भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : धर्मपाल सिंह

लखनऊ। धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में संचालित “भूसा संग्रहण अभियान” की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौआश्रय स्थलों में किसी भी गौवंश को भूखा-प्यासा नहीं रहने दिया जाए। उन्होंने कहा कि भूसा संग्रहण, पशु आहार प्रबंधन और गौआश्रय स्थलों के संचालन को मिशन मोड में संचालित किया जाए तथा लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने भूसा संग्रहण में न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले जनपद हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया और अयोध्या को चेतावनी देते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुंतल निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 1.11 करोड़ कुंतल भूसा संग्रहित किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गेहूं कटाई के मौजूदा मौसम का लाभ उठाकर अधिक से अधिक भूसा संग्रहित किया जाए। साथ ही भूसा एवं साइलेज टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा गोचर भूमि को कब्जामुक्त कर हरा चारा बोने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में गौआश्रय स्थलों पर गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने पशुओं की सुरक्षा के लिए समयबद्ध टीकाकरण अभियान चलाने तथा दवाइयों और वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
धर्मपाल सिंह ने गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने पर भी बल देते हुए कहा कि इससे गोबर का समुचित प्रबंधन होगा और गौआश्रय स्थल आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि गोबर गैस और जैविक खाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायक होगी।
बैठक में मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीओ द्वारा संचालित गौआश्रय स्थलों का सत्यापन कर उनकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं का संचालन व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 7386 गौआश्रय स्थलों में 12,37,694 गोवंश संरक्षित हैं, जबकि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1,14,481 लाभार्थियों को 1,84,227 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। अभियान के तहत 1905 अस्थायी एवं 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। भूसा संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों में जालौन, मुजफ्फरनगर, नोएडा, मिर्जापुर और महोबा शामिल हैं।
कर्मचारी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिले हरिकिशोर तिवारी
* कैशलेस योजना और पेंशन मुद्दे पर उठाई आवाज

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश के कर्मचारियों एवं शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारी संगठनों और शासन स्तर पर लंबित बैठकों को लेकर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
इं. तिवारी ने कहा कि तत्कालीन अपर मुख्य सचिव कार्मिक देवेश चतुर्वेदी के दिल्ली स्थानांतरण के बाद से कर्मचारी संगठनों के साथ किसी भी स्तर पर नियमित बैठक नहीं हो सकी है, जिसके कारण कर्मचारियों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान लंबित पड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि शासनादेश जारी कर कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित संवाद और बैठकें सुनिश्चित कराई जाएं।
बैठक में वर्ष 2016 की पं. दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। परिषद की ओर से कहा गया कि लंबे आंदोलन और संघर्ष के बाद बनी यह नियमावली गंभीर बीमारियों—जैसे कैंसर, ब्रेन हेमरेज, लीवर ट्रांसप्लांट, घुटना प्रत्यारोपण आदि—के लिए असीमित इलाज की व्यवस्था प्रदान करती थी, लेकिन बाद में इसे आयुष्मान योजना से जोड़कर इलाज की सीमा मात्र पांच लाख रुपये तक सीमित कर दी गई। परिषद ने मूल नियमावली को पुनः लागू करने की मांग की।
लोक निर्माण विभाग में ऑनलाइन आगणन और स्वीकृति प्रक्रियाओं में हो रही देरी का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। परिषद ने कहा कि अधिकांश स्वीकृतियां वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में जारी होने से कार्यों को जल्दबाजी में पूरा करना पड़ता है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। परिषद पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि वर्ष 2018 में कर्मचारी-शिक्षक आंदोलन के दौरान सरकार ने समिति बनाकर वार्ता कराई थी। इसी क्रम में सरकारी अंशदान को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया, जिसने नई पेंशन व्यवस्था की कमियों के आकलन और आगे चलकर यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) जैसे विकल्प तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिषद ने कहा कि कर्मचारियों के हित में आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर पर परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी, कार्यवाहक महामंत्री डॉ. नरेश, सुभाष पांडे, एच.एन. मिश्रा, अखिलेश अग्निहोत्री, आशुतोष तिवारी, प्रभात मिश्रा, संतोष तिवारी, अनुज शुक्ला और दिवाकर राय सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री से सकारात्मक कार्रवाई और आवश्यक आदेश जारी होने की उम्मीद जताई।
“संपदा” कार्यक्रम में सहेजी गई विलुप्त होती अलगोजा वादन परंपरा, ब्रज लोक संगीत की बिखरी छटा


लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संगीत परंपराओं और विलुप्तप्राय लोक वाद्यों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान एवं उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में “संपदा” कार्यक्रम के अंतर्गत विलुप्त हो रहे अलगोजा वादन का अभिलेखीकरण किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी स्टूडियो में किया गया।
संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी ने बताया कि कार्यक्रम में मथुरा के प्रसिद्ध लोक कलाकार सुखवीर एवं हरप्रसाद ने अलगोजा और चंग वादन की पारंपरिक शैली का प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से ब्रज क्षेत्र की लोक संवेदनाओं, सांगीतिक विरासत और पारंपरिक धुनों को जीवंत कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान अलगोजा वादन और लोक संगीत परंपरा पर केंद्रित एक विशेष साक्षात्कार भी आयोजित किया गया। कलाकारों का साक्षात्कार डॉ. शोभित नाहर ने लिया। इस दौरान अलगोजा वादन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, तकनीकी विशेषताओं, वर्तमान चुनौतियों और नई पीढ़ी तक इस लोक परंपरा को पहुंचाने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश एवं देश की विलुप्त होती लोक कलाओं और वाद्य परंपराओं का दस्तावेजीकरण कर उन्हें संरक्षित करना तथा लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। उपस्थित कला प्रेमियों, शोधार्थियों और संगीत अनुरागियों ने इस पहल को लोक संस्कृति संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी और सार्थक कदम बताया।
बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय खरीफ कर्मशाला शुरू, सूखे से निपटने पर बना कंटीजेंट प्लान

रांची:- सोमवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय खरीफ कर्मशाला का आयोजन हुआ । सभी जिला के कृषि पदाधिकारियों ने आने वाले मौसम को ध्यान में रखते हुए जिलों में किए जा रही तैयारियों को एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से बतलाया । आने वाले मौसम में यदि राज्य में सूखे की आशंका बनती है तो, जिलों में किस प्रकार की तैयारियां की जा रही है इससे अवगत कराया ।

सूखे की स्थिति में किसानों को राहत पहुंचाना प्राथमिकता

बिरसा विश्वविद्यालय के कुलपति श्री एससी दुबे ने कर्मशाला में सभी जिला के कृषि पदाधिकारियों को एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी कि प्राकृतिक आपदा (सूखे की स्थिति) में हमलोग किस प्रकार की तैयारी करें कि किसानों को ज़्यादा से ज्यादा राहत पहुँचा सकें। उन्होंने बतलाया कि जुलाई के अंतिम सप्ताह तक सभी तैयारियाँ और प्लान सुनिश्चित कर लें। बीज वितरण को प्राथमिकता के साथ लें। नर्सरी प्रबंधन पर फोकस करें। इंटरक्रॉपिंग भी साथ साथ करें। सूखे की यदि थोड़ी भी संभावना दिखे तो उसे देखते हुए युरिया का प्रयोग सावधानी के साथ करें। सॉइल कांजेर्वेशन और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता दें। बागवानी भी साथ-साथ में करें। आम-लीची के पेड़ लगायें। पानी की कमी है तो खेत खाली ना छोड़े बल्कि ख़रीफ़ सब्जी लगायें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि झारखंड में किसानों की आय बढ़ानी है तो सिर्फ़ खेती पर निर्भर ना रहें बल्कि किसानों को पशुपालन के लिए भी प्रेरित करें ।

राज्य में मानसून के मद्देनज़र सभी तैयारियां करें सुनिश्चित

उपनिदेशक , सांख्यिकीय,श्री शैलेन्द्र कुमार ने कहा कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने सभी पदाधिकारियों को निदेश दिया है कि राज्य में यदि सूखे की स्थिति बनती है तो इस मद्देनज़र सभी स्तर पर व्यापक तैयारियां सुनिश्चित किया जाए। सूखे की स्थिति में अन्य विकल्पों पर कार्य करें। कृषि विभाग से जुड़े सभी प्रभाग को बेहतर समन्वय बनाते हुए सभी तैयारियाँ रखें ताकि किसी भी प्रकार की आपदा से निपटा जा सके और राज्य के किसानों को राहत मिल सके । इन सभी पर आकस्मिक योजना की जानकारी देने हेतु 11 एवं 12 मई को दो दिवसीय कर्मशाला का आयोजन किया जा रहा है। जहाँ पहले दिन सोमवार को कंटीजेंट प्लान(आकस्मिक योजना ) पर प्रेजेंटेशन दिया गया और मंगलवार को दूसरे दिन कर्मशला का आयोजन होगा ।

विभिन्न जिलों के कृषि पदाधिकारियों ने बतलाया कांटीजेंट प्लान

रांची के जिला कृषि पदाधिकारी श्री राम शंकर प्रसाद सिंह रांची जिला के कंटिंजेंट प्लान को एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में की जा रही तैयारियों को बतलाया। इन्होंने कहा कि यदि राज्य में सूखे की स्थिति बनती है तो उस मुताबिक़ हमलोगों ने कांटीजेंट प्लान (आकस्मिक योजना) तैयार किया गया है ।

जिला कृषि पदाधिकारी खूँटी श्री हरिकेश ने खूँटी जिला में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए बनायी गई आकस्मिक योजना की जानकारी एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी ।

इसके अलावा राज्य के सभी जिला के कृषि पदाधिकारियों ने अपने- अपने जिलों में की जा रही तैयारियों की जानकारी दी ।

कार्यक्रम में कृषि विभाग से जुड़े पदाधिकारी, जिलों से आयें कृषि पदाधिकारी , संबंधित विभिन्न विभागों से जुड़े पदाधिकारीगण सहित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के पदाधिकारीगण, कृषि वैज्ञानिक आदि उपस्थित थे ।

बरही में इंटर विलेज नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन-2 का भव्य आयोजन, कोबरा 203 वाहिनी बनी विजेता

बरही प्रखंड के बेन्दगी पंचायत अंतर्गत जेबरा क्लब रामनगर हसनदाग में आयोजित एक दिवसीय इंटर विलेज नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन-2 का रविवार रात भव्य शुभारंभ हुआ। टूर्नामेंट का उद्घाटन हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल एवं बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने फीता काटकर किया। इस दौरान सांसद और विधायक ने मैदान में बल्लेबाजी कर खिलाड़ियों एवं दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के खेल आयोजनों से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच मिलता है। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि अनुशासन, टीम भावना, ऊर्जा और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का जरिया है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देने का काम करते हैं। वहीं बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने कहा कि ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन बेहद जरूरी है। इससे युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे खेल के क्षेत्र में भी बेहतर भविष्य बना सकते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। 

फाइनल मुकाबले में कोबरा 203 वाहिनी ने मारी बाजी :

फाइनल मैच पारा 11 और कोबरा 203 वाहिनी के बीच खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए कोबरा वाहिनी 203 ने आठ ओवर में 103 रन बनाए। टीम की ओर से भूषण कुमार ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 60 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पारा 11 की टीम 68 रन पर सिमट गई। इस तरह कोबरा 203 वाहिनी ने 35 रन से शानदार जीत दर्ज कर टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम कोबरा वाहिनी 203 के कप्तान दीपक कुमार को विजेता शील्ड प्रदान की गई, जबकि रनर ट्रॉफी पारा 11 के कप्तान योगेंद्र राणा को दी गई। दोनों सेमीफाइनलिस्ट टीमों को भी शील्ड देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि रमेश ठाकुर, जिला परिषद सदस्य प्रीति कुमारी, जिप प्रतिनिधि गुरुदेव गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि भगवान केशरी, मोतीलाल चौधरी, भाजपा मंडल अध्यक्ष सह मुखिया संघ अध्यक्ष विजय यादव, मंडल अध्यक्ष नागेश्वर रजक, भाजपा युवा नेता आकाश जायसवाल, शिक्षक संजय दुबे, उपमुखिया मनोज उपाध्याय, श्रीदस इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य रोहित सिंह, समाज के अध्यक्ष डॉ. रामटहल साव, सचिव कपिल साव, उपसचिव दशरथ यादव, उपमुखिया अशोक राणा, पंसस प्रतिनिधि झमन यादव, कोषाध्यक्ष खेमाली साव, राजेंद्र साव, बाल्मीकि साव, महेश राणा, गणेश राणा, राजदेव यादव, कार्तिक यादव, महावीर राणा, विष्णु साव, महेंद्र पासवान, खगेश्वर राणा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। वहीं टूर्नामेंट को सफल बनाने में अध्यक्ष सुधीर राणा, उपाध्यक्ष पंकज सिंह, कोषाध्यक्ष गुरु प्रसाद राणा, कृष्णा राणा, सचिव मोनू राणा, खेल संचालक अबोध राणा, उपखेल संचालक पंकज साव, उपसंचालक मुनेश्वर यादव, शत्रुध्न साव, टीम संयोजक आकाश यादव, मुख्य अंपायर रोहित सिंह, हेमंत साव, संदीप यादव तथा सहयोगियों में संदीप राणा, धीरेंद्र यादव, सचिन साव, बिरेंद्र यादव, सतीश यादव समेत अन्य लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

18 मई को हजारीबाग में होगा जन वितरण प्रणाली विक्रेता संघ का राज्य स्तरीय सम्मेलन

हजारीबाग, 11 मई 2026 — जन वितरण प्रणाली विक्रेता संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को जिला परिषद भवन सर्किट हाउस हजारीबाग के सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष नंदु प्रसाद ने की, जबकि संचालन जिला सचिव अरुण राणा ने किया।

बैठक में 18 मई 2026 को हजारीबाग में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय सम्मेलन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि सम्मेलन का आयोजन हजारीबाग के मुंद्रिका कुंज में सुबह 10 बजे से किया जाएगा।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन के केंद्रीय महासचिव श्री विश्वाभर बसु शामिल होंगे। वहीं झारखंड प्रदेशाध्यक्ष श्री सुरेश प्रसाद और महासचिव संजय कुंडू भी उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा झारखंड राज्य के सभी जिलों से जिला अध्यक्ष एवं उनके प्रतिनिधिमंडल सम्मेलन में भाग लेंगे।

बैठक में निर्णय लिया गया कि हजारीबाग सांसद एवं सदर विधायक को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया जाएगा। सम्मेलन में हजारीबाग जिले के सभी प्रखंड अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, सक्रिय सदस्य, डीलर एवं स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्य बड़ी संख्या में शामिल होंगी।

बैठक में सुनील कुमार सिंहा, अशोक चंद्रवंशी, टेको चंद महतो, राम प्रकाश वर्मा, अर्चना सिंहा, शम्भू यादव, राम चरण करमाली, खुर्शीद आलम, दिलीप पासवान, सुकुल रजक, डोमन पांडे, राम कृष्ण दुबे, धनेश्वर महतो, श्याम सुंदर पांडे, बालेश्वर ठाकुर, नंदलाल तिवारी, राहुल गुप्ता, सत्येंद्र कुमार गुप्ता, रामेश्वर राम, कूवर साव, अनुपम सिंह, सुखदेव साव, मो. इरशाद सहित कार्यसमिति के सभी सदस्यों ने भाग लिया।

विकसित भारत-जी राम जी कानून इस दिन से होगा लागू, मिलेगी 100 की जगह 125 दिन रोजगार की गारंटी

#vbgramgact2025tocomeintoforceacrossindiafromjuly1

केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार और आजीविका को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम लागू करने की घोषणा की है।

खत्म हो जाएगा मनरेगा कानून

केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025’ को अधिसूचित कर दिया है। यह कानून 1 जुलाई, 2026 से पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा। इसी दिन से महात्मा गांधी नरेगा (मनरेगा) कानून निरस्त हो जाएगा। सरकार का कहना है कि यह योजना मौजूदा महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून यानी मनरेगा को नए स्वरूप में आगे बढ़ाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने पर फोकस करेगी।

125 दिनों की रोजगार की गारंटी मिलेगी

इस कानून के तहत हर पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी। पहले मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार मिलता था। यदि रोजगार मांगने के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो संबंधित श्रमिक बेरोजगारी भत्ते के हकदार होंगे।

भुगतान और मुआवजे का प्रावधान

अधिनियम में मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर करने का प्रावधान है। भुगतान सीधे बैंक या डाकघर खातों में डीबीटी के जरिए किया जाएगा। यदि मजदूरी भुगतान में देरी होती है, तो श्रमिकों को प्रति दिन बकाया मजदूरी का 0.05 प्रतिशत मुआवजा भी मिलेगा।

कार्यक्रम पर अब तक का सबसे बड़ा आवंटन

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस कार्यक्रम पर ₹95,692.31 करोड़ का बजटीय आवंटन किया है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा बजटीय प्रावधान बताया गया है। राज्यों के हिस्से को जोड़कर कुल परिव्यय ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक पहुंचने का अनुमान है। सरकार का दावा है कि यह निवेश ग्रामीण आधारभूत ढांचे, रोजगार सृजन और आय बढ़ाने में मदद करेगा

हर पीड़ित को न्याय और हर पात्र को योजनाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता : केशव प्रसाद मौर्य
* जनता दर्शन में उप मुख्यमंत्री ने सुनीं जन समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर पीड़ित को न्याय दिलाना और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को लखनऊ स्थित 7-कालिदास मार्ग कैंप कार्यालय में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांगजन और युवा शामिल हुए।
जनता दर्शन में भूमि विवाद, राजस्व मामले, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। केशव प्रसाद मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का त्वरित, प्रभावी और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि ‘जनता दर्शन’ सरकार और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, जिससे वास्तविक समस्याओं की जानकारी मिलती है और उनका समयबद्ध समाधान संभव हो पाता है। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण को केवल औपचारिकता न बनाया जाए, बल्कि ऐसा समाधान किया जाए जिससे पीड़ित व्यक्ति को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
भूमि विवाद और अवैध कब्जों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने जिलाधिकारियों को राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भेजकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न और अवैध कब्जों के मामलों में आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ होना चाहिए, ताकि आमजन का शासन और प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
“मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिलाओं/बालिकाओं को किया गया जागरूक
गोण्डा। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। इस अवसर पर एण्टी रोमियो स्क्वायड टीमों एवं महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मंदिरों, भीड़-भाड़ वाले स्थलों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।

*कार्यक्रम के दौरान महिलाओं/बालिकाओं को निम्न विषयों पर विशेष रूप से जागरूक किया गया—*

महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
आत्मरक्षा के तरीके
कानून द्वारा प्रदत्त अधिकार
भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर सतर्कता बरतने के उपाय

महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उपस्थित महिलाओं से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा त्योहार के दौरान सुरक्षित आवागमन एवं संभावित जोखिमों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों को चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई, जिससे महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को भरोसा दिलाया गया कि गोण्डा पुलिस उनकी सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सदैव तत्पर है।

*महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर:*
112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
1090 – वूमेन पावर हेल्पलाइन
1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
108 – एम्बुलेंस सेवा
1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
102 – स्वास्थ्य सेवा

अतिरिक्त रूप से महिलाओं/बालिकाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना भी है, ताकि वे हर परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें।
मदर्स डे पर आकाश प्रियदर्शी ने मां के त्याग को किया नमन, कहा- मां का कर्ज चुकाना असंभव

गया: मानपुर के जनकपुर निवासी विशाल प्राइवेट आईटीआई के ट्रस्टी सदस्य सह युवा समाजसेवी आकाश प्रियदर्शी उर्फ 'एपी' ने मातृ दिवस (मदर्स डे) के विशेष अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए मां की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया ! उन्होंने कहा कि इस संसार में मां का स्थान सर्वोपरि है और उनके द्वारा किए गए त्याग व उपकारों का कर्ज कोई भी संतान कभी पूरी तरह नहीं चुका सकती.

आकाश प्रियदर्शी ने भावुक होते हुए कहा कि दुनिया में केवल मां ही ऐसी शख्सियत होती है, जो स्वयं भूखी रहकर और अपना पेट काटकर भी अपने बच्चों का पेट भरती है ! उनका निःस्वार्थ प्रेम और समर्पण ही परिवार की असली शक्ति है ! उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी मां का सदैव सम्मान करें, क्योंकि मां के आशीर्वाद के बिना जीवन में सच्ची सफलता और सुख की प्राप्ति असंभव है ! माता का प्रेम ही इस सृष्टि का आधार है.

भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : धर्मपाल सिंह

लखनऊ। धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में संचालित “भूसा संग्रहण अभियान” की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौआश्रय स्थलों में किसी भी गौवंश को भूखा-प्यासा नहीं रहने दिया जाए। उन्होंने कहा कि भूसा संग्रहण, पशु आहार प्रबंधन और गौआश्रय स्थलों के संचालन को मिशन मोड में संचालित किया जाए तथा लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने भूसा संग्रहण में न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले जनपद हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया और अयोध्या को चेतावनी देते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुंतल निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 1.11 करोड़ कुंतल भूसा संग्रहित किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गेहूं कटाई के मौजूदा मौसम का लाभ उठाकर अधिक से अधिक भूसा संग्रहित किया जाए। साथ ही भूसा एवं साइलेज टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा गोचर भूमि को कब्जामुक्त कर हरा चारा बोने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में गौआश्रय स्थलों पर गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने पशुओं की सुरक्षा के लिए समयबद्ध टीकाकरण अभियान चलाने तथा दवाइयों और वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
धर्मपाल सिंह ने गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने पर भी बल देते हुए कहा कि इससे गोबर का समुचित प्रबंधन होगा और गौआश्रय स्थल आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि गोबर गैस और जैविक खाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायक होगी।
बैठक में मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीओ द्वारा संचालित गौआश्रय स्थलों का सत्यापन कर उनकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं का संचालन व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 7386 गौआश्रय स्थलों में 12,37,694 गोवंश संरक्षित हैं, जबकि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1,14,481 लाभार्थियों को 1,84,227 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। अभियान के तहत 1905 अस्थायी एवं 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। भूसा संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों में जालौन, मुजफ्फरनगर, नोएडा, मिर्जापुर और महोबा शामिल हैं।
कर्मचारी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिले हरिकिशोर तिवारी
* कैशलेस योजना और पेंशन मुद्दे पर उठाई आवाज

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश के कर्मचारियों एवं शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारी संगठनों और शासन स्तर पर लंबित बैठकों को लेकर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
इं. तिवारी ने कहा कि तत्कालीन अपर मुख्य सचिव कार्मिक देवेश चतुर्वेदी के दिल्ली स्थानांतरण के बाद से कर्मचारी संगठनों के साथ किसी भी स्तर पर नियमित बैठक नहीं हो सकी है, जिसके कारण कर्मचारियों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान लंबित पड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि शासनादेश जारी कर कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित संवाद और बैठकें सुनिश्चित कराई जाएं।
बैठक में वर्ष 2016 की पं. दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। परिषद की ओर से कहा गया कि लंबे आंदोलन और संघर्ष के बाद बनी यह नियमावली गंभीर बीमारियों—जैसे कैंसर, ब्रेन हेमरेज, लीवर ट्रांसप्लांट, घुटना प्रत्यारोपण आदि—के लिए असीमित इलाज की व्यवस्था प्रदान करती थी, लेकिन बाद में इसे आयुष्मान योजना से जोड़कर इलाज की सीमा मात्र पांच लाख रुपये तक सीमित कर दी गई। परिषद ने मूल नियमावली को पुनः लागू करने की मांग की।
लोक निर्माण विभाग में ऑनलाइन आगणन और स्वीकृति प्रक्रियाओं में हो रही देरी का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। परिषद ने कहा कि अधिकांश स्वीकृतियां वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में जारी होने से कार्यों को जल्दबाजी में पूरा करना पड़ता है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। परिषद पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि वर्ष 2018 में कर्मचारी-शिक्षक आंदोलन के दौरान सरकार ने समिति बनाकर वार्ता कराई थी। इसी क्रम में सरकारी अंशदान को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया, जिसने नई पेंशन व्यवस्था की कमियों के आकलन और आगे चलकर यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) जैसे विकल्प तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिषद ने कहा कि कर्मचारियों के हित में आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर पर परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी, कार्यवाहक महामंत्री डॉ. नरेश, सुभाष पांडे, एच.एन. मिश्रा, अखिलेश अग्निहोत्री, आशुतोष तिवारी, प्रभात मिश्रा, संतोष तिवारी, अनुज शुक्ला और दिवाकर राय सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री से सकारात्मक कार्रवाई और आवश्यक आदेश जारी होने की उम्मीद जताई।
“संपदा” कार्यक्रम में सहेजी गई विलुप्त होती अलगोजा वादन परंपरा, ब्रज लोक संगीत की बिखरी छटा


लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संगीत परंपराओं और विलुप्तप्राय लोक वाद्यों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान एवं उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में “संपदा” कार्यक्रम के अंतर्गत विलुप्त हो रहे अलगोजा वादन का अभिलेखीकरण किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी स्टूडियो में किया गया।
संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी ने बताया कि कार्यक्रम में मथुरा के प्रसिद्ध लोक कलाकार सुखवीर एवं हरप्रसाद ने अलगोजा और चंग वादन की पारंपरिक शैली का प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से ब्रज क्षेत्र की लोक संवेदनाओं, सांगीतिक विरासत और पारंपरिक धुनों को जीवंत कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान अलगोजा वादन और लोक संगीत परंपरा पर केंद्रित एक विशेष साक्षात्कार भी आयोजित किया गया। कलाकारों का साक्षात्कार डॉ. शोभित नाहर ने लिया। इस दौरान अलगोजा वादन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, तकनीकी विशेषताओं, वर्तमान चुनौतियों और नई पीढ़ी तक इस लोक परंपरा को पहुंचाने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश एवं देश की विलुप्त होती लोक कलाओं और वाद्य परंपराओं का दस्तावेजीकरण कर उन्हें संरक्षित करना तथा लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। उपस्थित कला प्रेमियों, शोधार्थियों और संगीत अनुरागियों ने इस पहल को लोक संस्कृति संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी और सार्थक कदम बताया।
बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय खरीफ कर्मशाला शुरू, सूखे से निपटने पर बना कंटीजेंट प्लान

रांची:- सोमवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय खरीफ कर्मशाला का आयोजन हुआ । सभी जिला के कृषि पदाधिकारियों ने आने वाले मौसम को ध्यान में रखते हुए जिलों में किए जा रही तैयारियों को एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से बतलाया । आने वाले मौसम में यदि राज्य में सूखे की आशंका बनती है तो, जिलों में किस प्रकार की तैयारियां की जा रही है इससे अवगत कराया ।

सूखे की स्थिति में किसानों को राहत पहुंचाना प्राथमिकता

बिरसा विश्वविद्यालय के कुलपति श्री एससी दुबे ने कर्मशाला में सभी जिला के कृषि पदाधिकारियों को एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी कि प्राकृतिक आपदा (सूखे की स्थिति) में हमलोग किस प्रकार की तैयारी करें कि किसानों को ज़्यादा से ज्यादा राहत पहुँचा सकें। उन्होंने बतलाया कि जुलाई के अंतिम सप्ताह तक सभी तैयारियाँ और प्लान सुनिश्चित कर लें। बीज वितरण को प्राथमिकता के साथ लें। नर्सरी प्रबंधन पर फोकस करें। इंटरक्रॉपिंग भी साथ साथ करें। सूखे की यदि थोड़ी भी संभावना दिखे तो उसे देखते हुए युरिया का प्रयोग सावधानी के साथ करें। सॉइल कांजेर्वेशन और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता दें। बागवानी भी साथ-साथ में करें। आम-लीची के पेड़ लगायें। पानी की कमी है तो खेत खाली ना छोड़े बल्कि ख़रीफ़ सब्जी लगायें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि झारखंड में किसानों की आय बढ़ानी है तो सिर्फ़ खेती पर निर्भर ना रहें बल्कि किसानों को पशुपालन के लिए भी प्रेरित करें ।

राज्य में मानसून के मद्देनज़र सभी तैयारियां करें सुनिश्चित

उपनिदेशक , सांख्यिकीय,श्री शैलेन्द्र कुमार ने कहा कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने सभी पदाधिकारियों को निदेश दिया है कि राज्य में यदि सूखे की स्थिति बनती है तो इस मद्देनज़र सभी स्तर पर व्यापक तैयारियां सुनिश्चित किया जाए। सूखे की स्थिति में अन्य विकल्पों पर कार्य करें। कृषि विभाग से जुड़े सभी प्रभाग को बेहतर समन्वय बनाते हुए सभी तैयारियाँ रखें ताकि किसी भी प्रकार की आपदा से निपटा जा सके और राज्य के किसानों को राहत मिल सके । इन सभी पर आकस्मिक योजना की जानकारी देने हेतु 11 एवं 12 मई को दो दिवसीय कर्मशाला का आयोजन किया जा रहा है। जहाँ पहले दिन सोमवार को कंटीजेंट प्लान(आकस्मिक योजना ) पर प्रेजेंटेशन दिया गया और मंगलवार को दूसरे दिन कर्मशला का आयोजन होगा ।

विभिन्न जिलों के कृषि पदाधिकारियों ने बतलाया कांटीजेंट प्लान

रांची के जिला कृषि पदाधिकारी श्री राम शंकर प्रसाद सिंह रांची जिला के कंटिंजेंट प्लान को एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में की जा रही तैयारियों को बतलाया। इन्होंने कहा कि यदि राज्य में सूखे की स्थिति बनती है तो उस मुताबिक़ हमलोगों ने कांटीजेंट प्लान (आकस्मिक योजना) तैयार किया गया है ।

जिला कृषि पदाधिकारी खूँटी श्री हरिकेश ने खूँटी जिला में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए बनायी गई आकस्मिक योजना की जानकारी एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी ।

इसके अलावा राज्य के सभी जिला के कृषि पदाधिकारियों ने अपने- अपने जिलों में की जा रही तैयारियों की जानकारी दी ।

कार्यक्रम में कृषि विभाग से जुड़े पदाधिकारी, जिलों से आयें कृषि पदाधिकारी , संबंधित विभिन्न विभागों से जुड़े पदाधिकारीगण सहित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के पदाधिकारीगण, कृषि वैज्ञानिक आदि उपस्थित थे ।

बरही में इंटर विलेज नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन-2 का भव्य आयोजन, कोबरा 203 वाहिनी बनी विजेता

बरही प्रखंड के बेन्दगी पंचायत अंतर्गत जेबरा क्लब रामनगर हसनदाग में आयोजित एक दिवसीय इंटर विलेज नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन-2 का रविवार रात भव्य शुभारंभ हुआ। टूर्नामेंट का उद्घाटन हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल एवं बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने फीता काटकर किया। इस दौरान सांसद और विधायक ने मैदान में बल्लेबाजी कर खिलाड़ियों एवं दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के खेल आयोजनों से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच मिलता है। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि अनुशासन, टीम भावना, ऊर्जा और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का जरिया है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देने का काम करते हैं। वहीं बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने कहा कि ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन बेहद जरूरी है। इससे युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे खेल के क्षेत्र में भी बेहतर भविष्य बना सकते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। 

फाइनल मुकाबले में कोबरा 203 वाहिनी ने मारी बाजी :

फाइनल मैच पारा 11 और कोबरा 203 वाहिनी के बीच खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए कोबरा वाहिनी 203 ने आठ ओवर में 103 रन बनाए। टीम की ओर से भूषण कुमार ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 60 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पारा 11 की टीम 68 रन पर सिमट गई। इस तरह कोबरा 203 वाहिनी ने 35 रन से शानदार जीत दर्ज कर टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम कोबरा वाहिनी 203 के कप्तान दीपक कुमार को विजेता शील्ड प्रदान की गई, जबकि रनर ट्रॉफी पारा 11 के कप्तान योगेंद्र राणा को दी गई। दोनों सेमीफाइनलिस्ट टीमों को भी शील्ड देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि रमेश ठाकुर, जिला परिषद सदस्य प्रीति कुमारी, जिप प्रतिनिधि गुरुदेव गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि भगवान केशरी, मोतीलाल चौधरी, भाजपा मंडल अध्यक्ष सह मुखिया संघ अध्यक्ष विजय यादव, मंडल अध्यक्ष नागेश्वर रजक, भाजपा युवा नेता आकाश जायसवाल, शिक्षक संजय दुबे, उपमुखिया मनोज उपाध्याय, श्रीदस इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य रोहित सिंह, समाज के अध्यक्ष डॉ. रामटहल साव, सचिव कपिल साव, उपसचिव दशरथ यादव, उपमुखिया अशोक राणा, पंसस प्रतिनिधि झमन यादव, कोषाध्यक्ष खेमाली साव, राजेंद्र साव, बाल्मीकि साव, महेश राणा, गणेश राणा, राजदेव यादव, कार्तिक यादव, महावीर राणा, विष्णु साव, महेंद्र पासवान, खगेश्वर राणा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। वहीं टूर्नामेंट को सफल बनाने में अध्यक्ष सुधीर राणा, उपाध्यक्ष पंकज सिंह, कोषाध्यक्ष गुरु प्रसाद राणा, कृष्णा राणा, सचिव मोनू राणा, खेल संचालक अबोध राणा, उपखेल संचालक पंकज साव, उपसंचालक मुनेश्वर यादव, शत्रुध्न साव, टीम संयोजक आकाश यादव, मुख्य अंपायर रोहित सिंह, हेमंत साव, संदीप यादव तथा सहयोगियों में संदीप राणा, धीरेंद्र यादव, सचिन साव, बिरेंद्र यादव, सतीश यादव समेत अन्य लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

18 मई को हजारीबाग में होगा जन वितरण प्रणाली विक्रेता संघ का राज्य स्तरीय सम्मेलन

हजारीबाग, 11 मई 2026 — जन वितरण प्रणाली विक्रेता संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को जिला परिषद भवन सर्किट हाउस हजारीबाग के सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष नंदु प्रसाद ने की, जबकि संचालन जिला सचिव अरुण राणा ने किया।

बैठक में 18 मई 2026 को हजारीबाग में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय सम्मेलन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि सम्मेलन का आयोजन हजारीबाग के मुंद्रिका कुंज में सुबह 10 बजे से किया जाएगा।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन के केंद्रीय महासचिव श्री विश्वाभर बसु शामिल होंगे। वहीं झारखंड प्रदेशाध्यक्ष श्री सुरेश प्रसाद और महासचिव संजय कुंडू भी उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा झारखंड राज्य के सभी जिलों से जिला अध्यक्ष एवं उनके प्रतिनिधिमंडल सम्मेलन में भाग लेंगे।

बैठक में निर्णय लिया गया कि हजारीबाग सांसद एवं सदर विधायक को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया जाएगा। सम्मेलन में हजारीबाग जिले के सभी प्रखंड अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, सक्रिय सदस्य, डीलर एवं स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्य बड़ी संख्या में शामिल होंगी।

बैठक में सुनील कुमार सिंहा, अशोक चंद्रवंशी, टेको चंद महतो, राम प्रकाश वर्मा, अर्चना सिंहा, शम्भू यादव, राम चरण करमाली, खुर्शीद आलम, दिलीप पासवान, सुकुल रजक, डोमन पांडे, राम कृष्ण दुबे, धनेश्वर महतो, श्याम सुंदर पांडे, बालेश्वर ठाकुर, नंदलाल तिवारी, राहुल गुप्ता, सत्येंद्र कुमार गुप्ता, रामेश्वर राम, कूवर साव, अनुपम सिंह, सुखदेव साव, मो. इरशाद सहित कार्यसमिति के सभी सदस्यों ने भाग लिया।

विकसित भारत-जी राम जी कानून इस दिन से होगा लागू, मिलेगी 100 की जगह 125 दिन रोजगार की गारंटी

#vbgramgact2025tocomeintoforceacrossindiafromjuly1

केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार और आजीविका को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम लागू करने की घोषणा की है।

खत्म हो जाएगा मनरेगा कानून

केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025’ को अधिसूचित कर दिया है। यह कानून 1 जुलाई, 2026 से पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा। इसी दिन से महात्मा गांधी नरेगा (मनरेगा) कानून निरस्त हो जाएगा। सरकार का कहना है कि यह योजना मौजूदा महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून यानी मनरेगा को नए स्वरूप में आगे बढ़ाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने पर फोकस करेगी।

125 दिनों की रोजगार की गारंटी मिलेगी

इस कानून के तहत हर पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी। पहले मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार मिलता था। यदि रोजगार मांगने के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो संबंधित श्रमिक बेरोजगारी भत्ते के हकदार होंगे।

भुगतान और मुआवजे का प्रावधान

अधिनियम में मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर करने का प्रावधान है। भुगतान सीधे बैंक या डाकघर खातों में डीबीटी के जरिए किया जाएगा। यदि मजदूरी भुगतान में देरी होती है, तो श्रमिकों को प्रति दिन बकाया मजदूरी का 0.05 प्रतिशत मुआवजा भी मिलेगा।

कार्यक्रम पर अब तक का सबसे बड़ा आवंटन

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस कार्यक्रम पर ₹95,692.31 करोड़ का बजटीय आवंटन किया है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा बजटीय प्रावधान बताया गया है। राज्यों के हिस्से को जोड़कर कुल परिव्यय ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक पहुंचने का अनुमान है। सरकार का दावा है कि यह निवेश ग्रामीण आधारभूत ढांचे, रोजगार सृजन और आय बढ़ाने में मदद करेगा

हर पीड़ित को न्याय और हर पात्र को योजनाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता : केशव प्रसाद मौर्य
* जनता दर्शन में उप मुख्यमंत्री ने सुनीं जन समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर पीड़ित को न्याय दिलाना और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को लखनऊ स्थित 7-कालिदास मार्ग कैंप कार्यालय में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांगजन और युवा शामिल हुए।
जनता दर्शन में भूमि विवाद, राजस्व मामले, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। केशव प्रसाद मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का त्वरित, प्रभावी और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि ‘जनता दर्शन’ सरकार और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, जिससे वास्तविक समस्याओं की जानकारी मिलती है और उनका समयबद्ध समाधान संभव हो पाता है। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण को केवल औपचारिकता न बनाया जाए, बल्कि ऐसा समाधान किया जाए जिससे पीड़ित व्यक्ति को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
भूमि विवाद और अवैध कब्जों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने जिलाधिकारियों को राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भेजकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न और अवैध कब्जों के मामलों में आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ होना चाहिए, ताकि आमजन का शासन और प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
“मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिलाओं/बालिकाओं को किया गया जागरूक
गोण्डा। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। इस अवसर पर एण्टी रोमियो स्क्वायड टीमों एवं महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मंदिरों, भीड़-भाड़ वाले स्थलों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।

*कार्यक्रम के दौरान महिलाओं/बालिकाओं को निम्न विषयों पर विशेष रूप से जागरूक किया गया—*

महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
आत्मरक्षा के तरीके
कानून द्वारा प्रदत्त अधिकार
भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर सतर्कता बरतने के उपाय

महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उपस्थित महिलाओं से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा त्योहार के दौरान सुरक्षित आवागमन एवं संभावित जोखिमों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों को चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई, जिससे महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को भरोसा दिलाया गया कि गोण्डा पुलिस उनकी सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सदैव तत्पर है।

*महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर:*
112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
1090 – वूमेन पावर हेल्पलाइन
1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
108 – एम्बुलेंस सेवा
1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
102 – स्वास्थ्य सेवा

अतिरिक्त रूप से महिलाओं/बालिकाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना भी है, ताकि वे हर परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें।
मदर्स डे पर आकाश प्रियदर्शी ने मां के त्याग को किया नमन, कहा- मां का कर्ज चुकाना असंभव

गया: मानपुर के जनकपुर निवासी विशाल प्राइवेट आईटीआई के ट्रस्टी सदस्य सह युवा समाजसेवी आकाश प्रियदर्शी उर्फ 'एपी' ने मातृ दिवस (मदर्स डे) के विशेष अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए मां की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया ! उन्होंने कहा कि इस संसार में मां का स्थान सर्वोपरि है और उनके द्वारा किए गए त्याग व उपकारों का कर्ज कोई भी संतान कभी पूरी तरह नहीं चुका सकती.

आकाश प्रियदर्शी ने भावुक होते हुए कहा कि दुनिया में केवल मां ही ऐसी शख्सियत होती है, जो स्वयं भूखी रहकर और अपना पेट काटकर भी अपने बच्चों का पेट भरती है ! उनका निःस्वार्थ प्रेम और समर्पण ही परिवार की असली शक्ति है ! उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी मां का सदैव सम्मान करें, क्योंकि मां के आशीर्वाद के बिना जीवन में सच्ची सफलता और सुख की प्राप्ति असंभव है ! माता का प्रेम ही इस सृष्टि का आधार है.