नए यमुना पुल पर रात होते ही कानून बेबस! गलत दिशा में दौड़ते वाहन, पासर गिरोह की अवैध वसूली का खेल

आधी रात के बाद हाईवे बन जाता है ‘नो-रूल ज़ोन’, ट्रक- डंपर जबरन पास, पुलिस- प्रशासन बेखबर!



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। नए यमुना पुल और उसके आसपास की सड़कों पर अनियंत्रित और अराजक यातायात अब बड़ी समस्या बनता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि यहां यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने की कोई मुकम्मल योजना धरातल पर नजर नहीं आ रही। खासकर रात होते ही पूरा इलाका मानो नियमों से मुक्त हो जाता है और सड़कों पर मनमानी शुरू हो जाती है। रीवा, चित्रकूट, बांदा, मिर्जापुर और वाराणसी की ओर से आने-जाने वाले भारी वाहन चालक आधी रात के बाद पूरी तरह बेलगाम हो जाते हैं। गलत दिशा से तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाना, जबरन आगे निकलना और दूसरे वाहनों को दबाव बनाकर रास्ता खाली कराने जैसी घटनाएं आम हो चुकी हैं। इससे हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।

अवैध वसूली का खेल, जबरन पास कराए जाते हैं वाहन

सूत्रों के अनुसार रात के अंधेरे में नए यमुना पुल पर एक संगठित पासर गिरोह सक्रिय हो जाता है। यह गिरोह हाईवे से आने वाले ट्रक, डंपर और भारी वाहनों से अवैध वसूली करता है और फिर उन्हें जबरन पास कराता है। कई बार ओवरलोड वाहन भी इसी सहारे शहर के अंदर तक पहुंच जाते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतना सब कुछ खुलेआम होने के बावजूद पुलिस, प्रशासन और आरटीओ के जिम्मेदार अधिकारी अनजान बने हुए हैं, जिससे लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।

रात में इन जगहों पर सक्रिय रहता है गिरोह

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात के समय मामा-भांजा तालाब, खान चौराहा, लेप्रोसी चौराहा, जेल के सामने, बांगड़ धर्मशाला के आसपास पासर गिरोह के सदस्य सक्रिय हो जाते हैं। कुछ लोग बाइक से चलते हैं तो कुछ चार पहिया वाहनों से ओवरलोड ट्रक और डंपर के आगे-पीछे चलकर रास्ता साफ कराते हैं। जैसे ही रास्ते में नीली या लाल बत्ती जलती कोई सरकारी गाड़ी दिखाई देती है, गिरोह के सदस्य तुरंत किनारे हो जाते हैं, जिससे उनकी गतिविधियां पकड़ में नहीं आ पातीं।

कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही नए यमुना पुल और आसपास की सड़कों पर सख्त निगरानी नहीं की गई, तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रात के समय विशेष चेकिंग अभियान चलाकर गलत दिशा में चलने वाले और अवैध वसूली करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
लखनऊ में स्मार्ट प्रीपेड मीटर विवाद गरमाया, विद्युत कंपनियों को नियामक आयोग का नोटिस

* बिना सूचना मीटर बदलने और बिजली कटौती पर सख्ती, 15 दिन में जवाब तलब

लखनऊ। प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की याचिका पर संज्ञान लेते हुए विद्युत नियामक आयोग ने सभी विद्युत कंपनियों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को 15 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में अब तक 74.48 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 69.64 लाख मीटर उपभोक्ताओं को पूर्व सूचना दिए बिना ही प्रीपेड मोड में परिवर्तित कर दिए गए। इस पर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
13 से 18 मार्च के बीच चलाए गए अभियान के दौरान 5.79 लाख उपभोक्ताओं के मीटर नेगेटिव बैलेंस होने पर स्वतः डिस्कनेक्ट हो गए। स्थिति और गंभीर तब हो गई जब रिचार्ज करने के बाद भी कई उपभोक्ताओं की बिजली कई घंटों तक बहाल नहीं हो सकी।
नियामक आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 1 फरवरी से 20 मार्च 2026 के बीच प्राप्त मुआवजा दावों का पूरा विवरण भी कंपनियों से मांगा है। अब देखना होगा कि कंपनियां इस पर क्या जवाब देती हैं और उपभोक्ताओं को राहत कब तक मिलती है।
मनोनीत पार्षद अक्षत शर्मा का भव्य स्वागत, विकास कार्यों का लिया संकल्प
मेरठ/बहसूमा, 21 मार्च। नगर पालिका मवाना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मनोनीत पार्षद बनाए जाने पर युवा अधिवक्ता अक्षत शर्मा का कॉलोनी ढिकौली में भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए उन्हें फूल-मालाओं से सम्मानित किया और शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ठाकुर शनी प्रताप ने की, जबकि संचालन सभासद अवजीत चौहान द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी सम्मानित सदस्यों ने अक्षत शर्मा को माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

अपने संबोधन में अक्षत शर्मा ने क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्धता जताते हुए संकल्प लिया कि कॉलोनी ढिकौली में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने पीने के पानी की समुचित व्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए भी प्रयास करने की बात कही।

कार्यक्रम में रिंकू चौहान, मनोज चौहान, अमित चौहान, अर्जुन चौहान, यशवंत, राज सिंह, राहुल चौहान, अभिषेक कश्यप, राजा चौहान, सुमित चौहान, शुभम चौहान, प्रिंस चौहान, गौरव चौहान, पप्पी चौहान, योगेंद्र चौहान, विजय चौहान, स्नेह चौहान, ओजस्वी चौहान, रोनित ठाकुर, सुभाष चौहान, मुकुल चौहान, अमर सिंह, संजय चौहान, कृष्ण चौहान, दीपक चौहान सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कन्नौज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत दो मुस्लिम समुदाय के जोड़ो साहित 103 जोड़ों का सम्पन्न हुआ विवाह,
मंत्री असीम अरुण ने दिया, वर बधू को आशीर्वाद
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज। जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आज पी.एस.एम. कॉलेज प्रांगण कुल हरसोल्लास, उत्साह और शुभकामनाओं से सराबोर रहा। उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में 103 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। इनमें 2 जोड़े मुस्लिम समुदाय के भी सम्मिलित रहे, जो इस योजना की समावेशी एवं सर्वधर्म समभाव की भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करता है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री असीम अरुण ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर संपन्न हो रहा यह विवाह समारोह अत्यंत शुभ और मंगलकारी है। उन्होंने कहा, “विवाह केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच विश्वास, प्रेम और संस्कारों का अटूट बंधन है। आप सभी अपने जीवन की नई यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं, जिसमें परिश्रम, आपसी समझ और सम्मान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक युवा स्वावलंबी बने, अपने कौशल और शिक्षा के बल पर आगे बढ़े तथा ‘सीएम युवा उद्यमी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर भविष्य का निर्माण करे। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार लेने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाएं आपके जीवन को सुदृढ़ एवं समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को आधार से जोड़कर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सरल बनाया गया है, जिससे पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के योजना का लाभ मिल सके। यह योजना निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक सशक्त सहारा बनकर उभरी है।
    
जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया that योजना के अंतर्गत प्रति जोड़ा ₹1,00,000 की धनराशि व्यय की जाती है, जिसमें ₹60,000 सीधे कन्या के बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाते हैं, ₹25,000 की उपहार सामग्री प्रदान की जाती है तथा ₹15,000 विवाह आयोजन पर व्यय किया जाता है। कार्यक्रम में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट  वैशाली, ब्लॉक प्रमुख कन्नौज, खंड विकास अधिकारी कन्नौज सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं वर-वधू के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में हर्ष, सद्भाव एवं सामाजिक समरसता का वातावरण व्याप्त रहा है।
“09 वर्षों में विकास की नई गाथा: रोजगार, समरसता और सशक्तिकरण पर सरकार का जोर”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कौशाम्बी के मंझनपुर बस डिपो परिसर में आयोजित “गौरव प्रतिमा अनावरण” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की 9 वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मंझनपुर को समरसता का केंद्र बनाने का प्रयास पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य “सबका साथ, सबका विकास” के साथ “सबको रोजगार” सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के लाभार्थियों को ट्रैक्टर संचालित मोबाइल यूनिट वितरित की गई। उन्होंने लोगों से योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं और लगभग 9 लाख लोगों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रदेश में दंगों पर पूर्ण नियंत्रण रहा है। सरकार गरीब कल्याण, किसान सम्मान और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रही है।
मौर्य ने बताया कि विभिन्न पेंशन योजनाओं की राशि बढ़ाकर पहले 300 रुपये से 1000 रुपये और अब 1500 रुपये प्रतिमाह करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाखों लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उज्ज्वला योजना से मुफ्त गैस कनेक्शन और जनधन योजना के तहत करोड़ों लोगों के बैंक खाते खोले गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये की सहायता दी जा रही है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने महिलाओं से स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। उन्होंने 2047 तक देश और प्रदेश को विकसित बनाने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने बताया कि अयोध्या से रामेश्वरम तक बनने वाले रामवन गमन मार्ग और प्रयागराज एयरपोर्ट से कौशाम्बी तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। सरकार कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और महापुरुषों को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में विधायक पूजा पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
गो-आश्रयों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, हर गोशाला में बनेगा ‘भूसा बैंक’
* उत्कृष्ट गोसेवकों का होगा सम्मान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में गो-रक्षा और गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि गोसेवा भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है और इस क्षेत्र में योगदान देने वालों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाना चाहिए।
शनिवार को गोसेवा आयोग के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गोशाला में ‘भूसा बैंक’ स्थापित किया जाए और हरे चारे की उपलब्धता के लिए किसानों से समन्वय बनाया जाए। साथ ही प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को भी इन स्थलों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी गो-आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए सीएसआर फंड के उपयोग पर भी बल दिया गया, ताकि व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती लाई जा सके।
निरीक्षण व्यवस्था को सख्त करते हुए उन्होंने गोसेवा आयोग के पदाधिकारियों को 2-2 के समूह में प्रदेश भर में भ्रमण कर गोशालाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। विभागीय मंत्री और अधिकारी भी फील्ड में उतरकर नियमित निगरानी करेंगे। प्रत्येक निरीक्षण की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 7,527 गो-आश्रय स्थलों में 12.39 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को गोवंश सुपुर्द किया गया है, जिनके उचित भरण-पोषण और सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गो-संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती और सतत विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने डीबीटी प्रणाली के माध्यम से समयबद्ध भुगतान और प्रत्येक गो-आश्रय स्थल पर गोवंश की दैनिक संख्या का रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश में हजारों गो-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं और कई जनपदों में कमांड एंड कंट्रोल रूम संचालित हो रहे हैं। गोचर भूमि के उपयोग, हरे चारे के विकास और गोबर गैस संयंत्रों के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ द्वारा गोबर से बने उत्पादों को आत्मनिर्भरता का सफल मॉडल बताते हुए इनके विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से न केवल गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।
परिवहन निगम में 2584 महिला परिचालकों की भर्ती, रोजगार मेले होंगे आयोजित
* गृह जनपद में ही मिलेगी तैनाती, 25 मार्च से शुरू होगा भर्ती अभियान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में 2584 पदों पर संविदा के आधार पर महिला परिचालकों की भर्ती की जाएगी। यह भर्ती प्रदेश सरकार के निर्देश पर रोजगार मेलों के माध्यम से की जाएगी।
यह जानकारी परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि चयनित महिला अभ्यर्थियों को उनके गृह जनपद के अंतर्गत आने वाले डिपो में ही तैनात किया जाएगा, जिससे उन्हें कार्यस्थल पर सुविधा मिल सके।
भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट निर्धारित की गई है, साथ ही CCC प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों का चयन इंटरमीडिएट में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि एनसीसी ‘बी’ प्रमाणपत्र, एनएसएस, तथा भारत स्काउट एवं गाइड के राज्य या राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भर्ती के लिए 25 मार्च, 28 मार्च, 30 मार्च एवं 1 अप्रैल 2026 को प्रदेश के विभिन्न मंडलों में रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे।
* 25 मार्च: सहारनपुर, झांसी, कानपुर, चित्रकूट धाम-बांदा, प्रयागराज
* 28 मार्च: गाजियाबाद, अलीगढ़, बरेली, अयोध्या, वाराणसी
* 30 मार्च: मेरठ, इटावा, हरदोई, देवीपाटन, आजमगढ़
* 01 अप्रैल: नोएडा, आगरा, मुरादाबाद, लखनऊ, गोरखपुर

इच्छुक महिला अभ्यर्थी अपने निकटतम क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकती हैं। मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि चयनित महिला परिचालकों को संविदा चालकों/परिचालकों के समान पारिश्रमिक दर पर भुगतान किया जाएगा।
सरदार पतविन्दर सिंह ने 'धुरंधर 2 फिल्म' पर सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस-आहत करने के आरोप लगाए।

तत्काल सिख समुदाय से सार्वजनिक माफी मांगे और ऐसे दृश्यों को फिल्म,पोस्टर और ट्रेलर से तुरंत हटाया जाए।

फिल्म में सिख किरदार द्वारा धूम्रपान किया जा रहा है

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविन्दर सिंह ने आदित्य धर द्वारा निर्देशित और रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म 'धुरंधर 2' (जिसे 'धुरंधर द रिवेंज' भी कहा जा रहा है) फिल्म 'धुरंधर 2' को तत्काल रोक लगाई जाएl19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई।

क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि फिल्म में सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचा जा रहा है l फिल्म में

सिख किरदार द्वारा धूम्रपान किया जा रहा है फिल्म में रणवीर सिंह एक सिख किरदार (जसकीरत सिंह रंगी) की भूमिका निभा रहे हैं, जिन्हें धूम्रपान (सिगरेट पीते हुए) करते हुए दिखाया गया है।जो धार्मिक सिद्धांतों के खिलाफ सिख धर्म में तंबाकू और धूम्रपान पूरी तरह से वर्जित है। सिखों के लिए यह एक अत्यंत पवित्र और कड़ाई से पालन किए जाने वाले नियम के खिलाफ है।क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि अपमानजनक चित्रण पगड़ी पहने हुए एक सिख पात्र को धूम्रपान करते हुए दिखाना सिख धर्म के सिद्धांतों का अपमान है और यह धार्मिक रूप से असंवेदनशील है।

क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि तत्काल सिख समुदाय से सार्वजनिक माफी मांगे और ऐसे दृश्यों को फिल्म,पोस्टर और ट्रेलर से तुरंत हटाया जाए।

यक्ष एप की सहायता से थाना वजीरगंज पुलिस को मिली सफलता, चोरी की बुलेट मोटरसाइकिल बरामद, बाल अपचारी पुलिस अभिरक्षा में

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी तरबगंज श्री उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में थाना वजीरगंज पुलिस टीम द्वारा आधुनिक तकनीक “यक्ष एप” का प्रभावी उपयोग करते हुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गई। थाना वजीरगंज पुलिस द्वारा घटना के अनावरण हेतु पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ डिजिटल पुलिसिंग को प्राथमिकता देते हुए यक्ष एप का सहारा लिया गया। यक्ष एप के माध्यम से घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की सटीक लोकेशन चिन्हित की गई। विभिन्न स्थानों से सीसीटीवी फुटेज एकत्र कर एप के माध्यम से उनका विश्लेषण किया गया। संदिग्ध व्यक्तियों की फोटो निकालकर यक्ष एप में अपलोड की गई। यक्ष एप के माध्यम से सर्किल के वाहन चोरों की सूची का अवलोकन कर संदिग्ध की पहचान सुनिश्चित की गई।
प्राप्त इनपुट के आधार पर अभियुक्त की गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखी गई। जिससे मात्र 02 दिनों के भीतर ही बाल अपचारी को अभिरक्षा में लेकर कब्जे से चोरी की बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की गई।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
वादी अजय यादव पुत्र राम औतार, निवासी ग्राम लक्ष्मनपुर, चन्दापुर थाना वजीरगंज जनपद गोण्डा द्वारा थाना वजीरगंज पर लिखित तहरीर दी गयी कि वह वजीरगंज बाजार स्थित एक क्लीनिक पर कार्य करते हैं। दिनांक 18.03.2026 को वह अपनी मोटरसाइकिल को क्लीनिक के पास खड़ी कर ड्यूटी पर चले गए। वापस आने पर उक्त मोटरसाइकिल चोरी पाई गई। काफी खोजबीन के बावजूद वाहन का पता नहीं चल सका। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना वजीरगंज पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना के दौरान यक्ष एप के माध्यम से सीसीटीवी नेटवर्क को ट्रेस कर फुटेज का वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया, जिससे संदिग्ध की पहचान संभव हो सकी। जिसमें वजीरगंज पुलिस द्वारा दिनांक 20.03.2026 को वाहन चेकिंग के दौरान बाल अपचारी को अभिरक्षा में लिया गया तथा उसके कब्जे से चोरी की बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की गई। बरामदगी के आधार पर थाना वजीरगंज पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही करते हुए बाल अपचारी को किशोर न्याय बोर्ड, गोण्डा के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

*पूछताछ का विवरण-*
पुलिस पूछताछ में बाल अपचारी द्वारा बताया गया कि वह दिनांक 18.03.2026 को अपने घर से सवारी से कस्बा वजीरगंज आया था। इसी दौरान उसने एक बुलेट मोटरसाइकिल को, जिसमें चाभी लगी हुई थी, अस्पताल के पास एक दुकान के सामने खड़ी देखी। इधर-उधर देखकर मौका पाकर उसने उक्त मोटरसाइकिल को चोरी कर लिया तथा अपने घर के पास अरहर के खेत में छिपा दिया। आज दिनांक 20.03.2026 को वह उक्त मोटरसाइकिल को बेचने के उद्देश्य से नेपाल ले जाने के लिए जा रहा था, तभी पुलिस टीम द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान उसे पकड़ लिया गया।
रांची में ईद और सरहुल का अनूठा संगम: चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात, ड्रोन और CCTV से होगी हर हलचल पर नजर।

रांची: आज राजधानी रांची में गंगा-जमुनी तहजीब और प्रकृति पूजा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। एक ओर जहाँ ईद-उल-फितर की खुशियां मनाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर झारखंड का पारंपरिक सरहुल पर्व भी पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इन दोनों बड़े आयोजनों को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

सुरक्षा का अभेद्य किला:

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने बताया कि संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। असामाजिक तत्वों और जेबकतरों पर लगाम लगाने के लिए भारी संख्या में सादे लिबास में पुलिस बल को भी उतारा गया है।

ड्रोन और CCTV से निगरानी:

प्रशासन इस बार आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। प्रमुख मस्जिदों, पूजा स्थलों और जुलूस मार्गों पर ड्रोन कैमरों के जरिए आसमान से नजर रखी जा रही है। कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से हर गतिविधि की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।

अफवाहों पर सख्त संदेश:

उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सरना समिति और सर्व धर्म सद्भावना समिति के सदस्यों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध सूचना की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें।

नए यमुना पुल पर रात होते ही कानून बेबस! गलत दिशा में दौड़ते वाहन, पासर गिरोह की अवैध वसूली का खेल

आधी रात के बाद हाईवे बन जाता है ‘नो-रूल ज़ोन’, ट्रक- डंपर जबरन पास, पुलिस- प्रशासन बेखबर!



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। नए यमुना पुल और उसके आसपास की सड़कों पर अनियंत्रित और अराजक यातायात अब बड़ी समस्या बनता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि यहां यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने की कोई मुकम्मल योजना धरातल पर नजर नहीं आ रही। खासकर रात होते ही पूरा इलाका मानो नियमों से मुक्त हो जाता है और सड़कों पर मनमानी शुरू हो जाती है। रीवा, चित्रकूट, बांदा, मिर्जापुर और वाराणसी की ओर से आने-जाने वाले भारी वाहन चालक आधी रात के बाद पूरी तरह बेलगाम हो जाते हैं। गलत दिशा से तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाना, जबरन आगे निकलना और दूसरे वाहनों को दबाव बनाकर रास्ता खाली कराने जैसी घटनाएं आम हो चुकी हैं। इससे हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।

अवैध वसूली का खेल, जबरन पास कराए जाते हैं वाहन

सूत्रों के अनुसार रात के अंधेरे में नए यमुना पुल पर एक संगठित पासर गिरोह सक्रिय हो जाता है। यह गिरोह हाईवे से आने वाले ट्रक, डंपर और भारी वाहनों से अवैध वसूली करता है और फिर उन्हें जबरन पास कराता है। कई बार ओवरलोड वाहन भी इसी सहारे शहर के अंदर तक पहुंच जाते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतना सब कुछ खुलेआम होने के बावजूद पुलिस, प्रशासन और आरटीओ के जिम्मेदार अधिकारी अनजान बने हुए हैं, जिससे लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।

रात में इन जगहों पर सक्रिय रहता है गिरोह

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात के समय मामा-भांजा तालाब, खान चौराहा, लेप्रोसी चौराहा, जेल के सामने, बांगड़ धर्मशाला के आसपास पासर गिरोह के सदस्य सक्रिय हो जाते हैं। कुछ लोग बाइक से चलते हैं तो कुछ चार पहिया वाहनों से ओवरलोड ट्रक और डंपर के आगे-पीछे चलकर रास्ता साफ कराते हैं। जैसे ही रास्ते में नीली या लाल बत्ती जलती कोई सरकारी गाड़ी दिखाई देती है, गिरोह के सदस्य तुरंत किनारे हो जाते हैं, जिससे उनकी गतिविधियां पकड़ में नहीं आ पातीं।

कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही नए यमुना पुल और आसपास की सड़कों पर सख्त निगरानी नहीं की गई, तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रात के समय विशेष चेकिंग अभियान चलाकर गलत दिशा में चलने वाले और अवैध वसूली करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
लखनऊ में स्मार्ट प्रीपेड मीटर विवाद गरमाया, विद्युत कंपनियों को नियामक आयोग का नोटिस

* बिना सूचना मीटर बदलने और बिजली कटौती पर सख्ती, 15 दिन में जवाब तलब

लखनऊ। प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की याचिका पर संज्ञान लेते हुए विद्युत नियामक आयोग ने सभी विद्युत कंपनियों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को 15 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में अब तक 74.48 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 69.64 लाख मीटर उपभोक्ताओं को पूर्व सूचना दिए बिना ही प्रीपेड मोड में परिवर्तित कर दिए गए। इस पर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
13 से 18 मार्च के बीच चलाए गए अभियान के दौरान 5.79 लाख उपभोक्ताओं के मीटर नेगेटिव बैलेंस होने पर स्वतः डिस्कनेक्ट हो गए। स्थिति और गंभीर तब हो गई जब रिचार्ज करने के बाद भी कई उपभोक्ताओं की बिजली कई घंटों तक बहाल नहीं हो सकी।
नियामक आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 1 फरवरी से 20 मार्च 2026 के बीच प्राप्त मुआवजा दावों का पूरा विवरण भी कंपनियों से मांगा है। अब देखना होगा कि कंपनियां इस पर क्या जवाब देती हैं और उपभोक्ताओं को राहत कब तक मिलती है।
मनोनीत पार्षद अक्षत शर्मा का भव्य स्वागत, विकास कार्यों का लिया संकल्प
मेरठ/बहसूमा, 21 मार्च। नगर पालिका मवाना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मनोनीत पार्षद बनाए जाने पर युवा अधिवक्ता अक्षत शर्मा का कॉलोनी ढिकौली में भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए उन्हें फूल-मालाओं से सम्मानित किया और शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ठाकुर शनी प्रताप ने की, जबकि संचालन सभासद अवजीत चौहान द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी सम्मानित सदस्यों ने अक्षत शर्मा को माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

अपने संबोधन में अक्षत शर्मा ने क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्धता जताते हुए संकल्प लिया कि कॉलोनी ढिकौली में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने पीने के पानी की समुचित व्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए भी प्रयास करने की बात कही।

कार्यक्रम में रिंकू चौहान, मनोज चौहान, अमित चौहान, अर्जुन चौहान, यशवंत, राज सिंह, राहुल चौहान, अभिषेक कश्यप, राजा चौहान, सुमित चौहान, शुभम चौहान, प्रिंस चौहान, गौरव चौहान, पप्पी चौहान, योगेंद्र चौहान, विजय चौहान, स्नेह चौहान, ओजस्वी चौहान, रोनित ठाकुर, सुभाष चौहान, मुकुल चौहान, अमर सिंह, संजय चौहान, कृष्ण चौहान, दीपक चौहान सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कन्नौज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत दो मुस्लिम समुदाय के जोड़ो साहित 103 जोड़ों का सम्पन्न हुआ विवाह,
मंत्री असीम अरुण ने दिया, वर बधू को आशीर्वाद
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज। जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आज पी.एस.एम. कॉलेज प्रांगण कुल हरसोल्लास, उत्साह और शुभकामनाओं से सराबोर रहा। उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में 103 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। इनमें 2 जोड़े मुस्लिम समुदाय के भी सम्मिलित रहे, जो इस योजना की समावेशी एवं सर्वधर्म समभाव की भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करता है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री असीम अरुण ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर संपन्न हो रहा यह विवाह समारोह अत्यंत शुभ और मंगलकारी है। उन्होंने कहा, “विवाह केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच विश्वास, प्रेम और संस्कारों का अटूट बंधन है। आप सभी अपने जीवन की नई यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं, जिसमें परिश्रम, आपसी समझ और सम्मान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक युवा स्वावलंबी बने, अपने कौशल और शिक्षा के बल पर आगे बढ़े तथा ‘सीएम युवा उद्यमी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर भविष्य का निर्माण करे। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार लेने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाएं आपके जीवन को सुदृढ़ एवं समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को आधार से जोड़कर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सरल बनाया गया है, जिससे पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के योजना का लाभ मिल सके। यह योजना निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक सशक्त सहारा बनकर उभरी है।
    
जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया that योजना के अंतर्गत प्रति जोड़ा ₹1,00,000 की धनराशि व्यय की जाती है, जिसमें ₹60,000 सीधे कन्या के बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाते हैं, ₹25,000 की उपहार सामग्री प्रदान की जाती है तथा ₹15,000 विवाह आयोजन पर व्यय किया जाता है। कार्यक्रम में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट  वैशाली, ब्लॉक प्रमुख कन्नौज, खंड विकास अधिकारी कन्नौज सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं वर-वधू के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में हर्ष, सद्भाव एवं सामाजिक समरसता का वातावरण व्याप्त रहा है।
“09 वर्षों में विकास की नई गाथा: रोजगार, समरसता और सशक्तिकरण पर सरकार का जोर”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कौशाम्बी के मंझनपुर बस डिपो परिसर में आयोजित “गौरव प्रतिमा अनावरण” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की 9 वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मंझनपुर को समरसता का केंद्र बनाने का प्रयास पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य “सबका साथ, सबका विकास” के साथ “सबको रोजगार” सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के लाभार्थियों को ट्रैक्टर संचालित मोबाइल यूनिट वितरित की गई। उन्होंने लोगों से योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं और लगभग 9 लाख लोगों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रदेश में दंगों पर पूर्ण नियंत्रण रहा है। सरकार गरीब कल्याण, किसान सम्मान और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रही है।
मौर्य ने बताया कि विभिन्न पेंशन योजनाओं की राशि बढ़ाकर पहले 300 रुपये से 1000 रुपये और अब 1500 रुपये प्रतिमाह करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाखों लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उज्ज्वला योजना से मुफ्त गैस कनेक्शन और जनधन योजना के तहत करोड़ों लोगों के बैंक खाते खोले गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये की सहायता दी जा रही है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने महिलाओं से स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। उन्होंने 2047 तक देश और प्रदेश को विकसित बनाने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने बताया कि अयोध्या से रामेश्वरम तक बनने वाले रामवन गमन मार्ग और प्रयागराज एयरपोर्ट से कौशाम्बी तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। सरकार कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और महापुरुषों को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में विधायक पूजा पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
गो-आश्रयों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, हर गोशाला में बनेगा ‘भूसा बैंक’
* उत्कृष्ट गोसेवकों का होगा सम्मान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में गो-रक्षा और गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि गोसेवा भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है और इस क्षेत्र में योगदान देने वालों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाना चाहिए।
शनिवार को गोसेवा आयोग के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गोशाला में ‘भूसा बैंक’ स्थापित किया जाए और हरे चारे की उपलब्धता के लिए किसानों से समन्वय बनाया जाए। साथ ही प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को भी इन स्थलों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी गो-आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए सीएसआर फंड के उपयोग पर भी बल दिया गया, ताकि व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती लाई जा सके।
निरीक्षण व्यवस्था को सख्त करते हुए उन्होंने गोसेवा आयोग के पदाधिकारियों को 2-2 के समूह में प्रदेश भर में भ्रमण कर गोशालाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। विभागीय मंत्री और अधिकारी भी फील्ड में उतरकर नियमित निगरानी करेंगे। प्रत्येक निरीक्षण की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 7,527 गो-आश्रय स्थलों में 12.39 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को गोवंश सुपुर्द किया गया है, जिनके उचित भरण-पोषण और सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गो-संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती और सतत विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने डीबीटी प्रणाली के माध्यम से समयबद्ध भुगतान और प्रत्येक गो-आश्रय स्थल पर गोवंश की दैनिक संख्या का रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश में हजारों गो-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं और कई जनपदों में कमांड एंड कंट्रोल रूम संचालित हो रहे हैं। गोचर भूमि के उपयोग, हरे चारे के विकास और गोबर गैस संयंत्रों के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ द्वारा गोबर से बने उत्पादों को आत्मनिर्भरता का सफल मॉडल बताते हुए इनके विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से न केवल गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।
परिवहन निगम में 2584 महिला परिचालकों की भर्ती, रोजगार मेले होंगे आयोजित
* गृह जनपद में ही मिलेगी तैनाती, 25 मार्च से शुरू होगा भर्ती अभियान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में 2584 पदों पर संविदा के आधार पर महिला परिचालकों की भर्ती की जाएगी। यह भर्ती प्रदेश सरकार के निर्देश पर रोजगार मेलों के माध्यम से की जाएगी।
यह जानकारी परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि चयनित महिला अभ्यर्थियों को उनके गृह जनपद के अंतर्गत आने वाले डिपो में ही तैनात किया जाएगा, जिससे उन्हें कार्यस्थल पर सुविधा मिल सके।
भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट निर्धारित की गई है, साथ ही CCC प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों का चयन इंटरमीडिएट में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि एनसीसी ‘बी’ प्रमाणपत्र, एनएसएस, तथा भारत स्काउट एवं गाइड के राज्य या राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भर्ती के लिए 25 मार्च, 28 मार्च, 30 मार्च एवं 1 अप्रैल 2026 को प्रदेश के विभिन्न मंडलों में रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे।
* 25 मार्च: सहारनपुर, झांसी, कानपुर, चित्रकूट धाम-बांदा, प्रयागराज
* 28 मार्च: गाजियाबाद, अलीगढ़, बरेली, अयोध्या, वाराणसी
* 30 मार्च: मेरठ, इटावा, हरदोई, देवीपाटन, आजमगढ़
* 01 अप्रैल: नोएडा, आगरा, मुरादाबाद, लखनऊ, गोरखपुर

इच्छुक महिला अभ्यर्थी अपने निकटतम क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकती हैं। मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि चयनित महिला परिचालकों को संविदा चालकों/परिचालकों के समान पारिश्रमिक दर पर भुगतान किया जाएगा।
सरदार पतविन्दर सिंह ने 'धुरंधर 2 फिल्म' पर सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस-आहत करने के आरोप लगाए।

तत्काल सिख समुदाय से सार्वजनिक माफी मांगे और ऐसे दृश्यों को फिल्म,पोस्टर और ट्रेलर से तुरंत हटाया जाए।

फिल्म में सिख किरदार द्वारा धूम्रपान किया जा रहा है

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविन्दर सिंह ने आदित्य धर द्वारा निर्देशित और रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म 'धुरंधर 2' (जिसे 'धुरंधर द रिवेंज' भी कहा जा रहा है) फिल्म 'धुरंधर 2' को तत्काल रोक लगाई जाएl19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई।

क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि फिल्म में सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचा जा रहा है l फिल्म में

सिख किरदार द्वारा धूम्रपान किया जा रहा है फिल्म में रणवीर सिंह एक सिख किरदार (जसकीरत सिंह रंगी) की भूमिका निभा रहे हैं, जिन्हें धूम्रपान (सिगरेट पीते हुए) करते हुए दिखाया गया है।जो धार्मिक सिद्धांतों के खिलाफ सिख धर्म में तंबाकू और धूम्रपान पूरी तरह से वर्जित है। सिखों के लिए यह एक अत्यंत पवित्र और कड़ाई से पालन किए जाने वाले नियम के खिलाफ है।क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि अपमानजनक चित्रण पगड़ी पहने हुए एक सिख पात्र को धूम्रपान करते हुए दिखाना सिख धर्म के सिद्धांतों का अपमान है और यह धार्मिक रूप से असंवेदनशील है।

क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि तत्काल सिख समुदाय से सार्वजनिक माफी मांगे और ऐसे दृश्यों को फिल्म,पोस्टर और ट्रेलर से तुरंत हटाया जाए।

यक्ष एप की सहायता से थाना वजीरगंज पुलिस को मिली सफलता, चोरी की बुलेट मोटरसाइकिल बरामद, बाल अपचारी पुलिस अभिरक्षा में

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी तरबगंज श्री उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में थाना वजीरगंज पुलिस टीम द्वारा आधुनिक तकनीक “यक्ष एप” का प्रभावी उपयोग करते हुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गई। थाना वजीरगंज पुलिस द्वारा घटना के अनावरण हेतु पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ डिजिटल पुलिसिंग को प्राथमिकता देते हुए यक्ष एप का सहारा लिया गया। यक्ष एप के माध्यम से घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की सटीक लोकेशन चिन्हित की गई। विभिन्न स्थानों से सीसीटीवी फुटेज एकत्र कर एप के माध्यम से उनका विश्लेषण किया गया। संदिग्ध व्यक्तियों की फोटो निकालकर यक्ष एप में अपलोड की गई। यक्ष एप के माध्यम से सर्किल के वाहन चोरों की सूची का अवलोकन कर संदिग्ध की पहचान सुनिश्चित की गई।
प्राप्त इनपुट के आधार पर अभियुक्त की गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखी गई। जिससे मात्र 02 दिनों के भीतर ही बाल अपचारी को अभिरक्षा में लेकर कब्जे से चोरी की बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की गई।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
वादी अजय यादव पुत्र राम औतार, निवासी ग्राम लक्ष्मनपुर, चन्दापुर थाना वजीरगंज जनपद गोण्डा द्वारा थाना वजीरगंज पर लिखित तहरीर दी गयी कि वह वजीरगंज बाजार स्थित एक क्लीनिक पर कार्य करते हैं। दिनांक 18.03.2026 को वह अपनी मोटरसाइकिल को क्लीनिक के पास खड़ी कर ड्यूटी पर चले गए। वापस आने पर उक्त मोटरसाइकिल चोरी पाई गई। काफी खोजबीन के बावजूद वाहन का पता नहीं चल सका। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना वजीरगंज पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना के दौरान यक्ष एप के माध्यम से सीसीटीवी नेटवर्क को ट्रेस कर फुटेज का वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया, जिससे संदिग्ध की पहचान संभव हो सकी। जिसमें वजीरगंज पुलिस द्वारा दिनांक 20.03.2026 को वाहन चेकिंग के दौरान बाल अपचारी को अभिरक्षा में लिया गया तथा उसके कब्जे से चोरी की बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की गई। बरामदगी के आधार पर थाना वजीरगंज पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही करते हुए बाल अपचारी को किशोर न्याय बोर्ड, गोण्डा के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

*पूछताछ का विवरण-*
पुलिस पूछताछ में बाल अपचारी द्वारा बताया गया कि वह दिनांक 18.03.2026 को अपने घर से सवारी से कस्बा वजीरगंज आया था। इसी दौरान उसने एक बुलेट मोटरसाइकिल को, जिसमें चाभी लगी हुई थी, अस्पताल के पास एक दुकान के सामने खड़ी देखी। इधर-उधर देखकर मौका पाकर उसने उक्त मोटरसाइकिल को चोरी कर लिया तथा अपने घर के पास अरहर के खेत में छिपा दिया। आज दिनांक 20.03.2026 को वह उक्त मोटरसाइकिल को बेचने के उद्देश्य से नेपाल ले जाने के लिए जा रहा था, तभी पुलिस टीम द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान उसे पकड़ लिया गया।
रांची में ईद और सरहुल का अनूठा संगम: चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात, ड्रोन और CCTV से होगी हर हलचल पर नजर।

रांची: आज राजधानी रांची में गंगा-जमुनी तहजीब और प्रकृति पूजा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। एक ओर जहाँ ईद-उल-फितर की खुशियां मनाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर झारखंड का पारंपरिक सरहुल पर्व भी पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इन दोनों बड़े आयोजनों को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

सुरक्षा का अभेद्य किला:

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने बताया कि संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। असामाजिक तत्वों और जेबकतरों पर लगाम लगाने के लिए भारी संख्या में सादे लिबास में पुलिस बल को भी उतारा गया है।

ड्रोन और CCTV से निगरानी:

प्रशासन इस बार आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। प्रमुख मस्जिदों, पूजा स्थलों और जुलूस मार्गों पर ड्रोन कैमरों के जरिए आसमान से नजर रखी जा रही है। कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से हर गतिविधि की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।

अफवाहों पर सख्त संदेश:

उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सरना समिति और सर्व धर्म सद्भावना समिति के सदस्यों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध सूचना की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें।