उपेक्षित पड़ा गुप्तकाल से जुड़ा पौराणिक महेश बाबा मंदिर, कायाकल्प के लिए जनप्रतिनिधियों ने कसी कमर*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* विकासखंड कछौना की ग्राम सभा समसपुर के ग्राम महेशन मढ़िया में स्थित प्राचीन महेश बाबा मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि ग्राम प्रधान रानू बाजपेई, अनूप कुमार मटरू व पूर्व मंडल अध्यक्ष नवीन पटेल, रामऔतार गोस्वामी ने सभापति अशोक अग्रवाल पत्र देकर जीर्णोद्धार कराने की मांग की, उन्होंने इस पौराणिक मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु शासन को पत्र लिखा है। श्रद्धालुओं ने इस मंदिर के सौंदर्यीकरण व कायाकल्प की उम्मीद जग गई है। जिससे यह स्थल उत्तर प्रदेश के नक्शे पर एक पहचान बनेगा। विधानसभा बालामऊ की ग्राम सभा समसपुर के ग्राम महेशन मढ़िया में काफी प्राचीन मंदिर 12 एकड़ बाग में स्थित है। पुरानी मान्यता के अनुसार बाबा राघव दास महंत द्वारा 150 वर्ष पूर्व मंदिर की स्थापना की गई। इसमें ग्राम महरी, समसपुर, बर्राघूमन, कटका, सहोरिया आदि गांवो की भूमि अभिलेख में दर्द है। परंतु राघव दास महंत के निधन के बाद भू-माफिया ने कूटरचित द्वारा काफी भूमि अपने नाम हस्तांतरित कराली। इस मंदिर का 60 बीघा भूमि पर बाग है। यह ऐतिहासिक व पौराणिक स्थल है, यह जंगल के होने के कारण आक्रांताओं से बच गया था, प्राकृतिक अवस्था में स्थित है। शिव पार्वती की खंडित मूर्ति है। जनश्रुति के अनुसार गुप्त काल के पहले का है। पूरे देश में केवल दो ही स्थानों पर इस तरह के मंदिर हैं। मंदिर परिसर में ठाकुर द्वार में हनुमान मंदिर व राम जानकी मंदिर की स्थापना है, जो जीर्ण शीर्ण अवस्था में पड़ा है। यह प्रकृतिक स्थल में होने के कारण काफी रमणीक लगता है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति मिलती है। वर्ष के में दो बार मेला लगता है। इसके सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार के लिए ग्राम प्रधानगढ़ रानू बाजपेई, अनूप कुमार मटरू, जनसरोकार मंच के संयोजक परमेश्वर दयाल, सुरेंद्र सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष नवीन पटेल, रामाऔतार गोस्वामी ने जीर्णोद्धार के लिए जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है।
अब गर्भवती महिला की होंगी छह प्रसवपूर्व जाँचें
रितेश मिश्रा
हरदोई, मां और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब गर्भवती महिलाओं को न्यूनतम छह प्रसवपूर्व जांचों (एएनसी) से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे पहले नियमित रूप से चार एएनसी जांचों का प्रावधान था। इस संबंध में परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. एच.डी. अग्रवाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि  जनपद में प्रत्येक गर्भवती तक गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की समय पर पहचान, आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित करना तथा मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाना है। उन्होंने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन नई व्यवस्था से उनकी निगरानी और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि प्रसवपूर्व जांचों की संख्या चार से बढ़ाकर छह किए जाने से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की अधिक नियमित समीक्षा संभव होगी। इससे एनीमिया, गर्भावधि मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज), उच्च रक्तचाप तथा अन्य जोखिमपूर्ण स्थितियों की समय रहते पहचान और प्रबंधन के अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे जटिलताओं को गंभीर होने से पहले नियंत्रित किया जा सकेगा।
नोडल डॉ. अरविन्द सचान ने कहा कि अतिरिक्त एएनसी विजिट से आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी गर्भवती महिलाओं के साथ अधिक नियमित संपर्क का अवसर मिलेगा। इन मुलाकातों के दौरान महिलाओं को संतुलित पोषण, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के नियमित सेवन, समय पर टीकाकरण, आवश्यक स्वास्थ्य जांच, संस्थागत प्रसव की तैयारी तथा नवजात शिशु की देखभाल के संबंध में परामर्श दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों को भी गर्भावस्था और नवजात में दिखाई देने वाले खतरे के लक्षणों के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क किया जा सके।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवतियों की जांच कर उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान की जाती है और उनका प्रबंधन किया जाता है।
वर्ष 2025-26 में  पीएमएसएमए के तहत 84,271 गर्भवतियों की जांच की गई, जिनमें 6090 उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान की गई। चिन्हित उच्च जोखिम गर्भवतियों की नियमित निगरानी की गई तथा आवश्यकतानुसार उन्हें उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किया गया।
एएनसी का समय निर्धारण इस प्रकार किया गया है—
पहली एएनसी : गर्भावस्था के पंजीकरण के तुरंत बाद, 12 सप्ताह के भीतर।
दूसरी एएनसी : 16 से 20 सप्ताह के बीच।
तीसरी एएनसी : 24 से 28 सप्ताह के बीच।
चौथी एएनसी : 28 से 32 सप्ताह के बीच।
पाँचवीं एएनसी : 32 से 36 सप्ताह के बीच।
छठी एएनसी : 36 से 40 सप्ताह के बीच।
तेल और गैस पर निर्भरता कम कर देश को समृद्ध बनाएं:सतीश जी
ऊर्जा आत्म निर्भरता अभियान के अंतर्गत कुकिंग हेतु इंडक्शन को बढ़ावा दें:सह संगठक

रितेश मिश्रा
हरदोई।"देश में डीजल ,पेट्रोल कुकिंग गैस की पर निर्भरता 88 प्रतिशत दूसरे देशों से हैं जिसके उपभोग के बिना हमारा जीवन चलता नहीं है, दूसरे देश पर निर्भर रहकर हम प्रतिदिन चार हजार करोड़ रूपया दूसरे देशों को भेजते हैं 42 देशों को हम अपना पैसा देते हैं, 55 प्रतिशत एलपीजी का आयात करते हैं, हम बिजली में आत्मनिर्भर हैं दूसरे देशों को हम बिजली निर्यात करते हैं तो क्यों न हम स्वदेशी बिजली का  अपनी रसोई में इंडक्शन आदि का प्रयोग कर ऊर्जा बचाने में सहयोग कर सकते हैं और देश को समृद्ध बनाने में अपना योगदान दे सकते हैं" उक्त विचार स्वावलंबी भारत अभियान एवं स्वदेशी जागरण मंच के आवाहन पर शहर के जेके पब्लिक स्कूल में आयोजित ऊर्जा आत्म निर्भरता अभियान संगोष्ठी में स्वावलंबी भारत अभियान एवं स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संगठक सतीश जी ने व्यक्त किए।
स्वावलंबी भारत अभियान एवं स्वदेशी जागरण मंच की ओर से आयोजित ऊर्जा आत्म निर्भरता अभियान संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि सतीश जी, प्रांत समन्वयक हर्षवर्धन सिंह, जिला संयोजक अवनीश द्विवेदी,उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष विमलेश दीक्षित,उद्योग व्यापार मंडल के पवन जैन, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष अशफाक हुसैन,बौद्धिक प्रकोष्ठ के संजीव खरे,स्वदेशी जागरण मंच के प्रचारक राजीव जी ,गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे राजीव मोहन अवस्थी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। अध्यक्षता राजीव मोहन अवस्थी ने की। कवि श्याम त्रिवेदी पंकज और शिक्षक राजकुमार सिंह ने स्वदेशी गीत गाकर स्वदेशी अपनाने का आवाहन किया। वक्ताओं में हर्षवर्धन सिंह,विमलेश दीक्षित, पवन जैन ,अशफाक हुसैन, संजीव खरे, अवनीश द्विवेदी ने स्वदेशी अपनाओ और विदेशी सामानों का बहिष्कार करने की अपील की। सभी ने इस वैश्विक संकट पर छोटे-छोटे कार्यों में ऊर्जा ऊर्जा बचाकर देश की प्रगति में समृद्धि लाने में सहयोग की अपील की।
मुख्य अतिथि सतीश जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि डीजल, पेट्रोल ,कुकिंग गैस में 88 प्रतिशत की पर निर्भरता दूसरे देशों पर है, प्रतिदिन 4000 करोड़ रूपया हम दूसरे देशों को भेजते हैं स्वतंत्रता के 78 वर्ष बाद भी 42 देश में अपना हम पैसा देते हैं एलपीजी 55 प्रतिशत आयात करते हैं, ऊर्जा बचाओ अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी जी ने 7 दोनों पर अपील की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के डीजल ,पेट्रोल,कुकिंग गैस, सोना यूरिया के कम प्रयोग करने का आवाहन किया था, क्या आप कह सकते हैं कि इस आवाहन का मोदी सरकार को क्या व्यक्तिगत लाभ देने वाला है क्या स्वयं के लिए आवाहन किया गया है?हम छोटी-छोटी जरूरत के लिए ऊर्जा बचाने का काम कर सकते हैं,हमारा देश बिजली पर आत्मनिर्भर है और हम दूसरे देशों को बिजली निर्यात करते हैं हम अपनी स्वदेशी बिजली का उपभोग रसोई गैस में इंडक्शन का प्रयोग करके कर सकते हैं जो कुकिंग गैस की अपेक्षा कम खर्चीला है यदि हम ऊर्जा को बचा लेते हैं तो पर्यावरण संतुलन सहित देश को समृद्ध बनाने में सहायक होंगे।सोना,यूरिया भी हम आयात करते हैं 834 टन सोना लगभग 6 लाख करोड रुपए का सोना आयात किया गया, इससे दूसरे देशों को हम डॉलर में तिजोरी भर रहे हैं। यूरिया खाद का इस बार 24 प्रतिशत का आयात ज्यादा हुआ,आखिर क्यों ?क्या खेती बढ़ गई ?हम जैविक खाद का खेती में अधिक से अधिक प्रयोग कर इस आयात को संतुलित करना पड़ेगा,कृषि वैज्ञानिकों ने भी कहा है कि हम यूरिया का
अधिकाधिक प्रयोग करके मिट्टी की उर्वरा शक्ति को अधिक उत्पादन के चक्कर में बर्बाद कर रहे हैं, पीने के पानी,पेय पदार्थों  पेप्सी ,कोका-कोला जैसी कंपनियों का बहिष्कार कर देश को समृद्ध बनाने में सहयोग कर सकते हैं। चिंतन का विषय है कि आखिर हम देश को समृद्ध बनाने में किस भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। प्रांत समन्वयक हर्षवर्धन सिंह ने आए हुए लोगों का आभार जताया। अध्यक्षीय उद्बोधन के बाद गोष्ठी का समापन किया गया। मंच का संचालन शोभित प्रताप सिंह तोमर ने किया।
जिला संयोजक अवनीश द्विवेदी ने बताया कि विदु शेखर प्रताप सिंह सह जिला जिला संयोजक, आशीष बाजपेई आशू सह जिला संयोजक ,अनुराग द्विवेदी अन्नू को जिला समन्वयक, महेश गुप्ता डब्लू को सह जिला समन्वयक, अजय सिंह को सह जिला संपर्क प्रमुख, जे. पी. दीक्षित को हरियावां खण्ड संयोजक, राजीव सिंह बबलू नगर समन्वयक, प्रखर गुप्ता को सह नगर समन्वयक, वरुण कुमार मिश्रा को सह समन्वयक शाहाबाद तहसील, इन्द्रेश कुमार बाजपेयी को सह जिला विचार विभाग प्रमुख, विकास मिश्रा टड़ियावां खण्ड संयोजक घोषित किए गए।
ब्रह्माकुमारीज़ के तीन दिवसीय समर कैंप का उत्साहपूर्ण समापन
मीरजापुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रभु उपहार भवन में आयोजित तीन दिवसीय समर कैंप का सफलतापूर्वक एवं उत्साहपूर्ण समापन हुआ। समापन दिवस पर भी कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना एवं योगाभ्यास से हुई। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बीके वीरेंद्र भाई जी ने बच्चों को योग सिखाते हुए सफलता, अनुशासन और आत्मविश्वास से जुड़े प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। बीके आरती दीदी जी ने बच्चों को संगीत का अभ्यास कराया, जबकि बीके दिव्यानी बहन ने रचनात्मक गतिविधि के अंतर्गत कुकुंबर बोट बनाना सिखाया, जिसे बच्चों ने स्वयं तैयार कर आनंदपूर्वक ग्रहण किया। बीके शिवानी बहन ने बच्चों को आकर्षक नृत्य सिखाया तथा बीके नीता दीदी ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराकर मन की शक्ति और एकाग्रता का महत्व बताया। तीन दिनों के दौरान बच्चों ने योग, गीत-संगीत, नृत्य, अबेकस, क्राफ्ट, मेडिटेशन एवं नैतिक मूल्यों से भरपूर अनेक गतिविधियों में सहभागिता कर अपने व्यक्तित्व को निखारा। समापन अवसर पर सेवा केंद्र प्रभारी बीके बिंदु दीदी जी ने सभी बच्चों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए। कलरिंग, गेम्स एवं क्राफ्ट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि समर कैंप ने उन्हें बहुत कुछ नया सिखाया, अच्छे मित्र दिए और आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि ऐसे संस्कारमय शिविर और अधिक दिनों तक आयोजित किए जाएँ तथा वे भविष्य में भी नियमित रूप से इसमें भाग लेंगे। कार्यक्रम की सफलता में बीके शकीला बहन, बीके हाशमी भाई जी, रेहाना जी एवं सेवा केंद्र से जुड़े सभी भाई-बहनों का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने पूरे कैंप के दौरान बच्चों की प्रेमपूर्वक देखभाल और मार्गदर्शन किया।
आध्यात्मिकता, संस्कार और आनंद से परिपूर्ण यह तीन दिवसीय समर कैंप बच्चों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनकर संपन्न हुआ।
हजारीबाग में दो मासूम भाई-बहन की निर्मम हत्या, आरोपी गिरफ्तार; SIT ने किया सनसनीखेज खुलासा

हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां अपहृत किए गए दो नाबालिग भाई-बहन की निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी संजीत पासवान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री अमन कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का सफल उद्भेदन किया।

जानकारी के अनुसार, कटकमदाग थाना क्षेत्र स्थित ओला शोरूम के समीप रहने वाले मो. आमिर ने अपने 11 वर्षीय पुत्री तमन्ना परवीन और 3 वर्षीय पुत्र रिजवान के अचानक लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। बच्चों के गायब होने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष जांच दल का गठन कर बच्चों की तलाश शुरू करवाई।

तलाशी अभियान के दौरान 31 मई 2026 को सिंदूर स्थित श्मशान घाट के पास से बच्ची तमन्ना परवीन का शव बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने खोज अभियान और तेज किया तथा उसी क्षेत्र के समीप एक कुएं से छोटे भाई रिजवान का शव भी बरामद कर लिया। दोनों मासूम बच्चों के शव मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।

जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर ओला शोरूम में कार्यरत संजीत पासवान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी बच्चों को पहले से जानता था। उसने 27 मई 2026 को दोनों बच्चों को मोबाइल दिलाने का झांसा देकर अपने साथ स्कूटी पर बैठाकर सिंदूर स्थित श्मशान घाट की ओर ले गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि सुनसान स्थान पर आरोपी ने बच्ची के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। विरोध करने और शोर मचाने पर उसने बच्ची की हत्या कर दी। इसके बाद घटना का राज खुलने के डर से उसने उसके छोटे भाई रिजवान की भी गला घोंटकर हत्या कर दी। दोनों बच्चों की हत्या के बाद आरोपी ने शवों को प्लास्टिक के बोरे में भरकर एक कुएं में फेंक दिया ताकि किसी को घटना की जानकारी न मिल सके।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कूटी और प्लास्टिक का बोरा भी बरामद कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे भी गहन जांच की जा रही है तथा यह पता लगाया जा रहा है कि इस जघन्य अपराध में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

इस दर्दनाक घटना ने पूरे हजारीबाग जिले को झकझोर कर रख दिया है। मासूम भाई-बहन की हत्या से लोगों में गहरा आक्रोश है और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठ रही है।

थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा जानलेवा हमला करने के 02 वांछित अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार-
*कार्यवाहीः-*
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी  तरबगंज श्री उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में थाना उमरीबेगमगंज पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-137/2026 धारा 191(2), 115(2), 109(1), 352, 351(3) बी0एन0एस0 व 3(2)(V) एस0सी0 एस0टी0 एक्ट से सम्बन्धित वांछित 02 अभियुक्तों - 01. ताज मोहम्मद पुत्र गोल, 02. सादाब पुत्र बकरीदी निवासी ग्राम लालापुरवा बरौली, थाना उमरीबेगमगंज, जनपद गोण्डा को गाँव के बाहर इदगाह से गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
वादी धर्मेन्द्र पासी पुत्र घिर्राऊ पासी निवासी बरौली पूरे लाला पुरवा थाना उमरीबेगमगंज जनपद गोण्डा द्वारा थाना उमरीबेगमगंज में लिखित तहरीर दी गई कि दिनांक 01.06.2026 को शाम 05 बजे वह सैटरिंग का सामान लेकर ताज मो0 की दुकान पर उतारने गया था कि विपक्षीगण शादाब, ताज मो0, फिरोज, नईम, लोही, बब्बू, अख्तर आदि लोग एक राय होकर जाती सूचक गाली देते हुए सैटरिंग के फट्टों से जान से मारने की नियत उसके सिर हमला कर दिए, जिससे गंभीर चोटें आईं। वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना उमरीबेगमगंज में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसमे आज दिनांक 03.06.2026 को थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान दोषी पाए गए वांछित अभियुक्तों - 01. ताज मोहम्मद पुत्र गोल, 02. सादाब पुत्र बकरीदी निवासी ग्राम लालापुरवा बरौली, थाना उमरीबेगमगंज, जनपद गोण्डा को गाँव के बाहर इदगाह से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
गोपीगंज के बड़ी चौराहे के पास खड़ी रोडवेज बस

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। गोपीगंज नगर में बड़ा चौराहे पर खड़ा होने वाली बसे अब चिह्नित बस स्टैंड पर खड़ी कराई जाएंगी। एनएचएआई की ओर से हाईवे के सर्विसलेन पर फ्लाईओवर के दोनों छोर के किनारे बस स्टैंड के लिए चिह्नित जमीन पर ही बसें खड़ी होंगी। वहीं से यात्री बसे पकड़ सकेंगे और उतर सकेंगे। इससे चौराहे पर लगने वाले जाम से निजात मिल सकेगी। वहीं चौराहे पर आवागमन सुगम हो सकेगा वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर गोपीगंज जिले का सबसे बड़ा बाजार है। नगर के बड़ा चौराहे पर हर दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। जिसका सबसे बड़ा कारण चौराहे के पास बेतरतीब तरीके से खड़े होने वाले वाहन हैं। हाईवे पर वाराणसी और प्रयागराज की ओर से आने वाली बसें उत्तरी व दक्षिणी लेन पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने खड़ी होती हैं। अब बसों का वहां स्टाॅपेज हो जाने के कारण ई-रिक्शा व ऑटो चालक भी सवारी के लिए वहीं खड़े हो जाते हैं। जिससे चौराहे के पास जाम लग जाता है। अभिनव त्यागी, पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बीते दिनों बैठक में एनएचएआई की ओर से बताया गया है कि हाईवे के दोनों छोर पर बसों के खड़ा करने के लिए स्टैंड चिह्नित हैं, लेकिन बसें वहां खड़ी नहीं होती हैं। अब बसों को वहां ही खड़ा कराया जाएगा। जिससे ऑटो व ई-रिक्शा की भीड़ भी उधर शिफ्ट हो सकेगी। जिससे चौराहे पर लगने वाली जाम की समस्या का समाधान हो सकेगा।
18 नर्सरी में 16 लाख पौधे तैयार,5 जून से लगेंगे:इस साल मानसून सीजन में जिले में 13 .88 लाख पौधे रोपे जाएंगे

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। इस साल मानसून सीजन में जिले में 13.88 लाख पौधे रोपे जाएंगे। वन विभाग की 18 नर्सरी में 16 लाख पौधे तैयार हैं। गड्ढा खोदाई का काम शुरू हो गया है। प्रशासन की तरफ से विभागवार पौधरोपण का लक्ष्य भी तय कर दिया गया है। पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण की शुरुआत कर दी जाएगी। जिले में हर साल 12 लाख पौधे रोपे जाते हैं। इसका परिणाम है कि जिले में साल 2019 के बाद से नियमित वनावरण क्षेत्र के दायरे में वृद्धि देखी जा रही है। नदी, तालाब, खेत के मेड़ पर हरियाली नजर आने लगी है। साल 2023 में 3.71 से बढ़कर 5.22 स्क्वायर किलोमीटर वनावरण क्षेत्र हो गया । बारिश के सीजन में जुलाई और अगस्त माह में पौधरोपण अभियान के तहत पौधे रोपे जाते हैं। उस समय पौधों की उपलब्धता के लिए करीब नौ महीने पूर्व से ही तैयारी शुरू हो जाती है। अक्तूबर में नर्सरी तैयार होने लगती है। मई-जून तक वह तैयार हो जाती है। डीएफओ विवेक यादव ने बताया कि 18 नर्सरी में करीब 16 लाख पौधे तैयार हो गए हैं। आम, महुआ, आंवला, शीशम, बरगद, पाकड़, पीपल, नीम, अमरूद, सहजन सहित कुल 20 प्रकार के पौधों का रोपण होगा। 13 लाख 88 हजार पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं दूसरी ओर डीएम शैलेष कुमार ने बताया कि पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण अभियान का शुभारंभ होगा। मिशन छाया के तहत जिले की प्रमुख सड़कों, संपर्क मार्गों और सार्वजनिक स्थलों के दोनों ओर पौधे लगाए जाएंगे।


*विभागवार पौधरोपण का लक्ष्य तय*

वन विभाग को 3,36,000, ग्राम्य विकास विभाग को 5,85,000, कृषि विभाग को 1,68,700 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके अतिरिक्त उद्यान विभाग को 80 हजार, पर्यावरण विभाग एवं राजस्व विभाग को 45-45 हजार, शिक्षा विभाग को 26,700 और जल शक्ति विभाग को 22,000 पौधों का लक्ष्य आवंटित किया गया है। नगर विकास विभाग को 19,900, रेशम विभाग को 19,000, लोक निर्माण विभाग को 7,600, स्वास्थ्य विभाग एवं गृह विभाग को पांच-पांच हजार, आवास विकास विभाग को 4,800, पशुपालन विभाग को 4,200, उद्योग विभाग को 4,000, सहकारिता विभाग को 3,000, श्रम विभाग को 2,800, ऊर्जा विभाग को 2,500 तथा परिवहन विभाग को 2,100 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
दुर्गागंज पुलिस ने ठगी के ₹52,316 वापस कराए: साइबर हेल्पडेस्क की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित के खाते में लौटी रकम


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में, थाना दुर्गागंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति के खाते में ₹52,316/- की पूरी धनराशि वापस कराई।
यह मामला करनपुर, थाना दुर्गागंज, जनपद भदोही निवासी श्रेयांश पाण्डेय से जुड़ा है। अज्ञात साइबर ठगों ने फोनपे के माध्यम से उनके साथ ₹52,316/- की ऑनलाइन धोखाधड़ी की थी।
ठगी का शिकार होने के तुरंत बाद, पीड़ित श्रेयांश पाण्डेय ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और एनसीआरपी पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही, थाना दुर्गागंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित बैंक और पोर्टल के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित किया।
इन तकनीकी और समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप, ठगी गई पूरी धनराशि ₹52,316/- सफलतापूर्वक पीड़ित के बैंक खाते में वापस आ गई। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने भदोही पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक और साइबर हेल्पडेस्क टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
भदोही पुलिस ने नागरिकों से साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने सलाह दी है कि साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर हेल्पडेस्क से संपर्क करें। किसी अज्ञात लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें, न ही अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड करें। ऑनलाइन निवेश, ट्रेडिंग या वर्क फ्रॉम होम योजनाओं में निवेश से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें और किसी को भी धनराशि भेजने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य कर लें। अज्ञात नंबरों या सोशल मीडिया से प्राप्त संदिग्ध लिंक से सावधान रहें।
संघर्ष ही सफलता की कुंजी, ‘हर घर झंडा’ अभियान से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करें कार्यकर्ता : अनुप्रिया पटेल
लखनऊ। अपना दल (एस) की महत्वपूर्ण संगठन समीक्षा बैठक मंगलवार को गांधी भवन प्रेक्षागृह, कैसरबाग में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुई। बैठक में आगामी चुनावों की तैयारियों, संगठन विस्तार तथा बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति ने संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं के उत्साह को दर्शाया। खचाखच भरे प्रेक्षागृह को संबोधित करते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि संगठन ही पार्टी की सबसे बड़ी शक्ति है और कार्यकर्ताओं के समर्पण एवं संघर्ष के बल पर ही अपना दल (एस) प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक शक्तियों में अपना स्थान बनाने में सफल हुआ है।

उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों को देखते हुए प्रत्येक कार्यकर्ता को पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ मैदान में उतरना होगा। उन्होंने पार्टी के महत्वाकांक्षी ‘हर घर झंडा’ अभियान को और अधिक गति देने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

अनुप्रिया पटेल ने कहा, “हम सभी का अस्तित्व और सम्मान पार्टी की बदौलत है। संगठन हमारी वास्तविक ताकत है। आगामी चुनावों के लिए समय सीमित है, इसलिए संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।”

बूथ स्तर की सक्रियता ही जीत का आधार : आशीष पटेल

बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की और जिला, प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र के प्रत्येक बूथ तक पहुंच बनाकर संगठन को मजबूत करना होगा। कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी ही आगामी चुनावों में सफलता की कुंजी सिद्ध होगी। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष आर. पी. गौतम ने की।

वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति

बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माता बदल तिवारी , राष्ट्रीय महासचिव आर. बी. सिंह, राष्ट्रीय महा सचिव के. के. पटेल , राष्ट्रीय सचिव  विनोद गंगवार, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ओ. पी. कटियार, राज्य मंत्री रेखा पटेल, पूर्व मंत्री राम लखन पटेल, आयोग सदस्य राजेंद्र पाल, सलाहकार जवाहर पटेल, पूर्व सांसद नागेंद्र प्रताप सिंह, प्रमोद पटेल राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विधि मंच , पूर्व विधायक जमुना प्रसाद सरोज, विधायक सरोज कुरिल, विधायक जय कुमार सिंह ‘जैकी’, जीतलाल पटेल, विधायक वाचस्पति, विधायक आर. के. पटेल, विधायक स्वार शफ़ीक़ अहमद अंसारी, प्रदेश अध्यक्ष  शिक्षक मंच प्रो. रामचंद्र पटेल, राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला मंच दीपमाला कुशवाहा, अल्पसंख्यक मंच प्रदेश अध्यक्ष अहमद खाँ मंसूरी , राष्ट्रीय सचिव राजेश पटेल ‘बुलबुल’, राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुसूचित मंच सत्यप्रकाश कुरिल, राष्ट्रीय सचिव मुख्यालय मुन्नर प्रजापति एवं पुष्कर चौधरी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।बैठक का समापन आगामी चुनावों में पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा जन-जन तक पार्टी की नीतियों और विचारों को पहुंचाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
उपेक्षित पड़ा गुप्तकाल से जुड़ा पौराणिक महेश बाबा मंदिर, कायाकल्प के लिए जनप्रतिनिधियों ने कसी कमर*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* विकासखंड कछौना की ग्राम सभा समसपुर के ग्राम महेशन मढ़िया में स्थित प्राचीन महेश बाबा मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि ग्राम प्रधान रानू बाजपेई, अनूप कुमार मटरू व पूर्व मंडल अध्यक्ष नवीन पटेल, रामऔतार गोस्वामी ने सभापति अशोक अग्रवाल पत्र देकर जीर्णोद्धार कराने की मांग की, उन्होंने इस पौराणिक मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु शासन को पत्र लिखा है। श्रद्धालुओं ने इस मंदिर के सौंदर्यीकरण व कायाकल्प की उम्मीद जग गई है। जिससे यह स्थल उत्तर प्रदेश के नक्शे पर एक पहचान बनेगा। विधानसभा बालामऊ की ग्राम सभा समसपुर के ग्राम महेशन मढ़िया में काफी प्राचीन मंदिर 12 एकड़ बाग में स्थित है। पुरानी मान्यता के अनुसार बाबा राघव दास महंत द्वारा 150 वर्ष पूर्व मंदिर की स्थापना की गई। इसमें ग्राम महरी, समसपुर, बर्राघूमन, कटका, सहोरिया आदि गांवो की भूमि अभिलेख में दर्द है। परंतु राघव दास महंत के निधन के बाद भू-माफिया ने कूटरचित द्वारा काफी भूमि अपने नाम हस्तांतरित कराली। इस मंदिर का 60 बीघा भूमि पर बाग है। यह ऐतिहासिक व पौराणिक स्थल है, यह जंगल के होने के कारण आक्रांताओं से बच गया था, प्राकृतिक अवस्था में स्थित है। शिव पार्वती की खंडित मूर्ति है। जनश्रुति के अनुसार गुप्त काल के पहले का है। पूरे देश में केवल दो ही स्थानों पर इस तरह के मंदिर हैं। मंदिर परिसर में ठाकुर द्वार में हनुमान मंदिर व राम जानकी मंदिर की स्थापना है, जो जीर्ण शीर्ण अवस्था में पड़ा है। यह प्रकृतिक स्थल में होने के कारण काफी रमणीक लगता है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति मिलती है। वर्ष के में दो बार मेला लगता है। इसके सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार के लिए ग्राम प्रधानगढ़ रानू बाजपेई, अनूप कुमार मटरू, जनसरोकार मंच के संयोजक परमेश्वर दयाल, सुरेंद्र सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष नवीन पटेल, रामाऔतार गोस्वामी ने जीर्णोद्धार के लिए जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है।
अब गर्भवती महिला की होंगी छह प्रसवपूर्व जाँचें
रितेश मिश्रा
हरदोई, मां और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब गर्भवती महिलाओं को न्यूनतम छह प्रसवपूर्व जांचों (एएनसी) से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे पहले नियमित रूप से चार एएनसी जांचों का प्रावधान था। इस संबंध में परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. एच.डी. अग्रवाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि  जनपद में प्रत्येक गर्भवती तक गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की समय पर पहचान, आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित करना तथा मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाना है। उन्होंने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन नई व्यवस्था से उनकी निगरानी और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि प्रसवपूर्व जांचों की संख्या चार से बढ़ाकर छह किए जाने से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की अधिक नियमित समीक्षा संभव होगी। इससे एनीमिया, गर्भावधि मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज), उच्च रक्तचाप तथा अन्य जोखिमपूर्ण स्थितियों की समय रहते पहचान और प्रबंधन के अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे जटिलताओं को गंभीर होने से पहले नियंत्रित किया जा सकेगा।
नोडल डॉ. अरविन्द सचान ने कहा कि अतिरिक्त एएनसी विजिट से आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी गर्भवती महिलाओं के साथ अधिक नियमित संपर्क का अवसर मिलेगा। इन मुलाकातों के दौरान महिलाओं को संतुलित पोषण, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के नियमित सेवन, समय पर टीकाकरण, आवश्यक स्वास्थ्य जांच, संस्थागत प्रसव की तैयारी तथा नवजात शिशु की देखभाल के संबंध में परामर्श दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों को भी गर्भावस्था और नवजात में दिखाई देने वाले खतरे के लक्षणों के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क किया जा सके।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवतियों की जांच कर उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान की जाती है और उनका प्रबंधन किया जाता है।
वर्ष 2025-26 में  पीएमएसएमए के तहत 84,271 गर्भवतियों की जांच की गई, जिनमें 6090 उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान की गई। चिन्हित उच्च जोखिम गर्भवतियों की नियमित निगरानी की गई तथा आवश्यकतानुसार उन्हें उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किया गया।
एएनसी का समय निर्धारण इस प्रकार किया गया है—
पहली एएनसी : गर्भावस्था के पंजीकरण के तुरंत बाद, 12 सप्ताह के भीतर।
दूसरी एएनसी : 16 से 20 सप्ताह के बीच।
तीसरी एएनसी : 24 से 28 सप्ताह के बीच।
चौथी एएनसी : 28 से 32 सप्ताह के बीच।
पाँचवीं एएनसी : 32 से 36 सप्ताह के बीच।
छठी एएनसी : 36 से 40 सप्ताह के बीच।
तेल और गैस पर निर्भरता कम कर देश को समृद्ध बनाएं:सतीश जी
ऊर्जा आत्म निर्भरता अभियान के अंतर्गत कुकिंग हेतु इंडक्शन को बढ़ावा दें:सह संगठक

रितेश मिश्रा
हरदोई।"देश में डीजल ,पेट्रोल कुकिंग गैस की पर निर्भरता 88 प्रतिशत दूसरे देशों से हैं जिसके उपभोग के बिना हमारा जीवन चलता नहीं है, दूसरे देश पर निर्भर रहकर हम प्रतिदिन चार हजार करोड़ रूपया दूसरे देशों को भेजते हैं 42 देशों को हम अपना पैसा देते हैं, 55 प्रतिशत एलपीजी का आयात करते हैं, हम बिजली में आत्मनिर्भर हैं दूसरे देशों को हम बिजली निर्यात करते हैं तो क्यों न हम स्वदेशी बिजली का  अपनी रसोई में इंडक्शन आदि का प्रयोग कर ऊर्जा बचाने में सहयोग कर सकते हैं और देश को समृद्ध बनाने में अपना योगदान दे सकते हैं" उक्त विचार स्वावलंबी भारत अभियान एवं स्वदेशी जागरण मंच के आवाहन पर शहर के जेके पब्लिक स्कूल में आयोजित ऊर्जा आत्म निर्भरता अभियान संगोष्ठी में स्वावलंबी भारत अभियान एवं स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संगठक सतीश जी ने व्यक्त किए।
स्वावलंबी भारत अभियान एवं स्वदेशी जागरण मंच की ओर से आयोजित ऊर्जा आत्म निर्भरता अभियान संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि सतीश जी, प्रांत समन्वयक हर्षवर्धन सिंह, जिला संयोजक अवनीश द्विवेदी,उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष विमलेश दीक्षित,उद्योग व्यापार मंडल के पवन जैन, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष अशफाक हुसैन,बौद्धिक प्रकोष्ठ के संजीव खरे,स्वदेशी जागरण मंच के प्रचारक राजीव जी ,गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे राजीव मोहन अवस्थी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। अध्यक्षता राजीव मोहन अवस्थी ने की। कवि श्याम त्रिवेदी पंकज और शिक्षक राजकुमार सिंह ने स्वदेशी गीत गाकर स्वदेशी अपनाने का आवाहन किया। वक्ताओं में हर्षवर्धन सिंह,विमलेश दीक्षित, पवन जैन ,अशफाक हुसैन, संजीव खरे, अवनीश द्विवेदी ने स्वदेशी अपनाओ और विदेशी सामानों का बहिष्कार करने की अपील की। सभी ने इस वैश्विक संकट पर छोटे-छोटे कार्यों में ऊर्जा ऊर्जा बचाकर देश की प्रगति में समृद्धि लाने में सहयोग की अपील की।
मुख्य अतिथि सतीश जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि डीजल, पेट्रोल ,कुकिंग गैस में 88 प्रतिशत की पर निर्भरता दूसरे देशों पर है, प्रतिदिन 4000 करोड़ रूपया हम दूसरे देशों को भेजते हैं स्वतंत्रता के 78 वर्ष बाद भी 42 देश में अपना हम पैसा देते हैं एलपीजी 55 प्रतिशत आयात करते हैं, ऊर्जा बचाओ अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी जी ने 7 दोनों पर अपील की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के डीजल ,पेट्रोल,कुकिंग गैस, सोना यूरिया के कम प्रयोग करने का आवाहन किया था, क्या आप कह सकते हैं कि इस आवाहन का मोदी सरकार को क्या व्यक्तिगत लाभ देने वाला है क्या स्वयं के लिए आवाहन किया गया है?हम छोटी-छोटी जरूरत के लिए ऊर्जा बचाने का काम कर सकते हैं,हमारा देश बिजली पर आत्मनिर्भर है और हम दूसरे देशों को बिजली निर्यात करते हैं हम अपनी स्वदेशी बिजली का उपभोग रसोई गैस में इंडक्शन का प्रयोग करके कर सकते हैं जो कुकिंग गैस की अपेक्षा कम खर्चीला है यदि हम ऊर्जा को बचा लेते हैं तो पर्यावरण संतुलन सहित देश को समृद्ध बनाने में सहायक होंगे।सोना,यूरिया भी हम आयात करते हैं 834 टन सोना लगभग 6 लाख करोड रुपए का सोना आयात किया गया, इससे दूसरे देशों को हम डॉलर में तिजोरी भर रहे हैं। यूरिया खाद का इस बार 24 प्रतिशत का आयात ज्यादा हुआ,आखिर क्यों ?क्या खेती बढ़ गई ?हम जैविक खाद का खेती में अधिक से अधिक प्रयोग कर इस आयात को संतुलित करना पड़ेगा,कृषि वैज्ञानिकों ने भी कहा है कि हम यूरिया का
अधिकाधिक प्रयोग करके मिट्टी की उर्वरा शक्ति को अधिक उत्पादन के चक्कर में बर्बाद कर रहे हैं, पीने के पानी,पेय पदार्थों  पेप्सी ,कोका-कोला जैसी कंपनियों का बहिष्कार कर देश को समृद्ध बनाने में सहयोग कर सकते हैं। चिंतन का विषय है कि आखिर हम देश को समृद्ध बनाने में किस भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। प्रांत समन्वयक हर्षवर्धन सिंह ने आए हुए लोगों का आभार जताया। अध्यक्षीय उद्बोधन के बाद गोष्ठी का समापन किया गया। मंच का संचालन शोभित प्रताप सिंह तोमर ने किया।
जिला संयोजक अवनीश द्विवेदी ने बताया कि विदु शेखर प्रताप सिंह सह जिला जिला संयोजक, आशीष बाजपेई आशू सह जिला संयोजक ,अनुराग द्विवेदी अन्नू को जिला समन्वयक, महेश गुप्ता डब्लू को सह जिला समन्वयक, अजय सिंह को सह जिला संपर्क प्रमुख, जे. पी. दीक्षित को हरियावां खण्ड संयोजक, राजीव सिंह बबलू नगर समन्वयक, प्रखर गुप्ता को सह नगर समन्वयक, वरुण कुमार मिश्रा को सह समन्वयक शाहाबाद तहसील, इन्द्रेश कुमार बाजपेयी को सह जिला विचार विभाग प्रमुख, विकास मिश्रा टड़ियावां खण्ड संयोजक घोषित किए गए।
ब्रह्माकुमारीज़ के तीन दिवसीय समर कैंप का उत्साहपूर्ण समापन
मीरजापुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रभु उपहार भवन में आयोजित तीन दिवसीय समर कैंप का सफलतापूर्वक एवं उत्साहपूर्ण समापन हुआ। समापन दिवस पर भी कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना एवं योगाभ्यास से हुई। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बीके वीरेंद्र भाई जी ने बच्चों को योग सिखाते हुए सफलता, अनुशासन और आत्मविश्वास से जुड़े प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। बीके आरती दीदी जी ने बच्चों को संगीत का अभ्यास कराया, जबकि बीके दिव्यानी बहन ने रचनात्मक गतिविधि के अंतर्गत कुकुंबर बोट बनाना सिखाया, जिसे बच्चों ने स्वयं तैयार कर आनंदपूर्वक ग्रहण किया। बीके शिवानी बहन ने बच्चों को आकर्षक नृत्य सिखाया तथा बीके नीता दीदी ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराकर मन की शक्ति और एकाग्रता का महत्व बताया। तीन दिनों के दौरान बच्चों ने योग, गीत-संगीत, नृत्य, अबेकस, क्राफ्ट, मेडिटेशन एवं नैतिक मूल्यों से भरपूर अनेक गतिविधियों में सहभागिता कर अपने व्यक्तित्व को निखारा। समापन अवसर पर सेवा केंद्र प्रभारी बीके बिंदु दीदी जी ने सभी बच्चों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए। कलरिंग, गेम्स एवं क्राफ्ट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि समर कैंप ने उन्हें बहुत कुछ नया सिखाया, अच्छे मित्र दिए और आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि ऐसे संस्कारमय शिविर और अधिक दिनों तक आयोजित किए जाएँ तथा वे भविष्य में भी नियमित रूप से इसमें भाग लेंगे। कार्यक्रम की सफलता में बीके शकीला बहन, बीके हाशमी भाई जी, रेहाना जी एवं सेवा केंद्र से जुड़े सभी भाई-बहनों का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने पूरे कैंप के दौरान बच्चों की प्रेमपूर्वक देखभाल और मार्गदर्शन किया।
आध्यात्मिकता, संस्कार और आनंद से परिपूर्ण यह तीन दिवसीय समर कैंप बच्चों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनकर संपन्न हुआ।
हजारीबाग में दो मासूम भाई-बहन की निर्मम हत्या, आरोपी गिरफ्तार; SIT ने किया सनसनीखेज खुलासा

हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां अपहृत किए गए दो नाबालिग भाई-बहन की निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी संजीत पासवान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री अमन कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का सफल उद्भेदन किया।

जानकारी के अनुसार, कटकमदाग थाना क्षेत्र स्थित ओला शोरूम के समीप रहने वाले मो. आमिर ने अपने 11 वर्षीय पुत्री तमन्ना परवीन और 3 वर्षीय पुत्र रिजवान के अचानक लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। बच्चों के गायब होने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष जांच दल का गठन कर बच्चों की तलाश शुरू करवाई।

तलाशी अभियान के दौरान 31 मई 2026 को सिंदूर स्थित श्मशान घाट के पास से बच्ची तमन्ना परवीन का शव बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने खोज अभियान और तेज किया तथा उसी क्षेत्र के समीप एक कुएं से छोटे भाई रिजवान का शव भी बरामद कर लिया। दोनों मासूम बच्चों के शव मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।

जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर ओला शोरूम में कार्यरत संजीत पासवान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी बच्चों को पहले से जानता था। उसने 27 मई 2026 को दोनों बच्चों को मोबाइल दिलाने का झांसा देकर अपने साथ स्कूटी पर बैठाकर सिंदूर स्थित श्मशान घाट की ओर ले गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि सुनसान स्थान पर आरोपी ने बच्ची के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। विरोध करने और शोर मचाने पर उसने बच्ची की हत्या कर दी। इसके बाद घटना का राज खुलने के डर से उसने उसके छोटे भाई रिजवान की भी गला घोंटकर हत्या कर दी। दोनों बच्चों की हत्या के बाद आरोपी ने शवों को प्लास्टिक के बोरे में भरकर एक कुएं में फेंक दिया ताकि किसी को घटना की जानकारी न मिल सके।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कूटी और प्लास्टिक का बोरा भी बरामद कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे भी गहन जांच की जा रही है तथा यह पता लगाया जा रहा है कि इस जघन्य अपराध में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

इस दर्दनाक घटना ने पूरे हजारीबाग जिले को झकझोर कर रख दिया है। मासूम भाई-बहन की हत्या से लोगों में गहरा आक्रोश है और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठ रही है।

थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा जानलेवा हमला करने के 02 वांछित अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार-
*कार्यवाहीः-*
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी  तरबगंज श्री उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में थाना उमरीबेगमगंज पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-137/2026 धारा 191(2), 115(2), 109(1), 352, 351(3) बी0एन0एस0 व 3(2)(V) एस0सी0 एस0टी0 एक्ट से सम्बन्धित वांछित 02 अभियुक्तों - 01. ताज मोहम्मद पुत्र गोल, 02. सादाब पुत्र बकरीदी निवासी ग्राम लालापुरवा बरौली, थाना उमरीबेगमगंज, जनपद गोण्डा को गाँव के बाहर इदगाह से गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
वादी धर्मेन्द्र पासी पुत्र घिर्राऊ पासी निवासी बरौली पूरे लाला पुरवा थाना उमरीबेगमगंज जनपद गोण्डा द्वारा थाना उमरीबेगमगंज में लिखित तहरीर दी गई कि दिनांक 01.06.2026 को शाम 05 बजे वह सैटरिंग का सामान लेकर ताज मो0 की दुकान पर उतारने गया था कि विपक्षीगण शादाब, ताज मो0, फिरोज, नईम, लोही, बब्बू, अख्तर आदि लोग एक राय होकर जाती सूचक गाली देते हुए सैटरिंग के फट्टों से जान से मारने की नियत उसके सिर हमला कर दिए, जिससे गंभीर चोटें आईं। वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना उमरीबेगमगंज में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसमे आज दिनांक 03.06.2026 को थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान दोषी पाए गए वांछित अभियुक्तों - 01. ताज मोहम्मद पुत्र गोल, 02. सादाब पुत्र बकरीदी निवासी ग्राम लालापुरवा बरौली, थाना उमरीबेगमगंज, जनपद गोण्डा को गाँव के बाहर इदगाह से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
गोपीगंज के बड़ी चौराहे के पास खड़ी रोडवेज बस

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। गोपीगंज नगर में बड़ा चौराहे पर खड़ा होने वाली बसे अब चिह्नित बस स्टैंड पर खड़ी कराई जाएंगी। एनएचएआई की ओर से हाईवे के सर्विसलेन पर फ्लाईओवर के दोनों छोर के किनारे बस स्टैंड के लिए चिह्नित जमीन पर ही बसें खड़ी होंगी। वहीं से यात्री बसे पकड़ सकेंगे और उतर सकेंगे। इससे चौराहे पर लगने वाले जाम से निजात मिल सकेगी। वहीं चौराहे पर आवागमन सुगम हो सकेगा वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर गोपीगंज जिले का सबसे बड़ा बाजार है। नगर के बड़ा चौराहे पर हर दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। जिसका सबसे बड़ा कारण चौराहे के पास बेतरतीब तरीके से खड़े होने वाले वाहन हैं। हाईवे पर वाराणसी और प्रयागराज की ओर से आने वाली बसें उत्तरी व दक्षिणी लेन पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने खड़ी होती हैं। अब बसों का वहां स्टाॅपेज हो जाने के कारण ई-रिक्शा व ऑटो चालक भी सवारी के लिए वहीं खड़े हो जाते हैं। जिससे चौराहे के पास जाम लग जाता है। अभिनव त्यागी, पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बीते दिनों बैठक में एनएचएआई की ओर से बताया गया है कि हाईवे के दोनों छोर पर बसों के खड़ा करने के लिए स्टैंड चिह्नित हैं, लेकिन बसें वहां खड़ी नहीं होती हैं। अब बसों को वहां ही खड़ा कराया जाएगा। जिससे ऑटो व ई-रिक्शा की भीड़ भी उधर शिफ्ट हो सकेगी। जिससे चौराहे पर लगने वाली जाम की समस्या का समाधान हो सकेगा।
18 नर्सरी में 16 लाख पौधे तैयार,5 जून से लगेंगे:इस साल मानसून सीजन में जिले में 13 .88 लाख पौधे रोपे जाएंगे

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। इस साल मानसून सीजन में जिले में 13.88 लाख पौधे रोपे जाएंगे। वन विभाग की 18 नर्सरी में 16 लाख पौधे तैयार हैं। गड्ढा खोदाई का काम शुरू हो गया है। प्रशासन की तरफ से विभागवार पौधरोपण का लक्ष्य भी तय कर दिया गया है। पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण की शुरुआत कर दी जाएगी। जिले में हर साल 12 लाख पौधे रोपे जाते हैं। इसका परिणाम है कि जिले में साल 2019 के बाद से नियमित वनावरण क्षेत्र के दायरे में वृद्धि देखी जा रही है। नदी, तालाब, खेत के मेड़ पर हरियाली नजर आने लगी है। साल 2023 में 3.71 से बढ़कर 5.22 स्क्वायर किलोमीटर वनावरण क्षेत्र हो गया । बारिश के सीजन में जुलाई और अगस्त माह में पौधरोपण अभियान के तहत पौधे रोपे जाते हैं। उस समय पौधों की उपलब्धता के लिए करीब नौ महीने पूर्व से ही तैयारी शुरू हो जाती है। अक्तूबर में नर्सरी तैयार होने लगती है। मई-जून तक वह तैयार हो जाती है। डीएफओ विवेक यादव ने बताया कि 18 नर्सरी में करीब 16 लाख पौधे तैयार हो गए हैं। आम, महुआ, आंवला, शीशम, बरगद, पाकड़, पीपल, नीम, अमरूद, सहजन सहित कुल 20 प्रकार के पौधों का रोपण होगा। 13 लाख 88 हजार पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं दूसरी ओर डीएम शैलेष कुमार ने बताया कि पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण अभियान का शुभारंभ होगा। मिशन छाया के तहत जिले की प्रमुख सड़कों, संपर्क मार्गों और सार्वजनिक स्थलों के दोनों ओर पौधे लगाए जाएंगे।


*विभागवार पौधरोपण का लक्ष्य तय*

वन विभाग को 3,36,000, ग्राम्य विकास विभाग को 5,85,000, कृषि विभाग को 1,68,700 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके अतिरिक्त उद्यान विभाग को 80 हजार, पर्यावरण विभाग एवं राजस्व विभाग को 45-45 हजार, शिक्षा विभाग को 26,700 और जल शक्ति विभाग को 22,000 पौधों का लक्ष्य आवंटित किया गया है। नगर विकास विभाग को 19,900, रेशम विभाग को 19,000, लोक निर्माण विभाग को 7,600, स्वास्थ्य विभाग एवं गृह विभाग को पांच-पांच हजार, आवास विकास विभाग को 4,800, पशुपालन विभाग को 4,200, उद्योग विभाग को 4,000, सहकारिता विभाग को 3,000, श्रम विभाग को 2,800, ऊर्जा विभाग को 2,500 तथा परिवहन विभाग को 2,100 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
दुर्गागंज पुलिस ने ठगी के ₹52,316 वापस कराए: साइबर हेल्पडेस्क की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित के खाते में लौटी रकम


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में, थाना दुर्गागंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति के खाते में ₹52,316/- की पूरी धनराशि वापस कराई।
यह मामला करनपुर, थाना दुर्गागंज, जनपद भदोही निवासी श्रेयांश पाण्डेय से जुड़ा है। अज्ञात साइबर ठगों ने फोनपे के माध्यम से उनके साथ ₹52,316/- की ऑनलाइन धोखाधड़ी की थी।
ठगी का शिकार होने के तुरंत बाद, पीड़ित श्रेयांश पाण्डेय ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और एनसीआरपी पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही, थाना दुर्गागंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित बैंक और पोर्टल के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित किया।
इन तकनीकी और समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप, ठगी गई पूरी धनराशि ₹52,316/- सफलतापूर्वक पीड़ित के बैंक खाते में वापस आ गई। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने भदोही पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक और साइबर हेल्पडेस्क टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
भदोही पुलिस ने नागरिकों से साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने सलाह दी है कि साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर हेल्पडेस्क से संपर्क करें। किसी अज्ञात लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें, न ही अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड करें। ऑनलाइन निवेश, ट्रेडिंग या वर्क फ्रॉम होम योजनाओं में निवेश से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें और किसी को भी धनराशि भेजने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य कर लें। अज्ञात नंबरों या सोशल मीडिया से प्राप्त संदिग्ध लिंक से सावधान रहें।
संघर्ष ही सफलता की कुंजी, ‘हर घर झंडा’ अभियान से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करें कार्यकर्ता : अनुप्रिया पटेल
लखनऊ। अपना दल (एस) की महत्वपूर्ण संगठन समीक्षा बैठक मंगलवार को गांधी भवन प्रेक्षागृह, कैसरबाग में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुई। बैठक में आगामी चुनावों की तैयारियों, संगठन विस्तार तथा बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति ने संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं के उत्साह को दर्शाया। खचाखच भरे प्रेक्षागृह को संबोधित करते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि संगठन ही पार्टी की सबसे बड़ी शक्ति है और कार्यकर्ताओं के समर्पण एवं संघर्ष के बल पर ही अपना दल (एस) प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक शक्तियों में अपना स्थान बनाने में सफल हुआ है।

उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों को देखते हुए प्रत्येक कार्यकर्ता को पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ मैदान में उतरना होगा। उन्होंने पार्टी के महत्वाकांक्षी ‘हर घर झंडा’ अभियान को और अधिक गति देने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

अनुप्रिया पटेल ने कहा, “हम सभी का अस्तित्व और सम्मान पार्टी की बदौलत है। संगठन हमारी वास्तविक ताकत है। आगामी चुनावों के लिए समय सीमित है, इसलिए संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।”

बूथ स्तर की सक्रियता ही जीत का आधार : आशीष पटेल

बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की और जिला, प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र के प्रत्येक बूथ तक पहुंच बनाकर संगठन को मजबूत करना होगा। कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी ही आगामी चुनावों में सफलता की कुंजी सिद्ध होगी। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष आर. पी. गौतम ने की।

वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति

बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माता बदल तिवारी , राष्ट्रीय महासचिव आर. बी. सिंह, राष्ट्रीय महा सचिव के. के. पटेल , राष्ट्रीय सचिव  विनोद गंगवार, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ओ. पी. कटियार, राज्य मंत्री रेखा पटेल, पूर्व मंत्री राम लखन पटेल, आयोग सदस्य राजेंद्र पाल, सलाहकार जवाहर पटेल, पूर्व सांसद नागेंद्र प्रताप सिंह, प्रमोद पटेल राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विधि मंच , पूर्व विधायक जमुना प्रसाद सरोज, विधायक सरोज कुरिल, विधायक जय कुमार सिंह ‘जैकी’, जीतलाल पटेल, विधायक वाचस्पति, विधायक आर. के. पटेल, विधायक स्वार शफ़ीक़ अहमद अंसारी, प्रदेश अध्यक्ष  शिक्षक मंच प्रो. रामचंद्र पटेल, राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला मंच दीपमाला कुशवाहा, अल्पसंख्यक मंच प्रदेश अध्यक्ष अहमद खाँ मंसूरी , राष्ट्रीय सचिव राजेश पटेल ‘बुलबुल’, राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुसूचित मंच सत्यप्रकाश कुरिल, राष्ट्रीय सचिव मुख्यालय मुन्नर प्रजापति एवं पुष्कर चौधरी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।बैठक का समापन आगामी चुनावों में पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा जन-जन तक पार्टी की नीतियों और विचारों को पहुंचाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।