फरियादी को अधिवक्ता ने मारपीट कर किया घायल पुलिस से मुकदमा दर्ज करने की मांग







बूढनपुर तहसील परिसर में देर शाम एक अधिवक्ता ने अपने ही फरियादी को तहसील परिसर में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा बता दे कि यह मामला मंगलवार शाम 3:30 बजे का है। पीड़ित श्याम नाथ पुत्र लोटू निवासी कोठरा थाना अहरौला का आरोप है कि मेरे द्वारा बैंक के वकील विजय प्रकाश गुप्ता को केसीसी के लोन के लिए पत्रावली दी गई जिसके साथ मैं ₹1000 नगद खतौनी स्टांप पेपर सहित अन्य दस्तावेज तैयार करके वकील साहब को दिया एक हफ्ते के बाद जब मैं वकील साहब के यहां पत्रावली लेने पहुंचा तो वकील साहब ने कहा कि तुम्हारी पत्रावली खो गई पुनः पत्रावली तैयार करनी पड़ेगी उन्होंने कहा कि तुम मुझे खतौनी और अन्य दस्तावेज दे देना मैं तुम्हारी पत्रावली तैयार करवा दूंगा जब मैं खतौनी सहित अनेक डॉक्यूमेंट उन्हें दे दिया एक सप्ताह बाद उन्होंने मुझे बुलाया जब मैं खतौनी और अन्य दस्तावेज के बारे में जानकारी लेनी चाहिए तो वह मुझे डांटने लगे और पैसे की डिमांड करने लगे। मैं वकील साहब से अनुरोध किया कि एक बार पत्रावलीआपके यहां से गायब हो गई तो आपने कहा था मैं स्वयं अपने खर्चे से बनवा दूंगा। जब मैं पत्रावली उनसे मांगा तो वह मुझे गाली देने लगे और अभद्रतापूर्ण व्यवहार करने लगे मेरे द्वारा कहा गया कि मैं भी सम्मानित व्यक्ति हूं मैं कोठरा गांव का पूर्व प्रधान हूं। इस पर उन्होंने मुझे तहसील में घसीट कर पीटना शुरू किया और कहा कि मैं अधिवक्ता हूं मेरे से बड़ा गुंडा और कोई नहीं है हम अधिवक्ता की एकजुट को नहीं जानते हो मुझे पीट कर घायल कर दिया किसी तरह से जान बचाकर मैं तहसील परिसर से भागा जिसकी शिकायत मेरे द्वारा स्थानीय थाना कप्तानगंज में की गई। वही बार एसोसिएशन के मंत्री जगत नारायण तिवारी ने बताया कि श्याम नाथ द्वारा हमारे अधिवक्ता के साथ अभद्र पूर्ण व्यवहार किया गया जिसके चलते अधिवक्ता विजय प्रकाश गुप्ता ने श्याम नाथ को पीटा। इस संबंध मे थानाध्यक्ष जय प्रकाश ने बताया कि तहरीर मिल चुकी है जांच की जा रही है दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निजी स्कूलों की ‘लूट’ पर कांग्रेस मुखर, कल बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार
*जिले ने निजी स्कूलों ने शिक्षा को बनाया है धंधा : अभिषेक सिंह राणा*

सुल्तानपुर। जनपद में निजी विद्यालयों की मनमानी और अभिभावकों के कथित आर्थिक-मानसिक शोषण के खिलाफ अब माहौल पूरी तरह गरमा गया है। जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए ऐलान किया है कि कल 9 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, और यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और आक्रामक रूप दिया जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा कि निजी स्कूलों ने शिक्षा को धंधा बना दिया है। रजिस्ट्रेशन, एडमिशन फीस, किताब-कॉपी और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों से खुलेआम लूट मचाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा वसूली तंत्र प्रशासन की शह पर चल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं।शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस लूट और शोषण पर तत्काल रोक नहीं लगी, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आर-पार की लड़ाई लड़ेगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज कर  दिया जाएगा। युवा छात्र नेता मानस तिवारी ने कहा कि अब अभिभावकों का गुस्सा फूटने के कगार पर है और कांग्रेस उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेगी। यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि हर परिवार के सम्मान और भविष्य का सवाल है।  कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने जानकारी दी कि 9 अप्रैल को होने वाले प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही उन्होंने प्रशासन को सीधी चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन जल्द ही जन आक्रोश की लहर बनकर सड़कों पर फूटेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने बताया कि आंदोलन की जानकारी जिलाधिकारी को दे दी गई है।
कृषि में वैल्यू एडिशन और तकनीक के समन्वय से बढ़ेगी किसानों की आय : केशव प्रसाद मौर्य
* एमिटी विवि में डिप्टी सीएम ने किया अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को लखनऊ स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में ‘खाद्य सुरक्षा’ (Food Security) विषय पर
“पैथोजेन्स, प्लांट हेल्थ एंड फूड सिक्योरिटी: क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर एंड लैंडस्केप कंजर्वेशन” विषय पर आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
इस अवसर पर उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उप मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत करते हुए उन्हें अंगवस्त्र, पगड़ी (साफा) पहनाकर तथा एक पौधा सम्मान स्वरूप भेंट किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने “Pathogens, Plant Health and Food Security” नामक पुस्तक का विमोचन किया तथा देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए वरिष्ठ वैज्ञानिकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने इस उत्कृष्ट एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए आयोजकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि, नवाचार और आधुनिक तकनीक के समन्वय से ही आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि भंडारण, कोल्ड चेन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता और प्रभावी विपणन से जुड़ा एक व्यापक विषय है, जिस पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और उत्तर प्रदेश देश की सबसे उपजाऊ भूमि वाला प्रदेश है, जहां उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इसके बावजूद फसलों के भंडारण की कमी, कोल्ड चेन की अपर्याप्त व्यवस्था तथा वैल्यू एडिशन के अभाव के कारण किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार अधिक उत्पादन होने पर भी किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता, जो शोध और नीति निर्माण का महत्वपूर्ण विषय है।
उप मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ऐसी तकनीकों का विकास करें, जिससे प्राकृतिक आपदाओं जैसे वर्षा एवं ओलावृष्टि से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसानों की मेहनत सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि अब समय क्वांटिटी के साथ क्वालिटी पर ध्यान देने का है, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों के बारे में बताते हुए श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश में चाहे सड़क मार्ग हो, चाहे रेल मार्ग या फिर हवाई मार्ग, इन सबके निर्माण में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी बन चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में गरीब, किसान, युवा एवं मातृशक्ति के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं और सरकार का लक्ष्य उन्हें “लखपति दीदी” से आगे “करोड़पति दीदी” बनाना है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP)’ योजना ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई है तथा अब “एक जनपद, एक व्यंजन” के माध्यम से खाद्य उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन बढ़ाकर न केवल किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन की सरकार किसानों और किसानी के सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के सम्मेलन खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान खोजने में मील का पत्थर साबित होंगे।
इस सम्मेलन का आयोजन एमिटी फूड एंड एग्रीकल्चर फाउंडेशन (ए.एफ.ए.एफ), एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर और इंडियन सोसाइटी ऑफ माइकोलॉजी एंड प्लांट पैथोलॉजी (आईएसएमपीपी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसमें सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विश्वस्तरीय चर्चा और विचार-मंथन के लिए  प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एक मंच पर इकट्ठा हो रहे हैं।
डॉ. अशोक के. चौहान ने वर्चुवल रूप से जुड़ते हुये मुख्य अतिथि सहित सभी का स्वागत करते हुए कहा कि एक किसान परिवार से जुड़े होने के नाते वे कृषि और किसानों की परेशानियों से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में विश्वभर के वरिष्ठ और स्थापित वैज्ञानिकों को एक साथ देखकर विश्वास मजबूत होता है कि भारत न केवल कृषि में बल्कि हर क्षेत्र में सुपर पावर बनकर रहेगा और एमिटी विश्वविद्यालय इसमें अपना हर प्रकार का सहयोग देगा।
डॉ. असीम चौहान ने अपने वर्चुवल सम्बोधन मे ग्रामीण विकास में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, मूल्य संवर्धन और ड्रोन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग के महत्व को रेखांकित  किया और कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और बदलते मौसम का सामना करने के उपायों पर  हमे और काम करना होगा।
प्रो. (डॉ.) अनिल वशिष्ठ ने डॉ. अशोक के. चौहान एवं डॉ. असीम चौहान के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए जलवायु परिवर्तन, उभरती पादप बीमारियों तथा खाद्य प्रणालियों पर बढ़ते दबाव जैसे वैश्विक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए सम्मेलन को ज्ञान के आदान-प्रदान, सहयोग एवं नवाचार के लिए एक सशक्त मंच बताया।
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रो. (डॉ.) शालिनी सिंह विसेन ने जलवायु-लचीली कृषि प्राप्त करने में पादप स्वास्थ्य, रोगजनकों के प्रबंधन एवं खाद्य सुरक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
डॉ. सी. डी. मयी ने कृषि को किसान, रोगजनक कीटाणुओं और पर्यावरण के एक जटिल संबंध के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा करते हुए संतुलित एवं सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता बताई तथा रासायनिक उपयोग पर अत्यधिक निर्भरता के प्रति सावधान किया।
डॉ. एस. एस. चाहल ने कृषि परिदृश्य में हो रहे परिवर्तनों पर चर्चा करते हुए आक्रामक प्रजातियों, उभरते रोगजनकों और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने इन समस्याओं के समाधान में जीनोमिक्स एवं पारिस्थितिक दृष्टिकोण की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
प्रो. (डॉ.) पोखर रावल ने इंडियन सोसाइटी ऑफ माइकोलॉजी एंड प्लांट पैथोलॉजी की उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डालते हुए इसकी बढ़ती सदस्यता और वैश्विक पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने इसकी शोध पत्रिका के वेब ऑफ साइंस में सूचीबद्ध होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक शोध को सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. ललित महात्मा ने अपने विचारोत्तेजक संबोधन में लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए शैक्षणिक जीवन में मूल्यों, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व पर जोर दिया। उन्होंने बीजों के माध्यम से वायरस संचरण के प्रयोगात्मक प्रमाण प्रस्तुत करते हुए वैज्ञानिक समुदाय से पारंपरिक धारणाओं की पुनर्समीक्षा करने का आह्वान किया।
डॉ. डी. आर. सिंह ने भारत की कृषि विविधता, विशेषकर बिहार के मखाना, आम और लीची जैसे उत्पादों में योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने खाद्य पर्याप्तता से पोषण सुरक्षा की ओर बढ़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कीटनाशकों के अवशेष और माइकोटॉक्सिन प्रदूषण के खतरों को उजागर किया।
सम्मेलन के दौरान वैज्ञानिक उत्कृष्टता का उत्सव भी मनाया गया, जिसमें विशिष्ट वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष उपलब्धि पुरस्कार तथा प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किए गए।
प्रति कुलपति एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर प्रोफेसर (डॉ.) अनिल वशिष्ठ, एमेरिटस प्रेसिडेंट आईएसएमपीपी डॉ. एस. एस. चाहल, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं ‘कॉटन मैन’ के नाम से विख्यात, प्रेसिडेंट साउथ एशिया बायोटेक्नोलॉजी सेंटर, नई दिल्ली, डॉ. सी. डी. मयी, सचिव आईएसएमपीपी प्रो. (डॉ.) पोखर रावल, अध्यक्ष आईएसएमपीपी डॉ. ललित महात्मा, कुलपति बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी डॉ. डी. आर. सिंह और सम्मेलन की आयोजन सचिव एवं निदेशक, एएफएएफ, एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ परिसर, प्रो. (डॉ.) शालिनी सिंह विसेन ने  सम्मेलन मे औपचारिकरुप सै भाग लिया। इस अवसर पर फाउंडर प्रेसिडेंट, एमिटी एजुकेशन ग्रुप, रितनंद बलवेद एजुकेशन फाउंडेशन, डॉ. अशोक के. चौहान, और चेयरमैन एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ कैंपस डॉ. असीम चौहान ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
शिक्षामित्र एवं अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय  बढ़ाए जाने पर मंत्री परिषद का अनुमोदन
*राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया
*शिक्षा मित्र एवं अंशकालिक अनुदेशकों का बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू माना गया है
*आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का भी मानदेय बढ़ाए जाने के लिए संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र

मीरजापुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने 7 अप्रैल 2026 की कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 1,40000 से भी अधिक शिक्षामित्र एवं 24000 से अधिक अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय  पर मंत्री परिषद की मोहर लगने पर हर्ष व्यक्त करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि शिक्षामित्रों को अब 10000 के स्थान पर 18000 का मानदेय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 24716 अंशकालिक अनुदेशकों को 17000 का मानदेय मिलेगा। संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री का विशेष आभारव्यक्त करते हुए प्रदेश में कार्यरत 2,40000 आशा बहू ,आशा संगिनी एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का भी मानदेय बढ़ाए जाने के  लिए मुख्यमंत्री के आधिकारिक ई मेल आईडी पर पत्र प्रेषित किया है। जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री जी आंगनबाड़ी एवं आशा बहुओं का मानदेय बढ़ाए जाने की घोषणा सदन में पहले ही कर चुके हैं, लेकिन अभी तक आशा बहू एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मानदेय राशि  निर्धारित नहीं हो सकी है। आशा कार्यकत्रियों को भी न्यूनतम 18000 का मानदेय दिए जाने का अनुरोध संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री से किया है ।संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने शिक्षामित्र एवं अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हुए महिलाओं के कार्यों का मूल्यांकन करते हुए आशा बहुओं का मानदेय भी बढ़ाए जाने की अपेक्षा किया है। उन्होंने आशा व्यक्त किया है कि प्रदेश की आशा बहुओं,आशा संगिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं  मानदेय पर कार्य करने वाले अन्य कर्मचारियों के लिए भी सरकार न्यूनतम मानदेय का निर्धारण शीघ्र ही करेगी। संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने प्रदेश के कर्मचारियों को अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री कर्मचारियों की मांगों का संज्ञान लेकर कार्यवाही कर रहे हैं। बहुत जल्दी ही कर्मचारियों की लंबित मांगों पर संयुक्त परिषद के अनुरोध के अनुसार कार्यवाही संभावित है। संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने कर्मचारियों की मांगों पर वार्ता कर कार्यवाही किए जाने का एक पत्र मुख्य सचिव को भी भेजा है।
गया में वार्ड पार्षद और एएसआई के बीच विवाद, पार्षद ने मारपीट के आरोप नकारे, ASI पर लगाए गंभीर आरोप

गया: गया में एक वार्ड पार्षद और एएसआई के बीच विवाद का मामला गरमा गया है। वार्ड पार्षदक कलाम कुरैशी पर रामपुर थाना के एएसआई अश्वनी विक्रम कुमार पासवान के साथ मारपीट करने का आरोप है। हालांकि, पार्षद ने प्रेस वार्ता कर इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पुलिस अधिकारी पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान कलाम कुरैशी ने बताया कि वे गेवाल बीघा में एक हल्दी समारोह में शामिल होने गए थे। इसी दौरान गेवाल बीघा मोड़ पर उन्होंने रामपुर थाना के एएसआई को दो युवकों के साथ बहस करते और फिर उन्हें बेरहमी से पीटते देखा।

पार्षद के अनुसार, उन्होंने मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए मारपीट का कारण पूछा। कलाम कुरैशी का आरोप है कि उनके सवाल उठाने पर एएसआई भड़क गए और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे।

चाय की दुकान पर हुई थी घटना

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना गेवाल बीघा के पास एक चाय की दुकान पर हुई, जहां किसी बात को लेकर एएसआई और वार्ड पार्षद के बीच विवाद हो गया। वायरल वीडियो में दोनों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की पूरी सच्चाई और विवाद की शुरुआत कैसे हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

इस संबंध में वार्ड पार्षद कलाम कुरैशी ने प्रेस वार्ता कर कहा कि वे गेवाल बीघा में अपने बचपन के दोस्त की बहन के हल्दी समारोह में शामिल होने गए थे। इसी दौरान वे कुछ सामान लेने के लिए गेवाल बीघा मोड़ पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि रामपुर थाना के एएसआई दो युवकों के साथ बहस कर रहे थे और बाद में उन्हें बेरहमी से पीटने लगे। वार्ड पार्षद ने कहा की उन्होंने सिर्फ मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए पूछा कि इस तरह मारपीट क्यों की जा रही है।

कलाम कुरैशी ने आरोप लगाया कि एएसआई ने शराब पी रखी थी और उनका व्यवहार बेहद आपत्तिजनक था। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। पार्षद ने यह भी कहा कि अगर एएसआई का हाथ टूटा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वार्ड पार्षद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो वे खुद जेल जाने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि उनका और एएसआई दोनों का ब्लड टेस्ट कराया जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किसने शराब का सेवन किया था। घटना के बाद पार्षद ने आईजी और एसएसपी से मिलने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि, उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री भारत दौरे पर, क्या दूर होगी रिश्तों में आई तल्खियां ?

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शेख हसीना की सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद भारत बांग्लादेश संबंधों में तल्खियां देखने को मिली थी। दोनों देशों के बीच बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच अब रिश्तों को नए सिरे से संतुलित करने की दिशा में कोशिश होती दिखने लगी है। इसी क्रम में बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉक्टर खलीलुर रहमान 7 से 9 अप्रैल तक भारत के दौरे पर हैं।

नए सिरे से रिश्तों को संतुलित करने की कोशिश

रहमान की अगुवाई में हो रहा ये दौरा बांग्लादेश नैशनलिस्ट पार्टी की सरकार आने के बाद पहला हाई प्रोफाइल दौरा है। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार को सत्ता से हटाए जाने के बाद ढाका पर काबिज रहे युनूस प्रशासन के भारत के साथ बहुत अच्छे संबंध नहीं रहे हैं। रहमान के दौरे को दिल्ली और ढाका दोनों की ओर से नए सिरे से राजनीतिक इंगेजमेंट करने की दिशा में एक कड़ी की तरह देखा जा रहा है।

एस जयशंकर के साथ एक ही विमान से मॉरीशस जाएंगे

रहमान 7 अप्रैल को दिल्ली आ चुके हैं। बीती रात उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल के साथ रात्रिभोज किया। इस दौरान दोनों में देशों के संबंधों को सुधारने पर चर्चा हुई। आज रहमान दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री जयशंकर के साथ मुलाकात करेंगे। इसके बाद उनका वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के साथ भी मुलाकात का भी कार्यक्रम है। 9 अप्रैल को वे जयशंकर के साथ एक ही विमान से मॉरीशस जाएंगे।

किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

भारत ने अभी तक इस दौरे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि बातचीत में गंगा जल-बंटवारे समझौते के नवीनीकरण, संपर्क परियोजनाओं की प्रगति, भारत से ऊर्जा आपूर्ति और द्विपक्षीय व्यापार सुविधाओं की बहाली जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।

उठ सकता है वीजा और सीमा का मुद्दा

भारत-बांग्लादेश सीमा पर होने वाली मौतों का मामला भी बातचीत में संवेदनशील मुद्दा रहेगा। बांग्लादेश पहले भी तस्करी रोधी अभियानों के दौरान सीमा पर नागरिकों की मौतों पर चिंता जताता रहा है। बांग्लादेश छात्रों, मरीजों और व्यापारियों के लिए वीजा सुविधाओं को फिर से खोलने और विस्तार देने की मांग उठा सकता है। बांग्लादेश संयुक्त राष्ट्र महासभा के 2026-27 सत्र के लिए रहमान के नामांकन पर भारत का समर्थन मांग सकता हैं।

क्या शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी उठेगा?

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना तख्तापलट के बाद पिछले साल अगस्त से ही भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की नई सरकार कई बार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुकी है। हालांकि, अब तक भारत ने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार ने कहा है कि वो कानूनी प्रक्रिया के तहत हसीना के प्रत्यर्पण का समर्थन करती है। हालांकि, माना जा रहा है कि ये मुद्दा बड़ी अड़चन नहीं होगा।

स्वास्थ्य विभाग,झारखंड सरकार के अपर मुख्य सचिव ने किया शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण, अधिकारियों को मिले निर्देश

स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने आज 8 अप्रैल को हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह, उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह एवं सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय भी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के क्रम में अपर मुख्य सचिव ने सदर अस्पताल में संचालित मेडिकल कॉलेज द्वारा मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट की प्रगति की समीक्षा की तथा नए भवन में संचालित विभिन्न वार्डों यथा मेडिसिन, मनोचिकित्सा, स्किन एवं नेत्र विभाग में उपलब्ध उपकरणों की क्रियाशीलता की जांच की।

उन्होंने अस्पताल में ऑक्सीजन पाइपलाइन की व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उसकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सर्जरी वार्ड में इलाजरत महिला मरीज से बातचीत कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं दवाओं की जानकारी ली तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाले लाभों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों में चिकित्सकों की उपस्थिति एवं संख्या का जायजा लिया तथा मेडिकल सुपरिटेंडेंट को अस्पताल के सुदृढ़ीकरण, समुचित प्रकाश व्यवस्था, दरवाजों की मरम्मत एवं अन्य आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

अपर मुख्य सचिव ने अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मशीनों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि जांच कार्य में तेजी लाई जा सके।

परिसर भ्रमण के दौरान पुराने भवनों को चिन्हित कर उन्हें हटाने का निर्देश दिया, जिससे परिसर में पर्याप्त खुला स्थान उपलब्ध हो सके। साथ ही, आईसीयू वार्ड में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश भी दिए।

सदर अस्पताल निरीक्षण के उपरांत अपर मुख्य सचिव ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन मुख्य भवन का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा उपस्थित अभियंताओं से भवन के संपूर्ण नक्शे की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने डॉक्टर क्वार्टर, महिला एवं पुरुष छात्रावास का भी निरीक्षण किया। वर्तमान में लगभग 500 छात्र-छात्राएं मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं।

अपर मुख्य सचिव ने कार्य एजेंसी से निर्माण कार्य की समयसीमा की जानकारी लेते हुए इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं एवं चिकित्सा शिक्षा की सुविधाएं सुदृढ़ रूप से उपलब्ध कराई जा सकें।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने परिसदन भवन में सभी स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज एवं सदर अस्पताल के निरीक्षण और अवलोकन के दौरान पाई गई खामियों पर चर्चा की तथा इन संस्थानों को बेहतर बनाने के संबंध में विचार-विमर्श किया।

स्वास्थ्य सचिव ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा सभी सेवाओं को तीव्र गति से बेहतर तरीके से संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई के सत्र को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और छात्रों के परिणाम में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों (एचओडी) को निर्देशित किया कि अस्पताल के सभी वार्डों, ओपीडी, साफ-सफाई, नर्सिंग सेवाओं सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन सुचारू और प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने आयुष्मान योजना एवं अबुआ स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत क्लेम राशि बढ़ाने पर बल दिया।

स्वास्थ्य सचिव ने बरही एवं विष्णुगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि बरही में जिला अस्पताल के समान स्वास्थ्य सेवाओं का विकास किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा निर्माणाधीन सभी अस्पताल संरचनाओं, अमृत फार्मेसी और जन औषधि केंद्रों को समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया।

कटकमसांडी में सांसद मनीष जायसवाल का सघन दौरा, शोकाकुल परिवारों से मिलकर बंधाया हौसला, विकास कार्यों का लिया जायजा

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने बुधवार को सदर विधानसभा क्षेत्र के कटकमसांडी प्रखंड का सघन दौरा किया। जनसेवा ही जीवन का उद्देश्य के संकल्प के साथ निकले सांसद मनीष जायसवाल ने क्षेत्र की पाँच पंचायतों के आधा दर्जन से अधिक गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने जहाँ एक ओर विकास कार्यों और जनसमस्याओं का जायजा लिया, वहीं दूसरी ओर कई शोकाकुल परिवारों से मिलकर उन्हें इस कठिन समय में हिम्मत बंधाई।सांसद मनीष जायसवाल के दौरे की शुरुआत ग्राम पंचायत डांड से हुई, जहाँ सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले स्व. उमेश यादव के परिजनों से मिलकर उन्होंने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य के निधन और उनके दो मासूम बच्चों की स्थिति को देख सांसद मनीष जायसवाल भावुक हो उठे। उन्होंने मौके पर मौजूद कटकमसांडी अंचल अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता से मृतक के परिवार को मिलने वाले सरकारी लाभों पर विस्तृत चर्चा की और त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शोक संवेदनाओं का यह क्रम लुपुंग में भाजपा किसान मोर्चा के मंत्री प्रदीप कुमार मेहता के पिता स्व. बंशी महतो, ग्राम जैलमा में भाजपा नेता अंतू साव के सुपुत्र स्व. अनिल कुमार साव और ग्राम गदोखर के मुखिया नारायण साव के भाई स्व. राम कुमार साव (जिनकी दुःखद हत्या कर दी गई थी) के परिजनों से मिलने तक जारी रहा। सांसद मनीष जायसवाल ने सभी दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की ।दुख की घड़ी में साथ निभाने के साथ ही सांसद मनीष जायसवाल समाज की खुशियों में भी साझीदार बने। सांसद लहंगा वितरण अभियान के तहत उन्होंने ग्राम डांड, बरगड्डा और गदोखर की 07 बहनों को उनके विवाह से पूर्व लहंगा भेंट किया। उन्होंने बेटियों को शादी की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।

विकास और आस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने ग्राम पंचायत बरगड्डा में नवनिर्मित शिव मंदिर का निरीक्षण किया। ग्रामीणों के विशेष आग्रह पर उन्होंने मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु गेट और ग्रिल लगवाने का भरोसा दिया। वहीं लुपुंग पंचायत पहुँचने पर भारी बारिश के बावजूद ग्रामीणों का उत्साह कम नहीं हुआ। सांसद मनीष जायसवाल ने कुम्हार टोला में ग्रामीणों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और उनके निराकरण का आश्वासन दिया ।

मौके पर विशेषरूप से जिला सांसद सह-प्रतिनिधि जीवन मेहता, सदर विधानसभा सांसद प्रतिनिधि किशोरी राणा, पूर्वी मंडल अध्यक्ष प्रकाश कुशवाहा, पश्चिमी मंडल अध्यक्ष कैलाश यादव, सांसद प्रतिनिधि बीरेंद्र कुमार बीरू, प्रेम प्रसाद, जिला महामंत्री रीतलाल यादव, अशोक राणा,दीपक मेहता, महावीर सिंह, बिजुल देवी, नरेश पासवान, दिलीप कुमार रवि , बबलू राणा, मिथलेश सिंह, बिना देवी, प्रदीप मेहता, मथुरी मेहता, अनिल कुशवाहा,अरविंद यादव,सरोज सिंह, लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी, लेखराज यादव, शंकर यादव, शिवकुमार यादव, सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।

शिक्षा के साथ सनातन मूल्यों  का समावेश राष्ट्र के उज्जवल भविष्य की आधारशिला : डॉ नीरजा माधव

सुल्तानपुर। जनपद के ग्राम बीबीपुर तिवारी स्थित नारायण ज्ञान धाम में आयोजित वार्षिकोत्सव एवं मेधावी छात्र सम्मान समारोह बेहद गरिमामय और प्रेरणादायी माहौल में सम्पन्न हुआ। इस आयोजन ने शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा के सुंदर समन्वय का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डा. नीरजा माधव द्वारा मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ सनातन मूल्यों का समावेश ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।
अध्यक्षता करते हुए डा. सुशील कुमार पाण्डेय ‘साहित्येन्दु’ ने चरित्र निर्माण आधारित शिक्षा को छात्रों के समग्र विकास का मूल बताया, वहीं डा. इन्दुशेखर उपाध्याय ने जीवन में नैतिकता, रचनात्मकता और सकारात्मक सोच की आवश्यकता पर जोर दिया। समारोह को सम्बोधित करते हुए उदयभान सिंह (पूर्व प्रधानाचार्य) ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है। संस्कार ही शिक्षा को सार्थक बनाते हैं और एक जिम्मेदार नागरिक का निर्माण करते हैं। अंजनी कुमार सिंह (पट्टी, प्रतापगढ़) ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षा मनुष्य को आगे बढ़ने की दिशा देती है, जबकि संस्कार उसे सही मार्ग पर चलना सिखाते हैं। दोनों का संतुलन ही जीवन को सफल बनाता है। पूर्व प्रवक्ता रामलाल गुप्ता ने कहा कि सच्ची शिक्षा वही है जो व्यवहार में दिखे। संस्कारयुक्त शिक्षा से ही समाज में नैतिकता, अनुशासन और सद्भावना का विकास होता है। संस्थापक पूर्व आईजी बी.पी. त्रिपाठी ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों की प्रयोगशाला है, जहां बच्चों में अनुशासन, ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में चांदनी तिवारी की सरस्वती वंदना ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर आयोजित सामान्य ज्ञान परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए और 41 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। प्रतिभा यादव, रिया गुप्ता, आदर्श यादव, श्रेया, वैभव सिंह, आयुष श्रीवास्तव सहित अनेक छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य अतिथियों, अभिभावकों और क्षेत्रीय नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
यह आयोजन न केवल प्रतिभाओं के सम्मान का मंच बना, बल्कि समाज में शिक्षा, संस्कार और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश भी दे गया।
वार्षिकोत्सव एवं प्रगति पत्र वितरण समारोह आयोजित
गोण्डा। शिक्षा क्षेत्र मनकापुर के प्राथमिक विद्यालय रेड़ौरा में वार्षिकोत्सव विदाई समारोह व स्कूल चलो अभियान का आयोजन 'प्रतिभा पर्व' के रूप में ससमारोह आयोजित किया गया, कार्यक्रम का शुभारंभ माॅं शारदा के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन करके मुख्य अतिथि हर्षित पाण्डेय खण्ड शिक्षा अधिकारी मनकापुर व अमित मिश्रा डायट प्रवक्ता द्वारा किया गया, कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रवि प्रकाश सिंह जिलाध्यक्ष यूटा, राधामोहन पाण्डेय जिलाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ जनार्दन प्रसाद पाण्डेय ब्लाक अध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ-मनकापुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमित पाण्डेय, पूनम यादव व संगीता देवी द्वारा अतिथियों का बैज लगाकर कार्यक्रम में स्वागत व अभिनंदन किया गया। विद्यालय की छात्राओं द्वारा मनमोहक सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, समारोह में नवप्रवेशी छात्र छात्राओं को रोली टीका लगाकर व माला पहनाकर स्वागत किया गया, कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के प्रतिभावान छात्र छात्राओं को मेडल व उपहार देकर सम्मानित किया गया, ए आर पी फिरोज अहमद खान, शैलेन्द्र प्रताप सिंह व इंदु प्रताप सिंह जी ने अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया।बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा नामांकन कराने के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने उद्बोधन के माध्यम से अभिभावकों व समुदाय से अनुरोध किया गया, डायट प्रवक्ता अमित मिश्रा द्वारा प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं व योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी।शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए यूटा जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश सिंह ने कहा कि आने वाले समय में समाज व राष्ट्र को सुदृढ़ व विकसित बनाने के लिए हमें अपने प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देनी चाहिए, कक्षा-5 उत्तीर्ण हो चुके छात्र-छात्राओं को  अधिगम सहायक किट, अंकपत्र व टी सी देकर भावुक विदाई दी गयी, कार्यक्रम का संचालन गिरीश कुमार पाण्डेय 'विद्यार्थी' द्वारा किया गया, समारोह में स्वागत भाषण कमलेश पाण्डेय एस आर जी द्वारा व धन्यवाद ज्ञापन अमित पांडेय द्वारा किया गया, समारोह को राधा मोहन पाण्डेय, जनार्दन प्रसाद पाण्डेय, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, इंदु प्रताप सिंह,विनय मिश्रा, विकास मौर्य, विपिन मिश्रा द्वारा भी संबोधित किया गया, इस अवसर पर ग्राम प्रधान झिन्नू प्रसाद पाण्डेय,विजय प्रकाश सिंह, यूटा जिला मंत्री आत्रेय मिश्रा, जिला मीडिया प्रभारी अरुण मिश्रा, डॉ अखिलेश शुक्ला, अवधेश पाण्डेय, अरविंद कुमार, सुनीत शुक्ला, मीरा पाण्डेय, रेखा शुक्ला, शिव कुमारी गुप्ता, सत्येन्द्र सिंह, सत्य प्रकाश मिश्रा, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, नाजिया बानो, शिखा, स्तुति देवी, नीलम शुक्ला, राकेश यादव, उदय राज यादव, आशुतोष मिश्रा आदि गणमान्य अतिथियों सहित न्याय पंचायत विद्यानगर के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे, राष्ट्र गान के साथ समारोह का समापन किया गया।
फरियादी को अधिवक्ता ने मारपीट कर किया घायल पुलिस से मुकदमा दर्ज करने की मांग







बूढनपुर तहसील परिसर में देर शाम एक अधिवक्ता ने अपने ही फरियादी को तहसील परिसर में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा बता दे कि यह मामला मंगलवार शाम 3:30 बजे का है। पीड़ित श्याम नाथ पुत्र लोटू निवासी कोठरा थाना अहरौला का आरोप है कि मेरे द्वारा बैंक के वकील विजय प्रकाश गुप्ता को केसीसी के लोन के लिए पत्रावली दी गई जिसके साथ मैं ₹1000 नगद खतौनी स्टांप पेपर सहित अन्य दस्तावेज तैयार करके वकील साहब को दिया एक हफ्ते के बाद जब मैं वकील साहब के यहां पत्रावली लेने पहुंचा तो वकील साहब ने कहा कि तुम्हारी पत्रावली खो गई पुनः पत्रावली तैयार करनी पड़ेगी उन्होंने कहा कि तुम मुझे खतौनी और अन्य दस्तावेज दे देना मैं तुम्हारी पत्रावली तैयार करवा दूंगा जब मैं खतौनी सहित अनेक डॉक्यूमेंट उन्हें दे दिया एक सप्ताह बाद उन्होंने मुझे बुलाया जब मैं खतौनी और अन्य दस्तावेज के बारे में जानकारी लेनी चाहिए तो वह मुझे डांटने लगे और पैसे की डिमांड करने लगे। मैं वकील साहब से अनुरोध किया कि एक बार पत्रावलीआपके यहां से गायब हो गई तो आपने कहा था मैं स्वयं अपने खर्चे से बनवा दूंगा। जब मैं पत्रावली उनसे मांगा तो वह मुझे गाली देने लगे और अभद्रतापूर्ण व्यवहार करने लगे मेरे द्वारा कहा गया कि मैं भी सम्मानित व्यक्ति हूं मैं कोठरा गांव का पूर्व प्रधान हूं। इस पर उन्होंने मुझे तहसील में घसीट कर पीटना शुरू किया और कहा कि मैं अधिवक्ता हूं मेरे से बड़ा गुंडा और कोई नहीं है हम अधिवक्ता की एकजुट को नहीं जानते हो मुझे पीट कर घायल कर दिया किसी तरह से जान बचाकर मैं तहसील परिसर से भागा जिसकी शिकायत मेरे द्वारा स्थानीय थाना कप्तानगंज में की गई। वही बार एसोसिएशन के मंत्री जगत नारायण तिवारी ने बताया कि श्याम नाथ द्वारा हमारे अधिवक्ता के साथ अभद्र पूर्ण व्यवहार किया गया जिसके चलते अधिवक्ता विजय प्रकाश गुप्ता ने श्याम नाथ को पीटा। इस संबंध मे थानाध्यक्ष जय प्रकाश ने बताया कि तहरीर मिल चुकी है जांच की जा रही है दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निजी स्कूलों की ‘लूट’ पर कांग्रेस मुखर, कल बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार
*जिले ने निजी स्कूलों ने शिक्षा को बनाया है धंधा : अभिषेक सिंह राणा*

सुल्तानपुर। जनपद में निजी विद्यालयों की मनमानी और अभिभावकों के कथित आर्थिक-मानसिक शोषण के खिलाफ अब माहौल पूरी तरह गरमा गया है। जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए ऐलान किया है कि कल 9 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, और यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और आक्रामक रूप दिया जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा कि निजी स्कूलों ने शिक्षा को धंधा बना दिया है। रजिस्ट्रेशन, एडमिशन फीस, किताब-कॉपी और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों से खुलेआम लूट मचाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा वसूली तंत्र प्रशासन की शह पर चल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं।शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस लूट और शोषण पर तत्काल रोक नहीं लगी, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आर-पार की लड़ाई लड़ेगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज कर  दिया जाएगा। युवा छात्र नेता मानस तिवारी ने कहा कि अब अभिभावकों का गुस्सा फूटने के कगार पर है और कांग्रेस उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेगी। यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि हर परिवार के सम्मान और भविष्य का सवाल है।  कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने जानकारी दी कि 9 अप्रैल को होने वाले प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही उन्होंने प्रशासन को सीधी चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन जल्द ही जन आक्रोश की लहर बनकर सड़कों पर फूटेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने बताया कि आंदोलन की जानकारी जिलाधिकारी को दे दी गई है।
कृषि में वैल्यू एडिशन और तकनीक के समन्वय से बढ़ेगी किसानों की आय : केशव प्रसाद मौर्य
* एमिटी विवि में डिप्टी सीएम ने किया अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को लखनऊ स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में ‘खाद्य सुरक्षा’ (Food Security) विषय पर
“पैथोजेन्स, प्लांट हेल्थ एंड फूड सिक्योरिटी: क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर एंड लैंडस्केप कंजर्वेशन” विषय पर आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
इस अवसर पर उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उप मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत करते हुए उन्हें अंगवस्त्र, पगड़ी (साफा) पहनाकर तथा एक पौधा सम्मान स्वरूप भेंट किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने “Pathogens, Plant Health and Food Security” नामक पुस्तक का विमोचन किया तथा देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए वरिष्ठ वैज्ञानिकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने इस उत्कृष्ट एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए आयोजकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि, नवाचार और आधुनिक तकनीक के समन्वय से ही आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि भंडारण, कोल्ड चेन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता और प्रभावी विपणन से जुड़ा एक व्यापक विषय है, जिस पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और उत्तर प्रदेश देश की सबसे उपजाऊ भूमि वाला प्रदेश है, जहां उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इसके बावजूद फसलों के भंडारण की कमी, कोल्ड चेन की अपर्याप्त व्यवस्था तथा वैल्यू एडिशन के अभाव के कारण किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार अधिक उत्पादन होने पर भी किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता, जो शोध और नीति निर्माण का महत्वपूर्ण विषय है।
उप मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ऐसी तकनीकों का विकास करें, जिससे प्राकृतिक आपदाओं जैसे वर्षा एवं ओलावृष्टि से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसानों की मेहनत सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि अब समय क्वांटिटी के साथ क्वालिटी पर ध्यान देने का है, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों के बारे में बताते हुए श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश में चाहे सड़क मार्ग हो, चाहे रेल मार्ग या फिर हवाई मार्ग, इन सबके निर्माण में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी बन चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में गरीब, किसान, युवा एवं मातृशक्ति के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं और सरकार का लक्ष्य उन्हें “लखपति दीदी” से आगे “करोड़पति दीदी” बनाना है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP)’ योजना ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई है तथा अब “एक जनपद, एक व्यंजन” के माध्यम से खाद्य उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन बढ़ाकर न केवल किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन की सरकार किसानों और किसानी के सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के सम्मेलन खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान खोजने में मील का पत्थर साबित होंगे।
इस सम्मेलन का आयोजन एमिटी फूड एंड एग्रीकल्चर फाउंडेशन (ए.एफ.ए.एफ), एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर और इंडियन सोसाइटी ऑफ माइकोलॉजी एंड प्लांट पैथोलॉजी (आईएसएमपीपी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसमें सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विश्वस्तरीय चर्चा और विचार-मंथन के लिए  प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एक मंच पर इकट्ठा हो रहे हैं।
डॉ. अशोक के. चौहान ने वर्चुवल रूप से जुड़ते हुये मुख्य अतिथि सहित सभी का स्वागत करते हुए कहा कि एक किसान परिवार से जुड़े होने के नाते वे कृषि और किसानों की परेशानियों से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में विश्वभर के वरिष्ठ और स्थापित वैज्ञानिकों को एक साथ देखकर विश्वास मजबूत होता है कि भारत न केवल कृषि में बल्कि हर क्षेत्र में सुपर पावर बनकर रहेगा और एमिटी विश्वविद्यालय इसमें अपना हर प्रकार का सहयोग देगा।
डॉ. असीम चौहान ने अपने वर्चुवल सम्बोधन मे ग्रामीण विकास में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, मूल्य संवर्धन और ड्रोन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग के महत्व को रेखांकित  किया और कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और बदलते मौसम का सामना करने के उपायों पर  हमे और काम करना होगा।
प्रो. (डॉ.) अनिल वशिष्ठ ने डॉ. अशोक के. चौहान एवं डॉ. असीम चौहान के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए जलवायु परिवर्तन, उभरती पादप बीमारियों तथा खाद्य प्रणालियों पर बढ़ते दबाव जैसे वैश्विक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए सम्मेलन को ज्ञान के आदान-प्रदान, सहयोग एवं नवाचार के लिए एक सशक्त मंच बताया।
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रो. (डॉ.) शालिनी सिंह विसेन ने जलवायु-लचीली कृषि प्राप्त करने में पादप स्वास्थ्य, रोगजनकों के प्रबंधन एवं खाद्य सुरक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
डॉ. सी. डी. मयी ने कृषि को किसान, रोगजनक कीटाणुओं और पर्यावरण के एक जटिल संबंध के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा करते हुए संतुलित एवं सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता बताई तथा रासायनिक उपयोग पर अत्यधिक निर्भरता के प्रति सावधान किया।
डॉ. एस. एस. चाहल ने कृषि परिदृश्य में हो रहे परिवर्तनों पर चर्चा करते हुए आक्रामक प्रजातियों, उभरते रोगजनकों और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने इन समस्याओं के समाधान में जीनोमिक्स एवं पारिस्थितिक दृष्टिकोण की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
प्रो. (डॉ.) पोखर रावल ने इंडियन सोसाइटी ऑफ माइकोलॉजी एंड प्लांट पैथोलॉजी की उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डालते हुए इसकी बढ़ती सदस्यता और वैश्विक पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने इसकी शोध पत्रिका के वेब ऑफ साइंस में सूचीबद्ध होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक शोध को सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. ललित महात्मा ने अपने विचारोत्तेजक संबोधन में लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए शैक्षणिक जीवन में मूल्यों, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व पर जोर दिया। उन्होंने बीजों के माध्यम से वायरस संचरण के प्रयोगात्मक प्रमाण प्रस्तुत करते हुए वैज्ञानिक समुदाय से पारंपरिक धारणाओं की पुनर्समीक्षा करने का आह्वान किया।
डॉ. डी. आर. सिंह ने भारत की कृषि विविधता, विशेषकर बिहार के मखाना, आम और लीची जैसे उत्पादों में योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने खाद्य पर्याप्तता से पोषण सुरक्षा की ओर बढ़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कीटनाशकों के अवशेष और माइकोटॉक्सिन प्रदूषण के खतरों को उजागर किया।
सम्मेलन के दौरान वैज्ञानिक उत्कृष्टता का उत्सव भी मनाया गया, जिसमें विशिष्ट वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष उपलब्धि पुरस्कार तथा प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किए गए।
प्रति कुलपति एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर प्रोफेसर (डॉ.) अनिल वशिष्ठ, एमेरिटस प्रेसिडेंट आईएसएमपीपी डॉ. एस. एस. चाहल, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं ‘कॉटन मैन’ के नाम से विख्यात, प्रेसिडेंट साउथ एशिया बायोटेक्नोलॉजी सेंटर, नई दिल्ली, डॉ. सी. डी. मयी, सचिव आईएसएमपीपी प्रो. (डॉ.) पोखर रावल, अध्यक्ष आईएसएमपीपी डॉ. ललित महात्मा, कुलपति बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी डॉ. डी. आर. सिंह और सम्मेलन की आयोजन सचिव एवं निदेशक, एएफएएफ, एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ परिसर, प्रो. (डॉ.) शालिनी सिंह विसेन ने  सम्मेलन मे औपचारिकरुप सै भाग लिया। इस अवसर पर फाउंडर प्रेसिडेंट, एमिटी एजुकेशन ग्रुप, रितनंद बलवेद एजुकेशन फाउंडेशन, डॉ. अशोक के. चौहान, और चेयरमैन एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ कैंपस डॉ. असीम चौहान ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
शिक्षामित्र एवं अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय  बढ़ाए जाने पर मंत्री परिषद का अनुमोदन
*राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया
*शिक्षा मित्र एवं अंशकालिक अनुदेशकों का बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू माना गया है
*आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का भी मानदेय बढ़ाए जाने के लिए संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र

मीरजापुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने 7 अप्रैल 2026 की कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 1,40000 से भी अधिक शिक्षामित्र एवं 24000 से अधिक अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय  पर मंत्री परिषद की मोहर लगने पर हर्ष व्यक्त करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि शिक्षामित्रों को अब 10000 के स्थान पर 18000 का मानदेय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 24716 अंशकालिक अनुदेशकों को 17000 का मानदेय मिलेगा। संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री का विशेष आभारव्यक्त करते हुए प्रदेश में कार्यरत 2,40000 आशा बहू ,आशा संगिनी एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का भी मानदेय बढ़ाए जाने के  लिए मुख्यमंत्री के आधिकारिक ई मेल आईडी पर पत्र प्रेषित किया है। जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री जी आंगनबाड़ी एवं आशा बहुओं का मानदेय बढ़ाए जाने की घोषणा सदन में पहले ही कर चुके हैं, लेकिन अभी तक आशा बहू एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मानदेय राशि  निर्धारित नहीं हो सकी है। आशा कार्यकत्रियों को भी न्यूनतम 18000 का मानदेय दिए जाने का अनुरोध संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री से किया है ।संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने शिक्षामित्र एवं अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हुए महिलाओं के कार्यों का मूल्यांकन करते हुए आशा बहुओं का मानदेय भी बढ़ाए जाने की अपेक्षा किया है। उन्होंने आशा व्यक्त किया है कि प्रदेश की आशा बहुओं,आशा संगिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं  मानदेय पर कार्य करने वाले अन्य कर्मचारियों के लिए भी सरकार न्यूनतम मानदेय का निर्धारण शीघ्र ही करेगी। संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने प्रदेश के कर्मचारियों को अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री कर्मचारियों की मांगों का संज्ञान लेकर कार्यवाही कर रहे हैं। बहुत जल्दी ही कर्मचारियों की लंबित मांगों पर संयुक्त परिषद के अनुरोध के अनुसार कार्यवाही संभावित है। संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने कर्मचारियों की मांगों पर वार्ता कर कार्यवाही किए जाने का एक पत्र मुख्य सचिव को भी भेजा है।
गया में वार्ड पार्षद और एएसआई के बीच विवाद, पार्षद ने मारपीट के आरोप नकारे, ASI पर लगाए गंभीर आरोप

गया: गया में एक वार्ड पार्षद और एएसआई के बीच विवाद का मामला गरमा गया है। वार्ड पार्षदक कलाम कुरैशी पर रामपुर थाना के एएसआई अश्वनी विक्रम कुमार पासवान के साथ मारपीट करने का आरोप है। हालांकि, पार्षद ने प्रेस वार्ता कर इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पुलिस अधिकारी पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान कलाम कुरैशी ने बताया कि वे गेवाल बीघा में एक हल्दी समारोह में शामिल होने गए थे। इसी दौरान गेवाल बीघा मोड़ पर उन्होंने रामपुर थाना के एएसआई को दो युवकों के साथ बहस करते और फिर उन्हें बेरहमी से पीटते देखा।

पार्षद के अनुसार, उन्होंने मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए मारपीट का कारण पूछा। कलाम कुरैशी का आरोप है कि उनके सवाल उठाने पर एएसआई भड़क गए और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे।

चाय की दुकान पर हुई थी घटना

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना गेवाल बीघा के पास एक चाय की दुकान पर हुई, जहां किसी बात को लेकर एएसआई और वार्ड पार्षद के बीच विवाद हो गया। वायरल वीडियो में दोनों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की पूरी सच्चाई और विवाद की शुरुआत कैसे हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

इस संबंध में वार्ड पार्षद कलाम कुरैशी ने प्रेस वार्ता कर कहा कि वे गेवाल बीघा में अपने बचपन के दोस्त की बहन के हल्दी समारोह में शामिल होने गए थे। इसी दौरान वे कुछ सामान लेने के लिए गेवाल बीघा मोड़ पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि रामपुर थाना के एएसआई दो युवकों के साथ बहस कर रहे थे और बाद में उन्हें बेरहमी से पीटने लगे। वार्ड पार्षद ने कहा की उन्होंने सिर्फ मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए पूछा कि इस तरह मारपीट क्यों की जा रही है।

कलाम कुरैशी ने आरोप लगाया कि एएसआई ने शराब पी रखी थी और उनका व्यवहार बेहद आपत्तिजनक था। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। पार्षद ने यह भी कहा कि अगर एएसआई का हाथ टूटा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वार्ड पार्षद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो वे खुद जेल जाने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि उनका और एएसआई दोनों का ब्लड टेस्ट कराया जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किसने शराब का सेवन किया था। घटना के बाद पार्षद ने आईजी और एसएसपी से मिलने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि, उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री भारत दौरे पर, क्या दूर होगी रिश्तों में आई तल्खियां ?

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शेख हसीना की सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद भारत बांग्लादेश संबंधों में तल्खियां देखने को मिली थी। दोनों देशों के बीच बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच अब रिश्तों को नए सिरे से संतुलित करने की दिशा में कोशिश होती दिखने लगी है। इसी क्रम में बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉक्टर खलीलुर रहमान 7 से 9 अप्रैल तक भारत के दौरे पर हैं।

नए सिरे से रिश्तों को संतुलित करने की कोशिश

रहमान की अगुवाई में हो रहा ये दौरा बांग्लादेश नैशनलिस्ट पार्टी की सरकार आने के बाद पहला हाई प्रोफाइल दौरा है। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार को सत्ता से हटाए जाने के बाद ढाका पर काबिज रहे युनूस प्रशासन के भारत के साथ बहुत अच्छे संबंध नहीं रहे हैं। रहमान के दौरे को दिल्ली और ढाका दोनों की ओर से नए सिरे से राजनीतिक इंगेजमेंट करने की दिशा में एक कड़ी की तरह देखा जा रहा है।

एस जयशंकर के साथ एक ही विमान से मॉरीशस जाएंगे

रहमान 7 अप्रैल को दिल्ली आ चुके हैं। बीती रात उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल के साथ रात्रिभोज किया। इस दौरान दोनों में देशों के संबंधों को सुधारने पर चर्चा हुई। आज रहमान दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री जयशंकर के साथ मुलाकात करेंगे। इसके बाद उनका वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के साथ भी मुलाकात का भी कार्यक्रम है। 9 अप्रैल को वे जयशंकर के साथ एक ही विमान से मॉरीशस जाएंगे।

किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

भारत ने अभी तक इस दौरे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि बातचीत में गंगा जल-बंटवारे समझौते के नवीनीकरण, संपर्क परियोजनाओं की प्रगति, भारत से ऊर्जा आपूर्ति और द्विपक्षीय व्यापार सुविधाओं की बहाली जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।

उठ सकता है वीजा और सीमा का मुद्दा

भारत-बांग्लादेश सीमा पर होने वाली मौतों का मामला भी बातचीत में संवेदनशील मुद्दा रहेगा। बांग्लादेश पहले भी तस्करी रोधी अभियानों के दौरान सीमा पर नागरिकों की मौतों पर चिंता जताता रहा है। बांग्लादेश छात्रों, मरीजों और व्यापारियों के लिए वीजा सुविधाओं को फिर से खोलने और विस्तार देने की मांग उठा सकता है। बांग्लादेश संयुक्त राष्ट्र महासभा के 2026-27 सत्र के लिए रहमान के नामांकन पर भारत का समर्थन मांग सकता हैं।

क्या शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी उठेगा?

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना तख्तापलट के बाद पिछले साल अगस्त से ही भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की नई सरकार कई बार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुकी है। हालांकि, अब तक भारत ने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार ने कहा है कि वो कानूनी प्रक्रिया के तहत हसीना के प्रत्यर्पण का समर्थन करती है। हालांकि, माना जा रहा है कि ये मुद्दा बड़ी अड़चन नहीं होगा।

स्वास्थ्य विभाग,झारखंड सरकार के अपर मुख्य सचिव ने किया शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण, अधिकारियों को मिले निर्देश

स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने आज 8 अप्रैल को हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह, उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह एवं सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय भी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के क्रम में अपर मुख्य सचिव ने सदर अस्पताल में संचालित मेडिकल कॉलेज द्वारा मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट की प्रगति की समीक्षा की तथा नए भवन में संचालित विभिन्न वार्डों यथा मेडिसिन, मनोचिकित्सा, स्किन एवं नेत्र विभाग में उपलब्ध उपकरणों की क्रियाशीलता की जांच की।

उन्होंने अस्पताल में ऑक्सीजन पाइपलाइन की व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उसकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सर्जरी वार्ड में इलाजरत महिला मरीज से बातचीत कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं दवाओं की जानकारी ली तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाले लाभों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों में चिकित्सकों की उपस्थिति एवं संख्या का जायजा लिया तथा मेडिकल सुपरिटेंडेंट को अस्पताल के सुदृढ़ीकरण, समुचित प्रकाश व्यवस्था, दरवाजों की मरम्मत एवं अन्य आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

अपर मुख्य सचिव ने अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मशीनों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि जांच कार्य में तेजी लाई जा सके।

परिसर भ्रमण के दौरान पुराने भवनों को चिन्हित कर उन्हें हटाने का निर्देश दिया, जिससे परिसर में पर्याप्त खुला स्थान उपलब्ध हो सके। साथ ही, आईसीयू वार्ड में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश भी दिए।

सदर अस्पताल निरीक्षण के उपरांत अपर मुख्य सचिव ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन मुख्य भवन का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा उपस्थित अभियंताओं से भवन के संपूर्ण नक्शे की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने डॉक्टर क्वार्टर, महिला एवं पुरुष छात्रावास का भी निरीक्षण किया। वर्तमान में लगभग 500 छात्र-छात्राएं मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं।

अपर मुख्य सचिव ने कार्य एजेंसी से निर्माण कार्य की समयसीमा की जानकारी लेते हुए इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं एवं चिकित्सा शिक्षा की सुविधाएं सुदृढ़ रूप से उपलब्ध कराई जा सकें।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने परिसदन भवन में सभी स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज एवं सदर अस्पताल के निरीक्षण और अवलोकन के दौरान पाई गई खामियों पर चर्चा की तथा इन संस्थानों को बेहतर बनाने के संबंध में विचार-विमर्श किया।

स्वास्थ्य सचिव ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा सभी सेवाओं को तीव्र गति से बेहतर तरीके से संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई के सत्र को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और छात्रों के परिणाम में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों (एचओडी) को निर्देशित किया कि अस्पताल के सभी वार्डों, ओपीडी, साफ-सफाई, नर्सिंग सेवाओं सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन सुचारू और प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने आयुष्मान योजना एवं अबुआ स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत क्लेम राशि बढ़ाने पर बल दिया।

स्वास्थ्य सचिव ने बरही एवं विष्णुगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि बरही में जिला अस्पताल के समान स्वास्थ्य सेवाओं का विकास किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा निर्माणाधीन सभी अस्पताल संरचनाओं, अमृत फार्मेसी और जन औषधि केंद्रों को समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया।

कटकमसांडी में सांसद मनीष जायसवाल का सघन दौरा, शोकाकुल परिवारों से मिलकर बंधाया हौसला, विकास कार्यों का लिया जायजा

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने बुधवार को सदर विधानसभा क्षेत्र के कटकमसांडी प्रखंड का सघन दौरा किया। जनसेवा ही जीवन का उद्देश्य के संकल्प के साथ निकले सांसद मनीष जायसवाल ने क्षेत्र की पाँच पंचायतों के आधा दर्जन से अधिक गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने जहाँ एक ओर विकास कार्यों और जनसमस्याओं का जायजा लिया, वहीं दूसरी ओर कई शोकाकुल परिवारों से मिलकर उन्हें इस कठिन समय में हिम्मत बंधाई।सांसद मनीष जायसवाल के दौरे की शुरुआत ग्राम पंचायत डांड से हुई, जहाँ सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले स्व. उमेश यादव के परिजनों से मिलकर उन्होंने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य के निधन और उनके दो मासूम बच्चों की स्थिति को देख सांसद मनीष जायसवाल भावुक हो उठे। उन्होंने मौके पर मौजूद कटकमसांडी अंचल अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता से मृतक के परिवार को मिलने वाले सरकारी लाभों पर विस्तृत चर्चा की और त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शोक संवेदनाओं का यह क्रम लुपुंग में भाजपा किसान मोर्चा के मंत्री प्रदीप कुमार मेहता के पिता स्व. बंशी महतो, ग्राम जैलमा में भाजपा नेता अंतू साव के सुपुत्र स्व. अनिल कुमार साव और ग्राम गदोखर के मुखिया नारायण साव के भाई स्व. राम कुमार साव (जिनकी दुःखद हत्या कर दी गई थी) के परिजनों से मिलने तक जारी रहा। सांसद मनीष जायसवाल ने सभी दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की ।दुख की घड़ी में साथ निभाने के साथ ही सांसद मनीष जायसवाल समाज की खुशियों में भी साझीदार बने। सांसद लहंगा वितरण अभियान के तहत उन्होंने ग्राम डांड, बरगड्डा और गदोखर की 07 बहनों को उनके विवाह से पूर्व लहंगा भेंट किया। उन्होंने बेटियों को शादी की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।

विकास और आस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने ग्राम पंचायत बरगड्डा में नवनिर्मित शिव मंदिर का निरीक्षण किया। ग्रामीणों के विशेष आग्रह पर उन्होंने मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु गेट और ग्रिल लगवाने का भरोसा दिया। वहीं लुपुंग पंचायत पहुँचने पर भारी बारिश के बावजूद ग्रामीणों का उत्साह कम नहीं हुआ। सांसद मनीष जायसवाल ने कुम्हार टोला में ग्रामीणों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और उनके निराकरण का आश्वासन दिया ।

मौके पर विशेषरूप से जिला सांसद सह-प्रतिनिधि जीवन मेहता, सदर विधानसभा सांसद प्रतिनिधि किशोरी राणा, पूर्वी मंडल अध्यक्ष प्रकाश कुशवाहा, पश्चिमी मंडल अध्यक्ष कैलाश यादव, सांसद प्रतिनिधि बीरेंद्र कुमार बीरू, प्रेम प्रसाद, जिला महामंत्री रीतलाल यादव, अशोक राणा,दीपक मेहता, महावीर सिंह, बिजुल देवी, नरेश पासवान, दिलीप कुमार रवि , बबलू राणा, मिथलेश सिंह, बिना देवी, प्रदीप मेहता, मथुरी मेहता, अनिल कुशवाहा,अरविंद यादव,सरोज सिंह, लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी, लेखराज यादव, शंकर यादव, शिवकुमार यादव, सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।

शिक्षा के साथ सनातन मूल्यों  का समावेश राष्ट्र के उज्जवल भविष्य की आधारशिला : डॉ नीरजा माधव

सुल्तानपुर। जनपद के ग्राम बीबीपुर तिवारी स्थित नारायण ज्ञान धाम में आयोजित वार्षिकोत्सव एवं मेधावी छात्र सम्मान समारोह बेहद गरिमामय और प्रेरणादायी माहौल में सम्पन्न हुआ। इस आयोजन ने शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा के सुंदर समन्वय का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डा. नीरजा माधव द्वारा मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ सनातन मूल्यों का समावेश ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।
अध्यक्षता करते हुए डा. सुशील कुमार पाण्डेय ‘साहित्येन्दु’ ने चरित्र निर्माण आधारित शिक्षा को छात्रों के समग्र विकास का मूल बताया, वहीं डा. इन्दुशेखर उपाध्याय ने जीवन में नैतिकता, रचनात्मकता और सकारात्मक सोच की आवश्यकता पर जोर दिया। समारोह को सम्बोधित करते हुए उदयभान सिंह (पूर्व प्रधानाचार्य) ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है। संस्कार ही शिक्षा को सार्थक बनाते हैं और एक जिम्मेदार नागरिक का निर्माण करते हैं। अंजनी कुमार सिंह (पट्टी, प्रतापगढ़) ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षा मनुष्य को आगे बढ़ने की दिशा देती है, जबकि संस्कार उसे सही मार्ग पर चलना सिखाते हैं। दोनों का संतुलन ही जीवन को सफल बनाता है। पूर्व प्रवक्ता रामलाल गुप्ता ने कहा कि सच्ची शिक्षा वही है जो व्यवहार में दिखे। संस्कारयुक्त शिक्षा से ही समाज में नैतिकता, अनुशासन और सद्भावना का विकास होता है। संस्थापक पूर्व आईजी बी.पी. त्रिपाठी ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों की प्रयोगशाला है, जहां बच्चों में अनुशासन, ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में चांदनी तिवारी की सरस्वती वंदना ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर आयोजित सामान्य ज्ञान परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए और 41 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। प्रतिभा यादव, रिया गुप्ता, आदर्श यादव, श्रेया, वैभव सिंह, आयुष श्रीवास्तव सहित अनेक छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य अतिथियों, अभिभावकों और क्षेत्रीय नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
यह आयोजन न केवल प्रतिभाओं के सम्मान का मंच बना, बल्कि समाज में शिक्षा, संस्कार और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश भी दे गया।
वार्षिकोत्सव एवं प्रगति पत्र वितरण समारोह आयोजित
गोण्डा। शिक्षा क्षेत्र मनकापुर के प्राथमिक विद्यालय रेड़ौरा में वार्षिकोत्सव विदाई समारोह व स्कूल चलो अभियान का आयोजन 'प्रतिभा पर्व' के रूप में ससमारोह आयोजित किया गया, कार्यक्रम का शुभारंभ माॅं शारदा के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन करके मुख्य अतिथि हर्षित पाण्डेय खण्ड शिक्षा अधिकारी मनकापुर व अमित मिश्रा डायट प्रवक्ता द्वारा किया गया, कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रवि प्रकाश सिंह जिलाध्यक्ष यूटा, राधामोहन पाण्डेय जिलाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ जनार्दन प्रसाद पाण्डेय ब्लाक अध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ-मनकापुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमित पाण्डेय, पूनम यादव व संगीता देवी द्वारा अतिथियों का बैज लगाकर कार्यक्रम में स्वागत व अभिनंदन किया गया। विद्यालय की छात्राओं द्वारा मनमोहक सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, समारोह में नवप्रवेशी छात्र छात्राओं को रोली टीका लगाकर व माला पहनाकर स्वागत किया गया, कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के प्रतिभावान छात्र छात्राओं को मेडल व उपहार देकर सम्मानित किया गया, ए आर पी फिरोज अहमद खान, शैलेन्द्र प्रताप सिंह व इंदु प्रताप सिंह जी ने अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया।बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा नामांकन कराने के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने उद्बोधन के माध्यम से अभिभावकों व समुदाय से अनुरोध किया गया, डायट प्रवक्ता अमित मिश्रा द्वारा प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं व योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी।शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए यूटा जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश सिंह ने कहा कि आने वाले समय में समाज व राष्ट्र को सुदृढ़ व विकसित बनाने के लिए हमें अपने प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देनी चाहिए, कक्षा-5 उत्तीर्ण हो चुके छात्र-छात्राओं को  अधिगम सहायक किट, अंकपत्र व टी सी देकर भावुक विदाई दी गयी, कार्यक्रम का संचालन गिरीश कुमार पाण्डेय 'विद्यार्थी' द्वारा किया गया, समारोह में स्वागत भाषण कमलेश पाण्डेय एस आर जी द्वारा व धन्यवाद ज्ञापन अमित पांडेय द्वारा किया गया, समारोह को राधा मोहन पाण्डेय, जनार्दन प्रसाद पाण्डेय, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, इंदु प्रताप सिंह,विनय मिश्रा, विकास मौर्य, विपिन मिश्रा द्वारा भी संबोधित किया गया, इस अवसर पर ग्राम प्रधान झिन्नू प्रसाद पाण्डेय,विजय प्रकाश सिंह, यूटा जिला मंत्री आत्रेय मिश्रा, जिला मीडिया प्रभारी अरुण मिश्रा, डॉ अखिलेश शुक्ला, अवधेश पाण्डेय, अरविंद कुमार, सुनीत शुक्ला, मीरा पाण्डेय, रेखा शुक्ला, शिव कुमारी गुप्ता, सत्येन्द्र सिंह, सत्य प्रकाश मिश्रा, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, नाजिया बानो, शिखा, स्तुति देवी, नीलम शुक्ला, राकेश यादव, उदय राज यादव, आशुतोष मिश्रा आदि गणमान्य अतिथियों सहित न्याय पंचायत विद्यानगर के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे, राष्ट्र गान के साथ समारोह का समापन किया गया।