दुकान में बैठे अधेड़ की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर की हत्या,हत्यारे की तलाश के लिए टीमें गठित*
सुल्तानपुर में देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब दुकान में बैठे अधेड़ की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद बाइक सवार बदमाश मौके से फरार हो गए। वहीं सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है साथ ही हत्यारों की तलाश में टीम गठित कर दी गई है। दरअसल ये मामला है कुड़वार थानाक्षेत्र के स्थानीय बाजार का। यही पर 55 वर्षीय माता प्रसाद पाण्डेय दुकान में बैठे हुए थे। इसी दरम्यान बाइक सवार दो बदमाश मौके पर पहुंचे और उन्हें गोली मार दी। गोली मारने के बाद बाइक सवार बदमाश मौके से फरार हो गए। गोली लगने से घायल माता प्रसाद पाण्डेय को आनन फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया,जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं सूचना पर पुलिस के आलाधिकारी अस्पताल पहुंचे। जहाँ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया,साथ ही हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई,पुलिस जल्द ही खुलासे का दावा कर रही है। बताया जा रहा है मृतक माता प्रसाद पाण्डेय प्रापर्टी डीलर का कार्य करते थे। फिलहाल परिजनों द्वारा प्राप्त तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा और कड़ी कार्यवाही किए जाने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि माता प्रसाद कुड़वार थाने के हिस्ट्रीशीटर थे और इनपर करीब आधा दर्जन मुकदमे पहले से दर्ज थे, और अभी हाल में ही ये जेल से बाहर आए थे। फिलहाल पुलिस हर पहलुओं पर जांच पड़ताल कर रही है।
आर.एन. इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, मेधावियों का सम्मान
रामेश्वर प्रजापति छांगुर नगरा(बलिया) आर.एन. इंटरनेशनल स्कूल में सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। परिणाम घोषणा के साथ ही विद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। विद्यालय के विभिन्न क्लास में कई विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रमुख रूप सर्वजीत यादव, श्रेया यादव, अंशिका यादव, अंशिका सिंह, माहिरा, इमरान, सिया गुप्ता, वाणी, खुशी यादव, सुमित कुमार वर्मा, अनुष्का प्रजापति, अनुषा परवीन, अंश यादव, सृष्टि यादव, नजिया खातून, सौम्या गुप्ता, अनंत विजय, अंश सिंह, रोशन शर्मा, अंकित कुमार यादव और अपर्णा यादव अमृता,अर्सिता जैसे विद्यार्थियों के नाम उल्लेखनीय रहे। इन सभी ने कड़ी मेहनत और लगन से विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। विद्यालय के डायरेक्टर श्री विद्यसागर उपाध्याय ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का मूल मंत्र निरंतर प्रयास और अनुशासन है। उन्होंने विद्यार्थियों को आगे भी इसी प्रकार मेहनत करते हुए ऊंचाइयों को छूने की प्रेरणा दी। वहीं प्रबंधक श्री रामदरश यादव (क्रांति) ने सभी सफल छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी ताकत है, जो हर लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होती है। प्रधानाचार्य श्री सुनील कुमार तिवारी ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बच्चों को नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं में मनसा शर्मा, अंजू यादव, प्रियंका गुप्ता, बलिराम, आदित्य यादव, स्वाति वर्मा, स्वाति सिंह, नीलू सिंह, रमेश सर, सुनील, सपना, सहिता, रीना एवं सौम्या मैडम सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों ने भी बच्चों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और विद्यालय के प्रयासों की सराहना रहा।
आजमगढ़:- 26 और 27 मार्च को भी खुलेंगे बिजली बिल के कैश काउंटर
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 26 और 27 मार्च को भी कैश काउंटर खुले रखने का निर्णय लिया गया है। यह जानकारी विद्युत वितरण खंड फूलपुर के अधिशासी अभियंता हरीश प्रजापति ने दी।
उन्होंने बताया कि चल रही बिजली बिल राहत योजना के अंतर्गत जिन उपभोक्ताओं ने पंजीकरण करा लिया है, वे इन अतिरिक्त तिथियों पर भी अपने बिल जमा कर योजना का लाभ उठा सकते हैं। उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपखंड कार्यालयों और खंड कार्यालयों के सभी कैश काउंटर सामान्य रूप से खुले रहेंगे।
अधिशासी अभियंता ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस योजना का लाभ लें और साथ ही अपनी बिजली संबंधी अन्य समस्याओं का भी मौके पर निस्तारण कराएं।
विद्युत विभाग का कहना है कि यह पहल उपभोक्ताओं की भीड़ को कम करने और अधिक से अधिक लोगों तक राहत योजना का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में यूथ पार्लियामेंट 2026 के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन*
सुलतानपुर,पयागीपुर स्थित गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “ *माय भारत युवा फॉर विकसित भारत* ” अभियान के अंतर्गत एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ ओम प्रकाश पाण्डेय 'बजरंगी' के मार्गदर्शन और प्राचार्य प्रो अंग्रेज सिंह राणा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. डी. एस. मिश्र तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला सांख्यिकीय अधिकारी विजय चतुर्वेदी उपस्थित रहे। “माय भारत” के यूथ ऑफिसर सुधीर पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “ *आपातकाल के 50 साल : लोकतंत्र के लिए सबक* ” रहा, जिस पर छात्र-छात्राओं ने अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिनमें प्रथम स्थान — हिमांशू पाण्डेय, द्वितीय स्थान — सौरभ यादव, तृतीय स्थान — महेश निषाद, चतुर्थ स्थान- उत्कर्ष दूबे पांचवां स्थान- नीशू पाण्डेय और आदित्य दूबे ने प्राप्त किया प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका में प्रो. मो. शाहिद, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, प्रो अनुज कुमार पटेल एवं शशिकांत मिश्र उपस्थित रहे , जिन्होंने निष्पक्ष रूप से प्रतिभागियों का आकलन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विष्णु शंकर अग्रहरि ने कुशलतापूर्वक किया।इस अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को “माय भारत” प्रिंटेड टी-शर्ट एवं लंच पैकेट वितरित किए गए। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में युवाओं को लोकतंत्र की मजबूती, जागरूक नागरिकता एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला नोडल अधिकारी डॉ. शाहनवाज आलम ने किया। जबकि राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. दीपा सिंह, डॉ. भोलानाथ एवं डॉ. देवेंद्र मिश्र के सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो मनोज मिश्र, डॉ अश्विनी सिंह, सुभाष वर्मा, अर्चना त्रिपाठी, आलोक रावत एवं कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिनकी सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी बना दिया।
गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में यूथ पार्लियामेंट 2026  के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन
सुलतानपुर। पयागीपुर स्थित गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “ *माय भारत युवा फॉर विकसित भारत* ” अभियान के अंतर्गत एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ ओम प्रकाश पाण्डेय 'बजरंगी' के मार्गदर्शन और प्राचार्य प्रो अंग्रेज सिंह राणा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. डी. एस. मिश्र तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला सांख्यिकीय अधिकारी विजय चतुर्वेदी उपस्थित रहे। “माय भारत” के यूथ ऑफिसर सुधीर पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “ *आपातकाल के 50 साल : लोकतंत्र के लिए सबक* ” रहा, जिस पर छात्र-छात्राओं ने अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।  प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रथम स्थान — हिमांशू पाण्डेय, द्वितीय स्थान — सौरभ यादव, तृतीय स्थान — महेश निषाद, चतुर्थ स्थान- उत्कर्ष दूबे
पांचवां स्थान- नीशू पाण्डेय और आदित्य दूबे ने प्राप्त किया प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका में प्रो. मो. शाहिद, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, प्रो अनुज कुमार पटेल एवं शशिकांत मिश्र उपस्थित रहे , जिन्होंने निष्पक्ष रूप से प्रतिभागियों का आकलन किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. विष्णु शंकर अग्रहरि ने कुशलतापूर्वक किया।इस अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को “माय भारत” प्रिंटेड टी-शर्ट एवं लंच पैकेट वितरित किए गए। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में युवाओं को लोकतंत्र की मजबूती, जागरूक नागरिकता एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला नोडल अधिकारी डॉ. शाहनवाज आलम ने किया, जबकि राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. दीपा सिंह, डॉ. भोलानाथ एवं डॉ. देवेंद्र मिश्र के सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो मनोज मिश्र, डॉ अश्विनी सिंह, सुभाष वर्मा, अर्चना त्रिपाठी, आलोक रावत एवं कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिनकी सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी बना दिया।
रांची के सरकारी स्कूलों में 'एनुअल डे' की धूम: 2000 विद्यालयों के 2 लाख बच्चों ने बिखेरा अपनी प्रतिभा का जलवा

रांची | 25 मार्च 2026: रांची जिला प्रशासन की एक अनूठी पहल के तहत बुधवार को जिले के लगभग 2000 सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 का भव्य वार्षिकोत्सव (Annual Day) मनाया गया। निजी स्कूलों की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर अपनी सांस्कृतिक और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

निजी स्कूलों जैसी भव्यता, सरकारी स्कूलों की प्रतिभा

राजकीयकृत मध्य विद्यालय, नवीन आरक्षी (कांके रोड) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा:

"अक्सर यह माना जाता था कि एनुअल डे केवल निजी स्कूलों की परंपरा है, लेकिन सरकारी स्कूलों के बच्चों में भी अद्भुत प्रतिभा है। जिला प्रशासन ने उन्हें उचित मंच देने के लिए इस कार्यक्रम की शुरुआत की है ताकि बच्चों का आत्मविश्वास बढ़े और स्कूलों में 'ड्रॉप-आउट' की समस्या कम हो सके।"

30 हजार से अधिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

पूरे जिले में उत्सव का माहौल रहा, जहाँ नृत्य, गायन, नाटक और कविता पाठ जैसी कुल 30,000 से अधिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।

विशिष्ट उपस्थिति: उप विकास आयुक्त श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने राजकीय मध्य विद्यालय, बरियातू में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। यहाँ पद्मश्री मुकुंद नायक भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

JEPC की भागीदारी: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी ने जगन्नाथपुर मध्य विद्यालय में छात्रों को प्रोत्साहित किया।

सुदृढ़ शिक्षा और सुशासन का लक्ष्य

उपायुक्त ने राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। इस आयोजन के माध्यम से जिला प्रशासन कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर काम कर रहा है:

सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ाना।

ड्रॉप-आउट दर को शून्य के करीब लाना।

छात्रों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना।

अभिभावकों से अपील

श्री भजंत्री ने अभिभावकों का अभिनंदन करते हुए उनसे अपील की कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई में निरंतर रुचि लें। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC), स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

साहित्य वाचस्पति उपाधि से विभूषित हुए प्रो.करुणाशंकर उपाध्याय
मुंबई। हिन्दी साहित्य सम्मेलन,प्रयाग ने प्रख्यात आलोचक व मुंबई विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय को अपनी सर्वोच्च उपाधि साहित्य वाचस्पति (डी. लिट.) से 22 मार्च 2026 को श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय,गुजरात में सम्मानित किया।उक्त उपाधि से अब तक साहित्यकारों में पं.मदन मोहन मालवीय,महात्मा गाँधी,अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध', गौरीशंकर हीराचन्द ओझा, ग्रियर्सन, श्यामसुन्दर दास, महावीर प्रसाद द्विवेदी, मैथिलीशरण गुप्त,माखन लाल चतुर्वेदी,डॉ. सम्पूर्णानन्द,हजारी प्रसाद द्विवेदी,विजय दत्त श्रीधर जैसी विभूतियों का समावेश है।

प्रोफेसर उपाध्याय को यह उपाधि हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभापति और प्रख्यात विद्वान् डाॅ. सूर्य प्रसाद दीक्षित के कर-कमलों से प्राप्त हुआ।मुंबई विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं आलोचक डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय इस समय हिन्दी साहित्य के सबसे चर्चित आलोचक हैं।आप भारतीय और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के अधिकारी विद्वान् हैं। आप आलोचना की अद्यतन पद्धतियों से भी पूर्णत: विज्ञ हैं।आप भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में नूतन प्रतिमानों का निर्माण करते हैं।आपकी  पुस्तक 'मध्यकालीन कविता का पुनर्पाठ' पर आयोजित परिचर्चा के अवसर पर साहित्यकार चित्रामुद्गल ने डाॅ. उपाध्याय को आज का सबसे बड़ा आलोचक कहा था।

तदुपरांत हिंदी साहित्य भारती द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने इन्हें वर्तमान शती का आचार्य रामचंद्र शुक्ल और डाॅ.अरविंद द्विवेदी ने अज्ञेय के बाद हिंदी का सबसे बड़ा अंत: अनुशासनिक आलोचक कहा।प्रोफेसर उपाध्याय के आलोचनात्मक लेखन पर ममता यादव ने जे.जे.टी.विश्वविद्यालय, झुंझनू,राजस्थान से पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की है।शोध छात्र अश्वनी तिवारी ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो दर्जन से अधिक सम्मान से पुरस्कृत डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को उ.प्र. के प्रतापगढ़ जिले के घोरका तालुकदारी नामक गाँव में हुआ।पिता राममनोरथ उपाध्याय विख्यात रामायणी थें और पितामह रामकिशुन उपाध्याय सुविख्यात वैद्य थें।

डाॅ.उपाध्याय की अभी तक कुल 20 मौलिक आलोचनात्मक पुस्तकें और 15 संपादित पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। गत वर्ष इनका आलोचना ग्रंथ ' जयशंकर प्रसाद महानता के आयाम ' प्रकाशित हुआ है जो इस समय विद्वानों के मध्य मीमांसा का विषय बना हुआ है। महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रपौत्री डाॅ.कविता प्रसाद पुस्तक की प्रशंसा करती है। इस पर अब तक 25 संगोष्ठियां आयोजित हो चुकी हैं।आपके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में लगभग 400 आलेख - शोध पत्र प्रकाशित हैं।वही प्रो. उपाध्याय के कुशल निर्देशन में अब तक 37 शोधार्थी पी-एच. डी. की उपाधि एवं 55 छात्र एम.फिल. कर चुके हैं।
जिम्मेदार और अनुशासित युवा ही राष्ट्र के सच्चे निर्माणकर्ता : प्रोफेसर राजेश सिंह

जौनपुर। किसी भी राष्ट्र के विकास की वास्तविक शक्ति उसके युवा होते हैं। जब युवा वर्ग अनुशासन, समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करता है, तब समाज में प्रगति और सशक्तता का मार्ग प्रशस्त होता है। युवाओं की ऊर्जा यदि सही दिशा में प्रयुक्त हो, तो वह राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का सामर्थ्य रखती है।ये विचार राष्ट्रीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जमुहाई, जौनपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कला संकाय के पूर्व अधिष्ठाता प्रोफेसर राजेश कुमार सिंह ने व्यक्त किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके उपरांत मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया।
समापन समारोह के अवसर पर स्वयंसेवकों द्वारा विविध सामाजिक एवं समसामयिक विषयों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। नृत्य, नाटक एवं गीतों के माध्यम से स्वयंसेवकों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के क्रम में स्वयंसेवकों द्वारा सात दिवसीय शिविर के दौरान किए गए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें स्वच्छता अभियान, जागरूकता रैलियों एवं अन्य गतिविधियों का उल्लेख किया गया। प्राचार्य प्रोफेसर मिथिलेश  पांडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें व्यवहारिक जीवन के लिए तैयार करती है। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा कि अनुशासन, सेवा-भाव एवं समर्पण के साथ किया गया कार्य ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे शिविर युवाओं में नेतृत्व क्षमता एवं सामूहिकता की भावना को विकसित करते हैं।

कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रमाधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह द्वारा किया गया, जबकि आभार ज्ञापन कार्यक्रमाधिकारी डॉ. तेजप्रताप सिंह ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं कर्मचारीगण की गरिमामयी उपस्थिति रही।सात दिवसीय विशेष शिविर के सफल समापन के साथ स्वयंसेवकों ने अनुशासन, सेवा एवं सहयोग की भावना को आत्मसात करते हुए भविष्य में भी सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।
पत्रकार संजय कुमार दुबे के चाचा राजनाथ दुबे का आकस्मिक निधन
जौनपुर। दैनिक जागरण, महाराजगंज से पत्रकार संजय कुमार दुबे के चाचा का बीती रात असामयिक मौत हो जाने से शोक की लहर फैल गई है।चाचा राजनाथ दुबे लखनऊ में निवास करते थे और काफी दिनों से स्वास्थ ठीक नहीं था।पूर्व में राजकीय सेवा में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में कार्यरत थे ।उनको एक पुत्र अजय कुमार दुबे है जो वोल्टास कंपनी में रीजनल मैनेजर उत्तर प्रदेश और उत्तरा खंड प्रांत में तैनात है।इनका दाह संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया। सांसद सीमा द्विवेदी, पूर्व विधायक बाबा दुबे, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार प्रमोद पांडे, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अनिल यादव, ब्लॉक अध्यक्ष उमेश मिश्रा, पत्रकार अमित पांडे,राजीव दुबे ,श्रेयांस दुबे ,अथर्व दुबे,स्वतंत्र कुमार दुबे, अंकित दुबे समेत अनेक लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
पाकिस्तान-नेपाल-बांग्लादेश से जुड़े इंटरनेशनल हथियार तस्करी मॉड्यूल का खुलासा, 10 गिरफ्तार

#internationalarmssmugglingracketbustedindelhi 

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने राजधानी में सक्रिय एक इंटरनेशनल आर्म्स ट्रैफिकिंग मॉड्यूल का बड़ा खुलासा करते हुए 10 तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा नेटवर्क पुरानी दिल्ली से ऑपरेट हो रहा था और इसके तार पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश तक जुड़े हुए थे।

छापेमारी कर गिरोह के 10 गुर्गों को दबोचा

पुलिस ने पुरानी दिल्ली इलाके से संचालित होने वाले इस गिरोह के 10 प्रमुख गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि क्राइम ब्रांच की एंटी रॉबरी स्नैचिंग सेल के इंस्पेक्टर मान सिंह के सुपरविजन में इंस्पेक्टर सुंदर गौतम और अन्यों की टीम ने तकनीकी निगरानी से संदिग्धों के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले। मुखबिरों की मदद से उनकी मूवमेंट का महीनों तक विश्लेषण किया गया। इसके बाद 13-14 मार्च को पुख्ता सूचना के आधार पर छापेमारी कर गिरोह के सदस्यों राहिल, हाशिम, सैम, सोनू गुप्ता, घनश्याम, वसीम, निशांत, नवाब, नौमान और नौशाद को दबोच लिया गया।

अलग-अलग देशों से लाए गए ऑटोमैटिक हथियार

पूरे अभियान में कुल 21 हथियार जब्त किए गए हैं। ये सभी अत्याधुनिक ऑटोमैटिक हथियार और पिस्तौलें हैं जो कई अलग-अलग देशों से लाए गए थे। बरामद हथियारों की लिस्ट में शामिल हैं:

1. चेक गणराज्य की सब-मशीन गन

2. चेक गणराज्य की शैडो सीजेड पिस्तौल

3. तुर्की की स्टोएगर पिस्तौल

4. चीन की पीएक्स-3 पिस्तौल

5. इटली की बेरेटा पिस्तौल

6. ब्राजील की टॉरस पिस्तौल

7. जर्मनी की वाल्थर पिस्तौल

8. विशेष बलों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली पीएक्स-5.7 पिस्तौल

पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत तक पहुंचते थे हथियार

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये हथियार पाकिस्तान से नेपाल बॉर्डर के जरिए भारत में प्रवेश करते थे। इसके बाद इन्हें दिल्ली-एनसीआर तक लाया जाता था, जहां से पूरे देश में इनकी सप्लाई की जाती थी। तस्कर सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचने के लिए इस रूट का इस्तेमाल करते थे। दिल्ली को इस नेटवर्क का मुख्य वितरण केंद्र बनाया गया था, जहां से अलग-अलग राज्यों के आपराधिक गिरोहों तक हथियार पहुंचाए जाते थे।

दुकान में बैठे अधेड़ की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर की हत्या,हत्यारे की तलाश के लिए टीमें गठित*
सुल्तानपुर में देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब दुकान में बैठे अधेड़ की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद बाइक सवार बदमाश मौके से फरार हो गए। वहीं सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है साथ ही हत्यारों की तलाश में टीम गठित कर दी गई है। दरअसल ये मामला है कुड़वार थानाक्षेत्र के स्थानीय बाजार का। यही पर 55 वर्षीय माता प्रसाद पाण्डेय दुकान में बैठे हुए थे। इसी दरम्यान बाइक सवार दो बदमाश मौके पर पहुंचे और उन्हें गोली मार दी। गोली मारने के बाद बाइक सवार बदमाश मौके से फरार हो गए। गोली लगने से घायल माता प्रसाद पाण्डेय को आनन फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया,जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं सूचना पर पुलिस के आलाधिकारी अस्पताल पहुंचे। जहाँ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया,साथ ही हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई,पुलिस जल्द ही खुलासे का दावा कर रही है। बताया जा रहा है मृतक माता प्रसाद पाण्डेय प्रापर्टी डीलर का कार्य करते थे। फिलहाल परिजनों द्वारा प्राप्त तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा और कड़ी कार्यवाही किए जाने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि माता प्रसाद कुड़वार थाने के हिस्ट्रीशीटर थे और इनपर करीब आधा दर्जन मुकदमे पहले से दर्ज थे, और अभी हाल में ही ये जेल से बाहर आए थे। फिलहाल पुलिस हर पहलुओं पर जांच पड़ताल कर रही है।
आर.एन. इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, मेधावियों का सम्मान
रामेश्वर प्रजापति छांगुर नगरा(बलिया) आर.एन. इंटरनेशनल स्कूल में सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। परिणाम घोषणा के साथ ही विद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। विद्यालय के विभिन्न क्लास में कई विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रमुख रूप सर्वजीत यादव, श्रेया यादव, अंशिका यादव, अंशिका सिंह, माहिरा, इमरान, सिया गुप्ता, वाणी, खुशी यादव, सुमित कुमार वर्मा, अनुष्का प्रजापति, अनुषा परवीन, अंश यादव, सृष्टि यादव, नजिया खातून, सौम्या गुप्ता, अनंत विजय, अंश सिंह, रोशन शर्मा, अंकित कुमार यादव और अपर्णा यादव अमृता,अर्सिता जैसे विद्यार्थियों के नाम उल्लेखनीय रहे। इन सभी ने कड़ी मेहनत और लगन से विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। विद्यालय के डायरेक्टर श्री विद्यसागर उपाध्याय ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का मूल मंत्र निरंतर प्रयास और अनुशासन है। उन्होंने विद्यार्थियों को आगे भी इसी प्रकार मेहनत करते हुए ऊंचाइयों को छूने की प्रेरणा दी। वहीं प्रबंधक श्री रामदरश यादव (क्रांति) ने सभी सफल छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी ताकत है, जो हर लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होती है। प्रधानाचार्य श्री सुनील कुमार तिवारी ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बच्चों को नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं में मनसा शर्मा, अंजू यादव, प्रियंका गुप्ता, बलिराम, आदित्य यादव, स्वाति वर्मा, स्वाति सिंह, नीलू सिंह, रमेश सर, सुनील, सपना, सहिता, रीना एवं सौम्या मैडम सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों ने भी बच्चों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और विद्यालय के प्रयासों की सराहना रहा।
आजमगढ़:- 26 और 27 मार्च को भी खुलेंगे बिजली बिल के कैश काउंटर
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 26 और 27 मार्च को भी कैश काउंटर खुले रखने का निर्णय लिया गया है। यह जानकारी विद्युत वितरण खंड फूलपुर के अधिशासी अभियंता हरीश प्रजापति ने दी।
उन्होंने बताया कि चल रही बिजली बिल राहत योजना के अंतर्गत जिन उपभोक्ताओं ने पंजीकरण करा लिया है, वे इन अतिरिक्त तिथियों पर भी अपने बिल जमा कर योजना का लाभ उठा सकते हैं। उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपखंड कार्यालयों और खंड कार्यालयों के सभी कैश काउंटर सामान्य रूप से खुले रहेंगे।
अधिशासी अभियंता ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस योजना का लाभ लें और साथ ही अपनी बिजली संबंधी अन्य समस्याओं का भी मौके पर निस्तारण कराएं।
विद्युत विभाग का कहना है कि यह पहल उपभोक्ताओं की भीड़ को कम करने और अधिक से अधिक लोगों तक राहत योजना का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में यूथ पार्लियामेंट 2026 के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन*
सुलतानपुर,पयागीपुर स्थित गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “ *माय भारत युवा फॉर विकसित भारत* ” अभियान के अंतर्गत एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ ओम प्रकाश पाण्डेय 'बजरंगी' के मार्गदर्शन और प्राचार्य प्रो अंग्रेज सिंह राणा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. डी. एस. मिश्र तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला सांख्यिकीय अधिकारी विजय चतुर्वेदी उपस्थित रहे। “माय भारत” के यूथ ऑफिसर सुधीर पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “ *आपातकाल के 50 साल : लोकतंत्र के लिए सबक* ” रहा, जिस पर छात्र-छात्राओं ने अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिनमें प्रथम स्थान — हिमांशू पाण्डेय, द्वितीय स्थान — सौरभ यादव, तृतीय स्थान — महेश निषाद, चतुर्थ स्थान- उत्कर्ष दूबे पांचवां स्थान- नीशू पाण्डेय और आदित्य दूबे ने प्राप्त किया प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका में प्रो. मो. शाहिद, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, प्रो अनुज कुमार पटेल एवं शशिकांत मिश्र उपस्थित रहे , जिन्होंने निष्पक्ष रूप से प्रतिभागियों का आकलन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विष्णु शंकर अग्रहरि ने कुशलतापूर्वक किया।इस अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को “माय भारत” प्रिंटेड टी-शर्ट एवं लंच पैकेट वितरित किए गए। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में युवाओं को लोकतंत्र की मजबूती, जागरूक नागरिकता एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला नोडल अधिकारी डॉ. शाहनवाज आलम ने किया। जबकि राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. दीपा सिंह, डॉ. भोलानाथ एवं डॉ. देवेंद्र मिश्र के सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो मनोज मिश्र, डॉ अश्विनी सिंह, सुभाष वर्मा, अर्चना त्रिपाठी, आलोक रावत एवं कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिनकी सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी बना दिया।
गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में यूथ पार्लियामेंट 2026  के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन
सुलतानपुर। पयागीपुर स्थित गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “ *माय भारत युवा फॉर विकसित भारत* ” अभियान के अंतर्गत एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ ओम प्रकाश पाण्डेय 'बजरंगी' के मार्गदर्शन और प्राचार्य प्रो अंग्रेज सिंह राणा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. डी. एस. मिश्र तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला सांख्यिकीय अधिकारी विजय चतुर्वेदी उपस्थित रहे। “माय भारत” के यूथ ऑफिसर सुधीर पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “ *आपातकाल के 50 साल : लोकतंत्र के लिए सबक* ” रहा, जिस पर छात्र-छात्राओं ने अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।  प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रथम स्थान — हिमांशू पाण्डेय, द्वितीय स्थान — सौरभ यादव, तृतीय स्थान — महेश निषाद, चतुर्थ स्थान- उत्कर्ष दूबे
पांचवां स्थान- नीशू पाण्डेय और आदित्य दूबे ने प्राप्त किया प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका में प्रो. मो. शाहिद, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, प्रो अनुज कुमार पटेल एवं शशिकांत मिश्र उपस्थित रहे , जिन्होंने निष्पक्ष रूप से प्रतिभागियों का आकलन किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. विष्णु शंकर अग्रहरि ने कुशलतापूर्वक किया।इस अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को “माय भारत” प्रिंटेड टी-शर्ट एवं लंच पैकेट वितरित किए गए। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में युवाओं को लोकतंत्र की मजबूती, जागरूक नागरिकता एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला नोडल अधिकारी डॉ. शाहनवाज आलम ने किया, जबकि राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. दीपा सिंह, डॉ. भोलानाथ एवं डॉ. देवेंद्र मिश्र के सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो मनोज मिश्र, डॉ अश्विनी सिंह, सुभाष वर्मा, अर्चना त्रिपाठी, आलोक रावत एवं कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिनकी सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी बना दिया।
रांची के सरकारी स्कूलों में 'एनुअल डे' की धूम: 2000 विद्यालयों के 2 लाख बच्चों ने बिखेरा अपनी प्रतिभा का जलवा

रांची | 25 मार्च 2026: रांची जिला प्रशासन की एक अनूठी पहल के तहत बुधवार को जिले के लगभग 2000 सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 का भव्य वार्षिकोत्सव (Annual Day) मनाया गया। निजी स्कूलों की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर अपनी सांस्कृतिक और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

निजी स्कूलों जैसी भव्यता, सरकारी स्कूलों की प्रतिभा

राजकीयकृत मध्य विद्यालय, नवीन आरक्षी (कांके रोड) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा:

"अक्सर यह माना जाता था कि एनुअल डे केवल निजी स्कूलों की परंपरा है, लेकिन सरकारी स्कूलों के बच्चों में भी अद्भुत प्रतिभा है। जिला प्रशासन ने उन्हें उचित मंच देने के लिए इस कार्यक्रम की शुरुआत की है ताकि बच्चों का आत्मविश्वास बढ़े और स्कूलों में 'ड्रॉप-आउट' की समस्या कम हो सके।"

30 हजार से अधिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

पूरे जिले में उत्सव का माहौल रहा, जहाँ नृत्य, गायन, नाटक और कविता पाठ जैसी कुल 30,000 से अधिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।

विशिष्ट उपस्थिति: उप विकास आयुक्त श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने राजकीय मध्य विद्यालय, बरियातू में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। यहाँ पद्मश्री मुकुंद नायक भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

JEPC की भागीदारी: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी ने जगन्नाथपुर मध्य विद्यालय में छात्रों को प्रोत्साहित किया।

सुदृढ़ शिक्षा और सुशासन का लक्ष्य

उपायुक्त ने राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। इस आयोजन के माध्यम से जिला प्रशासन कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर काम कर रहा है:

सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ाना।

ड्रॉप-आउट दर को शून्य के करीब लाना।

छात्रों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना।

अभिभावकों से अपील

श्री भजंत्री ने अभिभावकों का अभिनंदन करते हुए उनसे अपील की कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई में निरंतर रुचि लें। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC), स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

साहित्य वाचस्पति उपाधि से विभूषित हुए प्रो.करुणाशंकर उपाध्याय
मुंबई। हिन्दी साहित्य सम्मेलन,प्रयाग ने प्रख्यात आलोचक व मुंबई विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय को अपनी सर्वोच्च उपाधि साहित्य वाचस्पति (डी. लिट.) से 22 मार्च 2026 को श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय,गुजरात में सम्मानित किया।उक्त उपाधि से अब तक साहित्यकारों में पं.मदन मोहन मालवीय,महात्मा गाँधी,अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध', गौरीशंकर हीराचन्द ओझा, ग्रियर्सन, श्यामसुन्दर दास, महावीर प्रसाद द्विवेदी, मैथिलीशरण गुप्त,माखन लाल चतुर्वेदी,डॉ. सम्पूर्णानन्द,हजारी प्रसाद द्विवेदी,विजय दत्त श्रीधर जैसी विभूतियों का समावेश है।

प्रोफेसर उपाध्याय को यह उपाधि हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभापति और प्रख्यात विद्वान् डाॅ. सूर्य प्रसाद दीक्षित के कर-कमलों से प्राप्त हुआ।मुंबई विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं आलोचक डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय इस समय हिन्दी साहित्य के सबसे चर्चित आलोचक हैं।आप भारतीय और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के अधिकारी विद्वान् हैं। आप आलोचना की अद्यतन पद्धतियों से भी पूर्णत: विज्ञ हैं।आप भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में नूतन प्रतिमानों का निर्माण करते हैं।आपकी  पुस्तक 'मध्यकालीन कविता का पुनर्पाठ' पर आयोजित परिचर्चा के अवसर पर साहित्यकार चित्रामुद्गल ने डाॅ. उपाध्याय को आज का सबसे बड़ा आलोचक कहा था।

तदुपरांत हिंदी साहित्य भारती द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने इन्हें वर्तमान शती का आचार्य रामचंद्र शुक्ल और डाॅ.अरविंद द्विवेदी ने अज्ञेय के बाद हिंदी का सबसे बड़ा अंत: अनुशासनिक आलोचक कहा।प्रोफेसर उपाध्याय के आलोचनात्मक लेखन पर ममता यादव ने जे.जे.टी.विश्वविद्यालय, झुंझनू,राजस्थान से पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की है।शोध छात्र अश्वनी तिवारी ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो दर्जन से अधिक सम्मान से पुरस्कृत डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को उ.प्र. के प्रतापगढ़ जिले के घोरका तालुकदारी नामक गाँव में हुआ।पिता राममनोरथ उपाध्याय विख्यात रामायणी थें और पितामह रामकिशुन उपाध्याय सुविख्यात वैद्य थें।

डाॅ.उपाध्याय की अभी तक कुल 20 मौलिक आलोचनात्मक पुस्तकें और 15 संपादित पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। गत वर्ष इनका आलोचना ग्रंथ ' जयशंकर प्रसाद महानता के आयाम ' प्रकाशित हुआ है जो इस समय विद्वानों के मध्य मीमांसा का विषय बना हुआ है। महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रपौत्री डाॅ.कविता प्रसाद पुस्तक की प्रशंसा करती है। इस पर अब तक 25 संगोष्ठियां आयोजित हो चुकी हैं।आपके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में लगभग 400 आलेख - शोध पत्र प्रकाशित हैं।वही प्रो. उपाध्याय के कुशल निर्देशन में अब तक 37 शोधार्थी पी-एच. डी. की उपाधि एवं 55 छात्र एम.फिल. कर चुके हैं।
जिम्मेदार और अनुशासित युवा ही राष्ट्र के सच्चे निर्माणकर्ता : प्रोफेसर राजेश सिंह

जौनपुर। किसी भी राष्ट्र के विकास की वास्तविक शक्ति उसके युवा होते हैं। जब युवा वर्ग अनुशासन, समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करता है, तब समाज में प्रगति और सशक्तता का मार्ग प्रशस्त होता है। युवाओं की ऊर्जा यदि सही दिशा में प्रयुक्त हो, तो वह राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का सामर्थ्य रखती है।ये विचार राष्ट्रीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जमुहाई, जौनपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कला संकाय के पूर्व अधिष्ठाता प्रोफेसर राजेश कुमार सिंह ने व्यक्त किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके उपरांत मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया।
समापन समारोह के अवसर पर स्वयंसेवकों द्वारा विविध सामाजिक एवं समसामयिक विषयों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। नृत्य, नाटक एवं गीतों के माध्यम से स्वयंसेवकों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के क्रम में स्वयंसेवकों द्वारा सात दिवसीय शिविर के दौरान किए गए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें स्वच्छता अभियान, जागरूकता रैलियों एवं अन्य गतिविधियों का उल्लेख किया गया। प्राचार्य प्रोफेसर मिथिलेश  पांडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें व्यवहारिक जीवन के लिए तैयार करती है। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा कि अनुशासन, सेवा-भाव एवं समर्पण के साथ किया गया कार्य ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे शिविर युवाओं में नेतृत्व क्षमता एवं सामूहिकता की भावना को विकसित करते हैं।

कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रमाधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह द्वारा किया गया, जबकि आभार ज्ञापन कार्यक्रमाधिकारी डॉ. तेजप्रताप सिंह ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं कर्मचारीगण की गरिमामयी उपस्थिति रही।सात दिवसीय विशेष शिविर के सफल समापन के साथ स्वयंसेवकों ने अनुशासन, सेवा एवं सहयोग की भावना को आत्मसात करते हुए भविष्य में भी सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।
पत्रकार संजय कुमार दुबे के चाचा राजनाथ दुबे का आकस्मिक निधन
जौनपुर। दैनिक जागरण, महाराजगंज से पत्रकार संजय कुमार दुबे के चाचा का बीती रात असामयिक मौत हो जाने से शोक की लहर फैल गई है।चाचा राजनाथ दुबे लखनऊ में निवास करते थे और काफी दिनों से स्वास्थ ठीक नहीं था।पूर्व में राजकीय सेवा में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में कार्यरत थे ।उनको एक पुत्र अजय कुमार दुबे है जो वोल्टास कंपनी में रीजनल मैनेजर उत्तर प्रदेश और उत्तरा खंड प्रांत में तैनात है।इनका दाह संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया। सांसद सीमा द्विवेदी, पूर्व विधायक बाबा दुबे, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार प्रमोद पांडे, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अनिल यादव, ब्लॉक अध्यक्ष उमेश मिश्रा, पत्रकार अमित पांडे,राजीव दुबे ,श्रेयांस दुबे ,अथर्व दुबे,स्वतंत्र कुमार दुबे, अंकित दुबे समेत अनेक लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
पाकिस्तान-नेपाल-बांग्लादेश से जुड़े इंटरनेशनल हथियार तस्करी मॉड्यूल का खुलासा, 10 गिरफ्तार

#internationalarmssmugglingracketbustedindelhi 

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने राजधानी में सक्रिय एक इंटरनेशनल आर्म्स ट्रैफिकिंग मॉड्यूल का बड़ा खुलासा करते हुए 10 तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा नेटवर्क पुरानी दिल्ली से ऑपरेट हो रहा था और इसके तार पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश तक जुड़े हुए थे।

छापेमारी कर गिरोह के 10 गुर्गों को दबोचा

पुलिस ने पुरानी दिल्ली इलाके से संचालित होने वाले इस गिरोह के 10 प्रमुख गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि क्राइम ब्रांच की एंटी रॉबरी स्नैचिंग सेल के इंस्पेक्टर मान सिंह के सुपरविजन में इंस्पेक्टर सुंदर गौतम और अन्यों की टीम ने तकनीकी निगरानी से संदिग्धों के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले। मुखबिरों की मदद से उनकी मूवमेंट का महीनों तक विश्लेषण किया गया। इसके बाद 13-14 मार्च को पुख्ता सूचना के आधार पर छापेमारी कर गिरोह के सदस्यों राहिल, हाशिम, सैम, सोनू गुप्ता, घनश्याम, वसीम, निशांत, नवाब, नौमान और नौशाद को दबोच लिया गया।

अलग-अलग देशों से लाए गए ऑटोमैटिक हथियार

पूरे अभियान में कुल 21 हथियार जब्त किए गए हैं। ये सभी अत्याधुनिक ऑटोमैटिक हथियार और पिस्तौलें हैं जो कई अलग-अलग देशों से लाए गए थे। बरामद हथियारों की लिस्ट में शामिल हैं:

1. चेक गणराज्य की सब-मशीन गन

2. चेक गणराज्य की शैडो सीजेड पिस्तौल

3. तुर्की की स्टोएगर पिस्तौल

4. चीन की पीएक्स-3 पिस्तौल

5. इटली की बेरेटा पिस्तौल

6. ब्राजील की टॉरस पिस्तौल

7. जर्मनी की वाल्थर पिस्तौल

8. विशेष बलों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली पीएक्स-5.7 पिस्तौल

पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत तक पहुंचते थे हथियार

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये हथियार पाकिस्तान से नेपाल बॉर्डर के जरिए भारत में प्रवेश करते थे। इसके बाद इन्हें दिल्ली-एनसीआर तक लाया जाता था, जहां से पूरे देश में इनकी सप्लाई की जाती थी। तस्कर सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचने के लिए इस रूट का इस्तेमाल करते थे। दिल्ली को इस नेटवर्क का मुख्य वितरण केंद्र बनाया गया था, जहां से अलग-अलग राज्यों के आपराधिक गिरोहों तक हथियार पहुंचाए जाते थे।