घर से गायब महिला का पेड़ से लटका मिला शव,देर रात से थी लापता
*घर से 200 मीटर दुर लगाया फांसी

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत धनोहरी गांव में अपरान्ह लगभग तीन बजे एक 36 वर्षीय महिला का शव शीशम के पेड़ से लटका मिला।महिला की पहचान नूरजहां के रूप में हुई है जिसका शव उसके घर से लगभग 200 मीटर दूर दोस्त मोहम्मद के गन्ने के खेत में पाया गया।ग्रामीणों ने शव देखकर नूरजहां के पति साबिर अली व अन्य ग्रामीणों को सूचना दिया।घटना की जानकारी मिलने पर देहात कोतवाली पुलिस,डाग स्क्वायड और फोरेंसिक टीमें ने मौके पर पहुंच कर मामले की पड़ताल प्रारंभ कर दिया तथा पुलिस ने शीशम के पेड़ से शव को उतरवाकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।बताया जाता है कि नूरजहां की शादी लगभग 10 वर्ष पूर्व साबिर से हुई थी और तभी से वह अपने पति के साथ यहीं रह रही थी।परिजनों के अनुसार,नूरजहां मंगलवार रात से ही लापता थी।परिवार के सदस्यों ने देर रात तक उसकी तलाश किया परन्तु कोई जानकारी न मिलने पर वे घर लौट आए थे और आज अपरान्ह लगभग तीन बजे उसका शव बरामद हुआ।देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या तह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है।उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा।देहात कोतवाल ने यह भी बताया कि महिला के लापता होने के संबंध में परिजनों द्वारा देहात कोतवाली में कोई सूचना नहीं दी गई थी।
घर से गायब महिला का पेड़ से लटका मिला शव,देर रात से थी लापता
*घर से 200 मीटर दुर लगाया फांसी

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत धनोहरी गांव में अपरान्ह लगभग तीन बजे एक 36 वर्षीय महिला का शव शीशम के पेड़ से लटका मिला।महिला की पहचान नूरजहां के रूप में हुई है जिसका शव उसके घर से लगभग 200 मीटर दूर दोस्त मोहम्मद के गन्ने के खेत में पाया गया।ग्रामीणों ने शव देखकर नूरजहां के पति साबिर अली व अन्य ग्रामीणों को सूचना दिया।घटना की जानकारी मिलने पर देहात कोतवाली पुलिस,डाग स्क्वायड और फोरेंसिक टीमें ने मौके पर पहुंच कर मामले की पड़ताल प्रारंभ कर दिया तथा पुलिस ने शीशम के पेड़ से शव को उतरवाकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।बताया जाता है कि नूरजहां की शादी लगभग 10 वर्ष पूर्व साबिर से हुई थी और तभी से वह अपने पति के साथ यहीं रह रही थी।परिजनों के अनुसार,नूरजहां मंगलवार रात से ही लापता थी।परिवार के सदस्यों ने देर रात तक उसकी तलाश किया परन्तु कोई जानकारी न मिलने पर वे घर लौट आए थे और आज अपरान्ह लगभग तीन बजे उसका शव बरामद हुआ।देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या तह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है।उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा।देहात कोतवाल ने यह भी बताया कि महिला के लापता होने के संबंध में परिजनों द्वारा देहात कोतवाली में कोई सूचना नहीं दी गई थी।
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के घर आयकर का छापा
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उत्तर प्रदेश में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर बुधवार को आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा। जांच टीम को एक डायरी हाथ लगी है, जिसमें कई प्रशासनिक अधिकारियों के नाम सामने आए हैं।

आयकर की टीम ने बसपा विधायक उमाशंकर के लखनऊ में गाेमतीनगर स्थित आवास और कार्यालय पर छापा मारा है। कार्रवाई के दौरान कई अधिकारी और सुरक्षा बल तैनात हैं। जांच टीम ने पूरे घर को घेर लिया और किसी को भी बाहर से अंदर और अंदर से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। इसके बाद टीम ने गहन जांच शुरू की। सूत्रों की मानें तो टीम के हाथ एक डायरी लगी है, जिसमें वर्तमान और रिटायर्ड पुलिस के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों के नाम शामिल हैं। आयकर विभाग कुछ वित्तीय लेनदेन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं, हालांकि इस मामले में कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।

उल्लेखनीय है कि बसपा के इकलौत विधायक उमाशंकर के आवास पर छापेमारी ऐसे समय की गई, जब वह कैंसर से पीड़ित हैं। उनका दो बार ऑपरेशन हो चुका है। इस कार्रवाई को लेकर पार्टी में हलचल शुरू हो गई है।
छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने व मारपीट के चार आरोपी अभी भी फरार
*अश्लील मैसेज भेजने से मना करने पर भाई से किया था मारपीट

गोंडा।जिले के कौड़िया थाना क्षेत्र के सेहरिया चौराहा स्थित केजीएन पब्लिक स्कूल में 15 फरवरी को एक छात्रा के भाई के साथ मारपीट का मामला सामने आया था।इस संबंध में कक्षा नौवीं की छात्रा के भाई ने कौड़िया थाने में आठ नामजद  और एक अज्ञात आरोपी पर मारपीट और पाक्सों एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।घटना के 11 दिन बाद भी मामले के पांच आरोपी जकीरे,साजिद,अरशद,इमरान और एक अज्ञात आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।फरार चल रहे इन आरोपियों को गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अभी तक कौड़िया थाने की पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिजनों में अत्यधिक नाराजगी है।फरार आरोपियों के डर से छात्रा विद्यालय नहीं जा रही है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने कौड़िया थाने की पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सख्त निर्देश दिए हैं और फटकार भी लगाई है।छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने से रोकने पर कुछ लोगों ने उसके भाई के साथ गाली गलौज व मारपीट किया था।जानकारी के अनुसार,आरोपी परवेज खान छात्रा को इंस्टाग्राम पर लगातार अश्लील मैसेज भेज रहा था और रास्ते में उसकी साइकिल रोक कर गलत टिप्पणी करता था।15 फरवरी को छात्रा के भाई ने विद्यालय पहुंचकर इस हरकत का विरोध किया था, जिसके बाद आरोपियों ने उसके साथ मारपीट किया था।कौड़िया थाने की पुलिस ने 16 फरवरी को मुख्य आरोपी परवेज,वारिस खान,सलाहुद्दीन हाफिज और इसराइल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।हालांकि चार अन्य आरोपी और एक अज्ञात व्यक्ति अभी भी फरार हैं।कौड़िया थानाध्यक्ष तेज प्रताप सिंह ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।उन्होंने यह भी बताया कि पीड़ित छात्रा और उसके भाई के बयान दर्ज कर लिए गये हैं तथा आगे की जांच की जा रही है।पुलिस ने आश्वासन दिया है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी पर कठोर कार्यवाही की जाएगी।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद व उनके शिष्यों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ले कार्यवाही के लिए सौंपा ज्ञापन

गोंडा। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पूर्व मंत्री अजय राय जी के निर्देश पर बद्रिकापीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के विरुद्ध दर्ज झूठी FIR को रदद् कर प्रकरण की उच्चस्तरीय जाँच तथा संत समाज के विरुद्ध दुर्व्यवहार रोके जाने की माँग को लेकर जिला/शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्र, मीडिया प्रभारी शिव कुमार दूबे शहर अध्यक्ष शाहिद अली कुरैशी, जिला उपाध्यक्ष शुक्ला प्रसाद शुक्ला महासचिव अरविंद शुक्ला विधि प्रकोष्ठ के सुभाष पाण्डेय, सेवादल प्रमुख प्रदुमन शुक्ला अल्पसंख्यक कांग्रेस के सगीर खान ब्लॉक अध्यक्ष हरिश्चंद्र श्रीवास्तव, मुजीब मास्टर, राम राज सिंह, खालिक कसाई, खगेश चतुर्वेदी सहित तमाम कांग्रेस जन उपस्थित रहे।
रेलवे स्टेशन तुलसीपुर में पार्किंग के नाम पर मनमानी पर विरोध
     तुलसीपुर-बलरामपुर- 25फरवरी स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पार्किंग के नाम पर की जा रही मनमाने वसूली व यात्रियों के साथ हो रही बदसलूकी को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने मण्डल रेल प्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ को ई मेल द्वारा पत्र भेजकर जांच और कार्यवाही की मांग की है।
   पत्र में स्टेशन पर यात्रियों को उनके परिजनों द्वारा पिक अप और ड्राप करने पर भी पार्किंग ठेकेदार द्वारा जबरिया वसूली व अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और बाइक से आरक्षण कराने वालों से भी विवाद किया जाता है।स्थानीय स्टेशन पर मनमाने तरीके को लेकर पूरे दिन विवाद होता रहता है जिसके कारण  यात्रियों में रोष है।व्यापार मंडल अध्यक्ष श्याम बिहारी अग्रहरि,महामन्त्री रूप चन्द्र गुप्ता,प्रदीप गुप्ता,राधेश्याम चौरसिया,सरदार बबलू सिंह,रिज़वान बबलू,मुजीब अल्वी,शिव कुमार,राम गोपाल,विक्की गुप्ता ने मनमानीपूर्ण कार्य से निजात दिलाने की मांग की है।
शंकराचार्य पर FIR होने पर कांग्रेस का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन:भदोही में राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन DM को सौंपा
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता पदाधिकारी शंकराचार्य अविमुत्तेस्वरानंद पर हुए एफआईआर के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। ज्ञापन के माध्यम से निष्पक्ष जांच करने की मांग की। कहां की जिस तरह से कुंभ में शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों पर उत्पीड़न किया गया वह चिंता जनक है। इसके साथ ही शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों के ऊपर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फिर दर्ज कराया गया जो एक तरफा व दुर्भावपूर्ण प्रतीत होता है। कांग्रेसियों में शंकराचार्य व उनके शिष्यों के खिलाफ हुए एफआईआर की निष्पक्षता एवं पारदर्शीपुर जांच कराई जाए, मुकदमा दर्ज करने वाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि परिस्थितियों एवं संभावित प्रेरक तत्वों का भी निष्पक्ष परीक्षण कराया जाए। शंकराचार्य व उनके शिष्यों के साथ हुए अभद्र व्यवहार का भी उच्च स्तरीय जांच की जाए दूसरी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, भविष्य में धार्मिक स्वतंत्रता संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु आवश्यक निर्देश जारी किया जाए।  इस अवसर पर कांग्रेसजन उपस्थित रहे और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी,पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ राजेंद्र कुमार दूबे राजन,  राकेश कुमार मौर्य, सुरेश चंद्र मिश्र, माबूद खान,  राजेश्वर दूबे, राजेश दूबे, दीनानाथ दूबे,सुरेश गौतम, रमाशंकर बिंद ,सुरेश चौहान, शिवपूजन मिश्रा ,राजाराम दूबे,संजय जायसवाल, नाजिम अली,करन मौर्य, शक्ति मिश्र, उपेन्द्र कुमार भारती,राकेश पाल, विनोद सरोज, गौरव उपाध्याय, अनीश शेख, धीरज बिंद, नसरुल्लाह हाशमी,मीना देवी,मकोई लाल बिंद, राजनाथ यादव, जल्लू यादव आदि लोग उपस्थित रहें.
बुजुर्गों के द्वार पर स्नेह और सम्मान लेकर पहुंचे डॉ रमाकांत तिवारी ’क्षितिज’
अमेठी।  जनपद के गैरिकपुर और हारीपुर ग्रामसभाओं में उस समय भावनाओं की सरिता बह उठी, जब समाजसेवी चिंतक डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’ स्वयं बुजुर्गों के द्वार पर स्नेह और सम्मान लेकर पहुँचे। वर्षों से बुजुर्ग सम्मान सम्मेलन आयोजित करते आ रहे डॉ. क्षितिज ने इस बार उन वयोवृद्धजनों से घर-घर जाकर भेंट की, जो  अधिक उम्र व अन्य किसी कारणवश कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाते। गैरिकपुर में रामप्रताप तिवारी, मालिक तिवारी, छोटू यादव सहित अनेक बुजुर्गों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना और स्नेहस्वरूप कुछ भेंट प्रदान की। वहीं हारीपुर में शंकर कश्यप, माताफेर गुप्ता, देवनारायण प्रजापति, राजाराम प्रजापति, प्रहलाद कन्नौजिया, पाण्डोही पाल, राममिलन शर्मा, छविलाल, राममिलन शर्मा रामबरन खेलार यादव, रामअचल यादव , छबिलाल , मनोहर ,राम अवतार, सेवक, हरिराम, प्रहलाद कनौजिया कमल कनौजिया,नन्हे पाल , जगतपाल समेत आस पास गांवों के दर्जनों बुजुर्गों से आत्मीय संवाद किया और सबको स्नेह भेंट स्वरूप कुछ सामग्री दी गई। डॉ. क्षितिज के स्नेहिल व्यवहार से कई बुजुर्ग भावुक हो उठे। किसी ने सिर पर हाथ रखकर आशीष दिया, तो किसी की आँखें कृतज्ञता से नम हो गईं। गांव का वातावरण पारिवारिक आत्मीयता से भर गया। डॉ. क्षितिज ने कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज की जीवित धरोहर हैं। घर की स्थिति उनके सम्मान और चेहरे की मुस्कान से समझी जा सकती है।  वे एक तरह से देश की जीडीपी के समान हैं यदि वे सम्मेलन में नहीं आ सकते, तो हमें उनके द्वार तक जाना चाहिए।”
इस अवसर पर सहयोगी शशिकांत तिवारी पुजारी ने कहा कि यह केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सच्ची संवेदना का उदाहरण है। बुजुर्गों के चेहरे की संतुष्टि ही इसकी सफलता है। आस-पास के गांवों के उमाशंकर सिंह, विजय सिंह, रामकुबेर यादव, घनश्याम अग्रहरी सहित क्षेत्रवासियों ने इसे प्रेरणादायक पहल बताते हुए डॉ. क्षितिज के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कुछ बुजुर्गो का सम्मान डॉ क्षितिज ने अपनी माता जी श्रीमती भानुमति तिवारी व पत्नी संगीता तिवारी से भी करवाया।
महाभंडारा के साथ संपन्न हुआ श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ
मुंबई। प्रख्यात कथावाचक शास्त्रीय योगेश रूवाली महाराज  द्वारा लगातार 5 दिनों तक जुहू पिंपलेश्वर महादेव मंदिर, इंदिरा नगर में लगातार 5 दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा कही गई , जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। मार्गदर्शक अनिल पाटिल द्वारा समापन के दिन महाभंडारा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने महा प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर प्रसाद वितरण करने वालों में कमेटी के सदस्य गणेश तेवर, सौरभ दवे, आशीष पटेल, मुकेश राठौर, अशोक जाधव, नित्या जाधव, संदीप चौधरी, प्रदीप चौधरी, प्रेम गुप्ता, सचिन दवे, बबलू वाल्मीकि, राज सिंह, प्रवीण थापा समेत कमेटी के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
एआई युग में प्लेटफॉर्म गवर्नेंस की चुनौतियों पर चर्चा के लिए ग्लोबल साउथ विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया एसएफएलसी.इन (SFLC.in)

दिल्ली एनसीआर, फरवरी 2026: एसएफएलसी.इन (SFLC.in) ने मानवाधिकार, प्रौद्योगिकी नीति और इंटरनेट शासन के क्षेत्र में कार्यरत ब्रिटेन की संस्था ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित किया। विशेषज्ञों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जेनरेटिव एआई की तीव्र वृद्धि से उत्पन्न विनियमन, जवाबदेही और मानवाधिकारों की सुरक्षा से जुड़ी वैश्विक बहस के बदलते स्वरूप पर विचार-विमर्श किया।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित इस बैठक में लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें कानून निर्माता, नीति-निर्माता, नागरिक समाज के नेता, उद्योग प्रतिनिधि, शोधकर्ता तथा प्रौद्योगिकी शासन विशेषज्ञ शामिल थे। वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्लेटफॉर्म शासन से संबंधित नई चुनौतियों पर चर्चा के लिए एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, यूरोप और अन्य क्षेत्रों से एकत्र हुए थे।
प्रारंभिक चर्चाओं में यह सामने आया कि कई प्लेटफ़ॉर्म शासन नियम ग्लोबल साउथ की परिस्थितियों से अलग बनाए गए हैं और वे स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों, भाषाई विविधता तथा सीमित संस्थागत क्षमता के अनुरूप पूरी तरह उपयुक्त नहीं हैं। जैसे-जैसे जेनरेटिव और एजेंट-आधारित एआई प्रणालियाँ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का हिस्सा बन रही हैं, नए प्रश्न उभर रहे हैं। इनमें स्वचालित सामग्री संयमन की जिम्मेदारी किसकी होगी, दायित्व का निर्धारण कैसे किया जाएगा, चुनावों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी और उपयोगकर्ताओं की रक्षा कैसे की जाएगी, जैसे प्रश्न शामिल हैं।
ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल की पॉलिसी और एडवोकेसी प्रमुख मारिया पाज़ ने कहा, "नियामक अब भी उन प्लेटफॉर्म के लिए पुराने मध्यस्थ दायित्व नियमों का उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं, जो अब जेनरेटिव एआई का व्यापक रूप से इस्तेमाल करते हैं। ग्लोबल साउथ के अनुभव दर्शाते हैं कि अस्पष्ट मॉडरेशन (संयमन) प्रणालियाँ और स्वचालित निर्णय कमजोर समुदायों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। अलग-अलग और असंगठित राष्ट्रीय नीतियों के बजाय अधिकार-आधारित तथा सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।”
राज्यसभा सांसद श्री साकेत गोखले ने एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी राय साझा की। उन्होंने मतदाता डेटा, अनुवाद प्रणालियों और चुनावी मानचित्रण में एआई उपकरणों के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के बिना स्वचालित प्रणालियों का उपयोग लोकतंत्र में विश्वास को कमज़ोर कर सकता है। उन्होंने कहा, “हमें एआई विनियमन को उसी गंभीरता से देखने की आवश्यकता है, जैसे हम जलवायु परिवर्तन को देखते हैं।” उन्होंने बड़े वैश्विक चुनावों से पूर्व लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
बैठक में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के बी-टेक परियोजना की सलाहकार इसाबेल एबर्ट द्वारा व्यवसाय और मानवाधिकार पर एक प्रस्तुति दी गई। संयुक्त राष्ट्र के व्यवसाय और मानवाधिकार संबंधी मार्गदर्शक सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने तीन प्रमुख बिंदुओं पर बल दिया—पहला, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकारों की जिम्मेदारी है; दूसरा, मानवाधिकारों का सम्मान करना कंपनियों का दायित्व है; और तीसरा, अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना आवश्यक है।
क्षेत्रीय गोलमेज चर्चाओं में विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट शासन चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया। दक्षिण-पूर्व एशिया में काज़िया के एक प्रतिनिधि ने बताया कि इंडोनेशिया में कुछ संगठनों को महिलाओं से संबंधित डीपफेक सामग्री के कारण अस्थायी प्रतिबंध का सामना करना पड़ा। इससे स्पष्ट होता है कि एआई किस प्रकार लैंगिक आधार पर होने वाले नुकसान को बढ़ा सकता है। यद्यपि इंडोनेशिया में ऑनलाइन सामग्री को विनियमित करने के नियम मौजूद हैं, परंतु एआई से उत्पन्न जोखिमों से निपटने के लिए कोई विशिष्ट ढांचा नहीं है, जिससे दोषियों को दंडित करना कठिन हो जाता है।
लैटिन अमेरिका से ब्राज़ील स्थित इंटरनेटलैब में शोध प्रमुख कैमिला अकेमी ने जेनरेटिव एआई उपकरणों की तीव्र वृद्धि और चुनावी निष्पक्षता पर उनके प्रभावों पर चर्चा की। वहीं अफ्रीका से पैराडाइम इनिशिएटिव के सानी सुलेमान ने नीतिगत कमियों, सीमित आधारभूत संरचना, तकनीकी विशेषज्ञता की कमी तथा सरकारों और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच शक्ति असंतुलन जैसी प्रमुख चुनौतियों को दर्शाया।
एसएफएलसी.इन ने कहा कि जैसे-जैसे जेनरेटिव एआई डिजिटल प्लेटफॉर्म का अभिन्न अंग बनता जा रहा है, शासन प्रणालियों को पारंपरिक इंटरनेट कानूनों से आगे बढ़ना होगा। ग्लोबल साउथ के दृष्टिकोण को शामिल करना और तीव्र गति से विकसित हो रही प्रौद्योगिकी के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में प्रतिभागियों ने सहमति व्यक्त की कि समावेशी और अधिकार-आधारित एआई शासन प्रणाली के निर्माण हेतु विभिन्न देशों के बीच निरंतर सहयोग और सशक्त वैश्विक साझेदारी की सख्त आवश्यकता है।
एसएफएलसी.इन ने डिजिटल अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, ग्लोबल साउथ के सुझावों को प्रमुखता देने और यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि एआई तथा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी विनियमन मानवता और जवाबदेही पर आधारित रहें।
घर से गायब महिला का पेड़ से लटका मिला शव,देर रात से थी लापता
*घर से 200 मीटर दुर लगाया फांसी

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत धनोहरी गांव में अपरान्ह लगभग तीन बजे एक 36 वर्षीय महिला का शव शीशम के पेड़ से लटका मिला।महिला की पहचान नूरजहां के रूप में हुई है जिसका शव उसके घर से लगभग 200 मीटर दूर दोस्त मोहम्मद के गन्ने के खेत में पाया गया।ग्रामीणों ने शव देखकर नूरजहां के पति साबिर अली व अन्य ग्रामीणों को सूचना दिया।घटना की जानकारी मिलने पर देहात कोतवाली पुलिस,डाग स्क्वायड और फोरेंसिक टीमें ने मौके पर पहुंच कर मामले की पड़ताल प्रारंभ कर दिया तथा पुलिस ने शीशम के पेड़ से शव को उतरवाकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।बताया जाता है कि नूरजहां की शादी लगभग 10 वर्ष पूर्व साबिर से हुई थी और तभी से वह अपने पति के साथ यहीं रह रही थी।परिजनों के अनुसार,नूरजहां मंगलवार रात से ही लापता थी।परिवार के सदस्यों ने देर रात तक उसकी तलाश किया परन्तु कोई जानकारी न मिलने पर वे घर लौट आए थे और आज अपरान्ह लगभग तीन बजे उसका शव बरामद हुआ।देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या तह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है।उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा।देहात कोतवाल ने यह भी बताया कि महिला के लापता होने के संबंध में परिजनों द्वारा देहात कोतवाली में कोई सूचना नहीं दी गई थी।
घर से गायब महिला का पेड़ से लटका मिला शव,देर रात से थी लापता
*घर से 200 मीटर दुर लगाया फांसी

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत धनोहरी गांव में अपरान्ह लगभग तीन बजे एक 36 वर्षीय महिला का शव शीशम के पेड़ से लटका मिला।महिला की पहचान नूरजहां के रूप में हुई है जिसका शव उसके घर से लगभग 200 मीटर दूर दोस्त मोहम्मद के गन्ने के खेत में पाया गया।ग्रामीणों ने शव देखकर नूरजहां के पति साबिर अली व अन्य ग्रामीणों को सूचना दिया।घटना की जानकारी मिलने पर देहात कोतवाली पुलिस,डाग स्क्वायड और फोरेंसिक टीमें ने मौके पर पहुंच कर मामले की पड़ताल प्रारंभ कर दिया तथा पुलिस ने शीशम के पेड़ से शव को उतरवाकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।बताया जाता है कि नूरजहां की शादी लगभग 10 वर्ष पूर्व साबिर से हुई थी और तभी से वह अपने पति के साथ यहीं रह रही थी।परिजनों के अनुसार,नूरजहां मंगलवार रात से ही लापता थी।परिवार के सदस्यों ने देर रात तक उसकी तलाश किया परन्तु कोई जानकारी न मिलने पर वे घर लौट आए थे और आज अपरान्ह लगभग तीन बजे उसका शव बरामद हुआ।देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या तह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है।उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा।देहात कोतवाल ने यह भी बताया कि महिला के लापता होने के संबंध में परिजनों द्वारा देहात कोतवाली में कोई सूचना नहीं दी गई थी।
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के घर आयकर का छापा
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उत्तर प्रदेश में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर बुधवार को आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा। जांच टीम को एक डायरी हाथ लगी है, जिसमें कई प्रशासनिक अधिकारियों के नाम सामने आए हैं।

आयकर की टीम ने बसपा विधायक उमाशंकर के लखनऊ में गाेमतीनगर स्थित आवास और कार्यालय पर छापा मारा है। कार्रवाई के दौरान कई अधिकारी और सुरक्षा बल तैनात हैं। जांच टीम ने पूरे घर को घेर लिया और किसी को भी बाहर से अंदर और अंदर से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। इसके बाद टीम ने गहन जांच शुरू की। सूत्रों की मानें तो टीम के हाथ एक डायरी लगी है, जिसमें वर्तमान और रिटायर्ड पुलिस के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों के नाम शामिल हैं। आयकर विभाग कुछ वित्तीय लेनदेन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं, हालांकि इस मामले में कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।

उल्लेखनीय है कि बसपा के इकलौत विधायक उमाशंकर के आवास पर छापेमारी ऐसे समय की गई, जब वह कैंसर से पीड़ित हैं। उनका दो बार ऑपरेशन हो चुका है। इस कार्रवाई को लेकर पार्टी में हलचल शुरू हो गई है।
छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने व मारपीट के चार आरोपी अभी भी फरार
*अश्लील मैसेज भेजने से मना करने पर भाई से किया था मारपीट

गोंडा।जिले के कौड़िया थाना क्षेत्र के सेहरिया चौराहा स्थित केजीएन पब्लिक स्कूल में 15 फरवरी को एक छात्रा के भाई के साथ मारपीट का मामला सामने आया था।इस संबंध में कक्षा नौवीं की छात्रा के भाई ने कौड़िया थाने में आठ नामजद  और एक अज्ञात आरोपी पर मारपीट और पाक्सों एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।घटना के 11 दिन बाद भी मामले के पांच आरोपी जकीरे,साजिद,अरशद,इमरान और एक अज्ञात आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।फरार चल रहे इन आरोपियों को गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अभी तक कौड़िया थाने की पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिजनों में अत्यधिक नाराजगी है।फरार आरोपियों के डर से छात्रा विद्यालय नहीं जा रही है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने कौड़िया थाने की पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सख्त निर्देश दिए हैं और फटकार भी लगाई है।छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने से रोकने पर कुछ लोगों ने उसके भाई के साथ गाली गलौज व मारपीट किया था।जानकारी के अनुसार,आरोपी परवेज खान छात्रा को इंस्टाग्राम पर लगातार अश्लील मैसेज भेज रहा था और रास्ते में उसकी साइकिल रोक कर गलत टिप्पणी करता था।15 फरवरी को छात्रा के भाई ने विद्यालय पहुंचकर इस हरकत का विरोध किया था, जिसके बाद आरोपियों ने उसके साथ मारपीट किया था।कौड़िया थाने की पुलिस ने 16 फरवरी को मुख्य आरोपी परवेज,वारिस खान,सलाहुद्दीन हाफिज और इसराइल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।हालांकि चार अन्य आरोपी और एक अज्ञात व्यक्ति अभी भी फरार हैं।कौड़िया थानाध्यक्ष तेज प्रताप सिंह ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।उन्होंने यह भी बताया कि पीड़ित छात्रा और उसके भाई के बयान दर्ज कर लिए गये हैं तथा आगे की जांच की जा रही है।पुलिस ने आश्वासन दिया है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी पर कठोर कार्यवाही की जाएगी।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद व उनके शिष्यों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ले कार्यवाही के लिए सौंपा ज्ञापन

गोंडा। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पूर्व मंत्री अजय राय जी के निर्देश पर बद्रिकापीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के विरुद्ध दर्ज झूठी FIR को रदद् कर प्रकरण की उच्चस्तरीय जाँच तथा संत समाज के विरुद्ध दुर्व्यवहार रोके जाने की माँग को लेकर जिला/शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्र, मीडिया प्रभारी शिव कुमार दूबे शहर अध्यक्ष शाहिद अली कुरैशी, जिला उपाध्यक्ष शुक्ला प्रसाद शुक्ला महासचिव अरविंद शुक्ला विधि प्रकोष्ठ के सुभाष पाण्डेय, सेवादल प्रमुख प्रदुमन शुक्ला अल्पसंख्यक कांग्रेस के सगीर खान ब्लॉक अध्यक्ष हरिश्चंद्र श्रीवास्तव, मुजीब मास्टर, राम राज सिंह, खालिक कसाई, खगेश चतुर्वेदी सहित तमाम कांग्रेस जन उपस्थित रहे।
रेलवे स्टेशन तुलसीपुर में पार्किंग के नाम पर मनमानी पर विरोध
     तुलसीपुर-बलरामपुर- 25फरवरी स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पार्किंग के नाम पर की जा रही मनमाने वसूली व यात्रियों के साथ हो रही बदसलूकी को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने मण्डल रेल प्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ को ई मेल द्वारा पत्र भेजकर जांच और कार्यवाही की मांग की है।
   पत्र में स्टेशन पर यात्रियों को उनके परिजनों द्वारा पिक अप और ड्राप करने पर भी पार्किंग ठेकेदार द्वारा जबरिया वसूली व अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और बाइक से आरक्षण कराने वालों से भी विवाद किया जाता है।स्थानीय स्टेशन पर मनमाने तरीके को लेकर पूरे दिन विवाद होता रहता है जिसके कारण  यात्रियों में रोष है।व्यापार मंडल अध्यक्ष श्याम बिहारी अग्रहरि,महामन्त्री रूप चन्द्र गुप्ता,प्रदीप गुप्ता,राधेश्याम चौरसिया,सरदार बबलू सिंह,रिज़वान बबलू,मुजीब अल्वी,शिव कुमार,राम गोपाल,विक्की गुप्ता ने मनमानीपूर्ण कार्य से निजात दिलाने की मांग की है।
शंकराचार्य पर FIR होने पर कांग्रेस का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन:भदोही में राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन DM को सौंपा
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता पदाधिकारी शंकराचार्य अविमुत्तेस्वरानंद पर हुए एफआईआर के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। ज्ञापन के माध्यम से निष्पक्ष जांच करने की मांग की। कहां की जिस तरह से कुंभ में शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों पर उत्पीड़न किया गया वह चिंता जनक है। इसके साथ ही शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों के ऊपर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फिर दर्ज कराया गया जो एक तरफा व दुर्भावपूर्ण प्रतीत होता है। कांग्रेसियों में शंकराचार्य व उनके शिष्यों के खिलाफ हुए एफआईआर की निष्पक्षता एवं पारदर्शीपुर जांच कराई जाए, मुकदमा दर्ज करने वाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि परिस्थितियों एवं संभावित प्रेरक तत्वों का भी निष्पक्ष परीक्षण कराया जाए। शंकराचार्य व उनके शिष्यों के साथ हुए अभद्र व्यवहार का भी उच्च स्तरीय जांच की जाए दूसरी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, भविष्य में धार्मिक स्वतंत्रता संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु आवश्यक निर्देश जारी किया जाए।  इस अवसर पर कांग्रेसजन उपस्थित रहे और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी,पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ राजेंद्र कुमार दूबे राजन,  राकेश कुमार मौर्य, सुरेश चंद्र मिश्र, माबूद खान,  राजेश्वर दूबे, राजेश दूबे, दीनानाथ दूबे,सुरेश गौतम, रमाशंकर बिंद ,सुरेश चौहान, शिवपूजन मिश्रा ,राजाराम दूबे,संजय जायसवाल, नाजिम अली,करन मौर्य, शक्ति मिश्र, उपेन्द्र कुमार भारती,राकेश पाल, विनोद सरोज, गौरव उपाध्याय, अनीश शेख, धीरज बिंद, नसरुल्लाह हाशमी,मीना देवी,मकोई लाल बिंद, राजनाथ यादव, जल्लू यादव आदि लोग उपस्थित रहें.
बुजुर्गों के द्वार पर स्नेह और सम्मान लेकर पहुंचे डॉ रमाकांत तिवारी ’क्षितिज’
अमेठी।  जनपद के गैरिकपुर और हारीपुर ग्रामसभाओं में उस समय भावनाओं की सरिता बह उठी, जब समाजसेवी चिंतक डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’ स्वयं बुजुर्गों के द्वार पर स्नेह और सम्मान लेकर पहुँचे। वर्षों से बुजुर्ग सम्मान सम्मेलन आयोजित करते आ रहे डॉ. क्षितिज ने इस बार उन वयोवृद्धजनों से घर-घर जाकर भेंट की, जो  अधिक उम्र व अन्य किसी कारणवश कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाते। गैरिकपुर में रामप्रताप तिवारी, मालिक तिवारी, छोटू यादव सहित अनेक बुजुर्गों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना और स्नेहस्वरूप कुछ भेंट प्रदान की। वहीं हारीपुर में शंकर कश्यप, माताफेर गुप्ता, देवनारायण प्रजापति, राजाराम प्रजापति, प्रहलाद कन्नौजिया, पाण्डोही पाल, राममिलन शर्मा, छविलाल, राममिलन शर्मा रामबरन खेलार यादव, रामअचल यादव , छबिलाल , मनोहर ,राम अवतार, सेवक, हरिराम, प्रहलाद कनौजिया कमल कनौजिया,नन्हे पाल , जगतपाल समेत आस पास गांवों के दर्जनों बुजुर्गों से आत्मीय संवाद किया और सबको स्नेह भेंट स्वरूप कुछ सामग्री दी गई। डॉ. क्षितिज के स्नेहिल व्यवहार से कई बुजुर्ग भावुक हो उठे। किसी ने सिर पर हाथ रखकर आशीष दिया, तो किसी की आँखें कृतज्ञता से नम हो गईं। गांव का वातावरण पारिवारिक आत्मीयता से भर गया। डॉ. क्षितिज ने कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज की जीवित धरोहर हैं। घर की स्थिति उनके सम्मान और चेहरे की मुस्कान से समझी जा सकती है।  वे एक तरह से देश की जीडीपी के समान हैं यदि वे सम्मेलन में नहीं आ सकते, तो हमें उनके द्वार तक जाना चाहिए।”
इस अवसर पर सहयोगी शशिकांत तिवारी पुजारी ने कहा कि यह केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सच्ची संवेदना का उदाहरण है। बुजुर्गों के चेहरे की संतुष्टि ही इसकी सफलता है। आस-पास के गांवों के उमाशंकर सिंह, विजय सिंह, रामकुबेर यादव, घनश्याम अग्रहरी सहित क्षेत्रवासियों ने इसे प्रेरणादायक पहल बताते हुए डॉ. क्षितिज के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कुछ बुजुर्गो का सम्मान डॉ क्षितिज ने अपनी माता जी श्रीमती भानुमति तिवारी व पत्नी संगीता तिवारी से भी करवाया।
महाभंडारा के साथ संपन्न हुआ श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ
मुंबई। प्रख्यात कथावाचक शास्त्रीय योगेश रूवाली महाराज  द्वारा लगातार 5 दिनों तक जुहू पिंपलेश्वर महादेव मंदिर, इंदिरा नगर में लगातार 5 दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा कही गई , जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। मार्गदर्शक अनिल पाटिल द्वारा समापन के दिन महाभंडारा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने महा प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर प्रसाद वितरण करने वालों में कमेटी के सदस्य गणेश तेवर, सौरभ दवे, आशीष पटेल, मुकेश राठौर, अशोक जाधव, नित्या जाधव, संदीप चौधरी, प्रदीप चौधरी, प्रेम गुप्ता, सचिन दवे, बबलू वाल्मीकि, राज सिंह, प्रवीण थापा समेत कमेटी के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
एआई युग में प्लेटफॉर्म गवर्नेंस की चुनौतियों पर चर्चा के लिए ग्लोबल साउथ विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया एसएफएलसी.इन (SFLC.in)

दिल्ली एनसीआर, फरवरी 2026: एसएफएलसी.इन (SFLC.in) ने मानवाधिकार, प्रौद्योगिकी नीति और इंटरनेट शासन के क्षेत्र में कार्यरत ब्रिटेन की संस्था ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित किया। विशेषज्ञों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जेनरेटिव एआई की तीव्र वृद्धि से उत्पन्न विनियमन, जवाबदेही और मानवाधिकारों की सुरक्षा से जुड़ी वैश्विक बहस के बदलते स्वरूप पर विचार-विमर्श किया।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित इस बैठक में लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें कानून निर्माता, नीति-निर्माता, नागरिक समाज के नेता, उद्योग प्रतिनिधि, शोधकर्ता तथा प्रौद्योगिकी शासन विशेषज्ञ शामिल थे। वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्लेटफॉर्म शासन से संबंधित नई चुनौतियों पर चर्चा के लिए एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, यूरोप और अन्य क्षेत्रों से एकत्र हुए थे।
प्रारंभिक चर्चाओं में यह सामने आया कि कई प्लेटफ़ॉर्म शासन नियम ग्लोबल साउथ की परिस्थितियों से अलग बनाए गए हैं और वे स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों, भाषाई विविधता तथा सीमित संस्थागत क्षमता के अनुरूप पूरी तरह उपयुक्त नहीं हैं। जैसे-जैसे जेनरेटिव और एजेंट-आधारित एआई प्रणालियाँ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का हिस्सा बन रही हैं, नए प्रश्न उभर रहे हैं। इनमें स्वचालित सामग्री संयमन की जिम्मेदारी किसकी होगी, दायित्व का निर्धारण कैसे किया जाएगा, चुनावों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी और उपयोगकर्ताओं की रक्षा कैसे की जाएगी, जैसे प्रश्न शामिल हैं।
ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल की पॉलिसी और एडवोकेसी प्रमुख मारिया पाज़ ने कहा, "नियामक अब भी उन प्लेटफॉर्म के लिए पुराने मध्यस्थ दायित्व नियमों का उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं, जो अब जेनरेटिव एआई का व्यापक रूप से इस्तेमाल करते हैं। ग्लोबल साउथ के अनुभव दर्शाते हैं कि अस्पष्ट मॉडरेशन (संयमन) प्रणालियाँ और स्वचालित निर्णय कमजोर समुदायों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। अलग-अलग और असंगठित राष्ट्रीय नीतियों के बजाय अधिकार-आधारित तथा सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।”
राज्यसभा सांसद श्री साकेत गोखले ने एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी राय साझा की। उन्होंने मतदाता डेटा, अनुवाद प्रणालियों और चुनावी मानचित्रण में एआई उपकरणों के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के बिना स्वचालित प्रणालियों का उपयोग लोकतंत्र में विश्वास को कमज़ोर कर सकता है। उन्होंने कहा, “हमें एआई विनियमन को उसी गंभीरता से देखने की आवश्यकता है, जैसे हम जलवायु परिवर्तन को देखते हैं।” उन्होंने बड़े वैश्विक चुनावों से पूर्व लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
बैठक में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के बी-टेक परियोजना की सलाहकार इसाबेल एबर्ट द्वारा व्यवसाय और मानवाधिकार पर एक प्रस्तुति दी गई। संयुक्त राष्ट्र के व्यवसाय और मानवाधिकार संबंधी मार्गदर्शक सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने तीन प्रमुख बिंदुओं पर बल दिया—पहला, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकारों की जिम्मेदारी है; दूसरा, मानवाधिकारों का सम्मान करना कंपनियों का दायित्व है; और तीसरा, अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना आवश्यक है।
क्षेत्रीय गोलमेज चर्चाओं में विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट शासन चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया। दक्षिण-पूर्व एशिया में काज़िया के एक प्रतिनिधि ने बताया कि इंडोनेशिया में कुछ संगठनों को महिलाओं से संबंधित डीपफेक सामग्री के कारण अस्थायी प्रतिबंध का सामना करना पड़ा। इससे स्पष्ट होता है कि एआई किस प्रकार लैंगिक आधार पर होने वाले नुकसान को बढ़ा सकता है। यद्यपि इंडोनेशिया में ऑनलाइन सामग्री को विनियमित करने के नियम मौजूद हैं, परंतु एआई से उत्पन्न जोखिमों से निपटने के लिए कोई विशिष्ट ढांचा नहीं है, जिससे दोषियों को दंडित करना कठिन हो जाता है।
लैटिन अमेरिका से ब्राज़ील स्थित इंटरनेटलैब में शोध प्रमुख कैमिला अकेमी ने जेनरेटिव एआई उपकरणों की तीव्र वृद्धि और चुनावी निष्पक्षता पर उनके प्रभावों पर चर्चा की। वहीं अफ्रीका से पैराडाइम इनिशिएटिव के सानी सुलेमान ने नीतिगत कमियों, सीमित आधारभूत संरचना, तकनीकी विशेषज्ञता की कमी तथा सरकारों और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच शक्ति असंतुलन जैसी प्रमुख चुनौतियों को दर्शाया।
एसएफएलसी.इन ने कहा कि जैसे-जैसे जेनरेटिव एआई डिजिटल प्लेटफॉर्म का अभिन्न अंग बनता जा रहा है, शासन प्रणालियों को पारंपरिक इंटरनेट कानूनों से आगे बढ़ना होगा। ग्लोबल साउथ के दृष्टिकोण को शामिल करना और तीव्र गति से विकसित हो रही प्रौद्योगिकी के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में प्रतिभागियों ने सहमति व्यक्त की कि समावेशी और अधिकार-आधारित एआई शासन प्रणाली के निर्माण हेतु विभिन्न देशों के बीच निरंतर सहयोग और सशक्त वैश्विक साझेदारी की सख्त आवश्यकता है।
एसएफएलसी.इन ने डिजिटल अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, ग्लोबल साउथ के सुझावों को प्रमुखता देने और यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि एआई तथा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी विनियमन मानवता और जवाबदेही पर आधारित रहें।