सामाजिक संदेश: बुजुर्ग हमारी अमूल्य धरोहर— केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि निरंतर सेवा का संकल्प लेकर आगे बढ़ा फाउंडेशन।

गया-फतेहपुर रोड स्थित बीएसएफ कैंप के समीप हनुमान नगर में संचालित 'सहारा' वृद्धाश्रम में रविवार को मानवता और सामाजिक सौहार्द की एक भावपूर्ण तस्वीर देखने को मिली। प्रसिद्ध महिला सामाजिक संस्था वूमेन विंग्स फाउंडेशन की ओर से यहाँ रह रहे वृद्धजनों के सम्मान में 'दही-चूड़ा भोज' का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल भोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सेवा और आत्मीयता की नई मिसाल पेश की।
हाथों से खिलाया भोजन, बांटा आर्थिक सहयोग
संस्था की अध्यक्ष ममता सिन्हा और निदेशक रेखा अग्रवाल के नेतृत्व में दर्जनों सदस्यों ने वृद्धाश्रम पहुँचकर बुजुर्गों का हालचाल जाना। सदस्यों ने स्वयं अपने हाथों से बुजुर्गों को दही-चूड़ा खिलाया, जिससे वहां का माहौल अपनत्व से भर गया। इस अवसर पर वृद्धजनों के बीच बिस्कुट का वितरण किया गया और संस्था की ओर से उन्हें आवश्यक आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया।
जब साझा हुईं संघर्षों की कहानियां
भोज के उपरांत संवाद के दौरान जब बुजुर्ग पुरुषों और महिलाओं ने अपने जीवन की त्रासद और संघर्षपूर्ण कहानियां साझा कीं, तो वहां मौजूद सभी सदस्यों की आंखें नम हो गईं। किसी ने अपनों के बिछड़ने का गम बताया तो किसी ने अकेलेपन की पीड़ा। इन कहानियों ने समाज में बुजुर्गों की स्थिति पर सोचने को मजबूर कर दिया।
भविष्य के लिए सेवा का संकल्प
संस्था की सदस्यों ने भावुक होकर कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने घोषणा की कि वूमेन विंग्स फाउंडेशन भविष्य में भी इन बुजुर्गों के स्वास्थ्य, वस्त्र और भोजन की जरूरतों के लिए निरंतर काम करता रहेगा। वृद्धाश्रम प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बुजुर्गों में जीने की नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार होता है।
42 sec ago
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