भदोही पुलिस ने अवैध तमंचा-कारतूस के साथ आरोपी पकड़ा: रेवड़ा परसपुर से गिरफ्तार, अपराध करने की फिराक में था

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव



भदोही। भदोही पुलिस ने एक व्यक्ति को अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी आजम अली पुत्र शौकत मंसूरी को 7-8 मई 2026 की रात ग्राम रेवड़ा परसपुर से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, वह किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में था।

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में जनपद में अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, थाना भदोही पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर की सूचना पर आजम अली (उम्र करीब 40 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त के पास से एक अदद अवैध तमंचा 315 बोर और एक अदद जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ है। इस संबंध में, थाना भदोही में आजम अली के खिलाफ मु0अ0सं0-199/2026 धारा- 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक हरिकेश सिंह, उपनिरीक्षक शमशाद खां, हेड कांस्टेबल श्यामप्रकाश यादव, हेड कांस्टेबल हारुन खां, हेड कांस्टेबल इफ्तेखारुद्दीन और कांस्टेबल अंकुश कुमार शामिल थे।
हजारीबाग में 18 मई को होगा फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन का राज्य स्तरीय सम्मेलन

हजारीबाग में आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन द्वारा 18 मई 2026 को राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन स्थानीय मुंद्रिका कुंज में सुबह 11 बजे से आयोजित होगा। सम्मेलन को सफल बनाने को लेकर एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक 11 मई 2026 को दोपहर 12 बजे जिला परिषदन भवन सर्किट हाउस के सभा कक्ष में बुलाई गई है।

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष नंदु प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव श्री विश्वाभर बसु शामिल होंगे। सम्मेलन में राज्य एवं जिला स्तर के कई पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

बैठक में जिला के सभी पदाधिकारी, 16 प्रखंडों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सक्रिय सदस्य, नगर अध्यक्ष, उनकी टीम तथा कार्य समिति के सभी सदस्यों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। बैठक में सम्मेलन की तैयारी, जिम्मेदारियों के बंटवारे और कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विकास संगम को नई दिशा देगा बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3
मुंबई। आनंद स्वरूप शुक्ला के मार्गदर्शन में “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3” का आयोजन शनिवार, 9 मई 2026 को शाम 6 बजे से Sahara Star में किया जाएगा। “सामाजिक समरसता | संगम ऑफ़ स्ट्रेंथ: महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को एक साथ लाते हुए” थीम पर आधारित यह समिट विकसित भारत 2036 के लिए उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच एक सशक्त ग्रोथ कॉरिडोर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। समिट में महाराष्ट्र विधान परिषद के विधायक प्रवीण दरेकर तथा लोढा फाउंडेशन के चेयरपर्सन मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम में दो विशेष कीनोट संबोधन भी आयोजित किए जाएंगे।संदीप गुप्ता “Boosting India Together: The Uttar Pradesh  Maharashtra Growth Model for Next Decade” विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। वहीं डॉ. हुज़ैफ़ा खोराकीवाला “Vasudhaiva Kutumbkam: Leading India’s Message of World Peace” विषय पर कीनोट स्पीकर के रूप में संबोधित करेंगे।कार्यक्रम में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियाँ भाग लेंगी। समिट के दौरान ग्रामीण औद्योगीकरण, विलेज टूरिज्म, डिजिटल कनेक्टिविटी, उद्यमिता विकास और सांस्कृतिक सद्भाव जैसे विषयों पर विशेष चर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे। एकता समिट अध्याय 3” की मेंटर टीम में रश्मि उपाध्याय, आनंद स्वरूप शुक्ला, अनिल गलगली, डॉ. गौरीशंकर चौबे एवं बलवंत वर्मा शामिल हैं।संस्कृति, समुदाय और सामाजिक जुड़ाव का उत्सव माने जा रहे इस समिट का उद्देश्य “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के विज़न को मजबूत करते हुए महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की सामूहिक शक्तियों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
सौ शय्या, जिला अस्पताल में नहीं है ईएनटी के डॉक्टर, मरीज परेशांन

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। करीब दो से ढाई लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाले जिला चिकित्सालय और सरपतहां के सौ शय्या अस्पताल में एक भी ईएनटी के डॉक्टर नहीं हैं। मरीजों को बेहतर उपचार के लिए भदोही के महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल या निजी अस्पताल का रूख करना पड़ता है। जिले में कुल चार पद सृजित है। जिले के 29 सरकारी अस्पतालों में रोजाना 5000 से 5500 की ओपीडी होती है। इसमें से करीब 100 से 125 मरीज ईएनटी के होते हैं। ज्यादातर मरीज जिला अस्पताल आते हैं। यहां 18 महीने पहले ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. दिप्ती पांडेय की तैनाती हुई थी, लेकिन उनका तबादला भदोही एमबीएस हो गया। जिससे अस्पताल में पद खाली है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को वापस लौटना पड़ता है या किसी अन्य डॉक्टरों से दवा लेना पड़ता है। सौ शय्या अस्पताल में दो पद सृजित है। यहां तीन साल से नाक, कान, गला के डॉक्टर नहीं है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों को उपचार कराने में परेशानी होती है। उन्हें विशेषज्ञ के बजाए अन्य डॉक्टरों से दवा लेना पड़ता है। बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल या महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय का रूख करना पड़ता है। भदोही एबीएस में एक डॉक्टर की तैनाती है।



भदोही एमबीएस में एक ईएनटी सर्जन की तैनाती है। जिला अस्पताल,सौ शैय्या में तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र को लिखा दिया गया है।

डॉ संतोष कुमार चक

सीएमओ भदोही
स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में प्रथम आने वाले वार्डों के सभासद होंगे सम्मानित।   
               
                                     
बलरामपुर। आदर्श नगरपालिका परिषद बलरामपुर के अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने नगरवासियों से स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। यदि प्रत्येक नागरिक स्वच्छता के प्रति जागरूक होकर अपना योगदान दे,तो बलरामपुर नगर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में भी एक अलग पहचान बना सकता है।
नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिह बैस ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण के अंतर्गत नगर के विभिन्न वार्डों में साफ-सफाई,कूड़ा निस्तारण,सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता तथा नागरिक सहभागिता के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। इस दौरान जो वार्ड सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे,उनके सभासदों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन जनप्रतिनिधियों को प्रोत्साहित करेगा जो अपने वार्ड को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
डॉ.धीरू ने सभी सभासदों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने वार्डों में स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप दें तथा लोगों को घर-घर जागरूक करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों को कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने,प्लास्टिक का कम उपयोग करने तथा आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि नागरिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। नगर के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही बलरामपुर को स्वच्छ और आदर्श नगर बनाया जा सकता है। नगरपालिका परिषद द्वारा सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं तथा सफाई कर्मचारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
नगरपालिका अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि जनसहयोग एवं सभासदों की सक्रिय भागीदारी से इस वर्ष बलरामपुर स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करेगा।
महाराणा प्रताप जयंती को लेकर बैठक सम्पन्न

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनापार के मझियारी गाँव में आयोजक अजित प्रताप सिंह ने बताया कि हुई बैठक सम्पन्न। बैठक में आगामी 9 मई को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाली समाजिक कार्ययोजना पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में यह निणय लिया गया कि महाराणा प्रताप कि जयंती मझियारी गाँव में मनाया जाएगा ।बैठक में क्षत्रिय एकता के सलाहकार आशीष चौहान, हषित सिंह युवा मोर्चा, मोहित सिंह परिहार, विनय सिंह आदि मौजूद रहे।
विश्व रेड क्रॉस दिवस पर सुल्तानपुर में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भव्य आयोजन

सुलतानपुर। विश्व रेड क्रॉस दिवस के पावन अवसर पर पर्यावरण पार्क, सुलतानपुर में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। मानव सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता एवं समाज कल्याण की भावना से प्रेरित इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम के संयोजक एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने शिविर में आए मरीजों को चिकित्सीय परामर्श प्रदान करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सदैव मानवता की सेवा के लिए समर्पित संस्था रही है तथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना इसका मुख्य उद्देश्य है।

इस अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी जनपद सुल्तानपुर के चेयरमैन डॉ. डी. एस. मिश्रा ने डॉ. राजीव श्रीवास्तव को रेड क्रॉस प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राजीव श्रीवास्तव द्वारा रेड क्रॉस सोसाइटी में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दिया जाता रहा है, जो संस्था के लिए प्रेरणादायक है।

कार्यक्रम में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, सुलतानपुर के सचिव श्री जय प्रकाश शुक्ल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय खत्री, डॉ. चन्द्र भान सिंह, महिला विंग सचिव दीपिका सिंह सहित अनेक गणमान्य सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रमुख रूप से नवीन शुक्ला, त्रिभुवन नाथ तिवारी, शिवकुमार, सूर्यांश श्रीवास्तव, मोहित शर्मा, विजेंद्र त्रिपाठी, मनोज कुमार एवं अवधेश मिश्रा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. डी. एस. मिश्रा एवं उपाध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव द्वारा सक्रिय रूप से कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।

शिविर में लगभग 200 लोगों का ब्लड प्रेशर एवं ब्लड शुगर परीक्षण किया गया। साथ ही चिकित्सकों द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, रोगों से बचाव के उपाय एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने रेड क्रॉस सोसाइटी के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाजहित में अत्यंत उपयोगी पहल बताया। सेवा, समर्पण एवं मानवता के संदेश से ओतप्रोत यह आयोजन रेड क्रॉस के मूल सिद्धांतों को साकार करने वाला सिद्ध हुआ।
भाजपा कार्यकर्ताओं के 'लहू' से सींचा गया है बंगाल का कमल : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत को चुनाव आयोग की मेहरबानी बतलाने वाले दलों को अपनी तथ्यपरक उदाहरणों के साथ आईना दिखाने का काम किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के एक्स पर लिखा है कि चुनाव आयोग की मेहरबानी से नहीं, बल्कि हमारे कार्यकर्ताओं के 'लहू' से बंगाल का कमल सींचा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि कुछ लोग आज भी इस मुगालते में जी रहे हैं कि बंगाल में भाजपा की सत्ता चुनाव आयोग का 'गिफ्ट' है। जिन्हें लगता है कि EVM की मशीनें, केंद्रीय बल या दिल्ली का दखल भाजपा को सत्ता की दहलीज तक लाया है, वे शायद बंगाल की तासीर से वाकिफ नहीं हैं। सुन लीजिये! बंगाल में कमल बैलेट बॉक्स से पहले कार्यकर्ताओं के खून से खिला है।

श्री मरांडी ने अपने पोस्ट में कुल चार पार्ट में "लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने, चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी, 15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर एवं यह 'गिफ्ट' नहीं, शहीदों का बलिदान है!" पर क्रमवार शीर्षक देकर पार्टी के उतार चढ़ाव वाले सियासी सफरनामे, भाजपा कार्यकर्ताओं की शहादत, सत्तारूढ़ दल वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस के जुल्म को विस्तार से व्याख्या की है।

श्री मरांडी ने "लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने" वाले पहले शीर्षक में लिखा है कि 2011 से 2025 तक का सफर कोई राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि एक महायज्ञ था जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी है। यहाँ लोकतंत्र की बात करने वालों को पेड़ों से लटकाया गया। किसी को बम से उड़ाया गया, तो किसी का शव क्षत-विक्षत हालत में तालाबों में मिला। नंदीग्राम से बीरभूम और कूचबिहार से बशीरहाट तक—सिर्फ भाजपा को वोट देने के अपराध में पूरे-पूरे गाँव खाक कर दिए गए। उन्होंने अतीत के पन्नों को पलटने की सलाह देते हुए कहा कि वह मंजर याद कीजिए, जब महिलाओं की अस्मत को राजनीतिक हथियार बनाया गया ताकि दहशत पैदा की जा सके। यह सत्ता किसी थाली में परोसकर नहीं मिली, इसके पीछे हाई कोर्ट की फटकार और CBI जांचों के वो पन्ने हैं जो TMC के 'खूनी खेल' की गवाही देते हैं।

श्री मरांडी ने अपने दूसरे शीर्षक "चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी" में लिखा है कि सोचिए! जिस बूथ अध्यक्ष की लाश सुबह पेड़ पर लटकी मिलती है, दोपहर को उसका बेटा कलेजे पर पत्थर रखकर उसी बूथ पर पोलिंग एजेंट बनकर खड़ा हो जाता है— यह हिम्मत EVM से नहीं, स्वाभिमान से आती है। जिस माँ का घर जला दिया गया, वह अगले दिन फिर हाथ में भगवा झंडा थामे गलियों में ललकारती है— यह हौसला चुनाव आयोग नहीं देता। वामपंथियों के 34 साल के दमन, तानाशाही और दीदी के 15 साल के खौफनाक, रक्तरंजित दहशतगर्दों की राजनीति को भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अपनी छाती पर झेला है। फर्जी मुकदमे, जेल की सलाखें और सामाजिक बहिष्कार भी उनके कदम को नहीं डगमगा सके।

श्री मरांडी ने तीसरे शीर्षक "15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर" में लिखा है कि यह ग्राफ किसी आंकड़ों का खेल नहीं, यह उन माँओं के आँसुओं का हिसाब है। 2011 में सिर्फ 1 विधायक जीतने पर मजाक उड़ाया गया। 2016 में 3 विधायक जीते, यह संघर्ष की शुरुआत थी। 2019 में 18 सांसद जीते, ममता के गढ़ में सेंध लग चुकी थी। 2021 में 77 विधायक जीतकर पार्टी मुख्य विपक्ष की ताकत बनी।

2024 में 12 सीटें मिली, भयंकर दमन के बावजूद टिके रहे। आज 2026 में पूर्ण बहुमत की प्रचंड विजय। यह जीत उन बेटों के नाम है जिनकी 'तेरहवीं' पर उनकी माताओं ने विलाप नहीं किया, बल्कि कसम खाई थी कि जब तक सत्ता परिवर्तन नहीं होगा, लड़ाई जारी रहेगी। यह उन रिलीफ कैंपों में सड़ रहे परिवारों के सब्र की जीत है।

अपने चौथे शीर्षक यह 'गिफ्ट' नहीं, शहीदों का बलिदान है! में श्री मरांडी ने लिखा है कि जो लोग आज इसे "चुनाव आयोग की सेटिंग" कहते हैं, वे एक बार उन गुमनाम कब्रों और श्मशानों में जाकर देखें जहाँ भाजपा का झंडा ओढ़े हमारे भाई सो रहे हैं। उन जले हुए घरों की राख को हाथ लगाकर देखें, जहाँ आज भी चीखें सुनाई देती हैं। बंगाल में सत्ता किसी मशीन ने नहीं दी है। यहाँ हर एक वोट के पीछे एक शहादत छिपी है। 15 साल तक खून-पसीना बहाने के बाद, अपनों की लाशें ढोने के बाद और हर जुल्म सहने के बाद आज बंगाल की गलियों से यह हुंकार निकली है। इसे 'मेहरबानी' कहना उन शहीदों का अपमान है जिन्होंने लोकतंत्र को ज़िंदा रखने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह बंगाल के आत्मसम्मान की जीत है, यह कार्यकर्ताओं के 'बलिदान' की जीत है!

तमिलनाडु में विजय बनाएंगे सरकार, आज शाम फिर राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, मिल गया बहुमत का आंकड़ा

#vijaywilformgovernmentintamilnadu

तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। खबर है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी।

सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का मिला समर्थन

अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन के लिए अहम समर्थन मिल गया है। कांग्रेस के समर्थक के बाद अब CPI, CPM और VCK जैसे दलों ने भी उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सरकार गठन का दावा करेंगे पेश

234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े के करीब पहुंच चुके टीवीके गठबंधन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद विजय पहली बार सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं और जल्द सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं।

राज्यपाल आर्लेकर ने दो बार लौटाया

राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया था। बहुतम मिलने के बाद अब जल्द ही वो राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

न्यूजीलैंड की तकनीक से यूपी में बढ़ेगा गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन

* मधुमक्खी पालकों को मिलेगा प्रशिक्षण, निर्यात को भी मिलेगा बढ़ावा : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से न्यूजीलैंड के शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट कर तकनीकी सहयोग और आधुनिक उत्पादन प्रणालियों पर विस्तृत चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने किया। प्रतिनिधिमंडल में न्यूजीलैंड के कृषि एवं मधुमक्खी पालन विशेषज्ञों के साथ एपीडा और उत्तर प्रदेश के उद्यमी भी शामिल रहे। टीम ने रायबरेली और बाराबंकी का दौरा कर स्थानीय मधुमक्खी पालकों से संवाद स्थापित किया तथा प्रदेश में शहद उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन किया।

बैठक में बताया गया कि न्यूजीलैंड में उच्च गुणवत्ता वाले शहद उत्पादन, रोग नियंत्रण और प्रसंस्करण की अत्याधुनिक तकनीक विकसित की गई है। इन तकनीकों का प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश के मधुमक्खी पालकों को दिया जा सकता है, जिससे प्रदेश में गुणवत्तायुक्त एवं निर्यातोन्मुख शहद उत्पादन को नई दिशा मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दोनों देशों के व्यापारिक और तकनीकी संबंध मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की उन्नत तकनीक का लाभ प्रदेश के किसानों और मधुमक्खी पालकों तक पहुंचाकर उनकी आय में वृद्धि की जाएगी। साथ ही प्रदेशवासियों को बेहतर गुणवत्ता का स्वास्थ्यवर्धक शहद उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध कराने के लिए मधुमक्खी पालन को एक सशक्त व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग किसानों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित करेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने उप मुख्यमंत्री को उनके जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं। इस दौरान न्यूजीलैंड में शहद आधारित चॉकलेट टॉफी और अन्य स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों के आधुनिक उत्पादन की जानकारी साझा की गई।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारियों एवं शहद उत्पादन से जुड़े उद्यमियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए न्यूजीलैंड भेजने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं भी न्यूजीलैंड और यूरोप का दौरा कर तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने का प्रयास करेंगे।

बैठक के बाद खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में रणनीतिक चर्चा और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से न्यूजीलैंड की आधुनिक शहद उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण एवं रोग प्रबंधन प्रणालियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

भदोही पुलिस ने अवैध तमंचा-कारतूस के साथ आरोपी पकड़ा: रेवड़ा परसपुर से गिरफ्तार, अपराध करने की फिराक में था

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव



भदोही। भदोही पुलिस ने एक व्यक्ति को अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी आजम अली पुत्र शौकत मंसूरी को 7-8 मई 2026 की रात ग्राम रेवड़ा परसपुर से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, वह किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में था।

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में जनपद में अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, थाना भदोही पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर की सूचना पर आजम अली (उम्र करीब 40 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त के पास से एक अदद अवैध तमंचा 315 बोर और एक अदद जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ है। इस संबंध में, थाना भदोही में आजम अली के खिलाफ मु0अ0सं0-199/2026 धारा- 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक हरिकेश सिंह, उपनिरीक्षक शमशाद खां, हेड कांस्टेबल श्यामप्रकाश यादव, हेड कांस्टेबल हारुन खां, हेड कांस्टेबल इफ्तेखारुद्दीन और कांस्टेबल अंकुश कुमार शामिल थे।
हजारीबाग में 18 मई को होगा फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन का राज्य स्तरीय सम्मेलन

हजारीबाग में आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन द्वारा 18 मई 2026 को राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन स्थानीय मुंद्रिका कुंज में सुबह 11 बजे से आयोजित होगा। सम्मेलन को सफल बनाने को लेकर एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक 11 मई 2026 को दोपहर 12 बजे जिला परिषदन भवन सर्किट हाउस के सभा कक्ष में बुलाई गई है।

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष नंदु प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव श्री विश्वाभर बसु शामिल होंगे। सम्मेलन में राज्य एवं जिला स्तर के कई पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

बैठक में जिला के सभी पदाधिकारी, 16 प्रखंडों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सक्रिय सदस्य, नगर अध्यक्ष, उनकी टीम तथा कार्य समिति के सभी सदस्यों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। बैठक में सम्मेलन की तैयारी, जिम्मेदारियों के बंटवारे और कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विकास संगम को नई दिशा देगा बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3
मुंबई। आनंद स्वरूप शुक्ला के मार्गदर्शन में “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3” का आयोजन शनिवार, 9 मई 2026 को शाम 6 बजे से Sahara Star में किया जाएगा। “सामाजिक समरसता | संगम ऑफ़ स्ट्रेंथ: महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को एक साथ लाते हुए” थीम पर आधारित यह समिट विकसित भारत 2036 के लिए उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच एक सशक्त ग्रोथ कॉरिडोर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। समिट में महाराष्ट्र विधान परिषद के विधायक प्रवीण दरेकर तथा लोढा फाउंडेशन के चेयरपर्सन मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम में दो विशेष कीनोट संबोधन भी आयोजित किए जाएंगे।संदीप गुप्ता “Boosting India Together: The Uttar Pradesh  Maharashtra Growth Model for Next Decade” विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। वहीं डॉ. हुज़ैफ़ा खोराकीवाला “Vasudhaiva Kutumbkam: Leading India’s Message of World Peace” विषय पर कीनोट स्पीकर के रूप में संबोधित करेंगे।कार्यक्रम में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियाँ भाग लेंगी। समिट के दौरान ग्रामीण औद्योगीकरण, विलेज टूरिज्म, डिजिटल कनेक्टिविटी, उद्यमिता विकास और सांस्कृतिक सद्भाव जैसे विषयों पर विशेष चर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे। एकता समिट अध्याय 3” की मेंटर टीम में रश्मि उपाध्याय, आनंद स्वरूप शुक्ला, अनिल गलगली, डॉ. गौरीशंकर चौबे एवं बलवंत वर्मा शामिल हैं।संस्कृति, समुदाय और सामाजिक जुड़ाव का उत्सव माने जा रहे इस समिट का उद्देश्य “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के विज़न को मजबूत करते हुए महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की सामूहिक शक्तियों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
सौ शय्या, जिला अस्पताल में नहीं है ईएनटी के डॉक्टर, मरीज परेशांन

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। करीब दो से ढाई लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाले जिला चिकित्सालय और सरपतहां के सौ शय्या अस्पताल में एक भी ईएनटी के डॉक्टर नहीं हैं। मरीजों को बेहतर उपचार के लिए भदोही के महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल या निजी अस्पताल का रूख करना पड़ता है। जिले में कुल चार पद सृजित है। जिले के 29 सरकारी अस्पतालों में रोजाना 5000 से 5500 की ओपीडी होती है। इसमें से करीब 100 से 125 मरीज ईएनटी के होते हैं। ज्यादातर मरीज जिला अस्पताल आते हैं। यहां 18 महीने पहले ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. दिप्ती पांडेय की तैनाती हुई थी, लेकिन उनका तबादला भदोही एमबीएस हो गया। जिससे अस्पताल में पद खाली है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को वापस लौटना पड़ता है या किसी अन्य डॉक्टरों से दवा लेना पड़ता है। सौ शय्या अस्पताल में दो पद सृजित है। यहां तीन साल से नाक, कान, गला के डॉक्टर नहीं है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों को उपचार कराने में परेशानी होती है। उन्हें विशेषज्ञ के बजाए अन्य डॉक्टरों से दवा लेना पड़ता है। बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल या महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय का रूख करना पड़ता है। भदोही एबीएस में एक डॉक्टर की तैनाती है।



भदोही एमबीएस में एक ईएनटी सर्जन की तैनाती है। जिला अस्पताल,सौ शैय्या में तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र को लिखा दिया गया है।

डॉ संतोष कुमार चक

सीएमओ भदोही
स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में प्रथम आने वाले वार्डों के सभासद होंगे सम्मानित।   
               
                                     
बलरामपुर। आदर्श नगरपालिका परिषद बलरामपुर के अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने नगरवासियों से स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। यदि प्रत्येक नागरिक स्वच्छता के प्रति जागरूक होकर अपना योगदान दे,तो बलरामपुर नगर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में भी एक अलग पहचान बना सकता है।
नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिह बैस ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण के अंतर्गत नगर के विभिन्न वार्डों में साफ-सफाई,कूड़ा निस्तारण,सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता तथा नागरिक सहभागिता के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। इस दौरान जो वार्ड सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे,उनके सभासदों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन जनप्रतिनिधियों को प्रोत्साहित करेगा जो अपने वार्ड को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
डॉ.धीरू ने सभी सभासदों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने वार्डों में स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप दें तथा लोगों को घर-घर जागरूक करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों को कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने,प्लास्टिक का कम उपयोग करने तथा आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि नागरिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। नगर के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही बलरामपुर को स्वच्छ और आदर्श नगर बनाया जा सकता है। नगरपालिका परिषद द्वारा सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं तथा सफाई कर्मचारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
नगरपालिका अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि जनसहयोग एवं सभासदों की सक्रिय भागीदारी से इस वर्ष बलरामपुर स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करेगा।
महाराणा प्रताप जयंती को लेकर बैठक सम्पन्न

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनापार के मझियारी गाँव में आयोजक अजित प्रताप सिंह ने बताया कि हुई बैठक सम्पन्न। बैठक में आगामी 9 मई को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाली समाजिक कार्ययोजना पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में यह निणय लिया गया कि महाराणा प्रताप कि जयंती मझियारी गाँव में मनाया जाएगा ।बैठक में क्षत्रिय एकता के सलाहकार आशीष चौहान, हषित सिंह युवा मोर्चा, मोहित सिंह परिहार, विनय सिंह आदि मौजूद रहे।
विश्व रेड क्रॉस दिवस पर सुल्तानपुर में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भव्य आयोजन

सुलतानपुर। विश्व रेड क्रॉस दिवस के पावन अवसर पर पर्यावरण पार्क, सुलतानपुर में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। मानव सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता एवं समाज कल्याण की भावना से प्रेरित इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम के संयोजक एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने शिविर में आए मरीजों को चिकित्सीय परामर्श प्रदान करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सदैव मानवता की सेवा के लिए समर्पित संस्था रही है तथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना इसका मुख्य उद्देश्य है।

इस अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी जनपद सुल्तानपुर के चेयरमैन डॉ. डी. एस. मिश्रा ने डॉ. राजीव श्रीवास्तव को रेड क्रॉस प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राजीव श्रीवास्तव द्वारा रेड क्रॉस सोसाइटी में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दिया जाता रहा है, जो संस्था के लिए प्रेरणादायक है।

कार्यक्रम में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, सुलतानपुर के सचिव श्री जय प्रकाश शुक्ल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय खत्री, डॉ. चन्द्र भान सिंह, महिला विंग सचिव दीपिका सिंह सहित अनेक गणमान्य सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रमुख रूप से नवीन शुक्ला, त्रिभुवन नाथ तिवारी, शिवकुमार, सूर्यांश श्रीवास्तव, मोहित शर्मा, विजेंद्र त्रिपाठी, मनोज कुमार एवं अवधेश मिश्रा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. डी. एस. मिश्रा एवं उपाध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव द्वारा सक्रिय रूप से कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।

शिविर में लगभग 200 लोगों का ब्लड प्रेशर एवं ब्लड शुगर परीक्षण किया गया। साथ ही चिकित्सकों द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, रोगों से बचाव के उपाय एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने रेड क्रॉस सोसाइटी के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाजहित में अत्यंत उपयोगी पहल बताया। सेवा, समर्पण एवं मानवता के संदेश से ओतप्रोत यह आयोजन रेड क्रॉस के मूल सिद्धांतों को साकार करने वाला सिद्ध हुआ।
भाजपा कार्यकर्ताओं के 'लहू' से सींचा गया है बंगाल का कमल : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत को चुनाव आयोग की मेहरबानी बतलाने वाले दलों को अपनी तथ्यपरक उदाहरणों के साथ आईना दिखाने का काम किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के एक्स पर लिखा है कि चुनाव आयोग की मेहरबानी से नहीं, बल्कि हमारे कार्यकर्ताओं के 'लहू' से बंगाल का कमल सींचा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि कुछ लोग आज भी इस मुगालते में जी रहे हैं कि बंगाल में भाजपा की सत्ता चुनाव आयोग का 'गिफ्ट' है। जिन्हें लगता है कि EVM की मशीनें, केंद्रीय बल या दिल्ली का दखल भाजपा को सत्ता की दहलीज तक लाया है, वे शायद बंगाल की तासीर से वाकिफ नहीं हैं। सुन लीजिये! बंगाल में कमल बैलेट बॉक्स से पहले कार्यकर्ताओं के खून से खिला है।

श्री मरांडी ने अपने पोस्ट में कुल चार पार्ट में "लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने, चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी, 15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर एवं यह 'गिफ्ट' नहीं, शहीदों का बलिदान है!" पर क्रमवार शीर्षक देकर पार्टी के उतार चढ़ाव वाले सियासी सफरनामे, भाजपा कार्यकर्ताओं की शहादत, सत्तारूढ़ दल वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस के जुल्म को विस्तार से व्याख्या की है।

श्री मरांडी ने "लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने" वाले पहले शीर्षक में लिखा है कि 2011 से 2025 तक का सफर कोई राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि एक महायज्ञ था जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी है। यहाँ लोकतंत्र की बात करने वालों को पेड़ों से लटकाया गया। किसी को बम से उड़ाया गया, तो किसी का शव क्षत-विक्षत हालत में तालाबों में मिला। नंदीग्राम से बीरभूम और कूचबिहार से बशीरहाट तक—सिर्फ भाजपा को वोट देने के अपराध में पूरे-पूरे गाँव खाक कर दिए गए। उन्होंने अतीत के पन्नों को पलटने की सलाह देते हुए कहा कि वह मंजर याद कीजिए, जब महिलाओं की अस्मत को राजनीतिक हथियार बनाया गया ताकि दहशत पैदा की जा सके। यह सत्ता किसी थाली में परोसकर नहीं मिली, इसके पीछे हाई कोर्ट की फटकार और CBI जांचों के वो पन्ने हैं जो TMC के 'खूनी खेल' की गवाही देते हैं।

श्री मरांडी ने अपने दूसरे शीर्षक "चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी" में लिखा है कि सोचिए! जिस बूथ अध्यक्ष की लाश सुबह पेड़ पर लटकी मिलती है, दोपहर को उसका बेटा कलेजे पर पत्थर रखकर उसी बूथ पर पोलिंग एजेंट बनकर खड़ा हो जाता है— यह हिम्मत EVM से नहीं, स्वाभिमान से आती है। जिस माँ का घर जला दिया गया, वह अगले दिन फिर हाथ में भगवा झंडा थामे गलियों में ललकारती है— यह हौसला चुनाव आयोग नहीं देता। वामपंथियों के 34 साल के दमन, तानाशाही और दीदी के 15 साल के खौफनाक, रक्तरंजित दहशतगर्दों की राजनीति को भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अपनी छाती पर झेला है। फर्जी मुकदमे, जेल की सलाखें और सामाजिक बहिष्कार भी उनके कदम को नहीं डगमगा सके।

श्री मरांडी ने तीसरे शीर्षक "15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर" में लिखा है कि यह ग्राफ किसी आंकड़ों का खेल नहीं, यह उन माँओं के आँसुओं का हिसाब है। 2011 में सिर्फ 1 विधायक जीतने पर मजाक उड़ाया गया। 2016 में 3 विधायक जीते, यह संघर्ष की शुरुआत थी। 2019 में 18 सांसद जीते, ममता के गढ़ में सेंध लग चुकी थी। 2021 में 77 विधायक जीतकर पार्टी मुख्य विपक्ष की ताकत बनी।

2024 में 12 सीटें मिली, भयंकर दमन के बावजूद टिके रहे। आज 2026 में पूर्ण बहुमत की प्रचंड विजय। यह जीत उन बेटों के नाम है जिनकी 'तेरहवीं' पर उनकी माताओं ने विलाप नहीं किया, बल्कि कसम खाई थी कि जब तक सत्ता परिवर्तन नहीं होगा, लड़ाई जारी रहेगी। यह उन रिलीफ कैंपों में सड़ रहे परिवारों के सब्र की जीत है।

अपने चौथे शीर्षक यह 'गिफ्ट' नहीं, शहीदों का बलिदान है! में श्री मरांडी ने लिखा है कि जो लोग आज इसे "चुनाव आयोग की सेटिंग" कहते हैं, वे एक बार उन गुमनाम कब्रों और श्मशानों में जाकर देखें जहाँ भाजपा का झंडा ओढ़े हमारे भाई सो रहे हैं। उन जले हुए घरों की राख को हाथ लगाकर देखें, जहाँ आज भी चीखें सुनाई देती हैं। बंगाल में सत्ता किसी मशीन ने नहीं दी है। यहाँ हर एक वोट के पीछे एक शहादत छिपी है। 15 साल तक खून-पसीना बहाने के बाद, अपनों की लाशें ढोने के बाद और हर जुल्म सहने के बाद आज बंगाल की गलियों से यह हुंकार निकली है। इसे 'मेहरबानी' कहना उन शहीदों का अपमान है जिन्होंने लोकतंत्र को ज़िंदा रखने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह बंगाल के आत्मसम्मान की जीत है, यह कार्यकर्ताओं के 'बलिदान' की जीत है!

तमिलनाडु में विजय बनाएंगे सरकार, आज शाम फिर राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, मिल गया बहुमत का आंकड़ा

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तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। खबर है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी।

सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का मिला समर्थन

अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन के लिए अहम समर्थन मिल गया है। कांग्रेस के समर्थक के बाद अब CPI, CPM और VCK जैसे दलों ने भी उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सरकार गठन का दावा करेंगे पेश

234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े के करीब पहुंच चुके टीवीके गठबंधन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद विजय पहली बार सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं और जल्द सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं।

राज्यपाल आर्लेकर ने दो बार लौटाया

राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया था। बहुतम मिलने के बाद अब जल्द ही वो राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

न्यूजीलैंड की तकनीक से यूपी में बढ़ेगा गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन

* मधुमक्खी पालकों को मिलेगा प्रशिक्षण, निर्यात को भी मिलेगा बढ़ावा : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से न्यूजीलैंड के शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट कर तकनीकी सहयोग और आधुनिक उत्पादन प्रणालियों पर विस्तृत चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने किया। प्रतिनिधिमंडल में न्यूजीलैंड के कृषि एवं मधुमक्खी पालन विशेषज्ञों के साथ एपीडा और उत्तर प्रदेश के उद्यमी भी शामिल रहे। टीम ने रायबरेली और बाराबंकी का दौरा कर स्थानीय मधुमक्खी पालकों से संवाद स्थापित किया तथा प्रदेश में शहद उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन किया।

बैठक में बताया गया कि न्यूजीलैंड में उच्च गुणवत्ता वाले शहद उत्पादन, रोग नियंत्रण और प्रसंस्करण की अत्याधुनिक तकनीक विकसित की गई है। इन तकनीकों का प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश के मधुमक्खी पालकों को दिया जा सकता है, जिससे प्रदेश में गुणवत्तायुक्त एवं निर्यातोन्मुख शहद उत्पादन को नई दिशा मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दोनों देशों के व्यापारिक और तकनीकी संबंध मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की उन्नत तकनीक का लाभ प्रदेश के किसानों और मधुमक्खी पालकों तक पहुंचाकर उनकी आय में वृद्धि की जाएगी। साथ ही प्रदेशवासियों को बेहतर गुणवत्ता का स्वास्थ्यवर्धक शहद उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध कराने के लिए मधुमक्खी पालन को एक सशक्त व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग किसानों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित करेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने उप मुख्यमंत्री को उनके जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं। इस दौरान न्यूजीलैंड में शहद आधारित चॉकलेट टॉफी और अन्य स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों के आधुनिक उत्पादन की जानकारी साझा की गई।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारियों एवं शहद उत्पादन से जुड़े उद्यमियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए न्यूजीलैंड भेजने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं भी न्यूजीलैंड और यूरोप का दौरा कर तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने का प्रयास करेंगे।

बैठक के बाद खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में रणनीतिक चर्चा और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से न्यूजीलैंड की आधुनिक शहद उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण एवं रोग प्रबंधन प्रणालियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।