बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा किया गया सम्मान समारोह एवं काव्यगोष्ठी का आयोजन
ठाणे । साहित्य,शिक्षा एवं संस्कृति को समर्पित  ट्रस्ट बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट,कल्याण पश्चिम, ठाणे द्वारा गुरुवार 11 जून 2026  की संध्या सम्मान समारोह एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन संस्थापक अध्यक्ष शिव कुमार सिंह के आवास पर किया गया।उक्त अवसर पर आकाशवाणी के उद्घोषक एवं वरिष्ठ कवि आनंद प्रकाश सिंह मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ ममता झा, डॉ मनीषा सिंह आमंत्रित थी।महाराष्ट्र साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार एवं सम्मानमूर्ति रामकृष्ण सहस्रबुद्धे ने काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता किया।सम्मान समारोह का शुभारम्भ जागृति सिन्हा के सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात अध्यक्ष शिवकुमार सिंह एवं सचिव सत्यभामा सिंह ने नागपुर से पधारे सम्मानमूर्ति रामकृष्ण सहस्रबुद्धे का पारम्परिक स्वागत एवं अभिनन्दन किया।काव्य पाठ की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए संचालिका सुश्री रीना धीमान ने सर्वप्रथम कवयित्री रिंकी सिंह को काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया तत्पश्चात  मीनाक्षी,किरन तिवारी, सुमंगला,सुमित्रा सखी, कविता झा,जागृति सिन्हा,कुसुम तिवारी, अनिल कुमार राही,रंजन सरल, कवि एवं पत्रकार विनय दीप शर्मा,सदाशिव चतुर्वेदी, रोशनी किरन,बिट्टू जैन, सत्यभामा सिंह ज़िया, रीना धीमान ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों से सभी को प्रमुदित कर दिया।काव्य पाठ के दूसरे दौर में वरिष्ठ कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप ने संचालक की भूमिका निभाते हुए बाहुबली सिंह को काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया तत्पश्चात ओम प्रकाश सिंह निडर, ए. पी. द्विवेदी ,शिव कुमार सिंह,डॉ ममता झा,डॉ मनीषा सिंह,मुख्य अतिथि आनंद प्रकाश सिंह (स्त्री हो, जो तुम कंठ से नहीं गाती, तुम राग हो जिसे ब्रह्माण्ड को गाना है ) की विविध विषयों पर आधारित कविताओं ने सुन्दर समां बांध दिया।अध्यक्ष एवं सम्मानमूर्ति रामकृष्ण सहस्रबुद्धे अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में सभी काव्य पाठों की सराहना करते हुए भावपूर्ण -(पूछ रहा हूँ उत्तर दे दो..राम लिखा एक पत्थर दे दो )काव्य प्रस्तुति दी। उक्त गोष्ठी में उपस्थित सभी साहित्यकारों का सम्मान संस्था द्वारा पुष्पगुच्छ एवं उपहार देकर किया गया।ट्रस्ट के उपाध्यक्ष ए पी द्विवेद ने मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, संचालक द्वय एवं सभी उपस्थित कवियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
ओमवीर हत्याकांड में फरार आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार पर हुई कार्यवाही


अमृतपुर फर्रुखाबाद 11 जून। थाना अमृतपुर क्षेत्र के चर्चित ओमवीर हत्याकांड में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। मामले में वांछित चल रहे आरोपी श्यामवीर पुत्र कन्हैयालाल ने फतेहगढ़ न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।थाना प्रभारी अमृतपुर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि ओमवीर हत्याकांड में वांछित आरोपी श्यामवीर ने न्यायालय में हाजिर होकर आत्मसमर्पण किया है, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। क्षेत्राधिकारी अमृतपुर ऐश्वर्या उपाध्याय ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। इसी बीच आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
उधर, ग्राम गुजरपुर पमारान निवासी मृतक ओमवीर की पत्नी धर्मशीला ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रार्थना पत्र देकर मामले में न्याय की मांग की थी। उन्होंने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, सभी आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, परिवार की सुरक्षा, आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग उठाई है।धर्मशीला के अनुसार उनके पति ओमवीर 20 जुलाई 2025 को लापता हो गए थे। बाद में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप पर मुकदमा दर्ज हुआ और जांच के दौरान ओमवीर का कंकाल कई महीनों बाद खेत में दबा बरामद किया गया। पुलिस ने मामले में रामू यादव, सुरजीत यादव और देवेंद्र यादव को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब श्यामवीर के आत्मसमर्पण के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ गई है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में विधिक कार्रवाई जारी है तथा शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ओमवीर हत्याकांड क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है और पीड़ित परिवार अब भी मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर  विधायक ने प्रबुद्धजनों का किया सम्मान .
पीयूष तिवारी
बेनीगंज- भारतीय जनता पार्टी के केंद्र में सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्रांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोथावां के हत्याहरण तीर्थ स्थल पर पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विधायक रामपाल वर्मा ने पौधरोपण करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्षारोपण से न केवल पर्यावरण संतुलित रहता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
हत्याहरण मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंदिर के पुजारी द्वारा विधायक रामपाल वर्मा को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने विधायक का गर्मजोशी से स्वागत किया।
इसके उपरांत विधायक रामपाल वर्मा नगर पंचायत बेनीगंज पहुंचे, जहां भारतीय जनता पार्टी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने विकास, सुरक्षा, आधारभूत संरचना, किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण और गरीबों के उत्थान के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं, जिनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
कार्यक्रम के अगले चरण में विधायक मनोहर पब्लिक स्कूल पहुंचे, जहां आयोजित समारोह में क्षेत्र के प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों, अध्यापकों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। विधायक ने कहा कि समाज के विकास में शिक्षकों, बुद्धिजीवियों और समाजसेवियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है तथा उनके योगदान का सम्मान किया जाना आवश्यक है।
इस अवसर पर कोथावां विकासखंड क्षेत्र के दर्जनों ग्राम प्रधान, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान भाजपा सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए आगामी विकास योजनाओं पर भी चर्चा की गई।
दिग्गज शूटर जसपाल राणा का निधन, 49 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, खेल जगत में शोक

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मशहूर भारतीय निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि जर्मनी से लौटने के बाद अचानक ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राणा एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता हैं और ओलंपिक में दो बार पदक जीत चुकीं स्टार निशानेबाज मनु भाकर के कोच रह चुके हैं।

सिर्फ 49 साल की उम्र में निधन

जसपाल राणा का निधन दिल्ली के मैक्स अस्पताल में हुआ। हाल ही में इस दिग्गज शूटर की सर्जरी भी हुई थी बड़ी बात यह है कि जशपाल की उम्र अभी सिर्फ 49 साल ही थी और वे आमतौर पर काफी फिट भी थे। हालांकि, अब उनके अचानक निधन की खबर ने खेल जगत को हिलाकर रख दिया है।

फ्लाइट में बिगड़ी थी तबीयत

जानकारी के मुताबिक म्यूनिख में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से भारत लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ी थी। म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय निशानेबाजी टीम वापस घर लट रही थी तभी टीम के हाई-परफॉर्मेंस कोच और दिग्गज पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

दिल्ली पहुंचते ही अस्पताल में कराया गया भर्ती

भारतीय दल के साथ स्वदेश लौटते समय उड़ान के दौरान ही उन्हें अस्वस्थता महसूस हुई। जिसके तुरंत बाद उन्हें दिल्ली के अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहीं पर उनका इलाज चल रहा था।

शूटिंग में शानदार करियर

उनकी मौत भारतीय शूटिंग के लिए बड़ा झटका है। जसपाल राणा ने इस खेल को तीन दशक से भी ज्यादा समय तक बतौर खिलाड़ी और कोच समर्पित किया। भारत के सबसे सफल पिस्टल शूटर्स में से एक जसपाल राणा ने 1990 के दशक में अपनी पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबदबा कायम किया। उन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में कई मेडल जीते और देश के सबसे सफल शूटर्स में शुमार हुए।

द्रोणाचार्य पुरस्कार से थे सम्मानित

शूटिंग रेंज पर उनकी उपलब्धियों ने उन्हें काफी पहचान दिलाई और युवा शूटर्स की एक पीढ़ी को इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित किया। खेल और शूटर्स की अगली पीढ़ी को तैयार करने में उनके बड़े योगदान के लिए सरकार ने उन्हें 2020 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया। राणा ने एक चैंपियन खिलाड़ी और कोच, दोनों ही रूपों में तीन दशकों से ज्यादा समय तक अपना योगदान दिया।

मल्हीपुर घाट पर 24 करोड़  की लागत से बन रहे पुल के अप्रोच का रास्ता कब होगा साफ,आखिर 3 जिलों के लोगों को कब मिलेगा निजात*
सुलतानपुर,गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर बन रहे सेतु के अप्रोच का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। करीब पांच साल से किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा न मिल पाने के कारण अप्रोच नहीं बन पा रहा था। शासन से बजट की स्वीकृति मिलने के बाद अब कार्य शुरू किया जाएगा।

107 किसानों से 0.247 हेक्टेयर भूमि ली गई है। लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। अब करौंदीकला की तरफ भी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। यह सेतु लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर कोइरीपुर तो दूसरी तरफ करौंदीकला ब्लाक को जोड़ेगा।

हो सकती है चांदा के मल्हीपुर-कोइरीपुर- छतौना-करौंदीकला मार्ग पर गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर अक्टूबर,2018 में पुल निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। लेकिन राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा इसे वित्त पोषित किया गया था। उस समय इसकी स्वीकृति लागत 20 करोड़ रुपये लगभग थी,जिसकी लागत अब बढ़कर लगभग 24 करोड़ से अधिक तक पहुंच चुकी है। इस वजह से पूरा नहीं हो सका था निर्माण 184.88 मीटर लंबे सेतु पर दोनों तरफ मिलकर 400 मीटर पहुंच (अप्रोच) मार्ग का निर्माण भी प्रस्तावित था।

किसानों को मुआवजा न मिल पाने के कारण इसे अब तक पूरा नहीं किया जा सका। जबकि लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा देने का कार्य प्रगति पर रही, वहीं करौंदीकला की तरफ मुआवजा देने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे अब पुल निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद जगी है।

मल्हीपुर सेतु निर्माण से दोनों तरफ के करीब 50 गावाें का रास्ता सीधा हो जाएगा। इससे करीब दो लाख आबादी लाभांवित होगी। अभी तक लोगों को इब्राहिमपुर डेवाढ़ घाट पुल से रास्ता तय करना पड़ रहा है। पुल निर्माण से सुलतानपुर,जौनपुर और प्रतापगढ़ तीनों जिलों के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। पुल पर आवागमन शुरू होने के बाद पौराणिक धाम बिजेथुआ समेत अखंडनगर, दोस्तपुर,शाहगंज आदि स्थानों पर आने-जाने में सुगमता मिलेगी। 

ग्रामीणों ने कहा कि पुल बन जाने से तीन जिले के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी और विद्यार्थी भी उस पार स्थित अच्छे विद्यालयों में पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा एक दूसरे के सुख-दुःख, निमंत्रण एवं अन्य कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए अभी नाव का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अप्रोच मार्ग के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के बदले किसानों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है। इससे अब पुल व अप्रोच मार्ग के निर्माण में तेजी लाई जाएगी। मार्च तक पुल आवागमन के लिए खोल देने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन आज तक 8 साल बीतने को है यह कार्यक्रम पूरा नहीं हो सका है।
देवघर-विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित होने वाले प्रथम रक्तदान शिविर के पोस्टर का लोकार्पण।
देवघर: 11 जून 2026। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), देवघर एवं भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर 14 जून 2026 को आयोजित होने वाले विशेष रक्तदान शिविरके पोस्टर का आज एम्स देवघर में विधिवत लोकार्पण किया गया। यह रक्तदान शिविर विशेष महत्व रखता है क्योंकि एम्स देवघर के रक्त केंद्र (ब्लड सेंटर) के संचालन प्रारंभ होने के पश्चात यह पहला स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। पोस्टर का लोकार्पण एम्स देवघर के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने द्वारा किया गया। इस अवसर पर एम्स देवघर के अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) हरविंदर सिंह , रक्त केंद्र के डॉ. गिरीश सिंह क्षत्रिय, एमएस कार्यालय के प्रमुख नितीश कुमार पाण्डेय , एम्स कर्मचारी विवेक कुमार ओझा तथा भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के चेयरमैन जितेश राजपाल , वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल,कोषाध्यक्ष राजकुमार बर्नवाल, कार्यकारिणी सदस्य सुधांशु शेखर बर्नवाल एवं अर्चना भगत उपस्थित थे। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने ने कहा कि रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवाओं में से एक है। एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन प्रदान कर सकता है। उन्होंने युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया। अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) हरविंदर सिंह ने कहा कि सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। स्वैच्छिक रक्तदाता समाज के वास्तविक नायक हैं, जिनके सहयोग से अनेक जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने लोगों से रक्तदान को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने का आग्रह किया। रक्त केंद्र के प्रभारी अधिकारी (ओआईसी) डॉ. गिरीश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एम्स देवघर का रक्त केंद्र क्षेत्र के मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक सुरक्षित एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया है तथा प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित इस प्रथम रक्तदान शिविर में अधिकाधिक लोगों की सहभागिता की अपील की। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के चेयरमैन जितेश राजपाल ने कहा कि रेड क्रॉस का मूल उद्देश्य मानव सेवा है और रक्तदान इसका सबसे उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक सक्षम नागरिक को वर्ष में कम-से-कम एक बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए ताकि रक्त की कमी के कारण किसी भी मरीज का उपचार प्रभावित न हो। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल ने कहा कि रेड क्रॉस पिछले कई वर्षों से स्वैच्छिक रक्तदान को जन-आंदोलन बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। "ब्लड डोनेशन ऑन व्हील्स" जैसी अभिनव पहल का उद्देश्य रक्तदान को जन-जन तक पहुँचाना तथा अधिकाधिक युवाओं को इस जीवनदायी अभियान से जोड़ना है। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं नागरिकों से 14 जून को रक्तदान कर मानवता की सेवा में सहभागी बनने की अपील की। 14 जून 2026 को प्रातः 9:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक एम्स देवघर के रक्त केंद्र परिसर में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने तथा अधिकाधिक लोगों को रक्तदान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों ने सभी स्वस्थ नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं संस्थानों से इस पुनीत कार्य में सहभागिता कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा में योगदान देने की अपील की है। *एक बूंद मानवता की — रक्तदान, जीवनदान।* *आपका रक्तदान बचाएगा किसी की जान।*
बुद्ध की ज्ञानस्थली से निकला देश का नंबर-1 प्रतिभाशाली छात्र, AIR-1 शुभम कुमार समेत 18 मेधावियों का हुआ भव्य सम्मान

गया। भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली गया ने एक बार फिर पूरे देश में अपनी बौद्धिक पहचान का परचम लहराया है। जेईई एडवांस 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR)-1 हासिल कर इतिहास रचने वाले शुभम कुमार समेत 18 सफल छात्रों का शहर के हरिदास सेमिनरी ऑडिटोरियम में भव्य सम्मान किया गया। ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल गुरुकुल द्वारा आयोजित फेलिसिटेशन सेरेमनी में छात्रों की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह में गया नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव एवं शिक्षाविद् डॉ. शशि शेखर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समारोह को संबोधित करते हुए सफल छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शुभम कुमार और अन्य छात्रों की उपलब्धियां बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और यह साबित करती हैं कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

समारोह में जेईई एडवांस में सफलता प्राप्त करने वाले सभी 18 छात्रों को चांदी की चेन पहनाकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा छात्रों के अभिभावकों को भी शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।

सम्मान समारोह में शुभम कुमार ने अपनी सफलता का अनुभव साझा करते हुए कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। उन्होंने कहा कि 11वीं कक्षा से ही उन्होंने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर अध्ययन किया। कोटा में रहकर की गई कठिन मेहनत और अनुशासित तैयारी का ही परिणाम है कि उन्हें यह ऐतिहासिक सफलता मिली। उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि सफलता पाने के लिए ईमानदारी, समर्पण और लगातार प्रयास जरूरी है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो सफलता अवश्य मिलती है।

ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल गुरुकुल के निदेशक भीमराज प्रसाद ने कहा कि 18 छात्रों की सफलता ने विद्यालय का गौरव बढ़ाया है, लेकिन शुभम कुमार की उपलब्धि पूरे गया जिले के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि जिस धरती पर भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था, उसी धरती के बेटे ने देशभर में पहला स्थान हासिल कर यह साबित कर दिया है कि गया आज भी ज्ञान और प्रतिभा की राजधानी है। उन्होंने घोषणा की कि विद्यालय की ओर से संचालित सुपर-30 कार्यक्रम में अब कक्षा नौवीं से ही मेधावी छात्रों को निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी ताकि और अधिक छात्र राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकें।

पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर गया का नाम पूरे देश में रोशन किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसा अमूल्य धन है जिसे न कोई खरीद सकता है, न बेच सकता है और न ही बांट सकता है। शिक्षा ही वह शक्ति है जो व्यक्ति को नई पहचान और समाज को नई दिशा देती है।

नीति आयोग बैठक: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रखा झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का रोडमैप

नई दिल्ली : नीति आयोग की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के समग्र विकास पर बल दिया। उसकी विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और केंद्र से सहयोग की अपेक्षा की। समग्र विकास की विचारधारा को रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी, जब उसे मानव पूंजी से जोड़ा जाए।

उन्होंने झारखण्ड को केवल खनिज निकालने वाले राज्य के रूप में देखने की परंपरा से अलग विकास की यात्रा में साझेदार बनाने पर बल दिया। अपनी बातों को विस्तार से रखते हुए कहा कि राज्य के संसाधनों का राज्य में ही वैल्यू एडिशन हो, उससे जुड़ा मैनुफैक्चरिंग हो और राज्य की मानव पूंजी का उसमें उपयोग हो। उन्होंने केंद्र सरकार से क्रिटिकल मिनरल्स आधारित उद्योग विकसित करने के साथ साथ नॉलेज, रिसर्च और इनोवेशन के केंद्र विकसित करने में अपेक्षित सहयोग मांगा।

टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन-एनर्जी,लॉजिस्टिक्स और एग्रो- फ़ूड प्रोसेसिंग के बड़े निवेश को झारखंड में बढ़ावा देने की वकालत की। उन्होंने कहा कि माइनिंग और मिनरल्स क्षेत्र में एआई -बेस्ड मिनरल एक्सप्लोरेशन और सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिसेज को बढ़ावा देने और झारखंड को उद्योग एवं रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास जारी है। केंद्र सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन के हम आकांक्षी हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल को विकास का मूल आधार बताया।‘विकसित भारत के लक्ष्य के साथ राज्य को नई दिशा देने की बात कही।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 15 हजार के पास भवन नहीं है। इसके बावजूद पोषण अभियान और SAAMAR से कुपोषण में सुधार हुआ है। बच्चों को प्रतिदिन अंडा उपलब्ध कराया जा रहा है। 5000 नए आंगनबाड़ी भवन राज्य सरकार अपने संसाधनों से बना रही है।

शिक्षा क्षेत्र में पहल

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से अब IIT और मेडिकल में बच्चों का चयन होने लगा है । राज्य सरकार 5000 उत्कृष्ट विद्यालय बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने पीएम श्री और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की मांग रखी। झारखंड में NCERT का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का आग्रह भी किया गया।

कौशल विकास और रोजगार

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने राज्य की विकास योजनाओं का खाका रखते हुए कहा कि राज्य हर साल 1 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ रहा है। सारथी योजना के तहत 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। AI, EV, ड्रोन और सोलर जैसे क्षेत्रों में युवाओं को तैयार किया जा रहा है। 53 हजार महिलाओं को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाएं

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। श्री हेमंत सोरेन ने बताया कि राज्य में 1276 दवा दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। मेडिकल कॉलेजों में UG और PG सीट बढ़ाने का प्रस्ताव लंबित है। AI आधारित डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

खेल क्षेत्र में उपलब्धि

श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मांग की। खेल संघों में सुधार और पारदर्शिता की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया।

कृषि एवं पोषण

नीति आयोग की शासी परिषद की 11 वीं बैठक में श्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में 10 लाख से अधिक पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं।

1.5 लाख एकड़ में फलदार पौधरोपण किया गया है।

झारखंड का आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहा है। उन्होंने कृषि को कुपोषण से लड़ने के प्रभावी साधन के रूप में प्रस्तुत किया।

डिजिटल गवर्नेंस और डेटा

राज्य AI आधारित CM डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर भी काम जारी है। डेटा शेयरिंग को समयबद्ध बनाने का आग्रह केंद्र से किया गया। DBT में पारदर्शिता और डिजिटल धोखाधड़ी रोकने पर जोर दिया गया।

केंद्र से प्रमुख मांगें

जल जीवन मिशन की शेष 6000 करोड़ राशि जल्द जारी करने की मांग की गई।

कोयला कंपनियों पर 1.36 लाख करोड़ के बकाया भुगतान की बात उठाई गई।

DMFT के मानकों में संशोधन की आवश्यकता जताई गई।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाने का आग्रह किया गया।

स्कूली शिक्षा से संबंधित विभिन्न निधियों और योजनाओं को एकीकृत किया करने पर बल दिया गया

PPP मोड में 6 नए मेडिकल कॉलेजों में से 4 को स्वीकृति मिल चुकी है — शेष 2 की स्वीकृति भी शीघ्र प्रदान की जाए

झारखण्ड को राष्ट्रीय, एशियाई और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं तथा खेल महाकुंभों की मेजबानी का अवसर दिया जाए

झारखण्ड के 7 जिले DVC Command Area के अंतर्गत हैं और 12-13 जिले CCL, ECL एवं अन्य केंद्रीय उपक्रमों के उच्च Command Area में आते हैं। इन क्षेत्रों में सामाजिक आधारभूत संरचना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण और भूमि स्वामित्व संबंधी अनुमति प्रक्रियाओं में राज्य सरकार को आवश्यक छूट और सरलीकरण प्रदान किया जाए

जनपद की आठ ग्राम पंचायत बाल श्रम घोषित, ग्राम प्रधान होंगे सम्मानित
फर्रुखाबाद l जनपद को वर्ष 2027 में बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्यवाही
8 ग्राम पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया पूर्ण, 167 बच्चों को कराया गया मुक्त
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लिए गए संकल्प "बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश" के अंतर्गत वर्ष 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जनपद फर्रुखाबाद में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। जनपद के विकास खण्ड बढ़पुर की 05 और विकास खण्ड शमशाबाद की 03 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त कार्य को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभिन्न विभागीय टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की बैठकें आयोजित कर प्रस्ताव पारित कराए गए तथा विकास खण्ड स्तर पर ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों से भी अनुमोदन प्राप्त किया गया। तत्पश्चात जिला स्तर पर इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही आगामी एक वर्ष तक इन ग्राम पंचायतों की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण भी किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान में शिक्षा, पंचायत राज, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। जनपद की अन्य ग्राम पंचायतों को भी चरणबद्ध तरीके से बाल श्रम मुक्त बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु श्रम विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद के वार्ड सदस्यों के साथ बाल श्रम उन्मूलन विषयक गोष्ठी आयोजित की गई। उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया तथा उनके माध्यम से व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से बाल श्रम न कराने की अपील की गई। विधायक भोजपुर नागेन्द्र राठौर ने क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को श्रम में लगाने के स्थान पर शिक्षा से जोड़ें तथा उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें। वहीं ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष कृष्ण दत्त द्विवेदी ने जनपद के सभी ईंट भट्ठा संचालकों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से कोई कार्य न लें।
विशेष अभियान के प्रभावी संचालन हेतु जिला समन्वयक जीशान अंसारी, चाइल्ड राइट्स एसोसिएट (ए.वी.ए.) को जनपद में तैनात किया गया है, जो श्रम विभाग को तकनीकी एवं मैदानी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बाल श्रमिक कार्य करता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नम्बर 1098, 1800-102-7222 अथवा PENCIL पोर्टल पर उपलब्ध कराएं।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर 12 जून 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बाल श्रम मुक्त घोषित क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जनपद से बाल श्रम उन्मूलन समिति के सदस्य, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, जिला पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट  विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 45 से 50 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का किसी भी प्रतिष्ठान में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में सेवायोजकों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही करते हुए आर्थिक दण्ड एवं कारावास का प्रावधान है। इसी प्रकार 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक उद्योगों एवं प्रक्रियाओं में नियोजित करना भी प्रतिबंधित है।
उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया जाता है साथ ही निर्धारित दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है। किशोर श्रमिकों के नियोजन की स्थिति में भी कार्यघंटों, विश्राम अवधि, साप्ताहिक अवकाश तथा अभिलेख संधारण से संबंधित नियमों का पालन अनिवार्य है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि एक अप्रैल 2024 से 31 मई 2026 तक जनपद में संचालित विशेष निरीक्षण अभियानों के दौरान 142 निरीक्षणों में 167 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। जिन प्रतिष्ठानों पर बच्चे कार्यरत पाए गए, उनके स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई है।
उन्होंने कहा कि जनपद को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है, जो निरंतर भ्रमण कर बाल श्रम की रोकथाम हेतु निरीक्षण करेगी तथा दोषी प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराएगी।
जनपद प्रशासन ने सभी नागरिकों, व्यापारियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ईंट भट्ठा संचालकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।
जनपद की आठ ग्राम पंचायत बाल श्रम घोषित, ग्राम प्रधान होंगे सम्मानित
फर्रुखाबाद l जनपद को वर्ष 2027 में बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्यवाही
8 ग्राम पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया पूर्ण, 167 बच्चों को कराया गया मुक्त
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लिए गए संकल्प "बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश" के अंतर्गत वर्ष 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जनपद फर्रुखाबाद में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। जनपद के विकास खण्ड बढ़पुर की 05 और विकास खण्ड शमशाबाद की 03 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त कार्य को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभिन्न विभागीय टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की बैठकें आयोजित कर प्रस्ताव पारित कराए गए तथा विकास खण्ड स्तर पर ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों से भी अनुमोदन प्राप्त किया गया। तत्पश्चात जिला स्तर पर इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही आगामी एक वर्ष तक इन ग्राम पंचायतों की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण भी किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान में शिक्षा, पंचायत राज, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। जनपद की अन्य ग्राम पंचायतों को भी चरणबद्ध तरीके से बाल श्रम मुक्त बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु श्रम विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद के वार्ड सदस्यों के साथ बाल श्रम उन्मूलन विषयक गोष्ठी आयोजित की गई। उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया तथा उनके माध्यम से व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से बाल श्रम न कराने की अपील की गई। विधायक भोजपुर नागेन्द्र राठौर ने क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को श्रम में लगाने के स्थान पर शिक्षा से जोड़ें तथा उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें। वहीं ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष कृष्ण दत्त द्विवेदी ने जनपद के सभी ईंट भट्ठा संचालकों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से कोई कार्य न लें।
विशेष अभियान के प्रभावी संचालन हेतु जिला समन्वयक जीशान अंसारी, चाइल्ड राइट्स एसोसिएट (ए.वी.ए.) को जनपद में तैनात किया गया है, जो श्रम विभाग को तकनीकी एवं मैदानी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बाल श्रमिक कार्य करता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नम्बर 1098, 1800-102-7222 अथवा PENCIL पोर्टल पर उपलब्ध कराएं।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर 12 जून 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बाल श्रम मुक्त घोषित क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जनपद से बाल श्रम उन्मूलन समिति के सदस्य, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, जिला पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट  विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 45 से 50 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का किसी भी प्रतिष्ठान में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में सेवायोजकों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही करते हुए आर्थिक दण्ड एवं कारावास का प्रावधान है। इसी प्रकार 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक उद्योगों एवं प्रक्रियाओं में नियोजित करना भी प्रतिबंधित है।
उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया जाता है साथ ही निर्धारित दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है। किशोर श्रमिकों के नियोजन की स्थिति में भी कार्यघंटों, विश्राम अवधि, साप्ताहिक अवकाश तथा अभिलेख संधारण से संबंधित नियमों का पालन अनिवार्य है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि एक अप्रैल 2024 से 31 मई 2026 तक जनपद में संचालित विशेष निरीक्षण अभियानों के दौरान 142 निरीक्षणों में 167 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। जिन प्रतिष्ठानों पर बच्चे कार्यरत पाए गए, उनके स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई है।
उन्होंने कहा कि जनपद को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है, जो निरंतर भ्रमण कर बाल श्रम की रोकथाम हेतु निरीक्षण करेगी तथा दोषी प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराएगी।
जनपद प्रशासन ने सभी नागरिकों, व्यापारियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ईंट भट्ठा संचालकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।
बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा किया गया सम्मान समारोह एवं काव्यगोष्ठी का आयोजन
ठाणे । साहित्य,शिक्षा एवं संस्कृति को समर्पित  ट्रस्ट बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट,कल्याण पश्चिम, ठाणे द्वारा गुरुवार 11 जून 2026  की संध्या सम्मान समारोह एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन संस्थापक अध्यक्ष शिव कुमार सिंह के आवास पर किया गया।उक्त अवसर पर आकाशवाणी के उद्घोषक एवं वरिष्ठ कवि आनंद प्रकाश सिंह मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ ममता झा, डॉ मनीषा सिंह आमंत्रित थी।महाराष्ट्र साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार एवं सम्मानमूर्ति रामकृष्ण सहस्रबुद्धे ने काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता किया।सम्मान समारोह का शुभारम्भ जागृति सिन्हा के सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात अध्यक्ष शिवकुमार सिंह एवं सचिव सत्यभामा सिंह ने नागपुर से पधारे सम्मानमूर्ति रामकृष्ण सहस्रबुद्धे का पारम्परिक स्वागत एवं अभिनन्दन किया।काव्य पाठ की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए संचालिका सुश्री रीना धीमान ने सर्वप्रथम कवयित्री रिंकी सिंह को काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया तत्पश्चात  मीनाक्षी,किरन तिवारी, सुमंगला,सुमित्रा सखी, कविता झा,जागृति सिन्हा,कुसुम तिवारी, अनिल कुमार राही,रंजन सरल, कवि एवं पत्रकार विनय दीप शर्मा,सदाशिव चतुर्वेदी, रोशनी किरन,बिट्टू जैन, सत्यभामा सिंह ज़िया, रीना धीमान ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों से सभी को प्रमुदित कर दिया।काव्य पाठ के दूसरे दौर में वरिष्ठ कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप ने संचालक की भूमिका निभाते हुए बाहुबली सिंह को काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया तत्पश्चात ओम प्रकाश सिंह निडर, ए. पी. द्विवेदी ,शिव कुमार सिंह,डॉ ममता झा,डॉ मनीषा सिंह,मुख्य अतिथि आनंद प्रकाश सिंह (स्त्री हो, जो तुम कंठ से नहीं गाती, तुम राग हो जिसे ब्रह्माण्ड को गाना है ) की विविध विषयों पर आधारित कविताओं ने सुन्दर समां बांध दिया।अध्यक्ष एवं सम्मानमूर्ति रामकृष्ण सहस्रबुद्धे अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में सभी काव्य पाठों की सराहना करते हुए भावपूर्ण -(पूछ रहा हूँ उत्तर दे दो..राम लिखा एक पत्थर दे दो )काव्य प्रस्तुति दी। उक्त गोष्ठी में उपस्थित सभी साहित्यकारों का सम्मान संस्था द्वारा पुष्पगुच्छ एवं उपहार देकर किया गया।ट्रस्ट के उपाध्यक्ष ए पी द्विवेद ने मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, संचालक द्वय एवं सभी उपस्थित कवियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
ओमवीर हत्याकांड में फरार आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार पर हुई कार्यवाही


अमृतपुर फर्रुखाबाद 11 जून। थाना अमृतपुर क्षेत्र के चर्चित ओमवीर हत्याकांड में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। मामले में वांछित चल रहे आरोपी श्यामवीर पुत्र कन्हैयालाल ने फतेहगढ़ न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।थाना प्रभारी अमृतपुर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि ओमवीर हत्याकांड में वांछित आरोपी श्यामवीर ने न्यायालय में हाजिर होकर आत्मसमर्पण किया है, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। क्षेत्राधिकारी अमृतपुर ऐश्वर्या उपाध्याय ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। इसी बीच आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
उधर, ग्राम गुजरपुर पमारान निवासी मृतक ओमवीर की पत्नी धर्मशीला ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रार्थना पत्र देकर मामले में न्याय की मांग की थी। उन्होंने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, सभी आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, परिवार की सुरक्षा, आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग उठाई है।धर्मशीला के अनुसार उनके पति ओमवीर 20 जुलाई 2025 को लापता हो गए थे। बाद में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप पर मुकदमा दर्ज हुआ और जांच के दौरान ओमवीर का कंकाल कई महीनों बाद खेत में दबा बरामद किया गया। पुलिस ने मामले में रामू यादव, सुरजीत यादव और देवेंद्र यादव को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब श्यामवीर के आत्मसमर्पण के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ गई है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में विधिक कार्रवाई जारी है तथा शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ओमवीर हत्याकांड क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है और पीड़ित परिवार अब भी मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर  विधायक ने प्रबुद्धजनों का किया सम्मान .
पीयूष तिवारी
बेनीगंज- भारतीय जनता पार्टी के केंद्र में सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्रांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोथावां के हत्याहरण तीर्थ स्थल पर पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विधायक रामपाल वर्मा ने पौधरोपण करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्षारोपण से न केवल पर्यावरण संतुलित रहता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
हत्याहरण मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंदिर के पुजारी द्वारा विधायक रामपाल वर्मा को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने विधायक का गर्मजोशी से स्वागत किया।
इसके उपरांत विधायक रामपाल वर्मा नगर पंचायत बेनीगंज पहुंचे, जहां भारतीय जनता पार्टी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने विकास, सुरक्षा, आधारभूत संरचना, किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण और गरीबों के उत्थान के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं, जिनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
कार्यक्रम के अगले चरण में विधायक मनोहर पब्लिक स्कूल पहुंचे, जहां आयोजित समारोह में क्षेत्र के प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों, अध्यापकों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। विधायक ने कहा कि समाज के विकास में शिक्षकों, बुद्धिजीवियों और समाजसेवियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है तथा उनके योगदान का सम्मान किया जाना आवश्यक है।
इस अवसर पर कोथावां विकासखंड क्षेत्र के दर्जनों ग्राम प्रधान, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान भाजपा सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए आगामी विकास योजनाओं पर भी चर्चा की गई।
दिग्गज शूटर जसपाल राणा का निधन, 49 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, खेल जगत में शोक

#formerindianshooterjaspalranadiedduetoheart_attack

मशहूर भारतीय निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि जर्मनी से लौटने के बाद अचानक ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राणा एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता हैं और ओलंपिक में दो बार पदक जीत चुकीं स्टार निशानेबाज मनु भाकर के कोच रह चुके हैं।

सिर्फ 49 साल की उम्र में निधन

जसपाल राणा का निधन दिल्ली के मैक्स अस्पताल में हुआ। हाल ही में इस दिग्गज शूटर की सर्जरी भी हुई थी बड़ी बात यह है कि जशपाल की उम्र अभी सिर्फ 49 साल ही थी और वे आमतौर पर काफी फिट भी थे। हालांकि, अब उनके अचानक निधन की खबर ने खेल जगत को हिलाकर रख दिया है।

फ्लाइट में बिगड़ी थी तबीयत

जानकारी के मुताबिक म्यूनिख में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से भारत लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ी थी। म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय निशानेबाजी टीम वापस घर लट रही थी तभी टीम के हाई-परफॉर्मेंस कोच और दिग्गज पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

दिल्ली पहुंचते ही अस्पताल में कराया गया भर्ती

भारतीय दल के साथ स्वदेश लौटते समय उड़ान के दौरान ही उन्हें अस्वस्थता महसूस हुई। जिसके तुरंत बाद उन्हें दिल्ली के अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहीं पर उनका इलाज चल रहा था।

शूटिंग में शानदार करियर

उनकी मौत भारतीय शूटिंग के लिए बड़ा झटका है। जसपाल राणा ने इस खेल को तीन दशक से भी ज्यादा समय तक बतौर खिलाड़ी और कोच समर्पित किया। भारत के सबसे सफल पिस्टल शूटर्स में से एक जसपाल राणा ने 1990 के दशक में अपनी पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबदबा कायम किया। उन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में कई मेडल जीते और देश के सबसे सफल शूटर्स में शुमार हुए।

द्रोणाचार्य पुरस्कार से थे सम्मानित

शूटिंग रेंज पर उनकी उपलब्धियों ने उन्हें काफी पहचान दिलाई और युवा शूटर्स की एक पीढ़ी को इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित किया। खेल और शूटर्स की अगली पीढ़ी को तैयार करने में उनके बड़े योगदान के लिए सरकार ने उन्हें 2020 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया। राणा ने एक चैंपियन खिलाड़ी और कोच, दोनों ही रूपों में तीन दशकों से ज्यादा समय तक अपना योगदान दिया।

मल्हीपुर घाट पर 24 करोड़  की लागत से बन रहे पुल के अप्रोच का रास्ता कब होगा साफ,आखिर 3 जिलों के लोगों को कब मिलेगा निजात*
सुलतानपुर,गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर बन रहे सेतु के अप्रोच का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। करीब पांच साल से किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा न मिल पाने के कारण अप्रोच नहीं बन पा रहा था। शासन से बजट की स्वीकृति मिलने के बाद अब कार्य शुरू किया जाएगा।

107 किसानों से 0.247 हेक्टेयर भूमि ली गई है। लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। अब करौंदीकला की तरफ भी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। यह सेतु लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर कोइरीपुर तो दूसरी तरफ करौंदीकला ब्लाक को जोड़ेगा।

हो सकती है चांदा के मल्हीपुर-कोइरीपुर- छतौना-करौंदीकला मार्ग पर गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर अक्टूबर,2018 में पुल निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। लेकिन राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा इसे वित्त पोषित किया गया था। उस समय इसकी स्वीकृति लागत 20 करोड़ रुपये लगभग थी,जिसकी लागत अब बढ़कर लगभग 24 करोड़ से अधिक तक पहुंच चुकी है। इस वजह से पूरा नहीं हो सका था निर्माण 184.88 मीटर लंबे सेतु पर दोनों तरफ मिलकर 400 मीटर पहुंच (अप्रोच) मार्ग का निर्माण भी प्रस्तावित था।

किसानों को मुआवजा न मिल पाने के कारण इसे अब तक पूरा नहीं किया जा सका। जबकि लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा देने का कार्य प्रगति पर रही, वहीं करौंदीकला की तरफ मुआवजा देने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे अब पुल निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद जगी है।

मल्हीपुर सेतु निर्माण से दोनों तरफ के करीब 50 गावाें का रास्ता सीधा हो जाएगा। इससे करीब दो लाख आबादी लाभांवित होगी। अभी तक लोगों को इब्राहिमपुर डेवाढ़ घाट पुल से रास्ता तय करना पड़ रहा है। पुल निर्माण से सुलतानपुर,जौनपुर और प्रतापगढ़ तीनों जिलों के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। पुल पर आवागमन शुरू होने के बाद पौराणिक धाम बिजेथुआ समेत अखंडनगर, दोस्तपुर,शाहगंज आदि स्थानों पर आने-जाने में सुगमता मिलेगी। 

ग्रामीणों ने कहा कि पुल बन जाने से तीन जिले के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी और विद्यार्थी भी उस पार स्थित अच्छे विद्यालयों में पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा एक दूसरे के सुख-दुःख, निमंत्रण एवं अन्य कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए अभी नाव का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अप्रोच मार्ग के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के बदले किसानों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है। इससे अब पुल व अप्रोच मार्ग के निर्माण में तेजी लाई जाएगी। मार्च तक पुल आवागमन के लिए खोल देने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन आज तक 8 साल बीतने को है यह कार्यक्रम पूरा नहीं हो सका है।
देवघर-विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित होने वाले प्रथम रक्तदान शिविर के पोस्टर का लोकार्पण।
देवघर: 11 जून 2026। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), देवघर एवं भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर 14 जून 2026 को आयोजित होने वाले विशेष रक्तदान शिविरके पोस्टर का आज एम्स देवघर में विधिवत लोकार्पण किया गया। यह रक्तदान शिविर विशेष महत्व रखता है क्योंकि एम्स देवघर के रक्त केंद्र (ब्लड सेंटर) के संचालन प्रारंभ होने के पश्चात यह पहला स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। पोस्टर का लोकार्पण एम्स देवघर के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने द्वारा किया गया। इस अवसर पर एम्स देवघर के अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) हरविंदर सिंह , रक्त केंद्र के डॉ. गिरीश सिंह क्षत्रिय, एमएस कार्यालय के प्रमुख नितीश कुमार पाण्डेय , एम्स कर्मचारी विवेक कुमार ओझा तथा भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के चेयरमैन जितेश राजपाल , वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल,कोषाध्यक्ष राजकुमार बर्नवाल, कार्यकारिणी सदस्य सुधांशु शेखर बर्नवाल एवं अर्चना भगत उपस्थित थे। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने ने कहा कि रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवाओं में से एक है। एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन प्रदान कर सकता है। उन्होंने युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया। अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) हरविंदर सिंह ने कहा कि सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। स्वैच्छिक रक्तदाता समाज के वास्तविक नायक हैं, जिनके सहयोग से अनेक जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने लोगों से रक्तदान को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने का आग्रह किया। रक्त केंद्र के प्रभारी अधिकारी (ओआईसी) डॉ. गिरीश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एम्स देवघर का रक्त केंद्र क्षेत्र के मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक सुरक्षित एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया है तथा प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित इस प्रथम रक्तदान शिविर में अधिकाधिक लोगों की सहभागिता की अपील की। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के चेयरमैन जितेश राजपाल ने कहा कि रेड क्रॉस का मूल उद्देश्य मानव सेवा है और रक्तदान इसका सबसे उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक सक्षम नागरिक को वर्ष में कम-से-कम एक बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए ताकि रक्त की कमी के कारण किसी भी मरीज का उपचार प्रभावित न हो। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल ने कहा कि रेड क्रॉस पिछले कई वर्षों से स्वैच्छिक रक्तदान को जन-आंदोलन बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। "ब्लड डोनेशन ऑन व्हील्स" जैसी अभिनव पहल का उद्देश्य रक्तदान को जन-जन तक पहुँचाना तथा अधिकाधिक युवाओं को इस जीवनदायी अभियान से जोड़ना है। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं नागरिकों से 14 जून को रक्तदान कर मानवता की सेवा में सहभागी बनने की अपील की। 14 जून 2026 को प्रातः 9:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक एम्स देवघर के रक्त केंद्र परिसर में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने तथा अधिकाधिक लोगों को रक्तदान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों ने सभी स्वस्थ नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं संस्थानों से इस पुनीत कार्य में सहभागिता कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा में योगदान देने की अपील की है। *एक बूंद मानवता की — रक्तदान, जीवनदान।* *आपका रक्तदान बचाएगा किसी की जान।*
बुद्ध की ज्ञानस्थली से निकला देश का नंबर-1 प्रतिभाशाली छात्र, AIR-1 शुभम कुमार समेत 18 मेधावियों का हुआ भव्य सम्मान

गया। भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली गया ने एक बार फिर पूरे देश में अपनी बौद्धिक पहचान का परचम लहराया है। जेईई एडवांस 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR)-1 हासिल कर इतिहास रचने वाले शुभम कुमार समेत 18 सफल छात्रों का शहर के हरिदास सेमिनरी ऑडिटोरियम में भव्य सम्मान किया गया। ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल गुरुकुल द्वारा आयोजित फेलिसिटेशन सेरेमनी में छात्रों की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह में गया नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव एवं शिक्षाविद् डॉ. शशि शेखर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समारोह को संबोधित करते हुए सफल छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शुभम कुमार और अन्य छात्रों की उपलब्धियां बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और यह साबित करती हैं कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

समारोह में जेईई एडवांस में सफलता प्राप्त करने वाले सभी 18 छात्रों को चांदी की चेन पहनाकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा छात्रों के अभिभावकों को भी शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।

सम्मान समारोह में शुभम कुमार ने अपनी सफलता का अनुभव साझा करते हुए कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। उन्होंने कहा कि 11वीं कक्षा से ही उन्होंने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर अध्ययन किया। कोटा में रहकर की गई कठिन मेहनत और अनुशासित तैयारी का ही परिणाम है कि उन्हें यह ऐतिहासिक सफलता मिली। उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि सफलता पाने के लिए ईमानदारी, समर्पण और लगातार प्रयास जरूरी है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो सफलता अवश्य मिलती है।

ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल गुरुकुल के निदेशक भीमराज प्रसाद ने कहा कि 18 छात्रों की सफलता ने विद्यालय का गौरव बढ़ाया है, लेकिन शुभम कुमार की उपलब्धि पूरे गया जिले के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि जिस धरती पर भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था, उसी धरती के बेटे ने देशभर में पहला स्थान हासिल कर यह साबित कर दिया है कि गया आज भी ज्ञान और प्रतिभा की राजधानी है। उन्होंने घोषणा की कि विद्यालय की ओर से संचालित सुपर-30 कार्यक्रम में अब कक्षा नौवीं से ही मेधावी छात्रों को निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी ताकि और अधिक छात्र राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकें।

पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर गया का नाम पूरे देश में रोशन किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसा अमूल्य धन है जिसे न कोई खरीद सकता है, न बेच सकता है और न ही बांट सकता है। शिक्षा ही वह शक्ति है जो व्यक्ति को नई पहचान और समाज को नई दिशा देती है।

नीति आयोग बैठक: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रखा झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का रोडमैप

नई दिल्ली : नीति आयोग की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के समग्र विकास पर बल दिया। उसकी विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और केंद्र से सहयोग की अपेक्षा की। समग्र विकास की विचारधारा को रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी, जब उसे मानव पूंजी से जोड़ा जाए।

उन्होंने झारखण्ड को केवल खनिज निकालने वाले राज्य के रूप में देखने की परंपरा से अलग विकास की यात्रा में साझेदार बनाने पर बल दिया। अपनी बातों को विस्तार से रखते हुए कहा कि राज्य के संसाधनों का राज्य में ही वैल्यू एडिशन हो, उससे जुड़ा मैनुफैक्चरिंग हो और राज्य की मानव पूंजी का उसमें उपयोग हो। उन्होंने केंद्र सरकार से क्रिटिकल मिनरल्स आधारित उद्योग विकसित करने के साथ साथ नॉलेज, रिसर्च और इनोवेशन के केंद्र विकसित करने में अपेक्षित सहयोग मांगा।

टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन-एनर्जी,लॉजिस्टिक्स और एग्रो- फ़ूड प्रोसेसिंग के बड़े निवेश को झारखंड में बढ़ावा देने की वकालत की। उन्होंने कहा कि माइनिंग और मिनरल्स क्षेत्र में एआई -बेस्ड मिनरल एक्सप्लोरेशन और सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिसेज को बढ़ावा देने और झारखंड को उद्योग एवं रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास जारी है। केंद्र सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन के हम आकांक्षी हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल को विकास का मूल आधार बताया।‘विकसित भारत के लक्ष्य के साथ राज्य को नई दिशा देने की बात कही।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 15 हजार के पास भवन नहीं है। इसके बावजूद पोषण अभियान और SAAMAR से कुपोषण में सुधार हुआ है। बच्चों को प्रतिदिन अंडा उपलब्ध कराया जा रहा है। 5000 नए आंगनबाड़ी भवन राज्य सरकार अपने संसाधनों से बना रही है।

शिक्षा क्षेत्र में पहल

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से अब IIT और मेडिकल में बच्चों का चयन होने लगा है । राज्य सरकार 5000 उत्कृष्ट विद्यालय बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने पीएम श्री और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की मांग रखी। झारखंड में NCERT का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का आग्रह भी किया गया।

कौशल विकास और रोजगार

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने राज्य की विकास योजनाओं का खाका रखते हुए कहा कि राज्य हर साल 1 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ रहा है। सारथी योजना के तहत 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। AI, EV, ड्रोन और सोलर जैसे क्षेत्रों में युवाओं को तैयार किया जा रहा है। 53 हजार महिलाओं को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाएं

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। श्री हेमंत सोरेन ने बताया कि राज्य में 1276 दवा दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। मेडिकल कॉलेजों में UG और PG सीट बढ़ाने का प्रस्ताव लंबित है। AI आधारित डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

खेल क्षेत्र में उपलब्धि

श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मांग की। खेल संघों में सुधार और पारदर्शिता की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया।

कृषि एवं पोषण

नीति आयोग की शासी परिषद की 11 वीं बैठक में श्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में 10 लाख से अधिक पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं।

1.5 लाख एकड़ में फलदार पौधरोपण किया गया है।

झारखंड का आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहा है। उन्होंने कृषि को कुपोषण से लड़ने के प्रभावी साधन के रूप में प्रस्तुत किया।

डिजिटल गवर्नेंस और डेटा

राज्य AI आधारित CM डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर भी काम जारी है। डेटा शेयरिंग को समयबद्ध बनाने का आग्रह केंद्र से किया गया। DBT में पारदर्शिता और डिजिटल धोखाधड़ी रोकने पर जोर दिया गया।

केंद्र से प्रमुख मांगें

जल जीवन मिशन की शेष 6000 करोड़ राशि जल्द जारी करने की मांग की गई।

कोयला कंपनियों पर 1.36 लाख करोड़ के बकाया भुगतान की बात उठाई गई।

DMFT के मानकों में संशोधन की आवश्यकता जताई गई।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाने का आग्रह किया गया।

स्कूली शिक्षा से संबंधित विभिन्न निधियों और योजनाओं को एकीकृत किया करने पर बल दिया गया

PPP मोड में 6 नए मेडिकल कॉलेजों में से 4 को स्वीकृति मिल चुकी है — शेष 2 की स्वीकृति भी शीघ्र प्रदान की जाए

झारखण्ड को राष्ट्रीय, एशियाई और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं तथा खेल महाकुंभों की मेजबानी का अवसर दिया जाए

झारखण्ड के 7 जिले DVC Command Area के अंतर्गत हैं और 12-13 जिले CCL, ECL एवं अन्य केंद्रीय उपक्रमों के उच्च Command Area में आते हैं। इन क्षेत्रों में सामाजिक आधारभूत संरचना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण और भूमि स्वामित्व संबंधी अनुमति प्रक्रियाओं में राज्य सरकार को आवश्यक छूट और सरलीकरण प्रदान किया जाए

जनपद की आठ ग्राम पंचायत बाल श्रम घोषित, ग्राम प्रधान होंगे सम्मानित
फर्रुखाबाद l जनपद को वर्ष 2027 में बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्यवाही
8 ग्राम पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया पूर्ण, 167 बच्चों को कराया गया मुक्त
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लिए गए संकल्प "बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश" के अंतर्गत वर्ष 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जनपद फर्रुखाबाद में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। जनपद के विकास खण्ड बढ़पुर की 05 और विकास खण्ड शमशाबाद की 03 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त कार्य को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभिन्न विभागीय टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की बैठकें आयोजित कर प्रस्ताव पारित कराए गए तथा विकास खण्ड स्तर पर ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों से भी अनुमोदन प्राप्त किया गया। तत्पश्चात जिला स्तर पर इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही आगामी एक वर्ष तक इन ग्राम पंचायतों की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण भी किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान में शिक्षा, पंचायत राज, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। जनपद की अन्य ग्राम पंचायतों को भी चरणबद्ध तरीके से बाल श्रम मुक्त बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु श्रम विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद के वार्ड सदस्यों के साथ बाल श्रम उन्मूलन विषयक गोष्ठी आयोजित की गई। उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया तथा उनके माध्यम से व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से बाल श्रम न कराने की अपील की गई। विधायक भोजपुर नागेन्द्र राठौर ने क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को श्रम में लगाने के स्थान पर शिक्षा से जोड़ें तथा उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें। वहीं ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष कृष्ण दत्त द्विवेदी ने जनपद के सभी ईंट भट्ठा संचालकों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से कोई कार्य न लें।
विशेष अभियान के प्रभावी संचालन हेतु जिला समन्वयक जीशान अंसारी, चाइल्ड राइट्स एसोसिएट (ए.वी.ए.) को जनपद में तैनात किया गया है, जो श्रम विभाग को तकनीकी एवं मैदानी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बाल श्रमिक कार्य करता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नम्बर 1098, 1800-102-7222 अथवा PENCIL पोर्टल पर उपलब्ध कराएं।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर 12 जून 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बाल श्रम मुक्त घोषित क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जनपद से बाल श्रम उन्मूलन समिति के सदस्य, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, जिला पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट  विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 45 से 50 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का किसी भी प्रतिष्ठान में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में सेवायोजकों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही करते हुए आर्थिक दण्ड एवं कारावास का प्रावधान है। इसी प्रकार 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक उद्योगों एवं प्रक्रियाओं में नियोजित करना भी प्रतिबंधित है।
उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया जाता है साथ ही निर्धारित दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है। किशोर श्रमिकों के नियोजन की स्थिति में भी कार्यघंटों, विश्राम अवधि, साप्ताहिक अवकाश तथा अभिलेख संधारण से संबंधित नियमों का पालन अनिवार्य है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि एक अप्रैल 2024 से 31 मई 2026 तक जनपद में संचालित विशेष निरीक्षण अभियानों के दौरान 142 निरीक्षणों में 167 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। जिन प्रतिष्ठानों पर बच्चे कार्यरत पाए गए, उनके स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई है।
उन्होंने कहा कि जनपद को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है, जो निरंतर भ्रमण कर बाल श्रम की रोकथाम हेतु निरीक्षण करेगी तथा दोषी प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराएगी।
जनपद प्रशासन ने सभी नागरिकों, व्यापारियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ईंट भट्ठा संचालकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।
जनपद की आठ ग्राम पंचायत बाल श्रम घोषित, ग्राम प्रधान होंगे सम्मानित
फर्रुखाबाद l जनपद को वर्ष 2027 में बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्यवाही
8 ग्राम पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया पूर्ण, 167 बच्चों को कराया गया मुक्त
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लिए गए संकल्प "बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश" के अंतर्गत वर्ष 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जनपद फर्रुखाबाद में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। जनपद के विकास खण्ड बढ़पुर की 05 और विकास खण्ड शमशाबाद की 03 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त कार्य को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभिन्न विभागीय टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की बैठकें आयोजित कर प्रस्ताव पारित कराए गए तथा विकास खण्ड स्तर पर ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों से भी अनुमोदन प्राप्त किया गया। तत्पश्चात जिला स्तर पर इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही आगामी एक वर्ष तक इन ग्राम पंचायतों की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण भी किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान में शिक्षा, पंचायत राज, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। जनपद की अन्य ग्राम पंचायतों को भी चरणबद्ध तरीके से बाल श्रम मुक्त बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु श्रम विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद के वार्ड सदस्यों के साथ बाल श्रम उन्मूलन विषयक गोष्ठी आयोजित की गई। उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया तथा उनके माध्यम से व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से बाल श्रम न कराने की अपील की गई। विधायक भोजपुर नागेन्द्र राठौर ने क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को श्रम में लगाने के स्थान पर शिक्षा से जोड़ें तथा उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें। वहीं ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष कृष्ण दत्त द्विवेदी ने जनपद के सभी ईंट भट्ठा संचालकों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से कोई कार्य न लें।
विशेष अभियान के प्रभावी संचालन हेतु जिला समन्वयक जीशान अंसारी, चाइल्ड राइट्स एसोसिएट (ए.वी.ए.) को जनपद में तैनात किया गया है, जो श्रम विभाग को तकनीकी एवं मैदानी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बाल श्रमिक कार्य करता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नम्बर 1098, 1800-102-7222 अथवा PENCIL पोर्टल पर उपलब्ध कराएं।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर 12 जून 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बाल श्रम मुक्त घोषित क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जनपद से बाल श्रम उन्मूलन समिति के सदस्य, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, जिला पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट  विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 45 से 50 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का किसी भी प्रतिष्ठान में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में सेवायोजकों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही करते हुए आर्थिक दण्ड एवं कारावास का प्रावधान है। इसी प्रकार 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक उद्योगों एवं प्रक्रियाओं में नियोजित करना भी प्रतिबंधित है।
उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया जाता है साथ ही निर्धारित दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है। किशोर श्रमिकों के नियोजन की स्थिति में भी कार्यघंटों, विश्राम अवधि, साप्ताहिक अवकाश तथा अभिलेख संधारण से संबंधित नियमों का पालन अनिवार्य है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि एक अप्रैल 2024 से 31 मई 2026 तक जनपद में संचालित विशेष निरीक्षण अभियानों के दौरान 142 निरीक्षणों में 167 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। जिन प्रतिष्ठानों पर बच्चे कार्यरत पाए गए, उनके स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई है।
उन्होंने कहा कि जनपद को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है, जो निरंतर भ्रमण कर बाल श्रम की रोकथाम हेतु निरीक्षण करेगी तथा दोषी प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराएगी।
जनपद प्रशासन ने सभी नागरिकों, व्यापारियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ईंट भट्ठा संचालकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।