आजमगढ़: यूजीसी के विरोध में रणबीर सेना ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को दिया ज्ञापन
आजमगढ़। यू जी सी लागूं होने से सवर्ण समाज आक्रोषित है। उसका गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। रणबीर सेना यू जी सी के खिलाफ जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर इस बिल को वापस किए जाने की मांग किया। बुधवार को रणबीर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर पाठक के नेतृत्व में सामान्य वर्ग के लोगों ने यू जी सी के विरोध में प्रदर्शन किया और अपने मांगों के समर्थन में नारे लगाए। लोगों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा और यू जी सी को काला कानून बताया। और इसे वापस लेने की मांग किया। रणबीर सेना के राष्ट्रीय महासचिव दुर्गा प्रसाद चौवे ने कहा कि यू जी सी सामान्य वर्ग के हित में नहीं है।इसे काला कानून बताया कहा की इससे सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं का कैरियर खराब होगा। चेतावनी दिया की अगर काला कानून वापस नहीं होता है तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। इस अवसर पर कृष्ण माधव, अभिषेक अमन, सत्यम, सौरभ संतोष ,विशाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
JAC बोर्ड परीक्षा-2026 की तैयारी को लेकर रांची जिला प्रशासन की बड़ी पहल

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रांची जिला में वर्ग अष्टम में नामांकित तथा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित की जानेवाली बोर्ड परीक्षा 2026 की सुदृढ़ तैयारी के उद्देश्य से जिला प्रशासन की पहल पर प्री-बोर्ड परीक्षा का आज शुभारंभ किया गया। परीक्षा की शुरुआत उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा ऑनलाइन माध्यम से प्रश्नपत्र संबंधित ग्रुप में भेजकर की गई। जिला प्रशासन की प्रोजेक्ट टीम द्वारा विकसित JAC प्रारूप के अनुसार MCQ आधारित प्रश्नपत्र एवं OMR SHEET का ऑनलाइन प्रेषण किया गया। सभी विद्यालय प्रबंधन द्वारा मुद्रित प्रश्नपत्र एवं OMR शीट विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही है।

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर सत्र 2025-26 में नामांकित एवं JAC पोर्टल पर पंजीकृत जिले के सभी सरकारी एवं सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लगभग 26,000 छात्र-छात्राओं के लिए आज से प्री-बोर्ड परीक्षा का संचालन प्रारंभ हुआ।

परीक्षा के पहले दिन आज प्रथम पाली में हिन्दी तथा द्वितीय पाली में सामाजिक विज्ञान की परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 97 प्रतिशत से अधिक छात्र उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 29 जनवरी को अंग्रेज़ी एवं विज्ञान तथा 31 जनवरी को गणित एवं संस्कृत अथवा क्षेत्रीय भाषा की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

फरवरी के प्रथम सप्ताह तक परीक्षाफल की समीक्षा करते हुए कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि जिले में शत-प्रतिशत परीक्षाफल के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। विदित हो कि JAC द्वारा बोर्ड परीक्षा की तिथि 24 फरवरी निर्धारित की गई है। तब तक विहित प्रारूप के प्रश्नपत्रों की श्रृंखला के माध्यम से ओएमआर शीट पर अभ्यास कराते हुए बेहतर एवं विशिष्ट परिणाम सुनिश्चित करने के लिए राँची जिला पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष भी इस प्रकार के प्रयासों के माध्यम से राँची जिला राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान पर रहा था। इस वर्ष और बेहतर करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

कुपोषण के खिलाफ राँची की 'डिजिटल स्ट्राइक': अब पोषण ट्रैकर ऐप पर होगी रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, DC ने दिए प्रशिक्षण के निर्देश

राँची, 28 जनवरी 2026: राँची जिले में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने के लिए जिला प्रशासन अब तकनीक का सहारा ले रहा है। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने 'पोषण ट्रैकर ऐप' की समीक्षा के दौरान पाया कि डेटा एंट्री में कमी के कारण जिले का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है। इसे सुधारने के लिए उन्होंने तत्काल प्रभाव से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्देश दिया है।

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डेटा एंट्री में ढिलाई पर सख्त रुख

समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि उचित प्रशिक्षण के अभाव में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिकाएं ऐप पर डेटा अपलोड नहीं कर पा रही थीं। इस पर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण, Face Recognition System (FRS) और APAAR ID जैसे महत्वपूर्ण डेटा की रीयल-टाइम एंट्री अनिवार्य है।

दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर

उपायुक्त के निर्देश पर जिले के सभी प्रखंडों के सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिकाओं और चयनित आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है:

28 जनवरी: सदर, बुण्डू, तमाड़, सोनाहातु, अनगड़ा, बेड़ो, लापुंग और नगड़ी प्रखंड।

29 जनवरी: कांके, नामकुम, रातु, बुड़मू, ओरमांझी, माण्डर, चान्हों और सिल्ली प्रखंड।

क्या है पोषण ट्रैकर ऐप का लाभ?

यह ऐप गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 0-6 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की रीयल-टाइम ट्रैकिंग करता है। प्रशिक्षण के बाद, आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों की निगरानी सुगम होगी और कुपोषण की स्थिति में सुधार के लिए सटीक रणनीति बनाई जा सकेगी।

लक्ष्य: पोषण में राँची बने 'नंबर वन'

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन निरंतर मॉनिटरिंग करेगा ताकि राँची जिला पोषण के लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके। उन्होंने सभी सेविकाओं से इस ऐप का अधिकतम उपयोग करने की अपील की है।

ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत नाबालिग बच्ची को सुरक्षित चाइल्ड हेल्पलाइन को सौपा गया।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते रेलवे परिसरों और ट्रेनों में मिलने वाले असुरक्षित संकटग्रस्त या बिछड़े हुए बच्चो को सुरक्षित बचाने का एक निरन्तर और संवेदनशील अभियान है।यह केवल एक ऑपरेशन नही बल्कि उन अनगिनत बच्चो के लिए जीवनरेखा है जो किसी कारणवश अपने घरो से दूर भटक जाते पहल के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल ने बाल सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है जिससे बाल श्रम बाल तस्करी तथा लापता बच्चों से संबंधित मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।वर्तमान वित्तीय वर्ष में रेलवे सुरक्षा बल टीम द्वारा ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के अन्तर्गत 334 लड़को 153 लड़कियो सहित कुल 487 बच्चो को सुरक्षित बचाया गया।इसी क्रम में दिनांक 27.01.2026 को प्रयागराज जंक्शन पर एक नाबालिग बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लेकर रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा गया।माघ मेला बंदोबस्त के दौरान प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या–01 पर बीट इंचार्ज उपनिरीक्षक डब्लू.कुमार (08 बटालियन/डी कम्पनी) को लगभग 12:35 बजे स्कूल ड्रेस पहने एक नाबालिग बच्ची अकेली एवं रोती हुई अवस्था में मिली।सहानुभूतिपूर्वक पूछताछ करने पर बच्ची ने अपना नाम निवासी थाना कोखराज जिला कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश)बताया तथा बताया कि वह घर से नाराज होकर अपने माता-पिता को छोड़कर चली आई है।नाबालिग बच्ची को सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट प्रयागराज लाया गया।तत्पश्चात रेलवे सुरक्षा बल प्रयागराज के उपनिरीक्षक गौरव द्वारा रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन प्रयागराज के केस वर्कर को सूचित किया गया।सूचना पर प्रयागराज चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपरवाइजर रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट प्रयागराज पहुँचे।तत्पश्चात बच्ची को विधिवत अग्रिम आवश्यक कार्यवाही हेतु रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन प्रयागराज को सुपुर्द किया गया।रेलवे प्रशासन यात्रियो एवं आमजन से अपील करता है कि यदि किसी नाबालिग बच्चे को अकेले असहाय या संदिग्ध अवस्था में देखे तो तुरन्त रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दे जिससे समय रहते उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

योगी सरकार के प्रयास से मीरजापुर में वज्रपात मौतों में आई 50 प्रतिशत की कमी
*- सीएम योगी ने प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि को न्यूनतम करने की दिशा में उठाया बड़ा कदम*

*- भौगोलिक संरचना, पथरीली जमीन और खनन कार्यों के चलते आकाशीय बिजली की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला है मीरजापुर*

*-आई०एम०डी लखनऊ के प्रोजेक्ट इवैल्यूएशन और आई०आई०टी रुड़की से पढ़े हुए लोगों के शोध के फलस्वरूप जनहानियों को किया गया कम*
                                                                                                                                             *- लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर 80 स्थानों पर लगे ई०एस०ई लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए*

*लखनऊ, 28 जनवरी:* योगी सरकार प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि को न्यूनतम करने की दिशा में लगातार ठोस और वैज्ञानिक कदम उठा रही है। इसी के तहत मीरजापुर में “लाइटनिंग रेज़िलिएंसी” यानी आकाशीय बिजली से सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। योगी सरकार के इस कदम से मीरजापुर में आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी, वहीं इसे न्यूनतम और शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है। योगी सरकार का लाइटनिंग रेज़िलिएंसी माॅडल देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। बता दें कि मीरजापुर देश के सबसे अधिक बिजली प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है।

*यू०पी०एस०डी०एम०ए एवं राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जनपद मीरजापुर को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान से किया गया मजबूत*
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मीरजापुर (डीoडीoएमoए) के अध्यक्ष/जिलाधिकारी मीरजापुर पवन कुमार गंगवार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली मौतों को हर हाल में रोकने और न्यूनतम करने के निर्देश दिये थे। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूपीएसडीएमए) को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों के साथ मजबूत किया गया। मीरजापुर में लाइटनिंग मिटिगेशन प्रोजेक्ट इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। इसी का परिणाम है कि वर्ष 2024-25 और वर्ष 2025-26 में अब तक आकाशीय बिजली गिरने से मौतों की संख्या घटकर 14 रह गई, जबकि वर्ष 2019 में 30, वर्ष 2020 में 28, वर्ष 2021 में 23 और वर्ष 2022 में 30 लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई थी।

*वैज्ञानिक अध्ययन के बाद चिन्हित हुए ‘लाइटनिंग हॉटस्पॉट’*
मीरजापुर भौगोलिक संरचना, पथरीली जमीन और खनन कार्यों के चलते आकाशीय बिजली की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला रहा है। ऐसे में बीते कुछ वर्षों में आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की जान चली गयी। योगी सरकार ने मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। इस पर डीoडीoएमoए मीरजापुर द्वारा पिछले चार से पांच वर्षों के आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के परियोजना आंकलन, आईआईटीएम पुणे के वज्रपात गिरने के स्थलीय डाटा, आईoआईoटी रुड़की के पढ़े लोगों द्वारा किए गए शोध और सीoआरoओoपीoसी के द्वारा वज्रपात के परिप्रेक्ष में जनपद का किया गया संवेदनशीलता के परिप्रेक्ष्य में आंकलन के अनुसार  पता लगाया गया कि अधिकांश मौतें खुले मैदान, पेड़ के नीचे, जल स्रोतों के पास और कच्चे मकानों में होती हैं। अध्ययन के बाद मीरजापुर में लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप तैयार किया गया, जिसके आधार पर सुरक्षा उपाय तय किए गए।

*लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर 80 स्थानों पर लगाए गए अर्ली स्ट्रीमर एमिशन के लाइटनिंग अरेस्टर*
लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर पहले चरण में मीरजापुर के चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में 80 स्थानों पर अर्ली स्ट्रीमर एमिशन (ईoएसoई) आधारित लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए। बता दें कि ये उपकरण बिजली को सुरक्षित रूप से धरती में प्रवाहित कर देते हैं, जिससे आसपास के क्षेत्र में जान-माल की हानि नहीं होती। कई अरेस्टर में लगे इंडिकेटर यह दर्शाते हैं कि उन्होंने कई बार बिजली को सफलतापूर्वक अवशोषित किया है।

*पूरे जिले में चलाया गया वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम*
योगी सरकार की रणनीति केवल तकनीक तक सीमित नहीं रही बल्कि ब्लॉक, जिला और ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम’ के तहत अधिकारियों, ग्राम प्रधानों, लेखपालों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, युवाओं और आम नागरिकों को बिजली गिरने के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसकी भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप के माध्यम से समय से चेतावनी प्राप्त करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इतना ही नहीं मीरजापुर की सभी 809 ग्राम पंचायतों में माइकिंग, जागरूकता रथ, पोस्टर, वीडियो और पंचायत स्तरीय कार्यशालाओं के जरिए संदेश पहुंचाया गया। सिनेमा हॉलों में भी बिजली से बचाव पर आधारित वीडियो दिखाए गए। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आईएमडी द्वारा जारी चेतावनियों को तेजी से आमजन तक पहुंचाया गया। योगी सरकार के इन प्रयासों का ही नतीजा है कि मीरजापुर में वर्तमान में आकाशीय बिजली गिरने से होने वाली मौतों की संख्या में 50 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गयी, वहीं इसे शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
गया में परफेक्शन आईएएस का शुभारंभ, अब यहीं होगी यूपीएससी व बीपीएससी की तैयारी

गया: गया शहर के गया कॉलेज मोड़ स्थित सीआरपीएफ कैंप के समीप बुधवार को परफेक्शन आईएएस कोचिंग संस्थान का विधिवत शुभारंभ फीता काटकर किया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संस्थान के संचालक सरवन कुमार, सत्या कुमार एवं मुकेश कुमार ने संयुक्त रूप से उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित किया।

संचालकों ने बताया कि परफेक्शन आईएएस में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) एवं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षाओं की तैयारी अनुभवी शिक्षकों द्वारा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि गया एवं आसपास के जिलों के छात्रों को अब सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए पटना जैसे बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर अध्ययन सामग्री और नियमित मार्गदर्शन की व्यवस्था अब गया में ही उपलब्ध होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान में आधुनिक शिक्षण पद्धति, नियमित टेस्ट सीरीज, डाउट क्लियरिंग सेशन एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन की सुविधा दी जाएगी, जिससे छात्र बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकें। परफेक्शन आईएएस का उद्देश्य ग्रामीण एवं छोटे शहरों के प्रतिभाशाली छात्रों को सिविल सेवा परीक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। संस्थान के उद्घाटन से क्षेत्र के छात्रों में खासा उत्साह देखा गया और लोगों ने इस पहल की सराहना की।

राँची नगरपालिका चुनाव 2026: उपायुक्त ने कसी कमर; कोषांगों को समयबद्ध और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने का सख्त निर्देश

राँची, 28 जनवरी 2026: राँची जिले में आगामी नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और त्रुटिहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका)-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने आज समाहरणालय में हाई-लेवल बैठक की। बैठक में चुनाव के लिए गठित सभी विशेष कोषांगों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

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आयोग के निर्देशों का अक्षरशः पालन अनिवार्य

उपायुक्त ने सभी वरीय पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य निर्वाचन आयोग, झारखण्ड के दिशा-निर्देशों का पालन करने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कोषांग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करे।

मतदाता जागरूकता पर विशेष जोर

लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर जोर देते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मतदाताओं को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। विभिन्न प्रचार माध्यमों का उपयोग कर हर नागरिक तक मतदान का संदेश पहुँचाना सुनिश्चित करें।

कोषांगों के बीच बेहतर समन्वय की अपील

बैठक में कार्मिक, मतपत्र, परिवहन, आचार संहिता, मीडिया और सूचना तकनीकी (IT) जैसे 13 से अधिक महत्वपूर्ण कोषांगों के कार्यों की समीक्षा हुई। उपायुक्त ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की सफलता के लिए सभी विभागों के बीच आपसी तालमेल और नियमित रिपोर्टिंग अत्यंत आवश्यक है।

नगर निगम सदन में वंदे मातरम की गीत के साथ महापौर ने किया ध्वजारोहण।

देश की एकता को एक सूत्र में पिरोता है वंदे मातरम-महापौर

पार्षदगण एवं विभाग के सभी अधिकारी/कर्मचारियो ने गया राष्ट्रगान रंगोली और तिरंगे से सजा नगर निगम।

वायुसेना के पायलटो को बचाने वाले युवकों को किया गया सम्मानित।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।नगर निगम प्रयागराज में गणतंत्र दिवस पर सभी अधिकारियो कर्मचारियो के साथ महापौर एवं नगर आयुक्त ने राष्ट्रगान बन्दे मातरम गीत की ध्वनि में झण्डा फहराया।तत्पश्चात नगर निगम प्रांगण में रंगोलियो से 77 वाँ गणतंत्र दिवस लिखा गया एवं"स्वच्छ आदत से स्वच्छ भारत"के स्लोगन पर जीरो वेस्ट की रंगोली भी बनाई गई जो लोगों को आकर्षित करने योग्य रहा उसके बाद सदन में बैठक के दौरान नगर आयुक्त साई तेजा ने उपस्थित लोगो का अभिवादन किया महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने कहा वंदे मातरम देश की एकता को एक सूत्र में पिरोने का मंत्र है। 150 साल पूर्व वन्दे मातरम की रचना करने वाले बंकिम चन्द्र चटर्जी की प्रतिमा लगाई जाएगी।महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने बताया कि सदन में यह निर्णय लिया गया है।जवाहर लाल नेहरू रोड पर एक पार्क में प्रतिमा लगाई जाएगी।विशेषज्ञो के साथ प्रतिमा के आकार पर विचार किया जाएगा।इसी कड़ी में प्रयागराज वायुसेना के दो पायलटों को तालाब में फंसे एयरक्राफ्ट से सुरक्षित निकालने वाले पंकज सोनकर आलोक यादव और लाल साहब निषाद को नगर निगम सम्मानित द्वारा साहसिक कार्य हेतु सम्मानित किया गया इन सभी लोगो ने तकनीकी खराबी के बाद पैराशूट के जरिए केपी कालेज के पास तालाब में उतरे वायुसेना के एयरक्राफ्ट से दोनो पायलटों को तीनो ने सुरक्षित बाहर निकाला था।बैठक में चर्चा के दौरान पार्षद आकाश सोनकर और नेम यादव ने इन्हें सम्मानित करने का प्रस्ताव रखा था।इस दौरान नगर आयुक्त सीलम साई तेजा अपर नगर आयुक्त राजीव शुक्ला दीपेंद्र यादव अरविन्द राय पी. के.मिश्रा मुख्य कर निर्धारण अधिकारी जनसम्पर्क अधिकारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी जलकल विभाग स्वास्थ्य विभाग पशु विभाग आदि के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।

9 वर्षीय आयुष को मिली नई जिन्दगी एसआरएन अस्पताल में दुर्लभ सर्जरी सफल

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।एसआरएन अस्पताल  चिकित्सको ने एक दुर्लभ और जटिल सर्जरी कर 9 वर्षीय बालक आयुष को नई जिन्दगी दी है।आयुष पिछले एक वर्ष से चेहरे के बाएं हिस्से में सूजन और दर्द से पीड़ित था।25 दिसम्बर 2025 को उसे कैंसर सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया जहां जांच में बाएं जबड़े (मैंडिबल)में एमेलोब्लास्टोमा नामक दुर्लभ ट्यूमर की पुष्टि हुई।यह बीमारी बच्चो में अत्यन्त दुर्लभ मानी जाती है।29 दिसम्बर को प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं उप-प्राचार्य(वाइस प्रिंसिपल) डॉ मोहित जैन और कैंसर सर्जन डॉ.राजुल अभिषेक के नेतृत्व में लगभग आठ घंटे तक चली सर्जरी में बाएं जबड़े को निकालकर पैर की हड्डी (फिबुला)से जबड़े का सफल पुनर्निर्माण किया गया।

डॉ. राजुल अभिषेक ने बताया यह सर्जरी बच्चो में विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण होती है।हमारा उद्देश्य केवल ट्यूमर को पूरी तरह निकालना ही नही बल्कि बच्चे के चेहरे की बनावट चबाने और बोलने की क्षमता को भी सुरक्षित रखना माइक्रोवैस्कुलर तकनीक से की गई इस सर्जरी के बाद आयुष तेजी से स्वस्थ हुआ और 6 जनवरी 2026 को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन ने सर्जिकल एनेस्थीसिया नर्सिग एवं पुनर्वास टीम के समन्वित प्रयासो की सराहना की।क्या होता है।एमेलोब्लास्टोमा जबड़े की हड्डी में होने वाला एक दुर्लभ ट्यूमर है,जो अधिकतर निचले जबड़े को प्रभावित करता है।यह धीरे-धीरे बढ़ता है लेकिन समय पर इलाज न हो तो चेहरे की बनावट बिगाड़ सकता है और चबाने-बोलने में दिक्कत पैदा कर सकता है

।मुख्य लक्षण:
•चेहरे या जबड़े में सूजन
•लम्बे समय तक बना रहने वाला दर्द
•चेहरे की असमानता इलाज:
•सर्जरी मुख्य उपचार
• जरूरत पड़ने पर जबड़े का पुनर्निर्माण

डॉ.राजुल अभिषेक ने सलाह देते हुए कहाकि चेहरे या शरीर के किसी भी हिस्से में बनी रहने वाली गांठ या सूजन की अनदेखी न करे समय रहते जांच कराना बेहद जरूरी है।
पांचाल घाट पर जलज परियोजना का शुभारंभ
फर्रुखाबाद l भारतीय वन्य जीव संस्थान, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से जलज परियोजना के अंतर्गत पांचाल घाट पर स्थापित जलज कांपिल्य का शुभारंभ किया गया। इस दौरान परियोजना सहायक शुभम कटियार ने गंगा योद्धाओं को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जलज कांम्पिल्य  के द्वारा गंगा तट पर आने वाले लोगों को गंगा संरक्षण के लिए जागरूक किया जाएगा। नमामि गंगे योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

अर्थ गंगा के माध्यम से लोगों को आजीविका के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।जलज सफारी के बारे में एवं उसके उद्देश्यों से अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त जलज सफारी नाव का उद्घाटन भी किया गया।इस अवसर पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नसरुद्दीन,पंचायत सहायक संजय कुमार,दीपक कुमार ,गंगा प्रहरी मीना देवी, सुमित, नितिन, दिव्यम, अभिलाष, हिमांशु जलज सफारी नाविक उमेर, सलमान तथा अन्य स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
आजमगढ़: यूजीसी के विरोध में रणबीर सेना ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को दिया ज्ञापन
आजमगढ़। यू जी सी लागूं होने से सवर्ण समाज आक्रोषित है। उसका गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। रणबीर सेना यू जी सी के खिलाफ जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर इस बिल को वापस किए जाने की मांग किया। बुधवार को रणबीर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर पाठक के नेतृत्व में सामान्य वर्ग के लोगों ने यू जी सी के विरोध में प्रदर्शन किया और अपने मांगों के समर्थन में नारे लगाए। लोगों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा और यू जी सी को काला कानून बताया। और इसे वापस लेने की मांग किया। रणबीर सेना के राष्ट्रीय महासचिव दुर्गा प्रसाद चौवे ने कहा कि यू जी सी सामान्य वर्ग के हित में नहीं है।इसे काला कानून बताया कहा की इससे सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं का कैरियर खराब होगा। चेतावनी दिया की अगर काला कानून वापस नहीं होता है तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। इस अवसर पर कृष्ण माधव, अभिषेक अमन, सत्यम, सौरभ संतोष ,विशाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
JAC बोर्ड परीक्षा-2026 की तैयारी को लेकर रांची जिला प्रशासन की बड़ी पहल

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रांची जिला में वर्ग अष्टम में नामांकित तथा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित की जानेवाली बोर्ड परीक्षा 2026 की सुदृढ़ तैयारी के उद्देश्य से जिला प्रशासन की पहल पर प्री-बोर्ड परीक्षा का आज शुभारंभ किया गया। परीक्षा की शुरुआत उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा ऑनलाइन माध्यम से प्रश्नपत्र संबंधित ग्रुप में भेजकर की गई। जिला प्रशासन की प्रोजेक्ट टीम द्वारा विकसित JAC प्रारूप के अनुसार MCQ आधारित प्रश्नपत्र एवं OMR SHEET का ऑनलाइन प्रेषण किया गया। सभी विद्यालय प्रबंधन द्वारा मुद्रित प्रश्नपत्र एवं OMR शीट विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही है।

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर सत्र 2025-26 में नामांकित एवं JAC पोर्टल पर पंजीकृत जिले के सभी सरकारी एवं सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लगभग 26,000 छात्र-छात्राओं के लिए आज से प्री-बोर्ड परीक्षा का संचालन प्रारंभ हुआ।

परीक्षा के पहले दिन आज प्रथम पाली में हिन्दी तथा द्वितीय पाली में सामाजिक विज्ञान की परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 97 प्रतिशत से अधिक छात्र उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 29 जनवरी को अंग्रेज़ी एवं विज्ञान तथा 31 जनवरी को गणित एवं संस्कृत अथवा क्षेत्रीय भाषा की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

फरवरी के प्रथम सप्ताह तक परीक्षाफल की समीक्षा करते हुए कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि जिले में शत-प्रतिशत परीक्षाफल के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। विदित हो कि JAC द्वारा बोर्ड परीक्षा की तिथि 24 फरवरी निर्धारित की गई है। तब तक विहित प्रारूप के प्रश्नपत्रों की श्रृंखला के माध्यम से ओएमआर शीट पर अभ्यास कराते हुए बेहतर एवं विशिष्ट परिणाम सुनिश्चित करने के लिए राँची जिला पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष भी इस प्रकार के प्रयासों के माध्यम से राँची जिला राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान पर रहा था। इस वर्ष और बेहतर करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

कुपोषण के खिलाफ राँची की 'डिजिटल स्ट्राइक': अब पोषण ट्रैकर ऐप पर होगी रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, DC ने दिए प्रशिक्षण के निर्देश

राँची, 28 जनवरी 2026: राँची जिले में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने के लिए जिला प्रशासन अब तकनीक का सहारा ले रहा है। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने 'पोषण ट्रैकर ऐप' की समीक्षा के दौरान पाया कि डेटा एंट्री में कमी के कारण जिले का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है। इसे सुधारने के लिए उन्होंने तत्काल प्रभाव से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्देश दिया है।

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डेटा एंट्री में ढिलाई पर सख्त रुख

समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि उचित प्रशिक्षण के अभाव में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिकाएं ऐप पर डेटा अपलोड नहीं कर पा रही थीं। इस पर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण, Face Recognition System (FRS) और APAAR ID जैसे महत्वपूर्ण डेटा की रीयल-टाइम एंट्री अनिवार्य है।

दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर

उपायुक्त के निर्देश पर जिले के सभी प्रखंडों के सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिकाओं और चयनित आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है:

28 जनवरी: सदर, बुण्डू, तमाड़, सोनाहातु, अनगड़ा, बेड़ो, लापुंग और नगड़ी प्रखंड।

29 जनवरी: कांके, नामकुम, रातु, बुड़मू, ओरमांझी, माण्डर, चान्हों और सिल्ली प्रखंड।

क्या है पोषण ट्रैकर ऐप का लाभ?

यह ऐप गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 0-6 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की रीयल-टाइम ट्रैकिंग करता है। प्रशिक्षण के बाद, आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों की निगरानी सुगम होगी और कुपोषण की स्थिति में सुधार के लिए सटीक रणनीति बनाई जा सकेगी।

लक्ष्य: पोषण में राँची बने 'नंबर वन'

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन निरंतर मॉनिटरिंग करेगा ताकि राँची जिला पोषण के लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके। उन्होंने सभी सेविकाओं से इस ऐप का अधिकतम उपयोग करने की अपील की है।

ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत नाबालिग बच्ची को सुरक्षित चाइल्ड हेल्पलाइन को सौपा गया।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते रेलवे परिसरों और ट्रेनों में मिलने वाले असुरक्षित संकटग्रस्त या बिछड़े हुए बच्चो को सुरक्षित बचाने का एक निरन्तर और संवेदनशील अभियान है।यह केवल एक ऑपरेशन नही बल्कि उन अनगिनत बच्चो के लिए जीवनरेखा है जो किसी कारणवश अपने घरो से दूर भटक जाते पहल के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल ने बाल सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है जिससे बाल श्रम बाल तस्करी तथा लापता बच्चों से संबंधित मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।वर्तमान वित्तीय वर्ष में रेलवे सुरक्षा बल टीम द्वारा ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के अन्तर्गत 334 लड़को 153 लड़कियो सहित कुल 487 बच्चो को सुरक्षित बचाया गया।इसी क्रम में दिनांक 27.01.2026 को प्रयागराज जंक्शन पर एक नाबालिग बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लेकर रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा गया।माघ मेला बंदोबस्त के दौरान प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या–01 पर बीट इंचार्ज उपनिरीक्षक डब्लू.कुमार (08 बटालियन/डी कम्पनी) को लगभग 12:35 बजे स्कूल ड्रेस पहने एक नाबालिग बच्ची अकेली एवं रोती हुई अवस्था में मिली।सहानुभूतिपूर्वक पूछताछ करने पर बच्ची ने अपना नाम निवासी थाना कोखराज जिला कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश)बताया तथा बताया कि वह घर से नाराज होकर अपने माता-पिता को छोड़कर चली आई है।नाबालिग बच्ची को सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट प्रयागराज लाया गया।तत्पश्चात रेलवे सुरक्षा बल प्रयागराज के उपनिरीक्षक गौरव द्वारा रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन प्रयागराज के केस वर्कर को सूचित किया गया।सूचना पर प्रयागराज चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपरवाइजर रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट प्रयागराज पहुँचे।तत्पश्चात बच्ची को विधिवत अग्रिम आवश्यक कार्यवाही हेतु रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन प्रयागराज को सुपुर्द किया गया।रेलवे प्रशासन यात्रियो एवं आमजन से अपील करता है कि यदि किसी नाबालिग बच्चे को अकेले असहाय या संदिग्ध अवस्था में देखे तो तुरन्त रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दे जिससे समय रहते उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

योगी सरकार के प्रयास से मीरजापुर में वज्रपात मौतों में आई 50 प्रतिशत की कमी
*- सीएम योगी ने प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि को न्यूनतम करने की दिशा में उठाया बड़ा कदम*

*- भौगोलिक संरचना, पथरीली जमीन और खनन कार्यों के चलते आकाशीय बिजली की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला है मीरजापुर*

*-आई०एम०डी लखनऊ के प्रोजेक्ट इवैल्यूएशन और आई०आई०टी रुड़की से पढ़े हुए लोगों के शोध के फलस्वरूप जनहानियों को किया गया कम*
                                                                                                                                             *- लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर 80 स्थानों पर लगे ई०एस०ई लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए*

*लखनऊ, 28 जनवरी:* योगी सरकार प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि को न्यूनतम करने की दिशा में लगातार ठोस और वैज्ञानिक कदम उठा रही है। इसी के तहत मीरजापुर में “लाइटनिंग रेज़िलिएंसी” यानी आकाशीय बिजली से सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। योगी सरकार के इस कदम से मीरजापुर में आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी, वहीं इसे न्यूनतम और शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है। योगी सरकार का लाइटनिंग रेज़िलिएंसी माॅडल देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। बता दें कि मीरजापुर देश के सबसे अधिक बिजली प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है।

*यू०पी०एस०डी०एम०ए एवं राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जनपद मीरजापुर को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान से किया गया मजबूत*
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मीरजापुर (डीoडीoएमoए) के अध्यक्ष/जिलाधिकारी मीरजापुर पवन कुमार गंगवार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली मौतों को हर हाल में रोकने और न्यूनतम करने के निर्देश दिये थे। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूपीएसडीएमए) को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों के साथ मजबूत किया गया। मीरजापुर में लाइटनिंग मिटिगेशन प्रोजेक्ट इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। इसी का परिणाम है कि वर्ष 2024-25 और वर्ष 2025-26 में अब तक आकाशीय बिजली गिरने से मौतों की संख्या घटकर 14 रह गई, जबकि वर्ष 2019 में 30, वर्ष 2020 में 28, वर्ष 2021 में 23 और वर्ष 2022 में 30 लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई थी।

*वैज्ञानिक अध्ययन के बाद चिन्हित हुए ‘लाइटनिंग हॉटस्पॉट’*
मीरजापुर भौगोलिक संरचना, पथरीली जमीन और खनन कार्यों के चलते आकाशीय बिजली की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला रहा है। ऐसे में बीते कुछ वर्षों में आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की जान चली गयी। योगी सरकार ने मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। इस पर डीoडीoएमoए मीरजापुर द्वारा पिछले चार से पांच वर्षों के आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के परियोजना आंकलन, आईआईटीएम पुणे के वज्रपात गिरने के स्थलीय डाटा, आईoआईoटी रुड़की के पढ़े लोगों द्वारा किए गए शोध और सीoआरoओoपीoसी के द्वारा वज्रपात के परिप्रेक्ष में जनपद का किया गया संवेदनशीलता के परिप्रेक्ष्य में आंकलन के अनुसार  पता लगाया गया कि अधिकांश मौतें खुले मैदान, पेड़ के नीचे, जल स्रोतों के पास और कच्चे मकानों में होती हैं। अध्ययन के बाद मीरजापुर में लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप तैयार किया गया, जिसके आधार पर सुरक्षा उपाय तय किए गए।

*लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर 80 स्थानों पर लगाए गए अर्ली स्ट्रीमर एमिशन के लाइटनिंग अरेस्टर*
लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर पहले चरण में मीरजापुर के चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में 80 स्थानों पर अर्ली स्ट्रीमर एमिशन (ईoएसoई) आधारित लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए। बता दें कि ये उपकरण बिजली को सुरक्षित रूप से धरती में प्रवाहित कर देते हैं, जिससे आसपास के क्षेत्र में जान-माल की हानि नहीं होती। कई अरेस्टर में लगे इंडिकेटर यह दर्शाते हैं कि उन्होंने कई बार बिजली को सफलतापूर्वक अवशोषित किया है।

*पूरे जिले में चलाया गया वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम*
योगी सरकार की रणनीति केवल तकनीक तक सीमित नहीं रही बल्कि ब्लॉक, जिला और ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम’ के तहत अधिकारियों, ग्राम प्रधानों, लेखपालों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, युवाओं और आम नागरिकों को बिजली गिरने के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसकी भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप के माध्यम से समय से चेतावनी प्राप्त करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इतना ही नहीं मीरजापुर की सभी 809 ग्राम पंचायतों में माइकिंग, जागरूकता रथ, पोस्टर, वीडियो और पंचायत स्तरीय कार्यशालाओं के जरिए संदेश पहुंचाया गया। सिनेमा हॉलों में भी बिजली से बचाव पर आधारित वीडियो दिखाए गए। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आईएमडी द्वारा जारी चेतावनियों को तेजी से आमजन तक पहुंचाया गया। योगी सरकार के इन प्रयासों का ही नतीजा है कि मीरजापुर में वर्तमान में आकाशीय बिजली गिरने से होने वाली मौतों की संख्या में 50 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गयी, वहीं इसे शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
गया में परफेक्शन आईएएस का शुभारंभ, अब यहीं होगी यूपीएससी व बीपीएससी की तैयारी

गया: गया शहर के गया कॉलेज मोड़ स्थित सीआरपीएफ कैंप के समीप बुधवार को परफेक्शन आईएएस कोचिंग संस्थान का विधिवत शुभारंभ फीता काटकर किया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संस्थान के संचालक सरवन कुमार, सत्या कुमार एवं मुकेश कुमार ने संयुक्त रूप से उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित किया।

संचालकों ने बताया कि परफेक्शन आईएएस में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) एवं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षाओं की तैयारी अनुभवी शिक्षकों द्वारा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि गया एवं आसपास के जिलों के छात्रों को अब सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए पटना जैसे बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर अध्ययन सामग्री और नियमित मार्गदर्शन की व्यवस्था अब गया में ही उपलब्ध होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान में आधुनिक शिक्षण पद्धति, नियमित टेस्ट सीरीज, डाउट क्लियरिंग सेशन एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन की सुविधा दी जाएगी, जिससे छात्र बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकें। परफेक्शन आईएएस का उद्देश्य ग्रामीण एवं छोटे शहरों के प्रतिभाशाली छात्रों को सिविल सेवा परीक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। संस्थान के उद्घाटन से क्षेत्र के छात्रों में खासा उत्साह देखा गया और लोगों ने इस पहल की सराहना की।

राँची नगरपालिका चुनाव 2026: उपायुक्त ने कसी कमर; कोषांगों को समयबद्ध और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने का सख्त निर्देश

राँची, 28 जनवरी 2026: राँची जिले में आगामी नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और त्रुटिहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका)-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने आज समाहरणालय में हाई-लेवल बैठक की। बैठक में चुनाव के लिए गठित सभी विशेष कोषांगों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

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आयोग के निर्देशों का अक्षरशः पालन अनिवार्य

उपायुक्त ने सभी वरीय पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य निर्वाचन आयोग, झारखण्ड के दिशा-निर्देशों का पालन करने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कोषांग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करे।

मतदाता जागरूकता पर विशेष जोर

लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर जोर देते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मतदाताओं को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। विभिन्न प्रचार माध्यमों का उपयोग कर हर नागरिक तक मतदान का संदेश पहुँचाना सुनिश्चित करें।

कोषांगों के बीच बेहतर समन्वय की अपील

बैठक में कार्मिक, मतपत्र, परिवहन, आचार संहिता, मीडिया और सूचना तकनीकी (IT) जैसे 13 से अधिक महत्वपूर्ण कोषांगों के कार्यों की समीक्षा हुई। उपायुक्त ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की सफलता के लिए सभी विभागों के बीच आपसी तालमेल और नियमित रिपोर्टिंग अत्यंत आवश्यक है।

नगर निगम सदन में वंदे मातरम की गीत के साथ महापौर ने किया ध्वजारोहण।

देश की एकता को एक सूत्र में पिरोता है वंदे मातरम-महापौर

पार्षदगण एवं विभाग के सभी अधिकारी/कर्मचारियो ने गया राष्ट्रगान रंगोली और तिरंगे से सजा नगर निगम।

वायुसेना के पायलटो को बचाने वाले युवकों को किया गया सम्मानित।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।नगर निगम प्रयागराज में गणतंत्र दिवस पर सभी अधिकारियो कर्मचारियो के साथ महापौर एवं नगर आयुक्त ने राष्ट्रगान बन्दे मातरम गीत की ध्वनि में झण्डा फहराया।तत्पश्चात नगर निगम प्रांगण में रंगोलियो से 77 वाँ गणतंत्र दिवस लिखा गया एवं"स्वच्छ आदत से स्वच्छ भारत"के स्लोगन पर जीरो वेस्ट की रंगोली भी बनाई गई जो लोगों को आकर्षित करने योग्य रहा उसके बाद सदन में बैठक के दौरान नगर आयुक्त साई तेजा ने उपस्थित लोगो का अभिवादन किया महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने कहा वंदे मातरम देश की एकता को एक सूत्र में पिरोने का मंत्र है। 150 साल पूर्व वन्दे मातरम की रचना करने वाले बंकिम चन्द्र चटर्जी की प्रतिमा लगाई जाएगी।महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने बताया कि सदन में यह निर्णय लिया गया है।जवाहर लाल नेहरू रोड पर एक पार्क में प्रतिमा लगाई जाएगी।विशेषज्ञो के साथ प्रतिमा के आकार पर विचार किया जाएगा।इसी कड़ी में प्रयागराज वायुसेना के दो पायलटों को तालाब में फंसे एयरक्राफ्ट से सुरक्षित निकालने वाले पंकज सोनकर आलोक यादव और लाल साहब निषाद को नगर निगम सम्मानित द्वारा साहसिक कार्य हेतु सम्मानित किया गया इन सभी लोगो ने तकनीकी खराबी के बाद पैराशूट के जरिए केपी कालेज के पास तालाब में उतरे वायुसेना के एयरक्राफ्ट से दोनो पायलटों को तीनो ने सुरक्षित बाहर निकाला था।बैठक में चर्चा के दौरान पार्षद आकाश सोनकर और नेम यादव ने इन्हें सम्मानित करने का प्रस्ताव रखा था।इस दौरान नगर आयुक्त सीलम साई तेजा अपर नगर आयुक्त राजीव शुक्ला दीपेंद्र यादव अरविन्द राय पी. के.मिश्रा मुख्य कर निर्धारण अधिकारी जनसम्पर्क अधिकारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी जलकल विभाग स्वास्थ्य विभाग पशु विभाग आदि के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।

9 वर्षीय आयुष को मिली नई जिन्दगी एसआरएन अस्पताल में दुर्लभ सर्जरी सफल

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।एसआरएन अस्पताल  चिकित्सको ने एक दुर्लभ और जटिल सर्जरी कर 9 वर्षीय बालक आयुष को नई जिन्दगी दी है।आयुष पिछले एक वर्ष से चेहरे के बाएं हिस्से में सूजन और दर्द से पीड़ित था।25 दिसम्बर 2025 को उसे कैंसर सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया जहां जांच में बाएं जबड़े (मैंडिबल)में एमेलोब्लास्टोमा नामक दुर्लभ ट्यूमर की पुष्टि हुई।यह बीमारी बच्चो में अत्यन्त दुर्लभ मानी जाती है।29 दिसम्बर को प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं उप-प्राचार्य(वाइस प्रिंसिपल) डॉ मोहित जैन और कैंसर सर्जन डॉ.राजुल अभिषेक के नेतृत्व में लगभग आठ घंटे तक चली सर्जरी में बाएं जबड़े को निकालकर पैर की हड्डी (फिबुला)से जबड़े का सफल पुनर्निर्माण किया गया।

डॉ. राजुल अभिषेक ने बताया यह सर्जरी बच्चो में विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण होती है।हमारा उद्देश्य केवल ट्यूमर को पूरी तरह निकालना ही नही बल्कि बच्चे के चेहरे की बनावट चबाने और बोलने की क्षमता को भी सुरक्षित रखना माइक्रोवैस्कुलर तकनीक से की गई इस सर्जरी के बाद आयुष तेजी से स्वस्थ हुआ और 6 जनवरी 2026 को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन ने सर्जिकल एनेस्थीसिया नर्सिग एवं पुनर्वास टीम के समन्वित प्रयासो की सराहना की।क्या होता है।एमेलोब्लास्टोमा जबड़े की हड्डी में होने वाला एक दुर्लभ ट्यूमर है,जो अधिकतर निचले जबड़े को प्रभावित करता है।यह धीरे-धीरे बढ़ता है लेकिन समय पर इलाज न हो तो चेहरे की बनावट बिगाड़ सकता है और चबाने-बोलने में दिक्कत पैदा कर सकता है

।मुख्य लक्षण:
•चेहरे या जबड़े में सूजन
•लम्बे समय तक बना रहने वाला दर्द
•चेहरे की असमानता इलाज:
•सर्जरी मुख्य उपचार
• जरूरत पड़ने पर जबड़े का पुनर्निर्माण

डॉ.राजुल अभिषेक ने सलाह देते हुए कहाकि चेहरे या शरीर के किसी भी हिस्से में बनी रहने वाली गांठ या सूजन की अनदेखी न करे समय रहते जांच कराना बेहद जरूरी है।
पांचाल घाट पर जलज परियोजना का शुभारंभ
फर्रुखाबाद l भारतीय वन्य जीव संस्थान, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से जलज परियोजना के अंतर्गत पांचाल घाट पर स्थापित जलज कांपिल्य का शुभारंभ किया गया। इस दौरान परियोजना सहायक शुभम कटियार ने गंगा योद्धाओं को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जलज कांम्पिल्य  के द्वारा गंगा तट पर आने वाले लोगों को गंगा संरक्षण के लिए जागरूक किया जाएगा। नमामि गंगे योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

अर्थ गंगा के माध्यम से लोगों को आजीविका के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।जलज सफारी के बारे में एवं उसके उद्देश्यों से अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त जलज सफारी नाव का उद्घाटन भी किया गया।इस अवसर पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नसरुद्दीन,पंचायत सहायक संजय कुमार,दीपक कुमार ,गंगा प्रहरी मीना देवी, सुमित, नितिन, दिव्यम, अभिलाष, हिमांशु जलज सफारी नाविक उमेर, सलमान तथा अन्य स्थानीय लोग उपस्थित रहे।