रतनपुर पमारान में अवैध बंगाली क्लीनिक संचालित, जांच के बाद कार्रवाई की तैयारी

अमृतपुर फर्रुखाबाद। जनपद के विकासखंड राजेपुर अंतर्गत ग्राम रतनपुर पमारान में एक अवैध रूप से संचालित बंगाली क्लिनिक इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पिछले करीब दो महीनों से यह क्लिनिक लगातार संचालित हो रहा है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। आरोप है कि बिना किसी मान्यता और स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के क्लिनिक चलाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कथित बंगाली डॉक्टर ने गांव में अपनी पकड़ बना ली है, जिसके चलते कुछ लोग उसके समर्थन में भी नजर आ रहे हैं। वहीं गांव के कई लोगों ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि बिना योग्य डिग्री और उचित जांच के इलाज किया जाना मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
ग्रामीणों के मुताबिक क्लिनिक में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में किसी अप्रिय घटना की आशंका को लेकर गांव के जागरूक लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में जब प्रभारी चिकित्सा अधिकारी राजेपुर प्रमित राजपूत से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की जल्द जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि “एक दिन टीम वहां पहुंची थी, लेकिन उस समय क्लिनिक बंद मिला था।”
ग्लोबल हॉस्पिटल के चिकित्सक ने गलत ढंग से किया ऑपरेशन, मास में बन गई गांठ, पड़ गया मवाद
अल्ट्रासाउंड में उजागर हुई चिकित्सक की लापरवाही, महिला ने डीएम से चिकित्सक के खिलाफ की कार्रवाई करने की गुहार

फर्रुखाबाद l नगर के मुख्य मार्ग पर स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल में एक गर्भवती महिला चेकअप कराने आई और चिकित्सक पति-पत्नी ने जांच के बाद महिला का ऑपरेशन कर शिशु को जन्म दिया जन्म के बाद पेट में गांठ बन जाने से गहरा घाव हो गया है जिससे उसके पेट में दर्द होने पर डॉक्टर को बताया तो डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड करने के बाद कहा सब ठीक है लेकिन कुछ दिन बाद फिर दर्द होने पर वह आगरा की एक निजी अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऑपरेशन के दौरान मांस में गांठ बन गई  और उसमें मवाद पड़ गया है परिवार के लोग घबरा गए और तत्काल ऑपरेशन कराया उसके बाद पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को डाक से जांच के संबंध में पत्र भेजा था लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गोल-गोल जांच की, जांच रिपोर्ट सही ना आने पर थाना शमसाबाद क्षेत्र के गांव तराई निवासी शबीना पत्नी अफसार ने मंगलवार को कलेक्ट पहुंच कर जिला अधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर को शिकायती पत्र दिया है l उन्होंने महिला को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
देवघर -में पेट्रोल -डीजल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि देश की आम जनता के साथ क्रूर मजाक।
देवघर: संथाल परगना चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्य अजय कुमार ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा पेट्रोल डीजल की कीमतों में लगातार की जा रही वृद्धि न सिर्फ देश की जनता को आर्थिक परेशानियों में डालने वाली है बल्कि देश की आम जनता के साथ क्रूर मजाक भी। श्री कुमार ने कहा कि महंगाई के बोझ तले दबकर देश का निम्न एवं मध्यम वर्ग कराह रहा है मगर इससे मोदी सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। अजय कुमार सदस्य संथाल परगना चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज
सदर अस्पताल में ब्लड बैंक बहाल करने की मांग को लेकर जेएलकेएम का धरना, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

कोडरमा: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से मंगलवार को कोडरमा सदर अस्पताल परिसर में एक दिवसीय धरना आयोजित कर बंद पड़े ब्लड बैंक को अविलंब चालू करने की मांग उठाई गई। संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से सदर अस्पताल का ब्लड बैंक केवल स्टोर सेंटर बनकर रह गया है, जिसके कारण दुर्घटना और गंभीर मरीजों को समय पर रक्त नहीं मिल पा रहा है।
धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं, ग्रामीण और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। जेकेएलएम के बरही  विधानसभा के उम्मीदवार कृष्णा यादव ने कहा कि कोडरमा जिला बिहार सीमा से जुड़ा और दुर्घटना संभावित क्षेत्र है, ऐसे में सदर अस्पताल में हर ग्रुप का ब्लड उपलब्ध रहना बेहद जरूरी है। जेएलकेएम नेता रविशंकर ने कहा कि कोडरमा सदर अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन यहां ब्लड बैंक की सुविधा नहीं होना स्वास्थ्य विभाग की बड़ी विफलता है। उन्होंने कहा कि सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर भवन और मशीनें तो लगा रही है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर, तकनीशियन और ब्लड बैंक जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को मामूली जांच और ब्लड ग्रुपिंग तक के लिए हजारीबाग भेजा जाता है। “जब मंत्री और बड़े अधिकारी अस्पताल का दौरा करते हैं तो इसे मॉडल अस्पताल बताया जाता है, लेकिन अंदर की सच्चाई कुछ और है। इलाज के नाम पर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है,” उन्होंने कहा।धरने को संबोधित करते हुए जेएलकेएम नेता मनोज यादव ने कहा कि कोडरमा दो राज्यों को जोड़ने वाला जिला है और यहां रोज सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इसके बावजूद ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त हो जाना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटना पीड़ितों के लिए ब्लड सबसे जरूरी आवश्यकता है।नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर ब्लड बैंक की व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो जेएलकेएम चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा, सड़क जाम करेगा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। धरना के दौरान वक्ताओं ने सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपकरण और आईसीयू जैसी सुविधाएं होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित तकनीशियनों की कमी के कारण मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और जिला प्रशासन से अविलंब कार्रवाई करते हुए कोडरमा सदर अस्पताल में ब्लड बैंक को फिर से चालू करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने की मांग की।
आयुष्मान योजना के अंतर्गत असंक, सुल्तानपुर में पहली सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी
उत्तर प्रदेश के ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज (ASMC), सुल्तानपुर में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई, जहाँ आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पहली सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) सर्जरी सम्पन्न की गई। यह जटिल सर्जरी ऑर्थोपेडिक्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमोल रेबेलो द्वारा सफलतापूर्वक की गई।
मरीज श्रीमती श्यामपाठी, जो कि कुरेभार की निवासी हैं, पिछले दो वर्षों से गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित थीं। लगातार दर्द के कारण वे लंबे समय से दर्द निवारक दवाओं का सेवन कर रही थीं, जिससे भविष्य में किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना थी।
विस्तृत जांच एवं एक्स-रे के बाद मरीज में ग्रेड-4 ऑस्टियोआर्थराइटिस पाया गया, जिसमें घुटने की कार्टिलेज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ. अमोल रेबेलो ने टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की सलाह दी, जिसका मुख्य उद्देश्य मरीज को दर्द से मुक्ति दिलाकर बेहतर और सक्रिय जीवन प्रदान करना था।
सर्जरी को डॉ. अमोल रेबेलो के साथ उनके सहायक डॉ. वसीम, सीनियर रेजिडेंट, ऑर्थोपेडिक्स ने सफलतापूर्वक सम्पन्न किया। डॉ. ऐश्वर्य दिनेश ( एनेस्थीसिया )निश्चेतना विभाग में वरिष्ठ सीनियर रेजिडेंट, एनेस्थीसियोलॉजी द्वारा स्पाइनल + एपिड्यूरल एनेस्थीसिया दिया गया, जिससे ऑपरेशन के बाद मरीज को उत्कृष्ट दर्द नियंत्रण प्राप्त हुआ। यह ASMC सुल्तानपुर में पहली बार था जब टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी स्पाइनल-एपिड्यूरल एनेस्थीसिया के तहत की गई।
इस सफल सर्जरी में ऑपरेशन थिएटर स्टाफ एवं नर्सिंग टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
डॉ. अमोल रेबेलो ने इस उपलब्धि के लिए आदरणीय प्राचार्य डॉ. प्रियंक सर एवं आदरणीय डॉ. सलील सर का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं निरंतर सहयोग से संस्थान में जटिल सर्जरी करना संभव हो सका।
इस अवसर पर डॉ. अमोल रेबेलो ने कहा:
“अब सुल्तानपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को टोटल नी रिप्लेसमेंट और टोटल हिप रिप्लेसमेंट जैसी जटिल सर्जरी के लिए लखनऊ, वाराणसी, मुंबई या दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत ये सभी सुविधाएँ अब ASMC सुल्तानपुर में निःशुल्क उपलब्ध हैं।”
यह सफल सर्जरी न केवल ASMC सुल्तानपुर के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के मरीजों के लिए उन्नत ऑर्थोपेडिक चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
उत्तर भारतीय समाज ने किया एड. राजकुमार मिश्रा का सम्मान
भायंदर। मीरा भायंदर की प्रतिष्ठित उत्तर भारतीय समाज द्वारा आज परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा का सम्मान किया गया। वरिष्ठ समाजसेवी रत्नाकर मिश्रा के इंद्रलोक स्थित आवास पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि श्री मिश्रा के सभापति बनने से पूरा समाज गौरवान्वित हुआ है। उपस्थित लोगों ने विधायक नरेंद्र मेहता के साथ साथ राहुल एजुकेशन  के चेयरमैन लल्लन तिवारी के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में रत्नाकर मिश्रा के अलावा वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, भाजपा जिला महामंत्री बृजेश तिवारी, पत्रकार महेंद्र पांडे, उत्तर भारतीय मोर्चा के जिला महामंत्री कमलेश दुबे, मानस अस्पताल के संचालक संदीप तिवारी, मनीष मिश्रा, स्वामीनाथ पांडे, विजय दुबे समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
स्वर्गीय प्रतीक यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी
मोनू भाटी, मवाना। सोमवार को समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के पुत्र, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav के छोटे भाई स्वर्गीय प्रतीक यादव की शोकसभा एवं श्रद्धांजलि सभा उनके आवास विक्रमादित्य मार्ग, Lucknow में अत्यंत भावुक वातावरण में आयोजित की गई। स्वर्गीय प्रतीक यादव की धर्मपत्नी एवं उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष Aparna Yadav भी इस दौरान उपस्थित रहीं।
शोकसभा में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक हस्तिनापुर माननीय प्रभु दयाल वाल्मीकि तथा माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह सहित बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक एवं शैक्षिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों ने पहुंचकर स्वर्गीय प्रतीक यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की तथा ईश्वर से कामना की कि वे स्वर्गीय प्रतीक यादव की पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। श्रद्धांजलि सभा के दौरान वातावरण अत्यंत गमगीन बना रहा और उपस्थित लोगों की आंखें नम दिखाई दीं।
इसके उपरांत पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि एवं शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह ने स्वर्गीय प्रतीक यादव की पत्नी श्रीमती अर्पणा यादव एवं अन्य परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दोनों नेताओं ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज एवं समाजवादी परिवार उनके साथ खड़ा है।
इस अवसर पर विभिन्न जनपदों से पहुंचे समाजवादी पार्टी के नेता, कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, पारिवारिक सदस्य एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने स्वर्गीय प्रतीक यादव के व्यक्तित्व एवं उनके सरल स्वभाव को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। शोकसभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए पुनः प्रार्थना की और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलटी, छह की मौत, 24  घायल
लखनऊ /उन्नाव। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। दिल्ली से गोरखपुर जा रही यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस औरास थाना क्षेत्र में अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और कई बार पलटती चली गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में छह यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 262 पर नींभाखेड़ा गांव के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस बेहद तेज रफ्तार में थी। आशंका है कि चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिसके चलते बस सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस पलट गई, शीशे चकनाचूर हो गए और कई यात्री बस से बाहर सड़क पर जा गिरे।
हादसे के बाद चारों तरफ चीखें गूंजने लगीं। कई यात्री बस के अंदर फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। किसी तरह बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। हादसे के बाद कुछ देर तक एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा।
प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही और नींद की झपकी को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
किसान चक रोड मुक्ति अभियान शुरू, अतिक्रमण हटाकर खेतों तक आसान पहुंच बनाने पर जोर


*चक रोडों से अतिक्रमण हटाने को आयुक्त सख्त, एफआईआर के निर्देश*

*बार-बार अतिक्रमण करने वालों पर दर्ज होगी एफआईआर : आयुक्त*


*देवीपाटन मंडल में चक रोड मुक्ति अभियान को आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने दी रफ्तार*


*गोंडा, 26 मई 2026* - ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को खेतों तक सुगम आवागमन उपलब्ध कराने तथा सार्वजनिक चक रोडों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से देवीपाटन मंडल में *“किसान चक रोड मुक्ति अभियान”* शुरू किया गया है। अभियान की शुरुआत *मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल* के निर्देशन में की गई। सोमवार को आयुक्त ने वर्चुअल माध्यम से मंडल के सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों एवं अपर जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में आयुक्त ने कहा कि चक रोड गांवों में खेतों तक पहुंचने वाले सार्वजनिक मार्ग होते हैं, जिनका उपयोग किसान खेती-बाड़ी, फसल परिवहन, ट्रैक्टर, बैलगाड़ी एवं अन्य कृषि यंत्रों के आवागमन के लिए करते हैं। ऐसे रास्ते ग्रामीण कृषि व्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए इन्हें अतिक्रमण मुक्त रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व अभिलेखों के अनुसार चकमार्गों का सीमांकन कराते हुए अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए। साथ ही ग्रामीणों को सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा एवं चक रोडों के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि चक रोडों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा बार-बार अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध लेखपालों के माध्यम से एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक माह के अंत तक विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, जिसमें अतिक्रमण मुक्त कराए गए चकमार्गों की संख्या, कार्रवाई किए गए अतिक्रमणकारियों का विवरण तथा निर्माण कार्य की प्रगति शामिल हो। आयुक्त ने यह भी कहा कि चक रोडों की मिट्टी पटाई अथवा निर्माण कार्य से पहले और बाद की फोटो एक ही स्थान से ली जाए, ताकि कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का सत्यापन किया जा सके।



*मंडल में चकमार्ग निर्माण कार्य में तेजी*

देवीपाटन मंडल में चकमार्गों की पैमाइश एवं निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है। जनपद गोंडा में 613 चकमार्गों की पैमाइश की गई है, जिनमें से 514 चकमार्गों को अतिक्रमण मुक्त कर उन पर मिट्टी पटाई का कार्य शीघ्र कराया जाएगा। वहीं, बलरामपुर जनपद में 243 चकमार्गों की पैमाइश के बाद मिट्टी पटाई का कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। श्रावस्ती में 616 चकमार्गों की पैमाइश पूरी हो चुकी है, जिनमें से 427 चकमार्गों पर मिट्टी पटाई का कार्य कराया जाएगा। इसी प्रकार जनपद बहराइच में 1659 चकमार्गों की पैमाइश की जा चुकी है तथा उन्हें अतिक्रमण मुक्त कर मिट्टी पटाई का कार्य शुरू कराया जाएगा। अंत में आयुक्त ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमणयुक्त चकमार्गों की पैमाइश कर उन्हें तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा जल्द से जल्द मिट्टी पटाई का कार्य प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि अगली फसल की बुवाई से पूर्व यह कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाए।
बाराबंकी में भीषण सड़क हादसा , 4 युवकों की दर्दनाक मौत
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। कैंची धाम में दर्शन करने निकले युवक शायद ही जानते थे कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। भोर के अंधेरे में लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर दौड़ रही इनोवा अचानक खड़े ट्रक से जा टकराई और कुछ ही सेकंड में चीख-पुकार मच गई। हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

यह भीषण हादसा हैदरगढ़ क्षेत्र के भिखरा गांव के पास तड़के करीब तीन बजे हुआ। बताया जा रहा है कि वाराणसी और आसपास के जिलों के युवक इनोवा से कैंची धाम दर्शन करने जा रहे थे। रास्ते में अचानक तेज रफ्तार इनोवा सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से घुस गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे लोग बुरी तरह फंस गए।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने दौड़कर कार में फंसे युवकों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल तीन युवकों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है।

मृतकों में गाजीपुर के गैबीपुर निवासी राहुल सिंह (35), चंदौली के मुगलसराय निवासी राहुल कुमार (36), बलिया के रामपुर रसड़ा निवासी सत्यम (38) और ट्रक खलासी गाजीपुर निवासी सूरज यादव (30) शामिल हैं। वहीं मिर्जापुर के चुनार निवासी चंदन सिंह (35), पंकज सिंह (34) और बलिया के बेला निवासी प्रशांत गंभीर रूप से घायल हैं।

घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुंचते ही परिवार के लोग रो-रोकर बेसुध हो गए। गांवों में मातम का माहौल है। लोग यही कहते नजर आए कि जो युवक सुबह मंदिर में माथा टेकने वाले थे, अब उनके घरों में अंतिम यात्रा की तैयारी हो रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में चालक को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
रतनपुर पमारान में अवैध बंगाली क्लीनिक संचालित, जांच के बाद कार्रवाई की तैयारी

अमृतपुर फर्रुखाबाद। जनपद के विकासखंड राजेपुर अंतर्गत ग्राम रतनपुर पमारान में एक अवैध रूप से संचालित बंगाली क्लिनिक इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पिछले करीब दो महीनों से यह क्लिनिक लगातार संचालित हो रहा है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। आरोप है कि बिना किसी मान्यता और स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के क्लिनिक चलाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कथित बंगाली डॉक्टर ने गांव में अपनी पकड़ बना ली है, जिसके चलते कुछ लोग उसके समर्थन में भी नजर आ रहे हैं। वहीं गांव के कई लोगों ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि बिना योग्य डिग्री और उचित जांच के इलाज किया जाना मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
ग्रामीणों के मुताबिक क्लिनिक में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में किसी अप्रिय घटना की आशंका को लेकर गांव के जागरूक लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में जब प्रभारी चिकित्सा अधिकारी राजेपुर प्रमित राजपूत से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की जल्द जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि “एक दिन टीम वहां पहुंची थी, लेकिन उस समय क्लिनिक बंद मिला था।”
ग्लोबल हॉस्पिटल के चिकित्सक ने गलत ढंग से किया ऑपरेशन, मास में बन गई गांठ, पड़ गया मवाद
अल्ट्रासाउंड में उजागर हुई चिकित्सक की लापरवाही, महिला ने डीएम से चिकित्सक के खिलाफ की कार्रवाई करने की गुहार

फर्रुखाबाद l नगर के मुख्य मार्ग पर स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल में एक गर्भवती महिला चेकअप कराने आई और चिकित्सक पति-पत्नी ने जांच के बाद महिला का ऑपरेशन कर शिशु को जन्म दिया जन्म के बाद पेट में गांठ बन जाने से गहरा घाव हो गया है जिससे उसके पेट में दर्द होने पर डॉक्टर को बताया तो डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड करने के बाद कहा सब ठीक है लेकिन कुछ दिन बाद फिर दर्द होने पर वह आगरा की एक निजी अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऑपरेशन के दौरान मांस में गांठ बन गई  और उसमें मवाद पड़ गया है परिवार के लोग घबरा गए और तत्काल ऑपरेशन कराया उसके बाद पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को डाक से जांच के संबंध में पत्र भेजा था लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गोल-गोल जांच की, जांच रिपोर्ट सही ना आने पर थाना शमसाबाद क्षेत्र के गांव तराई निवासी शबीना पत्नी अफसार ने मंगलवार को कलेक्ट पहुंच कर जिला अधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर को शिकायती पत्र दिया है l उन्होंने महिला को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
देवघर -में पेट्रोल -डीजल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि देश की आम जनता के साथ क्रूर मजाक।
देवघर: संथाल परगना चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्य अजय कुमार ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा पेट्रोल डीजल की कीमतों में लगातार की जा रही वृद्धि न सिर्फ देश की जनता को आर्थिक परेशानियों में डालने वाली है बल्कि देश की आम जनता के साथ क्रूर मजाक भी। श्री कुमार ने कहा कि महंगाई के बोझ तले दबकर देश का निम्न एवं मध्यम वर्ग कराह रहा है मगर इससे मोदी सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। अजय कुमार सदस्य संथाल परगना चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज
सदर अस्पताल में ब्लड बैंक बहाल करने की मांग को लेकर जेएलकेएम का धरना, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

कोडरमा: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से मंगलवार को कोडरमा सदर अस्पताल परिसर में एक दिवसीय धरना आयोजित कर बंद पड़े ब्लड बैंक को अविलंब चालू करने की मांग उठाई गई। संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से सदर अस्पताल का ब्लड बैंक केवल स्टोर सेंटर बनकर रह गया है, जिसके कारण दुर्घटना और गंभीर मरीजों को समय पर रक्त नहीं मिल पा रहा है।
धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं, ग्रामीण और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। जेकेएलएम के बरही  विधानसभा के उम्मीदवार कृष्णा यादव ने कहा कि कोडरमा जिला बिहार सीमा से जुड़ा और दुर्घटना संभावित क्षेत्र है, ऐसे में सदर अस्पताल में हर ग्रुप का ब्लड उपलब्ध रहना बेहद जरूरी है। जेएलकेएम नेता रविशंकर ने कहा कि कोडरमा सदर अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन यहां ब्लड बैंक की सुविधा नहीं होना स्वास्थ्य विभाग की बड़ी विफलता है। उन्होंने कहा कि सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर भवन और मशीनें तो लगा रही है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर, तकनीशियन और ब्लड बैंक जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को मामूली जांच और ब्लड ग्रुपिंग तक के लिए हजारीबाग भेजा जाता है। “जब मंत्री और बड़े अधिकारी अस्पताल का दौरा करते हैं तो इसे मॉडल अस्पताल बताया जाता है, लेकिन अंदर की सच्चाई कुछ और है। इलाज के नाम पर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है,” उन्होंने कहा।धरने को संबोधित करते हुए जेएलकेएम नेता मनोज यादव ने कहा कि कोडरमा दो राज्यों को जोड़ने वाला जिला है और यहां रोज सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इसके बावजूद ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त हो जाना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटना पीड़ितों के लिए ब्लड सबसे जरूरी आवश्यकता है।नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर ब्लड बैंक की व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो जेएलकेएम चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा, सड़क जाम करेगा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। धरना के दौरान वक्ताओं ने सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपकरण और आईसीयू जैसी सुविधाएं होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित तकनीशियनों की कमी के कारण मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और जिला प्रशासन से अविलंब कार्रवाई करते हुए कोडरमा सदर अस्पताल में ब्लड बैंक को फिर से चालू करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने की मांग की।
आयुष्मान योजना के अंतर्गत असंक, सुल्तानपुर में पहली सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी
उत्तर प्रदेश के ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज (ASMC), सुल्तानपुर में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई, जहाँ आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पहली सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) सर्जरी सम्पन्न की गई। यह जटिल सर्जरी ऑर्थोपेडिक्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमोल रेबेलो द्वारा सफलतापूर्वक की गई।
मरीज श्रीमती श्यामपाठी, जो कि कुरेभार की निवासी हैं, पिछले दो वर्षों से गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित थीं। लगातार दर्द के कारण वे लंबे समय से दर्द निवारक दवाओं का सेवन कर रही थीं, जिससे भविष्य में किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना थी।
विस्तृत जांच एवं एक्स-रे के बाद मरीज में ग्रेड-4 ऑस्टियोआर्थराइटिस पाया गया, जिसमें घुटने की कार्टिलेज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ. अमोल रेबेलो ने टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की सलाह दी, जिसका मुख्य उद्देश्य मरीज को दर्द से मुक्ति दिलाकर बेहतर और सक्रिय जीवन प्रदान करना था।
सर्जरी को डॉ. अमोल रेबेलो के साथ उनके सहायक डॉ. वसीम, सीनियर रेजिडेंट, ऑर्थोपेडिक्स ने सफलतापूर्वक सम्पन्न किया। डॉ. ऐश्वर्य दिनेश ( एनेस्थीसिया )निश्चेतना विभाग में वरिष्ठ सीनियर रेजिडेंट, एनेस्थीसियोलॉजी द्वारा स्पाइनल + एपिड्यूरल एनेस्थीसिया दिया गया, जिससे ऑपरेशन के बाद मरीज को उत्कृष्ट दर्द नियंत्रण प्राप्त हुआ। यह ASMC सुल्तानपुर में पहली बार था जब टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी स्पाइनल-एपिड्यूरल एनेस्थीसिया के तहत की गई।
इस सफल सर्जरी में ऑपरेशन थिएटर स्टाफ एवं नर्सिंग टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
डॉ. अमोल रेबेलो ने इस उपलब्धि के लिए आदरणीय प्राचार्य डॉ. प्रियंक सर एवं आदरणीय डॉ. सलील सर का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं निरंतर सहयोग से संस्थान में जटिल सर्जरी करना संभव हो सका।
इस अवसर पर डॉ. अमोल रेबेलो ने कहा:
“अब सुल्तानपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को टोटल नी रिप्लेसमेंट और टोटल हिप रिप्लेसमेंट जैसी जटिल सर्जरी के लिए लखनऊ, वाराणसी, मुंबई या दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत ये सभी सुविधाएँ अब ASMC सुल्तानपुर में निःशुल्क उपलब्ध हैं।”
यह सफल सर्जरी न केवल ASMC सुल्तानपुर के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के मरीजों के लिए उन्नत ऑर्थोपेडिक चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
उत्तर भारतीय समाज ने किया एड. राजकुमार मिश्रा का सम्मान
भायंदर। मीरा भायंदर की प्रतिष्ठित उत्तर भारतीय समाज द्वारा आज परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा का सम्मान किया गया। वरिष्ठ समाजसेवी रत्नाकर मिश्रा के इंद्रलोक स्थित आवास पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि श्री मिश्रा के सभापति बनने से पूरा समाज गौरवान्वित हुआ है। उपस्थित लोगों ने विधायक नरेंद्र मेहता के साथ साथ राहुल एजुकेशन  के चेयरमैन लल्लन तिवारी के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में रत्नाकर मिश्रा के अलावा वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, भाजपा जिला महामंत्री बृजेश तिवारी, पत्रकार महेंद्र पांडे, उत्तर भारतीय मोर्चा के जिला महामंत्री कमलेश दुबे, मानस अस्पताल के संचालक संदीप तिवारी, मनीष मिश्रा, स्वामीनाथ पांडे, विजय दुबे समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
स्वर्गीय प्रतीक यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी
मोनू भाटी, मवाना। सोमवार को समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के पुत्र, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav के छोटे भाई स्वर्गीय प्रतीक यादव की शोकसभा एवं श्रद्धांजलि सभा उनके आवास विक्रमादित्य मार्ग, Lucknow में अत्यंत भावुक वातावरण में आयोजित की गई। स्वर्गीय प्रतीक यादव की धर्मपत्नी एवं उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष Aparna Yadav भी इस दौरान उपस्थित रहीं।
शोकसभा में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक हस्तिनापुर माननीय प्रभु दयाल वाल्मीकि तथा माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह सहित बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक एवं शैक्षिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों ने पहुंचकर स्वर्गीय प्रतीक यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की तथा ईश्वर से कामना की कि वे स्वर्गीय प्रतीक यादव की पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। श्रद्धांजलि सभा के दौरान वातावरण अत्यंत गमगीन बना रहा और उपस्थित लोगों की आंखें नम दिखाई दीं।
इसके उपरांत पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि एवं शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह ने स्वर्गीय प्रतीक यादव की पत्नी श्रीमती अर्पणा यादव एवं अन्य परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दोनों नेताओं ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज एवं समाजवादी परिवार उनके साथ खड़ा है।
इस अवसर पर विभिन्न जनपदों से पहुंचे समाजवादी पार्टी के नेता, कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, पारिवारिक सदस्य एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने स्वर्गीय प्रतीक यादव के व्यक्तित्व एवं उनके सरल स्वभाव को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। शोकसभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए पुनः प्रार्थना की और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलटी, छह की मौत, 24  घायल
लखनऊ /उन्नाव। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। दिल्ली से गोरखपुर जा रही यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस औरास थाना क्षेत्र में अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और कई बार पलटती चली गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में छह यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 262 पर नींभाखेड़ा गांव के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस बेहद तेज रफ्तार में थी। आशंका है कि चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिसके चलते बस सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस पलट गई, शीशे चकनाचूर हो गए और कई यात्री बस से बाहर सड़क पर जा गिरे।
हादसे के बाद चारों तरफ चीखें गूंजने लगीं। कई यात्री बस के अंदर फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। किसी तरह बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। हादसे के बाद कुछ देर तक एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा।
प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही और नींद की झपकी को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
किसान चक रोड मुक्ति अभियान शुरू, अतिक्रमण हटाकर खेतों तक आसान पहुंच बनाने पर जोर


*चक रोडों से अतिक्रमण हटाने को आयुक्त सख्त, एफआईआर के निर्देश*

*बार-बार अतिक्रमण करने वालों पर दर्ज होगी एफआईआर : आयुक्त*


*देवीपाटन मंडल में चक रोड मुक्ति अभियान को आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने दी रफ्तार*


*गोंडा, 26 मई 2026* - ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को खेतों तक सुगम आवागमन उपलब्ध कराने तथा सार्वजनिक चक रोडों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से देवीपाटन मंडल में *“किसान चक रोड मुक्ति अभियान”* शुरू किया गया है। अभियान की शुरुआत *मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल* के निर्देशन में की गई। सोमवार को आयुक्त ने वर्चुअल माध्यम से मंडल के सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों एवं अपर जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में आयुक्त ने कहा कि चक रोड गांवों में खेतों तक पहुंचने वाले सार्वजनिक मार्ग होते हैं, जिनका उपयोग किसान खेती-बाड़ी, फसल परिवहन, ट्रैक्टर, बैलगाड़ी एवं अन्य कृषि यंत्रों के आवागमन के लिए करते हैं। ऐसे रास्ते ग्रामीण कृषि व्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए इन्हें अतिक्रमण मुक्त रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व अभिलेखों के अनुसार चकमार्गों का सीमांकन कराते हुए अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए। साथ ही ग्रामीणों को सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा एवं चक रोडों के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि चक रोडों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा बार-बार अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध लेखपालों के माध्यम से एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक माह के अंत तक विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, जिसमें अतिक्रमण मुक्त कराए गए चकमार्गों की संख्या, कार्रवाई किए गए अतिक्रमणकारियों का विवरण तथा निर्माण कार्य की प्रगति शामिल हो। आयुक्त ने यह भी कहा कि चक रोडों की मिट्टी पटाई अथवा निर्माण कार्य से पहले और बाद की फोटो एक ही स्थान से ली जाए, ताकि कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का सत्यापन किया जा सके।



*मंडल में चकमार्ग निर्माण कार्य में तेजी*

देवीपाटन मंडल में चकमार्गों की पैमाइश एवं निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है। जनपद गोंडा में 613 चकमार्गों की पैमाइश की गई है, जिनमें से 514 चकमार्गों को अतिक्रमण मुक्त कर उन पर मिट्टी पटाई का कार्य शीघ्र कराया जाएगा। वहीं, बलरामपुर जनपद में 243 चकमार्गों की पैमाइश के बाद मिट्टी पटाई का कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। श्रावस्ती में 616 चकमार्गों की पैमाइश पूरी हो चुकी है, जिनमें से 427 चकमार्गों पर मिट्टी पटाई का कार्य कराया जाएगा। इसी प्रकार जनपद बहराइच में 1659 चकमार्गों की पैमाइश की जा चुकी है तथा उन्हें अतिक्रमण मुक्त कर मिट्टी पटाई का कार्य शुरू कराया जाएगा। अंत में आयुक्त ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमणयुक्त चकमार्गों की पैमाइश कर उन्हें तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा जल्द से जल्द मिट्टी पटाई का कार्य प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि अगली फसल की बुवाई से पूर्व यह कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाए।
बाराबंकी में भीषण सड़क हादसा , 4 युवकों की दर्दनाक मौत
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। कैंची धाम में दर्शन करने निकले युवक शायद ही जानते थे कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। भोर के अंधेरे में लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर दौड़ रही इनोवा अचानक खड़े ट्रक से जा टकराई और कुछ ही सेकंड में चीख-पुकार मच गई। हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

यह भीषण हादसा हैदरगढ़ क्षेत्र के भिखरा गांव के पास तड़के करीब तीन बजे हुआ। बताया जा रहा है कि वाराणसी और आसपास के जिलों के युवक इनोवा से कैंची धाम दर्शन करने जा रहे थे। रास्ते में अचानक तेज रफ्तार इनोवा सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से घुस गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे लोग बुरी तरह फंस गए।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने दौड़कर कार में फंसे युवकों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल तीन युवकों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है।

मृतकों में गाजीपुर के गैबीपुर निवासी राहुल सिंह (35), चंदौली के मुगलसराय निवासी राहुल कुमार (36), बलिया के रामपुर रसड़ा निवासी सत्यम (38) और ट्रक खलासी गाजीपुर निवासी सूरज यादव (30) शामिल हैं। वहीं मिर्जापुर के चुनार निवासी चंदन सिंह (35), पंकज सिंह (34) और बलिया के बेला निवासी प्रशांत गंभीर रूप से घायल हैं।

घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुंचते ही परिवार के लोग रो-रोकर बेसुध हो गए। गांवों में मातम का माहौल है। लोग यही कहते नजर आए कि जो युवक सुबह मंदिर में माथा टेकने वाले थे, अब उनके घरों में अंतिम यात्रा की तैयारी हो रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में चालक को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।