देवघर-राजकीय श्रावणी मेला, 2026 को लेकर की जाने वाली विभागीय कार्यों की उपायुक्त ने की विस्तृत समीक्षा।
देवघर: उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में आज 02 मई 2026 को आगामी राजकीय श्रावणी मेला, 2026 के दौरान की जाने वाली तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने श्रावणी मेला के दौरान देवतुल्य श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विभागवार किये जाने वाले कार्यों की बिन्दुवार समीक्षा करते हुए कार्य योजना तैयार कर उपायुक्त कार्यालय को समर्पित करने का निर्देश दिया। इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि राजकीय श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश-विदेश बाबा बैद्यनाथधाम पहुचेंगे। ऐसे में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी या समस्याओं का सामना न करना पड़े। इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें। वहीं विभागों की बिन्दुवार समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निदेशित किया कि मेला के दौरान श्रद्धालुओं के लिए अपने-अपने विभागों द्वारा की जाने वाली व्यवस्थाओं यथा कांवरिया पथ महीन बालू बिछाव, विद्युत व्यवस्था, मेडिकल सुविधा, साफ-सफाई, आवासन, रुटलाइन में पंडाल निर्माण, पेयजल, शौचालय, स्नानगृह, साज-सज्जा कार्य आदि को और भी बेहतर बनाने का हर संभव प्रयास करें, ताकि देवतुल्य श्रद्धालु बाबा नगरी से एक अच्छी अनुभूति लेकर अपने गंतव्य स्थान की प्रस्थान करें। इसके अलावे उपायुक्त ने संबंधित विभाग के सभी अधिकारियों व कार्यपालक अभियंता को निदेशित किया गया कि अभी से हीं श्रावणी मेले की तैयारियों में जुट जायें, ताकि मेले की व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रह जाय। साथ हीं उन्होंने कहा कि सभी अपने-अपने विभाग को अभी से हीं पत्राचार कर मेले से जुड़ी आवंटन राशि की कमी को पूरा कर लें। उन्होंने सभी विभागों को आपसी सामंजश बिठाकर कार्य करने का निदेश दिया गया, जिससे कि श्रावणी मेले में आए हुए सभी श्रद्धालुओं को देवनगरी आने की एक अच्छी अनुभूति मिल सके। आगे उपायुक्त ने श्रावणी मेला, 2026 को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को एक्शन प्लान तैयार कर उपायुक्त कार्यालय को समर्पित करने का निर्देश दिया। साथ ही श्रावणी मेला के आयोजन को लेकर किए जाने वाले विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा को और भी बेहतर करने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया।   बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेले में सुरक्षा, स्वच्छता, विश्राम, पेयजल, बिजली ,पानी, शौचालय, स्नानागार, यातायात और स्वास्थ्य से संबंधित सारी व्यवस्थाएं पुख्ता होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग आपस में समन्वय बनाकर तैयारियों को ससमय अंतिम रूप दें, ताकि मेला के दौरान देवतुल्य श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आगे उपायुक्त ने बाबा मंदिर प्रांगण व आसपास के क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था, बिजली के तारों को सुरक्षित और व्यवस्थित करने का निर्देश दिया। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए दुम्मा बॉर्डर से कांवरिया पथ में आने वाले बिजली के पोल को ससमय शिफ्ट करने का निर्देश दिया। बैठक में उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त  रोहित सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, मंदिर प्रभारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी देवघर रवि कुमार, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला नजारत उप समाहर्ता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियन्ता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता विद्युत संचरण प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता पथ प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी, कर्मी व डीएमएफटी की टीम उपस्थित थे।
मार्केट बंद होने में दो कानून नहीं चलेगा, पुलिस को सख्‍ती से अंकुश लगाना आवश्‍यक : आलोक शर्मा


सांसद ने कहा - भोपाल वक्फ की जागीर नहीं

सांसद आलोक शर्मा ने पुलिस आयुक्त से की मुलाकात

भोपाल। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल में मार्केट बंद होने के दो कानून प्रचलित है, जिस पर पुलिस को सख्ती से अंकुश लगाना चाहिए। उन्होंने कहा पुराने भोपाल शहर में रातभर दुकानें खुली रहती है, जहां पर आपराधिक गतिविधियों को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने रात सोने के लिए बनाई है। घर पर अब्बू, अम्मी इंतजार करते हैं कि बेटा आएगा और हमें दवाई देगा लेकिन बेटा तो रातभर बिरयानी की दुकान और मार्केट में ही बिताता है। ये चिंता आज कई परिवारों की है। युवा गलत रास्ता अपना लेते हैं। शनिवार को सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात कर उन्हें इस आशय का एक पत्र सौंपा है जिसमें भोपाल के सभी मार्केट एक समय पर बंद करने का आग्रह किया है। ज्ञात रहे सांसद शर्मा पूर्व में भी कई बार ये मुद्दा उठाते रहे हैं लेकिन पुलिस की सख्ती न होने के कारण आज भी व्यवस्था वैसी ही है। सांसद शर्मा ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात के दौरान बताया कि अभी भोपाल शहर में दो कानून प्रचलित हैं, न्यू मार्केट, एमपी नगर, संत हिरदाराम नगर, बीएचईएल बरखेड़ा, इंद्रपुरी सोनागिरि, 6 नंबर मार्केट, 10 नंबर मार्केट, लखेरापुरा, सराफा चौक आदि रात में 10 बजे तक बंद हो जाते हैं। जबकि पुराने भोपाल शहर के मार्केट्स काजीकैंप, लक्ष्मी टॉकीज, बसस्टैंड, रेलवे स्टेशन, रॉयल मार्केट जीपीओ, इमामी गेट, राजू टी-स्टाल, जिंसी-जहांगीराबाद, सब्बन चौराहा, इतवारा, बुधवारा में दुकानें रातभर खुली रहती हैं जिससे आपराधिक गतिविधियों को बल मिलता है और शहर की कानून व्यवस्था बिगड़ती है। सांसद शर्मा को पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने शहर के सभी मार्केट्स एक समय पर बंद कराने की कार्यवाही सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया है।

* भोपाल वक्फ की जागीर नहीं

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल वक्फ की जागीर नहीं है। शहर में कहीं भी डेवलपमेंट के काम करने जाएं तो खड़े हो जाते हैं कि यह वक्फ की जमीन है। महापौर रहते जब हम पॉलिटेक्निक से भारत माता चौराहे तक स्मार्ट रोड बनाने गए तो रोड़ा अटकाया। बोले कि यह वक्फ की जमीन है जबकि आज वहां स्मार्ट रोड बन जाने के बाद मुसलमान भी उस रोड पर निकलता है, हिंदू भी उस पर रोड पर निकलता है, सभी वर्ग के लोग उस स्मार्ट रोड का उपयोग करते हैं। इसी प्रकार श्यामला हिल्स पर मानस भवन के पीछे की झुग्गियां का हटाने का मामला भी है। वहां पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी को आवास का पैसा जमा किया गया है। किसी को बेघर नहीं किया जाएगा लेकिन शहर के अंदर सरकारी जमीन पर किसी को भी अतिक्रमण करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वक्फ के नाम पर किसी को भी अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।

सहायक पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस ने चलाया चेकिंग अभियान

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ शाहाबाद के नेतृत्व में सुरक्षा की दृष्टि से शनिवार की शाम को आंझी रेलवे स्टेशन के निकट सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
         जनपद में अपराध और अपराधियों की रोकथाम के लिए सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ शाहाबाद आलोक राज नारायण के नेतृत्व में मझिला और शाहाबाद की संयुक्त पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन के निकट आलमनगर मोड़ पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। सहायक पुलिस अधीक्षक श्री नारायण ने बताया पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा के निर्देश पर उनके सर्किल में जनमानस की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए जगह जगह सघन चेकिंग अभियान चलाया जाता है। चेकिंग अभियान चलाये जाने से अपराध और दुर्घटनाओं पर काफ़ी नियंत्रण पाया गया। चेकिंग के दौरान बाइक सवारों और चार पहिया वाहन चालकों को उनकी सुरक्षा के मद्देनजर हेलमेट और सीट बेल्ट बांध कर  चलाने के लिए जागरूक किया जाता है। चेकिंग के दौरान संदिग्ध चीजों को बरामद कर वाहन को सीज किया जा रहा है।इस अवसर पर शाहाबाद कोतवाल अरविन्द राय, मझिला थाना प्रभारी सतेंद्र कुमार सहित भारी पुलिस बल उपस्थित रहा।
हजारीबाग में सुरक्षा कड़ी: 388 संवेदनशील संस्थानों पर पुलिस की विशेष निगरानी, रोजाना हो रही मॉनिटरिंग

हजारीबाग। जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए हजारीबाग पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन के निर्देश पर बीते दिनों जिले के महत्वपूर्ण संस्थानों—जैसे बैंक, ज्वेलरी दुकान और पेट्रोल पंप—को चिन्हित कर उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

इसी कड़ी में हजारीबाग पुलिस द्वारा जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस निरीक्षकों के नेतृत्व में एक विशेष निगरानी अभियान चलाया गया है, जो अभी जारी है और आगे भी लगातार चलता रहेगा।

अभियान के तहत जिले के कुल 140 बैंकों को चिन्हित कर उन पर नियमित नजर रखी जा रही है। वहीं, 102 पेट्रोल पंपों पर पुलिस पदाधिकारी और कर्मी प्रतिदिन समय-समय पर जाकर निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही जिले के 146 ज्वेलरी दुकानों को भी विशेष सुरक्षा दायरे में रखा गया है।

इस तरह अब तक कुल 388 महत्वपूर्ण संस्थानों पर विशेष निगरानी सुनिश्चित की गई है। सभी चिन्हित स्थानों पर एक रजिस्टर खोला गया है, जिसमें पेट्रोलिंग पदाधिकारी को रोजाना अपनी उपस्थिति दर्ज करनी अनिवार्य की गई है। इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग जिले के कंट्रोल रूम से की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य अपराध की संभावनाओं को कम करना और आम लोगों को सुरक्षित माहौल प्रदान करना है।

माटीकला कारीगरों के लिए सुनहरा मौका: 15 दिन का मुफ्त प्रशिक्षण, रोज़ ₹250 मानदेय
* रहना-खाना मुफ्त, 20 मई तक करें आवेदन
* डालीगंज स्थित प्रशिक्षण केंद्र में होगा आवासीय कार्यक्रम

लखनऊ। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के तहत उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा परंपरागत कारीगरों और शिल्पियों के कौशल विकास के लिए 15 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, लखनऊ के माध्यम से मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र, डालीगंज में संचालित होगा।
इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं, सजावटी सामग्री, खिलौने और मूर्तियां बनाने के साथ-साथ मिट्टी के उत्पादों पर कटिंग, चित्रकारी और नक़्काशी जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम पूरी तरह आवासीय होगा, जिसमें प्रतिभागियों के रहने और भोजन की व्यवस्था निःशुल्क की गई है। साथ ही प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को 250 रुपये प्रतिदिन मानदेय भी दिया जाएगा।
इच्छुक परंपरागत कारीगर, मूर्तिकार और माटीकला से जुड़े अभ्यर्थी योजना की आधिकारिक वेबसाइट upmatikalaboard.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद अभ्यर्थियों को अपना फॉर्म 20 मई 2026 तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 8 कैण्ट रोड, कैसरबाग, लखनऊ में जमा करना अनिवार्य होगा।
आवेदन के साथ आधार कार्ड, राशन कार्ड, फोटो, शैक्षिक प्रमाणपत्र (मार्कशीट) और बैंक पासबुक की छायाप्रति संलग्न करना जरूरी है।
अधिक जानकारी के लिए धर्मवीर खरे (मो. 8737008603) से संपर्क किया जा सकता है।
‘जनगणना 2027’ पूरी तरह डिजिटल: हर घर पहुंचेगी टीम, डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय- शीतल वर्मा

* 7 से 21 मई तक स्व-गणना का विकल्प, 22 मई से शुरू होगा घर-घर सर्वे
* प्रदेश में 5.25 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती, टोल-फ्री 1855 जारी

लखनऊ, प्रतिनिधि।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश की निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी श्रीमती शीतल वर्मा ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में ‘जनगणना 2027’ की तैयारियों और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना में एकत्र की गई प्रत्येक व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग किसी भी जांच या साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण ‘मकान सूचीकरण एवं आवास गणना’ 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में होगा। इससे पहले 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
श्रीमती वर्मा ने बताया कि यह पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। स्व-गणना के बाद प्राप्त SE ID को घर आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा, जिसकी पुष्टि के बाद ही प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना वैकल्पिक है, लेकिन प्रगणक हर घर तक पहुंचकर जानकारी अवश्य एकत्र करेंगे।
प्रदेश में इस विशाल कार्य के लिए 5.25 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसमें मंडल, जिला और नगर स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ लगभग 5 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जनगणना का कार्य ‘जनगणना अधिनियम 1948’ और ‘जनगणना नियमावली 1990’ के तहत किया जाएगा, जिसमें डेटा की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यह जानकारी टैक्स, पुलिस या अन्य किसी भी जांच एजेंसी के साथ साझा नहीं की जा सकती।
राज्य में यह अभियान 75 जिलों, 783 नगरीय निकायों, 350 तहसीलों और 1.04 लाख ग्रामों में चलाया जाएगा। इसके लिए करीब 3.90 लाख मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं, जहां प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।
जनगणना से संबंधित जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 भी जारी किया गया है।
श्रीमती वर्मा ने मीडिया और आम जनता से अपील की कि वे जनगणना को जनभागीदारी का अभियान बनाएं और सही जानकारी देकर विकास योजनाओं के निर्माण में सहयोग करें।
एआई ज्ञान दे सकता है, लेकिन शिक्षक जीवन का मार्गदर्शन करता है- डॉ प्रदीप कुमार


( शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर संगोष्ठी आयोजित )



सुलतानपुर। राणा प्रताप पी.जी. कॉलेज के बी.एड. विभाग द्वारा बाबू धनञ्जय सिंह स्मृति व्याख्यान माला के अंतर्गत “शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका” विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों, प्रशिक्षणार्थियों एवं विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण के साथ हुआ, जिसमें उपप्राचार्य प्रो. निशा सिंह ने अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही है, किंतु इसके उपयोग में संतुलन और विवेक आवश्यक है। प्रस्ताविकी एवं उद्बोधन प्राचार्य प्रो. डी. के. त्रिपाठी द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने शिक्षा को ज्ञानार्जन के साथ-साथ व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि तकनीक का समुचित उपयोग ही शिक्षा को प्रभावी बना सकता है। भविष्य ए आई  का है इसलिए इससे जुड़कर अपनी उपयोगिता बढ़ाये। मुख्य वक्ता के रूप में केएनआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रदीप कुमार ने विषय पर गहन एवं विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा को अधिक सुलभ, रोचक और प्रभावी बना रही है। ए आई आधारित उपकरण विद्यार्थियों को व्यक्तिगत सीखने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे उनकी समझ और दक्षता में वृद्धि होती है। एआई ज्ञान दे सकता है, लेकिन शिक्षक जीवन का मार्गदर्शन करता है।साथ ही उन्होंने चेताया कि एआई का उपयोग केवल ज्ञानवर्धन के लिए किया जाना चाहिए, इसके दुरुपयोग से बचना आवश्यक है।मुख्य वक्ता डॉ प्रदीप कुमार ने जिज्ञासा प्रश्नोत्तरी के अंतर्गत डॉ शिशिर श्रीवास्तव, डॉ आलोक पाण्डेय और बी एड़ प्रथम वर्ष की छात्रा प्रिया सरोज के प्रश्नों का समाधान भी किया। प्रबंधक बाल चंद्र सिंह ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि आधुनिक युग में तकनीक से जुड़ना समय की आवश्यकता है, परंतु इसके सुरक्षित एवं नैतिक उपयोग पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बाबू धनञ्जय सिंह स्मृति व्याख्यान माला के समन्वयक डॉ. आलोक पाण्डेय ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार की संगोष्ठियाँ विद्यार्थियों को नवीनतम ज्ञान से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
संगोष्ठी का सफल संचालन डॉ. संतोष ‘अंश’ द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संचालन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता ज्ञान का विस्तार तो करती है, किंतु शिक्षक का स्थान सदैव मार्गदर्शक के रूप में सर्वोपरि रहेगा। एआई शिक्षक का विकल्प नहीं संकल्प होना चाहिए।अंत में बी.एड. विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सिंह ने आभार ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। सरस्वती वंदना रुचि श्रीवास्तव एवं मानसी पाण्डेय ने प्रस्तुत किया। स्वागत गीत श्वेता मिश्रा ने गाया। इस अवसर पर प्रो शैलेन्द्र प्रताप सिंह, प्रो धीरेंद्र कुमार, डॉ रंजना पटेल,प्रो सुनील त्रिपाठी, डॉ महमूद आलम, डॉ आलोक कुमार, डॉ सुनील त्रिपाठी,डॉ  नीतू सिंह, डॉ बीना सिंह, डॉ प्रदीप कुमार सिंह,डॉ शिशिर श्रीवास्तव, शांतिलता कुमारी, डॉ सीमा सिंह, डॉ यशमंत सिंह,डॉ विपिन शर्मा, यशस्वी प्रताप सिंह, शालिनी पाण्डेय, प्रमोद श्रीवास्तव के साथ महाविद्यालय के शिक्षकगण, बी.एड. के प्रशिक्षणार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
पुलिस ने एक अभियुक्त को किया गिरफ्तार।
                                                         

रितेश मिश्रा
हरदोई !; कछौना पुलिस ने मुकदमा संख्या 103/2026 धारा 87/137(2) बी एन एस से सम्बन्धित एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है प्राप्त बिबरण मे शनिबार को एक ब्यक्ति द्वारा थाना पर तहरीर दी गई कि वादी की पुत्री घर गई जो अभी तक बापस लौटी नही है वादी की तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजी क्रत किया गया और महिला उपनिरीक्षक समीक्षा कटियार ब आरक्षी राहुल रतन के द्वारा  अभियुक्त अजय कुमार पुत्र किशनू निवासी कनेरा थाना नैमिष जनपद सीतापुर को गिरफ्तार कर  अपह्र्ता को सकुशल बरामद किया गया है
अवैध खनन करने पर डंपर पकड़ा 55 हज़ार जुर्माना, चालाक नहीं दिखा सका प्रपत्र
फर्रुखाबाद l जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद में अवैध खनन एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए निरंतर एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन द्वारा इस संबंध में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है, जिसके अंतर्गत संबंधित विभागों को नियमित निगरानी एवं सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस दौरान थाना नवाबगंज क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम गनीपुर जोगपुर में खनन अधिकारी द्वारा औचक छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान एक डम्पर, जो गिट्टी से लदा हुआ था, को रोककर उसकी सघन जांच की गई। जांच के दौरान वाहन चालक सोनू वैध प्रपत्र प्रस्तुत करने को कहा गया, किन्तु वह कोई भी वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका।
प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वाहन द्वारा गिट्टी को बिना वैध प्रपत्र के ले जा रहे थे जो खनन नियमों का उल्लंघन है। इस पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए संबंधित के विरुद्ध अवैध परिवहन के जुर्म में ऑनलाइन नोटिस निर्गत किया गया l साथ ही 55,780 रुपये का जुर्माना मौके पर ही वसूल किया गया।
जिलाधिकारी ने इस कार्रवाई को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी परिस्थिति में बख्शा न जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल राजस्व की हानि हो रही हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन भी प्रभावित हो रहा हैं। इसलिए संबंधित विभाग पूरी सतर्कता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें।
उन्होंने खनन विभाग, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त एवं आकस्मिक छापेमारी की जाए तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। साथ ही, सभी प्रवर्तन कार्रवाइयों पर विशेष बल दिया जाए।
प्रशासन द्वारा आमजन से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध खनन अथवा खनिजों के अवैध परिवहन की जानकारी प्राप्त हो, तो तत्काल संबंधित विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। नागरिकों के सहयोग से ही इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। प्रशासन कानून व्यवस्था एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और इस दिशा में आगे भी कठोर कार्रवाई जाएगी।
अवैध शराब के अड्डों पर छापामार कार्रवाई की गई, 80 किलो लहन किया नष्ट, शराब की बरामद
फर्रुखाबाद lआबकारी आयुक्त के आदेश और जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर के निर्देश पर जनपद में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री के विरुद्ध सघन छापामार अभियान जारी रहेगा l इस दौरान जिला आबकारी अधिकारी जी० पी० गुप्ता के निर्देश पर छापामार अभियान के अंतर्गत आबकारी निरीक्षक क्षेत्र कुमार गौरव सिंह द्वारा अपनी टीम के साथ संदिग्ध ग्राम लकूला में सघन दबिश एवं छापेमारी की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अवैध मदिरा निर्माण से जुड़े संदिग्ध स्थानों एवं अड्डों की गहन तलाशी ली गई। मौके पर लगभग 80 किलोग्राम लहन (अवैध शराब बनाने हेतु प्रयुक्त कच्चा माल) को नष्ट किया गया तथा 18 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। इस संबंध में एक अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई की गई । इसके अतिरिक्त क्षेत्र में स्थित कबाड़ी की दुकानों पर भी सघन चेकिंग अभियान चलाया गया इस दौरान आबकारी दुकानों—बाग लकूला कम्पोजिट, बाग लकूला देशी, आवास विकास मॉडल शॉप एवं आवास विकास देशी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर, पीओएस मशीन के माध्यम से बिक्री, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली तथा सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता का परीक्षण किया गया। साथ ही देशी मदिरा दुकानों की कैंटीन व्यवस्था की भी गहन जांच की गई। जनपद में अवैध मदिरा के विरुद्ध यह छापामार अभियान आगे भी निरंतर एवं प्रभावी रूप से जारी रहेगा तथा इसमें संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
देवघर-राजकीय श्रावणी मेला, 2026 को लेकर की जाने वाली विभागीय कार्यों की उपायुक्त ने की विस्तृत समीक्षा।
देवघर: उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में आज 02 मई 2026 को आगामी राजकीय श्रावणी मेला, 2026 के दौरान की जाने वाली तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने श्रावणी मेला के दौरान देवतुल्य श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विभागवार किये जाने वाले कार्यों की बिन्दुवार समीक्षा करते हुए कार्य योजना तैयार कर उपायुक्त कार्यालय को समर्पित करने का निर्देश दिया। इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि राजकीय श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश-विदेश बाबा बैद्यनाथधाम पहुचेंगे। ऐसे में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी या समस्याओं का सामना न करना पड़े। इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें। वहीं विभागों की बिन्दुवार समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निदेशित किया कि मेला के दौरान श्रद्धालुओं के लिए अपने-अपने विभागों द्वारा की जाने वाली व्यवस्थाओं यथा कांवरिया पथ महीन बालू बिछाव, विद्युत व्यवस्था, मेडिकल सुविधा, साफ-सफाई, आवासन, रुटलाइन में पंडाल निर्माण, पेयजल, शौचालय, स्नानगृह, साज-सज्जा कार्य आदि को और भी बेहतर बनाने का हर संभव प्रयास करें, ताकि देवतुल्य श्रद्धालु बाबा नगरी से एक अच्छी अनुभूति लेकर अपने गंतव्य स्थान की प्रस्थान करें। इसके अलावे उपायुक्त ने संबंधित विभाग के सभी अधिकारियों व कार्यपालक अभियंता को निदेशित किया गया कि अभी से हीं श्रावणी मेले की तैयारियों में जुट जायें, ताकि मेले की व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रह जाय। साथ हीं उन्होंने कहा कि सभी अपने-अपने विभाग को अभी से हीं पत्राचार कर मेले से जुड़ी आवंटन राशि की कमी को पूरा कर लें। उन्होंने सभी विभागों को आपसी सामंजश बिठाकर कार्य करने का निदेश दिया गया, जिससे कि श्रावणी मेले में आए हुए सभी श्रद्धालुओं को देवनगरी आने की एक अच्छी अनुभूति मिल सके। आगे उपायुक्त ने श्रावणी मेला, 2026 को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को एक्शन प्लान तैयार कर उपायुक्त कार्यालय को समर्पित करने का निर्देश दिया। साथ ही श्रावणी मेला के आयोजन को लेकर किए जाने वाले विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा को और भी बेहतर करने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया।   बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेले में सुरक्षा, स्वच्छता, विश्राम, पेयजल, बिजली ,पानी, शौचालय, स्नानागार, यातायात और स्वास्थ्य से संबंधित सारी व्यवस्थाएं पुख्ता होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग आपस में समन्वय बनाकर तैयारियों को ससमय अंतिम रूप दें, ताकि मेला के दौरान देवतुल्य श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आगे उपायुक्त ने बाबा मंदिर प्रांगण व आसपास के क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था, बिजली के तारों को सुरक्षित और व्यवस्थित करने का निर्देश दिया। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए दुम्मा बॉर्डर से कांवरिया पथ में आने वाले बिजली के पोल को ससमय शिफ्ट करने का निर्देश दिया। बैठक में उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त  रोहित सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, मंदिर प्रभारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी देवघर रवि कुमार, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला नजारत उप समाहर्ता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियन्ता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता विद्युत संचरण प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता पथ प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, कार्यपालक अभियन्ता राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी, कर्मी व डीएमएफटी की टीम उपस्थित थे।
मार्केट बंद होने में दो कानून नहीं चलेगा, पुलिस को सख्‍ती से अंकुश लगाना आवश्‍यक : आलोक शर्मा


सांसद ने कहा - भोपाल वक्फ की जागीर नहीं

सांसद आलोक शर्मा ने पुलिस आयुक्त से की मुलाकात

भोपाल। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल में मार्केट बंद होने के दो कानून प्रचलित है, जिस पर पुलिस को सख्ती से अंकुश लगाना चाहिए। उन्होंने कहा पुराने भोपाल शहर में रातभर दुकानें खुली रहती है, जहां पर आपराधिक गतिविधियों को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने रात सोने के लिए बनाई है। घर पर अब्बू, अम्मी इंतजार करते हैं कि बेटा आएगा और हमें दवाई देगा लेकिन बेटा तो रातभर बिरयानी की दुकान और मार्केट में ही बिताता है। ये चिंता आज कई परिवारों की है। युवा गलत रास्ता अपना लेते हैं। शनिवार को सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात कर उन्हें इस आशय का एक पत्र सौंपा है जिसमें भोपाल के सभी मार्केट एक समय पर बंद करने का आग्रह किया है। ज्ञात रहे सांसद शर्मा पूर्व में भी कई बार ये मुद्दा उठाते रहे हैं लेकिन पुलिस की सख्ती न होने के कारण आज भी व्यवस्था वैसी ही है। सांसद शर्मा ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात के दौरान बताया कि अभी भोपाल शहर में दो कानून प्रचलित हैं, न्यू मार्केट, एमपी नगर, संत हिरदाराम नगर, बीएचईएल बरखेड़ा, इंद्रपुरी सोनागिरि, 6 नंबर मार्केट, 10 नंबर मार्केट, लखेरापुरा, सराफा चौक आदि रात में 10 बजे तक बंद हो जाते हैं। जबकि पुराने भोपाल शहर के मार्केट्स काजीकैंप, लक्ष्मी टॉकीज, बसस्टैंड, रेलवे स्टेशन, रॉयल मार्केट जीपीओ, इमामी गेट, राजू टी-स्टाल, जिंसी-जहांगीराबाद, सब्बन चौराहा, इतवारा, बुधवारा में दुकानें रातभर खुली रहती हैं जिससे आपराधिक गतिविधियों को बल मिलता है और शहर की कानून व्यवस्था बिगड़ती है। सांसद शर्मा को पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने शहर के सभी मार्केट्स एक समय पर बंद कराने की कार्यवाही सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया है।

* भोपाल वक्फ की जागीर नहीं

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल वक्फ की जागीर नहीं है। शहर में कहीं भी डेवलपमेंट के काम करने जाएं तो खड़े हो जाते हैं कि यह वक्फ की जमीन है। महापौर रहते जब हम पॉलिटेक्निक से भारत माता चौराहे तक स्मार्ट रोड बनाने गए तो रोड़ा अटकाया। बोले कि यह वक्फ की जमीन है जबकि आज वहां स्मार्ट रोड बन जाने के बाद मुसलमान भी उस रोड पर निकलता है, हिंदू भी उस पर रोड पर निकलता है, सभी वर्ग के लोग उस स्मार्ट रोड का उपयोग करते हैं। इसी प्रकार श्यामला हिल्स पर मानस भवन के पीछे की झुग्गियां का हटाने का मामला भी है। वहां पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी को आवास का पैसा जमा किया गया है। किसी को बेघर नहीं किया जाएगा लेकिन शहर के अंदर सरकारी जमीन पर किसी को भी अतिक्रमण करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वक्फ के नाम पर किसी को भी अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।

सहायक पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस ने चलाया चेकिंग अभियान

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ शाहाबाद के नेतृत्व में सुरक्षा की दृष्टि से शनिवार की शाम को आंझी रेलवे स्टेशन के निकट सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
         जनपद में अपराध और अपराधियों की रोकथाम के लिए सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ शाहाबाद आलोक राज नारायण के नेतृत्व में मझिला और शाहाबाद की संयुक्त पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन के निकट आलमनगर मोड़ पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। सहायक पुलिस अधीक्षक श्री नारायण ने बताया पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा के निर्देश पर उनके सर्किल में जनमानस की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए जगह जगह सघन चेकिंग अभियान चलाया जाता है। चेकिंग अभियान चलाये जाने से अपराध और दुर्घटनाओं पर काफ़ी नियंत्रण पाया गया। चेकिंग के दौरान बाइक सवारों और चार पहिया वाहन चालकों को उनकी सुरक्षा के मद्देनजर हेलमेट और सीट बेल्ट बांध कर  चलाने के लिए जागरूक किया जाता है। चेकिंग के दौरान संदिग्ध चीजों को बरामद कर वाहन को सीज किया जा रहा है।इस अवसर पर शाहाबाद कोतवाल अरविन्द राय, मझिला थाना प्रभारी सतेंद्र कुमार सहित भारी पुलिस बल उपस्थित रहा।
हजारीबाग में सुरक्षा कड़ी: 388 संवेदनशील संस्थानों पर पुलिस की विशेष निगरानी, रोजाना हो रही मॉनिटरिंग

हजारीबाग। जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए हजारीबाग पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन के निर्देश पर बीते दिनों जिले के महत्वपूर्ण संस्थानों—जैसे बैंक, ज्वेलरी दुकान और पेट्रोल पंप—को चिन्हित कर उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

इसी कड़ी में हजारीबाग पुलिस द्वारा जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस निरीक्षकों के नेतृत्व में एक विशेष निगरानी अभियान चलाया गया है, जो अभी जारी है और आगे भी लगातार चलता रहेगा।

अभियान के तहत जिले के कुल 140 बैंकों को चिन्हित कर उन पर नियमित नजर रखी जा रही है। वहीं, 102 पेट्रोल पंपों पर पुलिस पदाधिकारी और कर्मी प्रतिदिन समय-समय पर जाकर निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही जिले के 146 ज्वेलरी दुकानों को भी विशेष सुरक्षा दायरे में रखा गया है।

इस तरह अब तक कुल 388 महत्वपूर्ण संस्थानों पर विशेष निगरानी सुनिश्चित की गई है। सभी चिन्हित स्थानों पर एक रजिस्टर खोला गया है, जिसमें पेट्रोलिंग पदाधिकारी को रोजाना अपनी उपस्थिति दर्ज करनी अनिवार्य की गई है। इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग जिले के कंट्रोल रूम से की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य अपराध की संभावनाओं को कम करना और आम लोगों को सुरक्षित माहौल प्रदान करना है।

माटीकला कारीगरों के लिए सुनहरा मौका: 15 दिन का मुफ्त प्रशिक्षण, रोज़ ₹250 मानदेय
* रहना-खाना मुफ्त, 20 मई तक करें आवेदन
* डालीगंज स्थित प्रशिक्षण केंद्र में होगा आवासीय कार्यक्रम

लखनऊ। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के तहत उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा परंपरागत कारीगरों और शिल्पियों के कौशल विकास के लिए 15 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, लखनऊ के माध्यम से मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र, डालीगंज में संचालित होगा।
इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं, सजावटी सामग्री, खिलौने और मूर्तियां बनाने के साथ-साथ मिट्टी के उत्पादों पर कटिंग, चित्रकारी और नक़्काशी जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम पूरी तरह आवासीय होगा, जिसमें प्रतिभागियों के रहने और भोजन की व्यवस्था निःशुल्क की गई है। साथ ही प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को 250 रुपये प्रतिदिन मानदेय भी दिया जाएगा।
इच्छुक परंपरागत कारीगर, मूर्तिकार और माटीकला से जुड़े अभ्यर्थी योजना की आधिकारिक वेबसाइट upmatikalaboard.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद अभ्यर्थियों को अपना फॉर्म 20 मई 2026 तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 8 कैण्ट रोड, कैसरबाग, लखनऊ में जमा करना अनिवार्य होगा।
आवेदन के साथ आधार कार्ड, राशन कार्ड, फोटो, शैक्षिक प्रमाणपत्र (मार्कशीट) और बैंक पासबुक की छायाप्रति संलग्न करना जरूरी है।
अधिक जानकारी के लिए धर्मवीर खरे (मो. 8737008603) से संपर्क किया जा सकता है।
‘जनगणना 2027’ पूरी तरह डिजिटल: हर घर पहुंचेगी टीम, डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय- शीतल वर्मा

* 7 से 21 मई तक स्व-गणना का विकल्प, 22 मई से शुरू होगा घर-घर सर्वे
* प्रदेश में 5.25 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती, टोल-फ्री 1855 जारी

लखनऊ, प्रतिनिधि।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश की निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी श्रीमती शीतल वर्मा ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में ‘जनगणना 2027’ की तैयारियों और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना में एकत्र की गई प्रत्येक व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग किसी भी जांच या साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण ‘मकान सूचीकरण एवं आवास गणना’ 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में होगा। इससे पहले 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
श्रीमती वर्मा ने बताया कि यह पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। स्व-गणना के बाद प्राप्त SE ID को घर आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा, जिसकी पुष्टि के बाद ही प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना वैकल्पिक है, लेकिन प्रगणक हर घर तक पहुंचकर जानकारी अवश्य एकत्र करेंगे।
प्रदेश में इस विशाल कार्य के लिए 5.25 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसमें मंडल, जिला और नगर स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ लगभग 5 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जनगणना का कार्य ‘जनगणना अधिनियम 1948’ और ‘जनगणना नियमावली 1990’ के तहत किया जाएगा, जिसमें डेटा की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यह जानकारी टैक्स, पुलिस या अन्य किसी भी जांच एजेंसी के साथ साझा नहीं की जा सकती।
राज्य में यह अभियान 75 जिलों, 783 नगरीय निकायों, 350 तहसीलों और 1.04 लाख ग्रामों में चलाया जाएगा। इसके लिए करीब 3.90 लाख मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं, जहां प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।
जनगणना से संबंधित जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 भी जारी किया गया है।
श्रीमती वर्मा ने मीडिया और आम जनता से अपील की कि वे जनगणना को जनभागीदारी का अभियान बनाएं और सही जानकारी देकर विकास योजनाओं के निर्माण में सहयोग करें।
एआई ज्ञान दे सकता है, लेकिन शिक्षक जीवन का मार्गदर्शन करता है- डॉ प्रदीप कुमार


( शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर संगोष्ठी आयोजित )



सुलतानपुर। राणा प्रताप पी.जी. कॉलेज के बी.एड. विभाग द्वारा बाबू धनञ्जय सिंह स्मृति व्याख्यान माला के अंतर्गत “शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका” विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों, प्रशिक्षणार्थियों एवं विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण के साथ हुआ, जिसमें उपप्राचार्य प्रो. निशा सिंह ने अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही है, किंतु इसके उपयोग में संतुलन और विवेक आवश्यक है। प्रस्ताविकी एवं उद्बोधन प्राचार्य प्रो. डी. के. त्रिपाठी द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने शिक्षा को ज्ञानार्जन के साथ-साथ व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि तकनीक का समुचित उपयोग ही शिक्षा को प्रभावी बना सकता है। भविष्य ए आई  का है इसलिए इससे जुड़कर अपनी उपयोगिता बढ़ाये। मुख्य वक्ता के रूप में केएनआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रदीप कुमार ने विषय पर गहन एवं विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा को अधिक सुलभ, रोचक और प्रभावी बना रही है। ए आई आधारित उपकरण विद्यार्थियों को व्यक्तिगत सीखने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे उनकी समझ और दक्षता में वृद्धि होती है। एआई ज्ञान दे सकता है, लेकिन शिक्षक जीवन का मार्गदर्शन करता है।साथ ही उन्होंने चेताया कि एआई का उपयोग केवल ज्ञानवर्धन के लिए किया जाना चाहिए, इसके दुरुपयोग से बचना आवश्यक है।मुख्य वक्ता डॉ प्रदीप कुमार ने जिज्ञासा प्रश्नोत्तरी के अंतर्गत डॉ शिशिर श्रीवास्तव, डॉ आलोक पाण्डेय और बी एड़ प्रथम वर्ष की छात्रा प्रिया सरोज के प्रश्नों का समाधान भी किया। प्रबंधक बाल चंद्र सिंह ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि आधुनिक युग में तकनीक से जुड़ना समय की आवश्यकता है, परंतु इसके सुरक्षित एवं नैतिक उपयोग पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बाबू धनञ्जय सिंह स्मृति व्याख्यान माला के समन्वयक डॉ. आलोक पाण्डेय ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार की संगोष्ठियाँ विद्यार्थियों को नवीनतम ज्ञान से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
संगोष्ठी का सफल संचालन डॉ. संतोष ‘अंश’ द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संचालन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता ज्ञान का विस्तार तो करती है, किंतु शिक्षक का स्थान सदैव मार्गदर्शक के रूप में सर्वोपरि रहेगा। एआई शिक्षक का विकल्प नहीं संकल्प होना चाहिए।अंत में बी.एड. विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सिंह ने आभार ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। सरस्वती वंदना रुचि श्रीवास्तव एवं मानसी पाण्डेय ने प्रस्तुत किया। स्वागत गीत श्वेता मिश्रा ने गाया। इस अवसर पर प्रो शैलेन्द्र प्रताप सिंह, प्रो धीरेंद्र कुमार, डॉ रंजना पटेल,प्रो सुनील त्रिपाठी, डॉ महमूद आलम, डॉ आलोक कुमार, डॉ सुनील त्रिपाठी,डॉ  नीतू सिंह, डॉ बीना सिंह, डॉ प्रदीप कुमार सिंह,डॉ शिशिर श्रीवास्तव, शांतिलता कुमारी, डॉ सीमा सिंह, डॉ यशमंत सिंह,डॉ विपिन शर्मा, यशस्वी प्रताप सिंह, शालिनी पाण्डेय, प्रमोद श्रीवास्तव के साथ महाविद्यालय के शिक्षकगण, बी.एड. के प्रशिक्षणार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
पुलिस ने एक अभियुक्त को किया गिरफ्तार।
                                                         

रितेश मिश्रा
हरदोई !; कछौना पुलिस ने मुकदमा संख्या 103/2026 धारा 87/137(2) बी एन एस से सम्बन्धित एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है प्राप्त बिबरण मे शनिबार को एक ब्यक्ति द्वारा थाना पर तहरीर दी गई कि वादी की पुत्री घर गई जो अभी तक बापस लौटी नही है वादी की तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजी क्रत किया गया और महिला उपनिरीक्षक समीक्षा कटियार ब आरक्षी राहुल रतन के द्वारा  अभियुक्त अजय कुमार पुत्र किशनू निवासी कनेरा थाना नैमिष जनपद सीतापुर को गिरफ्तार कर  अपह्र्ता को सकुशल बरामद किया गया है
अवैध खनन करने पर डंपर पकड़ा 55 हज़ार जुर्माना, चालाक नहीं दिखा सका प्रपत्र
फर्रुखाबाद l जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद में अवैध खनन एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए निरंतर एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन द्वारा इस संबंध में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है, जिसके अंतर्गत संबंधित विभागों को नियमित निगरानी एवं सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस दौरान थाना नवाबगंज क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम गनीपुर जोगपुर में खनन अधिकारी द्वारा औचक छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान एक डम्पर, जो गिट्टी से लदा हुआ था, को रोककर उसकी सघन जांच की गई। जांच के दौरान वाहन चालक सोनू वैध प्रपत्र प्रस्तुत करने को कहा गया, किन्तु वह कोई भी वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका।
प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वाहन द्वारा गिट्टी को बिना वैध प्रपत्र के ले जा रहे थे जो खनन नियमों का उल्लंघन है। इस पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए संबंधित के विरुद्ध अवैध परिवहन के जुर्म में ऑनलाइन नोटिस निर्गत किया गया l साथ ही 55,780 रुपये का जुर्माना मौके पर ही वसूल किया गया।
जिलाधिकारी ने इस कार्रवाई को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी परिस्थिति में बख्शा न जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल राजस्व की हानि हो रही हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन भी प्रभावित हो रहा हैं। इसलिए संबंधित विभाग पूरी सतर्कता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें।
उन्होंने खनन विभाग, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त एवं आकस्मिक छापेमारी की जाए तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। साथ ही, सभी प्रवर्तन कार्रवाइयों पर विशेष बल दिया जाए।
प्रशासन द्वारा आमजन से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध खनन अथवा खनिजों के अवैध परिवहन की जानकारी प्राप्त हो, तो तत्काल संबंधित विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। नागरिकों के सहयोग से ही इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। प्रशासन कानून व्यवस्था एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और इस दिशा में आगे भी कठोर कार्रवाई जाएगी।
अवैध शराब के अड्डों पर छापामार कार्रवाई की गई, 80 किलो लहन किया नष्ट, शराब की बरामद
फर्रुखाबाद lआबकारी आयुक्त के आदेश और जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर के निर्देश पर जनपद में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री के विरुद्ध सघन छापामार अभियान जारी रहेगा l इस दौरान जिला आबकारी अधिकारी जी० पी० गुप्ता के निर्देश पर छापामार अभियान के अंतर्गत आबकारी निरीक्षक क्षेत्र कुमार गौरव सिंह द्वारा अपनी टीम के साथ संदिग्ध ग्राम लकूला में सघन दबिश एवं छापेमारी की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अवैध मदिरा निर्माण से जुड़े संदिग्ध स्थानों एवं अड्डों की गहन तलाशी ली गई। मौके पर लगभग 80 किलोग्राम लहन (अवैध शराब बनाने हेतु प्रयुक्त कच्चा माल) को नष्ट किया गया तथा 18 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। इस संबंध में एक अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई की गई । इसके अतिरिक्त क्षेत्र में स्थित कबाड़ी की दुकानों पर भी सघन चेकिंग अभियान चलाया गया इस दौरान आबकारी दुकानों—बाग लकूला कम्पोजिट, बाग लकूला देशी, आवास विकास मॉडल शॉप एवं आवास विकास देशी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर, पीओएस मशीन के माध्यम से बिक्री, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली तथा सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता का परीक्षण किया गया। साथ ही देशी मदिरा दुकानों की कैंटीन व्यवस्था की भी गहन जांच की गई। जनपद में अवैध मदिरा के विरुद्ध यह छापामार अभियान आगे भी निरंतर एवं प्रभावी रूप से जारी रहेगा तथा इसमें संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।