रसड़ा विधायक उमा शंकर सिंह ने हत्या पीड़ित परिवार को 5 लाख की सहायता दी, न्याय का दिया भरोसा
संजीव सिंह रसड़ा, बलिया। कुछ दिनों पूर्व रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामसभा गुरगुजपुर निवासी स्वर्गीय श्री सत्यप्रकाश राम जी की नृशंस हत्या कर दी गई थी, जो अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक घटना है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।आज लोकप्रिय रसड़ा बसपा विधायक उमा शंकर सिंह ने अपने छोटे भाई रमेश सिंह जी को पीड़ित परिवार के बीच भेजकर परिवार को 5,00,000 रुपये (पांच लाख रुपये) की आर्थिक सहायता प्रदान की। विधायक जी ने परिजनों को आश्वस्त किया कि इस दुख की घड़ी में हम सभी उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाकर परिवार को पूर्ण न्याय दिलाया जाएगा।पीड़ित परिवार ने सहायता राशि प्राप्त कर विधायक जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा न्याय की उम्मीद जताई। क्षेत्रवासियों ने भी इस पहल की सराहना की है। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है।
कंचन जायसवाल ही बहाएंगी गढ़वा में विकास की गंगा, भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने मांगा समर्थन"

गढ़वा। नगर परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भाजपा समर्थित अध्यक्ष प्रत्याशी कंचन जायसवाल के पक्ष में माहौल बनाने के लिए गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार को उन्होंने शहर के सोनपुरवा और नगवां मुहल्ला में सघन जनसंपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं से 'बेंच छाप' (क्रमांक-5) पर वोट देने की अपील की।

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झामुमो सरकार पर साधा निशाना:

जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने वर्तमान सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि "झामुमो के शासन में जनता त्राहि-त्राहि कर रही है और विकास पूरी तरह ठप है। भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने महिलाओं के सम्मान में एक स्वच्छ और बेदाग छवि की प्रत्याशी को मैदान में उतारा है।" उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी की योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुँचाने के लिए नगर परिषद में भाजपा समर्थित प्रत्याशी का जीतना अनिवार्य है।

प्रत्याशी का संकल्प:

अध्यक्ष प्रत्याशी कंचन जायसवाल ने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि उन्हें अवसर मिलता है, तो गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास कार्य किए जाएंगे और हर नागरिक की समस्या का त्वरित समाधान होगा।

प्रमुख उपस्थिति:

मंडल अध्यक्ष धनंजय गोंड के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद घुरण राम, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश केशरी, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय कुशवाहा, विधायक प्रतिनिधि विवेकानंद तिवारी और बिनोद चंद्रवंशी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

धनबाद मेयर चुनाव: रवि चौधरी की रैली में उमड़ा जनसैलाब, रंगाटांड़ से मटकुरिया तक समर्थकों का रहा कब्जा।

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धनबाद नगर निगम के मेयर प्रत्याशी रवि चौधरी ने सोमवार को एक भव्य जनसंपर्क रैली निकालकर अपनी चुनावी ताकत का अहसास कराया। रंगाटांड़ मोड़ से शुरू होकर मटकुरिया चेक पोस्ट तक चली इस रैली में सैकड़ों की संख्या में शहरवासी शामिल हुए।

रैली का मार्ग और स्वागत:

करीब साढ़े छह घंटे तक चली यह रैली नया बाजार, पुराना बाजार, बरमसिया, मनईटांड़ और बैंक मोड़ जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरी। जगह-जगह स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा और माला पहनाकर रवि चौधरी का अभिनंदन किया। रत्नेश्वर मंदिर के पास पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने जनसंपर्क को और गति दी।

जनता के बीच मुख्य मुद्दे:

जोड़ाफाटक और पुराना बाजार में छोटी जनसभाओं को संबोधित करते हुए रवि चौधरी ने कहा:

"धनबाद की जनता अब बदलाव चाहती है। मेरा लक्ष्य शहर को न केवल स्वच्छ बनाना है, बल्कि सड़क, पानी और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर जवाबदेही तय करना है।"

स्थानीय लोगों ने जलभराव, सफाई की कमी और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया, जिस पर उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर समाधान का आश्वासन दिया।

प्रमुख उपस्थित कार्यकर्ता:

रैली को सफल बनाने में प्रदीप अग्रवाल, अनेस यादव, मनोज साव, सुकेश मालाकार, विपिन लाला, राकेश चंचल, बबलू शेख, रणधीर मालाकार और डॉ. सोमाशेखर सहित कई अन्य गणमान्य लोग सक्रिय रहे।

मसूरी में NH-707A को नुकसान पहुंचाने पर प्रशासन सख्त, भूस्वामियों पर 91 लाख की वसूली
* अनधिकृत खुदाई से धंसा राजमार्ग, 11 लाख जुर्माना और 80 लाख आरसी तय

मसूरी, उत्तराखंड। पर्यटन नगरी मसूरी में राष्ट्रीय राजमार्ग को नुकसान पहुंचाने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। 12 फरवरी को NH-707A (त्यूनी-चकराता-मसूरी-बाटाघाट) के किमी 162 पर होटल देवलोक के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया था, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि निजी भूमि पर निर्माण कार्य और अनधिकृत खुदाई के कारण राजमार्ग के नीचे की सतह कमजोर हो गई थी। बिना अनुमति ढलान की कटिंग और कथित अवैध खनन के चलते सड़क का हिस्सा धंस गया। इस घटना से मसूरी से कैंपटी, उत्तरकाशी और चारधाम यात्रा मार्ग की आवाजाही प्रभावित रही, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित भूस्वामियों पर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अतिरिक्त 80 लाख रुपये की वसूली आरसी (रिकवरी चार्ज) के रूप में निर्धारित की गई है। अधिकारियों के अनुसार यह राशि सड़क की मरम्मत, ढलान स्थिरीकरण और सुरक्षा कार्यों पर होने वाले खर्च की भरपाई के लिए वसूल की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अवैध खनन के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, खनन विभाग और राजस्व विभाग को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क धंसने के बाद ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया गया। विभागीय टीम ने मौके का निरीक्षण कर ढलान की स्थिति का आकलन किया है। फिलहाल अस्थायी सुरक्षा के तहत बैरिकेडिंग और मलबा हटाने का कार्य किया गया है, जबकि स्थायी मरम्मत की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में राजमार्ग या किसी भी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो।
मिर्जापुर : रिटायर्ड सचिव से सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी करा रहा समिति में काम,वीडियो वायरल

सत्ताधारी दल के नेताओं के दबाव में AR नही कर रहा कोई कार्रवाई

मिर्जापुर जनपद के बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना समिति लालगंज में सहकारिता विभाग रिटायर्ड सचिव से काम करा रहा है.कार्यवाही रजिस्टर लेकर रिटायर्ड सचिव श्यामधर सिंह लिखते नजर आ रहे जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.यही नही जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के आदेश पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी ने वर्तमान सचिव रणजीत कुमार सिंह को बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना लालगंज से हलिया बी. पैक्स भटवारी डिघीया ट्रांसफर किया है.इनके स्थान पर हलिया बी. पैक्स भटवारी डिघीया के सचिव रमाकांत मौर्य को बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना लालगंज का सचिव बनाया है. 10 फरवरी को ट्रांसफर किया गया है इसके बावजूद भी भ्रष्ट सचिव समिति नही छोड़ रहा है साथ ही नये सचिव रमाकांत मौर्य को पदभार ग्रहण नही करने दे रहा है.ट्रांसफर के 6 दिन बाद भी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी ने सचिव को रिलीफ नही कर रहे हैं.बल्कि सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी के कहने पर रिटायर्ड सचिव श्यामधर सिंह समिति का कार्यवाही रजिस्टर अपनर हाथ मे लेकर लिखापढ़ी करते नजर आ रहे हैं.दरअसल सचिव रणजीत कुमार सिंह का गांव में नियम के विरुद्ध पोस्टिंग होने के कारण किसान दिनों से विरोध कर रहे थे.इस सचिव का खाद को सरकारी दाम से अधिक दाम में बेचने और रात में बिचौलियों से धान खरीदने का विडियो वायरल हुआ था इसके बाद भी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी कार्रवाई करने के जगह सत्ता के नेताओं के दबाव में बचाने में जुटा हैं. जिलाधिकारी के आदेश का भी AR नहीं करता पालन.

देहरादून में लोक भवन कूच के दौरान 500 से अधिक कांग्रेसी हिरासत में, हरीश रावत बोले– बीजेपी सत्ता से होगी बेदखल
* हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग पर टकराव, पुलिस लाइन भेजे गए नेता बाद में रिहा

देहरादून। देहरादून में विभिन्न मुद्दों को लेकर लोक भवन (राजभवन) का घेराव करने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हाथीबड़कला क्षेत्र में रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने करीब 500 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ता पहले परेड ग्राउंड में एकत्र हुए, जहां से रैली निकालकर लोक भवन की ओर कूच किया गया। हजारों की संख्या में शामिल कार्यकर्ताओं को हाथीबड़कला के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और आगे बढ़ने का प्रयास किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य अपने समर्थकों के साथ पहला बैरिकेड पार कर मुख्य बैरिकेड तक पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया।
प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा भी शामिल रहीं। पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण महारा और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनभावनाओं को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, “आज परिवर्तन का जनसैलाब सड़कों पर उतरा है। गांव-गांव से हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता देहरादून पहुंचे हैं। सभी एक स्वर में कह रहे हैं कि इस बार बीजेपी सत्ता से बेदखल होगी।” प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है।
रुद्रपुर कलेक्ट्रेट पर आंगनबाड़ी वर्करों का घेराव, राज्य कर्मचारी दर्जा और वेतनमान की मांग तेज
* मुख्य गेट बंद होने पर बाहर ही धरना, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

रुद्रपुर, उत्तराखंड। रुद्रपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा और नियमित वेतनमान लागू करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। पुलिस प्रशासन द्वारा मुख्य गेट बंद किए जाने से नाराज महिलाओं ने गेट के बाहर ही धरना शुरू कर जोरदार नारेबाजी की।
जिले के विभिन्न ब्लॉकों से सैकड़ों की संख्या में पहुंचीं आंगनबाड़ी वर्करों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं गेट के सामने ही धरने पर बैठ गईं और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा, नियमित वेतनमान और सेवा शर्तों में सुधार की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्विंदर कौर ने कहा कि वे सरकार की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाती हैं। पोषण अभियान, टीकाकरण, सर्वेक्षण और जनगणना जैसे कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय मिलता है, जो महंगाई के इस दौर में पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्य का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मानदेय और सुविधाओं में कोई समुचित वृद्धि नहीं की गई है। कई बार निर्धारित समय से अधिक काम करना पड़ता है और अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी देनी पड़ती है, जिसका कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलता।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और स्थिति को नियंत्रित रखा। बाद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, नियमित वेतनमान लागू करने और सेवा शर्तों में सुधार की प्रमुख मांगें शामिल हैं।
प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। हालांकि प्रदर्शनकारी महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित और ठोस निर्णय चाहिए। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप देने की चेतावनी भी दी गई है।
रुद्रपुर में फोम से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में भीषण आग, फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
* बीच सड़क धू-धू कर जली ट्रॉली, बिजली तार से टकराने की आशंका; जनहानि टली

रुद्रपुर, उत्तराखंड। रुद्रपुर में सोमवार को तीन पानी डैम के पास फोम से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में अचानक भीषण आग लग गई। बीच सड़क पर आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटना ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार दोपहर के समय तीन पानी डैम के पास अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। स्थानीय लोगों ने तत्काल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही फायर अधिकारी महेश चंद्र के नेतृत्व में दमकल टीम मौके के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचने पर पाया गया कि ट्रॉली में हेलमेट निर्माण में प्रयुक्त ज्वलनशील फोम भरी हुई थी, जिसके कारण आग तेजी से फैल रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकल कर्मियों ने वाहन से पंपिंग कर मॉनिटर ब्रांच और हौज पाइप की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
काफी प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। प्राथमिक जांच में आशंका जताई गई है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों से टकरा गई थी, जिससे शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। हालांकि, सटीक कारणों की जांच की जा रही है।
गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। मौके पर मौजूद ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस ने यातायात व्यवस्था संभाली और सुरक्षा बनाए रखी। आग बुझाने के बाद फायर अधिकारी ने स्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई के उपरांत फायर यूनिट स्टेशन लौट गई।
जिलाधिकारी ने तहसील तरबगंज का किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा निर्देश

*तहसील तरबगंज में कम वसूली करने वाले 20 अमीनों को नोटिस जारी करने के लिए निर्देश- जिलाधिकारी


गोण्डा।जिलाधिकारी  प्रियंका निरंजन ने तहसील तरबगंज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों की गति, कार्यालयीन अनुशासन और जनता को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करना था।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी कोर्ट, भूलेख विभाग, कलेक्शन विभाग सहित अन्य कार्यालयों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि कुछ विभागों में कार्यों की गति अपेक्षित मानक के अनुसार नहीं थी, विशेष रूप से कलेक्शन विभाग में 20 अमीनों द्वारा वसूली कम होने की जानकारी मिली।

इस पर जिलाधिकारी ने कलेक्शन विभाग को कड़े निर्देश दिए हैं कि कम वसूली करने वाले अमीनों के विरुद्ध नोटिस जारी किया जाए और आगामी समय में पूर्ण वसूली सुनिश्चित की जाए।इसके साथ ही तहसीलदार तरबगंज को भी निर्देशित किया गया कि वे नियमानुसार अधिक से अधिक मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को यह स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान और मामलों का शीघ्र निपटान प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान श्रीमती प्रियंका निरंजन ने कार्यालयीन अनुशासन और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि तहसील परिसर में स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए और कार्यालयों में अभिलेखों का रखरखाव व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि अभिलेखों का डिजिटल और भौतिक रूप में सुव्यवस्थित रखरखाव किया जाए ताकि किसी भी समय आवश्यक जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जनता को सेवा देने में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ अपने कार्यों का पालन करें और तहसील तरबगंज में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में सहयोग करें।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी तरबगंज विश्वामित्र, तहसीलदार तरबगंज आशुतोष पांडेय सहित सभी संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
कोल जाति को मिले अनुसूचित जनजाति का दर्जा-उज्जवल रमण सिंह।
सांसद उज्जवल रमण सिंह नई दिल्ली में केन्द्रीय जनजाति कार्य मंत्री से मिले।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।सांसद उज्जवल रमण सिंह ने उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली'कोल' आदिवासी जाति के उत्थान के लिए केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम से नई दिल्ली में मिलकर एक पत्र दिया जिसमें कोल जाति को उत्तर प्रदेश में भी अनुसूचित जनजाति (ST) की श्रेणी में शामिल करने की पुरजोर वकालत की है।यह जानकारी देते हुए सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने बताया कि सांसद ने पत्र के माध्यम से कोल समाज की दयनीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कई महत्वपूर्ण तर्क दिए हैं कि जहां ओडिशा बिहार झारखंड मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कोल जाति को अनुसूचित जनजाति(ST)का दर्जा प्राप्त है वही उत्तर प्रदेश में इन्हें अनुसूचित जाति (SC) की श्रेणी में रखा गया है।उन्होंने कहा कि प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी चंदौली बांदा और चित्रकूट जैसे जिलो में निवास करने वाली लगभग 15 लाख की यह आबादी आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसो दूर है। उत्तर प्रदेश में इस समाज की साक्षरता दर मात्र 0.28 प्रतिशत है। शैक्षिक पिछड़ेपन के कारण इस समाज से न तो कोई राजपत्रित अधिकारी है और न ही डॉक्टर इंजीनियर या वकील।सांसद ने एक भावनात्मक मुद्दा भी उठाया कि यदि यूपी की कोई कोल लड़की एमपी में विवाहित होती है,तो उसके बच्चों को ST का लाभ मिलता है लेकिन एमपी की लड़की यूपी आने पर इस लाभ से वंचित रह जाती है।सांसद उज्जवल रमण सिंह ने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश शासन के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ ने विस्तृत सर्वेक्षण के बाद पहले ही कोल जाति को ST में शामिल करने की संस्तुति भारत सरकार को भेजी थी जो अभी तक लंबित है।सांसद ने केंद्रीय मंत्री जोएल ओराम से आग्रह किया है कि समाज के हित में आवश्यक कार्रवाई करते हुए इन्हें जल्द से जल्द अनुसूचित जनजाति ST श्रेणी में शामिल किया जाए।
रसड़ा विधायक उमा शंकर सिंह ने हत्या पीड़ित परिवार को 5 लाख की सहायता दी, न्याय का दिया भरोसा
संजीव सिंह रसड़ा, बलिया। कुछ दिनों पूर्व रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामसभा गुरगुजपुर निवासी स्वर्गीय श्री सत्यप्रकाश राम जी की नृशंस हत्या कर दी गई थी, जो अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक घटना है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।आज लोकप्रिय रसड़ा बसपा विधायक उमा शंकर सिंह ने अपने छोटे भाई रमेश सिंह जी को पीड़ित परिवार के बीच भेजकर परिवार को 5,00,000 रुपये (पांच लाख रुपये) की आर्थिक सहायता प्रदान की। विधायक जी ने परिजनों को आश्वस्त किया कि इस दुख की घड़ी में हम सभी उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाकर परिवार को पूर्ण न्याय दिलाया जाएगा।पीड़ित परिवार ने सहायता राशि प्राप्त कर विधायक जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा न्याय की उम्मीद जताई। क्षेत्रवासियों ने भी इस पहल की सराहना की है। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है।
कंचन जायसवाल ही बहाएंगी गढ़वा में विकास की गंगा, भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने मांगा समर्थन"

गढ़वा। नगर परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भाजपा समर्थित अध्यक्ष प्रत्याशी कंचन जायसवाल के पक्ष में माहौल बनाने के लिए गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार को उन्होंने शहर के सोनपुरवा और नगवां मुहल्ला में सघन जनसंपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं से 'बेंच छाप' (क्रमांक-5) पर वोट देने की अपील की।

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झामुमो सरकार पर साधा निशाना:

जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने वर्तमान सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि "झामुमो के शासन में जनता त्राहि-त्राहि कर रही है और विकास पूरी तरह ठप है। भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने महिलाओं के सम्मान में एक स्वच्छ और बेदाग छवि की प्रत्याशी को मैदान में उतारा है।" उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी की योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुँचाने के लिए नगर परिषद में भाजपा समर्थित प्रत्याशी का जीतना अनिवार्य है।

प्रत्याशी का संकल्प:

अध्यक्ष प्रत्याशी कंचन जायसवाल ने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि उन्हें अवसर मिलता है, तो गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास कार्य किए जाएंगे और हर नागरिक की समस्या का त्वरित समाधान होगा।

प्रमुख उपस्थिति:

मंडल अध्यक्ष धनंजय गोंड के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद घुरण राम, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश केशरी, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय कुशवाहा, विधायक प्रतिनिधि विवेकानंद तिवारी और बिनोद चंद्रवंशी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

धनबाद मेयर चुनाव: रवि चौधरी की रैली में उमड़ा जनसैलाब, रंगाटांड़ से मटकुरिया तक समर्थकों का रहा कब्जा।

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धनबाद नगर निगम के मेयर प्रत्याशी रवि चौधरी ने सोमवार को एक भव्य जनसंपर्क रैली निकालकर अपनी चुनावी ताकत का अहसास कराया। रंगाटांड़ मोड़ से शुरू होकर मटकुरिया चेक पोस्ट तक चली इस रैली में सैकड़ों की संख्या में शहरवासी शामिल हुए।

रैली का मार्ग और स्वागत:

करीब साढ़े छह घंटे तक चली यह रैली नया बाजार, पुराना बाजार, बरमसिया, मनईटांड़ और बैंक मोड़ जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरी। जगह-जगह स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा और माला पहनाकर रवि चौधरी का अभिनंदन किया। रत्नेश्वर मंदिर के पास पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने जनसंपर्क को और गति दी।

जनता के बीच मुख्य मुद्दे:

जोड़ाफाटक और पुराना बाजार में छोटी जनसभाओं को संबोधित करते हुए रवि चौधरी ने कहा:

"धनबाद की जनता अब बदलाव चाहती है। मेरा लक्ष्य शहर को न केवल स्वच्छ बनाना है, बल्कि सड़क, पानी और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर जवाबदेही तय करना है।"

स्थानीय लोगों ने जलभराव, सफाई की कमी और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया, जिस पर उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर समाधान का आश्वासन दिया।

प्रमुख उपस्थित कार्यकर्ता:

रैली को सफल बनाने में प्रदीप अग्रवाल, अनेस यादव, मनोज साव, सुकेश मालाकार, विपिन लाला, राकेश चंचल, बबलू शेख, रणधीर मालाकार और डॉ. सोमाशेखर सहित कई अन्य गणमान्य लोग सक्रिय रहे।

मसूरी में NH-707A को नुकसान पहुंचाने पर प्रशासन सख्त, भूस्वामियों पर 91 लाख की वसूली
* अनधिकृत खुदाई से धंसा राजमार्ग, 11 लाख जुर्माना और 80 लाख आरसी तय

मसूरी, उत्तराखंड। पर्यटन नगरी मसूरी में राष्ट्रीय राजमार्ग को नुकसान पहुंचाने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। 12 फरवरी को NH-707A (त्यूनी-चकराता-मसूरी-बाटाघाट) के किमी 162 पर होटल देवलोक के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया था, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि निजी भूमि पर निर्माण कार्य और अनधिकृत खुदाई के कारण राजमार्ग के नीचे की सतह कमजोर हो गई थी। बिना अनुमति ढलान की कटिंग और कथित अवैध खनन के चलते सड़क का हिस्सा धंस गया। इस घटना से मसूरी से कैंपटी, उत्तरकाशी और चारधाम यात्रा मार्ग की आवाजाही प्रभावित रही, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित भूस्वामियों पर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अतिरिक्त 80 लाख रुपये की वसूली आरसी (रिकवरी चार्ज) के रूप में निर्धारित की गई है। अधिकारियों के अनुसार यह राशि सड़क की मरम्मत, ढलान स्थिरीकरण और सुरक्षा कार्यों पर होने वाले खर्च की भरपाई के लिए वसूल की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अवैध खनन के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, खनन विभाग और राजस्व विभाग को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क धंसने के बाद ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया गया। विभागीय टीम ने मौके का निरीक्षण कर ढलान की स्थिति का आकलन किया है। फिलहाल अस्थायी सुरक्षा के तहत बैरिकेडिंग और मलबा हटाने का कार्य किया गया है, जबकि स्थायी मरम्मत की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में राजमार्ग या किसी भी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो।
मिर्जापुर : रिटायर्ड सचिव से सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी करा रहा समिति में काम,वीडियो वायरल

सत्ताधारी दल के नेताओं के दबाव में AR नही कर रहा कोई कार्रवाई

मिर्जापुर जनपद के बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना समिति लालगंज में सहकारिता विभाग रिटायर्ड सचिव से काम करा रहा है.कार्यवाही रजिस्टर लेकर रिटायर्ड सचिव श्यामधर सिंह लिखते नजर आ रहे जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.यही नही जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के आदेश पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी ने वर्तमान सचिव रणजीत कुमार सिंह को बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना लालगंज से हलिया बी. पैक्स भटवारी डिघीया ट्रांसफर किया है.इनके स्थान पर हलिया बी. पैक्स भटवारी डिघीया के सचिव रमाकांत मौर्य को बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना लालगंज का सचिव बनाया है. 10 फरवरी को ट्रांसफर किया गया है इसके बावजूद भी भ्रष्ट सचिव समिति नही छोड़ रहा है साथ ही नये सचिव रमाकांत मौर्य को पदभार ग्रहण नही करने दे रहा है.ट्रांसफर के 6 दिन बाद भी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी ने सचिव को रिलीफ नही कर रहे हैं.बल्कि सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी के कहने पर रिटायर्ड सचिव श्यामधर सिंह समिति का कार्यवाही रजिस्टर अपनर हाथ मे लेकर लिखापढ़ी करते नजर आ रहे हैं.दरअसल सचिव रणजीत कुमार सिंह का गांव में नियम के विरुद्ध पोस्टिंग होने के कारण किसान दिनों से विरोध कर रहे थे.इस सचिव का खाद को सरकारी दाम से अधिक दाम में बेचने और रात में बिचौलियों से धान खरीदने का विडियो वायरल हुआ था इसके बाद भी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी कार्रवाई करने के जगह सत्ता के नेताओं के दबाव में बचाने में जुटा हैं. जिलाधिकारी के आदेश का भी AR नहीं करता पालन.

देहरादून में लोक भवन कूच के दौरान 500 से अधिक कांग्रेसी हिरासत में, हरीश रावत बोले– बीजेपी सत्ता से होगी बेदखल
* हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग पर टकराव, पुलिस लाइन भेजे गए नेता बाद में रिहा

देहरादून। देहरादून में विभिन्न मुद्दों को लेकर लोक भवन (राजभवन) का घेराव करने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हाथीबड़कला क्षेत्र में रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने करीब 500 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ता पहले परेड ग्राउंड में एकत्र हुए, जहां से रैली निकालकर लोक भवन की ओर कूच किया गया। हजारों की संख्या में शामिल कार्यकर्ताओं को हाथीबड़कला के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और आगे बढ़ने का प्रयास किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य अपने समर्थकों के साथ पहला बैरिकेड पार कर मुख्य बैरिकेड तक पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया।
प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा भी शामिल रहीं। पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण महारा और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनभावनाओं को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, “आज परिवर्तन का जनसैलाब सड़कों पर उतरा है। गांव-गांव से हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता देहरादून पहुंचे हैं। सभी एक स्वर में कह रहे हैं कि इस बार बीजेपी सत्ता से बेदखल होगी।” प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है।
रुद्रपुर कलेक्ट्रेट पर आंगनबाड़ी वर्करों का घेराव, राज्य कर्मचारी दर्जा और वेतनमान की मांग तेज
* मुख्य गेट बंद होने पर बाहर ही धरना, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

रुद्रपुर, उत्तराखंड। रुद्रपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा और नियमित वेतनमान लागू करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। पुलिस प्रशासन द्वारा मुख्य गेट बंद किए जाने से नाराज महिलाओं ने गेट के बाहर ही धरना शुरू कर जोरदार नारेबाजी की।
जिले के विभिन्न ब्लॉकों से सैकड़ों की संख्या में पहुंचीं आंगनबाड़ी वर्करों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं गेट के सामने ही धरने पर बैठ गईं और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा, नियमित वेतनमान और सेवा शर्तों में सुधार की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्विंदर कौर ने कहा कि वे सरकार की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाती हैं। पोषण अभियान, टीकाकरण, सर्वेक्षण और जनगणना जैसे कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय मिलता है, जो महंगाई के इस दौर में पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्य का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मानदेय और सुविधाओं में कोई समुचित वृद्धि नहीं की गई है। कई बार निर्धारित समय से अधिक काम करना पड़ता है और अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी देनी पड़ती है, जिसका कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलता।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और स्थिति को नियंत्रित रखा। बाद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, नियमित वेतनमान लागू करने और सेवा शर्तों में सुधार की प्रमुख मांगें शामिल हैं।
प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। हालांकि प्रदर्शनकारी महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित और ठोस निर्णय चाहिए। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप देने की चेतावनी भी दी गई है।
रुद्रपुर में फोम से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में भीषण आग, फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
* बीच सड़क धू-धू कर जली ट्रॉली, बिजली तार से टकराने की आशंका; जनहानि टली

रुद्रपुर, उत्तराखंड। रुद्रपुर में सोमवार को तीन पानी डैम के पास फोम से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में अचानक भीषण आग लग गई। बीच सड़क पर आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटना ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार दोपहर के समय तीन पानी डैम के पास अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। स्थानीय लोगों ने तत्काल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही फायर अधिकारी महेश चंद्र के नेतृत्व में दमकल टीम मौके के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचने पर पाया गया कि ट्रॉली में हेलमेट निर्माण में प्रयुक्त ज्वलनशील फोम भरी हुई थी, जिसके कारण आग तेजी से फैल रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकल कर्मियों ने वाहन से पंपिंग कर मॉनिटर ब्रांच और हौज पाइप की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
काफी प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। प्राथमिक जांच में आशंका जताई गई है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों से टकरा गई थी, जिससे शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। हालांकि, सटीक कारणों की जांच की जा रही है।
गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। मौके पर मौजूद ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस ने यातायात व्यवस्था संभाली और सुरक्षा बनाए रखी। आग बुझाने के बाद फायर अधिकारी ने स्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई के उपरांत फायर यूनिट स्टेशन लौट गई।
जिलाधिकारी ने तहसील तरबगंज का किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा निर्देश

*तहसील तरबगंज में कम वसूली करने वाले 20 अमीनों को नोटिस जारी करने के लिए निर्देश- जिलाधिकारी


गोण्डा।जिलाधिकारी  प्रियंका निरंजन ने तहसील तरबगंज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों की गति, कार्यालयीन अनुशासन और जनता को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करना था।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी कोर्ट, भूलेख विभाग, कलेक्शन विभाग सहित अन्य कार्यालयों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि कुछ विभागों में कार्यों की गति अपेक्षित मानक के अनुसार नहीं थी, विशेष रूप से कलेक्शन विभाग में 20 अमीनों द्वारा वसूली कम होने की जानकारी मिली।

इस पर जिलाधिकारी ने कलेक्शन विभाग को कड़े निर्देश दिए हैं कि कम वसूली करने वाले अमीनों के विरुद्ध नोटिस जारी किया जाए और आगामी समय में पूर्ण वसूली सुनिश्चित की जाए।इसके साथ ही तहसीलदार तरबगंज को भी निर्देशित किया गया कि वे नियमानुसार अधिक से अधिक मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को यह स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान और मामलों का शीघ्र निपटान प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान श्रीमती प्रियंका निरंजन ने कार्यालयीन अनुशासन और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि तहसील परिसर में स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए और कार्यालयों में अभिलेखों का रखरखाव व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि अभिलेखों का डिजिटल और भौतिक रूप में सुव्यवस्थित रखरखाव किया जाए ताकि किसी भी समय आवश्यक जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जनता को सेवा देने में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ अपने कार्यों का पालन करें और तहसील तरबगंज में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में सहयोग करें।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी तरबगंज विश्वामित्र, तहसीलदार तरबगंज आशुतोष पांडेय सहित सभी संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
कोल जाति को मिले अनुसूचित जनजाति का दर्जा-उज्जवल रमण सिंह।
सांसद उज्जवल रमण सिंह नई दिल्ली में केन्द्रीय जनजाति कार्य मंत्री से मिले।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।सांसद उज्जवल रमण सिंह ने उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली'कोल' आदिवासी जाति के उत्थान के लिए केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम से नई दिल्ली में मिलकर एक पत्र दिया जिसमें कोल जाति को उत्तर प्रदेश में भी अनुसूचित जनजाति (ST) की श्रेणी में शामिल करने की पुरजोर वकालत की है।यह जानकारी देते हुए सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने बताया कि सांसद ने पत्र के माध्यम से कोल समाज की दयनीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कई महत्वपूर्ण तर्क दिए हैं कि जहां ओडिशा बिहार झारखंड मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कोल जाति को अनुसूचित जनजाति(ST)का दर्जा प्राप्त है वही उत्तर प्रदेश में इन्हें अनुसूचित जाति (SC) की श्रेणी में रखा गया है।उन्होंने कहा कि प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी चंदौली बांदा और चित्रकूट जैसे जिलो में निवास करने वाली लगभग 15 लाख की यह आबादी आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसो दूर है। उत्तर प्रदेश में इस समाज की साक्षरता दर मात्र 0.28 प्रतिशत है। शैक्षिक पिछड़ेपन के कारण इस समाज से न तो कोई राजपत्रित अधिकारी है और न ही डॉक्टर इंजीनियर या वकील।सांसद ने एक भावनात्मक मुद्दा भी उठाया कि यदि यूपी की कोई कोल लड़की एमपी में विवाहित होती है,तो उसके बच्चों को ST का लाभ मिलता है लेकिन एमपी की लड़की यूपी आने पर इस लाभ से वंचित रह जाती है।सांसद उज्जवल रमण सिंह ने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश शासन के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ ने विस्तृत सर्वेक्षण के बाद पहले ही कोल जाति को ST में शामिल करने की संस्तुति भारत सरकार को भेजी थी जो अभी तक लंबित है।सांसद ने केंद्रीय मंत्री जोएल ओराम से आग्रह किया है कि समाज के हित में आवश्यक कार्रवाई करते हुए इन्हें जल्द से जल्द अनुसूचित जनजाति ST श्रेणी में शामिल किया जाए।