कंचन जायसवाल ही बहाएंगी गढ़वा में विकास की गंगा, भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने मांगा समर्थन"

गढ़वा। नगर परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भाजपा समर्थित अध्यक्ष प्रत्याशी कंचन जायसवाल के पक्ष में माहौल बनाने के लिए गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार को उन्होंने शहर के सोनपुरवा और नगवां मुहल्ला में सघन जनसंपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं से 'बेंच छाप' (क्रमांक-5) पर वोट देने की अपील की।

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झामुमो सरकार पर साधा निशाना:

जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने वर्तमान सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि "झामुमो के शासन में जनता त्राहि-त्राहि कर रही है और विकास पूरी तरह ठप है। भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने महिलाओं के सम्मान में एक स्वच्छ और बेदाग छवि की प्रत्याशी को मैदान में उतारा है।" उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी की योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुँचाने के लिए नगर परिषद में भाजपा समर्थित प्रत्याशी का जीतना अनिवार्य है।

प्रत्याशी का संकल्प:

अध्यक्ष प्रत्याशी कंचन जायसवाल ने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि उन्हें अवसर मिलता है, तो गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास कार्य किए जाएंगे और हर नागरिक की समस्या का त्वरित समाधान होगा।

प्रमुख उपस्थिति:

मंडल अध्यक्ष धनंजय गोंड के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद घुरण राम, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश केशरी, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय कुशवाहा, विधायक प्रतिनिधि विवेकानंद तिवारी और बिनोद चंद्रवंशी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

अपनी जड़ों की ओर: पैतृक गांव नेमरा पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत

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नेमरा (रामगढ़): मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे। गांव की मिट्टी में कदम रखते ही स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी परंपरा और संस्कृति के अनुसार मुख्यमंत्री का जोरदार अभिनंदन किया। इस दौरान रामगढ़ जिला प्रशासन द्वारा उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री यहाँ आयोजित एक पारंपरिक 'सामाजिक सद्भाव बैठक' में भी शामिल हुए, जहाँ उन्होंने ग्रामीणों के साथ समय बिताया और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।

धनबाद मेयर चुनाव: रवि चौधरी की रैली में उमड़ा जनसैलाब, रंगाटांड़ से मटकुरिया तक समर्थकों का रहा कब्जा।

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धनबाद नगर निगम के मेयर प्रत्याशी रवि चौधरी ने सोमवार को एक भव्य जनसंपर्क रैली निकालकर अपनी चुनावी ताकत का अहसास कराया। रंगाटांड़ मोड़ से शुरू होकर मटकुरिया चेक पोस्ट तक चली इस रैली में सैकड़ों की संख्या में शहरवासी शामिल हुए।

रैली का मार्ग और स्वागत:

करीब साढ़े छह घंटे तक चली यह रैली नया बाजार, पुराना बाजार, बरमसिया, मनईटांड़ और बैंक मोड़ जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरी। जगह-जगह स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा और माला पहनाकर रवि चौधरी का अभिनंदन किया। रत्नेश्वर मंदिर के पास पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने जनसंपर्क को और गति दी।

जनता के बीच मुख्य मुद्दे:

जोड़ाफाटक और पुराना बाजार में छोटी जनसभाओं को संबोधित करते हुए रवि चौधरी ने कहा:

"धनबाद की जनता अब बदलाव चाहती है। मेरा लक्ष्य शहर को न केवल स्वच्छ बनाना है, बल्कि सड़क, पानी और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर जवाबदेही तय करना है।"

स्थानीय लोगों ने जलभराव, सफाई की कमी और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया, जिस पर उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर समाधान का आश्वासन दिया।

प्रमुख उपस्थित कार्यकर्ता:

रैली को सफल बनाने में प्रदीप अग्रवाल, अनेस यादव, मनोज साव, सुकेश मालाकार, विपिन लाला, राकेश चंचल, बबलू शेख, रणधीर मालाकार और डॉ. सोमाशेखर सहित कई अन्य गणमान्य लोग सक्रिय रहे।

उत्तराखंड के नैनीताल, रामनगर और उत्तरकाशी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
* ई-मेल के जरिए मिली धमकी के बाद कोर्ट परिसर खाली, बीडीएस और डॉग स्क्वॉड ने की सघन जांच

नैनीताल/रामनगर/हल्द्वानी/उत्तरकाशी। उत्तराखंड के नैनीताल और उत्तरकाशी जिलों में स्थित जिला एवं सत्र न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। ई-मेल के माध्यम से भेजी गई इस धमकी के बाद पुलिस-प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया और सभी न्यायालय परिसरों को एहतियातन खाली कराकर सघन जांच अभियान शुरू किया गया।
जानकारी के अनुसार, अखिल भारतीय न्यायाधीश संघ के नाम से एक ई-मेल भेजा गया, जिसमें नैनीताल जिला न्यायालय को निशाना बनाते हुए बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई। मेल में जजों के चैंबर में 12 आरडीएक्स बम और आईईडी लगाए जाने का दावा किया गया था। साथ ही तमिलनाडु में ईडब्ल्यूएस आरक्षण को रोकने की मांग का भी उल्लेख किया गया।
धमकी मिलते ही नैनीताल, रामनगर और हल्द्वानी की अदालतों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड ने कोर्ट रूम, जजों के चैंबर और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। हालांकि अब तक किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
नैनीताल के एसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि ई-मेल के माध्यम से बम होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद एसओपी के तहत कार्रवाई की गई। जिला न्यायालय परिसर के अधिकांश हिस्सों की जांच की जा चुकी है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
जिला बार एसोसिएशन, नैनीताल के अध्यक्ष भगवत प्रसाद ने कहा कि सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को अवगत करा दिया गया था। सुरक्षा के मद्देनजर न्यायालय परिसर को खाली कराकर जांच की गई।
नैनीताल जिले के रामनगर न्यायालय और हल्द्वानी कोर्ट को भी धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। इसके बाद कोर्ट परिसर में चल रही सभी गतिविधियां रोक दी गईं और आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
इसी क्रम में उत्तरकाशी जिला न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। जिला जज की सूचना पर पुलिस ने तत्काल कोर्ट परिसर खाली कराया और सुरक्षा बढ़ा दी। नगर कोतवाल भावना कैंथोला ने बताया कि मेल में आरडीएक्स होने का दावा किया गया था, जिसके बाद एहतियातन जांच शुरू की गई।
फिलहाल पुलिस और साइबर टीमें धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ मामले की जांच कर रही हैं।
देहरादून में लोक भवन कूच के दौरान 500 से अधिक कांग्रेसी हिरासत में, हरीश रावत बोले– बीजेपी सत्ता से होगी बेदखल
* हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग पर टकराव, पुलिस लाइन भेजे गए नेता बाद में रिहा

देहरादून। देहरादून में विभिन्न मुद्दों को लेकर लोक भवन (राजभवन) का घेराव करने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हाथीबड़कला क्षेत्र में रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने करीब 500 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ता पहले परेड ग्राउंड में एकत्र हुए, जहां से रैली निकालकर लोक भवन की ओर कूच किया गया। हजारों की संख्या में शामिल कार्यकर्ताओं को हाथीबड़कला के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और आगे बढ़ने का प्रयास किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य अपने समर्थकों के साथ पहला बैरिकेड पार कर मुख्य बैरिकेड तक पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया।
प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा भी शामिल रहीं। पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण महारा और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनभावनाओं को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, “आज परिवर्तन का जनसैलाब सड़कों पर उतरा है। गांव-गांव से हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता देहरादून पहुंचे हैं। सभी एक स्वर में कह रहे हैं कि इस बार बीजेपी सत्ता से बेदखल होगी।” प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है।
रुद्रपुर कलेक्ट्रेट पर आंगनबाड़ी वर्करों का घेराव, राज्य कर्मचारी दर्जा और वेतनमान की मांग तेज
* मुख्य गेट बंद होने पर बाहर ही धरना, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

रुद्रपुर, उत्तराखंड। रुद्रपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा और नियमित वेतनमान लागू करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। पुलिस प्रशासन द्वारा मुख्य गेट बंद किए जाने से नाराज महिलाओं ने गेट के बाहर ही धरना शुरू कर जोरदार नारेबाजी की।
जिले के विभिन्न ब्लॉकों से सैकड़ों की संख्या में पहुंचीं आंगनबाड़ी वर्करों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं गेट के सामने ही धरने पर बैठ गईं और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा, नियमित वेतनमान और सेवा शर्तों में सुधार की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्विंदर कौर ने कहा कि वे सरकार की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाती हैं। पोषण अभियान, टीकाकरण, सर्वेक्षण और जनगणना जैसे कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय मिलता है, जो महंगाई के इस दौर में पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्य का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मानदेय और सुविधाओं में कोई समुचित वृद्धि नहीं की गई है। कई बार निर्धारित समय से अधिक काम करना पड़ता है और अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी देनी पड़ती है, जिसका कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलता।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और स्थिति को नियंत्रित रखा। बाद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, नियमित वेतनमान लागू करने और सेवा शर्तों में सुधार की प्रमुख मांगें शामिल हैं।
प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। हालांकि प्रदर्शनकारी महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित और ठोस निर्णय चाहिए। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप देने की चेतावनी भी दी गई है।
रुद्रपुर में फोम से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में भीषण आग, फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
* बीच सड़क धू-धू कर जली ट्रॉली, बिजली तार से टकराने की आशंका; जनहानि टली

रुद्रपुर, उत्तराखंड। रुद्रपुर में सोमवार को तीन पानी डैम के पास फोम से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में अचानक भीषण आग लग गई। बीच सड़क पर आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटना ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार दोपहर के समय तीन पानी डैम के पास अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। स्थानीय लोगों ने तत्काल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही फायर अधिकारी महेश चंद्र के नेतृत्व में दमकल टीम मौके के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचने पर पाया गया कि ट्रॉली में हेलमेट निर्माण में प्रयुक्त ज्वलनशील फोम भरी हुई थी, जिसके कारण आग तेजी से फैल रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकल कर्मियों ने वाहन से पंपिंग कर मॉनिटर ब्रांच और हौज पाइप की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
काफी प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। प्राथमिक जांच में आशंका जताई गई है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों से टकरा गई थी, जिससे शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। हालांकि, सटीक कारणों की जांच की जा रही है।
गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। मौके पर मौजूद ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस ने यातायात व्यवस्था संभाली और सुरक्षा बनाए रखी। आग बुझाने के बाद फायर अधिकारी ने स्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई के उपरांत फायर यूनिट स्टेशन लौट गई।
जिलाधिकारी ने तहसील तरबगंज का किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा निर्देश

*तहसील तरबगंज में कम वसूली करने वाले 20 अमीनों को नोटिस जारी करने के लिए निर्देश- जिलाधिकारी


गोण्डा।जिलाधिकारी  प्रियंका निरंजन ने तहसील तरबगंज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों की गति, कार्यालयीन अनुशासन और जनता को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करना था।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी कोर्ट, भूलेख विभाग, कलेक्शन विभाग सहित अन्य कार्यालयों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि कुछ विभागों में कार्यों की गति अपेक्षित मानक के अनुसार नहीं थी, विशेष रूप से कलेक्शन विभाग में 20 अमीनों द्वारा वसूली कम होने की जानकारी मिली।

इस पर जिलाधिकारी ने कलेक्शन विभाग को कड़े निर्देश दिए हैं कि कम वसूली करने वाले अमीनों के विरुद्ध नोटिस जारी किया जाए और आगामी समय में पूर्ण वसूली सुनिश्चित की जाए।इसके साथ ही तहसीलदार तरबगंज को भी निर्देशित किया गया कि वे नियमानुसार अधिक से अधिक मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को यह स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान और मामलों का शीघ्र निपटान प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान श्रीमती प्रियंका निरंजन ने कार्यालयीन अनुशासन और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि तहसील परिसर में स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए और कार्यालयों में अभिलेखों का रखरखाव व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि अभिलेखों का डिजिटल और भौतिक रूप में सुव्यवस्थित रखरखाव किया जाए ताकि किसी भी समय आवश्यक जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जनता को सेवा देने में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ अपने कार्यों का पालन करें और तहसील तरबगंज में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में सहयोग करें।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी तरबगंज विश्वामित्र, तहसीलदार तरबगंज आशुतोष पांडेय सहित सभी संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
कोल जाति को मिले अनुसूचित जनजाति का दर्जा-उज्जवल रमण सिंह।
सांसद उज्जवल रमण सिंह नई दिल्ली में केन्द्रीय जनजाति कार्य मंत्री से मिले।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।सांसद उज्जवल रमण सिंह ने उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली'कोल' आदिवासी जाति के उत्थान के लिए केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम से नई दिल्ली में मिलकर एक पत्र दिया जिसमें कोल जाति को उत्तर प्रदेश में भी अनुसूचित जनजाति (ST) की श्रेणी में शामिल करने की पुरजोर वकालत की है।यह जानकारी देते हुए सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने बताया कि सांसद ने पत्र के माध्यम से कोल समाज की दयनीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कई महत्वपूर्ण तर्क दिए हैं कि जहां ओडिशा बिहार झारखंड मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कोल जाति को अनुसूचित जनजाति(ST)का दर्जा प्राप्त है वही उत्तर प्रदेश में इन्हें अनुसूचित जाति (SC) की श्रेणी में रखा गया है।उन्होंने कहा कि प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी चंदौली बांदा और चित्रकूट जैसे जिलो में निवास करने वाली लगभग 15 लाख की यह आबादी आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसो दूर है। उत्तर प्रदेश में इस समाज की साक्षरता दर मात्र 0.28 प्रतिशत है। शैक्षिक पिछड़ेपन के कारण इस समाज से न तो कोई राजपत्रित अधिकारी है और न ही डॉक्टर इंजीनियर या वकील।सांसद ने एक भावनात्मक मुद्दा भी उठाया कि यदि यूपी की कोई कोल लड़की एमपी में विवाहित होती है,तो उसके बच्चों को ST का लाभ मिलता है लेकिन एमपी की लड़की यूपी आने पर इस लाभ से वंचित रह जाती है।सांसद उज्जवल रमण सिंह ने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश शासन के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ ने विस्तृत सर्वेक्षण के बाद पहले ही कोल जाति को ST में शामिल करने की संस्तुति भारत सरकार को भेजी थी जो अभी तक लंबित है।सांसद ने केंद्रीय मंत्री जोएल ओराम से आग्रह किया है कि समाज के हित में आवश्यक कार्रवाई करते हुए इन्हें जल्द से जल्द अनुसूचित जनजाति ST श्रेणी में शामिल किया जाए।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ.संतोष सिंह ने जनजातीय क्षेत्र में किया निःशुल्क चिकित्सा सेवा का कार्य।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।नर सेवा ही नारायण सेवा है की भावना को साकार करते हुए गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0 के तहत मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ सर्जन डॉ.संतोष सिंह ने लखीमपुर खीरी जिले के नेपाल सीमा से सटे थारू जनजातीय क्षेत्र के मसान खम्भ एवं सौनहा गांव में निःशुल्क चिकित्सा सेवा प्रदान कर मानव सेवा की मिसाल पेश की।मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय प्रयागराज के असिस्टेंट प्रोफेसर (सर्जरी) एवं मीडिया प्रभारी डॉ.संतोष सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में 6 एवं 7 फरवरी को कुल लगभग 350 रोगियों की जांच व उपचार किया गया।मरीजो को नि: शुल्क परामर्श दवाइयां एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई।यह सेवा अभियान गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास सेवा भारती एवं नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन(एनएमओ) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि सीमावर्ती एवं जनजातीय क्षेत्रो में स्वास्थ्य सुविधाओ की कमी को देखते हुए ऐसे शिविर अत्यंत आवश्यक है। जरूरतमन्दो के चेहरे पर आई मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।शिविर में सामान्य रोग पेट रोग त्वचा रोग महिला व बाल रोग सर्जिकल परामर्श तथा प्राथमिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई।गम्भीर मरीजो को आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज रेफर भी किया गया।इस सेवा कार्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोला जिले के जिला प्रचारक शिव प्रकाश शिवनाथ डॉ.शिवम डॉ.अंकित डॉ.ओम डॉ.सत्यम नर्सिंग स्टाफ प्रतिभा राणा एवं रामदेवी सहित स्थानीय ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा।डॉ.भूपेन्द्र सिंह डॉ.जय राम डॉ.आदर्श डॉ रवि शंकर सिंह डॉ सुधांशु सिंह एवं अन्य व्यवस्थापक साथियो ने व्यवस्थाओ को सफल बनाया।ग्रामीणों ने चिकित्सक दल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्गम क्षेत्र में इस तरह की सेवा उनके लिए वरदान साबित हुई है।डॉ.संतोष सिंह ने सभी सहयोगियों एवं आयोजक संस्थाओं के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा अभियानों में सक्रिय भागीदारी जारी रहेगी।
कंचन जायसवाल ही बहाएंगी गढ़वा में विकास की गंगा, भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने मांगा समर्थन"

गढ़वा। नगर परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भाजपा समर्थित अध्यक्ष प्रत्याशी कंचन जायसवाल के पक्ष में माहौल बनाने के लिए गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार को उन्होंने शहर के सोनपुरवा और नगवां मुहल्ला में सघन जनसंपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं से 'बेंच छाप' (क्रमांक-5) पर वोट देने की अपील की।

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झामुमो सरकार पर साधा निशाना:

जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने वर्तमान सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि "झामुमो के शासन में जनता त्राहि-त्राहि कर रही है और विकास पूरी तरह ठप है। भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने महिलाओं के सम्मान में एक स्वच्छ और बेदाग छवि की प्रत्याशी को मैदान में उतारा है।" उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी की योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुँचाने के लिए नगर परिषद में भाजपा समर्थित प्रत्याशी का जीतना अनिवार्य है।

प्रत्याशी का संकल्प:

अध्यक्ष प्रत्याशी कंचन जायसवाल ने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि उन्हें अवसर मिलता है, तो गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास कार्य किए जाएंगे और हर नागरिक की समस्या का त्वरित समाधान होगा।

प्रमुख उपस्थिति:

मंडल अध्यक्ष धनंजय गोंड के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद घुरण राम, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश केशरी, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय कुशवाहा, विधायक प्रतिनिधि विवेकानंद तिवारी और बिनोद चंद्रवंशी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

अपनी जड़ों की ओर: पैतृक गांव नेमरा पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत

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नेमरा (रामगढ़): मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे। गांव की मिट्टी में कदम रखते ही स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी परंपरा और संस्कृति के अनुसार मुख्यमंत्री का जोरदार अभिनंदन किया। इस दौरान रामगढ़ जिला प्रशासन द्वारा उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री यहाँ आयोजित एक पारंपरिक 'सामाजिक सद्भाव बैठक' में भी शामिल हुए, जहाँ उन्होंने ग्रामीणों के साथ समय बिताया और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।

धनबाद मेयर चुनाव: रवि चौधरी की रैली में उमड़ा जनसैलाब, रंगाटांड़ से मटकुरिया तक समर्थकों का रहा कब्जा।

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धनबाद नगर निगम के मेयर प्रत्याशी रवि चौधरी ने सोमवार को एक भव्य जनसंपर्क रैली निकालकर अपनी चुनावी ताकत का अहसास कराया। रंगाटांड़ मोड़ से शुरू होकर मटकुरिया चेक पोस्ट तक चली इस रैली में सैकड़ों की संख्या में शहरवासी शामिल हुए।

रैली का मार्ग और स्वागत:

करीब साढ़े छह घंटे तक चली यह रैली नया बाजार, पुराना बाजार, बरमसिया, मनईटांड़ और बैंक मोड़ जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरी। जगह-जगह स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा और माला पहनाकर रवि चौधरी का अभिनंदन किया। रत्नेश्वर मंदिर के पास पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने जनसंपर्क को और गति दी।

जनता के बीच मुख्य मुद्दे:

जोड़ाफाटक और पुराना बाजार में छोटी जनसभाओं को संबोधित करते हुए रवि चौधरी ने कहा:

"धनबाद की जनता अब बदलाव चाहती है। मेरा लक्ष्य शहर को न केवल स्वच्छ बनाना है, बल्कि सड़क, पानी और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर जवाबदेही तय करना है।"

स्थानीय लोगों ने जलभराव, सफाई की कमी और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया, जिस पर उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर समाधान का आश्वासन दिया।

प्रमुख उपस्थित कार्यकर्ता:

रैली को सफल बनाने में प्रदीप अग्रवाल, अनेस यादव, मनोज साव, सुकेश मालाकार, विपिन लाला, राकेश चंचल, बबलू शेख, रणधीर मालाकार और डॉ. सोमाशेखर सहित कई अन्य गणमान्य लोग सक्रिय रहे।

उत्तराखंड के नैनीताल, रामनगर और उत्तरकाशी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
* ई-मेल के जरिए मिली धमकी के बाद कोर्ट परिसर खाली, बीडीएस और डॉग स्क्वॉड ने की सघन जांच

नैनीताल/रामनगर/हल्द्वानी/उत्तरकाशी। उत्तराखंड के नैनीताल और उत्तरकाशी जिलों में स्थित जिला एवं सत्र न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। ई-मेल के माध्यम से भेजी गई इस धमकी के बाद पुलिस-प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया और सभी न्यायालय परिसरों को एहतियातन खाली कराकर सघन जांच अभियान शुरू किया गया।
जानकारी के अनुसार, अखिल भारतीय न्यायाधीश संघ के नाम से एक ई-मेल भेजा गया, जिसमें नैनीताल जिला न्यायालय को निशाना बनाते हुए बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई। मेल में जजों के चैंबर में 12 आरडीएक्स बम और आईईडी लगाए जाने का दावा किया गया था। साथ ही तमिलनाडु में ईडब्ल्यूएस आरक्षण को रोकने की मांग का भी उल्लेख किया गया।
धमकी मिलते ही नैनीताल, रामनगर और हल्द्वानी की अदालतों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड ने कोर्ट रूम, जजों के चैंबर और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। हालांकि अब तक किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
नैनीताल के एसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि ई-मेल के माध्यम से बम होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद एसओपी के तहत कार्रवाई की गई। जिला न्यायालय परिसर के अधिकांश हिस्सों की जांच की जा चुकी है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
जिला बार एसोसिएशन, नैनीताल के अध्यक्ष भगवत प्रसाद ने कहा कि सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को अवगत करा दिया गया था। सुरक्षा के मद्देनजर न्यायालय परिसर को खाली कराकर जांच की गई।
नैनीताल जिले के रामनगर न्यायालय और हल्द्वानी कोर्ट को भी धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। इसके बाद कोर्ट परिसर में चल रही सभी गतिविधियां रोक दी गईं और आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
इसी क्रम में उत्तरकाशी जिला न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। जिला जज की सूचना पर पुलिस ने तत्काल कोर्ट परिसर खाली कराया और सुरक्षा बढ़ा दी। नगर कोतवाल भावना कैंथोला ने बताया कि मेल में आरडीएक्स होने का दावा किया गया था, जिसके बाद एहतियातन जांच शुरू की गई।
फिलहाल पुलिस और साइबर टीमें धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ मामले की जांच कर रही हैं।
देहरादून में लोक भवन कूच के दौरान 500 से अधिक कांग्रेसी हिरासत में, हरीश रावत बोले– बीजेपी सत्ता से होगी बेदखल
* हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग पर टकराव, पुलिस लाइन भेजे गए नेता बाद में रिहा

देहरादून। देहरादून में विभिन्न मुद्दों को लेकर लोक भवन (राजभवन) का घेराव करने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हाथीबड़कला क्षेत्र में रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने करीब 500 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ता पहले परेड ग्राउंड में एकत्र हुए, जहां से रैली निकालकर लोक भवन की ओर कूच किया गया। हजारों की संख्या में शामिल कार्यकर्ताओं को हाथीबड़कला के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और आगे बढ़ने का प्रयास किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य अपने समर्थकों के साथ पहला बैरिकेड पार कर मुख्य बैरिकेड तक पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया।
प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा भी शामिल रहीं। पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण महारा और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनभावनाओं को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, “आज परिवर्तन का जनसैलाब सड़कों पर उतरा है। गांव-गांव से हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता देहरादून पहुंचे हैं। सभी एक स्वर में कह रहे हैं कि इस बार बीजेपी सत्ता से बेदखल होगी।” प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है।
रुद्रपुर कलेक्ट्रेट पर आंगनबाड़ी वर्करों का घेराव, राज्य कर्मचारी दर्जा और वेतनमान की मांग तेज
* मुख्य गेट बंद होने पर बाहर ही धरना, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

रुद्रपुर, उत्तराखंड। रुद्रपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा और नियमित वेतनमान लागू करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। पुलिस प्रशासन द्वारा मुख्य गेट बंद किए जाने से नाराज महिलाओं ने गेट के बाहर ही धरना शुरू कर जोरदार नारेबाजी की।
जिले के विभिन्न ब्लॉकों से सैकड़ों की संख्या में पहुंचीं आंगनबाड़ी वर्करों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं गेट के सामने ही धरने पर बैठ गईं और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा, नियमित वेतनमान और सेवा शर्तों में सुधार की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्विंदर कौर ने कहा कि वे सरकार की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाती हैं। पोषण अभियान, टीकाकरण, सर्वेक्षण और जनगणना जैसे कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय मिलता है, जो महंगाई के इस दौर में पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्य का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मानदेय और सुविधाओं में कोई समुचित वृद्धि नहीं की गई है। कई बार निर्धारित समय से अधिक काम करना पड़ता है और अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी देनी पड़ती है, जिसका कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलता।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और स्थिति को नियंत्रित रखा। बाद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, नियमित वेतनमान लागू करने और सेवा शर्तों में सुधार की प्रमुख मांगें शामिल हैं।
प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। हालांकि प्रदर्शनकारी महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित और ठोस निर्णय चाहिए। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप देने की चेतावनी भी दी गई है।
रुद्रपुर में फोम से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में भीषण आग, फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
* बीच सड़क धू-धू कर जली ट्रॉली, बिजली तार से टकराने की आशंका; जनहानि टली

रुद्रपुर, उत्तराखंड। रुद्रपुर में सोमवार को तीन पानी डैम के पास फोम से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में अचानक भीषण आग लग गई। बीच सड़क पर आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटना ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार दोपहर के समय तीन पानी डैम के पास अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। स्थानीय लोगों ने तत्काल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही फायर अधिकारी महेश चंद्र के नेतृत्व में दमकल टीम मौके के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचने पर पाया गया कि ट्रॉली में हेलमेट निर्माण में प्रयुक्त ज्वलनशील फोम भरी हुई थी, जिसके कारण आग तेजी से फैल रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकल कर्मियों ने वाहन से पंपिंग कर मॉनिटर ब्रांच और हौज पाइप की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
काफी प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। प्राथमिक जांच में आशंका जताई गई है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों से टकरा गई थी, जिससे शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। हालांकि, सटीक कारणों की जांच की जा रही है।
गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। मौके पर मौजूद ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस ने यातायात व्यवस्था संभाली और सुरक्षा बनाए रखी। आग बुझाने के बाद फायर अधिकारी ने स्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई के उपरांत फायर यूनिट स्टेशन लौट गई।
जिलाधिकारी ने तहसील तरबगंज का किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा निर्देश

*तहसील तरबगंज में कम वसूली करने वाले 20 अमीनों को नोटिस जारी करने के लिए निर्देश- जिलाधिकारी


गोण्डा।जिलाधिकारी  प्रियंका निरंजन ने तहसील तरबगंज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों की गति, कार्यालयीन अनुशासन और जनता को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करना था।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी कोर्ट, भूलेख विभाग, कलेक्शन विभाग सहित अन्य कार्यालयों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि कुछ विभागों में कार्यों की गति अपेक्षित मानक के अनुसार नहीं थी, विशेष रूप से कलेक्शन विभाग में 20 अमीनों द्वारा वसूली कम होने की जानकारी मिली।

इस पर जिलाधिकारी ने कलेक्शन विभाग को कड़े निर्देश दिए हैं कि कम वसूली करने वाले अमीनों के विरुद्ध नोटिस जारी किया जाए और आगामी समय में पूर्ण वसूली सुनिश्चित की जाए।इसके साथ ही तहसीलदार तरबगंज को भी निर्देशित किया गया कि वे नियमानुसार अधिक से अधिक मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को यह स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान और मामलों का शीघ्र निपटान प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान श्रीमती प्रियंका निरंजन ने कार्यालयीन अनुशासन और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि तहसील परिसर में स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए और कार्यालयों में अभिलेखों का रखरखाव व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि अभिलेखों का डिजिटल और भौतिक रूप में सुव्यवस्थित रखरखाव किया जाए ताकि किसी भी समय आवश्यक जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जनता को सेवा देने में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ अपने कार्यों का पालन करें और तहसील तरबगंज में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में सहयोग करें।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी तरबगंज विश्वामित्र, तहसीलदार तरबगंज आशुतोष पांडेय सहित सभी संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
कोल जाति को मिले अनुसूचित जनजाति का दर्जा-उज्जवल रमण सिंह।
सांसद उज्जवल रमण सिंह नई दिल्ली में केन्द्रीय जनजाति कार्य मंत्री से मिले।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।सांसद उज्जवल रमण सिंह ने उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली'कोल' आदिवासी जाति के उत्थान के लिए केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम से नई दिल्ली में मिलकर एक पत्र दिया जिसमें कोल जाति को उत्तर प्रदेश में भी अनुसूचित जनजाति (ST) की श्रेणी में शामिल करने की पुरजोर वकालत की है।यह जानकारी देते हुए सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने बताया कि सांसद ने पत्र के माध्यम से कोल समाज की दयनीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कई महत्वपूर्ण तर्क दिए हैं कि जहां ओडिशा बिहार झारखंड मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कोल जाति को अनुसूचित जनजाति(ST)का दर्जा प्राप्त है वही उत्तर प्रदेश में इन्हें अनुसूचित जाति (SC) की श्रेणी में रखा गया है।उन्होंने कहा कि प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी चंदौली बांदा और चित्रकूट जैसे जिलो में निवास करने वाली लगभग 15 लाख की यह आबादी आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसो दूर है। उत्तर प्रदेश में इस समाज की साक्षरता दर मात्र 0.28 प्रतिशत है। शैक्षिक पिछड़ेपन के कारण इस समाज से न तो कोई राजपत्रित अधिकारी है और न ही डॉक्टर इंजीनियर या वकील।सांसद ने एक भावनात्मक मुद्दा भी उठाया कि यदि यूपी की कोई कोल लड़की एमपी में विवाहित होती है,तो उसके बच्चों को ST का लाभ मिलता है लेकिन एमपी की लड़की यूपी आने पर इस लाभ से वंचित रह जाती है।सांसद उज्जवल रमण सिंह ने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश शासन के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ ने विस्तृत सर्वेक्षण के बाद पहले ही कोल जाति को ST में शामिल करने की संस्तुति भारत सरकार को भेजी थी जो अभी तक लंबित है।सांसद ने केंद्रीय मंत्री जोएल ओराम से आग्रह किया है कि समाज के हित में आवश्यक कार्रवाई करते हुए इन्हें जल्द से जल्द अनुसूचित जनजाति ST श्रेणी में शामिल किया जाए।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ.संतोष सिंह ने जनजातीय क्षेत्र में किया निःशुल्क चिकित्सा सेवा का कार्य।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।नर सेवा ही नारायण सेवा है की भावना को साकार करते हुए गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0 के तहत मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ सर्जन डॉ.संतोष सिंह ने लखीमपुर खीरी जिले के नेपाल सीमा से सटे थारू जनजातीय क्षेत्र के मसान खम्भ एवं सौनहा गांव में निःशुल्क चिकित्सा सेवा प्रदान कर मानव सेवा की मिसाल पेश की।मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय प्रयागराज के असिस्टेंट प्रोफेसर (सर्जरी) एवं मीडिया प्रभारी डॉ.संतोष सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में 6 एवं 7 फरवरी को कुल लगभग 350 रोगियों की जांच व उपचार किया गया।मरीजो को नि: शुल्क परामर्श दवाइयां एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई।यह सेवा अभियान गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास सेवा भारती एवं नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन(एनएमओ) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि सीमावर्ती एवं जनजातीय क्षेत्रो में स्वास्थ्य सुविधाओ की कमी को देखते हुए ऐसे शिविर अत्यंत आवश्यक है। जरूरतमन्दो के चेहरे पर आई मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।शिविर में सामान्य रोग पेट रोग त्वचा रोग महिला व बाल रोग सर्जिकल परामर्श तथा प्राथमिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई।गम्भीर मरीजो को आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज रेफर भी किया गया।इस सेवा कार्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोला जिले के जिला प्रचारक शिव प्रकाश शिवनाथ डॉ.शिवम डॉ.अंकित डॉ.ओम डॉ.सत्यम नर्सिंग स्टाफ प्रतिभा राणा एवं रामदेवी सहित स्थानीय ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा।डॉ.भूपेन्द्र सिंह डॉ.जय राम डॉ.आदर्श डॉ रवि शंकर सिंह डॉ सुधांशु सिंह एवं अन्य व्यवस्थापक साथियो ने व्यवस्थाओ को सफल बनाया।ग्रामीणों ने चिकित्सक दल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्गम क्षेत्र में इस तरह की सेवा उनके लिए वरदान साबित हुई है।डॉ.संतोष सिंह ने सभी सहयोगियों एवं आयोजक संस्थाओं के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा अभियानों में सक्रिय भागीदारी जारी रहेगी।