झारखंड बजट सत्र की तैयारी पूरी: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्चस्तरीय बैठक में दिए जरूरी निर्देश

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झारखंड विधानसभा के छठे सत्र के पांचवें (बजट) सत्र के शुरू होने से पूर्व, मुख्यमंत्री कक्ष में आयोजित इस बैठक में कई नीतिगत निर्णय लिए गए। यह सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक चलेगा।

ग्रामीण विकास और निवेश पर जोर:

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की अर्थव्यवस्था, विशेषकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री की हालिया दावोस (World Economic Forum) यात्रा का भी उल्लेख किया गया, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ द्विपक्षीय चर्चा की थी। इन वैश्विक संवादों का लाभ राज्य के बजट और भविष्य के निवेश में देखने को मिल सकता है।

अधिकारियों को कड़े निर्देश:

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मुद्दों, विशेषकर ट्राइबल वेलफेयर और स्कॉलरशिप योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने वित्त विभाग को आगाह किया कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों द्वारा पूछे जाने वाले सवालों पर पूरी तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चले।

उपस्थिति:

इस उच्चस्तरीय बैठक में वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव श्री प्रशांत कुमार सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

जांबाज पुलिसकर्मी ने पेश की मानवता की मिसाल,, धधकते सिलेंडर को बुझाकर टाला बड़ा हादसा


ब्रह्म प्रकाश शर्मा,जानसठ । जानसठ थाना क्षेत्र के गांव  चितोडा में उस वक्त हड़कंप मच गया जब ग्रामीण सलीम के घर में महिला के खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और गांव में चीख-पुकार मच गई।

इसी दौरान हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचे हेड कांस्टेबल सिंटू चौधरी ने अदम्य साहस का परिचय दिया। सिलेंडर से निकलती भीषण लपटों और ब्लास्ट के खतरे के बावजूद, उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए मोर्चा संभाला। बिना डरे सिंटू चौधरी ने सूझबूझ और फुर्ती दिखाते हुए जलते हुए सिलेंडर पर काबू पाया और आग को पूरी तरह शांत किया। प्रत्यक्षदर्शी जान मोहम्मद पुत्र कालू ने बताया कि आग इतनी भयानक थी कि किसी की भी पास जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी। अगर सिंटू चौधरी समय रहते अपनी जान जोखिम में डालकर आग न बुझाते, तो सिलेंडर फट सकता था और कई घर इसकी चपेट में आ सकते थे।

जान मोहम्मद ---
"पुलिस का यह मानवीय और साहसी चेहरा देखकर ग्रामीणों में सुरक्षा का भाव जागा है। सिंटू चौधरी ने न केवल आग बुझाई, बल्कि सैकड़ों जिंदगियों को खतरे से बाहर निकाला।इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हेड कांस्टेबल सिंटू चौधरी के साहस की चर्चा हो रही है। पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों ने भी उनके इस बहादुरी भरे कार्य की सराहना की है। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन सलीम के घर का कुछ सामान जलकर राख हो गया है।
तहसील जानसठ में विधिक साक्षरता शिविर संपन्न,, आगामी लोक अदालत व मेगा शिविर का लाभ  उठाने का आह्वान

जानसठ । जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वीरेंद्र कुमार के कुशल निर्देशन में मंगलवार को तहसील जानसठ परिसर में एक भव्य विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के ग्रामीणों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।

मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन तथा विशिष्ट अतिथि रोबिन सिंह सिविल जज जूनियर डिवीजन, जानसठ के आगमन के साथ हुआ।

उपजिलाधिकारी  राजकुमार भारती ने अतिथियों को बुके भेंट कर उनका स्वागत व अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए दो महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी भी दी उन्होंने कहा कि आगामी 22 फरवरी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), सुजड़ू में एक विशाल मेगा शिविर आयोजित होगा। उन्होंने अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर सरकारी सेवाओं का लाभ लें। उसके बाद  14 मार्च 2026 को न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा।

डॉ. चौधरी ने बताया कि बैंक विवाद, पारिवारिक मामले, जमीनी विवाद और छोटे जुर्माने वाले मामलों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से बेहद सरल और त्वरित तरीके से किया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि न्यायाधीश रोबिन सिंह ने पारिवारिक विवादों पर चर्चा करते हुए कहा कि आपसी सुलह-समझौते से मामलों का हल निकालना सबसे उत्तम है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि धन की बर्बादी भी रुकती है। वहीं, एसडीएम राजकुमार भारती ने महिला अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि कानूनों का निर्माण सुरक्षा के लिए हुआ है, अतः इनका सदुपयोग करें और झूठे मामलों से अदालत पर अतिरिक्त भार न डालें। कार्यक्रम में शामिल हुए जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन' संस्था और ग्रामीण समाज विकास केंद्र से आए गजेंद्र सिंह ने सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए   वृद्धा, विधवा एवं विकलांग पेंशन।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना व कन्या सुमंगला योजना। किसान सम्मान निधि एवं श्रमिक पंजीकरण आदि विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया कि वे पात्र होने पर इनका लाभ अवश्य उठाएं। तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम का धन्यवाद करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने का आग्रह किया।
इस दौरान मुख्य रूप से  कार्यक्रम का सफल संचालन पैरालीगल वालंटियर (PLV) गौरव मलिक द्वारा किया गया। इस अवसर पर पीएलवी धनीराम, बबीता, प्रवेश, अमित राणा सहित तहसील के समस्त कर्मचारी, भारी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ को मिलेगी विश्वस्तरीय रेल कनेक्टिविटी, रायपुर–दिल्ली स्लीपर वंदे भारत सहित कई नई ट्रेनों का प्रस्ताव: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर- वरिष्ठ भाजपा नेता और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को रायपुर डीआरएम (DRM) कार्यालय में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के उच्च अधिकारियों और साथी सांसदों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ रेलवे को सर्वाधिक राजस्व देने वाले राज्यों में से एक है, अतः यहाँ के नागरिकों को आधुनिक और समयबद्ध रेल सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है।

वंदे भारत एक्सप्रेस और नई ट्रेनों का प्रस्ताव

सांसद श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के यात्रियों की सुविधा के लिए तीन नई वंदे भारत ट्रेनों समेत कई प्रमुख रेल सेवाओं की मांग रखी जिसमें रायपुर–नई दिल्ली वंदे भारत (स्लीपर): छत्तीसगढ़ से राजधानी दिल्ली के लिए स्लीपर कोच वाली वंदे भारत चलाने का प्रस्ताव बोर्ड को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे स्वयं रेल मंत्री से चर्चा करेंगे।

बिलासपुर–रायपुर–पुरी वंदे भारत: धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से इस मार्ग पर वंदे भारत की आवश्यकता जताई।

 रायपुर–जबलपुर वंदे भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच कनेक्टिविटी सुधारने हेतु।

 अन्य सेवाएँ: दुर्ग-अंबिकापुर नई ट्रेन, बिलासपुर-गोवा सीधी ट्रेन, और बिलासपुर-नाथद्वारा के बीच सीधी ट्रेन चलाने के भी निर्देश दिए।

ट्रेनों का विस्तार और ठहराव

जनता की मांग को देखते हुए श्री अग्रवाल ने निम्नलिखित ट्रेनों के विस्तार और समय परिवर्तन पर जोर दिया जिसमें

- विशाखापट्टनम-दुर्ग वंदे भारत के समय में परिवर्तन की मांग।

- समता एक्सप्रेस का हरिद्वार तक विस्तार और जम्मूतवी एक्सप्रेस को अमृतसर होकर चलाने का सुझाव दिया।

- भगत की कोठी और दल्लीराजहरा-दुर्ग ट्रेन को प्रतिदिन संचालित करने के निर्देश।

- मुंबई-नागपुर और नागपुर-पुणे ट्रेनों का बिलासपुर तक विस्तार करने की मांग।

- भाटापारा में सभी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने को कहा।

अमृत भारत स्टेशन और अधोसंरचना विकास

रायपुर और दुर्ग स्टेशनों के 'अमृत भारत स्टेशन' योजना के तहत हो रहे विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने लेटलतीफी और ड्राइंग-डिजाइन अप्रूवल में देरी को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही:

- सरोना, मंदिर हसौद और WRS स्टेशनों को भविष्य के जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा।

- रायपुर मंडी गेट, कचना और जोरा में प्रस्तावित अंडरपास की ऊंचाई और चौड़ाई को बढ़ाने के निर्देश।


- सरोना, भिलाई, हथबंद, निपनिया स्टेशन में चल रहे निर्माण कार्यों को अप्रैल से जून तक हर हाल में पूरा करने की समय सीमा तय की गई।

बस्तर और जनसुविधाओं पर विशेष जोर

बस्तर अंचल की उपेक्षा पर नाराजगी जताते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि रेलवे केवल लाभ का जरिया नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। उन्होंने जगदलपुर-दुर्ग रेल लाइन को पुनः शुरू करने और बस्तर में भूमि देने वाले प्रभावितों को नौकरी या रोजगार देने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

- स्वास्थ्य सेवा: रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर और राजनांदगांव स्टेशनों पर एम्बुलेंस सेवा और डॉक्टरों की तैनाती के निर्देश।

- गढ़ कलेवा: सभी स्टेशनों पर महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी खान-पान केंद्र 'गढ़ कलेवा' खोले जाएंगे।

- सुरक्षा व सुविधा: बड़े स्टेशनों पर पोस्ट ऑफिस के माध्यम से टिकट सुविधा और ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, "रैक की कमी या व्यावसायिक घाटे का बहाना बनाकर छत्तीसगढ़ की जनता को सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। रेलवे सभी प्रस्ताव बोर्ड को भेजे, जरूरत पड़ने पर मैं स्वयं रेल मंत्री से बात कर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करवाऊंगा।"

बैठक में सांसद भोजराज नाग, सांसद महेश कश्यप, सांसद रूपकुमारी चौधरी समेत प्रतिनिधि DRM तरुण प्रकाश और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

गढ़वा: पसीने से सींच रहे हैं जीत की जमीन, अलखनाथ पाण्डेय का 'पैदल' जनसंपर्क अभियान चर्चा में

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गढ़वा। नगर निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी चरम पर है। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अलखनाथ पाण्डेय ने जनता से जुड़ने के लिए एक अनोखा और कठिन रास्ता चुना है। नामांकन के बाद से अब तक वे लगातार 122 घंटे पैदल चलकर नगर परिषद के विभिन्न वार्डों, मोहल्लों और बस्तियों का दौरा कर चुके हैं।

जनता से सीधा संवाद और बुनियादी मुद्दों पर जोर:

जनसंपर्क के दौरान अलखनाथ पाण्डेय केवल वोट नहीं मांग रहे, बल्कि लोगों की समस्याओं को करीब से समझ रहे हैं। उन्होंने कहा, "यह चुनाव किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि गढ़वा की जनता की उम्मीदों और विकास की आकांक्षाओं का चुनाव है। मेरा संकल्प है कि अगर जनता का आशीर्वाद मिला तो साफ-सफाई, जलनिकासी, बेहतर सड़कें और गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना मेरी पहली प्राथमिकता होगी।"

दिलचस्प हुआ मुकाबला:

122 घंटों की इस लंबी पदयात्रा ने गढ़वा के चुनावी माहौल को गरमा दिया है। समर्थकों का कहना है कि सीधे घर-घर पहुँचने से जनता के बीच प्रत्याशी के प्रति विश्वास बढ़ा है। स्थानीय नागरिकों ने भी कई जगह फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया और अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, अलखनाथ पाण्डेय का यह 'पैदल मार्च' विपक्षियों के लिए भी चुनौती खड़ी कर रहा है। आने वाले दिनों में इस अभियान को और तेज करने की तैयारी है।

अयोध्या : राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक उछाल
* भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ की केस स्टडी में पर्यटन, निवेश और रोजगार वृद्धि की पुष्टि

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘टेंपल इकॉनमी मॉडल’ पर भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ (आईआईएम लखनऊ) की ताजा अध्ययन रिपोर्ट “इकॉनमिक रेनेसांस ऑफ अयोध्या” ने मुहर लगाई है। रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में व्यापक आर्थिक सक्रियता, निवेश प्रवाह और रोजगार सृजन देखने को मिला है।
अध्ययन में मंदिर निर्माण से पहले और बाद की आर्थिक परिस्थितियों का तुलनात्मक विश्लेषण करते हुए बताया गया है कि धार्मिक अवसंरचना, यदि सुविचारित नीति और प्रशासनिक प्रतिबद्धता से जुड़ जाए, तो वह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला उत्प्रेरक बन सकती है।

* मंदिर से पहले सीमित दायरे में थी अर्थव्यवस्था
रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर निर्माण से पूर्व अयोध्या की पहचान मुख्यतः एक पवित्र तीर्थस्थान तक सीमित थी। आगंतुकों की वार्षिक संख्या लगभग 1.7 लाख के आसपास थी। अधिकांश दुकानदारों की औसत दैनिक आय ₹400–₹500 तक सीमित थी। राष्ट्रीय स्तर की होटल श्रृंखलाओं की उपस्थिति नगण्य थी, कनेक्टिविटी सीमित थी और युवाओं का पलायन सामान्य प्रवृत्ति बन चुका था।

* प्राण प्रतिष्ठा के बाद अभूतपूर्व आर्थिक विस्तार
जनवरी 2024 में प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहले छह महीनों में 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन दर्ज किया गया। अब वार्षिक स्तर पर 5–6 करोड़ आगंतुकों की संभावना जताई गई है।अयोध्या में लगभग ₹85,000 करोड़ की पुनर्विकास परियोजनाएं विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, आधुनिक रेलवे स्टेशन, विस्तारित सड़क नेटवर्क और नगर सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों ने आधारभूत संरचना को नई दिशा दी है। सतत विकास के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर ऊर्जा को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

* कर राजस्व और व्यापार में बड़ी बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 तक उत्तर प्रदेश में पर्यटन व्यय ₹4 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान है, जिसमें अयोध्या की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। पर्यटन आधारित गतिविधियों से कर राजस्व ₹20,000–25,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के अनुसार, मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से देशभर में ₹1 लाख करोड़ से अधिक का व्यापारिक कारोबार हुआ, जिसमें अयोध्या की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण रही।

* आतिथ्य और निवेश में नया दौर
प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन से आतिथ्य क्षेत्र में तेजी आई है। 150 से अधिक नए होटल और होमस्टे स्थापित हुए हैं। प्रतिष्ठित होटल श्रृंखलाएं ताज होटल्स, Marriott International और Wyndham Hotels & Resorts ने अयोध्या में विस्तार योजनाएं घोषित की हैं। ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर बुकिंग में चार गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है।स्थानीय हस्तशिल्प, धार्मिक स्मृति-चिह्न और मूर्तियों की मांग में भी तेज उछाल आया है, जिससे कारीगरों और स्थानीय उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।

* रोजगार और उद्यमिता को मिली गति
आईआईएम रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 6,000 एमएसएमई स्थापित हुए हैं। अनुमान है कि अगले 4–5 वर्षों में पर्यटन, परिवहन और आतिथ्य क्षेत्रों में लगभग 1.2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों की दैनिक आय ₹2,500 तक पहुंच गई है। रियल एस्टेट क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जहां मंदिर के आसपास संपत्ति मूल्यों में पांच से दस गुना तक उछाल देखा गया है।

* आस्था से अर्थव्यवस्था तक विकास का मॉडल
रिपोर्ट निष्कर्ष देती है कि अयोध्या अब केवल धार्मिक महत्व का केंद्र नहीं रहा, बल्कि एक उभरता हुआ क्षेत्रीय आर्थिक हब बन चुका है। धार्मिक विरासत आधारित विकास मॉडल, यदि सुव्यवस्थित निवेश और दीर्घकालिक दृष्टि से लागू किया जाए, तो वह स्थानीय अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तन ला सकता है। अयोध्या का अनुभव दर्शाता है कि सांस्कृतिक और धार्मिक परियोजनाएं योजनाबद्ध क्रियान्वयन के माध्यम से पर्यटन, रोजगार और निजी निवेश को गति देकर बहुस्तरीय आर्थिक वृद्धि का आधार बन सकती हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगाए जाने से नाराज डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने किया विरोध प्रदर्शन
*परीक्षा ड्यूटी से मुक्त किए जाने की मांग

गोंडा।उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के बैनर तले सैकड़ों इंजीनियरों ने बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया।उन्होंने काली पट्टी बांधकर कलेक्ट्रेट और कमिश्नर कार्यालय तक मार्च किया,जहाँ राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा को सौंपा।महासंघ की मुख्य मांग है कि सभी इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से परीक्षा ड्यूटी से मुक्त किया जाए।उनका कहना है कि शासनादेश के अनुसार इंजीनियरों की ड्यूटी नहीं लगानी चाहिए उसके बाद भी उन्हें मजिस्ट्रेट के दायित्वों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया जा रहा है,जिससे उन्हें काफी दिक्कतें आ रही हैं।महासंघ के देवीपाटन मंडल अध्यक्ष इंजीनियर रवि कुमार यादव के नेतृत्व में सौंपे गये ज्ञापन में बताया गया कि शासन के गृह (पुलिस) अनुभाग 9 द्वारा 28 जनवरी 2026 को एक स्पष्ट शासनादेश जारी किया गया था।इस आदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए नामित अधिकारियों को कार्यपालक मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्रदान की गई हैं।महासंघ का आरोप है कि शासनादेश में सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इस ड्यूटी से छूट दी गई है।इसके बावजूद देवीपाटन मंडल के विभिन्न जिलों में प्रशासन द्वारा इन विभागों के अभियंताओं की जबरन ड्यूटी लगाई जा रही है।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नियम विरुद्ध ड्यूटी लगाने से तकनीकी कर्मचारियों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और उनमें गहरा असंतोष है।मंडल अध्यक्ष रवि कुमार यादव ने कहा कि जब शासन ने हमें इस कार्य से मुक्त कर रखा है तो स्थानीय प्रशासन नियमों की अवहेलना क्यों कर रहा है?यह सीधे तौर पर शासनादेश की गरिमा के प्रतिकूल है।सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी से तत्काल कार्यमुक्त किया जाए।28 जनवरी 2026 के शासनादेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित हो।नियम विरुद्ध आदेश जारी करने वाले उत्तरदाई अधिकारियों पर संज्ञान लिया जाए।प्रदर्शन के दौरान महासंघ ने चेतावनी दिया है कि यदि जल्द ही इन गलत ड्यूटियों को निरस्त नहीं किया गया तो संगठन उग्र आंदोलन और कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होगा।ज्ञापन देते समय मंडल के विभिन्न जनपदों से आए भारी संख्या में डिप्लोमा इंजीनियर और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
भा कि यू की चेतावनी से शमसाबाद स्टेशन छावनी में तब्दील, ट्रेन रोकने पर अड़े कार्यकर्ता, स्टेशन मास्टर को सौंपा ज्ञापन
फर्रुखाबाद l  क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से चली आ रही ट्रेन ठहराव की माँग को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन स्वराज के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने शमसाबाद रेलवे स्टेशन पर नारेबाजी और प्रदर्शन करते रहे। भारतीय किसान यूनियन स्वराज का ट्रेन रोककर आंदोलन करने की तैयारी में थे लेकिन रेल अधिकारियों और पुलिस प्रशासन के कई घंटों समझाने-बुझाने के बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन स्टेशन मास्टर को सौंपकर आंदोलन स्थगित किया। साथ ही कहा है कि समस्या का निस्तारण जल्द ना हुआ तो आंदोलन करने पर मजबूर होंगे l यूनियन ने
आंदोलन की चेतावनी को मद्देनजर रख कर प्रशासन ने रेलवे स्टेशन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। जीआरपी निरीक्षक रिपुदमन सिंह, आरपीएफ निरीक्षक फर्रुखाबाद ओम प्रकाश मीणा और नवाबगंज थाना प्रभारी राजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ स्टेशन पर डटे रहे। पूरा स्टेशन परिसर छावनी में तब्दील नजर आया। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा के नेतृत्व में पहुँचे कार्यकर्ताओं को अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि उनकी जायज माँगों को उच्चाधिकारियों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाएगा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि शमसाबाद स्टेशन एक बड़ी आबादी का केंद्र है, फिर भी यहाँ ट्रेन सं. 15041 सुबह 7:15 बजे फर्रुखाबाद-कासगंज एक्सप्रेस ट्रेन सं. 15040: सुबह 10:30 बजे कानपुर की ओर जाने वाली एक्सप्रेस का ठहराव नहीं है जबकि इस रूट की अन्य सभी जरूरत की ट्रेनें यहाँ रुकती हैं। इन दो प्रमुख ट्रेनों के न रुकने से लखनऊ, कानपुर, कन्नौज और कासगंज जाने वाले छात्र, व्यापारी और मरीज परेशान हैं। उन्होंने कहा  कि इन ट्रेनों के ठहराव से न केवल यात्रियों को सुरक्षित व किफायती सफर मिलेगा, बल्कि रेलवे के राजस्व में भी भारी बढ़ोतरी होगी। आपातकालीन चिकित्सा स्थिति में यह ठहराव क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी साबित होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा के साथ नवाबगंज नगर अध्यक्ष पप्पू राठौर, मोहम्मदाबाद ब्लॉक अध्यक्ष मानेंद्र, उपाध्यक्ष राजीव राठौर, कुलदीप सक्सेना, ब्लॉक नवाबगंज अध्यक्ष अर्जित सिंह, सुरजीत कुमार सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
सेवानिवृत्त सैनिकों की समस्याओं को रैली में सुना गया, वीर नारियों को किया गया सम्मानित

फर्रुखाबाद। मुख्यालय पर स्थित राजपूत रेजीमेंट सेंटर फतेहगढ़ के करिअप्पा ग्राउंड में भूतपूर्व सैनिक रैली 2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस रैली में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भूतपूर्व सैनिकों की विभिन्न समस्याओं का मौके पर समाधान करना रहा।
रैली में पेंशन से जुड़ी शिकायतें, बैंकिंग संबंधी दिक्कतें, जमीन से जुड़े मामले और चिकित्सा सुविधाओं से संबंधित समस्याओं पर विशेष रूप से सुनवाई की गई। अलग-अलग विभागों के काउंटर लगाए गए, जहां अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों की समस्याएं सुनीं और त्वरित निस्तारण का भरोसा दिलाया। साथ ही चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया, जहां स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श की व्यवस्था रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर माइकल डिसूजा रहे, जिन्होंने पूर्व सैनिकों से संवाद करते हुए उनके योगदान को सराहा और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
इस दौरान जनपद की पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रही। शहर क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय स्वयं मौके पर मौजूद रहीं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सेना और प्रशासन की इस संयुक्त पहल से भूतपूर्व सैनिकों में संतोष और उत्साह का माहौल देखने को मिला ।
कोशिश द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा संपन्न

जौनपुर। कोशिश साहित्यिक संस्था के 24वें वार्षिकोत्सव तिलकधारी महिला कालेज परिसर में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का श्री गणेश दीप प्रज्ज्वलन एवं डॉ. नरेंद्र पाठक के सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर अहमद निसार ने किया तथा डॉ. अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य टी.डी. कॉलेज मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में कोशिश संस्था द्वारा प्रकाशित मंजरी नामक काव्य संग्रह का विमोचन हुआ जो उपस्थित श्रोताओं के लिए कौतूहल का विषय रहा। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ कवि जनार्दन प्रसाद अस्थाना के कहानी संग्रह प्रायश्चित एवं आनन्द राय द्वारा रचित रूठ गया स्नेहल संचित मन नामक काव्य संग्रह का भी विमोचन हुआ। आमंत्रित कवियों एवं उपस्थित श्रोताओं का स्वागत प्रो. आर.एन. सिंह ने किया। संस्था के उद्देश्यों पर संस्थाध्यक्ष जनार्दन प्रसाद अस्थाना ने प्रकाश डाला एवं अतिथियों के सम्मान में अशोक मिश्रा ने अपने उद्गार व्यक्त किया।विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठजन डा. एम.पी. सिंह, डॉ. एस.बी. सिंह, डा. अंबिकेश्वर सिंह, डॉ. राममोहन सिंह, डॉ, ओम प्रकाश सिंह, डॉ, अजय दुबे, रामकृष्ण त्रिपाठी, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह आदि को सम्मानित भी किया गया। प्रारंभिक सत्र के पश्चात गीत, गजल एवं कविताओं का जो प्रवाह प्रारंभ हुआ, वह सायंकाल तक चलता रहा। मिर्जापुर से पधारे लल्लू तिवारी का शेर 'प्यार कच्चा घड़ा नहीं होता, कोई छोटा बड़ा नहीं होता, पर खूब तालियां बजीं। मऊ से पधारे कवि डॉ. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी की रचना 'जीत जाता हूं हार जाता हूं, रोज करने शिकार जाता हूं, सुनकर पूरा हाल वाह-वाह करता रहा। मुक्तेश्वर पाराशर की पंक्तियां 'अकेली यात्राओं में भी मन के गीत पाएंगे', लोगों को खूब पसंद आई। सांप्रदायिक सौहार्द पर पुष्पेंद्र अस्थाना की रचना 'यूं तो जन्नत नहीं जहन्नुम मिलेगा तुमको, नाम मजहब के खून बहाने वालों', बहुत सराही गई। लोक गीतों के महाकवि जगदीश पंथी ने जब कहां की 'बड़ा निक लागे ननद तोरा गंवुआं तो पूरा सभागार मस्ती में झूम उठा और तालियां की गड़गड़ाहट से पूरा हाल गूंजता रहा।काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप वशिष्ठ का शेर 'बड़े दिख रहे हैं वे कंधों पर चढ़कर, जो सचमुच बड़े हैं वो झुक कर खड़े हैं', लोगों के मन को छू गया और और बड़े ही सहज भाव में बड़प्पन को रेखांकित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य ने साहित्य एवं कविता की प्रासंगिकता को रेखांकित किया और इसके योगदान में कोशिश मंच के प्रयासों को खूब सराहा। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे मशहूर शायर अहमद निसार का शेर, ''बहुत संभाल के धरती पर पांव रखिएगा, हमारे शहर के जर्रे में भी दिल धड़कता है', तहे दिल से साराहा गया और खूब वाहवाही बटोरी।कवि सम्मेलन के बीच-बीच में कोशिश संस्था से जुड़े तमाम कवियों एवं शायरों में जनार्दन प्रसाद अस्थाना, प्रखर जौनपुरी, अशोक मिश्रा, गिरीश श्रीवास्तव, फूलचन्द भारती, एस.बी. उपाध्याय, डा. संजय सिंह सागर, रमेश चंद्र सेठ, अंसार जौनपुरी, अनिल उपाध्याय, नन्द लाल समीर, राजेश पांडेय, सुमति श्रीवास्तव, ओ.पी. खरे, ओंकार यादव, रामजीत मिश्रा, पहलवान, बृजेश राय, मंजू पांडेय, रूपेश साथी ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन जीतने में सफल रहे और सृजन के क्षेत्र में जौनपुर के योगदान का सार्थक परिचय दिया। इसके अतिरिक्त काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कई शोध छात्रों ने गीत और गजलों के सृजन में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया जो श्रोताओं द्वारा बहुत पसंद किया गया।डॉ विमला सिंह, डॉ राम अवतार सिंह, संजय सेठ, संजय उपाध्याय, डॉ सुभाष सिंह प्रधानाचार्य, डॉ शुभ्रा सिंह, डॉ संतोष सरोज, प्रेम गुप्ता, डॉ सुधा सिंह, अनिल विश्वकर्मा, आर.पी. सिंह एडवोकेट, अश्वनी तिवारी सहित अन्य अनेक संभ्रांत नागरिकों ने कार्यक्रम की गरिमा में चार चांद लगाया। कवि सम्मेलन का संचालन सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डा. अंबिकेश्वर सिंह ने किया।
झारखंड बजट सत्र की तैयारी पूरी: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्चस्तरीय बैठक में दिए जरूरी निर्देश

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झारखंड विधानसभा के छठे सत्र के पांचवें (बजट) सत्र के शुरू होने से पूर्व, मुख्यमंत्री कक्ष में आयोजित इस बैठक में कई नीतिगत निर्णय लिए गए। यह सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक चलेगा।

ग्रामीण विकास और निवेश पर जोर:

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की अर्थव्यवस्था, विशेषकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री की हालिया दावोस (World Economic Forum) यात्रा का भी उल्लेख किया गया, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ द्विपक्षीय चर्चा की थी। इन वैश्विक संवादों का लाभ राज्य के बजट और भविष्य के निवेश में देखने को मिल सकता है।

अधिकारियों को कड़े निर्देश:

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मुद्दों, विशेषकर ट्राइबल वेलफेयर और स्कॉलरशिप योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने वित्त विभाग को आगाह किया कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों द्वारा पूछे जाने वाले सवालों पर पूरी तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चले।

उपस्थिति:

इस उच्चस्तरीय बैठक में वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव श्री प्रशांत कुमार सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

जांबाज पुलिसकर्मी ने पेश की मानवता की मिसाल,, धधकते सिलेंडर को बुझाकर टाला बड़ा हादसा


ब्रह्म प्रकाश शर्मा,जानसठ । जानसठ थाना क्षेत्र के गांव  चितोडा में उस वक्त हड़कंप मच गया जब ग्रामीण सलीम के घर में महिला के खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और गांव में चीख-पुकार मच गई।

इसी दौरान हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचे हेड कांस्टेबल सिंटू चौधरी ने अदम्य साहस का परिचय दिया। सिलेंडर से निकलती भीषण लपटों और ब्लास्ट के खतरे के बावजूद, उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए मोर्चा संभाला। बिना डरे सिंटू चौधरी ने सूझबूझ और फुर्ती दिखाते हुए जलते हुए सिलेंडर पर काबू पाया और आग को पूरी तरह शांत किया। प्रत्यक्षदर्शी जान मोहम्मद पुत्र कालू ने बताया कि आग इतनी भयानक थी कि किसी की भी पास जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी। अगर सिंटू चौधरी समय रहते अपनी जान जोखिम में डालकर आग न बुझाते, तो सिलेंडर फट सकता था और कई घर इसकी चपेट में आ सकते थे।

जान मोहम्मद ---
"पुलिस का यह मानवीय और साहसी चेहरा देखकर ग्रामीणों में सुरक्षा का भाव जागा है। सिंटू चौधरी ने न केवल आग बुझाई, बल्कि सैकड़ों जिंदगियों को खतरे से बाहर निकाला।इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हेड कांस्टेबल सिंटू चौधरी के साहस की चर्चा हो रही है। पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों ने भी उनके इस बहादुरी भरे कार्य की सराहना की है। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन सलीम के घर का कुछ सामान जलकर राख हो गया है।
तहसील जानसठ में विधिक साक्षरता शिविर संपन्न,, आगामी लोक अदालत व मेगा शिविर का लाभ  उठाने का आह्वान

जानसठ । जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वीरेंद्र कुमार के कुशल निर्देशन में मंगलवार को तहसील जानसठ परिसर में एक भव्य विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के ग्रामीणों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।

मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन तथा विशिष्ट अतिथि रोबिन सिंह सिविल जज जूनियर डिवीजन, जानसठ के आगमन के साथ हुआ।

उपजिलाधिकारी  राजकुमार भारती ने अतिथियों को बुके भेंट कर उनका स्वागत व अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए दो महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी भी दी उन्होंने कहा कि आगामी 22 फरवरी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), सुजड़ू में एक विशाल मेगा शिविर आयोजित होगा। उन्होंने अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर सरकारी सेवाओं का लाभ लें। उसके बाद  14 मार्च 2026 को न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा।

डॉ. चौधरी ने बताया कि बैंक विवाद, पारिवारिक मामले, जमीनी विवाद और छोटे जुर्माने वाले मामलों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से बेहद सरल और त्वरित तरीके से किया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि न्यायाधीश रोबिन सिंह ने पारिवारिक विवादों पर चर्चा करते हुए कहा कि आपसी सुलह-समझौते से मामलों का हल निकालना सबसे उत्तम है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि धन की बर्बादी भी रुकती है। वहीं, एसडीएम राजकुमार भारती ने महिला अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि कानूनों का निर्माण सुरक्षा के लिए हुआ है, अतः इनका सदुपयोग करें और झूठे मामलों से अदालत पर अतिरिक्त भार न डालें। कार्यक्रम में शामिल हुए जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन' संस्था और ग्रामीण समाज विकास केंद्र से आए गजेंद्र सिंह ने सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए   वृद्धा, विधवा एवं विकलांग पेंशन।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना व कन्या सुमंगला योजना। किसान सम्मान निधि एवं श्रमिक पंजीकरण आदि विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया कि वे पात्र होने पर इनका लाभ अवश्य उठाएं। तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम का धन्यवाद करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने का आग्रह किया।
इस दौरान मुख्य रूप से  कार्यक्रम का सफल संचालन पैरालीगल वालंटियर (PLV) गौरव मलिक द्वारा किया गया। इस अवसर पर पीएलवी धनीराम, बबीता, प्रवेश, अमित राणा सहित तहसील के समस्त कर्मचारी, भारी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ को मिलेगी विश्वस्तरीय रेल कनेक्टिविटी, रायपुर–दिल्ली स्लीपर वंदे भारत सहित कई नई ट्रेनों का प्रस्ताव: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर- वरिष्ठ भाजपा नेता और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को रायपुर डीआरएम (DRM) कार्यालय में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के उच्च अधिकारियों और साथी सांसदों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ रेलवे को सर्वाधिक राजस्व देने वाले राज्यों में से एक है, अतः यहाँ के नागरिकों को आधुनिक और समयबद्ध रेल सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है।

वंदे भारत एक्सप्रेस और नई ट्रेनों का प्रस्ताव

सांसद श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के यात्रियों की सुविधा के लिए तीन नई वंदे भारत ट्रेनों समेत कई प्रमुख रेल सेवाओं की मांग रखी जिसमें रायपुर–नई दिल्ली वंदे भारत (स्लीपर): छत्तीसगढ़ से राजधानी दिल्ली के लिए स्लीपर कोच वाली वंदे भारत चलाने का प्रस्ताव बोर्ड को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे स्वयं रेल मंत्री से चर्चा करेंगे।

बिलासपुर–रायपुर–पुरी वंदे भारत: धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से इस मार्ग पर वंदे भारत की आवश्यकता जताई।

 रायपुर–जबलपुर वंदे भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच कनेक्टिविटी सुधारने हेतु।

 अन्य सेवाएँ: दुर्ग-अंबिकापुर नई ट्रेन, बिलासपुर-गोवा सीधी ट्रेन, और बिलासपुर-नाथद्वारा के बीच सीधी ट्रेन चलाने के भी निर्देश दिए।

ट्रेनों का विस्तार और ठहराव

जनता की मांग को देखते हुए श्री अग्रवाल ने निम्नलिखित ट्रेनों के विस्तार और समय परिवर्तन पर जोर दिया जिसमें

- विशाखापट्टनम-दुर्ग वंदे भारत के समय में परिवर्तन की मांग।

- समता एक्सप्रेस का हरिद्वार तक विस्तार और जम्मूतवी एक्सप्रेस को अमृतसर होकर चलाने का सुझाव दिया।

- भगत की कोठी और दल्लीराजहरा-दुर्ग ट्रेन को प्रतिदिन संचालित करने के निर्देश।

- मुंबई-नागपुर और नागपुर-पुणे ट्रेनों का बिलासपुर तक विस्तार करने की मांग।

- भाटापारा में सभी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने को कहा।

अमृत भारत स्टेशन और अधोसंरचना विकास

रायपुर और दुर्ग स्टेशनों के 'अमृत भारत स्टेशन' योजना के तहत हो रहे विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने लेटलतीफी और ड्राइंग-डिजाइन अप्रूवल में देरी को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही:

- सरोना, मंदिर हसौद और WRS स्टेशनों को भविष्य के जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा।

- रायपुर मंडी गेट, कचना और जोरा में प्रस्तावित अंडरपास की ऊंचाई और चौड़ाई को बढ़ाने के निर्देश।


- सरोना, भिलाई, हथबंद, निपनिया स्टेशन में चल रहे निर्माण कार्यों को अप्रैल से जून तक हर हाल में पूरा करने की समय सीमा तय की गई।

बस्तर और जनसुविधाओं पर विशेष जोर

बस्तर अंचल की उपेक्षा पर नाराजगी जताते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि रेलवे केवल लाभ का जरिया नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। उन्होंने जगदलपुर-दुर्ग रेल लाइन को पुनः शुरू करने और बस्तर में भूमि देने वाले प्रभावितों को नौकरी या रोजगार देने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

- स्वास्थ्य सेवा: रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर और राजनांदगांव स्टेशनों पर एम्बुलेंस सेवा और डॉक्टरों की तैनाती के निर्देश।

- गढ़ कलेवा: सभी स्टेशनों पर महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी खान-पान केंद्र 'गढ़ कलेवा' खोले जाएंगे।

- सुरक्षा व सुविधा: बड़े स्टेशनों पर पोस्ट ऑफिस के माध्यम से टिकट सुविधा और ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, "रैक की कमी या व्यावसायिक घाटे का बहाना बनाकर छत्तीसगढ़ की जनता को सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। रेलवे सभी प्रस्ताव बोर्ड को भेजे, जरूरत पड़ने पर मैं स्वयं रेल मंत्री से बात कर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करवाऊंगा।"

बैठक में सांसद भोजराज नाग, सांसद महेश कश्यप, सांसद रूपकुमारी चौधरी समेत प्रतिनिधि DRM तरुण प्रकाश और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

गढ़वा: पसीने से सींच रहे हैं जीत की जमीन, अलखनाथ पाण्डेय का 'पैदल' जनसंपर्क अभियान चर्चा में

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गढ़वा। नगर निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी चरम पर है। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अलखनाथ पाण्डेय ने जनता से जुड़ने के लिए एक अनोखा और कठिन रास्ता चुना है। नामांकन के बाद से अब तक वे लगातार 122 घंटे पैदल चलकर नगर परिषद के विभिन्न वार्डों, मोहल्लों और बस्तियों का दौरा कर चुके हैं।

जनता से सीधा संवाद और बुनियादी मुद्दों पर जोर:

जनसंपर्क के दौरान अलखनाथ पाण्डेय केवल वोट नहीं मांग रहे, बल्कि लोगों की समस्याओं को करीब से समझ रहे हैं। उन्होंने कहा, "यह चुनाव किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि गढ़वा की जनता की उम्मीदों और विकास की आकांक्षाओं का चुनाव है। मेरा संकल्प है कि अगर जनता का आशीर्वाद मिला तो साफ-सफाई, जलनिकासी, बेहतर सड़कें और गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना मेरी पहली प्राथमिकता होगी।"

दिलचस्प हुआ मुकाबला:

122 घंटों की इस लंबी पदयात्रा ने गढ़वा के चुनावी माहौल को गरमा दिया है। समर्थकों का कहना है कि सीधे घर-घर पहुँचने से जनता के बीच प्रत्याशी के प्रति विश्वास बढ़ा है। स्थानीय नागरिकों ने भी कई जगह फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया और अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, अलखनाथ पाण्डेय का यह 'पैदल मार्च' विपक्षियों के लिए भी चुनौती खड़ी कर रहा है। आने वाले दिनों में इस अभियान को और तेज करने की तैयारी है।

अयोध्या : राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक उछाल
* भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ की केस स्टडी में पर्यटन, निवेश और रोजगार वृद्धि की पुष्टि

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘टेंपल इकॉनमी मॉडल’ पर भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ (आईआईएम लखनऊ) की ताजा अध्ययन रिपोर्ट “इकॉनमिक रेनेसांस ऑफ अयोध्या” ने मुहर लगाई है। रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में व्यापक आर्थिक सक्रियता, निवेश प्रवाह और रोजगार सृजन देखने को मिला है।
अध्ययन में मंदिर निर्माण से पहले और बाद की आर्थिक परिस्थितियों का तुलनात्मक विश्लेषण करते हुए बताया गया है कि धार्मिक अवसंरचना, यदि सुविचारित नीति और प्रशासनिक प्रतिबद्धता से जुड़ जाए, तो वह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला उत्प्रेरक बन सकती है।

* मंदिर से पहले सीमित दायरे में थी अर्थव्यवस्था
रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर निर्माण से पूर्व अयोध्या की पहचान मुख्यतः एक पवित्र तीर्थस्थान तक सीमित थी। आगंतुकों की वार्षिक संख्या लगभग 1.7 लाख के आसपास थी। अधिकांश दुकानदारों की औसत दैनिक आय ₹400–₹500 तक सीमित थी। राष्ट्रीय स्तर की होटल श्रृंखलाओं की उपस्थिति नगण्य थी, कनेक्टिविटी सीमित थी और युवाओं का पलायन सामान्य प्रवृत्ति बन चुका था।

* प्राण प्रतिष्ठा के बाद अभूतपूर्व आर्थिक विस्तार
जनवरी 2024 में प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहले छह महीनों में 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन दर्ज किया गया। अब वार्षिक स्तर पर 5–6 करोड़ आगंतुकों की संभावना जताई गई है।अयोध्या में लगभग ₹85,000 करोड़ की पुनर्विकास परियोजनाएं विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, आधुनिक रेलवे स्टेशन, विस्तारित सड़क नेटवर्क और नगर सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों ने आधारभूत संरचना को नई दिशा दी है। सतत विकास के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर ऊर्जा को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

* कर राजस्व और व्यापार में बड़ी बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 तक उत्तर प्रदेश में पर्यटन व्यय ₹4 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान है, जिसमें अयोध्या की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। पर्यटन आधारित गतिविधियों से कर राजस्व ₹20,000–25,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के अनुसार, मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से देशभर में ₹1 लाख करोड़ से अधिक का व्यापारिक कारोबार हुआ, जिसमें अयोध्या की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण रही।

* आतिथ्य और निवेश में नया दौर
प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन से आतिथ्य क्षेत्र में तेजी आई है। 150 से अधिक नए होटल और होमस्टे स्थापित हुए हैं। प्रतिष्ठित होटल श्रृंखलाएं ताज होटल्स, Marriott International और Wyndham Hotels & Resorts ने अयोध्या में विस्तार योजनाएं घोषित की हैं। ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर बुकिंग में चार गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है।स्थानीय हस्तशिल्प, धार्मिक स्मृति-चिह्न और मूर्तियों की मांग में भी तेज उछाल आया है, जिससे कारीगरों और स्थानीय उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।

* रोजगार और उद्यमिता को मिली गति
आईआईएम रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 6,000 एमएसएमई स्थापित हुए हैं। अनुमान है कि अगले 4–5 वर्षों में पर्यटन, परिवहन और आतिथ्य क्षेत्रों में लगभग 1.2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों की दैनिक आय ₹2,500 तक पहुंच गई है। रियल एस्टेट क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जहां मंदिर के आसपास संपत्ति मूल्यों में पांच से दस गुना तक उछाल देखा गया है।

* आस्था से अर्थव्यवस्था तक विकास का मॉडल
रिपोर्ट निष्कर्ष देती है कि अयोध्या अब केवल धार्मिक महत्व का केंद्र नहीं रहा, बल्कि एक उभरता हुआ क्षेत्रीय आर्थिक हब बन चुका है। धार्मिक विरासत आधारित विकास मॉडल, यदि सुव्यवस्थित निवेश और दीर्घकालिक दृष्टि से लागू किया जाए, तो वह स्थानीय अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तन ला सकता है। अयोध्या का अनुभव दर्शाता है कि सांस्कृतिक और धार्मिक परियोजनाएं योजनाबद्ध क्रियान्वयन के माध्यम से पर्यटन, रोजगार और निजी निवेश को गति देकर बहुस्तरीय आर्थिक वृद्धि का आधार बन सकती हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगाए जाने से नाराज डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने किया विरोध प्रदर्शन
*परीक्षा ड्यूटी से मुक्त किए जाने की मांग

गोंडा।उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के बैनर तले सैकड़ों इंजीनियरों ने बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया।उन्होंने काली पट्टी बांधकर कलेक्ट्रेट और कमिश्नर कार्यालय तक मार्च किया,जहाँ राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा को सौंपा।महासंघ की मुख्य मांग है कि सभी इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से परीक्षा ड्यूटी से मुक्त किया जाए।उनका कहना है कि शासनादेश के अनुसार इंजीनियरों की ड्यूटी नहीं लगानी चाहिए उसके बाद भी उन्हें मजिस्ट्रेट के दायित्वों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया जा रहा है,जिससे उन्हें काफी दिक्कतें आ रही हैं।महासंघ के देवीपाटन मंडल अध्यक्ष इंजीनियर रवि कुमार यादव के नेतृत्व में सौंपे गये ज्ञापन में बताया गया कि शासन के गृह (पुलिस) अनुभाग 9 द्वारा 28 जनवरी 2026 को एक स्पष्ट शासनादेश जारी किया गया था।इस आदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए नामित अधिकारियों को कार्यपालक मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्रदान की गई हैं।महासंघ का आरोप है कि शासनादेश में सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इस ड्यूटी से छूट दी गई है।इसके बावजूद देवीपाटन मंडल के विभिन्न जिलों में प्रशासन द्वारा इन विभागों के अभियंताओं की जबरन ड्यूटी लगाई जा रही है।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नियम विरुद्ध ड्यूटी लगाने से तकनीकी कर्मचारियों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और उनमें गहरा असंतोष है।मंडल अध्यक्ष रवि कुमार यादव ने कहा कि जब शासन ने हमें इस कार्य से मुक्त कर रखा है तो स्थानीय प्रशासन नियमों की अवहेलना क्यों कर रहा है?यह सीधे तौर पर शासनादेश की गरिमा के प्रतिकूल है।सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी से तत्काल कार्यमुक्त किया जाए।28 जनवरी 2026 के शासनादेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित हो।नियम विरुद्ध आदेश जारी करने वाले उत्तरदाई अधिकारियों पर संज्ञान लिया जाए।प्रदर्शन के दौरान महासंघ ने चेतावनी दिया है कि यदि जल्द ही इन गलत ड्यूटियों को निरस्त नहीं किया गया तो संगठन उग्र आंदोलन और कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होगा।ज्ञापन देते समय मंडल के विभिन्न जनपदों से आए भारी संख्या में डिप्लोमा इंजीनियर और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
भा कि यू की चेतावनी से शमसाबाद स्टेशन छावनी में तब्दील, ट्रेन रोकने पर अड़े कार्यकर्ता, स्टेशन मास्टर को सौंपा ज्ञापन
फर्रुखाबाद l  क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से चली आ रही ट्रेन ठहराव की माँग को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन स्वराज के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने शमसाबाद रेलवे स्टेशन पर नारेबाजी और प्रदर्शन करते रहे। भारतीय किसान यूनियन स्वराज का ट्रेन रोककर आंदोलन करने की तैयारी में थे लेकिन रेल अधिकारियों और पुलिस प्रशासन के कई घंटों समझाने-बुझाने के बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन स्टेशन मास्टर को सौंपकर आंदोलन स्थगित किया। साथ ही कहा है कि समस्या का निस्तारण जल्द ना हुआ तो आंदोलन करने पर मजबूर होंगे l यूनियन ने
आंदोलन की चेतावनी को मद्देनजर रख कर प्रशासन ने रेलवे स्टेशन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। जीआरपी निरीक्षक रिपुदमन सिंह, आरपीएफ निरीक्षक फर्रुखाबाद ओम प्रकाश मीणा और नवाबगंज थाना प्रभारी राजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ स्टेशन पर डटे रहे। पूरा स्टेशन परिसर छावनी में तब्दील नजर आया। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा के नेतृत्व में पहुँचे कार्यकर्ताओं को अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि उनकी जायज माँगों को उच्चाधिकारियों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाएगा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि शमसाबाद स्टेशन एक बड़ी आबादी का केंद्र है, फिर भी यहाँ ट्रेन सं. 15041 सुबह 7:15 बजे फर्रुखाबाद-कासगंज एक्सप्रेस ट्रेन सं. 15040: सुबह 10:30 बजे कानपुर की ओर जाने वाली एक्सप्रेस का ठहराव नहीं है जबकि इस रूट की अन्य सभी जरूरत की ट्रेनें यहाँ रुकती हैं। इन दो प्रमुख ट्रेनों के न रुकने से लखनऊ, कानपुर, कन्नौज और कासगंज जाने वाले छात्र, व्यापारी और मरीज परेशान हैं। उन्होंने कहा  कि इन ट्रेनों के ठहराव से न केवल यात्रियों को सुरक्षित व किफायती सफर मिलेगा, बल्कि रेलवे के राजस्व में भी भारी बढ़ोतरी होगी। आपातकालीन चिकित्सा स्थिति में यह ठहराव क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी साबित होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा के साथ नवाबगंज नगर अध्यक्ष पप्पू राठौर, मोहम्मदाबाद ब्लॉक अध्यक्ष मानेंद्र, उपाध्यक्ष राजीव राठौर, कुलदीप सक्सेना, ब्लॉक नवाबगंज अध्यक्ष अर्जित सिंह, सुरजीत कुमार सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
सेवानिवृत्त सैनिकों की समस्याओं को रैली में सुना गया, वीर नारियों को किया गया सम्मानित

फर्रुखाबाद। मुख्यालय पर स्थित राजपूत रेजीमेंट सेंटर फतेहगढ़ के करिअप्पा ग्राउंड में भूतपूर्व सैनिक रैली 2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस रैली में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भूतपूर्व सैनिकों की विभिन्न समस्याओं का मौके पर समाधान करना रहा।
रैली में पेंशन से जुड़ी शिकायतें, बैंकिंग संबंधी दिक्कतें, जमीन से जुड़े मामले और चिकित्सा सुविधाओं से संबंधित समस्याओं पर विशेष रूप से सुनवाई की गई। अलग-अलग विभागों के काउंटर लगाए गए, जहां अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों की समस्याएं सुनीं और त्वरित निस्तारण का भरोसा दिलाया। साथ ही चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया, जहां स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श की व्यवस्था रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर माइकल डिसूजा रहे, जिन्होंने पूर्व सैनिकों से संवाद करते हुए उनके योगदान को सराहा और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
इस दौरान जनपद की पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रही। शहर क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय स्वयं मौके पर मौजूद रहीं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सेना और प्रशासन की इस संयुक्त पहल से भूतपूर्व सैनिकों में संतोष और उत्साह का माहौल देखने को मिला ।
कोशिश द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा संपन्न

जौनपुर। कोशिश साहित्यिक संस्था के 24वें वार्षिकोत्सव तिलकधारी महिला कालेज परिसर में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का श्री गणेश दीप प्रज्ज्वलन एवं डॉ. नरेंद्र पाठक के सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर अहमद निसार ने किया तथा डॉ. अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य टी.डी. कॉलेज मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में कोशिश संस्था द्वारा प्रकाशित मंजरी नामक काव्य संग्रह का विमोचन हुआ जो उपस्थित श्रोताओं के लिए कौतूहल का विषय रहा। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ कवि जनार्दन प्रसाद अस्थाना के कहानी संग्रह प्रायश्चित एवं आनन्द राय द्वारा रचित रूठ गया स्नेहल संचित मन नामक काव्य संग्रह का भी विमोचन हुआ। आमंत्रित कवियों एवं उपस्थित श्रोताओं का स्वागत प्रो. आर.एन. सिंह ने किया। संस्था के उद्देश्यों पर संस्थाध्यक्ष जनार्दन प्रसाद अस्थाना ने प्रकाश डाला एवं अतिथियों के सम्मान में अशोक मिश्रा ने अपने उद्गार व्यक्त किया।विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठजन डा. एम.पी. सिंह, डॉ. एस.बी. सिंह, डा. अंबिकेश्वर सिंह, डॉ. राममोहन सिंह, डॉ, ओम प्रकाश सिंह, डॉ, अजय दुबे, रामकृष्ण त्रिपाठी, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह आदि को सम्मानित भी किया गया। प्रारंभिक सत्र के पश्चात गीत, गजल एवं कविताओं का जो प्रवाह प्रारंभ हुआ, वह सायंकाल तक चलता रहा। मिर्जापुर से पधारे लल्लू तिवारी का शेर 'प्यार कच्चा घड़ा नहीं होता, कोई छोटा बड़ा नहीं होता, पर खूब तालियां बजीं। मऊ से पधारे कवि डॉ. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी की रचना 'जीत जाता हूं हार जाता हूं, रोज करने शिकार जाता हूं, सुनकर पूरा हाल वाह-वाह करता रहा। मुक्तेश्वर पाराशर की पंक्तियां 'अकेली यात्राओं में भी मन के गीत पाएंगे', लोगों को खूब पसंद आई। सांप्रदायिक सौहार्द पर पुष्पेंद्र अस्थाना की रचना 'यूं तो जन्नत नहीं जहन्नुम मिलेगा तुमको, नाम मजहब के खून बहाने वालों', बहुत सराही गई। लोक गीतों के महाकवि जगदीश पंथी ने जब कहां की 'बड़ा निक लागे ननद तोरा गंवुआं तो पूरा सभागार मस्ती में झूम उठा और तालियां की गड़गड़ाहट से पूरा हाल गूंजता रहा।काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप वशिष्ठ का शेर 'बड़े दिख रहे हैं वे कंधों पर चढ़कर, जो सचमुच बड़े हैं वो झुक कर खड़े हैं', लोगों के मन को छू गया और और बड़े ही सहज भाव में बड़प्पन को रेखांकित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य ने साहित्य एवं कविता की प्रासंगिकता को रेखांकित किया और इसके योगदान में कोशिश मंच के प्रयासों को खूब सराहा। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे मशहूर शायर अहमद निसार का शेर, ''बहुत संभाल के धरती पर पांव रखिएगा, हमारे शहर के जर्रे में भी दिल धड़कता है', तहे दिल से साराहा गया और खूब वाहवाही बटोरी।कवि सम्मेलन के बीच-बीच में कोशिश संस्था से जुड़े तमाम कवियों एवं शायरों में जनार्दन प्रसाद अस्थाना, प्रखर जौनपुरी, अशोक मिश्रा, गिरीश श्रीवास्तव, फूलचन्द भारती, एस.बी. उपाध्याय, डा. संजय सिंह सागर, रमेश चंद्र सेठ, अंसार जौनपुरी, अनिल उपाध्याय, नन्द लाल समीर, राजेश पांडेय, सुमति श्रीवास्तव, ओ.पी. खरे, ओंकार यादव, रामजीत मिश्रा, पहलवान, बृजेश राय, मंजू पांडेय, रूपेश साथी ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन जीतने में सफल रहे और सृजन के क्षेत्र में जौनपुर के योगदान का सार्थक परिचय दिया। इसके अतिरिक्त काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कई शोध छात्रों ने गीत और गजलों के सृजन में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया जो श्रोताओं द्वारा बहुत पसंद किया गया।डॉ विमला सिंह, डॉ राम अवतार सिंह, संजय सेठ, संजय उपाध्याय, डॉ सुभाष सिंह प्रधानाचार्य, डॉ शुभ्रा सिंह, डॉ संतोष सरोज, प्रेम गुप्ता, डॉ सुधा सिंह, अनिल विश्वकर्मा, आर.पी. सिंह एडवोकेट, अश्वनी तिवारी सहित अन्य अनेक संभ्रांत नागरिकों ने कार्यक्रम की गरिमा में चार चांद लगाया। कवि सम्मेलन का संचालन सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डा. अंबिकेश्वर सिंह ने किया।