हजारीबाग यूथ विंग का 13 अप्रैल को भव्य रक्तदान शिविर, 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य

हजारीबाग यूथ विंग के तत्वावधान में 13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल के सभागार में सुबह 9 बजे से आयोजित होने वाले भव्य रक्तदान शिविर की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों तथा थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को जीवनदायिनी सहायता उपलब्ध कराना है।

युवाओं और समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन और अध्यक्ष करण जायसवाल के नेतृत्व में उपाध्यक्ष विकास तिवारी और सचिव रितेश खंडेलवाल ने डीआईजी अंजनी झा को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा।

डीआईजी अंजनी झा ने इस पहल की सराहना करते हुए जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में अस्पतालों में रक्त की जरूरत अक्सर होती है, वहीं थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रक्त की आवश्यकता बनी रहती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।

इस शिविर में 500 से अधिक यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रक्तदाताओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा, अल्पाहार और प्रमाणपत्र की व्यवस्था की गई है। साथ ही, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक रक्तदाता को हेलमेट भेंट किया जाएगा।

रक्त संग्रह का कार्य रेड क्रॉस सोसाइटी और सदर अस्पताल की संयुक्त टीम द्वारा किया जाएगा, जबकि हजारीबाग पुलिस का भी विशेष सहयोग मिलेगा। हजारीबाग यूथ विंग द्वारा लगातार रक्तदान के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि रक्त की कमी से होने वाली समस्याओं को कम किया जा सके।

संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है, जो जरूरतमंदों को नया जीवन देती है और समाज में मानवता को मजबूत करती है। वहीं अध्यक्ष करण जायसवाल ने युवाओं से आगे आकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की।

ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट के समाधान हेतु सभी प्रखंडों में “नीर चौपाल” का आयोजन

ग्रीष्मकाल के दौरान उत्पन्न पेयजल संकट के मद्देनज़र आमजनों को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार हजारीबाग जिले के सभी प्रखंडों में “नीर चौपाल” का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल से संबंधित समस्याओं की पहचान कर उनके त्वरित समाधान हेतु कार्य योजना तैयार करना है।

सभी प्रखंडों में आयोजित नीर चौपाल के दौरान संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों की उपस्थिति में जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागीय पदाधिकारियों, जल सहिया एवं आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई। इस अवसर पर क्षेत्र के चापानलों से जुड़ी समस्याओं को विस्तारपूर्वक सूचीबद्ध किया गया।

सूचीबद्ध समस्याओं को संकलित कर विकास शाखा और पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, हजारीबाग के कार्यपालक अभियंता को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि इन समस्याओं के त्वरित निवारण हेतु समुचित एवं प्रभावी कार्य योजना तैयार की जा सके।

इसके अतिरिक्त, नीर चौपाल के दौरान प्रत्येक प्रखंड में पेयजल आपूर्ति हेतु उपलब्ध टैंकरों का आकलन भी किया गया। आवश्यकतानुसार खराब टैंकरों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलापूर्ति में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। नीर चौपाल में पीवीटीजी क्षेत्रों में पेयजल की समस्या उत्पन्न न हो इसका विशेष ख्याल रखने एवं टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने और इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया।

जनसामान्य की सुविधा के लिए पेयजल संकट से संबंधित शिकायतों के निवारण हेतु दूरभाष संख्या 06546-262291 एवं एआई चैटबॉट नंबर 8757864361 की जानकारी भी साझा की गई। आमजन इन माध्यमों के जरिए अपने क्षेत्र के खराब चापानलों की शिकायत स्वयं दर्ज करवा सकते हैं, जिससे पेयजल संबधी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

नीर चौपाल के दौरान जल संरक्षण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि राज्य सरकार की विभिन्न जल संरक्षण योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए। विशेष रूप से डोभा निर्माण, वर्षा जल संचयन, जलस्रोतों का पुनर्जीवन, तालाबों की मरम्मत एवं गहरीकरण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि इन योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद क्षेत्रों विशेषकर पीवीटीजी क्षेत्रों तक पहुंचे तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों की सहभागिता के साथ कार्यों की सतत निगरानी की जाए, ताकि ग्रीष्मकाल में उत्पन्न जल संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

थाना को0 नगर पुलिस द्वारा चोरी करने के आरोपी अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार-
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  मनोज कुमार रावत के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी नगरआनन्द कुमार राय के पर्यवेक्षण में थाना को0 नगर पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-239/2026 धारा 303(2),317(2) बीएनएस से सम्बन्धित आरोपी अभियुक्त- फैज अली उर्फ जग्गू पुत्र अकबाल निवासी काशीराम कालोनी महाराजगंज थाना को0 नगर जनपद गोण्डा को खैरा भवानी मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
दिनांक 18.03.2026 को अवर अभियन्ता विनोद कुमार गौतम 33/11 के0वी0 विद्युत उपकेन्द्र चन्दवतपुर, गोण्डा द्वारा थाना को0 नगर में लिखित तहरीर दी गयी कि ग्रामसभा जगदीशपुर, निकट मंगलम गैस एजेंसी के पास स्थित 33 केवी सुभागपुर लाइन से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा लगभग 1000 मीटर (दो स्पैन) विद्युत तार चोरी कर लिया गया है। वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना को0 नगर में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसमें आज दिनांक 09.04.2026 को थाना को0 नगर पुलिस द्वारा घटना का सफल अनावरण करते हुए शातिर चोर- फैज अली उर्फ जग्गू पुत्र अकबाल निवासी काशीराम कालोनी महाराजगंज थाना को0 नगर जनपद गोण्डा को खैरा भवानी मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरूद्ध थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
झारखंड ट्रेज़री घोटाला “चारा घोटाला पार्ट 2”: अजय साह

भारतीय जनता पार्टी ने बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी घोटाले को लेकर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए, तो कई प्रभावशाली और सफेदपोश चेहरों का पर्दाफाश होना तय है।

अजय साह ने आरोप लगाया कि यह ट्रेजरी घोटाला जितना साधारण दिखाया जा रहा है, वास्तविकता में उतना ही जटिल और संगठित है। उन्होंने कहा कि बोकारो में गिरफ्तार कौशल पांडे लंबे समय तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का करीबी रहा है। यही कारण है कि उसे पूर्व डीजीपी द्वारा “मेहनत और लगन” के लिए सम्मानित भी किया गया था। ऐसे में यह मानना कठिन है कि एक लेखपाल अकेले 25 महीनों में 63 बार अवैध निकासी कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीडीओ की जिम्मेदारी जिला स्तर पर एसपी की होती है, जो यह अधिकार डीएपी को सौंपते हैं। इसलिए इस पूरे मामले में संबंधित डीएपी और एसपी की भूमिका की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि उपेंद्र सिंह के जन्मतिथि में हेरफेर जैसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि तकनीकी स्तर पर छेड़छाड़ की क्षमता मौजूद थी, लेकिन उपेंद्र सिंह के नाम पर अनु पांडे के खाते में सालों तक अवैध धन हस्तांतरण होना एक बड़े और संगठित रैकेट की ओर संकेत करता है।

अजय साह ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कैशियर संतोष कुमार की गिरफ्तारी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी भाजपा ने बड़े स्तर की संलिप्तता की आशंका जताई थी, जिसे बाद में ईडी-रांची पुलिस प्रकरण ने सही साबित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान ट्रेजरी घोटाले में कौशल पांडे की भूमिका भी उसी तरह की है और बिना उच्च पुलिस अधिकारियों के संरक्षण के इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि अब तक उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार केवल दो जिलों में ही यह घोटाला लगभग 20 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यदि पूरे झारखंड में इसकी व्यापक जांच कराई जाए, तो यह घोटाला राज्य के कुख्यात चारा घोटाले से भी बड़ा साबित हो सकता है। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस विभाग से जुड़े इस महाघोटाले की जांच केवल पुलिस के माध्यम से कराना निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। इसलिए पार्टी ने इस मामले की न्यायिक जांच या सीबीआई से जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।

अजय साह ने यह भी कहा कि ट्रेजरी से अवैध निकासी का यह पहला मामला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में इससे पहले भी ऊर्जा विभाग से लगभग 100 करोड़, पर्यटन विभाग से 10 करोड़ और पेयजल विभाग से 23 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन घोटालों को कैग की रिपोर्ट में उजागर किया गया है, लेकिन सरकार अभी भी डीएमएफटी और शराब घोटाले से संबंधित फाइलें कैग को उपलब्ध नहीं करा रही है। यदि इन फाइलों को कैग को उपलब्ध कराया जाए, तो हजारों करोड़ रुपये के और भी घोटालों का खुलासा हो सकता है।

*निजी स्कूलों की लूट पर आर-पार की लड़ाई, अब नहीं चलेगी मनमानी : अभिषेक सिंह राणा*
निजी विद्यालयों की मनमानी पर कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन*

सुल्तानपुर। जनपद में निजी विद्यालयों की बेलगाम मनमानी और अभिभावकों के आर्थिक-मानसिक शोषण के खिलाफ गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और जोरदार नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों का गुस्सा साफ तौर पर फूटा। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों ने शिक्षा को खुलेआम धंधा बना दिया है, जहां एडमिशन, रजिस्ट्रेशन, किताब-कॉपी और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों से बेशर्मी से वसूली की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरा खेल प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं। प्रदर्शन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ज्ञापन लेने मौके पर पहुंचे, लेकिन कांग्रेसियों ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और BSA व DIOS को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। काफी देर तक चले इस गतिरोध के बाद, अंततः सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन DIOS को सौंपा गया। ज्ञापन लेने के बाद DIOS ने एक सप्ताह के भीतर प्रभावी कार्यवाही का आश्वासन दिया, लेकिन कांग्रेस ने इस आश्वासन पर साफ शब्दों में कहा कि अब सिर्फ वादे नहीं, जमीनी कार्यवाही चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि निजी स्कूलों की लूट अब हर सीमा पार कर चुकी है और कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और आक्रामक रूप लेगा और सड़कों पर बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि एक हफ्ते के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर ऐसा आंदोलन करेगी, जिससे प्रशासन को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की कि किताबों की कीमतों पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए, किसी एक दुकान से किताब-कॉपी खरीदने की बाध्यता खत्म की जाए, पुस्तक सेट कम से कम पांच वर्षों तक न बदले जाएं, नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और फीस निर्धारण में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र बनाने की भी मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में लंबे समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन जल्द ही जन आंदोलन में बदल जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
संयुक्त व्यापार संघ संघर्ष समिति द्वारा की बैठक,व्यापारियों से किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में सहभागिता का आह्वान

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। संयुक्त व्यापार संघ संघर्ष समिति की एक बैठक अध्यक्ष संजय मिश्रा के नवीन मंडी स्थित प्रतिष्ठान पर संपन्न हुई,बैठक में संयुक्त व्यापार संघ संघर्ष समिति के संरक्षक कृष्ण गोपाल मित्तल द्वारा आगामी 13 तारीख को प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री आदरणीय योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रम में व्यापारियों की भारी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया,संरक्षक कृष्ण गोपाल मित्तल व अध्यक्ष संजय मिश्रा ने कहा कि हमारे नगर के विधायक एवं स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल के विशेष आग्रह पर माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय मंत्री भारत सरकार जयंत चौधरी द्वारा मुजफ्फरनगर आगमन का कार्यक्रम दिया गया है,कार्यक्रम में नगर के व्यापारियों द्वारा भारी उपस्थिति के साथ पहुंचकर लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के विचारों को सुनना है,संयुक्त व्यापार संघ संघर्ष समिति के माध्यम से हम जनपद के समस्त व्यापारियों से आह्वान करते हैं की प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष अपनी उपस्थिति भारी संख्या में दर्ज कराकर व्यापारियों का भारी समर्थन उन्हें प्रदान करें,बैठक में संयुक्त व्यापार संघ संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक राकेश त्यागी,सरदार बलविंदर सिंह,सुनील तायल,शलभ गुप्ता,पवन वर्मा,विक्की चावला,अरुण प्रताप,सुरेंद्र मित्तल,राजकुमार कालरा,संयोजक तरुण मित्तल,जनार्दन विश्वकर्मा,अभिमन्यु मित्तल,विजय प्रताप सिंह,भूपेंद्र गोयल,सचिन शर्मा,रमन शर्मा,सुखबीर सिंह,रवि शर्मा,राघव मिश्रा,शिव कुमार सिंघल,अनिल सिंघल,सहित अनेकों पदाधिकारीयो द्वारा उपस्थित रहकर कार्यक्रम में सहभागिता करने का आह्वान किया।
सुल्तानपुर में महिला खिलाड़ियों के साथ अभद्रता,पुलिस पर लगा टालमटोल का आरोप
सुलतानपुर के श्याम नगर खेल मैदान में अभ्यास करने वाली महिला और पुरुष खिलाड़ियों ने दबंगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। खिलाड़ियों का आरोप है कि मैदान पर शराब पीकर कुछ युवकों ने उनके साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि मारपीट और बदतमीजी भी की।

श्याम नगर मैदान में पिछले कई वर्षों से खिलाड़ी सुबह-शाम अभ्यास करते हैं। खिलाड़ियों द्वारा दिए गए पत्र के अनुसार, ग्राम झालापुर निवासी मोनू कुमार, गोलू, करन और आकाश अपने अन्य साथियों के साथ मैदान पर शराब पी रहे थे। जब अभ्यास के लिए आए खिलाड़ियों ने उन्हें मना किया, तो आरोपी भद्दी गालियां देने लगे और मारपीट पर उतारू हो गए। शोर सुनकर जब आसपास के लोग इकट्ठा हुए, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

पीड़ित खिलाड़ियों का कहना है कि उन्होंने तुरंत 112 नंबर पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस उन्हें पयागीपुर चौकी ले गई। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को बुलाने की बात तो कही, लेकिन रात 8:00 बजे तक खिलाड़ियों को चौकी पर बैठाए रखने के बाद बिना किसी ठोस कार्रवाई के घर भेज दिया। वर्तमान में खिलाड़ी डरे हुए हैं और उन्हें अनहोनी की आशंका सता रही है।

प्रार्थना पत्र के माध्यम से दर्जनों खिलाड़ियों ने एसपी से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और मैदान पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि वे बिना किसी डर के अपना अभ्यास जारी रख सकें।
सुल्तानपुर में शराब की दुकान को लेकर व्यापारियों ने उठाई आवाज, डीएम से की कार्रवाई की मांग
सुल्तानपुर में गोराबारिक मोहल्ले में एक शराब की दुकान को लेकर स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तर प्रदेश के बैनर तले जिला प्रशासन को एक शिकायत पत्र सौंपा गया है, जिसमें दुकान के संचालन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शिकायत के अनुसार, गोराबारिक क्षेत्र में स्थित कंपोजिट मदिरा की दुकान पर शराब खरीदने आने वाले लोग अक्सर वहीं खड़े होकर शराब पीते हैं। इससे आसपास का माहौल बिगड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे में धुत लोग गाली-गलौज करते हैं और कई बार अशोभनीय हरकतें भी करते हैं, जिससे खासकर महिलाओं को काफी असहजता का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों ने यह भी बताया कि दुकान के पास ही अस्पताल, मंदिर और मस्जिद जैसे महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं। इसके बावजूद दुकान के बाहर ही शराब पिलाने की सुविधा दी जा रही है, जिससे धार्मिक और सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। साथ ही, ग्राहक अपनी गाड़ियां सड़कों पर खड़ी कर देते हैं, जिससे यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही है।

शिकायत में यह भी आरोप है कि दुकान के सेल्समैन द्वारा ग्राहकों को पानी, गिलास और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे वे वहीं बैठकर शराब पीते हैं। विरोध करने पर दुकानदार और उसके कर्मचारी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी देते हैं।

उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दुकान के लाइसेंस की जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दुकान के बाहर शराब पीने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी की गई है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा और क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बहाल होगी।
‘माय मुंबई’ प्रदर्शनी में दिखी बेघर नागरिकों द्वारा खींची अद्वितीय कलाकृतियां
मुंबई : तेज़ रफ्तार और भागदौड़ भरी मुंबई में कई ऐसे दृश्य होते हैं, जो अक्सर हमारी नजरों से छूट जाते हैं। इन्हीं “अनदेखी और अलग” तस्वीरों को ‘माय मुंबई’ छायाचित्र प्रदर्शनी ने सामने लाने का कार्य किया। खास बात यह रही कि ये सभी तस्वीरें उन बेघर नागरिकों द्वारा खींची गई थीं, जिन्होंने कभी कैमरा तक नहीं पकड़ा था। इसके बावजूद उनकी नजरों से कैद हुए ये छायाचित्र अद्वितीय और भावनात्मक अभिव्यक्ति 8का सशक्त माध्यम बनकर सामने आए, जिनका सभी ने दिल से सराहना की।३५ बेघर लोगों ने Fujifilm Quicksnap डिस्पोज़ेबल कैमरों का उपयोग करके कुल ९४५ तस्वीरें खींचीं। मुंबई स्थित पहचान संस्था द्वारा आयोजित यह विशेष प्रदर्शनी मुंबई प्रेस क्लब में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अनोखे प्रोजेक्ट के तहत बेघर नागरिकों ने स्वयं मुंबई के विभिन्न पहलुओं को अपने कैमरे में कैद किया, जिससे शहर को देखने का एक नया और संवेदनशील दृष्टिकोण सामने आया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं राज्य स्तरीय आश्रय निगरानी समिति के अध्यक्ष उज्ज्वल उके ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने अपने छात्र जीवन के फोटोग्राफी अनुभव साझा करते हुए कहा कि बेघर नागरिकों द्वारा तस्वीरों के माध्यम से अपनी कहानी कहना अत्यंत प्रेरणादायक है।कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली और भाजपा प्रवक्ता संजय ठाकूर प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पहचान संस्था के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बेघर लोगों के लिए आश्रय और उनके विचारों को मंच देना आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। संस्था के संस्थापक-संचालक बृजेश आर्य ने प्रोजेक्ट के पीछे की प्रेरणा साझा करते हुए पिछले दो वर्षों में आयोजित सफल प्रदर्शनों का उल्लेख किया। कार्यक्रम में पूर्व मुंबई विश्वविद्यालय कुलगुरु प्रो. भालचंद्र मुणगेकर, पूर्व उपमहापौर अरुण देव, अमरजीत मिश्रा, एडवोकेट संतोष पांडे, उदयप्रताप सिंह, सुमिति सिंह, रवि नायर, डॉ. सुरैना मल्होत्रा, भावना जैन, निजामुद्दीन राईन, प्रमिला शर्मा, डॉ. दीपनारायण शुक्ला, सोनल खानोलकर, डॉ. धीरज सिंह, राजेंद्र आकेलकर, रौनक कुकड़े, विजय सिंह, इंद्रजीत सिंह, जमीर काज़ी, भगवती मिश्रा, अंकित मिश्रा और डिंपल छेड़ा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। पहचान फाउंडेशन की टीम—सुभाष, रेचेल, समीर और सार्थक—के प्रयासों की भी सभी ने सराहना की। विशेष रूप से, प्रदर्शनी में शामिल बेघर छायाकारों ने इस पहल को केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपनी पहचान, भावनाओं और संघर्षों को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम बना दिया।
‘माय मुंबई’ प्रदर्शनी ने यह सिद्ध कर दिया कि कला किसी साधन की मोहताज नहीं होती, बल्कि संवेदनशील दृष्टि और अनुभव ही उसे असाधारण बनाते हैं।
मेहनत को मिला इंजन—मेधावी छात्रों को स्कूटी, लैपटॉप और साइकिल, लालापुर बना शिक्षा का उत्सव स्थल
इनाम नहीं, इरादों को मिली उड़ान गांव की प्रतिभाओं ने रचा नया इतिहास, तालियों से गूंजा परिसर



विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज,यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत लालापुर में स्थित पंडित विष्णु राम तिवारी इंटर कॉलेज में रविवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने ग्रामीण शिक्षा के परिदृश्य को नई दिशा दे दी। राष्ट्र सेवा संस्थान के अध्यक्ष रूपेश त्रिपाठी (भार्गव), निवासी ग्राम सभा चकशिवचेर, के सौजन्य से आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता और उसके भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया। यह प्रतियोगिता उनतीस मार्च, रविवार को आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम पाँच अप्रैल, रविवार को दोपहर एक बजे से शाम सात बजे तक घोषित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों की प्रतिभा को पहचानना, उन्हें प्रोत्साहित करना और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेमशंकर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रतिभाओं को सम्मानित करना न केवल उनके परिश्रम की सराहना है, बल्कि यह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का दीप भी जलाता है। प्रतियोगिता में कक्षा नौ से बारह तक के विद्यार्थियों के लिए प्रथम स्थान पर इलेक्ट्रिक स्कूटी, द्वितीय स्थान पर लैपटॉप तथा तृतीय स्थान पर सीलिंग फैन एवं कुर्सी -मेज प्रदान किए गए। वहीं कक्षा चार से पाँच तक के विद्यार्थियों के लिए प्रथम स्थान पर रेंजर साइकिल, द्वितीय स्थान पर कुर्सी-मेज और तृतीय स्थान पर स्कूल बैग व टेबल लैंप देकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में विजेताओं को जब मंच पर बुलाकर स्कूटी और साइकिल सौंपी गई, तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा। यह दृश्य न केवल छात्रों के लिए गर्व का क्षण था, बल्कि अभिभावकों के लिए भी भावुक और प्रेरणादायक पल साबित हुआ। मुख्य अतिथियों में ग्राम प्रधान शंकर लाल पांडेय, सुप्रसिद्ध जादूगर ज्ञानेंद्र भार्गव, आचार्य हरिकृष्ण शुक्ला, विद्यालय के प्रबंधक सुरेश त्रिपाठी, नरेंद्र त्रिपाठी, जय सिंह पटेल (राष्ट्र सेवा ट्रस्ट), होरीलाल केसरवानी, कमलेश त्रिपाठी, अंबिका पांडेय, पुष्पा श्रीवास्तव और प्रकाश शुक्ला उर्फ प्रचंड शुक्ला सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अनुशासन, निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया। समारोह में समाजसेवियों और अभिभावकों की भी भारी उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा ही वह शक्ति है, जो किसी भी साधारण व्यक्ति को असाधारण ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। कार्यक्रम में मनोरंजन का भी विशेष रंग देखने को मिला। प्रसिद्ध जादूगर ज्ञानेंद्र भार्गव और पुष्पा के जादुई करतबों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस प्रस्तुति का आनंद लेते नजर आया। विजेताओं में कक्षा पाँच की छात्रा दीक्षा तिवारी (पीवीआरटी विद्यालय) को रेंजर साइकिल, कक्षा सात के छात्र हिमांशु तिवारी (पीवीआर विद्यालय) को कुर्सी-मेज, कक्षा आठ की छात्रा सांवली (एसजीएम विद्यालय, प्रतापपुर) को रेंजर साइकिल प्रदान की गई। वहीं कक्षा ग्यारह-बारह वर्ग में आराध्या तिवारी (पीवीआरटी विद्यालय) को लैपटॉप, आस्था यादव (पीवीआरटी विद्यालय) को रेंजर साइकिल और आमिर (सरदार पटेल विद्यालय) को इलेक्ट्रिक स्कूटी देकर सम्मानित किया गया। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन जारी रहेंगे, ताकि ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को मंच मिलता रहे और वे सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकें। यह आयोजन सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि गांव की नई सोच और शिक्षा के प्रति जागरूकता का प्रतीक बनकर उभरा जहां इनाम के साथ-साथ सपनों को भी पंख मिले।
हजारीबाग यूथ विंग का 13 अप्रैल को भव्य रक्तदान शिविर, 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य

हजारीबाग यूथ विंग के तत्वावधान में 13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल के सभागार में सुबह 9 बजे से आयोजित होने वाले भव्य रक्तदान शिविर की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों तथा थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को जीवनदायिनी सहायता उपलब्ध कराना है।

युवाओं और समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन और अध्यक्ष करण जायसवाल के नेतृत्व में उपाध्यक्ष विकास तिवारी और सचिव रितेश खंडेलवाल ने डीआईजी अंजनी झा को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा।

डीआईजी अंजनी झा ने इस पहल की सराहना करते हुए जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में अस्पतालों में रक्त की जरूरत अक्सर होती है, वहीं थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रक्त की आवश्यकता बनी रहती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।

इस शिविर में 500 से अधिक यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रक्तदाताओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा, अल्पाहार और प्रमाणपत्र की व्यवस्था की गई है। साथ ही, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक रक्तदाता को हेलमेट भेंट किया जाएगा।

रक्त संग्रह का कार्य रेड क्रॉस सोसाइटी और सदर अस्पताल की संयुक्त टीम द्वारा किया जाएगा, जबकि हजारीबाग पुलिस का भी विशेष सहयोग मिलेगा। हजारीबाग यूथ विंग द्वारा लगातार रक्तदान के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि रक्त की कमी से होने वाली समस्याओं को कम किया जा सके।

संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है, जो जरूरतमंदों को नया जीवन देती है और समाज में मानवता को मजबूत करती है। वहीं अध्यक्ष करण जायसवाल ने युवाओं से आगे आकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की।

ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट के समाधान हेतु सभी प्रखंडों में “नीर चौपाल” का आयोजन

ग्रीष्मकाल के दौरान उत्पन्न पेयजल संकट के मद्देनज़र आमजनों को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार हजारीबाग जिले के सभी प्रखंडों में “नीर चौपाल” का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल से संबंधित समस्याओं की पहचान कर उनके त्वरित समाधान हेतु कार्य योजना तैयार करना है।

सभी प्रखंडों में आयोजित नीर चौपाल के दौरान संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों की उपस्थिति में जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागीय पदाधिकारियों, जल सहिया एवं आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई। इस अवसर पर क्षेत्र के चापानलों से जुड़ी समस्याओं को विस्तारपूर्वक सूचीबद्ध किया गया।

सूचीबद्ध समस्याओं को संकलित कर विकास शाखा और पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, हजारीबाग के कार्यपालक अभियंता को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि इन समस्याओं के त्वरित निवारण हेतु समुचित एवं प्रभावी कार्य योजना तैयार की जा सके।

इसके अतिरिक्त, नीर चौपाल के दौरान प्रत्येक प्रखंड में पेयजल आपूर्ति हेतु उपलब्ध टैंकरों का आकलन भी किया गया। आवश्यकतानुसार खराब टैंकरों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलापूर्ति में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। नीर चौपाल में पीवीटीजी क्षेत्रों में पेयजल की समस्या उत्पन्न न हो इसका विशेष ख्याल रखने एवं टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने और इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया।

जनसामान्य की सुविधा के लिए पेयजल संकट से संबंधित शिकायतों के निवारण हेतु दूरभाष संख्या 06546-262291 एवं एआई चैटबॉट नंबर 8757864361 की जानकारी भी साझा की गई। आमजन इन माध्यमों के जरिए अपने क्षेत्र के खराब चापानलों की शिकायत स्वयं दर्ज करवा सकते हैं, जिससे पेयजल संबधी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

नीर चौपाल के दौरान जल संरक्षण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि राज्य सरकार की विभिन्न जल संरक्षण योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए। विशेष रूप से डोभा निर्माण, वर्षा जल संचयन, जलस्रोतों का पुनर्जीवन, तालाबों की मरम्मत एवं गहरीकरण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि इन योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद क्षेत्रों विशेषकर पीवीटीजी क्षेत्रों तक पहुंचे तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों की सहभागिता के साथ कार्यों की सतत निगरानी की जाए, ताकि ग्रीष्मकाल में उत्पन्न जल संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

थाना को0 नगर पुलिस द्वारा चोरी करने के आरोपी अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार-
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  मनोज कुमार रावत के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी नगरआनन्द कुमार राय के पर्यवेक्षण में थाना को0 नगर पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-239/2026 धारा 303(2),317(2) बीएनएस से सम्बन्धित आरोपी अभियुक्त- फैज अली उर्फ जग्गू पुत्र अकबाल निवासी काशीराम कालोनी महाराजगंज थाना को0 नगर जनपद गोण्डा को खैरा भवानी मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
दिनांक 18.03.2026 को अवर अभियन्ता विनोद कुमार गौतम 33/11 के0वी0 विद्युत उपकेन्द्र चन्दवतपुर, गोण्डा द्वारा थाना को0 नगर में लिखित तहरीर दी गयी कि ग्रामसभा जगदीशपुर, निकट मंगलम गैस एजेंसी के पास स्थित 33 केवी सुभागपुर लाइन से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा लगभग 1000 मीटर (दो स्पैन) विद्युत तार चोरी कर लिया गया है। वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना को0 नगर में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसमें आज दिनांक 09.04.2026 को थाना को0 नगर पुलिस द्वारा घटना का सफल अनावरण करते हुए शातिर चोर- फैज अली उर्फ जग्गू पुत्र अकबाल निवासी काशीराम कालोनी महाराजगंज थाना को0 नगर जनपद गोण्डा को खैरा भवानी मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरूद्ध थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
झारखंड ट्रेज़री घोटाला “चारा घोटाला पार्ट 2”: अजय साह

भारतीय जनता पार्टी ने बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी घोटाले को लेकर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए, तो कई प्रभावशाली और सफेदपोश चेहरों का पर्दाफाश होना तय है।

अजय साह ने आरोप लगाया कि यह ट्रेजरी घोटाला जितना साधारण दिखाया जा रहा है, वास्तविकता में उतना ही जटिल और संगठित है। उन्होंने कहा कि बोकारो में गिरफ्तार कौशल पांडे लंबे समय तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का करीबी रहा है। यही कारण है कि उसे पूर्व डीजीपी द्वारा “मेहनत और लगन” के लिए सम्मानित भी किया गया था। ऐसे में यह मानना कठिन है कि एक लेखपाल अकेले 25 महीनों में 63 बार अवैध निकासी कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीडीओ की जिम्मेदारी जिला स्तर पर एसपी की होती है, जो यह अधिकार डीएपी को सौंपते हैं। इसलिए इस पूरे मामले में संबंधित डीएपी और एसपी की भूमिका की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि उपेंद्र सिंह के जन्मतिथि में हेरफेर जैसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि तकनीकी स्तर पर छेड़छाड़ की क्षमता मौजूद थी, लेकिन उपेंद्र सिंह के नाम पर अनु पांडे के खाते में सालों तक अवैध धन हस्तांतरण होना एक बड़े और संगठित रैकेट की ओर संकेत करता है।

अजय साह ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कैशियर संतोष कुमार की गिरफ्तारी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी भाजपा ने बड़े स्तर की संलिप्तता की आशंका जताई थी, जिसे बाद में ईडी-रांची पुलिस प्रकरण ने सही साबित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान ट्रेजरी घोटाले में कौशल पांडे की भूमिका भी उसी तरह की है और बिना उच्च पुलिस अधिकारियों के संरक्षण के इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि अब तक उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार केवल दो जिलों में ही यह घोटाला लगभग 20 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यदि पूरे झारखंड में इसकी व्यापक जांच कराई जाए, तो यह घोटाला राज्य के कुख्यात चारा घोटाले से भी बड़ा साबित हो सकता है। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस विभाग से जुड़े इस महाघोटाले की जांच केवल पुलिस के माध्यम से कराना निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। इसलिए पार्टी ने इस मामले की न्यायिक जांच या सीबीआई से जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।

अजय साह ने यह भी कहा कि ट्रेजरी से अवैध निकासी का यह पहला मामला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में इससे पहले भी ऊर्जा विभाग से लगभग 100 करोड़, पर्यटन विभाग से 10 करोड़ और पेयजल विभाग से 23 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन घोटालों को कैग की रिपोर्ट में उजागर किया गया है, लेकिन सरकार अभी भी डीएमएफटी और शराब घोटाले से संबंधित फाइलें कैग को उपलब्ध नहीं करा रही है। यदि इन फाइलों को कैग को उपलब्ध कराया जाए, तो हजारों करोड़ रुपये के और भी घोटालों का खुलासा हो सकता है।

*निजी स्कूलों की लूट पर आर-पार की लड़ाई, अब नहीं चलेगी मनमानी : अभिषेक सिंह राणा*
निजी विद्यालयों की मनमानी पर कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन*

सुल्तानपुर। जनपद में निजी विद्यालयों की बेलगाम मनमानी और अभिभावकों के आर्थिक-मानसिक शोषण के खिलाफ गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और जोरदार नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों का गुस्सा साफ तौर पर फूटा। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों ने शिक्षा को खुलेआम धंधा बना दिया है, जहां एडमिशन, रजिस्ट्रेशन, किताब-कॉपी और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों से बेशर्मी से वसूली की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरा खेल प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं। प्रदर्शन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ज्ञापन लेने मौके पर पहुंचे, लेकिन कांग्रेसियों ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और BSA व DIOS को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। काफी देर तक चले इस गतिरोध के बाद, अंततः सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन DIOS को सौंपा गया। ज्ञापन लेने के बाद DIOS ने एक सप्ताह के भीतर प्रभावी कार्यवाही का आश्वासन दिया, लेकिन कांग्रेस ने इस आश्वासन पर साफ शब्दों में कहा कि अब सिर्फ वादे नहीं, जमीनी कार्यवाही चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि निजी स्कूलों की लूट अब हर सीमा पार कर चुकी है और कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और आक्रामक रूप लेगा और सड़कों पर बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि एक हफ्ते के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर ऐसा आंदोलन करेगी, जिससे प्रशासन को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की कि किताबों की कीमतों पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए, किसी एक दुकान से किताब-कॉपी खरीदने की बाध्यता खत्म की जाए, पुस्तक सेट कम से कम पांच वर्षों तक न बदले जाएं, नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और फीस निर्धारण में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र बनाने की भी मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में लंबे समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन जल्द ही जन आंदोलन में बदल जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
संयुक्त व्यापार संघ संघर्ष समिति द्वारा की बैठक,व्यापारियों से किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में सहभागिता का आह्वान

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। संयुक्त व्यापार संघ संघर्ष समिति की एक बैठक अध्यक्ष संजय मिश्रा के नवीन मंडी स्थित प्रतिष्ठान पर संपन्न हुई,बैठक में संयुक्त व्यापार संघ संघर्ष समिति के संरक्षक कृष्ण गोपाल मित्तल द्वारा आगामी 13 तारीख को प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री आदरणीय योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रम में व्यापारियों की भारी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया,संरक्षक कृष्ण गोपाल मित्तल व अध्यक्ष संजय मिश्रा ने कहा कि हमारे नगर के विधायक एवं स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल के विशेष आग्रह पर माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय मंत्री भारत सरकार जयंत चौधरी द्वारा मुजफ्फरनगर आगमन का कार्यक्रम दिया गया है,कार्यक्रम में नगर के व्यापारियों द्वारा भारी उपस्थिति के साथ पहुंचकर लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के विचारों को सुनना है,संयुक्त व्यापार संघ संघर्ष समिति के माध्यम से हम जनपद के समस्त व्यापारियों से आह्वान करते हैं की प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष अपनी उपस्थिति भारी संख्या में दर्ज कराकर व्यापारियों का भारी समर्थन उन्हें प्रदान करें,बैठक में संयुक्त व्यापार संघ संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक राकेश त्यागी,सरदार बलविंदर सिंह,सुनील तायल,शलभ गुप्ता,पवन वर्मा,विक्की चावला,अरुण प्रताप,सुरेंद्र मित्तल,राजकुमार कालरा,संयोजक तरुण मित्तल,जनार्दन विश्वकर्मा,अभिमन्यु मित्तल,विजय प्रताप सिंह,भूपेंद्र गोयल,सचिन शर्मा,रमन शर्मा,सुखबीर सिंह,रवि शर्मा,राघव मिश्रा,शिव कुमार सिंघल,अनिल सिंघल,सहित अनेकों पदाधिकारीयो द्वारा उपस्थित रहकर कार्यक्रम में सहभागिता करने का आह्वान किया।
सुल्तानपुर में महिला खिलाड़ियों के साथ अभद्रता,पुलिस पर लगा टालमटोल का आरोप
सुलतानपुर के श्याम नगर खेल मैदान में अभ्यास करने वाली महिला और पुरुष खिलाड़ियों ने दबंगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। खिलाड़ियों का आरोप है कि मैदान पर शराब पीकर कुछ युवकों ने उनके साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि मारपीट और बदतमीजी भी की।

श्याम नगर मैदान में पिछले कई वर्षों से खिलाड़ी सुबह-शाम अभ्यास करते हैं। खिलाड़ियों द्वारा दिए गए पत्र के अनुसार, ग्राम झालापुर निवासी मोनू कुमार, गोलू, करन और आकाश अपने अन्य साथियों के साथ मैदान पर शराब पी रहे थे। जब अभ्यास के लिए आए खिलाड़ियों ने उन्हें मना किया, तो आरोपी भद्दी गालियां देने लगे और मारपीट पर उतारू हो गए। शोर सुनकर जब आसपास के लोग इकट्ठा हुए, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

पीड़ित खिलाड़ियों का कहना है कि उन्होंने तुरंत 112 नंबर पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस उन्हें पयागीपुर चौकी ले गई। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को बुलाने की बात तो कही, लेकिन रात 8:00 बजे तक खिलाड़ियों को चौकी पर बैठाए रखने के बाद बिना किसी ठोस कार्रवाई के घर भेज दिया। वर्तमान में खिलाड़ी डरे हुए हैं और उन्हें अनहोनी की आशंका सता रही है।

प्रार्थना पत्र के माध्यम से दर्जनों खिलाड़ियों ने एसपी से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और मैदान पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि वे बिना किसी डर के अपना अभ्यास जारी रख सकें।
सुल्तानपुर में शराब की दुकान को लेकर व्यापारियों ने उठाई आवाज, डीएम से की कार्रवाई की मांग
सुल्तानपुर में गोराबारिक मोहल्ले में एक शराब की दुकान को लेकर स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तर प्रदेश के बैनर तले जिला प्रशासन को एक शिकायत पत्र सौंपा गया है, जिसमें दुकान के संचालन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शिकायत के अनुसार, गोराबारिक क्षेत्र में स्थित कंपोजिट मदिरा की दुकान पर शराब खरीदने आने वाले लोग अक्सर वहीं खड़े होकर शराब पीते हैं। इससे आसपास का माहौल बिगड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे में धुत लोग गाली-गलौज करते हैं और कई बार अशोभनीय हरकतें भी करते हैं, जिससे खासकर महिलाओं को काफी असहजता का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों ने यह भी बताया कि दुकान के पास ही अस्पताल, मंदिर और मस्जिद जैसे महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं। इसके बावजूद दुकान के बाहर ही शराब पिलाने की सुविधा दी जा रही है, जिससे धार्मिक और सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। साथ ही, ग्राहक अपनी गाड़ियां सड़कों पर खड़ी कर देते हैं, जिससे यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही है।

शिकायत में यह भी आरोप है कि दुकान के सेल्समैन द्वारा ग्राहकों को पानी, गिलास और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे वे वहीं बैठकर शराब पीते हैं। विरोध करने पर दुकानदार और उसके कर्मचारी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी देते हैं।

उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दुकान के लाइसेंस की जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दुकान के बाहर शराब पीने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी की गई है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा और क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बहाल होगी।
‘माय मुंबई’ प्रदर्शनी में दिखी बेघर नागरिकों द्वारा खींची अद्वितीय कलाकृतियां
मुंबई : तेज़ रफ्तार और भागदौड़ भरी मुंबई में कई ऐसे दृश्य होते हैं, जो अक्सर हमारी नजरों से छूट जाते हैं। इन्हीं “अनदेखी और अलग” तस्वीरों को ‘माय मुंबई’ छायाचित्र प्रदर्शनी ने सामने लाने का कार्य किया। खास बात यह रही कि ये सभी तस्वीरें उन बेघर नागरिकों द्वारा खींची गई थीं, जिन्होंने कभी कैमरा तक नहीं पकड़ा था। इसके बावजूद उनकी नजरों से कैद हुए ये छायाचित्र अद्वितीय और भावनात्मक अभिव्यक्ति 8का सशक्त माध्यम बनकर सामने आए, जिनका सभी ने दिल से सराहना की।३५ बेघर लोगों ने Fujifilm Quicksnap डिस्पोज़ेबल कैमरों का उपयोग करके कुल ९४५ तस्वीरें खींचीं। मुंबई स्थित पहचान संस्था द्वारा आयोजित यह विशेष प्रदर्शनी मुंबई प्रेस क्लब में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अनोखे प्रोजेक्ट के तहत बेघर नागरिकों ने स्वयं मुंबई के विभिन्न पहलुओं को अपने कैमरे में कैद किया, जिससे शहर को देखने का एक नया और संवेदनशील दृष्टिकोण सामने आया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं राज्य स्तरीय आश्रय निगरानी समिति के अध्यक्ष उज्ज्वल उके ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने अपने छात्र जीवन के फोटोग्राफी अनुभव साझा करते हुए कहा कि बेघर नागरिकों द्वारा तस्वीरों के माध्यम से अपनी कहानी कहना अत्यंत प्रेरणादायक है।कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली और भाजपा प्रवक्ता संजय ठाकूर प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पहचान संस्था के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बेघर लोगों के लिए आश्रय और उनके विचारों को मंच देना आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। संस्था के संस्थापक-संचालक बृजेश आर्य ने प्रोजेक्ट के पीछे की प्रेरणा साझा करते हुए पिछले दो वर्षों में आयोजित सफल प्रदर्शनों का उल्लेख किया। कार्यक्रम में पूर्व मुंबई विश्वविद्यालय कुलगुरु प्रो. भालचंद्र मुणगेकर, पूर्व उपमहापौर अरुण देव, अमरजीत मिश्रा, एडवोकेट संतोष पांडे, उदयप्रताप सिंह, सुमिति सिंह, रवि नायर, डॉ. सुरैना मल्होत्रा, भावना जैन, निजामुद्दीन राईन, प्रमिला शर्मा, डॉ. दीपनारायण शुक्ला, सोनल खानोलकर, डॉ. धीरज सिंह, राजेंद्र आकेलकर, रौनक कुकड़े, विजय सिंह, इंद्रजीत सिंह, जमीर काज़ी, भगवती मिश्रा, अंकित मिश्रा और डिंपल छेड़ा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। पहचान फाउंडेशन की टीम—सुभाष, रेचेल, समीर और सार्थक—के प्रयासों की भी सभी ने सराहना की। विशेष रूप से, प्रदर्शनी में शामिल बेघर छायाकारों ने इस पहल को केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपनी पहचान, भावनाओं और संघर्षों को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम बना दिया।
‘माय मुंबई’ प्रदर्शनी ने यह सिद्ध कर दिया कि कला किसी साधन की मोहताज नहीं होती, बल्कि संवेदनशील दृष्टि और अनुभव ही उसे असाधारण बनाते हैं।
मेहनत को मिला इंजन—मेधावी छात्रों को स्कूटी, लैपटॉप और साइकिल, लालापुर बना शिक्षा का उत्सव स्थल
इनाम नहीं, इरादों को मिली उड़ान गांव की प्रतिभाओं ने रचा नया इतिहास, तालियों से गूंजा परिसर



विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज,यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत लालापुर में स्थित पंडित विष्णु राम तिवारी इंटर कॉलेज में रविवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने ग्रामीण शिक्षा के परिदृश्य को नई दिशा दे दी। राष्ट्र सेवा संस्थान के अध्यक्ष रूपेश त्रिपाठी (भार्गव), निवासी ग्राम सभा चकशिवचेर, के सौजन्य से आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता और उसके भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया। यह प्रतियोगिता उनतीस मार्च, रविवार को आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम पाँच अप्रैल, रविवार को दोपहर एक बजे से शाम सात बजे तक घोषित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों की प्रतिभा को पहचानना, उन्हें प्रोत्साहित करना और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेमशंकर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रतिभाओं को सम्मानित करना न केवल उनके परिश्रम की सराहना है, बल्कि यह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का दीप भी जलाता है। प्रतियोगिता में कक्षा नौ से बारह तक के विद्यार्थियों के लिए प्रथम स्थान पर इलेक्ट्रिक स्कूटी, द्वितीय स्थान पर लैपटॉप तथा तृतीय स्थान पर सीलिंग फैन एवं कुर्सी -मेज प्रदान किए गए। वहीं कक्षा चार से पाँच तक के विद्यार्थियों के लिए प्रथम स्थान पर रेंजर साइकिल, द्वितीय स्थान पर कुर्सी-मेज और तृतीय स्थान पर स्कूल बैग व टेबल लैंप देकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में विजेताओं को जब मंच पर बुलाकर स्कूटी और साइकिल सौंपी गई, तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा। यह दृश्य न केवल छात्रों के लिए गर्व का क्षण था, बल्कि अभिभावकों के लिए भी भावुक और प्रेरणादायक पल साबित हुआ। मुख्य अतिथियों में ग्राम प्रधान शंकर लाल पांडेय, सुप्रसिद्ध जादूगर ज्ञानेंद्र भार्गव, आचार्य हरिकृष्ण शुक्ला, विद्यालय के प्रबंधक सुरेश त्रिपाठी, नरेंद्र त्रिपाठी, जय सिंह पटेल (राष्ट्र सेवा ट्रस्ट), होरीलाल केसरवानी, कमलेश त्रिपाठी, अंबिका पांडेय, पुष्पा श्रीवास्तव और प्रकाश शुक्ला उर्फ प्रचंड शुक्ला सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अनुशासन, निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया। समारोह में समाजसेवियों और अभिभावकों की भी भारी उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा ही वह शक्ति है, जो किसी भी साधारण व्यक्ति को असाधारण ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। कार्यक्रम में मनोरंजन का भी विशेष रंग देखने को मिला। प्रसिद्ध जादूगर ज्ञानेंद्र भार्गव और पुष्पा के जादुई करतबों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस प्रस्तुति का आनंद लेते नजर आया। विजेताओं में कक्षा पाँच की छात्रा दीक्षा तिवारी (पीवीआरटी विद्यालय) को रेंजर साइकिल, कक्षा सात के छात्र हिमांशु तिवारी (पीवीआर विद्यालय) को कुर्सी-मेज, कक्षा आठ की छात्रा सांवली (एसजीएम विद्यालय, प्रतापपुर) को रेंजर साइकिल प्रदान की गई। वहीं कक्षा ग्यारह-बारह वर्ग में आराध्या तिवारी (पीवीआरटी विद्यालय) को लैपटॉप, आस्था यादव (पीवीआरटी विद्यालय) को रेंजर साइकिल और आमिर (सरदार पटेल विद्यालय) को इलेक्ट्रिक स्कूटी देकर सम्मानित किया गया। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन जारी रहेंगे, ताकि ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को मंच मिलता रहे और वे सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकें। यह आयोजन सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि गांव की नई सोच और शिक्षा के प्रति जागरूकता का प्रतीक बनकर उभरा जहां इनाम के साथ-साथ सपनों को भी पंख मिले।