भारत की समुद्री ताकत में इजाफा, सबमरीन अरिदमन और INS तारागिरी नेवी में शामिल

#indianuclearsubmarinearidhamanandinstaragiricommissionednavy

भारत अपनी समुद्री ताकत में लगातार इजाफा करने की कोशिश में जुटा है। आज जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है तब भारत ने दिखा दिया है कि वह सिर्फ जमीन या आसमान से ही नहीं, बल्कि समुद्र की गहराई से भी जवाब देने में सक्षम है। भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है।

भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ी

विशाखापत्तनम में आज दो बड़ी ताकतें एक साथ भारतीय नौसेना में शामिल हुईं परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन और स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी और आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल कराया। एक समंदर की गहराई में छिपकर दुश्मन को तबाह करने की क्षमता रखती है, तो दूसरी सतह पर तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों के साथ हर खतरे से निपटने को तैयार है। इन दोनों की तैनाती से भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ गई है और अब दुश्मन के लिए हर दिशा से खतरा तय माना जा रहा है।

क्या हैं INS अरिदमन की खूबियां

-INS अरिदमन अरिहंत-श्रेणी की तीसरी SSBN पनडुब्बी है, जिसे भारत के उन्नत प्रौद्योगिकी वेसेल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है।

-यह पनडुब्बी समुद्र से परमाणु हमले की क्षमता प्रदान करती है, जो भारत की ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ (No-First-Use) नीति के तहत प्रहार क्षमता को मजबूत बनाती है।

-यह 90% से अधिक स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जिसमें इसका परमाणु रिएक्टर भी शामिल है। इसे विशाखापट्टनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर ने विकसित किया है।

- अरिदमन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता है। इसमें 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो लंबी दूरी की K-4 मिसाइल या अधिक संख्या में K-15 मिसाइल ले जा सकती हैं। यह पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपकर किसी भी समय जवाबी परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है, इसे ‘सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ कहा जाता है।

तारागिरी में क्या है खास

-‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत चौथे प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी 6,670 टन का युद्धपोत है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा बनाया गया है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।

-इस युद्धपोत की बनावट अधिक स्लिम है, जिससे इसका रडार पर दिखाई देने वाला आकार बहुत कम हो जाता है और यह जटिल समुद्री परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित रहने में सक्षम है।

-यह पोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है और भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।

-तारागिरी में संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन प्रणाली लगी है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है।

-यह युद्धपोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल हैं। इन सभी को आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे उभरते खतरों का तेजी और सटीकता से सामना किया जा सकता है।

-युद्धक भूमिका के अलावा तारागिरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिससे शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है।

बच्चों को बेहतर और प्रभावशाली बनाने के लिए अभिभावक काम नहीं किताब दें: एबीएसए
*स्कूल के पुरस्कार वितरण समारोह में बोले खण्ड शिक्षा अधिकारी नगर रविन्द्र कुमार शुक्ल

मीरजापुर। नगर क्षेत्र से लगे सनबीम कान्वेन्ट स्कूल जिउती संडवा रोड के छात्र छात्राओं का सम्मान समारोह धूमधाम के साथ मनाया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम, शैक्षिक गतिविधियों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार, सम्मानित किया गया। इसी के साथ ही अभिभावक सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया। जिसमें 257 बच्चों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती की गई। जहां अभिभावकों ने भी बढ़-चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खण्ड शिक्षा अधिकारी नगर रविन्द्र कुमार शुक्ल ने बच्चों को पुरस्कार वितरित करते हुए कार्यक्रम को प्रभावशाली बताया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा बच्चों को नित्य प्रति दिन कुछ बेहतर करने और बेहतर बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजने, घरेलू कार्यों में न लगाने तथा बच्चों पर ध्यान देने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रबंधक श्रीमती स्नेहा ने किया। जबकि मंच का संचालन मनमोहन यादव ने किया। इस दौरान कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त अध्यापक स्टाफ व बच्चों सहित आसपास के ग्रामीण भी उपस्थित रहे।
बलरामपुर महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन 3 से 5 अप्रैल तक      
           
                                
पालिका अध्यक्ष डॉ धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू ने कार्यक्रमों में शामिल होने का किया आग्रह                      
                                  
बलरामपुर। जनपद की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं को सहेजते हुए “विरासत,संस्कृति और विकास का भव्य समागम” थीम पर बलरामपुर महोत्सव 2026 का आयोजन 3,4 एवं 5 अप्रैल को बड़ा परेड ग्राउंड में किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित इस महोत्सव में आमजन को सपरिवार शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है।
महोत्सव का आयोजन प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक होगा,जिसमें विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी।
प्रथम दिवस 3 अप्रैल को भव्य शुभारंभ के साथ मालविका हरिओम और हेमंत बृजवासी की प्रस्तुतियां होंगी। इसके साथ ही कथक आधारित रामायण नृत्य नाटिका एवं तृप्ति शाक्या द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।
द्वितीय दिवस 4 अप्रैल को अल्ताफ राजा की बॉलीवुड नाइट मुख्य आकर्षण रहेगी। साथ ही देश के प्रतिष्ठित कवियों की सहभागिता के साथ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।
तृतीय दिवस 5 अप्रैल को कल्पना पटवारी की भोजपुरी नाइट दर्शकों को आकर्षित करेगी,वहीं कुलदीप चौहान और जतिन निगम भी अपनी शानदार प्रस्तुतियां देंगे।
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा बुक फेयर,विज्ञान प्रदर्शनी,आतिशबाजी शो,लकी ड्रा,पपेट शो,स्काई लालटेन शो,बच्चों के झूले एवं विभिन्न व्यंजनों के फूड स्टॉल्स जैसे आकर्षण भी मौजूद रहेंगे।
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से इस भव्य आयोजन में सहभागिता कर जनपद की संस्कृति और विकास के इस उत्सव को सफल बनाने की अपील की है।
इंसानियत की मिसाल—450 जरूरतमंदों तक पहुंचा निःशुल्क भोजन, सेवा में जुटा राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ
सुल्तानपुर।जनसेवा और इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए सुल्तानपुर जिले की अग्रणी सामाजिक संस्था “राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ” द्वारा संचालित रसोई के अंतर्गत साप्ताहिक कार्यक्रम में गुरुवार को एक बार फिर सैकड़ों जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान बिखरी। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जिला चिकित्सालय एवं रेलवे स्टेशन परिसर में कुल 450 मरीजों, तीमारदारों, यात्रियों और असहाय लोगों को निःशुल्क भोजन वितरित किया गया। राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ अध्यक्ष मेराज अहमद खान के नेतृत्व में
देर रात आयोजित इस सेवा कार्यक्रम का शुभारंभप0प स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में नवागत सीएमएस डॉ. अविनाश गुप्ता द्वारा भोजन की थाली वितरित कर किया गया। उन्होंने इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए कहा कि “राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ कई वर्षों से जिस निःस्वार्थ भाव से भूखे मरीजों और उनके तीमारदारों को भोजन उपलब्ध करा रहा है, वह वास्तव में अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक है।”
वहीं रेलवे स्टेशन परिसर में वरिष्ठ टिकट निरीक्षक परतेश्वर सिंह ने जरूरतमंदों को भोजन की थाली देकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग भोजन प्राप्त कर संतुष्टि और कृतज्ञता व्यक्त करते नजर आए।

संघ के संस्थापक निजाम खान ने बताया कि यह पूरा कार्य जनसहयोग के माध्यम से निरंतर संचालित हो रहा है, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार के मेन्यू में अरहर की दाल, मौसमी सब्जी, रोटी और चावल शामिल रहे।

कार्यक्रम के अंतर्गत मेडिकल कॉलेज परिसर में 320 तथा रेलवे स्टेशन पर 130 लोगों को निःशुल्क भोजन वितरित किया गया। इस सेवा कार्य में जियाउल कमर सिद्दीकी, नफीसा बानो, हाजी मुज्तबा अंसारी, सरदार गुरुप्रीत सिंह, अब्दुल वदूद (मिलियन टेलर), आदिल हसन, यूसुफ पठान, बैजनाथ प्रजापति और माता प्रसाद जायसवाल सहित कई समाजसेवियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

यह पहल न केवल भूख मिटाने का कार्य कर रही है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता का संदेश भी लगातार प्रसारित कर रही।

खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं', आप के एक्शन पर राघव चड्ढा का रिएक्शन

#raghavchadhabreakssilenceonaapactionsayssilencednotdefeated

आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। राघव चड्ढा की आप की तरफ से एक्शन पर पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा से डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवारको सांसद ने सुबह 10 बजे अपने एक्स अकाउंट से एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है- 'खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।'

राघव चड्ढा ने पूछा-क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध

राघव चड्ढा ने कहा कि मुझे जब भी राज्यसभा में बोलने का मौका मिलता है तो मैंने आम आदमी से जुड़े मुद्दों को ही उठाया है। शायद ऐसे टॉपिक उठाता हूं, जिसे आम तौर पर संसद में नहीं उठाया जाता। मगर क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है, क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया। क्या मैं गलत करता हूं।

मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना-राघव चड्ढा

ये सवाल मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप ने राज्यसभा के सक्रेटेरियट को कहा है कि राघव चड्ढा को पार्लियामेंट में बोलने का मौका न दिया जाए। अब भला मेरे बोलने पर कोई रोक क्यों लगाना चाहेगा। मैं तो हमेशा देश के आम आदमी की बात करता हूं। मेरे मुद्दों से देश के आम आदमी का तो फायदा हुआ, लेकिन आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ। आप हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते हैं। आप मेरा हाथ थामे रेखिएगा। मैं आपसे हूं और आपके लिए हूं। जिन लोगों ने मुझे खामोश किया, उन्हें कहना चाहता हूं, मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।’

राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी

इससे पहले गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटाने का आग्रह किया था। इतना ही नहीं, राघव चड्ढा के राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा की जगह अब अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता नियुक्त किया है।

राघव चड्ढा के एक्शन पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के मुद्दे पर दिल्ली भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस फैसले को पार्टी के अंदरूनी संकट और नेतृत्व की कमजोरी का संकेत बताया है। सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक कमजोर नेता हैं, जिनमें न तो विपक्ष का सामना करने का साहस है और न ही अपनी पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष से निपटने की क्षमता है। सचदेवा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने संसदीय दल का नेता चुनने का अधिकार है, लेकिन जिस तरह राघव चड्ढा को न केवल राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया, बल्कि उन्हें सदन में बोलने का समय न देने का अनुरोध भी किया गया, यह असामान्य और चिंताजनक है। यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व से दूरी बना ली है।

राघव चड्डा राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए गए, क्या है AAP के एक्शन के पीछे की वजह?

#raghavchadhafrompostofdeputyleaderinrajya_sabha

आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी से मिली करारी हार के बाद पार्टी दबाव में है। इस बीच राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने पार्टी के अंदरखाने की खींचतान को सतह पर ला दिया है। दरअसल आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, राज्यसभा में उनके बोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

अशोक मित्तल को मिली राघव चड्ढा की जगह

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्य सभा सचिवालय को इस संदर्भ में एक पत्र भेजा। वहीं अब अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से उपनेता होंगे। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र सौंपकर सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने का आग्रह किया है।

राघव चड्ढा के बोलने पर भी रोक

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब वह लगातार राज्यसभा में जनहित के मुद्दों पर वोकल थे। लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे। चाहे वो एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय हो या डिलीवरी बॉयज के मुद्दे हों।

मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए डाटा रोलओवर की सुविधा की मांग

राघव चड्ढा ने बीते दिनों राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जो डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नहीं कर पाते, वह खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले दिन के लिए बचा रहना चाहिए। अभी रोजाना मिलने वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खत्म हो जाता है, जबकि इसके लिए उपभोक्ता पैसे चुका चुके होते हैं। इसलिए इसका फायदा कंपनियों को नहीं, बल्कि ग्राहकों को मिलना चाहिए। चड्ढा ने सुझाव दिया था कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीने रिचार्ज में छूट दी जाए और ग्राहकों को डाटा रोलओवर की सुविधा मिले।

राघव चड्ढा पर एक्शन की वजह क्या?

लगातार जनगित के मुद्दों को उठाने के बाद भी आम आमदी पार्टी की ओर से कुए गए एक्शन पर सवाल उठ रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाई कमान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे बिना चर्चा के कुछ मुद्दों पर बोल रहे हैं। वह राज्यसभा में किस मुद्दे को उठाएंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोप में लिया गया हो सकता है। राघव चड्ढा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जब राउज एवेन्यू कोर्ट बरी किया था, तब भी राघव चड्ढा का बयान सामने नहीं आया था।

बहसूमा थाना को मिले नए प्रभारी, रविंद्र कुमार ने संभाली कमान
मेरठ/बहसूमा। थाना बहसूमा को नए थाना प्रभारी के रूप में रविंद्र कुमार मिले हैं। चार्ज संभालते ही उन्होंने क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने का स्पष्ट संदेश दिया है। रविंद्र कुमार ने कहा कि क्षेत्र में अपराध पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

थाना प्रभारी ने साफ शब्दों में कहा कि क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति पर अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा और अमन-चैन बनाए रखना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि थाना परिसर आम जनता के लिए 24 घंटे खुला रहेगा और हर पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा।

रविंद्र कुमार पहले स्वाट टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई। अपने अनुभव का लाभ उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र के चर्चित अपराधियों पर सख्त नजर रखी जाएगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चार्ज संभालते ही रविंद्र कुमार एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने पुलिस टीम को निर्देश दिए हैं कि गश्त बढ़ाई जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। थाना प्रभारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने नए थाना प्रभारी से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर होने की उम्मीद जताई है।
चाय बागान मजदूरों को अधिकार दिलाना हमारी प्राथमिकता: गोसाईंगांव में कल्पना सोरेन का बड़ा वादा।

गोसाईंगांव/असम: असम विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में आज गोसाईंगांव विधानसभा क्षेत्र से जेएमएम प्रत्याशी श्री फैड्रिक्शन हांसदा के पक्ष में एक विशाल चुनावी जनसभा का आयोजन किया गया, जिसे मुख्य वक्ता के रूप में झारखंड की गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने संबोधित किया।

इतिहास बदलने वाला चुनाव

जनसभा को संबोधित करते हुए कल्पना सोरेन ने कहा कि असम विधानसभा का यह चुनाव कोई सामान्य राजनीतिक मुकाबला नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के वंचितों और आदिवासियों के लिए इतिहास बनाने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि असम की जनता अब वर्तमान व्यवस्था से ऊब चुकी है और बदलाव का मन बना चुकी है।

चाय बागान मजदूरों और आदिवासियों के हितों पर जोर

कल्पना सोरेन ने असम के चाय बागान मजदूरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि जेएमएम इन मजदूरों को उनका उचित हक और अधिकार दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा:

असम के आदिवासियों के हितों की रक्षा अब केवल जेएमएम ही कर सकती है।

आपका एक-एक वोट बहुमूल्य है, जो असम में रहने वाले आदिवासी समुदाय को राजनीतिक और सामाजिक मजबूती प्रदान करेगा।

दिग्गज नेताओं की उपस्थिति

इस अवसर पर जेएमएम की वरिष्ठ नेता और सांसद श्रीमती जोबा माझी तथा विधायक श्री सोमेश चंद्र सोरेन ने भी जनता को संबोधित किया। नेताओं ने प्रत्याशी फैड्रिक्शन हांसदा की साफ-सुथरी छवि और सेवा भाव का जिक्र करते हुए उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।

बदलाव की बयार

सभा में उमड़ी भारी भीड़ और कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखते हुए कल्पना सोरेन ने दावा किया कि गोसाईंगांव सहित असम की कई सीटों पर जेएमएम एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर तीर-धनुष (जेएमएम का चुनाव चिह्न) पर बटन दबाएं और शोषण मुक्त असम के निर्माण में भागीदार बनें।

गैस संकट से जूझा बहसूमा, घंटों लाइन के बाद भी खाली हाथ लौटे लोग

बहसूमा। कस्बे में स्थित इंडियन गैस एजेंसी पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सैकड़ों उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े नजर आए। भीषण गर्मी और घंटों इंतजार के बावजूद अधिकांश लोगों को गैस नहीं मिल सकी, जिससे लोगों में आक्रोश और मायूसी साफ दिखाई दी।

सुबह से ही महिलाओं, बुजुर्गों और पुरुषों की भारी भीड़ एजेंसी पर जुट गई। कई महिलाएं छोटे बच्चों के साथ 3–4 घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन जब उनकी बारी आई तो कर्मचारियों ने “बुकिंग न होने” का हवाला देकर उन्हें वापस लौटा दिया। इससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

कपिल ने बताया कि वह करीब चार घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन अंत में गैस नहीं मिल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी पर कुछ लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि आम उपभोक्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

लाइन में लगे विनोद कुमार अरुण तोमर सहित अन्य उपभोक्ताओं ने बताया कि एक बार बुकिंग कराने के बाद दूसरा सिलेंडर करीब 45 दिन बाद ही मिल रहा है। इस नई व्यवस्था से परिवारों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, क्योंकि एक सिलेंडर इतने लंबे समय तक चल पाना मुश्किल है।

चूल्हे पर लौटने को मजबूर महिलाएं
ग्रामीण क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गांव मोहम्मदपुर सकिस्त निवासी सनम पत्नी कपिल ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में जंगल से लकड़ी लाकर चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इससे समय और श्रम दोनों अधिक लग रहे हैं।



एजेंसी संचालक ने दी सफाई
इस संबंध में गैस एजेंसी संचालक अनिल सागर ने बताया कि नई गाइडलाइंस के अनुसार एक बुकिंग पर दूसरा सिलेंडर 45 दिन बाद ही दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों को इस नियम की जानकारी नहीं है, जिसके कारण वे बिना बुकिंग के एजेंसी पहुंच जाते हैं। गैस केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को दी जाती है, जिनकी बुकिंग पहले से दर्ज होती है।

निष्कर्ष
लगातार बढ़ती परेशानी और नियमों की जानकारी के अभाव में उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग से लोगों ने व्यवस्था सुधारने और आमजन को राहत देने की मांग की है।
सरूपथर में उमड़ा जनसैलाब: मुख्यमंत्री सोरेन बोले—साहिल मुंडा को चुनना मतलब अपने हक-अधिकार को चुनना।

सरूपथर/असम: असम विधानसभा चुनाव के सियासी रण में झारखण्ड के मुख्यमंत्री और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमन्त सोरेन ने पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को असम के सरूपथर विधानसभा क्षेत्र में जेएमएम प्रत्याशी साहिल मुंडा के समर्थन में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर जमकर प्रहार किया और क्षेत्र की जनता से 'मिट्टी और जज्बे' के नाम पर वोट मांगा।

साहिल मुंडा: सत्ता नहीं, सामाजिक परिवर्तन का चेहरा

जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि साहिल मुंडा का राजनीति में आना महज एक चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि यह असम की माटी और झारखण्ड के जज्बे का एक ऐतिहासिक संगम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहिल मुंडा केवल एक प्रत्याशी नहीं हैं, बल्कि वे उस वंचित समाज की आवाज हैं जिसे दशकों तक हाशिए पर रखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "साहिल का लक्ष्य विधायक की कुर्सी पाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विकास सुनिश्चित करना है। वे पद के लालच से ऊपर उठकर जनता के हक के लिए संघर्ष करने वाले नेता हैं।"

स्थानीय अधिकारों और अस्मिता की रक्षा

हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में 'झारखण्डी अस्मिता' और स्थानीय अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरूपथर के युवाओं और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए साहिल मुंडा से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने जनता को आगाह किया कि उन्हें अपने हक और अधिकार की रक्षा के लिए एक ऐसे नेतृत्व को चुनना होगा जो उनकी भाषा, उनकी संस्कृति और उनकी समस्याओं को गहराई से समझता हो।

मुख्यमंत्री ने युवाओं का विशेष आह्वान करते हुए कहा कि साहिल मुंडा युवाओं को केवल 'वोट बैंक' नहीं समझते, बल्कि उन्हें नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार कर रहे हैं। जेएमएम के नेतृत्व में सरूपथर में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्वायत्तता के मुद्दों पर ऐतिहासिक काम करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

विरोधियों पर प्रहार और विकास का संकल्प

विपक्ष पर निशाना साधते हुए सोरेन ने कहा कि जो लोग केवल विभाजन की राजनीति करते हैं, उन्हें जनता इस बार करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में जिस तरह उनकी सरकार जल-जंगल-जमीन और आदिवासियों-मूलवासियों के हितों के लिए काम कर रही है, वही मॉडल अब जेएमएम असम में भी लागू करना चाहती है।

"साहिल मुंडा के रूप में आपके पास एक नई उम्मीद है। इन्हें चुनना मतलब अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करना है।"

— मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

जनसभा के दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था और "जय झारखण्ड, जय असम" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस सभा के बाद सरूपथर का चुनावी समीकरण काफी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री की इस रैली ने स्थानीय मतदाताओं के बीच एक मजबूत संदेश दिया है।

भारत की समुद्री ताकत में इजाफा, सबमरीन अरिदमन और INS तारागिरी नेवी में शामिल

#indianuclearsubmarinearidhamanandinstaragiricommissionednavy

भारत अपनी समुद्री ताकत में लगातार इजाफा करने की कोशिश में जुटा है। आज जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है तब भारत ने दिखा दिया है कि वह सिर्फ जमीन या आसमान से ही नहीं, बल्कि समुद्र की गहराई से भी जवाब देने में सक्षम है। भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है।

भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ी

विशाखापत्तनम में आज दो बड़ी ताकतें एक साथ भारतीय नौसेना में शामिल हुईं परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन और स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी और आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल कराया। एक समंदर की गहराई में छिपकर दुश्मन को तबाह करने की क्षमता रखती है, तो दूसरी सतह पर तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों के साथ हर खतरे से निपटने को तैयार है। इन दोनों की तैनाती से भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ गई है और अब दुश्मन के लिए हर दिशा से खतरा तय माना जा रहा है।

क्या हैं INS अरिदमन की खूबियां

-INS अरिदमन अरिहंत-श्रेणी की तीसरी SSBN पनडुब्बी है, जिसे भारत के उन्नत प्रौद्योगिकी वेसेल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है।

-यह पनडुब्बी समुद्र से परमाणु हमले की क्षमता प्रदान करती है, जो भारत की ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ (No-First-Use) नीति के तहत प्रहार क्षमता को मजबूत बनाती है।

-यह 90% से अधिक स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जिसमें इसका परमाणु रिएक्टर भी शामिल है। इसे विशाखापट्टनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर ने विकसित किया है।

- अरिदमन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता है। इसमें 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो लंबी दूरी की K-4 मिसाइल या अधिक संख्या में K-15 मिसाइल ले जा सकती हैं। यह पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपकर किसी भी समय जवाबी परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है, इसे ‘सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ कहा जाता है।

तारागिरी में क्या है खास

-‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत चौथे प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी 6,670 टन का युद्धपोत है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा बनाया गया है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।

-इस युद्धपोत की बनावट अधिक स्लिम है, जिससे इसका रडार पर दिखाई देने वाला आकार बहुत कम हो जाता है और यह जटिल समुद्री परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित रहने में सक्षम है।

-यह पोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है और भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।

-तारागिरी में संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन प्रणाली लगी है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है।

-यह युद्धपोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल हैं। इन सभी को आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे उभरते खतरों का तेजी और सटीकता से सामना किया जा सकता है।

-युद्धक भूमिका के अलावा तारागिरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिससे शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है।

बच्चों को बेहतर और प्रभावशाली बनाने के लिए अभिभावक काम नहीं किताब दें: एबीएसए
*स्कूल के पुरस्कार वितरण समारोह में बोले खण्ड शिक्षा अधिकारी नगर रविन्द्र कुमार शुक्ल

मीरजापुर। नगर क्षेत्र से लगे सनबीम कान्वेन्ट स्कूल जिउती संडवा रोड के छात्र छात्राओं का सम्मान समारोह धूमधाम के साथ मनाया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम, शैक्षिक गतिविधियों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार, सम्मानित किया गया। इसी के साथ ही अभिभावक सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया। जिसमें 257 बच्चों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती की गई। जहां अभिभावकों ने भी बढ़-चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खण्ड शिक्षा अधिकारी नगर रविन्द्र कुमार शुक्ल ने बच्चों को पुरस्कार वितरित करते हुए कार्यक्रम को प्रभावशाली बताया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा बच्चों को नित्य प्रति दिन कुछ बेहतर करने और बेहतर बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजने, घरेलू कार्यों में न लगाने तथा बच्चों पर ध्यान देने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रबंधक श्रीमती स्नेहा ने किया। जबकि मंच का संचालन मनमोहन यादव ने किया। इस दौरान कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त अध्यापक स्टाफ व बच्चों सहित आसपास के ग्रामीण भी उपस्थित रहे।
बलरामपुर महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन 3 से 5 अप्रैल तक      
           
                                
पालिका अध्यक्ष डॉ धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू ने कार्यक्रमों में शामिल होने का किया आग्रह                      
                                  
बलरामपुर। जनपद की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं को सहेजते हुए “विरासत,संस्कृति और विकास का भव्य समागम” थीम पर बलरामपुर महोत्सव 2026 का आयोजन 3,4 एवं 5 अप्रैल को बड़ा परेड ग्राउंड में किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित इस महोत्सव में आमजन को सपरिवार शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है।
महोत्सव का आयोजन प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक होगा,जिसमें विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी।
प्रथम दिवस 3 अप्रैल को भव्य शुभारंभ के साथ मालविका हरिओम और हेमंत बृजवासी की प्रस्तुतियां होंगी। इसके साथ ही कथक आधारित रामायण नृत्य नाटिका एवं तृप्ति शाक्या द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।
द्वितीय दिवस 4 अप्रैल को अल्ताफ राजा की बॉलीवुड नाइट मुख्य आकर्षण रहेगी। साथ ही देश के प्रतिष्ठित कवियों की सहभागिता के साथ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।
तृतीय दिवस 5 अप्रैल को कल्पना पटवारी की भोजपुरी नाइट दर्शकों को आकर्षित करेगी,वहीं कुलदीप चौहान और जतिन निगम भी अपनी शानदार प्रस्तुतियां देंगे।
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा बुक फेयर,विज्ञान प्रदर्शनी,आतिशबाजी शो,लकी ड्रा,पपेट शो,स्काई लालटेन शो,बच्चों के झूले एवं विभिन्न व्यंजनों के फूड स्टॉल्स जैसे आकर्षण भी मौजूद रहेंगे।
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से इस भव्य आयोजन में सहभागिता कर जनपद की संस्कृति और विकास के इस उत्सव को सफल बनाने की अपील की है।
इंसानियत की मिसाल—450 जरूरतमंदों तक पहुंचा निःशुल्क भोजन, सेवा में जुटा राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ
सुल्तानपुर।जनसेवा और इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए सुल्तानपुर जिले की अग्रणी सामाजिक संस्था “राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ” द्वारा संचालित रसोई के अंतर्गत साप्ताहिक कार्यक्रम में गुरुवार को एक बार फिर सैकड़ों जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान बिखरी। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जिला चिकित्सालय एवं रेलवे स्टेशन परिसर में कुल 450 मरीजों, तीमारदारों, यात्रियों और असहाय लोगों को निःशुल्क भोजन वितरित किया गया। राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ अध्यक्ष मेराज अहमद खान के नेतृत्व में
देर रात आयोजित इस सेवा कार्यक्रम का शुभारंभप0प स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में नवागत सीएमएस डॉ. अविनाश गुप्ता द्वारा भोजन की थाली वितरित कर किया गया। उन्होंने इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए कहा कि “राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ कई वर्षों से जिस निःस्वार्थ भाव से भूखे मरीजों और उनके तीमारदारों को भोजन उपलब्ध करा रहा है, वह वास्तव में अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक है।”
वहीं रेलवे स्टेशन परिसर में वरिष्ठ टिकट निरीक्षक परतेश्वर सिंह ने जरूरतमंदों को भोजन की थाली देकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग भोजन प्राप्त कर संतुष्टि और कृतज्ञता व्यक्त करते नजर आए।

संघ के संस्थापक निजाम खान ने बताया कि यह पूरा कार्य जनसहयोग के माध्यम से निरंतर संचालित हो रहा है, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार के मेन्यू में अरहर की दाल, मौसमी सब्जी, रोटी और चावल शामिल रहे।

कार्यक्रम के अंतर्गत मेडिकल कॉलेज परिसर में 320 तथा रेलवे स्टेशन पर 130 लोगों को निःशुल्क भोजन वितरित किया गया। इस सेवा कार्य में जियाउल कमर सिद्दीकी, नफीसा बानो, हाजी मुज्तबा अंसारी, सरदार गुरुप्रीत सिंह, अब्दुल वदूद (मिलियन टेलर), आदिल हसन, यूसुफ पठान, बैजनाथ प्रजापति और माता प्रसाद जायसवाल सहित कई समाजसेवियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

यह पहल न केवल भूख मिटाने का कार्य कर रही है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता का संदेश भी लगातार प्रसारित कर रही।

खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं', आप के एक्शन पर राघव चड्ढा का रिएक्शन

#raghavchadhabreakssilenceonaapactionsayssilencednotdefeated

आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। राघव चड्ढा की आप की तरफ से एक्शन पर पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा से डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवारको सांसद ने सुबह 10 बजे अपने एक्स अकाउंट से एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है- 'खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।'

राघव चड्ढा ने पूछा-क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध

राघव चड्ढा ने कहा कि मुझे जब भी राज्यसभा में बोलने का मौका मिलता है तो मैंने आम आदमी से जुड़े मुद्दों को ही उठाया है। शायद ऐसे टॉपिक उठाता हूं, जिसे आम तौर पर संसद में नहीं उठाया जाता। मगर क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है, क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया। क्या मैं गलत करता हूं।

मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना-राघव चड्ढा

ये सवाल मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप ने राज्यसभा के सक्रेटेरियट को कहा है कि राघव चड्ढा को पार्लियामेंट में बोलने का मौका न दिया जाए। अब भला मेरे बोलने पर कोई रोक क्यों लगाना चाहेगा। मैं तो हमेशा देश के आम आदमी की बात करता हूं। मेरे मुद्दों से देश के आम आदमी का तो फायदा हुआ, लेकिन आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ। आप हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते हैं। आप मेरा हाथ थामे रेखिएगा। मैं आपसे हूं और आपके लिए हूं। जिन लोगों ने मुझे खामोश किया, उन्हें कहना चाहता हूं, मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।’

राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी

इससे पहले गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटाने का आग्रह किया था। इतना ही नहीं, राघव चड्ढा के राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा की जगह अब अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता नियुक्त किया है।

राघव चड्ढा के एक्शन पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के मुद्दे पर दिल्ली भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस फैसले को पार्टी के अंदरूनी संकट और नेतृत्व की कमजोरी का संकेत बताया है। सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक कमजोर नेता हैं, जिनमें न तो विपक्ष का सामना करने का साहस है और न ही अपनी पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष से निपटने की क्षमता है। सचदेवा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने संसदीय दल का नेता चुनने का अधिकार है, लेकिन जिस तरह राघव चड्ढा को न केवल राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया, बल्कि उन्हें सदन में बोलने का समय न देने का अनुरोध भी किया गया, यह असामान्य और चिंताजनक है। यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व से दूरी बना ली है।

राघव चड्डा राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए गए, क्या है AAP के एक्शन के पीछे की वजह?

#raghavchadhafrompostofdeputyleaderinrajya_sabha

आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी से मिली करारी हार के बाद पार्टी दबाव में है। इस बीच राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने पार्टी के अंदरखाने की खींचतान को सतह पर ला दिया है। दरअसल आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, राज्यसभा में उनके बोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

अशोक मित्तल को मिली राघव चड्ढा की जगह

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्य सभा सचिवालय को इस संदर्भ में एक पत्र भेजा। वहीं अब अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से उपनेता होंगे। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र सौंपकर सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने का आग्रह किया है।

राघव चड्ढा के बोलने पर भी रोक

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब वह लगातार राज्यसभा में जनहित के मुद्दों पर वोकल थे। लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे। चाहे वो एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय हो या डिलीवरी बॉयज के मुद्दे हों।

मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए डाटा रोलओवर की सुविधा की मांग

राघव चड्ढा ने बीते दिनों राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जो डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नहीं कर पाते, वह खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले दिन के लिए बचा रहना चाहिए। अभी रोजाना मिलने वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खत्म हो जाता है, जबकि इसके लिए उपभोक्ता पैसे चुका चुके होते हैं। इसलिए इसका फायदा कंपनियों को नहीं, बल्कि ग्राहकों को मिलना चाहिए। चड्ढा ने सुझाव दिया था कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीने रिचार्ज में छूट दी जाए और ग्राहकों को डाटा रोलओवर की सुविधा मिले।

राघव चड्ढा पर एक्शन की वजह क्या?

लगातार जनगित के मुद्दों को उठाने के बाद भी आम आमदी पार्टी की ओर से कुए गए एक्शन पर सवाल उठ रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाई कमान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे बिना चर्चा के कुछ मुद्दों पर बोल रहे हैं। वह राज्यसभा में किस मुद्दे को उठाएंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोप में लिया गया हो सकता है। राघव चड्ढा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जब राउज एवेन्यू कोर्ट बरी किया था, तब भी राघव चड्ढा का बयान सामने नहीं आया था।

बहसूमा थाना को मिले नए प्रभारी, रविंद्र कुमार ने संभाली कमान
मेरठ/बहसूमा। थाना बहसूमा को नए थाना प्रभारी के रूप में रविंद्र कुमार मिले हैं। चार्ज संभालते ही उन्होंने क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने का स्पष्ट संदेश दिया है। रविंद्र कुमार ने कहा कि क्षेत्र में अपराध पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

थाना प्रभारी ने साफ शब्दों में कहा कि क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति पर अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा और अमन-चैन बनाए रखना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि थाना परिसर आम जनता के लिए 24 घंटे खुला रहेगा और हर पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा।

रविंद्र कुमार पहले स्वाट टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई। अपने अनुभव का लाभ उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र के चर्चित अपराधियों पर सख्त नजर रखी जाएगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चार्ज संभालते ही रविंद्र कुमार एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने पुलिस टीम को निर्देश दिए हैं कि गश्त बढ़ाई जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। थाना प्रभारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने नए थाना प्रभारी से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर होने की उम्मीद जताई है।
चाय बागान मजदूरों को अधिकार दिलाना हमारी प्राथमिकता: गोसाईंगांव में कल्पना सोरेन का बड़ा वादा।

गोसाईंगांव/असम: असम विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में आज गोसाईंगांव विधानसभा क्षेत्र से जेएमएम प्रत्याशी श्री फैड्रिक्शन हांसदा के पक्ष में एक विशाल चुनावी जनसभा का आयोजन किया गया, जिसे मुख्य वक्ता के रूप में झारखंड की गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने संबोधित किया।

इतिहास बदलने वाला चुनाव

जनसभा को संबोधित करते हुए कल्पना सोरेन ने कहा कि असम विधानसभा का यह चुनाव कोई सामान्य राजनीतिक मुकाबला नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के वंचितों और आदिवासियों के लिए इतिहास बनाने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि असम की जनता अब वर्तमान व्यवस्था से ऊब चुकी है और बदलाव का मन बना चुकी है।

चाय बागान मजदूरों और आदिवासियों के हितों पर जोर

कल्पना सोरेन ने असम के चाय बागान मजदूरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि जेएमएम इन मजदूरों को उनका उचित हक और अधिकार दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा:

असम के आदिवासियों के हितों की रक्षा अब केवल जेएमएम ही कर सकती है।

आपका एक-एक वोट बहुमूल्य है, जो असम में रहने वाले आदिवासी समुदाय को राजनीतिक और सामाजिक मजबूती प्रदान करेगा।

दिग्गज नेताओं की उपस्थिति

इस अवसर पर जेएमएम की वरिष्ठ नेता और सांसद श्रीमती जोबा माझी तथा विधायक श्री सोमेश चंद्र सोरेन ने भी जनता को संबोधित किया। नेताओं ने प्रत्याशी फैड्रिक्शन हांसदा की साफ-सुथरी छवि और सेवा भाव का जिक्र करते हुए उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।

बदलाव की बयार

सभा में उमड़ी भारी भीड़ और कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखते हुए कल्पना सोरेन ने दावा किया कि गोसाईंगांव सहित असम की कई सीटों पर जेएमएम एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर तीर-धनुष (जेएमएम का चुनाव चिह्न) पर बटन दबाएं और शोषण मुक्त असम के निर्माण में भागीदार बनें।

गैस संकट से जूझा बहसूमा, घंटों लाइन के बाद भी खाली हाथ लौटे लोग

बहसूमा। कस्बे में स्थित इंडियन गैस एजेंसी पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सैकड़ों उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े नजर आए। भीषण गर्मी और घंटों इंतजार के बावजूद अधिकांश लोगों को गैस नहीं मिल सकी, जिससे लोगों में आक्रोश और मायूसी साफ दिखाई दी।

सुबह से ही महिलाओं, बुजुर्गों और पुरुषों की भारी भीड़ एजेंसी पर जुट गई। कई महिलाएं छोटे बच्चों के साथ 3–4 घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन जब उनकी बारी आई तो कर्मचारियों ने “बुकिंग न होने” का हवाला देकर उन्हें वापस लौटा दिया। इससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

कपिल ने बताया कि वह करीब चार घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन अंत में गैस नहीं मिल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी पर कुछ लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि आम उपभोक्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

लाइन में लगे विनोद कुमार अरुण तोमर सहित अन्य उपभोक्ताओं ने बताया कि एक बार बुकिंग कराने के बाद दूसरा सिलेंडर करीब 45 दिन बाद ही मिल रहा है। इस नई व्यवस्था से परिवारों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, क्योंकि एक सिलेंडर इतने लंबे समय तक चल पाना मुश्किल है।

चूल्हे पर लौटने को मजबूर महिलाएं
ग्रामीण क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गांव मोहम्मदपुर सकिस्त निवासी सनम पत्नी कपिल ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में जंगल से लकड़ी लाकर चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इससे समय और श्रम दोनों अधिक लग रहे हैं।



एजेंसी संचालक ने दी सफाई
इस संबंध में गैस एजेंसी संचालक अनिल सागर ने बताया कि नई गाइडलाइंस के अनुसार एक बुकिंग पर दूसरा सिलेंडर 45 दिन बाद ही दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों को इस नियम की जानकारी नहीं है, जिसके कारण वे बिना बुकिंग के एजेंसी पहुंच जाते हैं। गैस केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को दी जाती है, जिनकी बुकिंग पहले से दर्ज होती है।

निष्कर्ष
लगातार बढ़ती परेशानी और नियमों की जानकारी के अभाव में उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग से लोगों ने व्यवस्था सुधारने और आमजन को राहत देने की मांग की है।
सरूपथर में उमड़ा जनसैलाब: मुख्यमंत्री सोरेन बोले—साहिल मुंडा को चुनना मतलब अपने हक-अधिकार को चुनना।

सरूपथर/असम: असम विधानसभा चुनाव के सियासी रण में झारखण्ड के मुख्यमंत्री और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमन्त सोरेन ने पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को असम के सरूपथर विधानसभा क्षेत्र में जेएमएम प्रत्याशी साहिल मुंडा के समर्थन में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर जमकर प्रहार किया और क्षेत्र की जनता से 'मिट्टी और जज्बे' के नाम पर वोट मांगा।

साहिल मुंडा: सत्ता नहीं, सामाजिक परिवर्तन का चेहरा

जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि साहिल मुंडा का राजनीति में आना महज एक चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि यह असम की माटी और झारखण्ड के जज्बे का एक ऐतिहासिक संगम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहिल मुंडा केवल एक प्रत्याशी नहीं हैं, बल्कि वे उस वंचित समाज की आवाज हैं जिसे दशकों तक हाशिए पर रखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "साहिल का लक्ष्य विधायक की कुर्सी पाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विकास सुनिश्चित करना है। वे पद के लालच से ऊपर उठकर जनता के हक के लिए संघर्ष करने वाले नेता हैं।"

स्थानीय अधिकारों और अस्मिता की रक्षा

हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में 'झारखण्डी अस्मिता' और स्थानीय अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरूपथर के युवाओं और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए साहिल मुंडा से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने जनता को आगाह किया कि उन्हें अपने हक और अधिकार की रक्षा के लिए एक ऐसे नेतृत्व को चुनना होगा जो उनकी भाषा, उनकी संस्कृति और उनकी समस्याओं को गहराई से समझता हो।

मुख्यमंत्री ने युवाओं का विशेष आह्वान करते हुए कहा कि साहिल मुंडा युवाओं को केवल 'वोट बैंक' नहीं समझते, बल्कि उन्हें नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार कर रहे हैं। जेएमएम के नेतृत्व में सरूपथर में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्वायत्तता के मुद्दों पर ऐतिहासिक काम करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

विरोधियों पर प्रहार और विकास का संकल्प

विपक्ष पर निशाना साधते हुए सोरेन ने कहा कि जो लोग केवल विभाजन की राजनीति करते हैं, उन्हें जनता इस बार करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में जिस तरह उनकी सरकार जल-जंगल-जमीन और आदिवासियों-मूलवासियों के हितों के लिए काम कर रही है, वही मॉडल अब जेएमएम असम में भी लागू करना चाहती है।

"साहिल मुंडा के रूप में आपके पास एक नई उम्मीद है। इन्हें चुनना मतलब अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करना है।"

— मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

जनसभा के दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था और "जय झारखण्ड, जय असम" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस सभा के बाद सरूपथर का चुनावी समीकरण काफी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री की इस रैली ने स्थानीय मतदाताओं के बीच एक मजबूत संदेश दिया है।