आजमगढ़ : अहरौला में सुहेलदेव जयंती की तैयारी में जुटी सुभासपा, डॉ. अरविन्द राजभर ने आँधीपुर में लगायी चौपाल

आजमगढ़ : अहरौला में  22 फरवरी को महाराजा सुहेलदेव की जयंती समारोह की तैयारी को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अरविन्द राजभर फूलपुर तहसील क्षेत्र के आँधीपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने चौपाल लगाकर लोगों से संवाद किया।  चौपाल के दौरान डॉ. अरविन्द राजभर ने अधिक से अधिक संख्या में अहरौला स्थित जनता इंटर कॉलेज के बाग में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव का जीवन संघर्ष और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, इसलिए जयंती समारोह में सभी समाज के लोगों की भागीदारी जरूरी है। पत्र प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में, जिसमें 22 फरवरी को ही कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर द्वारा माहुल के टिकुरिया मैदान में आयोजित कार्यक्रम को लेकर सुभासपा और भाजपा के बीच मतभेद की बात कही गई तो डॉ. अरबिन्द राजभर ने स्पष्ट किया कि कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका अलग कार्यक्रम है, जबकि सुभासपा अहरौला में जयंती मनाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने पुनः लोगों से अधिकाधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामनाथ राजभर ने की तथा संचालन कृष्ण कुमार राजभर ने किया। इस मौके पर संदीप राजभर, गुड्डन राजभर, रमाशंकर राजभर, संतोष कुमार, श्याम राजभर, सुरेंद्र यादव, रवीन्द्र यादव, प्रभावती सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
आजमगढ़ : महाशिवरात्रि को लेकर दीदारगंज थाना प्रभारी की अध्यक्षता में  हुई शांति समिति की बैठक

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ ।दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारा महमूद पुर स्थित प्राचीन शिव मन्दिर परिसर में बुधवार को सायं चार बजे आगामी पर्व महाशिवरात्रि को शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने हेतु क्षेत्र के बहुसंख्यक व अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की उपस्थिति में शांति समिति की बैठक संपन्न हुई जिसमें उपस्थित लोगों से कहा गया कि आप सभी सम्मानित जन मंदिर पर दूर दराज से जलाभिषेक के लिए आए हुए श्रद्धालुओं की मदद कर जलाभिषेक और मेला को शांति पूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में पुलिस प्रशासन की मदद करें। इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक थाना दीदारगंज,अमित यादव,सदरे आलम,संजय कुमार पाठक,इंद्रेश कुमार गुप्ता,अरसद,अबुदरदा,शिव आसरे यादव, विनोद कुमार,अतीक अहमद,कोमल राजभर,मोनू राजभर, अजमल, जनार्दन, आदित्य आदि उपस्थित थे।
रांची नगरपालिका चुनाव 2026: मोरहाबादी डिस्पैच सेंटर का डीडीसी ने किया निरीक्षण, तैयारियों को दिया अंतिम रूप

Image 2Image 3

रांची (11 फरवरी 2026): आगामी नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटा है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार, आज उपविकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने मोरहाबादी स्थित डिस्पैच सेंटर का विस्तृत निरीक्षण किया।

22 फरवरी को रवानगी: निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने बताया कि आगामी 22 फरवरी 2026 को मोरहाबादी केंद्र से ही सभी पोलिंग पार्टियों को उनके निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा। उन्होंने उपनिर्वाचन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि राज्य निर्वाचन आयोग के गाइडलाइंस के अनुसार सभी तैयारियां समय पर और बिना किसी त्रुटि के पूरी कर ली जाएं।

इन सुविधाओं पर रहेगा विशेष जोर: डीडीसी ने डिस्पैच के दिन भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने के लिए चरणबद्ध व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया। मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देने को कहा गया:

निर्वाचन सामग्री किट का सही संकलन।

सुरक्षा बलों की तैनाती और रूट चार्ट के अनुसार वाहनों की व्यवस्था।

मतदान कर्मियों के लिए मेडिकल सहायता, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं।

किसी भी आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क की स्थापना।

पारदर्शिता और समन्वय की अपील: श्री भुवनिया ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया ताकि पूरी निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहे। इस दौरान पोलिंग कर्मियों के रैंडमाइजेशन और उनके प्रशिक्षण से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की गई।

रांची: पहाड़ी मंदिर की भव्य 'शिव बारात' में शामिल होंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, महासमिति ने दिया न्योता

रांची (11 फरवरी 2026): रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में आगामी महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले भव्य महोत्सव की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में आज श्री शिव बारात आयोजन महासमिति, पहाड़ी मंदिर के एक प्रतिनिधिमंडल ने कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की।

Image 2Image 3

मुख्यमंत्री को सपरिवार निमंत्रण: प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आगामी 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर आयोजित होने वाले 'महोत्सव' और 'शिव बारात' में सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया। सदस्यों ने मुख्यमंत्री से सपरिवार इस पावन उत्सव में शामिल होने का विनम्र आग्रह किया।

तैयारियों से कराया अवगत: मुलाकात के दौरान महासमिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को इस वर्ष आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा और सुरक्षा व भव्यता को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए महासमिति को सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर महासमिति के संरक्षक श्री राजीव रंजन प्रसाद, अध्यक्ष श्री राजेश साहू, बादल सिंह, रिवाल्डो वर्मा, शुभाशीष चटर्जी, राम सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

रेलवे अफसर की सड़क हादसे में मौत,मंडल वाणिज्य अधीक्षक को ट्रैक्टर ट्रॉली ने मारी टक्कर
*स्टेशन से लौट रहे थे रेलवे अफसर

गोंडा।जिले में एक सड़क हादसे में रेलवे के मंडल वाणिज्य अधीक्षक अरविंद कुमार की मृत्यु हो गई है।यह दुर्घटना मोतीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गोंडा मनकापुर मार्ग पर स्थित बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड मिल के पास देर शाम हुआ है।उनकी स्कूटी को एक ट्रैक्टर ट्रॉली ने टक्कर मार दी थी,इसके बाद वह ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आ गए।सूचना मिलने पर मोतीगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कराया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार,अरविंद कुमार सुबह रेलवे के काम से मनकापुर रेलवे स्टेशन गए थे।काम समाप्त कर वह देर शाम वापस लौटते समय उनकी स्कूटी बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड मिल के पास ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आ गई,जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया,जहाँ से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रिफर कर दिया गया जिसके बाद उन्हें रेलवे चिकित्सालय लाया गया जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।मृतक अरविंद कुमार गोंडा रेलवे स्टेशन पर मंडल वाणिज्य अधीक्षक के पद पर तैनात थे और वह मूल रूप से बिहार के गया जिले के निवासी थे।उनके परिवार में पत्नी और दो पुत्रियां हैं।मोतीगंज थानाध्यक्ष अरविंद यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है।परिजनों द्वारा तहरीर दिए जाने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस के अनुसार, परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दिया है।
लालगंज में टी बी उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन, 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को जागरूक किया गया
मिर्जापुर। लालगंज - टी बी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत किसान कल्याण केन्द्र लालगंज में कैंप लगाकर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टी बी रोग के प्रति जागरूक किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लालगंज के क्षय विभाग के वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शमीम अहमद ने टी बी के समस्त लक्षणों से परिचित कराते हुए उन्हें सरकारी स्तर से प्रदान की जाने वाली समस्त निः शुल्क सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।

शमीम अहमद ने बताया कि टी बी प्रभावित मरीजों को सरकारी स्तर से भारत सरकार की तरफ से 1000 रुपये प्रति माह पोषण योजना के तहत खान पान और भरण पोषण के लिए दिया जाता है, जब तक टी बी की दवा चलेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी को टी बी के लक्षण दिखाई देते हैं तो वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं और इस मानवीय कार्य में सहयोग करें।

इस अवसर पर डॉक्टर पंकज, डॉक्टर मनोज, शमीम अहमद, धनंजय श्रीवास्तव (वर्ड हेल्थ पार्टनर), नीरज सिंह एल टी आदि लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में तीन संदिग्ध रोगियों की स्क्रीनिंग की गई और उन्हें इस्पुटम कंटेनर दिया गया।
बजट 2026-27 को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया ऐतिहासिक


* पर्यटन और संस्कृति को मिला बड़ा प्रोत्साहन, आस्था स्थलों के विकास से बढ़ेगा रोजगार और निवेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत यह बजट प्रदेश को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री ने कहा कि बजट में बुनियादी ढांचे, जनकल्याण और विकासोन्मुखी क्षेत्रों के साथ पर्यटन एवं संस्कृति को विशेष प्राथमिकता दी गई है। नैमिषारण्य, अयोध्या, वाराणसी, विंध्याचल, मथुरा और प्रयागराज जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं, जिससे पर्यटक सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा और औसत प्रवास अवधि दो-तीन दिन से बढ़कर लगभग एक सप्ताह तक होने की संभावना है।

* पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि
जयवीर सिंह ने बताया कि वाराणसी में वर्ष 2024 में 11.01 करोड़ पर्यटक आए थे, जो 2025 में बढ़कर 17.30 करोड़ से अधिक हो गए। अयोध्या में यह संख्या 16.44 करोड़ से बढ़कर 29.95 करोड़ से अधिक पहुंच गई। मथुरा में 9.01 करोड़ से बढ़कर 10.24 करोड़, मिर्जापुर में 1.41 करोड़ से बढ़कर 2.10 करोड़ और चित्रकूट में 1.18 करोड़ से बढ़कर 3.65 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे। प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के दौरान 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि वर्ष 2026 के माघ मेले में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।

जनवरी से जून 2025 के बीच प्रदेश में लगभग 122 करोड़ पर्यटक आए, जिनमें 121 करोड़ से अधिक घरेलू और 33 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक शामिल हैं।

* विकास योजनाओं के लिए बड़े बजटीय प्रावधान
‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास योजना’ के अंतर्गत 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के लिए 150 करोड़ रुपये, नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से 100 करोड़ रुपये तथा विंध्यवासिनी देवी धाम और वाराणसी में पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ब्रज क्षेत्र में भी तीर्थ एवं पारिवारिक पर्यटन को सशक्त बनाने के लिए विकास कार्य प्रस्तावित हैं।

* होमस्टे और महिला सशक्तिकरण पर जोर
प्रदेश में 5000 नए होमस्टे विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यटन को रोजगार सृजन का प्रमुख माध्यम बताते हुए मंत्री ने कहा कि महिला गाइड प्रशिक्षण हेतु लाइसेंस शुल्क माफ किया जाएगा, जिससे पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।

* सांस्कृतिक विरासत को संवारने की पहल
सरकार ने सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया है। बलरामपुर के इमिलिया कोडर में थारू जनजाति संस्कृति संग्रहालय, वाराणसी के रामनगर में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक निवास पर संग्रहालय तथा बटेश्वर में अटल बिहारी वाजपेयी सांस्कृतिक संकुल का लोकार्पण किया जा चुका है। लखनऊ में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि प्रयागराज में निषादराज गुहा सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया गया है। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह बजट प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर सशक्त करने की स्पष्ट प्रतिबद्धता दर्शाता है और आने वाले समय में पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनेगा।
योगी सरकार का बजट विकसित उत्तर प्रदेश 2047 की कृषि आधारशिला : सूर्य प्रताप शाही


* कृषि क्षेत्र के लिए 10,888 करोड़ का प्रावधान, 20 प्रतिशत वृद्धि

लखनऊ। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट 2026-27 विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में सशक्त रोडमैप है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों को समर्पित है और उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएगा।

* कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता, 20% अधिक बजट
मंत्री शाही ने बताया कि वर्ष 2026-27 में कृषि योजनाओं के लिए लगभग 10,888 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2026-27 में 753.55 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न तथा 48.18 लाख मीट्रिक टन तिलहन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे खाद्य सुरक्षा सुदृढ़ होगी और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

* एग्रीएक्सपोर्ट हब और एक्वा इंफ्रास्ट्रक्चर
यूपीएग्रीज परियोजना के अंतर्गत एग्रीएक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए 245 करोड़ रुपये तथा एक्वाब्रिज परियोजना के तहत विश्वस्तरीय हैचरी एवं प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना हेतु 155 करोड़ रुपये की बाह्य सहायतित योजना प्रस्तावित की गई है। इससे कृषि निर्यात और मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।

* एफपीओ और सोलर पंप योजना को बल
किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को सशक्त बनाने के लिए रिवाल्विंग फंड योजना में 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डीजल पंप सेट को सोलर पंप में परिवर्तित करने की योजना हेतु 637.84 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जिससे किसानों की ऊर्जा लागत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

* प्राकृतिक खेती और सिंचाई सुदृढ़ीकरण
नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना प्रदेश के सभी जनपदों में 94,300 हेक्टेयर क्षेत्र में संचालित की जा रही है, जिसके लिए 298 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषकों के निजी नलकूपों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 2,400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

* बीज स्वावलंबन और किसान समृद्धि पर फोकस
उत्तर प्रदेश बीज स्वावलंबन नीति 2024 के अंतर्गत सीड पार्क विकास परियोजना हेतु 251 करोड़ रुपये तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के लिए लगभग 103 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित करने और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बजट विकसित उत्तर प्रदेश 2047 की मजबूत कृषि आधारशिला साबित होगा।
अल्पसंख्यक कल्याण हेतु 2,058 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित, शिक्षा और सशक्तिकरण को मिलेगा बल

* प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं से सर्वांगीण विकास को नई गति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में अल्पसंख्यक समाज के सर्वांगीण विकास के लिए 2,058 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है। यह प्रावधान शिक्षा, सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से किया गया है।अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट प्रोग्राम प्रदेश के 21 ऐसे जनपदों में संचालित है, जहां अल्पसंख्यक जनसंख्या का अनुपात अधिक है। इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये की बजटीय व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे एवं अन्य विकास कार्यों को गति मिलेगी।

शिक्षा के क्षेत्र में अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने हेतु पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए 391 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे जरूरतमंद और मेधावी विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा जारी रखने में सहायता मिलेगी। बुनकर समाज के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विद्युत बिल फ्लैट रेट योजना के अंतर्गत 4,423 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस योजना से बुनकरों को सस्ती एवं सुलभ विद्युत सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनके व्यवसाय को मजबूती मिलेगी और आय में वृद्धि होगी।

मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक समाज के उत्थान, शिक्षा विस्तार और रोजगारपरक विकास के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। इन योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
एसआईआरडी में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा दिया जा रहा प्रशिक्षण

* मिशन कर्मयोगी और विकसित भारत-2047 पर विशेष फोकस

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (एसआईआरडी), बख्शी का तालाब, लखनऊ में सरकारी एवं अर्धसरकारी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा रचनात्मक कार्यों से जुड़े व्यक्तियों को दक्ष एवं सक्षम बनाने हेतु विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू के संरक्षण तथा अपर निदेशक सुबोध दीक्षित के मार्गदर्शन एवं प्रशासनिक नियंत्रण में 9 से 14 फरवरी तक कई महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। केंद्रीय सचिवालय प्रबंध प्रशिक्षण संस्थान, भारत सरकार के सहयोग से विभिन्न मंत्रालयों में नवनियुक्त सहायक अनुभाग अधिकारियों के लिए “विलेज अटैचमेंट” विषयक प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। इसके अंतर्गत लखनऊ एवं आसपास के जनपदों में जिला, तहसील, विकासखंड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर शासकीय कार्यप्रणाली और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका का व्यवहारिक अध्ययन कराया जा रहा है।
इसी अवधि में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडी), राजेंद्र नगर, हैदराबाद के सहयोग से उत्तर प्रदेश, बिहार एवं उत्तराखंड के खंड विकास अधिकारियों के लिए “मिशन कर्मयोगी एवं विकसित भारत-2047” विषयक आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। साथ ही 9 से 11 फरवरी तक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए “लर्निंग बाय डूइंग” विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संपन्न हुआ।
बुधवार को वेबिनार के माध्यम से आयोजित सत्र में महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता में विशिष्ट अतिथि वक्ताओं—सुभाष चंद्र दूबे (महानिरीक्षक, महिला एवं बाल सुरक्षा, 1090), प्रो. डॉ. आर. रमेश (एनआईआरडी, हैदराबाद) तथा डॉ. लाखन सिंह (सहायक प्रोफेसर, एनआईआरडी)—ने मिशन कर्मयोगी पर विस्तार से व्याख्यान दिया। इसमें भारत सरकार के सहायक अनुभाग अधिकारियों तथा यूपी, बिहार एवं उत्तराखंड के खंड विकास अधिकारियों ने सहभागिता की।
समापन सत्र में महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू ने कहा कि मिशन कर्मयोगी केवल कार्यालय समय तक सीमित दायित्व नहीं है, बल्कि प्रत्येक अधिकारी और नागरिक को अपने सार्वजनिक एवं पारिवारिक जीवन में भी कर्मयोगी बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नवीन कुमार सिन्हा ने किया। आयोजन एवं प्रबंधन में उप निदेशक अनुज कुमार श्रीवास्तव, सहायक निदेशक डॉ. राज किशोर यादव, डॉ. वरुण चतुर्वेदी, संकाय सदस्य मोहित यादव, धर्मेंद्र कुमार सुमन, प्रचार सहायक मोहम्मद शहंशाह तथा कंप्यूटर प्रोग्रामिंग अधिकारी उपेंद्र कुमार दूबे का उल्लेखनीय योगदान रहा।
आजमगढ़ : अहरौला में सुहेलदेव जयंती की तैयारी में जुटी सुभासपा, डॉ. अरविन्द राजभर ने आँधीपुर में लगायी चौपाल

आजमगढ़ : अहरौला में  22 फरवरी को महाराजा सुहेलदेव की जयंती समारोह की तैयारी को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अरविन्द राजभर फूलपुर तहसील क्षेत्र के आँधीपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने चौपाल लगाकर लोगों से संवाद किया।  चौपाल के दौरान डॉ. अरविन्द राजभर ने अधिक से अधिक संख्या में अहरौला स्थित जनता इंटर कॉलेज के बाग में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव का जीवन संघर्ष और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, इसलिए जयंती समारोह में सभी समाज के लोगों की भागीदारी जरूरी है। पत्र प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में, जिसमें 22 फरवरी को ही कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर द्वारा माहुल के टिकुरिया मैदान में आयोजित कार्यक्रम को लेकर सुभासपा और भाजपा के बीच मतभेद की बात कही गई तो डॉ. अरबिन्द राजभर ने स्पष्ट किया कि कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका अलग कार्यक्रम है, जबकि सुभासपा अहरौला में जयंती मनाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने पुनः लोगों से अधिकाधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामनाथ राजभर ने की तथा संचालन कृष्ण कुमार राजभर ने किया। इस मौके पर संदीप राजभर, गुड्डन राजभर, रमाशंकर राजभर, संतोष कुमार, श्याम राजभर, सुरेंद्र यादव, रवीन्द्र यादव, प्रभावती सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
आजमगढ़ : महाशिवरात्रि को लेकर दीदारगंज थाना प्रभारी की अध्यक्षता में  हुई शांति समिति की बैठक

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ ।दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारा महमूद पुर स्थित प्राचीन शिव मन्दिर परिसर में बुधवार को सायं चार बजे आगामी पर्व महाशिवरात्रि को शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने हेतु क्षेत्र के बहुसंख्यक व अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की उपस्थिति में शांति समिति की बैठक संपन्न हुई जिसमें उपस्थित लोगों से कहा गया कि आप सभी सम्मानित जन मंदिर पर दूर दराज से जलाभिषेक के लिए आए हुए श्रद्धालुओं की मदद कर जलाभिषेक और मेला को शांति पूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में पुलिस प्रशासन की मदद करें। इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक थाना दीदारगंज,अमित यादव,सदरे आलम,संजय कुमार पाठक,इंद्रेश कुमार गुप्ता,अरसद,अबुदरदा,शिव आसरे यादव, विनोद कुमार,अतीक अहमद,कोमल राजभर,मोनू राजभर, अजमल, जनार्दन, आदित्य आदि उपस्थित थे।
रांची नगरपालिका चुनाव 2026: मोरहाबादी डिस्पैच सेंटर का डीडीसी ने किया निरीक्षण, तैयारियों को दिया अंतिम रूप

Image 2Image 3

रांची (11 फरवरी 2026): आगामी नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटा है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार, आज उपविकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने मोरहाबादी स्थित डिस्पैच सेंटर का विस्तृत निरीक्षण किया।

22 फरवरी को रवानगी: निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने बताया कि आगामी 22 फरवरी 2026 को मोरहाबादी केंद्र से ही सभी पोलिंग पार्टियों को उनके निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा। उन्होंने उपनिर्वाचन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि राज्य निर्वाचन आयोग के गाइडलाइंस के अनुसार सभी तैयारियां समय पर और बिना किसी त्रुटि के पूरी कर ली जाएं।

इन सुविधाओं पर रहेगा विशेष जोर: डीडीसी ने डिस्पैच के दिन भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने के लिए चरणबद्ध व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया। मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देने को कहा गया:

निर्वाचन सामग्री किट का सही संकलन।

सुरक्षा बलों की तैनाती और रूट चार्ट के अनुसार वाहनों की व्यवस्था।

मतदान कर्मियों के लिए मेडिकल सहायता, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं।

किसी भी आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क की स्थापना।

पारदर्शिता और समन्वय की अपील: श्री भुवनिया ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया ताकि पूरी निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहे। इस दौरान पोलिंग कर्मियों के रैंडमाइजेशन और उनके प्रशिक्षण से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की गई।

रांची: पहाड़ी मंदिर की भव्य 'शिव बारात' में शामिल होंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, महासमिति ने दिया न्योता

रांची (11 फरवरी 2026): रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में आगामी महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले भव्य महोत्सव की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में आज श्री शिव बारात आयोजन महासमिति, पहाड़ी मंदिर के एक प्रतिनिधिमंडल ने कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की।

Image 2Image 3

मुख्यमंत्री को सपरिवार निमंत्रण: प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आगामी 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर आयोजित होने वाले 'महोत्सव' और 'शिव बारात' में सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया। सदस्यों ने मुख्यमंत्री से सपरिवार इस पावन उत्सव में शामिल होने का विनम्र आग्रह किया।

तैयारियों से कराया अवगत: मुलाकात के दौरान महासमिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को इस वर्ष आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा और सुरक्षा व भव्यता को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए महासमिति को सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर महासमिति के संरक्षक श्री राजीव रंजन प्रसाद, अध्यक्ष श्री राजेश साहू, बादल सिंह, रिवाल्डो वर्मा, शुभाशीष चटर्जी, राम सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

रेलवे अफसर की सड़क हादसे में मौत,मंडल वाणिज्य अधीक्षक को ट्रैक्टर ट्रॉली ने मारी टक्कर
*स्टेशन से लौट रहे थे रेलवे अफसर

गोंडा।जिले में एक सड़क हादसे में रेलवे के मंडल वाणिज्य अधीक्षक अरविंद कुमार की मृत्यु हो गई है।यह दुर्घटना मोतीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गोंडा मनकापुर मार्ग पर स्थित बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड मिल के पास देर शाम हुआ है।उनकी स्कूटी को एक ट्रैक्टर ट्रॉली ने टक्कर मार दी थी,इसके बाद वह ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आ गए।सूचना मिलने पर मोतीगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कराया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार,अरविंद कुमार सुबह रेलवे के काम से मनकापुर रेलवे स्टेशन गए थे।काम समाप्त कर वह देर शाम वापस लौटते समय उनकी स्कूटी बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड मिल के पास ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आ गई,जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया,जहाँ से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रिफर कर दिया गया जिसके बाद उन्हें रेलवे चिकित्सालय लाया गया जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।मृतक अरविंद कुमार गोंडा रेलवे स्टेशन पर मंडल वाणिज्य अधीक्षक के पद पर तैनात थे और वह मूल रूप से बिहार के गया जिले के निवासी थे।उनके परिवार में पत्नी और दो पुत्रियां हैं।मोतीगंज थानाध्यक्ष अरविंद यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है।परिजनों द्वारा तहरीर दिए जाने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस के अनुसार, परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दिया है।
लालगंज में टी बी उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन, 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को जागरूक किया गया
मिर्जापुर। लालगंज - टी बी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत किसान कल्याण केन्द्र लालगंज में कैंप लगाकर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टी बी रोग के प्रति जागरूक किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लालगंज के क्षय विभाग के वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शमीम अहमद ने टी बी के समस्त लक्षणों से परिचित कराते हुए उन्हें सरकारी स्तर से प्रदान की जाने वाली समस्त निः शुल्क सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।

शमीम अहमद ने बताया कि टी बी प्रभावित मरीजों को सरकारी स्तर से भारत सरकार की तरफ से 1000 रुपये प्रति माह पोषण योजना के तहत खान पान और भरण पोषण के लिए दिया जाता है, जब तक टी बी की दवा चलेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी को टी बी के लक्षण दिखाई देते हैं तो वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं और इस मानवीय कार्य में सहयोग करें।

इस अवसर पर डॉक्टर पंकज, डॉक्टर मनोज, शमीम अहमद, धनंजय श्रीवास्तव (वर्ड हेल्थ पार्टनर), नीरज सिंह एल टी आदि लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में तीन संदिग्ध रोगियों की स्क्रीनिंग की गई और उन्हें इस्पुटम कंटेनर दिया गया।
बजट 2026-27 को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया ऐतिहासिक


* पर्यटन और संस्कृति को मिला बड़ा प्रोत्साहन, आस्था स्थलों के विकास से बढ़ेगा रोजगार और निवेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत यह बजट प्रदेश को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री ने कहा कि बजट में बुनियादी ढांचे, जनकल्याण और विकासोन्मुखी क्षेत्रों के साथ पर्यटन एवं संस्कृति को विशेष प्राथमिकता दी गई है। नैमिषारण्य, अयोध्या, वाराणसी, विंध्याचल, मथुरा और प्रयागराज जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं, जिससे पर्यटक सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा और औसत प्रवास अवधि दो-तीन दिन से बढ़कर लगभग एक सप्ताह तक होने की संभावना है।

* पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि
जयवीर सिंह ने बताया कि वाराणसी में वर्ष 2024 में 11.01 करोड़ पर्यटक आए थे, जो 2025 में बढ़कर 17.30 करोड़ से अधिक हो गए। अयोध्या में यह संख्या 16.44 करोड़ से बढ़कर 29.95 करोड़ से अधिक पहुंच गई। मथुरा में 9.01 करोड़ से बढ़कर 10.24 करोड़, मिर्जापुर में 1.41 करोड़ से बढ़कर 2.10 करोड़ और चित्रकूट में 1.18 करोड़ से बढ़कर 3.65 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे। प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के दौरान 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि वर्ष 2026 के माघ मेले में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।

जनवरी से जून 2025 के बीच प्रदेश में लगभग 122 करोड़ पर्यटक आए, जिनमें 121 करोड़ से अधिक घरेलू और 33 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक शामिल हैं।

* विकास योजनाओं के लिए बड़े बजटीय प्रावधान
‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास योजना’ के अंतर्गत 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के लिए 150 करोड़ रुपये, नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से 100 करोड़ रुपये तथा विंध्यवासिनी देवी धाम और वाराणसी में पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ब्रज क्षेत्र में भी तीर्थ एवं पारिवारिक पर्यटन को सशक्त बनाने के लिए विकास कार्य प्रस्तावित हैं।

* होमस्टे और महिला सशक्तिकरण पर जोर
प्रदेश में 5000 नए होमस्टे विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यटन को रोजगार सृजन का प्रमुख माध्यम बताते हुए मंत्री ने कहा कि महिला गाइड प्रशिक्षण हेतु लाइसेंस शुल्क माफ किया जाएगा, जिससे पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।

* सांस्कृतिक विरासत को संवारने की पहल
सरकार ने सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया है। बलरामपुर के इमिलिया कोडर में थारू जनजाति संस्कृति संग्रहालय, वाराणसी के रामनगर में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक निवास पर संग्रहालय तथा बटेश्वर में अटल बिहारी वाजपेयी सांस्कृतिक संकुल का लोकार्पण किया जा चुका है। लखनऊ में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि प्रयागराज में निषादराज गुहा सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया गया है। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह बजट प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर सशक्त करने की स्पष्ट प्रतिबद्धता दर्शाता है और आने वाले समय में पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनेगा।
योगी सरकार का बजट विकसित उत्तर प्रदेश 2047 की कृषि आधारशिला : सूर्य प्रताप शाही


* कृषि क्षेत्र के लिए 10,888 करोड़ का प्रावधान, 20 प्रतिशत वृद्धि

लखनऊ। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट 2026-27 विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में सशक्त रोडमैप है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों को समर्पित है और उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएगा।

* कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता, 20% अधिक बजट
मंत्री शाही ने बताया कि वर्ष 2026-27 में कृषि योजनाओं के लिए लगभग 10,888 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2026-27 में 753.55 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न तथा 48.18 लाख मीट्रिक टन तिलहन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे खाद्य सुरक्षा सुदृढ़ होगी और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

* एग्रीएक्सपोर्ट हब और एक्वा इंफ्रास्ट्रक्चर
यूपीएग्रीज परियोजना के अंतर्गत एग्रीएक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए 245 करोड़ रुपये तथा एक्वाब्रिज परियोजना के तहत विश्वस्तरीय हैचरी एवं प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना हेतु 155 करोड़ रुपये की बाह्य सहायतित योजना प्रस्तावित की गई है। इससे कृषि निर्यात और मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।

* एफपीओ और सोलर पंप योजना को बल
किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को सशक्त बनाने के लिए रिवाल्विंग फंड योजना में 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डीजल पंप सेट को सोलर पंप में परिवर्तित करने की योजना हेतु 637.84 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जिससे किसानों की ऊर्जा लागत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

* प्राकृतिक खेती और सिंचाई सुदृढ़ीकरण
नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना प्रदेश के सभी जनपदों में 94,300 हेक्टेयर क्षेत्र में संचालित की जा रही है, जिसके लिए 298 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषकों के निजी नलकूपों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 2,400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

* बीज स्वावलंबन और किसान समृद्धि पर फोकस
उत्तर प्रदेश बीज स्वावलंबन नीति 2024 के अंतर्गत सीड पार्क विकास परियोजना हेतु 251 करोड़ रुपये तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के लिए लगभग 103 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित करने और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बजट विकसित उत्तर प्रदेश 2047 की मजबूत कृषि आधारशिला साबित होगा।
अल्पसंख्यक कल्याण हेतु 2,058 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित, शिक्षा और सशक्तिकरण को मिलेगा बल

* प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं से सर्वांगीण विकास को नई गति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में अल्पसंख्यक समाज के सर्वांगीण विकास के लिए 2,058 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है। यह प्रावधान शिक्षा, सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से किया गया है।अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट प्रोग्राम प्रदेश के 21 ऐसे जनपदों में संचालित है, जहां अल्पसंख्यक जनसंख्या का अनुपात अधिक है। इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये की बजटीय व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे एवं अन्य विकास कार्यों को गति मिलेगी।

शिक्षा के क्षेत्र में अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने हेतु पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए 391 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे जरूरतमंद और मेधावी विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा जारी रखने में सहायता मिलेगी। बुनकर समाज के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विद्युत बिल फ्लैट रेट योजना के अंतर्गत 4,423 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस योजना से बुनकरों को सस्ती एवं सुलभ विद्युत सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनके व्यवसाय को मजबूती मिलेगी और आय में वृद्धि होगी।

मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक समाज के उत्थान, शिक्षा विस्तार और रोजगारपरक विकास के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। इन योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
एसआईआरडी में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा दिया जा रहा प्रशिक्षण

* मिशन कर्मयोगी और विकसित भारत-2047 पर विशेष फोकस

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (एसआईआरडी), बख्शी का तालाब, लखनऊ में सरकारी एवं अर्धसरकारी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा रचनात्मक कार्यों से जुड़े व्यक्तियों को दक्ष एवं सक्षम बनाने हेतु विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू के संरक्षण तथा अपर निदेशक सुबोध दीक्षित के मार्गदर्शन एवं प्रशासनिक नियंत्रण में 9 से 14 फरवरी तक कई महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। केंद्रीय सचिवालय प्रबंध प्रशिक्षण संस्थान, भारत सरकार के सहयोग से विभिन्न मंत्रालयों में नवनियुक्त सहायक अनुभाग अधिकारियों के लिए “विलेज अटैचमेंट” विषयक प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। इसके अंतर्गत लखनऊ एवं आसपास के जनपदों में जिला, तहसील, विकासखंड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर शासकीय कार्यप्रणाली और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका का व्यवहारिक अध्ययन कराया जा रहा है।
इसी अवधि में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडी), राजेंद्र नगर, हैदराबाद के सहयोग से उत्तर प्रदेश, बिहार एवं उत्तराखंड के खंड विकास अधिकारियों के लिए “मिशन कर्मयोगी एवं विकसित भारत-2047” विषयक आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। साथ ही 9 से 11 फरवरी तक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए “लर्निंग बाय डूइंग” विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संपन्न हुआ।
बुधवार को वेबिनार के माध्यम से आयोजित सत्र में महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता में विशिष्ट अतिथि वक्ताओं—सुभाष चंद्र दूबे (महानिरीक्षक, महिला एवं बाल सुरक्षा, 1090), प्रो. डॉ. आर. रमेश (एनआईआरडी, हैदराबाद) तथा डॉ. लाखन सिंह (सहायक प्रोफेसर, एनआईआरडी)—ने मिशन कर्मयोगी पर विस्तार से व्याख्यान दिया। इसमें भारत सरकार के सहायक अनुभाग अधिकारियों तथा यूपी, बिहार एवं उत्तराखंड के खंड विकास अधिकारियों ने सहभागिता की।
समापन सत्र में महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू ने कहा कि मिशन कर्मयोगी केवल कार्यालय समय तक सीमित दायित्व नहीं है, बल्कि प्रत्येक अधिकारी और नागरिक को अपने सार्वजनिक एवं पारिवारिक जीवन में भी कर्मयोगी बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नवीन कुमार सिन्हा ने किया। आयोजन एवं प्रबंधन में उप निदेशक अनुज कुमार श्रीवास्तव, सहायक निदेशक डॉ. राज किशोर यादव, डॉ. वरुण चतुर्वेदी, संकाय सदस्य मोहित यादव, धर्मेंद्र कुमार सुमन, प्रचार सहायक मोहम्मद शहंशाह तथा कंप्यूटर प्रोग्रामिंग अधिकारी उपेंद्र कुमार दूबे का उल्लेखनीय योगदान रहा।