बोरीवली में विधायक संजय उपाध्याय के नेतृत्व में मनाया जाएगा मराठी भाषा गौरव दिवस
मुंबई। मराठी साहित्य के दिग्गज कवि कुसुमाग्रज की जयंती के अवसर पर हर साल 27 फरवरी को ‘मराठी भाषा गौरव दिवस’ मनाया जाता है। इसी कड़ी में बोरीवली में लोकप्रिय भाजपा विधायक संजय उपाध्याय के  नेतृत्व में एक विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया है, जिसका उद्देश्य मराठी भाषा की समृद्धि और वैभव का उत्सव मनाना है। इस कार्यक्रम में मराठी कला जगत के कई नामी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।किशोरी अंबिये, दिगंबर नाईक, प्रभाकर मोरे, पृथ्वीक प्रताप, शिवाली परब और पुष्कर श्रोत्री जैसे प्रसिद्ध मराठी अभिनेताओं और कलाकारों की उपस्थिति के बीच यह कार्यक्रम 27 फरवरी शाम 6:30 बजे से बोरीवली, गोराई स्थित छत्रपति शिवाजी मैदान में आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम के आयोजन में बोरीवली संयोजक दिनेश झाला, मंडल अध्यक्ष नैनश शाह, नगरसेवक शिवानंद शेट्टी, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र विद्यार्थी सिंह, मंडल अध्यक्ष सुरेखा ठोके, नगरसेवक जितेंद्र पटेल,नगरसेविका रानी द्विवेदी, नगरसेविका एड सीमा शिंदे, नगरसेवक जिग्रासा शाह, नगरसेविका श्वेता कोरगांवकर और नगरसेविका डॉ शिल्पा सांगोरे का विशेष महत्वपूर्ण योगदान है। दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क (फ्री) है। आयोजकों ने सभी मराठी भाषा प्रेमियों और नागरिकों से इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया है।
रंग-रंगीलो म्हारो राजस्थान कार्यक्रम में दिखा संस्कृति और कला का अद्भुत संगम
मुंबई। मुंबई में ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच द्वारा आयोजित “रंग-रंगीलो म्हारो राजस्थान” कार्यक्रम अत्यंत भव्य, गरिमामय और सांस्कृतिक उत्साह से परिपूर्ण रहा। राजस्थान की लोक-संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, रंग-बिरंगे नृत्य एवं मधुर संगीत प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को राजस्थानी रंग में रंग दिया। उपस्थित दर्शकों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे सांस्कृतिक एकता और परंपरा का सुंदर उत्सव बताया। इस आयोजन का सफल नेतृत्व मंच की संस्थापक डॉ. मंजू लोढ़ा  द्वारा किया गया। उनके मार्गदर्शन, समर्पण और सांस्कृतिक दृष्टि ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। डॉ. मंजू लोढ़ा  के नेतृत्व में ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध अभिनेत्री रकुल प्रीत  सिंह का नाम विशेष रूप से जुड़ा रहा। सुप्रसिद्ध लोकगायिका एवं अभिनेत्री इला अरुण जी द्वारा कार्यक्रम हेतु एक विशेष शुभकामना संदेश (वीडियो) प्रेषित किया गया, जिसमें उन्होंने ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच के इस सांस्कृतिक प्रयास की सराहना करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।
समारोह में सत्कार मूर्ति के रूप में महारानी मंदाकिनी कुमारी एवं ज्योति डी तोमर को सम्मानित किया गया, जो अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जानी जाती हैं।

विशिष्ट अतिथि के रूप में रेखाराव, कुमार गौतम एवं विक्की हाडा के नाम उल्लेखनीय रहे। सभी ने मंच के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम की सफलता में सरोज कोठारी, मंजु सुराणा एवं सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा। उनके समर्पण और सतत प्रयासों से आयोजन सुव्यवस्थित और प्रभावशाली रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत मंजू लोढ़ा की पुस्तक संवेदनाओं का सफर तथा यशवी लोढ़ा की पुस्तक टीनएज क्रॉनिकल्स -  का विमोचन हुआ।

ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच के सभी सदस्यों ने पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में, सभी मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, सम्मानित व्यक्तित्वों, कलाकारों एवं उपस्थित दर्शकों का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया गया। सभी के सहयोग और सहभागिता से “रंग-रंगीलो म्हारो राजस्थान” एक अविस्मरणीय सांस्कृतिक उत्सव के रूप में स्थापित हुआ।
लखनऊ में BSP विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर IT रेड खत्म, 10 करोड़ नकदी बरामद
लखनऊ । राजधानी लखनऊ में बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के घर पर बुधवार से चल रही आयकर विभाग की छापेमारी गुरुवार को समाप्त हो गई। सूत्रों के मुताबिक, उनके आवास से करीब 10 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई है। हालांकि उनके कार्यालय और अन्य ठिकानों पर कार्रवाई अभी जारी है। गोमतीनगर के विपुलखंड स्थित आवास पर जांच पूरी कर ली गई है।

30 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ, बलिया, सोनभद्र, कौशांबी, मिर्जापुर और प्रयागराज समेत 30 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापे मारे गए। 50 से ज्यादा अधिकारियों की टीमें सुबह 11 बजे से देर रात तक जांच में जुटी रहीं। खबर लिखे जाने तक तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी की गिनती हो चुकी थी, जो बाद में बढ़कर करीब 10 करोड़ बताई जा रही है।

आयकर विभाग की टीमों ने छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी के कॉरपोरेट ऑफिस और वजीर हसन रोड स्थित करीबी ठेकेदार फैजी के ठिकानों को भी खंगाला। इसके अलावा सोनभद्र में साईं राम इंटरप्राइजेज के नाम से खनन कारोबार से जुड़े सीबी गुप्ता समेत कई कारोबारियों के यहां भी जांच जारी है।

अवैध खनन से जुड़े दस्तावेज मिलने की चर्चा

बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान टैक्स चोरी और बेनामी संपत्तियों से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। आयकर विभाग को सोनभद्र और मिर्जापुर में बीते वर्षों के अवैध खनन से जुड़े दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिनमें कथित तौर पर कुछ अधिकारियों के नाम और भुगतान का उल्लेख है।गौरतलब है कि बीते वर्ष भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में सोनभद्र में अवैध खनन से करीब 60 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात सामने आई थी। माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई।

बरातियों के अंदाज में पहुंची टीम

बलिया में विधायक के आवास पर छापा मारने के लिए आयकर विभाग ने अलग रणनीति अपनाई। टीम सरकारी गाड़ियों के बजाय शादी वाले स्टिकर लगी निजी गाड़ियों से पहुंची, ताकि किसी को शक न हो। ‘महेंद्र कुमार संग संगीता कुमारी’ नाम के स्टिकर लगाकर अधिकारी चुपचाप आवास तक पहुंचे और कार्रवाई शुरू कर दी।फिलहाल आयकर विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है और कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉ. उपाध्याय ने 'बीज वक्ता' के रूप में बढ़ाया बलिया का मान
संजीव सिंह बलिया!बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी और उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 'बुंदेलखंड के साहित्य, समाज और संस्कृति में श्रीराम' में जनपद के लब्धप्रतिष्ठित विद्वान और प्रखर विचारक डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने अंतरराष्ट्रीय फलक पर जिले का मान बढ़ाया। डॉ. उपाध्याय को इस वैचारिक महाकुंभ में विशिष्ट अतिथि एवं 'बीज वक्ता' के रूप में आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्होंने सनातन संस्कृति और रामकथा के अंतर्संबंधों का अत्यंत गंभीर और तार्किक विश्लेषण प्रस्तुत किया। इस वैश्विक मंच पर डॉ. उपाध्याय ने रामायण के एक मार्मिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए श्रीराम के 'आतंकवाद विरोधी' स्वरूप की एक नवीन व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि जब श्रीराम ने ऋषियों की हड्डियों का विशाल पहाड़ देखा और अपने गुरु से इसका कारण पूछा, तब उन्हें ज्ञात हुआ कि ये उन महान ऋषियों के अवशेष हैं जिन्हें राक्षसों ने क्रूरतापूर्वक मार डाला था। डॉ. उपाध्याय ने इसके गहरे दार्शनिक अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि उस युग में ज्ञान 'श्रुति परंपरा' अर्थात सुनकर याद रखने पर आधारित था, क्योंकि तब कागज और कलम की खोज नहीं हुई थी। ऐसे में ज्ञान प्रदान करने वाले एक भी ऋषि की हत्या का अर्थ केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की उस संचित ज्ञान परंपरा की हत्या थी जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरित होती थी। असंख्य ऋषियों की हत्या के माध्यम से ज्ञान के इस समूल विनाश को देखकर श्रीराम की करुणा 'महाक्रोध' में परिवर्तित हो गई और उन्होंने उसी क्षण यह दृढ़ प्रण लिया कि लंका विजय तो बाद की बात है, वह पहले अपने घर में बैठे इन आततायी राक्षसों और ज्ञान-विरोधी 'आतंकवादियों' का वध करेंगे। डॉ. उपाध्याय ने रेखांकित किया कि राम का यह संकल्प वास्तव में वैश्विक सभ्यता और ज्ञान-संस्कृति को बचाने का विश्व इतिहास का पहला बड़ा सुरक्षा अभियान था। मुख्य व्याख्यान को आगे बढ़ाते हुए डॉ. उपाध्याय ने प्रतिपादित किया कि बुंदेलखंड की माटी में राम केवल एक आराध्य देव भर नहीं हैं, बल्कि वे यहाँ की संपूर्ण जीवन पद्धति के आधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओरछा के 'रामराजा' सरकार से लेकर गाँवों की चौपालों पर गाई जाने वाली 'फाग' और 'आल्हा' तक, राम बुंदेली समाज के प्रत्येक संस्कार और सांसों में रचे-बसे हैं। बुंदेलखंड के समृद्ध साहित्य ने राम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप को लोक-भाषा के माध्यम से जन-जन के हृदय तक पहुँचाने का महती कार्य किया है। उनके अनुसार राम के आदर्शों और बुंदेली संस्कृति का पावन संगम ही वह अटूट सूत्र है, जो इस अंचल के समाज को कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी नैतिकता, मर्यादा और धैर्य की शक्ति प्रदान करता है। डॉ. उपाध्याय का यह उद्बोधन न केवल अकादमिक दृष्टि से उत्कृष्ट रहा, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय विद्वानों के सम्मुख बुंदेलखंड की सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को भी मजबूती से रखा। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी की भव्यता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें भारत के विभिन्न राज्यों सहित विश्व के दस प्रमुख देशों के दिग्गज विद्वानों ने श्रीराम के आदर्शों और बुंदेली संस्कृति के अंतर्संबंधों पर गहन मंथन किया। परिचर्चा में नार्वे से डॉ. शरद आलोक, बुल्गारिया से डॉ. मौना कौशिक, ऑस्ट्रेलिया से डॉ. भावना कुँअर, कुवैत से संगीता चौबे 'पंखुड़ी', दुबई से डॉ. आरती लोकेश, नीदरलैंड से डॉ. ऋतु शर्मा नन्नन पाण्डेय, न्यूज़ीलैंड से डॉ. सुनीता शर्मा, नेपाल से डॉ. श्वेता दीप्ति और सूरीनाम से लालाराम लैलावती एवं श्री धीरज कंधई जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वानों ने अपने विचार साझा किए। इस वैचारिक समागम में विभिन्न सत्रों के दौरान लगभग 100 शोध पत्रों का वाचन किया गया, जिससे रामकथा के वैश्विक और स्थानीय आयामों पर नई रोशनी पड़ी। आयोजन की गरिमा को बढ़ाते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामायण केंद्र भोपाल के निदेशक प्रो. राजेश श्रीवास्तव एवं उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान की संपादक डॉ. अमिता दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने की। इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता के मुख्य सूत्रधार कला संकाय के अधिष्ठाता एवं संयोजक प्रो. (डॉ.) पुनीत बिसारिया, कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह एवं परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर रहे, जिनके प्रयासों से यह अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न हुई। डॉ. विद्यासागर उपाध्याय को इस वैश्विक मंच पर मुख्य वक्ता के रूप में सम्मानित होते देख जनपद के साहित्यकारों, शिक्षाविदों और शुभचिंतकों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। डॉ. गणेश पाठक, डॉ. जनार्दन राय, डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ. धनंजय पाण्डेय, डॉ. मदन राम, करुणानिधि तिवारी, राधेश्याम यादव, हरेंद्र नाथ मिश्र और लल्लन पाण्डेय आदि ने डॉ. उपाध्याय को बधाई देते हुए इस उपलब्धि को समूचे क्षेत्र के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया है।
ग्राम सभा हरहटा की बदहाल नाली – आखिर जिम्मेदार कौन?
बलरामपुर । ग्राम सभा हरहटा, थाना गौरा चौराहा, तहसील तुलसीपुर, जनपद बलरामपुर में नाली की स्थिति अत्यंत दयनीय है। नाली पूरी तरह जाम है और गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। चारों तरफ कीचड़ और गंदगी फैली हुई है।सबसे गंभीर बात यह है कि इसी रास्ते से छोटे-छोटे बच्चे प्रतिदिन स्कूल जाने के लिए गुजरते हैं। गंदगी, जलभराव और बदबू के बीच बच्चों को निकलना पड़ रहा है। इससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
क्या यही स्वच्छता अभियान है?
क्या गांव की जनता और बच्चों की सुरक्षा किसी की जिम्मेदारी नहीं है?
हम प्रशासन से मांग करते हैं कि:
तत्काल नाली की सफाई कराई जाए
जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए
मौके पर निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाए
हरहटा की जनता अब चुप नहीं रहेगी।
बच्चों के भविष्य और गांव की स्वच्छता के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
टी20 वर्ल्ड कप: न्यूजीलैंड से हारकर श्रीलंका बाहर, आज भारत–जिंबॉब्वे और साउथ अफ्रीका–वेस्टइंडीज के अहम मुकाबले
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टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण में बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम से हार के बाद मेजबान श्रीलंका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। इस हार के साथ ही श्रीलंका का अभियान समाप्त हो गया और ग्रुप समीकरण पूरी तरह बदल गए।
आज सुपर-8 में दो बड़े मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच दोपहर 3 बजे दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के बीच होगा। यह मुकाबला सेमीफाइनल की तस्वीर साफ करने में निर्णायक साबित हो सकता है।
वहीं शाम 7 बजे भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का सामना जिम्बाब्वे राष्ट्रीय क्रिकेट टीम से होगा। भारतीय प्रशंसक टीम इंडिया से न सिर्फ जीत बल्कि बड़ी जीत की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि नेट रन रेट के समीकरण भी मजबूत हो सकें।
भारतीय फैंस की नजरें दूसरे मुकाबले पर भी टिकी रहेंगी। अगर वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका को हरा देती है तो भारत के लिए सेमीफाइनल का रास्ता मुश्किल हो सकता है। ऐसे में दुआएं सिर्फ भारत की जीत के लिए ही नहीं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका की सफलता के लिए भी होंगी।
लखनऊ में पिता की हत्या कर शव के टुकड़े करने वाला बेटा गिरफ्तार
लखनऊ । राजधानी लखनऊ के थाना आशियाना क्षेत्र में अपने ही पिता की हत्या कर शव के टुकड़े कर छिपाने वाले अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने नीट परीक्षा को लेकर हुए पारिवारिक विवाद के बाद अपने पिता को उनकी ही लाइसेंसी रायफल से गोली मार दी थी।

मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना आशियाना में दर्ज कराई

23 फरवरी 2026 को अक्षत प्रताप सिंह (21) निवासी सेक्टर-एल, एलडीए कॉलोनी, आशियाना ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना आशियाना में दर्ज कराई। गुमशुदगी संख्या 06/2026 पंजीकृत की गई।जांच के दौरान पुलिस को अक्षत का बयान संदिग्ध लगा। कड़ाई से पूछताछ करने पर वह टूट गया और पिता की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।

अपराध का खुलासा

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 20 फरवरी 2026 की सुबह लगभग 4:30 बजे नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ। गुस्से में आकर उसने अपने पिता को उनकी लाइसेंसी .315 बोर रायफल से गोली मार दी।

चाकू और आरी से शव के हाथ-पैर काटे

हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से चाकू और आरी से शव के हाथ-पैर काटे। कटे अंगों को पॉलिथीन में लपेटकर नादरगंज क्षेत्र में नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया, जबकि शेष शव को नीले प्लास्टिक ड्रम में घर के अंदर छिपा दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ही गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई।

पंजीकृत अभियोग

मु0अ0सं0 51/2026 धारा 103(1)/238/217 बीएनएस एवं धारा 4/9/25/27 आर्म्स एक्ट, थाना आशियाना, लखनऊ।पुलिस उपायुक्त मध्य के निर्देश पर गठित टीम ने आरोपी को 24 फरवरी 2026 को शाम 6:10 बजे गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर निम्न बरामदगियां हुईं—

नीले ड्रम से शेष शव

नादरगंज नहर किनारे से कटे हाथ-पैर

ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे ट्रैक के पास से 2 चाकू व 2 आरी

अनौरा जंगल, सरोजनीनगर से जली चादर व राख

हत्या में प्रयुक्त .315 बोर लाइसेंसी रायफल, कारतूस व अन्य साक्ष्य

अपराध का तरीका

पारिवारिक विवाद के चलते लाइसेंसी रायफल से गोली मारकर हत्या, फिर साक्ष्य छिपाने के लिए शव के टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर फेंकना और पुलिस को भ्रमित करने के लिए स्वयं गुमशुदगी दर्ज कराना।

गिरफ्तार अभियुक्त

अक्षत प्रताप सिंह (21 वर्ष)
निवासी सेक्टर-एल, मकान नं. 91, एलडीए कॉलोनी, थाना आशियाना, लखनऊ

गिरफ्तारी करने वाली टीम

प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह सहित थाना आशियाना की पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।
यह मामला राजधानी लखनऊ में पारिवारिक विवाद से उपजे एक जघन्य अपराध के रूप में सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।
जानकीपुरम विस्तार में आवासीय भू-उपयोग पर तीन मंजिला व्यावसायिक निर्माण का आरोप, जोन–5 के अधिकारियों पर मिलीभगत के दावे
लखनऊ। राजधानी के जानकीपुरम विस्तार स्थित सेक्टर–6 में कथित रूप से आवासीय भू-उपयोग की भूमि पर तीन मंजिला व्यावसायिक भवन का निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यह निर्माण कार्य ज़ोन–5 के अधिकारियों की मिलीभगत से खुलेआम किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 60 फीट रोड पर भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप से पहले, बाला जी स्वीट्स के सामने वाली गली में यह निर्माण कार्य जारी है। आरोप है कि निर्माणकर्ता विशाल सिंह द्वारा नियमों को दरकिनार कर व्यावसायिक भवन खड़ा किया जा रहा है, जबकि संबंधित भूखंड का भू-उपयोग आवासीय श्रेणी में दर्ज है।
स्थानीय सूत्रों का यह भी दावा है कि प्रति फ्लोर के हिसाब से कथित रूप से ‘सेटिंग’ तय की गई है। आरोपों में यह भी कहा जा रहा है कि इस मामले में ज़ोन–5 के अवर अभियंता की भूमिका संदिग्ध है तथा कथित तौर पर हिस्सा ऊपर तक पहुंचने की बात कही जा रही है। ज़ोनल प्रभारी के स्तर तक मामले में जानकारी और हिस्सेदारी पहुंचने के भी दावे किए जा रहे हैं।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी।
स्थानीय निवासियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक निर्माण को इसी तरह संरक्षण मिलता रहा तो क्षेत्र की मूल संरचना और नागरिक सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या निर्माण कार्य की वैधता की जांच कराई जाती है या नहीं।
संजय सेतु के विकल्प में डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा
* 72 लाख की कटौती के बाद 8.24 करोड़ का नया एस्टीमेट, जल्द बजट मिलने की उम्मीद

रामनगर, बाराबंकी। घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु की जर्जर हालत को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में प्रस्तावित डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने पुनः शासन को प्रेषित कर दिया है।
पूर्व में लगभग 8.96 करोड़ रुपये की लागत से तैयार प्रस्ताव पर आपत्ति के बाद विभाग ने 72 लाख रुपये की कटौती करते हुए नया प्रस्ताव करीब 8.24 करोड़ रुपये का भेजा है।
एनएचएआई के अवर अभियंता अनंत मौर्य के अनुसार, संशोधित एस्टीमेट में लागत घटाए जाने से स्वीकृति की संभावना बढ़ गई है। शासन से मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। विभागीय आकलन के मुताबिक पीपा पुल का निर्माण लगभग एक माह में पूरा किया जा सकता है।
गौरतलब है कि संजय सेतु लगभग 1200 मीटर लंबा और करीब 42 वर्ष पुराना है। सेतु के कई जोड़ों में क्षति होने के कारण मरम्मत कार्य आवश्यक हो गया है। मरम्मत के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए डबल लेन पीपा पुल बनाने की योजना तैयार की गई है। निर्माण के लिए आवश्यक पीपे प्रयागराज से मंगाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारु बना रहे और किसी भी आकस्मिक स्थिति से बचा जा सके।

मुख्य बिंदु -
* डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा गया
* कुल लागत 8.96 करोड़ से घटाकर लगभग 8.24 करोड़ रुपये की गई
* 72 लाख रुपये की लागत में कटौती
* निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराया जाएगा
* स्वीकृति के बाद लगभग एक माह में निर्माण संभव
* संजय सेतु 1200 मीटर लंबा और 42 वर्ष पुराना
* मरम्मत के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
* स्थानीय लोगों ने शीघ्र निर्णय की मांग की
केंद्र का बना टेक्निकल पोर्टल दे रहा धोखा, स्वास्थ्य कर्मियों को एक साल से नहीं मिला मानदेय
फर्रुखाबाद । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के दर्जनों पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल को दिया है जिसमें कहा है कि टेक्निकल पोर्टल बने होने से कर्मचारियों को 1 साल से अधिक हो गया है मानदेय का पैसा अभी तक उनके खाते में नहीं भेजा गया है जिसके चलते कर्मचारियों में रोष व्याप्त है आक्रोशित कर्मचारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में कहा कि यदि जल्द मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो कर्मचारी भुखमरी की खबर पर पहुंच जाएगा क्योंकि आय का साधन न होने से कर्ज लेकर परिवार का पालन पोषण किया जा रहा है।
बोरीवली में विधायक संजय उपाध्याय के नेतृत्व में मनाया जाएगा मराठी भाषा गौरव दिवस
मुंबई। मराठी साहित्य के दिग्गज कवि कुसुमाग्रज की जयंती के अवसर पर हर साल 27 फरवरी को ‘मराठी भाषा गौरव दिवस’ मनाया जाता है। इसी कड़ी में बोरीवली में लोकप्रिय भाजपा विधायक संजय उपाध्याय के  नेतृत्व में एक विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया है, जिसका उद्देश्य मराठी भाषा की समृद्धि और वैभव का उत्सव मनाना है। इस कार्यक्रम में मराठी कला जगत के कई नामी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।किशोरी अंबिये, दिगंबर नाईक, प्रभाकर मोरे, पृथ्वीक प्रताप, शिवाली परब और पुष्कर श्रोत्री जैसे प्रसिद्ध मराठी अभिनेताओं और कलाकारों की उपस्थिति के बीच यह कार्यक्रम 27 फरवरी शाम 6:30 बजे से बोरीवली, गोराई स्थित छत्रपति शिवाजी मैदान में आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम के आयोजन में बोरीवली संयोजक दिनेश झाला, मंडल अध्यक्ष नैनश शाह, नगरसेवक शिवानंद शेट्टी, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र विद्यार्थी सिंह, मंडल अध्यक्ष सुरेखा ठोके, नगरसेवक जितेंद्र पटेल,नगरसेविका रानी द्विवेदी, नगरसेविका एड सीमा शिंदे, नगरसेवक जिग्रासा शाह, नगरसेविका श्वेता कोरगांवकर और नगरसेविका डॉ शिल्पा सांगोरे का विशेष महत्वपूर्ण योगदान है। दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क (फ्री) है। आयोजकों ने सभी मराठी भाषा प्रेमियों और नागरिकों से इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया है।
रंग-रंगीलो म्हारो राजस्थान कार्यक्रम में दिखा संस्कृति और कला का अद्भुत संगम
मुंबई। मुंबई में ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच द्वारा आयोजित “रंग-रंगीलो म्हारो राजस्थान” कार्यक्रम अत्यंत भव्य, गरिमामय और सांस्कृतिक उत्साह से परिपूर्ण रहा। राजस्थान की लोक-संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, रंग-बिरंगे नृत्य एवं मधुर संगीत प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को राजस्थानी रंग में रंग दिया। उपस्थित दर्शकों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे सांस्कृतिक एकता और परंपरा का सुंदर उत्सव बताया। इस आयोजन का सफल नेतृत्व मंच की संस्थापक डॉ. मंजू लोढ़ा  द्वारा किया गया। उनके मार्गदर्शन, समर्पण और सांस्कृतिक दृष्टि ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। डॉ. मंजू लोढ़ा  के नेतृत्व में ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध अभिनेत्री रकुल प्रीत  सिंह का नाम विशेष रूप से जुड़ा रहा। सुप्रसिद्ध लोकगायिका एवं अभिनेत्री इला अरुण जी द्वारा कार्यक्रम हेतु एक विशेष शुभकामना संदेश (वीडियो) प्रेषित किया गया, जिसमें उन्होंने ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच के इस सांस्कृतिक प्रयास की सराहना करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।
समारोह में सत्कार मूर्ति के रूप में महारानी मंदाकिनी कुमारी एवं ज्योति डी तोमर को सम्मानित किया गया, जो अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जानी जाती हैं।

विशिष्ट अतिथि के रूप में रेखाराव, कुमार गौतम एवं विक्की हाडा के नाम उल्लेखनीय रहे। सभी ने मंच के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम की सफलता में सरोज कोठारी, मंजु सुराणा एवं सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा। उनके समर्पण और सतत प्रयासों से आयोजन सुव्यवस्थित और प्रभावशाली रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत मंजू लोढ़ा की पुस्तक संवेदनाओं का सफर तथा यशवी लोढ़ा की पुस्तक टीनएज क्रॉनिकल्स -  का विमोचन हुआ।

ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच के सभी सदस्यों ने पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में, सभी मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, सम्मानित व्यक्तित्वों, कलाकारों एवं उपस्थित दर्शकों का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया गया। सभी के सहयोग और सहभागिता से “रंग-रंगीलो म्हारो राजस्थान” एक अविस्मरणीय सांस्कृतिक उत्सव के रूप में स्थापित हुआ।
लखनऊ में BSP विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर IT रेड खत्म, 10 करोड़ नकदी बरामद
लखनऊ । राजधानी लखनऊ में बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के घर पर बुधवार से चल रही आयकर विभाग की छापेमारी गुरुवार को समाप्त हो गई। सूत्रों के मुताबिक, उनके आवास से करीब 10 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई है। हालांकि उनके कार्यालय और अन्य ठिकानों पर कार्रवाई अभी जारी है। गोमतीनगर के विपुलखंड स्थित आवास पर जांच पूरी कर ली गई है।

30 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ, बलिया, सोनभद्र, कौशांबी, मिर्जापुर और प्रयागराज समेत 30 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापे मारे गए। 50 से ज्यादा अधिकारियों की टीमें सुबह 11 बजे से देर रात तक जांच में जुटी रहीं। खबर लिखे जाने तक तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी की गिनती हो चुकी थी, जो बाद में बढ़कर करीब 10 करोड़ बताई जा रही है।

आयकर विभाग की टीमों ने छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी के कॉरपोरेट ऑफिस और वजीर हसन रोड स्थित करीबी ठेकेदार फैजी के ठिकानों को भी खंगाला। इसके अलावा सोनभद्र में साईं राम इंटरप्राइजेज के नाम से खनन कारोबार से जुड़े सीबी गुप्ता समेत कई कारोबारियों के यहां भी जांच जारी है।

अवैध खनन से जुड़े दस्तावेज मिलने की चर्चा

बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान टैक्स चोरी और बेनामी संपत्तियों से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। आयकर विभाग को सोनभद्र और मिर्जापुर में बीते वर्षों के अवैध खनन से जुड़े दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिनमें कथित तौर पर कुछ अधिकारियों के नाम और भुगतान का उल्लेख है।गौरतलब है कि बीते वर्ष भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में सोनभद्र में अवैध खनन से करीब 60 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात सामने आई थी। माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई।

बरातियों के अंदाज में पहुंची टीम

बलिया में विधायक के आवास पर छापा मारने के लिए आयकर विभाग ने अलग रणनीति अपनाई। टीम सरकारी गाड़ियों के बजाय शादी वाले स्टिकर लगी निजी गाड़ियों से पहुंची, ताकि किसी को शक न हो। ‘महेंद्र कुमार संग संगीता कुमारी’ नाम के स्टिकर लगाकर अधिकारी चुपचाप आवास तक पहुंचे और कार्रवाई शुरू कर दी।फिलहाल आयकर विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है और कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉ. उपाध्याय ने 'बीज वक्ता' के रूप में बढ़ाया बलिया का मान
संजीव सिंह बलिया!बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी और उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 'बुंदेलखंड के साहित्य, समाज और संस्कृति में श्रीराम' में जनपद के लब्धप्रतिष्ठित विद्वान और प्रखर विचारक डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने अंतरराष्ट्रीय फलक पर जिले का मान बढ़ाया। डॉ. उपाध्याय को इस वैचारिक महाकुंभ में विशिष्ट अतिथि एवं 'बीज वक्ता' के रूप में आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्होंने सनातन संस्कृति और रामकथा के अंतर्संबंधों का अत्यंत गंभीर और तार्किक विश्लेषण प्रस्तुत किया। इस वैश्विक मंच पर डॉ. उपाध्याय ने रामायण के एक मार्मिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए श्रीराम के 'आतंकवाद विरोधी' स्वरूप की एक नवीन व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि जब श्रीराम ने ऋषियों की हड्डियों का विशाल पहाड़ देखा और अपने गुरु से इसका कारण पूछा, तब उन्हें ज्ञात हुआ कि ये उन महान ऋषियों के अवशेष हैं जिन्हें राक्षसों ने क्रूरतापूर्वक मार डाला था। डॉ. उपाध्याय ने इसके गहरे दार्शनिक अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि उस युग में ज्ञान 'श्रुति परंपरा' अर्थात सुनकर याद रखने पर आधारित था, क्योंकि तब कागज और कलम की खोज नहीं हुई थी। ऐसे में ज्ञान प्रदान करने वाले एक भी ऋषि की हत्या का अर्थ केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की उस संचित ज्ञान परंपरा की हत्या थी जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरित होती थी। असंख्य ऋषियों की हत्या के माध्यम से ज्ञान के इस समूल विनाश को देखकर श्रीराम की करुणा 'महाक्रोध' में परिवर्तित हो गई और उन्होंने उसी क्षण यह दृढ़ प्रण लिया कि लंका विजय तो बाद की बात है, वह पहले अपने घर में बैठे इन आततायी राक्षसों और ज्ञान-विरोधी 'आतंकवादियों' का वध करेंगे। डॉ. उपाध्याय ने रेखांकित किया कि राम का यह संकल्प वास्तव में वैश्विक सभ्यता और ज्ञान-संस्कृति को बचाने का विश्व इतिहास का पहला बड़ा सुरक्षा अभियान था। मुख्य व्याख्यान को आगे बढ़ाते हुए डॉ. उपाध्याय ने प्रतिपादित किया कि बुंदेलखंड की माटी में राम केवल एक आराध्य देव भर नहीं हैं, बल्कि वे यहाँ की संपूर्ण जीवन पद्धति के आधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओरछा के 'रामराजा' सरकार से लेकर गाँवों की चौपालों पर गाई जाने वाली 'फाग' और 'आल्हा' तक, राम बुंदेली समाज के प्रत्येक संस्कार और सांसों में रचे-बसे हैं। बुंदेलखंड के समृद्ध साहित्य ने राम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप को लोक-भाषा के माध्यम से जन-जन के हृदय तक पहुँचाने का महती कार्य किया है। उनके अनुसार राम के आदर्शों और बुंदेली संस्कृति का पावन संगम ही वह अटूट सूत्र है, जो इस अंचल के समाज को कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी नैतिकता, मर्यादा और धैर्य की शक्ति प्रदान करता है। डॉ. उपाध्याय का यह उद्बोधन न केवल अकादमिक दृष्टि से उत्कृष्ट रहा, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय विद्वानों के सम्मुख बुंदेलखंड की सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को भी मजबूती से रखा। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी की भव्यता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें भारत के विभिन्न राज्यों सहित विश्व के दस प्रमुख देशों के दिग्गज विद्वानों ने श्रीराम के आदर्शों और बुंदेली संस्कृति के अंतर्संबंधों पर गहन मंथन किया। परिचर्चा में नार्वे से डॉ. शरद आलोक, बुल्गारिया से डॉ. मौना कौशिक, ऑस्ट्रेलिया से डॉ. भावना कुँअर, कुवैत से संगीता चौबे 'पंखुड़ी', दुबई से डॉ. आरती लोकेश, नीदरलैंड से डॉ. ऋतु शर्मा नन्नन पाण्डेय, न्यूज़ीलैंड से डॉ. सुनीता शर्मा, नेपाल से डॉ. श्वेता दीप्ति और सूरीनाम से लालाराम लैलावती एवं श्री धीरज कंधई जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वानों ने अपने विचार साझा किए। इस वैचारिक समागम में विभिन्न सत्रों के दौरान लगभग 100 शोध पत्रों का वाचन किया गया, जिससे रामकथा के वैश्विक और स्थानीय आयामों पर नई रोशनी पड़ी। आयोजन की गरिमा को बढ़ाते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामायण केंद्र भोपाल के निदेशक प्रो. राजेश श्रीवास्तव एवं उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान की संपादक डॉ. अमिता दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने की। इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता के मुख्य सूत्रधार कला संकाय के अधिष्ठाता एवं संयोजक प्रो. (डॉ.) पुनीत बिसारिया, कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह एवं परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर रहे, जिनके प्रयासों से यह अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न हुई। डॉ. विद्यासागर उपाध्याय को इस वैश्विक मंच पर मुख्य वक्ता के रूप में सम्मानित होते देख जनपद के साहित्यकारों, शिक्षाविदों और शुभचिंतकों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। डॉ. गणेश पाठक, डॉ. जनार्दन राय, डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ. धनंजय पाण्डेय, डॉ. मदन राम, करुणानिधि तिवारी, राधेश्याम यादव, हरेंद्र नाथ मिश्र और लल्लन पाण्डेय आदि ने डॉ. उपाध्याय को बधाई देते हुए इस उपलब्धि को समूचे क्षेत्र के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया है।
ग्राम सभा हरहटा की बदहाल नाली – आखिर जिम्मेदार कौन?
बलरामपुर । ग्राम सभा हरहटा, थाना गौरा चौराहा, तहसील तुलसीपुर, जनपद बलरामपुर में नाली की स्थिति अत्यंत दयनीय है। नाली पूरी तरह जाम है और गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। चारों तरफ कीचड़ और गंदगी फैली हुई है।सबसे गंभीर बात यह है कि इसी रास्ते से छोटे-छोटे बच्चे प्रतिदिन स्कूल जाने के लिए गुजरते हैं। गंदगी, जलभराव और बदबू के बीच बच्चों को निकलना पड़ रहा है। इससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
क्या यही स्वच्छता अभियान है?
क्या गांव की जनता और बच्चों की सुरक्षा किसी की जिम्मेदारी नहीं है?
हम प्रशासन से मांग करते हैं कि:
तत्काल नाली की सफाई कराई जाए
जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए
मौके पर निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाए
हरहटा की जनता अब चुप नहीं रहेगी।
बच्चों के भविष्य और गांव की स्वच्छता के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
टी20 वर्ल्ड कप: न्यूजीलैंड से हारकर श्रीलंका बाहर, आज भारत–जिंबॉब्वे और साउथ अफ्रीका–वेस्टइंडीज के अहम मुकाबले
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टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण में बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम से हार के बाद मेजबान श्रीलंका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। इस हार के साथ ही श्रीलंका का अभियान समाप्त हो गया और ग्रुप समीकरण पूरी तरह बदल गए।
आज सुपर-8 में दो बड़े मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच दोपहर 3 बजे दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के बीच होगा। यह मुकाबला सेमीफाइनल की तस्वीर साफ करने में निर्णायक साबित हो सकता है।
वहीं शाम 7 बजे भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का सामना जिम्बाब्वे राष्ट्रीय क्रिकेट टीम से होगा। भारतीय प्रशंसक टीम इंडिया से न सिर्फ जीत बल्कि बड़ी जीत की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि नेट रन रेट के समीकरण भी मजबूत हो सकें।
भारतीय फैंस की नजरें दूसरे मुकाबले पर भी टिकी रहेंगी। अगर वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका को हरा देती है तो भारत के लिए सेमीफाइनल का रास्ता मुश्किल हो सकता है। ऐसे में दुआएं सिर्फ भारत की जीत के लिए ही नहीं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका की सफलता के लिए भी होंगी।
लखनऊ में पिता की हत्या कर शव के टुकड़े करने वाला बेटा गिरफ्तार
लखनऊ । राजधानी लखनऊ के थाना आशियाना क्षेत्र में अपने ही पिता की हत्या कर शव के टुकड़े कर छिपाने वाले अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने नीट परीक्षा को लेकर हुए पारिवारिक विवाद के बाद अपने पिता को उनकी ही लाइसेंसी रायफल से गोली मार दी थी।

मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना आशियाना में दर्ज कराई

23 फरवरी 2026 को अक्षत प्रताप सिंह (21) निवासी सेक्टर-एल, एलडीए कॉलोनी, आशियाना ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना आशियाना में दर्ज कराई। गुमशुदगी संख्या 06/2026 पंजीकृत की गई।जांच के दौरान पुलिस को अक्षत का बयान संदिग्ध लगा। कड़ाई से पूछताछ करने पर वह टूट गया और पिता की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।

अपराध का खुलासा

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 20 फरवरी 2026 की सुबह लगभग 4:30 बजे नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ। गुस्से में आकर उसने अपने पिता को उनकी लाइसेंसी .315 बोर रायफल से गोली मार दी।

चाकू और आरी से शव के हाथ-पैर काटे

हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से चाकू और आरी से शव के हाथ-पैर काटे। कटे अंगों को पॉलिथीन में लपेटकर नादरगंज क्षेत्र में नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया, जबकि शेष शव को नीले प्लास्टिक ड्रम में घर के अंदर छिपा दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ही गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई।

पंजीकृत अभियोग

मु0अ0सं0 51/2026 धारा 103(1)/238/217 बीएनएस एवं धारा 4/9/25/27 आर्म्स एक्ट, थाना आशियाना, लखनऊ।पुलिस उपायुक्त मध्य के निर्देश पर गठित टीम ने आरोपी को 24 फरवरी 2026 को शाम 6:10 बजे गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर निम्न बरामदगियां हुईं—

नीले ड्रम से शेष शव

नादरगंज नहर किनारे से कटे हाथ-पैर

ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे ट्रैक के पास से 2 चाकू व 2 आरी

अनौरा जंगल, सरोजनीनगर से जली चादर व राख

हत्या में प्रयुक्त .315 बोर लाइसेंसी रायफल, कारतूस व अन्य साक्ष्य

अपराध का तरीका

पारिवारिक विवाद के चलते लाइसेंसी रायफल से गोली मारकर हत्या, फिर साक्ष्य छिपाने के लिए शव के टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर फेंकना और पुलिस को भ्रमित करने के लिए स्वयं गुमशुदगी दर्ज कराना।

गिरफ्तार अभियुक्त

अक्षत प्रताप सिंह (21 वर्ष)
निवासी सेक्टर-एल, मकान नं. 91, एलडीए कॉलोनी, थाना आशियाना, लखनऊ

गिरफ्तारी करने वाली टीम

प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह सहित थाना आशियाना की पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।
यह मामला राजधानी लखनऊ में पारिवारिक विवाद से उपजे एक जघन्य अपराध के रूप में सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।
जानकीपुरम विस्तार में आवासीय भू-उपयोग पर तीन मंजिला व्यावसायिक निर्माण का आरोप, जोन–5 के अधिकारियों पर मिलीभगत के दावे
लखनऊ। राजधानी के जानकीपुरम विस्तार स्थित सेक्टर–6 में कथित रूप से आवासीय भू-उपयोग की भूमि पर तीन मंजिला व्यावसायिक भवन का निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यह निर्माण कार्य ज़ोन–5 के अधिकारियों की मिलीभगत से खुलेआम किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 60 फीट रोड पर भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप से पहले, बाला जी स्वीट्स के सामने वाली गली में यह निर्माण कार्य जारी है। आरोप है कि निर्माणकर्ता विशाल सिंह द्वारा नियमों को दरकिनार कर व्यावसायिक भवन खड़ा किया जा रहा है, जबकि संबंधित भूखंड का भू-उपयोग आवासीय श्रेणी में दर्ज है।
स्थानीय सूत्रों का यह भी दावा है कि प्रति फ्लोर के हिसाब से कथित रूप से ‘सेटिंग’ तय की गई है। आरोपों में यह भी कहा जा रहा है कि इस मामले में ज़ोन–5 के अवर अभियंता की भूमिका संदिग्ध है तथा कथित तौर पर हिस्सा ऊपर तक पहुंचने की बात कही जा रही है। ज़ोनल प्रभारी के स्तर तक मामले में जानकारी और हिस्सेदारी पहुंचने के भी दावे किए जा रहे हैं।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी।
स्थानीय निवासियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक निर्माण को इसी तरह संरक्षण मिलता रहा तो क्षेत्र की मूल संरचना और नागरिक सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या निर्माण कार्य की वैधता की जांच कराई जाती है या नहीं।
संजय सेतु के विकल्प में डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा
* 72 लाख की कटौती के बाद 8.24 करोड़ का नया एस्टीमेट, जल्द बजट मिलने की उम्मीद

रामनगर, बाराबंकी। घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु की जर्जर हालत को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में प्रस्तावित डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने पुनः शासन को प्रेषित कर दिया है।
पूर्व में लगभग 8.96 करोड़ रुपये की लागत से तैयार प्रस्ताव पर आपत्ति के बाद विभाग ने 72 लाख रुपये की कटौती करते हुए नया प्रस्ताव करीब 8.24 करोड़ रुपये का भेजा है।
एनएचएआई के अवर अभियंता अनंत मौर्य के अनुसार, संशोधित एस्टीमेट में लागत घटाए जाने से स्वीकृति की संभावना बढ़ गई है। शासन से मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। विभागीय आकलन के मुताबिक पीपा पुल का निर्माण लगभग एक माह में पूरा किया जा सकता है।
गौरतलब है कि संजय सेतु लगभग 1200 मीटर लंबा और करीब 42 वर्ष पुराना है। सेतु के कई जोड़ों में क्षति होने के कारण मरम्मत कार्य आवश्यक हो गया है। मरम्मत के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए डबल लेन पीपा पुल बनाने की योजना तैयार की गई है। निर्माण के लिए आवश्यक पीपे प्रयागराज से मंगाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारु बना रहे और किसी भी आकस्मिक स्थिति से बचा जा सके।

मुख्य बिंदु -
* डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा गया
* कुल लागत 8.96 करोड़ से घटाकर लगभग 8.24 करोड़ रुपये की गई
* 72 लाख रुपये की लागत में कटौती
* निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराया जाएगा
* स्वीकृति के बाद लगभग एक माह में निर्माण संभव
* संजय सेतु 1200 मीटर लंबा और 42 वर्ष पुराना
* मरम्मत के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
* स्थानीय लोगों ने शीघ्र निर्णय की मांग की
केंद्र का बना टेक्निकल पोर्टल दे रहा धोखा, स्वास्थ्य कर्मियों को एक साल से नहीं मिला मानदेय
फर्रुखाबाद । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के दर्जनों पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल को दिया है जिसमें कहा है कि टेक्निकल पोर्टल बने होने से कर्मचारियों को 1 साल से अधिक हो गया है मानदेय का पैसा अभी तक उनके खाते में नहीं भेजा गया है जिसके चलते कर्मचारियों में रोष व्याप्त है आक्रोशित कर्मचारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में कहा कि यदि जल्द मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो कर्मचारी भुखमरी की खबर पर पहुंच जाएगा क्योंकि आय का साधन न होने से कर्ज लेकर परिवार का पालन पोषण किया जा रहा है।