जादूगर शंकर सम्राट 10 साल बाद झुमरी तिलैया में फिर लौट रहा मैजिक शो, नए अंदाज में होगा मनोरंजन और संदेश

झुमरी तिलैया: आज आयोजित प्रेस वार्ता में मैजिक शो टीम ने मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए जानकारी दी कि करीब 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर भव्य मैजिक शो झुमरी तिलैया की धरती पर आयोजित होने जा रहा है। इस बार शो पूरी तरह नए अंदाज और नई प्रस्तुतियों के साथ दर्शकों के सामने आएगा।

आयोजकों ने बताया कि पिछले वर्षों में उनके कार्यक्रमों को दर्शकों ने काफी सराहा था और इस बार भी उन्हें पूरा विश्वास है कि लोग इस नए मैजिक शो को पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग सोशल मीडिया और मोबाइल में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में यह लाइव मैजिक शो परिवार के साथ बैठकर मनोरंजन का बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा।

इस शो में विदेशी शैली के कई आकर्षक मैजिक प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें माइंड रीडिंग, टेलीपैथी, त्राटक और मेस्मेरिज्म जैसे करीब 36 बड़े आइटम शामिल होंगे। दो घंटे के इस शो का आयोजन प्रतिदिन किया जाएगा। सामान्य दिनों में शो का समय शाम 4 बजे और शाम 6:30 बजे होगा, जबकि रविवार को दर्शकों की भीड़ को देखते हुए तीन शो—दोपहर 1 बजे, 4 बजे और शाम 6:30 बजे आयोजित किए जाएंगे।

इस बार शो का मुख्य आकर्षण जलती आग से लड़की का प्रकट होना, लाइव डायनासोर की प्रस्तुति और दर्शकों को मंच पर बुलाकर उनके मन की बात पढ़ना होगा, जो कार्यक्रम को और भी रोमांचक बनाएगा।

कार्यक्रम का आयोजन दुर्गा मंडप, बेलाटांड सिनेमा हॉल के समीप किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि वे पिछले लगभग 18-20 वर्षों से मैजिक शो कर रहे हैं और झुमरी तिलैया उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है, जिससे उनका खास लगाव है।

इस बार शो की खास बात यह भी होगी कि मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी दिया जाएगा। भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, नशा मुक्ति, जल संरक्षण और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे सामाजिक मुद्दों को मैजिक के माध्यम से थीम बनाकर प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि लोगों को मनोरंजन के साथ जागरूकता का संदेश भी मिल सके।

आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने परिवार के साथ इस अनोखे मैजिक शो का आनंद लें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के इस प्रयास का हिस्सा बनें।
महिला आरक्षण अधिनियम 2023 हुआ लागू, सरकार ने जारी की अधिसूचना

#womenreservationactcomesintoforcenotification_issued

देश की संसद में देर रात तक महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर जोरदार बहस हुई। आज शाम चार बजे महिला आरक्षण पर वोटिंग भी होनी है। इस बीच महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम-2023 गुरुवार से लागू हो गया। इस संबंध में केंद्रीय कानून मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। हालांकि, यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि संसद में इस कानून में संशोधन करने और इसे 2029 में लागू करने पर जारी चर्चा के बीच 2023 के अधिनियम को 16 अप्रैल से प्रभावी क्यों अधिसूचित किया गया। कानून को लागू करने के संबंध में एक अधिकारी ने ’’तकनीकी खामियों’’ का हवाला दिया, लेकिन इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया।

अभी नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ

अधिकारी ने आगे कहा कि अगली जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जा सकता है। इसके मुताबिक अधिनियम लागू होने के बावजूद वर्तमान लोकसभा में महिलाओं को इसका लाभ तुरंत नहीं मिल सकेगा।

अधिसूचना में क्या?

अधिसूचना में लिखा है: "संविधान (एक सौ छठा संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार एतद्द्वारा उक्त अधिनियम के प्रावधानों के लागू होने की तिथि 16 अप्रैल, 2026 नियुक्त करती है।"

आज लोकसभा में 6 घंटे तक होगी बहस, फिर वोटिंग

इधर, लोकसभा में गुरुवार को पेश किए गए तीन अहम बिलों पर आज भी चर्चा जारी रहेगी और शाम को इन पर मतदान कराया जाएगा। लोकसभा कार्यसूची के अनुसार, गुरुवार को इन बिलों पर 12 घंटे से अधिक लंबी बहस हुई थी, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपने-अपने तर्क रखे। आज यानी शुक्रवार को करीब 6 घंटे अतिरिक्त चर्चा के लिए निर्धारित किए गए हैं। वोटिंग से पहले गृहमंत्री अमित शाह सदन में विस्तृत जवाब देंगे, जिसके बाद इन महत्वपूर्ण विधेयकों पर निर्णय लिया जाएगा।

2023 में पारित हुआ था विधेयक

सितंबर 2023 में, संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है, जो विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

श्रेष्ठ शिक्षकों के लिए जनपदीय पुरस्कार की घोषणा

अक्टूबर में प्रस्तावित है सम्मान समारोह*

रितेश मिश्रा
हरदोई में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। “श्रीमती सुन्दर लाल गुप्ता स्मृति जनपदीय श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार समिति” की बैठक अविनाश चन्द्र गुप्त के आवास पर सम्पन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता नरेश चन्द्र शुक्ला ने की। बैठक में शिक्षा के उन्नयन और शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जनपद के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के उत्कृष्ट शिक्षक-शिक्षिकाओं को “श्रीमती सुन्दर लाल गुप्ता स्मृति जनपदीय श्रेष्ठ शिक्षक” पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही जनपद के उच्च शिक्षा संस्थानों (डिग्री कालेज) के श्रेष्ठ शिक्षकों को “स्वर्गीय प्रकाश चन्द्र गुप्ता स्मृति जनपदीय श्रेष्ठ पुरस्कार” प्रदान किया जाएगा। नरेश चन्द्र शुक्ला ने बताया कि पुरस्कारों की व्यवस्था समिति के संयोजक अविनाश चन्द्र गुप्त द्वारा की जाएगी।
बैठक में राजेश तिवारी, चित्रा बाजपेयी, देश दीपक शुक्ला और श्रवण कुमार मिश्रा ‘राही’ सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक कदम बताते हुए समर्थन किया। जानकारी के अनुसार, पुरस्कार समारोह आगामी अक्टूबर माह में आयोजित किए जाने की संभावना है, जिसमें जनपद के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
लोक अदालत के लिए 140 वाद निस्तारण को चिह्नित

फर्रुखाबाद l राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 09 मई 2026 के सफल आयोजन को लेकर जनपद न्यायालय परिसर में स्थित एडीआर भवन में लघु आपराधिक मामलों एवं धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीरज कुमार के निर्देश पर बैठक सम्पन्न हुई। इस दौरान
बैठक की अध्यक्षता अपर जिला जज एवं नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत संजय कुमार द्वारा की गई l संचालन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण युगल शंभू ने किया। इस दौरान
बैठक के अध्यक्ष ने संबंधित न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक लघु आपराधिक एवं धारा 138 एनआई एक्ट से जुड़े मामलों को चिन्हित कर राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण हेतु प्रस्तुत किया जाए। साथ ही चिन्हित मामलों का विस्तृत विवरण भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

अब तक धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित कुल 06 मामलों तथा लघु आपराधिक मामलों के कुल 134 प्रकरणों को चिन्हित किया जा चुका है, जिन्हें आगामी लोक अदालत में निस्तारित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस मौके पर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी प्रीतिमाला चतुर्वेदी, सिविल जज (सीनियर डिवीजन)  प्रियंका गांधी, अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी जयवीर सिंह सहित विभिन्न न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।
तिलक समारोह में हर्ष फायरिंग की गोली दूल्हे के भाई को लगी घायल, कानपुर रेफर, पुलिस ने लिखाई रिपोर्ट

फर्रुखाबाद l तिलकोत्सव समारोह में हर्ष फायरिंग की गोली लगने से दूल्हे का भाई विपिन कुमार राजपूत गंभीर रूप से घायल हो गया। थाना राजेपुर के ग्राम चाचूपुर जटपुरा में बीती रात आदित्य राजपूत का तिलकोत्सव कार्यक्रम चल रहा था और गांव के लोग खाना खा रहे थे उसी समय तमंचे से हर्ष फायरिंग की गई। गोली सीने में लगने से विपिन कुमार राजपूत गंभीर रूप से घायल हो गए। फायरिंग होते ही तिलक समारोह में अपरा तफरी मच गई। घायल विपिन कुमार को तत्काल लोहिया अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर नवनीत ने विपिन का प्राथमिक उपचार करने के बाद कानपुर के लिए रेफर कर दिया। बताते हैं कि ऑपरेशन करने के बाद डॉक्टरो ने विपिन के शरीर से गोली को बाहर निकाल दिया है।
दरोगा श्याम बाबू ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की उसके बाद फायरिंग करने वाले के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। दर्ज कराई रिपोर्ट में दरोगा श्याम बाबू ने लिखाया है कि ग्राम चाचूपुर जटपुरा में रामसनेही पुत्र नन्हूं लाल के यहां बीती रात्रि में तिलकोत्सव समारोह चल रहा था। कार्यक्रम के दौरान भोला उर्फ सुदीप पुत्र रामसनेही द्वारा नाजायज तमंचे से हर्ष फायर किया । तमंचे से चलाई गई गोली पास में खड़े 36 वर्षीय विपिन पुत्र रामसनेही के सीने में गोली लग गई। गोली लगने से विपिन गम्भीर रूप से घायल हो गया। परिजनों द्वारा उसे चुपचाप कानपुर नगर के एसआईएस  अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका उपचार चल रहा है। गांव के लोगों से इस बात की जानकारी मिली है।
राजेपुर थानाध्यक्ष सुदेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया की गोली चलाने वाला भाग गया है उसे तलाश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कानपुर में ऑपरेशन के दौरान उस के शरीर से गोली निकाली गई है।
योगी के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी की कड़ी आपत्ति
‘उपद्रवी, माफिया के साथ ‘मौलाना’ शब्द को जोड़ना नितांत अनुचित और आपत्तिजनक’

लखनऊ/कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए हालिया बयान पर प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी क्रम में प्रख्यात शिया इस्लामिक विद्वान एवं वक्ता मौलाना जावेद हैदर जैदी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर उक्त टिप्पणी की *कड़ी निंदा* की है।

जारी बयान में मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने कहा कि “उपद्रवी” और “माफिया” जैसे आपराधिक संदर्भों के साथ “मौलाना” शब्द को जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से अनुचित है, बल्कि यह एक सम्मानित धार्मिक पदवी की गरिमा के विपरीत भी है। उन्होंने कहा कि “मौलाना” शब्द उन विद्वानों के लिए प्रयुक्त होता है, जो समाज में नैतिकता, शिक्षा और सद्भाव का संदेश देते हैं।

मौलाना ज़ैदी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों से संतुलित, संयमित और जिम्मेदार अभिव्यक्ति की अपेक्षा की जाती है। इस प्रकार की टिप्पणियां सार्वजनिक संवाद के स्तर को प्रभावित करती हैं और सामाजिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि भारत की बहुलतावादी परंपरा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक है कि किसी भी समुदाय, वर्ग या धार्मिक पहचान के प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग किया जाए। “ऐसी बयानबाज़ी से परहेज़ किया जाना चाहिए, जिससे समाज में अनावश्यक विभाजन या असहजता उत्पन्न हो,” उन्होंने जोड़ा।

मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने सभी राजनीतिक दलों एवं नेताओं से अपील की कि वे चुनावी प्रक्रिया के दौरान जनहित के मुद्दों—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास—को प्राथमिकता दें तथा संवाद की गरिमा बनाए रखें।अंत में उन्होंने कहा कि देश में शांति, आपसी सम्मान और सामाजिक एकता को बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है, और इसके लिए जिम्मेदार व मर्यादित भाषा का प्रयोग अत्यंत आवश्यक है।
इंसाफ मांगने थाने गए बुजुर्ग को मिलीं गालियां और धक्का,वीडियो वायरल होने पर दरोगा सस्पेंड

रितेश मिश्रा
हरदोई के कछौना थाने में दरोगा शिवबाबू ने वर्दी की धौंस में मर्यादा और नैतिकता की धज्जियां उड़ा दीं।जमीनी विवाद में हुई कहासुनी के बाद इंसाफ की आस लेकर थाना पहुंचे मडिया निवासी बुजुर्ग फरियादी राजेश के साथ दरोगा का व्यवहार किसी लोकसेवक जैसा नहीं,बल्कि एक निरंकुश तानाशाह जैसा रहा।बुजुर्ग को न्याय देने के बजाय उन्हें अपमानित करना,धक्के देना और चप्पल उतारकर जमीन पर बैठने को मजबूर करना सीधे तौर पर 'खाकी' के संरक्षण में की गई मानसिक क्रूरता है। एक बुजुर्ग की लाचारी का उपहास उड़ाकर दरोगा ने न केवल अपनी संवेदनहीनता दिखाई, बल्कि पुलिस के 'मित्र' होने के दावों को भी सरेआम नीलाम कर दिया।
वायरल वीडियो ने दरोगा शिवबाबू की उस सामंती सोच को बेनकाब किया है, जहाँ फरियादी को इंसान नहीं बल्कि कीड़ा-मकोड़ा समझा जाता है। अपनी वर्दी का रौब एक असहाय बुजुर्ग पर झाड़ना और अंत में अपनी दबंगई छिपाने के लिए पीड़ित का ही 'शांति भंग' में चालान काट देना, न्याय का गला घोंटने जैसा कृत्य है। यह कृत्य दर्शाता है कि दरोगा के लिए कानून कोई सेवा का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी सनक पूरी करने का हथियार है। इस शर्मनाक आचरण ने पूरे पुलिस महकमे को जनता की अदालत में कटघरे में खड़ा कर दिया है।

प्रशासनिक स्तर पर एसपी अशोक कुमार मीणा ने बेलगाम दरोगा को सस्पेंड कर त्वरित संदेश तो दिया है, लेकिन क्या महज निलंबन इस अहंकारी मानसिकता का इलाज है? जनता के मन में पुलिस के प्रति गिरते विश्वास को बहाल करने के लिए ऐसे अफसरों के खिलाफ कठोरतम नजीर पेश करना अनिवार्य है।अब देखना यह है कि जांच की आंच इस घमंडी दरोगा को कानून का असली पाठ पढ़ा पाती है या नहीं।
देवघर-डीएवी भंडारकोला के जिला टॉपर सह राज्य के टॉप 5 में स्थान करने वाले स्वस्तिक राज एवं 90% अंक प्राप्त का हुआ सम्मान।
देवघर: गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल, भंडारकोला में विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीबीएसई की 10 वीं बोर्ड के जिला टॉपर सह झारखंड के टॉप 5 में स्थान बनाने वाले स्वस्तिक राज के साथ 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। विद्यालय में टॉपर्स और उनके अभिभावकों का एनसीसी के कैडेट्स द्वारा अनुरक्षण किया गया । इस वर्ष के परीक्षा परिणाम में कुल 48 विद्यार्थियों ने 90 % से ज़्यादा अंक हासिल किया । टॉपर्स और उनके अभिभावकों का सम्मान मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी विनोद कुमार और प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने माला पहनाकर और अंगवस्त्र प्रदान करके किया । मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा कहा कि डीएवी भारतवर्ष की ऐसी संस्था है जो कि विद्यार्थियों के नैतिक उत्थान के साथ शिक्षा देती है। बच्चों की यह सफलता कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के कारण संभव हुई है। विद्यालय के प्राचार्य ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता उनके निरंतर प्रयास, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि टॉपर्स के माता पिता की ओर से जो विद्यालय के प्रति फीडबैक आया है उससे मैं अभिभूत हूँ । उन्होंने डीएवी भंडारकोला में एडमिशन के लिए स्पेशल ऑफर की घोषणा भी की। उन्होंने बच्चों को नॉन स्कूलिंग के दुष्प्रभाव को बताया और ये भी कहा कि सीबीएसई के अनुसार यह गैर कानूनी भी है। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों एवं अभिभावकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। पूरे समारोह में उत्साह एवं गौरव का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य महोदय ने किया। उक्त आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
जनगणना-2027: जिला स्तर पर तैयारियां तेज, DM ने दिए सख्त निर्देश
संजीव सिंह बलिया। जनगणना-2027 के सफल संचालन को लेकर जनपद स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जनगणना 2027 के कार्यक्रम और उसकी समय-सीमा पर विस्तार से चर्चा की गई।अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी। प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) का कार्य किया जाएगा, जिसमें 07 मई से 21 मई 2026 तक स्वगणना होगी, जबकि 22 मई से 20 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर विवरण एकत्र करेंगे। द्वितीय चरण में जनसंख्या एवं जाति आधारित गणना की जाएगी। यह चरण 09 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा, जबकि 01 मार्च से 05 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाए। प्रशिक्षण की सूची तैयार कर प्रत्येक तहसील स्तर पर ही ट्रेनिंग आयोजित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण के बाद कर्मियों की परीक्षा भी होगी, और जो कर्मचारी उसमें सफल नहीं होंगे, उन्हें पुनः प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य का नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना कार्य में विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। सभी विभागाध्यक्ष अपने-अपने कार्यालयों के कर्मचारियों को स्वगणना के लिए प्रेरित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी जिला स्तरीय अधिकारी स्वयं स्वगणना करें और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से भी इसे अनिवार्य रूप से करवाएं, ताकि जनगणना का कार्य पूरी पारदर्शिता और शुद्धता के साथ संपन्न हो सके।
नई पहल: ‘आरोह-2026’ समर कैंप नए स्वरूप में होगा आयोजित

* व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक गतिविधियां भी होंगी शामिल, 1 मई से शुरू होगा कैंप

भोपाल। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने समर कैंप ‘आरोह-2026’ को नए स्वरूप में आयोजित करने की घोषणा की है। इस बार कैंप में खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक गतिविधियां और मानसिक सशक्तिकरण जैसे कार्यक्रम भी शामिल किए जाएंगे।

गुरुवार को तात्या टोपे खेल स्टेडियम में आयोजित प्रदेश के सभी खेल अधिकारियों की बैठक में मंत्री श्री सारंग ने कहा कि भोपाल सहित प्रदेशभर में 1 मई से समर कैंप शुरू होगा। इसमें पंजीयन 18 अप्रैल से विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और क्यूआर कोड के माध्यम से किया जा सकेगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवा समन्वयकों के सहयोग से कैंप की गतिविधियों को ब्लॉक और ग्रामीण स्तर तक पहुंचाया जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चे और युवा इसका लाभ उठा सकें।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि ‘आरोह-2026’ केवल खेल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक जनआंदोलन के रूप में विकसित किया जाएगा। जैसे फिट इंडिया मूवमेंट और स्वच्छता अभियान ने समाज को जोड़ा, उसी तरह यह समर कैंप बच्चों, युवाओं और परिवारों को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम बनेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल प्रतिभाओं को निखारना नहीं, बल्कि ऐसे सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण करना है जो परिवार, समाज और राष्ट्र का गौरव बने। खेलों के माध्यम से युवाओं का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास संभव है।

बैठक में खेल संचालक अंशुमान यादव, संयुक्त संचालक बी.एस. यादव सहित प्रदेशभर के खेल अधिकारी उपस्थित रहे।

जादूगर शंकर सम्राट 10 साल बाद झुमरी तिलैया में फिर लौट रहा मैजिक शो, नए अंदाज में होगा मनोरंजन और संदेश

झुमरी तिलैया: आज आयोजित प्रेस वार्ता में मैजिक शो टीम ने मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए जानकारी दी कि करीब 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर भव्य मैजिक शो झुमरी तिलैया की धरती पर आयोजित होने जा रहा है। इस बार शो पूरी तरह नए अंदाज और नई प्रस्तुतियों के साथ दर्शकों के सामने आएगा।

आयोजकों ने बताया कि पिछले वर्षों में उनके कार्यक्रमों को दर्शकों ने काफी सराहा था और इस बार भी उन्हें पूरा विश्वास है कि लोग इस नए मैजिक शो को पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग सोशल मीडिया और मोबाइल में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में यह लाइव मैजिक शो परिवार के साथ बैठकर मनोरंजन का बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा।

इस शो में विदेशी शैली के कई आकर्षक मैजिक प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें माइंड रीडिंग, टेलीपैथी, त्राटक और मेस्मेरिज्म जैसे करीब 36 बड़े आइटम शामिल होंगे। दो घंटे के इस शो का आयोजन प्रतिदिन किया जाएगा। सामान्य दिनों में शो का समय शाम 4 बजे और शाम 6:30 बजे होगा, जबकि रविवार को दर्शकों की भीड़ को देखते हुए तीन शो—दोपहर 1 बजे, 4 बजे और शाम 6:30 बजे आयोजित किए जाएंगे।

इस बार शो का मुख्य आकर्षण जलती आग से लड़की का प्रकट होना, लाइव डायनासोर की प्रस्तुति और दर्शकों को मंच पर बुलाकर उनके मन की बात पढ़ना होगा, जो कार्यक्रम को और भी रोमांचक बनाएगा।

कार्यक्रम का आयोजन दुर्गा मंडप, बेलाटांड सिनेमा हॉल के समीप किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि वे पिछले लगभग 18-20 वर्षों से मैजिक शो कर रहे हैं और झुमरी तिलैया उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है, जिससे उनका खास लगाव है।

इस बार शो की खास बात यह भी होगी कि मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी दिया जाएगा। भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, नशा मुक्ति, जल संरक्षण और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे सामाजिक मुद्दों को मैजिक के माध्यम से थीम बनाकर प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि लोगों को मनोरंजन के साथ जागरूकता का संदेश भी मिल सके।

आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने परिवार के साथ इस अनोखे मैजिक शो का आनंद लें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के इस प्रयास का हिस्सा बनें।
महिला आरक्षण अधिनियम 2023 हुआ लागू, सरकार ने जारी की अधिसूचना

#womenreservationactcomesintoforcenotification_issued

देश की संसद में देर रात तक महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर जोरदार बहस हुई। आज शाम चार बजे महिला आरक्षण पर वोटिंग भी होनी है। इस बीच महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम-2023 गुरुवार से लागू हो गया। इस संबंध में केंद्रीय कानून मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। हालांकि, यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि संसद में इस कानून में संशोधन करने और इसे 2029 में लागू करने पर जारी चर्चा के बीच 2023 के अधिनियम को 16 अप्रैल से प्रभावी क्यों अधिसूचित किया गया। कानून को लागू करने के संबंध में एक अधिकारी ने ’’तकनीकी खामियों’’ का हवाला दिया, लेकिन इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया।

अभी नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ

अधिकारी ने आगे कहा कि अगली जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जा सकता है। इसके मुताबिक अधिनियम लागू होने के बावजूद वर्तमान लोकसभा में महिलाओं को इसका लाभ तुरंत नहीं मिल सकेगा।

अधिसूचना में क्या?

अधिसूचना में लिखा है: "संविधान (एक सौ छठा संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार एतद्द्वारा उक्त अधिनियम के प्रावधानों के लागू होने की तिथि 16 अप्रैल, 2026 नियुक्त करती है।"

आज लोकसभा में 6 घंटे तक होगी बहस, फिर वोटिंग

इधर, लोकसभा में गुरुवार को पेश किए गए तीन अहम बिलों पर आज भी चर्चा जारी रहेगी और शाम को इन पर मतदान कराया जाएगा। लोकसभा कार्यसूची के अनुसार, गुरुवार को इन बिलों पर 12 घंटे से अधिक लंबी बहस हुई थी, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपने-अपने तर्क रखे। आज यानी शुक्रवार को करीब 6 घंटे अतिरिक्त चर्चा के लिए निर्धारित किए गए हैं। वोटिंग से पहले गृहमंत्री अमित शाह सदन में विस्तृत जवाब देंगे, जिसके बाद इन महत्वपूर्ण विधेयकों पर निर्णय लिया जाएगा।

2023 में पारित हुआ था विधेयक

सितंबर 2023 में, संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है, जो विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

श्रेष्ठ शिक्षकों के लिए जनपदीय पुरस्कार की घोषणा

अक्टूबर में प्रस्तावित है सम्मान समारोह*

रितेश मिश्रा
हरदोई में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। “श्रीमती सुन्दर लाल गुप्ता स्मृति जनपदीय श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार समिति” की बैठक अविनाश चन्द्र गुप्त के आवास पर सम्पन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता नरेश चन्द्र शुक्ला ने की। बैठक में शिक्षा के उन्नयन और शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जनपद के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के उत्कृष्ट शिक्षक-शिक्षिकाओं को “श्रीमती सुन्दर लाल गुप्ता स्मृति जनपदीय श्रेष्ठ शिक्षक” पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही जनपद के उच्च शिक्षा संस्थानों (डिग्री कालेज) के श्रेष्ठ शिक्षकों को “स्वर्गीय प्रकाश चन्द्र गुप्ता स्मृति जनपदीय श्रेष्ठ पुरस्कार” प्रदान किया जाएगा। नरेश चन्द्र शुक्ला ने बताया कि पुरस्कारों की व्यवस्था समिति के संयोजक अविनाश चन्द्र गुप्त द्वारा की जाएगी।
बैठक में राजेश तिवारी, चित्रा बाजपेयी, देश दीपक शुक्ला और श्रवण कुमार मिश्रा ‘राही’ सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक कदम बताते हुए समर्थन किया। जानकारी के अनुसार, पुरस्कार समारोह आगामी अक्टूबर माह में आयोजित किए जाने की संभावना है, जिसमें जनपद के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
लोक अदालत के लिए 140 वाद निस्तारण को चिह्नित

फर्रुखाबाद l राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 09 मई 2026 के सफल आयोजन को लेकर जनपद न्यायालय परिसर में स्थित एडीआर भवन में लघु आपराधिक मामलों एवं धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीरज कुमार के निर्देश पर बैठक सम्पन्न हुई। इस दौरान
बैठक की अध्यक्षता अपर जिला जज एवं नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत संजय कुमार द्वारा की गई l संचालन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण युगल शंभू ने किया। इस दौरान
बैठक के अध्यक्ष ने संबंधित न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक लघु आपराधिक एवं धारा 138 एनआई एक्ट से जुड़े मामलों को चिन्हित कर राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण हेतु प्रस्तुत किया जाए। साथ ही चिन्हित मामलों का विस्तृत विवरण भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

अब तक धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित कुल 06 मामलों तथा लघु आपराधिक मामलों के कुल 134 प्रकरणों को चिन्हित किया जा चुका है, जिन्हें आगामी लोक अदालत में निस्तारित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस मौके पर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी प्रीतिमाला चतुर्वेदी, सिविल जज (सीनियर डिवीजन)  प्रियंका गांधी, अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी जयवीर सिंह सहित विभिन्न न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।
तिलक समारोह में हर्ष फायरिंग की गोली दूल्हे के भाई को लगी घायल, कानपुर रेफर, पुलिस ने लिखाई रिपोर्ट

फर्रुखाबाद l तिलकोत्सव समारोह में हर्ष फायरिंग की गोली लगने से दूल्हे का भाई विपिन कुमार राजपूत गंभीर रूप से घायल हो गया। थाना राजेपुर के ग्राम चाचूपुर जटपुरा में बीती रात आदित्य राजपूत का तिलकोत्सव कार्यक्रम चल रहा था और गांव के लोग खाना खा रहे थे उसी समय तमंचे से हर्ष फायरिंग की गई। गोली सीने में लगने से विपिन कुमार राजपूत गंभीर रूप से घायल हो गए। फायरिंग होते ही तिलक समारोह में अपरा तफरी मच गई। घायल विपिन कुमार को तत्काल लोहिया अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर नवनीत ने विपिन का प्राथमिक उपचार करने के बाद कानपुर के लिए रेफर कर दिया। बताते हैं कि ऑपरेशन करने के बाद डॉक्टरो ने विपिन के शरीर से गोली को बाहर निकाल दिया है।
दरोगा श्याम बाबू ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की उसके बाद फायरिंग करने वाले के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। दर्ज कराई रिपोर्ट में दरोगा श्याम बाबू ने लिखाया है कि ग्राम चाचूपुर जटपुरा में रामसनेही पुत्र नन्हूं लाल के यहां बीती रात्रि में तिलकोत्सव समारोह चल रहा था। कार्यक्रम के दौरान भोला उर्फ सुदीप पुत्र रामसनेही द्वारा नाजायज तमंचे से हर्ष फायर किया । तमंचे से चलाई गई गोली पास में खड़े 36 वर्षीय विपिन पुत्र रामसनेही के सीने में गोली लग गई। गोली लगने से विपिन गम्भीर रूप से घायल हो गया। परिजनों द्वारा उसे चुपचाप कानपुर नगर के एसआईएस  अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका उपचार चल रहा है। गांव के लोगों से इस बात की जानकारी मिली है।
राजेपुर थानाध्यक्ष सुदेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया की गोली चलाने वाला भाग गया है उसे तलाश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कानपुर में ऑपरेशन के दौरान उस के शरीर से गोली निकाली गई है।
योगी के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी की कड़ी आपत्ति
‘उपद्रवी, माफिया के साथ ‘मौलाना’ शब्द को जोड़ना नितांत अनुचित और आपत्तिजनक’

लखनऊ/कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए हालिया बयान पर प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी क्रम में प्रख्यात शिया इस्लामिक विद्वान एवं वक्ता मौलाना जावेद हैदर जैदी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर उक्त टिप्पणी की *कड़ी निंदा* की है।

जारी बयान में मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने कहा कि “उपद्रवी” और “माफिया” जैसे आपराधिक संदर्भों के साथ “मौलाना” शब्द को जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से अनुचित है, बल्कि यह एक सम्मानित धार्मिक पदवी की गरिमा के विपरीत भी है। उन्होंने कहा कि “मौलाना” शब्द उन विद्वानों के लिए प्रयुक्त होता है, जो समाज में नैतिकता, शिक्षा और सद्भाव का संदेश देते हैं।

मौलाना ज़ैदी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों से संतुलित, संयमित और जिम्मेदार अभिव्यक्ति की अपेक्षा की जाती है। इस प्रकार की टिप्पणियां सार्वजनिक संवाद के स्तर को प्रभावित करती हैं और सामाजिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि भारत की बहुलतावादी परंपरा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक है कि किसी भी समुदाय, वर्ग या धार्मिक पहचान के प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग किया जाए। “ऐसी बयानबाज़ी से परहेज़ किया जाना चाहिए, जिससे समाज में अनावश्यक विभाजन या असहजता उत्पन्न हो,” उन्होंने जोड़ा।

मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने सभी राजनीतिक दलों एवं नेताओं से अपील की कि वे चुनावी प्रक्रिया के दौरान जनहित के मुद्दों—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास—को प्राथमिकता दें तथा संवाद की गरिमा बनाए रखें।अंत में उन्होंने कहा कि देश में शांति, आपसी सम्मान और सामाजिक एकता को बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है, और इसके लिए जिम्मेदार व मर्यादित भाषा का प्रयोग अत्यंत आवश्यक है।
इंसाफ मांगने थाने गए बुजुर्ग को मिलीं गालियां और धक्का,वीडियो वायरल होने पर दरोगा सस्पेंड

रितेश मिश्रा
हरदोई के कछौना थाने में दरोगा शिवबाबू ने वर्दी की धौंस में मर्यादा और नैतिकता की धज्जियां उड़ा दीं।जमीनी विवाद में हुई कहासुनी के बाद इंसाफ की आस लेकर थाना पहुंचे मडिया निवासी बुजुर्ग फरियादी राजेश के साथ दरोगा का व्यवहार किसी लोकसेवक जैसा नहीं,बल्कि एक निरंकुश तानाशाह जैसा रहा।बुजुर्ग को न्याय देने के बजाय उन्हें अपमानित करना,धक्के देना और चप्पल उतारकर जमीन पर बैठने को मजबूर करना सीधे तौर पर 'खाकी' के संरक्षण में की गई मानसिक क्रूरता है। एक बुजुर्ग की लाचारी का उपहास उड़ाकर दरोगा ने न केवल अपनी संवेदनहीनता दिखाई, बल्कि पुलिस के 'मित्र' होने के दावों को भी सरेआम नीलाम कर दिया।
वायरल वीडियो ने दरोगा शिवबाबू की उस सामंती सोच को बेनकाब किया है, जहाँ फरियादी को इंसान नहीं बल्कि कीड़ा-मकोड़ा समझा जाता है। अपनी वर्दी का रौब एक असहाय बुजुर्ग पर झाड़ना और अंत में अपनी दबंगई छिपाने के लिए पीड़ित का ही 'शांति भंग' में चालान काट देना, न्याय का गला घोंटने जैसा कृत्य है। यह कृत्य दर्शाता है कि दरोगा के लिए कानून कोई सेवा का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी सनक पूरी करने का हथियार है। इस शर्मनाक आचरण ने पूरे पुलिस महकमे को जनता की अदालत में कटघरे में खड़ा कर दिया है।

प्रशासनिक स्तर पर एसपी अशोक कुमार मीणा ने बेलगाम दरोगा को सस्पेंड कर त्वरित संदेश तो दिया है, लेकिन क्या महज निलंबन इस अहंकारी मानसिकता का इलाज है? जनता के मन में पुलिस के प्रति गिरते विश्वास को बहाल करने के लिए ऐसे अफसरों के खिलाफ कठोरतम नजीर पेश करना अनिवार्य है।अब देखना यह है कि जांच की आंच इस घमंडी दरोगा को कानून का असली पाठ पढ़ा पाती है या नहीं।
देवघर-डीएवी भंडारकोला के जिला टॉपर सह राज्य के टॉप 5 में स्थान करने वाले स्वस्तिक राज एवं 90% अंक प्राप्त का हुआ सम्मान।
देवघर: गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल, भंडारकोला में विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीबीएसई की 10 वीं बोर्ड के जिला टॉपर सह झारखंड के टॉप 5 में स्थान बनाने वाले स्वस्तिक राज के साथ 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। विद्यालय में टॉपर्स और उनके अभिभावकों का एनसीसी के कैडेट्स द्वारा अनुरक्षण किया गया । इस वर्ष के परीक्षा परिणाम में कुल 48 विद्यार्थियों ने 90 % से ज़्यादा अंक हासिल किया । टॉपर्स और उनके अभिभावकों का सम्मान मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी विनोद कुमार और प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने माला पहनाकर और अंगवस्त्र प्रदान करके किया । मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा कहा कि डीएवी भारतवर्ष की ऐसी संस्था है जो कि विद्यार्थियों के नैतिक उत्थान के साथ शिक्षा देती है। बच्चों की यह सफलता कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के कारण संभव हुई है। विद्यालय के प्राचार्य ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता उनके निरंतर प्रयास, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि टॉपर्स के माता पिता की ओर से जो विद्यालय के प्रति फीडबैक आया है उससे मैं अभिभूत हूँ । उन्होंने डीएवी भंडारकोला में एडमिशन के लिए स्पेशल ऑफर की घोषणा भी की। उन्होंने बच्चों को नॉन स्कूलिंग के दुष्प्रभाव को बताया और ये भी कहा कि सीबीएसई के अनुसार यह गैर कानूनी भी है। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों एवं अभिभावकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। पूरे समारोह में उत्साह एवं गौरव का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य महोदय ने किया। उक्त आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
जनगणना-2027: जिला स्तर पर तैयारियां तेज, DM ने दिए सख्त निर्देश
संजीव सिंह बलिया। जनगणना-2027 के सफल संचालन को लेकर जनपद स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जनगणना 2027 के कार्यक्रम और उसकी समय-सीमा पर विस्तार से चर्चा की गई।अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी। प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) का कार्य किया जाएगा, जिसमें 07 मई से 21 मई 2026 तक स्वगणना होगी, जबकि 22 मई से 20 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर विवरण एकत्र करेंगे। द्वितीय चरण में जनसंख्या एवं जाति आधारित गणना की जाएगी। यह चरण 09 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा, जबकि 01 मार्च से 05 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाए। प्रशिक्षण की सूची तैयार कर प्रत्येक तहसील स्तर पर ही ट्रेनिंग आयोजित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण के बाद कर्मियों की परीक्षा भी होगी, और जो कर्मचारी उसमें सफल नहीं होंगे, उन्हें पुनः प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य का नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना कार्य में विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। सभी विभागाध्यक्ष अपने-अपने कार्यालयों के कर्मचारियों को स्वगणना के लिए प्रेरित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी जिला स्तरीय अधिकारी स्वयं स्वगणना करें और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से भी इसे अनिवार्य रूप से करवाएं, ताकि जनगणना का कार्य पूरी पारदर्शिता और शुद्धता के साथ संपन्न हो सके।
नई पहल: ‘आरोह-2026’ समर कैंप नए स्वरूप में होगा आयोजित

* व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक गतिविधियां भी होंगी शामिल, 1 मई से शुरू होगा कैंप

भोपाल। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने समर कैंप ‘आरोह-2026’ को नए स्वरूप में आयोजित करने की घोषणा की है। इस बार कैंप में खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक गतिविधियां और मानसिक सशक्तिकरण जैसे कार्यक्रम भी शामिल किए जाएंगे।

गुरुवार को तात्या टोपे खेल स्टेडियम में आयोजित प्रदेश के सभी खेल अधिकारियों की बैठक में मंत्री श्री सारंग ने कहा कि भोपाल सहित प्रदेशभर में 1 मई से समर कैंप शुरू होगा। इसमें पंजीयन 18 अप्रैल से विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और क्यूआर कोड के माध्यम से किया जा सकेगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवा समन्वयकों के सहयोग से कैंप की गतिविधियों को ब्लॉक और ग्रामीण स्तर तक पहुंचाया जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चे और युवा इसका लाभ उठा सकें।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि ‘आरोह-2026’ केवल खेल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक जनआंदोलन के रूप में विकसित किया जाएगा। जैसे फिट इंडिया मूवमेंट और स्वच्छता अभियान ने समाज को जोड़ा, उसी तरह यह समर कैंप बच्चों, युवाओं और परिवारों को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम बनेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल प्रतिभाओं को निखारना नहीं, बल्कि ऐसे सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण करना है जो परिवार, समाज और राष्ट्र का गौरव बने। खेलों के माध्यम से युवाओं का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास संभव है।

बैठक में खेल संचालक अंशुमान यादव, संयुक्त संचालक बी.एस. यादव सहित प्रदेशभर के खेल अधिकारी उपस्थित रहे।