अभियान का उद्देश्य वाहनों में अवैध रूप से लगाए मॉडिफाइड साइलेंसरों के खिलाफ कार्रवाई तथा ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना*
*गोण्डा 18 अप्रैल,2026*
जनपद में सड़क सुरक्षा एवं ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर परिवहन विभाग द्वारा सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय के नेतृत्व में चेकिंग अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें विभागीय टीम ने जिले के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर व्यापक निरीक्षण किया।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वाहनों में अवैध रूप से लगाए गए मॉडिफाइड साइलेंसरों के खिलाफ कार्रवाई करना तथा ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना था। चेकिंग के दौरान कई ऐसे वाहन पाए गए, जिनमें नियमों के विपरीत तेज आवाज उत्पन्न करने वाले साइलेंसर लगाए गए थे। ऐसे वाहन चालकों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से चालान की कार्रवाई की गई तथा कुछ मामलों में साइलेंसरों को मौके पर ही हटवाया गया।

एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय ने बताया कि मॉडिफाइड साइलेंसर न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं, बल्कि आम जनमानस के लिए असुविधा एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण भी बनते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के अवैध संशोधनों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के प्रति कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के दौरान वाहन चालकों को जागरूक भी किया गया और उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। विभागीय अधिकारियों ने लोगों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा यातायात संकेतों का सम्मान करने की सलाह दी।

परिवहन विभाग ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध परिवर्तन न करें और यातायात नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण यातायात व्यवस्था स्थापित करना है।

इस प्रकार के अभियान से जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा तथा ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
महिला आरक्षण से जुड़े बिलों का गिरना बीजेपी के लिए झटका है या 'मास्टरस्ट्रोक'?

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महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयकों पर गुरुवार और शुक्रवार को लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। सरकार ने पूरी तरीके से विपक्ष का साथ पाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने एक न सुनी और अंत में सरकार बिल पर दो तिहाई वोट पाने में नाकामयाब रही और विधेयक लोकसभा में गिर गया।

बीजेपी के लिए झटका या मिलेगा राजनीतिक फायदा?

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। मोदी सरकार के लिए संसद में हाल के समय में यह बड़ा झटका माना जा रहा है, लेकिन कुछ जानकार यह भी कह रहे हैं कि सरकार विपक्ष को महिला आरक्षण विरोधी बताकर इसका राजनीतिक फायदा उठाएगी।

क्या विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है?

विश्लेषक मान रहे हैं कि विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है। जानकारों का मानना है कि यह सरकार के लिए झटका है क्योंकि उन्हें दिख रहा था कि उनके पास संख्या नहीं है फिर भी चुनावों के बीच वो इसे लेकर आई क्योंकि वो इसके ज़रिए पश्चिम बंगाल में महिलाओं के वोट अधिक संख्या में हासिल करना चाहती थी। विधेयक का गिरना सरकार की साख के लिए तो झटका है। माना जा रहा है कि सरकार अपने मंसूबो में नाकाम हो गई है। विश्लेषक कई राज्यों में चल रही चुनावी प्रक्रिया के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाने पर भी सवाल उठा रहे हैं। चुनाव के बीच में वो इसको सिर्फ़ इसलिए लाए थे जिससे कि चुनाव में कहा जा सके कि हम बंगाल की महिलाओं के लिए बहुत कुछ करना चाहते थे लेकिन विपक्ष ने हमें करने नहीं दिया।

सरकार ने चला मास्टरस्ट्रोक?

वहीं दूसरी तरफ ये भी कहा जा रहा है कि सरकार को पहले से ही मालूम था कि लोकसभा में बिल का पास कराने के लिए पर्याप्त संख्या बल उनके पक्ष में नहीं है, बावजूद इसक केंद्र सरकार ने इसको सदन की पटल पर रखा और बिल के साथ आगे बढ़े। हालांकि, बिल गिर गया। पश्चिम बंगाल चुनाव में इसका फायदा चाहें, जिसे भी मिले, लेकिब बीजेपी संदेश पहुंचाने में कामयाब हो गई। इसके साथ ही तमिलनाडु में परिसीमन पर डीएमके का पलड़ा भले भारी हो, लेकिन महिलाओं के मामले में बीजेपी ने कहीं न कहीं अपना पक्ष मजबूत करने का काम किया है। इस सब पहलुओं को समझें, तो पता चलता है कि बीजेपी ने हार में भी एक बड़ी जीत खोज ली है। भाजपा अब खुल कर कह सकेगी कि हमने महिला हित में अपने प्रयास में कोई कोताही नहीं की। विपक्ष ने ही साथ नहीं दिया।

भाजपा महिला बिल को भुनाएगी

करीब 4 दशक पहले से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की चर्चा चल रही है। किसी को अपने हित और हक की बात समझने के लिए इतना वक्त कम नहीं होता। बिल पेश होने के पहले से ही भाजपा यह संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने के अभियान में लग गई है। अब तो वह महिलाओं को यह कह सकेगी कि उसने तो पूरी कोशिश की, पर विपक्ष ने ही पानी फेर दिया। जहां 1.5 करोड़ के अंतर से एनडीए की सरकार बन गई वहां 20-21 करोड़ कामकाजी महिलाओं में 10 प्रतिशत को भी भाजपा ने अपने प्रभाव में ले लिया तो विपक्ष की परेशानी बढ़ सकती है।

लोकसभा में ज्यादा वोट पाकर भी क्यों फेल हो गया महिला आरक्षण बिला, जानें अब आगे क्या?

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महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पारित नहीं हो सका। सदन में 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। मतदान के समय सदन में कुल 528 सांसद मौजूद थे। ऐसे में विधेयक पारित कराने के लिए सत्ता पक्ष को 352 वोटों की जरूरत थी। विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। जिसके कारण अधिक वोट मिलने के बाद भी बिल फेल हो गया।

पिछले 12 सालों में पहली बार गिरा कोई संशोधन विधेयक

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। देश की आधी आबादी को उनका राजनीतिक हक दिलाने के लिए शुक्रवार शाम लोकसभा में वोटिंग हुई। सरकार ने इस बिल को पारित कराने के लिए हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन यह बिल पारित कराने के लिए जरूरी आंकड़ा, 352 से 54 वोट पीछे रह गई। कुल मौजूद सदस्य 352 में बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े और कहानी यहीं पर समाप्त हो गई।

विपक्ष ने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया-रिजिजू

किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक के सदन में गिरने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मौका गंवा दिया गया है। रिजिजू ने कहा कि यह महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने से जुड़ा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक था। इसी पर यह नतीजा आया है। विपक्ष ने इसमें साथ नहीं दिया। बहुत खेद की बात है। आपने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया। महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का हमारा अभियान जारी रहेगा और हम उन्हें अधिकार दिलाकर ही रहेंगे।

बाकी दो विधेयकों पर क्यों नहीं हुई वोटिंग

सरकार ने इस विधेयक के साथ 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद अब इससे संबंधित दोनों विधेयकों 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को आगे नहीं बढ़ा सकते।

बिल में क्या था प्रस्ताव?

संविधान संशोधन विधेयक के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक करने का प्रस्ताव था। साथ ही 2029 के आम चुनावों से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की योजना शामिल थी। इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए सीटें बढ़ाने का प्रावधान रखा गया था, ताकि आरक्षण को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

विपक्ष क्यों है नाराज?

इस पूरे मामले में एक और बड़ा मुद्दा परिसीमन यानी डिलीमिटेशन को लेकर भी सामने आया। सरकार चाहती थी कि लोकसभा की सीटों का पुनर्निर्धारण करके महिला आरक्षण को लागू किया जाए, जबकि विपक्ष ने इसका विरोध किया। विपक्ष का तर्क था कि परिसीमन के जरिए कुछ राज्यों को फायदा और कुछ को नुकसान हो सकता है, इसलिए इसे तुरंत लागू करना उचित नहीं होगा। इसी मुद्दे पर विपक्ष एकजुट हो गया और बिल को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका।

डी मोनफोर अकादमी का सीबीएसई 10वीं में शानदार प्रदर्शन, छात्रा संस्कृति ने किया टॉप
मेरठ, बहसूमा। सीबीएसई कक्षा 10वीं के घोषित परीक्षा परिणाम में डी मोनफोर अकादमी के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया। परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल देखने को मिला।

विद्यालय की छात्रा संस्कृति ने 91 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं परी ने 87.8 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा नवनीत ने 87.4 प्रतिशत अंक हासिल कर तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी सफल विद्यार्थियों को विद्यालय परिवार और अभिभावकों ने बधाई दी।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास का परिणाम है। उन्होंने छात्रों को भविष्य में भी इसी लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता विद्यालय के लिए गर्व का विषय है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित मार्गदर्शन के माध्यम से छात्र हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

विद्यालय की निर्देशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने सफल विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह परिणाम छात्रों की मेहनत और शिक्षकों के समर्पण का प्रमाण है।

उपप्रधानाचार्या श्रीमती रितु चिकारा ने भी विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर ही यह सफलता संभव हो पाई है। उन्होंने सभी छात्रों को निरंतर प्रगति करते रहने का संदेश दिया।

विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
महानगरपालिका में परिवहन समिति सदस्य निर्वाचित हुए एड. राजकुमार मिश्रा
भायंदर। उत्तर भारतीय समाज के लोकप्रिय युवा चेहरा एडवोकेट राजकुमार मिश्रा को मीरा भायंदर महानगरपालिका में परिवहन समिति का सदस्य निर्वाचित किया गया है। इसके पहले भी परिवहन समिति का सदस्य रह चुके हैं। एड मिश्रा ने विधायक नरेंद्र मेहता, महापौर डिंपल मेहता जिलाध्यक्ष दिलीप जैन उप महापौर ध्रुव किशोर पाटिल स्थाई समिति सभापति हसमुख गहलोत का आभार मानते हुए कहा कि वह दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरे मनोयोग और समर्पित भावना के साथ करेंगे। उन्हें परिवहन समिति का सदस्य बनाए जाने पर शिक्षासम्राट लल्लन तिवारी, वरिष्ठ समाजसेवी दिनेश उपाध्याय,भाजपा नेता अमरजीत मिश्रा, नगरसेवक मदन सिंह, राहुल एजुकेशन के सचिव राहुल तिवारी, एड.आरजे मिश्रा, उमाशंकर तिवारी, अभयराज चौबे, प्रो. विजयनाथ मिश्रा, नगरसेवक मनोज रामनारायण दुबे, उत्तर भारतीय मोर्चा के जिलाध्यक्ष संतोष दिक्षित,भाजपा नेता सुरेश सिंह, भाजपा जिला महामंत्री बृजेश तिवारी, नगरसेवक विवेक उपाध्याय, भाजपा प्रवक्ता शैलेश पांडे, अमरनाथ तिवारी, समाजसेवी अरविंद उपाध्याय,रामलीला समिति के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ,विजय मिश्रा, कमलेश दुबे, डॉ उमेश शुक्ला, डॉ सुधाकर मिश्रा, उमाशंकर तिवारी, जटाशंकर पांडे, बीआर मिश्रा, एड. डीके पांडे, अजय सिंह, उत्तम चौबे, अभयराज पांडे, प्रदीप सिंह,अमृत प्रजापती, उमेश यादव, कैलास यादव,विकास उपाध्याय समेत अनेक लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
किशोरी से दुष्कर्म का प्रयास करने वाला भेजा गया जेल
रितेश मिश्रा
हरदोई।कोतवाली शहर पुलिस ने किशोरी से दुष्कर्म करने के प्रयास में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
        प्राप्त विवरण में 16 अप्रैल को किशोरी की माँ द्वारा थाना कोतवाली शहर पर तहरीर दी गयी कि प्रताप पुत्र रामस्वरूप यादव निवासी ग्राम शहाबुद्दीनपुर थाना कोतवाली शहर द्वारा उसकी पुत्री के साथ गलत कार्य करने का प्रयास किया गया है। प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।
       निरीक्षक शिव गोपाल द्वारा उक्त अभियोग से संबंधित नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
पुलिस ने छप्पर में आग लगाने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार
रितेश मिश्रा
हरदोई।हरियांवा थाना के ग्राम देवरिया प्रसिद्ध नगर में युवक द्वारा छप्पर में आग लगाने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
        प्राप्त विवरण में 16 अप्रैल को लालाराम पुत्र मोती ग्राम देवरिया प्रसिध्द नगर द्वारा थाना हरियावां पर तहरीर दी कि प्रवेश पुत्र रामपाल ग्राम उमरसेड़ा थाना हरियावा द्वारा उसके छप्पर में आग लगा दी जिससे घरेलू सामान जल गया है। इस संबंध में स्थानीय पुलिस द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज की।
      थाना हरियावां के उप निरीक्षक महेन्द्र सिंह द्वारा उपरोक्त अभियोग से संबंधित नामजद आरोपी
खाकी का अहंकार,सच से खुली जंग, लोनार कोतवाली ग्रुप से 13 पत्रकार बाहर,मचा बवाल
रितेश मिश्रा
हरदोई की लोनार कोतवाली में इस समय कानून-व्यवस्था से ज्यादा चर्चा अहंकार व्यवस्था की हो रही है और इसके केंद्र में हैं इंस्पेक्टर राकेश यादव।मामला उस युवती से जुड़ा है जो बावन चौराहे के पास झाड़ियों में लहूलुहान हालत में मिली थी,चेहरे पर चोटें,गंभीर स्थिति और हालात ऐसे कि पूरा दृश्य सवाल खड़े कर रहा था।पुलिस ने उसे अस्पताल पहुँचाया,लेकिन जैसे ही पत्रकारों ने घटनास्थल की स्थिति और तथ्यों के आधार पर संभावित आशंका के साथ खबरें चलाईं,मामला जांच से हटकर “सवाल बनाम सिस्टम” में बदल गया।

विवाद तब खड़ा हुआ जब इंस्पेक्टर राकेश यादव ने लोनार कोतवाली के डिजिटल वालंटियर ग्रुप से एक झटके में 13 पत्रकारों को बाहर कर दिया।ग्रुप से हटाने से पहले उन्हें “अज्ञानी” कहकर संबोधित किया गया और संदेश लिखा—“अज्ञानी मित्र से अच्छा ज्ञानी शत्रु होता है।” यह बात अब सिर्फ एक टिप्पणी नहीं,बल्कि पत्रकारिता पर सीधा सवाल है।यानी संदेश साफ है जो सवाल पूछेगा उसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

बताया जा रहा है कि पहले भी सांडी क्षेत्र में तैनाती के दौरान इंस्पेक्टर राकेश यादव पर पत्रकारों से टकराव और विवाद के आरोप लग चुके हैं।लोनार में भी एक पत्रकार पर अभद्रता और फिर कानूनी कार्रवाई की चर्चा ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।फिलहाल, ग्रुप से 13 पत्रकारों के बाहर किए जाने का मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। पत्रकार संगठनों ने इसे गंभीर मानते हुए विरोध शुरू कर दिया है।अब मामला सिर्फ ग्रुप से हटाने का नहीं,बल्कि सवालों को दबाने का बन गया है।लोग कह रहे हैं कि इंस्पेक्टर राकेश यादव ने अपराधी पकड़ने में भी इतनी फुर्ती दिखाई होती तो शायद इलाके में क्राइम का ग्राफ शून्य होता।
मुठभेड़ में घायल कर पुलिस ने दो बदमाशों सहित आठ अंतर्जनपदीय बदमाशों को किया गिरफ्तार
तेल चुराने के उपकरण, विद्युत तार,नगदी, एक कार और तमंचे बरामद

रितेश मिश्रा
हरदोई।जनपद में लगातार हो रही ट्रांसफार्मर से तेल चोरी और विद्युत तार चोरी की घटनाओं में पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने गुरुवार शुक्रवार की रात मुठभेड़ में दो बदमाशों को घायल कर आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बदमाशों के पास से एक कार, नगदी और तमंचे बरामद किये हैँ। प्राप्त विवरण में 01 अप्रैल को अस्लम खान पुत्र मो० इनुश चौकीदार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौसार द्वारा थाना अरवल पर तहरीर दि गयी कि 31 मार्च को अज्ञात चोरों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के परिसर मे लगे ट्रांसफार्मर से तेल चोरी कर लिया गया है।1 फरवरी को अमन गुप्ता अवर अभियंता विद्युत उपकेन्द्र सांडी रोड ग्रामीण द्वारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दी गयी कि थाना कोतवाली देहात क्षेत्रांतर्गत ग्राम उमरौला में पोखरी रोड पर 250 केवी के विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा कपर क्वाइल चोरी कर लिया गया है।4 फ़रवरी को अभिषेक यादव अवर अभियंता 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र आशा नगर द्वारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दि गयी कि 3 फ़रवरी को चांदमारी स्थित 400 केवी विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा तेल चोरी कर लिया गया।26 मार्च को अमन सक्सेना अवर अभियंता विद्युत उपकेन्द्र मन्नापुरवा दवारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दी गयी कि 25 मार्च को ग्राम खेतई स्थित 250 केवी विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा तेल, कोर बाइण्डिंग व बुशिंग रॉड चोरी कर ली गयी है।चोरी के चारो मामलों में संबंधित थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की थी।
     पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा द्वारा उक्त घटनाओं के सफल अनावरण हेतु पुलिस टीमों का गठन कर लगाया गया ।
         एसपी द्वारा गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, आसपास के लोगों से पूछताछ व सर्विलांस आदि की सहायता से उपरोक्त घटना से सम्बन्धित प्रकाश में आये अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु निरन्तर प्रयास किया। इसी दौरान 17 अप्रैल की रात्रि को मुखबिर द्वारा सूचना दी गयी कि उपरोक्त चोरी की घटना से संबंधित अभियुक्तगण थाना अरवल क्षेत्रान्तर्गत हरपालपुर चौसार रोड पर पिलिया गटवासा गांव के पास ट्रांसफार्मर से तेल चोरी करने की फिराक में है। प्राप्त सूचना पर थाना प्रभारी अरवल अनिल सिंह और स्वाट/सर्विलांस के प्रभारी राजेश यादव और अब्दुल जब्बार द्वारा ग्राम पिलिया गटवासा में ट्रांसफार्मर के निकट चोरो की गिरफ्तारी का जाल बिछाया गया। पुलिस टीम ने तेल चुराने आये चोरों की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायर किया गया। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ फायरिंग की गयी, जिसमे सत्येन्द्र पुत्र लाखन निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद और गजेन्द्र पत्र इनाम सिंह निवासी ग्राम नगला कटीक थाना पटियाली जनपद कासगंज गोली लगने से घायल हो गये तथा पुलिस टीम द्वारा प्रवेश पुत्र कप्तान सिंह निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,सुरेन्द्र लाखन निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,अनूप पुत्र स्लेटी सिंह निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,मुनेन्द्र पुत्र भैय्यालाल निवसी ग्राम अजतपुर थाना हरपालपुर,रोहित पुत्र देव कुमार ग्राम अजतपुर थाना हरपालपुर और अजय पुत्र सत्यवान ग्राम अजत्पुर थाना हरपालपुर को भी मौके से गिरफ्तार किया गया।
     पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 49,000/- रुपये नगदी, एक अदद कार, 03 अदद बंडल कॉपर, 50लीटर तेल (टांसफार्मर का), ट्रांसफार्मर खोलने के उपकरण, 02 तमंचे 315 बोर, 04 जिंदा कारतूस एवं 02 खोखा कारतूस बरामद किये गए। पुलिस टीम द्वारा घायल अभियुक्तों को उपचार हेतु चिकित्सालय भिजवाया गया है।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार अपनी मंशा स्पष्ट करे : मुकेश नायक

- महिला आरक्षण पर राजनीतिक उद्देश्य हावी, पारदर्शिता गायब : अभय दुबे

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय, भोपाल स्थित मीडिया कक्ष में आज प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पैनलिस्ट अभय दुबे द्वारा महत्वपूर्ण प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की गई।

प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए मुकेश नायक ने महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए स्पष्ट जवाब की मांग की। उन्होंने कहा कि सांसद एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देश में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

श्री नायक ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित संविधान संशोधन में स्पष्ट प्रावधान किया गया था कि महिला आरक्षण लागू करने से पूर्व जनगणना और उसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वर्तमान परिस्थितियां यह संकेत देती हैं कि केंद्र सरकार अपने ही प्रावधानों से पीछे हटती नजर आ रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक की अधिसूचना जारी की जा चुकी है, तब उसी विषय से संबंधित संशोधन विधेयक पर लोकसभा में चर्चा और मतदान का क्या औचित्य है। यह पूरी प्रक्रिया केवल राजनीतिक उद्देश्य से संचालित प्रतीत होती है, जिससे न केवल भ्रम की स्थिति बन रही है, बल्कि सरकार की नीयत पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि यह विधेयक वास्तव में महिला आरक्षण का नहीं, बल्कि परिसीमन से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है, जिस पर महिला आरक्षण का आवरण डाला जा रहा है। उन्होंने प्रश्न किया कि पिछले 30 महीनों में ऐसा क्या बदल गया कि 2023 के बाद की जनगणना की बात करने वाली सरकार अब 2011 की जनगणना के आधार की ओर लौटती नजर आ रही है।

इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पैनलिस्ट अभय दुबे ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार से यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि किसी कानून की अधिसूचना जारी किए बिना उसका संशोधन किस प्रकार संभव है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम प्रस्तुत करते समय प्रधानमंत्री द्वारा 33 प्रतिशत आरक्षण की बात कही गई थी, जिसका सभी राजनीतिक दलों ने समर्थन किया था, साथ ही यह शर्त भी जोड़ी गई थी कि पहले जनगणना, फिर परिसीमन और उसके बाद ही आरक्षण लागू किया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में बिना विधिक स्पष्टता के एकतरफा निर्णय लेने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना से बचने का प्रयास किया जा रहा है, जो सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।

अभियान का उद्देश्य वाहनों में अवैध रूप से लगाए मॉडिफाइड साइलेंसरों के खिलाफ कार्रवाई तथा ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना*
*गोण्डा 18 अप्रैल,2026*
जनपद में सड़क सुरक्षा एवं ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर परिवहन विभाग द्वारा सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय के नेतृत्व में चेकिंग अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें विभागीय टीम ने जिले के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर व्यापक निरीक्षण किया।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वाहनों में अवैध रूप से लगाए गए मॉडिफाइड साइलेंसरों के खिलाफ कार्रवाई करना तथा ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना था। चेकिंग के दौरान कई ऐसे वाहन पाए गए, जिनमें नियमों के विपरीत तेज आवाज उत्पन्न करने वाले साइलेंसर लगाए गए थे। ऐसे वाहन चालकों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से चालान की कार्रवाई की गई तथा कुछ मामलों में साइलेंसरों को मौके पर ही हटवाया गया।

एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय ने बताया कि मॉडिफाइड साइलेंसर न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं, बल्कि आम जनमानस के लिए असुविधा एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण भी बनते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के अवैध संशोधनों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के प्रति कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के दौरान वाहन चालकों को जागरूक भी किया गया और उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। विभागीय अधिकारियों ने लोगों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा यातायात संकेतों का सम्मान करने की सलाह दी।

परिवहन विभाग ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध परिवर्तन न करें और यातायात नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण यातायात व्यवस्था स्थापित करना है।

इस प्रकार के अभियान से जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा तथा ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
महिला आरक्षण से जुड़े बिलों का गिरना बीजेपी के लिए झटका है या 'मास्टरस्ट्रोक'?

#womensreservationconstitutionalamendmentbill_defeated

महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयकों पर गुरुवार और शुक्रवार को लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। सरकार ने पूरी तरीके से विपक्ष का साथ पाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने एक न सुनी और अंत में सरकार बिल पर दो तिहाई वोट पाने में नाकामयाब रही और विधेयक लोकसभा में गिर गया।

बीजेपी के लिए झटका या मिलेगा राजनीतिक फायदा?

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। मोदी सरकार के लिए संसद में हाल के समय में यह बड़ा झटका माना जा रहा है, लेकिन कुछ जानकार यह भी कह रहे हैं कि सरकार विपक्ष को महिला आरक्षण विरोधी बताकर इसका राजनीतिक फायदा उठाएगी।

क्या विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है?

विश्लेषक मान रहे हैं कि विधेयक का गिरना सरकार के लिए झटका है। जानकारों का मानना है कि यह सरकार के लिए झटका है क्योंकि उन्हें दिख रहा था कि उनके पास संख्या नहीं है फिर भी चुनावों के बीच वो इसे लेकर आई क्योंकि वो इसके ज़रिए पश्चिम बंगाल में महिलाओं के वोट अधिक संख्या में हासिल करना चाहती थी। विधेयक का गिरना सरकार की साख के लिए तो झटका है। माना जा रहा है कि सरकार अपने मंसूबो में नाकाम हो गई है। विश्लेषक कई राज्यों में चल रही चुनावी प्रक्रिया के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाने पर भी सवाल उठा रहे हैं। चुनाव के बीच में वो इसको सिर्फ़ इसलिए लाए थे जिससे कि चुनाव में कहा जा सके कि हम बंगाल की महिलाओं के लिए बहुत कुछ करना चाहते थे लेकिन विपक्ष ने हमें करने नहीं दिया।

सरकार ने चला मास्टरस्ट्रोक?

वहीं दूसरी तरफ ये भी कहा जा रहा है कि सरकार को पहले से ही मालूम था कि लोकसभा में बिल का पास कराने के लिए पर्याप्त संख्या बल उनके पक्ष में नहीं है, बावजूद इसक केंद्र सरकार ने इसको सदन की पटल पर रखा और बिल के साथ आगे बढ़े। हालांकि, बिल गिर गया। पश्चिम बंगाल चुनाव में इसका फायदा चाहें, जिसे भी मिले, लेकिब बीजेपी संदेश पहुंचाने में कामयाब हो गई। इसके साथ ही तमिलनाडु में परिसीमन पर डीएमके का पलड़ा भले भारी हो, लेकिन महिलाओं के मामले में बीजेपी ने कहीं न कहीं अपना पक्ष मजबूत करने का काम किया है। इस सब पहलुओं को समझें, तो पता चलता है कि बीजेपी ने हार में भी एक बड़ी जीत खोज ली है। भाजपा अब खुल कर कह सकेगी कि हमने महिला हित में अपने प्रयास में कोई कोताही नहीं की। विपक्ष ने ही साथ नहीं दिया।

भाजपा महिला बिल को भुनाएगी

करीब 4 दशक पहले से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की चर्चा चल रही है। किसी को अपने हित और हक की बात समझने के लिए इतना वक्त कम नहीं होता। बिल पेश होने के पहले से ही भाजपा यह संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने के अभियान में लग गई है। अब तो वह महिलाओं को यह कह सकेगी कि उसने तो पूरी कोशिश की, पर विपक्ष ने ही पानी फेर दिया। जहां 1.5 करोड़ के अंतर से एनडीए की सरकार बन गई वहां 20-21 करोड़ कामकाजी महिलाओं में 10 प्रतिशत को भी भाजपा ने अपने प्रभाव में ले लिया तो विपक्ष की परेशानी बढ़ सकती है।

लोकसभा में ज्यादा वोट पाकर भी क्यों फेल हो गया महिला आरक्षण बिला, जानें अब आगे क्या?

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महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पारित नहीं हो सका। सदन में 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। मतदान के समय सदन में कुल 528 सांसद मौजूद थे। ऐसे में विधेयक पारित कराने के लिए सत्ता पक्ष को 352 वोटों की जरूरत थी। विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। जिसके कारण अधिक वोट मिलने के बाद भी बिल फेल हो गया।

पिछले 12 सालों में पहली बार गिरा कोई संशोधन विधेयक

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। देश की आधी आबादी को उनका राजनीतिक हक दिलाने के लिए शुक्रवार शाम लोकसभा में वोटिंग हुई। सरकार ने इस बिल को पारित कराने के लिए हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन यह बिल पारित कराने के लिए जरूरी आंकड़ा, 352 से 54 वोट पीछे रह गई। कुल मौजूद सदस्य 352 में बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े और कहानी यहीं पर समाप्त हो गई।

विपक्ष ने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया-रिजिजू

किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक के सदन में गिरने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मौका गंवा दिया गया है। रिजिजू ने कहा कि यह महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने से जुड़ा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक था। इसी पर यह नतीजा आया है। विपक्ष ने इसमें साथ नहीं दिया। बहुत खेद की बात है। आपने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया। महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का हमारा अभियान जारी रहेगा और हम उन्हें अधिकार दिलाकर ही रहेंगे।

बाकी दो विधेयकों पर क्यों नहीं हुई वोटिंग

सरकार ने इस विधेयक के साथ 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद अब इससे संबंधित दोनों विधेयकों 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को आगे नहीं बढ़ा सकते।

बिल में क्या था प्रस्ताव?

संविधान संशोधन विधेयक के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक करने का प्रस्ताव था। साथ ही 2029 के आम चुनावों से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की योजना शामिल थी। इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए सीटें बढ़ाने का प्रावधान रखा गया था, ताकि आरक्षण को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

विपक्ष क्यों है नाराज?

इस पूरे मामले में एक और बड़ा मुद्दा परिसीमन यानी डिलीमिटेशन को लेकर भी सामने आया। सरकार चाहती थी कि लोकसभा की सीटों का पुनर्निर्धारण करके महिला आरक्षण को लागू किया जाए, जबकि विपक्ष ने इसका विरोध किया। विपक्ष का तर्क था कि परिसीमन के जरिए कुछ राज्यों को फायदा और कुछ को नुकसान हो सकता है, इसलिए इसे तुरंत लागू करना उचित नहीं होगा। इसी मुद्दे पर विपक्ष एकजुट हो गया और बिल को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका।

डी मोनफोर अकादमी का सीबीएसई 10वीं में शानदार प्रदर्शन, छात्रा संस्कृति ने किया टॉप
मेरठ, बहसूमा। सीबीएसई कक्षा 10वीं के घोषित परीक्षा परिणाम में डी मोनफोर अकादमी के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया। परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल देखने को मिला।

विद्यालय की छात्रा संस्कृति ने 91 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं परी ने 87.8 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा नवनीत ने 87.4 प्रतिशत अंक हासिल कर तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी सफल विद्यार्थियों को विद्यालय परिवार और अभिभावकों ने बधाई दी।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास का परिणाम है। उन्होंने छात्रों को भविष्य में भी इसी लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता विद्यालय के लिए गर्व का विषय है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित मार्गदर्शन के माध्यम से छात्र हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

विद्यालय की निर्देशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने सफल विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह परिणाम छात्रों की मेहनत और शिक्षकों के समर्पण का प्रमाण है।

उपप्रधानाचार्या श्रीमती रितु चिकारा ने भी विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर ही यह सफलता संभव हो पाई है। उन्होंने सभी छात्रों को निरंतर प्रगति करते रहने का संदेश दिया।

विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
महानगरपालिका में परिवहन समिति सदस्य निर्वाचित हुए एड. राजकुमार मिश्रा
भायंदर। उत्तर भारतीय समाज के लोकप्रिय युवा चेहरा एडवोकेट राजकुमार मिश्रा को मीरा भायंदर महानगरपालिका में परिवहन समिति का सदस्य निर्वाचित किया गया है। इसके पहले भी परिवहन समिति का सदस्य रह चुके हैं। एड मिश्रा ने विधायक नरेंद्र मेहता, महापौर डिंपल मेहता जिलाध्यक्ष दिलीप जैन उप महापौर ध्रुव किशोर पाटिल स्थाई समिति सभापति हसमुख गहलोत का आभार मानते हुए कहा कि वह दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरे मनोयोग और समर्पित भावना के साथ करेंगे। उन्हें परिवहन समिति का सदस्य बनाए जाने पर शिक्षासम्राट लल्लन तिवारी, वरिष्ठ समाजसेवी दिनेश उपाध्याय,भाजपा नेता अमरजीत मिश्रा, नगरसेवक मदन सिंह, राहुल एजुकेशन के सचिव राहुल तिवारी, एड.आरजे मिश्रा, उमाशंकर तिवारी, अभयराज चौबे, प्रो. विजयनाथ मिश्रा, नगरसेवक मनोज रामनारायण दुबे, उत्तर भारतीय मोर्चा के जिलाध्यक्ष संतोष दिक्षित,भाजपा नेता सुरेश सिंह, भाजपा जिला महामंत्री बृजेश तिवारी, नगरसेवक विवेक उपाध्याय, भाजपा प्रवक्ता शैलेश पांडे, अमरनाथ तिवारी, समाजसेवी अरविंद उपाध्याय,रामलीला समिति के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ,विजय मिश्रा, कमलेश दुबे, डॉ उमेश शुक्ला, डॉ सुधाकर मिश्रा, उमाशंकर तिवारी, जटाशंकर पांडे, बीआर मिश्रा, एड. डीके पांडे, अजय सिंह, उत्तम चौबे, अभयराज पांडे, प्रदीप सिंह,अमृत प्रजापती, उमेश यादव, कैलास यादव,विकास उपाध्याय समेत अनेक लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
किशोरी से दुष्कर्म का प्रयास करने वाला भेजा गया जेल
रितेश मिश्रा
हरदोई।कोतवाली शहर पुलिस ने किशोरी से दुष्कर्म करने के प्रयास में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
        प्राप्त विवरण में 16 अप्रैल को किशोरी की माँ द्वारा थाना कोतवाली शहर पर तहरीर दी गयी कि प्रताप पुत्र रामस्वरूप यादव निवासी ग्राम शहाबुद्दीनपुर थाना कोतवाली शहर द्वारा उसकी पुत्री के साथ गलत कार्य करने का प्रयास किया गया है। प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।
       निरीक्षक शिव गोपाल द्वारा उक्त अभियोग से संबंधित नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
पुलिस ने छप्पर में आग लगाने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार
रितेश मिश्रा
हरदोई।हरियांवा थाना के ग्राम देवरिया प्रसिद्ध नगर में युवक द्वारा छप्पर में आग लगाने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
        प्राप्त विवरण में 16 अप्रैल को लालाराम पुत्र मोती ग्राम देवरिया प्रसिध्द नगर द्वारा थाना हरियावां पर तहरीर दी कि प्रवेश पुत्र रामपाल ग्राम उमरसेड़ा थाना हरियावा द्वारा उसके छप्पर में आग लगा दी जिससे घरेलू सामान जल गया है। इस संबंध में स्थानीय पुलिस द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज की।
      थाना हरियावां के उप निरीक्षक महेन्द्र सिंह द्वारा उपरोक्त अभियोग से संबंधित नामजद आरोपी
खाकी का अहंकार,सच से खुली जंग, लोनार कोतवाली ग्रुप से 13 पत्रकार बाहर,मचा बवाल
रितेश मिश्रा
हरदोई की लोनार कोतवाली में इस समय कानून-व्यवस्था से ज्यादा चर्चा अहंकार व्यवस्था की हो रही है और इसके केंद्र में हैं इंस्पेक्टर राकेश यादव।मामला उस युवती से जुड़ा है जो बावन चौराहे के पास झाड़ियों में लहूलुहान हालत में मिली थी,चेहरे पर चोटें,गंभीर स्थिति और हालात ऐसे कि पूरा दृश्य सवाल खड़े कर रहा था।पुलिस ने उसे अस्पताल पहुँचाया,लेकिन जैसे ही पत्रकारों ने घटनास्थल की स्थिति और तथ्यों के आधार पर संभावित आशंका के साथ खबरें चलाईं,मामला जांच से हटकर “सवाल बनाम सिस्टम” में बदल गया।

विवाद तब खड़ा हुआ जब इंस्पेक्टर राकेश यादव ने लोनार कोतवाली के डिजिटल वालंटियर ग्रुप से एक झटके में 13 पत्रकारों को बाहर कर दिया।ग्रुप से हटाने से पहले उन्हें “अज्ञानी” कहकर संबोधित किया गया और संदेश लिखा—“अज्ञानी मित्र से अच्छा ज्ञानी शत्रु होता है।” यह बात अब सिर्फ एक टिप्पणी नहीं,बल्कि पत्रकारिता पर सीधा सवाल है।यानी संदेश साफ है जो सवाल पूछेगा उसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

बताया जा रहा है कि पहले भी सांडी क्षेत्र में तैनाती के दौरान इंस्पेक्टर राकेश यादव पर पत्रकारों से टकराव और विवाद के आरोप लग चुके हैं।लोनार में भी एक पत्रकार पर अभद्रता और फिर कानूनी कार्रवाई की चर्चा ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।फिलहाल, ग्रुप से 13 पत्रकारों के बाहर किए जाने का मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। पत्रकार संगठनों ने इसे गंभीर मानते हुए विरोध शुरू कर दिया है।अब मामला सिर्फ ग्रुप से हटाने का नहीं,बल्कि सवालों को दबाने का बन गया है।लोग कह रहे हैं कि इंस्पेक्टर राकेश यादव ने अपराधी पकड़ने में भी इतनी फुर्ती दिखाई होती तो शायद इलाके में क्राइम का ग्राफ शून्य होता।
मुठभेड़ में घायल कर पुलिस ने दो बदमाशों सहित आठ अंतर्जनपदीय बदमाशों को किया गिरफ्तार
तेल चुराने के उपकरण, विद्युत तार,नगदी, एक कार और तमंचे बरामद

रितेश मिश्रा
हरदोई।जनपद में लगातार हो रही ट्रांसफार्मर से तेल चोरी और विद्युत तार चोरी की घटनाओं में पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने गुरुवार शुक्रवार की रात मुठभेड़ में दो बदमाशों को घायल कर आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बदमाशों के पास से एक कार, नगदी और तमंचे बरामद किये हैँ। प्राप्त विवरण में 01 अप्रैल को अस्लम खान पुत्र मो० इनुश चौकीदार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौसार द्वारा थाना अरवल पर तहरीर दि गयी कि 31 मार्च को अज्ञात चोरों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के परिसर मे लगे ट्रांसफार्मर से तेल चोरी कर लिया गया है।1 फरवरी को अमन गुप्ता अवर अभियंता विद्युत उपकेन्द्र सांडी रोड ग्रामीण द्वारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दी गयी कि थाना कोतवाली देहात क्षेत्रांतर्गत ग्राम उमरौला में पोखरी रोड पर 250 केवी के विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा कपर क्वाइल चोरी कर लिया गया है।4 फ़रवरी को अभिषेक यादव अवर अभियंता 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र आशा नगर द्वारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दि गयी कि 3 फ़रवरी को चांदमारी स्थित 400 केवी विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा तेल चोरी कर लिया गया।26 मार्च को अमन सक्सेना अवर अभियंता विद्युत उपकेन्द्र मन्नापुरवा दवारा थाना कोतवाली देहात पर तहरीर दी गयी कि 25 मार्च को ग्राम खेतई स्थित 250 केवी विद्युत ट्रांसफार्मर से अज्ञात चोरों द्वारा तेल, कोर बाइण्डिंग व बुशिंग रॉड चोरी कर ली गयी है।चोरी के चारो मामलों में संबंधित थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की थी।
     पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा द्वारा उक्त घटनाओं के सफल अनावरण हेतु पुलिस टीमों का गठन कर लगाया गया ।
         एसपी द्वारा गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, आसपास के लोगों से पूछताछ व सर्विलांस आदि की सहायता से उपरोक्त घटना से सम्बन्धित प्रकाश में आये अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु निरन्तर प्रयास किया। इसी दौरान 17 अप्रैल की रात्रि को मुखबिर द्वारा सूचना दी गयी कि उपरोक्त चोरी की घटना से संबंधित अभियुक्तगण थाना अरवल क्षेत्रान्तर्गत हरपालपुर चौसार रोड पर पिलिया गटवासा गांव के पास ट्रांसफार्मर से तेल चोरी करने की फिराक में है। प्राप्त सूचना पर थाना प्रभारी अरवल अनिल सिंह और स्वाट/सर्विलांस के प्रभारी राजेश यादव और अब्दुल जब्बार द्वारा ग्राम पिलिया गटवासा में ट्रांसफार्मर के निकट चोरो की गिरफ्तारी का जाल बिछाया गया। पुलिस टीम ने तेल चुराने आये चोरों की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायर किया गया। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ फायरिंग की गयी, जिसमे सत्येन्द्र पुत्र लाखन निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद और गजेन्द्र पत्र इनाम सिंह निवासी ग्राम नगला कटीक थाना पटियाली जनपद कासगंज गोली लगने से घायल हो गये तथा पुलिस टीम द्वारा प्रवेश पुत्र कप्तान सिंह निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,सुरेन्द्र लाखन निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,अनूप पुत्र स्लेटी सिंह निवासी ग्राम उनरापुर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद,मुनेन्द्र पुत्र भैय्यालाल निवसी ग्राम अजतपुर थाना हरपालपुर,रोहित पुत्र देव कुमार ग्राम अजतपुर थाना हरपालपुर और अजय पुत्र सत्यवान ग्राम अजत्पुर थाना हरपालपुर को भी मौके से गिरफ्तार किया गया।
     पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 49,000/- रुपये नगदी, एक अदद कार, 03 अदद बंडल कॉपर, 50लीटर तेल (टांसफार्मर का), ट्रांसफार्मर खोलने के उपकरण, 02 तमंचे 315 बोर, 04 जिंदा कारतूस एवं 02 खोखा कारतूस बरामद किये गए। पुलिस टीम द्वारा घायल अभियुक्तों को उपचार हेतु चिकित्सालय भिजवाया गया है।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार अपनी मंशा स्पष्ट करे : मुकेश नायक

- महिला आरक्षण पर राजनीतिक उद्देश्य हावी, पारदर्शिता गायब : अभय दुबे

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय, भोपाल स्थित मीडिया कक्ष में आज प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पैनलिस्ट अभय दुबे द्वारा महत्वपूर्ण प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की गई।

प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए मुकेश नायक ने महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए स्पष्ट जवाब की मांग की। उन्होंने कहा कि सांसद एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देश में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

श्री नायक ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित संविधान संशोधन में स्पष्ट प्रावधान किया गया था कि महिला आरक्षण लागू करने से पूर्व जनगणना और उसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वर्तमान परिस्थितियां यह संकेत देती हैं कि केंद्र सरकार अपने ही प्रावधानों से पीछे हटती नजर आ रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक की अधिसूचना जारी की जा चुकी है, तब उसी विषय से संबंधित संशोधन विधेयक पर लोकसभा में चर्चा और मतदान का क्या औचित्य है। यह पूरी प्रक्रिया केवल राजनीतिक उद्देश्य से संचालित प्रतीत होती है, जिससे न केवल भ्रम की स्थिति बन रही है, बल्कि सरकार की नीयत पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि यह विधेयक वास्तव में महिला आरक्षण का नहीं, बल्कि परिसीमन से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है, जिस पर महिला आरक्षण का आवरण डाला जा रहा है। उन्होंने प्रश्न किया कि पिछले 30 महीनों में ऐसा क्या बदल गया कि 2023 के बाद की जनगणना की बात करने वाली सरकार अब 2011 की जनगणना के आधार की ओर लौटती नजर आ रही है।

इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पैनलिस्ट अभय दुबे ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार से यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि किसी कानून की अधिसूचना जारी किए बिना उसका संशोधन किस प्रकार संभव है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम प्रस्तुत करते समय प्रधानमंत्री द्वारा 33 प्रतिशत आरक्षण की बात कही गई थी, जिसका सभी राजनीतिक दलों ने समर्थन किया था, साथ ही यह शर्त भी जोड़ी गई थी कि पहले जनगणना, फिर परिसीमन और उसके बाद ही आरक्षण लागू किया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में बिना विधिक स्पष्टता के एकतरफा निर्णय लेने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना से बचने का प्रयास किया जा रहा है, जो सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।