राँची उपायुक्त का कड़ा रुख: लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार, 48 घंटे में शोकॉज के निर्देश

राँची समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जन समस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान कार्यों में शिथिलता और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए।

जनता दरबार के मुख्य फैसले और सख्त कार्रवाई

उपायुक्त ने विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

नगड़ी अंचल पर गिरी गाज: एक ही प्लॉट पर म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) को लेकर विरोधाभासी निर्णय लेने पर संबंधित कर्मचारी को 48 घंटे के भीतर शोकॉज और आरोप पत्र गठित करने का आदेश दिया गया। साथ ही, म्यूटेशन आवेदन लंबित रखने पर CO, CI और कर्मचारी तीनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

धोखाधड़ी करने वाले शिक्षक पर कार्रवाई: मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति के नाम पर फर्जी खाता खोलकर संपत्ति हड़पने के आरोपी एक सरकारी शिक्षक के वेतन पर रोक लगाने और जांच के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग को निर्देश: एक प्रतिष्ठित स्कूल द्वारा छात्र को रिपोर्ट कार्ड के बजाय टीसी (TC) थमाने के मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी को छात्र का भविष्य सुनिश्चित करने और स्कूल पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।

बुजुर्गों और महिलाओं को राहत: आधार सीडिंग की समस्या के कारण रुकी हुई पेंशन का समाधान करने के लिए बैंक को निर्देश दिए गए। साथ ही 'मंईयां सम्मान योजना' के वंचित लाभुकों की समस्याओं के निस्तारण हेतु सामाजिक सुरक्षा विभाग को सक्रिय किया गया।

सोशल मीडिया और समाचार के लिए बेहतरीन हेडलाइंस (Headings)

यहाँ कुछ प्रभावशाली हेडलाइंस दी गई हैं जो आप अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स या न्यूज़ बुलेटिन के लिए उपयोग कर सकते हैं:

सख्त और प्रशासनिक (Administrative Focus)

डीसी राँची का एक्शन मोड: नगड़ी अंचल के लापरवाह कर्मियों पर 48 घंटे में गिरेगी गाज!

म्यूटेशन में खेल करने वालों की खैर नहीं, उपायुक्त ने CO और CI से मांगा स्पष्टीकरण।

जनता दरबार में बरसीं गाज: लापरवाही पर अधिकारियों को शोकॉज, आरोपी शिक्षक का वेतन रोका।

जनता से जुड़ी और राहत वाली (Public Focus)

राँची जनता दरबार: अबुआ साथी व्हाट्सएप और डीसी की चौखट पर मिला शिकायतों का तुरंत समाधान।

स्कूल की मनमानी और पेंशन की समस्या? डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने मौके पर ही दिए समाधान के आदेश।

भोलाराम को मिलेगी पेंशन, छात्रा को अनुकंपा का भरोसा—राँची डीसी ने सुनीं जनता की फरियाद।

शॉर्ट और क्रिस्पी (Short & Catchy)

राँची अपडेट: लापरवाह अफसरों पर डीसी का हंटर!

दाखिल-खारिज में देरी? राँची उपायुक्त ने लगाई अधिकारियों की क्लास।

डीसी राँची का आदेश: काम में कोताही बर्दाश्त नहीं, तुरंत होगा एक्शन।

राँची के निजी स्कूलों की मनमानी खत्म: फीस बढ़ाई तो लगेगा ₹2.5 लाख का जुर्माना!

झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुपालन में राँची जिले में निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण, पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु गठित जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की प्रथम बैठक आज समाहरणालय, ब्लॉक - ए स्थित NIC सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में सांसद प्रतिनिधि लोकसभा क्षेत्र राँची, लोहरदगा एवं ख़ुटी एवं विधायक प्रतिनिधि विधानसभा क्षेत्र राँची एवं खिजरी एवं जिला परिवहन पदाधिकारी राँची, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राँची, श्री विनय कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, श्रीमती उर्वशी पांडेय एवं जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बादल राज एवं सम्बंधित पदाधिकारी एवं सभी स्कूल के प्रतिनिधि, अभिभावक सदस्य उपस्थित थे।

समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ एवं न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण

बैठक का मुख्य उद्देश्य निजी विद्यालयों में शुल्क निर्धारण की पारदर्शी प्रक्रिया तय करना, विद्यालयों से संबंधित विभिन्न शिकायतों (जैसे शुल्क, पुस्तकें, परिवहन, पोषाक आदि) के प्रभावी निस्तारण की व्यवस्था करना था। इस समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है।

जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति के सदस्य समिति का गठन नियमानुसार निम्नलिखित सदस्यों के साथ किया गया है:

(1) उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची — अध्यक्ष

(2) जिला शिक्षा पदाधिकारी — सदस्य सचिव

(3) जिला परिवहन पदाधिकारी— सदस्य सचिव

(4) जिला शिक्षा अधीक्षक — सदस्य सचिव

(5) सनदी लेखाकार (चार्टर्ड अकाउंटेंट) — सदस्य

(6) निजी विद्यालय के प्राचार्य (02) — सदस्य

(7) राँची जिले के सभी माननीय सांसद — सदस्य

(8) राँची जिले के सभी माननीय विधानसभा सदस्य — सदस्य

(9) अभिभावक सदस्य (02) — सदस्य

बैठक में विस्तृत समीक्षा के प्रमुख बिंदु

बैठक में निजी विद्यालयों के संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई और निम्नलिखित निर्णय/निर्देश पारित किए गए:

(1) निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क निर्धारण

- सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अपनी विद्यालय स्तर की शुल्क समिति की सहमति से 10 प्रतिशत तक शुल्क वृद्धि कर सकते हैं। इसकी सूचना अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति को देनी होगी।

10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।

- शुल्क वृद्धि न्यूनतम दो वर्षों के लिए प्रभावी होगी।

- विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों में कक्षावार लिए गए शुल्क का पूरा विवरण जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

- शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षावार शुल्क विवरणी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।

(2) विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति एवं अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

- प्रत्येक निजी विद्यालय को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति तथा PTA का गठन अनिवार्य रूप से करना है।

- जिले के अधिकांश विद्यालयों में ये समितियाँ पहले ही गठित हो चुकी हैं और जिला कार्यालय को सूचना दी जा चुकी है।

- शेष विद्यालयों को शीघ्र दोनों समितियों का गठन कर जिला शुल्क समिति को सूचना उपलब्ध करानी होगी।

- शुल्क समिति एवं PTA से संबंधित जानकारी विद्यालय की वेबसाइट तथा सूचनापट्ट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी।

(3) पुस्तक मूल्य संबंधी निर्देश

- सभी निजी विद्यालयों को कक्षावार पुस्तक मूल्य विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

- CBSE के पाठ्यक्रम का अनुपालन करने वाले विद्यालय NCERT की पुस्तकों के अतिरिक्त कोई संदर्भ या सहायक पुस्तकें बाध्यकारी नहीं बना सकते।

- पुस्तकों में बदलाव केवल पाँच वर्ष में एक बार या बोर्ड/सक्षम प्राधिकार द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही किया जा सकेगा।

- विगत वर्ष की पुस्तकें, जिनकी भौतिक स्थिति अच्छी हो, अगले वर्ष भी उपयोग की जा सकती हैं।

(4) परिवहन शुल्क

- परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के प्रावधानों के अंतर्गत ही होगी।

- सभी स्कूल बसों में परिवहन मानकों एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन अनिवार्य है।

(5) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक डिजाइन में बार-बार बदलाव नहीं किया जा सकेगा। कम से कम 05 वर्ष के अंतराल पर PTA की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय भवन या कमरों का उपयोग पोषाक की बिक्री के लिए नहीं किया जा सकेगा।

- अभिभावक खुले बाजार से पोशाक खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को केवल डिजाइन, रंग आदि का विवरण सार्वजनिक करना होगा।

(6) अन्य शुल्क संबंधी स्पष्ट निर्देश

- बस शुल्क सहित कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क (चाहे किसी भी नाम से हो) को मासिक शुल्क में सम्मिलित माना जाएगा। इनकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण प्रावधानों के अधीन ही होगी।

(7) वार्षिक परीक्षा संबंधी

- किसी छात्र को परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जा सकेगा।

- परीक्षा के समय कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

- छात्र को TC/परित्याग प्रमाण-पत्र/PEN नियमानुसार समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।

(8) नामांकन संबंधी

- प्रवेश आवेदन पत्र के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप शुल्क लिया जाएगा।

- अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए पुनः नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।

- RTE अधिनियम के अंतर्गत कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्रों के लिए प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से भरनी होंगी।

अभिभावक अपनी शिकायत कर अपनी समस्या बता सकते है*

शिकायत लिखित रूप से कमरा संख्या 105, ब्लॉक-ए, समाहरणालय भवन, राँची में जमा की जा सकती है।

क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी राँची सदर सुश्री जुही रानी को शिकायत निवारण हेतु नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है।

आइआइआइटी इलाहाबाद में बीटेक आइटी के साथ ही मिलेगी एमबीए की भी डिग्री, पांच वर्षीय होगा कोर्स

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान आइआइआइटी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तीन नए ड्यूल डिग्री कार्यक्रमों को शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इससे छात्रों को एक ही प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से बीटेक के साथ एमटेक और एमबीए जैसी उच्च डिग्रियां हासिल करने का अवसर मिलेगा।

नए पाठ्यक्रम इसी सत्र से होंगे शुरू

नए पाठ्यक्रमों में तीन प्रमुख पांच वर्षीय ड्यूल डिग्री कोर्स शामिल हैं। इसमें बीटेक-एमटेक (ईसीई), बीटेक-एमटेक (आइटी) और बीटेक (आइटी-बिजनेस इनफार्मेटिक्स)-एमबीए पाठ्यक्रम शामिल हैं। यह तीनों पाठ्यक्रम इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू होंगे।

3 पाठ्यक्रमों सहित 58 सीटें होंगी

तीन पाठ्यक्रमों को मिलाकर कुल 58 सीटें होंगी। बीटेक-एमटेक (ईसीई) में 11, बीटेक-एमटेक (आइटी) में 25 और बीटेक (आइटी-बिजनेस इनफार्मेटिक्स)-एमबीए में 22 सीटों पर सीनेट की मंजूरी मिल चुकी है। अप्रैल के मध्य में प्रस्तावित सीनेट की 37वीं मीटिंग में पाठ्यक्रमों को औपचारिकता मंजूरी मिल जाएगी। इन नए कोर्सों के शुरू होने से संस्थान की कुल प्रवेश क्षमता में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

ऐसे छात्रों के लिए विशेष लाभकारी

सीटों का पुनर्वितरण इस तरह किया गया है कि कुल इंटेक पूर्ववत बना रहे। आइआइआइटी प्रशासन के अनुसार यह उन छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हाेगा, जो तकनीकी शिक्षा के साथ उच्च विशेषज्ञता या प्रबंधन शिक्षा को एकीकृत रूप में प्राप्त करना चाहते हैं।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार हुआ पाठ्यक्रम

इन कार्यक्रमों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप डिजाइन किया गया है। सीनेट की आगामी बैठक में इन नए कोर्सों के लिए नया पाठ्यक्रम अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में प्रस्ताव को अनुमति मिलने के साथ ही इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की घोषणा कर दी जाएगी। आइआइआइटी प्रशासन के अनुसार यह पहल छात्रों को उद्योग और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी। विशेष रूप से बीटेक-एमबीए कार्यक्रम तकनीकी और प्रबंधकीय कौशल का अनूठा संयोजन प्रदान करेगा, जिससे कारपोरेट और स्टार्टअप सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों का कायराना हमला, चाईबासा में आईईडी ब्लास्ट में सीआरपीएफ जवान जख्मी।

चाईबासा/रांची: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित सारंडा के घने जंगलों में नक्सलियों ने एक बार फिर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है। रविवार सुबह एक नियमित सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी (IED) विस्फोट में सीआरपीएफ की कोबरा (CoBRA) बटालियन का एक जवान घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस मुख्यालय अलर्ट पर है और घायल जवान को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची लाने की तैयारी की जा रही है।

सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ धमाका

मिली जानकारी के अनुसार, कोबरा बटालियन के जवान सारंडा के दुर्गम क्षेत्रों में नक्सली ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए अभियान चला रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए प्रेशर आईईडी पर जवान का पैर पड़ गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ। झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी (अभियान) डॉ. माइकल एस राज ने पुष्टि की है कि जवान को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें सुरक्षित निकालकर रांची भेजने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किया गया है।

इलाके में 'ऑपरेशन क्लीन' जारी

आईजी अभियान ने बताया कि सुरक्षा बलों ने घटनास्थल के पास से एक और जिंदा आईईडी बम बरामद किया है, जिसे बम निरोधक दस्ते ने समय रहते नष्ट कर दिया। एसपी अमित रेणु के अनुसार, यह जांच का विषय है कि विस्फोटक हाल ही में लगाया गया था या यह पुराना प्लांट किया गया बम था। फिलहाल, पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बल मौके पर भेज दिए गए हैं।

नक्सलियों की छटपटाहट और बारूद का जाल

सारंडा में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच आर-पार की लड़ाई चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी महीने में 17 नक्सलियों के मारे जाने के बाद संगठन पूरी तरह टूट चुका है। अपनी जान बचाने और सुरक्षा बलों की रफ्तार रोकने के लिए नक्सलियों ने पूरे जंगल को बारूद के ढेर में तब्दील कर दिया है। पिछले दो महीनों में यह चौथा बड़ा धमाका है। इन घटनाओं में अब तक एक ग्रामीण अपनी जान गंवा चुका है, जबकि कई जवान और ग्रामीण घायल हुए हैं। पुलिस का कहना है कि नक्सलियों की इन कायराना हरकतों के बावजूद अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सारंडा पूरी तरह नक्सल मुक्त नहीं हो जाता।

सय्यद मेराज मियां की सरपरस्ती में मनाया गया जिलानी बाबा का उर्स
Sambhal सय्यद मेराज मियां की सरपरस्ती में मनाया गया जिलानी बाबा का उर्स
सकुशल उर्स मनाकर लौटे सम्भल समेत कई जिलो के ज़ायरीन
संभल। आशिके मखदूम साबिर पाक, फिदाए औलिया हुज़ूर बाबा गुलाम जिलानी साबरी रह0 का सालाना उर्स मुबारक परम्परागत रस्मों के साथ सम्पन्न हो गया।
       
सम्भल से बड़ी संख्या मे अकीदतमन्द कलियर शरीफ हुज़ूर बाबा गुलाम जिलानी साबरी रह0 का सालाना उर्स मनाने के लिए जबकि यहां उत्तराखण्ड, पानीपत, हल्द्वानी, मुरादाबाद और पंजाब व दिल्ली के जा़यरीन ने भी शिरकत करते हुए उर्स को भव्य बनाया। अमन शांति और भाईचारे के लिए दुआ की गई। दरगाह शाह विलायत हज़रत ख्वाजा शमसुद्दीन तुर्की पानीपति के सज्जादानशींन व अंजुमन गुलामाने चिश्तीया साबरिया वैलफेयर सोसायटी के चैयरमेन हाजी ख्वाजा सैयद मेराज हुसैन साबरी ने कुल शरीफ मे मुल्क अमन शांति एवं भाईचारे को दुआ कराई और सूफीवाद का पैग़ाम दिया। मेराज मियां की सरपरस्ती मे परम्परागत उर्स पुर सुकून माहौल मे एकता और भाईचारे के पैग़ाम के साथ सम्पन्न हो गया। नामचीन कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश कर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। कुल के बाद सभी को तर्बरूक बांटा गया और लंगर का आयोजन हुआ। इस मौके पर हज कमेटी उत्तराखण्ड के पूर्व चैयरमेन हाजी राव शेर मौहम्मद, वक्फ बोर्ड उत्तराखण्ड के पूर्व चैयरमेन राव काले खां, संजय बाबा, सूफी इसरार साबरी, सलीम उदयपुर, बाबा मेक्षी शाह, हाजी इश्तियाक, इस्तेकार अमन साबरी, शराफत हुसैन, ख्वाजा हसनैन, शान साबरी, तस्लीम साबरी, धर्मेन्द्र, सौहराब साबरी, नितिन पहलवान, आदि मौजूद रहे। सम्भल से पहुंचने वालों मे इंतेज़ार हुसैन, बाबर खान साबरी, फरज़न्द अली वारसी, मौ0 वसीम, साबिर हुसैन, फाज़िल, मौ0 काशिफ, असद, मास्टर रूाकील अहमद आदि मौजूद रहे।
कुसम्ही जंगल में 4.84 करोड़ से बनेगा ईको पार्क, पूर्वांचल को मिलेगा नया पर्यटन केंद्र

* योगी सरकार की पहल से गोरखपुर बनेगा इको-टूरिज्म हब, पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी

लखनऊ/ गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ अब इको-टूरिज्म को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत जनपद गोरखपुर के कुसम्ही जंगल में 4.84 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ईको पार्क विकसित किया जा रहा है। परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगातार प्रयासरत है। गोरखपुर को पूर्वांचल के प्रमुख पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। कुसम्ही जंगल में बनने वाला यह ईको पार्क पूर्वांचल की नई पहचान बनेगा।
इस आधुनिक ईको पार्क में पर्यटकों के लिए कई आकर्षक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। लगभग 15.58 लाख रुपये की लागत से भव्य प्रवेश द्वार, 28.45 लाख रुपये से इंटरप्रिटेशन सेंटर और एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्विस कॉटेज बनाए जाएंगे। इसके अलावा 32.77 लाख रुपये से कैफेटेरिया का उन्नयन, 30.88 लाख रुपये से ट्री हाउस और टेंट कैंपिंग की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
पर्यटकों के स्वास्थ्य और मानसिक शांति को ध्यान में रखते हुए 41.86 लाख रुपये की लागत से योग केंद्र भी बनाया जाएगा। साथ ही बायो टॉयलेट, सुरक्षा फेंसिंग, सोलर सबमर्सिबल, पार्किंग और बैठने की व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
गोरखपुर से कुशीनगर मार्ग पर स्थित कुसम्ही जंगल, गोरखपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है। इसी मार्ग पर गोरखपुर एयरपोर्ट और भगवान बुद्ध से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थल भी स्थित हैं, जिससे यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म बोर्ड के गठन के बाद प्रदेश के जंगलों, नदियों और झीलों को संरक्षित रखते हुए उन्हें पर्यटन के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस पहल से न केवल पर्यटकों को नए गंतव्य मिलेंगे, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
विद्युत शवदाह का भूमि पूजन महापौर के द्वारा संपन्न हुआ

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, विद्युत शवदाह का डीपीएस स्कूल के सामने भूमि पूजन महापौर के द्वारा हुआ।

महापौर गणेश केसरवानी ने कहा कि हम लोगों का सौभाग्य है कि हम लोग को जमुनापार के नैनी क्षेत्र में शवदाह विद्युत का भूमि पूजन का अवसर प्राप्त हुआ।

पार्षद मयंक यादव ने कहा कि हम लोगों का सपना पूरा हो रहा है जो समस्या बहुत बड़ी जमुनापार के लोगों की थी

अपर आयुक्त अरविंद राय, चीप इंजीनियर विद्युत संजय कटिहार, चीफ इंजीनियर सिविल संजय सचान के द्वारा सभी पार्षदों का स्वागत वंदन अभिनंदन किया गया।

कार्यक्रम का संचालन प्रदीप महरा ने किया।

शवदाह विद्युत मे मुख्य भूमिका निभाने वाले जमीन दानदाता बबलू पांडे के पिता स्वर्गीय रामनरेश पांडे की स्मृति में जो जमीन दान दी है उन का महापौर एवं समस्त पार्षदों द्वारा उनका माल्यार्पण करके हार्दिक स्वागत अभिनंदन आभार व्यक्त किया और इस पुनीत कार्य को करने हेतु यमुनापार की समस्त जनता ऋणी रहेगी ।

इस अवसर पर पार्षद मयंक यादव, पार्षद रण विजय सिंह डब्बू,पवन यादव, अनूूप पासी,संजय पासवान,लाल बहादुर साहू, बलराज पटेल,राकेश जयसवाल, दिलीप केसरवानी,राकेश जयसवाल,भगवती प्रसाद पांडे,

सुविख्यात समाज सेवी भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह,भाजपा नेता नर सिंह,शिव शंकर दीक्षित, भाजपा नेता प्रदीप तिवारी,कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय श्रीवास्तव, नैनी मंडल महामंत्री दिनेश सिंह,ओम प्रकाश मिश्र,मंडल अध्यक्ष रजत दुबे, मंडल अध्यक्ष हरिकृष्ण पांडे, कार्तिकेय पुरी,बाबूजी यादव,सहित कई अतिविशिष्ट गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बंदर और नेवले ने संगम नगरी में बिजली व्यवस्था पर लगाया ब्रेक, कई मुहल्ले के उपभोक्ताओं की बढ़ाई मुश्किलें

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,शहर के रामबाग डिवीजन से संबंधित शिवाजी पार्क और मानसरोवर, विवेकानंद मार्ग क्षेत्र में बंदर और नेवले ने बिजली व्यवस्था पर ब्रेक लगा दिया। नेवला ट्रांसफार्मर पर चढ़ गया, जिससे एचटी जंपर कट गया और तेज आवाज के साथ आपूर्ति बंद हो गई। नेवले की भी मौत हो गई। वहीं मानसरोवर चौराहे के पास एक बंदर ट्रांसफार्मर पर कूद गया, जिससे उसे करंट का जोर का झटका लगा और वह नीचे रखी पेटी पर आ गिरा। इससे बंदर मामूली रूप से जख्मी हो गया।

250 केवी ट्रांसफार्मर पर चढ़ा था नेवला

शिवाजी पार्क स्थित 250 केवी ट्रांसफार्मर पर एक नेवला चढ़ गया। जैसे ही एचटी लाइन के संपर्क में वह आया तेज आवाज के साथ एचटी जंपर उड़ गया। नेवला की करंट से झुलस कर मौत हो गई। करीब 200 घरों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। सूचना मिलने पर कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मृत नेवला को हटवाते हुए एचटी जंपर को ठीक किया, तब जाकर करीब एक घंटे बाद आपूर्ति बहाल की गई।

400 केवी के ट्रांसफार्मर पर बैठने से उड़ा जंपर

इसी प्रकार मानसरोवर चौराहे के पास लगे 400 केवी के ट्रांसफार्मर पर अचानक एक बंदर जैसे ही बैठा तेज आवाज के साथ जंपर उड़ गया। इससे बंदर नीचे रखी पेटी पर आकर गिर गया, जिससे वह मामूली रूप से जख्मी हो गया। कर्मचारी पहुंचे और बंदर को पेटी से नीचे उतारा। इसके बाद जंपर को ठीक कर करीब डेढ़ घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई। खुशहाल पर्वत क्षेत्र में घंटों गुल रही बिजली

कल्याणी देवी उपकेंद्र से संबंधित खुशहाल पर्वत मुहल्ले में शनिवार सुबह लगभग 11 बजे बिजली आपूर्ति बंद हो गई। करीब एक घंटे तक बिजली नहीं आई तो लोगों ने उपकेंद्र पर फोन किया। कर्मचारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य चल रहा है। दोपहर तीन बजे तक आपूर्ति बहाल होगी। यही नहीं, यह भी बताया गया कि कटौती की सूचना एक दिन पहले दी गई थी।

कटौती की नहीं दी गई सूचना

हालांकि लोगों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।कटौती की कोई सूचना नहीं दी गई थी। इसी प्रकार दरियाबाद, ककरहा घाट, अटाला में भी बिजली की आवाजाही से लोग काफी परेशान हुए। करैलाबाग उपकेंद्र से संबंधित कई मुहल्लों में भी बिजली की ट्रिपिंग ने लोगों को परेशान किया।

Sambhal नगर पालिका से विधानसभा तक नजर, अब सिस्टम सुधारने की चुनौती, फाइलों की देरी पर फूटा गुस्सा, शान अली ने कर्मचारियों को ठहराया जिम्मेदार
सम्भल नगर पालिका परिषद में मनोनीत सदस्य बनने के बाद सय्यद शान अली ने अपने सियासी सफर की बड़ी शुरुआत का संकेत दिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें एक बड़ा मौका दिया है और वह उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में उन्हें विधानसभा तक भी पहुंचने का अवसर मिलेगा।

शान अली ने साफ कहा कि उनका फोकस सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान पर रहेगा। उन्होंने नगर में गंदगी, टूटी सड़कों और नालियों की समस्या को प्रमुख मुद्दा बताया और कहा कि पूरे सम्भल में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा। साथ ही जहां-जहां सड़कें खराब हैं, वहां मरम्मत और नई सड़कों के प्रस्ताव भेजे जाएंगे। सबसे गंभीर मुद्दा उठाते हुए उन्होंने जन्म प्रमाण पत्र बनने में हो रही देरी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि कई लोगों की फाइलें एक-एक साल से लंबित पड़ी हैं, जिससे गरीबों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शान अली ने भरोसा दिलाया कि इन फाइलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा और प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। जब जिम्मेदारी की बात आई तो उन्होंने साफ तौर पर नगर पालिका के कर्मचारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि काम में देरी कहीं न कहीं कर्मचारियों की लापरवाही का नतीजा है, जिसे सुधारा जाएगा। कुल मिलाकर, शान अली ने साफ संकेत दे दिया है कि वह नगर पालिका में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपनी पहचान मजबूत करना चाहते हैं और भविष्य में बड़ी राजनीति की ओर कदम बढ़ाने की तैयारी में हैं।
होलागढ़ के ब्लॉक प्रमुख राम फकीर का निधन, नाजरेथ अस्पताल में ली अंतिम सांस

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। गंगापार में होलागढ़ के ब्लॉक प्रमुख राम फकीर का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने प्रयागराज के नाजरेथ अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

25 जुलाई 2021 को ब्लॉक प्रमुख बने थे

बताया जाता है कि राम फकीर ने 25 जुलाई 2021 को ब्लॉक प्रमुख के रूप में शपथ ग्रहण कर कार्यभार संभाला था। वह पिछले काफी समय से शुगर, हृदय रोग और लकवा की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें एक सप्ताह पूर्व नाजरेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

शृंगवेरपुर गंगा घाट पर अंतिम संस्कार होगा

उनका अंतिम संस्कार रविवार पांच अप्रैल को ही शृंगवेरपुर धाम स्थित गंगा घाट पर किया जाएगा। राम फकीर के पांच पुत्र और दो पुत्रियां हैं। पत्नी का निधन करीब तीन वर्ष पूर्व ही हो चुका था। ब्लॉक प्रमुख के निधन पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों में शोक व्याप्त है।

राँची उपायुक्त का कड़ा रुख: लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार, 48 घंटे में शोकॉज के निर्देश

राँची समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जन समस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान कार्यों में शिथिलता और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए।

जनता दरबार के मुख्य फैसले और सख्त कार्रवाई

उपायुक्त ने विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

नगड़ी अंचल पर गिरी गाज: एक ही प्लॉट पर म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) को लेकर विरोधाभासी निर्णय लेने पर संबंधित कर्मचारी को 48 घंटे के भीतर शोकॉज और आरोप पत्र गठित करने का आदेश दिया गया। साथ ही, म्यूटेशन आवेदन लंबित रखने पर CO, CI और कर्मचारी तीनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

धोखाधड़ी करने वाले शिक्षक पर कार्रवाई: मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति के नाम पर फर्जी खाता खोलकर संपत्ति हड़पने के आरोपी एक सरकारी शिक्षक के वेतन पर रोक लगाने और जांच के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग को निर्देश: एक प्रतिष्ठित स्कूल द्वारा छात्र को रिपोर्ट कार्ड के बजाय टीसी (TC) थमाने के मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी को छात्र का भविष्य सुनिश्चित करने और स्कूल पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।

बुजुर्गों और महिलाओं को राहत: आधार सीडिंग की समस्या के कारण रुकी हुई पेंशन का समाधान करने के लिए बैंक को निर्देश दिए गए। साथ ही 'मंईयां सम्मान योजना' के वंचित लाभुकों की समस्याओं के निस्तारण हेतु सामाजिक सुरक्षा विभाग को सक्रिय किया गया।

सोशल मीडिया और समाचार के लिए बेहतरीन हेडलाइंस (Headings)

यहाँ कुछ प्रभावशाली हेडलाइंस दी गई हैं जो आप अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स या न्यूज़ बुलेटिन के लिए उपयोग कर सकते हैं:

सख्त और प्रशासनिक (Administrative Focus)

डीसी राँची का एक्शन मोड: नगड़ी अंचल के लापरवाह कर्मियों पर 48 घंटे में गिरेगी गाज!

म्यूटेशन में खेल करने वालों की खैर नहीं, उपायुक्त ने CO और CI से मांगा स्पष्टीकरण।

जनता दरबार में बरसीं गाज: लापरवाही पर अधिकारियों को शोकॉज, आरोपी शिक्षक का वेतन रोका।

जनता से जुड़ी और राहत वाली (Public Focus)

राँची जनता दरबार: अबुआ साथी व्हाट्सएप और डीसी की चौखट पर मिला शिकायतों का तुरंत समाधान।

स्कूल की मनमानी और पेंशन की समस्या? डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने मौके पर ही दिए समाधान के आदेश।

भोलाराम को मिलेगी पेंशन, छात्रा को अनुकंपा का भरोसा—राँची डीसी ने सुनीं जनता की फरियाद।

शॉर्ट और क्रिस्पी (Short & Catchy)

राँची अपडेट: लापरवाह अफसरों पर डीसी का हंटर!

दाखिल-खारिज में देरी? राँची उपायुक्त ने लगाई अधिकारियों की क्लास।

डीसी राँची का आदेश: काम में कोताही बर्दाश्त नहीं, तुरंत होगा एक्शन।

राँची के निजी स्कूलों की मनमानी खत्म: फीस बढ़ाई तो लगेगा ₹2.5 लाख का जुर्माना!

झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुपालन में राँची जिले में निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण, पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु गठित जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की प्रथम बैठक आज समाहरणालय, ब्लॉक - ए स्थित NIC सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में सांसद प्रतिनिधि लोकसभा क्षेत्र राँची, लोहरदगा एवं ख़ुटी एवं विधायक प्रतिनिधि विधानसभा क्षेत्र राँची एवं खिजरी एवं जिला परिवहन पदाधिकारी राँची, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राँची, श्री विनय कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, श्रीमती उर्वशी पांडेय एवं जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बादल राज एवं सम्बंधित पदाधिकारी एवं सभी स्कूल के प्रतिनिधि, अभिभावक सदस्य उपस्थित थे।

समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ एवं न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण

बैठक का मुख्य उद्देश्य निजी विद्यालयों में शुल्क निर्धारण की पारदर्शी प्रक्रिया तय करना, विद्यालयों से संबंधित विभिन्न शिकायतों (जैसे शुल्क, पुस्तकें, परिवहन, पोषाक आदि) के प्रभावी निस्तारण की व्यवस्था करना था। इस समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है।

जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति के सदस्य समिति का गठन नियमानुसार निम्नलिखित सदस्यों के साथ किया गया है:

(1) उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची — अध्यक्ष

(2) जिला शिक्षा पदाधिकारी — सदस्य सचिव

(3) जिला परिवहन पदाधिकारी— सदस्य सचिव

(4) जिला शिक्षा अधीक्षक — सदस्य सचिव

(5) सनदी लेखाकार (चार्टर्ड अकाउंटेंट) — सदस्य

(6) निजी विद्यालय के प्राचार्य (02) — सदस्य

(7) राँची जिले के सभी माननीय सांसद — सदस्य

(8) राँची जिले के सभी माननीय विधानसभा सदस्य — सदस्य

(9) अभिभावक सदस्य (02) — सदस्य

बैठक में विस्तृत समीक्षा के प्रमुख बिंदु

बैठक में निजी विद्यालयों के संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई और निम्नलिखित निर्णय/निर्देश पारित किए गए:

(1) निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क निर्धारण

- सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अपनी विद्यालय स्तर की शुल्क समिति की सहमति से 10 प्रतिशत तक शुल्क वृद्धि कर सकते हैं। इसकी सूचना अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति को देनी होगी।

10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।

- शुल्क वृद्धि न्यूनतम दो वर्षों के लिए प्रभावी होगी।

- विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों में कक्षावार लिए गए शुल्क का पूरा विवरण जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

- शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षावार शुल्क विवरणी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।

(2) विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति एवं अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

- प्रत्येक निजी विद्यालय को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति तथा PTA का गठन अनिवार्य रूप से करना है।

- जिले के अधिकांश विद्यालयों में ये समितियाँ पहले ही गठित हो चुकी हैं और जिला कार्यालय को सूचना दी जा चुकी है।

- शेष विद्यालयों को शीघ्र दोनों समितियों का गठन कर जिला शुल्क समिति को सूचना उपलब्ध करानी होगी।

- शुल्क समिति एवं PTA से संबंधित जानकारी विद्यालय की वेबसाइट तथा सूचनापट्ट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी।

(3) पुस्तक मूल्य संबंधी निर्देश

- सभी निजी विद्यालयों को कक्षावार पुस्तक मूल्य विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

- CBSE के पाठ्यक्रम का अनुपालन करने वाले विद्यालय NCERT की पुस्तकों के अतिरिक्त कोई संदर्भ या सहायक पुस्तकें बाध्यकारी नहीं बना सकते।

- पुस्तकों में बदलाव केवल पाँच वर्ष में एक बार या बोर्ड/सक्षम प्राधिकार द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही किया जा सकेगा।

- विगत वर्ष की पुस्तकें, जिनकी भौतिक स्थिति अच्छी हो, अगले वर्ष भी उपयोग की जा सकती हैं।

(4) परिवहन शुल्क

- परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के प्रावधानों के अंतर्गत ही होगी।

- सभी स्कूल बसों में परिवहन मानकों एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन अनिवार्य है।

(5) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक डिजाइन में बार-बार बदलाव नहीं किया जा सकेगा। कम से कम 05 वर्ष के अंतराल पर PTA की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय भवन या कमरों का उपयोग पोषाक की बिक्री के लिए नहीं किया जा सकेगा।

- अभिभावक खुले बाजार से पोशाक खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को केवल डिजाइन, रंग आदि का विवरण सार्वजनिक करना होगा।

(6) अन्य शुल्क संबंधी स्पष्ट निर्देश

- बस शुल्क सहित कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क (चाहे किसी भी नाम से हो) को मासिक शुल्क में सम्मिलित माना जाएगा। इनकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण प्रावधानों के अधीन ही होगी।

(7) वार्षिक परीक्षा संबंधी

- किसी छात्र को परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जा सकेगा।

- परीक्षा के समय कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

- छात्र को TC/परित्याग प्रमाण-पत्र/PEN नियमानुसार समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।

(8) नामांकन संबंधी

- प्रवेश आवेदन पत्र के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप शुल्क लिया जाएगा।

- अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए पुनः नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।

- RTE अधिनियम के अंतर्गत कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्रों के लिए प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से भरनी होंगी।

अभिभावक अपनी शिकायत कर अपनी समस्या बता सकते है*

शिकायत लिखित रूप से कमरा संख्या 105, ब्लॉक-ए, समाहरणालय भवन, राँची में जमा की जा सकती है।

क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी राँची सदर सुश्री जुही रानी को शिकायत निवारण हेतु नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है।

आइआइआइटी इलाहाबाद में बीटेक आइटी के साथ ही मिलेगी एमबीए की भी डिग्री, पांच वर्षीय होगा कोर्स

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान आइआइआइटी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तीन नए ड्यूल डिग्री कार्यक्रमों को शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इससे छात्रों को एक ही प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से बीटेक के साथ एमटेक और एमबीए जैसी उच्च डिग्रियां हासिल करने का अवसर मिलेगा।

नए पाठ्यक्रम इसी सत्र से होंगे शुरू

नए पाठ्यक्रमों में तीन प्रमुख पांच वर्षीय ड्यूल डिग्री कोर्स शामिल हैं। इसमें बीटेक-एमटेक (ईसीई), बीटेक-एमटेक (आइटी) और बीटेक (आइटी-बिजनेस इनफार्मेटिक्स)-एमबीए पाठ्यक्रम शामिल हैं। यह तीनों पाठ्यक्रम इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू होंगे।

3 पाठ्यक्रमों सहित 58 सीटें होंगी

तीन पाठ्यक्रमों को मिलाकर कुल 58 सीटें होंगी। बीटेक-एमटेक (ईसीई) में 11, बीटेक-एमटेक (आइटी) में 25 और बीटेक (आइटी-बिजनेस इनफार्मेटिक्स)-एमबीए में 22 सीटों पर सीनेट की मंजूरी मिल चुकी है। अप्रैल के मध्य में प्रस्तावित सीनेट की 37वीं मीटिंग में पाठ्यक्रमों को औपचारिकता मंजूरी मिल जाएगी। इन नए कोर्सों के शुरू होने से संस्थान की कुल प्रवेश क्षमता में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

ऐसे छात्रों के लिए विशेष लाभकारी

सीटों का पुनर्वितरण इस तरह किया गया है कि कुल इंटेक पूर्ववत बना रहे। आइआइआइटी प्रशासन के अनुसार यह उन छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हाेगा, जो तकनीकी शिक्षा के साथ उच्च विशेषज्ञता या प्रबंधन शिक्षा को एकीकृत रूप में प्राप्त करना चाहते हैं।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार हुआ पाठ्यक्रम

इन कार्यक्रमों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप डिजाइन किया गया है। सीनेट की आगामी बैठक में इन नए कोर्सों के लिए नया पाठ्यक्रम अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में प्रस्ताव को अनुमति मिलने के साथ ही इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की घोषणा कर दी जाएगी। आइआइआइटी प्रशासन के अनुसार यह पहल छात्रों को उद्योग और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी। विशेष रूप से बीटेक-एमबीए कार्यक्रम तकनीकी और प्रबंधकीय कौशल का अनूठा संयोजन प्रदान करेगा, जिससे कारपोरेट और स्टार्टअप सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों का कायराना हमला, चाईबासा में आईईडी ब्लास्ट में सीआरपीएफ जवान जख्मी।

चाईबासा/रांची: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित सारंडा के घने जंगलों में नक्सलियों ने एक बार फिर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है। रविवार सुबह एक नियमित सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी (IED) विस्फोट में सीआरपीएफ की कोबरा (CoBRA) बटालियन का एक जवान घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस मुख्यालय अलर्ट पर है और घायल जवान को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची लाने की तैयारी की जा रही है।

सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ धमाका

मिली जानकारी के अनुसार, कोबरा बटालियन के जवान सारंडा के दुर्गम क्षेत्रों में नक्सली ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए अभियान चला रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए प्रेशर आईईडी पर जवान का पैर पड़ गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ। झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी (अभियान) डॉ. माइकल एस राज ने पुष्टि की है कि जवान को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें सुरक्षित निकालकर रांची भेजने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किया गया है।

इलाके में 'ऑपरेशन क्लीन' जारी

आईजी अभियान ने बताया कि सुरक्षा बलों ने घटनास्थल के पास से एक और जिंदा आईईडी बम बरामद किया है, जिसे बम निरोधक दस्ते ने समय रहते नष्ट कर दिया। एसपी अमित रेणु के अनुसार, यह जांच का विषय है कि विस्फोटक हाल ही में लगाया गया था या यह पुराना प्लांट किया गया बम था। फिलहाल, पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बल मौके पर भेज दिए गए हैं।

नक्सलियों की छटपटाहट और बारूद का जाल

सारंडा में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच आर-पार की लड़ाई चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी महीने में 17 नक्सलियों के मारे जाने के बाद संगठन पूरी तरह टूट चुका है। अपनी जान बचाने और सुरक्षा बलों की रफ्तार रोकने के लिए नक्सलियों ने पूरे जंगल को बारूद के ढेर में तब्दील कर दिया है। पिछले दो महीनों में यह चौथा बड़ा धमाका है। इन घटनाओं में अब तक एक ग्रामीण अपनी जान गंवा चुका है, जबकि कई जवान और ग्रामीण घायल हुए हैं। पुलिस का कहना है कि नक्सलियों की इन कायराना हरकतों के बावजूद अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सारंडा पूरी तरह नक्सल मुक्त नहीं हो जाता।

सय्यद मेराज मियां की सरपरस्ती में मनाया गया जिलानी बाबा का उर्स
Sambhal सय्यद मेराज मियां की सरपरस्ती में मनाया गया जिलानी बाबा का उर्स
सकुशल उर्स मनाकर लौटे सम्भल समेत कई जिलो के ज़ायरीन
संभल। आशिके मखदूम साबिर पाक, फिदाए औलिया हुज़ूर बाबा गुलाम जिलानी साबरी रह0 का सालाना उर्स मुबारक परम्परागत रस्मों के साथ सम्पन्न हो गया।
       
सम्भल से बड़ी संख्या मे अकीदतमन्द कलियर शरीफ हुज़ूर बाबा गुलाम जिलानी साबरी रह0 का सालाना उर्स मनाने के लिए जबकि यहां उत्तराखण्ड, पानीपत, हल्द्वानी, मुरादाबाद और पंजाब व दिल्ली के जा़यरीन ने भी शिरकत करते हुए उर्स को भव्य बनाया। अमन शांति और भाईचारे के लिए दुआ की गई। दरगाह शाह विलायत हज़रत ख्वाजा शमसुद्दीन तुर्की पानीपति के सज्जादानशींन व अंजुमन गुलामाने चिश्तीया साबरिया वैलफेयर सोसायटी के चैयरमेन हाजी ख्वाजा सैयद मेराज हुसैन साबरी ने कुल शरीफ मे मुल्क अमन शांति एवं भाईचारे को दुआ कराई और सूफीवाद का पैग़ाम दिया। मेराज मियां की सरपरस्ती मे परम्परागत उर्स पुर सुकून माहौल मे एकता और भाईचारे के पैग़ाम के साथ सम्पन्न हो गया। नामचीन कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश कर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। कुल के बाद सभी को तर्बरूक बांटा गया और लंगर का आयोजन हुआ। इस मौके पर हज कमेटी उत्तराखण्ड के पूर्व चैयरमेन हाजी राव शेर मौहम्मद, वक्फ बोर्ड उत्तराखण्ड के पूर्व चैयरमेन राव काले खां, संजय बाबा, सूफी इसरार साबरी, सलीम उदयपुर, बाबा मेक्षी शाह, हाजी इश्तियाक, इस्तेकार अमन साबरी, शराफत हुसैन, ख्वाजा हसनैन, शान साबरी, तस्लीम साबरी, धर्मेन्द्र, सौहराब साबरी, नितिन पहलवान, आदि मौजूद रहे। सम्भल से पहुंचने वालों मे इंतेज़ार हुसैन, बाबर खान साबरी, फरज़न्द अली वारसी, मौ0 वसीम, साबिर हुसैन, फाज़िल, मौ0 काशिफ, असद, मास्टर रूाकील अहमद आदि मौजूद रहे।
कुसम्ही जंगल में 4.84 करोड़ से बनेगा ईको पार्क, पूर्वांचल को मिलेगा नया पर्यटन केंद्र

* योगी सरकार की पहल से गोरखपुर बनेगा इको-टूरिज्म हब, पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी

लखनऊ/ गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ अब इको-टूरिज्म को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत जनपद गोरखपुर के कुसम्ही जंगल में 4.84 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ईको पार्क विकसित किया जा रहा है। परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगातार प्रयासरत है। गोरखपुर को पूर्वांचल के प्रमुख पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। कुसम्ही जंगल में बनने वाला यह ईको पार्क पूर्वांचल की नई पहचान बनेगा।
इस आधुनिक ईको पार्क में पर्यटकों के लिए कई आकर्षक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। लगभग 15.58 लाख रुपये की लागत से भव्य प्रवेश द्वार, 28.45 लाख रुपये से इंटरप्रिटेशन सेंटर और एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्विस कॉटेज बनाए जाएंगे। इसके अलावा 32.77 लाख रुपये से कैफेटेरिया का उन्नयन, 30.88 लाख रुपये से ट्री हाउस और टेंट कैंपिंग की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
पर्यटकों के स्वास्थ्य और मानसिक शांति को ध्यान में रखते हुए 41.86 लाख रुपये की लागत से योग केंद्र भी बनाया जाएगा। साथ ही बायो टॉयलेट, सुरक्षा फेंसिंग, सोलर सबमर्सिबल, पार्किंग और बैठने की व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
गोरखपुर से कुशीनगर मार्ग पर स्थित कुसम्ही जंगल, गोरखपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है। इसी मार्ग पर गोरखपुर एयरपोर्ट और भगवान बुद्ध से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थल भी स्थित हैं, जिससे यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म बोर्ड के गठन के बाद प्रदेश के जंगलों, नदियों और झीलों को संरक्षित रखते हुए उन्हें पर्यटन के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस पहल से न केवल पर्यटकों को नए गंतव्य मिलेंगे, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
विद्युत शवदाह का भूमि पूजन महापौर के द्वारा संपन्न हुआ

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, विद्युत शवदाह का डीपीएस स्कूल के सामने भूमि पूजन महापौर के द्वारा हुआ।

महापौर गणेश केसरवानी ने कहा कि हम लोगों का सौभाग्य है कि हम लोग को जमुनापार के नैनी क्षेत्र में शवदाह विद्युत का भूमि पूजन का अवसर प्राप्त हुआ।

पार्षद मयंक यादव ने कहा कि हम लोगों का सपना पूरा हो रहा है जो समस्या बहुत बड़ी जमुनापार के लोगों की थी

अपर आयुक्त अरविंद राय, चीप इंजीनियर विद्युत संजय कटिहार, चीफ इंजीनियर सिविल संजय सचान के द्वारा सभी पार्षदों का स्वागत वंदन अभिनंदन किया गया।

कार्यक्रम का संचालन प्रदीप महरा ने किया।

शवदाह विद्युत मे मुख्य भूमिका निभाने वाले जमीन दानदाता बबलू पांडे के पिता स्वर्गीय रामनरेश पांडे की स्मृति में जो जमीन दान दी है उन का महापौर एवं समस्त पार्षदों द्वारा उनका माल्यार्पण करके हार्दिक स्वागत अभिनंदन आभार व्यक्त किया और इस पुनीत कार्य को करने हेतु यमुनापार की समस्त जनता ऋणी रहेगी ।

इस अवसर पर पार्षद मयंक यादव, पार्षद रण विजय सिंह डब्बू,पवन यादव, अनूूप पासी,संजय पासवान,लाल बहादुर साहू, बलराज पटेल,राकेश जयसवाल, दिलीप केसरवानी,राकेश जयसवाल,भगवती प्रसाद पांडे,

सुविख्यात समाज सेवी भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह,भाजपा नेता नर सिंह,शिव शंकर दीक्षित, भाजपा नेता प्रदीप तिवारी,कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय श्रीवास्तव, नैनी मंडल महामंत्री दिनेश सिंह,ओम प्रकाश मिश्र,मंडल अध्यक्ष रजत दुबे, मंडल अध्यक्ष हरिकृष्ण पांडे, कार्तिकेय पुरी,बाबूजी यादव,सहित कई अतिविशिष्ट गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बंदर और नेवले ने संगम नगरी में बिजली व्यवस्था पर लगाया ब्रेक, कई मुहल्ले के उपभोक्ताओं की बढ़ाई मुश्किलें

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,शहर के रामबाग डिवीजन से संबंधित शिवाजी पार्क और मानसरोवर, विवेकानंद मार्ग क्षेत्र में बंदर और नेवले ने बिजली व्यवस्था पर ब्रेक लगा दिया। नेवला ट्रांसफार्मर पर चढ़ गया, जिससे एचटी जंपर कट गया और तेज आवाज के साथ आपूर्ति बंद हो गई। नेवले की भी मौत हो गई। वहीं मानसरोवर चौराहे के पास एक बंदर ट्रांसफार्मर पर कूद गया, जिससे उसे करंट का जोर का झटका लगा और वह नीचे रखी पेटी पर आ गिरा। इससे बंदर मामूली रूप से जख्मी हो गया।

250 केवी ट्रांसफार्मर पर चढ़ा था नेवला

शिवाजी पार्क स्थित 250 केवी ट्रांसफार्मर पर एक नेवला चढ़ गया। जैसे ही एचटी लाइन के संपर्क में वह आया तेज आवाज के साथ एचटी जंपर उड़ गया। नेवला की करंट से झुलस कर मौत हो गई। करीब 200 घरों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। सूचना मिलने पर कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मृत नेवला को हटवाते हुए एचटी जंपर को ठीक किया, तब जाकर करीब एक घंटे बाद आपूर्ति बहाल की गई।

400 केवी के ट्रांसफार्मर पर बैठने से उड़ा जंपर

इसी प्रकार मानसरोवर चौराहे के पास लगे 400 केवी के ट्रांसफार्मर पर अचानक एक बंदर जैसे ही बैठा तेज आवाज के साथ जंपर उड़ गया। इससे बंदर नीचे रखी पेटी पर आकर गिर गया, जिससे वह मामूली रूप से जख्मी हो गया। कर्मचारी पहुंचे और बंदर को पेटी से नीचे उतारा। इसके बाद जंपर को ठीक कर करीब डेढ़ घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई। खुशहाल पर्वत क्षेत्र में घंटों गुल रही बिजली

कल्याणी देवी उपकेंद्र से संबंधित खुशहाल पर्वत मुहल्ले में शनिवार सुबह लगभग 11 बजे बिजली आपूर्ति बंद हो गई। करीब एक घंटे तक बिजली नहीं आई तो लोगों ने उपकेंद्र पर फोन किया। कर्मचारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य चल रहा है। दोपहर तीन बजे तक आपूर्ति बहाल होगी। यही नहीं, यह भी बताया गया कि कटौती की सूचना एक दिन पहले दी गई थी।

कटौती की नहीं दी गई सूचना

हालांकि लोगों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।कटौती की कोई सूचना नहीं दी गई थी। इसी प्रकार दरियाबाद, ककरहा घाट, अटाला में भी बिजली की आवाजाही से लोग काफी परेशान हुए। करैलाबाग उपकेंद्र से संबंधित कई मुहल्लों में भी बिजली की ट्रिपिंग ने लोगों को परेशान किया।

Sambhal नगर पालिका से विधानसभा तक नजर, अब सिस्टम सुधारने की चुनौती, फाइलों की देरी पर फूटा गुस्सा, शान अली ने कर्मचारियों को ठहराया जिम्मेदार
सम्भल नगर पालिका परिषद में मनोनीत सदस्य बनने के बाद सय्यद शान अली ने अपने सियासी सफर की बड़ी शुरुआत का संकेत दिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें एक बड़ा मौका दिया है और वह उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में उन्हें विधानसभा तक भी पहुंचने का अवसर मिलेगा।

शान अली ने साफ कहा कि उनका फोकस सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान पर रहेगा। उन्होंने नगर में गंदगी, टूटी सड़कों और नालियों की समस्या को प्रमुख मुद्दा बताया और कहा कि पूरे सम्भल में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा। साथ ही जहां-जहां सड़कें खराब हैं, वहां मरम्मत और नई सड़कों के प्रस्ताव भेजे जाएंगे। सबसे गंभीर मुद्दा उठाते हुए उन्होंने जन्म प्रमाण पत्र बनने में हो रही देरी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि कई लोगों की फाइलें एक-एक साल से लंबित पड़ी हैं, जिससे गरीबों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शान अली ने भरोसा दिलाया कि इन फाइलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा और प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। जब जिम्मेदारी की बात आई तो उन्होंने साफ तौर पर नगर पालिका के कर्मचारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि काम में देरी कहीं न कहीं कर्मचारियों की लापरवाही का नतीजा है, जिसे सुधारा जाएगा। कुल मिलाकर, शान अली ने साफ संकेत दे दिया है कि वह नगर पालिका में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपनी पहचान मजबूत करना चाहते हैं और भविष्य में बड़ी राजनीति की ओर कदम बढ़ाने की तैयारी में हैं।
होलागढ़ के ब्लॉक प्रमुख राम फकीर का निधन, नाजरेथ अस्पताल में ली अंतिम सांस

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। गंगापार में होलागढ़ के ब्लॉक प्रमुख राम फकीर का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने प्रयागराज के नाजरेथ अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

25 जुलाई 2021 को ब्लॉक प्रमुख बने थे

बताया जाता है कि राम फकीर ने 25 जुलाई 2021 को ब्लॉक प्रमुख के रूप में शपथ ग्रहण कर कार्यभार संभाला था। वह पिछले काफी समय से शुगर, हृदय रोग और लकवा की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें एक सप्ताह पूर्व नाजरेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

शृंगवेरपुर गंगा घाट पर अंतिम संस्कार होगा

उनका अंतिम संस्कार रविवार पांच अप्रैल को ही शृंगवेरपुर धाम स्थित गंगा घाट पर किया जाएगा। राम फकीर के पांच पुत्र और दो पुत्रियां हैं। पत्नी का निधन करीब तीन वर्ष पूर्व ही हो चुका था। ब्लॉक प्रमुख के निधन पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों में शोक व्याप्त है।