कवाल में भव्य हिंदू सम्मेलन संपन्न: "संस्कृति और संस्कारों के संरक्षण से ही राष्ट्र का उत्थान संभव--स्वामी विज्ञानानन्द सरस्वती जी महाराज शुक्रत
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ब्रह्म प्रकाश शर्मा
जानसठ । गांव कवाल के श्री गोपाल मंदिर (कुटिया) प्रांगण में 'हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति' द्वारा एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया।
रविवार को गांव कव्वाल में आयोजित हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया कार्यक्रम से पूर्व गांव कव्वाल के मुख्य मार्गों से बैंड बाजे के साथ निकाली गई भव्य कलश यात्रा जिसका जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया , जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति और श्रद्धालुओं ने सहभागिता रही। आयोजित सम्मेलन के मुख्य वक्ता, विभाग प्रचारक भूपेंद्र जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि भारत की संस्कृति परोपकार और त्याग की नींव पर टिकी है। उन्होंने 'विद्या भारती' और 'कल्याण आश्रम' जैसे संगठनों का उदाहरण देते हुए कहा कि समाज को बदलने के लिए व्यक्ति का स्वयं बदलना आवश्यक है। उन्होंने वर्तमान चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि--
आज हमारी भाषा, इतिहास और संस्कारों को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। हमें पश्चिमी देशों की 'लिव-इन' जैसी विकृतियों को त्याग कर अपनी जड़ों की ओर लौटना होगा। यदि हम अपनी भाषा और इतिहास को छोड़ देंगे, तो हमारा अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा।"
उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध कड़ा संदेश देते हुए कहा कि स्वधर्म का पालन ही सबसे श्रेष्ठ है। उन्होंने पूर्वजों के बलिदानों को याद दिलाते हुए युवाओं का आह्वान किया कि वे मनोरंजन के नाम पर अपनी संस्कृति का अपमान करने वाली फिल्मों के बजाय राष्ट्रभक्ति से प्रेरित इतिहास को जानें। उन्होंने कहा कि थोड़े से लालच में आकर अपना धर्म बदलना पूर्वजों के बलिदान का अपमान है। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने समाज को एकजुट रहने पर बल दिया और अपने बच्चों को सरस्वती शिशु मंदिर जैसे विद्यालयों में भेजें, जहाँ शिक्षा के साथ तिलक और संस्कारों का मान रखा जाता है। संगठन को मजबूत करने के लिए समाज की शक्ति के जागरण के लिए संघ की शाखाओं से जुड़ें। मोबाइल की लत से बिगड़ती व्यवस्था को सुधारें और गलत संगत से परिवारों को बचाएं।धार्मिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि सप्ताह में कम से कम एक बार सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें। सामाजिक समरसता को लेकर उन्होंने कहा कि श्मशान और गंगा घाट एक हैं, तो समाज में भेदभाव कैसा? हमें साथ मिलकर भोजन और संस्कारों पर ध्यान देना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनिल ने की तथा कार्यक्रम का संचालन अभिषेक शर्मा के द्वारा बड़े ही अच्छे तरीके से किया। तथा तालिया की गड़गड़ाहट लगातार बजती रही। इस दौरान अनेक वक्ताओं ने अपने ओजस्वी भाषण से कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी विज्ञानानन्द सरस्वती जी महाराज (हनुमद्धाम, शुक्लतीर्थ) ने कहा देश शताब्दी वर्ष पूरा करने जा रहा है जिसको लेकर जगह-जगह हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है उन्होंने इस सम्मेलन के द्वारा हिंदू चेतना को जागृत होना बताया तथा उन्होंने कहा देश विश्व गुरु बनने की ओर बढ़ रहा है और जब हिंदू चेतना जागृत होगी तो अवश्य ही देश विश्व गुरु बनेगा।
सम्मेलन के अंत में संकल्प लिया गया कि समाज में गद्दारों और राष्ट्रविरोधी तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं है और "भारत माता की जय" के उद्घोष के साथ हिंदू समाज ने अपनी एकता का परिचय दिया। इस दौरान मुख्य रूप से उदय जी विभाग संपर्क प्रमुख गोपाल सेवानंद बाई जी पूर्व ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह सैनी शशिकांत राजवंशी नवीन सैनी गौरव जैन नितिन कंबोज पंचमुखी महादेव गढ़ी अध्यक्ष शनि अंकुर राजवंशी सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष मौजूद रहे।









*विरोध करने पर छात्रा के भाई से मारपीट
जहानाबाद : राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के बहुचर्चित मामले में जांच अब तेज हो गई है। मामले की जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपे जाने के बाद एजेंसी लगातार कार्रवाई में जुटी हुई है।
मालूम हो कि छात्रा के परिजनों ने उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि शुरुआती दौर में पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी। पहले इस घटना को आत्महत्या बताया जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न के संकेत मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया।
जांच के दौरान छात्रा के अंडरगारमेंट्स में संदिग्ध जैविक साक्ष्य मिलने की बात सामने आई थी। इसके मिलान के लिए कई लोगों के डीएनए सैंपल लिए गए, जिसमें कुछ परिजन और रिश्तेदार भी शामिल थे। इस पर परिवार ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए पूरा केस सीबीआई को सौंप दिया।
सुल्तानपुर में रविवार को आप सांसद संजय सिंह निजी कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा इस बार जो उत्तर प्रदेश का चुनाव होना है उसमें बहुत सारे वो मुद्दे आएगे जिससे जनता दुःखी है। जैसे रोजगार का सवाल है, आज के समय में उत्तर प्रदेश बहुत बड़ा बेरोजगारी का अड्डा बन गया है।
हर जिले में एक बड़ी संख्या बेरोजगारों की है। दूसरा विषय है कृषि का, अभी अमेरिका से समझौता होने के बाद कृषि क्षेत्र को पूरी बर्बादी की ओर पहुंचा दिया गया है। आपने देखा होगा खाद की एक बोरी के लिए किसानों को लाठिया पड़ी हैं। तो वो क्षेत्र बर्बादी की कगार पर धीरे धीरे जा रहा है। तीसरी बात है जिस तरीके से बुलडोजर की राजनीति करना, डराना, धमकाना। पिछड़े वर्ग के लोगों के साथ, दलितों के साथ, मुसलमानों के साथ नफ़रत फैलाना उनको प्रताड़ित करना।
ये सारे मुद्दे इस बार चुनाव में होंगे। जो पार्टी इस पर काम करेगी वो निश्चित रूप से सफलता पाएगी। ये योगी नहीं तय करेंगे कि कौन शंकराचार्य लिखेगा नहीं लिखेगा। शंकराचार्य बनाने की एक परम्परा है, पद्धति है, एक रीति रिवाज है। उस हिसाब से शंकराचार्य बनेंगे ना, उसमे योगी मोदी की कोई भूमिका नहीं है। न कोई भारतीय जनता पार्टी वाला तय कर सकता है कौन शंकराचार्य होगा नहीं होगा।
शंकराचार्य ही शंकराचार्य तय करते हैं कौन उनकी गद्दी पर बैठेगा। ट्रेड डील किसानों के हित में नहीं है। छोटी सी चीज़ दिमाग़ पर जोर लगाकर सोचिए 12 लाख रुपए करोड़ का अमेरिकी सामान जब हिंदुस्तान के बाजारों में आ जाएगा तो आपका देश कहां पहुंच जाएगा। कौन सा रोजगार बचेगा आपका।
जब यहां पर अमेरिका का फल, अमेरिका की सब्जी, अमेरिका का दाल चावल गेहूं बिकने लगेगा तो कहां जाएगा देश। अभी थोड़ी चीजों के लिए खोला है बाजार बाद में और चीजों के लिए खोल देंगे बाजार। इसलिए ये ट्रेड डील थ्रेड डील है। आपके सामानों पर 18 प्रतिशत टैक्स लगेगा उनके सामानों पर आपने जीरो परसेंट टैक्स किया है ये कौन सी ट्रेड डील है। आपको उसने डांटा आप रूस से तेल नहीं खरीदोगे आप रूस से तेल नहीं खरीद रहे हो।
आशीष कुमार

सिद्धेश्वर पाण्डेय






4 hours ago
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