CM हेमन्त सोरेन ने की महिला-बाल विकास विभाग की समीक्षा: बाल विवाह रोकने, मॉडल आंगनबाड़ी बनाने और रिक्त पद भरने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्त्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों में तेजी लाते हुए विकास की किरणें समाज के अंतिम पायदान के व्यक्ति तक लाभ पहुँचाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग अपने केन्द्रांश और राज्यांश बजट का पूर्ण व्यय करते हुए योजनाओं का सीधा लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत रिक्त पदों को भरने हेतु नियुक्ति प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग अंतर्गत सीडीपीओ के 106 पद, महिला पर्यवेक्षिका के 433 पद, आंगनबाड़ी सेविका के 583 पद एवं आंगनबाड़ी सहायिका के 897 पद रिक्त हैं, इन पदों पर नियुक्ति की जानी है।

मिशन मोड में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाएं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर मिशन मोड में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाएं। आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के लिए सीएसआर एवं डीएमफटी फंड का उपयोग कर पहले जीर्ण-शीर्ण एवं किराए के भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट कराना सुनिश्चित करें। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करें। राज्य सरकार की सोच है कि अधिक से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र अपने भवन में संचालित हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, शौचालय एवं पेयजल आपूर्ति की बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि किराए पर संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी विद्यालय परिसरों में शिफ्ट किए जाने का कार्य भी विभाग द्वारा किया जा रहा है। इससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा और इसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों पर पड़ेगा।

सखी वन स्टॉप सेंटर के उपयोग के प्रति महिलाओं को करें जागरूक

मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि पोषण अभियान योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविकाओं को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के पश्चात पोषण ट्रैकर पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक दिन की गतिविधियों को अपलोड किया जा रहा है। इससे पर्यवेक्षण में सहूलियत हो रही है। मुख्यमंत्री ने सखी वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर के उपयोग के प्रति महिलाओं को जागरूक कर विभिन्न हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता प्रदान करें। साथ ही इसे स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला हेल्पलाइन नंबर को लेकर लोगों में जागरूकता लाएं और इस नंबर पर प्राप्त शिकायतों को तत्परता के साथ निराकरण करना सुनिश्चित की जाए।

बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर हर हाल में रोक लगाई जाए

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर हर हाल में रोक लगाई जाए। गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा जैसे जगहों पर बाल विवाह के ज्यादा मामले देखने और सुनने को मिल रहे हैं, ऐसे जगहों पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करें। बाल विवाह को बढ़ावा देने वालों एवं इसमें शामिल लोगों पर की जाने वाली कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी आमजनों को दें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ऑडियो-वीडियो के माध्यम से एवं विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी लोगों में प्रभावी जागरूकता लाई जा सकती है। साथ ही स्कूल-कॉलेज की छात्राओं सहित आम लोगों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त झारखंड की दिशा में अपनी साहस और दृढ़संकल्प को दिखाने वाली बालिकाओं को ब्रांड एम्बेसडर/वॉलेंटियर बनाकर समाज में जागरूकता फैलाएं, ताकि बालिकाओं के अल्प आयु में विवाह करने की सामाजिक विसंगति पर रोक लगाई जा सके।

मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना के छूटे हुए पात्र लाभुकों को जोड़ें

बैठक में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित आयु वर्ग के व्यक्तियों को पेंशन योजना अक्षादित करना सुनिश्चित करें। झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना की कार्यप्रगति जानकारी ली एवं अहर्ता पूर्ण करने वाले छूटे हुए लाभुकों को भी इस योजना से जोड़ें।

इन योजनाओं की भी हुई समीक्षा..

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मुख्यमंत्री किशोरी कल्याणार्थ हेतु सावत्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना,

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना, निशक्त कल्याणार्थ योजना अंतर्गत दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना एवं दिव्यांग जनों को विशेष उपकरण उपलब्ध कराए जाने संबंधी कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव श्री उमा शंकर सिंह, निदेशक समाज कल्याण श्रीमती किरण कुमार पासी, अपर सचिव महिला बाल विकास विभाग श्री अभय नंदन अम्बष्ट, निदेशक आईसीपीएस श्री विजय कुमार सिन्हा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

CM हेमन्त सोरेन: हर पंचायत में खुलेगा CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, संख्या 5 हजार तक होगी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्थाएं, आधारभूत संरचनाओं तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार द्वारा विद्यालयों से जुड़ी योजनाओं एवं कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से पारदर्शिता के साथ अध्यनरत छात्र-छात्राओं तक ससमय पहुंचाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार झारखंड के बच्चों को बेहतर एवं क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है। सभी सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पठन-पाठन की नवीनतम एवं आधुनिक तकनीक से संबंधित संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम में निरंतर सुधार हो रहा है, बच्चों का रिजल्ट और ज्यादा अच्छा हो इस निमित्त शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्य सहित सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को गति दें। शिक्षकों के शत प्रतिशत पदों को भरना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में हजारों की संख्या शिक्षकों की बहाली हुई है, नियुक्ति प्रक्रिया निरंतर जारी रखते हुए रिक्त पदों को भरा जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नव नियुक्त शिक्षकों को ससमय वेतन मिले इस निमित्त सभी वेरिफिकेशन कार्य इस माह के अंत तक पूर्ण करना सुनिश्चित की जाए।

ड्रॉप आउट मामलों में हो रहा निरंतर सुधार, राष्ट्रीय औसत से आगे है झारखंड

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की आधारशिला होती है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित हो तथा प्रत्येक बच्चे को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाय। बैठक में मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या में कमी आई है। ड्रॉप आउट के मामले में झारखंड राष्ट्रीय औसत से अच्छा है। शिक्षा विभाग द्वारा अभियान चलाकर ड्रॉप आउट बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा रहा है। श्रम विभाग से समन्वय स्थापित कर वैसे बच्चों का चिन्हित किया जा रहा है, जो बच्चे मजदूरी या कोई अन्य कार्य से जुड़े हैं और स्कूली शिक्षा से वंचित हैं। किताब, पठन-पाठन सामग्री एवं साइकिल वितरण कार्य भी समयबद्ध तरीके से किया जा रहा है। अब बच्चे मैट्रिक परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ उतीर्ण हो रहे हैं, जिन विद्यालयों में बच्चों का रिजल्ट ठीक नहीं रहा है, वैसे विद्यालयों को चिन्हित कर सभी सुविधा, व्यवस्था एवं शिक्षकों की उपलब्धता सहित प्रत्येक बिंदुओं पर सुधार हेतु विभाग विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सरकारी विद्यालयों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाए एवं आईसीटी लैब की सुविधा दुरुस्त करें।

सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार किए जाने की कार्य योजना पर तेजी से कार्य करें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार किए जाने की कार्य योजना पर तेजी से कार्य करें, ताकि प्रत्येक पंचायत तक स्कूलों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को क्वालिटी एजुकेशन पहुंचाई जा सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अगले 6 से 8 महीने के भीतर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी विद्यालय सिंगल टीचर के भरोसे न चले। विद्यालय प्रबंध समितियों से समन्वय स्थापित कर स्थानीय पढ़े-लिखे अहर्ता रखने वाले इच्छुक युवाओं को शिक्षक के रूप में जोड़ें। विशेष कर छात्राओं को भी मौका दें, ताकि शिक्षकों की कमी से किसी भी विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक पंचायतों में अच्छे स्कूल होंगे, तभी बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कर अपना भविष्य उज्ज्वल करेंगे। सभी सरकारी विद्यालयों के पठन-पाठन कार्य में एकरूपता लाना सुनिश्चित करें । मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत परिवहन सुविधा का संचालन करें, ताकि छात्र-छात्राओं को समय के अनुसार घर से स्कूल एवं स्कूल से घर तक पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी विद्यालयों के परिसरों व्यापक रूप से वृक्षारोपण का अभियान शुरू कराएं।

अभिवंचित बच्चों को आवासीय सुविधा और क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर संचालित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत अभिवंचित वर्ग के बच्चे-बच्चियों को आवासीय सुविधा सहित क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करें। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राज्य के भीतर नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों की कुल संख्या 26 है। इन स्कूलों में लगभग 4 हजार विभिन्न प्रकार के अभिवंचित बच्चों को रहने-खाने की पूरी सुविधा के साथ निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों के भवनों के रख-रखाव सहित सभी कार्यों को सुदृढ़ किया गया है।

विद्यालयों में क्वालिटी एजुकेशन के साथ-साथ खेल गतिविधियों को दें बढ़ावा

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के बीच शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दें। वैसे बच्चे-बच्चियों को चिन्हित करें, जो खेल प्रतिस्पर्धा में बहुत अच्छा परफॉर्मेंस कर रहे हैं ताकि उन्हें खेल के क्षेत्र में और आगे बढ़ाया जा सके। राज्य के भीतर खेल के क्षेत्र में हमारे कई बच्चों ने झारखंड का नाम भी रोशन किया है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि विद्यालयों में बच्चों को स्पोर्ट्स किट्स उपलब्ध कराया जा रहा है। राष्ट्रीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता के तहत झारखंड के बच्चों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। शारीरिक शिक्षा के शिक्षक खेल गतिविधियों की बेहतरी के लिए कार्य कर रहे हैं।

प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय की स्थापना हेतु एक सप्ताह के भीतर डीपीआर प्रस्तुत करने का निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के समक्ष अधिकारियों ने जगुआर कैंपस रांची में बनाए जाने वाले प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय की स्थापना हेतु चिन्हित भूमि का पीपीटी प्रजेंटेशन रखा। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जगुआर कैंपस रांची में ही 6 एकड़ भूमि विद्यालय निर्माण हेतु विभाग द्वारा चिन्हित किया गया है। मुख्यमंत्री को विद्यालय स्थापना की कार्य योजना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को इस प्रस्ताव से संबंधित डीपीआर समर्पित करने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय शहीद पुलिस कर्मियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है।

मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ऑनलाइन माध्यम से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, बुंडू के स्कूल प्रबंधन के साथ जुड़े एवं स्कूल में स्थापित सभी सुविधाओं की जानकारी ली।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री उमा शंकर सिंह, राज्य परियोजना निदेशक श्री शशि रंजन, निदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री राजेश प्रसाद, निदेशक प्राथमिक शिक्षा श्री मनोज कुमार रंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

फ्लड लाइट की रोशनी में चमका ओमेगा कप का फाइनल, आर के सन पावर बनी चैंपियन

हजारीबाग। शहर के ऐतिहासिक अन्नदा कॉलेज मैदान में ओमेगा ग्रुप ट्रस्ट द्वारा आयोजित ओमेगा कप हजारीबाग T-10 नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य फाइनल मुकाबला सोमवार की रात फ्लड लाइट की रोशनी में खेला गया। टूर्नामेंट के 11वें दिन खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में आर के सन पावर और मायल-11 की टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

फाइनल मुकाबले में मायल-11 की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 10 ओवरों में 8 विकेट खोकर 114 रन बनाए। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी आर के सन पावर की टीम ने आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट खोकर 115 रन बनाकर टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया। जीत के साथ मैदान में खिलाड़ियों और समर्थकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला।

टूर्नामेंट के विजेता आर के सन पावर टीम को 1.5 लाख रुपए नगद इनाम एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया, जबकि उपविजेता मायल-11 की टीम को 75000 रुपए नगद इनाम राशि और ट्रॉफी प्रदान की गई। वहीं मैन ऑफ द सीरीज, मैन ऑफ द मैच, बेस्ट बॉलर और बेस्ट बैट्समैन का खिताब विकास कुमार गुप्ता ने अपने नाम किया।

फाइनल मुकाबले के दौरान मैदान में क्रिकेट प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी रही। दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया, जिससे पूरा मैदान खेल भावना और जोश से सराबोर नजर आया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथियों के रूप में पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, मुंबई के कस्टम कमिश्नर प्रशांत कुमार सिन्हा (बब्बू कुशवाहा), हजारीबाग नगर निगम के मेयर अरविंद कुमार राणा, यातायात प्रभारी अनूप कुमार, समाजसेवी राकेश गुप्ता, पूर्व मेयर प्रत्याशी तस्लीम अंसारी तथा अन्नदा कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर नीलमणि मुखर्जी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल से शारीरिक और मानसिक विकास होता है। उन्होंने कहा कि खेल आपसी भाईचारा, अनुशासन और टीम भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं।

मुंबई के कस्टम कमिश्नर प्रशांत कुमार सिन्हा ने कहा कि छोटे शहरों में इस तरह के भव्य क्रिकेट टूर्नामेंट युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को अनुशासन, मेहनत और निरंतर अभ्यास के माध्यम से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

मेयर अरविंद कुमार राणा ने कहा कि खेल युवाओं को नशा और गलत गतिविधियों से दूर रखकर बेहतर भविष्य की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी हर संभव सहयोग देने की बात कही।

टूर्नामेंट के आयोजक सह ओमेगा ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट शादाब अंसारी ने कहा कि ओमेगा कप T-10 नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्देश्य हजारीबाग के युवाओं और क्रिकेट प्रतिभाओं को बेहतर मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि दर्शकों और क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह आयोजन समिति के लिए प्रेरणादायक रहा।

फाइनल मुकाबले में अंपायर की भूमिका खुर्शीद आलम एवं सुजल ने निभाई, जबकि उद्घोषक की भूमिका शरीफ उल्ला गुड्डू और सचिन राणा ने शानदार तरीके से निभाई। संपूर्ण टूर्नामेंट के दौरान अंपायर की जिम्मेदारी सुजल कुमार, खुर्शीद आलम, प्रभात रंजन और नयन नंदी ने संभाली, वहीं स्कोरर की भूमिका अनिकेत कुमार एवं विकास कुमार ने निभाई।

कल्याण विभाग की योजनाओं एवं छात्रावासों की स्थिति की उपायुक्त ने की समीक्षा

उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में कल्याण विभाग द्वारा संचालित बालक एवं बालिका छात्रावासों की संख्या, उनकी वर्तमान स्थिति तथा विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में संचालित छात्रावासों का नियमित भ्रमण कर उनकी अद्यतन स्थिति का प्रतिवेदन समर्पित करें। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं, विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए छात्रावासों में प्रकाश व्यवस्था, बाउंड्रीवाल, शौचालय, स्वच्छता एवं रखरखाव आदि का गहन निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने जिले के सभी असंचालित छात्रावासों को शीघ्र क्रियाशील करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जो प्रखंड कल्याण पदाधिकारी अपने क्षेत्र के असंचालित छात्रावासों को पुनः संचालित कराने में सफल होंगे, उन्हें आगामी 15 अगस्त के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।

बैठक में आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यकतानुसार अतिरिक्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

समीक्षा बैठक में साइकिल वितरण योजना, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों का भ्रमण करें तथा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना से संबंधित आवेदन प्रपत्र जरूरतमंद एवं गरीब नागरिकों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि अधिकाधिक लाभुक योजना से लाभान्वित हो सकें।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने जिले के पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों में आधार कार्ड निर्माण हेतु विशेष आधार शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र व्यक्तियों को आधार पंजीकरण की सुविधा सुलभ हो सके।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय,जिला कल्याण पदाधिकारी श्रीमती मां देव प्रिया मौजूद थी।

पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर आयोग सक्रिय, प्रदेशभर में होगा सर्वे और खुले संवाद सत्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर गठित “उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” ने अपना काम औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। आयोग पंचायतों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का व्यापक अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपेगा।
इस संबंध में मंगलवार को लखनऊ स्थित नैमिषारण्य गेस्ट हाउस में आयोग के अध्यक्ष द्वारा प्रेसवार्ता आयोजित कर विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि पंचायती राज अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन की अधिसूचना के तहत गठित आयोग का कार्यकाल छह माह निर्धारित किया गया है।

* जिलों और ब्लॉकों में होगा व्यापक सर्वेक्षण
आयोग प्रदेश के सभी जिलों का दौरा करेगा और जिला व ब्लॉक स्तर पर बैठकें आयोजित करेगा। इन बैठकों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों से संवाद कर आवश्यक तथ्य और आंकड़े जुटाए जाएंगे। आयोग पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था के लिए अनुभवजन्य अध्ययन, सर्वेक्षण और तथ्यात्मक आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगा। साथ ही ग्रामीण स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व और अनुपातिक आरक्षण की स्थिति का भी गहन अध्ययन किया जाएगा।

* सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप होगा अध्ययन
आयोग के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम औतार सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पिछड़े वर्गों के अध्ययन और आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण तय किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नगर निकाय चुनाव इसी प्रक्रिया के तहत कराए गए थे और अब पंचायत चुनावों के लिए यह आयोग गठित किया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग पूरे प्रदेश का भ्रमण कर विभिन्न हितधारकों से संवाद स्थापित करेगा और पंचायतों में पिछड़े वर्गों की वास्तविक स्थिति से जुड़े तथ्य जुटाएगा।

* खुले संवाद सत्र में आमजन भी दे सकेंगे सुझाव
आयोग के सदस्य एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश ब्रजेश कुमार ने बताया कि आयोग आपत्तियां और सुझाव भी स्वीकार करेगा। जिलों और ब्लॉकों में खुले संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जहां आम नागरिकों से सीधे बातचीत कर उनकी राय ली जाएगी। इन बैठकों में पिछड़े वर्गों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी। हालांकि आयोग के दौरों की तिथियां और स्थान अभी तय नहीं किए गए हैं।
प्रेसवार्ता में डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया (सेवानिवृत्त आईएएस), एस.पी. सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस), पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह आईएएस तथा संयुक्त निदेशक संजय कुमार बरनवाल भी मौजूद रहे।
आयुष इलाज भी होगा कैशलेस योजना में शामिल : सीएम योगी
* स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, तकनीक और जवाबदेही पर जोर



लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का असर सीधे आम आदमी को दिखना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर बनाई जाए तथा स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने बड़ा निर्णय लेते हुए दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष पद्धतियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। अब आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की आईपीडी सेवाओं को भी योजना के दायरे में लाया जाएगा।

* आयुष्मान योजना गरीबों का बड़ा सहारा
सीएम योगी ने कहा कि आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन रही है। उन्होंने अस्पतालों के क्लेम दावों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में 6480 अस्पताल योजना से जुड़े हैं और अब तक 96.75 लाख से अधिक मरीजों को नि:शुल्क उपचार मिल चुका है।

* मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य ढांचे का तेजी से विस्तार
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्ष 2016-17 की तुलना में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई है। वहीं एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12,800, जबकि पीजी सीटें 1344 से बढ़कर 5067 हो गई हैं। प्रदेश में वर्तमान में 108 जिला चिकित्सालय, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सीएचसी, 3757 पीएचसी और 27,668 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26.41 करोड़ ओपीडी, 1.23 करोड़ आईपीडी सेवाएं और 24.33 करोड़ पैथोलॉजी जांचें की गईं।

* कोविड काल के स्वास्थ्य कर्मियों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत कोविड काल में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर समायोजन किया जाए। साथ ही, आशा कार्यकर्ताओं का भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित न रखने के निर्देश भी दिए।

* एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम और घटाने के निर्देश
सीएम योगी ने कहा कि आपात स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए 108 एम्बुलेंस और एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम और कम किया जाए। वर्तमान में प्रदेश में 375 एएलएस एम्बुलेंस संचालित हैं, जिनके जरिए अब तक 9.38 लाख मरीजों को रेफर किया जा चुका है।

* अस्पतालों में एक्सपायरी दवाओं पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि तीन माह से कम एक्सपायरी अवधि वाली दवाएं अस्पतालों में नहीं रहनी चाहिए। उनकी जगह समय रहते नई दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

* मातृ-शिशु स्वास्थ्य, रिसर्च और डिजिटल हेल्थ पर फोकस
मुख्यमंत्री ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में और कमी लाने के लिए सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही रिसर्च, मेडटेक और डिजिटल हेल्थ पहल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने कैंसर, ट्रॉमा, आईसीयू और इमरजेंसी सेवाओं को प्राथमिकता से विकसित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में UPTEN, CARE-UP मिशन, प्रोजेक्ट सुश्रुत और यूपी राज्य कैंसर मिशन की प्रगति पर चर्चा हुई।
बैठक में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज का गर्ल्स हॉस्टल, अयोध्या मेडिकल कॉलेज का 110 बेड ट्रॉमा सेंटर, सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का बीएससी नर्सिंग कॉलेज और कानपुर मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग एवं डी-एडिक्शन वार्ड विस्तार जैसी परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता तीनों साथ दिखाई देनी चाहिए, तभी आम लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
कोल इंडिया का बड़ा प्रोजेक्ट यूपी के नाम
* देशभर की 25 कंपनियों को पछाड़ गोरखपुर की कंपनी को मिला ₹115 करोड़ का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट


• सीएम योगी की औद्योगिक पहल से उत्तर प्रदेश बन रहा नवीकरणीय ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और निजी निवेश का उभरता केंद्र


लखनऊ/ गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते औद्योगिक और निवेश परिदृश्य में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। गोरखपुर की कंपनी “नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि.” Northernexpress Infradevelopers Pvt. Ltd.  ने महेसरा ताल (चिलुआताल) में 20 मेगावाट (MW) क्षमता की फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट हासिल कर राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को नई गति दी है। यह ऐतिहासिक कदम उत्तर प्रदेश की हरित ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ गोरखपुर को देश के औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करेगा।
गोरखपुर के चिलुआताल, जिसे महेसरा ताल के नाम से भी जाना जाता है, में प्रतिष्ठित फ्लोटिंग सोलर परियोजना हासिल की है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के देश के सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्यों में तेजी से उभरने को और मजबूत करती है।
यह परियोजना भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के अंतर्गत कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) द्वारा जारी की गई थी। देशभर की कुल 25 कंपनियों ने इस प्रक्रिया में भाग लिया, जिनमें से 17 कंपनियां तकनीकी और वित्तीय रूप से योग्य घोषित हुईं। 25 मई 2026 को वित्तीय मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग ₹115 करोड़ मूल्य की यह परियोजना नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि. को प्रदान की गई।
नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि. इससे पहले हिंदुस्तान उर्वरक एंड रसायन लिमिटेड (HURL) के लिए वाप्कोस लिमिटेड (WAPCOS Limited) की निगरानी में चिलुआताल/महेसरा ताल ड्रेजिंग परियोजना का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन कर चुकी है। प्रबंध निदेशक नितीश त्रिपाठी के नेतृत्व में कंपनी की यह सफलता गोरखपुर के लिए गर्व का विषय है, जो राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और उत्तर प्रदेश के तीव्र आर्थिक परिवर्तन को नई गति देने का कार्य करेगी।
सुबोध दीक्षित, पीएसयू हेड, इन्वेस्ट यूपी ने कहा कि चिलुआताल फ्लोटिंग सोलर परियोजना हासिल करना उत्तर प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। यह राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में क्षेत्रीय उद्यमों की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करता है और गोरखपुर के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और सशक्त बनाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश का पसंदीदा निवेश गंतव्य बन रहा है और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की बढ़ती रुचि को भी दर्शाता है, जहां कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited)  राज्य में अपनी अन्य आगामी परियोजनाओं के साथ इस ऐतिहासिक फ्लोटिंग सोलर परियोजना के माध्यम से अग्रणी भूमिका निभा रही है।
कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालयों का जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण, साफ-सफाई एवं फाइलों के सुरक्षित रखरखाव के निर्देश

*गोण्डा।जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय भूलेख विभाग, नजारत, रिकॉर्ड रूम सहित अन्य सभी कार्यालयों एवं पटलों का गहन अवलोकन किया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति, अभिलेखों के रख-रखाव, फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था तथा कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विभागों में स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाए तथा कार्यालय परिसर को साफ एवं व्यवस्थित बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी अभिलेख अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए उनके सुरक्षित संरक्षण एवं व्यवस्थित संधारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

जिलाधिकारी ने सभी पटल सहायकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभिलेखों एवं फाइलों का वर्गीकरण सुव्यवस्थित ढंग से किया जाए, जिससे आवश्यक दस्तावेज समय पर आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने रिकॉर्ड रूम में अभिलेखों के सुरक्षित रख-रखाव के लिए निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि पुराने अभिलेखों के संरक्षण के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाई जाएं तथा कार्यालय कार्यों में पारदर्शिता एवं तत्परता बनाए रखी जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कर्मचारियों से संवाद करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यालयों में आने वाले फरियादियों एवं आम नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र कुमार तिवारी, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) ने किया विधायक रमेश चंद्र मिश्रा का सम्मान
जौनपुर। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) के तत्वावधान में शुक्ला मैरेज हॉल में क्षेत्रीय विधायक रमेश चंद्र मिश्रा का भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं. श्रीपति उपाध्याय पूर्व ब्लाक प्रमुख बक्सा ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सचिव पं. अवध नारायण तिवारी एवं जयेद्र कुमार शुक्ला वाराणसी मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में हुआ कार्यक्रम में विधायक रमेश चंद्र मिश्र का माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर समाज की एकजुटता, शिक्षा, संस्कृति एवं सामाजिक उत्थान से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने ब्राह्मण समाज की सहभागिता और संगठन की मजबूती पर बल दिया। वहीं जिले के जाने-माने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार मिश्र ने अपनी वक्तव्य में ब्राह्मण एक जूटता पर बल देते हुए कार्यक्रम की खूब सराहना की वही उनके ओजस्वपूर्ण वक्तव्य को सुनकर लोगों ने खूब ताली बजाई इस मौके पर सुनील तिवारी जिला महामंत्री, रामसहाय पांडेय, पंडित रामकृष्ण त्रिपाठी, रामदयाल द्विवेदी, रामजी तिवारी, अजय त्रिपाठी (संरक्षक), डॉ. ज्ञानप्रकाश मिश्र (प्राचार्य), कोल परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष पं. रविन्द्र मिश्रा, माला शुक्ला, प्रयास उपाध्याय, अनुज मिश्र कुसाव, विश्व हिन्दू परिषद के जिला उपाध्यक्ष कृष्णानंद उपाध्याय, शिव सहाय मिश्रा, संतोष मिश्र, अरविंद मिश्रा ब्लॉक अध्यक्ष सत्यसिल त्रिपाठी, दीपक पांडे, पंकज मिश्रा, सुंदरम दुबे, संजीव पाठक, कुशल पांडे, स्वयं मिश्रा, अश्वनी शुक्ला सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम की व्यवस्था की सभी अतिथियों ने सराहना की। आयोजकों ने बताया कि समारोह में अपेक्षा से अधिक लोगों की उपस्थिति रही, जिससे पूरा हॉल खचाखच भरा रहा। अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए समाज के हित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया गया।तत्वावधान में शुक्ला मैरेज हॉल में क्षेत्रीय विधायक रमेश चंद्र मिश्रा का भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं. श्रीपति उपाध्याय पूर्व ब्लाक प्रमुख बक्सा ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सचिव पं. अवध नारायण तिवारी एवं जयेद्र कुमार शुक्ला वाराणसी मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में हुआ कार्यक्रम में विधायक रमेश चंद्र मिश्र का माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर समाज की एकजुटता, शिक्षा, संस्कृति एवं सामाजिक उत्थान से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने ब्राह्मण समाज की सहभागिता और संगठन की मजबूती पर बल दिया। वहीं जिले के जाने-माने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार मिश्र ने अपनी वक्तव्य में ब्राह्मण एक जूटता पर बल देते हुए कार्यक्रम की खूब सराहना की वही उनके ओजस्वपूर्ण वक्तव्य को सुनकर लोगों ने खूब ताली बजाई इस मौके पर सुनील तिवारी जिला महामंत्री, रामसहाय पांडेय, पंडित रामकृष्ण त्रिपाठी, रामदयाल द्विवेदी, रामजी तिवारी, अजय त्रिपाठी (संरक्षक), डॉ. ज्ञानप्रकाश मिश्र (प्राचार्य), कोल परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष पं. रविन्द्र मिश्रा, माला शुक्ला, प्रयास उपाध्याय, अनुज मिश्र कुसाव, विश्व हिन्दू परिषद के जिला उपाध्यक्ष कृष्णानंद उपाध्याय, शिव सहाय मिश्रा, संतोष मिश्र, अरविंद मिश्रा ब्लॉक अध्यक्ष सत्यसिल त्रिपाठी, दीपक पांडे, पंकज मिश्रा, सुंदरम दुबे, संजीव पाठक, कुशल पांडे, स्वयं मिश्रा, अश्वनी शुक्ला सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम की व्यवस्था की सभी अतिथियों ने सराहना की। आयोजकों ने बताया कि समारोह में अपेक्षा से अधिक लोगों की उपस्थिति रही, जिससे पूरा हॉल खचाखच भरा रहा। अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए समाज के हित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया गया।
श्री हनुमान चालीसा  का  सामूहिक पाठ किया गया
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। नगर के खतराना चौराहा पर ज्येष्ठ माह के मंगलवार को सायं बेला में श्री हनुमान चालीसा का पाठ श्रद्धा व उल्हासपूर्वक वाद्य यंत्रों को थाप पर किया गया जिसमें भारी संख्या मे श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक प्रतिभाग किया। नगर के आशीष मेहरोत्रा द्वारा आयोजित श्री हनुमान चालीसा  का  सामूहिक पाठ किया गया उसके उपरांत प्रसाद का वितरण किया गया।इस मौके पर एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग कर भंडारे का आनंद लिया।
CM हेमन्त सोरेन ने की महिला-बाल विकास विभाग की समीक्षा: बाल विवाह रोकने, मॉडल आंगनबाड़ी बनाने और रिक्त पद भरने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्त्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों में तेजी लाते हुए विकास की किरणें समाज के अंतिम पायदान के व्यक्ति तक लाभ पहुँचाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग अपने केन्द्रांश और राज्यांश बजट का पूर्ण व्यय करते हुए योजनाओं का सीधा लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत रिक्त पदों को भरने हेतु नियुक्ति प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग अंतर्गत सीडीपीओ के 106 पद, महिला पर्यवेक्षिका के 433 पद, आंगनबाड़ी सेविका के 583 पद एवं आंगनबाड़ी सहायिका के 897 पद रिक्त हैं, इन पदों पर नियुक्ति की जानी है।

मिशन मोड में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाएं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर मिशन मोड में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाएं। आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के लिए सीएसआर एवं डीएमफटी फंड का उपयोग कर पहले जीर्ण-शीर्ण एवं किराए के भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट कराना सुनिश्चित करें। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करें। राज्य सरकार की सोच है कि अधिक से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र अपने भवन में संचालित हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, शौचालय एवं पेयजल आपूर्ति की बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि किराए पर संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी विद्यालय परिसरों में शिफ्ट किए जाने का कार्य भी विभाग द्वारा किया जा रहा है। इससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा और इसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों पर पड़ेगा।

सखी वन स्टॉप सेंटर के उपयोग के प्रति महिलाओं को करें जागरूक

मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि पोषण अभियान योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविकाओं को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के पश्चात पोषण ट्रैकर पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक दिन की गतिविधियों को अपलोड किया जा रहा है। इससे पर्यवेक्षण में सहूलियत हो रही है। मुख्यमंत्री ने सखी वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर के उपयोग के प्रति महिलाओं को जागरूक कर विभिन्न हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता प्रदान करें। साथ ही इसे स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला हेल्पलाइन नंबर को लेकर लोगों में जागरूकता लाएं और इस नंबर पर प्राप्त शिकायतों को तत्परता के साथ निराकरण करना सुनिश्चित की जाए।

बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर हर हाल में रोक लगाई जाए

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर हर हाल में रोक लगाई जाए। गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा जैसे जगहों पर बाल विवाह के ज्यादा मामले देखने और सुनने को मिल रहे हैं, ऐसे जगहों पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करें। बाल विवाह को बढ़ावा देने वालों एवं इसमें शामिल लोगों पर की जाने वाली कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी आमजनों को दें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ऑडियो-वीडियो के माध्यम से एवं विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी लोगों में प्रभावी जागरूकता लाई जा सकती है। साथ ही स्कूल-कॉलेज की छात्राओं सहित आम लोगों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त झारखंड की दिशा में अपनी साहस और दृढ़संकल्प को दिखाने वाली बालिकाओं को ब्रांड एम्बेसडर/वॉलेंटियर बनाकर समाज में जागरूकता फैलाएं, ताकि बालिकाओं के अल्प आयु में विवाह करने की सामाजिक विसंगति पर रोक लगाई जा सके।

मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना के छूटे हुए पात्र लाभुकों को जोड़ें

बैठक में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित आयु वर्ग के व्यक्तियों को पेंशन योजना अक्षादित करना सुनिश्चित करें। झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना की कार्यप्रगति जानकारी ली एवं अहर्ता पूर्ण करने वाले छूटे हुए लाभुकों को भी इस योजना से जोड़ें।

इन योजनाओं की भी हुई समीक्षा..

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मुख्यमंत्री किशोरी कल्याणार्थ हेतु सावत्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना,

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना, निशक्त कल्याणार्थ योजना अंतर्गत दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना एवं दिव्यांग जनों को विशेष उपकरण उपलब्ध कराए जाने संबंधी कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव श्री उमा शंकर सिंह, निदेशक समाज कल्याण श्रीमती किरण कुमार पासी, अपर सचिव महिला बाल विकास विभाग श्री अभय नंदन अम्बष्ट, निदेशक आईसीपीएस श्री विजय कुमार सिन्हा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

CM हेमन्त सोरेन: हर पंचायत में खुलेगा CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, संख्या 5 हजार तक होगी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्थाएं, आधारभूत संरचनाओं तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार द्वारा विद्यालयों से जुड़ी योजनाओं एवं कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से पारदर्शिता के साथ अध्यनरत छात्र-छात्राओं तक ससमय पहुंचाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार झारखंड के बच्चों को बेहतर एवं क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है। सभी सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पठन-पाठन की नवीनतम एवं आधुनिक तकनीक से संबंधित संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम में निरंतर सुधार हो रहा है, बच्चों का रिजल्ट और ज्यादा अच्छा हो इस निमित्त शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्य सहित सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को गति दें। शिक्षकों के शत प्रतिशत पदों को भरना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में हजारों की संख्या शिक्षकों की बहाली हुई है, नियुक्ति प्रक्रिया निरंतर जारी रखते हुए रिक्त पदों को भरा जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नव नियुक्त शिक्षकों को ससमय वेतन मिले इस निमित्त सभी वेरिफिकेशन कार्य इस माह के अंत तक पूर्ण करना सुनिश्चित की जाए।

ड्रॉप आउट मामलों में हो रहा निरंतर सुधार, राष्ट्रीय औसत से आगे है झारखंड

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की आधारशिला होती है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित हो तथा प्रत्येक बच्चे को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाय। बैठक में मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या में कमी आई है। ड्रॉप आउट के मामले में झारखंड राष्ट्रीय औसत से अच्छा है। शिक्षा विभाग द्वारा अभियान चलाकर ड्रॉप आउट बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा रहा है। श्रम विभाग से समन्वय स्थापित कर वैसे बच्चों का चिन्हित किया जा रहा है, जो बच्चे मजदूरी या कोई अन्य कार्य से जुड़े हैं और स्कूली शिक्षा से वंचित हैं। किताब, पठन-पाठन सामग्री एवं साइकिल वितरण कार्य भी समयबद्ध तरीके से किया जा रहा है। अब बच्चे मैट्रिक परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ उतीर्ण हो रहे हैं, जिन विद्यालयों में बच्चों का रिजल्ट ठीक नहीं रहा है, वैसे विद्यालयों को चिन्हित कर सभी सुविधा, व्यवस्था एवं शिक्षकों की उपलब्धता सहित प्रत्येक बिंदुओं पर सुधार हेतु विभाग विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सरकारी विद्यालयों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाए एवं आईसीटी लैब की सुविधा दुरुस्त करें।

सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार किए जाने की कार्य योजना पर तेजी से कार्य करें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार किए जाने की कार्य योजना पर तेजी से कार्य करें, ताकि प्रत्येक पंचायत तक स्कूलों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को क्वालिटी एजुकेशन पहुंचाई जा सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अगले 6 से 8 महीने के भीतर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी विद्यालय सिंगल टीचर के भरोसे न चले। विद्यालय प्रबंध समितियों से समन्वय स्थापित कर स्थानीय पढ़े-लिखे अहर्ता रखने वाले इच्छुक युवाओं को शिक्षक के रूप में जोड़ें। विशेष कर छात्राओं को भी मौका दें, ताकि शिक्षकों की कमी से किसी भी विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक पंचायतों में अच्छे स्कूल होंगे, तभी बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कर अपना भविष्य उज्ज्वल करेंगे। सभी सरकारी विद्यालयों के पठन-पाठन कार्य में एकरूपता लाना सुनिश्चित करें । मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत परिवहन सुविधा का संचालन करें, ताकि छात्र-छात्राओं को समय के अनुसार घर से स्कूल एवं स्कूल से घर तक पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी विद्यालयों के परिसरों व्यापक रूप से वृक्षारोपण का अभियान शुरू कराएं।

अभिवंचित बच्चों को आवासीय सुविधा और क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर संचालित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत अभिवंचित वर्ग के बच्चे-बच्चियों को आवासीय सुविधा सहित क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करें। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राज्य के भीतर नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों की कुल संख्या 26 है। इन स्कूलों में लगभग 4 हजार विभिन्न प्रकार के अभिवंचित बच्चों को रहने-खाने की पूरी सुविधा के साथ निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों के भवनों के रख-रखाव सहित सभी कार्यों को सुदृढ़ किया गया है।

विद्यालयों में क्वालिटी एजुकेशन के साथ-साथ खेल गतिविधियों को दें बढ़ावा

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के बीच शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दें। वैसे बच्चे-बच्चियों को चिन्हित करें, जो खेल प्रतिस्पर्धा में बहुत अच्छा परफॉर्मेंस कर रहे हैं ताकि उन्हें खेल के क्षेत्र में और आगे बढ़ाया जा सके। राज्य के भीतर खेल के क्षेत्र में हमारे कई बच्चों ने झारखंड का नाम भी रोशन किया है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि विद्यालयों में बच्चों को स्पोर्ट्स किट्स उपलब्ध कराया जा रहा है। राष्ट्रीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता के तहत झारखंड के बच्चों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। शारीरिक शिक्षा के शिक्षक खेल गतिविधियों की बेहतरी के लिए कार्य कर रहे हैं।

प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय की स्थापना हेतु एक सप्ताह के भीतर डीपीआर प्रस्तुत करने का निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के समक्ष अधिकारियों ने जगुआर कैंपस रांची में बनाए जाने वाले प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय की स्थापना हेतु चिन्हित भूमि का पीपीटी प्रजेंटेशन रखा। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जगुआर कैंपस रांची में ही 6 एकड़ भूमि विद्यालय निर्माण हेतु विभाग द्वारा चिन्हित किया गया है। मुख्यमंत्री को विद्यालय स्थापना की कार्य योजना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को इस प्रस्ताव से संबंधित डीपीआर समर्पित करने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय शहीद पुलिस कर्मियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है।

मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ऑनलाइन माध्यम से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, बुंडू के स्कूल प्रबंधन के साथ जुड़े एवं स्कूल में स्थापित सभी सुविधाओं की जानकारी ली।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री उमा शंकर सिंह, राज्य परियोजना निदेशक श्री शशि रंजन, निदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री राजेश प्रसाद, निदेशक प्राथमिक शिक्षा श्री मनोज कुमार रंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

फ्लड लाइट की रोशनी में चमका ओमेगा कप का फाइनल, आर के सन पावर बनी चैंपियन

हजारीबाग। शहर के ऐतिहासिक अन्नदा कॉलेज मैदान में ओमेगा ग्रुप ट्रस्ट द्वारा आयोजित ओमेगा कप हजारीबाग T-10 नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य फाइनल मुकाबला सोमवार की रात फ्लड लाइट की रोशनी में खेला गया। टूर्नामेंट के 11वें दिन खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में आर के सन पावर और मायल-11 की टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

फाइनल मुकाबले में मायल-11 की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 10 ओवरों में 8 विकेट खोकर 114 रन बनाए। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी आर के सन पावर की टीम ने आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट खोकर 115 रन बनाकर टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया। जीत के साथ मैदान में खिलाड़ियों और समर्थकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला।

टूर्नामेंट के विजेता आर के सन पावर टीम को 1.5 लाख रुपए नगद इनाम एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया, जबकि उपविजेता मायल-11 की टीम को 75000 रुपए नगद इनाम राशि और ट्रॉफी प्रदान की गई। वहीं मैन ऑफ द सीरीज, मैन ऑफ द मैच, बेस्ट बॉलर और बेस्ट बैट्समैन का खिताब विकास कुमार गुप्ता ने अपने नाम किया।

फाइनल मुकाबले के दौरान मैदान में क्रिकेट प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी रही। दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया, जिससे पूरा मैदान खेल भावना और जोश से सराबोर नजर आया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथियों के रूप में पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, मुंबई के कस्टम कमिश्नर प्रशांत कुमार सिन्हा (बब्बू कुशवाहा), हजारीबाग नगर निगम के मेयर अरविंद कुमार राणा, यातायात प्रभारी अनूप कुमार, समाजसेवी राकेश गुप्ता, पूर्व मेयर प्रत्याशी तस्लीम अंसारी तथा अन्नदा कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर नीलमणि मुखर्जी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल से शारीरिक और मानसिक विकास होता है। उन्होंने कहा कि खेल आपसी भाईचारा, अनुशासन और टीम भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं।

मुंबई के कस्टम कमिश्नर प्रशांत कुमार सिन्हा ने कहा कि छोटे शहरों में इस तरह के भव्य क्रिकेट टूर्नामेंट युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को अनुशासन, मेहनत और निरंतर अभ्यास के माध्यम से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

मेयर अरविंद कुमार राणा ने कहा कि खेल युवाओं को नशा और गलत गतिविधियों से दूर रखकर बेहतर भविष्य की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी हर संभव सहयोग देने की बात कही।

टूर्नामेंट के आयोजक सह ओमेगा ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट शादाब अंसारी ने कहा कि ओमेगा कप T-10 नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्देश्य हजारीबाग के युवाओं और क्रिकेट प्रतिभाओं को बेहतर मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि दर्शकों और क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह आयोजन समिति के लिए प्रेरणादायक रहा।

फाइनल मुकाबले में अंपायर की भूमिका खुर्शीद आलम एवं सुजल ने निभाई, जबकि उद्घोषक की भूमिका शरीफ उल्ला गुड्डू और सचिन राणा ने शानदार तरीके से निभाई। संपूर्ण टूर्नामेंट के दौरान अंपायर की जिम्मेदारी सुजल कुमार, खुर्शीद आलम, प्रभात रंजन और नयन नंदी ने संभाली, वहीं स्कोरर की भूमिका अनिकेत कुमार एवं विकास कुमार ने निभाई।

कल्याण विभाग की योजनाओं एवं छात्रावासों की स्थिति की उपायुक्त ने की समीक्षा

उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में कल्याण विभाग द्वारा संचालित बालक एवं बालिका छात्रावासों की संख्या, उनकी वर्तमान स्थिति तथा विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में संचालित छात्रावासों का नियमित भ्रमण कर उनकी अद्यतन स्थिति का प्रतिवेदन समर्पित करें। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं, विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए छात्रावासों में प्रकाश व्यवस्था, बाउंड्रीवाल, शौचालय, स्वच्छता एवं रखरखाव आदि का गहन निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने जिले के सभी असंचालित छात्रावासों को शीघ्र क्रियाशील करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जो प्रखंड कल्याण पदाधिकारी अपने क्षेत्र के असंचालित छात्रावासों को पुनः संचालित कराने में सफल होंगे, उन्हें आगामी 15 अगस्त के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।

बैठक में आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यकतानुसार अतिरिक्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

समीक्षा बैठक में साइकिल वितरण योजना, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों का भ्रमण करें तथा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना से संबंधित आवेदन प्रपत्र जरूरतमंद एवं गरीब नागरिकों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि अधिकाधिक लाभुक योजना से लाभान्वित हो सकें।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने जिले के पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों में आधार कार्ड निर्माण हेतु विशेष आधार शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र व्यक्तियों को आधार पंजीकरण की सुविधा सुलभ हो सके।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय,जिला कल्याण पदाधिकारी श्रीमती मां देव प्रिया मौजूद थी।

पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर आयोग सक्रिय, प्रदेशभर में होगा सर्वे और खुले संवाद सत्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर गठित “उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” ने अपना काम औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। आयोग पंचायतों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का व्यापक अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपेगा।
इस संबंध में मंगलवार को लखनऊ स्थित नैमिषारण्य गेस्ट हाउस में आयोग के अध्यक्ष द्वारा प्रेसवार्ता आयोजित कर विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि पंचायती राज अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन की अधिसूचना के तहत गठित आयोग का कार्यकाल छह माह निर्धारित किया गया है।

* जिलों और ब्लॉकों में होगा व्यापक सर्वेक्षण
आयोग प्रदेश के सभी जिलों का दौरा करेगा और जिला व ब्लॉक स्तर पर बैठकें आयोजित करेगा। इन बैठकों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों से संवाद कर आवश्यक तथ्य और आंकड़े जुटाए जाएंगे। आयोग पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था के लिए अनुभवजन्य अध्ययन, सर्वेक्षण और तथ्यात्मक आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगा। साथ ही ग्रामीण स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व और अनुपातिक आरक्षण की स्थिति का भी गहन अध्ययन किया जाएगा।

* सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप होगा अध्ययन
आयोग के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम औतार सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पिछड़े वर्गों के अध्ययन और आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण तय किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नगर निकाय चुनाव इसी प्रक्रिया के तहत कराए गए थे और अब पंचायत चुनावों के लिए यह आयोग गठित किया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग पूरे प्रदेश का भ्रमण कर विभिन्न हितधारकों से संवाद स्थापित करेगा और पंचायतों में पिछड़े वर्गों की वास्तविक स्थिति से जुड़े तथ्य जुटाएगा।

* खुले संवाद सत्र में आमजन भी दे सकेंगे सुझाव
आयोग के सदस्य एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश ब्रजेश कुमार ने बताया कि आयोग आपत्तियां और सुझाव भी स्वीकार करेगा। जिलों और ब्लॉकों में खुले संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जहां आम नागरिकों से सीधे बातचीत कर उनकी राय ली जाएगी। इन बैठकों में पिछड़े वर्गों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी। हालांकि आयोग के दौरों की तिथियां और स्थान अभी तय नहीं किए गए हैं।
प्रेसवार्ता में डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया (सेवानिवृत्त आईएएस), एस.पी. सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस), पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह आईएएस तथा संयुक्त निदेशक संजय कुमार बरनवाल भी मौजूद रहे।
आयुष इलाज भी होगा कैशलेस योजना में शामिल : सीएम योगी
* स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, तकनीक और जवाबदेही पर जोर



लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का असर सीधे आम आदमी को दिखना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर बनाई जाए तथा स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने बड़ा निर्णय लेते हुए दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष पद्धतियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। अब आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की आईपीडी सेवाओं को भी योजना के दायरे में लाया जाएगा।

* आयुष्मान योजना गरीबों का बड़ा सहारा
सीएम योगी ने कहा कि आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन रही है। उन्होंने अस्पतालों के क्लेम दावों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में 6480 अस्पताल योजना से जुड़े हैं और अब तक 96.75 लाख से अधिक मरीजों को नि:शुल्क उपचार मिल चुका है।

* मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य ढांचे का तेजी से विस्तार
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्ष 2016-17 की तुलना में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई है। वहीं एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12,800, जबकि पीजी सीटें 1344 से बढ़कर 5067 हो गई हैं। प्रदेश में वर्तमान में 108 जिला चिकित्सालय, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सीएचसी, 3757 पीएचसी और 27,668 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26.41 करोड़ ओपीडी, 1.23 करोड़ आईपीडी सेवाएं और 24.33 करोड़ पैथोलॉजी जांचें की गईं।

* कोविड काल के स्वास्थ्य कर्मियों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत कोविड काल में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर समायोजन किया जाए। साथ ही, आशा कार्यकर्ताओं का भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित न रखने के निर्देश भी दिए।

* एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम और घटाने के निर्देश
सीएम योगी ने कहा कि आपात स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए 108 एम्बुलेंस और एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम और कम किया जाए। वर्तमान में प्रदेश में 375 एएलएस एम्बुलेंस संचालित हैं, जिनके जरिए अब तक 9.38 लाख मरीजों को रेफर किया जा चुका है।

* अस्पतालों में एक्सपायरी दवाओं पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि तीन माह से कम एक्सपायरी अवधि वाली दवाएं अस्पतालों में नहीं रहनी चाहिए। उनकी जगह समय रहते नई दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

* मातृ-शिशु स्वास्थ्य, रिसर्च और डिजिटल हेल्थ पर फोकस
मुख्यमंत्री ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में और कमी लाने के लिए सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही रिसर्च, मेडटेक और डिजिटल हेल्थ पहल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने कैंसर, ट्रॉमा, आईसीयू और इमरजेंसी सेवाओं को प्राथमिकता से विकसित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में UPTEN, CARE-UP मिशन, प्रोजेक्ट सुश्रुत और यूपी राज्य कैंसर मिशन की प्रगति पर चर्चा हुई।
बैठक में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज का गर्ल्स हॉस्टल, अयोध्या मेडिकल कॉलेज का 110 बेड ट्रॉमा सेंटर, सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का बीएससी नर्सिंग कॉलेज और कानपुर मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग एवं डी-एडिक्शन वार्ड विस्तार जैसी परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता तीनों साथ दिखाई देनी चाहिए, तभी आम लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
कोल इंडिया का बड़ा प्रोजेक्ट यूपी के नाम
* देशभर की 25 कंपनियों को पछाड़ गोरखपुर की कंपनी को मिला ₹115 करोड़ का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट


• सीएम योगी की औद्योगिक पहल से उत्तर प्रदेश बन रहा नवीकरणीय ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और निजी निवेश का उभरता केंद्र


लखनऊ/ गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते औद्योगिक और निवेश परिदृश्य में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। गोरखपुर की कंपनी “नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि.” Northernexpress Infradevelopers Pvt. Ltd.  ने महेसरा ताल (चिलुआताल) में 20 मेगावाट (MW) क्षमता की फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट हासिल कर राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को नई गति दी है। यह ऐतिहासिक कदम उत्तर प्रदेश की हरित ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ गोरखपुर को देश के औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करेगा।
गोरखपुर के चिलुआताल, जिसे महेसरा ताल के नाम से भी जाना जाता है, में प्रतिष्ठित फ्लोटिंग सोलर परियोजना हासिल की है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के देश के सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्यों में तेजी से उभरने को और मजबूत करती है।
यह परियोजना भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के अंतर्गत कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) द्वारा जारी की गई थी। देशभर की कुल 25 कंपनियों ने इस प्रक्रिया में भाग लिया, जिनमें से 17 कंपनियां तकनीकी और वित्तीय रूप से योग्य घोषित हुईं। 25 मई 2026 को वित्तीय मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग ₹115 करोड़ मूल्य की यह परियोजना नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि. को प्रदान की गई।
नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि. इससे पहले हिंदुस्तान उर्वरक एंड रसायन लिमिटेड (HURL) के लिए वाप्कोस लिमिटेड (WAPCOS Limited) की निगरानी में चिलुआताल/महेसरा ताल ड्रेजिंग परियोजना का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन कर चुकी है। प्रबंध निदेशक नितीश त्रिपाठी के नेतृत्व में कंपनी की यह सफलता गोरखपुर के लिए गर्व का विषय है, जो राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और उत्तर प्रदेश के तीव्र आर्थिक परिवर्तन को नई गति देने का कार्य करेगी।
सुबोध दीक्षित, पीएसयू हेड, इन्वेस्ट यूपी ने कहा कि चिलुआताल फ्लोटिंग सोलर परियोजना हासिल करना उत्तर प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। यह राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में क्षेत्रीय उद्यमों की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करता है और गोरखपुर के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और सशक्त बनाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश का पसंदीदा निवेश गंतव्य बन रहा है और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की बढ़ती रुचि को भी दर्शाता है, जहां कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited)  राज्य में अपनी अन्य आगामी परियोजनाओं के साथ इस ऐतिहासिक फ्लोटिंग सोलर परियोजना के माध्यम से अग्रणी भूमिका निभा रही है।
कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालयों का जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण, साफ-सफाई एवं फाइलों के सुरक्षित रखरखाव के निर्देश

*गोण्डा।जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय भूलेख विभाग, नजारत, रिकॉर्ड रूम सहित अन्य सभी कार्यालयों एवं पटलों का गहन अवलोकन किया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति, अभिलेखों के रख-रखाव, फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था तथा कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विभागों में स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाए तथा कार्यालय परिसर को साफ एवं व्यवस्थित बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी अभिलेख अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए उनके सुरक्षित संरक्षण एवं व्यवस्थित संधारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

जिलाधिकारी ने सभी पटल सहायकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभिलेखों एवं फाइलों का वर्गीकरण सुव्यवस्थित ढंग से किया जाए, जिससे आवश्यक दस्तावेज समय पर आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने रिकॉर्ड रूम में अभिलेखों के सुरक्षित रख-रखाव के लिए निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि पुराने अभिलेखों के संरक्षण के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाई जाएं तथा कार्यालय कार्यों में पारदर्शिता एवं तत्परता बनाए रखी जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कर्मचारियों से संवाद करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यालयों में आने वाले फरियादियों एवं आम नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र कुमार तिवारी, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) ने किया विधायक रमेश चंद्र मिश्रा का सम्मान
जौनपुर। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) के तत्वावधान में शुक्ला मैरेज हॉल में क्षेत्रीय विधायक रमेश चंद्र मिश्रा का भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं. श्रीपति उपाध्याय पूर्व ब्लाक प्रमुख बक्सा ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सचिव पं. अवध नारायण तिवारी एवं जयेद्र कुमार शुक्ला वाराणसी मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में हुआ कार्यक्रम में विधायक रमेश चंद्र मिश्र का माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर समाज की एकजुटता, शिक्षा, संस्कृति एवं सामाजिक उत्थान से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने ब्राह्मण समाज की सहभागिता और संगठन की मजबूती पर बल दिया। वहीं जिले के जाने-माने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार मिश्र ने अपनी वक्तव्य में ब्राह्मण एक जूटता पर बल देते हुए कार्यक्रम की खूब सराहना की वही उनके ओजस्वपूर्ण वक्तव्य को सुनकर लोगों ने खूब ताली बजाई इस मौके पर सुनील तिवारी जिला महामंत्री, रामसहाय पांडेय, पंडित रामकृष्ण त्रिपाठी, रामदयाल द्विवेदी, रामजी तिवारी, अजय त्रिपाठी (संरक्षक), डॉ. ज्ञानप्रकाश मिश्र (प्राचार्य), कोल परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष पं. रविन्द्र मिश्रा, माला शुक्ला, प्रयास उपाध्याय, अनुज मिश्र कुसाव, विश्व हिन्दू परिषद के जिला उपाध्यक्ष कृष्णानंद उपाध्याय, शिव सहाय मिश्रा, संतोष मिश्र, अरविंद मिश्रा ब्लॉक अध्यक्ष सत्यसिल त्रिपाठी, दीपक पांडे, पंकज मिश्रा, सुंदरम दुबे, संजीव पाठक, कुशल पांडे, स्वयं मिश्रा, अश्वनी शुक्ला सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम की व्यवस्था की सभी अतिथियों ने सराहना की। आयोजकों ने बताया कि समारोह में अपेक्षा से अधिक लोगों की उपस्थिति रही, जिससे पूरा हॉल खचाखच भरा रहा। अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए समाज के हित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया गया।तत्वावधान में शुक्ला मैरेज हॉल में क्षेत्रीय विधायक रमेश चंद्र मिश्रा का भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं. श्रीपति उपाध्याय पूर्व ब्लाक प्रमुख बक्सा ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सचिव पं. अवध नारायण तिवारी एवं जयेद्र कुमार शुक्ला वाराणसी मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में हुआ कार्यक्रम में विधायक रमेश चंद्र मिश्र का माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर समाज की एकजुटता, शिक्षा, संस्कृति एवं सामाजिक उत्थान से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने ब्राह्मण समाज की सहभागिता और संगठन की मजबूती पर बल दिया। वहीं जिले के जाने-माने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार मिश्र ने अपनी वक्तव्य में ब्राह्मण एक जूटता पर बल देते हुए कार्यक्रम की खूब सराहना की वही उनके ओजस्वपूर्ण वक्तव्य को सुनकर लोगों ने खूब ताली बजाई इस मौके पर सुनील तिवारी जिला महामंत्री, रामसहाय पांडेय, पंडित रामकृष्ण त्रिपाठी, रामदयाल द्विवेदी, रामजी तिवारी, अजय त्रिपाठी (संरक्षक), डॉ. ज्ञानप्रकाश मिश्र (प्राचार्य), कोल परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष पं. रविन्द्र मिश्रा, माला शुक्ला, प्रयास उपाध्याय, अनुज मिश्र कुसाव, विश्व हिन्दू परिषद के जिला उपाध्यक्ष कृष्णानंद उपाध्याय, शिव सहाय मिश्रा, संतोष मिश्र, अरविंद मिश्रा ब्लॉक अध्यक्ष सत्यसिल त्रिपाठी, दीपक पांडे, पंकज मिश्रा, सुंदरम दुबे, संजीव पाठक, कुशल पांडे, स्वयं मिश्रा, अश्वनी शुक्ला सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम की व्यवस्था की सभी अतिथियों ने सराहना की। आयोजकों ने बताया कि समारोह में अपेक्षा से अधिक लोगों की उपस्थिति रही, जिससे पूरा हॉल खचाखच भरा रहा। अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए समाज के हित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया गया।
श्री हनुमान चालीसा  का  सामूहिक पाठ किया गया
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। नगर के खतराना चौराहा पर ज्येष्ठ माह के मंगलवार को सायं बेला में श्री हनुमान चालीसा का पाठ श्रद्धा व उल्हासपूर्वक वाद्य यंत्रों को थाप पर किया गया जिसमें भारी संख्या मे श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक प्रतिभाग किया। नगर के आशीष मेहरोत्रा द्वारा आयोजित श्री हनुमान चालीसा  का  सामूहिक पाठ किया गया उसके उपरांत प्रसाद का वितरण किया गया।इस मौके पर एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग कर भंडारे का आनंद लिया।