झारखंड के 'शतरंज के शहजादे': स्वर्ण पदक विजेता अधिराज मित्रा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की मुलाकात।

रांची: झारखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले जमशेदपुर के युवा शतरंज खिलाड़ी श्री अधिराज मित्रा ने आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई इस मुलाकात में अधिराज ने सीएम के साथ अपनी जीत के अनुभव साझा किए।

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राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक

बता दें कि अधिराज मित्रा ने नवंबर 2025 में मलेशिया में आयोजित राष्ट्रमंडल शतरंज चैंपियनशिप में अंडर-14 श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता था। इस प्रतियोगिता में राष्ट्रमंडल देशों के कई दिग्गज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जहाँ अधिराज ने अपनी बुद्धिमत्ता और प्रतिभा का लोहा मनवाया।

मुख्यमंत्री ने की प्रतिभा की सराहना

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिराज मित्रा को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा, "झारखंड के खिलाड़ियों में खेल के प्रति जज्बा और प्रतिभा सराहनीय है। यहाँ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन से राज्य का नाम रोशन किया है।"

परिजन और कोच रहे मौजूद

इस अवसर पर अधिराज के पिता श्री उत्तम मित्रा, माता श्रीमती रुना मित्रा और कोच श्री अभिषेक दास भी उपस्थित थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री को अधिराज की यात्रा के बारे में जानकारी दी।

मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की शुरुआत: इजराइल-अमेरिका का ईरान पर हमला,तेहरान समेत कई शहरों में धमाके

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इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू हो गई है। थोड़ी देर पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर भीषण बमबारी की है। तेहरान में इस समय तबाही का मंजर नजर आ रहा है। अमेरिका के साथ मिलकर यहूदी देश ने ईरान के राष्ट्रपति भवन, खुफिया एजेंसी और एयरपोर्ट सहित 30 ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला किया है।

राजधानी तेहरान में धमाके

ईरान की राजधानी तेहरान के बीच वाले इलाके में तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, धमाकों के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेहरान के रिपब्लिक इलाके में कई मिसाइलें गिरी हैं। अभी तक नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

इन शहरों में भी विस्फोट

वहीं कई ईरानी समाचार एजेंसियों ने पुष्टि की है कि ईरान के विभिन्न शहरों में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गई हैं। तेहरान के अलावा, करमानशाह, क़ोम, लोरेस्तान, कराज और तबरीज़ उन शहरों में शामिल हैं जहां इन मीडिया आउटलेट्स ने विस्फोटों की पुष्टि की है।

इरायल-अमेरिका जॉइंट ऑपरेशन

बताया जा रहा है कि इज़रायल ने अमेरिका के इशारे पर ही ईरान पर मिसाइलें दागीं हैं और यह हमला दोनों देशों का जॉइंट ऑपरेशन है। पिछले काफी समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि अमेरिका और ईरान में जल्द ही युद्ध शुरू हो सकता है और आज, शनिवार, 28 फरवरी को युद्ध का बिगुल बज गया है।

खामेनेई को सुरक्षित जगह ले जाया गया

हमलो के बीच ईरानी राष्ट्रपति अयातुल्ला अली खामनेई को सुरक्षित ठिकाने पर भेज दिया गया है। एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि उन्हें एक 'सुरक्षित स्थान' पर ले जाया गया है।

इजरायल ने ईरान पर क्यों किया हमला?

इजरायली सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन कई महीनों से प्लान किया जा रहा था और इसका लक्ष्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि हमले बड़े दायरे में होंगे और इजरायल के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि कम से कम चार दिन तक भारी हमले जारी रह सकते हैं। इराक के आसमान में भी क्रूज मिसाइलें देखी गईं, जिससे साफ है कि हमले कई दिशाओं से किए जा रहे हैं।

घर सुल्तानपुर फाउंडेशन द्वारा महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की पुण्यतिथि के अवसर पर दीप प्रज्वलन एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन*
सुल्तानपुर,आजाद पार्क में घर सुल्तानपुर फाउंडेशन द्वारा महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की पुण्यतिथि के अवसर पर दीप प्रज्वलन एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में घर सुल्तानपुर फाउंडेशन के सदस्यों एवं युवाओं ने आज़ाद पार्क स्थित मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पवन तिवारी ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद साहस, बलिदान और राष्ट्रप्रेम के प्रतीक हैं। समरेंद्र सिंह ने कहा उनका जीवन आज के युवाओं को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और देशहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है। घर सुल्तानपुर फाउंडेशन ने युवाओं से उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर अमर शहीद को नमन किया गया और देशभक्ति नारों के साथ आयोजन संपन्न हुआ। सभा में नितिन मिश्रा, पवन तिवारी , हैप्पी, सचिन सिंह, राघवेंद्र सिंह, जिगर सिंह , मधुरम पाठक सिद्धार्थ सिंह, प्रीतेश गुप्ता , अभिषेक तिवारी , शरद शुक्ल मौजूद रहे घर सुल्तानपुर फाउंडेशन
झारखंड निकाय चुनाव 2026: स्थानीय मुद्दों और व्यक्तिगत छवि का बोलबाला, निर्दलियों ने बिखेरा जलवा

झारखंड में 48 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव परिणामों ने एक दिलचस्प तस्वीर पेश की है। दलीय चिन्हों के बिना हुए इस चुनाव में छोटे शहरों के मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत छवि को तरजीह दी है। निर्दलीय प्रत्याशियों ने प्रमुख राजनीतिक दलों (भाजपा और झामुमो) को कड़ी टक्कर देते हुए शानदार प्रदर्शन किया है।

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प्रमुख चुनावी आंकड़े

निर्दलीयों का कब्जा: 39 नगर परिषद और पंचायतों में से 17 पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है।

भाजपा का प्रदर्शन: भाजपा समर्थित 11 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।

झामुमो का प्रदर्शन: झामुमो समर्थित 9 उम्मीदवार जीतने में सफल रहे हैं।

अन्य दल: कांग्रेस समर्थित 2 और माले समर्थित 1 प्रत्याशी ने जीत हासिल की है।

गठबंधन का हाल: NDA और INDIA गठबंधन के घटक दल (जैसे आजसू, राजद) किसी भी अध्यक्ष पद को जीतने में सफल नहीं हुए हैं।

विजयी उम्मीदवारों की सूची (अध्यक्ष/मेयर)

1. निर्दलीय और अन्य समर्थित अध्यक्ष

निकाय का नाम विजेता का नाम

हुसैनाबाद नगर पंचायत अजय भारती

हरिहरगंज नगर पंचायत कुमारी शीला चौधरी

छत्तरपुर नगर पंचायत अरविंद गुप्ता

श्री बंशीधरनगर नगर पंचायत साधना देवी

मझिआंव नगर पंचायत सुमित्रा देवी

लातेहार नगर पंचायत महेश सिंह

कोडरमा नगर पंचायत साजिद हुसैन लल्लू

बासुकीनाथ नगर पंचायत वीणा देवी

जामताड़ा नगर पंचायत आशा गुप्ता

गढ़वा नगर परिषद आशीष सोनी उर्फ दौलत सोनी

विश्रामपुर नगर परिषद गीता देवी

चतरा नगर परिषद अताउर रहमान

झुमरीतिलैया नगर परिषद रमेश हर्षधर

गोड्डा नगर परिषद सुशील रमानी

पाकुड़ नगर परिषद शबरी पाल

चिरकुंडा नगर परिषद सुनीता देवी

कपाली नगर परिषद परवेज आलम

सिमडेगा नगर परिषद ओलिवर लकड़ा

2. भाजपा समर्थित अध्यक्ष

निकाय का नाम विजेता का नाम

डोमचांच नगर पंचायत उमेश वर्मा

बड़कीसरैया नगर पंचायत शोभा देवी

लातेहार नगर पंचायत महेश सिंह

राजमहल नगर पंचायत केताबुद्दीन

महागामा नगर पंचायत प्रबोध सोरेन

बरहरवा नगर पंचायत अर्पिता दास

खूंटी नगर पंचायत रानी टूटी

मिहिजाम नगर परिषद जयश्री देवी

मधुपुर नगर परिषद मिती कुमारी

लोहरदगा नगर परिषद अनिल उरांव

गुमला नगर परिषद शकुंतला उरांव

3. झामुमो (JMM) समर्थित अध्यक्ष

निकाय का नाम विजेता का नाम

बुंडू नगर पंचायत जीतेंद्र उरांव

राजमहल नगर पंचायत केताबुद्दीन

सरायकेला नगर पंचायत मनोज कुमार चौधरी

चाकुलिया नगर पंचायत सोमवारी सोरेन

साहिबगंज नगर परिषद रामनाथ पासवान

दुमका नगर परिषद अभिषेक चौरसिया

चकधरपुर नगर परिषद शनि उरांव

चाईबासा नगर परिषद नितिन प्रकाश

जुगसलाई नगर परिषद नौशान खान

4. कांग्रेस और माले समर्थित अध्यक्ष

निकाय का नाम विजेता का नाम

फुसरो नगर परिषद निर्मला देवी (कांग्रेस)

रामगढ़ नगर परिषद कुसुमलता कुमारी (कांग्रेस)

धनवार नगर पंचायत विनय कुमार संथालिया (माले)

अधिशासी अभियंता के बिगड़े बोल
मार लाठी तुमको तोड़कर दुरुस्त कर देंगे,जिसको बुलाना हो बुलाओ- एक्स ई एन पीडब्ल्यूडी खंड 2

*सारी गुंडागर्दी निकाल देंगे, गाली गलौज भी की

गोंडा।जिले के लोक निर्माण विभाग खंड 2 के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार त्रिपाठी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वीडियो में वे एक शिकायतकर्ता राहुल गोस्वामी को धमकाते और गाली देते हुए नजर आ रहे हैं।यह घटना करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के गुरसड़ी गांव में सड़क निर्माण की शिकायत के जांच के दौरान हुई।वीडियो में अधिशासी अभियंता विनोद कुमार त्रिपाठी शिकायतकर्ता से कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि,मार लाठी तुमको तोड़कर के दुरुस्त कर देंगे सरकारी कार्य में बाधा डालोगे तो,तुम्हारी सारी गुंडागर्दी निकाल देंगे।जिसको बुलाना हो बुला लो,मैं यहीं पर खड़ा हूँ।इसके बाद वे अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहते हैं कि यार अभी यहाँ पर काम हो रहा है,काम हो जाए तो बताइए।फोन करके इसने पागल कर दिया है।एक काम करो,थाने पर फोन करो,पुलिस को बुलाओ,इसको अभी हम गाड़ी पर लादकर ले जा करके बंद करवा देंगे।वीडियो में अधिशासी अभियंता यह भी कहते हुए सुने जा रहे हैं कि हमारे मुख्यमंत्री ने कहा है कि जो जिस भाषा में समझे उसे उसी भाषा में समझाओ।शिकायतकर्ता राहुल गोस्वामी का आरोप है कि मौजूदा सड़क को दो दो मीटर बढ़ाने का प्रस्ताव था।ठेकेदार ने निशान तो दोनों तरफ सही लगाया,लेकिन उनके खेत की तरफ सड़क को दो मीटर के स्थान पर चार मीटर बढ़ा दिया,जबकि दूसरी तरफ दो मीटर ही बढ़ाई गई।इसी शिकायत की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग खंड दो के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार त्रिपाठी मौके पर पहुंचे थे।बताया जा रहा है कि इस सड़क का निर्माण कार्य भाजपा नेता राम तीरथ वर्मा ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है।पीड़ित शिकायतकर्ता राहुल गोस्वामी ने इस पूरे मामले में कठोर कार्रवाई की मांग किया है।अधिशासी अभियंता विनोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि हमारे मुख्यमंत्री भी कह रहे हैं कि जो जिस भाषा में समझे,उसको उसी भाषा में समझाना चाहिए।सरकारी काम में कोई अड़ंगा डालेगा और समझाने पर नहीं मानेगा तो हम लोगों को कानून का सहारा लेना पड़ेगा।
भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ की टीम ने किया जल जीवन मिशन का प्रभाव मूल्यांकन
* 175 केएल क्षमता की सोलर संचालित पानी की टंकी से 24 घंटे जलापूर्ति, स्वास्थ्य-शिक्षा में दिखा सकारात्मक बदलाव

लखनऊ।भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत जनपद लखनऊ के विकास खंड माल स्थित ग्राम पंचायत अटारी में संचालित ग्रामीण पाइप पेयजल योजना का स्थलीय प्रभाव मूल्यांकन किया। यह अध्ययन समुदाय की प्रतिक्रिया जानने, क्रियान्वयन में आई चुनौतियों की पहचान करने तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार एवं जीवन स्तर में आए परिवर्तनों का आकलन करने के उद्देश्य से किया गया।
परियोजना निदेशक प्रो. प्रियंका शर्मा के नेतृत्व में डॉ. आर.के. जायसवाल, रज्जन बाबू मिश्रा एवं आयुष मिश्रा ने ग्राम का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम जल संस्था समिति एवं स्वच्छता समिति की अध्यक्ष/ग्राम प्रधान श्रीमती संयोगता सिंह चौहान, समिति के सदस्य तथा ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया गया। मौके पर डॉ. हरपाल सिंह, कोऑर्डिनेटर, जल जीवन मिशन लखनऊ एवं डीपीएमयू टीम भी उपस्थित रही।
* 175 केएल क्षमता की सोलर संचालित टंकी
ग्राम जल संस्था समिति की अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्राम की कुल आबादी 2308 है। आगामी 30 वर्षों में अनुमानित 18 प्रतिशत जनसंख्या वृद्धि एवं प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर जल खपत के मानक को ध्यान में रखते हुए 175 केएल क्षमता की सोलर ऊर्जा संचालित पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है।
लगभग 600 फीट गहराई तक बोरिंग कर शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से ऊर्जा की बचत हो रही है, ग्राम को आर्थिक लाभ मिल रहा है तथा 24 घंटे निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
* स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामाजिक जीवन में सुधार
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में इंडिया मार्क हैंडपंपों पर पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगती थीं, जिससे समय की बर्बादी होती थी। अब घर-घर नल से जल उपलब्ध होने से यह समस्या समाप्त हो गई है। स्कूली बच्चों में स्वच्छता की आदत बढ़ी है और वे समय से विद्यालय पहुंच रहे हैं। जलजनित रोगों में कमी आई है, जिससे ग्राम के स्वास्थ्य एवं सामाजिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है।
* नियमित क्लोरीनेटेड जलापूर्ति
अधिशासी अभियंता श्री अरविंद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम पंचायत में विगत एक वर्ष से अधिक समय से नियमित एवं सुचारू रूप से स्वच्छ तथा क्लोरीनेटेड पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
यह सोशल ऑडिट एवं प्रभाव मूल्यांकन प्रक्रिया ग्रामीण विकास, पारदर्शिता और जनसहभागिता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भविष्य में योजनाओं के और अधिक प्रभावी क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा।
सौ शय्या अस्पताल में लेबर कक्ष तैयार,14 नर्सों की हुई तैनाती

*24 घंटे के लिए रोस्टर वाईज लगाई गई ड्यूटी*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही।सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल में धीरे-धीरे स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होने लगा है। यहां प्रसव सेवा की सुविधा शुरू हो गई है। प्रसव पीड़ता के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें दूर के अस्पतालों का चक्कर लगाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। ओपीडी भवन के भूतल मंजिला पर एक कक्ष में अभी प्रसव सेवा शुरू हुई है। सिर्फ नार्मल प्रसव कराए जाएंगे। सिजेरियन मरीज को जिला अस्पताल भेजा जाएगा। यहां 14 नर्सों की तैनाती है। जिनकी दो-दो नर्सों की ड्यूटी 24 घंटे प्रसव कराने के लिए रोस्टर वाइज लगाई गई है। अस्पताल में रोजाना 400 से 500 की ओपीडी होती है, जिन्हें जांच पड़ताल करके चिकित्सक दवा देते हैं। ज्यादातर यहां मौसमी बीमारी के मरीज आते हैं। प्रसव सेवा शुरू होने के बाद अब मरीजों की संख्या में और वृद्धि होगी। इससे मुख्यालय के सरपतहां, लखनों, कसियापुर, नंदापुर, कावल, गडेरियापुर आदि सहित दर्जनों गांव के प्रसव पीड़िता को जिला अस्पताल जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। उन्हें मुख्यालय पर ही बेहतर उपचार उपलब्ध होगा। यहां महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ऑपरेशन की जरुरत पड़ने पर मरीज को रेफर किया जाएगा। परिसर में टीबी अस्पताल, डायलिसिस सेंटर, बर्न यूनिट, डिजिटल एक्सरे, सिटी स्कैन आदि सुविधा है। यहां रोजाना एक हजार से 1200 मरीज, तीमारदारों की भीड़ होती है। चार महीने से इमरजेंसी मेडिलक असफर (ईएमओ) तैनात किए गए है। डॉक्टरों को ड्यूटी में और सहूलियत हो गई है।

हाल ही में प्रसव सेवा शुरू किया गया है। दो-दो सिस्टर की ड्यूटी रोस्टर वाइज लगाई गई है। नार्मल प्रसव होगा, ऑपरेशन की जरूरत पड़ने पर मरीज को जिला अस्पताल भेजा जाएगा। - डॉ. सुनील कुमार पासवान, सीएमएस 10 बेड़ सरपतहां
स्वास्थ्य हमारा मिशन है और सेवा हमारी परंपरा: डॉ. मनसुख मांडविया

  • कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने अपने 75वें स्थापना वर्ष समारोह की शुरुआत की

भोपाल। ​कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने देशभर के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए सात दशकों से अधिक की समर्पित सेवा के उपलक्ष्य में अपने '75वें सेवा वर्ष' समारोह की शुरुआत की। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस कार्यक्रम में मुख्य भाषण दिया।

​इस अवसर पर सांसद (लोकसभा) एनके प्रेमचंद्रन, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव वंदना गुरनानी, ईपीएफओ के केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की निदेशक मिचिको मियामोटो और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • विकास और सुधार की यात्रा:

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने संस्थान की यात्रा को राष्ट्र सेवा और सुधार का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि 1952 में लगभग 1.2 लाख लाभार्थियों और एक औषधालय से शुरू हुआ ईएसआईसी (ESIC) आज 166 अस्पतालों, 17 मेडिकल कॉलेजों और लगभग 1,600 औषधालयों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से 15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों की सेवा कर रहा है।

  • स्वास्थ्य ही सेवा है:

डॉ. मांडविया ने जोर देकर कहा कि "स्वास्थ्य ही सेवा है और सेवा ही हमारा संस्कार है।" उन्होंने चिकित्सा पेशेवरों से अनुशासन बनाए रखने और लोगों के भरोसे का सम्मान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ईएसआईसी के मानकों को एम्स (AIIMS) जैसे प्रमुख संस्थानों के बराबर होना चाहिए।

  • प्रमुख घोषणाएं और पहल:

​निशुल्क स्वास्थ्य जांच: श्रम संहिताओं के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी श्रमिकों के लिए अनिवार्य और मुफ्त स्वास्थ्य जांच का प्रावधान किया गया है।

  • ​स्मारक सिक्का और पुस्तक: निगम की 75 वर्षों की यात्रा के प्रतीक के रूप में एक स्मारक सिक्का और कॉफी टेबल बुक जारी की गई।
  • स्वास्थ्य रथ: लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 'स्वास्थ्य रथ' पहल की शुरुआत की गई।
  • समझौता ज्ञापन (MoUs): ​ESIC और NHAआयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के साथ ईएसआई योजना के समन्वय के लिए।
  • ​ESIC और NABL: ईएसआईसी स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता आश्वासन और मान्यता (Accreditation) को बढ़ावा देने के लिए।
  • विशेष सेवा पखवाड़ा:

ईएसआईसी 24 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक देश भर में 'विशेष सेवा पखवाड़ा' मनाएगा। इस दौरान जागरूकता शिविर, स्वच्छता अभियान, योग शिविर और लंबित दावों के त्वरित निपटान के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

श्रम सचिव वंदना गुरनानी ने कहा कि ईएसआईसी न केवल बीमारियों का इलाज कर रहा है, बल्कि गरीबी को रोकने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे रहा है। 75वां स्थापना दिवस ईएसआईसी की श्रमिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और एक आधुनिक, संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा संस्थान के रूप में इसके विकास को दोहराता है।

मध्य प्रदेश में वैज्ञानिक उत्खननों से प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा मध्य प्रदेश में किए गए पुरातात्विक उत्खननों ने राज्य की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को नई दृष्टि प्रदान की है। उत्खनन वह वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से पुरातत्वविद् भूमि के भीतर दबे प्राचीन बस्तियों एवं संरचनाओं के अवशेषों को खोजकर प्रकाश में लाते हैं। मुख्यतः दो प्रकार के उत्खनन किए जाते हैं; वर्टिकल एक्सकेवेशन, जिसके माध्यम से किसी स्थल का सांस्कृतिक क्रम ज्ञात किया जाता है, तथा हॉरिजॉन्टल एक्सकेवेशन, जिसके द्वारा स्थल की समग्र सांस्कृतिक और राजनीतिक संरचना का अध्ययन किया जाता है।

भारत में संगठित उत्खनन कार्य वर्ष 1861 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की स्थापना के साथ प्रारंभ हुए, जब अलेक्जेंडर कनिंघम पहले डायरेक्टर जनरल नियुक्त हुए। वर्ष 1902 में सर जॉन मार्शल के नेतृत्व में वैज्ञानिक पद्धतियों को अधिक व्यवस्थित रूप से अपनाया गया। उनके काल में मोहनजोदड़ो और हड़प्पा जैसे विश्वप्रसिद्ध स्थलों पर व्यापक उत्खनन संपन्न हुए। सर मोर्टायमर व्हीलर के समय (1944-1948) भारतीय पुरातत्व के उत्खनन की प्रविधि में नया मोड आया और अधिक वैज्ञानिक तरीके से उत्खनन करने के लिए व्हर्टिकल और हॉरिजॉन्टल तकनीक अपनाई गई। 

मध्य प्रदेश में वर्ष 1936 में कसरावद में उत्खनन कार्य प्रारंभ हुए तथा बाद में उज्जैन सहित अन्य स्थलों पर अनुसंधान आगे बढ़ा। स्वतंत्रता के पश्चात 1956 में राज्य के पुनर्गठन के साथ राज्य पुरातत्व विभाग की स्थापना हुई और विधिवत उत्खनन प्रारंभ हुए। डेक्कन कॉलेज, पुणे तथा अन्य विश्वविद्यालयों के सहयोग से अब तक लगभग 55–56 स्थलों पर उत्खनन किए जा चुके हैं। वर्ष 1995 से 2005 के बीच विशेष अभियान के अंतर्गत तीन टीमों द्वारा कुल 35 उत्खनन कार्य संपन्न किए गए।

हाल के प्रमुख उत्खननों में मनोरा (जिला सतना) और उज्जैन विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। वर्ष 2019–20 में उज्जैन के ऋण मुक्तेश्वर टीले पर उत्खनन किया गया, जिसमें छठी शताब्दी ईसा पूर्व तक के अवशेष प्राप्त हुए। 

सर्वेक्षण के दौरान पीजीडब्ल्यू (Painted Grey Ware) के कुछ टुकड़े मिले थे, हालांकि स्तरीय क्रम में यह प्राप्त नहीं हुआ। ब्लैक एंड रेड वेयर तथा अन्य प्रारंभिक अवशेषों ने स्थल की प्राचीनता को प्रमाणित किया।

मनोरा स्थल पर वर्ष 2001 में पुरातत्वविद् एस. एन. रौशल्या द्वारा सर्वेक्षण किया गया, जिसमें मंदिरों और बस्तियों के व्यापक अवशेष मिले। वर्ष 2008 में जबलपुर के पुरातत्वविद् एम. के. माहेश्वरी द्वारा उत्खनन किया गया, जिसमें दो मंदिरों के अवशेष प्राप्त हुए तथा बड़ी संख्या में मूर्तियों का संकलन किया गया। साथ ही 108 मंदिरों के साक्ष्य चिन्हित किए गए। वर्ष 2014 में डॉ. डी. के. माथुर, पुरातत्वीय अधिकार भोपाल द्वारा उत्खनन किया गया, जिसमें दो मंदिरों का कार्य पूर्ण हुआ। वर्ष 2018–19 में डॉ. रमेश यादव के निर्देशन में वाकणकर संस्थान द्वारा पुनः उत्खनन किया गया। इस दौरान बस्ती क्षेत्र से ईंट एवं पत्थर से निर्मित एक राजमहल के अवशेष प्राप्त हुए, जिनमें निम्न स्तर पर कुषाणकालीन ईंटों की पहचान हुई। इससे संकेत मिलता है कि बस्ती का विकास कुषाण काल से आरंभ होकर गुप्त काल में एक समृद्ध नगर के रूप में हुआ।

उत्खनन के दौरान वाकाटक राजवंश से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य भी प्राप्त हुए। प्रयाग प्रशस्ति में उल्लिखित रुद्रसेन का संबंध वाकाटक वंश से जोड़ा गया है और मनोरा को उनकी संभावित राजधानी माना गया है। सतना जिले के बघाट क्षेत्र से प्राप्त स्तंभ लेख में ‘वाकाटक’ शब्द अंकित है। उच्चकल्प वंश के राजा जयनाथ के अभिलेखों में उल्लिखित ग्रामों की पहचान आज भी संभव है, जिससे मनोरा की भौगोलिक चतुर्सीमा निर्धारित की गई।

राज्य पुरातत्व विभाग ग्राम-स्तरीय सर्वेक्षण के आधार पर संभावित स्थलों का चयन कर प्राथमिकता के अनुसार उत्खनन की योजना बनाता है। वर्तमान में ग्वालियर क्षेत्र में उत्खनन अपेक्षाकृत कम हुए हैं तथा भिंड जिले के कुछ स्थलों को भविष्य की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। मध्य प्रदेश के इन वैज्ञानिक एवं संगठित उत्खननों ने राज्य की ऐतिहासिक धरोहर को सुदृढ़ आधार प्रदान करते हुए भारतीय इतिहास के अनेक महत्वपूर्ण अध्यायों को स्पष्ट किया है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन राष्ट्रपति को संबोधित डीएम को दिया
उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ता पदाधिकारी जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंच कर धरना प्रदर्शन किया राष्ट्रपति को संबोधित के ज्ञापन जिला अधिकारी को सौपा । ज्ञापन के माध्यम से शांतिपूर्वक संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारिक पर विरोध जताया कहा कि यह लोकतंत्र को कुचलने जैसा है। जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी ने कहा कि भारतीय युवा कांग्रेस के साथियों द्वारा नई दिल्ली में जनहित के मुद्दों पर शांतिपूर्वक संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन किया जा रहा था प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। भारत जैसे लोकतांत्रिक राष्ट्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है पूर्व में भी विभिन्न संगठनों राजनीतिक दलों द्वारा प्रदर्शन अवधारणा किया गया जिन्हें लोकतंत्र की हिस्सा मांगा गया न की अपराध माना गया किंतु वर्तमान में दमनात्मक कार्यवाही लोकतंत्र की व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। जिला अध्यक्ष ने कहा कि उक्त प्रकरण को संज्ञान में लेकर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा लोकतंत्र अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए एवं गिरफ्तार किए गए युवा कांग्रेस साथियों को अभिलंब रिहा किया जाए इस अवसर पर मुख्य रूप से राजेश्वर दुबे, संतोष सिंह बघेल, राजेंद्र प्रसाद मौर्य ,शमशीर अहमद, मोनीश अंसारी ,विमलेश पाल, उमेश कुमार पाल ,विष्णु श्रीवास्तव, विशाल गौतम, नौशाद अली इत्यादि लोग उपस्थित रहे.
झारखंड के 'शतरंज के शहजादे': स्वर्ण पदक विजेता अधिराज मित्रा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की मुलाकात।

रांची: झारखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले जमशेदपुर के युवा शतरंज खिलाड़ी श्री अधिराज मित्रा ने आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई इस मुलाकात में अधिराज ने सीएम के साथ अपनी जीत के अनुभव साझा किए।

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राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक

बता दें कि अधिराज मित्रा ने नवंबर 2025 में मलेशिया में आयोजित राष्ट्रमंडल शतरंज चैंपियनशिप में अंडर-14 श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता था। इस प्रतियोगिता में राष्ट्रमंडल देशों के कई दिग्गज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जहाँ अधिराज ने अपनी बुद्धिमत्ता और प्रतिभा का लोहा मनवाया।

मुख्यमंत्री ने की प्रतिभा की सराहना

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिराज मित्रा को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा, "झारखंड के खिलाड़ियों में खेल के प्रति जज्बा और प्रतिभा सराहनीय है। यहाँ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन से राज्य का नाम रोशन किया है।"

परिजन और कोच रहे मौजूद

इस अवसर पर अधिराज के पिता श्री उत्तम मित्रा, माता श्रीमती रुना मित्रा और कोच श्री अभिषेक दास भी उपस्थित थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री को अधिराज की यात्रा के बारे में जानकारी दी।

मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की शुरुआत: इजराइल-अमेरिका का ईरान पर हमला,तेहरान समेत कई शहरों में धमाके

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इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू हो गई है। थोड़ी देर पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर भीषण बमबारी की है। तेहरान में इस समय तबाही का मंजर नजर आ रहा है। अमेरिका के साथ मिलकर यहूदी देश ने ईरान के राष्ट्रपति भवन, खुफिया एजेंसी और एयरपोर्ट सहित 30 ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला किया है।

राजधानी तेहरान में धमाके

ईरान की राजधानी तेहरान के बीच वाले इलाके में तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, धमाकों के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेहरान के रिपब्लिक इलाके में कई मिसाइलें गिरी हैं। अभी तक नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

इन शहरों में भी विस्फोट

वहीं कई ईरानी समाचार एजेंसियों ने पुष्टि की है कि ईरान के विभिन्न शहरों में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गई हैं। तेहरान के अलावा, करमानशाह, क़ोम, लोरेस्तान, कराज और तबरीज़ उन शहरों में शामिल हैं जहां इन मीडिया आउटलेट्स ने विस्फोटों की पुष्टि की है।

इरायल-अमेरिका जॉइंट ऑपरेशन

बताया जा रहा है कि इज़रायल ने अमेरिका के इशारे पर ही ईरान पर मिसाइलें दागीं हैं और यह हमला दोनों देशों का जॉइंट ऑपरेशन है। पिछले काफी समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि अमेरिका और ईरान में जल्द ही युद्ध शुरू हो सकता है और आज, शनिवार, 28 फरवरी को युद्ध का बिगुल बज गया है।

खामेनेई को सुरक्षित जगह ले जाया गया

हमलो के बीच ईरानी राष्ट्रपति अयातुल्ला अली खामनेई को सुरक्षित ठिकाने पर भेज दिया गया है। एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि उन्हें एक 'सुरक्षित स्थान' पर ले जाया गया है।

इजरायल ने ईरान पर क्यों किया हमला?

इजरायली सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन कई महीनों से प्लान किया जा रहा था और इसका लक्ष्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि हमले बड़े दायरे में होंगे और इजरायल के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि कम से कम चार दिन तक भारी हमले जारी रह सकते हैं। इराक के आसमान में भी क्रूज मिसाइलें देखी गईं, जिससे साफ है कि हमले कई दिशाओं से किए जा रहे हैं।

घर सुल्तानपुर फाउंडेशन द्वारा महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की पुण्यतिथि के अवसर पर दीप प्रज्वलन एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन*
सुल्तानपुर,आजाद पार्क में घर सुल्तानपुर फाउंडेशन द्वारा महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की पुण्यतिथि के अवसर पर दीप प्रज्वलन एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में घर सुल्तानपुर फाउंडेशन के सदस्यों एवं युवाओं ने आज़ाद पार्क स्थित मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पवन तिवारी ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद साहस, बलिदान और राष्ट्रप्रेम के प्रतीक हैं। समरेंद्र सिंह ने कहा उनका जीवन आज के युवाओं को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और देशहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है। घर सुल्तानपुर फाउंडेशन ने युवाओं से उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर अमर शहीद को नमन किया गया और देशभक्ति नारों के साथ आयोजन संपन्न हुआ। सभा में नितिन मिश्रा, पवन तिवारी , हैप्पी, सचिन सिंह, राघवेंद्र सिंह, जिगर सिंह , मधुरम पाठक सिद्धार्थ सिंह, प्रीतेश गुप्ता , अभिषेक तिवारी , शरद शुक्ल मौजूद रहे घर सुल्तानपुर फाउंडेशन
झारखंड निकाय चुनाव 2026: स्थानीय मुद्दों और व्यक्तिगत छवि का बोलबाला, निर्दलियों ने बिखेरा जलवा

झारखंड में 48 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव परिणामों ने एक दिलचस्प तस्वीर पेश की है। दलीय चिन्हों के बिना हुए इस चुनाव में छोटे शहरों के मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत छवि को तरजीह दी है। निर्दलीय प्रत्याशियों ने प्रमुख राजनीतिक दलों (भाजपा और झामुमो) को कड़ी टक्कर देते हुए शानदार प्रदर्शन किया है।

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प्रमुख चुनावी आंकड़े

निर्दलीयों का कब्जा: 39 नगर परिषद और पंचायतों में से 17 पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है।

भाजपा का प्रदर्शन: भाजपा समर्थित 11 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।

झामुमो का प्रदर्शन: झामुमो समर्थित 9 उम्मीदवार जीतने में सफल रहे हैं।

अन्य दल: कांग्रेस समर्थित 2 और माले समर्थित 1 प्रत्याशी ने जीत हासिल की है।

गठबंधन का हाल: NDA और INDIA गठबंधन के घटक दल (जैसे आजसू, राजद) किसी भी अध्यक्ष पद को जीतने में सफल नहीं हुए हैं।

विजयी उम्मीदवारों की सूची (अध्यक्ष/मेयर)

1. निर्दलीय और अन्य समर्थित अध्यक्ष

निकाय का नाम विजेता का नाम

हुसैनाबाद नगर पंचायत अजय भारती

हरिहरगंज नगर पंचायत कुमारी शीला चौधरी

छत्तरपुर नगर पंचायत अरविंद गुप्ता

श्री बंशीधरनगर नगर पंचायत साधना देवी

मझिआंव नगर पंचायत सुमित्रा देवी

लातेहार नगर पंचायत महेश सिंह

कोडरमा नगर पंचायत साजिद हुसैन लल्लू

बासुकीनाथ नगर पंचायत वीणा देवी

जामताड़ा नगर पंचायत आशा गुप्ता

गढ़वा नगर परिषद आशीष सोनी उर्फ दौलत सोनी

विश्रामपुर नगर परिषद गीता देवी

चतरा नगर परिषद अताउर रहमान

झुमरीतिलैया नगर परिषद रमेश हर्षधर

गोड्डा नगर परिषद सुशील रमानी

पाकुड़ नगर परिषद शबरी पाल

चिरकुंडा नगर परिषद सुनीता देवी

कपाली नगर परिषद परवेज आलम

सिमडेगा नगर परिषद ओलिवर लकड़ा

2. भाजपा समर्थित अध्यक्ष

निकाय का नाम विजेता का नाम

डोमचांच नगर पंचायत उमेश वर्मा

बड़कीसरैया नगर पंचायत शोभा देवी

लातेहार नगर पंचायत महेश सिंह

राजमहल नगर पंचायत केताबुद्दीन

महागामा नगर पंचायत प्रबोध सोरेन

बरहरवा नगर पंचायत अर्पिता दास

खूंटी नगर पंचायत रानी टूटी

मिहिजाम नगर परिषद जयश्री देवी

मधुपुर नगर परिषद मिती कुमारी

लोहरदगा नगर परिषद अनिल उरांव

गुमला नगर परिषद शकुंतला उरांव

3. झामुमो (JMM) समर्थित अध्यक्ष

निकाय का नाम विजेता का नाम

बुंडू नगर पंचायत जीतेंद्र उरांव

राजमहल नगर पंचायत केताबुद्दीन

सरायकेला नगर पंचायत मनोज कुमार चौधरी

चाकुलिया नगर पंचायत सोमवारी सोरेन

साहिबगंज नगर परिषद रामनाथ पासवान

दुमका नगर परिषद अभिषेक चौरसिया

चकधरपुर नगर परिषद शनि उरांव

चाईबासा नगर परिषद नितिन प्रकाश

जुगसलाई नगर परिषद नौशान खान

4. कांग्रेस और माले समर्थित अध्यक्ष

निकाय का नाम विजेता का नाम

फुसरो नगर परिषद निर्मला देवी (कांग्रेस)

रामगढ़ नगर परिषद कुसुमलता कुमारी (कांग्रेस)

धनवार नगर पंचायत विनय कुमार संथालिया (माले)

अधिशासी अभियंता के बिगड़े बोल
मार लाठी तुमको तोड़कर दुरुस्त कर देंगे,जिसको बुलाना हो बुलाओ- एक्स ई एन पीडब्ल्यूडी खंड 2

*सारी गुंडागर्दी निकाल देंगे, गाली गलौज भी की

गोंडा।जिले के लोक निर्माण विभाग खंड 2 के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार त्रिपाठी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वीडियो में वे एक शिकायतकर्ता राहुल गोस्वामी को धमकाते और गाली देते हुए नजर आ रहे हैं।यह घटना करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के गुरसड़ी गांव में सड़क निर्माण की शिकायत के जांच के दौरान हुई।वीडियो में अधिशासी अभियंता विनोद कुमार त्रिपाठी शिकायतकर्ता से कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि,मार लाठी तुमको तोड़कर के दुरुस्त कर देंगे सरकारी कार्य में बाधा डालोगे तो,तुम्हारी सारी गुंडागर्दी निकाल देंगे।जिसको बुलाना हो बुला लो,मैं यहीं पर खड़ा हूँ।इसके बाद वे अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहते हैं कि यार अभी यहाँ पर काम हो रहा है,काम हो जाए तो बताइए।फोन करके इसने पागल कर दिया है।एक काम करो,थाने पर फोन करो,पुलिस को बुलाओ,इसको अभी हम गाड़ी पर लादकर ले जा करके बंद करवा देंगे।वीडियो में अधिशासी अभियंता यह भी कहते हुए सुने जा रहे हैं कि हमारे मुख्यमंत्री ने कहा है कि जो जिस भाषा में समझे उसे उसी भाषा में समझाओ।शिकायतकर्ता राहुल गोस्वामी का आरोप है कि मौजूदा सड़क को दो दो मीटर बढ़ाने का प्रस्ताव था।ठेकेदार ने निशान तो दोनों तरफ सही लगाया,लेकिन उनके खेत की तरफ सड़क को दो मीटर के स्थान पर चार मीटर बढ़ा दिया,जबकि दूसरी तरफ दो मीटर ही बढ़ाई गई।इसी शिकायत की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग खंड दो के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार त्रिपाठी मौके पर पहुंचे थे।बताया जा रहा है कि इस सड़क का निर्माण कार्य भाजपा नेता राम तीरथ वर्मा ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है।पीड़ित शिकायतकर्ता राहुल गोस्वामी ने इस पूरे मामले में कठोर कार्रवाई की मांग किया है।अधिशासी अभियंता विनोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि हमारे मुख्यमंत्री भी कह रहे हैं कि जो जिस भाषा में समझे,उसको उसी भाषा में समझाना चाहिए।सरकारी काम में कोई अड़ंगा डालेगा और समझाने पर नहीं मानेगा तो हम लोगों को कानून का सहारा लेना पड़ेगा।
भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ की टीम ने किया जल जीवन मिशन का प्रभाव मूल्यांकन
* 175 केएल क्षमता की सोलर संचालित पानी की टंकी से 24 घंटे जलापूर्ति, स्वास्थ्य-शिक्षा में दिखा सकारात्मक बदलाव

लखनऊ।भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत जनपद लखनऊ के विकास खंड माल स्थित ग्राम पंचायत अटारी में संचालित ग्रामीण पाइप पेयजल योजना का स्थलीय प्रभाव मूल्यांकन किया। यह अध्ययन समुदाय की प्रतिक्रिया जानने, क्रियान्वयन में आई चुनौतियों की पहचान करने तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार एवं जीवन स्तर में आए परिवर्तनों का आकलन करने के उद्देश्य से किया गया।
परियोजना निदेशक प्रो. प्रियंका शर्मा के नेतृत्व में डॉ. आर.के. जायसवाल, रज्जन बाबू मिश्रा एवं आयुष मिश्रा ने ग्राम का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम जल संस्था समिति एवं स्वच्छता समिति की अध्यक्ष/ग्राम प्रधान श्रीमती संयोगता सिंह चौहान, समिति के सदस्य तथा ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया गया। मौके पर डॉ. हरपाल सिंह, कोऑर्डिनेटर, जल जीवन मिशन लखनऊ एवं डीपीएमयू टीम भी उपस्थित रही।
* 175 केएल क्षमता की सोलर संचालित टंकी
ग्राम जल संस्था समिति की अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्राम की कुल आबादी 2308 है। आगामी 30 वर्षों में अनुमानित 18 प्रतिशत जनसंख्या वृद्धि एवं प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर जल खपत के मानक को ध्यान में रखते हुए 175 केएल क्षमता की सोलर ऊर्जा संचालित पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है।
लगभग 600 फीट गहराई तक बोरिंग कर शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से ऊर्जा की बचत हो रही है, ग्राम को आर्थिक लाभ मिल रहा है तथा 24 घंटे निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
* स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामाजिक जीवन में सुधार
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में इंडिया मार्क हैंडपंपों पर पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगती थीं, जिससे समय की बर्बादी होती थी। अब घर-घर नल से जल उपलब्ध होने से यह समस्या समाप्त हो गई है। स्कूली बच्चों में स्वच्छता की आदत बढ़ी है और वे समय से विद्यालय पहुंच रहे हैं। जलजनित रोगों में कमी आई है, जिससे ग्राम के स्वास्थ्य एवं सामाजिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है।
* नियमित क्लोरीनेटेड जलापूर्ति
अधिशासी अभियंता श्री अरविंद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम पंचायत में विगत एक वर्ष से अधिक समय से नियमित एवं सुचारू रूप से स्वच्छ तथा क्लोरीनेटेड पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
यह सोशल ऑडिट एवं प्रभाव मूल्यांकन प्रक्रिया ग्रामीण विकास, पारदर्शिता और जनसहभागिता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भविष्य में योजनाओं के और अधिक प्रभावी क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा।
सौ शय्या अस्पताल में लेबर कक्ष तैयार,14 नर्सों की हुई तैनाती

*24 घंटे के लिए रोस्टर वाईज लगाई गई ड्यूटी*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही।सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल में धीरे-धीरे स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होने लगा है। यहां प्रसव सेवा की सुविधा शुरू हो गई है। प्रसव पीड़ता के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें दूर के अस्पतालों का चक्कर लगाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। ओपीडी भवन के भूतल मंजिला पर एक कक्ष में अभी प्रसव सेवा शुरू हुई है। सिर्फ नार्मल प्रसव कराए जाएंगे। सिजेरियन मरीज को जिला अस्पताल भेजा जाएगा। यहां 14 नर्सों की तैनाती है। जिनकी दो-दो नर्सों की ड्यूटी 24 घंटे प्रसव कराने के लिए रोस्टर वाइज लगाई गई है। अस्पताल में रोजाना 400 से 500 की ओपीडी होती है, जिन्हें जांच पड़ताल करके चिकित्सक दवा देते हैं। ज्यादातर यहां मौसमी बीमारी के मरीज आते हैं। प्रसव सेवा शुरू होने के बाद अब मरीजों की संख्या में और वृद्धि होगी। इससे मुख्यालय के सरपतहां, लखनों, कसियापुर, नंदापुर, कावल, गडेरियापुर आदि सहित दर्जनों गांव के प्रसव पीड़िता को जिला अस्पताल जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। उन्हें मुख्यालय पर ही बेहतर उपचार उपलब्ध होगा। यहां महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ऑपरेशन की जरुरत पड़ने पर मरीज को रेफर किया जाएगा। परिसर में टीबी अस्पताल, डायलिसिस सेंटर, बर्न यूनिट, डिजिटल एक्सरे, सिटी स्कैन आदि सुविधा है। यहां रोजाना एक हजार से 1200 मरीज, तीमारदारों की भीड़ होती है। चार महीने से इमरजेंसी मेडिलक असफर (ईएमओ) तैनात किए गए है। डॉक्टरों को ड्यूटी में और सहूलियत हो गई है।

हाल ही में प्रसव सेवा शुरू किया गया है। दो-दो सिस्टर की ड्यूटी रोस्टर वाइज लगाई गई है। नार्मल प्रसव होगा, ऑपरेशन की जरूरत पड़ने पर मरीज को जिला अस्पताल भेजा जाएगा। - डॉ. सुनील कुमार पासवान, सीएमएस 10 बेड़ सरपतहां
स्वास्थ्य हमारा मिशन है और सेवा हमारी परंपरा: डॉ. मनसुख मांडविया

  • कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने अपने 75वें स्थापना वर्ष समारोह की शुरुआत की

भोपाल। ​कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने देशभर के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए सात दशकों से अधिक की समर्पित सेवा के उपलक्ष्य में अपने '75वें सेवा वर्ष' समारोह की शुरुआत की। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस कार्यक्रम में मुख्य भाषण दिया।

​इस अवसर पर सांसद (लोकसभा) एनके प्रेमचंद्रन, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव वंदना गुरनानी, ईपीएफओ के केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की निदेशक मिचिको मियामोटो और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • विकास और सुधार की यात्रा:

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने संस्थान की यात्रा को राष्ट्र सेवा और सुधार का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि 1952 में लगभग 1.2 लाख लाभार्थियों और एक औषधालय से शुरू हुआ ईएसआईसी (ESIC) आज 166 अस्पतालों, 17 मेडिकल कॉलेजों और लगभग 1,600 औषधालयों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से 15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों की सेवा कर रहा है।

  • स्वास्थ्य ही सेवा है:

डॉ. मांडविया ने जोर देकर कहा कि "स्वास्थ्य ही सेवा है और सेवा ही हमारा संस्कार है।" उन्होंने चिकित्सा पेशेवरों से अनुशासन बनाए रखने और लोगों के भरोसे का सम्मान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ईएसआईसी के मानकों को एम्स (AIIMS) जैसे प्रमुख संस्थानों के बराबर होना चाहिए।

  • प्रमुख घोषणाएं और पहल:

​निशुल्क स्वास्थ्य जांच: श्रम संहिताओं के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी श्रमिकों के लिए अनिवार्य और मुफ्त स्वास्थ्य जांच का प्रावधान किया गया है।

  • ​स्मारक सिक्का और पुस्तक: निगम की 75 वर्षों की यात्रा के प्रतीक के रूप में एक स्मारक सिक्का और कॉफी टेबल बुक जारी की गई।
  • स्वास्थ्य रथ: लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 'स्वास्थ्य रथ' पहल की शुरुआत की गई।
  • समझौता ज्ञापन (MoUs): ​ESIC और NHAआयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के साथ ईएसआई योजना के समन्वय के लिए।
  • ​ESIC और NABL: ईएसआईसी स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता आश्वासन और मान्यता (Accreditation) को बढ़ावा देने के लिए।
  • विशेष सेवा पखवाड़ा:

ईएसआईसी 24 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक देश भर में 'विशेष सेवा पखवाड़ा' मनाएगा। इस दौरान जागरूकता शिविर, स्वच्छता अभियान, योग शिविर और लंबित दावों के त्वरित निपटान के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

श्रम सचिव वंदना गुरनानी ने कहा कि ईएसआईसी न केवल बीमारियों का इलाज कर रहा है, बल्कि गरीबी को रोकने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे रहा है। 75वां स्थापना दिवस ईएसआईसी की श्रमिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और एक आधुनिक, संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा संस्थान के रूप में इसके विकास को दोहराता है।

मध्य प्रदेश में वैज्ञानिक उत्खननों से प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा मध्य प्रदेश में किए गए पुरातात्विक उत्खननों ने राज्य की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को नई दृष्टि प्रदान की है। उत्खनन वह वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से पुरातत्वविद् भूमि के भीतर दबे प्राचीन बस्तियों एवं संरचनाओं के अवशेषों को खोजकर प्रकाश में लाते हैं। मुख्यतः दो प्रकार के उत्खनन किए जाते हैं; वर्टिकल एक्सकेवेशन, जिसके माध्यम से किसी स्थल का सांस्कृतिक क्रम ज्ञात किया जाता है, तथा हॉरिजॉन्टल एक्सकेवेशन, जिसके द्वारा स्थल की समग्र सांस्कृतिक और राजनीतिक संरचना का अध्ययन किया जाता है।

भारत में संगठित उत्खनन कार्य वर्ष 1861 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की स्थापना के साथ प्रारंभ हुए, जब अलेक्जेंडर कनिंघम पहले डायरेक्टर जनरल नियुक्त हुए। वर्ष 1902 में सर जॉन मार्शल के नेतृत्व में वैज्ञानिक पद्धतियों को अधिक व्यवस्थित रूप से अपनाया गया। उनके काल में मोहनजोदड़ो और हड़प्पा जैसे विश्वप्रसिद्ध स्थलों पर व्यापक उत्खनन संपन्न हुए। सर मोर्टायमर व्हीलर के समय (1944-1948) भारतीय पुरातत्व के उत्खनन की प्रविधि में नया मोड आया और अधिक वैज्ञानिक तरीके से उत्खनन करने के लिए व्हर्टिकल और हॉरिजॉन्टल तकनीक अपनाई गई। 

मध्य प्रदेश में वर्ष 1936 में कसरावद में उत्खनन कार्य प्रारंभ हुए तथा बाद में उज्जैन सहित अन्य स्थलों पर अनुसंधान आगे बढ़ा। स्वतंत्रता के पश्चात 1956 में राज्य के पुनर्गठन के साथ राज्य पुरातत्व विभाग की स्थापना हुई और विधिवत उत्खनन प्रारंभ हुए। डेक्कन कॉलेज, पुणे तथा अन्य विश्वविद्यालयों के सहयोग से अब तक लगभग 55–56 स्थलों पर उत्खनन किए जा चुके हैं। वर्ष 1995 से 2005 के बीच विशेष अभियान के अंतर्गत तीन टीमों द्वारा कुल 35 उत्खनन कार्य संपन्न किए गए।

हाल के प्रमुख उत्खननों में मनोरा (जिला सतना) और उज्जैन विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। वर्ष 2019–20 में उज्जैन के ऋण मुक्तेश्वर टीले पर उत्खनन किया गया, जिसमें छठी शताब्दी ईसा पूर्व तक के अवशेष प्राप्त हुए। 

सर्वेक्षण के दौरान पीजीडब्ल्यू (Painted Grey Ware) के कुछ टुकड़े मिले थे, हालांकि स्तरीय क्रम में यह प्राप्त नहीं हुआ। ब्लैक एंड रेड वेयर तथा अन्य प्रारंभिक अवशेषों ने स्थल की प्राचीनता को प्रमाणित किया।

मनोरा स्थल पर वर्ष 2001 में पुरातत्वविद् एस. एन. रौशल्या द्वारा सर्वेक्षण किया गया, जिसमें मंदिरों और बस्तियों के व्यापक अवशेष मिले। वर्ष 2008 में जबलपुर के पुरातत्वविद् एम. के. माहेश्वरी द्वारा उत्खनन किया गया, जिसमें दो मंदिरों के अवशेष प्राप्त हुए तथा बड़ी संख्या में मूर्तियों का संकलन किया गया। साथ ही 108 मंदिरों के साक्ष्य चिन्हित किए गए। वर्ष 2014 में डॉ. डी. के. माथुर, पुरातत्वीय अधिकार भोपाल द्वारा उत्खनन किया गया, जिसमें दो मंदिरों का कार्य पूर्ण हुआ। वर्ष 2018–19 में डॉ. रमेश यादव के निर्देशन में वाकणकर संस्थान द्वारा पुनः उत्खनन किया गया। इस दौरान बस्ती क्षेत्र से ईंट एवं पत्थर से निर्मित एक राजमहल के अवशेष प्राप्त हुए, जिनमें निम्न स्तर पर कुषाणकालीन ईंटों की पहचान हुई। इससे संकेत मिलता है कि बस्ती का विकास कुषाण काल से आरंभ होकर गुप्त काल में एक समृद्ध नगर के रूप में हुआ।

उत्खनन के दौरान वाकाटक राजवंश से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य भी प्राप्त हुए। प्रयाग प्रशस्ति में उल्लिखित रुद्रसेन का संबंध वाकाटक वंश से जोड़ा गया है और मनोरा को उनकी संभावित राजधानी माना गया है। सतना जिले के बघाट क्षेत्र से प्राप्त स्तंभ लेख में ‘वाकाटक’ शब्द अंकित है। उच्चकल्प वंश के राजा जयनाथ के अभिलेखों में उल्लिखित ग्रामों की पहचान आज भी संभव है, जिससे मनोरा की भौगोलिक चतुर्सीमा निर्धारित की गई।

राज्य पुरातत्व विभाग ग्राम-स्तरीय सर्वेक्षण के आधार पर संभावित स्थलों का चयन कर प्राथमिकता के अनुसार उत्खनन की योजना बनाता है। वर्तमान में ग्वालियर क्षेत्र में उत्खनन अपेक्षाकृत कम हुए हैं तथा भिंड जिले के कुछ स्थलों को भविष्य की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। मध्य प्रदेश के इन वैज्ञानिक एवं संगठित उत्खननों ने राज्य की ऐतिहासिक धरोहर को सुदृढ़ आधार प्रदान करते हुए भारतीय इतिहास के अनेक महत्वपूर्ण अध्यायों को स्पष्ट किया है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन राष्ट्रपति को संबोधित डीएम को दिया
उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ता पदाधिकारी जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंच कर धरना प्रदर्शन किया राष्ट्रपति को संबोधित के ज्ञापन जिला अधिकारी को सौपा । ज्ञापन के माध्यम से शांतिपूर्वक संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारिक पर विरोध जताया कहा कि यह लोकतंत्र को कुचलने जैसा है। जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी ने कहा कि भारतीय युवा कांग्रेस के साथियों द्वारा नई दिल्ली में जनहित के मुद्दों पर शांतिपूर्वक संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन किया जा रहा था प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। भारत जैसे लोकतांत्रिक राष्ट्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है पूर्व में भी विभिन्न संगठनों राजनीतिक दलों द्वारा प्रदर्शन अवधारणा किया गया जिन्हें लोकतंत्र की हिस्सा मांगा गया न की अपराध माना गया किंतु वर्तमान में दमनात्मक कार्यवाही लोकतंत्र की व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। जिला अध्यक्ष ने कहा कि उक्त प्रकरण को संज्ञान में लेकर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा लोकतंत्र अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए एवं गिरफ्तार किए गए युवा कांग्रेस साथियों को अभिलंब रिहा किया जाए इस अवसर पर मुख्य रूप से राजेश्वर दुबे, संतोष सिंह बघेल, राजेंद्र प्रसाद मौर्य ,शमशीर अहमद, मोनीश अंसारी ,विमलेश पाल, उमेश कुमार पाल ,विष्णु श्रीवास्तव, विशाल गौतम, नौशाद अली इत्यादि लोग उपस्थित रहे.