बेफिक्र होकर कराएं इलाज, सरकार देगी भरपूर आर्थिक सहायता: योगी
* मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान 150 लोगों की समस्याएं सुनीं, अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश

गोरखपुर। योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर प्रवास के दौरान जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंदों को बड़ी राहत दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इलाज के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी और पात्र लोगों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से भरपूर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
होलिकोत्सव के अवसर पर गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 150 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने बैठे फरियादियों के पास स्वयं पहुंचकर उन्होंने एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए त्वरित व संतोषजनक निस्तारण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु आर्थिक सहायता मांगने वाले मामलों में इस्टीमेट की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर शासन को भेजी जाए, ताकि समय पर सहायता राशि जारी की जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर जरूरतमंद को इलाज के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाएगा।
जनता दर्शन में एक व्यक्ति ने किडनी रोग के इलाज में आर्थिक तंगी की समस्या बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने उससे आयुष्मान कार्ड के बारे में जानकारी ली। कार्ड न होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने आश्वस्त किया कि चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, सरकार इलाज में हर संभव मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों पर पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता से कार्य करें। समस्याओं का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं जमीन कब्जाने या दबंगई की शिकायत मिले तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
जनता दर्शन में कुछ बच्चे भी अपने परिजनों के साथ पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया, चॉकलेट वितरित की और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
खामेनेई को निशाना बनाना आसान नहीं था, इजरायल ने सालों तक ट्रैफिक कैमरों और फोन नेटवर्क किया हैक

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इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के खिलाफ जो कार्रवाई की, उससे ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि अमेरिका और इजरायल ने आख़िर कैसे इतना सटीक निशाना लगाया और खामेनेई के साथ तमाम टॉप लीडरशिप पर बॉम्बिंग कर दी। ऐसे में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है कि खामेनेई की लोकेशन पता करने के लिए इजरायल ने सालों तक ईरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक किया था।

इजराइल सालों तक खामेनेई की गतिविधियों पर नजर रखी

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के लिए इडराइल ने काफी बड़ी योजना बनाई और सालों तक ईरान में खामेनेई की गतिविधियों पर नजर रखी। यह खुलासा फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में हुआ है। उसने बताया कि इजरायल ने कई सालों तक ईरान के ट्रैफिक कैमरा नेटवर्क और मोबाइल फोन सिस्टम में घुसपैठ की थी। इजरायल निगरानी के जरिए खामेनेई की सुरक्षा दल की गतिविधियों पर नजर रख रहा था।

फुटेज को एन्क्रिप्ट करके तेल अवीव भेजा जाता था

फाइनेंशियल टाइम्स ने मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से बताया है कि इजरायली इंटेलिजेंस ने तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरों को सालों से हैक कर लिया था। उसकी तस्वीरें एन्क्रिप्ट करके तेल अवीव और दक्षिणी इजरायल के सर्वर पर भेजी जा रही थीं। इसमें एक कैमरे का एंगल बहुत काम का साबित हुआ, जिससे पाश्चर स्ट्रीट में खामेनेई के कड़े सुरक्षा वाले कंपाउंड के आम हिस्सा की झलक मिली।

क्या-क्या मिलती थी जानकारी

रिपोर्ट में बताया गया कि विशेष कैमरा एंगल से यह निर्धारित करने में मदद मिली कि अंगरक्षक अपने निजी वाहन कहां खड़ा करते थे। उससे तेहरान में पाश्चर स्ट्रीट के पास परिसर के अंदर की दैनिक दिनचर्या की जानकारी मिलती थी। अमेरिकी और इजरायली खुफिया अधिकारी खामेनेई के रहने, मिलने, संवाद और शरण लेने की संभावित जगह का अध्ययन करते थे। वे खामेनेई से मिलने वाले अन्य वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य नेताओं पर भी नजर रख रहे थे।

ऑपरेशन में एआई की भी मदद ली गई

इस ऑपरेशन में आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस की भी मदद ली गई, जिसके एल्गोदिरम ने इन सिक्योरिटी गार्ड के पते, ड्यूटी के घंटे, काम पर जाने के रास्ते के साथ ही यह भी पता लगाया कि उन्हें किसकी सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट का काम सौंपा गया था।

पहले रात में थी हमले की योजना

रिपोर्ट के मुताबिक, 86 वर्षीय खामेनेई से मिलने वाले अधिकारी कभी भी एक जगह एक साथ नहीं मिलते थे। रविवार को खामेनेई की हत्या से पहले शीर्ष ईरानी अधिकारियों की शनिवार सुबह तेहरान परिसर के भीतर अलग-अलग स्थानों पर बैठक होनी थी, जहां सर्वोच्च नेता, राष्ट्रपति कार्यालय और राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र का कार्यालय है। पहले रात में हमले की योजना थी, जिसे बदलकर दिन में बदला गया। सुबह 6 बजे लड़ाकू विमानों ने परिसर पर सटीक निर्देशित गोलाबारी की थी।

60 सेकेंड में 3 ठिकानों को बनाया गया निशाना

एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने बताया कि हवाई हमलों में 60 सेकंड के भीतर 3 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें खामेनेई और क्रांतिकारी गार्ड के प्रमुख सहित लगभग 40 वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े हमला करने से अप्रत्याशित प्रतिक्रिया मिली। हमले में खामेनेई की पत्नी, बेटी, बहु और पोता भी मारे गए हैं।

यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा, छह की मौत, कई घायल

लखनऊ /हाथरस ।सादाबाद क्षेत्र में सोमवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यमुना एक्सप्रेसवे पर गढ़ी हरिया गांव के पास एक तेज रफ्तार डबल डेकर बस ने आगे चल रही इको कार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इको सवारों में अफरा-तफरी मच गई।
इस हादसे में कार में सवार 13 लोग घायल हो गए, जिनमें से छह की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
घायलों को तत्काल आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य करा दिया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस दिल्ली से गोरखपुर की ओर जा रही थी, जबकि इको कार सवार दिल्ली से राजस्थान की तरफ जा रहे थे। पुलिस ने बस और क्षतिग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

हादसे में मृतक

दिनेश पुत्र हुकम सिंह उम्र करीब 45 वर्ष  निवासी गांगोली थाना राजाखेड़ा,जनपद धौलपुर राजस्थान ।
सुनीता पत्नी दिनेश उम्र करीब 40 वर्ष  निवासी गांगोली थाना राजाखेड़ा,जनपद धौलपुर राजस्थान।
विजय बघेल पुत्र सुखराम उम्र 27 वर्ष निवासी चोरंगाबाद थाना बाह
पिंकी बघेल पत्नी विजय बघेल उम्र करीब 26 निवासी चोरंगाबाद थाना बाह

हादसे में घायल

मनोज पुत्र सुरेश चन्द्र निवासी बाजना थाना राजाखेडा जनपद धोलपुर (राजस्थान) उम्र 25 वर्ष
रानी पत्नी मनोज उम्र 32 वर्ष निवासी बाजना थाना राजाखेडा जनपद धोलपुर (राजस्थान)
जयदीप पुत्र मनोज उम्र 04 वर्ष निवासी बाजना थाना राजाखेडा जनपद धोलपुर (राजस्थान)
इको वैन चालक वीरेंद्र पुत्र राम प्रकाश
आर्यन पुत्र अजय उम्र 8 साल
अंशु पुत्र अजय उम्र 6 साल
लक्ष्य पुत्र विजय उम्र 1 साल
प्राची पुत्री विजय उम्र 3 साल
पूनम बघेल उम्र 15 साल
आजमगढ़:-शिक्षक का सनसनीखेज आरोप: इस्तीफा न देने पर पोक्सो एक्ट में फँसाने की मिल रही धमकी
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर क्षेत्र के मेजवा स्थित श्री कैफी आजमी गर्ल्स इंटर कॉलेज के एक प्रवक्ता ने विद्यालय प्रबंधन और मिजवां वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र सौंपा है। भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता वीरेंद्र कुमार का आरोप है कि उन पर जबरन इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा है और इनकार करने पर पोक्सो जैसे गंभीर कानून के तहत झूठे मुकदमे में फँसाने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित शिक्षक वीरेंद्र कुमार, जो 2021 से कॉलेज में कार्यरत हैं, ने बताया कि बीती 27 फरवरी को बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जमा कर लौटने के बाद उन्हें सोसाइटी के कार्यालय में बुलाया गया। आरोप है कि वहां संस्था की सीईओ गुरजीत कौर, मैनेजर सलीम खान, डिप्टी मैनेजर मनोज प्रजापति और बोर्ड सदस्य विकास यादव ने उन्हें लगभग डेढ़ घंटे तक रोककर रखा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। शिक्षक का दावा है कि उन पर सादे कागज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया। शिकायती पत्र के अनुसार, जब शिक्षक ने इस्तीफा देने से मना किया, तो उन पर बिना किसी साक्ष्य के चरित्र हनन के आरोप लगाए गए। वीरेंद्र कुमार ने आशंका जताई है कि उन्हें एक सोची-समझी साजिश के तहत पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत फँसाने का जाल बुना जा रहा है। "इस घटना के बाद से मैं और मेरा परिवार गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में हैं। मुझे और मेरे परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।" इस संबंध में प्रिंसिपल वंदना मिश्रा का कहना है कि सोसाइटी की सीईओ गुरमीत कौर, सीनियर मैनेजर सलीम खान, डिप्टी मैनेजर मनोज प्रजापति और लल्लन प्रजापति द्वारा विद्यालय और सोसाइटी पर धब्बा लगाने वाला काम किया जा रहा है। मैं अपने ढंग से पता लगाई हूं। इस तरह की कोई बात नहीं है। विद्यालय के भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता वीरेंद्र कुमार यादव साफ सुथरे सज्जन इंसान हैं। सोसाइटी द्वारा अचानक से उन्हें बुलाकर ये सब कहा गया। इन लोगों द्वारा लगाया जा रहा आरोप छोटा आरोप नहीं। किसी के जीवन के साथ खिलवाड़ करना ठीक नहीं है। वहीं सोसायटी के उपप्रबंधक मनोज कुमार का कहना है कि शिक्षक द्वारा कुछ गलतियां की गई हैं। उसे छुपाने के लिए सोसाइटी पर आरोप लगा रहे हैं।
8 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर में एडवोकेट अनिल मिश्रा जी के नेतृत्व में विशाल प्रदर्शन करेंगे
लखनऊ । सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों से  होलिका दहन के दिन आए लोगों से कहा कि हम जंतर मंतर नई दिल्ली में यूजीसी के विरोध में न्याय संगत समाधान प्राप्त करने हेतु, सामान्य वर्ग के बच्चों के भविष्य की रक्षा करने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हमारी  प्रयास करना प्राथमिकता है हम अपने अधिकार की मांग करने के लिए 8 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर में एडवोकेट अनिल मिश्रा पूर्व अध्यक्ष बार असोसिएशन एव राष्ट्रीय संरक्षक सवर्ण आर्मी भारत के नेतृत्व में 40 सवर्ण संगठनों के साथ इकठ्ठा होगे और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है,हम सभी से अनुरोध करते हैं कि जाति पाती भेदभाव छोड़ कर हमारे बच्चों के समर्थन खड़े हो और हमे उनके भविष्य के लिए लड़ने में सहयोग करे,समस्या यूजीसी ही नहीं है अनेक समस्याओं से सवर्ण समाज को छुटकारा चाहिए जाती गत आरक्षण ,जो सवर्ण के होनहार छात्र के प्रतिभा का हत्या कर रहा है, एससीएसटी एक्ट समाप्त करना होगा ।
लखनऊ में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के प्रबुद्ध सम्मेलन में अलंकार अग्निहोत्री जी को बोलने से जब रोका गया तो कितना दुर्भाग्य हैं वह बैठे सवर्ण समाज के लोगों ने जबरजस्त विरोध किया क्यों कि भीड़ अनिल मिश्रा एडवोकेट और अलंकार अग्निहोत्री को सुनने गई थी आज यह सिद्ध हो गया है कि सवर्ण समाज का उपयोग और संगठन का प्रयोग राजनीतिक दलों के लिए करेंगे समाज इसे समाज के नेताओं को भगा दे रही है अनिल मिश्रा एडवोकेट जैसे ही यूजीसी बिल वापस लेने हेतु बोलना शुरू किया पूरा हाल अनिल मिश्रा जिंदाबाद के नारे से गज गया वहां बैठे पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा मंच से चले गए भाजपा के दिग्गज नेताओं के सामने सवर्ण समाज ने दिखा दिया कि अब भाजपा के गुलाम नहीं है उसके नेता अनिल मिश्रा एडवोकेट है ।
जहानाबाद में फुटपाथ दुकानदार संघ ने मनाया होली मिलन समारोह, सौहार्द और जागरूकता का दिया संदेश
जहानाबाद। शहर के उल्टा सब्जी मंडी स्थित जिला कार्यालय में नेशनल एसोसिएशन स्ट्रीट वेंडर ऑफ़ इंडिया (NASVI) के बैनर तले फुटपाथ दुकानदार संघ द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन फुटपाथ दुकानदार संघ के जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार चोपड़ा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में दुकानदारों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। समारोह के दौरान उपस्थित दुकानदारों और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे तथा सौहार्द का संदेश दिया। इस मौके पर जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार चोपड़ा ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी होली मिलन समारोह का आयोजन आपसी प्रेम और एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान का सभी दुकानदारों को ईमानदारी से पालन करना चाहिए। साथ ही होली के दौरान पानी की अनावश्यक बर्बादी से बचने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार रहने की भी अपील की गई। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग रंग खेलने से परहेज करते हैं, उन्हें जबरदस्ती रंग नहीं लगाना चाहिए और सभी को मर्यादा के साथ त्योहार मनाना चाहिए।
अरविंद कुमार चोपड़ा ने कहा कि जिस प्रकार जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहते हैं, उसी प्रकार सभी दुकानदारों को भी अपने-अपने क्षेत्र में सतर्क रहना चाहिए। यदि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या असामान्य स्थिति दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन और पुलिस को देनी चाहिए। इस अवसर पर मीट-मुर्गा-मछली मंडी के जिला अध्यक्ष राजेश पंडित तथा सब्जी मंडी मार्केट कमेटी के अध्यक्ष अरुण चंद्रवंशी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सब्जी मंडी और मीट-मुर्गा बाजार के दुकानदारों ने भी अपने विचार रखे और सभी ने मिलकर आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रेस प्रतिनिधियों को भी अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी गईं। अंत में फुटपाथ दुकानदार संघ की ओर से सभी उपस्थित लोगों को होली की हार्दिक बधाई दी गई और शांतिपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाने की अपील की गई।
किसान कल्याण वर्ष 2026: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की पहली कृषि कैबिनेट

 कृषि विकास और सिंचाई योजनाओं के लिए 27 हजार 500 करोड़ रूपये स्वीकृत

 मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण के लिए दी 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं को स्वीकृति

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

 किसान कल्याण वर्ष में हर अंचल में होगी कृषि कैबिनेट

*भगोरिया पर्व पर जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का दिया सशक्त संदेश

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बड़वानी जिले के भीलट बाबा देवस्थल नागलवाड़ी में सोमवार को हुई पहली कृषि कैबिनेट में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता से संबंधित 27 हजार 500 करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। किसान कल्याण वर्ष में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट में किसानों और विभिन्न उत्पादक गतिविधियों में लगे लोगों के लिए 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कृषि कैबिनेट में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2,068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इन योजनाओं में स्वीकृत की गई राशि अगले 5 वर्षों में व्यय की जायेगी। जनजातीय अंचल में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने जनजातीय परंपरागत वस्त्रों को धारण कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का सशक्त संदेश दिया।

 मध्य प्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 को स्वीकृति दी। इसमें अगले 3 वर्षों तक रुपये 3 हजार करोड़ का निवेश एवं लगभग 20 हजार रोजगार (10 हजार प्रत्यक्ष एवं 10 हजार अप्रत्यक्ष) सृजित होंगे। इस नीति में 18 करोड़ 50 लाख रूपये के बजट प्रावधान की स्वीकृति दी गई। इसमें केज कल्चर को आधुनिक स्वरुप में बढ़ावा देते हुए लगभग एक लाख केज स्थापित किये जायेंगे। इस नीति में मछली पालन संबंधी गतिविधि के साथ ईको-टूरिज्म एवं ग्रीन एनर्जी को शामिल करते हुये बहुउद्देशीय आजीविका मॉडल के रुप में कार्य होगा।

 पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु चिकित्सालय एवं अन्य भवनों के अधोसंरचनात्मक विकास के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अगले 5 वर्षों तक पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल कें लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। यह कार्य वर्ष 2026 से 2031 तक निरंतर जारी रहेंगे।

 मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना को आगामी 2 वर्ष, वर्ष 2026-27 और वर्ष 2027-28 की निरंतरता के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में मत्स्य बीज संवर्धन, मत्स्य पालकों का प्रशिक्षण, ब्याज अनुदान एवं रोजगार के अवसर प्रदान किये जाते हैं।

 राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों की निरंतरता के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी। इस योजना में कृषि क्षेत्र में दक्षता की वृद्धि, विभिन्न कृषि घटकों के प्रभाव वृद्धि, दोहराव से बचाव संबंधी कार्य किये जायेंगे।

 सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना को आगामी 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2020-31 तक) की निरंतरता के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में केन्द्र एवं राज्य सरकार की भागीदारी से, मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करणीय उ‌द्योगों के उन्नयन तथा नवीन खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जायेगी।

पौधशाला उ‌द्यान के लिए 1 हजार 739 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने उद्यानिकी के क्षेत्र में पौधशाला उ‌द्यान में रोपणियों में पौध तैयार करने और उच्च गुणवत्ता की पौध एवं बीज, रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाने के लिए अगले वर्ष 2031 (आगामी 5 वर्ष) तक के लिए 1739 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 20 परियोजनाओं के लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 500 करोड़ से कम वित्तीय आकार की 20 परियोजनाओं को आगामी 5 वर्षों तक अर्थात 31 मार्च, 2031 तक के लिए निरंतर जारी रखने जाने की स्वीकृति दी है। इसके लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

"सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सहकारिता विभाग की "सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना को अगले 5 वर्षों 31 मार्च, 2031 तक संचालित करने के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। लोकवित्त से वित्त पोषित कार्यक्रम को ऋण प्रदाय करना सहकारिता विभाग द्वारा जिला बैंकों के माध्यम से, कालातीत ऋणों की पूर्ति किये जाने के लिए कृषकों को फसल ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाती है।

कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना को 31 मार्च, 2031 तक की निरंतरता के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। सहकारिता विभाग द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन फसल ऋण राशि रुपये 3 लाख तक शून्य प्रतिशत दर पर उपलब्ध कराया जाता है। किसानों को प्राप्त हो रही सुविधा एवं सहायता प्राप्त होती रहेगी।

 सहकारी संस्थाओं के कुशल संचालन के लिए 1, 073 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के अधीन सहकारी संस्थाओं को आवश्यक सहयोग जैसे अंशपूंजी, ऋण तथा अनुदान आदि सुलभ कराने एवं विभागीय गतिविधियों को सुचारु रखने के लिए 12 प्रचलित योजनाओं को भी 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित रखने की स्वीकृति प्रदान की है। इन 12 योजनाओं की निरंतरता के लिए 1073 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।

 सहकारिता की विभिन्न योजनाओं के लिए 1,229 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा कृषि क्षेत्र में सहकारिता विभाग के अधीन चल रहीं विभिन्न योजनाओं के अगले 5 वर्षों तक सुचारु संचालन एवं मानीटरिंग के लिए विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत एक हजार 229 करोड़ स्वीकृत किये गये।

पशुधन विकास के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना अंतर्गत सोर्टेड सेक्स्ड सीमन उत्पादन परियोजना को 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित करने के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में चिन्हित नस्ल के मादा गौ-भैंस वंशीय पशुधन बढ़ाये जाने के उद्देश्य से पशु पालकों को आवश्यक तकनीकी सहयोग दिया जाता है। इस योजना से पशु पालकों को निरंतर लाभ प्राप्त होता रहेगा।

पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए संचालित की जा रही 14 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में पशुधन एवं कुक्कुट उत्पाद में वृद्धि करना तथा कमजोर वर्ग के हितग्राहियों को पशुपालन के माध्यम से आर्थिक लाभ दिया जाता है।

पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र की 11 योजनाओं के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशुपालन एवं डेयरी के क्षेत्र में पशु प्रजनन, मुर्गी पालन, भेड़ बकरी प्रक्षेत्र, रोग उन्मूलन, पशुओं के टीकाकरण, गहन पशु विकास परियोजना आदि 11 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2067.97 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले में अल्प वर्षा क्षेत्र तहसील वरला के 33 ग्रामों में तथा तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2 हजार 68 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

वरला, उद्वहन माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में नर्मदा नदी से 51.42 एम.सी.एम. जल उद्वहन करते हुए वरला तहसील के 33 गाँवों की 15 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इस परियोजना की लागत 860.53 करोड़ रुपये है ।

पानसेमल माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों की 22 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इसके तहत नर्मदा नदी से 74.65 एम.सी.एम. जल उद्वहन किया जायेगा। इस परियोजना की लागत एक हजार 207.44 करोड़ रूपये है।

किसान कल्याण वर्ष की यह पहली कैबिनेट है। भविष्य में प्रदेश के विभिन्न स्थानों में कृषि कैबिनेट का आयोजन कर किसान कल्याण की दिशा में अनेक निर्णय लिए जाएंगे।

झारखंड के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच निवेश पर अहम बैठक।

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रांची: झारखंड में औद्योगिक निवेश और विकास की संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और टाटा समूह के चेयरमैन श्री एन. चंद्रशेखरन के बीच हुई इस मुलाकात में राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने और नए निवेश प्रस्तावों पर गहन चर्चा की गई।

बैठक के मुख्य बिंदु:

इस बैठक में राज्य सरकार और टाटा समूह के बीच आपसी समन्वय को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। चर्चा का मुख्य केंद्र झारखंड में टाटा समूह की आगामी परियोजनाएं और रोजगार सृजन रहा। मुख्यमंत्री ने टाटा समूह के लंबे जुड़ाव की सराहना करते हुए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

उपस्थिति:

इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक श्री टी.वी. नरेंद्रन, कॉरपोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष श्री डी.बी. सुंदरा रामम तथा रांची के चीफ रेजिडेंट एक्जीक्यूटिव श्री संजय मोहन श्रीवास्तव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

झारखंड में टाटा समूह का बड़ा निवेश: नई टेक्नोलॉजी और 'नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्री' पर रहेगा फोकस, CM हेमंत सोरेन और एन चंद्रशेखरन ने की साझा प्रेस वार

रांची: झारखंड के औद्योगिक परिदृश्य में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और टाटा सन्स के चेयरमैन श्री एन चंद्रशेखरन ने आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान राज्य में टाटा समूह के भविष्य के निवेश और विस्तार योजनाओं की जानकारी साझा की।

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मुख्यमंत्री का संबोधन: झारखंड और टाटा का अटूट रिश्ता

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि टाटा समूह और झारखंड का रिश्ता ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा, "टाटा समूह ने अपने सफर की शुरुआत झारखंड की मिट्टी से की थी और आज यह वैश्विक पहचान बना चुका है। देश और राज्य के विकास में इस समूह का योगदान अतुलनीय है।" मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह साझेदारी राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

टाटा सन्स के चेयरमैन ने की 'झारखंड मॉडल' की सराहना

टाटा सन्स के चेयरमैन श्री एन चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व और दूरदर्शी सोच की प्रशंसा करते हुए कहा कि झारखंड में निवेश के लिए आज एक अनुकूल माहौल (Investment Friendly Climate) तैयार हो चुका है। राज्य सरकार का रोडमैप निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

निवेश और विकास के मुख्य बिंदु:

नई टेक्नोलॉजी पर निवेश: टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसे मौजूदा प्रतिष्ठानों में अत्याधुनिक तकनीक (New Tech) पर बड़ा निवेश किया जाएगा। इसमें प्रदूषण नियंत्रण और उत्पादन तेज करने पर जोर होगा।

हाइड्रोजन बेस्ड वाहन: राज्य में उन्नत हाइड्रोजन आधारित वाहन निर्माण संयंत्र स्थापित किया गया है, जो भविष्य की तकनीक की दिशा में बड़ा कदम है।

नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्री: मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप झारखंड में 'नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्रीज' स्थापित करने के लिए सरकार और टाटा के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बनाई जाएगी।

CSR का विस्तार: टाटा समूह राज्य में अपने सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) का दायरा बढ़ाएगा और इसकी राशि में भी बढ़ोतरी की जाएगी ताकि स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिले।

स्किल डेवलपमेंट: राज्य के युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तैयार करने के लिए टाटा समूह स्किल डेवलपमेंट में सरकार का प्रमुख साझीदार बनेगा।

झारखंड: आजीवन कारावास काट रहे 23 कैदियों की रिहाई का रास्ता साफ, CM हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बड़ा फैसला

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की 36वीं बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की विभिन्न जेलों में उम्रकैद की सजा काट रहे 23 कैदियों को रिहा करने के प्रस्ताव पर अंतिम सहमति दी गई है।

गहन समीक्षा के बाद निर्णय

बैठक के दौरान परिषद द्वारा अनुशंसित नए मामलों के साथ-साथ पिछली बैठकों में अस्वीकृत किए गए 34 मामलों की बिंदुवार और गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कैदियों के अपराध की प्रकृति, संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों, जेल अधीक्षकों, प्रोबेशन अधिकारियों और न्यायालयों द्वारा दिए गए मंतव्यों को आधार बनाकर यह निर्णय लिया। रिहाई सुनिश्चित करते समय न्यायिक नियमों, सामाजिक सुरक्षा और कारा अधिनियमों का पूर्णतः पालन किया गया है।

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मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:

कैदियों का डेटाबेस: रिहा होने वाले सभी कैदियों के लिए एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाएगा ताकि उनकी गतिविधियों और पुनर्वास पर नजर रखी जा सके।

सामाजिक पुनर्वास: सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रिहा होने वाले कैदियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। उनकी आय सृजन और बेहतर सामाजिक जीवन सुनिश्चित करने के लिए जिला समन्वयकों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जागरूकता अभियान: डायन-बिसाही जैसे आरोपों में सजा काट चुके कैदियों के क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में मौजूद अधिकारी

बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, गृह एवं कारा विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती वंदना दादेल, डीजीपी श्रीमती तदाशा मिश्रा, विधि विभाग के प्रधान सचिव श्री नीरज कुमार श्रीवास्तव, जेल आईजी श्री सुदर्शन प्रसाद मंडल और न्यायिक आयुक्त श्री अनिल कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बेफिक्र होकर कराएं इलाज, सरकार देगी भरपूर आर्थिक सहायता: योगी
* मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान 150 लोगों की समस्याएं सुनीं, अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश

गोरखपुर। योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर प्रवास के दौरान जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंदों को बड़ी राहत दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इलाज के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी और पात्र लोगों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से भरपूर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
होलिकोत्सव के अवसर पर गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 150 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने बैठे फरियादियों के पास स्वयं पहुंचकर उन्होंने एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए त्वरित व संतोषजनक निस्तारण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु आर्थिक सहायता मांगने वाले मामलों में इस्टीमेट की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर शासन को भेजी जाए, ताकि समय पर सहायता राशि जारी की जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर जरूरतमंद को इलाज के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाएगा।
जनता दर्शन में एक व्यक्ति ने किडनी रोग के इलाज में आर्थिक तंगी की समस्या बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने उससे आयुष्मान कार्ड के बारे में जानकारी ली। कार्ड न होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने आश्वस्त किया कि चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, सरकार इलाज में हर संभव मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों पर पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता से कार्य करें। समस्याओं का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं जमीन कब्जाने या दबंगई की शिकायत मिले तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
जनता दर्शन में कुछ बच्चे भी अपने परिजनों के साथ पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया, चॉकलेट वितरित की और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
खामेनेई को निशाना बनाना आसान नहीं था, इजरायल ने सालों तक ट्रैफिक कैमरों और फोन नेटवर्क किया हैक

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इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के खिलाफ जो कार्रवाई की, उससे ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि अमेरिका और इजरायल ने आख़िर कैसे इतना सटीक निशाना लगाया और खामेनेई के साथ तमाम टॉप लीडरशिप पर बॉम्बिंग कर दी। ऐसे में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है कि खामेनेई की लोकेशन पता करने के लिए इजरायल ने सालों तक ईरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक किया था।

इजराइल सालों तक खामेनेई की गतिविधियों पर नजर रखी

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के लिए इडराइल ने काफी बड़ी योजना बनाई और सालों तक ईरान में खामेनेई की गतिविधियों पर नजर रखी। यह खुलासा फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में हुआ है। उसने बताया कि इजरायल ने कई सालों तक ईरान के ट्रैफिक कैमरा नेटवर्क और मोबाइल फोन सिस्टम में घुसपैठ की थी। इजरायल निगरानी के जरिए खामेनेई की सुरक्षा दल की गतिविधियों पर नजर रख रहा था।

फुटेज को एन्क्रिप्ट करके तेल अवीव भेजा जाता था

फाइनेंशियल टाइम्स ने मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से बताया है कि इजरायली इंटेलिजेंस ने तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरों को सालों से हैक कर लिया था। उसकी तस्वीरें एन्क्रिप्ट करके तेल अवीव और दक्षिणी इजरायल के सर्वर पर भेजी जा रही थीं। इसमें एक कैमरे का एंगल बहुत काम का साबित हुआ, जिससे पाश्चर स्ट्रीट में खामेनेई के कड़े सुरक्षा वाले कंपाउंड के आम हिस्सा की झलक मिली।

क्या-क्या मिलती थी जानकारी

रिपोर्ट में बताया गया कि विशेष कैमरा एंगल से यह निर्धारित करने में मदद मिली कि अंगरक्षक अपने निजी वाहन कहां खड़ा करते थे। उससे तेहरान में पाश्चर स्ट्रीट के पास परिसर के अंदर की दैनिक दिनचर्या की जानकारी मिलती थी। अमेरिकी और इजरायली खुफिया अधिकारी खामेनेई के रहने, मिलने, संवाद और शरण लेने की संभावित जगह का अध्ययन करते थे। वे खामेनेई से मिलने वाले अन्य वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य नेताओं पर भी नजर रख रहे थे।

ऑपरेशन में एआई की भी मदद ली गई

इस ऑपरेशन में आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस की भी मदद ली गई, जिसके एल्गोदिरम ने इन सिक्योरिटी गार्ड के पते, ड्यूटी के घंटे, काम पर जाने के रास्ते के साथ ही यह भी पता लगाया कि उन्हें किसकी सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट का काम सौंपा गया था।

पहले रात में थी हमले की योजना

रिपोर्ट के मुताबिक, 86 वर्षीय खामेनेई से मिलने वाले अधिकारी कभी भी एक जगह एक साथ नहीं मिलते थे। रविवार को खामेनेई की हत्या से पहले शीर्ष ईरानी अधिकारियों की शनिवार सुबह तेहरान परिसर के भीतर अलग-अलग स्थानों पर बैठक होनी थी, जहां सर्वोच्च नेता, राष्ट्रपति कार्यालय और राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र का कार्यालय है। पहले रात में हमले की योजना थी, जिसे बदलकर दिन में बदला गया। सुबह 6 बजे लड़ाकू विमानों ने परिसर पर सटीक निर्देशित गोलाबारी की थी।

60 सेकेंड में 3 ठिकानों को बनाया गया निशाना

एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने बताया कि हवाई हमलों में 60 सेकंड के भीतर 3 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें खामेनेई और क्रांतिकारी गार्ड के प्रमुख सहित लगभग 40 वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े हमला करने से अप्रत्याशित प्रतिक्रिया मिली। हमले में खामेनेई की पत्नी, बेटी, बहु और पोता भी मारे गए हैं।

यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा, छह की मौत, कई घायल

लखनऊ /हाथरस ।सादाबाद क्षेत्र में सोमवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यमुना एक्सप्रेसवे पर गढ़ी हरिया गांव के पास एक तेज रफ्तार डबल डेकर बस ने आगे चल रही इको कार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इको सवारों में अफरा-तफरी मच गई।
इस हादसे में कार में सवार 13 लोग घायल हो गए, जिनमें से छह की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
घायलों को तत्काल आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य करा दिया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस दिल्ली से गोरखपुर की ओर जा रही थी, जबकि इको कार सवार दिल्ली से राजस्थान की तरफ जा रहे थे। पुलिस ने बस और क्षतिग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

हादसे में मृतक

दिनेश पुत्र हुकम सिंह उम्र करीब 45 वर्ष  निवासी गांगोली थाना राजाखेड़ा,जनपद धौलपुर राजस्थान ।
सुनीता पत्नी दिनेश उम्र करीब 40 वर्ष  निवासी गांगोली थाना राजाखेड़ा,जनपद धौलपुर राजस्थान।
विजय बघेल पुत्र सुखराम उम्र 27 वर्ष निवासी चोरंगाबाद थाना बाह
पिंकी बघेल पत्नी विजय बघेल उम्र करीब 26 निवासी चोरंगाबाद थाना बाह

हादसे में घायल

मनोज पुत्र सुरेश चन्द्र निवासी बाजना थाना राजाखेडा जनपद धोलपुर (राजस्थान) उम्र 25 वर्ष
रानी पत्नी मनोज उम्र 32 वर्ष निवासी बाजना थाना राजाखेडा जनपद धोलपुर (राजस्थान)
जयदीप पुत्र मनोज उम्र 04 वर्ष निवासी बाजना थाना राजाखेडा जनपद धोलपुर (राजस्थान)
इको वैन चालक वीरेंद्र पुत्र राम प्रकाश
आर्यन पुत्र अजय उम्र 8 साल
अंशु पुत्र अजय उम्र 6 साल
लक्ष्य पुत्र विजय उम्र 1 साल
प्राची पुत्री विजय उम्र 3 साल
पूनम बघेल उम्र 15 साल
आजमगढ़:-शिक्षक का सनसनीखेज आरोप: इस्तीफा न देने पर पोक्सो एक्ट में फँसाने की मिल रही धमकी
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर क्षेत्र के मेजवा स्थित श्री कैफी आजमी गर्ल्स इंटर कॉलेज के एक प्रवक्ता ने विद्यालय प्रबंधन और मिजवां वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र सौंपा है। भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता वीरेंद्र कुमार का आरोप है कि उन पर जबरन इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा है और इनकार करने पर पोक्सो जैसे गंभीर कानून के तहत झूठे मुकदमे में फँसाने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित शिक्षक वीरेंद्र कुमार, जो 2021 से कॉलेज में कार्यरत हैं, ने बताया कि बीती 27 फरवरी को बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जमा कर लौटने के बाद उन्हें सोसाइटी के कार्यालय में बुलाया गया। आरोप है कि वहां संस्था की सीईओ गुरजीत कौर, मैनेजर सलीम खान, डिप्टी मैनेजर मनोज प्रजापति और बोर्ड सदस्य विकास यादव ने उन्हें लगभग डेढ़ घंटे तक रोककर रखा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। शिक्षक का दावा है कि उन पर सादे कागज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया। शिकायती पत्र के अनुसार, जब शिक्षक ने इस्तीफा देने से मना किया, तो उन पर बिना किसी साक्ष्य के चरित्र हनन के आरोप लगाए गए। वीरेंद्र कुमार ने आशंका जताई है कि उन्हें एक सोची-समझी साजिश के तहत पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत फँसाने का जाल बुना जा रहा है। "इस घटना के बाद से मैं और मेरा परिवार गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में हैं। मुझे और मेरे परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।" इस संबंध में प्रिंसिपल वंदना मिश्रा का कहना है कि सोसाइटी की सीईओ गुरमीत कौर, सीनियर मैनेजर सलीम खान, डिप्टी मैनेजर मनोज प्रजापति और लल्लन प्रजापति द्वारा विद्यालय और सोसाइटी पर धब्बा लगाने वाला काम किया जा रहा है। मैं अपने ढंग से पता लगाई हूं। इस तरह की कोई बात नहीं है। विद्यालय के भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता वीरेंद्र कुमार यादव साफ सुथरे सज्जन इंसान हैं। सोसाइटी द्वारा अचानक से उन्हें बुलाकर ये सब कहा गया। इन लोगों द्वारा लगाया जा रहा आरोप छोटा आरोप नहीं। किसी के जीवन के साथ खिलवाड़ करना ठीक नहीं है। वहीं सोसायटी के उपप्रबंधक मनोज कुमार का कहना है कि शिक्षक द्वारा कुछ गलतियां की गई हैं। उसे छुपाने के लिए सोसाइटी पर आरोप लगा रहे हैं।
8 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर में एडवोकेट अनिल मिश्रा जी के नेतृत्व में विशाल प्रदर्शन करेंगे
लखनऊ । सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों से  होलिका दहन के दिन आए लोगों से कहा कि हम जंतर मंतर नई दिल्ली में यूजीसी के विरोध में न्याय संगत समाधान प्राप्त करने हेतु, सामान्य वर्ग के बच्चों के भविष्य की रक्षा करने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हमारी  प्रयास करना प्राथमिकता है हम अपने अधिकार की मांग करने के लिए 8 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर में एडवोकेट अनिल मिश्रा पूर्व अध्यक्ष बार असोसिएशन एव राष्ट्रीय संरक्षक सवर्ण आर्मी भारत के नेतृत्व में 40 सवर्ण संगठनों के साथ इकठ्ठा होगे और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है,हम सभी से अनुरोध करते हैं कि जाति पाती भेदभाव छोड़ कर हमारे बच्चों के समर्थन खड़े हो और हमे उनके भविष्य के लिए लड़ने में सहयोग करे,समस्या यूजीसी ही नहीं है अनेक समस्याओं से सवर्ण समाज को छुटकारा चाहिए जाती गत आरक्षण ,जो सवर्ण के होनहार छात्र के प्रतिभा का हत्या कर रहा है, एससीएसटी एक्ट समाप्त करना होगा ।
लखनऊ में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के प्रबुद्ध सम्मेलन में अलंकार अग्निहोत्री जी को बोलने से जब रोका गया तो कितना दुर्भाग्य हैं वह बैठे सवर्ण समाज के लोगों ने जबरजस्त विरोध किया क्यों कि भीड़ अनिल मिश्रा एडवोकेट और अलंकार अग्निहोत्री को सुनने गई थी आज यह सिद्ध हो गया है कि सवर्ण समाज का उपयोग और संगठन का प्रयोग राजनीतिक दलों के लिए करेंगे समाज इसे समाज के नेताओं को भगा दे रही है अनिल मिश्रा एडवोकेट जैसे ही यूजीसी बिल वापस लेने हेतु बोलना शुरू किया पूरा हाल अनिल मिश्रा जिंदाबाद के नारे से गज गया वहां बैठे पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा मंच से चले गए भाजपा के दिग्गज नेताओं के सामने सवर्ण समाज ने दिखा दिया कि अब भाजपा के गुलाम नहीं है उसके नेता अनिल मिश्रा एडवोकेट है ।
जहानाबाद में फुटपाथ दुकानदार संघ ने मनाया होली मिलन समारोह, सौहार्द और जागरूकता का दिया संदेश
जहानाबाद। शहर के उल्टा सब्जी मंडी स्थित जिला कार्यालय में नेशनल एसोसिएशन स्ट्रीट वेंडर ऑफ़ इंडिया (NASVI) के बैनर तले फुटपाथ दुकानदार संघ द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन फुटपाथ दुकानदार संघ के जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार चोपड़ा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में दुकानदारों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। समारोह के दौरान उपस्थित दुकानदारों और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे तथा सौहार्द का संदेश दिया। इस मौके पर जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार चोपड़ा ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी होली मिलन समारोह का आयोजन आपसी प्रेम और एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान का सभी दुकानदारों को ईमानदारी से पालन करना चाहिए। साथ ही होली के दौरान पानी की अनावश्यक बर्बादी से बचने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार रहने की भी अपील की गई। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग रंग खेलने से परहेज करते हैं, उन्हें जबरदस्ती रंग नहीं लगाना चाहिए और सभी को मर्यादा के साथ त्योहार मनाना चाहिए।
अरविंद कुमार चोपड़ा ने कहा कि जिस प्रकार जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहते हैं, उसी प्रकार सभी दुकानदारों को भी अपने-अपने क्षेत्र में सतर्क रहना चाहिए। यदि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या असामान्य स्थिति दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन और पुलिस को देनी चाहिए। इस अवसर पर मीट-मुर्गा-मछली मंडी के जिला अध्यक्ष राजेश पंडित तथा सब्जी मंडी मार्केट कमेटी के अध्यक्ष अरुण चंद्रवंशी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सब्जी मंडी और मीट-मुर्गा बाजार के दुकानदारों ने भी अपने विचार रखे और सभी ने मिलकर आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रेस प्रतिनिधियों को भी अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी गईं। अंत में फुटपाथ दुकानदार संघ की ओर से सभी उपस्थित लोगों को होली की हार्दिक बधाई दी गई और शांतिपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाने की अपील की गई।
किसान कल्याण वर्ष 2026: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की पहली कृषि कैबिनेट

 कृषि विकास और सिंचाई योजनाओं के लिए 27 हजार 500 करोड़ रूपये स्वीकृत

 मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण के लिए दी 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं को स्वीकृति

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

 किसान कल्याण वर्ष में हर अंचल में होगी कृषि कैबिनेट

*भगोरिया पर्व पर जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का दिया सशक्त संदेश

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बड़वानी जिले के भीलट बाबा देवस्थल नागलवाड़ी में सोमवार को हुई पहली कृषि कैबिनेट में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता से संबंधित 27 हजार 500 करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। किसान कल्याण वर्ष में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट में किसानों और विभिन्न उत्पादक गतिविधियों में लगे लोगों के लिए 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कृषि कैबिनेट में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2,068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इन योजनाओं में स्वीकृत की गई राशि अगले 5 वर्षों में व्यय की जायेगी। जनजातीय अंचल में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने जनजातीय परंपरागत वस्त्रों को धारण कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का सशक्त संदेश दिया।

 मध्य प्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 को स्वीकृति दी। इसमें अगले 3 वर्षों तक रुपये 3 हजार करोड़ का निवेश एवं लगभग 20 हजार रोजगार (10 हजार प्रत्यक्ष एवं 10 हजार अप्रत्यक्ष) सृजित होंगे। इस नीति में 18 करोड़ 50 लाख रूपये के बजट प्रावधान की स्वीकृति दी गई। इसमें केज कल्चर को आधुनिक स्वरुप में बढ़ावा देते हुए लगभग एक लाख केज स्थापित किये जायेंगे। इस नीति में मछली पालन संबंधी गतिविधि के साथ ईको-टूरिज्म एवं ग्रीन एनर्जी को शामिल करते हुये बहुउद्देशीय आजीविका मॉडल के रुप में कार्य होगा।

 पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु चिकित्सालय एवं अन्य भवनों के अधोसंरचनात्मक विकास के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अगले 5 वर्षों तक पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल कें लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। यह कार्य वर्ष 2026 से 2031 तक निरंतर जारी रहेंगे।

 मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना को आगामी 2 वर्ष, वर्ष 2026-27 और वर्ष 2027-28 की निरंतरता के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में मत्स्य बीज संवर्धन, मत्स्य पालकों का प्रशिक्षण, ब्याज अनुदान एवं रोजगार के अवसर प्रदान किये जाते हैं।

 राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों की निरंतरता के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी। इस योजना में कृषि क्षेत्र में दक्षता की वृद्धि, विभिन्न कृषि घटकों के प्रभाव वृद्धि, दोहराव से बचाव संबंधी कार्य किये जायेंगे।

 सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना को आगामी 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2020-31 तक) की निरंतरता के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में केन्द्र एवं राज्य सरकार की भागीदारी से, मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करणीय उ‌द्योगों के उन्नयन तथा नवीन खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जायेगी।

पौधशाला उ‌द्यान के लिए 1 हजार 739 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने उद्यानिकी के क्षेत्र में पौधशाला उ‌द्यान में रोपणियों में पौध तैयार करने और उच्च गुणवत्ता की पौध एवं बीज, रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाने के लिए अगले वर्ष 2031 (आगामी 5 वर्ष) तक के लिए 1739 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 20 परियोजनाओं के लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 500 करोड़ से कम वित्तीय आकार की 20 परियोजनाओं को आगामी 5 वर्षों तक अर्थात 31 मार्च, 2031 तक के लिए निरंतर जारी रखने जाने की स्वीकृति दी है। इसके लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

"सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सहकारिता विभाग की "सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना को अगले 5 वर्षों 31 मार्च, 2031 तक संचालित करने के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। लोकवित्त से वित्त पोषित कार्यक्रम को ऋण प्रदाय करना सहकारिता विभाग द्वारा जिला बैंकों के माध्यम से, कालातीत ऋणों की पूर्ति किये जाने के लिए कृषकों को फसल ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाती है।

कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना को 31 मार्च, 2031 तक की निरंतरता के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। सहकारिता विभाग द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन फसल ऋण राशि रुपये 3 लाख तक शून्य प्रतिशत दर पर उपलब्ध कराया जाता है। किसानों को प्राप्त हो रही सुविधा एवं सहायता प्राप्त होती रहेगी।

 सहकारी संस्थाओं के कुशल संचालन के लिए 1, 073 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के अधीन सहकारी संस्थाओं को आवश्यक सहयोग जैसे अंशपूंजी, ऋण तथा अनुदान आदि सुलभ कराने एवं विभागीय गतिविधियों को सुचारु रखने के लिए 12 प्रचलित योजनाओं को भी 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित रखने की स्वीकृति प्रदान की है। इन 12 योजनाओं की निरंतरता के लिए 1073 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।

 सहकारिता की विभिन्न योजनाओं के लिए 1,229 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा कृषि क्षेत्र में सहकारिता विभाग के अधीन चल रहीं विभिन्न योजनाओं के अगले 5 वर्षों तक सुचारु संचालन एवं मानीटरिंग के लिए विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत एक हजार 229 करोड़ स्वीकृत किये गये।

पशुधन विकास के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना अंतर्गत सोर्टेड सेक्स्ड सीमन उत्पादन परियोजना को 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित करने के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में चिन्हित नस्ल के मादा गौ-भैंस वंशीय पशुधन बढ़ाये जाने के उद्देश्य से पशु पालकों को आवश्यक तकनीकी सहयोग दिया जाता है। इस योजना से पशु पालकों को निरंतर लाभ प्राप्त होता रहेगा।

पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए संचालित की जा रही 14 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में पशुधन एवं कुक्कुट उत्पाद में वृद्धि करना तथा कमजोर वर्ग के हितग्राहियों को पशुपालन के माध्यम से आर्थिक लाभ दिया जाता है।

पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र की 11 योजनाओं के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशुपालन एवं डेयरी के क्षेत्र में पशु प्रजनन, मुर्गी पालन, भेड़ बकरी प्रक्षेत्र, रोग उन्मूलन, पशुओं के टीकाकरण, गहन पशु विकास परियोजना आदि 11 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2067.97 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले में अल्प वर्षा क्षेत्र तहसील वरला के 33 ग्रामों में तथा तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2 हजार 68 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

वरला, उद्वहन माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में नर्मदा नदी से 51.42 एम.सी.एम. जल उद्वहन करते हुए वरला तहसील के 33 गाँवों की 15 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इस परियोजना की लागत 860.53 करोड़ रुपये है ।

पानसेमल माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों की 22 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इसके तहत नर्मदा नदी से 74.65 एम.सी.एम. जल उद्वहन किया जायेगा। इस परियोजना की लागत एक हजार 207.44 करोड़ रूपये है।

किसान कल्याण वर्ष की यह पहली कैबिनेट है। भविष्य में प्रदेश के विभिन्न स्थानों में कृषि कैबिनेट का आयोजन कर किसान कल्याण की दिशा में अनेक निर्णय लिए जाएंगे।

झारखंड के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच निवेश पर अहम बैठक।

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रांची: झारखंड में औद्योगिक निवेश और विकास की संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और टाटा समूह के चेयरमैन श्री एन. चंद्रशेखरन के बीच हुई इस मुलाकात में राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने और नए निवेश प्रस्तावों पर गहन चर्चा की गई।

बैठक के मुख्य बिंदु:

इस बैठक में राज्य सरकार और टाटा समूह के बीच आपसी समन्वय को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। चर्चा का मुख्य केंद्र झारखंड में टाटा समूह की आगामी परियोजनाएं और रोजगार सृजन रहा। मुख्यमंत्री ने टाटा समूह के लंबे जुड़ाव की सराहना करते हुए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

उपस्थिति:

इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक श्री टी.वी. नरेंद्रन, कॉरपोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष श्री डी.बी. सुंदरा रामम तथा रांची के चीफ रेजिडेंट एक्जीक्यूटिव श्री संजय मोहन श्रीवास्तव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

झारखंड में टाटा समूह का बड़ा निवेश: नई टेक्नोलॉजी और 'नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्री' पर रहेगा फोकस, CM हेमंत सोरेन और एन चंद्रशेखरन ने की साझा प्रेस वार

रांची: झारखंड के औद्योगिक परिदृश्य में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और टाटा सन्स के चेयरमैन श्री एन चंद्रशेखरन ने आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान राज्य में टाटा समूह के भविष्य के निवेश और विस्तार योजनाओं की जानकारी साझा की।

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मुख्यमंत्री का संबोधन: झारखंड और टाटा का अटूट रिश्ता

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि टाटा समूह और झारखंड का रिश्ता ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा, "टाटा समूह ने अपने सफर की शुरुआत झारखंड की मिट्टी से की थी और आज यह वैश्विक पहचान बना चुका है। देश और राज्य के विकास में इस समूह का योगदान अतुलनीय है।" मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह साझेदारी राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

टाटा सन्स के चेयरमैन ने की 'झारखंड मॉडल' की सराहना

टाटा सन्स के चेयरमैन श्री एन चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व और दूरदर्शी सोच की प्रशंसा करते हुए कहा कि झारखंड में निवेश के लिए आज एक अनुकूल माहौल (Investment Friendly Climate) तैयार हो चुका है। राज्य सरकार का रोडमैप निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

निवेश और विकास के मुख्य बिंदु:

नई टेक्नोलॉजी पर निवेश: टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसे मौजूदा प्रतिष्ठानों में अत्याधुनिक तकनीक (New Tech) पर बड़ा निवेश किया जाएगा। इसमें प्रदूषण नियंत्रण और उत्पादन तेज करने पर जोर होगा।

हाइड्रोजन बेस्ड वाहन: राज्य में उन्नत हाइड्रोजन आधारित वाहन निर्माण संयंत्र स्थापित किया गया है, जो भविष्य की तकनीक की दिशा में बड़ा कदम है।

नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्री: मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप झारखंड में 'नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्रीज' स्थापित करने के लिए सरकार और टाटा के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बनाई जाएगी।

CSR का विस्तार: टाटा समूह राज्य में अपने सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) का दायरा बढ़ाएगा और इसकी राशि में भी बढ़ोतरी की जाएगी ताकि स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिले।

स्किल डेवलपमेंट: राज्य के युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तैयार करने के लिए टाटा समूह स्किल डेवलपमेंट में सरकार का प्रमुख साझीदार बनेगा।

झारखंड: आजीवन कारावास काट रहे 23 कैदियों की रिहाई का रास्ता साफ, CM हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बड़ा फैसला

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की 36वीं बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की विभिन्न जेलों में उम्रकैद की सजा काट रहे 23 कैदियों को रिहा करने के प्रस्ताव पर अंतिम सहमति दी गई है।

गहन समीक्षा के बाद निर्णय

बैठक के दौरान परिषद द्वारा अनुशंसित नए मामलों के साथ-साथ पिछली बैठकों में अस्वीकृत किए गए 34 मामलों की बिंदुवार और गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कैदियों के अपराध की प्रकृति, संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों, जेल अधीक्षकों, प्रोबेशन अधिकारियों और न्यायालयों द्वारा दिए गए मंतव्यों को आधार बनाकर यह निर्णय लिया। रिहाई सुनिश्चित करते समय न्यायिक नियमों, सामाजिक सुरक्षा और कारा अधिनियमों का पूर्णतः पालन किया गया है।

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मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:

कैदियों का डेटाबेस: रिहा होने वाले सभी कैदियों के लिए एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाएगा ताकि उनकी गतिविधियों और पुनर्वास पर नजर रखी जा सके।

सामाजिक पुनर्वास: सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रिहा होने वाले कैदियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। उनकी आय सृजन और बेहतर सामाजिक जीवन सुनिश्चित करने के लिए जिला समन्वयकों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जागरूकता अभियान: डायन-बिसाही जैसे आरोपों में सजा काट चुके कैदियों के क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में मौजूद अधिकारी

बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, गृह एवं कारा विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती वंदना दादेल, डीजीपी श्रीमती तदाशा मिश्रा, विधि विभाग के प्रधान सचिव श्री नीरज कुमार श्रीवास्तव, जेल आईजी श्री सुदर्शन प्रसाद मंडल और न्यायिक आयुक्त श्री अनिल कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।