राघव चड्डा राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए गए, क्या है AAP के एक्शन के पीछे की वजह?

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आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी से मिली करारी हार के बाद पार्टी दबाव में है। इस बीच राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने पार्टी के अंदरखाने की खींचतान को सतह पर ला दिया है। दरअसल आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, राज्यसभा में उनके बोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

अशोक मित्तल को मिली राघव चड्ढा की जगह

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्य सभा सचिवालय को इस संदर्भ में एक पत्र भेजा। वहीं अब अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से उपनेता होंगे। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र सौंपकर सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने का आग्रह किया है।

राघव चड्ढा के बोलने पर भी रोक

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब वह लगातार राज्यसभा में जनहित के मुद्दों पर वोकल थे। लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे। चाहे वो एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय हो या डिलीवरी बॉयज के मुद्दे हों।

मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए डाटा रोलओवर की सुविधा की मांग

राघव चड्ढा ने बीते दिनों राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जो डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नहीं कर पाते, वह खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले दिन के लिए बचा रहना चाहिए। अभी रोजाना मिलने वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खत्म हो जाता है, जबकि इसके लिए उपभोक्ता पैसे चुका चुके होते हैं। इसलिए इसका फायदा कंपनियों को नहीं, बल्कि ग्राहकों को मिलना चाहिए। चड्ढा ने सुझाव दिया था कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीने रिचार्ज में छूट दी जाए और ग्राहकों को डाटा रोलओवर की सुविधा मिले।

राघव चड्ढा पर एक्शन की वजह क्या?

लगातार जनगित के मुद्दों को उठाने के बाद भी आम आमदी पार्टी की ओर से कुए गए एक्शन पर सवाल उठ रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाई कमान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे बिना चर्चा के कुछ मुद्दों पर बोल रहे हैं। वह राज्यसभा में किस मुद्दे को उठाएंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोप में लिया गया हो सकता है। राघव चड्ढा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जब राउज एवेन्यू कोर्ट बरी किया था, तब भी राघव चड्ढा का बयान सामने नहीं आया था।

गैस संकट से जूझा बहसूमा, घंटों लाइन के बाद भी खाली हाथ लौटे लोग

बहसूमा। कस्बे में स्थित इंडियन गैस एजेंसी पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सैकड़ों उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े नजर आए। भीषण गर्मी और घंटों इंतजार के बावजूद अधिकांश लोगों को गैस नहीं मिल सकी, जिससे लोगों में आक्रोश और मायूसी साफ दिखाई दी।

सुबह से ही महिलाओं, बुजुर्गों और पुरुषों की भारी भीड़ एजेंसी पर जुट गई। कई महिलाएं छोटे बच्चों के साथ 3–4 घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन जब उनकी बारी आई तो कर्मचारियों ने “बुकिंग न होने” का हवाला देकर उन्हें वापस लौटा दिया। इससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

कपिल ने बताया कि वह करीब चार घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन अंत में गैस नहीं मिल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी पर कुछ लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि आम उपभोक्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

लाइन में लगे विनोद कुमार अरुण तोमर सहित अन्य उपभोक्ताओं ने बताया कि एक बार बुकिंग कराने के बाद दूसरा सिलेंडर करीब 45 दिन बाद ही मिल रहा है। इस नई व्यवस्था से परिवारों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, क्योंकि एक सिलेंडर इतने लंबे समय तक चल पाना मुश्किल है।

चूल्हे पर लौटने को मजबूर महिलाएं
ग्रामीण क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गांव मोहम्मदपुर सकिस्त निवासी सनम पत्नी कपिल ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में जंगल से लकड़ी लाकर चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इससे समय और श्रम दोनों अधिक लग रहे हैं।



एजेंसी संचालक ने दी सफाई
इस संबंध में गैस एजेंसी संचालक अनिल सागर ने बताया कि नई गाइडलाइंस के अनुसार एक बुकिंग पर दूसरा सिलेंडर 45 दिन बाद ही दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों को इस नियम की जानकारी नहीं है, जिसके कारण वे बिना बुकिंग के एजेंसी पहुंच जाते हैं। गैस केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को दी जाती है, जिनकी बुकिंग पहले से दर्ज होती है।

निष्कर्ष
लगातार बढ़ती परेशानी और नियमों की जानकारी के अभाव में उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग से लोगों ने व्यवस्था सुधारने और आमजन को राहत देने की मांग की है।
जहानाबाद मानस इंटरनेशनल में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, मेधावी छात्र-छात्राएं सम्मानित


“मानस इंटरनेशनल से फैल रहा है ज्ञान का प्रकाश” – डॉ. अरुण

“अभिभावक-विद्यालय समन्वय से ही बच्चों का समग्र विकास” – निशांत रंजन

जहानाबाद मानस इंटरनेशनल एजुकेशनल ग्रुप के तत्वावधान में संचालित सभी शाखाओं—मानस इंटरनेशनल दक्षिणी, कोर्ट रेलवे स्टेशन के समीप (अनुमंडल कार्यालय के सामने), मखदुमपुर एवं हुलासगंज—में शैक्षणिक सत्र 2025–26 की वार्षिक परीक्षा का परिणाम गरिमामय एवं प्रेरणादायक माहौल में घोषित किया गया। इस अवसर पर पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) का भी सफल आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ चेयरमैन डॉ. अरुण कुमार सिन्हा एवं निदेशक निशांत रंजन द्वारा किया गया। अपने संबोधन में डॉ. अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा को विकसित करना है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में विद्यालय के विद्यार्थियों ने शिक्षा, विज्ञान, कला एवं खेल के क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन किया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि CBSE कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025 में विद्यालय के छात्रों ने जिले में शीर्ष दो स्थान प्राप्त किए, जो संस्थान की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों को जिम्मेदारी के रूप में लेकर आगे और बेहतर करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। डॉ. सिन्हा ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026–27 को नई शुरुआत बताते हुए कहा कि विद्यालय में स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षण, गतिविधि आधारित अध्ययन, संवादात्मक कक्षाएं, व्यक्तित्व विकास एवं करियर मार्गदर्शन को और सशक्त किया जाएगा, ताकि बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। निदेशक निशांत रंजन ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और निरंतर सुधार संस्था की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नए सत्र में नियमित फीडबैक, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और प्रैक्टिकल आधारित पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से विद्यालय के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया। प्राचार्य राजीव रंजन ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता उनके परिश्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। पलक सिन्हा, रोशनी कुमारी, पुष्कर कुमार, सिया कुमारी, तनु कुमारी, रोहित कुमार, कुमरूस आलम, आकांक्षा प्रिया, तान्या कुमारी, आयुष रंजन, आराध्या कुमारी, आस्था कुमारी, अनुराग शर्मा, काजल कुमारी, केशव राज, कार्तिक राज एवं निधि कुमारी ने सर्वोच्च अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति एवं अनुशासन की सराहना की। साथ ही शिक्षकगण—रणधीर कुमार, उमाकांत शर्मा, योगेंद्र कुमार, अमित कुमार, उज्जवल कुमार, संजीव कुमार, मनीष कुमार, विनीत कुमार, प्रियंका कुमारी, राकेश कुमार, रवि रंजन कुमार, सुधा कुमारी एवं सुजीत कुमार—की भूमिका की भी सराहना की गई। कार्यक्रम के अंत में जानकारी दी गई कि नया शैक्षणिक सत्र 2026–27, 4 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा तथा नामांकन प्रक्रिया जारी है। अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों को ऐसे शैक्षणिक वातावरण से जोड़ें, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
हीट वेव एक्शन प्लान को लेकर डीएम ने ली बैठक
फर्रूखाबाद l जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में स्टेट हीट वेव एक्शन प्लान–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सूखा संबंधी बैठक सम्पन्न
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में आज जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में स्टेट हीट वेव एक्शन प्लान–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सूखा की स्थिति के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को लू (हीट वेव) से बचाव एवं राहत कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में संभावित लू-प्रकोप को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
बैठक में
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि जिला चिकित्सालय में एक वार्ड तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 4-4 बेड हीट वेव के मरीजों हेतु आरक्षित किए जाएं। कूल रूम की व्यवस्था, 108 एम्बुलेंस सेवा की सक्रियता, ओआरएस एवं आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण तथा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को 24×7 क्रियाशील रखा जाए। साथ ही सन स्ट्रोक से बचाव हेतु जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए एवं मृत्यु के मामलों में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए।
परिवहन विभाग को बस स्टैंडों पर प्राथमिक चिकित्सा, पेयजल एवं छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा हीट वेव से बचाव संबंधी प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।
पशुपालन विभाग को पशुओं की सुरक्षा हेतु हीट वेव एक्शन प्लान लागू करने, पशुपालकों को जागरूक करने, पानी की व्यवस्था एवं टीकाकरण कार्य नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
सूचना विभाग को सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से हीट वेव से बचाव संबंधी एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया।
मनरेगा विभाग को श्रमिकों के कार्य समय में परिवर्तन कर दोपहर 12:00 से 3:00 बजे तक कार्य रोकने, कार्यस्थलों पर पेयजल एवं छाया की व्यवस्था तथा सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग को सार्वजनिक स्थलों पर वृक्षारोपण, जंगलों में आग से बचाव तथा वन्य जीवों हेतु जल स्रोतों के प्रबंधन के निर्देश दिए गए।
अग्निशमन विभाग को सभी इकाइयों को 24×7 सक्रिय रखने, फायर ऑडिट पूर्ण करने, संसाधनों का विवरण उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण स्तर पर अग्नि सुरक्षा के लिए लोगों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग को विद्यालयों के समय में परिवर्तन करने, पेयजल एवं पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को हीट वेव से बचाव का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।
नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों पर कूलिंग सेंटर, प्याऊ एवं शीतल जल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए गए।
पंचायती राज विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, टैंकर एवं प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, खराब विद्युत पोलों को दुरुस्त करने तथा शिकायत मिलने पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि हीट वेव से बचाव हेतु “क्या करें और क्या न करें” का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में संबंधित विभागों के समस्त अधिकारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र

लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
राज्यपाल की अध्यक्षता में महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक, नैक मूल्यांकन व गुणवत्ता सुधार पर जोर
लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में गुरुवार को जन भवन स्थित गांधी सभागार में लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विश्वविद्यालय से संबद्ध 17 शासकीय एवं 33 वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने अपने-अपने संस्थानों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रस्तुतीकरण में फैकल्टी की स्थिति, शोध एवं प्रकाशन, एमओयू, खेल गतिविधियां, नैक एवं एनआईआरएफ रैंकिंग, नामांकन प्रतिशत, प्लेसमेंट, रोजगार मेले, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, छात्रवृत्ति, शैक्षणिक भ्रमण सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई।
राज्यपाल ने महाविद्यालयों में शिक्षकों की संख्या, शोध कार्यों, खेल गतिविधियों एवं पौधारोपण अभियानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी गतिविधियों का जियो-टैगिंग के साथ रिकॉर्ड रखा जाए। उन्होंने रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति, विद्यार्थियों की कम संख्या में सुधार तथा लैब एवं कंप्यूटर कक्षों को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए विद्यार्थियों को कौशल विकास, नवाचार एवं सामाजिक सहभागिता से जोड़ा जाना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल ने शिक्षकों को पुस्तक लेखन के लिए प्रोत्साहित करने, पुस्तकालयों को मजबूत बनाने तथा स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) फंड के प्रभावी उपयोग हेतु स्थानीय उद्योगों और बैंकों से समन्वय बढ़ाने की बात कही। इसके अलावा तंबाकू, नशा एवं ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय तथा राज्य मंत्री रजनी तिवारी भी उपस्थित रहे। उच्च शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों की सराहना की।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय से लगभग 530 महाविद्यालय संबद्ध हैं तथा करीब 40,000 छात्र अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल. जानी, विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता, विशेष सचिव उच्च शिक्षा गिरिजेश त्यागी सहित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के सभी प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
निलंबन के बाद भी अध्यापक पर मेहरबान बना हुआ है महकमा
*अधिवक्ता ऋषभ द्वारा पुनः जिलाधिकारी को दिया गया शिकायती पत्र
मीरजापुर। बेसिक शिक्षा विभाग में नारायणपुर ब्लॉक का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जांच अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे है, कि आख़िरकार कैसे निलंबित अध्यापक धीरज सिंह जो पिछले १० माह से निलंबित चल रहे होने के बावजूद ब्लॉक संसाधन केंद्र शिवशंकरी धाम पर सम्बद्ध होकर पूर्व की भांति विभागीय कार्यो को पूर्ण कर रहे है। उनके खिलाफ लगाये गए आरोप की जांच हेतु नियुक्त विभागीय जांच अधिकारी विगत १० माह के बीत जाने के बाद भी जांच आख्या नहीं दे पा रहे है या जांच आख्या प्राप्त होने के बाद भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कोई ठोस कार्यवाही जानबूझ के नहीं की जा रही है। चर्चा है कि इस मामले की लीपापोती करने के बाद उन्हें नारायणपुर ब्लॉक में ही उनके घर के पास किसी स्कूल में तैनाती देने की तैयारी चल रही है। ऐसे में इन सब मामलों को लेकर एक बार पुनः अधिवक्ता ऋषभ सिंह द्वारा जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है। अपने शिकायती पत्र में अधिवक्ता ने निलंबित अध्यापक द्वारा विद्यालय भवन निर्माण में सरकारी धन के गबन व दुरुपयोग के साथ-साथ उनके द्वारा बनवाये गए भवन की गुणवत्ता ख़राब होने, भवन की नींव बैठ जाने तथा दीवारों में बड़ी बड़ी दरारों के पड़ने के साथ छोटे बच्चों के जिन्दगियों के साथ खिलवाड़ करने जैसे गंभीर आरोप लगाये है। अधिवक्ता द्वारा यह भी आरोप लगाया है कि जब त्रिस्तरीय जांच समिति के सामने आरोपी के ऊपर दोष सिद्ध हो चुका है और उसे निलंबित कर दिया गया है उसके बाद भी उसपर ना ही प्राथमिकी दर्ज करके मुक़दमा किया गया ना ही सरकारी धन की वसूली हेतु कोई कार्यवाही की गई, बल्कि इससे उलट उससे विभागीय कार्य लिया जा रहा है। आरोप लगाया है कि आधार बनाने में भी धीरज सिंह द्वारा काफ़ी वित्तीय अनियमितता किया गया है। उनके द्वारा लगभग ५ लाख रुपए की हेराफेरी की गई है। आधार बनाने के सरकारी शुल्क को विभागीय खाते में आंशिक रूप से जमा किया गया है। इस मामले की जांच का भी अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा है कि विभाग के उच्चाधिकारी उनके ऊपर लगातार मेहरबान बने हुए है। आरोपी आज भी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बाबूगिरी का कार्य कर रहा है। उसके द्वारा विभागीय ह्वाट्सऐप ग्रुप में आधिकारिक मैसेज भी लगातार भेजा जाता है। दूसरी ओर शिकायत पत्र पर जिलाधिकारी द्वारा तुरंत मामले को संज्ञान में लेकर संबधित अधिकारियों को तलब किया गया है। देखना अब यह है कि क्या कार्रवाई सुनिश्चित होती है।
स्मार्ट मीटर और गैस महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन,राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
*10  दिनों के भीतर कार्यवाही हो सुनिश्चित अन्यथा आंदोलन को करेंगे तेज : अभिषेक सिंह राणा*

सुल्तानपुर। स्मार्ट मीटर की जबरन स्थापना तथा घरेलू गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों के विरोध में जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने किया, जिसमें शहर अध्यक्ष शकील अंसारी की सक्रिय उपस्थिति रही। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय से जुलूस निकालकर लाल डिग्गी चौराहा, सुपर मार्केट और डाकखाना चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक जोरदार नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने सरकार व बिजली विभाग के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोकी जाए।स्मार्ट मीटर बनाने व लगाने वाली कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाए। किसी भी मीटर रीडर की नौकरी न छीनी जाए। घरेलू एवं व्यावसायिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित कर बढ़ी कीमतों को वापस लिया जाए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण आम जनता का आर्थिक शोषण हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर बिजली विभाग द्वारा मनमाने बिल वसूले जा रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग पर भारी बोझ पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि 10 दिनों के भीतर मांगें न माने जाने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और किल्लत से आमजन का जीवन प्रभावित हो गया है। उन्होंने कहा कि रसोई तक महंगाई की मार पहुंच चुकी है और गरीब परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी फिरोज अहमद व जिला महासचिव अतहर नवाब ने स्मार्ट मीटर योजना पर सवाल उठाते हुए इसे संदिग्ध बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की आशंका है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। युवा कांग्रेस नेता मानस तिवारी ने कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण जनता सड़कों पर उतरने को विवश हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कांग्रेस नेता सुब्रत सिंह सनी ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन केवल शुरुआत है, यदि निर्धारित समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जिले भर में व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
बड़गड़ी का गर्व: समर्थ सिंह ने 90% अंक हासिल कर परिवार का नाम किया रोशन
बेटे की उपलब्धि से गौरवान्वित हुए पत्रकार रिवेदर सिंह

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बड़गड़ी के रहने वाले समर्थ सिंह पुत्र रिवेंदर सिंह ने राजा कमलाकर इंटर कॉलेज इंग्लिश मीडियम से 90% अंक हासिल कर अपने परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। समर्थ की इस उपलब्धि से पत्रकार रिवेंदर सिंह उर्फ रवी सिंह का नाम भी रोशन हुआ है। समर्थ को सम्मानित करते हुए राजा कमलाकर इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश प्रताप सिंह चंदेल ने कहा, "बेटा समर्थ, तुम्हें उज्वल भविष्य की शुभकामनाएं। तुम इसी तरह मेहनत करते रहो और अपने घर, परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन करो। इस अवसर पर समर्थ को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। परिवार के सदस्यों, शिक्षकों और अभिभावकों ने समर्थ को आशीर्वाद दिया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। समर्थ की इस उपलब्धि पर उनके गांव व पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
राघव चड्डा राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए गए, क्या है AAP के एक्शन के पीछे की वजह?

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आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी से मिली करारी हार के बाद पार्टी दबाव में है। इस बीच राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने पार्टी के अंदरखाने की खींचतान को सतह पर ला दिया है। दरअसल आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, राज्यसभा में उनके बोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

अशोक मित्तल को मिली राघव चड्ढा की जगह

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्य सभा सचिवालय को इस संदर्भ में एक पत्र भेजा। वहीं अब अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से उपनेता होंगे। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र सौंपकर सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने का आग्रह किया है।

राघव चड्ढा के बोलने पर भी रोक

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब वह लगातार राज्यसभा में जनहित के मुद्दों पर वोकल थे। लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे। चाहे वो एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय हो या डिलीवरी बॉयज के मुद्दे हों।

मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए डाटा रोलओवर की सुविधा की मांग

राघव चड्ढा ने बीते दिनों राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जो डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नहीं कर पाते, वह खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले दिन के लिए बचा रहना चाहिए। अभी रोजाना मिलने वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खत्म हो जाता है, जबकि इसके लिए उपभोक्ता पैसे चुका चुके होते हैं। इसलिए इसका फायदा कंपनियों को नहीं, बल्कि ग्राहकों को मिलना चाहिए। चड्ढा ने सुझाव दिया था कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीने रिचार्ज में छूट दी जाए और ग्राहकों को डाटा रोलओवर की सुविधा मिले।

राघव चड्ढा पर एक्शन की वजह क्या?

लगातार जनगित के मुद्दों को उठाने के बाद भी आम आमदी पार्टी की ओर से कुए गए एक्शन पर सवाल उठ रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाई कमान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे बिना चर्चा के कुछ मुद्दों पर बोल रहे हैं। वह राज्यसभा में किस मुद्दे को उठाएंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोप में लिया गया हो सकता है। राघव चड्ढा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जब राउज एवेन्यू कोर्ट बरी किया था, तब भी राघव चड्ढा का बयान सामने नहीं आया था।

गैस संकट से जूझा बहसूमा, घंटों लाइन के बाद भी खाली हाथ लौटे लोग

बहसूमा। कस्बे में स्थित इंडियन गैस एजेंसी पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सैकड़ों उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े नजर आए। भीषण गर्मी और घंटों इंतजार के बावजूद अधिकांश लोगों को गैस नहीं मिल सकी, जिससे लोगों में आक्रोश और मायूसी साफ दिखाई दी।

सुबह से ही महिलाओं, बुजुर्गों और पुरुषों की भारी भीड़ एजेंसी पर जुट गई। कई महिलाएं छोटे बच्चों के साथ 3–4 घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन जब उनकी बारी आई तो कर्मचारियों ने “बुकिंग न होने” का हवाला देकर उन्हें वापस लौटा दिया। इससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

कपिल ने बताया कि वह करीब चार घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन अंत में गैस नहीं मिल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी पर कुछ लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि आम उपभोक्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

लाइन में लगे विनोद कुमार अरुण तोमर सहित अन्य उपभोक्ताओं ने बताया कि एक बार बुकिंग कराने के बाद दूसरा सिलेंडर करीब 45 दिन बाद ही मिल रहा है। इस नई व्यवस्था से परिवारों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, क्योंकि एक सिलेंडर इतने लंबे समय तक चल पाना मुश्किल है।

चूल्हे पर लौटने को मजबूर महिलाएं
ग्रामीण क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गांव मोहम्मदपुर सकिस्त निवासी सनम पत्नी कपिल ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में जंगल से लकड़ी लाकर चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इससे समय और श्रम दोनों अधिक लग रहे हैं।



एजेंसी संचालक ने दी सफाई
इस संबंध में गैस एजेंसी संचालक अनिल सागर ने बताया कि नई गाइडलाइंस के अनुसार एक बुकिंग पर दूसरा सिलेंडर 45 दिन बाद ही दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों को इस नियम की जानकारी नहीं है, जिसके कारण वे बिना बुकिंग के एजेंसी पहुंच जाते हैं। गैस केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को दी जाती है, जिनकी बुकिंग पहले से दर्ज होती है।

निष्कर्ष
लगातार बढ़ती परेशानी और नियमों की जानकारी के अभाव में उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग से लोगों ने व्यवस्था सुधारने और आमजन को राहत देने की मांग की है।
जहानाबाद मानस इंटरनेशनल में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, मेधावी छात्र-छात्राएं सम्मानित


“मानस इंटरनेशनल से फैल रहा है ज्ञान का प्रकाश” – डॉ. अरुण

“अभिभावक-विद्यालय समन्वय से ही बच्चों का समग्र विकास” – निशांत रंजन

जहानाबाद मानस इंटरनेशनल एजुकेशनल ग्रुप के तत्वावधान में संचालित सभी शाखाओं—मानस इंटरनेशनल दक्षिणी, कोर्ट रेलवे स्टेशन के समीप (अनुमंडल कार्यालय के सामने), मखदुमपुर एवं हुलासगंज—में शैक्षणिक सत्र 2025–26 की वार्षिक परीक्षा का परिणाम गरिमामय एवं प्रेरणादायक माहौल में घोषित किया गया। इस अवसर पर पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) का भी सफल आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ चेयरमैन डॉ. अरुण कुमार सिन्हा एवं निदेशक निशांत रंजन द्वारा किया गया। अपने संबोधन में डॉ. अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा को विकसित करना है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में विद्यालय के विद्यार्थियों ने शिक्षा, विज्ञान, कला एवं खेल के क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन किया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि CBSE कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025 में विद्यालय के छात्रों ने जिले में शीर्ष दो स्थान प्राप्त किए, जो संस्थान की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों को जिम्मेदारी के रूप में लेकर आगे और बेहतर करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। डॉ. सिन्हा ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026–27 को नई शुरुआत बताते हुए कहा कि विद्यालय में स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षण, गतिविधि आधारित अध्ययन, संवादात्मक कक्षाएं, व्यक्तित्व विकास एवं करियर मार्गदर्शन को और सशक्त किया जाएगा, ताकि बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। निदेशक निशांत रंजन ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और निरंतर सुधार संस्था की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नए सत्र में नियमित फीडबैक, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और प्रैक्टिकल आधारित पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से विद्यालय के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया। प्राचार्य राजीव रंजन ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता उनके परिश्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। पलक सिन्हा, रोशनी कुमारी, पुष्कर कुमार, सिया कुमारी, तनु कुमारी, रोहित कुमार, कुमरूस आलम, आकांक्षा प्रिया, तान्या कुमारी, आयुष रंजन, आराध्या कुमारी, आस्था कुमारी, अनुराग शर्मा, काजल कुमारी, केशव राज, कार्तिक राज एवं निधि कुमारी ने सर्वोच्च अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति एवं अनुशासन की सराहना की। साथ ही शिक्षकगण—रणधीर कुमार, उमाकांत शर्मा, योगेंद्र कुमार, अमित कुमार, उज्जवल कुमार, संजीव कुमार, मनीष कुमार, विनीत कुमार, प्रियंका कुमारी, राकेश कुमार, रवि रंजन कुमार, सुधा कुमारी एवं सुजीत कुमार—की भूमिका की भी सराहना की गई। कार्यक्रम के अंत में जानकारी दी गई कि नया शैक्षणिक सत्र 2026–27, 4 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा तथा नामांकन प्रक्रिया जारी है। अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों को ऐसे शैक्षणिक वातावरण से जोड़ें, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
हीट वेव एक्शन प्लान को लेकर डीएम ने ली बैठक
फर्रूखाबाद l जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में स्टेट हीट वेव एक्शन प्लान–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सूखा संबंधी बैठक सम्पन्न
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में आज जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में स्टेट हीट वेव एक्शन प्लान–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सूखा की स्थिति के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को लू (हीट वेव) से बचाव एवं राहत कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में संभावित लू-प्रकोप को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
बैठक में
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि जिला चिकित्सालय में एक वार्ड तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 4-4 बेड हीट वेव के मरीजों हेतु आरक्षित किए जाएं। कूल रूम की व्यवस्था, 108 एम्बुलेंस सेवा की सक्रियता, ओआरएस एवं आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण तथा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को 24×7 क्रियाशील रखा जाए। साथ ही सन स्ट्रोक से बचाव हेतु जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए एवं मृत्यु के मामलों में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए।
परिवहन विभाग को बस स्टैंडों पर प्राथमिक चिकित्सा, पेयजल एवं छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा हीट वेव से बचाव संबंधी प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।
पशुपालन विभाग को पशुओं की सुरक्षा हेतु हीट वेव एक्शन प्लान लागू करने, पशुपालकों को जागरूक करने, पानी की व्यवस्था एवं टीकाकरण कार्य नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
सूचना विभाग को सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से हीट वेव से बचाव संबंधी एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया।
मनरेगा विभाग को श्रमिकों के कार्य समय में परिवर्तन कर दोपहर 12:00 से 3:00 बजे तक कार्य रोकने, कार्यस्थलों पर पेयजल एवं छाया की व्यवस्था तथा सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग को सार्वजनिक स्थलों पर वृक्षारोपण, जंगलों में आग से बचाव तथा वन्य जीवों हेतु जल स्रोतों के प्रबंधन के निर्देश दिए गए।
अग्निशमन विभाग को सभी इकाइयों को 24×7 सक्रिय रखने, फायर ऑडिट पूर्ण करने, संसाधनों का विवरण उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण स्तर पर अग्नि सुरक्षा के लिए लोगों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग को विद्यालयों के समय में परिवर्तन करने, पेयजल एवं पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को हीट वेव से बचाव का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।
नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों पर कूलिंग सेंटर, प्याऊ एवं शीतल जल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए गए।
पंचायती राज विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, टैंकर एवं प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, खराब विद्युत पोलों को दुरुस्त करने तथा शिकायत मिलने पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि हीट वेव से बचाव हेतु “क्या करें और क्या न करें” का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में संबंधित विभागों के समस्त अधिकारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र

लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
राज्यपाल की अध्यक्षता में महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक, नैक मूल्यांकन व गुणवत्ता सुधार पर जोर
लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में गुरुवार को जन भवन स्थित गांधी सभागार में लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विश्वविद्यालय से संबद्ध 17 शासकीय एवं 33 वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने अपने-अपने संस्थानों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रस्तुतीकरण में फैकल्टी की स्थिति, शोध एवं प्रकाशन, एमओयू, खेल गतिविधियां, नैक एवं एनआईआरएफ रैंकिंग, नामांकन प्रतिशत, प्लेसमेंट, रोजगार मेले, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, छात्रवृत्ति, शैक्षणिक भ्रमण सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई।
राज्यपाल ने महाविद्यालयों में शिक्षकों की संख्या, शोध कार्यों, खेल गतिविधियों एवं पौधारोपण अभियानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी गतिविधियों का जियो-टैगिंग के साथ रिकॉर्ड रखा जाए। उन्होंने रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति, विद्यार्थियों की कम संख्या में सुधार तथा लैब एवं कंप्यूटर कक्षों को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए विद्यार्थियों को कौशल विकास, नवाचार एवं सामाजिक सहभागिता से जोड़ा जाना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल ने शिक्षकों को पुस्तक लेखन के लिए प्रोत्साहित करने, पुस्तकालयों को मजबूत बनाने तथा स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) फंड के प्रभावी उपयोग हेतु स्थानीय उद्योगों और बैंकों से समन्वय बढ़ाने की बात कही। इसके अलावा तंबाकू, नशा एवं ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय तथा राज्य मंत्री रजनी तिवारी भी उपस्थित रहे। उच्च शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों की सराहना की।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय से लगभग 530 महाविद्यालय संबद्ध हैं तथा करीब 40,000 छात्र अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल. जानी, विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता, विशेष सचिव उच्च शिक्षा गिरिजेश त्यागी सहित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के सभी प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
निलंबन के बाद भी अध्यापक पर मेहरबान बना हुआ है महकमा
*अधिवक्ता ऋषभ द्वारा पुनः जिलाधिकारी को दिया गया शिकायती पत्र
मीरजापुर। बेसिक शिक्षा विभाग में नारायणपुर ब्लॉक का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जांच अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे है, कि आख़िरकार कैसे निलंबित अध्यापक धीरज सिंह जो पिछले १० माह से निलंबित चल रहे होने के बावजूद ब्लॉक संसाधन केंद्र शिवशंकरी धाम पर सम्बद्ध होकर पूर्व की भांति विभागीय कार्यो को पूर्ण कर रहे है। उनके खिलाफ लगाये गए आरोप की जांच हेतु नियुक्त विभागीय जांच अधिकारी विगत १० माह के बीत जाने के बाद भी जांच आख्या नहीं दे पा रहे है या जांच आख्या प्राप्त होने के बाद भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कोई ठोस कार्यवाही जानबूझ के नहीं की जा रही है। चर्चा है कि इस मामले की लीपापोती करने के बाद उन्हें नारायणपुर ब्लॉक में ही उनके घर के पास किसी स्कूल में तैनाती देने की तैयारी चल रही है। ऐसे में इन सब मामलों को लेकर एक बार पुनः अधिवक्ता ऋषभ सिंह द्वारा जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है। अपने शिकायती पत्र में अधिवक्ता ने निलंबित अध्यापक द्वारा विद्यालय भवन निर्माण में सरकारी धन के गबन व दुरुपयोग के साथ-साथ उनके द्वारा बनवाये गए भवन की गुणवत्ता ख़राब होने, भवन की नींव बैठ जाने तथा दीवारों में बड़ी बड़ी दरारों के पड़ने के साथ छोटे बच्चों के जिन्दगियों के साथ खिलवाड़ करने जैसे गंभीर आरोप लगाये है। अधिवक्ता द्वारा यह भी आरोप लगाया है कि जब त्रिस्तरीय जांच समिति के सामने आरोपी के ऊपर दोष सिद्ध हो चुका है और उसे निलंबित कर दिया गया है उसके बाद भी उसपर ना ही प्राथमिकी दर्ज करके मुक़दमा किया गया ना ही सरकारी धन की वसूली हेतु कोई कार्यवाही की गई, बल्कि इससे उलट उससे विभागीय कार्य लिया जा रहा है। आरोप लगाया है कि आधार बनाने में भी धीरज सिंह द्वारा काफ़ी वित्तीय अनियमितता किया गया है। उनके द्वारा लगभग ५ लाख रुपए की हेराफेरी की गई है। आधार बनाने के सरकारी शुल्क को विभागीय खाते में आंशिक रूप से जमा किया गया है। इस मामले की जांच का भी अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा है कि विभाग के उच्चाधिकारी उनके ऊपर लगातार मेहरबान बने हुए है। आरोपी आज भी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बाबूगिरी का कार्य कर रहा है। उसके द्वारा विभागीय ह्वाट्सऐप ग्रुप में आधिकारिक मैसेज भी लगातार भेजा जाता है। दूसरी ओर शिकायत पत्र पर जिलाधिकारी द्वारा तुरंत मामले को संज्ञान में लेकर संबधित अधिकारियों को तलब किया गया है। देखना अब यह है कि क्या कार्रवाई सुनिश्चित होती है।
स्मार्ट मीटर और गैस महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन,राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
*10  दिनों के भीतर कार्यवाही हो सुनिश्चित अन्यथा आंदोलन को करेंगे तेज : अभिषेक सिंह राणा*

सुल्तानपुर। स्मार्ट मीटर की जबरन स्थापना तथा घरेलू गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों के विरोध में जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने किया, जिसमें शहर अध्यक्ष शकील अंसारी की सक्रिय उपस्थिति रही। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय से जुलूस निकालकर लाल डिग्गी चौराहा, सुपर मार्केट और डाकखाना चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक जोरदार नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने सरकार व बिजली विभाग के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोकी जाए।स्मार्ट मीटर बनाने व लगाने वाली कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाए। किसी भी मीटर रीडर की नौकरी न छीनी जाए। घरेलू एवं व्यावसायिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित कर बढ़ी कीमतों को वापस लिया जाए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण आम जनता का आर्थिक शोषण हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर बिजली विभाग द्वारा मनमाने बिल वसूले जा रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग पर भारी बोझ पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि 10 दिनों के भीतर मांगें न माने जाने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और किल्लत से आमजन का जीवन प्रभावित हो गया है। उन्होंने कहा कि रसोई तक महंगाई की मार पहुंच चुकी है और गरीब परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी फिरोज अहमद व जिला महासचिव अतहर नवाब ने स्मार्ट मीटर योजना पर सवाल उठाते हुए इसे संदिग्ध बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की आशंका है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। युवा कांग्रेस नेता मानस तिवारी ने कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण जनता सड़कों पर उतरने को विवश हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कांग्रेस नेता सुब्रत सिंह सनी ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन केवल शुरुआत है, यदि निर्धारित समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जिले भर में व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
बड़गड़ी का गर्व: समर्थ सिंह ने 90% अंक हासिल कर परिवार का नाम किया रोशन
बेटे की उपलब्धि से गौरवान्वित हुए पत्रकार रिवेदर सिंह

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बड़गड़ी के रहने वाले समर्थ सिंह पुत्र रिवेंदर सिंह ने राजा कमलाकर इंटर कॉलेज इंग्लिश मीडियम से 90% अंक हासिल कर अपने परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। समर्थ की इस उपलब्धि से पत्रकार रिवेंदर सिंह उर्फ रवी सिंह का नाम भी रोशन हुआ है। समर्थ को सम्मानित करते हुए राजा कमलाकर इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश प्रताप सिंह चंदेल ने कहा, "बेटा समर्थ, तुम्हें उज्वल भविष्य की शुभकामनाएं। तुम इसी तरह मेहनत करते रहो और अपने घर, परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन करो। इस अवसर पर समर्थ को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। परिवार के सदस्यों, शिक्षकों और अभिभावकों ने समर्थ को आशीर्वाद दिया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। समर्थ की इस उपलब्धि पर उनके गांव व पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।