संविधान बनाम राज्य नियंत्रण: ट्रांस संशोधन विधेयक के खिलाफ लखनऊ में उभरा व्यापक जनप्रतिरोध

लखनऊ। ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ रविवार को लखनऊ की सड़कों पर क्वीयर समुदाय और नागरिक समाज का व्यापक और संगठित प्रतिरोध देखने को मिला। बेगम हज़रत महल पार्क गेट, परिवर्तन चौक से केडी सिंह बाबू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन तक निकाले गए इस मार्च ने न केवल एक विधेयक का विरोध किया, बल्कि राज्य द्वारा पहचान, शरीर और अस्तित्व पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिशों को भी खुली चुनौती दी।
यह विरोध प्रदर्शन क्वीयर समुदाय और स्थानीय नागरिकों की संयुक्त पहल था, जिसका संचालन शांतम निधि ने किया। मार्च का नेतृत्व पायल, गुड्डन, प्रियंका, यादवेंद्र, आकाश और राजन सहित कई समुदाय प्रतिनिधियों ने किया। बड़ी संख्या में छात्र, युवा, महिलाएं और विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, बापसा बीबीएयू, एपवा, जन संस्कृति मंच और सीटू जैसे संगठनों ने भी एकजुटता दिखाई।
पूरे मार्च के दौरान “ट्रांस राइट्स मानवाधिकार हैं”, “पहचान पर राज्य का नियंत्रण नहीं चलेगा” और “संविधान की रक्षा करो” जैसे नारे गूंजते रहे, जो इस आंदोलन के मूल स्वर को स्पष्ट करते हैं।

* “पहचान प्रमाणपत्र नहीं, अस्तित्व है”
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने विधेयक को नागरिक अधिकारों के ढांचे पर सीधा हमला बताया। पायल ने कहा कि यह प्रस्तावित कानून ट्रांस समुदाय की पहचान को व्यक्तिगत अधिकार से हटाकर राज्य के नियंत्रण में देना चाहता है। गुड्डन ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह के कदमों का विरोध नहीं किया गया, तो भविष्य में व्यापक नागरिक अधिकारों पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
प्रियंका ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक NALSA निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि यह विधेयक उस फैसले द्वारा दिए गए अधिकारों को कमजोर करता है। यादवेंद्र ने विधेयक को बिना पर्याप्त बहस और परामर्श के पारित किए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। आकाश और राजन ने भी इसे संविधान और नागरिक स्वतंत्रता के लिए गंभीर चुनौती करार दिया।

* राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें विधेयक की कई संवैधानिक और व्यावहारिक खामियों को रेखांकित किया गया। ज्ञापन के अनुसार, प्रस्तावित संशोधन स्व-पहचान के अधिकार को समाप्त कर उसे चिकित्सा परीक्षण और प्रशासनिक स्वीकृति के अधीन करता है, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15 (भेदभाव के खिलाफ संरक्षण), अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का उल्लंघन करता है। साथ ही, ‘अल्यूर्मेंट’ जैसे अस्पष्ट प्रावधानों के जरिए समुदाय और उसके सहयोगियों को अपराधी बनाए जाने की आशंका भी जताई गई।

* लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि विधेयक को बिना व्यापक बहस, संसदीय समिति को भेजे बिना और राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद से पर्याप्त परामर्श किए बिना पारित किया गया। इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अवमूल्यन के रूप में देखा जा रहा है।

* संघर्ष जारी रहेगा
यह विरोध केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक आंदोलन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक विधेयक को वापस लेने की नहीं, बल्कि उस संवैधानिक सिद्धांत की रक्षा की है जिसके अनुसार व्यक्ति अपनी पहचान स्वयं निर्धारित करता है।
लखनऊ में उभरा यह जनप्रतिरोध संकेत देता है कि नागरिक समाज इस मुद्दे को लेकर न केवल सजग है, बल्कि लगातार और संगठित रूप से अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए तैयार भी है।
राँची जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों को बंद करने की चेतावनी।

राँची: जिला प्रशासन ने राँची के सभी गैर-मान्यता प्राप्त निजी और गैर-सरकारी विद्यालयों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार, कक्षा 1 से 8वीं तक संचालित ऐसे सभी स्कूलों को 08 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से मान्यता के लिए आवेदन करना होगा।

RTE पोर्टल पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रावधानों के तहत, सभी स्कूल संचालकों को विभागीय पोर्टल https://rte.jharkhand.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना अनिवार्य है। आवेदन के दौरान स्कूलों को अपनी आधारभूत संरचना, योग्य शिक्षकों की सूची, छात्र नामांकन, सुरक्षा व्यवस्था, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं का सही विवरण अपलोड करना होगा। पोर्टल पर यूजर मैनुअल और मान्यता प्रमाण-पत्र का प्रारूप भी उपलब्ध कराया गया है।

नियम उल्लंघन पर होगी जेल या स्कूल बंदी

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई विद्यालय निर्धारित तिथि (8 अप्रैल) तक आवेदन जमा नहीं करता है या मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो झारखंड निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली के तहत उन पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

अभिभावकों और छात्रों के हित में फैसला

DC मंजूनाथ भजंत्री ने सभी विद्यालय प्रबंधनों से अपील की है कि वे इस निर्देश को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि समय-सीमा के भीतर आवेदन कर विद्यालय संचालन को विधिसम्मत बनाएं, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

राँची में आपसी भाईचारे की जीत: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने शांतिपूर्ण त्योहारों के लिए जनता को कहा— 'शुक्रिया'।

राँची: झारखंड की राजधानी राँची ने एक बार फिर सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की है। हाल के दिनों में संपन्न हुए रामनवमी, चैती छठ, ईद, सरहुल और रमजान जैसे प्रमुख पर्व-त्योहारों के अभूतपूर्व शांतिपूर्ण समापन पर राँची जिला प्रशासन ने समस्त जिलेवासियों के प्रति आभार प्रकट किया है।

उपायुक्त ने बताया 'प्रेरणास्पद उदाहरण'

राँची के उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राँची में जिस गरिमा और अनुशासन के साथ त्योहार मनाए गए, वह पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा, "यह केवल पर्वों का आयोजन नहीं था, बल्कि हमारी साझा संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का उत्सव था, जिसने राँची को एक आदर्श के रूप में स्थापित किया है।"

समितियों और अखाड़ों के अनुशासन की सराहना

DC ने विशेष रूप से केन्द्रीय शांति समिति, महावीर मण्डल, तपोवन मंदिर पूजा समिति, सरना समितियों, सेंट्रल मोहर्रम कमिटी, अंजुमन इस्लामिया और गुरुनानक समिति सहित सभी अखाड़ा समितियों के सदस्यों के समर्पण की प्रशंसा की। प्रशासन के अनुसार, इन संगठनों की संवेदनशीलता और परिपक्वता के कारण ही शहर में कहीं भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।

प्रशासनिक सतर्कता और मीडिया का सहयोग

इस सफलता का श्रेय जिले के पुलिस बल, प्रशासनिक पदाधिकारियों, नगर निगम, बिजली विभाग और लाइन डिपार्टमेंट के कर्मियों को भी दिया गया है। उपायुक्त ने मीडिया प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक रिपोर्टिंग को भी विधि-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने का एक मुख्य आधार बताया।

सरस्वती विद्या मन्दिर में परीक्षाफल वितरण समारोह सम्पन्न
बहन आराध्या मिश्रा और स्वीकृति गुप्ता 99.6% अंकों के साथ बनीं टापर

293 छात्रों ने 90% से भी अधिक अंक प्राप्त किए

सुलतानपुर । सरस्वती विद्या मन्दिर में पढ़ने वाले छात्र अपनी बात की शुरुआत भारत माता से करते हैं उक्त बातें सुलतानपुर नगर के विधायक विनोद कुमार सिंह ने सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानंद नगर सुल्तानपुर के परीक्षाफल वितरण कार्यक्रम  में कही। छात्रों एवं अभिभावकों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विद्या मन्दिर के छात्रों की सोच बड़े-बड़े शहरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सोच से कहीं अधिक बेहतर है। शहर के विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र भारत माता की बात नहीं करते हैं , जबकि विद्या मन्दिर के छात्र भारत माता से ही अपनी बात की शुरुआत करते हैं। भारतीय संस्कृति को सहेजने में सरस्वती विद्या मन्दिर का महत्वपूर्ण योगदान है।यहां के छात्रों का अनुशासन और संस्कार अनुकरणीय है।जो इस विद्यालय की सशक्त नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का परिचय कराते हुए प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने वार्षिक परीक्षाफल का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमारे भैया बहनों ने वार्षिक परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। वार्षिक परीक्षा में कुल 2499 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। जिनमें से 98.8% परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए।   293 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक प्राप्त किए।बहन आराध्या मिश्रा तथा स्वीकृति गुप्ता 99.6 प्रतिशत अंकों के साथ विद्यालय की टापर बनीं।कक्षा 9 के भैया दिव्यांशु पाण्डेय ने 99% और कक्षा 11 के आशुतोष सिंह ने भी 96.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय की मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त किया। सर्दी ,गर्मी, वर्षा और तूफान की चिंता न करके विद्यालय में शत प्रतिशत उपस्थित रहने वाले  भैया अंशुल तिवारी, ध्रुव मिश्र, आयुष्मान शुक्ल, आरव मौर्य,प्रतीक वर्मा,यशांक,  बहन प्रेरणा यदुवंशी,यज्ञांशी पाण्डेय , श्रीश, आर्या यादव,किंशुकी त्रिपाठी, अमृता और पीहू मिश्रा को भी मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यक्ष भोलानाथ अग्रवाल, प्रबंधक डाक्टर पवन कुमार सिंह, उपाध्यक्ष डॉ वी के झा ,समिति सदस्य शैलेन्द्र चतुर्वेदी ,विनय कुमार सिंह , परीक्षा प्रभारी राकेश सिंह, गिरीश दूबे, रमेश मिश्र, अनिल कुमार पाण्डेय, द्वारिका नाथ पाण्डेय, कमलेश तिवारी,रंजना पाण्डेय, सरिता त्रिपाठी, कौशलेन्द्र त्रिपाठी, दीनदयाल विश्वकर्मा, हनुमंत सिंह, दिलीप मौर्य समेत सभी आचार्य बन्धु भगिनी उपस्थित रहे।
मुजफ्फरनगर में भारतीय गौ सेवा संघ को मिला नया जिला उपाध्यक्ष
मेरठ/बहसूमा। भारतीय गौ सेवा संघ ने संगठन को और अधिक मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए हिमांशु ठाकुर को जनपद मुजफ्फरनगर का जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

इस अवसर पर मेरठ जिले के गौ सेवा संघ के उपाध्यक्ष अरविंद चौधरी ने हिमांशु ठाकुर को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं जिला उपाध्यक्ष परविंदर उर्फ जैन साहब, विजय, अजय समेत अन्य पदाधिकारियों ने भी खुशी जाहिर की।

संगठन से जुड़े शरद कुमार, सुभाष, धर्मपाल और विनोद ने बताया कि हिमांशु ठाकुर लंबे समय से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं और गौ सेवा से जुड़े कार्यों में उनकी विशेष रुचि रही है। उनकी नियुक्ति से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और जिले में गौ संरक्षण से जुड़े अभियान और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जाएंगे।

भारतीय गौ सेवा संघ का मुख्य उद्देश्य गौवंश की रक्षा, सेवा और संवर्धन करना है। भारतीय संस्कृति में गौ माता का विशेष महत्व रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए संगठन विभिन्न स्तरों पर जागरूकता और सेवा कार्य करता आ रहा है।

नियुक्ति की खबर मिलते ही समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने हिमांशु ठाकुर को बधाइयों का तांता लगा दिया और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
सरस्वती विद्या मन्दिर में परीक्षाफल वितरण समारोह सम्पन्न*
बहन आराध्या मिश्रा और स्वीकृति गुप्ता 99.6% अंकों के साथ बनीं टापर। 293 छात्रों ने 90% से भी अधिक अंक प्राप्त किए। सरस्वती विद्या मन्दिर में पढ़ने वाले छात्र अपनी बात की शुरुआत भारत माता से करते हैं। उक्त बातें सुलतानपुर नगर के विधायक विनोद कुमार सिंह ने सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानंद नगर सुल्तानपुर के परीक्षाफल वितरण कार्यक्रम में कही। छात्रों एवं अभिभावकों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विद्या मन्दिर के छात्रों की सोच बड़े-बड़े शहरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सोच से कहीं अधिक बेहतर है। शहर के विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र भारत माता की बात नहीं करते हैं , जबकि विद्या मन्दिर के छात्र भारत माता से ही अपनी बात की शुरुआत करते हैं। भारतीय संस्कृति को सहेजने में सरस्वती विद्या मन्दिर का महत्वपूर्ण योगदान है।यहां के छात्रों का अनुशासन और संस्कार अनुकरणीय है। जो इस विद्यालय की सशक्त नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। इससे पूर्व मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का परिचय कराते हुए प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने वार्षिक परीक्षाफल का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमारे भैया बहनों ने वार्षिक परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। वार्षिक परीक्षा में कुल 2499 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। जिनमें से 98.8% परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए। 293 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक प्राप्त किए।बहन आराध्या मिश्रा तथा स्वीकृति गुप्ता 99.6 प्रतिशत अंकों के साथ विद्यालय की टापर बनीं।कक्षा 9 के भैया दिव्यांशु पाण्डेय ने 99% और कक्षा 11 के आशुतोष सिंह ने भी 96.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय की मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त किया। सर्दी,गर्मी,वर्षा और तूफान की चिंता न करके विद्यालय में शत प्रतिशत उपस्थित रहने वाले भैया अंशुल तिवारी,ध्रुव मिश्र, आयुष्मान शुक्ल,आरव मौर्य,प्रतीक वर्मा,यशांक,बहन प्रेरणा यदुवंशी,यज्ञांशी पाण्डेय,श्रीश,आर्या यादव,किंशुकी त्रिपाठी, अमृता और पीहू मिश्रा को भी मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यक्ष भोलानाथ अग्रवाल, प्रबंधक डाक्टर पवन कुमार सिंह, उपाध्यक्ष डॉ वी के झा,समिति सदस्य शैलेन्द्र चतुर्वेदी,विनय कुमार सिंह,परीक्षा प्रभारी राकेश सिंह,गिरीश दूबे,रमेश मिश्र,अनिल कुमार पाण्डेय,द्वारिका नाथ पाण्डेय, कमलेश तिवारी,रंजना पाण्डेय, सरिता त्रिपाठी,कौशलेन्द्र त्रिपाठी, दीनदयाल विश्वकर्मा,हनुमंत सिंह,दिलीप मौर्य समेत सभी आचार्य बन्धु भगिनी उपस्थित रहे।
समावेशी विकास समय की आवश्यकता: प्रो. आर केपी सिंह

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। जिला विज्ञान क्लब प्रयागराज के द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में मंडल स्तरीय विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता तथा सम्मान समारोह का आयोजन कर्नलगंज इंटरमीडिएट कॉलेज प्रयागराज मे किया गया। इस प्रतियोगिता मे जनपद प्रतापगढ़ फतेहपुर, कौशांबी तथा प्रयागराज के कुल 60 विद्यार्थियों ने अपने प्रदर्श प्रस्तुत किये। प्रतियोगिता में जनपद स्तर पर चयनित प्रतिभागियों ने ही प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में धर्मा देवी इंटर कॉलेज कौशांबी के पंकज कुमार को रुपए दस हजार का प्रथम पुरस्कार, राजकीय इंटर कॉलेज प्रयागराज के अवधेश कुमार गुप्ता को रुपये सात हजार का द्वितीय पुरस्कार, राजकीय हाई स्कूल टेनी फतेहपुर के हर्षित को रुपए पाच हजार का तृतीय पुरस्कार तथा केपी इंटर कॉलेज प्रयागराज के उज्जवल यादव और धर्मा देवी इंटर कॉलेज कौशांबी के अनुराग को रुपए दो हजार का सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ। विजेता प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति पत्र तथा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इसके अतिरिक्त सभी प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय रसायन विज्ञान विभाग के पूर्व प्रोफेसर तथा डा. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ के पूर्व कुलपति प्रोफेसर आरकेपी सिंह रहे। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि  ने बताया की विद्यार्थियों ने बहुत ही उत्कृष्ट मॉडल प्रस्तुत किए हैं जो विद्यार्थी पुरस्कार प्राप्त कर रहे हैं वह वास्तव में बधाई के पात्र हैं उन्होंने समावेशी विकास को समय की आवश्यकता बताई और यह कहा कि कि आगे आने वाली पीडिया भी प्राकृतिक संसाधनों  का उपभोग कर सकें यह हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। वृक्षारोपण जल संरक्षण तथा पॉलिथीन का उपयोग बंद करने से पर्यावरण को अच्छा करने में मदद मिलेगी।  इस दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के अधिशासी सचिव संतोष शुक्ला ने वैज्ञानिक विकास और सांस्कृतिक विकास की अवधारणा पर बल दिया कार्यक्रम में उपस्थित सह जिला विद्यालय निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में बताया की विज्ञान वास्तव में अभिशाप तथा वरदान दोनों है और यह हम आज की परिदृश्य में देख रहे हैं। प्रदर्शनी के मंडलीय समन्वय डॉ लालजी यादव ने बताया कि चयनित प्रतिभागी राज्य स्तर की प्रदर्शनी में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थी में तार्किक क्षमता कल्पना शीलता तथा नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम मे अतिथियों का स्वागत प्रधानाचार्य अजय कुमार के द्वारा किया गया तथा संचालन शिक्षक सुनील कुमार तिवारी द्वारा किया गया निर्णायक मंडल में सीएमपी डिग्री कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ प्रवीण कुमार सिंह तथा डॉ रोहित कुमार प्रताप बहादुर पीबी कॉलेज प्रतापगढ़ के सहायक प्रोफेसर डॉ नीरज कुमार त्रिपाठी और नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ दुर्गेश नंदिनी गोस्वामी शामिल रही। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह, सुनील कुमार जनपद प्रतापगढ़ फतेहपुर तथा कौशांबी और प्रयागराज के जिला समन्वयक और टीम प्रभारी सहित मार्गदर्शक शिक्षक शिक्षिकाएं तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।
नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, हनुमानगंज परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का आयोजन

साइबर सुरक्षा से विकसित भारत की ओर बढ़ना—समय की अनिवार्य मांग


विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज । नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, हनुमानगंज परिसर में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत शुक्रवार को “साइबर सुरक्षा से विकसित भारत की ओर” विषय पर एक विधिक जागरूकता उन्मुख कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों एवं संकाय सदस्यों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे विषय की प्रासंगिकता एवं सामाजिक सरोकार स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।
कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज के साइबर अपराध थाना से पधारे मुख्य वक्ता विनोद कुमार, लोकेश पटेल एवं शिवम दिवाकर ने डिजिटल युग में तीव्र गति से उभरते साइबर अपराधों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऑनलाइन ठगी, हैकिंग, फिशिंग एवं डेटा चोरी जैसे अपराध न केवल व्यक्ति की आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं, अपितु उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा एवं निजता के अधिकार का भी हनन कर रहे हैं। उन्होंने विधिक परिप्रेक्ष्य में स्पष्ट किया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं प्रासंगिक दंडात्मक प्रावधानों के अंतर्गत ऐसे अपराधों के विरुद्ध कठोर दंड का प्रावधान है, तथापि सतर्कता एवं जागरूकता ही सर्वाधिक प्रभावी प्रतिरक्षा है।
विशेषज्ञों ने सुरक्षित एवं सुदृढ़ पासवर्ड के निर्माण, ओटीपी एवं गोपनीय सूचनाओं के संरक्षण, संदिग्ध लिंक एवं अनुप्रमाणित स्रोतों से दूरी बनाए रखने तथा सोशल मीडिया के उत्तरदायी एवं सुरक्षित उपयोग के उपायों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। साथ ही उपस्थित स्वयंसेवकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें विधिक अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति सजग रहने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, परीक्षा नियंत्रक डॉ. शिखा खरे ने अपने संबोधन में कहा कि “साइबर खतरों से संरक्षण हेतु जागरूकता, सतर्कता एवं विधिक समझ अनिवार्य है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय आवश्यक सावधानियों का पालन करे, क्योंकि सावधानी ही सर्वोत्तम सुरक्षा कवच है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. स्वप्निल त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान परिदृश्य में पारंपरिक अपराधों की अपेक्षा साइबर अपराधों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जो विधि-व्यवस्था के समक्ष नई चुनौतियाँ प्रस्तुत कर रही है। अतः समाज के प्रत्येक वर्ग को विधिक साक्षरता के माध्यम से सशक्त करना समय की आवश्यकता है, जिससे एक सुरक्षित एवं उत्तरदायी डिजिटल समाज का निर्माण संभव हो सके।
इस अवसर पर सौरभ तिवारी, डॉ. मोनिका, डॉ. पुष्पांजलि, रितेश सिंह सहित अनेक प्राध्यापक एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रवण कुमार मिश्र द्वारा विधिवत किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष (विधि) डॉ. सुनील कुमार मौर्य ने प्रस्तुत किया।
असम के चुनावी दंगल में उतरे हेमंत सोरेन; गोसाईंगांव में जेएमएम प्रत्याशी के लिए मांगा समर्थन, भाजपा पर साधा निशाना।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान का शंखनाद कर दिया है। कोकराझार जिले के गोसाईंगांव में जेएमएम प्रत्याशी फ्रेडरिक्सन हांसदा के पक्ष में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर प्रहार किया और आदिवासी व वंचित समाज को एकजुट होने का आह्वान किया।

भाजपा पर तीखा हमला

अपने संबोधन में हेमंत सोरेन ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि भाजपा वाले केवल 'लेने वाले' लोग हैं, 'देने वाले' नहीं। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा, "ये लोग चुनाव के समय आपके खातों में 500 या 1000 रुपये डालेंगे और चुनाव जीतने के बाद सिरिंज लगाकर आपका खून निकाल लेंगे।" उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनाव के समय मीठी बातें कर जाल बिछाते हैं और सत्ता मिलते ही अपने वादे भूल जाते हैं।

चाय बागान मजदूरों का दर्द

सोरेन ने असम के चाय बागान मजदूरों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देने वाले इन मजदूरों को वर्षों से सिर्फ आश्वासन मिला है, हक नहीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जेएमएम उनके संघर्ष में उनके साथ खड़ी है।

शिक्षा और सशक्तिकरण का 'झारखंड मॉडल'

शिक्षा को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में सरकारी स्कूलों की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं, जहाँ अब निजी स्कूलों से बच्चे वापस आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह असम में भी ऐसी ही व्यवस्था चाहते हैं जहाँ आदिवासी युवाओं की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाली पीढ़ी को डॉक्टर, इंजीनियर और वकील बनाना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।

संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप

हेमंत सोरेन ने केंद्र पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि पैसे के बल पर लोकतंत्र को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए झुकें नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करें।

जहानाबाद में अग्नि सुरक्षा को लेकर अलर्ट, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में मॉक ड्रिल से बच्चों को सिखाए गए बचाव के तरीके

जहानाबाद जिले में बढ़ती गर्मी और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं को देखते हुए अग्नि सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के मध्य विद्यालयों, उच्च विद्यालयों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में भी बच्चों और कर्मियों को आग से बचाव के तरीकों की प्रशिक्षण दी जा रही है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी स्नेही सोनल के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा विभिन्न स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में मॉक ड्रिल, निरीक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान बच्चों, शिक्षकों और आंगनवाड़ी सेविकाओं को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने, प्राथमिक सुरक्षा उपाय अपनाने और समय पर फायर ब्रिगेड को सूचना देने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। मॉक ड्रिल के दौरान आपात स्थिति का वास्तविक अभ्यास कराया गया, जिसमें बच्चों को सिखाया गया कि आग लगने पर घबराने के बजाय शांत रहकर निर्धारित सुरक्षित मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट) का उपयोग करें। साथ ही, आग से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों और अग्निशमन उपकरणों जैसे फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग की भी जानकारी दी गई। अभियान के दौरान अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, घरों, कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में विशेष सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बच्चों और आम लोगों को आग से बचाव के प्रति सजग करना और आपात स्थिति में सही निर्णय लेने के लिए तैयार करना है। अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह जागरूकता अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि जिले में होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
संविधान बनाम राज्य नियंत्रण: ट्रांस संशोधन विधेयक के खिलाफ लखनऊ में उभरा व्यापक जनप्रतिरोध

लखनऊ। ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ रविवार को लखनऊ की सड़कों पर क्वीयर समुदाय और नागरिक समाज का व्यापक और संगठित प्रतिरोध देखने को मिला। बेगम हज़रत महल पार्क गेट, परिवर्तन चौक से केडी सिंह बाबू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन तक निकाले गए इस मार्च ने न केवल एक विधेयक का विरोध किया, बल्कि राज्य द्वारा पहचान, शरीर और अस्तित्व पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिशों को भी खुली चुनौती दी।
यह विरोध प्रदर्शन क्वीयर समुदाय और स्थानीय नागरिकों की संयुक्त पहल था, जिसका संचालन शांतम निधि ने किया। मार्च का नेतृत्व पायल, गुड्डन, प्रियंका, यादवेंद्र, आकाश और राजन सहित कई समुदाय प्रतिनिधियों ने किया। बड़ी संख्या में छात्र, युवा, महिलाएं और विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, बापसा बीबीएयू, एपवा, जन संस्कृति मंच और सीटू जैसे संगठनों ने भी एकजुटता दिखाई।
पूरे मार्च के दौरान “ट्रांस राइट्स मानवाधिकार हैं”, “पहचान पर राज्य का नियंत्रण नहीं चलेगा” और “संविधान की रक्षा करो” जैसे नारे गूंजते रहे, जो इस आंदोलन के मूल स्वर को स्पष्ट करते हैं।

* “पहचान प्रमाणपत्र नहीं, अस्तित्व है”
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने विधेयक को नागरिक अधिकारों के ढांचे पर सीधा हमला बताया। पायल ने कहा कि यह प्रस्तावित कानून ट्रांस समुदाय की पहचान को व्यक्तिगत अधिकार से हटाकर राज्य के नियंत्रण में देना चाहता है। गुड्डन ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह के कदमों का विरोध नहीं किया गया, तो भविष्य में व्यापक नागरिक अधिकारों पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
प्रियंका ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक NALSA निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि यह विधेयक उस फैसले द्वारा दिए गए अधिकारों को कमजोर करता है। यादवेंद्र ने विधेयक को बिना पर्याप्त बहस और परामर्श के पारित किए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। आकाश और राजन ने भी इसे संविधान और नागरिक स्वतंत्रता के लिए गंभीर चुनौती करार दिया।

* राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें विधेयक की कई संवैधानिक और व्यावहारिक खामियों को रेखांकित किया गया। ज्ञापन के अनुसार, प्रस्तावित संशोधन स्व-पहचान के अधिकार को समाप्त कर उसे चिकित्सा परीक्षण और प्रशासनिक स्वीकृति के अधीन करता है, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15 (भेदभाव के खिलाफ संरक्षण), अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का उल्लंघन करता है। साथ ही, ‘अल्यूर्मेंट’ जैसे अस्पष्ट प्रावधानों के जरिए समुदाय और उसके सहयोगियों को अपराधी बनाए जाने की आशंका भी जताई गई।

* लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि विधेयक को बिना व्यापक बहस, संसदीय समिति को भेजे बिना और राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद से पर्याप्त परामर्श किए बिना पारित किया गया। इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अवमूल्यन के रूप में देखा जा रहा है।

* संघर्ष जारी रहेगा
यह विरोध केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक आंदोलन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक विधेयक को वापस लेने की नहीं, बल्कि उस संवैधानिक सिद्धांत की रक्षा की है जिसके अनुसार व्यक्ति अपनी पहचान स्वयं निर्धारित करता है।
लखनऊ में उभरा यह जनप्रतिरोध संकेत देता है कि नागरिक समाज इस मुद्दे को लेकर न केवल सजग है, बल्कि लगातार और संगठित रूप से अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए तैयार भी है।
राँची जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों को बंद करने की चेतावनी।

राँची: जिला प्रशासन ने राँची के सभी गैर-मान्यता प्राप्त निजी और गैर-सरकारी विद्यालयों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार, कक्षा 1 से 8वीं तक संचालित ऐसे सभी स्कूलों को 08 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से मान्यता के लिए आवेदन करना होगा।

RTE पोर्टल पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रावधानों के तहत, सभी स्कूल संचालकों को विभागीय पोर्टल https://rte.jharkhand.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना अनिवार्य है। आवेदन के दौरान स्कूलों को अपनी आधारभूत संरचना, योग्य शिक्षकों की सूची, छात्र नामांकन, सुरक्षा व्यवस्था, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं का सही विवरण अपलोड करना होगा। पोर्टल पर यूजर मैनुअल और मान्यता प्रमाण-पत्र का प्रारूप भी उपलब्ध कराया गया है।

नियम उल्लंघन पर होगी जेल या स्कूल बंदी

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई विद्यालय निर्धारित तिथि (8 अप्रैल) तक आवेदन जमा नहीं करता है या मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो झारखंड निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली के तहत उन पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

अभिभावकों और छात्रों के हित में फैसला

DC मंजूनाथ भजंत्री ने सभी विद्यालय प्रबंधनों से अपील की है कि वे इस निर्देश को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि समय-सीमा के भीतर आवेदन कर विद्यालय संचालन को विधिसम्मत बनाएं, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

राँची में आपसी भाईचारे की जीत: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने शांतिपूर्ण त्योहारों के लिए जनता को कहा— 'शुक्रिया'।

राँची: झारखंड की राजधानी राँची ने एक बार फिर सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की है। हाल के दिनों में संपन्न हुए रामनवमी, चैती छठ, ईद, सरहुल और रमजान जैसे प्रमुख पर्व-त्योहारों के अभूतपूर्व शांतिपूर्ण समापन पर राँची जिला प्रशासन ने समस्त जिलेवासियों के प्रति आभार प्रकट किया है।

उपायुक्त ने बताया 'प्रेरणास्पद उदाहरण'

राँची के उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राँची में जिस गरिमा और अनुशासन के साथ त्योहार मनाए गए, वह पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा, "यह केवल पर्वों का आयोजन नहीं था, बल्कि हमारी साझा संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का उत्सव था, जिसने राँची को एक आदर्श के रूप में स्थापित किया है।"

समितियों और अखाड़ों के अनुशासन की सराहना

DC ने विशेष रूप से केन्द्रीय शांति समिति, महावीर मण्डल, तपोवन मंदिर पूजा समिति, सरना समितियों, सेंट्रल मोहर्रम कमिटी, अंजुमन इस्लामिया और गुरुनानक समिति सहित सभी अखाड़ा समितियों के सदस्यों के समर्पण की प्रशंसा की। प्रशासन के अनुसार, इन संगठनों की संवेदनशीलता और परिपक्वता के कारण ही शहर में कहीं भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।

प्रशासनिक सतर्कता और मीडिया का सहयोग

इस सफलता का श्रेय जिले के पुलिस बल, प्रशासनिक पदाधिकारियों, नगर निगम, बिजली विभाग और लाइन डिपार्टमेंट के कर्मियों को भी दिया गया है। उपायुक्त ने मीडिया प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक रिपोर्टिंग को भी विधि-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने का एक मुख्य आधार बताया।

सरस्वती विद्या मन्दिर में परीक्षाफल वितरण समारोह सम्पन्न
बहन आराध्या मिश्रा और स्वीकृति गुप्ता 99.6% अंकों के साथ बनीं टापर

293 छात्रों ने 90% से भी अधिक अंक प्राप्त किए

सुलतानपुर । सरस्वती विद्या मन्दिर में पढ़ने वाले छात्र अपनी बात की शुरुआत भारत माता से करते हैं उक्त बातें सुलतानपुर नगर के विधायक विनोद कुमार सिंह ने सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानंद नगर सुल्तानपुर के परीक्षाफल वितरण कार्यक्रम  में कही। छात्रों एवं अभिभावकों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विद्या मन्दिर के छात्रों की सोच बड़े-बड़े शहरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सोच से कहीं अधिक बेहतर है। शहर के विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र भारत माता की बात नहीं करते हैं , जबकि विद्या मन्दिर के छात्र भारत माता से ही अपनी बात की शुरुआत करते हैं। भारतीय संस्कृति को सहेजने में सरस्वती विद्या मन्दिर का महत्वपूर्ण योगदान है।यहां के छात्रों का अनुशासन और संस्कार अनुकरणीय है।जो इस विद्यालय की सशक्त नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का परिचय कराते हुए प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने वार्षिक परीक्षाफल का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमारे भैया बहनों ने वार्षिक परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। वार्षिक परीक्षा में कुल 2499 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। जिनमें से 98.8% परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए।   293 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक प्राप्त किए।बहन आराध्या मिश्रा तथा स्वीकृति गुप्ता 99.6 प्रतिशत अंकों के साथ विद्यालय की टापर बनीं।कक्षा 9 के भैया दिव्यांशु पाण्डेय ने 99% और कक्षा 11 के आशुतोष सिंह ने भी 96.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय की मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त किया। सर्दी ,गर्मी, वर्षा और तूफान की चिंता न करके विद्यालय में शत प्रतिशत उपस्थित रहने वाले  भैया अंशुल तिवारी, ध्रुव मिश्र, आयुष्मान शुक्ल, आरव मौर्य,प्रतीक वर्मा,यशांक,  बहन प्रेरणा यदुवंशी,यज्ञांशी पाण्डेय , श्रीश, आर्या यादव,किंशुकी त्रिपाठी, अमृता और पीहू मिश्रा को भी मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यक्ष भोलानाथ अग्रवाल, प्रबंधक डाक्टर पवन कुमार सिंह, उपाध्यक्ष डॉ वी के झा ,समिति सदस्य शैलेन्द्र चतुर्वेदी ,विनय कुमार सिंह , परीक्षा प्रभारी राकेश सिंह, गिरीश दूबे, रमेश मिश्र, अनिल कुमार पाण्डेय, द्वारिका नाथ पाण्डेय, कमलेश तिवारी,रंजना पाण्डेय, सरिता त्रिपाठी, कौशलेन्द्र त्रिपाठी, दीनदयाल विश्वकर्मा, हनुमंत सिंह, दिलीप मौर्य समेत सभी आचार्य बन्धु भगिनी उपस्थित रहे।
मुजफ्फरनगर में भारतीय गौ सेवा संघ को मिला नया जिला उपाध्यक्ष
मेरठ/बहसूमा। भारतीय गौ सेवा संघ ने संगठन को और अधिक मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए हिमांशु ठाकुर को जनपद मुजफ्फरनगर का जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

इस अवसर पर मेरठ जिले के गौ सेवा संघ के उपाध्यक्ष अरविंद चौधरी ने हिमांशु ठाकुर को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं जिला उपाध्यक्ष परविंदर उर्फ जैन साहब, विजय, अजय समेत अन्य पदाधिकारियों ने भी खुशी जाहिर की।

संगठन से जुड़े शरद कुमार, सुभाष, धर्मपाल और विनोद ने बताया कि हिमांशु ठाकुर लंबे समय से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं और गौ सेवा से जुड़े कार्यों में उनकी विशेष रुचि रही है। उनकी नियुक्ति से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और जिले में गौ संरक्षण से जुड़े अभियान और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जाएंगे।

भारतीय गौ सेवा संघ का मुख्य उद्देश्य गौवंश की रक्षा, सेवा और संवर्धन करना है। भारतीय संस्कृति में गौ माता का विशेष महत्व रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए संगठन विभिन्न स्तरों पर जागरूकता और सेवा कार्य करता आ रहा है।

नियुक्ति की खबर मिलते ही समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने हिमांशु ठाकुर को बधाइयों का तांता लगा दिया और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
सरस्वती विद्या मन्दिर में परीक्षाफल वितरण समारोह सम्पन्न*
बहन आराध्या मिश्रा और स्वीकृति गुप्ता 99.6% अंकों के साथ बनीं टापर। 293 छात्रों ने 90% से भी अधिक अंक प्राप्त किए। सरस्वती विद्या मन्दिर में पढ़ने वाले छात्र अपनी बात की शुरुआत भारत माता से करते हैं। उक्त बातें सुलतानपुर नगर के विधायक विनोद कुमार सिंह ने सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानंद नगर सुल्तानपुर के परीक्षाफल वितरण कार्यक्रम में कही। छात्रों एवं अभिभावकों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विद्या मन्दिर के छात्रों की सोच बड़े-बड़े शहरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सोच से कहीं अधिक बेहतर है। शहर के विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र भारत माता की बात नहीं करते हैं , जबकि विद्या मन्दिर के छात्र भारत माता से ही अपनी बात की शुरुआत करते हैं। भारतीय संस्कृति को सहेजने में सरस्वती विद्या मन्दिर का महत्वपूर्ण योगदान है।यहां के छात्रों का अनुशासन और संस्कार अनुकरणीय है। जो इस विद्यालय की सशक्त नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। इससे पूर्व मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का परिचय कराते हुए प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने वार्षिक परीक्षाफल का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमारे भैया बहनों ने वार्षिक परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। वार्षिक परीक्षा में कुल 2499 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। जिनमें से 98.8% परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए। 293 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक प्राप्त किए।बहन आराध्या मिश्रा तथा स्वीकृति गुप्ता 99.6 प्रतिशत अंकों के साथ विद्यालय की टापर बनीं।कक्षा 9 के भैया दिव्यांशु पाण्डेय ने 99% और कक्षा 11 के आशुतोष सिंह ने भी 96.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय की मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त किया। सर्दी,गर्मी,वर्षा और तूफान की चिंता न करके विद्यालय में शत प्रतिशत उपस्थित रहने वाले भैया अंशुल तिवारी,ध्रुव मिश्र, आयुष्मान शुक्ल,आरव मौर्य,प्रतीक वर्मा,यशांक,बहन प्रेरणा यदुवंशी,यज्ञांशी पाण्डेय,श्रीश,आर्या यादव,किंशुकी त्रिपाठी, अमृता और पीहू मिश्रा को भी मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यक्ष भोलानाथ अग्रवाल, प्रबंधक डाक्टर पवन कुमार सिंह, उपाध्यक्ष डॉ वी के झा,समिति सदस्य शैलेन्द्र चतुर्वेदी,विनय कुमार सिंह,परीक्षा प्रभारी राकेश सिंह,गिरीश दूबे,रमेश मिश्र,अनिल कुमार पाण्डेय,द्वारिका नाथ पाण्डेय, कमलेश तिवारी,रंजना पाण्डेय, सरिता त्रिपाठी,कौशलेन्द्र त्रिपाठी, दीनदयाल विश्वकर्मा,हनुमंत सिंह,दिलीप मौर्य समेत सभी आचार्य बन्धु भगिनी उपस्थित रहे।
समावेशी विकास समय की आवश्यकता: प्रो. आर केपी सिंह

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। जिला विज्ञान क्लब प्रयागराज के द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में मंडल स्तरीय विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता तथा सम्मान समारोह का आयोजन कर्नलगंज इंटरमीडिएट कॉलेज प्रयागराज मे किया गया। इस प्रतियोगिता मे जनपद प्रतापगढ़ फतेहपुर, कौशांबी तथा प्रयागराज के कुल 60 विद्यार्थियों ने अपने प्रदर्श प्रस्तुत किये। प्रतियोगिता में जनपद स्तर पर चयनित प्रतिभागियों ने ही प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में धर्मा देवी इंटर कॉलेज कौशांबी के पंकज कुमार को रुपए दस हजार का प्रथम पुरस्कार, राजकीय इंटर कॉलेज प्रयागराज के अवधेश कुमार गुप्ता को रुपये सात हजार का द्वितीय पुरस्कार, राजकीय हाई स्कूल टेनी फतेहपुर के हर्षित को रुपए पाच हजार का तृतीय पुरस्कार तथा केपी इंटर कॉलेज प्रयागराज के उज्जवल यादव और धर्मा देवी इंटर कॉलेज कौशांबी के अनुराग को रुपए दो हजार का सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ। विजेता प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति पत्र तथा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इसके अतिरिक्त सभी प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय रसायन विज्ञान विभाग के पूर्व प्रोफेसर तथा डा. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ के पूर्व कुलपति प्रोफेसर आरकेपी सिंह रहे। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि  ने बताया की विद्यार्थियों ने बहुत ही उत्कृष्ट मॉडल प्रस्तुत किए हैं जो विद्यार्थी पुरस्कार प्राप्त कर रहे हैं वह वास्तव में बधाई के पात्र हैं उन्होंने समावेशी विकास को समय की आवश्यकता बताई और यह कहा कि कि आगे आने वाली पीडिया भी प्राकृतिक संसाधनों  का उपभोग कर सकें यह हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। वृक्षारोपण जल संरक्षण तथा पॉलिथीन का उपयोग बंद करने से पर्यावरण को अच्छा करने में मदद मिलेगी।  इस दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के अधिशासी सचिव संतोष शुक्ला ने वैज्ञानिक विकास और सांस्कृतिक विकास की अवधारणा पर बल दिया कार्यक्रम में उपस्थित सह जिला विद्यालय निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में बताया की विज्ञान वास्तव में अभिशाप तथा वरदान दोनों है और यह हम आज की परिदृश्य में देख रहे हैं। प्रदर्शनी के मंडलीय समन्वय डॉ लालजी यादव ने बताया कि चयनित प्रतिभागी राज्य स्तर की प्रदर्शनी में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थी में तार्किक क्षमता कल्पना शीलता तथा नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम मे अतिथियों का स्वागत प्रधानाचार्य अजय कुमार के द्वारा किया गया तथा संचालन शिक्षक सुनील कुमार तिवारी द्वारा किया गया निर्णायक मंडल में सीएमपी डिग्री कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ प्रवीण कुमार सिंह तथा डॉ रोहित कुमार प्रताप बहादुर पीबी कॉलेज प्रतापगढ़ के सहायक प्रोफेसर डॉ नीरज कुमार त्रिपाठी और नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ दुर्गेश नंदिनी गोस्वामी शामिल रही। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह, सुनील कुमार जनपद प्रतापगढ़ फतेहपुर तथा कौशांबी और प्रयागराज के जिला समन्वयक और टीम प्रभारी सहित मार्गदर्शक शिक्षक शिक्षिकाएं तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।
नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, हनुमानगंज परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का आयोजन

साइबर सुरक्षा से विकसित भारत की ओर बढ़ना—समय की अनिवार्य मांग


विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज । नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, हनुमानगंज परिसर में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत शुक्रवार को “साइबर सुरक्षा से विकसित भारत की ओर” विषय पर एक विधिक जागरूकता उन्मुख कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों एवं संकाय सदस्यों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे विषय की प्रासंगिकता एवं सामाजिक सरोकार स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।
कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज के साइबर अपराध थाना से पधारे मुख्य वक्ता विनोद कुमार, लोकेश पटेल एवं शिवम दिवाकर ने डिजिटल युग में तीव्र गति से उभरते साइबर अपराधों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऑनलाइन ठगी, हैकिंग, फिशिंग एवं डेटा चोरी जैसे अपराध न केवल व्यक्ति की आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं, अपितु उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा एवं निजता के अधिकार का भी हनन कर रहे हैं। उन्होंने विधिक परिप्रेक्ष्य में स्पष्ट किया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं प्रासंगिक दंडात्मक प्रावधानों के अंतर्गत ऐसे अपराधों के विरुद्ध कठोर दंड का प्रावधान है, तथापि सतर्कता एवं जागरूकता ही सर्वाधिक प्रभावी प्रतिरक्षा है।
विशेषज्ञों ने सुरक्षित एवं सुदृढ़ पासवर्ड के निर्माण, ओटीपी एवं गोपनीय सूचनाओं के संरक्षण, संदिग्ध लिंक एवं अनुप्रमाणित स्रोतों से दूरी बनाए रखने तथा सोशल मीडिया के उत्तरदायी एवं सुरक्षित उपयोग के उपायों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। साथ ही उपस्थित स्वयंसेवकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें विधिक अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति सजग रहने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, परीक्षा नियंत्रक डॉ. शिखा खरे ने अपने संबोधन में कहा कि “साइबर खतरों से संरक्षण हेतु जागरूकता, सतर्कता एवं विधिक समझ अनिवार्य है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय आवश्यक सावधानियों का पालन करे, क्योंकि सावधानी ही सर्वोत्तम सुरक्षा कवच है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. स्वप्निल त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान परिदृश्य में पारंपरिक अपराधों की अपेक्षा साइबर अपराधों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जो विधि-व्यवस्था के समक्ष नई चुनौतियाँ प्रस्तुत कर रही है। अतः समाज के प्रत्येक वर्ग को विधिक साक्षरता के माध्यम से सशक्त करना समय की आवश्यकता है, जिससे एक सुरक्षित एवं उत्तरदायी डिजिटल समाज का निर्माण संभव हो सके।
इस अवसर पर सौरभ तिवारी, डॉ. मोनिका, डॉ. पुष्पांजलि, रितेश सिंह सहित अनेक प्राध्यापक एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रवण कुमार मिश्र द्वारा विधिवत किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष (विधि) डॉ. सुनील कुमार मौर्य ने प्रस्तुत किया।
असम के चुनावी दंगल में उतरे हेमंत सोरेन; गोसाईंगांव में जेएमएम प्रत्याशी के लिए मांगा समर्थन, भाजपा पर साधा निशाना।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान का शंखनाद कर दिया है। कोकराझार जिले के गोसाईंगांव में जेएमएम प्रत्याशी फ्रेडरिक्सन हांसदा के पक्ष में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर प्रहार किया और आदिवासी व वंचित समाज को एकजुट होने का आह्वान किया।

भाजपा पर तीखा हमला

अपने संबोधन में हेमंत सोरेन ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि भाजपा वाले केवल 'लेने वाले' लोग हैं, 'देने वाले' नहीं। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा, "ये लोग चुनाव के समय आपके खातों में 500 या 1000 रुपये डालेंगे और चुनाव जीतने के बाद सिरिंज लगाकर आपका खून निकाल लेंगे।" उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनाव के समय मीठी बातें कर जाल बिछाते हैं और सत्ता मिलते ही अपने वादे भूल जाते हैं।

चाय बागान मजदूरों का दर्द

सोरेन ने असम के चाय बागान मजदूरों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देने वाले इन मजदूरों को वर्षों से सिर्फ आश्वासन मिला है, हक नहीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जेएमएम उनके संघर्ष में उनके साथ खड़ी है।

शिक्षा और सशक्तिकरण का 'झारखंड मॉडल'

शिक्षा को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में सरकारी स्कूलों की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं, जहाँ अब निजी स्कूलों से बच्चे वापस आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह असम में भी ऐसी ही व्यवस्था चाहते हैं जहाँ आदिवासी युवाओं की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाली पीढ़ी को डॉक्टर, इंजीनियर और वकील बनाना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।

संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप

हेमंत सोरेन ने केंद्र पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि पैसे के बल पर लोकतंत्र को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए झुकें नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करें।

जहानाबाद में अग्नि सुरक्षा को लेकर अलर्ट, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में मॉक ड्रिल से बच्चों को सिखाए गए बचाव के तरीके

जहानाबाद जिले में बढ़ती गर्मी और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं को देखते हुए अग्नि सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के मध्य विद्यालयों, उच्च विद्यालयों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में भी बच्चों और कर्मियों को आग से बचाव के तरीकों की प्रशिक्षण दी जा रही है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी स्नेही सोनल के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा विभिन्न स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में मॉक ड्रिल, निरीक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान बच्चों, शिक्षकों और आंगनवाड़ी सेविकाओं को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने, प्राथमिक सुरक्षा उपाय अपनाने और समय पर फायर ब्रिगेड को सूचना देने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। मॉक ड्रिल के दौरान आपात स्थिति का वास्तविक अभ्यास कराया गया, जिसमें बच्चों को सिखाया गया कि आग लगने पर घबराने के बजाय शांत रहकर निर्धारित सुरक्षित मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट) का उपयोग करें। साथ ही, आग से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों और अग्निशमन उपकरणों जैसे फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग की भी जानकारी दी गई। अभियान के दौरान अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, घरों, कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में विशेष सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बच्चों और आम लोगों को आग से बचाव के प्रति सजग करना और आपात स्थिति में सही निर्णय लेने के लिए तैयार करना है। अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह जागरूकता अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि जिले में होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।