नगर निगम के सदन में महापौर और नगर आयुक्त ने पुनरीक्षित बजट पेश किया
सभासदो ने अपने क्षेत्रो की समस्याओं को गिनाया

वार्डो में अभी तक हुए कार्यो पर हुई चर्चा


संजय द्विवेदी प्रयागराज।नगर निगम में आज महापौर ने बजट पेश किया जिसमें शहर के शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रो के योजनाओं का लाभ होगा नगर आयुक्त सीलम साई तेजा नगर निगम के अपने अपने सभी विभागों के अधिकारीगण के साथ उपस्थित रहे।सदन में महापौर गणेश केशरवानी और सभी वार्ड के सभासद एवं सभी जोन के अधिकारीगण भी बजट में शामिल हुए इस दौरान नगर निगम के अपने क्षेत्र से आए पार्षदगणों ने अपनी-अपनी बात रखी जिसमें शिकायतो में पेयजल तथा सड़क-नाली निर्माण तथा अतिक्रमण नालो और नालियो की साफ-सफाई  जाम नालियों की समस्या मरम्मत या निर्माण कार्य करने को चबूतरे पेयजल शौचालय/यूरिनल जल की समस्याओ हाउस टैक्स तथा नगर की सड़कों पर सफाई की व्यवस्था किये जाने की चर्चा हुई इसी क्रम में साफ-सफाई मार्ग प्रकाश मलवा अतिक्रमण जैसी समस्या को तत्काल निस्तारण का आदेश को दिया सदन में अपर नगर आयुक्त  दीपेन्द्र यादव अरविन्द कुमार रॉय राजीव कुमार शुक्ला दिनेश चन्द्र सचान मुख्य अभियंता (सिविल)संजय कटियार मुख्य अभियंता (वि./या.)डाo महेश कुमार नगर स्वास्थ्य अधिकारी गौरव कुमार  महाप्रबंधक जलकल संजय मंमगई मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डांo विजय अमृत राज पशु चिकित्सा कल्याण विभाग रामपूजन सहायक नगर आयुक्त  अशोक कुमार जोनल अधिकारी जोन 1,  जोनल अधिकारी जोन 2, नवनीत शंखवार जोन 3, विकास जैन जोन 4,अखिलेश त्रिपाठी जोन 5, श्याम कुमार जोन 6,सौरभ यादव जोन 7. सुदर्शन चन्द्र जोन 8 अनिल कुमार मौर्या अधिशासी अभियन्ता एवं सभी जोनल अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
बौद्धिक संपदा के लिए  छात्रों में जागरुकता उत्पन्न करें विश्वविद्यालय-न्यायमूर्ति सुधीर नारायण
मुफ्त विश्वविद्यालय में आईपीआर पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज में बुधवार को आयोजित बौद्धिक संपदा अधिकार पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने कहा कि बौद्धिक संपदा को वैश्विक स्तर पर सुरक्षित करने के लिए बड़े कानूनी बदलाव की आवश्यकता है क्योंकि भारत में बौद्धिक संपदा के सम्बन्ध में जो भी नियम लागू हैं वह वैश्विक स्तर पर मान्य नही है।न्यायमूर्ति नारायण ने बौद्धिक संपदा अधिकार को विधिक परिपेक्ष्य में समझाते हुए बताया कि आईपीआर को लेकर भारत में अभी किसी अधिनियम का निर्माण नहीं किया गया।जिस प्रकार कॉपीराइट एक्ट की व्यवस्था है वैसी कोई व्यवस्था आईपीआर को लेकर नही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को बौद्धिक संपदा अधिकार के सम्बन्ध में बड़े कदम उठाने चाहिए जिससे कि छात्रों के बीच जागरूकता उत्पन्न की जा सके।मुख्य वक्ता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की विधि विद्या शाखा की प्रो.मानसी शर्मा ने कहा कि बौद्धिक संपदा के सम्बन्ध में व्यापक पैमाने पर जागरूकता की आवश्यकता है।मनुष्यो द्वारा प्रतिपादित कोई भी मौलिक रचना सृजन उसकी बौद्धिक सम्पदा के अन्तर्गत आती है।इस संपदा को विधिक संरक्षण के द्वारा ही सुरक्षित करना आईपीआर का मुख्य उद्देश्य है।प्रो.शर्मा ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी अपनी बौद्धिक सम्पदा को संरक्षित करे और उसे अगली पीढ़ी को हस्तांतरित करे।हमें अपने परंपरागत एवं अर्जित ज्ञान रचना निर्माण आदि को डिजिटल माध्यम में सुरक्षित करना चाहिए।अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि बौद्धिक सम्पदा कभी अर्थपरक नहीं थी वरन् वह भारत में जनकल्याण के लिए हमेशा प्रयोग में लाई जाती रही।हमारे ऋषि मुनियों के पास बौद्धिक संपदा थी ज्ञान था लेकिन उसका सम्बंध व्यवसाय से नहीं था। पश्चिमी सभ्यता में व्यवसाय महत्वपूर्ण हुआ। वह विद्या से जुड़ा बौद्धिकता से जुड़ा और उसका विस्तार हो गया।प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि नवीन तकनीक और उनके उपभोग एवं प्रयोग के सम्बन्ध में आईपीआर को और सशक्त एवं व्यापक बनाया जाए। इसके साथ ही कृतिम बुद्धिमत्ता के दौर में बौद्धिक संपदा को सुरक्षित करने के लिए निहित कानून एवं नियमों का पालन करते हुए हमें उनको संदर्भित अवश्य करना चाहिए।उद्घाटन सत्र में अतिथियों का वाचिक स्वागत प्रो.सत्यपाल तिवारी तथा विषय प्रवर्तन प्रो.जे पी यादव ने किया। कार्यशाला का संचालन डॉ गौरव संकल्प एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ सतीश चन्द्र जैसल ने किया। कार्यशाला के अन्तय तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियो ने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
गैस पेट्रोल एवं डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, बुकिंग होने पर ही गैस उपभोक्ता  तक पहुंचाएं
फर्रूखाबाद l जनपद की सभी गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्प संचालकों के साथ आवश्यक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में सर्वप्रथम विक्रय प्रबंधक एल०पी०जी०/पेट्रोलियम पदार्थ द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में गैस, पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है तथा कहीं भी किसी स्तर पर इनकी आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है।
जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे अपनी एजेंसियां प्रातः निर्धारित समय पर खोलना सुनिश्चित करें तथा बुकिंग के एक से दो दिन के भीतर उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर गैस की डिलीवरी उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस उपभोक्ता द्वारा बुकिंग की गई है, उसी को गैस सिलेंडर की डिलीवरी दी जाए। सी०एस०सी० केंद्रों पर गैस केवल उसी स्थिति में दी जाए जब संबंधित उपभोक्ता की बुकिंग हो तथा किसी भी दशा में वहां 100 किलोग्राम से अधिक स्टॉक न रखा जाए। साथ ही स्टॉक की स्थिति एवं के०वाई०सी० प्रक्रिया का प्रदर्शन गैस एजेंसी के शोरूम के साथ-साथ गोदाम पर भी किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प स्वामी अपने स्टॉक की स्थिति को देखते हुए अग्रिम रूप से धनराशि जमा कराकर गैस, डीजल एवं पेट्रोल की आपूर्ति समय से मंगाना सुनिश्चित करें। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार किसी भी दशा में बोतल, केन अथवा खुले पात्र में पेट्रोल की बिक्री न की जाए तथा पेट्रोल की बिक्री केवल वाहनों की टंकियों में ही की जाए। इस संबंध में सूचना सभी पेट्रोल पम्पों पर प्रदर्शित की जाए। डीजल की बिक्री के संबंध में यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को कृषि कार्य हेतु अनुमन्य मात्रा से अधिक डीजल एक बार में न दिया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अधिक मात्रा में गैस सिलेंडर, डीजल अथवा पेट्रोल खरीदकर जमाखोरी करने का प्रयास करता है तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए। सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया कि निर्धारित मूल्य एवं निर्धारित मात्रा के अनुसार ही ईंधन की आपूर्ति की जाए। यदि कहीं अधिक मूल्य वसूलने अथवा घटतौली की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने अवगत कराया कि पुलिस द्वारा जनपद के सभी गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्पों का समय-समय पर रैंडम निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही भ्रामक सूचना फैलाने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प संचालकों को निर्देशित किया है कि निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें। बैठक में अनुपस्थित पेट्रोल पम्प एवं गैस एजेंसी संचालकों को कारण बताओ नोटिस/स्पष्टीकरण जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
कैच द रेन जल संचय की बैठक डीएम ने ली,20,20 सोक पिट बनवाने के निर्देश

फर्रूखाबाद l जल शक्ति अभियान “कैच द रेन” के अंतर्गत जल संचय जनभागीदारी 2.0 पहल की समीक्षा बैठक  कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक अभियंता सिंचाई सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सहायक अभियंता लघु सिंचाई द्वारा अवगत कराया गया कि जल संरक्षण से संबंधित कराए जा रहे कार्यों को भारत सरकार के JSJB 2.0 पोर्टल पर फीड किया जाना है, जिसके अंतर्गत अब तक जनपद में 660 कार्यों की फीडिंग की जा चुकी है।
इस दौरान जिलाधिकारी ने समस्त विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल संरक्षण से संबंधित कराए गए कार्यों जैसे रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, रिचार्ज शाफ्ट, रिचार्ज पिट, सोक पिट, ट्रेंचेस, चेकडैम, तालाब, मेड़बंदी आदि सभी कार्यों की सूचना तत्काल पोर्टल पर फीड कराई जाए।
जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि उनके अधीन संचालित सभी शासकीय, अर्धशासकीय एवं वित्तविहीन विद्यालयों में सोक पिट एवं रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाए जाएं।
इसके साथ ही पंचायती राज विभाग को प्रत्येक राजस्व गांव में दो सोक पिट बनवाने के निर्देश दिए गए। समस्त अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में 20-20 सोक पिट बनवाने के लिए निर्देशित किया गया।
साथ ही वन विभाग को 200 ट्रेंचेस तथा जिला उद्यान अधिकारी को संचालित कोल्ड स्टोरेजों में 200 सोक पिट बनवाने हेतु निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा अभियान के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके और भूजल स्तर में सुधार लाया जा सके।
चैत्र नवरात्रि को लेकर समय से पूर्ण करें सभी तैयारीः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर मंडल की समीक्षा बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश* 

*बोले- देवीपाटन शक्तिपीठ में उमड़ते हैं श्रद्धालु, सुरक्षा-सुविधा, स्वच्छता पर रहे विशेष जोर* 

*सभी अधिकारी प्रतिदिन करें जनसुनवाई, आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों का समयसीमा के अंदर हो उचित निस्तारणः मा० मुख्यमंत्री जी*

*सुनिश्चित हो-छांगुर जैसा कोई व्यक्ति दोबारा न पनपे, ग्राम चौकीदारों को किया जाए सक्रिय, सभी जानकारी की जाए साझाः मा० सीएम*



बलरामपुर ।मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन योगी आदित्यनाथ जी ने बुधवार को जनपद में समीक्षा बैठक की। मा० मुख्यमंत्री जी ने विकास कार्यों, कानून व्यवस्था एवं चैत्र नवरात्रि मेला की तैयारियों को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए। मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 19 मार्च से नवरात्रि प्रारंभ होने जा रही है। चैत्र नवरात्रि मेले में देवीपाटन मंदिर शक्तिपीठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आमगन होता है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मा० मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि नवरात्र पर मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। मा० मुख्यमंत्री जी ने जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान से तैयारियों की जानकारी भी प्राप्त की।

*मा० मुख्यमत्री जी का सख्त निर्देश- छांगुर जैसा व्यक्ति दोबारा न पनपे*
मा० मुख्यमंत्री जी ने कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहा कि हर थाना क्षेत्र में संस्थाओं के आसपास एंटी रोमियो स्क्वॉड तैनात रहे। शोहदों, चेन स्नेचरों आदि के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों की फोटो सार्वजनिक स्थलों और सोशल मीडिया पर लगाई जाए। बॉर्डर एरिया पर पुलिस एवं बीएसएफ की संयुक्त निगरानी हो। नवधनाढ्यों की संपत्ति की जांच कराई जाए। मा० मुख्यमत्री जी ने प्रशासन व पुलिस को सख्त निर्देश दिया कि छांगुर जैसा व्यक्ति दोबारा न पनपे। ग्राम चौकीदारों को सक्रिय किया जाए, सभी जानकारी साझा की जाए। जिला मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक नियमित हो। सभी अपराधियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाए, जिससे उनमें कानून का भय हो।

*अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाई जाए सरकार की योजनाएं*
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण में तेजी लाकर इसे मई तक पूर्ण किया जाए। यूनिवर्सिटी को रिसर्च सेंटर के तौर पर भी विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में थारू जनजाति एवं अन्य परिवार को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से संतृप्त किया जाए। थारू जनजाति क्षेत्र में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत प्रशिक्षण कराया जाए। राजस्व वादों, पैमाइश एवं विरासत के निस्तारण में तेजी लाई जाए।

*प्राथमिकता से हो व्यापारियों की समस्याओं का निस्तारण*
मा० मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज में सभी औपचारिकता पूर्ण करते हुए नए सत्र में  पढ़ाई के लिए आवेदन करें। शीघ्र मेडिकल की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। बाढ़ से बचाव के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी जाए।  नदियों,  पहाड़ी नालों के ड्रेनेज-चैनलाइज का कार्य समय से पूर्ण किया जाए। महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विशेष योजनाओं (मातृ वंदना योजना,  कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह आदि) का लाभ हर पात्र को मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला उद्योग बंधु एवं व्यापारी बंधुओं की नियमित बैठकें हों और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए।

*प्रशासन का जनप्रतिनिधियों से हो बेहतर संवाद, प्रतिदिन सुनी जाए आमजन की समस्याएं*
मा० मुख्यमंत्री जी ने समीक्षा बैठक में कहा कि गोवंश संरक्षण स्थल को और सुदृढ़ किया जाए। सभी स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे हों और गोवंश की नियमित गणना हो। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विधानसभा तुलसीपुर और गैसड़ी में सीएम कंपोजिट विद्यालय दिए जाएंगे। मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों, आमजन, विभिन्न संस्थाओं से प्रशासन का बेहतर संवाद हो। सभी अधिकारी प्रतिदिन जनसुनवाई करें एवं आमजन की समस्या एवं शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।

*स्कूल चलो अभियान की तैयारी में जुटें, बच्चों को मिल जाए ड्रेस, बैग, किताब*
मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अप्रैल से नया सत्र प्रारंभ हो रहा है। सभी बच्चों को ड्रेस, बैग, किताबें, जूते-मोजे आदि उपलब्ध करा दिया जाए और स्कूल चलो अभियान की तैयारियां से समय से पूर्ण कर ली जाएं। आंगनबाड़ी केंद्रों में बेहतर व्यवस्था हो।  शिक्षा एवं स्वास्थ्य में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर हो। मरीजों को जनपद में ही बेहतर इलाज मिले, उन्हें अन्य जनपदों में न जाना पड़े।

मुख्यमंत्री  ने सभी विभागों की समीक्षा कर जानी प्रगति*
मा० मुख्यमंत्री जी को जनपद में महिलाओं एवं बच्चों के पोषण सुधार के लिए प्रोजेक्ट संवर्धन, असंक्रमणीय भूमि को संक्रमणीय भूमिधर घोषित किए जाने के अभियान, अवैध अतिक्रमण, थारू जनजाति क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर विद्युतीकरण एवं संपर्क मार्ग बनाए जाने, आगामी सीजन हेतु सहकारी समितियां पर ऑनलाइन माध्यम से उर्वरक वितरण, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के उन्नयन,  जारवा ईको टूरिज्म के विकास आदि के बारे में अवगत कराया गया। मा ०मुख्यमंत्री जी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, सीएम युवा स्वरोजगार योजना, नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास, जल जीवन मिशन,  निर्माणाधीन परियोजनाओं, रिंग रोड का निर्माण, 100 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट, नगर पालिका में एसटीपी का निर्माण, सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत पेयजल पुनर्गठन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजाति एवं अन्य परिवारों को योजनाओं से संतृप्त किए जाने, एनआरएलएम, ऑपरेशन कायाकल्प, गो संरक्षण,  टीकाकरण,  ईयर टैगिंग, पौधरोपण, आईजीआरएस समेत समस्त बिंदुओं पर समीक्षा की गई।

बैठक में मा० विधायक बलरामपुर पल्टूराम, मा० विधायक तुलसीपुर श्री कैलाश नाथ शुक्ल, मा० विधायक उतरौला श्री राम प्रताप वर्मा, मा० जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री आरती तिवारी, मा० विधान परिषद सदस्य श्री साकेत मिश्र, श्री अवधेश कुमार सिंह, मा० चेयरमैन नगर पालिका बलरामपुर श्री धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’, जिलाध्यक्ष श्री रवि मिश्रा, अपर मुख्य सचिव श्री अमित कुमार घोष, कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह, आयुक्त श्री शशि भूषण लाल सुशील, एडीजी श्री अशोक मुथा जैन, जिलाधिकारी श्री विपिन कुमार जैन, मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री विकास कुमार व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
फर्जी स्कीम का लालच देकर किया ठगी,आधा दर्जन लोगों ने पुलिस अधीक्षक से किया शिकायत
*पुलिस ने दिए जांच के आदेश

गोंडा।जिले में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है।कैनविज इंफ्रा कारपोरेशन इंडिया और कैनविज इंडस्ट्रीज नामक कंपनियों पर फर्जी स्कीम चलाकर सैकड़ो लोगों को ठगने का आरोप है।बुधवार को छ: पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की गुहार लगाई है।शिकायतकर्ताओं में सुरेंद्र कुमार, रेनू सिंह और सुरेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं ने बताया कि कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी और उनके सहयोगियों ने एक संगठित गिरोह बनाकर ग्रामीणों को लुभावनी योजनाओं का झांसा दिया।कंपनी ने कथित तौर पर दावा किया था कि 16000 रुपये जमा करने पर तीन साल बाद 32000 रुपये मिलेंगे।वहीं 24000 रुपये जमा करने पर 30 महीने तक हर महीने 2000 रुपये देने का लालच दिया गया।प्रार्थना पत्र के अनुसार सुरेंद्र कुमार ने 36 लाख रुपये का निवेश किया था,जिसमें से उन्हें मात्र 20 लाख रुपए वापस मिले हैं,जबकि 16 लाख रुपया अभी तक बकाया है।रेनू सिंह ने एक लाख इक्यावन हजार रुपए,सुरेंद्र प्रताप सिंह ने पांच लाख रुपये और जय प्रकाश ने 36 लाख रुपए का निवेश किया।अन्य पीड़ितों में कौशलेंद्र सिंह ने एक लाख रुपए,शिव शंकर गुप्ता ने तीन लाख रुपये,शिव कुमार गुप्ता ने दो लाख रुपये,अविनाश सोनकर ने एक लाख रुपये,विपिन और अमरेश ने तीन लाख रुपये,राकेश कुमार ने दो लाख पचास हजार रुपये,प्रमोद वर्मा ने तीन लाख नब्बे हजार रुपये,राम किशन यादव ने छत्तीस लाख रुपये,राधेश्याम वर्मा ने छ: लाख रुपये और संजय वर्मा ने 1200000 लाख रुपये लगाए।इसके अतिरिक्त जंगली प्रसाद, राम निहोर वर्मा,बजरंगी, गुड़िया देवी,गौरी प्रसाद साहू,रीना देवी, जमुना प्रसाद,सुधीर कुमार, अशोक कुमार,कृपाशंकर, राम जनक,राम श्रृंगार चतुर्वेदी,बीना मिश्रा, जय श्री पांडेय,रामजियावन,रामदेव,सुनील कुमार, गिरजा प्रसाद मिश्रा,मनीष कुमार मिश्रा, मंजू देवी,राम सुंदर, राम सिद्ध,मिठाई लाल,कुन्नू लाल सहित कई अन्य लोगों ने भी कंपनी में 16-16 हजार रुपए का निवेश किया था।बैंक जाने पर पता चला कि संबंधित खातों में पैसे ही नहीं हैं और चेक पूरी तरह फर्जी है।पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे के लिए दबाव बनाया तो आरोपियों ने फोन बंद कर लिए।व्हाट्सअप काल के जरिये संपर्क करने पर आरोपियों ने निवेशकों को भद्दी भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।पीड़ितों का दावा है कि यह गिरोह केवल गोंडा ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी करोड़ों की ठगी कर चुका है।शिकायतकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग किया है कि आरोपियों कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी,गोपाल गुलाटी,आशीष गुलाटी आदि के खिलाफ समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और पीड़ितों की राशि वापस दिलाई जाए।फिलहाल इन सभी शिकायती पत्रों का संज्ञान लेते हुए पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया गया है और इन सभी लोगों से साक्ष्य मांगा है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने इस पूरे मामले में पुलिस को जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय सम्मेलन में यूपी की महिला प्रधानों का दमदार प्रदर्शन, उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास और सुशासन के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय कार्यों से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में “सशक्त पंचायत नेत्री अभियान” के तहत आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदेश की महिला प्रधानों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश से 135 महिला प्रधानों ने प्रतिभाग किया और पंचायतों में महिला नेतृत्व की प्रभावशाली भूमिका को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रदेश से 10 अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम में पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला प्रतिनिधियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। “बीकन पंचायत (WER)” श्रेणी में श्रीमती प्रियंका तिवारी (राजपुर, हाथरस), श्रीमती नीलम देवी (भरतपुर, अलीगढ़), श्रीमती मनु यादव (फौलादपुर, अमरोहा), सुश्री पूनम सिंह (रोरी, गाजियाबाद) और सुश्री नीलमणि राजे बुंदेला (छिपाई, ललितपुर) को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मान मिला।
इसी प्रकार “चैंपियन ऑफ चेंज” श्रेणी में सुश्री सुलेखा कुशवाहा (तिलसड़ा, कानपुर नगर) और श्रीमती मधु चौधरी (मखदुमपुर, अमरोहा) को सम्मानित किया गया। वहीं “महिला हितैषी ग्राम पंचायत (WFGP)” श्रेणी में श्रीमती रूपाली लोधी (सींगनखेड़ा, रामपुर), श्रीमती हेमलता पटेल (सुजानपुर, फतेहपुर), श्रीमती कृष्णा गंगवार (अल्हैया, बरेली), डॉ. अनामिका सिंह (पाला, कन्नौज) और श्रीमती माधुरी सिंह (थावर, लखनऊ) को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान किया गया।
ओम प्रकाश राजभर ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि पंचायतों में महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ग्रामीण विकास को नई गति दे रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की महिला प्रधानें अपने कार्यों से गांवों के विकास की नई मिसाल पेश कर रही हैं और पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही हैं।वहीं अमित कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन महिला जनप्रतिनिधियों को अपने अनुभव साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। इससे पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास को गति मिलती है। यह उपलब्धि न केवल संबंधित ग्राम पंचायतों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी है।
प्रतापपुर छतौरा से दुराजपुर पोलिंग बूथ तक जाने वाला खड़ंजा मार्ग क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
अतरौलिया (आजमगढ़)। अतरौलिया ब्लॉक क्षेत्र के प्रतापपुर छतौरा गांव से दुराजपुर पोलिंग बूथ तक जाने वाला लगभग 1500 मीटर लंबा खड़ंजा मार्ग पूरी तरह टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया है। यह मार्ग आगे चलकर अंबेडकर नगर जनपद की सीमा को भी जोड़ता है, जिससे इस रास्ते पर आवागमन करने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खड़ंजा मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में पड़ा है। जगह-जगह खड़ंजे उखड़ गए हैं और सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत एसडीएम बूढ़नपुर को ज्ञापन देकर की और जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं कराया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान दारा सिंह, प्रहलाद सिंह, तूफानी, अमरजीत, जिआउऊ राम, हरी राम, सिकंदर, जमीर, राम आज्ञा, राममिलन, धर्मेंद्र, अभिषेक, सुनील, अनीता, सुशीला, रेखा, किरण, जितेंद्र, महेंद्र, वेलास, कुट्टी वर्मा सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
यूपीनेडा की बैंकर्स के साथ बैठक, पीएम सूर्य घर व पीएम कुसुम योजना के विस्तार पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के निदेशक इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आच्छादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाना था।
बैठक में निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बैंकर्स से आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में बैंकिंग क्षेत्र का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंकर्स के सहयोग से प्रदेश में घर-घर सौर ऊर्जा का विस्तार संभव होगा, जिससे आम नागरिकों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि घरेलू सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि पिछले आठ महीनों से प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो राज्यों में अपनी जगह बनाए हुए है।
बैठक में राज्य स्तरीय बैंक समिति से श्रीमती निधि, संजीव द्विवेदी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा Rural Electrification Corporation से अनिल यादव, Bank of India से संजीव कुमार तथा अन्य बैंकिंग संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं व किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग सहयोग से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा सकेगा।
यूपीनेडा की बैंकर्स के साथ बैठक, पीएम सूर्य घर व पीएम कुसुम योजना के विस्तार पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के निदेशक इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आच्छादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाना था।
बैठक में निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बैंकर्स से आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में बैंकिंग क्षेत्र का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंकर्स के सहयोग से प्रदेश में घर-घर सौर ऊर्जा का विस्तार संभव होगा, जिससे आम नागरिकों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि घरेलू सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि पिछले आठ महीनों से प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो राज्यों में अपनी जगह बनाए हुए है।
बैठक में राज्य स्तरीय बैंक समिति से श्रीमती निधि, संजीव द्विवेदी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा Rural Electrification Corporation से अनिल यादव, Bank of India से संजीव कुमार तथा अन्य बैंकिंग संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं व किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग सहयोग से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा सकेगा।
नगर निगम के सदन में महापौर और नगर आयुक्त ने पुनरीक्षित बजट पेश किया
सभासदो ने अपने क्षेत्रो की समस्याओं को गिनाया

वार्डो में अभी तक हुए कार्यो पर हुई चर्चा


संजय द्विवेदी प्रयागराज।नगर निगम में आज महापौर ने बजट पेश किया जिसमें शहर के शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रो के योजनाओं का लाभ होगा नगर आयुक्त सीलम साई तेजा नगर निगम के अपने अपने सभी विभागों के अधिकारीगण के साथ उपस्थित रहे।सदन में महापौर गणेश केशरवानी और सभी वार्ड के सभासद एवं सभी जोन के अधिकारीगण भी बजट में शामिल हुए इस दौरान नगर निगम के अपने क्षेत्र से आए पार्षदगणों ने अपनी-अपनी बात रखी जिसमें शिकायतो में पेयजल तथा सड़क-नाली निर्माण तथा अतिक्रमण नालो और नालियो की साफ-सफाई  जाम नालियों की समस्या मरम्मत या निर्माण कार्य करने को चबूतरे पेयजल शौचालय/यूरिनल जल की समस्याओ हाउस टैक्स तथा नगर की सड़कों पर सफाई की व्यवस्था किये जाने की चर्चा हुई इसी क्रम में साफ-सफाई मार्ग प्रकाश मलवा अतिक्रमण जैसी समस्या को तत्काल निस्तारण का आदेश को दिया सदन में अपर नगर आयुक्त  दीपेन्द्र यादव अरविन्द कुमार रॉय राजीव कुमार शुक्ला दिनेश चन्द्र सचान मुख्य अभियंता (सिविल)संजय कटियार मुख्य अभियंता (वि./या.)डाo महेश कुमार नगर स्वास्थ्य अधिकारी गौरव कुमार  महाप्रबंधक जलकल संजय मंमगई मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डांo विजय अमृत राज पशु चिकित्सा कल्याण विभाग रामपूजन सहायक नगर आयुक्त  अशोक कुमार जोनल अधिकारी जोन 1,  जोनल अधिकारी जोन 2, नवनीत शंखवार जोन 3, विकास जैन जोन 4,अखिलेश त्रिपाठी जोन 5, श्याम कुमार जोन 6,सौरभ यादव जोन 7. सुदर्शन चन्द्र जोन 8 अनिल कुमार मौर्या अधिशासी अभियन्ता एवं सभी जोनल अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
बौद्धिक संपदा के लिए  छात्रों में जागरुकता उत्पन्न करें विश्वविद्यालय-न्यायमूर्ति सुधीर नारायण
मुफ्त विश्वविद्यालय में आईपीआर पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज में बुधवार को आयोजित बौद्धिक संपदा अधिकार पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने कहा कि बौद्धिक संपदा को वैश्विक स्तर पर सुरक्षित करने के लिए बड़े कानूनी बदलाव की आवश्यकता है क्योंकि भारत में बौद्धिक संपदा के सम्बन्ध में जो भी नियम लागू हैं वह वैश्विक स्तर पर मान्य नही है।न्यायमूर्ति नारायण ने बौद्धिक संपदा अधिकार को विधिक परिपेक्ष्य में समझाते हुए बताया कि आईपीआर को लेकर भारत में अभी किसी अधिनियम का निर्माण नहीं किया गया।जिस प्रकार कॉपीराइट एक्ट की व्यवस्था है वैसी कोई व्यवस्था आईपीआर को लेकर नही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को बौद्धिक संपदा अधिकार के सम्बन्ध में बड़े कदम उठाने चाहिए जिससे कि छात्रों के बीच जागरूकता उत्पन्न की जा सके।मुख्य वक्ता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की विधि विद्या शाखा की प्रो.मानसी शर्मा ने कहा कि बौद्धिक संपदा के सम्बन्ध में व्यापक पैमाने पर जागरूकता की आवश्यकता है।मनुष्यो द्वारा प्रतिपादित कोई भी मौलिक रचना सृजन उसकी बौद्धिक सम्पदा के अन्तर्गत आती है।इस संपदा को विधिक संरक्षण के द्वारा ही सुरक्षित करना आईपीआर का मुख्य उद्देश्य है।प्रो.शर्मा ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी अपनी बौद्धिक सम्पदा को संरक्षित करे और उसे अगली पीढ़ी को हस्तांतरित करे।हमें अपने परंपरागत एवं अर्जित ज्ञान रचना निर्माण आदि को डिजिटल माध्यम में सुरक्षित करना चाहिए।अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि बौद्धिक सम्पदा कभी अर्थपरक नहीं थी वरन् वह भारत में जनकल्याण के लिए हमेशा प्रयोग में लाई जाती रही।हमारे ऋषि मुनियों के पास बौद्धिक संपदा थी ज्ञान था लेकिन उसका सम्बंध व्यवसाय से नहीं था। पश्चिमी सभ्यता में व्यवसाय महत्वपूर्ण हुआ। वह विद्या से जुड़ा बौद्धिकता से जुड़ा और उसका विस्तार हो गया।प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि नवीन तकनीक और उनके उपभोग एवं प्रयोग के सम्बन्ध में आईपीआर को और सशक्त एवं व्यापक बनाया जाए। इसके साथ ही कृतिम बुद्धिमत्ता के दौर में बौद्धिक संपदा को सुरक्षित करने के लिए निहित कानून एवं नियमों का पालन करते हुए हमें उनको संदर्भित अवश्य करना चाहिए।उद्घाटन सत्र में अतिथियों का वाचिक स्वागत प्रो.सत्यपाल तिवारी तथा विषय प्रवर्तन प्रो.जे पी यादव ने किया। कार्यशाला का संचालन डॉ गौरव संकल्प एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ सतीश चन्द्र जैसल ने किया। कार्यशाला के अन्तय तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियो ने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
गैस पेट्रोल एवं डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, बुकिंग होने पर ही गैस उपभोक्ता  तक पहुंचाएं
फर्रूखाबाद l जनपद की सभी गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्प संचालकों के साथ आवश्यक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में सर्वप्रथम विक्रय प्रबंधक एल०पी०जी०/पेट्रोलियम पदार्थ द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में गैस, पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है तथा कहीं भी किसी स्तर पर इनकी आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है।
जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे अपनी एजेंसियां प्रातः निर्धारित समय पर खोलना सुनिश्चित करें तथा बुकिंग के एक से दो दिन के भीतर उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर गैस की डिलीवरी उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस उपभोक्ता द्वारा बुकिंग की गई है, उसी को गैस सिलेंडर की डिलीवरी दी जाए। सी०एस०सी० केंद्रों पर गैस केवल उसी स्थिति में दी जाए जब संबंधित उपभोक्ता की बुकिंग हो तथा किसी भी दशा में वहां 100 किलोग्राम से अधिक स्टॉक न रखा जाए। साथ ही स्टॉक की स्थिति एवं के०वाई०सी० प्रक्रिया का प्रदर्शन गैस एजेंसी के शोरूम के साथ-साथ गोदाम पर भी किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प स्वामी अपने स्टॉक की स्थिति को देखते हुए अग्रिम रूप से धनराशि जमा कराकर गैस, डीजल एवं पेट्रोल की आपूर्ति समय से मंगाना सुनिश्चित करें। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार किसी भी दशा में बोतल, केन अथवा खुले पात्र में पेट्रोल की बिक्री न की जाए तथा पेट्रोल की बिक्री केवल वाहनों की टंकियों में ही की जाए। इस संबंध में सूचना सभी पेट्रोल पम्पों पर प्रदर्शित की जाए। डीजल की बिक्री के संबंध में यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को कृषि कार्य हेतु अनुमन्य मात्रा से अधिक डीजल एक बार में न दिया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अधिक मात्रा में गैस सिलेंडर, डीजल अथवा पेट्रोल खरीदकर जमाखोरी करने का प्रयास करता है तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए। सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया कि निर्धारित मूल्य एवं निर्धारित मात्रा के अनुसार ही ईंधन की आपूर्ति की जाए। यदि कहीं अधिक मूल्य वसूलने अथवा घटतौली की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने अवगत कराया कि पुलिस द्वारा जनपद के सभी गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्पों का समय-समय पर रैंडम निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही भ्रामक सूचना फैलाने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प संचालकों को निर्देशित किया है कि निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें। बैठक में अनुपस्थित पेट्रोल पम्प एवं गैस एजेंसी संचालकों को कारण बताओ नोटिस/स्पष्टीकरण जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
कैच द रेन जल संचय की बैठक डीएम ने ली,20,20 सोक पिट बनवाने के निर्देश

फर्रूखाबाद l जल शक्ति अभियान “कैच द रेन” के अंतर्गत जल संचय जनभागीदारी 2.0 पहल की समीक्षा बैठक  कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक अभियंता सिंचाई सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सहायक अभियंता लघु सिंचाई द्वारा अवगत कराया गया कि जल संरक्षण से संबंधित कराए जा रहे कार्यों को भारत सरकार के JSJB 2.0 पोर्टल पर फीड किया जाना है, जिसके अंतर्गत अब तक जनपद में 660 कार्यों की फीडिंग की जा चुकी है।
इस दौरान जिलाधिकारी ने समस्त विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल संरक्षण से संबंधित कराए गए कार्यों जैसे रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, रिचार्ज शाफ्ट, रिचार्ज पिट, सोक पिट, ट्रेंचेस, चेकडैम, तालाब, मेड़बंदी आदि सभी कार्यों की सूचना तत्काल पोर्टल पर फीड कराई जाए।
जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि उनके अधीन संचालित सभी शासकीय, अर्धशासकीय एवं वित्तविहीन विद्यालयों में सोक पिट एवं रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाए जाएं।
इसके साथ ही पंचायती राज विभाग को प्रत्येक राजस्व गांव में दो सोक पिट बनवाने के निर्देश दिए गए। समस्त अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में 20-20 सोक पिट बनवाने के लिए निर्देशित किया गया।
साथ ही वन विभाग को 200 ट्रेंचेस तथा जिला उद्यान अधिकारी को संचालित कोल्ड स्टोरेजों में 200 सोक पिट बनवाने हेतु निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा अभियान के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके और भूजल स्तर में सुधार लाया जा सके।
चैत्र नवरात्रि को लेकर समय से पूर्ण करें सभी तैयारीः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर मंडल की समीक्षा बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश* 

*बोले- देवीपाटन शक्तिपीठ में उमड़ते हैं श्रद्धालु, सुरक्षा-सुविधा, स्वच्छता पर रहे विशेष जोर* 

*सभी अधिकारी प्रतिदिन करें जनसुनवाई, आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों का समयसीमा के अंदर हो उचित निस्तारणः मा० मुख्यमंत्री जी*

*सुनिश्चित हो-छांगुर जैसा कोई व्यक्ति दोबारा न पनपे, ग्राम चौकीदारों को किया जाए सक्रिय, सभी जानकारी की जाए साझाः मा० सीएम*



बलरामपुर ।मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन योगी आदित्यनाथ जी ने बुधवार को जनपद में समीक्षा बैठक की। मा० मुख्यमंत्री जी ने विकास कार्यों, कानून व्यवस्था एवं चैत्र नवरात्रि मेला की तैयारियों को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए। मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 19 मार्च से नवरात्रि प्रारंभ होने जा रही है। चैत्र नवरात्रि मेले में देवीपाटन मंदिर शक्तिपीठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आमगन होता है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मा० मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि नवरात्र पर मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। मा० मुख्यमंत्री जी ने जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान से तैयारियों की जानकारी भी प्राप्त की।

*मा० मुख्यमत्री जी का सख्त निर्देश- छांगुर जैसा व्यक्ति दोबारा न पनपे*
मा० मुख्यमंत्री जी ने कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहा कि हर थाना क्षेत्र में संस्थाओं के आसपास एंटी रोमियो स्क्वॉड तैनात रहे। शोहदों, चेन स्नेचरों आदि के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों की फोटो सार्वजनिक स्थलों और सोशल मीडिया पर लगाई जाए। बॉर्डर एरिया पर पुलिस एवं बीएसएफ की संयुक्त निगरानी हो। नवधनाढ्यों की संपत्ति की जांच कराई जाए। मा० मुख्यमत्री जी ने प्रशासन व पुलिस को सख्त निर्देश दिया कि छांगुर जैसा व्यक्ति दोबारा न पनपे। ग्राम चौकीदारों को सक्रिय किया जाए, सभी जानकारी साझा की जाए। जिला मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक नियमित हो। सभी अपराधियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाए, जिससे उनमें कानून का भय हो।

*अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाई जाए सरकार की योजनाएं*
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण में तेजी लाकर इसे मई तक पूर्ण किया जाए। यूनिवर्सिटी को रिसर्च सेंटर के तौर पर भी विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में थारू जनजाति एवं अन्य परिवार को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से संतृप्त किया जाए। थारू जनजाति क्षेत्र में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत प्रशिक्षण कराया जाए। राजस्व वादों, पैमाइश एवं विरासत के निस्तारण में तेजी लाई जाए।

*प्राथमिकता से हो व्यापारियों की समस्याओं का निस्तारण*
मा० मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज में सभी औपचारिकता पूर्ण करते हुए नए सत्र में  पढ़ाई के लिए आवेदन करें। शीघ्र मेडिकल की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। बाढ़ से बचाव के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी जाए।  नदियों,  पहाड़ी नालों के ड्रेनेज-चैनलाइज का कार्य समय से पूर्ण किया जाए। महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विशेष योजनाओं (मातृ वंदना योजना,  कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह आदि) का लाभ हर पात्र को मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला उद्योग बंधु एवं व्यापारी बंधुओं की नियमित बैठकें हों और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए।

*प्रशासन का जनप्रतिनिधियों से हो बेहतर संवाद, प्रतिदिन सुनी जाए आमजन की समस्याएं*
मा० मुख्यमंत्री जी ने समीक्षा बैठक में कहा कि गोवंश संरक्षण स्थल को और सुदृढ़ किया जाए। सभी स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे हों और गोवंश की नियमित गणना हो। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विधानसभा तुलसीपुर और गैसड़ी में सीएम कंपोजिट विद्यालय दिए जाएंगे। मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों, आमजन, विभिन्न संस्थाओं से प्रशासन का बेहतर संवाद हो। सभी अधिकारी प्रतिदिन जनसुनवाई करें एवं आमजन की समस्या एवं शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।

*स्कूल चलो अभियान की तैयारी में जुटें, बच्चों को मिल जाए ड्रेस, बैग, किताब*
मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अप्रैल से नया सत्र प्रारंभ हो रहा है। सभी बच्चों को ड्रेस, बैग, किताबें, जूते-मोजे आदि उपलब्ध करा दिया जाए और स्कूल चलो अभियान की तैयारियां से समय से पूर्ण कर ली जाएं। आंगनबाड़ी केंद्रों में बेहतर व्यवस्था हो।  शिक्षा एवं स्वास्थ्य में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर हो। मरीजों को जनपद में ही बेहतर इलाज मिले, उन्हें अन्य जनपदों में न जाना पड़े।

मुख्यमंत्री  ने सभी विभागों की समीक्षा कर जानी प्रगति*
मा० मुख्यमंत्री जी को जनपद में महिलाओं एवं बच्चों के पोषण सुधार के लिए प्रोजेक्ट संवर्धन, असंक्रमणीय भूमि को संक्रमणीय भूमिधर घोषित किए जाने के अभियान, अवैध अतिक्रमण, थारू जनजाति क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर विद्युतीकरण एवं संपर्क मार्ग बनाए जाने, आगामी सीजन हेतु सहकारी समितियां पर ऑनलाइन माध्यम से उर्वरक वितरण, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के उन्नयन,  जारवा ईको टूरिज्म के विकास आदि के बारे में अवगत कराया गया। मा ०मुख्यमंत्री जी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, सीएम युवा स्वरोजगार योजना, नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास, जल जीवन मिशन,  निर्माणाधीन परियोजनाओं, रिंग रोड का निर्माण, 100 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट, नगर पालिका में एसटीपी का निर्माण, सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत पेयजल पुनर्गठन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजाति एवं अन्य परिवारों को योजनाओं से संतृप्त किए जाने, एनआरएलएम, ऑपरेशन कायाकल्प, गो संरक्षण,  टीकाकरण,  ईयर टैगिंग, पौधरोपण, आईजीआरएस समेत समस्त बिंदुओं पर समीक्षा की गई।

बैठक में मा० विधायक बलरामपुर पल्टूराम, मा० विधायक तुलसीपुर श्री कैलाश नाथ शुक्ल, मा० विधायक उतरौला श्री राम प्रताप वर्मा, मा० जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री आरती तिवारी, मा० विधान परिषद सदस्य श्री साकेत मिश्र, श्री अवधेश कुमार सिंह, मा० चेयरमैन नगर पालिका बलरामपुर श्री धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’, जिलाध्यक्ष श्री रवि मिश्रा, अपर मुख्य सचिव श्री अमित कुमार घोष, कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह, आयुक्त श्री शशि भूषण लाल सुशील, एडीजी श्री अशोक मुथा जैन, जिलाधिकारी श्री विपिन कुमार जैन, मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री विकास कुमार व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
फर्जी स्कीम का लालच देकर किया ठगी,आधा दर्जन लोगों ने पुलिस अधीक्षक से किया शिकायत
*पुलिस ने दिए जांच के आदेश

गोंडा।जिले में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है।कैनविज इंफ्रा कारपोरेशन इंडिया और कैनविज इंडस्ट्रीज नामक कंपनियों पर फर्जी स्कीम चलाकर सैकड़ो लोगों को ठगने का आरोप है।बुधवार को छ: पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की गुहार लगाई है।शिकायतकर्ताओं में सुरेंद्र कुमार, रेनू सिंह और सुरेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं ने बताया कि कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी और उनके सहयोगियों ने एक संगठित गिरोह बनाकर ग्रामीणों को लुभावनी योजनाओं का झांसा दिया।कंपनी ने कथित तौर पर दावा किया था कि 16000 रुपये जमा करने पर तीन साल बाद 32000 रुपये मिलेंगे।वहीं 24000 रुपये जमा करने पर 30 महीने तक हर महीने 2000 रुपये देने का लालच दिया गया।प्रार्थना पत्र के अनुसार सुरेंद्र कुमार ने 36 लाख रुपये का निवेश किया था,जिसमें से उन्हें मात्र 20 लाख रुपए वापस मिले हैं,जबकि 16 लाख रुपया अभी तक बकाया है।रेनू सिंह ने एक लाख इक्यावन हजार रुपए,सुरेंद्र प्रताप सिंह ने पांच लाख रुपये और जय प्रकाश ने 36 लाख रुपए का निवेश किया।अन्य पीड़ितों में कौशलेंद्र सिंह ने एक लाख रुपए,शिव शंकर गुप्ता ने तीन लाख रुपये,शिव कुमार गुप्ता ने दो लाख रुपये,अविनाश सोनकर ने एक लाख रुपये,विपिन और अमरेश ने तीन लाख रुपये,राकेश कुमार ने दो लाख पचास हजार रुपये,प्रमोद वर्मा ने तीन लाख नब्बे हजार रुपये,राम किशन यादव ने छत्तीस लाख रुपये,राधेश्याम वर्मा ने छ: लाख रुपये और संजय वर्मा ने 1200000 लाख रुपये लगाए।इसके अतिरिक्त जंगली प्रसाद, राम निहोर वर्मा,बजरंगी, गुड़िया देवी,गौरी प्रसाद साहू,रीना देवी, जमुना प्रसाद,सुधीर कुमार, अशोक कुमार,कृपाशंकर, राम जनक,राम श्रृंगार चतुर्वेदी,बीना मिश्रा, जय श्री पांडेय,रामजियावन,रामदेव,सुनील कुमार, गिरजा प्रसाद मिश्रा,मनीष कुमार मिश्रा, मंजू देवी,राम सुंदर, राम सिद्ध,मिठाई लाल,कुन्नू लाल सहित कई अन्य लोगों ने भी कंपनी में 16-16 हजार रुपए का निवेश किया था।बैंक जाने पर पता चला कि संबंधित खातों में पैसे ही नहीं हैं और चेक पूरी तरह फर्जी है।पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे के लिए दबाव बनाया तो आरोपियों ने फोन बंद कर लिए।व्हाट्सअप काल के जरिये संपर्क करने पर आरोपियों ने निवेशकों को भद्दी भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।पीड़ितों का दावा है कि यह गिरोह केवल गोंडा ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी करोड़ों की ठगी कर चुका है।शिकायतकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग किया है कि आरोपियों कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी,गोपाल गुलाटी,आशीष गुलाटी आदि के खिलाफ समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और पीड़ितों की राशि वापस दिलाई जाए।फिलहाल इन सभी शिकायती पत्रों का संज्ञान लेते हुए पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया गया है और इन सभी लोगों से साक्ष्य मांगा है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने इस पूरे मामले में पुलिस को जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय सम्मेलन में यूपी की महिला प्रधानों का दमदार प्रदर्शन, उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास और सुशासन के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय कार्यों से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में “सशक्त पंचायत नेत्री अभियान” के तहत आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदेश की महिला प्रधानों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश से 135 महिला प्रधानों ने प्रतिभाग किया और पंचायतों में महिला नेतृत्व की प्रभावशाली भूमिका को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रदेश से 10 अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम में पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला प्रतिनिधियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। “बीकन पंचायत (WER)” श्रेणी में श्रीमती प्रियंका तिवारी (राजपुर, हाथरस), श्रीमती नीलम देवी (भरतपुर, अलीगढ़), श्रीमती मनु यादव (फौलादपुर, अमरोहा), सुश्री पूनम सिंह (रोरी, गाजियाबाद) और सुश्री नीलमणि राजे बुंदेला (छिपाई, ललितपुर) को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मान मिला।
इसी प्रकार “चैंपियन ऑफ चेंज” श्रेणी में सुश्री सुलेखा कुशवाहा (तिलसड़ा, कानपुर नगर) और श्रीमती मधु चौधरी (मखदुमपुर, अमरोहा) को सम्मानित किया गया। वहीं “महिला हितैषी ग्राम पंचायत (WFGP)” श्रेणी में श्रीमती रूपाली लोधी (सींगनखेड़ा, रामपुर), श्रीमती हेमलता पटेल (सुजानपुर, फतेहपुर), श्रीमती कृष्णा गंगवार (अल्हैया, बरेली), डॉ. अनामिका सिंह (पाला, कन्नौज) और श्रीमती माधुरी सिंह (थावर, लखनऊ) को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान किया गया।
ओम प्रकाश राजभर ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि पंचायतों में महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ग्रामीण विकास को नई गति दे रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की महिला प्रधानें अपने कार्यों से गांवों के विकास की नई मिसाल पेश कर रही हैं और पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही हैं।वहीं अमित कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन महिला जनप्रतिनिधियों को अपने अनुभव साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। इससे पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास को गति मिलती है। यह उपलब्धि न केवल संबंधित ग्राम पंचायतों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी है।
प्रतापपुर छतौरा से दुराजपुर पोलिंग बूथ तक जाने वाला खड़ंजा मार्ग क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
अतरौलिया (आजमगढ़)। अतरौलिया ब्लॉक क्षेत्र के प्रतापपुर छतौरा गांव से दुराजपुर पोलिंग बूथ तक जाने वाला लगभग 1500 मीटर लंबा खड़ंजा मार्ग पूरी तरह टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया है। यह मार्ग आगे चलकर अंबेडकर नगर जनपद की सीमा को भी जोड़ता है, जिससे इस रास्ते पर आवागमन करने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खड़ंजा मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में पड़ा है। जगह-जगह खड़ंजे उखड़ गए हैं और सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत एसडीएम बूढ़नपुर को ज्ञापन देकर की और जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं कराया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान दारा सिंह, प्रहलाद सिंह, तूफानी, अमरजीत, जिआउऊ राम, हरी राम, सिकंदर, जमीर, राम आज्ञा, राममिलन, धर्मेंद्र, अभिषेक, सुनील, अनीता, सुशीला, रेखा, किरण, जितेंद्र, महेंद्र, वेलास, कुट्टी वर्मा सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
यूपीनेडा की बैंकर्स के साथ बैठक, पीएम सूर्य घर व पीएम कुसुम योजना के विस्तार पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के निदेशक इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आच्छादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाना था।
बैठक में निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बैंकर्स से आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में बैंकिंग क्षेत्र का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंकर्स के सहयोग से प्रदेश में घर-घर सौर ऊर्जा का विस्तार संभव होगा, जिससे आम नागरिकों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि घरेलू सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि पिछले आठ महीनों से प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो राज्यों में अपनी जगह बनाए हुए है।
बैठक में राज्य स्तरीय बैंक समिति से श्रीमती निधि, संजीव द्विवेदी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा Rural Electrification Corporation से अनिल यादव, Bank of India से संजीव कुमार तथा अन्य बैंकिंग संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं व किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग सहयोग से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा सकेगा।
यूपीनेडा की बैंकर्स के साथ बैठक, पीएम सूर्य घर व पीएम कुसुम योजना के विस्तार पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के निदेशक इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आच्छादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाना था।
बैठक में निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बैंकर्स से आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में बैंकिंग क्षेत्र का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंकर्स के सहयोग से प्रदेश में घर-घर सौर ऊर्जा का विस्तार संभव होगा, जिससे आम नागरिकों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि घरेलू सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि पिछले आठ महीनों से प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो राज्यों में अपनी जगह बनाए हुए है।
बैठक में राज्य स्तरीय बैंक समिति से श्रीमती निधि, संजीव द्विवेदी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा Rural Electrification Corporation से अनिल यादव, Bank of India से संजीव कुमार तथा अन्य बैंकिंग संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं व किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग सहयोग से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा सकेगा।