*विपक्ष के कारनामे गलत,इसीलिए जनता सिखा रही सबक - विजय रघुवंशी*
जनता ने विकसित भारत के पक्ष में किया मतदान - सुशील त्रिपाठी*

एशिया की सबसे अमीर नगर निगम में बैठेगा भाजपा का मेयर - सुशील त्रिपाठी* 

महाराष्ट्र नगर निगम में मिली शानदार जीत पर कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न* सुलतानपुर,महाराष्ट्र की जनता ने भाजपा गठबंधन के सुशासन एवं विकसित भारत के एजेंडे के पक्ष में मतदान किया है।महाराष्ट्र में मुंबई नगर महापालिका के साथ महाराष्ट्र की अन्य महानगरपालिकाओं के चुनाव में 29 में से 25 निगमों में हुई जीत पर शनिवार को भाजपा जिला कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।भाजपा जिंदाबाद और जीत गए, हम जीत गए, मुम्बई महापालिका जीत गए के नारे लगाए।इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने महाराष्ट्र की शानदार जीत पर जनता का आभार जताया।कहा बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के ऐतिहासिक चुनाव नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर दी है।अब एशिया के सबसे अमीर नगर निगम में तीन दशकों के इंतजार के बाद भाजपा का मेयर बैठेगा।अब महाराष्ट्र के 29 में से 25 नगर निगमों में भाजपा का मेयर होगा। उन्होंने कहा जनता ने विकसित भारत के पक्ष में मतदान किया है।नकरात्मक राजनीती करने वालों की हार हुई है।महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत पर पार्टी मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी ने कहा देश सही दिशा में जा रहा है।विपक्ष के कारनामे गलत है इसीलिए जनता उनको हर चुनाव में सबक सिखा रही हैं।इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष डॉ प्रीति प्रकाश,आशीष सिंह रानू, काली सहाय पाठक,वीरेंद्र भार्गव, सोहनलाल निषाद, मनोज श्रीवास्तव,राम अभिलाष सिंह, सुनील विश्वकर्मा,अतुल सिंह, सतीश सिंह,विनय कुमार सिंह, पूर्व प्रधान दया राम यादव,शिव पूजन निषाद, शिवप्रताप कोरी, पवन मिश्रा,अशोक वर्मा, विनोद मिश्रा आदि मौजूद रहे।
आजमगढ़: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफतार, जाने कहां का है मामला
आजमगढ़। जिले के तहबरपुुुुर पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला वांछित अभियुक्त को किशुनदास पुर अंडर पास के पास से गिरफ़्तार चालान कर दिया। तहबरपुुुुर पुलिस ने 16 जनवरी को पीड़िता के प्रार्थना पत्र के आधार पर एक अभियुक्त द्वारा शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ लंबे समय तक शारीरिक संबंध स्थापित करने तथा बाद में शादी से इनकार करने व शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा पंजीकृत किया था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी कर रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में मुकदमे में नामित अभियुक्त को किशुनदासपुर अंडरपास के पास से तौफीक पुत्र असरफ को गिरफ्तार कर चालान कर दिया।
वोटर लिस्ट पुनरीक्षण को लेकर बैठक संपन्न, अधिक वोट बनवाने पर दिया जोर

जानसठ मुजफ्फरनगर। शक्ति केंद्र ग्राम तालड़ा में प्रवीण पाल के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य रूप से आगामी गणना प्रपत्र  और नई वोट बनाने की प्रक्रिया पर गहनता से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में होना अनिवार्य है। कार्यकर्ताओं से आह्वान किया गया कि वे घर-घर जाकर सर्वे करें और अधिक से अधिक पात्र लोगों की नई वोट बनवाने में सहयोग करें। इस दौरान गणना प्रपत्र को त्रुटिहीन भरने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य रूप से शक्ति केंद्र प्रवासी रामनिवास प्रजापति, सह-प्रवासी नीतू गुप्ता, सभासद (नगर पंचायत जानसठ) विकास गुप्ता, शक्ति केंद्र संयोजक प्रवीण पाल, बलिस्टर, दिनेश, अमित, मुकेश, सुधीर, बूथ अध्यक्ष रामनिवास सैनी और अरविंद प्रजापति सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
डी.ए.वी. इंटर कॉलेज में भी हुई चर्चा ।।
इसी क्रम में दूसरी ओर, डी.ए.वी. इंटर कॉलेज में भी एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें मतदाता पुनरीक्षण अभियान और संगठन की मजबूती पर चर्चा की गई।इस दौरान मुख्य रूप नेत्रपाल कृशयप, सुभाष चन्द्र उपाध्याय, विकास गुप्ता, आदि के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।
मतदाता बूथ पर जाकर अपनी मतदाता सूची में नाम सही करा सकते


फर्रुखाबाद।भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि एक जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत दावे और आपत्तियी प्राप्त करने की अवधि 6 फरवरी 2020 तक है। आयोग द्वारा दावे और आपत्तियों प्राप्त करने हेतु विशेष अभियान तिथियां निर्धारित की गयी है जो यभावत है- 18 से 31 जनवरी 2026 और एक फरवरी 2026 आयोग के निर्देशानुसार उक्त विशेष अभियान तिथियों पर जनपद के समस्त मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्रात 10.30 बजे से साय 0430 बजे तक अपने संबधित मतदेय स्थल पर उपस्थित रहकर निर्वाचक नामावली तथा गणना।अवधि के दौरान अपर्याप्त Uncollectable श्रेणी में मार्क किये गये निर्वाचकों की सूची तथा अनुपस्थित / शिफ्टेड / मृतक / डुप्लीकेट की सूची को पढ़कर सुनाया जायेगा तथा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि किसी भी चूक या गलती का पता बते तो उसके सबभ ने सुधारात्मक कार्यवाही की जायेगी।

आयोग द्वारा 04 अर्हक तिथिया निर्धारित की गयी है। एतत्दारा दावे और आपत्तिया प्रापा करने की उपरोक्त अवधि के दौरान यदि कोई मतदाता 01 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के अतिरिक्त 01 अप्रैल, 2020. 01 जुलाई, 2026 व 01 अक्टूबर, 2025 को अहं हो रहे हैं. तो ऐसे मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में सम्मिलित कराने हेतु फार्म-6 (अनुलग्नक-IV), नाम अपमार्जित कराने हेतु प्रारूप-7 तथा निर्वाचक नामावली की किसी प्रविष्टि में संशोधन करने / मतदाता फोटो पहचान पत्र के प्रतिस्थापन / दिव्याग मतदाताओं के चिन्हांकन करने/ निवास परिवर्तन हो जाने के सबंध मे फार्म-8 एवं घोषणा पत्र भरकर सम्बन्धित यूथ लेवल अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास जमा कर सकता है।

आयोग के निर्देशानुसार समय-समय पर जनपद के समस्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय दलों के अध्यक्ष / सचिव के साथ जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में बैठके आयोजित की जाती रही है। जिलाधिकारी  द्वारा जनपद के समस्त राजनैतिक दलों से भी अनुरोध किया गया कि उनके द्वारा नामित बूथ लेविल ऐजेण्ट के माध्यम से  विशेष अभियान की तिथियों में अधिक से अधिक सख्या में प्रारूप 6 भरवाने में सहयोग प्रदान करे।

मतदाता सूची में पंजीकरण कराने या किसी भी प्रकार की प्रविष्टि में राशोधन इत्यादि के लिए ऑनलाइन माध्यम से आयोग के ऐप Voter Helpline App एप वेपसाइट https://voters.eci.gov.in के माध्यम से भी फार्म-6, फार्म-7 व कार्म-8 घोषणा-पत्र सहित सम्पिट किया जा सकता है।
235 पेड़ों को बचाने सड़क पर उतरी गांधीगिरी

इंदौर के रीगल चौराहे पर 16 दिन से जारी है शांतिपूर्ण धरना



इंदौर। विकास के नाम पर लगातार सिमटती हरियाली के बीच इंदौर में पर्यावरण संरक्षण की एक अनोखी और प्रेरक मिसाल सामने आई है। शहर के व्यस्ततम रीगल चौराहे पर मेट्रो परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ कटाई के विरोध में जागरूक नागरिकों ने गांधीगिरी का रास्ता अपनाते हुए पिछले 16 दिनों से लगातार धरना शुरू कर रखा है। प्रदर्शनकारी पेड़ों के बीच ही बिस्तर बिछाकर दिन-रात उनकी निगरानी कर रहे हैं, ताकि उन्हें किसी भी समय काटा न जा सके।

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में हरियाली का दायरा घटकर महज 9 प्रतिशत रह गया है। इसके बावजूद मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत रीगल चौराहे के रानी सराय क्षेत्र में प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए यहां मौजूद 235 हरे-भरे पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि इन पेड़ों पर प्रतिदिन शाम को हजारों तोते बसेरा करते हैं, जिनके जीवन पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

पेड़ों को बचाने की इस मुहिम की अगुवाई जनहित पार्टी के अभय जैन कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम और मेट्रो रेल प्रबंधन को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 1 जनवरी से शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। उनके साथ कई पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय नागरिक लगातार डटे हुए हैं। अब इस आंदोलन को उन राहगीरों का भी समर्थन मिलने लगा है, जो किसी अन्य कार्य से यहां आते हैं लेकिन पेड़ों को बचाने के उद्देश्य से जुड़ रहे हैं।

धरना स्थल पर 235 पेड़ों का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया है, जिसमें उनकी प्रजाति, पर्यावरणीय उपयोगिता और उन्हें न काटने की अपील दर्ज की गई है। पूरे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े स्लोगन और जागरूकता संदेश लिखे गए हैं, जो लोगों का ध्यान इस आंदोलन की ओर आकर्षित कर रहे हैं।

अभय जैन का कहना है:

“सभी जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके साथ ही इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई शीघ्र होगी। 16 दिन और 16 रात से धरना इसलिए जारी है ताकि पेड़ दिन या रात किसी भी समय चोरी-छिपे न काटे जा सकें और हजारों तोतों की जान बचाई जा सके।”

वहीं मेट्रो रेल कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु ग्रोवर का कहना है कि,

“इस विषय में कोई भी निर्णय शीर्ष प्रबंधन स्तर पर ही लिया जा सकता है।”

पर्यावरणविदों और जागरूक नागरिकों का मानना है कि जयपुर, कानपुर, लखनऊ और पुणे जैसे शहरों में मेट्रो परियोजनाओं पर भारी निवेश के बावजूद यात्री संख्या अपेक्षा से कम रही है। इसके बावजूद हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर ऐसी योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनकी कीमत शहरों को अपनी हरियाली गंवाकर चुकानी पड़ रही है।

पर्यावरणविद मनीष काले का कहना है:

“मेट्रो जैसी परियोजनाएं अब फैशन आइकॉन बनती जा रही हैं। यह पश्चिमी विकास मॉडल है, जो कर्ज पर आधारित है। इसके बदले पेड़-पौधों का विनाश भविष्य में गंभीर संकट खड़ा करेगा। दिल्ली में सांसों का संकट इसका उदाहरण है। यदि इंदौर में भी हरियाली खत्म हुई, तो आने वाले समय में यहां भी वही हालात बन सकते हैं।”

फिलहाल रीगल चौराहे पर जारी यह गांधीगिरी विकास बनाम पर्यावरण के सवाल को एक बार फिर केंद्र में ले आई है और यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या विकास की कीमत प्रकृति की बलि देकर चुकाई जानी चाहिए।

एसपी देहात ने किया जानसठ थाने का औचक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण हेतु दिए कड़े निर्देश

जानसठ मुजफ्फरनगर । जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और थानों की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण  आदित्य बंसल ने थाना जानसठ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस रिकॉर्ड्स के रखरखाव से लेकर महिला सुरक्षा तक के बिंदुओं पर बारीकी से जांच की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसपी देहात सबसे पहले थाना कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने महत्वपूर्ण अभिलेखों (रजिस्टरों) के रखरखाव की जांच की। उन्होंने कंप्यूटर कक्ष में जाकर डिजिटल डेटा की फीडिंग को देखा और तकनीकी कार्यों की समीक्षा की। विशेष रूप से महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क पर पहुँचकर उन्होंने वहां आने वाली शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानी। उन्होंने निर्देश दिया कि पीड़ित महिलाओं और साइबर ठगी के शिकार लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उन पर तत्काल कार्रवाई  की जाए।

इसके पश्चात एसपी देहात ने थाना परिसर में विवेचकों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विवेचनाओं में हो रही देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए सख्त लहजे में कहा कि लंबित विवेचनाओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अपराधियों की धरपकड़ और सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए।  लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए। महिला सुरक्षा को लेकर महिला संबंधी अपराधों और प्रार्थना पत्रों पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए। तथा थाने आने वाले हर फरियादी के साथ शालीन व्यवहार हो और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

निरीक्षण के दौरान डीएसपी  रुपाली रॉय, थाना प्रभारी विनोद कुमार सहित थाने के समस्त उपनिरीक्षक और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। एसपी देहात के इस औचक निरीक्षण से थाना पुलिस में हड़कंप की स्थिति रही ।
उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा
* 03 करोड़ महिलाओं को समूहों से जोड़ने और 01 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य

* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखपति दीदी अभियान की कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के दिए निर्देश

लखनऊ। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और गरीबी उन्मूलन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत 03 करोड़ पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने तथा 01 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में विकसित करने हेतु तैयार विस्तृत एक्शन प्लान के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘लखपति दीदी’ बनाने की कार्ययोजना को केवल कागज़ों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर उतारा जाए। इसके लिए जनपदवार लक्ष्य निर्धारित कर नए स्वयं सहायता समूहों के गठन, नए सदस्यों को जोड़ने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की प्रक्रिया तेज की जाए। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत धनराशि का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए, किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
श्री मौर्य ने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश में 9,06,225 स्वयं सहायता समूहों का गठन कर 99,39,191 परिवारों की महिलाओं को योजना से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शेष पात्र परिवारों को भी विशेष अभियान के माध्यम से समूहों से जोड़ने के निर्देश दिए।
झारखंड बंद का असर, आदिवासी संगठन कोई लीपापोती नहीं, सोमा मुंडा के हत्यारों का गर्दन चाहिए़ - निशा भगत

रांची : झारखंड में बेखौफ है अपराधि आए दिन किसी को उठा लेते हर तो किसी को मार देते है। ऐसी ही एक घटना खूंटी जिला में हुई थी जहां अपराधियों ने आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। जिसके बाद अगले ही दिन खूंटी बंद रहा, आदिवासी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया। लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। इधर आदिवासी संगठन विरोध जताते हुए आज झारखंड बंद का आवाहन किया है। आज सुबह ही कुछ जगह पर इसका विरोध प्रदर्शन देखने को मिला वही कुछ जगहों पर सामान्य गाड़िया चलती रही। दोपहर 1 बजे अल्बर्ट एक्का चौक पर लोग बंद कराने सड़क पर उतरे। इस बीच निशा भगत भी अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरी। इस बीच आम लोगों से भी उलझी..

इस बीच निशा भगत ने सोमा मुंडा हत्याकांड में कहा कि लीपापोती नहीं हमें इंसाफ चाहिए आदिवासी संगठन की यही मांग है। हेमंत सरकार को भी खरीखौटी सुनाई और आदिवासी विरोधी बताया।

अन्य जिला की बात करे तो खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया। रांची में बस टर्मिनल सुनसान रहा। खूंटी सिमडेगा तोड़पा के लिए बसे बंद रही वहां जाने वाले यात्री परेशान रहे। वही लंबी दूरी जो राज्य से बाहर जाती है उसमें में यात्रियों की संख्या कम रही। आदिवासी संगठनों के द्वारा झारखंड बंद बुलाने का मिलाजुला असर देखने को मिला है।

राजकीय पालिटेक्निक कॉलेज बारा में लगा रोजगार मेला

संजय द्विवेदी, यमुनानगर अन्तर्गत विकास खण्ड जसरा में शनिवार को क्षेत्रीय सेवा योजन कार्यालय प्रयागराज व राजकीय पालीटेक्निक जसरा बारा की तरफ से एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया कार्यक्रम की सुरुवात विधायक बारा डॉ वाचस्पति नें फीता काटकर व दीप प्रज्ज्वलन कर के की विधायक बारा ने इस प्रकार के आयोजन के लिये संस्था परिवार को शुभकामनाएं दी।रोजगार मेले में बारा विधान सभा क्षेत्र के लगभग 428 प्रतिभागियो ने प्रतिभाग किया।

रोजगार मेले में 11 कम्पनियों नें प्रतिभाग किया जिसमें टाटा मोटर्स कृष्णा मारुती मदरसन सूमी फ्लिपकार्ट हैवेल्स श्रीराम प्रिस्टन आदि नें भाग लिया इस रोजगार मेले में 286अभ्यर्थियो का चयन विभिन्न कम्पनियो में हुआ इसके बाद चयनित सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया गया जिससे सभी अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे।

कार्यक्रम के आयोजक संस्था के प्रबन्ध निदेशक शिवम् मिश्र नें विधायक बारा डॉ वाचस्पति एवंम आयी हुयी कम्पनियो के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया उक्त कार्यक्रम में मौजूद रहे मारूफ प्रसून मिश्रा सुधांशु मिश्र अभिषेक मांशी शर्मा, जगत नारायण शुक्ला विधायक प्रतिनिधि श्यामूनिषाद फूलचन्द पटेल आदि लोग मौजूद रहे।

एनएच-33 पर 'महाजाम': बुंडू टोल प्लाजा पर 5 घंटे तक फंसी रहीं हजारों गाड़ियां, पानी-भोजन को तरसे यात्री।

रांची: आदिवासी नेता सोमा मुंडा की हत्या के खिलाफ आदिवासी संगठनों के झारखंड बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला है. खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया. वहीं दिन चढ़ते ही कई अन्य जिलों में भी बंद समर्थक सड़कों पर आ गये. इसकी वजह से आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. सबसे ज्यादा खराब स्थिति जमशेदपुर-रांची एनएच पर दिखी. इसकी वजह से टोल प्लाजा के दोनों ओर एनएच पर हजारों गाड़ियां जाम में फंस गई. एनएच पर जाम का सिलसिला करीब 5 घंटे तक चला. सुबह करीब 11 बजे प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा पहुंचे और प्रदर्शन कर लगे. इसकी वजह से जाम लग गया.

बुंडू टोल प्लाजा की घेराबंदी से यात्री रहे परेशान

इस दौरान बुंडू के एसडीएम, डीएसपी, सीओ और थाना प्रभारी लोगों को समझाते रहे. अंत में करीब 5 घंटे बाद 3 बजकर 20 मिनट के करीब प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा से हट गये. अब एनएच पर गाड़ियों का आवाजाही शुरु हो गई है. लेकिन पांच घंटे तक जाम की वजह से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. आम यात्री पानी और भोजन के लिए तरसते रहे. क्योंकि बुंडू नगर पंचायत की दुकानें बंद थीं. हालांकि इस दौरान सिर्फ एंबुलेंस और सेना की गाड़ी को जाने दिया जा रहा था.

एक महिला यह कहकर जाने देने की दरख्वास्त करती रहीं कि उनके ससुर की मृत्यु हो गई है. उनको घर पहुंचना बेहद जरूरी है. लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं थे. इस दौरान एक महिला सड़क पर ही रोने लगीं. उनको रांची में फ्लाइट पकड़ना था. काफी मनुहार के बाद उन्हें जाने दिया गया. प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि उनके पड़हा राजा की दिनदहाड़े हत्या हुई है. आदिवासी अस्मिता खतरे में है. अभी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है. इसलिए यात्रियों की परेशानी से वाकिफ होने के बावजूद ऐसा करना पड़ रहा है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिना रोड जाम किए हमारी आवाज सरकार तक नहीं पहुंचेगी.

प्रशासन जाम हटाने के लिए करता रहा आग्रह

बुंडू टोल प्लाजा पर जाम लगते ही बुंडू के एसडीएम क्रिस्टोफर कुमार बेसरा, बुंडू के डीएसपी ओमप्रकाश, थाना प्रभारी रामकुमार वर्मा, अंचल अधिकारी हंस हेंब्रम पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंच गये थे. इस दौरान बंद समर्थकों को लगातार समझाने की कोशिश की जाती रही. लोगों को समझाने में करीब 5 घंटे लग गये. तबतक यात्री जाम में फंसे रहे. एसडीएन ने बताया कि ग्रामीणों ने एक ज्ञापन दिया है. सोमा मुंडा के परिवार को सरकारी नौकरी देने, फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने, पांच करोड़ रु. बतौर मुआवजा देने की मांग की गई है. उन्होंने बताया कि मांगों से सरकार को अवगत कराया जाएगा.

दरअसल, 7 जनवरी को खूंटी में जमुवादाग के पास आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने 8 जनवरी को खूंटी बंद किया था, जिसका व्यापक असर दिखा था. खूंटी पुलिस इस मामले सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. पुलिस ने हत्या के पीछे जमीन विवाद को कारण बताया था. लेकिन आदिवासी संगठनों का कहना है कि अबतक शूटर और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है.

*विपक्ष के कारनामे गलत,इसीलिए जनता सिखा रही सबक - विजय रघुवंशी*
जनता ने विकसित भारत के पक्ष में किया मतदान - सुशील त्रिपाठी*

एशिया की सबसे अमीर नगर निगम में बैठेगा भाजपा का मेयर - सुशील त्रिपाठी* 

महाराष्ट्र नगर निगम में मिली शानदार जीत पर कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न* सुलतानपुर,महाराष्ट्र की जनता ने भाजपा गठबंधन के सुशासन एवं विकसित भारत के एजेंडे के पक्ष में मतदान किया है।महाराष्ट्र में मुंबई नगर महापालिका के साथ महाराष्ट्र की अन्य महानगरपालिकाओं के चुनाव में 29 में से 25 निगमों में हुई जीत पर शनिवार को भाजपा जिला कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।भाजपा जिंदाबाद और जीत गए, हम जीत गए, मुम्बई महापालिका जीत गए के नारे लगाए।इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने महाराष्ट्र की शानदार जीत पर जनता का आभार जताया।कहा बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के ऐतिहासिक चुनाव नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर दी है।अब एशिया के सबसे अमीर नगर निगम में तीन दशकों के इंतजार के बाद भाजपा का मेयर बैठेगा।अब महाराष्ट्र के 29 में से 25 नगर निगमों में भाजपा का मेयर होगा। उन्होंने कहा जनता ने विकसित भारत के पक्ष में मतदान किया है।नकरात्मक राजनीती करने वालों की हार हुई है।महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत पर पार्टी मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी ने कहा देश सही दिशा में जा रहा है।विपक्ष के कारनामे गलत है इसीलिए जनता उनको हर चुनाव में सबक सिखा रही हैं।इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष डॉ प्रीति प्रकाश,आशीष सिंह रानू, काली सहाय पाठक,वीरेंद्र भार्गव, सोहनलाल निषाद, मनोज श्रीवास्तव,राम अभिलाष सिंह, सुनील विश्वकर्मा,अतुल सिंह, सतीश सिंह,विनय कुमार सिंह, पूर्व प्रधान दया राम यादव,शिव पूजन निषाद, शिवप्रताप कोरी, पवन मिश्रा,अशोक वर्मा, विनोद मिश्रा आदि मौजूद रहे।
आजमगढ़: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफतार, जाने कहां का है मामला
आजमगढ़। जिले के तहबरपुुुुर पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला वांछित अभियुक्त को किशुनदास पुर अंडर पास के पास से गिरफ़्तार चालान कर दिया। तहबरपुुुुर पुलिस ने 16 जनवरी को पीड़िता के प्रार्थना पत्र के आधार पर एक अभियुक्त द्वारा शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ लंबे समय तक शारीरिक संबंध स्थापित करने तथा बाद में शादी से इनकार करने व शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा पंजीकृत किया था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी कर रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में मुकदमे में नामित अभियुक्त को किशुनदासपुर अंडरपास के पास से तौफीक पुत्र असरफ को गिरफ्तार कर चालान कर दिया।
वोटर लिस्ट पुनरीक्षण को लेकर बैठक संपन्न, अधिक वोट बनवाने पर दिया जोर

जानसठ मुजफ्फरनगर। शक्ति केंद्र ग्राम तालड़ा में प्रवीण पाल के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य रूप से आगामी गणना प्रपत्र  और नई वोट बनाने की प्रक्रिया पर गहनता से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में होना अनिवार्य है। कार्यकर्ताओं से आह्वान किया गया कि वे घर-घर जाकर सर्वे करें और अधिक से अधिक पात्र लोगों की नई वोट बनवाने में सहयोग करें। इस दौरान गणना प्रपत्र को त्रुटिहीन भरने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य रूप से शक्ति केंद्र प्रवासी रामनिवास प्रजापति, सह-प्रवासी नीतू गुप्ता, सभासद (नगर पंचायत जानसठ) विकास गुप्ता, शक्ति केंद्र संयोजक प्रवीण पाल, बलिस्टर, दिनेश, अमित, मुकेश, सुधीर, बूथ अध्यक्ष रामनिवास सैनी और अरविंद प्रजापति सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
डी.ए.वी. इंटर कॉलेज में भी हुई चर्चा ।।
इसी क्रम में दूसरी ओर, डी.ए.वी. इंटर कॉलेज में भी एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें मतदाता पुनरीक्षण अभियान और संगठन की मजबूती पर चर्चा की गई।इस दौरान मुख्य रूप नेत्रपाल कृशयप, सुभाष चन्द्र उपाध्याय, विकास गुप्ता, आदि के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।
मतदाता बूथ पर जाकर अपनी मतदाता सूची में नाम सही करा सकते


फर्रुखाबाद।भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि एक जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत दावे और आपत्तियी प्राप्त करने की अवधि 6 फरवरी 2020 तक है। आयोग द्वारा दावे और आपत्तियों प्राप्त करने हेतु विशेष अभियान तिथियां निर्धारित की गयी है जो यभावत है- 18 से 31 जनवरी 2026 और एक फरवरी 2026 आयोग के निर्देशानुसार उक्त विशेष अभियान तिथियों पर जनपद के समस्त मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्रात 10.30 बजे से साय 0430 बजे तक अपने संबधित मतदेय स्थल पर उपस्थित रहकर निर्वाचक नामावली तथा गणना।अवधि के दौरान अपर्याप्त Uncollectable श्रेणी में मार्क किये गये निर्वाचकों की सूची तथा अनुपस्थित / शिफ्टेड / मृतक / डुप्लीकेट की सूची को पढ़कर सुनाया जायेगा तथा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि किसी भी चूक या गलती का पता बते तो उसके सबभ ने सुधारात्मक कार्यवाही की जायेगी।

आयोग द्वारा 04 अर्हक तिथिया निर्धारित की गयी है। एतत्दारा दावे और आपत्तिया प्रापा करने की उपरोक्त अवधि के दौरान यदि कोई मतदाता 01 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के अतिरिक्त 01 अप्रैल, 2020. 01 जुलाई, 2026 व 01 अक्टूबर, 2025 को अहं हो रहे हैं. तो ऐसे मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में सम्मिलित कराने हेतु फार्म-6 (अनुलग्नक-IV), नाम अपमार्जित कराने हेतु प्रारूप-7 तथा निर्वाचक नामावली की किसी प्रविष्टि में संशोधन करने / मतदाता फोटो पहचान पत्र के प्रतिस्थापन / दिव्याग मतदाताओं के चिन्हांकन करने/ निवास परिवर्तन हो जाने के सबंध मे फार्म-8 एवं घोषणा पत्र भरकर सम्बन्धित यूथ लेवल अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास जमा कर सकता है।

आयोग के निर्देशानुसार समय-समय पर जनपद के समस्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय दलों के अध्यक्ष / सचिव के साथ जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में बैठके आयोजित की जाती रही है। जिलाधिकारी  द्वारा जनपद के समस्त राजनैतिक दलों से भी अनुरोध किया गया कि उनके द्वारा नामित बूथ लेविल ऐजेण्ट के माध्यम से  विशेष अभियान की तिथियों में अधिक से अधिक सख्या में प्रारूप 6 भरवाने में सहयोग प्रदान करे।

मतदाता सूची में पंजीकरण कराने या किसी भी प्रकार की प्रविष्टि में राशोधन इत्यादि के लिए ऑनलाइन माध्यम से आयोग के ऐप Voter Helpline App एप वेपसाइट https://voters.eci.gov.in के माध्यम से भी फार्म-6, फार्म-7 व कार्म-8 घोषणा-पत्र सहित सम्पिट किया जा सकता है।
235 पेड़ों को बचाने सड़क पर उतरी गांधीगिरी

इंदौर के रीगल चौराहे पर 16 दिन से जारी है शांतिपूर्ण धरना



इंदौर। विकास के नाम पर लगातार सिमटती हरियाली के बीच इंदौर में पर्यावरण संरक्षण की एक अनोखी और प्रेरक मिसाल सामने आई है। शहर के व्यस्ततम रीगल चौराहे पर मेट्रो परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ कटाई के विरोध में जागरूक नागरिकों ने गांधीगिरी का रास्ता अपनाते हुए पिछले 16 दिनों से लगातार धरना शुरू कर रखा है। प्रदर्शनकारी पेड़ों के बीच ही बिस्तर बिछाकर दिन-रात उनकी निगरानी कर रहे हैं, ताकि उन्हें किसी भी समय काटा न जा सके।

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में हरियाली का दायरा घटकर महज 9 प्रतिशत रह गया है। इसके बावजूद मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत रीगल चौराहे के रानी सराय क्षेत्र में प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए यहां मौजूद 235 हरे-भरे पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि इन पेड़ों पर प्रतिदिन शाम को हजारों तोते बसेरा करते हैं, जिनके जीवन पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

पेड़ों को बचाने की इस मुहिम की अगुवाई जनहित पार्टी के अभय जैन कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम और मेट्रो रेल प्रबंधन को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 1 जनवरी से शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। उनके साथ कई पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय नागरिक लगातार डटे हुए हैं। अब इस आंदोलन को उन राहगीरों का भी समर्थन मिलने लगा है, जो किसी अन्य कार्य से यहां आते हैं लेकिन पेड़ों को बचाने के उद्देश्य से जुड़ रहे हैं।

धरना स्थल पर 235 पेड़ों का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया है, जिसमें उनकी प्रजाति, पर्यावरणीय उपयोगिता और उन्हें न काटने की अपील दर्ज की गई है। पूरे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े स्लोगन और जागरूकता संदेश लिखे गए हैं, जो लोगों का ध्यान इस आंदोलन की ओर आकर्षित कर रहे हैं।

अभय जैन का कहना है:

“सभी जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके साथ ही इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई शीघ्र होगी। 16 दिन और 16 रात से धरना इसलिए जारी है ताकि पेड़ दिन या रात किसी भी समय चोरी-छिपे न काटे जा सकें और हजारों तोतों की जान बचाई जा सके।”

वहीं मेट्रो रेल कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु ग्रोवर का कहना है कि,

“इस विषय में कोई भी निर्णय शीर्ष प्रबंधन स्तर पर ही लिया जा सकता है।”

पर्यावरणविदों और जागरूक नागरिकों का मानना है कि जयपुर, कानपुर, लखनऊ और पुणे जैसे शहरों में मेट्रो परियोजनाओं पर भारी निवेश के बावजूद यात्री संख्या अपेक्षा से कम रही है। इसके बावजूद हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर ऐसी योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनकी कीमत शहरों को अपनी हरियाली गंवाकर चुकानी पड़ रही है।

पर्यावरणविद मनीष काले का कहना है:

“मेट्रो जैसी परियोजनाएं अब फैशन आइकॉन बनती जा रही हैं। यह पश्चिमी विकास मॉडल है, जो कर्ज पर आधारित है। इसके बदले पेड़-पौधों का विनाश भविष्य में गंभीर संकट खड़ा करेगा। दिल्ली में सांसों का संकट इसका उदाहरण है। यदि इंदौर में भी हरियाली खत्म हुई, तो आने वाले समय में यहां भी वही हालात बन सकते हैं।”

फिलहाल रीगल चौराहे पर जारी यह गांधीगिरी विकास बनाम पर्यावरण के सवाल को एक बार फिर केंद्र में ले आई है और यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या विकास की कीमत प्रकृति की बलि देकर चुकाई जानी चाहिए।

एसपी देहात ने किया जानसठ थाने का औचक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण हेतु दिए कड़े निर्देश

जानसठ मुजफ्फरनगर । जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और थानों की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण  आदित्य बंसल ने थाना जानसठ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस रिकॉर्ड्स के रखरखाव से लेकर महिला सुरक्षा तक के बिंदुओं पर बारीकी से जांच की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसपी देहात सबसे पहले थाना कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने महत्वपूर्ण अभिलेखों (रजिस्टरों) के रखरखाव की जांच की। उन्होंने कंप्यूटर कक्ष में जाकर डिजिटल डेटा की फीडिंग को देखा और तकनीकी कार्यों की समीक्षा की। विशेष रूप से महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क पर पहुँचकर उन्होंने वहां आने वाली शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानी। उन्होंने निर्देश दिया कि पीड़ित महिलाओं और साइबर ठगी के शिकार लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उन पर तत्काल कार्रवाई  की जाए।

इसके पश्चात एसपी देहात ने थाना परिसर में विवेचकों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विवेचनाओं में हो रही देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए सख्त लहजे में कहा कि लंबित विवेचनाओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अपराधियों की धरपकड़ और सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए।  लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए। महिला सुरक्षा को लेकर महिला संबंधी अपराधों और प्रार्थना पत्रों पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए। तथा थाने आने वाले हर फरियादी के साथ शालीन व्यवहार हो और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

निरीक्षण के दौरान डीएसपी  रुपाली रॉय, थाना प्रभारी विनोद कुमार सहित थाने के समस्त उपनिरीक्षक और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। एसपी देहात के इस औचक निरीक्षण से थाना पुलिस में हड़कंप की स्थिति रही ।
उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा
* 03 करोड़ महिलाओं को समूहों से जोड़ने और 01 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य

* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखपति दीदी अभियान की कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के दिए निर्देश

लखनऊ। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और गरीबी उन्मूलन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत 03 करोड़ पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने तथा 01 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में विकसित करने हेतु तैयार विस्तृत एक्शन प्लान के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘लखपति दीदी’ बनाने की कार्ययोजना को केवल कागज़ों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर उतारा जाए। इसके लिए जनपदवार लक्ष्य निर्धारित कर नए स्वयं सहायता समूहों के गठन, नए सदस्यों को जोड़ने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की प्रक्रिया तेज की जाए। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत धनराशि का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए, किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
श्री मौर्य ने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश में 9,06,225 स्वयं सहायता समूहों का गठन कर 99,39,191 परिवारों की महिलाओं को योजना से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शेष पात्र परिवारों को भी विशेष अभियान के माध्यम से समूहों से जोड़ने के निर्देश दिए।
झारखंड बंद का असर, आदिवासी संगठन कोई लीपापोती नहीं, सोमा मुंडा के हत्यारों का गर्दन चाहिए़ - निशा भगत

रांची : झारखंड में बेखौफ है अपराधि आए दिन किसी को उठा लेते हर तो किसी को मार देते है। ऐसी ही एक घटना खूंटी जिला में हुई थी जहां अपराधियों ने आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। जिसके बाद अगले ही दिन खूंटी बंद रहा, आदिवासी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया। लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। इधर आदिवासी संगठन विरोध जताते हुए आज झारखंड बंद का आवाहन किया है। आज सुबह ही कुछ जगह पर इसका विरोध प्रदर्शन देखने को मिला वही कुछ जगहों पर सामान्य गाड़िया चलती रही। दोपहर 1 बजे अल्बर्ट एक्का चौक पर लोग बंद कराने सड़क पर उतरे। इस बीच निशा भगत भी अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरी। इस बीच आम लोगों से भी उलझी..

इस बीच निशा भगत ने सोमा मुंडा हत्याकांड में कहा कि लीपापोती नहीं हमें इंसाफ चाहिए आदिवासी संगठन की यही मांग है। हेमंत सरकार को भी खरीखौटी सुनाई और आदिवासी विरोधी बताया।

अन्य जिला की बात करे तो खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया। रांची में बस टर्मिनल सुनसान रहा। खूंटी सिमडेगा तोड़पा के लिए बसे बंद रही वहां जाने वाले यात्री परेशान रहे। वही लंबी दूरी जो राज्य से बाहर जाती है उसमें में यात्रियों की संख्या कम रही। आदिवासी संगठनों के द्वारा झारखंड बंद बुलाने का मिलाजुला असर देखने को मिला है।

राजकीय पालिटेक्निक कॉलेज बारा में लगा रोजगार मेला

संजय द्विवेदी, यमुनानगर अन्तर्गत विकास खण्ड जसरा में शनिवार को क्षेत्रीय सेवा योजन कार्यालय प्रयागराज व राजकीय पालीटेक्निक जसरा बारा की तरफ से एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया कार्यक्रम की सुरुवात विधायक बारा डॉ वाचस्पति नें फीता काटकर व दीप प्रज्ज्वलन कर के की विधायक बारा ने इस प्रकार के आयोजन के लिये संस्था परिवार को शुभकामनाएं दी।रोजगार मेले में बारा विधान सभा क्षेत्र के लगभग 428 प्रतिभागियो ने प्रतिभाग किया।

रोजगार मेले में 11 कम्पनियों नें प्रतिभाग किया जिसमें टाटा मोटर्स कृष्णा मारुती मदरसन सूमी फ्लिपकार्ट हैवेल्स श्रीराम प्रिस्टन आदि नें भाग लिया इस रोजगार मेले में 286अभ्यर्थियो का चयन विभिन्न कम्पनियो में हुआ इसके बाद चयनित सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया गया जिससे सभी अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे।

कार्यक्रम के आयोजक संस्था के प्रबन्ध निदेशक शिवम् मिश्र नें विधायक बारा डॉ वाचस्पति एवंम आयी हुयी कम्पनियो के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया उक्त कार्यक्रम में मौजूद रहे मारूफ प्रसून मिश्रा सुधांशु मिश्र अभिषेक मांशी शर्मा, जगत नारायण शुक्ला विधायक प्रतिनिधि श्यामूनिषाद फूलचन्द पटेल आदि लोग मौजूद रहे।

एनएच-33 पर 'महाजाम': बुंडू टोल प्लाजा पर 5 घंटे तक फंसी रहीं हजारों गाड़ियां, पानी-भोजन को तरसे यात्री।

रांची: आदिवासी नेता सोमा मुंडा की हत्या के खिलाफ आदिवासी संगठनों के झारखंड बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला है. खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया. वहीं दिन चढ़ते ही कई अन्य जिलों में भी बंद समर्थक सड़कों पर आ गये. इसकी वजह से आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. सबसे ज्यादा खराब स्थिति जमशेदपुर-रांची एनएच पर दिखी. इसकी वजह से टोल प्लाजा के दोनों ओर एनएच पर हजारों गाड़ियां जाम में फंस गई. एनएच पर जाम का सिलसिला करीब 5 घंटे तक चला. सुबह करीब 11 बजे प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा पहुंचे और प्रदर्शन कर लगे. इसकी वजह से जाम लग गया.

बुंडू टोल प्लाजा की घेराबंदी से यात्री रहे परेशान

इस दौरान बुंडू के एसडीएम, डीएसपी, सीओ और थाना प्रभारी लोगों को समझाते रहे. अंत में करीब 5 घंटे बाद 3 बजकर 20 मिनट के करीब प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा से हट गये. अब एनएच पर गाड़ियों का आवाजाही शुरु हो गई है. लेकिन पांच घंटे तक जाम की वजह से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. आम यात्री पानी और भोजन के लिए तरसते रहे. क्योंकि बुंडू नगर पंचायत की दुकानें बंद थीं. हालांकि इस दौरान सिर्फ एंबुलेंस और सेना की गाड़ी को जाने दिया जा रहा था.

एक महिला यह कहकर जाने देने की दरख्वास्त करती रहीं कि उनके ससुर की मृत्यु हो गई है. उनको घर पहुंचना बेहद जरूरी है. लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं थे. इस दौरान एक महिला सड़क पर ही रोने लगीं. उनको रांची में फ्लाइट पकड़ना था. काफी मनुहार के बाद उन्हें जाने दिया गया. प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि उनके पड़हा राजा की दिनदहाड़े हत्या हुई है. आदिवासी अस्मिता खतरे में है. अभी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है. इसलिए यात्रियों की परेशानी से वाकिफ होने के बावजूद ऐसा करना पड़ रहा है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिना रोड जाम किए हमारी आवाज सरकार तक नहीं पहुंचेगी.

प्रशासन जाम हटाने के लिए करता रहा आग्रह

बुंडू टोल प्लाजा पर जाम लगते ही बुंडू के एसडीएम क्रिस्टोफर कुमार बेसरा, बुंडू के डीएसपी ओमप्रकाश, थाना प्रभारी रामकुमार वर्मा, अंचल अधिकारी हंस हेंब्रम पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंच गये थे. इस दौरान बंद समर्थकों को लगातार समझाने की कोशिश की जाती रही. लोगों को समझाने में करीब 5 घंटे लग गये. तबतक यात्री जाम में फंसे रहे. एसडीएन ने बताया कि ग्रामीणों ने एक ज्ञापन दिया है. सोमा मुंडा के परिवार को सरकारी नौकरी देने, फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने, पांच करोड़ रु. बतौर मुआवजा देने की मांग की गई है. उन्होंने बताया कि मांगों से सरकार को अवगत कराया जाएगा.

दरअसल, 7 जनवरी को खूंटी में जमुवादाग के पास आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने 8 जनवरी को खूंटी बंद किया था, जिसका व्यापक असर दिखा था. खूंटी पुलिस इस मामले सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. पुलिस ने हत्या के पीछे जमीन विवाद को कारण बताया था. लेकिन आदिवासी संगठनों का कहना है कि अबतक शूटर और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है.