सामाजिक जनसेवा कल्याण समिति के द्वारा काशी में आयोजित वृहत सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम*
सुल्तानपुर,सामाजिक जनसेवा कल्याण समिति के द्वारा काशी में आयोजित वृहत सामाजिक,सांस्कृतिक कार्यक्रम में देश के जाने माने कैंसर सर्जन डॉ काबरा के कर कमलों द्वारा स्मृति रत्न 2026 सम्मान से सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ सौरभ मिश्र विनम्र, कथा व्यास सनी मिश्र को किया गया सम्मानित। आपको बताते चलें सनी और सौरभ ने समाजसेवा से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में अद्भुत जनजागरण व सेवा कार्य किया है चाहे वो यातायात का क्षेत्र हो जिसमें एम्बुलेंस को रास्ता दें अभियान प्रमुख है, चाहे पर्यावरण संरक्षण का क्षेत्र हो जिसमें वृक्षारोपण ,प्लास्टिक मुक्त अभियान आदि , तथा सामाजिक हित में विभिन्न सामाजिक समसामयिक विषयों पे मुखरता से समाज की आवाज को बुलंद करने का कार्य पूर्ण निर्भीकता से किया है, स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोरोना काल जैसी विपरीत परिस्थितियों में शानदार सेवा कार्य किया है जनपद के दोनों युवाओं ने विभिन्न पुरस्कारों को प्राप्त कर जनपद को गौरवान्वित करने का कार्य किया है ।। डॉ. सौरभ मिश्र विनम्र गाना मिश्र के पुरवा निवासी कटका के वही सनी पुरुषोत्तमपुर के मूल निवासी हैं। सौरभ कटका क्लब के अध्यक्ष के पद है उन्होंने एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ पूर्व में राज्य परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह के द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। कार्यक्रम के आयोजक इंद्रजीत तिवारी इन युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
माता प्रसाद चतुर्वेदी की पुस्तक अनुभव जीवन के का विमोचन

मीरा रोड। विरूंगला केन्द्र में माता प्रसाद चतुर्वेदी की सद्य प्रकाशित कृति 'अनुभव जीवन के' का विमोचन हुआ। उनकी पुस्तक पर बोलते हुए कुसुम त्रिपाठी जी ने कहा कि उनके लेखन में विविधता है। वह अपने आलेखों के द्वारा आज भी एक शिक्षक की भूमिका का सफलता पूर्वक निर्वाह कर रहे हैं। समाज, परिवार, गांव, शहर, जन्मभूमि, कर्मभूमि, बेटी, संपत्ति,बच्चे रिश्ते, मेडिया एवं आधुनिक तकनीक जैसे विषयों को उन्होंने अपने लेख का विषय बनाया है। पुस्तक पर अपने विचार रखते हुए प्रो शीतला प्रसाद दूबे ने कहा कि महत्वपूर्ण यह नही है हम किस विचार धारा से जुड़े हुए हैं, महत्वपूर्ण यह है कि हमारे कार्य में हमारी वैचारिकता कितनी झलकती है। अपनी बात को स्पष्ट करते हुए उन्होंने एक महिला का उदाहरण दिया जो लंबी यात्रा करते हुए पीड़ित और दुखी बच्चों और महिलाओं के लिए पुराने कपड़े का उपयोग कर उनके लिए सहायक बनती है। उन्होंने माता प्रसाद चतुर्वेदी जी की पुस्तक को एक पठनीय पुस्तक बताया। बात को आगे बढाते हुए कमला शंकर मिश्र ने हास्य और विनोद के अपने चिर परिचित अंदाज में अपनी बात रखी और बदलते समय में अच्छी पुस्तकों के पढने की महती आवश्यकता पर जोर दिया। पुस्तक पर अपने महत्वपूर्ण वक्तव्य में  डॉ दयानंद तिवारी जी ने लेखकों से मूल्य परक लेखन की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नही हुआ तो आने वाले दस वर्षों में हमारे समाज की स्थिति भयावह हो जाएगी और  उसमें बुजुर्गों का जीवन बोझिल बन जाएगा। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में ह्दयेश मयंक ने शिक्षकों की महत्ता पर प्रकाश डालते हूए बताया कि उनके स्कूल के प्रिय शिक्षक जब तक जीवित रहे, तब तक वह गाँव जाने समय आदर के प्रतीक के रूप में उन्हें एक  गंजी और धोती आदर सहित भेट करते रहे। उनका इशारा भी मुल्यों की तरफ था। उन्होंने सवाल किया कि आज इस तरह का आदर भाव शिक्षक बच्चों में क्यों नहीं पैदा कर पा रहे हैं? उन्होंने समाज में बदलाव के लिए पुस्तकों के साथ शिक्षक की भूमिका पर प्रकाश डाला। पुस्तक प्रकाशन के विषय में प्रकाशक राजीव मिश्रा ने कहा कि उनके यहाँ से प्रकाशित पुस्तकों में यह एक मात्र पुस्तक है जिसे उन्होंने आद्योपांत पढा अन्यथा वह पुस्तक पर संस्तुति के लिए पांडुलिपि दूसरों के पास भेज दिया करते हैं। अपने लेखकीय वकतव्य में माता प्रसाद चतुर्वेदी ने सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की और दूसरी पुस्तक के शीघ्र प्रकाशित हो जाने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम के आरंभ में सरस्वती वंदना और आशीष देने का महत्वपूर्ण कार्य पंडित कमलाशंकर मिश्र ने किया और आभार प्रदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह धर्मेंद्र चतुर्वेदी ने किया। विरूंगला केन्द्र शिक्षकों, लेखकों, संस्था चालकों और माता प्रसाद के शिष्यो से खचाखच भरा था।
हर व्यक्ति को न्याय दिलाना सरकार की प्रतिबद्धता : केशव प्रसाद मौर्य
* डिप्टी सीएम ने जनता दर्शन में सैकड़ों फरियादियों की सुनी समस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने लखनऊ कैम्प कार्यालय पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों लोगों की व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को मामलों के त्वरित, प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए।
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं युवा उपस्थित रहे। फरियादियों ने भूमि विवाद, राजस्व संबंधी प्रकरण, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्यवाही, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मामलों को सीधे उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन आमजन से सीधे संवाद का सशक्त माध्यम है, जिससे जमीनी हकीकत सामने आती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन मामलों में आवश्यक हो, वहां संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करें और पीड़ितों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को सभी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए। सरकार जनहित को सर्वोपरि मानते हुए आम जनता की भलाई के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
श्री मौर्य ने उपस्थित फरियादियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हर व्यक्ति की हर संभव समस्या का समाधान किया जाएगा और कोई भी पीड़ित निराश होकर वापस नहीं लौटे—यही प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण अनिवार्य रूप से किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उत्पीड़न एवं भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों को गंभीरता और संवेदनशीलता से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो, वहां कठोर कार्रवाई की जाए। भूमि संबंधी मामलों में जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजा जाए और सार्थक समाधान कराया जाए।
जनसुनवाई के दौरान उन्होंने महिलाओं, दिव्यांगजनों एवं बुजुर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समस्याओं का समाधान इस प्रकार किया जाए कि पीड़ितों को दोबारा भटकना न पड़े और बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। उप मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार की मंशा है—हर व्यक्ति को न्याय, सम्मान और समय पर समाधान मिले।
*सीबीएसई हाईस्कूल एवं इण्टमीडियट बोर्ड की परीक्षाएं कल से*
सुलतानपुर जनपद के कुल 12 परीक्षा केन्द्रों पर हाईस्कूल के 5562और इण्टर के 4162 परीक्षार्थी होंगे सम्मिलित - राकेश मणि त्रिपाठी - सिटी कोआर्डिनेर सीबीएसई

सुलतानपुर,जनपद में सीबीएसई बोर्ड की हाईस्कूल एवं इण्टमीडियट की परीक्षाओं के सकुशल संचालन हेतु कुल 12परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। जिनमें सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानन्द नगर, महर्षि विद्या मन्दिर योगीवीर अहिमाने ,स्टेला मैरेस कान्वेंट स्कूल,नवयुग इंटरनेशनल स्कूल दोस्तपुर, गोपाल पब्लिक स्कूल ओमनगर,सनबीम स्कूल सैदपुर, त्रिभुवन देवी अकादमी कादीपुर,टाइनी टाट्स पब्लिक स्कूल सिविल लाइन,पी एम श्री केन्द्रीय विद्यालय अमहट,एस के प्रेसीडेंसी पब्लिक स्कूल ओदरा,के एन आई सी लाल डिग्गी तथा शेमफोर्ड फ्यूचरिस्टिक स्कूल गोराबारिक सुल्तानपुर का नाम सम्मिलित है। सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानंद नगर सुल्तानपुर के प्रधानाचार्य एवं सुलतानपुर के सीबीएसई के सिटी कोआर्डिनेटर श्रीमान् राकेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि सीबीएसई बोर्ड 2026 की परीक्षा में कक्षा 10 के 5562 तथा कक्षा 12 के कुल 4162 छात्र सम्मिलित होंगे। हाईस्कूल बोर्ड की परीक्षाएं 17 फरवरी से 11मार्च तक तथा 12वीं की परीक्षाएं 10 अप्रैल तक चलेंगी। सीबीएसई कक्षा 10वीं और 12वीं की 2026 की परीक्षा मुख्य रूप से एक ही पाली (Morning Shift) में आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होगा ‌।
आजमगढ़: छति ग्रस्त पुल के पोर्च के मरम्मत कार्य से प्रसन्नता ,आवा गमन में हो रही थी दिक्कत
आजमगढ़। मिर्जापुर विकास खण्ड में पड़ने वाले श्रषि दुर्वासा धाम स्थित तमसा मंजूषा के तट पर जन सहयोग से निर्मित पुल का क्षतिग्रस्त पोर्च मरम्मत किया जा रहा है। इससे तीर्थयात्रियों को आवागमन में हो रही परेशानी दूर होगी।समाजसेवी और शमशाबाद के ग्राम प्रधान मिस्टर प्रधान ने आज सुबह जेसीबी मशीन लगाकर पुल के मरम्मत का कार्य को शुरू कराया। पहले लोग मंजूषा नदी पर बने बांस बल्ली से बने चह से पार करते थे। लेकिन वाहन नहीं आ जा पाते थे। जन सहयोग से पुल बन जाने पे लोगों को आने जाने में काफी सहूलियत हो गयी। गाड़ी मोटर आने जाने लगें। आवागमन बढ़ गया। पुल का पोर्च क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसके कारण तीर्थयात्रियों एवं राहगीरों को आने-जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। हमेशा खतरा बना रहता था। समाजसेवी गुफरान अहमद बलराम तिवारी, जो श्रषि दुर्वासा दत्तात्रेय चंद्रमा ऋषि विकास समिति आजमगढ़ के व्यवस्थापक हैं, ने इस नेक कार्य के लिए ग्राम प्रधान मिस्टर प्रधान की सराहना की है।
महाशिवरात्रि पर ज्ञानपुर में गंगा आरती:विधायक-अधिकारी शामिल, दशाश्वमेध घाट की तर्ज पर आयोजन


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महाशिवरात्रि पर्व पर ज्ञानपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर परिसर के ज्ञान सरोवर में दशाश्वमेध गंगा घाट की तर्ज पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देर शाम संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस आयोजन में ज्ञानपुर विधायक विपुल दूबे, भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा,अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और आम जनमानस मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन जय बाबा बर्फानी ग्रुप द्वारा किया गया था।
ज्ञान सरोवर को चारों ओर से रोशनी से सजाया गया था, जिससे एक मनमोहक दृश्य उत्पन्न हो रहा था, सरोवर के मध्य में नमो घाट का लोगों और भगवान शंकर की 21 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई थी,जो आकर्षण का केंद्र रही। गंगा आरती का नजारा देख हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया और इसकी खूब प्रशंसा की। जिले में यह अपनी तरह का एक अनूठा कार्यक्रम रहा, जहां देर शाम तक महिलाएं भी ज्ञान सरोवर की सीढ़ियों पर बैठकर आरती देखती रहीं। जय बाबा बर्फानी के अध्यक्ष ब्रह्मा मोदनवाल और राजेंद्र सरोज सहित सभी पदाधिकारियों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक सप्ताह से लगातार मेहनत की थी।
यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष शुभम सिंह हाउस अरेस्ट, विधानसभा घेराव से पहले पुलिस की कार्रवाई

अमेठी,। मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में 17 फरवरी को लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव से पहले अमेठी में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शुभम सिंह को उनके आवास पर सोमवार को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। सुबह से ही उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया, जिसका फोटो वीडियो स्वयं शुभम सिंह के द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। जिससे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस पार्टी द्वारा लखनऊ में विधानसभा घेराव के आह्वान के मद्देनज़र प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है। पुलिस की मौजूदगी के बीच शुभम सिंह को उनके ही घर में नजरबंद रखा गया है। शुभम सिंह ने अपने घर से एक वीडियो बनाकर सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार जनता की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है और जनता की आवाज उठाने वालों को रोकना सरकार की घबराहट को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके बावजूद युवा कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

इसी बीच यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष से मिलने उनके आवास पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व महासचिव यूथ कांग्रेस धर्मेंद्र शुक्ला ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता दबने वाले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि किसी भी हाल में कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचकर विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल होंगे।

पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का प्रथम कर्तव्य है। फिलहाल किसी को नजर बंद नहीं किया गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर ऐसे लोगों पर निगरानी रखी जा रही है। जिससे क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अशांति उत्पन्न होने का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रहे इसके लिए पुलिस हर उपाय कर रही है।
गया शहर के प्रसिद्ध लेजर, लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जन डॉ जेपी सिंह मुंबई में राष्ट्रीय सम्मेलन में दोहरी फेलोशिप से सम्मानित

गया। गया शहर के प्रसिद्ध लेजर, लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह को मुंबई में आयोजित IAGES – ELSA 2026 के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन में “FAGIE – ERCP” तथा “FAGIE – Colonoscopy” की दोहरी फेलोशिप प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान देशभर के चुनिंदा सर्जनों को कठोर प्रशिक्षण, तकनीकी मूल्यांकन और उच्चस्तरीय परीक्षा में सफलता के बाद प्रदान किया जाता है।

डॉ. सिंह को यह सम्मान उन्नत गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन, तकनीकी दक्षता और निरंतर चिकित्सा सेवा के लिए दिया गया। सम्मेलन में देश के वरिष्ठ एंडो-सर्जनों की उपस्थिति में उन्हें सम्मानित किया गया, जिसे किसी भी सर्जन के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।

डॉ. सिंह अपने अस्पताल प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मोहन नगर, गया में पहले से ही UGIE, Colonoscopy एवं ERCP जैसी उन्नत एंडोस्कोपिक प्रक्रियाएं नियमित रूप से कर रहे हैं।

इस दोहरी फेलोशिप के साथ उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक मान्यता भी प्राप्त हो गई है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार में ERCP जैसी जटिल एंडोस्कोपिक प्रक्रिया की नियमित उपलब्धता सीमित रही है। ऐसे में डॉ. सिंह की यह उपलब्धि राज्य के चिकित्सा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। इससे पित्त नली और अग्न्याशय से संबंधित गंभीर रोगों के उपचार हेतु मरीजों को महानगरों पर निर्भरता कम होगी।

डॉ. सिंह ने बताया कि आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीकों से कई गंभीर बीमारियों का उपचार बिना बड़े ऑपरेशन के संभव है, जिससे मरीजों को कम दर्द, कम खर्च और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिलता है। उन्होंने इस उपलब्धि को गया के मरीजों और सहयोगी चिकित्सकों को समर्पित करते हुए क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया।

लापरवाही का गड्ढा, सिस्टम का मौन: ग्रेटर नोएडा में 3 साल के देवांश की डूबकर मौत
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर सिस्टम की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। गांव दलेलगढ़ में तीन साल का देवांश उस गड्ढे में डूब गया, जिसे लेकर महीनों से हादसे की चेतावनी दी जा रही थी—लेकिन न प्रशासन जागा, न प्राधिकरण।एक महीने के भीतर यह तीसरी दर्दनाक घटना है। पहले नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता, फिर दिल्ली में कमल और अब ग्रेटर नोएडा में तीन साल का मासूम—सवाल वही है: आखिर कब भरे जाएंगे लापरवाही के ये गड्ढे?

धार्मिक आयोजन में मातम

देवांश अपने मामा के घर धार्मिक अनुष्ठान में आया था। बिलासपुर के पास दलेलगढ़ गांव में डालेश्वर बाबा की समाधि पर 41 दिन का अनुष्ठान चल रहा था। शनिवार को अंतिम दिन भंडारा था। इसी दौरान खेलते-खेलते देवांश छह से सात फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गया।काफी देर तक बच्चे का पता नहीं चला। तलाश के दौरान गड्ढे में पानी पर तैरती उसकी टोपी दिखी। ग्रामीण पानी में कूदे, बच्चे को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कुछ ही मिनटों में भंडारे की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं।

“पहले चेताया था, अब लाश उठी”

ग्रामीणों का आरोप है कि यह गड्ढा पशुचर भूमि पर है, जहां सालों से धड़ल्ले से मिट्टी निकाली जाती रही। कभी प्राधिकरण ने, कभी ग्रामीणों ने। बारिश और नालियों का पानी भरता गया और यह जगह मौत का कुंड बन गई।ग्रामीणों ने कई बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से तारबंदी की मांग की थी। हादसे की आशंका जताई गई थी, लेकिन फाइलें चलती रहीं—जमीन पर कुछ नहीं हुआ।

जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता सिस्टम

हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया। सदर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल के बाद रविवार को उप जिलाधिकारी आशुतोष गुप्ता मौके पर पहुंचे। प्राधिकरण की टीम भी आई—लेकिन जवाब वही पुराना।
प्राधिकरण के जीएम एके सिंह ने कहा कि यह गड्ढा खसरा संख्या 373 की निजी भूमि पर है, इसलिए प्राधिकरण सीधे कार्रवाई नहीं कर सकता। यानी जमीन निजी हो तो मासूम की जान भी निजी जिम्मेदारी?
उधर सुधीर सिंह, एडीसीपी ग्रेटर नोएडा ने कहा कि परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है, शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।

बड़ा सवाल

क्या शिकायत से पहले किसी मासूम की मौत जरूरी है? अगर हादसे की आशंका पहले जताई गई थी तो प्रशासन ने समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए? और अगर जमीन निजी थी, तो सार्वजनिक सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी है?देवांश की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रेटर नोएडा में विकास की रफ्तार तेज है, लेकिन सुरक्षा की फाइलें अब भी धीमी।
सीएम योगी की पाती: “यूपी का बजट 2026-27 नवाचार और युवा सशक्तिकरण का ऐतिहासिक दस्तावेज”
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम अपनी पाती में वर्ष 2026-27 के बजट को नवाचार, नवनिर्माण और युवा सशक्तिकरण का ऐतिहासिक बजट बताया है। उन्होंने कहा कि नवनिर्माण के नौ वर्षों की यह यात्रा प्रदेश को निरंतर प्रगति पथ पर आगे बढ़ा रही है और यह बजट प्रदेश की आकांक्षाओं की पूर्ति का सशक्त माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में यह बजट निर्णायक भूमिका निभाएगा। इसके तहत स्टेट डाटा अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जिससे डेटा आधारित नीति निर्माण को मजबूती मिलेगी और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी।
बजट में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में AI मिशन और AI डेटा लैब की स्थापना की जाएगी, जिससे उत्तर प्रदेश को वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीकों के माध्यम से विकास को नई गति दी जाएगी।
युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए 25 लाख युवाओं को नई टेक्नोलॉजी और आधुनिक कौशल में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा, “हम युवाओं के सपनों को आकार दे रहे हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश के समग्र विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी प्रगति का आधार बनेगा तथा उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
सामाजिक जनसेवा कल्याण समिति के द्वारा काशी में आयोजित वृहत सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम*
सुल्तानपुर,सामाजिक जनसेवा कल्याण समिति के द्वारा काशी में आयोजित वृहत सामाजिक,सांस्कृतिक कार्यक्रम में देश के जाने माने कैंसर सर्जन डॉ काबरा के कर कमलों द्वारा स्मृति रत्न 2026 सम्मान से सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ सौरभ मिश्र विनम्र, कथा व्यास सनी मिश्र को किया गया सम्मानित। आपको बताते चलें सनी और सौरभ ने समाजसेवा से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में अद्भुत जनजागरण व सेवा कार्य किया है चाहे वो यातायात का क्षेत्र हो जिसमें एम्बुलेंस को रास्ता दें अभियान प्रमुख है, चाहे पर्यावरण संरक्षण का क्षेत्र हो जिसमें वृक्षारोपण ,प्लास्टिक मुक्त अभियान आदि , तथा सामाजिक हित में विभिन्न सामाजिक समसामयिक विषयों पे मुखरता से समाज की आवाज को बुलंद करने का कार्य पूर्ण निर्भीकता से किया है, स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोरोना काल जैसी विपरीत परिस्थितियों में शानदार सेवा कार्य किया है जनपद के दोनों युवाओं ने विभिन्न पुरस्कारों को प्राप्त कर जनपद को गौरवान्वित करने का कार्य किया है ।। डॉ. सौरभ मिश्र विनम्र गाना मिश्र के पुरवा निवासी कटका के वही सनी पुरुषोत्तमपुर के मूल निवासी हैं। सौरभ कटका क्लब के अध्यक्ष के पद है उन्होंने एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ पूर्व में राज्य परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह के द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। कार्यक्रम के आयोजक इंद्रजीत तिवारी इन युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
माता प्रसाद चतुर्वेदी की पुस्तक अनुभव जीवन के का विमोचन

मीरा रोड। विरूंगला केन्द्र में माता प्रसाद चतुर्वेदी की सद्य प्रकाशित कृति 'अनुभव जीवन के' का विमोचन हुआ। उनकी पुस्तक पर बोलते हुए कुसुम त्रिपाठी जी ने कहा कि उनके लेखन में विविधता है। वह अपने आलेखों के द्वारा आज भी एक शिक्षक की भूमिका का सफलता पूर्वक निर्वाह कर रहे हैं। समाज, परिवार, गांव, शहर, जन्मभूमि, कर्मभूमि, बेटी, संपत्ति,बच्चे रिश्ते, मेडिया एवं आधुनिक तकनीक जैसे विषयों को उन्होंने अपने लेख का विषय बनाया है। पुस्तक पर अपने विचार रखते हुए प्रो शीतला प्रसाद दूबे ने कहा कि महत्वपूर्ण यह नही है हम किस विचार धारा से जुड़े हुए हैं, महत्वपूर्ण यह है कि हमारे कार्य में हमारी वैचारिकता कितनी झलकती है। अपनी बात को स्पष्ट करते हुए उन्होंने एक महिला का उदाहरण दिया जो लंबी यात्रा करते हुए पीड़ित और दुखी बच्चों और महिलाओं के लिए पुराने कपड़े का उपयोग कर उनके लिए सहायक बनती है। उन्होंने माता प्रसाद चतुर्वेदी जी की पुस्तक को एक पठनीय पुस्तक बताया। बात को आगे बढाते हुए कमला शंकर मिश्र ने हास्य और विनोद के अपने चिर परिचित अंदाज में अपनी बात रखी और बदलते समय में अच्छी पुस्तकों के पढने की महती आवश्यकता पर जोर दिया। पुस्तक पर अपने महत्वपूर्ण वक्तव्य में  डॉ दयानंद तिवारी जी ने लेखकों से मूल्य परक लेखन की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नही हुआ तो आने वाले दस वर्षों में हमारे समाज की स्थिति भयावह हो जाएगी और  उसमें बुजुर्गों का जीवन बोझिल बन जाएगा। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में ह्दयेश मयंक ने शिक्षकों की महत्ता पर प्रकाश डालते हूए बताया कि उनके स्कूल के प्रिय शिक्षक जब तक जीवित रहे, तब तक वह गाँव जाने समय आदर के प्रतीक के रूप में उन्हें एक  गंजी और धोती आदर सहित भेट करते रहे। उनका इशारा भी मुल्यों की तरफ था। उन्होंने सवाल किया कि आज इस तरह का आदर भाव शिक्षक बच्चों में क्यों नहीं पैदा कर पा रहे हैं? उन्होंने समाज में बदलाव के लिए पुस्तकों के साथ शिक्षक की भूमिका पर प्रकाश डाला। पुस्तक प्रकाशन के विषय में प्रकाशक राजीव मिश्रा ने कहा कि उनके यहाँ से प्रकाशित पुस्तकों में यह एक मात्र पुस्तक है जिसे उन्होंने आद्योपांत पढा अन्यथा वह पुस्तक पर संस्तुति के लिए पांडुलिपि दूसरों के पास भेज दिया करते हैं। अपने लेखकीय वकतव्य में माता प्रसाद चतुर्वेदी ने सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की और दूसरी पुस्तक के शीघ्र प्रकाशित हो जाने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम के आरंभ में सरस्वती वंदना और आशीष देने का महत्वपूर्ण कार्य पंडित कमलाशंकर मिश्र ने किया और आभार प्रदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह धर्मेंद्र चतुर्वेदी ने किया। विरूंगला केन्द्र शिक्षकों, लेखकों, संस्था चालकों और माता प्रसाद के शिष्यो से खचाखच भरा था।
हर व्यक्ति को न्याय दिलाना सरकार की प्रतिबद्धता : केशव प्रसाद मौर्य
* डिप्टी सीएम ने जनता दर्शन में सैकड़ों फरियादियों की सुनी समस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने लखनऊ कैम्प कार्यालय पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों लोगों की व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को मामलों के त्वरित, प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए।
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं युवा उपस्थित रहे। फरियादियों ने भूमि विवाद, राजस्व संबंधी प्रकरण, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्यवाही, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मामलों को सीधे उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन आमजन से सीधे संवाद का सशक्त माध्यम है, जिससे जमीनी हकीकत सामने आती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन मामलों में आवश्यक हो, वहां संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करें और पीड़ितों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को सभी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए। सरकार जनहित को सर्वोपरि मानते हुए आम जनता की भलाई के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
श्री मौर्य ने उपस्थित फरियादियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हर व्यक्ति की हर संभव समस्या का समाधान किया जाएगा और कोई भी पीड़ित निराश होकर वापस नहीं लौटे—यही प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण अनिवार्य रूप से किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उत्पीड़न एवं भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों को गंभीरता और संवेदनशीलता से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो, वहां कठोर कार्रवाई की जाए। भूमि संबंधी मामलों में जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजा जाए और सार्थक समाधान कराया जाए।
जनसुनवाई के दौरान उन्होंने महिलाओं, दिव्यांगजनों एवं बुजुर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समस्याओं का समाधान इस प्रकार किया जाए कि पीड़ितों को दोबारा भटकना न पड़े और बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। उप मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार की मंशा है—हर व्यक्ति को न्याय, सम्मान और समय पर समाधान मिले।
*सीबीएसई हाईस्कूल एवं इण्टमीडियट बोर्ड की परीक्षाएं कल से*
सुलतानपुर जनपद के कुल 12 परीक्षा केन्द्रों पर हाईस्कूल के 5562और इण्टर के 4162 परीक्षार्थी होंगे सम्मिलित - राकेश मणि त्रिपाठी - सिटी कोआर्डिनेर सीबीएसई

सुलतानपुर,जनपद में सीबीएसई बोर्ड की हाईस्कूल एवं इण्टमीडियट की परीक्षाओं के सकुशल संचालन हेतु कुल 12परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। जिनमें सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानन्द नगर, महर्षि विद्या मन्दिर योगीवीर अहिमाने ,स्टेला मैरेस कान्वेंट स्कूल,नवयुग इंटरनेशनल स्कूल दोस्तपुर, गोपाल पब्लिक स्कूल ओमनगर,सनबीम स्कूल सैदपुर, त्रिभुवन देवी अकादमी कादीपुर,टाइनी टाट्स पब्लिक स्कूल सिविल लाइन,पी एम श्री केन्द्रीय विद्यालय अमहट,एस के प्रेसीडेंसी पब्लिक स्कूल ओदरा,के एन आई सी लाल डिग्गी तथा शेमफोर्ड फ्यूचरिस्टिक स्कूल गोराबारिक सुल्तानपुर का नाम सम्मिलित है। सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानंद नगर सुल्तानपुर के प्रधानाचार्य एवं सुलतानपुर के सीबीएसई के सिटी कोआर्डिनेटर श्रीमान् राकेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि सीबीएसई बोर्ड 2026 की परीक्षा में कक्षा 10 के 5562 तथा कक्षा 12 के कुल 4162 छात्र सम्मिलित होंगे। हाईस्कूल बोर्ड की परीक्षाएं 17 फरवरी से 11मार्च तक तथा 12वीं की परीक्षाएं 10 अप्रैल तक चलेंगी। सीबीएसई कक्षा 10वीं और 12वीं की 2026 की परीक्षा मुख्य रूप से एक ही पाली (Morning Shift) में आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होगा ‌।
आजमगढ़: छति ग्रस्त पुल के पोर्च के मरम्मत कार्य से प्रसन्नता ,आवा गमन में हो रही थी दिक्कत
आजमगढ़। मिर्जापुर विकास खण्ड में पड़ने वाले श्रषि दुर्वासा धाम स्थित तमसा मंजूषा के तट पर जन सहयोग से निर्मित पुल का क्षतिग्रस्त पोर्च मरम्मत किया जा रहा है। इससे तीर्थयात्रियों को आवागमन में हो रही परेशानी दूर होगी।समाजसेवी और शमशाबाद के ग्राम प्रधान मिस्टर प्रधान ने आज सुबह जेसीबी मशीन लगाकर पुल के मरम्मत का कार्य को शुरू कराया। पहले लोग मंजूषा नदी पर बने बांस बल्ली से बने चह से पार करते थे। लेकिन वाहन नहीं आ जा पाते थे। जन सहयोग से पुल बन जाने पे लोगों को आने जाने में काफी सहूलियत हो गयी। गाड़ी मोटर आने जाने लगें। आवागमन बढ़ गया। पुल का पोर्च क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसके कारण तीर्थयात्रियों एवं राहगीरों को आने-जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। हमेशा खतरा बना रहता था। समाजसेवी गुफरान अहमद बलराम तिवारी, जो श्रषि दुर्वासा दत्तात्रेय चंद्रमा ऋषि विकास समिति आजमगढ़ के व्यवस्थापक हैं, ने इस नेक कार्य के लिए ग्राम प्रधान मिस्टर प्रधान की सराहना की है।
महाशिवरात्रि पर ज्ञानपुर में गंगा आरती:विधायक-अधिकारी शामिल, दशाश्वमेध घाट की तर्ज पर आयोजन


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महाशिवरात्रि पर्व पर ज्ञानपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर परिसर के ज्ञान सरोवर में दशाश्वमेध गंगा घाट की तर्ज पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देर शाम संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस आयोजन में ज्ञानपुर विधायक विपुल दूबे, भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा,अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और आम जनमानस मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन जय बाबा बर्फानी ग्रुप द्वारा किया गया था।
ज्ञान सरोवर को चारों ओर से रोशनी से सजाया गया था, जिससे एक मनमोहक दृश्य उत्पन्न हो रहा था, सरोवर के मध्य में नमो घाट का लोगों और भगवान शंकर की 21 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई थी,जो आकर्षण का केंद्र रही। गंगा आरती का नजारा देख हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया और इसकी खूब प्रशंसा की। जिले में यह अपनी तरह का एक अनूठा कार्यक्रम रहा, जहां देर शाम तक महिलाएं भी ज्ञान सरोवर की सीढ़ियों पर बैठकर आरती देखती रहीं। जय बाबा बर्फानी के अध्यक्ष ब्रह्मा मोदनवाल और राजेंद्र सरोज सहित सभी पदाधिकारियों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक सप्ताह से लगातार मेहनत की थी।
यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष शुभम सिंह हाउस अरेस्ट, विधानसभा घेराव से पहले पुलिस की कार्रवाई

अमेठी,। मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में 17 फरवरी को लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव से पहले अमेठी में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शुभम सिंह को उनके आवास पर सोमवार को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। सुबह से ही उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया, जिसका फोटो वीडियो स्वयं शुभम सिंह के द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। जिससे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस पार्टी द्वारा लखनऊ में विधानसभा घेराव के आह्वान के मद्देनज़र प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है। पुलिस की मौजूदगी के बीच शुभम सिंह को उनके ही घर में नजरबंद रखा गया है। शुभम सिंह ने अपने घर से एक वीडियो बनाकर सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार जनता की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है और जनता की आवाज उठाने वालों को रोकना सरकार की घबराहट को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके बावजूद युवा कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

इसी बीच यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष से मिलने उनके आवास पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व महासचिव यूथ कांग्रेस धर्मेंद्र शुक्ला ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता दबने वाले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि किसी भी हाल में कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचकर विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल होंगे।

पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का प्रथम कर्तव्य है। फिलहाल किसी को नजर बंद नहीं किया गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर ऐसे लोगों पर निगरानी रखी जा रही है। जिससे क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अशांति उत्पन्न होने का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रहे इसके लिए पुलिस हर उपाय कर रही है।
गया शहर के प्रसिद्ध लेजर, लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जन डॉ जेपी सिंह मुंबई में राष्ट्रीय सम्मेलन में दोहरी फेलोशिप से सम्मानित

गया। गया शहर के प्रसिद्ध लेजर, लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह को मुंबई में आयोजित IAGES – ELSA 2026 के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन में “FAGIE – ERCP” तथा “FAGIE – Colonoscopy” की दोहरी फेलोशिप प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान देशभर के चुनिंदा सर्जनों को कठोर प्रशिक्षण, तकनीकी मूल्यांकन और उच्चस्तरीय परीक्षा में सफलता के बाद प्रदान किया जाता है।

डॉ. सिंह को यह सम्मान उन्नत गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन, तकनीकी दक्षता और निरंतर चिकित्सा सेवा के लिए दिया गया। सम्मेलन में देश के वरिष्ठ एंडो-सर्जनों की उपस्थिति में उन्हें सम्मानित किया गया, जिसे किसी भी सर्जन के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।

डॉ. सिंह अपने अस्पताल प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मोहन नगर, गया में पहले से ही UGIE, Colonoscopy एवं ERCP जैसी उन्नत एंडोस्कोपिक प्रक्रियाएं नियमित रूप से कर रहे हैं।

इस दोहरी फेलोशिप के साथ उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक मान्यता भी प्राप्त हो गई है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार में ERCP जैसी जटिल एंडोस्कोपिक प्रक्रिया की नियमित उपलब्धता सीमित रही है। ऐसे में डॉ. सिंह की यह उपलब्धि राज्य के चिकित्सा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। इससे पित्त नली और अग्न्याशय से संबंधित गंभीर रोगों के उपचार हेतु मरीजों को महानगरों पर निर्भरता कम होगी।

डॉ. सिंह ने बताया कि आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीकों से कई गंभीर बीमारियों का उपचार बिना बड़े ऑपरेशन के संभव है, जिससे मरीजों को कम दर्द, कम खर्च और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिलता है। उन्होंने इस उपलब्धि को गया के मरीजों और सहयोगी चिकित्सकों को समर्पित करते हुए क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया।

लापरवाही का गड्ढा, सिस्टम का मौन: ग्रेटर नोएडा में 3 साल के देवांश की डूबकर मौत
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर सिस्टम की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। गांव दलेलगढ़ में तीन साल का देवांश उस गड्ढे में डूब गया, जिसे लेकर महीनों से हादसे की चेतावनी दी जा रही थी—लेकिन न प्रशासन जागा, न प्राधिकरण।एक महीने के भीतर यह तीसरी दर्दनाक घटना है। पहले नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता, फिर दिल्ली में कमल और अब ग्रेटर नोएडा में तीन साल का मासूम—सवाल वही है: आखिर कब भरे जाएंगे लापरवाही के ये गड्ढे?

धार्मिक आयोजन में मातम

देवांश अपने मामा के घर धार्मिक अनुष्ठान में आया था। बिलासपुर के पास दलेलगढ़ गांव में डालेश्वर बाबा की समाधि पर 41 दिन का अनुष्ठान चल रहा था। शनिवार को अंतिम दिन भंडारा था। इसी दौरान खेलते-खेलते देवांश छह से सात फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गया।काफी देर तक बच्चे का पता नहीं चला। तलाश के दौरान गड्ढे में पानी पर तैरती उसकी टोपी दिखी। ग्रामीण पानी में कूदे, बच्चे को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कुछ ही मिनटों में भंडारे की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं।

“पहले चेताया था, अब लाश उठी”

ग्रामीणों का आरोप है कि यह गड्ढा पशुचर भूमि पर है, जहां सालों से धड़ल्ले से मिट्टी निकाली जाती रही। कभी प्राधिकरण ने, कभी ग्रामीणों ने। बारिश और नालियों का पानी भरता गया और यह जगह मौत का कुंड बन गई।ग्रामीणों ने कई बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से तारबंदी की मांग की थी। हादसे की आशंका जताई गई थी, लेकिन फाइलें चलती रहीं—जमीन पर कुछ नहीं हुआ।

जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता सिस्टम

हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया। सदर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल के बाद रविवार को उप जिलाधिकारी आशुतोष गुप्ता मौके पर पहुंचे। प्राधिकरण की टीम भी आई—लेकिन जवाब वही पुराना।
प्राधिकरण के जीएम एके सिंह ने कहा कि यह गड्ढा खसरा संख्या 373 की निजी भूमि पर है, इसलिए प्राधिकरण सीधे कार्रवाई नहीं कर सकता। यानी जमीन निजी हो तो मासूम की जान भी निजी जिम्मेदारी?
उधर सुधीर सिंह, एडीसीपी ग्रेटर नोएडा ने कहा कि परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है, शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।

बड़ा सवाल

क्या शिकायत से पहले किसी मासूम की मौत जरूरी है? अगर हादसे की आशंका पहले जताई गई थी तो प्रशासन ने समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए? और अगर जमीन निजी थी, तो सार्वजनिक सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी है?देवांश की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रेटर नोएडा में विकास की रफ्तार तेज है, लेकिन सुरक्षा की फाइलें अब भी धीमी।
सीएम योगी की पाती: “यूपी का बजट 2026-27 नवाचार और युवा सशक्तिकरण का ऐतिहासिक दस्तावेज”
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम अपनी पाती में वर्ष 2026-27 के बजट को नवाचार, नवनिर्माण और युवा सशक्तिकरण का ऐतिहासिक बजट बताया है। उन्होंने कहा कि नवनिर्माण के नौ वर्षों की यह यात्रा प्रदेश को निरंतर प्रगति पथ पर आगे बढ़ा रही है और यह बजट प्रदेश की आकांक्षाओं की पूर्ति का सशक्त माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में यह बजट निर्णायक भूमिका निभाएगा। इसके तहत स्टेट डाटा अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जिससे डेटा आधारित नीति निर्माण को मजबूती मिलेगी और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी।
बजट में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में AI मिशन और AI डेटा लैब की स्थापना की जाएगी, जिससे उत्तर प्रदेश को वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीकों के माध्यम से विकास को नई गति दी जाएगी।
युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए 25 लाख युवाओं को नई टेक्नोलॉजी और आधुनिक कौशल में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा, “हम युवाओं के सपनों को आकार दे रहे हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश के समग्र विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी प्रगति का आधार बनेगा तथा उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।