गया के ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल ने रचा इतिहास: जेईई एडवांस 2026 के ऑल इंडिया टॉपर शुभम कुमार समेत 18 छात्रों ने लहराया सफलता का परचम

गया। शिक्षा के क्षेत्र में गया जिले के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। जेईई एडवांस 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर पूरे देश में बिहार का नाम रोशन करने वाले शुभम कुमार के सम्मान में गया शहर के बिसार तालाब स्थित ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जेईई एडवांस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले 18 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे गया जिले को गौरवान्वित किया है।

कार्यक्रम के दौरान ऑल इंडिया टॉपर शुभम कुमार के अलावा आयुष कुमार (रैंक 5140), समीर राज (रैंक 737), सचिन प्रकाश (रैंक 1602), विनय कुमार (रैंक 2011), मुकेश कुमार (रैंक 2775) सहित अन्य सफल छात्रों को मंच पर सम्मानित किया गया। छात्रों की सफलता पर विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इस उपलब्धि को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल बताया। विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने कहा कि यह सफलता किसी एक दिन की नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन, समर्पण और सही मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों से विद्यालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर विशेष शैक्षणिक माहौल तैयार किया गया है, जिसका परिणाम अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है।

विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने शुभम कुमार की सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि जब शुभम नौवीं कक्षा में था, तब वह विद्यालय के सुपर-30 कार्यक्रम को दर्शक के रूप में देखा करता था। उसी दौरान उसकी बहन श्रेया कुमारी ने विद्यालय में नामांकन लिया था। श्रेया ने यहां दो वर्षों तक पढ़ाई करने के बाद आईआईटी में सफलता हासिल की। बहन की उपलब्धि से प्रेरित होकर शुभम ने भी इसी संस्थान में प्रवेश लिया और अपनी मेहनत के बल पर देशभर में पहला स्थान हासिल कर लिया

विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने बताया कि शुभम शुरू से ही एक असाधारण छात्र था। उसकी पढ़ाई के प्रति लगन, जिज्ञासा और कठिन परिश्रम ने उसे अन्य छात्रों से अलग पहचान दिलाई। विद्यालय के शिक्षकों ने उसकी क्षमता को पहचानते हुए उसे विशेष मार्गदर्शन और अतिरिक्त समय दिया। यही कारण है कि उसने जेईई एडवांस जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में इतिहास रचते हुए ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की। उन्होंने कहा कि विद्यालय से इस वर्ष कुल 46 छात्रों ने जेईई एडवांस परीक्षा दी थी, जिनमें से 18 छात्रों ने सफलता प्राप्त की है। यह सफलता दर्शाती है कि यदि छात्रों को सही दिशा, बेहतर संसाधन और समर्पित शिक्षक मिलें तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। 

विद्यालय के छात्र लगातार आईआईटी, नीट और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। समारोह के दौरान सफल छात्रों ने भी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को दिया। छात्रों ने कहा कि यहां उन्हें सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने की प्रेरणा भी मिली। नियमित टेस्ट, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और अनुशासित दिनचर्या ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया। 

विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने घोषणा की कि इस वर्ष से कक्षा 8 और 9 के विद्यार्थियों के लिए सुपर-30 कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। जुलाई माह से शुरू होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के तहत चयनित छात्रों को छात्रवृत्ति के माध्यम से रहने, खाने और पढ़ाई की पूरी सुविधा पांच वर्षों तक निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।

निदेशक भीमराज ने कहा कि अब वह समय आ गया है जब गया के छात्र देश के बड़े शैक्षणिक संस्थानों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। विद्यालय का लक्ष्य केवल परीक्षा में सफलता दिलाना नहीं, बल्कि ऐसे युवा तैयार करना है जो देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। जेईई एडवांस 2026 के परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। यदि सही मंच और मार्गदर्शन मिले तो गया जैसे शहर से भी देश का नंबर-1 छात्र निकल सकता है। ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल की यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और बिहार की शैक्षणिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

पर्यावरण संरक्षण और मानवीय सेवा की दिशा में मेघाश्रेय की अनोखी पहल
मुंबई। एक पेड़ माँ के नाम' भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक भावनात्मक और पर्यावरण-अनुकूल अभियान है। इसके तहत लोग अपनी माँ के प्रति सम्मान और प्रेम जताने के लिए उनकी स्मृति या उपस्थिति में एक पेड़ लगाते हैं और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेते हैं। मेघाश्रेय संस्था द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बांद्रा फोर्ट में एक ऐसे ही अनूठे कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार, आईपीएस कृष्णा प्रकाश, आईपीएस विश्वास नांगरे पाटील, स्टीफन बेन, नूपुर सनोन, डीनो मोरिया,आसिफ भामला,कविन शाह,गौरव पारिख, मिकी मेहता जैसी अनेक जानी-मानी हस्तियों ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर इस सशक्त आंदोलन को और भी मजबूत बनाया और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में हाथ बंटाया। मेघाश्रेय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विगत वर्षों की तरह छाता, रेनकोट और पानी का वितरण किया गया। सीमा सिंह द्वारा आयोजित इस पहल में एक साथ तीन सामाजिक और राष्ट्रीय कर्तव्यों की पूर्ति की गई। जीवन के लिए पानी, आराम के लिए छाया, और भविष्य के लिए पेड़ की संकल्पना वाले इस कार्यक्रम में भारी संख्या में बीएमसी कर्मचारी उपस्थित रहे। सीमा सिंह के अनुसार बढ़ रही पर्यावरण चुनौती के बीच हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ग्लोबल वार्मिंग जैसी विकट परिस्थितियों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में वृक्ष ही हमारे जीवन दाता बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए , इससे मां, मातृभूमि और धरती के प्रति हमारी कृतज्ञता व्यक्त होगी। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है और हर व्यक्ति को इस धर्म का पालन करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश सूचना विभाग की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने लखनऊ पहुंची बिहार सूचना विभाग की टीम
* निदेशक सूचना से की मुलाकात, प्रचार-प्रसार की व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर बिहार में लागू करने की जताई रुचि

* विभिन्न प्रभागों का किया भ्रमण, सूचना प्रसार, मीडिया प्रबंधन एवं जनसंपर्क गतिविधियों की ली विस्तृत जानकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं नीतियों एवं शासन की प्राथमिकताओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार हेतु विकसित की गई सुदृढ़ सूचना एवं जनसंपर्क व्यवस्था से प्रभावित होकर बिहार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम ने लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग निदेशालय का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान बिहार सरकार की टीम ने निदेशक सूचना विशाल सिंह से शिष्टाचार भेंट कर विभाग की कार्यप्रणाली नवाचारों तथा जनसंचार की व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की।
बिहार से आए अधिकारियों की टीम ने उत्तर प्रदेश में संचालित प्रचार-प्रसार की प्रभावी व्यवस्था, मीडिया प्रबंधन एवं जनसंपर्क अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि उ0प्र0 में प्रचार प्रसार के क्षेत्र में बेहतर कार्य हुआ है जो कि बेहतर अनुभव हुआ है। टीम ने कहा कि यहां विकसित की गई कई व्यवस्थाएं बिहार में भी उपयोगी सिद्ध हो सकती हैं। टीम ने इन व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें अपने राज्य में लागू करने की संभावनाओं पर विशेष रुचि व्यक्त की।
भ्रमण के दौरान टीम ने निदेशालय के सभी प्रमुख सेक्शनों एवं प्रभागों का विस्तृत दौरा किया तथा उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने समाचार एवं मीडिया कवरेज प्रभाग, पत्रकार कल्याण एवं नीतिगत प्रभाग, क्षेत्रीय एवं ग्रामीण पहुंच प्रभाग, रचनात्मक एवं प्रदर्शनी प्रभाग, आउटडोर एवं सांस्कृतिक प्रचार प्रभाग तथा स्थापना, वित्त प्रभाग के कार्यों का अवलोकन किया। संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रत्येक प्रभाग की भूमिकाए दायित्वों तथा कार्य निष्पादन की प्रक्रिया से टीम को अवगत कराया गया।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं एवं महत्वपूर्ण निर्णयों को आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल एवं सोशल मीडिया सहित विभिन्न संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर रहा है। बिहार की टीम ने समाचार संकलन, प्रेस विज्ञप्तियों के निर्गमन, मीडिया समन्वय, जनसंपर्क अभियानों के संचालन तथा सूचना के त्वरित एवं तथ्यपरक प्रसारण की व्यवस्थाओं का विशेष रूप से अध्ययन किया।
टीम ने पत्रकार कल्याण से संबंधित योजनाओंए मान्यता व्यवस्था, पत्रकार हितों के संरक्षण हेतु संचालित व्यवस्थाओं तथा मीडिया प्रतिनिधियों के साथ विभाग के समन्वय तंत्र की भी जानकारी प्राप्त की। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय एवं ग्रामीण प्रचार गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की रणनीति का भी अवलोकन किया गया।
रचनात्मक एवं प्रदर्शनी समूह द्वारा तैयार की जाने वाली प्रचार सामग्री, विभागीय प्रकाशनों, प्रदर्शनी आयोजन, दृश्य-श्रव्य माध्यमों के उपयोग तथा जनजागरूकता अभियानों की कार्यप्रणाली ने बिहार के अधिकारियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। साथ ही आउटडोर एवं सांस्कृतिक प्रचार समूह द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोककलाओं एवं जनसंचार के पारंपरिक माध्यमों के जरिए संचालित जनजागरूकता अभियानों की जानकारी भी साझा की गई।
भ्रमण के दौरान बिहार सूचना विभाग की टीम ने उत्तर प्रदेश में सूचना एवं जनसंपर्क गतिविधियों के संचालन में अपनाई जा रही तकनीक आधारित व्यवस्थाओं, बेहतर समन्वय तंत्र, त्वरित सूचना संप्रेषण प्रणाली तथा जनहितकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सूचना प्रबंधन और जनसंपर्क के क्षेत्र में कई ऐसी प्रभावी व्यवस्थाएं विकसित की हैं, जिनका अध्ययन अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी एवं प्रेरणादायी सिद्ध हो सकता है।
इस अवसर पर दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच सूचना प्रसार, मीडिया प्रबंधन, डिजिटल संचार, जनसंपर्क अभियानों तथा सुशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श भी हुआ। अध्ययन भ्रमण के माध्यम से प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए बिहार की टीम ने उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की कार्यशैली को व्यवस्थित, नवाचारपूर्ण एवं परिणामोन्मुख बताते हुए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। अंत में टीम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए विकसित मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है।
उपेक्षित पड़ा गुप्तकाल से जुड़ा पौराणिक महेश बाबा मंदिर, कायाकल्प के लिए जनप्रतिनिधियों ने कसी कमर*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* विकासखंड कछौना की ग्राम सभा समसपुर के ग्राम महेशन मढ़िया में स्थित प्राचीन महेश बाबा मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि ग्राम प्रधान रानू बाजपेई, अनूप कुमार मटरू व पूर्व मंडल अध्यक्ष नवीन पटेल, रामऔतार गोस्वामी ने सभापति अशोक अग्रवाल पत्र देकर जीर्णोद्धार कराने की मांग की, उन्होंने इस पौराणिक मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु शासन को पत्र लिखा है। श्रद्धालुओं ने इस मंदिर के सौंदर्यीकरण व कायाकल्प की उम्मीद जग गई है। जिससे यह स्थल उत्तर प्रदेश के नक्शे पर एक पहचान बनेगा। विधानसभा बालामऊ की ग्राम सभा समसपुर के ग्राम महेशन मढ़िया में काफी प्राचीन मंदिर 12 एकड़ बाग में स्थित है। पुरानी मान्यता के अनुसार बाबा राघव दास महंत द्वारा 150 वर्ष पूर्व मंदिर की स्थापना की गई। इसमें ग्राम महरी, समसपुर, बर्राघूमन, कटका, सहोरिया आदि गांवो की भूमि अभिलेख में दर्द है। परंतु राघव दास महंत के निधन के बाद भू-माफिया ने कूटरचित द्वारा काफी भूमि अपने नाम हस्तांतरित कराली। इस मंदिर का 60 बीघा भूमि पर बाग है। यह ऐतिहासिक व पौराणिक स्थल है, यह जंगल के होने के कारण आक्रांताओं से बच गया था, प्राकृतिक अवस्था में स्थित है। शिव पार्वती की खंडित मूर्ति है। जनश्रुति के अनुसार गुप्त काल के पहले का है। पूरे देश में केवल दो ही स्थानों पर इस तरह के मंदिर हैं। मंदिर परिसर में ठाकुर द्वार में हनुमान मंदिर व राम जानकी मंदिर की स्थापना है, जो जीर्ण शीर्ण अवस्था में पड़ा है। यह प्रकृतिक स्थल में होने के कारण काफी रमणीक लगता है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति मिलती है। वर्ष के में दो बार मेला लगता है। इसके सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार के लिए ग्राम प्रधानगढ़ रानू बाजपेई, अनूप कुमार मटरू, जनसरोकार मंच के संयोजक परमेश्वर दयाल, सुरेंद्र सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष नवीन पटेल, रामाऔतार गोस्वामी ने जीर्णोद्धार के लिए जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है।
अब गर्भवती महिला की होंगी छह प्रसवपूर्व जाँचें
रितेश मिश्रा
हरदोई, मां और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब गर्भवती महिलाओं को न्यूनतम छह प्रसवपूर्व जांचों (एएनसी) से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे पहले नियमित रूप से चार एएनसी जांचों का प्रावधान था। इस संबंध में परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. एच.डी. अग्रवाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि  जनपद में प्रत्येक गर्भवती तक गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की समय पर पहचान, आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित करना तथा मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाना है। उन्होंने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन नई व्यवस्था से उनकी निगरानी और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि प्रसवपूर्व जांचों की संख्या चार से बढ़ाकर छह किए जाने से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की अधिक नियमित समीक्षा संभव होगी। इससे एनीमिया, गर्भावधि मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज), उच्च रक्तचाप तथा अन्य जोखिमपूर्ण स्थितियों की समय रहते पहचान और प्रबंधन के अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे जटिलताओं को गंभीर होने से पहले नियंत्रित किया जा सकेगा।
नोडल डॉ. अरविन्द सचान ने कहा कि अतिरिक्त एएनसी विजिट से आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी गर्भवती महिलाओं के साथ अधिक नियमित संपर्क का अवसर मिलेगा। इन मुलाकातों के दौरान महिलाओं को संतुलित पोषण, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के नियमित सेवन, समय पर टीकाकरण, आवश्यक स्वास्थ्य जांच, संस्थागत प्रसव की तैयारी तथा नवजात शिशु की देखभाल के संबंध में परामर्श दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों को भी गर्भावस्था और नवजात में दिखाई देने वाले खतरे के लक्षणों के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क किया जा सके।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवतियों की जांच कर उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान की जाती है और उनका प्रबंधन किया जाता है।
वर्ष 2025-26 में  पीएमएसएमए के तहत 84,271 गर्भवतियों की जांच की गई, जिनमें 6090 उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान की गई। चिन्हित उच्च जोखिम गर्भवतियों की नियमित निगरानी की गई तथा आवश्यकतानुसार उन्हें उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किया गया।
एएनसी का समय निर्धारण इस प्रकार किया गया है—
पहली एएनसी : गर्भावस्था के पंजीकरण के तुरंत बाद, 12 सप्ताह के भीतर।
दूसरी एएनसी : 16 से 20 सप्ताह के बीच।
तीसरी एएनसी : 24 से 28 सप्ताह के बीच।
चौथी एएनसी : 28 से 32 सप्ताह के बीच।
पाँचवीं एएनसी : 32 से 36 सप्ताह के बीच।
छठी एएनसी : 36 से 40 सप्ताह के बीच।
तेल और गैस पर निर्भरता कम कर देश को समृद्ध बनाएं:सतीश जी
ऊर्जा आत्म निर्भरता अभियान के अंतर्गत कुकिंग हेतु इंडक्शन को बढ़ावा दें:सह संगठक

रितेश मिश्रा
हरदोई।"देश में डीजल ,पेट्रोल कुकिंग गैस की पर निर्भरता 88 प्रतिशत दूसरे देशों से हैं जिसके उपभोग के बिना हमारा जीवन चलता नहीं है, दूसरे देश पर निर्भर रहकर हम प्रतिदिन चार हजार करोड़ रूपया दूसरे देशों को भेजते हैं 42 देशों को हम अपना पैसा देते हैं, 55 प्रतिशत एलपीजी का आयात करते हैं, हम बिजली में आत्मनिर्भर हैं दूसरे देशों को हम बिजली निर्यात करते हैं तो क्यों न हम स्वदेशी बिजली का  अपनी रसोई में इंडक्शन आदि का प्रयोग कर ऊर्जा बचाने में सहयोग कर सकते हैं और देश को समृद्ध बनाने में अपना योगदान दे सकते हैं" उक्त विचार स्वावलंबी भारत अभियान एवं स्वदेशी जागरण मंच के आवाहन पर शहर के जेके पब्लिक स्कूल में आयोजित ऊर्जा आत्म निर्भरता अभियान संगोष्ठी में स्वावलंबी भारत अभियान एवं स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संगठक सतीश जी ने व्यक्त किए।
स्वावलंबी भारत अभियान एवं स्वदेशी जागरण मंच की ओर से आयोजित ऊर्जा आत्म निर्भरता अभियान संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि सतीश जी, प्रांत समन्वयक हर्षवर्धन सिंह, जिला संयोजक अवनीश द्विवेदी,उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष विमलेश दीक्षित,उद्योग व्यापार मंडल के पवन जैन, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष अशफाक हुसैन,बौद्धिक प्रकोष्ठ के संजीव खरे,स्वदेशी जागरण मंच के प्रचारक राजीव जी ,गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे राजीव मोहन अवस्थी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। अध्यक्षता राजीव मोहन अवस्थी ने की। कवि श्याम त्रिवेदी पंकज और शिक्षक राजकुमार सिंह ने स्वदेशी गीत गाकर स्वदेशी अपनाने का आवाहन किया। वक्ताओं में हर्षवर्धन सिंह,विमलेश दीक्षित, पवन जैन ,अशफाक हुसैन, संजीव खरे, अवनीश द्विवेदी ने स्वदेशी अपनाओ और विदेशी सामानों का बहिष्कार करने की अपील की। सभी ने इस वैश्विक संकट पर छोटे-छोटे कार्यों में ऊर्जा ऊर्जा बचाकर देश की प्रगति में समृद्धि लाने में सहयोग की अपील की।
मुख्य अतिथि सतीश जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि डीजल, पेट्रोल ,कुकिंग गैस में 88 प्रतिशत की पर निर्भरता दूसरे देशों पर है, प्रतिदिन 4000 करोड़ रूपया हम दूसरे देशों को भेजते हैं स्वतंत्रता के 78 वर्ष बाद भी 42 देश में अपना हम पैसा देते हैं एलपीजी 55 प्रतिशत आयात करते हैं, ऊर्जा बचाओ अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी जी ने 7 दोनों पर अपील की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के डीजल ,पेट्रोल,कुकिंग गैस, सोना यूरिया के कम प्रयोग करने का आवाहन किया था, क्या आप कह सकते हैं कि इस आवाहन का मोदी सरकार को क्या व्यक्तिगत लाभ देने वाला है क्या स्वयं के लिए आवाहन किया गया है?हम छोटी-छोटी जरूरत के लिए ऊर्जा बचाने का काम कर सकते हैं,हमारा देश बिजली पर आत्मनिर्भर है और हम दूसरे देशों को बिजली निर्यात करते हैं हम अपनी स्वदेशी बिजली का उपभोग रसोई गैस में इंडक्शन का प्रयोग करके कर सकते हैं जो कुकिंग गैस की अपेक्षा कम खर्चीला है यदि हम ऊर्जा को बचा लेते हैं तो पर्यावरण संतुलन सहित देश को समृद्ध बनाने में सहायक होंगे।सोना,यूरिया भी हम आयात करते हैं 834 टन सोना लगभग 6 लाख करोड रुपए का सोना आयात किया गया, इससे दूसरे देशों को हम डॉलर में तिजोरी भर रहे हैं। यूरिया खाद का इस बार 24 प्रतिशत का आयात ज्यादा हुआ,आखिर क्यों ?क्या खेती बढ़ गई ?हम जैविक खाद का खेती में अधिक से अधिक प्रयोग कर इस आयात को संतुलित करना पड़ेगा,कृषि वैज्ञानिकों ने भी कहा है कि हम यूरिया का
अधिकाधिक प्रयोग करके मिट्टी की उर्वरा शक्ति को अधिक उत्पादन के चक्कर में बर्बाद कर रहे हैं, पीने के पानी,पेय पदार्थों  पेप्सी ,कोका-कोला जैसी कंपनियों का बहिष्कार कर देश को समृद्ध बनाने में सहयोग कर सकते हैं। चिंतन का विषय है कि आखिर हम देश को समृद्ध बनाने में किस भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। प्रांत समन्वयक हर्षवर्धन सिंह ने आए हुए लोगों का आभार जताया। अध्यक्षीय उद्बोधन के बाद गोष्ठी का समापन किया गया। मंच का संचालन शोभित प्रताप सिंह तोमर ने किया।
जिला संयोजक अवनीश द्विवेदी ने बताया कि विदु शेखर प्रताप सिंह सह जिला जिला संयोजक, आशीष बाजपेई आशू सह जिला संयोजक ,अनुराग द्विवेदी अन्नू को जिला समन्वयक, महेश गुप्ता डब्लू को सह जिला समन्वयक, अजय सिंह को सह जिला संपर्क प्रमुख, जे. पी. दीक्षित को हरियावां खण्ड संयोजक, राजीव सिंह बबलू नगर समन्वयक, प्रखर गुप्ता को सह नगर समन्वयक, वरुण कुमार मिश्रा को सह समन्वयक शाहाबाद तहसील, इन्द्रेश कुमार बाजपेयी को सह जिला विचार विभाग प्रमुख, विकास मिश्रा टड़ियावां खण्ड संयोजक घोषित किए गए।
ब्रह्माकुमारीज़ के तीन दिवसीय समर कैंप का उत्साहपूर्ण समापन
मीरजापुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रभु उपहार भवन में आयोजित तीन दिवसीय समर कैंप का सफलतापूर्वक एवं उत्साहपूर्ण समापन हुआ। समापन दिवस पर भी कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना एवं योगाभ्यास से हुई। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बीके वीरेंद्र भाई जी ने बच्चों को योग सिखाते हुए सफलता, अनुशासन और आत्मविश्वास से जुड़े प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। बीके आरती दीदी जी ने बच्चों को संगीत का अभ्यास कराया, जबकि बीके दिव्यानी बहन ने रचनात्मक गतिविधि के अंतर्गत कुकुंबर बोट बनाना सिखाया, जिसे बच्चों ने स्वयं तैयार कर आनंदपूर्वक ग्रहण किया। बीके शिवानी बहन ने बच्चों को आकर्षक नृत्य सिखाया तथा बीके नीता दीदी ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराकर मन की शक्ति और एकाग्रता का महत्व बताया। तीन दिनों के दौरान बच्चों ने योग, गीत-संगीत, नृत्य, अबेकस, क्राफ्ट, मेडिटेशन एवं नैतिक मूल्यों से भरपूर अनेक गतिविधियों में सहभागिता कर अपने व्यक्तित्व को निखारा। समापन अवसर पर सेवा केंद्र प्रभारी बीके बिंदु दीदी जी ने सभी बच्चों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए। कलरिंग, गेम्स एवं क्राफ्ट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि समर कैंप ने उन्हें बहुत कुछ नया सिखाया, अच्छे मित्र दिए और आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि ऐसे संस्कारमय शिविर और अधिक दिनों तक आयोजित किए जाएँ तथा वे भविष्य में भी नियमित रूप से इसमें भाग लेंगे। कार्यक्रम की सफलता में बीके शकीला बहन, बीके हाशमी भाई जी, रेहाना जी एवं सेवा केंद्र से जुड़े सभी भाई-बहनों का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने पूरे कैंप के दौरान बच्चों की प्रेमपूर्वक देखभाल और मार्गदर्शन किया।
आध्यात्मिकता, संस्कार और आनंद से परिपूर्ण यह तीन दिवसीय समर कैंप बच्चों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनकर संपन्न हुआ।
हजारीबाग में दो मासूम भाई-बहन की निर्मम हत्या, आरोपी गिरफ्तार; SIT ने किया सनसनीखेज खुलासा

हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां अपहृत किए गए दो नाबालिग भाई-बहन की निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी संजीत पासवान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री अमन कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का सफल उद्भेदन किया।

जानकारी के अनुसार, कटकमदाग थाना क्षेत्र स्थित ओला शोरूम के समीप रहने वाले मो. आमिर ने अपने 11 वर्षीय पुत्री तमन्ना परवीन और 3 वर्षीय पुत्र रिजवान के अचानक लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। बच्चों के गायब होने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष जांच दल का गठन कर बच्चों की तलाश शुरू करवाई।

तलाशी अभियान के दौरान 31 मई 2026 को सिंदूर स्थित श्मशान घाट के पास से बच्ची तमन्ना परवीन का शव बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने खोज अभियान और तेज किया तथा उसी क्षेत्र के समीप एक कुएं से छोटे भाई रिजवान का शव भी बरामद कर लिया। दोनों मासूम बच्चों के शव मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।

जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर ओला शोरूम में कार्यरत संजीत पासवान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी बच्चों को पहले से जानता था। उसने 27 मई 2026 को दोनों बच्चों को मोबाइल दिलाने का झांसा देकर अपने साथ स्कूटी पर बैठाकर सिंदूर स्थित श्मशान घाट की ओर ले गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि सुनसान स्थान पर आरोपी ने बच्ची के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। विरोध करने और शोर मचाने पर उसने बच्ची की हत्या कर दी। इसके बाद घटना का राज खुलने के डर से उसने उसके छोटे भाई रिजवान की भी गला घोंटकर हत्या कर दी। दोनों बच्चों की हत्या के बाद आरोपी ने शवों को प्लास्टिक के बोरे में भरकर एक कुएं में फेंक दिया ताकि किसी को घटना की जानकारी न मिल सके।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कूटी और प्लास्टिक का बोरा भी बरामद कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे भी गहन जांच की जा रही है तथा यह पता लगाया जा रहा है कि इस जघन्य अपराध में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

इस दर्दनाक घटना ने पूरे हजारीबाग जिले को झकझोर कर रख दिया है। मासूम भाई-बहन की हत्या से लोगों में गहरा आक्रोश है और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठ रही है।

थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा जानलेवा हमला करने के 02 वांछित अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार-
*कार्यवाहीः-*
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी  तरबगंज श्री उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में थाना उमरीबेगमगंज पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-137/2026 धारा 191(2), 115(2), 109(1), 352, 351(3) बी0एन0एस0 व 3(2)(V) एस0सी0 एस0टी0 एक्ट से सम्बन्धित वांछित 02 अभियुक्तों - 01. ताज मोहम्मद पुत्र गोल, 02. सादाब पुत्र बकरीदी निवासी ग्राम लालापुरवा बरौली, थाना उमरीबेगमगंज, जनपद गोण्डा को गाँव के बाहर इदगाह से गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
वादी धर्मेन्द्र पासी पुत्र घिर्राऊ पासी निवासी बरौली पूरे लाला पुरवा थाना उमरीबेगमगंज जनपद गोण्डा द्वारा थाना उमरीबेगमगंज में लिखित तहरीर दी गई कि दिनांक 01.06.2026 को शाम 05 बजे वह सैटरिंग का सामान लेकर ताज मो0 की दुकान पर उतारने गया था कि विपक्षीगण शादाब, ताज मो0, फिरोज, नईम, लोही, बब्बू, अख्तर आदि लोग एक राय होकर जाती सूचक गाली देते हुए सैटरिंग के फट्टों से जान से मारने की नियत उसके सिर हमला कर दिए, जिससे गंभीर चोटें आईं। वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना उमरीबेगमगंज में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसमे आज दिनांक 03.06.2026 को थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान दोषी पाए गए वांछित अभियुक्तों - 01. ताज मोहम्मद पुत्र गोल, 02. सादाब पुत्र बकरीदी निवासी ग्राम लालापुरवा बरौली, थाना उमरीबेगमगंज, जनपद गोण्डा को गाँव के बाहर इदगाह से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
गोपीगंज के बड़ी चौराहे के पास खड़ी रोडवेज बस

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। गोपीगंज नगर में बड़ा चौराहे पर खड़ा होने वाली बसे अब चिह्नित बस स्टैंड पर खड़ी कराई जाएंगी। एनएचएआई की ओर से हाईवे के सर्विसलेन पर फ्लाईओवर के दोनों छोर के किनारे बस स्टैंड के लिए चिह्नित जमीन पर ही बसें खड़ी होंगी। वहीं से यात्री बसे पकड़ सकेंगे और उतर सकेंगे। इससे चौराहे पर लगने वाले जाम से निजात मिल सकेगी। वहीं चौराहे पर आवागमन सुगम हो सकेगा वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर गोपीगंज जिले का सबसे बड़ा बाजार है। नगर के बड़ा चौराहे पर हर दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। जिसका सबसे बड़ा कारण चौराहे के पास बेतरतीब तरीके से खड़े होने वाले वाहन हैं। हाईवे पर वाराणसी और प्रयागराज की ओर से आने वाली बसें उत्तरी व दक्षिणी लेन पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने खड़ी होती हैं। अब बसों का वहां स्टाॅपेज हो जाने के कारण ई-रिक्शा व ऑटो चालक भी सवारी के लिए वहीं खड़े हो जाते हैं। जिससे चौराहे के पास जाम लग जाता है। अभिनव त्यागी, पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बीते दिनों बैठक में एनएचएआई की ओर से बताया गया है कि हाईवे के दोनों छोर पर बसों के खड़ा करने के लिए स्टैंड चिह्नित हैं, लेकिन बसें वहां खड़ी नहीं होती हैं। अब बसों को वहां ही खड़ा कराया जाएगा। जिससे ऑटो व ई-रिक्शा की भीड़ भी उधर शिफ्ट हो सकेगी। जिससे चौराहे पर लगने वाली जाम की समस्या का समाधान हो सकेगा।
गया के ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल ने रचा इतिहास: जेईई एडवांस 2026 के ऑल इंडिया टॉपर शुभम कुमार समेत 18 छात्रों ने लहराया सफलता का परचम

गया। शिक्षा के क्षेत्र में गया जिले के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। जेईई एडवांस 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर पूरे देश में बिहार का नाम रोशन करने वाले शुभम कुमार के सम्मान में गया शहर के बिसार तालाब स्थित ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जेईई एडवांस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले 18 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे गया जिले को गौरवान्वित किया है।

कार्यक्रम के दौरान ऑल इंडिया टॉपर शुभम कुमार के अलावा आयुष कुमार (रैंक 5140), समीर राज (रैंक 737), सचिन प्रकाश (रैंक 1602), विनय कुमार (रैंक 2011), मुकेश कुमार (रैंक 2775) सहित अन्य सफल छात्रों को मंच पर सम्मानित किया गया। छात्रों की सफलता पर विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इस उपलब्धि को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल बताया। विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने कहा कि यह सफलता किसी एक दिन की नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन, समर्पण और सही मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों से विद्यालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर विशेष शैक्षणिक माहौल तैयार किया गया है, जिसका परिणाम अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है।

विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने शुभम कुमार की सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि जब शुभम नौवीं कक्षा में था, तब वह विद्यालय के सुपर-30 कार्यक्रम को दर्शक के रूप में देखा करता था। उसी दौरान उसकी बहन श्रेया कुमारी ने विद्यालय में नामांकन लिया था। श्रेया ने यहां दो वर्षों तक पढ़ाई करने के बाद आईआईटी में सफलता हासिल की। बहन की उपलब्धि से प्रेरित होकर शुभम ने भी इसी संस्थान में प्रवेश लिया और अपनी मेहनत के बल पर देशभर में पहला स्थान हासिल कर लिया

विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने बताया कि शुभम शुरू से ही एक असाधारण छात्र था। उसकी पढ़ाई के प्रति लगन, जिज्ञासा और कठिन परिश्रम ने उसे अन्य छात्रों से अलग पहचान दिलाई। विद्यालय के शिक्षकों ने उसकी क्षमता को पहचानते हुए उसे विशेष मार्गदर्शन और अतिरिक्त समय दिया। यही कारण है कि उसने जेईई एडवांस जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में इतिहास रचते हुए ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की। उन्होंने कहा कि विद्यालय से इस वर्ष कुल 46 छात्रों ने जेईई एडवांस परीक्षा दी थी, जिनमें से 18 छात्रों ने सफलता प्राप्त की है। यह सफलता दर्शाती है कि यदि छात्रों को सही दिशा, बेहतर संसाधन और समर्पित शिक्षक मिलें तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। 

विद्यालय के छात्र लगातार आईआईटी, नीट और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। समारोह के दौरान सफल छात्रों ने भी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को दिया। छात्रों ने कहा कि यहां उन्हें सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने की प्रेरणा भी मिली। नियमित टेस्ट, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और अनुशासित दिनचर्या ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया। 

विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने घोषणा की कि इस वर्ष से कक्षा 8 और 9 के विद्यार्थियों के लिए सुपर-30 कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। जुलाई माह से शुरू होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के तहत चयनित छात्रों को छात्रवृत्ति के माध्यम से रहने, खाने और पढ़ाई की पूरी सुविधा पांच वर्षों तक निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।

निदेशक भीमराज ने कहा कि अब वह समय आ गया है जब गया के छात्र देश के बड़े शैक्षणिक संस्थानों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। विद्यालय का लक्ष्य केवल परीक्षा में सफलता दिलाना नहीं, बल्कि ऐसे युवा तैयार करना है जो देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। जेईई एडवांस 2026 के परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। यदि सही मंच और मार्गदर्शन मिले तो गया जैसे शहर से भी देश का नंबर-1 छात्र निकल सकता है। ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल की यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और बिहार की शैक्षणिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

पर्यावरण संरक्षण और मानवीय सेवा की दिशा में मेघाश्रेय की अनोखी पहल
मुंबई। एक पेड़ माँ के नाम' भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक भावनात्मक और पर्यावरण-अनुकूल अभियान है। इसके तहत लोग अपनी माँ के प्रति सम्मान और प्रेम जताने के लिए उनकी स्मृति या उपस्थिति में एक पेड़ लगाते हैं और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेते हैं। मेघाश्रेय संस्था द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बांद्रा फोर्ट में एक ऐसे ही अनूठे कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार, आईपीएस कृष्णा प्रकाश, आईपीएस विश्वास नांगरे पाटील, स्टीफन बेन, नूपुर सनोन, डीनो मोरिया,आसिफ भामला,कविन शाह,गौरव पारिख, मिकी मेहता जैसी अनेक जानी-मानी हस्तियों ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर इस सशक्त आंदोलन को और भी मजबूत बनाया और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में हाथ बंटाया। मेघाश्रेय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विगत वर्षों की तरह छाता, रेनकोट और पानी का वितरण किया गया। सीमा सिंह द्वारा आयोजित इस पहल में एक साथ तीन सामाजिक और राष्ट्रीय कर्तव्यों की पूर्ति की गई। जीवन के लिए पानी, आराम के लिए छाया, और भविष्य के लिए पेड़ की संकल्पना वाले इस कार्यक्रम में भारी संख्या में बीएमसी कर्मचारी उपस्थित रहे। सीमा सिंह के अनुसार बढ़ रही पर्यावरण चुनौती के बीच हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ग्लोबल वार्मिंग जैसी विकट परिस्थितियों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में वृक्ष ही हमारे जीवन दाता बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए , इससे मां, मातृभूमि और धरती के प्रति हमारी कृतज्ञता व्यक्त होगी। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है और हर व्यक्ति को इस धर्म का पालन करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश सूचना विभाग की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने लखनऊ पहुंची बिहार सूचना विभाग की टीम
* निदेशक सूचना से की मुलाकात, प्रचार-प्रसार की व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर बिहार में लागू करने की जताई रुचि

* विभिन्न प्रभागों का किया भ्रमण, सूचना प्रसार, मीडिया प्रबंधन एवं जनसंपर्क गतिविधियों की ली विस्तृत जानकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं नीतियों एवं शासन की प्राथमिकताओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार हेतु विकसित की गई सुदृढ़ सूचना एवं जनसंपर्क व्यवस्था से प्रभावित होकर बिहार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम ने लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग निदेशालय का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान बिहार सरकार की टीम ने निदेशक सूचना विशाल सिंह से शिष्टाचार भेंट कर विभाग की कार्यप्रणाली नवाचारों तथा जनसंचार की व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की।
बिहार से आए अधिकारियों की टीम ने उत्तर प्रदेश में संचालित प्रचार-प्रसार की प्रभावी व्यवस्था, मीडिया प्रबंधन एवं जनसंपर्क अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि उ0प्र0 में प्रचार प्रसार के क्षेत्र में बेहतर कार्य हुआ है जो कि बेहतर अनुभव हुआ है। टीम ने कहा कि यहां विकसित की गई कई व्यवस्थाएं बिहार में भी उपयोगी सिद्ध हो सकती हैं। टीम ने इन व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें अपने राज्य में लागू करने की संभावनाओं पर विशेष रुचि व्यक्त की।
भ्रमण के दौरान टीम ने निदेशालय के सभी प्रमुख सेक्शनों एवं प्रभागों का विस्तृत दौरा किया तथा उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने समाचार एवं मीडिया कवरेज प्रभाग, पत्रकार कल्याण एवं नीतिगत प्रभाग, क्षेत्रीय एवं ग्रामीण पहुंच प्रभाग, रचनात्मक एवं प्रदर्शनी प्रभाग, आउटडोर एवं सांस्कृतिक प्रचार प्रभाग तथा स्थापना, वित्त प्रभाग के कार्यों का अवलोकन किया। संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रत्येक प्रभाग की भूमिकाए दायित्वों तथा कार्य निष्पादन की प्रक्रिया से टीम को अवगत कराया गया।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं एवं महत्वपूर्ण निर्णयों को आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल एवं सोशल मीडिया सहित विभिन्न संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर रहा है। बिहार की टीम ने समाचार संकलन, प्रेस विज्ञप्तियों के निर्गमन, मीडिया समन्वय, जनसंपर्क अभियानों के संचालन तथा सूचना के त्वरित एवं तथ्यपरक प्रसारण की व्यवस्थाओं का विशेष रूप से अध्ययन किया।
टीम ने पत्रकार कल्याण से संबंधित योजनाओंए मान्यता व्यवस्था, पत्रकार हितों के संरक्षण हेतु संचालित व्यवस्थाओं तथा मीडिया प्रतिनिधियों के साथ विभाग के समन्वय तंत्र की भी जानकारी प्राप्त की। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय एवं ग्रामीण प्रचार गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की रणनीति का भी अवलोकन किया गया।
रचनात्मक एवं प्रदर्शनी समूह द्वारा तैयार की जाने वाली प्रचार सामग्री, विभागीय प्रकाशनों, प्रदर्शनी आयोजन, दृश्य-श्रव्य माध्यमों के उपयोग तथा जनजागरूकता अभियानों की कार्यप्रणाली ने बिहार के अधिकारियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। साथ ही आउटडोर एवं सांस्कृतिक प्रचार समूह द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोककलाओं एवं जनसंचार के पारंपरिक माध्यमों के जरिए संचालित जनजागरूकता अभियानों की जानकारी भी साझा की गई।
भ्रमण के दौरान बिहार सूचना विभाग की टीम ने उत्तर प्रदेश में सूचना एवं जनसंपर्क गतिविधियों के संचालन में अपनाई जा रही तकनीक आधारित व्यवस्थाओं, बेहतर समन्वय तंत्र, त्वरित सूचना संप्रेषण प्रणाली तथा जनहितकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सूचना प्रबंधन और जनसंपर्क के क्षेत्र में कई ऐसी प्रभावी व्यवस्थाएं विकसित की हैं, जिनका अध्ययन अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी एवं प्रेरणादायी सिद्ध हो सकता है।
इस अवसर पर दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच सूचना प्रसार, मीडिया प्रबंधन, डिजिटल संचार, जनसंपर्क अभियानों तथा सुशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श भी हुआ। अध्ययन भ्रमण के माध्यम से प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए बिहार की टीम ने उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की कार्यशैली को व्यवस्थित, नवाचारपूर्ण एवं परिणामोन्मुख बताते हुए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। अंत में टीम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए विकसित मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है।
उपेक्षित पड़ा गुप्तकाल से जुड़ा पौराणिक महेश बाबा मंदिर, कायाकल्प के लिए जनप्रतिनिधियों ने कसी कमर*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* विकासखंड कछौना की ग्राम सभा समसपुर के ग्राम महेशन मढ़िया में स्थित प्राचीन महेश बाबा मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि ग्राम प्रधान रानू बाजपेई, अनूप कुमार मटरू व पूर्व मंडल अध्यक्ष नवीन पटेल, रामऔतार गोस्वामी ने सभापति अशोक अग्रवाल पत्र देकर जीर्णोद्धार कराने की मांग की, उन्होंने इस पौराणिक मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु शासन को पत्र लिखा है। श्रद्धालुओं ने इस मंदिर के सौंदर्यीकरण व कायाकल्प की उम्मीद जग गई है। जिससे यह स्थल उत्तर प्रदेश के नक्शे पर एक पहचान बनेगा। विधानसभा बालामऊ की ग्राम सभा समसपुर के ग्राम महेशन मढ़िया में काफी प्राचीन मंदिर 12 एकड़ बाग में स्थित है। पुरानी मान्यता के अनुसार बाबा राघव दास महंत द्वारा 150 वर्ष पूर्व मंदिर की स्थापना की गई। इसमें ग्राम महरी, समसपुर, बर्राघूमन, कटका, सहोरिया आदि गांवो की भूमि अभिलेख में दर्द है। परंतु राघव दास महंत के निधन के बाद भू-माफिया ने कूटरचित द्वारा काफी भूमि अपने नाम हस्तांतरित कराली। इस मंदिर का 60 बीघा भूमि पर बाग है। यह ऐतिहासिक व पौराणिक स्थल है, यह जंगल के होने के कारण आक्रांताओं से बच गया था, प्राकृतिक अवस्था में स्थित है। शिव पार्वती की खंडित मूर्ति है। जनश्रुति के अनुसार गुप्त काल के पहले का है। पूरे देश में केवल दो ही स्थानों पर इस तरह के मंदिर हैं। मंदिर परिसर में ठाकुर द्वार में हनुमान मंदिर व राम जानकी मंदिर की स्थापना है, जो जीर्ण शीर्ण अवस्था में पड़ा है। यह प्रकृतिक स्थल में होने के कारण काफी रमणीक लगता है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति मिलती है। वर्ष के में दो बार मेला लगता है। इसके सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार के लिए ग्राम प्रधानगढ़ रानू बाजपेई, अनूप कुमार मटरू, जनसरोकार मंच के संयोजक परमेश्वर दयाल, सुरेंद्र सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष नवीन पटेल, रामाऔतार गोस्वामी ने जीर्णोद्धार के लिए जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है।
अब गर्भवती महिला की होंगी छह प्रसवपूर्व जाँचें
रितेश मिश्रा
हरदोई, मां और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब गर्भवती महिलाओं को न्यूनतम छह प्रसवपूर्व जांचों (एएनसी) से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे पहले नियमित रूप से चार एएनसी जांचों का प्रावधान था। इस संबंध में परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. एच.डी. अग्रवाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि  जनपद में प्रत्येक गर्भवती तक गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की समय पर पहचान, आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित करना तथा मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाना है। उन्होंने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन नई व्यवस्था से उनकी निगरानी और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि प्रसवपूर्व जांचों की संख्या चार से बढ़ाकर छह किए जाने से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की अधिक नियमित समीक्षा संभव होगी। इससे एनीमिया, गर्भावधि मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज), उच्च रक्तचाप तथा अन्य जोखिमपूर्ण स्थितियों की समय रहते पहचान और प्रबंधन के अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे जटिलताओं को गंभीर होने से पहले नियंत्रित किया जा सकेगा।
नोडल डॉ. अरविन्द सचान ने कहा कि अतिरिक्त एएनसी विजिट से आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी गर्भवती महिलाओं के साथ अधिक नियमित संपर्क का अवसर मिलेगा। इन मुलाकातों के दौरान महिलाओं को संतुलित पोषण, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के नियमित सेवन, समय पर टीकाकरण, आवश्यक स्वास्थ्य जांच, संस्थागत प्रसव की तैयारी तथा नवजात शिशु की देखभाल के संबंध में परामर्श दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों को भी गर्भावस्था और नवजात में दिखाई देने वाले खतरे के लक्षणों के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क किया जा सके।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवतियों की जांच कर उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान की जाती है और उनका प्रबंधन किया जाता है।
वर्ष 2025-26 में  पीएमएसएमए के तहत 84,271 गर्भवतियों की जांच की गई, जिनमें 6090 उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान की गई। चिन्हित उच्च जोखिम गर्भवतियों की नियमित निगरानी की गई तथा आवश्यकतानुसार उन्हें उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किया गया।
एएनसी का समय निर्धारण इस प्रकार किया गया है—
पहली एएनसी : गर्भावस्था के पंजीकरण के तुरंत बाद, 12 सप्ताह के भीतर।
दूसरी एएनसी : 16 से 20 सप्ताह के बीच।
तीसरी एएनसी : 24 से 28 सप्ताह के बीच।
चौथी एएनसी : 28 से 32 सप्ताह के बीच।
पाँचवीं एएनसी : 32 से 36 सप्ताह के बीच।
छठी एएनसी : 36 से 40 सप्ताह के बीच।
तेल और गैस पर निर्भरता कम कर देश को समृद्ध बनाएं:सतीश जी
ऊर्जा आत्म निर्भरता अभियान के अंतर्गत कुकिंग हेतु इंडक्शन को बढ़ावा दें:सह संगठक

रितेश मिश्रा
हरदोई।"देश में डीजल ,पेट्रोल कुकिंग गैस की पर निर्भरता 88 प्रतिशत दूसरे देशों से हैं जिसके उपभोग के बिना हमारा जीवन चलता नहीं है, दूसरे देश पर निर्भर रहकर हम प्रतिदिन चार हजार करोड़ रूपया दूसरे देशों को भेजते हैं 42 देशों को हम अपना पैसा देते हैं, 55 प्रतिशत एलपीजी का आयात करते हैं, हम बिजली में आत्मनिर्भर हैं दूसरे देशों को हम बिजली निर्यात करते हैं तो क्यों न हम स्वदेशी बिजली का  अपनी रसोई में इंडक्शन आदि का प्रयोग कर ऊर्जा बचाने में सहयोग कर सकते हैं और देश को समृद्ध बनाने में अपना योगदान दे सकते हैं" उक्त विचार स्वावलंबी भारत अभियान एवं स्वदेशी जागरण मंच के आवाहन पर शहर के जेके पब्लिक स्कूल में आयोजित ऊर्जा आत्म निर्भरता अभियान संगोष्ठी में स्वावलंबी भारत अभियान एवं स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संगठक सतीश जी ने व्यक्त किए।
स्वावलंबी भारत अभियान एवं स्वदेशी जागरण मंच की ओर से आयोजित ऊर्जा आत्म निर्भरता अभियान संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि सतीश जी, प्रांत समन्वयक हर्षवर्धन सिंह, जिला संयोजक अवनीश द्विवेदी,उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष विमलेश दीक्षित,उद्योग व्यापार मंडल के पवन जैन, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष अशफाक हुसैन,बौद्धिक प्रकोष्ठ के संजीव खरे,स्वदेशी जागरण मंच के प्रचारक राजीव जी ,गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे राजीव मोहन अवस्थी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। अध्यक्षता राजीव मोहन अवस्थी ने की। कवि श्याम त्रिवेदी पंकज और शिक्षक राजकुमार सिंह ने स्वदेशी गीत गाकर स्वदेशी अपनाने का आवाहन किया। वक्ताओं में हर्षवर्धन सिंह,विमलेश दीक्षित, पवन जैन ,अशफाक हुसैन, संजीव खरे, अवनीश द्विवेदी ने स्वदेशी अपनाओ और विदेशी सामानों का बहिष्कार करने की अपील की। सभी ने इस वैश्विक संकट पर छोटे-छोटे कार्यों में ऊर्जा ऊर्जा बचाकर देश की प्रगति में समृद्धि लाने में सहयोग की अपील की।
मुख्य अतिथि सतीश जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि डीजल, पेट्रोल ,कुकिंग गैस में 88 प्रतिशत की पर निर्भरता दूसरे देशों पर है, प्रतिदिन 4000 करोड़ रूपया हम दूसरे देशों को भेजते हैं स्वतंत्रता के 78 वर्ष बाद भी 42 देश में अपना हम पैसा देते हैं एलपीजी 55 प्रतिशत आयात करते हैं, ऊर्जा बचाओ अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी जी ने 7 दोनों पर अपील की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के डीजल ,पेट्रोल,कुकिंग गैस, सोना यूरिया के कम प्रयोग करने का आवाहन किया था, क्या आप कह सकते हैं कि इस आवाहन का मोदी सरकार को क्या व्यक्तिगत लाभ देने वाला है क्या स्वयं के लिए आवाहन किया गया है?हम छोटी-छोटी जरूरत के लिए ऊर्जा बचाने का काम कर सकते हैं,हमारा देश बिजली पर आत्मनिर्भर है और हम दूसरे देशों को बिजली निर्यात करते हैं हम अपनी स्वदेशी बिजली का उपभोग रसोई गैस में इंडक्शन का प्रयोग करके कर सकते हैं जो कुकिंग गैस की अपेक्षा कम खर्चीला है यदि हम ऊर्जा को बचा लेते हैं तो पर्यावरण संतुलन सहित देश को समृद्ध बनाने में सहायक होंगे।सोना,यूरिया भी हम आयात करते हैं 834 टन सोना लगभग 6 लाख करोड रुपए का सोना आयात किया गया, इससे दूसरे देशों को हम डॉलर में तिजोरी भर रहे हैं। यूरिया खाद का इस बार 24 प्रतिशत का आयात ज्यादा हुआ,आखिर क्यों ?क्या खेती बढ़ गई ?हम जैविक खाद का खेती में अधिक से अधिक प्रयोग कर इस आयात को संतुलित करना पड़ेगा,कृषि वैज्ञानिकों ने भी कहा है कि हम यूरिया का
अधिकाधिक प्रयोग करके मिट्टी की उर्वरा शक्ति को अधिक उत्पादन के चक्कर में बर्बाद कर रहे हैं, पीने के पानी,पेय पदार्थों  पेप्सी ,कोका-कोला जैसी कंपनियों का बहिष्कार कर देश को समृद्ध बनाने में सहयोग कर सकते हैं। चिंतन का विषय है कि आखिर हम देश को समृद्ध बनाने में किस भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। प्रांत समन्वयक हर्षवर्धन सिंह ने आए हुए लोगों का आभार जताया। अध्यक्षीय उद्बोधन के बाद गोष्ठी का समापन किया गया। मंच का संचालन शोभित प्रताप सिंह तोमर ने किया।
जिला संयोजक अवनीश द्विवेदी ने बताया कि विदु शेखर प्रताप सिंह सह जिला जिला संयोजक, आशीष बाजपेई आशू सह जिला संयोजक ,अनुराग द्विवेदी अन्नू को जिला समन्वयक, महेश गुप्ता डब्लू को सह जिला समन्वयक, अजय सिंह को सह जिला संपर्क प्रमुख, जे. पी. दीक्षित को हरियावां खण्ड संयोजक, राजीव सिंह बबलू नगर समन्वयक, प्रखर गुप्ता को सह नगर समन्वयक, वरुण कुमार मिश्रा को सह समन्वयक शाहाबाद तहसील, इन्द्रेश कुमार बाजपेयी को सह जिला विचार विभाग प्रमुख, विकास मिश्रा टड़ियावां खण्ड संयोजक घोषित किए गए।
ब्रह्माकुमारीज़ के तीन दिवसीय समर कैंप का उत्साहपूर्ण समापन
मीरजापुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रभु उपहार भवन में आयोजित तीन दिवसीय समर कैंप का सफलतापूर्वक एवं उत्साहपूर्ण समापन हुआ। समापन दिवस पर भी कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना एवं योगाभ्यास से हुई। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बीके वीरेंद्र भाई जी ने बच्चों को योग सिखाते हुए सफलता, अनुशासन और आत्मविश्वास से जुड़े प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। बीके आरती दीदी जी ने बच्चों को संगीत का अभ्यास कराया, जबकि बीके दिव्यानी बहन ने रचनात्मक गतिविधि के अंतर्गत कुकुंबर बोट बनाना सिखाया, जिसे बच्चों ने स्वयं तैयार कर आनंदपूर्वक ग्रहण किया। बीके शिवानी बहन ने बच्चों को आकर्षक नृत्य सिखाया तथा बीके नीता दीदी ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराकर मन की शक्ति और एकाग्रता का महत्व बताया। तीन दिनों के दौरान बच्चों ने योग, गीत-संगीत, नृत्य, अबेकस, क्राफ्ट, मेडिटेशन एवं नैतिक मूल्यों से भरपूर अनेक गतिविधियों में सहभागिता कर अपने व्यक्तित्व को निखारा। समापन अवसर पर सेवा केंद्र प्रभारी बीके बिंदु दीदी जी ने सभी बच्चों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए। कलरिंग, गेम्स एवं क्राफ्ट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि समर कैंप ने उन्हें बहुत कुछ नया सिखाया, अच्छे मित्र दिए और आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि ऐसे संस्कारमय शिविर और अधिक दिनों तक आयोजित किए जाएँ तथा वे भविष्य में भी नियमित रूप से इसमें भाग लेंगे। कार्यक्रम की सफलता में बीके शकीला बहन, बीके हाशमी भाई जी, रेहाना जी एवं सेवा केंद्र से जुड़े सभी भाई-बहनों का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने पूरे कैंप के दौरान बच्चों की प्रेमपूर्वक देखभाल और मार्गदर्शन किया।
आध्यात्मिकता, संस्कार और आनंद से परिपूर्ण यह तीन दिवसीय समर कैंप बच्चों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनकर संपन्न हुआ।
हजारीबाग में दो मासूम भाई-बहन की निर्मम हत्या, आरोपी गिरफ्तार; SIT ने किया सनसनीखेज खुलासा

हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां अपहृत किए गए दो नाबालिग भाई-बहन की निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी संजीत पासवान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री अमन कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का सफल उद्भेदन किया।

जानकारी के अनुसार, कटकमदाग थाना क्षेत्र स्थित ओला शोरूम के समीप रहने वाले मो. आमिर ने अपने 11 वर्षीय पुत्री तमन्ना परवीन और 3 वर्षीय पुत्र रिजवान के अचानक लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। बच्चों के गायब होने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष जांच दल का गठन कर बच्चों की तलाश शुरू करवाई।

तलाशी अभियान के दौरान 31 मई 2026 को सिंदूर स्थित श्मशान घाट के पास से बच्ची तमन्ना परवीन का शव बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने खोज अभियान और तेज किया तथा उसी क्षेत्र के समीप एक कुएं से छोटे भाई रिजवान का शव भी बरामद कर लिया। दोनों मासूम बच्चों के शव मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।

जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर ओला शोरूम में कार्यरत संजीत पासवान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी बच्चों को पहले से जानता था। उसने 27 मई 2026 को दोनों बच्चों को मोबाइल दिलाने का झांसा देकर अपने साथ स्कूटी पर बैठाकर सिंदूर स्थित श्मशान घाट की ओर ले गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि सुनसान स्थान पर आरोपी ने बच्ची के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। विरोध करने और शोर मचाने पर उसने बच्ची की हत्या कर दी। इसके बाद घटना का राज खुलने के डर से उसने उसके छोटे भाई रिजवान की भी गला घोंटकर हत्या कर दी। दोनों बच्चों की हत्या के बाद आरोपी ने शवों को प्लास्टिक के बोरे में भरकर एक कुएं में फेंक दिया ताकि किसी को घटना की जानकारी न मिल सके।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कूटी और प्लास्टिक का बोरा भी बरामद कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे भी गहन जांच की जा रही है तथा यह पता लगाया जा रहा है कि इस जघन्य अपराध में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

इस दर्दनाक घटना ने पूरे हजारीबाग जिले को झकझोर कर रख दिया है। मासूम भाई-बहन की हत्या से लोगों में गहरा आक्रोश है और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठ रही है।

थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा जानलेवा हमला करने के 02 वांछित अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार-
*कार्यवाहीः-*
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी  तरबगंज श्री उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में थाना उमरीबेगमगंज पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-137/2026 धारा 191(2), 115(2), 109(1), 352, 351(3) बी0एन0एस0 व 3(2)(V) एस0सी0 एस0टी0 एक्ट से सम्बन्धित वांछित 02 अभियुक्तों - 01. ताज मोहम्मद पुत्र गोल, 02. सादाब पुत्र बकरीदी निवासी ग्राम लालापुरवा बरौली, थाना उमरीबेगमगंज, जनपद गोण्डा को गाँव के बाहर इदगाह से गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
वादी धर्मेन्द्र पासी पुत्र घिर्राऊ पासी निवासी बरौली पूरे लाला पुरवा थाना उमरीबेगमगंज जनपद गोण्डा द्वारा थाना उमरीबेगमगंज में लिखित तहरीर दी गई कि दिनांक 01.06.2026 को शाम 05 बजे वह सैटरिंग का सामान लेकर ताज मो0 की दुकान पर उतारने गया था कि विपक्षीगण शादाब, ताज मो0, फिरोज, नईम, लोही, बब्बू, अख्तर आदि लोग एक राय होकर जाती सूचक गाली देते हुए सैटरिंग के फट्टों से जान से मारने की नियत उसके सिर हमला कर दिए, जिससे गंभीर चोटें आईं। वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना उमरीबेगमगंज में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसमे आज दिनांक 03.06.2026 को थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान दोषी पाए गए वांछित अभियुक्तों - 01. ताज मोहम्मद पुत्र गोल, 02. सादाब पुत्र बकरीदी निवासी ग्राम लालापुरवा बरौली, थाना उमरीबेगमगंज, जनपद गोण्डा को गाँव के बाहर इदगाह से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
गोपीगंज के बड़ी चौराहे के पास खड़ी रोडवेज बस

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। गोपीगंज नगर में बड़ा चौराहे पर खड़ा होने वाली बसे अब चिह्नित बस स्टैंड पर खड़ी कराई जाएंगी। एनएचएआई की ओर से हाईवे के सर्विसलेन पर फ्लाईओवर के दोनों छोर के किनारे बस स्टैंड के लिए चिह्नित जमीन पर ही बसें खड़ी होंगी। वहीं से यात्री बसे पकड़ सकेंगे और उतर सकेंगे। इससे चौराहे पर लगने वाले जाम से निजात मिल सकेगी। वहीं चौराहे पर आवागमन सुगम हो सकेगा वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर गोपीगंज जिले का सबसे बड़ा बाजार है। नगर के बड़ा चौराहे पर हर दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। जिसका सबसे बड़ा कारण चौराहे के पास बेतरतीब तरीके से खड़े होने वाले वाहन हैं। हाईवे पर वाराणसी और प्रयागराज की ओर से आने वाली बसें उत्तरी व दक्षिणी लेन पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने खड़ी होती हैं। अब बसों का वहां स्टाॅपेज हो जाने के कारण ई-रिक्शा व ऑटो चालक भी सवारी के लिए वहीं खड़े हो जाते हैं। जिससे चौराहे के पास जाम लग जाता है। अभिनव त्यागी, पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बीते दिनों बैठक में एनएचएआई की ओर से बताया गया है कि हाईवे के दोनों छोर पर बसों के खड़ा करने के लिए स्टैंड चिह्नित हैं, लेकिन बसें वहां खड़ी नहीं होती हैं। अब बसों को वहां ही खड़ा कराया जाएगा। जिससे ऑटो व ई-रिक्शा की भीड़ भी उधर शिफ्ट हो सकेगी। जिससे चौराहे पर लगने वाली जाम की समस्या का समाधान हो सकेगा।