अहरौला में 22 फरवरी को होगी समरसता रैली, तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे डॉ. अरविंद राजभर
अहरौला। महाराजा सुहेलदेव की जयंती के अवसर पर 22 फरवरी को आयोजित होने वाली समरसता रैली को लेकर अहरौला की सियासत गरमा गई है। एक ओर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के नेतृत्व में अहरौला स्थित जनता इंटर कॉलेज मैदान में भव्य सामाजिक समरसता महारैली का आयोजन प्रस्तावित है, तो वहीं दूसरी ओर इसी दिन अन्य कार्यक्रमों की भी घोषणा से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में सुभासपा के मुख्य राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अरविंद राजभर आज बुधवार को तैयारियों का निरीक्षण करने अहरौला के जनता इंटर कॉलेज मैदान पहुंचे। उन्होंने मंच व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम, हेलीपैड, भीड़ प्रबंधन तथा लगभग एक लाख लोगों की संभावित उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए की जा रही व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी पदाधिकारियों से ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। डॉ. अरविंद राजभर ने बताया कि यह समरसता रैली सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के बल पर निरंतर कार्यक्रम आयोजित करती रही है। आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं और व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसी कड़ी में आज उनका 2 अन्य स्थानों पर भी कार्यक्रम था पहले कार्यक्रम माहुल में जन चौपाल और दूसरा कार्यक्रम समाजसेवी मिथिलेश सिंह उर्फ पिंटू के आवास पर समरसता रैली को और अधिक सफल बनाने की चर्चा को करने के लिए पहुंचे । इस दौरान शक्ति सिंह , बलवंत सिंह , सुरेंद्र चौबे , आलोक सिंह सतेंद्र सिंह , संतोष सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
*काउंसिल ने की पुलिस अधीक्षक से मुलाकात, मिला आश्वासन समस्याओं से मिलेगी निजात*
सुल्तानपुर,कॉउन्सिल ऑफ़ उद्योग व्यापार मंच के जनपद पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरदार बलदेव सिंह के नेतृत्व में नवागत पुलिस अधीक्षक चारू निगम का पुष्पगुच्छ देते हुये स्वागत किया,महिला मोर्चा की प्रभारी दलबीर यादव के नेतृत्व में महिला सदस्यों ने अंगवस्त्र पहना कर तो जिलाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता व महामंत्री राजेश माहेश्वरी ने अभिनन्दन पत्र सौंप कर किया अभिनन्दन। संक्षिप्त मुलाक़ात में व्यापारियों द्वारा सुरक्षा व जाम की समस्या से अवगत कराने पर पुलिस अधीक्षक ने शीघ्र ही चरणबद्ध तरीके व व्यापारियों के सहयोग से सभी समस्याओं से निजात का आश्वासन दिया। मुलाक़ात करने वालों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरदार बलदेव सिंह,जिलाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता, महामंत्री राजेश माहेश्वरी,महिला मोर्चा प्रभारी दलबीर कौर यादव,जिला कोषाध्यक्ष बबिता जैन,आरुषि जैन,अरविन्द द्विवेदी, संतोष जायसवाल,दिनेश यादव,मनोज जैन,माणिक लाल आदि उपस्थित रहे।
9.12 लाख करोड़ का बजट पेश, लड़कियों की शादी के लिए 1 लाख और कौशल मिशन पर जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपना दसवां बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया। यह सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है, जिसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण माना जा रहा है।इस बार का बजट पिछले वर्ष की तुलना में करीब 12 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने इस बजट में निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विकास और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दी है।

अलग से महिला प्रशिक्षण केंद्र भी खोले जाएंगे

वित्त मंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में 10 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर कौशल विकास कार्यक्रम मिशन मोड में संचालित किए जाएंगे। पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर विभिन्न जनपदों में कौशल संवर्द्धन और जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे। महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने के लिए अलग से महिला प्रशिक्षण केंद्र भी खोले जाएंगे।सरकार ने स्पष्ट किया कि पढ़ाई के साथ-साथ युवाओं को व्यावसायिक दक्षता से जोड़ना जरूरी है।

कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी

कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और नए केंद्र खोले जाएंगे। निजी क्षेत्र की सहभागिता सुनिश्चित कर रोजगारपरक प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी बड़ा ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए सरकार एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी।औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को आसान बनाने के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत जनविश्वास सिद्धांत लागू किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा, ताकि उद्योगों को प्रोत्साहन मिल सके।

किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी

डिजिटल इन्टरप्रन्योरशिप योजना के माध्यम से युवाओं को तकनीक आधारित उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं, विश्व बैंक की सहायता से संचालित यूपी एग्रीज परियोजना के अंतर्गत प्रदेश में एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे, जिससे किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी।सरकार का कहना है कि पूंजी निवेश और बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ-साथ युवाओं को कौशलयुक्त बनाकर रोजगार देना ही इस बजट की प्रमुख दिशा है।
योगी सरकार ने नौ लाख 12 हजार 696 करोड़ से अधिक का बजट पेश किया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में 09 लाख 12 हजार करोड़ 696 करोड़ 35 लाख रुपये का बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। इस बजट में पूंजीगत परिचय 19.5 प्रतिशत है। शिक्षा तथा चिकित्सा के लिए आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 प्रतिशत एवं 6 प्रतिशत है। कृषि और सम्बद्ध सेवाओं के लिए आवंटन कुल बजट का नौ फीसदी है। बजट में 43 हजार 565 करोड़ 33 लाख रुपये की नई योजनाएं सम्मिलित की गईं हैं।

वित्त मंत्री ने सरकार की बड़ाई में पढ़ी शायरी

सितारा बनकर आसमां में वही चमकते हैं.... वित्त मंत्री ने सरकार की बड़ाई में शायरी पढ़ी। इस पर सदस्यों ने ताली बजातर स्वागत किया।वित्त मंत्री ने कहा कि योगी सरकार में हर वर्ग का विकास हुआ।  हमारी सरकार द्वारा हरित और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के विकास पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक कुल 2815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं।वर्ष 2016-2017 की 5,878 मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता के सापेक्ष वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-2026 (माह दिसम्बर, 2025 तक) में 55.16 प्रतिशत बढ़ोतरी करते हुए 9120 मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता प्राप्त की गई।फसल सघनता जो 2016-2017 में 162.7 प्रतिशत थी, वर्ष 2024-2025 में 193.7 प्रतिशत हो चुकी है।वर्ष 2016-2017 में सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर के मुकाबले प्रदेश में वर्ष 2024-2025 में 60 लाख हेक्टेयर अधिक अर्थात 2.76 लाख हेक्टेयर हो चुका है।देश, कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है।

गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का योगदान सर्वाधिक है।सरकार की अवस्थापना-प्रधान विकास के प्रति प्रतिबद्धता का यह प्रमाण है कि राज्य ने नीति आयोग द्वारा माह जनवरी, 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स,2024 में देश में लैंड-लॉक्ड प्रदेशों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है। प्रदेश में हम लगभग 06 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफल हुए हैं। बेरोजगारी की दर 2.24 प्रतिशत रह गई है।वर्ष 2024-2025 (त्वरित अनुमान) में प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये आंकलित हुई है, जो गत वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित करता है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रूपये आकलित हुई है, जो वर्ष 2016-2017 में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये के दोगुने से अधिक है।

हमारी सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ है, चाहे कानून व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो, अवस्थापना सुमिशन शक्ति के तहत वाहनों की खरीद के लिए 25 करोड़, चिकित्सा शिक्षा के लिए 14297 करोड़ प्रस्तावित हैं। 14 नए मेडिकल कालेजों के निर्माण के लिए 1023 करोड़ प्रस्तावित हैं। विधाओं का विस्तार हो, औद्योगिक निवेश हो, रोजगार सृजन हो, महिलाओं का सशक्तीकरण हो, युवाओं का कौशल संवर्धन हो, किसानों की खुशहाली हो, गरीबी उन्मूलन हो।कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ हुई है। पुलिस अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है। महिला अपराधों पर काफी कमी आई है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जानकारी दी कि कृषि उत्पादन में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। युवाओं को रोजगार के लिए प्रशिक्षण पर हमारा लक्ष्य है। यूपी में एग्री एक्सपोर्ट हब बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग लाखों किसानों को फायदा पहुंचा गया। हमारी सरकार ने रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया है।
पतरातू: इमली ग्राउंड में प्रथम PVUNL क्रिकेट टूर्नामेंट का आगाज, विधायक रोशन लाल चौधरी और CEO ने किया उद्घाटन

पतरातू/हेसला: हेसला स्थित इमली ग्राउंड में प्रथम पीवीयूएनएल (PVUNL) क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि बरकागांव विधायक श्री रोशन लाल चौधरी और पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री ए. के. सहगल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और बल्ला थामकर किया।

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16 टीमों के बीच कड़ा मुकाबला: इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें स्थानीय 13 पंचायतों की टीमें और 3 बाहरी टीमें शामिल हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान आयोजन समिति द्वारा सभी प्रतिभागी टीमों को खेल किट बैग वितरित किए गए, जिसमें जर्सी और क्रिकेट से संबंधित आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई थी।

युवाओं के विकास पर जोर: समारोह को संबोधित करते हुए विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में न केवल खेल भावना बढ़ती है, बल्कि उनमें अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होता है। वहीं, सीईओ श्री ए. के. सहगल ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि पीवीयूएनएल क्षेत्र के समग्र विकास और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए भविष्य में भी हर संभव सहयोग जारी रखेगा।

इस अवसर पर क्षेत्र की 13 पंचायतों के मुखिया, पीवीयूएनएल के हेड ऑफ एचआर श्री ज़ियाउर रहमान, कई गणमान्य अतिथि और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

संपत्ति विवरण न देने पर रायबरेली में 42 डॉक्टरों का वेतन रोका, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
रायबरेली। रायबरेली जनपद में संपत्ति विवरण प्रस्तुत न करने पर स्वास्थ्य विभाग के 42 डॉक्टरों का जनवरी माह का वेतन स्थगित कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, शासन के निर्देश पर सभी चिकित्सकों को 31 जनवरी तक अपनी चल-अचल संपत्तियों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपडेट करना था। निर्धारित समय सीमा के भीतर विवरण उपलब्ध न कराने पर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

वेतन रोके जाने वालों में डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक कुमार, डॉ. कफील अहमद, डॉ. सपना, डॉ. शिखा श्रीवास्तव समेत कुल 42 चिकित्सक शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जब तक संबंधित अधिकारी व चिकित्सक पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्यौरा अपडेट नहीं करेंगे, तब तक उनका वेतन जारी नहीं किया जाएगा।

सीएमओ के इस सख्त कदम के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है और संबंधित चिकित्सक जल्द से जल्द आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में जुट गए हैं।
मनपा सीबीएसई स्कूल के विद्यार्थियों ने मंच पर साकार किया महाराष्ट्र की लोकसंस्कृति
मुंबई। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन स्कूल, मुंबई पब्लिक स्कूल, M. G. क्रॉस रोड नंबर 1, CBSE, कांदिवली के वार्षिक समारोह का शानदार आयोजन 9 फरवरी, 2026 को प्रबोधनकर ठाकरे थिएटर में बड़े जोश के साथ हुआ। प्रोग्राम का कॉन्सेप्ट “महाराष्ट्र की लोककथा” है और स्टूडेंट्स ने महाराष्ट्र की समृद्ध लोक संस्कृति को असरदार तरीके से पेश किया।
यह प्रोग्राम स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के लिए गर्व की बात थी क्योंकि म्युनिसिपल CBSE स्कूल के स्टूडेंट्स को पहली बार इतने बड़े और शानदार स्टेज पर अपनी कला दिखाने का मौका मिला। यह थिएटर शिक्षण विभाग की उपायुक्त डॉ. प्राची जांभेकर की इजाज़त से फ्री में उपलब्ध कराया गया था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षणाधिकारी सुजाता खरे ने की। अपने प्रेसिडेंशियल भाषण में, उन्होंने म्युनिसिपैलिटी के स्कूलों में होने वाली अलग-अलग एजुकेशनल एक्टिविटीज़ के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर ममता राव डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर स्कूल SRSC/CBSC सेल, दीपिका पाटिल डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर (वेस्ट सबअर्बन) और अशफाक अहमद शाह एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (R/साउथ डिवीज़न) मौजूद थे। स्टूडेंट्स ने फोक डांस, लेज़िम, ड्रामा एक्सपेरिमेंट और अलग-अलग कल्चरल परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रोग्राम को वहां मौजूद पेरेंट्स से तुरंत रिस्पॉन्स मिला। प्रधानाध्यापक संदीपन घुले के मार्गदर्शन और टीचर्स और स्टाफ की कड़ी मेहनत से प्रोग्राम सफल रहा। इस मौके पर, आइडियल टीचर अवॉर्ड सुशील कोडलिंगे को दिया गया, जबकि एक्सीलेंट स्टूडेंट अवॉर्ड छठी कक्षा के छात्र देवांश नितिन बेलोसे को दिया गया। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ शिक्षक मयूर तंगड़ी ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जन गण मन से पहले बजेगा वंदे मातरम्, 3 मिनट 10 सेकेंड के राष्ट्रगीत के दौरान खड़े होना जरूरी

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों वाला 3 मिनट 10 सेकंड का पूरा संस्करण कई आधिकारिक अवसरों पर बजाया या गाया जाना अब अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि यदि राष्ट्रगान और जन गण मन को एक साथ गाया जाता है या बजाया जाता है तो वंदे मातरम पहले बजाया जाएगा। साथ ही इस दौरान श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।

राष्ट्रगान से पहले बजेगा राष्ट्रगीत

गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, अब तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में समेत सरकारी कार्यक्रमों, सरकारी स्कूलों के आयोजनों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को एक साथ गाया या बजाया जाता है, तो वंदे मातरम पहले बजेगा, और इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। ताकि सम्मान और राष्ट्रीय भावना का स्पष्ट संदेश मिले।

वंदे मातरम का पूरा छह पैराग्राफ बजाना अनिवार्य

28 जनवरी को गृह मंत्रालय के द्वारा जारी किए गए 10 पन्नों के आदेश यह अनिवार्य किया गया है कि तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में आगमन, राष्ट्र के नाम उनके भाषणों और संबोधनों से पहले और बाद में, साथ ही राज्यपाल के भाषणों से पहले और बाद में समेत कई आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम का छह छंदों वाला 3 मिनट और 10 सेकंड का संस्करण बजाया या गाया जाए।

सिनेमा हॉल में लागू नहीं होंगे नए नियम

गृह मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और संवैधानिक निकायों को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रगान का आधिकारिक संस्करण गाया या बजाया जाता है तो श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़ा होना चाहिए। हालांकि जब किसी समाचार या वीडियो के दौरान राष्ट्रगान फिल्म के रूप में बजाया जाता है तो श्रोताओं से खड़े होने की अपेक्षा नहीं की जाती है। क्योंकि खड़े होने से फिल्म का प्रदर्शन बाधित होगा और राष्ट्रगान की गरिमा बढ़ाने के बजाय अव्यवस्था और भ्रम की स्थित उत्पन्न होगी।

बंकिम चंद्र चटर्जी की रचना है राष्ट्रगीत वंदे मातरम

भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के पावन अवसर पर लिखा था। यह 1882 में पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया।

प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट होगा पेश: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बजट 2026 को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के इतिहास का आंकड़ों के लिहाज से सबसे बड़ा बजट पेश होने जा रहा है। यह बजट राज्य के समग्र विकास को नई गति देगा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष फोकस करेगा।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि पानी, बिजली, सड़क, स्कूल और अस्पताल जैसे बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने के लिए बजट में ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार का यह बजट आम जनता की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बजट में किए गए प्रावधान प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
ब्रजेश पाठक ने आगे कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा और उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।
बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने की पूजा-अर्चना, आज सदन में रखा जाएगा अहम प्रस्ताव,बुंदेलखंड को मिल सकता है बड़ा पैकेज
लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने आराध्य का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। उन्होंने प्रदेश की उन्नति, आर्थिक प्रगति और नागरिकों के सुख-समृद्धि की कामना की। उत्तर प्रदेश सरकार आज विधानसभा में अपना वार्षिक बजट प्रस्तुत करने जा रही है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह सरकार का अंतिम पूर्ण बजट होगा, इसलिए इसे नीतिगत दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सूत्रों के अनुसार बजट में क्षेत्रीय संतुलित विकास को प्रमुखता दी जा सकती है। खासतौर पर पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए विशेष प्रावधान संभावित हैं। इन दोनों क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 1900 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि प्रस्तावित बताई जा रही है, जिससे 37 पिछड़े जिलों में आधारभूत ढांचे और विकास कार्यों को गति मिलेगी। सरकार का कहना है कि बजट में कृषि, रोजगार, बुनियादी ढांचा और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
अहरौला में 22 फरवरी को होगी समरसता रैली, तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे डॉ. अरविंद राजभर
अहरौला। महाराजा सुहेलदेव की जयंती के अवसर पर 22 फरवरी को आयोजित होने वाली समरसता रैली को लेकर अहरौला की सियासत गरमा गई है। एक ओर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के नेतृत्व में अहरौला स्थित जनता इंटर कॉलेज मैदान में भव्य सामाजिक समरसता महारैली का आयोजन प्रस्तावित है, तो वहीं दूसरी ओर इसी दिन अन्य कार्यक्रमों की भी घोषणा से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में सुभासपा के मुख्य राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अरविंद राजभर आज बुधवार को तैयारियों का निरीक्षण करने अहरौला के जनता इंटर कॉलेज मैदान पहुंचे। उन्होंने मंच व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम, हेलीपैड, भीड़ प्रबंधन तथा लगभग एक लाख लोगों की संभावित उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए की जा रही व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी पदाधिकारियों से ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। डॉ. अरविंद राजभर ने बताया कि यह समरसता रैली सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के बल पर निरंतर कार्यक्रम आयोजित करती रही है। आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं और व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसी कड़ी में आज उनका 2 अन्य स्थानों पर भी कार्यक्रम था पहले कार्यक्रम माहुल में जन चौपाल और दूसरा कार्यक्रम समाजसेवी मिथिलेश सिंह उर्फ पिंटू के आवास पर समरसता रैली को और अधिक सफल बनाने की चर्चा को करने के लिए पहुंचे । इस दौरान शक्ति सिंह , बलवंत सिंह , सुरेंद्र चौबे , आलोक सिंह सतेंद्र सिंह , संतोष सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
*काउंसिल ने की पुलिस अधीक्षक से मुलाकात, मिला आश्वासन समस्याओं से मिलेगी निजात*
सुल्तानपुर,कॉउन्सिल ऑफ़ उद्योग व्यापार मंच के जनपद पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरदार बलदेव सिंह के नेतृत्व में नवागत पुलिस अधीक्षक चारू निगम का पुष्पगुच्छ देते हुये स्वागत किया,महिला मोर्चा की प्रभारी दलबीर यादव के नेतृत्व में महिला सदस्यों ने अंगवस्त्र पहना कर तो जिलाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता व महामंत्री राजेश माहेश्वरी ने अभिनन्दन पत्र सौंप कर किया अभिनन्दन। संक्षिप्त मुलाक़ात में व्यापारियों द्वारा सुरक्षा व जाम की समस्या से अवगत कराने पर पुलिस अधीक्षक ने शीघ्र ही चरणबद्ध तरीके व व्यापारियों के सहयोग से सभी समस्याओं से निजात का आश्वासन दिया। मुलाक़ात करने वालों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरदार बलदेव सिंह,जिलाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता, महामंत्री राजेश माहेश्वरी,महिला मोर्चा प्रभारी दलबीर कौर यादव,जिला कोषाध्यक्ष बबिता जैन,आरुषि जैन,अरविन्द द्विवेदी, संतोष जायसवाल,दिनेश यादव,मनोज जैन,माणिक लाल आदि उपस्थित रहे।
9.12 लाख करोड़ का बजट पेश, लड़कियों की शादी के लिए 1 लाख और कौशल मिशन पर जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपना दसवां बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया। यह सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है, जिसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण माना जा रहा है।इस बार का बजट पिछले वर्ष की तुलना में करीब 12 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने इस बजट में निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विकास और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दी है।

अलग से महिला प्रशिक्षण केंद्र भी खोले जाएंगे

वित्त मंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में 10 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर कौशल विकास कार्यक्रम मिशन मोड में संचालित किए जाएंगे। पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर विभिन्न जनपदों में कौशल संवर्द्धन और जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे। महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने के लिए अलग से महिला प्रशिक्षण केंद्र भी खोले जाएंगे।सरकार ने स्पष्ट किया कि पढ़ाई के साथ-साथ युवाओं को व्यावसायिक दक्षता से जोड़ना जरूरी है।

कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी

कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और नए केंद्र खोले जाएंगे। निजी क्षेत्र की सहभागिता सुनिश्चित कर रोजगारपरक प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी बड़ा ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए सरकार एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी।औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को आसान बनाने के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत जनविश्वास सिद्धांत लागू किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा, ताकि उद्योगों को प्रोत्साहन मिल सके।

किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी

डिजिटल इन्टरप्रन्योरशिप योजना के माध्यम से युवाओं को तकनीक आधारित उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं, विश्व बैंक की सहायता से संचालित यूपी एग्रीज परियोजना के अंतर्गत प्रदेश में एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे, जिससे किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी।सरकार का कहना है कि पूंजी निवेश और बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ-साथ युवाओं को कौशलयुक्त बनाकर रोजगार देना ही इस बजट की प्रमुख दिशा है।
योगी सरकार ने नौ लाख 12 हजार 696 करोड़ से अधिक का बजट पेश किया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में 09 लाख 12 हजार करोड़ 696 करोड़ 35 लाख रुपये का बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। इस बजट में पूंजीगत परिचय 19.5 प्रतिशत है। शिक्षा तथा चिकित्सा के लिए आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 प्रतिशत एवं 6 प्रतिशत है। कृषि और सम्बद्ध सेवाओं के लिए आवंटन कुल बजट का नौ फीसदी है। बजट में 43 हजार 565 करोड़ 33 लाख रुपये की नई योजनाएं सम्मिलित की गईं हैं।

वित्त मंत्री ने सरकार की बड़ाई में पढ़ी शायरी

सितारा बनकर आसमां में वही चमकते हैं.... वित्त मंत्री ने सरकार की बड़ाई में शायरी पढ़ी। इस पर सदस्यों ने ताली बजातर स्वागत किया।वित्त मंत्री ने कहा कि योगी सरकार में हर वर्ग का विकास हुआ।  हमारी सरकार द्वारा हरित और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के विकास पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक कुल 2815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं।वर्ष 2016-2017 की 5,878 मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता के सापेक्ष वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-2026 (माह दिसम्बर, 2025 तक) में 55.16 प्रतिशत बढ़ोतरी करते हुए 9120 मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता प्राप्त की गई।फसल सघनता जो 2016-2017 में 162.7 प्रतिशत थी, वर्ष 2024-2025 में 193.7 प्रतिशत हो चुकी है।वर्ष 2016-2017 में सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर के मुकाबले प्रदेश में वर्ष 2024-2025 में 60 लाख हेक्टेयर अधिक अर्थात 2.76 लाख हेक्टेयर हो चुका है।देश, कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है।

गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का योगदान सर्वाधिक है।सरकार की अवस्थापना-प्रधान विकास के प्रति प्रतिबद्धता का यह प्रमाण है कि राज्य ने नीति आयोग द्वारा माह जनवरी, 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स,2024 में देश में लैंड-लॉक्ड प्रदेशों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है। प्रदेश में हम लगभग 06 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफल हुए हैं। बेरोजगारी की दर 2.24 प्रतिशत रह गई है।वर्ष 2024-2025 (त्वरित अनुमान) में प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये आंकलित हुई है, जो गत वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित करता है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रूपये आकलित हुई है, जो वर्ष 2016-2017 में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये के दोगुने से अधिक है।

हमारी सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ है, चाहे कानून व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो, अवस्थापना सुमिशन शक्ति के तहत वाहनों की खरीद के लिए 25 करोड़, चिकित्सा शिक्षा के लिए 14297 करोड़ प्रस्तावित हैं। 14 नए मेडिकल कालेजों के निर्माण के लिए 1023 करोड़ प्रस्तावित हैं। विधाओं का विस्तार हो, औद्योगिक निवेश हो, रोजगार सृजन हो, महिलाओं का सशक्तीकरण हो, युवाओं का कौशल संवर्धन हो, किसानों की खुशहाली हो, गरीबी उन्मूलन हो।कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ हुई है। पुलिस अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है। महिला अपराधों पर काफी कमी आई है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जानकारी दी कि कृषि उत्पादन में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। युवाओं को रोजगार के लिए प्रशिक्षण पर हमारा लक्ष्य है। यूपी में एग्री एक्सपोर्ट हब बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग लाखों किसानों को फायदा पहुंचा गया। हमारी सरकार ने रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया है।
पतरातू: इमली ग्राउंड में प्रथम PVUNL क्रिकेट टूर्नामेंट का आगाज, विधायक रोशन लाल चौधरी और CEO ने किया उद्घाटन

पतरातू/हेसला: हेसला स्थित इमली ग्राउंड में प्रथम पीवीयूएनएल (PVUNL) क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि बरकागांव विधायक श्री रोशन लाल चौधरी और पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री ए. के. सहगल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और बल्ला थामकर किया।

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16 टीमों के बीच कड़ा मुकाबला: इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें स्थानीय 13 पंचायतों की टीमें और 3 बाहरी टीमें शामिल हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान आयोजन समिति द्वारा सभी प्रतिभागी टीमों को खेल किट बैग वितरित किए गए, जिसमें जर्सी और क्रिकेट से संबंधित आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई थी।

युवाओं के विकास पर जोर: समारोह को संबोधित करते हुए विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में न केवल खेल भावना बढ़ती है, बल्कि उनमें अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होता है। वहीं, सीईओ श्री ए. के. सहगल ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि पीवीयूएनएल क्षेत्र के समग्र विकास और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए भविष्य में भी हर संभव सहयोग जारी रखेगा।

इस अवसर पर क्षेत्र की 13 पंचायतों के मुखिया, पीवीयूएनएल के हेड ऑफ एचआर श्री ज़ियाउर रहमान, कई गणमान्य अतिथि और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

संपत्ति विवरण न देने पर रायबरेली में 42 डॉक्टरों का वेतन रोका, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
रायबरेली। रायबरेली जनपद में संपत्ति विवरण प्रस्तुत न करने पर स्वास्थ्य विभाग के 42 डॉक्टरों का जनवरी माह का वेतन स्थगित कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, शासन के निर्देश पर सभी चिकित्सकों को 31 जनवरी तक अपनी चल-अचल संपत्तियों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपडेट करना था। निर्धारित समय सीमा के भीतर विवरण उपलब्ध न कराने पर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

वेतन रोके जाने वालों में डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक कुमार, डॉ. कफील अहमद, डॉ. सपना, डॉ. शिखा श्रीवास्तव समेत कुल 42 चिकित्सक शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जब तक संबंधित अधिकारी व चिकित्सक पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्यौरा अपडेट नहीं करेंगे, तब तक उनका वेतन जारी नहीं किया जाएगा।

सीएमओ के इस सख्त कदम के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है और संबंधित चिकित्सक जल्द से जल्द आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में जुट गए हैं।
मनपा सीबीएसई स्कूल के विद्यार्थियों ने मंच पर साकार किया महाराष्ट्र की लोकसंस्कृति
मुंबई। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन स्कूल, मुंबई पब्लिक स्कूल, M. G. क्रॉस रोड नंबर 1, CBSE, कांदिवली के वार्षिक समारोह का शानदार आयोजन 9 फरवरी, 2026 को प्रबोधनकर ठाकरे थिएटर में बड़े जोश के साथ हुआ। प्रोग्राम का कॉन्सेप्ट “महाराष्ट्र की लोककथा” है और स्टूडेंट्स ने महाराष्ट्र की समृद्ध लोक संस्कृति को असरदार तरीके से पेश किया।
यह प्रोग्राम स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के लिए गर्व की बात थी क्योंकि म्युनिसिपल CBSE स्कूल के स्टूडेंट्स को पहली बार इतने बड़े और शानदार स्टेज पर अपनी कला दिखाने का मौका मिला। यह थिएटर शिक्षण विभाग की उपायुक्त डॉ. प्राची जांभेकर की इजाज़त से फ्री में उपलब्ध कराया गया था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षणाधिकारी सुजाता खरे ने की। अपने प्रेसिडेंशियल भाषण में, उन्होंने म्युनिसिपैलिटी के स्कूलों में होने वाली अलग-अलग एजुकेशनल एक्टिविटीज़ के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर ममता राव डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर स्कूल SRSC/CBSC सेल, दीपिका पाटिल डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर (वेस्ट सबअर्बन) और अशफाक अहमद शाह एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (R/साउथ डिवीज़न) मौजूद थे। स्टूडेंट्स ने फोक डांस, लेज़िम, ड्रामा एक्सपेरिमेंट और अलग-अलग कल्चरल परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रोग्राम को वहां मौजूद पेरेंट्स से तुरंत रिस्पॉन्स मिला। प्रधानाध्यापक संदीपन घुले के मार्गदर्शन और टीचर्स और स्टाफ की कड़ी मेहनत से प्रोग्राम सफल रहा। इस मौके पर, आइडियल टीचर अवॉर्ड सुशील कोडलिंगे को दिया गया, जबकि एक्सीलेंट स्टूडेंट अवॉर्ड छठी कक्षा के छात्र देवांश नितिन बेलोसे को दिया गया। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ शिक्षक मयूर तंगड़ी ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जन गण मन से पहले बजेगा वंदे मातरम्, 3 मिनट 10 सेकेंड के राष्ट्रगीत के दौरान खड़े होना जरूरी

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों वाला 3 मिनट 10 सेकंड का पूरा संस्करण कई आधिकारिक अवसरों पर बजाया या गाया जाना अब अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि यदि राष्ट्रगान और जन गण मन को एक साथ गाया जाता है या बजाया जाता है तो वंदे मातरम पहले बजाया जाएगा। साथ ही इस दौरान श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।

राष्ट्रगान से पहले बजेगा राष्ट्रगीत

गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, अब तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में समेत सरकारी कार्यक्रमों, सरकारी स्कूलों के आयोजनों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को एक साथ गाया या बजाया जाता है, तो वंदे मातरम पहले बजेगा, और इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। ताकि सम्मान और राष्ट्रीय भावना का स्पष्ट संदेश मिले।

वंदे मातरम का पूरा छह पैराग्राफ बजाना अनिवार्य

28 जनवरी को गृह मंत्रालय के द्वारा जारी किए गए 10 पन्नों के आदेश यह अनिवार्य किया गया है कि तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में आगमन, राष्ट्र के नाम उनके भाषणों और संबोधनों से पहले और बाद में, साथ ही राज्यपाल के भाषणों से पहले और बाद में समेत कई आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम का छह छंदों वाला 3 मिनट और 10 सेकंड का संस्करण बजाया या गाया जाए।

सिनेमा हॉल में लागू नहीं होंगे नए नियम

गृह मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और संवैधानिक निकायों को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रगान का आधिकारिक संस्करण गाया या बजाया जाता है तो श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़ा होना चाहिए। हालांकि जब किसी समाचार या वीडियो के दौरान राष्ट्रगान फिल्म के रूप में बजाया जाता है तो श्रोताओं से खड़े होने की अपेक्षा नहीं की जाती है। क्योंकि खड़े होने से फिल्म का प्रदर्शन बाधित होगा और राष्ट्रगान की गरिमा बढ़ाने के बजाय अव्यवस्था और भ्रम की स्थित उत्पन्न होगी।

बंकिम चंद्र चटर्जी की रचना है राष्ट्रगीत वंदे मातरम

भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के पावन अवसर पर लिखा था। यह 1882 में पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया।

प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट होगा पेश: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बजट 2026 को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के इतिहास का आंकड़ों के लिहाज से सबसे बड़ा बजट पेश होने जा रहा है। यह बजट राज्य के समग्र विकास को नई गति देगा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष फोकस करेगा।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि पानी, बिजली, सड़क, स्कूल और अस्पताल जैसे बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने के लिए बजट में ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार का यह बजट आम जनता की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बजट में किए गए प्रावधान प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
ब्रजेश पाठक ने आगे कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा और उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।
बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने की पूजा-अर्चना, आज सदन में रखा जाएगा अहम प्रस्ताव,बुंदेलखंड को मिल सकता है बड़ा पैकेज
लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने आराध्य का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। उन्होंने प्रदेश की उन्नति, आर्थिक प्रगति और नागरिकों के सुख-समृद्धि की कामना की। उत्तर प्रदेश सरकार आज विधानसभा में अपना वार्षिक बजट प्रस्तुत करने जा रही है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह सरकार का अंतिम पूर्ण बजट होगा, इसलिए इसे नीतिगत दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सूत्रों के अनुसार बजट में क्षेत्रीय संतुलित विकास को प्रमुखता दी जा सकती है। खासतौर पर पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए विशेष प्रावधान संभावित हैं। इन दोनों क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 1900 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि प्रस्तावित बताई जा रही है, जिससे 37 पिछड़े जिलों में आधारभूत ढांचे और विकास कार्यों को गति मिलेगी। सरकार का कहना है कि बजट में कृषि, रोजगार, बुनियादी ढांचा और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।