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May 15 2024, 16:00

फारूक अब्दुल्ला की पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी, बोले-अपनी पत्नी तो संभाल नहीं पाए...

#farooq_abdullah_gave_a_controversial_statement_about_prime_minister

चुनाव प्रचार के दौरान नेता एक दूसरे पर जुबानी हमला बोल रहे हैं। इस दौरान कई बार नेता अपनी मर्यादा भूलते जा रहे हैं। इसी क्रम में नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद विवादित टिप्पणी की है।उन्होंने कहा कि वह अपनी बीवी को संभाल नहीं पाए। जब उनके बच्चे नहीं हैं तो उनकी मोहब्बत क्या जानेंगे।

फारूक अब्दुल्ला ने एक चुनाव रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मुसलमानों को निशाना बनाते हुए वो कहते हैं कि ये मुसलमान ज्यादा बच्चे पैदा करते हैं। मोदी साहब आप अपनी बीवी को संभाल नहीं सके, तो आपके बच्चे कहां से आते। आप क्या जानते हैं। आप क्या जानते हैं बच्चों की मोहब्बत और उनका लगाव। किस तरह से बच्चे अपने मां-बाप की इज्जत और खिदमत करते हैं, आप क्या जानते हैं, आपको तो कोई नहीं है, अकेले हो और अकेले जाओगे। उनसे पूछो जिनकी औलाद है।

वैसे, फारूक अब्दुल्ला अकेले नहीं हैं जिन्होंने पीएम मोदी के परिवार को लेकर विवादित बयान दिया है। इससे पहले आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने महागठबंधन की रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर अभद्र टिप्पणी की थी। लालू यादव ने कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी आजकल परिवारवाद का जिक्र कर रहे हैं, आपका परिवार नहीं है और आप हिंदू भी नहीं हैं

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May 08 2024, 16:18

सैम पित्रोदा के बयान पर भड़के पीएम मोदी, कहा- मैं गुस्से में हूं, शहजादे के सलाहकार ने मेरे लोगों के रंग का अपमान किया

#sampitrodacontroversialstatementreactionofpm_modi

देश में जारी चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक दलों को क्या चाहिए, सिर्फ एक मुद्दा। कांग्रेस खुद अपने हाथों से अपने विरोधी दल यानी बीजेपी को मुद्दे पकड़ा रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी की इंडियन ओवरसीज ईकाई के अध्यक्ष सैम पित्रोदा के ‘विरासत टैक्स’ वाले बयान पर विवाद थमा भी नहीं था कि अब उन्होंने भारतीयों के रंग-रूप को लेकर टिप्पणी करके बीजेपी को एक और सियासी हथियार दे दिया है।देश में लोकसभा चुनाव को लेकर जारी धुआंधार प्रचार के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज तेलंगाना पहुंचे। जहां सैम पित्रोदा के बयान पर पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।

पीएम मोदी ने तेलंगाना के वारंगल में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आज मैं बहुत गुस्से में हूं। मुझे गाली दी, मैंने सहन कर लिया, लेकिन आज शहजादे (राहुल गांधी) के सलाहकार ने जो कहा उससे मुझे गुस्सा आया। ये मेरे देश के लोगों की चमड़ी के रंग का अपमान कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘शहजादे के गाइड अंकल ने कहा है कि जिनका चेहरा काला है वो अफ्रीका का होता है। रंग के आधार पर इतनी बड़ी गाली दी। चमड़ी के रंग देखकर ही मान लिया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अफ्रीकन हैं। इनकी सोच आज पता चली। अरे चमड़ी का रंग कुछ भी हो, हम श्री कृष्ण की पूजा करने वाले लोग हैं।‘

पित्रोदा ने क्या कहा?

इससे पहले अंग्रेजी अखबार द स्टेट्समैन को दिए एक इंटरव्यू में सैम पित्रोदा ने कहा कि 'हम भारत जैसे विविधता से भरे देश को एकजुट रख सकते हैं, जहां पूर्व के लोग चीनी जैसे लगते हैं, पश्चिम के लोग अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर के लोग गोरों जैसे और दक्षिण भारतीय अफ्रीकी जैसे लगते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, हम सभी बहन-भाई हैं।' पित्रोदा ने कहा कि भारत में अलग-अलग क्षेत्र के लोगों के रीति-रिवाज, खान-पान, धर्म, भाषा अलग-अलग हैं, लेकिन भारत के लोग एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के लोग 75 वर्षों तक एक सुखद वातावरण में रहे हैं, कुछ लड़ाइयों को छोड़ दें तो लोग साथ रह सकते हैं।

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May 08 2024, 15:52

फिर फिसली सैम पित्रोदा की जुबान, अब बोले- 'पूर्वी भारतीय चीनी लगते हैं तो दक्षिण वाले अफ्रीकी'

#sampitrodacontroversial_statement 

कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने एक बार फिर कुछ ऐसा कहा है, जिस पर बवाल मच गया है। अपने बयानों की वजह से हमेशा सुर्खियां बटोरने वाले सैम पित्रोदा ने इस बार भारत की विविधतापूर्ण संस्कृति पर चौंकाने वाला बयान दिया है। सैम ने अपने बयान में भारत के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के रंग-रूप की तुलना अलग-अलग देशों के लोगों से की है।उन्होंने कहा कि भारत ऐसा विविधतापूर्ण देश है जहां पूरब के लोग चीनी जैसे दिखते हैं, पश्चिम के लोग अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर के लोग शायद गोरे जैसे दिखते हैं और दक्षिण के लोग अफ्रीका जैसे दिखते हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान सैम पित्रोदा के नए बयान से कांग्रेस एक बार फिर से घिरती नजर आ रही है। अभा हाल ही में सैम पित्रोदा ने विरासत टैक्स को लेकर टिप्पणी की थी, पित्रोदा के उस बयान पर भी खूब विवाद हुआ था। 

अंग्रेजी अखबार द स्टेट्समैन को दिए एक इंटरव्यू में सैम पित्रोदा ने कहा कि 'हम भारत जैसे विविधता से भरे देश को एकजुट रख सकते हैं, जहां पूर्व के लोग चीनी जैसे लगते हैं, पश्चिम के लोग अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर के लोग गोरों जैसे और दक्षिण भारतीय अफ्रीकी जैसे लगते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, हम सभी बहन-भाई हैं।' पित्रोदा ने कहा कि भारत में अलग-अलग क्षेत्र के लोगों के रीति-रिवाज, खान-पान, धर्म, भाषा अलग-अलग हैं, लेकिन भारत के लोग एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के लोग 75 वर्षों तक एक सुखद वातावरण में रहे हैं, कुछ लड़ाइयों को छोड़ दें तो लोग साथ रह सकते हैं। 

कांग्रेस ने किया किनारा

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा की इस टिप्पणी से कांग्रेस ने दूरी बना ली है। एक्स पर एक पोस्ट में, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि भारत की विविधता को चित्रित करने के लिए सैम पित्रोदा द्वारा पॉडकास्ट में कही गई उपमाएं सबसे दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इन उपमाओं से खुद को पूरी तरह से अलग करती है।

विरासत कर वाले बयान पर हुआ था विवाद

सैम पित्रोदा कुछ पहले भी विरासत कर वाले बयान पर विवादों में आ गए थे. उन्होंने कहा था कि अमेरिका में विरासत टैक्स लगता है. इसके बाद भारत में राजनीतिक दलों में खासतौर पर बीजेपी नेताओं ने इसका कड़ा विरोध किया था. बीजेपी ने सैम के बयान के आधार पर कांग्रेस पार्टी पर भी हमला बोला था और उसे घोषणा पत्र में संपत्ति सर्वे से जोड़कर राहुल गांधी पर हमला बोला था. हालांकि बाद में सैम पित्रोदा ने दोबारा कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया. उन्होंने वो नहीं कहा जो लोगों ने मतलब निकाला

बयानों से कब-कब सुर्खियों में रहे सैम पित्रोदा 

• सैम पित्रोदा ने जून, 2023 में कहा था कि मंदिरों से देश की बेरोजगारी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी दिक्कतों का समाधान नहीं होगा, इन मुद्दों पर कोई बात नहीं करता। हर कोई राम और हनुमान मंदिर की बातें करता है। उन्होंने ये कहकर राजनीतिक भूचाल ला दिया था कि मंदिर निर्माण से आपको रोजगार नहीं मिलेगा।

• कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा ने पिछले दिनों कहा था कि अमेरिका में विरासत टैक्स लगता है। यानी किसी शख्स के मरने के बाद उसकी संपत्ति का कुछ हिस्सा उसके रिश्तेदारों को दिया जाता है, जबकि एक बड़ा हिस्सा सरकार अपने पास रख लेती है। सैम ने इस कानून को एक रोचक कानून बताया था।

• सैम को साल 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान हुआ-तो-हुआ वाली टिप्पणी पर भी आलोचना झलेनी पड़ी थी। दरअसल 1984 सिख दंगों को लेकर बीजेपी ने आरोप लगाया था कि तत्तालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के इशारे पर सिख दंगे हुए थे, जिस पर सैम ने कहा था कि 1994 में हुआ तो हुआ। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि उनकी हिंदी अच्छी नहीं है। वह कहना चाहते थे कि जो हुआ वह बुरा हुआ।

• साल 2019 में सैम पित्रोदा ने कहा थआ कि मडिकल क्लास को स्वार्थी नहीं बनना चाहिए। उनको कांग्रेस की प्रस्तावित न्याय योजना की फंडिंग के लिए ज्यादा से ज्यादा टैक्स देने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा था कि टैक्स का बोझ बढ़ने से मिडिल क्लास को स्वार्थी बनीं बनना चाहिए। उनके इस बयान पर काफी बवाल हुआ था।

• साल 2018 में पुलवामा में हुए अटैक के बाद पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक को लेकर भारत सरकार के एक्शन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि पुलवामा जैसे हमले होते रहते हैं। इसके बारे में मैं ज्यादा नहीं जानता. उन्होंने कहा था कि मुंबई में भी हमला हुआ था।

Streetbuzznews

Mar 29 2024, 13:51

Courier Services Suspended for Vihaan Direct Selling Amid Fraud Allegations.

The courier services of India Post as well as Blue Dart have dealt a huge blow to the Indian franchisee of the controversial multi-level marketing (MLM) scheme, QNet, called Vihaan Direct Selling (India) Pvt Ltd. The MLM entity is facing numerous allegations of fraud and legal scrutiny. These challenges are further complicated by a recent decision by India Post and Blue Dart to withhold their services from Vihaan Direct Selling.

There was a directive from Registrar of Companies (ROC), ordering that courier services be suspended for Vihaan Direct Selling due to its engagement in numerous criminal cases and legal actions. This development signifies growing anxiety over company operations and likely consequences affecting consumers.

At the heart of the controversy are some severe fraud allegations amounting to an astounding ₹1 billion against this firm, Vihaan Direct Selling, and its affiliates. Consequently, the Enforcement Directorate (ED) has moved in by blocking any financial transactions via 36 bank accounts linked with Vihaan Direct Selling valued at above Rs 90 crores as part of money laundering probe. Legal actions however including cases filed by ED have addressed issues related to fraud against Vihaan Direct Selling particularly on Rs425 crore scam which is known as QNet case.

Government bodies have tightened the screws on Vihaan Direct Selling; consumer affairs and corporate affairs have commenced winding-up proceedings against this company. The extent of fraud committed by Vihaan Direct Selling has significantly been emphasized through judicial observations, especially by Judge Mridula Bhatkar of Bombay High Court.

In spite of legal and regulatory interventions, Vihaan Direct Selling continues to operate in multi-level marketing (MLM), which hampers consumer protection efforts. The company also suffered a major blow when courier services were halted. With increasing fraud allegations and hardening regulatory actions, the destiny of its operations hangs in balance, making it a milestone moment for MLM industry and initiatives aimed at safeguarding customers.

India

Mar 27 2024, 18:31

सुप्रिया श्रीनेत और दिलीप घोष को चुनाव आयोग की नोटिस, कंगना रनौत-ममता बनर्जी पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी

#ecnoticetosupriyashrinateanddilipghoshovercontroversialremarks 

लोकसभा चुनाव को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। राजनीतिक दलों में बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है। चुनाव आयोग के बार-बार चेतावनी दिए जाने के बाद भी नेताओं का आपत्तिजनक बयान देने का सिलसिला जारी है. आपत्तिनजक बयान को लेकर चुनाव आयोग ने बुधवार को कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और बीजेपी नेता दिलीप घोष को नोटिस भेजा है।चुनाव आयोग ने सुप्रिया श्रीनेत को इसलिए नोटिस भेजा है क्योंकि हाल ही में सुप्रिया श्रीनेत के सोशल मीडिया अकाउंट से कंगना रनौत पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। वहीं, बीजेपी के नेता दिलीप घोष को भी इस कारण नोटिस भेजा है क्योंकि घोष ने ममता बनर्जी पर टिप्पणी की थी।

सुप्रिया श्रीनेत ने क्या कहा था?

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कंगना रनौत के मंडी लोकसभा प्रत्याशी बनने पर निशाना साधा था। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर कंगना की एक शेयर कर लिखा था कि मंडी में आज क्या भाव चल रहा कोई बताएगा? पोस्ट होने के कुछ ही देर बाद लोगों ने उन्हें इस टिप्पणी के लिए ट्रोल करना शुरू कर दिया, जिसके बाद कांग्रेस नेता ने सफाई दी और कहा कि उनका अकाउंट कई लोग इस्तेमाल करते हैं और उन्हीं में से किसी ने ये किया है। बता दें कि कंगना रनौत को बीजेपी ने मंडी लोकसभा से टिकट देकर मैदान में उतारा है।

दिलीप घोष ने क्या कहा था?

वहीं, दिलीप घोष एक सभा के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पारिवारिक पृष्ठभूमि पर अभद्र टिप्पमी की थी। घोष ने कहा कि ममता बनर्जी खुद को कभी गोवा की बेटी बताती है तो कभी त्रिपुरा की बेटी बताती हैं। ऐसे में ममता बनर्जी बताएं की उनके पिता कौन है? ऐसे ही किसी की भी बेटी होना ठीक नहीं।

दिलीप घोष के इस बयान पर खुद उनकी पार्टी बीजेपी ने भी उनके इस बयान से किनारा कर लिया था और नोटिस भेजकर उनसे स्पष्टीकरण मांगा था।विवाद बढ़ता देख दिलीप घोष ने अपने बयान को लेकर स्पष्टीकरण दिया था।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनर्जी के खिलाफ मेरे मन में कोई दुर्भावना नहीं है। अगर किसी को मेरी भाषा और शब्दों से दिक्कत हुई है तो मैं दुख प्रकट करता हूं।

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Mar 06 2024, 16:37

भारत को देश नहीं मानते डीएमके सांसद ए राजा, जानें

#dmk_mp_a_raja_controversial_remarks

डीएमके नेता ए राजा एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। मामला उनके भारत और सनातन धर्म को लेकर दिए गए विवादित बयान का है। ए राजा ने भारत को एक देश मानने से इनकार किया है। ए राजा की मानें को भारत एक देश नहीं है, बल्कि एक उपमहाद्वीप है। ए राजा के इस बयान के बाद विवाद शुरू हो गया है। इस बयान की न केवल बीजेपी बल्कि डीएमके की सहयोगी कांग्रेस ने भी निंदा की। बीजेपी ने राजा की टिप्पणी को विभाजन का आह्वान बताते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि बोलते समय उन्हें संयम बरतना चाहिए।

इससे संबंधित एक वीडियो सामने आया है। तमिल में दिया गया ए राजा के इस भाषण का वीडियो क्लिप अंग्रेज़ी सबटाइटल के साथ सोशल मीडिया पर पिछले दो दिन से वायरल हो रहा है।जिसमें राजा कहते नजर आ रहे हैं - भारत एक राष्ट्र नहीं है। इस बात को अच्छे से समझ लें। भारत कभी एक राष्ट्र नहीं रहा।ए राजा ने कहा कि एक राष्ट्र एक भाषा, एक परंपरा और एक संस्कृति को दर्शाता है और ऐसी विशेषताएं ही एक राष्ट्र का निर्माण करती हैं। भारत एक उपमहाद्वीप है जहां कई प्रथाएं और परंपराएं हैं।

ए राजा ने कहा, तमिलनाडु में एक भाषा-एक संस्कृति हैं। यह एक देश है। मलयालम एक भाषा है, उनका एक राष्ट्र है। ओडिशा एक देश है, वहां एक भाषा है। केरल में अलग, दिल्ली में अलग भाषा और संस्कृति है। ये सारे देश मिलकर भारत को बनाते हैं। इसलिए भारत एक देश नहीं, बल्कि एक उपमहाद्वीप है।

डीएमके नेता ए राजा वीडियो में कहते नजर आ रहे हैं कि अगर आप कहेंगे कि ये आपके ईश्वर हैं और भारत माता की जय तो हम उस ईश्वर और भारत माता को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। कह दो इनको, हम सब राम के शत्रु हैं। मुझे रामायण और भगवान राम पर विश्वास नहीं है। राजा ने भगवान हनुमान की तुलना बंदर से करते हुए 'जय श्री राम' के नारे को घृणास्पद बताया।

ए राजा का बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब 4 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन को सनातन विरोधी बयानबाजी पर फटकार लगाते हुए कहा था कि उन्हें अपने बयान के नतीजे पता होने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आपने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया और अब आप राहत मांग रहे हैं। आप आम आदमी नहीं हैं, राजनेता हैं।

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Jan 18 2024, 14:47

गौरवपूर्ण अयोध्या का विवादित इतिहास, जिसने देश की राजनीति को सबसे ज्यादा प्रभावित किया

#controversial_history_of_glorious_ayodhya

अयोध्या का आरंभ जितना गौरवपूर्ण है, बाद का इतिहास उतना ही विवादित, शायद दुनिया का सबसे लंबा चलने वाला विवाद रहाष हालांकि पिछली पांच शताब्दी से चला आ रहा तनाव अब खत्म हो गया है। अब वहां रामलला विराजमान होने वाले हैं।

अयोध्या के अध्याय में विवाद की बुनियाद उस वक्त पड़ी, जब बाबर ने मंदिर तुड़वाकर मस्जिद का निर्माण कराया। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद तक ये वो विवाद रहा, जिसने देश की राजनीति को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। जिसने हिंदू-मुस्लिम के बीच एक कभी ना पाटी जा सकने वाली खाई खोद दी। इसकी वजह से हिंसा और खून खराबा हुआ, लोग मारे गए, सालों तक देश की सबसे बड़ी अदालत में इस समस्या को सुलझाने के लिए सुनवाइयां हुई, दलीले पेश की गई। तक जाकर ये विवाद खत्म हुआ।

अयोध्या में उस स्थल पर मस्जिद बनवाया गया था, जिसे हिंदू अपने आराध्य भगवान राम का जन्म स्थान मानते हैं। कहा जाता है कि मुगल राजा बाबर के सेनापति मीर बाकी ने यहां मस्जिद बनवाई। जिसे बाबरी मस्जिद का नाम दिया गया। इसके साथ ही विवाद की बीज बो दी गई थी। जो साल दर साल बढ़ते बढ़ते एक विशाल वृक्ष बना गया। जिसकी शाखांए अयोध्या से निकलकर पूरे देश में छा गई। यानी ये मसला देशव्यापी बन चुका था।

कहा जाता है कि अयोध्या में इस मुद्दे को लेकर पहली सामप्रदायिक हिंसा की 1853 में हुई थी। जब निर्मोही अखाड़ा ने ढांचे पर दावा कर दिया। निर्मोही अखाड़ा ने कहा कि जिस स्थल पर मस्जिद खड़ा है, वहां एक मंदिर हुआ करता था, जिसे बाबर के शासनकाल में नष्ट किया गया। अगले 2 सालों तक इस मुद्दे को लेकर अवध में हिंसा भड़कती रही। इस दौरान 1855 तक, हिंदू और मुसलमान दोनों एक ही इमारत में पूजा या इबादत करते रहे। ये वो समय था जब देश स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ रहा था। उस वक्त 1857 के पहले आंदोलन के कारण अयोध्या का मामला थोड़ा ठंडा पड़ गया। इसी दौरान 1859 में ब्रिटिश शासकों ने मस्जिद के सामने एक दीवार बना दी गई। परिसर के भीतरी हिस्से में मुसलमानों को और बाहरी हिस्से में हिंदुओं को प्रार्थना करने की अनुमति दी गई।

इस बीच दोनों समुदायों के बीच तनाव बढता ही जा रहा था। मंदिर-मस्जिद विवाद कुछ सालों में इतना भयावह हो गया कि मामला पहली बार कोर्ट में पहुंचा। हिंदू साधु महंत रघुबर दास ने फैजाबाद कोर्ट में बाबरी मस्जिद परिसर में राम मंदिर बनवाने की इजाजत मांगी, हालांकि कोर्ट ने ये अपील ठुकरा दी। जज पंडित हरिकृष्ण ने यह कहकर इसे खारिज कर दिया कि यह चबूतरा पहले से मौजूद मस्जिद के इतना करीब है कि इस पर मंदिर बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

ऐसा नहीं है कि कोर्ट के इस आदेश के बाद सबकुछ शांत हो गया। यूं कह सकते हैं कि इसके बाद से मामला और गहराता गया। जिसके बाद सिलसिलेवार चला तारीखों का सिलसिला।

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Jan 04 2024, 11:05

राम शाकाहारी नहीं, मांसाहारी थे', एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड ने एक नए विवाद को दिया जन्म*

#ncp_leader_jitendra_ahwads_controversial_statement_on_lord_ram

अयोध्या में होने वाले रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर पहले ही सियासत तेज है। इस बीच एनसीपी शरद पवार गुट के विधायक और पूर्व मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने एक नए विवाद की शुरूआत कर दी है। अब अगर बात शुरू हुई है तो, निःसंदेश दूर तलक जाएगी। शिरडी में पार्टी के शिविर में एनसीपी नेता जितेंद्र आह्वाड ने भगवान श्रीराम पर बयान दिया। इसी दौरान उन्हें भगवान राम के खाने को लेकर ऐसा बात कह डाली, जिसपर बीजेपी ने नाराजगी जाहिर की है।

महाराष्ट्र के शिरडी में बुधवार को एक कार्यक्रम में आव्हाड ने कहा कि ‘राम हमारे हैं, बहुजन के हैं।आव्हाड ने आगे कहा कि भगवान राम शाकाहारी नहीं थे, वह मांसाहारी थे। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति 14 साल तक जंगल में रहेगा वो शाकाहारी भोजन खोजने कहां जाएगा? उन्होंने जनता से सवाल करते हुए कहा कि क्या यह सही बात है या नहीं?

उन्होंने कहा, 'कोई कुछ भी कहे, सच्चाई यह है कि हमें आजादी गांधी और नेहरू की वजह से ही मिली। यह तथ्य कि इतने बड़े स्वतंत्रता आंदोलन के नेता गांधी जी ओबीसी थे, उन्हें (आरएसएस को) स्वीकार्य नहीं है।' उन्होंने आगे कहा कि गांधीजी की हत्या के पीछे का असली कारण जातिवाद था।

जितेंद्र आव्हाड के इस बयान पर अब जमकर बवाल हो रहा है। उनके इस बयान को लेकर देशव्यापी विरोध हो रहा है। बीजेपी और हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया। इसके अलावा अजित पवार गुट वाली एनसीपी ने जितेंद्र के इस बयान को लेकर मुंबई में विरोध प्रदर्शन भी किया।

जितेंद्र आह्वाड के बयान की एनसीपी अजित पवार गुट ने भी निंदा की है. एनसीपी अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि जितेंद्र आह्वाड के पास लगता है कि डॉक्टरेट की डिग्री है, आह्वाड ही इस दुनिया में सबसे बड़े ज्ञानी हैं उनके जितना ज्ञान किसी को नहीं इसलिए इस तरह के बयान सिर्फ वही दे सकते हैं.

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Oct 27 2023, 11:24

अपनी ही पार्टी की सांसद हेमा मालिनी पर नरोत्तम मिश्रा के बिगड़े बोल, जानें ऐसा क्या कह गए, जिसने कांग्रेस को दे दिया मौका

#narottammishrascontroversialstatementoverhema_malini

मध्य प्रदेश के चुनावी माहौल में राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बैठे बिठाए कांग्रेस के हाथों में एक मुद्दा थमा दिया है। जिसके बाद बीजेपी नेता पर महिला विरोदी होने के आरोप लग रहे हैं।मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब सूबे के गृह मंत्री जानी मानी कलाकार हेमा मालिनी को लेकर दिये बयान को लेकर विवाद में फंस गये हैं।दरअसल, एक सभा में नरोत्तम मिश्रा के बोल अपनी उपलब्धियों का बखान करते करते बिगड़ गए। बोलते-बोलते नरोत्तम मिश्रा की जुबान फिसली और वे अपनी ही पार्टी की महिला सांसद पर अमर्यादित बात कह गए। जब उनका वीडियो वायरल हुआ तो कांग्रेस ने कहा महिला विरोधी बयान के लिये नरोत्तम मिश्रा से माफ़ी मांगने की मांग की है।

नरोत्तम मिश्रा ने क्या कहा

दरअसल, मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा दतिया में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने मथुरा से अपनी ही पार्टी की सांसद हेमा मालिनी का भी जिक्र किया और कहा, मेरे दतिया ने उड़ान भरी तो बागेश्वर धाम आए, प्रदीप मिश्रा आए, मेरे दतिया ने उड़ान भरी तो कलशयात्रा निकाली गई है और दतिया ने उड़ान भरी तो सांस्कृतिक कार्यक्रमों से लेकर हेमा मालिनी को भी नचवा दिया।

अपने दल की नेता को भी नहीं बख्शते-दिग्विजय सिंह

काँग्रेस इसे हेमा मालिनी और एक महिला का अपमान बता रही है। कांग्रेस का कहना है एक तरफ मुख्यमंत्री खुद को मामा कहकर लाड़ली बहना योजना चलाते हैं औऱ दूसरी तरफ उनके मंत्री अपनी ही पार्टी की नेता हेमामालिनी का इस तरह अपमान करते हैं। उनके इस बयान को लेकर अब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'संस्कारी बीजेपी के माननीय मंत्री जी का महिलाओं को लेकर वास्तविक ओछापन भी सुनें। अपने दल की नेता को भी नहीं बख्शते।' इसी के साथ उन्होंने नरोत्तम मिश्रा का यह वीडियो भी पोस्ट किया है।

बीजेपी की महिला विरोधी सोच- रागिनी नायक

पार्टी की प्रवक्ता रागिनी नायक ने कहा हेमा मालिनी जी जो उन्हीं की पार्टी की नेता हैं उनके बारे में ये कहना कि हम हेमा मालिनी को नचाएंगे, ये बीजेपी की महिला विरोधी सोच है। हाथी के दांत खाने के औऱ दिखाने के औऱ. वोट बटोरने के लिये लाड़ली बहना हो जाती है। बीजेपी के ये नेता कैसे महिलाओं को कमोडिफाय कर रहे हैं। ये लज्जा का विषय है। शिवराज सिंह चौहान को नरोत्तम मिश्रा से माफी मंगवानी चाहिए औऱ खुद भी माफी मांगनी चाहिये क्योंकि वो खुद को मामा कहते हैं।

बता दें कि नरोत्तम मिश्रा भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता हैं और 2008 से दतिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार वह अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए चौथी बार मैदान में उतर रहे हैं। मध्य प्रदेश में 7 नवंबर को मतदान होगा और वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी।

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Oct 27 2023, 11:23

अपनी ही पार्टी की सासंद हेमा मालिनी पर नरोत्तम मिश्रा के बिगड़े बोल, जानें ऐसा क्या कह गए, जिसने कांग्रेस को दे दिया मौका

#narottam_mishra_s_controversial_statement_over_hema_malini

मध्य प्रदेश के चुनावी माहौल में राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बैठे बिठाए कांग्रेस के हाथों में एक मुद्दा थमा दिया है। जिसके बाद बीजेपी नेता पर महिला विरोदी होने के आरोप लग रहे हैं।मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब सूबे के गृह मंत्री जानी मानी कलाकार हेमा मालिनी को लेकर दिये बयान को लेकर विवाद में फंस गये हैं।दरअसल, एक सभा में नरोत्तम मिश्रा के बोल अपनी उपलब्धियों का बखान करते करते बिगड़ गए। बोलते-बोलते नरोत्तम मिश्रा की जुबान फिसली और वे अपनी ही पार्टी की महिला सांसद पर अमर्यादित बात कह गए। जब उनका वीडियो वायरल हुआ तो कांग्रेस ने कहा महिला विरोधी बयान के लिये नरोत्तम मिश्रा से माफ़ी मांगने की मांग की है।

नरोत्तम मिश्रा ने क्या कहा

दरअसल, मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा दतिया में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने मथुरा से अपनी ही पार्टी की सांसद हेमा मालिनी का भी जिक्र किया और कहा, मेरे दतिया ने उड़ान भरी तो बागेश्वर धाम आए, प्रदीप मिश्रा आए, मेरे दतिया ने उड़ान भरी तो कलशयात्रा निकाली गई है और दतिया ने उड़ान भरी तो सांस्कृतिक कार्यक्रमों से लेकर हेमा मालिनी को भी नचवा दिया।

अपने दल की नेता को भी नहीं बख्शते-दिग्विजय सिंह

काँग्रेस इसे हेमा मालिनी और एक महिला का अपमान बता रही है। कांग्रेस का कहना है एक तरफ मुख्यमंत्री खुद को मामा कहकर लाड़ली बहना योजना चलाते हैं औऱ दूसरी तरफ उनके मंत्री अपनी ही पार्टी की नेता हेमामालिनी का इस तरह अपमान करते हैं। उनके इस बयान को लेकर अब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'संस्कारी बीजेपी के माननीय मंत्री जी का महिलाओं को लेकर वास्तविक ओछापन भी सुनें। अपने दल की नेता को भी नहीं बख्शते।' इसी के साथ उन्होंने नरोत्तम मिश्रा का यह वीडियो भी पोस्ट किया है।

बीजेपी की महिला विरोधी सोच- रागिनी नायक

पार्टी की प्रवक्ता रागिनी नायक ने कहा हेमा मालिनी जी जो उन्हीं की पार्टी की नेता हैं उनके बारे में ये कहना कि हम हेमा मालिनी को नचाएंगे, ये बीजेपी की महिला विरोधी सोच है। हाथी के दांत खाने के औऱ दिखाने के औऱ. वोट बटोरने के लिये लाड़ली बहना हो जाती है। बीजेपी के ये नेता कैसे महिलाओं को कमोडिफाय कर रहे हैं। ये लज्जा का विषय है। शिवराज सिंह चौहान को नरोत्तम मिश्रा से माफी मंगवानी चाहिए औऱ खुद भी माफी मांगनी चाहिये क्योंकि वो खुद को मामा कहते हैं।

बता दें कि नरोत्तम मिश्रा भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता हैं और 2008 से दतिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार वह अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए चौथी बार मैदान में उतर रहे हैं। मध्य प्रदेश में 7 नवंबर को मतदान होगा और वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी।

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May 15 2024, 16:00

फारूक अब्दुल्ला की पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी, बोले-अपनी पत्नी तो संभाल नहीं पाए...

#farooq_abdullah_gave_a_controversial_statement_about_prime_minister

चुनाव प्रचार के दौरान नेता एक दूसरे पर जुबानी हमला बोल रहे हैं। इस दौरान कई बार नेता अपनी मर्यादा भूलते जा रहे हैं। इसी क्रम में नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद विवादित टिप्पणी की है।उन्होंने कहा कि वह अपनी बीवी को संभाल नहीं पाए। जब उनके बच्चे नहीं हैं तो उनकी मोहब्बत क्या जानेंगे।

फारूक अब्दुल्ला ने एक चुनाव रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मुसलमानों को निशाना बनाते हुए वो कहते हैं कि ये मुसलमान ज्यादा बच्चे पैदा करते हैं। मोदी साहब आप अपनी बीवी को संभाल नहीं सके, तो आपके बच्चे कहां से आते। आप क्या जानते हैं। आप क्या जानते हैं बच्चों की मोहब्बत और उनका लगाव। किस तरह से बच्चे अपने मां-बाप की इज्जत और खिदमत करते हैं, आप क्या जानते हैं, आपको तो कोई नहीं है, अकेले हो और अकेले जाओगे। उनसे पूछो जिनकी औलाद है।

वैसे, फारूक अब्दुल्ला अकेले नहीं हैं जिन्होंने पीएम मोदी के परिवार को लेकर विवादित बयान दिया है। इससे पहले आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने महागठबंधन की रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर अभद्र टिप्पणी की थी। लालू यादव ने कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी आजकल परिवारवाद का जिक्र कर रहे हैं, आपका परिवार नहीं है और आप हिंदू भी नहीं हैं

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May 08 2024, 16:18

सैम पित्रोदा के बयान पर भड़के पीएम मोदी, कहा- मैं गुस्से में हूं, शहजादे के सलाहकार ने मेरे लोगों के रंग का अपमान किया

#sampitrodacontroversialstatementreactionofpm_modi

देश में जारी चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक दलों को क्या चाहिए, सिर्फ एक मुद्दा। कांग्रेस खुद अपने हाथों से अपने विरोधी दल यानी बीजेपी को मुद्दे पकड़ा रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी की इंडियन ओवरसीज ईकाई के अध्यक्ष सैम पित्रोदा के ‘विरासत टैक्स’ वाले बयान पर विवाद थमा भी नहीं था कि अब उन्होंने भारतीयों के रंग-रूप को लेकर टिप्पणी करके बीजेपी को एक और सियासी हथियार दे दिया है।देश में लोकसभा चुनाव को लेकर जारी धुआंधार प्रचार के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज तेलंगाना पहुंचे। जहां सैम पित्रोदा के बयान पर पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।

पीएम मोदी ने तेलंगाना के वारंगल में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आज मैं बहुत गुस्से में हूं। मुझे गाली दी, मैंने सहन कर लिया, लेकिन आज शहजादे (राहुल गांधी) के सलाहकार ने जो कहा उससे मुझे गुस्सा आया। ये मेरे देश के लोगों की चमड़ी के रंग का अपमान कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘शहजादे के गाइड अंकल ने कहा है कि जिनका चेहरा काला है वो अफ्रीका का होता है। रंग के आधार पर इतनी बड़ी गाली दी। चमड़ी के रंग देखकर ही मान लिया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अफ्रीकन हैं। इनकी सोच आज पता चली। अरे चमड़ी का रंग कुछ भी हो, हम श्री कृष्ण की पूजा करने वाले लोग हैं।‘

पित्रोदा ने क्या कहा?

इससे पहले अंग्रेजी अखबार द स्टेट्समैन को दिए एक इंटरव्यू में सैम पित्रोदा ने कहा कि 'हम भारत जैसे विविधता से भरे देश को एकजुट रख सकते हैं, जहां पूर्व के लोग चीनी जैसे लगते हैं, पश्चिम के लोग अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर के लोग गोरों जैसे और दक्षिण भारतीय अफ्रीकी जैसे लगते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, हम सभी बहन-भाई हैं।' पित्रोदा ने कहा कि भारत में अलग-अलग क्षेत्र के लोगों के रीति-रिवाज, खान-पान, धर्म, भाषा अलग-अलग हैं, लेकिन भारत के लोग एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के लोग 75 वर्षों तक एक सुखद वातावरण में रहे हैं, कुछ लड़ाइयों को छोड़ दें तो लोग साथ रह सकते हैं।

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May 08 2024, 15:52

फिर फिसली सैम पित्रोदा की जुबान, अब बोले- 'पूर्वी भारतीय चीनी लगते हैं तो दक्षिण वाले अफ्रीकी'

#sampitrodacontroversial_statement 

कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने एक बार फिर कुछ ऐसा कहा है, जिस पर बवाल मच गया है। अपने बयानों की वजह से हमेशा सुर्खियां बटोरने वाले सैम पित्रोदा ने इस बार भारत की विविधतापूर्ण संस्कृति पर चौंकाने वाला बयान दिया है। सैम ने अपने बयान में भारत के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के रंग-रूप की तुलना अलग-अलग देशों के लोगों से की है।उन्होंने कहा कि भारत ऐसा विविधतापूर्ण देश है जहां पूरब के लोग चीनी जैसे दिखते हैं, पश्चिम के लोग अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर के लोग शायद गोरे जैसे दिखते हैं और दक्षिण के लोग अफ्रीका जैसे दिखते हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान सैम पित्रोदा के नए बयान से कांग्रेस एक बार फिर से घिरती नजर आ रही है। अभा हाल ही में सैम पित्रोदा ने विरासत टैक्स को लेकर टिप्पणी की थी, पित्रोदा के उस बयान पर भी खूब विवाद हुआ था। 

अंग्रेजी अखबार द स्टेट्समैन को दिए एक इंटरव्यू में सैम पित्रोदा ने कहा कि 'हम भारत जैसे विविधता से भरे देश को एकजुट रख सकते हैं, जहां पूर्व के लोग चीनी जैसे लगते हैं, पश्चिम के लोग अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर के लोग गोरों जैसे और दक्षिण भारतीय अफ्रीकी जैसे लगते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, हम सभी बहन-भाई हैं।' पित्रोदा ने कहा कि भारत में अलग-अलग क्षेत्र के लोगों के रीति-रिवाज, खान-पान, धर्म, भाषा अलग-अलग हैं, लेकिन भारत के लोग एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के लोग 75 वर्षों तक एक सुखद वातावरण में रहे हैं, कुछ लड़ाइयों को छोड़ दें तो लोग साथ रह सकते हैं। 

कांग्रेस ने किया किनारा

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा की इस टिप्पणी से कांग्रेस ने दूरी बना ली है। एक्स पर एक पोस्ट में, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि भारत की विविधता को चित्रित करने के लिए सैम पित्रोदा द्वारा पॉडकास्ट में कही गई उपमाएं सबसे दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इन उपमाओं से खुद को पूरी तरह से अलग करती है।

विरासत कर वाले बयान पर हुआ था विवाद

सैम पित्रोदा कुछ पहले भी विरासत कर वाले बयान पर विवादों में आ गए थे. उन्होंने कहा था कि अमेरिका में विरासत टैक्स लगता है. इसके बाद भारत में राजनीतिक दलों में खासतौर पर बीजेपी नेताओं ने इसका कड़ा विरोध किया था. बीजेपी ने सैम के बयान के आधार पर कांग्रेस पार्टी पर भी हमला बोला था और उसे घोषणा पत्र में संपत्ति सर्वे से जोड़कर राहुल गांधी पर हमला बोला था. हालांकि बाद में सैम पित्रोदा ने दोबारा कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया. उन्होंने वो नहीं कहा जो लोगों ने मतलब निकाला

बयानों से कब-कब सुर्खियों में रहे सैम पित्रोदा 

• सैम पित्रोदा ने जून, 2023 में कहा था कि मंदिरों से देश की बेरोजगारी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी दिक्कतों का समाधान नहीं होगा, इन मुद्दों पर कोई बात नहीं करता। हर कोई राम और हनुमान मंदिर की बातें करता है। उन्होंने ये कहकर राजनीतिक भूचाल ला दिया था कि मंदिर निर्माण से आपको रोजगार नहीं मिलेगा।

• कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा ने पिछले दिनों कहा था कि अमेरिका में विरासत टैक्स लगता है। यानी किसी शख्स के मरने के बाद उसकी संपत्ति का कुछ हिस्सा उसके रिश्तेदारों को दिया जाता है, जबकि एक बड़ा हिस्सा सरकार अपने पास रख लेती है। सैम ने इस कानून को एक रोचक कानून बताया था।

• सैम को साल 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान हुआ-तो-हुआ वाली टिप्पणी पर भी आलोचना झलेनी पड़ी थी। दरअसल 1984 सिख दंगों को लेकर बीजेपी ने आरोप लगाया था कि तत्तालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के इशारे पर सिख दंगे हुए थे, जिस पर सैम ने कहा था कि 1994 में हुआ तो हुआ। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि उनकी हिंदी अच्छी नहीं है। वह कहना चाहते थे कि जो हुआ वह बुरा हुआ।

• साल 2019 में सैम पित्रोदा ने कहा थआ कि मडिकल क्लास को स्वार्थी नहीं बनना चाहिए। उनको कांग्रेस की प्रस्तावित न्याय योजना की फंडिंग के लिए ज्यादा से ज्यादा टैक्स देने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा था कि टैक्स का बोझ बढ़ने से मिडिल क्लास को स्वार्थी बनीं बनना चाहिए। उनके इस बयान पर काफी बवाल हुआ था।

• साल 2018 में पुलवामा में हुए अटैक के बाद पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक को लेकर भारत सरकार के एक्शन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि पुलवामा जैसे हमले होते रहते हैं। इसके बारे में मैं ज्यादा नहीं जानता. उन्होंने कहा था कि मुंबई में भी हमला हुआ था।