अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का इसरो, श्रीहरिकोटा भ्रमण- सपनों को मिली नई उड़ान
* श्रमिक परिवारों के बच्चों ने देखी अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच को मिला नया आयाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और राष्ट्रीय उपलब्धियों से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा (SHAR) का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यह भ्रमण श्रमिक परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
इस शैक्षणिक भ्रमण में प्रदेश के सभी 18 अटल आवासीय विद्यालयों से चयनित कुल 36 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रत्येक विद्यालय से एक बालक एवं एक बालिका शामिल रहे। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहली हवाई यात्रा थी, जिसने उनके अनुभव को और भी अविस्मरणीय बना दिया।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता, अनुशासन एवं विज्ञान में अभिरुचि के आधार पर किया गया था। विमान यात्रा के माध्यम से श्रीहरिकोटा पहुँचने पर विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मगौरव और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह यात्रा केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए सपनों को नई दिशा देने वाली रही।
पूरे दिन चले इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने इसरो के प्रमुख तकनीकी एवं संचालन केंद्रों का अवलोकन किया, जिनमें लॉन्च पैड-1, लॉन्च पैड-2, मिशन कंट्रोल सेंटर तथा सैटेलाइट एवं रॉकेट असेंबली क्षेत्र शामिल रहे। इसरो के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने रॉकेट प्रक्षेपण, उपग्रह नियंत्रण, डेटा विश्लेषण और मिशन संचालन की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और वैज्ञानिकों से संवाद किया, जिससे उनकी जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नया आयाम मिला।
भ्रमण के उपरांत इसरो (SHAR) के निदेशक पद्मकुमार द्वारा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शनमूगा सुंदरम एवं सचिव श्रीमती पूजा यादव (उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड) उपस्थित रहीं। निदेशक महोदय ने विद्यार्थियों को इसरो की कार्यप्रणाली, वर्तमान एवं भावी अंतरिक्ष परियोजनाओं, गगनयान मिशन तथा भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की जानकारी दी और उन्हें नियमित अध्ययन, विज्ञान एवं गणित में रुचि तथा अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अटल आवासीय विद्यालय का मॉडल इसरो निदेशक को भेंट किया गया, जबकि इसरो की ओर से गगनयान मिशन का लघु मॉडल स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य निर्माण श्रमिक एवं निराश्रित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास, मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय स्तर के अवसर उपलब्ध कराना है। यह भ्रमण इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के अवसर प्रदान कर रही है।
भ्रमण से लौटने के बाद विद्यार्थियों ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार रॉकेट, वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष विज्ञान को इतनी निकटता से देखा है और अब वे भी वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। यह शैक्षणिक भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के जीवन में नई शुरुआत और उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
30 दिन में 100% घरों तक जलापूर्ति नहीं करने वाली कंपनियों पर होगी FIR: स्वतंत्र देव सिंह
* विन्ध्य व बुंदेलखंड में जल जीवन मिशन के कार्यों की जलशक्ति मंत्री ने की गहन समीक्षा

* धीमी प्रगति पर बीजीसीसी व एलएंडटी को अल्टीमेटम

* जनप्रतिनिधियों से संवाद नहीं करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

* पाइपलाइन कार्यों से क्षतिग्रस्त 97% सड़कों की मरम्मत पूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री  स्वतंत्र देव सिंह ने बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र के सभी घरों में 30 दिन के भीतर शत-प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि तय समयसीमा में कार्य पूरा न करने वाली कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जलशक्ति मंत्री ने सोमवार को जल निगम (ग्रामीण) के लखनऊ स्थित कार्यालय में विन्ध्य एवं बुंदेलखंड क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने परियोजनाओं में धीमी प्रगति पर कार्य कर रही बीजीसीसी और एलएंडटी कंपनियों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें अंतिम चेतावनी दी। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित कंपनी मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा के बाद मीडिया से बातचीत में जलशक्ति मंत्री ने बताया कि बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र की लगभग सभी परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। केवल 4-5 योजनाओं को छोड़कर शेष सभी योजनाओं में 100 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। अधिकतर गांवों में नियमित जलापूर्ति हो रही है। करीब तीन प्रतिशत गांवों में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने या अन्य तकनीकी कारणों से जलापूर्ति बाधित हुई है, जिसे तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम (ग्रामीण) के एमडी डॉ. राजशेखर तथा राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक प्रभाष कुमार उपस्थित रहे।

जलशक्ति मंत्री ने सभी जिलों के अधिशासी अभियंताओं एवं अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनप्रतिनिधियों से निरंतर संवाद बनाए रखें और योजनाओं की प्रगति की पूरी जानकारी साझा करें। ऐसा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। साथ ही अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए गए।

मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन गांवों में 100 प्रतिशत घरों में जलापूर्ति सुनिश्चित हो चुकी है, वहां 8 से 22 मार्च के बीच “जल उत्सव” मनाया जाएगा। इसके तहत राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ने प्रदेश के लगभग 22,000 गांवों में जल उत्सव आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है।

समीक्षा बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने जल सारथी ऐप का शुभारंभ किया। इस ऐप के माध्यम से जल जीवन मिशन से जुड़े प्रत्येक गांव की जानकारी, जलापूर्ति की स्थिति, परियोजनाओं पर हुए खर्च, निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति, संबंधित अधिकारियों के नाम एवं संपर्क नंबर उपलब्ध होंगे। ग्रामीण इस ऐप के जरिए जलापूर्ति से जुड़ी शिकायत दर्ज कर सकेंगे और शिकायत निस्तारण की स्थिति भी देख सकेंगे। यह ऐप एंड्रॉयड और एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा।

बैठक में पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि मार्च अंत तक सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत हर हाल में पूरी की जाए। अधिकारियों ने बताया कि बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने के दौरान लगभग 9,772 किलोमीटर सड़कों को क्षतिग्रस्त किया गया था, जिसके सापेक्ष अब तक 9,435 किलोमीटर (लगभग 97%) सड़कों की मरम्मत पूरी कर ली गई है। कुछ स्थानों पर वर्षा और जलभराव के कारण सड़कें दोबारा क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनका सुधार अभियान चलाकर कराया जा रहा है।
मगहर में सजेगा रंगमंच का उत्सव, प्रेमचंद से अहिल्याबाई तक दिखेगी नाट्य यात्रा
* संत कबीर अकादमी सभागार में चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का शुभारंभ, ‘मोटे राम का निमंत्रण’ से शानदार शुरुआत

संत कबीर नगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का आयोजन 9 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक संत कबीर अकादमी सभागार, मगहर में किया जा रहा है। इस चार दिवसीय नाट्य समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से विविध नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।
नाट्य समारोह के पहले दिन सोमवार को मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक ‘मोटे राम का निमंत्रण’ का मंचन किया गया। यह नाटक प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘निमंत्रण’ पर आधारित है, जिसका नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया। हास्य-व्यंग्य से भरपूर इस नाटक में सामाजिक ढोंग, लालच और झूठ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाटक की कथा में दिखाया गया कि किस प्रकार मोटे राम शास्त्री निमंत्रण के लालच में सात ब्राह्मणों के स्थान पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रानी साहिबा के दरबार में पहुंच जाते हैं। मित्र चिंतामणि द्वारा उनका झूठ उजागर होने के साथ नाटक सामाजिक सीख देते हुए समाप्त होता है। सधे हुए निर्देशन और जीवंत संवादों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मोटे राम शास्त्री की भूमिका में हरीश शर्मा ‘हंस’ तथा सोना देवी ने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नाट्य एवं सांस्कृतिक आयोजन न केवल कलाकारों को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
नाट्य समारोह के दूसरे दिन 10 फरवरी को के.पी. सक्सेना द्वारा लिखित नाटक ‘बाप रे बाप’ का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन योगेश पंवार करेंगे। यह प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन समिति, सहारनपुर द्वारा दी जाएगी।
तीसरे दिन 11 फरवरी को जे.पी. सिंह जयवर्धन रचित ‘दरोगाजी चोरी हो गई’ का मंचन होगा, जिसका निर्देशन अशोक लाल करेंगे। यह प्रस्तुति देवसु थियेटर आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ की ओर से होगी।
समारोह के अंतिम दिन 12 फरवरी को ऐतिहासिक विषय पर आधारित नाटक ‘कर्मयोगिनी अहिल्याबाई’ का मंचन किया जाएगा, जिसके लेखक एवं निर्देशक आशीष त्रिवेदी हैं। यह प्रस्तुति संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया द्वारा की जाएगी।
चार दिवसीय यह सम्भागीय नाट्य समारोह प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने और दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने समस्त रंगमंच प्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
श्रम विभाग: विंध्याचल के गोपालपुर में फर्जी लाभार्थियों पर डीएम ने एफआईआर दर्ज कराने का दिया निर्देश
करणी सेना के पत्र पर कार्यवाही

कूट रचित दस्तावेज लगाकर लिया गया लाभ


मिर्जापुर। जिलाधिकारी ने श्रम विभाग के भ्रष्टाचार मामले में करणी सेना के पत्र का संज्ञान लेते हुए  सहायक श्रम आयुक्त सतीश सिंह व थाना अध्यक्ष विंध्याचल को स्थानीय गोपालपुर प्रकरण पर मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।
करणी सेना जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने बताया कि, श्रम विभाग में 2021 से अब तक लगातार भ्रष्टाचार हो रहा है। करणी सेना ने भ्रष्टाचार मुद्दे को वरीयता देते हुए जिलाधिकारी को पत्रक देकर श्रम विभाग में अधिकारियों - कर्मचारियों की मिली भगत से तथा जानबूझकर अपात्रों को दिए गए हितलाभ पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की लगातार मांग की जाती रही है। श्री सिंह ने योजना में भ्रष्टाचार के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बिना विवाह के कन्या विवाह योजना तथा बिना प्रसव यानी कि बिना बच्चा जन्मे, कूट रचित दस्तावेज के सहारे मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना का बड़े पैमाने पर  2021 में लाभ दिया गया है। पहली जांच में 85 प्रतिशत फर्जी आवेदक पाए गए हैं, जो अपराध की गंभीरता को दर्शाता है। विंध्याचल के गोपालपुर में भी बिचौलिए की मदद से बंदर बाट की गई थी, जिसमें सभी दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की गई थी। आज जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एएलसी मिर्जापुर व थानाध्यक्ष विंध्याचल से तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर अवगत कराने का निर्देश दिया है, यह सच्चाई की जीत है।
ज्ञात हो कि, इस संबंध में इसके पूर्व मंगल तिवारी ने श्रमिकों के हित में अपनी आवाज उठाई थी और अब नतीजा सामने आ रहा है। आज वे यूनियन के माध्यम से मजदूरों की आवाज बने हुए हैं। 105 आवेदनों की जांच में जो लगभग 90 आवेदन फर्जी पाए गए हैं और विभाग ने वसूली की नोटिस जारी की है ये उसी का परिणाम है। इस विषय पर मंगल तिवारी कहते हैं कि उनके द्वारा जो पूर्व में भ्रष्टाचार को लेकर श्रमिक हित में अपात्रों की जगह पात्रों को लाभ मिलने सहित फर्जी मामले के जांच की आवाज उठाई गई थी उसी क्रम में 1072 आवेदनों की जांच में पहले चार और जून 2025 में 90 फर्जी मिले है।इसके लिए जिलाधिकारी मिर्जापुर से लेकर शासन तक पत्र लिखा गया था।90 खाता धारकों से वसूली की नोटिस जारी है, लेकिन विभाग अभी भी संदिग्ध आवेदनों पर जान बूझकर बिना अनुमति के भुगतान कर रहा है जो एक गंभीर विषय है। विभाग के कर्मचारियों अधिकारियों ने पात्र श्रमिकों की जगह अपात्र लोगों का चयन किया फिर उनके खाते में योजना का पैसा भी भिजवाया है जो अत्यंत गंभीर विषय है। विभाग की खुद की सिंडिकेट है जिसे विभाग के अधिकारी कर्मचारी से लेकर बाबू चलाते हैं ऐसे सिंडिकेट की जांच जरूर होनी चाहिए और किसी भी श्रमिक को जिन्हें जानबूझकर फंसाया गया हो ऐसे  निर्दोष लोगों पर एफआईआर नहीं होनी चाहिए बल्कि जिन्होंने जानबूझकर कूट रचित दस्तावेज का प्रयोग कर लाभ लिया या दिलवाया है ऐसे तथा जिन्होंने इसको  सुनियोजित ढंग से प्रश्रय दिया है उनकी तथा उनके संपत्ति की जांच होनी चाहिए।
मड़िहान जंगल में महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप, हत्या की आशंका
मड़िहान/मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी कला विंध्य विश्वविद्यालय के पास आज सुबह 45 वर्षीय महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान सोनभद्र जिले के घोरावल थाना क्षेत्र की तेतरी पत्नी रामपति के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, तेतरी विंध्य विश्वविद्यालय  में ठेकेदार के साथ मजदूरी करती थीं और रोजाना शाम 05 बजे काम खत्म कर घर लौटती थीं। इस दिन भी वह अपने सहकर्मी बलिराम मिस्त्री के साथ काम कर रही थीं। परिवार ने बताया कि पिछले 15 दिनों में तेतरी केवल एक-दो बार ही घर गई थीं। परिवार ने घटना के समय की जानकारी देते हुए बताया कि तेतरी के तीन बेटे और दो बेटियाँ हैं। बेटे सूरत में काम करते हैं, जबकि बेटी अपने ससुराल में रहती है। पति गलीचा बनाने का काम करते हैं। घटना से कुछ समय पहले महिला ने अपने पति से मोबाइल फोन पर बातचीत की थी, लेकिन अब उनका फोन बंद बताया जा रहा है।
संदिग्ध परिस्थितियों में घटना स्थल पर शव मिलने की स्थिति ने इलाके में सवाल खड़े कर दिए हैं। शव जंगल में पड़ा पाया गया और इसके पीछे के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। स्थानीय लोग और परिजन इसे संदिग्ध और हत्या की आशंका वाला मामला मान रहे हैं। पुलिस और फोरेंसिक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मृतका के अंतिम दिनों की गतिविधियों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से चल रही है और जल्द ही मौत के असली कारण का खुलासा किया जाएगा।
गैंगेस्टर एक्ट में वांछित 25,000 रुपये के इनामिया अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार
रमेश दूबे

संतकबीरनगर । पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना द्वारा चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद अमित कुमार के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद पंकज कुमार पाण्डेय की गठीत टीम द्वारा मु0अ0सं0 1010/ 2026 धारा 2(b)(1),2(b)(6),3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर से सम्बन्धित वांछित 25,000 रुपये के इनामिया अभियुक्त दयानन्द शर्मा पुत्र रामकमल निवासी गड़सरपार थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर को आज दिनाँक 09.02.2026 को विधिक नियमों का पालन करते हुये गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण
01. दयानन्द शर्मा पुत्र रामकमल निवासी गड़सरपार थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
आपराधिक इतिहास
01. मु0अ0सं0 563/2025 धारा 305b,317(2) बीएनएस थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
02. मु0अ0सं0 574/2025 धारा 305b,317(2) बीएनएस थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
03. मु0अ0सं0 575/2025 धारा 305b,317(2) बीएनएस थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम- प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमा पाण्डेय, उ0नि0 मनीष जायसवाल, का0 प्रशांत विक्रम सिंह, का0 बलराम यादव ।
राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर में सात दिवसीय अभिलेख-मुद्रा कार्यशाला का समापन, 70 प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र

गोरखपुर।राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में आयोजित सात दिवसीय “प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं–अभिरुचि कार्यशाला” का समापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम सोमवार को भव्य रूप से संपन्न हुआ। समापन सत्र के मुख्य अतिथि दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि मुद्राएं संस्कृति का कोड होती हैं, जिनसे इतिहास, राजनीति, अर्थव्यवस्था और धार्मिक परंपराओं की महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। उन्होंने प्रतिभागियों को मुद्राओं के संग्रह, उनके बदलते स्वरूप और उनसे प्राप्त ऐतिहासिक सूचनाओं के महत्व से अवगत कराया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग और राजकीय बौद्ध संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यशाला शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई है, जिससे शोध की गुणवत्ता में वृद्धि होती है। कार्यक्रम के दौरान कुलपति द्वारा कार्यशाला में भाग लेने वाले 70 सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। वहीं उत्कृष्ट रिपोर्ट प्रस्तुति के लिए गायत्री सिंह, अनुराधा सिंह, वैष्णवी दुबे, प्रिया राव, संदीप कुमार सरोज और मुनील कुमार को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।कार्यशाला के अंतर्गत राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला में दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी ने “अभिलेखों एवं मुद्राओं के आलोक में वैष्णव धर्म का विकास” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. राजवंत राव ने सभी सफल प्रतिभागियों को बधाई देते हुए विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।कार्यशाला संयोजक डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने सात दिवसीय कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस दौरान अभिलेख एवं मुद्राओं से जुड़े इतिहास पर कुल 09 व्याख्यान आयोजित किए गए, साथ ही प्रतिभागियों को संग्रहालय की विभिन्न वीथिकाओं का शैक्षिक भ्रमण भी कराया गया। समापन कार्यक्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्रो. सुजाता सहित गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. रामप्यारे मिश्र, प्रो. दिग्विजयनाथ मौर्य, प्रो. कमलेश गौतम, डॉ. पद्मजा, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. मणिन्द्र यादव सहित अनेक शिक्षाविदों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। प्रतिभागियों ने भी कार्यशाला के अपने अनुभव साझा किए।
मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद में 17 महिलाओं की सुनवाई, आयुक्त ने दो सप्ताह में निस्तारण के दिए निर्देश
*फायरिंग, दहेज उत्पीड़न से भूमि विवाद तक गूंजा महिला दर्द, शक्ति संवाद में प्रशासन सख्त*

*निष्पक्ष जांच व गिरफ्तारी की मांग, महिला जनसुनवाई में गंभीर मामलों पर आयुक्त का कड़ा रुख*

*धोखाधड़ी, घरेलू हिंसा और राजस्व विवादों पर फोकस, मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद बना न्याय का मंच*

*मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद में 17 महिलाओं की समस्याएं सुनी गईं, आयुक्त ने दो सप्ताह में निस्तारण के दिए निर्देश*

*गोण्डा 09 फरवरी 2026*।  -  सोमवार को देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान आयुक्त देवीपाटन मंडल ने दूर-दराज क्षेत्रों से आई कुल 17 महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण व निष्पक्ष समाधान अधिकतम दो सप्ताह के भीतर सुनिश्चित कराया जाए। इस अवसर पर अपर आयुक्त भी उपस्थित रहीं।

जनसुनवाई में थाना इटियाथोक क्षेत्र के ग्राम परना बगुलहा निवासी एक महिला ने अपराध संख्या 307/2025 में नामजद अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष विवेचना की मांग की। पीड़िता ने बताया कि गैंगेस्टर एक्ट में सजा पा चुके आरोपियों ने उसके पति पर जानलेवा फायर किया था, जिसमें वह बाल-बाल बच गए। चिकित्सकीय परीक्षण में फायर आर्म इंजरी की पुष्टि के बावजूद विवेचना में लापरवाही बरती जा रही है। साथ ही आरोपियों द्वारा लगातार दी जा रही धमकियों से परिवार की जान-माल की सुरक्षा को गंभीर खतरा बना हुआ है। महिला ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की गुहार लगाई।

इसी क्रम में करनैलगंज थाना क्षेत्र की एक महिला आसमा बानों ने दहेज उत्पीड़न, तीन तलाक और न्यायालय के आदेश के बावजूद गुजारा भत्ता न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर पति ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया तथा बिना तलाक दूसरी शादी कर ली। महिला ने मामले में जांच कर अभियुक्त की गिरफ्तारी की मांग की।

कटरा बाजार थाना क्षेत्र की एक वृद्ध महिला ननकई देवी ने जालसाजी और ठगी का गंभीर मामला उठाया। उन्होंने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने आधार व बैंक दस्तावेज लेकर कन्या विवाह सहायता योजना की धनराशि खाते में भिजवाकर धोखाधड़ी से निकाल ली, जिससे उनके विरुद्ध वसूली अधिपत्र जारी हो गया। पीड़िता ने आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कराने और वसूली की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।

वहीं तरबगंज तहसील क्षेत्र की लालमती ने भूमि विवाद से जुड़े प्रकरण में खड़ी गेहूं की फसल में किलाबंदी कराए जाने का विरोध दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि संबंधित आदेश के विरुद्ध अपील न्यायालय में लंबित है, जिसकी सुनवाई 11 फरवरी 2026 को निर्धारित है। इसके बावजूद किलाबंदी की तैयारी की जा रही है। महिला ने अपील निस्तारित होने तक किलाबंदी पर रोक लगाने की मांग की।

जनसुनवाई के दौरान आयुक्त ने सभी प्रार्थना पत्रों का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही वार्ता की और प्रत्येक प्रकरण में त्वरित, निष्पक्ष व समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मनरेगा के पुराने स्वरूप की बहाली की मांग व जन जागरण करने के लिए शुक्रवार को जनपद में होगी 20 किलोमीटर पदयात्रा* : अभिषेक सिंह राणा*
कांग्रेस की मासिक बैठक संपन्न, मतदाता सूची व मनरेगा पर सरकार को घेरा*
सुल्तानपुर,रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा की अध्यक्षता में पार्टी की मासिक बैठक संपन्न हुई। बैठक में ब्लॉक अध्यक्षों, जिला कमेटी के पदाधिकारियों व विधानसभा/ब्लॉक प्रभारियों की सक्रिय सहभागिता रही। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु एसआईआर (SIR) के माध्यम से मतदाता सूची में कथित रूप से की जा रही छेड़छाड़, मनरेगा योजना को कमजोर किए जाने का मुद्दा, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूती प्रदान करना, आगामी आंदोलनों एवं राजनीतिक कार्यक्रमों की रणनीति तय करना तथा पार्टी को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाना रहा। बैठक के दौरान संगठनात्मक स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से संबंधित अलग-अलग रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि मतदाता सूची से छेड़छाड़ लोकतंत्र की जड़ों पर सीधा प्रहार है। भाजपा सरकार सत्ता के दुरुपयोग के बल पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी हाल में सफल नहीं होने देगी। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत निकाली जा रही जन-जागरण पदयात्रा गरीबों, ग्रामीणों मजदूरों और किसानों के अधिकारों की आवाज है, जिसके माध्यम से सरकार की जनविरोधी नीतियों को जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा। यह पदयात्रा केवल रोजगार की मांग नहीं, बल्कि सम्मान, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने दो टूक कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों एवं बैठकों में लगातार अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है, क्योंकि संगठन में पद सम्मान के साथ साथ जिम्मेदारी भी होती है। बैठक में मनरेगा बचाओ संग्राम को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर जनपद सुल्तानपुर में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा 20 किलोमीटर की जन-जागरण पदयात्रा निकाली जाएगी। इस पदयात्रा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती बेरोजगारी, मजदूरी भुगतान में देरी और मनरेगा के तहत काम के अवसर घटाए जाने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 6-6 किलोमीटर की पदयात्रा आयोजित की गई। यह पदयात्रा 13 फरवरी को सदर (जयसिंहपुर), कादीपुर एवं सुल्तानपुर विधानसभा में तथा 14 फरवरी को इसौली एवं लंभुआ विधानसभा में निकाली जाएगी। कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि मनरेगा और गरीबों के अधिकारों पर हो रहे हमले नहीं रुके तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जिला कमेटी के प्रवक्ता सियाराम त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार जनविरोधी नीतियों के जरिए आम जनता की आवाज दबाने और उनके संवैधानिक अधिकारों को छीनने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन और प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष करेगी। जिला उपाध्यक्ष अजय पांडेय गुड्डू व निकलेश सरोज ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और बूथ-बूथ जाकर जनता को जागरूक करने का आह्वान किया। बैठक में संगठनात्मक एकता, अनुशासन और बूथ स्तर पर मजबूती पर विशेष जोर दिया गया तथा कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर निर्णायक संघर्ष छेड़ेगी। बैठक के अंत में संगठनात्मक एकता, अनुशासन, बूथ स्तर पर मजबूती तथा लोकतांत्रिक मूल्यों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को और तेज करने का सामूहिक संकल्प लिया गया। इस मौके पर उपाध्यक्ष अपरबल सिंह,आवेश अहमद, ममनून आलम, विजय पाल, ओम प्रकाश त्रिपाठी चौटाला, अरुण त्रिपाठी, इश्तियाक अहमद, विभु पांडे, नंदलाल मोर्य, चंद्रभान सिंह, देवेंद्र पांडे, हाजी इरफान, प्रदीप सिंह जनेश्वर उपाध्याय राजदेव पाल मनीष तिवारी इंद्रकेश शर्मा आदि पदाधिकारी गण उपस्थित रहे। भवदीय अभिषेक सिंह राणा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी सुल्तानपुर
हजारीबाग पुलिस की बड़ी सफलता: 38.80 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तस्कर गिरफ्तार

हजारीबाग। जिला पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सोमवार, 9 फरवरी 2026 को एक बड़ी कार्रवाई की है । बड़ा बाजार ओ०पी० क्षेत्र में की गई इस छापेमारी में भारी मात्रा में ब्राउन शुगर के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है ।

गुप्त सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई - पुलिस को सूचना मिली थी कि सिमरा रेस्ट हाउस, पेट्रोल पंप के पीछे नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री हो रही है । इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) अमित आनंद (भा०पु०से०) के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया । टीम ने बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया ।

लाखों की ड्रग्स और नकदी बरामद - तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 38.80 ग्राम ब्राउन शुगर और 10,100/- रुपये नकद बरामद किए गए । गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो० एजाज (30 वर्ष), पिता मो० उस्मान, निवासी यासिन गली, खिरागांव के रूप में हुई है । पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ईचाक से ब्राउन शुगर लाकर शहर के विभिन्न इलाकों में 300 से 500 रुपये की पुड़िया बनाकर बेचता था ।

पुराना अपराधी है मो० एजाज - पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है । उसके खिलाफ पूर्व में भी सदर (बड़ा बाजार) थाना में कांड संख्या 367/16 दर्ज है । इस ताजा मामले में पुलिस ने NDPS एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत कांड संख्या 46/26 दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है ।

पुलिस टीम: इस सफल छापेमारी में SDPO अमित आनंद, प्रशिक्षु डीएसपी प्रशांत कुमार, ओ०पी० प्रभारी पंकज कुमार, पु०अ०नि० गौतम उरांव और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे ।

अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का इसरो, श्रीहरिकोटा भ्रमण- सपनों को मिली नई उड़ान
* श्रमिक परिवारों के बच्चों ने देखी अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच को मिला नया आयाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और राष्ट्रीय उपलब्धियों से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा (SHAR) का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यह भ्रमण श्रमिक परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
इस शैक्षणिक भ्रमण में प्रदेश के सभी 18 अटल आवासीय विद्यालयों से चयनित कुल 36 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रत्येक विद्यालय से एक बालक एवं एक बालिका शामिल रहे। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहली हवाई यात्रा थी, जिसने उनके अनुभव को और भी अविस्मरणीय बना दिया।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता, अनुशासन एवं विज्ञान में अभिरुचि के आधार पर किया गया था। विमान यात्रा के माध्यम से श्रीहरिकोटा पहुँचने पर विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मगौरव और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह यात्रा केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए सपनों को नई दिशा देने वाली रही।
पूरे दिन चले इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने इसरो के प्रमुख तकनीकी एवं संचालन केंद्रों का अवलोकन किया, जिनमें लॉन्च पैड-1, लॉन्च पैड-2, मिशन कंट्रोल सेंटर तथा सैटेलाइट एवं रॉकेट असेंबली क्षेत्र शामिल रहे। इसरो के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने रॉकेट प्रक्षेपण, उपग्रह नियंत्रण, डेटा विश्लेषण और मिशन संचालन की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और वैज्ञानिकों से संवाद किया, जिससे उनकी जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नया आयाम मिला।
भ्रमण के उपरांत इसरो (SHAR) के निदेशक पद्मकुमार द्वारा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शनमूगा सुंदरम एवं सचिव श्रीमती पूजा यादव (उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड) उपस्थित रहीं। निदेशक महोदय ने विद्यार्थियों को इसरो की कार्यप्रणाली, वर्तमान एवं भावी अंतरिक्ष परियोजनाओं, गगनयान मिशन तथा भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की जानकारी दी और उन्हें नियमित अध्ययन, विज्ञान एवं गणित में रुचि तथा अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अटल आवासीय विद्यालय का मॉडल इसरो निदेशक को भेंट किया गया, जबकि इसरो की ओर से गगनयान मिशन का लघु मॉडल स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य निर्माण श्रमिक एवं निराश्रित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास, मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय स्तर के अवसर उपलब्ध कराना है। यह भ्रमण इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के अवसर प्रदान कर रही है।
भ्रमण से लौटने के बाद विद्यार्थियों ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार रॉकेट, वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष विज्ञान को इतनी निकटता से देखा है और अब वे भी वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। यह शैक्षणिक भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के जीवन में नई शुरुआत और उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
30 दिन में 100% घरों तक जलापूर्ति नहीं करने वाली कंपनियों पर होगी FIR: स्वतंत्र देव सिंह
* विन्ध्य व बुंदेलखंड में जल जीवन मिशन के कार्यों की जलशक्ति मंत्री ने की गहन समीक्षा

* धीमी प्रगति पर बीजीसीसी व एलएंडटी को अल्टीमेटम

* जनप्रतिनिधियों से संवाद नहीं करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

* पाइपलाइन कार्यों से क्षतिग्रस्त 97% सड़कों की मरम्मत पूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री  स्वतंत्र देव सिंह ने बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र के सभी घरों में 30 दिन के भीतर शत-प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि तय समयसीमा में कार्य पूरा न करने वाली कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जलशक्ति मंत्री ने सोमवार को जल निगम (ग्रामीण) के लखनऊ स्थित कार्यालय में विन्ध्य एवं बुंदेलखंड क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने परियोजनाओं में धीमी प्रगति पर कार्य कर रही बीजीसीसी और एलएंडटी कंपनियों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें अंतिम चेतावनी दी। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित कंपनी मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा के बाद मीडिया से बातचीत में जलशक्ति मंत्री ने बताया कि बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र की लगभग सभी परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। केवल 4-5 योजनाओं को छोड़कर शेष सभी योजनाओं में 100 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। अधिकतर गांवों में नियमित जलापूर्ति हो रही है। करीब तीन प्रतिशत गांवों में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने या अन्य तकनीकी कारणों से जलापूर्ति बाधित हुई है, जिसे तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम (ग्रामीण) के एमडी डॉ. राजशेखर तथा राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक प्रभाष कुमार उपस्थित रहे।

जलशक्ति मंत्री ने सभी जिलों के अधिशासी अभियंताओं एवं अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनप्रतिनिधियों से निरंतर संवाद बनाए रखें और योजनाओं की प्रगति की पूरी जानकारी साझा करें। ऐसा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। साथ ही अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए गए।

मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन गांवों में 100 प्रतिशत घरों में जलापूर्ति सुनिश्चित हो चुकी है, वहां 8 से 22 मार्च के बीच “जल उत्सव” मनाया जाएगा। इसके तहत राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ने प्रदेश के लगभग 22,000 गांवों में जल उत्सव आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है।

समीक्षा बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने जल सारथी ऐप का शुभारंभ किया। इस ऐप के माध्यम से जल जीवन मिशन से जुड़े प्रत्येक गांव की जानकारी, जलापूर्ति की स्थिति, परियोजनाओं पर हुए खर्च, निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति, संबंधित अधिकारियों के नाम एवं संपर्क नंबर उपलब्ध होंगे। ग्रामीण इस ऐप के जरिए जलापूर्ति से जुड़ी शिकायत दर्ज कर सकेंगे और शिकायत निस्तारण की स्थिति भी देख सकेंगे। यह ऐप एंड्रॉयड और एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा।

बैठक में पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि मार्च अंत तक सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत हर हाल में पूरी की जाए। अधिकारियों ने बताया कि बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने के दौरान लगभग 9,772 किलोमीटर सड़कों को क्षतिग्रस्त किया गया था, जिसके सापेक्ष अब तक 9,435 किलोमीटर (लगभग 97%) सड़कों की मरम्मत पूरी कर ली गई है। कुछ स्थानों पर वर्षा और जलभराव के कारण सड़कें दोबारा क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनका सुधार अभियान चलाकर कराया जा रहा है।
मगहर में सजेगा रंगमंच का उत्सव, प्रेमचंद से अहिल्याबाई तक दिखेगी नाट्य यात्रा
* संत कबीर अकादमी सभागार में चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का शुभारंभ, ‘मोटे राम का निमंत्रण’ से शानदार शुरुआत

संत कबीर नगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का आयोजन 9 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक संत कबीर अकादमी सभागार, मगहर में किया जा रहा है। इस चार दिवसीय नाट्य समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से विविध नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।
नाट्य समारोह के पहले दिन सोमवार को मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक ‘मोटे राम का निमंत्रण’ का मंचन किया गया। यह नाटक प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘निमंत्रण’ पर आधारित है, जिसका नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया। हास्य-व्यंग्य से भरपूर इस नाटक में सामाजिक ढोंग, लालच और झूठ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाटक की कथा में दिखाया गया कि किस प्रकार मोटे राम शास्त्री निमंत्रण के लालच में सात ब्राह्मणों के स्थान पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रानी साहिबा के दरबार में पहुंच जाते हैं। मित्र चिंतामणि द्वारा उनका झूठ उजागर होने के साथ नाटक सामाजिक सीख देते हुए समाप्त होता है। सधे हुए निर्देशन और जीवंत संवादों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मोटे राम शास्त्री की भूमिका में हरीश शर्मा ‘हंस’ तथा सोना देवी ने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नाट्य एवं सांस्कृतिक आयोजन न केवल कलाकारों को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
नाट्य समारोह के दूसरे दिन 10 फरवरी को के.पी. सक्सेना द्वारा लिखित नाटक ‘बाप रे बाप’ का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन योगेश पंवार करेंगे। यह प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन समिति, सहारनपुर द्वारा दी जाएगी।
तीसरे दिन 11 फरवरी को जे.पी. सिंह जयवर्धन रचित ‘दरोगाजी चोरी हो गई’ का मंचन होगा, जिसका निर्देशन अशोक लाल करेंगे। यह प्रस्तुति देवसु थियेटर आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ की ओर से होगी।
समारोह के अंतिम दिन 12 फरवरी को ऐतिहासिक विषय पर आधारित नाटक ‘कर्मयोगिनी अहिल्याबाई’ का मंचन किया जाएगा, जिसके लेखक एवं निर्देशक आशीष त्रिवेदी हैं। यह प्रस्तुति संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया द्वारा की जाएगी।
चार दिवसीय यह सम्भागीय नाट्य समारोह प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने और दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने समस्त रंगमंच प्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
श्रम विभाग: विंध्याचल के गोपालपुर में फर्जी लाभार्थियों पर डीएम ने एफआईआर दर्ज कराने का दिया निर्देश
करणी सेना के पत्र पर कार्यवाही

कूट रचित दस्तावेज लगाकर लिया गया लाभ


मिर्जापुर। जिलाधिकारी ने श्रम विभाग के भ्रष्टाचार मामले में करणी सेना के पत्र का संज्ञान लेते हुए  सहायक श्रम आयुक्त सतीश सिंह व थाना अध्यक्ष विंध्याचल को स्थानीय गोपालपुर प्रकरण पर मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।
करणी सेना जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने बताया कि, श्रम विभाग में 2021 से अब तक लगातार भ्रष्टाचार हो रहा है। करणी सेना ने भ्रष्टाचार मुद्दे को वरीयता देते हुए जिलाधिकारी को पत्रक देकर श्रम विभाग में अधिकारियों - कर्मचारियों की मिली भगत से तथा जानबूझकर अपात्रों को दिए गए हितलाभ पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की लगातार मांग की जाती रही है। श्री सिंह ने योजना में भ्रष्टाचार के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बिना विवाह के कन्या विवाह योजना तथा बिना प्रसव यानी कि बिना बच्चा जन्मे, कूट रचित दस्तावेज के सहारे मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना का बड़े पैमाने पर  2021 में लाभ दिया गया है। पहली जांच में 85 प्रतिशत फर्जी आवेदक पाए गए हैं, जो अपराध की गंभीरता को दर्शाता है। विंध्याचल के गोपालपुर में भी बिचौलिए की मदद से बंदर बाट की गई थी, जिसमें सभी दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की गई थी। आज जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एएलसी मिर्जापुर व थानाध्यक्ष विंध्याचल से तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर अवगत कराने का निर्देश दिया है, यह सच्चाई की जीत है।
ज्ञात हो कि, इस संबंध में इसके पूर्व मंगल तिवारी ने श्रमिकों के हित में अपनी आवाज उठाई थी और अब नतीजा सामने आ रहा है। आज वे यूनियन के माध्यम से मजदूरों की आवाज बने हुए हैं। 105 आवेदनों की जांच में जो लगभग 90 आवेदन फर्जी पाए गए हैं और विभाग ने वसूली की नोटिस जारी की है ये उसी का परिणाम है। इस विषय पर मंगल तिवारी कहते हैं कि उनके द्वारा जो पूर्व में भ्रष्टाचार को लेकर श्रमिक हित में अपात्रों की जगह पात्रों को लाभ मिलने सहित फर्जी मामले के जांच की आवाज उठाई गई थी उसी क्रम में 1072 आवेदनों की जांच में पहले चार और जून 2025 में 90 फर्जी मिले है।इसके लिए जिलाधिकारी मिर्जापुर से लेकर शासन तक पत्र लिखा गया था।90 खाता धारकों से वसूली की नोटिस जारी है, लेकिन विभाग अभी भी संदिग्ध आवेदनों पर जान बूझकर बिना अनुमति के भुगतान कर रहा है जो एक गंभीर विषय है। विभाग के कर्मचारियों अधिकारियों ने पात्र श्रमिकों की जगह अपात्र लोगों का चयन किया फिर उनके खाते में योजना का पैसा भी भिजवाया है जो अत्यंत गंभीर विषय है। विभाग की खुद की सिंडिकेट है जिसे विभाग के अधिकारी कर्मचारी से लेकर बाबू चलाते हैं ऐसे सिंडिकेट की जांच जरूर होनी चाहिए और किसी भी श्रमिक को जिन्हें जानबूझकर फंसाया गया हो ऐसे  निर्दोष लोगों पर एफआईआर नहीं होनी चाहिए बल्कि जिन्होंने जानबूझकर कूट रचित दस्तावेज का प्रयोग कर लाभ लिया या दिलवाया है ऐसे तथा जिन्होंने इसको  सुनियोजित ढंग से प्रश्रय दिया है उनकी तथा उनके संपत्ति की जांच होनी चाहिए।
मड़िहान जंगल में महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप, हत्या की आशंका
मड़िहान/मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी कला विंध्य विश्वविद्यालय के पास आज सुबह 45 वर्षीय महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान सोनभद्र जिले के घोरावल थाना क्षेत्र की तेतरी पत्नी रामपति के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, तेतरी विंध्य विश्वविद्यालय  में ठेकेदार के साथ मजदूरी करती थीं और रोजाना शाम 05 बजे काम खत्म कर घर लौटती थीं। इस दिन भी वह अपने सहकर्मी बलिराम मिस्त्री के साथ काम कर रही थीं। परिवार ने बताया कि पिछले 15 दिनों में तेतरी केवल एक-दो बार ही घर गई थीं। परिवार ने घटना के समय की जानकारी देते हुए बताया कि तेतरी के तीन बेटे और दो बेटियाँ हैं। बेटे सूरत में काम करते हैं, जबकि बेटी अपने ससुराल में रहती है। पति गलीचा बनाने का काम करते हैं। घटना से कुछ समय पहले महिला ने अपने पति से मोबाइल फोन पर बातचीत की थी, लेकिन अब उनका फोन बंद बताया जा रहा है।
संदिग्ध परिस्थितियों में घटना स्थल पर शव मिलने की स्थिति ने इलाके में सवाल खड़े कर दिए हैं। शव जंगल में पड़ा पाया गया और इसके पीछे के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। स्थानीय लोग और परिजन इसे संदिग्ध और हत्या की आशंका वाला मामला मान रहे हैं। पुलिस और फोरेंसिक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मृतका के अंतिम दिनों की गतिविधियों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से चल रही है और जल्द ही मौत के असली कारण का खुलासा किया जाएगा।
गैंगेस्टर एक्ट में वांछित 25,000 रुपये के इनामिया अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार
रमेश दूबे

संतकबीरनगर । पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना द्वारा चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद अमित कुमार के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद पंकज कुमार पाण्डेय की गठीत टीम द्वारा मु0अ0सं0 1010/ 2026 धारा 2(b)(1),2(b)(6),3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर से सम्बन्धित वांछित 25,000 रुपये के इनामिया अभियुक्त दयानन्द शर्मा पुत्र रामकमल निवासी गड़सरपार थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर को आज दिनाँक 09.02.2026 को विधिक नियमों का पालन करते हुये गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण
01. दयानन्द शर्मा पुत्र रामकमल निवासी गड़सरपार थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
आपराधिक इतिहास
01. मु0अ0सं0 563/2025 धारा 305b,317(2) बीएनएस थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
02. मु0अ0सं0 574/2025 धारा 305b,317(2) बीएनएस थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
03. मु0अ0सं0 575/2025 धारा 305b,317(2) बीएनएस थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम- प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमा पाण्डेय, उ0नि0 मनीष जायसवाल, का0 प्रशांत विक्रम सिंह, का0 बलराम यादव ।
राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर में सात दिवसीय अभिलेख-मुद्रा कार्यशाला का समापन, 70 प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र

गोरखपुर।राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में आयोजित सात दिवसीय “प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं–अभिरुचि कार्यशाला” का समापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम सोमवार को भव्य रूप से संपन्न हुआ। समापन सत्र के मुख्य अतिथि दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि मुद्राएं संस्कृति का कोड होती हैं, जिनसे इतिहास, राजनीति, अर्थव्यवस्था और धार्मिक परंपराओं की महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। उन्होंने प्रतिभागियों को मुद्राओं के संग्रह, उनके बदलते स्वरूप और उनसे प्राप्त ऐतिहासिक सूचनाओं के महत्व से अवगत कराया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग और राजकीय बौद्ध संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यशाला शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई है, जिससे शोध की गुणवत्ता में वृद्धि होती है। कार्यक्रम के दौरान कुलपति द्वारा कार्यशाला में भाग लेने वाले 70 सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। वहीं उत्कृष्ट रिपोर्ट प्रस्तुति के लिए गायत्री सिंह, अनुराधा सिंह, वैष्णवी दुबे, प्रिया राव, संदीप कुमार सरोज और मुनील कुमार को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।कार्यशाला के अंतर्गत राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला में दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी ने “अभिलेखों एवं मुद्राओं के आलोक में वैष्णव धर्म का विकास” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. राजवंत राव ने सभी सफल प्रतिभागियों को बधाई देते हुए विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।कार्यशाला संयोजक डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने सात दिवसीय कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस दौरान अभिलेख एवं मुद्राओं से जुड़े इतिहास पर कुल 09 व्याख्यान आयोजित किए गए, साथ ही प्रतिभागियों को संग्रहालय की विभिन्न वीथिकाओं का शैक्षिक भ्रमण भी कराया गया। समापन कार्यक्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्रो. सुजाता सहित गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. रामप्यारे मिश्र, प्रो. दिग्विजयनाथ मौर्य, प्रो. कमलेश गौतम, डॉ. पद्मजा, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. मणिन्द्र यादव सहित अनेक शिक्षाविदों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। प्रतिभागियों ने भी कार्यशाला के अपने अनुभव साझा किए।
मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद में 17 महिलाओं की सुनवाई, आयुक्त ने दो सप्ताह में निस्तारण के दिए निर्देश
*फायरिंग, दहेज उत्पीड़न से भूमि विवाद तक गूंजा महिला दर्द, शक्ति संवाद में प्रशासन सख्त*

*निष्पक्ष जांच व गिरफ्तारी की मांग, महिला जनसुनवाई में गंभीर मामलों पर आयुक्त का कड़ा रुख*

*धोखाधड़ी, घरेलू हिंसा और राजस्व विवादों पर फोकस, मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद बना न्याय का मंच*

*मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद में 17 महिलाओं की समस्याएं सुनी गईं, आयुक्त ने दो सप्ताह में निस्तारण के दिए निर्देश*

*गोण्डा 09 फरवरी 2026*।  -  सोमवार को देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान आयुक्त देवीपाटन मंडल ने दूर-दराज क्षेत्रों से आई कुल 17 महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण व निष्पक्ष समाधान अधिकतम दो सप्ताह के भीतर सुनिश्चित कराया जाए। इस अवसर पर अपर आयुक्त भी उपस्थित रहीं।

जनसुनवाई में थाना इटियाथोक क्षेत्र के ग्राम परना बगुलहा निवासी एक महिला ने अपराध संख्या 307/2025 में नामजद अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष विवेचना की मांग की। पीड़िता ने बताया कि गैंगेस्टर एक्ट में सजा पा चुके आरोपियों ने उसके पति पर जानलेवा फायर किया था, जिसमें वह बाल-बाल बच गए। चिकित्सकीय परीक्षण में फायर आर्म इंजरी की पुष्टि के बावजूद विवेचना में लापरवाही बरती जा रही है। साथ ही आरोपियों द्वारा लगातार दी जा रही धमकियों से परिवार की जान-माल की सुरक्षा को गंभीर खतरा बना हुआ है। महिला ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की गुहार लगाई।

इसी क्रम में करनैलगंज थाना क्षेत्र की एक महिला आसमा बानों ने दहेज उत्पीड़न, तीन तलाक और न्यायालय के आदेश के बावजूद गुजारा भत्ता न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर पति ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया तथा बिना तलाक दूसरी शादी कर ली। महिला ने मामले में जांच कर अभियुक्त की गिरफ्तारी की मांग की।

कटरा बाजार थाना क्षेत्र की एक वृद्ध महिला ननकई देवी ने जालसाजी और ठगी का गंभीर मामला उठाया। उन्होंने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने आधार व बैंक दस्तावेज लेकर कन्या विवाह सहायता योजना की धनराशि खाते में भिजवाकर धोखाधड़ी से निकाल ली, जिससे उनके विरुद्ध वसूली अधिपत्र जारी हो गया। पीड़िता ने आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कराने और वसूली की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।

वहीं तरबगंज तहसील क्षेत्र की लालमती ने भूमि विवाद से जुड़े प्रकरण में खड़ी गेहूं की फसल में किलाबंदी कराए जाने का विरोध दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि संबंधित आदेश के विरुद्ध अपील न्यायालय में लंबित है, जिसकी सुनवाई 11 फरवरी 2026 को निर्धारित है। इसके बावजूद किलाबंदी की तैयारी की जा रही है। महिला ने अपील निस्तारित होने तक किलाबंदी पर रोक लगाने की मांग की।

जनसुनवाई के दौरान आयुक्त ने सभी प्रार्थना पत्रों का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही वार्ता की और प्रत्येक प्रकरण में त्वरित, निष्पक्ष व समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मनरेगा के पुराने स्वरूप की बहाली की मांग व जन जागरण करने के लिए शुक्रवार को जनपद में होगी 20 किलोमीटर पदयात्रा* : अभिषेक सिंह राणा*
कांग्रेस की मासिक बैठक संपन्न, मतदाता सूची व मनरेगा पर सरकार को घेरा*
सुल्तानपुर,रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा की अध्यक्षता में पार्टी की मासिक बैठक संपन्न हुई। बैठक में ब्लॉक अध्यक्षों, जिला कमेटी के पदाधिकारियों व विधानसभा/ब्लॉक प्रभारियों की सक्रिय सहभागिता रही। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु एसआईआर (SIR) के माध्यम से मतदाता सूची में कथित रूप से की जा रही छेड़छाड़, मनरेगा योजना को कमजोर किए जाने का मुद्दा, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूती प्रदान करना, आगामी आंदोलनों एवं राजनीतिक कार्यक्रमों की रणनीति तय करना तथा पार्टी को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाना रहा। बैठक के दौरान संगठनात्मक स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से संबंधित अलग-अलग रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि मतदाता सूची से छेड़छाड़ लोकतंत्र की जड़ों पर सीधा प्रहार है। भाजपा सरकार सत्ता के दुरुपयोग के बल पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी हाल में सफल नहीं होने देगी। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत निकाली जा रही जन-जागरण पदयात्रा गरीबों, ग्रामीणों मजदूरों और किसानों के अधिकारों की आवाज है, जिसके माध्यम से सरकार की जनविरोधी नीतियों को जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा। यह पदयात्रा केवल रोजगार की मांग नहीं, बल्कि सम्मान, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने दो टूक कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों एवं बैठकों में लगातार अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है, क्योंकि संगठन में पद सम्मान के साथ साथ जिम्मेदारी भी होती है। बैठक में मनरेगा बचाओ संग्राम को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर जनपद सुल्तानपुर में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा 20 किलोमीटर की जन-जागरण पदयात्रा निकाली जाएगी। इस पदयात्रा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती बेरोजगारी, मजदूरी भुगतान में देरी और मनरेगा के तहत काम के अवसर घटाए जाने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 6-6 किलोमीटर की पदयात्रा आयोजित की गई। यह पदयात्रा 13 फरवरी को सदर (जयसिंहपुर), कादीपुर एवं सुल्तानपुर विधानसभा में तथा 14 फरवरी को इसौली एवं लंभुआ विधानसभा में निकाली जाएगी। कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि मनरेगा और गरीबों के अधिकारों पर हो रहे हमले नहीं रुके तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जिला कमेटी के प्रवक्ता सियाराम त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार जनविरोधी नीतियों के जरिए आम जनता की आवाज दबाने और उनके संवैधानिक अधिकारों को छीनने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन और प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष करेगी। जिला उपाध्यक्ष अजय पांडेय गुड्डू व निकलेश सरोज ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और बूथ-बूथ जाकर जनता को जागरूक करने का आह्वान किया। बैठक में संगठनात्मक एकता, अनुशासन और बूथ स्तर पर मजबूती पर विशेष जोर दिया गया तथा कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर निर्णायक संघर्ष छेड़ेगी। बैठक के अंत में संगठनात्मक एकता, अनुशासन, बूथ स्तर पर मजबूती तथा लोकतांत्रिक मूल्यों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को और तेज करने का सामूहिक संकल्प लिया गया। इस मौके पर उपाध्यक्ष अपरबल सिंह,आवेश अहमद, ममनून आलम, विजय पाल, ओम प्रकाश त्रिपाठी चौटाला, अरुण त्रिपाठी, इश्तियाक अहमद, विभु पांडे, नंदलाल मोर्य, चंद्रभान सिंह, देवेंद्र पांडे, हाजी इरफान, प्रदीप सिंह जनेश्वर उपाध्याय राजदेव पाल मनीष तिवारी इंद्रकेश शर्मा आदि पदाधिकारी गण उपस्थित रहे। भवदीय अभिषेक सिंह राणा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी सुल्तानपुर
हजारीबाग पुलिस की बड़ी सफलता: 38.80 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तस्कर गिरफ्तार

हजारीबाग। जिला पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सोमवार, 9 फरवरी 2026 को एक बड़ी कार्रवाई की है । बड़ा बाजार ओ०पी० क्षेत्र में की गई इस छापेमारी में भारी मात्रा में ब्राउन शुगर के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है ।

गुप्त सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई - पुलिस को सूचना मिली थी कि सिमरा रेस्ट हाउस, पेट्रोल पंप के पीछे नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री हो रही है । इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) अमित आनंद (भा०पु०से०) के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया । टीम ने बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया ।

लाखों की ड्रग्स और नकदी बरामद - तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 38.80 ग्राम ब्राउन शुगर और 10,100/- रुपये नकद बरामद किए गए । गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो० एजाज (30 वर्ष), पिता मो० उस्मान, निवासी यासिन गली, खिरागांव के रूप में हुई है । पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ईचाक से ब्राउन शुगर लाकर शहर के विभिन्न इलाकों में 300 से 500 रुपये की पुड़िया बनाकर बेचता था ।

पुराना अपराधी है मो० एजाज - पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है । उसके खिलाफ पूर्व में भी सदर (बड़ा बाजार) थाना में कांड संख्या 367/16 दर्ज है । इस ताजा मामले में पुलिस ने NDPS एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत कांड संख्या 46/26 दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है ।

पुलिस टीम: इस सफल छापेमारी में SDPO अमित आनंद, प्रशिक्षु डीएसपी प्रशांत कुमार, ओ०पी० प्रभारी पंकज कुमार, पु०अ०नि० गौतम उरांव और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे ।