वाहन खड़ा करने को लेकर विवाद, लाठी डंडे व ईट पत्थर चले,महिला सहित आधा दर्जन घायल, पुलिस घायलों का कराया मेडिकल

फर्रुखाबाद। नगर पंचायत के नवाबगंज के एक मोहल्ला में दो पक्षों में जमकर लाठी डंडे व ईंट पत्थर चलने से दोनों पक्ष के आधा दर्जन लोग घायल हो गए, घायलों में एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।
आरोप है कि मंगलवार को कस्बा के चिकों वाली गली निवासी एक युवक अपनी कार को पड़ोसी युवक की जगह पर खड़ा कर देते है। जिसे पड़ोसी युवक ने खड़ा करने से मना किया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में कहा सुनी हो गई तो दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ थाना पुलिस को तहरीर दी। शाम तक दोनों पक्षों का समझौता हो गया। दूसरे दिन बुधवार शाम को किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में फिर से विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी डंडे व ईंट पत्थर चलने लगे। मारपीट के दौरान कई लोग घायल हो गए। जिसमें एक पक्ष से एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। थाने पहुंचकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के लिए तहरीर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों का मेडिकल परीक्षण के लिए सीएचसी नवाबगंज में भेज दिया। इस बीच मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में युवक व उसके घर की महिलाएं जिसकी जगह पर गाड़ी खड़ी करने की आपत्ति जताई, उसके दरवाजे पर जाकर मारपीट करते दिखाई दे रहे है।
खेतों में नंगे लोहे के तारों में प्रभावित था करंट, आढत कर्मचारी के चपेट में आने से दर्दनाक मौत

परिजनों का खेत  मलिक के बीच  मारपीट, ईट पत्थर चले, पुलिस में पहुंचकर मामले को किया शांत

फर्रुखाबाद l बिजली के करंट की चपेट में आने से आढ़त कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों और खेत मालिक के बीच कहासुनी हुई और देखते ही देखते मारपीट के साथ ही पथराव में बदल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया।
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के ग्राम आरापूरा पहाड़पुर निवासी 40 वर्षीय सर्वेश यादव पुत्र दुशासन यादव, अरे पहाड़पुर में सचिन यादव की सब्जी आढ़त पर कर्मचारी थे। मृतक के भाई देवेंद्र यादव ने बताया कि बुधवार शाम करीब आठ बजे सर्वेश यादव आढ़त से पैदल घर लौट रहे थे। इस दौरान बहादुरगंज निवासी एकलव्य पुत्र रामलाल के खेत में लगे लोहे के तारों में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी सुबह परिजनों को हुई, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे तो सर्वेश यादव का शव खेत में पड़ा मिला। इस दौरान खेत मालिक और मृतक के परिजनों के बीच कहासुनी हो गई, और मारपीट एक पथराव में तब्दील हो गई। सूचना मिलते ही थाना मऊ दरवाजा के एसएसआई वीरेंद्र सिंह, फर्रुखाबाद कोतवाल दर्शन सिंह, कादरी गेट थाना अध्यक्ष कपिल चौधरी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात पर काबू पाया। बताते हैं कि गेहूं की फसल की रखवाली के लिए हनुमान मंदिर के पास गांव जाने वाले रास्ते से बिजली के खंभे से अवैध कनेक्शन लेकर खेत के तारों में करंट छोड़ा गया था।
पुलिस द्वारा कई बार बिजली विभाग को सूचना देने के बावजूद कर्मचारियों के मौके पर न पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिली। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार व तहसीलदार सनी कंनौजिया, एसएसआई वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस के पहुंचने से पहले दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। उन्होंने कहा कि मौत का कारण करंट लगना पाया गया है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
हस्तिनापुर ब्लॉक में मनरेगा फर्जीवाड़े का आरोप, बिना काम कराए लग रही मजदूरों की हाजिरी

मेरठ।हस्तिनापुर ब्लॉक क्षेत्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि कई गांवों में बिना कोई कार्य कराए ही मजदूरों की फर्जी हाजिरी भरकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।

शिकायतकर्ता मनोज कुमार ने बताया कि हस्तिनापुर ब्लॉक के मोहम्मदपुर सकिस्त, शाहपुर बटावली, सदरपुर और समसपुर सहित कई गांवों में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है। उनका आरोप है कि कागजों में काम दिखाकर मजदूरी का भुगतान कराया जा रहा है, जबकि मौके पर कोई कार्य नहीं हो रहा।

इस गंभीर मामले को लेकर कई बार हस्तिनापुर ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अमरीश कुमार को अवगत कराया गया, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि पूरे प्रकरण में ब्लॉक स्तर के कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है।

सबसे चौंकाने वाला पहलू यह बताया जा रहा है कि मनरेगा में फर्जीवाड़े को लेकर जैसे ही किसी स्तर पर शिकायत की जाती है, महज आधे घंटे के भीतर इसकी जानकारी कथित रूप से फर्जीवाड़ा करने वालों तक पहुंच जाती है। इससे शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता भंग हो रही है और ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है, जिस कारण वे खुलकर शिकायत करने से कतरा रहे हैं।

इस संबंध में खंड विकास अधिकारी अमरीश कुमार से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें फोन पर कई शिकायतें मिली हैं, लेकिन उनके कार्यालय में अभी तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि लिखित शिकायत प्राप्त होती है, तो पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं शिकायतकर्ता मनोज कुमार का कहना है कि उन्होंने बीडीओ से बातचीत के बाद धीरसिह सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को लिखित शिकायत पत्र सौंप दिया है।

गरीब मजदूरों को रोजगार देने के उद्देश्य से चलाई जा रही मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना में इस तरह के कथित फर्जीवाड़े और प्रशासनिक उदासीनता ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर दोषियों पर कब तक सख्त कार्रवाई करते हैं।
तिरुपति में मानसुम सीनियर लिविंग की नई शुरुआत, ‘मयूरा – टेम्पल टाउन’ हुआ लॉन्च
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नई दिल्ली। दक्षिण भारत में सीनियर हाउसिंग के क्षेत्र में अग्रणी बेंगलुरु स्थित कंपनी मानसुम सीनियर लिविंग ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति में अपने पहले सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट ‘मयूरा – टेम्पल टाउन’ के लॉन्च की घोषणा की है। यह तिरुपति का अपनी तरह का पहला सुसज्जित सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट है, जिसे वसुंधरा कंस्ट्रक्शंस के सहयोग से विकसित किया गया है।

यह प्रोजेक्ट रेनिगुंटा रोड पर श्रीनिवासम कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित 3.5 एकड़ में फैले रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट टेम्पल टाउन का हिस्सा है। मयूरा को वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, आराम और सामाजिक जुड़ाव को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है, ताकि वे एक निश्चिंत और सम्मानजनक जीवन जी सकें। आध्यात्मिक नगरी तिरुपति की पृष्ठभूमि में यह प्रोजेक्ट आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक मूल्यों का संतुलन प्रस्तुत करता है।

मानसुम सीनियर लिविंग पहले से ही बेंगलुरु, मैसूर और गोवा में अपने प्रोजेक्ट्स का सफल संचालन कर रहा है, जहाँ 850 से अधिक परिवार निवास कर रहे हैं। तिरुपति में प्रवेश के साथ कंपनी ने अपने विस्तार को धार्मिक और टियर-2 शहरों की ओर बढ़ाया है।

मानसुम सीनियर लिविंग के को-फाउंडर अनंतराम वी वरयूर ने कहा कि मयूरा में रिटायरमेंट लाइफ को नए सिरे से परिभाषित किया गया है, जहाँ देखभाल, सुविधाएँ और समुदाय एक साथ मिलते हैं। वरिष्ठ नागरिकों को यहाँ केवल घर ही नहीं, बल्कि अपनापन भी मिलेगा।

प्रोजेक्ट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए 2 बीएचके, 2.5 बीएचके और 3 बीएचके फ्लैट्स उपलब्ध हैं। इनमें एंटी-स्किड फ़्लोरिंग, ग्रैब बार, पैनिक अलार्म सिस्टम और सुविधाजनक मूवमेंट जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
फ्लैट्स की शुरुआती कीमतें इस प्रकार हैं—
2 बीएचके: ₹73 लाख,
2.5 बीएचके: ₹92 लाख,
3 बीएचके: ₹1.07 करोड़।

यहाँ 10,000 वर्ग फुट में फैली सीनियर लिविंग सुविधाएँ मानसुम की अपनी टीम द्वारा संचालित की जाएँगी, जिनमें पौष्टिक भोजन, ऑन-साइट हेल्थकेयर, 24 घंटे आपातकालीन सेवा, हाउसकीपिंग, कंसीयर्ज सर्विस और दैनिक गतिविधियाँ शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, 20,000 वर्ग फुट का आधुनिक क्लब हाउस भी विकसित किया गया है, जिसमें जिम, योग एवं ध्यान कक्ष, लाइब्रेरी, स्विमिंग पूल और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए हॉल उपलब्ध हैं। गार्डन, वॉकिंग ट्रैक और कम्युनिटी हॉल सामाजिक मेलजोल और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देंगे।

मानसुम की को-फाउंडर सुश्री सुमथी अनंतराम ने कहा कि प्रत्येक कम्युनिटी की योजना वरिष्ठ नागरिकों की ज़रूरतों को केंद्र में रखकर बनाई जाती है। मयूरा में तिरुपति की आध्यात्मिक भावना के साथ सुरक्षा और देखभाल का समन्वय किया गया है।

मानसुम के को-फाउंडर कुशल रमेश ने कहा कि मयूरा वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, स्वतंत्रता और साथ का प्रतीक है, जहाँ वे एक खुशहाल और सुरक्षित जीवनशैली चुन सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि जेएलएल और एसोसिएशन ऑफ सीनियर लिविंग इंडिया (एएसएलआई) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की संगठित सीनियर हाउसिंग का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण भारत में है। इसी को ध्यान में रखते हुए मानसुम अपने प्रोजेक्ट्स का विस्तार कर रहा है।

प्रोजेक्ट लॉन्च इवेंट तिरुपति में आयोजित किया गया, जिसमें सी. दिवाकर रेड्डी, चेयरमैन, तिरुपति अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (टीयूडीए) सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आजमगढ़: सुहेलदेव समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने अहरौला में सामाजिक समरसता रैली स्थल का किया निरीक्षण
आजमगढ़। भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव डॉक्टर अरविंद राजभर जनता इंटर कालेज अहरौला पहुंचे। 22 फरवरी को महाराजा सुहेलदेव की जयंती पर होने वाले सामाजिक समरसता रैली का निरीक्षण किया ।उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता रैली में राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के साथ बीजेपी और सुहेलदेव समाज पार्टी के कई बड़े नेता भाग लेंगे। उन्होंने ने कहा कि मुख्यमंत्री से भी बात चल रही है और निश्चित तौर से उनके भी आने की संभावना है। रैली में एक लाख लोगों के आने की व्यवस्था की जा रही है।अहरौला नदी पुल से ही गाड़ी रोक दी जाएगी । बाजार से कार्यकर्ता पैदल ही रैली स्थल तक आएंगे। कार्यक्रम स्थल पर आने के लिए तीन तरफ से रास्ते बनाए जाएंगे कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच महासचिव अरविंद राजभर ने मंच से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम मंच तक की जानकारी ली। उन्होंने एक रोड मैप भी बनाया ।साफ सफाई का भी जायजा लिया। मीडिया को बताया कि 22 फरवरी को ही फूलपुर विधान सभा के टिकुरिया मैदान में अनिल राजभर के द्वारा सुहेलदेव जयंती का आयोजन किया गया है। जहां मुख्यमंत्री के आने की संभावना है तो फिर उसी दिन अहरौला में जो अतरौलिया विधानसभा में है यहां पर एक ही दिन दो-दो कार्यक्रम हो रहे हैं। इससे जनता के बीच में दो नेताओं के मतभेद की चर्चा हो रही है तो अरविंद राजभर ने कहा एक ही दिन में कई कार्यक्रम होते हैं और उनका कार्यक्रम अलग है । उन्होंने कहा कि हम अपने कार्य कर्ताओं के बल पर कैडर चलाते हैं। इस मौके पर विधायक बेदी राम ,प्रतिनिधि वकील चौरसिया, मीडिया प्रभारी दीपक सिंह ,संतोष पांडेय, फागु सिंह, पितराम राजभर आदि लोग रहे।
50वें इंडिया कारपेट एक्सपो में अब आएंगे अमेरिकी आयातक

*11 से 14 अप्रैल तक न‌ई दिल्ली में होगा आयोजन,रेसिप्रोकल टैरिफ के कारण बंद था कारोबार*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होने के बाद निर्यातक अमेरिका के साथ भविष्य में बेहतर कारोबार की आशा जता रहे हैं। आगामी 11 से 14 अप्रैल तक नई दिल्ली में 50वां इंडिया कारपेट एक्सपो होना है। इसमें अब अमेरिकी आयातकों के आने की उम्मीद बढ़ गई है। निर्यातक अब एक्सपो में दोगुने उत्साह से भाग लेंगे। गत वर्ष अप्रैल में 25 प्रतिशत अमरीकी टैरिफ लागू हुआ।इसके बाद अगस्त में ट्रंप ने पुन: 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाकर सीधे 50 प्रतिशत कर दिया था। भदोही के कालीन निर्यातकों का कहना है कि कुल कारोबार में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी अमेरिका की थी।
इस कारण निर्यातकों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा था। भारत सरकार के प्रयासों से टैरिफ घटाकर अब 18 प्रतिशत किया गया है। बीते 10 महीने से गोदामों में जहां करोड़ों रुपये के माल डंप हो गए थे। कालीन कंपनियों ने इकाईयों से मजदूरों की छंटनी शुरू कर दी।
कालीन निर्यात संवर्धन परिषद सीईपीसी और ऑल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन मानती है कि गत साल अक्तूबर में भदोही में हुए इंडिया कारपेट एक्सपो में आयातकों की अपेक्षित संख्या नहीं आ पाई थी।
इसका मुख्य कारण था कि टैरिफ के कारण हमारे कालीन 50 प्रतिशत तक महंगे हो गए थे। यदि लोग खरीदना भी चाहते तो ऊंची कीमत पर न खरीद पाते।
अब माना जा रहा है कि 18 प्रतिशत टैरिफ होने से भदोही के निर्यातक दोगुने उत्साह के साथ नई दिल्ली में होने वाले इंडिया कारपेट एक्सपो में भाग लेंगे। इससे कारोबार बढ़ेगा।
नगर में 15 को निकलेगी ऐतिहासिक शिव बारात

*क‌ई आकर्षक झांकियां भी होंगी शामिल*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नगर स्थित बाबा बड़े शिव धाम में मां सिंह वाहिनी शृंगार समिति की बैठक हुई। इस दौरान महाशिवरात्रि पर्व को लेकर चर्चा की गई। प्रबंधक रामकृष्ण खट्टू ने बताया कि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर परिसर में महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। साथ ही शोभायात्रा निकाली जाएगी। महाशिवरात्रि के दिन अनन्त कोटि ब्रा‌ह्माण्ड नायक देवों के देव महादेव बाबा भोलेनाथ का ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध शिव बारात 15 फरवरी रविवार को दोपहर में तीन बजे से निकाली जाएगी। जिसमें हाथी, घोड़े, बग्गी, भैसा, बैल, पक्षी, रथ, शंख, घड़ियाल, घंटा, मृदंग, तुरही, ढोलक, मजीरा, तासा, बाजा आदि रहेगा।भगवान विष्णु, ब्रन्हा, नन्दी, गणेश, सूर्य, चन्द्र, वरूण के साथ भगवान शिव की मनमोहक झांकी निकाली जाएगी। बारात में भूत, प्रेत, पिशाच भी रहेंगे। यात्रा शिव धाम से काली मोहाल, खड़ह‌ट्टी मोहाल, अंजही मोहाल, बाबा कबूतरनाथ, केड़वरिया, सदर मोहाल, जीटी रोड चौराहा, जोगीबीर मंदिर पडाव, बरगदा हनुमान, पश्चिम मोहाल, सदर मोहाल, ज्ञानपुर रोड, पेट्रोल पम्प, मिर्जापुर तिराहा, सिनेमा रोड होते हुए बाबा बड़े शिव धाम वापस जाकर समाप्त होगी। इस मौके पर पूर्व चेयरमैन प्रह्लाददास गुप्ता, उदयभान सिंह, आशीष सिंह, राजकुमार कौशल, आलोक अग्रवाल, सत्य प्रकाश मौर्य, विजय कुमार मोदनवाल, मोहित कुमार रहे।
एपीआई उत्पादन से ही फार्मा क्षेत्र में सच्ची आत्मनिर्भरता संभव : मुदित अग्रवाल
कुमाऊं, उत्तराखंड। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष, उत्तराखंड फार्मा चैप्टर प्रमुख एवं एग्रोन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मुदित अग्रवाल ने केंद्रीय बजट–2026 को प्रगतिशील, संतुलित और उद्योगोन्मुखी बताते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि स्वास्थ्य, एमएसएमई और बायो-फार्मास्युटिकल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

श्री अग्रवाल ने कैंसर रोधी दवाओं पर करों में की गई कटौती को अत्यंत सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में दवाओं की ऊँची कीमत एक बड़ी चुनौती होती है। कर राहत से जीवनरक्षक दवाओं की लागत में कमी आएगी, जिससे आम मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय सरकार की मानवीय सोच और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है।

उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 2,000 करोड़ रुपये के विशेष आवंटन, विशेषकर बायो-फार्मा एवं लाइफ साइंसेज उद्योग पर केंद्रित समर्थन को दूरदर्शी पहल बताया। उनके अनुसार इससे छोटे एवं मध्यम फार्मा उद्यमों को तकनीकी उन्नयन, आधुनिक मशीनरी, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इससे रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। औद्योगिक रूप से उभरते राज्य उत्तराखंड के लिए यह प्रावधान विशेष रूप से उत्साहवर्धक है।

श्री अग्रवाल ने बजट में ईमानदार एवं नियमों का पालन करने वाले करदाताओं को दी गई राहत का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूती मिलेगी और स्वैच्छिक कर अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उद्योग जगत का सरकार पर विश्वास और सुदृढ़ होगा।

हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि फार्मास्युटिकल उद्योग को कुछ अतिरिक्त सेक्टर-विशिष्ट कर राहतों की अपेक्षा थी। यदि उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) या अतिरिक्त कर रियायतें दी जातीं, तो आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और अधिक किफायती हो सकती थी।

भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए श्री अग्रवाल ने सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के मामले में चीन पर भारत की अत्यधिक निर्भरता को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 70 प्रतिशत एपीआई आयात चीन से किया जाता है। देश में सच्ची आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सरकार को कर रियायतों, सब्सिडी, भूमि और बुनियादी ढांचे के सहयोग से घरेलू एपीआई उत्पादन को प्रोत्साहित करना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट–2026 एमएसएमई सशक्तिकरण, बायो-फार्मा क्षेत्र के विस्तार, जनस्वास्थ्य संरक्षण और ईमानदार करदाताओं के सम्मान की दिशा में एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट है। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का फार्मा चैप्टर इन पहलों का पूर्ण समर्थन करता है और भविष्य में उद्योग की व्यावहारिक एवं नीतिगत आवश्यकताओं के अनुरूप और सकारात्मक कदमों की अपेक्षा करता है।
कांदिवली में बालकोत्सव 2025– 2026 का भव्य आयोजन सम्पन्न
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका शिक्षण विभाग द्वारा आर/दक्षिण विभाग ,कांदिवली के
एम.पी.एस. बजाज रोड स्कूल में बालकोत्सव, लोकनृत्य प्रतियोगिता 2025– 2026 का भव्य आयोजन किया गया। बच्चों में छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने वाले इस उत्सव में विद्यार्थियों ने अपनी रुचि की कलाओं का प्रदर्शन कर उपस्थित अभिभावकों एवं नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रकार की गतिविधियों से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहन मिलता है। इस बालकोत्सव कार्यक्रम में उप शिक्षणाधिकारी (पश्चिम उपनगर) दीपिका पाटील,ममता राव, उप शिक्षणाधिकारी (लोकसहभाग कक्ष) मुख्तार शहा, (अधीक्षक) तौहीद शेख,(कनिष्ठ पर्यवेक्षक) राजेश शिंदे, (प्रशासकिय अधिकारी)अशफाक शाह, विभाग निरीक्षक राजेश बुजड,तथा विभाग निरीक्षक मीना कवळे  उपस्थित रहे। विभिन्न मनपा स्कूलों के बच्चों ने सुंदर कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
एपीआई उत्पादन से ही फार्मा क्षेत्र में सच्ची आत्मनिर्भरता संभव : मुदित अग्रवाल
कुमाऊं, उत्तराखंड। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष, उत्तराखंड फार्मा चैप्टर प्रमुख एवं एग्रोन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मुदित अग्रवाल ने केंद्रीय बजट–2026 को प्रगतिशील, संतुलित और उद्योगोन्मुखी बताते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि स्वास्थ्य, एमएसएमई और बायो-फार्मास्युटिकल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

श्री अग्रवाल ने कैंसर रोधी दवाओं पर करों में की गई कटौती को अत्यंत सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में दवाओं की ऊँची कीमत एक बड़ी चुनौती होती है। कर राहत से जीवनरक्षक दवाओं की लागत में कमी आएगी, जिससे आम मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय सरकार की मानवीय सोच और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है।

उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 2,000 करोड़ रुपये के विशेष आवंटन, विशेषकर बायो-फार्मा एवं लाइफ साइंसेज उद्योग पर केंद्रित समर्थन को दूरदर्शी पहल बताया। उनके अनुसार इससे छोटे एवं मध्यम फार्मा उद्यमों को तकनीकी उन्नयन, आधुनिक मशीनरी, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इससे रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। औद्योगिक रूप से उभरते राज्य उत्तराखंड के लिए यह प्रावधान विशेष रूप से उत्साहवर्धक है।

श्री अग्रवाल ने बजट में ईमानदार एवं नियमों का पालन करने वाले करदाताओं को दी गई राहत का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूती मिलेगी और स्वैच्छिक कर अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उद्योग जगत का सरकार पर विश्वास और सुदृढ़ होगा।

हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि फार्मास्युटिकल उद्योग को कुछ अतिरिक्त सेक्टर-विशिष्ट कर राहतों की अपेक्षा थी। यदि उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) या अतिरिक्त कर रियायतें दी जातीं, तो आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और अधिक किफायती हो सकती थी।

भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए श्री अग्रवाल ने सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के मामले में चीन पर भारत की अत्यधिक निर्भरता को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 70 प्रतिशत एपीआई आयात चीन से किया जाता है। देश में सच्ची आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सरकार को कर रियायतों, सब्सिडी, भूमि और बुनियादी ढांचे के सहयोग से घरेलू एपीआई उत्पादन को प्रोत्साहित करना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट–2026 एमएसएमई सशक्तिकरण, बायो-फार्मा क्षेत्र के विस्तार, जनस्वास्थ्य संरक्षण और ईमानदार करदाताओं के सम्मान की दिशा में एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट है। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का फार्मा चैप्टर इन पहलों का पूर्ण समर्थन करता है और भविष्य में उद्योग की व्यावहारिक एवं नीतिगत आवश्यकताओं के अनुरूप और सकारात्मक कदमों की अपेक्षा करता है।
वाहन खड़ा करने को लेकर विवाद, लाठी डंडे व ईट पत्थर चले,महिला सहित आधा दर्जन घायल, पुलिस घायलों का कराया मेडिकल

फर्रुखाबाद। नगर पंचायत के नवाबगंज के एक मोहल्ला में दो पक्षों में जमकर लाठी डंडे व ईंट पत्थर चलने से दोनों पक्ष के आधा दर्जन लोग घायल हो गए, घायलों में एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।
आरोप है कि मंगलवार को कस्बा के चिकों वाली गली निवासी एक युवक अपनी कार को पड़ोसी युवक की जगह पर खड़ा कर देते है। जिसे पड़ोसी युवक ने खड़ा करने से मना किया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में कहा सुनी हो गई तो दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ थाना पुलिस को तहरीर दी। शाम तक दोनों पक्षों का समझौता हो गया। दूसरे दिन बुधवार शाम को किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में फिर से विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी डंडे व ईंट पत्थर चलने लगे। मारपीट के दौरान कई लोग घायल हो गए। जिसमें एक पक्ष से एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। थाने पहुंचकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के लिए तहरीर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों का मेडिकल परीक्षण के लिए सीएचसी नवाबगंज में भेज दिया। इस बीच मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में युवक व उसके घर की महिलाएं जिसकी जगह पर गाड़ी खड़ी करने की आपत्ति जताई, उसके दरवाजे पर जाकर मारपीट करते दिखाई दे रहे है।
खेतों में नंगे लोहे के तारों में प्रभावित था करंट, आढत कर्मचारी के चपेट में आने से दर्दनाक मौत

परिजनों का खेत  मलिक के बीच  मारपीट, ईट पत्थर चले, पुलिस में पहुंचकर मामले को किया शांत

फर्रुखाबाद l बिजली के करंट की चपेट में आने से आढ़त कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों और खेत मालिक के बीच कहासुनी हुई और देखते ही देखते मारपीट के साथ ही पथराव में बदल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया।
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के ग्राम आरापूरा पहाड़पुर निवासी 40 वर्षीय सर्वेश यादव पुत्र दुशासन यादव, अरे पहाड़पुर में सचिन यादव की सब्जी आढ़त पर कर्मचारी थे। मृतक के भाई देवेंद्र यादव ने बताया कि बुधवार शाम करीब आठ बजे सर्वेश यादव आढ़त से पैदल घर लौट रहे थे। इस दौरान बहादुरगंज निवासी एकलव्य पुत्र रामलाल के खेत में लगे लोहे के तारों में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी सुबह परिजनों को हुई, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे तो सर्वेश यादव का शव खेत में पड़ा मिला। इस दौरान खेत मालिक और मृतक के परिजनों के बीच कहासुनी हो गई, और मारपीट एक पथराव में तब्दील हो गई। सूचना मिलते ही थाना मऊ दरवाजा के एसएसआई वीरेंद्र सिंह, फर्रुखाबाद कोतवाल दर्शन सिंह, कादरी गेट थाना अध्यक्ष कपिल चौधरी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात पर काबू पाया। बताते हैं कि गेहूं की फसल की रखवाली के लिए हनुमान मंदिर के पास गांव जाने वाले रास्ते से बिजली के खंभे से अवैध कनेक्शन लेकर खेत के तारों में करंट छोड़ा गया था।
पुलिस द्वारा कई बार बिजली विभाग को सूचना देने के बावजूद कर्मचारियों के मौके पर न पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिली। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार व तहसीलदार सनी कंनौजिया, एसएसआई वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस के पहुंचने से पहले दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। उन्होंने कहा कि मौत का कारण करंट लगना पाया गया है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
हस्तिनापुर ब्लॉक में मनरेगा फर्जीवाड़े का आरोप, बिना काम कराए लग रही मजदूरों की हाजिरी

मेरठ।हस्तिनापुर ब्लॉक क्षेत्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि कई गांवों में बिना कोई कार्य कराए ही मजदूरों की फर्जी हाजिरी भरकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।

शिकायतकर्ता मनोज कुमार ने बताया कि हस्तिनापुर ब्लॉक के मोहम्मदपुर सकिस्त, शाहपुर बटावली, सदरपुर और समसपुर सहित कई गांवों में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है। उनका आरोप है कि कागजों में काम दिखाकर मजदूरी का भुगतान कराया जा रहा है, जबकि मौके पर कोई कार्य नहीं हो रहा।

इस गंभीर मामले को लेकर कई बार हस्तिनापुर ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अमरीश कुमार को अवगत कराया गया, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि पूरे प्रकरण में ब्लॉक स्तर के कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है।

सबसे चौंकाने वाला पहलू यह बताया जा रहा है कि मनरेगा में फर्जीवाड़े को लेकर जैसे ही किसी स्तर पर शिकायत की जाती है, महज आधे घंटे के भीतर इसकी जानकारी कथित रूप से फर्जीवाड़ा करने वालों तक पहुंच जाती है। इससे शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता भंग हो रही है और ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है, जिस कारण वे खुलकर शिकायत करने से कतरा रहे हैं।

इस संबंध में खंड विकास अधिकारी अमरीश कुमार से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें फोन पर कई शिकायतें मिली हैं, लेकिन उनके कार्यालय में अभी तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि लिखित शिकायत प्राप्त होती है, तो पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं शिकायतकर्ता मनोज कुमार का कहना है कि उन्होंने बीडीओ से बातचीत के बाद धीरसिह सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को लिखित शिकायत पत्र सौंप दिया है।

गरीब मजदूरों को रोजगार देने के उद्देश्य से चलाई जा रही मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना में इस तरह के कथित फर्जीवाड़े और प्रशासनिक उदासीनता ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर दोषियों पर कब तक सख्त कार्रवाई करते हैं।
तिरुपति में मानसुम सीनियर लिविंग की नई शुरुआत, ‘मयूरा – टेम्पल टाउन’ हुआ लॉन्च
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नई दिल्ली। दक्षिण भारत में सीनियर हाउसिंग के क्षेत्र में अग्रणी बेंगलुरु स्थित कंपनी मानसुम सीनियर लिविंग ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति में अपने पहले सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट ‘मयूरा – टेम्पल टाउन’ के लॉन्च की घोषणा की है। यह तिरुपति का अपनी तरह का पहला सुसज्जित सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट है, जिसे वसुंधरा कंस्ट्रक्शंस के सहयोग से विकसित किया गया है।

यह प्रोजेक्ट रेनिगुंटा रोड पर श्रीनिवासम कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित 3.5 एकड़ में फैले रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट टेम्पल टाउन का हिस्सा है। मयूरा को वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, आराम और सामाजिक जुड़ाव को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है, ताकि वे एक निश्चिंत और सम्मानजनक जीवन जी सकें। आध्यात्मिक नगरी तिरुपति की पृष्ठभूमि में यह प्रोजेक्ट आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक मूल्यों का संतुलन प्रस्तुत करता है।

मानसुम सीनियर लिविंग पहले से ही बेंगलुरु, मैसूर और गोवा में अपने प्रोजेक्ट्स का सफल संचालन कर रहा है, जहाँ 850 से अधिक परिवार निवास कर रहे हैं। तिरुपति में प्रवेश के साथ कंपनी ने अपने विस्तार को धार्मिक और टियर-2 शहरों की ओर बढ़ाया है।

मानसुम सीनियर लिविंग के को-फाउंडर अनंतराम वी वरयूर ने कहा कि मयूरा में रिटायरमेंट लाइफ को नए सिरे से परिभाषित किया गया है, जहाँ देखभाल, सुविधाएँ और समुदाय एक साथ मिलते हैं। वरिष्ठ नागरिकों को यहाँ केवल घर ही नहीं, बल्कि अपनापन भी मिलेगा।

प्रोजेक्ट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए 2 बीएचके, 2.5 बीएचके और 3 बीएचके फ्लैट्स उपलब्ध हैं। इनमें एंटी-स्किड फ़्लोरिंग, ग्रैब बार, पैनिक अलार्म सिस्टम और सुविधाजनक मूवमेंट जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
फ्लैट्स की शुरुआती कीमतें इस प्रकार हैं—
2 बीएचके: ₹73 लाख,
2.5 बीएचके: ₹92 लाख,
3 बीएचके: ₹1.07 करोड़।

यहाँ 10,000 वर्ग फुट में फैली सीनियर लिविंग सुविधाएँ मानसुम की अपनी टीम द्वारा संचालित की जाएँगी, जिनमें पौष्टिक भोजन, ऑन-साइट हेल्थकेयर, 24 घंटे आपातकालीन सेवा, हाउसकीपिंग, कंसीयर्ज सर्विस और दैनिक गतिविधियाँ शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, 20,000 वर्ग फुट का आधुनिक क्लब हाउस भी विकसित किया गया है, जिसमें जिम, योग एवं ध्यान कक्ष, लाइब्रेरी, स्विमिंग पूल और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए हॉल उपलब्ध हैं। गार्डन, वॉकिंग ट्रैक और कम्युनिटी हॉल सामाजिक मेलजोल और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देंगे।

मानसुम की को-फाउंडर सुश्री सुमथी अनंतराम ने कहा कि प्रत्येक कम्युनिटी की योजना वरिष्ठ नागरिकों की ज़रूरतों को केंद्र में रखकर बनाई जाती है। मयूरा में तिरुपति की आध्यात्मिक भावना के साथ सुरक्षा और देखभाल का समन्वय किया गया है।

मानसुम के को-फाउंडर कुशल रमेश ने कहा कि मयूरा वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, स्वतंत्रता और साथ का प्रतीक है, जहाँ वे एक खुशहाल और सुरक्षित जीवनशैली चुन सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि जेएलएल और एसोसिएशन ऑफ सीनियर लिविंग इंडिया (एएसएलआई) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की संगठित सीनियर हाउसिंग का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण भारत में है। इसी को ध्यान में रखते हुए मानसुम अपने प्रोजेक्ट्स का विस्तार कर रहा है।

प्रोजेक्ट लॉन्च इवेंट तिरुपति में आयोजित किया गया, जिसमें सी. दिवाकर रेड्डी, चेयरमैन, तिरुपति अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (टीयूडीए) सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आजमगढ़: सुहेलदेव समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने अहरौला में सामाजिक समरसता रैली स्थल का किया निरीक्षण
आजमगढ़। भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव डॉक्टर अरविंद राजभर जनता इंटर कालेज अहरौला पहुंचे। 22 फरवरी को महाराजा सुहेलदेव की जयंती पर होने वाले सामाजिक समरसता रैली का निरीक्षण किया ।उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता रैली में राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के साथ बीजेपी और सुहेलदेव समाज पार्टी के कई बड़े नेता भाग लेंगे। उन्होंने ने कहा कि मुख्यमंत्री से भी बात चल रही है और निश्चित तौर से उनके भी आने की संभावना है। रैली में एक लाख लोगों के आने की व्यवस्था की जा रही है।अहरौला नदी पुल से ही गाड़ी रोक दी जाएगी । बाजार से कार्यकर्ता पैदल ही रैली स्थल तक आएंगे। कार्यक्रम स्थल पर आने के लिए तीन तरफ से रास्ते बनाए जाएंगे कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच महासचिव अरविंद राजभर ने मंच से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम मंच तक की जानकारी ली। उन्होंने एक रोड मैप भी बनाया ।साफ सफाई का भी जायजा लिया। मीडिया को बताया कि 22 फरवरी को ही फूलपुर विधान सभा के टिकुरिया मैदान में अनिल राजभर के द्वारा सुहेलदेव जयंती का आयोजन किया गया है। जहां मुख्यमंत्री के आने की संभावना है तो फिर उसी दिन अहरौला में जो अतरौलिया विधानसभा में है यहां पर एक ही दिन दो-दो कार्यक्रम हो रहे हैं। इससे जनता के बीच में दो नेताओं के मतभेद की चर्चा हो रही है तो अरविंद राजभर ने कहा एक ही दिन में कई कार्यक्रम होते हैं और उनका कार्यक्रम अलग है । उन्होंने कहा कि हम अपने कार्य कर्ताओं के बल पर कैडर चलाते हैं। इस मौके पर विधायक बेदी राम ,प्रतिनिधि वकील चौरसिया, मीडिया प्रभारी दीपक सिंह ,संतोष पांडेय, फागु सिंह, पितराम राजभर आदि लोग रहे।
50वें इंडिया कारपेट एक्सपो में अब आएंगे अमेरिकी आयातक

*11 से 14 अप्रैल तक न‌ई दिल्ली में होगा आयोजन,रेसिप्रोकल टैरिफ के कारण बंद था कारोबार*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होने के बाद निर्यातक अमेरिका के साथ भविष्य में बेहतर कारोबार की आशा जता रहे हैं। आगामी 11 से 14 अप्रैल तक नई दिल्ली में 50वां इंडिया कारपेट एक्सपो होना है। इसमें अब अमेरिकी आयातकों के आने की उम्मीद बढ़ गई है। निर्यातक अब एक्सपो में दोगुने उत्साह से भाग लेंगे। गत वर्ष अप्रैल में 25 प्रतिशत अमरीकी टैरिफ लागू हुआ।इसके बाद अगस्त में ट्रंप ने पुन: 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाकर सीधे 50 प्रतिशत कर दिया था। भदोही के कालीन निर्यातकों का कहना है कि कुल कारोबार में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी अमेरिका की थी।
इस कारण निर्यातकों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा था। भारत सरकार के प्रयासों से टैरिफ घटाकर अब 18 प्रतिशत किया गया है। बीते 10 महीने से गोदामों में जहां करोड़ों रुपये के माल डंप हो गए थे। कालीन कंपनियों ने इकाईयों से मजदूरों की छंटनी शुरू कर दी।
कालीन निर्यात संवर्धन परिषद सीईपीसी और ऑल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन मानती है कि गत साल अक्तूबर में भदोही में हुए इंडिया कारपेट एक्सपो में आयातकों की अपेक्षित संख्या नहीं आ पाई थी।
इसका मुख्य कारण था कि टैरिफ के कारण हमारे कालीन 50 प्रतिशत तक महंगे हो गए थे। यदि लोग खरीदना भी चाहते तो ऊंची कीमत पर न खरीद पाते।
अब माना जा रहा है कि 18 प्रतिशत टैरिफ होने से भदोही के निर्यातक दोगुने उत्साह के साथ नई दिल्ली में होने वाले इंडिया कारपेट एक्सपो में भाग लेंगे। इससे कारोबार बढ़ेगा।
नगर में 15 को निकलेगी ऐतिहासिक शिव बारात

*क‌ई आकर्षक झांकियां भी होंगी शामिल*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नगर स्थित बाबा बड़े शिव धाम में मां सिंह वाहिनी शृंगार समिति की बैठक हुई। इस दौरान महाशिवरात्रि पर्व को लेकर चर्चा की गई। प्रबंधक रामकृष्ण खट्टू ने बताया कि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर परिसर में महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। साथ ही शोभायात्रा निकाली जाएगी। महाशिवरात्रि के दिन अनन्त कोटि ब्रा‌ह्माण्ड नायक देवों के देव महादेव बाबा भोलेनाथ का ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध शिव बारात 15 फरवरी रविवार को दोपहर में तीन बजे से निकाली जाएगी। जिसमें हाथी, घोड़े, बग्गी, भैसा, बैल, पक्षी, रथ, शंख, घड़ियाल, घंटा, मृदंग, तुरही, ढोलक, मजीरा, तासा, बाजा आदि रहेगा।भगवान विष्णु, ब्रन्हा, नन्दी, गणेश, सूर्य, चन्द्र, वरूण के साथ भगवान शिव की मनमोहक झांकी निकाली जाएगी। बारात में भूत, प्रेत, पिशाच भी रहेंगे। यात्रा शिव धाम से काली मोहाल, खड़ह‌ट्टी मोहाल, अंजही मोहाल, बाबा कबूतरनाथ, केड़वरिया, सदर मोहाल, जीटी रोड चौराहा, जोगीबीर मंदिर पडाव, बरगदा हनुमान, पश्चिम मोहाल, सदर मोहाल, ज्ञानपुर रोड, पेट्रोल पम्प, मिर्जापुर तिराहा, सिनेमा रोड होते हुए बाबा बड़े शिव धाम वापस जाकर समाप्त होगी। इस मौके पर पूर्व चेयरमैन प्रह्लाददास गुप्ता, उदयभान सिंह, आशीष सिंह, राजकुमार कौशल, आलोक अग्रवाल, सत्य प्रकाश मौर्य, विजय कुमार मोदनवाल, मोहित कुमार रहे।
एपीआई उत्पादन से ही फार्मा क्षेत्र में सच्ची आत्मनिर्भरता संभव : मुदित अग्रवाल
कुमाऊं, उत्तराखंड। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष, उत्तराखंड फार्मा चैप्टर प्रमुख एवं एग्रोन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मुदित अग्रवाल ने केंद्रीय बजट–2026 को प्रगतिशील, संतुलित और उद्योगोन्मुखी बताते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि स्वास्थ्य, एमएसएमई और बायो-फार्मास्युटिकल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

श्री अग्रवाल ने कैंसर रोधी दवाओं पर करों में की गई कटौती को अत्यंत सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में दवाओं की ऊँची कीमत एक बड़ी चुनौती होती है। कर राहत से जीवनरक्षक दवाओं की लागत में कमी आएगी, जिससे आम मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय सरकार की मानवीय सोच और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है।

उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 2,000 करोड़ रुपये के विशेष आवंटन, विशेषकर बायो-फार्मा एवं लाइफ साइंसेज उद्योग पर केंद्रित समर्थन को दूरदर्शी पहल बताया। उनके अनुसार इससे छोटे एवं मध्यम फार्मा उद्यमों को तकनीकी उन्नयन, आधुनिक मशीनरी, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इससे रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। औद्योगिक रूप से उभरते राज्य उत्तराखंड के लिए यह प्रावधान विशेष रूप से उत्साहवर्धक है।

श्री अग्रवाल ने बजट में ईमानदार एवं नियमों का पालन करने वाले करदाताओं को दी गई राहत का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूती मिलेगी और स्वैच्छिक कर अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उद्योग जगत का सरकार पर विश्वास और सुदृढ़ होगा।

हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि फार्मास्युटिकल उद्योग को कुछ अतिरिक्त सेक्टर-विशिष्ट कर राहतों की अपेक्षा थी। यदि उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) या अतिरिक्त कर रियायतें दी जातीं, तो आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और अधिक किफायती हो सकती थी।

भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए श्री अग्रवाल ने सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के मामले में चीन पर भारत की अत्यधिक निर्भरता को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 70 प्रतिशत एपीआई आयात चीन से किया जाता है। देश में सच्ची आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सरकार को कर रियायतों, सब्सिडी, भूमि और बुनियादी ढांचे के सहयोग से घरेलू एपीआई उत्पादन को प्रोत्साहित करना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट–2026 एमएसएमई सशक्तिकरण, बायो-फार्मा क्षेत्र के विस्तार, जनस्वास्थ्य संरक्षण और ईमानदार करदाताओं के सम्मान की दिशा में एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट है। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का फार्मा चैप्टर इन पहलों का पूर्ण समर्थन करता है और भविष्य में उद्योग की व्यावहारिक एवं नीतिगत आवश्यकताओं के अनुरूप और सकारात्मक कदमों की अपेक्षा करता है।
कांदिवली में बालकोत्सव 2025– 2026 का भव्य आयोजन सम्पन्न
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका शिक्षण विभाग द्वारा आर/दक्षिण विभाग ,कांदिवली के
एम.पी.एस. बजाज रोड स्कूल में बालकोत्सव, लोकनृत्य प्रतियोगिता 2025– 2026 का भव्य आयोजन किया गया। बच्चों में छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने वाले इस उत्सव में विद्यार्थियों ने अपनी रुचि की कलाओं का प्रदर्शन कर उपस्थित अभिभावकों एवं नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रकार की गतिविधियों से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहन मिलता है। इस बालकोत्सव कार्यक्रम में उप शिक्षणाधिकारी (पश्चिम उपनगर) दीपिका पाटील,ममता राव, उप शिक्षणाधिकारी (लोकसहभाग कक्ष) मुख्तार शहा, (अधीक्षक) तौहीद शेख,(कनिष्ठ पर्यवेक्षक) राजेश शिंदे, (प्रशासकिय अधिकारी)अशफाक शाह, विभाग निरीक्षक राजेश बुजड,तथा विभाग निरीक्षक मीना कवळे  उपस्थित रहे। विभिन्न मनपा स्कूलों के बच्चों ने सुंदर कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
एपीआई उत्पादन से ही फार्मा क्षेत्र में सच्ची आत्मनिर्भरता संभव : मुदित अग्रवाल
कुमाऊं, उत्तराखंड। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष, उत्तराखंड फार्मा चैप्टर प्रमुख एवं एग्रोन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मुदित अग्रवाल ने केंद्रीय बजट–2026 को प्रगतिशील, संतुलित और उद्योगोन्मुखी बताते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि स्वास्थ्य, एमएसएमई और बायो-फार्मास्युटिकल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

श्री अग्रवाल ने कैंसर रोधी दवाओं पर करों में की गई कटौती को अत्यंत सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में दवाओं की ऊँची कीमत एक बड़ी चुनौती होती है। कर राहत से जीवनरक्षक दवाओं की लागत में कमी आएगी, जिससे आम मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय सरकार की मानवीय सोच और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है।

उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 2,000 करोड़ रुपये के विशेष आवंटन, विशेषकर बायो-फार्मा एवं लाइफ साइंसेज उद्योग पर केंद्रित समर्थन को दूरदर्शी पहल बताया। उनके अनुसार इससे छोटे एवं मध्यम फार्मा उद्यमों को तकनीकी उन्नयन, आधुनिक मशीनरी, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इससे रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। औद्योगिक रूप से उभरते राज्य उत्तराखंड के लिए यह प्रावधान विशेष रूप से उत्साहवर्धक है।

श्री अग्रवाल ने बजट में ईमानदार एवं नियमों का पालन करने वाले करदाताओं को दी गई राहत का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूती मिलेगी और स्वैच्छिक कर अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उद्योग जगत का सरकार पर विश्वास और सुदृढ़ होगा।

हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि फार्मास्युटिकल उद्योग को कुछ अतिरिक्त सेक्टर-विशिष्ट कर राहतों की अपेक्षा थी। यदि उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) या अतिरिक्त कर रियायतें दी जातीं, तो आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और अधिक किफायती हो सकती थी।

भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए श्री अग्रवाल ने सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के मामले में चीन पर भारत की अत्यधिक निर्भरता को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 70 प्रतिशत एपीआई आयात चीन से किया जाता है। देश में सच्ची आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सरकार को कर रियायतों, सब्सिडी, भूमि और बुनियादी ढांचे के सहयोग से घरेलू एपीआई उत्पादन को प्रोत्साहित करना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट–2026 एमएसएमई सशक्तिकरण, बायो-फार्मा क्षेत्र के विस्तार, जनस्वास्थ्य संरक्षण और ईमानदार करदाताओं के सम्मान की दिशा में एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट है। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का फार्मा चैप्टर इन पहलों का पूर्ण समर्थन करता है और भविष्य में उद्योग की व्यावहारिक एवं नीतिगत आवश्यकताओं के अनुरूप और सकारात्मक कदमों की अपेक्षा करता है।