10 महीने में 141 नाबालिगों, 219 महिलाओं ने छोड़ा घर
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में बीते 10 महीने में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आकर 141 किशोरियां और 219 युवतियां लापता हो गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अंजना युवकों से फोन और फेसबुक के माध्यम से बातचीत करके घर छोड़ दी थीं। पुलिस टीम ने इसमें 51 को छोड़कर शेष को खोज निकाला है। ज्यादातर लड़कियों की उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच है। सोशल मीडिया के माध्यम और फोन से अंजान युवकों के संपर्क में आने से वह घर का मोह त्याग दे रही हैं। बीते 10 महीने में अलग-अलग थानाक्षेत्र से कुल 141 किशोरियां लापता हो गईं। यही नहीं 219 युवतियां भी घर छोड़कर चली गईं। जिले के हर थाने की दो टीमें रोज लापता लड़कियों को खोजने में जुटी रहती हैं। परिजनों ने लड़कियों को पढ़ने के लिए मोबाइल दिए। इसके गलत इस्तेमाल से वह अंजान लोगों से जुड़ गईं। हाल ही में गोपीगंज के एक गांव से दो चचेरी बहनें एक साथ ही गायब हो गईं। पुलिस ने एक को अमेठी से प्रेमी के साथ पकड़ा। हालांकि, दूसरे की तलाश अब भी हो रही है। बीते एक सप्ताह में सुरियावां, औराई, भदोही, गोपीगंज से ही करीब सात किशोरियां घर छोड़कर चली गई। पुलिस विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो एक अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 141 किशोरियां लापता हुईं। इसमें 128 को बरामद किया गया। जबकि 13 को पुलिस नहीं ढूढ़ सकी। 219 युवतियां भी घर से गायब हो गईं। इसमें 38 की तलाश अभी की जा रही है। साल 2024 में यह संख्या 110 और 180 ही था। ऐसे में साल 2025 में यह डेढ़ गुना अधिक हो गया है।




सोशल मीडिया और मोबाइल के अधिक प्रयोग से दिक्कतें बढ़ रही है। लापता होने वाली किशोरियों और युवतियों को पुलिस टीमें लगाकर खोजा जा रहा है। अधिकांश बरामद की जा चुकी हैं, जो लापता हैं उनकी तलाश में टीमें लगी हैं। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी
*आगामी आईपीओ को लेकर एनएसई बोर्ड का फैसला*

*मुंबई*, *फरवरी 2026:* एनएसई ने अपने आईपीओ से जुड़े नियम और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। इसके लिए एक विशेष आईपीओ समिति को दोबारा गठित किया गया है, जो लिस्टिंग की पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी और उसकी निगरानी करेगी।

पुनर्गठित आईपीओ समिति की संरचना इस प्रकार है:

- श्री तबलेश पांडेय – चेयरपर्सन (नॉन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर)
- श्री श्रीनिवास इंजेती – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- प्रो. (डॉ.) ममता बिस्वाल – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्रीमती अभिलाषा कुमारी – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- प्रो. जी. शिवकुमार – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- श्री आशीष कुमार चौहान – मेंबर (मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ)

एनएसई के बोर्ड ने नियामकीय मंजूरी के अधीन एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी की स्थापना को मंजूरी दी है, जिसके माध्यम से एक कोयला एक्सचेंज स्थापित किया जाएगा। प्रस्तावित सहायक कंपनी का नाम नेशनल कोल एक्सचेंज / भारत कोल एक्सचेंज / इंडिया कोल एक्सचेंज हो सकता है, जिसे मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स द्वारा स्वीकृति दी गई है।
इस कंपनी का गठन कोयला मंत्रालय द्वारा जारी प्रस्तावित कोल रेगुलेशंस, 2025 के अनुरूप किया जाएगा। एनएसई ने प्रस्तावित कोयला एक्सचेंज की सहायक कंपनी में ₹100 करोड़ तक की पूंजी निवेश को मंजूरी दी है।
मथुरा में दिल दहला देने वाली त्रासदी, एक ही परिवार के पांच लोगों ने जहर खाकर की सामूहिक आत्महत्या

लखनऊ /मथुरा । उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। महावन तहसील क्षेत्र के ग्राम खप्परपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के अंदर पति, पत्नी और तीनों बच्चों के शव पड़े मिले। सभी की मौत जहरीला पदार्थ खाने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने घर को सील कर जांच शुरू कर दी है और सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।

दीवार पर लिखा संदेश और सुसाइड नोट ने बढ़ाया रहस्य पुलिस के अनुसार, घर के अंदर दीवार पर लिखा मिला है— “अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं।” इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। हालांकि, नोट में आत्महत्या की ठोस वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसी और डीआईजी स्वयं मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि परिवार किन परिस्थितियों से गुजर रहा था।

इलाके में मातम और सन्नाटा

एक साथ पांच लोगों की मौत से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार सामान्य दिखता था, किसी बड़े विवाद या परेशानी की जानकारी पहले सामने नहीं आई थी।फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। आत्महत्या के पीछे आर्थिक तंगी, पारिवारिक तनाव या किसी अन्य दबाव की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
बहसूमा में कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद, सघन गश्त से अपराधियों में खौफ

मेरठ। बहसूमा। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम रखने के उद्देश्य से बहसूमा थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा सघन गश्त अभियान चलाया गया। थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह के निर्देशानुसार संचालित इस अभियान में पुलिस बल पूरी मुस्तैदी के साथ सड़कों पर उतरा और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी।

अपराध निरीक्षक योगिंदर सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक कृष्णकांत, उपनिरीक्षक राकेश कुमार, उपनिरीक्षक अभिषेक, उपनिरीक्षक सोनू कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस टीम ने प्रमुख मार्गों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पैदल व वाहन गश्त कर संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की गहन जांच की। जगह-जगह रुककर हालात का जायजा लिया गया और आम नागरिकों से संवाद कर सुरक्षा संबंधी फीडबैक भी लिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नियमित गश्त अभियानों का मुख्य उद्देश्य असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाना, अपराध की रोकथाम करना और नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। अभियान के दौरान लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।

स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि नियमित गश्त से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है और अपराधियों में भय बना है। लोगों का मानना है कि पुलिस की निरंतर मौजूदगी से बहसूमा में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में ठोस मदद मिल रही है।
घर में बिजली कट हुआ तो इस नंबर पर करें शिकायत, तुरंत आ जाएगी बिजली

गया: सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (इज ऑफ लीविंग) के अंतर्गत बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली विभाग ने बड़ा काम किया है. अगर आपके घर की बिजली चली जाए तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. आप अपने मोबाइल फोन से बिजली विभाग द्वारा बिजली बिल पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. इसके लिए बिजली विभाग ने आपके बिजली बिल पर आपके क्षेत्र फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर अंकित किया गया है.

अगर आपके घर में बिजली गुल हो जाती है, तो आप घर बैठे ही इसकी सूचना दे सकते हैं. आपको किसी सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है. शिकायत दर्ज करने के लिए आपको कोई ऐप डाउनलोड करने या किसी आधिकारिक वेबसाइट पर जाने की भी जरूरत नहीं है. हेल्पलाइन नंबर आपके बिजली बिल में दिया गया है, आप सीधे उस पर शिकायत कर सकते हैं बिजली आपूर्ति संबंधित समस्या का निराकरण कर सकते है.

साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के गया सर्कल के विद्युत अधीक्षण अभियंता ई. संदीप प्रकाश ने बताया कि राज्य सरकार और बिहार विद्युत विभाग उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध हैं. विद्युत विभाग ने अब उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विद्युत आपूर्ति संबंधित शिकायत हेतु नंबर जारी किया है. जो कि सभी तरह के बिजली बिल पर अंकित रहेगा. बिजली बिल में सबसे नीचे में विद्युत आपूर्ति संबंधित शिकायत हेतु नंबर अंकित है. उपभोक्ता के क्षेत्र के फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर बिजली बिल पर अंकित होगा. आप अपने घर, पड़ोसियों और गांव में बिजली कटौती की सूचना देने के लिए बिजली बिल में अंकित नंबर पर फोन कर सकते हैं. इन समस्याओं की सूचना मिलते ही तुरंत समस्याओं का समाधान कर आपके घर में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी.

बता दे कि गया जिले में उपभोक्ताओं के लिए नौ फ्यूज कॉल सेंटर हैं. बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतें इन्हीं फ्यूज कॉल सेंटरों में दर्ज की जाती हैं. अब चूंकि बिजली बिल में उनके क्षेत्र के फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर दिया होगा, इसलिए उपभोक्ताओं के लिए इसकी सेवाओं का लाभ उठाना आसान हो जाएगा और उनका दैनिक जीवन आसान होगा. बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया गया है। "सबका सम्मान-जीवन आसान' (इज आफ लीविंग) का मुख्य मकसद नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है.

संजय सेत मरम्मत के लिए 8.96 करोड़ के पीपा पुल का प्रस्ताव
*500 मीटर लंबा वैकल्पिक पुल बनने तक नहीं शुरू होगा काम

गोंडा।गोंडा लखनऊ मार्ग को जोड़ने वाले 42 वर्ष पुराने संजय सेतु की मरम्मत का काम अब वैकल्पिक पीपा पुल बनने के बाद ही शुरु होगा।अधिकारियों के अनुसार,500 मीटर लंबा यह पीपा पुल बनाने में लगभग एक महीने का समय लगेगा और इस पर लगभग 8.96 करोड़ रूपए का खर्च आएगा।गोंडा लोक निर्माण विभाग ने इस संबंध में शासन को एक प्रस्ताव भेजा है।शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही पीपा पुल का निर्माण शुरू किया जाएगा।यह निर्णय जनहित को देखते हुए लिया गया है क्योंकि पहले पुल को दो महीने के लिए बंद करने की योजना थी।कल सोमवार को लखनऊ में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक नकुल वर्मा और प्राधिकरण के अवर अभियंताओं की बैठक हुई।लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने पुष्टि किया कि पीपे का पुल बनाकर वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाएगा और मरम्मत के दौरान केवल वही मार्ग बंद रहेगा।बिना पीपे पुल के बने अब संजय सेतु को मरम्मत के लिए बंद नहीं किया जाएगा क्योंकि इसे न बंद करने को लेकर अब जनप्रतिनिधि भी मांग कर रहे हैं।बताते चलें कि घाघरा नदी पर बना संजय सेतु गोंडा सहित आठ जिलों को जोड़ता है और देवीपाटन मंडल की जीवनरेखा माना जाता है।रोजाना हजारों यात्री, व्यापारी और एंबुलेंस इसी पुल से गुजरते हैं तथा नेपाल सीमा तक जाने वाला तह सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है,जिसके बंद होने से पूरे मंडल आवागमन ठप हो सकता है।संजय सेतु बंद होने से होने वाली संभावित दिक्कतों को देखते हुए जिले के पांच विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पीपा पुल निर्माण की मांग किया था।
WhatsApp Status से लेकर Instagram Reels तक, हर जगह छाया ‘Choli Bheej Jata’, यूट्यूब के Top 10 में ट्रेंड होकर बना 2026 का सबसे बड़ा होली ब्लास्ट

डिजिटल सुनामी: खेसारी का राज!

दिल्ली की भीड़भाड़ वाली सड़कों से लेकर बिहार के सुदूर गाँवों के चौराहों तक, इस समय सिर्फ एक ही शोर है—खेसारी लाल यादव। उनका नया होली गीत “चोली भीज जाता” महज़ एक गाना नहीं, बल्कि एक डिजिटल सुनामी बन चुका है। IVY Bhojpuri Bawaal चैनल पर रिलीज़ होते ही इस गाने ने पूरे इंटरनेट पर कब्ज़ा (Taken over the internet) कर लिया है। आलम यह है कि यह गाना यूट्यूब ट्रेंडिंग के Top 10 में अपनी मज़बूत जगह बनाए हुए है और इसे 2026 का सबसे बड़ा होली गीत (Biggest Holi Song of 2026) घोषित कर दिया गया है।

सोशल मीडिया पर ‘बवाल’ वायरल ट्रेंड

भैया, आजकल सफलता का असली पैमाना ‘रील्स’ और ‘स्टेटस’ हैं। और “चोली भीज जाता” के हुक स्टेप पर इस समय लाखों की संख्या में इंस्टाग्राम रील्स बन रही हैं। लड़के जहाँ खेसारी भैया के स्वैग को कॉपी कर रहे हैं, वहीं लड़कियाँ प्रिया रघुवंशी के नखरों और ठुमकों पर अपनी अदाएँ दिखा रही हैं। व्हाट्सएप स्टेटस हो या फेसबुक स्टोरी, हर जगह लोग इसी गाने को लगाकर अपनी होली की खुशी जाहिर कर रहे हैं। अभिषेक भोजपुरीया के मज़ेदार बोल और आर्य शर्मा का म्यूज़िक हर किसी के ज़ुबान पर चढ़ गया है।

खेसारी आर्मी की ताकत: 24/7 सपोर्ट

खेसारी लाल यादव की सबसे बड़ी ताकत उनकी खेसारी आर्मी है। ये वो फैन हैं जिन्होंने इस गाने को रिलीज़ के साथ ही ट्रेंडिंग के शिखर पर पहुँचा दिया। यूट्यूब के टॉप 10 में जगह बनाना कोई छोटी बात नहीं है, लेकिन खेसारी के पावर के आगे इस बार सब फीका नज़र आ रहे हैं। IVY Bhojpuri Bawaal चैनल पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है, जहाँ लोग इसे इस सदी का सबसे बड़ा होली एंथम बता रहे हैं। Ps Dance Group के ज़बरदस्त डांस ने इस गाने के वीडियो को और भी शानदार बना दिया है।

प्रोडक्शन की क्वालिटी: चकाचक विज़ुअल्स

दिलीप चौरसिया की बेहतरीन सिनेमेटोग्राफी ने गाने को वो चमक दी है, जो बड़े बजट की फिल्मों में दिखती है। विलेंस प्रोडक्शन (Wailens Production) की ओर से पेश किया गया यह वीडियो विज़ुअल मास्टरपीस है। रोहित सिंह की डीआई (D.I.) ने रंगों को इतना निखारा है कि होली की मस्ती मोबाइल स्क्रीन से बाहर निकलकर आती महसूस होती है। यह गाना साबित करता है कि भोजपुरी म्यूज़िक अब ग्लोबल लेवल पर धमाका करने को तैयार है।

निष्कर्ष: आप भी बनें इस ट्रेंड का हिस्सा!

अगर आपने अभी तक अपना व्हाट्सएप स्टेटस इस गाने के साथ अपडेट नहीं किया है, तो जल्दी कीजिए, वरना आप 2026 के सबसे बड़े ट्रेंड से पीछे रह जाएंगे। खेसारी भैया और शिल्पी राज की यह जुगलबंदी इस होली आपको झूमने पर मजबूर कर देगी।

पूरा गाना यहाँ देखें और इसे और भी ऊपर ट्रेंड कराएं :- https://youtu.be/T_qBgY7EqOA�

अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का इसरो, श्रीहरिकोटा भ्रमण- सपनों को मिली नई उड़ान
* श्रमिक परिवारों के बच्चों ने देखी अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच को मिला नया आयाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और राष्ट्रीय उपलब्धियों से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा (SHAR) का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यह भ्रमण श्रमिक परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
इस शैक्षणिक भ्रमण में प्रदेश के सभी 18 अटल आवासीय विद्यालयों से चयनित कुल 36 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रत्येक विद्यालय से एक बालक एवं एक बालिका शामिल रहे। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहली हवाई यात्रा थी, जिसने उनके अनुभव को और भी अविस्मरणीय बना दिया।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता, अनुशासन एवं विज्ञान में अभिरुचि के आधार पर किया गया था। विमान यात्रा के माध्यम से श्रीहरिकोटा पहुँचने पर विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मगौरव और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह यात्रा केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए सपनों को नई दिशा देने वाली रही।
पूरे दिन चले इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने इसरो के प्रमुख तकनीकी एवं संचालन केंद्रों का अवलोकन किया, जिनमें लॉन्च पैड-1, लॉन्च पैड-2, मिशन कंट्रोल सेंटर तथा सैटेलाइट एवं रॉकेट असेंबली क्षेत्र शामिल रहे। इसरो के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने रॉकेट प्रक्षेपण, उपग्रह नियंत्रण, डेटा विश्लेषण और मिशन संचालन की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और वैज्ञानिकों से संवाद किया, जिससे उनकी जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नया आयाम मिला।
भ्रमण के उपरांत इसरो (SHAR) के निदेशक पद्मकुमार द्वारा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शनमूगा सुंदरम एवं सचिव श्रीमती पूजा यादव (उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड) उपस्थित रहीं। निदेशक महोदय ने विद्यार्थियों को इसरो की कार्यप्रणाली, वर्तमान एवं भावी अंतरिक्ष परियोजनाओं, गगनयान मिशन तथा भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की जानकारी दी और उन्हें नियमित अध्ययन, विज्ञान एवं गणित में रुचि तथा अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अटल आवासीय विद्यालय का मॉडल इसरो निदेशक को भेंट किया गया, जबकि इसरो की ओर से गगनयान मिशन का लघु मॉडल स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य निर्माण श्रमिक एवं निराश्रित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास, मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय स्तर के अवसर उपलब्ध कराना है। यह भ्रमण इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के अवसर प्रदान कर रही है।
भ्रमण से लौटने के बाद विद्यार्थियों ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार रॉकेट, वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष विज्ञान को इतनी निकटता से देखा है और अब वे भी वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। यह शैक्षणिक भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के जीवन में नई शुरुआत और उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
30 दिन में 100% घरों तक जलापूर्ति नहीं करने वाली कंपनियों पर होगी FIR: स्वतंत्र देव सिंह
* विन्ध्य व बुंदेलखंड में जल जीवन मिशन के कार्यों की जलशक्ति मंत्री ने की गहन समीक्षा

* धीमी प्रगति पर बीजीसीसी व एलएंडटी को अल्टीमेटम

* जनप्रतिनिधियों से संवाद नहीं करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

* पाइपलाइन कार्यों से क्षतिग्रस्त 97% सड़कों की मरम्मत पूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री  स्वतंत्र देव सिंह ने बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र के सभी घरों में 30 दिन के भीतर शत-प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि तय समयसीमा में कार्य पूरा न करने वाली कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जलशक्ति मंत्री ने सोमवार को जल निगम (ग्रामीण) के लखनऊ स्थित कार्यालय में विन्ध्य एवं बुंदेलखंड क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने परियोजनाओं में धीमी प्रगति पर कार्य कर रही बीजीसीसी और एलएंडटी कंपनियों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें अंतिम चेतावनी दी। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित कंपनी मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा के बाद मीडिया से बातचीत में जलशक्ति मंत्री ने बताया कि बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र की लगभग सभी परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। केवल 4-5 योजनाओं को छोड़कर शेष सभी योजनाओं में 100 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। अधिकतर गांवों में नियमित जलापूर्ति हो रही है। करीब तीन प्रतिशत गांवों में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने या अन्य तकनीकी कारणों से जलापूर्ति बाधित हुई है, जिसे तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम (ग्रामीण) के एमडी डॉ. राजशेखर तथा राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक प्रभाष कुमार उपस्थित रहे।

जलशक्ति मंत्री ने सभी जिलों के अधिशासी अभियंताओं एवं अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनप्रतिनिधियों से निरंतर संवाद बनाए रखें और योजनाओं की प्रगति की पूरी जानकारी साझा करें। ऐसा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। साथ ही अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए गए।

मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन गांवों में 100 प्रतिशत घरों में जलापूर्ति सुनिश्चित हो चुकी है, वहां 8 से 22 मार्च के बीच “जल उत्सव” मनाया जाएगा। इसके तहत राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ने प्रदेश के लगभग 22,000 गांवों में जल उत्सव आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है।

समीक्षा बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने जल सारथी ऐप का शुभारंभ किया। इस ऐप के माध्यम से जल जीवन मिशन से जुड़े प्रत्येक गांव की जानकारी, जलापूर्ति की स्थिति, परियोजनाओं पर हुए खर्च, निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति, संबंधित अधिकारियों के नाम एवं संपर्क नंबर उपलब्ध होंगे। ग्रामीण इस ऐप के जरिए जलापूर्ति से जुड़ी शिकायत दर्ज कर सकेंगे और शिकायत निस्तारण की स्थिति भी देख सकेंगे। यह ऐप एंड्रॉयड और एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा।

बैठक में पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि मार्च अंत तक सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत हर हाल में पूरी की जाए। अधिकारियों ने बताया कि बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने के दौरान लगभग 9,772 किलोमीटर सड़कों को क्षतिग्रस्त किया गया था, जिसके सापेक्ष अब तक 9,435 किलोमीटर (लगभग 97%) सड़कों की मरम्मत पूरी कर ली गई है। कुछ स्थानों पर वर्षा और जलभराव के कारण सड़कें दोबारा क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनका सुधार अभियान चलाकर कराया जा रहा है।
मगहर में सजेगा रंगमंच का उत्सव, प्रेमचंद से अहिल्याबाई तक दिखेगी नाट्य यात्रा
* संत कबीर अकादमी सभागार में चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का शुभारंभ, ‘मोटे राम का निमंत्रण’ से शानदार शुरुआत

संत कबीर नगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का आयोजन 9 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक संत कबीर अकादमी सभागार, मगहर में किया जा रहा है। इस चार दिवसीय नाट्य समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से विविध नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।
नाट्य समारोह के पहले दिन सोमवार को मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक ‘मोटे राम का निमंत्रण’ का मंचन किया गया। यह नाटक प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘निमंत्रण’ पर आधारित है, जिसका नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया। हास्य-व्यंग्य से भरपूर इस नाटक में सामाजिक ढोंग, लालच और झूठ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाटक की कथा में दिखाया गया कि किस प्रकार मोटे राम शास्त्री निमंत्रण के लालच में सात ब्राह्मणों के स्थान पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रानी साहिबा के दरबार में पहुंच जाते हैं। मित्र चिंतामणि द्वारा उनका झूठ उजागर होने के साथ नाटक सामाजिक सीख देते हुए समाप्त होता है। सधे हुए निर्देशन और जीवंत संवादों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मोटे राम शास्त्री की भूमिका में हरीश शर्मा ‘हंस’ तथा सोना देवी ने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नाट्य एवं सांस्कृतिक आयोजन न केवल कलाकारों को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
नाट्य समारोह के दूसरे दिन 10 फरवरी को के.पी. सक्सेना द्वारा लिखित नाटक ‘बाप रे बाप’ का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन योगेश पंवार करेंगे। यह प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन समिति, सहारनपुर द्वारा दी जाएगी।
तीसरे दिन 11 फरवरी को जे.पी. सिंह जयवर्धन रचित ‘दरोगाजी चोरी हो गई’ का मंचन होगा, जिसका निर्देशन अशोक लाल करेंगे। यह प्रस्तुति देवसु थियेटर आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ की ओर से होगी।
समारोह के अंतिम दिन 12 फरवरी को ऐतिहासिक विषय पर आधारित नाटक ‘कर्मयोगिनी अहिल्याबाई’ का मंचन किया जाएगा, जिसके लेखक एवं निर्देशक आशीष त्रिवेदी हैं। यह प्रस्तुति संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया द्वारा की जाएगी।
चार दिवसीय यह सम्भागीय नाट्य समारोह प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने और दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने समस्त रंगमंच प्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
10 महीने में 141 नाबालिगों, 219 महिलाओं ने छोड़ा घर
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में बीते 10 महीने में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आकर 141 किशोरियां और 219 युवतियां लापता हो गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अंजना युवकों से फोन और फेसबुक के माध्यम से बातचीत करके घर छोड़ दी थीं। पुलिस टीम ने इसमें 51 को छोड़कर शेष को खोज निकाला है। ज्यादातर लड़कियों की उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच है। सोशल मीडिया के माध्यम और फोन से अंजान युवकों के संपर्क में आने से वह घर का मोह त्याग दे रही हैं। बीते 10 महीने में अलग-अलग थानाक्षेत्र से कुल 141 किशोरियां लापता हो गईं। यही नहीं 219 युवतियां भी घर छोड़कर चली गईं। जिले के हर थाने की दो टीमें रोज लापता लड़कियों को खोजने में जुटी रहती हैं। परिजनों ने लड़कियों को पढ़ने के लिए मोबाइल दिए। इसके गलत इस्तेमाल से वह अंजान लोगों से जुड़ गईं। हाल ही में गोपीगंज के एक गांव से दो चचेरी बहनें एक साथ ही गायब हो गईं। पुलिस ने एक को अमेठी से प्रेमी के साथ पकड़ा। हालांकि, दूसरे की तलाश अब भी हो रही है। बीते एक सप्ताह में सुरियावां, औराई, भदोही, गोपीगंज से ही करीब सात किशोरियां घर छोड़कर चली गई। पुलिस विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो एक अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 141 किशोरियां लापता हुईं। इसमें 128 को बरामद किया गया। जबकि 13 को पुलिस नहीं ढूढ़ सकी। 219 युवतियां भी घर से गायब हो गईं। इसमें 38 की तलाश अभी की जा रही है। साल 2024 में यह संख्या 110 और 180 ही था। ऐसे में साल 2025 में यह डेढ़ गुना अधिक हो गया है।




सोशल मीडिया और मोबाइल के अधिक प्रयोग से दिक्कतें बढ़ रही है। लापता होने वाली किशोरियों और युवतियों को पुलिस टीमें लगाकर खोजा जा रहा है। अधिकांश बरामद की जा चुकी हैं, जो लापता हैं उनकी तलाश में टीमें लगी हैं। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी
*आगामी आईपीओ को लेकर एनएसई बोर्ड का फैसला*

*मुंबई*, *फरवरी 2026:* एनएसई ने अपने आईपीओ से जुड़े नियम और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। इसके लिए एक विशेष आईपीओ समिति को दोबारा गठित किया गया है, जो लिस्टिंग की पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी और उसकी निगरानी करेगी।

पुनर्गठित आईपीओ समिति की संरचना इस प्रकार है:

- श्री तबलेश पांडेय – चेयरपर्सन (नॉन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर)
- श्री श्रीनिवास इंजेती – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- प्रो. (डॉ.) ममता बिस्वाल – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्रीमती अभिलाषा कुमारी – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- प्रो. जी. शिवकुमार – मेंबर (पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर)
- श्री आशीष कुमार चौहान – मेंबर (मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ)

एनएसई के बोर्ड ने नियामकीय मंजूरी के अधीन एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी की स्थापना को मंजूरी दी है, जिसके माध्यम से एक कोयला एक्सचेंज स्थापित किया जाएगा। प्रस्तावित सहायक कंपनी का नाम नेशनल कोल एक्सचेंज / भारत कोल एक्सचेंज / इंडिया कोल एक्सचेंज हो सकता है, जिसे मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स द्वारा स्वीकृति दी गई है।
इस कंपनी का गठन कोयला मंत्रालय द्वारा जारी प्रस्तावित कोल रेगुलेशंस, 2025 के अनुरूप किया जाएगा। एनएसई ने प्रस्तावित कोयला एक्सचेंज की सहायक कंपनी में ₹100 करोड़ तक की पूंजी निवेश को मंजूरी दी है।
मथुरा में दिल दहला देने वाली त्रासदी, एक ही परिवार के पांच लोगों ने जहर खाकर की सामूहिक आत्महत्या

लखनऊ /मथुरा । उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। महावन तहसील क्षेत्र के ग्राम खप्परपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के अंदर पति, पत्नी और तीनों बच्चों के शव पड़े मिले। सभी की मौत जहरीला पदार्थ खाने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने घर को सील कर जांच शुरू कर दी है और सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।

दीवार पर लिखा संदेश और सुसाइड नोट ने बढ़ाया रहस्य पुलिस के अनुसार, घर के अंदर दीवार पर लिखा मिला है— “अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं।” इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। हालांकि, नोट में आत्महत्या की ठोस वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसी और डीआईजी स्वयं मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि परिवार किन परिस्थितियों से गुजर रहा था।

इलाके में मातम और सन्नाटा

एक साथ पांच लोगों की मौत से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार सामान्य दिखता था, किसी बड़े विवाद या परेशानी की जानकारी पहले सामने नहीं आई थी।फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। आत्महत्या के पीछे आर्थिक तंगी, पारिवारिक तनाव या किसी अन्य दबाव की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
बहसूमा में कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद, सघन गश्त से अपराधियों में खौफ

मेरठ। बहसूमा। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम रखने के उद्देश्य से बहसूमा थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा सघन गश्त अभियान चलाया गया। थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह के निर्देशानुसार संचालित इस अभियान में पुलिस बल पूरी मुस्तैदी के साथ सड़कों पर उतरा और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी।

अपराध निरीक्षक योगिंदर सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक कृष्णकांत, उपनिरीक्षक राकेश कुमार, उपनिरीक्षक अभिषेक, उपनिरीक्षक सोनू कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस टीम ने प्रमुख मार्गों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पैदल व वाहन गश्त कर संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की गहन जांच की। जगह-जगह रुककर हालात का जायजा लिया गया और आम नागरिकों से संवाद कर सुरक्षा संबंधी फीडबैक भी लिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नियमित गश्त अभियानों का मुख्य उद्देश्य असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाना, अपराध की रोकथाम करना और नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। अभियान के दौरान लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।

स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि नियमित गश्त से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है और अपराधियों में भय बना है। लोगों का मानना है कि पुलिस की निरंतर मौजूदगी से बहसूमा में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में ठोस मदद मिल रही है।
घर में बिजली कट हुआ तो इस नंबर पर करें शिकायत, तुरंत आ जाएगी बिजली

गया: सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (इज ऑफ लीविंग) के अंतर्गत बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली विभाग ने बड़ा काम किया है. अगर आपके घर की बिजली चली जाए तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. आप अपने मोबाइल फोन से बिजली विभाग द्वारा बिजली बिल पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. इसके लिए बिजली विभाग ने आपके बिजली बिल पर आपके क्षेत्र फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर अंकित किया गया है.

अगर आपके घर में बिजली गुल हो जाती है, तो आप घर बैठे ही इसकी सूचना दे सकते हैं. आपको किसी सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है. शिकायत दर्ज करने के लिए आपको कोई ऐप डाउनलोड करने या किसी आधिकारिक वेबसाइट पर जाने की भी जरूरत नहीं है. हेल्पलाइन नंबर आपके बिजली बिल में दिया गया है, आप सीधे उस पर शिकायत कर सकते हैं बिजली आपूर्ति संबंधित समस्या का निराकरण कर सकते है.

साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के गया सर्कल के विद्युत अधीक्षण अभियंता ई. संदीप प्रकाश ने बताया कि राज्य सरकार और बिहार विद्युत विभाग उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध हैं. विद्युत विभाग ने अब उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विद्युत आपूर्ति संबंधित शिकायत हेतु नंबर जारी किया है. जो कि सभी तरह के बिजली बिल पर अंकित रहेगा. बिजली बिल में सबसे नीचे में विद्युत आपूर्ति संबंधित शिकायत हेतु नंबर अंकित है. उपभोक्ता के क्षेत्र के फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर बिजली बिल पर अंकित होगा. आप अपने घर, पड़ोसियों और गांव में बिजली कटौती की सूचना देने के लिए बिजली बिल में अंकित नंबर पर फोन कर सकते हैं. इन समस्याओं की सूचना मिलते ही तुरंत समस्याओं का समाधान कर आपके घर में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी.

बता दे कि गया जिले में उपभोक्ताओं के लिए नौ फ्यूज कॉल सेंटर हैं. बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतें इन्हीं फ्यूज कॉल सेंटरों में दर्ज की जाती हैं. अब चूंकि बिजली बिल में उनके क्षेत्र के फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर दिया होगा, इसलिए उपभोक्ताओं के लिए इसकी सेवाओं का लाभ उठाना आसान हो जाएगा और उनका दैनिक जीवन आसान होगा. बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया गया है। "सबका सम्मान-जीवन आसान' (इज आफ लीविंग) का मुख्य मकसद नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है.

संजय सेत मरम्मत के लिए 8.96 करोड़ के पीपा पुल का प्रस्ताव
*500 मीटर लंबा वैकल्पिक पुल बनने तक नहीं शुरू होगा काम

गोंडा।गोंडा लखनऊ मार्ग को जोड़ने वाले 42 वर्ष पुराने संजय सेतु की मरम्मत का काम अब वैकल्पिक पीपा पुल बनने के बाद ही शुरु होगा।अधिकारियों के अनुसार,500 मीटर लंबा यह पीपा पुल बनाने में लगभग एक महीने का समय लगेगा और इस पर लगभग 8.96 करोड़ रूपए का खर्च आएगा।गोंडा लोक निर्माण विभाग ने इस संबंध में शासन को एक प्रस्ताव भेजा है।शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही पीपा पुल का निर्माण शुरू किया जाएगा।यह निर्णय जनहित को देखते हुए लिया गया है क्योंकि पहले पुल को दो महीने के लिए बंद करने की योजना थी।कल सोमवार को लखनऊ में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक नकुल वर्मा और प्राधिकरण के अवर अभियंताओं की बैठक हुई।लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने पुष्टि किया कि पीपे का पुल बनाकर वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाएगा और मरम्मत के दौरान केवल वही मार्ग बंद रहेगा।बिना पीपे पुल के बने अब संजय सेतु को मरम्मत के लिए बंद नहीं किया जाएगा क्योंकि इसे न बंद करने को लेकर अब जनप्रतिनिधि भी मांग कर रहे हैं।बताते चलें कि घाघरा नदी पर बना संजय सेतु गोंडा सहित आठ जिलों को जोड़ता है और देवीपाटन मंडल की जीवनरेखा माना जाता है।रोजाना हजारों यात्री, व्यापारी और एंबुलेंस इसी पुल से गुजरते हैं तथा नेपाल सीमा तक जाने वाला तह सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है,जिसके बंद होने से पूरे मंडल आवागमन ठप हो सकता है।संजय सेतु बंद होने से होने वाली संभावित दिक्कतों को देखते हुए जिले के पांच विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पीपा पुल निर्माण की मांग किया था।
WhatsApp Status से लेकर Instagram Reels तक, हर जगह छाया ‘Choli Bheej Jata’, यूट्यूब के Top 10 में ट्रेंड होकर बना 2026 का सबसे बड़ा होली ब्लास्ट

डिजिटल सुनामी: खेसारी का राज!

दिल्ली की भीड़भाड़ वाली सड़कों से लेकर बिहार के सुदूर गाँवों के चौराहों तक, इस समय सिर्फ एक ही शोर है—खेसारी लाल यादव। उनका नया होली गीत “चोली भीज जाता” महज़ एक गाना नहीं, बल्कि एक डिजिटल सुनामी बन चुका है। IVY Bhojpuri Bawaal चैनल पर रिलीज़ होते ही इस गाने ने पूरे इंटरनेट पर कब्ज़ा (Taken over the internet) कर लिया है। आलम यह है कि यह गाना यूट्यूब ट्रेंडिंग के Top 10 में अपनी मज़बूत जगह बनाए हुए है और इसे 2026 का सबसे बड़ा होली गीत (Biggest Holi Song of 2026) घोषित कर दिया गया है।

सोशल मीडिया पर ‘बवाल’ वायरल ट्रेंड

भैया, आजकल सफलता का असली पैमाना ‘रील्स’ और ‘स्टेटस’ हैं। और “चोली भीज जाता” के हुक स्टेप पर इस समय लाखों की संख्या में इंस्टाग्राम रील्स बन रही हैं। लड़के जहाँ खेसारी भैया के स्वैग को कॉपी कर रहे हैं, वहीं लड़कियाँ प्रिया रघुवंशी के नखरों और ठुमकों पर अपनी अदाएँ दिखा रही हैं। व्हाट्सएप स्टेटस हो या फेसबुक स्टोरी, हर जगह लोग इसी गाने को लगाकर अपनी होली की खुशी जाहिर कर रहे हैं। अभिषेक भोजपुरीया के मज़ेदार बोल और आर्य शर्मा का म्यूज़िक हर किसी के ज़ुबान पर चढ़ गया है।

खेसारी आर्मी की ताकत: 24/7 सपोर्ट

खेसारी लाल यादव की सबसे बड़ी ताकत उनकी खेसारी आर्मी है। ये वो फैन हैं जिन्होंने इस गाने को रिलीज़ के साथ ही ट्रेंडिंग के शिखर पर पहुँचा दिया। यूट्यूब के टॉप 10 में जगह बनाना कोई छोटी बात नहीं है, लेकिन खेसारी के पावर के आगे इस बार सब फीका नज़र आ रहे हैं। IVY Bhojpuri Bawaal चैनल पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है, जहाँ लोग इसे इस सदी का सबसे बड़ा होली एंथम बता रहे हैं। Ps Dance Group के ज़बरदस्त डांस ने इस गाने के वीडियो को और भी शानदार बना दिया है।

प्रोडक्शन की क्वालिटी: चकाचक विज़ुअल्स

दिलीप चौरसिया की बेहतरीन सिनेमेटोग्राफी ने गाने को वो चमक दी है, जो बड़े बजट की फिल्मों में दिखती है। विलेंस प्रोडक्शन (Wailens Production) की ओर से पेश किया गया यह वीडियो विज़ुअल मास्टरपीस है। रोहित सिंह की डीआई (D.I.) ने रंगों को इतना निखारा है कि होली की मस्ती मोबाइल स्क्रीन से बाहर निकलकर आती महसूस होती है। यह गाना साबित करता है कि भोजपुरी म्यूज़िक अब ग्लोबल लेवल पर धमाका करने को तैयार है।

निष्कर्ष: आप भी बनें इस ट्रेंड का हिस्सा!

अगर आपने अभी तक अपना व्हाट्सएप स्टेटस इस गाने के साथ अपडेट नहीं किया है, तो जल्दी कीजिए, वरना आप 2026 के सबसे बड़े ट्रेंड से पीछे रह जाएंगे। खेसारी भैया और शिल्पी राज की यह जुगलबंदी इस होली आपको झूमने पर मजबूर कर देगी।

पूरा गाना यहाँ देखें और इसे और भी ऊपर ट्रेंड कराएं :- https://youtu.be/T_qBgY7EqOA�

अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का इसरो, श्रीहरिकोटा भ्रमण- सपनों को मिली नई उड़ान
* श्रमिक परिवारों के बच्चों ने देखी अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच को मिला नया आयाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और राष्ट्रीय उपलब्धियों से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा (SHAR) का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यह भ्रमण श्रमिक परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
इस शैक्षणिक भ्रमण में प्रदेश के सभी 18 अटल आवासीय विद्यालयों से चयनित कुल 36 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रत्येक विद्यालय से एक बालक एवं एक बालिका शामिल रहे। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहली हवाई यात्रा थी, जिसने उनके अनुभव को और भी अविस्मरणीय बना दिया।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता, अनुशासन एवं विज्ञान में अभिरुचि के आधार पर किया गया था। विमान यात्रा के माध्यम से श्रीहरिकोटा पहुँचने पर विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मगौरव और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह यात्रा केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए सपनों को नई दिशा देने वाली रही।
पूरे दिन चले इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने इसरो के प्रमुख तकनीकी एवं संचालन केंद्रों का अवलोकन किया, जिनमें लॉन्च पैड-1, लॉन्च पैड-2, मिशन कंट्रोल सेंटर तथा सैटेलाइट एवं रॉकेट असेंबली क्षेत्र शामिल रहे। इसरो के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने रॉकेट प्रक्षेपण, उपग्रह नियंत्रण, डेटा विश्लेषण और मिशन संचालन की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और वैज्ञानिकों से संवाद किया, जिससे उनकी जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नया आयाम मिला।
भ्रमण के उपरांत इसरो (SHAR) के निदेशक पद्मकुमार द्वारा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शनमूगा सुंदरम एवं सचिव श्रीमती पूजा यादव (उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड) उपस्थित रहीं। निदेशक महोदय ने विद्यार्थियों को इसरो की कार्यप्रणाली, वर्तमान एवं भावी अंतरिक्ष परियोजनाओं, गगनयान मिशन तथा भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की जानकारी दी और उन्हें नियमित अध्ययन, विज्ञान एवं गणित में रुचि तथा अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अटल आवासीय विद्यालय का मॉडल इसरो निदेशक को भेंट किया गया, जबकि इसरो की ओर से गगनयान मिशन का लघु मॉडल स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य निर्माण श्रमिक एवं निराश्रित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास, मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय स्तर के अवसर उपलब्ध कराना है। यह भ्रमण इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के अवसर प्रदान कर रही है।
भ्रमण से लौटने के बाद विद्यार्थियों ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार रॉकेट, वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष विज्ञान को इतनी निकटता से देखा है और अब वे भी वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। यह शैक्षणिक भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के जीवन में नई शुरुआत और उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
30 दिन में 100% घरों तक जलापूर्ति नहीं करने वाली कंपनियों पर होगी FIR: स्वतंत्र देव सिंह
* विन्ध्य व बुंदेलखंड में जल जीवन मिशन के कार्यों की जलशक्ति मंत्री ने की गहन समीक्षा

* धीमी प्रगति पर बीजीसीसी व एलएंडटी को अल्टीमेटम

* जनप्रतिनिधियों से संवाद नहीं करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

* पाइपलाइन कार्यों से क्षतिग्रस्त 97% सड़कों की मरम्मत पूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री  स्वतंत्र देव सिंह ने बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र के सभी घरों में 30 दिन के भीतर शत-प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि तय समयसीमा में कार्य पूरा न करने वाली कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जलशक्ति मंत्री ने सोमवार को जल निगम (ग्रामीण) के लखनऊ स्थित कार्यालय में विन्ध्य एवं बुंदेलखंड क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने परियोजनाओं में धीमी प्रगति पर कार्य कर रही बीजीसीसी और एलएंडटी कंपनियों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें अंतिम चेतावनी दी। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित कंपनी मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा के बाद मीडिया से बातचीत में जलशक्ति मंत्री ने बताया कि बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र की लगभग सभी परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। केवल 4-5 योजनाओं को छोड़कर शेष सभी योजनाओं में 100 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। अधिकतर गांवों में नियमित जलापूर्ति हो रही है। करीब तीन प्रतिशत गांवों में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने या अन्य तकनीकी कारणों से जलापूर्ति बाधित हुई है, जिसे तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम (ग्रामीण) के एमडी डॉ. राजशेखर तथा राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक प्रभाष कुमार उपस्थित रहे।

जलशक्ति मंत्री ने सभी जिलों के अधिशासी अभियंताओं एवं अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनप्रतिनिधियों से निरंतर संवाद बनाए रखें और योजनाओं की प्रगति की पूरी जानकारी साझा करें। ऐसा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। साथ ही अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए गए।

मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन गांवों में 100 प्रतिशत घरों में जलापूर्ति सुनिश्चित हो चुकी है, वहां 8 से 22 मार्च के बीच “जल उत्सव” मनाया जाएगा। इसके तहत राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ने प्रदेश के लगभग 22,000 गांवों में जल उत्सव आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है।

समीक्षा बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने जल सारथी ऐप का शुभारंभ किया। इस ऐप के माध्यम से जल जीवन मिशन से जुड़े प्रत्येक गांव की जानकारी, जलापूर्ति की स्थिति, परियोजनाओं पर हुए खर्च, निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति, संबंधित अधिकारियों के नाम एवं संपर्क नंबर उपलब्ध होंगे। ग्रामीण इस ऐप के जरिए जलापूर्ति से जुड़ी शिकायत दर्ज कर सकेंगे और शिकायत निस्तारण की स्थिति भी देख सकेंगे। यह ऐप एंड्रॉयड और एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा।

बैठक में पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि मार्च अंत तक सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत हर हाल में पूरी की जाए। अधिकारियों ने बताया कि बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने के दौरान लगभग 9,772 किलोमीटर सड़कों को क्षतिग्रस्त किया गया था, जिसके सापेक्ष अब तक 9,435 किलोमीटर (लगभग 97%) सड़कों की मरम्मत पूरी कर ली गई है। कुछ स्थानों पर वर्षा और जलभराव के कारण सड़कें दोबारा क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनका सुधार अभियान चलाकर कराया जा रहा है।
मगहर में सजेगा रंगमंच का उत्सव, प्रेमचंद से अहिल्याबाई तक दिखेगी नाट्य यात्रा
* संत कबीर अकादमी सभागार में चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का शुभारंभ, ‘मोटे राम का निमंत्रण’ से शानदार शुरुआत

संत कबीर नगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का आयोजन 9 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक संत कबीर अकादमी सभागार, मगहर में किया जा रहा है। इस चार दिवसीय नाट्य समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से विविध नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।
नाट्य समारोह के पहले दिन सोमवार को मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक ‘मोटे राम का निमंत्रण’ का मंचन किया गया। यह नाटक प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘निमंत्रण’ पर आधारित है, जिसका नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया। हास्य-व्यंग्य से भरपूर इस नाटक में सामाजिक ढोंग, लालच और झूठ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाटक की कथा में दिखाया गया कि किस प्रकार मोटे राम शास्त्री निमंत्रण के लालच में सात ब्राह्मणों के स्थान पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रानी साहिबा के दरबार में पहुंच जाते हैं। मित्र चिंतामणि द्वारा उनका झूठ उजागर होने के साथ नाटक सामाजिक सीख देते हुए समाप्त होता है। सधे हुए निर्देशन और जीवंत संवादों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मोटे राम शास्त्री की भूमिका में हरीश शर्मा ‘हंस’ तथा सोना देवी ने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नाट्य एवं सांस्कृतिक आयोजन न केवल कलाकारों को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
नाट्य समारोह के दूसरे दिन 10 फरवरी को के.पी. सक्सेना द्वारा लिखित नाटक ‘बाप रे बाप’ का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन योगेश पंवार करेंगे। यह प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन समिति, सहारनपुर द्वारा दी जाएगी।
तीसरे दिन 11 फरवरी को जे.पी. सिंह जयवर्धन रचित ‘दरोगाजी चोरी हो गई’ का मंचन होगा, जिसका निर्देशन अशोक लाल करेंगे। यह प्रस्तुति देवसु थियेटर आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ की ओर से होगी।
समारोह के अंतिम दिन 12 फरवरी को ऐतिहासिक विषय पर आधारित नाटक ‘कर्मयोगिनी अहिल्याबाई’ का मंचन किया जाएगा, जिसके लेखक एवं निर्देशक आशीष त्रिवेदी हैं। यह प्रस्तुति संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया द्वारा की जाएगी।
चार दिवसीय यह सम्भागीय नाट्य समारोह प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने और दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने समस्त रंगमंच प्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।