केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर श्रमिक जागरूकता अभियान, विभिन्न योजनाओं की दी गई जानकारी

लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे '12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के' अभियान के तहत प्रदेशभर में 05 जून से 21 जून 2026 तक समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में लखनऊ के मलिहाबाद ब्लॉक में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार तथा श्रमिक पंजीयन के लिए विशेष शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

अपर श्रमायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि लेबर अड्डा, तेलीबाग में श्रमिकों को बोर्ड में पंजीकरण, नवीनीकरण एवं संचालित कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही असंगठित क्षेत्र के पात्र श्रमिकों, गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन कराने तथा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) एवं राष्ट्रीय पेंशन योजना-व्यापारी (NPS-Trader) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत कारखाना प्रभाग के अधिकारियों द्वारा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता-2020 पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान सुरक्षा ऑडिट, कार्यस्थल पर दुर्घटना निवारण एवं श्रमिक सुरक्षा उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में महिला श्रमिकों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए महिला सुरक्षा एवं पॉश (POSH) जागरूकता कार्यक्रम, अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण तथा आपदा प्रबंधन संबंधी मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया। अपर श्रमायुक्त ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम की प्रक्रिया भी इसी माह प्रारंभ की जाएगी, जिससे श्रमिकों के कौशल उन्नयन एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

जन-जागरूकता अभियान के सफल संचालन में श्रम प्रवर्तन अधिकारी अंकित सिंह एवं संतोष कुमार का विशेष योगदान रहा। कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार की 12 वर्षों की जन-कल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े श्रमिक तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी पात्र श्रमिकों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

अधिक जानकारी के लिए श्रमिक टोल फ्री नंबर 1800-180-5412 अथवा अपर श्रमायुक्त कार्यालय, 23 ए.पी. सेन रोड, लखनऊ से संपर्क कर सकते हैं।

अतिस्थौल्य (मोटापा) केवल वजन नहीं, मेद धातु की विकृति : आयुर्वेद
अमर बहादुर सिंह बलिया शहर नगरा बलिया। आधुनिक जीवनशैली में तेजी से बढ़ रही मोटापे की समस्या को आयुर्वेद ने हजारों वर्ष पूर्व ही गंभीर रोग के रूप में वर्णित किया है। आयुर्वेदाचार्यों चरक, सुश्रुत और वाग्भट के अनुसार अतिस्थौल्य केवल शरीर का भार बढ़ना नहीं है, बल्कि मेद धातु की विकृति है, जिससे अनेक अन्य रोग उत्पन्न हो सकते हैं। आयुर्वेदिक ग्रंथों में वर्णित श्लोक “अतिस्थौल्यापचीमेहज्वरोदरभगन्दरान् । काससंन्यासकुष्ठानि तृट्कृच्छ्राणि च दारुणान् ॥” के अनुसार अत्यधिक मोटापा प्रमेह (मधुमेह), उदर रोग, भगन्दर, कास, मूत्र विकार तथा अन्य गंभीर रोगों का कारण बन सकता है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी मोटापे को डायबिटीज, फैटी लिवर, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग तथा स्लीप एपनिया जैसी समस्याओं का प्रमुख कारण मानता है। आयुर्वेद के अनुसार मोटापे की चिकित्सा का मूल सिद्धांत है— “मेद, कफ और विकृत चयापचय को संतुलित करना।” वाग्भट ने कहा है कि ऐसी चिकित्सा अपनानी चाहिए जो मेद को कम करे, कफ का शमन करे तथा शरीर के संतुलन को बनाए रखे। विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा नियंत्रण में जौ, कुल्थी, मूंग, छाछ तथा गुनगुना जल अत्यंत लाभकारी माने गए हैं। कुल्थी को आयुर्वेद में शक्तिशाली मेदहर बताया गया है, जबकि जौ को मोटापा नियंत्रण की श्रेष्ठ औषधि माना गया है। इन पदार्थों में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन सुधारने और वजन नियंत्रित करने में सहायक होता है। आयुर्वेदिक ग्रंथों में त्रिफला, गिलोय, शुद्ध मधु तथा शिलाजीत का भी उल्लेख मिलता है। त्रिफला पाचन को सुदृढ़ करने, गिलोय चयापचय को बेहतर बनाने तथा मधु को ‘लेखन’ गुण वाला बताया गया है, जो अतिरिक्त मेद को कम करने में सहायक माना जाता है। हालांकि विशेषज्ञ किसी भी औषधि के सेवन से पूर्व योग्य चिकित्सक की सलाह लेने की सलाह देते हैं। स्वस्थ जीवन के लिए नियमित व्यायाम, प्रतिदिन 8 से 10 हजार कदम चलना, योग, सूर्य नमस्कार तथा श्रम को भी अत्यंत आवश्यक बताया गया है। आयुर्वेद का उद्देश्य केवल वजन कम करना नहीं, बल्कि अग्नि को संतुलित करना, मेद को नियंत्रित करना, कफ का शमन करना और सम्पूर्ण स्वास्थ्य की स्थापना करना है। अमर बहादुर सिंह नगरा बलिया, उत्तर प्रदेश “स्वस्थ शरीर, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या ही मोटापे से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।”
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर श्रमिक जागरूकता अभियान, विभिन्न योजनाओं की दी गई जानकारी
**लखनऊ।** केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे **'12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के'** अभियान के तहत प्रदेशभर में 05 जून से 21 जून 2026 तक समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में लखनऊ के मलिहाबाद ब्लॉक में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार तथा श्रमिक पंजीयन के लिए विशेष शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अपर श्रमायुक्त **कल्पना श्रीवास्तव** ने बताया कि लेबर अड्डा, तेलीबाग में श्रमिकों को बोर्ड में पंजीकरण, नवीनीकरण एवं संचालित कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही असंगठित क्षेत्र के पात्र श्रमिकों, गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन कराने तथा **प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM)** एवं **राष्ट्रीय पेंशन योजना-व्यापारी (NPS-Trader)** जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत कारखाना प्रभाग के अधिकारियों द्वारा **व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता-2020** पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान सुरक्षा ऑडिट, कार्यस्थल पर दुर्घटना निवारण एवं श्रमिक सुरक्षा उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में महिला श्रमिकों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए **महिला सुरक्षा एवं पॉश (POSH) जागरूकता कार्यक्रम**, अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण तथा आपदा प्रबंधन संबंधी मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया।
अपर श्रमायुक्त ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के **स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम** की प्रक्रिया भी इसी माह प्रारंभ की जाएगी, जिससे श्रमिकों के कौशल उन्नयन एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
जन-जागरूकता अभियान के सफल संचालन में श्रम प्रवर्तन अधिकारी **अंकित सिंह** एवं **संतोष कुमार** का विशेष योगदान रहा।
कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार की 12 वर्षों की जन-कल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े श्रमिक तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी पात्र श्रमिकों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
अधिक जानकारी के लिए श्रमिक **टोल फ्री नंबर 1800-180-5412** अथवा अपर श्रमायुक्त कार्यालय, **23 ए.पी. सेन रोड, लखनऊ** से संपर्क कर सकते हैं।
खबर का असर: हंसापुर रोड पर 2 वर्ष से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट हुई चालू, क्षेत्र में खुशी की लहर
मेरठ/बहसूमा। वार्ड नंबर-4 स्थित हंसापुर रोड पर करीब दो वर्ष से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट आखिरकार नगर पंचायत की पहल पर फिर से चालू कर दी गई। लंबे समय से अंधेरे में डूबे इस मार्ग की समस्या को समाचार के माध्यम से प्रमुखता से उठाया गया था, जिसके बाद नगर पंचायत ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की।

नगर पंचायत अध्यक्ष सचिन सुकड़ी के निर्देश पर कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर खराब पड़ी लाइट को ठीक कराया और मार्ग पर पुनः रोशनी की व्यवस्था बहाल की। लाइट चालू होने से स्थानीय लोगों और राहगीरों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि रात के समय इस मार्ग पर अंधेरा रहने से आवागमन में परेशानी होती थी, लेकिन अब समस्या का समाधान हो गया है।

नगर पंचायत अध्यक्ष सचिन सुकड़ी ने बताया कि जनता की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, "जहां भी ग्रामीणों और नगरवासियों की समस्या होगी तथा जो कार्य नगर पंचायत के अधिकार क्षेत्र में होगा, उसे पूरी जिम्मेदारी के साथ कराया जाएगा। हम दिन-रात जनता के साथ खड़े हैं और क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव प्रयास करते रहेंगे।"

स्ट्रीट लाइट चालू होने से हंसापुर रोड पर सुरक्षा और सुविधा दोनों में सुधार हुआ है, जिससे क्षेत्रवासियों ने नगर पंचायत का आभार व्यक्त किया है।
जिला ग्रामोद्योग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन
रितेश मिश्रा
हरदोई जिला ग्रामोद्योग अधिकारी सुष्मिता सिंह ने बताया है, कि जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, हरदोई को उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, लखनऊ से प्राप्त एस०सी०एस०पी० मद में प्राप्त 05 जागरूकता कार्यक्रम में (एक दिवसीय) जागरूकता शिविर का आज विकास खण्ड-शाहाबाद में आयोजन किया गया जिसमें त्रिपुरेश मिश्रा (ब्लाक प्रमुख शाहाबाद), खण्ड विकास अधिकारी, शाहाबाद, जिला उद्योग केन्द्र हरदोई, एल०डी०एम० बैंक कार्यालय, हरदोई के कर्मचारी उपस्थित रहे।
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गंगा तट पर चल रहे कटाव निरोधक कार्यों का किया डीएम ने किया निरीक्षण, 15 जून तक कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
फर्रुखाबाद l जनपद में गंगा नदी के तटीय क्षेत्रों को कटाव से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संचालित कटाव निरोधक परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेने हेतु जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने शनिवार को गंगा नदी के बाएं तट पर स्थित ग्राम पैलानी दक्षिण पहुँचकर वहां से ढाई घाट तक कराए जा रहे कटाव निरोधक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता सिचाई द्वारा बताया गया कि लगभग 400.02 लाख रुपये की लागत से 1400 मीटर लंबाई में परकोपाइन पद्धति से कटाव निरोधक कार्य कराया जा रहा है। यह परियोजना गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों को नदी कटान से सुरक्षित रखने तथा स्थानीय आबादी एवं कृषि भूमि के संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अधिशासी अभियंता द्वारा अवगत कराया गया कि परियोजना के अंतर्गत कुल 26 स्पर निर्मित किए जाने हैं, जिनमें से 24 स्पर का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष 02 स्पर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त तट संरक्षण हेतु किए जा रहे स्लोप फिनिशिंग के कार्य भी अभी पूर्ण होने शेष हैं।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप युद्धस्तर पर पूर्ण कराए जाएं तथा परियोजना को तय समय-सीमा के भीतर 15 जून 2026 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा तट पर कटाव निरोधक कार्यों के पूर्ण होने से नदी कटान की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और तटवर्ती गांवों, कृषि भूमि एवं जनसंपत्ति को सुरक्षा मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी कायमगंज, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश के लिए राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन*
रितेश मिश्रा
हरदोई । बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश के निर्माण के उद्देश्य से जॉइनिंग फोर्सज इंडिया कैम्पइन अगेंस्ट चाइल्ड लेबर पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति गोरखपुर एवं पार्टिसिपेटरी एक्शन फॉर कम्युनिटी एंपावरमेंट पेस के संयुक्त तत्वाधान में तथा चाइल्ड फंड इंडिया एवं बीएमजे के सहयोग से आज होटल बेबीयन इन लखनऊ में एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया कार्यक्रम में मुख्य रूप से राज्य के नोडल अधिकारी उत्तर प्रदेश सैयद रिजवान अली कैरिटास टीम बाल अधिकार विशेषज्ञ आशा एक्का एवं cacl के प्रदेश संयोजक राजकुमार बाल रक्षा भारत से डॉक्टर संतोष कुमार कौशल का यूनिसेफ से रिजवाना के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के जनपद फिरोजाबाद से बाल संरक्षण अधिकारी अपर्णा कुलश्रेष्ठ बाल कल्याण समिति श्रावस्ती के अध्यक्ष विश्राम एवं हरदोई से अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह राजेंद्र यादव अस्तु सीतापुर शेखर मालाकार स्टेट हेड लीलाधर श्रम अधिकारी सीतापुर एवं बाल संरक्षण विशेषज्ञ शर्माजी और अभिषेक पाठक डॉक्टर शंभू नाथ रिसर्च संस्था बाराबंकी बाल श्रम उन्मूलन पर प्रयासरत सामाजिक संगठनों के प्रमुख व प्रतिनिधियों बाल अधिकार कार्यकर्ताओं तथा प्रतिनिधियों की सहभागिता और अपने विचार एवं सुझाव साझा किया कार्यक्रम का शुभारंभ पेस संस्था के सचिव राजविंदर कौर द्वारा प्रतिभागियों  के स्वागत एवं कार्यशाला में उपस्थित अतिथियों  द्वारा दीप जलाकर किया गया। श्रीमती कौर जी ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाल बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश के प्रयासों की समीक्षा करना वर्ष 2026-27 के लिए प्रभावी कार्य योजना तैयार करना है इसके साथ ही पेस संस्था के निदेशक थॉमसन थॉमस द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बाल श्रम उन्मूलन के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर परियोजना के माध्यम से किया जा रहे प्रयासों को सभी के बीच साझा किया गया साथ ही भारत में बाल सम्मेलन हेतु राष्ट्रीय नीतियों कानून प्रावधानों एवं सता विकास लक्षण के संदर्भ में विस्तार जानकारी साजा की गई उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से रिजवान अली राज नोडल अधिकारी बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने की राज्य सरकार की राजनीति रणनीति एवं लक्ष्य एवं जिला स्तर की जिम्मेदारियां पर प्रकाश डाला इसके साथ ही विभिन्न जनपदों के प्रतिनिधियों द्वारा जिला स्तरीय कार्यकर्ताओं चुनौती एवं समाचारों को प्रस्तुत किया गया कार्यक्रम के दौरान पेश संस्था लखनऊ विज्ञान फाउंडेशन लखनऊ चाइल्ड फंड इंडिया पीजीएमएस गोरखपुर सेफ समिति द्वारा बाल श्रम उन्मूलन के क्षेत्र में किए गए सफल हस्ते एवं सर्वोत्तम प्रयासों को केस स्टडी के माध्यम से साझा किया गया ग्राम पंचायत एवं बाल संरक्षण समितियां ब्लॉक स्तरीय बाल सत्र समितियां तथा सामुदायिक निगरानी तंत्र को सतत बनाने की आवश्यकता पर जो बोल दिया गया कार्यक्रम के समापन अवसर पर पेज संस्कृत आभार व्यक्त किया उपस्थित सभी विधायकों ने उत्तर प्रदेश को बाल श्रमिक बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प दिया कार्यक्रम के सफल आयोजन में पेसे संस्था कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।।
जमीनी विवाद में खूनी संघर्ष, महिलाओं व किशोर समेत कई घायल, वीडियो वायरल
रितेश मिश्रा
शाहाबाद (हरदोई)। नगर के गिगियानी मोहल्ले में वर्षों पुराने जमीनी विवाद ने शुक्रवार को खूनी रूप ले लिया। एक पक्ष के लोगों द्वारा किए गए कथित हमले में पूर्व लेखपाल मिथलेश कुमार, पूर्व सभासद रामचंद्र गुप्ता उर्फ गुड्डू, रामासरे, मुरारी, सुशीला, रोली तथा 12 वर्षीय राजन गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से रोली और रामासरे को गंभीर हालत में रेफर किए जाने की सूचना है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सेवानिवृत्त सैनिक हरीराम, उसके बेटे राजवीर तथा अन्य लोगों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि हरीराम और उसकी पत्नी रामबेटी भी घायल हुए हैं। हरीराम ने भूमि पर अपना स्वामित्व बताते हुए लगाए गए आरोपों से इनकार किया है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में मिथलेश कुमार की ओर से शाहाबाद कोतवाली में नामजद एवं अज्ञात लोगों के विरुद्ध तहरीर दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विवादित भूमि को लेकर लंबे समय से तनाव चला आ रहा है और कई बार मारपीट व शिकायतें हो चुकी हैं। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि समय रहते प्रशासन द्वारा प्रभावी हस्तक्षेप किया जाता तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती।
फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट और दोनों पक्षों की तहरीरों के आधार पर जांच में जुटी है। इलाके में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वर्षों पुराने इस भूमि विवाद का स्थायी समाधान अब तक क्यों नहीं हो सका।
भूमि विवाद या संरक्षण प्राप्त भूमाफियागिरी?
गिगियानी का यह विवाद कोई नया नहीं है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विवादित भूमि पर कब्जे को लेकर वर्षों से तनाव, मारपीट और मुकदमेबाजी का दौर चल रहा है। कई बार शिकायतें हुईं, वीडियो वायरल हुए, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि राजस्व विभाग और प्रशासन की निष्क्रियता ने ही विवाद को खूनी संघर्ष तक पहुंचाया है। दूसरी ओर आरोपी पक्ष सभी आरोपों को निराधार बताते हुए भूमि पर अपना वैध अधिकार जता रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर वर्षों पुराने इस विवाद का निस्तारण क्यों नहीं हो पा रहा और हर बार जमीन की लड़ाई इस सम्बन्ध में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस जाँच कर रही है और नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
आजमगढ़: संपूर्ण समाधान दिवस में उमड़ी फरियादियों की भीड़, 89 में दो शिकायतों का मौके पर निस्तारण
आजमगढ़। तहसील परिसर निजामाबाद में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समाधान दिवस में क्षेत्र की जनसमस्याओं से संबंधित कुल 89 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से दो शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि 87 प्रकरण संबंधित विभागों को कार्रवाई हेतु भेजे गए। प्राप्त आवेदनों में सर्वाधिक 58 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। इसके अलावा पुलिस विभाग की 24, विकास विभाग की पांच तथा अन्य विभागों की दो शिकायतें दर्ज की गईं। संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रहे उपजिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त प्रार्थना पत्रों की नियमित समीक्षा करते हुए उनका निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर कराया जाए और शिकायतकर्ताओं को संतुष्ट किया जाए। संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
गंभीर एनीमिया ग्रसित गर्भवतियों के उपचार में एफसीएम इंजेक्शन की एक डोज पर्याप्त
रितेश मिश्रा
हरदोई,जनपद में गर्भवती महिलाओं में एनीमिया (खून की कमी) से होने वाली जटिलताओं को कम करने के लिए सण्डीला, हरपालपुर, पिहानी और बिलग्राम प्रथम संदर्भन इकाइयों (एफआरयू) में इंजेक्शन एफसीएम (Ferric Carboxy Maltose) की सुविधा शुरू की गई है। जो की गर्भवती महिलाओं को भर्ती कर ड्रिप के माध्यम से दिया जाता है इस इंजेक्शन का प्रयोग पूर्णतया सुरक्षित है एवं कोई दुष्प्रभाव देखने में नहीं आया है इस पहल का उद्देश्य गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को प्रभावी एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराना है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत पिछले माह सण्डीला एफआरयू से की गई थी, जहां 4 जून 2026 तक 13 गर्भवती महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन लगाया जा चुका है। पिहानी एफआरयू में 26 मई से शुरू हुई इस सुविधा का लाभ अब तक 18 गर्भवतियों ने लिया है, जबकि हरपालपुर एफआरयू में 3 जून से शुरू हुई सेवा के तहत अब तक 4 गर्भवती महिलाओं को इंजेक्शन दिया गया है। बिलग्राम एफआरयू में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि एनीमिया गर्भवती महिला और उसके होने वाले शिशु, दोनों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। एफसीएम इंजेक्शन की उपलब्धता से गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को समय पर उपचार मिल सकेगा, जिससे प्रसव संबंधी जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि पात्र गर्भवती महिलाओं को यह सुविधा प्रशिक्षित चिकित्सकों और स्टाफ नर्सों की निगरानी में सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराई जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि गर्भावस्था में एनीमिया का एक प्रमुख कारण आयरन की कमी है। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार एफसीएम एक सुरक्षित एवं प्रभावी विकल्प साबित हो सकता है।
इस संबंध में चिकित्सकों एवं स्टाफ नर्सों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि उपचार प्रक्रिया को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
डॉ. पांडे ने बताया कि पहले गंभीर एनीमिया की स्थिति में गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोज की 5 डोज देनी पड़ती थीं, जबकि एफसीएम के माध्यम से अब अधिकांश पात्र मामलों में केवल एक डोज में उपचार संभव हो गया है। इससे शरीर में आयरन की कमी को तेजी से पूरा करने में मदद मिलती है और महिलाओं को बार-बार अस्पताल आने की आवश्यकता भी कम पड़ती है। उन्होंने कहा कि यह पहल सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं की सुविधा और उपचार की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगी।
उन्होंने बताया कि शीघ्र ही यह सुविधा जनपद के अन्य एफआरयू तथा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर श्रमिक जागरूकता अभियान, विभिन्न योजनाओं की दी गई जानकारी

लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे '12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के' अभियान के तहत प्रदेशभर में 05 जून से 21 जून 2026 तक समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में लखनऊ के मलिहाबाद ब्लॉक में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार तथा श्रमिक पंजीयन के लिए विशेष शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

अपर श्रमायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि लेबर अड्डा, तेलीबाग में श्रमिकों को बोर्ड में पंजीकरण, नवीनीकरण एवं संचालित कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही असंगठित क्षेत्र के पात्र श्रमिकों, गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन कराने तथा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) एवं राष्ट्रीय पेंशन योजना-व्यापारी (NPS-Trader) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत कारखाना प्रभाग के अधिकारियों द्वारा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता-2020 पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान सुरक्षा ऑडिट, कार्यस्थल पर दुर्घटना निवारण एवं श्रमिक सुरक्षा उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में महिला श्रमिकों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए महिला सुरक्षा एवं पॉश (POSH) जागरूकता कार्यक्रम, अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण तथा आपदा प्रबंधन संबंधी मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया। अपर श्रमायुक्त ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम की प्रक्रिया भी इसी माह प्रारंभ की जाएगी, जिससे श्रमिकों के कौशल उन्नयन एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

जन-जागरूकता अभियान के सफल संचालन में श्रम प्रवर्तन अधिकारी अंकित सिंह एवं संतोष कुमार का विशेष योगदान रहा। कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार की 12 वर्षों की जन-कल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े श्रमिक तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी पात्र श्रमिकों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

अधिक जानकारी के लिए श्रमिक टोल फ्री नंबर 1800-180-5412 अथवा अपर श्रमायुक्त कार्यालय, 23 ए.पी. सेन रोड, लखनऊ से संपर्क कर सकते हैं।

अतिस्थौल्य (मोटापा) केवल वजन नहीं, मेद धातु की विकृति : आयुर्वेद
अमर बहादुर सिंह बलिया शहर नगरा बलिया। आधुनिक जीवनशैली में तेजी से बढ़ रही मोटापे की समस्या को आयुर्वेद ने हजारों वर्ष पूर्व ही गंभीर रोग के रूप में वर्णित किया है। आयुर्वेदाचार्यों चरक, सुश्रुत और वाग्भट के अनुसार अतिस्थौल्य केवल शरीर का भार बढ़ना नहीं है, बल्कि मेद धातु की विकृति है, जिससे अनेक अन्य रोग उत्पन्न हो सकते हैं। आयुर्वेदिक ग्रंथों में वर्णित श्लोक “अतिस्थौल्यापचीमेहज्वरोदरभगन्दरान् । काससंन्यासकुष्ठानि तृट्कृच्छ्राणि च दारुणान् ॥” के अनुसार अत्यधिक मोटापा प्रमेह (मधुमेह), उदर रोग, भगन्दर, कास, मूत्र विकार तथा अन्य गंभीर रोगों का कारण बन सकता है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी मोटापे को डायबिटीज, फैटी लिवर, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग तथा स्लीप एपनिया जैसी समस्याओं का प्रमुख कारण मानता है। आयुर्वेद के अनुसार मोटापे की चिकित्सा का मूल सिद्धांत है— “मेद, कफ और विकृत चयापचय को संतुलित करना।” वाग्भट ने कहा है कि ऐसी चिकित्सा अपनानी चाहिए जो मेद को कम करे, कफ का शमन करे तथा शरीर के संतुलन को बनाए रखे। विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा नियंत्रण में जौ, कुल्थी, मूंग, छाछ तथा गुनगुना जल अत्यंत लाभकारी माने गए हैं। कुल्थी को आयुर्वेद में शक्तिशाली मेदहर बताया गया है, जबकि जौ को मोटापा नियंत्रण की श्रेष्ठ औषधि माना गया है। इन पदार्थों में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन सुधारने और वजन नियंत्रित करने में सहायक होता है। आयुर्वेदिक ग्रंथों में त्रिफला, गिलोय, शुद्ध मधु तथा शिलाजीत का भी उल्लेख मिलता है। त्रिफला पाचन को सुदृढ़ करने, गिलोय चयापचय को बेहतर बनाने तथा मधु को ‘लेखन’ गुण वाला बताया गया है, जो अतिरिक्त मेद को कम करने में सहायक माना जाता है। हालांकि विशेषज्ञ किसी भी औषधि के सेवन से पूर्व योग्य चिकित्सक की सलाह लेने की सलाह देते हैं। स्वस्थ जीवन के लिए नियमित व्यायाम, प्रतिदिन 8 से 10 हजार कदम चलना, योग, सूर्य नमस्कार तथा श्रम को भी अत्यंत आवश्यक बताया गया है। आयुर्वेद का उद्देश्य केवल वजन कम करना नहीं, बल्कि अग्नि को संतुलित करना, मेद को नियंत्रित करना, कफ का शमन करना और सम्पूर्ण स्वास्थ्य की स्थापना करना है। अमर बहादुर सिंह नगरा बलिया, उत्तर प्रदेश “स्वस्थ शरीर, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या ही मोटापे से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।”
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर श्रमिक जागरूकता अभियान, विभिन्न योजनाओं की दी गई जानकारी
**लखनऊ।** केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे **'12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के'** अभियान के तहत प्रदेशभर में 05 जून से 21 जून 2026 तक समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में लखनऊ के मलिहाबाद ब्लॉक में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार तथा श्रमिक पंजीयन के लिए विशेष शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अपर श्रमायुक्त **कल्पना श्रीवास्तव** ने बताया कि लेबर अड्डा, तेलीबाग में श्रमिकों को बोर्ड में पंजीकरण, नवीनीकरण एवं संचालित कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही असंगठित क्षेत्र के पात्र श्रमिकों, गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन कराने तथा **प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM)** एवं **राष्ट्रीय पेंशन योजना-व्यापारी (NPS-Trader)** जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत कारखाना प्रभाग के अधिकारियों द्वारा **व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता-2020** पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान सुरक्षा ऑडिट, कार्यस्थल पर दुर्घटना निवारण एवं श्रमिक सुरक्षा उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में महिला श्रमिकों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए **महिला सुरक्षा एवं पॉश (POSH) जागरूकता कार्यक्रम**, अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण तथा आपदा प्रबंधन संबंधी मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया।
अपर श्रमायुक्त ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के **स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम** की प्रक्रिया भी इसी माह प्रारंभ की जाएगी, जिससे श्रमिकों के कौशल उन्नयन एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
जन-जागरूकता अभियान के सफल संचालन में श्रम प्रवर्तन अधिकारी **अंकित सिंह** एवं **संतोष कुमार** का विशेष योगदान रहा।
कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार की 12 वर्षों की जन-कल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े श्रमिक तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी पात्र श्रमिकों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
अधिक जानकारी के लिए श्रमिक **टोल फ्री नंबर 1800-180-5412** अथवा अपर श्रमायुक्त कार्यालय, **23 ए.पी. सेन रोड, लखनऊ** से संपर्क कर सकते हैं।
खबर का असर: हंसापुर रोड पर 2 वर्ष से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट हुई चालू, क्षेत्र में खुशी की लहर
मेरठ/बहसूमा। वार्ड नंबर-4 स्थित हंसापुर रोड पर करीब दो वर्ष से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट आखिरकार नगर पंचायत की पहल पर फिर से चालू कर दी गई। लंबे समय से अंधेरे में डूबे इस मार्ग की समस्या को समाचार के माध्यम से प्रमुखता से उठाया गया था, जिसके बाद नगर पंचायत ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की।

नगर पंचायत अध्यक्ष सचिन सुकड़ी के निर्देश पर कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर खराब पड़ी लाइट को ठीक कराया और मार्ग पर पुनः रोशनी की व्यवस्था बहाल की। लाइट चालू होने से स्थानीय लोगों और राहगीरों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि रात के समय इस मार्ग पर अंधेरा रहने से आवागमन में परेशानी होती थी, लेकिन अब समस्या का समाधान हो गया है।

नगर पंचायत अध्यक्ष सचिन सुकड़ी ने बताया कि जनता की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, "जहां भी ग्रामीणों और नगरवासियों की समस्या होगी तथा जो कार्य नगर पंचायत के अधिकार क्षेत्र में होगा, उसे पूरी जिम्मेदारी के साथ कराया जाएगा। हम दिन-रात जनता के साथ खड़े हैं और क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव प्रयास करते रहेंगे।"

स्ट्रीट लाइट चालू होने से हंसापुर रोड पर सुरक्षा और सुविधा दोनों में सुधार हुआ है, जिससे क्षेत्रवासियों ने नगर पंचायत का आभार व्यक्त किया है।
जिला ग्रामोद्योग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन
रितेश मिश्रा
हरदोई जिला ग्रामोद्योग अधिकारी सुष्मिता सिंह ने बताया है, कि जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, हरदोई को उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, लखनऊ से प्राप्त एस०सी०एस०पी० मद में प्राप्त 05 जागरूकता कार्यक्रम में (एक दिवसीय) जागरूकता शिविर का आज विकास खण्ड-शाहाबाद में आयोजन किया गया जिसमें त्रिपुरेश मिश्रा (ब्लाक प्रमुख शाहाबाद), खण्ड विकास अधिकारी, शाहाबाद, जिला उद्योग केन्द्र हरदोई, एल०डी०एम० बैंक कार्यालय, हरदोई के कर्मचारी उपस्थित रहे।
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गंगा तट पर चल रहे कटाव निरोधक कार्यों का किया डीएम ने किया निरीक्षण, 15 जून तक कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
फर्रुखाबाद l जनपद में गंगा नदी के तटीय क्षेत्रों को कटाव से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संचालित कटाव निरोधक परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेने हेतु जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने शनिवार को गंगा नदी के बाएं तट पर स्थित ग्राम पैलानी दक्षिण पहुँचकर वहां से ढाई घाट तक कराए जा रहे कटाव निरोधक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता सिचाई द्वारा बताया गया कि लगभग 400.02 लाख रुपये की लागत से 1400 मीटर लंबाई में परकोपाइन पद्धति से कटाव निरोधक कार्य कराया जा रहा है। यह परियोजना गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों को नदी कटान से सुरक्षित रखने तथा स्थानीय आबादी एवं कृषि भूमि के संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अधिशासी अभियंता द्वारा अवगत कराया गया कि परियोजना के अंतर्गत कुल 26 स्पर निर्मित किए जाने हैं, जिनमें से 24 स्पर का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष 02 स्पर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त तट संरक्षण हेतु किए जा रहे स्लोप फिनिशिंग के कार्य भी अभी पूर्ण होने शेष हैं।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप युद्धस्तर पर पूर्ण कराए जाएं तथा परियोजना को तय समय-सीमा के भीतर 15 जून 2026 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा तट पर कटाव निरोधक कार्यों के पूर्ण होने से नदी कटान की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और तटवर्ती गांवों, कृषि भूमि एवं जनसंपत्ति को सुरक्षा मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी कायमगंज, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश के लिए राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन*
रितेश मिश्रा
हरदोई । बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश के निर्माण के उद्देश्य से जॉइनिंग फोर्सज इंडिया कैम्पइन अगेंस्ट चाइल्ड लेबर पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति गोरखपुर एवं पार्टिसिपेटरी एक्शन फॉर कम्युनिटी एंपावरमेंट पेस के संयुक्त तत्वाधान में तथा चाइल्ड फंड इंडिया एवं बीएमजे के सहयोग से आज होटल बेबीयन इन लखनऊ में एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया कार्यक्रम में मुख्य रूप से राज्य के नोडल अधिकारी उत्तर प्रदेश सैयद रिजवान अली कैरिटास टीम बाल अधिकार विशेषज्ञ आशा एक्का एवं cacl के प्रदेश संयोजक राजकुमार बाल रक्षा भारत से डॉक्टर संतोष कुमार कौशल का यूनिसेफ से रिजवाना के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के जनपद फिरोजाबाद से बाल संरक्षण अधिकारी अपर्णा कुलश्रेष्ठ बाल कल्याण समिति श्रावस्ती के अध्यक्ष विश्राम एवं हरदोई से अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह राजेंद्र यादव अस्तु सीतापुर शेखर मालाकार स्टेट हेड लीलाधर श्रम अधिकारी सीतापुर एवं बाल संरक्षण विशेषज्ञ शर्माजी और अभिषेक पाठक डॉक्टर शंभू नाथ रिसर्च संस्था बाराबंकी बाल श्रम उन्मूलन पर प्रयासरत सामाजिक संगठनों के प्रमुख व प्रतिनिधियों बाल अधिकार कार्यकर्ताओं तथा प्रतिनिधियों की सहभागिता और अपने विचार एवं सुझाव साझा किया कार्यक्रम का शुभारंभ पेस संस्था के सचिव राजविंदर कौर द्वारा प्रतिभागियों  के स्वागत एवं कार्यशाला में उपस्थित अतिथियों  द्वारा दीप जलाकर किया गया। श्रीमती कौर जी ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाल बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश के प्रयासों की समीक्षा करना वर्ष 2026-27 के लिए प्रभावी कार्य योजना तैयार करना है इसके साथ ही पेस संस्था के निदेशक थॉमसन थॉमस द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बाल श्रम उन्मूलन के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर परियोजना के माध्यम से किया जा रहे प्रयासों को सभी के बीच साझा किया गया साथ ही भारत में बाल सम्मेलन हेतु राष्ट्रीय नीतियों कानून प्रावधानों एवं सता विकास लक्षण के संदर्भ में विस्तार जानकारी साजा की गई उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से रिजवान अली राज नोडल अधिकारी बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने की राज्य सरकार की राजनीति रणनीति एवं लक्ष्य एवं जिला स्तर की जिम्मेदारियां पर प्रकाश डाला इसके साथ ही विभिन्न जनपदों के प्रतिनिधियों द्वारा जिला स्तरीय कार्यकर्ताओं चुनौती एवं समाचारों को प्रस्तुत किया गया कार्यक्रम के दौरान पेश संस्था लखनऊ विज्ञान फाउंडेशन लखनऊ चाइल्ड फंड इंडिया पीजीएमएस गोरखपुर सेफ समिति द्वारा बाल श्रम उन्मूलन के क्षेत्र में किए गए सफल हस्ते एवं सर्वोत्तम प्रयासों को केस स्टडी के माध्यम से साझा किया गया ग्राम पंचायत एवं बाल संरक्षण समितियां ब्लॉक स्तरीय बाल सत्र समितियां तथा सामुदायिक निगरानी तंत्र को सतत बनाने की आवश्यकता पर जो बोल दिया गया कार्यक्रम के समापन अवसर पर पेज संस्कृत आभार व्यक्त किया उपस्थित सभी विधायकों ने उत्तर प्रदेश को बाल श्रमिक बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प दिया कार्यक्रम के सफल आयोजन में पेसे संस्था कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।।
जमीनी विवाद में खूनी संघर्ष, महिलाओं व किशोर समेत कई घायल, वीडियो वायरल
रितेश मिश्रा
शाहाबाद (हरदोई)। नगर के गिगियानी मोहल्ले में वर्षों पुराने जमीनी विवाद ने शुक्रवार को खूनी रूप ले लिया। एक पक्ष के लोगों द्वारा किए गए कथित हमले में पूर्व लेखपाल मिथलेश कुमार, पूर्व सभासद रामचंद्र गुप्ता उर्फ गुड्डू, रामासरे, मुरारी, सुशीला, रोली तथा 12 वर्षीय राजन गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से रोली और रामासरे को गंभीर हालत में रेफर किए जाने की सूचना है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सेवानिवृत्त सैनिक हरीराम, उसके बेटे राजवीर तथा अन्य लोगों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि हरीराम और उसकी पत्नी रामबेटी भी घायल हुए हैं। हरीराम ने भूमि पर अपना स्वामित्व बताते हुए लगाए गए आरोपों से इनकार किया है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में मिथलेश कुमार की ओर से शाहाबाद कोतवाली में नामजद एवं अज्ञात लोगों के विरुद्ध तहरीर दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विवादित भूमि को लेकर लंबे समय से तनाव चला आ रहा है और कई बार मारपीट व शिकायतें हो चुकी हैं। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि समय रहते प्रशासन द्वारा प्रभावी हस्तक्षेप किया जाता तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती।
फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट और दोनों पक्षों की तहरीरों के आधार पर जांच में जुटी है। इलाके में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वर्षों पुराने इस भूमि विवाद का स्थायी समाधान अब तक क्यों नहीं हो सका।
भूमि विवाद या संरक्षण प्राप्त भूमाफियागिरी?
गिगियानी का यह विवाद कोई नया नहीं है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विवादित भूमि पर कब्जे को लेकर वर्षों से तनाव, मारपीट और मुकदमेबाजी का दौर चल रहा है। कई बार शिकायतें हुईं, वीडियो वायरल हुए, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि राजस्व विभाग और प्रशासन की निष्क्रियता ने ही विवाद को खूनी संघर्ष तक पहुंचाया है। दूसरी ओर आरोपी पक्ष सभी आरोपों को निराधार बताते हुए भूमि पर अपना वैध अधिकार जता रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर वर्षों पुराने इस विवाद का निस्तारण क्यों नहीं हो पा रहा और हर बार जमीन की लड़ाई इस सम्बन्ध में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस जाँच कर रही है और नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
आजमगढ़: संपूर्ण समाधान दिवस में उमड़ी फरियादियों की भीड़, 89 में दो शिकायतों का मौके पर निस्तारण
आजमगढ़। तहसील परिसर निजामाबाद में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समाधान दिवस में क्षेत्र की जनसमस्याओं से संबंधित कुल 89 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से दो शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि 87 प्रकरण संबंधित विभागों को कार्रवाई हेतु भेजे गए। प्राप्त आवेदनों में सर्वाधिक 58 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। इसके अलावा पुलिस विभाग की 24, विकास विभाग की पांच तथा अन्य विभागों की दो शिकायतें दर्ज की गईं। संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रहे उपजिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त प्रार्थना पत्रों की नियमित समीक्षा करते हुए उनका निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर कराया जाए और शिकायतकर्ताओं को संतुष्ट किया जाए। संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
गंभीर एनीमिया ग्रसित गर्भवतियों के उपचार में एफसीएम इंजेक्शन की एक डोज पर्याप्त
रितेश मिश्रा
हरदोई,जनपद में गर्भवती महिलाओं में एनीमिया (खून की कमी) से होने वाली जटिलताओं को कम करने के लिए सण्डीला, हरपालपुर, पिहानी और बिलग्राम प्रथम संदर्भन इकाइयों (एफआरयू) में इंजेक्शन एफसीएम (Ferric Carboxy Maltose) की सुविधा शुरू की गई है। जो की गर्भवती महिलाओं को भर्ती कर ड्रिप के माध्यम से दिया जाता है इस इंजेक्शन का प्रयोग पूर्णतया सुरक्षित है एवं कोई दुष्प्रभाव देखने में नहीं आया है इस पहल का उद्देश्य गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को प्रभावी एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराना है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत पिछले माह सण्डीला एफआरयू से की गई थी, जहां 4 जून 2026 तक 13 गर्भवती महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन लगाया जा चुका है। पिहानी एफआरयू में 26 मई से शुरू हुई इस सुविधा का लाभ अब तक 18 गर्भवतियों ने लिया है, जबकि हरपालपुर एफआरयू में 3 जून से शुरू हुई सेवा के तहत अब तक 4 गर्भवती महिलाओं को इंजेक्शन दिया गया है। बिलग्राम एफआरयू में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि एनीमिया गर्भवती महिला और उसके होने वाले शिशु, दोनों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। एफसीएम इंजेक्शन की उपलब्धता से गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को समय पर उपचार मिल सकेगा, जिससे प्रसव संबंधी जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि पात्र गर्भवती महिलाओं को यह सुविधा प्रशिक्षित चिकित्सकों और स्टाफ नर्सों की निगरानी में सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराई जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि गर्भावस्था में एनीमिया का एक प्रमुख कारण आयरन की कमी है। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार एफसीएम एक सुरक्षित एवं प्रभावी विकल्प साबित हो सकता है।
इस संबंध में चिकित्सकों एवं स्टाफ नर्सों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि उपचार प्रक्रिया को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
डॉ. पांडे ने बताया कि पहले गंभीर एनीमिया की स्थिति में गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोज की 5 डोज देनी पड़ती थीं, जबकि एफसीएम के माध्यम से अब अधिकांश पात्र मामलों में केवल एक डोज में उपचार संभव हो गया है। इससे शरीर में आयरन की कमी को तेजी से पूरा करने में मदद मिलती है और महिलाओं को बार-बार अस्पताल आने की आवश्यकता भी कम पड़ती है। उन्होंने कहा कि यह पहल सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं की सुविधा और उपचार की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगी।
उन्होंने बताया कि शीघ्र ही यह सुविधा जनपद के अन्य एफआरयू तथा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।