स्टाम्प वेंडर और लेखकों की रोजी-रोटी पर संकट*
सुल्तानपुर विधायक ने ज्ञापन लेकर प्रमुख सचिव से मिलने की कही बात, अरबों का राजस्व घाटा*

सुल्तानपुर तहसील परिसर में स्टाम्प वेंडर ऑफिस के बाहर लोगों की भीड़ के बीच मुद्दा गरमाया। स्टाम्प वेंडर और लेखकों की संख्या में भारी कटौती से जुड़े परिवारों की आजीविका संकट में मो. ताहिर विधायक स्टाम्प वेंडर और लेखकों के बीच पहुंचे। उन्होंने सरकार की नई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे हजारों परिवार परेशान हो गए हैं और सरकार को अरबों रुपये का राजस्व घाटा हो रहा है।

विधायक ने स्टाम्प वेंडरों से मिला ज्ञापन दिखाते हुए कहा,"ये जो एक छोटा सा हमको इन्होंने ज्ञापन भी दिया है, ये आप देख सकते हैं। इसमें सैकड़ों-सैकड़ों लोगों का दर्द है,इनकी समस्याएं हैं।"पहले सैकड़ों थे,अब गिनती के बचे है।"ये बेचारे स्टाम्प वेंडर हैं और बता रहे हैं पहले स्टाम्प वेंडर होते थे अब चार स्टाम्प वेंडर बचे रह गए हैं। इस तरह से लेखको में भी पहले से जो है अभी लिमिटेड में ही बचे हुए हैं। जो बेचारे हैं भी उनको बता रहे हैं कि एकदम से मिटा देना चाहते हैं। इससे इनके साथ ये अन्याय ना होने पाए।" अरबों का घाटा,पूरे प्रदेश में हाहाकार,"हमारा प्रयास है कि सार्थक कोई रास्ता, सकारात्मक सोच रख करके हमारा प्रयास होगा कि अच्छा रास्ता निकले। जो छति हो रही है,अरबों रुपये का बता रहे हैं,पूरे प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है।
विधायक के मुताबिक सरकार ने स्टाम्प वेंडर और लेखकों की संख्या सीमित कर दी है। पहले बड़ी संख्या में ये लोग काम करते थे, अब सिर्फ गिनती के बचे हैं। इससे जुड़े हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है और सरकारी राजस्व भी घट रहा है। विधायक ने भरोसा दिलाया कि वो सकारात्मक रास्ता निकालने के लिए प्रमुख सचिव स्तर तक बात करेंगे,ताकि इन लोगों के साथ अन्याय न हो।
अंगदवीर हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, ग्रामीणों ने बहसूमा पुलिस की सराहना की
मेरठ/बहसूमा। सैफपुर-फिरोजपुर के समस्त ग्रामवासियों एवं मृतक अंगदवीर के परिजनों ने हत्याकांड का मात्र 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर आरोपितों की गिरफ्तारी करने पर बहसूमा पुलिस की सराहना की है।

ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्परता के साथ जांच की और अल्प समय में घटना का सफल अनावरण कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इससे क्षेत्र में पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

ग्रामीणों एवं परिजनों ने थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुश, उपनिरीक्षक आशीष यादव, उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार, उपनिरीक्षक धर्मवीर सिंह तथा उपनिरीक्षक संदीप कुमार सहित पूरी पुलिस टीम का तहे दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की मुस्तैदी और निष्पक्ष कार्रवाई से यह संदेश गया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

ग्रामीणों ने न्यायपालिका से मांग की है कि दोषियों को कठोरतम से कठोरतम सजा दी जाए तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए।

ग्रामीणों ने कहा कि बहसूमा पुलिस की सक्रियता और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई से आमजन का विश्वास कानून व्यवस्था में और मजबूत हुआ है। पुलिस जनता के साथ खड़ी होकर अपराध मुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इस अवसर पर देवेंद्र कुमार, नरेश लाल (प्रधान), गुरप्रीत सिंह, रविंद्र कुमार, हरप्रीत सिंह, मनदीप सिंह एवं अमरजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री के हाथों PM-VBRY के अंतर्गत 2,400 करोड़ रुपए का वितरण

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से लगभग 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। PM-VBRY के तहत यह वितरण 15 लाख से अधिक व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त रोजगार सृजन को गति देगा, ऐसी अपेक्षा है।
देशव्यापी जनजागरूकता एवं लाभ वितरण अभियान के अंतर्गत देशभर में 200 स्थानों पर समानांतर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), क्षेत्रीय कार्यालय मुंबई (दादर) द्वारा वर्ली स्थित एचएसएनसी विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना जनजागरूकता एवं लाभार्थी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की प्रमुख उपस्थिति रही।
इस अवसर पर बोलते हुए  लोढ़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित PM-VBRY योजना देश में रोजगार सृजन को नई दिशा देने वाली सिद्ध हो रही है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को औपचारिक रोजगार के अवसर मिल रहे हैं तथा नियोक्ताओं को भी रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहन प्राप्त हो रहा है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए ऐसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।” प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी रोजगार-संलग्न प्रोत्साहन (Employment Linked Incentive - ELI) योजना है, जिसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, पहली बार रोजगार क्षेत्र में प्रवेश करने वाले युवाओं को समर्थन देना तथा अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करना है।
99,446 करोड़ रुपए के कुल प्रावधान के साथ PM-VBRY का लक्ष्य दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजन को सुगम बनाना है। इनमें से लगभग 1.92 करोड़ लाभार्थी औपचारिक कार्यबल में पहली बार प्रवेश करने वाले होंगे, ऐसी अपेक्षा है।मुंबई क्षेत्र में भी इस योजना को उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिल रहा है। EPFO मुंबई-1 (बांद्रा) विभाग द्वारा PM-VBRY के भाग-अ के अंतर्गत 39,439 लाभार्थियों को 25.44 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की गई है। वहीं भाग-ब के अंतर्गत 1,815 लाभार्थियों को 110.61 करोड़ रुपए से अधिक का प्रोत्साहन वितरित किया गया है। रोजगार सृजन, कार्यबल का औपचारिकीकरण तथा सामाजिक सुरक्षा कवच के विस्तार की दिशा में PM-VBRY एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रही है और विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति में प्रभावी योगदान दे रही है।
राहुल गांधी के जन्मदिन पर मुंबई यूथ कांग्रेस का कल्याणकारी अभियान
मुंबई । मुंबई यूथ कांग्रेस ने राहुल गांधी के जन्मदिन पर एक कल्याणकारी अभियान आयोजित किया, जिसमें 500 से अधिक टू-व्हीलर डिलीवरी पार्टनर्स और कैब ड्राइवरों को मुफ्त पेट्रोल दिया गया। यह उनके भारत के मेहनतकश वर्ग के लिए न्याय और सम्मान के विज़न को दर्शाता है। यह अभियान 19 जून को दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक_ मुंबई यूनिवर्सिटी, कालीना कैंपस के पास भारत पेट्रोलियम पर _“युवा न्याय, गिग वर्कर्स का सम्मान”_ बैनर के तहत आयोजित की गई।
ज़ीनत शब्रिन, मुंबई यूथ कांग्रेस अध्यक्ष कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की करुणा और सेवा की विचारधारा यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बढ़ते ईंधन खर्चों से जूझ रहे फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ खड़े होने की प्रेरणा देती है। निखिल रूपारेल, उत्तर मध्य मुंबई जिला अध्यक्ष ने इस पहल का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हमेशा आम नागरिकों के अधिकारों के लिए लड़ते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान मुंबई को चलाने वाले लोगों के लिए उनके न्याय और सेवा के मार्ग पर चलने का हमारा प्रयास है।प्रीति चोकसी, मुंबई महासचिव,महिला कांग्रेस भी उपस्थित थीं और उन्होंने महिला डिलीवरी पार्टनर्स से बातचीत की। उन्होंने सामाजिक न्याय के प्रति राहुल गांधी की प्रतिबद्धता की सराहना की और गिग इकॉनमी में महिलाओं के लिए बेहतर कल्याण और सुरक्षा उपायों की मांग की। ज़ोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट, ज़ेप्टो, पोर्टर, उबर, ओला और अन्य प्लेटफॉर्म के गिग वर्कर्स ने बाइक RC या ड्राइविंग लाइसेंस के साथ ऐप ID दिखाकर ईंधन प्राप्त किया। कालीना तालुका अध्यक्ष विकास जायसवाल और स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वितरण का समन्वय किया।
शीर्षक: पीएम मुफ्त राशन योजना पर कोटेदार की मनमानी! अंगूठा लगवाकर नहीं देते राशन, हर यूनिट पर कटौती का आरोप
बूढ़नपुर, आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ की बूढ़नपुर तहसील अंतर्गत विकासखंड कोयलसा के एकडंगी सरवन गांव में प्रधानमंत्री मुफ्त राशन योजना में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के कोटेदार द्वारा कई दिनों तक लाभार्थियों का अंगूठा लगवाने के बावजूद राशन नहीं दिया जाता है। इतना ही नहीं, प्रत्येक यूनिट पर निर्धारित मात्रा से कम राशन देने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे निर्धारित मात्रा में राशन देने की मांग करते हैं तो कोटेदार अभद्र व्यवहार करते हुए कहता है, "जिससे शिकायत करनी है कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।" इससे कार्डधारकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की शिकायत उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर से करते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषी कोटेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी मुफ्त राशन योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है और कुछ लोगों की मनमानी के कारण गरीबों का हक मारा जा रहा है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर अभय राज पाण्डेय ने कहा कि शिकायत मिली है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में कोटेदार द्वारा राशन वितरण में अनियमितता या कटौती की पुष्टि होती है तो उसका कोटा निरस्त करते हुए नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रधानमंत्री मुफ्त राशन योजना में हो रही अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई साबित हो सकती है।
त्रिभाषा सूत्र राष्ट्रीय एकता का सशक्त माध्यम : प्रो. योगेन्द्र प्रताप सिंह

भाषाओं के संरक्षण में जनभागीदारी आवश्यक : प्रोफेसर सत्यकाम


प्रयागराज, 19 जून। केंद्र सरकार के 12 साल बेमिसाल कार्यक्रमों के अंतर्गत उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में आयोजित व्याख्यानमाला के छठे दिन शुक्रवार को भारत की बहुभाषिकता एवं त्रिभाषा सूत्र विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गोविन्द बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान, प्रयागराज के निदेशक  प्रोफेसर योगेन्द्र प्रताप सिंह ने भारत की भाषाई विविधता की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाषा किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक चेतना की अभिव्यक्ति है। भाषा संवाद का माध्यम होने के साथ-साथ सभ्यता, संस्कृति और सामाजिक स्मृतियों की संवाहक भी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की अनुशंसाओं के अनुरूप भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु भारतीय भाषा समिति का गठन किया गया है। विश्व में लगभग 6800 से 7000 भाषाएँ बोली जाती हैं और भाषा का निर्माण समाज द्वारा होता है। प्रोफेसर सिंह ने कहा कि भारत की बहुभाषिक परम्परा उसकी सांस्कृतिक अखण्डता का प्रतीक है। प्राचीन काल में चारधाम यात्राएँ भाषाई संवाद और सांस्कृतिक एकात्मता का माध्यम थीं। भाषाओं के बीच संवाद उन्हें लोकतांत्रिक बनाता है। रामायण के लगभग 250 भाषायी स्वरूप इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
उन्होंने कोठारी आयोग (1968) द्वारा प्रतिपादित त्रिभाषा सूत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि मातृभाषा, संपर्क भाषा तथा अन्य भारतीय भाषा का अध्ययन राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि व्यवहार में लोकतांत्रिकता, भाषा में लोकतांत्रिकता के माध्यम से ही संभव है तथा भाषा के माध्यम से ही अतुल्य भारत की अवधारणा साकार हो सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुक्त  विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि प्रत्येक हिंदीभाषी को कम से कम एक दक्षिण भारतीय भाषा अवश्य सीखनी चाहिए। हिंदी को जन-जन तक पहुँचाने के लिए उसकी भगिनी भाषाओं के प्रति सम्मान तथा उन्हें सीखने की प्रवृत्ति विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि भाषा केवल सरकार का नहीं, अपितु आमजन का विषय है। भाषा का संरक्षण और संवर्धन जनभागीदारी से ही संभव है।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में नोडल अधिकारी प्रोफेसर संजय सिंह ने अतिथियों का वाचिक स्वागत एवं विषय प्रवर्तन किया। संचालन डॉ. सुनील कुमार ने तथा प्रोफेसर आनंदानंद त्रिपाठी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
दो सौ गांवों में तैयार होंगे बाग-बगीचे
*आंखों को सुकून देगी हरियाली*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही । प्रभागीय वनाधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि जिले मे कुल 546 ग्राम पंचायत हैं। इनमें दो सौ गांव में वन विभाग द्वारा सघन वन तैयार किया जाएगा। पौधा रोपित करने के साथ ही नियमित निगरानी संग सिंचाई की जाएगी। जिन स्थानों पर पौधा सूखेगा वहां पुन: पौधा रोपित होगा। इस मुहिम में वन विभाग के साथ ही एनजीओ एवं अन्य संस्थाओं द्वारा पौधों का संरक्षण किया जाएगा। तीन वर्ष में हर एक गांव में वन तैयार होगा।
हरियाली बढ़ाने की दिशा में वन विभाग ने नई मुहिम शुरू कर दी है। निरंतर हो रही वृक्षों की कटाई से पर्यावरण प्रभावित हो रहा था। ऐसे में दो सौ गांव में बाग-बगीचा तैयार करने की तैयारी शुरू हो गई है। वन विभाग जिले के दो सौ गांव में सघन वन स्थापित करेगा। पौधरोपण के लिए विभागीय स्तर से पौधरोपण होने वाले गांवों को चिन्हित किया जा रहा है। इसके बाद बड़ी संख्या में पौधे रोपित करने के साथ ही नियमित संरक्षण किया जाएगा। डीएफओ विवेक कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से एक ही जगह पर 300 से 1000 पौधे रोपित किए जाएंगे। गांव की बंजर और जीएस की जमीनों को इस अभियान के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा। एक दशक पहले तक हर गांव में बाग बगीचा होते थे, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ के बीच लोगों ने तेजी से पेड़ों की कटाई की। जिससे गांवों में बाग-बगीचे कम होते चले गए। स्थिति यह है कि अब गांवों में जाने के बाद किसी पेड़ की छांव मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में वन विभाग अब नए सिरे से गांवों में बगीचे स्थापित करेगा। विभाग तीन साल में जिले के 546 ग्राम पंचायत में पौधा लगाएगा और मॉनीटरिंग भी करेगा। जो भी पौधे रोपित किए जाते हैं। उसमें 75 से 80 फीसदी पौधे जिंदा रहते हैं।
एचपीवी टीकाकरण का अभियान चलाकर 14 से 15 वर्ष तक की किशोरियों का टीकाकरण किया गया

कमलेश मेहरोत्रा, लहरपुर (सीतापुर)। सर्वाइकल कैंसर  एचपीवी से किशोरियों के बचाव के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले 32 सत्र केंद्रों पर एचपीवी टीकाकरण का अभियान चलाकर 14 से 15 वर्ष तक की किशोरियों का टीकाकरण किया गया। शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉक्टर अरविंद वाजपेई के नेतृत्व में क्षेत्र के 32 सत्र स्थलों पर अभियान चला कर 82 किशोरियों का टीकाकरण किया गया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि यह सरकार की एक महत्व जो की पूरी तरह निशुल्क है उन्होंने बताया कि 14 वर्ष की किशोरियों को दो डोज व 15 वर्ष की किशोरियों को तीन डोज  लगाएं जाते हैं इस टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
भोजपुरी फिल्म ‘जननायक’ की शूटिंग विधि विधान पूजा अर्चना कर किया गया शुभारंभ

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर) भोजपुरी फिल्म ‘जननायक’ की शूटिंग विधि विधान पूजा अर्चना कर किया गया शुभारंभ। इस मौके पर भारी संख्या में लोग शूटिंग देखने के लिए जमा हुए। शुक्रवार को सत्यदेव फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनने वाली भोजपुरी फिल्म "जननायक" की शूटिंग का भव्य शुभारंभ विघ्नहर्ता भगवान  गणेश की पूजा अर्चना कर किया गया।

फिल्म के नायक भोजपुरी फिल्म अभिनेता संग्राम सिंह पटेल ने बताया कि  फिल्म का उद्देश्य जनता की असली ताकत और उसके संघर्ष को पर्दे पर दिखाना है, फिल्म के निर्माता रवि शंकर सिंह और निर्देशक सचिन यादव हैं और संगीत साजन मिश्रा देंगे। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में संग्राम सिंह पटेल, रवीना राय, केहना सिंह, विनीत विशाल, रजनीश पाठक, प्रकाश जैस, संजय वर्मा, नीलम पांडेय, जसवंत कुमार, रुपेश मिश्रा, सत्या शुक्ला, जय यादव, मोनिका मिश्रा, रवि वर्मा, संजीत वर्मा, इरफान पिंडारी और डॉ. राम सिंह चौधरी आदि थे।फिल्म अभिनेता संग्राम सिंह पटेल ने बताया कि, फिल्म जननायक की शूटिंग लहरपुर व इसके आस पास   विभिन्न स्थानों पर की जाएगी और स्थानीय कलाकारों को भी कार्य करने का मौका दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी ने 4901.65 करोड़ के कार्य प्रस्तावों को दी मंजूरी, मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ संग बेहतर संपर्क के लिए 13 मार्गों का होगा विकास
- *देवीपाटन और बस्ती मंडल के विधानसभा क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग की विकास परियोजनाओं के कार्यों की हुई समीक्षा*

- *मां पाटेश्वरी देवी शक्तिपीठ, स्वामीनाराण मंदिर से बस्ती के मखौड़ा धाम व अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले प्रमुख 13 मार्ग किए जाएंगे विकसित*

- *तेरह दिन बाद फिर दौरे पर गोंडा पहुंचे थे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*

- *प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के 50-50 करोड़ के विकास कार्यों का देखा प्रेजेंटेशन*

- - *मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के सर्वाधिक 810 कार्यों को दी मंजूरी*

- *गड्ढामुक्त अभियान के तहत सड़कों के दुरुस्तीकरण की जानी प्रगति*

*गोंडा, 19 जून*। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को महज़ तेरह दिनों बाद फिर गोंडा का दौरा किया। उन्होंने अपने दो घंटे के कार्यक्रम के दौरान 33 विधानसभा क्षेत्रों से जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन भी देखा। इसमें प्रमुख रूप से मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ धाम संग अन्य धार्मिक स्थलों तक कनेक्टिविटी को बेहतर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने देवीपाटन मंडल के मां पाटेश्वरी देवी शक्तिपीठ, स्वामीनाराण मंदिर से बस्ती के मखौड़ा धाम व अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले प्रमुख 13 मार्गों के विकास को मंजूरी दी। कुल 4901.65 करोड़ रुपये की एक हजार से अधिक विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों को स्वीकृति दी।

उन्होंने महाराजा सुहेलदेव सभागार में लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा की। साथ ही नई कार्य योजनाओं पर जनप्रतिनिधियों के साथ मंथन किया। इस दौरान देवीपाटन मंडल के गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती की सड़क व संपर्क मार्ग परियोजनाओं की प्रगति परखी। इसके साथ बस्ती मंडल के बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गो से जोड़ने, जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण, संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण और पुल सेतु से जुड़े निर्माण कार्यों पर मंथन हुआ।
मुख्यमंत्री को देवीपाटन मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सड़क, पुल, सेतु और अन्य आधारभूत विकास परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने लंबित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विभिन्न विकास परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गड्ढामुक्त अभियान की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 810 कामों को मंजूरी दी। इसमें करीब 1472.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे ग्रामीण अंचलों में 1602 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाकर बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। करीब पचास से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण व दुरुस्तीकरण किया जाएगा। 

*प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की विकास परियोजनाओं पर हुआ मंथन*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की करीब 50-50 करोड़ की विकास परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण देखा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से विकास परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी और सुगम यातायात के लिए सड़क मार्गों के दुरुस्तीकरण पर केंद्रित प्रस्तावों को प्राथमिकता के साथ देखा। इसमें आधारभूत संरचना के कार्य भी शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने पिछड़े क्षेत्रों व आकांक्षात्मक ब्लॉक क्षेत्रों में जारी विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की।

*औद्योगिक क्षेत्रों की भी बेहतर होगी कनेक्टिविटी*
मुख्यमंत्री ने दो राज्य राजमार्गों, प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी, 81 लघु सेतु व सात बड़े पुलों को बनाने की मंजूरी दी। शहरी क्षेत्रों में बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए बाईपास मार्गों, ओवरब्रिज आदि के कामों को मंजूरी दी। देवीपाटन मंडल में सड़क सुरक्षा के कार्यों को कराने कभी निर्देश दिया। इसके साथ जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में 12 हेलीपैड के निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी। उन्होंने हरदौपट्टी संपर्क मार्ग का विशेष मरम्मत कार्य, कटरा बाजार के पंडितपुरवा नहवा परसौरा वाया खजुहा संपर्क मार्ग का विशेष मरम्मत कार्य, सुभानपुर बेलवानोहर मार्ग के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य, हट्टीपुरवा से कुढि़यांव संपर्क मार्ग का विशेष मरम्मत कार्य, चांदपुरडीहा संपर्क मार्ग निर्माण कार्य आदि की अद्यतन स्थिति पर भी जानकारी ली।
स्टाम्प वेंडर और लेखकों की रोजी-रोटी पर संकट*
सुल्तानपुर विधायक ने ज्ञापन लेकर प्रमुख सचिव से मिलने की कही बात, अरबों का राजस्व घाटा*

सुल्तानपुर तहसील परिसर में स्टाम्प वेंडर ऑफिस के बाहर लोगों की भीड़ के बीच मुद्दा गरमाया। स्टाम्प वेंडर और लेखकों की संख्या में भारी कटौती से जुड़े परिवारों की आजीविका संकट में मो. ताहिर विधायक स्टाम्प वेंडर और लेखकों के बीच पहुंचे। उन्होंने सरकार की नई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे हजारों परिवार परेशान हो गए हैं और सरकार को अरबों रुपये का राजस्व घाटा हो रहा है।

विधायक ने स्टाम्प वेंडरों से मिला ज्ञापन दिखाते हुए कहा,"ये जो एक छोटा सा हमको इन्होंने ज्ञापन भी दिया है, ये आप देख सकते हैं। इसमें सैकड़ों-सैकड़ों लोगों का दर्द है,इनकी समस्याएं हैं।"पहले सैकड़ों थे,अब गिनती के बचे है।"ये बेचारे स्टाम्प वेंडर हैं और बता रहे हैं पहले स्टाम्प वेंडर होते थे अब चार स्टाम्प वेंडर बचे रह गए हैं। इस तरह से लेखको में भी पहले से जो है अभी लिमिटेड में ही बचे हुए हैं। जो बेचारे हैं भी उनको बता रहे हैं कि एकदम से मिटा देना चाहते हैं। इससे इनके साथ ये अन्याय ना होने पाए।" अरबों का घाटा,पूरे प्रदेश में हाहाकार,"हमारा प्रयास है कि सार्थक कोई रास्ता, सकारात्मक सोच रख करके हमारा प्रयास होगा कि अच्छा रास्ता निकले। जो छति हो रही है,अरबों रुपये का बता रहे हैं,पूरे प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है।
विधायक के मुताबिक सरकार ने स्टाम्प वेंडर और लेखकों की संख्या सीमित कर दी है। पहले बड़ी संख्या में ये लोग काम करते थे, अब सिर्फ गिनती के बचे हैं। इससे जुड़े हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है और सरकारी राजस्व भी घट रहा है। विधायक ने भरोसा दिलाया कि वो सकारात्मक रास्ता निकालने के लिए प्रमुख सचिव स्तर तक बात करेंगे,ताकि इन लोगों के साथ अन्याय न हो।
अंगदवीर हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, ग्रामीणों ने बहसूमा पुलिस की सराहना की
मेरठ/बहसूमा। सैफपुर-फिरोजपुर के समस्त ग्रामवासियों एवं मृतक अंगदवीर के परिजनों ने हत्याकांड का मात्र 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर आरोपितों की गिरफ्तारी करने पर बहसूमा पुलिस की सराहना की है।

ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्परता के साथ जांच की और अल्प समय में घटना का सफल अनावरण कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इससे क्षेत्र में पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

ग्रामीणों एवं परिजनों ने थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुश, उपनिरीक्षक आशीष यादव, उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार, उपनिरीक्षक धर्मवीर सिंह तथा उपनिरीक्षक संदीप कुमार सहित पूरी पुलिस टीम का तहे दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की मुस्तैदी और निष्पक्ष कार्रवाई से यह संदेश गया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

ग्रामीणों ने न्यायपालिका से मांग की है कि दोषियों को कठोरतम से कठोरतम सजा दी जाए तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए।

ग्रामीणों ने कहा कि बहसूमा पुलिस की सक्रियता और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई से आमजन का विश्वास कानून व्यवस्था में और मजबूत हुआ है। पुलिस जनता के साथ खड़ी होकर अपराध मुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इस अवसर पर देवेंद्र कुमार, नरेश लाल (प्रधान), गुरप्रीत सिंह, रविंद्र कुमार, हरप्रीत सिंह, मनदीप सिंह एवं अमरजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री के हाथों PM-VBRY के अंतर्गत 2,400 करोड़ रुपए का वितरण

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से लगभग 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। PM-VBRY के तहत यह वितरण 15 लाख से अधिक व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त रोजगार सृजन को गति देगा, ऐसी अपेक्षा है।
देशव्यापी जनजागरूकता एवं लाभ वितरण अभियान के अंतर्गत देशभर में 200 स्थानों पर समानांतर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), क्षेत्रीय कार्यालय मुंबई (दादर) द्वारा वर्ली स्थित एचएसएनसी विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना जनजागरूकता एवं लाभार्थी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की प्रमुख उपस्थिति रही।
इस अवसर पर बोलते हुए  लोढ़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित PM-VBRY योजना देश में रोजगार सृजन को नई दिशा देने वाली सिद्ध हो रही है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को औपचारिक रोजगार के अवसर मिल रहे हैं तथा नियोक्ताओं को भी रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहन प्राप्त हो रहा है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए ऐसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।” प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी रोजगार-संलग्न प्रोत्साहन (Employment Linked Incentive - ELI) योजना है, जिसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, पहली बार रोजगार क्षेत्र में प्रवेश करने वाले युवाओं को समर्थन देना तथा अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करना है।
99,446 करोड़ रुपए के कुल प्रावधान के साथ PM-VBRY का लक्ष्य दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजन को सुगम बनाना है। इनमें से लगभग 1.92 करोड़ लाभार्थी औपचारिक कार्यबल में पहली बार प्रवेश करने वाले होंगे, ऐसी अपेक्षा है।मुंबई क्षेत्र में भी इस योजना को उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिल रहा है। EPFO मुंबई-1 (बांद्रा) विभाग द्वारा PM-VBRY के भाग-अ के अंतर्गत 39,439 लाभार्थियों को 25.44 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की गई है। वहीं भाग-ब के अंतर्गत 1,815 लाभार्थियों को 110.61 करोड़ रुपए से अधिक का प्रोत्साहन वितरित किया गया है। रोजगार सृजन, कार्यबल का औपचारिकीकरण तथा सामाजिक सुरक्षा कवच के विस्तार की दिशा में PM-VBRY एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रही है और विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति में प्रभावी योगदान दे रही है।
राहुल गांधी के जन्मदिन पर मुंबई यूथ कांग्रेस का कल्याणकारी अभियान
मुंबई । मुंबई यूथ कांग्रेस ने राहुल गांधी के जन्मदिन पर एक कल्याणकारी अभियान आयोजित किया, जिसमें 500 से अधिक टू-व्हीलर डिलीवरी पार्टनर्स और कैब ड्राइवरों को मुफ्त पेट्रोल दिया गया। यह उनके भारत के मेहनतकश वर्ग के लिए न्याय और सम्मान के विज़न को दर्शाता है। यह अभियान 19 जून को दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक_ मुंबई यूनिवर्सिटी, कालीना कैंपस के पास भारत पेट्रोलियम पर _“युवा न्याय, गिग वर्कर्स का सम्मान”_ बैनर के तहत आयोजित की गई।
ज़ीनत शब्रिन, मुंबई यूथ कांग्रेस अध्यक्ष कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की करुणा और सेवा की विचारधारा यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बढ़ते ईंधन खर्चों से जूझ रहे फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ खड़े होने की प्रेरणा देती है। निखिल रूपारेल, उत्तर मध्य मुंबई जिला अध्यक्ष ने इस पहल का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हमेशा आम नागरिकों के अधिकारों के लिए लड़ते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान मुंबई को चलाने वाले लोगों के लिए उनके न्याय और सेवा के मार्ग पर चलने का हमारा प्रयास है।प्रीति चोकसी, मुंबई महासचिव,महिला कांग्रेस भी उपस्थित थीं और उन्होंने महिला डिलीवरी पार्टनर्स से बातचीत की। उन्होंने सामाजिक न्याय के प्रति राहुल गांधी की प्रतिबद्धता की सराहना की और गिग इकॉनमी में महिलाओं के लिए बेहतर कल्याण और सुरक्षा उपायों की मांग की। ज़ोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट, ज़ेप्टो, पोर्टर, उबर, ओला और अन्य प्लेटफॉर्म के गिग वर्कर्स ने बाइक RC या ड्राइविंग लाइसेंस के साथ ऐप ID दिखाकर ईंधन प्राप्त किया। कालीना तालुका अध्यक्ष विकास जायसवाल और स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वितरण का समन्वय किया।
शीर्षक: पीएम मुफ्त राशन योजना पर कोटेदार की मनमानी! अंगूठा लगवाकर नहीं देते राशन, हर यूनिट पर कटौती का आरोप
बूढ़नपुर, आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ की बूढ़नपुर तहसील अंतर्गत विकासखंड कोयलसा के एकडंगी सरवन गांव में प्रधानमंत्री मुफ्त राशन योजना में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के कोटेदार द्वारा कई दिनों तक लाभार्थियों का अंगूठा लगवाने के बावजूद राशन नहीं दिया जाता है। इतना ही नहीं, प्रत्येक यूनिट पर निर्धारित मात्रा से कम राशन देने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे निर्धारित मात्रा में राशन देने की मांग करते हैं तो कोटेदार अभद्र व्यवहार करते हुए कहता है, "जिससे शिकायत करनी है कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।" इससे कार्डधारकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की शिकायत उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर से करते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषी कोटेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी मुफ्त राशन योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है और कुछ लोगों की मनमानी के कारण गरीबों का हक मारा जा रहा है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर अभय राज पाण्डेय ने कहा कि शिकायत मिली है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में कोटेदार द्वारा राशन वितरण में अनियमितता या कटौती की पुष्टि होती है तो उसका कोटा निरस्त करते हुए नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रधानमंत्री मुफ्त राशन योजना में हो रही अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई साबित हो सकती है।
त्रिभाषा सूत्र राष्ट्रीय एकता का सशक्त माध्यम : प्रो. योगेन्द्र प्रताप सिंह

भाषाओं के संरक्षण में जनभागीदारी आवश्यक : प्रोफेसर सत्यकाम


प्रयागराज, 19 जून। केंद्र सरकार के 12 साल बेमिसाल कार्यक्रमों के अंतर्गत उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में आयोजित व्याख्यानमाला के छठे दिन शुक्रवार को भारत की बहुभाषिकता एवं त्रिभाषा सूत्र विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गोविन्द बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान, प्रयागराज के निदेशक  प्रोफेसर योगेन्द्र प्रताप सिंह ने भारत की भाषाई विविधता की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाषा किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक चेतना की अभिव्यक्ति है। भाषा संवाद का माध्यम होने के साथ-साथ सभ्यता, संस्कृति और सामाजिक स्मृतियों की संवाहक भी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की अनुशंसाओं के अनुरूप भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु भारतीय भाषा समिति का गठन किया गया है। विश्व में लगभग 6800 से 7000 भाषाएँ बोली जाती हैं और भाषा का निर्माण समाज द्वारा होता है। प्रोफेसर सिंह ने कहा कि भारत की बहुभाषिक परम्परा उसकी सांस्कृतिक अखण्डता का प्रतीक है। प्राचीन काल में चारधाम यात्राएँ भाषाई संवाद और सांस्कृतिक एकात्मता का माध्यम थीं। भाषाओं के बीच संवाद उन्हें लोकतांत्रिक बनाता है। रामायण के लगभग 250 भाषायी स्वरूप इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
उन्होंने कोठारी आयोग (1968) द्वारा प्रतिपादित त्रिभाषा सूत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि मातृभाषा, संपर्क भाषा तथा अन्य भारतीय भाषा का अध्ययन राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि व्यवहार में लोकतांत्रिकता, भाषा में लोकतांत्रिकता के माध्यम से ही संभव है तथा भाषा के माध्यम से ही अतुल्य भारत की अवधारणा साकार हो सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुक्त  विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि प्रत्येक हिंदीभाषी को कम से कम एक दक्षिण भारतीय भाषा अवश्य सीखनी चाहिए। हिंदी को जन-जन तक पहुँचाने के लिए उसकी भगिनी भाषाओं के प्रति सम्मान तथा उन्हें सीखने की प्रवृत्ति विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि भाषा केवल सरकार का नहीं, अपितु आमजन का विषय है। भाषा का संरक्षण और संवर्धन जनभागीदारी से ही संभव है।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में नोडल अधिकारी प्रोफेसर संजय सिंह ने अतिथियों का वाचिक स्वागत एवं विषय प्रवर्तन किया। संचालन डॉ. सुनील कुमार ने तथा प्रोफेसर आनंदानंद त्रिपाठी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
दो सौ गांवों में तैयार होंगे बाग-बगीचे
*आंखों को सुकून देगी हरियाली*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही । प्रभागीय वनाधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि जिले मे कुल 546 ग्राम पंचायत हैं। इनमें दो सौ गांव में वन विभाग द्वारा सघन वन तैयार किया जाएगा। पौधा रोपित करने के साथ ही नियमित निगरानी संग सिंचाई की जाएगी। जिन स्थानों पर पौधा सूखेगा वहां पुन: पौधा रोपित होगा। इस मुहिम में वन विभाग के साथ ही एनजीओ एवं अन्य संस्थाओं द्वारा पौधों का संरक्षण किया जाएगा। तीन वर्ष में हर एक गांव में वन तैयार होगा।
हरियाली बढ़ाने की दिशा में वन विभाग ने नई मुहिम शुरू कर दी है। निरंतर हो रही वृक्षों की कटाई से पर्यावरण प्रभावित हो रहा था। ऐसे में दो सौ गांव में बाग-बगीचा तैयार करने की तैयारी शुरू हो गई है। वन विभाग जिले के दो सौ गांव में सघन वन स्थापित करेगा। पौधरोपण के लिए विभागीय स्तर से पौधरोपण होने वाले गांवों को चिन्हित किया जा रहा है। इसके बाद बड़ी संख्या में पौधे रोपित करने के साथ ही नियमित संरक्षण किया जाएगा। डीएफओ विवेक कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से एक ही जगह पर 300 से 1000 पौधे रोपित किए जाएंगे। गांव की बंजर और जीएस की जमीनों को इस अभियान के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा। एक दशक पहले तक हर गांव में बाग बगीचा होते थे, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ के बीच लोगों ने तेजी से पेड़ों की कटाई की। जिससे गांवों में बाग-बगीचे कम होते चले गए। स्थिति यह है कि अब गांवों में जाने के बाद किसी पेड़ की छांव मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में वन विभाग अब नए सिरे से गांवों में बगीचे स्थापित करेगा। विभाग तीन साल में जिले के 546 ग्राम पंचायत में पौधा लगाएगा और मॉनीटरिंग भी करेगा। जो भी पौधे रोपित किए जाते हैं। उसमें 75 से 80 फीसदी पौधे जिंदा रहते हैं।
एचपीवी टीकाकरण का अभियान चलाकर 14 से 15 वर्ष तक की किशोरियों का टीकाकरण किया गया

कमलेश मेहरोत्रा, लहरपुर (सीतापुर)। सर्वाइकल कैंसर  एचपीवी से किशोरियों के बचाव के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले 32 सत्र केंद्रों पर एचपीवी टीकाकरण का अभियान चलाकर 14 से 15 वर्ष तक की किशोरियों का टीकाकरण किया गया। शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉक्टर अरविंद वाजपेई के नेतृत्व में क्षेत्र के 32 सत्र स्थलों पर अभियान चला कर 82 किशोरियों का टीकाकरण किया गया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि यह सरकार की एक महत्व जो की पूरी तरह निशुल्क है उन्होंने बताया कि 14 वर्ष की किशोरियों को दो डोज व 15 वर्ष की किशोरियों को तीन डोज  लगाएं जाते हैं इस टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
भोजपुरी फिल्म ‘जननायक’ की शूटिंग विधि विधान पूजा अर्चना कर किया गया शुभारंभ

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर) भोजपुरी फिल्म ‘जननायक’ की शूटिंग विधि विधान पूजा अर्चना कर किया गया शुभारंभ। इस मौके पर भारी संख्या में लोग शूटिंग देखने के लिए जमा हुए। शुक्रवार को सत्यदेव फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनने वाली भोजपुरी फिल्म "जननायक" की शूटिंग का भव्य शुभारंभ विघ्नहर्ता भगवान  गणेश की पूजा अर्चना कर किया गया।

फिल्म के नायक भोजपुरी फिल्म अभिनेता संग्राम सिंह पटेल ने बताया कि  फिल्म का उद्देश्य जनता की असली ताकत और उसके संघर्ष को पर्दे पर दिखाना है, फिल्म के निर्माता रवि शंकर सिंह और निर्देशक सचिन यादव हैं और संगीत साजन मिश्रा देंगे। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में संग्राम सिंह पटेल, रवीना राय, केहना सिंह, विनीत विशाल, रजनीश पाठक, प्रकाश जैस, संजय वर्मा, नीलम पांडेय, जसवंत कुमार, रुपेश मिश्रा, सत्या शुक्ला, जय यादव, मोनिका मिश्रा, रवि वर्मा, संजीत वर्मा, इरफान पिंडारी और डॉ. राम सिंह चौधरी आदि थे।फिल्म अभिनेता संग्राम सिंह पटेल ने बताया कि, फिल्म जननायक की शूटिंग लहरपुर व इसके आस पास   विभिन्न स्थानों पर की जाएगी और स्थानीय कलाकारों को भी कार्य करने का मौका दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी ने 4901.65 करोड़ के कार्य प्रस्तावों को दी मंजूरी, मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ संग बेहतर संपर्क के लिए 13 मार्गों का होगा विकास
- *देवीपाटन और बस्ती मंडल के विधानसभा क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग की विकास परियोजनाओं के कार्यों की हुई समीक्षा*

- *मां पाटेश्वरी देवी शक्तिपीठ, स्वामीनाराण मंदिर से बस्ती के मखौड़ा धाम व अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले प्रमुख 13 मार्ग किए जाएंगे विकसित*

- *तेरह दिन बाद फिर दौरे पर गोंडा पहुंचे थे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*

- *प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के 50-50 करोड़ के विकास कार्यों का देखा प्रेजेंटेशन*

- - *मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के सर्वाधिक 810 कार्यों को दी मंजूरी*

- *गड्ढामुक्त अभियान के तहत सड़कों के दुरुस्तीकरण की जानी प्रगति*

*गोंडा, 19 जून*। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को महज़ तेरह दिनों बाद फिर गोंडा का दौरा किया। उन्होंने अपने दो घंटे के कार्यक्रम के दौरान 33 विधानसभा क्षेत्रों से जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन भी देखा। इसमें प्रमुख रूप से मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ धाम संग अन्य धार्मिक स्थलों तक कनेक्टिविटी को बेहतर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने देवीपाटन मंडल के मां पाटेश्वरी देवी शक्तिपीठ, स्वामीनाराण मंदिर से बस्ती के मखौड़ा धाम व अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले प्रमुख 13 मार्गों के विकास को मंजूरी दी। कुल 4901.65 करोड़ रुपये की एक हजार से अधिक विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों को स्वीकृति दी।

उन्होंने महाराजा सुहेलदेव सभागार में लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा की। साथ ही नई कार्य योजनाओं पर जनप्रतिनिधियों के साथ मंथन किया। इस दौरान देवीपाटन मंडल के गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती की सड़क व संपर्क मार्ग परियोजनाओं की प्रगति परखी। इसके साथ बस्ती मंडल के बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गो से जोड़ने, जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण, संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण और पुल सेतु से जुड़े निर्माण कार्यों पर मंथन हुआ।
मुख्यमंत्री को देवीपाटन मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सड़क, पुल, सेतु और अन्य आधारभूत विकास परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने लंबित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विभिन्न विकास परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गड्ढामुक्त अभियान की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 810 कामों को मंजूरी दी। इसमें करीब 1472.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे ग्रामीण अंचलों में 1602 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाकर बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। करीब पचास से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण व दुरुस्तीकरण किया जाएगा। 

*प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की विकास परियोजनाओं पर हुआ मंथन*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की करीब 50-50 करोड़ की विकास परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण देखा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से विकास परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी और सुगम यातायात के लिए सड़क मार्गों के दुरुस्तीकरण पर केंद्रित प्रस्तावों को प्राथमिकता के साथ देखा। इसमें आधारभूत संरचना के कार्य भी शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने पिछड़े क्षेत्रों व आकांक्षात्मक ब्लॉक क्षेत्रों में जारी विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की।

*औद्योगिक क्षेत्रों की भी बेहतर होगी कनेक्टिविटी*
मुख्यमंत्री ने दो राज्य राजमार्गों, प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी, 81 लघु सेतु व सात बड़े पुलों को बनाने की मंजूरी दी। शहरी क्षेत्रों में बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए बाईपास मार्गों, ओवरब्रिज आदि के कामों को मंजूरी दी। देवीपाटन मंडल में सड़क सुरक्षा के कार्यों को कराने कभी निर्देश दिया। इसके साथ जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में 12 हेलीपैड के निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी। उन्होंने हरदौपट्टी संपर्क मार्ग का विशेष मरम्मत कार्य, कटरा बाजार के पंडितपुरवा नहवा परसौरा वाया खजुहा संपर्क मार्ग का विशेष मरम्मत कार्य, सुभानपुर बेलवानोहर मार्ग के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य, हट्टीपुरवा से कुढि़यांव संपर्क मार्ग का विशेष मरम्मत कार्य, चांदपुरडीहा संपर्क मार्ग निर्माण कार्य आदि की अद्यतन स्थिति पर भी जानकारी ली।