गुरारू की मलना पंचायत में योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, मुख्यमंत्री से लेकर डीएम तक भेजी शिकायत

गया। गया जिले के गुरारू प्रखंड अंतर्गत मलना पंचायत में संचालित सरकारी योजनाओं में अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए एक ग्रामीण बालेश्वर कुमार ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कई योजनाओं का कार्य धरातल पर सही तरीके से नहीं कराया गया, जबकि कागजों पर कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी राशि का उपयोग कर लिया गया। मलना पंचायत निवासी बालेश्वर कुमार द्वारा दिए गए आवेदन में पंचायत रोजगार सेवक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर कार्य दिखाया गया है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और है। आवेदन में कहा गया है कि कई जगहों पर कार्य नहीं होने के बावजूद योजनाओं की फोटो अपलोड कर और कागजी प्रक्रिया पूरी कर राशि निकासी की गई है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है तथा संबंधित कार्यों की निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर की अनियमितता उजागर हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि संबंधित योजनाओं की स्थल जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, बिहार सरकार, जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी गया तथा उप विकास आयुक्त को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार का कहना है कि सरकारी धन जनता के विकास के लिए होता है और यदि उसमें गड़बड़ी की जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण भी जांच की मांग कर रहे हैं।

राजभवन में राज्यपाल ने किया सम्मानित, शैलेन्द्र यादव ने रखा “एक वाहन—एक पौधा” का राष्ट्रीय प्रस्ताव
संजीव सिंह बलिया! चंडीगढ़, 29 मई — राजभवन, पंजाब में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने जनपद बलिया के इको क्लब प्रभारी और पर्यावरणविद् श्री शैलेन्द्र प्रताप यादव को पर्यावरण संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। समारोह में राज्यपाल ने श्री यादव की समर्पित सेवा और उनके अभिनव सुझावों की प्रशंसा की। समारोह के दौरान श्री यादव ने राज्यपाल को पौधा भेंट करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया — भविष्य में वाहन खरीद या पंजीकरण के साथ ‘एक वाहन—एक पौधा’ का अनिवार्य संकल्प जोड़ा जाए। उनका तर्क था कि देश में हर साल सड़कों पर लाखों नए वाहन आते हैं; यदि प्रत्येक वाहन के साथ एक पौधा लगाने की परंपरा बन जाए तो करोड़ों वृक्ष धरती की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने बताया कि यह पहल सरकारी नीतियों के साथ जनभागीदारी को जोड़ कर पर्यावरण संरक्षण को सामान्य नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करेगी। श्री यादव, जो 5 सितम्बर 2020 से प्रतिदिन पौधारोपण का आजीवन संकल्प निभा रहे हैं, ने अपने अभियान के अब हजारों दिनों के सफर और जन-प्रेरणादायी प्रभाव का जिक्र किया। कार्यक्रम में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, प्रख्यात कवि विनय कुशवाहा, रजनी बाला समेत अनेक शिक्षाविद्, साहित्यकार और समाजसेवी उपस्थित थे। उपस्थित जनों ने श्री यादव के प्रयासों की सराहना की और अधिकाधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया। राजभवन में पेश किया गया ‘एक वाहन—एक पौधा’ प्रस्ताव उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय बना। समारोह में मौजूद अतिथियों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी, व्यवहारिक और जनहितकारी पहल बताते हुए समर्थन व्यक्त किया और नीतिगत स्तर पर इसे अपनाने के सुझाव दिए
राजपूत रेजिमेंटल सेंटर में पासिंग आउट परेड, 968 अग्निवीर भारतीय सेना में शामिल
फर्रुखाबाद l
राजपूत रेजिमेंटल सेंटर फतेहगढ़ में अग्निवीर बैच-2025 की भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। 24 सप्ताह के कठोर सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद 968 अग्निवीर औपचारिक रूप से भारतीय सेना के गौरवशाली परिवार का हिस्सा बन गए हैं।
इस बार की पासिंग आउट परेड बेहद खास रही, क्योंकि इसे पहली बार ‘कॉम्बेटाइव’ (युद्धक) स्वरूप में आयोजित किया गया। यह बदलाव भारतीय सेना की आधुनिक युद्ध आवश्यकताओं और भविष्य की तैयारियों को दर्शाता है।
परेड की सलामी राजपूत रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर माइकल डी’सूजा (युद्ध सेवा मेडल)ने ली। नवसैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने अनुशासन, दृढ़निश्चय और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि इस बैच के प्रशिक्षण कार्यक्रम को आधुनिक युद्ध की बदलती जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है, जिसमें नई पीढ़ी के हथियारों के संचालन, सामरिक जागरूकता और युद्धक्षेत्र अभिमुखीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मल्टी-टास्किंग और ‘फ्यूचर-रेडी’ सैनिक प्रशिक्षण के दौरान केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं, बल्कि अग्निवीरों की मानसिक दृढ़ता और दबाव में सही निर्णय लेने की क्षमता को भी परखा गया। इसके तहत लगभग 700 अग्निवीरों को विशेष गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें ड्रोन फ्लाइंग
रॉक क्लाइम्बिंग,आर्मी मार्शल आर्ट्स रूटीन ट्रेनिंग ड्राइविंग, फायरिंग और फोटोग्राफी
अग्निवीर बादल को मिला ‘बेस्ट अग्निवीर मेडल’
समारोह के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जांबाजों को सम्मानित किया गया। खीसर ट्रेनिंग कंपनी के अग्निवीर बादल को समग्र मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बेस्ट अग्निवीर मेडल से नवाजा गया। कमांडेंट ने इस बेहतरीन प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षकों और पूरे स्टाफ की समर्पित कार्यशैली की सराहना की।
देश सेवा की शुरुआत करते हुए सभी अग्निवीरों ने भारतीय संविधान, राष्ट्र की संप्रभुता और सेना की गौरवशाली परंपराओं के प्रति निष्ठा की शपथ ली। इस भावुक और गर्व के क्षण में अग्निवीरों के माता-पिता भी शामिल हुए, जिन्हें उनके त्याग और सहयोग के लिए सेना की ओर से गौरव पदक देकर सम्मानित किया गया। अग्निवीर बैच 2025 की यह पासिंग आउट परेड इस बात का प्रमाण है कि भारतीय सेना अब तकनीकी रूप से दक्ष, मानसिक रूप से सुदृढ़ और भविष्य के युद्धों के लिए पूरी तरह तैयार नई पीढ़ी के सैनिकों को तैयार कर रही है।
जिला व्यापार बंधु की बैठक सम्पन्न, डीएम ने दिए दिशा निर्देश
फर्रुखाबाद l जिला व्यापार बंधु की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की आयोजित की गई। बैठक में जनपद के व्यापारियों से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है तथा व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र में बढ़ती आवारा गौवंश की समस्या के समाधान हेतु प्रतिदिन अभियान चलाकर गौवंशों को पकड़ने एवं उन्हें सुरक्षित गौशालाओं में भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे यातायात व्यवस्था सुचारू होगी तथा व्यापारियों एवं आमजन को राहत मिलेगी।
बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण की समस्या भी उठाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सड़क एवं फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए सतत निगरानी की जाए।
ठेली एवं रेहड़ी संचालकों के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि उनके लिए उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन किया जाए, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित न हो तथा यातायात एवं बाजार व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे।
व्यापारियों द्वारा सेंट्रल जेल के पास फुटपाथ पर लगी दुकानों के कारण उत्पन्न हो रही असुविधा का मुद्दा उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दुकानों को व्यवस्थित रूप से पीछे स्थानांतरित कर फुटपाथ को आमजन के उपयोग हेतु मुक्त कराने के निर्देश दिए।
बैठक में व्यापारियों द्वारा बस स्टेशन परिसर में लगाए गए वृक्षों के क्षतिग्रस्त होने का विषय भी उठाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने वृक्षारोपण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा।
लाल सराय स्थित बेडिंग जोन में पार्किंग की समस्या के समाधान हेतु जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद को मल्टी स्टोरी पार्किंग निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्किंग की बेहतर व्यवस्था से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा यातायात व्यवस्था भी सुगम होगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं व्यापार मंडल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राजपूत रेजिमेंटल सेंटर में पासिंग आउट परेड, 968 अग्निवीर भारतीय सेना में शामिल
फर्रुखाबाद l
राजपूत रेजिमेंटल सेंटर फतेहगढ़ में अग्निवीर बैच-2025 की भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। 24 सप्ताह के कठोर सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद 968 अग्निवीर औपचारिक रूप से भारतीय सेना के गौरवशाली परिवार का हिस्सा बन गए हैं।
इस बार की पासिंग आउट परेड बेहद खास रही, क्योंकि इसे पहली बार ‘कॉम्बेटाइव’ (युद्धक) स्वरूप में आयोजित किया गया। यह बदलाव भारतीय सेना की आधुनिक युद्ध आवश्यकताओं और भविष्य की तैयारियों को दर्शाता है।
परेड की सलामी राजपूत रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर माइकल डी’सूजा (युद्ध सेवा मेडल)ने ली। नवसैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने अनुशासन, दृढ़निश्चय और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि इस बैच के प्रशिक्षण कार्यक्रम को आधुनिक युद्ध की बदलती जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है, जिसमें नई पीढ़ी के हथियारों के संचालन, सामरिक जागरूकता और युद्धक्षेत्र अभिमुखीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मल्टी-टास्किंग और ‘फ्यूचर-रेडी’ सैनिक प्रशिक्षण के दौरान केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं, बल्कि अग्निवीरों की मानसिक दृढ़ता और दबाव में सही निर्णय लेने की क्षमता को भी परखा गया। इसके तहत लगभग 700 अग्निवीरों को विशेष गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें ड्रोन फ्लाइंग
रॉक क्लाइम्बिंग,आर्मी मार्शल आर्ट्स रूटीन ट्रेनिंग ड्राइविंग, फायरिंग और फोटोग्राफी
अग्निवीर बादल को मिला ‘बेस्ट अग्निवीर मेडल’
समारोह के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जांबाजों को सम्मानित किया गया। खीसर ट्रेनिंग कंपनी के अग्निवीर बादल को समग्र मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बेस्ट अग्निवीर मेडल से नवाजा गया। कमांडेंट ने इस बेहतरीन प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षकों और पूरे स्टाफ की समर्पित कार्यशैली की सराहना की।
देश सेवा की शुरुआत करते हुए सभी अग्निवीरों ने भारतीय संविधान, राष्ट्र की संप्रभुता और सेना की गौरवशाली परंपराओं के प्रति निष्ठा की शपथ ली। इस भावुक और गर्व के क्षण में अग्निवीरों के माता-पिता भी शामिल हुए, जिन्हें उनके त्याग और सहयोग के लिए सेना की ओर से गौरव पदक देकर सम्मानित किया गया। अग्निवीर बैच 2025 की यह पासिंग आउट परेड इस बात का प्रमाण है कि भारतीय सेना अब तकनीकी रूप से दक्ष, मानसिक रूप से सुदृढ़ और भविष्य के युद्धों के लिए पूरी तरह तैयार नई पीढ़ी के सैनिकों को तैयार कर रही है।
सर्वाधिक वृक्षारोपण कराने वाले बीडीओ होंगे सम्मानित, यूपी में 11.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
* डिप्टी सीएम केशव मौर्य बोले— वृक्षारोपण अभियान को बनाएं जनआंदोलन, पौधों की सुरक्षा और जीवितता पर दें विशेष ध्यान


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के वृहद वृक्षारोपण अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी तेज कर दी है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग को इस वर्ष 11.25 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा, देखभाल और जीवितता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन सर्वश्रेष्ठ जनपदों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि सर्वाधिक क्षेत्रफल में वृक्षारोपण कराने वाले खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को विशेष सम्मान दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में वृक्षारोपण के लिए माइक्रोप्लान तैयार किया जाए और ग्रामीणों के बीच पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर जनसंवाद, गोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
उन्होंने “वृक्षमाला नदीतट संरक्षण अभियान” के तहत नदी किनारों पर बांस रोपण को प्राथमिकता देने को कहा। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य आवासीय योजनाओं के लाभार्थियों से दो-दो सहजन (मोरिंगा) के पौधे अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश दिए। श्री मौर्य ने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण स्थलों का चयन, गड्ढों की खुदाई और पौधों की उपलब्धता की तैयारियां समय से पूरी की जाएं ताकि पौधों की उत्तरजीविता दर बेहतर बनी रहे। उन्होंने पौधों की खरीद निजी नर्सरियों से न करने तथा वन विभाग के माध्यम से ही पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कुल पौधरोपण में कम से कम 20 प्रतिशत फलदार पौधों को शामिल किया जाए तथा पर्याप्त संख्या में सहजन के पौधे लगाए जाएं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ पोषण सुरक्षा, ग्रामीण आय और आजीविका को भी मजबूती मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत कराए जाने वाले वृक्षारोपण कार्यों में निर्धारित मानकों के अनुरूप रखरखाव सुनिश्चित करने तथा विगत वर्षों में लगाए गए पौधों की समीक्षा कर सूखे एवं नष्ट पौधों का तत्काल प्रतिस्थापन कराने के निर्देश भी दिए।
आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण अभियान-2026-27 को मिशन मोड में संचालित करते हुए इसे प्रदेशव्यापी जनभागीदारी का सफल अभियान बनाया जाए।
श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस में धर्म, शिक्षा एवं सच्ची मित्रता का संदेश
रितेश मिश्रा
हरदोई, बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल, नघेटा रोड, हरदोई स्थित श्री सिद्धबली हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सप्तम दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

कथा के सप्तम दिवस की मुख्य यजमान के रूप में डॉ. कीर्ति सिंह, अध्यक्ष — जीवनदीप सत्संग मंडल, हरदोई उपस्थित रहीं। मुख्य सहयजमान के रूप में श्री त्रिलोकी सिंह गौर (वरिष्ठ अधिवक्ता), श्री के.पी. दीक्षित (आत्मबोधाय आश्रम, हरदोई) एवं श्री ओम पाण्डेय सपरिवार उपस्थित रहे। सभी ने व्यासपीठ एवं कथा व्यास का विधिवत पूजन-अर्चन कर कथा का शुभारम्भ कराया।

कथा के मंगलाचरण अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उन्नाव विभाग के विभाग संघचालक माननीय शिवस्वरूप जी तथा सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’ ने उपस्थित होकर परम पूज्य कथा व्यास गुरुदेव का स्वागत एवं सम्मान किया।

इस अवसर पर नैमिषारण्य से पधारे अनन्त श्री विभूषित परम पूज्य स्वामी महामण्डलेश्वर स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज, अध्यक्ष नारदानन्द आश्रम, सीतापुर का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त हुआ। आयोजन समिति द्वारा उनका माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया।

स्वागत करने वालों में डॉ. कीर्ति सिंह, शिव शंकर पाण्डेय, शिव प्रकाश त्रिवेदी, नवल किशोर द्विवेदी, त्रिलोकी सिंह गौर, सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’, अश्वनी दीक्षित, के.पी. दीक्षित, इन्द्रेश्वर नाथ गुप्ता, अरविन्द द्विवेदी, अरुण मिश्रा, राकेश त्रिपाठी, कौशलेन्द्र प्रताप सिंह (प्रधानाचार्य, आर.आर. इंटर कॉलेज, हरदोई), ओम पाण्डेय, संदीप अवस्थी एवं वीनस अवस्थी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।

अपने आशीर्वचन में स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ अथवा धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्य, करुणा, सेवा, सदाचार एवं कर्तव्यपालन का नाम ही धर्म है। मनुष्य को अपने जीवन में सदैव सत्य एवं न्याय का साथ देते हुए धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहना चाहिए। धर्म हमें मानवता, प्रेम और परस्पर सम्मान का संदेश प्रदान करता है।

उन्होंने श्रीमद्भागवत में वर्णित भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा जी की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन नहीं थे, बल्कि वे ज्ञान और विद्या रूपी अमूल्य धन से समृद्ध थे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता यह शिक्षा देती है कि सच्ची मित्रता धन, पद एवं प्रतिष्ठा पर नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, त्याग और आत्मीयता पर आधारित होती है।

स्वामी जी ने कहा कि आज समाज को ऐसे व्यक्तित्वों की आवश्यकता है जो अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रखकर अध्यात्म, शिक्षा और समाज सेवा के माध्यम से जनकल्याण हेतु समर्पित करें। डॉ. कीर्ति सिंह जी ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता एवं राष्ट्रप्रेम का भी विकास किया है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी सक्रिय सहभागिता समाज को सनातन मूल्यों एवं आध्यात्मिक परम्पराओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।

स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि डॉ. कीर्ति सिंह जी को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरन्तर समाज सेवा की शक्ति प्राप्त हो, जिससे वे इसी प्रकार राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देती रहें।

कथा व्यास पूज्य स्वामी सत्यानन्द गिरि जी महाराज ने श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान के 16,108 विवाहों का आध्यात्मिक रहस्य समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान की आठ प्रमुख पटरानियाँ प्रकृति के आठ स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं। ईश्वर और जीव में यही मूलभूत अंतर है कि प्रकृति ईश्वर के अधीन है, जबकि जीव प्रकृति के अधीन रहता है।

उन्होंने “एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति” का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्म एकमात्र शाश्वत सत्य है, जबकि प्रकृति परिवर्तनशील एवं नश्वर है। ऋतुओं, परिस्थितियों और संसार के सभी परिवर्तन प्रकृति के ही स्वरूप हैं, परन्तु ब्रह्म सदैव अविनाशी है।

सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि विद्या ही मनुष्य का वास्तविक धन है। शास्त्रों में कहा गया है — “विद्या नाम नरस्य रूपमधिकम्” अर्थात विद्या मनुष्य का श्रेष्ठ आभूषण है। जिस व्यक्ति के पास ज्ञान और शिक्षा का धन है, वह कभी दरिद्र नहीं हो सकता।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि यदि वे अपने बच्चों को भौतिक सम्पत्ति न भी दे सकें तो कोई बात नहीं, किन्तु उन्हें शिक्षित अवश्य बनाएं। विद्या मनुष्य में विनय, नम्रता, सदाचार, शालीनता एवं समृद्धि का विकास करती है। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्या का वास्तविक महत्व तभी है जब वह धर्म और संस्कारों से जुड़ी हो। जिस प्रकार स्वादिष्ट भोजन में घी का विशेष महत्व होता है, उसी प्रकार शिक्षा में धर्म का विशेष महत्व है।

स्वामी जी ने बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल एवं आर.आर. इंटर कॉलेज की प्रबन्धक डॉ. कीर्ति सिंह तथा समस्त शिक्षकों को हरदोई के बालक-बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण हेतु उत्कृष्ट योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं।

सुदामा चरित्र की भावपूर्ण कथा के उपरान्त सम्पूर्ण परिसर “राधे-राधे” एवं “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान का स्मरण किया।

आयोजन समिति ने बताया कि दिनांक 31 मई 2026 को पूर्णाहुति हवन एवं विशाल भण्डारा प्रसाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से सादर सहभागिता का अनुरोध किया गया है।
धोखाधड़ी मामले में एक अभियुक्त गिरफ्तार:प्रॉफिट बॉन्ड से रुपए दोगुना करने का लालच देकर ठगी

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने 'प्रॉफिट बॉन्ड' के माध्यम से लोगों को ठगने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी असम प्रांत से की गई। अभियुक्तों पर आरोप है कि उन्होंने लोगों को उनकी गाढ़ी कमाई दोगुना करने का लालच देकर धोखाधड़ी की। गोपीगंज थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, अभियुक्तों ने 5 दिसंबर 2022 को शिकायतकर्ता को कम समय में पैसे दोगुना करने का झांसा दिया था। विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने एक फर्जी एग्रीमेंट और 'प्रॉफिट बॉन्ड' तैयार कर पीड़ित को दिया और बड़ी रकम हड़प ली।
निर्धारित समय पूरा होने पर जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो अभियुक्तों ने रकम देने से इनकार कर दिया और धमकी दी। इस संबंध में गोपीगंज थाने में मु0अ0सं0 502/2025 धारा 419, 420, 467, 468, 406, 504, 506 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देशन में गोपीगंज पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की। टीम ने शातिर अभियुक्त सद्दीक अहमद पुत्र फकरूद्दीन भडभुईया को असम के हेलाकादी जिले से गिरफ्तार किया। उसकी उम्र करीब 38 वर्ष है और वह अल्लाई चेरा पार्ट 04, पोस्ट- काटली चेरा का निवासी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक पारसनाथ यादव और आरक्षी उपेंद्र सिंह शामिल थे। भदोही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई को दोगुना करने का लालच देने वाले अज्ञात या संदिग्ध व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी व्यक्ति को अपनी धनराशि देने से पहले संबंधित संस्था की मान्यता और दस्तावेजों की सत्यता की जांच अवश्य कर लें।
पत्रकारिता लोकतंत्र की चेतना और समाज का दर्पण : सुनील सिंह
*निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत : विधायक विपुल दुबे*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। शनिवार को जिला पंचायत सभागार में हिंदी पत्रकारिता दिवस के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशाल गोष्ठी और अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। विभिन्न राष्ट्रीय पत्रकार संगठनों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, चुनौतियों और सामाजिक दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी और ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के पत्रकारिता विभाग के डॉ. सुनील सिंह ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की चेतना और समाज का दर्पण है। उन्होंने बदलते सामाजिक परिवेश में पत्रकारों की जिम्मेदारी बढ़ने पर जोर दिया और सत्य, निष्पक्षता तथा जनहित की भावना को पत्रकारिता की वास्तविक पहचान बताया।
ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता आवश्यक है। उन्होंने पत्रकारों को समाज की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया और पत्रकारिता के मूल्यों को बचाए रखने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच एक सशक्त सेतु की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में पत्रकारों के योगदान की सराहना की और हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
गोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार रामाश्रय सिंह, आशुतोष जायसवाल और सुमित जायसवाल ने भी पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और डिजिटल युग की चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता अरुणेंद्र चौबे ने की, संचालन वीरेंद्र चतुर्वेदी ने किया और संयोजन राजीव गोयल ने किया। समारोह में जिले के विभिन्न पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी, पत्रकार और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
नगर पंचायत बहसूमा में हंसापुर रोड पर स्ट्रीट लाइट के खंभे शो पीस बना कर रह गए हैं   दो वर्ष से नहीं हुआ है एक भी विकास
करोड़ों रुपए खर्च करके नगर पंचायत बहसूमा में स्ट्रीट लाइट के खंभे (पोल) तो खड़े कर दिए हैं, लेकिन उन पर लाइटें न लगना घोर लापरवाही, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। यह स्थिति न केवल जनता के पैसों की बर्बादी है, बल्कि स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और सुविधा के साथ भी सीधा खिलवाड़ है।इस समस्या और इस पर टिप्पणी के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:1. सुरक्षा और दुर्घटनाओं का खतराखंभे खड़े होने के बावजूद लाइटें न जलने से शाम ढलते ही मुख्य मार्गों और गलियों में अंधेरा छा जाता है। इससे रात में आने-जाने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को खतरा रहता है और अंधेरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।2. भ्रष्टाचार और टेंडर में धांधलीअक्सर ऐसे मामलों में देखा जाता है कि खंभे लगाने के बाद बजट (या तो खत्म हो जाता है) या फिर संबंधित ठेकेदार/वेंडर और अधिकारियों की मिलीभगत के कारण लाइटें लगाने का काम बीच में ही लटका दिया जाता है। यह स्पष्ट तौर पर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और कमीशनखोरी की ओर इशारा करता है।3. जनविरोधी रवैया और जवाबदेही का अभावलाखों-करोड़ों रुपए के विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित रह जाते हैं। स्थानीय जन प्रतिनिधियों और नगर पंचायत के अधिकारियों की उदासीनता के कारण जनता की गाढ़ी कमाई से खड़े किए गए खंभे शो-पीस बनकर रह गए हैं। वार्ड नंबर 4 मोहल्ला वासियों का कहना है कि अंधेरे के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है वार्ड वासियों में डॉ राहुल राजेंद्र कलवा सुलेमान संदीप बाबू मिस्त्री गुलजार इस बारे में नगर पंचायत अध्यक्ष सचिन सुकड़ी से बात हुई तो उन्होंने बताया कि हमारा क्षेत्र में नहीं आता है फिर भी हम लगवाने की कोशिश करेंगे
गुरारू की मलना पंचायत में योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, मुख्यमंत्री से लेकर डीएम तक भेजी शिकायत

गया। गया जिले के गुरारू प्रखंड अंतर्गत मलना पंचायत में संचालित सरकारी योजनाओं में अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए एक ग्रामीण बालेश्वर कुमार ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कई योजनाओं का कार्य धरातल पर सही तरीके से नहीं कराया गया, जबकि कागजों पर कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी राशि का उपयोग कर लिया गया। मलना पंचायत निवासी बालेश्वर कुमार द्वारा दिए गए आवेदन में पंचायत रोजगार सेवक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर कार्य दिखाया गया है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और है। आवेदन में कहा गया है कि कई जगहों पर कार्य नहीं होने के बावजूद योजनाओं की फोटो अपलोड कर और कागजी प्रक्रिया पूरी कर राशि निकासी की गई है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है तथा संबंधित कार्यों की निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर की अनियमितता उजागर हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि संबंधित योजनाओं की स्थल जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, बिहार सरकार, जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी गया तथा उप विकास आयुक्त को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार का कहना है कि सरकारी धन जनता के विकास के लिए होता है और यदि उसमें गड़बड़ी की जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण भी जांच की मांग कर रहे हैं।

राजभवन में राज्यपाल ने किया सम्मानित, शैलेन्द्र यादव ने रखा “एक वाहन—एक पौधा” का राष्ट्रीय प्रस्ताव
संजीव सिंह बलिया! चंडीगढ़, 29 मई — राजभवन, पंजाब में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने जनपद बलिया के इको क्लब प्रभारी और पर्यावरणविद् श्री शैलेन्द्र प्रताप यादव को पर्यावरण संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। समारोह में राज्यपाल ने श्री यादव की समर्पित सेवा और उनके अभिनव सुझावों की प्रशंसा की। समारोह के दौरान श्री यादव ने राज्यपाल को पौधा भेंट करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया — भविष्य में वाहन खरीद या पंजीकरण के साथ ‘एक वाहन—एक पौधा’ का अनिवार्य संकल्प जोड़ा जाए। उनका तर्क था कि देश में हर साल सड़कों पर लाखों नए वाहन आते हैं; यदि प्रत्येक वाहन के साथ एक पौधा लगाने की परंपरा बन जाए तो करोड़ों वृक्ष धरती की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने बताया कि यह पहल सरकारी नीतियों के साथ जनभागीदारी को जोड़ कर पर्यावरण संरक्षण को सामान्य नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करेगी। श्री यादव, जो 5 सितम्बर 2020 से प्रतिदिन पौधारोपण का आजीवन संकल्प निभा रहे हैं, ने अपने अभियान के अब हजारों दिनों के सफर और जन-प्रेरणादायी प्रभाव का जिक्र किया। कार्यक्रम में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, प्रख्यात कवि विनय कुशवाहा, रजनी बाला समेत अनेक शिक्षाविद्, साहित्यकार और समाजसेवी उपस्थित थे। उपस्थित जनों ने श्री यादव के प्रयासों की सराहना की और अधिकाधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया। राजभवन में पेश किया गया ‘एक वाहन—एक पौधा’ प्रस्ताव उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय बना। समारोह में मौजूद अतिथियों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी, व्यवहारिक और जनहितकारी पहल बताते हुए समर्थन व्यक्त किया और नीतिगत स्तर पर इसे अपनाने के सुझाव दिए
राजपूत रेजिमेंटल सेंटर में पासिंग आउट परेड, 968 अग्निवीर भारतीय सेना में शामिल
फर्रुखाबाद l
राजपूत रेजिमेंटल सेंटर फतेहगढ़ में अग्निवीर बैच-2025 की भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। 24 सप्ताह के कठोर सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद 968 अग्निवीर औपचारिक रूप से भारतीय सेना के गौरवशाली परिवार का हिस्सा बन गए हैं।
इस बार की पासिंग आउट परेड बेहद खास रही, क्योंकि इसे पहली बार ‘कॉम्बेटाइव’ (युद्धक) स्वरूप में आयोजित किया गया। यह बदलाव भारतीय सेना की आधुनिक युद्ध आवश्यकताओं और भविष्य की तैयारियों को दर्शाता है।
परेड की सलामी राजपूत रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर माइकल डी’सूजा (युद्ध सेवा मेडल)ने ली। नवसैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने अनुशासन, दृढ़निश्चय और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि इस बैच के प्रशिक्षण कार्यक्रम को आधुनिक युद्ध की बदलती जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है, जिसमें नई पीढ़ी के हथियारों के संचालन, सामरिक जागरूकता और युद्धक्षेत्र अभिमुखीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मल्टी-टास्किंग और ‘फ्यूचर-रेडी’ सैनिक प्रशिक्षण के दौरान केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं, बल्कि अग्निवीरों की मानसिक दृढ़ता और दबाव में सही निर्णय लेने की क्षमता को भी परखा गया। इसके तहत लगभग 700 अग्निवीरों को विशेष गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें ड्रोन फ्लाइंग
रॉक क्लाइम्बिंग,आर्मी मार्शल आर्ट्स रूटीन ट्रेनिंग ड्राइविंग, फायरिंग और फोटोग्राफी
अग्निवीर बादल को मिला ‘बेस्ट अग्निवीर मेडल’
समारोह के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जांबाजों को सम्मानित किया गया। खीसर ट्रेनिंग कंपनी के अग्निवीर बादल को समग्र मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बेस्ट अग्निवीर मेडल से नवाजा गया। कमांडेंट ने इस बेहतरीन प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षकों और पूरे स्टाफ की समर्पित कार्यशैली की सराहना की।
देश सेवा की शुरुआत करते हुए सभी अग्निवीरों ने भारतीय संविधान, राष्ट्र की संप्रभुता और सेना की गौरवशाली परंपराओं के प्रति निष्ठा की शपथ ली। इस भावुक और गर्व के क्षण में अग्निवीरों के माता-पिता भी शामिल हुए, जिन्हें उनके त्याग और सहयोग के लिए सेना की ओर से गौरव पदक देकर सम्मानित किया गया। अग्निवीर बैच 2025 की यह पासिंग आउट परेड इस बात का प्रमाण है कि भारतीय सेना अब तकनीकी रूप से दक्ष, मानसिक रूप से सुदृढ़ और भविष्य के युद्धों के लिए पूरी तरह तैयार नई पीढ़ी के सैनिकों को तैयार कर रही है।
जिला व्यापार बंधु की बैठक सम्पन्न, डीएम ने दिए दिशा निर्देश
फर्रुखाबाद l जिला व्यापार बंधु की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की आयोजित की गई। बैठक में जनपद के व्यापारियों से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है तथा व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र में बढ़ती आवारा गौवंश की समस्या के समाधान हेतु प्रतिदिन अभियान चलाकर गौवंशों को पकड़ने एवं उन्हें सुरक्षित गौशालाओं में भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे यातायात व्यवस्था सुचारू होगी तथा व्यापारियों एवं आमजन को राहत मिलेगी।
बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण की समस्या भी उठाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सड़क एवं फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए सतत निगरानी की जाए।
ठेली एवं रेहड़ी संचालकों के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि उनके लिए उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन किया जाए, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित न हो तथा यातायात एवं बाजार व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे।
व्यापारियों द्वारा सेंट्रल जेल के पास फुटपाथ पर लगी दुकानों के कारण उत्पन्न हो रही असुविधा का मुद्दा उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दुकानों को व्यवस्थित रूप से पीछे स्थानांतरित कर फुटपाथ को आमजन के उपयोग हेतु मुक्त कराने के निर्देश दिए।
बैठक में व्यापारियों द्वारा बस स्टेशन परिसर में लगाए गए वृक्षों के क्षतिग्रस्त होने का विषय भी उठाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने वृक्षारोपण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा।
लाल सराय स्थित बेडिंग जोन में पार्किंग की समस्या के समाधान हेतु जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद को मल्टी स्टोरी पार्किंग निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्किंग की बेहतर व्यवस्था से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा यातायात व्यवस्था भी सुगम होगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं व्यापार मंडल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राजपूत रेजिमेंटल सेंटर में पासिंग आउट परेड, 968 अग्निवीर भारतीय सेना में शामिल
फर्रुखाबाद l
राजपूत रेजिमेंटल सेंटर फतेहगढ़ में अग्निवीर बैच-2025 की भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। 24 सप्ताह के कठोर सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद 968 अग्निवीर औपचारिक रूप से भारतीय सेना के गौरवशाली परिवार का हिस्सा बन गए हैं।
इस बार की पासिंग आउट परेड बेहद खास रही, क्योंकि इसे पहली बार ‘कॉम्बेटाइव’ (युद्धक) स्वरूप में आयोजित किया गया। यह बदलाव भारतीय सेना की आधुनिक युद्ध आवश्यकताओं और भविष्य की तैयारियों को दर्शाता है।
परेड की सलामी राजपूत रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर माइकल डी’सूजा (युद्ध सेवा मेडल)ने ली। नवसैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने अनुशासन, दृढ़निश्चय और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि इस बैच के प्रशिक्षण कार्यक्रम को आधुनिक युद्ध की बदलती जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है, जिसमें नई पीढ़ी के हथियारों के संचालन, सामरिक जागरूकता और युद्धक्षेत्र अभिमुखीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मल्टी-टास्किंग और ‘फ्यूचर-रेडी’ सैनिक प्रशिक्षण के दौरान केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं, बल्कि अग्निवीरों की मानसिक दृढ़ता और दबाव में सही निर्णय लेने की क्षमता को भी परखा गया। इसके तहत लगभग 700 अग्निवीरों को विशेष गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें ड्रोन फ्लाइंग
रॉक क्लाइम्बिंग,आर्मी मार्शल आर्ट्स रूटीन ट्रेनिंग ड्राइविंग, फायरिंग और फोटोग्राफी
अग्निवीर बादल को मिला ‘बेस्ट अग्निवीर मेडल’
समारोह के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जांबाजों को सम्मानित किया गया। खीसर ट्रेनिंग कंपनी के अग्निवीर बादल को समग्र मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बेस्ट अग्निवीर मेडल से नवाजा गया। कमांडेंट ने इस बेहतरीन प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षकों और पूरे स्टाफ की समर्पित कार्यशैली की सराहना की।
देश सेवा की शुरुआत करते हुए सभी अग्निवीरों ने भारतीय संविधान, राष्ट्र की संप्रभुता और सेना की गौरवशाली परंपराओं के प्रति निष्ठा की शपथ ली। इस भावुक और गर्व के क्षण में अग्निवीरों के माता-पिता भी शामिल हुए, जिन्हें उनके त्याग और सहयोग के लिए सेना की ओर से गौरव पदक देकर सम्मानित किया गया। अग्निवीर बैच 2025 की यह पासिंग आउट परेड इस बात का प्रमाण है कि भारतीय सेना अब तकनीकी रूप से दक्ष, मानसिक रूप से सुदृढ़ और भविष्य के युद्धों के लिए पूरी तरह तैयार नई पीढ़ी के सैनिकों को तैयार कर रही है।
सर्वाधिक वृक्षारोपण कराने वाले बीडीओ होंगे सम्मानित, यूपी में 11.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
* डिप्टी सीएम केशव मौर्य बोले— वृक्षारोपण अभियान को बनाएं जनआंदोलन, पौधों की सुरक्षा और जीवितता पर दें विशेष ध्यान


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के वृहद वृक्षारोपण अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी तेज कर दी है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग को इस वर्ष 11.25 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा, देखभाल और जीवितता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन सर्वश्रेष्ठ जनपदों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि सर्वाधिक क्षेत्रफल में वृक्षारोपण कराने वाले खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को विशेष सम्मान दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में वृक्षारोपण के लिए माइक्रोप्लान तैयार किया जाए और ग्रामीणों के बीच पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर जनसंवाद, गोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
उन्होंने “वृक्षमाला नदीतट संरक्षण अभियान” के तहत नदी किनारों पर बांस रोपण को प्राथमिकता देने को कहा। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य आवासीय योजनाओं के लाभार्थियों से दो-दो सहजन (मोरिंगा) के पौधे अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश दिए। श्री मौर्य ने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण स्थलों का चयन, गड्ढों की खुदाई और पौधों की उपलब्धता की तैयारियां समय से पूरी की जाएं ताकि पौधों की उत्तरजीविता दर बेहतर बनी रहे। उन्होंने पौधों की खरीद निजी नर्सरियों से न करने तथा वन विभाग के माध्यम से ही पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कुल पौधरोपण में कम से कम 20 प्रतिशत फलदार पौधों को शामिल किया जाए तथा पर्याप्त संख्या में सहजन के पौधे लगाए जाएं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ पोषण सुरक्षा, ग्रामीण आय और आजीविका को भी मजबूती मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत कराए जाने वाले वृक्षारोपण कार्यों में निर्धारित मानकों के अनुरूप रखरखाव सुनिश्चित करने तथा विगत वर्षों में लगाए गए पौधों की समीक्षा कर सूखे एवं नष्ट पौधों का तत्काल प्रतिस्थापन कराने के निर्देश भी दिए।
आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण अभियान-2026-27 को मिशन मोड में संचालित करते हुए इसे प्रदेशव्यापी जनभागीदारी का सफल अभियान बनाया जाए।
श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस में धर्म, शिक्षा एवं सच्ची मित्रता का संदेश
रितेश मिश्रा
हरदोई, बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल, नघेटा रोड, हरदोई स्थित श्री सिद्धबली हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सप्तम दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

कथा के सप्तम दिवस की मुख्य यजमान के रूप में डॉ. कीर्ति सिंह, अध्यक्ष — जीवनदीप सत्संग मंडल, हरदोई उपस्थित रहीं। मुख्य सहयजमान के रूप में श्री त्रिलोकी सिंह गौर (वरिष्ठ अधिवक्ता), श्री के.पी. दीक्षित (आत्मबोधाय आश्रम, हरदोई) एवं श्री ओम पाण्डेय सपरिवार उपस्थित रहे। सभी ने व्यासपीठ एवं कथा व्यास का विधिवत पूजन-अर्चन कर कथा का शुभारम्भ कराया।

कथा के मंगलाचरण अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उन्नाव विभाग के विभाग संघचालक माननीय शिवस्वरूप जी तथा सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’ ने उपस्थित होकर परम पूज्य कथा व्यास गुरुदेव का स्वागत एवं सम्मान किया।

इस अवसर पर नैमिषारण्य से पधारे अनन्त श्री विभूषित परम पूज्य स्वामी महामण्डलेश्वर स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज, अध्यक्ष नारदानन्द आश्रम, सीतापुर का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त हुआ। आयोजन समिति द्वारा उनका माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया।

स्वागत करने वालों में डॉ. कीर्ति सिंह, शिव शंकर पाण्डेय, शिव प्रकाश त्रिवेदी, नवल किशोर द्विवेदी, त्रिलोकी सिंह गौर, सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’, अश्वनी दीक्षित, के.पी. दीक्षित, इन्द्रेश्वर नाथ गुप्ता, अरविन्द द्विवेदी, अरुण मिश्रा, राकेश त्रिपाठी, कौशलेन्द्र प्रताप सिंह (प्रधानाचार्य, आर.आर. इंटर कॉलेज, हरदोई), ओम पाण्डेय, संदीप अवस्थी एवं वीनस अवस्थी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।

अपने आशीर्वचन में स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ अथवा धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्य, करुणा, सेवा, सदाचार एवं कर्तव्यपालन का नाम ही धर्म है। मनुष्य को अपने जीवन में सदैव सत्य एवं न्याय का साथ देते हुए धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहना चाहिए। धर्म हमें मानवता, प्रेम और परस्पर सम्मान का संदेश प्रदान करता है।

उन्होंने श्रीमद्भागवत में वर्णित भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा जी की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन नहीं थे, बल्कि वे ज्ञान और विद्या रूपी अमूल्य धन से समृद्ध थे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता यह शिक्षा देती है कि सच्ची मित्रता धन, पद एवं प्रतिष्ठा पर नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, त्याग और आत्मीयता पर आधारित होती है।

स्वामी जी ने कहा कि आज समाज को ऐसे व्यक्तित्वों की आवश्यकता है जो अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रखकर अध्यात्म, शिक्षा और समाज सेवा के माध्यम से जनकल्याण हेतु समर्पित करें। डॉ. कीर्ति सिंह जी ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता एवं राष्ट्रप्रेम का भी विकास किया है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी सक्रिय सहभागिता समाज को सनातन मूल्यों एवं आध्यात्मिक परम्पराओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।

स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि डॉ. कीर्ति सिंह जी को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरन्तर समाज सेवा की शक्ति प्राप्त हो, जिससे वे इसी प्रकार राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देती रहें।

कथा व्यास पूज्य स्वामी सत्यानन्द गिरि जी महाराज ने श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान के 16,108 विवाहों का आध्यात्मिक रहस्य समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान की आठ प्रमुख पटरानियाँ प्रकृति के आठ स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं। ईश्वर और जीव में यही मूलभूत अंतर है कि प्रकृति ईश्वर के अधीन है, जबकि जीव प्रकृति के अधीन रहता है।

उन्होंने “एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति” का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्म एकमात्र शाश्वत सत्य है, जबकि प्रकृति परिवर्तनशील एवं नश्वर है। ऋतुओं, परिस्थितियों और संसार के सभी परिवर्तन प्रकृति के ही स्वरूप हैं, परन्तु ब्रह्म सदैव अविनाशी है।

सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि विद्या ही मनुष्य का वास्तविक धन है। शास्त्रों में कहा गया है — “विद्या नाम नरस्य रूपमधिकम्” अर्थात विद्या मनुष्य का श्रेष्ठ आभूषण है। जिस व्यक्ति के पास ज्ञान और शिक्षा का धन है, वह कभी दरिद्र नहीं हो सकता।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि यदि वे अपने बच्चों को भौतिक सम्पत्ति न भी दे सकें तो कोई बात नहीं, किन्तु उन्हें शिक्षित अवश्य बनाएं। विद्या मनुष्य में विनय, नम्रता, सदाचार, शालीनता एवं समृद्धि का विकास करती है। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्या का वास्तविक महत्व तभी है जब वह धर्म और संस्कारों से जुड़ी हो। जिस प्रकार स्वादिष्ट भोजन में घी का विशेष महत्व होता है, उसी प्रकार शिक्षा में धर्म का विशेष महत्व है।

स्वामी जी ने बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल एवं आर.आर. इंटर कॉलेज की प्रबन्धक डॉ. कीर्ति सिंह तथा समस्त शिक्षकों को हरदोई के बालक-बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण हेतु उत्कृष्ट योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं।

सुदामा चरित्र की भावपूर्ण कथा के उपरान्त सम्पूर्ण परिसर “राधे-राधे” एवं “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान का स्मरण किया।

आयोजन समिति ने बताया कि दिनांक 31 मई 2026 को पूर्णाहुति हवन एवं विशाल भण्डारा प्रसाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से सादर सहभागिता का अनुरोध किया गया है।
धोखाधड़ी मामले में एक अभियुक्त गिरफ्तार:प्रॉफिट बॉन्ड से रुपए दोगुना करने का लालच देकर ठगी

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने 'प्रॉफिट बॉन्ड' के माध्यम से लोगों को ठगने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी असम प्रांत से की गई। अभियुक्तों पर आरोप है कि उन्होंने लोगों को उनकी गाढ़ी कमाई दोगुना करने का लालच देकर धोखाधड़ी की। गोपीगंज थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, अभियुक्तों ने 5 दिसंबर 2022 को शिकायतकर्ता को कम समय में पैसे दोगुना करने का झांसा दिया था। विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने एक फर्जी एग्रीमेंट और 'प्रॉफिट बॉन्ड' तैयार कर पीड़ित को दिया और बड़ी रकम हड़प ली।
निर्धारित समय पूरा होने पर जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो अभियुक्तों ने रकम देने से इनकार कर दिया और धमकी दी। इस संबंध में गोपीगंज थाने में मु0अ0सं0 502/2025 धारा 419, 420, 467, 468, 406, 504, 506 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देशन में गोपीगंज पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की। टीम ने शातिर अभियुक्त सद्दीक अहमद पुत्र फकरूद्दीन भडभुईया को असम के हेलाकादी जिले से गिरफ्तार किया। उसकी उम्र करीब 38 वर्ष है और वह अल्लाई चेरा पार्ट 04, पोस्ट- काटली चेरा का निवासी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक पारसनाथ यादव और आरक्षी उपेंद्र सिंह शामिल थे। भदोही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई को दोगुना करने का लालच देने वाले अज्ञात या संदिग्ध व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी व्यक्ति को अपनी धनराशि देने से पहले संबंधित संस्था की मान्यता और दस्तावेजों की सत्यता की जांच अवश्य कर लें।
पत्रकारिता लोकतंत्र की चेतना और समाज का दर्पण : सुनील सिंह
*निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत : विधायक विपुल दुबे*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। शनिवार को जिला पंचायत सभागार में हिंदी पत्रकारिता दिवस के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशाल गोष्ठी और अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। विभिन्न राष्ट्रीय पत्रकार संगठनों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, चुनौतियों और सामाजिक दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी और ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के पत्रकारिता विभाग के डॉ. सुनील सिंह ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की चेतना और समाज का दर्पण है। उन्होंने बदलते सामाजिक परिवेश में पत्रकारों की जिम्मेदारी बढ़ने पर जोर दिया और सत्य, निष्पक्षता तथा जनहित की भावना को पत्रकारिता की वास्तविक पहचान बताया।
ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता आवश्यक है। उन्होंने पत्रकारों को समाज की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया और पत्रकारिता के मूल्यों को बचाए रखने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच एक सशक्त सेतु की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में पत्रकारों के योगदान की सराहना की और हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
गोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार रामाश्रय सिंह, आशुतोष जायसवाल और सुमित जायसवाल ने भी पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और डिजिटल युग की चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता अरुणेंद्र चौबे ने की, संचालन वीरेंद्र चतुर्वेदी ने किया और संयोजन राजीव गोयल ने किया। समारोह में जिले के विभिन्न पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी, पत्रकार और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
नगर पंचायत बहसूमा में हंसापुर रोड पर स्ट्रीट लाइट के खंभे शो पीस बना कर रह गए हैं   दो वर्ष से नहीं हुआ है एक भी विकास
करोड़ों रुपए खर्च करके नगर पंचायत बहसूमा में स्ट्रीट लाइट के खंभे (पोल) तो खड़े कर दिए हैं, लेकिन उन पर लाइटें न लगना घोर लापरवाही, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। यह स्थिति न केवल जनता के पैसों की बर्बादी है, बल्कि स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और सुविधा के साथ भी सीधा खिलवाड़ है।इस समस्या और इस पर टिप्पणी के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:1. सुरक्षा और दुर्घटनाओं का खतराखंभे खड़े होने के बावजूद लाइटें न जलने से शाम ढलते ही मुख्य मार्गों और गलियों में अंधेरा छा जाता है। इससे रात में आने-जाने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को खतरा रहता है और अंधेरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।2. भ्रष्टाचार और टेंडर में धांधलीअक्सर ऐसे मामलों में देखा जाता है कि खंभे लगाने के बाद बजट (या तो खत्म हो जाता है) या फिर संबंधित ठेकेदार/वेंडर और अधिकारियों की मिलीभगत के कारण लाइटें लगाने का काम बीच में ही लटका दिया जाता है। यह स्पष्ट तौर पर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और कमीशनखोरी की ओर इशारा करता है।3. जनविरोधी रवैया और जवाबदेही का अभावलाखों-करोड़ों रुपए के विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित रह जाते हैं। स्थानीय जन प्रतिनिधियों और नगर पंचायत के अधिकारियों की उदासीनता के कारण जनता की गाढ़ी कमाई से खड़े किए गए खंभे शो-पीस बनकर रह गए हैं। वार्ड नंबर 4 मोहल्ला वासियों का कहना है कि अंधेरे के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है वार्ड वासियों में डॉ राहुल राजेंद्र कलवा सुलेमान संदीप बाबू मिस्त्री गुलजार इस बारे में नगर पंचायत अध्यक्ष सचिन सुकड़ी से बात हुई तो उन्होंने बताया कि हमारा क्षेत्र में नहीं आता है फिर भी हम लगवाने की कोशिश करेंगे