बिलग्राम तहसील प्रशासन के कारनामे, मेड़बंदी कराई, कब्जा दिलाया, फिर बदल गई रिपोर्ट
*गाटा संख्या 75 मे 0.0918 हेक्टेयर भूमि घाटे की पैमाइश पर पारित हुआ था थाकबंदी आदेश*

*मेड़ तोड़े जाने की पुष्टि के बाद भी कार्रवाई नहीं बाद की रिपोर्ट ने खड़े किए नए प्रश्न*

रितेश मिश्रा
हरदोई। उत्तर प्रदेश सरकार जहां प्रशासन में पारदर्शिता और "जीरो टॉलरेंस" नीति को सुशासन का आधार बताती है, वहीं हरदोई जिले की बिलग्राम तहसील का एक भूमि विवाद राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। एक ही प्रकरण में पहले पैमाइश, फिर थाकबंदी आदेश, उसके अनुपालन में मेड़बंदी और कब्जा दिलाने की कार्रवाई, और बाद में उसी मामले में विपरीत रिपोर्ट—पूरा घटनाक्रम ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।बिलग्राम तहसील के ग्राम श्यामपुर में गाटा संख्या 75 से जुड़े इस मामले में न्यायालय के आदेश से लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तक की कहानी कई मोड़ों से गुजरती है। हर मोड़ पर एक नया सवाल खड़ा होता है और हर सवाल का जवाब अभी भी फाइलों के पन्नों में तलाशा जा रहा है।ग्राम श्यामपुर निवासी दिवाकर मिश्रा पुत्र प्रेमचंद्र ने गाटा संख्या 75 की भूमि के संबंध में उपजिलाधिकारी बिलग्राम के न्यायालय में थाकबदी वाद प्रस्तुत किया था। न्यायालय के निर्देश पर क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक ने मौके पर पैमाइश कर नक्शा नजरी एवं थाकबंदी आख्या तैयार की।
पैमाइश में सामने आया 0.0918 हेक्टेयर भूमि का घाटा
राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 75 का क्षेत्रफल 0.2710 हेक्टेयर दर्ज था, जबकि मौके पर हुई पैमाइश में उसका वास्तविक क्षेत्रफल मात्र 0.1792 हेक्टेयर पाया गया। इस प्रकार गाटा संख्या 75 में कुल 0.0918 हेक्टेयर भूमि का घाटा दर्ज हुआ।
इतना ही नहीं, आसपास के कई गाटों में क्षेत्रफल की बढ़त भी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार—
गाटा संख्या 55 में 0.0635 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 74 में 0.0376 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 76 में 0.0278 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 77 में 0.0283 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 72 एवं 73 में भी क्षेत्रफल का अंतर दर्ज किया गया
पड़ोसी गाटों की पैमाइश के आधार पर तैयार आख्या न्यायालय में प्रस्तुत की गई। प्रभावित पक्षों को समन और समाचार पत्र के माध्यम से सूचना दी गई, लेकिन किसी भी पक्ष ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। इसके बाद एसडीएम न्यायालय ने 28 मई 2025 को प्रस्तुत आख्या को स्वीकार करते हुए थाकबंदी आदेश पारित कर दिया।
आदेश मिला, लेकिन अनुपालन में हुई देरी

दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि न्यायालय का आदेश पारित होने के बावजूद लंबे समय तक उसका अनुपालन नहीं कराया गया। न्यायालय का आदेश अभिलेखों में दर्ज रहा, लेकिन जमीन पर उसकी तस्वीर दिखाई नहीं दी।आखिरकार 11 मार्च 2026 को दिवाकर मिश्रा ने जिलाधिकारी हरदोई को शिकायत देकर थाकबंदी आदेश का अनुपालन कराने की मांग कीजिलाधिकारी के निर्देश के बाद एसडीएम बिलग्राम ने राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को मौके पर भेजा। इसके बाद मेड़बंदी कराई गई और दिवाकर मिश्रा को भूमि पर कब्जा दिलाया गया।

कब्जे के बाद फिर शुरू हुआ विवाद

दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि कब्जा मिलने के बाद रामलखन त्रिपाठी पुत्र श्याममोहन तथा उमाकांत शुक्ल निवासी बालामऊ चार-पांच अन्य व्यक्तियों के साथ मौके पर पहुंचे और बनाई गई मेड़ को तोड़ दिया। आरोप है कि भूमि को पुनः अपने खेत में मिला लिया गया तथा विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।
इस संबंध में दिवाकर मिश्रा नेआईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत संख्या20015536022250 दर्ज कराई।

पहली रिपोर्ट में मेड़ तोड़ने की पुष्टि

शिकायत की जांच में क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक ने 19 मई 2026 को प्रस्तुत अपनी आख्या में मेड़ तोड़े जाने का उल्लेख किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि थाकबंदी आदेश के अनुरूप की गई मेड़बंदी को नहीं माना गया और मौके की स्थिति बदल दी गई।
रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की उम्मीद जगी, लेकिन दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि इसके बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

दूसरी शिकायत और बदल गई पूरी तस्वीर

इसके बाद दिवाकर मिश्रा ने पुनः आईजीआरएस शिकायत संख्या 20015526024152 दर्ज कराई। इस बार जांच में प्रस्तुत रिपोर्ट ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
आरोप है कि उसी राजस्व निरीक्षक ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा कि आवेदक का भू-चित्र छोटा बना हुआ है, इसलिए उसे पूरी भूमि नहीं दी जा सकती। रिपोर्ट में विपक्षी पक्ष के प्रत्यावेदन का भी उल्लेख किया गया। बाद में एसडीएम बिलग्राम स्तर से भी इसी आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई।

सवालों के घेरे में पूरा घटनाक्रम

यहीं से कई प्रश्न जन्म लेते हैं। यदि भू-चित्र छोटा था तो उसी पैमाइश रिपोर्ट के आधार पर थाकबंदी आदेश कैसे पारित हुआ? यदि आदेश सही नहीं था तो प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मेड़बंदी कर कब्जा क्यों दिलाया? और यदि कब्जा दिलाना सही था तो बाद में अधिकारियों की रिपोर्ट का आधार क्या था?
जब पहली रिपोर्ट में मेड़ तोड़े जाने की पुष्टि हो चुकी थी, तब संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि दूसरी रिपोर्ट सही है तो पहली रिपोर्ट तथा उसके आधार पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई को किस नजर से देखा जाए?
यही वे प्रश्न हैं जो आज ग्राम श्यामपुर से लेकर तहसील मुख्यालय तक चर्चा का विषय बने हुए हैं।
जांच की मांग तेज
दिवाकर मिश्रा ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि न्यायालय के आदेश, पैमाइश रिपोर्ट, नक्शा नजरी, आईजीआरएस शिकायतों और बाद में प्रस्तुतविरोधाभासी रिपोर्टों की समग्र जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि एक ही मामले में सरकारी अभिलेखों और प्रशासनिक निष्कर्षों में इतना बड़ा अंतर आखिर क्यों दिखाई दे रहा है। ऐसे मे अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या इस मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होगी, या फिर गाटा संख्या 75 का यह विवाद आने वाले समय में और बड़े सवाल खड़े करेगा।
सपा की हरदोई जिला कार्यकारिणी भंग .
रितेश मिश्रा


हरदोई। समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने जनपद हरदोई की जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इसके साथ ही जिले के सभी प्रकोष्ठों की जिला कार्यकारिणी भी समाप्त कर दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जारी प्रकाशनार्थ पत्र में कहा गया है कि हरदोई जिला कार्यकारिणी, जिला अध्यक्ष सहित तथा सभी प्रकोष्ठों की जिला कार्यकारिणी, जिला अध्यक्षों सहित तत्काल प्रभाव से भंग की जाती है।

यह आदेश 13 जून 2026 को जारी किया गया है। पार्टी के इस फैसले के बाद जिले की सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि संगठन में व्यापक फेरबदल और नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। हालांकि, अभी तक कार्यकारिणी भंग किए जाने के कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की नजर अब नई जिला कार्यकारिणी के गठन पर टिकी हुई है।
खत्म हो गई तकरार! कल्याण बनर्जी के बदले सुर, अभिषेक बनर्जी को बताया बेटे समान

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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को घमंडी कहने वाले कल्याण बनर्जी ने अब उन्हें अपने बेटे जैसा बताया है। इससे पहले हाल ही में कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया था कि वे अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनमें से किसी एक को चुन लें।

श्रीरामपुर के दिग्गज सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, वह मेरे बेटा जैसा है। पिता का कर्तव्य है कि वह बेटे की सभी गलतियों को माफ कर दे। देश में लोकतंत्र खतरे में है। पश्चिम बंगाल में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं आई, जहां विपक्ष का पूरी तरह से सफाया हो गया हो। यह मुख्यमंत्री प्रतिशोध की भावना से ग्रस्त है। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।

24 घंटे पहले ममता बनर्जी को दिया था अल्टीमेटम

यह बयान ऐसे समय आया है, जब इससे महज 24 घंटे पहले कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हमला बोलते हुए उन पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने डायमंड हार्बर सांसद से जुड़े सभी कानूनी मामलों से खुद को अलग करने की घोषणा की थी और यहां तक कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को अल्टीमेटम भी दे दिया था कि वह अपने भतीजे और उन जैसे वरिष्ठों में से किसी एक को चुनें।

कल्याण बनर्जी के बयान पर अभिषेक का संयमित रुख

वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को संयमित रुख अपनाते हुए वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के साथ टकराव की अटकलों को विराम देने की कोशिश की। अभिषेक ने कल्याण बनर्जी को अपना राजनीतिक मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उन्हें आलोचना करने का पूरा अधिकार है, जिससे पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच सुलह और संतुलन का संदेश देने का प्रयास नजर आया।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को पैरवी से हटा दिया था। इससे कल्याण बनर्जी बुरी तरह से नाराज हो गए थे और इसे अपमान और अनादर बताया था। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने उन्हें फोन करके बताया कि अभिषेक बनर्जी के फर्जी हस्ताक्षर मामले में उन्हें कोर्ट नहीं जाना है और उनकी जगह वकील किशोर दत्ता पक्ष रखेंगे। कल्याण बनर्जी ने कहा 'अभिषेक को सीनियर्स का सम्मान करना नहीं आता। वह बहुत घमंडी है और कभी भी मुझ पर भरोसा नहीं करता था और न ही करेगा।'

सेवाढ़ाब में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, माइका लदा वाहन जब्त चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार, जांच में दो नाम आए सामने;

  गिरिडीह: जिले के तिसरी थाना क्षेत्र के सेवाढाब में वन विभाग ने अवैध माइका कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए माइका से लदे एक पिकअप वाहन को जब्त किया है। हालांकि कार्रवाई के दौरान चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। वन विभाग ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में दो लोगों के नाम सामने आने के बाद अवैध माइका कारोबार से जुड़े नेटवर्क को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि तिसरी क्षेत्र के जंगलों से अवैध रूप से निकाला गया माइका पिकअप वाहन के माध्यम से बाहर भेजा जा रहा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने देर रात सेवादाब के समीप घेराबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया गया। वनकर्मियों को देखते ही चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। जब वाहन की तलाशी ली गई तो उसमें भारी मात्रा में माइका लदा मिला। इसके बाद वाहन को जब्त कर गावां बीट कार्यालय ले जाया गया। सूत्रों के अनुसार, पचरुखी, गड़कुरा समेत आसपास के जंगलों से माइका निकालकर विभिन्न रास्तों से उसकी ढुलाई किए जाने की सूचना वन विभाग को लगातार मिल रही थी। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि जब्त माइका किस स्थान से लाया गया था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस संबंध में गावां के वनपाल राजेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है। अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। प्रारंभिक जांच में मुकेश बरनवाल एवं पिंटू यादव का नाम सामने आया है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के बावजूद थम नहीं रहा अवैध कारोबार स्थानीय सूत्रों की माने तो तिसरी, गावां और आसपास के क्षेत्रों में अवैध माइका कारोबार पर पूरी तरह लगाम नहीं लग सकी है। वन विभाग और प्रशासन की समय-समय पर होने वाली कार्रवाइयों के बावजूद कई माइका कारोबारी अब भी सक्रिय हैं और धड़ल्ले से अवैध कारोबार संचालित कर रहे हैं। जंगलों और बंद खदानों से माइका निकालकर विभिन्न माध्यमों से उसकी ढुलाई की जाती है। हालिया कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर अवैध माइका कारोबार का नेटवर्क किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है और इस पर प्रभावी रोक कब लगेगी। छापेमारी दल में प्रभारी वनपाल राजेंद्र प्रसाद, वन उप परिसर पदाधिकारी, होमगार्ड जवान सुरेश महतो समेत अन्य वनकर्मी शामिल थे। वन विभाग का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब देखना है कि आगे और वन विभाग को कितनी सफलता मिलती है और कितना जल्द इस अवैध कारोबार पर पूर्णतः रोक लगाया जा सकेगा।
मुजफ्फरनगर: 10.68 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी में बड़ी कार्रवाई, ईओडब्ल्यू ने वांछित आरोपी जुनैद सैफी को किया गिरफ्तार
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में आर्थिक अपराधों और टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 'आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन' (EOW) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ईओडब्ल्यू की मेरठ सेक्टर टीम ने मुजफ्फरनगर जिले से करीब 10.68 करोड़ रुपये की जीएसटी (GST) और सेल टैक्स चोरी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य अभियुक्त जुनैद सैफी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगाने का आरोप है।

सोची-समझी साजिश के तहत बनाई फर्जी फर्म

मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त जुनैद सैफी, पुत्र नासिर सैफी, मुजफ्फरनगर के सुजडू चुंगी (जहांगीर पट्टी) का रहने वाला है। वह मुजफ्फरनगर के जी.टी. रोड पर स्थित 'सर्वश्री राजकमल ट्रेडर्स' नाम की फर्म का स्वामी था।आरोप है कि जुनैद सैफी ने अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर एक योजनाबद्ध आपराधिक षड्यंत्र रचा था। इन लोगों ने टैक्स चोरी (करापवंचन) करने के उद्देश्य से फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया और कपटपूर्ण तरीके से 'श्री राजकमल ट्रेडर्स' नाम की फर्म का रजिस्ट्रेशन कराया।

ऐसे दिया अरबों के वित्तीय घोटाले को अंजाम

ईओडब्ल्यू (EOW) द्वारा की गई जांच में सामने आया कि आरोपी जुनैद ने न सिर्फ कागजों पर फर्जी फर्म खड़ी की, बल्कि बड़े पैमाने पर सेल टैक्स की चोरी भी की। इस फर्जीवाड़े के जरिए उसने अपनी फर्म से जुड़ी अन्य अनुवर्ती (आगे की) फर्मों को अवैध रूप से करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ पहुंचाया। इस पूरी हेराफेरी के माध्यम से आरोपियों ने सरकार को सीधे तौर पर 10,68,00,000 रुपये (दस करोड़ अड़सठ लाख रुपये) की जीएसटी की चपत लगाई और खुद अवैध रूप से मोटा मुनाफा कमाया।

दर्ज मामले और पुलिस की कार्रवाई

इस धोखाधड़ी को लेकर मुजफ्फरनगर के थाना मन्सूरपुर में मुकदमा अपराध संख्या 77/21 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच (विवेचना संख्या-22/23) ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर को सौंपी गई थी। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 419, 409, 420, 467, 468, 471, 120बी के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66सी और जीएसटी एक्ट की धारा 35(i) के तहत केस दर्ज है।

आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था

मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। ईओडब्ल्यू लखनऊ के निर्देश पर वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक (EOW मेरठ सेक्टर) के पर्यवेक्षण में टीम का गठन किया गया। ईओडब्ल्यू की टीम ने जाल बिछाकर 12 जून 2026 को आरोपी जुनैद सैफी को मुजफ्फरनगर से धर दबोचा। पुलिस अब इस सिंडिकेट में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन विरार के अध्यक्ष बने विनोद कनौजिया
विरार। धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन,विरार के चुनाव समिति की बैठक में चुनाव समिति के अध्यक्ष शेष बहादुर अक्षैवर कनौजिया ने सर्व सम्मति से विनोद लालमणि कनौजिया को धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन विरार का नया अध्यक्ष घोषित किया। इसके उपरांत मौजूद सभी लोगों ने पुष्पगुच्छ तथा भारतीय संविधान की किताब देकर उनका अभिनन्दन किया। इसके बाद उपस्थित सभी सदस्यों ने अशोक कनौजिया को महासचिव तथा शशीकांत कनौजिया को कोषाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे चुनाव समिति के अध्यक्ष महोदय ने सर्वसम्मति से अशोक कनौजिया को महासचिव तथा शशीकांत कनौजिया को कोषाध्यक्ष घोषित किया। सभी लोगों ने उनके नेतृत्व में एकजुट होकर समाज के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का आश्वासन दिया, सभी को उम्मीद है कि पूर्व अध्यक्ष की तरह उनके नेतृत्व में भी समाज मजबूत होगा। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष दिनेश कुमार (दीनूकाका),छविनाथ रजक,शेष बहादुर कनौजिया, गामा प्रसाद रजक, जिया लाल कनौजिया, अरविंद कनौजिया (एल आई सी एजेंट), प्रेम शंकर कनौजिया, अरविंद (shonu)कनौजिया पूर्व कप्तान क्रिकेट टीम,राम आसरे, सतीश, सियाराम, मेवालाल, राजेश, फूलचंद, रवि, ओमप्रकाश, छोटे लाल, जयप्रकाश (पप्पू) समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
असम में वायुसेना का AN-32 मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त, जोरहाट में लैंडिंग के दौरान लगी आग

असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना के An-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सामने आई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मिलिट्री बेस में लैंडिंग के बाद विमान में आग लग गई और देखते ही देखते विमान 2 टुकड़ों में बंट गया।

लैंडिंग के वक्त हुआ हादसा

भारतीय वायुसेना के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब आपूर्ति सामग्री ले जा रहा यह मालवाहक विमान एयरबेस पर उतरने की कोशिश कर रहा था। दुर्घटना के बाद पायलट के निधन की आशंका जताई जा रही है, हालांकि भारतीय वायुसेना की ओर से अभी तक किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

वायुसेना ने दी जानकारी

भारतीय वायु सेना ने कहा, ‘असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर लैंडिंग के दौरान एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह AN-32 कार्गो विमान था, जिसका इस्तेमाल सामान ले जाने के लिए किया जाता है। हादसा उस वक्त हुआ जब विमान एयरबेस पर उतरने की कोशिश कर रहा था।

दुर्घटना के कारणों की होगी जांच

भारतीय वायुसेना ने कहा है कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी। फिलहाल घटनास्थल पर बचाव और जांच कार्य जारी है तथा अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। वायुसेना की ओर से जारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

सुबह-सुबह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर अंदर घुसे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं की परेशानी बढ़ी गई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर तो दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ पार्टी नेताओं में उनके खिलाफ भारी असंतोष है तो दूसरी तरफ वो पुलिस और जांच एजेंसियों के भी रडार पर हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल पुनिस ने सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापा मारा है।

तड़के 3 बजे मारा छापा

पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम ने शनिवार सुबह-सुबह तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर पर तलाशी ली। यह छापा तड़के 3 बजे मारा गया। डीएसपी की अगुवाई में पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी पुलिस स्टेशन की एक टीम के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड पर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची।

दरवाजे का ताला तोड़ा

बताया जा रहा है कि टीम ने घर के मुख्य दरवाजे पर बार-बार दस्तक दी। कोई जवाब न मिलने पर भी यह संयुक्त टीम घर के बाहर इंतजार करती रही। आखिरकार, दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद उन्होंने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों की मदद से मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए।

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की तलाश में छापा

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय को ढूंढने के लिए उनके घर की तलाशी ली गई। साल्बोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में रॉय का पता लगाने के लिए ये छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए थे। रॉय अभी फरार चल रहे हैं। हालांकि, राज्य पुलिस ने मामले की जानकारी नहीं दी।

ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर

छापेमारी की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम वहां से रवाना हो गई। बाद में अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और तलाशी ली।

ममता के एक और करीबी के ठिकानों पर रेड

अभिषेक बनर्जी के अलावा टीएमसी के एक और कद्दावर नेता एवं ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं। नगर पालिका भर्ती घोटाले में मदन मित्रा पर ED ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच में अब तक सामने आया है कि मदन मित्रा ने कथित तौर पर विभिन्न नगर पालिकाओं, खासकर कमरहाटी नगर पालिका में अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति कराने के बदले बिचौलियों के जरिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली थी।

दो दिन पहले अभिषेक बनर्जी से लंबी पूछताछ

यह छापेमारी ऐसे समय हुई, जब महज दो दिन पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों की ओर से उन्हें हाल ही में कई नए समन भी जारी किए गए हैं।

नाले की बदहाली बनी व्यापारियों के लिये मुसीबत, कॉउन्सिल ऑफ़ उद्योग व्यापार मंच ने उठायी आवाज*
व्यापारियों का होता है लाखो का नुकसान-कुलदीप गुप्ता* सुलतानपुर।कॉउन्सिल ऑफ उद्योग व्यापार मंच के जिलाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता के नेतृत्व में नगर के दरियापुर क्षेत्र के व्यापारियों ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका लालचंद सरोज को ज्ञापन दिया। जिसमें दरियापुर चौराहे के पास स्थित नाले का पानी और मलबा व्यापारियों की दुकानों एवं घरों में भर रहा है इस प्रकरण को मंच के जिलाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता ने अधिशासी अधिकारी को अवगत कराते हुए कहा की दरियापुर स्थित नाले का कुछ भाग बहुत ही सकरा और क्षतिग्रस्त है जिससे थोड़ी भी बरसात होने पर आसपास की दुकानों एवं घरों में पानी घुस जाता है और लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है इसको अति शीघ्र स्थाई रूप से दुरुस्त करते हुए पानी की निकासी सुनिश्चित की जाय। क्षेत्र के व्यापारी और जनमानस में कहा कि कई बार सूचित करने पर भी कोई स्थाई निराकरण पालिका द्वारा नहीं किया गया। अधिशासी अधिकारी लालचंद सरोज ने इस प्रकरण को तुरंत संज्ञान में लेते हुए अधिशासी अभियंता को निरीक्षण करने हेतु आदेशित किया। ज्ञापन देने में संतोष जायसवाल, अश्विनी वर्मा, सुधीर गुप्ता, देवा,सुनील श्रीवास्तव आदि क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
आज गोरखपुर और आजमगढ़ को विकास की बड़ी सौगात देंगे मुख्यमंत्री योगी

1,250 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

गोरखपुर में 319 और आजमगढ़ में 39 विकास परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ

* सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ सुरक्षा पर रहेगा फोकस

लखनऊ/गोरखपुर/आजमगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को पूर्वांचल के दो प्रमुख जनपदों गोरखपुर और आजमगढ़ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह 1,250 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कुल 358 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर प्रदेश के विकास अभियान को नई गति देंगे।

गोरखपुर में 295 करोड़ रुपये की 319 परियोजनाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री गोरखपुर के बड़हलगंज स्थित गांधी इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर 295 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 319 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में शाहपुर-बेलघाट मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण परियोजना का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही राप्ती और सरयू नदी तट विकास तथा कटान रोधी कार्यों को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री बड़हलगंज में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जबकि राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में नए बुनियादी ढांचे के निर्माण का शिलान्यास भी करेंगे।

सड़क, शिक्षा, पर्यटन, कौशल विकास और बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाएं कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहेंगी। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान, मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रवि किशन सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

आजमगढ़ को 955 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 955 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 39 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और शहरी विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं। विश्वविद्यालय परिसर की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण के साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित विकास योजनाओं को भी गति मिलेगी।

तमसा नदी तट विकास, शहरी आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण तथा क्षेत्रीय एवं जिला ग्राम्य विकास संस्थान की स्थापना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास भी मुख्यमंत्री करेंगे। दौरे के दौरान वह विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे तथा वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, दारा सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे।

बिलग्राम तहसील प्रशासन के कारनामे, मेड़बंदी कराई, कब्जा दिलाया, फिर बदल गई रिपोर्ट
*गाटा संख्या 75 मे 0.0918 हेक्टेयर भूमि घाटे की पैमाइश पर पारित हुआ था थाकबंदी आदेश*

*मेड़ तोड़े जाने की पुष्टि के बाद भी कार्रवाई नहीं बाद की रिपोर्ट ने खड़े किए नए प्रश्न*

रितेश मिश्रा
हरदोई। उत्तर प्रदेश सरकार जहां प्रशासन में पारदर्शिता और "जीरो टॉलरेंस" नीति को सुशासन का आधार बताती है, वहीं हरदोई जिले की बिलग्राम तहसील का एक भूमि विवाद राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। एक ही प्रकरण में पहले पैमाइश, फिर थाकबंदी आदेश, उसके अनुपालन में मेड़बंदी और कब्जा दिलाने की कार्रवाई, और बाद में उसी मामले में विपरीत रिपोर्ट—पूरा घटनाक्रम ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।बिलग्राम तहसील के ग्राम श्यामपुर में गाटा संख्या 75 से जुड़े इस मामले में न्यायालय के आदेश से लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तक की कहानी कई मोड़ों से गुजरती है। हर मोड़ पर एक नया सवाल खड़ा होता है और हर सवाल का जवाब अभी भी फाइलों के पन्नों में तलाशा जा रहा है।ग्राम श्यामपुर निवासी दिवाकर मिश्रा पुत्र प्रेमचंद्र ने गाटा संख्या 75 की भूमि के संबंध में उपजिलाधिकारी बिलग्राम के न्यायालय में थाकबदी वाद प्रस्तुत किया था। न्यायालय के निर्देश पर क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक ने मौके पर पैमाइश कर नक्शा नजरी एवं थाकबंदी आख्या तैयार की।
पैमाइश में सामने आया 0.0918 हेक्टेयर भूमि का घाटा
राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 75 का क्षेत्रफल 0.2710 हेक्टेयर दर्ज था, जबकि मौके पर हुई पैमाइश में उसका वास्तविक क्षेत्रफल मात्र 0.1792 हेक्टेयर पाया गया। इस प्रकार गाटा संख्या 75 में कुल 0.0918 हेक्टेयर भूमि का घाटा दर्ज हुआ।
इतना ही नहीं, आसपास के कई गाटों में क्षेत्रफल की बढ़त भी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार—
गाटा संख्या 55 में 0.0635 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 74 में 0.0376 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 76 में 0.0278 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 77 में 0.0283 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 72 एवं 73 में भी क्षेत्रफल का अंतर दर्ज किया गया
पड़ोसी गाटों की पैमाइश के आधार पर तैयार आख्या न्यायालय में प्रस्तुत की गई। प्रभावित पक्षों को समन और समाचार पत्र के माध्यम से सूचना दी गई, लेकिन किसी भी पक्ष ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। इसके बाद एसडीएम न्यायालय ने 28 मई 2025 को प्रस्तुत आख्या को स्वीकार करते हुए थाकबंदी आदेश पारित कर दिया।
आदेश मिला, लेकिन अनुपालन में हुई देरी

दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि न्यायालय का आदेश पारित होने के बावजूद लंबे समय तक उसका अनुपालन नहीं कराया गया। न्यायालय का आदेश अभिलेखों में दर्ज रहा, लेकिन जमीन पर उसकी तस्वीर दिखाई नहीं दी।आखिरकार 11 मार्च 2026 को दिवाकर मिश्रा ने जिलाधिकारी हरदोई को शिकायत देकर थाकबंदी आदेश का अनुपालन कराने की मांग कीजिलाधिकारी के निर्देश के बाद एसडीएम बिलग्राम ने राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को मौके पर भेजा। इसके बाद मेड़बंदी कराई गई और दिवाकर मिश्रा को भूमि पर कब्जा दिलाया गया।

कब्जे के बाद फिर शुरू हुआ विवाद

दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि कब्जा मिलने के बाद रामलखन त्रिपाठी पुत्र श्याममोहन तथा उमाकांत शुक्ल निवासी बालामऊ चार-पांच अन्य व्यक्तियों के साथ मौके पर पहुंचे और बनाई गई मेड़ को तोड़ दिया। आरोप है कि भूमि को पुनः अपने खेत में मिला लिया गया तथा विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।
इस संबंध में दिवाकर मिश्रा नेआईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत संख्या20015536022250 दर्ज कराई।

पहली रिपोर्ट में मेड़ तोड़ने की पुष्टि

शिकायत की जांच में क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक ने 19 मई 2026 को प्रस्तुत अपनी आख्या में मेड़ तोड़े जाने का उल्लेख किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि थाकबंदी आदेश के अनुरूप की गई मेड़बंदी को नहीं माना गया और मौके की स्थिति बदल दी गई।
रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की उम्मीद जगी, लेकिन दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि इसके बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

दूसरी शिकायत और बदल गई पूरी तस्वीर

इसके बाद दिवाकर मिश्रा ने पुनः आईजीआरएस शिकायत संख्या 20015526024152 दर्ज कराई। इस बार जांच में प्रस्तुत रिपोर्ट ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
आरोप है कि उसी राजस्व निरीक्षक ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा कि आवेदक का भू-चित्र छोटा बना हुआ है, इसलिए उसे पूरी भूमि नहीं दी जा सकती। रिपोर्ट में विपक्षी पक्ष के प्रत्यावेदन का भी उल्लेख किया गया। बाद में एसडीएम बिलग्राम स्तर से भी इसी आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई।

सवालों के घेरे में पूरा घटनाक्रम

यहीं से कई प्रश्न जन्म लेते हैं। यदि भू-चित्र छोटा था तो उसी पैमाइश रिपोर्ट के आधार पर थाकबंदी आदेश कैसे पारित हुआ? यदि आदेश सही नहीं था तो प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मेड़बंदी कर कब्जा क्यों दिलाया? और यदि कब्जा दिलाना सही था तो बाद में अधिकारियों की रिपोर्ट का आधार क्या था?
जब पहली रिपोर्ट में मेड़ तोड़े जाने की पुष्टि हो चुकी थी, तब संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि दूसरी रिपोर्ट सही है तो पहली रिपोर्ट तथा उसके आधार पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई को किस नजर से देखा जाए?
यही वे प्रश्न हैं जो आज ग्राम श्यामपुर से लेकर तहसील मुख्यालय तक चर्चा का विषय बने हुए हैं।
जांच की मांग तेज
दिवाकर मिश्रा ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि न्यायालय के आदेश, पैमाइश रिपोर्ट, नक्शा नजरी, आईजीआरएस शिकायतों और बाद में प्रस्तुतविरोधाभासी रिपोर्टों की समग्र जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि एक ही मामले में सरकारी अभिलेखों और प्रशासनिक निष्कर्षों में इतना बड़ा अंतर आखिर क्यों दिखाई दे रहा है। ऐसे मे अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या इस मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होगी, या फिर गाटा संख्या 75 का यह विवाद आने वाले समय में और बड़े सवाल खड़े करेगा।
सपा की हरदोई जिला कार्यकारिणी भंग .
रितेश मिश्रा


हरदोई। समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने जनपद हरदोई की जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इसके साथ ही जिले के सभी प्रकोष्ठों की जिला कार्यकारिणी भी समाप्त कर दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जारी प्रकाशनार्थ पत्र में कहा गया है कि हरदोई जिला कार्यकारिणी, जिला अध्यक्ष सहित तथा सभी प्रकोष्ठों की जिला कार्यकारिणी, जिला अध्यक्षों सहित तत्काल प्रभाव से भंग की जाती है।

यह आदेश 13 जून 2026 को जारी किया गया है। पार्टी के इस फैसले के बाद जिले की सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि संगठन में व्यापक फेरबदल और नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। हालांकि, अभी तक कार्यकारिणी भंग किए जाने के कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की नजर अब नई जिला कार्यकारिणी के गठन पर टिकी हुई है।
खत्म हो गई तकरार! कल्याण बनर्जी के बदले सुर, अभिषेक बनर्जी को बताया बेटे समान

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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को घमंडी कहने वाले कल्याण बनर्जी ने अब उन्हें अपने बेटे जैसा बताया है। इससे पहले हाल ही में कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया था कि वे अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनमें से किसी एक को चुन लें।

श्रीरामपुर के दिग्गज सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, वह मेरे बेटा जैसा है। पिता का कर्तव्य है कि वह बेटे की सभी गलतियों को माफ कर दे। देश में लोकतंत्र खतरे में है। पश्चिम बंगाल में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं आई, जहां विपक्ष का पूरी तरह से सफाया हो गया हो। यह मुख्यमंत्री प्रतिशोध की भावना से ग्रस्त है। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।

24 घंटे पहले ममता बनर्जी को दिया था अल्टीमेटम

यह बयान ऐसे समय आया है, जब इससे महज 24 घंटे पहले कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हमला बोलते हुए उन पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने डायमंड हार्बर सांसद से जुड़े सभी कानूनी मामलों से खुद को अलग करने की घोषणा की थी और यहां तक कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को अल्टीमेटम भी दे दिया था कि वह अपने भतीजे और उन जैसे वरिष्ठों में से किसी एक को चुनें।

कल्याण बनर्जी के बयान पर अभिषेक का संयमित रुख

वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को संयमित रुख अपनाते हुए वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के साथ टकराव की अटकलों को विराम देने की कोशिश की। अभिषेक ने कल्याण बनर्जी को अपना राजनीतिक मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उन्हें आलोचना करने का पूरा अधिकार है, जिससे पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच सुलह और संतुलन का संदेश देने का प्रयास नजर आया।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को पैरवी से हटा दिया था। इससे कल्याण बनर्जी बुरी तरह से नाराज हो गए थे और इसे अपमान और अनादर बताया था। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने उन्हें फोन करके बताया कि अभिषेक बनर्जी के फर्जी हस्ताक्षर मामले में उन्हें कोर्ट नहीं जाना है और उनकी जगह वकील किशोर दत्ता पक्ष रखेंगे। कल्याण बनर्जी ने कहा 'अभिषेक को सीनियर्स का सम्मान करना नहीं आता। वह बहुत घमंडी है और कभी भी मुझ पर भरोसा नहीं करता था और न ही करेगा।'

सेवाढ़ाब में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, माइका लदा वाहन जब्त चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार, जांच में दो नाम आए सामने;

  गिरिडीह: जिले के तिसरी थाना क्षेत्र के सेवाढाब में वन विभाग ने अवैध माइका कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए माइका से लदे एक पिकअप वाहन को जब्त किया है। हालांकि कार्रवाई के दौरान चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। वन विभाग ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में दो लोगों के नाम सामने आने के बाद अवैध माइका कारोबार से जुड़े नेटवर्क को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि तिसरी क्षेत्र के जंगलों से अवैध रूप से निकाला गया माइका पिकअप वाहन के माध्यम से बाहर भेजा जा रहा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने देर रात सेवादाब के समीप घेराबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया गया। वनकर्मियों को देखते ही चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। जब वाहन की तलाशी ली गई तो उसमें भारी मात्रा में माइका लदा मिला। इसके बाद वाहन को जब्त कर गावां बीट कार्यालय ले जाया गया। सूत्रों के अनुसार, पचरुखी, गड़कुरा समेत आसपास के जंगलों से माइका निकालकर विभिन्न रास्तों से उसकी ढुलाई किए जाने की सूचना वन विभाग को लगातार मिल रही थी। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि जब्त माइका किस स्थान से लाया गया था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस संबंध में गावां के वनपाल राजेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है। अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। प्रारंभिक जांच में मुकेश बरनवाल एवं पिंटू यादव का नाम सामने आया है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के बावजूद थम नहीं रहा अवैध कारोबार स्थानीय सूत्रों की माने तो तिसरी, गावां और आसपास के क्षेत्रों में अवैध माइका कारोबार पर पूरी तरह लगाम नहीं लग सकी है। वन विभाग और प्रशासन की समय-समय पर होने वाली कार्रवाइयों के बावजूद कई माइका कारोबारी अब भी सक्रिय हैं और धड़ल्ले से अवैध कारोबार संचालित कर रहे हैं। जंगलों और बंद खदानों से माइका निकालकर विभिन्न माध्यमों से उसकी ढुलाई की जाती है। हालिया कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर अवैध माइका कारोबार का नेटवर्क किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है और इस पर प्रभावी रोक कब लगेगी। छापेमारी दल में प्रभारी वनपाल राजेंद्र प्रसाद, वन उप परिसर पदाधिकारी, होमगार्ड जवान सुरेश महतो समेत अन्य वनकर्मी शामिल थे। वन विभाग का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब देखना है कि आगे और वन विभाग को कितनी सफलता मिलती है और कितना जल्द इस अवैध कारोबार पर पूर्णतः रोक लगाया जा सकेगा।
मुजफ्फरनगर: 10.68 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी में बड़ी कार्रवाई, ईओडब्ल्यू ने वांछित आरोपी जुनैद सैफी को किया गिरफ्तार
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में आर्थिक अपराधों और टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 'आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन' (EOW) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ईओडब्ल्यू की मेरठ सेक्टर टीम ने मुजफ्फरनगर जिले से करीब 10.68 करोड़ रुपये की जीएसटी (GST) और सेल टैक्स चोरी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य अभियुक्त जुनैद सैफी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगाने का आरोप है।

सोची-समझी साजिश के तहत बनाई फर्जी फर्म

मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त जुनैद सैफी, पुत्र नासिर सैफी, मुजफ्फरनगर के सुजडू चुंगी (जहांगीर पट्टी) का रहने वाला है। वह मुजफ्फरनगर के जी.टी. रोड पर स्थित 'सर्वश्री राजकमल ट्रेडर्स' नाम की फर्म का स्वामी था।आरोप है कि जुनैद सैफी ने अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर एक योजनाबद्ध आपराधिक षड्यंत्र रचा था। इन लोगों ने टैक्स चोरी (करापवंचन) करने के उद्देश्य से फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया और कपटपूर्ण तरीके से 'श्री राजकमल ट्रेडर्स' नाम की फर्म का रजिस्ट्रेशन कराया।

ऐसे दिया अरबों के वित्तीय घोटाले को अंजाम

ईओडब्ल्यू (EOW) द्वारा की गई जांच में सामने आया कि आरोपी जुनैद ने न सिर्फ कागजों पर फर्जी फर्म खड़ी की, बल्कि बड़े पैमाने पर सेल टैक्स की चोरी भी की। इस फर्जीवाड़े के जरिए उसने अपनी फर्म से जुड़ी अन्य अनुवर्ती (आगे की) फर्मों को अवैध रूप से करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ पहुंचाया। इस पूरी हेराफेरी के माध्यम से आरोपियों ने सरकार को सीधे तौर पर 10,68,00,000 रुपये (दस करोड़ अड़सठ लाख रुपये) की जीएसटी की चपत लगाई और खुद अवैध रूप से मोटा मुनाफा कमाया।

दर्ज मामले और पुलिस की कार्रवाई

इस धोखाधड़ी को लेकर मुजफ्फरनगर के थाना मन्सूरपुर में मुकदमा अपराध संख्या 77/21 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच (विवेचना संख्या-22/23) ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर को सौंपी गई थी। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 419, 409, 420, 467, 468, 471, 120बी के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66सी और जीएसटी एक्ट की धारा 35(i) के तहत केस दर्ज है।

आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था

मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। ईओडब्ल्यू लखनऊ के निर्देश पर वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक (EOW मेरठ सेक्टर) के पर्यवेक्षण में टीम का गठन किया गया। ईओडब्ल्यू की टीम ने जाल बिछाकर 12 जून 2026 को आरोपी जुनैद सैफी को मुजफ्फरनगर से धर दबोचा। पुलिस अब इस सिंडिकेट में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन विरार के अध्यक्ष बने विनोद कनौजिया
विरार। धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन,विरार के चुनाव समिति की बैठक में चुनाव समिति के अध्यक्ष शेष बहादुर अक्षैवर कनौजिया ने सर्व सम्मति से विनोद लालमणि कनौजिया को धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन विरार का नया अध्यक्ष घोषित किया। इसके उपरांत मौजूद सभी लोगों ने पुष्पगुच्छ तथा भारतीय संविधान की किताब देकर उनका अभिनन्दन किया। इसके बाद उपस्थित सभी सदस्यों ने अशोक कनौजिया को महासचिव तथा शशीकांत कनौजिया को कोषाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे चुनाव समिति के अध्यक्ष महोदय ने सर्वसम्मति से अशोक कनौजिया को महासचिव तथा शशीकांत कनौजिया को कोषाध्यक्ष घोषित किया। सभी लोगों ने उनके नेतृत्व में एकजुट होकर समाज के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का आश्वासन दिया, सभी को उम्मीद है कि पूर्व अध्यक्ष की तरह उनके नेतृत्व में भी समाज मजबूत होगा। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष दिनेश कुमार (दीनूकाका),छविनाथ रजक,शेष बहादुर कनौजिया, गामा प्रसाद रजक, जिया लाल कनौजिया, अरविंद कनौजिया (एल आई सी एजेंट), प्रेम शंकर कनौजिया, अरविंद (shonu)कनौजिया पूर्व कप्तान क्रिकेट टीम,राम आसरे, सतीश, सियाराम, मेवालाल, राजेश, फूलचंद, रवि, ओमप्रकाश, छोटे लाल, जयप्रकाश (पप्पू) समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
असम में वायुसेना का AN-32 मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त, जोरहाट में लैंडिंग के दौरान लगी आग

असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना के An-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सामने आई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मिलिट्री बेस में लैंडिंग के बाद विमान में आग लग गई और देखते ही देखते विमान 2 टुकड़ों में बंट गया।

लैंडिंग के वक्त हुआ हादसा

भारतीय वायुसेना के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब आपूर्ति सामग्री ले जा रहा यह मालवाहक विमान एयरबेस पर उतरने की कोशिश कर रहा था। दुर्घटना के बाद पायलट के निधन की आशंका जताई जा रही है, हालांकि भारतीय वायुसेना की ओर से अभी तक किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

वायुसेना ने दी जानकारी

भारतीय वायु सेना ने कहा, ‘असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर लैंडिंग के दौरान एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह AN-32 कार्गो विमान था, जिसका इस्तेमाल सामान ले जाने के लिए किया जाता है। हादसा उस वक्त हुआ जब विमान एयरबेस पर उतरने की कोशिश कर रहा था।

दुर्घटना के कारणों की होगी जांच

भारतीय वायुसेना ने कहा है कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी। फिलहाल घटनास्थल पर बचाव और जांच कार्य जारी है तथा अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। वायुसेना की ओर से जारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

सुबह-सुबह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर अंदर घुसे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं की परेशानी बढ़ी गई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर तो दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ पार्टी नेताओं में उनके खिलाफ भारी असंतोष है तो दूसरी तरफ वो पुलिस और जांच एजेंसियों के भी रडार पर हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल पुनिस ने सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापा मारा है।

तड़के 3 बजे मारा छापा

पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम ने शनिवार सुबह-सुबह तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर पर तलाशी ली। यह छापा तड़के 3 बजे मारा गया। डीएसपी की अगुवाई में पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी पुलिस स्टेशन की एक टीम के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड पर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची।

दरवाजे का ताला तोड़ा

बताया जा रहा है कि टीम ने घर के मुख्य दरवाजे पर बार-बार दस्तक दी। कोई जवाब न मिलने पर भी यह संयुक्त टीम घर के बाहर इंतजार करती रही। आखिरकार, दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद उन्होंने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों की मदद से मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए।

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की तलाश में छापा

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय को ढूंढने के लिए उनके घर की तलाशी ली गई। साल्बोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में रॉय का पता लगाने के लिए ये छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए थे। रॉय अभी फरार चल रहे हैं। हालांकि, राज्य पुलिस ने मामले की जानकारी नहीं दी।

ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर

छापेमारी की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम वहां से रवाना हो गई। बाद में अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और तलाशी ली।

ममता के एक और करीबी के ठिकानों पर रेड

अभिषेक बनर्जी के अलावा टीएमसी के एक और कद्दावर नेता एवं ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं। नगर पालिका भर्ती घोटाले में मदन मित्रा पर ED ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच में अब तक सामने आया है कि मदन मित्रा ने कथित तौर पर विभिन्न नगर पालिकाओं, खासकर कमरहाटी नगर पालिका में अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति कराने के बदले बिचौलियों के जरिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली थी।

दो दिन पहले अभिषेक बनर्जी से लंबी पूछताछ

यह छापेमारी ऐसे समय हुई, जब महज दो दिन पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों की ओर से उन्हें हाल ही में कई नए समन भी जारी किए गए हैं।

नाले की बदहाली बनी व्यापारियों के लिये मुसीबत, कॉउन्सिल ऑफ़ उद्योग व्यापार मंच ने उठायी आवाज*
व्यापारियों का होता है लाखो का नुकसान-कुलदीप गुप्ता* सुलतानपुर।कॉउन्सिल ऑफ उद्योग व्यापार मंच के जिलाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता के नेतृत्व में नगर के दरियापुर क्षेत्र के व्यापारियों ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका लालचंद सरोज को ज्ञापन दिया। जिसमें दरियापुर चौराहे के पास स्थित नाले का पानी और मलबा व्यापारियों की दुकानों एवं घरों में भर रहा है इस प्रकरण को मंच के जिलाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता ने अधिशासी अधिकारी को अवगत कराते हुए कहा की दरियापुर स्थित नाले का कुछ भाग बहुत ही सकरा और क्षतिग्रस्त है जिससे थोड़ी भी बरसात होने पर आसपास की दुकानों एवं घरों में पानी घुस जाता है और लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है इसको अति शीघ्र स्थाई रूप से दुरुस्त करते हुए पानी की निकासी सुनिश्चित की जाय। क्षेत्र के व्यापारी और जनमानस में कहा कि कई बार सूचित करने पर भी कोई स्थाई निराकरण पालिका द्वारा नहीं किया गया। अधिशासी अधिकारी लालचंद सरोज ने इस प्रकरण को तुरंत संज्ञान में लेते हुए अधिशासी अभियंता को निरीक्षण करने हेतु आदेशित किया। ज्ञापन देने में संतोष जायसवाल, अश्विनी वर्मा, सुधीर गुप्ता, देवा,सुनील श्रीवास्तव आदि क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
आज गोरखपुर और आजमगढ़ को विकास की बड़ी सौगात देंगे मुख्यमंत्री योगी

1,250 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

गोरखपुर में 319 और आजमगढ़ में 39 विकास परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ

* सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ सुरक्षा पर रहेगा फोकस

लखनऊ/गोरखपुर/आजमगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को पूर्वांचल के दो प्रमुख जनपदों गोरखपुर और आजमगढ़ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह 1,250 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कुल 358 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर प्रदेश के विकास अभियान को नई गति देंगे।

गोरखपुर में 295 करोड़ रुपये की 319 परियोजनाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री गोरखपुर के बड़हलगंज स्थित गांधी इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर 295 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 319 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में शाहपुर-बेलघाट मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण परियोजना का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही राप्ती और सरयू नदी तट विकास तथा कटान रोधी कार्यों को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री बड़हलगंज में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जबकि राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में नए बुनियादी ढांचे के निर्माण का शिलान्यास भी करेंगे।

सड़क, शिक्षा, पर्यटन, कौशल विकास और बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाएं कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहेंगी। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान, मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रवि किशन सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

आजमगढ़ को 955 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 955 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 39 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और शहरी विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं। विश्वविद्यालय परिसर की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण के साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित विकास योजनाओं को भी गति मिलेगी।

तमसा नदी तट विकास, शहरी आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण तथा क्षेत्रीय एवं जिला ग्राम्य विकास संस्थान की स्थापना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास भी मुख्यमंत्री करेंगे। दौरे के दौरान वह विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे तथा वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, दारा सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे।