भगवान के सामने अहंकार लेकर जाओगे तो कुछ नहीं मिलेगा  :  डॉ सुधा पांडे
जौनपुर। महराजगंज क्षेत्र के हनुमान जी माता दुर्गा मंदिर फक्तूपुर के प्रांगण में चल रही पांच दिवसीय श्री राम कथा के आज चतुर्थ दिन वाराणसी की धरती से पधारी मानस कोकिला पूज्य कथा व्यास डॉ. सुधा पांडे द्वारा बड़े ही मार्मिक ढंग से श्री राम कथा सुनाई जा रही है प्रह्लाद द्वारा विष्णु भक्ति करने पर हिरण्यकशिपु ने उन्हें मारने के कई प्रयास किए, जिसमें होलिका दहन का प्रयास भी शामिल था, जिसमें होलिका जल गई और प्रह्लाद बच गए।नरसिंह अवतार का वध: भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप में अवतरित होकर, सांझ के समय, दहलीज पर, अपनी जांघों पर रखकर, नाखूनों से उसका वध किया।पौराणिक कथाओं के अनुसार, हिरण्यकशिपु और उसका भाई हिरण्याक्ष भगवान विष्णु के द्वारपाल 'जय' और 'विजय' थे, जो शाप के कारण राक्षस बने। वही शबरी और श्रीराम जी कथा का वर्णन करते हुए कहा कि नवधा भक्ति राम जी ने सुनाया लेकिन मैया शबरी रहती है कि है भगवान मैं बहुत बड़ी आत्मा हूं अधमा हूं वही सभी से निवेदन करते हुए यह कहा कि भगवान श्री रामचंद्र जी कहते हैं कि अगर कोई हमारी भक्ति करना नहीं जानता है भगवान ने कहा हमारे चरणों में गिर करके निश्चल भाव से स्तुति वंदना करना नहीं जानता तो शरणागत होकर केवल इतना कह दे की मैं आपकी स्तुति करना नहीं जानता हूं वही सबसे बड़ी स्तुति होगी तथा यह भी कहा भगवान के सामने अहंकार लेकर जाओगे तो कुछ नहीं मिलेगा जिसके जीवन में भक्ति नहीं उसके जीवन में कुछ नहीं हनुमान जी की कथा सुनाते हुए कहा कि लंका दहन करते समय उन्होंने अशोक वाटिका को नहीं जलाया था, क्योंकि वहां सीताजी रहती थीं। इसी तरह उन्होंने रावण के भाई विभीषण का भवन भी नहीं जलाया, क्योंकि विभीषण के भवन के द्वार पर तुलसी का पौधा लगा था। साथ ही भगवान विष्णु के चिन्‍ह शंख, चक्र और गदा भी बने हुए थे। सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह थी कि विभीषण के घर के ऊपर राम नाम अंकित था। उसी क्षण से विभीषण, हनुमान जी के प्रिय हो गए थे। यही कारण है कि जब विभीषण श्री राम की शरण में आये और सुग्रीव ने उनके प्रति आशंका प्रकट करते हुए दंड देने का सुझाव दिया, तो हनुमानजी ने उन्हें शिष्ट मान कर शरण में लेने का अनुरोध किया था और प्रभु राम ने उसे स्‍वीकार कर लिया था। वही वृंदावन की धरती से पधारे कथा व्यास माधव दास जी महाराज द्वारा भक्तों को सुंदर कथा सुनाई जा रही है जिसका सभी ने बखान किया कथा मंच का कुशल संचालन आशीष द्विवेदी द्वारा किया जा रहा है वहीं कथा प्रांगण में पहुंचे पत्रकार अमित पांडे का डा. सुधा पाण्डेय ने बखान कर आशीर्वाद दिया और कहा कि हर धार्मिक आयोजन में उपस्थित सराहनीय है। इस मौके पर कथा समिति के अध्यक्ष संदीप सिंह सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया इस मौके पर दिनेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अजय प्रताप सिंह, सुनील सिंह, चंदन सिंह, राहुल सिंह, मंदिर पुजारी ओंकार नाथ मिश्रा, गिरीश चंद्र उपाध्याय, विनोद सेठ सच्चिदानंद त्रिपाठी, राजेश तिवारी सहित सैकड़ो की संख्या में कथा प्रेमी उपस्थित रहे।
महिला सशक्तिकरण का संकल्प: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिलीं महिला विधायक, दी महिला दिवस की बधाई।


रांची, 09 मार्च 2026: झारखंड विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में आज एक विशेष उत्साह देखने को मिला। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर झारखंड विधानसभा की महिला सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं।

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इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी महिला विधायकों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने झारखंड सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुलाकात के दौरान महिला विधायकों ने भी मुख्यमंत्री को शुभकामनाओं के साथ-साथ राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, उत्थान और सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। मुख्यमंत्री ने इन सुझावों पर सकारात्मक चर्चा की और महिला हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रोजेक्ट गंगा’ से गांव-गांव पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट, एक लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे

* स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और हिंदूजा ग्रुप की कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच एमओयू, 20 लाख घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने का लक्ष्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल कर रही है। इसी क्रम में ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड (हिंदूजा ग्रुप की सहायक कंपनी) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
इस परियोजना के तहत अगले दो से तीन वर्षों में प्रदेश के 20 लाख से अधिक घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही न्याय पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 स्थानीय युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में विकसित किया जाएगा, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं को अवसर देने की योजना है। परियोजना के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह एमओयू उत्तर प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से मिलने वाला रोजगार अधिक प्रभावी और स्थायी होता है। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ (गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट) के जरिए लगभग 20 लाख घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने से करीब एक करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचने से डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के नए अवसर खुलेंगे। सरकार युवाओं को डिजिटल उद्यमिता से जोड़ने के लिए आर्थिक सहयोग भी दे रही है। जनवरी 2024 में शुरू की गई योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और बिना गारंटी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका लाभ अब तक एक लाख से अधिक लोग उठा चुके हैं। मंत्री ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी भाषा को भी प्रमुख स्थान देने पर जोर दिया।
मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आज के दौर में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल हाईवे का महत्व कई मामलों में भौतिक एक्सप्रेसवे से भी अधिक हो गया है। यह पहल डिजिटल डिवाइड और संभावित एआई डिवाइड को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, ओटीटी सेवाएं और हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध होगा, जिससे टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, ई-कॉमर्स और डिजिटल स्किलिंग के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।
विंसले फर्नांडीज ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। उन्होंने बताया कि परियोजना के दो प्रमुख स्तंभ युवा सशक्तिकरण और महिला सशक्तिकरण हैं और इसके तहत प्रदेश में लगभग एक लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में श्रम विभाग के प्रमुख सचिव शन्मुगा सुंदरम, एसटीसी के एसीईओ अक्षत वर्मा, हिंदूजा ग्रुप के प्रतिनिधि डॉ. एस.के. चड्ढा, हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशन लिमिटेड के डायरेक्टर विंसले फर्नांडीज तथा सत्य प्रकाश सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता: मंत्री नरेन्द्र कश्यप

* योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पहुंचाने के निर्देश, विभागीय योजनाओं की समीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध और परिणामोन्मुखी ढंग से कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए।
सोमवार को सचिवालय स्थित नवीन भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, वित्तीय उपलब्धियों और लाभार्थियों तक पहुंच की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाना है। इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ और जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि ये दोनों विश्वविद्यालय दिव्यांगजनों के लिए उच्च शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र हैं और इन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने मंडल स्तर पर कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर दिव्यांग छात्रों तक इन विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक सुविधाओं और अवसरों की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही रिक्त शिक्षकीय पदों पर शीघ्र नियुक्ति तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) योजना के तहत अब तक 11,98,725 दिव्यांगजन लाभान्वित हुए हैं। कुष्ठावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 13,395 लाभार्थियों को लाभ दिया गया है। कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के तहत 22,672 दिव्यांगजनों को 26,830 कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में दिव्यांगजनों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि शादी अनुदान योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 232 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब तक 94,040 लाभार्थियों को 188.08 करोड़ रुपये की धनराशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।
छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत 25,98,344 छात्रों को 1586.59 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके अतिरिक्त अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना भी संचालित की जा रही है, जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 34,892 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के मुंबई अध्यक्ष बने दीपक सिंह
मुंबई। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) मुंबई के तेजतर्रार और सक्रिय महामंत्री दीपक आजाद सिंह को भाजयुमो मुंबई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति भाजपा मुंबई अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम द्वारा की गई। संगठन के प्रति उनकी ऊर्जा, जमीनी स्तर पर किए गए अथक परिश्रम और समर्पण को सम्मान देते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुंबई के धारावी निवासी दीपक सिंह की जन्मभूमि और कर्मभूमि दोनों ही मुंबई रही है। उन्होंने एमबीए तक शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत धारावी विधानसभा क्षेत्र में युवा मोर्चा के वॉर्ड महामंत्री के रूप में की थी। इसके बाद संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए उन्होंने मुंबई युवा मोर्चा के महामंत्री के रूप में भी अहम भूमिका निभाई। अब उन्हें मुंबई अध्यक्ष की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सामाजिक सेवा, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, युवा सशक्तिकरण, खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने, पार्टी की विचारधारा के प्रचार-प्रसार और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को संगठित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महाविकास अघाड़ी के शासनकाल में भी उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेताओं के मार्गदर्शन में जनता के मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरकर आवाज बुलंद की। वे केवल कार्यालयों में बैठकर राजनीति करने वाले नेता नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े ऐसे नेता हैं जो कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रूप से संघर्ष करते रहे हैं। प्राकृतिक आपदा हो या कोई सामाजिक समस्या, दीपक सिंह हमेशा स्वयं आगे बढ़कर लोगों की सहायता के लिए पहुंचे हैं। यही कारण है कि कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच उनकी पहचान एक सरल, सहज और जमीन से जुड़े नेता के रूप में बनी है।
अपनी नियुक्ति पर दीपक सिंह ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा भाजपा मुंबई अध्यक्ष अमित साटम का विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और विश्वास के कारण उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने कहा कि यह पद उनके लिए केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि सेवा का एक नया अवसर है। वे संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, युवाओं को जोड़ने तथा मुंबई और देश के विकास में योगदान देने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे।उन्होंने आगे कहा कि पार्टी ने मुझ जैसे साधारण कार्यकर्ता पर जो विश्वास जताया है, उसे मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास करूंगा। मेरा लक्ष्य मुंबई के हर युवा तक भाजपा की विचारधारा और सरकार की जनहितकारी योजनाओं को पहुँचाना है।
दिल्ली दंगे का आरोपी शरजील इमाम को राह, कोर्ट ने दी 10 दिन की अंतरिम जमानत

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दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम को बड़ी राहत मिली है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें 10 दिन की अंतरिम जमानत दी है। कोर्ट ने इमाम को अपने भाई की शादी में शामिल होने के लिए जमानत दी है। इमाम भड़काऊ भाषण देने और दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोप में लंबे समय से जेल से जेल में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को 5 जनवरी को जमानत देने से मना कर दिया था।

मानवीय आधार पर 10 दिन की राहत

शरजील इमाम के वकीलों ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए अर्जी लगाई थी कि उसके घर में सगे भाई की शादी होने वाली है। इसके साथ ही यह दलील भी दी गई कि उसकी मां की तबीयत काफी खराब चल रही है। पारिवारिक जिम्मेदारियों, शादी के कार्यक्रम और बीमार मां की देखभाल का हवाला देकर कोर्ट से रिहाई की गुहार लगाई गई थी। अदालत ने इस मानवीय आधार पर गौर करते हुए उसे 10 दिन के लिए जेल से बाहर आने की इजाजत दे दी है।

20 मार्च से 30 मार्च तक जमानत

जानकारी के मुताबिक एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेई की कोर्ट ने शरजील इमाम को 20 मार्च से 30 मार्च तक अंतरिम जमानत दी है। हालांकि कोर्ट ने उनसे साफ कहा है कि न ही वो सोशल मीडिया का इस्तेमाल करेंगे और न ही इस दौरान मीडिया से संपर्क करेंगे।

2020 दिल्ली दंगे में गई थी 53 लोगों की जान

शरजील इमाम 2020 दिल्ली दंगा के साजिश मामले में आरोपी है, जिसमें 53 लोगों की जान चली गई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़क गए थे. शरजील जनवरी 2020 से जेल में बंद है। 2020 में यूएपीए के तहत गिरफ्तार उसे किया गया था और उस पर हिंसा भड़काने में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है।

शराब घोटाला केस में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

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दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया से जवाब मांगा है। सीबीआई की याचिका पर ये जवाब मांगा गया है। हाई कोर्ट ने केजरीवाल और सिसोदिया समेत 23 अन्य लोगों को अधीनस्थ अदालत की ओर से आरोप मुक्त किये जाने के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सोमवार को आरोपियों से उनका पक्ष बताने को कहा।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने रखी दलीलें

दिल्ली शराब घोटाला केस की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच के सामने हुई। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने राउज एवेन्यू कोर्ट को इस मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की सुनवाई तब तक टालने का भी निर्देश दिया, जब तक कि ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर फैसला नहीं कर लिया जाता।

सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने क्या तर्क दिया?

इस दौरान सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलीलें रखीं। मेहता ने तर्क दिया कि आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और सिसोदिया को आरोप मुक्त करने का निचली अदालत का आदेश अनुचित था और आपराधिक कानून को ही उलट देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब नीति का मामला सबसे बड़े घोटालों में से एक था और भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण था। मेहता ने दावा किया कि निचली अदालत ने केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य के पक्ष में बिना सुनवाई के आरोप मुक्त करने का आदेश सुना दिया।

16 मार्च को अगली सुनवाई

वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने शराब नीति मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोप मुक्त किये जाने के विरूद्ध सीबीआई की याचिका पर सोमवार को आरोपियों से उनका पक्ष बताने को कहा। याचिका पर सुनवाई के लिए अगली तारीख 16 मार्च तय की।

राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी आरोपियों को किया था बरी

बता दें कि राउज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को आबकारी नीति मामले में 23 अन्य लोगों के साथ बरी कर दिया था। केजरीवाल और सिसोदिया को महीनों जेल में रहने के बाद बरी कर दिया गया था। कोर्ट से बरी होने पर आम आदमी पार्टी और इंडिया गठबंधन ने बीजेपी पर राजनीतिक लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। अरविंद केजरीवाल का आरोप था कि दिल्ली में सरकार बनाने के लिए बीजेपी ने उनके खिलाफ साजिश रची थी। सीबीआई ने राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

झारखंड की राजनीति में उबाल: राष्ट्रपति के बंगाल दौरे और नीतीश कुमार के फैसलों पर सरयू राय और बाबूलाल मरांडी का कड़ा प्रहार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर चल रहा सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है. जदयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मित्र माने जाने वाले सरयू राय की नाराजगी कम होती नहीं दिख रही है.

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बजट सत्र के दौरान झारखंड विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सरयू राय ने एक बार फिर इस फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि मुझे व्यक्तिगत रुप से राज्यसभा जाने का उनका फैसला अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि बहुत लोग सराह रहे हैं लेकिन मैंने पहले दिन से कहा है कि मुझे अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि उचित समय पर उचित निर्णय होता तो अच्छा रहता. जिस तरह से अफरातफरी में निर्णय लिया गया उससे परहेज किया जा सकता था. नीतीश कुमार पर दबाव होने के सवाल पर सरयू राय ने कहा कि इस निर्णय के पीछे कोई ना कोई कारण रहा होगा, अभी तो इस कारण का अनुमान ही लगाया जा सकता है.

निशांत कुमार का इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैंः सरयू राय

निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में एंट्री पर सरयू राय ने कहा कि उनका इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैं, आगे वो अपने कर्तव्य से अपनी प्रासंगिकता साबित करेंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की इसमें कितनी भूमिका है वह समझना होगा क्योंकि नीतीश कुमार को अपने पुत्र को राजनीति में लाना होता तो पहले ही लाकर स्थापित कर सकते थे.

सरयू राय ने नीतीश कुमार को परिवारवाद करने वालों की श्रेणी में नहीं लाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे परिवारवाद करने वाले का चेहरा ढक जाएगा. उन्होंने कहा कि जदयू आंचलिक पार्टी है जिसके विस्तार की सोच बिहार तक ही सीमित है. जदयू आंचलिक दल है जिसकी सोच कहीं ना कहीं उनके नेता की सोच पर निर्भर करता है. ऐसे में नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं यह रणनीति कितनी स्वस्थ रणनीति के तहत होती है यह जदयू का भविष्य तय करेगा.

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने को नेता प्रतिपक्ष ने राष्ट्रपति पद की गरिमा और संवैधानिक मूल्यों का अपमान करार दिया है. विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही में भाग लेने आये पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति इस प्रकार का रवैया न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह आदिवासी समाज की भावनाओं को भी आहत करता है. राष्ट्रपति महोदया के शब्दों में जो पीड़ा और असहजता झलक रही थी उसे पूरे देश ने महसूस किया है.

कार्यक्रम में शुरू से बाधा डालने की कोशिश- बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मैंने इंटरनेशनल संथाल काउंसिल के पदाधिकारी से बातचीत कर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के साथ हुए दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कार्यक्रम के आयोजन स्थल को तीन बार बदला गया. इतना ही नहीं, कार्यक्रम के दिन अचानक पास की अनिवार्यता लागू कर दी गई, जबकि पहले से ऐसी कोई व्यवस्था प्रस्तावित नहीं थी. इससे स्पष्ट होता है कि कार्यक्रम में व्यवधान डालने की कोशिश की गई.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि परंपरा और प्रोटोकॉल के अनुसार जब भी राष्ट्रपति किसी कार्यक्रम में पहुंचती हैं तो मुख्यमंत्री या उनका अधिकृत प्रतिनिधि उनकी अगवानी के लिए मौजूद रहता है. लेकिन आश्चर्य की बात है कि पश्चिम बंगाल में न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री वहां पहुंचे. यहां तक कि जिला प्रशासन की ओर से डीएम तक की उपस्थिति नहीं रही. यह केवल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति का अपमान नहीं है, यह संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का भी अनादर है. ममता बनर्जी सरकार द्वारा किया गया यह व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और किसी भी दृष्टि से क्षम्य नहीं माना जा सकता है.

गिरिडीह के डीसी कान पकड़कर उठक बैठक करें, मांगें माफी- बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने महिला दिवस पर गिरिडीह में अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठी जल सहियाओं के साथ वहां के डीसी के व्यवहार को आपत्तिजनक बताते हुए मुख्यमंत्री से डीसी पर कार्रवाई करने की मांग की है. गिरिडीह, चतरा एवं अन्य जगहों पर प्रशासनिक अधिकारियों के वायरल हो रहे वीडियो का हवाला देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में नौकरशाह बेलगाम हो गया हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गिरिडीह डीसी से सरेआम उन महिलाओं से माफी मंगवाए और कान पकड़ कर उठक बैठक करवाएं. जिससे ऐसे अधिकारी को सबक मिले कि महिलाओं से कैसा व्यवहार उन्हें करना चाहिए.

रायपुर में IMA छत्तीसगढ़ के 21वें राज्य सम्मेलन का शुभारंभ, डॉ. अनूप वर्मा बने नए अध्यक्ष

रायपुर- राजधानी रायपुर में रविवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) छत्तीसगढ़ के 21वें वार्षिक राज्य सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन बालाजी मेडिकल इंस्टीट्यूट परिसर स्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से आए चिकित्सकों, शिक्षाविदों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भाग लिया।

उद्घाटन समारोह के दौरान वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप वर्मा को वर्ष 2026 के लिए IMA छत्तीसगढ़ का राज्य अध्यक्ष औपचारिक रूप से पदस्थापित किया गया। इस अवसर को राज्य के चिकित्सा समुदाय के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और चिकित्सकों को सशक्त करने की दिशा में नई पहल की उम्मीद जताई जा रही है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल प्रो. अशोक पुराणिक, कार्यकारी निदेशक, एम्स गुवाहाटी ने अपने संबोधन में मरीजों की सेवा और चिकित्सकों की गरिमा की रक्षा में आईएमए की भूमिका की सराहना की। उन्होंने युवा चिकित्सकों से समाज के प्रति संवेदनशीलता, समर्पण और नैतिक मूल्यों के साथ काम करने का आह्वान किया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. अनूप वर्मा ने वर्ष 2026 के लिए IMA छत्तीसगढ़ की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन पाँच प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान देगा। इनमें डॉक्टर और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करना, चिकित्सकों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना, सतत चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देना, युवा चिकित्सकों को सशक्त बनाना और समाज से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी शामिल है।

उन्होंने बताया कि IMA छत्तीसगढ़ राज्य में टीकाकरण अभियान, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। साथ ही सरकार से स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में चिकित्सकों के साथ नियमित संवाद स्थापित करने और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक सरल बनाने का आग्रह किया।

सम्मेलन के सफल आयोजन में आयोजन समिति के सदस्यों डॉ. सुरेंद्र शुक्ला (स्टेट प्रेसिडेंट, हॉस्पिटल बोर्ड), डॉ. प्रभात पांडेय (आउटगोइंग स्टेट प्रेसिडेंट), डॉ. नीरज शर्मा (स्टेट सेक्रेटरी), डॉ. नरेंद्र अग्रवाल (मुख्य आयोजन सचिव), डॉ. देवेंद्र नायक (आयोजन सचिव), डॉ. के.पी. सारभाई (वैज्ञानिक आयोजन सचिव), डॉ. कुलदीप सोलंकी (अध्यक्ष, IMA रायपुर) और डॉ. संजीव श्रीवास्तव (सचिव, IMA रायपुर) की अहम भूमिका रही।

दो दिवसीय इस सम्मेलन में विभिन्न शैक्षणिक सत्रों, विचार-विमर्श और संवाद के माध्यम से चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम प्रगति पर चर्चा की जाएगी तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर मंथन होगा। 

“जाति पात छोड़ो, अपने नाम के आगे सनातनी जोड़ो” — सर्वेश कुमार सिंह का हुंकार, CM योगी पर टिप्पणी के विरोध में 24 घंटे में FIR व गिरफ्तारी की मां
सुलतानपुर।मुख्यमंत्री Yogi Adityanath* पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर जनपद में सनातन समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस मामले को लेकर *राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी* के पदाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और संबंधित कथित शंकराचार्य के खिलाफ 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

यह ज्ञापन राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के *प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह* के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसमें संगठन के पदाधिकारियों और सनातन समाज के लोगों ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
*सर्वेश कुमार सिंह का तीखा बयान*
इस दौरान प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने बेहद तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई कथित टिप्पणी केवल एक राजनीतिक बयान नहीं बल्कि सनातन परंपरा, हिंदू समाज और उसकी आस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सनातन संस्कृति, गौसंरक्षण और राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रतीक बन चुके हैं, ऐसे में उनके खिलाफ इस प्रकार की अमर्यादित टिप्पणी पूरे समाज को आहत करने वाली है।
सर्वेश कुमार सिंह ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई तो राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी जनपद से लेकर प्रदेश स्तर तक व्यापक आंदोलन छेड़ देगी और सनातन समाज सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएगा।
*सनातन एकता का नारा*
इस दौरान सर्वेश कुमार सिंह ने सनातन समाज को एकजुट करने के लिए जोरदार नारा दिया —
*“ जाति पात छोड़ो, अपने नाम के आगे सनातनी जोड़ो।”*
उन्होंने कहा कि आज सनातन समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज जाति-पात में बंटा रहेगा तब तक सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्थाओं पर प्रहार करने वालों का मनोबल बढ़ता रहेगा।
*गौसंरक्षण पर भी दिया जोर*
सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार गौसंरक्षण के लिए लगातार बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए बजट का प्रावधान किया गया है और ग्राम पंचायत स्तर तक गोशालाओं के संचालन के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में गौ आश्रय स्थलों का संचालन किया जा रहा है और अवैध बूचड़खानों के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में यदि कोई व्यक्ति गौमाता, सनातन धर्म या प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रामक या अपमानजनक बयान देता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होना बेहद जरूरी है।
*हिंदू संगठनों ने भी जताया समर्थन*
इस मौके पर कई हिंदू संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने भी कड़ी कार्रवाई की मांग का समर्थन किया। इनमें विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष दिनकर प्रताप सिंह, विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष दिवाकर रघुवंशी, समाजसेवी सौरभ सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
*राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के प्रमुख पदाधिकारी*
इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें
राकेश सिंह ‘दद्दू’ – संरक्षक
जय शंकर दुबे – प्रदेश महामंत्री
सर्वेश कुमार सिंह – प्रदेश प्रभारी
विनय सिंह ‘बिन्नु’ – जिलाध्यक्ष
पूनम सिंह – जिलाध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ)
उदय प्रकाश मिश्रा – जिला संयोजक
बृजेश श्रीवास्तव ‘बंटू’ – जिला उपाध्यक्ष
प्रदीप कसौधन – जिला उपाध्यक्ष
मुकेश कसौधन – जिला सचिव
फिरोज सोनी – जिला उपाध्यक्ष
सुभाष सोनकर – जिला उपाध्यक्ष
*कार्यकारिणी सदस्य*
गोपाल सोनी, डॉ. प्रदीप तिवारी, धर्मेन्द्र सोनी, शिव सागर, जिम्मी सरदार
इसके अलावा राजवीर श्रीवास्तव, सुरेश जायसवाल, विनय तिवारी, एस.पी. सिंह, मुकेश गोयल, राहुल गुप्ता, राज सिंह, बल्लम श्रीवास्तव, शुभम बरसवाल, विकास यादव, दीप सिंह (सभासद) सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
आंदोलन की चेतावनी
अंत में संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि सनातन धर्म, गौमाता और प्रदेश के मुख्यमंत्री के सम्मान के खिलाफ किसी भी प्रकार की टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की तो यह मुद्दा जनपद से निकलकर पूरे प्रदेश में सनातन समाज के बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
भगवान के सामने अहंकार लेकर जाओगे तो कुछ नहीं मिलेगा  :  डॉ सुधा पांडे
जौनपुर। महराजगंज क्षेत्र के हनुमान जी माता दुर्गा मंदिर फक्तूपुर के प्रांगण में चल रही पांच दिवसीय श्री राम कथा के आज चतुर्थ दिन वाराणसी की धरती से पधारी मानस कोकिला पूज्य कथा व्यास डॉ. सुधा पांडे द्वारा बड़े ही मार्मिक ढंग से श्री राम कथा सुनाई जा रही है प्रह्लाद द्वारा विष्णु भक्ति करने पर हिरण्यकशिपु ने उन्हें मारने के कई प्रयास किए, जिसमें होलिका दहन का प्रयास भी शामिल था, जिसमें होलिका जल गई और प्रह्लाद बच गए।नरसिंह अवतार का वध: भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप में अवतरित होकर, सांझ के समय, दहलीज पर, अपनी जांघों पर रखकर, नाखूनों से उसका वध किया।पौराणिक कथाओं के अनुसार, हिरण्यकशिपु और उसका भाई हिरण्याक्ष भगवान विष्णु के द्वारपाल 'जय' और 'विजय' थे, जो शाप के कारण राक्षस बने। वही शबरी और श्रीराम जी कथा का वर्णन करते हुए कहा कि नवधा भक्ति राम जी ने सुनाया लेकिन मैया शबरी रहती है कि है भगवान मैं बहुत बड़ी आत्मा हूं अधमा हूं वही सभी से निवेदन करते हुए यह कहा कि भगवान श्री रामचंद्र जी कहते हैं कि अगर कोई हमारी भक्ति करना नहीं जानता है भगवान ने कहा हमारे चरणों में गिर करके निश्चल भाव से स्तुति वंदना करना नहीं जानता तो शरणागत होकर केवल इतना कह दे की मैं आपकी स्तुति करना नहीं जानता हूं वही सबसे बड़ी स्तुति होगी तथा यह भी कहा भगवान के सामने अहंकार लेकर जाओगे तो कुछ नहीं मिलेगा जिसके जीवन में भक्ति नहीं उसके जीवन में कुछ नहीं हनुमान जी की कथा सुनाते हुए कहा कि लंका दहन करते समय उन्होंने अशोक वाटिका को नहीं जलाया था, क्योंकि वहां सीताजी रहती थीं। इसी तरह उन्होंने रावण के भाई विभीषण का भवन भी नहीं जलाया, क्योंकि विभीषण के भवन के द्वार पर तुलसी का पौधा लगा था। साथ ही भगवान विष्णु के चिन्‍ह शंख, चक्र और गदा भी बने हुए थे। सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह थी कि विभीषण के घर के ऊपर राम नाम अंकित था। उसी क्षण से विभीषण, हनुमान जी के प्रिय हो गए थे। यही कारण है कि जब विभीषण श्री राम की शरण में आये और सुग्रीव ने उनके प्रति आशंका प्रकट करते हुए दंड देने का सुझाव दिया, तो हनुमानजी ने उन्हें शिष्ट मान कर शरण में लेने का अनुरोध किया था और प्रभु राम ने उसे स्‍वीकार कर लिया था। वही वृंदावन की धरती से पधारे कथा व्यास माधव दास जी महाराज द्वारा भक्तों को सुंदर कथा सुनाई जा रही है जिसका सभी ने बखान किया कथा मंच का कुशल संचालन आशीष द्विवेदी द्वारा किया जा रहा है वहीं कथा प्रांगण में पहुंचे पत्रकार अमित पांडे का डा. सुधा पाण्डेय ने बखान कर आशीर्वाद दिया और कहा कि हर धार्मिक आयोजन में उपस्थित सराहनीय है। इस मौके पर कथा समिति के अध्यक्ष संदीप सिंह सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया इस मौके पर दिनेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अजय प्रताप सिंह, सुनील सिंह, चंदन सिंह, राहुल सिंह, मंदिर पुजारी ओंकार नाथ मिश्रा, गिरीश चंद्र उपाध्याय, विनोद सेठ सच्चिदानंद त्रिपाठी, राजेश तिवारी सहित सैकड़ो की संख्या में कथा प्रेमी उपस्थित रहे।
महिला सशक्तिकरण का संकल्प: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिलीं महिला विधायक, दी महिला दिवस की बधाई।


रांची, 09 मार्च 2026: झारखंड विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में आज एक विशेष उत्साह देखने को मिला। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर झारखंड विधानसभा की महिला सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं।

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इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी महिला विधायकों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने झारखंड सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुलाकात के दौरान महिला विधायकों ने भी मुख्यमंत्री को शुभकामनाओं के साथ-साथ राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, उत्थान और सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। मुख्यमंत्री ने इन सुझावों पर सकारात्मक चर्चा की और महिला हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रोजेक्ट गंगा’ से गांव-गांव पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट, एक लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे

* स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और हिंदूजा ग्रुप की कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच एमओयू, 20 लाख घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने का लक्ष्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल कर रही है। इसी क्रम में ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड (हिंदूजा ग्रुप की सहायक कंपनी) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
इस परियोजना के तहत अगले दो से तीन वर्षों में प्रदेश के 20 लाख से अधिक घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही न्याय पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 स्थानीय युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में विकसित किया जाएगा, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं को अवसर देने की योजना है। परियोजना के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह एमओयू उत्तर प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से मिलने वाला रोजगार अधिक प्रभावी और स्थायी होता है। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ (गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट) के जरिए लगभग 20 लाख घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने से करीब एक करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचने से डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के नए अवसर खुलेंगे। सरकार युवाओं को डिजिटल उद्यमिता से जोड़ने के लिए आर्थिक सहयोग भी दे रही है। जनवरी 2024 में शुरू की गई योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और बिना गारंटी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका लाभ अब तक एक लाख से अधिक लोग उठा चुके हैं। मंत्री ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी भाषा को भी प्रमुख स्थान देने पर जोर दिया।
मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आज के दौर में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल हाईवे का महत्व कई मामलों में भौतिक एक्सप्रेसवे से भी अधिक हो गया है। यह पहल डिजिटल डिवाइड और संभावित एआई डिवाइड को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, ओटीटी सेवाएं और हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध होगा, जिससे टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, ई-कॉमर्स और डिजिटल स्किलिंग के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।
विंसले फर्नांडीज ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। उन्होंने बताया कि परियोजना के दो प्रमुख स्तंभ युवा सशक्तिकरण और महिला सशक्तिकरण हैं और इसके तहत प्रदेश में लगभग एक लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में श्रम विभाग के प्रमुख सचिव शन्मुगा सुंदरम, एसटीसी के एसीईओ अक्षत वर्मा, हिंदूजा ग्रुप के प्रतिनिधि डॉ. एस.के. चड्ढा, हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशन लिमिटेड के डायरेक्टर विंसले फर्नांडीज तथा सत्य प्रकाश सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता: मंत्री नरेन्द्र कश्यप

* योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पहुंचाने के निर्देश, विभागीय योजनाओं की समीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध और परिणामोन्मुखी ढंग से कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए।
सोमवार को सचिवालय स्थित नवीन भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, वित्तीय उपलब्धियों और लाभार्थियों तक पहुंच की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाना है। इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ और जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि ये दोनों विश्वविद्यालय दिव्यांगजनों के लिए उच्च शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र हैं और इन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने मंडल स्तर पर कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर दिव्यांग छात्रों तक इन विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक सुविधाओं और अवसरों की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही रिक्त शिक्षकीय पदों पर शीघ्र नियुक्ति तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) योजना के तहत अब तक 11,98,725 दिव्यांगजन लाभान्वित हुए हैं। कुष्ठावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 13,395 लाभार्थियों को लाभ दिया गया है। कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के तहत 22,672 दिव्यांगजनों को 26,830 कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में दिव्यांगजनों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि शादी अनुदान योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 232 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब तक 94,040 लाभार्थियों को 188.08 करोड़ रुपये की धनराशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।
छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत 25,98,344 छात्रों को 1586.59 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके अतिरिक्त अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना भी संचालित की जा रही है, जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 34,892 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के मुंबई अध्यक्ष बने दीपक सिंह
मुंबई। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) मुंबई के तेजतर्रार और सक्रिय महामंत्री दीपक आजाद सिंह को भाजयुमो मुंबई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति भाजपा मुंबई अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम द्वारा की गई। संगठन के प्रति उनकी ऊर्जा, जमीनी स्तर पर किए गए अथक परिश्रम और समर्पण को सम्मान देते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुंबई के धारावी निवासी दीपक सिंह की जन्मभूमि और कर्मभूमि दोनों ही मुंबई रही है। उन्होंने एमबीए तक शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत धारावी विधानसभा क्षेत्र में युवा मोर्चा के वॉर्ड महामंत्री के रूप में की थी। इसके बाद संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए उन्होंने मुंबई युवा मोर्चा के महामंत्री के रूप में भी अहम भूमिका निभाई। अब उन्हें मुंबई अध्यक्ष की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सामाजिक सेवा, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, युवा सशक्तिकरण, खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने, पार्टी की विचारधारा के प्रचार-प्रसार और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को संगठित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महाविकास अघाड़ी के शासनकाल में भी उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेताओं के मार्गदर्शन में जनता के मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरकर आवाज बुलंद की। वे केवल कार्यालयों में बैठकर राजनीति करने वाले नेता नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े ऐसे नेता हैं जो कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रूप से संघर्ष करते रहे हैं। प्राकृतिक आपदा हो या कोई सामाजिक समस्या, दीपक सिंह हमेशा स्वयं आगे बढ़कर लोगों की सहायता के लिए पहुंचे हैं। यही कारण है कि कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच उनकी पहचान एक सरल, सहज और जमीन से जुड़े नेता के रूप में बनी है।
अपनी नियुक्ति पर दीपक सिंह ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा भाजपा मुंबई अध्यक्ष अमित साटम का विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और विश्वास के कारण उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने कहा कि यह पद उनके लिए केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि सेवा का एक नया अवसर है। वे संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, युवाओं को जोड़ने तथा मुंबई और देश के विकास में योगदान देने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे।उन्होंने आगे कहा कि पार्टी ने मुझ जैसे साधारण कार्यकर्ता पर जो विश्वास जताया है, उसे मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास करूंगा। मेरा लक्ष्य मुंबई के हर युवा तक भाजपा की विचारधारा और सरकार की जनहितकारी योजनाओं को पहुँचाना है।
दिल्ली दंगे का आरोपी शरजील इमाम को राह, कोर्ट ने दी 10 दिन की अंतरिम जमानत

#delhiriotscasesharjeelimamgetstendaysinterim_bail

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दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम को बड़ी राहत मिली है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें 10 दिन की अंतरिम जमानत दी है। कोर्ट ने इमाम को अपने भाई की शादी में शामिल होने के लिए जमानत दी है। इमाम भड़काऊ भाषण देने और दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोप में लंबे समय से जेल से जेल में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को 5 जनवरी को जमानत देने से मना कर दिया था।

मानवीय आधार पर 10 दिन की राहत

शरजील इमाम के वकीलों ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए अर्जी लगाई थी कि उसके घर में सगे भाई की शादी होने वाली है। इसके साथ ही यह दलील भी दी गई कि उसकी मां की तबीयत काफी खराब चल रही है। पारिवारिक जिम्मेदारियों, शादी के कार्यक्रम और बीमार मां की देखभाल का हवाला देकर कोर्ट से रिहाई की गुहार लगाई गई थी। अदालत ने इस मानवीय आधार पर गौर करते हुए उसे 10 दिन के लिए जेल से बाहर आने की इजाजत दे दी है।

20 मार्च से 30 मार्च तक जमानत

जानकारी के मुताबिक एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेई की कोर्ट ने शरजील इमाम को 20 मार्च से 30 मार्च तक अंतरिम जमानत दी है। हालांकि कोर्ट ने उनसे साफ कहा है कि न ही वो सोशल मीडिया का इस्तेमाल करेंगे और न ही इस दौरान मीडिया से संपर्क करेंगे।

2020 दिल्ली दंगे में गई थी 53 लोगों की जान

शरजील इमाम 2020 दिल्ली दंगा के साजिश मामले में आरोपी है, जिसमें 53 लोगों की जान चली गई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़क गए थे. शरजील जनवरी 2020 से जेल में बंद है। 2020 में यूएपीए के तहत गिरफ्तार उसे किया गया था और उस पर हिंसा भड़काने में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है।

शराब घोटाला केस में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

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दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया से जवाब मांगा है। सीबीआई की याचिका पर ये जवाब मांगा गया है। हाई कोर्ट ने केजरीवाल और सिसोदिया समेत 23 अन्य लोगों को अधीनस्थ अदालत की ओर से आरोप मुक्त किये जाने के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सोमवार को आरोपियों से उनका पक्ष बताने को कहा।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने रखी दलीलें

दिल्ली शराब घोटाला केस की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच के सामने हुई। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने राउज एवेन्यू कोर्ट को इस मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की सुनवाई तब तक टालने का भी निर्देश दिया, जब तक कि ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर फैसला नहीं कर लिया जाता।

सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने क्या तर्क दिया?

इस दौरान सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलीलें रखीं। मेहता ने तर्क दिया कि आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और सिसोदिया को आरोप मुक्त करने का निचली अदालत का आदेश अनुचित था और आपराधिक कानून को ही उलट देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब नीति का मामला सबसे बड़े घोटालों में से एक था और भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण था। मेहता ने दावा किया कि निचली अदालत ने केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य के पक्ष में बिना सुनवाई के आरोप मुक्त करने का आदेश सुना दिया।

16 मार्च को अगली सुनवाई

वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने शराब नीति मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोप मुक्त किये जाने के विरूद्ध सीबीआई की याचिका पर सोमवार को आरोपियों से उनका पक्ष बताने को कहा। याचिका पर सुनवाई के लिए अगली तारीख 16 मार्च तय की।

राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी आरोपियों को किया था बरी

बता दें कि राउज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को आबकारी नीति मामले में 23 अन्य लोगों के साथ बरी कर दिया था। केजरीवाल और सिसोदिया को महीनों जेल में रहने के बाद बरी कर दिया गया था। कोर्ट से बरी होने पर आम आदमी पार्टी और इंडिया गठबंधन ने बीजेपी पर राजनीतिक लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। अरविंद केजरीवाल का आरोप था कि दिल्ली में सरकार बनाने के लिए बीजेपी ने उनके खिलाफ साजिश रची थी। सीबीआई ने राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

झारखंड की राजनीति में उबाल: राष्ट्रपति के बंगाल दौरे और नीतीश कुमार के फैसलों पर सरयू राय और बाबूलाल मरांडी का कड़ा प्रहार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर चल रहा सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है. जदयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मित्र माने जाने वाले सरयू राय की नाराजगी कम होती नहीं दिख रही है.

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बजट सत्र के दौरान झारखंड विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सरयू राय ने एक बार फिर इस फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि मुझे व्यक्तिगत रुप से राज्यसभा जाने का उनका फैसला अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि बहुत लोग सराह रहे हैं लेकिन मैंने पहले दिन से कहा है कि मुझे अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि उचित समय पर उचित निर्णय होता तो अच्छा रहता. जिस तरह से अफरातफरी में निर्णय लिया गया उससे परहेज किया जा सकता था. नीतीश कुमार पर दबाव होने के सवाल पर सरयू राय ने कहा कि इस निर्णय के पीछे कोई ना कोई कारण रहा होगा, अभी तो इस कारण का अनुमान ही लगाया जा सकता है.

निशांत कुमार का इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैंः सरयू राय

निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में एंट्री पर सरयू राय ने कहा कि उनका इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैं, आगे वो अपने कर्तव्य से अपनी प्रासंगिकता साबित करेंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की इसमें कितनी भूमिका है वह समझना होगा क्योंकि नीतीश कुमार को अपने पुत्र को राजनीति में लाना होता तो पहले ही लाकर स्थापित कर सकते थे.

सरयू राय ने नीतीश कुमार को परिवारवाद करने वालों की श्रेणी में नहीं लाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे परिवारवाद करने वाले का चेहरा ढक जाएगा. उन्होंने कहा कि जदयू आंचलिक पार्टी है जिसके विस्तार की सोच बिहार तक ही सीमित है. जदयू आंचलिक दल है जिसकी सोच कहीं ना कहीं उनके नेता की सोच पर निर्भर करता है. ऐसे में नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं यह रणनीति कितनी स्वस्थ रणनीति के तहत होती है यह जदयू का भविष्य तय करेगा.

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने को नेता प्रतिपक्ष ने राष्ट्रपति पद की गरिमा और संवैधानिक मूल्यों का अपमान करार दिया है. विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही में भाग लेने आये पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति इस प्रकार का रवैया न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह आदिवासी समाज की भावनाओं को भी आहत करता है. राष्ट्रपति महोदया के शब्दों में जो पीड़ा और असहजता झलक रही थी उसे पूरे देश ने महसूस किया है.

कार्यक्रम में शुरू से बाधा डालने की कोशिश- बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मैंने इंटरनेशनल संथाल काउंसिल के पदाधिकारी से बातचीत कर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के साथ हुए दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कार्यक्रम के आयोजन स्थल को तीन बार बदला गया. इतना ही नहीं, कार्यक्रम के दिन अचानक पास की अनिवार्यता लागू कर दी गई, जबकि पहले से ऐसी कोई व्यवस्था प्रस्तावित नहीं थी. इससे स्पष्ट होता है कि कार्यक्रम में व्यवधान डालने की कोशिश की गई.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि परंपरा और प्रोटोकॉल के अनुसार जब भी राष्ट्रपति किसी कार्यक्रम में पहुंचती हैं तो मुख्यमंत्री या उनका अधिकृत प्रतिनिधि उनकी अगवानी के लिए मौजूद रहता है. लेकिन आश्चर्य की बात है कि पश्चिम बंगाल में न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री वहां पहुंचे. यहां तक कि जिला प्रशासन की ओर से डीएम तक की उपस्थिति नहीं रही. यह केवल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति का अपमान नहीं है, यह संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का भी अनादर है. ममता बनर्जी सरकार द्वारा किया गया यह व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और किसी भी दृष्टि से क्षम्य नहीं माना जा सकता है.

गिरिडीह के डीसी कान पकड़कर उठक बैठक करें, मांगें माफी- बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने महिला दिवस पर गिरिडीह में अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठी जल सहियाओं के साथ वहां के डीसी के व्यवहार को आपत्तिजनक बताते हुए मुख्यमंत्री से डीसी पर कार्रवाई करने की मांग की है. गिरिडीह, चतरा एवं अन्य जगहों पर प्रशासनिक अधिकारियों के वायरल हो रहे वीडियो का हवाला देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में नौकरशाह बेलगाम हो गया हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गिरिडीह डीसी से सरेआम उन महिलाओं से माफी मंगवाए और कान पकड़ कर उठक बैठक करवाएं. जिससे ऐसे अधिकारी को सबक मिले कि महिलाओं से कैसा व्यवहार उन्हें करना चाहिए.

रायपुर में IMA छत्तीसगढ़ के 21वें राज्य सम्मेलन का शुभारंभ, डॉ. अनूप वर्मा बने नए अध्यक्ष

रायपुर- राजधानी रायपुर में रविवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) छत्तीसगढ़ के 21वें वार्षिक राज्य सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन बालाजी मेडिकल इंस्टीट्यूट परिसर स्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से आए चिकित्सकों, शिक्षाविदों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भाग लिया।

उद्घाटन समारोह के दौरान वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप वर्मा को वर्ष 2026 के लिए IMA छत्तीसगढ़ का राज्य अध्यक्ष औपचारिक रूप से पदस्थापित किया गया। इस अवसर को राज्य के चिकित्सा समुदाय के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और चिकित्सकों को सशक्त करने की दिशा में नई पहल की उम्मीद जताई जा रही है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल प्रो. अशोक पुराणिक, कार्यकारी निदेशक, एम्स गुवाहाटी ने अपने संबोधन में मरीजों की सेवा और चिकित्सकों की गरिमा की रक्षा में आईएमए की भूमिका की सराहना की। उन्होंने युवा चिकित्सकों से समाज के प्रति संवेदनशीलता, समर्पण और नैतिक मूल्यों के साथ काम करने का आह्वान किया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. अनूप वर्मा ने वर्ष 2026 के लिए IMA छत्तीसगढ़ की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन पाँच प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान देगा। इनमें डॉक्टर और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करना, चिकित्सकों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना, सतत चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देना, युवा चिकित्सकों को सशक्त बनाना और समाज से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी शामिल है।

उन्होंने बताया कि IMA छत्तीसगढ़ राज्य में टीकाकरण अभियान, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। साथ ही सरकार से स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में चिकित्सकों के साथ नियमित संवाद स्थापित करने और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक सरल बनाने का आग्रह किया।

सम्मेलन के सफल आयोजन में आयोजन समिति के सदस्यों डॉ. सुरेंद्र शुक्ला (स्टेट प्रेसिडेंट, हॉस्पिटल बोर्ड), डॉ. प्रभात पांडेय (आउटगोइंग स्टेट प्रेसिडेंट), डॉ. नीरज शर्मा (स्टेट सेक्रेटरी), डॉ. नरेंद्र अग्रवाल (मुख्य आयोजन सचिव), डॉ. देवेंद्र नायक (आयोजन सचिव), डॉ. के.पी. सारभाई (वैज्ञानिक आयोजन सचिव), डॉ. कुलदीप सोलंकी (अध्यक्ष, IMA रायपुर) और डॉ. संजीव श्रीवास्तव (सचिव, IMA रायपुर) की अहम भूमिका रही।

दो दिवसीय इस सम्मेलन में विभिन्न शैक्षणिक सत्रों, विचार-विमर्श और संवाद के माध्यम से चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम प्रगति पर चर्चा की जाएगी तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर मंथन होगा। 

“जाति पात छोड़ो, अपने नाम के आगे सनातनी जोड़ो” — सर्वेश कुमार सिंह का हुंकार, CM योगी पर टिप्पणी के विरोध में 24 घंटे में FIR व गिरफ्तारी की मां
सुलतानपुर।मुख्यमंत्री Yogi Adityanath* पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर जनपद में सनातन समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस मामले को लेकर *राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी* के पदाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और संबंधित कथित शंकराचार्य के खिलाफ 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

यह ज्ञापन राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के *प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह* के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसमें संगठन के पदाधिकारियों और सनातन समाज के लोगों ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
*सर्वेश कुमार सिंह का तीखा बयान*
इस दौरान प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने बेहद तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई कथित टिप्पणी केवल एक राजनीतिक बयान नहीं बल्कि सनातन परंपरा, हिंदू समाज और उसकी आस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सनातन संस्कृति, गौसंरक्षण और राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रतीक बन चुके हैं, ऐसे में उनके खिलाफ इस प्रकार की अमर्यादित टिप्पणी पूरे समाज को आहत करने वाली है।
सर्वेश कुमार सिंह ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई तो राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी जनपद से लेकर प्रदेश स्तर तक व्यापक आंदोलन छेड़ देगी और सनातन समाज सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएगा।
*सनातन एकता का नारा*
इस दौरान सर्वेश कुमार सिंह ने सनातन समाज को एकजुट करने के लिए जोरदार नारा दिया —
*“ जाति पात छोड़ो, अपने नाम के आगे सनातनी जोड़ो।”*
उन्होंने कहा कि आज सनातन समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज जाति-पात में बंटा रहेगा तब तक सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्थाओं पर प्रहार करने वालों का मनोबल बढ़ता रहेगा।
*गौसंरक्षण पर भी दिया जोर*
सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार गौसंरक्षण के लिए लगातार बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए बजट का प्रावधान किया गया है और ग्राम पंचायत स्तर तक गोशालाओं के संचालन के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में गौ आश्रय स्थलों का संचालन किया जा रहा है और अवैध बूचड़खानों के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में यदि कोई व्यक्ति गौमाता, सनातन धर्म या प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रामक या अपमानजनक बयान देता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होना बेहद जरूरी है।
*हिंदू संगठनों ने भी जताया समर्थन*
इस मौके पर कई हिंदू संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने भी कड़ी कार्रवाई की मांग का समर्थन किया। इनमें विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष दिनकर प्रताप सिंह, विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष दिवाकर रघुवंशी, समाजसेवी सौरभ सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
*राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के प्रमुख पदाधिकारी*
इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें
राकेश सिंह ‘दद्दू’ – संरक्षक
जय शंकर दुबे – प्रदेश महामंत्री
सर्वेश कुमार सिंह – प्रदेश प्रभारी
विनय सिंह ‘बिन्नु’ – जिलाध्यक्ष
पूनम सिंह – जिलाध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ)
उदय प्रकाश मिश्रा – जिला संयोजक
बृजेश श्रीवास्तव ‘बंटू’ – जिला उपाध्यक्ष
प्रदीप कसौधन – जिला उपाध्यक्ष
मुकेश कसौधन – जिला सचिव
फिरोज सोनी – जिला उपाध्यक्ष
सुभाष सोनकर – जिला उपाध्यक्ष
*कार्यकारिणी सदस्य*
गोपाल सोनी, डॉ. प्रदीप तिवारी, धर्मेन्द्र सोनी, शिव सागर, जिम्मी सरदार
इसके अलावा राजवीर श्रीवास्तव, सुरेश जायसवाल, विनय तिवारी, एस.पी. सिंह, मुकेश गोयल, राहुल गुप्ता, राज सिंह, बल्लम श्रीवास्तव, शुभम बरसवाल, विकास यादव, दीप सिंह (सभासद) सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
आंदोलन की चेतावनी
अंत में संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि सनातन धर्म, गौमाता और प्रदेश के मुख्यमंत्री के सम्मान के खिलाफ किसी भी प्रकार की टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की तो यह मुद्दा जनपद से निकलकर पूरे प्रदेश में सनातन समाज के बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।