श्रोताओं का दिल जीतने के लिए रॉकस्टार संगीत मासूम फिर तैयार
मुंबई। हिंदी संगीत जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके उभरते हुए कलाकार और रॉक-स्टार संगीत मासूम एक बार फिर श्रोताओं के दिलों को छूने के लिए तैयार हैं।
“दिल का खुदा”, “ब्रेकअप पार्टी” और “साजन के शहर” जैसी सुपरहिट प्रस्तुतियों की अपार सफलता के बाद अब उनका नवीनतम हिंदी संगीत एल्बम “बेदर्दी” संगीत प्रेमियों के बीच दस्तक देने जा रहा है।
“बेदर्दी” केवल एक संगीत एल्बम नहीं, बल्कि टूटे हुए दिलों की सच्ची आवाज़ है—ऐसी दास्तान, जो प्रेम, पीड़ा, बिछोह और भावनाओं की गहराई को सुरों के माध्यम से बयां करती है। इस गीत के प्रत्येक शब्द में दर्द की सच्चाई, प्रेम की कसक और आत्मा को छू लेने वाली संवेदनाएँ समाहित हैं, जो श्रोताओं को भीतर तक झकझोर देती हैं।
एल्बम की आत्मा को अपनी सशक्त और भावनात्मक गायकी से सजाया है प्रसिद्ध गायक अगम कुमार निगम ने, जिनकी आवाज़ इस एल्बम को और भी प्रभावशाली बनाती है। गीत के बोल मुकेश कुमार मासूम द्वारा रचे गए हैं, जो शब्दों के माध्यम से टूटे रिश्तों और अधूरी मोहब्बत की सच्चाई को बेहद खूबसूरती से उकेरते हैं। मुकेश कुमार मासूम समकालीन हिंदी साहित्य, सिनेमा और वैचारिक लेखन के एक संवेदनशील, प्रखर और बहुआयामी रचनाकार हैं। उनकी लेखनी की पहचान है—सरल भाषा में गहन भाव, तथ्यात्मक स्पष्टता के साथ साहित्यिक प्रवाह, और समकालीन समाज को दिशा देने वाला विचार। मुकेश कुमार मासूम स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन (SWA) तथा इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के सदस्य हैं, जो उनके सशक्त जुड़ाव को साहित्य और फिल्म उद्योग—दोनों से प्रमाणित करता है। वे बॉलीवुड में एक स्थापित गीतकार के रूप में भी जाने जाते हैं और “ दिल तोड़ने वाला , दिल का खुद निकला “ ( उदित नारायण ) , दारू सिगरेट छोड़ दे ( ममता शर्मा ) , जीवन एक अमृत है ( उदित नारायण ) , मेरे मन को ( उदित नारायण ) , भगवान जरूरी है ( अल्तमश फरीदी ) , खाटू श्याम जाना है ( अनूप जलोटा ) , जय भीम बोलो रे (मोहम्मद अज़ीज़ ) ब्रेकअप पार्टी ( हरमन नाज़िम ) , मेनू हँसके विदा कर दे ( शबाब साबरी ) , बौद्ध धर्म के अनुयाई (अनूप जलोटा ) उस बेदर्दी ने दिल तोड़ा ( अगम कुमार निगम ) जैसे अनेक सुपरहिट एवं लोकप्रिय गीतों की रचना कर चुके हैं। उन्होंने अगम कुमार निगम, समीर खान, ममता शर्मा, अल्तमश फ़रीदी, शबाब साबरी, स्वर्गीय मोहम्मद अज़ीज़, पद्मश्री कुमार शानू, पद्मश्री अनूप जलोटा, तथा पद्मश्री एवं पद्म भूषण उदित नारायण जैसे महान एवं प्रतिष्ठित गायकों के लिए गीत लिखे हैं। उनके गीतों में भावनात्मक गहराई, लोकसंवेदना और आत्मीयता स्पष्ट रूप से झलकती है।
फिलहाल वे सिनेविस्टा लिमिटेड जैसी सुप्रसिद्ध फिल्म / सीरियल मेकिंग फिल्म कंपनी सहित बॉलीवुड की लगभग सभी बड़ी हस्तियों के लिए लेखन कार्य कर रहे हैं ।एल्बम में संगीत मासूम के साथ खुशबू पोद्दार मुख्य भूमिका में नज़र आएंगी, जिनकी सशक्त प्रस्तुति गीतों की भावनात्मक गहराई को दृश्य रूप प्रदान करती है। उजाला मेहता ने भी शानदार अभिनय किया है। संगीत निर्देशन की कमान संभाली है रफ़ीक़ राजा ने, जिनकी धुनें दिल को छू लेने वाली हैं और लंबे समय तक स्मृति में बनी रहती हैं।एल्बम का निर्देशन अनिल मेहता ने किया है, जबकि नृत्य संयोजन संजय चौधरी द्वारा किया गया है, जो गीतों को दृश्यात्मक रूप से और भी प्रभावशाली बनाता है।“बेदर्दी” उन सभी दिलों की कहानी है, जिन्होंने कभी सच्चा प्रेम किया और टूटने का दर्द सहा। यह एल्बम भावनाओं की उस गहराई को छूता है, जहाँ शब्द कम और एहसास अधिक बोलते हैं। संगीत मासूम का यह नया प्रयास न केवल संगीत प्रेमियों को एक यादगार अनुभव देगा, बल्कि हिंदी संगीत जगत में एक गहरी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। मासूम फिल्म कंपनी का यह गीत बहुत ही कर्णप्रिय बन पडा़ है। यह हर उम्र के लोगों को पसंद आएगा। बता दें कि संगीत मासूम एक होनहार कलाकार है। उन्होंने सरोज खान से डांस सीखा है और रोशन तनेजा एक्टिंग एकेडमी से अभिनय का चार महीने का डिप्लोमा किया है।
5 min ago
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