नालंदा की घटना पर उबाल: गया में प्रजापति समाज की आपात बैठक, दोषियों को फांसी देने की मांग

गया: बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति, जिला शाखा गया की ओर से गुरुवार को आज प्रजापति धर्मशाला, दांडी बाग में कोर कमेटी की एक अति आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष कृष्ण कुमार अजय ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नालंदा जिले के नूरसराय प्रखंड अंतर्गत अजयपुर गांव में प्रजापति समाज की एक महिला के साथ सरेआम सड़क पर हुई कथित सामूहिक दुष्कर्म की वीभत्स घटना पर चर्चा करना और आगे की रणनीति तय करना था।

बैठक के दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने इस जघन्य घटना की कड़ी निंदा की और इसे मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य बताया। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। समिति के सदस्यों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।

समिति ने सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया कि घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाया जाए और उन्हें अविलंब कठोरतम दंड, विशेष रूप से फांसी की सजा दी जाए।

सदस्यों का कहना था कि जब तक अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा। इसके साथ ही समिति ने निर्णय लिया कि इस मुद्दे को लेकर जनस्तर पर भी आवाज उठाई जाएगी और आवश्यक होने पर आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। इसी क्रम में आगामी 12 अप्रैल 2026 को गया जिला कार्यकारिणी की एक विशेष बैठक बुलाने की घोषणा की गई है, जिसमें इस घटना की विस्तृत समीक्षा कर आगे की रणनीति और कार्रवाई तय की जाएगी।

बैठक में जिला सचिव विनोद कुमार, संरक्षक द्वारका प्रजापति, पूर्व अध्यक्ष नंदलाल प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष बाल अमृत प्रसाद, कोषाध्यक्ष मोहन प्रजापति सहित कई प्रमुख पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा ज्ञान दत्त प्रजापति, विष्णु कुमार, बिजेंद्र कुमार, प्रभाकर, राजदेव पंडित, विनोद कुमार पंडित, राजेंद्र पंडित, एस.के. सुमन, रामविलास पंडित, रविंद्र प्रजापति और नागेश्वर प्रजापति समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी बैठक में भाग लिया।

बदलापुर में KDR फाउंडेशन द्वारा आयोजित निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर संपन्न
जौनपुर। सेवा सबसे बड़ा धर्म है।  निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करना, मानवता की सेवा करना ही ईश्वर की सच्ची पूजा है। जरूरतमंदों, माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा से न केवल आत्मा को संतोष मिलता है, बल्कि समाज में प्रेम और सद्भाव भी बढ़ता है। केवला देवी रामबहाल फाउंडेशन एक ऐसी सामाजिक संस्था है जो पिछले कई वर्षों से ग्रामीण भागों में लगातार जन सेवा का पुनीत काम कर रही है। विशेषकर जरूरतमंद एवं गरीब लोगों के निशुल्क नेत्र परीक्षण, मोतियाबिंद जांच तथा चयनित मरीजों के लिए निशुल्क लेंस प्रत्यारोपण सुविधा की दिशा में यह संस्था अब तक हजारों मरीजों के अंधेरे जीवन को उजालों में बदल चुकी है।संस्था द्वारा 9 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक, जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित कठार गांव के केडीआर हाउस में निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें करीब 100 लोगों ने लाभ उठाया। आर जे शंकरा आंख अस्पताल की तरफ से डॉ मुमताज अली, डॉ प्रिया तथा डॉ. अर्चना की टीम ने लोगों का नेत्र परीक्षण किया। संस्था के अध्यक्ष विनोद आर सिंह ने बताया कि चयनित मरीजों को वाराणसी स्थित आरजे शंकरा आंख अस्पताल ले जाया जाएगा। बस सेवा भी पूरी तरह से निशुल्क होगी। मरीजों के उपचार एवं भोजन की व्यवस्था अस्पताल द्वारा निशुल्क किया गया है। शिविर में आए अनेक लोगों ने बताया कि पिछले अनेक वर्षों से संस्था द्वारा सुंदर तरीके से कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों के साथ-साथ दूर के लोगों को भी लाभ मिल रहा है। शिविर में आयोजक के रूप में उपस्थित ठाकुर अमरधारी सिंह, अशोक सिंह, विनय सिंह, सौरभ सिंह, विकास सिंह तथा उनके सहयोगियों त्रिभुवन सिंह, शिवनारायण विश्वकर्मा  अंकुर सिंह, सुरेंद्र दुबे, विपिन मिश्रा, आजाद पांडे, उत्तम दुबे आदि ने शिविर में आए लोगों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा।
आजमगढ़: अनिलेश यादव ने रचा इतिहास, ARO परीक्षा में 7वीं रैंक किया हासिल
आजमगढ़। लालगंज तहसील के अंतर्गत ग्राम नईकोट के होनहार युवा अनिलेश कुमार यादव ने अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (RO/ARO) परीक्षा में उन्होंने सहायक समीक्षा अधिकारी पद पर शानदार 7वीं रैंक प्राप्त कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। वर्तमान में संत कबीर नगर जनपद में लेखपाल के पद पर कार्यरत अनिलेश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही विद्यालय से प्राप्त की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने निरंतर मेहनत और लगन के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी और अपने लक्ष्य को हासिल कर दिखाया। अनिलेश के पिता हरीराम यादव, जो सेवानिवृत्त एसडीएम हैं वह पुत्र की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए इसे पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। उनकी सफलता की खबर मिलते ही गांव और आसपास के इलाकों में खुशी की लहर दौड़ गई, लोग एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे हैं। अपनी सफलता पर अनिलेश कुमार यादव ने कहा कि उन्होंने यह मुकाम अपने माता-पिता के आशीर्वाद, गुरुजनों के मार्गदर्शन और निरंतर कठिन परिश्रम के बल पर हासिल किया है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। अनिलेश की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि परे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का बनें है।
मेहनत को मिला इंजन—मेधावी छात्रों को स्कूटी, लैपटॉप और साइकिल, लालापुर बना शिक्षा का उत्सव स्थल
इनाम नहीं, इरादों को मिली उड़ान गांव की प्रतिभाओं ने रचा नया इतिहास, तालियों से गूंजा परिसर



विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज,यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत लालापुर में स्थित पंडित विष्णु राम तिवारी इंटर कॉलेज में रविवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने ग्रामीण शिक्षा के परिदृश्य को नई दिशा दे दी। राष्ट्र सेवा संस्थान के अध्यक्ष रूपेश त्रिपाठी (भार्गव), निवासी ग्राम सभा चकशिवचेर, के सौजन्य से आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता और उसके भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया। यह प्रतियोगिता उनतीस मार्च, रविवार को आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम पाँच अप्रैल, रविवार को दोपहर एक बजे से शाम सात बजे तक घोषित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों की प्रतिभा को पहचानना, उन्हें प्रोत्साहित करना और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेमशंकर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रतिभाओं को सम्मानित करना न केवल उनके परिश्रम की सराहना है, बल्कि यह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का दीप भी जलाता है। प्रतियोगिता में कक्षा नौ से बारह तक के विद्यार्थियों के लिए प्रथम स्थान पर इलेक्ट्रिक स्कूटी, द्वितीय स्थान पर लैपटॉप तथा तृतीय स्थान पर सीलिंग फैन एवं कुर्सी -मेज प्रदान किए गए। वहीं कक्षा चार से पाँच तक के विद्यार्थियों के लिए प्रथम स्थान पर रेंजर साइकिल, द्वितीय स्थान पर कुर्सी-मेज और तृतीय स्थान पर स्कूल बैग व टेबल लैंप देकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में विजेताओं को जब मंच पर बुलाकर स्कूटी और साइकिल सौंपी गई, तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा। यह दृश्य न केवल छात्रों के लिए गर्व का क्षण था, बल्कि अभिभावकों के लिए भी भावुक और प्रेरणादायक पल साबित हुआ। मुख्य अतिथियों में ग्राम प्रधान शंकर लाल पांडेय, सुप्रसिद्ध जादूगर ज्ञानेंद्र भार्गव, आचार्य हरिकृष्ण शुक्ला, विद्यालय के प्रबंधक सुरेश त्रिपाठी, नरेंद्र त्रिपाठी, जय सिंह पटेल (राष्ट्र सेवा ट्रस्ट), होरीलाल केसरवानी, कमलेश त्रिपाठी, अंबिका पांडेय, पुष्पा श्रीवास्तव और प्रकाश शुक्ला उर्फ प्रचंड शुक्ला सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अनुशासन, निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया। समारोह में समाजसेवियों और अभिभावकों की भी भारी उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा ही वह शक्ति है, जो किसी भी साधारण व्यक्ति को असाधारण ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। कार्यक्रम में मनोरंजन का भी विशेष रंग देखने को मिला। प्रसिद्ध जादूगर ज्ञानेंद्र भार्गव और पुष्पा के जादुई करतबों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस प्रस्तुति का आनंद लेते नजर आया। विजेताओं में कक्षा पाँच की छात्रा दीक्षा तिवारी (पीवीआरटी विद्यालय) को रेंजर साइकिल, कक्षा सात के छात्र हिमांशु तिवारी (पीवीआर विद्यालय) को कुर्सी-मेज, कक्षा आठ की छात्रा सांवली (एसजीएम विद्यालय, प्रतापपुर) को रेंजर साइकिल प्रदान की गई। वहीं कक्षा ग्यारह-बारह वर्ग में आराध्या तिवारी (पीवीआरटी विद्यालय) को लैपटॉप, आस्था यादव (पीवीआरटी विद्यालय) को रेंजर साइकिल और आमिर (सरदार पटेल विद्यालय) को इलेक्ट्रिक स्कूटी देकर सम्मानित किया गया। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन जारी रहेंगे, ताकि ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को मंच मिलता रहे और वे सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकें। यह आयोजन सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि गांव की नई सोच और शिक्षा के प्रति जागरूकता का प्रतीक बनकर उभरा जहां इनाम के साथ-साथ सपनों को भी पंख मिले।
फाल में डूबने से ऑटो चालक की हुई मौत, दूसरे दिन चट्टानों के दर्रे में फंसा मिला शव, मचा हड़कंप


मीरजापुर। अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आए एक ऑटो चालक सैलानी की जलप्रपात में डूबने से मौत हो गई. दूसरे दिन कड़ी मशक्कत के बाद शव बरामद किया गया है.

मिर्जापुर अहरौरा थाना क्षेत्र  के सुखदरिया जलप्रपात में बुधवार की शाम डूबे ऑटो चालक सैलानी सन्नी खान का शव 18 घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद चट्टानों के दर्रे में फंसे शव को खोज निकाला है. जिसे देखते ही मौके पर मौजूद परिजनों मे कोहराम मच गया.
बताया जा रहा चंदौली के पड़ाव क्षेत्र स्थित चौरहट के रहने वाला ऑटो चालक सन्नी खान बुधवार को मित्र दिलशाद के साथ सलमान के घर बाराडीह आया हुआ था तभी पिकनिक मनाने का प्लान बना तीनों मित्र सैलानी पिकनिक मनाने लखनिया दरी जलप्रपात पर पहुंचे तो वहां तालाबंदी होने के कारण पहाड़ों तथा जंगल के रास्ते तीनों सैलानी सुखदरिया पहुंचे जहां मौज मस्ती के दौरान नहाते समय पैर फिसलने पर गहरे पानी में जाने से सन्नी खान डूब गया यह नजारा देख मित्रों की हालत खराब हो गई आनन फानन में पुलिस को सूचना दी गई पुलिस मौके पर पहुंची तो सर्च ऑपरेशन देर रात चलाया गया परंतु डूबे युवक का पता नहीं चला तब तक काफी अंधेरा हो गया चुनार से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई खोजबीन के बावजूद अंधेरा होने के चलते रात में डूबे सैलानी सन्नी का पता नहीं चला तो बृहस्पतिवार के सुबह एसडीआरएफ टीम के गोताखोरों ने काफी परिश्रम के बाद पत्थर के दर्रे में फंसे शव को निकाला लिया गया.


इस संबंध में अहरौरा थानाध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि गहरे पानी में जाने से युवक की डूब कर मौत हुई है शव बरामद करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अजब डाक्टर की गज़ब कहानी, चक्कर आने पर दे दी पागलों वाली दवा, जानकर बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टरों के उड़े होश
*झोलाछाप डॉक्टर पर बेटी को गलत दवा देने का पिता ने लगाया आरोप, कार्रवाई की लगाई गुहार

मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर जिले से झोलाछाप डॉक्टर से जुड़ी हुई एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसे जानकर ख़ुद बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टर सकते में हैं, कि आख़िरकार इतनी बड़ी लापरवाही भला कैसे? मामला, सिर्फ झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ही नहीं बल्कि शिकायत करने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई का ना होना भी पूरे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार मुलाजिमों को कटघरे में खड़े करने के लिए काफी है।

पूरा मामला मीरजापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बबुरा कलां गांव से जुड़ा हुआ है जहां के निवासी दिनेश सिंह ने क्षेत्र के रतेह चौराहा स्थित एक झोलाछाप पर बेटी को गलत दवा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने पिछले दिनों सीएम पोर्टल पर प्रार्थना पत्र देकर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार भी लगाई है। दिए गए प्रार्थना पत्र में दिनेश सिंह आरोप लगाया कि कि गत 20 फरवरी 2026 को अपनी 18 वर्षीया पुत्री स्वचाली सिंह को चक्कर आने पर क्षेत्र के देवरी उत्तर गांव स्थित रतेह चौराहा पर 'चिरंजीवी क्लीनिक' में दिखाया तो झोलाछाप डॉक्टर ने पुत्री को एक सप्ताह की दवा खाने के लिए दी। झोलाछाप द्वारा दी गई दवा को बेटी ने खाया तो चार दिन बाद बेटी घर पर गश खाकर गिर पड़ी और उसे चलने में दिक्कत होने लगी। बेटी की दिमागी हालत विक्षिप्त जैसी हो गई। हालत गंभीर देखकर बेटी को उन्होंने मीरजापुर मंडलीय चिकित्सालय ले जाकर दिखाया। जहां चिकित्सक ने बेटी की हालत गंभीर देखते हुए 27 फरवरी को वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। जहां पुत्री का 19 दिनों तक इलाज चला। *बेटी का इलाज कर रहे बीएचयू ट्रामा सेंटर के न्यूरो विभाग के चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने की वजह से बेटी की ऐसी हालत हुई है।*
बताया कि*यह दवा पागलों के इलाज में दी जाती है।* बेटी को चलने फिरने में दिक्कत हो रही है और उसकी याददाश्त में सुधार नही हो पा रहा है। आरोप लगाया कि उक्त झोलाछाप बिना किसी चिकित्सा डिग्री व बगैर लाइसेंस के क्लीनिक खोलकर चला रहा है। भोली भाली जनता का गलत दवा इलाज कर उनकी सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। दिनेश सिंह ने बेटी की हालत के लिए झोलाछाप को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी हलिया डाक्टर अवधेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। झोलाछाप और अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


*झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीएम, डीएम से लगाई गुहार*


पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने बेटी का गलत दवा इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है। दिनेश सिंह ने गत 27 मार्च को सीएम पोर्टल पर झोलाछाप की शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इस मामले में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बबुरा कलां निवासी शिकायकर्ता दिनेश सिंह के घर पहुंचकर नोटिस दिया और आठ अप्रैल को झोलाछाप द्वारा दवा इलाज किए जाने का साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा। नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने रतेह चौराहा स्थित चिरंजीव मेडिकल पर पहुंचकर मामले की जांच करते हुए झोलाछाप को नोटिस जारी की और सीएमओ कार्यालय में चिकित्सा संबंधी कागजातों के साथ प्रस्तुत होने के लिए कहा। वहीं दूसरी ओर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी से झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है।

*नोडल अधिकारी की भूमिका संदिग्ध, कार्रवाई के नाम पर होती है खानापूर्ति*

दिनेश सिंह ने नोडल अधिकारी द्वारा झोलाछाप के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नोडल अधिकारी अवधेश सिंह दो मिनट के लिए दोपहर बाद हमारे घर पर आए और नोटिस देते हुए घर की और मेरी फोटो खींचवा कर ले गए। आरोप लगाया कि नोडल अधिकारी ने मेरी बात सुनने के लिए समय नहीं दिया जबकि बेटी का किसी तरह से कर्ज लेकर दवा इलाज करा रहे हैं। युवती के पिता ने सीएम पोर्टल पर की गई शिकायत में झोलाछाप पर गलत दवा इलाज करने का आरोप लगाया था। शिकायत में आरोप लगाया था कि झोलाछाप के इलाज से बेटी की हालत गंभीर हो गई और 19 दिनों तक बीएचयू के न्यूरो विभाग में वेंटिलेटर पर पड़ी बेटी का चिकित्सकों ने दवा इलाज किया। इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने से पुत्री की हालत गंभीर हुई है। इस संबंध में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने बताया कि शिकायत पर मामले की जांच की गई है आरोपित मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस दी गई है। शिकायकर्ता को भी नोटिस देकर दवा इलाज किए जाने साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। मामले की जांच की जा रही है।


*पीड़ित पिता ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप*


जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के उपर कैसे व किस प्रकार से शिकायत होने पर कार्रवाई की जाती है, इसकी बानगी इसी घटना से देखा जा सकता है। बताया गया है कि पीड़ित पिता दिनेश जब बुधवार, 8 अप्रैल को निर्धारित तिथि को सीएमओ कार्यालय मीरजापुर अपना पक्ष रखने पहुंचे थे तो उनकी पीड़ा को सुनने के बजाए नोडल अधिकारी से लगाय सीएमओ द्वारा उन्हें ही डांट डपेट कर वहां से उन्हें चलता कर दिया गया। व्यथथित होकर दिनेश कुमार सिंह सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर देर शाम तक जिलाधिकारी कार्यालय पर अपनी पत्नी के साथ डटे रहे हैं। उनका आरोप रहा है कि एनआईसी में मीटिंग के बाद जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सीएमओ मीरजापुर को दिनेश सिंह की समस्या को सुनकर झोलाछाप डॉक्टर पर कार्रवाई के निर्देश दिए दिए, लेकिन सीएमओ साहब कार्रवाई को कौन कहें पीड़ित दम्पति को ही फटकार लगाने लगे कि सरकारी डाक्टर को हम देखते हैं, इसमें हम क्या कर सकते हैं।

आश्चर्य कि बात है पीड़ित पिता ने सम्पूर्ण मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर करने के साथ ही जिलाधिकारी से भी की है जिसपर जांच कर कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देशित किया जा चुका है बावजूद इसके तकरीबन डेढ़ माह बीतने को है इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो पाई है।
रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी पर एक और केस, राशिद का बेटा भी नामजद; कोर्ट के आदेश पर प्रयागराज में मुकदमा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सस्ते भूखंड, फ्लैट का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी में रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर एक और मुकदमा लिखा गया है। इस बार कंपनी के सीएमडी राशिद नसीम के साथ ही उसके बेटे हयात राशिद नसीम, भाई एमडी आसिफ नसीम, एजेंट गजेंद्र सिंह उर्फ गज्जू, अजय चौरसिया, प्रियंका चौरसिया को सिविल लाइंस पुलिस ने नामजद किया है।

दिल्ली के छत्तरपुर, आंबेडकर कालोनी निवासी आनंद पांडेय का कहना है कि वर्ष 2013 में वह प्रयागराज आए थे। आरोप है कि इसी दौरान शाइन सिटी कंपनी के एजेंट ने उनसे संपर्क करते हुए कई योजनाएं बताईं। सिविल लाइंस स्थित कार्यालय जाने पर गज्जू, अजय व प्रियंका मिले। उन्होंने कंपनी की लार्जर दि लाइफ स्कीम के बारे में बताया। कहा कि कंपनी इस स्कीम के जरिए फोरेक्स ट्रेडिंग करती है।

निवेश की गई रकम पर प्रतिमाह आठ प्रतिशत मुनाफा दिए जाने की बात कही गई। विश्वास में आकर उन्होंने 17 लाख 68 हजार रुपये निवेश किया। समयावधि पूरा होने पर उन्होंने मुनाफा मांगा तो कर्मचारियों ने कहा कि कंपनी की वेबसाइट में टेक्निकल ग्लिच आ गया है। उसके ठीक होने पर फोरेक्स ट्रेडिंग शुरू होते ही वादे के मुताबिक भुगतान किया जाएगा।

काफी समय बाद भी भुगतान नहीं हुआ तो कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी टालमटोल करने लगे। उनके नंबर भी बंद हो गए। तब उन्हें ठगी का पता चला। मगर अक्टूबर 2025 में राशिद नसीम ने अपने फेसबुक पेज से एक पोस्ट शेयर किया। उसमें बताया कि कंपनी को जेनिथ नाम से उनका बेटा हयात दुबई से संचालित करेगा। लेकिन कोई भुगतान नहीं किया गया।

ठगी के शिकार भुक्तभोगी ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस रामाश्रय यादव का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया है।
ईरान-अमेरिका सीजफायर में पाकिस्तान मध्यस्थ या मोहरा? जानें क्यों उठ रहे सवाल

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अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर हो गया है। इसमें पाकिस्तान की अहम भूमिका सामने आई है, जिसे खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है। लेकिन पाकिस्तान यहां भी अपनी नापाक हरकत से बाज नहीं आया है। ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर पाकिस्तान खुद को शांति दूत के रूप में पेश कर रहा है। शांति वार्ता की मेजबानी कर वह अपनी छाती ठोक रहा है। लेकिन, सच्चाई कुछ अलग है।

पाक मात्र एक मैसेंजर

ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक असल में व्हाइट हाउस ने पाकिस्तान को दबाव डालकर इस्तेमाल किया। इस्लामाबाद कोई न्यूट्रल ब्रोकर नहीं था। वह सिर्फ अमेरिका का सुविधाजनक मैसेंजर बनकर रह गया। रिपोर्ट कहती है कि अमेरिका ने पाकिस्तान पर जोर डाला कि वह वाशिंगटन का प्रस्ताव तेहरान तक पहुंचाए। पाकिस्तान को सक्रिय भूमिका नहीं दी गई, बल्कि सिर्फ एक चैनल बनाया गया।

यूएस ने पाकिस्तान को ही क्यों चुना?

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका को लगा कि ईरान मुस्लिम पड़ोसी देश के जरिए आने वाले ऑफर को ज्यादा आसानी से मान लेगा। यही वजह थी कि पाकिस्तान को चुना गया।

इजरायल के राजदूत ने भी उठाया सवाल

अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह के सीजफायर पर पाकिस्तान खुद की अपनी पीठ थपथपा रहा है। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने भी उसकी मध्यस्थ की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। इजरायली राजदूत रूवेन ने अमेरिका-ईरान के बीच चल रही सीजफायर की बातचीत में मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका पर संदेह जताया है। उन्होने कहा, इजरायल इस्लामाबाद को एक "विश्वसनीय पक्ष" के रूप में नहीं देखता है। रूवेन अजार ने कहा, 'हम पाकिस्तान को एक भरोसेमंद पक्ष के रूप में नहीं देखते हैं. मुझे लगता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने निजी कारणों से पाकिस्तान की मध्यस्थता का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है।

किसके इशारों पर नाच रहा पाक?

वहीं, 'फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज' (FDD) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और अमेरिकी ट्रेजरी के पूर्व एनालिस्ट जोनाथन श्नाइजर ने पाकिस्तान की इस भूमिका पर गंभीर संदेह जताते हुए पूछा है कि क्या पाकिस्तान वाकई शांति चाहता है या वह सिर्फ चीन के इशारों पर नाच रहा है? जोनाथन श्नाइजर का मानना है कि पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति उसे स्वतंत्र फैसले लेने की अनुमति नहीं देती है। पाकिस्तान, चीन के 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) और 'डेब्ट-ट्रैप डिप्लोमेसी' में बुरी तरह फंसा हुआ है। श्नाइजर ने सवाल उठाया कि क्या पाकिस्तान अमेरिका के साथ नए गठबंधन बनाकर अपनी स्थिति सुधारना चाहता है या वह केवल चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के 'माउथपीस' के तौर पर काम कर रहा है।

मेरठ के सेंट्रल मार्केट में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: 40 साल पुराना कारोबार ढहा, 44 भवन सील

मेरठ। मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार का दिन इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बड़ी कार्रवाई करते हुए 44 व्यावसायिक भवनों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।सुबह करीब 9 बजे से शुरू हुआ सीलिंग अभियान शाम 6 बजे तक चला। सात अलग-अलग टीमों ने एक साथ कार्रवाई की, जबकि पूरे इलाके को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बैरिकेड कर दिया गया था।

40 साल पुराना बाजार एक झटके में सील

सेंट्रल मार्केट में दशकों से चल रहे अस्पताल, स्कूल, कोचिंग सेंटर, रेस्टोरेंट और दर्जनों दुकानें इस कार्रवाई की जद में आ गईं। शुरुआती कार्रवाई में कई प्रतिष्ठानों पर सील लगाई गई, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया।एमपीजीएस गर्ल्स कॉलेज से शुरू हुई कार्रवाई धीरे-धीरे पूरे मार्केट में फैल गई। कुछ ही घंटों में अस्पतालों, क्लीनिकों, रेस्टोरेंट और कॉम्प्लेक्स पर ताले लग गए।

व्यापारियों और कर्मचारियों में कोहराम

सीलिंग की कार्रवाई के दौरान कई जगहों पर व्यापारी और कर्मचारी रोते-बिलखते नजर आए। लोग अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन कार्रवाई जारी रही।कई व्यापारियों ने कहा कि वे 20 से 30 साल से यहां कारोबार कर रहे थे और अब अचानक सबकुछ खत्म हो गया। इससे करीब 40 हजार लोगों की आजीविका प्रभावित होने का अनुमान है।

कोर्ट आदेश के तहत कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन को लेकर यह कदम उठाया गया है।सीलिंग के दौरान कई कॉम्प्लेक्सों में व्यापारियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक भी देखने को मिली। कुछ स्थानों पर तनाव इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।कुछ व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज किया।

स्कूल, अस्पताल और दुकानें भी बंद

इस अभियान में कई अस्पताल, स्कूल, बैंक्वेट हॉल और कॉम्प्लेक्स भी सील कर दिए गए। इससे न सिर्फ व्यापार प्रभावित हुआ बल्कि बड़ी संख्या में कर्मचारी बेरोजगारी की स्थिति में आ गए।कार्रवाई के बाद कई दुकानदारों और निवासियों ने इसे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी बताया। उनका कहना था कि वे वर्षों से यहां रह और काम कर रहे थे, लेकिन अब सबकुछ एक झटके में खत्म हो गया।सेंट्रल मार्केट में हुई यह कार्रवाई मेरठ के व्यापारिक इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक मानी जा रही है, जिसने हजारों परिवारों की आजीविका पर गहरा असर डाला है।
सुल्तानपुर में मारपीट के बाद बुजुर्ग की मौत,अयोध्या में इलाज के दौरान चौथे दिन हुई मौत,तीन आरोपियों पर केस दर्ज*
सुल्तानपुर के हलियापुर थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के बाद एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बुजुर्ग को गंभीर हालत में अयोध्या के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां बुधवार देर रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम उस्कामऊ (मौंजा तौधिकपुर) निवासी झुरहू प्रसाद 5 अप्रैल की सुबह गांव के ही दयाराम मौर्य के यहां किसी काम से गए थे। आरोप है कि उसी रात करीब 8 बजे आपसी कहासुनी के बाद कुछ लोगों ने एकजुट होकर उन पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पीड़ित के पुत्र अनिल कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि दयाराम मौर्य, ओमप्रकाश कोरी और माले चमार ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से झुरहू प्रसाद की पिटाई की। जब परिजन शोर सुनकर मौके पर पहुंचे, तो आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घायल बुजुर्ग को पहले प्राथमिक उपचार के बाद 100 सैय्या अस्पताल, पिठला ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें दर्शन नगर मेडिकल कॉलेज, अयोध्या रेफर कर दिया था। बुधवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हलियापुर पुलिस ने अनिल कुमार की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
नालंदा की घटना पर उबाल: गया में प्रजापति समाज की आपात बैठक, दोषियों को फांसी देने की मांग

गया: बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति, जिला शाखा गया की ओर से गुरुवार को आज प्रजापति धर्मशाला, दांडी बाग में कोर कमेटी की एक अति आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष कृष्ण कुमार अजय ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नालंदा जिले के नूरसराय प्रखंड अंतर्गत अजयपुर गांव में प्रजापति समाज की एक महिला के साथ सरेआम सड़क पर हुई कथित सामूहिक दुष्कर्म की वीभत्स घटना पर चर्चा करना और आगे की रणनीति तय करना था।

बैठक के दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने इस जघन्य घटना की कड़ी निंदा की और इसे मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य बताया। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। समिति के सदस्यों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।

समिति ने सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया कि घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाया जाए और उन्हें अविलंब कठोरतम दंड, विशेष रूप से फांसी की सजा दी जाए।

सदस्यों का कहना था कि जब तक अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा। इसके साथ ही समिति ने निर्णय लिया कि इस मुद्दे को लेकर जनस्तर पर भी आवाज उठाई जाएगी और आवश्यक होने पर आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। इसी क्रम में आगामी 12 अप्रैल 2026 को गया जिला कार्यकारिणी की एक विशेष बैठक बुलाने की घोषणा की गई है, जिसमें इस घटना की विस्तृत समीक्षा कर आगे की रणनीति और कार्रवाई तय की जाएगी।

बैठक में जिला सचिव विनोद कुमार, संरक्षक द्वारका प्रजापति, पूर्व अध्यक्ष नंदलाल प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष बाल अमृत प्रसाद, कोषाध्यक्ष मोहन प्रजापति सहित कई प्रमुख पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा ज्ञान दत्त प्रजापति, विष्णु कुमार, बिजेंद्र कुमार, प्रभाकर, राजदेव पंडित, विनोद कुमार पंडित, राजेंद्र पंडित, एस.के. सुमन, रामविलास पंडित, रविंद्र प्रजापति और नागेश्वर प्रजापति समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी बैठक में भाग लिया।

बदलापुर में KDR फाउंडेशन द्वारा आयोजित निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर संपन्न
जौनपुर। सेवा सबसे बड़ा धर्म है।  निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करना, मानवता की सेवा करना ही ईश्वर की सच्ची पूजा है। जरूरतमंदों, माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा से न केवल आत्मा को संतोष मिलता है, बल्कि समाज में प्रेम और सद्भाव भी बढ़ता है। केवला देवी रामबहाल फाउंडेशन एक ऐसी सामाजिक संस्था है जो पिछले कई वर्षों से ग्रामीण भागों में लगातार जन सेवा का पुनीत काम कर रही है। विशेषकर जरूरतमंद एवं गरीब लोगों के निशुल्क नेत्र परीक्षण, मोतियाबिंद जांच तथा चयनित मरीजों के लिए निशुल्क लेंस प्रत्यारोपण सुविधा की दिशा में यह संस्था अब तक हजारों मरीजों के अंधेरे जीवन को उजालों में बदल चुकी है।संस्था द्वारा 9 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक, जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित कठार गांव के केडीआर हाउस में निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें करीब 100 लोगों ने लाभ उठाया। आर जे शंकरा आंख अस्पताल की तरफ से डॉ मुमताज अली, डॉ प्रिया तथा डॉ. अर्चना की टीम ने लोगों का नेत्र परीक्षण किया। संस्था के अध्यक्ष विनोद आर सिंह ने बताया कि चयनित मरीजों को वाराणसी स्थित आरजे शंकरा आंख अस्पताल ले जाया जाएगा। बस सेवा भी पूरी तरह से निशुल्क होगी। मरीजों के उपचार एवं भोजन की व्यवस्था अस्पताल द्वारा निशुल्क किया गया है। शिविर में आए अनेक लोगों ने बताया कि पिछले अनेक वर्षों से संस्था द्वारा सुंदर तरीके से कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों के साथ-साथ दूर के लोगों को भी लाभ मिल रहा है। शिविर में आयोजक के रूप में उपस्थित ठाकुर अमरधारी सिंह, अशोक सिंह, विनय सिंह, सौरभ सिंह, विकास सिंह तथा उनके सहयोगियों त्रिभुवन सिंह, शिवनारायण विश्वकर्मा  अंकुर सिंह, सुरेंद्र दुबे, विपिन मिश्रा, आजाद पांडे, उत्तम दुबे आदि ने शिविर में आए लोगों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा।
आजमगढ़: अनिलेश यादव ने रचा इतिहास, ARO परीक्षा में 7वीं रैंक किया हासिल
आजमगढ़। लालगंज तहसील के अंतर्गत ग्राम नईकोट के होनहार युवा अनिलेश कुमार यादव ने अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (RO/ARO) परीक्षा में उन्होंने सहायक समीक्षा अधिकारी पद पर शानदार 7वीं रैंक प्राप्त कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। वर्तमान में संत कबीर नगर जनपद में लेखपाल के पद पर कार्यरत अनिलेश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही विद्यालय से प्राप्त की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने निरंतर मेहनत और लगन के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी और अपने लक्ष्य को हासिल कर दिखाया। अनिलेश के पिता हरीराम यादव, जो सेवानिवृत्त एसडीएम हैं वह पुत्र की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए इसे पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। उनकी सफलता की खबर मिलते ही गांव और आसपास के इलाकों में खुशी की लहर दौड़ गई, लोग एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे हैं। अपनी सफलता पर अनिलेश कुमार यादव ने कहा कि उन्होंने यह मुकाम अपने माता-पिता के आशीर्वाद, गुरुजनों के मार्गदर्शन और निरंतर कठिन परिश्रम के बल पर हासिल किया है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। अनिलेश की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि परे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का बनें है।
मेहनत को मिला इंजन—मेधावी छात्रों को स्कूटी, लैपटॉप और साइकिल, लालापुर बना शिक्षा का उत्सव स्थल
इनाम नहीं, इरादों को मिली उड़ान गांव की प्रतिभाओं ने रचा नया इतिहास, तालियों से गूंजा परिसर



विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज,यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत लालापुर में स्थित पंडित विष्णु राम तिवारी इंटर कॉलेज में रविवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने ग्रामीण शिक्षा के परिदृश्य को नई दिशा दे दी। राष्ट्र सेवा संस्थान के अध्यक्ष रूपेश त्रिपाठी (भार्गव), निवासी ग्राम सभा चकशिवचेर, के सौजन्य से आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता और उसके भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया। यह प्रतियोगिता उनतीस मार्च, रविवार को आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम पाँच अप्रैल, रविवार को दोपहर एक बजे से शाम सात बजे तक घोषित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों की प्रतिभा को पहचानना, उन्हें प्रोत्साहित करना और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेमशंकर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रतिभाओं को सम्मानित करना न केवल उनके परिश्रम की सराहना है, बल्कि यह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का दीप भी जलाता है। प्रतियोगिता में कक्षा नौ से बारह तक के विद्यार्थियों के लिए प्रथम स्थान पर इलेक्ट्रिक स्कूटी, द्वितीय स्थान पर लैपटॉप तथा तृतीय स्थान पर सीलिंग फैन एवं कुर्सी -मेज प्रदान किए गए। वहीं कक्षा चार से पाँच तक के विद्यार्थियों के लिए प्रथम स्थान पर रेंजर साइकिल, द्वितीय स्थान पर कुर्सी-मेज और तृतीय स्थान पर स्कूल बैग व टेबल लैंप देकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में विजेताओं को जब मंच पर बुलाकर स्कूटी और साइकिल सौंपी गई, तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा। यह दृश्य न केवल छात्रों के लिए गर्व का क्षण था, बल्कि अभिभावकों के लिए भी भावुक और प्रेरणादायक पल साबित हुआ। मुख्य अतिथियों में ग्राम प्रधान शंकर लाल पांडेय, सुप्रसिद्ध जादूगर ज्ञानेंद्र भार्गव, आचार्य हरिकृष्ण शुक्ला, विद्यालय के प्रबंधक सुरेश त्रिपाठी, नरेंद्र त्रिपाठी, जय सिंह पटेल (राष्ट्र सेवा ट्रस्ट), होरीलाल केसरवानी, कमलेश त्रिपाठी, अंबिका पांडेय, पुष्पा श्रीवास्तव और प्रकाश शुक्ला उर्फ प्रचंड शुक्ला सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अनुशासन, निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया। समारोह में समाजसेवियों और अभिभावकों की भी भारी उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा ही वह शक्ति है, जो किसी भी साधारण व्यक्ति को असाधारण ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। कार्यक्रम में मनोरंजन का भी विशेष रंग देखने को मिला। प्रसिद्ध जादूगर ज्ञानेंद्र भार्गव और पुष्पा के जादुई करतबों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस प्रस्तुति का आनंद लेते नजर आया। विजेताओं में कक्षा पाँच की छात्रा दीक्षा तिवारी (पीवीआरटी विद्यालय) को रेंजर साइकिल, कक्षा सात के छात्र हिमांशु तिवारी (पीवीआर विद्यालय) को कुर्सी-मेज, कक्षा आठ की छात्रा सांवली (एसजीएम विद्यालय, प्रतापपुर) को रेंजर साइकिल प्रदान की गई। वहीं कक्षा ग्यारह-बारह वर्ग में आराध्या तिवारी (पीवीआरटी विद्यालय) को लैपटॉप, आस्था यादव (पीवीआरटी विद्यालय) को रेंजर साइकिल और आमिर (सरदार पटेल विद्यालय) को इलेक्ट्रिक स्कूटी देकर सम्मानित किया गया। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन जारी रहेंगे, ताकि ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को मंच मिलता रहे और वे सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकें। यह आयोजन सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि गांव की नई सोच और शिक्षा के प्रति जागरूकता का प्रतीक बनकर उभरा जहां इनाम के साथ-साथ सपनों को भी पंख मिले।
फाल में डूबने से ऑटो चालक की हुई मौत, दूसरे दिन चट्टानों के दर्रे में फंसा मिला शव, मचा हड़कंप


मीरजापुर। अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आए एक ऑटो चालक सैलानी की जलप्रपात में डूबने से मौत हो गई. दूसरे दिन कड़ी मशक्कत के बाद शव बरामद किया गया है.

मिर्जापुर अहरौरा थाना क्षेत्र  के सुखदरिया जलप्रपात में बुधवार की शाम डूबे ऑटो चालक सैलानी सन्नी खान का शव 18 घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद चट्टानों के दर्रे में फंसे शव को खोज निकाला है. जिसे देखते ही मौके पर मौजूद परिजनों मे कोहराम मच गया.
बताया जा रहा चंदौली के पड़ाव क्षेत्र स्थित चौरहट के रहने वाला ऑटो चालक सन्नी खान बुधवार को मित्र दिलशाद के साथ सलमान के घर बाराडीह आया हुआ था तभी पिकनिक मनाने का प्लान बना तीनों मित्र सैलानी पिकनिक मनाने लखनिया दरी जलप्रपात पर पहुंचे तो वहां तालाबंदी होने के कारण पहाड़ों तथा जंगल के रास्ते तीनों सैलानी सुखदरिया पहुंचे जहां मौज मस्ती के दौरान नहाते समय पैर फिसलने पर गहरे पानी में जाने से सन्नी खान डूब गया यह नजारा देख मित्रों की हालत खराब हो गई आनन फानन में पुलिस को सूचना दी गई पुलिस मौके पर पहुंची तो सर्च ऑपरेशन देर रात चलाया गया परंतु डूबे युवक का पता नहीं चला तब तक काफी अंधेरा हो गया चुनार से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई खोजबीन के बावजूद अंधेरा होने के चलते रात में डूबे सैलानी सन्नी का पता नहीं चला तो बृहस्पतिवार के सुबह एसडीआरएफ टीम के गोताखोरों ने काफी परिश्रम के बाद पत्थर के दर्रे में फंसे शव को निकाला लिया गया.


इस संबंध में अहरौरा थानाध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि गहरे पानी में जाने से युवक की डूब कर मौत हुई है शव बरामद करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अजब डाक्टर की गज़ब कहानी, चक्कर आने पर दे दी पागलों वाली दवा, जानकर बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टरों के उड़े होश
*झोलाछाप डॉक्टर पर बेटी को गलत दवा देने का पिता ने लगाया आरोप, कार्रवाई की लगाई गुहार

मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर जिले से झोलाछाप डॉक्टर से जुड़ी हुई एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसे जानकर ख़ुद बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टर सकते में हैं, कि आख़िरकार इतनी बड़ी लापरवाही भला कैसे? मामला, सिर्फ झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ही नहीं बल्कि शिकायत करने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई का ना होना भी पूरे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार मुलाजिमों को कटघरे में खड़े करने के लिए काफी है।

पूरा मामला मीरजापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बबुरा कलां गांव से जुड़ा हुआ है जहां के निवासी दिनेश सिंह ने क्षेत्र के रतेह चौराहा स्थित एक झोलाछाप पर बेटी को गलत दवा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने पिछले दिनों सीएम पोर्टल पर प्रार्थना पत्र देकर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार भी लगाई है। दिए गए प्रार्थना पत्र में दिनेश सिंह आरोप लगाया कि कि गत 20 फरवरी 2026 को अपनी 18 वर्षीया पुत्री स्वचाली सिंह को चक्कर आने पर क्षेत्र के देवरी उत्तर गांव स्थित रतेह चौराहा पर 'चिरंजीवी क्लीनिक' में दिखाया तो झोलाछाप डॉक्टर ने पुत्री को एक सप्ताह की दवा खाने के लिए दी। झोलाछाप द्वारा दी गई दवा को बेटी ने खाया तो चार दिन बाद बेटी घर पर गश खाकर गिर पड़ी और उसे चलने में दिक्कत होने लगी। बेटी की दिमागी हालत विक्षिप्त जैसी हो गई। हालत गंभीर देखकर बेटी को उन्होंने मीरजापुर मंडलीय चिकित्सालय ले जाकर दिखाया। जहां चिकित्सक ने बेटी की हालत गंभीर देखते हुए 27 फरवरी को वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। जहां पुत्री का 19 दिनों तक इलाज चला। *बेटी का इलाज कर रहे बीएचयू ट्रामा सेंटर के न्यूरो विभाग के चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने की वजह से बेटी की ऐसी हालत हुई है।*
बताया कि*यह दवा पागलों के इलाज में दी जाती है।* बेटी को चलने फिरने में दिक्कत हो रही है और उसकी याददाश्त में सुधार नही हो पा रहा है। आरोप लगाया कि उक्त झोलाछाप बिना किसी चिकित्सा डिग्री व बगैर लाइसेंस के क्लीनिक खोलकर चला रहा है। भोली भाली जनता का गलत दवा इलाज कर उनकी सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। दिनेश सिंह ने बेटी की हालत के लिए झोलाछाप को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी हलिया डाक्टर अवधेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। झोलाछाप और अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


*झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीएम, डीएम से लगाई गुहार*


पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने बेटी का गलत दवा इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है। दिनेश सिंह ने गत 27 मार्च को सीएम पोर्टल पर झोलाछाप की शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इस मामले में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बबुरा कलां निवासी शिकायकर्ता दिनेश सिंह के घर पहुंचकर नोटिस दिया और आठ अप्रैल को झोलाछाप द्वारा दवा इलाज किए जाने का साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा। नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने रतेह चौराहा स्थित चिरंजीव मेडिकल पर पहुंचकर मामले की जांच करते हुए झोलाछाप को नोटिस जारी की और सीएमओ कार्यालय में चिकित्सा संबंधी कागजातों के साथ प्रस्तुत होने के लिए कहा। वहीं दूसरी ओर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी से झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है।

*नोडल अधिकारी की भूमिका संदिग्ध, कार्रवाई के नाम पर होती है खानापूर्ति*

दिनेश सिंह ने नोडल अधिकारी द्वारा झोलाछाप के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नोडल अधिकारी अवधेश सिंह दो मिनट के लिए दोपहर बाद हमारे घर पर आए और नोटिस देते हुए घर की और मेरी फोटो खींचवा कर ले गए। आरोप लगाया कि नोडल अधिकारी ने मेरी बात सुनने के लिए समय नहीं दिया जबकि बेटी का किसी तरह से कर्ज लेकर दवा इलाज करा रहे हैं। युवती के पिता ने सीएम पोर्टल पर की गई शिकायत में झोलाछाप पर गलत दवा इलाज करने का आरोप लगाया था। शिकायत में आरोप लगाया था कि झोलाछाप के इलाज से बेटी की हालत गंभीर हो गई और 19 दिनों तक बीएचयू के न्यूरो विभाग में वेंटिलेटर पर पड़ी बेटी का चिकित्सकों ने दवा इलाज किया। इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने से पुत्री की हालत गंभीर हुई है। इस संबंध में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने बताया कि शिकायत पर मामले की जांच की गई है आरोपित मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस दी गई है। शिकायकर्ता को भी नोटिस देकर दवा इलाज किए जाने साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। मामले की जांच की जा रही है।


*पीड़ित पिता ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप*


जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के उपर कैसे व किस प्रकार से शिकायत होने पर कार्रवाई की जाती है, इसकी बानगी इसी घटना से देखा जा सकता है। बताया गया है कि पीड़ित पिता दिनेश जब बुधवार, 8 अप्रैल को निर्धारित तिथि को सीएमओ कार्यालय मीरजापुर अपना पक्ष रखने पहुंचे थे तो उनकी पीड़ा को सुनने के बजाए नोडल अधिकारी से लगाय सीएमओ द्वारा उन्हें ही डांट डपेट कर वहां से उन्हें चलता कर दिया गया। व्यथथित होकर दिनेश कुमार सिंह सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर देर शाम तक जिलाधिकारी कार्यालय पर अपनी पत्नी के साथ डटे रहे हैं। उनका आरोप रहा है कि एनआईसी में मीटिंग के बाद जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सीएमओ मीरजापुर को दिनेश सिंह की समस्या को सुनकर झोलाछाप डॉक्टर पर कार्रवाई के निर्देश दिए दिए, लेकिन सीएमओ साहब कार्रवाई को कौन कहें पीड़ित दम्पति को ही फटकार लगाने लगे कि सरकारी डाक्टर को हम देखते हैं, इसमें हम क्या कर सकते हैं।

आश्चर्य कि बात है पीड़ित पिता ने सम्पूर्ण मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर करने के साथ ही जिलाधिकारी से भी की है जिसपर जांच कर कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देशित किया जा चुका है बावजूद इसके तकरीबन डेढ़ माह बीतने को है इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो पाई है।
रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी पर एक और केस, राशिद का बेटा भी नामजद; कोर्ट के आदेश पर प्रयागराज में मुकदमा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सस्ते भूखंड, फ्लैट का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी में रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर एक और मुकदमा लिखा गया है। इस बार कंपनी के सीएमडी राशिद नसीम के साथ ही उसके बेटे हयात राशिद नसीम, भाई एमडी आसिफ नसीम, एजेंट गजेंद्र सिंह उर्फ गज्जू, अजय चौरसिया, प्रियंका चौरसिया को सिविल लाइंस पुलिस ने नामजद किया है।

दिल्ली के छत्तरपुर, आंबेडकर कालोनी निवासी आनंद पांडेय का कहना है कि वर्ष 2013 में वह प्रयागराज आए थे। आरोप है कि इसी दौरान शाइन सिटी कंपनी के एजेंट ने उनसे संपर्क करते हुए कई योजनाएं बताईं। सिविल लाइंस स्थित कार्यालय जाने पर गज्जू, अजय व प्रियंका मिले। उन्होंने कंपनी की लार्जर दि लाइफ स्कीम के बारे में बताया। कहा कि कंपनी इस स्कीम के जरिए फोरेक्स ट्रेडिंग करती है।

निवेश की गई रकम पर प्रतिमाह आठ प्रतिशत मुनाफा दिए जाने की बात कही गई। विश्वास में आकर उन्होंने 17 लाख 68 हजार रुपये निवेश किया। समयावधि पूरा होने पर उन्होंने मुनाफा मांगा तो कर्मचारियों ने कहा कि कंपनी की वेबसाइट में टेक्निकल ग्लिच आ गया है। उसके ठीक होने पर फोरेक्स ट्रेडिंग शुरू होते ही वादे के मुताबिक भुगतान किया जाएगा।

काफी समय बाद भी भुगतान नहीं हुआ तो कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी टालमटोल करने लगे। उनके नंबर भी बंद हो गए। तब उन्हें ठगी का पता चला। मगर अक्टूबर 2025 में राशिद नसीम ने अपने फेसबुक पेज से एक पोस्ट शेयर किया। उसमें बताया कि कंपनी को जेनिथ नाम से उनका बेटा हयात दुबई से संचालित करेगा। लेकिन कोई भुगतान नहीं किया गया।

ठगी के शिकार भुक्तभोगी ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस रामाश्रय यादव का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया है।
ईरान-अमेरिका सीजफायर में पाकिस्तान मध्यस्थ या मोहरा? जानें क्यों उठ रहे सवाल

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अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर हो गया है। इसमें पाकिस्तान की अहम भूमिका सामने आई है, जिसे खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है। लेकिन पाकिस्तान यहां भी अपनी नापाक हरकत से बाज नहीं आया है। ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर पाकिस्तान खुद को शांति दूत के रूप में पेश कर रहा है। शांति वार्ता की मेजबानी कर वह अपनी छाती ठोक रहा है। लेकिन, सच्चाई कुछ अलग है।

पाक मात्र एक मैसेंजर

ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक असल में व्हाइट हाउस ने पाकिस्तान को दबाव डालकर इस्तेमाल किया। इस्लामाबाद कोई न्यूट्रल ब्रोकर नहीं था। वह सिर्फ अमेरिका का सुविधाजनक मैसेंजर बनकर रह गया। रिपोर्ट कहती है कि अमेरिका ने पाकिस्तान पर जोर डाला कि वह वाशिंगटन का प्रस्ताव तेहरान तक पहुंचाए। पाकिस्तान को सक्रिय भूमिका नहीं दी गई, बल्कि सिर्फ एक चैनल बनाया गया।

यूएस ने पाकिस्तान को ही क्यों चुना?

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका को लगा कि ईरान मुस्लिम पड़ोसी देश के जरिए आने वाले ऑफर को ज्यादा आसानी से मान लेगा। यही वजह थी कि पाकिस्तान को चुना गया।

इजरायल के राजदूत ने भी उठाया सवाल

अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह के सीजफायर पर पाकिस्तान खुद की अपनी पीठ थपथपा रहा है। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने भी उसकी मध्यस्थ की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। इजरायली राजदूत रूवेन ने अमेरिका-ईरान के बीच चल रही सीजफायर की बातचीत में मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका पर संदेह जताया है। उन्होने कहा, इजरायल इस्लामाबाद को एक "विश्वसनीय पक्ष" के रूप में नहीं देखता है। रूवेन अजार ने कहा, 'हम पाकिस्तान को एक भरोसेमंद पक्ष के रूप में नहीं देखते हैं. मुझे लगता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने निजी कारणों से पाकिस्तान की मध्यस्थता का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है।

किसके इशारों पर नाच रहा पाक?

वहीं, 'फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज' (FDD) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और अमेरिकी ट्रेजरी के पूर्व एनालिस्ट जोनाथन श्नाइजर ने पाकिस्तान की इस भूमिका पर गंभीर संदेह जताते हुए पूछा है कि क्या पाकिस्तान वाकई शांति चाहता है या वह सिर्फ चीन के इशारों पर नाच रहा है? जोनाथन श्नाइजर का मानना है कि पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति उसे स्वतंत्र फैसले लेने की अनुमति नहीं देती है। पाकिस्तान, चीन के 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) और 'डेब्ट-ट्रैप डिप्लोमेसी' में बुरी तरह फंसा हुआ है। श्नाइजर ने सवाल उठाया कि क्या पाकिस्तान अमेरिका के साथ नए गठबंधन बनाकर अपनी स्थिति सुधारना चाहता है या वह केवल चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के 'माउथपीस' के तौर पर काम कर रहा है।

मेरठ के सेंट्रल मार्केट में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: 40 साल पुराना कारोबार ढहा, 44 भवन सील

मेरठ। मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार का दिन इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बड़ी कार्रवाई करते हुए 44 व्यावसायिक भवनों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।सुबह करीब 9 बजे से शुरू हुआ सीलिंग अभियान शाम 6 बजे तक चला। सात अलग-अलग टीमों ने एक साथ कार्रवाई की, जबकि पूरे इलाके को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बैरिकेड कर दिया गया था।

40 साल पुराना बाजार एक झटके में सील

सेंट्रल मार्केट में दशकों से चल रहे अस्पताल, स्कूल, कोचिंग सेंटर, रेस्टोरेंट और दर्जनों दुकानें इस कार्रवाई की जद में आ गईं। शुरुआती कार्रवाई में कई प्रतिष्ठानों पर सील लगाई गई, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया।एमपीजीएस गर्ल्स कॉलेज से शुरू हुई कार्रवाई धीरे-धीरे पूरे मार्केट में फैल गई। कुछ ही घंटों में अस्पतालों, क्लीनिकों, रेस्टोरेंट और कॉम्प्लेक्स पर ताले लग गए।

व्यापारियों और कर्मचारियों में कोहराम

सीलिंग की कार्रवाई के दौरान कई जगहों पर व्यापारी और कर्मचारी रोते-बिलखते नजर आए। लोग अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन कार्रवाई जारी रही।कई व्यापारियों ने कहा कि वे 20 से 30 साल से यहां कारोबार कर रहे थे और अब अचानक सबकुछ खत्म हो गया। इससे करीब 40 हजार लोगों की आजीविका प्रभावित होने का अनुमान है।

कोर्ट आदेश के तहत कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन को लेकर यह कदम उठाया गया है।सीलिंग के दौरान कई कॉम्प्लेक्सों में व्यापारियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक भी देखने को मिली। कुछ स्थानों पर तनाव इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।कुछ व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज किया।

स्कूल, अस्पताल और दुकानें भी बंद

इस अभियान में कई अस्पताल, स्कूल, बैंक्वेट हॉल और कॉम्प्लेक्स भी सील कर दिए गए। इससे न सिर्फ व्यापार प्रभावित हुआ बल्कि बड़ी संख्या में कर्मचारी बेरोजगारी की स्थिति में आ गए।कार्रवाई के बाद कई दुकानदारों और निवासियों ने इसे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी बताया। उनका कहना था कि वे वर्षों से यहां रह और काम कर रहे थे, लेकिन अब सबकुछ एक झटके में खत्म हो गया।सेंट्रल मार्केट में हुई यह कार्रवाई मेरठ के व्यापारिक इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक मानी जा रही है, जिसने हजारों परिवारों की आजीविका पर गहरा असर डाला है।
सुल्तानपुर में मारपीट के बाद बुजुर्ग की मौत,अयोध्या में इलाज के दौरान चौथे दिन हुई मौत,तीन आरोपियों पर केस दर्ज*
सुल्तानपुर के हलियापुर थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के बाद एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बुजुर्ग को गंभीर हालत में अयोध्या के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां बुधवार देर रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम उस्कामऊ (मौंजा तौधिकपुर) निवासी झुरहू प्रसाद 5 अप्रैल की सुबह गांव के ही दयाराम मौर्य के यहां किसी काम से गए थे। आरोप है कि उसी रात करीब 8 बजे आपसी कहासुनी के बाद कुछ लोगों ने एकजुट होकर उन पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पीड़ित के पुत्र अनिल कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि दयाराम मौर्य, ओमप्रकाश कोरी और माले चमार ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से झुरहू प्रसाद की पिटाई की। जब परिजन शोर सुनकर मौके पर पहुंचे, तो आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घायल बुजुर्ग को पहले प्राथमिक उपचार के बाद 100 सैय्या अस्पताल, पिठला ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें दर्शन नगर मेडिकल कॉलेज, अयोध्या रेफर कर दिया था। बुधवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हलियापुर पुलिस ने अनिल कुमार की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।