रांची नगर निकाय चुनाव: नामांकन शुरू; प्रत्याशी बनने से पहले जान लें ये 15 कड़े नियम, एक गलती और हाथ से निकल जाएगा मौका!

रांची: झारखंड की राजधानी में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। 29 जनवरी से 4 फरवरी तक नामांकन की प्रक्रिया चलेगी। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि नामांकन के दौरान अनुशासन और नियमों का पालन अनिवार्य है।

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नामांकन के लिए मुख्य गाइडलाइन

समय और स्थान: नामांकन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही स्वीकार किए जाएंगे।

समर्थकों की सीमा: नामांकन स्थल के 100 मीटर के दायरे में प्रत्याशी अपने साथ अधिकतम केवल 3 समर्थकों को ही ले जा सकते हैं।

दस्तावेजों की जांच: निर्वाची पदाधिकारियों को कागजातों की सूक्ष्म जांच के निर्देश दिए गए हैं। एक भी त्रुटि होने पर नामांकन रद्द हो सकता है।

आदर्श आचार संहिता: क्या करें और क्या न करें?

अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कार्यालय द्वारा शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई है:

लाउडस्पीकर पर पाबंदी: रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। दिन में भी अनुमति लेकर ही सीमित ध्वनि (75 डेसिबल से कम) में इसका उपयोग किया जा सकता है।

हथियार लेकर चलने पर रोक: किसी भी प्रकार का धारदार या घातक हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध है। (सिखों के कृपाण और नेपालियों की खुखरी जैसे पारंपरिक शस्त्रों को छूट प्राप्त है)।

सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा: सरकारी भवनों या सड़कों पर नारे लिखना, पोस्टर चिपकाना या झंडा लगाना अपराध माना जाएगा। ऐसा करने पर प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।

भीड़ पर नियंत्रण: शांति भंग करने के उद्देश्य से 5 या उससे अधिक व्यक्ति एक स्थान पर जमा नहीं हो सकेंगे।

सोशल मीडिया पर नजर: किसी भी व्यक्ति या समुदाय के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी या भ्रामक संदेश फैलाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

धार्मिक स्थलों का उपयोग: किसी भी मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारे का प्रयोग राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा।

भड़काऊ भाषण प्रतिबंधित: जाति, धर्म या भाषा के आधार पर नफरत फैलाने वाले भाषणों पर पूर्ण रोक है।

पर्यावरण का ध्यान: प्रचार के लिए प्लास्टिक या पॉलीथीन से बने पोस्टर और बैनर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

महत्वपूर्ण सुर्खियां (Headlines):

"प्रत्याशी ध्यान दें! नामांकन के समय साथ रहेंगे केवल 3 समर्थक, 100 मीटर का दायरा होगा 'नो-गो ज़ोन'"

"रांची निकाय चुनाव: बिना अनुमति सभा या जुलूस निकाला तो होगी जेल, आचार संहिता के कड़े नियम लागू"

"निकाय चुनाव 2026: रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट पर प्रशासन की पैनी नजर"

"नामांकन प्रक्रिया शुरू: 4 फरवरी तक मौका, गाइडलाइन का पालन न करने पर रद्द हो सकता है पर्चा"

NCP के दोनों गुटों का होने वाला था विलय, डेट भी था फाइनल? अजीत पवार के निधन के बाद बड़ा खुलासा

#mergeroftwoncpfactionswasscheduled

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राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी NCP के दोनों धड़े एक होने वाले था। शरद पवार और अजित पवार ने इसके लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। मर्जर का डेट भी तय कर लिया गया था। एक भव्‍य कार्यक्रम में NCP शरद पवार गुट और अजित पवार गुट के एक होने की जानी बाकी थी। अजित पवार के निधन के बाद ये चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।

किरण गुजर का बड़ा दावा

अजित पवार के निधन के बाद से ही उनके राजनीतिक विरासत को लेकर अलग-अलग तरह से कयास लगाए जा रहे हैं। इस बीच अब उनके एक करीबी ने ये बड़ा खुलासा किया है। दिवंगत अजित पवार के करीबी किरण गुजर ने दावा किया कि "वो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के विलय के लिए उत्सुक थे, और यह जल्द ही होने वाला था।" दिग्गज नेता के निधन के दो दिन बाद किरण गुजर ने बताया कि उनसे यह बात खुद अजित पवार ने साझा की थी।

विलय पर बातचीत उन्नत चरण में

एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ विधायक जयंत पाटिल और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शशिकांत शिंदे ने भी इस बात की पुष्टि कि दोनों गुटों के विलय को लेकर जारी बातचीत उन्नत चरण में है। यह बातचीत इस बिंदु तक पहुंच गई है कि संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और नए चेहरों को शामिल करने पर अनौपचारिक रूप से विचार किया जा रहा है।

शरद पवार के घर हुई थी बैठक

जयंत पाटिल ने कहा, "हाल के दिनों में हम (दोनों गुट) अक्सर मिलते रहे थे। 16 जनवरी को मेरे आवास पर मिले थे ताकि साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बातचीत को अंतिम रूप दिया जा सके। 17 जनवरी को शरद पवार के घर पर एक बैठक हुई थी। दोनों गुटों के बीच बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी।”

पीटी उषा के पति वी श्रीनिवास का निधन, घर में इस हालत में मिला शव

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भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य पी टी उषा के पति वी श्रीनिवासन का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, उनका देहांत केरल के कोझिकोड स्थित आवास पर हुआ। वे 67 वर्ष के थे।

श्रीनिवासन अपने घर थिक्कोडी पेरुमलपुरम में लगभग 1:00 बजे गिर पड़े थे। उन्हें तुरंत पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह घटना तब हुई जब पीटी उषा एक संसदीय सत्र से लौट रही थीं और घर पर मौजूद नहीं थीं।

किरेन रिजिजू का ट्वीट

किरेन रिजिजू ने ट्वीट करते हुए लिखा कि राज्यसभा सांसद और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की प्रेसिडेंट पी टी उषा जी के पति श्री वी. श्रीनिवासन जी के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। उषा जी और शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इस मुश्किल समय में उन्हें शक्ति मिले, इसके लिए प्रार्थना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीटी उषा से फोन पर बात कर उनके पति के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने इस कठिन समय में परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति और समर्थन भी जताया।

कौन थे वी. श्रीनिवासन?

वी. श्रीनिवासन का जन्म कुट्टिक्काड पोन्नानी के वेंगाली थारवाद में नारायणन और सरोजिनी के घर हुआ था। वे सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) में उप अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने 1991 में पीटी उषा से शादी की थी, जो उनकी दूर की रिश्तेदार भी थीं।

उषा के जीवन और करियर में निभाई अहम भूमिका

केंद्र सरकार के पूर्व कर्मचारी श्रीनिवासन उषा के शानदार खेल करियर और राजनीतिक करियर के दौरान हमेशा उनके साथ रहे। उन्हें उषा का मजबूत संबल और उनकी कई पेशेवर उपलब्धियों के पीछे प्रेरक शक्ति माना जाता था। इस दंपति का एक बेटा है जिसका नाम उज्ज्वल है।

एनओसी के फेर में फंसा अस्पताल का फायर हाइड्रेंट सिस्टम


*आग से बचाव के लिए जिला अस्पताल ज्ञानपुर में लगा है उपकरण,1.20 करोड़ का है प्रोजेक्ट*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में दो साल पहले शुरू हुआ फायर हाइड्रेंड सिस्टम का काम अब 98 फीसदी पूरा हो चुका है। अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण फायर हाइड्रेंड सिस्टम का संचालन शुरू नहीं हो सका है। यह 1.20 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। अस्पताल परिसर में धुंआ उठते ही सेंसर आवाज करने लगेगा, इससे समय रहते आग पर काबू पाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्यकर्मी को प्रशिक्षित किया जाएगा। देश के कई अस्पतालों में अगलगी की घटनाओं में मरीजों की मौत हो चुकी है। शासन के निर्देश पर अस्पतालों में बचाव के लिए पहल की जा रही है। जिला अस्पताल में लगने वाले फायर हाइड्रेंड सिस्टम से जिला अस्पताल के हर बिल्डिंग को जोड़ा गया है। ओपीडी भवन, इमरजेंसी, ब्लड बैंक, एनआरसी, लेबर कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, लैब, एक्स-रे कक्ष आदि स्थानों कहीं भी धुआं उठते ही सेंसर आवाज करने लगेगा। सायरन बजते ही स्वास्थ्य कर्मी अलर्ट मोड़ में होगे। फायर सिस्टम चालू करने पर पाइप के माध्यम से पानी के फुहारे आग की लपटों पर गिरेगी। इससे आग पर तुंरत काबू पाया जाएगा। अस्पताल में रोजाना एक हजार की ओपीडी होती है। वहीं, तीन से चार हजार मरीजों की भीड़ रहती है। जनवरी 2024 में फायर हाइड्रेंट सिस्टम कार्य शुरू हुआ था। जून 2025 हैंडओवर की अंतिम डेड लाइन थी। शासन से बजट समय से नहीं मिलने के कारण स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने हैंडओवर की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 कर दिया। इस डेडलाइन से पहले ही फायर सिस्टम बनकर तैयार हो गया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने जिला अस्पताल का निरीक्षण भी कर लिया हैं, लेकिन अभी तक एनओसी नहीं मिली। इससे कार्यदायी संस्था ने प्रोजेक्ट को हैंडओवर नहीं किया।


छह स्वास्थ्यकर्मी होंगे प्रशिक्षित
फायर हाईड्रेंड सिस्टम को संचालित करने के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से जिला अस्पताल के छह चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। आगजनी की घटना के बाद कैसे आग पर काबू पाया जाएगा। कर्मचारियों को अस्पताल में ट्रेंनिग दी जाएगी। इस दौरान पूरे सिस्टम को ऑन करके दिखाया जाएगा। आग कैसे बुझानी है, इसके बारे में बताया जाएगा। एक लाख लीटर पानी हमेशा संरक्षित रहेगा। इसके लिए टंकी का निर्माण कराया गया है।


सीएफओ ने फायर हाइड्रेंट सिस्टम के लिए अस्पताल का निरीक्षण किया है। अग्निशमन से एनओसी जारी होते ही हैंडओवर लिया जाएगा। आगजनी की घटना में यह प्रभावशाली होगा। - डॉ. अजय तिवारी सीएमएस जिला अस्पताल
मुठभेड़ के बाद 20 हजार का इनामी बदमाश विकास उर्फ अटरिया गिरफ्तार ।

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

मुजफ्फरपुर/जानसठ, । जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत जानसठ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुरुवार को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में ₹20,000 का इनामी और शातिर अपराधी विकास उर्फ अटरिया पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए अभियुक्त के पास से अवैध हथियार और नकदी बरामद हुई है।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, गढ़ी-नया गांव मार्ग पर हुई मुठभेड़ ।

पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, थाना जानसठ पुलिस वांछित अपराधियों की तलाश में सक्रिय थी। इसी दौरान थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि गढ़ी-नया गांव मार्ग पर स्थित एक सरकारी ट्यूबवेल के पास इनामी बदमाश विकास अटरिया छिपा हुआ है।

सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही अभियुक्त विकास ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और ईख के खेतों की ओर भागने लगा।

आत्मरक्षार्थ पुलिस ने की जवाबी फायरिंग पुलिस टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बदमाश का पीछा किया और उसे आत्मसमर्पण के लिए चेतावनी दी। इसके बावजूद अभियुक्त ने फायरिंग जारी रखी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली अभियुक्त के पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।पुलिस ने उसके पास से  01 अवैध तमंचा (315 बोर) जिंदा व खोखा कारतूस 3,320 रुपये नकद जो थाना जानसठ और ककरौली की विभिन्न चोरी व लूट की घटनाओं होना बताया और बरामद करने का दावा किया है पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त विकास उर्फ अटरिया (निवासी: ग्राम योगेन्द्रनगर, थाना भोपा) एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। इसके विरुद्ध मुजफ्फरनगर और शामली के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, लूट, चोरी और गैंगस्टर एक्ट जैसे 20 गंभीर मामले दर्ज हैं। यह लंबे समय से वांछित चल रहा था और पुलिस ने इस पर ₹20,000 का इनाम घोषित कर रखा था।

ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार, दीपक शर्मा और कांस्टेबल अनुज, कपिल व विजय कुमार शामिल रहे।
बलिया ने भदोही को 21 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार जीता 27वां शिवकुमार सिंह राज्य स्तरीय क्रिकेट खिताब
संजीव सिंह बलिया! नगरा:आज ताड़ीबड़ा गांव के श्री सुभाष इंटर कॉलेज मैदान पर खेला गया 27वें शिवकुमार सिंह राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मैच बलिया और भदोही के बीच रोमांचक रहा। भदोही ने टॉस जीतकर बलिया को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।टॉस हारने के बावजूद बलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 138 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। बलिया की ओर से अभय ने 28 गेंदों पर 1 छक्का व 5 चौकों की मदद से 36 रन और ऋतुराज ने 21 गेंदों पर 3 छक्के व 3 चौकों से 35 रनों का योगदान दिया। भदोही की ओर अनुज ने 4 ओवरों में 32 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि अनुराग और यश को 2-2 सफलताएं मिलीं।जवाब में 139 रनों का लक्ष्य को पीछा करने उतरी भदोही 20 ओवरों में 109 रन ही बना सकी। भदोही की ओर वेदप्रकाश ने 34 गेंदों पर 5 छक्के व 1 चौका जड़कर 57 रन ठोके, अनुज ने 17 गेंदों पर 19 और यश ने 14 गेंदों पर 15 रन बनाए। बलिया की ओर मंदु यादव ने 4 ओवरों में 23 रन देकर 4 विकेट झटके, जबकि दीपक पांडेय ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवरों में सिर्फ 12 रन खर्च कर 2 विकेट लिए। इस तरह बलिया ने भदोही को 21 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार खिताब पर कब्जा जमाया।मैच का उद्घाटन ब्लॉक प्रमुख आलोक सिंह 'सियर' व भाजपा कार्यकारिणी सदस्य शक्ति सिंह ने फीता काटकर किया। समापन समारोह में छात्र शक्ति कांस्ट्रक्शन के डायरेक्टर व रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह के अनुज रमेश सिंह ने विजेता व उपविजेता टीमों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। आयोजन समिति ने रमेश सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट किया।मैच के दौरान पंडाल में मुख्य अतिथियों का स्वागत आयोजन समिति के अध्यक्ष मैनुद्दीन अंसारी, आयोजक मुकेश सिंह, शैलेश्वर सिंह, राजीव सिंह मुकेश, मनोज सिंह, हैप्पी सिंह, आलोक सिंह, अभिषेक सिंह, सोनू सिंह, प्रणव सिंह, विनय सिंह आदि ने किया।
*शिक्षकों के हित के लिए सड़क,से सदन तक हमेशा लड़ता रहूंगा-शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी*
आज क्षत्रिय भवन सुल्तानपुर में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ सुल्तानपुर का जनपदीय वार्षिक सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप में गोरखपुर अयोध्या से शिक्षक विधायक माननीय ध्रुव कुमार त्रिपाठी जी और विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री नरेन्द्र प्रताप वर्मा द्वारा ध्वजारोहण कर किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला मंत्री अरुण कुमार सिंह द्वारा कहा गया कि संगठन हमेशा शिक्षकों की लड़ाई के लिए संघर्षशील हैं। साथ ही कहा कि संगठन पर विश्वास कर आप साथ दे सदन तक लड़ाई जारी रहेगी। जिला अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा ने कहा कि पहले के समय में शिक्षक संघर्ष पर विश्वास करता था और काफी उपलब्धियां हासिल की लेकिन अब कही न कही संघर्ष में कमी आई है जिसके कारण हमारी सभी उपलब्धियां हमसे छीनी जा रही है। हमको समय देना होगा,संघर्ष में आगे आना होगा। तभी हम सब के शिक्षक विधायक सदन में अपनी बातों को जोरदार ढंग से सरकार के समक्ष रखेंगे। *मुख्य अतिथि ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अगर आप सभी शिक्षकों का साथ मिलता रहा तो हम सरकार से शिक्षकों के हित में सड़क से सदन तक लड़ता रहूंगा और जरूरत पड़ी तो हम जेल में भी जाने को तैयार है,उन्होंने कहा कि शिक्षकों के संघर्षों से प्राप्त सारी उपलब्धियां शिक्षक विरोधी यह सरकार की दर्जी के कैंची की तरह काट रही है चाहे बेसिक शिक्षा,माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा सभी में सरकार की पैनी नजर है, शिक्षक चाणक्य के वंशज,राष्ट्र निर्माता है। आप को सोचना होगा कि हम कहा थे कहा है और कहा रहेंगे, अगर हम जाति धर्म में बटते रहे तो हमको सरकार का दंश झेलना पड़ेगा। चाहे तदर्थ शिक्षक का सेवा की बात हो, सेवा सुरक्षा की बात हो, सरकार बिना कुछ सोचे हिटलर जैसा आदेश जारी कर लागू कराने का प्रयास करता रहता है सरकार शिक्षा में नए नए बदलाव कर शिक्षकों को अनावश्यक परीक्षा देने पर मजबूर कर रही है, हम सभी को सोचना होगा विचार करना होगा शिक्षक हित में जो लड़ाई लड़ रहा है उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा* विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री श्री नरेन्द्र कुमार वर्मा जी ने वेतन आयोग के गठन, वेतन वितरण अधिनियम आदि तमाम संघर्षों की चर्चा कर कहा शिक्षक बांटने का काम सरकार कर रही है, हमको एक रहना होगा तभी शिक्षक हित की बात संभव है। सम्मेलन को मंडलीय अध्यक्ष रामानुज तिवारी, अजीत सिंह, मंडलीय मंत्री शिव भूषण उपाध्याय, प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ के डी सिंह,जिला अध्यक्ष अयोध्या राकेश पाण्डेय,जिला मंत्री अयोध्या आलोक कुमार त्रिपाठी,पूर्व जिला मंत्री अशोक तिवारी,जिला मंत्री अमेठी जय प्रकाश द्विवेदी,शिक्षक महासभा के जिला अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय,महाविद्यालय संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ विजय प्रताप सिंह ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी प्रवक्ता भूपेन्द्र सिंह ने किया,कार्यक्रम संयोजक श्याम प्रकाश सिंह,संत राम शुक्ला भी मंच पर उपस्थित रहे। इस मौके पर संरक्षक राम विशाल द्विवेदी,प्रधानाचार्य डॉ दिनेश प्रताप सिंह,अजय कुमार ओझा,मनोज कुमार मिश्रा,जितेन्द्र कुमार सिंह,डॉ अतुल पाण्डेय, सभा राज यादव,ड्रा प्रेम नाथ सिंह,अमिताभ द्विवेदी,उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंत्री एच बी सिंह,जिला प्रवक्ता निजाम खान,प्रशांत पाण्डेय,शिक्षणेत्तर संघ जिला अध्यक्ष सकील अहमद,जिला मंत्री संजय तिवारी अनन्त नारायण मिश्र,श्याम बहादुर दीक्षित,दिनेश कुमार यादव,रमेश चन्द्र तिवारी,अजय कुमार त्रिपाठी,सुजीत कुमार मिश्रा,अशोक कुमार पाण्डेय,नरेन्द्र प्रताप यादव,किरण पाण्डेय,संदीप कुमार , छोटे लाल,धर्मेन्द्र कुमार,चन्द्र शेखर शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
सौरभ मिश्र विनम्र,ऋषभदेव शुक्ल,शिखा शुक्ल,शनि मिश्र को वाराणसी में 'विद्या वाचस्पति' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया*
सुल्तानपुर,सौरभ मिश्र विनम्र,ऋषभदेव शुक्ल,शिखा शुक्ल,शनि मिश्र को वाराणसी में 'विद्या वाचस्पति' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। उन्हें सामाजिक कार्य और हिंदी भाषा और शिक्षा के क्षेत्र में कई वर्षों से उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा,समाज सेवा और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में निरंतर योगदान के लिए दिया गया। वाराणसी के राम कटोरा महामना मालवीय सभागार में काशी विद्यापीठ के द्वारा आयोजित समारोह में देश भर से विद्वानों,शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य मुख्यातिथि डॉ. हरेंद्र हर्ष प्रख्यात कवि कार्यक्रम के आयोजक इंद्रजीत तिवारी ने जनपद सुलतानपुर के इन महान विभूतियों के योगदानों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब अंग्रेजी भाषा का प्रभाव बढ़ रहा है, मुनीश चंद्र शर्मा जैसे शिक्षकों के प्रयास हिंदी को उसकी वास्तविक गरिमा दिलाने का काम कर रहे हैं। वहीं कटका क्लब के अध्यक्ष सौरभ मिश्र विनम्र को लेकर कहा कि इनके द्वारा समाज की प्रति चिंतन और समाज के लिए निरंतर सेवा भाव,सौरभ को डॉक्टर कि उपाधि के काबिल बनता है। सौरभ के द्वारा निरंतर समाज में पर्यावरण के क्षेत्र में यातायात के क्षेत्र में और हिंदी खान के लिए समय-समय पर कवि गोष्ठी आयोजित करना समाज के प्रेरणा कार्य करते हैं। सौरभ ने समाज में एंबुलेंस को रास्ता दें, बेसहारा पशुओं के गले में रेडियम बेल्ट लगाकर, प्रदेश में अनोखा अभियान चलाया गया था, ग़ौरतलब है कि बीते दिनों 1100 नीम के पौधे रोप कर एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करा चुके हैं, सौरभ को दया शंकर सिंह राज्य परिवहन मंत्री के द्वारा सजग नागरिक सम्मान से सम्मानित भी कर चुके हैं। बताते चलें सौरभ मिश्र विनम्र मूल रूप से गाना मिश्र के पुरवा निवासी कटका के है और कटका क्लब के अध्यक्ष के पद पर है ऋषभदेव शुक्ल पलिया इंटर कॉलेज में कार्यरत है और कटका क्लब के प्रदेश प्रभारी मूल निवासी उमरी के है और शिखा शुक्ला सहायक अध्यापिका प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर में कार्यरत है। शनि पेशे से कथावाचक है पुरुषोत्तमपुर के मूल निवासी हैं । डॉ. सौरभ मिश्र विनम्र कटका क्लब के अध्यक्ष ने आयोजक मंडल को दिल से आभार व्यक्त किया। डॉक्टर की उपाधि मिलने पर राजकुमार मिश्र, अमरजीत मिश्र, सर्वेश कांत वर्मा,कांति सिंह, सुनीता श्रीवास्तव, शीतला प्रसाद पांडेय, नफीसा खातून, के साथ सैकड़ो लोगों ने बधाई दी।
झारखंड में बाल अधिकारों के संरक्षण पर जोर: मुख्यमंत्री से मिले कैलाश सत्यार्थी के सहयोगी, 'बचपन बचाओ आंदोलन' की गतिविधियों पर हुई चर्चा


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राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज उनके आवासीय कार्यालय में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित श्री कैलाश सत्यार्थी के करीबी सहयोगी श्री राकेश सेंगर ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान राज्य में बाल मजदूरी के खात्मे और बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में चल रहे अभियानों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री और कैलाश सत्यार्थी के बीच फोन पर संवाद

मुलाकात के दौरान एक विशेष क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने दूरभाष (फोन) के माध्यम से सीधे श्री कैलाश सत्यार्थी जी से बात की। मुख्यमंत्री ने बच्चों के कल्याण और उनके अधिकारों के लिए सत्यार्थी जी द्वारा वैश्विक स्तर पर किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि झारखंड सरकार बाल श्रम के खिलाफ और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

साहित्य और प्रतिवेदन भेंट

श्री राकेश सेंगर ने मुख्यमंत्री को श्री कैलाश सत्यार्थी की आत्मकथा और उनकी नई प्रेरणादायी पुस्तक "करुणा: द पावर ऑफ कंप्लशन" (Karuna: The Power of Compassion) सप्रेम भेंट की। इसके साथ ही 'बाल ग्राम' का वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन भी साझा किया गया।

झारखंड में 'बचपन बचाओ आंदोलन' की भूमिका

मुलाकात में 'बचपन बचाओ आंदोलन' द्वारा झारखंड में बाल अधिकारों के संरक्षण, बाल श्रम उन्मूलन और तस्करी (Trafficking) के खिलाफ चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। इस अवसर पर श्री मनोज कुमार भी उपस्थित रहे।

अबुआ दिशोम बजट' से संवरेगा झारखंड: मुख्यमंत्री ने दिए समावेशी और युवा केंद्रित बजट के संकेत, दावोस-लंदन के अनुभवों का दिखेगा असर


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राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित 'अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी-2026-27' को संबोधित करते हुए राज्य के भविष्य की रूपरेखा साझा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 25 साल के युवा झारखंड की जन-आकांक्षाओं और नई पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करने वाला एक सशक्त दस्तावेज होगा।

1 लाख करोड़ के बजट का अनुमान: राजस्व बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आगामी बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का होने का अनुमान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनकल्याणकारी योजनाओं में राशि की कमी न हो, इसके लिए राजस्व संग्रहण के नए और ठोस तरीके अपनाए जाएं।

बजट के मुख्य आकर्षण और सीएम के विचार:

वैश्विक अनुभव का लाभ: मुख्यमंत्री ने कहा कि हालिया दावोस और लंदन दौरे से मिले आर्थिक प्रबंधन और नीतिगत अनुभवों को झारखंड की परिस्थितियों के अनुरूप बजट में शामिल किया जाएगा।

युवा और नई पीढ़ी: सीएम ने कहा, "नई पीढ़ी पारंपरिक रास्तों से अलग नए अवसर तलाश रही है। बजट उनकी सोच और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए।"

वैल्यू एडिशन: झारखंड लाह और तसर उत्पादन में अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने इन संसाधनों के 'वैल्यू एडिशन' (मूल्य संवर्धन) पर जोर दिया ताकि राज्य का पैसा और संसाधन राज्य के ही काम आए।

आदिवासी परंपरा और आधुनिकता: एक आदिवासी बहुल राज्य होने के नाते, बजट में पारंपरिक व्यवस्थाओं के संरक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे (शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल) के आधुनिक विकास का संतुलन दिखेगा।

आम जनता के सुझावों को सम्मान

मुख्यमंत्री ने इस बात पर गर्व जताया कि बजट निर्माण में आम लोगों की भागीदारी बढ़ी है। इस अवसर पर उन्होंने श्रेष्ठ सुझाव देने वाले स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

गरिमामयी उपस्थिति

संगोष्ठी में वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

रांची नगर निकाय चुनाव: नामांकन शुरू; प्रत्याशी बनने से पहले जान लें ये 15 कड़े नियम, एक गलती और हाथ से निकल जाएगा मौका!

रांची: झारखंड की राजधानी में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। 29 जनवरी से 4 फरवरी तक नामांकन की प्रक्रिया चलेगी। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि नामांकन के दौरान अनुशासन और नियमों का पालन अनिवार्य है।

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नामांकन के लिए मुख्य गाइडलाइन

समय और स्थान: नामांकन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही स्वीकार किए जाएंगे।

समर्थकों की सीमा: नामांकन स्थल के 100 मीटर के दायरे में प्रत्याशी अपने साथ अधिकतम केवल 3 समर्थकों को ही ले जा सकते हैं।

दस्तावेजों की जांच: निर्वाची पदाधिकारियों को कागजातों की सूक्ष्म जांच के निर्देश दिए गए हैं। एक भी त्रुटि होने पर नामांकन रद्द हो सकता है।

आदर्श आचार संहिता: क्या करें और क्या न करें?

अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कार्यालय द्वारा शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई है:

लाउडस्पीकर पर पाबंदी: रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। दिन में भी अनुमति लेकर ही सीमित ध्वनि (75 डेसिबल से कम) में इसका उपयोग किया जा सकता है।

हथियार लेकर चलने पर रोक: किसी भी प्रकार का धारदार या घातक हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध है। (सिखों के कृपाण और नेपालियों की खुखरी जैसे पारंपरिक शस्त्रों को छूट प्राप्त है)।

सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा: सरकारी भवनों या सड़कों पर नारे लिखना, पोस्टर चिपकाना या झंडा लगाना अपराध माना जाएगा। ऐसा करने पर प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।

भीड़ पर नियंत्रण: शांति भंग करने के उद्देश्य से 5 या उससे अधिक व्यक्ति एक स्थान पर जमा नहीं हो सकेंगे।

सोशल मीडिया पर नजर: किसी भी व्यक्ति या समुदाय के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी या भ्रामक संदेश फैलाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

धार्मिक स्थलों का उपयोग: किसी भी मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारे का प्रयोग राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा।

भड़काऊ भाषण प्रतिबंधित: जाति, धर्म या भाषा के आधार पर नफरत फैलाने वाले भाषणों पर पूर्ण रोक है।

पर्यावरण का ध्यान: प्रचार के लिए प्लास्टिक या पॉलीथीन से बने पोस्टर और बैनर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

महत्वपूर्ण सुर्खियां (Headlines):

"प्रत्याशी ध्यान दें! नामांकन के समय साथ रहेंगे केवल 3 समर्थक, 100 मीटर का दायरा होगा 'नो-गो ज़ोन'"

"रांची निकाय चुनाव: बिना अनुमति सभा या जुलूस निकाला तो होगी जेल, आचार संहिता के कड़े नियम लागू"

"निकाय चुनाव 2026: रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट पर प्रशासन की पैनी नजर"

"नामांकन प्रक्रिया शुरू: 4 फरवरी तक मौका, गाइडलाइन का पालन न करने पर रद्द हो सकता है पर्चा"

NCP के दोनों गुटों का होने वाला था विलय, डेट भी था फाइनल? अजीत पवार के निधन के बाद बड़ा खुलासा

#mergeroftwoncpfactionswasscheduled

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राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी NCP के दोनों धड़े एक होने वाले था। शरद पवार और अजित पवार ने इसके लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। मर्जर का डेट भी तय कर लिया गया था। एक भव्‍य कार्यक्रम में NCP शरद पवार गुट और अजित पवार गुट के एक होने की जानी बाकी थी। अजित पवार के निधन के बाद ये चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।

किरण गुजर का बड़ा दावा

अजित पवार के निधन के बाद से ही उनके राजनीतिक विरासत को लेकर अलग-अलग तरह से कयास लगाए जा रहे हैं। इस बीच अब उनके एक करीबी ने ये बड़ा खुलासा किया है। दिवंगत अजित पवार के करीबी किरण गुजर ने दावा किया कि "वो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के विलय के लिए उत्सुक थे, और यह जल्द ही होने वाला था।" दिग्गज नेता के निधन के दो दिन बाद किरण गुजर ने बताया कि उनसे यह बात खुद अजित पवार ने साझा की थी।

विलय पर बातचीत उन्नत चरण में

एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ विधायक जयंत पाटिल और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शशिकांत शिंदे ने भी इस बात की पुष्टि कि दोनों गुटों के विलय को लेकर जारी बातचीत उन्नत चरण में है। यह बातचीत इस बिंदु तक पहुंच गई है कि संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और नए चेहरों को शामिल करने पर अनौपचारिक रूप से विचार किया जा रहा है।

शरद पवार के घर हुई थी बैठक

जयंत पाटिल ने कहा, "हाल के दिनों में हम (दोनों गुट) अक्सर मिलते रहे थे। 16 जनवरी को मेरे आवास पर मिले थे ताकि साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बातचीत को अंतिम रूप दिया जा सके। 17 जनवरी को शरद पवार के घर पर एक बैठक हुई थी। दोनों गुटों के बीच बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी।”

पीटी उषा के पति वी श्रीनिवास का निधन, घर में इस हालत में मिला शव

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भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य पी टी उषा के पति वी श्रीनिवासन का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, उनका देहांत केरल के कोझिकोड स्थित आवास पर हुआ। वे 67 वर्ष के थे।

श्रीनिवासन अपने घर थिक्कोडी पेरुमलपुरम में लगभग 1:00 बजे गिर पड़े थे। उन्हें तुरंत पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह घटना तब हुई जब पीटी उषा एक संसदीय सत्र से लौट रही थीं और घर पर मौजूद नहीं थीं।

किरेन रिजिजू का ट्वीट

किरेन रिजिजू ने ट्वीट करते हुए लिखा कि राज्यसभा सांसद और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की प्रेसिडेंट पी टी उषा जी के पति श्री वी. श्रीनिवासन जी के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। उषा जी और शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इस मुश्किल समय में उन्हें शक्ति मिले, इसके लिए प्रार्थना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीटी उषा से फोन पर बात कर उनके पति के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने इस कठिन समय में परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति और समर्थन भी जताया।

कौन थे वी. श्रीनिवासन?

वी. श्रीनिवासन का जन्म कुट्टिक्काड पोन्नानी के वेंगाली थारवाद में नारायणन और सरोजिनी के घर हुआ था। वे सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) में उप अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने 1991 में पीटी उषा से शादी की थी, जो उनकी दूर की रिश्तेदार भी थीं।

उषा के जीवन और करियर में निभाई अहम भूमिका

केंद्र सरकार के पूर्व कर्मचारी श्रीनिवासन उषा के शानदार खेल करियर और राजनीतिक करियर के दौरान हमेशा उनके साथ रहे। उन्हें उषा का मजबूत संबल और उनकी कई पेशेवर उपलब्धियों के पीछे प्रेरक शक्ति माना जाता था। इस दंपति का एक बेटा है जिसका नाम उज्ज्वल है।

एनओसी के फेर में फंसा अस्पताल का फायर हाइड्रेंट सिस्टम


*आग से बचाव के लिए जिला अस्पताल ज्ञानपुर में लगा है उपकरण,1.20 करोड़ का है प्रोजेक्ट*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में दो साल पहले शुरू हुआ फायर हाइड्रेंड सिस्टम का काम अब 98 फीसदी पूरा हो चुका है। अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण फायर हाइड्रेंड सिस्टम का संचालन शुरू नहीं हो सका है। यह 1.20 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। अस्पताल परिसर में धुंआ उठते ही सेंसर आवाज करने लगेगा, इससे समय रहते आग पर काबू पाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्यकर्मी को प्रशिक्षित किया जाएगा। देश के कई अस्पतालों में अगलगी की घटनाओं में मरीजों की मौत हो चुकी है। शासन के निर्देश पर अस्पतालों में बचाव के लिए पहल की जा रही है। जिला अस्पताल में लगने वाले फायर हाइड्रेंड सिस्टम से जिला अस्पताल के हर बिल्डिंग को जोड़ा गया है। ओपीडी भवन, इमरजेंसी, ब्लड बैंक, एनआरसी, लेबर कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, लैब, एक्स-रे कक्ष आदि स्थानों कहीं भी धुआं उठते ही सेंसर आवाज करने लगेगा। सायरन बजते ही स्वास्थ्य कर्मी अलर्ट मोड़ में होगे। फायर सिस्टम चालू करने पर पाइप के माध्यम से पानी के फुहारे आग की लपटों पर गिरेगी। इससे आग पर तुंरत काबू पाया जाएगा। अस्पताल में रोजाना एक हजार की ओपीडी होती है। वहीं, तीन से चार हजार मरीजों की भीड़ रहती है। जनवरी 2024 में फायर हाइड्रेंट सिस्टम कार्य शुरू हुआ था। जून 2025 हैंडओवर की अंतिम डेड लाइन थी। शासन से बजट समय से नहीं मिलने के कारण स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने हैंडओवर की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 कर दिया। इस डेडलाइन से पहले ही फायर सिस्टम बनकर तैयार हो गया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने जिला अस्पताल का निरीक्षण भी कर लिया हैं, लेकिन अभी तक एनओसी नहीं मिली। इससे कार्यदायी संस्था ने प्रोजेक्ट को हैंडओवर नहीं किया।


छह स्वास्थ्यकर्मी होंगे प्रशिक्षित
फायर हाईड्रेंड सिस्टम को संचालित करने के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से जिला अस्पताल के छह चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। आगजनी की घटना के बाद कैसे आग पर काबू पाया जाएगा। कर्मचारियों को अस्पताल में ट्रेंनिग दी जाएगी। इस दौरान पूरे सिस्टम को ऑन करके दिखाया जाएगा। आग कैसे बुझानी है, इसके बारे में बताया जाएगा। एक लाख लीटर पानी हमेशा संरक्षित रहेगा। इसके लिए टंकी का निर्माण कराया गया है।


सीएफओ ने फायर हाइड्रेंट सिस्टम के लिए अस्पताल का निरीक्षण किया है। अग्निशमन से एनओसी जारी होते ही हैंडओवर लिया जाएगा। आगजनी की घटना में यह प्रभावशाली होगा। - डॉ. अजय तिवारी सीएमएस जिला अस्पताल
मुठभेड़ के बाद 20 हजार का इनामी बदमाश विकास उर्फ अटरिया गिरफ्तार ।

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

मुजफ्फरपुर/जानसठ, । जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत जानसठ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुरुवार को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में ₹20,000 का इनामी और शातिर अपराधी विकास उर्फ अटरिया पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए अभियुक्त के पास से अवैध हथियार और नकदी बरामद हुई है।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, गढ़ी-नया गांव मार्ग पर हुई मुठभेड़ ।

पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, थाना जानसठ पुलिस वांछित अपराधियों की तलाश में सक्रिय थी। इसी दौरान थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि गढ़ी-नया गांव मार्ग पर स्थित एक सरकारी ट्यूबवेल के पास इनामी बदमाश विकास अटरिया छिपा हुआ है।

सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही अभियुक्त विकास ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और ईख के खेतों की ओर भागने लगा।

आत्मरक्षार्थ पुलिस ने की जवाबी फायरिंग पुलिस टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बदमाश का पीछा किया और उसे आत्मसमर्पण के लिए चेतावनी दी। इसके बावजूद अभियुक्त ने फायरिंग जारी रखी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली अभियुक्त के पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।पुलिस ने उसके पास से  01 अवैध तमंचा (315 बोर) जिंदा व खोखा कारतूस 3,320 रुपये नकद जो थाना जानसठ और ककरौली की विभिन्न चोरी व लूट की घटनाओं होना बताया और बरामद करने का दावा किया है पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त विकास उर्फ अटरिया (निवासी: ग्राम योगेन्द्रनगर, थाना भोपा) एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। इसके विरुद्ध मुजफ्फरनगर और शामली के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, लूट, चोरी और गैंगस्टर एक्ट जैसे 20 गंभीर मामले दर्ज हैं। यह लंबे समय से वांछित चल रहा था और पुलिस ने इस पर ₹20,000 का इनाम घोषित कर रखा था।

ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार, दीपक शर्मा और कांस्टेबल अनुज, कपिल व विजय कुमार शामिल रहे।
बलिया ने भदोही को 21 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार जीता 27वां शिवकुमार सिंह राज्य स्तरीय क्रिकेट खिताब
संजीव सिंह बलिया! नगरा:आज ताड़ीबड़ा गांव के श्री सुभाष इंटर कॉलेज मैदान पर खेला गया 27वें शिवकुमार सिंह राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मैच बलिया और भदोही के बीच रोमांचक रहा। भदोही ने टॉस जीतकर बलिया को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।टॉस हारने के बावजूद बलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 138 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। बलिया की ओर से अभय ने 28 गेंदों पर 1 छक्का व 5 चौकों की मदद से 36 रन और ऋतुराज ने 21 गेंदों पर 3 छक्के व 3 चौकों से 35 रनों का योगदान दिया। भदोही की ओर अनुज ने 4 ओवरों में 32 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि अनुराग और यश को 2-2 सफलताएं मिलीं।जवाब में 139 रनों का लक्ष्य को पीछा करने उतरी भदोही 20 ओवरों में 109 रन ही बना सकी। भदोही की ओर वेदप्रकाश ने 34 गेंदों पर 5 छक्के व 1 चौका जड़कर 57 रन ठोके, अनुज ने 17 गेंदों पर 19 और यश ने 14 गेंदों पर 15 रन बनाए। बलिया की ओर मंदु यादव ने 4 ओवरों में 23 रन देकर 4 विकेट झटके, जबकि दीपक पांडेय ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवरों में सिर्फ 12 रन खर्च कर 2 विकेट लिए। इस तरह बलिया ने भदोही को 21 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार खिताब पर कब्जा जमाया।मैच का उद्घाटन ब्लॉक प्रमुख आलोक सिंह 'सियर' व भाजपा कार्यकारिणी सदस्य शक्ति सिंह ने फीता काटकर किया। समापन समारोह में छात्र शक्ति कांस्ट्रक्शन के डायरेक्टर व रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह के अनुज रमेश सिंह ने विजेता व उपविजेता टीमों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। आयोजन समिति ने रमेश सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट किया।मैच के दौरान पंडाल में मुख्य अतिथियों का स्वागत आयोजन समिति के अध्यक्ष मैनुद्दीन अंसारी, आयोजक मुकेश सिंह, शैलेश्वर सिंह, राजीव सिंह मुकेश, मनोज सिंह, हैप्पी सिंह, आलोक सिंह, अभिषेक सिंह, सोनू सिंह, प्रणव सिंह, विनय सिंह आदि ने किया।
*शिक्षकों के हित के लिए सड़क,से सदन तक हमेशा लड़ता रहूंगा-शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी*
आज क्षत्रिय भवन सुल्तानपुर में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ सुल्तानपुर का जनपदीय वार्षिक सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप में गोरखपुर अयोध्या से शिक्षक विधायक माननीय ध्रुव कुमार त्रिपाठी जी और विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री नरेन्द्र प्रताप वर्मा द्वारा ध्वजारोहण कर किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला मंत्री अरुण कुमार सिंह द्वारा कहा गया कि संगठन हमेशा शिक्षकों की लड़ाई के लिए संघर्षशील हैं। साथ ही कहा कि संगठन पर विश्वास कर आप साथ दे सदन तक लड़ाई जारी रहेगी। जिला अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा ने कहा कि पहले के समय में शिक्षक संघर्ष पर विश्वास करता था और काफी उपलब्धियां हासिल की लेकिन अब कही न कही संघर्ष में कमी आई है जिसके कारण हमारी सभी उपलब्धियां हमसे छीनी जा रही है। हमको समय देना होगा,संघर्ष में आगे आना होगा। तभी हम सब के शिक्षक विधायक सदन में अपनी बातों को जोरदार ढंग से सरकार के समक्ष रखेंगे। *मुख्य अतिथि ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अगर आप सभी शिक्षकों का साथ मिलता रहा तो हम सरकार से शिक्षकों के हित में सड़क से सदन तक लड़ता रहूंगा और जरूरत पड़ी तो हम जेल में भी जाने को तैयार है,उन्होंने कहा कि शिक्षकों के संघर्षों से प्राप्त सारी उपलब्धियां शिक्षक विरोधी यह सरकार की दर्जी के कैंची की तरह काट रही है चाहे बेसिक शिक्षा,माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा सभी में सरकार की पैनी नजर है, शिक्षक चाणक्य के वंशज,राष्ट्र निर्माता है। आप को सोचना होगा कि हम कहा थे कहा है और कहा रहेंगे, अगर हम जाति धर्म में बटते रहे तो हमको सरकार का दंश झेलना पड़ेगा। चाहे तदर्थ शिक्षक का सेवा की बात हो, सेवा सुरक्षा की बात हो, सरकार बिना कुछ सोचे हिटलर जैसा आदेश जारी कर लागू कराने का प्रयास करता रहता है सरकार शिक्षा में नए नए बदलाव कर शिक्षकों को अनावश्यक परीक्षा देने पर मजबूर कर रही है, हम सभी को सोचना होगा विचार करना होगा शिक्षक हित में जो लड़ाई लड़ रहा है उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा* विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री श्री नरेन्द्र कुमार वर्मा जी ने वेतन आयोग के गठन, वेतन वितरण अधिनियम आदि तमाम संघर्षों की चर्चा कर कहा शिक्षक बांटने का काम सरकार कर रही है, हमको एक रहना होगा तभी शिक्षक हित की बात संभव है। सम्मेलन को मंडलीय अध्यक्ष रामानुज तिवारी, अजीत सिंह, मंडलीय मंत्री शिव भूषण उपाध्याय, प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ के डी सिंह,जिला अध्यक्ष अयोध्या राकेश पाण्डेय,जिला मंत्री अयोध्या आलोक कुमार त्रिपाठी,पूर्व जिला मंत्री अशोक तिवारी,जिला मंत्री अमेठी जय प्रकाश द्विवेदी,शिक्षक महासभा के जिला अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय,महाविद्यालय संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ विजय प्रताप सिंह ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी प्रवक्ता भूपेन्द्र सिंह ने किया,कार्यक्रम संयोजक श्याम प्रकाश सिंह,संत राम शुक्ला भी मंच पर उपस्थित रहे। इस मौके पर संरक्षक राम विशाल द्विवेदी,प्रधानाचार्य डॉ दिनेश प्रताप सिंह,अजय कुमार ओझा,मनोज कुमार मिश्रा,जितेन्द्र कुमार सिंह,डॉ अतुल पाण्डेय, सभा राज यादव,ड्रा प्रेम नाथ सिंह,अमिताभ द्विवेदी,उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंत्री एच बी सिंह,जिला प्रवक्ता निजाम खान,प्रशांत पाण्डेय,शिक्षणेत्तर संघ जिला अध्यक्ष सकील अहमद,जिला मंत्री संजय तिवारी अनन्त नारायण मिश्र,श्याम बहादुर दीक्षित,दिनेश कुमार यादव,रमेश चन्द्र तिवारी,अजय कुमार त्रिपाठी,सुजीत कुमार मिश्रा,अशोक कुमार पाण्डेय,नरेन्द्र प्रताप यादव,किरण पाण्डेय,संदीप कुमार , छोटे लाल,धर्मेन्द्र कुमार,चन्द्र शेखर शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
सौरभ मिश्र विनम्र,ऋषभदेव शुक्ल,शिखा शुक्ल,शनि मिश्र को वाराणसी में 'विद्या वाचस्पति' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया*
सुल्तानपुर,सौरभ मिश्र विनम्र,ऋषभदेव शुक्ल,शिखा शुक्ल,शनि मिश्र को वाराणसी में 'विद्या वाचस्पति' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। उन्हें सामाजिक कार्य और हिंदी भाषा और शिक्षा के क्षेत्र में कई वर्षों से उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा,समाज सेवा और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में निरंतर योगदान के लिए दिया गया। वाराणसी के राम कटोरा महामना मालवीय सभागार में काशी विद्यापीठ के द्वारा आयोजित समारोह में देश भर से विद्वानों,शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य मुख्यातिथि डॉ. हरेंद्र हर्ष प्रख्यात कवि कार्यक्रम के आयोजक इंद्रजीत तिवारी ने जनपद सुलतानपुर के इन महान विभूतियों के योगदानों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब अंग्रेजी भाषा का प्रभाव बढ़ रहा है, मुनीश चंद्र शर्मा जैसे शिक्षकों के प्रयास हिंदी को उसकी वास्तविक गरिमा दिलाने का काम कर रहे हैं। वहीं कटका क्लब के अध्यक्ष सौरभ मिश्र विनम्र को लेकर कहा कि इनके द्वारा समाज की प्रति चिंतन और समाज के लिए निरंतर सेवा भाव,सौरभ को डॉक्टर कि उपाधि के काबिल बनता है। सौरभ के द्वारा निरंतर समाज में पर्यावरण के क्षेत्र में यातायात के क्षेत्र में और हिंदी खान के लिए समय-समय पर कवि गोष्ठी आयोजित करना समाज के प्रेरणा कार्य करते हैं। सौरभ ने समाज में एंबुलेंस को रास्ता दें, बेसहारा पशुओं के गले में रेडियम बेल्ट लगाकर, प्रदेश में अनोखा अभियान चलाया गया था, ग़ौरतलब है कि बीते दिनों 1100 नीम के पौधे रोप कर एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करा चुके हैं, सौरभ को दया शंकर सिंह राज्य परिवहन मंत्री के द्वारा सजग नागरिक सम्मान से सम्मानित भी कर चुके हैं। बताते चलें सौरभ मिश्र विनम्र मूल रूप से गाना मिश्र के पुरवा निवासी कटका के है और कटका क्लब के अध्यक्ष के पद पर है ऋषभदेव शुक्ल पलिया इंटर कॉलेज में कार्यरत है और कटका क्लब के प्रदेश प्रभारी मूल निवासी उमरी के है और शिखा शुक्ला सहायक अध्यापिका प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर में कार्यरत है। शनि पेशे से कथावाचक है पुरुषोत्तमपुर के मूल निवासी हैं । डॉ. सौरभ मिश्र विनम्र कटका क्लब के अध्यक्ष ने आयोजक मंडल को दिल से आभार व्यक्त किया। डॉक्टर की उपाधि मिलने पर राजकुमार मिश्र, अमरजीत मिश्र, सर्वेश कांत वर्मा,कांति सिंह, सुनीता श्रीवास्तव, शीतला प्रसाद पांडेय, नफीसा खातून, के साथ सैकड़ो लोगों ने बधाई दी।
झारखंड में बाल अधिकारों के संरक्षण पर जोर: मुख्यमंत्री से मिले कैलाश सत्यार्थी के सहयोगी, 'बचपन बचाओ आंदोलन' की गतिविधियों पर हुई चर्चा


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राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज उनके आवासीय कार्यालय में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित श्री कैलाश सत्यार्थी के करीबी सहयोगी श्री राकेश सेंगर ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान राज्य में बाल मजदूरी के खात्मे और बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में चल रहे अभियानों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री और कैलाश सत्यार्थी के बीच फोन पर संवाद

मुलाकात के दौरान एक विशेष क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने दूरभाष (फोन) के माध्यम से सीधे श्री कैलाश सत्यार्थी जी से बात की। मुख्यमंत्री ने बच्चों के कल्याण और उनके अधिकारों के लिए सत्यार्थी जी द्वारा वैश्विक स्तर पर किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि झारखंड सरकार बाल श्रम के खिलाफ और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

साहित्य और प्रतिवेदन भेंट

श्री राकेश सेंगर ने मुख्यमंत्री को श्री कैलाश सत्यार्थी की आत्मकथा और उनकी नई प्रेरणादायी पुस्तक "करुणा: द पावर ऑफ कंप्लशन" (Karuna: The Power of Compassion) सप्रेम भेंट की। इसके साथ ही 'बाल ग्राम' का वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन भी साझा किया गया।

झारखंड में 'बचपन बचाओ आंदोलन' की भूमिका

मुलाकात में 'बचपन बचाओ आंदोलन' द्वारा झारखंड में बाल अधिकारों के संरक्षण, बाल श्रम उन्मूलन और तस्करी (Trafficking) के खिलाफ चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। इस अवसर पर श्री मनोज कुमार भी उपस्थित रहे।

अबुआ दिशोम बजट' से संवरेगा झारखंड: मुख्यमंत्री ने दिए समावेशी और युवा केंद्रित बजट के संकेत, दावोस-लंदन के अनुभवों का दिखेगा असर


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राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित 'अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी-2026-27' को संबोधित करते हुए राज्य के भविष्य की रूपरेखा साझा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 25 साल के युवा झारखंड की जन-आकांक्षाओं और नई पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करने वाला एक सशक्त दस्तावेज होगा।

1 लाख करोड़ के बजट का अनुमान: राजस्व बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आगामी बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का होने का अनुमान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनकल्याणकारी योजनाओं में राशि की कमी न हो, इसके लिए राजस्व संग्रहण के नए और ठोस तरीके अपनाए जाएं।

बजट के मुख्य आकर्षण और सीएम के विचार:

वैश्विक अनुभव का लाभ: मुख्यमंत्री ने कहा कि हालिया दावोस और लंदन दौरे से मिले आर्थिक प्रबंधन और नीतिगत अनुभवों को झारखंड की परिस्थितियों के अनुरूप बजट में शामिल किया जाएगा।

युवा और नई पीढ़ी: सीएम ने कहा, "नई पीढ़ी पारंपरिक रास्तों से अलग नए अवसर तलाश रही है। बजट उनकी सोच और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए।"

वैल्यू एडिशन: झारखंड लाह और तसर उत्पादन में अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने इन संसाधनों के 'वैल्यू एडिशन' (मूल्य संवर्धन) पर जोर दिया ताकि राज्य का पैसा और संसाधन राज्य के ही काम आए।

आदिवासी परंपरा और आधुनिकता: एक आदिवासी बहुल राज्य होने के नाते, बजट में पारंपरिक व्यवस्थाओं के संरक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे (शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल) के आधुनिक विकास का संतुलन दिखेगा।

आम जनता के सुझावों को सम्मान

मुख्यमंत्री ने इस बात पर गर्व जताया कि बजट निर्माण में आम लोगों की भागीदारी बढ़ी है। इस अवसर पर उन्होंने श्रेष्ठ सुझाव देने वाले स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

गरिमामयी उपस्थिति

संगोष्ठी में वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ मौजूद रहे।