घर पहुंचे चार सगे भाई-बहन के शव तो रो पड़ा गांव, हत्या करके मां अब तक फरार, पिता सऊदी अरब में
जिलेभर में चर्चा का विषय बना मामला, नाना ने बेटी पर आरोपों को बताया बेबुनियाद


अंबेडकर नगर:अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में चार मासूम बच्चों की हत्या मामले में रविवार को महरुआ के कसड़ा गांव का माहौल बेहद भारी नजर आया। दोपहर करीब एक बजे जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद चारों मासूम बच्चों के शव गांव पहुंचे, पूरे इलाके में चीख-पुकार गूंज उठी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और गांव का माहौल शोक में डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। हर कोई बच्चों के अंतिम दर्शन के लिए घर के बाहर जमा हो गया।

लोगों की भीड़ देर तक बनी रही और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चार जनाजे उठने का दृश्य हर किसी को अंदर तक झकझोर गया। गांव के कब्रिस्तान में सऊद (12) और उमर (10) को एक साथ दफन किया गया, जबकि शफीक (14) और बयान (8) को पास में ही अलग-अलग सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव व कई थानों की पुलिस उपस्थित रही। बता दें कि शनिवार को मीरानपुर मुरादाबाद में एक घर के अंदर चारों बच्चों के शव खून से लथपथ मिले थे।

शुरुआती जांच में ईंट और हथौड़े से हमला कर हत्या की बात सामने आई थी। घर अंदर से बंद मिला था और मां गासिया खातून के लापता होने से उस पर शक गहराया था। आशंका जताई गई थी कि बच्चों को पहले नशीला पदार्थ दिया गया और फिर वारदात को अंजाम दिया गया।घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। कई टीमें जांच में लगी हैं, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही, घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन को अनलॉक करने का प्रयास किया जा रहा है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी खंगाले जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल इससे भी कोई अहम जानकारी नहीं मिल सकी है। चार मासूमों की एक साथ हत्या की यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव के साथ-साथ आसपास के इलाकों से भी लोग कसड़ा पहुंचे। हर कोई इस घटना को लेकर स्तब्ध है और जल्द खुलासे की उम्मीद कर रहा है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

मां की तलाश जारी है और उसी पर शक केंद्रित है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।नाना ने बातचीत में कहा कि उनकी बेटी गासिया खातून इस तरह का कृत्य नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि बेटी के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और किसी रंजिश या दुश्मनी के चलते यह मामला बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार में दांपत्य जीवन को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं था। नाना के अनुसार, घटना को किसी और दिशा में मोड़ने की कोशिश की जा रही है और असली दोषी किसी और हो सकता है। परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं थी। उन्होंने आशंका जताई कि किसी दुश्मनी के चलते पूरे मामले को गलत रूप दिया जा रहा है। मृत बच्चों के बड़े पापा सलीम ने कहा कि गासिया खातून अकेले इस घटना को अंजाम नहीं दे सकती। उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे घटनाक्रम में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

शुक्रवार को नियाज की पत्नी और बच्चों से फोन पर बातचीत भी हुई थी, जिसमें किसी तरह की अनहोनी के संकेत नहीं थे। ऐसे में अचानक इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है। अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में शनिवार को चार मासूम बच्चों की हत्या के बाद हर ओर हड़कंप मचा रहा। रविवार को पैतृक गांव महरुआ के कसड़ा गांव में चारों बच्चों के शव पहुंचने पर बच्चों के नाना भी जनाजे में शामिल होने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि उनकी बेटी गासिया खातून यह कृत्य नहीं कर सकती है। बेटी के खिलाफ एफआईआर में लगे आरोप बेबुनियाद है। किसी दुश्मन ने इस तरह की वारदात को अंजाम दिया है। नाना ने बताया कि उनके पुत्री व दामाद के बीच दांपत्य जीवन में किसी तरह का विवाद नहीं था।

एसपी प्राची सिंह ने बताया कि कमरे की दीवार से लेकर बिस्तर तक खून के छींटे फैले थे। बच्चों के उल्टी करने के भी निशान मिले हैं। शक है कि हत्या से पहले खाने में कुछ विषैला पदार्थ मिलाकर दिया गया। इसके बाद बेरहमी से हत्या की गई। बच्चों के सिर पर ईंट व हथौड़े से प्रहार किए जाने की आशंका है। हालांकि कमरे से ऐसा कुछ नहीं मिला है।नियाज उनकी सगी बहन का बेटा था। इसी से उन्होंने बेटी गासिया का निकाह किया था। इस घटना से मायके पक्ष के लोग भी स्तब्ध हैं। पुलिस से हुई बातचीत में नियाज ने अपनी पत्नी गासिया के सीधे-साधे होने की बात कही है।
अदब की महफिल, शब्दों के आईने में दिखा 'हमारा समाज' और ‘अर्थबोध'

भायंदर। मीरा रोड (पूर्व) स्थित विरंगुला केंद्र में आयोजित एक भव्य समारोह में कवयित्री एवं लेखिका रीता दास राम की दो नई कृतियों—काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' और लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' (वैभव प्रकाशन)—का लोकार्पण संपन्न हुआ। जनवादी लेखक संघ, 'अनभै' पत्रिका और स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि, आलोचक एवं चिंतक विजय कुमार ने की। उन्होंने लेखिका की रचनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि रीता दास की संवेदना का दायरा अत्यंत विस्तृत है। उन्होंने मोहन राकेश के नाटक का संदर्भ देते हुए मार्मिक टिप्पणी की कि एक पुरुष शायद ही कभी स्त्री के मन के उस 'तहखाने' और उसकी पीड़ा को पूरी तरह समझ पाए, जिसे रीता दास ने अपनी कविताओं में अभिव्यक्त किया है।कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि रमन मिश्र ने किया, जिनकी प्रस्तुति और विद्वानों के विचारों को सूत्रबद्ध करने की शैली अंत तक श्रोताओं को बांधे रही।काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' पर बोलते हुए वरिष्ठ कवि हूबनाथ पांडेय ने बताया कि रीता की कविताएं 'देह से उठकर समाज की ओर' बढ़ती हैं और वे एक स्त्री होकर 'मनुष्य की तरह' कविता लिखती हैं। प्रशांत जैन ने शीर्षक की सार्थकता और मुखपृष्ठ की विशिष्टता पर प्रकाश डाला, वहीं संध्या यादव ने कविताओं में मौजूद ज्वलंत सामाजिक चिंताओं को रेखांकित किया। लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' पर अनिल गौड़ की समीक्षा (जिसका पाठ राकेश शर्मा ने किया) के अनुसार, ये लेख समाज की जटिलताओं को परत-दर-परत खोलते हैं। अवधेश राय ने इन लेखों को वर्जनाओं और शोषण के खिलाफ एक 'दस्तावेज़' करार दिया।वरिष्ठ कवि विनोद दास और अनूप सेठी ने कविताओं के सौंदर्य बोध और उसमें छिपे द्वंद्वात्मक रिश्तों की सराहना की। हृदयेश मयंक ने लेखिका की बहुआयामी रचनात्मकता को सराहा, जबकि शैलेश सिंह ने उन्हें अन्याय के विरुद्ध सजगता से खड़ी होने वाली रचनाकार बताया। अभिलाष अवस्थी ने भी लेखिका के रचना-प्रयासों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। समारोह के अंत में राजीव रोहित ने सभी अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विनोद गुप्ता शलभ, मुख्तार खान, दिनेश शाकुल, अजय रोहिल्ला, आभा बोधिसत्व, इरफ़ान ख़ान, श्री भौमिक, अशोक विद्यार्थी, आमना आज़मी, सोनी सिंह, सर्वेश यादव, प्रमोद यादव, अल्ताफ़ खान, विनीता दास, रहमान अब्बास, पुष्पा चौधरी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और लेखिका के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल पुस्तकों के लोकार्पण का माध्यम बना, बल्कि स्त्री विमर्श और सामाजिक यथार्थ पर एक गंभीर संवाद का गवाह भी रहा।
5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे कल, कहां किसकी बन रही सरकार?

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देश के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे की तस्वीर 4 मई को साफ होगी। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आएंगे। ऐसे में पूरा देश ये जानने में उत्सुक है कि इन राज्यों में जनता का आशीर्वाद किस पार्टी को मिलेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा।

किस राज्य में कितना मतदान

पश्चिम बंगाल में 92.47 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। पहले चरण में 93.19 फीसदी मतदान हुआ जबकि दूसरे चरण में 91.66 फीसदी वोटिंग हुई।

असम में इस बार 85.89 फीसदी से ज्यादा मतदान

तमिलनाडु में 85 फीसदी से ज्यादा मतदान

केरल में 78.27 फीसदी से ज्यादा मतदान

पुडुचेरी में 89.87 फीसदी वोटिंग

कहां कितनी सीटें, बहुमत का आंकड़ा क्या?

बंगाल- 294, बहुमत का आंकड़ा- 148

असम- 126, बहुमत का आंकड़ा- 64

तमिलनाडु-234, बहुमत का आंकड़ा- 118

केरल- 140, बहुमत का आंकड़ा- 71

पुडुचेरी-30, बहुमत का आंकड़ा- 16

क्या कह रहे एग्जिट पोल के सर्वे

पांच राज्यों के चुनाव में अगर किसी राज्य के चुनावी नतीजों पर सबकी नजरें हैं तो वो है, पश्चिम बंगाल। यहां ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। एग्जिट पोल के सर्वे के मुताबिक, बंगाल में भी पहली बार बीजेपी सरकार बनाती दिख रही है। असम में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाती नजर आ रही है।इसके अलावा केरल में लेफ्ट का पत्ता साफ होने वाला है। तमिलनाडु में TVK यानी विजय की पार्टी की जीत होती दिख रही है।

दूध टैंकर ने परिवार को रौंदा,पति पत्नी व बच्चे की मौत

*शादी में शामिल होने जा रहा था परिवार

गोंडा।जिले में एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।यह हादसा नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कनकपुर के पास हुआ है।मृतकों में पति पत्नी व बेटा शामिल है।बताते चलें कि बस्ती जनपद के गंगापुर कलवारी निवासी मानसिंह (35),उनकी पत्नी उर्मिला (29) और बेटा लवकुश (12) बहराइच जा रहे थे।वे बहराइच जिले के ग्यारहसौ रेती में अपने साले के बेटी की शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे,कनकपुर के पास गोंडा की तरफ से अयोध्या जा रहे एक दूध टैंकर ने उनकी बाइक को रौंद दिया।इस हादसे में तीनों बाइक सवार सड़क पर गिर गए,जिससे मौके पर ही उर्मिला व उनके बेटे लवकुश की मौत हो गई।जबकि मानसिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज ले जाया गया,जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया।घटना की सूचना मिलते ही नवाबगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।पुलिस ने उर्मिला, लवकुश व मानसिंह के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि टैंकर चालक फरार हो गया है।पुलिस ने दूध के टैंकर को जब्त कर नवाबगंज थाने पहुंचाया है और मामले की जांच शुरू कर दिया है।
समरस फाउंडेशन कार्यालय में कृष्णकुमार यादव का सेवानिवृत्ति सम्मान

मुंबई। महानगर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन द्वारा आज बोरीवली पूर्व स्थित कार्यालय में मुंबई महानगरपालिका शिक्षण विभाग के कर्तव्यनिष्ठ प्रधानाध्यापक कृष्णकुमार यादव का सेवानिवृत्ति सम्मान किया गया। संस्था के चेयरमैन डॉ किशोर सिंह ने शॉल और अभिनंदन पत्र देकर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर पूर्व उप शिक्षणाधिकारी अशोक मिश्रा, संस्था के महासचिव तथा वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, उपाध्यक्ष मानिकचंद यादव, उपाध्यक्ष मुकुंद शर्मा, कोषाध्यक्ष ललित पांडे, अनिल धोबी, भोला वर्मा, मुनीराम तिवारी, संदीप पांडे तथा रामप्रसाद कुर्मी उपस्थित रहे।
आजमगढ़ : प्राइवेट स्कूलों की भारी फीस से बचने के लिए राजमणि यादव ने खोला निशुल्क विद्यालय ,मां देवरती शिक्षण संस्थान में हुआ कार्यक्रम

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । एक ओर जहां निजी विद्यालयों की बढ़ती फीस से अभिभावक परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर अहरौला थाना क्षेत्र के शमशाबाद महुआरा गांव में समाजसेवी राजमणि यादव ने सराहनीय पहल करते हुए  गरीबो के बच्चों की शिक्षा के लिए निशुल्क विद्यालय की  स्थापना की है। इस  नवनिर्मित विद्यालय भवन का उदघाटन धूमधाम से किया गया ।  वही  मां देवरती शिक्षण संस्थान के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगो का मन मोह लिया । 
  शनिवार को देर रात कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षण संस्थान के प्रबन्धक राजमनि यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप ,धूप और माल्यार्पण कर किया । इस के बाद सम्मान समारोह का आयोजन किया गया । बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया । 
  प्रबन्धक राजमनि यादव ने कहा कि आज के समय में शिक्षा का खर्च लगातार बढ़ रहा है। प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश, मासिक फीस, किताबें और अन्य खर्च आम परिवारों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। ऐसे में कई गरीब परिवार अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने में असमर्थ हैं।
इसी समस्या को देखते हुए अपने ही पैतृक मकान में अपनी मां देव रती शिक्षण संस्थान के नाम निशुल्क विद्यालय खोलने का काम किया है । संस्थान के  प्रबन्धक और रॉयल ओसियन ग्रुप के सीएमडी  राजमणि यादव ने महुआरा में यह कदम उठाया। उनके द्वारा खोले गए इस निशुल्क विद्यालय में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंच रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहल समाज के लिए एक मिसाल है। इससे न सिर्फ गरीब बच्चों को शिक्षा मिलेगी बल्कि शिक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की पहल शिक्षा की असमानता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, क्योंकि देश में अभी भी कई जगह आर्थिक कारणों से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। 
 इस अवसर पर विधायक रमाकांत यादव के प्रतिनिधि विजय बहादुर यादव  ,ब्लाक प्रमुख प्रमोद कुमार यादव ,रानू राजभर ,राम जग यादव ,बिवेक यादव,सीओ बूढ़नपुर कौस्तुभ त्रिपाठी,सुनील कुमार दुबे ,भीम सेन यादव आदि लोग रहे ।
आजमगढ़:सेवा का संदेश: समाजसेवी ने वृद्धाश्रम में बिताया दिन, जरूरतमंदों की मदद


वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के शुक्लपूरा निवासी समाजसेवी, शिक्षिका एवं कवयित्री आराधना शुक्ला ने मानव सेवा की मिसाल पेश करते हुए असीलपुर स्थित वृद्धाश्रम में दिन बिताकर वृद्धजनों की सेवा की। शहर के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में अध्यापन कार्य कर रहीं आराधना ने निजी उत्सवों से अलग हटकर समाज के जरूरतमंद वर्ग के बीच समय बिताने का संदेश दिया।
वृद्धाश्रम पहुंचकर उन्होंने वहां रह रहे बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनके सुख-दुख को करीब से जाना। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों से भोजन वितरण कराया तथा फल व आवश्यक दवाइयों का वितरण भी किया। उनकी आत्मीयता और स्नेह से अभिभूत वृद्धजनों ने उन्हें आशीर्वाद दिया।
इस मौके पर आराधना शुक्ला ने कहा कि जरूरतमंदों के बीच समय बिताने से जो आत्मिक संतोष मिलता है, वह किसी भी अन्य सुख से बढ़कर है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने जीवन के खास पलों को सेवा और संवेदना से जोड़ें, ताकि समाज के वंचित वर्ग के जीवन में भी खुशियां लाई जा सकें।
आराधना शुक्ला की यह पहल सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता का संदेश देती है और यह दर्शाती है कि सच्ची खुशी दूसरों की सेवा और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने में ही निहित है।
श्रीराम कथा को लेकर पैड़ीबरा से सरयू घाट तक निकली भव्य कलश यात्रा
*सैकड़ों गाड़ियों के साथ निकली कलश यात्रा

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पैड़ीबरा स्थित सम्मय माता मंदिर में आज रविवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन प्रारंभ हो रहा है।पूज्य राजन जी महाराज के श्री मुख से वाचन होने वाली इस कथा से पहले सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा से सरयू घाट करनैलगंज तक कलश यात्रा निकाली गई है।जिसमें सैकड़ों गाड़ियों का काफिला शामिल हुआ।श्रद्धालु करनैलगंज स्थित सरयू घाट से सरयू नदी का जल लेकर सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा पहुंचेंगे जहाँ कलश स्थापना की जाएगी।जिले में रह पहली बार है जब इतनी दूर कलश यात्रा पैदल ना चलकर सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ निकाली गई है।श्रीराम कथा का शुभारंभ रविवार शाम 5 बजे से होगा,जिसमें पूज्य राजन जी महराज श्रीराम कथा महिमा का गुणगान करेंगे।कलश यात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत पुलिसकर्मी तैनात थे तथा पुलिस वाहन काफिले के आगे पीछे और बीच में चल रहे थे ताकि यात्रा सकुशल संपन्न हो सके।इस कलश यात्रा और नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन श्रीराम कथा आयोजन समिति द्वारा किया जा रहा है।इस कथा में कई वीवीआईपी लोगों के शामिल होने की संभावना है।इस कथा में देवी पाटन मंडल के चारों जिलों के साथ ही आसपास के चार अन्य मंडलों के लोगों को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित किया गया है।यह श्रीराम वर्ष 2022 में कटरा बाजार भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला द्वारा बुक की गई थी।चार साल के लंबे अंतराल के बाद अब इस कथा का आयोजन हो रहा है।श्रीराम कथा को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।खराब मौसम को देखते हुए भी उससे बचाव को लेकर भी इंतजाम किया गया है।इस श्रीराम कथा में योगी आदित्यनाथ सरकार के सभी मंत्रियों सहित सभी विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है।जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों शामिल हैं।
अयोध्या के राजस्व अभिलेखों को गोंडा में जलाया,पिकअप से लाकर पेट्रोल डालकर जलाया
*ढेमवाघाट पीपापुल के पास जलाए गए राजस्व अभिलेख

गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ढेमवाघाट पीपापुल के पास अयोध्या जिले के राजस्व अभिलेखों के जलाए जाने का मामला सामने आया है।इन अभिलेखों को एक पिकअप वाहन में लादकर लाया गया था और पेट्रोल डालकर जलाया गया है।मौके से कई अधजले दस्तावेज मिले हैं जो अयोध्या जिले के बताए जा रहे हैं।गोंडा जिला प्रशासन को इन अभिलेखों को जलाए जाने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई थी, इस घटना के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।जलाए गए  दस्तावेजों में खतौनी,बैनामा,स्टांप,इकरारनामा व वसीयतनामा जैसे महत्वपूर्ण कागजात शामिल थे।जिस ढेमवाघाट पीपापुल के पास यह घटना हुई है वहां से मात्र 500 मीटर की दूरी पर ढेमवाघाट पुलिस चौकी है।पुलिसकर्मियों को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी और ना तो उन्हें सूचित किया गया था।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि जलाए गए कागजात अयोध्या जिले के पुराने अभिलेख थे।उन्होंने पुष्टि किया कि पुलिसकर्मिर्यों को मौके पर भेज कर जांच कराई गई है और इसकी पुष्टि हुई है तथा उपजिलाधिकारी तरबगंज को भी इस पूरे मामले की जानकारी उपलब्ध करा दी गई है।मामले में उपजिलाधिकारी तरबगंज प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है कि अभिलेख कहां से लाए गए थे।उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस के अनुसार उक्त अभिलेख अयोध्या जिले के थे और राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर भेजा गया है।जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि यह अभिलेख हमारे गोंडा जनपद के नहीं हैं।उन्होंने यह भी बताया कि मौके से जो भी कागजात मिले हैं,उसको भी देखा जा रहा है।
आजमगढ़:सेवा का संदेश: समाजसेवी ने वृद्धाश्रम में बिताया दिन, जरूरतमंदों की मदद
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के शुक्लपूरा निवासी समाजसेवी, शिक्षिका एवं कवयित्री आराधना शुक्ला ने मानव सेवा की मिसाल पेश करते हुए असीलपुर स्थित वृद्धाश्रम में दिन बिताकर वृद्धजनों की सेवा की। शहर के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में अध्यापन कार्य कर रहीं आराधना ने निजी उत्सवों से अलग हटकर समाज के जरूरतमंद वर्ग के बीच समय बिताने का संदेश दिया।
वृद्धाश्रम पहुंचकर उन्होंने वहां रह रहे बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनके सुख-दुख को करीब से जाना। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों से भोजन वितरण कराया तथा फल व आवश्यक दवाइयों का वितरण भी किया। उनकी आत्मीयता और स्नेह से अभिभूत वृद्धजनों ने उन्हें आशीर्वाद दिया।
इस मौके पर आराधना शुक्ला ने कहा कि जरूरतमंदों के बीच समय बिताने से जो आत्मिक संतोष मिलता है, वह किसी भी अन्य सुख से बढ़कर है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने जीवन के खास पलों को सेवा और संवेदना से जोड़ें, ताकि समाज के वंचित वर्ग के जीवन में भी खुशियां लाई जा सकें।
आराधना शुक्ला की यह पहल सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता का संदेश देती है और यह दर्शाती है कि सच्ची खुशी दूसरों की सेवा और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने में ही निहित है।
घर पहुंचे चार सगे भाई-बहन के शव तो रो पड़ा गांव, हत्या करके मां अब तक फरार, पिता सऊदी अरब में
जिलेभर में चर्चा का विषय बना मामला, नाना ने बेटी पर आरोपों को बताया बेबुनियाद


अंबेडकर नगर:अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में चार मासूम बच्चों की हत्या मामले में रविवार को महरुआ के कसड़ा गांव का माहौल बेहद भारी नजर आया। दोपहर करीब एक बजे जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद चारों मासूम बच्चों के शव गांव पहुंचे, पूरे इलाके में चीख-पुकार गूंज उठी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और गांव का माहौल शोक में डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। हर कोई बच्चों के अंतिम दर्शन के लिए घर के बाहर जमा हो गया।

लोगों की भीड़ देर तक बनी रही और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चार जनाजे उठने का दृश्य हर किसी को अंदर तक झकझोर गया। गांव के कब्रिस्तान में सऊद (12) और उमर (10) को एक साथ दफन किया गया, जबकि शफीक (14) और बयान (8) को पास में ही अलग-अलग सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव व कई थानों की पुलिस उपस्थित रही। बता दें कि शनिवार को मीरानपुर मुरादाबाद में एक घर के अंदर चारों बच्चों के शव खून से लथपथ मिले थे।

शुरुआती जांच में ईंट और हथौड़े से हमला कर हत्या की बात सामने आई थी। घर अंदर से बंद मिला था और मां गासिया खातून के लापता होने से उस पर शक गहराया था। आशंका जताई गई थी कि बच्चों को पहले नशीला पदार्थ दिया गया और फिर वारदात को अंजाम दिया गया।घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। कई टीमें जांच में लगी हैं, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही, घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन को अनलॉक करने का प्रयास किया जा रहा है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी खंगाले जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल इससे भी कोई अहम जानकारी नहीं मिल सकी है। चार मासूमों की एक साथ हत्या की यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव के साथ-साथ आसपास के इलाकों से भी लोग कसड़ा पहुंचे। हर कोई इस घटना को लेकर स्तब्ध है और जल्द खुलासे की उम्मीद कर रहा है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

मां की तलाश जारी है और उसी पर शक केंद्रित है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।नाना ने बातचीत में कहा कि उनकी बेटी गासिया खातून इस तरह का कृत्य नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि बेटी के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और किसी रंजिश या दुश्मनी के चलते यह मामला बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार में दांपत्य जीवन को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं था। नाना के अनुसार, घटना को किसी और दिशा में मोड़ने की कोशिश की जा रही है और असली दोषी किसी और हो सकता है। परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं थी। उन्होंने आशंका जताई कि किसी दुश्मनी के चलते पूरे मामले को गलत रूप दिया जा रहा है। मृत बच्चों के बड़े पापा सलीम ने कहा कि गासिया खातून अकेले इस घटना को अंजाम नहीं दे सकती। उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे घटनाक्रम में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

शुक्रवार को नियाज की पत्नी और बच्चों से फोन पर बातचीत भी हुई थी, जिसमें किसी तरह की अनहोनी के संकेत नहीं थे। ऐसे में अचानक इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है। अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में शनिवार को चार मासूम बच्चों की हत्या के बाद हर ओर हड़कंप मचा रहा। रविवार को पैतृक गांव महरुआ के कसड़ा गांव में चारों बच्चों के शव पहुंचने पर बच्चों के नाना भी जनाजे में शामिल होने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि उनकी बेटी गासिया खातून यह कृत्य नहीं कर सकती है। बेटी के खिलाफ एफआईआर में लगे आरोप बेबुनियाद है। किसी दुश्मन ने इस तरह की वारदात को अंजाम दिया है। नाना ने बताया कि उनके पुत्री व दामाद के बीच दांपत्य जीवन में किसी तरह का विवाद नहीं था।

एसपी प्राची सिंह ने बताया कि कमरे की दीवार से लेकर बिस्तर तक खून के छींटे फैले थे। बच्चों के उल्टी करने के भी निशान मिले हैं। शक है कि हत्या से पहले खाने में कुछ विषैला पदार्थ मिलाकर दिया गया। इसके बाद बेरहमी से हत्या की गई। बच्चों के सिर पर ईंट व हथौड़े से प्रहार किए जाने की आशंका है। हालांकि कमरे से ऐसा कुछ नहीं मिला है।नियाज उनकी सगी बहन का बेटा था। इसी से उन्होंने बेटी गासिया का निकाह किया था। इस घटना से मायके पक्ष के लोग भी स्तब्ध हैं। पुलिस से हुई बातचीत में नियाज ने अपनी पत्नी गासिया के सीधे-साधे होने की बात कही है।
अदब की महफिल, शब्दों के आईने में दिखा 'हमारा समाज' और ‘अर्थबोध'

भायंदर। मीरा रोड (पूर्व) स्थित विरंगुला केंद्र में आयोजित एक भव्य समारोह में कवयित्री एवं लेखिका रीता दास राम की दो नई कृतियों—काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' और लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' (वैभव प्रकाशन)—का लोकार्पण संपन्न हुआ। जनवादी लेखक संघ, 'अनभै' पत्रिका और स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि, आलोचक एवं चिंतक विजय कुमार ने की। उन्होंने लेखिका की रचनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि रीता दास की संवेदना का दायरा अत्यंत विस्तृत है। उन्होंने मोहन राकेश के नाटक का संदर्भ देते हुए मार्मिक टिप्पणी की कि एक पुरुष शायद ही कभी स्त्री के मन के उस 'तहखाने' और उसकी पीड़ा को पूरी तरह समझ पाए, जिसे रीता दास ने अपनी कविताओं में अभिव्यक्त किया है।कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि रमन मिश्र ने किया, जिनकी प्रस्तुति और विद्वानों के विचारों को सूत्रबद्ध करने की शैली अंत तक श्रोताओं को बांधे रही।काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' पर बोलते हुए वरिष्ठ कवि हूबनाथ पांडेय ने बताया कि रीता की कविताएं 'देह से उठकर समाज की ओर' बढ़ती हैं और वे एक स्त्री होकर 'मनुष्य की तरह' कविता लिखती हैं। प्रशांत जैन ने शीर्षक की सार्थकता और मुखपृष्ठ की विशिष्टता पर प्रकाश डाला, वहीं संध्या यादव ने कविताओं में मौजूद ज्वलंत सामाजिक चिंताओं को रेखांकित किया। लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' पर अनिल गौड़ की समीक्षा (जिसका पाठ राकेश शर्मा ने किया) के अनुसार, ये लेख समाज की जटिलताओं को परत-दर-परत खोलते हैं। अवधेश राय ने इन लेखों को वर्जनाओं और शोषण के खिलाफ एक 'दस्तावेज़' करार दिया।वरिष्ठ कवि विनोद दास और अनूप सेठी ने कविताओं के सौंदर्य बोध और उसमें छिपे द्वंद्वात्मक रिश्तों की सराहना की। हृदयेश मयंक ने लेखिका की बहुआयामी रचनात्मकता को सराहा, जबकि शैलेश सिंह ने उन्हें अन्याय के विरुद्ध सजगता से खड़ी होने वाली रचनाकार बताया। अभिलाष अवस्थी ने भी लेखिका के रचना-प्रयासों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। समारोह के अंत में राजीव रोहित ने सभी अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विनोद गुप्ता शलभ, मुख्तार खान, दिनेश शाकुल, अजय रोहिल्ला, आभा बोधिसत्व, इरफ़ान ख़ान, श्री भौमिक, अशोक विद्यार्थी, आमना आज़मी, सोनी सिंह, सर्वेश यादव, प्रमोद यादव, अल्ताफ़ खान, विनीता दास, रहमान अब्बास, पुष्पा चौधरी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और लेखिका के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल पुस्तकों के लोकार्पण का माध्यम बना, बल्कि स्त्री विमर्श और सामाजिक यथार्थ पर एक गंभीर संवाद का गवाह भी रहा।
5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे कल, कहां किसकी बन रही सरकार?

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देश के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे की तस्वीर 4 मई को साफ होगी। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आएंगे। ऐसे में पूरा देश ये जानने में उत्सुक है कि इन राज्यों में जनता का आशीर्वाद किस पार्टी को मिलेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा।

किस राज्य में कितना मतदान

पश्चिम बंगाल में 92.47 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। पहले चरण में 93.19 फीसदी मतदान हुआ जबकि दूसरे चरण में 91.66 फीसदी वोटिंग हुई।

असम में इस बार 85.89 फीसदी से ज्यादा मतदान

तमिलनाडु में 85 फीसदी से ज्यादा मतदान

केरल में 78.27 फीसदी से ज्यादा मतदान

पुडुचेरी में 89.87 फीसदी वोटिंग

कहां कितनी सीटें, बहुमत का आंकड़ा क्या?

बंगाल- 294, बहुमत का आंकड़ा- 148

असम- 126, बहुमत का आंकड़ा- 64

तमिलनाडु-234, बहुमत का आंकड़ा- 118

केरल- 140, बहुमत का आंकड़ा- 71

पुडुचेरी-30, बहुमत का आंकड़ा- 16

क्या कह रहे एग्जिट पोल के सर्वे

पांच राज्यों के चुनाव में अगर किसी राज्य के चुनावी नतीजों पर सबकी नजरें हैं तो वो है, पश्चिम बंगाल। यहां ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। एग्जिट पोल के सर्वे के मुताबिक, बंगाल में भी पहली बार बीजेपी सरकार बनाती दिख रही है। असम में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाती नजर आ रही है।इसके अलावा केरल में लेफ्ट का पत्ता साफ होने वाला है। तमिलनाडु में TVK यानी विजय की पार्टी की जीत होती दिख रही है।

दूध टैंकर ने परिवार को रौंदा,पति पत्नी व बच्चे की मौत

*शादी में शामिल होने जा रहा था परिवार

गोंडा।जिले में एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।यह हादसा नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कनकपुर के पास हुआ है।मृतकों में पति पत्नी व बेटा शामिल है।बताते चलें कि बस्ती जनपद के गंगापुर कलवारी निवासी मानसिंह (35),उनकी पत्नी उर्मिला (29) और बेटा लवकुश (12) बहराइच जा रहे थे।वे बहराइच जिले के ग्यारहसौ रेती में अपने साले के बेटी की शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे,कनकपुर के पास गोंडा की तरफ से अयोध्या जा रहे एक दूध टैंकर ने उनकी बाइक को रौंद दिया।इस हादसे में तीनों बाइक सवार सड़क पर गिर गए,जिससे मौके पर ही उर्मिला व उनके बेटे लवकुश की मौत हो गई।जबकि मानसिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज ले जाया गया,जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया।घटना की सूचना मिलते ही नवाबगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।पुलिस ने उर्मिला, लवकुश व मानसिंह के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि टैंकर चालक फरार हो गया है।पुलिस ने दूध के टैंकर को जब्त कर नवाबगंज थाने पहुंचाया है और मामले की जांच शुरू कर दिया है।
समरस फाउंडेशन कार्यालय में कृष्णकुमार यादव का सेवानिवृत्ति सम्मान

मुंबई। महानगर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन द्वारा आज बोरीवली पूर्व स्थित कार्यालय में मुंबई महानगरपालिका शिक्षण विभाग के कर्तव्यनिष्ठ प्रधानाध्यापक कृष्णकुमार यादव का सेवानिवृत्ति सम्मान किया गया। संस्था के चेयरमैन डॉ किशोर सिंह ने शॉल और अभिनंदन पत्र देकर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर पूर्व उप शिक्षणाधिकारी अशोक मिश्रा, संस्था के महासचिव तथा वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, उपाध्यक्ष मानिकचंद यादव, उपाध्यक्ष मुकुंद शर्मा, कोषाध्यक्ष ललित पांडे, अनिल धोबी, भोला वर्मा, मुनीराम तिवारी, संदीप पांडे तथा रामप्रसाद कुर्मी उपस्थित रहे।
आजमगढ़ : प्राइवेट स्कूलों की भारी फीस से बचने के लिए राजमणि यादव ने खोला निशुल्क विद्यालय ,मां देवरती शिक्षण संस्थान में हुआ कार्यक्रम

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । एक ओर जहां निजी विद्यालयों की बढ़ती फीस से अभिभावक परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर अहरौला थाना क्षेत्र के शमशाबाद महुआरा गांव में समाजसेवी राजमणि यादव ने सराहनीय पहल करते हुए  गरीबो के बच्चों की शिक्षा के लिए निशुल्क विद्यालय की  स्थापना की है। इस  नवनिर्मित विद्यालय भवन का उदघाटन धूमधाम से किया गया ।  वही  मां देवरती शिक्षण संस्थान के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगो का मन मोह लिया । 
  शनिवार को देर रात कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षण संस्थान के प्रबन्धक राजमनि यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप ,धूप और माल्यार्पण कर किया । इस के बाद सम्मान समारोह का आयोजन किया गया । बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया । 
  प्रबन्धक राजमनि यादव ने कहा कि आज के समय में शिक्षा का खर्च लगातार बढ़ रहा है। प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश, मासिक फीस, किताबें और अन्य खर्च आम परिवारों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। ऐसे में कई गरीब परिवार अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने में असमर्थ हैं।
इसी समस्या को देखते हुए अपने ही पैतृक मकान में अपनी मां देव रती शिक्षण संस्थान के नाम निशुल्क विद्यालय खोलने का काम किया है । संस्थान के  प्रबन्धक और रॉयल ओसियन ग्रुप के सीएमडी  राजमणि यादव ने महुआरा में यह कदम उठाया। उनके द्वारा खोले गए इस निशुल्क विद्यालय में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंच रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहल समाज के लिए एक मिसाल है। इससे न सिर्फ गरीब बच्चों को शिक्षा मिलेगी बल्कि शिक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की पहल शिक्षा की असमानता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, क्योंकि देश में अभी भी कई जगह आर्थिक कारणों से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। 
 इस अवसर पर विधायक रमाकांत यादव के प्रतिनिधि विजय बहादुर यादव  ,ब्लाक प्रमुख प्रमोद कुमार यादव ,रानू राजभर ,राम जग यादव ,बिवेक यादव,सीओ बूढ़नपुर कौस्तुभ त्रिपाठी,सुनील कुमार दुबे ,भीम सेन यादव आदि लोग रहे ।
आजमगढ़:सेवा का संदेश: समाजसेवी ने वृद्धाश्रम में बिताया दिन, जरूरतमंदों की मदद


वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के शुक्लपूरा निवासी समाजसेवी, शिक्षिका एवं कवयित्री आराधना शुक्ला ने मानव सेवा की मिसाल पेश करते हुए असीलपुर स्थित वृद्धाश्रम में दिन बिताकर वृद्धजनों की सेवा की। शहर के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में अध्यापन कार्य कर रहीं आराधना ने निजी उत्सवों से अलग हटकर समाज के जरूरतमंद वर्ग के बीच समय बिताने का संदेश दिया।
वृद्धाश्रम पहुंचकर उन्होंने वहां रह रहे बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनके सुख-दुख को करीब से जाना। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों से भोजन वितरण कराया तथा फल व आवश्यक दवाइयों का वितरण भी किया। उनकी आत्मीयता और स्नेह से अभिभूत वृद्धजनों ने उन्हें आशीर्वाद दिया।
इस मौके पर आराधना शुक्ला ने कहा कि जरूरतमंदों के बीच समय बिताने से जो आत्मिक संतोष मिलता है, वह किसी भी अन्य सुख से बढ़कर है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने जीवन के खास पलों को सेवा और संवेदना से जोड़ें, ताकि समाज के वंचित वर्ग के जीवन में भी खुशियां लाई जा सकें।
आराधना शुक्ला की यह पहल सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता का संदेश देती है और यह दर्शाती है कि सच्ची खुशी दूसरों की सेवा और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने में ही निहित है।
श्रीराम कथा को लेकर पैड़ीबरा से सरयू घाट तक निकली भव्य कलश यात्रा
*सैकड़ों गाड़ियों के साथ निकली कलश यात्रा

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पैड़ीबरा स्थित सम्मय माता मंदिर में आज रविवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन प्रारंभ हो रहा है।पूज्य राजन जी महाराज के श्री मुख से वाचन होने वाली इस कथा से पहले सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा से सरयू घाट करनैलगंज तक कलश यात्रा निकाली गई है।जिसमें सैकड़ों गाड़ियों का काफिला शामिल हुआ।श्रद्धालु करनैलगंज स्थित सरयू घाट से सरयू नदी का जल लेकर सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा पहुंचेंगे जहाँ कलश स्थापना की जाएगी।जिले में रह पहली बार है जब इतनी दूर कलश यात्रा पैदल ना चलकर सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ निकाली गई है।श्रीराम कथा का शुभारंभ रविवार शाम 5 बजे से होगा,जिसमें पूज्य राजन जी महराज श्रीराम कथा महिमा का गुणगान करेंगे।कलश यात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत पुलिसकर्मी तैनात थे तथा पुलिस वाहन काफिले के आगे पीछे और बीच में चल रहे थे ताकि यात्रा सकुशल संपन्न हो सके।इस कलश यात्रा और नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन श्रीराम कथा आयोजन समिति द्वारा किया जा रहा है।इस कथा में कई वीवीआईपी लोगों के शामिल होने की संभावना है।इस कथा में देवी पाटन मंडल के चारों जिलों के साथ ही आसपास के चार अन्य मंडलों के लोगों को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित किया गया है।यह श्रीराम वर्ष 2022 में कटरा बाजार भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला द्वारा बुक की गई थी।चार साल के लंबे अंतराल के बाद अब इस कथा का आयोजन हो रहा है।श्रीराम कथा को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।खराब मौसम को देखते हुए भी उससे बचाव को लेकर भी इंतजाम किया गया है।इस श्रीराम कथा में योगी आदित्यनाथ सरकार के सभी मंत्रियों सहित सभी विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है।जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों शामिल हैं।
अयोध्या के राजस्व अभिलेखों को गोंडा में जलाया,पिकअप से लाकर पेट्रोल डालकर जलाया
*ढेमवाघाट पीपापुल के पास जलाए गए राजस्व अभिलेख

गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ढेमवाघाट पीपापुल के पास अयोध्या जिले के राजस्व अभिलेखों के जलाए जाने का मामला सामने आया है।इन अभिलेखों को एक पिकअप वाहन में लादकर लाया गया था और पेट्रोल डालकर जलाया गया है।मौके से कई अधजले दस्तावेज मिले हैं जो अयोध्या जिले के बताए जा रहे हैं।गोंडा जिला प्रशासन को इन अभिलेखों को जलाए जाने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई थी, इस घटना के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।जलाए गए  दस्तावेजों में खतौनी,बैनामा,स्टांप,इकरारनामा व वसीयतनामा जैसे महत्वपूर्ण कागजात शामिल थे।जिस ढेमवाघाट पीपापुल के पास यह घटना हुई है वहां से मात्र 500 मीटर की दूरी पर ढेमवाघाट पुलिस चौकी है।पुलिसकर्मियों को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी और ना तो उन्हें सूचित किया गया था।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि जलाए गए कागजात अयोध्या जिले के पुराने अभिलेख थे।उन्होंने पुष्टि किया कि पुलिसकर्मिर्यों को मौके पर भेज कर जांच कराई गई है और इसकी पुष्टि हुई है तथा उपजिलाधिकारी तरबगंज को भी इस पूरे मामले की जानकारी उपलब्ध करा दी गई है।मामले में उपजिलाधिकारी तरबगंज प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है कि अभिलेख कहां से लाए गए थे।उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस के अनुसार उक्त अभिलेख अयोध्या जिले के थे और राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर भेजा गया है।जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि यह अभिलेख हमारे गोंडा जनपद के नहीं हैं।उन्होंने यह भी बताया कि मौके से जो भी कागजात मिले हैं,उसको भी देखा जा रहा है।
आजमगढ़:सेवा का संदेश: समाजसेवी ने वृद्धाश्रम में बिताया दिन, जरूरतमंदों की मदद
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के शुक्लपूरा निवासी समाजसेवी, शिक्षिका एवं कवयित्री आराधना शुक्ला ने मानव सेवा की मिसाल पेश करते हुए असीलपुर स्थित वृद्धाश्रम में दिन बिताकर वृद्धजनों की सेवा की। शहर के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में अध्यापन कार्य कर रहीं आराधना ने निजी उत्सवों से अलग हटकर समाज के जरूरतमंद वर्ग के बीच समय बिताने का संदेश दिया।
वृद्धाश्रम पहुंचकर उन्होंने वहां रह रहे बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनके सुख-दुख को करीब से जाना। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों से भोजन वितरण कराया तथा फल व आवश्यक दवाइयों का वितरण भी किया। उनकी आत्मीयता और स्नेह से अभिभूत वृद्धजनों ने उन्हें आशीर्वाद दिया।
इस मौके पर आराधना शुक्ला ने कहा कि जरूरतमंदों के बीच समय बिताने से जो आत्मिक संतोष मिलता है, वह किसी भी अन्य सुख से बढ़कर है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने जीवन के खास पलों को सेवा और संवेदना से जोड़ें, ताकि समाज के वंचित वर्ग के जीवन में भी खुशियां लाई जा सकें।
आराधना शुक्ला की यह पहल सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता का संदेश देती है और यह दर्शाती है कि सच्ची खुशी दूसरों की सेवा और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने में ही निहित है।