झारखंड का औद्योगिक कायाकल्प: ₹1.27 लाख करोड़ के निवेश से स्टील और ग्रीन एनर्जी का वैश्विक हब बनेगा राज्य"

राँची, 04 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के विजनरी नेतृत्व में झारखंड 'ग्रीन स्टील' और अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा के बाद, टाटा स्टील और नवीन जिंदल समूह सहित दुनिया के कई बड़े औद्योगिक घरानों ने झारखंड में निवेश के लिए आशय पत्र (LoI) सौंपे हैं। कुल ₹1,27,000 करोड़ के ये निवेश प्रस्ताव राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
प्रमुख निवेश और औद्योगिक समूह
इस मेगा निवेश योजना में कई दिग्गज कंपनियों ने अपनी रुचि दिखाई है:
नवीन जिंदल समूह: ₹70,000 करोड़ का सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव।
टाटा स्टील: ₹11,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित।
उड़ीसा स्टील अलॉय: ₹25,000 करोड़ (लातेहार में स्टील और पावर सेक्टर)।
रुंगटा समूह: ₹10,300 करोड़ (सरायकेला-खरसावां में स्टील, पावर और सीमेंट)।
अमलगम स्टील: ₹4,980 करोड़ (कांड्रा, पूर्वी सिंहभूम)।
सनशाइन ग्लोबल कैपिटल (सिंगापुर): ₹3,000 करोड़ (10 मेगावाट AI डेटा सेंटर)।
अन्य: बीएमडब्लू (BMW) इंडस्ट्रीज, जय सस्पेंशन और अंबुजा सीमेंट।
रोजगार की नई क्रांति: 46,555 परिवारों को सीधा लाभ
इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से झारखंड के हुनरमंद युवाओं के लिए रोजगार का अंबार लगेगा। अनुमान के मुताबिक:
कुल प्रत्यक्ष रोजगार: 46,555 से अधिक।
उड़ीसा स्टील अलॉय: 20,000 नौकरियां।
रुंगटा समूह: 6,200 नौकरियां।
जय सस्पेंशन: 2,500 नौकरियां।
अमलगम स्टील: 3,000 नौकरियां।
'ग्रीन स्टील' और अत्याधुनिक तकनीक का युग
मुख्यमंत्री का लक्ष्य झारखंड को जीरो कार्बन उत्सर्जन वाला राज्य बनाना है। इसके लिए विश्व की सबसे उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा:
कार्बन उत्सर्जन में कमी: EASyMelt और Hisarna जैसी तकनीकों से उत्सर्जन को 50% से 80% तक कम किया जाएगा।
क्लीन एनर्जी: सोलर प्लांट और ग्रीन फील्ड न्यूक्लियर प्लांट के जरिए स्वच्छ ऊर्जा पर जोर।
हाई-टेक उत्पाद: ऑटोमोटिव और घरेलू उपकरणों के लिए जंग-रोधी 'Galvalume' और 'ZAM' कोटेड स्टील का उत्पादन होगा।
क्षेत्रीय संतुलन: लातेहार और बोकारो में औद्योगिक विस्तार
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार विकास केवल औद्योगिक हब तक सीमित नहीं रहेगा। लातेहार जैसे जिले में ₹25,000 करोड़ का निवेश पिछड़ापन दूर करने में मील का पत्थर साबित होगा। वहीं, बोकारो में उन्नत कोटिंग और आदित्यपुर में ऑटोमोटिव स्प्रिंग्स के निर्माण से झारखंड 'सप्लाई चेन' का वैश्विक लीडर बनेगा।
8 min ago
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