नई पहल: ‘आरोह-2026’ समर कैंप नए स्वरूप में होगा आयोजित
* व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक गतिविधियां भी होंगी शामिल, 1 मई से शुरू होगा कैंप
भोपाल। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने समर कैंप ‘आरोह-2026’ को नए स्वरूप में आयोजित करने की घोषणा की है। इस बार कैंप में खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक गतिविधियां और मानसिक सशक्तिकरण जैसे कार्यक्रम भी शामिल किए जाएंगे।
गुरुवार को तात्या टोपे खेल स्टेडियम में आयोजित प्रदेश के सभी खेल अधिकारियों की बैठक में मंत्री श्री सारंग ने कहा कि भोपाल सहित प्रदेशभर में 1 मई से समर कैंप शुरू होगा। इसमें पंजीयन 18 अप्रैल से विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और क्यूआर कोड के माध्यम से किया जा सकेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवा समन्वयकों के सहयोग से कैंप की गतिविधियों को ब्लॉक और ग्रामीण स्तर तक पहुंचाया जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चे और युवा इसका लाभ उठा सकें।
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि ‘आरोह-2026’ केवल खेल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक जनआंदोलन के रूप में विकसित किया जाएगा। जैसे फिट इंडिया मूवमेंट और स्वच्छता अभियान ने समाज को जोड़ा, उसी तरह यह समर कैंप बच्चों, युवाओं और परिवारों को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम बनेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल प्रतिभाओं को निखारना नहीं, बल्कि ऐसे सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण करना है जो परिवार, समाज और राष्ट्र का गौरव बने। खेलों के माध्यम से युवाओं का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास संभव है।
बैठक में खेल संचालक अंशुमान यादव, संयुक्त संचालक बी.एस. यादव सहित प्रदेशभर के खेल अधिकारी उपस्थित रहे।















रितेश मिश्रा
संजीव सिंह बलिया। जनगणना-2027 के सफल संचालन को लेकर जनपद स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जनगणना 2027 के कार्यक्रम और उसकी समय-सीमा पर विस्तार से चर्चा की गई।अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी। प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) का कार्य किया जाएगा, जिसमें 07 मई से 21 मई 2026 तक स्वगणना होगी, जबकि 22 मई से 20 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर विवरण एकत्र करेंगे। द्वितीय चरण में जनसंख्या एवं जाति आधारित गणना की जाएगी। यह चरण 09 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा, जबकि 01 मार्च से 05 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाए। प्रशिक्षण की सूची तैयार कर प्रत्येक तहसील स्तर पर ही ट्रेनिंग आयोजित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण के बाद कर्मियों की परीक्षा भी होगी, और जो कर्मचारी उसमें सफल नहीं होंगे, उन्हें पुनः प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य का नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना कार्य में विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। सभी विभागाध्यक्ष अपने-अपने कार्यालयों के कर्मचारियों को स्वगणना के लिए प्रेरित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी जिला स्तरीय अधिकारी स्वयं स्वगणना करें और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से भी इसे अनिवार्य रूप से करवाएं, ताकि जनगणना का कार्य पूरी पारदर्शिता और शुद्धता के साथ संपन्न हो सके।
5 hours ago
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