परीक्षा शुल्क में 46% वृद्धि, अंकसूची सत्यापन शुल्क ₹5000 एवं प्रतिवर्ष 5% शुल्क वृद्धि का निर्णय छात्र विरोधी : अभाविप

रायपुर-  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), रायपुर महानगर ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा शुल्क, अंकसूची सत्यापन शुल्क तथा अन्य शैक्षणिक शुल्कों में की गई भारी वृद्धि का कड़ा विरोध किया है। परिषद का मानना है कि एक शासकीय विश्वविद्यालय का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती शिक्षा उपलब्ध कराना होता है, किंतु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हाल ही में लिए गए निर्णय छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने वाले तथा शिक्षा के बढ़ते व्यापारीकरण को बढ़ावा देने वाले हैं।

अभाविप ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेमेस्टर परीक्षा शुल्क ₹1075 एवं वार्षिक परीक्षा शुल्क ₹1085 को बढ़ाकर सीधे ₹1580 कर दिया है, जो लगभग 46 प्रतिशत की एकमुश्त वृद्धि है। यह वृद्धि विशेष रूप से गरीब, मध्यमवर्गीय एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न करेगी। इसके साथ ही आगामी सत्रों में प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत शुल्क वृद्धि का प्रावधान लागू करना यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के हितों की अपेक्षा राजस्व वृद्धि को प्राथमिकता दे रहा है। परिषद का मानना है कि इस प्रकार का निर्णय उच्च शिक्षा को आम विद्यार्थियों की पहुंच से दूर करने वाला है।

अभाविप ने अंकसूची एवं पाठ्यक्रम सत्यापन शुल्क को बढ़ाकर ₹5000 किए जाने के निर्णय पर भी गंभीर आपत्ति व्यक्त की है। परिषद के अनुसार नौकरी, उच्च शिक्षा अथवा अन्य शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए सत्यापन की आवश्यकता पड़ने वाले विद्यार्थियों एवं भूतपूर्व छात्रों के लिए इतनी बड़ी राशि देना अत्यंत कठिन होगा। इसी प्रकार उपाधि प्रमाण पत्र प्राप्त करते समय नाम अथवा अन्य विवरणों में सुधार के लिए ₹500 शुल्क निर्धारित करना भी अनुचित है, क्योंकि अनेक मामलों में त्रुटियां विश्वविद्यालय स्तर की लिपिकीय गलतियों के कारण उत्पन्न होती हैं, जिसका आर्थिक भार विद्यार्थियों पर नहीं डाला जाना चाहिए।

अभाविप रायपुर महानगर मंत्री सुजल गुप्ता ने कहा कि, “पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय छात्रों के हितों पर सीधा प्रहार है। एक ओर देश में उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाने का कार्य कर रहा है। परीक्षा शुल्क में 46 प्रतिशत की वृद्धि, प्रतिवर्ष शुल्क बढ़ाने का निर्णय अभाविप किसी भी परिस्थिति में छात्रों के हितों से समझौता नहीं होने देगा।

अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि परीक्षा शुल्क में की गई 46 प्रतिशत वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत शुल्क वृद्धि के निर्णय को निरस्त किया जाए, अंकसूली एवं पाठ्यक्रम सत्यापन शुल्क को युक्तिसंगत बनाया जाए तथा नामांकन एवं पंजीयन सुधार शुल्क को समाप्त किया जाए। परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्र हितों की अनदेखी करते हुए इन जनविरोधी निर्णयों को वापस नहीं लिया गया तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र समुदाय के साथ व्यापक एवं उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी ज्ञापन में मुख्य रूप से प्रदेश सह मंत्री प्रथम फूटाने, महानगर सह मंत्री आशीष, मन, शीतल,सुनाए, संकल्प, निखिल ,भागीरथी एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रतनपुर पमारान में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
बिना रजिस्ट्रेशन मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार, ग्रामीणों की जान से हो रहा खिलवाड़


अमृतपुर फर्रुखाबाद

फर्रुखाबाद के विकास खंड राजेपुर क्षेत्र के अंतर्गत राजपुर गुडेरा संपर्क मार्ग पर स्थित रतनपुर पमारान  में बिना पंजीकरण संचालित मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप डॉक्टरों का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की कथित अनदेखी के चलते अवैध रूप से चल रहे क्लीनिक और मेडिकल स्टोर ग्रामीणों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में कई मेडिकल स्टोर बिना वैध लाइसेंस के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। जबकि स्वयंभू डॉक्टर बिना किसी मान्यता प्राप्त डिग्री और चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का उपचार कर रहे हैं। मरीजों को मनमाने ढंग से दवाएं देकर मोटी रकम वसूली जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिससे अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों को मजबूरी में ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के पास इलाज कराने जाना पड़ रहा है। जिससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं।

क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि रतनपुर पमारान में संचालित अवैध मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर जांच कराई जाए तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
जबकि अवैध बंगाली डॉक्टर की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी प्रमित राजपूत द्वारा क्लीनिक को सील कर दिया गया था लेकिन जवाब दे नोटिस भी चश्मा किया गया था पता नहीं किस कारण वर्ष उसका फिर से क्लिनिक फलने फूलने लगा है क्या यही स्वास्थ्य व्यवस्था है और विभाग में बैठे अधिकारी भी मोटी रकम लेकर ऐसे बिना लाइसेंस धारक डॉक्टरों को शरण दे देते हैं जो अवैध तरीके से डॉक्टर कर रहे हैं
स्वदेशी जागरण मंच के प्रांतीय विचार वर्ग में स्वावलंबी भारत का रोडमैप तैयार, नई जिम्मेदारियों की घोषणा* :- *धर्मेंद्र को मिली बड़ी जिम्मेदारी*
सुल्तानपुर:-5 और 6 जून को स्वदेशी जागरण मंच काशी प्रांत एवं 'स्वावलंबी भारत अभियान' के संयुक्त तत्वावधान मे वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सेवा योजन भवन सभागार में दो दिवसीय प्रांतीय विचार वर्ग"भारत माता एवं दत्तोपंत ठेंगड़ी की प्रतिमा के समकक्ष दीप प्रज्वलित कर अत्यंत गरिमापूर्ण एवं उत्साहजनक शुभारंभ हुआ।

विचार वर्ग में अखिल भारतीय राष्ट्रीय सह संगठक माननीय सतीश जी,अखिल भारतीय सह संयोजक डा राजीव जी,अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डा विजय कुमार सिंह जी,क्षेत्र संयोजक व क्षेत्र समन्वयक अनुपम जी तथा प्रांत संयोजक डॉ अखिलेश त्रिपाठी जी का उद्बोधन प्राप्त हुआ। प्रांतीय विचार वर्ग के प्रथम दिन विभिन्न सत्रों के माध्यम से स्वरोजगार और एम.एस.एम.ई.की स्थापना को लेकर व्यापक रोडमैप तैयार किया गया।
इस दो दिवसीय वैचारिक अनुष्ठान का मूल उद्देश्य "स्वावलंबी भारत की ओर" बढ़ते हुए स्वदेशी, स्वाभिमान, ग्राम विकास और राष्ट्र निर्माण के पावन संकल्प को सुदृढ़ करना है।

उद्घाटन सत्र के पश्चात विचार वर्ग के प्रथम दिन का मुख्य वैचारिक सत्र लेते हुए मुख्य अतिथि *कुलपति वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रोफ़ेसर वंदना सिंह* ने महिला कार्य युवा कार्य एवं वरिष्ठ नागरिक आयाम ,विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये।
*अखिल भारतीय राष्ट्रीय सह संगठक माननीय सतीश जी* ने अपने ओजस्वी और दिशा-निर्देशक संबोधन में कहा कि विकसित भारत कि आधारशिला स्वदेशी और स्वावलंबन है उन्होंने कहा कि केवल सरकारी नौकरियों के माध्यम से देश के सभी युवाओं को औसर उपलब्ध नहीं कराये जा सकते इसलिए युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता की ओर बढ़ना होगा।
*अखिल भारतीय सह संयोजक श्री राजीव जी* ने अपने संबोधन में  स्थानीय उत्पादों कुटीर उद्योगों,कृषि आधारित उद्यमो तथा भारतीय तकनीक को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा की आज के युवाओं को नौकरी तलाशते वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनने का संकल्प लेना चाहिए।
*प्रांत संयोजक डॉ अखिलेश त्रिपाठी जी* ने अपने संबोधन में कहा की भारत की वास्तविक शक्ति उसकी आत्मनिर्भरता और स्वदेशी मूल्यों में निहित है। उन्होंने कहा, *"हमारी वर्तमान शिक्षा प्रणाली और युवा ऊर्जा को इस प्रकार समन्वित होना होगा कि वे केवल रोजगार की कतार में खड़े न हों, बल्कि स्वयं नए रोजगारों के सृजक (जॉब प्रोवाइडर) बनें।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जैसे देश के हर अग्रणी संस्थान युवाओं को नवाचार और स्टार्टअप की व्यावहारिक राह दिखाकर सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
*क्षेत्र संयोजक व क्षेत्र समन्वयक अनुपम  श्रीवास्तव जी* कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वावलंबी भारत अभियान आज देश के प्रत्येक नागरिक को आत्मनिर्भर बनाने का एक महायज्ञ है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ऋण लेने और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं से डरे बिना सरकार की कल्याणकारी और उद्यम-हितैषी योजनाओं का भरपूर लाभ उठाएं।साथ में अनुपम श्रीवास्तव ने विचार वर्ग के समापन सत्र के दौरान कार्यकर्ताओं के दायित्व की घोषणा अखिल भारतीय राष्ट्रीय सह संगठक माननीय सतीश जी,अखिल भारतीय सह संयोजक डा राजीव जी,अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डा विजय कुमार सिंह जी तथा प्रांत संयोजक डॉ अखिलेश त्रिपाठी की मौजूदगी में किया जिसमें *धर्मेंद्र द्विवेदी* प्रांत की जिम्मेदारी देते हुए सह प्रांत प्रचार विभाग प्रमुख एवं *नीलम त्रिपाठी* को विभाग महिला प्रमुख से प्रांत सह समन्वयक महिल की जिम्मेदारी दिया गया। सुल्तानपुर विभाग में *राजीव त्रिपाठी* को विभाग संयोजक, *सुश्री सुधा सिंह* जी को विभाग महिला समन्वयक, *डॉ अशोक मिश्रा जी* को विचार विभाग प्रमुख,  *विजय प्रधान जी* विभाग संपर्क प्रमुख एवं जिला संरक्षक,*सुरेश जी (एस राज ज्वैलर्स)* सह विचार विभाग प्रमुख,नवरंग सिंह एवं अधिवक्ता आशीष तिवारी को सह विभाग संयोजक, जिला वरिष्ठ आयाम प्रमुख अधिवक्ता सुरेंद्र जी,*गंगा सरण जिला संयोजक सुल्तानपुर*, जिला सहसंयोजक अजय सिंह एवं दीपक मिश्रा,*शालिनी त्रिपाठी* जिला महिला प्रमुख, जिला सह महिला प्रमुख हेमलता एवं शशि द्विवेदी, *रश्मि शुक्ला* जिला महिला समन्वयक,  *उर्मिला शर्मा* कादीपुर जिला महिला प्रमुख,  *पूजा श्रीवास्तव* जिला महिला समन्वयक , युवा उद्यमी प्रमुख ऋचा मालवीय, *जनार्दन यादव को जिला सह संपर्क प्रमुख*,जिला महिला संपर्क प्रमुख पूजा यादव एवं सह महिला संपर्क प्रमुख रुचि श्रीवास्तव, जिला विचार महिला प्रमुख दीपा मिश्रा ज्योतिषाचार्य एवं जिला सह विचार महिला प्रमुख सुनीता सिंह,जिला पर्यावरण विभाग महिला अनुराधा सोनी जिला सह पर्यावरण विभाग महिला गुंजन श्रीवास्तव, जिला प्रचार विभाग प्रमुख ईश्वर दत्त पांडे जिला सह प्रचार विभाग प्रमुख संजय मिश्रा (मिश्रा ढाबा),सुल्तानपुर के स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई
कार्यक्रम में काशी प्रांत एवं सुल्तानपुर विभाग के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने स्वदेशी, स्वावलंबी एवं विकसित भारत के निर्माण हेतु पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।।कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् गीत से किया गया।
20 पीएचसी पर लगेगी बॉयोमैट्रिक हाजिरी, रुकेगी मनमानी
*सिलिंडर के दाम बढ़ने से 5 लाख उपभोक्ता पर महंगाई की मार*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीनें लगाई जाएंगे। इससे डॉक्टरों और कर्मचारियों की लेटलतीफी पर अंकुश लगेगा। स्वास्थ्य विभाग इसकी कवायद में जुट गया है। अगस्त से यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी। जिले में तीन राजकीय जिला अस्पताल, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जिला अस्पताल और सीएचसी में यह व्यवस्था पहले से ही है, लेकिन पीएचसी में अभी रजिस्टर पर ही हाजिरी लगाई जाती है। ऐसे में इन केंद्रों पर डॉक्टर और कर्मचारी समय से नहीं पहुंचते। कोई वाराणसी तो कोई प्रयागराज से ड्यूटी करने आता है। इसको लेकर शिकायतें भी मिलती रहती हैं। अधिकारियों के निरीक्षण में भी कई बार ऐसी मनमानी पकड़ी जा चुकी है। इसलिए सभी पीएचसी पर भी बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीन लगाई जाएगी। चकटोडर, हरिहरपुर, लालानगर, डेरवा, जयरामपुर, मानिकपुर, गिर्दबड़गांव सहित 20 पीएचसी पर रोज 1000 से 1200 मरीजों की ओपीडी होती है। बायोमेट्रिक मशीन लगने के बाद डॉक्टरों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज होगी। इसके आधार पर ही वेतन मिलेगा। इससे अस्पताल देरी से आने वाले और समय से पहले चले जाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी पर रोक लग सकेगी।



पीएचसी पर लोगों को बेहतर सुविधाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है। कुछ अस्पतालों में लेटलतीफी की शिकायतें मिलती हैं। इसलिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था की जा रही है। अगस्त में सभी पीएचसी पर मशीनें लगाने का काम शुरू किया जाएगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
नवीन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सेवायोजकों को किया गया जागरूक
* श्रम न्याय सेतू पोर्टल का लाइव डेमो, श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए शिविर

लखनऊ। केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संचालित ‘‘12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के’’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 05 जून से 21 जून 2026 तक चलाए जा रहे समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को अपर श्रमायुक्त कार्यालय, लखनऊ में नवीन श्रम संहिताओं पर संवाद कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में श्रम विभाग के अधिकारियों, विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों तथा सेवायोजकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अपर श्रमायुक्त श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव ने मजदूरी संहिता-2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020, औद्योगिक संबंध संहिता-2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशाएं संहिता-2020 के प्रमुख प्रावधानों, उद्देश्यों एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवीन श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों को अधिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, श्रम कानूनों को सरल बनाना तथा उद्योगों और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने सेवायोजकों से अपेक्षा की कि वे संहिताओं की मूल भावना के अनुरूप उनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करें।
कार्यशाला के दौरान उपस्थित नियोक्ताओं एवं उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा श्रम संहिताओं से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाएं एवं प्रश्न प्रस्तुत किए गए, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से समाधान किया गया। साथ ही सेवायोजकों से आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठानों में अन्य नियोक्ताओं और कर्मचारियों को भी इन प्रावधानों के संबंध में जागरूक करें। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश नियमावलियों के प्रकाशन के उपरांत पुनः व्यापक स्तर पर संवाद कार्यक्रम आयोजित कर सेवायोजकों को अनुपालन संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यशाला में श्रीमती शिप्रा चतुर्वेदी, सहायक श्रमायुक्त, यादवेन्द्र सिंह, संतोष कुमार, अंकित सिंह, शरद, राकेश कुमार पाल, पल्लवी सिंह, अरुण कुमार पाण्डेय, मोहम्मद इम्तेयाज अहमद अंसारी, राम कुमार एवं पंकज कुमार शुक्ला सहित श्रम विभाग के अधिकारी एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं प्रतिष्ठानों जैसे करम इंडस्ट्री, सरोजनीनगर इंडस्ट्रियल एरिया के प्रतिनिधि, एवररेडी, इन्कॉर्डिओं राइट्स, आमा हर्बल, होटल उद्योग तथा अन्य प्रतिष्ठानों के एचआर प्रबंधक एवं सेवायोजक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसी क्रम में श्रम न्याय सेतू पोर्टल के माध्यम से श्रम वादों के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के लिए उपलब्ध डिजिटल व्यवस्था के संबंध में जागरूकता कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। सहायक श्रमायुक्त श्रीमती शिप्रा चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में वरिष्ठ सहायक श्री दिव्य प्रकाश पाण्डेय ने पोर्टल का लाइव डेमो प्रस्तुत कर इसकी कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित पक्षकारों ने पोर्टल को और अधिक प्रभावी एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए।
इसके अतिरिक्त अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु प्रदेश के विभिन्न विकास खंडों में स्टॉल एवं शिविर लगाए गए। इन शिविरों में निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण, योजनाओं की जानकारी तथा पात्र लाभार्थियों के आवेदन कराने की व्यवस्था की गई, जिससे अधिकाधिक श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से श्रमिकों, नियोक्ताओं एवं आम नागरिकों को श्रम कानूनों, डिजिटल सेवाओं तथा श्रमिक कल्याण योजनाओं से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है, जिससे श्रम क्षेत्र में सुशासन और पारदर्शिता को और अधिक मजबूती मिल सके।
जनता दर्शन में दिखा सरकार के प्रति लोगों का विश्वास

* जनता के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित, प्रभावी एवं न्यायपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी। दूर-दराज से आए नागरिकों की सुविधा के दृष्टिगत शीतल पेयजल, शरबत एवं मिठाई की विशेष व्यवस्था भी की गई थी। उप मुख्यमंत्री स्वयं लोगों के बीच पहुंचे, एक-एक फरियादी से मिले और उनकी समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना।
इस अवसर पर भूमि एवं राजस्व विवाद, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, विद्युत एवं पेयजल, पुलिस प्रशासन, शिक्षा तथा रोजगार से संबंधित बड़ी संख्या में प्रकरण प्रस्तुत किए गए। उप मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
श्री मौर्य ने कहा कि जनता दर्शन केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद का सशक्त माध्यम है। इससे शासन-प्रशासन को जमीनी वास्तविकताओं की जानकारी प्राप्त होती है तथा समस्याओं के समाधान की दिशा में त्वरित और प्रभावी कदम उठाने में सहायता मिलती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक को न्याय दिलाने और उसे शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे तथा किसी भी पीड़ित को न्याय पाने के लिए अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर शिथिलता, लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए।
श्री मौर्य ने विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की संवेदनशीलता का वास्तविक स्वरूप तभी दिखाई देता है, जब समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को समय पर राहत और न्याय प्राप्त हो।
भूमि विवाद एवं अवैध कब्जों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को मौके पर भेजकर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा प्रभावी एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि पर अवैध कब्जा, उत्पीड़न अथवा दबंगई के मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
जनसुनवाई के दौरान उप मुख्यमंत्री ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का हरसंभव समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सम्मानजनक, पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रशासन उपलब्ध कराना है।
लखीमपुर से श्रीमती रामकली, प्रतापगढ़ से    अभिषेक कुमार, हाथरस से सन्तोष कुमार, मेरठ से अरूण कुमार, प्रयागराज से शमला भारतीय सीतापुर से  श्रीमती गीतादेवी ने भूमि विवाद से सम्बन्धित प्रकरण रखे, सभी प्रकरणो में उप मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम भेजकर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाय।अमौसी (लखनऊ) से आये मनीष सिंह ने सड़क बनवाये जाने का अनुरोध किया, प्रतापगढ़ की श्रीमती सोनी के आवास आवंटन के अनुरोध पर उप मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि पात्रता की जांच कराते हुये निष्पक्ष रूप से नियमानुसार आवास देने के सम्बन्ध मे कार्यवाही की जाय। लखनऊ के राजाराम मौर्य ने भूमि की हदबरारी कराकर सीमांकन कराये जाने का अनुरोध किया। मथुरा के जुगेन्द्र ने अपनी पुत्री का मेडिकल कराये जाने का प्रार्थना पत्र दिया। बलिया की श्रीमती केशिया ने विधवा पेंशन दिलाने का अनुरोध किया।  उप मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणो पर नियमानुसार  कार्यवाही करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियो को दिये। उप मुख्यमंत्री ने समस्याओं के निस्तारण के बावत
कई अधिकारियो से दूरभाष पर वार्ता भी किया।
श्री मौर्य ने कहा कि "जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समाधान कर उसे न्याय दिलाना सरकार की प्रतिबद्धता है। जन समस्याओं का निस्तारण भी होगा और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा
मुख्य विकास अधिकारी महोदय की अध्यक्षता में योग सप्ताह 2026 एवं 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक हुई आयोजित
         
सुलतानपुर,मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में योग सप्ताह 2026 (15 जून से 21 जून, 2026) एवं 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून, 2026) के सफल आयोजन के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
      
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा बताया गया कि जनपद स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम 21 जून, 2026 को पर्यावरण पार्क, सीताकुण्ड के निकट आयोजित किया जाएगा। इसके पूर्व 15 जून, 2026 से जनपद में योग सप्ताह का शुभारम्भ किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को योग सप्ताह एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम *“Yoga for Healthy Ageing”*  निर्धारित है।
     
मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि उनके अधीन संचालित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में योग सप्ताह के दौरान नियमित योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को अधीनस्थ विद्यालयों में 15 जून से 21 जून तक योग सप्ताह मनाए जाने के निर्देश दिए। 14 दिवसीय योग अभ्यास कार्यक्रम में प्रतिभाग करने हेतु विशेष लिंक https://mo.habit.yoga/red=uttarpradesh
एवं समर्पित टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 के माध्यम से पंजीकरण एवं योगाभ्यास कार्यक्रम संचालित है। योग सप्ताह के दौरान आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रमों तथा परिवार के साथ किए गए योग के छायाचित्र एवं वीडियो ‘आयुष कवच’ ऐप पर अपलोड कर प्रतिभागिता दर्ज कराई जा सकती है।
         
मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने सभी संबंधित विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिकाधिक लोगों को योग सप्ताह एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों से जोड़ने का आह्वान किया।
       
बैठक में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला क्रीड़ाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, प्रबंधक (आयुष), क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, मास्टर ट्रेनर सुनील दत्त तिवारी, चेयरमैन रेड क्रॉस सोसाइटी सहित पतंजलि योग संस्थान, आर्ट ऑफ लिविंग, ब्रह्मकुमारी एवं अन्य योग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मोबाइल छीनने वाले गिरोह के 5 शातिर अपराधी गिरफ्तार, भेजा जेल*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* कोतवाली क्षेत्र कछौना के अंतर्गत छनौती व चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कछौना पुलिस तत्परता दिखाते हुए अपराधियों को पकड़ कर जेल भेज दिया। कोतवाली कछौना क्षेत्र के ग्राम नारायण देव युवक से डबल नहर कलौली पुल पर दो मोटरसाइकिल सवारों ने युवक से मोबाइल छीनकर फरार हो गए थे। इस घटना से क्षेत्र के लोगों में पुलिस कार्यशैली को लेकर अविश्वास पैदा हो गया था। पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक ने कछौना पुलिस को साफ शब्दों में कड़ी कार्यवाई करने का निर्देश दिया। पुलिस टीम गठित कर लखनऊ पलिया हाईवे पर कटियामऊ के पास अभियुक्त गणों मोनू कुमार पुत्र पुत्तीलाल थाना कासिमपुर, शिवा पुत्र तारा शंकर निवासी मियागंज थाना आसीवन जनपद उन्नाव, राज पुत्र मटरू कश्यप निवासी मियागंज थाना आसीवन, अनूप कुमार पुत्र रोशन लाल निवासी असही थाना कासिमपुर, बाल अपचारी थाना आसीवन जनपद उन्नाव को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया। इस घटना से अपराधियों को कर एक मैसेज गया। बेरोजगारी, नशाखोरी, सट्टाबाजी के कारण आपराधिक घटनाओं में इजाफा हो गया है। जिससे नए युवा अपराधिक घटनाओं में लिप्त होकर अंजाम दे रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों ने बताया सांय को कछौना पुलिस को डबल नहर कलौली पुलिया, पावर हाउस मार्ग सुठेना अंडर पास, देवनपुर फाटक, रानी बाग, दनई रेलवे फाटक आदि स्थानों पर मुस्तैद होनी चाहिए। जिससे अपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
हाईकोर्ट ने दी नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात की अनुमति।
रितेश मिश्रा
हरदोई समाधान अभियान एवं इंडिया पेस्टीसाइड्स लिमिटेड के साझा प्रयास “चुप्पी तोड़; हल्ला बोल” के अंतर्गत पीड़िता को आवश्यक विधिक सहायता प्रदान की गई। हाई कोर्ट के अधिवक्ता ईशान गर्ग एवं प्राची आर्या द्वारा याचिका दायर किए जाने के उपरांत इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने हरदोई जनपद की 15 वर्षीय नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के 21 सप्ताह 2 दिन के अनचाहे गर्भ को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति प्रदान की। माननीय न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान एवं माननीय न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र समंत की खंडपीठ ने केजीएमयू, लखनऊ स्थित गांधी मेमोरियल एवं एसोसिएटेड हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को गर्भपात की प्रक्रिया सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया तथा भ्रूण को सुरक्षित रखने का आदेश भी दिया, ताकि डीएनए परीक्षण के माध्यम से अभियुक्त की संलिप्तता की पुष्टि की जा सके। याचिका में कहा गया था कि पीड़िता मात्र 15 वर्ष की है और दुष्कर्म की घटना के कारण वह अनचाहे गर्भ के साथ जीवन यापन करने विवश है। मामले में पूर्व में गठित मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पीड़िता लगभग 21 सप्ताह 2 दिन के गर्भ से है तथा चिकित्सकीय प्रक्रिया द्वारा गर्भपात संभव है, हालांकि प्रत्येक चिकित्सा प्रक्रिया में कुछ जोखिम एवं जटिलताएं निहित रहती हैं। मेडिकल रिपोर्ट पर विचार करने के पश्चात न्यायालय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हरदोई को निर्देश दिया कि पीड़िता को एंबुलेंस द्वारा केजीएमयू भेजा जाए, जहां एक से दो दिनों के भीतर आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रिया संपन्न कराई जाए। यह आदेश पीड़िता के स्वास्थ्य, गरिमा एवं न्याय के अधिकार को ध्यान में रखते हुए पारित किया गया।
शाहबाद क्षेत्र के परियल में निरीक्षण के दौरान एसडीएम पर पथराव
रितेश मिश्रा
शाहाबाद के परियल गांव में निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम पर महिलाओं ने किया पथराव, सिर में आई चोट; डीएम बोले- दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई, किसी को नहीं बख्शा जाएगा।हरदोई। शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के परियल गांव में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब निरीक्षण करने पहुंचे उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सुशील कुमार मिश्रा पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। घटना में एसडीएम के सिर में चोट लग गई, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहाबाद भेजा गया।जानकारी के अनुसार, एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा गांव परियल में निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान ग्राम प्रधान के पुत्र द्वारा उनके साथ कथित रूप से अभद्रता की गई। बताया जा रहा है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसडीएम ने प्रधान पुत्र को अपने पास बैठा लिया। इसके बाद मामला और अधिक तनावपूर्ण हो गया।आरोप है कि ग्राम प्रधान के नेतृत्व में कई महिलाएं मौके पर पहुंच गईं और प्रधान पुत्र को छुड़ाने का प्रयास करने लगीं। इसी दौरान वहां विवाद बढ़ गया और पथराव शुरू हो गया। पथराव में एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा के सिर में चोट लग गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई। घायल एसडीएम को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहाबाद ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी प्रफुल्ल त्रिपाठी भी मौके के लिए रवाना हो गए।घटना पर जिलाधिकारी अनुनय झा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने कहा कि एसडीएम के साथ अभद्रता और पथराव की घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी और उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि कोई व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली या रसूखदार क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। घटना के बाद गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है...
परीक्षा शुल्क में 46% वृद्धि, अंकसूची सत्यापन शुल्क ₹5000 एवं प्रतिवर्ष 5% शुल्क वृद्धि का निर्णय छात्र विरोधी : अभाविप

रायपुर-  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), रायपुर महानगर ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा शुल्क, अंकसूची सत्यापन शुल्क तथा अन्य शैक्षणिक शुल्कों में की गई भारी वृद्धि का कड़ा विरोध किया है। परिषद का मानना है कि एक शासकीय विश्वविद्यालय का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती शिक्षा उपलब्ध कराना होता है, किंतु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हाल ही में लिए गए निर्णय छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने वाले तथा शिक्षा के बढ़ते व्यापारीकरण को बढ़ावा देने वाले हैं।

अभाविप ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेमेस्टर परीक्षा शुल्क ₹1075 एवं वार्षिक परीक्षा शुल्क ₹1085 को बढ़ाकर सीधे ₹1580 कर दिया है, जो लगभग 46 प्रतिशत की एकमुश्त वृद्धि है। यह वृद्धि विशेष रूप से गरीब, मध्यमवर्गीय एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न करेगी। इसके साथ ही आगामी सत्रों में प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत शुल्क वृद्धि का प्रावधान लागू करना यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के हितों की अपेक्षा राजस्व वृद्धि को प्राथमिकता दे रहा है। परिषद का मानना है कि इस प्रकार का निर्णय उच्च शिक्षा को आम विद्यार्थियों की पहुंच से दूर करने वाला है।

अभाविप ने अंकसूची एवं पाठ्यक्रम सत्यापन शुल्क को बढ़ाकर ₹5000 किए जाने के निर्णय पर भी गंभीर आपत्ति व्यक्त की है। परिषद के अनुसार नौकरी, उच्च शिक्षा अथवा अन्य शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए सत्यापन की आवश्यकता पड़ने वाले विद्यार्थियों एवं भूतपूर्व छात्रों के लिए इतनी बड़ी राशि देना अत्यंत कठिन होगा। इसी प्रकार उपाधि प्रमाण पत्र प्राप्त करते समय नाम अथवा अन्य विवरणों में सुधार के लिए ₹500 शुल्क निर्धारित करना भी अनुचित है, क्योंकि अनेक मामलों में त्रुटियां विश्वविद्यालय स्तर की लिपिकीय गलतियों के कारण उत्पन्न होती हैं, जिसका आर्थिक भार विद्यार्थियों पर नहीं डाला जाना चाहिए।

अभाविप रायपुर महानगर मंत्री सुजल गुप्ता ने कहा कि, “पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय छात्रों के हितों पर सीधा प्रहार है। एक ओर देश में उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाने का कार्य कर रहा है। परीक्षा शुल्क में 46 प्रतिशत की वृद्धि, प्रतिवर्ष शुल्क बढ़ाने का निर्णय अभाविप किसी भी परिस्थिति में छात्रों के हितों से समझौता नहीं होने देगा।

अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि परीक्षा शुल्क में की गई 46 प्रतिशत वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत शुल्क वृद्धि के निर्णय को निरस्त किया जाए, अंकसूली एवं पाठ्यक्रम सत्यापन शुल्क को युक्तिसंगत बनाया जाए तथा नामांकन एवं पंजीयन सुधार शुल्क को समाप्त किया जाए। परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्र हितों की अनदेखी करते हुए इन जनविरोधी निर्णयों को वापस नहीं लिया गया तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र समुदाय के साथ व्यापक एवं उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी ज्ञापन में मुख्य रूप से प्रदेश सह मंत्री प्रथम फूटाने, महानगर सह मंत्री आशीष, मन, शीतल,सुनाए, संकल्प, निखिल ,भागीरथी एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रतनपुर पमारान में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
बिना रजिस्ट्रेशन मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार, ग्रामीणों की जान से हो रहा खिलवाड़


अमृतपुर फर्रुखाबाद

फर्रुखाबाद के विकास खंड राजेपुर क्षेत्र के अंतर्गत राजपुर गुडेरा संपर्क मार्ग पर स्थित रतनपुर पमारान  में बिना पंजीकरण संचालित मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप डॉक्टरों का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की कथित अनदेखी के चलते अवैध रूप से चल रहे क्लीनिक और मेडिकल स्टोर ग्रामीणों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में कई मेडिकल स्टोर बिना वैध लाइसेंस के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। जबकि स्वयंभू डॉक्टर बिना किसी मान्यता प्राप्त डिग्री और चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का उपचार कर रहे हैं। मरीजों को मनमाने ढंग से दवाएं देकर मोटी रकम वसूली जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिससे अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों को मजबूरी में ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के पास इलाज कराने जाना पड़ रहा है। जिससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं।

क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि रतनपुर पमारान में संचालित अवैध मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर जांच कराई जाए तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
जबकि अवैध बंगाली डॉक्टर की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी प्रमित राजपूत द्वारा क्लीनिक को सील कर दिया गया था लेकिन जवाब दे नोटिस भी चश्मा किया गया था पता नहीं किस कारण वर्ष उसका फिर से क्लिनिक फलने फूलने लगा है क्या यही स्वास्थ्य व्यवस्था है और विभाग में बैठे अधिकारी भी मोटी रकम लेकर ऐसे बिना लाइसेंस धारक डॉक्टरों को शरण दे देते हैं जो अवैध तरीके से डॉक्टर कर रहे हैं
स्वदेशी जागरण मंच के प्रांतीय विचार वर्ग में स्वावलंबी भारत का रोडमैप तैयार, नई जिम्मेदारियों की घोषणा* :- *धर्मेंद्र को मिली बड़ी जिम्मेदारी*
सुल्तानपुर:-5 और 6 जून को स्वदेशी जागरण मंच काशी प्रांत एवं 'स्वावलंबी भारत अभियान' के संयुक्त तत्वावधान मे वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सेवा योजन भवन सभागार में दो दिवसीय प्रांतीय विचार वर्ग"भारत माता एवं दत्तोपंत ठेंगड़ी की प्रतिमा के समकक्ष दीप प्रज्वलित कर अत्यंत गरिमापूर्ण एवं उत्साहजनक शुभारंभ हुआ।

विचार वर्ग में अखिल भारतीय राष्ट्रीय सह संगठक माननीय सतीश जी,अखिल भारतीय सह संयोजक डा राजीव जी,अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डा विजय कुमार सिंह जी,क्षेत्र संयोजक व क्षेत्र समन्वयक अनुपम जी तथा प्रांत संयोजक डॉ अखिलेश त्रिपाठी जी का उद्बोधन प्राप्त हुआ। प्रांतीय विचार वर्ग के प्रथम दिन विभिन्न सत्रों के माध्यम से स्वरोजगार और एम.एस.एम.ई.की स्थापना को लेकर व्यापक रोडमैप तैयार किया गया।
इस दो दिवसीय वैचारिक अनुष्ठान का मूल उद्देश्य "स्वावलंबी भारत की ओर" बढ़ते हुए स्वदेशी, स्वाभिमान, ग्राम विकास और राष्ट्र निर्माण के पावन संकल्प को सुदृढ़ करना है।

उद्घाटन सत्र के पश्चात विचार वर्ग के प्रथम दिन का मुख्य वैचारिक सत्र लेते हुए मुख्य अतिथि *कुलपति वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रोफ़ेसर वंदना सिंह* ने महिला कार्य युवा कार्य एवं वरिष्ठ नागरिक आयाम ,विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये।
*अखिल भारतीय राष्ट्रीय सह संगठक माननीय सतीश जी* ने अपने ओजस्वी और दिशा-निर्देशक संबोधन में कहा कि विकसित भारत कि आधारशिला स्वदेशी और स्वावलंबन है उन्होंने कहा कि केवल सरकारी नौकरियों के माध्यम से देश के सभी युवाओं को औसर उपलब्ध नहीं कराये जा सकते इसलिए युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता की ओर बढ़ना होगा।
*अखिल भारतीय सह संयोजक श्री राजीव जी* ने अपने संबोधन में  स्थानीय उत्पादों कुटीर उद्योगों,कृषि आधारित उद्यमो तथा भारतीय तकनीक को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा की आज के युवाओं को नौकरी तलाशते वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनने का संकल्प लेना चाहिए।
*प्रांत संयोजक डॉ अखिलेश त्रिपाठी जी* ने अपने संबोधन में कहा की भारत की वास्तविक शक्ति उसकी आत्मनिर्भरता और स्वदेशी मूल्यों में निहित है। उन्होंने कहा, *"हमारी वर्तमान शिक्षा प्रणाली और युवा ऊर्जा को इस प्रकार समन्वित होना होगा कि वे केवल रोजगार की कतार में खड़े न हों, बल्कि स्वयं नए रोजगारों के सृजक (जॉब प्रोवाइडर) बनें।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जैसे देश के हर अग्रणी संस्थान युवाओं को नवाचार और स्टार्टअप की व्यावहारिक राह दिखाकर सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
*क्षेत्र संयोजक व क्षेत्र समन्वयक अनुपम  श्रीवास्तव जी* कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वावलंबी भारत अभियान आज देश के प्रत्येक नागरिक को आत्मनिर्भर बनाने का एक महायज्ञ है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ऋण लेने और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं से डरे बिना सरकार की कल्याणकारी और उद्यम-हितैषी योजनाओं का भरपूर लाभ उठाएं।साथ में अनुपम श्रीवास्तव ने विचार वर्ग के समापन सत्र के दौरान कार्यकर्ताओं के दायित्व की घोषणा अखिल भारतीय राष्ट्रीय सह संगठक माननीय सतीश जी,अखिल भारतीय सह संयोजक डा राजीव जी,अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डा विजय कुमार सिंह जी तथा प्रांत संयोजक डॉ अखिलेश त्रिपाठी की मौजूदगी में किया जिसमें *धर्मेंद्र द्विवेदी* प्रांत की जिम्मेदारी देते हुए सह प्रांत प्रचार विभाग प्रमुख एवं *नीलम त्रिपाठी* को विभाग महिला प्रमुख से प्रांत सह समन्वयक महिल की जिम्मेदारी दिया गया। सुल्तानपुर विभाग में *राजीव त्रिपाठी* को विभाग संयोजक, *सुश्री सुधा सिंह* जी को विभाग महिला समन्वयक, *डॉ अशोक मिश्रा जी* को विचार विभाग प्रमुख,  *विजय प्रधान जी* विभाग संपर्क प्रमुख एवं जिला संरक्षक,*सुरेश जी (एस राज ज्वैलर्स)* सह विचार विभाग प्रमुख,नवरंग सिंह एवं अधिवक्ता आशीष तिवारी को सह विभाग संयोजक, जिला वरिष्ठ आयाम प्रमुख अधिवक्ता सुरेंद्र जी,*गंगा सरण जिला संयोजक सुल्तानपुर*, जिला सहसंयोजक अजय सिंह एवं दीपक मिश्रा,*शालिनी त्रिपाठी* जिला महिला प्रमुख, जिला सह महिला प्रमुख हेमलता एवं शशि द्विवेदी, *रश्मि शुक्ला* जिला महिला समन्वयक,  *उर्मिला शर्मा* कादीपुर जिला महिला प्रमुख,  *पूजा श्रीवास्तव* जिला महिला समन्वयक , युवा उद्यमी प्रमुख ऋचा मालवीय, *जनार्दन यादव को जिला सह संपर्क प्रमुख*,जिला महिला संपर्क प्रमुख पूजा यादव एवं सह महिला संपर्क प्रमुख रुचि श्रीवास्तव, जिला विचार महिला प्रमुख दीपा मिश्रा ज्योतिषाचार्य एवं जिला सह विचार महिला प्रमुख सुनीता सिंह,जिला पर्यावरण विभाग महिला अनुराधा सोनी जिला सह पर्यावरण विभाग महिला गुंजन श्रीवास्तव, जिला प्रचार विभाग प्रमुख ईश्वर दत्त पांडे जिला सह प्रचार विभाग प्रमुख संजय मिश्रा (मिश्रा ढाबा),सुल्तानपुर के स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई
कार्यक्रम में काशी प्रांत एवं सुल्तानपुर विभाग के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने स्वदेशी, स्वावलंबी एवं विकसित भारत के निर्माण हेतु पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।।कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् गीत से किया गया।
20 पीएचसी पर लगेगी बॉयोमैट्रिक हाजिरी, रुकेगी मनमानी
*सिलिंडर के दाम बढ़ने से 5 लाख उपभोक्ता पर महंगाई की मार*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीनें लगाई जाएंगे। इससे डॉक्टरों और कर्मचारियों की लेटलतीफी पर अंकुश लगेगा। स्वास्थ्य विभाग इसकी कवायद में जुट गया है। अगस्त से यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी। जिले में तीन राजकीय जिला अस्पताल, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जिला अस्पताल और सीएचसी में यह व्यवस्था पहले से ही है, लेकिन पीएचसी में अभी रजिस्टर पर ही हाजिरी लगाई जाती है। ऐसे में इन केंद्रों पर डॉक्टर और कर्मचारी समय से नहीं पहुंचते। कोई वाराणसी तो कोई प्रयागराज से ड्यूटी करने आता है। इसको लेकर शिकायतें भी मिलती रहती हैं। अधिकारियों के निरीक्षण में भी कई बार ऐसी मनमानी पकड़ी जा चुकी है। इसलिए सभी पीएचसी पर भी बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीन लगाई जाएगी। चकटोडर, हरिहरपुर, लालानगर, डेरवा, जयरामपुर, मानिकपुर, गिर्दबड़गांव सहित 20 पीएचसी पर रोज 1000 से 1200 मरीजों की ओपीडी होती है। बायोमेट्रिक मशीन लगने के बाद डॉक्टरों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज होगी। इसके आधार पर ही वेतन मिलेगा। इससे अस्पताल देरी से आने वाले और समय से पहले चले जाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी पर रोक लग सकेगी।



पीएचसी पर लोगों को बेहतर सुविधाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है। कुछ अस्पतालों में लेटलतीफी की शिकायतें मिलती हैं। इसलिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था की जा रही है। अगस्त में सभी पीएचसी पर मशीनें लगाने का काम शुरू किया जाएगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
नवीन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सेवायोजकों को किया गया जागरूक
* श्रम न्याय सेतू पोर्टल का लाइव डेमो, श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए शिविर

लखनऊ। केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संचालित ‘‘12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के’’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 05 जून से 21 जून 2026 तक चलाए जा रहे समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को अपर श्रमायुक्त कार्यालय, लखनऊ में नवीन श्रम संहिताओं पर संवाद कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में श्रम विभाग के अधिकारियों, विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों तथा सेवायोजकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अपर श्रमायुक्त श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव ने मजदूरी संहिता-2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020, औद्योगिक संबंध संहिता-2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशाएं संहिता-2020 के प्रमुख प्रावधानों, उद्देश्यों एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवीन श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों को अधिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, श्रम कानूनों को सरल बनाना तथा उद्योगों और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने सेवायोजकों से अपेक्षा की कि वे संहिताओं की मूल भावना के अनुरूप उनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करें।
कार्यशाला के दौरान उपस्थित नियोक्ताओं एवं उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा श्रम संहिताओं से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाएं एवं प्रश्न प्रस्तुत किए गए, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से समाधान किया गया। साथ ही सेवायोजकों से आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठानों में अन्य नियोक्ताओं और कर्मचारियों को भी इन प्रावधानों के संबंध में जागरूक करें। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश नियमावलियों के प्रकाशन के उपरांत पुनः व्यापक स्तर पर संवाद कार्यक्रम आयोजित कर सेवायोजकों को अनुपालन संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यशाला में श्रीमती शिप्रा चतुर्वेदी, सहायक श्रमायुक्त, यादवेन्द्र सिंह, संतोष कुमार, अंकित सिंह, शरद, राकेश कुमार पाल, पल्लवी सिंह, अरुण कुमार पाण्डेय, मोहम्मद इम्तेयाज अहमद अंसारी, राम कुमार एवं पंकज कुमार शुक्ला सहित श्रम विभाग के अधिकारी एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं प्रतिष्ठानों जैसे करम इंडस्ट्री, सरोजनीनगर इंडस्ट्रियल एरिया के प्रतिनिधि, एवररेडी, इन्कॉर्डिओं राइट्स, आमा हर्बल, होटल उद्योग तथा अन्य प्रतिष्ठानों के एचआर प्रबंधक एवं सेवायोजक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसी क्रम में श्रम न्याय सेतू पोर्टल के माध्यम से श्रम वादों के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के लिए उपलब्ध डिजिटल व्यवस्था के संबंध में जागरूकता कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। सहायक श्रमायुक्त श्रीमती शिप्रा चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में वरिष्ठ सहायक श्री दिव्य प्रकाश पाण्डेय ने पोर्टल का लाइव डेमो प्रस्तुत कर इसकी कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित पक्षकारों ने पोर्टल को और अधिक प्रभावी एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए।
इसके अतिरिक्त अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु प्रदेश के विभिन्न विकास खंडों में स्टॉल एवं शिविर लगाए गए। इन शिविरों में निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण, योजनाओं की जानकारी तथा पात्र लाभार्थियों के आवेदन कराने की व्यवस्था की गई, जिससे अधिकाधिक श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से श्रमिकों, नियोक्ताओं एवं आम नागरिकों को श्रम कानूनों, डिजिटल सेवाओं तथा श्रमिक कल्याण योजनाओं से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है, जिससे श्रम क्षेत्र में सुशासन और पारदर्शिता को और अधिक मजबूती मिल सके।
जनता दर्शन में दिखा सरकार के प्रति लोगों का विश्वास

* जनता के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित, प्रभावी एवं न्यायपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी। दूर-दराज से आए नागरिकों की सुविधा के दृष्टिगत शीतल पेयजल, शरबत एवं मिठाई की विशेष व्यवस्था भी की गई थी। उप मुख्यमंत्री स्वयं लोगों के बीच पहुंचे, एक-एक फरियादी से मिले और उनकी समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना।
इस अवसर पर भूमि एवं राजस्व विवाद, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, विद्युत एवं पेयजल, पुलिस प्रशासन, शिक्षा तथा रोजगार से संबंधित बड़ी संख्या में प्रकरण प्रस्तुत किए गए। उप मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
श्री मौर्य ने कहा कि जनता दर्शन केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद का सशक्त माध्यम है। इससे शासन-प्रशासन को जमीनी वास्तविकताओं की जानकारी प्राप्त होती है तथा समस्याओं के समाधान की दिशा में त्वरित और प्रभावी कदम उठाने में सहायता मिलती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक को न्याय दिलाने और उसे शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे तथा किसी भी पीड़ित को न्याय पाने के लिए अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर शिथिलता, लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए।
श्री मौर्य ने विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की संवेदनशीलता का वास्तविक स्वरूप तभी दिखाई देता है, जब समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को समय पर राहत और न्याय प्राप्त हो।
भूमि विवाद एवं अवैध कब्जों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को मौके पर भेजकर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा प्रभावी एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि पर अवैध कब्जा, उत्पीड़न अथवा दबंगई के मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
जनसुनवाई के दौरान उप मुख्यमंत्री ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का हरसंभव समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सम्मानजनक, पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रशासन उपलब्ध कराना है।
लखीमपुर से श्रीमती रामकली, प्रतापगढ़ से    अभिषेक कुमार, हाथरस से सन्तोष कुमार, मेरठ से अरूण कुमार, प्रयागराज से शमला भारतीय सीतापुर से  श्रीमती गीतादेवी ने भूमि विवाद से सम्बन्धित प्रकरण रखे, सभी प्रकरणो में उप मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम भेजकर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाय।अमौसी (लखनऊ) से आये मनीष सिंह ने सड़क बनवाये जाने का अनुरोध किया, प्रतापगढ़ की श्रीमती सोनी के आवास आवंटन के अनुरोध पर उप मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि पात्रता की जांच कराते हुये निष्पक्ष रूप से नियमानुसार आवास देने के सम्बन्ध मे कार्यवाही की जाय। लखनऊ के राजाराम मौर्य ने भूमि की हदबरारी कराकर सीमांकन कराये जाने का अनुरोध किया। मथुरा के जुगेन्द्र ने अपनी पुत्री का मेडिकल कराये जाने का प्रार्थना पत्र दिया। बलिया की श्रीमती केशिया ने विधवा पेंशन दिलाने का अनुरोध किया।  उप मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणो पर नियमानुसार  कार्यवाही करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियो को दिये। उप मुख्यमंत्री ने समस्याओं के निस्तारण के बावत
कई अधिकारियो से दूरभाष पर वार्ता भी किया।
श्री मौर्य ने कहा कि "जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समाधान कर उसे न्याय दिलाना सरकार की प्रतिबद्धता है। जन समस्याओं का निस्तारण भी होगा और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा
मुख्य विकास अधिकारी महोदय की अध्यक्षता में योग सप्ताह 2026 एवं 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक हुई आयोजित
         
सुलतानपुर,मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में योग सप्ताह 2026 (15 जून से 21 जून, 2026) एवं 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून, 2026) के सफल आयोजन के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
      
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा बताया गया कि जनपद स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम 21 जून, 2026 को पर्यावरण पार्क, सीताकुण्ड के निकट आयोजित किया जाएगा। इसके पूर्व 15 जून, 2026 से जनपद में योग सप्ताह का शुभारम्भ किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को योग सप्ताह एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम *“Yoga for Healthy Ageing”*  निर्धारित है।
     
मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि उनके अधीन संचालित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में योग सप्ताह के दौरान नियमित योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को अधीनस्थ विद्यालयों में 15 जून से 21 जून तक योग सप्ताह मनाए जाने के निर्देश दिए। 14 दिवसीय योग अभ्यास कार्यक्रम में प्रतिभाग करने हेतु विशेष लिंक https://mo.habit.yoga/red=uttarpradesh
एवं समर्पित टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 के माध्यम से पंजीकरण एवं योगाभ्यास कार्यक्रम संचालित है। योग सप्ताह के दौरान आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रमों तथा परिवार के साथ किए गए योग के छायाचित्र एवं वीडियो ‘आयुष कवच’ ऐप पर अपलोड कर प्रतिभागिता दर्ज कराई जा सकती है।
         
मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने सभी संबंधित विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिकाधिक लोगों को योग सप्ताह एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों से जोड़ने का आह्वान किया।
       
बैठक में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला क्रीड़ाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, प्रबंधक (आयुष), क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, मास्टर ट्रेनर सुनील दत्त तिवारी, चेयरमैन रेड क्रॉस सोसाइटी सहित पतंजलि योग संस्थान, आर्ट ऑफ लिविंग, ब्रह्मकुमारी एवं अन्य योग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मोबाइल छीनने वाले गिरोह के 5 शातिर अपराधी गिरफ्तार, भेजा जेल*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* कोतवाली क्षेत्र कछौना के अंतर्गत छनौती व चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कछौना पुलिस तत्परता दिखाते हुए अपराधियों को पकड़ कर जेल भेज दिया। कोतवाली कछौना क्षेत्र के ग्राम नारायण देव युवक से डबल नहर कलौली पुल पर दो मोटरसाइकिल सवारों ने युवक से मोबाइल छीनकर फरार हो गए थे। इस घटना से क्षेत्र के लोगों में पुलिस कार्यशैली को लेकर अविश्वास पैदा हो गया था। पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक ने कछौना पुलिस को साफ शब्दों में कड़ी कार्यवाई करने का निर्देश दिया। पुलिस टीम गठित कर लखनऊ पलिया हाईवे पर कटियामऊ के पास अभियुक्त गणों मोनू कुमार पुत्र पुत्तीलाल थाना कासिमपुर, शिवा पुत्र तारा शंकर निवासी मियागंज थाना आसीवन जनपद उन्नाव, राज पुत्र मटरू कश्यप निवासी मियागंज थाना आसीवन, अनूप कुमार पुत्र रोशन लाल निवासी असही थाना कासिमपुर, बाल अपचारी थाना आसीवन जनपद उन्नाव को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया। इस घटना से अपराधियों को कर एक मैसेज गया। बेरोजगारी, नशाखोरी, सट्टाबाजी के कारण आपराधिक घटनाओं में इजाफा हो गया है। जिससे नए युवा अपराधिक घटनाओं में लिप्त होकर अंजाम दे रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों ने बताया सांय को कछौना पुलिस को डबल नहर कलौली पुलिया, पावर हाउस मार्ग सुठेना अंडर पास, देवनपुर फाटक, रानी बाग, दनई रेलवे फाटक आदि स्थानों पर मुस्तैद होनी चाहिए। जिससे अपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
हाईकोर्ट ने दी नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात की अनुमति।
रितेश मिश्रा
हरदोई समाधान अभियान एवं इंडिया पेस्टीसाइड्स लिमिटेड के साझा प्रयास “चुप्पी तोड़; हल्ला बोल” के अंतर्गत पीड़िता को आवश्यक विधिक सहायता प्रदान की गई। हाई कोर्ट के अधिवक्ता ईशान गर्ग एवं प्राची आर्या द्वारा याचिका दायर किए जाने के उपरांत इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने हरदोई जनपद की 15 वर्षीय नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के 21 सप्ताह 2 दिन के अनचाहे गर्भ को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति प्रदान की। माननीय न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान एवं माननीय न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र समंत की खंडपीठ ने केजीएमयू, लखनऊ स्थित गांधी मेमोरियल एवं एसोसिएटेड हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को गर्भपात की प्रक्रिया सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया तथा भ्रूण को सुरक्षित रखने का आदेश भी दिया, ताकि डीएनए परीक्षण के माध्यम से अभियुक्त की संलिप्तता की पुष्टि की जा सके। याचिका में कहा गया था कि पीड़िता मात्र 15 वर्ष की है और दुष्कर्म की घटना के कारण वह अनचाहे गर्भ के साथ जीवन यापन करने विवश है। मामले में पूर्व में गठित मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पीड़िता लगभग 21 सप्ताह 2 दिन के गर्भ से है तथा चिकित्सकीय प्रक्रिया द्वारा गर्भपात संभव है, हालांकि प्रत्येक चिकित्सा प्रक्रिया में कुछ जोखिम एवं जटिलताएं निहित रहती हैं। मेडिकल रिपोर्ट पर विचार करने के पश्चात न्यायालय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हरदोई को निर्देश दिया कि पीड़िता को एंबुलेंस द्वारा केजीएमयू भेजा जाए, जहां एक से दो दिनों के भीतर आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रिया संपन्न कराई जाए। यह आदेश पीड़िता के स्वास्थ्य, गरिमा एवं न्याय के अधिकार को ध्यान में रखते हुए पारित किया गया।
शाहबाद क्षेत्र के परियल में निरीक्षण के दौरान एसडीएम पर पथराव
रितेश मिश्रा
शाहाबाद के परियल गांव में निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम पर महिलाओं ने किया पथराव, सिर में आई चोट; डीएम बोले- दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई, किसी को नहीं बख्शा जाएगा।हरदोई। शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के परियल गांव में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब निरीक्षण करने पहुंचे उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सुशील कुमार मिश्रा पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। घटना में एसडीएम के सिर में चोट लग गई, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहाबाद भेजा गया।जानकारी के अनुसार, एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा गांव परियल में निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान ग्राम प्रधान के पुत्र द्वारा उनके साथ कथित रूप से अभद्रता की गई। बताया जा रहा है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसडीएम ने प्रधान पुत्र को अपने पास बैठा लिया। इसके बाद मामला और अधिक तनावपूर्ण हो गया।आरोप है कि ग्राम प्रधान के नेतृत्व में कई महिलाएं मौके पर पहुंच गईं और प्रधान पुत्र को छुड़ाने का प्रयास करने लगीं। इसी दौरान वहां विवाद बढ़ गया और पथराव शुरू हो गया। पथराव में एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा के सिर में चोट लग गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई। घायल एसडीएम को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहाबाद ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी प्रफुल्ल त्रिपाठी भी मौके के लिए रवाना हो गए।घटना पर जिलाधिकारी अनुनय झा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने कहा कि एसडीएम के साथ अभद्रता और पथराव की घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी और उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि कोई व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली या रसूखदार क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। घटना के बाद गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है...