हरिद्वार में सनसनीखेज खुलासा: ‘सत्संगी बाबा’ ने रची डॉक्टर की हत्या की साजिश


* लक्सर में फायरिंग कांड का पर्दाफाश, गुरु-चेला गिरफ्तार; दो बार कराया हमला, दोनों बार बचा डॉक्टर

हरिद्वार। जिले के लक्सर क्षेत्र में डॉक्टर पर हुए जानलेवा हमले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में कथित ‘सत्संगी बाबा’ और उसके शिष्य को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि निजी रंजिश के चलते डॉक्टर की हत्या की साजिश रची गई थी।
पुलिस के अनुसार, लक्सर निवासी डॉ. सुमित चौधरी पर 27 अप्रैल को उस समय हमला किया गया था, जब वह अपनी सास का इलाज कराकर लौट रहे थे। उनकी कार पर बाइक सवार बदमाशों ने चार राउंड फायरिंग की, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। इससे पहले 14 अप्रैल को भी डॉक्टर और उनके साले पर फायरिंग की घटना हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले आरोपी शिष्य शुभम सैनी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि यह हमला उसने अपने गुरु के कहने पर किया था। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी बाबा मंगत दास उर्फ सागर को भी गिरफ्तार कर लिया, जो उत्तर प्रदेश के शामली जिले का रहने वाला है।
क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी के मुताबिक, आरोपी बाबा डॉक्टर और उसके साले से रंजिश रखता था। एक युवती के रिश्ते को लेकर विवाद हुआ था—बाबा उस युवती से शादी करना चाहता था, लेकिन डॉक्टर और उसके साले के कारण रिश्ता नहीं हो सका। इसी वजह से उसने डॉक्टर को रास्ते से हटाने की साजिश रची। योजना के तहत बाबा ने अपने शिष्य के साथ मिलकर दो बार फायरिंग करवाई, लेकिन दोनों बार डॉक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद की है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
देहरादून में बड़ा सफाई अभियान: 2 महीने में 8 हजार मीट्रिक टन कचरा हटाया

* नालों की सफाई से जलभराव पर रोक का प्रयास, “100 दिन, एक मिशन” अभियान तेजी से जारी

देहरादून। देहरादून नगर निगम द्वारा शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नदियों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से चलाया जा रहा विशेष सफाई अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। “100 दिन, एक मिशन–हमारी नदियों को पुनर्जीवित करना” अभियान के तहत दो महीनों में बड़ी सफलता हासिल की गई है।
नगर निगम के अनुसार, 8 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 7,922.94 मीट्रिक टन कचरा नालों और नालियों से निकाला जा चुका है। इस कचरे में प्लास्टिक, ठोस अपशिष्ट और अन्य अवरोधक सामग्री शामिल हैं, जो जल निकासी में बाधा बन रही थीं।
अभियान के तहत शहर के मुख्य नालों, सहायक नालों और आंतरिक नालियों की चरणबद्ध सफाई की जा रही है। अब तक 9 प्रमुख नालों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर कार्य जारी है। कचरा हटाने के लिए 6 जेसीबी मशीनें, 7 डंपर और 9 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग किया जा रहा है, साथ ही उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
नगर निगम विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस कर रहा है, जहां पूर्व में जलभराव की समस्या अधिक रही है, ताकि आगामी बारिश के मौसम में नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि अभियान की नियमित निगरानी की जा रही है और अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि नालों में कचरा, प्लास्टिक या निर्माण सामग्री न डालें, ताकि सफाई व्यवस्था बनी रहे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ और जलभराव मुक्त शहर के निर्माण में जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है। नगर निगम का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और देहरादून को स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर शहर बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा।
NH-24 विस्तार से न्यू मुरादाबाद बना रियल एस्टेट का नया हॉटस्पॉट

* बेहतर कनेक्टिविटी, किफायती कीमतें और योजनाबद्ध विकास से NCR के बाहर उभर रहा नया रेजिडेंशियल माइक्रो-मार्केट

नई दिल्ली/मुरादाबाद।
National Highway 24 (NH-9) कॉरिडोर के विस्तार और तेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने मुरादाबाद के रियल एस्टेट परिदृश्य को नई दिशा दे दी है। बेहतर कनेक्टिविटी, योजनाबद्ध टाउनशिप और किफायती प्रॉपर्टी कीमतों के चलते न्यू मुरादाबाद अब एक उभरते हुए रेजिडेंशियल माइक्रो-मार्केट के रूप में सामने आ रहा है।
मल्टी-लेन हाईवे में विस्तार से दिल्ली-NCR और मुरादाबाद के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे न केवल यात्री आवागमन आसान हुआ है, बल्कि माल परिवहन में भी तेजी आई है। मुरादाबाद, जो पहले से ही एक प्रमुख इंडस्ट्रियल-एक्सपोर्ट हब है, अब धीरे-धीरे एक आकर्षक आवासीय गंतव्य के रूप में भी विकसित हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास कॉरिडोर अब रियल एस्टेट ग्रोथ को दिशा दे रहे हैं। NH-24 के प्रभाव से मुरादाबाद जैसे शहर NCR के प्रभाव क्षेत्र में आ रहे हैं, जिससे पारंपरिक रियल एस्टेट हब से बाहर निवेश के नए अवसर बन रहे हैं।
इस विकास को और गति देने के लिए प्रस्तावित Ganga Expressway भी अहम भूमिका निभाएगा, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को NCR और राज्य के अन्य हिस्सों से बेहतर जोड़ेगा। इससे गाजियाबाद और नोएडा जैसे पारंपरिक बाजारों के बाहर भी रियल एस्टेट गतिविधियों का विस्तार हो रहा है।
सरकारी निवेश भी इस बदलाव को मजबूती दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पश्चिमी यूपी में टाउनशिप विकास के लिए लगभग ₹3,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें से ₹1,300 करोड़ से अधिक की राशि मुरादाबाद में 1,200+ एकड़ के बड़े योजनाबद्ध टाउनशिप प्रोजेक्ट के लिए आवंटित की गई है।
शहर में ₹33 करोड़ से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट—जैसे ड्रेनेज सिस्टम, इंडोर स्टेडियम और डिजिटल लाइब्रेरी—नागरिक सुविधाओं और जीवन स्तर को बेहतर बनाने में योगदान दे रहे हैं।
न्यू मुरादाबाद, शहर के पारंपरिक और भीड़भाड़ वाले इलाकों के मुकाबले एक सुव्यवस्थित और आधुनिक विकल्प के रूप में उभर रहा है। चौड़ी सड़कें, बेहतर लेआउट और अलग-अलग रेजिडेंशियल व इंस्टीट्यूशनल सेक्टर इसे एक संगठित शहरी इकोसिस्टम बनाते हैं।
आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आई है। NH-24 पर दलपतपुर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) ने लॉजिस्टिक्स क्षमता को मजबूत किया है, जिससे पीतल और हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ावा मिला है और रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
लाइवेबिलिटी के लिहाज से भी यह क्षेत्र आकर्षक बन रहा है। NCR की तुलना में कम भीड़भाड़, अपेक्षाकृत स्वच्छ वातावरण और अधिक खुली जगहें घर खरीदारों को आकर्षित कर रही हैं। महामारी के बाद बदलती प्राथमिकताओं के चलते लोग अब बेहतर जीवन गुणवत्ता और किफायती विकल्पों की तलाश में हैं, जिसमें न्यू मुरादाबाद उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतर रहा है।
कुल मिलाकर, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और किफायत का संयोजन न्यू मुरादाबाद को NCR के रेजिडेंशियल मार्केट के एक रणनीतिक विस्तार के रूप में स्थापित कर रहा है, जहां भविष्य में निवेश और आवास दोनों के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
बीजेपी का हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता, राहुल गांधी का गंभीर आरोप, हरियाणा सरकार को बताया घुसपैठिया

#everysixthbjpmpwonbyvotetheftrahulgandhisbigattack

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में भाजपा के हर छठे सांसद ने वोट चोरी के जरिए जीत हासिल की है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं तो बीजेपी 140 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।

राहुल ने पूछा- क्या उन्हें ‘घुसपैठिए’ कहें?

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 बीजेपी सांसदों में से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं। क्या उन्हें बीजेपी की भाषा में ‘घुसपैठिए’ कहें? और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही ‘घुसपैठिया’ है। जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं। वो ख़ुद “remote controlled” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।’

बंगाल और असम के नतीजों पर भी बोला हमला

राहुल गांधी ने इससे पहले पश्चिम बंगाल और असम के नतीजों के बाद भी बीजेपी पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि असम और पश्चिम बंगाल में 'जनादेश की चोरी' देश के लोकतंत्र को नष्ट करने के भारतीय जनता पार्टी के 'मिशन' के तहत उठाया गया बड़ा कदम है। कांग्रेस के 'कुछ लोगों' और उन दूसरे लोगों को अच्छी तरह समझने की जरूरत है जो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार से खुश हो रहे हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा था कि क्षुद्र राजनीति को किनारे रखें, यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी के बारे में नहीं है, यह भारत के बारे में है।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत पर बांग्लादेश की खिलीं बांछे, सुलझेगा दशकों पुराना तीस्ता जल विवाद?

#bangladeshindiateestawatersharinghopesafterbjpwestbengalassembly_win

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत देश की सियासी गलियारों में ही चर्चा का विषय नहीं है। इस जीत पर पड़ोसी देश बांग्लादेश की राजनीतिक पार्टियों के भीतर भी कई तरह की चर्चा और विश्लेषण हो रहे हैं। इस बड़ी चुनावी जीत ने क्षेत्रीय कूटनीति और राजनीति में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत मिल रहे है।

तीस्ता जल समझौते को लेकर जगी उम्मीद

बांग्लादेश की सत्ताधारी 'बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी' (बीएनपी) ने पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज करने पर भाजपा को औपचारिक रूप से अपनी बधाई दी है। इसके साथ ही बांग्लादेश ने भारत को लेकर बड़ी उम्मीद जताई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए लंबे समय से अटके तीस्ता जल समझौते पर विचार किया जा सकता है।

पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के बीच संबंधों में सुधार की आस

वहीं, बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी बीएनपी के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है। हेलाल ने कहा कि वह विजेता पार्टी भाजपा और शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की यह जीत सुनिश्चित करेगी कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सरकार के बीच संबंध पहले की तरह ही अच्छे और मजबूत बने रहें। बीएनपी के इस पूरे बयान में सबसे अहम बात तीस्ता जल बंटवारा संधि को लेकर कही गई है, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से अधर में लटकी हुई है।

तीस्ता जल को लेकर बन गई थी सहमति

सितम्बर 2011 में बांग्लादेश और भारत के जल संसाधन मंत्रियों के बीच तीस्ता समझौते पर सहमति बन गई थी। उम्मीद थी कि भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ढाका यात्रा के दौरान इस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध के कारण यह समझौता रुक गया। बता दें कि ममता बनर्जी को भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल विवाद को सुलझाने की कोशिशों में एक रुकावट के तौर पर देखा जाता रहा है।

शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बिगड़े रिश्ते

शेख हसीना सरकार के अगस्त 2024 में गिरने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे, जो अब तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों, भारत में बांग्लादेश मिशन पर हमले, भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की मांग, ढाका में भारतीय दूतावास के सांस्कृतिक केंद्र पर हमले, वीजा सेवाओं में ठहराव, व्यापारिक सुविधाओं में कटौती, और भारत में टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट खेलने से बांग्लादेश क्रिकेट टीम के इनकार करने जैसी कई घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों को निचले स्तर तक पहुंचा दिया था। हालांकि, बांग्लादेश में फ़रवरी में हुए आम चुनाव के बाद दोनों देशों ने संबंध सुधारने की कोशिशें शुरू की हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान दिल्ली का दौरा भी कर चुके हैं।

वीडियो रिकॉर्डिंग से मना करने पर थाने में ही दारोगा को युवक ने जड़ा थप्पड़

संजीव सिंह बलिया। जनपद के नगरा थाने में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जमीन विवाद के सिलसिले में दोनों पक्षों के बीच हो रही बातचीत को एक युवक मोबाइल से रिकॉर्ड करने लगा। दारोगा दिनेश यादव ने उसे मना किया, लेकिन युवक नहीं माना। गुस्साए दारोगा ने मोबाइल छीन लिया और युवक को थप्पड़ जड़ दिया। इसके जवाब में युवक अमित यादव ने भी दारोगा को जोरदार थप्पड़ मार दिया।घटना के बाद आरोपी मौके से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे पकड़कर हिरासत में ले लिया। दारोगा की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश कर दिया।अब बड़ा सवाल उठ रहा है कि अगर थाने के दारोगा ही थाने में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की क्या स्थिति होगी? यह घटना पुलिस व्यवस्था और जनता के बीच विश्वास के संकट को उजागर करती है।
रालोद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक, पदाधिकारियों को दिए नियुक्ति पत्र
मेरठ। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के पार्टी कार्यालय पर अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संगठन को मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष हाजी जहीर अब्बासी द्वारा प्रकोष्ठ के नव-नियुक्त पदाधिकारियों को मनोनयन पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ दिलनवाज खान उपस्थित रहे। उनके साथ प्रदेश मुख्य महासचिव दिलप्रीत कोहली, अल्पसंख्यक आयोग सदस्य नरेंद्र खजूरी, सुनील रोहटा, क्षेत्र अध्यक्ष मारूफ अली एवं जिलाध्यक्ष अनिकेत भारद्वाज, अरशद अल्वी भी मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि संगठन की मजबूती ही पार्टी की ताकत है। सभी कार्यकर्ताओं को मिलकर पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को आम जनता तक पहुंचाना चाहिए। साथ ही अल्पसंख्यक समाज के हितों के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर हाजी जहीर अब्बासी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में नूर हसन अब्बासी, रफ़ी सलमानी, समीर चौहान, ताज मुहम्मद,इरफान सौन्दत को जिला उपाध्यक्ष, नौशाद सोलाना, अजमत खान, निजाम सैफी को जिला सचिव व आबिद, मो सुएब, साजिद, वकील अब्बासी,को जिला सदस्य का नियुक्ति पत्र देकर कार्यक्रम का समापन आपसी संवाद और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
मेला देखने गया 7 वर्षीय मासूम मिला मृत, मक्के के खेत में शव मिलने से सनसनी।

संदीप शुक्ला
मल्लावां (हरदोई)। थाना क्षेत्र के ग्राम मटियामऊ में एक 7 वर्षीय बालक अबू सुहेल का शव मक्के के खेत में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मासूम 1 मई को गांव में मेला देखने निकला था, जिसके बाद वह घर वापस नहीं लौटा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी  अकील पुत्र समीदुल हसन निवासी ग्राम मटियामऊ ने 2 मई 2026 को थाना मल्लावां में अपने पुत्र के लापता होने की तहरीर दी थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बालक की तलाश शुरू कर दी थी। इसके लिए थाना स्तर पर दो टीमों का गठन किया गया था, जो लगातार खोजबीन में जुटी थीं।
इसी क्रम में मंगलवार 5 मई को बालक का शव गांव के बाहर एक मक्के के खेत में बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना पर पुलिस और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्रवाई भी की गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूर्ण कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुबोध गौतम ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। इस घटना से गांव में शोक और दहशत का माहौल है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मझिला थाना क्षेत्र के गांव में धधक रही कच्ची शराब की भट्टियां
कुटीर उद्योग की तरह पुलिस से मिलकर चल रहा गोरखधंधा

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। मंझिला पुलिस की मिली भगत कहे या लापरवाही फिलहाल थाना क्षेत्र में कच्ची शराब का गोरख धंधा बड़े पैमाने पर हो रहा है। आबकारी विभाग और पुलिस इस गोरख धंधे से पूरी तरह से अनजान है। प्रभारी निरीक्षक इस गोरख धंधे से पूरी तरह से अंजान बने हुए बैठे हैं। मंझिला थाना क्षेत्र के ग्राम टुमुरकी, कुसुमा, दौलतपुर, जमुरा, धियरा, अंडौआ, चेना एवं आलमनगर सहित आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में महिलाएं और पुरुष कच्ची शराब का गोरख धंधा कर रहे हैं। यह गोरख धंधेबाज यूरिया, ईस्ट जैसे घातक केमिकल का प्रयोग करके कच्ची शराब का निर्माण कर रहे हैं। जिसका सेवन करके बड़ी संख्या में लोग बीमार हो रहे हैं और मौत का शिकार हो रहे हैं। मंझिला पुलिस ने शराब कारोबारियों के खिलाफ कभी भी अभियान चलाना मुनासिब नहीं समझा। नतीजा यह है कच्ची शराब का कारोबार दिन दूना रात चौगुना बढ़ता जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार पूरी तरह से इस गोरख धंधे के प्रति लापरवाह बने हुए हैं।
शिक्षामित्र सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण का भव्य शुभारंभ समारोह हुआ आयोजित
फर्रुखाबाद l बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षामित्रों के सम्मान एवं उनके बढ़े हुए मानदेय वितरण के शुभारंभ हेतु एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षामित्रों के समर्पण, उनके महत्वपूर्ण योगदान एवं शिक्षा व्यवस्था में उनकी सशक्त भूमिका को सम्मानित करना तथा प्रदेश सरकार द्वारा उनके कल्याण हेतु उठाए गए कदमों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में सांसद मुकेश राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव,  विधायक अमृतपुर  सुशील शाक्य, जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर एवं मुख्य विकास अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। सभी अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया तथा शिक्षामित्रों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
इस दौरान गोरखपुर से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी देखा गया, जिसमें शिक्षामित्रों के कल्याण हेतु प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता एवं विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उपस्थित शिक्षामित्रों एवं जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री जी के विचारों एवं घोषणाओं का स्वागत किया।
अपने संबोधन में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि शिक्षामित्र प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव हैं, जिनके अथक प्रयासों से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा का व्यापक प्रसार संभव हुआ है। प्रदेश सरकार उनके योगदान को सम्मान देते हुए उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में शिक्षामित्रों के मानदेय में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। पूर्व में ₹3,500 से बढ़ाकर ₹10,000 किए गए मानदेय को अब पुनः बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह निर्णय शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जनपद में कुल 1,515 शिक्षामित्र इस निर्णय से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। मानदेय वृद्धि के फलस्वरूप कुल व्यय ₹1,55,50,000 से बढ़कर ₹2,72,70,000 हो गया है, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार अपेक्षित है।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर उन्हें गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। नई स्थानांतरण नीति के अंतर्गत शिक्षामित्रों को व्यापक राहत प्रदान की गई है, जिससे वे अपनी पारिवारिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप कार्यस्थल का चयन कर सकेंगे।
महिला शिक्षामित्रों के सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए 360 दिवस के मातृत्व अवकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जो उनके अधिकारों के संरक्षण एवं सम्मान का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक विकास खण्ड से 03 शिक्षामित्रों (कुल 24 शिक्षामित्रों) को प्रतीकात्मक रूप से चेक वितरण कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर शिक्षामित्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया तथा इसे अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला निर्णय बताया।
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने कहा कि “परिवर्तन की बहती बयार, 9 वर्ष योगी सरकार” के संकल्प के साथ प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार एवं विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे आने वाली पीढ़ी को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
हरिद्वार में सनसनीखेज खुलासा: ‘सत्संगी बाबा’ ने रची डॉक्टर की हत्या की साजिश


* लक्सर में फायरिंग कांड का पर्दाफाश, गुरु-चेला गिरफ्तार; दो बार कराया हमला, दोनों बार बचा डॉक्टर

हरिद्वार। जिले के लक्सर क्षेत्र में डॉक्टर पर हुए जानलेवा हमले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में कथित ‘सत्संगी बाबा’ और उसके शिष्य को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि निजी रंजिश के चलते डॉक्टर की हत्या की साजिश रची गई थी।
पुलिस के अनुसार, लक्सर निवासी डॉ. सुमित चौधरी पर 27 अप्रैल को उस समय हमला किया गया था, जब वह अपनी सास का इलाज कराकर लौट रहे थे। उनकी कार पर बाइक सवार बदमाशों ने चार राउंड फायरिंग की, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। इससे पहले 14 अप्रैल को भी डॉक्टर और उनके साले पर फायरिंग की घटना हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले आरोपी शिष्य शुभम सैनी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि यह हमला उसने अपने गुरु के कहने पर किया था। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी बाबा मंगत दास उर्फ सागर को भी गिरफ्तार कर लिया, जो उत्तर प्रदेश के शामली जिले का रहने वाला है।
क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी के मुताबिक, आरोपी बाबा डॉक्टर और उसके साले से रंजिश रखता था। एक युवती के रिश्ते को लेकर विवाद हुआ था—बाबा उस युवती से शादी करना चाहता था, लेकिन डॉक्टर और उसके साले के कारण रिश्ता नहीं हो सका। इसी वजह से उसने डॉक्टर को रास्ते से हटाने की साजिश रची। योजना के तहत बाबा ने अपने शिष्य के साथ मिलकर दो बार फायरिंग करवाई, लेकिन दोनों बार डॉक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद की है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
देहरादून में बड़ा सफाई अभियान: 2 महीने में 8 हजार मीट्रिक टन कचरा हटाया

* नालों की सफाई से जलभराव पर रोक का प्रयास, “100 दिन, एक मिशन” अभियान तेजी से जारी

देहरादून। देहरादून नगर निगम द्वारा शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नदियों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से चलाया जा रहा विशेष सफाई अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। “100 दिन, एक मिशन–हमारी नदियों को पुनर्जीवित करना” अभियान के तहत दो महीनों में बड़ी सफलता हासिल की गई है।
नगर निगम के अनुसार, 8 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 7,922.94 मीट्रिक टन कचरा नालों और नालियों से निकाला जा चुका है। इस कचरे में प्लास्टिक, ठोस अपशिष्ट और अन्य अवरोधक सामग्री शामिल हैं, जो जल निकासी में बाधा बन रही थीं।
अभियान के तहत शहर के मुख्य नालों, सहायक नालों और आंतरिक नालियों की चरणबद्ध सफाई की जा रही है। अब तक 9 प्रमुख नालों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर कार्य जारी है। कचरा हटाने के लिए 6 जेसीबी मशीनें, 7 डंपर और 9 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग किया जा रहा है, साथ ही उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
नगर निगम विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस कर रहा है, जहां पूर्व में जलभराव की समस्या अधिक रही है, ताकि आगामी बारिश के मौसम में नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि अभियान की नियमित निगरानी की जा रही है और अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि नालों में कचरा, प्लास्टिक या निर्माण सामग्री न डालें, ताकि सफाई व्यवस्था बनी रहे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ और जलभराव मुक्त शहर के निर्माण में जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है। नगर निगम का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और देहरादून को स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर शहर बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा।
NH-24 विस्तार से न्यू मुरादाबाद बना रियल एस्टेट का नया हॉटस्पॉट

* बेहतर कनेक्टिविटी, किफायती कीमतें और योजनाबद्ध विकास से NCR के बाहर उभर रहा नया रेजिडेंशियल माइक्रो-मार्केट

नई दिल्ली/मुरादाबाद।
National Highway 24 (NH-9) कॉरिडोर के विस्तार और तेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने मुरादाबाद के रियल एस्टेट परिदृश्य को नई दिशा दे दी है। बेहतर कनेक्टिविटी, योजनाबद्ध टाउनशिप और किफायती प्रॉपर्टी कीमतों के चलते न्यू मुरादाबाद अब एक उभरते हुए रेजिडेंशियल माइक्रो-मार्केट के रूप में सामने आ रहा है।
मल्टी-लेन हाईवे में विस्तार से दिल्ली-NCR और मुरादाबाद के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे न केवल यात्री आवागमन आसान हुआ है, बल्कि माल परिवहन में भी तेजी आई है। मुरादाबाद, जो पहले से ही एक प्रमुख इंडस्ट्रियल-एक्सपोर्ट हब है, अब धीरे-धीरे एक आकर्षक आवासीय गंतव्य के रूप में भी विकसित हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास कॉरिडोर अब रियल एस्टेट ग्रोथ को दिशा दे रहे हैं। NH-24 के प्रभाव से मुरादाबाद जैसे शहर NCR के प्रभाव क्षेत्र में आ रहे हैं, जिससे पारंपरिक रियल एस्टेट हब से बाहर निवेश के नए अवसर बन रहे हैं।
इस विकास को और गति देने के लिए प्रस्तावित Ganga Expressway भी अहम भूमिका निभाएगा, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को NCR और राज्य के अन्य हिस्सों से बेहतर जोड़ेगा। इससे गाजियाबाद और नोएडा जैसे पारंपरिक बाजारों के बाहर भी रियल एस्टेट गतिविधियों का विस्तार हो रहा है।
सरकारी निवेश भी इस बदलाव को मजबूती दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पश्चिमी यूपी में टाउनशिप विकास के लिए लगभग ₹3,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें से ₹1,300 करोड़ से अधिक की राशि मुरादाबाद में 1,200+ एकड़ के बड़े योजनाबद्ध टाउनशिप प्रोजेक्ट के लिए आवंटित की गई है।
शहर में ₹33 करोड़ से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट—जैसे ड्रेनेज सिस्टम, इंडोर स्टेडियम और डिजिटल लाइब्रेरी—नागरिक सुविधाओं और जीवन स्तर को बेहतर बनाने में योगदान दे रहे हैं।
न्यू मुरादाबाद, शहर के पारंपरिक और भीड़भाड़ वाले इलाकों के मुकाबले एक सुव्यवस्थित और आधुनिक विकल्प के रूप में उभर रहा है। चौड़ी सड़कें, बेहतर लेआउट और अलग-अलग रेजिडेंशियल व इंस्टीट्यूशनल सेक्टर इसे एक संगठित शहरी इकोसिस्टम बनाते हैं।
आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आई है। NH-24 पर दलपतपुर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) ने लॉजिस्टिक्स क्षमता को मजबूत किया है, जिससे पीतल और हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ावा मिला है और रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
लाइवेबिलिटी के लिहाज से भी यह क्षेत्र आकर्षक बन रहा है। NCR की तुलना में कम भीड़भाड़, अपेक्षाकृत स्वच्छ वातावरण और अधिक खुली जगहें घर खरीदारों को आकर्षित कर रही हैं। महामारी के बाद बदलती प्राथमिकताओं के चलते लोग अब बेहतर जीवन गुणवत्ता और किफायती विकल्पों की तलाश में हैं, जिसमें न्यू मुरादाबाद उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतर रहा है।
कुल मिलाकर, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और किफायत का संयोजन न्यू मुरादाबाद को NCR के रेजिडेंशियल मार्केट के एक रणनीतिक विस्तार के रूप में स्थापित कर रहा है, जहां भविष्य में निवेश और आवास दोनों के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
बीजेपी का हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता, राहुल गांधी का गंभीर आरोप, हरियाणा सरकार को बताया घुसपैठिया

#everysixthbjpmpwonbyvotetheftrahulgandhisbigattack

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में भाजपा के हर छठे सांसद ने वोट चोरी के जरिए जीत हासिल की है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं तो बीजेपी 140 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।

राहुल ने पूछा- क्या उन्हें ‘घुसपैठिए’ कहें?

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 बीजेपी सांसदों में से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं। क्या उन्हें बीजेपी की भाषा में ‘घुसपैठिए’ कहें? और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही ‘घुसपैठिया’ है। जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं। वो ख़ुद “remote controlled” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।’

बंगाल और असम के नतीजों पर भी बोला हमला

राहुल गांधी ने इससे पहले पश्चिम बंगाल और असम के नतीजों के बाद भी बीजेपी पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि असम और पश्चिम बंगाल में 'जनादेश की चोरी' देश के लोकतंत्र को नष्ट करने के भारतीय जनता पार्टी के 'मिशन' के तहत उठाया गया बड़ा कदम है। कांग्रेस के 'कुछ लोगों' और उन दूसरे लोगों को अच्छी तरह समझने की जरूरत है जो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार से खुश हो रहे हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा था कि क्षुद्र राजनीति को किनारे रखें, यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी के बारे में नहीं है, यह भारत के बारे में है।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत पर बांग्लादेश की खिलीं बांछे, सुलझेगा दशकों पुराना तीस्ता जल विवाद?

#bangladeshindiateestawatersharinghopesafterbjpwestbengalassembly_win

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत देश की सियासी गलियारों में ही चर्चा का विषय नहीं है। इस जीत पर पड़ोसी देश बांग्लादेश की राजनीतिक पार्टियों के भीतर भी कई तरह की चर्चा और विश्लेषण हो रहे हैं। इस बड़ी चुनावी जीत ने क्षेत्रीय कूटनीति और राजनीति में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत मिल रहे है।

तीस्ता जल समझौते को लेकर जगी उम्मीद

बांग्लादेश की सत्ताधारी 'बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी' (बीएनपी) ने पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज करने पर भाजपा को औपचारिक रूप से अपनी बधाई दी है। इसके साथ ही बांग्लादेश ने भारत को लेकर बड़ी उम्मीद जताई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए लंबे समय से अटके तीस्ता जल समझौते पर विचार किया जा सकता है।

पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के बीच संबंधों में सुधार की आस

वहीं, बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी बीएनपी के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है। हेलाल ने कहा कि वह विजेता पार्टी भाजपा और शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की यह जीत सुनिश्चित करेगी कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सरकार के बीच संबंध पहले की तरह ही अच्छे और मजबूत बने रहें। बीएनपी के इस पूरे बयान में सबसे अहम बात तीस्ता जल बंटवारा संधि को लेकर कही गई है, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से अधर में लटकी हुई है।

तीस्ता जल को लेकर बन गई थी सहमति

सितम्बर 2011 में बांग्लादेश और भारत के जल संसाधन मंत्रियों के बीच तीस्ता समझौते पर सहमति बन गई थी। उम्मीद थी कि भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ढाका यात्रा के दौरान इस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध के कारण यह समझौता रुक गया। बता दें कि ममता बनर्जी को भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल विवाद को सुलझाने की कोशिशों में एक रुकावट के तौर पर देखा जाता रहा है।

शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बिगड़े रिश्ते

शेख हसीना सरकार के अगस्त 2024 में गिरने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे, जो अब तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों, भारत में बांग्लादेश मिशन पर हमले, भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की मांग, ढाका में भारतीय दूतावास के सांस्कृतिक केंद्र पर हमले, वीजा सेवाओं में ठहराव, व्यापारिक सुविधाओं में कटौती, और भारत में टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट खेलने से बांग्लादेश क्रिकेट टीम के इनकार करने जैसी कई घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों को निचले स्तर तक पहुंचा दिया था। हालांकि, बांग्लादेश में फ़रवरी में हुए आम चुनाव के बाद दोनों देशों ने संबंध सुधारने की कोशिशें शुरू की हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान दिल्ली का दौरा भी कर चुके हैं।

वीडियो रिकॉर्डिंग से मना करने पर थाने में ही दारोगा को युवक ने जड़ा थप्पड़

संजीव सिंह बलिया। जनपद के नगरा थाने में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जमीन विवाद के सिलसिले में दोनों पक्षों के बीच हो रही बातचीत को एक युवक मोबाइल से रिकॉर्ड करने लगा। दारोगा दिनेश यादव ने उसे मना किया, लेकिन युवक नहीं माना। गुस्साए दारोगा ने मोबाइल छीन लिया और युवक को थप्पड़ जड़ दिया। इसके जवाब में युवक अमित यादव ने भी दारोगा को जोरदार थप्पड़ मार दिया।घटना के बाद आरोपी मौके से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे पकड़कर हिरासत में ले लिया। दारोगा की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश कर दिया।अब बड़ा सवाल उठ रहा है कि अगर थाने के दारोगा ही थाने में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की क्या स्थिति होगी? यह घटना पुलिस व्यवस्था और जनता के बीच विश्वास के संकट को उजागर करती है।
रालोद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक, पदाधिकारियों को दिए नियुक्ति पत्र
मेरठ। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के पार्टी कार्यालय पर अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संगठन को मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष हाजी जहीर अब्बासी द्वारा प्रकोष्ठ के नव-नियुक्त पदाधिकारियों को मनोनयन पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ दिलनवाज खान उपस्थित रहे। उनके साथ प्रदेश मुख्य महासचिव दिलप्रीत कोहली, अल्पसंख्यक आयोग सदस्य नरेंद्र खजूरी, सुनील रोहटा, क्षेत्र अध्यक्ष मारूफ अली एवं जिलाध्यक्ष अनिकेत भारद्वाज, अरशद अल्वी भी मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि संगठन की मजबूती ही पार्टी की ताकत है। सभी कार्यकर्ताओं को मिलकर पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को आम जनता तक पहुंचाना चाहिए। साथ ही अल्पसंख्यक समाज के हितों के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर हाजी जहीर अब्बासी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में नूर हसन अब्बासी, रफ़ी सलमानी, समीर चौहान, ताज मुहम्मद,इरफान सौन्दत को जिला उपाध्यक्ष, नौशाद सोलाना, अजमत खान, निजाम सैफी को जिला सचिव व आबिद, मो सुएब, साजिद, वकील अब्बासी,को जिला सदस्य का नियुक्ति पत्र देकर कार्यक्रम का समापन आपसी संवाद और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
मेला देखने गया 7 वर्षीय मासूम मिला मृत, मक्के के खेत में शव मिलने से सनसनी।

संदीप शुक्ला
मल्लावां (हरदोई)। थाना क्षेत्र के ग्राम मटियामऊ में एक 7 वर्षीय बालक अबू सुहेल का शव मक्के के खेत में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मासूम 1 मई को गांव में मेला देखने निकला था, जिसके बाद वह घर वापस नहीं लौटा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी  अकील पुत्र समीदुल हसन निवासी ग्राम मटियामऊ ने 2 मई 2026 को थाना मल्लावां में अपने पुत्र के लापता होने की तहरीर दी थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बालक की तलाश शुरू कर दी थी। इसके लिए थाना स्तर पर दो टीमों का गठन किया गया था, जो लगातार खोजबीन में जुटी थीं।
इसी क्रम में मंगलवार 5 मई को बालक का शव गांव के बाहर एक मक्के के खेत में बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना पर पुलिस और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्रवाई भी की गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूर्ण कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुबोध गौतम ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। इस घटना से गांव में शोक और दहशत का माहौल है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मझिला थाना क्षेत्र के गांव में धधक रही कच्ची शराब की भट्टियां
कुटीर उद्योग की तरह पुलिस से मिलकर चल रहा गोरखधंधा

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। मंझिला पुलिस की मिली भगत कहे या लापरवाही फिलहाल थाना क्षेत्र में कच्ची शराब का गोरख धंधा बड़े पैमाने पर हो रहा है। आबकारी विभाग और पुलिस इस गोरख धंधे से पूरी तरह से अनजान है। प्रभारी निरीक्षक इस गोरख धंधे से पूरी तरह से अंजान बने हुए बैठे हैं। मंझिला थाना क्षेत्र के ग्राम टुमुरकी, कुसुमा, दौलतपुर, जमुरा, धियरा, अंडौआ, चेना एवं आलमनगर सहित आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में महिलाएं और पुरुष कच्ची शराब का गोरख धंधा कर रहे हैं। यह गोरख धंधेबाज यूरिया, ईस्ट जैसे घातक केमिकल का प्रयोग करके कच्ची शराब का निर्माण कर रहे हैं। जिसका सेवन करके बड़ी संख्या में लोग बीमार हो रहे हैं और मौत का शिकार हो रहे हैं। मंझिला पुलिस ने शराब कारोबारियों के खिलाफ कभी भी अभियान चलाना मुनासिब नहीं समझा। नतीजा यह है कच्ची शराब का कारोबार दिन दूना रात चौगुना बढ़ता जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार पूरी तरह से इस गोरख धंधे के प्रति लापरवाह बने हुए हैं।
शिक्षामित्र सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण का भव्य शुभारंभ समारोह हुआ आयोजित
फर्रुखाबाद l बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षामित्रों के सम्मान एवं उनके बढ़े हुए मानदेय वितरण के शुभारंभ हेतु एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षामित्रों के समर्पण, उनके महत्वपूर्ण योगदान एवं शिक्षा व्यवस्था में उनकी सशक्त भूमिका को सम्मानित करना तथा प्रदेश सरकार द्वारा उनके कल्याण हेतु उठाए गए कदमों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में सांसद मुकेश राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव,  विधायक अमृतपुर  सुशील शाक्य, जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर एवं मुख्य विकास अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। सभी अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया तथा शिक्षामित्रों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
इस दौरान गोरखपुर से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी देखा गया, जिसमें शिक्षामित्रों के कल्याण हेतु प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता एवं विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उपस्थित शिक्षामित्रों एवं जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री जी के विचारों एवं घोषणाओं का स्वागत किया।
अपने संबोधन में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि शिक्षामित्र प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव हैं, जिनके अथक प्रयासों से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा का व्यापक प्रसार संभव हुआ है। प्रदेश सरकार उनके योगदान को सम्मान देते हुए उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में शिक्षामित्रों के मानदेय में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। पूर्व में ₹3,500 से बढ़ाकर ₹10,000 किए गए मानदेय को अब पुनः बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह निर्णय शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जनपद में कुल 1,515 शिक्षामित्र इस निर्णय से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। मानदेय वृद्धि के फलस्वरूप कुल व्यय ₹1,55,50,000 से बढ़कर ₹2,72,70,000 हो गया है, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार अपेक्षित है।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर उन्हें गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। नई स्थानांतरण नीति के अंतर्गत शिक्षामित्रों को व्यापक राहत प्रदान की गई है, जिससे वे अपनी पारिवारिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप कार्यस्थल का चयन कर सकेंगे।
महिला शिक्षामित्रों के सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए 360 दिवस के मातृत्व अवकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जो उनके अधिकारों के संरक्षण एवं सम्मान का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक विकास खण्ड से 03 शिक्षामित्रों (कुल 24 शिक्षामित्रों) को प्रतीकात्मक रूप से चेक वितरण कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर शिक्षामित्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया तथा इसे अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला निर्णय बताया।
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने कहा कि “परिवर्तन की बहती बयार, 9 वर्ष योगी सरकार” के संकल्प के साथ प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार एवं विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे आने वाली पीढ़ी को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।