आजमगढ़:-बिजली बकायेदारों को फिर राहत, मार्च में भी मिलेगी छूट का लाभ
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। विद्युत बिल राहत योजना की अवधि समाप्त होने के बाद सरकार ने उपभोक्ताओं को एक बार फिर राहत देने का फैसला लिया है। अब मार्च माह में भी उन उपभोक्ताओं को छूट का लाभ दिया जाएगा, जिन्होंने पूर्व निर्धारित अवधि (1 दिसंबर से 28 फरवरी) के दौरान पंजीकरण कराया था, लेकिन किसी कारणवश बकाया बिल जमा नहीं कर सके। सरकार के निर्देश पर विद्युत विभाग के अधिकारियों को आदेशित किया गया है कि ऐसे उपभोक्ताओं से उनके पंजीकरण के महीने के अनुसार ही छूट का लाभ देकर बकाया बिल जमा कराया जाए। इसी क्रम में विद्युत वितरण खंड फूलपुर के अंतर्गत सभी अवर अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। अधिकारी गांव-गांव जाकर बकायेदार उपभोक्ताओं को जागरूक कर रहे हैं और बकाया जमा कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। तहसील मुख्यालय के अंतर्गत सुदनीपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता देवेंद्र सिंह ने अपनी टीम के साथ नगर पंचायत फूलपुर और ग्राम पंचायत चमावा में अभियान चलाया। इस दौरान करीब 1 लाख 15 हजार रुपये का राजस्व वसूला गया। अभियान के दौरान बिजली की अनियमितता करते पाए गए तीन उपभोक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि तीन अन्य उपभोक्ताओं का भार (लोड) बढ़ाया गया। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विद्युत वितरण खंड फूलपुर के सभी उपकेंद्रों और कैश काउंटरों को सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी खोले जाने का निर्णय लिया गया है। अधिशासी अभियंता हरीश प्रजापति ने बताया कि शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय आभूषणों की विरासतः अतीत से वर्तमान तक एक निरंतर यात्रा

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ उजागर करती हैं भारतीय शिल्प, सौंदर्य और सांस्कृतिक निरंतरता का अद्भुत संगम भारत में आभूषण केवल सजावट का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान, आस्था और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के सशक्त प्रतीक रहे हैं। बदलते समय के साथ इनके स्वरूप में परिवर्तन अवश्य हुआ है, किंतु यह भी उतना ही सत्य है कि प्राचीन आभूषण शैलियाँ समय-समय पर आधुनिक फैशन में पुनः उभरती रहती हैं। यह प्रवृत्ति भारतीय परंपरा की गहरी जड़ों और उसकी निरंतरता को दर्शाती है।

संचालनालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ इस सांस्कृतिक यात्रा का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। इन मूर्तियों में अंकित आभूषण न केवल उस समय की शिल्पकला और तकनीकी दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि समाज की सौंदर्य दृष्टि और जीवन शैली को भी जीवंत रूप में सामने लाते हैं।

द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व की शुंगकालीन यक्षी प्रतिमा, भरहुत से प्राप्त, भारतीय आभूषणों के प्रारंभिक विकसित स्वरूप को दर्शाती है। विकसित कमल के मध्य अंकित इस प्रतिमा में मोतियों के पंचवली हार, कर्ण-कुंडल और बहु-लड़ी हारावली का सुंदर अंकन है। यक्षी अपने हाथों में सनाल पद्म धारण किए हुए हैं। यक्षी के चेहरे पर हल्की मुस्कान और शिरो-सज्जा में बालों का व्यवस्थित विन्यास उस समय की सौंदर्य दृष्टि को दर्शाता है।

9वीं-10वीं शताब्दी की हरिहर प्रतिमा में शिव और विष्णु का संयुक्त स्वरूप अंकित है। आधे भाग में जटामुकुट और दूसरे भाग में किरीट मुकुट, दोनों देवताओं की पहचान को स्पष्ट करते हैं। अन्य आभूषणों में केयूर, शिव सर्पकुंडल तथा विष्णु सूर्यवृत कुंडल, एकावलीहार, यज्ञोपवीत, उरूदाम धारण किए हुए हैं। हरि का वाहन गरुड मानव रूप में आलेखित हैं, तथा हर का वाहन नंदी भी प्रदर्शित हैं।

11वीं शताब्दी की परमारकालीन शिव-पार्वती प्रतिमा में 'रावणानुग्रह' का दृश्य अंकित है। शिव-पार्वती को कैलाश पर्वत पर अपने अपने वाहन नंदी एवं सिंह पर बैठा दिखाया गया हैं। पार्वती जटामुकुट धारण किए हुए हैं। पादपीठ पर रावण को कैलाश पर्वत उठाने के लिए घुटने के बल मुड़े हुए दिखाया गया हैं। गणेश, कार्तिकेय, ब्रह्मा-विष्णु के साथ विद्याधर एवं गन्धों का आलेखन हैं। शिव के कानों में चक्राकार कर्णकुंडल, गले में एकावली (मुक्तामाला) तथा उसके ऊपर तीन लड़ी वाला हार दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त भुजाओं में केयूर (भुजबंध) अलंकरण को और समृद्ध बनाते हैं। एक बनमाला भी नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई गई है, जिसे पुष्पमाला के रूप में सजाया गया है।

पार्वती के कानों में भिन्न प्रकार के कुंडल; एक ओर चक्रकुंडल और दूसरी ओर ताटंक दर्शाए गए हैं। गले के आभूषण में हारावली मध्य भाग से नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई देती है, और भीतर की ओर स्तनसूत्र का भी अंकन है।

11वीं शताब्दी की कलचुरी कला में आभूषणों की सूक्ष्मता और जटिलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। सुर सुंदरी स्खलित वसना प्रतिमा की भावांकन में सरलता, चक्र-कुंडल, एकावली, चंद्रहार, स्तनसूत्र, कुचबंध, केयूर, कंकण धारण किए हुए हैं। इस प्रतिमा में नायिका के स्नानोपरांत वस्त्र धारण करने का आलेखन है।

11-12वीं शताब्दी की कच्छपघात शैली की वैष्णवी प्रतिमा में क्षेत्रीय कला का प्रभाव स्पष्ट है। भुजाओं में शंख, चक्र, गदा एवं पद्म धारण किए हुए हैं। देवी किरीट मुकुट कुंडल, हार, स्तनहार, कटीमेखला, वैजयंती माला, नूपुर, कंगन, बाजूबंध आदी आभूषणों से अलंकृत हैं। पादपीठ पर परिचारक देवी से आशीर्वाद ले रहा हैं।

उमा-महेश्वर अपने अपने वाहन सिंह एवं नंदी पर बैठे हुए जटा मुकुट, हार, बाजूबंद, कटीमेखला, नूपुर धारण किए हैं। प्रतिमा में उमा-महेश्वर को एक दूसरे की ओर निहारते हुए दिखाया गया हैं। चतुर्भुजी शिव की भुजाओं में त्रिशूल, सर्प, कमलपुष्प अंकित हैं। पार्वती की दाहिनी भुजा शिव के स्कन्ध एवं बांयी भुजा में दर्पण लिए हैं।

समभंग में स्थानक देवी के घुटने के नीचे का भाग खंडित हैं। द्विभुजी देवी की दायीं भुजा में अक्षमाला, बांयी भुजा में कमंडल का अंकन हैं। अलंकृत केश दोनों कंधों पर फैलें हुए हैं। देवी कर्णकुंडल, ग्रैवेयक, केयूर, कटीमेखला, पारदर्शी अधोवस्त्र आदि से अलंकृत हैं।

संयुक्त निदेशक डॉ. मनीषा शर्मा के शब्दों में, भारतीय आभूषण केवल अलंकरण नहीं, बल्कि समय, समाज और संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज़ हैं। इन मूर्तियों में अंकित प्रत्येक कुंडल, हार और कटिमेखला अपने युग की सौंदर्य दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों की कहानी कहती है। संचालनालय में संरक्षित ये धरोहर हमें यह समझने का अवसर देती हैं कि परंपरा कभी स्थिर नहीं होती; वह निरंतर विकसित होती है, फिर भी अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी रहती है। आज के आभूषणों में जो रूप दिखाई देते हैं, वे इन्हीं प्राचीन परंपराओं की पुनरावृत्ति हैं, जो अतीत और वर्तमान के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती हैं।

रांची: रामनवमी और CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा एक ही दिन, जिला प्रशासन ने जारी की विशेष एडवाईजरी


रांची | 26 मार्च 2026: राजधानी रांची में कल, 27 मार्च 2026 को रामनवमी का महापर्व और CBSE 12वीं बोर्ड की परीक्षा एक साथ होने जा रही है। इस विशेष संयोग को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुँचने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर व्यापक सुरक्षा और ट्रैफिक योजना तैयार की गई है।

ट्रैफिक प्रबंधन और रूट डायवर्जन

रामनवमी के भव्य जुलूस और संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों तक निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग (रूट डायवर्जन) निर्धारित किए हैं।

विशेष प्रतिनियुक्ति: सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों (Magistrates) की तैनाती की गई है।

समन्वय: जुलूस मार्ग और परीक्षा केंद्रों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

अभिभावकों और परीक्षार्थियों से विशेष अपील

जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से कुछ महत्वपूर्ण आग्रह किए हैं:

समय से पहले निकलें: त्योहार के कारण सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकता है, इसलिए परीक्षार्थी निर्धारित समय से काफी पहले घर से निकलें।

अफवाहों से बचें: किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

निर्देशों का पालन: प्रशासन द्वारा जारी रूट चार्ट और निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

सोशल मीडिया पर पैनी नजर

जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल के माध्यम से हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन का संकल्प

जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य रामनवमी के पर्व और बोर्ड परीक्षा, दोनों का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति का गढ़वा दौरा, विकास योजनाओं की हुई समीक्षा।

गढ़वा :- झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने गुरुवार को गढ़वा जिले का दौरा किया। इस अवसर पर समिति द्वारा परिसदन भवन में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर जिले में संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति -सह- माननीय विधायक गढ़वा- 80 विद्यानसभा क्षेत्र सत्येंद्र नाथ तिवारी ने की। बैठक में झारखंड विधानसभा के उपसचिव कुंदन सिंह, एसओ उमेश कुमार एवं निजी सचिव गौतम कुमार उपस्थित रहें।

वहीं बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन योजनाओं में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस क्रम में विधायक फंड, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा भुगतान, सड़क निर्माण, विभिन्न संरचना निर्माण, ग्रामीण एवं शहरी जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति आदि की विशेष रूप से समीक्षा की गई।

वहीं समिति द्वारा विभिन्न सड़क निर्माण के दौरान अधिग्रहित किए गए भूमि के एवज में मुआवजा भुगतान से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट से अवगत कराने की बात कही। साथ ही सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सड़क निर्माण एवं मुआवजा राशि के भुगतान में हर समस्याओं व शिकायत का समय समाधान निकालने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया। खनन विभाग की समीक्षा करते हुए अवैध बालू खनन पर रोक लगाने हेतु आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। लक्ष्य के अनुरूपधन अधिप्राप्ति किए जाने संबंधी अधिकतम प्रतिवेदन से अवगत होते हुए पैक्स के माध्यम से की गई धान अधिप्राप्ति के भुगतान में तेजी लाने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त एसी/डीसी बिल के मामलों पर भी गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार, भू-अर्जन, खनन विभाग, भवन प्रमंडल, पीएचईडी सहित अन्य विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की गई। शहिद नीलांबर पीतांबर उत्तर कोयल परियोजना (मंडल डैम) के विस्थापितों को रंका रमकंडा क्षेत्र के विश्रामपुर व बलीगढ़ में पुनर्वासित करने के मामले की समीक्षा की गई एवं इस संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पुल पुलिया का निर्माण, छात्रावास निर्माण, राशन वितरण, खेल विभाग द्वारा बनाया जा रहे हैं खेल मैदानों की की समीक्षा, बालू घाटों की नीलामी की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों एवं बहाली की समीक्षा, गढ़वा जिले से मजदूरों के पलायन के मुद्दे, जिले में लंबित म्युटेशन की समीक्षा, सामाजिक वानिकी के तहत लिए गए योजनाओं की समीक्षा एवं विद्युत विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों समेत ग्रामीण एवं शहरी विभाग के द्वारा किए जा रहे हैं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए।

वहीं इस अवसर पर समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जनहित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

वहीं बैठक में उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, डीएफओ ईबी अब्राहम, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, डीआरडीबी निदेशक प्रमेश कुशवाहा, भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. जेएफ कैनेडी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरी, विभिन्न अभियंत्रण विभागों के कार्यपालक अभियंतागण, जिला योजना पदाधिकारी शिशिर तिग्गा सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान व वरीय पदाधिकारीगण समेत अन्य कर्मी उपस्थित रहें।।

टोलकर्मियों की गुंडागर्दी के विरोध में भाकियू तोमर ने सौंपा ज्ञापन, महापंचायत की चेतावनी
मेरठ/बहसूमा। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को शिवाया टोल प्लाजा पर टोलकर्मियों द्वारा कथित बदसलूकी, गुंडागर्दी और दुर्व्यवहार के विरोध में जोरदार आवाज उठाई। संगठन के जिलाध्यक्ष चौधरी इंतजार देशवाल के नेतृत्व में किसानों ने दौराला थाने पहुंचकर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया कि शिवाया टोल पर आए दिन टोलकर्मियों द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे क्षेत्र के किसानों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

जिलाध्यक्ष चौधरी इंतजार देशवाल ने साफ कहा कि यदि 5 अप्रैल तक प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो भारतीय किसान यूनियन (तोमर) द्वारा शिवाया टोल पर महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

किसानों ने प्रशासन से टोलकर्मियों के व्यवहार में सुधार और व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है।
विकास मंच के जिला अध्यक्ष ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर निजी स्कूलों के विरोध में किया, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिया ज्ञापन


फर्रुखाबाद l गुरुवार को विकास मंच के जिला अध्यक्ष भयइन मिश्रा ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर निजी स्कूलों के विरोध में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन कहा है कि जिले में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर महंगी किताबें और अन्य शैक्षिक सामग्री खरीदने के लिए उसी दुकान पर जाने को मजबूर करते हैं जहां पर वह बताते हैं,उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सीबीएसई एवं अन्य बोर्ड से संचालित कई निजी स्कूल नियमों की अनदेखी कर निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं। अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष नए सत्र में किताबों के सेट में मामूली बदलाव कर पुरानी पुस्तकों को अनुपयोगी बता दिया जाता है, जिससे अभिभावकों को हर साल नया सेट खरीदना पड़ता है। कई मामलों में स्कूल प्रबंधन विशेष दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव डालते हैं। यही नहीं एडमिशन फीस और अन्य शुल्क भी मनमाने ढंग से वसूलने की भी शिकायत की गई है। विकास मंच जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि सभी स्कूलों में एनसीईआरटी या सरकारी मानकों के अनुरूप पुस्तकें ही लागू कराई जाएं, साथ ही फीस पर नियंत्रण रखा जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
स्कूली वाहनो की फिटनेस बैद्धता होगी अनिवार्य - अल्का शुक्ला*
सड़क पर दौड़ रही स्कूली वाहनों को चिन्हित कर प्रबंधक व वाहन स्वामियों पर होगा मुकदमा दर्ज।
सुल्तानपुर,स्कूली वाहनों की फिटनेस वैद्धता समाप्त हो जाने वाले ऐसे वाहन स्वामी स्कूल के प्रबंधक व प्रधानाचार्य को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी व प्रशासन ने कडा रूख दिखाते हुए वाहनों की फिटनेस व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के लिए एक सख्त नोटिस जारी किया है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन अल्का शुक्ला ने ऐसे विद्यालयों में शम्बद्ध वाहनों पर आने जाने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं के जीवन सुरक्षा को ध्यान मे रखकर ऐसे वाहन स्वामियों को सख्ती का पत्र जारी कर 130 से अधिक वाहन स्वमियों को अपना वाहन जल्द से जल्द दुरुस्त कराने को कहा है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अल्का शुक्ला द्वारा जारी सूची मे ऐसे अभिभावक को आगाह किया है कि वे ऐसे वाहन पर अपने बच्चों को कदापि न भेजें जिन वाहनो का फिटनेस सही नहीं है,वल्कि वे अभिभावक यह भी तहकीकात कर ले, कि वाहनो की टूटी फर्स,टूटी खिडकियां, हार्न,लाइट दुरुस्त रहे। अगर कोई वाहन स्वामी बिभाग से तत्काल गाड़ियों का फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं प्राप्त कर लेते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
मिशन शक्ति का जागरूकता कार्यक्रम:- नारी शक्ति ही असली शक्ति
गोण्डा। नवरात्रि शक्ति उपासना का पर्व है और नारी उसी शक्ति का साकार स्वरूप है। इसी भाव के साथ गुरुवार को मिशन शक्ति अभियान 5.0 के तहत नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह के नेतृत्व में एंटी रोमियो टीम ने पिपरी गांव में महिलाओं व बालिकाओं को जागरूक किया।कार्यक्रम में छेड़छाड़, शोषण, दहेज उत्पीड़न, बाल अपराध व एसिड अटैक जैसी घटनाओं से बचाव के उपाय बताए गए। साथ ही मिशन शक्ति केंद्र और विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।महिला उपनिरीक्षक अंतिमा सिंह ने कहा कि नवरात्रि हमें यह संदेश देती है कि हर नारी शक्ति का स्वरूप है। इसलिए बालिकाएं गुड टच-बैड टच को समझें और किसी भी गलत हरकत का तुरंत विरोध करते हुए पुलिस की मदद लें।
उन्होंने साइबर अपराध से बचाव के लिए हेल्पलाइन 1930 की जानकारी भी दी।

अंत में जागरूकता पम्पलेट वितरित किए गए। इस दौरान महिला आरक्षी प्रांशी यादव, सुनीता कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं व बालिकाएं मौजूद रहीं।
एस पी  संतकबीरनगर द्वारा थाना धनघटा का किया गया वार्षिक निरीक्षण, सम्बन्धित को दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश
रमेश दूबे

*पिंक बूथ व महिला हेल्प डेस्क पर कार्यरत 02 महिला पुलिस कर्मियों व 01 उ0नि0 को मिशन शक्ति सम्बन्धी रजिस्टरों के रखरखाव हेतु 500 रु0 नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र से किया गया सम्मानित*
*थाने की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार हेतु संबंधित को समय-सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए*

      पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* द्वारा थाना धनघटा का वार्षिक निरीक्षण किया गया । महोदय द्वारा निरीक्षण के दौरान थाने की साफ सफाई, बैरक की साफ सफाई व गंदे शौचालयों पर कड़ी नराजगी व्यक्त की गयी तथा साफ सफाई के निर्देश दिए गए साथ ही थाना परिसर, कार्यालय, हवालात, मिशन शक्ति केन्द्र, महिला हेल्प डेस्क, साइबर हेल्प डेस्क के अभिलेखों एवं अभिलेखागार का गहन निरीक्षण किया गया ।
मिशन शक्ति केन्द्र व महिला हेल्प डेस्क पर महिला संबंधी विवादों का जायजा लिया गया व रजिस्टर सही ढंग से भरने व रखरखाव उचित पाए जाने पर महिला हेल्प डेस्क/पिंक बूथ पर नियुक्त पिंक बूथ प्रभारी उ0नि0 अंजली सरोज व महिला पुलिस कर्मी म0का0 दामिनी सिंह, म0का0 सीता यादव को 500 रु0 के नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया साथ ही थाने पर आने वाली महिला फरियादियों की समस्या को सहानुभूति पूर्वक सुनकर उनका तत्काल निस्तारण करते हुए महिला कर्मियों को बीट में जाकर के महिलाओं को महिला हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए आदेशित किया गया ।
पुलिस अधीक्षक महोदय ने FIR रजिस्टर, विवेचना से संबंधित अभिलेख, मालखाना रजिस्टर एवं लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए विवेचनाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए । महिला एवं बाल अपराधों से संबंधित मामलों में विशेष संवेदनशीलता एवं निर्धारित SOP का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया ।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक महोदय ने थाना पर नियुक्त अधि / कर्मचारीगणों से शस्त्रों के रखरखाव व परिचालन सम्बन्धी अभ्यास कराया गया ।  महोदय द्वारा पुलिसकर्मियों को जनता से संवाद कर जनता के प्रति शालीन व्यवहार, त्वरित कार्यवाही तथा निष्पक्ष पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया । साथ ही क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने, रात्रि गश्त प्रभावी करने एवं अपराधियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही बढ़ाने के निर्देश दिए ।
निरीक्षण के दौरान गोपनीय निरीक्षक श्री अविनाश प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना धनघटा श्री दिलीप कुमार सिंह, रीडर एसपी श्री रामआशीष यादव, पुलिस अधीक्षक पीआरओ श्री पी0के0 गुप्ता सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।
वित्त वर्ष 27 तक मजबूती की राह पर चलेगा देश का EV सेक्टर: आयुष लोहिया
नई दिल्ली। भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर अब शुरुआती तेज़ वृद्धि के दौर से निकलकर स्थिर और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में वही कंपनियां टिकेंगी, जिनके पास मजबूत वित्तीय आधार, उन्नत तकनीक और भरोसेमंद सप्लाई चेन होगी। यह बात ज़ुपेरिया ऑटो के सीईओ आयुष लोहिया ने कही।
उद्योग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में देश में लगभग 11–12 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया और 6 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहन बिके। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में उभर रहा है, जहां ई-रिक्शा और ई-ऑटो की संख्या लगातार बढ़ रही है।

* बाजार में बढ़ेगा एकीकरण
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार पर लोहिया ने कहा कि मौजूदा असमानता भविष्य में बाजार के एकीकरण को तेज़ करेगी।
उन्होंने कहा, “जिन कंपनियों के पास मजबूत पूंजी और सप्लाई चेन है, वे ही टिक पाएंगी, जबकि कई छोटे स्टार्टअप्स आर्थिक दबाव के कारण अगले 18–24 महीनों में विलय या बाजार से बाहर हो सकते हैं।”

* सप्लाई और लागत बनी चुनौती
लोहिया के अनुसार, बैटरी, मोटर और अन्य जरूरी पुर्जों की सप्लाई में बाधाएं अभी भी उद्योग के सामने बड़ी चुनौती हैं।
उन्होंने कहा, “बढ़ती इनपुट लागत और सप्लाई की दिक्कतों के कारण नई कंपनियों को मुनाफा कमाने में समय लगेगा, लेकिन यही दौर उद्योग को मजबूत बनाएगा।”

* FY27 तक बदलेगी तस्वीर
वित्त वर्ष 2027 तक EV सेक्टर के और मजबूत होने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि शहरीकरण, ई-कॉमर्स और छोटे व्यवसायों के विस्तार से इलेक्ट्रिक कार्गो और तीनपहिया वाहनों की मांग तेजी से बढ़ेगी।
“कम लागत और बेहतर आय की वजह से थ्री-व्हीलर इस बदलाव की रीढ़ बने रहेंगे,” उन्होंने जोड़ा।

* टू-व्हीलर सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में भी वृद्धि जारी रहेगी, लेकिन प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी होगी।
“इस क्षेत्र में वही कंपनियां सफल होंगी, जो गुणवत्ता, सर्विस नेटवर्क और ग्राहकों के भरोसे पर ध्यान देंगी।”

* यूपी बन रहा EV हब
उत्तर प्रदेश को लेकर लोहिया ने कहा कि राज्य तेजी से ई-रिक्शा और लॉजिस्टिक्स EV का बड़ा केंद्र बन रहा है। सरकारी नीतियां, बढ़ती ईंधन कीमतें और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इस बदलाव को गति दे रहे हैं।

* अनुभव से मिली सीख
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “2008 से इस उद्योग को देखने के बाद मेरा मानना है कि भविष्य उन्हीं कंपनियों का है, जो लंबी सोच और स्थिर रणनीति के साथ आगे बढ़ती हैं।”
उन्होंने बताया कि ज़ुपेरिया ऑटो का उद्देश्य किफायती, भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल वाहन उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती जागरूकता, सरकारी सहयोग और तकनीकी प्रगति के चलते आने वाले वर्षों में EV सेक्टर देश की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा।
आजमगढ़:-बिजली बकायेदारों को फिर राहत, मार्च में भी मिलेगी छूट का लाभ
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। विद्युत बिल राहत योजना की अवधि समाप्त होने के बाद सरकार ने उपभोक्ताओं को एक बार फिर राहत देने का फैसला लिया है। अब मार्च माह में भी उन उपभोक्ताओं को छूट का लाभ दिया जाएगा, जिन्होंने पूर्व निर्धारित अवधि (1 दिसंबर से 28 फरवरी) के दौरान पंजीकरण कराया था, लेकिन किसी कारणवश बकाया बिल जमा नहीं कर सके। सरकार के निर्देश पर विद्युत विभाग के अधिकारियों को आदेशित किया गया है कि ऐसे उपभोक्ताओं से उनके पंजीकरण के महीने के अनुसार ही छूट का लाभ देकर बकाया बिल जमा कराया जाए। इसी क्रम में विद्युत वितरण खंड फूलपुर के अंतर्गत सभी अवर अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। अधिकारी गांव-गांव जाकर बकायेदार उपभोक्ताओं को जागरूक कर रहे हैं और बकाया जमा कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। तहसील मुख्यालय के अंतर्गत सुदनीपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता देवेंद्र सिंह ने अपनी टीम के साथ नगर पंचायत फूलपुर और ग्राम पंचायत चमावा में अभियान चलाया। इस दौरान करीब 1 लाख 15 हजार रुपये का राजस्व वसूला गया। अभियान के दौरान बिजली की अनियमितता करते पाए गए तीन उपभोक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि तीन अन्य उपभोक्ताओं का भार (लोड) बढ़ाया गया। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विद्युत वितरण खंड फूलपुर के सभी उपकेंद्रों और कैश काउंटरों को सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी खोले जाने का निर्णय लिया गया है। अधिशासी अभियंता हरीश प्रजापति ने बताया कि शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय आभूषणों की विरासतः अतीत से वर्तमान तक एक निरंतर यात्रा

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ उजागर करती हैं भारतीय शिल्प, सौंदर्य और सांस्कृतिक निरंतरता का अद्भुत संगम भारत में आभूषण केवल सजावट का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान, आस्था और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के सशक्त प्रतीक रहे हैं। बदलते समय के साथ इनके स्वरूप में परिवर्तन अवश्य हुआ है, किंतु यह भी उतना ही सत्य है कि प्राचीन आभूषण शैलियाँ समय-समय पर आधुनिक फैशन में पुनः उभरती रहती हैं। यह प्रवृत्ति भारतीय परंपरा की गहरी जड़ों और उसकी निरंतरता को दर्शाती है।

संचालनालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ इस सांस्कृतिक यात्रा का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। इन मूर्तियों में अंकित आभूषण न केवल उस समय की शिल्पकला और तकनीकी दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि समाज की सौंदर्य दृष्टि और जीवन शैली को भी जीवंत रूप में सामने लाते हैं।

द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व की शुंगकालीन यक्षी प्रतिमा, भरहुत से प्राप्त, भारतीय आभूषणों के प्रारंभिक विकसित स्वरूप को दर्शाती है। विकसित कमल के मध्य अंकित इस प्रतिमा में मोतियों के पंचवली हार, कर्ण-कुंडल और बहु-लड़ी हारावली का सुंदर अंकन है। यक्षी अपने हाथों में सनाल पद्म धारण किए हुए हैं। यक्षी के चेहरे पर हल्की मुस्कान और शिरो-सज्जा में बालों का व्यवस्थित विन्यास उस समय की सौंदर्य दृष्टि को दर्शाता है।

9वीं-10वीं शताब्दी की हरिहर प्रतिमा में शिव और विष्णु का संयुक्त स्वरूप अंकित है। आधे भाग में जटामुकुट और दूसरे भाग में किरीट मुकुट, दोनों देवताओं की पहचान को स्पष्ट करते हैं। अन्य आभूषणों में केयूर, शिव सर्पकुंडल तथा विष्णु सूर्यवृत कुंडल, एकावलीहार, यज्ञोपवीत, उरूदाम धारण किए हुए हैं। हरि का वाहन गरुड मानव रूप में आलेखित हैं, तथा हर का वाहन नंदी भी प्रदर्शित हैं।

11वीं शताब्दी की परमारकालीन शिव-पार्वती प्रतिमा में 'रावणानुग्रह' का दृश्य अंकित है। शिव-पार्वती को कैलाश पर्वत पर अपने अपने वाहन नंदी एवं सिंह पर बैठा दिखाया गया हैं। पार्वती जटामुकुट धारण किए हुए हैं। पादपीठ पर रावण को कैलाश पर्वत उठाने के लिए घुटने के बल मुड़े हुए दिखाया गया हैं। गणेश, कार्तिकेय, ब्रह्मा-विष्णु के साथ विद्याधर एवं गन्धों का आलेखन हैं। शिव के कानों में चक्राकार कर्णकुंडल, गले में एकावली (मुक्तामाला) तथा उसके ऊपर तीन लड़ी वाला हार दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त भुजाओं में केयूर (भुजबंध) अलंकरण को और समृद्ध बनाते हैं। एक बनमाला भी नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई गई है, जिसे पुष्पमाला के रूप में सजाया गया है।

पार्वती के कानों में भिन्न प्रकार के कुंडल; एक ओर चक्रकुंडल और दूसरी ओर ताटंक दर्शाए गए हैं। गले के आभूषण में हारावली मध्य भाग से नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई देती है, और भीतर की ओर स्तनसूत्र का भी अंकन है।

11वीं शताब्दी की कलचुरी कला में आभूषणों की सूक्ष्मता और जटिलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। सुर सुंदरी स्खलित वसना प्रतिमा की भावांकन में सरलता, चक्र-कुंडल, एकावली, चंद्रहार, स्तनसूत्र, कुचबंध, केयूर, कंकण धारण किए हुए हैं। इस प्रतिमा में नायिका के स्नानोपरांत वस्त्र धारण करने का आलेखन है।

11-12वीं शताब्दी की कच्छपघात शैली की वैष्णवी प्रतिमा में क्षेत्रीय कला का प्रभाव स्पष्ट है। भुजाओं में शंख, चक्र, गदा एवं पद्म धारण किए हुए हैं। देवी किरीट मुकुट कुंडल, हार, स्तनहार, कटीमेखला, वैजयंती माला, नूपुर, कंगन, बाजूबंध आदी आभूषणों से अलंकृत हैं। पादपीठ पर परिचारक देवी से आशीर्वाद ले रहा हैं।

उमा-महेश्वर अपने अपने वाहन सिंह एवं नंदी पर बैठे हुए जटा मुकुट, हार, बाजूबंद, कटीमेखला, नूपुर धारण किए हैं। प्रतिमा में उमा-महेश्वर को एक दूसरे की ओर निहारते हुए दिखाया गया हैं। चतुर्भुजी शिव की भुजाओं में त्रिशूल, सर्प, कमलपुष्प अंकित हैं। पार्वती की दाहिनी भुजा शिव के स्कन्ध एवं बांयी भुजा में दर्पण लिए हैं।

समभंग में स्थानक देवी के घुटने के नीचे का भाग खंडित हैं। द्विभुजी देवी की दायीं भुजा में अक्षमाला, बांयी भुजा में कमंडल का अंकन हैं। अलंकृत केश दोनों कंधों पर फैलें हुए हैं। देवी कर्णकुंडल, ग्रैवेयक, केयूर, कटीमेखला, पारदर्शी अधोवस्त्र आदि से अलंकृत हैं।

संयुक्त निदेशक डॉ. मनीषा शर्मा के शब्दों में, भारतीय आभूषण केवल अलंकरण नहीं, बल्कि समय, समाज और संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज़ हैं। इन मूर्तियों में अंकित प्रत्येक कुंडल, हार और कटिमेखला अपने युग की सौंदर्य दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों की कहानी कहती है। संचालनालय में संरक्षित ये धरोहर हमें यह समझने का अवसर देती हैं कि परंपरा कभी स्थिर नहीं होती; वह निरंतर विकसित होती है, फिर भी अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी रहती है। आज के आभूषणों में जो रूप दिखाई देते हैं, वे इन्हीं प्राचीन परंपराओं की पुनरावृत्ति हैं, जो अतीत और वर्तमान के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती हैं।

रांची: रामनवमी और CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा एक ही दिन, जिला प्रशासन ने जारी की विशेष एडवाईजरी


रांची | 26 मार्च 2026: राजधानी रांची में कल, 27 मार्च 2026 को रामनवमी का महापर्व और CBSE 12वीं बोर्ड की परीक्षा एक साथ होने जा रही है। इस विशेष संयोग को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुँचने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर व्यापक सुरक्षा और ट्रैफिक योजना तैयार की गई है।

ट्रैफिक प्रबंधन और रूट डायवर्जन

रामनवमी के भव्य जुलूस और संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों तक निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग (रूट डायवर्जन) निर्धारित किए हैं।

विशेष प्रतिनियुक्ति: सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों (Magistrates) की तैनाती की गई है।

समन्वय: जुलूस मार्ग और परीक्षा केंद्रों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

अभिभावकों और परीक्षार्थियों से विशेष अपील

जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से कुछ महत्वपूर्ण आग्रह किए हैं:

समय से पहले निकलें: त्योहार के कारण सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकता है, इसलिए परीक्षार्थी निर्धारित समय से काफी पहले घर से निकलें।

अफवाहों से बचें: किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

निर्देशों का पालन: प्रशासन द्वारा जारी रूट चार्ट और निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

सोशल मीडिया पर पैनी नजर

जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल के माध्यम से हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन का संकल्प

जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य रामनवमी के पर्व और बोर्ड परीक्षा, दोनों का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति का गढ़वा दौरा, विकास योजनाओं की हुई समीक्षा।

गढ़वा :- झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने गुरुवार को गढ़वा जिले का दौरा किया। इस अवसर पर समिति द्वारा परिसदन भवन में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर जिले में संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति -सह- माननीय विधायक गढ़वा- 80 विद्यानसभा क्षेत्र सत्येंद्र नाथ तिवारी ने की। बैठक में झारखंड विधानसभा के उपसचिव कुंदन सिंह, एसओ उमेश कुमार एवं निजी सचिव गौतम कुमार उपस्थित रहें।

वहीं बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन योजनाओं में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस क्रम में विधायक फंड, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा भुगतान, सड़क निर्माण, विभिन्न संरचना निर्माण, ग्रामीण एवं शहरी जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति आदि की विशेष रूप से समीक्षा की गई।

वहीं समिति द्वारा विभिन्न सड़क निर्माण के दौरान अधिग्रहित किए गए भूमि के एवज में मुआवजा भुगतान से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट से अवगत कराने की बात कही। साथ ही सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सड़क निर्माण एवं मुआवजा राशि के भुगतान में हर समस्याओं व शिकायत का समय समाधान निकालने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया। खनन विभाग की समीक्षा करते हुए अवैध बालू खनन पर रोक लगाने हेतु आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। लक्ष्य के अनुरूपधन अधिप्राप्ति किए जाने संबंधी अधिकतम प्रतिवेदन से अवगत होते हुए पैक्स के माध्यम से की गई धान अधिप्राप्ति के भुगतान में तेजी लाने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त एसी/डीसी बिल के मामलों पर भी गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार, भू-अर्जन, खनन विभाग, भवन प्रमंडल, पीएचईडी सहित अन्य विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की गई। शहिद नीलांबर पीतांबर उत्तर कोयल परियोजना (मंडल डैम) के विस्थापितों को रंका रमकंडा क्षेत्र के विश्रामपुर व बलीगढ़ में पुनर्वासित करने के मामले की समीक्षा की गई एवं इस संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पुल पुलिया का निर्माण, छात्रावास निर्माण, राशन वितरण, खेल विभाग द्वारा बनाया जा रहे हैं खेल मैदानों की की समीक्षा, बालू घाटों की नीलामी की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों एवं बहाली की समीक्षा, गढ़वा जिले से मजदूरों के पलायन के मुद्दे, जिले में लंबित म्युटेशन की समीक्षा, सामाजिक वानिकी के तहत लिए गए योजनाओं की समीक्षा एवं विद्युत विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों समेत ग्रामीण एवं शहरी विभाग के द्वारा किए जा रहे हैं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए।

वहीं इस अवसर पर समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जनहित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

वहीं बैठक में उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, डीएफओ ईबी अब्राहम, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, डीआरडीबी निदेशक प्रमेश कुशवाहा, भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. जेएफ कैनेडी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरी, विभिन्न अभियंत्रण विभागों के कार्यपालक अभियंतागण, जिला योजना पदाधिकारी शिशिर तिग्गा सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान व वरीय पदाधिकारीगण समेत अन्य कर्मी उपस्थित रहें।।

टोलकर्मियों की गुंडागर्दी के विरोध में भाकियू तोमर ने सौंपा ज्ञापन, महापंचायत की चेतावनी
मेरठ/बहसूमा। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को शिवाया टोल प्लाजा पर टोलकर्मियों द्वारा कथित बदसलूकी, गुंडागर्दी और दुर्व्यवहार के विरोध में जोरदार आवाज उठाई। संगठन के जिलाध्यक्ष चौधरी इंतजार देशवाल के नेतृत्व में किसानों ने दौराला थाने पहुंचकर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया कि शिवाया टोल पर आए दिन टोलकर्मियों द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे क्षेत्र के किसानों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

जिलाध्यक्ष चौधरी इंतजार देशवाल ने साफ कहा कि यदि 5 अप्रैल तक प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो भारतीय किसान यूनियन (तोमर) द्वारा शिवाया टोल पर महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

किसानों ने प्रशासन से टोलकर्मियों के व्यवहार में सुधार और व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है।
विकास मंच के जिला अध्यक्ष ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर निजी स्कूलों के विरोध में किया, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिया ज्ञापन


फर्रुखाबाद l गुरुवार को विकास मंच के जिला अध्यक्ष भयइन मिश्रा ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर निजी स्कूलों के विरोध में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन कहा है कि जिले में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर महंगी किताबें और अन्य शैक्षिक सामग्री खरीदने के लिए उसी दुकान पर जाने को मजबूर करते हैं जहां पर वह बताते हैं,उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सीबीएसई एवं अन्य बोर्ड से संचालित कई निजी स्कूल नियमों की अनदेखी कर निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं। अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष नए सत्र में किताबों के सेट में मामूली बदलाव कर पुरानी पुस्तकों को अनुपयोगी बता दिया जाता है, जिससे अभिभावकों को हर साल नया सेट खरीदना पड़ता है। कई मामलों में स्कूल प्रबंधन विशेष दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव डालते हैं। यही नहीं एडमिशन फीस और अन्य शुल्क भी मनमाने ढंग से वसूलने की भी शिकायत की गई है। विकास मंच जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि सभी स्कूलों में एनसीईआरटी या सरकारी मानकों के अनुरूप पुस्तकें ही लागू कराई जाएं, साथ ही फीस पर नियंत्रण रखा जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
स्कूली वाहनो की फिटनेस बैद्धता होगी अनिवार्य - अल्का शुक्ला*
सड़क पर दौड़ रही स्कूली वाहनों को चिन्हित कर प्रबंधक व वाहन स्वामियों पर होगा मुकदमा दर्ज।
सुल्तानपुर,स्कूली वाहनों की फिटनेस वैद्धता समाप्त हो जाने वाले ऐसे वाहन स्वामी स्कूल के प्रबंधक व प्रधानाचार्य को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी व प्रशासन ने कडा रूख दिखाते हुए वाहनों की फिटनेस व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के लिए एक सख्त नोटिस जारी किया है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन अल्का शुक्ला ने ऐसे विद्यालयों में शम्बद्ध वाहनों पर आने जाने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं के जीवन सुरक्षा को ध्यान मे रखकर ऐसे वाहन स्वामियों को सख्ती का पत्र जारी कर 130 से अधिक वाहन स्वमियों को अपना वाहन जल्द से जल्द दुरुस्त कराने को कहा है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अल्का शुक्ला द्वारा जारी सूची मे ऐसे अभिभावक को आगाह किया है कि वे ऐसे वाहन पर अपने बच्चों को कदापि न भेजें जिन वाहनो का फिटनेस सही नहीं है,वल्कि वे अभिभावक यह भी तहकीकात कर ले, कि वाहनो की टूटी फर्स,टूटी खिडकियां, हार्न,लाइट दुरुस्त रहे। अगर कोई वाहन स्वामी बिभाग से तत्काल गाड़ियों का फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं प्राप्त कर लेते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
मिशन शक्ति का जागरूकता कार्यक्रम:- नारी शक्ति ही असली शक्ति
गोण्डा। नवरात्रि शक्ति उपासना का पर्व है और नारी उसी शक्ति का साकार स्वरूप है। इसी भाव के साथ गुरुवार को मिशन शक्ति अभियान 5.0 के तहत नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह के नेतृत्व में एंटी रोमियो टीम ने पिपरी गांव में महिलाओं व बालिकाओं को जागरूक किया।कार्यक्रम में छेड़छाड़, शोषण, दहेज उत्पीड़न, बाल अपराध व एसिड अटैक जैसी घटनाओं से बचाव के उपाय बताए गए। साथ ही मिशन शक्ति केंद्र और विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।महिला उपनिरीक्षक अंतिमा सिंह ने कहा कि नवरात्रि हमें यह संदेश देती है कि हर नारी शक्ति का स्वरूप है। इसलिए बालिकाएं गुड टच-बैड टच को समझें और किसी भी गलत हरकत का तुरंत विरोध करते हुए पुलिस की मदद लें।
उन्होंने साइबर अपराध से बचाव के लिए हेल्पलाइन 1930 की जानकारी भी दी।

अंत में जागरूकता पम्पलेट वितरित किए गए। इस दौरान महिला आरक्षी प्रांशी यादव, सुनीता कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं व बालिकाएं मौजूद रहीं।
एस पी  संतकबीरनगर द्वारा थाना धनघटा का किया गया वार्षिक निरीक्षण, सम्बन्धित को दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश
रमेश दूबे

*पिंक बूथ व महिला हेल्प डेस्क पर कार्यरत 02 महिला पुलिस कर्मियों व 01 उ0नि0 को मिशन शक्ति सम्बन्धी रजिस्टरों के रखरखाव हेतु 500 रु0 नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र से किया गया सम्मानित*
*थाने की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार हेतु संबंधित को समय-सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए*

      पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* द्वारा थाना धनघटा का वार्षिक निरीक्षण किया गया । महोदय द्वारा निरीक्षण के दौरान थाने की साफ सफाई, बैरक की साफ सफाई व गंदे शौचालयों पर कड़ी नराजगी व्यक्त की गयी तथा साफ सफाई के निर्देश दिए गए साथ ही थाना परिसर, कार्यालय, हवालात, मिशन शक्ति केन्द्र, महिला हेल्प डेस्क, साइबर हेल्प डेस्क के अभिलेखों एवं अभिलेखागार का गहन निरीक्षण किया गया ।
मिशन शक्ति केन्द्र व महिला हेल्प डेस्क पर महिला संबंधी विवादों का जायजा लिया गया व रजिस्टर सही ढंग से भरने व रखरखाव उचित पाए जाने पर महिला हेल्प डेस्क/पिंक बूथ पर नियुक्त पिंक बूथ प्रभारी उ0नि0 अंजली सरोज व महिला पुलिस कर्मी म0का0 दामिनी सिंह, म0का0 सीता यादव को 500 रु0 के नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया साथ ही थाने पर आने वाली महिला फरियादियों की समस्या को सहानुभूति पूर्वक सुनकर उनका तत्काल निस्तारण करते हुए महिला कर्मियों को बीट में जाकर के महिलाओं को महिला हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए आदेशित किया गया ।
पुलिस अधीक्षक महोदय ने FIR रजिस्टर, विवेचना से संबंधित अभिलेख, मालखाना रजिस्टर एवं लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए विवेचनाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए । महिला एवं बाल अपराधों से संबंधित मामलों में विशेष संवेदनशीलता एवं निर्धारित SOP का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया ।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक महोदय ने थाना पर नियुक्त अधि / कर्मचारीगणों से शस्त्रों के रखरखाव व परिचालन सम्बन्धी अभ्यास कराया गया ।  महोदय द्वारा पुलिसकर्मियों को जनता से संवाद कर जनता के प्रति शालीन व्यवहार, त्वरित कार्यवाही तथा निष्पक्ष पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया । साथ ही क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने, रात्रि गश्त प्रभावी करने एवं अपराधियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही बढ़ाने के निर्देश दिए ।
निरीक्षण के दौरान गोपनीय निरीक्षक श्री अविनाश प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना धनघटा श्री दिलीप कुमार सिंह, रीडर एसपी श्री रामआशीष यादव, पुलिस अधीक्षक पीआरओ श्री पी0के0 गुप्ता सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।
वित्त वर्ष 27 तक मजबूती की राह पर चलेगा देश का EV सेक्टर: आयुष लोहिया
नई दिल्ली। भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर अब शुरुआती तेज़ वृद्धि के दौर से निकलकर स्थिर और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में वही कंपनियां टिकेंगी, जिनके पास मजबूत वित्तीय आधार, उन्नत तकनीक और भरोसेमंद सप्लाई चेन होगी। यह बात ज़ुपेरिया ऑटो के सीईओ आयुष लोहिया ने कही।
उद्योग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में देश में लगभग 11–12 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया और 6 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहन बिके। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में उभर रहा है, जहां ई-रिक्शा और ई-ऑटो की संख्या लगातार बढ़ रही है।

* बाजार में बढ़ेगा एकीकरण
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार पर लोहिया ने कहा कि मौजूदा असमानता भविष्य में बाजार के एकीकरण को तेज़ करेगी।
उन्होंने कहा, “जिन कंपनियों के पास मजबूत पूंजी और सप्लाई चेन है, वे ही टिक पाएंगी, जबकि कई छोटे स्टार्टअप्स आर्थिक दबाव के कारण अगले 18–24 महीनों में विलय या बाजार से बाहर हो सकते हैं।”

* सप्लाई और लागत बनी चुनौती
लोहिया के अनुसार, बैटरी, मोटर और अन्य जरूरी पुर्जों की सप्लाई में बाधाएं अभी भी उद्योग के सामने बड़ी चुनौती हैं।
उन्होंने कहा, “बढ़ती इनपुट लागत और सप्लाई की दिक्कतों के कारण नई कंपनियों को मुनाफा कमाने में समय लगेगा, लेकिन यही दौर उद्योग को मजबूत बनाएगा।”

* FY27 तक बदलेगी तस्वीर
वित्त वर्ष 2027 तक EV सेक्टर के और मजबूत होने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि शहरीकरण, ई-कॉमर्स और छोटे व्यवसायों के विस्तार से इलेक्ट्रिक कार्गो और तीनपहिया वाहनों की मांग तेजी से बढ़ेगी।
“कम लागत और बेहतर आय की वजह से थ्री-व्हीलर इस बदलाव की रीढ़ बने रहेंगे,” उन्होंने जोड़ा।

* टू-व्हीलर सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में भी वृद्धि जारी रहेगी, लेकिन प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी होगी।
“इस क्षेत्र में वही कंपनियां सफल होंगी, जो गुणवत्ता, सर्विस नेटवर्क और ग्राहकों के भरोसे पर ध्यान देंगी।”

* यूपी बन रहा EV हब
उत्तर प्रदेश को लेकर लोहिया ने कहा कि राज्य तेजी से ई-रिक्शा और लॉजिस्टिक्स EV का बड़ा केंद्र बन रहा है। सरकारी नीतियां, बढ़ती ईंधन कीमतें और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इस बदलाव को गति दे रहे हैं।

* अनुभव से मिली सीख
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “2008 से इस उद्योग को देखने के बाद मेरा मानना है कि भविष्य उन्हीं कंपनियों का है, जो लंबी सोच और स्थिर रणनीति के साथ आगे बढ़ती हैं।”
उन्होंने बताया कि ज़ुपेरिया ऑटो का उद्देश्य किफायती, भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल वाहन उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती जागरूकता, सरकारी सहयोग और तकनीकी प्रगति के चलते आने वाले वर्षों में EV सेक्टर देश की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा।