बंडा पहाड़ पर उमड़ा भक्ति का सैलाब: 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई परिक्रमा, गूंजा 'हर-हर महादेव'।
गढ़वा: जोबरईया स्थित बंडा पहाड़ के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में चल रहा विराट श्री रुद्र महायज्ञ अब अपने चरम पर है। महायज्ञ के आठवें दिन भक्ति और श्रद्धा का ऐसा अद्भुत संगम दिखा कि 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की।
श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का वर्णन:
संध्याकालीन कथा अमृतवर्षा कार्यक्रम में अयोध्या से पधारे आचार्य पंकज शांडिल्य जी महाराज ने योगीराज श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं और 'माखनचोर' रूप का सजीव वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान ने विश्व कल्याण हेतु ही शेषनाग का मान मर्दन किया और गिरधर रूप धारण कर गोवर्धन पर्वत उठाया। कथा के समापन पर वृंदावन से आए कलाकारों ने दही-हांडी और कृष्ण-राधिका की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की, जिस पर श्रद्धालु झूम उठे।
किसानों का सम्मान और अतिथियों का आगमन:
महायज्ञ के आठवें दिन मुख्य अतिथि के रूप में गढ़वा नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री आशीष सोनी और आजसू जिलाध्यक्ष श्री दीपक शर्मा उपस्थित रहे। इस दौरान एक सराहनीय पहल करते हुए उन किसानों (करमूं पाल, अजय पाल और वीरेंद्र पाल) को सम्मानित किया गया, जिन्होंने महायज्ञ के आयोजन के लिए अपना खेत स्वेच्छा से उपलब्ध कराया है।
व्यवस्था और सेवा:
प्रधान संयोजक राकेश कुमार पाल ने स्वच्छता अभियान को जारी रखते हुए भंडारे के कचरे के सही निपटान के निर्देश दिए। विशेष बात यह रही कि ऊंचरी निवासी लोकनाथ मेहता और सुनील मेहता द्वारा मेले में टैंकरों के माध्यम से निशुल्क जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता भी मुस्तैद दिखे।
मेला क्षेत्र में लगे झूले, मिठाई की दुकानें और श्रृंगार स्टोर बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कार्यक्रम में अनिल सोनी, संजय सोनी सहित हजारों की संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।
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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं। गीता भवन के माध्यम से दार्शनिक वातावरण निर्मित करने का प्रयास है। इन केन्द्रों में युवा वर्ग को गीता के निष्काम कर्म और भारतीय मूल्यों से जोड़ने और शोधार्थियों के लिए विशेष संसाधन उपलब्ध कराना गीता भवन का मुख्य उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को विस्तार देने के लिए 'गीता भवन' परियोजना को अब वृहद स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के सभी 413 शहरों में गीता भवन निर्माण की योजना के लिए 5 वर्षीय कार्ययोजना के वर्ष 2026-27 के लिए 60 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में भारतीय दर्शन, कला और साहित्यिक विमर्श के लिए एक आधुनिक अवसंरचना तैयार करना है। इंदौर और जबलपुर में निर्मित गीता भवन की सफलता को आधार मानते हुए अब इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है।
योजना के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए विभाग ने चार प्रमुख शहरों में ब्राउनफील्ड (Brownfield) प्रोजेक्ट्स को तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इनमें रीवा (5 करोड़ रुपये), छिंदवाड़ा (2.5 करोड़ रुपये), कटनी (2.4 करोड़ रुपये) तथा खंडवा (2 करोड़ रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 6 नगर निगमों सहित 100 नगर पालिकाओं में 'ग्रीनफील्ड' प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित हो चुकी है, जिनकी डीपीआर (DPR) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शेष 313 नगरीय निकायों में भी भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है और जिला कलेक्टरों के माध्यम से आवंटन की प्रक्रिया प्रचलन में है।
प्रत्येक 'गीता भवन' को एक बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके प्रमुख घटकों में अत्याधुनिक ऑडिटोरियम: वृहद स्तर पर सांस्कृतिक एवं वैचारिक आयोजनों के लिये ज्ञान का केंद्र: ज्ञानार्जन के लिए समृद्ध लाइब्रेरी एवं हाई-टेक ई-लाइब्रेरी। व्यावसायिक एवं जन-सुविधाएं: कैफेटेरिया और विशेष रूप से पुस्तकों एवं आध्यात्मिक सामग्री के लिए समर्पित विक्रय केंद्र शामिल हैं।
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