पूर्व आईपीएस मणिलाल पाटीदार को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत, आपराधिक कार्रवाई पर रोक
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश के बाद फिलहाल उनके विरुद्ध जारी आपराधिक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
मामले की स्थिति
मणिलाल पाटीदार ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान करते हुए संबंधित आपराधिक कार्रवाई पर स्थगन आदेश पारित किया।
कोर्ट का रुख
हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले के तथ्यों और याचिका में उठाए गए कानूनी बिंदुओं को देखते हुए यह आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह राहत अंतरिम प्रकृति की है और मामले की विस्तृत सुनवाई अभी शेष है।
कानूनी स्थिति
अदालत के आदेश के बाद पुलिस या अन्य जांच एजेंसियां इस मामले में फिलहाल कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकेंगी। अगली सुनवाई में कोर्ट मामले के गुण-दोष पर विस्तार से विचार करेगा।
विश्लेषण
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, आपराधिक कार्रवाई पर रोक का अर्थ आरोपी को क्लीन चिट मिलना नहीं होता। यह केवल संकेत देता है कि अदालत को प्रथम दृष्टया मामले में कुछ कानूनी प्रश्न विचारणीय लगे हैं। अंतिम निर्णय पूर्ण सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।
* सोलर प्रोजेक्ट रिश्वत मामला खत्म, IAS अभिषेक प्रकाश को भी बड़ी राहत
नौकरशाही को झकझोर देने वाले सोलर प्रोजेक्ट रिश्वत मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश से जुड़े आपराधिक प्रकरण को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत कोई अपराध बनता ही नहीं है।
अदालत ने 15 मई 2025 को दाखिल की गई चार्जशीट को रद्द कर दिया, साथ ही 17 मई को जारी तलबी आदेश को भी निरस्त कर दिया। यह मामला सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा था, जिसमें कमीशन मांगने के आरोप लगाए गए थे।
मामले की पृष्ठभूमि
इस प्रकरण में 20 मार्च 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत के आधार पर एसटीएफ ने जांच कर कार्रवाई की थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने स्वयं अदालत में स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री से की गई शिकायत गलतफहमी में दर्ज हुई थी।
कोर्ट की टिप्पणी
अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोप प्रमाणित नहीं होते और BNS तथा PC Act के तहत अपराध का गठन नहीं होता। इसी आधार पर पूरे आपराधिक प्रकरण को समाप्त कर दिया गया।
आगे की स्थिति
मामला खत्म होने के बाद आईएएस अभिषेक प्रकाश की बहाली की संभावना प्रबल मानी जा रही है। इस फैसले को प्रदेश की नौकरशाही में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
22 min ago
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