राजनीति विज्ञान के विविध कक्षा की प्रायोगिक/मौखिक परीक्षा तिथि घोषित
सुलतानपुर,राणा प्रताप पी जी कॉलेज के राजनीति विज्ञान विषय के बी.ए. प्रथम सेमेस्टर की प्रायोगिक परीक्षा 24 फरवरी को, बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की प्रायोगिक परीक्षा 25 फरवरी एवं एम.ए. प्रथम वर्ष की मौखिक परीक्षा 25 फरवरी को ही प्रातः 10 बजे से महाविद्यालय में संपन्न होगी। विभाग अध्यक्ष डॉ अभय सिंह ने बताया कि सभी छात्र-छात्राओं को अपने प्रवेश पत्र के साथ परीक्षा के दिन अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना है। अनुपस्थित रहने की स्थिति में संपूर्ण उत्तरदायित्व छात्र एवं छात्र का होगा ।
आजमगढ़: रानी की सराय के ब्लाक प्रमुख ने रैली निकाल पर्यावरण का दिया सन्देश, किया वृक्षारोपण
आजमगढ़। जनपद के रानी की सराय ब्लॉक के ब्लाक प्रमुख विपिन सिंह द्वारा सोमवार को वृक्षारोपण किया गया। ब्लाक प्रमुख विपिन सिंह के नेतृत्व में रानी की सराय स्थित कशीदास मंदिर से थाना मार्ग पर बने डिवाइडर पर पौधरोपण किया गया । ब्लाक प्रमुख के नेतृत्व में ब्लॉक कर्मचारी हाथों में “स्वच्छ, सुंदर, हरा-भरा रानी की सराय” लिखी तख्तियां लेकर जागरूकता रैली निकाली।और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया ।रैली के बाद मार्ग के डिवाइडर पर पौधे लगाए गए। ब्लाक ने कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पहले चरण में एक किलोमीटर तक डिवाइडर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में बेलईसा से कोटिला टूल्टेक्स तक डिवाइडर पर प्रकाश व्यवस्था के साथ वृक्षारोपण करने की योजना है। उन्होंने बाजार वासियों से अपील की कि अपने घरों के सामने लगाए गए पौधों की स्वयं देखभाल करें और समय-समय पर पानी देते रहें । कार्यक्रम में बीडीओ रानी की सराय राज किशोर सिंह, एडीओ पंचायत संदीप राजबीर, वरिष्ठ भाजपा नेता हनुमान गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद सिंह, ग्राम प्रधान संतोष गुप्ता, क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेन्द्र नाथ मिश्र सहित जनप्रतिनिधि एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
थाना को0 कर्नलगंज पुलिस द्वारा 03 हत्याभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार- 


       गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी  राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी कर्नलगंज  अभिषेक दवाच्या के नेतृत्व में थाना को0 कर्नलगंज पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-105/25 धारा 191(2),190,115(2),117(2),103(1),109,351(3) बीएनएस से संबंधित 03 वांछित अभियुक्तों-01. हरिशरण मिश्रा पुत्र रामगुलाम मिश्रा, 02. रामकेवल मिश्रा पुत्र स्व0 राजेश्वरी मिश्रा, 03. संतोष कुमार मिश्रा पुत्र गंगाशरण मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
22.02.2026 को थाना कर्नलगंज पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्षेत्रान्तर्गत सुदईपुरवा दत्तनगर में दो पक्षों में जो आपस में सगे भाई पट्टीदार है के बीच जमीन के कब्जेदारी को लेकर विवाद व मारपीट हो गयी है। घटना में 03 लोग सुभाष चन्द्र मिश्रा, विश्वास चन्द्र मिश्रा व आकाश मिश्रा घायल हो गए जिन्हे पुलिस द्वारा उपचार हेतु जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान सुभाष चन्द्र मिश्रा पुत्र स्व0 पारस नाथ मिश्रा की मृत्यु हो गयी। प्रकरण के सम्बन्ध में थाना कर्नलगंज में मृतक के सगे भाई अरूण मिश्रा पुत्र स्व0 पारसनाथ मिश्रा समेत 04 नामजद व अज्ञात अभियुक्तों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया।

पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा घटना को संज्ञान में लेकर तत्काल आरोपी अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु प्र0नि0 को0 कर्नलगंज को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। जिसमें थाना कर्नलगंज पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए 03 नामजद अभियुक्तों- 01. हरिशरण मिश्रा पुत्र रामगुलाम मिश्रा, 02. रामकेवल मिश्रा पुत्र स्व0 राजेश्वरी मिश्रा, 03. संतोष कुमार मिश्रा पुत्र गंगाशरण मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध थाना कर्नलगंज पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है ।
मत्स्य मंत्री ने किया भदोही का भ्रमण, विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित
नितेश श्रीवास्तव

भदोही ।डॉ. संजय कुमार निषाद, मंत्री, मत्स्य विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनपद भदोही के भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय अतिथि गृह ज्ञानपुर में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित मत्स्य विभाग की योजनाओं एवं प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री के आगमन पर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा शिष्टाचार भेंट कर उनका स्वागत किया गया। इसके साथ ही समाजसेवी राकेश तिवारी, पप्पू तथा विपुल दुबे (विधायक ज्ञानपुर) सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं ने बुके भेंट कर मंत्री का अभिनंदन किया। समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, मछुआ समुदाय के कल्याण एवं विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए।

मंत्री ने कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है और इससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मंत्री के दौरे को लेकर प्रशासनिक अमला सक्रिय नजर आया और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्राओं ने निकाली जागरूकता रैली
जौनपुर। श्री बजरंग पीजी कॉलेज, घनश्यामपुर जौनपुर में सात दिवसीय विशेष शिविर के तत्वाधान में चौथे दिन राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सेविकाओं ने घनश्यामपुर बाजार स्थित राम जानकी मंदिर की साफ सफाई की एवं जागरूकता रैली के माध्यम से जनसंख्या नियंत्रण, वृक्षारोपण कार्यक्रम तथा साक्षरता अभियान के प्रति लोगों को जागृत किया। इस अवसर पर स्वाति अग्रहरि , रीमा यादव, पूजा विश्वकर्मा, रक्षा तिवारी, सचिन अग्रहरि आदि लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम  की अध्यक्षता कालेज के प्राचार्य वीरेंद्र बहादुर सिंह ने किया। संचालन डा जैनेन्द कुमार तिवारी ने किया।
विधिक  सेवा शिविर का जिला जज-डीएम व एसपी ने किया शुभारंभ, दिव्यांगों को मिलीं ट्राई साइकिलें


फर्रुखाबाद।राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा निर्देश पर  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में न्याय विभाग राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और चिकित्सा विभाग तथा स्वयं सहायता समूह के सहयोग से ऑफिसर क्लब प्रांगण बृहद / मेगा विधिक शिविर का आयोजन किया गया l शुभारंभ किया गया। इस दौरान जिला जज नीरज कुमार और जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर दीप माल्यार्पण शिविर का शुभारंभ किया।

इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को कानूनी सलाह और सहायता प्रदान करना था। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए थे, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
जिला जज नीरज कुमार ने बताया कि जो लोग धन के अभाव में अधिवक्ता नियुक्त नहीं कर सकते, वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

इस आयोजन का मकसद लोगों में कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सेवाओं के प्रति जागरूकता फैलाना था।कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिलें वितरित की गईं। शिविर के शुभारंभ  स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर मुख्य अतिथियों का अभिनंदन किया।

इस मेगा शिविर में कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, राजस्व विभाग, न्याय विभाग, ग्राम्य विकास, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग सहित कई विभागों के स्टॉल लगाए गए थे।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अपर न्यायाधीश/ नोडल अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि यह विधिक सहायता सेवा शिविर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से लगाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सोलर सहित तमाम विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं ताकि लोग योजनाओं की अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ ले सकें। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे शिविरों के आयोजन की बात कही।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायाधीश/सचिव प्रियंका गांधी ने जानकारी दी कि यह मेगा शिविर जिला जज की अध्यक्षता में आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को कानूनी मदद कैसे मिले और मुकदमों में फंसने पर सरकारी सेवा कैसे प्राप्त हो, इस बारे में जागरूक करना है। उन्होंने विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं के स्टॉल लगाए जाने का भी उल्लेख किया। इसके अलावा सामान्य जनता का हुजूम लगभग 5354 के आसपास रहा है इस कार्यक्रम में अनुमानित 5354 की संख्या में सम्मिलित होकर सामान्य जनता के लोग भागीदार बने इस कार्यक्रम का समापन किया गया।

इस कार्यक्रम में न्याय विभाग की ओर से न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, प्रशासन की ओर से सभी विभागों के अधिकारीगण, स्वयं सहायता समूह के सदस्यगण, न्यायालय की ओर से न्यायिक/प्रशासनिक कर्मचारीगण, विभिन्न कॉलेजों के शिक्षकगण व छात्र-छात्राएं जनपद के अधिकार मित्र ने बढ़कर इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया वह कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया।
दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी, खालिस्तानी ग्रुप ने ई-मेल से भेजा संदेश

#delhireceivedbombthreatforredfortanddelhi_assembly

Image 2Image 3

देश की राजधानी दिल्ली में लगातार दहशत फैसला की कोशिश की जा रही है। सोमवार सुबह सैन्य स्कूलों को धमकी देने के बाद अब लाल किला और दिल्ली विधानसभा उड़ाने की भी धमकी दी गई है। बताया जा रहा है कि धमकी भरा ई-मेल एक खालिस्तानी संगठन के नाम से भेजी गई है। धमकी की सूचना पर लाल किले और विधानसभा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और जांच अभियान चलाया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस को मिला धमकी भरा ई-मेल मिला

दिल्ली पुलिस को एक धमकी भरा ई-मेल मिला, जिसमें दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। यह धमकी कथित तौर पर एक खालिस्तानी ग्रुप द्वारा भेजी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। धमकी मिलने के तुरंत बाद, दिल्ली विधानसभा परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया। बॉम्ब स्क्वाड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की गहन जांच की।

जांच में जुटी पुलिस

दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि तलाशी अभियान के दौरान कोई खतरनाक या हानिकारक चीज़ नहीं पाई गई, फिर भी एहतियात के तौर पर सभी जरूरी सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि धमकी भरे ई-मेल की जांच जारी है, और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह मेल कहां से भेजा गया और किसने भेजा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल भी जांच में शामिल हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पूरी निगरानी बनाए रखे हुए हैं।

लाल किले के पास हो चुका है धमाका

बता दें कि पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास एक कार में आत्मघाती बस विस्फोट हुआ था, जिसमें कम से कम 13 लोग मारे गए थे और 25 से अधिक लोग घायल हुए थे। हमले में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश एकत मोहम्मद का हाथ मिला था।

अधिवक्ता हत्याकांड, मारपीट में भतीजे ने चढाया था लोगों पर ट्रैक्टर
*9 बीघा जमीन का विवाद, पीट पीट कर की हत्या

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत दत्त नगर गांव के सुदाई पुरवा में रविवार को हुए उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा हत्याकांड से जुड़ा एक लाइव वीडियो सामने आया है,यह वीडियो घटना से ठीक पहले का है जिसमें दिखाई दे रहा है कि खेत में जुताई के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो जाती है।इस दौरान अधिवक्ता के भतीजे ने ट्रैक्टर से सबको कुचलने का प्रयास किया जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि अधिवक्ता की मौत हो गई।वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दिया है,वहीं गांव में माहौल बिगड़ने की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।सारा विवाद 9 बीघा जमीन को लेकर चल रहा था।चार मिनट के लाइव वीडियो में अधिवक्ता के भतीजे विश्वास मिश्रा को खेत की जुताई करते देखा जा सकता है।इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली गलौज शुरू हो जाती है।मारपीट के दौरान अधिवक्ता खुद भी लाठी लेकर बचाव करते दिखाई दे रहे हैं।घटना के कुछ मिनट बाद पुलिस के भी पहुंचने का दावा किया जा रहा है,जिसके बाद दोनों पक्षों के लोग मौके से फरार हो जाते हैं।घटना में मृतक अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में प्रशासनिक अधिवक्ता रहे हैं तथा अवध बार एसोसिएशन के मंत्री भी रह चुके हैं।उनके दो बेटे हैं जिनमें बड़ा बेटा अभिषेक मिश्रा उच्च न्यायालय में अधिवक्ता है तो वहीं छोटा बेटा अनुराग मिश्रा घर पर रहकर खेती बाड़ी संभालता है।परिजनों के अनुसार, यह विवाद गांव के पूर्व प्रधान हरिशरण मिश्रा से 9 बीघा जमीन को लेकर चल रहा था और कोर्ट का फैसला सुभाष चंद्र मिश्रा के पक्ष में आया था,जिसकी प्रति लेकर वह घटना के एक दिन पहले करनैलगंज कोतवाली गए थे और पुलिस को सूचित किया था कि वह अगले दिन जमीन पर कब्जा लेने जाएंगे।मृतक अधिवक्ता के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ है कि सुभाष चंद्र मिश्रा की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से हुई,जबकि शरीर पर कुल आठ चोट के निशान मिले हैं।सुभाष चंद्र मिश्रा का पोस्टमार्टम दो डाक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ किया गया।रिपोर्ट में बताया गया कि सिर में चोट से खून जम गया था,जिसके कारण नसों ने काम करना बंद कर दिया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।मामले में करनैलगंज कोतवाली पुलिस न भतीजे विश्वास मिश्रा की तहरीर पर चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है,इसके साथ ही अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात है।करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय के अनुसार दो वीडियो सामने आए हैं,जिसमें से एक में कोई विवाद स्पष्ट नहीं है जबकि दूसरे में विवाद और ट्रैक्टर चलाते एक व्यक्ति देखा जा सकता है।पुलिस वीडियो की सत्यता और घटनाक्रम की जांच कर रही है।इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में अत्यधिक आक्रोश है।उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग किया है।मामले की जानकारी होने पर कटरा बाजार के भाजपा विधायक बावन सिंह भी मौके पर पहुंचे,जिसमें वह अधिवक्ताओं से हाईकोर्ट में आंदोलन करने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं।हालांकि पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के आश्वासन के बाद स्थिति कुछ शांत हुई।अनुराग के अनुसार रविवार को जैसे ही वे लोग खेत पर पहुंचे,आरोपियों ने हमला कर दिया।लाठी डंडों से पिटाई की गई और फायरिंग भी की गई।गोली उनके भाई के कान के पास से निकल गई।परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना में 20 से 30 लोग शामिल थे।उन्होंने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग किया है।अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि अधिवक्ता के भतीजे विश्वास मिश्रा की शिकायत पर चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
शेरघाटी में आस्था का महासंगम, विराट हिंदू सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब: भजन, प्रवचन और जयघोष से गूंजा गोला बाजार परिसर

गया: शेरघाटी शहर के तीन शिवाला, गोला बाजार में को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन ने शहर को पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंग दिया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। देखते ही देखते पूरा परिसर भगवा ध्वज, जयघोष और भक्ति गीतों से गूंज उठा। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक आयोजन का रूप दे दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंच पर रामाशीष सिंह, गोविंदा आचार्य, डॉ. तपेश्वर प्रसाद, कमल सिंह (जिला संघचालक) एवं डॉ. उदय प्रसाद सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। वक्ताओं ने अपने ओजस्वी संबोधन में हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया।

वक्ताओं ने कहा कि जब समाज संगठित होता है तो परिवर्तन स्वतः संभव होता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़ें और संस्कृति व संस्कार को आगे बढ़ाएं। बीच-बीच में “भारत माता की जय” और “जय श्रीराम” के नारों से वातावरण ऊर्जावान बना रहा।

सम्मेलन की खास बात रही भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां। स्थानीय कलाकारों ने भक्ति गीतों से माहौल को भावविभोर कर दिया। श्रद्धालु भी तालियों और जयघोष के साथ पूरे जोश में नजर आए। धर्म प्रवचनों के दौरान कई लोग भावुक भी दिखे।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक उदय सिंह यादव सहित चंद्रभानु प्रसाद, ऋषभ जी, सत्यम जी, नौरंगी प्रसाद, विकास जी, राहुल आचार्य और अभिषेक जी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने आयोजन की भव्यता की सराहना की और इसे समाज को जोड़ने वाला कदम बताया।

श्रद्धालुओं के लिए भंडारा और प्रसाद वितरण की व्यापक व्यवस्था की गई थी। लंबी कतारों के बावजूद अनुशासन बना रहा। स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित रखने में अहम भूमिका निभाई। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए थे।

शाम ढलते-ढलते भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही थी। आयोजन समिति के सदस्यों के चेहरे पर सफलता की संतोष भरी मुस्कान साफ झलक रही थी। सम्मेलन शांतिपूर्ण, भव्य और अत्यंत सफल रहा। अंत में आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आगे भी होते रहेंगे, ताकि समाज में एकता और जागरूकता का संदेश फैलता रहे।

युवाओं के सपनों पर भारी पड़ रही सियासत.. रामगोविन्द अदालती आदेश के बाद भी समाधान नहीं। न्याय बनाम प्रशासनिक अवरोध
संजीव सिंह बलिया! उत्तर प्रदेश की शैक्षिक राजनीति और विधिक गलियारों में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की नियुक्तियों का प्रकरण एक मिसाल बन गया है। यह कहानी केवल एक अध्यादेश की नहीं, बल्कि हज़ारों बेरोजगारों के सपनों और न्यायपालिका बनाम कार्यपालिका के बीच खिंचती रस्साकशी की है। 1. 2013-14 का ऐतिहासिक निर्णय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में सन् 2013-14 में एक महत्वपूर्ण अध्यादेश लाया गया था। इसका उद्देश्य संस्कृत शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारना और महाविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी को दूर करना था। उक्त बाते पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा और बताया कि विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों की प्रबंध समितियों को रिक्त पदों पर चयन की शक्ति दी गई। इस विकेंद्रीकरण से प्रक्रिया में तेजी आई और कई उच्च शिक्षित युवाओं को रोजगार मिला, जिससे संस्कृत की पाठशालाओं में रौनक लौटी। 2016-17 में सत्ता परिवर्तन के साथ ही इन नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई। योगी सरकार के इस कदम ने न केवल नए रोजगारों पर ताला जड़ा, बल्कि कार्यरत शिक्षकों के भविष्य पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया। इसके बाद शुरू हुआ अदालती संघर्ष का वह लंबा सिलसिला, जिसमें सरकार को हर मोड़ पर विधिक हार का सामना करना पड़ा अभ्यर्थियों ने सरकार के रोक के फैसले को चुनौती दी और कोर्ट ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया। सरकार ने हार नहीं मानी और डबल बेंच में अपील की, लेकिन वहाँ भी न्याय की जीत हुई। अंततः मामला देश की सबसे बड़ी अदालत पहुँचा। 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार की याचिका को खारिज करते हुए नियुक्तियों के पक्ष में मुहर लगा दी। पूर्व नेता विरोधी दल ने कहा कि 'न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर' विडंबना यह है कि देश की सर्वोच्च अदालत से आदेश आने के बावजूद योगी सरकार ने शासन स्तर पर विभिन्न तकनीकी पेच फंसाकर इन नियुक्तियों और उनके लाभों को बाधित किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) की श्रेणी में आती है, बल्कि उन युवाओं के साथ भी अन्याय है जो अपनी योग्यता सिद्ध कर चुके हैं। संस्कृत को भारत की आत्मा कहा जाता है, लेकिन जब इसी भाषा के विद्वान और शिक्षक अपनी आजीविका के लिए दर-दर भटकते हैं, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि सरकारें अदालती आदेशों के बाद भी 'हथकंडे' अपनाकर नियुक्तियां रोकती हैं, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है। योगी सरकार और प्रशासन को अब हठधर्मिता छोड़कर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना चाहिए ताकि संस्कृत शिक्षा का संरक्षण हो सके और युवाओं को उनका उचित हक मिल सके। (रामगोविन्द चौधरी) पूर्व नेता प्रतिपक्ष उoप्र
राजनीति विज्ञान के विविध कक्षा की प्रायोगिक/मौखिक परीक्षा तिथि घोषित
सुलतानपुर,राणा प्रताप पी जी कॉलेज के राजनीति विज्ञान विषय के बी.ए. प्रथम सेमेस्टर की प्रायोगिक परीक्षा 24 फरवरी को, बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की प्रायोगिक परीक्षा 25 फरवरी एवं एम.ए. प्रथम वर्ष की मौखिक परीक्षा 25 फरवरी को ही प्रातः 10 बजे से महाविद्यालय में संपन्न होगी। विभाग अध्यक्ष डॉ अभय सिंह ने बताया कि सभी छात्र-छात्राओं को अपने प्रवेश पत्र के साथ परीक्षा के दिन अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना है। अनुपस्थित रहने की स्थिति में संपूर्ण उत्तरदायित्व छात्र एवं छात्र का होगा ।
आजमगढ़: रानी की सराय के ब्लाक प्रमुख ने रैली निकाल पर्यावरण का दिया सन्देश, किया वृक्षारोपण
आजमगढ़। जनपद के रानी की सराय ब्लॉक के ब्लाक प्रमुख विपिन सिंह द्वारा सोमवार को वृक्षारोपण किया गया। ब्लाक प्रमुख विपिन सिंह के नेतृत्व में रानी की सराय स्थित कशीदास मंदिर से थाना मार्ग पर बने डिवाइडर पर पौधरोपण किया गया । ब्लाक प्रमुख के नेतृत्व में ब्लॉक कर्मचारी हाथों में “स्वच्छ, सुंदर, हरा-भरा रानी की सराय” लिखी तख्तियां लेकर जागरूकता रैली निकाली।और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया ।रैली के बाद मार्ग के डिवाइडर पर पौधे लगाए गए। ब्लाक ने कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पहले चरण में एक किलोमीटर तक डिवाइडर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में बेलईसा से कोटिला टूल्टेक्स तक डिवाइडर पर प्रकाश व्यवस्था के साथ वृक्षारोपण करने की योजना है। उन्होंने बाजार वासियों से अपील की कि अपने घरों के सामने लगाए गए पौधों की स्वयं देखभाल करें और समय-समय पर पानी देते रहें । कार्यक्रम में बीडीओ रानी की सराय राज किशोर सिंह, एडीओ पंचायत संदीप राजबीर, वरिष्ठ भाजपा नेता हनुमान गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद सिंह, ग्राम प्रधान संतोष गुप्ता, क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेन्द्र नाथ मिश्र सहित जनप्रतिनिधि एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
थाना को0 कर्नलगंज पुलिस द्वारा 03 हत्याभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार- 


       गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी  राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी कर्नलगंज  अभिषेक दवाच्या के नेतृत्व में थाना को0 कर्नलगंज पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-105/25 धारा 191(2),190,115(2),117(2),103(1),109,351(3) बीएनएस से संबंधित 03 वांछित अभियुक्तों-01. हरिशरण मिश्रा पुत्र रामगुलाम मिश्रा, 02. रामकेवल मिश्रा पुत्र स्व0 राजेश्वरी मिश्रा, 03. संतोष कुमार मिश्रा पुत्र गंगाशरण मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
22.02.2026 को थाना कर्नलगंज पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्षेत्रान्तर्गत सुदईपुरवा दत्तनगर में दो पक्षों में जो आपस में सगे भाई पट्टीदार है के बीच जमीन के कब्जेदारी को लेकर विवाद व मारपीट हो गयी है। घटना में 03 लोग सुभाष चन्द्र मिश्रा, विश्वास चन्द्र मिश्रा व आकाश मिश्रा घायल हो गए जिन्हे पुलिस द्वारा उपचार हेतु जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान सुभाष चन्द्र मिश्रा पुत्र स्व0 पारस नाथ मिश्रा की मृत्यु हो गयी। प्रकरण के सम्बन्ध में थाना कर्नलगंज में मृतक के सगे भाई अरूण मिश्रा पुत्र स्व0 पारसनाथ मिश्रा समेत 04 नामजद व अज्ञात अभियुक्तों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया।

पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा घटना को संज्ञान में लेकर तत्काल आरोपी अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु प्र0नि0 को0 कर्नलगंज को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। जिसमें थाना कर्नलगंज पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए 03 नामजद अभियुक्तों- 01. हरिशरण मिश्रा पुत्र रामगुलाम मिश्रा, 02. रामकेवल मिश्रा पुत्र स्व0 राजेश्वरी मिश्रा, 03. संतोष कुमार मिश्रा पुत्र गंगाशरण मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध थाना कर्नलगंज पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है ।
मत्स्य मंत्री ने किया भदोही का भ्रमण, विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित
नितेश श्रीवास्तव

भदोही ।डॉ. संजय कुमार निषाद, मंत्री, मत्स्य विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनपद भदोही के भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय अतिथि गृह ज्ञानपुर में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित मत्स्य विभाग की योजनाओं एवं प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री के आगमन पर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा शिष्टाचार भेंट कर उनका स्वागत किया गया। इसके साथ ही समाजसेवी राकेश तिवारी, पप्पू तथा विपुल दुबे (विधायक ज्ञानपुर) सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं ने बुके भेंट कर मंत्री का अभिनंदन किया। समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, मछुआ समुदाय के कल्याण एवं विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए।

मंत्री ने कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है और इससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मंत्री के दौरे को लेकर प्रशासनिक अमला सक्रिय नजर आया और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्राओं ने निकाली जागरूकता रैली
जौनपुर। श्री बजरंग पीजी कॉलेज, घनश्यामपुर जौनपुर में सात दिवसीय विशेष शिविर के तत्वाधान में चौथे दिन राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सेविकाओं ने घनश्यामपुर बाजार स्थित राम जानकी मंदिर की साफ सफाई की एवं जागरूकता रैली के माध्यम से जनसंख्या नियंत्रण, वृक्षारोपण कार्यक्रम तथा साक्षरता अभियान के प्रति लोगों को जागृत किया। इस अवसर पर स्वाति अग्रहरि , रीमा यादव, पूजा विश्वकर्मा, रक्षा तिवारी, सचिन अग्रहरि आदि लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम  की अध्यक्षता कालेज के प्राचार्य वीरेंद्र बहादुर सिंह ने किया। संचालन डा जैनेन्द कुमार तिवारी ने किया।
विधिक  सेवा शिविर का जिला जज-डीएम व एसपी ने किया शुभारंभ, दिव्यांगों को मिलीं ट्राई साइकिलें


फर्रुखाबाद।राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा निर्देश पर  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में न्याय विभाग राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और चिकित्सा विभाग तथा स्वयं सहायता समूह के सहयोग से ऑफिसर क्लब प्रांगण बृहद / मेगा विधिक शिविर का आयोजन किया गया l शुभारंभ किया गया। इस दौरान जिला जज नीरज कुमार और जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर दीप माल्यार्पण शिविर का शुभारंभ किया।

इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को कानूनी सलाह और सहायता प्रदान करना था। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए थे, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
जिला जज नीरज कुमार ने बताया कि जो लोग धन के अभाव में अधिवक्ता नियुक्त नहीं कर सकते, वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

इस आयोजन का मकसद लोगों में कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सेवाओं के प्रति जागरूकता फैलाना था।कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिलें वितरित की गईं। शिविर के शुभारंभ  स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर मुख्य अतिथियों का अभिनंदन किया।

इस मेगा शिविर में कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, राजस्व विभाग, न्याय विभाग, ग्राम्य विकास, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग सहित कई विभागों के स्टॉल लगाए गए थे।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अपर न्यायाधीश/ नोडल अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि यह विधिक सहायता सेवा शिविर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से लगाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सोलर सहित तमाम विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं ताकि लोग योजनाओं की अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ ले सकें। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे शिविरों के आयोजन की बात कही।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायाधीश/सचिव प्रियंका गांधी ने जानकारी दी कि यह मेगा शिविर जिला जज की अध्यक्षता में आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को कानूनी मदद कैसे मिले और मुकदमों में फंसने पर सरकारी सेवा कैसे प्राप्त हो, इस बारे में जागरूक करना है। उन्होंने विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं के स्टॉल लगाए जाने का भी उल्लेख किया। इसके अलावा सामान्य जनता का हुजूम लगभग 5354 के आसपास रहा है इस कार्यक्रम में अनुमानित 5354 की संख्या में सम्मिलित होकर सामान्य जनता के लोग भागीदार बने इस कार्यक्रम का समापन किया गया।

इस कार्यक्रम में न्याय विभाग की ओर से न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, प्रशासन की ओर से सभी विभागों के अधिकारीगण, स्वयं सहायता समूह के सदस्यगण, न्यायालय की ओर से न्यायिक/प्रशासनिक कर्मचारीगण, विभिन्न कॉलेजों के शिक्षकगण व छात्र-छात्राएं जनपद के अधिकार मित्र ने बढ़कर इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया वह कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया।
दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी, खालिस्तानी ग्रुप ने ई-मेल से भेजा संदेश

#delhireceivedbombthreatforredfortanddelhi_assembly

Image 2Image 3

देश की राजधानी दिल्ली में लगातार दहशत फैसला की कोशिश की जा रही है। सोमवार सुबह सैन्य स्कूलों को धमकी देने के बाद अब लाल किला और दिल्ली विधानसभा उड़ाने की भी धमकी दी गई है। बताया जा रहा है कि धमकी भरा ई-मेल एक खालिस्तानी संगठन के नाम से भेजी गई है। धमकी की सूचना पर लाल किले और विधानसभा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और जांच अभियान चलाया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस को मिला धमकी भरा ई-मेल मिला

दिल्ली पुलिस को एक धमकी भरा ई-मेल मिला, जिसमें दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। यह धमकी कथित तौर पर एक खालिस्तानी ग्रुप द्वारा भेजी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। धमकी मिलने के तुरंत बाद, दिल्ली विधानसभा परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया। बॉम्ब स्क्वाड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की गहन जांच की।

जांच में जुटी पुलिस

दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि तलाशी अभियान के दौरान कोई खतरनाक या हानिकारक चीज़ नहीं पाई गई, फिर भी एहतियात के तौर पर सभी जरूरी सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि धमकी भरे ई-मेल की जांच जारी है, और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह मेल कहां से भेजा गया और किसने भेजा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल भी जांच में शामिल हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पूरी निगरानी बनाए रखे हुए हैं।

लाल किले के पास हो चुका है धमाका

बता दें कि पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास एक कार में आत्मघाती बस विस्फोट हुआ था, जिसमें कम से कम 13 लोग मारे गए थे और 25 से अधिक लोग घायल हुए थे। हमले में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश एकत मोहम्मद का हाथ मिला था।

अधिवक्ता हत्याकांड, मारपीट में भतीजे ने चढाया था लोगों पर ट्रैक्टर
*9 बीघा जमीन का विवाद, पीट पीट कर की हत्या

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत दत्त नगर गांव के सुदाई पुरवा में रविवार को हुए उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा हत्याकांड से जुड़ा एक लाइव वीडियो सामने आया है,यह वीडियो घटना से ठीक पहले का है जिसमें दिखाई दे रहा है कि खेत में जुताई के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो जाती है।इस दौरान अधिवक्ता के भतीजे ने ट्रैक्टर से सबको कुचलने का प्रयास किया जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि अधिवक्ता की मौत हो गई।वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दिया है,वहीं गांव में माहौल बिगड़ने की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।सारा विवाद 9 बीघा जमीन को लेकर चल रहा था।चार मिनट के लाइव वीडियो में अधिवक्ता के भतीजे विश्वास मिश्रा को खेत की जुताई करते देखा जा सकता है।इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली गलौज शुरू हो जाती है।मारपीट के दौरान अधिवक्ता खुद भी लाठी लेकर बचाव करते दिखाई दे रहे हैं।घटना के कुछ मिनट बाद पुलिस के भी पहुंचने का दावा किया जा रहा है,जिसके बाद दोनों पक्षों के लोग मौके से फरार हो जाते हैं।घटना में मृतक अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में प्रशासनिक अधिवक्ता रहे हैं तथा अवध बार एसोसिएशन के मंत्री भी रह चुके हैं।उनके दो बेटे हैं जिनमें बड़ा बेटा अभिषेक मिश्रा उच्च न्यायालय में अधिवक्ता है तो वहीं छोटा बेटा अनुराग मिश्रा घर पर रहकर खेती बाड़ी संभालता है।परिजनों के अनुसार, यह विवाद गांव के पूर्व प्रधान हरिशरण मिश्रा से 9 बीघा जमीन को लेकर चल रहा था और कोर्ट का फैसला सुभाष चंद्र मिश्रा के पक्ष में आया था,जिसकी प्रति लेकर वह घटना के एक दिन पहले करनैलगंज कोतवाली गए थे और पुलिस को सूचित किया था कि वह अगले दिन जमीन पर कब्जा लेने जाएंगे।मृतक अधिवक्ता के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ है कि सुभाष चंद्र मिश्रा की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से हुई,जबकि शरीर पर कुल आठ चोट के निशान मिले हैं।सुभाष चंद्र मिश्रा का पोस्टमार्टम दो डाक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ किया गया।रिपोर्ट में बताया गया कि सिर में चोट से खून जम गया था,जिसके कारण नसों ने काम करना बंद कर दिया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।मामले में करनैलगंज कोतवाली पुलिस न भतीजे विश्वास मिश्रा की तहरीर पर चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है,इसके साथ ही अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात है।करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय के अनुसार दो वीडियो सामने आए हैं,जिसमें से एक में कोई विवाद स्पष्ट नहीं है जबकि दूसरे में विवाद और ट्रैक्टर चलाते एक व्यक्ति देखा जा सकता है।पुलिस वीडियो की सत्यता और घटनाक्रम की जांच कर रही है।इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में अत्यधिक आक्रोश है।उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग किया है।मामले की जानकारी होने पर कटरा बाजार के भाजपा विधायक बावन सिंह भी मौके पर पहुंचे,जिसमें वह अधिवक्ताओं से हाईकोर्ट में आंदोलन करने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं।हालांकि पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के आश्वासन के बाद स्थिति कुछ शांत हुई।अनुराग के अनुसार रविवार को जैसे ही वे लोग खेत पर पहुंचे,आरोपियों ने हमला कर दिया।लाठी डंडों से पिटाई की गई और फायरिंग भी की गई।गोली उनके भाई के कान के पास से निकल गई।परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना में 20 से 30 लोग शामिल थे।उन्होंने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग किया है।अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि अधिवक्ता के भतीजे विश्वास मिश्रा की शिकायत पर चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
शेरघाटी में आस्था का महासंगम, विराट हिंदू सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब: भजन, प्रवचन और जयघोष से गूंजा गोला बाजार परिसर

गया: शेरघाटी शहर के तीन शिवाला, गोला बाजार में को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन ने शहर को पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंग दिया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। देखते ही देखते पूरा परिसर भगवा ध्वज, जयघोष और भक्ति गीतों से गूंज उठा। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक आयोजन का रूप दे दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंच पर रामाशीष सिंह, गोविंदा आचार्य, डॉ. तपेश्वर प्रसाद, कमल सिंह (जिला संघचालक) एवं डॉ. उदय प्रसाद सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। वक्ताओं ने अपने ओजस्वी संबोधन में हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया।

वक्ताओं ने कहा कि जब समाज संगठित होता है तो परिवर्तन स्वतः संभव होता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़ें और संस्कृति व संस्कार को आगे बढ़ाएं। बीच-बीच में “भारत माता की जय” और “जय श्रीराम” के नारों से वातावरण ऊर्जावान बना रहा।

सम्मेलन की खास बात रही भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां। स्थानीय कलाकारों ने भक्ति गीतों से माहौल को भावविभोर कर दिया। श्रद्धालु भी तालियों और जयघोष के साथ पूरे जोश में नजर आए। धर्म प्रवचनों के दौरान कई लोग भावुक भी दिखे।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक उदय सिंह यादव सहित चंद्रभानु प्रसाद, ऋषभ जी, सत्यम जी, नौरंगी प्रसाद, विकास जी, राहुल आचार्य और अभिषेक जी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने आयोजन की भव्यता की सराहना की और इसे समाज को जोड़ने वाला कदम बताया।

श्रद्धालुओं के लिए भंडारा और प्रसाद वितरण की व्यापक व्यवस्था की गई थी। लंबी कतारों के बावजूद अनुशासन बना रहा। स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित रखने में अहम भूमिका निभाई। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए थे।

शाम ढलते-ढलते भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही थी। आयोजन समिति के सदस्यों के चेहरे पर सफलता की संतोष भरी मुस्कान साफ झलक रही थी। सम्मेलन शांतिपूर्ण, भव्य और अत्यंत सफल रहा। अंत में आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आगे भी होते रहेंगे, ताकि समाज में एकता और जागरूकता का संदेश फैलता रहे।

युवाओं के सपनों पर भारी पड़ रही सियासत.. रामगोविन्द अदालती आदेश के बाद भी समाधान नहीं। न्याय बनाम प्रशासनिक अवरोध
संजीव सिंह बलिया! उत्तर प्रदेश की शैक्षिक राजनीति और विधिक गलियारों में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की नियुक्तियों का प्रकरण एक मिसाल बन गया है। यह कहानी केवल एक अध्यादेश की नहीं, बल्कि हज़ारों बेरोजगारों के सपनों और न्यायपालिका बनाम कार्यपालिका के बीच खिंचती रस्साकशी की है। 1. 2013-14 का ऐतिहासिक निर्णय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में सन् 2013-14 में एक महत्वपूर्ण अध्यादेश लाया गया था। इसका उद्देश्य संस्कृत शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारना और महाविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी को दूर करना था। उक्त बाते पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा और बताया कि विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों की प्रबंध समितियों को रिक्त पदों पर चयन की शक्ति दी गई। इस विकेंद्रीकरण से प्रक्रिया में तेजी आई और कई उच्च शिक्षित युवाओं को रोजगार मिला, जिससे संस्कृत की पाठशालाओं में रौनक लौटी। 2016-17 में सत्ता परिवर्तन के साथ ही इन नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई। योगी सरकार के इस कदम ने न केवल नए रोजगारों पर ताला जड़ा, बल्कि कार्यरत शिक्षकों के भविष्य पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया। इसके बाद शुरू हुआ अदालती संघर्ष का वह लंबा सिलसिला, जिसमें सरकार को हर मोड़ पर विधिक हार का सामना करना पड़ा अभ्यर्थियों ने सरकार के रोक के फैसले को चुनौती दी और कोर्ट ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया। सरकार ने हार नहीं मानी और डबल बेंच में अपील की, लेकिन वहाँ भी न्याय की जीत हुई। अंततः मामला देश की सबसे बड़ी अदालत पहुँचा। 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार की याचिका को खारिज करते हुए नियुक्तियों के पक्ष में मुहर लगा दी। पूर्व नेता विरोधी दल ने कहा कि 'न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर' विडंबना यह है कि देश की सर्वोच्च अदालत से आदेश आने के बावजूद योगी सरकार ने शासन स्तर पर विभिन्न तकनीकी पेच फंसाकर इन नियुक्तियों और उनके लाभों को बाधित किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) की श्रेणी में आती है, बल्कि उन युवाओं के साथ भी अन्याय है जो अपनी योग्यता सिद्ध कर चुके हैं। संस्कृत को भारत की आत्मा कहा जाता है, लेकिन जब इसी भाषा के विद्वान और शिक्षक अपनी आजीविका के लिए दर-दर भटकते हैं, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि सरकारें अदालती आदेशों के बाद भी 'हथकंडे' अपनाकर नियुक्तियां रोकती हैं, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है। योगी सरकार और प्रशासन को अब हठधर्मिता छोड़कर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना चाहिए ताकि संस्कृत शिक्षा का संरक्षण हो सके और युवाओं को उनका उचित हक मिल सके। (रामगोविन्द चौधरी) पूर्व नेता प्रतिपक्ष उoप्र