मानसून के साथ सत्र भी प्रोडक्टिव रहे...,संसद सत्र से पहले बोले पीएम मोदी
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आज से शुरू मानसून सत्र की कार्यवाही से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, मानसून हो या मानसून सत्र हो, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून और मानसून सत्र प्रोडक्टिव रहे। इससे देश का कल्याण होता है।
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सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण-पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पिरिट पकड़ ली है। संसद का सत्र उस स्पिरिट में ऊर्जा भर सकता है। सांसद किसी भी दल के हों, उनके पास लंबा अनुभव है। संसद में सार्थक चर्चा होना, मिलजुलकर देश को आगे ले जाने की चर्चा होना आज के वक्त की मांग है। तर्क-तथ्य के साथ सदन की चर्चा को मजबूत किया जाए, हर आवाज को सम्मान मिले। मैं सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण देता हूं।
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सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर देश चल पड़ा है- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, पिछले 1 महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचा था और परसों ही भारत के एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है। और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं। सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है। उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं।
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भारत ने 7.7 प्रतिशत का विकास दर बनाए रखा-पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि हम अच्छी तरह जानते हैं और पूरी दुनिया को अलग-अलग इलाकों में लगातार बने हुए युद्ध के खतरे की चिंता है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया, जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। पेट्रोल, डीजल, LPG, फर्टिलाइजर और केमिकल को लेकर कई रुकावटें और संकट पैदा हुए। इसके बावजूद, भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा। यह भारत की अंदरूनी ताकत को दिखाता है और उस जोश और उत्साह की झलक देता है जिसके साथ देश नई ऊंचाइयां छूना चाहता है। इसी माहौल में मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है; देश ने रफ़्तार पकड़ ली है और संसद की भावना उस रफ्तार में नई ऊर्जा भरती है।








9 hours ago
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