लल्ला दूबे हत्याकांड में भाई पुलिस हिरासत में,6 दिन पहले हुई थी हत्या
*गांव के 5 लोगों पर दर्ज हुआ था मुकदमा

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र 4 फरवरी को हुए लल्ला दूबे हत्याकांड में अब नया मोड़ आ गया है।मृतक शिव शंकर दूबे उर्फ लल्ला दूबे के भाई अमरनाथ दूबे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।पुलिस को संदेह है कि लल्ला दूबे की हत्या में अमरनाथ दूबे का हाथ है,जिसके संबंध में उससे पूछताछ की जा रही है।शिव शंकर दूबे (32) की हत्या दुल्हिन पुरवा गांव में खेत में सिंचाई के दौरान चाकू से गोदकर किया गया था।इस मामले में पहले गांव के ही 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।हालांकि, जांच में सामने आया है कि उन लोगों ने हत्याकांड को अंजाम नहीं दिया था।पुलिस सूत्रों के अनुसार हिरासत में लिए गए अमरनाथ दूबे पूछताछ के दौरान सही जानकारी नहीं दे रहे हैं।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने हत्याकांड के खुलासे के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया है,जो पिछले छ:दिनों से लगातार जांच कर रही है।करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।उन्होंने यह भी पुष्टि किया कि जिन लोगों पर पहले आरोप लगाया गया था,वे इस हत्याकांड में शामिल नहीं थे।पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है और मृतक के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं उसी के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
10 महीने में 141 नाबालिगों, 219 महिलाओं ने छोड़ा घर
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में बीते 10 महीने में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आकर 141 किशोरियां और 219 युवतियां लापता हो गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अंजना युवकों से फोन और फेसबुक के माध्यम से बातचीत करके घर छोड़ दी थीं। पुलिस टीम ने इसमें 51 को छोड़कर शेष को खोज निकाला है। ज्यादातर लड़कियों की उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच है। सोशल मीडिया के माध्यम और फोन से अंजान युवकों के संपर्क में आने से वह घर का मोह त्याग दे रही हैं। बीते 10 महीने में अलग-अलग थानाक्षेत्र से कुल 141 किशोरियां लापता हो गईं। यही नहीं 219 युवतियां भी घर छोड़कर चली गईं। जिले के हर थाने की दो टीमें रोज लापता लड़कियों को खोजने में जुटी रहती हैं। परिजनों ने लड़कियों को पढ़ने के लिए मोबाइल दिए। इसके गलत इस्तेमाल से वह अंजान लोगों से जुड़ गईं। हाल ही में गोपीगंज के एक गांव से दो चचेरी बहनें एक साथ ही गायब हो गईं। पुलिस ने एक को अमेठी से प्रेमी के साथ पकड़ा। हालांकि, दूसरे की तलाश अब भी हो रही है। बीते एक सप्ताह में सुरियावां, औराई, भदोही, गोपीगंज से ही करीब सात किशोरियां घर छोड़कर चली गई। पुलिस विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो एक अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 141 किशोरियां लापता हुईं। इसमें 128 को बरामद किया गया। जबकि 13 को पुलिस नहीं ढूढ़ सकी। 219 युवतियां भी घर से गायब हो गईं। इसमें 38 की तलाश अभी की जा रही है। साल 2024 में यह संख्या 110 और 180 ही था। ऐसे में साल 2025 में यह डेढ़ गुना अधिक हो गया है।




सोशल मीडिया और मोबाइल के अधिक प्रयोग से दिक्कतें बढ़ रही है। लापता होने वाली किशोरियों और युवतियों को पुलिस टीमें लगाकर खोजा जा रहा है। अधिकांश बरामद की जा चुकी हैं, जो लापता हैं उनकी तलाश में टीमें लगी हैं। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी
इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे।

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।
पूर्व विधायक परिवार का विवाद पहुंचा ग्राम न्यायालय, बहन ने याचिका दायर किया कार्रवाई की मांग
*परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने को लेकर झगड़ा

गोंडा।जिले के करनैलगंज विधानसभा के पूर्व विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ़ लल्ला भैया के परिवार का विवाद अब परिवार तक सीमित नहीं रहा।विवाद अब सोशल मीडिया से हटकर ग्राम न्यायालय तक पहुंच गया है।पूर्व विधायक की बहन कुंवरि शैल सिंह ने करनैलगंज ग्राम न्यायालय में याचिका दायर कर पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है।ग्राम न्यायालय में इस मामले में सुनवाई 17 फरवरी को होगी।याचिका में आरोप लगाया गया है कि कूरी ग्राम पंचायत में कुंवर कमलेश मोहन सिंह और कुंवर अजयेन मोहन सिंह के शिकायत पत्र पर उनके नाम परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने को लेकर खुली बैठक हुई थी।हालांकि,दोनों पक्ष खुली बैठक में नहीं पहुंचे।बैठक के बाद इसे स्थगित कर कटरा शाहबाजपुर ग्राम पंचायत में नियम विरुद्ध बैठक आयोजित की गई।याचिका में दावा किया गया है कि बैठक में स्थानीय नेताओं और एसडीएम की मौजूदगी के बावजूद परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और जनता के सामने कोई फैसला नहीं लिया गया।कुंवर कमलेंद्र मोहन सिंह व अजयेन मोहन सिंह पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कूरी ग्राम सभा की मतदाता सूची में अपने नाम दर्ज कर पूर्व विधायक के बेटे होने का दावा किया,जबकि मकान संख्या पर 35 अन्य बाहरी लोगों के नाम दर्ज हैं।याचिका में इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गयी है।पूर्व विधायक की पहली पत्नी के बेटे कुंवर शारदेन मोहन व कुंवर वेंकटेश मोहन प्रताप सिंह तथा पूर्व विधायक की बहन कुंवरि शैल सिंह चाहते हैँ कि नाम परिवार रजिस्टर में न दर्ज हो तो वहीं, दूसरी पत्नी के दोनों बेटे नाम दर्ज कराने के पक्ष में हैं।बीते 5 फरवरी को कटरा शाहबाजपुर के कंपोजिट विद्यालय में दोनों परिवारों के बीच खुली बैठक हुई थी और इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप प्रत्यारोप भी हुए थे।
बहसूमा में कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद, सघन गश्त से अपराधियों में खौफ

मेरठ। बहसूमा। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम रखने के उद्देश्य से बहसूमा थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा सघन गश्त अभियान चलाया गया। थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह के निर्देशानुसार संचालित इस अभियान में पुलिस बल पूरी मुस्तैदी के साथ सड़कों पर उतरा और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी।

अपराध निरीक्षक योगिंदर सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक कृष्णकांत, उपनिरीक्षक राकेश कुमार, उपनिरीक्षक अभिषेक, उपनिरीक्षक सोनू कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस टीम ने प्रमुख मार्गों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पैदल व वाहन गश्त कर संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की गहन जांच की। जगह-जगह रुककर हालात का जायजा लिया गया और आम नागरिकों से संवाद कर सुरक्षा संबंधी फीडबैक भी लिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नियमित गश्त अभियानों का मुख्य उद्देश्य असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाना, अपराध की रोकथाम करना और नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। अभियान के दौरान लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।

स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि नियमित गश्त से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है और अपराधियों में भय बना है। लोगों का मानना है कि पुलिस की निरंतर मौजूदगी से बहसूमा में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में ठोस मदद मिल रही है।
संकल्प चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित शिवमहापुराण कथा सम्पन्न
मुंबई। उत्तर मुंबई के लोकप्रिय जन सेवक गोपाल शेट्टी जी के मार्गदर्शन में आयोजित 9 दिवसीय शिवमहापुराण कथा का समापन 08 फरवरी 2026 को देवीपाडा ग्राउंड बोरीवली में हुआ। इस भव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और 09 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ महाप्रसाद का लाभ लिया। कथा व्यास पंडित श्याम सुन्दर दास  महाराज के मुखारविंद से शिव महापुराण कथा का श्रवणपान सभी कथा प्रेमियों ने किया। संस्था अध्यक्ष शिवदयाल मिश्रा के नेतृत्व में कथा का सफल आयोजन किया गया।

इस अवसर पर नागेन्द्र मिश्रा, रवि पाठक, सुभाष तिवारी, शर्मिला पाठक, राजेश मिश्रा, डॉ संजय उपाध्याय, धीरूभाई चौहान, नरेन्द्र पांडे, सत्यनारायण तिवारी, रमेश गौड़, हरीश तिवारी, घनश्याम शुक्ला, राजेश मौर्या, अक्षय उपाध्याय, मंगल रावत, अरुण पाठक, हर्षित पाठक, विकास तिवारी, हरीश तिवारी, संजय प्रसाद, घनश्याम शुक्ला, हर्षवर्धन मिश्रा सहित अनेक लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संजय सेत मरम्मत के लिए 8.96 करोड़ के पीपा पुल का प्रस्ताव
*500 मीटर लंबा वैकल्पिक पुल बनने तक नहीं शुरू होगा काम

गोंडा।गोंडा लखनऊ मार्ग को जोड़ने वाले 42 वर्ष पुराने संजय सेतु की मरम्मत का काम अब वैकल्पिक पीपा पुल बनने के बाद ही शुरु होगा।अधिकारियों के अनुसार,500 मीटर लंबा यह पीपा पुल बनाने में लगभग एक महीने का समय लगेगा और इस पर लगभग 8.96 करोड़ रूपए का खर्च आएगा।गोंडा लोक निर्माण विभाग ने इस संबंध में शासन को एक प्रस्ताव भेजा है।शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही पीपा पुल का निर्माण शुरू किया जाएगा।यह निर्णय जनहित को देखते हुए लिया गया है क्योंकि पहले पुल को दो महीने के लिए बंद करने की योजना थी।कल सोमवार को लखनऊ में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक नकुल वर्मा और प्राधिकरण के अवर अभियंताओं की बैठक हुई।लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने पुष्टि किया कि पीपे का पुल बनाकर वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाएगा और मरम्मत के दौरान केवल वही मार्ग बंद रहेगा।बिना पीपे पुल के बने अब संजय सेतु को मरम्मत के लिए बंद नहीं किया जाएगा क्योंकि इसे न बंद करने को लेकर अब जनप्रतिनिधि भी मांग कर रहे हैं।बताते चलें कि घाघरा नदी पर बना संजय सेतु गोंडा सहित आठ जिलों को जोड़ता है और देवीपाटन मंडल की जीवनरेखा माना जाता है।रोजाना हजारों यात्री, व्यापारी और एंबुलेंस इसी पुल से गुजरते हैं तथा नेपाल सीमा तक जाने वाला तह सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है,जिसके बंद होने से पूरे मंडल आवागमन ठप हो सकता है।संजय सेतु बंद होने से होने वाली संभावित दिक्कतों को देखते हुए जिले के पांच विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पीपा पुल निर्माण की मांग किया था।
Sambhal शाही जामा मस्जिद विवाद: काशिफ खान ने लगाए ज़फर अली पर गंभीर आरोप, कहा “जांच से नहीं डरते, सबके खाते खुलेंगे”
सम्भल की शाही जामा मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। ज़फर अली एडवोकेट द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच काशिफ खान खुलकर सामने आए और उन्होंने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। काशिफ खान ने साफ कहा कि वे किसी भी जांच से डरने वाले नहीं हैं और अगर वक्फ बोर्ड या किसी सरकारी एजेंसी की जांच होती है तो वे हर तरह से सहयोग करने को तैयार हैं।

काशिफ खान ने बताया कि शाही जामा मस्जिद की इंतज़ामिया कमेटी कभी भी रजिस्टर्ड नहीं रही है। उन्होंने कहा कि वे 2022 से ही अपने स्वर्गीय चाचा लड्डन खां को कमेटी को पंजीकृत कराने की सलाह देते रहे, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया। 24 नवंबर 2024 के दंगों के बाद खुद कमेटी के लोगों ने उन्हें बुलाकर वक्फ बोर्ड में पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा, जिसके बाद दस्तावेजों के आधार पर ऑनलाइन आवेदन किया गया और उसमें उन्हें सचिव के रूप में नामित किया गया। मस्जिद के दस्तावेजों के दुरुपयोग के आरोपों को काशिफ खान ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सभी कागजात, आईडी और शपथ पत्र उन्हें कमेटी द्वारा ही सचिव की हैसियत से सौंपे गए थे। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद से जुड़े सबसे अधिक दस्तावेज वही लेकर आए और वक्फ बोर्ड व भारतीय पुरातत्व विभाग से लगातार पत्राचार भी वही करते रहे हैं। 30 मार्च 2024 को बनाए गए “शाही जामा मस्जिद ट्रस्ट” पर सफाई देते हुए काशिफ खान ने कहा कि यह ट्रस्ट उनकी व्यक्तिगत पहल थी, ताकि भविष्य में किसी कानूनी अड़चन की स्थिति में मस्जिद और उससे जुड़ी संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का कमेटी से कोई लेना-देना नहीं है और उसमें किसी भी कमेटी सदस्य के हस्ताक्षर या दस्तावेजों का इस्तेमाल नहीं किया गया। चंदा वसूली के आरोपों पर पलटवार करते हुए काशिफ खान ने कहा कि ट्रस्ट का केनरा बैंक में खाता है, जिसका पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जा सकता है। उनका दावा है कि खाता शुरू से ही माइनस बैलेंस में है। वहीं, उन्होंने ज़फर अली एडवोकेट पर आरोप लगाया कि मस्जिद की वक्फ संपत्तियों से जुड़ी 52 दुकानों के किराए को लेकर भारी अनियमितताएं हैं और कई दुकानदार महीनों से किराया नहीं दे रहे, जिनमें ज़फर अली के करीबी लोग शामिल हैं। कानूनी भूमिका पर काशिफ खान ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जामा मस्जिद से जुड़े मामलों में मुख्य पक्षकार हैं और उनके पास हर दावे से जुड़े सबूत, ईमेल, व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड मौजूद हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि “जो लोग खुद जवाब नहीं दे पा रहे, वही हमें फर्जी और बाहरी बता रहे हैं।” अंत में काशिफ खान ने कहा कि समय आने पर सच्चाई सबके सामने होगी और जांच में यह साफ हो जाएगा कि मस्जिद के नाम पर कौन काम कर रहा है और कौन निजी फायदे उठा रहा है।
लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रच रही सत्ताधारी भाजपा:* कान्हजी
संजीव सिंह बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष /प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय 'कान्हजी' ने मतदाता सूची से नाम काटने की प्रक्रिया (फॉर्म-7) के दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विपक्षी विचारधारा वाले और आम मतदाताओं के नाम कटवाने का कुचक्र रचा जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद घातक है। सपा प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा के लोग सत्ता की हनक पर बड़े पैमाने पर 'फॉर्म-7' भरकर सही मतदाताओं के नाम कटवाने की साजिश कर रहे हैं। कान्हजी ने मांग किया कि चुनाव आयोग द्वारा (एस.आई.आर.) प्रक्रिया में नाम हटाने से पूर्व उपयोग होने वाले सभी 'फॉर्म-7' को संबंधित बूथों के सभी बी.एल.ए. (Booth Level Agents) को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। सुशील कुमार पाण्डेय ने कहा कि "मतदान का अधिकार आम जनता का सबसे बड़ा हथियार और संवैधानिक अधिकार है। भाजपा इस अधिकार को छीनकर लोकतंत्र को कमजोर करने का निंदनीय प्रयास कर रही है।" चेतावनी और अपील सपा प्रवक्ता ने जिला प्रशासन और चुनाव आयोग को आगाह किया कि यदि बिना उचित सत्यापन और बी.एल.ए. की जानकारी के नाम काटे गए, तो समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे सजग रहें और मतदाता सूची में हो रही किसी भी गड़बड़ी का डटकर मुकाबला करें। भवदीय सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी उपाध्यक्ष/प्रवक्ता, समाजवादी पार्टी बलिया
लगन को देखते हुए आम लोगों के लिए केनरा बैंक की अनूठी पहल खुदरे पैसों की नहीं होगी किल्लत।।।
लगन सीजन में खुदरा पैसों की कमी को देखते हुए रिजर्व बैंक के निर्देश पर केनरा बैंक ने अनूठी पहल की है केनरा बैंक के द्वारा खुदरा नोटों के वितरण के लिए कैंप लगाए गए हैं यही नहीं कैंप में आप कटे-फटे नोटों को भी बदल सकते हैं यह सुविधा केनरा बैंक के ग्राहकों के साथ-साथ अन्य ग्राहकों के लिए भी दी गई है बाजार में छोटे व्यवसाइयो के पास छोटे नोटों की कमी होती है जिसको देखते हुए रिजर्व बैंक ने इस तरह के निर्देश दिए हैं जिसके लिए केनरा बैंक राज्य भर मे कई जगह इस तरह की पहल कर रहा है। केनरा बैंक के सगुना मोर शाखा पर आम जनता के लिए कैंप लगाया गया वहीं इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रमुख विकास भारती और बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे शाखा प्रभारी ज्ञान प्रकाश अधिकारी रवीश मुकुंद करेंसी चेस्ट प्रबंधक उमेश चौधरी प्रबंधक ओपी सिंह तथा क्षेत्रीय प्रमुख विकास भारती भी उपस्थित रहे।
लल्ला दूबे हत्याकांड में भाई पुलिस हिरासत में,6 दिन पहले हुई थी हत्या
*गांव के 5 लोगों पर दर्ज हुआ था मुकदमा

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र 4 फरवरी को हुए लल्ला दूबे हत्याकांड में अब नया मोड़ आ गया है।मृतक शिव शंकर दूबे उर्फ लल्ला दूबे के भाई अमरनाथ दूबे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।पुलिस को संदेह है कि लल्ला दूबे की हत्या में अमरनाथ दूबे का हाथ है,जिसके संबंध में उससे पूछताछ की जा रही है।शिव शंकर दूबे (32) की हत्या दुल्हिन पुरवा गांव में खेत में सिंचाई के दौरान चाकू से गोदकर किया गया था।इस मामले में पहले गांव के ही 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।हालांकि, जांच में सामने आया है कि उन लोगों ने हत्याकांड को अंजाम नहीं दिया था।पुलिस सूत्रों के अनुसार हिरासत में लिए गए अमरनाथ दूबे पूछताछ के दौरान सही जानकारी नहीं दे रहे हैं।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने हत्याकांड के खुलासे के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया है,जो पिछले छ:दिनों से लगातार जांच कर रही है।करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।उन्होंने यह भी पुष्टि किया कि जिन लोगों पर पहले आरोप लगाया गया था,वे इस हत्याकांड में शामिल नहीं थे।पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है और मृतक के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं उसी के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
10 महीने में 141 नाबालिगों, 219 महिलाओं ने छोड़ा घर
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में बीते 10 महीने में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आकर 141 किशोरियां और 219 युवतियां लापता हो गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अंजना युवकों से फोन और फेसबुक के माध्यम से बातचीत करके घर छोड़ दी थीं। पुलिस टीम ने इसमें 51 को छोड़कर शेष को खोज निकाला है। ज्यादातर लड़कियों की उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच है। सोशल मीडिया के माध्यम और फोन से अंजान युवकों के संपर्क में आने से वह घर का मोह त्याग दे रही हैं। बीते 10 महीने में अलग-अलग थानाक्षेत्र से कुल 141 किशोरियां लापता हो गईं। यही नहीं 219 युवतियां भी घर छोड़कर चली गईं। जिले के हर थाने की दो टीमें रोज लापता लड़कियों को खोजने में जुटी रहती हैं। परिजनों ने लड़कियों को पढ़ने के लिए मोबाइल दिए। इसके गलत इस्तेमाल से वह अंजान लोगों से जुड़ गईं। हाल ही में गोपीगंज के एक गांव से दो चचेरी बहनें एक साथ ही गायब हो गईं। पुलिस ने एक को अमेठी से प्रेमी के साथ पकड़ा। हालांकि, दूसरे की तलाश अब भी हो रही है। बीते एक सप्ताह में सुरियावां, औराई, भदोही, गोपीगंज से ही करीब सात किशोरियां घर छोड़कर चली गई। पुलिस विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो एक अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 141 किशोरियां लापता हुईं। इसमें 128 को बरामद किया गया। जबकि 13 को पुलिस नहीं ढूढ़ सकी। 219 युवतियां भी घर से गायब हो गईं। इसमें 38 की तलाश अभी की जा रही है। साल 2024 में यह संख्या 110 और 180 ही था। ऐसे में साल 2025 में यह डेढ़ गुना अधिक हो गया है।




सोशल मीडिया और मोबाइल के अधिक प्रयोग से दिक्कतें बढ़ रही है। लापता होने वाली किशोरियों और युवतियों को पुलिस टीमें लगाकर खोजा जा रहा है। अधिकांश बरामद की जा चुकी हैं, जो लापता हैं उनकी तलाश में टीमें लगी हैं। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी
इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे।

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।
पूर्व विधायक परिवार का विवाद पहुंचा ग्राम न्यायालय, बहन ने याचिका दायर किया कार्रवाई की मांग
*परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने को लेकर झगड़ा

गोंडा।जिले के करनैलगंज विधानसभा के पूर्व विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ़ लल्ला भैया के परिवार का विवाद अब परिवार तक सीमित नहीं रहा।विवाद अब सोशल मीडिया से हटकर ग्राम न्यायालय तक पहुंच गया है।पूर्व विधायक की बहन कुंवरि शैल सिंह ने करनैलगंज ग्राम न्यायालय में याचिका दायर कर पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है।ग्राम न्यायालय में इस मामले में सुनवाई 17 फरवरी को होगी।याचिका में आरोप लगाया गया है कि कूरी ग्राम पंचायत में कुंवर कमलेश मोहन सिंह और कुंवर अजयेन मोहन सिंह के शिकायत पत्र पर उनके नाम परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने को लेकर खुली बैठक हुई थी।हालांकि,दोनों पक्ष खुली बैठक में नहीं पहुंचे।बैठक के बाद इसे स्थगित कर कटरा शाहबाजपुर ग्राम पंचायत में नियम विरुद्ध बैठक आयोजित की गई।याचिका में दावा किया गया है कि बैठक में स्थानीय नेताओं और एसडीएम की मौजूदगी के बावजूद परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और जनता के सामने कोई फैसला नहीं लिया गया।कुंवर कमलेंद्र मोहन सिंह व अजयेन मोहन सिंह पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कूरी ग्राम सभा की मतदाता सूची में अपने नाम दर्ज कर पूर्व विधायक के बेटे होने का दावा किया,जबकि मकान संख्या पर 35 अन्य बाहरी लोगों के नाम दर्ज हैं।याचिका में इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गयी है।पूर्व विधायक की पहली पत्नी के बेटे कुंवर शारदेन मोहन व कुंवर वेंकटेश मोहन प्रताप सिंह तथा पूर्व विधायक की बहन कुंवरि शैल सिंह चाहते हैँ कि नाम परिवार रजिस्टर में न दर्ज हो तो वहीं, दूसरी पत्नी के दोनों बेटे नाम दर्ज कराने के पक्ष में हैं।बीते 5 फरवरी को कटरा शाहबाजपुर के कंपोजिट विद्यालय में दोनों परिवारों के बीच खुली बैठक हुई थी और इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप प्रत्यारोप भी हुए थे।
बहसूमा में कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद, सघन गश्त से अपराधियों में खौफ

मेरठ। बहसूमा। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम रखने के उद्देश्य से बहसूमा थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा सघन गश्त अभियान चलाया गया। थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह के निर्देशानुसार संचालित इस अभियान में पुलिस बल पूरी मुस्तैदी के साथ सड़कों पर उतरा और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी।

अपराध निरीक्षक योगिंदर सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक कृष्णकांत, उपनिरीक्षक राकेश कुमार, उपनिरीक्षक अभिषेक, उपनिरीक्षक सोनू कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस टीम ने प्रमुख मार्गों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पैदल व वाहन गश्त कर संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की गहन जांच की। जगह-जगह रुककर हालात का जायजा लिया गया और आम नागरिकों से संवाद कर सुरक्षा संबंधी फीडबैक भी लिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नियमित गश्त अभियानों का मुख्य उद्देश्य असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाना, अपराध की रोकथाम करना और नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। अभियान के दौरान लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।

स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि नियमित गश्त से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है और अपराधियों में भय बना है। लोगों का मानना है कि पुलिस की निरंतर मौजूदगी से बहसूमा में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में ठोस मदद मिल रही है।
संकल्प चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित शिवमहापुराण कथा सम्पन्न
मुंबई। उत्तर मुंबई के लोकप्रिय जन सेवक गोपाल शेट्टी जी के मार्गदर्शन में आयोजित 9 दिवसीय शिवमहापुराण कथा का समापन 08 फरवरी 2026 को देवीपाडा ग्राउंड बोरीवली में हुआ। इस भव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और 09 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ महाप्रसाद का लाभ लिया। कथा व्यास पंडित श्याम सुन्दर दास  महाराज के मुखारविंद से शिव महापुराण कथा का श्रवणपान सभी कथा प्रेमियों ने किया। संस्था अध्यक्ष शिवदयाल मिश्रा के नेतृत्व में कथा का सफल आयोजन किया गया।

इस अवसर पर नागेन्द्र मिश्रा, रवि पाठक, सुभाष तिवारी, शर्मिला पाठक, राजेश मिश्रा, डॉ संजय उपाध्याय, धीरूभाई चौहान, नरेन्द्र पांडे, सत्यनारायण तिवारी, रमेश गौड़, हरीश तिवारी, घनश्याम शुक्ला, राजेश मौर्या, अक्षय उपाध्याय, मंगल रावत, अरुण पाठक, हर्षित पाठक, विकास तिवारी, हरीश तिवारी, संजय प्रसाद, घनश्याम शुक्ला, हर्षवर्धन मिश्रा सहित अनेक लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संजय सेत मरम्मत के लिए 8.96 करोड़ के पीपा पुल का प्रस्ताव
*500 मीटर लंबा वैकल्पिक पुल बनने तक नहीं शुरू होगा काम

गोंडा।गोंडा लखनऊ मार्ग को जोड़ने वाले 42 वर्ष पुराने संजय सेतु की मरम्मत का काम अब वैकल्पिक पीपा पुल बनने के बाद ही शुरु होगा।अधिकारियों के अनुसार,500 मीटर लंबा यह पीपा पुल बनाने में लगभग एक महीने का समय लगेगा और इस पर लगभग 8.96 करोड़ रूपए का खर्च आएगा।गोंडा लोक निर्माण विभाग ने इस संबंध में शासन को एक प्रस्ताव भेजा है।शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही पीपा पुल का निर्माण शुरू किया जाएगा।यह निर्णय जनहित को देखते हुए लिया गया है क्योंकि पहले पुल को दो महीने के लिए बंद करने की योजना थी।कल सोमवार को लखनऊ में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक नकुल वर्मा और प्राधिकरण के अवर अभियंताओं की बैठक हुई।लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने पुष्टि किया कि पीपे का पुल बनाकर वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाएगा और मरम्मत के दौरान केवल वही मार्ग बंद रहेगा।बिना पीपे पुल के बने अब संजय सेतु को मरम्मत के लिए बंद नहीं किया जाएगा क्योंकि इसे न बंद करने को लेकर अब जनप्रतिनिधि भी मांग कर रहे हैं।बताते चलें कि घाघरा नदी पर बना संजय सेतु गोंडा सहित आठ जिलों को जोड़ता है और देवीपाटन मंडल की जीवनरेखा माना जाता है।रोजाना हजारों यात्री, व्यापारी और एंबुलेंस इसी पुल से गुजरते हैं तथा नेपाल सीमा तक जाने वाला तह सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है,जिसके बंद होने से पूरे मंडल आवागमन ठप हो सकता है।संजय सेतु बंद होने से होने वाली संभावित दिक्कतों को देखते हुए जिले के पांच विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पीपा पुल निर्माण की मांग किया था।
Sambhal शाही जामा मस्जिद विवाद: काशिफ खान ने लगाए ज़फर अली पर गंभीर आरोप, कहा “जांच से नहीं डरते, सबके खाते खुलेंगे”
सम्भल की शाही जामा मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। ज़फर अली एडवोकेट द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच काशिफ खान खुलकर सामने आए और उन्होंने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। काशिफ खान ने साफ कहा कि वे किसी भी जांच से डरने वाले नहीं हैं और अगर वक्फ बोर्ड या किसी सरकारी एजेंसी की जांच होती है तो वे हर तरह से सहयोग करने को तैयार हैं।

काशिफ खान ने बताया कि शाही जामा मस्जिद की इंतज़ामिया कमेटी कभी भी रजिस्टर्ड नहीं रही है। उन्होंने कहा कि वे 2022 से ही अपने स्वर्गीय चाचा लड्डन खां को कमेटी को पंजीकृत कराने की सलाह देते रहे, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया। 24 नवंबर 2024 के दंगों के बाद खुद कमेटी के लोगों ने उन्हें बुलाकर वक्फ बोर्ड में पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा, जिसके बाद दस्तावेजों के आधार पर ऑनलाइन आवेदन किया गया और उसमें उन्हें सचिव के रूप में नामित किया गया। मस्जिद के दस्तावेजों के दुरुपयोग के आरोपों को काशिफ खान ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सभी कागजात, आईडी और शपथ पत्र उन्हें कमेटी द्वारा ही सचिव की हैसियत से सौंपे गए थे। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद से जुड़े सबसे अधिक दस्तावेज वही लेकर आए और वक्फ बोर्ड व भारतीय पुरातत्व विभाग से लगातार पत्राचार भी वही करते रहे हैं। 30 मार्च 2024 को बनाए गए “शाही जामा मस्जिद ट्रस्ट” पर सफाई देते हुए काशिफ खान ने कहा कि यह ट्रस्ट उनकी व्यक्तिगत पहल थी, ताकि भविष्य में किसी कानूनी अड़चन की स्थिति में मस्जिद और उससे जुड़ी संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का कमेटी से कोई लेना-देना नहीं है और उसमें किसी भी कमेटी सदस्य के हस्ताक्षर या दस्तावेजों का इस्तेमाल नहीं किया गया। चंदा वसूली के आरोपों पर पलटवार करते हुए काशिफ खान ने कहा कि ट्रस्ट का केनरा बैंक में खाता है, जिसका पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जा सकता है। उनका दावा है कि खाता शुरू से ही माइनस बैलेंस में है। वहीं, उन्होंने ज़फर अली एडवोकेट पर आरोप लगाया कि मस्जिद की वक्फ संपत्तियों से जुड़ी 52 दुकानों के किराए को लेकर भारी अनियमितताएं हैं और कई दुकानदार महीनों से किराया नहीं दे रहे, जिनमें ज़फर अली के करीबी लोग शामिल हैं। कानूनी भूमिका पर काशिफ खान ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जामा मस्जिद से जुड़े मामलों में मुख्य पक्षकार हैं और उनके पास हर दावे से जुड़े सबूत, ईमेल, व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड मौजूद हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि “जो लोग खुद जवाब नहीं दे पा रहे, वही हमें फर्जी और बाहरी बता रहे हैं।” अंत में काशिफ खान ने कहा कि समय आने पर सच्चाई सबके सामने होगी और जांच में यह साफ हो जाएगा कि मस्जिद के नाम पर कौन काम कर रहा है और कौन निजी फायदे उठा रहा है।
लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रच रही सत्ताधारी भाजपा:* कान्हजी
संजीव सिंह बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष /प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय 'कान्हजी' ने मतदाता सूची से नाम काटने की प्रक्रिया (फॉर्म-7) के दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विपक्षी विचारधारा वाले और आम मतदाताओं के नाम कटवाने का कुचक्र रचा जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद घातक है। सपा प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा के लोग सत्ता की हनक पर बड़े पैमाने पर 'फॉर्म-7' भरकर सही मतदाताओं के नाम कटवाने की साजिश कर रहे हैं। कान्हजी ने मांग किया कि चुनाव आयोग द्वारा (एस.आई.आर.) प्रक्रिया में नाम हटाने से पूर्व उपयोग होने वाले सभी 'फॉर्म-7' को संबंधित बूथों के सभी बी.एल.ए. (Booth Level Agents) को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। सुशील कुमार पाण्डेय ने कहा कि "मतदान का अधिकार आम जनता का सबसे बड़ा हथियार और संवैधानिक अधिकार है। भाजपा इस अधिकार को छीनकर लोकतंत्र को कमजोर करने का निंदनीय प्रयास कर रही है।" चेतावनी और अपील सपा प्रवक्ता ने जिला प्रशासन और चुनाव आयोग को आगाह किया कि यदि बिना उचित सत्यापन और बी.एल.ए. की जानकारी के नाम काटे गए, तो समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे सजग रहें और मतदाता सूची में हो रही किसी भी गड़बड़ी का डटकर मुकाबला करें। भवदीय सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी उपाध्यक्ष/प्रवक्ता, समाजवादी पार्टी बलिया
लगन को देखते हुए आम लोगों के लिए केनरा बैंक की अनूठी पहल खुदरे पैसों की नहीं होगी किल्लत।।।
लगन सीजन में खुदरा पैसों की कमी को देखते हुए रिजर्व बैंक के निर्देश पर केनरा बैंक ने अनूठी पहल की है केनरा बैंक के द्वारा खुदरा नोटों के वितरण के लिए कैंप लगाए गए हैं यही नहीं कैंप में आप कटे-फटे नोटों को भी बदल सकते हैं यह सुविधा केनरा बैंक के ग्राहकों के साथ-साथ अन्य ग्राहकों के लिए भी दी गई है बाजार में छोटे व्यवसाइयो के पास छोटे नोटों की कमी होती है जिसको देखते हुए रिजर्व बैंक ने इस तरह के निर्देश दिए हैं जिसके लिए केनरा बैंक राज्य भर मे कई जगह इस तरह की पहल कर रहा है। केनरा बैंक के सगुना मोर शाखा पर आम जनता के लिए कैंप लगाया गया वहीं इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रमुख विकास भारती और बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे शाखा प्रभारी ज्ञान प्रकाश अधिकारी रवीश मुकुंद करेंसी चेस्ट प्रबंधक उमेश चौधरी प्रबंधक ओपी सिंह तथा क्षेत्रीय प्रमुख विकास भारती भी उपस्थित रहे।