बीईओ पर अवैध वसूली का आरोप
आखिर कब तक भ्रष्टाचार पर मौन रहेंगे बेसिक शिक्षा अधिकारी

रितेश मिश्रा
हरदोई ग्राम लखनौर निवासी कुलदीप मिश्रा ने भरखनी बी ई ओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को एक लिखित शिकायत पत्र देकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

आरोप है कि भरखनी के खण्ड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह द्वारा ब्लॉक के करीब 70 शिक्षकों से प्रति माह लगभग 5000 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है।
यह वसूली शिक्षकों की कथित अनुपस्थिति के बदले “सेटिंग” के नाम पर की जाती है। बताया गया है कि कुछ शिक्षक महीने में कई दिन विद्यालय नहीं जाते, जबकि कुछ पूरे वर्ष ही अनुपस्थित रहते हैं और उनके लिए अलग दर निर्धारित है।

प्रतिवेदन में  उल्लेख किया गया है कि इस अवैध वसूली में एक अनुदेशक नितीश, जूनियर हाई स्कूल सवायजपुर, मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और पूरी व्यवस्था उसी के माध्यम से संचालित हो रही है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कम्पोजिट ग्रांट की राशि में से भी लगभग 20 प्रतिशत तक की अवैध कटौती की जा रही है। इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि विद्यालयों की शैक्षिक व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हो रही है।

प्रार्थी ने अपने गांव समेत पूरे क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था के चौपट होने की बात कही है। उनका कहना है कि जहां एक ओर सरकार “स्कूल चलो अभियान” जैसे कार्यक्रम चला रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की कथित अनियमितताएं सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रही हैं।

शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि संबंधित अधिकारी के पास सांडी विकास खण्ड का भी अतिरिक्त प्रभार है, जिससे वहां भी इसी प्रकार की अनियमितताओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

प्रार्थी ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गोपनीय जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय एवं आपराधिक कार्रवाई की मांग की है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके और सरकारी योजनाओं का सही लाभ विद्यार्थियों तक पहुंच सके।
लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है इसका पता जांच के बाद ही लग पाएगा
₹10 के स्टांप पर करोड़ों की सरकारी जमीन का खेल, पिहानी में नौटेरी से हो गई खरीद-फरोख्त!
गाटा संख्या 663 पर बड़ा फर्जीवाड़ा, राजस्व विभाग को जानकारी फिर भी कार्रवाई शून्य

बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):
कस्बे में सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां महज ₹10 के स्टांप नोटरी के जरिए करोड़ों की सरकारी जमीन का सौदा कर दिया गया। मामला रामलीला मैदान के निकटगाटा संख्या 663 से जुड़ा है, जो सरकारी अभिलेखों में रास्ते की दर्ज भूमि बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम आटा बुजुर्ग (जिला शाहजहांपुर) निवासी दिलशेर पुत्र नब्बू शाह एवं सईक द्वारा वर्ष 2017 में करीब ₹2.35 लाख में जमीन खरीदने का दावा किया गया। हैरानी की बात यह है कि यह खरीद-फरोख्त रजिस्ट्री के बजाय सिर्फ नोटरी पर की गई, जबकि संबंधित जमीन सरकारी बताई जा रही है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि करोड़ों की इस सरकारी जमीन का सौदा ₹10 के साधारण स्टांप पेपर पर नोटरी के जरिए कर दिया गया। जबकि नियमों के अनुसार सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त न तो संभव है और न ही नोटरी के जरिए वैध मानी जाती है। इसके बावजूद खुलेआम इस तरह का खेल होना प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों की कीमत वाली इस जमीन को नियमों को दरकिनार कर दबंगई के दम पर कब्जाने की कोशिश की गई। पूरे मामले की जानकारी राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रदेश में सख्त कानून व्यवस्था और बुलडोजर कार्रवाई के दावों के बीच पिहानी का यह मामला प्रशासनिक उदासीनता और दबंगों के हौसलों की कहानी बयां कर रहा है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस प्रकरण में कब तक कार्रवाई करता है या फिर मामला यूं ही फाइलों में दबकर रह जाएगा।
उप्र में 10 जिलों के जिलाधिकारी समेत 24 आईएएस अफसरों का तबादला
लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार की देर रात एक बार फिर बड़े पैमाने में आईएएस अफसरों का तबादला किय गया है। इससे ठीक एक दिन पहले 40 आईएएस और अपर पुलिस अधीक्षकों के तबादले हुए थे।
सोमवार की देर रात को जारी तबादले के क्रम में गाजीपुर के जिलाधिकारी अविनाश कुमार को अलीगढ़ जिलाधिकारी बनाया है। अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, राजस्व परिषद, यूपी अरविंद सिंह को एटा का जिलाधिकारी। विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग, यूपी अमित आसेरी को बांदा का जिलाधिकारी, बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. अंकुर लाठर को फर्रुखाबाद का जिलाधिकारी, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कविता मीना को हापुड़ का जिलाधिकारी, विशेष सचिव पर्यटन विभाग, यूपी ईशा प्रिया को अम्बेडकर नगर का जिलाधिकारी बनाया है।

अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण कानपुर नगर से चर्चित गोड़ को सोनभद्र का जिलाधिकारी, अंबेडकरनगर के जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को गाजीपुर का नया जिलाधिकारी, बाराबंकी के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी को जिलाधिकारी अयोध्या की जिम्मेदारी दी है। विशेष सचिव मुख्यमंत्री एवं नागरिक उड्डयन विभाग, यूपी शासन एवं निदेशक, नागरिक उड्डयन, ईशान प्रताप सिंह को बाराबंकी का जिलाधिकारी बनाया गया। वहीं, अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे को विशेष सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनाती मिली है।

इसी तरह एटा के जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह को अपर राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान में नई तैनाती मिली है। इसके साथ उन्हें मध्याह्न भोजन अभिकरण का निदेशक की भी जिम्मेदारी दी गई है। हापुड़ के जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय को राजस्व परिषद में अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, अलीगढ़ के जिलाधिकारी संजीव रंजन को विशेष सचिव, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश शासन भेजा गया। बांदा की जिलाधिकारी जे. रीभा को विशेष सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म बनाया है। इसी प्रकार विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, यूपी शासन एवं अपर निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म यूपी अरुण कुमार को विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, यूपी शासन के प्रभार से अवमुक्त कर दिया है।

फर्रूखाबाद के जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी को विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग व सोनभद्र के जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह को उच्च शिक्षा विभाग में विशेष सचिव, कानपुर की मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) दीक्षा जैन को उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया है।

शाहजहांपुर की सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह सिनसिनवार को बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष, सीतापुर की सीडीओ प्रणता ऐश्वर्या को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष। सोनभद्र में संयुक्त मजिस्ट्रेट उत्कर्ष द्विवेदी को शाहजहांपुर, मथुरा के संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव जे. जैन को कानपुर नगर व मेरठ की संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षा जोशी को सीतापुर का नया सीडीओ बनाया है।
हीटवेव के चलते यूपी में बदला स्कूलों का समय, बेसिक शिक्षा परिषद ने जारी किए निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के प्रकोप को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों के समय में बदलाव किया है। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिषद ने नए समयानुसार सुबह 7.30 बजे से 12.30 बजे तक विद्यालय संचालन के निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार परिषदीय विद्यालय अब सुबह के समय संचालित किए जाएंगे, ताकि बच्चों को तेज धूप और लू से बचाया जा सके। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
परिषद ने अभिभावकों से भी अपील की है कि बच्चों को पर्याप्त पानी, हल्के कपड़े और गर्मी से बचाव के उपायों के साथ विद्यालय भेजें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
लखनऊ में अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान

लखनऊ । राजधानी में ‘अग्नि सुरक्षा सप्ताह’ के मौके पर उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता और प्रशिक्षण अभियान चलाया गया। यह अभियान मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में पूरे जिले के अलग-अलग इलाकों में आयोजित किया गया, जिसमें अस्पताल, स्कूल, मॉल, होटल और अन्य बड़े संस्थानों को शामिल किया गया।

इस अभियान के तहत मेदांता अस्पताल में विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान अग्निशमन विभाग और अस्पताल की सुरक्षा टीम ने मिलकर आग लगने की स्थिति में बचाव कार्य का अभ्यास किया। हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म और आधुनिक उपकरणों की मदद से ऊंची इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन किया गया। साथ ही डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में क्या करना चाहिए, इसकी जानकारी दी गई।

इसी तरह गोमतीनगर रेलवे स्टेशन, फीनिक्स यूनाइटेड मॉल, अपोलो मेडिक्स अस्पताल और पिकैडली होटल समेत कई प्रमुख स्थानों पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में वहां काम करने वाले कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और आम लोगों को आग लगने के कारण, उससे बचाव और आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने के बारे में बताया गया।

स्कूलों में भी जागरूकता अभियान चलाया गया, जहां छात्रों और शिक्षकों को आग से बचाव के तरीके सिखाए गए। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों और फैक्ट्रियों में भी कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।

अग्निशमन विभाग की टीम ने फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का सही तरीका भी सिखाया, जिसे PASS तकनीक कहा जाता है। इसमें पिन खींचना, आग के निचले हिस्से पर निशाना लगाना, लीवर दबाना और दाएं-बाएं घुमाकर आग बुझाना शामिल है।

अधिकारियों ने बताया कि किसी भी बहुमंजिला इमारत में केवल उपकरण होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां काम करने वाले लोगों को उनका सही उपयोग आना भी जरूरी है। इसलिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं ताकि आपात स्थिति में लोग घबराएं नहीं और सही तरीके से प्रतिक्रिया दे सकें।

अभियान के दौरान लोगों को यह भी बताया गया कि भवनों में स्मोक डिटेक्टर लगाना, फायर एग्जिट को खाली रखना और बिजली के उपकरणों का सुरक्षित उपयोग करना बहुत जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पंपलेट बांटकर लोगों को आग से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
*प्रदेश समेत सुल्तानपुर में मॉडिफाइड साइलेंसर पर एआरटीओ प्रशासन की सख्ती,आठ वाहनों का चालान*
सुल्तानपुर,इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश पर सोमवार को जिले में परिवहन विभाग ने सघन चेकिंग अभियान चलाया है। एआरटीओ प्रशासन अलका शुक्ला और पीटीओ शैलेंद्र तिवारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई का मुख्य निशाना मॉडिफाइड और तेज आवाज वाले साइलेंसर लगे वाहन रहे। चेकिंग अभियान के दौरान ध्वनि प्रदूषण फैलाने के आरोप में आठ दोपहिया वाहनों का चालान किया गया। वही जांच टीम ने अमहट स्थित एक वाहन एजेंसी का औचक निरीक्षण भी किया। एजेंसी संचालक को सख्त निर्देश दिए गए कि मॉडिफाइड साइलेंसर या शोर करने वाले उपकरणों की बिक्री और फिटिंग न की जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत एक लाख रुपये जुर्माना और एक वर्ष की जेल का प्रावधान है। एआरटीओ प्रशासन सुल्तानपुर ने ट्रांसपोर्ट यूनियनों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि अवैध मॉडिफिकेशन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले चालकों का न केवल चालान होगा, बल्कि उनका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित और वाहन का पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है। विभाग ने साफ कहा है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
उपभोक्ताओं को अनिवार्य रूप से की जाए गैस की होम डिलीवरी - एसडीएम
एलपीजी वितरकों की बैठक मे दिए गए सख्त निर्देश

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। तहसील सभागार मे
उपजिलाधिकारी अंकित तिवारी द्वारा तहसील शाहाबाद के समस्त एलपीजी वितरकों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें गैस वितरण संबंधित नियमावली 2000 के प्रावधानों के कड़ाई से अनुपालन के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए गए।
बैठक में एसडीएम श्री तिवारी ने कहा
सभी वितरक उपभोक्ताओं को अनिवार्य रूप से होम डिलीवरी प्रदान करें तथा बिना उचित कारण के होम डिलीवरी से इंकार न किया जाए।किसी भी प्रकार की ओवरचार्जिंग पूर्णतः प्रतिबंधित है; निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। केवाइसी या नए कनेक्शन के नाम पर किसी प्रकार की अवैध वसूली न की जाए, क्योंकि यह आदेश के अंतर्गत प्रतिबंधित गतिविधि है।सभी वितरक प्रतिदिन के स्टॉक, बिक्री एवं वितरण का समुचित अभिलेख (रजिस्टर) संधारित करें, जिसमें ओपनिंग स्टॉक, प्राप्ति, वितरण एवं क्लोजिंग स्टॉक का विवरण स्पष्ट हो। वितरक अपने प्रतिष्ठान पर स्टॉक एवं मूल्य का स्पष्ट प्रदर्शन करें, जिससे उपभोक्ताओं को पारदर्शी जानकारी मिल सके।
         उन्होंने कहा तीन दिन से अधिक पुरानी किसी भी गैस बुकिंग को लंबित न रखा जाए तथा उपभोक्ताओं को समयबद्ध सेवा प्रदान की जाए। यह भी निर्देशित किया कि केवल पंजीकृत उपभोक्ताओं को ही गैस आपूर्ति की जाए तथा घरेलू गैस का दुरुपयोग व डायवर्जन पूर्णतः वर्जित है।किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि, जैसे जबरन चूल्हा/उपकरण बिक्री, रिकॉर्ड में हेरफेर या आंशिक भरे सिलेंडर की आपूर्ति, पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
       उक्त आदेश के उल्लंघन की स्थिति में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण एवं अभियोजन शामिल है।
     बैठक में पूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार द्विवेदी ने भी वितरकों को आदेश के प्रावधानों की जानकारी देते हुए अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया।
बिजली चोरी पर बड़ा एक्शन! विजिलेंस और बिजली विभाग की संयुक्त टीम का छापा*

रितेश मिश्रा
हरदोई/अनंगपुर उपकेंद्र के टाउन क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विजिलेंस और बिजली विभाग की संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी कर दी। इस कार्रवाई के दौरान कई उपभोक्ताओं को मौके पर ही बिजली चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
प्रवर्तन दल के जेई  ने जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए सभी उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
छापेमारी के दौरान टीम ने अवैध कनेक्शन, कटिया डालकर बिजली इस्तेमाल करने और मीटर से छेड़छाड़ जैसे कई मामलों का खुलासा किया। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और कई लोगों ने आनन-फानन में अपने अवैध कनेक्शन हटाने शुरू कर दिए।
बिजली विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे, जिससे चोरी करने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।संदेश साफ है: अब बिजली चोरी करने वालों की खैर नहीं!
परिवहन विभाग द्वारा जनपद के समस्त विद्यालय प्रबंधकों एवं वाहन स्वामियों को महत्वपूर्ण निर्देश किया गया जारी


*शासन द्वारा विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं निगरानी सुनिश्चित करने हेतु यह व्यवस्था की गई लागू*

*गोण्डा 20 अप्रैल,2026*।
एआरटीओ (प्रशासन) गोण्डा श्री आर.सी. भारतीय द्वारा जनपद के समस्त विद्यालय प्रबंधकों एवं वाहन स्वामियों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने अवगत कराया है कि जिन विद्यालयों एवं उनमें संचालित वाहनों को अभी तक upisvmp.com पोर्टल पर ऑनबोर्ड नहीं किया गया है, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे विद्यालयों के वाहनों को चिन्हित कर सीज (जब्त) किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि शासन द्वारा विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं निगरानी सुनिश्चित करने हेतु यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय को अपने संस्थान तथा उसमें संचालित समस्त वाहनों का पंजीकरण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से करना होगा। साथ ही, प्रत्येक वाहन चालक का पुलिस सत्यापित चरित्र प्रमाण पत्र एवं शपथ पत्र भी अपलोड किया जाना आवश्यक है।
एआरटीओ (प्रशासन) ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है, ताकि विद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों के परिवहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या जोखिम को रोका जा सके। बिना सत्यापन के संचालित वाहनों से दुर्घटना या अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिसे समाप्त करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों एवं वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे इस कार्य को अत्यंत प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें। यदि किसी कारणवश अभी तक ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है, तो उसे तत्काल प्रभाव से पूर्ण कराया जाए, अन्यथा संबंधित वाहनों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

अंत में उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि विद्यालयी परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाना है। अतः सभी संबंधित पक्ष सहयोग करें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपने विद्यालय एवं वाहनों को शीघ्रातिशीघ्र पोर्टल पर ऑनबोर्ड करना सुनिश्चित करें।
भाषण प्रतियोगिता में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर छात्रों ने रखे विचार

गोंडा, 20 अप्रैल 2026।
श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोंडा के मुख्य परिसर स्थित ललिता शास्त्री सभागार में सोमवार को “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल 23 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का संचालन समन्वयक डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव एवं सह-समन्वयक डॉ. शैलजा सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रो. शशि बाला एवं डॉ. ममता शुक्ला द्वारा किया गया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों का आकलन विषय-वस्तु, प्रस्तुति शैली, आत्मविश्वास एवं अभिव्यक्ति के आधार पर किया।
प्रतियोगिता में भूमि द्विवेदी ने प्रथम स्थान, संदीप तिवारी ने द्वितीय स्थान तथा मानसी सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा गया कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ अभिव्यक्ति कौशल का भी विकास होता है।
बीईओ पर अवैध वसूली का आरोप
आखिर कब तक भ्रष्टाचार पर मौन रहेंगे बेसिक शिक्षा अधिकारी

रितेश मिश्रा
हरदोई ग्राम लखनौर निवासी कुलदीप मिश्रा ने भरखनी बी ई ओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को एक लिखित शिकायत पत्र देकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

आरोप है कि भरखनी के खण्ड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह द्वारा ब्लॉक के करीब 70 शिक्षकों से प्रति माह लगभग 5000 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है।
यह वसूली शिक्षकों की कथित अनुपस्थिति के बदले “सेटिंग” के नाम पर की जाती है। बताया गया है कि कुछ शिक्षक महीने में कई दिन विद्यालय नहीं जाते, जबकि कुछ पूरे वर्ष ही अनुपस्थित रहते हैं और उनके लिए अलग दर निर्धारित है।

प्रतिवेदन में  उल्लेख किया गया है कि इस अवैध वसूली में एक अनुदेशक नितीश, जूनियर हाई स्कूल सवायजपुर, मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और पूरी व्यवस्था उसी के माध्यम से संचालित हो रही है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कम्पोजिट ग्रांट की राशि में से भी लगभग 20 प्रतिशत तक की अवैध कटौती की जा रही है। इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि विद्यालयों की शैक्षिक व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हो रही है।

प्रार्थी ने अपने गांव समेत पूरे क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था के चौपट होने की बात कही है। उनका कहना है कि जहां एक ओर सरकार “स्कूल चलो अभियान” जैसे कार्यक्रम चला रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की कथित अनियमितताएं सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रही हैं।

शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि संबंधित अधिकारी के पास सांडी विकास खण्ड का भी अतिरिक्त प्रभार है, जिससे वहां भी इसी प्रकार की अनियमितताओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

प्रार्थी ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गोपनीय जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय एवं आपराधिक कार्रवाई की मांग की है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके और सरकारी योजनाओं का सही लाभ विद्यार्थियों तक पहुंच सके।
लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है इसका पता जांच के बाद ही लग पाएगा
₹10 के स्टांप पर करोड़ों की सरकारी जमीन का खेल, पिहानी में नौटेरी से हो गई खरीद-फरोख्त!
गाटा संख्या 663 पर बड़ा फर्जीवाड़ा, राजस्व विभाग को जानकारी फिर भी कार्रवाई शून्य

बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):
कस्बे में सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां महज ₹10 के स्टांप नोटरी के जरिए करोड़ों की सरकारी जमीन का सौदा कर दिया गया। मामला रामलीला मैदान के निकटगाटा संख्या 663 से जुड़ा है, जो सरकारी अभिलेखों में रास्ते की दर्ज भूमि बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम आटा बुजुर्ग (जिला शाहजहांपुर) निवासी दिलशेर पुत्र नब्बू शाह एवं सईक द्वारा वर्ष 2017 में करीब ₹2.35 लाख में जमीन खरीदने का दावा किया गया। हैरानी की बात यह है कि यह खरीद-फरोख्त रजिस्ट्री के बजाय सिर्फ नोटरी पर की गई, जबकि संबंधित जमीन सरकारी बताई जा रही है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि करोड़ों की इस सरकारी जमीन का सौदा ₹10 के साधारण स्टांप पेपर पर नोटरी के जरिए कर दिया गया। जबकि नियमों के अनुसार सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त न तो संभव है और न ही नोटरी के जरिए वैध मानी जाती है। इसके बावजूद खुलेआम इस तरह का खेल होना प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों की कीमत वाली इस जमीन को नियमों को दरकिनार कर दबंगई के दम पर कब्जाने की कोशिश की गई। पूरे मामले की जानकारी राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रदेश में सख्त कानून व्यवस्था और बुलडोजर कार्रवाई के दावों के बीच पिहानी का यह मामला प्रशासनिक उदासीनता और दबंगों के हौसलों की कहानी बयां कर रहा है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस प्रकरण में कब तक कार्रवाई करता है या फिर मामला यूं ही फाइलों में दबकर रह जाएगा।
उप्र में 10 जिलों के जिलाधिकारी समेत 24 आईएएस अफसरों का तबादला
लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार की देर रात एक बार फिर बड़े पैमाने में आईएएस अफसरों का तबादला किय गया है। इससे ठीक एक दिन पहले 40 आईएएस और अपर पुलिस अधीक्षकों के तबादले हुए थे।
सोमवार की देर रात को जारी तबादले के क्रम में गाजीपुर के जिलाधिकारी अविनाश कुमार को अलीगढ़ जिलाधिकारी बनाया है। अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, राजस्व परिषद, यूपी अरविंद सिंह को एटा का जिलाधिकारी। विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग, यूपी अमित आसेरी को बांदा का जिलाधिकारी, बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. अंकुर लाठर को फर्रुखाबाद का जिलाधिकारी, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कविता मीना को हापुड़ का जिलाधिकारी, विशेष सचिव पर्यटन विभाग, यूपी ईशा प्रिया को अम्बेडकर नगर का जिलाधिकारी बनाया है।

अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण कानपुर नगर से चर्चित गोड़ को सोनभद्र का जिलाधिकारी, अंबेडकरनगर के जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को गाजीपुर का नया जिलाधिकारी, बाराबंकी के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी को जिलाधिकारी अयोध्या की जिम्मेदारी दी है। विशेष सचिव मुख्यमंत्री एवं नागरिक उड्डयन विभाग, यूपी शासन एवं निदेशक, नागरिक उड्डयन, ईशान प्रताप सिंह को बाराबंकी का जिलाधिकारी बनाया गया। वहीं, अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे को विशेष सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनाती मिली है।

इसी तरह एटा के जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह को अपर राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान में नई तैनाती मिली है। इसके साथ उन्हें मध्याह्न भोजन अभिकरण का निदेशक की भी जिम्मेदारी दी गई है। हापुड़ के जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय को राजस्व परिषद में अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, अलीगढ़ के जिलाधिकारी संजीव रंजन को विशेष सचिव, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश शासन भेजा गया। बांदा की जिलाधिकारी जे. रीभा को विशेष सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म बनाया है। इसी प्रकार विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, यूपी शासन एवं अपर निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म यूपी अरुण कुमार को विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, यूपी शासन के प्रभार से अवमुक्त कर दिया है।

फर्रूखाबाद के जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी को विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग व सोनभद्र के जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह को उच्च शिक्षा विभाग में विशेष सचिव, कानपुर की मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) दीक्षा जैन को उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया है।

शाहजहांपुर की सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह सिनसिनवार को बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष, सीतापुर की सीडीओ प्रणता ऐश्वर्या को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष। सोनभद्र में संयुक्त मजिस्ट्रेट उत्कर्ष द्विवेदी को शाहजहांपुर, मथुरा के संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव जे. जैन को कानपुर नगर व मेरठ की संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षा जोशी को सीतापुर का नया सीडीओ बनाया है।
हीटवेव के चलते यूपी में बदला स्कूलों का समय, बेसिक शिक्षा परिषद ने जारी किए निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के प्रकोप को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों के समय में बदलाव किया है। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिषद ने नए समयानुसार सुबह 7.30 बजे से 12.30 बजे तक विद्यालय संचालन के निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार परिषदीय विद्यालय अब सुबह के समय संचालित किए जाएंगे, ताकि बच्चों को तेज धूप और लू से बचाया जा सके। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
परिषद ने अभिभावकों से भी अपील की है कि बच्चों को पर्याप्त पानी, हल्के कपड़े और गर्मी से बचाव के उपायों के साथ विद्यालय भेजें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
लखनऊ में अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान

लखनऊ । राजधानी में ‘अग्नि सुरक्षा सप्ताह’ के मौके पर उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता और प्रशिक्षण अभियान चलाया गया। यह अभियान मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में पूरे जिले के अलग-अलग इलाकों में आयोजित किया गया, जिसमें अस्पताल, स्कूल, मॉल, होटल और अन्य बड़े संस्थानों को शामिल किया गया।

इस अभियान के तहत मेदांता अस्पताल में विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान अग्निशमन विभाग और अस्पताल की सुरक्षा टीम ने मिलकर आग लगने की स्थिति में बचाव कार्य का अभ्यास किया। हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म और आधुनिक उपकरणों की मदद से ऊंची इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन किया गया। साथ ही डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में क्या करना चाहिए, इसकी जानकारी दी गई।

इसी तरह गोमतीनगर रेलवे स्टेशन, फीनिक्स यूनाइटेड मॉल, अपोलो मेडिक्स अस्पताल और पिकैडली होटल समेत कई प्रमुख स्थानों पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में वहां काम करने वाले कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और आम लोगों को आग लगने के कारण, उससे बचाव और आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने के बारे में बताया गया।

स्कूलों में भी जागरूकता अभियान चलाया गया, जहां छात्रों और शिक्षकों को आग से बचाव के तरीके सिखाए गए। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों और फैक्ट्रियों में भी कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।

अग्निशमन विभाग की टीम ने फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का सही तरीका भी सिखाया, जिसे PASS तकनीक कहा जाता है। इसमें पिन खींचना, आग के निचले हिस्से पर निशाना लगाना, लीवर दबाना और दाएं-बाएं घुमाकर आग बुझाना शामिल है।

अधिकारियों ने बताया कि किसी भी बहुमंजिला इमारत में केवल उपकरण होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां काम करने वाले लोगों को उनका सही उपयोग आना भी जरूरी है। इसलिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं ताकि आपात स्थिति में लोग घबराएं नहीं और सही तरीके से प्रतिक्रिया दे सकें।

अभियान के दौरान लोगों को यह भी बताया गया कि भवनों में स्मोक डिटेक्टर लगाना, फायर एग्जिट को खाली रखना और बिजली के उपकरणों का सुरक्षित उपयोग करना बहुत जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पंपलेट बांटकर लोगों को आग से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
*प्रदेश समेत सुल्तानपुर में मॉडिफाइड साइलेंसर पर एआरटीओ प्रशासन की सख्ती,आठ वाहनों का चालान*
सुल्तानपुर,इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश पर सोमवार को जिले में परिवहन विभाग ने सघन चेकिंग अभियान चलाया है। एआरटीओ प्रशासन अलका शुक्ला और पीटीओ शैलेंद्र तिवारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई का मुख्य निशाना मॉडिफाइड और तेज आवाज वाले साइलेंसर लगे वाहन रहे। चेकिंग अभियान के दौरान ध्वनि प्रदूषण फैलाने के आरोप में आठ दोपहिया वाहनों का चालान किया गया। वही जांच टीम ने अमहट स्थित एक वाहन एजेंसी का औचक निरीक्षण भी किया। एजेंसी संचालक को सख्त निर्देश दिए गए कि मॉडिफाइड साइलेंसर या शोर करने वाले उपकरणों की बिक्री और फिटिंग न की जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत एक लाख रुपये जुर्माना और एक वर्ष की जेल का प्रावधान है। एआरटीओ प्रशासन सुल्तानपुर ने ट्रांसपोर्ट यूनियनों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि अवैध मॉडिफिकेशन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले चालकों का न केवल चालान होगा, बल्कि उनका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित और वाहन का पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है। विभाग ने साफ कहा है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
उपभोक्ताओं को अनिवार्य रूप से की जाए गैस की होम डिलीवरी - एसडीएम
एलपीजी वितरकों की बैठक मे दिए गए सख्त निर्देश

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। तहसील सभागार मे
उपजिलाधिकारी अंकित तिवारी द्वारा तहसील शाहाबाद के समस्त एलपीजी वितरकों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें गैस वितरण संबंधित नियमावली 2000 के प्रावधानों के कड़ाई से अनुपालन के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए गए।
बैठक में एसडीएम श्री तिवारी ने कहा
सभी वितरक उपभोक्ताओं को अनिवार्य रूप से होम डिलीवरी प्रदान करें तथा बिना उचित कारण के होम डिलीवरी से इंकार न किया जाए।किसी भी प्रकार की ओवरचार्जिंग पूर्णतः प्रतिबंधित है; निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। केवाइसी या नए कनेक्शन के नाम पर किसी प्रकार की अवैध वसूली न की जाए, क्योंकि यह आदेश के अंतर्गत प्रतिबंधित गतिविधि है।सभी वितरक प्रतिदिन के स्टॉक, बिक्री एवं वितरण का समुचित अभिलेख (रजिस्टर) संधारित करें, जिसमें ओपनिंग स्टॉक, प्राप्ति, वितरण एवं क्लोजिंग स्टॉक का विवरण स्पष्ट हो। वितरक अपने प्रतिष्ठान पर स्टॉक एवं मूल्य का स्पष्ट प्रदर्शन करें, जिससे उपभोक्ताओं को पारदर्शी जानकारी मिल सके।
         उन्होंने कहा तीन दिन से अधिक पुरानी किसी भी गैस बुकिंग को लंबित न रखा जाए तथा उपभोक्ताओं को समयबद्ध सेवा प्रदान की जाए। यह भी निर्देशित किया कि केवल पंजीकृत उपभोक्ताओं को ही गैस आपूर्ति की जाए तथा घरेलू गैस का दुरुपयोग व डायवर्जन पूर्णतः वर्जित है।किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि, जैसे जबरन चूल्हा/उपकरण बिक्री, रिकॉर्ड में हेरफेर या आंशिक भरे सिलेंडर की आपूर्ति, पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
       उक्त आदेश के उल्लंघन की स्थिति में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण एवं अभियोजन शामिल है।
     बैठक में पूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार द्विवेदी ने भी वितरकों को आदेश के प्रावधानों की जानकारी देते हुए अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया।
बिजली चोरी पर बड़ा एक्शन! विजिलेंस और बिजली विभाग की संयुक्त टीम का छापा*

रितेश मिश्रा
हरदोई/अनंगपुर उपकेंद्र के टाउन क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विजिलेंस और बिजली विभाग की संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी कर दी। इस कार्रवाई के दौरान कई उपभोक्ताओं को मौके पर ही बिजली चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
प्रवर्तन दल के जेई  ने जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए सभी उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
छापेमारी के दौरान टीम ने अवैध कनेक्शन, कटिया डालकर बिजली इस्तेमाल करने और मीटर से छेड़छाड़ जैसे कई मामलों का खुलासा किया। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और कई लोगों ने आनन-फानन में अपने अवैध कनेक्शन हटाने शुरू कर दिए।
बिजली विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे, जिससे चोरी करने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।संदेश साफ है: अब बिजली चोरी करने वालों की खैर नहीं!
परिवहन विभाग द्वारा जनपद के समस्त विद्यालय प्रबंधकों एवं वाहन स्वामियों को महत्वपूर्ण निर्देश किया गया जारी


*शासन द्वारा विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं निगरानी सुनिश्चित करने हेतु यह व्यवस्था की गई लागू*

*गोण्डा 20 अप्रैल,2026*।
एआरटीओ (प्रशासन) गोण्डा श्री आर.सी. भारतीय द्वारा जनपद के समस्त विद्यालय प्रबंधकों एवं वाहन स्वामियों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने अवगत कराया है कि जिन विद्यालयों एवं उनमें संचालित वाहनों को अभी तक upisvmp.com पोर्टल पर ऑनबोर्ड नहीं किया गया है, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे विद्यालयों के वाहनों को चिन्हित कर सीज (जब्त) किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि शासन द्वारा विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं निगरानी सुनिश्चित करने हेतु यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय को अपने संस्थान तथा उसमें संचालित समस्त वाहनों का पंजीकरण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से करना होगा। साथ ही, प्रत्येक वाहन चालक का पुलिस सत्यापित चरित्र प्रमाण पत्र एवं शपथ पत्र भी अपलोड किया जाना आवश्यक है।
एआरटीओ (प्रशासन) ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है, ताकि विद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों के परिवहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या जोखिम को रोका जा सके। बिना सत्यापन के संचालित वाहनों से दुर्घटना या अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिसे समाप्त करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों एवं वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे इस कार्य को अत्यंत प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें। यदि किसी कारणवश अभी तक ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है, तो उसे तत्काल प्रभाव से पूर्ण कराया जाए, अन्यथा संबंधित वाहनों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

अंत में उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि विद्यालयी परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाना है। अतः सभी संबंधित पक्ष सहयोग करें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपने विद्यालय एवं वाहनों को शीघ्रातिशीघ्र पोर्टल पर ऑनबोर्ड करना सुनिश्चित करें।
भाषण प्रतियोगिता में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर छात्रों ने रखे विचार

गोंडा, 20 अप्रैल 2026।
श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोंडा के मुख्य परिसर स्थित ललिता शास्त्री सभागार में सोमवार को “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल 23 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का संचालन समन्वयक डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव एवं सह-समन्वयक डॉ. शैलजा सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रो. शशि बाला एवं डॉ. ममता शुक्ला द्वारा किया गया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों का आकलन विषय-वस्तु, प्रस्तुति शैली, आत्मविश्वास एवं अभिव्यक्ति के आधार पर किया।
प्रतियोगिता में भूमि द्विवेदी ने प्रथम स्थान, संदीप तिवारी ने द्वितीय स्थान तथा मानसी सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा गया कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ अभिव्यक्ति कौशल का भी विकास होता है।