महिला अधिकारों के समर्थन में सड़क पर उतरे सीएम योगी
*  लखनऊ में जन आक्रोश पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब

लखनऊ। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को विपक्ष द्वारा समर्थन न दिए जाने के विरोध में मंगलवार को राजधानी लखनऊ में भाजपा की ओर से विशाल जन आक्रोश पदयात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं सड़क पर उतरकर इस पदयात्रा का नेतृत्व करते नजर आए। मुख्यमंत्री आवास से शुरू हुई यात्रा सिविल अस्पताल, हजरतगंज होते हुए विधान भवन तक पहुंची, जहां हजारों महिलाओं की मौजूदगी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य, ब्रजेश पाठक, सहयोगी दलों के नेता, मंत्रिमंडल के सदस्य और पार्टी पदाधिकारी भी पदयात्रा में शामिल हुए।
विधान भवन के सामने महिलाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की ऐतिहासिक पहल है, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और इंडी गठबंधन के दलों ने इसे बाधित कर अपना महिला-विरोधी चेहरा उजागर किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएं चलाई गईं, जिनका व्यापक लाभ देश की महिलाओं को मिला है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का आचरण नारी गरिमा के प्रतिकूल रहा है, इसलिए आज देशभर की महिलाएं लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश जता रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

* तेज धूप भी नहीं रोक सकी महिलाओं का उत्साह
सुबह लगभग 10 बजे शुरू हुई पदयात्रा में तेज धूप के बावजूद महिलाओं का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ हजारों महिलाएं पदयात्रा में शामिल हुईं। ‘महिला अधिकारों पर वार, सपा-कांग्रेस जिम्मेदार’ और ‘नारी सम्मान में एनडीए मैदान में’ जैसे नारों से पूरा मार्ग गूंज उठा।
रैली के दौरान राजधानी की सड़कों पर अनुशासन, उत्साह और महिला शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। युवा, बुजुर्ग, छात्राएं और कामकाजी महिलाओं की भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक जनसमर्थन का स्वरूप दिया।
75 लाख लोग से अधिक लोग स्मार्ट मीटर से है प्रभावित
स्मार्ट मीटर बन गया है उपभोक्ताओं का खून चूसने वाला मीटर

समय रहते शासन नहीं चेता, तो सड़कों पर होगा विशाल जन आंदोलन- करणी सेना जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार


मीरजापुर। मिर्जापुर जनपद सहित अन्य सभी प्रदेशों में इस वक्त इलेक्ट्रॉनिक मीटर का आतंक जनता पर छाया हुआ है। प्रत्येक ग्राहक के बिजली के मीटर में एक चिप लगा हुआ है, जिसे बिजली विभाग के अधिकारी गण अपने चेंबर में बैठे-बैठे रिमोट से कंट्रोल करते हैं । और आए दिन लोगों के घरों की समस्याएं बढ़ रही हैं। यह स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का खून चूसने वाला मीटर बन चुका है।  ग्राहकों ने पूरा बिजली का बिल दिया हुआ है फिर भी एडवांस बुकिंग के नाम पर उनके पैसे ब्लॉक कर रहे हैं । और यदि वह पैसे नहीं दे रहे हैं तो उनके घरों की बिजली काट दी जा रही है। इस धोखाधड़ी का विरोध करते हुए श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह गहरबार ने कहा है कि यदि सरकार ग्राहकों के घरों पर लगाए तमाम स्मार्ट मीटर को वापस उतार कर पुराने जेनुइन मीटर नहीं स्थापित करता है तो स्मार्ट मीटर की धोखाधड़ी के खिलाफ एक बहुत विशाल जन आंदोलन किया जाएगा , जिसकी सारी जिम्मेदारी बिजली विभाग की एवं प्रशासन की होगी। दिलीप सिंह गहरवार  ने कहा कि उपभोक्ता पूरा बिल देने के बावजूद अंधेरे में पड़ा है ।  पैसा भर रहा है लेकिन वह एडवांस और रिजर्व के नाम पर जमा कर लिया जा रहा है । बिजली का बिल पूरा होने के बावजूद घरों की बिजली कनेक्शन काट दी जा रही है । और यह कार्य सीढ़ी लगाकर मजदूर नहीं कर रहे हैं जिनसे बात किया जा सके,  ग्राहकों को बिना जानकारी दिए ऑफिस में ऐसी में बैठे हुए बिजली विभाग के कतिपय अधिकारी गण मीटर में लगे चिप से अपने रिमोट से बिजली कनेक्शन को बंद कर दे रहे हैं।  गर्मी की ऐसी जलन स्थिति में जहां परिवार बच्चे गर्मी से बिल बिला रहे हैं पानी से बिल बिला रहे हैं, और बिजली विभाग अपने नाटक पर उतारू है यह कतई बर्दाश्त नहीं होगा । स्मार्ट मीटर लगाने से उत्तर प्रदेश में 3:30 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं जिनके पास रोजी-रोटी की समस्या रहने के बावजूद इस समय बिल भरने में अक्षम साबित हो रहे हैं।  उन्होंने कहा है कि तत्काल बिजली विभाग इसका संज्ञान लेकर जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश शासन इसका संज्ञान लेकर बिजली की स्मार्ट मित्रों को तत्काल उतरवा कर ग्राहकों को जेनुइन मीटर लगाकर उनसे जो भी उनका यूनिट आता है वह बिल ले और इसके लिए ग्राहक सहर्ष तैयार भी हैं  । उन्हें स्मार्ट मीटर के नाम पर उनका उत्पीड़न ना किया जाए। यदि इस समस्या का समाधान सरकार समय रहते नहीं करती है तो उत्तर प्रदेश में इसको लेकर बड़ा आंदोलन होगा ,और जनता सड़कों पर आ जाएगी। इसको संभालना सरकार के लिए मुश्किल हो जाएगा।
तेज हवा से भड़की आग, 70 बीघा पराली राख।
मैरिज हाल कर्मचारियों ने दिखाया साहस, नाले का पानी बना "जीवन  रक्षक ,"

बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी क्षेत्र के करीमनगर स्थित झौनी पुरवा के निकट मंगलवार को अज्ञात कारणों से खेतों की पराली में भीषण आग लग गई। तेज हवा के चलते आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 60 से 70 बीघा क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटों से आसपास के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
हालांकि पास स्थित बाबा मैरिज हाल के कर्मचारियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आग बुझाने की कमान संभाली। मैरिज हाल के पास बने 3-4 नंबर नाले में भरा पानी इस दौरान वरदान साबित हुआ। कर्मचारियों ने नाले के पानी का उपयोग कर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और बड़ी तबाही टल गई।
बताया जाता है कि इस नाले का निर्माण समाजसेवी जोगराज सिंह द्वारा कराया गया था, जिसमें गर्मियों के दौरान मवेशियों के लिए पानी संरक्षित रहता है। रविवार को यही पानी आग बुझाने में बेहद कारगर साबित हुआ।
आग बुझाने के दौरान मैरिज हाल के कर्मचारी सलमान शाह झुलस गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। वहीं मैनेजर वेद प्रकाश पाल, व्यवस्थापक राजकुमार, दिलेर, जसविंदर सिंह बिहारी, जस्सा सिंह, सुभाष पाल, लक्खा सिंह सहित दो दर्जन से अधिक कर्मचारियों ने जान की परवाह किए बिना आग पर काबू पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीणों ने कर्मचारियों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो नुकसान और भी भयावह हो सकता था। प्रशासन की ओर से फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
तालाब में डूबने से युवक की मौत, गांव में पसरा सन्नाटा
तुलसीपुर (बलरामपुर): विकासखंड गैसड़ी के ग्राम चरनगहिया में आज उस वक्त मातम छा गया, जब गाँव के निवासी विष्णु कश्यप (पुत्र कुन्नू) जिसकी उम्र लगभग 25 वर्ष की तालाब में डूबने से दर्दनाक मृत्यु हो गई। मृतक अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गया जिनकी उम्र लगभग 6-7 साल दूसरे की उम्र लगभग तीन-चार साल की है।
*घटना का विवरण समय आज सुबह लगभग 10:00 बजे विष्णु के तालाब में डूबने की सूचना मिली।* *परिजनजैसे ही यह खबर परिवार तक पहुँची, घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।*
पुलिस कार्यवाही: स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही थाना तुलसीपुर की पुलिस मौके पर पहुँची।
वर्तमान स्थिति पुलिस ने कागजी कार्यवाही पूरी कर दोपहर लगभग 3:00 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।गाँव में शोक की लहरइस हृदयविदारक घटना से पूरे चरनगहिया गाँव में शोक का माहौल है। मिलनसार स्वभाव के विष्णु की असामयिक मृत्यु से हर आँख नम है। शोकाकुल परिवार इस समय गहरे सदमे और परेशानी में है।

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*प्रदेश में मिली चौथी रैंक, फिर भी 45 स्कूलों में 10 से कम नामांकन*

*शिक्षा सत्र 2026-2027 के 20 दिनों में 16 हजार से ज्यादा बच्चों को जनपद के विभिन्न परिषदीय स्कूलों में मिला प्रवेश*



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के नामांकन में जिले को सूबे में भले ही चौथी रैंक मिल गई है, लेकिन कुछ विद्यालय विभाग के प्रयास और मेहनत का पलीता लगा रहे हैं।
नए शिक्षा सत्र के 20 दिन में 45 विद्यालय में नामांकित बच्चों की संख्या दहाई तक नहीं पहुंच पाई है। ऐसे विद्यालयों को चिह्नित करके विभाग नोटिस भेजने की तैयारी में जुटा है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं।एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद पहली और छठवीं कक्षा में नए बच्चों को प्रवेश दिलाया जा रहा है। अब तक करीब 16 हजार अधिक बच्चों को प्रवेश दिलाया जा चुका है। पांच दिन पहले प्रदेश स्तर पर जारी रैकिंग में जिले को चौथा स्थान मिला था। नामांकन प्रक्रिया में ज्यादातर विद्यालय बेहतर काम कर रहे हैं।
45 से 50 विद्यालयों की प्रगति ठीक नहीं है। 20 दिन में 20 बच्चों का नामांकन नहीं करा सके। कम नामांकन होने पर विभाग को डर है कि भविष्य में रैंक कम न हो जाए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि नामांकन की प्रतिदिन रिपोर्ट ली जा रही है।
बीईओ को निर्देश दिए कि शिक्षकों की टीम गांव-गांव पहुंचकर अभिभावकों को प्रेरित करे। मुसहर बस्ती, ईंट-भट्ठे पर भी जाकर बच्चों को प्रवेश दिलाया जाए।
उन्होंने बताया कि 45 के करीब विद्यालयों में नामांकन लेने वाले बच्चों की संख्या कम है। उसको सुधार के लिए दो दिन का समय दिया गया है। संख्या वृद्धि नहीं होने पर नोटिस जारी किया जाएगा। वेतन रोकने की कार्रवाई होगी।
*15 दिनों में 325 आवेदन..., चूल्हे पर बन रहा भोजन आपूर्ति विभाग का दावा सबको मिल रहा सिलिंडर*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। खाद्य एवं रसद विभाग की धीमी प्रक्रिया ने शादी समारोह वाले घरों में परेशानी बढ़ा दी है। आवेदन के बावजूद आयोजकों को समय से गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस कारण लकड़ी पर भोजन बन रहा है। विभाग का दावा है कि 15 दिन में 325 आवेदन आए, सभी को सिलिंडर उपलब्ध कराया गया। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच बीते कुछ दिन से देश में ईंधन संकट शुरू हो गया है। जनपद में इंडेन, भारत पेट्रोलियम (बीपी) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपी) के 4.27 लाख उपभोक्ता हैं। पूर्ति विभाग की ओर से शादी समारोह के लिए गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने की सुविधा तो दी गई है, लेकिन प्रक्रिया इतनी लंबी और जटिल है कि लोग इसमें उलझ कर रह जा रहे हैं। आवेदकों का कहना है कि आवेदन के साथ शादी का कार्ड लगाने और कंपनी तक फाइल भेजने जैसी औपचारिकता में कई दिन गुजर जा रहे हैं। सात दिन की अनिवार्य समय-सीमा परेशानी की वजह बनी है।

दो वाणिज्यिक सिलिंडर में करीब 40 किलो गैस आता है। इससे खाना बन सकता है। 325 लोगों ने आवेदन किया था, जिनको उपलब्ध करा दिया गया है। कंपनियों के कारण कुछ समस्याएं हुई है।

सुनील कुमार जिला पूर्ति अधिकारी
*28 अस्पतालों में बने लू वार्ड,90 बेड आरक्षित*
*एमसीएच और एमबीएस में 10-10 ,छह सीएचसी में पांच - पांच और 20 पीएचसी में दो-दो बेड आरक्षित*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही।जनपद में बीते एक सप्ताह से तापमान लगातार बढ़ रहा है। अप्रैल के तीसरे सप्ताह में ही तापमान 43 डिग्री पहुंच गया है। 22 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं। तपन ऐसी है कि धूप में बाहर निकलने वालों का माथा चकरा जा रहा है। लू को देखकर स्वास्थ्य विभाग ने जनपद के 28 स्वास्थ्य केंद्रों पर 90 बेड आरक्षित कर दिया है। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय (एमसीएच) और महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय (एमबीएस) भदोही में 10-10 बेड के लू वार्ड बनाए गए हैं। छह सीएचसी पर पांच-पांच बेड, 20 पीएचसी पर दो-दो बेड का लू वार्ड बनाया गया है। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने इन वार्डों में एसी, कूलर, पंखा ठीक करने के निर्देश केंद्र अधीक्षक को दिए हैं। बीते सात दिन में तापमान छह डिग्री तक बढ़ा है।

लू वार्ड में क्या-क्या है व्यवस्थाएं
- कूलर की व्यवस्था
- बड़े अस्पताल में एसी अनिवार्य
- पंखा जरूर होना चाहिए
- ग्लूकोज और ओआरएस घोल
- ठंडे पानी का पर्याप्त इंतजाम
- हर वार्ड में एक स्टॉफ, एक वार्ड बॉय
हर दिन पीएं पांच लीटर पानी
सौ शय्या अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुशील शुक्ला ने बताया कि शरीर में पानी की मात्रा की कमी होने से लू लगने की संभावना बढ़ जाती है। शरीर में पानी की कमी होने से लू की चपेट में आ सकते हैं। रोजाना करीब पांच से छह लीटर पानी पीना चाहिए। दोपहर 11 बजे के बाद कतई घर से बाहर न निकलें। तरल पदार्थों का खूब सेवन करें।

लू लगने के लक्षण
- तेजी से सिर दर्द होना

- निरंतर चक्कर, कमजोरी महसूस होना
- कमजोरी के साथ मांसपेशियों में ऐंठन होना
- उल्टी होना

इस तरह से करें बचाव
- ढीले, सूती कपड़े पहनें।

- खुद को ठंडा रखें।

- हल्का भोजन करें।
- हरी सब्जी का सेवन करें।

- दोपहर में घर से बाहर न निकलें।

कहां कितने बेड़ आरक्षित
- जिला अस्तपाल - 10

- एमबीएस भदोही - 10

- छह सीएचसी - पांच-पांच (कुल 30)

- 20 पीएचसी - दो-दो (कुल 40)
भीषण गर्मी में चल रहे लू को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा अलर्ट है। जिला अस्पताल सहित 28 स्वास्थ्य केंद्रों पर 90 बेड आरक्षित किए गए हैं। कूलर, पंखा की व्यवस्था कर दी गई है। दवा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ, भदोही।
यूएस-ईरान शांति वार्ताःडील के लिए ट्रंप खुद पहुंच सकते हैं पाकिस्तान

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अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। इस बीच खबर आ रही है कि डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान के साथ इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में समझौता होने की स्थिति में खुद भी शामिल हो सकते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे राउंड की युद्धविराम वार्ता होने की उम्मीद अब काफी बढ़ गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने चर्चा में शामिल एक पाकिस्तानी सूत्र के हवाल से कहा है कि बातचीत के फिर से शुरू करने की दिशा में प्रगति हो रही है। उन्होंने ये भी संकेत दिया है कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता हो जाता है तो या तो खुद डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान आ सकते हैं या फिर ऑनलाइन माध्यम से इसमें शामिल हो सकते हैं।

ट्रंप ने दी बम बरसाने की धमकी

ये खबर ऐसे वक्त में आई है, जब ईरान-अमेरिका वार्ता में लगातार गतिरोध चल रहा है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और उन्होंने दावा किया है कि ईरान को समझौता करना ही होगा। उन्होंने अपनी ताजा धमकी में कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करेगा, तो बम बरसेंगे। हालांकि इसके बाद भी ईरान ने अड़ियल रवैया जारी रखा है।

पाकिस्तान के लिए अब तक नहीं रवाना हुआ ईरानी प्रतिनिधिमंडल

ईरान की सरकारी टेलीविजन रिपोर्ट के अनुसार अभी तक कोई भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता में भाग लेने के लिए रवाना नहीं हुआ है। यह वार्ता अमेरिका के साथ संभावित शांति वार्ता से जुड़ी बताई जा रही है, जिसे लेकर क्षेत्रीय स्तर पर काफी चर्चा बनी हुई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से फिलहाल किसी भी डेलीगेशन के पाकिस्तान जाने की पुष्टि नहीं की गई है, जिससे इस बैठक को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

इन मामलों पर विवाद बरकरार

-ईरान का परमाणु कार्यक्रम: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करे, जबकि तेहरान का कहना है कि किसी भी प्रतिबंध की समयसीमा सीमित होनी चाहिए।

-यूरेनियम भंडार: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान के लगभग 400 किलोग्राम उच्च संवर्धित यूरेनियम पर नियंत्रण चाहता है, लेकिन ईरान ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है।

-स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: ईरान का कहना है कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर प्रतिबंध तब तक जारी रखेगा जब तक अमेरिका अपने प्रतिबंध नहीं हटाता, जबकि अमेरिका का रुख सख्त बना हुआ है।

-जमे हुए आर्थिक संपत्ति: ईरान करीब 20 अरब डॉलर की फ्रीज़्ड संपत्तियों को जारी करने और प्रतिबंधों में राहत की मांग कर रहा है।

-युद्ध क्षतिपूर्ति: तेहरान ने अमेरिका और इस्राइल के हमलों से हुए नुकसान के बदले लगभग 270 अरब डॉलर के मुआवजे की भी मांग उठाई है।

पीएम मोदी पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, चुनाव आयोग को 700 नागरिकों ने लिखा पत्र

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महिला आरक्षण बिल को लेकर 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को संबोधन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पास नहीं होने के लिए कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी और विपक्षी दलों को ज़िम्मेदार ठहराया। अब 700 से अधिक नागरिकों ने चुनाव आयोग को लेटर लिखकर इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। लेटर लिखने वालों में पूर्व ब्यूरोक्रेट्स, एक्टिविस्ट और पत्रकार शामिल हैं।

चुनाव आयोग से जांच की मांग

700 से ज्यादा लोगों ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर शिकायत की है। उनका कहना है कि यह भाषण चुनावी आचार संहिता के दौरान दिया गया और इस भाषण से आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। इस वजह से इसका असर निष्पक्ष चुनाव के नियमों पर पड़ सकता है। इनका मानना है कि इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग को तुरंत जांच करनी चाहिए।

शिकायतकर्ताओं ने कहा-पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर 33% महिला आरक्षण को लेकर हमला बोला, जो चुनावी माहौल में पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी में आता है। उनका आरोप है कि सरकारी तंत्र और सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए किया गया, जिससे निष्पक्ष चुनाव की मूल भावना प्रभावित होती है

कंटेंट और प्रसारण के तरीकों की जांच की मांग

शिकायत में कहा गया कि भाषण का कंटेंट और उसके प्रसारण के तरीके दोनों पर जांच होनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की कि अगर प्रसारण के लिए अनुमति दी गई थी, तो विपक्षी दलों को भी उतना ही एयरटाइम दिया जाना चाहिए। इसके अलावा अगर भाषण में आचार संहिता का उल्लंघन किया गया हो तो उसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से हटाने की भी मांग की गई है।

शिकायत पत्र पर किन-किन लोगों ने किए हस्ताक्षर

शिकायत पर हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, पूर्व आईएएस एम. जी. देवसहायम, शिक्षाविद जोया हसन, संगीतकार टी. एम. कृष्णा और राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबोधन दूरदर्शन, संसद टीवी और ऑल इंडिया रेडियो जैसे सरकारी माध्यमों पर लाइव प्रसारित किया गया जो पूरी तरह सार्वजनिक धन से संचालित होते हैं।

पीएम के संबोधन में किस बात पर विवाद?

दरअसल, राष्ट्र के नाम अपने संबोधन की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने कहा, देश की करोड़ों महिलाओं की नज़र संसद पर थी। मुझे भी देखकर दुख हुआ कि नारी शक्ति का ये प्रस्ताव जब गिरा तो कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके जैसी परिवारवादी पार्टियां ख़ुशियां मना रही थीं। ऐसे लोगों को इस देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी। करीब 30 मिनट के इस संबोधन में पीएम मोदी ने कई बार कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके समेत तमाम विपक्षी दलों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।

बीईओ पर अवैध वसूली का आरोप
आखिर कब तक भ्रष्टाचार पर मौन रहेंगे बेसिक शिक्षा अधिकारी

रितेश मिश्रा
हरदोई ग्राम लखनौर निवासी कुलदीप मिश्रा ने भरखनी बी ई ओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को एक लिखित शिकायत पत्र देकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

आरोप है कि भरखनी के खण्ड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह द्वारा ब्लॉक के करीब 70 शिक्षकों से प्रति माह लगभग 5000 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है।
यह वसूली शिक्षकों की कथित अनुपस्थिति के बदले “सेटिंग” के नाम पर की जाती है। बताया गया है कि कुछ शिक्षक महीने में कई दिन विद्यालय नहीं जाते, जबकि कुछ पूरे वर्ष ही अनुपस्थित रहते हैं और उनके लिए अलग दर निर्धारित है।

प्रतिवेदन में  उल्लेख किया गया है कि इस अवैध वसूली में एक अनुदेशक नितीश, जूनियर हाई स्कूल सवायजपुर, मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और पूरी व्यवस्था उसी के माध्यम से संचालित हो रही है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कम्पोजिट ग्रांट की राशि में से भी लगभग 20 प्रतिशत तक की अवैध कटौती की जा रही है। इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि विद्यालयों की शैक्षिक व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हो रही है।

प्रार्थी ने अपने गांव समेत पूरे क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था के चौपट होने की बात कही है। उनका कहना है कि जहां एक ओर सरकार “स्कूल चलो अभियान” जैसे कार्यक्रम चला रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की कथित अनियमितताएं सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रही हैं।

शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि संबंधित अधिकारी के पास सांडी विकास खण्ड का भी अतिरिक्त प्रभार है, जिससे वहां भी इसी प्रकार की अनियमितताओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

प्रार्थी ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गोपनीय जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय एवं आपराधिक कार्रवाई की मांग की है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके और सरकारी योजनाओं का सही लाभ विद्यार्थियों तक पहुंच सके।
लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है इसका पता जांच के बाद ही लग पाएगा
महिला अधिकारों के समर्थन में सड़क पर उतरे सीएम योगी
*  लखनऊ में जन आक्रोश पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब

लखनऊ। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को विपक्ष द्वारा समर्थन न दिए जाने के विरोध में मंगलवार को राजधानी लखनऊ में भाजपा की ओर से विशाल जन आक्रोश पदयात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं सड़क पर उतरकर इस पदयात्रा का नेतृत्व करते नजर आए। मुख्यमंत्री आवास से शुरू हुई यात्रा सिविल अस्पताल, हजरतगंज होते हुए विधान भवन तक पहुंची, जहां हजारों महिलाओं की मौजूदगी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य, ब्रजेश पाठक, सहयोगी दलों के नेता, मंत्रिमंडल के सदस्य और पार्टी पदाधिकारी भी पदयात्रा में शामिल हुए।
विधान भवन के सामने महिलाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की ऐतिहासिक पहल है, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और इंडी गठबंधन के दलों ने इसे बाधित कर अपना महिला-विरोधी चेहरा उजागर किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएं चलाई गईं, जिनका व्यापक लाभ देश की महिलाओं को मिला है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का आचरण नारी गरिमा के प्रतिकूल रहा है, इसलिए आज देशभर की महिलाएं लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश जता रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

* तेज धूप भी नहीं रोक सकी महिलाओं का उत्साह
सुबह लगभग 10 बजे शुरू हुई पदयात्रा में तेज धूप के बावजूद महिलाओं का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ हजारों महिलाएं पदयात्रा में शामिल हुईं। ‘महिला अधिकारों पर वार, सपा-कांग्रेस जिम्मेदार’ और ‘नारी सम्मान में एनडीए मैदान में’ जैसे नारों से पूरा मार्ग गूंज उठा।
रैली के दौरान राजधानी की सड़कों पर अनुशासन, उत्साह और महिला शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। युवा, बुजुर्ग, छात्राएं और कामकाजी महिलाओं की भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक जनसमर्थन का स्वरूप दिया।
75 लाख लोग से अधिक लोग स्मार्ट मीटर से है प्रभावित
स्मार्ट मीटर बन गया है उपभोक्ताओं का खून चूसने वाला मीटर

समय रहते शासन नहीं चेता, तो सड़कों पर होगा विशाल जन आंदोलन- करणी सेना जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार


मीरजापुर। मिर्जापुर जनपद सहित अन्य सभी प्रदेशों में इस वक्त इलेक्ट्रॉनिक मीटर का आतंक जनता पर छाया हुआ है। प्रत्येक ग्राहक के बिजली के मीटर में एक चिप लगा हुआ है, जिसे बिजली विभाग के अधिकारी गण अपने चेंबर में बैठे-बैठे रिमोट से कंट्रोल करते हैं । और आए दिन लोगों के घरों की समस्याएं बढ़ रही हैं। यह स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का खून चूसने वाला मीटर बन चुका है।  ग्राहकों ने पूरा बिजली का बिल दिया हुआ है फिर भी एडवांस बुकिंग के नाम पर उनके पैसे ब्लॉक कर रहे हैं । और यदि वह पैसे नहीं दे रहे हैं तो उनके घरों की बिजली काट दी जा रही है। इस धोखाधड़ी का विरोध करते हुए श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह गहरबार ने कहा है कि यदि सरकार ग्राहकों के घरों पर लगाए तमाम स्मार्ट मीटर को वापस उतार कर पुराने जेनुइन मीटर नहीं स्थापित करता है तो स्मार्ट मीटर की धोखाधड़ी के खिलाफ एक बहुत विशाल जन आंदोलन किया जाएगा , जिसकी सारी जिम्मेदारी बिजली विभाग की एवं प्रशासन की होगी। दिलीप सिंह गहरवार  ने कहा कि उपभोक्ता पूरा बिल देने के बावजूद अंधेरे में पड़ा है ।  पैसा भर रहा है लेकिन वह एडवांस और रिजर्व के नाम पर जमा कर लिया जा रहा है । बिजली का बिल पूरा होने के बावजूद घरों की बिजली कनेक्शन काट दी जा रही है । और यह कार्य सीढ़ी लगाकर मजदूर नहीं कर रहे हैं जिनसे बात किया जा सके,  ग्राहकों को बिना जानकारी दिए ऑफिस में ऐसी में बैठे हुए बिजली विभाग के कतिपय अधिकारी गण मीटर में लगे चिप से अपने रिमोट से बिजली कनेक्शन को बंद कर दे रहे हैं।  गर्मी की ऐसी जलन स्थिति में जहां परिवार बच्चे गर्मी से बिल बिला रहे हैं पानी से बिल बिला रहे हैं, और बिजली विभाग अपने नाटक पर उतारू है यह कतई बर्दाश्त नहीं होगा । स्मार्ट मीटर लगाने से उत्तर प्रदेश में 3:30 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं जिनके पास रोजी-रोटी की समस्या रहने के बावजूद इस समय बिल भरने में अक्षम साबित हो रहे हैं।  उन्होंने कहा है कि तत्काल बिजली विभाग इसका संज्ञान लेकर जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश शासन इसका संज्ञान लेकर बिजली की स्मार्ट मित्रों को तत्काल उतरवा कर ग्राहकों को जेनुइन मीटर लगाकर उनसे जो भी उनका यूनिट आता है वह बिल ले और इसके लिए ग्राहक सहर्ष तैयार भी हैं  । उन्हें स्मार्ट मीटर के नाम पर उनका उत्पीड़न ना किया जाए। यदि इस समस्या का समाधान सरकार समय रहते नहीं करती है तो उत्तर प्रदेश में इसको लेकर बड़ा आंदोलन होगा ,और जनता सड़कों पर आ जाएगी। इसको संभालना सरकार के लिए मुश्किल हो जाएगा।
तेज हवा से भड़की आग, 70 बीघा पराली राख।
मैरिज हाल कर्मचारियों ने दिखाया साहस, नाले का पानी बना "जीवन  रक्षक ,"

बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी क्षेत्र के करीमनगर स्थित झौनी पुरवा के निकट मंगलवार को अज्ञात कारणों से खेतों की पराली में भीषण आग लग गई। तेज हवा के चलते आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 60 से 70 बीघा क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटों से आसपास के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
हालांकि पास स्थित बाबा मैरिज हाल के कर्मचारियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आग बुझाने की कमान संभाली। मैरिज हाल के पास बने 3-4 नंबर नाले में भरा पानी इस दौरान वरदान साबित हुआ। कर्मचारियों ने नाले के पानी का उपयोग कर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और बड़ी तबाही टल गई।
बताया जाता है कि इस नाले का निर्माण समाजसेवी जोगराज सिंह द्वारा कराया गया था, जिसमें गर्मियों के दौरान मवेशियों के लिए पानी संरक्षित रहता है। रविवार को यही पानी आग बुझाने में बेहद कारगर साबित हुआ।
आग बुझाने के दौरान मैरिज हाल के कर्मचारी सलमान शाह झुलस गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। वहीं मैनेजर वेद प्रकाश पाल, व्यवस्थापक राजकुमार, दिलेर, जसविंदर सिंह बिहारी, जस्सा सिंह, सुभाष पाल, लक्खा सिंह सहित दो दर्जन से अधिक कर्मचारियों ने जान की परवाह किए बिना आग पर काबू पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीणों ने कर्मचारियों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो नुकसान और भी भयावह हो सकता था। प्रशासन की ओर से फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
तालाब में डूबने से युवक की मौत, गांव में पसरा सन्नाटा
तुलसीपुर (बलरामपुर): विकासखंड गैसड़ी के ग्राम चरनगहिया में आज उस वक्त मातम छा गया, जब गाँव के निवासी विष्णु कश्यप (पुत्र कुन्नू) जिसकी उम्र लगभग 25 वर्ष की तालाब में डूबने से दर्दनाक मृत्यु हो गई। मृतक अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गया जिनकी उम्र लगभग 6-7 साल दूसरे की उम्र लगभग तीन-चार साल की है।
*घटना का विवरण समय आज सुबह लगभग 10:00 बजे विष्णु के तालाब में डूबने की सूचना मिली।* *परिजनजैसे ही यह खबर परिवार तक पहुँची, घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।*
पुलिस कार्यवाही: स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही थाना तुलसीपुर की पुलिस मौके पर पहुँची।
वर्तमान स्थिति पुलिस ने कागजी कार्यवाही पूरी कर दोपहर लगभग 3:00 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।गाँव में शोक की लहरइस हृदयविदारक घटना से पूरे चरनगहिया गाँव में शोक का माहौल है। मिलनसार स्वभाव के विष्णु की असामयिक मृत्यु से हर आँख नम है। शोकाकुल परिवार इस समय गहरे सदमे और परेशानी में है।

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*प्रदेश में मिली चौथी रैंक, फिर भी 45 स्कूलों में 10 से कम नामांकन*

*शिक्षा सत्र 2026-2027 के 20 दिनों में 16 हजार से ज्यादा बच्चों को जनपद के विभिन्न परिषदीय स्कूलों में मिला प्रवेश*



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के नामांकन में जिले को सूबे में भले ही चौथी रैंक मिल गई है, लेकिन कुछ विद्यालय विभाग के प्रयास और मेहनत का पलीता लगा रहे हैं।
नए शिक्षा सत्र के 20 दिन में 45 विद्यालय में नामांकित बच्चों की संख्या दहाई तक नहीं पहुंच पाई है। ऐसे विद्यालयों को चिह्नित करके विभाग नोटिस भेजने की तैयारी में जुटा है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं।एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद पहली और छठवीं कक्षा में नए बच्चों को प्रवेश दिलाया जा रहा है। अब तक करीब 16 हजार अधिक बच्चों को प्रवेश दिलाया जा चुका है। पांच दिन पहले प्रदेश स्तर पर जारी रैकिंग में जिले को चौथा स्थान मिला था। नामांकन प्रक्रिया में ज्यादातर विद्यालय बेहतर काम कर रहे हैं।
45 से 50 विद्यालयों की प्रगति ठीक नहीं है। 20 दिन में 20 बच्चों का नामांकन नहीं करा सके। कम नामांकन होने पर विभाग को डर है कि भविष्य में रैंक कम न हो जाए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि नामांकन की प्रतिदिन रिपोर्ट ली जा रही है।
बीईओ को निर्देश दिए कि शिक्षकों की टीम गांव-गांव पहुंचकर अभिभावकों को प्रेरित करे। मुसहर बस्ती, ईंट-भट्ठे पर भी जाकर बच्चों को प्रवेश दिलाया जाए।
उन्होंने बताया कि 45 के करीब विद्यालयों में नामांकन लेने वाले बच्चों की संख्या कम है। उसको सुधार के लिए दो दिन का समय दिया गया है। संख्या वृद्धि नहीं होने पर नोटिस जारी किया जाएगा। वेतन रोकने की कार्रवाई होगी।
*15 दिनों में 325 आवेदन..., चूल्हे पर बन रहा भोजन आपूर्ति विभाग का दावा सबको मिल रहा सिलिंडर*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। खाद्य एवं रसद विभाग की धीमी प्रक्रिया ने शादी समारोह वाले घरों में परेशानी बढ़ा दी है। आवेदन के बावजूद आयोजकों को समय से गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस कारण लकड़ी पर भोजन बन रहा है। विभाग का दावा है कि 15 दिन में 325 आवेदन आए, सभी को सिलिंडर उपलब्ध कराया गया। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच बीते कुछ दिन से देश में ईंधन संकट शुरू हो गया है। जनपद में इंडेन, भारत पेट्रोलियम (बीपी) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपी) के 4.27 लाख उपभोक्ता हैं। पूर्ति विभाग की ओर से शादी समारोह के लिए गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने की सुविधा तो दी गई है, लेकिन प्रक्रिया इतनी लंबी और जटिल है कि लोग इसमें उलझ कर रह जा रहे हैं। आवेदकों का कहना है कि आवेदन के साथ शादी का कार्ड लगाने और कंपनी तक फाइल भेजने जैसी औपचारिकता में कई दिन गुजर जा रहे हैं। सात दिन की अनिवार्य समय-सीमा परेशानी की वजह बनी है।

दो वाणिज्यिक सिलिंडर में करीब 40 किलो गैस आता है। इससे खाना बन सकता है। 325 लोगों ने आवेदन किया था, जिनको उपलब्ध करा दिया गया है। कंपनियों के कारण कुछ समस्याएं हुई है।

सुनील कुमार जिला पूर्ति अधिकारी
*28 अस्पतालों में बने लू वार्ड,90 बेड आरक्षित*
*एमसीएच और एमबीएस में 10-10 ,छह सीएचसी में पांच - पांच और 20 पीएचसी में दो-दो बेड आरक्षित*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही।जनपद में बीते एक सप्ताह से तापमान लगातार बढ़ रहा है। अप्रैल के तीसरे सप्ताह में ही तापमान 43 डिग्री पहुंच गया है। 22 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं। तपन ऐसी है कि धूप में बाहर निकलने वालों का माथा चकरा जा रहा है। लू को देखकर स्वास्थ्य विभाग ने जनपद के 28 स्वास्थ्य केंद्रों पर 90 बेड आरक्षित कर दिया है। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय (एमसीएच) और महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय (एमबीएस) भदोही में 10-10 बेड के लू वार्ड बनाए गए हैं। छह सीएचसी पर पांच-पांच बेड, 20 पीएचसी पर दो-दो बेड का लू वार्ड बनाया गया है। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने इन वार्डों में एसी, कूलर, पंखा ठीक करने के निर्देश केंद्र अधीक्षक को दिए हैं। बीते सात दिन में तापमान छह डिग्री तक बढ़ा है।

लू वार्ड में क्या-क्या है व्यवस्थाएं
- कूलर की व्यवस्था
- बड़े अस्पताल में एसी अनिवार्य
- पंखा जरूर होना चाहिए
- ग्लूकोज और ओआरएस घोल
- ठंडे पानी का पर्याप्त इंतजाम
- हर वार्ड में एक स्टॉफ, एक वार्ड बॉय
हर दिन पीएं पांच लीटर पानी
सौ शय्या अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुशील शुक्ला ने बताया कि शरीर में पानी की मात्रा की कमी होने से लू लगने की संभावना बढ़ जाती है। शरीर में पानी की कमी होने से लू की चपेट में आ सकते हैं। रोजाना करीब पांच से छह लीटर पानी पीना चाहिए। दोपहर 11 बजे के बाद कतई घर से बाहर न निकलें। तरल पदार्थों का खूब सेवन करें।

लू लगने के लक्षण
- तेजी से सिर दर्द होना

- निरंतर चक्कर, कमजोरी महसूस होना
- कमजोरी के साथ मांसपेशियों में ऐंठन होना
- उल्टी होना

इस तरह से करें बचाव
- ढीले, सूती कपड़े पहनें।

- खुद को ठंडा रखें।

- हल्का भोजन करें।
- हरी सब्जी का सेवन करें।

- दोपहर में घर से बाहर न निकलें।

कहां कितने बेड़ आरक्षित
- जिला अस्तपाल - 10

- एमबीएस भदोही - 10

- छह सीएचसी - पांच-पांच (कुल 30)

- 20 पीएचसी - दो-दो (कुल 40)
भीषण गर्मी में चल रहे लू को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा अलर्ट है। जिला अस्पताल सहित 28 स्वास्थ्य केंद्रों पर 90 बेड आरक्षित किए गए हैं। कूलर, पंखा की व्यवस्था कर दी गई है। दवा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ, भदोही।
यूएस-ईरान शांति वार्ताःडील के लिए ट्रंप खुद पहुंच सकते हैं पाकिस्तान

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अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। इस बीच खबर आ रही है कि डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान के साथ इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में समझौता होने की स्थिति में खुद भी शामिल हो सकते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे राउंड की युद्धविराम वार्ता होने की उम्मीद अब काफी बढ़ गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने चर्चा में शामिल एक पाकिस्तानी सूत्र के हवाल से कहा है कि बातचीत के फिर से शुरू करने की दिशा में प्रगति हो रही है। उन्होंने ये भी संकेत दिया है कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता हो जाता है तो या तो खुद डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान आ सकते हैं या फिर ऑनलाइन माध्यम से इसमें शामिल हो सकते हैं।

ट्रंप ने दी बम बरसाने की धमकी

ये खबर ऐसे वक्त में आई है, जब ईरान-अमेरिका वार्ता में लगातार गतिरोध चल रहा है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और उन्होंने दावा किया है कि ईरान को समझौता करना ही होगा। उन्होंने अपनी ताजा धमकी में कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करेगा, तो बम बरसेंगे। हालांकि इसके बाद भी ईरान ने अड़ियल रवैया जारी रखा है।

पाकिस्तान के लिए अब तक नहीं रवाना हुआ ईरानी प्रतिनिधिमंडल

ईरान की सरकारी टेलीविजन रिपोर्ट के अनुसार अभी तक कोई भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता में भाग लेने के लिए रवाना नहीं हुआ है। यह वार्ता अमेरिका के साथ संभावित शांति वार्ता से जुड़ी बताई जा रही है, जिसे लेकर क्षेत्रीय स्तर पर काफी चर्चा बनी हुई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से फिलहाल किसी भी डेलीगेशन के पाकिस्तान जाने की पुष्टि नहीं की गई है, जिससे इस बैठक को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

इन मामलों पर विवाद बरकरार

-ईरान का परमाणु कार्यक्रम: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करे, जबकि तेहरान का कहना है कि किसी भी प्रतिबंध की समयसीमा सीमित होनी चाहिए।

-यूरेनियम भंडार: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान के लगभग 400 किलोग्राम उच्च संवर्धित यूरेनियम पर नियंत्रण चाहता है, लेकिन ईरान ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है।

-स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: ईरान का कहना है कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर प्रतिबंध तब तक जारी रखेगा जब तक अमेरिका अपने प्रतिबंध नहीं हटाता, जबकि अमेरिका का रुख सख्त बना हुआ है।

-जमे हुए आर्थिक संपत्ति: ईरान करीब 20 अरब डॉलर की फ्रीज़्ड संपत्तियों को जारी करने और प्रतिबंधों में राहत की मांग कर रहा है।

-युद्ध क्षतिपूर्ति: तेहरान ने अमेरिका और इस्राइल के हमलों से हुए नुकसान के बदले लगभग 270 अरब डॉलर के मुआवजे की भी मांग उठाई है।

पीएम मोदी पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, चुनाव आयोग को 700 नागरिकों ने लिखा पत्र

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महिला आरक्षण बिल को लेकर 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को संबोधन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पास नहीं होने के लिए कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी और विपक्षी दलों को ज़िम्मेदार ठहराया। अब 700 से अधिक नागरिकों ने चुनाव आयोग को लेटर लिखकर इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। लेटर लिखने वालों में पूर्व ब्यूरोक्रेट्स, एक्टिविस्ट और पत्रकार शामिल हैं।

चुनाव आयोग से जांच की मांग

700 से ज्यादा लोगों ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर शिकायत की है। उनका कहना है कि यह भाषण चुनावी आचार संहिता के दौरान दिया गया और इस भाषण से आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। इस वजह से इसका असर निष्पक्ष चुनाव के नियमों पर पड़ सकता है। इनका मानना है कि इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग को तुरंत जांच करनी चाहिए।

शिकायतकर्ताओं ने कहा-पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर 33% महिला आरक्षण को लेकर हमला बोला, जो चुनावी माहौल में पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी में आता है। उनका आरोप है कि सरकारी तंत्र और सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए किया गया, जिससे निष्पक्ष चुनाव की मूल भावना प्रभावित होती है

कंटेंट और प्रसारण के तरीकों की जांच की मांग

शिकायत में कहा गया कि भाषण का कंटेंट और उसके प्रसारण के तरीके दोनों पर जांच होनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की कि अगर प्रसारण के लिए अनुमति दी गई थी, तो विपक्षी दलों को भी उतना ही एयरटाइम दिया जाना चाहिए। इसके अलावा अगर भाषण में आचार संहिता का उल्लंघन किया गया हो तो उसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से हटाने की भी मांग की गई है।

शिकायत पत्र पर किन-किन लोगों ने किए हस्ताक्षर

शिकायत पर हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, पूर्व आईएएस एम. जी. देवसहायम, शिक्षाविद जोया हसन, संगीतकार टी. एम. कृष्णा और राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबोधन दूरदर्शन, संसद टीवी और ऑल इंडिया रेडियो जैसे सरकारी माध्यमों पर लाइव प्रसारित किया गया जो पूरी तरह सार्वजनिक धन से संचालित होते हैं।

पीएम के संबोधन में किस बात पर विवाद?

दरअसल, राष्ट्र के नाम अपने संबोधन की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने कहा, देश की करोड़ों महिलाओं की नज़र संसद पर थी। मुझे भी देखकर दुख हुआ कि नारी शक्ति का ये प्रस्ताव जब गिरा तो कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके जैसी परिवारवादी पार्टियां ख़ुशियां मना रही थीं। ऐसे लोगों को इस देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी। करीब 30 मिनट के इस संबोधन में पीएम मोदी ने कई बार कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके समेत तमाम विपक्षी दलों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।

बीईओ पर अवैध वसूली का आरोप
आखिर कब तक भ्रष्टाचार पर मौन रहेंगे बेसिक शिक्षा अधिकारी

रितेश मिश्रा
हरदोई ग्राम लखनौर निवासी कुलदीप मिश्रा ने भरखनी बी ई ओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को एक लिखित शिकायत पत्र देकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

आरोप है कि भरखनी के खण्ड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह द्वारा ब्लॉक के करीब 70 शिक्षकों से प्रति माह लगभग 5000 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है।
यह वसूली शिक्षकों की कथित अनुपस्थिति के बदले “सेटिंग” के नाम पर की जाती है। बताया गया है कि कुछ शिक्षक महीने में कई दिन विद्यालय नहीं जाते, जबकि कुछ पूरे वर्ष ही अनुपस्थित रहते हैं और उनके लिए अलग दर निर्धारित है।

प्रतिवेदन में  उल्लेख किया गया है कि इस अवैध वसूली में एक अनुदेशक नितीश, जूनियर हाई स्कूल सवायजपुर, मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और पूरी व्यवस्था उसी के माध्यम से संचालित हो रही है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कम्पोजिट ग्रांट की राशि में से भी लगभग 20 प्रतिशत तक की अवैध कटौती की जा रही है। इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि विद्यालयों की शैक्षिक व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हो रही है।

प्रार्थी ने अपने गांव समेत पूरे क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था के चौपट होने की बात कही है। उनका कहना है कि जहां एक ओर सरकार “स्कूल चलो अभियान” जैसे कार्यक्रम चला रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की कथित अनियमितताएं सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रही हैं।

शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि संबंधित अधिकारी के पास सांडी विकास खण्ड का भी अतिरिक्त प्रभार है, जिससे वहां भी इसी प्रकार की अनियमितताओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

प्रार्थी ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गोपनीय जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय एवं आपराधिक कार्रवाई की मांग की है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके और सरकारी योजनाओं का सही लाभ विद्यार्थियों तक पहुंच सके।
लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है इसका पता जांच के बाद ही लग पाएगा