"टिकट तो राहुल गांधी का भी फाइनल नहीं” — हरक सिंह रावत के बयान से कांग्रेस में सियासी हलचल
देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज़ को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में उनका यह बयान— “टिकट तो राहुल गांधी का भी फाइनल नहीं हुआ है”—प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का विषय बन गया है।
दरअसल, हरक सिंह रावत पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने टिकट वितरण को लेकर पार्टी की स्पष्ट नीति सामने रखी। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष होने के नाते बड़ी संख्या में नेता उनके पास टिकट की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन कांग्रेस केवल उसी नेता को टिकट देगी, जो जीतने की स्थिति में होगा—चाहे वह किसी भी बड़े नेता का करीबी क्यों न हो।
हरक सिंह रावत ने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई नेता सीट निकालने की स्थिति में नहीं है, तो उसे टिकट नहीं मिलेगा, चाहे वह उनके, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल या पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के कितने ही नजदीक क्यों न हों। उन्होंने बताया कि यही बात उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ हुई बैठक में राहुल गांधी के सामने भी रखी थी।
उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान उन्होंने राहुल गांधी को अवगत कराया कि कुछ नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी का नाम लेकर यह दावा कर रहे हैं कि उनका टिकट तय हो चुका है। इसी संदर्भ में उन्होंने राहुल गांधी से कहा— “टिकट तो आपका भी फाइनल नहीं है।” इस पर राहुल गांधी चौंक गए, लेकिन बाद में उन्होंने इस विचार से सहमति जताई।
हरक सिंह रावत ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी को समझाया कि यदि पार्टी के वरिष्ठ नेता यह तय करें कि किसी सीट से चुनाव लड़ना उचित नहीं है, तो उस निर्णय को स्वीकार करना चाहिए। राहुल गांधी ने भी इस सोच का समर्थन किया।
अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर हरक सिंह रावत ने कहा कि वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं। पार्टी जिस सीट से चाहे उन्हें चुनाव लड़ने को कहे, वह तैयार हैं। यहां तक कि अगर पार्टी दरी बिछाने को भी कहेगी, तो वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्हें न तो किसी पद की लालसा है और न ही टिकट की।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इन बातों को साझा करने का उद्देश्य सभी कार्यकर्ताओं को सच्चाई से अवगत कराना और उन्हें एकजुट होकर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए प्रेरित करना है।
हरक सिंह रावत ने अपने बयान की पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता नेतृत्व की नजर में है। टिकट का फैसला माहौल, परिस्थितियों और जनता के रुझान को देखते हुए किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उन्हें खुद नहीं पता कि वह कहां से चुनाव लड़ेंगे या उन्हें टिकट मिलेगा भी या नहीं।
10 min ago
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