ओरमांझी चौक एनएच 20 पर फ्लाई ओवर निर्माण मोदी सरकार की बड़ी देन....आदित्य साहू

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क,परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति झारखंड की जनता की ओर से आभार प्रकट किया है।

कहा कि विगत जुलाई महीने में उनके साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश जी,प्रदेश महामंत्री एवम सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित पत्र माननीय गडकरी जी को एनएच 20 के ओरमांझी चौक पर फ्लाईओवर निर्माण केलिए आग्रह पत्र सौंपा था।

कहा कि माननीय मंत्री जी ने इस मांग को गंभीरता से लिया और इसकी स्वीकृति प्रदान करते हुए लिखित सूचना भी दी।

कहा कि यही संवेदनशीलता मोदी सरकार को जनता से जोड़ती है, लोकप्रिय बनाती है।

उन्होंने कहा कि तीसरी बार मोदी सरकार यह जनप्रियता का ही परिणाम है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सबका साथ सबका विकास को तेजी से धरातल पर उतार रही इसलिए सबका विश्वास भी प्राप्त कर रही है।

बाबूलाल मरांडी का आरोप: झारखंड में धान खरीद के नाम पर बड़ा घोटाला; फर्जी किसानों के जरिए हो रही लूट"

राँची: झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य में धान खरीद की धीमी प्रक्रिया और कथित भ्रष्टाचार को लेकर हेमंत सरकार को आड़े हाथों लिया है। मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में श्री मरांडी ने कहा कि सरकार "गाँव की सरकार" होने का दावा तो करती है, लेकिन हकीकत में गाँवों की रीढ़ यानी 'किसान' आज सबसे ज्यादा लाचार है।

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आँकड़ों के जरिए सरकार को घेरा

मरांडी ने सरकारी आँकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि धान खरीद का लक्ष्य अब तक कोसों दूर है:

पंजीकृत किसान: राज्य में 2,79,000 किसान पंजीकृत हैं, लेकिन मात्र 35,547 किसानों से ही धान खरीदा गया है।

खरीद का लक्ष्य: सरकार ने 60 लाख क्विंटल का लक्ष्य रखा था, लेकिन दो महीने बाद भी केवल 19,80,216 क्विंटल (लगभग एक तिहाई) की ही खरीदारी हो पाई है।

"दलालों और बिचौलियों की भरी जा रही तिजोरी"

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर धान खरीद में देरी कर रही है।

"सीमांत किसान मार्च तक धान घर में नहीं रख सकता, उसे पैसों की तुरंत जरूरत होती है। सरकार उसे ₹1500 में बिचौलियों को धान बेचने पर मजबूर कर रही है। बाद में वही बिचौलिया सरकार को धान बेचेगा और ₹2400 के एमएसपी का लाभ उठाएगा। इस लूट का हिस्सा मुख्यमंत्री की तिजोरी तक जा रहा है।" - बाबूलाल मरांडी

एमएसपी और केंद्र का पैसा

मरांडी ने कहा कि चुनाव में ₹3200 एमएसपी का वादा करने वाली सरकार आज ₹2400 दे रही है। इसमें से भी ₹2300 केंद्र सरकार का अनुदान है और राज्य की भागीदारी मात्र ₹100 है। उन्होंने गुमला जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां फर्जी किसान बनाकर धान खरीद का मामला सदन में भी उठाया गया, लेकिन सरकार मौन साधे बैठी है।

प्रेस वार्ता में उपस्थिति

इस अवसर पर प्रदेश मंत्री सरोज सिंह और मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी उपस्थित थे। भाजपा ने मांग की है कि धान खरीद की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और वास्तविक किसानों को उनका हक दिया जाए।

सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं से लैस है गया शहर के गोवल बीघा का डायमंड हॉस्पिटल, 15 फरवरी को होगा भव्य उद्घाटन

गया: गया में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जैसी सुविधाओं से लैस डायमंड हॉस्पिटल का भव्य उद्घाटन 15 फरवरी को होगा. इसका उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार करेंगे. इस संबंध में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालक डा. नीरज लाल यादव ने बताया कि हमारा जो डायमंड हॉस्पिटल है, उसे सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाया है.

इसका उद्घाटन 15 फरवरी को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार के द्वारा किया जाएगा. इस डायमंड हॉस्पिटल में सबसे बड़ी बात यह है कि गया के लोगों के लिए सभी इमरजेंसी सेवा 24 × 7 उपलब्ध है. हमारे यहां फुली लोडेड आईसीयू है. 10 बेड का आईसीयू फैसिलिटी और वेंटीलेटर है. किसी भी इमरजेंसी हालात में जैसे हार्ट अटैक हो या दुर्घटना हो, हम लोग ट्रीटमेंट करने में सक्षम है. मैं खुद क्रिटिकल केस का स्पेशलिस्ट हूं. इसके अलावा इस अस्पताल में न्यूरोसर्जन डॉ सत्येंद्र प्रसाद, गैस्ट्रोलाॅजिस्ट डॉक्टर गुलाम-ए-मुस्तफा, हमारे पास आर्थोपेडिक, जनरल, गायनिक विशेषज्ञ हैं. छह डाक्टरों की एक अच्छी टीम और स्टाफ है.

हर व्यवस्था है. हम चाहते हैं कि गया के लोगों को जब भी किसी भी प्रकार की दिक्कते हो, वह एसएसपी आवास के ठीक सामने डायमंड हॉस्पिटल में आए. यहां कम खर्चे में ही बेहतर इलाज संभव है. सबसे बड़ी बात है कि हम लोग पैसे को लेकर किसी को मरीज को वापस जाने नहीं देंगे. हर मजबूर मध्यम वर्गीय परिवार या गरीब परिवार यहां से कभी निराश नहीं लौटेंगे. हमारे यहां पैसे की कमी के कारण किसी का ट्रीटमेंट न हो, ऐसा नहीं हो सकता है. मैं डाक्टर नीरज लाल यादव वही करता हूं, जो ईश्वर को पसंद है. ईश्वर को यही पसंद है कि इमरजेंसी में इलाज करें. मुझे जो भी जोखिम उठाना पड़े, मैं उठाने को तैयार हूं.

विद्या मार्केट पार्क में कंबल, स्वास्थ्य किट व कृत्रिम अंग वितरण कार्यक्रम का आयोजन
लखनऊ। राजेंद्र नगर स्थित विद्या मार्केट पार्क में आज रक्षा मंत्री एवं जनप्रिय सांसद राजनाथ सिंह की प्रेरणा से नर सेवा नारायण सेवा की भावना को साकार करते हुए ममता चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में कंबल, स्वास्थ्य किट एवं कृत्रिम अंग वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी तथा साहित्य परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. पवन पुत्र बादल की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित लाभार्थियों को कंबल, स्वास्थ्य किट एवं कृत्रिम अंग वितरित किए गए, जिससे जरूरतमंदों को सीधा लाभ प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजक  हनुमान प्रसाद मिश्रा, पूर्व मंडल अध्यक्ष  जितेंद्र राजपूत, सोमिल शंकर मिश्रा,  इमरान, ममता चैरिटेबल ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गौरव पांडे सहित ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम को सामाजिक सेवा की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया गया।
टिकोला शुगर मिल ने सत्र 2025–26 का ₹18.30 करोड़ गन्ना मूल्य भुगतान किया
मेरठ। टिकोला शुगर मिल द्वारा सत्र 2025–26 के अंतर्गत किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया गया है। मिल प्रशासन के अनुसार 24 जनवरी 2026 से 30 जनवरी 2026 तक खरीदे गए गन्ने का कुल ₹18.30 (18 करोड़ 30 लाख रुपए ) का भुगतान किसानों के खातों में सीधे भेजा गया है।

टिकोला शुगर मिल के अधिशासी अध्यक्ष हिमांशु कुमार मंगलम ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को समय से भुगतान मिल सके, इसके लिए मिल प्रबंधन द्वारा समस्त राशि बैंक के माध्यम से सीधे खातों में स्थानांतरित की गई है। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया है कि वे अपने-अपने बैंकों से भुगतान की पुष्टि कर लें।

मिल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी किसान को भुगतान से संबंधित कोई समस्या आती है तो वह चीनी मिल कार्यालय से संपर्क कर सकता है। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे मिल को साफ-सुथरा, ताज़ा, जड़-पत्ती व मिट्टी रहित गन्ना ही आपूर्ति करें।

अधिकारियों ने बताया कि अधिक गन्ना उत्पादन की स्थिति में किसान चीनी मिल अथवा गन्ना विकास परिषद से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा किसानों से अपना बेसिक कोटा अवश्य पूरा करने और मिल में गन्ना आपूर्ति बढ़ाकर ईएमआई व उधार योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की गई है।
एनडीपीएस एक्ट के मामलें में अभियुक्त को 08 माह के कारावास व 5000 रुपये का अर्थदण्ड से किया गया दण्डित

रमेश दूबे

संत कबीरनगर।नगर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के दृष्टिगत संतकबीरनगर पुलिस के द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा अभियोजन द्वारा प्रभावी पैरवी के क्रम में आज  03.02.2026 को  न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट जनपद संतकबीरनगर द्वारा 01 अभियुक्त कोc माह के कारावास व 5000 रुपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।

*घटना विवरणः-*
वादी मुकदमा एसएचओ  बब्लन यादव द्वारा अभियुक्त दीपक विश्वकर्मा पुत्र अर्जुन प्रसाद विश्वकर्मा निवासी कैलाशनगर आरटीओ कार्यालय जनपद संतकबीरनगर को 3.5 किग्रा नाजायज गाँजा, एक अदद पेचकश, दो अदद विभिन्न प्रकार के चाभियों का गुच्छा बरामद करते हुए थाना कोतवाली खलीलाबाद पर अभियोग पंजीकृत कर उ0नि0  ब्रजेश सिंह द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया था ।

*सजा विवरणः-*
              मु0अ0सं0 051/2014 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर से सम्बन्धित अभियुक्त दीपक विश्वकर्मा पुत्र अर्जुन प्रसाद विश्वकर्मा निवासी कैलाशनगर आरटीओ कार्यालय जनपद संतकबीरनगर द्वारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के अपराध में जेल में बिताई गयी अवधि व 5000 रु0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया । अर्थदण्ड अदा न करने पर 10 दिवस का साधारण कारावास का दण्ड भुगतना होगा । अभियुक्त द्वारा पूर्व में कारावास में बितायी गयी अवधि को दण्डादेश के साथ समायोजित किया जायेगा ।
भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता की प्रधानमंत्री से अपील

मुंबई। महाराष्ट्र भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता ने भारत में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या, बाग्लादेशी व पाकिस्तानियों को तीस दिन में भगाने की मांग प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व रक्षामंत्री से की है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह तथा रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को ईमेल व स्पीड पोस्ट से पत्र भेज कर निवेदन किया है कि राष्ट्रीय स्तर पर एक घोषणा की जाये कि अवैध रूप से रहने वाले बाग्लादेशी, रोहिंग्या, व पाकिस्तानी तीस दिन के अंदर भारत छोड़कर चले जायें नहीं तो उसके बाद जितने भी पकड़े जाऐंगे सभी की नसबंदी कर उन्हें भगाया जायेगा।

भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता प्रधानमंत्री से सभी मुख्यमंत्रीयो को इस बारे में निर्देश देकर आगे आकर कठोर कार्रवाई करने के लिए निवेदन किया है।
तंबुओं के शहर पांचाल घाट में रहने वाले  कल्पवासी अब अपने घरों को लौट रहे, धीरे-धीरे उजाड़ रही मेले की रौनक

फर्रुखाबाद l  पांचाल घाट पर 3 जनवरी से शुरू हुआ ऐतिहासिक 'मेला श्री राम नगरिया' अब अपने समापन की ओर है। माघी पूर्णिमा के स्नान के बाद से ही यहां बसा तंबुओं का अस्थाई शहर उजड़ने लगा है। हजारों की संख्या में कल्पवास के लिए पहुंचे संत और श्रद्धालु माँ गंगा से सलामती की दुआ मांगकर अपने आश्रमों और घरों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

लगभग 3000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस विशाल मेले में अब दूर-दूर तक खाली स्थान दिखाई देने लगा है। जहां कुछ दिन पहले तक धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की भारी चहल-पहल थी, वहां अब सन्नाटा पसरने लगा है। शेष बचे कल्पवासी भी अपना सामान समेट रहे हैं और अनुमान है कि 5 फरवरी को यहां से प्रस्थान कर जाएंगे।

प्रयागराज के बाद सबसे महत्वपूर्ण माघ मेला

धार्मिक दृष्टि से प्रयागराज के कुंभ/माघ मेले के बाद फर्रुखाबाद का यह मेला विशेष महत्व रखता है। जिला प्रशासन द्वारा कल्पवास के लिए आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के लिए एक माह तक बिजली, पानी और सुरक्षा की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। इस वर्ष यह मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 1 फरवरी (माघी पूर्णिमा) तक चला।

दुकानदारों में निराशा ।

मेला श्री राम नगरिया में इस वर्ष लगभग 700 दुकानें लगाई गई थीं, जिनमें से अधिकांश अभी भी मौजूद हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे भी अगले एक-दो दिनों में अपनी दुकानें समेट लेंगे। कन्नौज से आए दुकानदार अमित ने बताया कि इस बार उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं हुई है, जिससे व्यापारियों में निराशा है।

मनोरंजन क्षेत्र में रौनक
भले ही कल्पवासी लौट रहे हों, लेकिन मेला क्षेत्र में अभी भी रौनक है। यहां लगाए गए विभिन्न प्रकार के झूले और अन्य मनोरंजन के साधन अभी भी संचालित हैं, जिनका आनंद लेने के लिए स्थानीय लोग पहुंच रहे हैं।
प्रशिक्षित युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में लगाई फांसी मौत पुलिस जांच में जुटी

फर्रुखाबाद l जहानगंज थाना क्षेत्र में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ नगला तरा गांव के रहने वाले एक 27 वर्षीय शिक्षित युवक ने खेत में लगे पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक बीएड और बीटीसी की पढ़ाई पूरी करने के बाद ट्रेनिंग कर रहा था और हाल ही में उसकी शादी की बातचीत भी चल रही थी l

जहानगंज थाना क्षेत्र के नगला तरा गांव निवासी अशोक कुमार के 27 वर्षीय पुत्र सिकंदर का शव मंगलवार की सुबह करीब 6:30 बजे घर से लगभग 500 मीटर दूर एक खेत में आम के पेड़ से लटकता हुआ मिला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिकंदर सोमवार की रात को ही घर से निकल गया था। अगली सुबह जब किसान खेतों में काम करने पहुंचे, तो उन्होंने उसे मफलर के सहारे पेड़ से लटका हुआ देखा। किसानों ने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी। खबर मिलते ही मृतक के पिता अशोक, मां मीरा देवी, भाई मिथुन और इसेन्द्र तथा बहन सुनहरी रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता अशोक कुमार ने पुलिस को बताया कि सिकंदर पढ़ने में होनहार था। उसने बीएड की पढ़ाई पूरी कर ली थी और बीटीसी करने के बाद वर्तमान में ट्रेनिंग कर रहा था। परिजनों ने बताया कि घर में उसकी शादी की तैयारियां हो रही थीं। अभी पांच दिन पहले ही परिवार वाले उसके लिए एक लड़की भी देख चुके थे। पिता ने बताया कि उन्हें इस बात का जरा भी अंदाज नहीं है कि उनके बेटे ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया और आत्महत्या की वजह क्या हो सकती है l इस पर चर्चा हो रही है और पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है l घटना की सूचना मिलते ही जहानगंज थानाध्यक्ष राजेश राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व परिजनों के बयान पर कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड ने साहसिक पर्यटन को दी नई उड़ान
* 83 प्रमुख हिमालयी चोटियां पर्वतारोहण के लिए खुलीं, भारतीय पर्वतारोहियों को फीस से पूरी छूट, विदेशियों को भी बड़ी राहत
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने साहसिक पर्यटन और पर्वतारोहण को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) और वन विभाग के संयुक्त प्रयास से गढ़वाल और कुमाऊं हिमालय क्षेत्र की 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण अभियानों के लिए खोल दिया गया है। यह कदम न केवल राज्य के पर्यटन इतिहास में मील का पत्थर है, बल्कि युवाओं के लिए नए अवसर और सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार का सशक्त माध्यम भी बनेगा।

इन अधिसूचित चोटियों की ऊंचाई 5,700 मीटर से 7,756 मीटर तक है। इनमें कामेट (7,756 मीटर), नंदा देवी ईस्ट, चौखंबा समूह, त्रिशूल समूह, शिवलिंग, सतोपंथ, चांगाबांग, पंचाचूली और नीलकंठ जैसी विश्वविख्यात चोटियां शामिल हैं। ये चोटियां चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल जिलों में स्थित हैं।

राज्य सरकार ने भारतीय पर्वतारोहियों को बड़ी राहत देते हुए इन सभी चोटियों पर लगने वाले पीक फीस, कैंपिंग शुल्क, ट्रेल मैनेजमेंट फीस और पर्यावरण शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इससे देश के युवा पर्वतारोहियों को हजारों रुपये की बचत होगी और पर्वतारोहण गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

विदेशी पर्वतारोहियों के लिए भी नियमों को सरल किया गया है। अब उनसे वन विभाग द्वारा लिया जाने वाला अभियान शुल्क समाप्त कर दिया गया है। विदेशी पर्वतारोहियों को केवल भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन (IMF) द्वारा निर्धारित शुल्क ही देना होगा।

पर्वतारोहण अभियानों के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां अब उत्तराखंड माउंटेनियरिंग परमिशन सिस्टम (UKMPS) के माध्यम से ऑनलाइन ली जा सकेंगी। इससे अनुमति प्रक्रिया पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक होगी तथा कागजी औपचारिकताओं में कमी आएगी।

सरकार का मानना है कि इस पहल से उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्वतारोहण और एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान मिलेगी। दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय लोगों को गाइड, पोर्टर, होमस्टे और अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

उत्तराखंड सरकार ने देश-विदेश के सभी पर्वतारोहियों से अपील की है कि वे अभियानों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें, पर्यावरण संरक्षण के नियमों का सम्मान करें और हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी की रक्षा में सहयोग दें। यह निर्णय राज्य को साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क,परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति झारखंड की जनता की ओर से आभार प्रकट किया है।

कहा कि विगत जुलाई महीने में उनके साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश जी,प्रदेश महामंत्री एवम सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित पत्र माननीय गडकरी जी को एनएच 20 के ओरमांझी चौक पर फ्लाईओवर निर्माण केलिए आग्रह पत्र सौंपा था।

कहा कि माननीय मंत्री जी ने इस मांग को गंभीरता से लिया और इसकी स्वीकृति प्रदान करते हुए लिखित सूचना भी दी।

कहा कि यही संवेदनशीलता मोदी सरकार को जनता से जोड़ती है, लोकप्रिय बनाती है।

उन्होंने कहा कि तीसरी बार मोदी सरकार यह जनप्रियता का ही परिणाम है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सबका साथ सबका विकास को तेजी से धरातल पर उतार रही इसलिए सबका विश्वास भी प्राप्त कर रही है।

बाबूलाल मरांडी का आरोप: झारखंड में धान खरीद के नाम पर बड़ा घोटाला; फर्जी किसानों के जरिए हो रही लूट"

राँची: झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य में धान खरीद की धीमी प्रक्रिया और कथित भ्रष्टाचार को लेकर हेमंत सरकार को आड़े हाथों लिया है। मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में श्री मरांडी ने कहा कि सरकार "गाँव की सरकार" होने का दावा तो करती है, लेकिन हकीकत में गाँवों की रीढ़ यानी 'किसान' आज सबसे ज्यादा लाचार है।

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आँकड़ों के जरिए सरकार को घेरा

मरांडी ने सरकारी आँकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि धान खरीद का लक्ष्य अब तक कोसों दूर है:

पंजीकृत किसान: राज्य में 2,79,000 किसान पंजीकृत हैं, लेकिन मात्र 35,547 किसानों से ही धान खरीदा गया है।

खरीद का लक्ष्य: सरकार ने 60 लाख क्विंटल का लक्ष्य रखा था, लेकिन दो महीने बाद भी केवल 19,80,216 क्विंटल (लगभग एक तिहाई) की ही खरीदारी हो पाई है।

"दलालों और बिचौलियों की भरी जा रही तिजोरी"

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर धान खरीद में देरी कर रही है।

"सीमांत किसान मार्च तक धान घर में नहीं रख सकता, उसे पैसों की तुरंत जरूरत होती है। सरकार उसे ₹1500 में बिचौलियों को धान बेचने पर मजबूर कर रही है। बाद में वही बिचौलिया सरकार को धान बेचेगा और ₹2400 के एमएसपी का लाभ उठाएगा। इस लूट का हिस्सा मुख्यमंत्री की तिजोरी तक जा रहा है।" - बाबूलाल मरांडी

एमएसपी और केंद्र का पैसा

मरांडी ने कहा कि चुनाव में ₹3200 एमएसपी का वादा करने वाली सरकार आज ₹2400 दे रही है। इसमें से भी ₹2300 केंद्र सरकार का अनुदान है और राज्य की भागीदारी मात्र ₹100 है। उन्होंने गुमला जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां फर्जी किसान बनाकर धान खरीद का मामला सदन में भी उठाया गया, लेकिन सरकार मौन साधे बैठी है।

प्रेस वार्ता में उपस्थिति

इस अवसर पर प्रदेश मंत्री सरोज सिंह और मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी उपस्थित थे। भाजपा ने मांग की है कि धान खरीद की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और वास्तविक किसानों को उनका हक दिया जाए।

सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं से लैस है गया शहर के गोवल बीघा का डायमंड हॉस्पिटल, 15 फरवरी को होगा भव्य उद्घाटन

गया: गया में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जैसी सुविधाओं से लैस डायमंड हॉस्पिटल का भव्य उद्घाटन 15 फरवरी को होगा. इसका उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार करेंगे. इस संबंध में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालक डा. नीरज लाल यादव ने बताया कि हमारा जो डायमंड हॉस्पिटल है, उसे सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाया है.

इसका उद्घाटन 15 फरवरी को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार के द्वारा किया जाएगा. इस डायमंड हॉस्पिटल में सबसे बड़ी बात यह है कि गया के लोगों के लिए सभी इमरजेंसी सेवा 24 × 7 उपलब्ध है. हमारे यहां फुली लोडेड आईसीयू है. 10 बेड का आईसीयू फैसिलिटी और वेंटीलेटर है. किसी भी इमरजेंसी हालात में जैसे हार्ट अटैक हो या दुर्घटना हो, हम लोग ट्रीटमेंट करने में सक्षम है. मैं खुद क्रिटिकल केस का स्पेशलिस्ट हूं. इसके अलावा इस अस्पताल में न्यूरोसर्जन डॉ सत्येंद्र प्रसाद, गैस्ट्रोलाॅजिस्ट डॉक्टर गुलाम-ए-मुस्तफा, हमारे पास आर्थोपेडिक, जनरल, गायनिक विशेषज्ञ हैं. छह डाक्टरों की एक अच्छी टीम और स्टाफ है.

हर व्यवस्था है. हम चाहते हैं कि गया के लोगों को जब भी किसी भी प्रकार की दिक्कते हो, वह एसएसपी आवास के ठीक सामने डायमंड हॉस्पिटल में आए. यहां कम खर्चे में ही बेहतर इलाज संभव है. सबसे बड़ी बात है कि हम लोग पैसे को लेकर किसी को मरीज को वापस जाने नहीं देंगे. हर मजबूर मध्यम वर्गीय परिवार या गरीब परिवार यहां से कभी निराश नहीं लौटेंगे. हमारे यहां पैसे की कमी के कारण किसी का ट्रीटमेंट न हो, ऐसा नहीं हो सकता है. मैं डाक्टर नीरज लाल यादव वही करता हूं, जो ईश्वर को पसंद है. ईश्वर को यही पसंद है कि इमरजेंसी में इलाज करें. मुझे जो भी जोखिम उठाना पड़े, मैं उठाने को तैयार हूं.

विद्या मार्केट पार्क में कंबल, स्वास्थ्य किट व कृत्रिम अंग वितरण कार्यक्रम का आयोजन
लखनऊ। राजेंद्र नगर स्थित विद्या मार्केट पार्क में आज रक्षा मंत्री एवं जनप्रिय सांसद राजनाथ सिंह की प्रेरणा से नर सेवा नारायण सेवा की भावना को साकार करते हुए ममता चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में कंबल, स्वास्थ्य किट एवं कृत्रिम अंग वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी तथा साहित्य परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. पवन पुत्र बादल की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित लाभार्थियों को कंबल, स्वास्थ्य किट एवं कृत्रिम अंग वितरित किए गए, जिससे जरूरतमंदों को सीधा लाभ प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजक  हनुमान प्रसाद मिश्रा, पूर्व मंडल अध्यक्ष  जितेंद्र राजपूत, सोमिल शंकर मिश्रा,  इमरान, ममता चैरिटेबल ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गौरव पांडे सहित ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम को सामाजिक सेवा की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया गया।
टिकोला शुगर मिल ने सत्र 2025–26 का ₹18.30 करोड़ गन्ना मूल्य भुगतान किया
मेरठ। टिकोला शुगर मिल द्वारा सत्र 2025–26 के अंतर्गत किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया गया है। मिल प्रशासन के अनुसार 24 जनवरी 2026 से 30 जनवरी 2026 तक खरीदे गए गन्ने का कुल ₹18.30 (18 करोड़ 30 लाख रुपए ) का भुगतान किसानों के खातों में सीधे भेजा गया है।

टिकोला शुगर मिल के अधिशासी अध्यक्ष हिमांशु कुमार मंगलम ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को समय से भुगतान मिल सके, इसके लिए मिल प्रबंधन द्वारा समस्त राशि बैंक के माध्यम से सीधे खातों में स्थानांतरित की गई है। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया है कि वे अपने-अपने बैंकों से भुगतान की पुष्टि कर लें।

मिल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी किसान को भुगतान से संबंधित कोई समस्या आती है तो वह चीनी मिल कार्यालय से संपर्क कर सकता है। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे मिल को साफ-सुथरा, ताज़ा, जड़-पत्ती व मिट्टी रहित गन्ना ही आपूर्ति करें।

अधिकारियों ने बताया कि अधिक गन्ना उत्पादन की स्थिति में किसान चीनी मिल अथवा गन्ना विकास परिषद से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा किसानों से अपना बेसिक कोटा अवश्य पूरा करने और मिल में गन्ना आपूर्ति बढ़ाकर ईएमआई व उधार योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की गई है।
एनडीपीएस एक्ट के मामलें में अभियुक्त को 08 माह के कारावास व 5000 रुपये का अर्थदण्ड से किया गया दण्डित

रमेश दूबे

संत कबीरनगर।नगर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के दृष्टिगत संतकबीरनगर पुलिस के द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा अभियोजन द्वारा प्रभावी पैरवी के क्रम में आज  03.02.2026 को  न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट जनपद संतकबीरनगर द्वारा 01 अभियुक्त कोc माह के कारावास व 5000 रुपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।

*घटना विवरणः-*
वादी मुकदमा एसएचओ  बब्लन यादव द्वारा अभियुक्त दीपक विश्वकर्मा पुत्र अर्जुन प्रसाद विश्वकर्मा निवासी कैलाशनगर आरटीओ कार्यालय जनपद संतकबीरनगर को 3.5 किग्रा नाजायज गाँजा, एक अदद पेचकश, दो अदद विभिन्न प्रकार के चाभियों का गुच्छा बरामद करते हुए थाना कोतवाली खलीलाबाद पर अभियोग पंजीकृत कर उ0नि0  ब्रजेश सिंह द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया था ।

*सजा विवरणः-*
              मु0अ0सं0 051/2014 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर से सम्बन्धित अभियुक्त दीपक विश्वकर्मा पुत्र अर्जुन प्रसाद विश्वकर्मा निवासी कैलाशनगर आरटीओ कार्यालय जनपद संतकबीरनगर द्वारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के अपराध में जेल में बिताई गयी अवधि व 5000 रु0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया । अर्थदण्ड अदा न करने पर 10 दिवस का साधारण कारावास का दण्ड भुगतना होगा । अभियुक्त द्वारा पूर्व में कारावास में बितायी गयी अवधि को दण्डादेश के साथ समायोजित किया जायेगा ।
भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता की प्रधानमंत्री से अपील

मुंबई। महाराष्ट्र भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता ने भारत में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या, बाग्लादेशी व पाकिस्तानियों को तीस दिन में भगाने की मांग प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व रक्षामंत्री से की है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह तथा रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को ईमेल व स्पीड पोस्ट से पत्र भेज कर निवेदन किया है कि राष्ट्रीय स्तर पर एक घोषणा की जाये कि अवैध रूप से रहने वाले बाग्लादेशी, रोहिंग्या, व पाकिस्तानी तीस दिन के अंदर भारत छोड़कर चले जायें नहीं तो उसके बाद जितने भी पकड़े जाऐंगे सभी की नसबंदी कर उन्हें भगाया जायेगा।

भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता प्रधानमंत्री से सभी मुख्यमंत्रीयो को इस बारे में निर्देश देकर आगे आकर कठोर कार्रवाई करने के लिए निवेदन किया है।
तंबुओं के शहर पांचाल घाट में रहने वाले  कल्पवासी अब अपने घरों को लौट रहे, धीरे-धीरे उजाड़ रही मेले की रौनक

फर्रुखाबाद l  पांचाल घाट पर 3 जनवरी से शुरू हुआ ऐतिहासिक 'मेला श्री राम नगरिया' अब अपने समापन की ओर है। माघी पूर्णिमा के स्नान के बाद से ही यहां बसा तंबुओं का अस्थाई शहर उजड़ने लगा है। हजारों की संख्या में कल्पवास के लिए पहुंचे संत और श्रद्धालु माँ गंगा से सलामती की दुआ मांगकर अपने आश्रमों और घरों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

लगभग 3000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस विशाल मेले में अब दूर-दूर तक खाली स्थान दिखाई देने लगा है। जहां कुछ दिन पहले तक धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की भारी चहल-पहल थी, वहां अब सन्नाटा पसरने लगा है। शेष बचे कल्पवासी भी अपना सामान समेट रहे हैं और अनुमान है कि 5 फरवरी को यहां से प्रस्थान कर जाएंगे।

प्रयागराज के बाद सबसे महत्वपूर्ण माघ मेला

धार्मिक दृष्टि से प्रयागराज के कुंभ/माघ मेले के बाद फर्रुखाबाद का यह मेला विशेष महत्व रखता है। जिला प्रशासन द्वारा कल्पवास के लिए आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के लिए एक माह तक बिजली, पानी और सुरक्षा की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। इस वर्ष यह मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 1 फरवरी (माघी पूर्णिमा) तक चला।

दुकानदारों में निराशा ।

मेला श्री राम नगरिया में इस वर्ष लगभग 700 दुकानें लगाई गई थीं, जिनमें से अधिकांश अभी भी मौजूद हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे भी अगले एक-दो दिनों में अपनी दुकानें समेट लेंगे। कन्नौज से आए दुकानदार अमित ने बताया कि इस बार उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं हुई है, जिससे व्यापारियों में निराशा है।

मनोरंजन क्षेत्र में रौनक
भले ही कल्पवासी लौट रहे हों, लेकिन मेला क्षेत्र में अभी भी रौनक है। यहां लगाए गए विभिन्न प्रकार के झूले और अन्य मनोरंजन के साधन अभी भी संचालित हैं, जिनका आनंद लेने के लिए स्थानीय लोग पहुंच रहे हैं।
प्रशिक्षित युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में लगाई फांसी मौत पुलिस जांच में जुटी

फर्रुखाबाद l जहानगंज थाना क्षेत्र में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ नगला तरा गांव के रहने वाले एक 27 वर्षीय शिक्षित युवक ने खेत में लगे पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक बीएड और बीटीसी की पढ़ाई पूरी करने के बाद ट्रेनिंग कर रहा था और हाल ही में उसकी शादी की बातचीत भी चल रही थी l

जहानगंज थाना क्षेत्र के नगला तरा गांव निवासी अशोक कुमार के 27 वर्षीय पुत्र सिकंदर का शव मंगलवार की सुबह करीब 6:30 बजे घर से लगभग 500 मीटर दूर एक खेत में आम के पेड़ से लटकता हुआ मिला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिकंदर सोमवार की रात को ही घर से निकल गया था। अगली सुबह जब किसान खेतों में काम करने पहुंचे, तो उन्होंने उसे मफलर के सहारे पेड़ से लटका हुआ देखा। किसानों ने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी। खबर मिलते ही मृतक के पिता अशोक, मां मीरा देवी, भाई मिथुन और इसेन्द्र तथा बहन सुनहरी रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता अशोक कुमार ने पुलिस को बताया कि सिकंदर पढ़ने में होनहार था। उसने बीएड की पढ़ाई पूरी कर ली थी और बीटीसी करने के बाद वर्तमान में ट्रेनिंग कर रहा था। परिजनों ने बताया कि घर में उसकी शादी की तैयारियां हो रही थीं। अभी पांच दिन पहले ही परिवार वाले उसके लिए एक लड़की भी देख चुके थे। पिता ने बताया कि उन्हें इस बात का जरा भी अंदाज नहीं है कि उनके बेटे ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया और आत्महत्या की वजह क्या हो सकती है l इस पर चर्चा हो रही है और पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है l घटना की सूचना मिलते ही जहानगंज थानाध्यक्ष राजेश राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व परिजनों के बयान पर कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड ने साहसिक पर्यटन को दी नई उड़ान
* 83 प्रमुख हिमालयी चोटियां पर्वतारोहण के लिए खुलीं, भारतीय पर्वतारोहियों को फीस से पूरी छूट, विदेशियों को भी बड़ी राहत
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने साहसिक पर्यटन और पर्वतारोहण को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) और वन विभाग के संयुक्त प्रयास से गढ़वाल और कुमाऊं हिमालय क्षेत्र की 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण अभियानों के लिए खोल दिया गया है। यह कदम न केवल राज्य के पर्यटन इतिहास में मील का पत्थर है, बल्कि युवाओं के लिए नए अवसर और सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार का सशक्त माध्यम भी बनेगा।

इन अधिसूचित चोटियों की ऊंचाई 5,700 मीटर से 7,756 मीटर तक है। इनमें कामेट (7,756 मीटर), नंदा देवी ईस्ट, चौखंबा समूह, त्रिशूल समूह, शिवलिंग, सतोपंथ, चांगाबांग, पंचाचूली और नीलकंठ जैसी विश्वविख्यात चोटियां शामिल हैं। ये चोटियां चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल जिलों में स्थित हैं।

राज्य सरकार ने भारतीय पर्वतारोहियों को बड़ी राहत देते हुए इन सभी चोटियों पर लगने वाले पीक फीस, कैंपिंग शुल्क, ट्रेल मैनेजमेंट फीस और पर्यावरण शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इससे देश के युवा पर्वतारोहियों को हजारों रुपये की बचत होगी और पर्वतारोहण गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

विदेशी पर्वतारोहियों के लिए भी नियमों को सरल किया गया है। अब उनसे वन विभाग द्वारा लिया जाने वाला अभियान शुल्क समाप्त कर दिया गया है। विदेशी पर्वतारोहियों को केवल भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन (IMF) द्वारा निर्धारित शुल्क ही देना होगा।

पर्वतारोहण अभियानों के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां अब उत्तराखंड माउंटेनियरिंग परमिशन सिस्टम (UKMPS) के माध्यम से ऑनलाइन ली जा सकेंगी। इससे अनुमति प्रक्रिया पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक होगी तथा कागजी औपचारिकताओं में कमी आएगी।

सरकार का मानना है कि इस पहल से उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्वतारोहण और एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान मिलेगी। दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय लोगों को गाइड, पोर्टर, होमस्टे और अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

उत्तराखंड सरकार ने देश-विदेश के सभी पर्वतारोहियों से अपील की है कि वे अभियानों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें, पर्यावरण संरक्षण के नियमों का सम्मान करें और हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी की रक्षा में सहयोग दें। यह निर्णय राज्य को साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा।