बेटी की शादी से लौटते वक्त भीषण हादसा, एक ही परिवार के तीन समेत पांच की मौत

तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर पार कर ट्रेलर से भिड़ी, चालक को आई थी झपकी

लखनऊ । मऊ के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। हादसा गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर कुसुम्हा बशारतपुर के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराने के बाद दूसरी लेन में जाकर ट्रेलर से भिड़ गई।

जानकारी के अनुसार, गोरखपुर के खोराबार क्षेत्र निवासी विनय श्रीवास्तव (60) अपनी बेटी की शादी के लिए रांची गए थे। शादी संपन्न होने के बाद वह पत्नी अर्चना (58) और बेटे कृतार्थ (27) के साथ घर लौट रहे थे। वाहन में चालक पुरुषोत्तम और एक अन्य चालक नितीश भी सवार थे।

रात करीब 2:30 बजे कुसुम्हा बशारतपुर के पास चालक को झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराया और फिर दूसरी लेन में जाकर ट्रेलर से भिड़ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सभी लोग उसमें फंस गए।

ढाई घंटे बाद निकाले गए शव
सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद वाहन को काटकर सभी पांचों शवों को बाहर निकाला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

गांव में पसरा मातम
हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे गांव में शोक की लहर है। पुलिस ने दोनों वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कर दिया है।
अब गाया और याद किया जाएगा संविधान: छंदों में ढली देश की सबसे बड़ी कानून पुस्तक, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

दोहा-रोला में सजा पूरा संविधान, 142 रचनाकारों की अनूठी कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान

लखनऊ । भारत का संविधान, जिसे अब तक कठिन भाषा और मोटी किताब के रूप में देखा जाता रहा है, अब एक नए और बेहद रोचक अंदाज में सामने आया है। पहली बार पूरे संविधान को काव्य रूप में ढालकर दोहा, रोला और विभिन्न छंदों में प्रस्तुत किया गया है, जिससे इसे गाया, समझा और आसानी से याद किया जा सकेगा।

सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया

इस अनोखी कृति छंदबद्ध भारत का संविधान में संविधान के सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया गया है, जबकि इसके 22 भागों को 22 अलग-अलग छंदगीतों में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही भारत माता गीत और संशोधनों समेत कुल 26 छंदों के माध्यम से संविधान की आत्मा को संजोया गया है।

दुनिया भर के रचनाकारों का योगदान

इस महाग्रंथ को तैयार करने में भारत के साथ-साथ नेपाल, इंडोनेशिया, सिंगापुर और कुवैत के कुल 142 रचनाकारों ने योगदान दिया। खास बात यह है कि इसमें 14 साल के युवा से लेकर 81 वर्ष तक के वरिष्ठ साहित्यकार शामिल रहे। 92 महिलाओं और 48 पुरुषों की भागीदारी ने “अनेकता में एकता” की मिसाल पेश की है।

वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज उपलब्धि

इस ऐतिहासिक साहित्यिक कार्य को Golden Book of World Records में “फर्स्ट पोएट्री बुक ऑन कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया” के रूप में दर्ज किया गया है। इसका संपादन डॉ. ओमकार साहू ‘मृदुल’, सह-संपादन डॉ. मधु शंखधर ‘स्वतंत्र’ और डॉ. सपना दत्ता ‘सुहासिनी’ ने किया।

आसान भाषा में संविधान की समझ

इस पुस्तक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें संविधान के मूल भाव को बिना बदले सरल, सहज और मधुर भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए संविधान को आसान बनाना है।

ऐतिहासिक प्रेरणा और समयसीमा

26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत होने की ऐतिहासिक तिथि से प्रेरणा लेते हुए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 26 नवंबर 2022 को की गई और 26 नवंबर 2023 को इसे पूरा किया गया।

रामचरितमानस से तुलना

जिस तरह रामचरितमानस ने जटिल ज्ञान को सरल बनाकर जन-जन तक पहुंचाया, उसी तरह यह काव्यात्मक संविधान भी देश के हर व्यक्ति तक संविधान की समझ पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
लंदन में बिखरी हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध, छाई रही डॉ.मंजू लोढ़ा की कविताएं
मुंबई। लंदन में एक बार फिर हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध बिखरी, जब British Hindu Sewa Samiti Hertsmere द्वारा “काव्य मंच – एक हिंदी काव्य संध्या” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शब्दों की सरिता और भावों की अभिव्यक्ति का सुंदर संगम बना, जहाँ हिंदी प्रेमियों ने कविता के माध्यम से अपनी संवेदनाओं को साझा किया। इस गरिमामयी आयोजन की मुख्य अतिथि रहीं डॉ.मंजु मंगल प्रभात लोढ़ा, जिनकी उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की। एक बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी डॉ. मंजु लोढ़ा न केवल एक प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका हैं, बल्कि एक समर्पित समाजसेवी, प्रेरक वक्ता और परोपकारी भी हैं।
लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा के रूप में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिससे अनगिनत लोगों का जीवन सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ है। साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी पहचान अत्यंत सशक्त है—14 पुस्तकों की लेखिका होने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 100 से अधिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।अपने संबोधन में डॉ. मंजू लोढ़ा ने शब्दों की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कविता केवल भावों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम भी है। उनके विचारों ने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रेरित किया। लंदन में आयोजित इस काव्य संध्या में अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें Pravin Ranji, Mia Handley, Jeremy Newmark, Linda Smith तथा Ramesh Klair विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अंत में, British Hindu Sewa Samiti Hertsmere के प्रति हार्दिक आभार, जिन्होंने सभी को एक साथ लाकर ऐसा सार्थक और प्रेरणादायक मंच प्रदान किया। डॉ. मंजू लोढ़ा का यह प्रेरणादायक सफर निरंतर आगे बढ़ रहा है,सीमाओं से परे, समाज और साहित्य दोनों को समृद्ध करते हुए।
आयुक्त एवं आईजी लखनऊ ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
रितेश मिश्रा

हरदोई मल्लावां आगामी 29 अप्रैल को  प्रधानमंत्री  द्वारा प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण एवं जनसभा कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं भव्य रूप से सम्पन्न कराने के दृष्टिगत आज आयुक्त, लखनऊ मंडल, लखनऊ विजय विश्वास पंत एवं आईजी, लखनऊ रेंज, लखनऊ किरण एस की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मल्लावां में आयोजित इस बैठक में जनपद हरदोई सहित कन्नौज, उन्नाव, शाहजहांपुर एवं फर्रुखाबाद के जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी हरदोई अनुनय झा एवं पुलिस अधीक्षक अशोक मीणा द्वारा जनपद में की जा रही तैयारियों के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था, जनसभा के लिए की गई व्यवस्थाओं तथा आगंतुक गणमान्य व्यक्तियों एवं आमजन के सुगम आवागमन हेतु तैयार की गई कार्ययोजना की जानकारी दी। आयुक्त, लखनऊ मंडल विजय विश्वास पंत द्वारा अधिकारियों के साथ आमजन की सुविधाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा करते हुए निर्देशित किया गया कि जनसभा में आने वाले नागरिकों के लिए विद्युत आपूर्ति, शुद्ध पेयजल, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था एवं मोबाइल शौचालयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर ली जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो। आईजी, लखनऊ रेंज किरण एस द्वारा सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्देशित किया कि कार्यक्रम स्थल के आसपास सुगम यातायात संचालन हेतु प्रभावी रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया जाए तथा पार्किंग स्थलों का चयन इस प्रकार किया जाए कि आमजन को न्यूनतम दूरी पैदल तय करनी पड़े। साथ ही, सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए सभी जनपदों के पुलिस बल को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक उपरांत जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सभी तैयारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बलिया बीएसए मनीष कुमार सिंह ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर सहायक अध्यापक की सेवा समाप्त की
संजीव सिंह बलिया। बीएसए मनीष कुमार सिंह ने फर्जी अनुसूचित जनजाति (एसटी) जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे सहायक अध्यापक सुनील कुमार की सेवा समाप्त कर दी है। सुनील कुमार की तैनाती शिक्षा क्षेत्र नगरा के कंपोजिट विद्यालय बाराडीह लवाईपट्टी में थी। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं और वेतन रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करें।सीयर ब्लाक के क्रिडिहरापुर निवासी सुनील कुमार पर आरोप है कि उन्होंने एसटी का फर्जी प्रमाण पत्र जमा कर वर्ष 2004 की बीटीसी चयन प्रक्रिया में शिक्षक पद प्राप्त किया। वास्तव में वे अनुसूचित जाति (एससी) से हैं। इसकी शिकायत हरींद्र प्रसाद ने वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और बीएसए को पत्र लिखकर की थी। सुनील ने फर्जी प्रमाण पत्र से 21 वर्षों तक वेतन लिया। जांच में सच्चाई सामने आने पर बीएसए ने त्वरित कार्रवाई की।
लोक जनसंपर्क सम्मान से नवाजे जाएंगे सुनील वर्मा

भोपाल। राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस 2026 का आयोजन 26 अप्रैल को किया जाएगा। इस अवसर पर पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया, भोपाल एक बहुआयामी आयोजन करेगी। इस दौरान बेहतर सेवाओं, उत्कृष्ट प्रदर्शन और अच्छी सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य देने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। इस कड़ी में जनसंपर्क विभाग के उप संचालक सुनील वर्मा को भी सम्मान से नवाजा जाएगा। कार्यक्रम सीएमई हॉल, जेके हॉस्पिटल, भोपाल पर सुबह 11 बजे होगा।

देवघर-की इनर व्हील क्लब की ओर से सदर अस्पताल में 300 लोगों को निशुल्क भोजन कराया।
देवघर: के इनर व्हील क्लब की ओर से अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा के नेतृत्व में क्लब के नियमित प्रोजेक्ट “अन्नपूर्णा” के तहत सदर अस्पताल में एक सराहनीय सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्लब की ओर से लगभग 300 मरीजों एवं उनके परिजनों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया गया। यह विशेष भोजन सेवा इनर व्हील क्लब की पूर्व अध्यक्ष सरिता अग्रवाल द्वारा उनके वर्षगांठ के अवसर पर दिए गए सहयोग से आयोजित की गई, जो एक अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायक पहल रही। इनर व्हील क्लब का अन्नपूर्णा प्रोजेक्ट एक नियमित सेवा कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत समय-समय पर जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन सेवा प्रदान की जाती है। इस कार्य में शील फाउंडेशन भोजन सेवा केन्द्र का निरंतर सहयोग सराहनीय रहा है। इस अवसर पर शील फाउंडेशन के राकेश कुमार वर्मा ने इनर व्हील क्लब की उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। मौके पर अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा सहित सचिव कंचन मूर्ति साह, सरिता अग्रवाल रूपा छवछारिया, सुरभि अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
यूपी संस्कृत बोर्ड 2026 रिजल्ट घोषित: हाईस्कूल में सृष्टि, इंटर में रजनीश यादव टॉपर

* योगी सरकार ने संस्कृत शिक्षा को दी नई पहचान, सीसीटीवी निगरानी और रियल टाइम मॉनिटरिंग के बीच हुई नकलविहीन परीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गुलाब देवी ने सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और सरकार की पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी सुदृढ़ीकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दे रही है, जिससे संस्कृत शिक्षा को नई पहचान मिली है।

प्रमुख परिणाम
पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 95.91% रहा।

-उत्तर मध्यमा प्रथम का परिणाम 94.40% रहा।
-उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 94.86% दर्ज किया गया।

-टॉपर सूची
पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10)

* सृष्टि (कन्नौज) – 661/700 अंक (94.43%)

* खुशबू सरोज (प्रतापगढ़) – 660 अंक

* मुलायम सिंह यादव और प्रियंका सरोज (प्रतापगढ़) – 653 अंक

-उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12):

* रजनीश यादव (प्रतापगढ़) – 1251/1400 अंक (89.36%)
* वंशिका श्रीवास्तव (प्रतापगढ़) – 1199 अंक
* काजल (प्रतापगढ़) और संस्कृति (अमरोहा) – 1196 अंक

परीक्षा में रही सख्ती
इस वर्ष 19 फरवरी से 28 फरवरी तक 241 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित की गईं। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, राज्य स्तरीय रियल टाइम कंट्रोल रूम, मंडल एवं जिला स्तर पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा डिजिटल उपस्थिति ट्रैकिंग की व्यवस्था रही।

-पिछले साल से बेहतर परिणाम:
* कक्षा-10 के उत्तीर्ण प्रतिशत में 2.79% की वृद्धि हुई।
* कक्षा-12 के उत्तीर्ण प्रतिशत में 6.82% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

* ऐसे देखें रिजल्ट
छात्र अपना परिणाम संस्कृत परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.upmssp.com पर ऑनलाइन देख सकते हैं।
गढ़वा DC ने राजस्व अधिकारियों को दी सख्त हिदायत: 30 दिन में निपटाएं दाखिल-खारिज, लेटलतीफी पर होगी कार्रवाई

गढ़वा :- समाहरणालय गढ़वा स्थित सभागार में उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न किया गया। बैठक में मुख्य रूप से दाखिल-खारिज, राजस्व संग्रहण, झारसेवा पोर्टल, पीएम किसान, भूमि सीमांकन, सर्टिफिकेट इश्यू, लैंड ट्रांसफर, नामांतरण, लैंड डिस्प्यूट के मामले, भू-अर्जन, अतिक्रमण समेत अन्य कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त श्री मित्तल द्वारा विभिन्न अंचलों से प्राप्त अद्यतन प्रतिवेदन के आधार पर बिंदुवार समीक्षा किया गया। दाखिल-खारिज संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले के विभिन्न अंचलों को 30 दिनों के अंदर दाखिल-खारिज के मामले का निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। किसी भी आवेदन को बिना किसी कारण 30 या 90 दिनों या इससे अधिक दिनों तक लंबित नही रखने का निर्देश दिया गया। अंचल कार्यालय से निर्गत होने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों को लेकर भी उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत करने की बात कही। समीक्षा के दौरान प्रतिवेदन के अनुसार पोर्टल पर राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों से जुड़े मामलों की समीक्षा के क्रम में कई आवेदन लंबित पाए गए, जिसका निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया। भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदनों पर अमीन के द्वारा तय समय पर भूमि सीमांकन करने का निर्देश दिया गया। कुछ कार्यों में पेंडेंसी को लेकर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की एवं सभी अंचल अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ कर्मियों को सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य जानबूझकर लंबित न रखें, मामलों का निष्पादन तय समयसीमा एवं प्राथमिकता के आधार पर करें। राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सभी पेंडिंग कार्यों यथा- म्यूटेशन, डीमार्केसन, सर्टिफिकेट इश्यू, डिस्प्यूट लैंड इत्यादि को ससमय निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। अपेक्षाकृत पुअर परफॉर्मेंस प्रदर्शित करने वाले अंचल अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई एवं कारणपृच्छा करने का निर्देश दिया गया।

वहीं भूमि विवाद से संबंधित मामलों के निबटारे हेतु सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों समेत संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किया गया एवं भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदन/शिकायत पर त्वरीत संज्ञान लेते हुए अविलंब कार्रवाई करने की बात कही गई। साथ ही लगान अपडेशन/त्रुटि सुधार हेतु प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निदेशित किया गया। समीक्षा के क्रम में राजस्व संबंधी उपरोक्त मामलों में कुछ अंचलों की दयनीय स्थिति प्रदर्शित हुई जिससे नाराज होते हुए अगले बैठक तक सभी मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने इस प्रकार के किसी भी मामले का निष्पादन 30 दिनों के भीतर करने की बात कही। 90 दिनों, 120 दिनों या इससे अधिक दिनों तक पेंडिंग रहने वाले मामलों को रिव्यू का अंग नहीं बताया तथा ऐसा होने पर संबंधित पदाधिकारी पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही गई।

वहीं इस जिला स्तरीय राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक में अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, अनुमंडल पदाधिकारी रंका रुद्र प्रताप, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, भूमि सुधार उप समाहर्ता गढ़वा रविश राज सिंह, एवं सभी प्रखंड के अंचल अधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित थें।

गयाजी में जीएसटी व ऑडिट विषयों पर सेमिनार का आयोजन: “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर विचार रखे

गया: गयाजी शहर के गेबाल बिगहा रोड स्थित एक निजी होटल में शुक्रवार को गया सीपीई सेंटर द्वारा जीएसटी एवं ऑडिट विषयों पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के द्वारा दीप प्रज्वलितर किया गया। यह कार्यक्रम आईसीएआई के सीआईआरसी के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी।

सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में रीजनल काउंसिल सदस्य सीए जे.के तिवारी ने “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर में जीएसटी से जुड़ी जटिलताओं और उसके व्यावहारिक प्रभावों को सरल तरीके से समझाया। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा का महत्व सबसे बड़ा है और पुस्तकों को पढ़ने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि “शिक्षा खुद बोलता है”।

वहीं, सीए दीपक राज ने “शेड्यूल 3 और कारो का ऑडिट पर प्रभाव” विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कारो ऑडिट रिपोर्ट के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से जानकारी दी। कार्यक्रम के संयोजक सीए दीपक कुमार ने बताया कि गया की धरती पर पहली बार आईसीएआई के रीजनल काउंसिल सदस्य फैकल्टी के रूप में पहुंचे, जिससे प्रतिभागियों को विशेष लाभ मिला।

उन्होंने आगे कहा कि गयाजी में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए एक लाइब्रेरी की स्थापना की योजना है, जिसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर कार्य शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर सत्र की अध्यक्षता सीए ज्ञान प्रकाश ने की। कार्यक्रम में सीए रोहित गोयल, सीए रोहित सिन्हा, डिप्टी कमिश्नर उत्पल कुमार, सीए संजीव सिन्हा, सीए अनुप कुमार, सीए रविकांत वर्मा, सीए शशिराज, सीए विकास कुमार, सीए अमित सिन्हा, सीए अनुरुद्ध सिद्धिवंशी सहित लगभग 50 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने विषयों से संबंधित अपने अनुभव साझा किए और सेमिनार को उपयोगी बताया।

बेटी की शादी से लौटते वक्त भीषण हादसा, एक ही परिवार के तीन समेत पांच की मौत

तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर पार कर ट्रेलर से भिड़ी, चालक को आई थी झपकी

लखनऊ । मऊ के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। हादसा गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर कुसुम्हा बशारतपुर के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराने के बाद दूसरी लेन में जाकर ट्रेलर से भिड़ गई।

जानकारी के अनुसार, गोरखपुर के खोराबार क्षेत्र निवासी विनय श्रीवास्तव (60) अपनी बेटी की शादी के लिए रांची गए थे। शादी संपन्न होने के बाद वह पत्नी अर्चना (58) और बेटे कृतार्थ (27) के साथ घर लौट रहे थे। वाहन में चालक पुरुषोत्तम और एक अन्य चालक नितीश भी सवार थे।

रात करीब 2:30 बजे कुसुम्हा बशारतपुर के पास चालक को झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराया और फिर दूसरी लेन में जाकर ट्रेलर से भिड़ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सभी लोग उसमें फंस गए।

ढाई घंटे बाद निकाले गए शव
सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद वाहन को काटकर सभी पांचों शवों को बाहर निकाला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

गांव में पसरा मातम
हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे गांव में शोक की लहर है। पुलिस ने दोनों वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कर दिया है।
अब गाया और याद किया जाएगा संविधान: छंदों में ढली देश की सबसे बड़ी कानून पुस्तक, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

दोहा-रोला में सजा पूरा संविधान, 142 रचनाकारों की अनूठी कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान

लखनऊ । भारत का संविधान, जिसे अब तक कठिन भाषा और मोटी किताब के रूप में देखा जाता रहा है, अब एक नए और बेहद रोचक अंदाज में सामने आया है। पहली बार पूरे संविधान को काव्य रूप में ढालकर दोहा, रोला और विभिन्न छंदों में प्रस्तुत किया गया है, जिससे इसे गाया, समझा और आसानी से याद किया जा सकेगा।

सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया

इस अनोखी कृति छंदबद्ध भारत का संविधान में संविधान के सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया गया है, जबकि इसके 22 भागों को 22 अलग-अलग छंदगीतों में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही भारत माता गीत और संशोधनों समेत कुल 26 छंदों के माध्यम से संविधान की आत्मा को संजोया गया है।

दुनिया भर के रचनाकारों का योगदान

इस महाग्रंथ को तैयार करने में भारत के साथ-साथ नेपाल, इंडोनेशिया, सिंगापुर और कुवैत के कुल 142 रचनाकारों ने योगदान दिया। खास बात यह है कि इसमें 14 साल के युवा से लेकर 81 वर्ष तक के वरिष्ठ साहित्यकार शामिल रहे। 92 महिलाओं और 48 पुरुषों की भागीदारी ने “अनेकता में एकता” की मिसाल पेश की है।

वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज उपलब्धि

इस ऐतिहासिक साहित्यिक कार्य को Golden Book of World Records में “फर्स्ट पोएट्री बुक ऑन कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया” के रूप में दर्ज किया गया है। इसका संपादन डॉ. ओमकार साहू ‘मृदुल’, सह-संपादन डॉ. मधु शंखधर ‘स्वतंत्र’ और डॉ. सपना दत्ता ‘सुहासिनी’ ने किया।

आसान भाषा में संविधान की समझ

इस पुस्तक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें संविधान के मूल भाव को बिना बदले सरल, सहज और मधुर भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए संविधान को आसान बनाना है।

ऐतिहासिक प्रेरणा और समयसीमा

26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत होने की ऐतिहासिक तिथि से प्रेरणा लेते हुए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 26 नवंबर 2022 को की गई और 26 नवंबर 2023 को इसे पूरा किया गया।

रामचरितमानस से तुलना

जिस तरह रामचरितमानस ने जटिल ज्ञान को सरल बनाकर जन-जन तक पहुंचाया, उसी तरह यह काव्यात्मक संविधान भी देश के हर व्यक्ति तक संविधान की समझ पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
लंदन में बिखरी हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध, छाई रही डॉ.मंजू लोढ़ा की कविताएं
मुंबई। लंदन में एक बार फिर हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध बिखरी, जब British Hindu Sewa Samiti Hertsmere द्वारा “काव्य मंच – एक हिंदी काव्य संध्या” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शब्दों की सरिता और भावों की अभिव्यक्ति का सुंदर संगम बना, जहाँ हिंदी प्रेमियों ने कविता के माध्यम से अपनी संवेदनाओं को साझा किया। इस गरिमामयी आयोजन की मुख्य अतिथि रहीं डॉ.मंजु मंगल प्रभात लोढ़ा, जिनकी उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की। एक बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी डॉ. मंजु लोढ़ा न केवल एक प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका हैं, बल्कि एक समर्पित समाजसेवी, प्रेरक वक्ता और परोपकारी भी हैं।
लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा के रूप में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिससे अनगिनत लोगों का जीवन सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ है। साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी पहचान अत्यंत सशक्त है—14 पुस्तकों की लेखिका होने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 100 से अधिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।अपने संबोधन में डॉ. मंजू लोढ़ा ने शब्दों की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कविता केवल भावों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम भी है। उनके विचारों ने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रेरित किया। लंदन में आयोजित इस काव्य संध्या में अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें Pravin Ranji, Mia Handley, Jeremy Newmark, Linda Smith तथा Ramesh Klair विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अंत में, British Hindu Sewa Samiti Hertsmere के प्रति हार्दिक आभार, जिन्होंने सभी को एक साथ लाकर ऐसा सार्थक और प्रेरणादायक मंच प्रदान किया। डॉ. मंजू लोढ़ा का यह प्रेरणादायक सफर निरंतर आगे बढ़ रहा है,सीमाओं से परे, समाज और साहित्य दोनों को समृद्ध करते हुए।
आयुक्त एवं आईजी लखनऊ ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
रितेश मिश्रा

हरदोई मल्लावां आगामी 29 अप्रैल को  प्रधानमंत्री  द्वारा प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण एवं जनसभा कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं भव्य रूप से सम्पन्न कराने के दृष्टिगत आज आयुक्त, लखनऊ मंडल, लखनऊ विजय विश्वास पंत एवं आईजी, लखनऊ रेंज, लखनऊ किरण एस की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मल्लावां में आयोजित इस बैठक में जनपद हरदोई सहित कन्नौज, उन्नाव, शाहजहांपुर एवं फर्रुखाबाद के जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी हरदोई अनुनय झा एवं पुलिस अधीक्षक अशोक मीणा द्वारा जनपद में की जा रही तैयारियों के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था, जनसभा के लिए की गई व्यवस्थाओं तथा आगंतुक गणमान्य व्यक्तियों एवं आमजन के सुगम आवागमन हेतु तैयार की गई कार्ययोजना की जानकारी दी। आयुक्त, लखनऊ मंडल विजय विश्वास पंत द्वारा अधिकारियों के साथ आमजन की सुविधाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा करते हुए निर्देशित किया गया कि जनसभा में आने वाले नागरिकों के लिए विद्युत आपूर्ति, शुद्ध पेयजल, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था एवं मोबाइल शौचालयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर ली जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो। आईजी, लखनऊ रेंज किरण एस द्वारा सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्देशित किया कि कार्यक्रम स्थल के आसपास सुगम यातायात संचालन हेतु प्रभावी रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया जाए तथा पार्किंग स्थलों का चयन इस प्रकार किया जाए कि आमजन को न्यूनतम दूरी पैदल तय करनी पड़े। साथ ही, सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए सभी जनपदों के पुलिस बल को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक उपरांत जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सभी तैयारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बलिया बीएसए मनीष कुमार सिंह ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर सहायक अध्यापक की सेवा समाप्त की
संजीव सिंह बलिया। बीएसए मनीष कुमार सिंह ने फर्जी अनुसूचित जनजाति (एसटी) जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे सहायक अध्यापक सुनील कुमार की सेवा समाप्त कर दी है। सुनील कुमार की तैनाती शिक्षा क्षेत्र नगरा के कंपोजिट विद्यालय बाराडीह लवाईपट्टी में थी। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं और वेतन रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करें।सीयर ब्लाक के क्रिडिहरापुर निवासी सुनील कुमार पर आरोप है कि उन्होंने एसटी का फर्जी प्रमाण पत्र जमा कर वर्ष 2004 की बीटीसी चयन प्रक्रिया में शिक्षक पद प्राप्त किया। वास्तव में वे अनुसूचित जाति (एससी) से हैं। इसकी शिकायत हरींद्र प्रसाद ने वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और बीएसए को पत्र लिखकर की थी। सुनील ने फर्जी प्रमाण पत्र से 21 वर्षों तक वेतन लिया। जांच में सच्चाई सामने आने पर बीएसए ने त्वरित कार्रवाई की।
लोक जनसंपर्क सम्मान से नवाजे जाएंगे सुनील वर्मा

भोपाल। राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस 2026 का आयोजन 26 अप्रैल को किया जाएगा। इस अवसर पर पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया, भोपाल एक बहुआयामी आयोजन करेगी। इस दौरान बेहतर सेवाओं, उत्कृष्ट प्रदर्शन और अच्छी सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य देने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। इस कड़ी में जनसंपर्क विभाग के उप संचालक सुनील वर्मा को भी सम्मान से नवाजा जाएगा। कार्यक्रम सीएमई हॉल, जेके हॉस्पिटल, भोपाल पर सुबह 11 बजे होगा।

देवघर-की इनर व्हील क्लब की ओर से सदर अस्पताल में 300 लोगों को निशुल्क भोजन कराया।
देवघर: के इनर व्हील क्लब की ओर से अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा के नेतृत्व में क्लब के नियमित प्रोजेक्ट “अन्नपूर्णा” के तहत सदर अस्पताल में एक सराहनीय सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्लब की ओर से लगभग 300 मरीजों एवं उनके परिजनों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया गया। यह विशेष भोजन सेवा इनर व्हील क्लब की पूर्व अध्यक्ष सरिता अग्रवाल द्वारा उनके वर्षगांठ के अवसर पर दिए गए सहयोग से आयोजित की गई, जो एक अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायक पहल रही। इनर व्हील क्लब का अन्नपूर्णा प्रोजेक्ट एक नियमित सेवा कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत समय-समय पर जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन सेवा प्रदान की जाती है। इस कार्य में शील फाउंडेशन भोजन सेवा केन्द्र का निरंतर सहयोग सराहनीय रहा है। इस अवसर पर शील फाउंडेशन के राकेश कुमार वर्मा ने इनर व्हील क्लब की उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। मौके पर अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा सहित सचिव कंचन मूर्ति साह, सरिता अग्रवाल रूपा छवछारिया, सुरभि अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
यूपी संस्कृत बोर्ड 2026 रिजल्ट घोषित: हाईस्कूल में सृष्टि, इंटर में रजनीश यादव टॉपर

* योगी सरकार ने संस्कृत शिक्षा को दी नई पहचान, सीसीटीवी निगरानी और रियल टाइम मॉनिटरिंग के बीच हुई नकलविहीन परीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गुलाब देवी ने सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और सरकार की पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी सुदृढ़ीकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दे रही है, जिससे संस्कृत शिक्षा को नई पहचान मिली है।

प्रमुख परिणाम
पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 95.91% रहा।

-उत्तर मध्यमा प्रथम का परिणाम 94.40% रहा।
-उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 94.86% दर्ज किया गया।

-टॉपर सूची
पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10)

* सृष्टि (कन्नौज) – 661/700 अंक (94.43%)

* खुशबू सरोज (प्रतापगढ़) – 660 अंक

* मुलायम सिंह यादव और प्रियंका सरोज (प्रतापगढ़) – 653 अंक

-उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12):

* रजनीश यादव (प्रतापगढ़) – 1251/1400 अंक (89.36%)
* वंशिका श्रीवास्तव (प्रतापगढ़) – 1199 अंक
* काजल (प्रतापगढ़) और संस्कृति (अमरोहा) – 1196 अंक

परीक्षा में रही सख्ती
इस वर्ष 19 फरवरी से 28 फरवरी तक 241 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित की गईं। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, राज्य स्तरीय रियल टाइम कंट्रोल रूम, मंडल एवं जिला स्तर पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा डिजिटल उपस्थिति ट्रैकिंग की व्यवस्था रही।

-पिछले साल से बेहतर परिणाम:
* कक्षा-10 के उत्तीर्ण प्रतिशत में 2.79% की वृद्धि हुई।
* कक्षा-12 के उत्तीर्ण प्रतिशत में 6.82% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

* ऐसे देखें रिजल्ट
छात्र अपना परिणाम संस्कृत परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.upmssp.com पर ऑनलाइन देख सकते हैं।
गढ़वा DC ने राजस्व अधिकारियों को दी सख्त हिदायत: 30 दिन में निपटाएं दाखिल-खारिज, लेटलतीफी पर होगी कार्रवाई

गढ़वा :- समाहरणालय गढ़वा स्थित सभागार में उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न किया गया। बैठक में मुख्य रूप से दाखिल-खारिज, राजस्व संग्रहण, झारसेवा पोर्टल, पीएम किसान, भूमि सीमांकन, सर्टिफिकेट इश्यू, लैंड ट्रांसफर, नामांतरण, लैंड डिस्प्यूट के मामले, भू-अर्जन, अतिक्रमण समेत अन्य कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त श्री मित्तल द्वारा विभिन्न अंचलों से प्राप्त अद्यतन प्रतिवेदन के आधार पर बिंदुवार समीक्षा किया गया। दाखिल-खारिज संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले के विभिन्न अंचलों को 30 दिनों के अंदर दाखिल-खारिज के मामले का निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। किसी भी आवेदन को बिना किसी कारण 30 या 90 दिनों या इससे अधिक दिनों तक लंबित नही रखने का निर्देश दिया गया। अंचल कार्यालय से निर्गत होने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों को लेकर भी उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत करने की बात कही। समीक्षा के दौरान प्रतिवेदन के अनुसार पोर्टल पर राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों से जुड़े मामलों की समीक्षा के क्रम में कई आवेदन लंबित पाए गए, जिसका निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया। भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदनों पर अमीन के द्वारा तय समय पर भूमि सीमांकन करने का निर्देश दिया गया। कुछ कार्यों में पेंडेंसी को लेकर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की एवं सभी अंचल अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ कर्मियों को सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य जानबूझकर लंबित न रखें, मामलों का निष्पादन तय समयसीमा एवं प्राथमिकता के आधार पर करें। राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सभी पेंडिंग कार्यों यथा- म्यूटेशन, डीमार्केसन, सर्टिफिकेट इश्यू, डिस्प्यूट लैंड इत्यादि को ससमय निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। अपेक्षाकृत पुअर परफॉर्मेंस प्रदर्शित करने वाले अंचल अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई एवं कारणपृच्छा करने का निर्देश दिया गया।

वहीं भूमि विवाद से संबंधित मामलों के निबटारे हेतु सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों समेत संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किया गया एवं भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदन/शिकायत पर त्वरीत संज्ञान लेते हुए अविलंब कार्रवाई करने की बात कही गई। साथ ही लगान अपडेशन/त्रुटि सुधार हेतु प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निदेशित किया गया। समीक्षा के क्रम में राजस्व संबंधी उपरोक्त मामलों में कुछ अंचलों की दयनीय स्थिति प्रदर्शित हुई जिससे नाराज होते हुए अगले बैठक तक सभी मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने इस प्रकार के किसी भी मामले का निष्पादन 30 दिनों के भीतर करने की बात कही। 90 दिनों, 120 दिनों या इससे अधिक दिनों तक पेंडिंग रहने वाले मामलों को रिव्यू का अंग नहीं बताया तथा ऐसा होने पर संबंधित पदाधिकारी पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही गई।

वहीं इस जिला स्तरीय राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक में अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, अनुमंडल पदाधिकारी रंका रुद्र प्रताप, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, भूमि सुधार उप समाहर्ता गढ़वा रविश राज सिंह, एवं सभी प्रखंड के अंचल अधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित थें।

गयाजी में जीएसटी व ऑडिट विषयों पर सेमिनार का आयोजन: “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर विचार रखे

गया: गयाजी शहर के गेबाल बिगहा रोड स्थित एक निजी होटल में शुक्रवार को गया सीपीई सेंटर द्वारा जीएसटी एवं ऑडिट विषयों पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के द्वारा दीप प्रज्वलितर किया गया। यह कार्यक्रम आईसीएआई के सीआईआरसी के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी।

सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में रीजनल काउंसिल सदस्य सीए जे.के तिवारी ने “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर में जीएसटी से जुड़ी जटिलताओं और उसके व्यावहारिक प्रभावों को सरल तरीके से समझाया। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा का महत्व सबसे बड़ा है और पुस्तकों को पढ़ने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि “शिक्षा खुद बोलता है”।

वहीं, सीए दीपक राज ने “शेड्यूल 3 और कारो का ऑडिट पर प्रभाव” विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कारो ऑडिट रिपोर्ट के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से जानकारी दी। कार्यक्रम के संयोजक सीए दीपक कुमार ने बताया कि गया की धरती पर पहली बार आईसीएआई के रीजनल काउंसिल सदस्य फैकल्टी के रूप में पहुंचे, जिससे प्रतिभागियों को विशेष लाभ मिला।

उन्होंने आगे कहा कि गयाजी में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए एक लाइब्रेरी की स्थापना की योजना है, जिसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर कार्य शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर सत्र की अध्यक्षता सीए ज्ञान प्रकाश ने की। कार्यक्रम में सीए रोहित गोयल, सीए रोहित सिन्हा, डिप्टी कमिश्नर उत्पल कुमार, सीए संजीव सिन्हा, सीए अनुप कुमार, सीए रविकांत वर्मा, सीए शशिराज, सीए विकास कुमार, सीए अमित सिन्हा, सीए अनुरुद्ध सिद्धिवंशी सहित लगभग 50 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने विषयों से संबंधित अपने अनुभव साझा किए और सेमिनार को उपयोगी बताया।