देवघर-तिलक सेवा समिति के तत्वाधान में नवनिर्वाचित उप महापौर टीप चटर्जी का भव्य नागरिक अभिनंदन।
देवघर: आज तिलक सेवा समिति देवघर झारखंड के तत्वावधान में नवनिर्वाचित उप महापौर टीप चटर्जी को भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया सभी कार्यक्रम बचपन प्ले स्कूल श्रीकांत रोड बेलाबगान देवघर में संपन्न हुआ कार्यक्रम को विषय प्रवेश कराते हुए तिलक सेवा समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हरे कृष्ण राय ने बताया की समिति एक सामाजिक संस्था है। जो बराबर समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करती रहती है सालों भर कि कार्यक्रम का लेखा जोखा कर वर्ष में एक बार वार्षिक समारोह ,, देवघर रत्न सह सर्वोच्च नागरिक सम्मान,, आयोजित कर जिला , राज्य , देश भर में अपना नाम रोशन कर पहचान बनाने वाले लोगों को देवघर रत्न सह सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत करती है जो आने वाले पीढ़ियों को उत्प्रेरित करेगी समिति कि एक तिलक सेवा आश्रम सह तिलक बाल विद्यालय देवीपुर में भव्य निर्माण कार्य प्रारंभ है जो भी आने वाले दिनों में एक अलग पहचान बनेगी , कार्यक्रम का प्रारंभ जलेश्वर ठाकुर के धारदार स्वागत भाषण और कविता पाठ से किया गया जिसमें खूब तालियां बटोरी बचपन प्ले स्कूल के निदेशक रूपा श्री ने भी अपने अंदाज में सारगर्भित विचार रखी मंच संचालन बिपुल कुमार मिश्रा ने किया उनके सारगर्भित विचार ने समारोह में चार चांद लगा दिया समिति के महासचिव डॉक्टर विक्रम कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि समिति कि नाम काम से बनी है समिति द्वारा देवीपुर में बनाए जा रहे भव्य सेवा आश्रम सह तिलक बाल विकास एक अनोखा कार्य है जो सीधे सार्वजनिक जनहित में सकारात्मक पहल को दर्शाता है जो आकर्षक ही नहीं चीर स्मरणीय भी होगी मौके पर समिति के वशिष्ठ राणा ई सचिन सिंह सौरभ कुमार के अलावे काफी संख्या में लोग उपस्थित थे कार्यक्रम के अंत में अतिथि टीप चटर्जी जी को समिति द्वारा प्रशस्तिपत्र अंगवस्त्र मोमेंटो पौधा स्मारिका भेंट कर अभिनंदन के साथ भव्य रूप से सम्मानित किया गया।
कांस्टेबल अमित कुमार के सराहनीय प्रयास से 104 वर्षीय बुजुर्ग संत परिजनों से मिले, सोशल मीडिया बना सहारा
गोण्डा। करनैलगंज रेलवे स्टेशन परिसर में भटके मिले 104 वर्षीय बुजुर्ग संत को कांस्टेबल अमित कुमार के सराहनीय प्रयास से आखिरकार उनके परिजनों तक सकुशल पहुंचा दिया गया। बुजुर्ग का नाम सूर्यबली बताया गया है, जो कमलापुर जनपद सीतापुर के निवासी हैं। उनके पौत्र कमलेश कुमार रविवार को करनैलगंज पहुंचकर उन्हें अपने साथ घर ले गए। बताया गया कि सूर्यबली बाबा करीब पांच दिन पहले लखनऊ के चौक स्थित मंदिर से घर जाने के लिए ट्रेन पर बैठे थे, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण करनैलगंज पहुंच गए। तीन दिन पहले वह करनैलगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 के ट्रैक किनारे असहाय अवस्था में पड़े मिले। सुबह टहलने निकले थाना कोतवाली करनैलगंज में तैनात कांस्टेबल अमित कुमार की नजर बुजुर्ग पर पड़ी। उन्होंने तत्काल उनसे पूछताछ की और मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए उनकी मदद शुरू की। इसके बाद बाबा का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके माध्यम से उनके परिजनों तक सूचना पहुंची।
कांस्टेबल अमित कुमार ने बताया कि परिजनों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया और बुजुर्ग को सुरक्षित रखा गया। उन्हें वस्त्र पहनाकर उचित सेवा-संभाल भी दी गई। अंततः रविवार को उनके पौत्र कमलेश कुमार करनैलगंज पहुंचे और आवश्यक पुष्टि के बाद बाबा को अपने साथ घर ले गए। स्थानीय लोगों ने कांस्टेबल अमित कुमार की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ध्यान न दिया जाता तो ट्रैक किनारे पड़े बुजुर्ग के साथ कोई बड़ा हादसा हो सकता था। इस अवसर पर अमित कुमार ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी को अपने परिवार के वृद्धजनों की सेवा करनी चाहिए तथा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए, ताकि कोई भी बुजुर्ग इस प्रकार भटकने को मजबूर न हो।
नगरा ब्लॉक, बलिया में नामांकन व प्रमोशन पर BEOआरपी सिंह की सख्ती: सीडीओ की 15 अप्रैल को बैठक
संजीव सिंह नगरा (बलिया), 13 अप्रैल 2026: जनपद बलिया के शिक्षा क्षेत्र नगरा के समस्त प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। अपर मुख्य सचिव द्वारा आज आयोजित मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की समीक्षा बैठक में नामांकन, प्रोन्नति तथा निपुण प्रमाण पत्र वितरण में खराब प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई गई। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर सीडीओ द्वारा 15 अप्रैल 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे खंड शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक आहूत की गई है।खंड शिक्षा अधिकारी आरपी सिंह ने निर्देश जारी कर कहा कि सभी प्रधानाध्यापक निम्न बिंदुओं का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें:सभी अवशेष 64 विद्यालयों में प्रोन्नति कार्य कल (14 अप्रैल) दोपहर 12 बजे तक पूर्ण करें।20 शून्य नामांकन वाले और 79 विद्यालयों (5 से कम नामांकन) में प्रेरणा पोर्टल पर कम से कम 5 नामांकन कल दोपहर तक दर्ज करें।निपुण प्रमाण पत्र अभी तक वितरित न करने वाले विद्यालय तत्काल NBMC पोर्टल से डाउनलोड कर प्रिंट करें और कल वितरण करें।कक्षा 5वीं और 8वीं पास बच्चों की प्रेरणा पोर्टल पर मैपिंग करें।पीएम श्री विद्यालयों में कल तक कम से कम 50 छात्रों का प्रेरणा पोर्टल पर नामांकन दर्ज हो।14 अप्रैल 2026 को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती सभी विद्यालयों में मनाएं और फोटो ग्रुप में शेयर करें।
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जयंती पर गोंडा में जिला स्तर से गांव तक होंगे विविध आयोजन
*कलेक्ट्रेट से विद्यालयों तक बाबा साहब को समर्पित कार्यक्रमों की पूरी तैयारी

*ग्राम पंचायतों में भी अंबेडकर जयंती पर विशेष कार्यक्रम, अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य

गोंडा। बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को जनपद गोंडा में विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तय कर दी गई है। प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार पूरे जिले में शैक्षिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अंबेडकर जी के विचारों और योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रमों की शुरुआत प्रातः 10:30 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और उनके जीवन दर्शन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर गोष्ठी से होगी। इस दौरान जिलाधिकारी सहित सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित रहेंगे। इसके बाद 11 बजे माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच अंबेडकर जी के जीवन पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालयों में भी 11:30 बजे शिक्षकों द्वारा कक्षा में अंबेडकर जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला जाएगा तथा भाषण प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। दोपहर 12 बजे टाउन हाल गोंडा में अंबेडकर जी के जीवन और विचारों पर आधारित गोष्ठी एवं प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा सभी तहसीलों में भी दोपहर 12 बजे समारोह और गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार की सहभागिता रहेगी। वहीं ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मानित करने के साथ संविधान के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यक्रम खंड विकास अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों के पर्यवेक्षण में सफलतापूर्वक संपन्न कराए जाएं। इन आयोजनों के माध्यम से बाबा साहब के विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रमों में संबंधित ग्राम विकास अधिकारी एवं लेखपाल की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ बलिया से बजी संघर्ष की मशाल, अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ ने निकाला विशाल मशाल जुलूस
संजीव सिंह बलिया!अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (A.I.J.T.F.) के केन्द्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में चल रहे आंदोलन के द्वितीय चरण के तहत जनपद बलिया में विशाल मशाल जुलूस निकालकर जोरदार विरोध दर्ज किया गया। मशाल जुलूस रेलवे स्टेशन बलिया के उत्तरी छोर से टाउन चौराहे तक निकाला गया, जिसके माध्यम से शिक्षकों एवं कर्मचारी संगठनों ने सरकार को कड़ा संदेश देते हुए टेट अनिवार्यता वापस लेने की पुरजोर मांग की।जुलूस में शामिल सैकड़ों शिक्षक एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा कि यह संघर्ष केवल शिक्षकों का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और समाज के अस्तित्व की लड़ाई है, जिसे हम सब मिलकर हर मोर्चे पर लড়ने के लिए संकल्पबद्ध हैं। सभी ने संकल्प लिया कि इस आंदोलन को सड़क से लेकर संसद तक व्यापक रूप से जारी रखा जाएगा। प्रतिनिधियों ने कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त एवं टेट से छूट प्राप्त शिक्षकों पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 01/09/25 को टीईटी अनिवार्यता थोपने का आदेश, पूर्व से स्थापित शिक्षक भर्ती नियमों एवं परंपरा के प्रतिकूल है। इस आदेश पर सरकार की चुप्पी के कारण वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त देश के लाखों शिक्षकों, उनके परिवारों तथा नौनिहालों के भविष्य पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि सरकार त्वरित प्रभाव से आवश्यक पहल करते हुए इस ‘तुगलकी’ आदेश को निरस्त कराने की दिशा में ठोस और सार्थक कदम उठाए।कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षक एवं कर्मचारी नेताओं ने जनपद बलिया से अनवरत संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया और टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे आंदोलन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ, जनपद बलिया से प्रमुख रूप से समीर कुमार पाण्डेय (अटेवा), अजय कुमार सिंह (प्राथमिक शिक्षक संघ), विनय राय (अटेवा), सतीश सिंह (TSCT), घनश्याम चौबे (विशिष्ट बीटीसी), राजेश सिंह (RSM), राजेश पाण्डेय (राज्य कर्मचारी संघ), अविनाश उपाध्याय (श्रमिक समन्वय समिति), सुशील त्रिपाठी (विकास भवन संघ), संजीव कुमार सिंह (मीडिया प्रभारी), रामनाथ पासवान, शशिकांत तिवारी (मंत्री रेलवे संघ), कमलाकर पाण्डेय (सिंचाई), दूधनाथ सिंह (आयुर्वेद), अभिषेक राय, राकेश कुमार मौर्य (महामंत्री अटेवा), मलय पाण्डेय (महामंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद), संजय पाण्डेय, राजीव कुमार गुप्ता, लाल साहब यादव (अध्यक्ष एकजुट), रेनु शर्मा (अध्यक्ष रसोइया संघ), विमला भारती (मंत्री), पंकज सिंह, गणेश सिंह, कुलभूषण त्रिपाठी,ज्ञान प्रकाश उपाध्याय, राज कुमार गुप्ता (एकजुट), अशोक राम (अध्यक्ष, रेलवे संघ), श्याम नारायण सिंह (L.A. संघ), धनंजय चौबे (XRAY संघ), वीरेंद्र सिंह, राकेश सिंह, विनय विशेन, अजीत सिंह, राजेश सिंह, हरेराम सिंह, नित्यानंद पाण्डेय, अंजू देवी, N.K. सिंह, राजीव नयन पाण्डेय, ओमकार पाण्डेय, नागेन्द्र श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार सिंह (अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी संघ), मनोज राय (अध्यक्ष LT), शंभू यादव (मंत्री), सुरेश वर्मा, कर्ण प्रताप सिंह, रितेश श्रीवास्तव, सत्य नारायण वर्मा, सुनील गुप्ता, नंदलाल मौर्य, संजय खरवार, रामाशीष यादव, पुष्पेंद्र सिंह, ओमकार सिंह, अजीत पाठक, जुबेर अहमद, राम नारायण, सुनील गुप्ता (ARP), राम प्रकाश सिंह, कृष्ण नंद पाण्डेय, चंदन सिंह, निर्भय सिंह, धर्मेन्द्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी साथी उपस्थित रहे।
ीडिया टीम – अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (A.I.J.T.F.), बलिया
स्वच्छता अभियान व दीप प्रज्वलन कर दी डॉ अम्बेडकर को श्रद्धांजलि
डॉ अंबेडकर के आदर्शों को जन जन पहुंचना ही प्राथमिकता

रितेश मिश्रा
हरदोई। भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर जिले में स्वच्छता अभियान एवं दीप प्रज्वलन कार्यक्रम का आयोजन बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना तथा डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
              इस अवसर पर डॉ अंबेडकर सम्मान अभियान के अंतर्गत आज हरदोई ग्रामीण मंडल के सैया पुरवा में स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर पार्क पहुंचकर डॉ अंबेडकर जी की प्रतिमा पर जिला सह कार्यालय मंत्री मुकुल सिंह आशा ने स्वच्छ कर स्वच्छता अभियान चलाया गया। और साथ ही दीपोत्सव आयोजित किया गया। मुकुल सिंह आशा ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर के विचार आज भी समाज को समानता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति प्रेरित करते हैं। उन्होंने सभी लोगों से स्वच्छता को अपनी दिनचर्या में शामिल करऔर सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की अपील की।
कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने मिलकर सफाई अभियान चलाया तथा आसपास के स्थानों को स्वच्छ बनाया। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर डॉ. अम्बेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम में इस कार्यक्रम के संयोजक हरिहर बक्श, ग्रामीण मंडल महामंत्री राजू गौतम, शक्ति केंद्र संयोजक सुभाष चंद्र गुप्ता, बूथ अध्यक्ष राजपाल वर्मा सहित कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
महामानव थे डॉ अंबेडकर- प्रोफेसर बलकेश्वर

डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समतामूलक समाज की स्थापना - प्रोफेसर सत्यकाम

जयंती की पूर्व संध्या पर मुक्त विश्वविद्यालय में डॉ अंबेडकर की स्मृति में वेबीनार का आयोजन

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में डॉ अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर भारतीय लोकतंत्र के निर्माण में डॉ भीमराव अंबेडकर की भूमिका विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

वेबीनार के मुख्य वक्ता प्रोफेसर बलकेश्वर, इतिहास विभाग, काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर, भदोही ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन मानव विकास के लिए समर्पित कर दिया। डॉ अंबेडकर मानव नहीं महा मानव थे। डॉ अंबेडकर विषमता और गैर बराबरी मिटाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। डॉ अंबेडकर को सिंबल ऑफ नॉलेज कहा जाता है। डॉ अंबेडकर की विचारों की प्रासंगिकता आज समीचीन है ।

अध्यक्षता करते हुए मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समता मूलक समाज की स्थापना करना था। उन्होंने सभी को शिक्षित करने की दिशा में जागरूकता फैलाई। शिक्षा से ही जाति विहीन समाज की संकल्पना साकार की जा सकती है। प्रोफेसर सत्य कम ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के विचार हमारे रग रग में समाये हैं।

समाज विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक प्रोफेसर एस कुमार ने विशिष्ट जनों का वाचिक स्वागत प्रस्तुत किया । आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार ने संचालन तथा कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।

जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

जौनपुर। काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति जौनपुर के तत्वाधान में आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 को श्री आर. पी कालेज ऑफ फार्मेसी खजुरन बदलापुर जौनपुर के सभागार में जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता  कृष्णचंद्र शुक्ल व संचालन- दिलीप कुमार ने किया। कार्यक्रम को काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति के जिला सचिव प्रमोद कुमार शुक्ल व मिथिलेश कुमार मौर्य ने सम्बोधित किए। वक्ताओं ने कहा कि, 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में बैसाखी के दिन जनरल डायर ने निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलवाईं। रॉलेट एक्ट के विरोध में जुटे हज़ारों लोगों में से सैंकड़ों (आधिकारिक 379, अनौपचारिक 1000+) मारे गए। इस नरसंहार के विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर ने अपनी ‘नाइटहुड’ उपाधि लौटा दी थी। दूसरी तरफ यह घटना भारतीय क्रांतिकारी युवाओं के लिए असहनीय थी। आत्मसम्मान पर भी गहरी चोट पहुंची। जिससे ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ देश के भीतर और देश के बाहर आजादी की ज्वाला धधक उठी। नौजवानों के दिल में आग ऐसी लगी कि क्रूर ब्रिटिश हुकूमत कांप उठी और उसे हिंदुस्तान को छोड़कर जाना पड़ा। क्रांतिकारी ऊधम सिंह जलियांवाला बाग नरसंहार के दौरान मौजूद थे। नरसंहार की घटना का मुख्य जिम्मेदार तत्कालीन गवर्नर जनरल माइकल ओ डायर को उधम सिंह ने 21 साल 1940 में इंग्लैंड जाकर भरी सभा में गोली मारा था। इस तरह उधमसिंह ने जलियाँवाला बाग नरसंहार का बदला लिया।अमृतसर में होने वाली जनसभाओं और जलियांवाला बाग हत्याकांड की घटना के प्रत्यक्ष गवाह पंजाबी कवि नानक सिंह ने लिखा है कि उस दौर में ऐसी एकता थी कि हिन्दू, मुसलमान, सिख एक ही गिलास पानी पी रहे थे और एक ही थाली में खाना खा रहे थे। वह इस नरसंहार के बाद, अंतिम संस्कार के जुलूसों का वर्णन करते हुए लिखते हैं कि कैसे हिंदू, मुस्लिम और सिख कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे। उन्होंने अपनी कविता ‘खूनी वैसाखी’ में उल्लेख किया है कि कैसे हिंदू, मुस्लिम और सिख एक साथ मिलकर एक ही त्योहार मना रहे थे-
“पंच वजे अप्रैल दी तेहरवीं नूं,
लोकीं बाग़ वल होए रवान चले।
दिलां विच इनसाफ़ दी आस रख के,
सारे सिख हिन्दू मुसलमान चले।
विरले आदमी शहिर विच रहे बाकी, सब बाल ते बिरध जवान चले।“वे बताते हैं कि हिन्दू, सिख मुसलमान सब एक ही साथ मिलकर त्यौहार मना रहे थे। इस तहजीब को खत्म करने की कोशिश शोषकवर्ग तब भी कर रहा था और आज भी। दरअसल 1947 में बोतल बदली थी शराब तो अब भी वही है। बोतल बदलने से जनता में जो भ्रम पैदा हुआ था वह धीरे-धीरे टूट रहा है। लोग धीरे-धीरे महसूस कर रहे हैं कि अंग्रेजों के वारिश सत्ता में आज तक बने हुए हैं, इसीलिए इनके खिलाफ लड़ाई अभी जारी है। अतः जलियाँवाला बाग नरसंहार जैसे खतरे आज भी बने हुए हैं। 13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार में हुये सभी शहीदों को और आजादी आन्दोलन में अपने को कुर्बान कर देने वाले जाने-अनजाने जितने भी क्रातिकारी शहीद हुए हैं। सभी को क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए संकल्प लेते हैं कि आज जन विरोधी काले कानूनों के खिलाफ आंदोलन तेज करें। इस अवसर पर अरविंद सिंह, संतोष कुमार प्रजापति, विशाल गौतम, शेषना श्रीवास्तव, इदरीश अहमद, अरविंद गुप्ता, आजाद, संजय सिंह, शोभावती सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।
अथर्वन फाउंडेशन का तृतीय वार्षिक समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,आज 12 अप्रैल को अथर्वन फाउंडेशन का तृतीय वार्षिक समारोह रविवार को एएमएसीसी धन्वंतरि हॉल, स्टेनली रोड, प्रयागराज में अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अथर्व वेद मंत्र के मंत्रोच्चार एवं श्लोक वाचन से हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. रश्मि भार्गव द्वारा संस्था का परिचय प्रस्तुत किया गया, तत्पश्चात डॉ. सरिता श्रीवास्तव द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। भौमि द्वार गणेश वंदना गायन, त्विशा और भाव्या के द्वार नृत्य प्रस्तुत कर सब का मन मोह लिया।

संस्था के अध्यक्ष श्री ब्रजेश मिश्रा ने स्वागत भाषण में फाउंडेशन की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत सचिव डॉ. कंचन मिश्रा द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें वर्ष भर किए गए पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियानों का उल्लेख किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में डॉ. अर्चना मिश्रा एवं डॉ. सुमन द्वारा काव्य पाठ, डॉ. अल्का दास द्वारा गीत, अर्नेश द्वारा संगीत प्रस्तुति तथा अरुणकांत द्वारा वाद्य यंत्र (ड्रम) की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। श्रीमती मनीषा एवं डॉ. पियूष की जुगलबंदी ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया।

मुख्य अतिथि सांसद फूलपुर श्री प्रवीण कुमार पटेल ने अपने संबोधन में जैविक खेती के महत्व को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए अथर्वन फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की तथा संस्था को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. संजय सिंह ने केंद्र एवं राज्य सरकार के हरित मिशनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छ एवं हरित भारत के निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. सी. मुरुगन ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। वहीं श्रीमती संगीता यादव ने हरित क्रांति एवं वन संरक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

गंगा टास्क फोर्स (137 सीईटीएफ, टीए बटालियन) से लेफ्टिनेंट कर्नल नसरीन फातिमा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे प्रयास गंगा स्वच्छता अभियान को भी सशक्त बनाएंगे और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का सम्मान भी किया गया। अंत में संस्था उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। मंच संचालन श्रीमती सरिता दुबे एवं स्नेहलता द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। आयोजन में टेक सपोर्ट अंकित पाठक द्वारा निर्वाहन किया गया । संचालन में मोहित, अर्चना, नीलम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सफल समन्वयक डॉ सुभाष वर्मा का रहा।

अथर्वन फाउंडेशन का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, जनजागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा, जिसने उपस्थित जनसमूह को हरित एवं स्वच्छ भविष्य के प्रति प्रेरित किया।

प्रकृति को बचाना केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है।

बहलोलपुर में शिक्षक चौपाल: निपुण भारत लक्ष्य और गुणवत्ता शिक्षा पर जोर

रितेश मिश्रा
हरदोई संडीला विकास खंड बेहंदर के अंतर्गत न्याय पंचायत बहलोलपुर में सोमवार को ‘शिक्षक चौपाल’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, निपुण भारत मिशन की प्रगति और विद्यालयों में जन-सहभागिता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन मंथन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी श्री राजेश राम एवं अन्य अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। अपने संबोधन में खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों को समाज का दर्पण बताते हुए नई शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त शिक्षक भोला शंकर और श्रवण कुमार ने शिक्षकों को समाज और विद्यार्थियों से मजबूत जुड़ाव बनाए रखने की सीख दी। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष नवीन चंद्र मोहन ने नामांकन बढ़ाने के लिए अभिभावकों से संपर्क बढ़ाने की आवश्यकता बताई। एआरपी टीम की वर्तिका सिंह, महेंद्र पटेल और पारुल मिश्रा ने बाल वाटिका, डिजिटल लर्निंग, डीबीटी तथा टीएलएम के प्रभावी उपयोग पर शिक्षकों को मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में अनुराग गुप्ता, ललित किशोर, रामलाल, जितेंद्र सिंह, देशराज सिंह व कल्पना यादव सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे। मंच संचालन संकुल शिक्षक सुधीर कुमार ने किया। अंत में सभी ने शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने का
देवघर-तिलक सेवा समिति के तत्वाधान में नवनिर्वाचित उप महापौर टीप चटर्जी का भव्य नागरिक अभिनंदन।
देवघर: आज तिलक सेवा समिति देवघर झारखंड के तत्वावधान में नवनिर्वाचित उप महापौर टीप चटर्जी को भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया सभी कार्यक्रम बचपन प्ले स्कूल श्रीकांत रोड बेलाबगान देवघर में संपन्न हुआ कार्यक्रम को विषय प्रवेश कराते हुए तिलक सेवा समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हरे कृष्ण राय ने बताया की समिति एक सामाजिक संस्था है। जो बराबर समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करती रहती है सालों भर कि कार्यक्रम का लेखा जोखा कर वर्ष में एक बार वार्षिक समारोह ,, देवघर रत्न सह सर्वोच्च नागरिक सम्मान,, आयोजित कर जिला , राज्य , देश भर में अपना नाम रोशन कर पहचान बनाने वाले लोगों को देवघर रत्न सह सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत करती है जो आने वाले पीढ़ियों को उत्प्रेरित करेगी समिति कि एक तिलक सेवा आश्रम सह तिलक बाल विद्यालय देवीपुर में भव्य निर्माण कार्य प्रारंभ है जो भी आने वाले दिनों में एक अलग पहचान बनेगी , कार्यक्रम का प्रारंभ जलेश्वर ठाकुर के धारदार स्वागत भाषण और कविता पाठ से किया गया जिसमें खूब तालियां बटोरी बचपन प्ले स्कूल के निदेशक रूपा श्री ने भी अपने अंदाज में सारगर्भित विचार रखी मंच संचालन बिपुल कुमार मिश्रा ने किया उनके सारगर्भित विचार ने समारोह में चार चांद लगा दिया समिति के महासचिव डॉक्टर विक्रम कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि समिति कि नाम काम से बनी है समिति द्वारा देवीपुर में बनाए जा रहे भव्य सेवा आश्रम सह तिलक बाल विकास एक अनोखा कार्य है जो सीधे सार्वजनिक जनहित में सकारात्मक पहल को दर्शाता है जो आकर्षक ही नहीं चीर स्मरणीय भी होगी मौके पर समिति के वशिष्ठ राणा ई सचिन सिंह सौरभ कुमार के अलावे काफी संख्या में लोग उपस्थित थे कार्यक्रम के अंत में अतिथि टीप चटर्जी जी को समिति द्वारा प्रशस्तिपत्र अंगवस्त्र मोमेंटो पौधा स्मारिका भेंट कर अभिनंदन के साथ भव्य रूप से सम्मानित किया गया।
कांस्टेबल अमित कुमार के सराहनीय प्रयास से 104 वर्षीय बुजुर्ग संत परिजनों से मिले, सोशल मीडिया बना सहारा
गोण्डा। करनैलगंज रेलवे स्टेशन परिसर में भटके मिले 104 वर्षीय बुजुर्ग संत को कांस्टेबल अमित कुमार के सराहनीय प्रयास से आखिरकार उनके परिजनों तक सकुशल पहुंचा दिया गया। बुजुर्ग का नाम सूर्यबली बताया गया है, जो कमलापुर जनपद सीतापुर के निवासी हैं। उनके पौत्र कमलेश कुमार रविवार को करनैलगंज पहुंचकर उन्हें अपने साथ घर ले गए। बताया गया कि सूर्यबली बाबा करीब पांच दिन पहले लखनऊ के चौक स्थित मंदिर से घर जाने के लिए ट्रेन पर बैठे थे, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण करनैलगंज पहुंच गए। तीन दिन पहले वह करनैलगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 के ट्रैक किनारे असहाय अवस्था में पड़े मिले। सुबह टहलने निकले थाना कोतवाली करनैलगंज में तैनात कांस्टेबल अमित कुमार की नजर बुजुर्ग पर पड़ी। उन्होंने तत्काल उनसे पूछताछ की और मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए उनकी मदद शुरू की। इसके बाद बाबा का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके माध्यम से उनके परिजनों तक सूचना पहुंची।
कांस्टेबल अमित कुमार ने बताया कि परिजनों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया और बुजुर्ग को सुरक्षित रखा गया। उन्हें वस्त्र पहनाकर उचित सेवा-संभाल भी दी गई। अंततः रविवार को उनके पौत्र कमलेश कुमार करनैलगंज पहुंचे और आवश्यक पुष्टि के बाद बाबा को अपने साथ घर ले गए। स्थानीय लोगों ने कांस्टेबल अमित कुमार की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ध्यान न दिया जाता तो ट्रैक किनारे पड़े बुजुर्ग के साथ कोई बड़ा हादसा हो सकता था। इस अवसर पर अमित कुमार ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी को अपने परिवार के वृद्धजनों की सेवा करनी चाहिए तथा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए, ताकि कोई भी बुजुर्ग इस प्रकार भटकने को मजबूर न हो।
नगरा ब्लॉक, बलिया में नामांकन व प्रमोशन पर BEOआरपी सिंह की सख्ती: सीडीओ की 15 अप्रैल को बैठक
संजीव सिंह नगरा (बलिया), 13 अप्रैल 2026: जनपद बलिया के शिक्षा क्षेत्र नगरा के समस्त प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। अपर मुख्य सचिव द्वारा आज आयोजित मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की समीक्षा बैठक में नामांकन, प्रोन्नति तथा निपुण प्रमाण पत्र वितरण में खराब प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई गई। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर सीडीओ द्वारा 15 अप्रैल 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे खंड शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक आहूत की गई है।खंड शिक्षा अधिकारी आरपी सिंह ने निर्देश जारी कर कहा कि सभी प्रधानाध्यापक निम्न बिंदुओं का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें:सभी अवशेष 64 विद्यालयों में प्रोन्नति कार्य कल (14 अप्रैल) दोपहर 12 बजे तक पूर्ण करें।20 शून्य नामांकन वाले और 79 विद्यालयों (5 से कम नामांकन) में प्रेरणा पोर्टल पर कम से कम 5 नामांकन कल दोपहर तक दर्ज करें।निपुण प्रमाण पत्र अभी तक वितरित न करने वाले विद्यालय तत्काल NBMC पोर्टल से डाउनलोड कर प्रिंट करें और कल वितरण करें।कक्षा 5वीं और 8वीं पास बच्चों की प्रेरणा पोर्टल पर मैपिंग करें।पीएम श्री विद्यालयों में कल तक कम से कम 50 छात्रों का प्रेरणा पोर्टल पर नामांकन दर्ज हो।14 अप्रैल 2026 को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती सभी विद्यालयों में मनाएं और फोटो ग्रुप में शेयर करें।
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जयंती पर गोंडा में जिला स्तर से गांव तक होंगे विविध आयोजन
*कलेक्ट्रेट से विद्यालयों तक बाबा साहब को समर्पित कार्यक्रमों की पूरी तैयारी

*ग्राम पंचायतों में भी अंबेडकर जयंती पर विशेष कार्यक्रम, अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य

गोंडा। बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को जनपद गोंडा में विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तय कर दी गई है। प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार पूरे जिले में शैक्षिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अंबेडकर जी के विचारों और योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रमों की शुरुआत प्रातः 10:30 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और उनके जीवन दर्शन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर गोष्ठी से होगी। इस दौरान जिलाधिकारी सहित सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित रहेंगे। इसके बाद 11 बजे माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच अंबेडकर जी के जीवन पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालयों में भी 11:30 बजे शिक्षकों द्वारा कक्षा में अंबेडकर जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला जाएगा तथा भाषण प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। दोपहर 12 बजे टाउन हाल गोंडा में अंबेडकर जी के जीवन और विचारों पर आधारित गोष्ठी एवं प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा सभी तहसीलों में भी दोपहर 12 बजे समारोह और गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार की सहभागिता रहेगी। वहीं ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मानित करने के साथ संविधान के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यक्रम खंड विकास अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों के पर्यवेक्षण में सफलतापूर्वक संपन्न कराए जाएं। इन आयोजनों के माध्यम से बाबा साहब के विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रमों में संबंधित ग्राम विकास अधिकारी एवं लेखपाल की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ बलिया से बजी संघर्ष की मशाल, अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ ने निकाला विशाल मशाल जुलूस
संजीव सिंह बलिया!अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (A.I.J.T.F.) के केन्द्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में चल रहे आंदोलन के द्वितीय चरण के तहत जनपद बलिया में विशाल मशाल जुलूस निकालकर जोरदार विरोध दर्ज किया गया। मशाल जुलूस रेलवे स्टेशन बलिया के उत्तरी छोर से टाउन चौराहे तक निकाला गया, जिसके माध्यम से शिक्षकों एवं कर्मचारी संगठनों ने सरकार को कड़ा संदेश देते हुए टेट अनिवार्यता वापस लेने की पुरजोर मांग की।जुलूस में शामिल सैकड़ों शिक्षक एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा कि यह संघर्ष केवल शिक्षकों का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और समाज के अस्तित्व की लड़ाई है, जिसे हम सब मिलकर हर मोर्चे पर लড়ने के लिए संकल्पबद्ध हैं। सभी ने संकल्प लिया कि इस आंदोलन को सड़क से लेकर संसद तक व्यापक रूप से जारी रखा जाएगा। प्रतिनिधियों ने कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त एवं टेट से छूट प्राप्त शिक्षकों पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 01/09/25 को टीईटी अनिवार्यता थोपने का आदेश, पूर्व से स्थापित शिक्षक भर्ती नियमों एवं परंपरा के प्रतिकूल है। इस आदेश पर सरकार की चुप्पी के कारण वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त देश के लाखों शिक्षकों, उनके परिवारों तथा नौनिहालों के भविष्य पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि सरकार त्वरित प्रभाव से आवश्यक पहल करते हुए इस ‘तुगलकी’ आदेश को निरस्त कराने की दिशा में ठोस और सार्थक कदम उठाए।कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षक एवं कर्मचारी नेताओं ने जनपद बलिया से अनवरत संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया और टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे आंदोलन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ, जनपद बलिया से प्रमुख रूप से समीर कुमार पाण्डेय (अटेवा), अजय कुमार सिंह (प्राथमिक शिक्षक संघ), विनय राय (अटेवा), सतीश सिंह (TSCT), घनश्याम चौबे (विशिष्ट बीटीसी), राजेश सिंह (RSM), राजेश पाण्डेय (राज्य कर्मचारी संघ), अविनाश उपाध्याय (श्रमिक समन्वय समिति), सुशील त्रिपाठी (विकास भवन संघ), संजीव कुमार सिंह (मीडिया प्रभारी), रामनाथ पासवान, शशिकांत तिवारी (मंत्री रेलवे संघ), कमलाकर पाण्डेय (सिंचाई), दूधनाथ सिंह (आयुर्वेद), अभिषेक राय, राकेश कुमार मौर्य (महामंत्री अटेवा), मलय पाण्डेय (महामंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद), संजय पाण्डेय, राजीव कुमार गुप्ता, लाल साहब यादव (अध्यक्ष एकजुट), रेनु शर्मा (अध्यक्ष रसोइया संघ), विमला भारती (मंत्री), पंकज सिंह, गणेश सिंह, कुलभूषण त्रिपाठी,ज्ञान प्रकाश उपाध्याय, राज कुमार गुप्ता (एकजुट), अशोक राम (अध्यक्ष, रेलवे संघ), श्याम नारायण सिंह (L.A. संघ), धनंजय चौबे (XRAY संघ), वीरेंद्र सिंह, राकेश सिंह, विनय विशेन, अजीत सिंह, राजेश सिंह, हरेराम सिंह, नित्यानंद पाण्डेय, अंजू देवी, N.K. सिंह, राजीव नयन पाण्डेय, ओमकार पाण्डेय, नागेन्द्र श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार सिंह (अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी संघ), मनोज राय (अध्यक्ष LT), शंभू यादव (मंत्री), सुरेश वर्मा, कर्ण प्रताप सिंह, रितेश श्रीवास्तव, सत्य नारायण वर्मा, सुनील गुप्ता, नंदलाल मौर्य, संजय खरवार, रामाशीष यादव, पुष्पेंद्र सिंह, ओमकार सिंह, अजीत पाठक, जुबेर अहमद, राम नारायण, सुनील गुप्ता (ARP), राम प्रकाश सिंह, कृष्ण नंद पाण्डेय, चंदन सिंह, निर्भय सिंह, धर्मेन्द्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी साथी उपस्थित रहे।
ीडिया टीम – अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (A.I.J.T.F.), बलिया
स्वच्छता अभियान व दीप प्रज्वलन कर दी डॉ अम्बेडकर को श्रद्धांजलि
डॉ अंबेडकर के आदर्शों को जन जन पहुंचना ही प्राथमिकता

रितेश मिश्रा
हरदोई। भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर जिले में स्वच्छता अभियान एवं दीप प्रज्वलन कार्यक्रम का आयोजन बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना तथा डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
              इस अवसर पर डॉ अंबेडकर सम्मान अभियान के अंतर्गत आज हरदोई ग्रामीण मंडल के सैया पुरवा में स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर पार्क पहुंचकर डॉ अंबेडकर जी की प्रतिमा पर जिला सह कार्यालय मंत्री मुकुल सिंह आशा ने स्वच्छ कर स्वच्छता अभियान चलाया गया। और साथ ही दीपोत्सव आयोजित किया गया। मुकुल सिंह आशा ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर के विचार आज भी समाज को समानता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति प्रेरित करते हैं। उन्होंने सभी लोगों से स्वच्छता को अपनी दिनचर्या में शामिल करऔर सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की अपील की।
कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने मिलकर सफाई अभियान चलाया तथा आसपास के स्थानों को स्वच्छ बनाया। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर डॉ. अम्बेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम में इस कार्यक्रम के संयोजक हरिहर बक्श, ग्रामीण मंडल महामंत्री राजू गौतम, शक्ति केंद्र संयोजक सुभाष चंद्र गुप्ता, बूथ अध्यक्ष राजपाल वर्मा सहित कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
महामानव थे डॉ अंबेडकर- प्रोफेसर बलकेश्वर

डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समतामूलक समाज की स्थापना - प्रोफेसर सत्यकाम

जयंती की पूर्व संध्या पर मुक्त विश्वविद्यालय में डॉ अंबेडकर की स्मृति में वेबीनार का आयोजन

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में डॉ अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर भारतीय लोकतंत्र के निर्माण में डॉ भीमराव अंबेडकर की भूमिका विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

वेबीनार के मुख्य वक्ता प्रोफेसर बलकेश्वर, इतिहास विभाग, काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर, भदोही ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन मानव विकास के लिए समर्पित कर दिया। डॉ अंबेडकर मानव नहीं महा मानव थे। डॉ अंबेडकर विषमता और गैर बराबरी मिटाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। डॉ अंबेडकर को सिंबल ऑफ नॉलेज कहा जाता है। डॉ अंबेडकर की विचारों की प्रासंगिकता आज समीचीन है ।

अध्यक्षता करते हुए मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समता मूलक समाज की स्थापना करना था। उन्होंने सभी को शिक्षित करने की दिशा में जागरूकता फैलाई। शिक्षा से ही जाति विहीन समाज की संकल्पना साकार की जा सकती है। प्रोफेसर सत्य कम ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के विचार हमारे रग रग में समाये हैं।

समाज विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक प्रोफेसर एस कुमार ने विशिष्ट जनों का वाचिक स्वागत प्रस्तुत किया । आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार ने संचालन तथा कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।

जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

जौनपुर। काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति जौनपुर के तत्वाधान में आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 को श्री आर. पी कालेज ऑफ फार्मेसी खजुरन बदलापुर जौनपुर के सभागार में जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता  कृष्णचंद्र शुक्ल व संचालन- दिलीप कुमार ने किया। कार्यक्रम को काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति के जिला सचिव प्रमोद कुमार शुक्ल व मिथिलेश कुमार मौर्य ने सम्बोधित किए। वक्ताओं ने कहा कि, 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में बैसाखी के दिन जनरल डायर ने निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलवाईं। रॉलेट एक्ट के विरोध में जुटे हज़ारों लोगों में से सैंकड़ों (आधिकारिक 379, अनौपचारिक 1000+) मारे गए। इस नरसंहार के विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर ने अपनी ‘नाइटहुड’ उपाधि लौटा दी थी। दूसरी तरफ यह घटना भारतीय क्रांतिकारी युवाओं के लिए असहनीय थी। आत्मसम्मान पर भी गहरी चोट पहुंची। जिससे ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ देश के भीतर और देश के बाहर आजादी की ज्वाला धधक उठी। नौजवानों के दिल में आग ऐसी लगी कि क्रूर ब्रिटिश हुकूमत कांप उठी और उसे हिंदुस्तान को छोड़कर जाना पड़ा। क्रांतिकारी ऊधम सिंह जलियांवाला बाग नरसंहार के दौरान मौजूद थे। नरसंहार की घटना का मुख्य जिम्मेदार तत्कालीन गवर्नर जनरल माइकल ओ डायर को उधम सिंह ने 21 साल 1940 में इंग्लैंड जाकर भरी सभा में गोली मारा था। इस तरह उधमसिंह ने जलियाँवाला बाग नरसंहार का बदला लिया।अमृतसर में होने वाली जनसभाओं और जलियांवाला बाग हत्याकांड की घटना के प्रत्यक्ष गवाह पंजाबी कवि नानक सिंह ने लिखा है कि उस दौर में ऐसी एकता थी कि हिन्दू, मुसलमान, सिख एक ही गिलास पानी पी रहे थे और एक ही थाली में खाना खा रहे थे। वह इस नरसंहार के बाद, अंतिम संस्कार के जुलूसों का वर्णन करते हुए लिखते हैं कि कैसे हिंदू, मुस्लिम और सिख कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे। उन्होंने अपनी कविता ‘खूनी वैसाखी’ में उल्लेख किया है कि कैसे हिंदू, मुस्लिम और सिख एक साथ मिलकर एक ही त्योहार मना रहे थे-
“पंच वजे अप्रैल दी तेहरवीं नूं,
लोकीं बाग़ वल होए रवान चले।
दिलां विच इनसाफ़ दी आस रख के,
सारे सिख हिन्दू मुसलमान चले।
विरले आदमी शहिर विच रहे बाकी, सब बाल ते बिरध जवान चले।“वे बताते हैं कि हिन्दू, सिख मुसलमान सब एक ही साथ मिलकर त्यौहार मना रहे थे। इस तहजीब को खत्म करने की कोशिश शोषकवर्ग तब भी कर रहा था और आज भी। दरअसल 1947 में बोतल बदली थी शराब तो अब भी वही है। बोतल बदलने से जनता में जो भ्रम पैदा हुआ था वह धीरे-धीरे टूट रहा है। लोग धीरे-धीरे महसूस कर रहे हैं कि अंग्रेजों के वारिश सत्ता में आज तक बने हुए हैं, इसीलिए इनके खिलाफ लड़ाई अभी जारी है। अतः जलियाँवाला बाग नरसंहार जैसे खतरे आज भी बने हुए हैं। 13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार में हुये सभी शहीदों को और आजादी आन्दोलन में अपने को कुर्बान कर देने वाले जाने-अनजाने जितने भी क्रातिकारी शहीद हुए हैं। सभी को क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए संकल्प लेते हैं कि आज जन विरोधी काले कानूनों के खिलाफ आंदोलन तेज करें। इस अवसर पर अरविंद सिंह, संतोष कुमार प्रजापति, विशाल गौतम, शेषना श्रीवास्तव, इदरीश अहमद, अरविंद गुप्ता, आजाद, संजय सिंह, शोभावती सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।
अथर्वन फाउंडेशन का तृतीय वार्षिक समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,आज 12 अप्रैल को अथर्वन फाउंडेशन का तृतीय वार्षिक समारोह रविवार को एएमएसीसी धन्वंतरि हॉल, स्टेनली रोड, प्रयागराज में अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अथर्व वेद मंत्र के मंत्रोच्चार एवं श्लोक वाचन से हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. रश्मि भार्गव द्वारा संस्था का परिचय प्रस्तुत किया गया, तत्पश्चात डॉ. सरिता श्रीवास्तव द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। भौमि द्वार गणेश वंदना गायन, त्विशा और भाव्या के द्वार नृत्य प्रस्तुत कर सब का मन मोह लिया।

संस्था के अध्यक्ष श्री ब्रजेश मिश्रा ने स्वागत भाषण में फाउंडेशन की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत सचिव डॉ. कंचन मिश्रा द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें वर्ष भर किए गए पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियानों का उल्लेख किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में डॉ. अर्चना मिश्रा एवं डॉ. सुमन द्वारा काव्य पाठ, डॉ. अल्का दास द्वारा गीत, अर्नेश द्वारा संगीत प्रस्तुति तथा अरुणकांत द्वारा वाद्य यंत्र (ड्रम) की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। श्रीमती मनीषा एवं डॉ. पियूष की जुगलबंदी ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया।

मुख्य अतिथि सांसद फूलपुर श्री प्रवीण कुमार पटेल ने अपने संबोधन में जैविक खेती के महत्व को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए अथर्वन फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की तथा संस्था को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. संजय सिंह ने केंद्र एवं राज्य सरकार के हरित मिशनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छ एवं हरित भारत के निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. सी. मुरुगन ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। वहीं श्रीमती संगीता यादव ने हरित क्रांति एवं वन संरक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

गंगा टास्क फोर्स (137 सीईटीएफ, टीए बटालियन) से लेफ्टिनेंट कर्नल नसरीन फातिमा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे प्रयास गंगा स्वच्छता अभियान को भी सशक्त बनाएंगे और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का सम्मान भी किया गया। अंत में संस्था उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। मंच संचालन श्रीमती सरिता दुबे एवं स्नेहलता द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। आयोजन में टेक सपोर्ट अंकित पाठक द्वारा निर्वाहन किया गया । संचालन में मोहित, अर्चना, नीलम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सफल समन्वयक डॉ सुभाष वर्मा का रहा।

अथर्वन फाउंडेशन का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, जनजागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा, जिसने उपस्थित जनसमूह को हरित एवं स्वच्छ भविष्य के प्रति प्रेरित किया।

प्रकृति को बचाना केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है।

बहलोलपुर में शिक्षक चौपाल: निपुण भारत लक्ष्य और गुणवत्ता शिक्षा पर जोर

रितेश मिश्रा
हरदोई संडीला विकास खंड बेहंदर के अंतर्गत न्याय पंचायत बहलोलपुर में सोमवार को ‘शिक्षक चौपाल’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, निपुण भारत मिशन की प्रगति और विद्यालयों में जन-सहभागिता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन मंथन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी श्री राजेश राम एवं अन्य अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। अपने संबोधन में खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों को समाज का दर्पण बताते हुए नई शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त शिक्षक भोला शंकर और श्रवण कुमार ने शिक्षकों को समाज और विद्यार्थियों से मजबूत जुड़ाव बनाए रखने की सीख दी। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष नवीन चंद्र मोहन ने नामांकन बढ़ाने के लिए अभिभावकों से संपर्क बढ़ाने की आवश्यकता बताई। एआरपी टीम की वर्तिका सिंह, महेंद्र पटेल और पारुल मिश्रा ने बाल वाटिका, डिजिटल लर्निंग, डीबीटी तथा टीएलएम के प्रभावी उपयोग पर शिक्षकों को मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में अनुराग गुप्ता, ललित किशोर, रामलाल, जितेंद्र सिंह, देशराज सिंह व कल्पना यादव सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे। मंच संचालन संकुल शिक्षक सुधीर कुमार ने किया। अंत में सभी ने शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने का