समाहरणालय सभाकक्ष में कृषि एवं पशुपालन योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार उपविकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह ने बुधवार को समाहरणालय सभाकक्ष में कृषि, पशुपालन एवं गव्य विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में एक्सपेंडिचर संबधी, बिरसा फसल विस्तार योजना, कृषि मेला का अलॉटमेंट एवं व्यय, कृषक प्रयोगशाला, एग्रीक्लीनिक, स्वास्थ्य हेल्थ कार्ड, पीडीएमसी, किसान समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, गाय योजना, बर्मी कंपोस्ट, मिल्किंग मशीन सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

उपविकास आयुक्त ने बिरसा फसल विस्तार एवं कृषक प्रयोगशाला की फील्ड रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। गव्य विकास योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक आवेदन जेनरेट कराने को कहा। उन्होंने गाय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर लाभुकों को योजना से जोड़ने का निर्देश दिया।

पशुपालन पदाधिकारी को बैंक से संबंधित कार्यों के निष्पादन हेतु एलडीएम से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। उपविकास आयुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को कृषि, पशुपालन एवं गव्य विकास योजनाओं की प्रगति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में उपविकास आयुक्त के अलावा कृषि पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी, गव्य विकास पदाधिकारी, बीटीएम, वेटनरी डॉक्टर सहित अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।

आजमगढ़ : गैंगेस्टर एक्ट में वांछित 25 हजार का इनामिया शनि गौतम गिरफ्तार, दीदारगंज पुलिस को बड़ी सफलता, बस स्टैंड से घेराबंदी कर पकड़ा
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के थाना दीदारगंज पुलिस ने गैंगेस्टर एक्ट में वांछित 25 हजार रुपये के इनामिया अभियुक्त को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पकड़ा गया अभियुक्त शनि गौतम (19) पुत्र लालचन्द, निवासी ग्राम आमगांव थाना दीदारगंज जनपद आजमगढ़ है, जो लंबे समय से फरार चल रहा था। उस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ द्वारा ₹25,000 का पुरस्कार घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, दिनांक 31 जनवरी 2026 को दीदारगंज थाना प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश द्वारा थाना दीदारगंज पर तहरीर दी गई थी कि अभियुक्तगण संगठित गिरोह बनाकर वाहन चोरी, नकबजनी व अन्य जघन्य अपराध कर रहे हैं। इनके कृत्यों से आमजन में भय व्याप्त था तथा गवाहों को भी धमकाया जा रहा था। उक्त प्रकरण में उत्तर प्रदेश गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक सरायमीर भुवनेश कुमार चौबे के द्वारा की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वांछित/इनामी अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत 25 फरवरी 2026 को प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश मय पुलिस टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर कुशलगांव बस स्टैंड चौराहे पर घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम शनि गौतम बताया। समय लगभग 08:50 बजे उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अभिलेखों के अनुसार, अभियुक्त के विरुद्ध दीदारगंज व सिधारी थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट व अन्य गंभीर धाराओं में पूर्व से कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसे न्यायालय भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक अवधेश कुमार, हेड कांस्टेबल तेरसू यादव, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार यादव और कांस्टेबल उपेन्द्र कुमार शामिल रहे।
छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने व मारपीट के चार आरोपी अभी भी फरार
*अश्लील मैसेज भेजने से मना करने पर भाई से किया था मारपीट

गोंडा।जिले के कौड़िया थाना क्षेत्र के सेहरिया चौराहा स्थित केजीएन पब्लिक स्कूल में 15 फरवरी को एक छात्रा के भाई के साथ मारपीट का मामला सामने आया था।इस संबंध में कक्षा नौवीं की छात्रा के भाई ने कौड़िया थाने में आठ नामजद  और एक अज्ञात आरोपी पर मारपीट और पाक्सों एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।घटना के 11 दिन बाद भी मामले के पांच आरोपी जकीरे,साजिद,अरशद,इमरान और एक अज्ञात आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।फरार चल रहे इन आरोपियों को गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अभी तक कौड़िया थाने की पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिजनों में अत्यधिक नाराजगी है।फरार आरोपियों के डर से छात्रा विद्यालय नहीं जा रही है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने कौड़िया थाने की पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सख्त निर्देश दिए हैं और फटकार भी लगाई है।छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने से रोकने पर कुछ लोगों ने उसके भाई के साथ गाली गलौज व मारपीट किया था।जानकारी के अनुसार,आरोपी परवेज खान छात्रा को इंस्टाग्राम पर लगातार अश्लील मैसेज भेज रहा था और रास्ते में उसकी साइकिल रोक कर गलत टिप्पणी करता था।15 फरवरी को छात्रा के भाई ने विद्यालय पहुंचकर इस हरकत का विरोध किया था, जिसके बाद आरोपियों ने उसके साथ मारपीट किया था।कौड़िया थाने की पुलिस ने 16 फरवरी को मुख्य आरोपी परवेज,वारिस खान,सलाहुद्दीन हाफिज और इसराइल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।हालांकि चार अन्य आरोपी और एक अज्ञात व्यक्ति अभी भी फरार हैं।कौड़िया थानाध्यक्ष तेज प्रताप सिंह ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।उन्होंने यह भी बताया कि पीड़ित छात्रा और उसके भाई के बयान दर्ज कर लिए गये हैं तथा आगे की जांच की जा रही है।पुलिस ने आश्वासन दिया है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी पर कठोर कार्यवाही की जाएगी।
रेलवे स्टेशन तुलसीपुर में पार्किंग के नाम पर मनमानी पर विरोध
     तुलसीपुर-बलरामपुर- 25फरवरी स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पार्किंग के नाम पर की जा रही मनमाने वसूली व यात्रियों के साथ हो रही बदसलूकी को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने मण्डल रेल प्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ को ई मेल द्वारा पत्र भेजकर जांच और कार्यवाही की मांग की है।
   पत्र में स्टेशन पर यात्रियों को उनके परिजनों द्वारा पिक अप और ड्राप करने पर भी पार्किंग ठेकेदार द्वारा जबरिया वसूली व अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और बाइक से आरक्षण कराने वालों से भी विवाद किया जाता है।स्थानीय स्टेशन पर मनमाने तरीके को लेकर पूरे दिन विवाद होता रहता है जिसके कारण  यात्रियों में रोष है।व्यापार मंडल अध्यक्ष श्याम बिहारी अग्रहरि,महामन्त्री रूप चन्द्र गुप्ता,प्रदीप गुप्ता,राधेश्याम चौरसिया,सरदार बबलू सिंह,रिज़वान बबलू,मुजीब अल्वी,शिव कुमार,राम गोपाल,विक्की गुप्ता ने मनमानीपूर्ण कार्य से निजात दिलाने की मांग की है।
शंकराचार्य पर FIR होने पर कांग्रेस का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन:भदोही में राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन DM को सौंपा
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता पदाधिकारी शंकराचार्य अविमुत्तेस्वरानंद पर हुए एफआईआर के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। ज्ञापन के माध्यम से निष्पक्ष जांच करने की मांग की। कहां की जिस तरह से कुंभ में शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों पर उत्पीड़न किया गया वह चिंता जनक है। इसके साथ ही शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों के ऊपर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फिर दर्ज कराया गया जो एक तरफा व दुर्भावपूर्ण प्रतीत होता है। कांग्रेसियों में शंकराचार्य व उनके शिष्यों के खिलाफ हुए एफआईआर की निष्पक्षता एवं पारदर्शीपुर जांच कराई जाए, मुकदमा दर्ज करने वाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि परिस्थितियों एवं संभावित प्रेरक तत्वों का भी निष्पक्ष परीक्षण कराया जाए। शंकराचार्य व उनके शिष्यों के साथ हुए अभद्र व्यवहार का भी उच्च स्तरीय जांच की जाए दूसरी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, भविष्य में धार्मिक स्वतंत्रता संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु आवश्यक निर्देश जारी किया जाए।  इस अवसर पर कांग्रेसजन उपस्थित रहे और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी,पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ राजेंद्र कुमार दूबे राजन,  राकेश कुमार मौर्य, सुरेश चंद्र मिश्र, माबूद खान,  राजेश्वर दूबे, राजेश दूबे, दीनानाथ दूबे,सुरेश गौतम, रमाशंकर बिंद ,सुरेश चौहान, शिवपूजन मिश्रा ,राजाराम दूबे,संजय जायसवाल, नाजिम अली,करन मौर्य, शक्ति मिश्र, उपेन्द्र कुमार भारती,राकेश पाल, विनोद सरोज, गौरव उपाध्याय, अनीश शेख, धीरज बिंद, नसरुल्लाह हाशमी,मीना देवी,मकोई लाल बिंद, राजनाथ यादव, जल्लू यादव आदि लोग उपस्थित रहें.
भारत–यूरोप कनेक्टिविटी के लिए अदाणी पोर्ट्स और मार्सेईल फॉस पोर्ट की रणनीतिक साझेदारी*
*अहमदाबाद, 18 फरवरी 2026* : दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) और फ्रांस का प्रमुख पोर्ट एवं भूमध्यसागर का प्रमुख प्रवेश द्वार, पोर्ट ऑफ़ मार्सेईल फॉस ने व्यापार सुगमता, पोर्ट इनोवेशन और एनर्जी ट्रांजीशन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह साझेदारी आईएमईसी पोर्ट्स क्लब बनाने का प्रस्ताव रखती है, जिसका उद्देश्य इंडिया–मिडिल ईस्ट–यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) मार्ग पर मुख्य पोर्ट्स के बीच समन्वय को मजबूत करना है, और भारत तथा यूरोपीय यूनियन के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाना है। यह भारत-ईयू ट्रेड के लिए आईएमईसी मार्ग को पूरा करता है, जिसे भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच एफटीए ने और बढ़ावा दिया है, जिसे भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 'द मदर ऑफ़ ऑल डील' कहा है।
यह एमओयू फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के दौरे के दौरान किया गया, जो भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के विस्तार को दर्शाता है और इसे व्यापक आईएमईसी व भारत–ईयू ट्रेड दृष्टिकोण के साथ जोड़ता है। 2023 के जी20 शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली में लॉन्च किया गया इंडिया–मिडिल ईस्ट–यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) 6,000 किलोमीटर लंबा मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट है, जो भारत और यूरोप को एकीकृत समुद्री मार्गों, रेल नेटवर्क, डिजिटल सिस्टम और क्लीन एनर्जी मार्गों के माध्यम से जोड़ता है।
आईएमईसी के पूर्वी प्रवेश द्वार पर, एपीएसईजेड के मुंद्रा और हाजीरा पोर्ट एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब का निर्माण करते हैं, जो दक्षिण एशिया को पश्चिम एशिया से जोड़ता है। इस एमओयू के माध्यम से, मार्सेईल फॉस कॉरिडोर के पश्चिमी यूरोपीय प्रवेश द्वार को मजबूत करता है, लगभग 70 मिलियन टन की अतिरिक्त क्षमता जोड़ता है और आईएमईसी की पहुँच को यूरोप के अंदर और गहराई तक बढ़ाता है। मार्सेईल फॉस यूरोप के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल पोर्ट सिस्टम में से एक है। यह साझेदारी भारत–ईयू ट्रेड को सुगम बनाने के लिए एक अधिक व्यवस्थित और समन्वित मार्ग स्थापित करती है।
एपीएसईजेड के होल-टाइम डायरेक्टर और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा, "भारत ने इस कॉरिडोर को आगे बढ़ाने में पहले ही नेतृत्व की भूमिका निभाई है, और भारत–ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के पूरा होने के साथ, भाग लेने वाले देशों के बीच व्यापार कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। एपीएसईजेड में, भारत के पश्चिमी तट पर हमारे हाजीरा और मुंद्रा पोर्ट्स ने कॉरिडोर के पहले और मध्य हिस्सों में एक निर्बाध मार्ग स्थापित कर लिया है। फ्रांस के पोर्ट ऑफ़ मार्सेईल फॉस के साथ इस एमओयू के जरिये, हमने अब यूरोप तक अंतिम चरण को सफलतापूर्वक जोड़ दिया है। यह साझेदारी सभी भाग लेने वाले देशों के बीच सूचना और सामग्री के आदान-प्रदान को तेजी से बढ़ाएगी, और आर्थिक सहयोग तथा सप्लाई-चेन की मजबूती को और सशक्त करेगी।"
पोर्ट ऑफ़ मार्सेईल फॉस के सीईओ हर्वे मार्टल ने कहा, "हमें खुशी है कि हम एपीएसईजेड के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत कर रहे हैं, ऐसे समय में जब आईएमईसी कॉरिडोर निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है। भारत और मार्सेईल इस भविष्य के व्यापार मार्ग के दोनों छोर पर स्थित हैं, जिससे दोनों पोर्ट्स पर इस नए मार्ग को संरचित और सक्रिय करने की बड़ी जिम्मेदारी है। हम साथ मिलकर शामिल पोर्ट्स को सक्रिय करने और एकजुट करने का इरादा रखते हैं, और अपने क्षेत्रों के बीच एक अधिक कुशल,  टिकाऊ कनेक्शन के लिए मजबूत समर्थन करेंगे।"
यह साझेदारी निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित होगी:
• आईएमईसी मार्ग को यूरेशियन ट्रेड के लिए एक टिकाऊ, सुरक्षित और प्रतिस्पर्धी विकल्प के रूप में बढ़ावा देना, जिसमें संयुक्त अभियान, इंटरनेशनल ट्रेड फेयर्स और रोडशो में भागीदारी, तथा लक्षित बी2बी जुड़ाव शामिल हैं।
• पोर्ट डिजिटलाइजेशन, स्मार्ट पोर्ट प्लेटफ़ॉर्म, डेटा इंटरऑपरेबिलिटी, साइबर सिक्योरिटी, वैकल्पिक ईंधन, शोर पावर सप्लाई और कम कार्बन बंकरिंग में तकनीकी आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण शामिल हैं।
• मुंद्रा–मार्सेईल फॉस ग्रीन मेरिटाइम कॉरिडोर का विकास।
• आईएमईसी पोर्ट्स क्लब की सह-स्थापना, ताकि कॉरिडोर के पोर्ट्स के बीच संवाद संस्थागत हो और आईएमईसी इंफ्रास्ट्रक्चर का समर्थन करने वाली नीति चर्चाओं और इन्वेस्टमेंट फ्रेमवर्क के लिए समन्वय सुनिश्चित हो।
मीडिया संपर्क -
एआई युग में प्लेटफॉर्म गवर्नेंस की चुनौतियों पर चर्चा के लिए ग्लोबल साउथ विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया एसएफएलसी.इन (SFLC.in)

दिल्ली एनसीआर, फरवरी 2026: एसएफएलसी.इन (SFLC.in) ने मानवाधिकार, प्रौद्योगिकी नीति और इंटरनेट शासन के क्षेत्र में कार्यरत ब्रिटेन की संस्था ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित किया। विशेषज्ञों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जेनरेटिव एआई की तीव्र वृद्धि से उत्पन्न विनियमन, जवाबदेही और मानवाधिकारों की सुरक्षा से जुड़ी वैश्विक बहस के बदलते स्वरूप पर विचार-विमर्श किया।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित इस बैठक में लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें कानून निर्माता, नीति-निर्माता, नागरिक समाज के नेता, उद्योग प्रतिनिधि, शोधकर्ता तथा प्रौद्योगिकी शासन विशेषज्ञ शामिल थे। वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्लेटफॉर्म शासन से संबंधित नई चुनौतियों पर चर्चा के लिए एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, यूरोप और अन्य क्षेत्रों से एकत्र हुए थे।
प्रारंभिक चर्चाओं में यह सामने आया कि कई प्लेटफ़ॉर्म शासन नियम ग्लोबल साउथ की परिस्थितियों से अलग बनाए गए हैं और वे स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों, भाषाई विविधता तथा सीमित संस्थागत क्षमता के अनुरूप पूरी तरह उपयुक्त नहीं हैं। जैसे-जैसे जेनरेटिव और एजेंट-आधारित एआई प्रणालियाँ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का हिस्सा बन रही हैं, नए प्रश्न उभर रहे हैं। इनमें स्वचालित सामग्री संयमन की जिम्मेदारी किसकी होगी, दायित्व का निर्धारण कैसे किया जाएगा, चुनावों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी और उपयोगकर्ताओं की रक्षा कैसे की जाएगी, जैसे प्रश्न शामिल हैं।
ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल की पॉलिसी और एडवोकेसी प्रमुख मारिया पाज़ ने कहा, "नियामक अब भी उन प्लेटफॉर्म के लिए पुराने मध्यस्थ दायित्व नियमों का उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं, जो अब जेनरेटिव एआई का व्यापक रूप से इस्तेमाल करते हैं। ग्लोबल साउथ के अनुभव दर्शाते हैं कि अस्पष्ट मॉडरेशन (संयमन) प्रणालियाँ और स्वचालित निर्णय कमजोर समुदायों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। अलग-अलग और असंगठित राष्ट्रीय नीतियों के बजाय अधिकार-आधारित तथा सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।”
राज्यसभा सांसद श्री साकेत गोखले ने एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी राय साझा की। उन्होंने मतदाता डेटा, अनुवाद प्रणालियों और चुनावी मानचित्रण में एआई उपकरणों के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के बिना स्वचालित प्रणालियों का उपयोग लोकतंत्र में विश्वास को कमज़ोर कर सकता है। उन्होंने कहा, “हमें एआई विनियमन को उसी गंभीरता से देखने की आवश्यकता है, जैसे हम जलवायु परिवर्तन को देखते हैं।” उन्होंने बड़े वैश्विक चुनावों से पूर्व लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
बैठक में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के बी-टेक परियोजना की सलाहकार इसाबेल एबर्ट द्वारा व्यवसाय और मानवाधिकार पर एक प्रस्तुति दी गई। संयुक्त राष्ट्र के व्यवसाय और मानवाधिकार संबंधी मार्गदर्शक सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने तीन प्रमुख बिंदुओं पर बल दिया—पहला, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकारों की जिम्मेदारी है; दूसरा, मानवाधिकारों का सम्मान करना कंपनियों का दायित्व है; और तीसरा, अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना आवश्यक है।
क्षेत्रीय गोलमेज चर्चाओं में विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट शासन चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया। दक्षिण-पूर्व एशिया में काज़िया के एक प्रतिनिधि ने बताया कि इंडोनेशिया में कुछ संगठनों को महिलाओं से संबंधित डीपफेक सामग्री के कारण अस्थायी प्रतिबंध का सामना करना पड़ा। इससे स्पष्ट होता है कि एआई किस प्रकार लैंगिक आधार पर होने वाले नुकसान को बढ़ा सकता है। यद्यपि इंडोनेशिया में ऑनलाइन सामग्री को विनियमित करने के नियम मौजूद हैं, परंतु एआई से उत्पन्न जोखिमों से निपटने के लिए कोई विशिष्ट ढांचा नहीं है, जिससे दोषियों को दंडित करना कठिन हो जाता है।
लैटिन अमेरिका से ब्राज़ील स्थित इंटरनेटलैब में शोध प्रमुख कैमिला अकेमी ने जेनरेटिव एआई उपकरणों की तीव्र वृद्धि और चुनावी निष्पक्षता पर उनके प्रभावों पर चर्चा की। वहीं अफ्रीका से पैराडाइम इनिशिएटिव के सानी सुलेमान ने नीतिगत कमियों, सीमित आधारभूत संरचना, तकनीकी विशेषज्ञता की कमी तथा सरकारों और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच शक्ति असंतुलन जैसी प्रमुख चुनौतियों को दर्शाया।
एसएफएलसी.इन ने कहा कि जैसे-जैसे जेनरेटिव एआई डिजिटल प्लेटफॉर्म का अभिन्न अंग बनता जा रहा है, शासन प्रणालियों को पारंपरिक इंटरनेट कानूनों से आगे बढ़ना होगा। ग्लोबल साउथ के दृष्टिकोण को शामिल करना और तीव्र गति से विकसित हो रही प्रौद्योगिकी के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में प्रतिभागियों ने सहमति व्यक्त की कि समावेशी और अधिकार-आधारित एआई शासन प्रणाली के निर्माण हेतु विभिन्न देशों के बीच निरंतर सहयोग और सशक्त वैश्विक साझेदारी की सख्त आवश्यकता है।
एसएफएलसी.इन ने डिजिटल अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, ग्लोबल साउथ के सुझावों को प्रमुखता देने और यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि एआई तथा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी विनियमन मानवता और जवाबदेही पर आधारित रहें।
कन्नौज में जनजागरण रैली, संत आगमन और श्रीमद्भागवत कथा की भव्य रूपरेखा घोषित

पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज। आनंदेश्वर धाम आश्रम में सनातन धर्म सेवा फाउंडेशन के बैनर तले आयोजित प्रेस वार्ता में आगामी धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। फाउंडेशन निदेशक प्रभात त्रिपाठी ने बताया कि 16 मार्च को जनजागरण हेतु विशाल रैली का आयोजन महाराज कौशल जी महाराज के सानिध्य में किया जाएगा, जिसका उद्देश्य समाज में धर्म, सेवा एवं संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

पीठाधीश्वर महाराज कौशल जी महाराज ने बताया कि रैली का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजूदास महंतगिरी जी द्वारा ध्वज पूजन के पश्चात किया जाएगा। यह जनजागरण रैली कार्यक्रम स्थल मानीमऊ ऋषिनगर से प्रारंभ होकर ठठिया, तिर्वा, इंदरगढ़, नादेमऊ, सौरिख, छिबरामऊ और गुरसहायगंज होते हुए पुनः मानीमऊ में सम्पन्न होगी।उन्होंने आगे बताया कि 22 अप्रैल से 29 अप्रैल तक गुजरात से पधार रहे कंबल वाले बाबा का सात दिवसीय प्रवास रहेगा।

इस दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें असमर्थ एवं जरूरतमंद लोगों का उपचार पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा। यह शिविर जनहित को समर्पित रहेगा।इसी क्रम में त्रिकालदर्शी संत पण्डोखर सरकार का तीन दिवसीय दिव्य दरबार भी आयोजित होगा, जहां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा। साथ ही 22 अप्रैल से प्रारंभ होकर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन भी सुनिश्चित किया गया है।प्रेस वार्ता में यह भी अवगत कराया गया कि आगामी 27 अप्रैल को आनंद जनजागरण विशाल महासभा का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रीय एवं बाहरी श्रद्धालुओं की व्यापक सहभागिता अपेक्षित है। आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं क्षेत्रवासियों से कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म एवं समाजसेवा के इस महाअभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

फोन के झांसे में ना आए,बैंक से संपर्क करें-सुशील कुमार त्रिपाठी
एनएसएस शिविर में सड़क सुरक्षा, योगाभ्यास और साइबर जागरूकता पर कार्यक्रम हुए।

सुलतानपुर,राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विशेष शिविर के चौथे दिन का शिविर का प्रारंभ लक्ष्य गीत के साथ प्रारंभ हुआ। प्रथम सत्र में छात्र-छात्राओं ने सड़क जागरूकता अभियान रैली बघराजपुर से निकलकर राहुल चौराहे से होते हुए नगर भ्रमण किया। जीवन रक्षा सड़क सुरक्षा ,बिना हेलमेट यात्रा न करें ,परिवार प्रतीक्षा में है ,कृपया सुरक्षित चले आदि स्लोगन का नारा स्वयंसेवको ने लगाए । द्वितीय सत्र रामकृष्ण मिशन के द्वारा हार्ट फूलनेस के अंतर्गत योग और ध्यान का कार्यक्रम आयोजित किया गया ,जिसमें डॉ आर सी सिंह एवं नीलिमा सिंह उपस्थित रहे। बैंक साइबर क्राइम पर एक व्याख्यान इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक सुशील कुमार त्रिपाठी द्वारा दिया गया। श्री त्रिपाठी जी ने बताया कि आज का युग तकनीकी युग है यदि आप सुरक्षित मोबाइल का प्रयोग करते हैं तो सारी दुनिया आपकी मुट्ठी में होगी। खाता जारी रखने के लिए कभी भी कोई बैंक आपसे ओटीपी नहीं मांगेगा, आपकी सेवाओं के निस्तारण के लिए वह आपको बैंक में ही बुलाएगा । एटीएम से पैसा निकालते समय या फिर एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन पर जहां अपने मोबाइल फोन को चार्ज करते हैं वहां जिस कंपनी का चार्जर लगा होता है वह भी साइबर क्राइम करता है। किसी के झांसे में ना आए ,किसी का पैसा अपने खाते में ना लें ,सुरक्षित रहें और छोटी-छोटी बचत से अपने जीवन को सुरक्षित रखें।आभार ज्ञापन कार्यक्रम कार्यक्रम अधिकारी डॉ विभा सिंह ने किया। संचालन डॉ प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर डॉ वीरेंद्र गुप्ता, एनएसएस के स्वयंसेवक और स्वंयमसेविका उपस्थित रहे।
पीएम मोदी आज से इजराइल दौरे पर, नए रणनीतिक गठजोड़ की ओर बढ़ रहे दोनों देश, नेतन्याहू ने बनाया 'हेक्सागॉन'

Image 2Image 3

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से दो दिवसीय इजरायल दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर राजकीय दौरे पर आज इजरायल पहुंचेंगे। वे इजरायली समय के अनुसार दोपहर 12.45 बजे बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरेंगे, जहां बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा स्वागत करेंगे। पीएम मोदी दो दिनों की यात्रा के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से मुलाकात के साथ ही इजरायल की संसद नेसेट को भी संबोधित करेंगे। यह एक खास सम्मान है, जो दुनिया के कुछ ही नेताओं को हासिल होता है।

इन मुद्दों पर होगी चर्चा

पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू भारत-इजरायल के बीच हुई रणनीतिक साझेदारी में हुई अहम तरक्की की समीक्षा करेंगे। दोनों नेता विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, व्यापार और अर्थव्यवस्था समेत पीपुल-टू-पीपुल सहयोग के अवसरों पर चर्चा करेंगे। दोनों नेताओं के बीच पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होने की उम्मीद है।

भारत-इजरायल डिफेंस और सिक्योरिटी सहयोग बढ़ेगा

प्रधानमंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के बीच गहरी और लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि करेगी। दोनों नेताओं की बातचीत में डिफेंस और सिक्योरिटी सहयोग को बढ़ाना बड़ा मुद्दा होगा। विदेश मंत्रालय ने कहा, "दोनों नेता भारत-इज़राइल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप में हुई अहम तरक्की का रिव्यू करेंगे, और साइंस और टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, डिफेंस और सिक्योरिटी, एग्रीकल्चर, वॉटर मैनेजमेंट, ट्रेड और इकॉनमी, और लोगों के बीच लेन-देन समेत सहयोग के अलग-अलग एरिया में आगे के मौकों पर चर्चा करेंगे। नेताओं के आपसी फायदे के रीजनल और ग्लोबल मुद्दों पर भी अपने विचार शेयर करने की उम्मीद है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे की शुरुआत के साथ ही पश्चिम एशिया की कूटनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस दौरे को ‘कट्टरपंथी ताकतों’ के खिलाफ एक नए रणनीतिक गठजोड़ की दिशा में बड़ा कदम बताया है। नेतन्याहू के मुताबिक, भारत-इजरायल रिश्ते अब केवल द्विपक्षीय सहयोग तक सीमित नहीं रहे, बल्कि एक व्यापक क्षेत्रीय संरचना की ओर बढ़ रहे हैं। नेतन्याहू ने भारत को ‘वैश्विक शक्ति’ करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके ‘खास दोस्त’ हैं और दोनों देशों के रिश्ते पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह साझेदारी मध्य पूर्व और उसके आसपास एक ऐसे गठबंधन का रूप ले सकती है, जो साझा चुनौतियों के खिलाफ सामूहिक जवाब देने में सक्षम होगा।

नेतन्याहू का “हेक्सागन अलायंस प्लान”

पीएम मोदी की यात्रा से पहले इजरायली प्रधानमंत्री ने मिडिल ईस्ट और उसके आस-पास गठबंधनों का एक हेक्सागन बनाने का प्लान बताया है। इसमें भारत को भी शामिल करने की बात कही है। साप्ताहिक बैठक में बोलते हुए नेतन्याहू ने भारत को एक ग्लोबल पावर बताया और कहा 'हम एक पूरा सिस्टम बनाएंगे- मिडिल ईस्ट के आस-पास या उसके अंदर गठबंधन का एक हेक्सागन।' नेतन्याहू ने कहा कि इसमें 'भारत, अरब देश, अफ्रीकी देश, मेडिटेरेनियन देश (ग्रीस और साइप्रस) और एशिया के देश शामिल होंगे, जिनके बारे में मैं अभी डिटेल में नहीं बताऊंगा।'

समाहरणालय सभाकक्ष में कृषि एवं पशुपालन योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार उपविकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह ने बुधवार को समाहरणालय सभाकक्ष में कृषि, पशुपालन एवं गव्य विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में एक्सपेंडिचर संबधी, बिरसा फसल विस्तार योजना, कृषि मेला का अलॉटमेंट एवं व्यय, कृषक प्रयोगशाला, एग्रीक्लीनिक, स्वास्थ्य हेल्थ कार्ड, पीडीएमसी, किसान समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, गाय योजना, बर्मी कंपोस्ट, मिल्किंग मशीन सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

उपविकास आयुक्त ने बिरसा फसल विस्तार एवं कृषक प्रयोगशाला की फील्ड रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। गव्य विकास योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक आवेदन जेनरेट कराने को कहा। उन्होंने गाय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर लाभुकों को योजना से जोड़ने का निर्देश दिया।

पशुपालन पदाधिकारी को बैंक से संबंधित कार्यों के निष्पादन हेतु एलडीएम से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। उपविकास आयुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को कृषि, पशुपालन एवं गव्य विकास योजनाओं की प्रगति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में उपविकास आयुक्त के अलावा कृषि पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी, गव्य विकास पदाधिकारी, बीटीएम, वेटनरी डॉक्टर सहित अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।

आजमगढ़ : गैंगेस्टर एक्ट में वांछित 25 हजार का इनामिया शनि गौतम गिरफ्तार, दीदारगंज पुलिस को बड़ी सफलता, बस स्टैंड से घेराबंदी कर पकड़ा
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के थाना दीदारगंज पुलिस ने गैंगेस्टर एक्ट में वांछित 25 हजार रुपये के इनामिया अभियुक्त को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पकड़ा गया अभियुक्त शनि गौतम (19) पुत्र लालचन्द, निवासी ग्राम आमगांव थाना दीदारगंज जनपद आजमगढ़ है, जो लंबे समय से फरार चल रहा था। उस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ द्वारा ₹25,000 का पुरस्कार घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, दिनांक 31 जनवरी 2026 को दीदारगंज थाना प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश द्वारा थाना दीदारगंज पर तहरीर दी गई थी कि अभियुक्तगण संगठित गिरोह बनाकर वाहन चोरी, नकबजनी व अन्य जघन्य अपराध कर रहे हैं। इनके कृत्यों से आमजन में भय व्याप्त था तथा गवाहों को भी धमकाया जा रहा था। उक्त प्रकरण में उत्तर प्रदेश गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक सरायमीर भुवनेश कुमार चौबे के द्वारा की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वांछित/इनामी अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत 25 फरवरी 2026 को प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश मय पुलिस टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर कुशलगांव बस स्टैंड चौराहे पर घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम शनि गौतम बताया। समय लगभग 08:50 बजे उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अभिलेखों के अनुसार, अभियुक्त के विरुद्ध दीदारगंज व सिधारी थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट व अन्य गंभीर धाराओं में पूर्व से कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसे न्यायालय भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक अवधेश कुमार, हेड कांस्टेबल तेरसू यादव, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार यादव और कांस्टेबल उपेन्द्र कुमार शामिल रहे।
छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने व मारपीट के चार आरोपी अभी भी फरार
*अश्लील मैसेज भेजने से मना करने पर भाई से किया था मारपीट

गोंडा।जिले के कौड़िया थाना क्षेत्र के सेहरिया चौराहा स्थित केजीएन पब्लिक स्कूल में 15 फरवरी को एक छात्रा के भाई के साथ मारपीट का मामला सामने आया था।इस संबंध में कक्षा नौवीं की छात्रा के भाई ने कौड़िया थाने में आठ नामजद  और एक अज्ञात आरोपी पर मारपीट और पाक्सों एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।घटना के 11 दिन बाद भी मामले के पांच आरोपी जकीरे,साजिद,अरशद,इमरान और एक अज्ञात आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।फरार चल रहे इन आरोपियों को गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अभी तक कौड़िया थाने की पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिजनों में अत्यधिक नाराजगी है।फरार आरोपियों के डर से छात्रा विद्यालय नहीं जा रही है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने कौड़िया थाने की पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सख्त निर्देश दिए हैं और फटकार भी लगाई है।छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने से रोकने पर कुछ लोगों ने उसके भाई के साथ गाली गलौज व मारपीट किया था।जानकारी के अनुसार,आरोपी परवेज खान छात्रा को इंस्टाग्राम पर लगातार अश्लील मैसेज भेज रहा था और रास्ते में उसकी साइकिल रोक कर गलत टिप्पणी करता था।15 फरवरी को छात्रा के भाई ने विद्यालय पहुंचकर इस हरकत का विरोध किया था, जिसके बाद आरोपियों ने उसके साथ मारपीट किया था।कौड़िया थाने की पुलिस ने 16 फरवरी को मुख्य आरोपी परवेज,वारिस खान,सलाहुद्दीन हाफिज और इसराइल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।हालांकि चार अन्य आरोपी और एक अज्ञात व्यक्ति अभी भी फरार हैं।कौड़िया थानाध्यक्ष तेज प्रताप सिंह ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।उन्होंने यह भी बताया कि पीड़ित छात्रा और उसके भाई के बयान दर्ज कर लिए गये हैं तथा आगे की जांच की जा रही है।पुलिस ने आश्वासन दिया है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी पर कठोर कार्यवाही की जाएगी।
रेलवे स्टेशन तुलसीपुर में पार्किंग के नाम पर मनमानी पर विरोध
     तुलसीपुर-बलरामपुर- 25फरवरी स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पार्किंग के नाम पर की जा रही मनमाने वसूली व यात्रियों के साथ हो रही बदसलूकी को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने मण्डल रेल प्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ को ई मेल द्वारा पत्र भेजकर जांच और कार्यवाही की मांग की है।
   पत्र में स्टेशन पर यात्रियों को उनके परिजनों द्वारा पिक अप और ड्राप करने पर भी पार्किंग ठेकेदार द्वारा जबरिया वसूली व अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और बाइक से आरक्षण कराने वालों से भी विवाद किया जाता है।स्थानीय स्टेशन पर मनमाने तरीके को लेकर पूरे दिन विवाद होता रहता है जिसके कारण  यात्रियों में रोष है।व्यापार मंडल अध्यक्ष श्याम बिहारी अग्रहरि,महामन्त्री रूप चन्द्र गुप्ता,प्रदीप गुप्ता,राधेश्याम चौरसिया,सरदार बबलू सिंह,रिज़वान बबलू,मुजीब अल्वी,शिव कुमार,राम गोपाल,विक्की गुप्ता ने मनमानीपूर्ण कार्य से निजात दिलाने की मांग की है।
शंकराचार्य पर FIR होने पर कांग्रेस का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन:भदोही में राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन DM को सौंपा
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता पदाधिकारी शंकराचार्य अविमुत्तेस्वरानंद पर हुए एफआईआर के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। ज्ञापन के माध्यम से निष्पक्ष जांच करने की मांग की। कहां की जिस तरह से कुंभ में शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों पर उत्पीड़न किया गया वह चिंता जनक है। इसके साथ ही शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों के ऊपर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फिर दर्ज कराया गया जो एक तरफा व दुर्भावपूर्ण प्रतीत होता है। कांग्रेसियों में शंकराचार्य व उनके शिष्यों के खिलाफ हुए एफआईआर की निष्पक्षता एवं पारदर्शीपुर जांच कराई जाए, मुकदमा दर्ज करने वाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि परिस्थितियों एवं संभावित प्रेरक तत्वों का भी निष्पक्ष परीक्षण कराया जाए। शंकराचार्य व उनके शिष्यों के साथ हुए अभद्र व्यवहार का भी उच्च स्तरीय जांच की जाए दूसरी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, भविष्य में धार्मिक स्वतंत्रता संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु आवश्यक निर्देश जारी किया जाए।  इस अवसर पर कांग्रेसजन उपस्थित रहे और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी,पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ राजेंद्र कुमार दूबे राजन,  राकेश कुमार मौर्य, सुरेश चंद्र मिश्र, माबूद खान,  राजेश्वर दूबे, राजेश दूबे, दीनानाथ दूबे,सुरेश गौतम, रमाशंकर बिंद ,सुरेश चौहान, शिवपूजन मिश्रा ,राजाराम दूबे,संजय जायसवाल, नाजिम अली,करन मौर्य, शक्ति मिश्र, उपेन्द्र कुमार भारती,राकेश पाल, विनोद सरोज, गौरव उपाध्याय, अनीश शेख, धीरज बिंद, नसरुल्लाह हाशमी,मीना देवी,मकोई लाल बिंद, राजनाथ यादव, जल्लू यादव आदि लोग उपस्थित रहें.
भारत–यूरोप कनेक्टिविटी के लिए अदाणी पोर्ट्स और मार्सेईल फॉस पोर्ट की रणनीतिक साझेदारी*
*अहमदाबाद, 18 फरवरी 2026* : दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) और फ्रांस का प्रमुख पोर्ट एवं भूमध्यसागर का प्रमुख प्रवेश द्वार, पोर्ट ऑफ़ मार्सेईल फॉस ने व्यापार सुगमता, पोर्ट इनोवेशन और एनर्जी ट्रांजीशन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह साझेदारी आईएमईसी पोर्ट्स क्लब बनाने का प्रस्ताव रखती है, जिसका उद्देश्य इंडिया–मिडिल ईस्ट–यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) मार्ग पर मुख्य पोर्ट्स के बीच समन्वय को मजबूत करना है, और भारत तथा यूरोपीय यूनियन के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाना है। यह भारत-ईयू ट्रेड के लिए आईएमईसी मार्ग को पूरा करता है, जिसे भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच एफटीए ने और बढ़ावा दिया है, जिसे भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 'द मदर ऑफ़ ऑल डील' कहा है।
यह एमओयू फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के दौरे के दौरान किया गया, जो भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के विस्तार को दर्शाता है और इसे व्यापक आईएमईसी व भारत–ईयू ट्रेड दृष्टिकोण के साथ जोड़ता है। 2023 के जी20 शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली में लॉन्च किया गया इंडिया–मिडिल ईस्ट–यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) 6,000 किलोमीटर लंबा मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट है, जो भारत और यूरोप को एकीकृत समुद्री मार्गों, रेल नेटवर्क, डिजिटल सिस्टम और क्लीन एनर्जी मार्गों के माध्यम से जोड़ता है।
आईएमईसी के पूर्वी प्रवेश द्वार पर, एपीएसईजेड के मुंद्रा और हाजीरा पोर्ट एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब का निर्माण करते हैं, जो दक्षिण एशिया को पश्चिम एशिया से जोड़ता है। इस एमओयू के माध्यम से, मार्सेईल फॉस कॉरिडोर के पश्चिमी यूरोपीय प्रवेश द्वार को मजबूत करता है, लगभग 70 मिलियन टन की अतिरिक्त क्षमता जोड़ता है और आईएमईसी की पहुँच को यूरोप के अंदर और गहराई तक बढ़ाता है। मार्सेईल फॉस यूरोप के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल पोर्ट सिस्टम में से एक है। यह साझेदारी भारत–ईयू ट्रेड को सुगम बनाने के लिए एक अधिक व्यवस्थित और समन्वित मार्ग स्थापित करती है।
एपीएसईजेड के होल-टाइम डायरेक्टर और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा, "भारत ने इस कॉरिडोर को आगे बढ़ाने में पहले ही नेतृत्व की भूमिका निभाई है, और भारत–ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के पूरा होने के साथ, भाग लेने वाले देशों के बीच व्यापार कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। एपीएसईजेड में, भारत के पश्चिमी तट पर हमारे हाजीरा और मुंद्रा पोर्ट्स ने कॉरिडोर के पहले और मध्य हिस्सों में एक निर्बाध मार्ग स्थापित कर लिया है। फ्रांस के पोर्ट ऑफ़ मार्सेईल फॉस के साथ इस एमओयू के जरिये, हमने अब यूरोप तक अंतिम चरण को सफलतापूर्वक जोड़ दिया है। यह साझेदारी सभी भाग लेने वाले देशों के बीच सूचना और सामग्री के आदान-प्रदान को तेजी से बढ़ाएगी, और आर्थिक सहयोग तथा सप्लाई-चेन की मजबूती को और सशक्त करेगी।"
पोर्ट ऑफ़ मार्सेईल फॉस के सीईओ हर्वे मार्टल ने कहा, "हमें खुशी है कि हम एपीएसईजेड के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत कर रहे हैं, ऐसे समय में जब आईएमईसी कॉरिडोर निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है। भारत और मार्सेईल इस भविष्य के व्यापार मार्ग के दोनों छोर पर स्थित हैं, जिससे दोनों पोर्ट्स पर इस नए मार्ग को संरचित और सक्रिय करने की बड़ी जिम्मेदारी है। हम साथ मिलकर शामिल पोर्ट्स को सक्रिय करने और एकजुट करने का इरादा रखते हैं, और अपने क्षेत्रों के बीच एक अधिक कुशल,  टिकाऊ कनेक्शन के लिए मजबूत समर्थन करेंगे।"
यह साझेदारी निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित होगी:
• आईएमईसी मार्ग को यूरेशियन ट्रेड के लिए एक टिकाऊ, सुरक्षित और प्रतिस्पर्धी विकल्प के रूप में बढ़ावा देना, जिसमें संयुक्त अभियान, इंटरनेशनल ट्रेड फेयर्स और रोडशो में भागीदारी, तथा लक्षित बी2बी जुड़ाव शामिल हैं।
• पोर्ट डिजिटलाइजेशन, स्मार्ट पोर्ट प्लेटफ़ॉर्म, डेटा इंटरऑपरेबिलिटी, साइबर सिक्योरिटी, वैकल्पिक ईंधन, शोर पावर सप्लाई और कम कार्बन बंकरिंग में तकनीकी आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण शामिल हैं।
• मुंद्रा–मार्सेईल फॉस ग्रीन मेरिटाइम कॉरिडोर का विकास।
• आईएमईसी पोर्ट्स क्लब की सह-स्थापना, ताकि कॉरिडोर के पोर्ट्स के बीच संवाद संस्थागत हो और आईएमईसी इंफ्रास्ट्रक्चर का समर्थन करने वाली नीति चर्चाओं और इन्वेस्टमेंट फ्रेमवर्क के लिए समन्वय सुनिश्चित हो।
मीडिया संपर्क -
एआई युग में प्लेटफॉर्म गवर्नेंस की चुनौतियों पर चर्चा के लिए ग्लोबल साउथ विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया एसएफएलसी.इन (SFLC.in)

दिल्ली एनसीआर, फरवरी 2026: एसएफएलसी.इन (SFLC.in) ने मानवाधिकार, प्रौद्योगिकी नीति और इंटरनेट शासन के क्षेत्र में कार्यरत ब्रिटेन की संस्था ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित किया। विशेषज्ञों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जेनरेटिव एआई की तीव्र वृद्धि से उत्पन्न विनियमन, जवाबदेही और मानवाधिकारों की सुरक्षा से जुड़ी वैश्विक बहस के बदलते स्वरूप पर विचार-विमर्श किया।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित इस बैठक में लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें कानून निर्माता, नीति-निर्माता, नागरिक समाज के नेता, उद्योग प्रतिनिधि, शोधकर्ता तथा प्रौद्योगिकी शासन विशेषज्ञ शामिल थे। वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्लेटफॉर्म शासन से संबंधित नई चुनौतियों पर चर्चा के लिए एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, यूरोप और अन्य क्षेत्रों से एकत्र हुए थे।
प्रारंभिक चर्चाओं में यह सामने आया कि कई प्लेटफ़ॉर्म शासन नियम ग्लोबल साउथ की परिस्थितियों से अलग बनाए गए हैं और वे स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों, भाषाई विविधता तथा सीमित संस्थागत क्षमता के अनुरूप पूरी तरह उपयुक्त नहीं हैं। जैसे-जैसे जेनरेटिव और एजेंट-आधारित एआई प्रणालियाँ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का हिस्सा बन रही हैं, नए प्रश्न उभर रहे हैं। इनमें स्वचालित सामग्री संयमन की जिम्मेदारी किसकी होगी, दायित्व का निर्धारण कैसे किया जाएगा, चुनावों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी और उपयोगकर्ताओं की रक्षा कैसे की जाएगी, जैसे प्रश्न शामिल हैं।
ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल की पॉलिसी और एडवोकेसी प्रमुख मारिया पाज़ ने कहा, "नियामक अब भी उन प्लेटफॉर्म के लिए पुराने मध्यस्थ दायित्व नियमों का उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं, जो अब जेनरेटिव एआई का व्यापक रूप से इस्तेमाल करते हैं। ग्लोबल साउथ के अनुभव दर्शाते हैं कि अस्पष्ट मॉडरेशन (संयमन) प्रणालियाँ और स्वचालित निर्णय कमजोर समुदायों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। अलग-अलग और असंगठित राष्ट्रीय नीतियों के बजाय अधिकार-आधारित तथा सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।”
राज्यसभा सांसद श्री साकेत गोखले ने एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी राय साझा की। उन्होंने मतदाता डेटा, अनुवाद प्रणालियों और चुनावी मानचित्रण में एआई उपकरणों के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के बिना स्वचालित प्रणालियों का उपयोग लोकतंत्र में विश्वास को कमज़ोर कर सकता है। उन्होंने कहा, “हमें एआई विनियमन को उसी गंभीरता से देखने की आवश्यकता है, जैसे हम जलवायु परिवर्तन को देखते हैं।” उन्होंने बड़े वैश्विक चुनावों से पूर्व लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
बैठक में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के बी-टेक परियोजना की सलाहकार इसाबेल एबर्ट द्वारा व्यवसाय और मानवाधिकार पर एक प्रस्तुति दी गई। संयुक्त राष्ट्र के व्यवसाय और मानवाधिकार संबंधी मार्गदर्शक सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने तीन प्रमुख बिंदुओं पर बल दिया—पहला, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकारों की जिम्मेदारी है; दूसरा, मानवाधिकारों का सम्मान करना कंपनियों का दायित्व है; और तीसरा, अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना आवश्यक है।
क्षेत्रीय गोलमेज चर्चाओं में विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट शासन चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया। दक्षिण-पूर्व एशिया में काज़िया के एक प्रतिनिधि ने बताया कि इंडोनेशिया में कुछ संगठनों को महिलाओं से संबंधित डीपफेक सामग्री के कारण अस्थायी प्रतिबंध का सामना करना पड़ा। इससे स्पष्ट होता है कि एआई किस प्रकार लैंगिक आधार पर होने वाले नुकसान को बढ़ा सकता है। यद्यपि इंडोनेशिया में ऑनलाइन सामग्री को विनियमित करने के नियम मौजूद हैं, परंतु एआई से उत्पन्न जोखिमों से निपटने के लिए कोई विशिष्ट ढांचा नहीं है, जिससे दोषियों को दंडित करना कठिन हो जाता है।
लैटिन अमेरिका से ब्राज़ील स्थित इंटरनेटलैब में शोध प्रमुख कैमिला अकेमी ने जेनरेटिव एआई उपकरणों की तीव्र वृद्धि और चुनावी निष्पक्षता पर उनके प्रभावों पर चर्चा की। वहीं अफ्रीका से पैराडाइम इनिशिएटिव के सानी सुलेमान ने नीतिगत कमियों, सीमित आधारभूत संरचना, तकनीकी विशेषज्ञता की कमी तथा सरकारों और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच शक्ति असंतुलन जैसी प्रमुख चुनौतियों को दर्शाया।
एसएफएलसी.इन ने कहा कि जैसे-जैसे जेनरेटिव एआई डिजिटल प्लेटफॉर्म का अभिन्न अंग बनता जा रहा है, शासन प्रणालियों को पारंपरिक इंटरनेट कानूनों से आगे बढ़ना होगा। ग्लोबल साउथ के दृष्टिकोण को शामिल करना और तीव्र गति से विकसित हो रही प्रौद्योगिकी के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में प्रतिभागियों ने सहमति व्यक्त की कि समावेशी और अधिकार-आधारित एआई शासन प्रणाली के निर्माण हेतु विभिन्न देशों के बीच निरंतर सहयोग और सशक्त वैश्विक साझेदारी की सख्त आवश्यकता है।
एसएफएलसी.इन ने डिजिटल अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, ग्लोबल साउथ के सुझावों को प्रमुखता देने और यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि एआई तथा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी विनियमन मानवता और जवाबदेही पर आधारित रहें।
कन्नौज में जनजागरण रैली, संत आगमन और श्रीमद्भागवत कथा की भव्य रूपरेखा घोषित

पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज। आनंदेश्वर धाम आश्रम में सनातन धर्म सेवा फाउंडेशन के बैनर तले आयोजित प्रेस वार्ता में आगामी धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। फाउंडेशन निदेशक प्रभात त्रिपाठी ने बताया कि 16 मार्च को जनजागरण हेतु विशाल रैली का आयोजन महाराज कौशल जी महाराज के सानिध्य में किया जाएगा, जिसका उद्देश्य समाज में धर्म, सेवा एवं संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

पीठाधीश्वर महाराज कौशल जी महाराज ने बताया कि रैली का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजूदास महंतगिरी जी द्वारा ध्वज पूजन के पश्चात किया जाएगा। यह जनजागरण रैली कार्यक्रम स्थल मानीमऊ ऋषिनगर से प्रारंभ होकर ठठिया, तिर्वा, इंदरगढ़, नादेमऊ, सौरिख, छिबरामऊ और गुरसहायगंज होते हुए पुनः मानीमऊ में सम्पन्न होगी।उन्होंने आगे बताया कि 22 अप्रैल से 29 अप्रैल तक गुजरात से पधार रहे कंबल वाले बाबा का सात दिवसीय प्रवास रहेगा।

इस दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें असमर्थ एवं जरूरतमंद लोगों का उपचार पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा। यह शिविर जनहित को समर्पित रहेगा।इसी क्रम में त्रिकालदर्शी संत पण्डोखर सरकार का तीन दिवसीय दिव्य दरबार भी आयोजित होगा, जहां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा। साथ ही 22 अप्रैल से प्रारंभ होकर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन भी सुनिश्चित किया गया है।प्रेस वार्ता में यह भी अवगत कराया गया कि आगामी 27 अप्रैल को आनंद जनजागरण विशाल महासभा का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रीय एवं बाहरी श्रद्धालुओं की व्यापक सहभागिता अपेक्षित है। आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं क्षेत्रवासियों से कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म एवं समाजसेवा के इस महाअभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

फोन के झांसे में ना आए,बैंक से संपर्क करें-सुशील कुमार त्रिपाठी
एनएसएस शिविर में सड़क सुरक्षा, योगाभ्यास और साइबर जागरूकता पर कार्यक्रम हुए।

सुलतानपुर,राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विशेष शिविर के चौथे दिन का शिविर का प्रारंभ लक्ष्य गीत के साथ प्रारंभ हुआ। प्रथम सत्र में छात्र-छात्राओं ने सड़क जागरूकता अभियान रैली बघराजपुर से निकलकर राहुल चौराहे से होते हुए नगर भ्रमण किया। जीवन रक्षा सड़क सुरक्षा ,बिना हेलमेट यात्रा न करें ,परिवार प्रतीक्षा में है ,कृपया सुरक्षित चले आदि स्लोगन का नारा स्वयंसेवको ने लगाए । द्वितीय सत्र रामकृष्ण मिशन के द्वारा हार्ट फूलनेस के अंतर्गत योग और ध्यान का कार्यक्रम आयोजित किया गया ,जिसमें डॉ आर सी सिंह एवं नीलिमा सिंह उपस्थित रहे। बैंक साइबर क्राइम पर एक व्याख्यान इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक सुशील कुमार त्रिपाठी द्वारा दिया गया। श्री त्रिपाठी जी ने बताया कि आज का युग तकनीकी युग है यदि आप सुरक्षित मोबाइल का प्रयोग करते हैं तो सारी दुनिया आपकी मुट्ठी में होगी। खाता जारी रखने के लिए कभी भी कोई बैंक आपसे ओटीपी नहीं मांगेगा, आपकी सेवाओं के निस्तारण के लिए वह आपको बैंक में ही बुलाएगा । एटीएम से पैसा निकालते समय या फिर एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन पर जहां अपने मोबाइल फोन को चार्ज करते हैं वहां जिस कंपनी का चार्जर लगा होता है वह भी साइबर क्राइम करता है। किसी के झांसे में ना आए ,किसी का पैसा अपने खाते में ना लें ,सुरक्षित रहें और छोटी-छोटी बचत से अपने जीवन को सुरक्षित रखें।आभार ज्ञापन कार्यक्रम कार्यक्रम अधिकारी डॉ विभा सिंह ने किया। संचालन डॉ प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर डॉ वीरेंद्र गुप्ता, एनएसएस के स्वयंसेवक और स्वंयमसेविका उपस्थित रहे।
पीएम मोदी आज से इजराइल दौरे पर, नए रणनीतिक गठजोड़ की ओर बढ़ रहे दोनों देश, नेतन्याहू ने बनाया 'हेक्सागॉन'

Image 2Image 3

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से दो दिवसीय इजरायल दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर राजकीय दौरे पर आज इजरायल पहुंचेंगे। वे इजरायली समय के अनुसार दोपहर 12.45 बजे बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरेंगे, जहां बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा स्वागत करेंगे। पीएम मोदी दो दिनों की यात्रा के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से मुलाकात के साथ ही इजरायल की संसद नेसेट को भी संबोधित करेंगे। यह एक खास सम्मान है, जो दुनिया के कुछ ही नेताओं को हासिल होता है।

इन मुद्दों पर होगी चर्चा

पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू भारत-इजरायल के बीच हुई रणनीतिक साझेदारी में हुई अहम तरक्की की समीक्षा करेंगे। दोनों नेता विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, व्यापार और अर्थव्यवस्था समेत पीपुल-टू-पीपुल सहयोग के अवसरों पर चर्चा करेंगे। दोनों नेताओं के बीच पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होने की उम्मीद है।

भारत-इजरायल डिफेंस और सिक्योरिटी सहयोग बढ़ेगा

प्रधानमंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के बीच गहरी और लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि करेगी। दोनों नेताओं की बातचीत में डिफेंस और सिक्योरिटी सहयोग को बढ़ाना बड़ा मुद्दा होगा। विदेश मंत्रालय ने कहा, "दोनों नेता भारत-इज़राइल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप में हुई अहम तरक्की का रिव्यू करेंगे, और साइंस और टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, डिफेंस और सिक्योरिटी, एग्रीकल्चर, वॉटर मैनेजमेंट, ट्रेड और इकॉनमी, और लोगों के बीच लेन-देन समेत सहयोग के अलग-अलग एरिया में आगे के मौकों पर चर्चा करेंगे। नेताओं के आपसी फायदे के रीजनल और ग्लोबल मुद्दों पर भी अपने विचार शेयर करने की उम्मीद है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे की शुरुआत के साथ ही पश्चिम एशिया की कूटनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस दौरे को ‘कट्टरपंथी ताकतों’ के खिलाफ एक नए रणनीतिक गठजोड़ की दिशा में बड़ा कदम बताया है। नेतन्याहू के मुताबिक, भारत-इजरायल रिश्ते अब केवल द्विपक्षीय सहयोग तक सीमित नहीं रहे, बल्कि एक व्यापक क्षेत्रीय संरचना की ओर बढ़ रहे हैं। नेतन्याहू ने भारत को ‘वैश्विक शक्ति’ करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके ‘खास दोस्त’ हैं और दोनों देशों के रिश्ते पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह साझेदारी मध्य पूर्व और उसके आसपास एक ऐसे गठबंधन का रूप ले सकती है, जो साझा चुनौतियों के खिलाफ सामूहिक जवाब देने में सक्षम होगा।

नेतन्याहू का “हेक्सागन अलायंस प्लान”

पीएम मोदी की यात्रा से पहले इजरायली प्रधानमंत्री ने मिडिल ईस्ट और उसके आस-पास गठबंधनों का एक हेक्सागन बनाने का प्लान बताया है। इसमें भारत को भी शामिल करने की बात कही है। साप्ताहिक बैठक में बोलते हुए नेतन्याहू ने भारत को एक ग्लोबल पावर बताया और कहा 'हम एक पूरा सिस्टम बनाएंगे- मिडिल ईस्ट के आस-पास या उसके अंदर गठबंधन का एक हेक्सागन।' नेतन्याहू ने कहा कि इसमें 'भारत, अरब देश, अफ्रीकी देश, मेडिटेरेनियन देश (ग्रीस और साइप्रस) और एशिया के देश शामिल होंगे, जिनके बारे में मैं अभी डिटेल में नहीं बताऊंगा।'