संजय सेतु के विकल्प में डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा
* 72 लाख की कटौती के बाद 8.24 करोड़ का नया एस्टीमेट, जल्द बजट मिलने की उम्मीद

रामनगर, बाराबंकी। घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु की जर्जर हालत को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में प्रस्तावित डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने पुनः शासन को प्रेषित कर दिया है।
पूर्व में लगभग 8.96 करोड़ रुपये की लागत से तैयार प्रस्ताव पर आपत्ति के बाद विभाग ने 72 लाख रुपये की कटौती करते हुए नया प्रस्ताव करीब 8.24 करोड़ रुपये का भेजा है।
एनएचएआई के अवर अभियंता अनंत मौर्य के अनुसार, संशोधित एस्टीमेट में लागत घटाए जाने से स्वीकृति की संभावना बढ़ गई है। शासन से मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। विभागीय आकलन के मुताबिक पीपा पुल का निर्माण लगभग एक माह में पूरा किया जा सकता है।
गौरतलब है कि संजय सेतु लगभग 1200 मीटर लंबा और करीब 42 वर्ष पुराना है। सेतु के कई जोड़ों में क्षति होने के कारण मरम्मत कार्य आवश्यक हो गया है। मरम्मत के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए डबल लेन पीपा पुल बनाने की योजना तैयार की गई है। निर्माण के लिए आवश्यक पीपे प्रयागराज से मंगाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारु बना रहे और किसी भी आकस्मिक स्थिति से बचा जा सके।

मुख्य बिंदु -
* डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा गया
* कुल लागत 8.96 करोड़ से घटाकर लगभग 8.24 करोड़ रुपये की गई
* 72 लाख रुपये की लागत में कटौती
* निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराया जाएगा
* स्वीकृति के बाद लगभग एक माह में निर्माण संभव
* संजय सेतु 1200 मीटर लंबा और 42 वर्ष पुराना
* मरम्मत के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
* स्थानीय लोगों ने शीघ्र निर्णय की मांग की
केंद्र का बना टेक्निकल पोर्टल दे रहा धोखा, स्वास्थ्य कर्मियों को एक साल से नहीं मिला मानदेय
फर्रुखाबाद । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के दर्जनों पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल को दिया है जिसमें कहा है कि टेक्निकल पोर्टल बने होने से कर्मचारियों को 1 साल से अधिक हो गया है मानदेय का पैसा अभी तक उनके खाते में नहीं भेजा गया है जिसके चलते कर्मचारियों में रोष व्याप्त है आक्रोशित कर्मचारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में कहा कि यदि जल्द मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो कर्मचारी भुखमरी की खबर पर पहुंच जाएगा क्योंकि आय का साधन न होने से कर्ज लेकर परिवार का पालन पोषण किया जा रहा है।
केंद्र का बना टेक्निकल पोर्टल दे रहा धोखा, स्वास्थ्य कर्मियों को एक साल से नहीं मिला मानदेय
फर्रुखाबाद । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के दर्जनों पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल को दिया है जिसमें कहा है कि टेक्निकल पोर्टल बने होने से कर्मचारियों को 1 साल से अधिक हो गया है मानदेय का पैसा अभी तक उनके खाते में नहीं भेजा गया है जिसके चलते कर्मचारियों में रोष व्याप्त है आक्रोशित कर्मचारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में कहा कि यदि जल्द मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो कर्मचारी भुखमरी की खबर पर पहुंच जाएगा क्योंकि आय का साधन न होने से कर्ज लेकर परिवार का पालन पोषण किया जा रहा है।
27 को बाबा बड़े शिव धाम में रंगभरी एकादशी पर होगा महोत्सव
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नगर के प्रमुख धार्मिक स्थल बाबा बड़े शिव धाम में पूर्व की भांति इस वर्ष भी जगत जननी जगदम्बा माता पार्वती के गौना पर कार्यक्रम होगा। बाबा बड़े शिव धाम सेवा सीमित द्वारा प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक रंगभरी एकादशी महोत्सव का आयोजन 27 फरवरी की शाम छह बजे से किया जाएगा।

इस अवसर पर अनंत कोटि ब्रह्माण्ड नायक, देवों के देव महादेव बाबा बड़े शिव महाराज का दुग्ध,दही घृत, मधु एवं शर्करा से पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। श्रृंगार में गेंदा, गुलाब, कनेर,मदार,अलसी, धतुरा,कमल, रजनीगंधा, कुमुदिनी,बेल पत्र,शमी पत्र तथा स्वर्ण - रजत आभूषणों का विशेष प्रयोग किया जाएगा। पूरे मंदिर परिसर को फूल - मालाओं से सजाया जाएगा।
युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की बैठक संपन्न
फर्रूखाबाद l प्रधान मंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

विकसित भारत रोजगार योजना का उद्देश्य देश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना तथा स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। इस योजना के अंतर्गत उद्योगों एवं निजी प्रतिष्ठानों को नए रोजगार सृजन हेतु प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को कार्य के अवसर प्राप्त हो सकें।

जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि  जनपद में योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु संबंधित  विभागों द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाये, योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार से जोड़ने तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जायेगी।

योजना के अंतर्गत ऐसे प्रतिष्ठानों को प्रोत्साहन दिया जायेगा जो नए कर्मचारियों की नियुक्ति करेंगे,इस योजना में प्रथम बार रोजगार कर रहे कर्मचारियों को एक माह का वेतन(15000 तक) मिलेगा वही नियोक्ता को अतिरिक्त रोजगार पैदा  करने के लिये प्रोत्साहन दिया जाएगा साथ ही विनिर्माण क्षेत्र के लिये 02 साल के लिये विस्तारित लाभ दिया जाएगा,इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना की जानकारी प्रत्येक ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय एवं औद्योगिक इकाइयों तक पहुँचाई जाए तथा पात्र युवाओं को योजना से जोड़ा जाए। जनपद के युवाओं से अपील की गई है कि वे इस योजना का लाभ उठाये।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी,उपायुक्त उद्योग,जिला विद्यालय निरीक्षक,जिला उद्यान अधिकारी, जिला सेवायोजन अधिकारी व सहायक श्रमायुक्त मौजूद रहे।
ओवरलोड माल ढोने पर 2 ट्रक सीज,209 डी0एल0 निलम्बित,बकाया कर में 3 ट्रक सीज
फर्रुखाबाद l जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश पर एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत एवं यातायात प्रभारी सतेन्द्र कुमार द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान ओवरलोड माल ढोते हुये 2 ट्रक सीज किये गये व उन पर 69 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त बकाया कर के अभियोग में 3 ट्रक सीज किये गये, जिन पर 95 हजार रुपए का कर बकाया था।वित्तीय वर्ष 2025-26 में माह-जनवरी 2026 तक ओवर लोड वाहनों के विरूद्ध प्रवर्तन कार्यवाही करते हुये 218 वाहनों का चालान तथा 140 वाहन निरूद्ध किये गये, जिनके सापेक्ष 84.02 लाख रुपए प्रशमन शुल्क वसूल किया गया है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025 में ओवरलोड माल ढोने के अभियोग में 209 डी0एल0 निलम्बित किये गये हैं।

परिवहन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में माह-जनवरी 2026 तक प्रवर्तन कार्यवाही करते हुये 3993 वाहनों का चालान तथा 879 वाहन निरूद्ध किये गये, जिसके सापेक्ष प्रशमन शुल्क 194.27 लाख रुपए तथा कर 77.05 लाख रुपए के रूप में कुल  271.72 रुपए का राजस्व वसूल किया गया है जबकि जनपद में निरूद्ध किये गये वाहनों को खड़े करने हेतु थानों में स्थान की कमी है। भविष्य में भी ओवरलोड वाहनों के विरूद्ध और अधिक कठोर कार्यवाही की जायेगी।
नगर निकाय चुनाव 2026: 27 फरवरी को होगा भाग्य का फैसला, राँची प्रशासन ने मतगणना हेतु कसी कमर

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राँची: राँची नगर निगम एवं बुंडू नगर पंचायत चुनाव-2026 की मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर बुधवार को ट्रांसपोर्ट नगर, रिंग रोड स्थित बज्रगृह स्थल पर संयुक्त ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई।

ब्रीफिंग और दिशा-निर्देश:

उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मतगणना में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों को राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों का पाठ पढ़ाया गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि:

मतगणना हॉल में कड़ा अनुशासन बनाए रखा जाए।

सुरक्षा घेरे को अभेद्य रखा जाए और अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित हो।

बैलट बॉक्स की हैंडलिंग और टेबल निगरानी में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं:

प्रशासन ने बताया कि मतगणना स्थल पर प्रकाश, पेयजल और बैठने की मुकम्मल व्यवस्था कर ली गई है। ब्रीफिंग में सदर एसडीओ कुमार रजत और बुंडू एसडीओ किस्टो कुमार बेसरा सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 'क्विक रिस्पांस' के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

जनता से अपील:

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मतगणना से जुड़ी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट में दिखेगा अवध की संस्कृति का संगम *

एलडीए ने हुसैनाबाद में 4973 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित किया है म्यूजियम
- 01 मार्च को लोकार्पण के बाद आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा म्यूजियम
लखनऊ । हुसैनाबाद में बनकर तैयार हुए लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट में अवध की संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने लगभग 4973 वर्गमीटर क्षेत्रफल में इस म्यूजियम का निर्माण किया है। 01 मार्च, 2026 को लोकार्पण के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।  एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस नवनिर्मित म्यूजियम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय की संरचना, प्रदर्शनी दीर्घाओं और पर्यटक सुविधाओं का जायजा लेने के साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। म्यूजियम का निर्माण 41.43 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है। यह प्रदेश की पहली ऐसी आईकॉनिक बिल्डिंग होने वाली है, जहां बिना किसी कॉलम या पिलर के सहारे के 45 मीटर लंबा कैंटीलीवर निर्मित किया गया है। म्यूजियम भवन की आकर्षक डिजाइन इस इमारत को एक अलग पहचान देती है।
म्यूजियम में अवध की ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। म्यूजियम में विभिन्न तरह की गैलरी विकसित की गयी हैं। जिनके नाम ‘मूल धारा, हुनर का सफर, हस्तशिल्प, सांझी आस्था, गंगा-जमुनी तहजीब, कारीगरी, महफिल-ए-अवध, नृत्यकला, नाट्यशाला, सोच एवं संवाद और जायका-ए-अवध’ हैं। इन गैलरी के माध्यम से अवध की संस्कृति को जीवंत रूप में दर्शाया जाएगा। म्यूजियम में वीआर गेमिंग एरीना भी बनाया गया है, जो दर्शकों को इतिहास से जोड़ने का नया अनुभव देगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस म्यूजियम का निर्माण कराया गया है। यह म्यूजियम लखनऊ की समृद्ध विरासत, कला, शिल्प परंपरा को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी से जोड़ने का काम करेगा। साथ ही स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस मौके पर एलडीए के सचिव विवेक श्रीवास्तव, नजूल अधिकारी प्रभाकर सिंह, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, अधीक्षण अभियंता नवनीत शर्मा, अधिशासी अभियंता मनोज सागर एवं नीरज कुमार समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।
सुप्रीम कोर्ट से हेमंत सोरेन को बड़ी राहत: ED की आपराधिक कार्यवाही पर शीर्ष अदालत ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी. यह कार्यवाही प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जारी किए गए समन की कथित जानबूझकर अवहेलना के आरोप में शुरू की गई थी.

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मामला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमलया बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया. पीठ ने सोरेन की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने मामले को खारिज करने की मांग की है. सोरेन ने अपनी याचिका में ईडी द्वारा बार-बार जारी किए गए समन को भी चुनौती दी है.

सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकील ने तर्क दिया कि ट्रायल लगभग पूरा हो चुका है, सात समन जारी किए गए थे और सोरेन एक बार भी पेश नहीं हुए. सोरेन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि वे तीन बार पेश हुए थे और ईडी ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था.

ईडी के वकील ने यह भी कहा कि क्वाशिंग याचिका देर से दाखिल की गई है, जो मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेने के एक साल बाद है. मुख्य न्यायाधीश ने मौखिक टिप्पणी में कहा, "कल हम अखबार में पढ़ रहे थे कि आप (ईडी) ने बल्क शिकायतें दाखिल की हैं. उन शिकायतों पर ध्यान केंद्रित करें और अपनी ऊर्जा वहां लगाएं. इससे कुछ रचनात्मक परिणाम आएंगे."

न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि एजेंसी को प्रभावी अभियोजन पर फोकस करना चाहिए, और "ये आतंक वाली अभियोजन हैं. उद्देश्य पूरा हो चुका है."

15 जनवरी को हाईकोर्ट ने ईडी द्वारा दायर शिकायत मामले में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सोरेन के खिलाफ लिया गया संज्ञान खारिज करने से इनकार कर दिया था, जो झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नेता के लिए झटका था.

ईडी ने सोरेन के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी, जिसमें आरोप था कि जमीन घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में जारी समन पर वे पेश नहीं हुए.

समाहरणालय सभाकक्ष में कृषि एवं पशुपालन योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार उपविकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह ने बुधवार को समाहरणालय सभाकक्ष में कृषि, पशुपालन एवं गव्य विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में एक्सपेंडिचर संबधी, बिरसा फसल विस्तार योजना, कृषि मेला का अलॉटमेंट एवं व्यय, कृषक प्रयोगशाला, एग्रीक्लीनिक, स्वास्थ्य हेल्थ कार्ड, पीडीएमसी, किसान समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, गाय योजना, बर्मी कंपोस्ट, मिल्किंग मशीन सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

उपविकास आयुक्त ने बिरसा फसल विस्तार एवं कृषक प्रयोगशाला की फील्ड रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। गव्य विकास योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक आवेदन जेनरेट कराने को कहा। उन्होंने गाय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर लाभुकों को योजना से जोड़ने का निर्देश दिया।

पशुपालन पदाधिकारी को बैंक से संबंधित कार्यों के निष्पादन हेतु एलडीएम से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। उपविकास आयुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को कृषि, पशुपालन एवं गव्य विकास योजनाओं की प्रगति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में उपविकास आयुक्त के अलावा कृषि पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी, गव्य विकास पदाधिकारी, बीटीएम, वेटनरी डॉक्टर सहित अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।

संजय सेतु के विकल्प में डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा
* 72 लाख की कटौती के बाद 8.24 करोड़ का नया एस्टीमेट, जल्द बजट मिलने की उम्मीद

रामनगर, बाराबंकी। घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु की जर्जर हालत को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में प्रस्तावित डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने पुनः शासन को प्रेषित कर दिया है।
पूर्व में लगभग 8.96 करोड़ रुपये की लागत से तैयार प्रस्ताव पर आपत्ति के बाद विभाग ने 72 लाख रुपये की कटौती करते हुए नया प्रस्ताव करीब 8.24 करोड़ रुपये का भेजा है।
एनएचएआई के अवर अभियंता अनंत मौर्य के अनुसार, संशोधित एस्टीमेट में लागत घटाए जाने से स्वीकृति की संभावना बढ़ गई है। शासन से मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। विभागीय आकलन के मुताबिक पीपा पुल का निर्माण लगभग एक माह में पूरा किया जा सकता है।
गौरतलब है कि संजय सेतु लगभग 1200 मीटर लंबा और करीब 42 वर्ष पुराना है। सेतु के कई जोड़ों में क्षति होने के कारण मरम्मत कार्य आवश्यक हो गया है। मरम्मत के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए डबल लेन पीपा पुल बनाने की योजना तैयार की गई है। निर्माण के लिए आवश्यक पीपे प्रयागराज से मंगाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारु बना रहे और किसी भी आकस्मिक स्थिति से बचा जा सके।

मुख्य बिंदु -
* डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा गया
* कुल लागत 8.96 करोड़ से घटाकर लगभग 8.24 करोड़ रुपये की गई
* 72 लाख रुपये की लागत में कटौती
* निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराया जाएगा
* स्वीकृति के बाद लगभग एक माह में निर्माण संभव
* संजय सेतु 1200 मीटर लंबा और 42 वर्ष पुराना
* मरम्मत के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
* स्थानीय लोगों ने शीघ्र निर्णय की मांग की
केंद्र का बना टेक्निकल पोर्टल दे रहा धोखा, स्वास्थ्य कर्मियों को एक साल से नहीं मिला मानदेय
फर्रुखाबाद । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के दर्जनों पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल को दिया है जिसमें कहा है कि टेक्निकल पोर्टल बने होने से कर्मचारियों को 1 साल से अधिक हो गया है मानदेय का पैसा अभी तक उनके खाते में नहीं भेजा गया है जिसके चलते कर्मचारियों में रोष व्याप्त है आक्रोशित कर्मचारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में कहा कि यदि जल्द मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो कर्मचारी भुखमरी की खबर पर पहुंच जाएगा क्योंकि आय का साधन न होने से कर्ज लेकर परिवार का पालन पोषण किया जा रहा है।
केंद्र का बना टेक्निकल पोर्टल दे रहा धोखा, स्वास्थ्य कर्मियों को एक साल से नहीं मिला मानदेय
फर्रुखाबाद । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के दर्जनों पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल को दिया है जिसमें कहा है कि टेक्निकल पोर्टल बने होने से कर्मचारियों को 1 साल से अधिक हो गया है मानदेय का पैसा अभी तक उनके खाते में नहीं भेजा गया है जिसके चलते कर्मचारियों में रोष व्याप्त है आक्रोशित कर्मचारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में कहा कि यदि जल्द मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो कर्मचारी भुखमरी की खबर पर पहुंच जाएगा क्योंकि आय का साधन न होने से कर्ज लेकर परिवार का पालन पोषण किया जा रहा है।
27 को बाबा बड़े शिव धाम में रंगभरी एकादशी पर होगा महोत्सव
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नगर के प्रमुख धार्मिक स्थल बाबा बड़े शिव धाम में पूर्व की भांति इस वर्ष भी जगत जननी जगदम्बा माता पार्वती के गौना पर कार्यक्रम होगा। बाबा बड़े शिव धाम सेवा सीमित द्वारा प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक रंगभरी एकादशी महोत्सव का आयोजन 27 फरवरी की शाम छह बजे से किया जाएगा।

इस अवसर पर अनंत कोटि ब्रह्माण्ड नायक, देवों के देव महादेव बाबा बड़े शिव महाराज का दुग्ध,दही घृत, मधु एवं शर्करा से पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। श्रृंगार में गेंदा, गुलाब, कनेर,मदार,अलसी, धतुरा,कमल, रजनीगंधा, कुमुदिनी,बेल पत्र,शमी पत्र तथा स्वर्ण - रजत आभूषणों का विशेष प्रयोग किया जाएगा। पूरे मंदिर परिसर को फूल - मालाओं से सजाया जाएगा।
युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की बैठक संपन्न
फर्रूखाबाद l प्रधान मंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

विकसित भारत रोजगार योजना का उद्देश्य देश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना तथा स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। इस योजना के अंतर्गत उद्योगों एवं निजी प्रतिष्ठानों को नए रोजगार सृजन हेतु प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को कार्य के अवसर प्राप्त हो सकें।

जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि  जनपद में योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु संबंधित  विभागों द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाये, योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार से जोड़ने तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जायेगी।

योजना के अंतर्गत ऐसे प्रतिष्ठानों को प्रोत्साहन दिया जायेगा जो नए कर्मचारियों की नियुक्ति करेंगे,इस योजना में प्रथम बार रोजगार कर रहे कर्मचारियों को एक माह का वेतन(15000 तक) मिलेगा वही नियोक्ता को अतिरिक्त रोजगार पैदा  करने के लिये प्रोत्साहन दिया जाएगा साथ ही विनिर्माण क्षेत्र के लिये 02 साल के लिये विस्तारित लाभ दिया जाएगा,इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना की जानकारी प्रत्येक ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय एवं औद्योगिक इकाइयों तक पहुँचाई जाए तथा पात्र युवाओं को योजना से जोड़ा जाए। जनपद के युवाओं से अपील की गई है कि वे इस योजना का लाभ उठाये।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी,उपायुक्त उद्योग,जिला विद्यालय निरीक्षक,जिला उद्यान अधिकारी, जिला सेवायोजन अधिकारी व सहायक श्रमायुक्त मौजूद रहे।
ओवरलोड माल ढोने पर 2 ट्रक सीज,209 डी0एल0 निलम्बित,बकाया कर में 3 ट्रक सीज
फर्रुखाबाद l जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश पर एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत एवं यातायात प्रभारी सतेन्द्र कुमार द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान ओवरलोड माल ढोते हुये 2 ट्रक सीज किये गये व उन पर 69 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त बकाया कर के अभियोग में 3 ट्रक सीज किये गये, जिन पर 95 हजार रुपए का कर बकाया था।वित्तीय वर्ष 2025-26 में माह-जनवरी 2026 तक ओवर लोड वाहनों के विरूद्ध प्रवर्तन कार्यवाही करते हुये 218 वाहनों का चालान तथा 140 वाहन निरूद्ध किये गये, जिनके सापेक्ष 84.02 लाख रुपए प्रशमन शुल्क वसूल किया गया है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025 में ओवरलोड माल ढोने के अभियोग में 209 डी0एल0 निलम्बित किये गये हैं।

परिवहन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में माह-जनवरी 2026 तक प्रवर्तन कार्यवाही करते हुये 3993 वाहनों का चालान तथा 879 वाहन निरूद्ध किये गये, जिसके सापेक्ष प्रशमन शुल्क 194.27 लाख रुपए तथा कर 77.05 लाख रुपए के रूप में कुल  271.72 रुपए का राजस्व वसूल किया गया है जबकि जनपद में निरूद्ध किये गये वाहनों को खड़े करने हेतु थानों में स्थान की कमी है। भविष्य में भी ओवरलोड वाहनों के विरूद्ध और अधिक कठोर कार्यवाही की जायेगी।
नगर निकाय चुनाव 2026: 27 फरवरी को होगा भाग्य का फैसला, राँची प्रशासन ने मतगणना हेतु कसी कमर

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राँची: राँची नगर निगम एवं बुंडू नगर पंचायत चुनाव-2026 की मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर बुधवार को ट्रांसपोर्ट नगर, रिंग रोड स्थित बज्रगृह स्थल पर संयुक्त ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई।

ब्रीफिंग और दिशा-निर्देश:

उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मतगणना में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों को राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों का पाठ पढ़ाया गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि:

मतगणना हॉल में कड़ा अनुशासन बनाए रखा जाए।

सुरक्षा घेरे को अभेद्य रखा जाए और अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित हो।

बैलट बॉक्स की हैंडलिंग और टेबल निगरानी में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं:

प्रशासन ने बताया कि मतगणना स्थल पर प्रकाश, पेयजल और बैठने की मुकम्मल व्यवस्था कर ली गई है। ब्रीफिंग में सदर एसडीओ कुमार रजत और बुंडू एसडीओ किस्टो कुमार बेसरा सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 'क्विक रिस्पांस' के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

जनता से अपील:

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मतगणना से जुड़ी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट में दिखेगा अवध की संस्कृति का संगम *

एलडीए ने हुसैनाबाद में 4973 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित किया है म्यूजियम
- 01 मार्च को लोकार्पण के बाद आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा म्यूजियम
लखनऊ । हुसैनाबाद में बनकर तैयार हुए लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट में अवध की संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने लगभग 4973 वर्गमीटर क्षेत्रफल में इस म्यूजियम का निर्माण किया है। 01 मार्च, 2026 को लोकार्पण के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।  एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस नवनिर्मित म्यूजियम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय की संरचना, प्रदर्शनी दीर्घाओं और पर्यटक सुविधाओं का जायजा लेने के साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। म्यूजियम का निर्माण 41.43 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है। यह प्रदेश की पहली ऐसी आईकॉनिक बिल्डिंग होने वाली है, जहां बिना किसी कॉलम या पिलर के सहारे के 45 मीटर लंबा कैंटीलीवर निर्मित किया गया है। म्यूजियम भवन की आकर्षक डिजाइन इस इमारत को एक अलग पहचान देती है।
म्यूजियम में अवध की ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। म्यूजियम में विभिन्न तरह की गैलरी विकसित की गयी हैं। जिनके नाम ‘मूल धारा, हुनर का सफर, हस्तशिल्प, सांझी आस्था, गंगा-जमुनी तहजीब, कारीगरी, महफिल-ए-अवध, नृत्यकला, नाट्यशाला, सोच एवं संवाद और जायका-ए-अवध’ हैं। इन गैलरी के माध्यम से अवध की संस्कृति को जीवंत रूप में दर्शाया जाएगा। म्यूजियम में वीआर गेमिंग एरीना भी बनाया गया है, जो दर्शकों को इतिहास से जोड़ने का नया अनुभव देगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस म्यूजियम का निर्माण कराया गया है। यह म्यूजियम लखनऊ की समृद्ध विरासत, कला, शिल्प परंपरा को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी से जोड़ने का काम करेगा। साथ ही स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस मौके पर एलडीए के सचिव विवेक श्रीवास्तव, नजूल अधिकारी प्रभाकर सिंह, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, अधीक्षण अभियंता नवनीत शर्मा, अधिशासी अभियंता मनोज सागर एवं नीरज कुमार समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।
सुप्रीम कोर्ट से हेमंत सोरेन को बड़ी राहत: ED की आपराधिक कार्यवाही पर शीर्ष अदालत ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी. यह कार्यवाही प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जारी किए गए समन की कथित जानबूझकर अवहेलना के आरोप में शुरू की गई थी.

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मामला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमलया बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया. पीठ ने सोरेन की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने मामले को खारिज करने की मांग की है. सोरेन ने अपनी याचिका में ईडी द्वारा बार-बार जारी किए गए समन को भी चुनौती दी है.

सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकील ने तर्क दिया कि ट्रायल लगभग पूरा हो चुका है, सात समन जारी किए गए थे और सोरेन एक बार भी पेश नहीं हुए. सोरेन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि वे तीन बार पेश हुए थे और ईडी ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था.

ईडी के वकील ने यह भी कहा कि क्वाशिंग याचिका देर से दाखिल की गई है, जो मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेने के एक साल बाद है. मुख्य न्यायाधीश ने मौखिक टिप्पणी में कहा, "कल हम अखबार में पढ़ रहे थे कि आप (ईडी) ने बल्क शिकायतें दाखिल की हैं. उन शिकायतों पर ध्यान केंद्रित करें और अपनी ऊर्जा वहां लगाएं. इससे कुछ रचनात्मक परिणाम आएंगे."

न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि एजेंसी को प्रभावी अभियोजन पर फोकस करना चाहिए, और "ये आतंक वाली अभियोजन हैं. उद्देश्य पूरा हो चुका है."

15 जनवरी को हाईकोर्ट ने ईडी द्वारा दायर शिकायत मामले में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सोरेन के खिलाफ लिया गया संज्ञान खारिज करने से इनकार कर दिया था, जो झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नेता के लिए झटका था.

ईडी ने सोरेन के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी, जिसमें आरोप था कि जमीन घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में जारी समन पर वे पेश नहीं हुए.

समाहरणालय सभाकक्ष में कृषि एवं पशुपालन योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार उपविकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह ने बुधवार को समाहरणालय सभाकक्ष में कृषि, पशुपालन एवं गव्य विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में एक्सपेंडिचर संबधी, बिरसा फसल विस्तार योजना, कृषि मेला का अलॉटमेंट एवं व्यय, कृषक प्रयोगशाला, एग्रीक्लीनिक, स्वास्थ्य हेल्थ कार्ड, पीडीएमसी, किसान समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, गाय योजना, बर्मी कंपोस्ट, मिल्किंग मशीन सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

उपविकास आयुक्त ने बिरसा फसल विस्तार एवं कृषक प्रयोगशाला की फील्ड रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। गव्य विकास योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक आवेदन जेनरेट कराने को कहा। उन्होंने गाय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर लाभुकों को योजना से जोड़ने का निर्देश दिया।

पशुपालन पदाधिकारी को बैंक से संबंधित कार्यों के निष्पादन हेतु एलडीएम से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। उपविकास आयुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को कृषि, पशुपालन एवं गव्य विकास योजनाओं की प्रगति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में उपविकास आयुक्त के अलावा कृषि पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी, गव्य विकास पदाधिकारी, बीटीएम, वेटनरी डॉक्टर सहित अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।