आईटीआई में शून्य ड्रॉपआउट और 100% प्रवेश का लक्ष्य, मंत्री कपिल देव अग्रवाल के सख्त निर्देश
-  वाराणसी में विभागीय समीक्षा बैठक, प्रशिक्षण गुणवत्ता सुधार और पीपीपी मॉडल के आईटीआई में नियमित प्रशिक्षण शुरू कराने पर जोर

वाराणसी/लखनऊ। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में शून्य ड्रॉपआउट और 100 प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संस्थानों को प्रशिक्षार्थियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
सर्किट हाउस, वाराणसी में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने सभी प्रधानाचार्यों को प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की नियमित काउंसलिंग कराने तथा उनके अभिभावकों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आईटीआई ड्रॉपआउट दर को शून्य करने के लक्ष्य के साथ कार्य करे।
बैठक में वाराणसी मंडल के प्रशिक्षण एवं शिक्षुता कार्यक्रमों, कौशल विकास योजनाओं तथा संस्थानों की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, संस्थानों के संचालन और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।पीपीपी मॉडल के अंतर्गत संचालित राजकीय आईटीआई पिंडरा (वाराणसी) और आईटीआई बदलापुर (जौनपुर) की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक संसाधन, मशीनें और कार्मिक उपलब्ध कराकर शैक्षणिक सत्र 2026-27 से नियमित प्रशिक्षण शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही भारत सरकार से स्थायी संबंधन और एनसीवीटी मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
कौशल विकास मिशन के तहत संचालित प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह निरीक्षण करने और प्रशिक्षार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडल के प्रत्येक जिले में संचालित निजी आईटीआई में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 संस्थानों का चयन कर उन्हें प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।
मंत्री ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया कि आईटीआई में संचालित विभिन्न व्यवसायों और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आगामी प्रशिक्षण सत्र 2026-27 में सभी सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का मजबूत माध्यम है। इसलिए प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता और परिणामों में निरंतर सुधार प्राथमिकता होनी चाहिए।
जमीन के अधिकार के संरक्षण हेतु "जन सत्याग्रह" का शंखनाद: अमलैया आशामंद में किसानों ने किया संकल्प

फर्रुखाबाद l रविवार को अमलैया आशामंद में 'किसान आंदोलन' के बैनर तले एक विशाल किसान सम्मेलन संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में औद्योगिक गलियारे के नाम पर प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का पुरजोर विरोध करते हुए इसे किसानों के साथ बड़ा धोखा करार दिया गया। हजारों की संख्या में एकत्रित किसानों ने एक स्वर में अपनी उपजाऊ भूमि को न सौंपने का संकल्प लिया।

प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने अपने संबोधन में कहा कि "वर्ष 1978 में संविधान संशोधन द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार से हटाकर केवल कानूनी अधिकार बना दिया गया। इसके बाद से 1894 के कानून का दुरुपयोग कर देश भर में लाखों एकड़ जमीन जबरन अधिग्रहित की गई और किसानों को उचित मुआवजा तक नहीं मिला। वर्तमान सरकार को चाहिए कि वह संविधान में पुन: संशोधन कर संपत्ति के अधिकार को मूल अधिकार बनाए।"

उन्होंने कहा कि कानूनी बारीकियों पर चर्चा करते हुए कहा कि, "किसानों के संघर्ष के बाद 2013 में नया भूमि अधिग्रहण कानून बना, लेकिन बाद में उसमें संशोधन करके किसानों के हितों से खिलवाड़ किया गया। यहाँ तक कि सर्वोच्च न्यायालय के माध्यम से नए कानून की धारा 24(2) के प्रावधानों को भी बदल दिया गया। सरकार को संसद का विशेष सत्र बुलाकर या अध्यादेश लाकर नए कानून को उसके मूल स्वरूप में बहाल करना चाहिए।" उन्होंने 2015 के शासनादेश पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सीधे खरीद की आड़ में सरकार किसानों को पुनर्वास, पुनर्स्थापन और उपजाऊ जमीन की सुरक्षा के लाभ से वंचित कर रही है, जो कि सरासर अन्याय है। उन्होंने उपस्थित किसानों से शपथ पत्र के माध्यम से अपनी असहमति जिलाधिकारी को सौंपने का आह्वान किया

प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार (एडवोकेट) ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "औद्योगिक गलियारे के लिए यह अधिग्रहण प्रस्ताव पूरी तरह मनमाना है। सरकार उपजाऊ बहुफसली भूमि को उजाड़ने के बजाय पहले से अधिग्रहित बंजर भूमि का उपयोग करे। हम किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होने देंगे।"

उन्होंने प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के निवासियों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अन्य राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में 300 यूनिट बिजली मुफ्त, महिलाओं को 3,000 रुपये प्रति माह सम्मान राशि और बेरोजगार युवाओं को 4,000 रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की। उन्होंने घोषणा की कि इन मांगों और जमीन के हक के लिए गांव-गांव 'जन सत्याग्रह' की अलख जगाई जाएगी।

आंदोलन की आगामी रणनीति स्पष्ट करते हुए नेताओं ने बताया कि 27 जून को ढाई घर स्थित गंगा तट पर किसान माँ गंगा का आशीर्वाद लेकर पूर्णतः अहिंसक सत्याग्रह की शुरुआत करेंगे। सम्मेलन में जिला प्रचार मंत्री देवेश चतुर्वेदी, आकाश कटियार ( अध्यक्ष ग्राम सुधार समिति ), राजीव यादव, राजवीर कठेरिया , मोनू कटियार, अरविंद राजपूत, प्रमोद गंगवार, मृदुल गंगवार, अभिनंदन गंगवार, प्रभाकर पाण्डेय, आर्येष पटेल, हर्ष गंगवार, वीरेंद्र आर्य , दीपू राठौर , राजाराम शर्मा , गुड्डू शाक्य , राजीव शाक्य , नीरज पाल , रविन्द्र पाल, साहबेज अली समेत क्षेत्र के समस्त प्रधान और हजारों किसान मौजूद रहे।

प्रभारी मंत्री ने विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा , लाभार्थियों में वितरित किए स्वीकृति पत्र एवं सहायता सामग्री
फर्रुखाबाद l उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक प्रारंभ होने से पूर्व विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को सहायता सामग्री, स्वीकृति पत्र एवं अनुदान राशि के चेक वितरित किए गए।
विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को मिला लाभ
कृषि विभाग द्वारा एक कृषक को 60 हजार रुपये की अनुदानित धनराशि से रोटावेटर, एक कृषक को सरकार द्वारा 5 लाख रुपये के अनुदान सहित किसान ड्रोन तथा एक अन्य कृषक को 75 हजार रुपये के अनुदान से स्ट्रॉ रीपर उपलब्ध कराया गया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में कुल 13.15 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए। मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत विकास खंड शमशाबाद की ग्राम पंचायत रम्पुरा निवासी लाभार्थी श्रीदेवी पत्नी तीसराम को आवास स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत पांच लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लाभार्थी मुकेश कुमार को चेक प्रदान किया गया। श्रम विभाग की कन्या विवाह योजना के एक तथा शिशु हित लाभ योजना के तीन लाभार्थियों को सहायता राशि वितरित की गई। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा दो लाभार्थियों को श्रवण यंत्र (कान की मशीन) प्रदान किए गए।
राजस्व विभाग की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए तथा पांच लाभार्थियों को घरौनी प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में खराब रैंकिंग पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने पिछली समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की तथा मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में खराब प्रदर्शन करने वाली योजनाओं का परीक्षण किया। जननी सुरक्षा योजना की निम्न रैंकिंग पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए नव तैनात मुख्य चिकित्साधिकारी को आगामी माह में स्थिति में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाया जाए।
जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर दिए आवश्यक निर्देश
अमृतपुर विधायक सुशील कुमार शाक्य ने संकिसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बाउंड्रीवाल निर्माण एवं एमबीबीएस चिकित्सक की नियुक्ति की मांग उठाई, जिस पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कायमगंज विधायक डॉ. सुरभि ने आवास विकास क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत सड़कों की खुदाई के बाद रेस्टोरेशन कार्य लंबित होने की शिकायत की। प्रभारी मंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि 20 दिनों बाद स्वयं विधायक से संपर्क कर वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करें तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। जल जीवन मिशन की गुणवत्ता की होगी जांच
प्रभारी मंत्री ने कहा कि कई स्थानों पर कार्यदायी संस्थाओं द्वारा ग्राम प्रधानों से रेस्टोरेशन कार्य पूर्ण हुए बिना ही कंप्लीशन सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर करा लिए जाते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि टीम गठित कर स्थलीय जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि रेस्टोरेशन कार्य वास्तव में पूर्ण हुआ है।
सड़क, निर्माण एवं आधारभूत परियोजनाओं पर विशेष जोर
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को जनपद में निर्माणाधीन नई सड़कों की सूची जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने तथा सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए।
बरेली-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग-730सी की जांच में पाई गई कमियों को 30 जून तक दूर करने का आश्वासन परियोजना प्रबंधक द्वारा दिया गया, जिस पर प्रभारी मंत्री ने 30 जून के बाद जिलाधिकारी को टीम गठित कर स्थलीय निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। वहीं बेवर से इटावा मार्ग पर मझोला नहर के निकट दो किलोमीटर अधूरे मार्ग को एक माह के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैंकों के निष्क्रिय खातों की होगी केवाईसी
प्रभारी मंत्री ने प्रभारी एलडीएम को निर्देशित किया कि नए एलडीएम की नियुक्ति तक वे स्वयं समीक्षा बैठकों में उपस्थित रहें। उन्होंने विगत दस वर्षों से निष्क्रिय बैंक खातों में जमा धनराशि लाभार्थियों तक पहुंचाने हेतु सूची उपलब्ध कराने तथा बीडीओ, तहसीलदार एवं ग्राम स्तरीय कर्मचारियों की सहायता से संबंधित व्यक्तियों की केवाईसी पूर्ण कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए।
विद्युत, पर्यटन एवं स्वास्थ्य परियोजनाओं की समीक्षा
विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए कि जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर नई कॉलोनियों में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने हेतु प्रस्ताव तैयार किए जाएं। पांचाल घाट द्वितीय चरण परियोजना का कार्य टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 1 जुलाई से प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए।
लोहिया चिकित्सालय में निर्मित ट्रॉमा सेंटर को अगले सप्ताह तक सभी आवश्यक एनओसी प्राप्त कर स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित करने तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को चिकित्सकों एवं स्टाफ की मांग शीघ्र भेजने के निर्देश भी दिए गए। स्थायी नियुक्ति होने तक स्थानीय स्टाफ से संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं रखरखाव पर रहेगा विशेष ध्यान
प्रभारी मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा, औचक निरीक्षण एवं गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। नलकूप विभाग द्वारा स्थापित किए जा रहे नलकूपों की बोरिंग की गहराई की जांच कराने को भी कहा गया। पर्यटन विभाग की योजनाओं के हस्तांतरण के बाद उनके समुचित रखरखाव की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए गए।
कायमगंज विधायक की शिकायत पर गठवाया में निर्माणाधीन कस्तूरबा विद्यालय की गुणवत्ता की जांच कराने तथा मंडी परिषद, गन्ना विभाग, जिला पंचायत एवं अन्य विभागों की क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची तैयार कर जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए।
विधानसभावार विकास कार्यों की सूची तैयार करने के निर्देश
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि विधानसभावार विकास कार्यों की अद्यतन सूची तैयार कर संबंधित जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे विकास योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत,  अमृतपुर, भोजपुर,सदर एवं कायमगंज के विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
मूल शिकायत में नाम नहीं, फिर भी पत्रकार को बना दिया आरोपी! सीओ सहित पुलिस पर प्रतिशोध में मुकदमा दर्ज कराने का आरोप

रितेश मिश्रा
शाहाबाद (हरदोई) शाहाबाद में कथित अड्डा वसूली प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में पत्रकार पप्पू दीक्षित ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रकाशित समाचारों से नाराज पुलिस अधिकारियों ने सुनियोजित साजिश के तहत उन्हें फर्जी मुकदमे में नामजद करा दिया।
बताया जा रहा है कि वाहन चालक आलोक दीक्षित ने पुलिस अधीक्षक को दिए अपने मूल प्रार्थना पत्र एवं आईजीआरएस शिकायत में अल्हापुर तिराहे पर कथित रूप से ₹50 की अवैध वसूली मांगने तथा वाहन सीज कराने के संबंध में शिकायत की थी। शिकायत में सतीश राठौर सहित अन्य लोगों पर आरोप लगाए गए थे, लेकिन कहीं भी पत्रकार पप्पू दीक्षित का नाम दर्ज नहीं था।
पप्पू दीक्षित का आरोप है कि बाद में तैयार कराई गई नई तहरीर में उनका नाम जोड़ दिया गया और उसी के आधार पर मुकदमा अपराध संख्या 395/26 दर्ज करा दिया गया। उनका कहना है कि न तो उनका कथित वसूली से कोई संबंध है और न ही नामजद आरोपियों से कोई लेन-देन या विवाद है।
मामले को और गंभीर बनाते हुए दावा किया गया है कि वादी आलोक दीक्षित ने जानकारी होते ही शपथपत्र देकर कहा है कि उसने अपनी शिकायत में पप्पू दीक्षित का नाम नहीं लिखवाया था वाद जब उसे कोतवाली बुलाया गया तो उसके कम पढ़ें लिखे होने का फायदा उठाकर पप्पू दीक्षित का नाम बढ़ा दिया गया, वह पप्पू दीक्षित के विरुद्ध कोई भी कानूनी कार्यवाही कराना नहीँ चाहता है क्योंकि पप्पू दीक्षित का पूरे प्रकरण और अवैध वसूली से कोई वास्ता व सरोकार नहीँ है। पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे में पप्पू दीक्षित का नाम शामिल किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
पत्रकार का आरोप है कि शाहाबाद में तैनात सहायक पुलिस अधीक्षक (सीओ) आलोक राज नारायण ने पूर्व में प्रकाशित समाचारों से नाराज होकर प्रतिशोधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें काफी तंग किया और उनके द्वारा आयोजित कवि सम्मलेन में तत्कालीन कोतवाली को मय हमराही भेजकर उनके कवि सम्मेलन में बाधा उत्पन्न कर उन्हें काव्य पाठ करने से रोंक दिया, इतना ही नहीँ उक्त आईपीएस अफसर ने तत्कालीन कोतवाल समेत मय हमराही पुलिस बल के साथ उनके घर पर दबिश दी थी और उनके जर्मन सैफर्ड डॉग को छत पर चढ़कर नीचे फेंक दिया था, जिससे वह अपाहिज हालत में बरेली तक इलाज कराने के बाबजूद तड़प -तड़पकर मर गया और अब नई तहरीर में नाम बढ़वाकर मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने इसे कानून प्रक्रिया का दुरुपयोग, दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई तथा निष्पक्ष न्याय व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न बताया है।
मामले में निष्पक्ष जांच, मूल शिकायत, आईजीआरएस अभिलेख, कथित नई तहरीर तथा वादी के शपथपत्र का मिलान कराए जाने की मांग उठी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल एक पत्रकार को फंसाने का अत्यंत षड़यंत्रकारी मामला होगा, बल्कि पुलिस कार्यप्रणाली और कानून के दुरुपयोग से जुड़ा गंभीर प्रकरण भी माना जाएगा।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, इतना ही नहीं सीओ शाहाबाद के सीयुजी नम्बर पर कॉल की गई तो नम्बर स्वीच ऑफ बोलता रहा, और एसएसओ शाहाबाद का सीयुजी नम्बर कई बार मिलाने पर कवरेज क्षेत्र से बाहर बोलता रहा।
इस सम्बन्ध में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के संरक्षक वयोवृद्ध वरिष्ठ पत्रकार दिनेश प्रसाद मिश्रा ने कहा कि यदि पप्पू दीक्षित के विरुद्ध दर्ज कराया गया फर्जी मुकदमा तत्काल खारिज नहीँ किया गया तो जल्द ही वह आमरण अनशन करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन सरकार की ही होगी।
पुरानी नियमावली से भर्ती की मांग को लेकर पांचवें दिन भी जारी रहेगा आंदोलन,
प्रतियोगी छात्र मुख्यमंत्री को खून से लिखेंगे पत्र-युवा मंच

प्रयागराज, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त लगभग 23,775 पदों पर विज्ञापन पुरानी नियमावली के अनुसार जारी कराने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने घोषणा की है कि अपनी मांगों के समर्थन में प्रतियोगी छात्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखकर भेजेंगे।

भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में प्रतियोगी युवा आंदोलन में शामिल होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने सभी अभ्यर्थियों से सोमवार को अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन स्थल पर पहुंचकर सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।

अनिल सिंह ने कहा कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की भर्ती में नई नियमावली लागू किए जाने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने बताया कि सहायक अध्यापक पदों पर प्राविधिक कला विषय के लाखों अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिल पाएगा। वहीं हिन्दी विषय में इंटरमीडिएट स्तर पर संस्कृत का अध्ययन न करने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। इसी प्रकार अंग्रेजी एवं संगीत विषयों में भी पात्रता संबंधी बदलाव किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर शिक्षकों के पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया है तथा प्रवक्ता पदों पर गैर-बीएड अभ्यर्थियों को अवसर नहीं दिया जा रहा है। इन परिवर्तनों से प्रदेश के लगभग पाँच लाख से अधिक प्रतियोगी युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

युवा मंच ने मांग की है कि 23,775 रिक्त पदों का विज्ञापन तत्काल पुरानी नियमावली के अनुसार जारी किया जाए, जिससे सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर प्राप्त हो सके। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने युवाओं की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

इस अवसर पर एल.के. चौधरी, पी.एन. वर्मा, आलोक दूबे, अखिलेश वर्मा, अमित तिवारी,सुशोभित चौरसिया, बृजेश सिंह, योगेंद्र पाल, रोहित शाक्य, संजीव कुमार वर्मा, सरजू कुमार सोनी, रिंकी चौहान, रीता केशरवानी, ममता पटेल, अनीता यादव, आरती सिंह, प्रियंका मिश्रा, अंजू मिश्रा, तोशी वर्मा, नीलम यादव, अश्वनी कुमार, मोहम्मद आसिफ, विनोद कुमार, कपिल देव वर्मा, रामनरेश, राजकुमार यादव, भानु प्रताप शुक्ला, विपिन पाल तथा संगम वर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक बने ओम दुबे
मीरजापुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद  प्रान्त अभ्यास वर्ग लायंस स्कूल में सम्पन्न हुआ जिसमे लगभग 300 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग लिया जिसमे मुख्य रूप से राष्ट्रीय संगठन मंत्री  आशीष अवध प्रान्त संगठन मंत्री अभिलाष मिश्रा प्रान्त संगठन मंत्री आकाश गौड़ उपस्थित रहे  इस अभ्यास वर्ग में अंतिम दिन समापन में एक बड़ी जिम्मेदारी सौंप गई जिसमें जिला संयोजक ओम दुबे विभाग संयोजक के रूप में रिवेश सिंह पटेल विभाग संगठन मंत्री सागर जिला छात्रा प्रमुख शुभांगी मोदनवाल को जिम्मेदारी दी गई
मानसून से पूर्व बलरामपुर में युद्ध स्तर पर नाला सफाई अभियान शुरू,  जलभराव से मुक्ति दिलाना प्राथमिकता: डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’


बलरामपुर।आगामी मानसून को देखते हुए बलरामपुर नगर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर पालिका परिषद ने व्यापक नाला एवं नाली सफाई अभियान शुरू कर दिया है। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देशन में नगर के सभी वार्डों और प्रमुख मार्गों पर युद्ध स्तर पर सफाई कार्य कराया जा रहा है।


स्वच्छता और जनसुविधाएं सर्वोच्च प्राथमिकता अभियान की जानकारी देते हुए अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैंस ने बताया कि नगर में कुल 45 बड़े और छोटे नाले हैं। बड़े नालों की सफाई का कार्य पूरा किया जा चुका है,जबकि छोटे नालों की सफाई तेजी से जारी है। यह कार्य प्रतिदिन 25 सफाई मित्रों के माध्यम से कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पूर्व वर्षों में नालों की सफाई का कार्य ठेकेदारों के माध्यम से कराने पर लगभग 30 से 35 लाख रुपये खर्च होते थे,जबकि अध्यक्ष,डॉ धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू,अधिशासी अधिकारी लाल चन्द्र मौर्य एवं सफाई निरीक्षक दिवाकर पांडेय के कुशल नेतृत्व में यही कार्य सफाई मित्रों के माध्यम से लगभग 5 लाख रुपये की लागत में कराया जा रहा है।

नगर पालिका प्रशासन का उद्देश्य मानसून के दौरान होने वाले जलभराव,गंदगी और उससे फैलने वाली संभावित बीमारियों से नगरवासियों को सुरक्षित रखना है। प्रशासन ने नागरिक सुविधाओं और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार अभियान जारी रखा है।
वार्डों से लेकर प्रमुख मार्गों तक सफाई कार्य नगर पालिका की टीमें आधुनिक उपकरणों और अतिरिक्त सफाईकर्मियों के साथ मुख्य नालों एवं गलियों की नालियों से सिल्ट (कीचड़) निकालने में जुटी हुई हैं।
जाम नालों की विशेष सफाई: ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है,जहां हर वर्ष हल्की बारिश में भी जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है।

सिल्ट का तत्काल निस्तारण: नालों से निकाली गई गंदगी को सड़कों पर छोड़ने के बजाय तुरंत डंपिंग ग्राउंड भेजने के निर्देश दिए गए हैं,जिससे आमजन को असुविधा न हो।
“स्वच्छ और सुंदर बलरामपुर के लिए हम प्रतिबद्ध”अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैंस ने कहा कि नगर पालिका एक स्वच्छ,सुंदर और व्यवस्थित बलरामपुर के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि मानसून से पहले शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएगी,जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे नालों और नालियों में प्लास्टिक,पॉलिथीन अथवा अन्य कचरा न फेंकें,क्योंकि इससे जल निकासी बाधित होती है। शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने में जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है।
करोड़ों की पैतृक जमीन पर कब्जे का विवाद: रिवोली गार्डन प्रकरण में मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की गुहार*
रितेश मिश्रा
हरदोई*। शहर के चर्चित रिवोली गार्डन प्रकरण ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। हरदोई के प्रतिष्ठित व्यवसायी स्वर्गीय राकेश चंद्र गुप्ता की पैतृक संपत्ति को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे विवाद में अब गंभीर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। मामले में खुद को पीड़ित बताते हुए सौरभ गुप्ता ने मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।
सौरभ गुप्ता का आरोप है कि चांद बेहटा स्थित गाटा संख्या-320 की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर रिवोली गार्डन संचालक अतुल गुप्ता और उनका परिवार करीब 50 वर्षों से तथाकथित रूप से काबिज चला आ रहा है। उनका दावा है कि इस भूमि पर वर्तमान में कोल्ड स्टोरेज और रिवोली गार्डन का संचालन किया जा रहा है।
दानपत्र को लेकर खड़े हुए सवाल सौरभ गुप्ता के अनुसार, उन्होंने 24 जून 2025 को अपनी बहन डॉ. वत्सला गुप्ता से उनके हिस्से की भूमि का दानपत्र कराया था। इसके बाद 30 जून 2025 को अतुल गुप्ता की पत्नी रीना गुप्ता ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में लिखित शिकायत देकर दावा किया कि स्वर्गीय राकेश चंद्र गुप्ता के वारिसों की गाटा संख्या-320 में कोई भूमि नहीं है।पीड़ित पक्ष का कहना है कि इसके महज कुछ माह बाद, 28 अगस्त 2025 को अतुल गुप्ता ने इसी गाटा संख्या-320 की भूमि में से सौरभ गुप्ता के भाई गौरव गुप्ता से 248.90 वर्ग मीटर तथा उनकी माता अर्चना गुप्ता से 806.99 वर्ग मीटर भूमि का दानपत्र अपने पक्ष में करा लिया।सौरभ गुप्ता ने सवाल उठाया है कि यदि उनके परिवार के नाम गाटा संख्या-320 में कोई भूमि थी ही नहीं, जैसा कि रीना गुप्ता ने अपने शिकायती पत्र में दावा किया था, तो फिर अतुल गुप्ता ने उसी भूमि का दानपत्र किस आधार पर अपने पक्ष में कराया?स्थलीय जांच में छह बीघा जमीन कम मिलने का दावासौरभ गुप्ता के अनुसार, उन्होंने मामले की राजस्व जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद एसडीएम सदर, तहसीलदार और राजस्व टीम द्वारा की गई स्थल सत्यापन रिपोर्ट दिनांक 19 अगस्त 2025 में लगभग 25 बीघा भूमि में से केवल 19 बीघा भूमि ही मौके पर पाई गई, जबकि करीब 6 बीघा भूमि कम मिली।
पीड़ित पक्ष का दावा है कि जांच के दौरान पता चला कि उक्त छह बीघा भूमि रिवोली गार्डन परिसर के भीतर स्थित है, जहां वर्तमान में कोल्ड स्टोरेज और गार्डन का संचालन हो रहा है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित विभागों द्वारा किया जाना शेष है।
एंटी फ्रॉड सेल और पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप
सौरभ गुप्ता ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि मामले में पुलिस के एंटी फ्रॉड सेल और एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनके द्वारा प्रस्तुत राजस्व अभिलेखों, दस्तावेजों और साक्ष्यों को दरकिनार करते हुए एकतरफा कार्रवाई की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने विशेष रुचि लेते हुए प्रकरण को एंटी फ्रॉड सेल को भेजा, जहां उन्होंने अपने सभी दस्तावेज, साक्ष्य और बयान उपलब्ध कराए, लेकिन उनकी किसी भी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। इसके विपरीत उनके समेत पांच लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया गया।पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि उनके द्वारा कराए गए दानपत्र को आधार बनाकर मुकदमा दर्ज किया जा सकता है, तो फिर उसी गाटा संख्या की भूमि का दानपत्र कराने वाले अन्य पक्ष के खिलाफ समान कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उनका आरोप है कि यह पूरा मामला निष्पक्ष जांच की मांग करता है।
न्यायालय में भी विचाराधीन है मामला मामले से संबंधित सौरभ गुप्ता बनाम रीना गुप्ता शीर्षक से वाद संख्या 191/25 सिविल जज (सीनियर डिवीजन), हरदोई की अदालत में भी विचाराधीन है। बताया जा रहा है कि रीना गुप्ता ने सौरभ गुप्ता द्वारा कराए गए दानपत्र के विरुद्ध मुकदमा दायर कर स्थगनादेश प्राप्त किया है।
दूसरे पक्ष ने आरोपों को बताया निराधार उपरोक्त प्रकरण में जब रीना गुप्ता और उनके पुत्र से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने सौरभ गुप्ता द्वारा लगाए गए सभी आरोपों, प्रस्तुत साक्ष्यों और दावों को निराधार, तथ्यहीन और भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया।फिलहाल, करोड़ों रुपये की इस विवादित भूमि को लेकर उठे सवालों, राजस्व अभिलेखों, दानपत्रों और पुलिस कार्रवाई पर कई प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। अब सभी की निगाहें शासन-प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस बहुचर्चित रिवोली गार्डन प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाएगी और पीड़ित पक्ष को न्याय मिलेगा।
विकास एवं जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने पर कैबिनेट मंत्री,जनपद के प्रभारी मंत्री ने जनप्रतिनिधिगण के साथ किया मीडिया संवाद

भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार जनपद की नीतियों व संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की उपलब्धियों, सेवा, संस्कार सुशासन एवं सम्मान तथा आमजन के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन एवं जनपद में कराये गये उल्लेखनीय कार्यों के विषय में विस्तार से दी जानकारी



मीरजापुर। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं जनपद में हुए विकास कार्यों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जनपद के  प्रभारी मंत्री औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एन.आई.आई. एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग नन्द गोपाल गुप्ता ने आज जिला पंचायत सभागार में मीडिया संवाद किया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगणों की गरिमामयी उपस्थिति में मंत्री जी ने विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में देश व प्रदेश में हुए अभूतपूर्व विकास, सुशासन, सेवा, संस्कार एवं सम्मान के साथ-साथ मीरजापुर जनपद में संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं उल्लेखनीय कार्यों के बारे विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आमजन के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों पर भी प्रकाश डाला। मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने मीरजापुर में कहा कि पीएम मोदी के 12 वर्ष विकसित भारत के सपनों को साकार करने का सफर है। उन्होंने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, हर घर नल योजना और गड्ढा मुक्त सड़कों को सरकार की प्राथमिकता बताया, साथ ही केंद्र की सफलताओं पर प्रकाश डाला।

सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरा टारलेंस की नीति पर काम कर रही है। केवल भाजपा सरकार में ही आरोपित खाकी को भी खाकी ही गिरफ्तार कर रही है। हर घर नल योजना के तहत हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना और गड्ढा मुक्त सड़कें पहली प्राथमिकता है। इसमें लापरवाही किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। बजट की कमी होने पर बात करके दिलाया जाएगा। साथ ही लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। 12 वर्ष आत्मनिर्भर व विकसित भारत के सपनों को सच करने का एक शानदार सफर है। उक्त बातें औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन एवं एनआरआइ व निवेश प्रोत्साहन विभाग मंत्री व प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने जिला पंचायत सभागार में संवाद कार्यक्रम के दौरान कहा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सफलतम 12 वर्ष पूरा किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु के बाद सबसे बड़ा कार्यकाल रहा है। उन्होंने गत 12 वर्षों में देश की तस्वीर ही नहीं तकदीर बदल दी है। जनता का अटूट विश्वास और सरकार का सेवा भाव है। देश सिर्फ वादे नहीं, बल्कि काम देखता है। इसी जन विश्वास की बदौलत आज एनडीए देश के 22 राज्यों में जनता की सेवा कर रहा है। मोदी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र को सिर्फ एक नारा नहीं रहने दिया, बल्कि इसे जन आंदोलन बना दिया। प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे कि केंद्र सरकार से एक रुपया चलता था, तो केवल 15 पैसा ही जनता तक पहुंचता था। सरकार का एक ही लक्ष्य रहा है कि हर योजना का 100 प्रतिशत लाभ कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे। तकनीक व डिजिटल गवर्नेंस की मदद से लाभार्थियों के सीधे बैंक खाते में डीबीटी से धनराशि भेजी जा रही है।

आज देश की सीमाएं व आंतरिक सुरक्षा पूरी तरह से मजबूत है। जिलाध्यक्ष भाजपा, विधायक नगर, विधायक मड़िहान, विधायक मझवां, विधायक छानबे, अध्यक्ष जिला पंचायत, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मीरजापु


सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मंत्री नन्दी जी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल मार्गदर्शन में जनपद मीरजापुर तेजी से विकास की राह पर अग्रसर है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से जनता को योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और सकारात्मक विकास यात्रा को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा चलाये गए विशेष अभियान के तहत 69 नफर गैर जमानतीय वारण्टी अभियुक्त गिरफ्तार
    
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में वांछित व गैर-जमानती वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु दो दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान को सफल बनाने हेतु पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा जनपद के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी व प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में लंबित गैर-जमानती वारंटियों एवं वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करें।
उक्त अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री अजीत कुमार रजक व अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) श्री राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण में तथा क्षेत्राधिकारियों के नेतृत्व में थाना स्तर पर टीमों का गठन कर कार्यवाही की गई। इस विशेष अभियान के अंतर्गत जनपद के विभिन्न थानों की पुलिस टीमों द्वारा कुल 69 गैर-जमानती वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। थाना-वार गिरफ्तारी का विवरण निम्नानुसार है- थाना को0 नगर पुलिस ने 13, थाना को0 देहात पुलिस ने 05, थाना इटियाथोक पुलिस ने 09, थाना खरगूपुर पुलिस ने 04, थाना मोतीगंज पुलिस ने 02, थाना धानेपुर पुलिस ने 02, थाना छपिया पुलिस ने 02, थाना खोड़ारे पुलिस ने 02, थाना तरबगंज पुलिस ने 07, थाना नवाबगंज पुलिस ने 06, थाना वजीरगंज पुलिस ने 02, थाना उमरीबेगमगंज पुलिस ने 01, थाना को0 कर्नलगंज पुलिस ने 02, थाना परसपुर पुलिस ने 03, थाना कटराबाजार पुलिस ने 07 व थाना कौड़िया पुलिस ने 02 वारण्टी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
आईटीआई में शून्य ड्रॉपआउट और 100% प्रवेश का लक्ष्य, मंत्री कपिल देव अग्रवाल के सख्त निर्देश
-  वाराणसी में विभागीय समीक्षा बैठक, प्रशिक्षण गुणवत्ता सुधार और पीपीपी मॉडल के आईटीआई में नियमित प्रशिक्षण शुरू कराने पर जोर

वाराणसी/लखनऊ। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में शून्य ड्रॉपआउट और 100 प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संस्थानों को प्रशिक्षार्थियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
सर्किट हाउस, वाराणसी में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने सभी प्रधानाचार्यों को प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की नियमित काउंसलिंग कराने तथा उनके अभिभावकों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आईटीआई ड्रॉपआउट दर को शून्य करने के लक्ष्य के साथ कार्य करे।
बैठक में वाराणसी मंडल के प्रशिक्षण एवं शिक्षुता कार्यक्रमों, कौशल विकास योजनाओं तथा संस्थानों की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, संस्थानों के संचालन और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।पीपीपी मॉडल के अंतर्गत संचालित राजकीय आईटीआई पिंडरा (वाराणसी) और आईटीआई बदलापुर (जौनपुर) की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक संसाधन, मशीनें और कार्मिक उपलब्ध कराकर शैक्षणिक सत्र 2026-27 से नियमित प्रशिक्षण शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही भारत सरकार से स्थायी संबंधन और एनसीवीटी मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
कौशल विकास मिशन के तहत संचालित प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह निरीक्षण करने और प्रशिक्षार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडल के प्रत्येक जिले में संचालित निजी आईटीआई में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 संस्थानों का चयन कर उन्हें प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।
मंत्री ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया कि आईटीआई में संचालित विभिन्न व्यवसायों और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आगामी प्रशिक्षण सत्र 2026-27 में सभी सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का मजबूत माध्यम है। इसलिए प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता और परिणामों में निरंतर सुधार प्राथमिकता होनी चाहिए।
जमीन के अधिकार के संरक्षण हेतु "जन सत्याग्रह" का शंखनाद: अमलैया आशामंद में किसानों ने किया संकल्प

फर्रुखाबाद l रविवार को अमलैया आशामंद में 'किसान आंदोलन' के बैनर तले एक विशाल किसान सम्मेलन संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में औद्योगिक गलियारे के नाम पर प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का पुरजोर विरोध करते हुए इसे किसानों के साथ बड़ा धोखा करार दिया गया। हजारों की संख्या में एकत्रित किसानों ने एक स्वर में अपनी उपजाऊ भूमि को न सौंपने का संकल्प लिया।

प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने अपने संबोधन में कहा कि "वर्ष 1978 में संविधान संशोधन द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार से हटाकर केवल कानूनी अधिकार बना दिया गया। इसके बाद से 1894 के कानून का दुरुपयोग कर देश भर में लाखों एकड़ जमीन जबरन अधिग्रहित की गई और किसानों को उचित मुआवजा तक नहीं मिला। वर्तमान सरकार को चाहिए कि वह संविधान में पुन: संशोधन कर संपत्ति के अधिकार को मूल अधिकार बनाए।"

उन्होंने कहा कि कानूनी बारीकियों पर चर्चा करते हुए कहा कि, "किसानों के संघर्ष के बाद 2013 में नया भूमि अधिग्रहण कानून बना, लेकिन बाद में उसमें संशोधन करके किसानों के हितों से खिलवाड़ किया गया। यहाँ तक कि सर्वोच्च न्यायालय के माध्यम से नए कानून की धारा 24(2) के प्रावधानों को भी बदल दिया गया। सरकार को संसद का विशेष सत्र बुलाकर या अध्यादेश लाकर नए कानून को उसके मूल स्वरूप में बहाल करना चाहिए।" उन्होंने 2015 के शासनादेश पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सीधे खरीद की आड़ में सरकार किसानों को पुनर्वास, पुनर्स्थापन और उपजाऊ जमीन की सुरक्षा के लाभ से वंचित कर रही है, जो कि सरासर अन्याय है। उन्होंने उपस्थित किसानों से शपथ पत्र के माध्यम से अपनी असहमति जिलाधिकारी को सौंपने का आह्वान किया

प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार (एडवोकेट) ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "औद्योगिक गलियारे के लिए यह अधिग्रहण प्रस्ताव पूरी तरह मनमाना है। सरकार उपजाऊ बहुफसली भूमि को उजाड़ने के बजाय पहले से अधिग्रहित बंजर भूमि का उपयोग करे। हम किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होने देंगे।"

उन्होंने प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के निवासियों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अन्य राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में 300 यूनिट बिजली मुफ्त, महिलाओं को 3,000 रुपये प्रति माह सम्मान राशि और बेरोजगार युवाओं को 4,000 रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की। उन्होंने घोषणा की कि इन मांगों और जमीन के हक के लिए गांव-गांव 'जन सत्याग्रह' की अलख जगाई जाएगी।

आंदोलन की आगामी रणनीति स्पष्ट करते हुए नेताओं ने बताया कि 27 जून को ढाई घर स्थित गंगा तट पर किसान माँ गंगा का आशीर्वाद लेकर पूर्णतः अहिंसक सत्याग्रह की शुरुआत करेंगे। सम्मेलन में जिला प्रचार मंत्री देवेश चतुर्वेदी, आकाश कटियार ( अध्यक्ष ग्राम सुधार समिति ), राजीव यादव, राजवीर कठेरिया , मोनू कटियार, अरविंद राजपूत, प्रमोद गंगवार, मृदुल गंगवार, अभिनंदन गंगवार, प्रभाकर पाण्डेय, आर्येष पटेल, हर्ष गंगवार, वीरेंद्र आर्य , दीपू राठौर , राजाराम शर्मा , गुड्डू शाक्य , राजीव शाक्य , नीरज पाल , रविन्द्र पाल, साहबेज अली समेत क्षेत्र के समस्त प्रधान और हजारों किसान मौजूद रहे।

प्रभारी मंत्री ने विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा , लाभार्थियों में वितरित किए स्वीकृति पत्र एवं सहायता सामग्री
फर्रुखाबाद l उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक प्रारंभ होने से पूर्व विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को सहायता सामग्री, स्वीकृति पत्र एवं अनुदान राशि के चेक वितरित किए गए।
विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को मिला लाभ
कृषि विभाग द्वारा एक कृषक को 60 हजार रुपये की अनुदानित धनराशि से रोटावेटर, एक कृषक को सरकार द्वारा 5 लाख रुपये के अनुदान सहित किसान ड्रोन तथा एक अन्य कृषक को 75 हजार रुपये के अनुदान से स्ट्रॉ रीपर उपलब्ध कराया गया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में कुल 13.15 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए। मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत विकास खंड शमशाबाद की ग्राम पंचायत रम्पुरा निवासी लाभार्थी श्रीदेवी पत्नी तीसराम को आवास स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत पांच लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लाभार्थी मुकेश कुमार को चेक प्रदान किया गया। श्रम विभाग की कन्या विवाह योजना के एक तथा शिशु हित लाभ योजना के तीन लाभार्थियों को सहायता राशि वितरित की गई। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा दो लाभार्थियों को श्रवण यंत्र (कान की मशीन) प्रदान किए गए।
राजस्व विभाग की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए तथा पांच लाभार्थियों को घरौनी प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में खराब रैंकिंग पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने पिछली समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की तथा मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में खराब प्रदर्शन करने वाली योजनाओं का परीक्षण किया। जननी सुरक्षा योजना की निम्न रैंकिंग पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए नव तैनात मुख्य चिकित्साधिकारी को आगामी माह में स्थिति में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाया जाए।
जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर दिए आवश्यक निर्देश
अमृतपुर विधायक सुशील कुमार शाक्य ने संकिसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बाउंड्रीवाल निर्माण एवं एमबीबीएस चिकित्सक की नियुक्ति की मांग उठाई, जिस पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कायमगंज विधायक डॉ. सुरभि ने आवास विकास क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत सड़कों की खुदाई के बाद रेस्टोरेशन कार्य लंबित होने की शिकायत की। प्रभारी मंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि 20 दिनों बाद स्वयं विधायक से संपर्क कर वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करें तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। जल जीवन मिशन की गुणवत्ता की होगी जांच
प्रभारी मंत्री ने कहा कि कई स्थानों पर कार्यदायी संस्थाओं द्वारा ग्राम प्रधानों से रेस्टोरेशन कार्य पूर्ण हुए बिना ही कंप्लीशन सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर करा लिए जाते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि टीम गठित कर स्थलीय जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि रेस्टोरेशन कार्य वास्तव में पूर्ण हुआ है।
सड़क, निर्माण एवं आधारभूत परियोजनाओं पर विशेष जोर
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को जनपद में निर्माणाधीन नई सड़कों की सूची जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने तथा सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए।
बरेली-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग-730सी की जांच में पाई गई कमियों को 30 जून तक दूर करने का आश्वासन परियोजना प्रबंधक द्वारा दिया गया, जिस पर प्रभारी मंत्री ने 30 जून के बाद जिलाधिकारी को टीम गठित कर स्थलीय निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। वहीं बेवर से इटावा मार्ग पर मझोला नहर के निकट दो किलोमीटर अधूरे मार्ग को एक माह के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैंकों के निष्क्रिय खातों की होगी केवाईसी
प्रभारी मंत्री ने प्रभारी एलडीएम को निर्देशित किया कि नए एलडीएम की नियुक्ति तक वे स्वयं समीक्षा बैठकों में उपस्थित रहें। उन्होंने विगत दस वर्षों से निष्क्रिय बैंक खातों में जमा धनराशि लाभार्थियों तक पहुंचाने हेतु सूची उपलब्ध कराने तथा बीडीओ, तहसीलदार एवं ग्राम स्तरीय कर्मचारियों की सहायता से संबंधित व्यक्तियों की केवाईसी पूर्ण कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए।
विद्युत, पर्यटन एवं स्वास्थ्य परियोजनाओं की समीक्षा
विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए कि जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर नई कॉलोनियों में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने हेतु प्रस्ताव तैयार किए जाएं। पांचाल घाट द्वितीय चरण परियोजना का कार्य टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 1 जुलाई से प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए।
लोहिया चिकित्सालय में निर्मित ट्रॉमा सेंटर को अगले सप्ताह तक सभी आवश्यक एनओसी प्राप्त कर स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित करने तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को चिकित्सकों एवं स्टाफ की मांग शीघ्र भेजने के निर्देश भी दिए गए। स्थायी नियुक्ति होने तक स्थानीय स्टाफ से संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं रखरखाव पर रहेगा विशेष ध्यान
प्रभारी मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा, औचक निरीक्षण एवं गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। नलकूप विभाग द्वारा स्थापित किए जा रहे नलकूपों की बोरिंग की गहराई की जांच कराने को भी कहा गया। पर्यटन विभाग की योजनाओं के हस्तांतरण के बाद उनके समुचित रखरखाव की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए गए।
कायमगंज विधायक की शिकायत पर गठवाया में निर्माणाधीन कस्तूरबा विद्यालय की गुणवत्ता की जांच कराने तथा मंडी परिषद, गन्ना विभाग, जिला पंचायत एवं अन्य विभागों की क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची तैयार कर जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए।
विधानसभावार विकास कार्यों की सूची तैयार करने के निर्देश
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि विधानसभावार विकास कार्यों की अद्यतन सूची तैयार कर संबंधित जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे विकास योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत,  अमृतपुर, भोजपुर,सदर एवं कायमगंज के विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
मूल शिकायत में नाम नहीं, फिर भी पत्रकार को बना दिया आरोपी! सीओ सहित पुलिस पर प्रतिशोध में मुकदमा दर्ज कराने का आरोप

रितेश मिश्रा
शाहाबाद (हरदोई) शाहाबाद में कथित अड्डा वसूली प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में पत्रकार पप्पू दीक्षित ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रकाशित समाचारों से नाराज पुलिस अधिकारियों ने सुनियोजित साजिश के तहत उन्हें फर्जी मुकदमे में नामजद करा दिया।
बताया जा रहा है कि वाहन चालक आलोक दीक्षित ने पुलिस अधीक्षक को दिए अपने मूल प्रार्थना पत्र एवं आईजीआरएस शिकायत में अल्हापुर तिराहे पर कथित रूप से ₹50 की अवैध वसूली मांगने तथा वाहन सीज कराने के संबंध में शिकायत की थी। शिकायत में सतीश राठौर सहित अन्य लोगों पर आरोप लगाए गए थे, लेकिन कहीं भी पत्रकार पप्पू दीक्षित का नाम दर्ज नहीं था।
पप्पू दीक्षित का आरोप है कि बाद में तैयार कराई गई नई तहरीर में उनका नाम जोड़ दिया गया और उसी के आधार पर मुकदमा अपराध संख्या 395/26 दर्ज करा दिया गया। उनका कहना है कि न तो उनका कथित वसूली से कोई संबंध है और न ही नामजद आरोपियों से कोई लेन-देन या विवाद है।
मामले को और गंभीर बनाते हुए दावा किया गया है कि वादी आलोक दीक्षित ने जानकारी होते ही शपथपत्र देकर कहा है कि उसने अपनी शिकायत में पप्पू दीक्षित का नाम नहीं लिखवाया था वाद जब उसे कोतवाली बुलाया गया तो उसके कम पढ़ें लिखे होने का फायदा उठाकर पप्पू दीक्षित का नाम बढ़ा दिया गया, वह पप्पू दीक्षित के विरुद्ध कोई भी कानूनी कार्यवाही कराना नहीँ चाहता है क्योंकि पप्पू दीक्षित का पूरे प्रकरण और अवैध वसूली से कोई वास्ता व सरोकार नहीँ है। पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे में पप्पू दीक्षित का नाम शामिल किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
पत्रकार का आरोप है कि शाहाबाद में तैनात सहायक पुलिस अधीक्षक (सीओ) आलोक राज नारायण ने पूर्व में प्रकाशित समाचारों से नाराज होकर प्रतिशोधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें काफी तंग किया और उनके द्वारा आयोजित कवि सम्मलेन में तत्कालीन कोतवाली को मय हमराही भेजकर उनके कवि सम्मेलन में बाधा उत्पन्न कर उन्हें काव्य पाठ करने से रोंक दिया, इतना ही नहीँ उक्त आईपीएस अफसर ने तत्कालीन कोतवाल समेत मय हमराही पुलिस बल के साथ उनके घर पर दबिश दी थी और उनके जर्मन सैफर्ड डॉग को छत पर चढ़कर नीचे फेंक दिया था, जिससे वह अपाहिज हालत में बरेली तक इलाज कराने के बाबजूद तड़प -तड़पकर मर गया और अब नई तहरीर में नाम बढ़वाकर मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने इसे कानून प्रक्रिया का दुरुपयोग, दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई तथा निष्पक्ष न्याय व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न बताया है।
मामले में निष्पक्ष जांच, मूल शिकायत, आईजीआरएस अभिलेख, कथित नई तहरीर तथा वादी के शपथपत्र का मिलान कराए जाने की मांग उठी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल एक पत्रकार को फंसाने का अत्यंत षड़यंत्रकारी मामला होगा, बल्कि पुलिस कार्यप्रणाली और कानून के दुरुपयोग से जुड़ा गंभीर प्रकरण भी माना जाएगा।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, इतना ही नहीं सीओ शाहाबाद के सीयुजी नम्बर पर कॉल की गई तो नम्बर स्वीच ऑफ बोलता रहा, और एसएसओ शाहाबाद का सीयुजी नम्बर कई बार मिलाने पर कवरेज क्षेत्र से बाहर बोलता रहा।
इस सम्बन्ध में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के संरक्षक वयोवृद्ध वरिष्ठ पत्रकार दिनेश प्रसाद मिश्रा ने कहा कि यदि पप्पू दीक्षित के विरुद्ध दर्ज कराया गया फर्जी मुकदमा तत्काल खारिज नहीँ किया गया तो जल्द ही वह आमरण अनशन करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन सरकार की ही होगी।
पुरानी नियमावली से भर्ती की मांग को लेकर पांचवें दिन भी जारी रहेगा आंदोलन,
प्रतियोगी छात्र मुख्यमंत्री को खून से लिखेंगे पत्र-युवा मंच

प्रयागराज, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त लगभग 23,775 पदों पर विज्ञापन पुरानी नियमावली के अनुसार जारी कराने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने घोषणा की है कि अपनी मांगों के समर्थन में प्रतियोगी छात्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखकर भेजेंगे।

भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में प्रतियोगी युवा आंदोलन में शामिल होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने सभी अभ्यर्थियों से सोमवार को अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन स्थल पर पहुंचकर सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।

अनिल सिंह ने कहा कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की भर्ती में नई नियमावली लागू किए जाने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने बताया कि सहायक अध्यापक पदों पर प्राविधिक कला विषय के लाखों अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिल पाएगा। वहीं हिन्दी विषय में इंटरमीडिएट स्तर पर संस्कृत का अध्ययन न करने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। इसी प्रकार अंग्रेजी एवं संगीत विषयों में भी पात्रता संबंधी बदलाव किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर शिक्षकों के पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया है तथा प्रवक्ता पदों पर गैर-बीएड अभ्यर्थियों को अवसर नहीं दिया जा रहा है। इन परिवर्तनों से प्रदेश के लगभग पाँच लाख से अधिक प्रतियोगी युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

युवा मंच ने मांग की है कि 23,775 रिक्त पदों का विज्ञापन तत्काल पुरानी नियमावली के अनुसार जारी किया जाए, जिससे सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर प्राप्त हो सके। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने युवाओं की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

इस अवसर पर एल.के. चौधरी, पी.एन. वर्मा, आलोक दूबे, अखिलेश वर्मा, अमित तिवारी,सुशोभित चौरसिया, बृजेश सिंह, योगेंद्र पाल, रोहित शाक्य, संजीव कुमार वर्मा, सरजू कुमार सोनी, रिंकी चौहान, रीता केशरवानी, ममता पटेल, अनीता यादव, आरती सिंह, प्रियंका मिश्रा, अंजू मिश्रा, तोशी वर्मा, नीलम यादव, अश्वनी कुमार, मोहम्मद आसिफ, विनोद कुमार, कपिल देव वर्मा, रामनरेश, राजकुमार यादव, भानु प्रताप शुक्ला, विपिन पाल तथा संगम वर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक बने ओम दुबे
मीरजापुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद  प्रान्त अभ्यास वर्ग लायंस स्कूल में सम्पन्न हुआ जिसमे लगभग 300 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग लिया जिसमे मुख्य रूप से राष्ट्रीय संगठन मंत्री  आशीष अवध प्रान्त संगठन मंत्री अभिलाष मिश्रा प्रान्त संगठन मंत्री आकाश गौड़ उपस्थित रहे  इस अभ्यास वर्ग में अंतिम दिन समापन में एक बड़ी जिम्मेदारी सौंप गई जिसमें जिला संयोजक ओम दुबे विभाग संयोजक के रूप में रिवेश सिंह पटेल विभाग संगठन मंत्री सागर जिला छात्रा प्रमुख शुभांगी मोदनवाल को जिम्मेदारी दी गई
मानसून से पूर्व बलरामपुर में युद्ध स्तर पर नाला सफाई अभियान शुरू,  जलभराव से मुक्ति दिलाना प्राथमिकता: डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’


बलरामपुर।आगामी मानसून को देखते हुए बलरामपुर नगर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर पालिका परिषद ने व्यापक नाला एवं नाली सफाई अभियान शुरू कर दिया है। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देशन में नगर के सभी वार्डों और प्रमुख मार्गों पर युद्ध स्तर पर सफाई कार्य कराया जा रहा है।


स्वच्छता और जनसुविधाएं सर्वोच्च प्राथमिकता अभियान की जानकारी देते हुए अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैंस ने बताया कि नगर में कुल 45 बड़े और छोटे नाले हैं। बड़े नालों की सफाई का कार्य पूरा किया जा चुका है,जबकि छोटे नालों की सफाई तेजी से जारी है। यह कार्य प्रतिदिन 25 सफाई मित्रों के माध्यम से कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पूर्व वर्षों में नालों की सफाई का कार्य ठेकेदारों के माध्यम से कराने पर लगभग 30 से 35 लाख रुपये खर्च होते थे,जबकि अध्यक्ष,डॉ धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू,अधिशासी अधिकारी लाल चन्द्र मौर्य एवं सफाई निरीक्षक दिवाकर पांडेय के कुशल नेतृत्व में यही कार्य सफाई मित्रों के माध्यम से लगभग 5 लाख रुपये की लागत में कराया जा रहा है।

नगर पालिका प्रशासन का उद्देश्य मानसून के दौरान होने वाले जलभराव,गंदगी और उससे फैलने वाली संभावित बीमारियों से नगरवासियों को सुरक्षित रखना है। प्रशासन ने नागरिक सुविधाओं और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार अभियान जारी रखा है।
वार्डों से लेकर प्रमुख मार्गों तक सफाई कार्य नगर पालिका की टीमें आधुनिक उपकरणों और अतिरिक्त सफाईकर्मियों के साथ मुख्य नालों एवं गलियों की नालियों से सिल्ट (कीचड़) निकालने में जुटी हुई हैं।
जाम नालों की विशेष सफाई: ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है,जहां हर वर्ष हल्की बारिश में भी जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है।

सिल्ट का तत्काल निस्तारण: नालों से निकाली गई गंदगी को सड़कों पर छोड़ने के बजाय तुरंत डंपिंग ग्राउंड भेजने के निर्देश दिए गए हैं,जिससे आमजन को असुविधा न हो।
“स्वच्छ और सुंदर बलरामपुर के लिए हम प्रतिबद्ध”अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैंस ने कहा कि नगर पालिका एक स्वच्छ,सुंदर और व्यवस्थित बलरामपुर के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि मानसून से पहले शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएगी,जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे नालों और नालियों में प्लास्टिक,पॉलिथीन अथवा अन्य कचरा न फेंकें,क्योंकि इससे जल निकासी बाधित होती है। शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने में जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है।
करोड़ों की पैतृक जमीन पर कब्जे का विवाद: रिवोली गार्डन प्रकरण में मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की गुहार*
रितेश मिश्रा
हरदोई*। शहर के चर्चित रिवोली गार्डन प्रकरण ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। हरदोई के प्रतिष्ठित व्यवसायी स्वर्गीय राकेश चंद्र गुप्ता की पैतृक संपत्ति को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे विवाद में अब गंभीर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। मामले में खुद को पीड़ित बताते हुए सौरभ गुप्ता ने मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।
सौरभ गुप्ता का आरोप है कि चांद बेहटा स्थित गाटा संख्या-320 की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर रिवोली गार्डन संचालक अतुल गुप्ता और उनका परिवार करीब 50 वर्षों से तथाकथित रूप से काबिज चला आ रहा है। उनका दावा है कि इस भूमि पर वर्तमान में कोल्ड स्टोरेज और रिवोली गार्डन का संचालन किया जा रहा है।
दानपत्र को लेकर खड़े हुए सवाल सौरभ गुप्ता के अनुसार, उन्होंने 24 जून 2025 को अपनी बहन डॉ. वत्सला गुप्ता से उनके हिस्से की भूमि का दानपत्र कराया था। इसके बाद 30 जून 2025 को अतुल गुप्ता की पत्नी रीना गुप्ता ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में लिखित शिकायत देकर दावा किया कि स्वर्गीय राकेश चंद्र गुप्ता के वारिसों की गाटा संख्या-320 में कोई भूमि नहीं है।पीड़ित पक्ष का कहना है कि इसके महज कुछ माह बाद, 28 अगस्त 2025 को अतुल गुप्ता ने इसी गाटा संख्या-320 की भूमि में से सौरभ गुप्ता के भाई गौरव गुप्ता से 248.90 वर्ग मीटर तथा उनकी माता अर्चना गुप्ता से 806.99 वर्ग मीटर भूमि का दानपत्र अपने पक्ष में करा लिया।सौरभ गुप्ता ने सवाल उठाया है कि यदि उनके परिवार के नाम गाटा संख्या-320 में कोई भूमि थी ही नहीं, जैसा कि रीना गुप्ता ने अपने शिकायती पत्र में दावा किया था, तो फिर अतुल गुप्ता ने उसी भूमि का दानपत्र किस आधार पर अपने पक्ष में कराया?स्थलीय जांच में छह बीघा जमीन कम मिलने का दावासौरभ गुप्ता के अनुसार, उन्होंने मामले की राजस्व जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद एसडीएम सदर, तहसीलदार और राजस्व टीम द्वारा की गई स्थल सत्यापन रिपोर्ट दिनांक 19 अगस्त 2025 में लगभग 25 बीघा भूमि में से केवल 19 बीघा भूमि ही मौके पर पाई गई, जबकि करीब 6 बीघा भूमि कम मिली।
पीड़ित पक्ष का दावा है कि जांच के दौरान पता चला कि उक्त छह बीघा भूमि रिवोली गार्डन परिसर के भीतर स्थित है, जहां वर्तमान में कोल्ड स्टोरेज और गार्डन का संचालन हो रहा है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित विभागों द्वारा किया जाना शेष है।
एंटी फ्रॉड सेल और पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप
सौरभ गुप्ता ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि मामले में पुलिस के एंटी फ्रॉड सेल और एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनके द्वारा प्रस्तुत राजस्व अभिलेखों, दस्तावेजों और साक्ष्यों को दरकिनार करते हुए एकतरफा कार्रवाई की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने विशेष रुचि लेते हुए प्रकरण को एंटी फ्रॉड सेल को भेजा, जहां उन्होंने अपने सभी दस्तावेज, साक्ष्य और बयान उपलब्ध कराए, लेकिन उनकी किसी भी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। इसके विपरीत उनके समेत पांच लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया गया।पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि उनके द्वारा कराए गए दानपत्र को आधार बनाकर मुकदमा दर्ज किया जा सकता है, तो फिर उसी गाटा संख्या की भूमि का दानपत्र कराने वाले अन्य पक्ष के खिलाफ समान कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उनका आरोप है कि यह पूरा मामला निष्पक्ष जांच की मांग करता है।
न्यायालय में भी विचाराधीन है मामला मामले से संबंधित सौरभ गुप्ता बनाम रीना गुप्ता शीर्षक से वाद संख्या 191/25 सिविल जज (सीनियर डिवीजन), हरदोई की अदालत में भी विचाराधीन है। बताया जा रहा है कि रीना गुप्ता ने सौरभ गुप्ता द्वारा कराए गए दानपत्र के विरुद्ध मुकदमा दायर कर स्थगनादेश प्राप्त किया है।
दूसरे पक्ष ने आरोपों को बताया निराधार उपरोक्त प्रकरण में जब रीना गुप्ता और उनके पुत्र से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने सौरभ गुप्ता द्वारा लगाए गए सभी आरोपों, प्रस्तुत साक्ष्यों और दावों को निराधार, तथ्यहीन और भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया।फिलहाल, करोड़ों रुपये की इस विवादित भूमि को लेकर उठे सवालों, राजस्व अभिलेखों, दानपत्रों और पुलिस कार्रवाई पर कई प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। अब सभी की निगाहें शासन-प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस बहुचर्चित रिवोली गार्डन प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाएगी और पीड़ित पक्ष को न्याय मिलेगा।
विकास एवं जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने पर कैबिनेट मंत्री,जनपद के प्रभारी मंत्री ने जनप्रतिनिधिगण के साथ किया मीडिया संवाद

भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार जनपद की नीतियों व संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की उपलब्धियों, सेवा, संस्कार सुशासन एवं सम्मान तथा आमजन के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन एवं जनपद में कराये गये उल्लेखनीय कार्यों के विषय में विस्तार से दी जानकारी



मीरजापुर। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं जनपद में हुए विकास कार्यों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जनपद के  प्रभारी मंत्री औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एन.आई.आई. एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग नन्द गोपाल गुप्ता ने आज जिला पंचायत सभागार में मीडिया संवाद किया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगणों की गरिमामयी उपस्थिति में मंत्री जी ने विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में देश व प्रदेश में हुए अभूतपूर्व विकास, सुशासन, सेवा, संस्कार एवं सम्मान के साथ-साथ मीरजापुर जनपद में संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं उल्लेखनीय कार्यों के बारे विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आमजन के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों पर भी प्रकाश डाला। मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने मीरजापुर में कहा कि पीएम मोदी के 12 वर्ष विकसित भारत के सपनों को साकार करने का सफर है। उन्होंने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, हर घर नल योजना और गड्ढा मुक्त सड़कों को सरकार की प्राथमिकता बताया, साथ ही केंद्र की सफलताओं पर प्रकाश डाला।

सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरा टारलेंस की नीति पर काम कर रही है। केवल भाजपा सरकार में ही आरोपित खाकी को भी खाकी ही गिरफ्तार कर रही है। हर घर नल योजना के तहत हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना और गड्ढा मुक्त सड़कें पहली प्राथमिकता है। इसमें लापरवाही किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। बजट की कमी होने पर बात करके दिलाया जाएगा। साथ ही लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। 12 वर्ष आत्मनिर्भर व विकसित भारत के सपनों को सच करने का एक शानदार सफर है। उक्त बातें औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन एवं एनआरआइ व निवेश प्रोत्साहन विभाग मंत्री व प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने जिला पंचायत सभागार में संवाद कार्यक्रम के दौरान कहा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सफलतम 12 वर्ष पूरा किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु के बाद सबसे बड़ा कार्यकाल रहा है। उन्होंने गत 12 वर्षों में देश की तस्वीर ही नहीं तकदीर बदल दी है। जनता का अटूट विश्वास और सरकार का सेवा भाव है। देश सिर्फ वादे नहीं, बल्कि काम देखता है। इसी जन विश्वास की बदौलत आज एनडीए देश के 22 राज्यों में जनता की सेवा कर रहा है। मोदी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र को सिर्फ एक नारा नहीं रहने दिया, बल्कि इसे जन आंदोलन बना दिया। प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे कि केंद्र सरकार से एक रुपया चलता था, तो केवल 15 पैसा ही जनता तक पहुंचता था। सरकार का एक ही लक्ष्य रहा है कि हर योजना का 100 प्रतिशत लाभ कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे। तकनीक व डिजिटल गवर्नेंस की मदद से लाभार्थियों के सीधे बैंक खाते में डीबीटी से धनराशि भेजी जा रही है।

आज देश की सीमाएं व आंतरिक सुरक्षा पूरी तरह से मजबूत है। जिलाध्यक्ष भाजपा, विधायक नगर, विधायक मड़िहान, विधायक मझवां, विधायक छानबे, अध्यक्ष जिला पंचायत, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मीरजापु


सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मंत्री नन्दी जी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल मार्गदर्शन में जनपद मीरजापुर तेजी से विकास की राह पर अग्रसर है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से जनता को योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और सकारात्मक विकास यात्रा को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा चलाये गए विशेष अभियान के तहत 69 नफर गैर जमानतीय वारण्टी अभियुक्त गिरफ्तार
    
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में वांछित व गैर-जमानती वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु दो दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान को सफल बनाने हेतु पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा जनपद के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी व प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में लंबित गैर-जमानती वारंटियों एवं वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करें।
उक्त अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री अजीत कुमार रजक व अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) श्री राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण में तथा क्षेत्राधिकारियों के नेतृत्व में थाना स्तर पर टीमों का गठन कर कार्यवाही की गई। इस विशेष अभियान के अंतर्गत जनपद के विभिन्न थानों की पुलिस टीमों द्वारा कुल 69 गैर-जमानती वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। थाना-वार गिरफ्तारी का विवरण निम्नानुसार है- थाना को0 नगर पुलिस ने 13, थाना को0 देहात पुलिस ने 05, थाना इटियाथोक पुलिस ने 09, थाना खरगूपुर पुलिस ने 04, थाना मोतीगंज पुलिस ने 02, थाना धानेपुर पुलिस ने 02, थाना छपिया पुलिस ने 02, थाना खोड़ारे पुलिस ने 02, थाना तरबगंज पुलिस ने 07, थाना नवाबगंज पुलिस ने 06, थाना वजीरगंज पुलिस ने 02, थाना उमरीबेगमगंज पुलिस ने 01, थाना को0 कर्नलगंज पुलिस ने 02, थाना परसपुर पुलिस ने 03, थाना कटराबाजार पुलिस ने 07 व थाना कौड़िया पुलिस ने 02 वारण्टी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।