देवघर-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद डीएवी भंडारकोला के छात्र आयुष संतोषी का विद्यालय में किया गया सम्मान।
देवघर: के गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला, देवघर के पूर्ववर्ती छात्र एवं वर्तमान में डीएवी यूनिवर्सिटी, जालंधर के छात्र आयुष संतोषी ने श्रीलंका में आयोजित साउथ एशियन चैंपियनशिप में गोल शॉट बॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर भारत का तिरंगा विश्व मंच पर लहरा दिया। इस प्रतियोगिता में भारत सहित बांग्लादेश, माल्दिव्स, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे कुल सात देशों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ।यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरे देश के सम्मान की जीत रही। झारखंड के देवघर की मिट्टी से निकले और डीएवी के इस होनहार खिलाड़ी ने अपनी मेहनत, जुनून और जीत के जज़्बे से सन 2025 में पावरलिफ्टिंग (बेंच प्रेस) में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्टेट गोल्ड मेडल अपने नाम किया था और 3 बार “बेस्ट लिफ्टर” का खिताब जीतकर अपनी बादशाहत कायम की थी। गौर करने वाली बात यह भी है कि झारखंड से यूथ टीम में केवल दो खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें एक नाम आयुष संतोषी का भी शामिल था। इस चयन ने ही यह संकेत दे दिया था कि आयुष कुछ बड़ा करने वाला है और उसने उस भरोसे को सच साबित कर दिखाया। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने स्वर्ण पदक विजेता पूर्व छात्र को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि डीएवी सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है और शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित करता है। इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र की यह सफलता उसकी कठोर मेहनत, अनुशासन, समर्पण तथा खेल के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उसकी यह उपलब्धि विद्यालय के वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। विद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूर्ववर्ती छात्र तथा उसके अभिभावकों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की है। विद्यालय परिवार को विश्वास है कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर देश का मान बढ़ाता रहेगा। इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनकी माँ कुमारी अलका सोनी और पिता अजय संतोषी का त्याग, संघर्ष और अटूट विश्वास सबसे बड़ी ताकत बना। आयुष के कोच राजेश रंजन, जो कि इस चैंपियनशिप के टीम इंडिया के भी कोच रहे,संजय सिंह और विद्यालय के खेल प्रशिक्षक सत्यवीर यादव और आशुतोष कुमार का मार्गदर्शन उनकी सफलता की मजबूत नींव रहा है। डीएवी जालंधर विश्वविद्यालय के एचओडी यशबीर सिंह ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि आयुष जैसे प्रतिभाशाली छात्र पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
आजमगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 12 वर्ष पूर्ण होने भाजपा कार्यकर्ताओं ने दुर्वास एवं महलिया मंदिर में किया साफ-सफाई
जमगढ़ । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने तथा देश के सबसे अधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त करने के खुशी भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंदिरों में साफ सफाई किया। भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री आशुतोष राय पंकज के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने श्रषि दुर्वासा की तपोस्थली स्थित मंदिर महलिया आदि में साफ सफाई किया तथा दर्शन-पूजन कर राष्ट्र की सुख-समृद्धि, लोकमंगल एवं विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि हेतु प्रार्थना की। जिला महामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, गरीब कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा, आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति एवं वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है। जिससे देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” अभियान के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। आशुतोष राय जिला महामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर नई पहचान स्थापित कर रहा है तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर है। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मनोज यादव, तहबरपुुुुर मण्डल अध्यक्ष आशुतोष राय खदेरु, मिर्जापुर मण्डल अध्यक्ष नीरज गिरी, ओमकार पाण्डेय, बलराम तिवारी,राज विहारी सिंह,साधू सिंह, रिक्की राय,शिवांस सिंह,सौरभ कुमार, रविन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।
मिडिल ईस्ट में फिड़ भड़की युद्ध की चिंगारी, हेलीकॉप्टर गिराने जाने के बाद अमेरिका का ईरान पर हमला

मिडिल ईस्ट यानी खाड़ी में युद्ध की चिंगारी एक बार फिर से सुलग उठी है। ईरान द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बंदर अब्बास तक एक साथ अटैक किया है। यूएस आर्मी ने ईरान के एयर डिफेंस, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और रडार साइट्स बम बरसाए है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, अमेरिकी बलों ने ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा में हमले शुरू किए हैं। सेंटकॉम का कहना है कि यह कार्रवाई उस घटना के जवाब में की गई, जिसमें ईरान ने अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने का दावा किया था। सेंटकॉम ने बताया कि राष्ट्रपति के निर्देश पर मंगलवार शाम से ये हमले शुरू किए गए। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह ईरान की अनुचित आक्रामकता के खिलाफ संतुलित और सीमित जवाबी कार्रवाई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में गूंजी धमाकों की आवाज

ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में केशम द्वीप पर धमाकों की आवाज सुनी गई है। यह एक अहम शिपिंग रूट है, जिसे ईरान ने युद्ध के दौरान असल में बंद कर दिया है। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट से पता चलता है कि हमले ईरान की राजधानी का दूसरे बड़े शहरों में नहीं बल्कि केशम द्वीप पर हुए है। इससे जानमाल के नुकसान की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

ईरानी विदेश मंत्री की खुली चेतावनी

इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह सुरक्षित रहना चाहता है तो उसे फारस की खाड़ी क्षेत्र छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले या धमकी का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि युद्ध के मैदान में असफल रहने के बाद अमेरिका ने ईरान के संकल्प को परखने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि ईरान की शक्तिशाली सेना किसी भी हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि फारस की खाड़ी के इतिहास में बाहरी ताकतों के बुरे अंजाम के कई उदाहरण मौजूद हैं।

इजराइल और ईरान के बीच भी बढ़ा तनाव

बता दें कि हाल के दिनों में ईरान और इस्राइल के बीच भी तनाव बढ़ा है। दोनों देशों के बीच लगातार हमले और जवाबी हमले हो रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार इस्राइल ने ईरान के एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र को निशाना बनाया, जबकि ईरान की ओर से इस्राइली सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में हालात को और गंभीर बना सकता है।

अवैध वन्यजीव तस्करी में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार
मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम ने वन्यजीव हाथी के दांत सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया है कि अवैध वन्यजीव तस्करी के विरूद्ध संयुक्त कार्यवाही में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार किये गये। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर 9 जून 2026 को संचालित संयुक्त अभियान के दौरान मीरजापुर वन प्रभाग के लालगंज रेंज द्वारा थाना जिगना क्षेत्रान्तर्गत बाबा कलेश्वर मंदिर के समीप लगभग एक बजे बजे अवैध वन्यजीव अवयवों की तस्करी में संलिप्त तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
संयुक्त टीम द्वारा की गई तलाशी एवं जांच के दौरान तस्करों के कब्जे से हाथी के दांत एवं अन्य वन्यजीव अवयव बरामद किए गए। बरामद सामग्री में 2 अदद हाथी दांत (कुल भार लगभग 1.49 किलोग्राम), 1 अदद हाथी का जबड़ा (लगभग 800 ग्राम) एवं एक स्प्लेन्डर बाइक संख्या UP70BE2825 तथा तीन मोबाइल फोन
बरामद किया गया है।
प्राकृतिक हीरा, धरती माता के अमर प्रेम का अनमोल उपहार
– संजय जीवन लाल शाह

प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि प्रकृति की करोड़ों वर्षों की साधना का परिणाम और धरती माता के अमर प्रेम का जीवंत प्रतीक है। इसकी अनुपम चमक, दुर्लभता, शाश्वतता और अद्वितीय सौंदर्य ने इसे सदियों से प्रेम, विश्वास, समर्पण, शक्ति और वैभव का सर्वोच्च प्रतीक बनाया है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा आज भी दुनिया भर में प्रेम की सबसे सुंदर और सबसे मूल्यवान अभिव्यक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि कुछ उपहार समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक हीरा ऐसा उपहार है जिसकी चमक समय के साथ और अधिक निखरती जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी प्रिय को प्राकृतिक हीरे का उपहार देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं देता, बल्कि अपने अटूट प्रेम, सम्मान, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वचन सौंपता है। इसी कारण प्राकृतिक हीरे को दुनिया भर में “अल्टीमेट गिफ्ट ऑफ लव” की संज्ञा दी गई है। ‘डायमंड’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘एडामस’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है—अजेय और अविनाशी। यह नाम हीरे के गुणों का सटीक परिचय देता है। प्रेम की तरह ही हीरा भी अटूट, अमर और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला माना जाता है। इतिहास साक्षी है कि इस अद्भुत रत्न को प्राप्त करने के लिए अनेक राजाओं और साम्राज्यों ने संघर्ष किए, युद्ध लड़े और इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया। भारत को प्राकृतिक हीरों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। हजारों वर्ष पूर्व विश्व के प्रथम हीरे भारत की धरती से प्राप्त हुए थे। गोलकुंडा की खदानों से निकले हीरों ने विश्व को चमत्कृत कर दिया था। विश्वविख्यात कोहिनूर, होप डायमंड और अनेक ऐतिहासिक हीरे भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं। जब दुनिया के अधिकांश देशों में हीरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी, तब भारतीय राजघरानों की रानियां और राजकुमारियां हीरों से सुसज्जित मुकुट, हार, बाजूबंद, कंगन और अंगूठियां धारण करती थीं। निजाम, गायकवाड़, सिंधिया और अन्य भारतीय राजवंशों के खजाने प्राकृतिक हीरों की अद्वितीय संपदा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। भारतीय संस्कृति में हीरे को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है।
विश्व की विभिन्न सभ्यताओं में भी प्राकृतिक हीरे को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। यूनानियों का विश्वास था कि हीरे देवताओं के आंसुओं से बने हैं, जबकि प्राचीन रोमन उन्हें टूटते तारों के टुकड़े मानते थे। मध्यकालीन यूरोप में हीरे को साहस, सुरक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता था। इटली में इसे पति-पत्नी के मध्य प्रेम और सामंजस्य को सुदृढ़ करने वाला रत्न माना गया। सगाई की अंगूठी में हीरा जड़ने की परंपरा भी प्रेम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वर्ष 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी भेंट की थी। इसके बाद हीरे की अंगूठी प्रेम, प्रतिबद्धता और वैवाहिक बंधन का वैश्विक प्रतीक बन गई। आज भी विश्वभर में लाखों युगल अपने जीवन की नई शुरुआत प्राकृतिक हीरे की अंगूठी के साथ करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्राकृतिक हीरा प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है। यह धरती की गहराइयों में लगभग 150 से 200 किलोमीटर नीचे, अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच करोड़ों वर्षों में निर्मित होता है। प्रकृति की इस लंबी और अद्भुत प्रक्रिया के कारण प्रत्येक प्राकृतिक हीरा अद्वितीय होता है। कोई भी दो प्राकृतिक हीरे पूरी तरह समान नहीं होते। प्रत्येक हीरा अपनी अलग पहचान और विशिष्टता लिए होता है, मानो उस पर स्वयं प्रकृति के हस्ताक्षर अंकित हों।
प्राकृतिक हीरे की यात्रा भी उसकी चमक जितनी ही प्रेरणादायक होती है। धरती की गहराइयों से निकलकर वह खनिकों, कारीगरों, डिजाइनरों और ज्वेलरी विशेषज्ञों के कुशल हाथों से गुजरता है। अनगिनत घंटों की मेहनत और कलात्मकता के बाद वह एक शानदार आभूषण का रूप धारण करता है, जो किसी के जीवन की सबसे यादगार स्मृति बन जाता है। आज के आधुनिक युग में भी प्राकृतिक हीरा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनाओं, उपलब्धियों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है। सगाई, विवाह, वर्षगांठ, सफलता, मातृत्व अथवा किसी विशेष उपलब्धि के अवसर पर दिया गया प्राकृतिक हीरा जीवनभर की यादों को संजोए रखता है। ज्वैल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह के अनुसार, “प्राकृतिक हीरा हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक मूल्य समय, धैर्य, समर्पण और प्रकृति की अनमोल रचना में निहित होता है। करोड़ों वर्षों में निर्मित यह रत्न प्रेम, निष्ठा और स्थायित्व का जीवंत प्रतीक है।”
जब तक संसार में प्रेम, विश्वास, सौंदर्य और समर्पण का अस्तित्व रहेगा, तब तक प्राकृतिक हीरे की दिव्य चमक मानव हृदयों को आलोकित करती रहेगी। वास्तव में, प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि धरती माता द्वारा मानवता को दिया गया अमर प्रेम का अनमोल उपहार है—एक ऐसा उपहार जो पीढ़ियों तक रिश्तों, भावनाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखता है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा सदैव प्रेम की सबसे सुंदर, सबसे शुद्ध और सबसे शाश्वत अभिव्यक्ति बना रहेगा।
पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, 13 लोगों की हुई मौत

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पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान में घातक हमले किए हैं। दोनों देशों की सीमा के पास अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं। इन हमलों में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।

हमलों में 11 बच्चों की मौत

अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखकर जानकारी दी है कि पाकिस्तानी सेना ने कल रात एक बार फिर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त तथा पकतिका प्रांतों में आम नागरिकों के घरों पर बमबारी की। इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई।

अफगानिस्तान ने कहा- नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई

खोस्त प्रांत के एक अधिकारी ने बताया कि स्पेरा जिले में एक घर पर हुए हमले में 9 लोग मारे गए और 10 अन्य घायल हो गए। पक्तिका प्रांत में एक अलग हमले में 3 लोगों की मौत हुई। अफगानिस्तान के इन आरोपों पर पाकिस्तान की सेना ने अभी तक इन हमलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पाकिस्तानी हमले की निंदा

तालिबान सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई बताया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन हमलों को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तान का कहना है कि 'पाकिस्तानी तालिबान' (TTP) के आतंकवादी अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में बड़े आत्मघाती और आतंकी हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान लंबे समय से अफगान तालिबान से इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है जिसे काबुल खारिज करता रहा है।

पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव बना हुआ है। फरवरी के अंत से दोनों देशों के बीच लगातार संघर्ष और जवाबी कार्रवाइयां हो रही हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल के पहले तीन महीनों में अफगानिस्तान में हुए संघर्ष में 372 आम नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए थे।

पीजीआई युवती लापता मामला: धर्मांतरण और सीरिया ले जाने के दावों पर पुलिस का स्पष्टीकरण, जांच जारी
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र से एक युवती के लापता होने के मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित धर्मांतरण और युवती को सीरिया ले जाने के आरोपों को लेकर पुलिस ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और गहनता से की जा रही है तथा अब तक की जांच में धर्मांतरण और सीरिया ले जाने संबंधी दावों की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार थाना पीजीआई में प्राप्त तहरीर के आधार पर 22 मई 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 280/2026, धारा 87 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह मुकदमा युवती के लापता होने के संबंध में पंजीकृत किया गया है।

पुलिस ने बताया कि युवती की सकुशल बरामदगी और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। इसके अलावा जोन दक्षिणी की सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस टीमें लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर युवती और आरोपी की तलाश में जुटी हैं।

मामले को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर यह दावा किया जा रहा था कि युवती का धर्मांतरण कराया गया है और उसे सीरिया ले जाया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़ित पक्ष द्वारा दी गई मूल तहरीर में धर्मांतरण संबंधी किसी भी आरोप का उल्लेख नहीं किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर प्रसारित धर्मांतरण संबंधी दावों की भी जांच की जा रही है, लेकिन अब तक की विवेचना में ऐसे किसी आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह युवती को सीरिया ले जाने की बात भी जांच में सही नहीं पाई गई है।

जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि लापता युवती हिंदू धर्म से संबंधित है, जबकि नामजद आरोपी मुस्लिम समुदाय से जुड़ा है। साथ ही यह तथ्य भी सामने आया है कि दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच पूर्व से बातचीत होती थी। पुलिस इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बनाकर तथ्यों का सत्यापन कर रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जांच अभी जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में जो भी तथ्य जांच के दौरान सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता युवती की सकुशल बरामदगी और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी है। इसके लिए पुलिस और सर्विलांस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं तथा मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
आदिवासी बच्चों के लिए लोढ़ा फाउंडेशन का “मानवता का हाथ, सबका साथ” अभियान

मुंबई। लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा की संकल्पना से साकार हुए “मानवता का हाथ, सबका साथ” इस सामाजिक अभियान का शुभारंभ मंगलवार, दि. 9 जून को सायंकाल गामदेवी स्थित धर्म पैलेस, ह्यूजेस रोड में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। राज्य के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की प्रमुख उपस्थिति में इस उपक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। समाज के अनेक घरों में उपयोग में न आने वाली, किंतु अच्छी स्थिति में उपलब्ध पुस्तकें, खिलौने और साइकिलें बड़ी संख्या में पड़ी रहती हैं। इन वस्तुओं को नया जीवन देते हुए उन्हें आदिवासी समुदाय के जरूरतमंद बच्चों और परिवारों तक पहुंचाने का संकल्प इस अभियान के माध्यम से लिया गया है। संकलित सामग्री की आवश्यक मरम्मत, स्वच्छता एवं पुनः उपयोग के लिए तैयारी कर उसे जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में 100 से अधिक नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।सइस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साधन, खिलौनों से मिलने वाला आनंद तथा साइकिलों से प्राप्त गतिशीलता ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर की अनुपयोगी वस्तुएं दान कर इस अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर मार्गदर्शन करते हुए कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “समाज के प्रत्येक घर में ऐसी अनेक पुस्तकें, खिलौने और साइकिलें होती हैं, जो भले ही उपयोग में न हों, लेकिन किसी जरूरतमंद बच्चे के लिए अमूल्य साबित हो सकती हैं। ‘मानवता का हाथ, सबका साथ’ यह अभियान केवल वस्तुओं का दान नहीं, बल्कि आनंद, शिक्षा और अवसरों का वितरण करने वाला अभियान है। पालघर के आदिवासी बच्चों से शुरू होने वाला यह आंदोलन समाज के संवेदनशील नागरिकों की सहभागिता से और अधिक व्यापक बनेगा, ऐसा मुझे विश्वास है।”
डॉ. मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “एक पुरानी पुस्तक किसी बच्चे को शिक्षा का नया अवसर दे सकती है, एक खिलौना उसके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है और एक साइकिल उसके सपनों को नई उड़ान दे सकती है। समाज में उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग कर जरूरतमंदों तक सहायता का हाथ पहुंचाना ही इस पहल के पीछे की प्रेरणा है।” कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वयंसेवी क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति, नागरिक तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे। आदिवासी बच्चों की शिक्षा, खुशी और उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर सहयोग करने का संदेश इस अभियान के माध्यम से दिया गया। लोढ़ा फाउंडेशन की ओर से नागरिकों से अपने घरों में उपलब्ध पुरानी पुस्तकें, खिलौने और साइकिलें दान कर इस सामाजिक आंदोलन का हिस्सा बनने का आह्वान किया गया।
अवैध वन्यजीव तस्करी में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार*
मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम ने वन्यजीव हाथी के दांत सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया है कि अवैध वन्यजीव तस्करी के विरूद्ध संयुक्त कार्यवाही में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार किये गये। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर 9 जून 2026 को संचालित संयुक्त अभियान के दौरान मीरजापुर वन प्रभाग के लालगंज रेंज द्वारा थाना जिगना क्षेत्रान्तर्गत बाबा कलेश्वर मंदिर के समीप लगभग एक बजे बजे अवैध वन्यजीव अवयवों की तस्करी में संलिप्त तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
संयुक्त टीम द्वारा की गई तलाशी एवं जांच के दौरान तस्करों के कब्जे से हाथी के दांत एवं अन्य वन्यजीव अवयव बरामद किए गए। बरामद सामग्री में 2 अदद हाथी दांत (कुल भार लगभग 1.49 किलोग्राम), 1 अदद हाथी का जबड़ा (लगभग 800 ग्राम) एवं एक स्प्लेन्डर बाइक संख्या UP70BE2825 तथा तीन मोबाइल फोन
बरामद किया गया है।
कालीन नगरी के 200 गांवों में सघन वन तैयार करेगा वन विभाग, बढ़ेगी हरियाली

*वन विभाग की टीम करेगी माॅनिटरिंग*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही।लगातार कटते पेड़ और कम होते बाग-बगीचे के बीच अब वन विभाग जिले के 200 गांवों में सघन वन स्थापित करेगा। विभाग की ओर से गांवों को चिह्नित किया जा रहा है। जिसके बाद वहां पर बड़ी संख्या में पौधे रोपित कर उसका संरक्षण किया जाएगा। विभाग की ओर से एक ही जगह पर 300 से 1000 पौधे रोपित किए जाएंगे।
गांव की बंजर और जीएस की जमीनों को इस अभियान के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा। एक दशक पहले तक हर गांव में बगीचे होते थे, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ के बीच लोगों ने तेजी से पेड़ों की कटाई की। जिससे गांवों में बाग-बगीचे कम होते चले गए। स्थिति यह है कि अब गांवों में जाने के बाद किसी पेड़ की छांव मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में वन विभाग अब नए सिरे से गांवों में बगीचे स्थापित करेगा। विभाग तीन साल में जिले के 546 ग्राम पंचायत में पौधा लगाएगा और मॉनिटरिंग भी करेगा।
विभाग का दावा है कि जो भी पौधे रोपित किए जाते हैं। उसमें 75 से 80 फीसदी पौधे जिंदा रहते हैं। प्रथम चरण में जिले के 200 गांव को हरियाली का नया मॉडल बनाया जाएगा। इसकी देखभाल वन विभाग की ओर से तीन साल तक किया जाएगा। पौधा सूखने पर नया पौधा लगाया जाएगा। हर 15 दिन में वन विभाग, एनजीओ, संस्था के कर्मचारी वन की निगरानी करेंगे।



कब कितना बढ़ा वनावरण क्षेत्र
साल - वनावरण क्षेत्र 2019 - 3.12 फीसदी
2021 - 3.71 फीसदी 2023 - 5.22 फीसदी
नोट - वनावरण क्षेत्र स्क्वायर किलोमीटर में हैं।
जिले के 200 गांव में सघन वन तैयार किया जाएगा। इस मुहिम में एनजीओ, संस्था का भी सहयोग लिया जाएगा। तीन साल में हर एक-एक गांव में वन तैयार होगा। यहां एक नया मॉडल स्थापित किया जाएगा। 9 विवेक यादव, डीएफओ भदोही
देवघर-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद डीएवी भंडारकोला के छात्र आयुष संतोषी का विद्यालय में किया गया सम्मान।
देवघर: के गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला, देवघर के पूर्ववर्ती छात्र एवं वर्तमान में डीएवी यूनिवर्सिटी, जालंधर के छात्र आयुष संतोषी ने श्रीलंका में आयोजित साउथ एशियन चैंपियनशिप में गोल शॉट बॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर भारत का तिरंगा विश्व मंच पर लहरा दिया। इस प्रतियोगिता में भारत सहित बांग्लादेश, माल्दिव्स, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे कुल सात देशों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ।यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरे देश के सम्मान की जीत रही। झारखंड के देवघर की मिट्टी से निकले और डीएवी के इस होनहार खिलाड़ी ने अपनी मेहनत, जुनून और जीत के जज़्बे से सन 2025 में पावरलिफ्टिंग (बेंच प्रेस) में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्टेट गोल्ड मेडल अपने नाम किया था और 3 बार “बेस्ट लिफ्टर” का खिताब जीतकर अपनी बादशाहत कायम की थी। गौर करने वाली बात यह भी है कि झारखंड से यूथ टीम में केवल दो खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें एक नाम आयुष संतोषी का भी शामिल था। इस चयन ने ही यह संकेत दे दिया था कि आयुष कुछ बड़ा करने वाला है और उसने उस भरोसे को सच साबित कर दिखाया। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने स्वर्ण पदक विजेता पूर्व छात्र को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि डीएवी सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है और शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित करता है। इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र की यह सफलता उसकी कठोर मेहनत, अनुशासन, समर्पण तथा खेल के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उसकी यह उपलब्धि विद्यालय के वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। विद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूर्ववर्ती छात्र तथा उसके अभिभावकों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की है। विद्यालय परिवार को विश्वास है कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर देश का मान बढ़ाता रहेगा। इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनकी माँ कुमारी अलका सोनी और पिता अजय संतोषी का त्याग, संघर्ष और अटूट विश्वास सबसे बड़ी ताकत बना। आयुष के कोच राजेश रंजन, जो कि इस चैंपियनशिप के टीम इंडिया के भी कोच रहे,संजय सिंह और विद्यालय के खेल प्रशिक्षक सत्यवीर यादव और आशुतोष कुमार का मार्गदर्शन उनकी सफलता की मजबूत नींव रहा है। डीएवी जालंधर विश्वविद्यालय के एचओडी यशबीर सिंह ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि आयुष जैसे प्रतिभाशाली छात्र पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
आजमगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 12 वर्ष पूर्ण होने भाजपा कार्यकर्ताओं ने दुर्वास एवं महलिया मंदिर में किया साफ-सफाई
जमगढ़ । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने तथा देश के सबसे अधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त करने के खुशी भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंदिरों में साफ सफाई किया। भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री आशुतोष राय पंकज के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने श्रषि दुर्वासा की तपोस्थली स्थित मंदिर महलिया आदि में साफ सफाई किया तथा दर्शन-पूजन कर राष्ट्र की सुख-समृद्धि, लोकमंगल एवं विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि हेतु प्रार्थना की। जिला महामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, गरीब कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा, आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति एवं वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है। जिससे देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” अभियान के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। आशुतोष राय जिला महामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर नई पहचान स्थापित कर रहा है तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर है। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मनोज यादव, तहबरपुुुुर मण्डल अध्यक्ष आशुतोष राय खदेरु, मिर्जापुर मण्डल अध्यक्ष नीरज गिरी, ओमकार पाण्डेय, बलराम तिवारी,राज विहारी सिंह,साधू सिंह, रिक्की राय,शिवांस सिंह,सौरभ कुमार, रविन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।
मिडिल ईस्ट में फिड़ भड़की युद्ध की चिंगारी, हेलीकॉप्टर गिराने जाने के बाद अमेरिका का ईरान पर हमला

मिडिल ईस्ट यानी खाड़ी में युद्ध की चिंगारी एक बार फिर से सुलग उठी है। ईरान द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बंदर अब्बास तक एक साथ अटैक किया है। यूएस आर्मी ने ईरान के एयर डिफेंस, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और रडार साइट्स बम बरसाए है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, अमेरिकी बलों ने ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा में हमले शुरू किए हैं। सेंटकॉम का कहना है कि यह कार्रवाई उस घटना के जवाब में की गई, जिसमें ईरान ने अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने का दावा किया था। सेंटकॉम ने बताया कि राष्ट्रपति के निर्देश पर मंगलवार शाम से ये हमले शुरू किए गए। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह ईरान की अनुचित आक्रामकता के खिलाफ संतुलित और सीमित जवाबी कार्रवाई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में गूंजी धमाकों की आवाज

ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में केशम द्वीप पर धमाकों की आवाज सुनी गई है। यह एक अहम शिपिंग रूट है, जिसे ईरान ने युद्ध के दौरान असल में बंद कर दिया है। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट से पता चलता है कि हमले ईरान की राजधानी का दूसरे बड़े शहरों में नहीं बल्कि केशम द्वीप पर हुए है। इससे जानमाल के नुकसान की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

ईरानी विदेश मंत्री की खुली चेतावनी

इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह सुरक्षित रहना चाहता है तो उसे फारस की खाड़ी क्षेत्र छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले या धमकी का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि युद्ध के मैदान में असफल रहने के बाद अमेरिका ने ईरान के संकल्प को परखने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि ईरान की शक्तिशाली सेना किसी भी हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि फारस की खाड़ी के इतिहास में बाहरी ताकतों के बुरे अंजाम के कई उदाहरण मौजूद हैं।

इजराइल और ईरान के बीच भी बढ़ा तनाव

बता दें कि हाल के दिनों में ईरान और इस्राइल के बीच भी तनाव बढ़ा है। दोनों देशों के बीच लगातार हमले और जवाबी हमले हो रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार इस्राइल ने ईरान के एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र को निशाना बनाया, जबकि ईरान की ओर से इस्राइली सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में हालात को और गंभीर बना सकता है।

अवैध वन्यजीव तस्करी में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार
मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम ने वन्यजीव हाथी के दांत सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया है कि अवैध वन्यजीव तस्करी के विरूद्ध संयुक्त कार्यवाही में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार किये गये। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर 9 जून 2026 को संचालित संयुक्त अभियान के दौरान मीरजापुर वन प्रभाग के लालगंज रेंज द्वारा थाना जिगना क्षेत्रान्तर्गत बाबा कलेश्वर मंदिर के समीप लगभग एक बजे बजे अवैध वन्यजीव अवयवों की तस्करी में संलिप्त तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
संयुक्त टीम द्वारा की गई तलाशी एवं जांच के दौरान तस्करों के कब्जे से हाथी के दांत एवं अन्य वन्यजीव अवयव बरामद किए गए। बरामद सामग्री में 2 अदद हाथी दांत (कुल भार लगभग 1.49 किलोग्राम), 1 अदद हाथी का जबड़ा (लगभग 800 ग्राम) एवं एक स्प्लेन्डर बाइक संख्या UP70BE2825 तथा तीन मोबाइल फोन
बरामद किया गया है।
प्राकृतिक हीरा, धरती माता के अमर प्रेम का अनमोल उपहार
– संजय जीवन लाल शाह

प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि प्रकृति की करोड़ों वर्षों की साधना का परिणाम और धरती माता के अमर प्रेम का जीवंत प्रतीक है। इसकी अनुपम चमक, दुर्लभता, शाश्वतता और अद्वितीय सौंदर्य ने इसे सदियों से प्रेम, विश्वास, समर्पण, शक्ति और वैभव का सर्वोच्च प्रतीक बनाया है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा आज भी दुनिया भर में प्रेम की सबसे सुंदर और सबसे मूल्यवान अभिव्यक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि कुछ उपहार समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक हीरा ऐसा उपहार है जिसकी चमक समय के साथ और अधिक निखरती जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी प्रिय को प्राकृतिक हीरे का उपहार देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं देता, बल्कि अपने अटूट प्रेम, सम्मान, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वचन सौंपता है। इसी कारण प्राकृतिक हीरे को दुनिया भर में “अल्टीमेट गिफ्ट ऑफ लव” की संज्ञा दी गई है। ‘डायमंड’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘एडामस’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है—अजेय और अविनाशी। यह नाम हीरे के गुणों का सटीक परिचय देता है। प्रेम की तरह ही हीरा भी अटूट, अमर और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला माना जाता है। इतिहास साक्षी है कि इस अद्भुत रत्न को प्राप्त करने के लिए अनेक राजाओं और साम्राज्यों ने संघर्ष किए, युद्ध लड़े और इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया। भारत को प्राकृतिक हीरों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। हजारों वर्ष पूर्व विश्व के प्रथम हीरे भारत की धरती से प्राप्त हुए थे। गोलकुंडा की खदानों से निकले हीरों ने विश्व को चमत्कृत कर दिया था। विश्वविख्यात कोहिनूर, होप डायमंड और अनेक ऐतिहासिक हीरे भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं। जब दुनिया के अधिकांश देशों में हीरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी, तब भारतीय राजघरानों की रानियां और राजकुमारियां हीरों से सुसज्जित मुकुट, हार, बाजूबंद, कंगन और अंगूठियां धारण करती थीं। निजाम, गायकवाड़, सिंधिया और अन्य भारतीय राजवंशों के खजाने प्राकृतिक हीरों की अद्वितीय संपदा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। भारतीय संस्कृति में हीरे को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है।
विश्व की विभिन्न सभ्यताओं में भी प्राकृतिक हीरे को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। यूनानियों का विश्वास था कि हीरे देवताओं के आंसुओं से बने हैं, जबकि प्राचीन रोमन उन्हें टूटते तारों के टुकड़े मानते थे। मध्यकालीन यूरोप में हीरे को साहस, सुरक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता था। इटली में इसे पति-पत्नी के मध्य प्रेम और सामंजस्य को सुदृढ़ करने वाला रत्न माना गया। सगाई की अंगूठी में हीरा जड़ने की परंपरा भी प्रेम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वर्ष 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी भेंट की थी। इसके बाद हीरे की अंगूठी प्रेम, प्रतिबद्धता और वैवाहिक बंधन का वैश्विक प्रतीक बन गई। आज भी विश्वभर में लाखों युगल अपने जीवन की नई शुरुआत प्राकृतिक हीरे की अंगूठी के साथ करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्राकृतिक हीरा प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है। यह धरती की गहराइयों में लगभग 150 से 200 किलोमीटर नीचे, अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच करोड़ों वर्षों में निर्मित होता है। प्रकृति की इस लंबी और अद्भुत प्रक्रिया के कारण प्रत्येक प्राकृतिक हीरा अद्वितीय होता है। कोई भी दो प्राकृतिक हीरे पूरी तरह समान नहीं होते। प्रत्येक हीरा अपनी अलग पहचान और विशिष्टता लिए होता है, मानो उस पर स्वयं प्रकृति के हस्ताक्षर अंकित हों।
प्राकृतिक हीरे की यात्रा भी उसकी चमक जितनी ही प्रेरणादायक होती है। धरती की गहराइयों से निकलकर वह खनिकों, कारीगरों, डिजाइनरों और ज्वेलरी विशेषज्ञों के कुशल हाथों से गुजरता है। अनगिनत घंटों की मेहनत और कलात्मकता के बाद वह एक शानदार आभूषण का रूप धारण करता है, जो किसी के जीवन की सबसे यादगार स्मृति बन जाता है। आज के आधुनिक युग में भी प्राकृतिक हीरा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनाओं, उपलब्धियों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है। सगाई, विवाह, वर्षगांठ, सफलता, मातृत्व अथवा किसी विशेष उपलब्धि के अवसर पर दिया गया प्राकृतिक हीरा जीवनभर की यादों को संजोए रखता है। ज्वैल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह के अनुसार, “प्राकृतिक हीरा हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक मूल्य समय, धैर्य, समर्पण और प्रकृति की अनमोल रचना में निहित होता है। करोड़ों वर्षों में निर्मित यह रत्न प्रेम, निष्ठा और स्थायित्व का जीवंत प्रतीक है।”
जब तक संसार में प्रेम, विश्वास, सौंदर्य और समर्पण का अस्तित्व रहेगा, तब तक प्राकृतिक हीरे की दिव्य चमक मानव हृदयों को आलोकित करती रहेगी। वास्तव में, प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि धरती माता द्वारा मानवता को दिया गया अमर प्रेम का अनमोल उपहार है—एक ऐसा उपहार जो पीढ़ियों तक रिश्तों, भावनाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखता है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा सदैव प्रेम की सबसे सुंदर, सबसे शुद्ध और सबसे शाश्वत अभिव्यक्ति बना रहेगा।
पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, 13 लोगों की हुई मौत

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पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान में घातक हमले किए हैं। दोनों देशों की सीमा के पास अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं। इन हमलों में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।

हमलों में 11 बच्चों की मौत

अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखकर जानकारी दी है कि पाकिस्तानी सेना ने कल रात एक बार फिर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त तथा पकतिका प्रांतों में आम नागरिकों के घरों पर बमबारी की। इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई।

अफगानिस्तान ने कहा- नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई

खोस्त प्रांत के एक अधिकारी ने बताया कि स्पेरा जिले में एक घर पर हुए हमले में 9 लोग मारे गए और 10 अन्य घायल हो गए। पक्तिका प्रांत में एक अलग हमले में 3 लोगों की मौत हुई। अफगानिस्तान के इन आरोपों पर पाकिस्तान की सेना ने अभी तक इन हमलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पाकिस्तानी हमले की निंदा

तालिबान सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई बताया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन हमलों को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तान का कहना है कि 'पाकिस्तानी तालिबान' (TTP) के आतंकवादी अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में बड़े आत्मघाती और आतंकी हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान लंबे समय से अफगान तालिबान से इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है जिसे काबुल खारिज करता रहा है।

पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव बना हुआ है। फरवरी के अंत से दोनों देशों के बीच लगातार संघर्ष और जवाबी कार्रवाइयां हो रही हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल के पहले तीन महीनों में अफगानिस्तान में हुए संघर्ष में 372 आम नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए थे।

पीजीआई युवती लापता मामला: धर्मांतरण और सीरिया ले जाने के दावों पर पुलिस का स्पष्टीकरण, जांच जारी
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र से एक युवती के लापता होने के मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित धर्मांतरण और युवती को सीरिया ले जाने के आरोपों को लेकर पुलिस ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और गहनता से की जा रही है तथा अब तक की जांच में धर्मांतरण और सीरिया ले जाने संबंधी दावों की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार थाना पीजीआई में प्राप्त तहरीर के आधार पर 22 मई 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 280/2026, धारा 87 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह मुकदमा युवती के लापता होने के संबंध में पंजीकृत किया गया है।

पुलिस ने बताया कि युवती की सकुशल बरामदगी और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। इसके अलावा जोन दक्षिणी की सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस टीमें लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर युवती और आरोपी की तलाश में जुटी हैं।

मामले को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर यह दावा किया जा रहा था कि युवती का धर्मांतरण कराया गया है और उसे सीरिया ले जाया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़ित पक्ष द्वारा दी गई मूल तहरीर में धर्मांतरण संबंधी किसी भी आरोप का उल्लेख नहीं किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर प्रसारित धर्मांतरण संबंधी दावों की भी जांच की जा रही है, लेकिन अब तक की विवेचना में ऐसे किसी आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह युवती को सीरिया ले जाने की बात भी जांच में सही नहीं पाई गई है।

जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि लापता युवती हिंदू धर्म से संबंधित है, जबकि नामजद आरोपी मुस्लिम समुदाय से जुड़ा है। साथ ही यह तथ्य भी सामने आया है कि दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच पूर्व से बातचीत होती थी। पुलिस इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बनाकर तथ्यों का सत्यापन कर रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जांच अभी जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में जो भी तथ्य जांच के दौरान सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता युवती की सकुशल बरामदगी और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी है। इसके लिए पुलिस और सर्विलांस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं तथा मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
आदिवासी बच्चों के लिए लोढ़ा फाउंडेशन का “मानवता का हाथ, सबका साथ” अभियान

मुंबई। लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा की संकल्पना से साकार हुए “मानवता का हाथ, सबका साथ” इस सामाजिक अभियान का शुभारंभ मंगलवार, दि. 9 जून को सायंकाल गामदेवी स्थित धर्म पैलेस, ह्यूजेस रोड में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। राज्य के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की प्रमुख उपस्थिति में इस उपक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। समाज के अनेक घरों में उपयोग में न आने वाली, किंतु अच्छी स्थिति में उपलब्ध पुस्तकें, खिलौने और साइकिलें बड़ी संख्या में पड़ी रहती हैं। इन वस्तुओं को नया जीवन देते हुए उन्हें आदिवासी समुदाय के जरूरतमंद बच्चों और परिवारों तक पहुंचाने का संकल्प इस अभियान के माध्यम से लिया गया है। संकलित सामग्री की आवश्यक मरम्मत, स्वच्छता एवं पुनः उपयोग के लिए तैयारी कर उसे जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में 100 से अधिक नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।सइस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साधन, खिलौनों से मिलने वाला आनंद तथा साइकिलों से प्राप्त गतिशीलता ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर की अनुपयोगी वस्तुएं दान कर इस अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर मार्गदर्शन करते हुए कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “समाज के प्रत्येक घर में ऐसी अनेक पुस्तकें, खिलौने और साइकिलें होती हैं, जो भले ही उपयोग में न हों, लेकिन किसी जरूरतमंद बच्चे के लिए अमूल्य साबित हो सकती हैं। ‘मानवता का हाथ, सबका साथ’ यह अभियान केवल वस्तुओं का दान नहीं, बल्कि आनंद, शिक्षा और अवसरों का वितरण करने वाला अभियान है। पालघर के आदिवासी बच्चों से शुरू होने वाला यह आंदोलन समाज के संवेदनशील नागरिकों की सहभागिता से और अधिक व्यापक बनेगा, ऐसा मुझे विश्वास है।”
डॉ. मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “एक पुरानी पुस्तक किसी बच्चे को शिक्षा का नया अवसर दे सकती है, एक खिलौना उसके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है और एक साइकिल उसके सपनों को नई उड़ान दे सकती है। समाज में उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग कर जरूरतमंदों तक सहायता का हाथ पहुंचाना ही इस पहल के पीछे की प्रेरणा है।” कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वयंसेवी क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति, नागरिक तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे। आदिवासी बच्चों की शिक्षा, खुशी और उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर सहयोग करने का संदेश इस अभियान के माध्यम से दिया गया। लोढ़ा फाउंडेशन की ओर से नागरिकों से अपने घरों में उपलब्ध पुरानी पुस्तकें, खिलौने और साइकिलें दान कर इस सामाजिक आंदोलन का हिस्सा बनने का आह्वान किया गया।
अवैध वन्यजीव तस्करी में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार*
मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम ने वन्यजीव हाथी के दांत सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया है कि अवैध वन्यजीव तस्करी के विरूद्ध संयुक्त कार्यवाही में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार किये गये। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर 9 जून 2026 को संचालित संयुक्त अभियान के दौरान मीरजापुर वन प्रभाग के लालगंज रेंज द्वारा थाना जिगना क्षेत्रान्तर्गत बाबा कलेश्वर मंदिर के समीप लगभग एक बजे बजे अवैध वन्यजीव अवयवों की तस्करी में संलिप्त तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
संयुक्त टीम द्वारा की गई तलाशी एवं जांच के दौरान तस्करों के कब्जे से हाथी के दांत एवं अन्य वन्यजीव अवयव बरामद किए गए। बरामद सामग्री में 2 अदद हाथी दांत (कुल भार लगभग 1.49 किलोग्राम), 1 अदद हाथी का जबड़ा (लगभग 800 ग्राम) एवं एक स्प्लेन्डर बाइक संख्या UP70BE2825 तथा तीन मोबाइल फोन
बरामद किया गया है।
कालीन नगरी के 200 गांवों में सघन वन तैयार करेगा वन विभाग, बढ़ेगी हरियाली

*वन विभाग की टीम करेगी माॅनिटरिंग*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही।लगातार कटते पेड़ और कम होते बाग-बगीचे के बीच अब वन विभाग जिले के 200 गांवों में सघन वन स्थापित करेगा। विभाग की ओर से गांवों को चिह्नित किया जा रहा है। जिसके बाद वहां पर बड़ी संख्या में पौधे रोपित कर उसका संरक्षण किया जाएगा। विभाग की ओर से एक ही जगह पर 300 से 1000 पौधे रोपित किए जाएंगे।
गांव की बंजर और जीएस की जमीनों को इस अभियान के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा। एक दशक पहले तक हर गांव में बगीचे होते थे, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ के बीच लोगों ने तेजी से पेड़ों की कटाई की। जिससे गांवों में बाग-बगीचे कम होते चले गए। स्थिति यह है कि अब गांवों में जाने के बाद किसी पेड़ की छांव मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में वन विभाग अब नए सिरे से गांवों में बगीचे स्थापित करेगा। विभाग तीन साल में जिले के 546 ग्राम पंचायत में पौधा लगाएगा और मॉनिटरिंग भी करेगा।
विभाग का दावा है कि जो भी पौधे रोपित किए जाते हैं। उसमें 75 से 80 फीसदी पौधे जिंदा रहते हैं। प्रथम चरण में जिले के 200 गांव को हरियाली का नया मॉडल बनाया जाएगा। इसकी देखभाल वन विभाग की ओर से तीन साल तक किया जाएगा। पौधा सूखने पर नया पौधा लगाया जाएगा। हर 15 दिन में वन विभाग, एनजीओ, संस्था के कर्मचारी वन की निगरानी करेंगे।



कब कितना बढ़ा वनावरण क्षेत्र
साल - वनावरण क्षेत्र 2019 - 3.12 फीसदी
2021 - 3.71 फीसदी 2023 - 5.22 फीसदी
नोट - वनावरण क्षेत्र स्क्वायर किलोमीटर में हैं।
जिले के 200 गांव में सघन वन तैयार किया जाएगा। इस मुहिम में एनजीओ, संस्था का भी सहयोग लिया जाएगा। तीन साल में हर एक-एक गांव में वन तैयार होगा। यहां एक नया मॉडल स्थापित किया जाएगा। 9 विवेक यादव, डीएफओ भदोही