सक्षम फाउंडेशन द्वारा भीमसेन अस्पताल को दवाइयों व सर्जिकल उपकरणों का सहयोग
भायंदर । सक्षम फाउंडेशन द्वारा थायरोकेयर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के सौजन्य से भारत रत्न पंडित भीमसेन रुग्णालय,भायंदर में जनसेवा हेतु एक सराहनीय पहल के तहत एकमुश्त (बल्क) दवाइयों एवं सर्जिकल उपकरणों का सहयोग प्रदान किया गया। समाजसेवा और स्वास्थ्य सेवा के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक नरेंद्र मेहता ने इस योगदान के लिए फाउंडेशन एवं थायरोकेयर की सराहना की एवं हॉस्पिटल के डॉक्टर्स का संदेश दिया कि जो दवाएं जरूरतमंदों के लिए दी गई हैं उनका सदुपयोग होना चाहिए किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए सम्माननीय अतिथि के रूप में मीरा भयंदर महानगरपालिका की महापौर श्रीमती डिंपल मेहता एवं उप महापौर ध्रुव किशोर पाटिल उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में डॉ. नरेन्द्र गुप्ता उपस्थित थे भरत लाल अग्रवाल, सुशील पोद्दार, डॉ नवल अग्रवाल सहित समाज के गणमान्य लोगों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस अवसर पर नगरसेवक सुरेश खंडेलवाल, वर्षा  भानुशाली, नियामक सदस्य  ओमप्रकाश गडोदिया एवं अनीता दीक्षित सहित थायरोकेयर से आए हुए आशीष अरोरा, यश शर्मा, मोहित शर्मा, प्रियदर्शिनी सिन्हा, जिगर देसाई एवं अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से अस्पताल की सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा जरूरतमंद मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। सक्षम फाउंडेशन के ट्रस्टी अनुज सरावगी एवं अध्यक्ष  सुमीत अग्रवाल ने बताया कि संस्था का उद्देश्य सदैव समाज के जरूरतमंद वर्ग तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने सभी सहयोगकर्ताओं एवं उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

फाउंडेशन के सौरभ पोद्दार,अमित अग्रवाल, अभिजीत घोषाल, सचिन अग्रवाल, क्रुणाल शाह,अजित मिश्रा,भारत जालोर सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।
सुरियावां ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया:पुलिस ने चोरी की 7 घटनाओं में शामिल 4 को किया गिरफ्तार, 3 क्विंटल तार बरामद

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत सुरियावां पुलिस टीम ने अन्तर्जनपदीय चोरों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मुखबिर की सूचना पर प्रयागराज और भदोही जिलों में एलटी तार, एबी कंडक्टर और केबल चोरी के मामलों से संबंधित चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी जंगीगंज से कोईरौना जाने वाले तिराहे से करीब 300 मीटर पहले गोपीगंज की तरफ सड़क की दाहिनी पटरी से हुई। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 9 बोरों में लगभग 3 क्विंटल एलटी तार, एबी कंडक्टर और केबल बरामद किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, पुलिस ने दो पिकअप वाहन, एक पल्सर मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और 2500 रुपये नकद भी जब्त किए हैं। पूछताछ में गिरफ्तार व्यक्तियों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जिसका मुखिया पवन कुमार बिंद पुत्र गुलाबधर बिंद है। वे पवन कुमार बिंद के साथ मिलकर प्रयागराज और भदोही जिलों में विभिन्न स्थानों से बिजली के तार काटकर चोरी करते थे। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 24/25 की रात को भदोही जिले के प्रयागराज बॉर्डर के पास ग्राम नेवादा रोही और आसपास के इलाकों से बिजली के तार चोरी किए थे।

उन्होंने बताया कि पवन कुमार बिंद, संजय बिंद और पवन कुमार बिंद उर्फ ओझा सहित कुल छह लोगों ने मिलकर पोल से तार काटे थे। चोरी किए गए तारों को पिकअप में लादकर पवन कुमार बिंद के घर पर छिपाया गया था। अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने तारों से प्लास्टिक हटाकर एल्युमिनियम को प्लास्टिक के बोरों में भर दिया था। उन्हें जानकारी मिली थी कि पुलिस ने उनकी टाटा मैजिक पिकअप को पहचान लिया है और उनकी तलाश में गांव आई है, जिसके बाद वे चोरी के तार बेचने की फिराक में थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पैनिक पर ब्रेक, सप्लाई फुल: पेट्रोल-डीजल और गैस को लेकर जिला प्रशासन का बड़ा दावा
नितेश श्रीवास्तव

भदोही।जनपद में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्थिति साफ कर दी है। अधिकारियों ने कहा है कि जिले में कहीं भी ईंधन की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर अफवाह फैलाकर पैनिक का माहौल बनाया गया, जिससे पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ देखी गई। प्रशासन के अनुसार सभी पेट्रोल पंप संचालकों और गैस एजेंसियों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया है। रोजाना स्टॉक की निगरानी हो रही है और सप्लाई चेन मजबूत बनी हुई है। कैंट क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर आई दिक्कत समय पर इंडेंट न देने के कारण हुई थी, जिसे अब ठीक कर लिया गया है और सप्लाई जल्द सामान्य हो जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत के अनुसार ही ईंधन दिया जाए। कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल तैनात है और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भी निगरानी रखी जा रही है। एलपीजी को लेकर होम डिलीवरी पर जोर दिया गया है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि अफवाहों से बचें और जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल, डीजल व गैस लें। वहीं शुक्ला फिलिंग स्टेशन के प्रबंधक विशाल शुक्ला ने बताया कि आज जिलाधिकारी भदोही ने सभी पेट्रोल पंप के मालिकों के साथ एक अहम बैठक की बैठक में उन्होंने बताया की जो भी चार पहिया दो पहिया वाहन पंप पर पहुंच रहे हैं उनके आवश्यकता अनुसार डीजल व पेट्रोल दिया जाए जिसको लेकर शुक्ला फिलिंग स्टेशन के प्रबंधक ने बताया कि पेट्रोल पंप पर अभी जिलाधिकारी शैलेश कुमार आए थे और हमारे पेट्रोल पंप पर आज से नहीं कभी से पेट्रोल या डीजल को लेकर कोई दिक्कत नहीं हुआ जिसको जितना चाहिए उतना पेट्रोल और डीजल मिल रहा है अफवाहों पर आप लोग ध्यान ना दें पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा जो गैलन और ड्रम लेकर पंप पर पहुंच रहे हैं ऐसे लोगों को ड्रम या केन में पेट्रोल डीजल ना दिया जाए
तपोवन मंदिर पहुँचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन: श्री राम जानकी के चरणों में टेका मत्था, राज्य की खुशहाली की मांगी दुआ

रांची | 27 मार्च 2026: रामनवमी के पावन अवसर पर राजधानी रांची के ऐतिहासिक श्री राम जानकी तपोवन मंदिर, निवारणपुर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस भक्तिमय समागम में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री दंपत्ति ने मंदिर में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के चरणों में शीश नवाकर राज्य की उन्नति, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

"प्रभु श्री राम के आदर्शों को जीवन में उतारें"

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समस्त राज्यवासियों को रामनवमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा:

"आज आस्था के इस भव्य समागम में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। भगवान श्री राम के आदर्श हमें धर्म और सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं। हमें उनके मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। मेरी मंगलकामना है कि प्रभु श्री राम आप सभी की मनोकामनाएं पूरी करें।"

सामाजिक समरसता और सद्भाव की अपील

मुख्यमंत्री ने रांची की गौरवशाली परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि विभिन्न अखाड़ों की शोभायात्राओं का तपोवन मंदिर में मिलन एक ऐतिहासिक दृश्य होता है। उन्होंने जनता से अपील की कि इस महापर्व को पूरी श्रद्धा, उमंग और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। सामाजिक सद्भाव और समरसता के साथ इस आयोजन को यादगार बनाने का आह्वान किया।

तपोवन मंदिर के सौंदर्यीकरण पर जोर

मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तपोवन मंदिर की अपनी एक अलग पहचान है। राज्य सरकार इस पहचान को और सुदृढ़ करने के लिए मंदिर के सौंदर्यीकरण और भव्यता की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही मंदिर को एक नया और भव्य स्वरूप प्रदान करने का कार्य पूर्ण हो जाएगा।

भक्तिमय रहा माहौल

पूजा के दौरान तपोवन मंदिर परिसर 'जय श्री राम' के उद्घोष से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित महंत और मंदिर समिति के सदस्यों से भी मुलाकात की। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मुख्यमंत्री ने आम श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया।

300 जरूरतमंद महिलाओं को किचन सेट भेंटकर सीमा सिंह ने मनाया अपना जन्मदिन
मेघाश्रेय फाउंडेशन की तरफ से किया फ्री एंबुलेंस का उद्घाटन

मुंबई। देश की जानी-मानी समाजसेवी तथा मेघाश्रेय फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा सिंह ने कल  बांद्रा के  ताज लैंडसन होटल में प्रेरणादायक जन्मदिन मनाया। उन्होंने करीब 300 महिलाओं को किचन सेट सामग्री तथा संस्था से जुड़े सैकड़ो बच्चों को शैक्षणिक सामग्री तथा स्पोर्ट्स किट प्रदान किया। यही नहीं उन्होंने अपने जन्मदिन पर जरूरतमंद मरीजों के लिए संस्था की तरफ से फ्री एम्बुलेंस का उद्घाटन भी किया।

उनके जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए इस अवसर पर बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता डिनू मारिया तथा विक्रांत मैसी उपस्थित रहे। सीमा सिंह ने कहा कि उनके जन्मदिन मनाने का उद्देश्य महिलाओं को कैंसर तथा अन्य गंभीर बीमारियों से जागरूक करना तथा बच्चों को शिक्षा तथा खेलकूद के प्रति प्रेरित करना है।

सीमा सिंह की सराहना करते हुए डिनू मारिया ने कहा कि समाज सेवा के क्षेत्र में सीमा सिंह द्वारा किए जा रहे कार्य सराहनीय होने के साथ-साथ प्रेरणादायक हैं। खासकर महिलाओं और बच्चों को जागरूक करने की दिशा में मेघाश्रेय फाउंडेशन रचनात्मक कार्य कर रही है। विक्रांत मैसी ने कहा कि सीमा सिंह के कार्यों  से प्रेरणा लेकर समाज के अन्य सक्षम लोगों को भी महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए काम करना चाहिए। सीमा सिंह ने दोनों अभिनेताओं का संस्था की तरफ से स्वागत सम्मान किया।

नन्हीं यशस्विनी का ‘बुलडोजर गिफ्ट’, सीएम योगी भी नहीं रोक पाए मुस्कान

* गोरखनाथ मंदिर में मासूम बच्ची ने आंखें बंद करवाकर दिया सरप्राइज, मुख्यमंत्री ने चॉकलेट देकर जताया स्नेह

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आज गोरखनाथ मंदिर परिसर में एक नन्हीं बच्ची के अनोखे गिफ्ट ने मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। कानपुर से आई 4 वर्षीय यशस्विनी सिंह ने मुख्यमंत्री को खिलौना ‘बुलडोजर’ भेंट कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
शुक्रवार सुबह अपनी नियमित दिनचर्या के तहत मंदिर परिसर में भ्रमण कर रहे मुख्यमंत्री की नजर यशस्विनी पर पड़ी, जो अपने माता-पिता के साथ गोरखपुर आई थी। सीएम ने स्नेहपूर्वक उसे पास बुलाया, चॉकलेट दी और बातचीत की। इसी दौरान बच्ची ने मासूमियत भरे अंदाज में कहा, “आंखें बंद करिए, आपको गिफ्ट देना है।”
मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उसकी बात मान ली। जैसे ही उन्होंने आंखें बंद कीं, यशस्विनी ने उनके हाथों में एक छोटा सा बुलडोजर (खिलौना) रख दिया। गिफ्ट देखते ही मुख्यमंत्री समेत वहां मौजूद सभी लोग हंसी नहीं रोक पाए।
यशस्विनी ने कहा कि मुख्यमंत्री को बुलडोजर पसंद है, इसलिए वह यह खास गिफ्ट लेकर आई है। कानपुर के प्रताप इंटरनेशनल कॉलेज की नर्सरी छात्रा यशस्विनी अपने पिता अभय सिंह राजावत और मां प्रियदम्वा सिंह के साथ गोरक्षपीठाधीश्वर का आशीर्वाद लेने आई थी। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद वह बेहद खुश नजर आई।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उद्घाटन को तैयार, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; 12 शहरों के लिए उड़ानें शुरू

* 7 हजार पुलिसकर्मी तैनात, 300 CCTV कैमरों से निगरानी; एक्सप्रेस-वे पर यातायात प्रतिबंध लागू

नोएडा/लखनऊ। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। समारोह में करीब 7000 पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी, जबकि पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी 300 CCTV कैमरों से की जाएगी।
उद्घाटन समारोह के मद्देनजर प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया है। 28 तारीख की सुबह 7 बजे से 11 बजे तक विशेष प्रतिबंध लागू रहेगा। इस दौरान नोएडा एक्सप्रेस-वे पर मालवाहक वाहनों के संचालन पर रोक रहेगी। यही प्रतिबंध यमुना एक्सप्रेस-वे पर भी प्रभावी रहेगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुबह 11:30 से 12:00 बजे के बीच पहुंचने का कार्यक्रम है। उनके आगमन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
एयरपोर्ट के संचालन के पहले चरण में 12 शहरों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू की जाएंगी। इनमें मुंबई, बेंगलूरु, चेन्नई, कोलकाता, कानपुर और लखनऊ सहित अन्य प्रमुख शहर शामिल हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर इसे विस्तार देते हुए 47 शहरों तक उड़ान सेवाएं शुरू करने की योजना है। बताया जा रहा है कि अप्रैल के मध्य से कमर्शियल फ्लाइट्स की बुकिंग भी शुरू हो जाएगी, जिससे यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
सेना भर्ती कार्यालय बचाने हेतु कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने लिखा अमेठी सांसद को पत्र*
यह फैसला युवाओं के हितों के है विपरीत : अभिषेक सिंह राणा* सुल्तानपुर। जिला कांग्रेस कमेटी, सुल्तानपुर ने अमेठी स्थित सेना भर्ती कार्यालय (एआरओ) के स्थानांतरण का कड़ा विरोध किया है। इस संबंध में सुल्तानपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा द्वारा अमेठी के सांसद किशोरी लाल शर्मा को पत्र लिखा गया है। पत्र में बताया गया है कि अमेठी में सेना भर्ती कार्यालय वर्ष 1988 से संचालित हो रहा है, जहां अमेठी समेत आसपास के करीब 13 जनपदों के युवाओं की भर्ती प्रक्रिया होती रही है। अब इस कार्यालय को अयोध्या स्थानांतरित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे क्षेत्रीय युवाओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। कांग्रेस ने मांग की है कि सेना भर्ती कार्यालय को अमेठी से स्थानांतरित न किया जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में पहले की तरह सुविधा मिलती रहे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि यह फैसला युवाओं के हितों के विपरीत है और यदि इसे रोका नहीं गया तो क्षेत्र के हजारों अभ्यर्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सांसद से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई की मांग की है। भवदीय अभिषेक सिंह राणा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी सुल्तानपुर
आजमगढ़:-बिजली बकायेदारों को फिर राहत, मार्च में भी मिलेगी छूट का लाभ
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। विद्युत बिल राहत योजना की अवधि समाप्त होने के बाद सरकार ने उपभोक्ताओं को एक बार फिर राहत देने का फैसला लिया है। अब मार्च माह में भी उन उपभोक्ताओं को छूट का लाभ दिया जाएगा, जिन्होंने पूर्व निर्धारित अवधि (1 दिसंबर से 28 फरवरी) के दौरान पंजीकरण कराया था, लेकिन किसी कारणवश बकाया बिल जमा नहीं कर सके। सरकार के निर्देश पर विद्युत विभाग के अधिकारियों को आदेशित किया गया है कि ऐसे उपभोक्ताओं से उनके पंजीकरण के महीने के अनुसार ही छूट का लाभ देकर बकाया बिल जमा कराया जाए। इसी क्रम में विद्युत वितरण खंड फूलपुर के अंतर्गत सभी अवर अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। अधिकारी गांव-गांव जाकर बकायेदार उपभोक्ताओं को जागरूक कर रहे हैं और बकाया जमा कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। तहसील मुख्यालय के अंतर्गत सुदनीपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता देवेंद्र सिंह ने अपनी टीम के साथ नगर पंचायत फूलपुर और ग्राम पंचायत चमावा में अभियान चलाया। इस दौरान करीब 1 लाख 15 हजार रुपये का राजस्व वसूला गया। अभियान के दौरान बिजली की अनियमितता करते पाए गए तीन उपभोक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि तीन अन्य उपभोक्ताओं का भार (लोड) बढ़ाया गया। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विद्युत वितरण खंड फूलपुर के सभी उपकेंद्रों और कैश काउंटरों को सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी खोले जाने का निर्णय लिया गया है। अधिशासी अभियंता हरीश प्रजापति ने बताया कि शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय आभूषणों की विरासतः अतीत से वर्तमान तक एक निरंतर यात्रा

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ उजागर करती हैं भारतीय शिल्प, सौंदर्य और सांस्कृतिक निरंतरता का अद्भुत संगम भारत में आभूषण केवल सजावट का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान, आस्था और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के सशक्त प्रतीक रहे हैं। बदलते समय के साथ इनके स्वरूप में परिवर्तन अवश्य हुआ है, किंतु यह भी उतना ही सत्य है कि प्राचीन आभूषण शैलियाँ समय-समय पर आधुनिक फैशन में पुनः उभरती रहती हैं। यह प्रवृत्ति भारतीय परंपरा की गहरी जड़ों और उसकी निरंतरता को दर्शाती है।

संचालनालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ इस सांस्कृतिक यात्रा का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। इन मूर्तियों में अंकित आभूषण न केवल उस समय की शिल्पकला और तकनीकी दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि समाज की सौंदर्य दृष्टि और जीवन शैली को भी जीवंत रूप में सामने लाते हैं।

द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व की शुंगकालीन यक्षी प्रतिमा, भरहुत से प्राप्त, भारतीय आभूषणों के प्रारंभिक विकसित स्वरूप को दर्शाती है। विकसित कमल के मध्य अंकित इस प्रतिमा में मोतियों के पंचवली हार, कर्ण-कुंडल और बहु-लड़ी हारावली का सुंदर अंकन है। यक्षी अपने हाथों में सनाल पद्म धारण किए हुए हैं। यक्षी के चेहरे पर हल्की मुस्कान और शिरो-सज्जा में बालों का व्यवस्थित विन्यास उस समय की सौंदर्य दृष्टि को दर्शाता है।

9वीं-10वीं शताब्दी की हरिहर प्रतिमा में शिव और विष्णु का संयुक्त स्वरूप अंकित है। आधे भाग में जटामुकुट और दूसरे भाग में किरीट मुकुट, दोनों देवताओं की पहचान को स्पष्ट करते हैं। अन्य आभूषणों में केयूर, शिव सर्पकुंडल तथा विष्णु सूर्यवृत कुंडल, एकावलीहार, यज्ञोपवीत, उरूदाम धारण किए हुए हैं। हरि का वाहन गरुड मानव रूप में आलेखित हैं, तथा हर का वाहन नंदी भी प्रदर्शित हैं।

11वीं शताब्दी की परमारकालीन शिव-पार्वती प्रतिमा में 'रावणानुग्रह' का दृश्य अंकित है। शिव-पार्वती को कैलाश पर्वत पर अपने अपने वाहन नंदी एवं सिंह पर बैठा दिखाया गया हैं। पार्वती जटामुकुट धारण किए हुए हैं। पादपीठ पर रावण को कैलाश पर्वत उठाने के लिए घुटने के बल मुड़े हुए दिखाया गया हैं। गणेश, कार्तिकेय, ब्रह्मा-विष्णु के साथ विद्याधर एवं गन्धों का आलेखन हैं। शिव के कानों में चक्राकार कर्णकुंडल, गले में एकावली (मुक्तामाला) तथा उसके ऊपर तीन लड़ी वाला हार दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त भुजाओं में केयूर (भुजबंध) अलंकरण को और समृद्ध बनाते हैं। एक बनमाला भी नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई गई है, जिसे पुष्पमाला के रूप में सजाया गया है।

पार्वती के कानों में भिन्न प्रकार के कुंडल; एक ओर चक्रकुंडल और दूसरी ओर ताटंक दर्शाए गए हैं। गले के आभूषण में हारावली मध्य भाग से नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई देती है, और भीतर की ओर स्तनसूत्र का भी अंकन है।

11वीं शताब्दी की कलचुरी कला में आभूषणों की सूक्ष्मता और जटिलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। सुर सुंदरी स्खलित वसना प्रतिमा की भावांकन में सरलता, चक्र-कुंडल, एकावली, चंद्रहार, स्तनसूत्र, कुचबंध, केयूर, कंकण धारण किए हुए हैं। इस प्रतिमा में नायिका के स्नानोपरांत वस्त्र धारण करने का आलेखन है।

11-12वीं शताब्दी की कच्छपघात शैली की वैष्णवी प्रतिमा में क्षेत्रीय कला का प्रभाव स्पष्ट है। भुजाओं में शंख, चक्र, गदा एवं पद्म धारण किए हुए हैं। देवी किरीट मुकुट कुंडल, हार, स्तनहार, कटीमेखला, वैजयंती माला, नूपुर, कंगन, बाजूबंध आदी आभूषणों से अलंकृत हैं। पादपीठ पर परिचारक देवी से आशीर्वाद ले रहा हैं।

उमा-महेश्वर अपने अपने वाहन सिंह एवं नंदी पर बैठे हुए जटा मुकुट, हार, बाजूबंद, कटीमेखला, नूपुर धारण किए हैं। प्रतिमा में उमा-महेश्वर को एक दूसरे की ओर निहारते हुए दिखाया गया हैं। चतुर्भुजी शिव की भुजाओं में त्रिशूल, सर्प, कमलपुष्प अंकित हैं। पार्वती की दाहिनी भुजा शिव के स्कन्ध एवं बांयी भुजा में दर्पण लिए हैं।

समभंग में स्थानक देवी के घुटने के नीचे का भाग खंडित हैं। द्विभुजी देवी की दायीं भुजा में अक्षमाला, बांयी भुजा में कमंडल का अंकन हैं। अलंकृत केश दोनों कंधों पर फैलें हुए हैं। देवी कर्णकुंडल, ग्रैवेयक, केयूर, कटीमेखला, पारदर्शी अधोवस्त्र आदि से अलंकृत हैं।

संयुक्त निदेशक डॉ. मनीषा शर्मा के शब्दों में, भारतीय आभूषण केवल अलंकरण नहीं, बल्कि समय, समाज और संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज़ हैं। इन मूर्तियों में अंकित प्रत्येक कुंडल, हार और कटिमेखला अपने युग की सौंदर्य दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों की कहानी कहती है। संचालनालय में संरक्षित ये धरोहर हमें यह समझने का अवसर देती हैं कि परंपरा कभी स्थिर नहीं होती; वह निरंतर विकसित होती है, फिर भी अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी रहती है। आज के आभूषणों में जो रूप दिखाई देते हैं, वे इन्हीं प्राचीन परंपराओं की पुनरावृत्ति हैं, जो अतीत और वर्तमान के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती हैं।

सक्षम फाउंडेशन द्वारा भीमसेन अस्पताल को दवाइयों व सर्जिकल उपकरणों का सहयोग
भायंदर । सक्षम फाउंडेशन द्वारा थायरोकेयर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के सौजन्य से भारत रत्न पंडित भीमसेन रुग्णालय,भायंदर में जनसेवा हेतु एक सराहनीय पहल के तहत एकमुश्त (बल्क) दवाइयों एवं सर्जिकल उपकरणों का सहयोग प्रदान किया गया। समाजसेवा और स्वास्थ्य सेवा के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक नरेंद्र मेहता ने इस योगदान के लिए फाउंडेशन एवं थायरोकेयर की सराहना की एवं हॉस्पिटल के डॉक्टर्स का संदेश दिया कि जो दवाएं जरूरतमंदों के लिए दी गई हैं उनका सदुपयोग होना चाहिए किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए सम्माननीय अतिथि के रूप में मीरा भयंदर महानगरपालिका की महापौर श्रीमती डिंपल मेहता एवं उप महापौर ध्रुव किशोर पाटिल उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में डॉ. नरेन्द्र गुप्ता उपस्थित थे भरत लाल अग्रवाल, सुशील पोद्दार, डॉ नवल अग्रवाल सहित समाज के गणमान्य लोगों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस अवसर पर नगरसेवक सुरेश खंडेलवाल, वर्षा  भानुशाली, नियामक सदस्य  ओमप्रकाश गडोदिया एवं अनीता दीक्षित सहित थायरोकेयर से आए हुए आशीष अरोरा, यश शर्मा, मोहित शर्मा, प्रियदर्शिनी सिन्हा, जिगर देसाई एवं अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से अस्पताल की सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा जरूरतमंद मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। सक्षम फाउंडेशन के ट्रस्टी अनुज सरावगी एवं अध्यक्ष  सुमीत अग्रवाल ने बताया कि संस्था का उद्देश्य सदैव समाज के जरूरतमंद वर्ग तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने सभी सहयोगकर्ताओं एवं उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

फाउंडेशन के सौरभ पोद्दार,अमित अग्रवाल, अभिजीत घोषाल, सचिन अग्रवाल, क्रुणाल शाह,अजित मिश्रा,भारत जालोर सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।
सुरियावां ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया:पुलिस ने चोरी की 7 घटनाओं में शामिल 4 को किया गिरफ्तार, 3 क्विंटल तार बरामद

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत सुरियावां पुलिस टीम ने अन्तर्जनपदीय चोरों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मुखबिर की सूचना पर प्रयागराज और भदोही जिलों में एलटी तार, एबी कंडक्टर और केबल चोरी के मामलों से संबंधित चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी जंगीगंज से कोईरौना जाने वाले तिराहे से करीब 300 मीटर पहले गोपीगंज की तरफ सड़क की दाहिनी पटरी से हुई। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 9 बोरों में लगभग 3 क्विंटल एलटी तार, एबी कंडक्टर और केबल बरामद किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, पुलिस ने दो पिकअप वाहन, एक पल्सर मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और 2500 रुपये नकद भी जब्त किए हैं। पूछताछ में गिरफ्तार व्यक्तियों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जिसका मुखिया पवन कुमार बिंद पुत्र गुलाबधर बिंद है। वे पवन कुमार बिंद के साथ मिलकर प्रयागराज और भदोही जिलों में विभिन्न स्थानों से बिजली के तार काटकर चोरी करते थे। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 24/25 की रात को भदोही जिले के प्रयागराज बॉर्डर के पास ग्राम नेवादा रोही और आसपास के इलाकों से बिजली के तार चोरी किए थे।

उन्होंने बताया कि पवन कुमार बिंद, संजय बिंद और पवन कुमार बिंद उर्फ ओझा सहित कुल छह लोगों ने मिलकर पोल से तार काटे थे। चोरी किए गए तारों को पिकअप में लादकर पवन कुमार बिंद के घर पर छिपाया गया था। अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने तारों से प्लास्टिक हटाकर एल्युमिनियम को प्लास्टिक के बोरों में भर दिया था। उन्हें जानकारी मिली थी कि पुलिस ने उनकी टाटा मैजिक पिकअप को पहचान लिया है और उनकी तलाश में गांव आई है, जिसके बाद वे चोरी के तार बेचने की फिराक में थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पैनिक पर ब्रेक, सप्लाई फुल: पेट्रोल-डीजल और गैस को लेकर जिला प्रशासन का बड़ा दावा
नितेश श्रीवास्तव

भदोही।जनपद में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्थिति साफ कर दी है। अधिकारियों ने कहा है कि जिले में कहीं भी ईंधन की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर अफवाह फैलाकर पैनिक का माहौल बनाया गया, जिससे पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ देखी गई। प्रशासन के अनुसार सभी पेट्रोल पंप संचालकों और गैस एजेंसियों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया है। रोजाना स्टॉक की निगरानी हो रही है और सप्लाई चेन मजबूत बनी हुई है। कैंट क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर आई दिक्कत समय पर इंडेंट न देने के कारण हुई थी, जिसे अब ठीक कर लिया गया है और सप्लाई जल्द सामान्य हो जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत के अनुसार ही ईंधन दिया जाए। कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल तैनात है और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भी निगरानी रखी जा रही है। एलपीजी को लेकर होम डिलीवरी पर जोर दिया गया है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि अफवाहों से बचें और जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल, डीजल व गैस लें। वहीं शुक्ला फिलिंग स्टेशन के प्रबंधक विशाल शुक्ला ने बताया कि आज जिलाधिकारी भदोही ने सभी पेट्रोल पंप के मालिकों के साथ एक अहम बैठक की बैठक में उन्होंने बताया की जो भी चार पहिया दो पहिया वाहन पंप पर पहुंच रहे हैं उनके आवश्यकता अनुसार डीजल व पेट्रोल दिया जाए जिसको लेकर शुक्ला फिलिंग स्टेशन के प्रबंधक ने बताया कि पेट्रोल पंप पर अभी जिलाधिकारी शैलेश कुमार आए थे और हमारे पेट्रोल पंप पर आज से नहीं कभी से पेट्रोल या डीजल को लेकर कोई दिक्कत नहीं हुआ जिसको जितना चाहिए उतना पेट्रोल और डीजल मिल रहा है अफवाहों पर आप लोग ध्यान ना दें पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा जो गैलन और ड्रम लेकर पंप पर पहुंच रहे हैं ऐसे लोगों को ड्रम या केन में पेट्रोल डीजल ना दिया जाए
तपोवन मंदिर पहुँचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन: श्री राम जानकी के चरणों में टेका मत्था, राज्य की खुशहाली की मांगी दुआ

रांची | 27 मार्च 2026: रामनवमी के पावन अवसर पर राजधानी रांची के ऐतिहासिक श्री राम जानकी तपोवन मंदिर, निवारणपुर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस भक्तिमय समागम में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री दंपत्ति ने मंदिर में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के चरणों में शीश नवाकर राज्य की उन्नति, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

"प्रभु श्री राम के आदर्शों को जीवन में उतारें"

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समस्त राज्यवासियों को रामनवमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा:

"आज आस्था के इस भव्य समागम में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। भगवान श्री राम के आदर्श हमें धर्म और सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं। हमें उनके मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। मेरी मंगलकामना है कि प्रभु श्री राम आप सभी की मनोकामनाएं पूरी करें।"

सामाजिक समरसता और सद्भाव की अपील

मुख्यमंत्री ने रांची की गौरवशाली परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि विभिन्न अखाड़ों की शोभायात्राओं का तपोवन मंदिर में मिलन एक ऐतिहासिक दृश्य होता है। उन्होंने जनता से अपील की कि इस महापर्व को पूरी श्रद्धा, उमंग और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। सामाजिक सद्भाव और समरसता के साथ इस आयोजन को यादगार बनाने का आह्वान किया।

तपोवन मंदिर के सौंदर्यीकरण पर जोर

मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तपोवन मंदिर की अपनी एक अलग पहचान है। राज्य सरकार इस पहचान को और सुदृढ़ करने के लिए मंदिर के सौंदर्यीकरण और भव्यता की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही मंदिर को एक नया और भव्य स्वरूप प्रदान करने का कार्य पूर्ण हो जाएगा।

भक्तिमय रहा माहौल

पूजा के दौरान तपोवन मंदिर परिसर 'जय श्री राम' के उद्घोष से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित महंत और मंदिर समिति के सदस्यों से भी मुलाकात की। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मुख्यमंत्री ने आम श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया।

300 जरूरतमंद महिलाओं को किचन सेट भेंटकर सीमा सिंह ने मनाया अपना जन्मदिन
मेघाश्रेय फाउंडेशन की तरफ से किया फ्री एंबुलेंस का उद्घाटन

मुंबई। देश की जानी-मानी समाजसेवी तथा मेघाश्रेय फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा सिंह ने कल  बांद्रा के  ताज लैंडसन होटल में प्रेरणादायक जन्मदिन मनाया। उन्होंने करीब 300 महिलाओं को किचन सेट सामग्री तथा संस्था से जुड़े सैकड़ो बच्चों को शैक्षणिक सामग्री तथा स्पोर्ट्स किट प्रदान किया। यही नहीं उन्होंने अपने जन्मदिन पर जरूरतमंद मरीजों के लिए संस्था की तरफ से फ्री एम्बुलेंस का उद्घाटन भी किया।

उनके जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए इस अवसर पर बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता डिनू मारिया तथा विक्रांत मैसी उपस्थित रहे। सीमा सिंह ने कहा कि उनके जन्मदिन मनाने का उद्देश्य महिलाओं को कैंसर तथा अन्य गंभीर बीमारियों से जागरूक करना तथा बच्चों को शिक्षा तथा खेलकूद के प्रति प्रेरित करना है।

सीमा सिंह की सराहना करते हुए डिनू मारिया ने कहा कि समाज सेवा के क्षेत्र में सीमा सिंह द्वारा किए जा रहे कार्य सराहनीय होने के साथ-साथ प्रेरणादायक हैं। खासकर महिलाओं और बच्चों को जागरूक करने की दिशा में मेघाश्रेय फाउंडेशन रचनात्मक कार्य कर रही है। विक्रांत मैसी ने कहा कि सीमा सिंह के कार्यों  से प्रेरणा लेकर समाज के अन्य सक्षम लोगों को भी महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए काम करना चाहिए। सीमा सिंह ने दोनों अभिनेताओं का संस्था की तरफ से स्वागत सम्मान किया।

नन्हीं यशस्विनी का ‘बुलडोजर गिफ्ट’, सीएम योगी भी नहीं रोक पाए मुस्कान

* गोरखनाथ मंदिर में मासूम बच्ची ने आंखें बंद करवाकर दिया सरप्राइज, मुख्यमंत्री ने चॉकलेट देकर जताया स्नेह

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आज गोरखनाथ मंदिर परिसर में एक नन्हीं बच्ची के अनोखे गिफ्ट ने मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। कानपुर से आई 4 वर्षीय यशस्विनी सिंह ने मुख्यमंत्री को खिलौना ‘बुलडोजर’ भेंट कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
शुक्रवार सुबह अपनी नियमित दिनचर्या के तहत मंदिर परिसर में भ्रमण कर रहे मुख्यमंत्री की नजर यशस्विनी पर पड़ी, जो अपने माता-पिता के साथ गोरखपुर आई थी। सीएम ने स्नेहपूर्वक उसे पास बुलाया, चॉकलेट दी और बातचीत की। इसी दौरान बच्ची ने मासूमियत भरे अंदाज में कहा, “आंखें बंद करिए, आपको गिफ्ट देना है।”
मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उसकी बात मान ली। जैसे ही उन्होंने आंखें बंद कीं, यशस्विनी ने उनके हाथों में एक छोटा सा बुलडोजर (खिलौना) रख दिया। गिफ्ट देखते ही मुख्यमंत्री समेत वहां मौजूद सभी लोग हंसी नहीं रोक पाए।
यशस्विनी ने कहा कि मुख्यमंत्री को बुलडोजर पसंद है, इसलिए वह यह खास गिफ्ट लेकर आई है। कानपुर के प्रताप इंटरनेशनल कॉलेज की नर्सरी छात्रा यशस्विनी अपने पिता अभय सिंह राजावत और मां प्रियदम्वा सिंह के साथ गोरक्षपीठाधीश्वर का आशीर्वाद लेने आई थी। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद वह बेहद खुश नजर आई।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उद्घाटन को तैयार, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; 12 शहरों के लिए उड़ानें शुरू

* 7 हजार पुलिसकर्मी तैनात, 300 CCTV कैमरों से निगरानी; एक्सप्रेस-वे पर यातायात प्रतिबंध लागू

नोएडा/लखनऊ। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। समारोह में करीब 7000 पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी, जबकि पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी 300 CCTV कैमरों से की जाएगी।
उद्घाटन समारोह के मद्देनजर प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया है। 28 तारीख की सुबह 7 बजे से 11 बजे तक विशेष प्रतिबंध लागू रहेगा। इस दौरान नोएडा एक्सप्रेस-वे पर मालवाहक वाहनों के संचालन पर रोक रहेगी। यही प्रतिबंध यमुना एक्सप्रेस-वे पर भी प्रभावी रहेगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुबह 11:30 से 12:00 बजे के बीच पहुंचने का कार्यक्रम है। उनके आगमन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
एयरपोर्ट के संचालन के पहले चरण में 12 शहरों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू की जाएंगी। इनमें मुंबई, बेंगलूरु, चेन्नई, कोलकाता, कानपुर और लखनऊ सहित अन्य प्रमुख शहर शामिल हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर इसे विस्तार देते हुए 47 शहरों तक उड़ान सेवाएं शुरू करने की योजना है। बताया जा रहा है कि अप्रैल के मध्य से कमर्शियल फ्लाइट्स की बुकिंग भी शुरू हो जाएगी, जिससे यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
सेना भर्ती कार्यालय बचाने हेतु कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने लिखा अमेठी सांसद को पत्र*
यह फैसला युवाओं के हितों के है विपरीत : अभिषेक सिंह राणा* सुल्तानपुर। जिला कांग्रेस कमेटी, सुल्तानपुर ने अमेठी स्थित सेना भर्ती कार्यालय (एआरओ) के स्थानांतरण का कड़ा विरोध किया है। इस संबंध में सुल्तानपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा द्वारा अमेठी के सांसद किशोरी लाल शर्मा को पत्र लिखा गया है। पत्र में बताया गया है कि अमेठी में सेना भर्ती कार्यालय वर्ष 1988 से संचालित हो रहा है, जहां अमेठी समेत आसपास के करीब 13 जनपदों के युवाओं की भर्ती प्रक्रिया होती रही है। अब इस कार्यालय को अयोध्या स्थानांतरित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे क्षेत्रीय युवाओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। कांग्रेस ने मांग की है कि सेना भर्ती कार्यालय को अमेठी से स्थानांतरित न किया जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में पहले की तरह सुविधा मिलती रहे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि यह फैसला युवाओं के हितों के विपरीत है और यदि इसे रोका नहीं गया तो क्षेत्र के हजारों अभ्यर्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सांसद से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई की मांग की है। भवदीय अभिषेक सिंह राणा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी सुल्तानपुर
आजमगढ़:-बिजली बकायेदारों को फिर राहत, मार्च में भी मिलेगी छूट का लाभ
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। विद्युत बिल राहत योजना की अवधि समाप्त होने के बाद सरकार ने उपभोक्ताओं को एक बार फिर राहत देने का फैसला लिया है। अब मार्च माह में भी उन उपभोक्ताओं को छूट का लाभ दिया जाएगा, जिन्होंने पूर्व निर्धारित अवधि (1 दिसंबर से 28 फरवरी) के दौरान पंजीकरण कराया था, लेकिन किसी कारणवश बकाया बिल जमा नहीं कर सके। सरकार के निर्देश पर विद्युत विभाग के अधिकारियों को आदेशित किया गया है कि ऐसे उपभोक्ताओं से उनके पंजीकरण के महीने के अनुसार ही छूट का लाभ देकर बकाया बिल जमा कराया जाए। इसी क्रम में विद्युत वितरण खंड फूलपुर के अंतर्गत सभी अवर अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। अधिकारी गांव-गांव जाकर बकायेदार उपभोक्ताओं को जागरूक कर रहे हैं और बकाया जमा कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। तहसील मुख्यालय के अंतर्गत सुदनीपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता देवेंद्र सिंह ने अपनी टीम के साथ नगर पंचायत फूलपुर और ग्राम पंचायत चमावा में अभियान चलाया। इस दौरान करीब 1 लाख 15 हजार रुपये का राजस्व वसूला गया। अभियान के दौरान बिजली की अनियमितता करते पाए गए तीन उपभोक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि तीन अन्य उपभोक्ताओं का भार (लोड) बढ़ाया गया। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विद्युत वितरण खंड फूलपुर के सभी उपकेंद्रों और कैश काउंटरों को सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी खोले जाने का निर्णय लिया गया है। अधिशासी अभियंता हरीश प्रजापति ने बताया कि शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय आभूषणों की विरासतः अतीत से वर्तमान तक एक निरंतर यात्रा

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ उजागर करती हैं भारतीय शिल्प, सौंदर्य और सांस्कृतिक निरंतरता का अद्भुत संगम भारत में आभूषण केवल सजावट का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान, आस्था और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के सशक्त प्रतीक रहे हैं। बदलते समय के साथ इनके स्वरूप में परिवर्तन अवश्य हुआ है, किंतु यह भी उतना ही सत्य है कि प्राचीन आभूषण शैलियाँ समय-समय पर आधुनिक फैशन में पुनः उभरती रहती हैं। यह प्रवृत्ति भारतीय परंपरा की गहरी जड़ों और उसकी निरंतरता को दर्शाती है।

संचालनालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ इस सांस्कृतिक यात्रा का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। इन मूर्तियों में अंकित आभूषण न केवल उस समय की शिल्पकला और तकनीकी दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि समाज की सौंदर्य दृष्टि और जीवन शैली को भी जीवंत रूप में सामने लाते हैं।

द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व की शुंगकालीन यक्षी प्रतिमा, भरहुत से प्राप्त, भारतीय आभूषणों के प्रारंभिक विकसित स्वरूप को दर्शाती है। विकसित कमल के मध्य अंकित इस प्रतिमा में मोतियों के पंचवली हार, कर्ण-कुंडल और बहु-लड़ी हारावली का सुंदर अंकन है। यक्षी अपने हाथों में सनाल पद्म धारण किए हुए हैं। यक्षी के चेहरे पर हल्की मुस्कान और शिरो-सज्जा में बालों का व्यवस्थित विन्यास उस समय की सौंदर्य दृष्टि को दर्शाता है।

9वीं-10वीं शताब्दी की हरिहर प्रतिमा में शिव और विष्णु का संयुक्त स्वरूप अंकित है। आधे भाग में जटामुकुट और दूसरे भाग में किरीट मुकुट, दोनों देवताओं की पहचान को स्पष्ट करते हैं। अन्य आभूषणों में केयूर, शिव सर्पकुंडल तथा विष्णु सूर्यवृत कुंडल, एकावलीहार, यज्ञोपवीत, उरूदाम धारण किए हुए हैं। हरि का वाहन गरुड मानव रूप में आलेखित हैं, तथा हर का वाहन नंदी भी प्रदर्शित हैं।

11वीं शताब्दी की परमारकालीन शिव-पार्वती प्रतिमा में 'रावणानुग्रह' का दृश्य अंकित है। शिव-पार्वती को कैलाश पर्वत पर अपने अपने वाहन नंदी एवं सिंह पर बैठा दिखाया गया हैं। पार्वती जटामुकुट धारण किए हुए हैं। पादपीठ पर रावण को कैलाश पर्वत उठाने के लिए घुटने के बल मुड़े हुए दिखाया गया हैं। गणेश, कार्तिकेय, ब्रह्मा-विष्णु के साथ विद्याधर एवं गन्धों का आलेखन हैं। शिव के कानों में चक्राकार कर्णकुंडल, गले में एकावली (मुक्तामाला) तथा उसके ऊपर तीन लड़ी वाला हार दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त भुजाओं में केयूर (भुजबंध) अलंकरण को और समृद्ध बनाते हैं। एक बनमाला भी नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई गई है, जिसे पुष्पमाला के रूप में सजाया गया है।

पार्वती के कानों में भिन्न प्रकार के कुंडल; एक ओर चक्रकुंडल और दूसरी ओर ताटंक दर्शाए गए हैं। गले के आभूषण में हारावली मध्य भाग से नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई देती है, और भीतर की ओर स्तनसूत्र का भी अंकन है।

11वीं शताब्दी की कलचुरी कला में आभूषणों की सूक्ष्मता और जटिलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। सुर सुंदरी स्खलित वसना प्रतिमा की भावांकन में सरलता, चक्र-कुंडल, एकावली, चंद्रहार, स्तनसूत्र, कुचबंध, केयूर, कंकण धारण किए हुए हैं। इस प्रतिमा में नायिका के स्नानोपरांत वस्त्र धारण करने का आलेखन है।

11-12वीं शताब्दी की कच्छपघात शैली की वैष्णवी प्रतिमा में क्षेत्रीय कला का प्रभाव स्पष्ट है। भुजाओं में शंख, चक्र, गदा एवं पद्म धारण किए हुए हैं। देवी किरीट मुकुट कुंडल, हार, स्तनहार, कटीमेखला, वैजयंती माला, नूपुर, कंगन, बाजूबंध आदी आभूषणों से अलंकृत हैं। पादपीठ पर परिचारक देवी से आशीर्वाद ले रहा हैं।

उमा-महेश्वर अपने अपने वाहन सिंह एवं नंदी पर बैठे हुए जटा मुकुट, हार, बाजूबंद, कटीमेखला, नूपुर धारण किए हैं। प्रतिमा में उमा-महेश्वर को एक दूसरे की ओर निहारते हुए दिखाया गया हैं। चतुर्भुजी शिव की भुजाओं में त्रिशूल, सर्प, कमलपुष्प अंकित हैं। पार्वती की दाहिनी भुजा शिव के स्कन्ध एवं बांयी भुजा में दर्पण लिए हैं।

समभंग में स्थानक देवी के घुटने के नीचे का भाग खंडित हैं। द्विभुजी देवी की दायीं भुजा में अक्षमाला, बांयी भुजा में कमंडल का अंकन हैं। अलंकृत केश दोनों कंधों पर फैलें हुए हैं। देवी कर्णकुंडल, ग्रैवेयक, केयूर, कटीमेखला, पारदर्शी अधोवस्त्र आदि से अलंकृत हैं।

संयुक्त निदेशक डॉ. मनीषा शर्मा के शब्दों में, भारतीय आभूषण केवल अलंकरण नहीं, बल्कि समय, समाज और संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज़ हैं। इन मूर्तियों में अंकित प्रत्येक कुंडल, हार और कटिमेखला अपने युग की सौंदर्य दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों की कहानी कहती है। संचालनालय में संरक्षित ये धरोहर हमें यह समझने का अवसर देती हैं कि परंपरा कभी स्थिर नहीं होती; वह निरंतर विकसित होती है, फिर भी अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी रहती है। आज के आभूषणों में जो रूप दिखाई देते हैं, वे इन्हीं प्राचीन परंपराओं की पुनरावृत्ति हैं, जो अतीत और वर्तमान के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती हैं।