पूर्व मुख्यमंत्री से मिले दुर्गेश मिश्र, गीत के माध्यम से उठाई जनपद की समस्याएं*
सुल्तानपुर,जनपद के कटका बाजार निवासी समाजसेवी दुर्गेश मिश्र ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर क्षेत्रीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान उन्होंने एक अनोखे अंदाज में जनपद की जमीनी हकीकत को सामने रखते हुए गीत के माध्यम से अपनी बात रखी, जिसे सुनकर उपस्थित लोग भी भावुक हो उठे। दुर्गेश मिश्र ने अपने गीत में वर्तमान समय की प्रमुख समस्याओं जैसे बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई, युवाओं की परेशानियां और आम जनता के संघर्ष को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जनपद सुल्तानपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनमें निराशा बढ़ रही है। वहीं लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुर्गेश मिश्र की प्रस्तुति को गंभीरता से सुना और उनके प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को इस तरह रचनात्मक तरीके से सामने लाना सराहनीय है और इससे समाज में जागरूकता बढ़ती है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि आम जनता के मुद्दों को हमेशा प्राथमिकता दी जाएगी। मुलाकात के दौरान दुर्गेश मिश्र ने पूर्व सरकार में किए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया और उनके समर्थन में गीत प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि जनता आज भी उन कार्यों को याद करती है और उम्मीद करती है कि भविष्य में फिर से विकास की वही गति देखने को मिलेगी। इस मुलाकात के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के प्रयास जनप्रतिनिधियों तक जनता की आवाज पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पत्रकारिता के जनक थे देवर्षि नारद - मुरार त्रिपाठी*
आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में काशी प्रांत के प्रांत प्रचार प्रमुख मुरार जी त्रिपाठी ने कहा कि देवर्षि नारद विश्व पत्रकारिता के आद्य पत्रकार थे। उनकी पत्रकारिता लोकमंगलकारी एवं निष्पक्ष रही। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य वक्ता द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुरार त्रिपाठी ने कहा - नारद जी लोक कल्याणकारी, संदेशवाहक और लोक संचारक के रूप में थे। आद्य पत्रकार नारद जी की पत्रकारिता सज्जन रक्षक एवं दुष्ट विनाशक की थी । इसलिए देवर्षि नारद जी को आद्य पत्रकार एवं प्रथम समाचार प्रदाता माना जाता है। सोशल मीडिया के पदार्पण से पत्रकारिता में नारदीय परंपरा और भी प्रासंगिक हो गई है। पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। निष्पक्ष एवं लोकमंगलकारी पत्रकारिता होनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ0 बाल किशोर झा ने की। कार्यक्रम का समापन संघ के विभाग संघचालक डॉ0 ए0के0 सिंह जी ने की जबकि संचालन सह जिला कार्यवाह शक्ति पाठक ने की। इस अवसर पर विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश , विभाग बौद्धिक प्रमुख डॉ0 राधाकृष्ण मिश्र, जिला प्रचार प्रमुख नीरज त्रिपाठी, नगर प्रचारक सुशील जी, अभिषेक शुक्ल, देवेंद्र पाठक, विजय कुमार, पत्रकार बंधुओं में - जितेंद्र श्रीवास्तव , राकेश त्रिपाठी, दर्शन साहू, संजय तिवारी, भारतेन्दु मिश्र, अवधेश शुक्ल,विनय सिंह,सतीश पांडेय, संतोष पांडेय, रवि श्रीवास्तव, विजय पांडेय, शैलेश जी आदि उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस का उद्देश्य अधिकारों के प्रति जागरूक कर आत्म निर्भर बनाना,17 श्रमिक हुए सम्मानित
फर्रुखाबाद। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर सांसद मुकेश राजपूत ने कहा कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए, और उनको कितने समय तक श्रम चाहिए इन सभी की जानकारी दी जाती है जिससे वह केंद्र और प्रदेश सरकार की संचालित योजनाओं का लाभ लें सके।
जिला अधिकारी डॉ अंकुर लाठर ने कहा कि इंडस्ट्रियल विभाग में जाकर श्रमिकों को अपना श्रमिकों को अपना अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना चाहिए जिससे सरकार की योजना का उन्हें लाभ मिल सके उन्होंने कहा कि पंजीकरण के दौरान जो भी कागजात मांगे जाते हैं उन्हें उपलब्ध करा दें जिससे पंजीकरण करने में उन्हें किसी भी तरीके की दिक्कत है ना हो उन्होंने कहा कि श्रमिकों को जागरूक करने के लिए जल्द ही एक कार्यक्रम जिला स्तर पर आयोजित किया जाएगा कार्यक्रम में श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति और उनके क्या कार्य हैं जागरूक किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न क्षेत्र में कार्य कर रहे 17 श्रमिकों को कलेक्ट्रेट सभागार में सम्मानित किया गया।
बच्ची पर वैन चढ़ाने वाला गिरफ्तार,सिर पर चढ़ा दी थी गाड़ी
*देर रात बच्ची का हुआ अंतिम संस्कार

गोंडा।मारूति वैन की टक्कर से शिवानी सिंह (8) की मौत के मामले में देहात कोतवाली पुलिस ने आरोपी वाहन चालक जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।मृतक बच्ची के पिता सुनील कुमार सिंह की तहरीर पर चालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।कल हुई घटना के बाद परिजनों ने गोंडा लखनऊ हाइवे जामकर विरोध प्रदर्शन किया था।कड़ी सुरक्षा के बीच देर रात शिवानी का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शिवानी के सड़क पर गिरने और गाड़ी का टायर चढ़ने के कारण मौत होने की पुष्टि हुई है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि शिवानी के सिर से अधिक रक्त स्राव होने के कारण उसकी मौत हो गई है।यह घटना देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के तिवारी पुरवा बालपुर जाट गांव के पास हुई, जब शिवानी अपने बड़े पापा अनिल कुमार सिंह के ई रिक्शा पर बैठकर अपने चचेरे भाई अनूप और बहन नैंसी के साथ बालपुर बाजार कपड़े खरीदने जा रही थी।वे 5 मई को अपने चाचा अजय की शादी में शामिल होने के लिए खरीददारी कर रहे थे।इसी दौरान गोंडा से लखनऊ की तरफ जा रही एक मारुति वैन ने ई रिक्शा में टक्कर मार दिया।टक्कर इतनी भीषण थी कि शिवानी सिंह सड़क पर गिर गई,वैन चालक ने घटना के बाद भागने के प्रयास में शिवानी के सिर पर गाड़ी चढ़ा दिया जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।इस हादसे में घायल अनूप 9 वर्ष तथा नैंसी 6 वर्ष को एक स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।अस्पताल के डाक्टरों के अनुसार,दोनों की हालत खतरे से बाहर है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दिया गया है।मामले में देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि मृतका शिवानी का पोस्टमार्टम करवा कर देर रात ही परिजनों की सहमति से अंतिम संस्कार करवा दिया गया है।आरोपी वैन चालक जितेंद्र कुमार पुत्र दिलीप निवासी पूर्णिया जनपद लखनऊ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है।पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है तथा मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कुच्चू में भरा स्व-गणना फॉर्म, लोगों से की अपील

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 01 मई से आरंभ हुई जनगणना की प्रथम प्रक्रिया ‘आवास गणना’ के अंतर्गत रांची जिला के ओरमांझी प्रखंड स्थित ग्राम कुच्चू में अपने पैतृक आवास पर स्व-गणना (Self-Enumeration) का फॉर्म भरकर इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में अपनी सहभागिता की।

इस दौरान उन्होंने कहा कि जनगणना देश के विकास की आधारशिला है। इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े सरकार को योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से बनाने और उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री साहू ने कहा कि शीघ्र ही जनगणना की टीम आपके घर भी पहुंचेगी। यह सिर्फ सरकार का काम नहीं है, बल्कि यह आपकी हमारी सबकी ज़िम्मेदारी है। आप सभी से आग्रह है कि इस राष्ट्रीय दायित्व में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए मांगी गई आवश्यक जानकारियां सही और पूर्ण रूप से उपलब्ध कराएं और देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

उन्होंने इससे संबंधित se.census.gov.in लिंक शेयर करते हुए कहा कि आप चाहें तो इस लिंक के माध्यम से स्वयं भी स्व-गणना का फॉर्म भर सकते हैं।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने समस्त झारखंड वासियों से जनगणना-2027 की प्रक्रिया में अपनी महती जिम्मेवारी का निर्वहन करते हुए सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी की अपील की । मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की धर्मपत्नी विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं।

जनगणना प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी से हुए अवगत..

इस दौरान मुख्यमंत्री को जनगणना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल पर पंजीकरण करने से संबंधित प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी से अवगत कराया। मुख्यमंत्री के समक्ष जनगणना अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के तहत 01 मई से 15मई तक स्व-गणना कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसके पश्चात मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य दिनांक 16 मई से 14 जून 2026 तक पूरे राज्य में किया जाएगा। इस गहन जनगणना अभियान के दौरान घर-घर जाकर प्रगणक से संबद्ध कर्मी डेटा संग्रह करेंगे। सभी जिलों में इस कार्य के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई है।

जनगणना कार्य सिर्फ आंकड़े जुटाना नहीं बल्कि आमजन के भविष्य को सही दिशा देने का आधार

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि जनगणना कार्य सिर्फ आंकड़े जुटाना नहीं बल्कि आमजनों के भविष्य को सही दिशा देने का आधार है। जनगणना से राज्य सरकार की योजनाओं को और ज्यादा प्रभावी तरीके से पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस कार्य के दौरान क्षेत्रीय भाषाओं के जानकार पदाधिकारी एवं कर्मियों को सम्मिलित किए जाने की बात जनगणना अधिकारियों से कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना-2027 का कार्य तकनीकी रूप से सराहनीय पहल है। मुख्यमंत्री ने समस्त राज्य वासियों से इस राष्ट्रीय जनगणना अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जनगणना कार्य निदेशालय, भारत सरकार के निदेशक श्री प्रभात कुमार, उपायुक्त रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री, नगर आयुक्त, रांची नगर निगम श्री सुशांत गौरव, सहायक नगर आयुक्त श्री राहुल यादव, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्री शेषनाथ बैठा, जनगणना कार्य निदेशालय के उप निदेशक श्री केशया० आर, सहायक निदेशक श्री मुरारी मोहन, सांख्यिकी अधिकारी श्री कौशल किशोर सहित अन्य उपस्थित रहे।

पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, इन शर्तों पर मिली अग्रिम जमानत

#supremecourtgrantsanticipatorybailtopawan_khera

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ी राहत मिल गई है। अब असम पुलिस पवन खेड़ा को अरेस्ट नहीं कर पाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को जालसाजी और मानहानि के मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर कथित तौर पर झूठे आरोप लगाने से जुड़ा है।

पवन खेड़ा ने की थी अग्रिम जमानत की मांग

असम पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के मामले में जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच ने सुनवाई की। खेड़ा ने इस एफआईआर को चुनौती देते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी, जिसे पहले गुवाहाटी हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। बेंच ने पहले ही फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज सुबह इसे जारी किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर उठाया सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में हाई कोर्ट के निर्णय पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणियां उपलब्ध रिकॉर्ड और तथ्यों के सही मूल्यांकन पर आधारित नहीं थीं और वे त्रुटिपूर्ण प्रतीत होती हैं। बेंच ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने आरोपित पर गलत तरीके से सबूत का बोझ डाल दिया, जो कि कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। अदालत के अनुसार, जांच एजेंसियों का काम आरोप साबित करना होता है, न कि आरोपी पर यह जिम्मेदारी डालना कि वह खुद को निर्दोष साबित करे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट का भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 339 से जुड़ी टिप्पणी करना भी गलत था, क्योंकि एफआईआर में इस धारा का कोई उल्लेख ही नहीं था।

अभिषेक मनु सिंघवी ने पवन खेड़ा की ओर से दी दलीलें

पवन खेड़ा की ओर से गुरुवार को अभिषेक मनु सिंघवी ने जोरदार दलीलें रखी थीं। पवन खेड़ा की ओर से पेश अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार करने की कोई जरूरत नहीं है। अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था, पवन खेड़ा पर जो आरोप है, वह शिकायकर्ता की मानहानि करने का है। आरोप सही हैं या नहीं, यह ट्रायल में तय होगा। लेकिन इस केस में गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है। मानहानि के आरोप में पूछताछ की जा सकती है. गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है।

पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत का विरोध

वहीं असम सरकार की तरफ से अदालत में पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि पवन खेड़ा ने झूठे दावे करने के लिए पासपोर्ट समेत कई जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। इसलिए, यह पता लगाने के लिए उनकी हिरासत जरूरी है कि इस काम में उनके कौन-कौन साथी शामिल थे और क्या इसमें कोई विदेशी तत्व भी शामिल हैं।

क्या है मामला?

बता दें कि मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप में यह मामला पवन खेड़ा के खिलाफ तब दर्ज किया गया, जब उन्होंने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां हैं। इस मामले में पवन खेड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। असम पुलिस 7 अप्रैल को खेड़ा के दिल्ली स्थित घर गई थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे

पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह  को किया निलंबित जो मौजोदा में थाना प्रभारी के पद पर तैनात थे


विनोद गुप्ता
हरदोई  टंडियावां थाना में तैनात उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह को कर्तव्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 4 अप्रैल 2026 को थाना क्षेत्र के ग्राम कोटरा में दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। आरोप है कि उपनिरीक्षक ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि विपक्षी पक्ष की शिकायत के आधार पर पीड़ितों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके अतिरिक्त एक अन्य मामले में पीड़िता के बयान समय से न्यायालय में दर्ज न कराए जाने की भी गंभीर लापरवाही सामने आई।
इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक हरदोई ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच शुरू करा दी है।
एसपी ने जनपद के सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की उदासीनता या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
आदर्श शिक्षिका अंजू की विदाई समारोह में पहुंचे महाराष्ट्र शिक्षण संचालक डॉ महेश पालकर
मुंबई। शिक्षक हमारे जीवन के आधारस्तंभ और राष्ट्र निर्माता होते हैं, जो न केवल किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि सही-गलत का भेद सिखाकर व्यक्तित्व को आकार देते हैं। वे मार्गदर्शन, प्रेरणा और नैतिक मूल्य प्रदान कर विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं और जीवन भर सीखने की नींव रखते हैं। मुंबई पब्लिक स्कूल, सांताक्रूज़ पूर्व के हिंदी माध्यम की आदर्श शिक्षिका अंजू मैडम तथा मनीषा कांबले के संयुक्त सेवा सम्पूर्ति सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए महाराष्ट्र राज्य के शिक्षण संचालक डॉ महेश पालकर ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि अंजू मैडम ने समर्पित भावना के साथ बच्चों को सुशिक्षित करने का काम किया। उन्होंने अपने पूरे परिवार की तरफ से भी शुभकामनाएं दी। समारोह की अध्यक्षता पूर्व उप शिक्षणाशिकारी अशोक मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सम्मानित  अतिथियों के रूप में उपस्थित पूर्व प्रशासकीय अधिकारी रेशमा जेधिया, पूर्व प्रशासकीय अधिकारी राजकुमारी गिरी, कनिष्ठ पर्यवेक्षक सुरेश भोसले, शिक्षा निरीक्षक अशोक जैसवार, शिक्षा निरीक्षक सुनीता बालशंकर, गौतम विद्यालय के ट्रस्टी आशीष गौतम, प्रसिद्ध गीतकार सुशील शुक्ला, महापौर पुरस्कृत शिक्षक सरिता सिंह, अंजू की बहन प्रधानाध्यापिका नीता दुबे, गौतम विद्यालय की ट्रस्टी शिल्पा गौतम, सविता म्हात्रे,लिटिल जीनियस हाई स्कूल के प्रिंसिपल राजेश मिश्रा, पूर्व प्रधानाध्यापक श्रीप्रकाश त्रिगुणायत, पत्रकार राजेश उपाध्याय, मनीषा कांबले की बेटी रितुका ने भी अपनी बातें रखी। मंच पर उपस्थित अंजू की मां का मुख्य अतिथि के हाथों सम्मान किया गया। मंच पर उपस्थित मनीषा कांबले के पति दीपक कांबले का भी सम्मान किया गया। विद्यालय की संगीत शिक्षिका अरुणा चौधरी ने बच्चों के माध्यम से सरस्वती वंदना और स्वागत गीत की आकर्षक प्रस्तुति की। बृजेश यादव ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शाला परिवार के बृजेश यादव, ऋतुजा कसबे, शारदा कांदलगांवकर, दीपिका सोरेटे, रजनी सैनी, गुड़िया यादव, राजकुमार सिंह आदि का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में उत्तर शक्ति के संपादक ओमप्रकाश प्रजापति, वरिष्ठ पत्रकार चंद्रमणि उपाध्याय, डॉ सौम्य रंजन पांडे, युवा समाजसेवी केशव झा, वरिष्ठ लिपिक दारा सिंह, विट्ठल साखरे, दिनेशचंद्र शर्मा, प्रीति दिघे, दो हितेंद्र त्रिपाठी, लता जैन, प्रबजीत कौर ऊषा तिवारी, सुनीता चौरसिया, पूजा त्रिपाठी, राजेश कुमार सिंह, आनंद मिश्रा, विवेक राय, अखिलेश पटेल, अमोल कानपुरे, इमारत प्रमुख अजमल शाह, मनोज गणवीर, विद्या पाटिल, अश्लेषा पवार, रेखा जोशी ज्ञानदेव जाधव आदि का समावेश रहा। अंत में कार्यक्रम के संयोजक तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. नागेश पांडे ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
वकीलों ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सौंपा ज्ञापन
किताबों की खरीद में दबाव, अवैध वसूली और सनबीम वीडियो वायरल प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग

रितेश मिश्रा
हरदोई में अधिवक्ताओं ने निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कई गंभीर मुद्दे उठाए। अंकुर सिंह चन्देल एडवोकेट और सुरेश कुमार मौर्या एडवोकेट ने कहा कि स्कूल परिसर में पढ़ाई के दौरान किसी भी प्रकार का प्रदर्शन बच्चों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। साथ ही बिना अनुमति के किसी अभिभावक और प्रिंसिपल का वीडियो बनाकर सार्वजनिक करना निजता के अधिकार का हनन बताया गया। सनबीम प्रकरण में एक विडियो वायरल किया गया उसके संबंध में ही अधिवक्ता गण बात रख रहे थे। साथ ही शिक्षण कार्य के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का उग्र प्रदर्शन भी निशाने पर रहा।
ज्ञापन में वायरल वीडियो प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा गया कि इसमें जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है, बल्कि स्थिति को उकसाकर वीडियो बनाए जाने की आशंका जताई गई है। अधिवक्ताओं ने बीएसए से पूरे मामले की गहन जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
इसके अलावा निजी स्कूलों द्वारा कॉपी-किताबों की खरीद के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने और मनमाने दाम वसूलने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में सेंट जेम्स इंटर कॉलेज, सेंट ज़ेवियर्स, बाल विद्या भवन, जेके पब्लिक स्कूल, क्रीसेंट एकेडमी समेत अन्य स्कूलों की जांच कराने और संबंधित दुकानदारों के रिकॉर्ड का सत्यापन कर कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान सुरेश कुशवाहा एडवोकेट, मोहम्मद अजहर एडवोकेट, सर्वेंद्र सिंह यादव एडवोकेट, दलबीर सिंह एडवोकेट, वेद प्रकाश द्विवेदी एडवोकेट, अनुज जायसवाल एडवोकेट, ओमवीर सिंह एडवोकेट, अरविंद सिसोदिया एडवोकेट, बबलू पाल एडवोकेट और अजेंद्र सिंह एडवोकेट सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री से मिले दुर्गेश मिश्र, गीत के माध्यम से उठाई जनपद की समस्याएं*
सुल्तानपुर,जनपद के कटका बाजार निवासी समाजसेवी दुर्गेश मिश्र ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर क्षेत्रीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान उन्होंने एक अनोखे अंदाज में जनपद की जमीनी हकीकत को सामने रखते हुए गीत के माध्यम से अपनी बात रखी, जिसे सुनकर उपस्थित लोग भी भावुक हो उठे। दुर्गेश मिश्र ने अपने गीत में वर्तमान समय की प्रमुख समस्याओं जैसे बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई, युवाओं की परेशानियां और आम जनता के संघर्ष को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जनपद सुल्तानपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनमें निराशा बढ़ रही है। वहीं लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुर्गेश मिश्र की प्रस्तुति को गंभीरता से सुना और उनके प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को इस तरह रचनात्मक तरीके से सामने लाना सराहनीय है और इससे समाज में जागरूकता बढ़ती है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि आम जनता के मुद्दों को हमेशा प्राथमिकता दी जाएगी। मुलाकात के दौरान दुर्गेश मिश्र ने पूर्व सरकार में किए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया और उनके समर्थन में गीत प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि जनता आज भी उन कार्यों को याद करती है और उम्मीद करती है कि भविष्य में फिर से विकास की वही गति देखने को मिलेगी। इस मुलाकात के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के प्रयास जनप्रतिनिधियों तक जनता की आवाज पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पत्रकारिता के जनक थे देवर्षि नारद - मुरार त्रिपाठी*
आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में काशी प्रांत के प्रांत प्रचार प्रमुख मुरार जी त्रिपाठी ने कहा कि देवर्षि नारद विश्व पत्रकारिता के आद्य पत्रकार थे। उनकी पत्रकारिता लोकमंगलकारी एवं निष्पक्ष रही। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य वक्ता द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुरार त्रिपाठी ने कहा - नारद जी लोक कल्याणकारी, संदेशवाहक और लोक संचारक के रूप में थे। आद्य पत्रकार नारद जी की पत्रकारिता सज्जन रक्षक एवं दुष्ट विनाशक की थी । इसलिए देवर्षि नारद जी को आद्य पत्रकार एवं प्रथम समाचार प्रदाता माना जाता है। सोशल मीडिया के पदार्पण से पत्रकारिता में नारदीय परंपरा और भी प्रासंगिक हो गई है। पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। निष्पक्ष एवं लोकमंगलकारी पत्रकारिता होनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ0 बाल किशोर झा ने की। कार्यक्रम का समापन संघ के विभाग संघचालक डॉ0 ए0के0 सिंह जी ने की जबकि संचालन सह जिला कार्यवाह शक्ति पाठक ने की। इस अवसर पर विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश , विभाग बौद्धिक प्रमुख डॉ0 राधाकृष्ण मिश्र, जिला प्रचार प्रमुख नीरज त्रिपाठी, नगर प्रचारक सुशील जी, अभिषेक शुक्ल, देवेंद्र पाठक, विजय कुमार, पत्रकार बंधुओं में - जितेंद्र श्रीवास्तव , राकेश त्रिपाठी, दर्शन साहू, संजय तिवारी, भारतेन्दु मिश्र, अवधेश शुक्ल,विनय सिंह,सतीश पांडेय, संतोष पांडेय, रवि श्रीवास्तव, विजय पांडेय, शैलेश जी आदि उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस का उद्देश्य अधिकारों के प्रति जागरूक कर आत्म निर्भर बनाना,17 श्रमिक हुए सम्मानित
फर्रुखाबाद। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर सांसद मुकेश राजपूत ने कहा कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए, और उनको कितने समय तक श्रम चाहिए इन सभी की जानकारी दी जाती है जिससे वह केंद्र और प्रदेश सरकार की संचालित योजनाओं का लाभ लें सके।
जिला अधिकारी डॉ अंकुर लाठर ने कहा कि इंडस्ट्रियल विभाग में जाकर श्रमिकों को अपना श्रमिकों को अपना अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना चाहिए जिससे सरकार की योजना का उन्हें लाभ मिल सके उन्होंने कहा कि पंजीकरण के दौरान जो भी कागजात मांगे जाते हैं उन्हें उपलब्ध करा दें जिससे पंजीकरण करने में उन्हें किसी भी तरीके की दिक्कत है ना हो उन्होंने कहा कि श्रमिकों को जागरूक करने के लिए जल्द ही एक कार्यक्रम जिला स्तर पर आयोजित किया जाएगा कार्यक्रम में श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति और उनके क्या कार्य हैं जागरूक किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न क्षेत्र में कार्य कर रहे 17 श्रमिकों को कलेक्ट्रेट सभागार में सम्मानित किया गया।
बच्ची पर वैन चढ़ाने वाला गिरफ्तार,सिर पर चढ़ा दी थी गाड़ी
*देर रात बच्ची का हुआ अंतिम संस्कार

गोंडा।मारूति वैन की टक्कर से शिवानी सिंह (8) की मौत के मामले में देहात कोतवाली पुलिस ने आरोपी वाहन चालक जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।मृतक बच्ची के पिता सुनील कुमार सिंह की तहरीर पर चालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।कल हुई घटना के बाद परिजनों ने गोंडा लखनऊ हाइवे जामकर विरोध प्रदर्शन किया था।कड़ी सुरक्षा के बीच देर रात शिवानी का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शिवानी के सड़क पर गिरने और गाड़ी का टायर चढ़ने के कारण मौत होने की पुष्टि हुई है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि शिवानी के सिर से अधिक रक्त स्राव होने के कारण उसकी मौत हो गई है।यह घटना देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के तिवारी पुरवा बालपुर जाट गांव के पास हुई, जब शिवानी अपने बड़े पापा अनिल कुमार सिंह के ई रिक्शा पर बैठकर अपने चचेरे भाई अनूप और बहन नैंसी के साथ बालपुर बाजार कपड़े खरीदने जा रही थी।वे 5 मई को अपने चाचा अजय की शादी में शामिल होने के लिए खरीददारी कर रहे थे।इसी दौरान गोंडा से लखनऊ की तरफ जा रही एक मारुति वैन ने ई रिक्शा में टक्कर मार दिया।टक्कर इतनी भीषण थी कि शिवानी सिंह सड़क पर गिर गई,वैन चालक ने घटना के बाद भागने के प्रयास में शिवानी के सिर पर गाड़ी चढ़ा दिया जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।इस हादसे में घायल अनूप 9 वर्ष तथा नैंसी 6 वर्ष को एक स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।अस्पताल के डाक्टरों के अनुसार,दोनों की हालत खतरे से बाहर है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दिया गया है।मामले में देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि मृतका शिवानी का पोस्टमार्टम करवा कर देर रात ही परिजनों की सहमति से अंतिम संस्कार करवा दिया गया है।आरोपी वैन चालक जितेंद्र कुमार पुत्र दिलीप निवासी पूर्णिया जनपद लखनऊ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है।पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है तथा मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कुच्चू में भरा स्व-गणना फॉर्म, लोगों से की अपील

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 01 मई से आरंभ हुई जनगणना की प्रथम प्रक्रिया ‘आवास गणना’ के अंतर्गत रांची जिला के ओरमांझी प्रखंड स्थित ग्राम कुच्चू में अपने पैतृक आवास पर स्व-गणना (Self-Enumeration) का फॉर्म भरकर इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में अपनी सहभागिता की।

इस दौरान उन्होंने कहा कि जनगणना देश के विकास की आधारशिला है। इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े सरकार को योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से बनाने और उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री साहू ने कहा कि शीघ्र ही जनगणना की टीम आपके घर भी पहुंचेगी। यह सिर्फ सरकार का काम नहीं है, बल्कि यह आपकी हमारी सबकी ज़िम्मेदारी है। आप सभी से आग्रह है कि इस राष्ट्रीय दायित्व में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए मांगी गई आवश्यक जानकारियां सही और पूर्ण रूप से उपलब्ध कराएं और देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

उन्होंने इससे संबंधित se.census.gov.in लिंक शेयर करते हुए कहा कि आप चाहें तो इस लिंक के माध्यम से स्वयं भी स्व-गणना का फॉर्म भर सकते हैं।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने समस्त झारखंड वासियों से जनगणना-2027 की प्रक्रिया में अपनी महती जिम्मेवारी का निर्वहन करते हुए सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी की अपील की । मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की धर्मपत्नी विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं।

जनगणना प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी से हुए अवगत..

इस दौरान मुख्यमंत्री को जनगणना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल पर पंजीकरण करने से संबंधित प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी से अवगत कराया। मुख्यमंत्री के समक्ष जनगणना अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के तहत 01 मई से 15मई तक स्व-गणना कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसके पश्चात मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य दिनांक 16 मई से 14 जून 2026 तक पूरे राज्य में किया जाएगा। इस गहन जनगणना अभियान के दौरान घर-घर जाकर प्रगणक से संबद्ध कर्मी डेटा संग्रह करेंगे। सभी जिलों में इस कार्य के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई है।

जनगणना कार्य सिर्फ आंकड़े जुटाना नहीं बल्कि आमजन के भविष्य को सही दिशा देने का आधार

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि जनगणना कार्य सिर्फ आंकड़े जुटाना नहीं बल्कि आमजनों के भविष्य को सही दिशा देने का आधार है। जनगणना से राज्य सरकार की योजनाओं को और ज्यादा प्रभावी तरीके से पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस कार्य के दौरान क्षेत्रीय भाषाओं के जानकार पदाधिकारी एवं कर्मियों को सम्मिलित किए जाने की बात जनगणना अधिकारियों से कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना-2027 का कार्य तकनीकी रूप से सराहनीय पहल है। मुख्यमंत्री ने समस्त राज्य वासियों से इस राष्ट्रीय जनगणना अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जनगणना कार्य निदेशालय, भारत सरकार के निदेशक श्री प्रभात कुमार, उपायुक्त रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री, नगर आयुक्त, रांची नगर निगम श्री सुशांत गौरव, सहायक नगर आयुक्त श्री राहुल यादव, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्री शेषनाथ बैठा, जनगणना कार्य निदेशालय के उप निदेशक श्री केशया० आर, सहायक निदेशक श्री मुरारी मोहन, सांख्यिकी अधिकारी श्री कौशल किशोर सहित अन्य उपस्थित रहे।

पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, इन शर्तों पर मिली अग्रिम जमानत

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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ी राहत मिल गई है। अब असम पुलिस पवन खेड़ा को अरेस्ट नहीं कर पाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को जालसाजी और मानहानि के मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर कथित तौर पर झूठे आरोप लगाने से जुड़ा है।

पवन खेड़ा ने की थी अग्रिम जमानत की मांग

असम पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के मामले में जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच ने सुनवाई की। खेड़ा ने इस एफआईआर को चुनौती देते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी, जिसे पहले गुवाहाटी हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। बेंच ने पहले ही फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज सुबह इसे जारी किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर उठाया सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में हाई कोर्ट के निर्णय पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणियां उपलब्ध रिकॉर्ड और तथ्यों के सही मूल्यांकन पर आधारित नहीं थीं और वे त्रुटिपूर्ण प्रतीत होती हैं। बेंच ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने आरोपित पर गलत तरीके से सबूत का बोझ डाल दिया, जो कि कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। अदालत के अनुसार, जांच एजेंसियों का काम आरोप साबित करना होता है, न कि आरोपी पर यह जिम्मेदारी डालना कि वह खुद को निर्दोष साबित करे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट का भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 339 से जुड़ी टिप्पणी करना भी गलत था, क्योंकि एफआईआर में इस धारा का कोई उल्लेख ही नहीं था।

अभिषेक मनु सिंघवी ने पवन खेड़ा की ओर से दी दलीलें

पवन खेड़ा की ओर से गुरुवार को अभिषेक मनु सिंघवी ने जोरदार दलीलें रखी थीं। पवन खेड़ा की ओर से पेश अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार करने की कोई जरूरत नहीं है। अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था, पवन खेड़ा पर जो आरोप है, वह शिकायकर्ता की मानहानि करने का है। आरोप सही हैं या नहीं, यह ट्रायल में तय होगा। लेकिन इस केस में गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है। मानहानि के आरोप में पूछताछ की जा सकती है. गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है।

पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत का विरोध

वहीं असम सरकार की तरफ से अदालत में पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि पवन खेड़ा ने झूठे दावे करने के लिए पासपोर्ट समेत कई जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। इसलिए, यह पता लगाने के लिए उनकी हिरासत जरूरी है कि इस काम में उनके कौन-कौन साथी शामिल थे और क्या इसमें कोई विदेशी तत्व भी शामिल हैं।

क्या है मामला?

बता दें कि मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप में यह मामला पवन खेड़ा के खिलाफ तब दर्ज किया गया, जब उन्होंने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां हैं। इस मामले में पवन खेड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। असम पुलिस 7 अप्रैल को खेड़ा के दिल्ली स्थित घर गई थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे

पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह  को किया निलंबित जो मौजोदा में थाना प्रभारी के पद पर तैनात थे


विनोद गुप्ता
हरदोई  टंडियावां थाना में तैनात उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह को कर्तव्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 4 अप्रैल 2026 को थाना क्षेत्र के ग्राम कोटरा में दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। आरोप है कि उपनिरीक्षक ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि विपक्षी पक्ष की शिकायत के आधार पर पीड़ितों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके अतिरिक्त एक अन्य मामले में पीड़िता के बयान समय से न्यायालय में दर्ज न कराए जाने की भी गंभीर लापरवाही सामने आई।
इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक हरदोई ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच शुरू करा दी है।
एसपी ने जनपद के सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की उदासीनता या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
आदर्श शिक्षिका अंजू की विदाई समारोह में पहुंचे महाराष्ट्र शिक्षण संचालक डॉ महेश पालकर
मुंबई। शिक्षक हमारे जीवन के आधारस्तंभ और राष्ट्र निर्माता होते हैं, जो न केवल किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि सही-गलत का भेद सिखाकर व्यक्तित्व को आकार देते हैं। वे मार्गदर्शन, प्रेरणा और नैतिक मूल्य प्रदान कर विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं और जीवन भर सीखने की नींव रखते हैं। मुंबई पब्लिक स्कूल, सांताक्रूज़ पूर्व के हिंदी माध्यम की आदर्श शिक्षिका अंजू मैडम तथा मनीषा कांबले के संयुक्त सेवा सम्पूर्ति सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए महाराष्ट्र राज्य के शिक्षण संचालक डॉ महेश पालकर ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि अंजू मैडम ने समर्पित भावना के साथ बच्चों को सुशिक्षित करने का काम किया। उन्होंने अपने पूरे परिवार की तरफ से भी शुभकामनाएं दी। समारोह की अध्यक्षता पूर्व उप शिक्षणाशिकारी अशोक मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सम्मानित  अतिथियों के रूप में उपस्थित पूर्व प्रशासकीय अधिकारी रेशमा जेधिया, पूर्व प्रशासकीय अधिकारी राजकुमारी गिरी, कनिष्ठ पर्यवेक्षक सुरेश भोसले, शिक्षा निरीक्षक अशोक जैसवार, शिक्षा निरीक्षक सुनीता बालशंकर, गौतम विद्यालय के ट्रस्टी आशीष गौतम, प्रसिद्ध गीतकार सुशील शुक्ला, महापौर पुरस्कृत शिक्षक सरिता सिंह, अंजू की बहन प्रधानाध्यापिका नीता दुबे, गौतम विद्यालय की ट्रस्टी शिल्पा गौतम, सविता म्हात्रे,लिटिल जीनियस हाई स्कूल के प्रिंसिपल राजेश मिश्रा, पूर्व प्रधानाध्यापक श्रीप्रकाश त्रिगुणायत, पत्रकार राजेश उपाध्याय, मनीषा कांबले की बेटी रितुका ने भी अपनी बातें रखी। मंच पर उपस्थित अंजू की मां का मुख्य अतिथि के हाथों सम्मान किया गया। मंच पर उपस्थित मनीषा कांबले के पति दीपक कांबले का भी सम्मान किया गया। विद्यालय की संगीत शिक्षिका अरुणा चौधरी ने बच्चों के माध्यम से सरस्वती वंदना और स्वागत गीत की आकर्षक प्रस्तुति की। बृजेश यादव ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शाला परिवार के बृजेश यादव, ऋतुजा कसबे, शारदा कांदलगांवकर, दीपिका सोरेटे, रजनी सैनी, गुड़िया यादव, राजकुमार सिंह आदि का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में उत्तर शक्ति के संपादक ओमप्रकाश प्रजापति, वरिष्ठ पत्रकार चंद्रमणि उपाध्याय, डॉ सौम्य रंजन पांडे, युवा समाजसेवी केशव झा, वरिष्ठ लिपिक दारा सिंह, विट्ठल साखरे, दिनेशचंद्र शर्मा, प्रीति दिघे, दो हितेंद्र त्रिपाठी, लता जैन, प्रबजीत कौर ऊषा तिवारी, सुनीता चौरसिया, पूजा त्रिपाठी, राजेश कुमार सिंह, आनंद मिश्रा, विवेक राय, अखिलेश पटेल, अमोल कानपुरे, इमारत प्रमुख अजमल शाह, मनोज गणवीर, विद्या पाटिल, अश्लेषा पवार, रेखा जोशी ज्ञानदेव जाधव आदि का समावेश रहा। अंत में कार्यक्रम के संयोजक तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. नागेश पांडे ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
वकीलों ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सौंपा ज्ञापन
किताबों की खरीद में दबाव, अवैध वसूली और सनबीम वीडियो वायरल प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग

रितेश मिश्रा
हरदोई में अधिवक्ताओं ने निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कई गंभीर मुद्दे उठाए। अंकुर सिंह चन्देल एडवोकेट और सुरेश कुमार मौर्या एडवोकेट ने कहा कि स्कूल परिसर में पढ़ाई के दौरान किसी भी प्रकार का प्रदर्शन बच्चों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। साथ ही बिना अनुमति के किसी अभिभावक और प्रिंसिपल का वीडियो बनाकर सार्वजनिक करना निजता के अधिकार का हनन बताया गया। सनबीम प्रकरण में एक विडियो वायरल किया गया उसके संबंध में ही अधिवक्ता गण बात रख रहे थे। साथ ही शिक्षण कार्य के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का उग्र प्रदर्शन भी निशाने पर रहा।
ज्ञापन में वायरल वीडियो प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा गया कि इसमें जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है, बल्कि स्थिति को उकसाकर वीडियो बनाए जाने की आशंका जताई गई है। अधिवक्ताओं ने बीएसए से पूरे मामले की गहन जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
इसके अलावा निजी स्कूलों द्वारा कॉपी-किताबों की खरीद के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने और मनमाने दाम वसूलने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में सेंट जेम्स इंटर कॉलेज, सेंट ज़ेवियर्स, बाल विद्या भवन, जेके पब्लिक स्कूल, क्रीसेंट एकेडमी समेत अन्य स्कूलों की जांच कराने और संबंधित दुकानदारों के रिकॉर्ड का सत्यापन कर कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान सुरेश कुशवाहा एडवोकेट, मोहम्मद अजहर एडवोकेट, सर्वेंद्र सिंह यादव एडवोकेट, दलबीर सिंह एडवोकेट, वेद प्रकाश द्विवेदी एडवोकेट, अनुज जायसवाल एडवोकेट, ओमवीर सिंह एडवोकेट, अरविंद सिसोदिया एडवोकेट, बबलू पाल एडवोकेट और अजेंद्र सिंह एडवोकेट सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।