औद्योगिक सुरक्षा की जांच: पीवीयूएनएल में अम्ल रिसाव पर मॉक ड्रिल सफल, सीईओ ने कंट्रोल रूम से खुद संभाली कमान।

आज दिनांक को पीवीयूएनएल में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), पीवीयूएनएल के निर्देशन में आपदा एवं किसी भी शत्रुतापूर्ण परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु कर्मचारियों, सीआईएसएफ एवं प्रबंधन को सजग एवं प्रशिक्षित रखने के उद्देश्य से अम्ल रिसाव (एसिड लीकेज) पर आधारित एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

इसी क्रम में आज सीआईएसएफ एवं एनडीआरएफ टीम की सहभागिता से मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। उक्त मॉक ड्रिल का आयोजन डीएम प्लांट स्थित अम्ल भंडारण टैंक क्षेत्र में किया गया, जहां अम्ल रिसाव की काल्पनिक आपात स्थिति उत्पन्न कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान सीआईएसएफ एवं एनडीआरएफ के मध्य उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला तथा प्रबंधन का सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा। चिकित्सालय एवं एम्बुलेंस दल पूर्ण तत्परता के साथ सक्रिय रहे। सुरक्षा अधिकारी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना) एवं महाप्रबंधक (परियोजना) भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल के साथ मानव संसाधन विभागाध्यक्ष नियंत्रण कक्ष में उपस्थित रहकर संपूर्ण स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए थे।

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य अम्ल रिसाव जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करना तथा विभिन्न एजेंसियों के मध्य बेहतर तालमेल स्थापित करना था।

एक जीवित विश्वविद्यालय का स्वरूप है स्त्री
—  डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार


माना कि महिलाएँ आज भी
रसायन विज्ञान, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र,
प्रबंधन, बैंकिंग और अनेक क्षेत्रों में
संख्या के आधार पर पुरुषों से कम दिखाई देती हैं…

लेकिन फिर भी
इन सभी क्षेत्रों के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों,
अर्थशास्त्रियों, प्रबंधकों और विद्वानों की
पहली गुरु, पहली पाठशाला
और पहली प्रयोगशाला
एक स्त्री ही होती है —
माँ।

वह प्रयोगशाला
जहाँ इंसान गढ़े जाते हैं…
जहाँ संस्कारों की नींव रखी जाती है,
जहाँ प्रेम, त्याग, अनुशासन
और मानवता का निर्माण होता है।

स्त्रियाँ जन्मजात विदुषी होती हैं।
वह लक्ष्मी भी हैं,
अन्नपूर्णा भी हैं,
सरस्वती भी हैं…
और समय आने पर
दुर्गा भी बन जाती हैं।

जिसे दुनिया अक्सर
केवल “घर संभालना” कहकर
छोटा समझ लेती है,
असल में वही
सबसे बड़ा प्रबंधन है।

एक पुरुष शायद घर चला सकता है,
पर एक स्त्री
पूरे घर में जीवन भर देती है।
वह दीवारों को घर
और घर को परिवार बनाती है।

इतिहास गवाह है
कि संसार के बड़े-बड़े वीर,
महापुरुष और युग निर्माता भी
किसी स्त्री की गोद में ही
संस्कार पाकर महान बने।

वह माँ राजमाता जिजाबाई ही थीं
जिन्होंने बालक शिवा को
केवल पुत्र नहीं,
एक वीर, धर्मरक्षक और राष्ट्रनायक
छत्रपति शिवाजी महाराज बनाया।

वह माँ जयवंता बाई ही थीं
जिन्होंने अपने पुत्र में
स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम के
ऐसे संस्कार डाले
कि वही बालक आगे चलकर
महाराणा प्रताप बना।

क्योंकि संसार की हर महान प्रतिभा की
पहली पाठशाला
एक माँ होती है।

एक स्त्री कितनी विदुषी होती है,
आइए उसके जीवन को ही
एक जीवित विश्वविद्यालय मानकर
उसकी अद्भुत विद्वता को समझने का प्रयास करें।

क्या कभी किसी ने
सच में समझा है
उस स्त्री की बुद्धिमत्ता को
जो दिन-रात
सिर्फ घर नहीं संभालती,
बल्कि जीवन सँवारती है?

हम डिग्रियों में ज्ञान ढूँढते हैं,
पद और पहचान में सम्मान ढूँढते हैं…
पर हर घर में
एक चलता-फिरता विश्वविद्यालय बसता है।

जहाँ बिना किसी किताब के
हर दिन जीवन का विज्ञान जन्म लेता है…
जहाँ अनुभव ही शिक्षा है,
और प्रेम ही सबसे बड़ी डिग्री।

जिसे दुनिया केवल घर समझती है,
वहीं से पीढ़ियाँ संस्कार सीखती हैं।
वहाँ केवल दिनचर्या नहीं चलती,
वहाँ रिश्ते, संवेदनाएँ
और सभ्यताएँ जन्म लेती हैं।

गणित वहाँ हर रोज़ मुस्कुराता है—

कितने लोगों की कितनी ज़रूरतें,
कहाँ कितना समय देना है,
कैसे सीमित साधनों में
सबकी इच्छाओं को संतुलित करना है।

बिना कॉपी-कलम के
हर हिसाब सही हो जाता है,
क्योंकि माँ के अनुभव में
ईश्वर का ज्ञान समा जाता है।

भौतिक विज्ञान भी वहीं बसता है—

कब धैर्य रखना है,
कब दृढ़ होना है,
कब मौन रहकर समझाना है,
और कब आवाज़ उठानी है।

जीवन की परिस्थितियों का
इतना सटीक संतुलन,
शायद किताबें भी
इतने प्रेम से न सिखा पाएँ।

रसायन विज्ञान का अद्भुत संसार—

वह टूटे मनों को जोड़ देती है,
क्रोध को प्रेम में बदल देती है,
उदासी में आशा घोल देती है,
और संघर्षों में साहस मिला देती है।

उसके स्पर्श में ऐसा जादू होता है
कि बिखरे हुए रिश्ते भी
फिर मुस्कुराने लगते हैं।

प्रबंधन कला की वह जीवित मिसाल है—

एक साथ चार काम करना,
सबको समय पर संभालना,
कम समय में सब व्यवस्थित करना।

यह किसी बड़ी कंपनी का
मैनेजमेंट नहीं तो और क्या है?

कॉरपोरेट की बड़ी-बड़ी बैठकों में
जिस “मैनेजमेंट स्किल” की बातें होती हैं,
उसका सबसे जीवंत रूप तो
सदियों से एक स्त्री के जीवन में दिखाई देता है।

मल्टीटास्किंग उसकी पहचान है—

एक तरफ चाय उबल रही है,
पूजा की थाली भी सज रही है,
पति और बच्चों का टिफिन भी भर रहा है,
बच्चों को उठाकर तैयार भी किया जा रहा है।

फोन भी उठा रही है,
दरवाज़ा भी खोल रही है,
और बारिश आ जाए तो
छत से कपड़े भी दौड़कर ला रही है।

खुद भी ऑफिस के लिए
तैयार हो रही है,
फिर भी चेहरे पर मुस्कान रहती है,
और घर व्यवस्थित चलता रहता है।

उसकी निरीक्षण शक्ति अद्भुत होती है—

दाल पकी या नहीं,
बच्चे का मन उदास है या नहीं,
पति की थकान चेहरे पर दिख रही है या नहीं,
घर में कौन चुपचाप किसी चिंता में है—

उसकी नज़र सब समझ जाती है।
वह शब्दों से पहले
चेहरों की भाषा पढ़ लेती है।

अर्थशास्त्र भी वही संभालती है—

सीमित बजट में घर चलाना,
भोजन तैयार करना,
बचे हुए संसाधनों का सदुपयोग करना,
मौसम के अनुसार आवश्यकताओं को चुनना।

तीज-त्योहार की तैयारी,
अतिथियों की आवभगत,
नेग और रिश्तों का निर्वाह—
घर की आर्थिक नीति
अक्सर उसी की समझ से चलती है।

मनोविज्ञान भी उसे भलीभाँति आता है—

किसका मन उदास है,
किसे प्रोत्साहन चाहिए,
कौन बिना कहे दर्द छिपा रहा है—

वह सब जानती है।

कभी वह
मदर टेरेसा सी ममता बन जाती है,
तो कभी अपने दुःख छिपाकर
सबके जीवन में उजाला भर देती है।

वह केवल परिवार नहीं संभालती,
पूरा संसार सँभालने की क्षमता रखती है।

वह स्त्री चाहे पढ़ी-लिखी हो या नहीं,
अंग्रेज़ी जानती हो या नहीं,
पर उसके अनुभव, धैर्य और प्रेम के आगे
बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ भी छोटी लगती हैं।

वह केवल अन्नपूर्णा नहीं,
समय आने पर दुर्गा भी बन जाती है।
प्रेम दे तो गंगा सी निर्मल,
और अन्याय हो तो
चंडी सी प्रखर हो जाती है।

स्त्री को कम मत आँकिए,
क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक,
डॉक्टर, लेखक, सैनिक और उद्योगपति भी
सबसे पहले
एक माँ की गोद में ही गढ़े जाते हैं।

दुनिया की हर महान प्रतिभा की
पहली प्रयोगशाला,
एक स्त्री की ममता ही होती है।

क्योंकि
स्त्री केवल घर नहीं संभालती,
वह पीढ़ियाँ गढ़ती है,
संस्कार बोती है,
और प्रेम से संसार रचती है।

इसलिए अगली बार
जब वह चुपचाप
सबकी चिंता करती दिखाई दे,
तो उसे सामान्य मत समझिए…

एक पल रुककर
उस माँ, पत्नी, बहन या बेटी को
दिल से धन्यवाद ज़रूर कहिए,
जो अपने हिस्से की थकान छिपाकर भी
आपके जीवन को सहज बनाती है।

और केवल धन्यवाद ही नहीं…
कभी उसके लिए भी
थोड़ा समय निकालिए,
उसकी मुस्कान का कारण बनिए।

आइए नमन करें
उस महामानवी को,
जो अपने हाथों से
केवल कार्य नहीं करती,
बल्कि पूरे घर में
प्रेम, अपनापन और जीवन भर देती है।

जो हर परेशानी को
मुस्कान से हल्का कर देती है,
और अपने त्याग से
घर को सचमुच स्वर्ग बना देती है।
कार की टक्कर से पिता-पुत्र की मौत

*बंधुआ कला थाना क्षेत्र के हकवा मोड के पास वह हादसा*

सुल्तानपुर के बंधुआ कला थाना क्षेत्र के अलीगंज चौकी अंतर्गत हकुआ मोड के पास सोमवार की सुबह करीब छह बजे एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। तेज रफ्तार डिजायर कार ने भाई सवार पिता-पुत्र को टक्कर मार दी। मृतकों की पहचान कुड़वार थाना इलाके के बहमरपुर निवासी राजाराम प्रजापति(50) व उनके पुत्र सिकंदर प्रजापति(25) के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार राजाराम के साले का घर गौरी का पुरवा में है। उनके साले की आंख का ऑपरेशन हुआ है।रविवार की शाम राजाराम अपने बेटे के साथ साले के घर उन्हें देखने गए थे। सोमवार की सुबह दोनों घर लौट रहे थे। हकुआ मोड़ के पास पहुंचे थे की सामने से आ रही तेज रफ़्तार कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को मुसाफिरखाना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. हालत में सुधार न होने पर उन्हें सुलतानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां दोनों की मृत्यु हो गई। हादसे के बाद कार्स वालों गाड़ी छोड़कर भाग निकले।राजाराम प्रजापति राजगीर का काम करते हैं। लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से इन दिनों वह घर पर ही रहते थे। वही सिकंदर सूरत में प्राइवेट नौकरी करता था। एक माह पहले वह छुट्टी लेकर घर आया था। सिकंदर की शादी हो चुकी है लेकिन किसी कारण उसकी पत्नी मायके में ही रहती है। दुर्घटनाग्रस्त कार को थाने लाया जा रहा है। थाना प्रभारी प्रमोद ने बताया की शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

राजाराम के परिवार के गुड्डू ने बताया कि हादसे के बाद जब एंबुलेंस पहुंची तो उनसे मिन्नत की गई की सभी को मेडिकल कालेज ले जाया जाय। लेकिन जबरन एंबुलेंस कर्मी घायलों को लेकर मुसाफिरखाना सीएचसी ही ले गए। उसके बाद उन्हें मेडिकल कालेज रेफर किया गया। मुसाफिरखाना ले जाने की बजाय अगर घायलों को मेडिकल कालेज ले जाया जाता तो समय पर इलाज मिल सकता थ। एंबुलेंस कर्मियों से परिवार जनों की झड़प भी हुई।
मुजफ्फरनगर सांसद हरेन्द्र मलिक और चरथावल विधायक पंकज मलिक ने सुनी जनसमस्याएं, अधिकारियों से फोन पर कराए समाधान के प्रयास
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर से समाजवादी पार्टी सांसद हरेन्द्र मलिक और चरथावल विधायक पंकज मलिक ने आज अपने प्रेमपुरी स्थित आवास पर क्षेत्र से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और विस्तृत वार्ता की। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी विभिन्न जनसमस्याएं उनके समक्ष रखीं।

दोनों जनप्रतिनिधियों ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से फोन पर वार्ता की और कई मामलों में तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए। वहीं कुछ मामलों में मौके पर ही समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया भी शुरू कराई गई।

इस दौरान सांसद हरेन्द्र मलिक ने कहा कि जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने के लिए लगातार लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है और आगे भी यह सेवा कार्य निरंतर जारी रहेगा।

वहीं विधायक पंकज मलिक ने भी लोगों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और आमजन की आवाज को प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।
महंगाई का एक और झटका, पेट्रोल-डीजल की कीमत में उछाल, 10 दिन में चौथी बार बढ़े दाम

#dieselpricesriseagaincostlierby2point71rupeestoday

पेट्रोल और डीजल ने आम आदमी को फिर झटका दिया है। सरकार ने आज एक बार फिर तेल के दाम बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल ₹2.61 बढ़े तो डीजल 2.71 रुपये महंगा हो गया है। पिछले दस दिनों में ईंधन की कीमतों में चौथी बार इजाफा किया गया है।

पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंचा

10 दिन पहले 15 मई को पेट्रोल का रेट 94.77 रुपये के करीब था और डीजल भी लगभग 87.67 पैसे पर था। लेकिन हाल ही में एक बार फिर पेट्रोल में ₹2.61 और डीजल में ₹2.71 रुपये की बढ़ोत्तरी के साथ बीते 10 दिनों में पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंच चुका हैं, वहीं डीजल भी अब ₹95+ हो गया है।

किन शहरों में कितना महंगा हुआ पेट्रोल?

नई दरों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यहां 2.61 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जहां 2.87 रुपये की बढ़ोतरी हुई। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 107.77 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई।

डीजल के दाम में कितना इजाफा?

डीजल की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में डीजल अब 95.20 रुपये प्रति लीटर बिकेगा, जहां 2.71 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। कोलकाता में डीजल की कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर हो गई है। मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। डीजल महंगा होने का असर ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर ज्यादा पड़ता है। यही वजह है कि बाजार में सामानों की कीमतें बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

2024 से स्थिर थे दाम

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया। सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं । पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है ।

मारपीट और गाली-गलौज के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
धर्म सिंह
हरदोई-मल्लावां थाना पुलिस ने मारपीट और गाली-गलौज के मामले में एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार 23 मई 2026 को वादी आलोक मिश्रा पुत्र अमित मिश्रा निवासी ग्राम गंगारामपुर थाना मल्लावां ने थाने पर तहरीर देकर आरोप लगाया था कि हिमांशु पटेल पुत्र अशोक कुमार निवासी ग्राम तेंदुआ थाना मल्लावां समेत अन्य लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
तहरीर के आधार पर थाना मल्लावां में मुकदमा अपराध संख्या 265/2026 धारा 115(2), 352, 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने धारा 308(5) बीएनएस की बढ़ोत्तरी भी की।
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नामजद आरोपी हिमांशु पटेल पुत्र अशोक कुमार निवासी ग्राम तेंदुआ थाना मल्लावां जनपद हरदोई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राधेश्याम और कांस्टेबल अंकुर राणा शामिल रहे।
भोपाल में 26 से 31 मई तक लगेगा “वीर हिन्दू - विजेता हिन्दू” युवा शौर्य प्रशिक्षण वर्ग

सैकड़ों बजरंगी एवं ओजश्विनी बहनें लेंगी प्रशिक्षण

भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल, मध्यभारत प्रांत द्वारा “वीर हिन्दू - विजेता हिन्दू” युवा शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन 26 मई से 31 मई 2026 तक भोपाल में किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण वर्ग JSR मेडिकल कॉलेज परिसर, सूखी बायपास रोड, इमलिया, भोपाल (म.प्र.) में आयोजित होगा, जिसमें प्रदेशभर से सैकड़ों कार्यकर्ता, बजरंगी एवं ओजश्विनी बहनें सम्मिलित होंगी।

प्रशिक्षण वर्ग में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल, राष्ट्रीय महिला परिषद एवं ओजश्विनी संगठन के प्रांत, विभाग एवं जिला स्तर के पदाधिकारी तथा सक्रिय कार्यकर्ता भाग लेंगे। वर्ग में युवाओं के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं संगठनात्मक विकास पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत अध्यक्ष सुरेश आचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के मार्गदर्शन में प्रत्येक वर्ष ऐसे प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र, समाज एवं संस्कृति के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में फैली कुरीतियों, सामाजिक समस्याओं एवं चुनौतियों का सामना करने के लिए युवाओं का संगठित एवं संस्कारित होना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि 26 मई को सभी प्रतिभागी सायं 4 बजे तक वर्गस्थल पर पहुंचेंगे तथा 31 मई को सायं 4 बजे समापन के पश्चात अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगे।

वर्ग के अंतर्गत युवाओं को शौर्य, अनुशासन, संगठन, आत्मरक्षा एवं राष्ट्रसेवा से जुड़े विविध विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं 30 एवं 31 मई को राष्ट्रीय महिला परिषद एवं ओजश्विनी की बहनों एवं युवतियों के लिए विशेष आत्म-सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए जाएंगे।

अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद मध्यभारत प्रांत के महामंत्री संजीव पटेरिया ने बताया कि प्रशिक्षण वर्ग के दौरान केंद्रीय संयुक्त महामंत्री प्रदीप गौर, हिन्दू हेल्पलाइन केंद्रीय मंत्री राजेश्वर चौहान, क्षेत्रीय अध्यक्ष अतुल राठौर काका, क्षेत्रीय महामंत्री मूलचंद साध, हिन्दू हेल्पलाइन प्रदेश अध्यक्ष कमलेश रायचंदानी सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

संगठन पदाधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण वर्ग युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सेवा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

देवघर-हॉकी द्वारा “संडे ऑन साइकिल” के तहत साइकल रैली का आयोजन।
देवघर: 24 मई खेल प्राधिकरण भारत के प्राप्त पत्र तथा Hockey India एवं Hockey Jharkhand से मिले निर्देश के आलोक में फिट इंडिया मूवमेंट के तहत कॉमनवेल्थ डे के उपलक्ष्य पर विशेष कॉमनवेल्थ गेम्स थीम आधारित “संडे ऑन साइकिल” कार्यक्रम का आयोजन रविवार, 24 मई को हॉकी देवघर द्वारा किया गया। इस अवसर पर शहर में भव्य साइकल रैली निकाली गई, जिसमें खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का उद्देश्य लोगों के बीच फिटनेस, सक्रिय जीवन शैली, खेल भावना तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। प्रतिभागियों ने फिट इंडिया के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। हॉकी देवघर के अध्यक्ष विजय प्रताप सनातन ने कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट आज देश के युवाओं को स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। “संडे ऑन साइकिल” जैसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ खेल संस्कृति को भी मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हॉकी देवघर भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। हॉकी देवघर के सचिव प्रमोद प्रसाद यादव ने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी अभियान देशभर में फिटनेस और खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि साइकल रैली में खिलाड़ियों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी स्वास्थ्य और खेल के प्रति जागरूक हो रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने फिट इंडिया एवं खेलो इंडिया के नारों के साथ लोगों को नियमित व्यायाम, साइकिल चलाने तथा खेल गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया गया।
देवघर भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 : विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन ।
देवघर: भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन - फाइनल में बादशाह - 11 को 5 विकेट से रौंदा - आकर्षक आतिशबाजी के बीच केकेएन स्टेडियम में समापन देवघर स्थानीय केकेएन स्टेडियम में खेले गए 'स्व. बर्धन खवाड़े ट्रॉफी सीजन- 2 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में विरांश स्टाइलिश- 11 ने बादशाह-11 को 5 विकेट से हराकर चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। खेल प्रेमियों की भारी भीड़ के बीच खेला गया खिताबी मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। इस अवसर पर अपने संबोधन के क्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि जिस तरह से यह क्रिकेट टूर्नामेंट देवघर सहित झारखंड में प्रसिद्ध हो रहा है आने वाले दिनों में इसे और भव्य रूप दिया जाएगा। खिलाड़ियों के जोश को देखते हुए घोषणा की कि खिलाड़ियों को और बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए अगले साल स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट को और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नकद पुरस्कार राशि भी बढ़ाई जाएगी। कहा कि क्रिकेट सहित अन्य खेलों को भी भी बढ़ावा देने के लिए हमेशा पहल होगी। कोशिश के प्रयासों ने दिलायी जीत :- टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बादशाह - 11 की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन विरांश स्टाइलिश 11 की कसी हुई गेंदबाजी के सामने निर्धारित 12 ओवरों में 9 विकेट खोकर 119 रन ही बना सकी। बादशाह 11 की ओर से सीनियर वर्मा ने सर्वाधिक 39 रन (24 गेंद) और अभिषेक ने 22 रनों का योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 की तरफ से तुपलाला ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 ओवर में केवल 16 रन देकर 2 विकेट चटकाए। 120 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी विरांश स्टाइलिश 11 की शुरुआत बेहद खराब रही और शीर्ष 4 बल्लेबाज मात्र 14 रन के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए। उसके बाद कोशिश कुमार ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मैच का पासा ही पलट दिया। कोशिश ने मात्र 31 गेंदों में 4 चौकों और 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 70 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। वहीं, मोनू सिंह ने 29 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 ने 11.1 ओवर में 5 विकेट खोकर 123 रन बनाकर खिताबी जीत दर्ज की। विजेता और उपविजेता पर हुई पैसों की बारिश :- टूर्नामेंट के समापन के बाद मुख्य अतिथि सह टूर्नामेंट के चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े सहित विशिष्ट अतिथि एसबीआई के आरएम प्रशांत मिश्रा ने संयुक्त रूप से विजेता टीम विरांश स्टाइलिश 11 के कैप्टन को चमचमाती ट्रॉफी और 1 लाख 10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार सौंपा। वहीं, उपविजेता टीम बादशाह 11 के कैप्टन व फ्रेंचाइजी को प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. निशांत चौरसिया और टोयोटा धनबाद के मैनेजर राजीव रंजन द्वारा उप- विजेता ट्रॉफी और 55 हजार रुपए की नगद राशि प्रदान की गई। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों का उत्साह भी चरम पर था। कैच पकड़ने वाले दर्शक को 5100 :- चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े द्वारा स्टैंड्स में एक शानदार कैच पकड़ने वाले दर्शक राज को 5100 रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया गया। टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कार :- - मैन ऑफ द सीरीज :- लोकनाथ (पीवीआर पैंथर) - बेस्ट बैट्समैन :- संजू यादव (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट बॉलर :- विशाल (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट फील्डर :- अभिषेक (बादशाह 11) इनकी रही भूमिका :- मैच में निर्णायक (अंपायर) की भूमिका लाली और खुशहाल शेख ने निभाई, जबकि राकेश राय, अशोक कुमार, शैलेश कुमार और गौरव ने उद्घोषक के रूप में समां बांधा। कौन-कौन रहे उपस्थित :- मंच पर उपस्थित अतिथियों और कमेटी सदस्यों में आयोजन के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह, रितेश केसरी, धर्मेंद्र देव और ऋषि राज सिंह ने भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस दौरान मंच पर मुख्य रूप से नवीन शर्मा मुखिया सुशील महथा, दीपक दुबे, अजय खवाड़े, रोहित कुमार, नीरज झा, धीरज और पंकज वाजपेई आदि उपस्थित रहे। डॉल्फ़िन डांस के कलाकारों ने मोहा मन :- डॉल्फिन डांस एकेडमी के बच्चों द्वारा प्रशिक्षक पल्लवी झा के नेतृत्व में गणेश वंदना सहित अन्य गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया गया।
समाज को बांटना और तोड़ना, कांग्रेस की फितरत, यह षड्यंत्र सफल नहीं होने देंगे : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और झामुमो पर आदिवासी समाज को बांटने और तोड़ने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया है। आदिवासी समागम का विरोध करने को लेकर श्री मरांडी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने इन दलों को चेताते हुए कहा कि समाज को बांटने और मूल आदिवासी अधिकारों को कमजोर करने की उनकी साजिश कतई सफल नहीं होगी। श्री मरांडी भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि सरना, सनातन और हिंदू में कोई अंतर नहीं है। बल्कि इनमें समानता है। ये प्रकृति की पूजा करते हैं और पेड़, पहाड़, पत्थर, जल, धरती माता की भी पूजा करते हैं। सरना, सनातन और हिंदू में ही जाति व्यवस्था है। यहां जातियों की अनेकों समूह हैं। यहां 36 कोटि देवी देवता हैं। आदिवासी समाज में देश के अंदर 700 से अधिक जातियां हैं, झारखंड में भी 32-33 जातियां हैं। अपने गांव घरों में इनकी अपनी अपनी देवी देवता हैं। यह जो विविधता में एकता है, इसका समावेश सनातन, हिंदू, सरना में है। जहां इतनी अधिक समानता है वहां पर कांग्रेस और jmm के लोग कहते हैं कि इन्हें हिंदू बनाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि हिंदू बनाने का कहीं कोई परंपरा ही नहीं है। बनाए तो क्रिश्चन और मुसलमान जाते हैं। सरना, सनातन और हिंदू तो पैदाइशी होते हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास सभी को पता है। कांग्रेस का गठन करने वाले अंग्रेज रहे हैं। 1857 के सिपाही विद्रोह के बाद ही अंग्रेजों को लगने लगा कि अब देश को संभालना होगा तो एक सेफ्टी वाल्ब के रूप में कांग्रेस पार्टी का गठन किया गया। अंग्रेज ने समाज को विभाजित और तोड़कर, लोगों को आपस में लड़ा कर इस देश पर राज किया। कांग्रेस पार्टी तो उन्हीं के एक मानस पुत्र रहे हैं। इसलिए जब देश स्वतंत्र हुआ तो महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को खत्म कर देनी चाहिए परंतु कांग्रेस ने गांधी जी की बातों को अनसुना कर दिया। अंग्रेजों की "फूट डालो और राज करो" की संस्कृति पर ही कांग्रेस देश में लंबे वर्षों तक कार्य करती रही। अब जब देश से कांग्रेस की विदाई हो रही है तो यह पार्टी समाज को तोड़ने का नया-नया हथकंडा अपना रही है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा भाजपा व आरएसएस पर आदिवासियों को हिंदू बनाने का लगाया गया आरोप उसी हथकंडा का एक हिस्सा है। समाज को तोड़ना और कुर्सी प्राप्त करना तो कांग्रेस की फितरत है।

श्री मरांडी ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो वोट बैंक की राजनीति के लिए आदिवासी समाज में विभाजन पैदा करने का काम कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा पेसा कानून की नियमावली में आदिवासी परंपराओं और रूढ़िगत व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। जो लोग आदिवासी संस्कृति, आस्था और परंपराओं को बदलने का काम करते हैं, उन पर ये दल मौन रहते हैं। इसलिए कांग्रेस और झामुमो के मुँह से आदिवासी हित की बात शोभा नहीं देती।

श्री मरांडी ने कहा कि जहां 32वां या सुदृढ़ीकरण कर आदिवासियों को क्रिश्चियन बनाया जा रहा है, कलमा पढ़ाकर किसी को मुसलमान बनाया जाता है, लोगों की संस्कृति, परंपरा, विश्वास, आस्था को मिटाने का काम किया जा रहा है, उस मुद्दे पर कांग्रेस और झामुमो के लोग कुछ नहीं बोलते हैं। वोट बैंक की राजनीति के लिए यहां के आदिवासी, जनजाति जो मूल समाज है उनको कैसे समाज से अलग किया जाए, उनमें अलगाव पैदा किया जाए, इसके लिए षड्यंत्र किया जा रहा है, इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। सत्ता में बैठे कांग्रेस और jmm के लोग समाज को सिर्फ बांटने तोड़ने का काम कर रहे हैं। इस प्रकार की नीतियां बहुत दिनों तक नहीं चलेगी। बहुत दिनों तक इन दलों ने बरगलाकर समाज को गुमराह किया। अब समाज जागरूक हो चुका है। समाज की अपनी मूल पहचान है, इसे समाज पहचान चुका है।

श्री मरांडी ने कहा कि जितनी भी जनजातियों की पूजा स्थल है, उसको संरक्षित, सुरक्षित और विकसित करने की जरूरत है। जगह-जगह पर सरना मसना, पहनाई की जमीन जमीन बर्बाद हो रही है, माफियाओं के चंगुल में जा रहा है। इसको बचाने और संरक्षित करने की जरूरत है, तभी संस्कृति बचेगी। जब झारखंड बना और हमारी सरकार बनी तो हमने ही जाहेरथान की घेराबंदी शुरू करवाई, मांझी थान बनवाने का काम शुरू हुआ। रघुवर दास की सरकार ने इस काम को आगे बढ़ाया।

इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित रही।

औद्योगिक सुरक्षा की जांच: पीवीयूएनएल में अम्ल रिसाव पर मॉक ड्रिल सफल, सीईओ ने कंट्रोल रूम से खुद संभाली कमान।

आज दिनांक को पीवीयूएनएल में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), पीवीयूएनएल के निर्देशन में आपदा एवं किसी भी शत्रुतापूर्ण परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु कर्मचारियों, सीआईएसएफ एवं प्रबंधन को सजग एवं प्रशिक्षित रखने के उद्देश्य से अम्ल रिसाव (एसिड लीकेज) पर आधारित एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

इसी क्रम में आज सीआईएसएफ एवं एनडीआरएफ टीम की सहभागिता से मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। उक्त मॉक ड्रिल का आयोजन डीएम प्लांट स्थित अम्ल भंडारण टैंक क्षेत्र में किया गया, जहां अम्ल रिसाव की काल्पनिक आपात स्थिति उत्पन्न कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान सीआईएसएफ एवं एनडीआरएफ के मध्य उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला तथा प्रबंधन का सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा। चिकित्सालय एवं एम्बुलेंस दल पूर्ण तत्परता के साथ सक्रिय रहे। सुरक्षा अधिकारी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना) एवं महाप्रबंधक (परियोजना) भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल के साथ मानव संसाधन विभागाध्यक्ष नियंत्रण कक्ष में उपस्थित रहकर संपूर्ण स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए थे।

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य अम्ल रिसाव जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करना तथा विभिन्न एजेंसियों के मध्य बेहतर तालमेल स्थापित करना था।

एक जीवित विश्वविद्यालय का स्वरूप है स्त्री
—  डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार


माना कि महिलाएँ आज भी
रसायन विज्ञान, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र,
प्रबंधन, बैंकिंग और अनेक क्षेत्रों में
संख्या के आधार पर पुरुषों से कम दिखाई देती हैं…

लेकिन फिर भी
इन सभी क्षेत्रों के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों,
अर्थशास्त्रियों, प्रबंधकों और विद्वानों की
पहली गुरु, पहली पाठशाला
और पहली प्रयोगशाला
एक स्त्री ही होती है —
माँ।

वह प्रयोगशाला
जहाँ इंसान गढ़े जाते हैं…
जहाँ संस्कारों की नींव रखी जाती है,
जहाँ प्रेम, त्याग, अनुशासन
और मानवता का निर्माण होता है।

स्त्रियाँ जन्मजात विदुषी होती हैं।
वह लक्ष्मी भी हैं,
अन्नपूर्णा भी हैं,
सरस्वती भी हैं…
और समय आने पर
दुर्गा भी बन जाती हैं।

जिसे दुनिया अक्सर
केवल “घर संभालना” कहकर
छोटा समझ लेती है,
असल में वही
सबसे बड़ा प्रबंधन है।

एक पुरुष शायद घर चला सकता है,
पर एक स्त्री
पूरे घर में जीवन भर देती है।
वह दीवारों को घर
और घर को परिवार बनाती है।

इतिहास गवाह है
कि संसार के बड़े-बड़े वीर,
महापुरुष और युग निर्माता भी
किसी स्त्री की गोद में ही
संस्कार पाकर महान बने।

वह माँ राजमाता जिजाबाई ही थीं
जिन्होंने बालक शिवा को
केवल पुत्र नहीं,
एक वीर, धर्मरक्षक और राष्ट्रनायक
छत्रपति शिवाजी महाराज बनाया।

वह माँ जयवंता बाई ही थीं
जिन्होंने अपने पुत्र में
स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम के
ऐसे संस्कार डाले
कि वही बालक आगे चलकर
महाराणा प्रताप बना।

क्योंकि संसार की हर महान प्रतिभा की
पहली पाठशाला
एक माँ होती है।

एक स्त्री कितनी विदुषी होती है,
आइए उसके जीवन को ही
एक जीवित विश्वविद्यालय मानकर
उसकी अद्भुत विद्वता को समझने का प्रयास करें।

क्या कभी किसी ने
सच में समझा है
उस स्त्री की बुद्धिमत्ता को
जो दिन-रात
सिर्फ घर नहीं संभालती,
बल्कि जीवन सँवारती है?

हम डिग्रियों में ज्ञान ढूँढते हैं,
पद और पहचान में सम्मान ढूँढते हैं…
पर हर घर में
एक चलता-फिरता विश्वविद्यालय बसता है।

जहाँ बिना किसी किताब के
हर दिन जीवन का विज्ञान जन्म लेता है…
जहाँ अनुभव ही शिक्षा है,
और प्रेम ही सबसे बड़ी डिग्री।

जिसे दुनिया केवल घर समझती है,
वहीं से पीढ़ियाँ संस्कार सीखती हैं।
वहाँ केवल दिनचर्या नहीं चलती,
वहाँ रिश्ते, संवेदनाएँ
और सभ्यताएँ जन्म लेती हैं।

गणित वहाँ हर रोज़ मुस्कुराता है—

कितने लोगों की कितनी ज़रूरतें,
कहाँ कितना समय देना है,
कैसे सीमित साधनों में
सबकी इच्छाओं को संतुलित करना है।

बिना कॉपी-कलम के
हर हिसाब सही हो जाता है,
क्योंकि माँ के अनुभव में
ईश्वर का ज्ञान समा जाता है।

भौतिक विज्ञान भी वहीं बसता है—

कब धैर्य रखना है,
कब दृढ़ होना है,
कब मौन रहकर समझाना है,
और कब आवाज़ उठानी है।

जीवन की परिस्थितियों का
इतना सटीक संतुलन,
शायद किताबें भी
इतने प्रेम से न सिखा पाएँ।

रसायन विज्ञान का अद्भुत संसार—

वह टूटे मनों को जोड़ देती है,
क्रोध को प्रेम में बदल देती है,
उदासी में आशा घोल देती है,
और संघर्षों में साहस मिला देती है।

उसके स्पर्श में ऐसा जादू होता है
कि बिखरे हुए रिश्ते भी
फिर मुस्कुराने लगते हैं।

प्रबंधन कला की वह जीवित मिसाल है—

एक साथ चार काम करना,
सबको समय पर संभालना,
कम समय में सब व्यवस्थित करना।

यह किसी बड़ी कंपनी का
मैनेजमेंट नहीं तो और क्या है?

कॉरपोरेट की बड़ी-बड़ी बैठकों में
जिस “मैनेजमेंट स्किल” की बातें होती हैं,
उसका सबसे जीवंत रूप तो
सदियों से एक स्त्री के जीवन में दिखाई देता है।

मल्टीटास्किंग उसकी पहचान है—

एक तरफ चाय उबल रही है,
पूजा की थाली भी सज रही है,
पति और बच्चों का टिफिन भी भर रहा है,
बच्चों को उठाकर तैयार भी किया जा रहा है।

फोन भी उठा रही है,
दरवाज़ा भी खोल रही है,
और बारिश आ जाए तो
छत से कपड़े भी दौड़कर ला रही है।

खुद भी ऑफिस के लिए
तैयार हो रही है,
फिर भी चेहरे पर मुस्कान रहती है,
और घर व्यवस्थित चलता रहता है।

उसकी निरीक्षण शक्ति अद्भुत होती है—

दाल पकी या नहीं,
बच्चे का मन उदास है या नहीं,
पति की थकान चेहरे पर दिख रही है या नहीं,
घर में कौन चुपचाप किसी चिंता में है—

उसकी नज़र सब समझ जाती है।
वह शब्दों से पहले
चेहरों की भाषा पढ़ लेती है।

अर्थशास्त्र भी वही संभालती है—

सीमित बजट में घर चलाना,
भोजन तैयार करना,
बचे हुए संसाधनों का सदुपयोग करना,
मौसम के अनुसार आवश्यकताओं को चुनना।

तीज-त्योहार की तैयारी,
अतिथियों की आवभगत,
नेग और रिश्तों का निर्वाह—
घर की आर्थिक नीति
अक्सर उसी की समझ से चलती है।

मनोविज्ञान भी उसे भलीभाँति आता है—

किसका मन उदास है,
किसे प्रोत्साहन चाहिए,
कौन बिना कहे दर्द छिपा रहा है—

वह सब जानती है।

कभी वह
मदर टेरेसा सी ममता बन जाती है,
तो कभी अपने दुःख छिपाकर
सबके जीवन में उजाला भर देती है।

वह केवल परिवार नहीं संभालती,
पूरा संसार सँभालने की क्षमता रखती है।

वह स्त्री चाहे पढ़ी-लिखी हो या नहीं,
अंग्रेज़ी जानती हो या नहीं,
पर उसके अनुभव, धैर्य और प्रेम के आगे
बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ भी छोटी लगती हैं।

वह केवल अन्नपूर्णा नहीं,
समय आने पर दुर्गा भी बन जाती है।
प्रेम दे तो गंगा सी निर्मल,
और अन्याय हो तो
चंडी सी प्रखर हो जाती है।

स्त्री को कम मत आँकिए,
क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक,
डॉक्टर, लेखक, सैनिक और उद्योगपति भी
सबसे पहले
एक माँ की गोद में ही गढ़े जाते हैं।

दुनिया की हर महान प्रतिभा की
पहली प्रयोगशाला,
एक स्त्री की ममता ही होती है।

क्योंकि
स्त्री केवल घर नहीं संभालती,
वह पीढ़ियाँ गढ़ती है,
संस्कार बोती है,
और प्रेम से संसार रचती है।

इसलिए अगली बार
जब वह चुपचाप
सबकी चिंता करती दिखाई दे,
तो उसे सामान्य मत समझिए…

एक पल रुककर
उस माँ, पत्नी, बहन या बेटी को
दिल से धन्यवाद ज़रूर कहिए,
जो अपने हिस्से की थकान छिपाकर भी
आपके जीवन को सहज बनाती है।

और केवल धन्यवाद ही नहीं…
कभी उसके लिए भी
थोड़ा समय निकालिए,
उसकी मुस्कान का कारण बनिए।

आइए नमन करें
उस महामानवी को,
जो अपने हाथों से
केवल कार्य नहीं करती,
बल्कि पूरे घर में
प्रेम, अपनापन और जीवन भर देती है।

जो हर परेशानी को
मुस्कान से हल्का कर देती है,
और अपने त्याग से
घर को सचमुच स्वर्ग बना देती है।
कार की टक्कर से पिता-पुत्र की मौत

*बंधुआ कला थाना क्षेत्र के हकवा मोड के पास वह हादसा*

सुल्तानपुर के बंधुआ कला थाना क्षेत्र के अलीगंज चौकी अंतर्गत हकुआ मोड के पास सोमवार की सुबह करीब छह बजे एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। तेज रफ्तार डिजायर कार ने भाई सवार पिता-पुत्र को टक्कर मार दी। मृतकों की पहचान कुड़वार थाना इलाके के बहमरपुर निवासी राजाराम प्रजापति(50) व उनके पुत्र सिकंदर प्रजापति(25) के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार राजाराम के साले का घर गौरी का पुरवा में है। उनके साले की आंख का ऑपरेशन हुआ है।रविवार की शाम राजाराम अपने बेटे के साथ साले के घर उन्हें देखने गए थे। सोमवार की सुबह दोनों घर लौट रहे थे। हकुआ मोड़ के पास पहुंचे थे की सामने से आ रही तेज रफ़्तार कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को मुसाफिरखाना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. हालत में सुधार न होने पर उन्हें सुलतानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां दोनों की मृत्यु हो गई। हादसे के बाद कार्स वालों गाड़ी छोड़कर भाग निकले।राजाराम प्रजापति राजगीर का काम करते हैं। लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से इन दिनों वह घर पर ही रहते थे। वही सिकंदर सूरत में प्राइवेट नौकरी करता था। एक माह पहले वह छुट्टी लेकर घर आया था। सिकंदर की शादी हो चुकी है लेकिन किसी कारण उसकी पत्नी मायके में ही रहती है। दुर्घटनाग्रस्त कार को थाने लाया जा रहा है। थाना प्रभारी प्रमोद ने बताया की शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

राजाराम के परिवार के गुड्डू ने बताया कि हादसे के बाद जब एंबुलेंस पहुंची तो उनसे मिन्नत की गई की सभी को मेडिकल कालेज ले जाया जाय। लेकिन जबरन एंबुलेंस कर्मी घायलों को लेकर मुसाफिरखाना सीएचसी ही ले गए। उसके बाद उन्हें मेडिकल कालेज रेफर किया गया। मुसाफिरखाना ले जाने की बजाय अगर घायलों को मेडिकल कालेज ले जाया जाता तो समय पर इलाज मिल सकता थ। एंबुलेंस कर्मियों से परिवार जनों की झड़प भी हुई।
मुजफ्फरनगर सांसद हरेन्द्र मलिक और चरथावल विधायक पंकज मलिक ने सुनी जनसमस्याएं, अधिकारियों से फोन पर कराए समाधान के प्रयास
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर से समाजवादी पार्टी सांसद हरेन्द्र मलिक और चरथावल विधायक पंकज मलिक ने आज अपने प्रेमपुरी स्थित आवास पर क्षेत्र से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और विस्तृत वार्ता की। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी विभिन्न जनसमस्याएं उनके समक्ष रखीं।

दोनों जनप्रतिनिधियों ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से फोन पर वार्ता की और कई मामलों में तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए। वहीं कुछ मामलों में मौके पर ही समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया भी शुरू कराई गई।

इस दौरान सांसद हरेन्द्र मलिक ने कहा कि जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने के लिए लगातार लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है और आगे भी यह सेवा कार्य निरंतर जारी रहेगा।

वहीं विधायक पंकज मलिक ने भी लोगों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और आमजन की आवाज को प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।
महंगाई का एक और झटका, पेट्रोल-डीजल की कीमत में उछाल, 10 दिन में चौथी बार बढ़े दाम

#dieselpricesriseagaincostlierby2point71rupeestoday

पेट्रोल और डीजल ने आम आदमी को फिर झटका दिया है। सरकार ने आज एक बार फिर तेल के दाम बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल ₹2.61 बढ़े तो डीजल 2.71 रुपये महंगा हो गया है। पिछले दस दिनों में ईंधन की कीमतों में चौथी बार इजाफा किया गया है।

पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंचा

10 दिन पहले 15 मई को पेट्रोल का रेट 94.77 रुपये के करीब था और डीजल भी लगभग 87.67 पैसे पर था। लेकिन हाल ही में एक बार फिर पेट्रोल में ₹2.61 और डीजल में ₹2.71 रुपये की बढ़ोत्तरी के साथ बीते 10 दिनों में पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंच चुका हैं, वहीं डीजल भी अब ₹95+ हो गया है।

किन शहरों में कितना महंगा हुआ पेट्रोल?

नई दरों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यहां 2.61 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जहां 2.87 रुपये की बढ़ोतरी हुई। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 107.77 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई।

डीजल के दाम में कितना इजाफा?

डीजल की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में डीजल अब 95.20 रुपये प्रति लीटर बिकेगा, जहां 2.71 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। कोलकाता में डीजल की कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर हो गई है। मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। डीजल महंगा होने का असर ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर ज्यादा पड़ता है। यही वजह है कि बाजार में सामानों की कीमतें बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

2024 से स्थिर थे दाम

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया। सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं । पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है ।

मारपीट और गाली-गलौज के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
धर्म सिंह
हरदोई-मल्लावां थाना पुलिस ने मारपीट और गाली-गलौज के मामले में एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार 23 मई 2026 को वादी आलोक मिश्रा पुत्र अमित मिश्रा निवासी ग्राम गंगारामपुर थाना मल्लावां ने थाने पर तहरीर देकर आरोप लगाया था कि हिमांशु पटेल पुत्र अशोक कुमार निवासी ग्राम तेंदुआ थाना मल्लावां समेत अन्य लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
तहरीर के आधार पर थाना मल्लावां में मुकदमा अपराध संख्या 265/2026 धारा 115(2), 352, 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने धारा 308(5) बीएनएस की बढ़ोत्तरी भी की।
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नामजद आरोपी हिमांशु पटेल पुत्र अशोक कुमार निवासी ग्राम तेंदुआ थाना मल्लावां जनपद हरदोई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राधेश्याम और कांस्टेबल अंकुर राणा शामिल रहे।
भोपाल में 26 से 31 मई तक लगेगा “वीर हिन्दू - विजेता हिन्दू” युवा शौर्य प्रशिक्षण वर्ग

सैकड़ों बजरंगी एवं ओजश्विनी बहनें लेंगी प्रशिक्षण

भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल, मध्यभारत प्रांत द्वारा “वीर हिन्दू - विजेता हिन्दू” युवा शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन 26 मई से 31 मई 2026 तक भोपाल में किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण वर्ग JSR मेडिकल कॉलेज परिसर, सूखी बायपास रोड, इमलिया, भोपाल (म.प्र.) में आयोजित होगा, जिसमें प्रदेशभर से सैकड़ों कार्यकर्ता, बजरंगी एवं ओजश्विनी बहनें सम्मिलित होंगी।

प्रशिक्षण वर्ग में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल, राष्ट्रीय महिला परिषद एवं ओजश्विनी संगठन के प्रांत, विभाग एवं जिला स्तर के पदाधिकारी तथा सक्रिय कार्यकर्ता भाग लेंगे। वर्ग में युवाओं के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं संगठनात्मक विकास पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत अध्यक्ष सुरेश आचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के मार्गदर्शन में प्रत्येक वर्ष ऐसे प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र, समाज एवं संस्कृति के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में फैली कुरीतियों, सामाजिक समस्याओं एवं चुनौतियों का सामना करने के लिए युवाओं का संगठित एवं संस्कारित होना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि 26 मई को सभी प्रतिभागी सायं 4 बजे तक वर्गस्थल पर पहुंचेंगे तथा 31 मई को सायं 4 बजे समापन के पश्चात अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगे।

वर्ग के अंतर्गत युवाओं को शौर्य, अनुशासन, संगठन, आत्मरक्षा एवं राष्ट्रसेवा से जुड़े विविध विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं 30 एवं 31 मई को राष्ट्रीय महिला परिषद एवं ओजश्विनी की बहनों एवं युवतियों के लिए विशेष आत्म-सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए जाएंगे।

अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद मध्यभारत प्रांत के महामंत्री संजीव पटेरिया ने बताया कि प्रशिक्षण वर्ग के दौरान केंद्रीय संयुक्त महामंत्री प्रदीप गौर, हिन्दू हेल्पलाइन केंद्रीय मंत्री राजेश्वर चौहान, क्षेत्रीय अध्यक्ष अतुल राठौर काका, क्षेत्रीय महामंत्री मूलचंद साध, हिन्दू हेल्पलाइन प्रदेश अध्यक्ष कमलेश रायचंदानी सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

संगठन पदाधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण वर्ग युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सेवा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

देवघर-हॉकी द्वारा “संडे ऑन साइकिल” के तहत साइकल रैली का आयोजन।
देवघर: 24 मई खेल प्राधिकरण भारत के प्राप्त पत्र तथा Hockey India एवं Hockey Jharkhand से मिले निर्देश के आलोक में फिट इंडिया मूवमेंट के तहत कॉमनवेल्थ डे के उपलक्ष्य पर विशेष कॉमनवेल्थ गेम्स थीम आधारित “संडे ऑन साइकिल” कार्यक्रम का आयोजन रविवार, 24 मई को हॉकी देवघर द्वारा किया गया। इस अवसर पर शहर में भव्य साइकल रैली निकाली गई, जिसमें खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का उद्देश्य लोगों के बीच फिटनेस, सक्रिय जीवन शैली, खेल भावना तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। प्रतिभागियों ने फिट इंडिया के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। हॉकी देवघर के अध्यक्ष विजय प्रताप सनातन ने कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट आज देश के युवाओं को स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। “संडे ऑन साइकिल” जैसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ खेल संस्कृति को भी मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हॉकी देवघर भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। हॉकी देवघर के सचिव प्रमोद प्रसाद यादव ने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी अभियान देशभर में फिटनेस और खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि साइकल रैली में खिलाड़ियों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी स्वास्थ्य और खेल के प्रति जागरूक हो रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने फिट इंडिया एवं खेलो इंडिया के नारों के साथ लोगों को नियमित व्यायाम, साइकिल चलाने तथा खेल गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया गया।
देवघर भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 : विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन ।
देवघर: भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन - फाइनल में बादशाह - 11 को 5 विकेट से रौंदा - आकर्षक आतिशबाजी के बीच केकेएन स्टेडियम में समापन देवघर स्थानीय केकेएन स्टेडियम में खेले गए 'स्व. बर्धन खवाड़े ट्रॉफी सीजन- 2 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में विरांश स्टाइलिश- 11 ने बादशाह-11 को 5 विकेट से हराकर चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। खेल प्रेमियों की भारी भीड़ के बीच खेला गया खिताबी मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। इस अवसर पर अपने संबोधन के क्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि जिस तरह से यह क्रिकेट टूर्नामेंट देवघर सहित झारखंड में प्रसिद्ध हो रहा है आने वाले दिनों में इसे और भव्य रूप दिया जाएगा। खिलाड़ियों के जोश को देखते हुए घोषणा की कि खिलाड़ियों को और बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए अगले साल स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट को और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नकद पुरस्कार राशि भी बढ़ाई जाएगी। कहा कि क्रिकेट सहित अन्य खेलों को भी भी बढ़ावा देने के लिए हमेशा पहल होगी। कोशिश के प्रयासों ने दिलायी जीत :- टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बादशाह - 11 की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन विरांश स्टाइलिश 11 की कसी हुई गेंदबाजी के सामने निर्धारित 12 ओवरों में 9 विकेट खोकर 119 रन ही बना सकी। बादशाह 11 की ओर से सीनियर वर्मा ने सर्वाधिक 39 रन (24 गेंद) और अभिषेक ने 22 रनों का योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 की तरफ से तुपलाला ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 ओवर में केवल 16 रन देकर 2 विकेट चटकाए। 120 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी विरांश स्टाइलिश 11 की शुरुआत बेहद खराब रही और शीर्ष 4 बल्लेबाज मात्र 14 रन के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए। उसके बाद कोशिश कुमार ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मैच का पासा ही पलट दिया। कोशिश ने मात्र 31 गेंदों में 4 चौकों और 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 70 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। वहीं, मोनू सिंह ने 29 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 ने 11.1 ओवर में 5 विकेट खोकर 123 रन बनाकर खिताबी जीत दर्ज की। विजेता और उपविजेता पर हुई पैसों की बारिश :- टूर्नामेंट के समापन के बाद मुख्य अतिथि सह टूर्नामेंट के चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े सहित विशिष्ट अतिथि एसबीआई के आरएम प्रशांत मिश्रा ने संयुक्त रूप से विजेता टीम विरांश स्टाइलिश 11 के कैप्टन को चमचमाती ट्रॉफी और 1 लाख 10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार सौंपा। वहीं, उपविजेता टीम बादशाह 11 के कैप्टन व फ्रेंचाइजी को प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. निशांत चौरसिया और टोयोटा धनबाद के मैनेजर राजीव रंजन द्वारा उप- विजेता ट्रॉफी और 55 हजार रुपए की नगद राशि प्रदान की गई। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों का उत्साह भी चरम पर था। कैच पकड़ने वाले दर्शक को 5100 :- चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े द्वारा स्टैंड्स में एक शानदार कैच पकड़ने वाले दर्शक राज को 5100 रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया गया। टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कार :- - मैन ऑफ द सीरीज :- लोकनाथ (पीवीआर पैंथर) - बेस्ट बैट्समैन :- संजू यादव (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट बॉलर :- विशाल (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट फील्डर :- अभिषेक (बादशाह 11) इनकी रही भूमिका :- मैच में निर्णायक (अंपायर) की भूमिका लाली और खुशहाल शेख ने निभाई, जबकि राकेश राय, अशोक कुमार, शैलेश कुमार और गौरव ने उद्घोषक के रूप में समां बांधा। कौन-कौन रहे उपस्थित :- मंच पर उपस्थित अतिथियों और कमेटी सदस्यों में आयोजन के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह, रितेश केसरी, धर्मेंद्र देव और ऋषि राज सिंह ने भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस दौरान मंच पर मुख्य रूप से नवीन शर्मा मुखिया सुशील महथा, दीपक दुबे, अजय खवाड़े, रोहित कुमार, नीरज झा, धीरज और पंकज वाजपेई आदि उपस्थित रहे। डॉल्फ़िन डांस के कलाकारों ने मोहा मन :- डॉल्फिन डांस एकेडमी के बच्चों द्वारा प्रशिक्षक पल्लवी झा के नेतृत्व में गणेश वंदना सहित अन्य गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया गया।
समाज को बांटना और तोड़ना, कांग्रेस की फितरत, यह षड्यंत्र सफल नहीं होने देंगे : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और झामुमो पर आदिवासी समाज को बांटने और तोड़ने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया है। आदिवासी समागम का विरोध करने को लेकर श्री मरांडी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने इन दलों को चेताते हुए कहा कि समाज को बांटने और मूल आदिवासी अधिकारों को कमजोर करने की उनकी साजिश कतई सफल नहीं होगी। श्री मरांडी भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि सरना, सनातन और हिंदू में कोई अंतर नहीं है। बल्कि इनमें समानता है। ये प्रकृति की पूजा करते हैं और पेड़, पहाड़, पत्थर, जल, धरती माता की भी पूजा करते हैं। सरना, सनातन और हिंदू में ही जाति व्यवस्था है। यहां जातियों की अनेकों समूह हैं। यहां 36 कोटि देवी देवता हैं। आदिवासी समाज में देश के अंदर 700 से अधिक जातियां हैं, झारखंड में भी 32-33 जातियां हैं। अपने गांव घरों में इनकी अपनी अपनी देवी देवता हैं। यह जो विविधता में एकता है, इसका समावेश सनातन, हिंदू, सरना में है। जहां इतनी अधिक समानता है वहां पर कांग्रेस और jmm के लोग कहते हैं कि इन्हें हिंदू बनाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि हिंदू बनाने का कहीं कोई परंपरा ही नहीं है। बनाए तो क्रिश्चन और मुसलमान जाते हैं। सरना, सनातन और हिंदू तो पैदाइशी होते हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास सभी को पता है। कांग्रेस का गठन करने वाले अंग्रेज रहे हैं। 1857 के सिपाही विद्रोह के बाद ही अंग्रेजों को लगने लगा कि अब देश को संभालना होगा तो एक सेफ्टी वाल्ब के रूप में कांग्रेस पार्टी का गठन किया गया। अंग्रेज ने समाज को विभाजित और तोड़कर, लोगों को आपस में लड़ा कर इस देश पर राज किया। कांग्रेस पार्टी तो उन्हीं के एक मानस पुत्र रहे हैं। इसलिए जब देश स्वतंत्र हुआ तो महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को खत्म कर देनी चाहिए परंतु कांग्रेस ने गांधी जी की बातों को अनसुना कर दिया। अंग्रेजों की "फूट डालो और राज करो" की संस्कृति पर ही कांग्रेस देश में लंबे वर्षों तक कार्य करती रही। अब जब देश से कांग्रेस की विदाई हो रही है तो यह पार्टी समाज को तोड़ने का नया-नया हथकंडा अपना रही है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा भाजपा व आरएसएस पर आदिवासियों को हिंदू बनाने का लगाया गया आरोप उसी हथकंडा का एक हिस्सा है। समाज को तोड़ना और कुर्सी प्राप्त करना तो कांग्रेस की फितरत है।

श्री मरांडी ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो वोट बैंक की राजनीति के लिए आदिवासी समाज में विभाजन पैदा करने का काम कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा पेसा कानून की नियमावली में आदिवासी परंपराओं और रूढ़िगत व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। जो लोग आदिवासी संस्कृति, आस्था और परंपराओं को बदलने का काम करते हैं, उन पर ये दल मौन रहते हैं। इसलिए कांग्रेस और झामुमो के मुँह से आदिवासी हित की बात शोभा नहीं देती।

श्री मरांडी ने कहा कि जहां 32वां या सुदृढ़ीकरण कर आदिवासियों को क्रिश्चियन बनाया जा रहा है, कलमा पढ़ाकर किसी को मुसलमान बनाया जाता है, लोगों की संस्कृति, परंपरा, विश्वास, आस्था को मिटाने का काम किया जा रहा है, उस मुद्दे पर कांग्रेस और झामुमो के लोग कुछ नहीं बोलते हैं। वोट बैंक की राजनीति के लिए यहां के आदिवासी, जनजाति जो मूल समाज है उनको कैसे समाज से अलग किया जाए, उनमें अलगाव पैदा किया जाए, इसके लिए षड्यंत्र किया जा रहा है, इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। सत्ता में बैठे कांग्रेस और jmm के लोग समाज को सिर्फ बांटने तोड़ने का काम कर रहे हैं। इस प्रकार की नीतियां बहुत दिनों तक नहीं चलेगी। बहुत दिनों तक इन दलों ने बरगलाकर समाज को गुमराह किया। अब समाज जागरूक हो चुका है। समाज की अपनी मूल पहचान है, इसे समाज पहचान चुका है।

श्री मरांडी ने कहा कि जितनी भी जनजातियों की पूजा स्थल है, उसको संरक्षित, सुरक्षित और विकसित करने की जरूरत है। जगह-जगह पर सरना मसना, पहनाई की जमीन जमीन बर्बाद हो रही है, माफियाओं के चंगुल में जा रहा है। इसको बचाने और संरक्षित करने की जरूरत है, तभी संस्कृति बचेगी। जब झारखंड बना और हमारी सरकार बनी तो हमने ही जाहेरथान की घेराबंदी शुरू करवाई, मांझी थान बनवाने का काम शुरू हुआ। रघुवर दास की सरकार ने इस काम को आगे बढ़ाया।

इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित रही।