांग्रेस और अन्य दलों ने मांग की कि एफसीआरए संशोधन विधेयक को जेपीसी में भेजा जाए। जब इस महत्वपूर्ण बिल को जेपीसी में भेज रहे हैं तो विपक्ष को इस पर आपत्ति हो रही है।'

मानसून के साथ सत्र भी प्रोडक्टिव रहे...,संसद सत्र से पहले बोले पीएम मोदी

#pmnarendramodiparliamentmonsoon_session

आज से शुरू मानसून सत्र की कार्यवाही से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, मानसून हो या मानसून सत्र हो, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून और मानसून सत्र प्रोडक्टिव रहे। इससे देश का कल्याण होता है।

सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पिरिट पकड़ ली है। संसद का सत्र उस स्पिरिट में ऊर्जा भर सकता है। सांसद किसी भी दल के हों, उनके पास लंबा अनुभव है। संसद में सार्थक चर्चा होना, मिलजुलकर देश को आगे ले जाने की चर्चा होना आज के वक्त की मांग है। तर्क-तथ्य के साथ सदन की चर्चा को मजबूत किया जाए, हर आवाज को सम्मान मिले। मैं सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण देता हूं।

सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर देश चल पड़ा है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, पिछले 1 महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचा था और परसों ही भारत के एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है। और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं। सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है। उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं।

भारत ने 7.7 प्रतिशत का विकास दर बनाए रखा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हम अच्छी तरह जानते हैं और पूरी दुनिया को अलग-अलग इलाकों में लगातार बने हुए युद्ध के खतरे की चिंता है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया, जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। पेट्रोल, डीजल, LPG, फर्टिलाइजर और केमिकल को लेकर कई रुकावटें और संकट पैदा हुए। इसके बावजूद, भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा। यह भारत की अंदरूनी ताकत को दिखाता है और उस जोश और उत्साह की झलक देता है जिसके साथ देश नई ऊंचाइयां छूना चाहता है। इसी माहौल में मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है; देश ने रफ़्तार पकड़ ली है और संसद की भावना उस रफ्तार में नई ऊर्जा भरती है।

आज से संसद का मानसून सत्र, 5 नए विधेयक होंगे पेश, चढ़ावा चोरी-पेपर लीक पर हंगामे के आसार

#parliamentmonsoonsession

संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। मानसून सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं क्योंकि जहां एक ओर सरकार पूर्व सत्र में पारित न हो पाए परिसीमन संबंधित संविधान संशोधन विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी कर रही है, वहीं विपक्ष सत्र के पहले दिन संसद में नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, सोनम वांगचुक मुद्दे और वंदे मातरम बिल के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

चढ़ावा चोरी मामले में स्थगन प्रस्ताव नोटिस

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने अयोध्या राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के मामले पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।

संसद में आज सरकार 5 नए विधेयक करेगी पेश

केंद्र सरकार आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में पांच नए विधेयक पेश करने जा रही है। इनमें आयकर और एमएसएमई सुधार, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने और जन्म-मृत्यु पंजीकरण कानून में बदलाव से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 और सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। इन दोनों विधेयकों के जरिए पहले जारी अध्यादेशों की जगह कानून बनाया जाएगा। इसके अलावा सरकार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 भी सदन में पेश करेगी।

20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र, कई अहम विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों पर होगी चर्चा

#parliamentmonsoonsession2026tobeginonjuly20

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। यह 13 अगस्त तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसका ऐलान किया। करीब तीन सप्ताह के इस मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी।

किरेन रिजिजू ने दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने को मंजूरी दे दी है। संसदीय परिपाटी के मुताबिक मानसून सत्र दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा भी कराई जाएगी।

इन मुद्दों पर हंगामे के आसार

बीते दिनों मेडिकल की पढ़ाई से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा- NEET के पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी विवाद जैसे कई मामले लगातार सुर्खियों में है। ऐसे में संसद सत्र के दौरान हंगामा होने की आशंका है। इन मामलों के अलावा तृणमूल के दो फाड़ होने का मुद्दा भी चर्चा में है। कांग्रेस अंडमान की ग्रेट निकोबार परियोजना पर भी लगातार हमलावर है। ऐसे में हंगामे और नारेबाजी से सत्र की कार्यवाही बाधित हो सकती है।

कौन है निशु आजाद जिसके पिता को न्याय दिलाने सड़क पर उतरी सीजेपी, संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन

#cjpprotestnishuazadfatherattackparliamentstreetpolice_station

कॉकरोच जनता पार्टी एक बार फिर सड़क पर उतरी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 जून को सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन में घायल हुए निशु आजाद के पिता को न्याय दिलाने के लिए सीजेपी संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन कर रही है। सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन में घायल हुए गाजियाबाद के संजय कुमार (38) की बेटी निशु ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर निशु का एक वीडियो आया है, जिसमें वह कह रही हैं कि अब दिल्ली पुलिस से उनकी आशा और उम्मीद टूटने लगी है।

वीडियो आने के बाद बवाल बढ़ा

निशु का वीडियो आने के बाद इसे लेकर बवाल बढ़ गया है। निशु वीडियो में कह रही हैं कि आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह साफ कह रहा कि उस पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज होना चाहिए था। निशु ने कहा कि जब मेरे पापा का सिर फोड़ा था। तब उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन डेढ़ महीने बाद भी पुलिस कुछ नहीं कर रही है। निशु ने अपना वीडियो राहुल गांधी को भी टैग किया है। उनका कहना है कि अब पुलिस से उम्मीद नहीं है। आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को कानून का डर नहीं है। अब मुझे बस राहुल गांधी से उम्मीद है।

सौरव दास का थाने के सामने धरना-प्रदर्शन

निशु दिल्ली पुलिस से एक्शन की मांग कर रही हैं। साथ ही वह स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रही हैं। इसे लेकर आज संसद थाने के बाहर काफी गहमागहमी है। निशु मामले में कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास और कुछ लोग पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे हैं। थाने के सामने सड़क पर बैठ गए हैं।

सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जंतर मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान समर्थक के पिता पर हुए हमले में कार्रवाई न करने की बात कही। रांका के अनुसार, सौरभ और उनके पूरे दल ने दिल्ली पुलिस से हमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। उन्होंने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की भी मांग की थी। हालांकि, पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। आज, घटना में शामिल लोग खुले तौर पर संजय पर हमला करने की बात स्वीकार कर रहे हैं। वे यह भी मान रहे हैं कि उन्होंने संजय को जान से मारने का प्रयास किया था। इसके बावजूद, दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर कोई कदम नहीं उठाया है। यह आरोप कपिल मिश्रा और भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रभाव में कार्रवाई न करने का है।

स्वतंत्र भारद्वाज के वीडियो में क्या?

इस बीच कथित हमलावर स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वह दावा कर रहा है कि उसने सीजेपी के एक प्रदर्शनकारी के पिता के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, उसे 60 टांके लगे थे और उसकी हालत इतनी गंभीर थी कि वह मौत के करीब पहुंच गया था। वह यह भी कहता है कि उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाना चाहिए था। वीडियो में उसने आगे कहा 'मैं अगले दिन ही पुलिस हिरासत से बाहर आ गया। मुझे जेल भी नहीं जाना पड़ा। मैंने पुलिस को यह कहते सुना कि कपिल मिश्रा का फोन आया था। वह मेरे बड़े भाई जैसे हैं।

सितंबर मध्य में बुलाया जा सकता है संसद का विशेष सत्र, परिसीमन और मह‍िला आरक्षण पर बड़ी तैयारी

#parliamentspecialsessioncouldbecalledon_september

केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार मध्य सितंबर के बाद परिसीमन व महिला आरक्षण के लिए दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है। मानसून सत्र में मोदी सरकार परिसीमन विधेयक पेश नहीं कर पाई थी। अब इसे लेकर विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। फिलहाल सरकार दो तिहाई नंबर जुटाने पर विचार कर रही है। इसके बाद सरकार संविधान संशोधन विधेयकों को पारित करने के लिए दो दिन का सत्र बुलाने पर विचार कर रही है।

संख्याबल जुटाने में जुटी सरकार

फिलहाल सरकार दो तिहाई नंबर जुटाने पर विचार कर रही है। इसके बाद सरकार संविधान संशोधन विधेयकों को पारित करने के लिए दो दिन का सत्र बुलाने पर विचार कर रही है। हालांकि इस बारे में अंतिम निर्णय तभी किया जाएगा, जब सरकार इन विधेयकों को पारित कराने के लिए आवश्यक दो तिहाई बहुमत के प्रति आश्वस्त हो जाए। सरकार की योजना विशेष सत्र से पहले कैबिनेट विस्तार के जरिये एनडीए में शामिल होने के इच्छुक दलों को साधने की है।

विशेष सत्र और कैबिनेट विस्तार में दो बड़े पेच

सरकार के सूत्र के मुताबिक, विशेष सत्र और कैबिनेट विस्तार में दो बड़े पेच हैं। सरकार चाहती है कि विस्तार से पहले एनसीपी के दोनों धड़ों का विलय हो जाए और डीएमके सरकार का हिस्सा बने। दोनों ही मामलों में बातचीत अपने अंतिम दौर में है। परिसीमन के संदर्भ में सरकार ने डीएमके को पहले ही राज्यों की सीटों की संख्या में आनुपातिक आधार पर 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी को विधेयक के मसौदे में लिखित रूप में शामिल करने का आश्वासन दिया है। एनसीपी के दोनों धड़ों में विलय को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस लगातार बातचीत कर रहे हैं।

डीएमके को लेकर फंसा मामला

परिसीमन के सवाल पर सरकार एनसीपी-एसपी के समर्थन को लेकर आश्वस्त है। मामला डीएमके को लेकर फंसा हुआ है। तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना-यूबीटी, आम आदमी पार्टी में बड़ी टूट और शरद पवार, अकाली दल के समर्थन के संकेत के बाद भी विशेष सत्र का रुख डीएमके ही तय करेगी, जिसके पास लोकसभा में 22 तो राज्यसभा में 8 सांसद हैं। इनके बिना सरकार विधेयक को पारित कराने के लिए जरूरी दो तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाएगी। सूत्र के मुताबिक, डीएमके से परिसीमन ही नहीं बल्कि राजग में शामिल होने, कैबिनेट में प्रतिनिधित्व देने जैसे मामले पर भी बात हो रही है। डीएमके की सहमति मिलते ही विशेष सत्र के साथ कैबिनेट विस्तार की रूपरेखा भी तैयार कर ली जाएगी।

मानसून सेशन का अब तक सत्रावसान नहीं

बता दें कि अभी हाल ही में 3 अगस्त को मानसून सत्र समाप्त होने के बाद दोनों सदनों को अनिश्चिकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। लेकिन अभी तक संसद का सत्रावसान नहीं हुआ है यानी तकनीकी रूप से अब भी मानसून सत्र चल रहा है और दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारी जब भी चाहें सदन की बैठक बुला सकते हैं। सद के सत्र की समाप्ति के लिए अंग्रेजी में Prorogue शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। इसका मतलब होता है एक पूरे सत्र की समाप्ति। यानी सरकार ने अभी तक मानसून सत्र को Prorogue करने की घोषणा नहीं की है। लोकसभा अध्यक्ष ने 13 अगस्त को सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल (Sine Die) तक स्थगित करने की घोषणा की थी। Sine Die का मतलब सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित करना होता है। ऐसे में सरकार के पास शीतकालीन सत्र का इंतजार किए बिना इसी सत्र को विशेष बैठक के लिए फिर से बुलाने का विकल्प है।

संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी, पैलेट गन फायरिंग मामले में FIR दर्ज करने की मांग*

#rahulgandhipelletgunvictimsahilparliamentstreetpolicestationfir

जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पैलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा अब थाने तक पहुंच गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को पीड़ित छात्र साहिल और उसके परिवार के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे। राहुल गांधी की मांग है कि छात्र को लगी चोटों की जांच हो और इस मामले में FIR दर्ज की जाए।

पैलेट गन पीड़ित साहिल लोचब का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उनकी शिकायत पर FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया है। राहुल और साहिल पहले कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन गए थे, लेकिन बाद में FIR दर्ज कराने के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में DCP ऑफिस गए। इस दौरान, राहुल गांधी ने पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी।

पैलेट गन फायरिंग में घायल युवक के साथ धरने पर बैठे

कथित पैलेट गन फायरिंग में घायल हुए युवक के साथ राहुल गांधी पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचकर उन्होंने अधिकारियों से फायरिंग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी नुपुर प्रसाद से मुलाकात की। उन्हें चार्ज संभाले अभी दो दिन ही हुए हैं। मुलाकात के बाद राहुल गांधी बाहर आए और यहां पहुंचने के बाद अचानक बाहर ही बैठ गए।

राहुल पहले भी उठे चुके हैं ये मामला

राहुल गांधी के साथ मौजूद साहिल वही छात्र है, जिसे लेकर कांग्रेस नेता पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं। राहुल गांधी ने उस दौरान छात्र के शरीर पर चोटों के निशान दिखाते हुए दावा किया था कि ये पैलेट गन के छर्रों से लगी चोटें हैं। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ और साहिल की आंख की रोशनी भी बुरी तरह प्रभावित हुई। अब राहुल गांधी चाहते हैं कि पुलिस मेडिकल जांच और दूसरे सबूतों के आधार पर यह साफ करे कि छात्र को चोट किस चीज से लगी और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए गठित की हाई पावर एक्सपर्ट कमेटी

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा तथा पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्रवाई की जांच के लिए एक पांच सदस्यीय हाई पावर एक्सपर्ट कमेटी (एचपीईसी) का गठन किया है। कमेटी यह जांच करेगी कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों ने जरूरत से ज्यादा या अनुचित बल का इस्तेमाल तो नहीं किया। इसमें पैलेट गन, बिजली के डंडे, लाठी और आंसू गैस के इस्तेमाल की परिस्थितियों की भी जांच होगी। यह देखा जाएगा कि इनका इस्तेमाल पर्याप्त चेतावनी दिए बिना या जरूरत से अधिक तो नहीं किया गया।

क्या है पैलेट गन विवाद?

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा NEET पेपर लीक को लेकर 20 जुलाई को आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट में घायलों के बयानों और मेडिकल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि 20 जुलाई के मार्च के दौरान कई प्रदर्शनकारी पैलेट गन से घायल हुए थे। रिपोर्ट्स में दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल की बात कही जा रही है, जबकि दिल्ली पुलिस ने इस तरह के हथियार के इस्तेमाल से इनकार किया और कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उनके पास न तो पैलेट गन हैं और न ही वे इनका इस्तेमाल करते हैं।

FCRA संशोधन विधेयक जेपीसी भेजने का प्रस्ताव लोकसभा में पास

#parliamentrefferedfcraamendmentbilltojpc

केंद्र सरकार ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए), 2026 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) भेजने का निर्णय लिया है। लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को ‘विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ को एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज दिया।

जेपीसी संसद के शीतकालीन सत्र तक देगी अपनी रिपोर्ट

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए), 2026 को जेपीसी को सौंपने का यह प्रस्ताव रखा। जिसे सदन ने ध्वनिमत से पास किया। इस समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल होंगे। इस समिति में लोकसभा के माननीय अध्यक्ष द्वारा नामित किए जाने वाले इस सदन के 21 सदस्य और राज्यसभा के माननीय सभापति द्वारा नामित किए जाने वाले राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल होंगे। समिति को विधेयक की जांच करने और शीतकालीन सत्र 2026 के पहले सप्ताह के आखिरी दिन तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का काम सौंपा गया है।

विपक्ष ने किया सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध

हालांकि, विपक्ष ने सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध किया। कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल ने कहा, 'सरकार अल्पसंख्यकों और एनजीओ को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है। हमारी मांग है कि सरकार इस बिल को वापस ले।' विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'केसी वेणुगोपाल ने गलत बोला है। कई दिनों से कांग्रेस और अन्य दलों ने मांग की कि एफसीआरए संशोधन विधेयक को जेपीसी में भेजा जाए। जब इस महत्वपूर्ण बिल को जेपीसी में भेज रहे हैं तो विपक्ष को इस पर आपत्ति हो रही है।'

मानसून के साथ सत्र भी प्रोडक्टिव रहे...,संसद सत्र से पहले बोले पीएम मोदी

#pmnarendramodiparliamentmonsoon_session

आज से शुरू मानसून सत्र की कार्यवाही से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, मानसून हो या मानसून सत्र हो, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून और मानसून सत्र प्रोडक्टिव रहे। इससे देश का कल्याण होता है।

सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पिरिट पकड़ ली है। संसद का सत्र उस स्पिरिट में ऊर्जा भर सकता है। सांसद किसी भी दल के हों, उनके पास लंबा अनुभव है। संसद में सार्थक चर्चा होना, मिलजुलकर देश को आगे ले जाने की चर्चा होना आज के वक्त की मांग है। तर्क-तथ्य के साथ सदन की चर्चा को मजबूत किया जाए, हर आवाज को सम्मान मिले। मैं सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण देता हूं।

सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर देश चल पड़ा है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, पिछले 1 महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचा था और परसों ही भारत के एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है। और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं। सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है। उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं।

भारत ने 7.7 प्रतिशत का विकास दर बनाए रखा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हम अच्छी तरह जानते हैं और पूरी दुनिया को अलग-अलग इलाकों में लगातार बने हुए युद्ध के खतरे की चिंता है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया, जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। पेट्रोल, डीजल, LPG, फर्टिलाइजर और केमिकल को लेकर कई रुकावटें और संकट पैदा हुए। इसके बावजूद, भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा। यह भारत की अंदरूनी ताकत को दिखाता है और उस जोश और उत्साह की झलक देता है जिसके साथ देश नई ऊंचाइयां छूना चाहता है। इसी माहौल में मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है; देश ने रफ़्तार पकड़ ली है और संसद की भावना उस रफ्तार में नई ऊर्जा भरती है।

आज से संसद का मानसून सत्र, 5 नए विधेयक होंगे पेश, चढ़ावा चोरी-पेपर लीक पर हंगामे के आसार

#parliamentmonsoonsession

संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। मानसून सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं क्योंकि जहां एक ओर सरकार पूर्व सत्र में पारित न हो पाए परिसीमन संबंधित संविधान संशोधन विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी कर रही है, वहीं विपक्ष सत्र के पहले दिन संसद में नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, सोनम वांगचुक मुद्दे और वंदे मातरम बिल के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

चढ़ावा चोरी मामले में स्थगन प्रस्ताव नोटिस

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने अयोध्या राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के मामले पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।

संसद में आज सरकार 5 नए विधेयक करेगी पेश

केंद्र सरकार आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में पांच नए विधेयक पेश करने जा रही है। इनमें आयकर और एमएसएमई सुधार, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने और जन्म-मृत्यु पंजीकरण कानून में बदलाव से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 और सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। इन दोनों विधेयकों के जरिए पहले जारी अध्यादेशों की जगह कानून बनाया जाएगा। इसके अलावा सरकार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 भी सदन में पेश करेगी।

20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र, कई अहम विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों पर होगी चर्चा

#parliamentmonsoonsession2026tobeginonjuly20

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। यह 13 अगस्त तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसका ऐलान किया। करीब तीन सप्ताह के इस मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी।

किरेन रिजिजू ने दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने को मंजूरी दे दी है। संसदीय परिपाटी के मुताबिक मानसून सत्र दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा भी कराई जाएगी।

इन मुद्दों पर हंगामे के आसार

बीते दिनों मेडिकल की पढ़ाई से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा- NEET के पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी विवाद जैसे कई मामले लगातार सुर्खियों में है। ऐसे में संसद सत्र के दौरान हंगामा होने की आशंका है। इन मामलों के अलावा तृणमूल के दो फाड़ होने का मुद्दा भी चर्चा में है। कांग्रेस अंडमान की ग्रेट निकोबार परियोजना पर भी लगातार हमलावर है। ऐसे में हंगामे और नारेबाजी से सत्र की कार्यवाही बाधित हो सकती है।