देवघर-में मनरेगा कर्मचारी हड़ताल को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाया संवाद और समाधान की दिशा में आगे बढ़े सरकार, मनरेगा कर्मियों की पीड़ा को समझे
देवघर: झारखंड राज्य के मनरेगा कर्मी पिछले लगभग तीन महीनों से अपनी लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल, विपक्षी विचारधारा अथवा बाहरी प्रभाव का परिणाम नहीं है, बल्कि उन हजारों मनरेगा कर्मियों की वास्तविक पीड़ा और वर्षों की उपेक्षा का परिणाम है, जिन्होंने लगभग दो दशकों से ग्रामीण विकास एवं मनरेगा योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हाल के दिनों में कुछ ऐसे वक्तव्य सामने आए हैं जिनमें मनरेगा कर्मियों के आंदोलन को अनुचित बताने तथा आंदोलनरत कर्मियों की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास किया गया है। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह आंदोलन किसी सरकार के विरोध का आंदोलन नहीं है, बल्कि सम्मानजनक सेवा शर्तों, सामाजिक सुरक्षा और न्यायपूर्ण व्यवस्था की मांग का आंदोलन है। हमारा सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि एक ही मनरेगा व्यवस्था में कार्यरत कर्मियों के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों है? एक ओर राज्य मनरेगा कोषांग में कार्यरत कर्मियों को ग्रेड-पे की सुविधा प्राप्त है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत हजारों मनरेगा कर्मी आज भी मात्र 12000 रुपये प्रतिमाह मानदेय पर पूर्णकालिक सेवाएं देने को विवश हैं। एक ही परिवार के दो सदस्यों के साथ इस प्रकार का व्यवहार स्वाभाविक रूप से असंतोष और पीड़ा को जन्म देता है। हम सरकार और विभागीय अधिकारियों को अपना अभिभावक मानते हैं। इसलिए हमारी अपेक्षा टकराव नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और न्याय की है। यदि सरकार को योजनाओं के प्रभावित होने की चिंता है तो उसे उन मनरेगा कर्मियों की भी चिंता करनी चाहिए जिनके परिवार लगातार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। यह भी विचारणीय है कि क्या वर्तमान समय में 12000 रुपये प्रतिमाह पर किसी परिवार का सम्मानजनक जीवन-यापन संभव है? यह भी एक कटु सत्य है कि वर्षों की सेवा के दौरान 156 मनरेगा कर्मियों का निधन हो चुका है। उनके परिवार आज भी आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। यदि मनरेगा कर्मी राज्य के विकास के सहभागी हैं, तो उनके परिवारों की सुरक्षा और सम्मान भी राज्य की जिम्मेदारी होनी चाहिए। हम यह भी कहना चाहते हैं कि आंदोलन की वर्तमान स्थिति के लिए केवल कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। अतीत में कई बार मनरेगा कर्मियों के आंदोलनों के दौरान सरकार एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच लिखित समझौते हुए, मांगों पर सहमति बनी और आश्वासन दिए गए, लेकिन दुर्भाग्यवश उन समझौतों का पूर्ण क्रियान्वयन आज तक नहीं हो सका। यही कारण है कि कर्मचारियों के बीच विश्वास का संकट उत्पन्न हुआ है। जब बार-बार लिखित सहमति के बावजूद मांगें लंबित रह जाती हैं, तो स्वाभाविक रूप से कर्मचारियों का भरोसा कमजोर होता है। फिर भी हम संवाद के मार्ग में विश्वास रखते हैं। हम माननीय ग्रामीण विकास मंत्री महोदया, विभागीय सचिव एवं आयुक्त महोदय से विनम्र अपील करते हैं कि वे मनरेगा कर्मियों की पीड़ा को संवेदनशीलता के साथ समझें और आंदोलन को केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखने के बजाय मानवीय दृष्टिकोण से भी विचार करें। हम मंत्री महोदया से विशेष आग्रह करते हैं कि वे स्वयं पहल कर कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ सार्थक एवं परिणामोन्मुखी संवाद सुनिश्चित करें, ताकि वर्षों से लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सके। यदि सरकार और कर्मचारी पक्ष आपसी विश्वास के साथ बातचीत करें तो समाधान का मार्ग अवश्य प्रशस्त होगा। हम पुनः स्पष्ट करना चाहते हैं कि मनरेगा कर्मी सरकार से संघर्ष नहीं, समाधान चाहते हैं; टकराव नहीं संवाद चाहते हैं; विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और न्यायपूर्ण सेवा व्यवस्था चाहते हैं। मनरेगा को मजबूत बनाने के लिए मनरेगा कर्मियों को मजबूत बनाना आवश्यक है। यही राज्यहित, जनहित और ग्रामीण विकास के हित में भी होगा। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ
पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा, निष्पक्ष एवं सकुशल आयोजन के लिए जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने दिए आवश्यक निर्देश

फर्रुखाबाद l उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सकुशल ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 08, 09 एवं 10 जून 2026 को जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली परीक्षा की तैयारियों का विस्तृत परीक्षण किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा से संबंधित प्रत्येक व्यवस्था समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा दिवस पर प्रातः 07 बजे ट्रेजरी में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर परीक्षा सामग्री प्राप्त करेंगे तथा निर्धारित समय पर अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, जो परीक्षा अवधि के दौरान निरंतर निगरानी बनाए रखेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, स्मार्टवॉच, स्मार्टबैंड, ब्लूटूथ डिवाइस, कागज के टुकड़े, पर्स, प्लास्टिक पाउच, सनग्लासेस एवं हैंडबैग सहित किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। केवल प्रवेश पत्र, मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र तथा नीले अथवा काले रंग का पेन लेकर ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति प्रदान की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में स्थित फोटोकॉपी की दुकानें, साइबर कैफे एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की दुकानें परीक्षा अवधि के दौरान बंद रखी जाएं। साथ ही प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों से युक्त कंट्रोल रूम एवं स्ट्रॉन्ग रूम स्थापित किए जाएं, जिनकी सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
अभ्यर्थियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर क्लॉक रूम की व्यवस्था की जाए, जहां अभ्यर्थी अपनी निजी वस्तुएं सुरक्षित रूप से जमा कर सकें। इसके अतिरिक्त पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में स्पष्ट संकेतक (साइन एज) लगाए जाएं ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया कि परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व सभी कक्षों, शौचालयों तथा परिसर का गहन निरीक्षण कर लें। साथ ही केंद्र व्यवस्थापक एवं सहायक केंद्र व्यवस्थापक से नो-रिलेशन प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाए तथा परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की अद्यतन सूची मोबाइल नंबर सहित उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक पाली में 6,720 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। परीक्षा कुल छह पालियों में आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 40,320 अभ्यर्थी प्रतिभाग करेंगे। सभी केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु व्यापक तैयारियां की गई हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी अनिवार्य रूप से स्थापित की जाए। सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वच्छता व्यवस्था को भी उच्च स्तर पर बनाए रखा जाए। उन्होंने परिवहन विभाग एवं रोडवेज अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रोडवेज बस अड्डे पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाए तथा किसी भी वाहन द्वारा निर्धारित किराये से अधिक वसूली न की जाए।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा तथा संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व रिहर्सल का आयोजन किया जाए ताकि सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण कर संभावित कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता एवं निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी सतर्कता, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराएं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक, समस्त उपजिलाधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा समन्वित प्रयासों के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 को पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा एवं निष्पक्षता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक ने किया वृक्षारोपण

फर्रुखाबाद l विश्व पर्यावरण दिवस पर पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा पुलिस कार्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण हेतु प्रेरित किया गया। पौधे पृथ्वी की अमूल्य धरोहर हैं, जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करते हैं।
**"हरित फतेहगढ़, स्वच्छ फतेहगढ़"** के संकल्प के साथ जनपद पुलिस पर्यावरण संरक्षण हेतु अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है l
देवघर-विश्व पर्यावरण दिवस समारोह मदर टच स्कूल के द्वारा नंदन पहाड़ स्थित ऑक्सीजन पार्क में वृक्षारोपण कर मनाया गया।
देवघर: विश्व पर्यावरण दिवस समारोह मदर्स टच स्कूल द्वारा 5 जून 2026 को नंदन पहाड़ ऑक्सीजन पार्क में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों द्वारा पौधारोपण किया गया तथा उन्हें पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से प्लास्टिक के कम उपयोग एवं स्वच्छ पर्यावरण का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा हरित, स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण का संकल्प लेकर किया गया। डॉ rupashree ने बताया कि बच्चों में शुरुआती दिनों में ही प्रकृति से जुड़ा रहने से उनकी संवेदना प्राकृतिक होती जायेगी. पूजा प्रिया अनन्या का सहयोग सराहनीय रहा। मदर्स टच स्कूल
अविवाहित युवक ने दो बच्चों की मां से रचाया ब्याह, फेसबुक से बढ़ी थी दोनों की दोस्ती*
 
मीरजापुर। राजगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में फेसबुक पर हुई दोस्ती प्यार में बदल गई और युवक ने दो बच्चों की मां से मंदिर में शादी कर बाकायदा ली। शादी के बाद दोनों बच्चों समेत महिला को अपने घर ले गया। यह शादी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि राजगढ़ थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव निवासी अविवाहित प्रदीप 24 पुत्र हरिदास बिंद का पड़ोस के जनपद सोनभद्र की एक महिला जो दो बच्चों की मां बताई गई है से फेसबुक पर प्यार हो गया था। दोनों एक वर्ष से फेसबुक के माध्यम से अपने प्यार को परवान चढ़ाते हुए आ रहे थे। अंततः दो बच्चों की मां महिला ने समाज की सभी बंदिशो को नकारते हुए कुड़ी गांव आकर अपने प्रेमी प्रदीप से गांव स्थित मंदिर में विवाह रचा लिया है। विवाह के बाद प्रदीप ने महिला और उसके बच्चों को लेकर अपने घर आ गया है वहीं इस शादी की इलाके में खूब चर्चा है।
आकस्मिक निरीक्षण में चिकित्साधिकारी अनुपस्थित, कारण बताओ नोटिस जारी: CDO ने राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल सराय राजपूतानी का किया निरीक्षण*


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बाल गोविंद शुक्ला ने राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय, सराय राजपूतानी का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सालय में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार सिंह अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। यह निरीक्षण जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर किया गया।

CDO ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने कर्मचारियों को नियमित सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सके।

ओपीडी रजिस्टर के सत्यापन में पाया गया कि 04 जून 2026 को कुल 84 मरीजों का उपचार किया गया था, जिनमें 35 नए और 49 पुराने मरीज शामिल थे। मुख्य विकास अधिकारी ने अभिलेखों का गहन परीक्षण करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट संतोष कुमार पटेल को भी कार्य के प्रति अधिक जिम्मेदारी और तत्परता बरतने की कड़ी हिदायत दी गई। CDO ने चेतावनी दी कि कार्यशैली में सुधार न होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समयबद्धता के साथ करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
भारत विकास परिषद ने मनाया विश्व पर्यावरण दिवस, किया वृक्षारोपण
उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़: भारत विकास परिषद शाखा आजमगढ़ द्वारा भोलाघाट पर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगठन के सदस्यों ने पर्यावरण सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लेते हुए लोगों को जागरूक किया।

इस मौके पर प्रांतीय जिला समन्वयक बद्री प्रसाद गुप्त और प्रांतीय सहसंयोजक सीताराम पांडे ने लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने और प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की। शाखा अध्यक्ष डॉ. देवेश दूबे ने पेड़-पौधों को जीवन का आधार बताते हुए प्रकृति के सम्मान की बात कही, वहीं डॉ. नेहा दूबे ने प्लास्टिक के बहिष्कार और जल-बिजली संरक्षण पर जोर दिया।

पर्यावरण गतिविधि संयोजक गोविंद दूबे के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन कौशल कुमार राय ने किया। इस अवसर पर संगठन द्वारा लोगों को पौधे भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में पंकज पाठक, डॉ. आर.पी. पांडे, दीपशिखा पांडे, पवन अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
महिलाओं के स्वास्थ्य एवं जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु पाप स्मीयर जांच शिविर का आयोजन

फर्रुखाबाद l महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण एवं सर्वाइकल कैंसर की शीघ्र पहचान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राजपूत रेजिमेंटल सेंटर, फतेहगढ़ में आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में पाप स्मीयर जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह अभियान सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करना तथा रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान सुनिश्चित करना था। शिविर के दौरान महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों, बचाव के उपायों एवं समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में डॉ. नमिता दास, दास नर्सिंग होम, फतेहगढ़ द्वारा चिकित्सकीय सहयोग प्रदान किया गया। उनके मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पाप स्मीयर जांच कराई तथा स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्राप्त किया।
इस पहल को प्रतिभागियों द्वारा अत्यंत सराहा गया। शिविर में महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही, जो उनके स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।
राजपूत रेजिमेंटल सेंटर अपने सैनिक परिवारों के कल्याण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता एवं निवारक स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
मेडिकल कॉलेज स्कूल और सार्वजनिक स्थल पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया

फर्रुखाबाद l
विश्व पर्यावरण दिवस पर जनपद में व्यापक वृक्षारोपण अभियान, विभिन्न स्थलों पर लगाए गए छायादार एवं पर्यावरण संरक्षणकारी पौधे
विश्व पर्यावरण दिवस पर सामाजिक वानिकी वन प्रभाग के तत्वावधान में जनपद के विभिन्न संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा जनसामान्य को वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संवर्धन के प्रति जागरूक करना रहा।
इस दौरान राजपूताना पब्लिक स्कूल में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष फतेहचन्द्र वर्मा रहे। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजीव कुमार, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी, भाजपा सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक वीरेन्द्र सिंह राठौर, जिला उपाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह कठेरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता एवं श्री सत्यपाल सिंह, जिला महामंत्री पिछड़ा मोर्चा कृष्ण मुरारी राजपूत, जिला कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम, पर्यावरणविद् भूपेन्द्र प्रताप सिंह, पर्यावरण विशेषज्ञ गुंजा जैन, जिला परियोजना अधिकारी जिला गंगा समिति निहारिका पटेल, क्षेत्रीय वन अधिकारी अनूप कुमार सहित  नागरिक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान पीपल, पाकड़, बरगद, अशोक, जकरैंडा, अमलतास तथा गुलमोहर सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। उपस्थित अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रत्येक नागरिक से अधिकाधिक वृक्ष लगाने एवं उनकी देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इसी अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर फतेहगढ़ में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार एवं जनपद के अन्य न्यायिक अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए रेड मजीरा सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी अनूप कुमार एवं वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस दौरान मेजर एस.डी. सिंह आयुर्वेदिक पी.जी. मेडिकल कॉलेज परिसर में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी  राजीव कुमार, जिला संयोजक गंगा विचार मंच भूपेन्द्र प्रताप सिंह, योगाचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल, प्रवक्ता रीता, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अंजली पाठक, जिला परियोजना अधिकारी जिला गंगा समिति  निहारिका पटेल, ग्राम प्रधान नेत्रपाल तथा अन्य नागरिकों ने सहभागिता की। इस दौरान मीठा नीम, नींबू, अनार, जामुन, अर्जुन एवं नीम सहित अनेक उपयोगी एवं पर्यावरण हितैषी प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
कायमगंज रेंज के अंतर्गत ग्राम रायपुर चिन्हटपुर स्थित ग्राम समाज भूमि एवं शाहपुर गंगपुर गौशाला परिसर में भी विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विधायक कायमगंज डॉ. सुरभि गंगवार, खंड विकास अधिकारी कायमगंज, ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। इस मौके पर अशोक, कदम्ब, बरगद, पीपल, जामुन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी श्री राजीव कुमार ने बताया कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में ही सहायक नहीं हैं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जनपदवासियों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने तथा उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के प्रति जनसामान्य में जागरूकता का संदेश दिया गया तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर जनपद को हरित एवं स्वच्छ बनाने का संकल्प दोहराया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर जिलाधिकारी ने किया वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया

फर्रुखाबाद l विश्व पर्यावरण दिवस पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा जिलाधिकारी आवास परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प भी लिया गया।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक वृक्षारोपण करे तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल हमें स्वच्छ वायु प्रदान करते हैं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन एवं जलवायु संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण को जन आंदोलन का स्वरूप देना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए तथा उसके संरक्षण का संकल्प ले। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित एवं सुरक्षित पर्यावरण प्रदान करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली तथा जनपद को अधिक हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए सक्रिय सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर जनपद के विभिन्न सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, ग्राम पंचायतों एवं अन्य स्थानों पर भी वृक्षारोपण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
देवघर-में मनरेगा कर्मचारी हड़ताल को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाया संवाद और समाधान की दिशा में आगे बढ़े सरकार, मनरेगा कर्मियों की पीड़ा को समझे
देवघर: झारखंड राज्य के मनरेगा कर्मी पिछले लगभग तीन महीनों से अपनी लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल, विपक्षी विचारधारा अथवा बाहरी प्रभाव का परिणाम नहीं है, बल्कि उन हजारों मनरेगा कर्मियों की वास्तविक पीड़ा और वर्षों की उपेक्षा का परिणाम है, जिन्होंने लगभग दो दशकों से ग्रामीण विकास एवं मनरेगा योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हाल के दिनों में कुछ ऐसे वक्तव्य सामने आए हैं जिनमें मनरेगा कर्मियों के आंदोलन को अनुचित बताने तथा आंदोलनरत कर्मियों की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास किया गया है। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह आंदोलन किसी सरकार के विरोध का आंदोलन नहीं है, बल्कि सम्मानजनक सेवा शर्तों, सामाजिक सुरक्षा और न्यायपूर्ण व्यवस्था की मांग का आंदोलन है। हमारा सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि एक ही मनरेगा व्यवस्था में कार्यरत कर्मियों के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों है? एक ओर राज्य मनरेगा कोषांग में कार्यरत कर्मियों को ग्रेड-पे की सुविधा प्राप्त है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत हजारों मनरेगा कर्मी आज भी मात्र 12000 रुपये प्रतिमाह मानदेय पर पूर्णकालिक सेवाएं देने को विवश हैं। एक ही परिवार के दो सदस्यों के साथ इस प्रकार का व्यवहार स्वाभाविक रूप से असंतोष और पीड़ा को जन्म देता है। हम सरकार और विभागीय अधिकारियों को अपना अभिभावक मानते हैं। इसलिए हमारी अपेक्षा टकराव नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और न्याय की है। यदि सरकार को योजनाओं के प्रभावित होने की चिंता है तो उसे उन मनरेगा कर्मियों की भी चिंता करनी चाहिए जिनके परिवार लगातार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। यह भी विचारणीय है कि क्या वर्तमान समय में 12000 रुपये प्रतिमाह पर किसी परिवार का सम्मानजनक जीवन-यापन संभव है? यह भी एक कटु सत्य है कि वर्षों की सेवा के दौरान 156 मनरेगा कर्मियों का निधन हो चुका है। उनके परिवार आज भी आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। यदि मनरेगा कर्मी राज्य के विकास के सहभागी हैं, तो उनके परिवारों की सुरक्षा और सम्मान भी राज्य की जिम्मेदारी होनी चाहिए। हम यह भी कहना चाहते हैं कि आंदोलन की वर्तमान स्थिति के लिए केवल कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। अतीत में कई बार मनरेगा कर्मियों के आंदोलनों के दौरान सरकार एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच लिखित समझौते हुए, मांगों पर सहमति बनी और आश्वासन दिए गए, लेकिन दुर्भाग्यवश उन समझौतों का पूर्ण क्रियान्वयन आज तक नहीं हो सका। यही कारण है कि कर्मचारियों के बीच विश्वास का संकट उत्पन्न हुआ है। जब बार-बार लिखित सहमति के बावजूद मांगें लंबित रह जाती हैं, तो स्वाभाविक रूप से कर्मचारियों का भरोसा कमजोर होता है। फिर भी हम संवाद के मार्ग में विश्वास रखते हैं। हम माननीय ग्रामीण विकास मंत्री महोदया, विभागीय सचिव एवं आयुक्त महोदय से विनम्र अपील करते हैं कि वे मनरेगा कर्मियों की पीड़ा को संवेदनशीलता के साथ समझें और आंदोलन को केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखने के बजाय मानवीय दृष्टिकोण से भी विचार करें। हम मंत्री महोदया से विशेष आग्रह करते हैं कि वे स्वयं पहल कर कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ सार्थक एवं परिणामोन्मुखी संवाद सुनिश्चित करें, ताकि वर्षों से लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सके। यदि सरकार और कर्मचारी पक्ष आपसी विश्वास के साथ बातचीत करें तो समाधान का मार्ग अवश्य प्रशस्त होगा। हम पुनः स्पष्ट करना चाहते हैं कि मनरेगा कर्मी सरकार से संघर्ष नहीं, समाधान चाहते हैं; टकराव नहीं संवाद चाहते हैं; विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और न्यायपूर्ण सेवा व्यवस्था चाहते हैं। मनरेगा को मजबूत बनाने के लिए मनरेगा कर्मियों को मजबूत बनाना आवश्यक है। यही राज्यहित, जनहित और ग्रामीण विकास के हित में भी होगा। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ
पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा, निष्पक्ष एवं सकुशल आयोजन के लिए जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने दिए आवश्यक निर्देश

फर्रुखाबाद l उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सकुशल ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 08, 09 एवं 10 जून 2026 को जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली परीक्षा की तैयारियों का विस्तृत परीक्षण किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा से संबंधित प्रत्येक व्यवस्था समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा दिवस पर प्रातः 07 बजे ट्रेजरी में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर परीक्षा सामग्री प्राप्त करेंगे तथा निर्धारित समय पर अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, जो परीक्षा अवधि के दौरान निरंतर निगरानी बनाए रखेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, स्मार्टवॉच, स्मार्टबैंड, ब्लूटूथ डिवाइस, कागज के टुकड़े, पर्स, प्लास्टिक पाउच, सनग्लासेस एवं हैंडबैग सहित किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। केवल प्रवेश पत्र, मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र तथा नीले अथवा काले रंग का पेन लेकर ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति प्रदान की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में स्थित फोटोकॉपी की दुकानें, साइबर कैफे एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की दुकानें परीक्षा अवधि के दौरान बंद रखी जाएं। साथ ही प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों से युक्त कंट्रोल रूम एवं स्ट्रॉन्ग रूम स्थापित किए जाएं, जिनकी सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
अभ्यर्थियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर क्लॉक रूम की व्यवस्था की जाए, जहां अभ्यर्थी अपनी निजी वस्तुएं सुरक्षित रूप से जमा कर सकें। इसके अतिरिक्त पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में स्पष्ट संकेतक (साइन एज) लगाए जाएं ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया कि परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व सभी कक्षों, शौचालयों तथा परिसर का गहन निरीक्षण कर लें। साथ ही केंद्र व्यवस्थापक एवं सहायक केंद्र व्यवस्थापक से नो-रिलेशन प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाए तथा परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की अद्यतन सूची मोबाइल नंबर सहित उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक पाली में 6,720 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। परीक्षा कुल छह पालियों में आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 40,320 अभ्यर्थी प्रतिभाग करेंगे। सभी केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु व्यापक तैयारियां की गई हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी अनिवार्य रूप से स्थापित की जाए। सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वच्छता व्यवस्था को भी उच्च स्तर पर बनाए रखा जाए। उन्होंने परिवहन विभाग एवं रोडवेज अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रोडवेज बस अड्डे पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाए तथा किसी भी वाहन द्वारा निर्धारित किराये से अधिक वसूली न की जाए।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा तथा संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व रिहर्सल का आयोजन किया जाए ताकि सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण कर संभावित कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता एवं निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी सतर्कता, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराएं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक, समस्त उपजिलाधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा समन्वित प्रयासों के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 को पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा एवं निष्पक्षता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक ने किया वृक्षारोपण

फर्रुखाबाद l विश्व पर्यावरण दिवस पर पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा पुलिस कार्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण हेतु प्रेरित किया गया। पौधे पृथ्वी की अमूल्य धरोहर हैं, जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करते हैं।
**"हरित फतेहगढ़, स्वच्छ फतेहगढ़"** के संकल्प के साथ जनपद पुलिस पर्यावरण संरक्षण हेतु अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है l
देवघर-विश्व पर्यावरण दिवस समारोह मदर टच स्कूल के द्वारा नंदन पहाड़ स्थित ऑक्सीजन पार्क में वृक्षारोपण कर मनाया गया।
देवघर: विश्व पर्यावरण दिवस समारोह मदर्स टच स्कूल द्वारा 5 जून 2026 को नंदन पहाड़ ऑक्सीजन पार्क में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों द्वारा पौधारोपण किया गया तथा उन्हें पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से प्लास्टिक के कम उपयोग एवं स्वच्छ पर्यावरण का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा हरित, स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण का संकल्प लेकर किया गया। डॉ rupashree ने बताया कि बच्चों में शुरुआती दिनों में ही प्रकृति से जुड़ा रहने से उनकी संवेदना प्राकृतिक होती जायेगी. पूजा प्रिया अनन्या का सहयोग सराहनीय रहा। मदर्स टच स्कूल
अविवाहित युवक ने दो बच्चों की मां से रचाया ब्याह, फेसबुक से बढ़ी थी दोनों की दोस्ती*
 
मीरजापुर। राजगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में फेसबुक पर हुई दोस्ती प्यार में बदल गई और युवक ने दो बच्चों की मां से मंदिर में शादी कर बाकायदा ली। शादी के बाद दोनों बच्चों समेत महिला को अपने घर ले गया। यह शादी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि राजगढ़ थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव निवासी अविवाहित प्रदीप 24 पुत्र हरिदास बिंद का पड़ोस के जनपद सोनभद्र की एक महिला जो दो बच्चों की मां बताई गई है से फेसबुक पर प्यार हो गया था। दोनों एक वर्ष से फेसबुक के माध्यम से अपने प्यार को परवान चढ़ाते हुए आ रहे थे। अंततः दो बच्चों की मां महिला ने समाज की सभी बंदिशो को नकारते हुए कुड़ी गांव आकर अपने प्रेमी प्रदीप से गांव स्थित मंदिर में विवाह रचा लिया है। विवाह के बाद प्रदीप ने महिला और उसके बच्चों को लेकर अपने घर आ गया है वहीं इस शादी की इलाके में खूब चर्चा है।
आकस्मिक निरीक्षण में चिकित्साधिकारी अनुपस्थित, कारण बताओ नोटिस जारी: CDO ने राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल सराय राजपूतानी का किया निरीक्षण*


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बाल गोविंद शुक्ला ने राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय, सराय राजपूतानी का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सालय में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार सिंह अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। यह निरीक्षण जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर किया गया।

CDO ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने कर्मचारियों को नियमित सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सके।

ओपीडी रजिस्टर के सत्यापन में पाया गया कि 04 जून 2026 को कुल 84 मरीजों का उपचार किया गया था, जिनमें 35 नए और 49 पुराने मरीज शामिल थे। मुख्य विकास अधिकारी ने अभिलेखों का गहन परीक्षण करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट संतोष कुमार पटेल को भी कार्य के प्रति अधिक जिम्मेदारी और तत्परता बरतने की कड़ी हिदायत दी गई। CDO ने चेतावनी दी कि कार्यशैली में सुधार न होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समयबद्धता के साथ करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
भारत विकास परिषद ने मनाया विश्व पर्यावरण दिवस, किया वृक्षारोपण
उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़: भारत विकास परिषद शाखा आजमगढ़ द्वारा भोलाघाट पर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगठन के सदस्यों ने पर्यावरण सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लेते हुए लोगों को जागरूक किया।

इस मौके पर प्रांतीय जिला समन्वयक बद्री प्रसाद गुप्त और प्रांतीय सहसंयोजक सीताराम पांडे ने लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने और प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की। शाखा अध्यक्ष डॉ. देवेश दूबे ने पेड़-पौधों को जीवन का आधार बताते हुए प्रकृति के सम्मान की बात कही, वहीं डॉ. नेहा दूबे ने प्लास्टिक के बहिष्कार और जल-बिजली संरक्षण पर जोर दिया।

पर्यावरण गतिविधि संयोजक गोविंद दूबे के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन कौशल कुमार राय ने किया। इस अवसर पर संगठन द्वारा लोगों को पौधे भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में पंकज पाठक, डॉ. आर.पी. पांडे, दीपशिखा पांडे, पवन अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
महिलाओं के स्वास्थ्य एवं जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु पाप स्मीयर जांच शिविर का आयोजन

फर्रुखाबाद l महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण एवं सर्वाइकल कैंसर की शीघ्र पहचान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राजपूत रेजिमेंटल सेंटर, फतेहगढ़ में आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में पाप स्मीयर जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह अभियान सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करना तथा रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान सुनिश्चित करना था। शिविर के दौरान महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों, बचाव के उपायों एवं समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में डॉ. नमिता दास, दास नर्सिंग होम, फतेहगढ़ द्वारा चिकित्सकीय सहयोग प्रदान किया गया। उनके मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पाप स्मीयर जांच कराई तथा स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्राप्त किया।
इस पहल को प्रतिभागियों द्वारा अत्यंत सराहा गया। शिविर में महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही, जो उनके स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।
राजपूत रेजिमेंटल सेंटर अपने सैनिक परिवारों के कल्याण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता एवं निवारक स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
मेडिकल कॉलेज स्कूल और सार्वजनिक स्थल पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया

फर्रुखाबाद l
विश्व पर्यावरण दिवस पर जनपद में व्यापक वृक्षारोपण अभियान, विभिन्न स्थलों पर लगाए गए छायादार एवं पर्यावरण संरक्षणकारी पौधे
विश्व पर्यावरण दिवस पर सामाजिक वानिकी वन प्रभाग के तत्वावधान में जनपद के विभिन्न संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा जनसामान्य को वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संवर्धन के प्रति जागरूक करना रहा।
इस दौरान राजपूताना पब्लिक स्कूल में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष फतेहचन्द्र वर्मा रहे। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजीव कुमार, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी, भाजपा सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक वीरेन्द्र सिंह राठौर, जिला उपाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह कठेरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता एवं श्री सत्यपाल सिंह, जिला महामंत्री पिछड़ा मोर्चा कृष्ण मुरारी राजपूत, जिला कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम, पर्यावरणविद् भूपेन्द्र प्रताप सिंह, पर्यावरण विशेषज्ञ गुंजा जैन, जिला परियोजना अधिकारी जिला गंगा समिति निहारिका पटेल, क्षेत्रीय वन अधिकारी अनूप कुमार सहित  नागरिक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान पीपल, पाकड़, बरगद, अशोक, जकरैंडा, अमलतास तथा गुलमोहर सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। उपस्थित अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रत्येक नागरिक से अधिकाधिक वृक्ष लगाने एवं उनकी देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इसी अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर फतेहगढ़ में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार एवं जनपद के अन्य न्यायिक अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए रेड मजीरा सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी अनूप कुमार एवं वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस दौरान मेजर एस.डी. सिंह आयुर्वेदिक पी.जी. मेडिकल कॉलेज परिसर में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी  राजीव कुमार, जिला संयोजक गंगा विचार मंच भूपेन्द्र प्रताप सिंह, योगाचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल, प्रवक्ता रीता, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अंजली पाठक, जिला परियोजना अधिकारी जिला गंगा समिति  निहारिका पटेल, ग्राम प्रधान नेत्रपाल तथा अन्य नागरिकों ने सहभागिता की। इस दौरान मीठा नीम, नींबू, अनार, जामुन, अर्जुन एवं नीम सहित अनेक उपयोगी एवं पर्यावरण हितैषी प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
कायमगंज रेंज के अंतर्गत ग्राम रायपुर चिन्हटपुर स्थित ग्राम समाज भूमि एवं शाहपुर गंगपुर गौशाला परिसर में भी विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विधायक कायमगंज डॉ. सुरभि गंगवार, खंड विकास अधिकारी कायमगंज, ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। इस मौके पर अशोक, कदम्ब, बरगद, पीपल, जामुन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी श्री राजीव कुमार ने बताया कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में ही सहायक नहीं हैं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जनपदवासियों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने तथा उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के प्रति जनसामान्य में जागरूकता का संदेश दिया गया तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर जनपद को हरित एवं स्वच्छ बनाने का संकल्प दोहराया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर जिलाधिकारी ने किया वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया

फर्रुखाबाद l विश्व पर्यावरण दिवस पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा जिलाधिकारी आवास परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प भी लिया गया।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक वृक्षारोपण करे तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल हमें स्वच्छ वायु प्रदान करते हैं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन एवं जलवायु संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण को जन आंदोलन का स्वरूप देना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए तथा उसके संरक्षण का संकल्प ले। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित एवं सुरक्षित पर्यावरण प्रदान करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली तथा जनपद को अधिक हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए सक्रिय सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर जनपद के विभिन्न सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, ग्राम पंचायतों एवं अन्य स्थानों पर भी वृक्षारोपण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।