प्रयागराज छिवकी एवं प्रयागराज जंक्शन पर चलाया गया टिकट चेकिंग अभियान।

588 यात्रियो से वसूला गया 3,56,250/-रुपये जुर्माना।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यात्रियो को उत्कृष्ट सुविधाएं प्रदान करने के लिए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक/कोचिंग हरिमोहन के निर्देशन में यात्रियो को उत्तम भोज शुद्ध पेय जल की सुविधा के साथ टिकट रहित और अनियमित यात्रा करने वालो पर अंकुश लगाने के लिए स्टेशनों एवं गाड़ियो में सघन चेकिंग अभियान चलाये जा रहे है।दिनांक 12.01.2026 को प्रयागराज जंक्शन पर मंडल वाणिज्य प्रबन्धक अंकित अग्रवाल एवं दिनांक 11.01.2026 को प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर सहायक वाणिज्य प्रबन्धक पंकज त्रिपाठी के नेतृत्व में दो दिन सघन टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया।

इस अभियान में मण्डल मुख्य टिकट निरीक्षक श्री दिवाकर शुक्ला एवं मुख्य टिकट निरीक्षक/रेड संतोष कुमार ने 30 टिकट चेकिंग कर्मचारी रेलवे सुरक्षा बल कर्मी एवं राजकीय रेलवे पुलिस कर्मी के साथ मिलकर सघन टिकट चेकिंग अभियान चलाया ।इस दो दिवसीय अभियान के दौरान संयुक्त टीम ने प्लेटफार्म ट्रेनो प्रवेश–निकास द्वारो एवं प्रतीक्षालयों पर सघन जांच की। विशेष रूप से मेल/एक्सप्रेस एवं पैसेंजर में बिना टिकट गलत श्रेणी में यात्रा एक्सपायर्ड अथवा फर्जी टिकट के मामलों की गहनता से जांच की गई।इस टिकट चेकिंग अभियान में 588 यात्रियों को प्रभारित कर रु. 3,56,250/-जुर्माना वसूल किया।इसमें से बिना टिकट यात्रा करने वाले 167 यात्रियो को प्रभारित कर रु. 1,47,650/-एवं अनियमित यात्रा करने वाले 421 यात्रियो को प्रभारित कर रु. 2,08,600/-जुर्माना वसूल किया गया।लिए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक कोचिंग हरिमोहन जी ने कहा कि टिकट चेकिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नही बल्कि यात्रियो में टिकट लेकर यात्रा करने की आदत को बढ़ावा देना तथा रेलवे की सेवाओं को अधिक सुरक्षित सुव्यवस्थित और अनुशासित बनाना है।

रेल प्रशासन अपने सभी यात्रियों से अनुरोध करता है कि रेलगाड़ी तथा रेल परिसर में गन्दगी न फैलाएं कूड़ा कूड़ेदांन में ही डाले तथा वैध टिकट के साथ यात्रा करे।टिकट लेकर यात्रा करने से न केवल रेलवे के विकास में योगदान मिलता है, बल्कि यात्रा भी अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनती है।रेलवे अपने सभी यात्रियों का सम्मान करती है और उनकी सुखद यात्रा की कामना करती है।

डिजिटल शिक्षा से आत्मनिर्भर बनेंगी छात्राएं

– समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयू, दो बालिका विद्यालयों को दिए टैबलेट

– पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में गोरखपुर और महाराजगंज के सर्वाेदय बालिका विद्यालयों से पहल की शुरुआत

लखनऊ। छात्राओं के समावेशी विकास, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में मंगलवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में मदद फाउंडेशन के सहयोग से समन्वय बैठक और टैबलेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण और मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि उपस्थित रहे। 

हर बालिका विद्यालयों को 20-20 टैबलेट
कार्यक्रम के दौरान जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय बालिका विद्यालय, गोरखपुर और महराजगंज जनपदों के प्रधानाचार्यों को कुल 40 टैबलेट प्रदान किए गए, जो संबंधित विद्यालयों की छात्राओं के शैक्षणिक उपयोग हेतु उपलब्ध कराए जाएंगे। हर विद्यालय को 20-20 टैबलेट दिए गए हैं। यह पहल पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में शुरू की गई है, जिसकी सफलता के आधार पर भविष्य में अन्य विद्यालयों को भी टैबलेट उपलब्ध करवाए जाने की योजना है।

‘डिजिटल शिक्षा समय की अनिवार्य आवश्यकता’
कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री असीम अरुण ने टैबलेट वितरित करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता है। तकनीकी संसाधनों के माध्यम से छात्राओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी। उन्होंने इस पहल को बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम बताया।

‘शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास’
कार्यक्रम में उपस्थित मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि ने समाज कल्याण विभाग के साथ इस सहयोग को सामाजिक उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास बताया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग निदेशक श्री संजीव सिंह, उपनिदेशक श्री आनंद कुमार सिंह, श्री जे राम सहित विभागीय अधिकारी और मदद फाउंडेशन की टीम मौजूद रही।
आवारा कुत्ता मामला: डॉग लवर्स पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, पूछा- इंसानों पर हमले का जवाबदार कौन

#supremecourtstraydogbitecompensationindia

आवारा कुत्तों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी मंगलवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आवारा कुत्तों के हमलों से जुड़े एक मामले में तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने सवाल किया कि जब सड़कों पर आवारा कुत्तों के हमले से बच्चे और बुजुर्ग नागरिक मारे जाते हैं या घायल होते हैं, तो इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए?

सुप्रीम कोर्ट में रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों के आतंक पर संकेत दिया कि वह आवारा कुत्तों के हमलों से होने वाली किसी भी चोट या मौत के लिए नागरिक अधिकारियों और कुत्ते पालने वालों दोनों को उत्तरदायी ठहरा सकता है।

आवारा कुत्तों को अपने घरों में ले जाएं

शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की है कि जो लोग आवारा कुत्तों को लेकर चिंतित हैं, उन्हें अपने घरों में ले जाना चाहिए, बजाय इसके कि उन्हें 'इधर-उधर घूमने, काटने और जनता को डराने' दिया जाए। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में पूछा कि क्या भावनाएं सिर्फ कुत्तों के लिए ही दिखती हैं, जबकि इंसानों पर हमलों की घटनाओं में अक्सर वैसी ही तेजी देखने को नहीं मिलती।

बाइट मामलों में मुआवजे की जिम्मेदारी तय की जा सकती है

कोर्ट ने कहा कि हम यह कहने जा रहे हैं कि कुत्ते के काटने से होने वाली मौतों और चोटों के मामलों में राज्य को भारी मुआवजा देना होगा। कुत्ते पालने वालों और उनका प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों पर भी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाएगी।

डिजिटल शिक्षा से आत्मनिर्भर बनेंगी छात्राएं

समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयू, दो बालिका विद्यालयों को दिए टैबलेट

पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में गोरखपुर और महाराजगंज के सर्वाेदय बालिका विद्यालयों से पहल की शुरुआत

लखनऊ। छात्राओं के समावेशी विकास, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में मंगलवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में मदद फाउंडेशन के सहयोग से समन्वय बैठक और टैबलेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण और मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि उपस्थित रहे। 

हर बालिका विद्यालयों को 20-20 टैबलेट
कार्यक्रम के दौरान जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय बालिका विद्यालय, गोरखपुर और महराजगंज जनपदों के प्रधानाचार्यों को कुल 40 टैबलेट प्रदान किए गए, जो संबंधित विद्यालयों की छात्राओं के शैक्षणिक उपयोग हेतु उपलब्ध कराए जाएंगे। हर विद्यालय को 20-20 टैबलेट दिए गए हैं। यह पहल पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में शुरू की गई है, जिसकी सफलता के आधार पर भविष्य में अन्य विद्यालयों को भी टैबलेट उपलब्ध करवाए जाने की योजना है।

‘डिजिटल शिक्षा समय की अनिवार्य आवश्यकता’
कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री असीम अरुण ने टैबलेट वितरित करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता है। तकनीकी संसाधनों के माध्यम से छात्राओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी। उन्होंने इस पहल को बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम बताया।

‘शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास’
कार्यक्रम में उपस्थित मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि ने समाज कल्याण विभाग के साथ इस सहयोग को सामाजिक उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास बताया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग निदेशक श्री संजीव सिंह, उपनिदेशक श्री आनंद कुमार सिंह, श्री जे राम सहित विभागीय अधिकारी और मदद फाउंडेशन की टीम मौजूद रही।
असहाय परिवार का सहारा बना NSCT – प्रदीप कुमार वर्मा 'नन्दवंशी'

प्रयागराज । जनपद के साथ उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जन्म लेकर आज संपूर्ण भारत के प्रदेशों में पैर फैलाती राष्ट्रीय संस्था नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट गरीब,असहाय, निर्बल परिवार के विपत्ति में सहारा बनकर खड़ी हो रही है। संस्था के संस्थापक/ राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार वर्मा नंदवंशी ने कहा कि हमारे सम्मानित समस्त पदाधिकारीगण एवं एडमिन पैनल नन्दवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट (NSCT) को लोगों तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रहें हैं।निःसंदेह यह पावन और पारदर्शी मंच NSCT अपने प्रत्येक रजिस्टर्ड,वैधानिक दिवंगत साथी के असहाय परिवार के आँसू पोंछने का कार्य कर रहा है।इस पुनीत अभियान में समाज के असंख्य दानवीर साथी निष्काम भाव से अपना योगदान दे रहे हैं।यह कार्य जमीनी स्तर पर होने वाली सच्ची सेवा है— जहाँ केवल आत्म संतोष मिलता है,पुण्य मिलता है,पर यहाँ राजनीतिक महत्वाकांक्षा,मंच,माला और माइक का कोई स्थान नहीं।इसी भावभूमि को सुदृढ़ करने के लिए आप सभी से विनम्र किंतु दृढ़ आग्रह है कि आप NSCT की मूल भावना,उद्देश्य और सामाजिक सुरक्षा कवच अपने परिवार, सगे-सम्बन्धियों,नातेदारों और प्रत्येक मिलने वाले समाजबंधु तक पहुंचाएं और निरंतर संवाद और चर्चा के माध्यम से साझा करें।किन्तु जब तक उनकी स्पष्ट सहमति न हो, किसी को भी‌ संस्था,समूह में न जोड़ा जाए।क्योंकि यह मंच संख्या नहीं,संकल्प से चलता है।अंत में एक सत्य- जिस समाज के उत्थान के लिए आप दिन-रात पवित्र मन से जुटे हैं,वह समाज सोया नहीं है…वह केवल जागने की प्रतीक्षा में है।जिस समाज का नेतृत्व स्वार्थ से मुक्त,त्याग से युक्त और उद्देश्य के प्रति समर्पित हाथों में होता है,वहाँ सैकड़ों संगठन भी एक दिशा,एक लक्ष्य और एक भावना में जुड़ जाते हैं।NSCT वही चेतना,NSCT वही संकल्प, NSCT समाज की सामूहिक सुरक्षा है।नंदवंशी ने कहा सहयोग की निरंतरता बनी हुई है,सहयोग अलर्ट 09 वां मानवीय संवेदना हेतु आपके सहयोग हेतु अपेक्षित है।यह सहयोग स्वर्गीय -मदन कुमार (NSCT0304)पंजिकरण तिथि 09 अप्रैल 2021है जो गृह जनपद -अलीगढ (उत्तर प्रदेश)के रहने वाले हैं जिनकी मृत्यु तिथि -05 दिसंबर 2025 को हुआ।

मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया।उत्तराधिकारी पत्नी श्रीमती पिंकी हैं जिनके बैंक खाते में सीधे सहयोग दिया जा रहा है।

श्रेया शेट्टी ने लिया भांडुप पश्चिम के वार्ड 112 को मॉडल वार्ड बनाने का संकल्प

मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव की सरगर्मियों के बीच भांडुप पश्चिम के वार्ड क्रमांक 112 में कांग्रेस ने अपने जनसंपर्क अभियान के माध्यम से मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी श्रेया शेट्टी के नेतृत्व में निकाली गई रैलियों और जनसभाओं में बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी देखने को मिली, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। प्रचार अभियान के दौरान श्रेया शेट्टी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि वार्ड 112 को एक आदर्श और मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि सड़क, जलनिकासी, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उनके प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विकास कागजी वादों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम से संभव होगा। इस अवसर पर उनके पति एवं महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता तथा मुंबई कांग्रेस के महासचिव राकेश शेट्टी भी सक्रिय रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम किया है और वार्ड 112 को उसका न्यायोचित विकास अब तक नहीं मिल पाया है। उन्होंने नागरिकों से कांग्रेस को निर्णायक जनादेश देने की अपील की।

जनसंपर्क के दौरान स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं—जैसे टूटी सड़कें, अपर्याप्त ड्रेनेज व्यवस्था और स्वच्छता की कमी—को सामने रखा। इस पर श्रेया शेट्टी ने भरोसा दिलाया कि चुनाव के बाद इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।

रैली और जनसभाओं में उमड़ा उत्साह और समर्थन यह संकेत दे रहा है कि वार्ड 112 में कांग्रेस का अभियान जनता के बीच प्रभाव छोड़ रहा है और चुनावी मुकाबला लगातार दिलचस्प होता जा रहा है।
25 हजार का इनामी पुलिस मुठभेड़ में चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार
*नगदी व चांदी के जेवर भी हुए बरामद

गोंडा।जिले की नगर कोतवाली पुलिस व एसओजी टीम ने मुठभेड़ के बाद 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी दौलत खान को गिरफ्तार कर लिया है।इस दौरान आरोपी के बायें पैर में गोली लगी है।पुलिस ने उसके पास से चोरी की बाइक व 40 हजार रुपए नगद बरामद किया है।दौलत खान 23 दिसंबर को तिवारी बाजार स्थित एक ज्वैलर्स की दुकान में हुई चोरी की घटना का मुख्य आरोपी था और इस मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।देर रात नगर कोतवाली क्षेत्र के बिमौर के पास पुलिस व एसओजी टीम ने दौलत खान को पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दिया उसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से दौलत खान घायल हो कर गिर गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।घायल दौलत खान को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।उसके कब्जे से एक मोटरसाइकिल, 40 हजार रुपये नगद और चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं।दौलत खान मूल रूप से बरेली जनपद का निवासी है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि दौलत खान अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर जिले में कई दुकानों और घरों में चोरी की घटना को अंजाम दे रहा था।उसके खिलाफ रामपुर, शाहजहांपुर,उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर और जिले के नगर व देहात कोतवाली में कुल सात गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।गिरफ्तार दौलत खान के विरुद्ध पुलिस अग्रिम कार्रवाई कर रही है।
भ्रष्टाचार विरोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बंटा हुआ फैसला, जानें अब क्या होगा?

#supremecourtverdict2018provisioninantigraftlaw

भ्रष्टाचार रोधी कानून के 2018 के प्रावधान की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खंडित आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए की संवैधानिक वैधता पर विभाजित फैसला सुनाया, जिसके तहत किसी लोक सेवक के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले सरकार की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथ की बेंच ने अलग-अलग फैसला सुनाया। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए असंवैधानिक है, जिसे निरस्त करने की जरूरत है। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि पूर्वानुमति की आवश्यकता भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विरुद्ध है; इससे जांच में रुकावट आती है और भ्रष्टाचारियों को बचने का मौका मिल जाता है।

जस्टिस विश्वनाथन का क्या फैसला?

जबकि न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन ने भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए को संवैधानिक करार देते हुए ईमानदार अधिकारियों को बचाने की जरूरत रेखांकित की।जस्टिस विश्वनाथन ने इस प्रावधान को इस शर्त के साथ बरकरार रखा कि पूर्व स्वीकृति देने का निर्णय कार्यपालिका से स्वायत्त किसी संस्था द्वारा लिया जाना चाहिए, जैसे कि लोकपाल या लोकायुक्त (राज्य सरकार के कर्मचारी के मामले में) इस प्रावधान की सुरक्षा से ईमानदार अधिकारियों को मजबूती मिलेगी और साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि भ्रष्ट अधिकारियों को दंडित किया जाए। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि प्रशासनिक तंत्र राष्ट्र की सेवा के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करे।

अब सीजेआई के समक्ष जाएगा यह मामला

अब यह मामला भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष रखा जाएगा, ताकि इसे सुनवाई के लिए एक वृहद पीठ के सामने रखा जा सके और अंतिम निर्णय लिया जा सके। साल 2018 में पेश की गई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए के तहत सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना किसी लोकसेवक पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। उच्चतम न्यायालय ने एनजीओ ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ (सीपीआईएल) की जनहित याचिका (पीआईएल) पर यह निर्णय सुनाया है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संशोधित धारा 17ए की वैधता को चुनौती दी गई थी।

जब युवा जागृत होंगे, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनेगा-अभिलाष
सुलतानपुर,स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर सुल्तानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज में एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन, उनके आदर्शों तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रेरक भूमिका से परिचित कराना रहा। संगोष्ठी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी प्रान्त के प्रान्त संगठन मंत्री अभिलाष ने“विवेकानंद : विद्यार्थी जीवन और राष्ट्र निर्माण में भूमिका” विषय पर सारगर्भित वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संपूर्ण जीवन युवाशक्ति को जागृत करने का संदेश देता है। उनका आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा का विचार आज भी विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक है। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का मार्ग दिखाया। उनका स्पष्ट संदेश था – “पहले स्वयं को पहचानो, तभी राष्ट्र को पहचान सकोगे।” उन्होंने कहा कि विवेकानंद का संपूर्ण जीवन चरित्र निर्माण, सेवा और संकल्प की प्रेरणा देता है। आज आवश्यकता है कि विद्यार्थी केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझें। जब युवा जागृत होंगे, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनेगा। विद्यार्थियों को अपने दिनचर्या में परिवर्तन करने की महती आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. अभिषेक ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने शिक्षा को केवल ज्ञानार्जन नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम बताया। यदि युवा उनके विचारों को आत्मसात करें तो एक सशक्त और संस्कारित राष्ट्र का निर्माण निश्चित है। कार्यक्रम के अंत में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विवेकानंद का संदेश “उत्तिष्ठत, जाग्रत, प्राप्य वरान्निबोधत” आज भी राष्ट्र के नव निर्माण का उद्घोष है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आत्मबल, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलकर भारत को विश्वगुरु बनाने में सहभागी बनें। इस अवसर पर जिला संयोजक तेजस्व पाण्डेय, डॉ. विवेक सिंह, राज मिश्रा, अर्चिता सिंह, महक श्रीवास्तव, ऋषिका, शिखर पाठक, हर्ष सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।
मौसीबाड़ी 11' वें दिन भी अंश-अंशिका का सुराग नहीं, धैर्य की सीमा बर्दाश्त से बाहर जनाक्रोश बेकाबू

मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल में अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई ! अध्यक्षता समिति के मुख्य संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव ने किया !

बैठक के दौरान सभी सदस्यों ने कल के सफल व ऐतिहासिक एचईसी/धुर्वा बंद के लिए नगर परिसर/दुकानदार/बाजार हाट/ सामाजिक संगठन एवं समिति के तमाम सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया !

बैठक के दौरान समिति ने 11 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया ! यह कमिटी मुख्य संयोजक कैलाश यादव के अनुपस्थिति में आवश्यक विषयों एवं कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए स्वतंत्र होगी !

बैठक के दौरान आज सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर मकर संक्रांति पर्व 15 तक अंश-अंशिका की सकुशल वापसी नहीं हुई तब समिति फिर एक बड़े आंदोलन की घोषणा करेगी ! इस बीच शहर के सभी क्षेत्रों से छोटे-बड़े सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर मानवीय समर्थन का अपील किया जाएगा !

यादव ने कहा कि अंश-अंशिका की सकुशल वापसी के लिए कार्य कर रही उच्च स्तरीय प्रशासन एवं निचले स्तर के पदाधिकारियों तथा जांच टीम में शामिल तम्मा लोगों को भरोसा के साथ हर संभव सहयोग करने का काम किया जाएगा लेकिन प्रशासन को यह भी ध्यान देना होगा कि किसी भी व्यक्ति को लोकतंत्र में सवाल पूछने एवं जनहित या जनकल्याण के कार्य करने पर रोक नहीं सकते हैं !

विदित हो विगत 2 जनवरी से मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल निवासी सुनील यादव के 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका 11 दिनों से लापता है, इस स्थिति में स्थानीय क्षेत्र की जनता एवं समाजसेवियों को परिजनों के प्रति मानवीय संवेदना तथा सहयोग करने से कैसे रोक सकते हैं ! इसलिए ऐसे संवेदनशील मामले में लोगों को आवाज उठाने की आजादी पर बाधा उत्पन्न करने प्रयास अनुचित कार्य है !

यादव ने कहा कि हम समझ सकते हैं कि अंश-अंशिका की सकुशल वापसी के लिए कार्य कर रही प्रशासन की उच्च स्तरीय टीम पदाधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती है लेकिन परिजन और स्थानीय लोगों के जनाक्रोश को रोकने के लिए हमें आवाज उठाने ही होंगे !

यादव ने प्रशाशन को स्पष्ट संदेश दिया है कि आप अपना काम बखूबी करे और हमें परिजन के मानसिक मनोबल बढ़ाने के लिए मानव कर्तव्य निभाने दीजिए और अपनी काम करने दे बेवजह का व्यवधान डालने का प्रयास नहीं किया जाय ! प्रशासन के द्वारा अंश-अंशिका की सकुशल वापसी होने पर समिति की ओर से जांच में शामिल पदाधिकारियों सहित सभी टीमों को सम्मानित करने का काम करेंगे !

बैठक में रंजन यादव मिंटू पासवान परमेश्वर सिंह दीपक राय बबन यादव बीरेंद्र सिंह गोपाल प्रसाद अंजू राय बजरंग महली गौरीशंकर यादव उषा देवी पिंकी देवी सीमा सिंह रविन्द्र राय अर्जुन यादव सहित अन्य लोग मौजूद थे !

यादव ने कहा कि समिति अंश-अंशिका के परिजन के साथ एक मजबूत सहयोगी एवं पीलड़ के तौर पर खड़ा है अंश-अंशिका की सकुशल वापसी तक हर तरह की परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है !

प्रयागराज छिवकी एवं प्रयागराज जंक्शन पर चलाया गया टिकट चेकिंग अभियान।

588 यात्रियो से वसूला गया 3,56,250/-रुपये जुर्माना।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यात्रियो को उत्कृष्ट सुविधाएं प्रदान करने के लिए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक/कोचिंग हरिमोहन के निर्देशन में यात्रियो को उत्तम भोज शुद्ध पेय जल की सुविधा के साथ टिकट रहित और अनियमित यात्रा करने वालो पर अंकुश लगाने के लिए स्टेशनों एवं गाड़ियो में सघन चेकिंग अभियान चलाये जा रहे है।दिनांक 12.01.2026 को प्रयागराज जंक्शन पर मंडल वाणिज्य प्रबन्धक अंकित अग्रवाल एवं दिनांक 11.01.2026 को प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर सहायक वाणिज्य प्रबन्धक पंकज त्रिपाठी के नेतृत्व में दो दिन सघन टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया।

इस अभियान में मण्डल मुख्य टिकट निरीक्षक श्री दिवाकर शुक्ला एवं मुख्य टिकट निरीक्षक/रेड संतोष कुमार ने 30 टिकट चेकिंग कर्मचारी रेलवे सुरक्षा बल कर्मी एवं राजकीय रेलवे पुलिस कर्मी के साथ मिलकर सघन टिकट चेकिंग अभियान चलाया ।इस दो दिवसीय अभियान के दौरान संयुक्त टीम ने प्लेटफार्म ट्रेनो प्रवेश–निकास द्वारो एवं प्रतीक्षालयों पर सघन जांच की। विशेष रूप से मेल/एक्सप्रेस एवं पैसेंजर में बिना टिकट गलत श्रेणी में यात्रा एक्सपायर्ड अथवा फर्जी टिकट के मामलों की गहनता से जांच की गई।इस टिकट चेकिंग अभियान में 588 यात्रियों को प्रभारित कर रु. 3,56,250/-जुर्माना वसूल किया।इसमें से बिना टिकट यात्रा करने वाले 167 यात्रियो को प्रभारित कर रु. 1,47,650/-एवं अनियमित यात्रा करने वाले 421 यात्रियो को प्रभारित कर रु. 2,08,600/-जुर्माना वसूल किया गया।लिए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक कोचिंग हरिमोहन जी ने कहा कि टिकट चेकिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नही बल्कि यात्रियो में टिकट लेकर यात्रा करने की आदत को बढ़ावा देना तथा रेलवे की सेवाओं को अधिक सुरक्षित सुव्यवस्थित और अनुशासित बनाना है।

रेल प्रशासन अपने सभी यात्रियों से अनुरोध करता है कि रेलगाड़ी तथा रेल परिसर में गन्दगी न फैलाएं कूड़ा कूड़ेदांन में ही डाले तथा वैध टिकट के साथ यात्रा करे।टिकट लेकर यात्रा करने से न केवल रेलवे के विकास में योगदान मिलता है, बल्कि यात्रा भी अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनती है।रेलवे अपने सभी यात्रियों का सम्मान करती है और उनकी सुखद यात्रा की कामना करती है।

डिजिटल शिक्षा से आत्मनिर्भर बनेंगी छात्राएं

– समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयू, दो बालिका विद्यालयों को दिए टैबलेट

– पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में गोरखपुर और महाराजगंज के सर्वाेदय बालिका विद्यालयों से पहल की शुरुआत

लखनऊ। छात्राओं के समावेशी विकास, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में मंगलवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में मदद फाउंडेशन के सहयोग से समन्वय बैठक और टैबलेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण और मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि उपस्थित रहे। 

हर बालिका विद्यालयों को 20-20 टैबलेट
कार्यक्रम के दौरान जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय बालिका विद्यालय, गोरखपुर और महराजगंज जनपदों के प्रधानाचार्यों को कुल 40 टैबलेट प्रदान किए गए, जो संबंधित विद्यालयों की छात्राओं के शैक्षणिक उपयोग हेतु उपलब्ध कराए जाएंगे। हर विद्यालय को 20-20 टैबलेट दिए गए हैं। यह पहल पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में शुरू की गई है, जिसकी सफलता के आधार पर भविष्य में अन्य विद्यालयों को भी टैबलेट उपलब्ध करवाए जाने की योजना है।

‘डिजिटल शिक्षा समय की अनिवार्य आवश्यकता’
कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री असीम अरुण ने टैबलेट वितरित करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता है। तकनीकी संसाधनों के माध्यम से छात्राओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी। उन्होंने इस पहल को बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम बताया।

‘शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास’
कार्यक्रम में उपस्थित मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि ने समाज कल्याण विभाग के साथ इस सहयोग को सामाजिक उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास बताया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग निदेशक श्री संजीव सिंह, उपनिदेशक श्री आनंद कुमार सिंह, श्री जे राम सहित विभागीय अधिकारी और मदद फाउंडेशन की टीम मौजूद रही।
आवारा कुत्ता मामला: डॉग लवर्स पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, पूछा- इंसानों पर हमले का जवाबदार कौन

#supremecourtstraydogbitecompensationindia

आवारा कुत्तों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी मंगलवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आवारा कुत्तों के हमलों से जुड़े एक मामले में तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने सवाल किया कि जब सड़कों पर आवारा कुत्तों के हमले से बच्चे और बुजुर्ग नागरिक मारे जाते हैं या घायल होते हैं, तो इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए?

सुप्रीम कोर्ट में रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों के आतंक पर संकेत दिया कि वह आवारा कुत्तों के हमलों से होने वाली किसी भी चोट या मौत के लिए नागरिक अधिकारियों और कुत्ते पालने वालों दोनों को उत्तरदायी ठहरा सकता है।

आवारा कुत्तों को अपने घरों में ले जाएं

शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की है कि जो लोग आवारा कुत्तों को लेकर चिंतित हैं, उन्हें अपने घरों में ले जाना चाहिए, बजाय इसके कि उन्हें 'इधर-उधर घूमने, काटने और जनता को डराने' दिया जाए। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में पूछा कि क्या भावनाएं सिर्फ कुत्तों के लिए ही दिखती हैं, जबकि इंसानों पर हमलों की घटनाओं में अक्सर वैसी ही तेजी देखने को नहीं मिलती।

बाइट मामलों में मुआवजे की जिम्मेदारी तय की जा सकती है

कोर्ट ने कहा कि हम यह कहने जा रहे हैं कि कुत्ते के काटने से होने वाली मौतों और चोटों के मामलों में राज्य को भारी मुआवजा देना होगा। कुत्ते पालने वालों और उनका प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों पर भी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाएगी।

डिजिटल शिक्षा से आत्मनिर्भर बनेंगी छात्राएं

समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयू, दो बालिका विद्यालयों को दिए टैबलेट

पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में गोरखपुर और महाराजगंज के सर्वाेदय बालिका विद्यालयों से पहल की शुरुआत

लखनऊ। छात्राओं के समावेशी विकास, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में मंगलवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में मदद फाउंडेशन के सहयोग से समन्वय बैठक और टैबलेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण और मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि उपस्थित रहे। 

हर बालिका विद्यालयों को 20-20 टैबलेट
कार्यक्रम के दौरान जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय बालिका विद्यालय, गोरखपुर और महराजगंज जनपदों के प्रधानाचार्यों को कुल 40 टैबलेट प्रदान किए गए, जो संबंधित विद्यालयों की छात्राओं के शैक्षणिक उपयोग हेतु उपलब्ध कराए जाएंगे। हर विद्यालय को 20-20 टैबलेट दिए गए हैं। यह पहल पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में शुरू की गई है, जिसकी सफलता के आधार पर भविष्य में अन्य विद्यालयों को भी टैबलेट उपलब्ध करवाए जाने की योजना है।

‘डिजिटल शिक्षा समय की अनिवार्य आवश्यकता’
कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री असीम अरुण ने टैबलेट वितरित करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता है। तकनीकी संसाधनों के माध्यम से छात्राओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी। उन्होंने इस पहल को बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम बताया।

‘शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास’
कार्यक्रम में उपस्थित मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि ने समाज कल्याण विभाग के साथ इस सहयोग को सामाजिक उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास बताया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग निदेशक श्री संजीव सिंह, उपनिदेशक श्री आनंद कुमार सिंह, श्री जे राम सहित विभागीय अधिकारी और मदद फाउंडेशन की टीम मौजूद रही।
असहाय परिवार का सहारा बना NSCT – प्रदीप कुमार वर्मा 'नन्दवंशी'

प्रयागराज । जनपद के साथ उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जन्म लेकर आज संपूर्ण भारत के प्रदेशों में पैर फैलाती राष्ट्रीय संस्था नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट गरीब,असहाय, निर्बल परिवार के विपत्ति में सहारा बनकर खड़ी हो रही है। संस्था के संस्थापक/ राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार वर्मा नंदवंशी ने कहा कि हमारे सम्मानित समस्त पदाधिकारीगण एवं एडमिन पैनल नन्दवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट (NSCT) को लोगों तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रहें हैं।निःसंदेह यह पावन और पारदर्शी मंच NSCT अपने प्रत्येक रजिस्टर्ड,वैधानिक दिवंगत साथी के असहाय परिवार के आँसू पोंछने का कार्य कर रहा है।इस पुनीत अभियान में समाज के असंख्य दानवीर साथी निष्काम भाव से अपना योगदान दे रहे हैं।यह कार्य जमीनी स्तर पर होने वाली सच्ची सेवा है— जहाँ केवल आत्म संतोष मिलता है,पुण्य मिलता है,पर यहाँ राजनीतिक महत्वाकांक्षा,मंच,माला और माइक का कोई स्थान नहीं।इसी भावभूमि को सुदृढ़ करने के लिए आप सभी से विनम्र किंतु दृढ़ आग्रह है कि आप NSCT की मूल भावना,उद्देश्य और सामाजिक सुरक्षा कवच अपने परिवार, सगे-सम्बन्धियों,नातेदारों और प्रत्येक मिलने वाले समाजबंधु तक पहुंचाएं और निरंतर संवाद और चर्चा के माध्यम से साझा करें।किन्तु जब तक उनकी स्पष्ट सहमति न हो, किसी को भी‌ संस्था,समूह में न जोड़ा जाए।क्योंकि यह मंच संख्या नहीं,संकल्प से चलता है।अंत में एक सत्य- जिस समाज के उत्थान के लिए आप दिन-रात पवित्र मन से जुटे हैं,वह समाज सोया नहीं है…वह केवल जागने की प्रतीक्षा में है।जिस समाज का नेतृत्व स्वार्थ से मुक्त,त्याग से युक्त और उद्देश्य के प्रति समर्पित हाथों में होता है,वहाँ सैकड़ों संगठन भी एक दिशा,एक लक्ष्य और एक भावना में जुड़ जाते हैं।NSCT वही चेतना,NSCT वही संकल्प, NSCT समाज की सामूहिक सुरक्षा है।नंदवंशी ने कहा सहयोग की निरंतरता बनी हुई है,सहयोग अलर्ट 09 वां मानवीय संवेदना हेतु आपके सहयोग हेतु अपेक्षित है।यह सहयोग स्वर्गीय -मदन कुमार (NSCT0304)पंजिकरण तिथि 09 अप्रैल 2021है जो गृह जनपद -अलीगढ (उत्तर प्रदेश)के रहने वाले हैं जिनकी मृत्यु तिथि -05 दिसंबर 2025 को हुआ।

मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया।उत्तराधिकारी पत्नी श्रीमती पिंकी हैं जिनके बैंक खाते में सीधे सहयोग दिया जा रहा है।

श्रेया शेट्टी ने लिया भांडुप पश्चिम के वार्ड 112 को मॉडल वार्ड बनाने का संकल्प

मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव की सरगर्मियों के बीच भांडुप पश्चिम के वार्ड क्रमांक 112 में कांग्रेस ने अपने जनसंपर्क अभियान के माध्यम से मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी श्रेया शेट्टी के नेतृत्व में निकाली गई रैलियों और जनसभाओं में बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी देखने को मिली, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। प्रचार अभियान के दौरान श्रेया शेट्टी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि वार्ड 112 को एक आदर्श और मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि सड़क, जलनिकासी, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उनके प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विकास कागजी वादों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम से संभव होगा। इस अवसर पर उनके पति एवं महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता तथा मुंबई कांग्रेस के महासचिव राकेश शेट्टी भी सक्रिय रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम किया है और वार्ड 112 को उसका न्यायोचित विकास अब तक नहीं मिल पाया है। उन्होंने नागरिकों से कांग्रेस को निर्णायक जनादेश देने की अपील की।

जनसंपर्क के दौरान स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं—जैसे टूटी सड़कें, अपर्याप्त ड्रेनेज व्यवस्था और स्वच्छता की कमी—को सामने रखा। इस पर श्रेया शेट्टी ने भरोसा दिलाया कि चुनाव के बाद इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।

रैली और जनसभाओं में उमड़ा उत्साह और समर्थन यह संकेत दे रहा है कि वार्ड 112 में कांग्रेस का अभियान जनता के बीच प्रभाव छोड़ रहा है और चुनावी मुकाबला लगातार दिलचस्प होता जा रहा है।
25 हजार का इनामी पुलिस मुठभेड़ में चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार
*नगदी व चांदी के जेवर भी हुए बरामद

गोंडा।जिले की नगर कोतवाली पुलिस व एसओजी टीम ने मुठभेड़ के बाद 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी दौलत खान को गिरफ्तार कर लिया है।इस दौरान आरोपी के बायें पैर में गोली लगी है।पुलिस ने उसके पास से चोरी की बाइक व 40 हजार रुपए नगद बरामद किया है।दौलत खान 23 दिसंबर को तिवारी बाजार स्थित एक ज्वैलर्स की दुकान में हुई चोरी की घटना का मुख्य आरोपी था और इस मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।देर रात नगर कोतवाली क्षेत्र के बिमौर के पास पुलिस व एसओजी टीम ने दौलत खान को पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दिया उसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से दौलत खान घायल हो कर गिर गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।घायल दौलत खान को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।उसके कब्जे से एक मोटरसाइकिल, 40 हजार रुपये नगद और चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं।दौलत खान मूल रूप से बरेली जनपद का निवासी है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि दौलत खान अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर जिले में कई दुकानों और घरों में चोरी की घटना को अंजाम दे रहा था।उसके खिलाफ रामपुर, शाहजहांपुर,उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर और जिले के नगर व देहात कोतवाली में कुल सात गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।गिरफ्तार दौलत खान के विरुद्ध पुलिस अग्रिम कार्रवाई कर रही है।
भ्रष्टाचार विरोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बंटा हुआ फैसला, जानें अब क्या होगा?

#supremecourtverdict2018provisioninantigraftlaw

भ्रष्टाचार रोधी कानून के 2018 के प्रावधान की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खंडित आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए की संवैधानिक वैधता पर विभाजित फैसला सुनाया, जिसके तहत किसी लोक सेवक के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले सरकार की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथ की बेंच ने अलग-अलग फैसला सुनाया। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए असंवैधानिक है, जिसे निरस्त करने की जरूरत है। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि पूर्वानुमति की आवश्यकता भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विरुद्ध है; इससे जांच में रुकावट आती है और भ्रष्टाचारियों को बचने का मौका मिल जाता है।

जस्टिस विश्वनाथन का क्या फैसला?

जबकि न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन ने भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए को संवैधानिक करार देते हुए ईमानदार अधिकारियों को बचाने की जरूरत रेखांकित की।जस्टिस विश्वनाथन ने इस प्रावधान को इस शर्त के साथ बरकरार रखा कि पूर्व स्वीकृति देने का निर्णय कार्यपालिका से स्वायत्त किसी संस्था द्वारा लिया जाना चाहिए, जैसे कि लोकपाल या लोकायुक्त (राज्य सरकार के कर्मचारी के मामले में) इस प्रावधान की सुरक्षा से ईमानदार अधिकारियों को मजबूती मिलेगी और साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि भ्रष्ट अधिकारियों को दंडित किया जाए। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि प्रशासनिक तंत्र राष्ट्र की सेवा के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करे।

अब सीजेआई के समक्ष जाएगा यह मामला

अब यह मामला भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष रखा जाएगा, ताकि इसे सुनवाई के लिए एक वृहद पीठ के सामने रखा जा सके और अंतिम निर्णय लिया जा सके। साल 2018 में पेश की गई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए के तहत सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना किसी लोकसेवक पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। उच्चतम न्यायालय ने एनजीओ ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ (सीपीआईएल) की जनहित याचिका (पीआईएल) पर यह निर्णय सुनाया है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संशोधित धारा 17ए की वैधता को चुनौती दी गई थी।

जब युवा जागृत होंगे, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनेगा-अभिलाष
सुलतानपुर,स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर सुल्तानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज में एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन, उनके आदर्शों तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रेरक भूमिका से परिचित कराना रहा। संगोष्ठी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी प्रान्त के प्रान्त संगठन मंत्री अभिलाष ने“विवेकानंद : विद्यार्थी जीवन और राष्ट्र निर्माण में भूमिका” विषय पर सारगर्भित वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संपूर्ण जीवन युवाशक्ति को जागृत करने का संदेश देता है। उनका आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा का विचार आज भी विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक है। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का मार्ग दिखाया। उनका स्पष्ट संदेश था – “पहले स्वयं को पहचानो, तभी राष्ट्र को पहचान सकोगे।” उन्होंने कहा कि विवेकानंद का संपूर्ण जीवन चरित्र निर्माण, सेवा और संकल्प की प्रेरणा देता है। आज आवश्यकता है कि विद्यार्थी केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझें। जब युवा जागृत होंगे, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनेगा। विद्यार्थियों को अपने दिनचर्या में परिवर्तन करने की महती आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. अभिषेक ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने शिक्षा को केवल ज्ञानार्जन नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम बताया। यदि युवा उनके विचारों को आत्मसात करें तो एक सशक्त और संस्कारित राष्ट्र का निर्माण निश्चित है। कार्यक्रम के अंत में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विवेकानंद का संदेश “उत्तिष्ठत, जाग्रत, प्राप्य वरान्निबोधत” आज भी राष्ट्र के नव निर्माण का उद्घोष है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आत्मबल, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलकर भारत को विश्वगुरु बनाने में सहभागी बनें। इस अवसर पर जिला संयोजक तेजस्व पाण्डेय, डॉ. विवेक सिंह, राज मिश्रा, अर्चिता सिंह, महक श्रीवास्तव, ऋषिका, शिखर पाठक, हर्ष सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।
मौसीबाड़ी 11' वें दिन भी अंश-अंशिका का सुराग नहीं, धैर्य की सीमा बर्दाश्त से बाहर जनाक्रोश बेकाबू

मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल में अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई ! अध्यक्षता समिति के मुख्य संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव ने किया !

बैठक के दौरान सभी सदस्यों ने कल के सफल व ऐतिहासिक एचईसी/धुर्वा बंद के लिए नगर परिसर/दुकानदार/बाजार हाट/ सामाजिक संगठन एवं समिति के तमाम सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया !

बैठक के दौरान समिति ने 11 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया ! यह कमिटी मुख्य संयोजक कैलाश यादव के अनुपस्थिति में आवश्यक विषयों एवं कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए स्वतंत्र होगी !

बैठक के दौरान आज सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर मकर संक्रांति पर्व 15 तक अंश-अंशिका की सकुशल वापसी नहीं हुई तब समिति फिर एक बड़े आंदोलन की घोषणा करेगी ! इस बीच शहर के सभी क्षेत्रों से छोटे-बड़े सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर मानवीय समर्थन का अपील किया जाएगा !

यादव ने कहा कि अंश-अंशिका की सकुशल वापसी के लिए कार्य कर रही उच्च स्तरीय प्रशासन एवं निचले स्तर के पदाधिकारियों तथा जांच टीम में शामिल तम्मा लोगों को भरोसा के साथ हर संभव सहयोग करने का काम किया जाएगा लेकिन प्रशासन को यह भी ध्यान देना होगा कि किसी भी व्यक्ति को लोकतंत्र में सवाल पूछने एवं जनहित या जनकल्याण के कार्य करने पर रोक नहीं सकते हैं !

विदित हो विगत 2 जनवरी से मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल निवासी सुनील यादव के 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका 11 दिनों से लापता है, इस स्थिति में स्थानीय क्षेत्र की जनता एवं समाजसेवियों को परिजनों के प्रति मानवीय संवेदना तथा सहयोग करने से कैसे रोक सकते हैं ! इसलिए ऐसे संवेदनशील मामले में लोगों को आवाज उठाने की आजादी पर बाधा उत्पन्न करने प्रयास अनुचित कार्य है !

यादव ने कहा कि हम समझ सकते हैं कि अंश-अंशिका की सकुशल वापसी के लिए कार्य कर रही प्रशासन की उच्च स्तरीय टीम पदाधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती है लेकिन परिजन और स्थानीय लोगों के जनाक्रोश को रोकने के लिए हमें आवाज उठाने ही होंगे !

यादव ने प्रशाशन को स्पष्ट संदेश दिया है कि आप अपना काम बखूबी करे और हमें परिजन के मानसिक मनोबल बढ़ाने के लिए मानव कर्तव्य निभाने दीजिए और अपनी काम करने दे बेवजह का व्यवधान डालने का प्रयास नहीं किया जाय ! प्रशासन के द्वारा अंश-अंशिका की सकुशल वापसी होने पर समिति की ओर से जांच में शामिल पदाधिकारियों सहित सभी टीमों को सम्मानित करने का काम करेंगे !

बैठक में रंजन यादव मिंटू पासवान परमेश्वर सिंह दीपक राय बबन यादव बीरेंद्र सिंह गोपाल प्रसाद अंजू राय बजरंग महली गौरीशंकर यादव उषा देवी पिंकी देवी सीमा सिंह रविन्द्र राय अर्जुन यादव सहित अन्य लोग मौजूद थे !

यादव ने कहा कि समिति अंश-अंशिका के परिजन के साथ एक मजबूत सहयोगी एवं पीलड़ के तौर पर खड़ा है अंश-अंशिका की सकुशल वापसी तक हर तरह की परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है !