मिर्जापुर : विंध्याचल देवी धाम में नहीं संभल पा रही मां विंध्यवासिनी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था
*बिना रोक-टोक के सैकड़ो बाइक पहुंच रहे मां विंध्यवासिनी मंदिर के पास*

*मंदिर के पास खड़ी बाइकों के कारण आने जाने वाले श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी*

*सुरक्षा व्यवस्था की दावा करने वाले नगर मजिस्ट्रेट नहीं करते कभी मंदिर का निरीक्षण*

*नगर मजिस्ट्रेट और धाम प्रभारी केवल मीडिया कर्मियों को वीडियो शूट न करने और वाहन न ले जाने का पढ़ाते हैं पाठ*
मिर्जापुर: विख्यात देवी धाम विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी धाम को बनाने में मुख्यमंत्री योगी! आदित्यनाथ की सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन यहां पर पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों फेल नजर आ रहे हैं। विंध्याचल में कॉरिडोर इसलिए बनाया गया ताकि सकरी गलियों से यात्रियों को परेशानी हो रही थी, वह न हो, लेकिन यहां तो कॉरिडोर बनने के बाद पैदल आने जाने वाले यात्रियों के रास्ते में गाड़ियों का अंबार लगा है। दर्शनार्थियों को आने-जाने में तकलीफ हो रही है। दुकानदार अपनी दुकान बढ़ाकर सड़क के किनारे कर लिए हैं। ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया था। जितनी दुर्व्यवस्था अब के समय में हो गई है। अगर इस मामले को संज्ञान में नहीं लिया गया तो दर्शनार्थियों को मंदिर जाने में भी समस्या उत्पन्न होगी।
बताते चलें कि पहले 4 फुट का रास्ता था तो लोगों को दिक्कत होती थी। अभी 35 फुट का हो गया है तो अतिक्रमण हो गया है। जबकि सरकार ने अधिग्रहित जमीन का मुआवजा दे दिया है, तब भी यह हाल है। अधिकारी मस्त हैं, जनता दर्शनार्थी त्रस्त है।
इसके पूर्व जब तक शिव प्रताप शुक्ला एडीएम थे, तब तक कोई अतिक्रमण नहीं कर पा रहा था, क्योंकि अधिकारी हर दूसरे-तीसरे दिन नगर पालिका के साथ विंध्य कॉरिडोर पथ का निरीक्षण किया करते थे। जब से उनका ट्रांसफर हुआ है, उसके बाद से कोई अधिकारी कॉरिडोर में निरीक्षण करने भी नहीं आता, जबकि कॉरिडोर अभी पूरा भी नहीं हुआ है।
आशंका जताई जा रही है कि क्या कोई बड़ा हादसा होने के बाद पुलिस प्रशासन मंदिर और मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त कराने का काम करेगा?
मीरजापुर: संदिग्ध परिस्थिति में युवक की लाश नहर में मिली, हत्या की आशंका

मीरजापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के लहंगपुर पुलिस चौकी अंतर्गत गंगहरा खुर्द माईनर के पास बुधवार की सुबह संदिग्ध स्थिति में 21 वर्षीय युवक का शव मिलने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई। युवक के शरीर पर चोट व जलने का निशान से प्रथम दृष्टया बिजली करंट से मौत होना दिखाई दे रहा है। युवक छः बहनों के बीच एकलौता भाई था।परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह, लहंगपुर चौकी प्रभारी सुजीत कुमार सेठ के साथ फॉरेंसिक टीम जांच पड़ताल में जुट गई।
लहंगपुर निवासी सूर्यबली का इकलौता पुत्र 21 वर्षीय किशन कुमार का शव गंगहरा खुर्द गांव में स्थित पावर हाउस और नहर के पास पड़ा मिला है। बुधवार को सुबह शौच के लिए गए युवक के चाचा रामनरेश ने शव देखकर स्वजनों को सूचित किया। इकलौती बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई, परिजनों ने बताया कि किशन लहंगपुर बाजार में स्थित एक कपड़े की दुकान में काम करता था, मंगलवार की रात 9:30 बजे घर आया था। उसके बाद घर से बाहर गया और वापस नहीं लौटा। परिजन देर रात तक इधर-उधर पता लगाया लेकिन कहीं पता नहीं चला, उसी बीच आंधी तुफान और वर्षां होने लगी। सुबह किशन मृत अवस्था में मिले।मृतक के पैर में बिजली के करंट से जला हुआ दिखाई दिया और सिर और पीठ में चोट के निशान हैं। मृतक के चाचा रामनरेश की तहरीर पर पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी आपरेशन राजकुमार मीणा व पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने घटनास्थल का मौका मुहाना किया और स्वजनों से बात की। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह ने बताया कि बिजली करंट से मौत हुई है पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया है, रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की स्थिति स्पष्ट होगी तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने बताया कि पैर में इलेट्रीक शार्ट से 24 वर्षीय युवक की मृत्यु प्रतीत हो रही है। पंचनामा के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। युवक शांत स्वभाव का था उसका किसी से कोई विवाद नहीं था।
मीरजापुर: संदिग्ध परिस्थिति में युवक की लाश नहर में मिली, हत्या की आशंका

मीरजापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के लहंगपुर पुलिस चौकी अंतर्गत गंगहरा खुर्द माईनर के पास बुधवार की सुबह संदिग्ध स्थिति में 21 वर्षीय युवक का शव मिलने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई। युवक के शरीर पर चोट व जलने का निशान से प्रथम दृष्टया बिजली करंट से मौत होना दिखाई दे रहा है। युवक छः बहनों के बीच एकलौता भाई था।परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह, लहंगपुर चौकी प्रभारी सुजीत कुमार सेठ के साथ फॉरेंसिक टीम जांच पड़ताल में जुट गई।
लहंगपुर निवासी सूर्यबली का इकलौता पुत्र 21 वर्षीय किशन कुमार का शव गंगहरा खुर्द गांव में स्थित पावर हाउस और नहर के पास पड़ा मिला है। बुधवार को सुबह शौच के लिए गए युवक के चाचा रामनरेश ने शव देखकर स्वजनों को सूचित किया। इकलौती बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई, परिजनों ने बताया कि किशन लहंगपुर बाजार में स्थित एक कपड़े की दुकान में काम करता था, मंगलवार की रात 9:30 बजे घर आया था। उसके बाद घर से बाहर गया और वापस नहीं लौटा। परिजन देर रात तक इधर-उधर पता लगाया लेकिन कहीं पता नहीं चला, उसी बीच आंधी तुफान और वर्षां होने लगी। सुबह किशन मृत अवस्था में मिले।मृतक के पैर में बिजली के करंट से जला हुआ दिखाई दिया और सिर और पीठ में चोट के निशान हैं। मृतक के चाचा रामनरेश की तहरीर पर पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी आपरेशन राजकुमार मीणा व पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने घटनास्थल का मौका मुहाना किया और स्वजनों से बात की। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह ने बताया कि बिजली करंट से मौत हुई है पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया है, रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की स्थिति स्पष्ट होगी तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने बताया कि पैर में इलेट्रीक शार्ट से 24 वर्षीय युवक की मृत्यु प्रतीत हो रही है। पंचनामा के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। युवक शांत स्वभाव का था उसका किसी से कोई विवाद नहीं था।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
*जिलाधिकारी ने नगमालपुर आंगनबाड़ी केंद्र पर टीकाकरण सत्र का किया आकस्मिक निरीक्षण*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बुधवार को विकास खंड क्षेत्र अभोली के आंगनबाड़ी केंद्र नगमालपुर में संचालित टीकाकरण सत्र का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री उपस्थित मिलीं तथा टीकाकरण संबंधी अभिलेखों का अवलोकन किया गया।
           निरीक्षण के दौरान एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि ग्राम पंचायत में सभी 16 गर्भवती महिलाओं का निर्धारित टीकाकरण पूर्ण कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 52 बच्चों का नियमित टीकाकरण भी संपन्न कराया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत में एक बच्चा गंभीर रूप से अस्वस्थ है, जिसका उपचार चिकित्सकीय देखरेख में कराया जा रहा है।
           जिलाधिकारी ने टीकाकरण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण तथा नियमित स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर विद्युत व्यवस्था उपलब्ध न होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी विकास खंडों के बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) से दो दिवस के भीतर आंगनबाड़ी केंद्रों की विद्युत व्यवस्था संबंधी विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त कर प्रस्तुत की जाए।
            उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर शीघ्र विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्रों का संचालन सुव्यवस्थित, स्वच्छ एवं बाल हितैषी वातावरण में सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की नियमित निगरानी करने तथा शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
         जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बाल एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला हैं। अतः इनके संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक, चिकित्सा अधीक्षक अभोली डॉक्टर शुभांकर श्रीवास्तव, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अनिल सिंह, अपर संख्या अधिकारी नीरव सिंह एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कन्नौज में पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2026 का डीएम-एसपी ने लिया जायजा

पंकज कुमार श्रीवास्यव


कन्नौज। पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2026 को सकुशल, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री एवं पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने परीक्षा के लिए स्थापित कंट्रोल रूम तथा विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कंट्रोल रूम में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों, संचार व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों से प्राप्त होने वाली सूचनाओं की निगरानी प्रणाली तथा परीक्षा संचालन संबंधी तैयारियों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने सुरक्षा एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा पूरी निष्पक्षता और शुचिता के साथ संपन्न कराई जाए। साथ ही परीक्षा केंद्रों की सतत निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता, नकल, संदिग्ध गतिविधि या परीक्षा की गोपनीयता भंग करने के प्रयास की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने अभ्यर्थियों के प्रवेश, पहचान सत्यापन, सुरक्षा जांच, यातायात प्रबंधन एवं कानून-व्यवस्था संबंधी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी जोर दिया, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके। इसके अलावा परीक्षा के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

जनपद प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2026 को सकुशल, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने का दावा किया है।
भूटान को वाराणसी में बौद्ध मंदिर व गेस्ट हाउस निर्माण के लिए मिलेगी 2 एकड़ भूमि


*  लीज पर होगा भूमि आवंटन, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की मौजूदगी में हुआ समझौता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी में बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस निर्माण के लिए रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान को दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में बुधवार को पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह तथा अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजात की उपस्थिति में पर्यटन विभाग और भूटान सरकार के बीच लीज डीड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए।
वाराणसी के अजईपुर, परगना कोलअसला, तहसील पिंडरा स्थित दो एकड़ जमीन भूटान सरकार को लीज पर दी जाएगी। भूमि हस्तांतरण से जुड़ी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। समझौते पर भूटान सरकार की ओर से रॉयल भूटानी दूतावास, नई दिल्ली की उप-मिशन प्रमुख ताशी पेल्डन तथा उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से विशेष सचिव मृदुल चौधरी ने हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही दोनों पक्षों के अधिकारियों ने अभिलेखों का आदान-प्रदान किया।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि भारत और भूटान के ऐतिहासिक एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों को यह समझौता नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि सारनाथ पहले से ही बौद्ध धर्म का एक प्रमुख केंद्र है और बौद्ध मंदिर व गेस्ट हाउस के निर्माण से देश-विदेश से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार बौद्ध परिपथ के अंतर्गत आने वाले प्रमुख स्थलों, जैसे संकिसा और कुशीनगर में आधुनिक पर्यटन एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास कर रही है। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को वर्ष 2017 के बाद हुए सभी एमओयू की समीक्षा करने तथा ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।भूटान सरकार की प्रतिनिधि ताशी पेल्डन ने उत्तर प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझौता भारत और भूटान के संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में महानिदेशक पर्यटन वेदपति मिश्रा, पर्यटन सलाहकार जेपी सिंह सहित पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पीएम मोदी का जीवन राष्ट्रसेवा, संकल्प और नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण : केशव प्रसाद मौर्य

* प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विश्व मंच पर बनाई नई पहचान, ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प होगा साकार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष की आयु में भी प्रधानमंत्री मोदी अद्भुत ऊर्जा, कार्यक्षमता और समर्पण के साथ राष्ट्रसेवा में निरंतर जुटे हुए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में 75 वर्ष की आयु को ‘हीरक जयंती’ का महत्वपूर्ण और सम्मानजनक पड़ाव माना जाता है। ऐसे अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट समर्पण और सक्रिय नेतृत्व पूरे देश के लिए प्रेरणा का विषय है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जीवन संघर्ष, परिश्रम, त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने अपने दूरदर्शी नेतृत्व से भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान और प्रतिष्ठा दिलाई है। आज भारत आत्मविश्वास, सामर्थ्य और नेतृत्व क्षमता के साथ विश्व समुदाय में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर जल, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं ने करोड़ों गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इन योजनाओं ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखी है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान, रक्षा अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, ऊर्जा सुरक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है, जो विश्व शांति, सहयोग और मानव कल्याण की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया ‘युद्ध नहीं, बुद्ध’ का संदेश भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों का प्रतीक है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की निरंतर सेवा करते हुए लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर कार्य करने का ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। उनका नेतृत्व आज देश की प्रगति, सुशासन, आत्मविश्वास और वैश्विक सम्मान का पर्याय बन चुका है। विभिन्न देशों द्वारा उन्हें दिए गए सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा के प्रमाण हैं।
उन्होंने कहा कि ‘तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें’ की भावना को आत्मसात कर प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रसेवा में समर्पित हैं। उनका ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प निश्चित रूप से साकार होगा और भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध, शक्तिशाली तथा विश्वगुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अंत में उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी।
गोपालापुर पहुंचकर एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू ने किया जन संवाद
मुंबई। भाजपा के आत्ममंथन व सामाजिक मिलन कार्यक्रम के अंतर्गत एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू ने बदलापुर विधानसभा अंतर्गत गोपालापुर गांव में सेक्टर संयोजक संतोष कुमार द्विवेदी पुत्र अनिल द्विवेदी के निवास पर सम्मानित क्षेत्रीय लोगों से जनसंवाद कर पार्टी के विकास कार्यों के प्रति उनकी राय ली। उनके साथ बदलापुर बीजेपी मंडल अध्यक्ष शनि शुक्ला और भाजपा मंडल महामंत्री दिलीप गुप्ता सुमित अनेक लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित क्षेत्रीय सम्मानित व्यक्तियों में समाजसेवी रामधारी तिवारी, राष्ट्रपति पुरस्कृत कृष्णदेव दुबे,अखिलेश परमानंद तिवारी , पूर्व प्रधान सुशील तिवारी पप्पू, ताड़कनाथ तिवारी टोनी, दयाशंकर तिवारी , अरुण कुमार तिवारी, उपेन्द्र तिवारी, किक्के सन्तोष दूबे ,अरूणेन्द्र दूबे ,सर्वेश दूबे,अभिषेक दूबे, आराध्य दूबे, आदर्श दूबे ,बाबू दूबे ,साहिल दूबे, प्रयाग, अथर्व, संजय तिवारी ,राजनाथ तिवारी, कैलाश पाण्डेय सरपंच, विनय सिंह, राहुल सिंह ,कृष्ण कुमार तिवारी  परविन्द तिवारी, विरेन्द्र तिवारी आदि का समावेश रहा।
देवघर-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद डीएवी भंडारकोला के छात्र आयुष संतोषी का विद्यालय में किया गया सम्मान।
देवघर: के गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला, देवघर के पूर्ववर्ती छात्र एवं वर्तमान में डीएवी यूनिवर्सिटी, जालंधर के छात्र आयुष संतोषी ने श्रीलंका में आयोजित साउथ एशियन चैंपियनशिप में गोल शॉट बॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर भारत का तिरंगा विश्व मंच पर लहरा दिया। इस प्रतियोगिता में भारत सहित बांग्लादेश, माल्दिव्स, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे कुल सात देशों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ।यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरे देश के सम्मान की जीत रही। झारखंड के देवघर की मिट्टी से निकले और डीएवी के इस होनहार खिलाड़ी ने अपनी मेहनत, जुनून और जीत के जज़्बे से सन 2025 में पावरलिफ्टिंग (बेंच प्रेस) में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्टेट गोल्ड मेडल अपने नाम किया था और 3 बार “बेस्ट लिफ्टर” का खिताब जीतकर अपनी बादशाहत कायम की थी। गौर करने वाली बात यह भी है कि झारखंड से यूथ टीम में केवल दो खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें एक नाम आयुष संतोषी का भी शामिल था। इस चयन ने ही यह संकेत दे दिया था कि आयुष कुछ बड़ा करने वाला है और उसने उस भरोसे को सच साबित कर दिखाया। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने स्वर्ण पदक विजेता पूर्व छात्र को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि डीएवी सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है और शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित करता है। इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र की यह सफलता उसकी कठोर मेहनत, अनुशासन, समर्पण तथा खेल के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उसकी यह उपलब्धि विद्यालय के वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। विद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूर्ववर्ती छात्र तथा उसके अभिभावकों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की है। विद्यालय परिवार को विश्वास है कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर देश का मान बढ़ाता रहेगा। इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनकी माँ कुमारी अलका सोनी और पिता अजय संतोषी का त्याग, संघर्ष और अटूट विश्वास सबसे बड़ी ताकत बना। आयुष के कोच राजेश रंजन, जो कि इस चैंपियनशिप के टीम इंडिया के भी कोच रहे,संजय सिंह और विद्यालय के खेल प्रशिक्षक सत्यवीर यादव और आशुतोष कुमार का मार्गदर्शन उनकी सफलता की मजबूत नींव रहा है। डीएवी जालंधर विश्वविद्यालय के एचओडी यशबीर सिंह ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि आयुष जैसे प्रतिभाशाली छात्र पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
पालघर संत हत्याकांड के दोषियों को कब मिलेगी सजा ? पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
मुंबई । पालघर संत हत्याकांड में मारे गए संतों एवं चालक के परिजनों ने आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने, हत्याकांड के दोषियों को शीघ्र एवं कठोर सजा दिलाने तथा पालघर में दिवंगत संतों का स्मारक बनाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया। समाजसेवी अरुण शुक्ल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में चालक तेलगंडे की माता निर्मला तेलंगडे एवं उनके दो अबोध बच्चे, संत सुशील गिरि की बहन सपना मिश्रा तथा सहयोगी बृजेश पांडे शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष घटना से प्रभावित परिवारों की वर्तमान स्थिति और उनकी समस्याओं को विस्तार से रखा।
अरुण शुक्ल ने बताया कि परिजनों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, मामले के सभी दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाए तथा पालघर में दिवंगत संतों की स्मृति में एक भव्य स्मारक का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इन सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन पांडे एवं विधायक संजय उपाध्याय के सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। उल्लेखनीय है कि पालघर में संतों और उनके चालक की भीड़ द्वारा की गई हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। घटना के वर्षों बाद भी परिजन न्याय, सम्मान और पुनर्वास की मांग को लेकर प्रयासरत हैं तथा मुख्यमंत्री से हुई यह मुलाकात उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
मिर्जापुर : विंध्याचल देवी धाम में नहीं संभल पा रही मां विंध्यवासिनी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था
*बिना रोक-टोक के सैकड़ो बाइक पहुंच रहे मां विंध्यवासिनी मंदिर के पास*

*मंदिर के पास खड़ी बाइकों के कारण आने जाने वाले श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी*

*सुरक्षा व्यवस्था की दावा करने वाले नगर मजिस्ट्रेट नहीं करते कभी मंदिर का निरीक्षण*

*नगर मजिस्ट्रेट और धाम प्रभारी केवल मीडिया कर्मियों को वीडियो शूट न करने और वाहन न ले जाने का पढ़ाते हैं पाठ*
मिर्जापुर: विख्यात देवी धाम विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी धाम को बनाने में मुख्यमंत्री योगी! आदित्यनाथ की सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन यहां पर पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों फेल नजर आ रहे हैं। विंध्याचल में कॉरिडोर इसलिए बनाया गया ताकि सकरी गलियों से यात्रियों को परेशानी हो रही थी, वह न हो, लेकिन यहां तो कॉरिडोर बनने के बाद पैदल आने जाने वाले यात्रियों के रास्ते में गाड़ियों का अंबार लगा है। दर्शनार्थियों को आने-जाने में तकलीफ हो रही है। दुकानदार अपनी दुकान बढ़ाकर सड़क के किनारे कर लिए हैं। ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया था। जितनी दुर्व्यवस्था अब के समय में हो गई है। अगर इस मामले को संज्ञान में नहीं लिया गया तो दर्शनार्थियों को मंदिर जाने में भी समस्या उत्पन्न होगी।
बताते चलें कि पहले 4 फुट का रास्ता था तो लोगों को दिक्कत होती थी। अभी 35 फुट का हो गया है तो अतिक्रमण हो गया है। जबकि सरकार ने अधिग्रहित जमीन का मुआवजा दे दिया है, तब भी यह हाल है। अधिकारी मस्त हैं, जनता दर्शनार्थी त्रस्त है।
इसके पूर्व जब तक शिव प्रताप शुक्ला एडीएम थे, तब तक कोई अतिक्रमण नहीं कर पा रहा था, क्योंकि अधिकारी हर दूसरे-तीसरे दिन नगर पालिका के साथ विंध्य कॉरिडोर पथ का निरीक्षण किया करते थे। जब से उनका ट्रांसफर हुआ है, उसके बाद से कोई अधिकारी कॉरिडोर में निरीक्षण करने भी नहीं आता, जबकि कॉरिडोर अभी पूरा भी नहीं हुआ है।
आशंका जताई जा रही है कि क्या कोई बड़ा हादसा होने के बाद पुलिस प्रशासन मंदिर और मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त कराने का काम करेगा?
मीरजापुर: संदिग्ध परिस्थिति में युवक की लाश नहर में मिली, हत्या की आशंका

मीरजापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के लहंगपुर पुलिस चौकी अंतर्गत गंगहरा खुर्द माईनर के पास बुधवार की सुबह संदिग्ध स्थिति में 21 वर्षीय युवक का शव मिलने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई। युवक के शरीर पर चोट व जलने का निशान से प्रथम दृष्टया बिजली करंट से मौत होना दिखाई दे रहा है। युवक छः बहनों के बीच एकलौता भाई था।परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह, लहंगपुर चौकी प्रभारी सुजीत कुमार सेठ के साथ फॉरेंसिक टीम जांच पड़ताल में जुट गई।
लहंगपुर निवासी सूर्यबली का इकलौता पुत्र 21 वर्षीय किशन कुमार का शव गंगहरा खुर्द गांव में स्थित पावर हाउस और नहर के पास पड़ा मिला है। बुधवार को सुबह शौच के लिए गए युवक के चाचा रामनरेश ने शव देखकर स्वजनों को सूचित किया। इकलौती बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई, परिजनों ने बताया कि किशन लहंगपुर बाजार में स्थित एक कपड़े की दुकान में काम करता था, मंगलवार की रात 9:30 बजे घर आया था। उसके बाद घर से बाहर गया और वापस नहीं लौटा। परिजन देर रात तक इधर-उधर पता लगाया लेकिन कहीं पता नहीं चला, उसी बीच आंधी तुफान और वर्षां होने लगी। सुबह किशन मृत अवस्था में मिले।मृतक के पैर में बिजली के करंट से जला हुआ दिखाई दिया और सिर और पीठ में चोट के निशान हैं। मृतक के चाचा रामनरेश की तहरीर पर पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी आपरेशन राजकुमार मीणा व पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने घटनास्थल का मौका मुहाना किया और स्वजनों से बात की। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह ने बताया कि बिजली करंट से मौत हुई है पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया है, रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की स्थिति स्पष्ट होगी तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने बताया कि पैर में इलेट्रीक शार्ट से 24 वर्षीय युवक की मृत्यु प्रतीत हो रही है। पंचनामा के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। युवक शांत स्वभाव का था उसका किसी से कोई विवाद नहीं था।
मीरजापुर: संदिग्ध परिस्थिति में युवक की लाश नहर में मिली, हत्या की आशंका

मीरजापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के लहंगपुर पुलिस चौकी अंतर्गत गंगहरा खुर्द माईनर के पास बुधवार की सुबह संदिग्ध स्थिति में 21 वर्षीय युवक का शव मिलने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई। युवक के शरीर पर चोट व जलने का निशान से प्रथम दृष्टया बिजली करंट से मौत होना दिखाई दे रहा है। युवक छः बहनों के बीच एकलौता भाई था।परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह, लहंगपुर चौकी प्रभारी सुजीत कुमार सेठ के साथ फॉरेंसिक टीम जांच पड़ताल में जुट गई।
लहंगपुर निवासी सूर्यबली का इकलौता पुत्र 21 वर्षीय किशन कुमार का शव गंगहरा खुर्द गांव में स्थित पावर हाउस और नहर के पास पड़ा मिला है। बुधवार को सुबह शौच के लिए गए युवक के चाचा रामनरेश ने शव देखकर स्वजनों को सूचित किया। इकलौती बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई, परिजनों ने बताया कि किशन लहंगपुर बाजार में स्थित एक कपड़े की दुकान में काम करता था, मंगलवार की रात 9:30 बजे घर आया था। उसके बाद घर से बाहर गया और वापस नहीं लौटा। परिजन देर रात तक इधर-उधर पता लगाया लेकिन कहीं पता नहीं चला, उसी बीच आंधी तुफान और वर्षां होने लगी। सुबह किशन मृत अवस्था में मिले।मृतक के पैर में बिजली के करंट से जला हुआ दिखाई दिया और सिर और पीठ में चोट के निशान हैं। मृतक के चाचा रामनरेश की तहरीर पर पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी आपरेशन राजकुमार मीणा व पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने घटनास्थल का मौका मुहाना किया और स्वजनों से बात की। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह ने बताया कि बिजली करंट से मौत हुई है पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया है, रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की स्थिति स्पष्ट होगी तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने बताया कि पैर में इलेट्रीक शार्ट से 24 वर्षीय युवक की मृत्यु प्रतीत हो रही है। पंचनामा के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। युवक शांत स्वभाव का था उसका किसी से कोई विवाद नहीं था।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
*जिलाधिकारी ने नगमालपुर आंगनबाड़ी केंद्र पर टीकाकरण सत्र का किया आकस्मिक निरीक्षण*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बुधवार को विकास खंड क्षेत्र अभोली के आंगनबाड़ी केंद्र नगमालपुर में संचालित टीकाकरण सत्र का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री उपस्थित मिलीं तथा टीकाकरण संबंधी अभिलेखों का अवलोकन किया गया।
           निरीक्षण के दौरान एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि ग्राम पंचायत में सभी 16 गर्भवती महिलाओं का निर्धारित टीकाकरण पूर्ण कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 52 बच्चों का नियमित टीकाकरण भी संपन्न कराया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत में एक बच्चा गंभीर रूप से अस्वस्थ है, जिसका उपचार चिकित्सकीय देखरेख में कराया जा रहा है।
           जिलाधिकारी ने टीकाकरण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण तथा नियमित स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर विद्युत व्यवस्था उपलब्ध न होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी विकास खंडों के बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) से दो दिवस के भीतर आंगनबाड़ी केंद्रों की विद्युत व्यवस्था संबंधी विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त कर प्रस्तुत की जाए।
            उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर शीघ्र विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्रों का संचालन सुव्यवस्थित, स्वच्छ एवं बाल हितैषी वातावरण में सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की नियमित निगरानी करने तथा शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
         जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बाल एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला हैं। अतः इनके संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक, चिकित्सा अधीक्षक अभोली डॉक्टर शुभांकर श्रीवास्तव, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अनिल सिंह, अपर संख्या अधिकारी नीरव सिंह एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कन्नौज में पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2026 का डीएम-एसपी ने लिया जायजा

पंकज कुमार श्रीवास्यव


कन्नौज। पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2026 को सकुशल, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री एवं पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने परीक्षा के लिए स्थापित कंट्रोल रूम तथा विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कंट्रोल रूम में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों, संचार व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों से प्राप्त होने वाली सूचनाओं की निगरानी प्रणाली तथा परीक्षा संचालन संबंधी तैयारियों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने सुरक्षा एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा पूरी निष्पक्षता और शुचिता के साथ संपन्न कराई जाए। साथ ही परीक्षा केंद्रों की सतत निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता, नकल, संदिग्ध गतिविधि या परीक्षा की गोपनीयता भंग करने के प्रयास की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने अभ्यर्थियों के प्रवेश, पहचान सत्यापन, सुरक्षा जांच, यातायात प्रबंधन एवं कानून-व्यवस्था संबंधी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी जोर दिया, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके। इसके अलावा परीक्षा के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

जनपद प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2026 को सकुशल, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने का दावा किया है।
भूटान को वाराणसी में बौद्ध मंदिर व गेस्ट हाउस निर्माण के लिए मिलेगी 2 एकड़ भूमि


*  लीज पर होगा भूमि आवंटन, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की मौजूदगी में हुआ समझौता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी में बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस निर्माण के लिए रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान को दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में बुधवार को पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह तथा अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजात की उपस्थिति में पर्यटन विभाग और भूटान सरकार के बीच लीज डीड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए।
वाराणसी के अजईपुर, परगना कोलअसला, तहसील पिंडरा स्थित दो एकड़ जमीन भूटान सरकार को लीज पर दी जाएगी। भूमि हस्तांतरण से जुड़ी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। समझौते पर भूटान सरकार की ओर से रॉयल भूटानी दूतावास, नई दिल्ली की उप-मिशन प्रमुख ताशी पेल्डन तथा उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से विशेष सचिव मृदुल चौधरी ने हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही दोनों पक्षों के अधिकारियों ने अभिलेखों का आदान-प्रदान किया।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि भारत और भूटान के ऐतिहासिक एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों को यह समझौता नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि सारनाथ पहले से ही बौद्ध धर्म का एक प्रमुख केंद्र है और बौद्ध मंदिर व गेस्ट हाउस के निर्माण से देश-विदेश से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार बौद्ध परिपथ के अंतर्गत आने वाले प्रमुख स्थलों, जैसे संकिसा और कुशीनगर में आधुनिक पर्यटन एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास कर रही है। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को वर्ष 2017 के बाद हुए सभी एमओयू की समीक्षा करने तथा ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।भूटान सरकार की प्रतिनिधि ताशी पेल्डन ने उत्तर प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझौता भारत और भूटान के संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में महानिदेशक पर्यटन वेदपति मिश्रा, पर्यटन सलाहकार जेपी सिंह सहित पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पीएम मोदी का जीवन राष्ट्रसेवा, संकल्प और नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण : केशव प्रसाद मौर्य

* प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विश्व मंच पर बनाई नई पहचान, ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प होगा साकार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष की आयु में भी प्रधानमंत्री मोदी अद्भुत ऊर्जा, कार्यक्षमता और समर्पण के साथ राष्ट्रसेवा में निरंतर जुटे हुए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में 75 वर्ष की आयु को ‘हीरक जयंती’ का महत्वपूर्ण और सम्मानजनक पड़ाव माना जाता है। ऐसे अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट समर्पण और सक्रिय नेतृत्व पूरे देश के लिए प्रेरणा का विषय है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जीवन संघर्ष, परिश्रम, त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने अपने दूरदर्शी नेतृत्व से भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान और प्रतिष्ठा दिलाई है। आज भारत आत्मविश्वास, सामर्थ्य और नेतृत्व क्षमता के साथ विश्व समुदाय में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर जल, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं ने करोड़ों गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इन योजनाओं ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखी है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान, रक्षा अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, ऊर्जा सुरक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है, जो विश्व शांति, सहयोग और मानव कल्याण की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया ‘युद्ध नहीं, बुद्ध’ का संदेश भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों का प्रतीक है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की निरंतर सेवा करते हुए लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर कार्य करने का ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। उनका नेतृत्व आज देश की प्रगति, सुशासन, आत्मविश्वास और वैश्विक सम्मान का पर्याय बन चुका है। विभिन्न देशों द्वारा उन्हें दिए गए सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा के प्रमाण हैं।
उन्होंने कहा कि ‘तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें’ की भावना को आत्मसात कर प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रसेवा में समर्पित हैं। उनका ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प निश्चित रूप से साकार होगा और भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध, शक्तिशाली तथा विश्वगुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अंत में उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी।
गोपालापुर पहुंचकर एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू ने किया जन संवाद
मुंबई। भाजपा के आत्ममंथन व सामाजिक मिलन कार्यक्रम के अंतर्गत एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू ने बदलापुर विधानसभा अंतर्गत गोपालापुर गांव में सेक्टर संयोजक संतोष कुमार द्विवेदी पुत्र अनिल द्विवेदी के निवास पर सम्मानित क्षेत्रीय लोगों से जनसंवाद कर पार्टी के विकास कार्यों के प्रति उनकी राय ली। उनके साथ बदलापुर बीजेपी मंडल अध्यक्ष शनि शुक्ला और भाजपा मंडल महामंत्री दिलीप गुप्ता सुमित अनेक लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित क्षेत्रीय सम्मानित व्यक्तियों में समाजसेवी रामधारी तिवारी, राष्ट्रपति पुरस्कृत कृष्णदेव दुबे,अखिलेश परमानंद तिवारी , पूर्व प्रधान सुशील तिवारी पप्पू, ताड़कनाथ तिवारी टोनी, दयाशंकर तिवारी , अरुण कुमार तिवारी, उपेन्द्र तिवारी, किक्के सन्तोष दूबे ,अरूणेन्द्र दूबे ,सर्वेश दूबे,अभिषेक दूबे, आराध्य दूबे, आदर्श दूबे ,बाबू दूबे ,साहिल दूबे, प्रयाग, अथर्व, संजय तिवारी ,राजनाथ तिवारी, कैलाश पाण्डेय सरपंच, विनय सिंह, राहुल सिंह ,कृष्ण कुमार तिवारी  परविन्द तिवारी, विरेन्द्र तिवारी आदि का समावेश रहा।
देवघर-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद डीएवी भंडारकोला के छात्र आयुष संतोषी का विद्यालय में किया गया सम्मान।
देवघर: के गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला, देवघर के पूर्ववर्ती छात्र एवं वर्तमान में डीएवी यूनिवर्सिटी, जालंधर के छात्र आयुष संतोषी ने श्रीलंका में आयोजित साउथ एशियन चैंपियनशिप में गोल शॉट बॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर भारत का तिरंगा विश्व मंच पर लहरा दिया। इस प्रतियोगिता में भारत सहित बांग्लादेश, माल्दिव्स, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे कुल सात देशों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ।यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरे देश के सम्मान की जीत रही। झारखंड के देवघर की मिट्टी से निकले और डीएवी के इस होनहार खिलाड़ी ने अपनी मेहनत, जुनून और जीत के जज़्बे से सन 2025 में पावरलिफ्टिंग (बेंच प्रेस) में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्टेट गोल्ड मेडल अपने नाम किया था और 3 बार “बेस्ट लिफ्टर” का खिताब जीतकर अपनी बादशाहत कायम की थी। गौर करने वाली बात यह भी है कि झारखंड से यूथ टीम में केवल दो खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें एक नाम आयुष संतोषी का भी शामिल था। इस चयन ने ही यह संकेत दे दिया था कि आयुष कुछ बड़ा करने वाला है और उसने उस भरोसे को सच साबित कर दिखाया। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने स्वर्ण पदक विजेता पूर्व छात्र को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि डीएवी सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है और शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित करता है। इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र की यह सफलता उसकी कठोर मेहनत, अनुशासन, समर्पण तथा खेल के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उसकी यह उपलब्धि विद्यालय के वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। विद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूर्ववर्ती छात्र तथा उसके अभिभावकों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की है। विद्यालय परिवार को विश्वास है कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर देश का मान बढ़ाता रहेगा। इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनकी माँ कुमारी अलका सोनी और पिता अजय संतोषी का त्याग, संघर्ष और अटूट विश्वास सबसे बड़ी ताकत बना। आयुष के कोच राजेश रंजन, जो कि इस चैंपियनशिप के टीम इंडिया के भी कोच रहे,संजय सिंह और विद्यालय के खेल प्रशिक्षक सत्यवीर यादव और आशुतोष कुमार का मार्गदर्शन उनकी सफलता की मजबूत नींव रहा है। डीएवी जालंधर विश्वविद्यालय के एचओडी यशबीर सिंह ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि आयुष जैसे प्रतिभाशाली छात्र पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
पालघर संत हत्याकांड के दोषियों को कब मिलेगी सजा ? पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
मुंबई । पालघर संत हत्याकांड में मारे गए संतों एवं चालक के परिजनों ने आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने, हत्याकांड के दोषियों को शीघ्र एवं कठोर सजा दिलाने तथा पालघर में दिवंगत संतों का स्मारक बनाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया। समाजसेवी अरुण शुक्ल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में चालक तेलगंडे की माता निर्मला तेलंगडे एवं उनके दो अबोध बच्चे, संत सुशील गिरि की बहन सपना मिश्रा तथा सहयोगी बृजेश पांडे शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष घटना से प्रभावित परिवारों की वर्तमान स्थिति और उनकी समस्याओं को विस्तार से रखा।
अरुण शुक्ल ने बताया कि परिजनों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, मामले के सभी दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाए तथा पालघर में दिवंगत संतों की स्मृति में एक भव्य स्मारक का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इन सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन पांडे एवं विधायक संजय उपाध्याय के सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। उल्लेखनीय है कि पालघर में संतों और उनके चालक की भीड़ द्वारा की गई हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। घटना के वर्षों बाद भी परिजन न्याय, सम्मान और पुनर्वास की मांग को लेकर प्रयासरत हैं तथा मुख्यमंत्री से हुई यह मुलाकात उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।