WestBengalBangla

Apr 16 2024, 18:58

মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের রোড শো এআরভিউ মোড় থেকে শুরু হল
# Chief Minister.
# Mamata Banerjee's_road _show at Siliguri.
# Parlament _election _2024

দার্জিলিং লোকসভা কেন্দ্রের তৃণমূল প্রার্থীর সমর্থনে,মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের রোড শো। শিলিগুড়ির এআরভিউ মোড় থেকে শুরু হল।

India

Apr 15 2024, 16:33

लखनऊ लोकसभा सीटः 1991 से ही लगातार बीजेपी का है कब्जे, क्या इस बार भी जलवा रहेगा बरकरार?

#lucknowloksabhathehistoryofthis_seat 

गोमती नदी के किनारे बसा नगर

नवाबों के शहर के नाम से मशहूर

1991 से इस सीट पर बीजेपी का है कब्जा

वाजपेयी इस सीट से आठ बार लड़ चुके हैं चुनाव

लगातार पांच बार इस सीट से रहे सांसद

क्या इस बार भी जलवा रहेगा बरकरार

या बहेगी बदलाव की बयार

उत्तर प्रदेश, देश का एक ऐसा राज्य जो राजनीति की दृष्टि से सबसे अहम माना जाता है।राजनीति में कहावत है कि दिल्ली का रास्ता उत्त्तर प्रदेश से होकर जाता है। ऐसे में गोमती नदी के किनारे पर बसे लखनऊ लोकसबा सीट पर भी सबकी नजर है। लखनऊ संसदीय क्षेत्र यूपी की हॉट सीट में शुमार हैं। लोकसभा चुनाव में राजधानी में कांग्रेस और भाजपा का वर्चस्व रहा है। इस वर्चस्व के बावजूद लखनऊ की संसदीय सीट पर वर्ष 1967 में निर्दलीय प्रत्याशी की जीत का डंका बजा। उस समय आनंद नारायण मुल्ला ने कांग्रेस के वीआर मोहन को आसानी से मात दी थी। 

कांग्रेस का गढ़, बीजेपी के सबसे मजबूत किले में तब्दील हो गया

1991 से पहले तक लखनऊ की सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। 1951 से 1989 तक कांग्रेस ने अलग-अलग चुनावों में इस सीट पर अपना परचम लहराया।1951 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की विजय लक्ष्मी पंडित ने जीत दर्ज की थी। 1951 से 1971 तक कांग्रेस का इस सीट पर कब्जा रहा। 1977 में भारतीय लोकदल से हेमवती नंदन बहुगुणा ने जीत दर्ज की। इसके बाद लगातार दो बार फिर कांग्रेस ने इस सीट को कब्जाया।1989 में ये सीट जनता दल की झोली में गई। लेकिन पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के इस सीट पर चुनावी मैदान में उतरने के बाद लखनऊ का संसदीय क्षेत्र बीजेपी के सबसे मजबूत किले के रूप में तब्दील हो गया। 1991 से 2009 तक इस सीट पर पूर्व पीएम और बीजेपी के संस्थापक सदस्य अटल बिहारी वाजपेयी सांसद रहे। इसके बाद 2009 के चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी की चिट्ठी के सहारे बीजेपी नेता लालजी टंडन इस सीट पर सांसद बने।

वाजपेयी लगातार तीन बार हारे

लखनऊ लोकसभा सीट 1991 से ही लगातार बीजेपी के कब्जे में है। पहले इस सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी चुनाव लड़ते थे। इस सीट से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपाई आठ बार चुनाव लड़ चुके हैं। पहली बार उन्होंने 1955 में उपचुनाव लड़ा और तीसरे स्थान पर रहे। फिर वह 1957 और 1962 में दूसरे स्थान पर रहे। इन 3 हार के बाद, उन्होंने 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में लगातार पांच बार सीट जीती। 2009 में इस सीट पर लालजी टंडन ने लोकसभा चुनाव लड़ा। इसके बाद से 2014 और 2019 में राजनाथ सिंह ने इस सीट पर बीजेपी का कब्जा बनाए रखा। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह यहां से वर्तमान में सांसद हैं।

2014 और 2019 में रिकार्ड मतों से जीते राजनाथ सिंह

लखनऊ सीट से सांसद राजनाथ सिंह इस सीट से लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ने जा रहे हैं।बीजेपी सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन की प्रत्याशी पूनम सिन्हा को 3 लाख 47 हजार 302 वोटों से शिकस्त दी थी। उन्होंने इस जीत के साथ ही 2014 में बनाए अपने रिकॉर्ड को तोड़ दिया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी रीता बहुगुणा जोशी को 2 लाख 72 हजार 749 वोटों से हराया था। लखनऊ लोकसभा सीट पर पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को भी इतने ज्यादा वोटों से जीत हासिल नहीं हो सकी थी।

जानिए कब कौन जीता

1951- विजय लक्ष्मी पंडित- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

1957- पुलिन बिहारी बनर्जी- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

1962- बीके धवन- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

1967- आनंद नारायण मुल्ला- निर्दलीय

1971- शीला कौल- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

1977- हेमवती नंदन बहुगुणा- भारतीय लोकदल

1980- शीला कौल- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

1984- शीला कौल- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

1989- मांधाता सिंह- जनता दल

1991- अटल बिहारी वाजपेयी- भाजपा

1996- अटल बिहारी वाजपेयी- भाजपा

1998- अटल बिहारी वाजपेयी- भाजपा

1999- अटल बिहारी वाजपेयी- भाजपा

2004- अटल बिहारी वाजपेयी- भाजपा

2009- लालजी टंडन- भाजपा

2014- राजनाथ सिंह- भाजपा

2019- राजनाथ सिंह- भाजपा

India

Apr 10 2024, 15:36

लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी की 10वीं लिस्ट जारी, इस बार कट गए इन सांसदों के टिकट

#bjpreleasesits10thlistofcandidatesforloksabhaelections 

भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव-2024 के लिए प्रत्‍याशियों की 10वीं लिस्‍ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 9 उम्मीदवारों का ऐलान किया है। उनमें यूपी के सात हैं। बाकी दो उम्मीदवारों में एक पश्चिम बंगाल के आसनसोल से और एक चंडीगढ़ से हैं। वहीं बीजेपी की इस सूची में कई मौजूदा सांसदों का टिकट काट दिया गया है।

दिलचस्‍प बात यह है कि भाजपा ने आसनसोल सीट पर नया उम्‍मीदवार दिया है। पहले इस सीट से भोजपुरी फिल्‍मों के सुपरस्‍टार पवन सिंह को टिकट दिया गया था, लेकिन उन्‍होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। अब उनकी जगह एसएस अहलूवालिया को टिकट दिया गया है।पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट पर सबकी निगाहें टिकी थीं। भाजपा ने पहले यहां से भोजपुरी फिल्‍मों के सुपरस्‍टार पवन सिंह को अपना उम्‍मीदवार बनाने की घोषणा की थी।टिकट मिलने के 24 घंटे के अंदर ही पवन सिंह ने चुनावी मैदान से कदम पीछे खींच लिए थे। जिसके बाद बीजेपी ने यहां से पूर्व केंद्रीय मंत्री एसएस अहलूवालिया को उम्मीदवार बनाया है। यहां अहलूवालिया का मुकाबला टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा से होगा। 

डिंपल यादव के खिलाफ जयवीर सिंह पर खेला दांव

सूची में सात उम्मीदवार उत्तर प्रदेश के हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के खिलाफ जयवीर सिंह भाजपा उम्मीदवार होंगे। इसके अलावा बलिया से पार्टी ने नीरज शेखर को उम्मीदवार बनाया है। शेखर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे हैं और फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं। यहां से मौजूदा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त का टिकट काट दिया गया है।

प्रयागराज की दोनों सीटों पर उम्मीदवार बदला

प्रयागराज जिले की दोनों सीटों पर उम्मीदवार बदल दिए गए हैं। मौजूदा सांसद रीता बहुगुणा जोशी और केसरी देवी पटेल को टिकट नहीं दिया गया है। इलाहाबाद सीट से नीरज त्रिपाठी को मौका दिया गया है। नीरज भाजपा के दिग्गज नेता रहे केशरी नाथ त्रिपाठी के बेटे हैं। केशरी नाथ पूर्व राज्यपाल और यूपी विधानसभा के अध्यक्ष रहे थे। जिले की फूलपुर लोकसभा सीट से प्रवीण पटेल को उम्मीदवार बनाया गया है। प्रवीण अभी फूलपुर से विधायक हैं।कौशांबी लोकसभा सीट से पार्टी ने एक बार फिर विनोद सोनकर को टिकट दिया गया है। सोनकर यहां से मौजूदा सांसद हैं। इसके अलावा मछलीशहर से मौजूदा सांसद बीपी सरोज को उतारा गया है। वहीं, गाजीपुर सीट से पारस नाथ राय को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है।

किरण खेर का टिकट कटा

वहीं, चंडीगढ़ से इस बार किरण खेर का टिकट कट गया है। पार्टी ने चंडीगढ़ से किरण खेर की जगह संजय टंडन को मौका दिया है।

నిజంనిప్పులాంటిది

Apr 08 2024, 12:44

నోట్ల గుట్టలు.. బంగారం సంచులు.. ఎన్నికల వేళ భారీగా పట్టివేత

లోక్‌సభ ఎన్నికలు (Lok sabha Elections) సమీపిస్తున్న వేళ కర్ణాటక (Karnataka)లో భారీగా అక్రమ నగదు, బంగారం బయటపడటం తీవ్ర కలకలం రేపింది..

బళ్లారి (Bellary)లో ఓ వ్యాపారి ఇంట్లో పోలీసులు సోదాలు జరపగా.. రూ.7.6 కోట్ల నగదు, బంగారు, వెండి ఆభరణాలను గుర్తించారు.

బళ్లారిలో హవాలా కార్యకలాపాలు జరుగుతున్నట్లు విశ్వసనీయ వర్గాల నుంచి సమాచారం రావడంతో బ్రూస్‌పేట్‌ పోలీసులు రంగంలోకి దిగారు. స్థానిక ఆభరణాల వ్యాపారి నరేశ్‌ సోనీ ఇంట్లో ఆకస్మిక సోదాలు చేపట్టారు. లెక్కల్లోకి రాని భారీ నగదు, ఆభరణాలను గుర్తించారు. రూ.5.6 కోట్ల కరెన్సీ, 103 కిలోల వెండి ఆభరణాలు, 68 వెండి కడ్డీలు, 3 కిలోల బంగారు నగలను పోలీసులు స్వాధీనం చేసుకున్నారు.

హవాలా మార్గంలో వీటిని తీసుకొచ్చి ఉంటారన్న అనుమానంతో పోలీసులు దర్యాప్తు చేపట్టారు. వ్యాపారి నరేశ్‌ను అదుపులోకి తీసుకుని విచారిస్తున్నారు. ఈ వివరాలను ఆదాయపు పన్ను విభాగానికి అందజేస్తామని, అనంతరం ఐటీ అధికారులు దీనిపై తదుపరి దర్యాప్తు చేపడుతారని తెలిపారు. పోలింగ్‌ దగ్గరపడుతున్న వేళ ఈ ఘటన స్థానికంగా తీవ్ర కలకలం రేపింది. కర్ణాటకలోని మొత్తం 28 లోక్‌సభ స్థానాలకు రెండు దశల్లో ఏప్రిల్‌ 26, మే 4వ తేదీన పోలింగ్‌ జరగనుంది.

WestBengalBangla

Apr 06 2024, 15:09

*'AITC's Biswajit Das Confident of Victory Amid Matuas' CAA Disillusionment*
*SB News Bureau:* Bongaon AITC Lok Sabha Candidate Biswajit Das took a holy dip in the sacred waters of the wishing pond at Sridham in Thakurbari during the Banglar Odhikar Yatra in Thakurnagar on Saturday. Hundreds of AITC workers and supporters enthusiastically joined the campaign in support of the Trinamool candidate and took a dip as well. He also interacted with people, who expressed gratitude towards him.

Following this, Das, along with AITC leader Mamata Bala Thakur, joined a congregation of Matuas where he played the drums while Thakur and others moved to the tunes. Prasad was also distributed among the revelers who assembled there in large numbers. The party workers and Matuas were charged up after such a grand occasion and vowed to defeat the BJP in the upcoming Lok Sabha elections.

Biswajit Das said, "Our Chairperson Mamata Banerjee has specifically said that she will not allow the draconian CAA law to be implemented in West Bengal and no one will have to go to the detention camps. The Matuas have understood that the BJP has betrayed them and they will give them the answer in the upcoming Lok Sabha elections. The Matuas will surely vote for me and send me to the Parliament."

India

Apr 03 2024, 20:17

कृष्ण की नगरी मथुरा में है जाटों का दबदबा, जिसने उन्हें साधा, उसने जीता “रण”

#loksabhaelection2024mathuraconstituencyjat_land

कृष्ण की नगरी कही जाती है “जाट लैण्ड”

मथुरा में 18 लाख से ज्यादा हैं मतदाता

मथुरा की राजनीति जाटों का दबदबा

सबसे अधिक साढ़े चार लाख जाट वोटर्स

जाट वोटरों के इर्दगिर्द बुने जाते रहे सियासी समीकरण

16 बार जाट जाति के प्रत्याशी ने जीता चुनाव

“जाट लैण्ड” में अब तक कोई स्थानीय जाट नेता उभरा

भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा को भी राजनीतिक रूप से अहम माना जाता है। धर्म नगरी होने की वजह से मथुरा जिले पर सभी की नजर रहती है। इन दिनों श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के कारण मथुरा सुर्खियों में बना हुआ है। ऐसे में स्वाभाविक हैं, इस सीट पर भी धर्म और जाति का प्रभाव चुनावों में अपना असर जरूर दिखाता है। ऐसे में सबसे पहले हम यह जानते हैं कि आखिर मथुरा की राजनीति में किन जातियों का दबदबा है। यहां के सियासतदानों की किस्मत कौन तय करते हैं। मथुरा लोकसभा सीट पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आती है। इस सीट पर जाट और मुस्लिम वोटरों का दबदबा माना जाता है। कहा जाता है कि 2014 में इस सीट के जाट और मुस्लिम वोट अलग-अलग बंट गए थे, जिसका फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिला। 

मथुरा सीट के अंतर्गत कुल 5 विधानसभा सीटें

मथुरा लोकसभा के अंतर्गत मथुरा जिले की पांच विधानसभा – छाता, मांट, गोवर्धन, मथुरा एवं बलदेव (सु.) आती हैं। मथुरा लोकसभा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पांच विधानसभा में से चार विधानसभा सीटों पर वर्तमान में बीजेपी का कब्जा है। 

सीट का जातीय समीकरण

आंकड़ों के मुताबिक मथुरा में 18 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। मथुरा लोकसभा क्षेत्र में सबसे अधिक साढ़े चार लाख जाट वोट है। ऐसे में हर राजनीतिक दल की नजर जाट वोट बैंक पर टिकी है। दूसरे नंबर पर ब्राह्मण मतदाता हैं। ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या लगभग तीन लाख के आसपास है। ठाकुर मतदाताओं की संख्या भी लगभग 3 लाख है। जाटव मतदाता करीब डेढ़ लाख हैं। मुस्लिम मतदाताओं की संख्या भी करीब डेढ़ लाख के बराबर है। वैश्य मतदाता की बात करें तो मथुरा लोकसभा सीट पर करीब एक लाख हैं। यादव मतदाताओं की संख्या करीब 70 हजार है। अन्य जातियों के करीब एक लाख वोटर हैं

अब तक 16 बार जाट जाति के प्रत्याशी ने चुनाव जीता

लोकसभा के लिए हुए चुनाव में मथुरा लोकसभा सीट से 16 बार जाट जाति का प्रत्याशी चुनाव जीता है। तीन बार मानवेन्द्र सिंह और एक बार चकलेश्वर सिंह चुनाव जीत कर लोकसभा पहुंचे। ये दोनों ठाकुर जाति से आते हैं। 1991 में साक्षी महाराज भी मथुरा से चुनाव जीते हैं, जो लोधी राजपूत हैं। ब्राह्मण, वैश्य अथवा किसी दूसरी जाति के प्रत्याशी को कभी मथुरा लोकसभा सीट से चुनाव जीतने का सौभाग्य नहीं मिला है। यही वजह है कि मथुरा लोकसभा सीट को जाट लैण्ड कहा जाता है। यहां से चुनाव कोई भी पार्टी जीते लेकिन राजनीतिक दलों के समीकरण जाट वोटरों के इर्दगिर्द ही बुने जाते रहे हैं।

कोई स्थानीय जाट नेता नहीं उभरा

इतना सबकुछ होने के बाद भी लम्बे समय से यहां से कोई स्थानीय जाट नेता उभर कर नहीं आ पाया है। इसकी एक वजह यह भी रही है कि रालोद जाट वोटरों पर अपना हक समझता रहा है। रालोद अक्सर यह मानकार चलता रहा है कि उसे जाट वोट तो मिलेंगे ही इसलिए जातीय समीकरण साधने के लिए वह दूसरी जाति के प्रत्याशी पर दांव आजमाता रहा है। रालोद के पास दूसरा विकल्प अपने परिवार के किसी सदस्य को इस सीट पर लोकसभा पहुंचाने का रहा है। यही वजह है कि 2009 में जयंत चैधरी यहां से चुनाव लड़े और जीत कर लोकसभा पहुंचे। इससे पहले उनकी बुआ ज्ञानवती भी मथुरा लोकसभा सीट से भाग्य अजमा चुकी थीं लेकिन उन्हें जीत नसीब नहीं हुई थी। चौधरी परिवार की काट निकालने के लिए 2014 में भाजपा ने हेमा मालिनी को प्रत्याशी बनाया और उन्होंने फिल्म अभिनेता धर्मेन्द्र की पत्नी के नाते जाट होने का दावा किया और जीत कर लोकसभा पहुंची।

India

Apr 03 2024, 14:47

गुलाम नबी आजाद ने भी ठोकी ताल, जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट से लड़ेंगे चुनाव

#jkformercmghulamnabiazadwillcontestloksabhapollsfromanantnag_rajouri

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और पूर्व कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। गुलाम नबी आजाद अनंतनाग-राजौरी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। गुलाम नबी आजाद ने साल 2022 में कांग्रेस छोड़ दी थी। वह अपना खुद का राजनीतिक संगठन डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (DPAP) बना चुके हैं। 2014 के बाद गुलाम नबी आजाद का ये पहला लोकसभा चुनाव होगा। यानी वह 10 साल बाद लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। 

डीपीएपी नेता ताज मोहिउद्दीन ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा- “आज डीपीएपी की कोर कमेटी की बैठक हुई। इस दौरान हमने फैसला किया है कि पार्टी अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद अनंतनाग-राजौरी सीट से चुनाव लड़ेंगे।” अल्ताफ बुखारी की अपनी पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना पर भी मोहिउद्दीन ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि इस मसले पर बात आगे नहीं बढ़ी है। उन्होंने कहा- ”हमारे पास समय की थोड़ी कमी है। बातचीत ज्यादा आगे नहीं बढ़ी है। इसलिए यह बेहतर है कि वे अपना और हम अपना काम करें। उन्हें वैसे भी अनंतनाग सीट में कोई दिलचस्पी नहीं थी।” मोहिउद्दीन ने आगे कहा कि कश्मीर में अन्य लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों का फैसला जल्द ही लिया जाएगा।

10 साल बाद लड़ेंगे लोकसभा चुनाव

आपको बता दें कि 2014 के बाद गुलाम नबी आजाद का ये पहला लोकसभा चुनाव होगा। यानी वह 10 साल बाद लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने 2014 में उधमपुर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा नेता जितेंद्र सिंह से उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

किससे होगी सीधी टक्कर?

2019 में हुए लोकसभा चुनाव में इस सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रत्याशी हसनैन मसूदी को जीत हासिल हुई थी। हसनैन को 40180 वोट हासिल हुए थे। वहीं कांग्रेस इस सीट पर दूसरे नंबर पर थी। वहीं इस बार नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इस सीट से पार्टी के वरिष्ठ नेता मियां अल्ताफ अहमद लाहरवी को उतारा है। अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट महबूबा मुफ्ती का गृह निर्वाचन क्षेत्र है।

5 सीटों पर 5 चरणों में होगा चुनाव

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में लोकसभा की 5 सीटें हैं। इन सीटों पर 5 चरणों में चुनाव होंगे। यहां पहला चरण 19 अप्रैल को होगा। जबकि दूसरा चरण 26 अप्रैल, तीसरा 7 मई, चौथा 13 मई और पांचवां 20 मई को होगा। परिणाम 4 जून को घोषित किए जाएंगे।

India

Mar 25 2024, 12:30

बशीरहाट सीट के लिए बीजेपी का मास्टरस्ट्रोर, संदेशखाली आंदोलन का चेहरा रेखा पात्रा को दिया टिकट

#rekhapatraselectedbasirhatbjpcandidateforloksabha_election

भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपने उम्मीदवारों की पाँचवीं लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में बीजेपी ने बशीरघाट लोकसभा सीट से रेखा पात्रा को उम्मीदवार बनाया है। बशीरघाट में ही वो संदेशखाली इलाका में है, जो टीएमसी के गुंडों की वजह से चर्चा में रहा है। बशीरहाट लोकसभा सीट पर रेखा पात्रा टीएमसी के हाजी नूरुल इस्लाम की चुनौती का सामना करेंगी। इस सीट पर साल 2019 में टीएमसी की ओर से अभिनेत्री नुसरत जहाँ ने जीत हासिल की थी, लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने चुनाव न लड़ने के ऐलान किया था और सांसदी से भी इस्तीफा दे दिया था।

कौन हैं रेखा पात्रा?

बंगाल के बशीरहाट से बीजेपी ने रेखा पात्रा को टिकट दिया है। वह संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं में एक हैं। संदेशखाली की प्रदर्शनकारियों में रेखा पात्रा सबसे मुखर रही हैं। वो शेख शाहजहां और उनके गुर्गों की बर्बरता को झेलने वाली पीड़िताओं की आवाज बुलंद करने वाली जुझारू महिला हैं। उन्होंने ही सबसे पहले संदेशखाली की महिलाओं की आवाज को बुलंद की और लोगों के मन में इंसाफ की आस जगी। आज तीनों आरोपी शेख शाहजहां, शिबू हाजरा और उत्तम सरदार सलाखों के पीछे हैं।

किसी राजनीतिक चेहरे पर दांव नहीं लगाना बड़ा मास्टरस्ट्रोक

संदेशखाली इलाका बशीरहाट लोकसभा सीट के अंदर ही आता है, जहाँ हिंसा और उत्पीड़न की सैकड़ों वारदातों को अंजाम दिया गया। ऐसे में बीजेपी ने किसी राजनीतिक चेहरे के बजाय संदेशखाली विरोध प्रदर्शन में शामिल महिला को नामांकित करने का फैसला किया। जो बीजेपी के लिए एक मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है।

बता दें कि छह मार्च को बारासात में पीएम नरेंद्र मोदी ने संदेशखाली की 5 महिलाओं से मुलाकात की थी। उन्हीं महिलाओं में एक रेखा पात्रा थीं। सुनने में आया है कि बीजेपी उस समय ही बशीरहाट से रेखा पात्रा को उम्मीदवार मानने लगी थी। बीजेपी ने किसी राजनीतिक चेहरे के बजाय संदेशखाली विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को नामांकित करने का फैसला किया।

SanatanDharm

Mar 22 2024, 09:17

आज प्रदोष व्रत,यह दिन महादेव को है समर्पित,इस दिन सुख समृद्धि के लिए लोग रखते हैं ब्रत

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Mar 20 2024, 15:44

डीएमके ने जारी की लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट, कई मौजूदा सांसदों का टिकट कटा

#loksabhaelection2024dmkreleaseitscandidatelistandmanifesto

तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम यानी डीएमके ने लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। यहां डीएमके विपक्षी गठबंधन का हिस्सा है और कई दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। डीएमके के साथ कांग्रेस सहित अन्य क्षेत्रीय दल भी हैं। प्रत्याशियों की सूची के साथ ही पार्टी ने घोषणा पत्र भी जारी कर दिया। चेन्नई में पार्टी का घोषणा पत्र जारी करने के समय पार्टी के नेता सीएम स्टालिन, सांसद कनिमोझी, ए राजा आदि नेता मौजूद रहे।

तमिलनाडु की सभी 39 सीटों पर पहले चरण में मतदान होना है। जिसको देखते हुए सभी दल अपने-अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर रहे हैं। डीएमके ने लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली में उत्तर चेन्नई से कलानिधि वीरास्वामी, दक्षिण चेन्नई से थंगापंडियन, मध्य चेन्नई से दयानिधि मारन, श्रीपेरंबदूर से टीआर बालू, थिरुवनामलाई से अन्नादुरई, नीलगिरी से ए राजा और थुथुकुडी से कनिमोझी को टिकट दिया गया है। साथ ही वेल्लोर से कंधीर, इरोड से प्रकाश, कोवई सीट से गणपति राजकुमार, तंजौर से मुरासोली को टिकट दिया गया है।

इन मौजूदा सांसदों को नहीं मिला टिकट

• धर्मपुरी- सेंथिल कुमार

• सलेम- एसआर पार्थिबन

• पोलाची- शनमुगसुंदरम

• कल्लाकुरिची- गौतम चिकामणि

• तंजावुर- एसएस पलानीमणिक्कम

• तेनकासी- धनुष एम कुमार

डीएमके 21 सीटों पर चुनाव लड़ रही

राज्य में इंडिया अलायंस का नेतृत्व करने वाले डीएमके 21 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। जिनमें उत्तर चेन्नई, दक्षिण चेन्नई, मध्य चेन्नई, श्रीपेरंबदूर, अरक्कोनम, कांचीपुरम, तिरुवन्नामलाई, वेल्लोर, धर्मापुरी, कल्लाकुरुचि, सालेम, पोल्लाची, नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, अरानी, पेरंबलूर, इरोड, तंजावुर, तेनकासी, थुथुकुडी लोकसभा सीट शामिल हैं। वहीं, कांग्रेस को 9 सीटें जबकि वीसीके, माकपा और भाकपा को दो-दो सीटें दी गई हैं। इसके अलावा एमडीएमके, आईयूएमएल और केएमडीके को एक-एक सीटें आवंटित की गई हैं।

64 पन्ने का घोषणापत्र भी जारी

उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करने के साथ ही डीएमके ने घोषणापत्र भी जारी कर दिया है। पार्टी ने तमिलनाडु में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और यूनिफॉर्म सिविल कोड नहीं लागू होने देने का वादा किया है। इसके साथ ही एक देश एक चुनाव की पहल का भी बहिष्कार करने की बात कही गई है। राज्य सरकार की स्वतंत्रता बढ़ाने के लिए भारतीय संविधान में बदलाव की बात भी कही गई है। मुख्यमंत्री की सलाह के बाद गवर्नर की नियुक्ति, गवर्नर को अधिकार देने वाले आर्टिकल 361 को खत्म करने, चेन्नई में सुप्रीम कोर्ट की पीठ स्थापित करने, केंद्र सरकार में होने वाली भर्तियों की परीक्षा तमिल में कराने, श्रीलंकाई तमिलों को भारतीय नगारिकता देने, हर लड़की को मसिक 10 हजार रुपये देने और पेट्रोल, डीजल, एलपीजी की कीमतें कम करने का वादा किया गया है।