प्रवासी सम्मेलन में पूर्वांचल से हो रहे पलायन को रोकने पर हुआ विमर्श
मुंगरा बादशाहपुर। नगर में पहली बार प्रवासी सम्मेलन का आयोजन करके मुंबई में रह रहे प्रवासियों ने पूर्वांचल से पलायन रोकने की पहल की। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में प्रवासी उद्योगपतियों के अलावा स्थानीय राजनेताओं की उपस्थिति रही। इस दौरान जौनपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज और भदोही के प्रवासी मौजूद रहे। सम्मेलन में आए सभी वक्ताओं ने प्रवासी उद्योगपतियों से अपील किया कि रोजगार के मामले में सरकार के सहारे रहने की जरूरत नहीं है। इसके लिए ख़ुद आगे आना होगा। जरूरी है कि सभी लोग अपने जिलों में भी उद्योग लगायें, ताकि युवाओं को उनकी योग्यता के हिसाब से काम मिल सके। इसके साथ ही महानगरों में स्थापित बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों को आमंत्रित करके रोजगार मेला लगाने का भी निश्चय किया गया। इस अवसर पर मडियाहूं के विधायक डा आर के पटेल, रानीगंज के वरिष्ठ भाजपा नेता पंकज मिश्रा, मुंगरा बादशाहपुर भाजपा के पूर्व प्रत्याशी अजय शंकर दुबे, बसपा नेता विनोद मिश्रा, भाजपा नेता मनोज द्विवेदी, समाजसेवी डा अमर मिश्रा, युवा उद्यमी आनंद पांडेय, राहुल दूबे, भदोही के वरिष्ठ पत्रकार हरीश सिंह, वेस्टर्न ऑब्जर्वर के संपादक परमेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य रामकिंकर पांडेय, भाजपा नेत्री अर्चना शुक्ला, किरन मौर्या, महेंद्र पांडेय, कमलाकांत पांडेय समेत कई गांवों के प्रधान, बीडीसी सदस्य एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुकेश त्रिपाठी ने किया और आयोजन की व्यवस्था में संपादक राजेश उपाध्याय एवं अभिज्ञान उपाध्याय एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की सफलता में ग्राम प्रधान तरहठी चंद्रेश गुप्ता, भाजपा नेता भरत तिवारी, बीडीसी सदस्य संतोष उपाध्याय, पूर्व बीडीसी विद्याधर शुक्ल, अमित दूबे, अमरीश दुबे आदि का योगदान रहा। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी भोलानाथ मिश्रा, सतहरिया प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद दुबे, युवा अधिवक्ता विष्णु कांत तिवारी और हाल ही में पीसीएस में चयनित तरहठी निवासी करुणाशंकर शुक्ला के परिजनों का सम्मान भी किया गया।
खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न
* अन्नपूर्णा भवन निर्माण, ई-केवाईसी और गेहूं खरीद अभियान में तेजी लाने के निर्देश
लखनऊ। सतीश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्राविधानों के सुचारू क्रियान्वयन एवं विभागीय गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण, राशन वितरण व्यवस्था, ई-केवाईसी और गेहूं खरीद की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त रणवीर प्रसाद, अपर आयुक्त (प्रशासन) कामता प्रसाद सिंह, अपर आयुक्त (आपूर्ति) सत्यदेव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

* अन्नपूर्णा भवन निर्माण कार्य में तेजी के निर्देश
अपर आयुक्त (आपूर्ति) द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत निर्माणाधीन मॉडल एफपीएस/अन्नपूर्णा भवनों की प्रगति की जानकारी दी गई। साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए भूमि चिन्हांकन एवं कार्ययोजना की अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराया गया। मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए तथा आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना तत्काल खाद्यायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

* राशन वितरण और ई-पॉस मशीनों की ऑनलाइन निगरानी
बैठक में बताया गया कि प्रदेश की उचित दर दुकानों पर ई-वेटिंग स्केल से लिंक्ड ई-पॉस मशीनों के जरिए राशन वितरण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। विभागीय कर्मचारी मोबाइल इंस्पेक्शन ऐप के माध्यम से फील्ड स्तर पर निरीक्षण भी कर रहे हैं। प्रदेश में इस कार्य की औसत प्रगति 71.31 प्रतिशत दर्ज की गई है। मंत्री ने 60 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में सुधार लाने और कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
साथ ही निर्देशित किया गया कि ई-पॉस मशीनों की नेटवर्क कनेक्टिविटी की नियमित निगरानी रखी जाए और तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

* 13.52 करोड़ लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी
समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 13.52 करोड़ लाभार्थियों यानी लगभग 93.34 प्रतिशत लोगों की ई-केवाईसी पूरी की जा चुकी है। मंत्री ने शेष लाभार्थियों की ई-केवाईसी जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

* गेहूं खरीद में तेजी लाने पर जोर
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। प्रदेश में अब तक 5797 क्रय केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। 25 लाख मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1,90,704 किसानों से 9.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 56 हजार मीट्रिक टन अधिक है।
मंत्री ने क्रय एजेंसियों को खरीद में तेजी लाने, राइस मिलर्स के सहयोग से प्रचार-प्रसार बढ़ाने और किसानों को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी गैस, डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जनपदों में आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
* 17 जिलों के 319 केंद्रों पर एआई निगरानी में परीक्षा, नकल माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रयागराज / लखनऊ।
उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी, जिसमें कुल 4,64,605 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी जिला कंट्रोल रूम और आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं निगरानी टीमें परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि नकल माफियाओं एवं परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों तथा द्वितीय पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र सहित चार विषयों की परीक्षा होगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत एवं मनोविज्ञान सहित पांच विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं कला सहित चार विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान भी की गई है, जिन्होंने अलग-अलग फोटो अथवा नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में ओएमआर शीट स्कैन की जाएगी और डेटा सुरक्षित किया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
आयोग ने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विकास या महाविनाश घूरपुर–प्रतापपुर सड़क निर्माण में सुस्ती, घटिया काम और भारी अनियमितताओं का आरोप
करोड़ों की लागत वाली सड़क बनी सवालों का गड्ढा—आधा काम अधूरा, जहां बना वहां भी टूट-फूट, जांच पर उठे गंभीर सवाल

बारा,प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत घूरपुर से प्रतापपुर तक प्रस्तावित लंबी सड़क, जिसे क्षेत्र के विकास की रीढ़ बताया जा रहा था, अब खुद सवालों के बोझ तले दबती नजर आ रही है। बारा विधायक डॉ वॉचस्पति द्वारा इसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि और विकास का प्रतीक बताया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट कहानी बयां कर रही है।
करीब अट्ठाईस किलोमीटर से अधिक लंबाई में बनने वाली इस सड़क के लिए बत्तीस करोड़ से अधिक की भारी भरकम लागत स्वीकृत हुई और कार्य भी शुरू हुआ, मगर बीते लगभग छह महीनों में निर्माण की रफ्तार इतनी धीमी रही कि अब तक केवल कुछ हिस्सों में ही डामरीकरण हो पाया है। हैरानी की बात यह है कि जहां सड़क बन भी चुकी है, वहां की हालत पहले से भी बदतर बताई जा रही है—डामर उखड़ चुका है, सड़क फट चुकी है और जगह- जगह गड्ढे उभर आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का घोर अभाव है। जिन स्थानों पर आरसीसी सड़क बनाई गई है, वहां न तो लोहे के सरिये का जाल दिख रहा है और न ही निर्माण मानकों का पालन होता नजर आता है। यह स्थिति सीधे तौर पर बड़े स्तर पर घोटाले की आशंका को जन्म देती है। कुछ समय पूर्व स्वयं विधायक द्वारा निरीक्षण में घटिया कार्य की पुष्टि भी हुई थी और संबंधित ठेकेदार को फटकार लगाई गई थी, सुधार के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, हालात जस के तस बने हुए हैं। सवाल यह उठता है कि जब अनियमितताएं उजागर हो चुकी हैं, तो निर्माण की गति और गुणवत्ता में सुधार क्यों नहीं हो रहा? घूरपुर से भीटा तक की हालत इतनी दयनीय बताई जा रही है कि लोग कहते हैं कि यदि केवल गिट्टी ही गिर जाए तो भी बड़ी राहत होगी। वहीं, बस्तियों में नालियों का अभाव स्थिति को और गंभीर बना रहा है। ठेकेदार द्वारा पंद्रह किलोमीटर नाली स्वीकृत होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कहीं भी इसका स्पष्ट प्रमाण नजर नहीं आता। बरसात नजदीक है और जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कई घरों में पानी घुस जाएगा, गलियों में जलभराव होगा और यही गंदा पानी बीमारियों को जन्म देगा। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि आखिर इस पानी की निकासी होगी कैसे? इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठ रहा है। कई बार मीडिया में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, किसान संगठनों ने ज्ञापन सौंपे, काम कई बार रोका गया, जांच में खामियां सामने आईं—फिर भी सुधार की जगह हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। जनता के बीच अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि यदि रोजाना निगरानी और सख्त जांच हो, तभी इस सड़क का वास्तविक विकास संभव है, अन्यथा यह परियोजना विकास के नाम पर महाविनाश का प्रतीक बनती जाएगी। करोड़ों की सरकारी धनराशि जिस तरह खर्च हो रही है, उस पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो का ज्ञापन सोपा।
नैनी-प्रयागराज/गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 27/04/26 समय प्रातः11 बजे सैकड़ो गोभक्त करछना तहसील में पहुंच कर गोवत्स-गोवत्सा के साथ संकीर्तन करते हुए S.D.M महोदय को 5000 लोगों का हस्ताक्षर युक्त चार सेट (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री,राज्यपाल,मुख्यमंत्री)गो सेवा,गो सुरक्षा और गो सम्मान के लिए विनयपूर्वक ज्ञापन सोपा है कि गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो और गोमाता को एक उचित सम्मान दिलाना चाहते है गो स्वयंसेवको ने प्रचंड धूप में भी उपस्थित रहे।
गो स्वयंसेवको ने कहा कि अपने आने वाले बच्चों के लिए,अपने सनातन को मजबूत बनाने के लिए हमारे पूर्वजों ने सनातन के लिए बहुत किया है अब बारी हमारी है हमें कुछ करना है भारतीय संस्कृति सभ्यता सनातन के लिए हो जाए तैयार।
ज्ञापन देने वालों में उपस्थित रहे राजा रामदास फलारी आश्रम,सरदार पतविंदर सिंह,धर्मेंद्र स्वामी,दीपक कुमार सिंह,हेरम्व शास्त्री,अनिल सिंह चौहान, लल्लू पंडित,प्रतीक शर्मा,सुमित अग्रवाल, विक्रान्त पांडे, शिवांगी मिश्रा, शिवम केसरवानी,व्यास अंकित ओझा,काशी दास,हरमनजी सिह  सहित गोभक्त कई अतिविशिष्ट, गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भदोही पुलिस ने अवैध तमंचा-कारतूस के साथ आरोपी पकड़ा: रेवड़ा परसपुर से गिरफ्तार, अपराध करने की फिराक में था

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव



भदोही। भदोही पुलिस ने एक व्यक्ति को अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी आजम अली पुत्र शौकत मंसूरी को 7-8 मई 2026 की रात ग्राम रेवड़ा परसपुर से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, वह किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में था।

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में जनपद में अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, थाना भदोही पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर की सूचना पर आजम अली (उम्र करीब 40 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त के पास से एक अदद अवैध तमंचा 315 बोर और एक अदद जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ है। इस संबंध में, थाना भदोही में आजम अली के खिलाफ मु0अ0सं0-199/2026 धारा- 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक हरिकेश सिंह, उपनिरीक्षक शमशाद खां, हेड कांस्टेबल श्यामप्रकाश यादव, हेड कांस्टेबल हारुन खां, हेड कांस्टेबल इफ्तेखारुद्दीन और कांस्टेबल अंकुश कुमार शामिल थे।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में प्रथम आने वाले वार्डों के सभासद होंगे सम्मानित।   
               
                                     
बलरामपुर। आदर्श नगरपालिका परिषद बलरामपुर के अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने नगरवासियों से स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। यदि प्रत्येक नागरिक स्वच्छता के प्रति जागरूक होकर अपना योगदान दे,तो बलरामपुर नगर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में भी एक अलग पहचान बना सकता है।
नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिह बैस ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण के अंतर्गत नगर के विभिन्न वार्डों में साफ-सफाई,कूड़ा निस्तारण,सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता तथा नागरिक सहभागिता के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। इस दौरान जो वार्ड सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे,उनके सभासदों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन जनप्रतिनिधियों को प्रोत्साहित करेगा जो अपने वार्ड को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
डॉ.धीरू ने सभी सभासदों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने वार्डों में स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप दें तथा लोगों को घर-घर जागरूक करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों को कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने,प्लास्टिक का कम उपयोग करने तथा आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि नागरिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। नगर के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही बलरामपुर को स्वच्छ और आदर्श नगर बनाया जा सकता है। नगरपालिका परिषद द्वारा सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं तथा सफाई कर्मचारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
नगरपालिका अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि जनसहयोग एवं सभासदों की सक्रिय भागीदारी से इस वर्ष बलरामपुर स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करेगा।
तमिलनाडु में विजय बनाएंगे सरकार, आज शाम फिर राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, मिल गया बहुमत का आंकड़ा

#vijaywilformgovernmentintamilnadu

तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। खबर है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी।

सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का मिला समर्थन

अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन के लिए अहम समर्थन मिल गया है। कांग्रेस के समर्थक के बाद अब CPI, CPM और VCK जैसे दलों ने भी उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सरकार गठन का दावा करेंगे पेश

234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े के करीब पहुंच चुके टीवीके गठबंधन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद विजय पहली बार सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं और जल्द सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं।

राज्यपाल आर्लेकर ने दो बार लौटाया

राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया था। बहुतम मिलने के बाद अब जल्द ही वो राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

मजबूत बूथ ही दिलाएगा मिशन- 2027 में प्रचंड जीत : विजय रघुवंशी
*धम्मौर समेत 26 मण्डलों में बूथ लेवल तक संगठन मजबूती व की-वोटर्स संपर्क पर जोर*

*संगठन को आत्मनिर्भर,मजबूत और सक्रिय बनाने की रणनीति पर मंथन*

सुलतानपुर।भाजपा ने मिशन-2027 की तैयारियों को तेज करते हुए 26 मण्डलों में बैठक कर बूथ स्तर तक संगठन को धार देने का अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में इसौली विधानसभा के धम्मौर मण्डल की मासिक एवं कामकाजी बैठक ग्राम पिकौरा स्थित एक निजी विद्यालय परिसर में मण्डल अध्यक्ष राम जतन यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।बैठक में मुख्य अतिथि भाजपा जिला मीडिया प्रमुख एवं मण्डल प्रभारी विजय रघुवंशी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की ताकत उसका बूथ स्तर तक सक्रिय संगठन और समर्पित कार्यकर्ता हैं।उन्होंने कहा कि मिशन- 2027 में प्रचंड विजय का रास्ता बूथ से होकर गुजरता है।इसलिए प्रत्येक कार्यकर्ता को बूथों पर जनसंपर्क,संवाद और संगठन विस्तार के अभियान में पूरी ताकत से जुटना होगा।उन्होंने कार्यकर्ताओं से केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं,विकास कार्यों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।बैठक में प्रत्येक बूथ पर की-वोटर्स एवं प्रभावशाली लोगों की सूची तैयार करने, व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सतत संपर्क बनाए रखने,नियमित बैठकें आयोजित करने तथा सरल एप पर कार्यवाही अपलोड करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही संगठन को आत्मनिर्भर,मजबूत और सक्रिय बनाने की रणनीति पर मंथन किया गया।बैठक का संचालन मण्डल महामंत्री गणेश शंकर पाण्डेय ने किया।इस अवसर पर पूर्व जिला मंत्री महेश सिंह, पूर्व मण्डल अध्यक्ष नन्दलाल पाल, राम प्रकाश वर्मा, हेमंत तिवारी, राहुल सिंह, कृष्ण कुमार उपाध्याय, राम कुमार मौर्य, संजीव तिवारी, मण्डल मीडिया प्रभारी जेपी मिश्रा सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।इसी क्रम में लोहरामऊ मण्डल में जिला महामंत्री विजय त्रिपाठी, मोतिगरपुर मनोज मौर्य, कुड़वार में जिला कोषाध्यक्ष पूजा कसौधन, अयोध्या प्रसाद वर्मा नगर मण्डल, रामेन्द्र प्रताप सिंह करौंदीकला,राजेश सिंह गोसैसिंहपुर, आशीष सिंह रानू पीपरगांव, मनोज श्रीवास्तव लंभुआ  मण्डल बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
सुल्तानपुर के शिवगढ़ में मिले लावारिस शव की नहीं हुई पहचान, तो सामाजिक संस्था अंकुरण ने कराया अंतिम संस्कार
सुल्तानपुर के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के सकवा नहर में में एक अज्ञात महिला (उम्र  करीब 28 -30 वर्ष) का शव मिलने के बाद जब कोई वारिस सामने नहीं आया, तो सामाजिक संस्था अंकुरण फाउंडेशन ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। कानूनन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब कोई परिजन शव लेने नहीं पहुंचा, तो प्रशासन के माध्यम से अंतिम संस्कार के लिए अंकुरण से संपर्क किया।
अंकुरण के सदस्यों के सहयोग से अज्ञात व्यक्ति के शव को श्मशान घाट ले जाया गया,
जहाँ संस्था के अध्यक्ष डॉ आशुतोष श्रीवास्तव एवं मो आरिफ खान ने महिला कांस्टेबल कांस्टेबल पूनम सिंह एवं कांस्टेबल कमला यादव के उपस्थिति में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मुखाग्नि देखकर उसका दाह संस्कार करवाया।
अंकुरण के मीडिया प्रभारी दीपक जायसवाल ने बताया कि हर इंसान का अंतिम विदाई सम्मानजनक होनी चाहिए। संस्था इसके लिए प्रयासरत है, अभी तक करीब 60 लावारिस लाशों का दाह संस्कार संस्था द्वारा किया जा चुका है,,
अंतिम संस्कार के दौरान वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। स्थानीय लोगों ने अंकुरण की इस संवेदनशीलता की जमकर तारीफ की है। संस्था से जुड़े चंद्रदेव शुक्ला एवं मुकेश कुमार का कहना है कि संस्था का यह रूप समाज में विश्वास पैदा करता है कि लावारिस होने के बावजूद किसी को 'बेसहारा' नहीं छोड़ा जाएगा।

संस्था के युवा सचिव एडवोकेट प्रज्ज्वल श्रीवास्तव ने बताया कि भले ही अंतिम संस्कार कर दिया गया है, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में जानकारी सुरक्षित रखी गई है ताकि भविष्य में कभी पहचान होने पर परिजनों को सूचित किया जा सके। शुरुआती जांच में जांच में मृतका के पास ऐसा कोई दस्तावेज या सामान नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान हो सके।
प्रवासी सम्मेलन में पूर्वांचल से हो रहे पलायन को रोकने पर हुआ विमर्श
मुंगरा बादशाहपुर। नगर में पहली बार प्रवासी सम्मेलन का आयोजन करके मुंबई में रह रहे प्रवासियों ने पूर्वांचल से पलायन रोकने की पहल की। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में प्रवासी उद्योगपतियों के अलावा स्थानीय राजनेताओं की उपस्थिति रही। इस दौरान जौनपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज और भदोही के प्रवासी मौजूद रहे। सम्मेलन में आए सभी वक्ताओं ने प्रवासी उद्योगपतियों से अपील किया कि रोजगार के मामले में सरकार के सहारे रहने की जरूरत नहीं है। इसके लिए ख़ुद आगे आना होगा। जरूरी है कि सभी लोग अपने जिलों में भी उद्योग लगायें, ताकि युवाओं को उनकी योग्यता के हिसाब से काम मिल सके। इसके साथ ही महानगरों में स्थापित बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों को आमंत्रित करके रोजगार मेला लगाने का भी निश्चय किया गया। इस अवसर पर मडियाहूं के विधायक डा आर के पटेल, रानीगंज के वरिष्ठ भाजपा नेता पंकज मिश्रा, मुंगरा बादशाहपुर भाजपा के पूर्व प्रत्याशी अजय शंकर दुबे, बसपा नेता विनोद मिश्रा, भाजपा नेता मनोज द्विवेदी, समाजसेवी डा अमर मिश्रा, युवा उद्यमी आनंद पांडेय, राहुल दूबे, भदोही के वरिष्ठ पत्रकार हरीश सिंह, वेस्टर्न ऑब्जर्वर के संपादक परमेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य रामकिंकर पांडेय, भाजपा नेत्री अर्चना शुक्ला, किरन मौर्या, महेंद्र पांडेय, कमलाकांत पांडेय समेत कई गांवों के प्रधान, बीडीसी सदस्य एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुकेश त्रिपाठी ने किया और आयोजन की व्यवस्था में संपादक राजेश उपाध्याय एवं अभिज्ञान उपाध्याय एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की सफलता में ग्राम प्रधान तरहठी चंद्रेश गुप्ता, भाजपा नेता भरत तिवारी, बीडीसी सदस्य संतोष उपाध्याय, पूर्व बीडीसी विद्याधर शुक्ल, अमित दूबे, अमरीश दुबे आदि का योगदान रहा। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी भोलानाथ मिश्रा, सतहरिया प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद दुबे, युवा अधिवक्ता विष्णु कांत तिवारी और हाल ही में पीसीएस में चयनित तरहठी निवासी करुणाशंकर शुक्ला के परिजनों का सम्मान भी किया गया।
खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न
* अन्नपूर्णा भवन निर्माण, ई-केवाईसी और गेहूं खरीद अभियान में तेजी लाने के निर्देश
लखनऊ। सतीश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्राविधानों के सुचारू क्रियान्वयन एवं विभागीय गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण, राशन वितरण व्यवस्था, ई-केवाईसी और गेहूं खरीद की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त रणवीर प्रसाद, अपर आयुक्त (प्रशासन) कामता प्रसाद सिंह, अपर आयुक्त (आपूर्ति) सत्यदेव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

* अन्नपूर्णा भवन निर्माण कार्य में तेजी के निर्देश
अपर आयुक्त (आपूर्ति) द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत निर्माणाधीन मॉडल एफपीएस/अन्नपूर्णा भवनों की प्रगति की जानकारी दी गई। साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए भूमि चिन्हांकन एवं कार्ययोजना की अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराया गया। मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए तथा आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना तत्काल खाद्यायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

* राशन वितरण और ई-पॉस मशीनों की ऑनलाइन निगरानी
बैठक में बताया गया कि प्रदेश की उचित दर दुकानों पर ई-वेटिंग स्केल से लिंक्ड ई-पॉस मशीनों के जरिए राशन वितरण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। विभागीय कर्मचारी मोबाइल इंस्पेक्शन ऐप के माध्यम से फील्ड स्तर पर निरीक्षण भी कर रहे हैं। प्रदेश में इस कार्य की औसत प्रगति 71.31 प्रतिशत दर्ज की गई है। मंत्री ने 60 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में सुधार लाने और कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
साथ ही निर्देशित किया गया कि ई-पॉस मशीनों की नेटवर्क कनेक्टिविटी की नियमित निगरानी रखी जाए और तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

* 13.52 करोड़ लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी
समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 13.52 करोड़ लाभार्थियों यानी लगभग 93.34 प्रतिशत लोगों की ई-केवाईसी पूरी की जा चुकी है। मंत्री ने शेष लाभार्थियों की ई-केवाईसी जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

* गेहूं खरीद में तेजी लाने पर जोर
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। प्रदेश में अब तक 5797 क्रय केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। 25 लाख मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1,90,704 किसानों से 9.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 56 हजार मीट्रिक टन अधिक है।
मंत्री ने क्रय एजेंसियों को खरीद में तेजी लाने, राइस मिलर्स के सहयोग से प्रचार-प्रसार बढ़ाने और किसानों को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी गैस, डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जनपदों में आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
* 17 जिलों के 319 केंद्रों पर एआई निगरानी में परीक्षा, नकल माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रयागराज / लखनऊ।
उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी, जिसमें कुल 4,64,605 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी जिला कंट्रोल रूम और आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं निगरानी टीमें परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि नकल माफियाओं एवं परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों तथा द्वितीय पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र सहित चार विषयों की परीक्षा होगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत एवं मनोविज्ञान सहित पांच विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं कला सहित चार विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान भी की गई है, जिन्होंने अलग-अलग फोटो अथवा नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में ओएमआर शीट स्कैन की जाएगी और डेटा सुरक्षित किया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
आयोग ने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विकास या महाविनाश घूरपुर–प्रतापपुर सड़क निर्माण में सुस्ती, घटिया काम और भारी अनियमितताओं का आरोप
करोड़ों की लागत वाली सड़क बनी सवालों का गड्ढा—आधा काम अधूरा, जहां बना वहां भी टूट-फूट, जांच पर उठे गंभीर सवाल

बारा,प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत घूरपुर से प्रतापपुर तक प्रस्तावित लंबी सड़क, जिसे क्षेत्र के विकास की रीढ़ बताया जा रहा था, अब खुद सवालों के बोझ तले दबती नजर आ रही है। बारा विधायक डॉ वॉचस्पति द्वारा इसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि और विकास का प्रतीक बताया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट कहानी बयां कर रही है।
करीब अट्ठाईस किलोमीटर से अधिक लंबाई में बनने वाली इस सड़क के लिए बत्तीस करोड़ से अधिक की भारी भरकम लागत स्वीकृत हुई और कार्य भी शुरू हुआ, मगर बीते लगभग छह महीनों में निर्माण की रफ्तार इतनी धीमी रही कि अब तक केवल कुछ हिस्सों में ही डामरीकरण हो पाया है। हैरानी की बात यह है कि जहां सड़क बन भी चुकी है, वहां की हालत पहले से भी बदतर बताई जा रही है—डामर उखड़ चुका है, सड़क फट चुकी है और जगह- जगह गड्ढे उभर आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का घोर अभाव है। जिन स्थानों पर आरसीसी सड़क बनाई गई है, वहां न तो लोहे के सरिये का जाल दिख रहा है और न ही निर्माण मानकों का पालन होता नजर आता है। यह स्थिति सीधे तौर पर बड़े स्तर पर घोटाले की आशंका को जन्म देती है। कुछ समय पूर्व स्वयं विधायक द्वारा निरीक्षण में घटिया कार्य की पुष्टि भी हुई थी और संबंधित ठेकेदार को फटकार लगाई गई थी, सुधार के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, हालात जस के तस बने हुए हैं। सवाल यह उठता है कि जब अनियमितताएं उजागर हो चुकी हैं, तो निर्माण की गति और गुणवत्ता में सुधार क्यों नहीं हो रहा? घूरपुर से भीटा तक की हालत इतनी दयनीय बताई जा रही है कि लोग कहते हैं कि यदि केवल गिट्टी ही गिर जाए तो भी बड़ी राहत होगी। वहीं, बस्तियों में नालियों का अभाव स्थिति को और गंभीर बना रहा है। ठेकेदार द्वारा पंद्रह किलोमीटर नाली स्वीकृत होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कहीं भी इसका स्पष्ट प्रमाण नजर नहीं आता। बरसात नजदीक है और जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कई घरों में पानी घुस जाएगा, गलियों में जलभराव होगा और यही गंदा पानी बीमारियों को जन्म देगा। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि आखिर इस पानी की निकासी होगी कैसे? इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठ रहा है। कई बार मीडिया में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, किसान संगठनों ने ज्ञापन सौंपे, काम कई बार रोका गया, जांच में खामियां सामने आईं—फिर भी सुधार की जगह हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। जनता के बीच अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि यदि रोजाना निगरानी और सख्त जांच हो, तभी इस सड़क का वास्तविक विकास संभव है, अन्यथा यह परियोजना विकास के नाम पर महाविनाश का प्रतीक बनती जाएगी। करोड़ों की सरकारी धनराशि जिस तरह खर्च हो रही है, उस पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो का ज्ञापन सोपा।
नैनी-प्रयागराज/गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 27/04/26 समय प्रातः11 बजे सैकड़ो गोभक्त करछना तहसील में पहुंच कर गोवत्स-गोवत्सा के साथ संकीर्तन करते हुए S.D.M महोदय को 5000 लोगों का हस्ताक्षर युक्त चार सेट (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री,राज्यपाल,मुख्यमंत्री)गो सेवा,गो सुरक्षा और गो सम्मान के लिए विनयपूर्वक ज्ञापन सोपा है कि गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो और गोमाता को एक उचित सम्मान दिलाना चाहते है गो स्वयंसेवको ने प्रचंड धूप में भी उपस्थित रहे।
गो स्वयंसेवको ने कहा कि अपने आने वाले बच्चों के लिए,अपने सनातन को मजबूत बनाने के लिए हमारे पूर्वजों ने सनातन के लिए बहुत किया है अब बारी हमारी है हमें कुछ करना है भारतीय संस्कृति सभ्यता सनातन के लिए हो जाए तैयार।
ज्ञापन देने वालों में उपस्थित रहे राजा रामदास फलारी आश्रम,सरदार पतविंदर सिंह,धर्मेंद्र स्वामी,दीपक कुमार सिंह,हेरम्व शास्त्री,अनिल सिंह चौहान, लल्लू पंडित,प्रतीक शर्मा,सुमित अग्रवाल, विक्रान्त पांडे, शिवांगी मिश्रा, शिवम केसरवानी,व्यास अंकित ओझा,काशी दास,हरमनजी सिह  सहित गोभक्त कई अतिविशिष्ट, गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भदोही पुलिस ने अवैध तमंचा-कारतूस के साथ आरोपी पकड़ा: रेवड़ा परसपुर से गिरफ्तार, अपराध करने की फिराक में था

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव



भदोही। भदोही पुलिस ने एक व्यक्ति को अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी आजम अली पुत्र शौकत मंसूरी को 7-8 मई 2026 की रात ग्राम रेवड़ा परसपुर से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, वह किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में था।

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में जनपद में अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, थाना भदोही पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर की सूचना पर आजम अली (उम्र करीब 40 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त के पास से एक अदद अवैध तमंचा 315 बोर और एक अदद जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ है। इस संबंध में, थाना भदोही में आजम अली के खिलाफ मु0अ0सं0-199/2026 धारा- 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक हरिकेश सिंह, उपनिरीक्षक शमशाद खां, हेड कांस्टेबल श्यामप्रकाश यादव, हेड कांस्टेबल हारुन खां, हेड कांस्टेबल इफ्तेखारुद्दीन और कांस्टेबल अंकुश कुमार शामिल थे।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में प्रथम आने वाले वार्डों के सभासद होंगे सम्मानित।   
               
                                     
बलरामपुर। आदर्श नगरपालिका परिषद बलरामपुर के अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने नगरवासियों से स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। यदि प्रत्येक नागरिक स्वच्छता के प्रति जागरूक होकर अपना योगदान दे,तो बलरामपुर नगर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में भी एक अलग पहचान बना सकता है।
नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिह बैस ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण के अंतर्गत नगर के विभिन्न वार्डों में साफ-सफाई,कूड़ा निस्तारण,सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता तथा नागरिक सहभागिता के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। इस दौरान जो वार्ड सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे,उनके सभासदों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन जनप्रतिनिधियों को प्रोत्साहित करेगा जो अपने वार्ड को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
डॉ.धीरू ने सभी सभासदों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने वार्डों में स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप दें तथा लोगों को घर-घर जागरूक करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों को कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने,प्लास्टिक का कम उपयोग करने तथा आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि नागरिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। नगर के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही बलरामपुर को स्वच्छ और आदर्श नगर बनाया जा सकता है। नगरपालिका परिषद द्वारा सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं तथा सफाई कर्मचारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
नगरपालिका अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि जनसहयोग एवं सभासदों की सक्रिय भागीदारी से इस वर्ष बलरामपुर स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करेगा।
तमिलनाडु में विजय बनाएंगे सरकार, आज शाम फिर राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, मिल गया बहुमत का आंकड़ा

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तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। खबर है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी।

सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का मिला समर्थन

अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन के लिए अहम समर्थन मिल गया है। कांग्रेस के समर्थक के बाद अब CPI, CPM और VCK जैसे दलों ने भी उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सरकार गठन का दावा करेंगे पेश

234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े के करीब पहुंच चुके टीवीके गठबंधन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद विजय पहली बार सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं और जल्द सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं।

राज्यपाल आर्लेकर ने दो बार लौटाया

राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया था। बहुतम मिलने के बाद अब जल्द ही वो राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

मजबूत बूथ ही दिलाएगा मिशन- 2027 में प्रचंड जीत : विजय रघुवंशी
*धम्मौर समेत 26 मण्डलों में बूथ लेवल तक संगठन मजबूती व की-वोटर्स संपर्क पर जोर*

*संगठन को आत्मनिर्भर,मजबूत और सक्रिय बनाने की रणनीति पर मंथन*

सुलतानपुर।भाजपा ने मिशन-2027 की तैयारियों को तेज करते हुए 26 मण्डलों में बैठक कर बूथ स्तर तक संगठन को धार देने का अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में इसौली विधानसभा के धम्मौर मण्डल की मासिक एवं कामकाजी बैठक ग्राम पिकौरा स्थित एक निजी विद्यालय परिसर में मण्डल अध्यक्ष राम जतन यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।बैठक में मुख्य अतिथि भाजपा जिला मीडिया प्रमुख एवं मण्डल प्रभारी विजय रघुवंशी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की ताकत उसका बूथ स्तर तक सक्रिय संगठन और समर्पित कार्यकर्ता हैं।उन्होंने कहा कि मिशन- 2027 में प्रचंड विजय का रास्ता बूथ से होकर गुजरता है।इसलिए प्रत्येक कार्यकर्ता को बूथों पर जनसंपर्क,संवाद और संगठन विस्तार के अभियान में पूरी ताकत से जुटना होगा।उन्होंने कार्यकर्ताओं से केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं,विकास कार्यों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।बैठक में प्रत्येक बूथ पर की-वोटर्स एवं प्रभावशाली लोगों की सूची तैयार करने, व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सतत संपर्क बनाए रखने,नियमित बैठकें आयोजित करने तथा सरल एप पर कार्यवाही अपलोड करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही संगठन को आत्मनिर्भर,मजबूत और सक्रिय बनाने की रणनीति पर मंथन किया गया।बैठक का संचालन मण्डल महामंत्री गणेश शंकर पाण्डेय ने किया।इस अवसर पर पूर्व जिला मंत्री महेश सिंह, पूर्व मण्डल अध्यक्ष नन्दलाल पाल, राम प्रकाश वर्मा, हेमंत तिवारी, राहुल सिंह, कृष्ण कुमार उपाध्याय, राम कुमार मौर्य, संजीव तिवारी, मण्डल मीडिया प्रभारी जेपी मिश्रा सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।इसी क्रम में लोहरामऊ मण्डल में जिला महामंत्री विजय त्रिपाठी, मोतिगरपुर मनोज मौर्य, कुड़वार में जिला कोषाध्यक्ष पूजा कसौधन, अयोध्या प्रसाद वर्मा नगर मण्डल, रामेन्द्र प्रताप सिंह करौंदीकला,राजेश सिंह गोसैसिंहपुर, आशीष सिंह रानू पीपरगांव, मनोज श्रीवास्तव लंभुआ  मण्डल बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
सुल्तानपुर के शिवगढ़ में मिले लावारिस शव की नहीं हुई पहचान, तो सामाजिक संस्था अंकुरण ने कराया अंतिम संस्कार
सुल्तानपुर के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के सकवा नहर में में एक अज्ञात महिला (उम्र  करीब 28 -30 वर्ष) का शव मिलने के बाद जब कोई वारिस सामने नहीं आया, तो सामाजिक संस्था अंकुरण फाउंडेशन ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। कानूनन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब कोई परिजन शव लेने नहीं पहुंचा, तो प्रशासन के माध्यम से अंतिम संस्कार के लिए अंकुरण से संपर्क किया।
अंकुरण के सदस्यों के सहयोग से अज्ञात व्यक्ति के शव को श्मशान घाट ले जाया गया,
जहाँ संस्था के अध्यक्ष डॉ आशुतोष श्रीवास्तव एवं मो आरिफ खान ने महिला कांस्टेबल कांस्टेबल पूनम सिंह एवं कांस्टेबल कमला यादव के उपस्थिति में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मुखाग्नि देखकर उसका दाह संस्कार करवाया।
अंकुरण के मीडिया प्रभारी दीपक जायसवाल ने बताया कि हर इंसान का अंतिम विदाई सम्मानजनक होनी चाहिए। संस्था इसके लिए प्रयासरत है, अभी तक करीब 60 लावारिस लाशों का दाह संस्कार संस्था द्वारा किया जा चुका है,,
अंतिम संस्कार के दौरान वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। स्थानीय लोगों ने अंकुरण की इस संवेदनशीलता की जमकर तारीफ की है। संस्था से जुड़े चंद्रदेव शुक्ला एवं मुकेश कुमार का कहना है कि संस्था का यह रूप समाज में विश्वास पैदा करता है कि लावारिस होने के बावजूद किसी को 'बेसहारा' नहीं छोड़ा जाएगा।

संस्था के युवा सचिव एडवोकेट प्रज्ज्वल श्रीवास्तव ने बताया कि भले ही अंतिम संस्कार कर दिया गया है, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में जानकारी सुरक्षित रखी गई है ताकि भविष्य में कभी पहचान होने पर परिजनों को सूचित किया जा सके। शुरुआती जांच में जांच में मृतका के पास ऐसा कोई दस्तावेज या सामान नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान हो सके।