बड़ी राहत: धुर्वा के लापता अंश और अंशिका 13 दिन बाद बरामद, रामगढ़ से हुई सुरक्षित वापसी

रांची/रामगढ़: झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से 2 जनवरी को रहस्यमयी ढंग से गायब हुए दो मासूम भाई-बहन, अंश और अंशिका, अंततः सुरक्षित मिल गए हैं। 13 दिनों के कड़े संघर्ष और कई राज्यों की खाक छानने के बाद, रामगढ़ पुलिस को यह बड़ी सफलता हाथ लगी है।

मुख्य अपडेट्स:

बरामदगी का स्थान: दोनों बच्चों को रामगढ़ जिले के चितरपुर से बरामद किया गया। फिलहाल उन्हें रामगढ़ एसपी के आवास पर सुरक्षित रखा गया है।

अपहर्ताओं की गिरफ्तारी: पुलिस ने इस मामले में बिहार के औरंगाबाद के रहने वाले एक पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। यही दंपत्ति बच्चों को शालीमार बाजार से लेकर फरार हुआ था।

डीजीपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस: बच्चों की सकुशल बरामदगी और इस पूरे अपहरण कांड के पीछे की साजिश का खुलासा करने के लिए आज दोपहर 12:30 बजे झारखंड के डीजीपी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी।

घटनाक्रम: 2 जनवरी से अब तक

तिथि घटनाक्रम

2 जनवरी धुर्वा के शालीमार बाजार के पास से अंश और अंशिका लापता हुए।

3 - 13 जनवरी पुलिस की 40 सदस्यीय SIT और कई राज्यों की पुलिस ने छापेमारी की।

14 जनवरी (बुधवार) रामगढ़ के चितरपुर से दोनों बच्चे सकुशल बरामद, आरोपी दंपत्ति गिरफ्तार।

पिता ने जताया आभार

बच्चों के पिता सुनील कुमार को जैसे ही पुलिस ने बच्चों की सुरक्षित बरामदगी की सूचना दी, उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने पुलिस प्रशासन का धन्यवाद किया है। हालांकि, अपहरण का असली मकसद (फिरौती, मानव तस्करी या कुछ और) क्या था, इसका खुलासा पुलिस की पूछताछ के बाद ही हो पाएगा।

मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में आक्सीजन पाइपलाइन व मरीजों के पास घूमते दिखे
*जिलाधिकारी की फटकार के बाद जांच के आदेश

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज का आर्थो वार्ड एक बार फिर सुर्खियों में है यहां मरीजों और आक्सीजन पाइपलाइन के पास एक नहीं बल्कि पांच से अधिक बड़े बड़े चूहों के घूमने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।वीडियो में कई चूहे खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं।आर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों द्वारा बनाए गये इस वीडियो में पांच से अधिक चूहे आक्सीजन पाइपलाइन के पास और उस पर चढ़ते उतरते दिख रहे हैं।

वे मरीजों के बिस्तर और पास रखी मेज पर भी घूमते हुए नजर आ रहे हैं।वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने को फटकार लगाई है।उन्होंने इस पूरे मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी के निर्देश के बाद प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने आर्थो वार्ड समेत सभी वार्डों में चूहों को भगाने के लिए दवा का छिड़काव करवाया है।उन्होंने पूरे मामले के जांच के भी आदेश दिये हैं।यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है।

प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि मरीजों के परिजन खाना लेकर आते हैं,जिससे चूहे आकर्षित होते हैं।उन्होंने आश्वस्त किया कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच जारी है।अलग अलग सभी वार्डों में इस घटना के बाद दवाओं का छिड़काव कराया गया है ताकि जितने भी जानवर हैं वह वार्ड में न आएं और जो बचे हुए हैं वह खत्म हो जाएं।दवाओं के छिड़काव के बाद अब वार्ड में जितने भी चूहे दिखाई दे रहे थे वह गायब हो गये हैं।लेकिन यह किसकी लापरवाही है इसकी जांच कराई जा रही है और मरीजों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।
कोरांव में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया की 10वीं वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत कोरांव में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर ग्रामीण विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण को लेकर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में एडीओ महोदय की गरिमामयी उपस्थिति रही।यह आयोजन सामूहिक चिंतन अनुभव साझा करने और भविष्य की दिशा तय करने का एक प्रभावी मंच बना।कार्यक्रम में यह रेखांकित किया गया कि ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया द्वारा कोरांव क्षेत्र में ग्रामीण विकास आजीविका संवर्धन और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरन्तर कार्य किए जा रहे है।संस्था के प्रयासो से क्षेत्र में आजीविका के विविध अवसर विकसित हुए है जिससे महिलाओं और युवाओ को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।

टीआरआई द्वारा महिला सशक्तिकरण पंचायत सशक्तिकरण कौशल विकास स्वरोज़गार किसान उत्पादक समूहों के गठन तथा समाज– सरकार–बाज़ार के समन्वय के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले है।विशेष रूप से महिलाओ की आय में वृद्धि सामूहिक नेतृत्व का विकास और संस्थागत मजबूती इस पहल की प्रमुख उपलब्धियाँ रही है।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दीर्घकालिक एवं समावेशी विकास के लिए समुदाय की सक्रिय सहभागिता और संस्थागत साझेदारी अत्यन्त आवश्यक है।उपस्थित जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं समुदाय के सदस्यो ने टीआरआई के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में और अधिक सशक्त पंचायतो एवं आत्मनिर्भर समुदायों के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त, ठंड बनी लोगों की परेशानी का कारण
मेरठ। बहसूमा। रामराज।
क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से लगातार पड़ रहे घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से लेकर देर तक छाए रहने वाले कोहरे के कारण जहां दृश्यता बेहद कम हो गई है, वहीं ठंड के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोगों को दैनिक कार्यों के निपटारे में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मोहम्मदपुर सकिश्त गांव के ग्रामीणों ने बताया कि अधिक कोहरा पड़ने और ठंड बढ़ने से खेतों व अन्य कामकाज में दिक्कतें आ रही हैं। सुबह के समय तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कोहरा इतना घना होता है कि सामने कुछ भी दिखाई नहीं देता। इससे सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। वाहन चालकों को भी बेहद सतर्क होकर चलना पड़ रहा है।

ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर देखने को मिल रहा है। ठंड के कारण कई लोगों को सांस लेने में परेशानी, खांसी, जुकाम और सीने में जकड़न की शिकायत हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिक ठंड और कोहरे में नमी के कारण सांस संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे विशेषकर वृद्ध और बच्चे अधिक प्रभावित होते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि ठंड की वजह से सुबह-शाम घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। मजदूर वर्ग के लोगों को काम पर जाने में परेशानी हो रही है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है। वहीं छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि कोहरे और ठंड को देखते हुए आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। साथ ही जरूरतमंद लोगों के लिए अलाव और अन्य राहत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि ठंड से कुछ राहत मिल सके। फिलहाल क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि मौसम में सुधार होने के बाद ही जनजीवन सामान्य हो पाएगा।
आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने रचा अहम् चिकित्सकीय मुकाम, स्तन कैंसर मरीज की सफल सर्जरी

आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, स्तन कैंसर मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी की सफल सर्जरी की

*कोलकाता, जनवरी 2026* : आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने अपने आरजी इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड ब्रेस्ट केयर के माध्यम से दाहिने स्तन के कैंसर से पीड़ित 68 वर्षीय महिला का सफल इलाज किया। वरिष्ठ ब्रेस्ट सर्जन डॉ. ताप्ती सेन के नेतृत्व में मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी के साथ बगल की लिम्फ नोड्स की सफाई (लेवल थ्री तक) की गई। यह सफल सर्जरी अस्पताल की ब्रेस्ट कैंसर के उन्नत इलाज में मजबूत विशेषज्ञता को दर्शाती है, जहाँ सटीक उपचार के साथ मरीज की जल्दी रिकवरी पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है।
प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता की ब्रेस्ट सर्जरी कंसल्टेंट डॉ. ताप्ती सेन ने कहा, "लिम्फ नोड्स से जुड़े स्तन कैंसर के मरीजों के लिए मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी आज भी एक अहम् उपचार विकल्प है। समय पर उचित जाँच, उपयुक्त सर्जरी और सर्जरी के बाद की व्यवस्थित देखभाल से बेहतर परिणाम मिलते हैं और साथ ही मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है।"
मरीज पिछले एक वर्ष से दाहिने स्तन में बिना दर्द की सूजन की शिकायत लेकर आई थीं, जिसका आकार धीरे-धीरे बढ़ रहा था। जाँच और इमेजिंग में स्तन के उनके निचले हिस्से में 3.3 x 3 सेमी की सख्त और अनियमित गाँठ पाई गई, जो त्वचा या अंदर की गहरी संरचनाओं तक नहीं फैली थी। मैमोग्राम और दाहिने स्तन से की गई ट्रू-कट बायोप्सी में कार्सिनोमा राइट ब्रेस्ट की पुष्टि हुई। पूरे शरीर की पीईटी-सीटी जाँच में बीमारी सिर्फ उसी क्षेत्र तक सीमित पाई गई और शरीर के अन्य हिस्सों में फैलाव नहीं दिखा।
इसके बाद आईएचसी जाँच के बाद मरीज की दाहिने स्तन की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी और बगल के लिम्फ नोड्स की सफाई की सर्जरी की गई। सर्जरी से पहले सभी जरूरी जाँचें और एनेस्थीसिया की अनुमति ली गई। ऑपरेशन से पहले मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट की राय भी ली गई। मरीज और उनके परिजनों को इलाज की पूरी प्रक्रिया और सर्जरी के बाद होने वाली सावधानियों, जैसे कि लिम्फ सूजन या घाव में संक्रमण से बचाव के बारे में विस्तार से समझाया गया। सर्जरी के 48 घंटे बाद ड्रेन के साथ मरीज को छुट्टी दे दी गई। फिलहाल मरीज की हालत अच्छी है। मेडिकल ऑन्कोलॉजी सहित पूरी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की देखरेख से बेहतर और लंबे समय तक अच्छे परिणाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
*पतंगों से लेकर तिल-गुड़ तक: सन नियो कलाकारों ने साझा की मकर संक्रांति से जुड़ी खुशियाँ*

*उत्तर प्रदेश, जनवरी 2026:* आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें, तिल-गुड़ की मिठास और बचपन की प्यारी यादें, मकर संक्रांति वह त्यौहार है, जो दिल के बहुत करीब होता है। इस खास मौके पर सन नियो के कलाकार मेघा रे, भाग्यश्री मिश्रा और गौरी शेलगांवकर ने अपने बचपन की यादें, त्यौहार से जुड़ी परंपराएँ और इस साल के जश्न की झलक साझा की।

दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शो में दिव्या का किरदार निभा रहीं मेघा रे कहती हैं, "मुझे मकर संक्रांति हमेशा से बहुत पसंद रही है, क्योंकि यह अपने साथ ढेर सारी खुशिया, उम्मीद और अपनों के साथ होने का एहसास कराती है। बचपन में परिवार के साथ पतंग उड़ाना और तिल-गुड़ बाँटना मेरी सबसे प्यारी यादों में शामिल है। इस साल काम की वजह से थोड़ी व्यस्त रहूँगी, लेकिन दिव्या प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी के सेट पर अपनी टीम के साथ मिठाइयाँ बाँटकर अपना त्यौहार ज़रूर मनाऊँगी। संक्रांति मुझे सिखाती है कि नकारात्मकता छोड़कर विश्वास, कृतज्ञता और खुशी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मैं सभी को रंगों से भरी, खुशहाल मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ देती हूँ। यह पर्व आपके जीवन में नई शुरुआत, सफलता, शांति, अच्छी सेहत और ढेर सारी मुस्कान लाए।"

सत्या साची में साची की भूमिका निभा रहीं भाग्यश्री मिश्रा ने कहा, "मकर संक्रांति मुझे इसलिए खास लगती है, क्योंकि यह नई शुरुआत और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। बचपन की वो यादें आज भी मन को खुश कर देती हैं, यानि रंगीन पतंगें उड़ाना और फिर कटी हुई पतंगों के पीछे पूरे जोश के साथ दौड़ना। वह मस्ती अब सोचने पर और भी खास लगती है। आज हम सब बड़े हो गए हैं और काम की वजह से समय कम मिल पाता है, लेकिन यदि इस साल मौका मिला तो हम 'सत्या साची' के सेट पर पतंग जरूर उड़ाएँगे और साथ में कुछ खुशनुमा पल बिताएँगे।"

प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी में घेवर का किरदार निभा रहीं गौरी शेलगांवकर ने अपने दिल की बात साझा करते हुए कहा, "मेरे लिए मकर संक्रांति हमेशा सादगी भरी खुशियों का त्यौहार रही है, जिसमें परिवार के साथ खाना, हँसी-मजाक करना और लोगों को बाँटकर खाने की कला को सीखना। मुझे याद है, बड़े हमें तिल-गुड़ देते हुए कहते थे कि हमेशा मीठा बोलो, सकारात्मक सोचो और खुश रहो। इस साल मैं सादगी से त्यौहार मनाऊँगी, अपने करीबियों को फोन करुँगी और उनके प्यार व सपोर्ट के लिए उन्हें धन्यवाद कहूँगी। साथ ही, मेरी माँ के हाथों से बने तिल के लड्डू 'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' के सेट पर ले जाकर सबके साथ बाटूँगी। बचपन में अपने पापा के साथ पतंग उड़ाने की यादें आज भी दिल को छू जाती हैं, वह पूरा दिन हमारे साथ पतंग उड़ाते थे।"

देखिए दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शाम 7:30 बजे, सत्या साची शाम 8:00 बजे, प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी- रात 9:00 बजे, सिर्फ सन नियो पर।
बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' में नारी शक्ति ने रचा इतिहास, टीकमगढ़ की सविता राज रहीं विजेता

- टीकमगढ़ कीं सविता राज ने पहला, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया

छतरपुर, जनवरी 2026: लोकप्रिय चैनल बुंदेलखंड 24x7 द्वारा आयोजित बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' का ग्रैंड फिनाले रविवार को छतरपुर के अंबेडकर भवन में संपन्न हुआ। बुंदेली सुरों, भावनाओं और परंपरा की कसौटी का पर्याय कही जाने वाली इस निःशुल्क प्रतियोगिता में नारी शक्ति ने क्रमशः तीन स्थानों पर दबदबा बनाते हुए इतिहास रच दिया। पहले चरण में रिकॉर्ड 2735 एंट्रीज़, छह जिलों में ऑडिशन राउंड को पार करते हुए और तत्पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन के बूते पाँच प्रतिभागी फाइनल में पहुँचे। सुरों की विभिन्न कसौटियों को पार कर टीकमगढ़ कीं सविता राज ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया।
विजेता को 50 हजार मूल्य के पुरस्कार दिए गए, जिसमें नकद पुरस्कार समेत गिफ्ट हैंपर्स और ब्रांडिंग आदि शामिल है। साथ ही, उन्हें प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे के साथ गायन और विराज फोटोग्राफी के एल्बम में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर छतरपुर की माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने कार्यक्रम का मान बढ़ाया।
बुंदेली लोकगीतों के महान साधक बैजू बावरा जी की स्मृति में आयोजित इस निःशुल्क प्रतियोगिता का उद्देश्य आला-ऊदल और बुंदेली लोकगीतों की विरासत को नए स्वर देना रहा। बुंदेली लोकगीतों के सम्राट पं. देशराज पठैरिया जी के पुत्र की भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई। मंच का संचालन बुंदेलखंड 24x7 की शिवांगी तिवारी और राजेंद्र सिंह जी ने किया। ललितपुर के अंकित परिहार और सागर के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने क्रमशः चौथे और पाँचवें स्थान पर रहे।
माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने फाइनलिस्ट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, "बुंदेलखंड का मान बढ़ाने वाले इस आयोजन में हर आवाज़ के पीछे एक कहानी थी और हर तान के साथ बुंदेलखंड की पहचान जुड़ी थी। इस लोकगीत प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों से कलाकारों का शामिल होना यह दर्शाता है कि बुंदेली लोकगीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। सभी ने अपने सुरों से यह बखूबी साबित किया।"
विजेता का खिताब हासिल होने पर भावुक स्वर में टीकमगढ़ कीं सविता राज ने कहा, "यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड की हर उस बेटी की है, जो लोकगीतों को अपनी साँसों में बसाए हुए है। इस मंच ने मुझे अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की ताकत दी है। मैं इस सम्मान को अपने बुंदेलखंड को समर्पित करती हूँ।" वहीं, क्रमशः द्वितीय और तृतीय विजेता के रूप में सेजल सोनी और ज्योति पटेल ने भी बुंदेली सुरों को मान दिलाने के लिए प्रयासरत बुंदेलखंड 24x7 चैनल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जीत और हार हर प्रतियोगिता का हिस्सा होती है, लेकिन मेरे लिए इस मंच पर पहुँचे सभी प्रतिभागी विजेता हैं। लोकसंस्कृति को सहेजने की कोशिश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति वास्तव में विजेता है। बुंदेली बावरा का उद्देश्य ही यही है कि हर कलाकार को सम्मान और पहचान मिले। सभी को शुभकामनाएँ।" मुकाबला आसान नहीं था, हर प्रस्तुति में भाव भी था, साधना भी और अपनी मिट्टी से जुड़ाव भी। आखिरकार, जजेस द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद पहले राउंड में 13, दूसरे राउंड में 8 और तीसरे राउंड में ऐसे 5 प्रतिभागी चुने गए, जिनके सुरों में परंपरा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी और संस्कृति की बेशकीमती झलक भी। प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे, प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया और बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने निष्पक्ष मूल्यांकन कर उक्त प्रतियोगिता को सफल बनाया।
प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे ने कहा, "ग्रैंड फिनाले में जो आवाज़ें मंच पर गूँजी, वे सिर्फ सुर नहीं, बल्कि बुंदेली लोकजीवन की आत्मा थीं। इस मंच ने साबित कर दिया कि हमारी लोकगायकी आज भी उतनी ही जीवंत और सच्ची है। फाइनल तक पहुँचे सभी कलाकारों ने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी है।"
प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया ने कहा, "मंच पर प्रस्तुत की गई प्रत्येक गायकी इस बात की मिसाल है कि बुंदेली लोकगीतों की विरासत आज भी कायम है और हमेशा कायम रहेगी। सभी बुंदेली कलाकारों के सुरों में परंपरा की पकड़ और भविष्य की उम्मीद, दोनों साफ नजर आईं।"
बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने कहा, "ग्रैंड फिनाले तक का सफर आसान नहीं था। हर कलाकार में अलग खासियत थी, लेकिन फाइनल में वही सुर सामने आए, जिन्होंने बुंदेली लोकगीतों को आगे ले जाने की क्षमता दिखाई। यह आयोजन लोकसंस्कृति को सहेजने की एक सशक्त कोशिश साबित हुआ। सभी को शुभकामनाएँ।"
बुंदेलखंड 24x7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा, "बुंदेली लोकगीत की एक से बढ़कर एक प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि बुंदेली बावरा सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आवाज़ को सम्मान देने का मंच है। फाइनल में गूँजे सुरों ने यह भरोसा और भी मजबूत किया कि हमारी लोकसंस्कृति अमर है।"
कार्यक्रम के इंस्ट्रूमेंट पार्टनर के रूप में आशीष बुंदेली म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें आशीष विश्वकर्मा (अर्पण) ने बैंजो, रूपेश श्रीवास्तव ने कीबोर्ड, धीरज तूफानी ने ढोलक और मयंक विश्वकर्मा ने ऑक्टापैड पर संगत दी। साउंड और लाइट की जिम्मेदारी अमित नामदेव (अमित 09 साउंड सिस्टम एंड इवेंट, हमीरपुर) ने निभाई। वैन्यू पार्टनर के रूप में अंबेडकर भवन, स्टे पार्टनर के तौर पर द रुद्राक्ष होटल एवं राधिका कुंज पैलेस, नॉलेज पार्टनर के रूप में जे.के. कॉलेज ऑफ लॉ, पीआर पार्टनर के रूप में पीआर 24x7, सोशल पार्टनर 2030 का भारत, सपोर्टिंग पार्टनर रुद्राणी कलाग्राम और क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मणिकांत चौरसिया ने मिलकर इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।
चंदेरी स्थित लोकगीत के महानायक बैजू बावरा जी की समाधि पर श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा शहर में हुए पहले ऑडिशन से आगे बढ़ती हुई अपने ग्रैंड फिनाले के मुकाम तक पहुँची। झाँसी, हमीरपुर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर जिलों में आयोजित ऑडिशन राउंड में बुंदेलखंड के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के जोश, दर्शकों के उत्साह और बुंदेलखंड से मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि यह मंच लोगों के दिलों से जुड़ चुका है। इसी उत्साह और प्रेम को देखते हुए इसका अगला संस्करण और भी अधिक जीवंत, व्यापक और यादगार होने की उम्मीद के साथ बुंदेली लोकसंस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।
अमेरिका में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 को सफल बनाने पर जी6 हॉस्पिटैलिटी ने गुजराती उद्यमियों को सराहा
*नवसारी, जनवरी 2026:* अमेरिका और कनाडा में मोटल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड की मूल कंपनी जी6 हॉस्पिटैलिटी ने मकर संक्रांति से पहले नवसारी में एक खास समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में गुजरात के फ्रेंचाइज़ी मालिकों को सराहा गया, जिन्होंने मोटल 6 और स्टूडियो 6 को उत्तरी अमेरिका के सबसे बड़े इकॉनमी होटल ब्रांड बनाने में अहम् भूमिका निभाई। आज इन दोनों ब्रांड्स के तहत 1,500 से ज्यादा होटल संचालित हो रहे हैं। 'गुजराती अस्मिता' नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में उन गुजराती उद्यमियों की मेहनत और जज़्बे को पहचान मिली, जिन्होंने बदलते बाजार और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की चुनौतियों के बीच भी उत्तरी अमेरिका में सफल कारोबार स्थापित किया।
नवसारी में एकत्रित ये प्रतिष्ठित होटल कारोबारी, जिनमें से कई सूरत, नवसारी और बारडोली से जुड़े हैं, को उनके उत्कृष्ट काम के लिए सराहा गया। इन्हीं लोगों की मेहनत से मोटल 6 और स्टूडियो 6 अमेरिका में किफायती और भरोसेमंद ठहरने का जाना-पहचाना नाम बने हैं। वैश्विक महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों से लेकर उसके बाद यात्रा क्षेत्र में आई तेजी तक, इन उद्यमियों ने धैर्य और समझदारी से हर चुनौती का सामना किया। उनकी मेहनत से न सिर्फ ब्रांड और मजबूत हुए, बल्कि रोजगार के नए अवसर बने, स्थानीय समुदायों से जुड़ाव बढ़ा और लाखों मेहमानों को लगातार बेहतर सेवा मिलती रही।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन गुजरात के जाने-माने उद्यमियों श्री सावजी ढोलकिया और श्री चंद्रकांत 'चान' पटेल ने किया। सावजी ढोलकिया देश के प्रसिद्ध हीरा कारोबारी, समाजसेवी और हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स के संस्थापक हैं। वे कारोबार में सफलता के साथ-साथ समाज के लिए उदार योगदान और जिम्मेदारी निभाने के लिए दुनियाभर में सम्मानित हैं। वहीं चान पटेल स्टेट बैंक ऑफ टेक्सास के संस्थापक और चेयरमैन हैं और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में गहरी पकड़ रखने वाले प्रमुख उद्यमी माने जाते हैं। वे अमेरिका में कई सफल हॉस्पिटैलिटी कारोबार स्थापित करने के साथ-साथ रणनीतिक वित्तीय नेतृत्व के जरिए नए उद्यमियों को आगे बढ़ने में सहयोग करते रहे हैं।
जी6 हॉस्पिटैलिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सोनल सिन्हा ने कहा, "गुजराती अस्मिता सबसे ज्यादा हमारे होटल मालिकों की कहानियों में दिखती है, जिन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए दुनिया भर में पहचान बनाई है। हम इस साझेदारी को बेहद अहम् मानते हैं और जो कुछ भी हमने मिलकर बनाया है, हमें उस पर गर्व है। इनका उद्यमी जज़्बा और मुश्किल हालात में भी डटे रहने की क्षमता यह साबित करती है कि वैश्विक कारोबार में गुजराती क्यों सबसे आगे रहते हैं।"
सीकेपी हॉस्पिटैलिटी के प्रेसिडेंट और सीईओ हर्षद पटेल ने कहा, "गुजरात हमेशा से मेहनती और उद्यमी लोगों के लिए जाना जाता है। हमने मेहनत, ईमानदारी और धैर्य के बल पर अमेरिका में मजबूत कारोबार स्थापित किए हैं। अपने ही लोगों के बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। इस वर्ष हमारा फोकस तकनीक के सहारे आगे बढ़ने और अपने कारोबार को और मजबूत करने पर है।"
जी6 हॉस्पिटैलिटी अमेरिका और कनाडा में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड का संचालन करती है, जिनके 1,500 से अधिक होटल हैं। किफायती और भरोसेमंद स्टे के लिए पहचाने जाने वाले ये ब्रांड्स छुट्टियाँ मनाने और बिज़नेस के सिलसिले में आने वाले, दोनों ही तरह के यात्रियों को स्वच्छ और आरामदायक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
breaking news/ धुर्वा अपहरण कांड: 12 दिनों बाद मिली बड़ी कामयाबी

सकुशल बरामदगी: 2 जनवरी से लापता 7 वर्षीय अंश और 6 वर्षीय अंशिका को रामगढ़ जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है।

सिटी एसपी की कार्रवाई: रांची के सिटी एसपी स्वयं बच्चों को वापस लाने के लिए रवाना हो चुके हैं।

दो अपराधी गिरफ्तार: पुलिस ने इस मामले में दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

*सेवा दिवस के रूप में मनाई गई समाजसेवी अच्छेलाल सिंह जी की चौथी पुण्यतिथि,परिजनों ने वृद्धा आश्रम व मेडिकल कॉलेज में किया फल वितरण।*
सुल्तानपुर-जयसिंहपुर क्षेत्र के दरपीपुर निवासी दिवंगत समाज सेवी अच्छे लाल सिंह की आज चौथी पुण्यतिथि पर उनके परिजनों ने सेवा दिवास के रूप में मनाया है।उनके परिजनों ने शहर के तुराबखानी स्थित वृद्धा आश्रम पर मौजूद निराश्रित लोगों को फल वितरण किया और उनका हाल जाना।इसके बाद जिला मेडिकल कॉलेज के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों व अस्पताल में सफाई करने वाले कर्मियों को भी फल वितरित किया है। स्व अच्छे लाल सिंह जी के पौत्र संदीप सिंह ने बताया की उनके बाबा हमेशा समाज के उन लोगों की मदद की है जिनकी कोई सुनने वाला नही होता था।उनके द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में जो बीड़ा उठाया गया था,उनके उस कार्य को आज उनकी ना मौजूदगी में उनके परिजन आगे बढ़ाने का काम कर रहे है।इसी कारण हर वर्ष की 13 जनवरी को होने वाली उनकी पुण्यतिथि पर लोगों की सेवा कर उसे सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान श्री सिंह के पौत्र संदीप सिंह सोनू ने बताया की आज के युवा अगर अपने पूर्वजों और परिवार के बड़े बूढ़े लोगों के दिखाए गए रास्तों पर चले या उनकी स्मृति को ध्यान में रखकर समाज के उन लोगों की सेवा करें जो जरूरतमंद है,अपने बड़े बुजुर्ग पूर्वजों को वही सच्ची श्रद्धांजलि है।हम पिछले कई सालों आए अपने बाबा जी के पद चिन्हों पर चलने की कोशिश करते हुए उनकी पुण्यतिथि को सेवा दिवस के रूप में मनाते है।इस दिन अस्पतालों में फल वितरण।जरूरतमंदों को कम्बल वितरण जैसे कार्य किये जाते है। बाइट - संदीप सिंह सोनू
बड़ी राहत: धुर्वा के लापता अंश और अंशिका 13 दिन बाद बरामद, रामगढ़ से हुई सुरक्षित वापसी

रांची/रामगढ़: झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से 2 जनवरी को रहस्यमयी ढंग से गायब हुए दो मासूम भाई-बहन, अंश और अंशिका, अंततः सुरक्षित मिल गए हैं। 13 दिनों के कड़े संघर्ष और कई राज्यों की खाक छानने के बाद, रामगढ़ पुलिस को यह बड़ी सफलता हाथ लगी है।

मुख्य अपडेट्स:

बरामदगी का स्थान: दोनों बच्चों को रामगढ़ जिले के चितरपुर से बरामद किया गया। फिलहाल उन्हें रामगढ़ एसपी के आवास पर सुरक्षित रखा गया है।

अपहर्ताओं की गिरफ्तारी: पुलिस ने इस मामले में बिहार के औरंगाबाद के रहने वाले एक पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। यही दंपत्ति बच्चों को शालीमार बाजार से लेकर फरार हुआ था।

डीजीपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस: बच्चों की सकुशल बरामदगी और इस पूरे अपहरण कांड के पीछे की साजिश का खुलासा करने के लिए आज दोपहर 12:30 बजे झारखंड के डीजीपी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी।

घटनाक्रम: 2 जनवरी से अब तक

तिथि घटनाक्रम

2 जनवरी धुर्वा के शालीमार बाजार के पास से अंश और अंशिका लापता हुए।

3 - 13 जनवरी पुलिस की 40 सदस्यीय SIT और कई राज्यों की पुलिस ने छापेमारी की।

14 जनवरी (बुधवार) रामगढ़ के चितरपुर से दोनों बच्चे सकुशल बरामद, आरोपी दंपत्ति गिरफ्तार।

पिता ने जताया आभार

बच्चों के पिता सुनील कुमार को जैसे ही पुलिस ने बच्चों की सुरक्षित बरामदगी की सूचना दी, उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने पुलिस प्रशासन का धन्यवाद किया है। हालांकि, अपहरण का असली मकसद (फिरौती, मानव तस्करी या कुछ और) क्या था, इसका खुलासा पुलिस की पूछताछ के बाद ही हो पाएगा।

मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में आक्सीजन पाइपलाइन व मरीजों के पास घूमते दिखे
*जिलाधिकारी की फटकार के बाद जांच के आदेश

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज का आर्थो वार्ड एक बार फिर सुर्खियों में है यहां मरीजों और आक्सीजन पाइपलाइन के पास एक नहीं बल्कि पांच से अधिक बड़े बड़े चूहों के घूमने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।वीडियो में कई चूहे खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं।आर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों द्वारा बनाए गये इस वीडियो में पांच से अधिक चूहे आक्सीजन पाइपलाइन के पास और उस पर चढ़ते उतरते दिख रहे हैं।

वे मरीजों के बिस्तर और पास रखी मेज पर भी घूमते हुए नजर आ रहे हैं।वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने को फटकार लगाई है।उन्होंने इस पूरे मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी के निर्देश के बाद प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने आर्थो वार्ड समेत सभी वार्डों में चूहों को भगाने के लिए दवा का छिड़काव करवाया है।उन्होंने पूरे मामले के जांच के भी आदेश दिये हैं।यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है।

प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि मरीजों के परिजन खाना लेकर आते हैं,जिससे चूहे आकर्षित होते हैं।उन्होंने आश्वस्त किया कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच जारी है।अलग अलग सभी वार्डों में इस घटना के बाद दवाओं का छिड़काव कराया गया है ताकि जितने भी जानवर हैं वह वार्ड में न आएं और जो बचे हुए हैं वह खत्म हो जाएं।दवाओं के छिड़काव के बाद अब वार्ड में जितने भी चूहे दिखाई दे रहे थे वह गायब हो गये हैं।लेकिन यह किसकी लापरवाही है इसकी जांच कराई जा रही है और मरीजों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।
कोरांव में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया की 10वीं वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत कोरांव में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर ग्रामीण विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण को लेकर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में एडीओ महोदय की गरिमामयी उपस्थिति रही।यह आयोजन सामूहिक चिंतन अनुभव साझा करने और भविष्य की दिशा तय करने का एक प्रभावी मंच बना।कार्यक्रम में यह रेखांकित किया गया कि ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया द्वारा कोरांव क्षेत्र में ग्रामीण विकास आजीविका संवर्धन और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरन्तर कार्य किए जा रहे है।संस्था के प्रयासो से क्षेत्र में आजीविका के विविध अवसर विकसित हुए है जिससे महिलाओं और युवाओ को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।

टीआरआई द्वारा महिला सशक्तिकरण पंचायत सशक्तिकरण कौशल विकास स्वरोज़गार किसान उत्पादक समूहों के गठन तथा समाज– सरकार–बाज़ार के समन्वय के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले है।विशेष रूप से महिलाओ की आय में वृद्धि सामूहिक नेतृत्व का विकास और संस्थागत मजबूती इस पहल की प्रमुख उपलब्धियाँ रही है।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दीर्घकालिक एवं समावेशी विकास के लिए समुदाय की सक्रिय सहभागिता और संस्थागत साझेदारी अत्यन्त आवश्यक है।उपस्थित जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं समुदाय के सदस्यो ने टीआरआई के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में और अधिक सशक्त पंचायतो एवं आत्मनिर्भर समुदायों के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त, ठंड बनी लोगों की परेशानी का कारण
मेरठ। बहसूमा। रामराज।
क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से लगातार पड़ रहे घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से लेकर देर तक छाए रहने वाले कोहरे के कारण जहां दृश्यता बेहद कम हो गई है, वहीं ठंड के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोगों को दैनिक कार्यों के निपटारे में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मोहम्मदपुर सकिश्त गांव के ग्रामीणों ने बताया कि अधिक कोहरा पड़ने और ठंड बढ़ने से खेतों व अन्य कामकाज में दिक्कतें आ रही हैं। सुबह के समय तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कोहरा इतना घना होता है कि सामने कुछ भी दिखाई नहीं देता। इससे सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। वाहन चालकों को भी बेहद सतर्क होकर चलना पड़ रहा है।

ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर देखने को मिल रहा है। ठंड के कारण कई लोगों को सांस लेने में परेशानी, खांसी, जुकाम और सीने में जकड़न की शिकायत हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिक ठंड और कोहरे में नमी के कारण सांस संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे विशेषकर वृद्ध और बच्चे अधिक प्रभावित होते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि ठंड की वजह से सुबह-शाम घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। मजदूर वर्ग के लोगों को काम पर जाने में परेशानी हो रही है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है। वहीं छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि कोहरे और ठंड को देखते हुए आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। साथ ही जरूरतमंद लोगों के लिए अलाव और अन्य राहत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि ठंड से कुछ राहत मिल सके। फिलहाल क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि मौसम में सुधार होने के बाद ही जनजीवन सामान्य हो पाएगा।
आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने रचा अहम् चिकित्सकीय मुकाम, स्तन कैंसर मरीज की सफल सर्जरी

आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, स्तन कैंसर मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी की सफल सर्जरी की

*कोलकाता, जनवरी 2026* : आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने अपने आरजी इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड ब्रेस्ट केयर के माध्यम से दाहिने स्तन के कैंसर से पीड़ित 68 वर्षीय महिला का सफल इलाज किया। वरिष्ठ ब्रेस्ट सर्जन डॉ. ताप्ती सेन के नेतृत्व में मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी के साथ बगल की लिम्फ नोड्स की सफाई (लेवल थ्री तक) की गई। यह सफल सर्जरी अस्पताल की ब्रेस्ट कैंसर के उन्नत इलाज में मजबूत विशेषज्ञता को दर्शाती है, जहाँ सटीक उपचार के साथ मरीज की जल्दी रिकवरी पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है।
प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता की ब्रेस्ट सर्जरी कंसल्टेंट डॉ. ताप्ती सेन ने कहा, "लिम्फ नोड्स से जुड़े स्तन कैंसर के मरीजों के लिए मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी आज भी एक अहम् उपचार विकल्प है। समय पर उचित जाँच, उपयुक्त सर्जरी और सर्जरी के बाद की व्यवस्थित देखभाल से बेहतर परिणाम मिलते हैं और साथ ही मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है।"
मरीज पिछले एक वर्ष से दाहिने स्तन में बिना दर्द की सूजन की शिकायत लेकर आई थीं, जिसका आकार धीरे-धीरे बढ़ रहा था। जाँच और इमेजिंग में स्तन के उनके निचले हिस्से में 3.3 x 3 सेमी की सख्त और अनियमित गाँठ पाई गई, जो त्वचा या अंदर की गहरी संरचनाओं तक नहीं फैली थी। मैमोग्राम और दाहिने स्तन से की गई ट्रू-कट बायोप्सी में कार्सिनोमा राइट ब्रेस्ट की पुष्टि हुई। पूरे शरीर की पीईटी-सीटी जाँच में बीमारी सिर्फ उसी क्षेत्र तक सीमित पाई गई और शरीर के अन्य हिस्सों में फैलाव नहीं दिखा।
इसके बाद आईएचसी जाँच के बाद मरीज की दाहिने स्तन की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी और बगल के लिम्फ नोड्स की सफाई की सर्जरी की गई। सर्जरी से पहले सभी जरूरी जाँचें और एनेस्थीसिया की अनुमति ली गई। ऑपरेशन से पहले मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट की राय भी ली गई। मरीज और उनके परिजनों को इलाज की पूरी प्रक्रिया और सर्जरी के बाद होने वाली सावधानियों, जैसे कि लिम्फ सूजन या घाव में संक्रमण से बचाव के बारे में विस्तार से समझाया गया। सर्जरी के 48 घंटे बाद ड्रेन के साथ मरीज को छुट्टी दे दी गई। फिलहाल मरीज की हालत अच्छी है। मेडिकल ऑन्कोलॉजी सहित पूरी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की देखरेख से बेहतर और लंबे समय तक अच्छे परिणाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
*पतंगों से लेकर तिल-गुड़ तक: सन नियो कलाकारों ने साझा की मकर संक्रांति से जुड़ी खुशियाँ*

*उत्तर प्रदेश, जनवरी 2026:* आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें, तिल-गुड़ की मिठास और बचपन की प्यारी यादें, मकर संक्रांति वह त्यौहार है, जो दिल के बहुत करीब होता है। इस खास मौके पर सन नियो के कलाकार मेघा रे, भाग्यश्री मिश्रा और गौरी शेलगांवकर ने अपने बचपन की यादें, त्यौहार से जुड़ी परंपराएँ और इस साल के जश्न की झलक साझा की।

दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शो में दिव्या का किरदार निभा रहीं मेघा रे कहती हैं, "मुझे मकर संक्रांति हमेशा से बहुत पसंद रही है, क्योंकि यह अपने साथ ढेर सारी खुशिया, उम्मीद और अपनों के साथ होने का एहसास कराती है। बचपन में परिवार के साथ पतंग उड़ाना और तिल-गुड़ बाँटना मेरी सबसे प्यारी यादों में शामिल है। इस साल काम की वजह से थोड़ी व्यस्त रहूँगी, लेकिन दिव्या प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी के सेट पर अपनी टीम के साथ मिठाइयाँ बाँटकर अपना त्यौहार ज़रूर मनाऊँगी। संक्रांति मुझे सिखाती है कि नकारात्मकता छोड़कर विश्वास, कृतज्ञता और खुशी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मैं सभी को रंगों से भरी, खुशहाल मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ देती हूँ। यह पर्व आपके जीवन में नई शुरुआत, सफलता, शांति, अच्छी सेहत और ढेर सारी मुस्कान लाए।"

सत्या साची में साची की भूमिका निभा रहीं भाग्यश्री मिश्रा ने कहा, "मकर संक्रांति मुझे इसलिए खास लगती है, क्योंकि यह नई शुरुआत और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। बचपन की वो यादें आज भी मन को खुश कर देती हैं, यानि रंगीन पतंगें उड़ाना और फिर कटी हुई पतंगों के पीछे पूरे जोश के साथ दौड़ना। वह मस्ती अब सोचने पर और भी खास लगती है। आज हम सब बड़े हो गए हैं और काम की वजह से समय कम मिल पाता है, लेकिन यदि इस साल मौका मिला तो हम 'सत्या साची' के सेट पर पतंग जरूर उड़ाएँगे और साथ में कुछ खुशनुमा पल बिताएँगे।"

प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी में घेवर का किरदार निभा रहीं गौरी शेलगांवकर ने अपने दिल की बात साझा करते हुए कहा, "मेरे लिए मकर संक्रांति हमेशा सादगी भरी खुशियों का त्यौहार रही है, जिसमें परिवार के साथ खाना, हँसी-मजाक करना और लोगों को बाँटकर खाने की कला को सीखना। मुझे याद है, बड़े हमें तिल-गुड़ देते हुए कहते थे कि हमेशा मीठा बोलो, सकारात्मक सोचो और खुश रहो। इस साल मैं सादगी से त्यौहार मनाऊँगी, अपने करीबियों को फोन करुँगी और उनके प्यार व सपोर्ट के लिए उन्हें धन्यवाद कहूँगी। साथ ही, मेरी माँ के हाथों से बने तिल के लड्डू 'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' के सेट पर ले जाकर सबके साथ बाटूँगी। बचपन में अपने पापा के साथ पतंग उड़ाने की यादें आज भी दिल को छू जाती हैं, वह पूरा दिन हमारे साथ पतंग उड़ाते थे।"

देखिए दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शाम 7:30 बजे, सत्या साची शाम 8:00 बजे, प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी- रात 9:00 बजे, सिर्फ सन नियो पर।
बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' में नारी शक्ति ने रचा इतिहास, टीकमगढ़ की सविता राज रहीं विजेता

- टीकमगढ़ कीं सविता राज ने पहला, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया

छतरपुर, जनवरी 2026: लोकप्रिय चैनल बुंदेलखंड 24x7 द्वारा आयोजित बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' का ग्रैंड फिनाले रविवार को छतरपुर के अंबेडकर भवन में संपन्न हुआ। बुंदेली सुरों, भावनाओं और परंपरा की कसौटी का पर्याय कही जाने वाली इस निःशुल्क प्रतियोगिता में नारी शक्ति ने क्रमशः तीन स्थानों पर दबदबा बनाते हुए इतिहास रच दिया। पहले चरण में रिकॉर्ड 2735 एंट्रीज़, छह जिलों में ऑडिशन राउंड को पार करते हुए और तत्पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन के बूते पाँच प्रतिभागी फाइनल में पहुँचे। सुरों की विभिन्न कसौटियों को पार कर टीकमगढ़ कीं सविता राज ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया।
विजेता को 50 हजार मूल्य के पुरस्कार दिए गए, जिसमें नकद पुरस्कार समेत गिफ्ट हैंपर्स और ब्रांडिंग आदि शामिल है। साथ ही, उन्हें प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे के साथ गायन और विराज फोटोग्राफी के एल्बम में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर छतरपुर की माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने कार्यक्रम का मान बढ़ाया।
बुंदेली लोकगीतों के महान साधक बैजू बावरा जी की स्मृति में आयोजित इस निःशुल्क प्रतियोगिता का उद्देश्य आला-ऊदल और बुंदेली लोकगीतों की विरासत को नए स्वर देना रहा। बुंदेली लोकगीतों के सम्राट पं. देशराज पठैरिया जी के पुत्र की भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई। मंच का संचालन बुंदेलखंड 24x7 की शिवांगी तिवारी और राजेंद्र सिंह जी ने किया। ललितपुर के अंकित परिहार और सागर के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने क्रमशः चौथे और पाँचवें स्थान पर रहे।
माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने फाइनलिस्ट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, "बुंदेलखंड का मान बढ़ाने वाले इस आयोजन में हर आवाज़ के पीछे एक कहानी थी और हर तान के साथ बुंदेलखंड की पहचान जुड़ी थी। इस लोकगीत प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों से कलाकारों का शामिल होना यह दर्शाता है कि बुंदेली लोकगीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। सभी ने अपने सुरों से यह बखूबी साबित किया।"
विजेता का खिताब हासिल होने पर भावुक स्वर में टीकमगढ़ कीं सविता राज ने कहा, "यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड की हर उस बेटी की है, जो लोकगीतों को अपनी साँसों में बसाए हुए है। इस मंच ने मुझे अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की ताकत दी है। मैं इस सम्मान को अपने बुंदेलखंड को समर्पित करती हूँ।" वहीं, क्रमशः द्वितीय और तृतीय विजेता के रूप में सेजल सोनी और ज्योति पटेल ने भी बुंदेली सुरों को मान दिलाने के लिए प्रयासरत बुंदेलखंड 24x7 चैनल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जीत और हार हर प्रतियोगिता का हिस्सा होती है, लेकिन मेरे लिए इस मंच पर पहुँचे सभी प्रतिभागी विजेता हैं। लोकसंस्कृति को सहेजने की कोशिश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति वास्तव में विजेता है। बुंदेली बावरा का उद्देश्य ही यही है कि हर कलाकार को सम्मान और पहचान मिले। सभी को शुभकामनाएँ।" मुकाबला आसान नहीं था, हर प्रस्तुति में भाव भी था, साधना भी और अपनी मिट्टी से जुड़ाव भी। आखिरकार, जजेस द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद पहले राउंड में 13, दूसरे राउंड में 8 और तीसरे राउंड में ऐसे 5 प्रतिभागी चुने गए, जिनके सुरों में परंपरा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी और संस्कृति की बेशकीमती झलक भी। प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे, प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया और बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने निष्पक्ष मूल्यांकन कर उक्त प्रतियोगिता को सफल बनाया।
प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे ने कहा, "ग्रैंड फिनाले में जो आवाज़ें मंच पर गूँजी, वे सिर्फ सुर नहीं, बल्कि बुंदेली लोकजीवन की आत्मा थीं। इस मंच ने साबित कर दिया कि हमारी लोकगायकी आज भी उतनी ही जीवंत और सच्ची है। फाइनल तक पहुँचे सभी कलाकारों ने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी है।"
प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया ने कहा, "मंच पर प्रस्तुत की गई प्रत्येक गायकी इस बात की मिसाल है कि बुंदेली लोकगीतों की विरासत आज भी कायम है और हमेशा कायम रहेगी। सभी बुंदेली कलाकारों के सुरों में परंपरा की पकड़ और भविष्य की उम्मीद, दोनों साफ नजर आईं।"
बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने कहा, "ग्रैंड फिनाले तक का सफर आसान नहीं था। हर कलाकार में अलग खासियत थी, लेकिन फाइनल में वही सुर सामने आए, जिन्होंने बुंदेली लोकगीतों को आगे ले जाने की क्षमता दिखाई। यह आयोजन लोकसंस्कृति को सहेजने की एक सशक्त कोशिश साबित हुआ। सभी को शुभकामनाएँ।"
बुंदेलखंड 24x7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा, "बुंदेली लोकगीत की एक से बढ़कर एक प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि बुंदेली बावरा सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आवाज़ को सम्मान देने का मंच है। फाइनल में गूँजे सुरों ने यह भरोसा और भी मजबूत किया कि हमारी लोकसंस्कृति अमर है।"
कार्यक्रम के इंस्ट्रूमेंट पार्टनर के रूप में आशीष बुंदेली म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें आशीष विश्वकर्मा (अर्पण) ने बैंजो, रूपेश श्रीवास्तव ने कीबोर्ड, धीरज तूफानी ने ढोलक और मयंक विश्वकर्मा ने ऑक्टापैड पर संगत दी। साउंड और लाइट की जिम्मेदारी अमित नामदेव (अमित 09 साउंड सिस्टम एंड इवेंट, हमीरपुर) ने निभाई। वैन्यू पार्टनर के रूप में अंबेडकर भवन, स्टे पार्टनर के तौर पर द रुद्राक्ष होटल एवं राधिका कुंज पैलेस, नॉलेज पार्टनर के रूप में जे.के. कॉलेज ऑफ लॉ, पीआर पार्टनर के रूप में पीआर 24x7, सोशल पार्टनर 2030 का भारत, सपोर्टिंग पार्टनर रुद्राणी कलाग्राम और क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मणिकांत चौरसिया ने मिलकर इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।
चंदेरी स्थित लोकगीत के महानायक बैजू बावरा जी की समाधि पर श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा शहर में हुए पहले ऑडिशन से आगे बढ़ती हुई अपने ग्रैंड फिनाले के मुकाम तक पहुँची। झाँसी, हमीरपुर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर जिलों में आयोजित ऑडिशन राउंड में बुंदेलखंड के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के जोश, दर्शकों के उत्साह और बुंदेलखंड से मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि यह मंच लोगों के दिलों से जुड़ चुका है। इसी उत्साह और प्रेम को देखते हुए इसका अगला संस्करण और भी अधिक जीवंत, व्यापक और यादगार होने की उम्मीद के साथ बुंदेली लोकसंस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।
अमेरिका में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 को सफल बनाने पर जी6 हॉस्पिटैलिटी ने गुजराती उद्यमियों को सराहा
*नवसारी, जनवरी 2026:* अमेरिका और कनाडा में मोटल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड की मूल कंपनी जी6 हॉस्पिटैलिटी ने मकर संक्रांति से पहले नवसारी में एक खास समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में गुजरात के फ्रेंचाइज़ी मालिकों को सराहा गया, जिन्होंने मोटल 6 और स्टूडियो 6 को उत्तरी अमेरिका के सबसे बड़े इकॉनमी होटल ब्रांड बनाने में अहम् भूमिका निभाई। आज इन दोनों ब्रांड्स के तहत 1,500 से ज्यादा होटल संचालित हो रहे हैं। 'गुजराती अस्मिता' नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में उन गुजराती उद्यमियों की मेहनत और जज़्बे को पहचान मिली, जिन्होंने बदलते बाजार और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की चुनौतियों के बीच भी उत्तरी अमेरिका में सफल कारोबार स्थापित किया।
नवसारी में एकत्रित ये प्रतिष्ठित होटल कारोबारी, जिनमें से कई सूरत, नवसारी और बारडोली से जुड़े हैं, को उनके उत्कृष्ट काम के लिए सराहा गया। इन्हीं लोगों की मेहनत से मोटल 6 और स्टूडियो 6 अमेरिका में किफायती और भरोसेमंद ठहरने का जाना-पहचाना नाम बने हैं। वैश्विक महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों से लेकर उसके बाद यात्रा क्षेत्र में आई तेजी तक, इन उद्यमियों ने धैर्य और समझदारी से हर चुनौती का सामना किया। उनकी मेहनत से न सिर्फ ब्रांड और मजबूत हुए, बल्कि रोजगार के नए अवसर बने, स्थानीय समुदायों से जुड़ाव बढ़ा और लाखों मेहमानों को लगातार बेहतर सेवा मिलती रही।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन गुजरात के जाने-माने उद्यमियों श्री सावजी ढोलकिया और श्री चंद्रकांत 'चान' पटेल ने किया। सावजी ढोलकिया देश के प्रसिद्ध हीरा कारोबारी, समाजसेवी और हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स के संस्थापक हैं। वे कारोबार में सफलता के साथ-साथ समाज के लिए उदार योगदान और जिम्मेदारी निभाने के लिए दुनियाभर में सम्मानित हैं। वहीं चान पटेल स्टेट बैंक ऑफ टेक्सास के संस्थापक और चेयरमैन हैं और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में गहरी पकड़ रखने वाले प्रमुख उद्यमी माने जाते हैं। वे अमेरिका में कई सफल हॉस्पिटैलिटी कारोबार स्थापित करने के साथ-साथ रणनीतिक वित्तीय नेतृत्व के जरिए नए उद्यमियों को आगे बढ़ने में सहयोग करते रहे हैं।
जी6 हॉस्पिटैलिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सोनल सिन्हा ने कहा, "गुजराती अस्मिता सबसे ज्यादा हमारे होटल मालिकों की कहानियों में दिखती है, जिन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए दुनिया भर में पहचान बनाई है। हम इस साझेदारी को बेहद अहम् मानते हैं और जो कुछ भी हमने मिलकर बनाया है, हमें उस पर गर्व है। इनका उद्यमी जज़्बा और मुश्किल हालात में भी डटे रहने की क्षमता यह साबित करती है कि वैश्विक कारोबार में गुजराती क्यों सबसे आगे रहते हैं।"
सीकेपी हॉस्पिटैलिटी के प्रेसिडेंट और सीईओ हर्षद पटेल ने कहा, "गुजरात हमेशा से मेहनती और उद्यमी लोगों के लिए जाना जाता है। हमने मेहनत, ईमानदारी और धैर्य के बल पर अमेरिका में मजबूत कारोबार स्थापित किए हैं। अपने ही लोगों के बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। इस वर्ष हमारा फोकस तकनीक के सहारे आगे बढ़ने और अपने कारोबार को और मजबूत करने पर है।"
जी6 हॉस्पिटैलिटी अमेरिका और कनाडा में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड का संचालन करती है, जिनके 1,500 से अधिक होटल हैं। किफायती और भरोसेमंद स्टे के लिए पहचाने जाने वाले ये ब्रांड्स छुट्टियाँ मनाने और बिज़नेस के सिलसिले में आने वाले, दोनों ही तरह के यात्रियों को स्वच्छ और आरामदायक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
breaking news/ धुर्वा अपहरण कांड: 12 दिनों बाद मिली बड़ी कामयाबी

सकुशल बरामदगी: 2 जनवरी से लापता 7 वर्षीय अंश और 6 वर्षीय अंशिका को रामगढ़ जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है।

सिटी एसपी की कार्रवाई: रांची के सिटी एसपी स्वयं बच्चों को वापस लाने के लिए रवाना हो चुके हैं।

दो अपराधी गिरफ्तार: पुलिस ने इस मामले में दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

*सेवा दिवस के रूप में मनाई गई समाजसेवी अच्छेलाल सिंह जी की चौथी पुण्यतिथि,परिजनों ने वृद्धा आश्रम व मेडिकल कॉलेज में किया फल वितरण।*
सुल्तानपुर-जयसिंहपुर क्षेत्र के दरपीपुर निवासी दिवंगत समाज सेवी अच्छे लाल सिंह की आज चौथी पुण्यतिथि पर उनके परिजनों ने सेवा दिवास के रूप में मनाया है।उनके परिजनों ने शहर के तुराबखानी स्थित वृद्धा आश्रम पर मौजूद निराश्रित लोगों को फल वितरण किया और उनका हाल जाना।इसके बाद जिला मेडिकल कॉलेज के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों व अस्पताल में सफाई करने वाले कर्मियों को भी फल वितरित किया है। स्व अच्छे लाल सिंह जी के पौत्र संदीप सिंह ने बताया की उनके बाबा हमेशा समाज के उन लोगों की मदद की है जिनकी कोई सुनने वाला नही होता था।उनके द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में जो बीड़ा उठाया गया था,उनके उस कार्य को आज उनकी ना मौजूदगी में उनके परिजन आगे बढ़ाने का काम कर रहे है।इसी कारण हर वर्ष की 13 जनवरी को होने वाली उनकी पुण्यतिथि पर लोगों की सेवा कर उसे सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान श्री सिंह के पौत्र संदीप सिंह सोनू ने बताया की आज के युवा अगर अपने पूर्वजों और परिवार के बड़े बूढ़े लोगों के दिखाए गए रास्तों पर चले या उनकी स्मृति को ध्यान में रखकर समाज के उन लोगों की सेवा करें जो जरूरतमंद है,अपने बड़े बुजुर्ग पूर्वजों को वही सच्ची श्रद्धांजलि है।हम पिछले कई सालों आए अपने बाबा जी के पद चिन्हों पर चलने की कोशिश करते हुए उनकी पुण्यतिथि को सेवा दिवस के रूप में मनाते है।इस दिन अस्पतालों में फल वितरण।जरूरतमंदों को कम्बल वितरण जैसे कार्य किये जाते है। बाइट - संदीप सिंह सोनू