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समाज कल्याण मंत्रालय की पहल : 23 सितंबर से UPPCS -2025 की मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का मॉक इंटरव्यू

- IAS-PCS अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों से मिलेगा इंटरव्यू की तैयारी का मार्गदर्शन, निखरेगा व्यक्तित्व और संचार कौशल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की UPPCS-2025 मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को आगामी साक्षात्कार के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने के उद्देश्य से समाज कल्याण मंत्रालय की ओर से 23 सितंबर से विशेष मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम कई चरणों में संचालित होगा। इसके माध्यम से अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की बारीकियों, व्यक्तित्व प्रस्तुतीकरण और आत्मविश्वास के साथ प्रश्नों का उत्तर देने का अभ्यास कराया जाएगा। मॉक इंटरव्यू का आयोजन गोमती नगर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन में किया जाएगा।

इन अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ

समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक श्री आनंद कुमार सिंह ने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन, लखनऊ और प्रदेश के अन्य परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों से प्रशिक्षण लेने वाले अभ्यर्थी, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अभ्यर्थी तथा UPPCS-2025 की मुख्य परीक्षा में सफल किसी भी वर्ग के इच्छुक अभ्यर्थी इस निःशुल्क मॉक इंटरव्यू में शामिल हो सकेंगे।

IAS-PCS अधिकारी और विषय विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन

उन्होंने बताया कि मॉक इंटरव्यू में उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) से जुड़े IAS-PCS अधिकारी और विषय विशेषज्ञ अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। उन्हें साक्षात्कार की तैयारी की रणनीति, सवालों के प्रभावी जवाब देने, व्यक्तित्व प्रस्तुतीकरण, संचार कौशल और आत्मविश्वास बनाए रखने से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए जाएंगे। इससे अभ्यर्थियों को अपनी कमियों को पहचानने और उनमें सुधार करने का अवसर मिलेगा।

आवासीय कोचिंग में उपलब्ध हैं विभिन्न सुविधाएं

गौरतलब है कि समाज कल्याण मंत्रालय की ओर से प्रदेशभर में 8 आवासीय कोचिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। यहां अभ्यर्थियों को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण के साथ मेस, पुस्तकालय, इंटरनेट, टेस्ट सीरीज, अध्ययन सामग्री, मनोरंजन, खेलकूद और जिम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

खाकी पहनने का सपना हुआ पूरा, काबिलियत से मिली नौकरी
*नवचयनित अभ्यर्थी बोले- न सिफारिश की जरूरत पड़ी, न करना पड़ा कोई लेनदेन*

*दर्शना ने कहा- पढ़ाई पर था भरोसा, पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया से हुआ चयन*

*संजीव बोले- खाकी पहनने का था सपना, बिना भेदभाव और रिश्वत के मिली सफलता*

*रुचि ने कहा- माता-पिता ने देखा था सपना, स्वाति बोलीं- मेहनत को सही माहौल मिले तो सपने होते हैं पूरे*

  लखनऊ। किसी के माता-पिता ने खाकी पहनने का सपना देखा था तो कोई वर्षों से खुद इस दिन का इंतजार कर रहा था। रविवार को नियुक्ति पत्र हाथ में आया तो नवचयनित अभ्यर्थियों की खुशी छलक पड़ी। अभ्यर्थियों ने कहा कि भर्ती में न सिफारिश की जरूरत पड़ी और न किसी तरह का लेनदेन करना पड़ा। मेहनत और काबिलियत के बूते उन्हें यूपी पुलिस का हिस्सा बनने का मौका मिला।
सहायक उपनिरीक्षक के पद पर चयनित लखनऊ की दर्शना बाजपेई ने कहा कि उन्हें अपनी पढ़ाई पर पूरा भरोसा था। भर्ती प्रक्रिया में कहीं भी लेनदेन या किसी की सहायता लेने की जरूरत नहीं पड़ी। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रही। अब वह पूरी ऊर्जा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में भर्ती व्यवस्था पर प्रसन्नता जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
लखनऊ के संजीव वर्मा ने कहा कि खाकी पहनना उनका सपना था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में यह सपना पूरा हुआ। बिना भेदभाव और रिश्वत के काबिलियत के आधार पर उनका चयन हुआ है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती से प्रदेश के युवाओं को अपनी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी पाने का अवसर मिलेगा और भ्रष्टाचार व रिश्वत से मुक्त होकर काम करने का प्रोत्साहन मिलेगा।

*माता-पिता ने देखा था सपना*
उपनिरीक्षक गोपनीय के पद पर चयनित लखनऊ की रुचि यादव ने कहा कि उनके माता-पिता ने यह सपना देखा था, जिसे पूरा होने का सौभाग्य मिला है। यहां तक पहुंचाने में माता-पिता, भाई-बहन, शिक्षकों और मित्रों का सहयोग रहा। उन्होंने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री योगी और पुलिस भर्ती बोर्ड के अधिकारियों का धन्यवाद किया।

*मेहनत को सही माहौल मिले तो पूरे होते हैं सपने*
सहायक उपनिरीक्षक लिपिक के पद पर चयनित लखनऊ की स्वाति भट्ट ने कहा कि नियुक्ति पत्र हाथ में लेकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। जब मेहनत को निष्पक्ष और सही वातावरण मिलता है, तभी सपने पूरे होते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने और अपने परिवार की ओर से धन्यवाद और शुभकामनाएं दीं।

*इन अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र*
मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में अमेठी के अमित सिंह, बाराबंकी की रिया मौर्या, कानपुर शहर की नीलम निषाद, लखनऊ की दर्शना बाजपेई, वाराणसी के विशाल कुमार गौड़, कानपुर देहात के आलोक कुमार पाल, झांसी के अनुराग खटीक, मैनपुरी के मोहम्मद आमिर, जालौन के सिद्धार्थ सक्सेना, झांसी के आदर्श कुमार जैन, लखीमपुर खीरी के रजत गुप्ता, उन्नाव की अंजू भारती, रायबरेली के अभिषेक सिंह चौहान, महराजगंज के सागर चौरसिया, मेरठ के मनीष यादव, प्रतापगढ़ के विकास कुमार पटेल, बांदा के धीरेन्द्र सिंह और लखनऊ के संजीव वर्मा, सिद्धार्थ श्रीवास्तव व हिमांशु शुक्ला को नियुक्ति पत्र सौंपे।
पीडीए पूरी तरह ढकोसला, दलित महापुरुषों से चिढ़ते हैं अखिलेश: ओम प्रकाश राजभर
*सुभासपा प्रमुख बोले- कभी पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक तो कभी पंडित-दलित-अहीर बताते हैं पीडीए का मतलब*

*कहा- सपा सरकार में सबसे ज्यादा तोड़ी गईं बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं*

*गेस्ट हाउस कांड का किया जिक्र, बोले- मायावती की हत्या करना चाहते थे सपाई गुंडे*

*नीले गमछे पर कसा तंज, कहा- सिर पर लाल टोपी और गले में नीला गमछा याद दिलाता है दो जून 1995 की घटना*

*राजभर का आरोप- अखिलेश सरकार में दलितों पर कई गुना बढ़ा अत्याचार, प्रमोशन में आरक्षण भी किया खत्म*

*कहा- योगी सरकार में दलित महापुरुषों को मिल रहा सम्मान, पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए दिए गए 500 करोड़ रुपये*

लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने रविवार को समाजवादी पार्टी के पीडीए नारे को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पीडीए को पूरी तरह ढकोसला बताते हुए कहा कि अखिलेश इसका मतलब अपनी सुविधा के अनुसार बदलते रहते हैं। कभी पीडीए को पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक बताते हैं तो कभी पी से पंडित, डी से दलित और ए से अहीर कहते हैं। कभी ए से अल्पसंख्यक, आधी आबादी तो कभी अगड़ा बता देते हैं।
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव दलितों से नफरत करते हैं और दलित महापुरुषों की प्रतिमा देखकर उनकी चिढ़ और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 की सपा सरकार के दौरान बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं सबसे ज्यादा तोड़ी गईं। जौनपुर, मऊ, सीतापुर और आजमगढ़ समेत कई जिलों में ऐसी घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि आंकड़े उठाकर देख लिए जाएं तो अखिलेश सरकार के दौरान दलितों पर अत्याचार कई गुना बढ़ा था।
*आगरा में दलित ग्राम प्रधान की हत्या का किया जिक्र*
ओम प्रकाश राजभर ने आगरा की एक घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार में एक दलित ग्राम प्रधान को सपाइयों ने पीट-पीटकर मार डाला था। ग्राम प्रधान का कसूर केवल इतना था कि उन्होंने सपा को वोट नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय बाबा साहब की प्रतिमाएं तोड़ने से लेकर दलितों पर अत्याचार तक के मामले लगातार सामने आए।
राजभर ने कहा कि आज भी यूपी में दलितों पर अत्याचार के मामले में यादव और मुस्लिम यानी सपा के वोटर ही सबसे आगे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और उनके सैफई के कुनबे की बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर क्या सोच है, यह किसी से छिपी नहीं है।
*गेस्ट हाउस कांड को लेकर सपा को घेरा*
राजभर ने दो जून 1995 के गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय सपाई गुंडे मायावती की हत्या करना चाहते थे। संयोग से वहां भाजपा के नेता पहुंच गए। भाजपा के लोग नहीं होते तो शायद मायावती की हत्या कर दी जाती। किसी तरह उनकी जान बची थी।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आज दलित सम्मान की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके शासनकाल में दलित बेटियों के साथ जितना जुर्म हुआ, उसे कौन नहीं जानता। अब वक्त बदल चुका है। योगी सरकार में दलित महापुरुषों को सम्मान मिल रहा है और दलित नायकों को नई पहचान दी जा रही है।
*नीला गमछा अखिलेश के गले की फांस: राजभर*
अखिलेश यादव के नीले गमछे पर तंज कसते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि वह बाबा साहब डॉ. आंबेडकर को आगे करके वोट लेने की सोच रहे हैं, लेकिन यही नीला गमछा उनके गले की फांस है। सिर पर लाल टोपी और गले में नीला गमछा दो जून 1995 की घटना की याद दिलाता है कि गेस्ट हाउस कांड में सपा ने मायावती के साथ क्या किया था।
राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया। दलित महापुरुषों और बाबा साहब के नाम पर बने पार्कों और जिलों को खत्म करने का काम किया। दलितों के उत्थान और विकास के लिए महापुरुषों के नाम से बनी योजनाओं को भी खत्म किया गया।
*महापुरुषों से जुड़े पार्कों के लिए 500 करोड़*
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि योगी सरकार में सभी महापुरुषों का सम्मान सुरक्षित है। दलित महापुरुषों को सम्मान देने के साथ दलित नायकों को नई पहचान मिल रही है। महापुरुषों के नाम पर बने पार्कों में पुरानी हो चुकी प्रतिमाओं को बदलने, बाउंड्री कराने और सौंदर्यीकरण के अन्य कार्यों के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये दिए हैं और सभी जगह काम शुरू हो गया है।
उन्होंने कहा कि महापुरुषों को लेकर आज की सरकार जिस सोच के साथ काम कर रही है, ऐसी सोच सत्ता में रहते हुए अखिलेश यादव के मन में पैदा हुई होती तो शायद कुछ कदम आगे बढ़े होते। राजभर ने कहा कि अखिलेश जिस सोच को लेकर चल रहे हैं, उस पर 2027 में एक बार फिर पानी फिर जाएगा।
हर सप्ताह होगा बड़ा भर्ती इवेंट, छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी: सीएम योगी
* लोक भवन में लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के 912 चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री योगी ने सौंपे नियुक्ति पत्र

* पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और सहायक उपनिरीक्षक लेखा के पदों पर हुआ चयन, 173 महिलाएं भी बनीं यूपी पुलिस का हिस्सा

*विपक्ष पर साधा निशाना, बोले- जो कर नहीं पाए वे हमेशा बोलेंगे, उनके निकम्मेपन और निठल्लेपन को यूपी और देश देख चुका*

* मुख्यमंत्री ने कहा- शनिवार को 818, रविवार को 912 को मिला नियुक्ति पत्र, 22 सितंबर को फिर होगा नियक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम

* मुख्यमंत्री योगी बोले- 2017 से पहले बिना सिफारिश और लेनदेन भर्ती का नहीं था भरोसा, अब नियुक्ति से तैनाती तक भेदभाव न होने की गारंटी

* सुरेश खन्ना बोले- पुलिस सेवा में कर्तव्य पहले, अधिकार बाद में, नौकरी मिलने पर न आए अहंकार

* डीजीपी बोले- करीब 35 हजार पदों पर सीधी भर्ती और 9,457 पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया जारी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो कर नहीं पाए, वे हमेशा बोलेंगे। जिन्होंने अपनी अकर्मण्यता और अक्षमता से उत्तर प्रदेश को बीमारू बनाया, उनके निकम्मेपन और निठल्लेपन को यूपी और देश देख चुका है। ऐसे लोगों को आज यूपी पुलिस या प्रदेश की व्यवस्था पर बोलने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विपक्ष गिनता जाए, सरकार नियुक्तियां देती जाएगी। शनिवार को 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए, रविवार को 912 को दिए जा रहे हैं और अब 22 सितंबर को फिर नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने के साथ प्रदेश में हर सप्ताह एक बड़ा भर्ती इवेंट होगा।
मुख्यमंत्री योगी रविवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा के पदों पर चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री योगी ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को यूपी पुलिस का हिस्सा बनने पर बधाई दी।

* पारदर्शी चयन शासन के प्रति विश्वास का प्रतीक
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब किसी योग्य अभ्यर्थी का चयन शुचितापूर्ण और पारदर्शी परीक्षा के माध्यम से होता है तो यह केवल उसके परिवार के लिए उपलब्धि नहीं होती, बल्कि शासन के प्रति आम आदमी के विश्वास का भी प्रतीक बनता है। 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया की विसंगतियों के कारण नौजवानों में निराशा और हताशा थी। भाई-भतीजावाद ने पूरे सिस्टम को इस तरह जकड़ रखा था कि पारदर्शिता और शुचिता की कल्पना नहीं की जा सकती थी।
उन्होंने कहा कि भर्ती का विज्ञापन आते ही युवाओं के मन में यह भाव आता था कि बिना सिफारिश और लेनदेन के चयन नहीं हो पाएगा। परीक्षा और चयन प्रक्रिया की शुचिता पर सवाल खड़े होते थे और पेपर लीक के मामले सामने आते थे। मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि यूपी पुलिस में ऐसी भर्तियां भी हुईं, जिनमें परीक्षा कोई देता था और नियुक्ति पत्र किसी दूसरे को मिलता था। जो अभ्यर्थी आवेदन तक नहीं करते थे, उन्हें नियुक्ति पत्र बांट दिए जाते थे और योग्य अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता था।

* नियुक्ति से तैनाती तक सिफारिश की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुधार किए गए। पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और शिक्षा से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में बदलाव किया गया। समूह ग और घ की भर्ती से साक्षात्कार समाप्त किया गया, ताकि योग्य अभ्यर्थी को किसी स्तर पर भेदभाव का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि अब विज्ञापन से लेकर परीक्षा, नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण और जिलों में तैनाती तक किसी अभ्यर्थी को सिफारिश कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। किसी के साथ भेदभाव भी नहीं होगा। हर व्यक्ति को उसकी योग्यता, क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर अवसर मिलेगा।

* साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को मिली नियुक्ति
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 के बाद भर्ती प्रक्रिया में किए गए बदलावों का परिणाम है कि साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को उत्तर प्रदेश शासन में सेवा का अवसर मिला है। भर्ती की कई प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि यूपी बीमारू राज्य की स्थिति से उभरा है और आज देश के उन राज्यों में है, जो खुद को रेवेन्यू सरप्लस कह सकते हैं। नौ-साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई है। अब यूपी के नौजवानों और नागरिकों के सामने पहचान का संकट नहीं है। नए निवेश आ रहे हैं और नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

* दंगा और कर्फ्यू वाले यूपी की बदली पहचान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के लोगों को प्रदेश से बाहर अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी। यूपी में अवसर नहीं थे। हर दूसरे दिन दंगे होते थे और महीनों कर्फ्यू रहता था। बरेली, अलीगढ़, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत अलग-अलग हिस्सों में दंगों की स्थिति रहती थी।
उन्होंने कहा कि उस समय माफिया सामान्य नागरिक और व्यापारी ही नहीं, बल्कि प्रशासन, पुलिस और न्यायपालिका से जुड़े लोगों के लिए भी चुनौती बने हुए थे। माफिया का काफिला निकलता था तो दूसरे लोगों के वाहन रोक दिए जाते थे। आज कोई माफिया असलहा लहराते हुए खुली जीप में उपद्रव करने का दुस्साहस नहीं कर सकता।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उपद्रवग्रस्त प्रदेश को उत्सवपूर्ण प्रदेश के रूप में बदला गया है। उत्तर प्रदेश की छवि कर्फ्यू मुक्त और माफिया मुक्त प्रदेश के रूप में बनी है। कुंभ और महाकुंभ से लेकर पर्व-त्योहार, वीवीआईपी दौरे और स्थानीय आयोजन सकुशल संपन्न हो रहे हैं। इस बदलाव में यूपी पुलिस की बड़ी भूमिका है।

* अब देश में होती है यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले मध्य और पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई जिलों और कस्बों में जिन परिवारों के पास क्षमता थी, वे अपनी बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रदेश से बाहर रिश्तेदारों या हॉस्टल में रखते थे। जिनके पास साधन नहीं थे, वे बेटियों को घर बैठाने को मजबूर थे।
उन्होंने कहा कि आज कोई राह चलती बेटी को छेड़ने का दुस्साहस नहीं कर सकता। ऐसा करने वाले को मालूम है कि उसका अंजाम क्या होगा। यूपी के प्रति बदले नजरिए में यूपी पुलिस का बड़ा योगदान है। आज देश में यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा होती है और लोग पूछते हैं कि यूपी में दंगे और उपद्रव क्यों नहीं हो रहे हैं।

* पेपर लीक करने वालों के लिए बनाया कठोर कानून
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में यूपी पुलिस के आधे से ज्यादा पद खाली थे। प्रदेश में चार लाख पुलिस बल की आवश्यकता थी, लेकिन दो लाख से भी कम पुलिसकर्मी थे। भर्तियां न्यायालयों में अटकी हुई थीं। सरकार ने भर्ती व्यवस्था में सुधार कर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक कराने या भर्ती से जुड़े अवैध धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ ऐसा कानून बनाया गया, जिसमें आजीवन कारावास की सजा और पूरी संपत्ति जब्त करने तक का प्रावधान है। भर्ती की प्रक्रियाओं को दुरुस्त कर पुलिस में खाली पदों को भरने का काम आगे बढ़ाया गया।

* छह हजार से बढ़कर 60 हजार हुई प्रशिक्षण क्षमता
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में छह हजार पुलिसकर्मियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की भी क्षमता नहीं थी। आज यूपी पुलिस 60 हजार पुलिसकर्मियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की क्षमता अर्जित कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े प्रदेश में पहले 10 हजार महिला पुलिसकर्मी भी नहीं थीं। अब यह संख्या 44 हजार से अधिक हो चुकी है। वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद इस वर्ष के अंत तक महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 50 हजार तक पहुंच जाएगी।

* फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट से साइबर थानों तक बढ़ी ताकत
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पुलिस बल की संख्या बढ़ाने के साथ उसकी स्किलिंग पर भी ध्यान दिया गया। उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई। इसके लिए एयरपोर्ट के पास पुलिस की 110 एकड़ भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया। हर रेंज में फॉरेंसिक लैब उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि सात शहरों में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू की गई। यूपी एसएसएफ और एसडीआरएफ का गठन किया गया। हर जिले में साइबर थाने और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। पीएसी की समाप्त की गई 34 कंपनियों को दोबारा गठित किया गया। तीन महिला पीएसी बटालियन बनाई गईं, जिन्हें बढ़ाकर छह किया जा रहा है।

* 56 जिलों में पुलिस की हाईराइज बैरक
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग के लिए केवल प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है। पुलिसकर्मियों को उसी स्तर की सुविधाएं और संसाधन भी उपलब्ध कराने होंगे। सरकार ने पुलिस लाइन, बैरक और आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया है। प्रदेश के 56 जिलों में सबसे ऊंची इमारत पुलिस बैरक या पुलिस की आवासीय सुविधा की है।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलने से उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ी है। बदलती दुनिया और नई तकनीक के साथ पुलिस को भी लगातार खुद को तैयार करना होगा। तकनीक को समस्या मानकर नजरअंदाज करने के बजाय समाधान के रूप में इस्तेमाल करना होगा।

* 912 नियुक्तियां, 912 परिवारों के लिए भी प्रेरणा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शासन नवचयनित पुलिसकर्मियों से आम आदमी की समस्याओं के समाधान में उसी संवेदनशीलता की अपेक्षा करता है, जिस संवेदनशीलता के साथ सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। ये नियुक्ति पत्र केवल 912 व्यक्तियों को नहीं मिल रहे, बल्कि 912 परिवारों और उनसे जुड़े समाज के लोगों के लिए भी प्रेरणा बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन युवाओं को देखकर उनके गांव और मोहल्ले के दूसरे नौजवानों में भी विश्वास पैदा होगा कि वे बिना सिफारिश और लेनदेन अपनी योग्यता से सरकारी सेवा का हिस्सा बन सकते हैं।

* पुलिस सेवा में कर्तव्य पहले, अधिकार बाद में: सुरेश खन्ना
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में होने वाली भर्तियां विवाद और संदेह के घेरे में रहती थीं। पुलिस की सेवा का मतलब केवल पद नहीं है, बल्कि इसमें कर्तव्य पहले और अधिकार बाद में आते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी मिलने का मतलब यह नहीं कि व्यक्ति के अंदर अहंकार आ जाए। मुख्यमंत्री योगी के कार्यकाल में साढ़े नौ लाख से अधिक नियुक्तियां हुई हैं। नवचयनित पुलिसकर्मियों की कार्यशैली से ही लोग अंदाजा लगाएंगे कि योगी सरकार क्या कर रही है।

* 35 हजार पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया जारी: राजीव कृष्ण
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने 912 चयनित अभ्यर्थियों, विशेषकर 173 महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि सभी का चयन पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रक्रिया से हुआ है। इनका आधारभूत प्रशिक्षण छह अक्टूबर से शुरू होगा। छह माह के संस्थागत और तीन माह के व्यावहारिक प्रशिक्षण के बाद इन्हें तैनाती दी जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब 35 हजार पदों पर सीधी भर्ती और 9,457 पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है। यूपी पुलिस की प्रशिक्षण क्षमता भी छह हजार से बढ़कर 60 हजार से अधिक हो चुकी है।

* पौधा और भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट कर किया स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पौधा और भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना का बाल-वृक्ष और राम दरबार की प्रतिमा देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी की प्रेरणा से पारंपरिक पुष्पगुच्छ के स्थान पर बाल-वृक्ष भेंट करने की पहल की गई है। इसका उद्देश्य प्रकृति, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है।

* कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और नवचयनित अभ्यर्थी मौजूद रहे।
ताइक्वांडो प्रतियोगिता में 20 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने यह प्रतिभाग

फर्रुखाबाद।
महायशी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़ में जनपदीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता का आयोजन हुआ इस प्रतियोगिता में 20 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया प्रतियोगिता का उद्घाटन जिला क्रीडा सचिव अतुल दास ने छात्र-छात्राओं का परिचय लेकर किया प्रतियोगिता में मुख्य निर्णायक के रूप में अंतर्राष्ट्रीय रेफरी श्री सुशांत गुप्ता जिला ताइक्वांडो सचिव अजय प्रताप ,आदित्य राठौर राशिका यादव - अर्जुन सिंह
-निकिता दुबे - रूबी- सागर दिवाकर रहे।
प्रतियोगिता के समापन में प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत ने विजेता खिलाड़ियों को पदक पहनकर सम्मानित किया प्रतियोगिता लेखा कार्य को इंजाज अहमद सिद्दीकी, राहुल यादव ,अनिकेत भारद्वाज द्वारा किया गया।
विद्यालय की व्यायाम शिक्षिका आरती यादव ने बताया 24 सितंबर को विजेता खिलाड़ी मंडली प्रतियोगिता में प्रतिभा करेंगे
तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं*
फर्रुखाबाद । शासन के निर्देशानुसार माह के तृतीय शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस का आयोजन आज तहसील अमृतपुर के सभागार में जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर की अध्यक्षता में किया गया। जिलाधिकारी ने तहसील समाधान दिवस में उपस्थित फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न हो, बल्कि मौके पर जाकर शिकायत की वास्तविक स्थिति की जांच करते हुए गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को निस्तारण से संतुष्ट किया जाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने राजस्व संबंधी मामलों में संबंधित राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि भूमि विवाद, पैमाइश, नामांतरण, कब्जा एवं अन्य राजस्व प्रकरणों में नियमानुसार प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का निस्तारण तत्काल संभव है, उनका मौके पर ही समाधान कराया जाए तथा जिन प्रकरणों में समय की आवश्यकता है, उनमें निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यवाही पूर्ण की जाए। तहसील समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, स्वास्थ्य, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।अमृतपुर तहसील में आयोजित तहसील दिवस में कुल 78 शिकायती पत्र प्राप्त हुए, जिसमें राजस्व विभाग की 33, पुलिस विभाग की 12, विकास विभाग की 10, विद्युत विभाग की 04, खाद्य एवं रसद विभाग की 05 एवं 14 शिकायतें अन्य विभागों से संबंधित रहीं तथा मौके पर 05 शिकायतों का समाधान किया गया।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 आनन्द उपाध्याय, उप जिलाधिकारी अमृतपुर स्वेता साहू, क्षेत्राधिकारी अमृतपुर राजेश कुमार द्विवेदी, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, जिला पंचायत राज, तहसीलदार अमृतपुर शशांक सिंह, अधिकारी अविनाश चंद्र सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखना बंद करें अखिलेश’: सपा पर बीजेपी प्रवक्ता का तीखा हमला
*‘जनता 2027 में ईवीएम पर जवाब देगी’... अखिलेश की सियासत पर दिनेश प्रताप सिंह का तीखा वार
* ‘सनातन को बदनाम करने के लिए AI वीडियो बनवा रही सपा’... अखिलेश पर बीजेपी प्रवक्ता का सख्त निशाना

लखनऊ। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने संत कबीर नगर में गणेशोत्सव के दौरान मूर्ति विसर्जन की घटना से लेकर रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज विवाद, किसान कल्याण और संवैधानिक संस्थाओं के मुद्दे पर सपा पर तीखा हमला बोला।
* संत कबीर नगर की घटना पर सपा सांसद को घेरा
संत कबीर नगर में गणेशोत्सव की मूर्ति विसर्जन की घटना को लेकर दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहे लोगों के बीच सपा सांसद ने अपने सांसद होने का रुतबा दिखाते हुए समाजवादी पार्टी के चिर-परिचित गुंडई अंदाज में निषाद समाज और सनातन पर टिप्पणी की, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि सपा सांसद के बयान को लेकर वहां के लोगों में काफी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज सनातन को मानता है, विघ्नहर्ता भगवान गणेश और भगवान राम को मानता है। अगर कोई सनातन पर टिप्पणी करेगा तो निश्चित तौर पर समाज उसकी प्रतिक्रिया देने को तैयार है। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण सपा सांसद को वहां से भागना पड़ा।
* ‘रस्सी जल गई, लेकिन अकड़ नहीं गई’
रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज में सपा-ABVP विवाद को लेकर भी दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी 2017 से लगातार हार का स्वाद चख रही है, लेकिन ‘रस्सी जल गई, फिर भी अकड़ नहीं गई।’
उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े माफिया मिट्टी में मिल गए, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की अकड़ अभी भी बरकरार है। इसका परिणाम रायबरेली में देखने को मिला, जहां सपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं की ओर से यह तक कहा गया कि नाम लिखकर रखेंगे और कहीं भी रहेंगे, देख लेंगे।
* ‘अखिलेश मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखना बंद करें’
दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने’ देखना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता 2017 से उन्हें लगातार देख रही है और 2027 में जब ईवीएम उनके सामने होगी तो जनता बटन दबाकर अपना फैसला सुना देगी।
बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी ‘नील बटा सन्नाटा’ होकर रह जाएगी और हकीकत में उसका कहीं अस्तित्व नहीं रहेगा।
* किसान कल्याण को लेकर भी सपा पर हमला
किसान कल्याण के मुद्दे पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय से बिजली, सिंचाई की मुफ्त व्यवस्था, खाद और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही किसानों को समय से एमएसपी और गन्ना किसानों को समय से भुगतान किया जा रहा है। बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी की सरकार में किसानों को सालों-साल भुगतान नहीं मिलता था, बल्कि गुंडई और वसूली होती थी।
उन्होंने कहा कि आज योगी आदित्यनाथ की सरकार में गन्ना किसानों का भुगतान 15 दिन में हो रहा है। उनके मुताबिक केंद्र में नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार ने यह करके दिखाया है और किसानों की आय दोगुनी करने का जो वादा किया गया था, उसे पूरा किया गया है।
* ‘संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं’
संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विपक्ष के दृष्टिकोण पर भी दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और ‘इंडी’ अलायंस लाल-काली किताबें लेकर घूमते हैं और संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन जब अवसर आता है तो संविधान को तार-तार करने का काम करते हैं। उन्होंने राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें न भारत के संविधान पर भरोसा है, न राष्ट्रगीत पर और न ही किसी संवैधानिक संस्था पर। यहां तक कि उन्हें चुनाव आयोग पर भी भरोसा नहीं है।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब जनता का चुनावी फैसला इनके पक्ष में होता है तो सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन जब फैसला इनके खिलाफ आता है तो सब गड़बड़ बताया जाता है।
* ‘AI वीडियो बनाकर भी सनातन को बदनाम नहीं कर पाएंगे’
दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया और AI वीडियो को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चाहे जितनी कोशिश कर लें, X पर जितनी पोस्ट कर लें, प्रेस बुलाकर कितनी भी बातें कर लें या अपने कार्यालय में बैठकर सनातन को बदनाम करने के लिए कितने भी AI वीडियो बनवा लें, जनता सब देख रही है।
उन्होंने कहा कि जब जनता को 2017 से पहले का उत्तर प्रदेश और समाजवादी पार्टी का कुशासन याद आता है तो वह सिहर उठती है।
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें रोजगार मेले को किया संबोधित, 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र
* लखनऊ में विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में चयनित 209 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए
* रोजगार केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का अवसर है: कीर्ति वर्धन सिंह

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर में आयोजित 20वें रोजगार मेले को संबोधित किया। इस अवसर पर केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में नवनियुक्त 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। देशभर में 45 स्थानों पर आयोजित रोजगार मेले के तहत लखनऊ में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में चयनित कुल 209 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
लखनऊ में रोजगार मेले का आयोजन आयकर विभाग द्वारा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कीर्तिवर्धन सिंह ने नवनियुक्त युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी नौकरी को केवल जीविका का साधन न समझें, बल्कि इसे देश की सेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का अवसर मानें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं को ‘प्रधानमंत्री’ के बजाय ‘प्रधान सेवक’ के रूप में देश की सेवा के लिए समर्पित बताया है। इसी सेवा भावना के साथ नवनियुक्त युवाओं को भी अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने युवा शक्ति को केंद्र में रखते हुए ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी पहलें शुरू की हैं। इन पहलों ने देश में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी रोजगार के नए द्वार खोले हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत वर्ष 2015 से अब तक 1 करोड़ 64 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर उनके कौशल विकास को सशक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से मार्च 2026 तक 39 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया जा चुका है। इस योजना के तहत छोटे उद्यमियों और व्यवसायों को बिना जमानत संस्थागत ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे देश में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है।
प्रधानमंत्री के संबोधन के उपरांत कीर्तिवर्धन सिंह ने लखनऊ आयोजन स्थल पर विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में चयनित 40 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। लखनऊ में आयोजित रोजगार मेले के माध्यम से कुल 209 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। रोजगार मेले के तहत चयनित नवनियुक्त युवा आयकर विभाग, डाक विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।
रोजगार मेला भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं को सार्थक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए सशक्त बनाना है। इस पहल के अंतर्गत केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में चयनित नवनियुक्त कार्मिकों को देशभर में आयोजित रोजगार मेला कार्यक्रमों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाते हैं। यह आयोजन केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के सामूहिक प्रयासों का भी प्रतीक है। इसके माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, मानव पूंजी को सशक्त बनाने तथा नागरिकों को प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण जनसेवाएं प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
‘पहले अपने गिरेबां में झांकें अखिलेश’; MSP और किसानों के मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही का सपा पर हमला
* ‘सपा राज में ₹700-800 में बिकता था धान, आज तीन गुना ज्यादा कीमत’: सूर्य प्रताप शाही
* ‘नौकरी की नीलामी बंद हुई, इसलिए अखिलेश बेचैन हैं’: सपा पर सूर्य प्रताप शाही का सख्त हमला

लखनऊ। कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने MSP, गन्ना भुगतान, किसानों की बिजली और रोजगार के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल की तुलना योगी सरकार से करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को सरकार पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए।
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सपा सरकार के समय धान की MSP ₹1310 और गेहूं की MSP ₹1400 थी। इसके मुकाबले योगी सरकार में पिछले साल धान की MSP ₹2385 और गेहूं की ₹2450 दी गई।
उन्होंने कहा कि 2017 के चुनाव से पहले प्रचार के दौरान धान ₹700 से ₹800 में बिकता था। आज उत्तर प्रदेश में धान ₹2400, ₹2500, ₹2600 और ₹2700 तक में बिक रहा है। उन्होंने कहा कि बाजार में गेहूं का भाव भी ₹2800 तक पहुंचा है।
शाही ने कहा कि MSP बढ़ने से बाजार का रेट भी उठा है और इसका फायदा किसान को मिला है।
* ‘सपा राज में साल-साल तक भुगतान नहीं होता था’
किसानों के भुगतान को लेकर भी सूर्य प्रताप शाही ने सपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय किसान MSP पर फसल बेचता था, लेकिन उसका भुगतान साल-साल और दो-दो साल तक नहीं होता था। उन्होंने बुंदेलखंड में किसान आत्महत्या का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में वहां लगातार किसान आत्महत्या करते थे।
वहीं योगी सरकार की व्यवस्था का जिक्र करते हुए शाही ने कहा कि अब किसान के खाते में सीधे भुगतान होता है और तीन से चार दिन, अधिकतम सात दिन के भीतर पैसा पहुंच जाता है।
* गन्ने के भुगतान पर भी मंत्री ने अखिलेश को घेरा
गन्ना मूल्य और भुगतान को लेकर सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सपा सरकार के समय गन्ने का दाम ₹280 तय किया गया था और इसका भुगतान तीन किस्तों में किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले 40 प्रतिशत, फिर 40 प्रतिशत और अंत में 20 प्रतिशत भुगतान होता था और यह 20 प्रतिशत राशि तीन-चार साल बाद तक अटकी रहती थी। शाही ने कहा कि योगी सरकार बनने के समय तीन पेराई सत्रों का करीब ₹10 हजार करोड़ बकाया छोड़ा गया था, जिसका भुगतान योगी सरकार ने किया।
उनके मुताबिक अब तक ₹3.5 लाख करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है। इस साल गन्ना मूल्य में ₹25 की बढ़ोतरी की गई है और ₹400 प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ₹36,500 करोड़ में से ₹34 हजार करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
* ‘किसान के ट्यूबवेल की बिजली माफ’
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों के ट्यूबवेल से चलने वाली बिजली को माफ कर दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार इसके लिए ₹2600 करोड़ का खर्च वहन कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी व्यवस्था के बावजूद अखिलेश यादव सरकार पर सवाल क्यों उठा रहे हैं। शाही ने कहा कि उन्हें अनावश्यक अफवाह और गलत बातें फैलाने के बजाय अपने ऊपर पुनर्विचार करना चाहिए।
* ‘सपा सरकार में गुंडाराज पूरे प्रदेश में था’
सूर्य प्रताप शाही ने सपा सरकार के कानून-व्यवस्था के रिकॉर्ड पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में लूट-खसोट, योजनाओं में भ्रष्टाचार और पुलिस के ऊपर गुंडों का प्रभाव था।
उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग कांड का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पुलिस के एडिशनल एसपी की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने अन्य घटनाओं का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय अपराधियों के हौसले बुलंद थे। शाही ने कहा कि आज गुंडों के वे हौसले पस्त हो चुके हैं और उत्तर प्रदेश की जनता अब गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेगी।
* ‘अपहरण, फिरौती और लूट का कारोबार खत्म’
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सपा सरकार के दौरान अपहरण, फिरौती, लूट और रैनसम वसूली का माहौल था। उन्होंने इसे उस दौर का ‘उद्योग’ बताते हुए आरोप लगाया कि लोगों का अपहरण किया जाता था, फिरौती मांगी जाती थी और भारी रकम लेकर छोड़ा जाता था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में यह सब खत्म हो चुका है।
* ‘9.5 लाख से ज्यादा लोगों को पारदर्शी तरीके से नौकरी’
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में 9.5 लाख से ज्यादा लोगों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में कार्यक्षमता बढ़ी है और पब्लिक सर्विस कमीशन की कार्यप्रणाली को बेहतर किया गया है। शाही ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान पब्लिक सर्विस कमीशन, सबऑर्डिनेट सर्विस कमीशन और शिक्षक भर्ती बोर्ड जैसी संस्थाएं ध्वस्त हो गई थीं और नौकरी की नीलामी होती थी। उन्होंने कहा कि अब यह व्यवस्था बंद हो गई है और इसी वजह से समाजवादी पार्टी के ‘पेट में दर्द’ है और अखिलेश यादव बेचैन हैं।
नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरे, अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी का जताया आभार
* किसान की बेटी बनी प्रोफेसर, बोलीं- निष्पक्ष और पारदर्शी चयन ने युवाओं में भरा नया भरोसा

* फार्मासिस्ट और एक्स-रे टेक्नीशियन ने कहा- योग्यता के आधार पर मिली नौकरी, पूरी निष्ठा से निभाएंगे जिम्मेदारी

लखनऊ। लोकभवन सभागार में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) एवं उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर नवचयनित अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए उनका आभार जताया। किसी ने किसान परिवार से निकलकर प्रोफेसर बनने की अपनी यात्रा साझा की तो किसी ने बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार का अवसर मिलने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। अभ्यर्थियों ने कहा कि योग्यता के आधार पर हुए चयन से युवाओं में मेहनत के बल पर सरकारी सेवा में आने का भरोसा बढ़ा है।

- किसान की बेटी बोलीं- निष्पक्ष चयन से युवाओं में नई ऊर्जा
हाथरस की डॉ. रेखा पलावत का लोक सेवा आयोग से प्रोफेसर शल्य तंत्र के पद पर चयन हुआ है। मुख्यमंत्री से संवाद में उन्होंने कहा कि उनके पिता किसान हैं और वह मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं। माता-पिता के कठिन परिश्रम से वह इस मुकाम तक पहुंची हैं। उन्होंने आवेदन से चयन और नियुक्ति तक की प्रक्रिया कम समय में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी और आयुष मंत्री का आभार जताया।
डॉ. रेखा ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में योग्यता के आधार पर परिणाम आने से अभ्यर्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह आया है। अब युवाओं में यह विश्वास है कि सच्चे मन से मेहनत करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि मिली जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगी।

- अंशु ने मुख्यमंत्री को दिया पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का श्रेय
लखनऊ की अंशु गुप्ता का चयन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट के पद पर हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपनी खुशी साझा करते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का श्रेय उन्हें दिया। अंशु ने कहा कि वर्ष 2022 से 2026 तक 800 से अधिक होम्योपैथिक फार्मासिस्टों का चयन हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पालन करेंगी।
- बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार के लिए जताया आभार
एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर चयनित सरिता सोनी ने मुख्यमंत्री योगी और प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से हुई है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बेटियों को न केवल सुरक्षा और सम्मान से जीने का अवसर मिला है, बल्कि आगे बढ़ने के लिए रोजगार का अवसर भी मिला है। उन्होंने अपने दायित्व का निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करने की बात कही।
लखनऊ के अनुराग गौतम का भी एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर चयन हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को दिल से धन्यवाद देते हुए पूरी निष्ठा से सेवा करने का भरोसा दिलाया।
- निष्पक्ष चयन पर सचिन ने मुख्यमंत्री को कहा धन्यवाद
भदोही के सचिन कुमार सिंह का उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से वायरमैन अनुदेशक के पद पर चयन हुआ है। उन्हें आलापुर, अंबेडकरनगर में तैनाती मिली है। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और मिली जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाने की बात कही। प्रयागराज के महेश कुमार यादव का चयन प्लंबर अनुदेशक के पद पर हुआ है। उन्हें गोंडा में तैनाती मिली है। उन्होंने भी नियुक्ति मिलने पर आभार जताते हुए अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का भरोसा दिया।
- पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया को दिया सफलता का श्रेय
उद्योग विभाग में सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर चयनित दिलीप कुमार पांडे ने कहा कि उनकी सफलता केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं है। इसमें माता-पिता, शिक्षकों और उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया का भी योगदान है। उन्होंने इस दिन को अपने लिए ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री का हृदय से आभार जताया। सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर चयनित यशवंत सिंह ने भी नियुक्ति मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
-  इन्हें मुख्यमंत्री के हाथों मिले नियुक्ति पत्र
आयुष विभाग में डॉ. सुधीर चौहान को प्रोफेसर होम्योपैथ, आराधना चौधरी, रोशनी, प्रिंसी गुप्ता, साक्षी सिंह, पल्लवी देवी और आकाश शुक्ला को फार्मासिस्ट होम्योपैथ, डॉ. हिमानी और डॉ. रोमा आनंद को रीडर आयुर्वेद तथा डॉ. सफिया बानो और डॉ. मोहम्मद कासिफ को प्रवक्ता यूनानी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में प्रिंस सिंह, पंकज कुमार वर्मा, शिवानंद शुक्ल, मोहम्मद अफरोज, ट्विंकल पटेल, सरिता सोनी, सविता देवी और अनुराग गौतम को एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर नियुक्ति पत्र मिले। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में तृप्ति श्रीवास्तव और ललित कुमार वर्मा को सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।