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ममता सरकार के 7 अधिकारियों को चुनाव आयोग ने किया संस्पेंड, जानें क्या है वजह?

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पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन लिया है। चुनाव आयोग का ममता बनर्जी के अफसरों पर डंडा चला है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 7 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह एक्‍शन SIR (मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़ा हुआ है।

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चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी सरकार यानी पश्चिम बंगाल के 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई एसआईआर के संबंध में गंभीर गलत काम, ड्यूटी में लापरवाही और कानूनी शक्तियों के गलत इस्तेमाल के लिए की गई है। आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए यह सख्त कदम उठाया है।

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को खास निर्देश

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उनके अपने कैडर द्वारा तत्काल विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी बिना किसी देरी के उसे उपलब्ध कराई जाए।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज

ईसीआई ने जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नामों की लिस्ट भी सामने आ गई है। ये नाम AERO, डॉक्टर सेफौर रहमान, एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के असिस्टेंट डायरेक्टर, 56-समसेरगंज असेंबली सीट, जिला मुर्शिदाबाद। नीतीश दास, रेवेन्यू ऑफिसर, फरक्का और 55-फरक्का असेंबली सीट के लिए AERO पर तैनात थे। AERO, दलिया रे चौधरी, महिला डेवलपमेंट ऑफिस, मयनागुड़ी डेवलपमेंट ब्लॉक और AERO, 16-मयनागुड़ी असेंबली सीट, एसके. मुर्शिद आलम, ADA, सुती ब्लॉक और AERO 57-सुती विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करते थे। सत्यजीत दास, संयुक्त BDO और जॉयदीप कुंडू, FEO दोनों AERO 139-कैनिंग पुरबो विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करते थे। देबाशीष बिस्वास, संयुक्त BDO और AERO 229-डेबरा विधानसभा क्षेत्र के लिए के काम करते थे।

चुनाव से पहले आयोग सख्त

पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावी गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय और भी अहम माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में आने वाले कुछ सप्‍ताह में विधानसभा चुनाव की तिथियों का ऐलान हो सकता है। उससे पहले चुनाव आयोग का ममता बनर्जी के अफसरों पर डंडा चला है।

बांग्लादेश चुनाव में तीन हिंदू उम्मीदवारों को मिली जीत, 20 साल में सिमटा अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व

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बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (BNP) ने प्रचंड जीत हासिल की है। 299 सीटों पर हुए चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली BNP को 211 सीटों पर जीत मिली हैं। वहीं, मुख्य प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें हासिल हुई हैं। खास बात है कि इस बार के चुनाव में केवल तीन हिंदू उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। ये तीनों की बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी के टिकट पर जीते हैं।

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किन उम्मीदवारों ने हासिल की जीत

गायेश्वर चंद्र रॉय- बांग्लादेश चुनाव में जीत हासिल करने वाले हिंदू उम्मीदवारों में सबसे प्रमुख नाम गायेश्वर चंद्र रॉय का है। बीएनपी के वरिष्ठ नेता रॉय ने ढाका-3 निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है। वे पार्टी की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैं और पूर्व में राज्य मंत्री रहे हैं। रॉय ने 99163 वोट हासिल करके जमात-ए-इस्लामी उम्मीदवार मोहम्मद शाहीनुर इस्लाम को मात दे दी।

निताई रॉय चौधरी- बीएनपी के उपाध्यक्ष निताई रॉय चौधरी ने मागुरा-2 सीट से जीत दर्ज की। उन्हें 1 लाख 47 हजार 896 वोट मिले, जो जमात-ए-इस्लामी के मुस्तर्शीद बिल्लाह से अधिक थे, जिन्हें 1 लाख 17 हजार 018 वोट मिले। चौधरी को बीएनपी के अंदर एक बेहद प्रभावशाली अल्पसंख्यक चेहरा माना जाता है। उनकी जीत अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्रों में पार्टी के मजबूत प्रदर्शन को और पुष्ट करती है।

दीपेन दीवान- बीएनपी के ही टिकट पर जीतने वाले तीसरे हिंदू उम्मीदवार एडवोकेट दीपेन दीवान है। उन्होंने रंगमती संसदीय सीट से जीत हासिल की है। दीवान को 31 हजार 222 वोट मिले है। उनका मुकाबला इंडिपेंडेंट उम्मीदवार पहल चकमा से था, जिन्हें 21 हजार 544 वोट मिले।

तीन हिंदू और एक आदिवासी उम्मीदवार ने दर्ज की जीत

इस पूरे चुनाव में केवल चार अल्पसंख्यक तीन हिंदू और एक आदिवासी उम्मीदवार ही जीतकर संसद में अपनी जगह बनाने में सफल रहे। यह आंकड़ा बांग्लादेश में अल्पसंख्यक भागीदारी के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि हिंदू आबादी देश की कुल जनसंख्या का लगभग 8% है। पिछले 20 वर्षों में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व आम तौर पर 14 से 20 सीटों तक रहता था, लेकिन इस बार यह संख्या बेहद कम रहा।

79 अल्पसंख्यक उम्मीदवार में केवल चार जीते

चुनाव में कुल 79 अल्पसंख्यक उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें बीएनपी के चार विजयी हुए। इसके अलावा, जमात-ए-इस्लामी का हिंदू उम्मीदवार हार गया। यह परिणाम न केवल अल्पसंख्यकों की राजनीतिक भागीदारी पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि देश की बदलती राजनीतिक तस्वीर को भी उजागर करते हैं।

300 सीट वाली संसद में 3 हिंदू सांसद

300 सीटों वाली संसद में इस बार सिर्फ 3 हिंदू सांसद चुने गए हैं। यह आंकड़ा तब आया है जब हाल के दिनों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा देखी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक शेख हसीना के लंबे कार्यकाल के दौरान संसद में हिंदू सांसदों की संख्या इससे कहीं ज्यादा रही थी।

2009-2014 में थे 16 हिंदू सांसद

2009-2014 की संसद में 16 हिंदू सांसद थे। 2014-2019 में यह संख्या बढ़कर 17 (और आरक्षित सीटों के साथ 20 तक) पहुंची। 2019-2024 में करीब 14 अल्पसंख्यक सांसद थे। यानी पहले जहां 14 से 20 के बीच हिंदू सांसद होते थे, अब संख्या घटकर सिर्फ 3 रह गई है।

बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी गठबंधन को प्रचंड जीत, पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई

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बांग्लादेश में गुरूवार को 13वें संसदीय चुनाव के लिए 299 सीटों पर मतदान कराए गए। आज नतीजे घोषित किए जा रहे हैं। जारी परिणामों में बीएनपी को पूर्ण बहुमत मिला है। प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के करीब डेढ़ साल बाद पहली बार आम चुनाव कराए गए हैं। मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच है। अवामी लीग चुनाव से बाहर है।

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बीएनपी का दोहरा शतक

बांग्लादेश के आम चुनाव में बीएनपी ने बड़ी बढ़त बनाते हुए दोहरा शतक पार कर लिया है। जमुना टीवी के अनुसार बीएनपी को अब तक 211 सीटें मिली हैं, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन करीब 70 सीटों पर है। यह बीएनपी की निर्णायक जीत मानी जा रही है।

तारिक रहमान ने की जश्न न मनाने की अपील

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन तारिक रहमान ने बांग्लादेश चुनाव में जीत का दावा किया है। इसके साथ ही रहमान ने अपनी मां खालिदा जिया के सम्मान में पार्टी कार्यकर्ताओं से जीत का जश्न न मनाने की अपील की है। खालिदा जिया का चुनाव से पहले निधन हो गया था। विजय जुलूस और जश्न की जगह पार्टी ने शुक्रवार की नमाज के बाद खालिदा जिया के लिए दुआ करने की अपील की है।

पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी जीत की बधाई

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की जीत के लिए तारिक रहमान को बधाई दी है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, 'मैं बांग्लादेश में संसदीय चुनावों में BNP को बड़ी जीत दिलाने के लिए तारिक रहमान को दिल से बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश के लोगों का आपके नेतृत्व पर भरोसा दिखाती है।'

पीएम मोदी ने कहा- साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं

पीएम मोदी ने आगे लिखा, 'भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। मैं हमारे कई तरह के रिश्तों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं।'

बांग्लादेश में नई सरकार की गठन के लिए डाले जा रहे वोट, सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

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बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव को लेकर वोटिंग जारी है। भारतीय समयानुसार सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है। यह चुनाव 2024 के उस हिंसक आंदोलन के बाद हो रहे हैं, जिसके कारण 15 साल से शासन कर रही तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटना पड़ा था।शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद यह चुनाव हो रहा है।

12.77 करोड़ वोटर्स करेंगे फैसला

ढाका समेत देश के 42779 मतदान केंद्रों पर 12.77 करोड़ वोटर्स उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। राजधानी ढाका में ज्यादातर मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान जारी है। वोटिंग को लेकर मिला-जुला नजारा दिखाई दे रहा है, कुछ जगहों पर सुबह से वोटिंग के लिए लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही हैं, वहीं कई जगहों पर उम्मीद के मुताबिक मतदान कम होता नजर आ रहा है, जहां पोलिंग बूथ खाली दिखाई दे रहे हैं।

सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

बांग्‍लादेश के चुनाव आयोग ने कहा है कि सुबह 11 बजे तक देश में 14.96% फीसदी मतदान हुआ है। ये वोट 32000 पोलिंग सेंटर पर डाले जा रहे हैं। जमात-ए-इस्‍लामी ने कहा है कि चुनाव का माहौल शांत है लेकिन कुछ जगहों पर संघर्ष की खबरें हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि कुछ बूथ एजेंटों पर 'आतंकियों' ने हमला किया। उन्‍होंने प्रशासन से ऐक्‍शन की मांग की है।

तारिक रहमान के पीएम बनने की संभावना

बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के बीच प्रमुख टक्कर बताई जा रही है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी 10 पार्टियों वाले गठबंधन के साथ मैदान में हैं। 60 साल के रहमान 17 साल के स्वनिर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे हैं। उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। BNP के मुकाबले में जमात-ए-इस्लामी है, जो 11 पार्टियों वाले गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। इस गुट में नेशनल सिटिजन पार्टी भी है, जिसे हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बनाया है।

शेख हसीना के बेटे सजीब ने चुनाव को बताया दिखावा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि ये चुनाव पूरी तरह से दिखावा हैं। गुरुवार को होने वाले संसदीय चुनाव के मतदान से एक दिन पहले वाजेद ने कहा कि इस चुनाव के नतीजे पहले से तय हैं और यह खास राजनीतिक ताकतों को किनारे करने के लिए बनाया गया है। सजीब ने कहा, ये पूरी तरह से दिखावा है। उन्होंने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अवामी लीग को हमेशा 30 से 40 प्रतिशत वोट मिले हैं। अगर सबसे बड़ी पार्टी हिस्सा नहीं ले सकती तो आप इसे चुनाव कैसे कह सकते हैं?

BJP's grand booth worker Sneh Milan in Godhra in the presence of Jagdish Chandra Bariya as a Shaktikendra Pramukh

A grand 'Booth Worker Sneh Milan' program was recently organized in Godhra city, the headquarters of Panchmahal district. This program of former minister and BJP worker Jagdish Chandra Bariya's parishad showed the power of the organization. On this occasion, Gujarat State Industries Minister and leading leader of the organization Jagdish Vishwakarma was specially present.

The program began with the lighting of the lamp and worship of Bharat Mata. The main purpose of this Sneh Milan was to have direct communication with the workers working at the grassroots level and equip them for the upcoming political goals. Jagdish Chandra Bariya also attended as a worker.

Jagdish Vishwakarma's guidance

Minister Jagdish Vishwakarma, who was present as the chief guest, infused new energy among the workers in his address. He said, "If you win the booth, you win the election" is not just a slogan but the main mantra of the BJP's working method. He appealed to the workers to become a link to reach the various welfare schemes of the government to the last man.

He further emphasized on strengthening the organizational structure and accelerating the work of the page committee. His presence created a lot of enthusiasm among the local workers, as he met the workers at a personal level and listened to their questions.

A large number of Shakti Kendra office bearers and workers from Godhra and surrounding rural areas gathered.

Other office bearers of Panchmahal district BJP were also present in this conference, which shows the unity of the party.

This Sneha Milan was not just a dinner or a general meeting, but a platform to formulate strategies for the coming time. The workers were inspired to work in their respective areas with a new resolve. The guidance of Jagdish Vishwakarma has infused new energy in the Godhra BJP.

16 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने किया संबोधित

रांची। राज्य निर्वाचन आयुक्त, झारखंड श्रीमती अलका तिवारी ने राज्य वासियों को 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर वर्ष 2011 से इस दिन को प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रतिवर्ष आज के दिन सभी मतदान केन्द्रों पर आयोजित होने वाले मतदाता दिवस कार्यक्रम के माध्यम से मतदाताओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक किया जाता है। श्रीमती अलका तिवारी रविवार को आर्यभट्ट सभागार रांची में आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर संबोधित कर रहीं थी।

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राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस वर्ष भारत निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस का थीम "My India My Vote" तथा Tagline, "Indian Citizen at the Heart of Indian Democracy" जारी किया है। लोकतंत्र का आधार है मतदाता, लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता को जानकार और सतर्क होने की जरूरत है। निर्वाचन से जुड़े हरेक संस्था अपने मतदाताओं को एक समान अवसर प्रदान करने के लिए हरेक उपाय सुनिश्चित करती है। मतदाता बिना किसी भय, प्रलोभन के तथा जाति, धर्म, भाषा, समुदाय आदि से उपर उठकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके, उतरोत्तर लोकतंत्र और सशक्त हो सके, भारत निर्वाचन आयोग का यही अभीष्ट है। इस अभीष्ट को प्राप्त करने हेतु आयोग विभिन्न नवाचार एवं तकनीकों का उपयोग कर रहा है।

श्रीमती अलका तिवारी ने कहा कि मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता जागरूकता एक महत्वपूर्ण एवं सतत् प्रक्रिया है। सभी पात्र भारतीय नागरिक, जो मतदाता बनने की अर्हता रखते है, उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए चार अर्हता तिथियाँ , 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई एवं 1 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इन तिथियों में 18 वर्ष पूरी करने वाले योग्य व्यक्तियों का मतदाता सूची में सरलता के साथ नाम जोड़ा जा सकता है। मतदाता सूची में निबंधन की प्रक्रिया हो या किसी भी निर्वाचन के दौरान मतदान करने की प्रक्रिया, हरेक मतदाता चाहे वह महिला, पुरुष, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, पी०वी०टी०जी०, थर्ड जेंडर, हो को उसके अनुरूप वांछित सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निर्वाचन आयोग सदैव सचेष्ट रहा है। मतदाता जागरूकता हेतु राज्य में 2886 Electoral Literacy Club (ELC) एवं प्रत्येक मतदान केन्द्र पर चुनाव पाठशाला की स्थापना की गई है। मतदाता सूची के अद्यतनीकरण में 966 वोटर अवेयरनेस फोरम अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि 18 वर्ष पूरी कर चुके योग्य व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करने हेतु चुनाव आयोग के Website पर लॉग इन अथवा संबंधित मतदान केन्द्र के बी०एल०ओ० या वोटर हेल्पलाईन ऐप के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं तथा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का हिस्सा होने का गर्व महसूस करें।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के रवि कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार का प्रयोग करने हेतु मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। हरेक पात्र भारतीय नागरिक, जो अठारह वर्ष की आयू पूरी कर चुके हैं, मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ सकते हैं।

मतदाता को अपने मतदाता सूची या वोटर कार्ड से संबंधित किसी भी जानकारी आसानी से बी०एल०ओ० से मिल सकती है, और बी०एल०ओ० की सूचनाएं सी०ई०ओ० के वेबसाईट पर उपलब्ध है। भारत निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि हरेक मतदाता अपने बी०एल०ओ० से परिचित रहें। इसलिए निर्वाचन आयोग ने Book a Call की सुविधा उपलब्ध कराई है। आप अपने बी०एल०ओ० को आसानी से कॉल कर सकते हैं, जो 48 घंटो के अंदर मतदाता सूची से संबंधित किसी भी जानकारी को उपलब्ध कराने के लिए आपसे सम्पर्क करेंगे।

उन्होंने कहा कि झारखण्ड राज्य में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण का Pre-Revision Period चल रहा है। इस दौरान राज्य के वर्तमान मतदाता सूची में निबंधित 72 प्रतिशत मतदाताओं का मैपिंग का कार्य बी०एल०ओ० एप के माध्यम से पूरा किया जा चुका है।

श्री के रवि कुमार ने कहा कि गहन पुनरीक्षण के दौरान बी०एल०ओ० घर-घर जाएंगे और एक स्टीकर चिपकाएंगे। इस स्टीकर पर बी०एल०ओ० का मोबाईल नंबर के साथ-साथ मतदाता का मकान संख्या या मकान का नोशनल नंबर अंकित रहेगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यह वर्ष एक विशेष उपलब्धि का वर्ष है। भारत निर्वाचन आयोग को International Idea (International Institute for Democracy and Electoral Assistance) की अध्यक्षता करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विगत तीन दिसम्बर 2025 को एक वर्ष के कार्यकाल के लिए विश्व के इस लोकतांत्रिक मंच के अध्यक्ष का प्रभार ग्रहण किया है। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर झारखण्ड के पाकुड़ जिले को Best Election District Award के लिए चयनित किया गया है। यह हम सबों के लिए गौरव का विषय है।

श्री के रवि कुमार ने सभी मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक समग्र एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची के निर्माण के लिए अपनी सहभागिता अवश्य निभाएं।

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इस अवसर पर मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्र को दिए गए संदेश को दिखाया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा समापन भाषण एवं संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार द्वारा मतदाता शपथ का पाठ कराया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ मतदाता के रूप में श्रीमती समदुलारी देवी, श्रीमती गीता मित्रा, श्री एनीमुल्लाह , युवा मतदाता के रूप में श्री अर्चित कुमार गोयल, श्री सौरभ कुमार, सुश्री अनुष्का गुप्ता, सुश्री नेहा कुमारी श्री करण कुमार साहू, ट्रान्सजेन्डर मतदाता के रूप में, नगमा रानी, गुड्डू सिंह को सम्मानित किए गए।

इस अवसर पर 2025 वर्ष में उत्कृष्ट कार्यों के लिए श्री चन्दन कुमार, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम, श्री हेमन्त सती, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- उपायुक्त, साहेबगंज, श्री सुबोध कुमार, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सह संयुक्त सचिव, श्री रंथु महतो, उप निर्वाचन पदाधिकारी, गिरिडीह, श्री सुशील कुमार राय, उप निर्वाचन पदाधिकारी, गढ़वा, श्री सुनील चन्द्रा, निर्वाची पदाधिकारी, 45-घाटशिला (अ०ज०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, श्री रवि कुमार, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 15-देवघर (अ०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, श्री सुनील कुमार सिंह, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, मुख्यालय, श्री चन्दन कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कार्यालय, झारखण्ड, श्री आशुतोष रंजन, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कार्यालय, झारखण्ड को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी, रांची श्री विवेक कुमार सुमन, पी डब्लू डी आइकॉन झारखंड श्रीमती गोपिका आनन्द, एनएसएस के कैडेट, प्रतिभागियों के परिवारजन युवा, वरिष्ठ, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर मतदाता उपस्थित थे।

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नितिन नवीन आज भाजपा अध्यक्ष पद के लिए करेंगे नामांकन, निर्विरोध चुने जाने की पूरी संभावना

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए आज से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। सोमवार 19 जनवरी को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नवीन के निर्विरोध सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बनने की संभावना है।

सभी राज्यों से मांगे गए प्रस्ताव

नितिन नवीन के नामांकन में सभी राज्यों से एक-एक प्रस्ताव मंगाया गया है। राज्यों के अलावा नितिन नवीन के प्रस्तावक के रूप में बीजेपी संसदीय दल की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह सरीखे पार्टी के प्रमुख नेता भी होंगे।

निर्विरोध चुने जाने की संभावना

पार्टी सूत्रों ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने जाने की संभावना है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी नेतृत्व इस पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहा है।

दो बजे से चार बजे तक होगा नामांकन

भाजपा के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, इस पद के लिए नामांकन सोमवार को अपराह्न दो बजे से चार बजे तक दाखिल किए जाएंगे। चुनाव की प्रक्रिया बीजेपी मुख्यालय में पूरी कराई जाएगी। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दिन नए पार्टी अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी।

कल होगा नाम का औपचारिक ऐलान

20 जनवरी को औपचारिक रूप से नितिन नवीन की अध्यक्ष के रूप में घोषणा कर दी जाएगी। 20 जनवरी को इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत सभी वरिष्ठ नेता, सभी बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश संगठन महामंत्री, प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल होंगे।

भाजपा में कैसे होता है राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया की देखरेख पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी द्वारा की जाती है। भाजपा के संविधान के अनुसार, किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के कोई भी 20 सदस्य संयुक्त रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ऐसे व्यक्ति का नाम प्रस्तावित कर सकते हैं, जो चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य रहा हो और जिसकी सदस्यता के पंद्रह वर्ष पूरे हो चुके हों। पार्टी संविधान के मुताबिक ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों से आना चाहिए जहां राष्ट्रीय परिषद के लिए चुनाव संपन्न हो चुके हैं।

महाराष्ट्र में गजब का सियासी खेल! भाजपा ने कांग्रेस ने मिला लिया हाथ

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कहा जाता है राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। महाराष्ट्र की सियासत में ऐसा ही कुछ देखा जा रहा है। कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। कांग्रेस से गठबंधन कर भाजपा ने अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल कर ली।

भाजपा और कांग्रेस का दुर्लभ गठबंधन

हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अंबरनाथ नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस का एक दुर्लभ गठबंधन सामने आया है। इस गठबंधन ने राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पार्षदों के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया है और मुंबई क्षेत्र की एक नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस गठबंधन से शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई है।

शिवसेना सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का साथ

भाजपा-कांग्रेस के इस सियासी खेल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ में हाशिए पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात है कि भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है।

किसे कितनी सीटें मिलीं

चुनाव पिछले महीने हुए थे, जिसमें शिवसेना और बीजेपी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी होने के बावजूद, अलग-अलग चुनाव लड़े थे। 60 सदस्यीय परिषद में, शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 27 सीटें जीतीं। लेकिन बहुमत से थोडा दूर रह गई। भाजपा को 14 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं। अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

"अंबरनाथ विकास अघाड़ी" का गठन

शिवसेना को नगर निगम अध्यक्ष पद के चुनाव में झटका लगा, जहां उसकी उम्मीदवार मनीषा वालेकर भाजपा उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल से हार गईं। शिंदे सेना सोच रही थी की बीजेपी उनके साथ मिलकर नगर परिषद में सरकार बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने शिंदे सेना के बजाय कांग्रेस से हाथ मिला लिया और नगर परिषद में सत्ता स्थापित कर ली। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता स्थापित करना का फैसला लिया गया। इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है।

ये है गठबंधन का गणित

अंबरनाथ में घोषित गठबंधन में 14 भाजपा पार्षद, भाजपा समर्थित नगर अध्यक्ष, 12 कांग्रेस पार्षद, चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। गठबंधन की कुल संख्या 32 हो गई है, जो 60 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाती है।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में रोष

भाजपा की ओर से मिले इस झटके के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में काफी रोष नजर आ रहा है। इस मामले पर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अंबरनाथ में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ है, तो इसका जवाब भी उनके ही नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला शिवसेना का नहीं है और न ही इस पर शिवसेना को सफाई देने की जरूरत है।

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की सर्वे ने राहुल को दिखाया आईना, बीजेपी को भी मिल गया मौका

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कर्नाटक सरकार की एक एजेंसी की स्टडी में दावा किया गया है कि राज्य के 91% लोग मानते हैं कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं और ईवीएम सटीक नतीजे देती हैं। यह रिपोर्ट कर्नाटक मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन अथॉरिटी ने प्रकाशित की है। यह सर्वे ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भाजपा पर कई राज्यों में ‘वोट चोरी’ का लगातार आरोप लगा रहे हैं। वे कर्नाटक के कलबुर्गी में भी वोट चोरी का दावा कर चुके हैं।

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कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने ईवीएम पर एक सर्वे पब्लिश कराया है। इस सर्वे में पता चला कि अधिकतर नागरिकों का मानना है कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होते हैं, जबकि ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। सर्वे में करीब 91 फीसदी लोगों ने ईवीएम पर अपना भरोसा दिखाया है।

सर्वे में क्या ?

डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह सर्वे मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अंबुकुमार ने करवाया था। इसमें बेंगलुरु, बेलगावी, कालाबुरागी और मैसूरु के प्रशासनिक डिवीजनों में 102 विधानसभा क्षेत्रों के 5100 लोगों को शामिल किया गया था। योजना, कार्यक्रम निगरानी और सांख्यिकी विभाग के तहत कर्नाटक निगरानी और मूल्यांकन प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में पता चला कि सभी डिवीजनों में 91.31 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं, जिनमें से 6.76 प्रतिशत ने तटस्थ राय व्यक्त की।

अब राहुल गांधी का “वोट चोरी” के नरेटिव का क्या?

कर्नाटक सरकार के सर्वे के नतीजे कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ हैं। कारण कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा के खिलाफ खिलाफ वोट चोरी कैंपेन की शुरुआत की थी। राहुल गांधी ने दावा किया था कि ईवीएम से वोट चोरी होती है और बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने चाहिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने ईवीएम पर कथित भरोसे की कमीके कारण स्थानीय निकाय चुनावों के लिए बैलेट पेपर वापस लाने का फैसला किया है।

बीजेपी ने बोला हमला

इधर, कर्नाटक सरकार द्वारा सर्वे को प्रकाशित करने के बाद बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सर्वे रिपोर्ट रिपोर्ट का हवाला देते हुए शुक्रवार दावा किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को हर बार चुनाव हारने के बाद ईवीएम या चुनाव आयोग को दोष देने पर 'हकीकत का सामना' करना पड़ता है। पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी चुनाव हारने के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग को दोष देते हैं।

20 साल बाद साथ आए ठाकरे ब्रदर्स, बीएमसी चुनाव से पहले एमएनएस-शिव सेना में गठबंधन

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महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक है। महाराष्ट्र की सियासत में ठाकरे बंधुओं ने एक बड़ा फैसला लेकर सबको चौंका दिया है। 20 साल बाद उद्धव-राज ठाकरे एक साथ चुनाव लड़ने जा रहे हैं। ठाकरे भाईयों ने मुंबई के वरली स्थित होटल ब्लू में शिवसेना यूबीटी और मनसे के गठबंधन का आधिकारिक ऐलान किया।

शिवसेना (यूबीटी) और मनसे मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ेंगे। बुधवार को दोनों भाईयों ने संयुक्त प्रेस वार्ता करके इसका एलान किया। घोषणा से पहले उद्धव ठाकरे और एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने अपने परिवारों के साथ शिवाजी पार्क में बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

दोनों भाईयों ने एक ही माइक से की बात

प्रेस कांफ्रेंस में दोनों भाईयों ने एक ही माइक से अपनी बात रखी। उद्धव ठाकरे जहां बीजेपी पर हमलावर रहे तो वहीं राज ठाकरे ने साफ कर दिया कि अगल मेयर मराठी होगा और हमारा होगा। उद्धव ठाकरे ने यह तक कह दिया कि दिल्ली में बैठे लोग महाराष्ट्र से मुंबई को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं। हम उन्हें खत्म कर देंगे।

नासिक चुनाव के लिए भी साथ आए ठाकरे ब्रदर्स

राज ठाकरे ने मंच से कहा, ‘मैं अब ऑफिशियली अपने अलायंस की घोषणा कर रहा हूं। यह अलायंस नासिक म्युनिसिपैलिटी चुनाव के लिए भी है। आज हमारी मीटिंग के बाद हम दूसरे कॉर्पोरेशन्स के लिए भी घोषणा करेंगे। मुंबई का मेयर एक महाराष्ट्रियन होगा और वह हमारी पार्टी से होगा।

सीट बंटवारे पर क्या बोले ठाकरे ब्रदर्स

दोनों भाईयों ने शिवसेना यूबीटी-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के गठबंधन का ऐलान कर दिया है लेकिन मुंबई की 227 सीटों पर कौन कितनी पर लड़ेगा? इसका ऐलान नहीं किया। राज ठाकरे ने यह कह दिया की सीटों की संख्या मायने नहीं रखती है।

ममता सरकार के 7 अधिकारियों को चुनाव आयोग ने किया संस्पेंड, जानें क्या है वजह?

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पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन लिया है। चुनाव आयोग का ममता बनर्जी के अफसरों पर डंडा चला है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 7 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह एक्‍शन SIR (मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़ा हुआ है।

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चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी सरकार यानी पश्चिम बंगाल के 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई एसआईआर के संबंध में गंभीर गलत काम, ड्यूटी में लापरवाही और कानूनी शक्तियों के गलत इस्तेमाल के लिए की गई है। आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए यह सख्त कदम उठाया है।

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को खास निर्देश

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उनके अपने कैडर द्वारा तत्काल विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी बिना किसी देरी के उसे उपलब्ध कराई जाए।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज

ईसीआई ने जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नामों की लिस्ट भी सामने आ गई है। ये नाम AERO, डॉक्टर सेफौर रहमान, एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के असिस्टेंट डायरेक्टर, 56-समसेरगंज असेंबली सीट, जिला मुर्शिदाबाद। नीतीश दास, रेवेन्यू ऑफिसर, फरक्का और 55-फरक्का असेंबली सीट के लिए AERO पर तैनात थे। AERO, दलिया रे चौधरी, महिला डेवलपमेंट ऑफिस, मयनागुड़ी डेवलपमेंट ब्लॉक और AERO, 16-मयनागुड़ी असेंबली सीट, एसके. मुर्शिद आलम, ADA, सुती ब्लॉक और AERO 57-सुती विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करते थे। सत्यजीत दास, संयुक्त BDO और जॉयदीप कुंडू, FEO दोनों AERO 139-कैनिंग पुरबो विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करते थे। देबाशीष बिस्वास, संयुक्त BDO और AERO 229-डेबरा विधानसभा क्षेत्र के लिए के काम करते थे।

चुनाव से पहले आयोग सख्त

पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावी गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय और भी अहम माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में आने वाले कुछ सप्‍ताह में विधानसभा चुनाव की तिथियों का ऐलान हो सकता है। उससे पहले चुनाव आयोग का ममता बनर्जी के अफसरों पर डंडा चला है।

बांग्लादेश चुनाव में तीन हिंदू उम्मीदवारों को मिली जीत, 20 साल में सिमटा अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व

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बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (BNP) ने प्रचंड जीत हासिल की है। 299 सीटों पर हुए चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली BNP को 211 सीटों पर जीत मिली हैं। वहीं, मुख्य प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें हासिल हुई हैं। खास बात है कि इस बार के चुनाव में केवल तीन हिंदू उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। ये तीनों की बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी के टिकट पर जीते हैं।

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किन उम्मीदवारों ने हासिल की जीत

गायेश्वर चंद्र रॉय- बांग्लादेश चुनाव में जीत हासिल करने वाले हिंदू उम्मीदवारों में सबसे प्रमुख नाम गायेश्वर चंद्र रॉय का है। बीएनपी के वरिष्ठ नेता रॉय ने ढाका-3 निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है। वे पार्टी की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैं और पूर्व में राज्य मंत्री रहे हैं। रॉय ने 99163 वोट हासिल करके जमात-ए-इस्लामी उम्मीदवार मोहम्मद शाहीनुर इस्लाम को मात दे दी।

निताई रॉय चौधरी- बीएनपी के उपाध्यक्ष निताई रॉय चौधरी ने मागुरा-2 सीट से जीत दर्ज की। उन्हें 1 लाख 47 हजार 896 वोट मिले, जो जमात-ए-इस्लामी के मुस्तर्शीद बिल्लाह से अधिक थे, जिन्हें 1 लाख 17 हजार 018 वोट मिले। चौधरी को बीएनपी के अंदर एक बेहद प्रभावशाली अल्पसंख्यक चेहरा माना जाता है। उनकी जीत अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्रों में पार्टी के मजबूत प्रदर्शन को और पुष्ट करती है।

दीपेन दीवान- बीएनपी के ही टिकट पर जीतने वाले तीसरे हिंदू उम्मीदवार एडवोकेट दीपेन दीवान है। उन्होंने रंगमती संसदीय सीट से जीत हासिल की है। दीवान को 31 हजार 222 वोट मिले है। उनका मुकाबला इंडिपेंडेंट उम्मीदवार पहल चकमा से था, जिन्हें 21 हजार 544 वोट मिले।

तीन हिंदू और एक आदिवासी उम्मीदवार ने दर्ज की जीत

इस पूरे चुनाव में केवल चार अल्पसंख्यक तीन हिंदू और एक आदिवासी उम्मीदवार ही जीतकर संसद में अपनी जगह बनाने में सफल रहे। यह आंकड़ा बांग्लादेश में अल्पसंख्यक भागीदारी के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि हिंदू आबादी देश की कुल जनसंख्या का लगभग 8% है। पिछले 20 वर्षों में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व आम तौर पर 14 से 20 सीटों तक रहता था, लेकिन इस बार यह संख्या बेहद कम रहा।

79 अल्पसंख्यक उम्मीदवार में केवल चार जीते

चुनाव में कुल 79 अल्पसंख्यक उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें बीएनपी के चार विजयी हुए। इसके अलावा, जमात-ए-इस्लामी का हिंदू उम्मीदवार हार गया। यह परिणाम न केवल अल्पसंख्यकों की राजनीतिक भागीदारी पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि देश की बदलती राजनीतिक तस्वीर को भी उजागर करते हैं।

300 सीट वाली संसद में 3 हिंदू सांसद

300 सीटों वाली संसद में इस बार सिर्फ 3 हिंदू सांसद चुने गए हैं। यह आंकड़ा तब आया है जब हाल के दिनों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा देखी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक शेख हसीना के लंबे कार्यकाल के दौरान संसद में हिंदू सांसदों की संख्या इससे कहीं ज्यादा रही थी।

2009-2014 में थे 16 हिंदू सांसद

2009-2014 की संसद में 16 हिंदू सांसद थे। 2014-2019 में यह संख्या बढ़कर 17 (और आरक्षित सीटों के साथ 20 तक) पहुंची। 2019-2024 में करीब 14 अल्पसंख्यक सांसद थे। यानी पहले जहां 14 से 20 के बीच हिंदू सांसद होते थे, अब संख्या घटकर सिर्फ 3 रह गई है।

बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी गठबंधन को प्रचंड जीत, पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई

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बांग्लादेश में गुरूवार को 13वें संसदीय चुनाव के लिए 299 सीटों पर मतदान कराए गए। आज नतीजे घोषित किए जा रहे हैं। जारी परिणामों में बीएनपी को पूर्ण बहुमत मिला है। प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के करीब डेढ़ साल बाद पहली बार आम चुनाव कराए गए हैं। मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच है। अवामी लीग चुनाव से बाहर है।

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बीएनपी का दोहरा शतक

बांग्लादेश के आम चुनाव में बीएनपी ने बड़ी बढ़त बनाते हुए दोहरा शतक पार कर लिया है। जमुना टीवी के अनुसार बीएनपी को अब तक 211 सीटें मिली हैं, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन करीब 70 सीटों पर है। यह बीएनपी की निर्णायक जीत मानी जा रही है।

तारिक रहमान ने की जश्न न मनाने की अपील

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन तारिक रहमान ने बांग्लादेश चुनाव में जीत का दावा किया है। इसके साथ ही रहमान ने अपनी मां खालिदा जिया के सम्मान में पार्टी कार्यकर्ताओं से जीत का जश्न न मनाने की अपील की है। खालिदा जिया का चुनाव से पहले निधन हो गया था। विजय जुलूस और जश्न की जगह पार्टी ने शुक्रवार की नमाज के बाद खालिदा जिया के लिए दुआ करने की अपील की है।

पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी जीत की बधाई

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की जीत के लिए तारिक रहमान को बधाई दी है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, 'मैं बांग्लादेश में संसदीय चुनावों में BNP को बड़ी जीत दिलाने के लिए तारिक रहमान को दिल से बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश के लोगों का आपके नेतृत्व पर भरोसा दिखाती है।'

पीएम मोदी ने कहा- साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं

पीएम मोदी ने आगे लिखा, 'भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। मैं हमारे कई तरह के रिश्तों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं।'

बांग्लादेश में नई सरकार की गठन के लिए डाले जा रहे वोट, सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

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बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव को लेकर वोटिंग जारी है। भारतीय समयानुसार सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है। यह चुनाव 2024 के उस हिंसक आंदोलन के बाद हो रहे हैं, जिसके कारण 15 साल से शासन कर रही तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटना पड़ा था।शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद यह चुनाव हो रहा है।

12.77 करोड़ वोटर्स करेंगे फैसला

ढाका समेत देश के 42779 मतदान केंद्रों पर 12.77 करोड़ वोटर्स उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। राजधानी ढाका में ज्यादातर मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान जारी है। वोटिंग को लेकर मिला-जुला नजारा दिखाई दे रहा है, कुछ जगहों पर सुबह से वोटिंग के लिए लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही हैं, वहीं कई जगहों पर उम्मीद के मुताबिक मतदान कम होता नजर आ रहा है, जहां पोलिंग बूथ खाली दिखाई दे रहे हैं।

सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

बांग्‍लादेश के चुनाव आयोग ने कहा है कि सुबह 11 बजे तक देश में 14.96% फीसदी मतदान हुआ है। ये वोट 32000 पोलिंग सेंटर पर डाले जा रहे हैं। जमात-ए-इस्‍लामी ने कहा है कि चुनाव का माहौल शांत है लेकिन कुछ जगहों पर संघर्ष की खबरें हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि कुछ बूथ एजेंटों पर 'आतंकियों' ने हमला किया। उन्‍होंने प्रशासन से ऐक्‍शन की मांग की है।

तारिक रहमान के पीएम बनने की संभावना

बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के बीच प्रमुख टक्कर बताई जा रही है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी 10 पार्टियों वाले गठबंधन के साथ मैदान में हैं। 60 साल के रहमान 17 साल के स्वनिर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे हैं। उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। BNP के मुकाबले में जमात-ए-इस्लामी है, जो 11 पार्टियों वाले गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। इस गुट में नेशनल सिटिजन पार्टी भी है, जिसे हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बनाया है।

शेख हसीना के बेटे सजीब ने चुनाव को बताया दिखावा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि ये चुनाव पूरी तरह से दिखावा हैं। गुरुवार को होने वाले संसदीय चुनाव के मतदान से एक दिन पहले वाजेद ने कहा कि इस चुनाव के नतीजे पहले से तय हैं और यह खास राजनीतिक ताकतों को किनारे करने के लिए बनाया गया है। सजीब ने कहा, ये पूरी तरह से दिखावा है। उन्होंने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अवामी लीग को हमेशा 30 से 40 प्रतिशत वोट मिले हैं। अगर सबसे बड़ी पार्टी हिस्सा नहीं ले सकती तो आप इसे चुनाव कैसे कह सकते हैं?

BJP's grand booth worker Sneh Milan in Godhra in the presence of Jagdish Chandra Bariya as a Shaktikendra Pramukh

A grand 'Booth Worker Sneh Milan' program was recently organized in Godhra city, the headquarters of Panchmahal district. This program of former minister and BJP worker Jagdish Chandra Bariya's parishad showed the power of the organization. On this occasion, Gujarat State Industries Minister and leading leader of the organization Jagdish Vishwakarma was specially present.

The program began with the lighting of the lamp and worship of Bharat Mata. The main purpose of this Sneh Milan was to have direct communication with the workers working at the grassroots level and equip them for the upcoming political goals. Jagdish Chandra Bariya also attended as a worker.

Jagdish Vishwakarma's guidance

Minister Jagdish Vishwakarma, who was present as the chief guest, infused new energy among the workers in his address. He said, "If you win the booth, you win the election" is not just a slogan but the main mantra of the BJP's working method. He appealed to the workers to become a link to reach the various welfare schemes of the government to the last man.

He further emphasized on strengthening the organizational structure and accelerating the work of the page committee. His presence created a lot of enthusiasm among the local workers, as he met the workers at a personal level and listened to their questions.

A large number of Shakti Kendra office bearers and workers from Godhra and surrounding rural areas gathered.

Other office bearers of Panchmahal district BJP were also present in this conference, which shows the unity of the party.

This Sneha Milan was not just a dinner or a general meeting, but a platform to formulate strategies for the coming time. The workers were inspired to work in their respective areas with a new resolve. The guidance of Jagdish Vishwakarma has infused new energy in the Godhra BJP.

16 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने किया संबोधित

रांची। राज्य निर्वाचन आयुक्त, झारखंड श्रीमती अलका तिवारी ने राज्य वासियों को 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर वर्ष 2011 से इस दिन को प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रतिवर्ष आज के दिन सभी मतदान केन्द्रों पर आयोजित होने वाले मतदाता दिवस कार्यक्रम के माध्यम से मतदाताओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक किया जाता है। श्रीमती अलका तिवारी रविवार को आर्यभट्ट सभागार रांची में आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर संबोधित कर रहीं थी।

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राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस वर्ष भारत निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस का थीम "My India My Vote" तथा Tagline, "Indian Citizen at the Heart of Indian Democracy" जारी किया है। लोकतंत्र का आधार है मतदाता, लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता को जानकार और सतर्क होने की जरूरत है। निर्वाचन से जुड़े हरेक संस्था अपने मतदाताओं को एक समान अवसर प्रदान करने के लिए हरेक उपाय सुनिश्चित करती है। मतदाता बिना किसी भय, प्रलोभन के तथा जाति, धर्म, भाषा, समुदाय आदि से उपर उठकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके, उतरोत्तर लोकतंत्र और सशक्त हो सके, भारत निर्वाचन आयोग का यही अभीष्ट है। इस अभीष्ट को प्राप्त करने हेतु आयोग विभिन्न नवाचार एवं तकनीकों का उपयोग कर रहा है।

श्रीमती अलका तिवारी ने कहा कि मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता जागरूकता एक महत्वपूर्ण एवं सतत् प्रक्रिया है। सभी पात्र भारतीय नागरिक, जो मतदाता बनने की अर्हता रखते है, उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए चार अर्हता तिथियाँ , 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई एवं 1 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इन तिथियों में 18 वर्ष पूरी करने वाले योग्य व्यक्तियों का मतदाता सूची में सरलता के साथ नाम जोड़ा जा सकता है। मतदाता सूची में निबंधन की प्रक्रिया हो या किसी भी निर्वाचन के दौरान मतदान करने की प्रक्रिया, हरेक मतदाता चाहे वह महिला, पुरुष, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, पी०वी०टी०जी०, थर्ड जेंडर, हो को उसके अनुरूप वांछित सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निर्वाचन आयोग सदैव सचेष्ट रहा है। मतदाता जागरूकता हेतु राज्य में 2886 Electoral Literacy Club (ELC) एवं प्रत्येक मतदान केन्द्र पर चुनाव पाठशाला की स्थापना की गई है। मतदाता सूची के अद्यतनीकरण में 966 वोटर अवेयरनेस फोरम अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि 18 वर्ष पूरी कर चुके योग्य व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करने हेतु चुनाव आयोग के Website पर लॉग इन अथवा संबंधित मतदान केन्द्र के बी०एल०ओ० या वोटर हेल्पलाईन ऐप के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं तथा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का हिस्सा होने का गर्व महसूस करें।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के रवि कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार का प्रयोग करने हेतु मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। हरेक पात्र भारतीय नागरिक, जो अठारह वर्ष की आयू पूरी कर चुके हैं, मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ सकते हैं।

मतदाता को अपने मतदाता सूची या वोटर कार्ड से संबंधित किसी भी जानकारी आसानी से बी०एल०ओ० से मिल सकती है, और बी०एल०ओ० की सूचनाएं सी०ई०ओ० के वेबसाईट पर उपलब्ध है। भारत निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि हरेक मतदाता अपने बी०एल०ओ० से परिचित रहें। इसलिए निर्वाचन आयोग ने Book a Call की सुविधा उपलब्ध कराई है। आप अपने बी०एल०ओ० को आसानी से कॉल कर सकते हैं, जो 48 घंटो के अंदर मतदाता सूची से संबंधित किसी भी जानकारी को उपलब्ध कराने के लिए आपसे सम्पर्क करेंगे।

उन्होंने कहा कि झारखण्ड राज्य में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण का Pre-Revision Period चल रहा है। इस दौरान राज्य के वर्तमान मतदाता सूची में निबंधित 72 प्रतिशत मतदाताओं का मैपिंग का कार्य बी०एल०ओ० एप के माध्यम से पूरा किया जा चुका है।

श्री के रवि कुमार ने कहा कि गहन पुनरीक्षण के दौरान बी०एल०ओ० घर-घर जाएंगे और एक स्टीकर चिपकाएंगे। इस स्टीकर पर बी०एल०ओ० का मोबाईल नंबर के साथ-साथ मतदाता का मकान संख्या या मकान का नोशनल नंबर अंकित रहेगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यह वर्ष एक विशेष उपलब्धि का वर्ष है। भारत निर्वाचन आयोग को International Idea (International Institute for Democracy and Electoral Assistance) की अध्यक्षता करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विगत तीन दिसम्बर 2025 को एक वर्ष के कार्यकाल के लिए विश्व के इस लोकतांत्रिक मंच के अध्यक्ष का प्रभार ग्रहण किया है। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर झारखण्ड के पाकुड़ जिले को Best Election District Award के लिए चयनित किया गया है। यह हम सबों के लिए गौरव का विषय है।

श्री के रवि कुमार ने सभी मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक समग्र एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची के निर्माण के लिए अपनी सहभागिता अवश्य निभाएं।

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इस अवसर पर मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्र को दिए गए संदेश को दिखाया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा समापन भाषण एवं संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार द्वारा मतदाता शपथ का पाठ कराया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ मतदाता के रूप में श्रीमती समदुलारी देवी, श्रीमती गीता मित्रा, श्री एनीमुल्लाह , युवा मतदाता के रूप में श्री अर्चित कुमार गोयल, श्री सौरभ कुमार, सुश्री अनुष्का गुप्ता, सुश्री नेहा कुमारी श्री करण कुमार साहू, ट्रान्सजेन्डर मतदाता के रूप में, नगमा रानी, गुड्डू सिंह को सम्मानित किए गए।

इस अवसर पर 2025 वर्ष में उत्कृष्ट कार्यों के लिए श्री चन्दन कुमार, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम, श्री हेमन्त सती, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- उपायुक्त, साहेबगंज, श्री सुबोध कुमार, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सह संयुक्त सचिव, श्री रंथु महतो, उप निर्वाचन पदाधिकारी, गिरिडीह, श्री सुशील कुमार राय, उप निर्वाचन पदाधिकारी, गढ़वा, श्री सुनील चन्द्रा, निर्वाची पदाधिकारी, 45-घाटशिला (अ०ज०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, श्री रवि कुमार, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 15-देवघर (अ०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, श्री सुनील कुमार सिंह, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, मुख्यालय, श्री चन्दन कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कार्यालय, झारखण्ड, श्री आशुतोष रंजन, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कार्यालय, झारखण्ड को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी, रांची श्री विवेक कुमार सुमन, पी डब्लू डी आइकॉन झारखंड श्रीमती गोपिका आनन्द, एनएसएस के कैडेट, प्रतिभागियों के परिवारजन युवा, वरिष्ठ, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर मतदाता उपस्थित थे।

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नितिन नवीन आज भाजपा अध्यक्ष पद के लिए करेंगे नामांकन, निर्विरोध चुने जाने की पूरी संभावना

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए आज से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। सोमवार 19 जनवरी को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नवीन के निर्विरोध सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बनने की संभावना है।

सभी राज्यों से मांगे गए प्रस्ताव

नितिन नवीन के नामांकन में सभी राज्यों से एक-एक प्रस्ताव मंगाया गया है। राज्यों के अलावा नितिन नवीन के प्रस्तावक के रूप में बीजेपी संसदीय दल की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह सरीखे पार्टी के प्रमुख नेता भी होंगे।

निर्विरोध चुने जाने की संभावना

पार्टी सूत्रों ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने जाने की संभावना है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी नेतृत्व इस पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहा है।

दो बजे से चार बजे तक होगा नामांकन

भाजपा के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, इस पद के लिए नामांकन सोमवार को अपराह्न दो बजे से चार बजे तक दाखिल किए जाएंगे। चुनाव की प्रक्रिया बीजेपी मुख्यालय में पूरी कराई जाएगी। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दिन नए पार्टी अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी।

कल होगा नाम का औपचारिक ऐलान

20 जनवरी को औपचारिक रूप से नितिन नवीन की अध्यक्ष के रूप में घोषणा कर दी जाएगी। 20 जनवरी को इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत सभी वरिष्ठ नेता, सभी बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश संगठन महामंत्री, प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल होंगे।

भाजपा में कैसे होता है राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया की देखरेख पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी द्वारा की जाती है। भाजपा के संविधान के अनुसार, किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के कोई भी 20 सदस्य संयुक्त रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ऐसे व्यक्ति का नाम प्रस्तावित कर सकते हैं, जो चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य रहा हो और जिसकी सदस्यता के पंद्रह वर्ष पूरे हो चुके हों। पार्टी संविधान के मुताबिक ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों से आना चाहिए जहां राष्ट्रीय परिषद के लिए चुनाव संपन्न हो चुके हैं।

महाराष्ट्र में गजब का सियासी खेल! भाजपा ने कांग्रेस ने मिला लिया हाथ

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कहा जाता है राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। महाराष्ट्र की सियासत में ऐसा ही कुछ देखा जा रहा है। कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। कांग्रेस से गठबंधन कर भाजपा ने अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल कर ली।

भाजपा और कांग्रेस का दुर्लभ गठबंधन

हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अंबरनाथ नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस का एक दुर्लभ गठबंधन सामने आया है। इस गठबंधन ने राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पार्षदों के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया है और मुंबई क्षेत्र की एक नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस गठबंधन से शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई है।

शिवसेना सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का साथ

भाजपा-कांग्रेस के इस सियासी खेल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ में हाशिए पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात है कि भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है।

किसे कितनी सीटें मिलीं

चुनाव पिछले महीने हुए थे, जिसमें शिवसेना और बीजेपी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी होने के बावजूद, अलग-अलग चुनाव लड़े थे। 60 सदस्यीय परिषद में, शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 27 सीटें जीतीं। लेकिन बहुमत से थोडा दूर रह गई। भाजपा को 14 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं। अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

"अंबरनाथ विकास अघाड़ी" का गठन

शिवसेना को नगर निगम अध्यक्ष पद के चुनाव में झटका लगा, जहां उसकी उम्मीदवार मनीषा वालेकर भाजपा उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल से हार गईं। शिंदे सेना सोच रही थी की बीजेपी उनके साथ मिलकर नगर परिषद में सरकार बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने शिंदे सेना के बजाय कांग्रेस से हाथ मिला लिया और नगर परिषद में सत्ता स्थापित कर ली। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता स्थापित करना का फैसला लिया गया। इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है।

ये है गठबंधन का गणित

अंबरनाथ में घोषित गठबंधन में 14 भाजपा पार्षद, भाजपा समर्थित नगर अध्यक्ष, 12 कांग्रेस पार्षद, चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। गठबंधन की कुल संख्या 32 हो गई है, जो 60 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाती है।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में रोष

भाजपा की ओर से मिले इस झटके के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में काफी रोष नजर आ रहा है। इस मामले पर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अंबरनाथ में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ है, तो इसका जवाब भी उनके ही नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला शिवसेना का नहीं है और न ही इस पर शिवसेना को सफाई देने की जरूरत है।

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की सर्वे ने राहुल को दिखाया आईना, बीजेपी को भी मिल गया मौका

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कर्नाटक सरकार की एक एजेंसी की स्टडी में दावा किया गया है कि राज्य के 91% लोग मानते हैं कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं और ईवीएम सटीक नतीजे देती हैं। यह रिपोर्ट कर्नाटक मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन अथॉरिटी ने प्रकाशित की है। यह सर्वे ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भाजपा पर कई राज्यों में ‘वोट चोरी’ का लगातार आरोप लगा रहे हैं। वे कर्नाटक के कलबुर्गी में भी वोट चोरी का दावा कर चुके हैं।

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कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने ईवीएम पर एक सर्वे पब्लिश कराया है। इस सर्वे में पता चला कि अधिकतर नागरिकों का मानना है कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होते हैं, जबकि ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। सर्वे में करीब 91 फीसदी लोगों ने ईवीएम पर अपना भरोसा दिखाया है।

सर्वे में क्या ?

डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह सर्वे मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अंबुकुमार ने करवाया था। इसमें बेंगलुरु, बेलगावी, कालाबुरागी और मैसूरु के प्रशासनिक डिवीजनों में 102 विधानसभा क्षेत्रों के 5100 लोगों को शामिल किया गया था। योजना, कार्यक्रम निगरानी और सांख्यिकी विभाग के तहत कर्नाटक निगरानी और मूल्यांकन प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में पता चला कि सभी डिवीजनों में 91.31 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं, जिनमें से 6.76 प्रतिशत ने तटस्थ राय व्यक्त की।

अब राहुल गांधी का “वोट चोरी” के नरेटिव का क्या?

कर्नाटक सरकार के सर्वे के नतीजे कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ हैं। कारण कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा के खिलाफ खिलाफ वोट चोरी कैंपेन की शुरुआत की थी। राहुल गांधी ने दावा किया था कि ईवीएम से वोट चोरी होती है और बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने चाहिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने ईवीएम पर कथित भरोसे की कमीके कारण स्थानीय निकाय चुनावों के लिए बैलेट पेपर वापस लाने का फैसला किया है।

बीजेपी ने बोला हमला

इधर, कर्नाटक सरकार द्वारा सर्वे को प्रकाशित करने के बाद बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सर्वे रिपोर्ट रिपोर्ट का हवाला देते हुए शुक्रवार दावा किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को हर बार चुनाव हारने के बाद ईवीएम या चुनाव आयोग को दोष देने पर 'हकीकत का सामना' करना पड़ता है। पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी चुनाव हारने के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग को दोष देते हैं।

20 साल बाद साथ आए ठाकरे ब्रदर्स, बीएमसी चुनाव से पहले एमएनएस-शिव सेना में गठबंधन

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महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक है। महाराष्ट्र की सियासत में ठाकरे बंधुओं ने एक बड़ा फैसला लेकर सबको चौंका दिया है। 20 साल बाद उद्धव-राज ठाकरे एक साथ चुनाव लड़ने जा रहे हैं। ठाकरे भाईयों ने मुंबई के वरली स्थित होटल ब्लू में शिवसेना यूबीटी और मनसे के गठबंधन का आधिकारिक ऐलान किया।

शिवसेना (यूबीटी) और मनसे मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ेंगे। बुधवार को दोनों भाईयों ने संयुक्त प्रेस वार्ता करके इसका एलान किया। घोषणा से पहले उद्धव ठाकरे और एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने अपने परिवारों के साथ शिवाजी पार्क में बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

दोनों भाईयों ने एक ही माइक से की बात

प्रेस कांफ्रेंस में दोनों भाईयों ने एक ही माइक से अपनी बात रखी। उद्धव ठाकरे जहां बीजेपी पर हमलावर रहे तो वहीं राज ठाकरे ने साफ कर दिया कि अगल मेयर मराठी होगा और हमारा होगा। उद्धव ठाकरे ने यह तक कह दिया कि दिल्ली में बैठे लोग महाराष्ट्र से मुंबई को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं। हम उन्हें खत्म कर देंगे।

नासिक चुनाव के लिए भी साथ आए ठाकरे ब्रदर्स

राज ठाकरे ने मंच से कहा, ‘मैं अब ऑफिशियली अपने अलायंस की घोषणा कर रहा हूं। यह अलायंस नासिक म्युनिसिपैलिटी चुनाव के लिए भी है। आज हमारी मीटिंग के बाद हम दूसरे कॉर्पोरेशन्स के लिए भी घोषणा करेंगे। मुंबई का मेयर एक महाराष्ट्रियन होगा और वह हमारी पार्टी से होगा।

सीट बंटवारे पर क्या बोले ठाकरे ब्रदर्स

दोनों भाईयों ने शिवसेना यूबीटी-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के गठबंधन का ऐलान कर दिया है लेकिन मुंबई की 227 सीटों पर कौन कितनी पर लड़ेगा? इसका ऐलान नहीं किया। राज ठाकरे ने यह कह दिया की सीटों की संख्या मायने नहीं रखती है।