जनरल नरवणे की किताब में क्या लिखा? छपने से पहले ही गरमा गई सियासत

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क्या पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद (एमएम) नरवणे की किताब को सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है? एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। 

जनरल नरवणे की ऑटोबायोग्राफी 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' भले अभी रिलीज नहीं हुई, लेकिन इसने सरकार, विपक्ष, पब्लिक, लेखक-प्रकाशक जैसे फोर स्टार्स ऑफ पॉलिटिक्स को जन्म दे दिया है। भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की ऑटोबायोग्राफी के हवाले से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखना चाहते हैं। लेकिन, सरकार की दलील है कि किसी किताब के हवाले से कुछ नहीं कहा जाना चाहिए। 

रक्षा मंत्रालय ने एक साल से अधिक समय से रिव्यू के लिए रखा

दरअसल, बीते दिनों सरकार ने संसद में दावा किया कि राहुल गांधी लोकसभा में नरवणे की अप्रकाशित किताब से अंश नहीं पढ़ सकते हैं, क्योंकि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। लेकिन सरकार ने यह नहीं बताया कि रक्षा मंत्रालय की अपनी प्रशासनिक शाखा ने किताब को एक साल से अधिक समय से रिव्यू के तहत रखा हुआ है, जिससे प्रकाशन रुका हुआ है।

क्या सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही किताब?

राहुल गांधी ने लोकसभा में सोमवार को कहा था, "इस पत्रिका में नरवणे जी ने कहा है कि यह उनका संस्मरण है। जो सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है। मैं इसमें से सिर्फ़ पांच लाइन पढ़ना चाहता हूं।"

राहुल ने पूछा- क्या लिखा जिससे घबरा रहे?

राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, "यह कहते हैं कि आतंकवाद से लड़ते हैं, लेकिन ये एक उद्धरण से डरते हैं। इसमें क्या लिखा है जिससे वो घबरा रहे हैं और मैं बोल नहीं पा रहा हूं। अगर ये डर नहीं रहे हैं तो मुझे पढ़ने की इजाज़त दें।"

जनवरी 2024 में ही आनी थी किताब

बता दें कि दिसंबर 2023 में ही पेंगुइन ने जनरल नरवणे की 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का ऐलान किया था। तब इसका प्री-ऑर्डर भी लिया जा रहा था। किताब जनवरी 2024 में ही आनी थी, लेकिन इसकी रिलीज रोक दी गई। कहा गया कि रक्षा मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है। रक्षा मंत्रालय भी नहीं बता रहा है कि पूर्व सेना प्रमुख की इस किताब को क्लियरेंस कब मिलेगी और मिलेगी या नहीं।

किताब में क्या?

इंडियन एक्सप्रेस की एक में दावा किया गया है, यह किताब 2020 में चीन के साथ पूर्वी लद्दाख़ में हुए सैन्य विवाद के बारे में बताती है। इसमें गलवान घाटी की झड़प और अग्निपथ योजना का भी ज़िक्र है। इस किताब में 31 अगस्त 2020 की रात को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हुई बातचीत का ज़िक्र है। एक्सप्रेस की रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि दिसंबर 2023 में, न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने जनरल नरवणे की किताब से कुछ हिस्से छापे थे। इसमें भी 31 अगस्त की शाम की घटना का विस्तार से जिक्र था। इस घटना के बारे में अब कारवां मैगज़ीन में भी एक आर्टिकल छपा है।

राँची नगर निगम: 'आधी आबादी' का पूरा दम; 33% से 50% आरक्षण और फर्श से अर्श तक का सफर

राँची नगर निगम के गठन के बाद से अब तक हुए तीन चुनावों (2008, 2013, और 2018) के आंकड़े गवाही देते हैं कि राजधानी की शहरी राजनीति में महिलाओं का कद लगातार बढ़ा है। महिलाओं ने न केवल आरक्षित सीटों पर जीत दर्ज की, बल्कि अनारक्षित सीटों पर भी पुरुष प्रत्याशियों को 'धूल चटाकर' अपनी जगह बनाई।

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चुनावी दर चुनावी: बढ़ता महिलाओं का कुनबा

नगर निगम के चुनावों में महिला पार्षदों की संख्या में हुई वृद्धि को नीचे दिए गए टेबल से समझा जा सकता है:

चुनाव वर्ष विजयी महिला पार्षदों की संख्या आरक्षण का प्रतिशत मुख्य उपलब्धि

2008 15 33% राज्य का पहला निगम चुनाव, पहली महिला मेयर (रमा खलखो)

2013 27 33% पार्षदों की संख्या लगभग दोगुनी हुई

2018 32 50% अब तक की सर्वाधिक भागीदारी, आशा लकड़ा दूसरी बार मेयर

मेयर पद: 15 वर्षों से महिलाओं का 'अभेद्य किला'

राँची नगर निगम में मेयर का पद शुरुआत से ही महिला शक्ति का केंद्र रहा है।

2008: रमा खलखो राँची की पहली महिला मेयर बनकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हुईं।

2013 और 2018: आशा लकड़ा ने लगातार दो बार जीत हासिल की। विशेषकर 2018 में, जब उन्होंने कड़े मुकाबले में कई दिग्गज पुरुष उम्मीदवारों को शिकस्त दी, जो यह साबित करता है कि मतदाता अब जेंडर से ऊपर उठकर 'काम और विकास' के नाम पर महिला नेतृत्व को चुन रहे हैं।

आरक्षण का बदलता स्वरूप: 33% से 50% की छलांग

शहरी लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए झारखंड सरकार ने 2018 के चुनावों में ऐतिहासिक बदलाव किया।

शुरुआती दौर: 2008 और 2013 में संविधान के 74वें संशोधन के तहत एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं।

ऐतिहासिक मोड़: 2018 में आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया।

अनारक्षित सीटों पर कब्जा: महिलाओं की बढ़ती ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने न केवल अपनी आरक्षित 50% सीटों को जीता, बल्कि अनारक्षित (General) सीटों पर भी पुरुषों को हराकर अपनी पैठ बनाई।

विशेषज्ञों की राय: चुनौती और संकेत

विशेषज्ञ मानते हैं कि संख्या बढ़ना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है, लेकिन असली चुनौती 'निर्णय प्रक्रिया' (Decision Making) में है।

"संख्यात्मक बढ़त के बाद अब गुणात्मक सुधार की जरूरत है। महिलाओं को बोर्ड की बैठकों और नीति निर्धारण में अपनी स्वतंत्र भूमिका और मुखर करनी होगी।"

निष्कर्ष

राँची नगर निगम के ये आंकड़े बताते हैं कि यहाँ का शहरी मतदाता अब अधिक जागरूक है। महिलाओं की यह बढ़ती मौजूदगी स्थानीय मुद्दों जैसे— पानी, सफाई, और स्ट्रीट लाइट— पर उनकी पकड़ को मजबूत कर रही है।

पतरातू: स्पर्श ई-वॉइस ने बढ़ाया मदद का हाथ; SSC GD के जरूरतमंद छात्रों के बीच बांटी गई निःशुल्क पाठ्य सामग्री

पतरातू: स्थानीय वंचित युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सपनों को पंख देने के उद्देश्य से 'स्पर्श ई-वॉइस' द्वारा संचालित निःशुल्क SSC GD कोचिंग सेंटर में अध्ययन सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पीवीयूएनएल (PVUNL) कर्मियों एवं उनके परिजनों की इस पंजीकृत संस्था ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा ने दिया सफलता का मूल मंत्र

गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेनू सहगल उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने हाथों से छात्रों के बीच किताबों और अन्य पठन-सामग्री का वितरण किया। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:

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"लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एकाग्रता सबसे जरूरी है। अपने उद्देश्य को केंद्र बिंदु मानकर कड़ी मेहनत करें, सफलता अवश्य कदम चूमेगी।"

संसाधनों के अभाव को दूर कर रही 'स्पर्श' की पहल

कार्यक्रम के दौरान संस्थान की सचिव नम्रता रघुवंशी और कार्यकारी सदस्य दिव्या गंगवार भी उपस्थित रहीं। अध्ययन सामग्री पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे। छात्रों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि संसाधनों की कमी के कारण जो पढ़ाई अधूरी लग रही थी, वह अब पीवीयूएनएल के कर्मचारियों और एक्सटर्नल फैकल्टी के सहयोग से पूरी हो रही है। छात्रों ने इस नि:स्वार्थ सेवा के लिए ‘पीवीयूऐनएल और स्पर्श ई-वॉइस' का आभार जताया।

स्पर्श ई-वॉइस: एक परिचय

यह संस्था पीवीयूएनएल कर्मियों और उनके परिवारों द्वारा संचालित है, जो सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्थानीय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC GD) के लिए तैयार करने हेतु निःशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन प्रदान करती है।

महिला से मारपीट कर दहेज की मांग, महिला मेरठ अस्पताल में भर्ती
आशीष कुमार मुजफ्फरनगर:  उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के मौहल्ला कुंगर पटटी सुजडू थाना खालापार जिला मुजफ्फरनगर की रहने वाली है। प्रार्थीया के पिता की मृत्यु हो चुकी है। प्रार्थीया की शादी दिनांक 05.12.2023 को साहिल पुत्र रियाज निवासी जहाँगीर पटटी सुजडू, शेख वाला तालाब के पास थाना खालांपार जिला मुजफ्फरनगर के साथ मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार सम्पन्न हुई थी। शादी में प्रार्थीया की माता व भाईयो व अन्य परिजनो द्वारा करीब 90 लाख रूपये खर्च करते हुए ग्रहस्थी का सभी सामान दिया था जिसमें नगद 50 लाख रूपये दिये थे। जिसमें से 23 लाख रूपये एक बार व 27 लाख, रूपये एक बार नगद दिये थे लेकिन शादी के बाद से ही प्रार्थीया के ससुराल वाले पति साहिल पुत्र रियाज, ससुर रियाज पुत्र सईद हसन उर्फ सीदा, सास शहजान पत्नी रियाज, जेठ शोएब व देवर अरसलान पुत्रगण रियाज, जेठानी अफसा पत्नी शोएब, ननद अफसा पुत्री रियाज, दादस कुबरा बेगम पत्नी सईद हसन उर्फ सीदा निवासीगण जहाँगीर पटटी सुजडू थाना खालापार व ननदोई राहुल पुत्र गौरा निवासी अम्बा विहार थाना खालापार मुजफ्फरनगर व फुफ सास महमूना पत्नी फरमान व फुफ ससुर फरमान पुत्र नामालूम निवासीगण सुजडू थाना खालापार मुजफ्फरनगर दिये गये सामान से खुश नहीं थे और अतिरिक्त दहेज के रूप में प्रार्थीया से 50 लाख रूपये व एक हजार गज प्लाट की मांग करते थे ना देने पर प्रार्थीया का शारीरिक व मानसिक उत्पीडन करते थे। अब से करीब 6 माह पहले दहेज न मिलने के कारण प्रार्थीया की हत्या करने के उददेश्य से प्रार्थीया की सास शहनाज व ननद अफसा व दादस कुबरा बेगम ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से दूध में जहर मिलाकर पिला दिया जिससे प्रार्थीया बेहोश हो गयी और गाँव में डाक्टर को दिखाकर बामुश्किल बची। लेकिन अपने सुखी जीवन की खातिर इन लोगो के जुल्मो सितम सहती रही। लेकिन इन लोगो की दहेज की मांग व अत्याचार बढ़ते रहे। प्रार्थीया ने अपने परिवार वालो से 16 लाख रूपये लेकर अतिरिक्त दहेज के रूप में अपने पति व ससुर को दिये लेकिन कुछ दिन ठीक रखने के बाद पुनः इन लोगो की 50 लाख रूपये व प्लांट की मांग दोहराने लगे। अब से करीब साढे चार माह पहले प्रार्थीया अपनी ससुराल अपने कमरे में अकेली थी प्रार्थीया के ससुर रियाज ने प्रार्थीया के अकेलीपन का नाजायज फायदा उठाते हुए प्रार्थीया के साथ प्रार्थीया की इच्छा के विरूद्ध बलात्कार / बुरा काम किया। प्रार्थीया ने ये बात अपने पति व सास को बतायी तो ये कहने लगे कि अगर तूने दहेज की मांग पूरी नहीं की तो तूझे ये सहना पडेगा और अगर तूने शिकायत की तो हम तेरी हत्या कमशः
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कर देगे। प्रार्थीया का जेठ शोएब व देवर अरसलान इस कृत्य के बाद प्रार्थीया पर बी नजर रखते थे और प्रार्थीया के साथ जब भी प्रार्थीया अकेली रहती अश्लील हरकते व करीब चार माह पहले एक अपराधिक षडयन्त्र के तहत उपरोक्त सभी लोगो ने प्रार्थीया छेडछाड करते थे। प्रार्थीया उपरोक्त लोगो के कृत्य से और जुल्मों सितम से अब से को अपनी छोटी पुत्री के साथ मारपीट कर सिर्फ पहने कपडो में घर से निकाल दिया और कहा कि अगर दहेज की मांग 50 लाख रूपये व एक हजार गज का प्लाट तुम्हारे परिवार वालो ने नहीं दिया तो हम तुझे तेरे मायके में ही सडा देगे और हम साहिल की दूसरी शादी कर लेंगे। उपरोक्त लोगो के मानसिक टार्चर से प्रार्थीया मानसिक रूप से परेशान है और अपने मायके में रह रही है। प्रार्थीया के भाई व परिजनो द्वारा कई बार मेरी ससुराल वालो से खुशामंद की गयी और मौजिज लोगो से कहलवाया तो प्रार्थीया की ससुराली वाले अपने किये की माफी मांगने लगे और कहने लगे कि हम तुम्हे 56: दिन में ले आये।

आज अपने घर मायके में थी तभी प्रार्थीया का पति साहिल, ससुर रियाज, जेठ शोएब, देवर असलान व फुफ ससुर फरमान अपराधिक षडयन्त के तहत प्रार्थीया के मायके में आये और प्रार्थीया व प्रार्थीया के परिजनो द्वारा उपरोक्त लोगो की आव भगत की लेकिन इन लोगो ने पुनः अपनी दहेज की मांग शुरू कर दी और मॉ बहन की गंदी गंदी गालियां देने लगे और तभी जान से मारने की नियत से फरमान ने हाथ में लिये धारदार हथियार से वार किया व साहिल व रियाज ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से रस्सी से प्रार्थीया का गला घोट दिया व अन्य ने लाठी डण्डो व धारदार हथियारों व बेल्ट तथा लोहे की रोड व लात घूसो से प्रार्थीया के साथ मारपीट की। शोरगुल की आवाज सुनकर आलिम पुत्र वहीद व प्रार्थीया का भाई आमिर रजा आदि काफी लोग आ गये जिन्होने घटना देखी ये लोग मौका मिलने पर जान से मारने की धमकी देकर गये। प्रार्थीया की हालत गम्भीर बनी हुई है प्रार्थीया का मेडिकल कराया जाकर प्रार्थीयां की रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करें ।
परीक्षा पे चर्चा आज, पीएम मोदी छात्रों से करेंगे संवाद, देख सकेंगे लाइव

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विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से बाहर निकालने और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का आयोजन आज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को परीक्षा पे चर्चा करेंगे।

कार्यक्रम कहां और कितने बजे होगा?

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का आयोजन आज यानी 6 फरवरी को सुबह 10 बजे से होगा। इसकी स्क्रीनिंग संसद के बालयोगी ऑडिटोरियम में होगी, जहां करीब 250 छात्र मौजूद रहेंगे।

परीक्षा पे चर्चा को लाइव कहां देख सकते हैं?

इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रधानमंत्री के यूट्यूब चैनल, दूरदर्शन (डीडी) और शिक्षा मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा. आप अपनी सुविधानुसार इसे कहीं भी देख सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन का बना नया रिकॉर्ड

इस साल कार्यक्रम ने अपनी लोकप्रियता के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बार 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल के 3.53 करोड़ के ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ से कहीं ज्यादा है।

'एग्जाम वॉरियर्स' अभियान का हिस्सा

परीक्षा पे चर्चा केंद्र सरकार की एग्जाम वॉरियर्स पहल से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाली चिंता और दबाव से बाहर निकालना है। फरवरी के मध्य से सीबीएसई सहित विभिन्न बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और अप्रैल में जेईई मेन जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं भी आयोजित होंगी। ऐसे समय में यह संवाद छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार माना जाता है।

नगरपालिका चुनाव 2026: राँची और बुण्डू के लिए प्रेक्षकों की नियुक्ति; राजकीय अतिथिशाला में शिकायतों के लिए मिल सकेंगे उम्मीदवार

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राँची, 06 फरवरी 2026: नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 के निष्पक्ष संचालन हेतु राज्य निर्वाचन आयोग ने राँची जिला के लिए सामान्य और व्यय प्रेक्षकों की तैनाती कर दी है। ये प्रेक्षक चुनावी प्रक्रियाओं की निगरानी के साथ-साथ उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर पैनी नजर रखेंगे।

प्रेक्षकों का विवरण और संपर्क सूत्र

निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त अधिकारियों का विवरण उनके मोबाइल नंबर और मिलने के समय के साथ नीचे दिया गया है:

क्षेत्र प्रेक्षक का प्रकार नाम मोबाइल नंबर कार्यालय/आवासन (राजकीय अतिथिशाला)

राँची नगर निगम सामान्य प्रेक्षक श्री संदीप कुमार दोराईबुरु 9431114834 कमरा संख्या - 210

राँची नगर निगम व्यय प्रेक्षक श्री धु्रव कुमार 7004490210 कमरा संख्या - 207

बुण्डू नगर पंचायत सामान्य प्रेक्षक श्री सत्यवीर रजक 7762824750 कमरा संख्या - 211

बुण्डू नगर पंचायत व्यय प्रेक्षक श्री अजय कुमार कच्छप - कमरा संख्या - 209

बैठक का समय: सभी प्रेक्षक राजकीय अतिथिशाला (सर्कुलर रोड) में अपराह्न 03:30 से 04:30 बजे तक आम जनता और उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

पारदर्शिता के लिए 'आंख और कान' की भूमिका

ये प्रेक्षक आयोग के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगे। सामान्य प्रेक्षक जहाँ मतदान केंद्रों की व्यवस्था और आचार संहिता के पालन की निगरानी करेंगे, वहीं व्यय प्रेक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से अधिक धन खर्च न करे।

गयाजी में गांधी शिल्प बाजार का मेयर ने किया शुभारंभ, स्टॉलों पर सजी हस्तकला की पहचान

गया: बिहार के गयाजी शहर के हृदय स्थल आज़ाद पार्क मैदान में गांधी शिल्प बाजार का भव्य शुभारंभ किया गया। मेले का उद्घाटन नगर निगम के मेयर विरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर बिहार म्यूजियम के डायरेक्टर अशोक कुमार सिन्हा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान मंच पर नृत्य और संगीत के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

मेयर विरेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हस्तशिल्प मेला न केवल कारीगरों को स्वरोजगार का अवसर प्रदान करता है, बल्कि उनकी पारंपरिक कला को राष्ट्रीय पहचान भी दिलाता है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से आयोजित यह शिल्प बाजार हस्तशिल्पियों के विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

यह मेला भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत विकास आयुक्त कार्यालय (हस्तशिल्प) के सहयोग से आसरा सेवा केंद्र द्वारा आयोजित किया गया है। आयोजन समिति की ओर से अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

बिहार म्यूजियम के डायरेक्टर अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों से आए हस्तशिल्पियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना और उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार सुनिश्चित करना है।

मेले में कुल 50 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां मधुबनी और जादोपटिया पेंटिंग, बांस व जूट से बने उत्पाद, माटी कला सहित कई आकर्षक हस्तनिर्मित वस्तुएं उपलब्ध हैं। यह मेला आज से 11 फरवरी तक चलेगा।

इस मौके पर समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता रजनीश कुमार झुना ने कहा कि गयाजी में इस तरह का हस्तशिल्प मेला पहली बार आयोजित किया गया है, जहां बिना किसी बिचौलिये के कारीगर सीधे अपने उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। खुशी है कि इससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और कारीगरों की आमदनी में वृद्धि होगी।

देवघर-गंगा विश्व शांति सद्भावनाधाम में विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा 18 से, होंगे कई कार्यक्रम।
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देवघर: में महान पूर्वज ऋषि मुनियों को इस देव ऋषि संस्कृति, महान संस्कारों, उदार चरित्रों, मानवीय गुणों के कारण जो भारत विश्व गुरू पद पाया उन देवीय मानवीय मूल्यों की पुर्नस्थापना द्वारा भारत माता की स्वाभिमान की रक्षा हेतु पराम्बा परब्रह्म की असीम अनुकंपा से 21 वर्षों तक अन्न जल त्याग कर, सिले वस्त्र त्यागकर, गो-दुग्ध का पान कर, 13 वर्षों तक मौन व्रत में रहे ऐसे विश्व गुरू हिमालय के तपो योगी श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ राष्ट्रीय संत ब्रह्मर्षि डॉ. दुर्गेशाचार्य महाराज एवं 13 वर्ष की अल्पायु से श्रीमद् भागवत, देवी भागवत, शिव महापुराण, रामकथा के ममज्ञ भागवत भूषण आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री जिन्हें देश में सैंकड़ों कथाएँ करने का सौभाग्य प्राप्त है। ऐसे पूज्य सद्‌गुरू के कृपा पात्र शिष्य के पावन सानिध्य में सन् 2021 में गंगा विश्वशांति स‌द्भावना धाम, बैद्यनाथधाम संस्था की स्थापना की गई जिसमें श्री श्री राधा कृष्ण, माँ जगदम्बा एवं भगवान शिव की तीन मंजिला मंदिर का निर्माण 5 करोड़ की लागत से 4.5 वर्ष की अवधि में किया गया है। दक्षिण भारतीय कलाकृति एवं बिहार के समस्तीपुर जिले के कलाकारों द्वारा निर्मित भव्य मंदिर बाबाधाम में आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। संस्था का उद्देश्य हिमालय से गंगासागर तक गंगा-यमुना स्वच्छ अभियान एवं समग्र भारत राष्ट्र में विश्वात्मा पराम्बा गंगा-राष्ट्रमाता गौमाता-गौरी (कन्या-नारी) मठ मंदिर तीर्थ रक्षा अभियान-देवऋषि संस्कृति संस्कार बचाओ-युवाओं को नशा मुक्त कर संस्कारित कर कर्मयोगी बनाना, निर्धन विद्यार्थी शिक्षा, निर्धन कन्या विवाह, दिव्यांग रोगी, बीमार सेवा, असहाय अनाथ सेवा, वृद्ध सेवा, दैवीय प्राकृतिक आपदाओं के शमन हेतु प्राकृतिक पर्यावरण ओजोन परत बचाने हेतु पेड़ पौधे लगाना, शुद्ध गाय घी, प्राकृतिक जड़ी बूटियों, वन औषधियों समिधाओं से हवन, सरहद में देश के अमर सपूतों 'अमृतस्य पुत्राः' के जय विजय एवं राष्ट्रीय एकता व अखंडता समरसता हेतु विश्वशांति सद्भावना महायज्ञों द्वारा समग्र भारत विश्व में सनातन धर्म पुर्नस्थापना है। परम सद्‌गुरु डॉ० दुर्गेशाचार्य जी महाराज के इस पुनीत राष्ट्रव्यापी सनातन जन जागृति अभियान में आप सपरिवार जुड़कर मानव जीवन सफल सार्थक बनाकर पुण्य के भागी बने। दिनांक-18 फरवरी दिन बुधवार से 26 फरवरी 2026 तक श्री श्री राधा-कृष्ण, माँ जगदम्बा एवं भगवान शिव के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें चार वेद एवं गंगा अष्टादश महापुराण श्रीमद् भागवत कथा का राष्ट्रीय संत ब्रह्मर्षि डॉ. दुर्गेशाचार्य महाराज एवं ममज्ञ भागवत भूषण आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री का प्रवचन होगा। महोत्सव का शुभारंभ 18 फरवरी 2026 दिन बुधवार को प्रातः 8 बजे 2100 कन्या एवं महिलाएं के द्वारा भव्य मंगल कलश शोभा यात्रा निकाली जायेगी। 20 फरवरी दिन शुक्रवार 2026 को शुभ लग्नानुसार प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सम्पन्न होगा। 18 से 26 फरवरी तक प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से नित्य पूजन, मूल पाठ, हवन आदि का उत्तराखण्ड से 251 विद्वान पंडितों के द्वारा सम्पन्न होगा। श्रीमद् भागवत कथा का प्रवचन अपराह्न 1:30 से संध्या 6 बजे तक आयोजन होगा। संध्या 6 बजे से प्रतिदिन वृन्दावन धाम उत्तरप्रदेश के कलाकारों द्वारा रासलीला कार्यक्रम का आयोजन होगा। संध्या 7:30 बजे से प्रतिदिन भागवत महाप्रसाद भंडारा का आयोजन रात्रि 10:30 बजे तक होगा। अतः आप सनातन धर्म प्रेमी महानुभाव सपरिवार इष्ट‌मित्रों सहित इस विश्व लोक कल्याणकारी यज्ञ का मुख्य यजमान बनकर अपनी सेवा सहभागिता सुनिश्चित कर कार्यक्रमानुसार कथा श्रवण एवं पराम्बा-राधा कृष्ण मंदिर दर्शनार्थ सादर सप्रेम आमंत्रित हैं। मोके पर संस्था के अध्यक्ष महेश प्रसाद राय, बिहार-झारखण्ड के संयोजक कृष्ण कन्हैया राय, उपाध्यक्ष अजित कुमार राय, महासचिव अमरेश कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष रणजीत झा, विजय कुमार राय, ब्रजेश कुमार सिंह, दिलीप कुमार (टींकू जी) कुणाल राय, संजीव कुमार सिंह, राजीव नयन प्रसाद सिंह, गौरव कुमार, सुधांशु कुमार राय, स्वपनिल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: 26 प्रस्तावों को मिली मंजूरी; बजट और असम के मुद्दे पर केंद्र पर बरसे मुख्यमंत्री

राँची, 05 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कुल 26 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। हालांकि, बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री का रुख केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर काफी हमलावर रहा।

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केंद्रीय बजट पर सवाल: "महंगाई की भेंट चढ़ी आम जनता"

केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम सोरेन ने कहा कि इस बजट ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा:

"आप बजट को गौर से देखिए, किस तरह चीजों को बदला जा रहा है। कृषि हो या अन्य सेक्टर, प्रावधानों को जटिल बनाया गया है। आप कोयला और खनिज की बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इस बजट के बाद दाल और चावल जैसी रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो गई हैं।"

असम दौरे का जिक्र: "वहां आज भी अंग्रेजी गुलामी का एहसास"

हाल के असम दौरे से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने वहां के चाय बागान मजदूरों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने केंद्र और असम सरकार को घेरते हुए कहा कि असम के चाय बागानों में आज भी 'देश के अंदर देश' जैसी विचित्र स्थिति है। वहां मजदूरों को देखकर ऐसा लगता है जैसे वे आज भी अंग्रेजी हुकूमत के गुलाम हैं और गुलामी का जीवन जीने को विवश हैं।

कैबिनेट के मुख्य फैसले (26 प्रस्तावों का सारांश)

कैबिनेट की इस बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनका विस्तृत विवरण जल्द ही विभाग द्वारा जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य राज्य के संसाधनों का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।

मण्डल रेल प्रबन्धक ने किया बरहन-एटा खण्ड एवं महरावल-हरदुआगंज खंड का निरीक्षण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मण्डल रेल प्रबन्धक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल द्वारा यात्रियो की सुविधा सुरक्षा एवं परिचालन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए बरहन–एटा रेल खंड का निरीक्षण यान से व्यापक विंडो-ट्रेलिंग निरीक्षण किया गया।इस विंडो-ट्रेलिंग निरीक्षण के दौरान दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि संरक्षा से जुड़े सभी मानको का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया।इस अवसर पर उप मुख्य योजना प्रबन्धक/गति शक्ति यूनिट डी.के भारद्वाज वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक/गुड्स अतुल यादव उप मुख्य यातायात प्रबन्धक/टूंडला अमित आनंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे ।

उल्लेखनीय है कि विंडो-ट्रेलिंग निरीक्षण भारतीय रेल का एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी निरीक्षण माध्यम है,जिसके अन्तर्गत चलती ट्रेन/निरीक्षण यान की खिड़की से रेल पथ तथा उससे जुड़े प्रतिष्ठानों जैसे सिग्नल ओएचई प्लेटफॉर्म एवं समपार फाटकों की स्थिति का सूक्ष्म अवलोकन किया जाता है। इस दौरान स्टेशनों की स्वच्छता यात्री सुविधाएं परिचालन की समग्र स्थिति प्वाइंट एवं क्रॉसिंग पर सवारी की गुणवत्ता, ट्रैक ज्योमेट्री इंडेक्स (TGI)ओएचई की स्थिति समपार फाटकों की सुरक्षा बैलास्ट की स्थिति सिग्नल दृश्यता तथा सिग्नल बॉक्स की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण मानको की गहन समीक्षा की जाती है।स्टेशन निरीक्षण के दौरान यात्रियों से भी संवाद स्थापित किया गया तथा उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गम्भीरता से सुना गया।मण्डल रेल प्रबन्धक ने अधिकारियो को निर्देशित किया कि यात्रियों को स्वच्छ सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। शिवालय टेहू, अवागढ़ जवाहरपुर कमसान हाल्ट एटा महरावल एवं हरदुआगंज स्टेशनों पर रेल संरक्षा मानको यात्री सुविधाओ स्वच्छता व्यवस्था टिकटिंग प्रणाली पेयजल उपलब्धता बैठने की व्यवस्था प्रकाश व्यवस्था कूड़ेदानों की पर्याप्त उपलब्धता प्रतीक्षालयों की स्थिति तथा प्लेटफॉर्मो की साफ-सफाई का गहन अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान शिवालय टेहू स्टेशन की बाउंड्री वाल संपर्क मार्ग व यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियो को निर्देशित किया।अवागढ़ स्टेशन पर साईडिंग की संभावनाओं पर विचार विमर्श किया गया।निरीक्षण के अगले क्रम में जवाहरपुर कमसान हाल्ट का निरीक्षण किया एवं यहाँ पर चल रहे निर्माण कार्य को समय व गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के लिए निर्देश दिये।मण्डल रेल प्रबन्धक ने महरावल स्टेशन परिसर में निर्माणाधीन नई माल साइडिंग एवं यार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माणाधीन गुड्स साइडिंग के कार्यों की प्रगति गुणवत्ता तथा समयबद्धता पर बातचीत की।निरीक्षण के दौरान उन्होने सम्बंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यो में उच्च गुणवत्ता मानको का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के अगले क्रम में हरदुआगंज यार्ड एवं रनिंग रूम का गहनता से निरीक्षण किया।मण्डल रेल प्रबन्धक ने कहा कि बरहन-एटा खंड के सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं और गुणवत्ता मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए।निरीक्षण के समापन पर मण्डल रेल प्रबन्धक ने कहा कि रेलवे का उद्देश्य केवल सुरक्षित संचालन ही नही बल्कि यात्रियो को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना भी है।उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सभी कमियो को शीघ्र दूर करने एवं निरंतर सुधार की प्रक्रिया जारी रखने के निर्देश दिए।

जनरल नरवणे की किताब में क्या लिखा? छपने से पहले ही गरमा गई सियासत

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क्या पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद (एमएम) नरवणे की किताब को सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है? एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। 

जनरल नरवणे की ऑटोबायोग्राफी 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' भले अभी रिलीज नहीं हुई, लेकिन इसने सरकार, विपक्ष, पब्लिक, लेखक-प्रकाशक जैसे फोर स्टार्स ऑफ पॉलिटिक्स को जन्म दे दिया है। भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की ऑटोबायोग्राफी के हवाले से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखना चाहते हैं। लेकिन, सरकार की दलील है कि किसी किताब के हवाले से कुछ नहीं कहा जाना चाहिए। 

रक्षा मंत्रालय ने एक साल से अधिक समय से रिव्यू के लिए रखा

दरअसल, बीते दिनों सरकार ने संसद में दावा किया कि राहुल गांधी लोकसभा में नरवणे की अप्रकाशित किताब से अंश नहीं पढ़ सकते हैं, क्योंकि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। लेकिन सरकार ने यह नहीं बताया कि रक्षा मंत्रालय की अपनी प्रशासनिक शाखा ने किताब को एक साल से अधिक समय से रिव्यू के तहत रखा हुआ है, जिससे प्रकाशन रुका हुआ है।

क्या सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही किताब?

राहुल गांधी ने लोकसभा में सोमवार को कहा था, "इस पत्रिका में नरवणे जी ने कहा है कि यह उनका संस्मरण है। जो सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है। मैं इसमें से सिर्फ़ पांच लाइन पढ़ना चाहता हूं।"

राहुल ने पूछा- क्या लिखा जिससे घबरा रहे?

राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, "यह कहते हैं कि आतंकवाद से लड़ते हैं, लेकिन ये एक उद्धरण से डरते हैं। इसमें क्या लिखा है जिससे वो घबरा रहे हैं और मैं बोल नहीं पा रहा हूं। अगर ये डर नहीं रहे हैं तो मुझे पढ़ने की इजाज़त दें।"

जनवरी 2024 में ही आनी थी किताब

बता दें कि दिसंबर 2023 में ही पेंगुइन ने जनरल नरवणे की 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का ऐलान किया था। तब इसका प्री-ऑर्डर भी लिया जा रहा था। किताब जनवरी 2024 में ही आनी थी, लेकिन इसकी रिलीज रोक दी गई। कहा गया कि रक्षा मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है। रक्षा मंत्रालय भी नहीं बता रहा है कि पूर्व सेना प्रमुख की इस किताब को क्लियरेंस कब मिलेगी और मिलेगी या नहीं।

किताब में क्या?

इंडियन एक्सप्रेस की एक में दावा किया गया है, यह किताब 2020 में चीन के साथ पूर्वी लद्दाख़ में हुए सैन्य विवाद के बारे में बताती है। इसमें गलवान घाटी की झड़प और अग्निपथ योजना का भी ज़िक्र है। इस किताब में 31 अगस्त 2020 की रात को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हुई बातचीत का ज़िक्र है। एक्सप्रेस की रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि दिसंबर 2023 में, न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने जनरल नरवणे की किताब से कुछ हिस्से छापे थे। इसमें भी 31 अगस्त की शाम की घटना का विस्तार से जिक्र था। इस घटना के बारे में अब कारवां मैगज़ीन में भी एक आर्टिकल छपा है।

राँची नगर निगम: 'आधी आबादी' का पूरा दम; 33% से 50% आरक्षण और फर्श से अर्श तक का सफर

राँची नगर निगम के गठन के बाद से अब तक हुए तीन चुनावों (2008, 2013, और 2018) के आंकड़े गवाही देते हैं कि राजधानी की शहरी राजनीति में महिलाओं का कद लगातार बढ़ा है। महिलाओं ने न केवल आरक्षित सीटों पर जीत दर्ज की, बल्कि अनारक्षित सीटों पर भी पुरुष प्रत्याशियों को 'धूल चटाकर' अपनी जगह बनाई।

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चुनावी दर चुनावी: बढ़ता महिलाओं का कुनबा

नगर निगम के चुनावों में महिला पार्षदों की संख्या में हुई वृद्धि को नीचे दिए गए टेबल से समझा जा सकता है:

चुनाव वर्ष विजयी महिला पार्षदों की संख्या आरक्षण का प्रतिशत मुख्य उपलब्धि

2008 15 33% राज्य का पहला निगम चुनाव, पहली महिला मेयर (रमा खलखो)

2013 27 33% पार्षदों की संख्या लगभग दोगुनी हुई

2018 32 50% अब तक की सर्वाधिक भागीदारी, आशा लकड़ा दूसरी बार मेयर

मेयर पद: 15 वर्षों से महिलाओं का 'अभेद्य किला'

राँची नगर निगम में मेयर का पद शुरुआत से ही महिला शक्ति का केंद्र रहा है।

2008: रमा खलखो राँची की पहली महिला मेयर बनकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हुईं।

2013 और 2018: आशा लकड़ा ने लगातार दो बार जीत हासिल की। विशेषकर 2018 में, जब उन्होंने कड़े मुकाबले में कई दिग्गज पुरुष उम्मीदवारों को शिकस्त दी, जो यह साबित करता है कि मतदाता अब जेंडर से ऊपर उठकर 'काम और विकास' के नाम पर महिला नेतृत्व को चुन रहे हैं।

आरक्षण का बदलता स्वरूप: 33% से 50% की छलांग

शहरी लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए झारखंड सरकार ने 2018 के चुनावों में ऐतिहासिक बदलाव किया।

शुरुआती दौर: 2008 और 2013 में संविधान के 74वें संशोधन के तहत एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं।

ऐतिहासिक मोड़: 2018 में आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया।

अनारक्षित सीटों पर कब्जा: महिलाओं की बढ़ती ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने न केवल अपनी आरक्षित 50% सीटों को जीता, बल्कि अनारक्षित (General) सीटों पर भी पुरुषों को हराकर अपनी पैठ बनाई।

विशेषज्ञों की राय: चुनौती और संकेत

विशेषज्ञ मानते हैं कि संख्या बढ़ना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है, लेकिन असली चुनौती 'निर्णय प्रक्रिया' (Decision Making) में है।

"संख्यात्मक बढ़त के बाद अब गुणात्मक सुधार की जरूरत है। महिलाओं को बोर्ड की बैठकों और नीति निर्धारण में अपनी स्वतंत्र भूमिका और मुखर करनी होगी।"

निष्कर्ष

राँची नगर निगम के ये आंकड़े बताते हैं कि यहाँ का शहरी मतदाता अब अधिक जागरूक है। महिलाओं की यह बढ़ती मौजूदगी स्थानीय मुद्दों जैसे— पानी, सफाई, और स्ट्रीट लाइट— पर उनकी पकड़ को मजबूत कर रही है।

पतरातू: स्पर्श ई-वॉइस ने बढ़ाया मदद का हाथ; SSC GD के जरूरतमंद छात्रों के बीच बांटी गई निःशुल्क पाठ्य सामग्री

पतरातू: स्थानीय वंचित युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सपनों को पंख देने के उद्देश्य से 'स्पर्श ई-वॉइस' द्वारा संचालित निःशुल्क SSC GD कोचिंग सेंटर में अध्ययन सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पीवीयूएनएल (PVUNL) कर्मियों एवं उनके परिजनों की इस पंजीकृत संस्था ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा ने दिया सफलता का मूल मंत्र

गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेनू सहगल उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने हाथों से छात्रों के बीच किताबों और अन्य पठन-सामग्री का वितरण किया। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:

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"लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एकाग्रता सबसे जरूरी है। अपने उद्देश्य को केंद्र बिंदु मानकर कड़ी मेहनत करें, सफलता अवश्य कदम चूमेगी।"

संसाधनों के अभाव को दूर कर रही 'स्पर्श' की पहल

कार्यक्रम के दौरान संस्थान की सचिव नम्रता रघुवंशी और कार्यकारी सदस्य दिव्या गंगवार भी उपस्थित रहीं। अध्ययन सामग्री पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे। छात्रों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि संसाधनों की कमी के कारण जो पढ़ाई अधूरी लग रही थी, वह अब पीवीयूएनएल के कर्मचारियों और एक्सटर्नल फैकल्टी के सहयोग से पूरी हो रही है। छात्रों ने इस नि:स्वार्थ सेवा के लिए ‘पीवीयूऐनएल और स्पर्श ई-वॉइस' का आभार जताया।

स्पर्श ई-वॉइस: एक परिचय

यह संस्था पीवीयूएनएल कर्मियों और उनके परिवारों द्वारा संचालित है, जो सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्थानीय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC GD) के लिए तैयार करने हेतु निःशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन प्रदान करती है।

महिला से मारपीट कर दहेज की मांग, महिला मेरठ अस्पताल में भर्ती
आशीष कुमार मुजफ्फरनगर:  उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के मौहल्ला कुंगर पटटी सुजडू थाना खालापार जिला मुजफ्फरनगर की रहने वाली है। प्रार्थीया के पिता की मृत्यु हो चुकी है। प्रार्थीया की शादी दिनांक 05.12.2023 को साहिल पुत्र रियाज निवासी जहाँगीर पटटी सुजडू, शेख वाला तालाब के पास थाना खालांपार जिला मुजफ्फरनगर के साथ मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार सम्पन्न हुई थी। शादी में प्रार्थीया की माता व भाईयो व अन्य परिजनो द्वारा करीब 90 लाख रूपये खर्च करते हुए ग्रहस्थी का सभी सामान दिया था जिसमें नगद 50 लाख रूपये दिये थे। जिसमें से 23 लाख रूपये एक बार व 27 लाख, रूपये एक बार नगद दिये थे लेकिन शादी के बाद से ही प्रार्थीया के ससुराल वाले पति साहिल पुत्र रियाज, ससुर रियाज पुत्र सईद हसन उर्फ सीदा, सास शहजान पत्नी रियाज, जेठ शोएब व देवर अरसलान पुत्रगण रियाज, जेठानी अफसा पत्नी शोएब, ननद अफसा पुत्री रियाज, दादस कुबरा बेगम पत्नी सईद हसन उर्फ सीदा निवासीगण जहाँगीर पटटी सुजडू थाना खालापार व ननदोई राहुल पुत्र गौरा निवासी अम्बा विहार थाना खालापार मुजफ्फरनगर व फुफ सास महमूना पत्नी फरमान व फुफ ससुर फरमान पुत्र नामालूम निवासीगण सुजडू थाना खालापार मुजफ्फरनगर दिये गये सामान से खुश नहीं थे और अतिरिक्त दहेज के रूप में प्रार्थीया से 50 लाख रूपये व एक हजार गज प्लाट की मांग करते थे ना देने पर प्रार्थीया का शारीरिक व मानसिक उत्पीडन करते थे। अब से करीब 6 माह पहले दहेज न मिलने के कारण प्रार्थीया की हत्या करने के उददेश्य से प्रार्थीया की सास शहनाज व ननद अफसा व दादस कुबरा बेगम ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से दूध में जहर मिलाकर पिला दिया जिससे प्रार्थीया बेहोश हो गयी और गाँव में डाक्टर को दिखाकर बामुश्किल बची। लेकिन अपने सुखी जीवन की खातिर इन लोगो के जुल्मो सितम सहती रही। लेकिन इन लोगो की दहेज की मांग व अत्याचार बढ़ते रहे। प्रार्थीया ने अपने परिवार वालो से 16 लाख रूपये लेकर अतिरिक्त दहेज के रूप में अपने पति व ससुर को दिये लेकिन कुछ दिन ठीक रखने के बाद पुनः इन लोगो की 50 लाख रूपये व प्लांट की मांग दोहराने लगे। अब से करीब साढे चार माह पहले प्रार्थीया अपनी ससुराल अपने कमरे में अकेली थी प्रार्थीया के ससुर रियाज ने प्रार्थीया के अकेलीपन का नाजायज फायदा उठाते हुए प्रार्थीया के साथ प्रार्थीया की इच्छा के विरूद्ध बलात्कार / बुरा काम किया। प्रार्थीया ने ये बात अपने पति व सास को बतायी तो ये कहने लगे कि अगर तूने दहेज की मांग पूरी नहीं की तो तूझे ये सहना पडेगा और अगर तूने शिकायत की तो हम तेरी हत्या कमशः
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कर देगे। प्रार्थीया का जेठ शोएब व देवर अरसलान इस कृत्य के बाद प्रार्थीया पर बी नजर रखते थे और प्रार्थीया के साथ जब भी प्रार्थीया अकेली रहती अश्लील हरकते व करीब चार माह पहले एक अपराधिक षडयन्त्र के तहत उपरोक्त सभी लोगो ने प्रार्थीया छेडछाड करते थे। प्रार्थीया उपरोक्त लोगो के कृत्य से और जुल्मों सितम से अब से को अपनी छोटी पुत्री के साथ मारपीट कर सिर्फ पहने कपडो में घर से निकाल दिया और कहा कि अगर दहेज की मांग 50 लाख रूपये व एक हजार गज का प्लाट तुम्हारे परिवार वालो ने नहीं दिया तो हम तुझे तेरे मायके में ही सडा देगे और हम साहिल की दूसरी शादी कर लेंगे। उपरोक्त लोगो के मानसिक टार्चर से प्रार्थीया मानसिक रूप से परेशान है और अपने मायके में रह रही है। प्रार्थीया के भाई व परिजनो द्वारा कई बार मेरी ससुराल वालो से खुशामंद की गयी और मौजिज लोगो से कहलवाया तो प्रार्थीया की ससुराली वाले अपने किये की माफी मांगने लगे और कहने लगे कि हम तुम्हे 56: दिन में ले आये।

आज अपने घर मायके में थी तभी प्रार्थीया का पति साहिल, ससुर रियाज, जेठ शोएब, देवर असलान व फुफ ससुर फरमान अपराधिक षडयन्त के तहत प्रार्थीया के मायके में आये और प्रार्थीया व प्रार्थीया के परिजनो द्वारा उपरोक्त लोगो की आव भगत की लेकिन इन लोगो ने पुनः अपनी दहेज की मांग शुरू कर दी और मॉ बहन की गंदी गंदी गालियां देने लगे और तभी जान से मारने की नियत से फरमान ने हाथ में लिये धारदार हथियार से वार किया व साहिल व रियाज ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से रस्सी से प्रार्थीया का गला घोट दिया व अन्य ने लाठी डण्डो व धारदार हथियारों व बेल्ट तथा लोहे की रोड व लात घूसो से प्रार्थीया के साथ मारपीट की। शोरगुल की आवाज सुनकर आलिम पुत्र वहीद व प्रार्थीया का भाई आमिर रजा आदि काफी लोग आ गये जिन्होने घटना देखी ये लोग मौका मिलने पर जान से मारने की धमकी देकर गये। प्रार्थीया की हालत गम्भीर बनी हुई है प्रार्थीया का मेडिकल कराया जाकर प्रार्थीयां की रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करें ।
परीक्षा पे चर्चा आज, पीएम मोदी छात्रों से करेंगे संवाद, देख सकेंगे लाइव

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विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से बाहर निकालने और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का आयोजन आज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को परीक्षा पे चर्चा करेंगे।

कार्यक्रम कहां और कितने बजे होगा?

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का आयोजन आज यानी 6 फरवरी को सुबह 10 बजे से होगा। इसकी स्क्रीनिंग संसद के बालयोगी ऑडिटोरियम में होगी, जहां करीब 250 छात्र मौजूद रहेंगे।

परीक्षा पे चर्चा को लाइव कहां देख सकते हैं?

इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रधानमंत्री के यूट्यूब चैनल, दूरदर्शन (डीडी) और शिक्षा मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा. आप अपनी सुविधानुसार इसे कहीं भी देख सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन का बना नया रिकॉर्ड

इस साल कार्यक्रम ने अपनी लोकप्रियता के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बार 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल के 3.53 करोड़ के ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ से कहीं ज्यादा है।

'एग्जाम वॉरियर्स' अभियान का हिस्सा

परीक्षा पे चर्चा केंद्र सरकार की एग्जाम वॉरियर्स पहल से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाली चिंता और दबाव से बाहर निकालना है। फरवरी के मध्य से सीबीएसई सहित विभिन्न बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और अप्रैल में जेईई मेन जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं भी आयोजित होंगी। ऐसे समय में यह संवाद छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार माना जाता है।

नगरपालिका चुनाव 2026: राँची और बुण्डू के लिए प्रेक्षकों की नियुक्ति; राजकीय अतिथिशाला में शिकायतों के लिए मिल सकेंगे उम्मीदवार

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राँची, 06 फरवरी 2026: नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 के निष्पक्ष संचालन हेतु राज्य निर्वाचन आयोग ने राँची जिला के लिए सामान्य और व्यय प्रेक्षकों की तैनाती कर दी है। ये प्रेक्षक चुनावी प्रक्रियाओं की निगरानी के साथ-साथ उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर पैनी नजर रखेंगे।

प्रेक्षकों का विवरण और संपर्क सूत्र

निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त अधिकारियों का विवरण उनके मोबाइल नंबर और मिलने के समय के साथ नीचे दिया गया है:

क्षेत्र प्रेक्षक का प्रकार नाम मोबाइल नंबर कार्यालय/आवासन (राजकीय अतिथिशाला)

राँची नगर निगम सामान्य प्रेक्षक श्री संदीप कुमार दोराईबुरु 9431114834 कमरा संख्या - 210

राँची नगर निगम व्यय प्रेक्षक श्री धु्रव कुमार 7004490210 कमरा संख्या - 207

बुण्डू नगर पंचायत सामान्य प्रेक्षक श्री सत्यवीर रजक 7762824750 कमरा संख्या - 211

बुण्डू नगर पंचायत व्यय प्रेक्षक श्री अजय कुमार कच्छप - कमरा संख्या - 209

बैठक का समय: सभी प्रेक्षक राजकीय अतिथिशाला (सर्कुलर रोड) में अपराह्न 03:30 से 04:30 बजे तक आम जनता और उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

पारदर्शिता के लिए 'आंख और कान' की भूमिका

ये प्रेक्षक आयोग के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगे। सामान्य प्रेक्षक जहाँ मतदान केंद्रों की व्यवस्था और आचार संहिता के पालन की निगरानी करेंगे, वहीं व्यय प्रेक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से अधिक धन खर्च न करे।

गयाजी में गांधी शिल्प बाजार का मेयर ने किया शुभारंभ, स्टॉलों पर सजी हस्तकला की पहचान

गया: बिहार के गयाजी शहर के हृदय स्थल आज़ाद पार्क मैदान में गांधी शिल्प बाजार का भव्य शुभारंभ किया गया। मेले का उद्घाटन नगर निगम के मेयर विरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर बिहार म्यूजियम के डायरेक्टर अशोक कुमार सिन्हा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान मंच पर नृत्य और संगीत के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

मेयर विरेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हस्तशिल्प मेला न केवल कारीगरों को स्वरोजगार का अवसर प्रदान करता है, बल्कि उनकी पारंपरिक कला को राष्ट्रीय पहचान भी दिलाता है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से आयोजित यह शिल्प बाजार हस्तशिल्पियों के विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

यह मेला भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत विकास आयुक्त कार्यालय (हस्तशिल्प) के सहयोग से आसरा सेवा केंद्र द्वारा आयोजित किया गया है। आयोजन समिति की ओर से अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

बिहार म्यूजियम के डायरेक्टर अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों से आए हस्तशिल्पियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना और उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार सुनिश्चित करना है।

मेले में कुल 50 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां मधुबनी और जादोपटिया पेंटिंग, बांस व जूट से बने उत्पाद, माटी कला सहित कई आकर्षक हस्तनिर्मित वस्तुएं उपलब्ध हैं। यह मेला आज से 11 फरवरी तक चलेगा।

इस मौके पर समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता रजनीश कुमार झुना ने कहा कि गयाजी में इस तरह का हस्तशिल्प मेला पहली बार आयोजित किया गया है, जहां बिना किसी बिचौलिये के कारीगर सीधे अपने उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। खुशी है कि इससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और कारीगरों की आमदनी में वृद्धि होगी।

देवघर-गंगा विश्व शांति सद्भावनाधाम में विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा 18 से, होंगे कई कार्यक्रम।
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देवघर: में महान पूर्वज ऋषि मुनियों को इस देव ऋषि संस्कृति, महान संस्कारों, उदार चरित्रों, मानवीय गुणों के कारण जो भारत विश्व गुरू पद पाया उन देवीय मानवीय मूल्यों की पुर्नस्थापना द्वारा भारत माता की स्वाभिमान की रक्षा हेतु पराम्बा परब्रह्म की असीम अनुकंपा से 21 वर्षों तक अन्न जल त्याग कर, सिले वस्त्र त्यागकर, गो-दुग्ध का पान कर, 13 वर्षों तक मौन व्रत में रहे ऐसे विश्व गुरू हिमालय के तपो योगी श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ राष्ट्रीय संत ब्रह्मर्षि डॉ. दुर्गेशाचार्य महाराज एवं 13 वर्ष की अल्पायु से श्रीमद् भागवत, देवी भागवत, शिव महापुराण, रामकथा के ममज्ञ भागवत भूषण आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री जिन्हें देश में सैंकड़ों कथाएँ करने का सौभाग्य प्राप्त है। ऐसे पूज्य सद्‌गुरू के कृपा पात्र शिष्य के पावन सानिध्य में सन् 2021 में गंगा विश्वशांति स‌द्भावना धाम, बैद्यनाथधाम संस्था की स्थापना की गई जिसमें श्री श्री राधा कृष्ण, माँ जगदम्बा एवं भगवान शिव की तीन मंजिला मंदिर का निर्माण 5 करोड़ की लागत से 4.5 वर्ष की अवधि में किया गया है। दक्षिण भारतीय कलाकृति एवं बिहार के समस्तीपुर जिले के कलाकारों द्वारा निर्मित भव्य मंदिर बाबाधाम में आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। संस्था का उद्देश्य हिमालय से गंगासागर तक गंगा-यमुना स्वच्छ अभियान एवं समग्र भारत राष्ट्र में विश्वात्मा पराम्बा गंगा-राष्ट्रमाता गौमाता-गौरी (कन्या-नारी) मठ मंदिर तीर्थ रक्षा अभियान-देवऋषि संस्कृति संस्कार बचाओ-युवाओं को नशा मुक्त कर संस्कारित कर कर्मयोगी बनाना, निर्धन विद्यार्थी शिक्षा, निर्धन कन्या विवाह, दिव्यांग रोगी, बीमार सेवा, असहाय अनाथ सेवा, वृद्ध सेवा, दैवीय प्राकृतिक आपदाओं के शमन हेतु प्राकृतिक पर्यावरण ओजोन परत बचाने हेतु पेड़ पौधे लगाना, शुद्ध गाय घी, प्राकृतिक जड़ी बूटियों, वन औषधियों समिधाओं से हवन, सरहद में देश के अमर सपूतों 'अमृतस्य पुत्राः' के जय विजय एवं राष्ट्रीय एकता व अखंडता समरसता हेतु विश्वशांति सद्भावना महायज्ञों द्वारा समग्र भारत विश्व में सनातन धर्म पुर्नस्थापना है। परम सद्‌गुरु डॉ० दुर्गेशाचार्य जी महाराज के इस पुनीत राष्ट्रव्यापी सनातन जन जागृति अभियान में आप सपरिवार जुड़कर मानव जीवन सफल सार्थक बनाकर पुण्य के भागी बने। दिनांक-18 फरवरी दिन बुधवार से 26 फरवरी 2026 तक श्री श्री राधा-कृष्ण, माँ जगदम्बा एवं भगवान शिव के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें चार वेद एवं गंगा अष्टादश महापुराण श्रीमद् भागवत कथा का राष्ट्रीय संत ब्रह्मर्षि डॉ. दुर्गेशाचार्य महाराज एवं ममज्ञ भागवत भूषण आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री का प्रवचन होगा। महोत्सव का शुभारंभ 18 फरवरी 2026 दिन बुधवार को प्रातः 8 बजे 2100 कन्या एवं महिलाएं के द्वारा भव्य मंगल कलश शोभा यात्रा निकाली जायेगी। 20 फरवरी दिन शुक्रवार 2026 को शुभ लग्नानुसार प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सम्पन्न होगा। 18 से 26 फरवरी तक प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से नित्य पूजन, मूल पाठ, हवन आदि का उत्तराखण्ड से 251 विद्वान पंडितों के द्वारा सम्पन्न होगा। श्रीमद् भागवत कथा का प्रवचन अपराह्न 1:30 से संध्या 6 बजे तक आयोजन होगा। संध्या 6 बजे से प्रतिदिन वृन्दावन धाम उत्तरप्रदेश के कलाकारों द्वारा रासलीला कार्यक्रम का आयोजन होगा। संध्या 7:30 बजे से प्रतिदिन भागवत महाप्रसाद भंडारा का आयोजन रात्रि 10:30 बजे तक होगा। अतः आप सनातन धर्म प्रेमी महानुभाव सपरिवार इष्ट‌मित्रों सहित इस विश्व लोक कल्याणकारी यज्ञ का मुख्य यजमान बनकर अपनी सेवा सहभागिता सुनिश्चित कर कार्यक्रमानुसार कथा श्रवण एवं पराम्बा-राधा कृष्ण मंदिर दर्शनार्थ सादर सप्रेम आमंत्रित हैं। मोके पर संस्था के अध्यक्ष महेश प्रसाद राय, बिहार-झारखण्ड के संयोजक कृष्ण कन्हैया राय, उपाध्यक्ष अजित कुमार राय, महासचिव अमरेश कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष रणजीत झा, विजय कुमार राय, ब्रजेश कुमार सिंह, दिलीप कुमार (टींकू जी) कुणाल राय, संजीव कुमार सिंह, राजीव नयन प्रसाद सिंह, गौरव कुमार, सुधांशु कुमार राय, स्वपनिल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: 26 प्रस्तावों को मिली मंजूरी; बजट और असम के मुद्दे पर केंद्र पर बरसे मुख्यमंत्री

राँची, 05 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कुल 26 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। हालांकि, बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री का रुख केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर काफी हमलावर रहा।

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केंद्रीय बजट पर सवाल: "महंगाई की भेंट चढ़ी आम जनता"

केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम सोरेन ने कहा कि इस बजट ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा:

"आप बजट को गौर से देखिए, किस तरह चीजों को बदला जा रहा है। कृषि हो या अन्य सेक्टर, प्रावधानों को जटिल बनाया गया है। आप कोयला और खनिज की बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इस बजट के बाद दाल और चावल जैसी रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो गई हैं।"

असम दौरे का जिक्र: "वहां आज भी अंग्रेजी गुलामी का एहसास"

हाल के असम दौरे से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने वहां के चाय बागान मजदूरों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने केंद्र और असम सरकार को घेरते हुए कहा कि असम के चाय बागानों में आज भी 'देश के अंदर देश' जैसी विचित्र स्थिति है। वहां मजदूरों को देखकर ऐसा लगता है जैसे वे आज भी अंग्रेजी हुकूमत के गुलाम हैं और गुलामी का जीवन जीने को विवश हैं।

कैबिनेट के मुख्य फैसले (26 प्रस्तावों का सारांश)

कैबिनेट की इस बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनका विस्तृत विवरण जल्द ही विभाग द्वारा जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य राज्य के संसाधनों का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।

मण्डल रेल प्रबन्धक ने किया बरहन-एटा खण्ड एवं महरावल-हरदुआगंज खंड का निरीक्षण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मण्डल रेल प्रबन्धक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल द्वारा यात्रियो की सुविधा सुरक्षा एवं परिचालन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए बरहन–एटा रेल खंड का निरीक्षण यान से व्यापक विंडो-ट्रेलिंग निरीक्षण किया गया।इस विंडो-ट्रेलिंग निरीक्षण के दौरान दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि संरक्षा से जुड़े सभी मानको का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया।इस अवसर पर उप मुख्य योजना प्रबन्धक/गति शक्ति यूनिट डी.के भारद्वाज वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक/गुड्स अतुल यादव उप मुख्य यातायात प्रबन्धक/टूंडला अमित आनंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे ।

उल्लेखनीय है कि विंडो-ट्रेलिंग निरीक्षण भारतीय रेल का एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी निरीक्षण माध्यम है,जिसके अन्तर्गत चलती ट्रेन/निरीक्षण यान की खिड़की से रेल पथ तथा उससे जुड़े प्रतिष्ठानों जैसे सिग्नल ओएचई प्लेटफॉर्म एवं समपार फाटकों की स्थिति का सूक्ष्म अवलोकन किया जाता है। इस दौरान स्टेशनों की स्वच्छता यात्री सुविधाएं परिचालन की समग्र स्थिति प्वाइंट एवं क्रॉसिंग पर सवारी की गुणवत्ता, ट्रैक ज्योमेट्री इंडेक्स (TGI)ओएचई की स्थिति समपार फाटकों की सुरक्षा बैलास्ट की स्थिति सिग्नल दृश्यता तथा सिग्नल बॉक्स की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण मानको की गहन समीक्षा की जाती है।स्टेशन निरीक्षण के दौरान यात्रियों से भी संवाद स्थापित किया गया तथा उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गम्भीरता से सुना गया।मण्डल रेल प्रबन्धक ने अधिकारियो को निर्देशित किया कि यात्रियों को स्वच्छ सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। शिवालय टेहू, अवागढ़ जवाहरपुर कमसान हाल्ट एटा महरावल एवं हरदुआगंज स्टेशनों पर रेल संरक्षा मानको यात्री सुविधाओ स्वच्छता व्यवस्था टिकटिंग प्रणाली पेयजल उपलब्धता बैठने की व्यवस्था प्रकाश व्यवस्था कूड़ेदानों की पर्याप्त उपलब्धता प्रतीक्षालयों की स्थिति तथा प्लेटफॉर्मो की साफ-सफाई का गहन अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान शिवालय टेहू स्टेशन की बाउंड्री वाल संपर्क मार्ग व यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियो को निर्देशित किया।अवागढ़ स्टेशन पर साईडिंग की संभावनाओं पर विचार विमर्श किया गया।निरीक्षण के अगले क्रम में जवाहरपुर कमसान हाल्ट का निरीक्षण किया एवं यहाँ पर चल रहे निर्माण कार्य को समय व गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के लिए निर्देश दिये।मण्डल रेल प्रबन्धक ने महरावल स्टेशन परिसर में निर्माणाधीन नई माल साइडिंग एवं यार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माणाधीन गुड्स साइडिंग के कार्यों की प्रगति गुणवत्ता तथा समयबद्धता पर बातचीत की।निरीक्षण के दौरान उन्होने सम्बंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यो में उच्च गुणवत्ता मानको का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के अगले क्रम में हरदुआगंज यार्ड एवं रनिंग रूम का गहनता से निरीक्षण किया।मण्डल रेल प्रबन्धक ने कहा कि बरहन-एटा खंड के सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं और गुणवत्ता मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए।निरीक्षण के समापन पर मण्डल रेल प्रबन्धक ने कहा कि रेलवे का उद्देश्य केवल सुरक्षित संचालन ही नही बल्कि यात्रियो को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना भी है।उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सभी कमियो को शीघ्र दूर करने एवं निरंतर सुधार की प्रक्रिया जारी रखने के निर्देश दिए।