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पीएम मोदी ने देशवासियों को दी नसीहत तो भड़के राहुल, बोले- ये नाकामी के सबूत हैं, अखिलेश यादव ने भी घेरा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीयों से खर्च में कटौती के उपाय अपनाने की अपील की। पीएम मोदी ने लोगों को सोने की खरीद से बचने, विदेश यात्रा टालने और घर से काम करने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने तेल, खाद और पेट्रोल डीजल के उपयोग में कटौती करने की अपील की। अब पीएम मोदी की इस अपील पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बुरी तरह भड़क गए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि देश चलाना अब कंप्रोमाइज्ड पीएम के वश की बात नहीं है।

देश चलाना कंप्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं-राहुल

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्‍ट कर कहा, ‘मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे। सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं, ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब कंप्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं’।

पीएम मोदी की अपील पर बिफरे अखिलेश

वहीं, दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने भी प्रधानमंत्री की अपील पर पलटवार किया है। अखिलेश ने एक्‍स पर पोस्‍ट करते हुए कहा कि ‘देश का सबसे बड़ा संकट खुद भाजपा सरकार बन चुकी है। पेट्रोल-डीजल के सीमित उपयोग, सोने की खरीद से बचने और अन्य प्रतिबंधात्मक अपीलों को सरकार की आर्थिक विफलता का संकेत बताया गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान भाजपा नेताओं ने हजारों चार्टर फ्लाइट्स और आलीशान सुविधाओं का उपयोग किया, लेकिन अब आम जनता से संयम बरतने की अपील की जा रही है’। बयान में कहा गया कि ‘सरकार की नीतियों के कारण महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक मंदी बढ़ी है। साथ ही भाजपा की विदेश नीति और आर्थिक प्रबंधन को भी निशाने पर लेते हुए कहा गया कि सरकार ने देश की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति से भटककर जनता पर आर्थिक बोझ डाला है’। 

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सिकंदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कह कि खाने के तेल की खपत कम करने से लोगों की सेहत भी बेहतर होगी और देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा, खाने के तेल के आयात पर देश को विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। अगर हर परिवार खाने के तेल का इस्तेमाल कम कर दे, तो यह देशभक्ति में बड़ा योगदान होगा। इससे देश के खजाने की सेहत भी सुधरेगी और परिवार के हर सदस्य की सेहत भी बेहतर होगी। उन्होंने रासायनिक खाद के आयात पर पड़ने वाले दबाव का भी जिक्र किया। प्रधानमत्री ने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में विदेश से रासायनिक खाद खरीदता है। उन्होंने किसानों से इसके उपयोग को कम करने की अपील की। उन्होंने कहा, कृषि क्षेत्र में भी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। हम विदेश से रासायनिक खाद आयात करते हैं। हमें इसका उपयोग आधा करना चाहिए और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और हमारी जमीन व धरती माता भी सुरक्षित रहेंगी।

बीजेपी का हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता, राहुल गांधी का गंभीर आरोप, हरियाणा सरकार को बताया घुसपैठिया

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कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में भाजपा के हर छठे सांसद ने वोट चोरी के जरिए जीत हासिल की है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं तो बीजेपी 140 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।

राहुल ने पूछा- क्या उन्हें ‘घुसपैठिए’ कहें?

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 बीजेपी सांसदों में से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं। क्या उन्हें बीजेपी की भाषा में ‘घुसपैठिए’ कहें? और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही ‘घुसपैठिया’ है। जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं। वो ख़ुद “remote controlled” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।’

बंगाल और असम के नतीजों पर भी बोला हमला

राहुल गांधी ने इससे पहले पश्चिम बंगाल और असम के नतीजों के बाद भी बीजेपी पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि असम और पश्चिम बंगाल में 'जनादेश की चोरी' देश के लोकतंत्र को नष्ट करने के भारतीय जनता पार्टी के 'मिशन' के तहत उठाया गया बड़ा कदम है। कांग्रेस के 'कुछ लोगों' और उन दूसरे लोगों को अच्छी तरह समझने की जरूरत है जो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार से खुश हो रहे हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा था कि क्षुद्र राजनीति को किनारे रखें, यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी के बारे में नहीं है, यह भारत के बारे में है।

क्या है ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट? सरकार बता रही रणनीतिक और आर्थिक लाभ, राहुल ने कह डाला ‘सबसे बड़ा घोटाला’

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देश में इन दिनों भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार परियोजना राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार के ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को प्राकृतिक और जनजातीय विरासत के ख़िलाफ सबसे बड़े घोटालों और सबसे गंभीर अपराधों में से एक बताया है। वहीं, केंद्र इसे देश की सुरक्षा और विकास के लिए जरूरी मान रहा है।

राहुल गांधी का ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर बहस, उस वक्त शुरू हुई, जब राहुल गांधी ने सरकार के इस प्रोजेक्ट की आलोचना करते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा करते हुए कहा कि वहां के पेड़ लोगों की "यादों से भी पुराने" है।

जंगलों की कटाई पर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता ने अपने वीडियो संदेश में कहा, ''सरकार इसे एक 'प्रोजेक्ट' कहती है। लेकिन मैंने जो देखा, वह प्रोजेक्ट नहीं है। यहां लाखों पेड़ों को काटने के लिए उन्हें चिह्नित किया गया है। यह 160 वर्ग किलोमीटर में फैले वर्षावन को ख़त्म करने का फ़ैसला है। यह उन समुदायों की अनदेखी है, जिनके घर उनसे छीन लिए गए हैं।"

द्वीप का हर व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, ''इस द्वीप पर रहने वाला हर एक व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ है, लेकिन उनसे इस परियोजना के बारे में पूछा ही नहीं गया है। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी जमीन के बदले उन्हें क्या मुआवजा मिलेगा। और अब मुझे समझ में आ रहा है कि सरकार मुझे यहां आने क्यों नहीं देना चाहती थी और मुझे यहां पहुंचने से रोकने के लिए सरकार ने इतना बड़ा प्रयास क्यों किया।" राहुल गांधी ने इसे "खुलेआम लूट" बताया और कहा कि द्वीप के निवासियों ने उनसे इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए कहा है।

क्या कह रही केन्द्र सरकार?

वहीं, केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय सुरक्षा, समुद्री रणनीति और आर्थिक विकास के लिहाज से बेहद अहम मान रही है। यह परियोजना अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की मौजूदगी मजबूत करेगी। इससे हिंद महासागर में समुद्री निगरानी और रक्षा क्षमता बढ़ेगी। सरकार इसे चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स रणनीति के जवाब और भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का हिस्सा बता रही। सरकार का ये भी कहना है कि दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग मलक्का स्ट्रेट के पास बन रही इस परियोजना से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

क्या है ग्रेट निकोबार परियोजना?

ग्रेट निकोबार परियोजना भारत की एक महत्वाकांक्षी रणनीतिक और आर्थिक पहल है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में देश की मौजूदगी को सशक्त करना है। इस परियोजना के तहत अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, पावर प्लांट और आधुनिक टाउनशिप विकसित किए जाने की योजना है। यह सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को ग्लोबल समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एक अहम केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके जरिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापारिक क्षमता और सामरिक महत्व तीनों को एक साथ मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्या है इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य?

इस परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में एक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। अभी तक देश को ट्रांसशिपमेंट के लिए कोलंबो और सिंगापुर जैसे विदेशी बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ते हैं। ग्रेट निकोबार में विकसित होने वाला ट्रांसशिपमेंट हब इस निर्भरता को कम करेगा और भारत को क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में प्रमुख स्थान दिलाएगा। इसके साथ ही यह परियोजना व्यापारिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, निर्यात क्षमता सुधारने और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की आर्थिक व रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

संसद में पीएम मोदी और राहुल गांधी की मुलाकात, काफी देर तक हुई बातचीत

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संवाद लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। सियासत में वैचारिक मतभेद का मतलब संवाद की कमी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, ऐसा होता नहीं है। इसलिए तो आज देश की संसद के अंदर से आई एक तस्वीर चर्चा का विषय बन गई है। ये तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज संसद परिसर में अचानक ही आमने-सामने आ गए। इस दौरान राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने भी हाथ जोड़कर उनके अभिवादन को स्वीकार किया। यही नहीं दोनों ही नेताओं के बीच फिर काफी देर तक बातचीत होती रही।

दरअसल, आज महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती है। इस मौके पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर खास आयोजन रखा गया। इसी मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद और लोकसभा स्पीकर समेत सियासी दिग्गज पहुंचे थे। इसी समारोह में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात हुई।

इस मुलाकात का एक वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। 1 मिनट 34 सेकेंड के इस वीडियो में पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। पहले तो पीएम ने बाकी खड़े सांसदों का अभिवादन किया फिर पीछे मुड़कर राहुल गांधी के पास आए। इसके बाद काफी देर तक आपस में बातचीत करते दिखे।

'द केरल स्टोरी-2' को ज्यादा दर्शक न मिलना 'अच्छी खबर', राहुल गांधी बोले-फिल्मों का इस्तेमाल प्रचार के लिए हो रहा

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि यह "अच्छी खबर" है कि विवादित फिल्म 'द केरल स्टोरी-2 गोज बियॉन्ड' को ज्यादा दर्शक नहीं मिल रहे हैं। राहुल गांधी ने शुक्रवार को कुट्टिक्कानम के मारियन कॉलेज में छात्रों से बातचीत करते हुए ये बयान दिया।

फिल्मों को दुष्प्रचार का साधन बनाए जाने के बारे में एक छात्र के प्रश्न का उत्तर देते हुए गांधी ने ‘केरल स्टोरी-2 गोज बियॉन्ड’ पर अपने विचार साझा किए। राहुल गांधी ने कहा कि अच्छी खबर यह है कि ‘केरल स्टोरी’ वाले सिनेमाघरों में सीट खाली पड़ी हैं, और इसे कोई देख नहीं रहा है। यह दिखाता है कि ऐसे लोग हैं, जिनमें से अधिकांश को केरल और उसकी परंपराओं तथा संस्कृति की समझ नहीं है।

फिल्मों-टेलीविजन और मीडिया का राजनीतिक इस्तेमाल

राहुल के अनुसार, फिल्मों, टेलीविजन और मीडिया को तेजी से ‘हथियार’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि सिनेमा, टेलीविजन और मीडिया का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश फैलाने के लिए तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “इसका इस्तेमाल ठीक इसी उद्देश्य से किया जाता है— लोगों को बदनाम करने, उन्हें समाज से अलग करने और समाज में फूट डालने के लिए, ताकि कुछ लोगों को फायदा हो और दूसरों को नुकसान। भारत भी कुछ ऐसा ही बन चुका है।

इस तरह के घटनाक्रम के लिए बड़ी खर्च हो रहा-राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद का दावा है किया कि इस तरह के घटनाक्रम देश के लिए हानिकारक थे और इस उद्देश्य के लिए बड़ी मात्रा में धन खर्च किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि अगर कोई इंसान किसी खास तरह की फिल्म बनाना चाहता है, मीडिया में कुछ कहना चाहता है, या किसी खास आइडिया को डिफेंड करना चाहता है, तो उन पर हमला किया जाता है और अक्सर उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। राहुल ने कहा कि मैं यह हर समय महसूस करता हूं। दूसरी तरफ, कुछ कहानियों को लोग जितना चाहें उतना फैला सकते हैं और उनका कुछ नहीं होता।

देश की शिक्षा प्रणाली पर वैचारिक दबाव-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि केरल में समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं हैं और उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे इन परंपराओं से जुड़े रहें और साथ ही दुनिया के अन्य हिस्सों से भी सीखें। उन्होंने यह भी चिंता व्यक्त की कि देश की शिक्षा प्रणाली वैचारिक दबाव का सामना कर रही है। उन्होंने कहा, “यदि आप विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को देखें, तो उनमें से बड़ी संख्या में नियुक्तियां केवल इसलिए की गई हैं क्योंकि वे आरएसएस या किसी विशेष विचारधारा का हिस्सा हैं। शिक्षा प्रणाली पर वैचारिक दबाव है। शिक्षा किसी विशेष विचारधारा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, विशेष रूप से आरएसएस के विभाजनकारी दृष्टिकोण तक तो बिल्कुल नहीं।”

मुझे अपने बब्बर शेर पर गर्व', शर्टलेस प्रदर्शन के बाद यूथ कांग्रेस चीफ उदय भानु की गिरफ्तारी पर बोले राहुल*

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इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारत मंडपम में प्रोटेस्ट के मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस के नेशनल प्रेसिडेंट उदय भानु चिब को गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को चिब की 4 दिन की रिमांड को भी मंजूरी दे दी है। उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस लीडर और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनके समर्थन में पोस्ट शेयर किया है और केंद्र सरकार की आलोचना की है।

कांग्रेस नेतृत्व कर रहा बचाव

एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस द्वारा किए गए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन को बीजेपी ने इसे वैश्विक मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने का एक शर्मनाक कृत्य बताया, जबकि यूथ कांग्रेस के इस प्रदर्शन का कांग्रेस लगातार बचाव कर रही है। राहुल गांधी समेत अन्य कांग्रेसी नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया है।

अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व-राहुल गांधी

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है। राहुल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने COMPROMISED PM के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज उठाई है।

खरगे ने सरकार पर बोला हमला

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी अपने एक्स पोस्ट में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हुई कार्रवाई पर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि युवा आज नौकरी के लिए तड़प रहे हैं। देश का माहौल खराब हो चुका है। पीएम मोदी के प्रति लोगों ने भारी रोष है। पीएम ने अमेरिका के सामने भी घुटने टेकते हुए सारी शर्तों को मान लिया, जिससे पूरा देश शर्मिंदा है। हकीकत में ट्रंप हमें गुलाम बना रहा है और बंधुआ मजदूर बनाने की दिशा में धकेला जा रहा है। यह काम मोदी कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला उस समय चर्चा में आया जब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एआई समिट के दौरान बिना शर्ट पहने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों, बढ़ती बेरोजगारी और एआई से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। इस मामले में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु चिब के साथ कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले सोमवार को आरोपियों जितेंद्र यादव, राजा गुर्जर व अजय कुमार को ग्वालियर को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारियों में बिहार के कुंदन यादव, कृष्णा हरि, उत्तर प्रदेश के अजय कुमार और तेलंगाना के नरसिम्हा यादव शामिल बताए गए हैं।

मणिशंकर अय्यर ने राहुल के नेतृत्व पर उठाया सवाल, ममता बनर्जी को इंडिया गठबंधन का नेता बनाने की सलाह

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने पिछले कुछ समय से कांग्रेस विरोधी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। मणिसंकर अय्यर ने एक बार फिर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए इंडिया गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इंडी गठबंधन की अगुवाई क्षेत्रीय दलों के नेताओं को करनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि राहुल गांधी को गठबंधन की ड्राइविंग सीट छोड़ देनी चाहिए।

ममता बनर्जी के बिना इंडी गठबंधन कुछ नहीं रहेगा- अय्यर

पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव में अब ज्यादा समय बाकी नहीं है, इससे पहले ही मणिशंकर अय्यर ने नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। रविवार को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में अय्यर ने कहा, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन की नेता हैं। उनके बिना इंडी गठबंधन कुछ नहीं रहेगा।

स्टालिन और अखिलेश यादव का भी लिया नाम

इसके अलावा अय्यर ने कई अन्य बड़े क्षेत्रियों नेताओं का भी नाम लिया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में ऐसे कई क्षेत्रीय नेता हैं जो नेतृत्व की भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव जैसे नेताओं का भी उल्लेख किया।

राहुल को इंडिया ब्लॉक की बागडोर छोड़ने की सलाह

मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि उनको इंडिया ब्लॉक की बागडोर को छोड़ देना चाहिए और इसे किसी क्षेत्रीय दल को सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस जिम्मेदारी को साझा करें।

राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक', किरेन रिजिजू का नेता प्रतिपक्ष पर बड़ा हमला

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केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। रिजिजू ने राहुल गांधी पर ‘भारत विरोधी ताकतों’ से संबंध रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए ‘सबसे खतरनाक व्यक्ति’ बन चुके हैं।

राहुल का व्यवहार काफी बचकाना-रिजिजु

केंद्रीय मंत्री का आरोप है कि राहुल का व्यवहार काफी बचकाना है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष के पद पर बैठे किसी व्यक्ति के लिए इस तरह की हरकत काफी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का नेता एक बड़ा चेहरा होता है। सदन के बाहर जाना, लोगों को देशद्रोही कहना, नाटकीय धरना देना और एक अनपब्लिश्ड किताब से सरकार को बेवजह घेरना, दिखाता है कि राहुल किस तरह व्यवहार करते हैं। उनका व्यहार बच्चों जैसा होता है। हमने भारत के इतिहास में ऐसा LoP कभी नहीं देखा था।

भारत विरोधी ताकतों से जुड़े होने का आरोप

किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश और विदेश में नक्सलियों, अतिवादियों, वैचारिक समूहों और जॉर्ज सोरोस जैसे लोगों से मुलाकात करते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी भारत की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक व्यक्ति बन गए हैं, क्योंकि वे भारत विरोधी ताकतों के साथ जुड़ते हैं।

संसद में सिर्फ हंगामा करती है कांग्रेस-रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि सरकार पर आरोप लगाती है कि हम उन्हें संसद में बोलने नहीं देते हैं। विपक्ष के ये आरोप पूरी तरह से गलत हैं। सरकार कांग्रेस को हर बात बोलने का मौका देती है, लेकिन मुद्दों पर बोलने की बजाए वो हंगामा शुरू कर देते हैं। नारों के साथ बैनर लहराने लगते हैं। उन्होंने कहा कि कागज फेंकना, नारेबाजी करना और बैनर दिखाना ज्यादातर कांग्रेस का तरीका है। यह विपक्ष की गंभीरता को दर्शाता है।

जबरदस्ती पीएम के खिलाफ बयानबाजी का आरोप

रिजिजू ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल के समर्थक इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते क्योंकि वे बिना सच और आधार के बोलते हैं। अगर कोई दस्तावेज है या पीएम किसी से मिले हैं, तो सबूत पेश करें। बिना आधार के पीएम का नाम जोड़ना निराशा और हताशा पैदा करता है। उन्होंने कहा, "वे जबरदस्ती प्रधानमंत्री का नाम घसीटते हैं, बिना किसी आधार के। इससे देश में निराशा फैलती है।"

राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता होगी खत्म? निशिकांत दुबे ने निलंबित करने का दिया नोटिस

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बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भाषण ने सियासत को और गर्मा दिया। उन्होंने राजनीति को मार्शल आर्ट से जोड़ते हुए कहा कि जैसे खेल में 'ग्रिप' और 'चोक' होती है, वैसे ही राजनीति में भी कई अदृश्य तकनीकें काम करती हैं- बस वे दिखाई नहीं देतीं। अब अब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक प्रस्‍ताव लाने का नोटिस दिया है।

आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार 12 फरवरी को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ‘सब्सटेंटिव मोशन’ लाने का नोटिस दिया और उनकी संसद सदस्यता रद्द करने के साथ ही आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

नोटिस में सोरोस फाउंडेशन जिक्र

संसद परिसर में भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने अपने नोटिस में राहुल गांधी के विदेशी दौरों और कथित रूप से सोरोस फाउंडेशन, यूएसएआईडी और फोर्ड फाउंडेशन जैसी संस्थाओं से जुड़े लोगों के साथ संपर्क का उल्लेख किया है। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी थाईलैंड, वियतनाम और कंबोडिया जैसे देशों की यात्राओं के दौरान ‘भारत विरोधी तत्वों’ के साथ मिलीभगत करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव यानी सब्सटेंटिव मोशन है, जिसका उद्देश्य सदन के समक्ष निर्णय या राय व्यक्त करना होता ।

पहले जा चुकी है राहुल गांधी की सदस्यता

साल 2023 में राहुल गांधी के 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में दिए गए भाषण को लेकर सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को दो साल की सज़ा सुनाई। इसके तुरंत बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद कर दी गई थी। हालांकि बाद राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो गई थी।

क्या राहुल गांधी का बयान

बुधवार को लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में सरकार ने देश के हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद मानती है कि दुनिया इस समय अस्थिर दौर से गुजर रही है, जहां ऊर्जा और वित्त को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद, उनके मुताबिक, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों में अमेरिका को ज्यादा प्रभाव दिया है। उन्होंने मार्शल आर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले पकड़ बनाई जाती है, फिर गला दबाया जाता है और अंत में सामने वाला हार मान लेता है।

राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी सरकार, जानें क्या है मामला

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संसद के बजट सत्र में हंगामे का दौर जारी है। केंद्र सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने जा रही है। इस संबंध में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को शाम 5 बजे तक जवाब देना है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने सदन की गरिमा को ताक पर रखकर प्रधानमंत्री और सरकार के खिलाफ सफेद झूठ बोला है, जिसके लिए बीजेपी उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने जा रही है। उन्होंने कहा, लोकसभा और राज्यसभा में प्रोसीजर और कंडक्ट ऑफ बिजनेस के बहुत साफ नियम हैं। जब कोई सदस्य दूसरे सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो आपको नोटिस देना होगा और आरोप को साबित भी करना होगा।

किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर पलटवार

किरेन रिजीजू ने राहुल गांधी के उन दावों पर कड़ा ऐतराज जताया है जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री ने देश के राष्ट्रीय हितों को बेच दिया है। रिजीजू ने तीखे अंदाज में कहा, सदन के पटल पर मैंने खुद राहुल गांधी से अनुरोध किया था कि वे जो आरोप लगा रहे हैं, उनके आवश्यक प्रमाण पेश करें। लेकिन उन्होंने बिना किसी तथ्यात्मक आधार के निराधार और भ्रामक बातें कहीं। यह केवल प्रधानमंत्री का अपमान नहीं, बल्कि पूरे सदन को गुमराह करने की कोशिश है।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का भी लिया नाम

विवाद केवल प्रधानमंत्री तक सीमित नहीं रहा। रिजीजू के अनुसार, राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेकर उन पर जो व्यक्तिगत और गंभीर आरोप लगाए हैं, वे विशेषाधिकार का खुला उल्लंघन हैं। रिजीजू ने कहा कि किसी मंत्री के खिलाफ बिना किसी ठोस दस्तावेज के इस तरह की बयानबाजी करना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस मामले को हल्के में नहीं लेंगे। रिजीजू ने कहा, मैं स्पीकर के समक्ष इस गंभीर उल्लंघन के खिलाफ आवश्यक नोटिस दाखिल करने जा रहा हूं।

संसद में क्या बोले राहुल गांधी?

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया है और देश का विदेशी ताकतों के सामने 'समर्पण' कर दिया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करते समय भारत के हितों को शर्मनाक तरीके से गिरवी रख दिया। उन्होंने इसे 'नॉनसेंस' कदम बताते हुए कहा कि सरकार ने कृषि, आईटी, डेटा और लोगों के हितों से जुड़े कई मामलों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकाव दिखाया है।

संसद के बाहर क्या बोले राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने संबोधन के बाद मीडिया से बात की, जहां उन्होंने कहा कि मेरे पास डाटा है और मैंने कहा कि मैं प्रमाणित कर दूंगा, एप्सटीन में डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस फाइल्स है जिसमें हरदीप पुरी का नाम है, अनिल अंबानी का नाम है, अडानी का केस चल रहा है, प्रधानमंत्री पर सीधे दबाव है यह सब जानते हैं। बिना दबाव के कोई प्रधानमंत्री यह नहीं कर सकता। जो हुआ है, जो किसानों के साथ, डाटा के साथ, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा के साथ हुआ है कोई प्रधानमंत्री सामान्य परिस्थिति में नहीं कर सकता। वह तभी करेगा जब किसी ने जकड़ रखा हो।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी नसीहत तो भड़के राहुल, बोले- ये नाकामी के सबूत हैं, अखिलेश यादव ने भी घेरा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीयों से खर्च में कटौती के उपाय अपनाने की अपील की। पीएम मोदी ने लोगों को सोने की खरीद से बचने, विदेश यात्रा टालने और घर से काम करने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने तेल, खाद और पेट्रोल डीजल के उपयोग में कटौती करने की अपील की। अब पीएम मोदी की इस अपील पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बुरी तरह भड़क गए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि देश चलाना अब कंप्रोमाइज्ड पीएम के वश की बात नहीं है।

देश चलाना कंप्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं-राहुल

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्‍ट कर कहा, ‘मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे। सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं, ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब कंप्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं’।

पीएम मोदी की अपील पर बिफरे अखिलेश

वहीं, दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने भी प्रधानमंत्री की अपील पर पलटवार किया है। अखिलेश ने एक्‍स पर पोस्‍ट करते हुए कहा कि ‘देश का सबसे बड़ा संकट खुद भाजपा सरकार बन चुकी है। पेट्रोल-डीजल के सीमित उपयोग, सोने की खरीद से बचने और अन्य प्रतिबंधात्मक अपीलों को सरकार की आर्थिक विफलता का संकेत बताया गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान भाजपा नेताओं ने हजारों चार्टर फ्लाइट्स और आलीशान सुविधाओं का उपयोग किया, लेकिन अब आम जनता से संयम बरतने की अपील की जा रही है’। बयान में कहा गया कि ‘सरकार की नीतियों के कारण महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक मंदी बढ़ी है। साथ ही भाजपा की विदेश नीति और आर्थिक प्रबंधन को भी निशाने पर लेते हुए कहा गया कि सरकार ने देश की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति से भटककर जनता पर आर्थिक बोझ डाला है’। 

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सिकंदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कह कि खाने के तेल की खपत कम करने से लोगों की सेहत भी बेहतर होगी और देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा, खाने के तेल के आयात पर देश को विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। अगर हर परिवार खाने के तेल का इस्तेमाल कम कर दे, तो यह देशभक्ति में बड़ा योगदान होगा। इससे देश के खजाने की सेहत भी सुधरेगी और परिवार के हर सदस्य की सेहत भी बेहतर होगी। उन्होंने रासायनिक खाद के आयात पर पड़ने वाले दबाव का भी जिक्र किया। प्रधानमत्री ने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में विदेश से रासायनिक खाद खरीदता है। उन्होंने किसानों से इसके उपयोग को कम करने की अपील की। उन्होंने कहा, कृषि क्षेत्र में भी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। हम विदेश से रासायनिक खाद आयात करते हैं। हमें इसका उपयोग आधा करना चाहिए और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और हमारी जमीन व धरती माता भी सुरक्षित रहेंगी।

बीजेपी का हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता, राहुल गांधी का गंभीर आरोप, हरियाणा सरकार को बताया घुसपैठिया

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कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में भाजपा के हर छठे सांसद ने वोट चोरी के जरिए जीत हासिल की है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं तो बीजेपी 140 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।

राहुल ने पूछा- क्या उन्हें ‘घुसपैठिए’ कहें?

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 बीजेपी सांसदों में से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं। क्या उन्हें बीजेपी की भाषा में ‘घुसपैठिए’ कहें? और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही ‘घुसपैठिया’ है। जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं। वो ख़ुद “remote controlled” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।’

बंगाल और असम के नतीजों पर भी बोला हमला

राहुल गांधी ने इससे पहले पश्चिम बंगाल और असम के नतीजों के बाद भी बीजेपी पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि असम और पश्चिम बंगाल में 'जनादेश की चोरी' देश के लोकतंत्र को नष्ट करने के भारतीय जनता पार्टी के 'मिशन' के तहत उठाया गया बड़ा कदम है। कांग्रेस के 'कुछ लोगों' और उन दूसरे लोगों को अच्छी तरह समझने की जरूरत है जो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार से खुश हो रहे हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा था कि क्षुद्र राजनीति को किनारे रखें, यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी के बारे में नहीं है, यह भारत के बारे में है।

क्या है ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट? सरकार बता रही रणनीतिक और आर्थिक लाभ, राहुल ने कह डाला ‘सबसे बड़ा घोटाला’

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देश में इन दिनों भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार परियोजना राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार के ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को प्राकृतिक और जनजातीय विरासत के ख़िलाफ सबसे बड़े घोटालों और सबसे गंभीर अपराधों में से एक बताया है। वहीं, केंद्र इसे देश की सुरक्षा और विकास के लिए जरूरी मान रहा है।

राहुल गांधी का ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर बहस, उस वक्त शुरू हुई, जब राहुल गांधी ने सरकार के इस प्रोजेक्ट की आलोचना करते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा करते हुए कहा कि वहां के पेड़ लोगों की "यादों से भी पुराने" है।

जंगलों की कटाई पर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता ने अपने वीडियो संदेश में कहा, ''सरकार इसे एक 'प्रोजेक्ट' कहती है। लेकिन मैंने जो देखा, वह प्रोजेक्ट नहीं है। यहां लाखों पेड़ों को काटने के लिए उन्हें चिह्नित किया गया है। यह 160 वर्ग किलोमीटर में फैले वर्षावन को ख़त्म करने का फ़ैसला है। यह उन समुदायों की अनदेखी है, जिनके घर उनसे छीन लिए गए हैं।"

द्वीप का हर व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, ''इस द्वीप पर रहने वाला हर एक व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ है, लेकिन उनसे इस परियोजना के बारे में पूछा ही नहीं गया है। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी जमीन के बदले उन्हें क्या मुआवजा मिलेगा। और अब मुझे समझ में आ रहा है कि सरकार मुझे यहां आने क्यों नहीं देना चाहती थी और मुझे यहां पहुंचने से रोकने के लिए सरकार ने इतना बड़ा प्रयास क्यों किया।" राहुल गांधी ने इसे "खुलेआम लूट" बताया और कहा कि द्वीप के निवासियों ने उनसे इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए कहा है।

क्या कह रही केन्द्र सरकार?

वहीं, केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय सुरक्षा, समुद्री रणनीति और आर्थिक विकास के लिहाज से बेहद अहम मान रही है। यह परियोजना अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की मौजूदगी मजबूत करेगी। इससे हिंद महासागर में समुद्री निगरानी और रक्षा क्षमता बढ़ेगी। सरकार इसे चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स रणनीति के जवाब और भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का हिस्सा बता रही। सरकार का ये भी कहना है कि दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग मलक्का स्ट्रेट के पास बन रही इस परियोजना से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

क्या है ग्रेट निकोबार परियोजना?

ग्रेट निकोबार परियोजना भारत की एक महत्वाकांक्षी रणनीतिक और आर्थिक पहल है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में देश की मौजूदगी को सशक्त करना है। इस परियोजना के तहत अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, पावर प्लांट और आधुनिक टाउनशिप विकसित किए जाने की योजना है। यह सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को ग्लोबल समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एक अहम केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके जरिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापारिक क्षमता और सामरिक महत्व तीनों को एक साथ मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्या है इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य?

इस परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में एक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। अभी तक देश को ट्रांसशिपमेंट के लिए कोलंबो और सिंगापुर जैसे विदेशी बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ते हैं। ग्रेट निकोबार में विकसित होने वाला ट्रांसशिपमेंट हब इस निर्भरता को कम करेगा और भारत को क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में प्रमुख स्थान दिलाएगा। इसके साथ ही यह परियोजना व्यापारिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, निर्यात क्षमता सुधारने और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की आर्थिक व रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

संसद में पीएम मोदी और राहुल गांधी की मुलाकात, काफी देर तक हुई बातचीत

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संवाद लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। सियासत में वैचारिक मतभेद का मतलब संवाद की कमी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, ऐसा होता नहीं है। इसलिए तो आज देश की संसद के अंदर से आई एक तस्वीर चर्चा का विषय बन गई है। ये तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज संसद परिसर में अचानक ही आमने-सामने आ गए। इस दौरान राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने भी हाथ जोड़कर उनके अभिवादन को स्वीकार किया। यही नहीं दोनों ही नेताओं के बीच फिर काफी देर तक बातचीत होती रही।

दरअसल, आज महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती है। इस मौके पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर खास आयोजन रखा गया। इसी मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद और लोकसभा स्पीकर समेत सियासी दिग्गज पहुंचे थे। इसी समारोह में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात हुई।

इस मुलाकात का एक वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। 1 मिनट 34 सेकेंड के इस वीडियो में पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। पहले तो पीएम ने बाकी खड़े सांसदों का अभिवादन किया फिर पीछे मुड़कर राहुल गांधी के पास आए। इसके बाद काफी देर तक आपस में बातचीत करते दिखे।

'द केरल स्टोरी-2' को ज्यादा दर्शक न मिलना 'अच्छी खबर', राहुल गांधी बोले-फिल्मों का इस्तेमाल प्रचार के लिए हो रहा

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि यह "अच्छी खबर" है कि विवादित फिल्म 'द केरल स्टोरी-2 गोज बियॉन्ड' को ज्यादा दर्शक नहीं मिल रहे हैं। राहुल गांधी ने शुक्रवार को कुट्टिक्कानम के मारियन कॉलेज में छात्रों से बातचीत करते हुए ये बयान दिया।

फिल्मों को दुष्प्रचार का साधन बनाए जाने के बारे में एक छात्र के प्रश्न का उत्तर देते हुए गांधी ने ‘केरल स्टोरी-2 गोज बियॉन्ड’ पर अपने विचार साझा किए। राहुल गांधी ने कहा कि अच्छी खबर यह है कि ‘केरल स्टोरी’ वाले सिनेमाघरों में सीट खाली पड़ी हैं, और इसे कोई देख नहीं रहा है। यह दिखाता है कि ऐसे लोग हैं, जिनमें से अधिकांश को केरल और उसकी परंपराओं तथा संस्कृति की समझ नहीं है।

फिल्मों-टेलीविजन और मीडिया का राजनीतिक इस्तेमाल

राहुल के अनुसार, फिल्मों, टेलीविजन और मीडिया को तेजी से ‘हथियार’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि सिनेमा, टेलीविजन और मीडिया का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश फैलाने के लिए तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “इसका इस्तेमाल ठीक इसी उद्देश्य से किया जाता है— लोगों को बदनाम करने, उन्हें समाज से अलग करने और समाज में फूट डालने के लिए, ताकि कुछ लोगों को फायदा हो और दूसरों को नुकसान। भारत भी कुछ ऐसा ही बन चुका है।

इस तरह के घटनाक्रम के लिए बड़ी खर्च हो रहा-राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद का दावा है किया कि इस तरह के घटनाक्रम देश के लिए हानिकारक थे और इस उद्देश्य के लिए बड़ी मात्रा में धन खर्च किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि अगर कोई इंसान किसी खास तरह की फिल्म बनाना चाहता है, मीडिया में कुछ कहना चाहता है, या किसी खास आइडिया को डिफेंड करना चाहता है, तो उन पर हमला किया जाता है और अक्सर उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। राहुल ने कहा कि मैं यह हर समय महसूस करता हूं। दूसरी तरफ, कुछ कहानियों को लोग जितना चाहें उतना फैला सकते हैं और उनका कुछ नहीं होता।

देश की शिक्षा प्रणाली पर वैचारिक दबाव-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि केरल में समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं हैं और उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे इन परंपराओं से जुड़े रहें और साथ ही दुनिया के अन्य हिस्सों से भी सीखें। उन्होंने यह भी चिंता व्यक्त की कि देश की शिक्षा प्रणाली वैचारिक दबाव का सामना कर रही है। उन्होंने कहा, “यदि आप विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को देखें, तो उनमें से बड़ी संख्या में नियुक्तियां केवल इसलिए की गई हैं क्योंकि वे आरएसएस या किसी विशेष विचारधारा का हिस्सा हैं। शिक्षा प्रणाली पर वैचारिक दबाव है। शिक्षा किसी विशेष विचारधारा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, विशेष रूप से आरएसएस के विभाजनकारी दृष्टिकोण तक तो बिल्कुल नहीं।”

मुझे अपने बब्बर शेर पर गर्व', शर्टलेस प्रदर्शन के बाद यूथ कांग्रेस चीफ उदय भानु की गिरफ्तारी पर बोले राहुल*

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इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारत मंडपम में प्रोटेस्ट के मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस के नेशनल प्रेसिडेंट उदय भानु चिब को गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को चिब की 4 दिन की रिमांड को भी मंजूरी दे दी है। उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस लीडर और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनके समर्थन में पोस्ट शेयर किया है और केंद्र सरकार की आलोचना की है।

कांग्रेस नेतृत्व कर रहा बचाव

एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस द्वारा किए गए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन को बीजेपी ने इसे वैश्विक मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने का एक शर्मनाक कृत्य बताया, जबकि यूथ कांग्रेस के इस प्रदर्शन का कांग्रेस लगातार बचाव कर रही है। राहुल गांधी समेत अन्य कांग्रेसी नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया है।

अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व-राहुल गांधी

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है। राहुल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने COMPROMISED PM के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज उठाई है।

खरगे ने सरकार पर बोला हमला

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी अपने एक्स पोस्ट में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हुई कार्रवाई पर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि युवा आज नौकरी के लिए तड़प रहे हैं। देश का माहौल खराब हो चुका है। पीएम मोदी के प्रति लोगों ने भारी रोष है। पीएम ने अमेरिका के सामने भी घुटने टेकते हुए सारी शर्तों को मान लिया, जिससे पूरा देश शर्मिंदा है। हकीकत में ट्रंप हमें गुलाम बना रहा है और बंधुआ मजदूर बनाने की दिशा में धकेला जा रहा है। यह काम मोदी कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला उस समय चर्चा में आया जब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एआई समिट के दौरान बिना शर्ट पहने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों, बढ़ती बेरोजगारी और एआई से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। इस मामले में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु चिब के साथ कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले सोमवार को आरोपियों जितेंद्र यादव, राजा गुर्जर व अजय कुमार को ग्वालियर को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारियों में बिहार के कुंदन यादव, कृष्णा हरि, उत्तर प्रदेश के अजय कुमार और तेलंगाना के नरसिम्हा यादव शामिल बताए गए हैं।

मणिशंकर अय्यर ने राहुल के नेतृत्व पर उठाया सवाल, ममता बनर्जी को इंडिया गठबंधन का नेता बनाने की सलाह

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने पिछले कुछ समय से कांग्रेस विरोधी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। मणिसंकर अय्यर ने एक बार फिर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए इंडिया गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इंडी गठबंधन की अगुवाई क्षेत्रीय दलों के नेताओं को करनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि राहुल गांधी को गठबंधन की ड्राइविंग सीट छोड़ देनी चाहिए।

ममता बनर्जी के बिना इंडी गठबंधन कुछ नहीं रहेगा- अय्यर

पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव में अब ज्यादा समय बाकी नहीं है, इससे पहले ही मणिशंकर अय्यर ने नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। रविवार को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में अय्यर ने कहा, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन की नेता हैं। उनके बिना इंडी गठबंधन कुछ नहीं रहेगा।

स्टालिन और अखिलेश यादव का भी लिया नाम

इसके अलावा अय्यर ने कई अन्य बड़े क्षेत्रियों नेताओं का भी नाम लिया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में ऐसे कई क्षेत्रीय नेता हैं जो नेतृत्व की भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव जैसे नेताओं का भी उल्लेख किया।

राहुल को इंडिया ब्लॉक की बागडोर छोड़ने की सलाह

मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि उनको इंडिया ब्लॉक की बागडोर को छोड़ देना चाहिए और इसे किसी क्षेत्रीय दल को सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस जिम्मेदारी को साझा करें।

राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक', किरेन रिजिजू का नेता प्रतिपक्ष पर बड़ा हमला

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केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। रिजिजू ने राहुल गांधी पर ‘भारत विरोधी ताकतों’ से संबंध रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए ‘सबसे खतरनाक व्यक्ति’ बन चुके हैं।

राहुल का व्यवहार काफी बचकाना-रिजिजु

केंद्रीय मंत्री का आरोप है कि राहुल का व्यवहार काफी बचकाना है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष के पद पर बैठे किसी व्यक्ति के लिए इस तरह की हरकत काफी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का नेता एक बड़ा चेहरा होता है। सदन के बाहर जाना, लोगों को देशद्रोही कहना, नाटकीय धरना देना और एक अनपब्लिश्ड किताब से सरकार को बेवजह घेरना, दिखाता है कि राहुल किस तरह व्यवहार करते हैं। उनका व्यहार बच्चों जैसा होता है। हमने भारत के इतिहास में ऐसा LoP कभी नहीं देखा था।

भारत विरोधी ताकतों से जुड़े होने का आरोप

किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश और विदेश में नक्सलियों, अतिवादियों, वैचारिक समूहों और जॉर्ज सोरोस जैसे लोगों से मुलाकात करते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी भारत की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक व्यक्ति बन गए हैं, क्योंकि वे भारत विरोधी ताकतों के साथ जुड़ते हैं।

संसद में सिर्फ हंगामा करती है कांग्रेस-रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि सरकार पर आरोप लगाती है कि हम उन्हें संसद में बोलने नहीं देते हैं। विपक्ष के ये आरोप पूरी तरह से गलत हैं। सरकार कांग्रेस को हर बात बोलने का मौका देती है, लेकिन मुद्दों पर बोलने की बजाए वो हंगामा शुरू कर देते हैं। नारों के साथ बैनर लहराने लगते हैं। उन्होंने कहा कि कागज फेंकना, नारेबाजी करना और बैनर दिखाना ज्यादातर कांग्रेस का तरीका है। यह विपक्ष की गंभीरता को दर्शाता है।

जबरदस्ती पीएम के खिलाफ बयानबाजी का आरोप

रिजिजू ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल के समर्थक इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते क्योंकि वे बिना सच और आधार के बोलते हैं। अगर कोई दस्तावेज है या पीएम किसी से मिले हैं, तो सबूत पेश करें। बिना आधार के पीएम का नाम जोड़ना निराशा और हताशा पैदा करता है। उन्होंने कहा, "वे जबरदस्ती प्रधानमंत्री का नाम घसीटते हैं, बिना किसी आधार के। इससे देश में निराशा फैलती है।"

राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता होगी खत्म? निशिकांत दुबे ने निलंबित करने का दिया नोटिस

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बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भाषण ने सियासत को और गर्मा दिया। उन्होंने राजनीति को मार्शल आर्ट से जोड़ते हुए कहा कि जैसे खेल में 'ग्रिप' और 'चोक' होती है, वैसे ही राजनीति में भी कई अदृश्य तकनीकें काम करती हैं- बस वे दिखाई नहीं देतीं। अब अब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक प्रस्‍ताव लाने का नोटिस दिया है।

आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार 12 फरवरी को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ‘सब्सटेंटिव मोशन’ लाने का नोटिस दिया और उनकी संसद सदस्यता रद्द करने के साथ ही आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

नोटिस में सोरोस फाउंडेशन जिक्र

संसद परिसर में भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने अपने नोटिस में राहुल गांधी के विदेशी दौरों और कथित रूप से सोरोस फाउंडेशन, यूएसएआईडी और फोर्ड फाउंडेशन जैसी संस्थाओं से जुड़े लोगों के साथ संपर्क का उल्लेख किया है। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी थाईलैंड, वियतनाम और कंबोडिया जैसे देशों की यात्राओं के दौरान ‘भारत विरोधी तत्वों’ के साथ मिलीभगत करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव यानी सब्सटेंटिव मोशन है, जिसका उद्देश्य सदन के समक्ष निर्णय या राय व्यक्त करना होता ।

पहले जा चुकी है राहुल गांधी की सदस्यता

साल 2023 में राहुल गांधी के 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में दिए गए भाषण को लेकर सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को दो साल की सज़ा सुनाई। इसके तुरंत बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद कर दी गई थी। हालांकि बाद राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो गई थी।

क्या राहुल गांधी का बयान

बुधवार को लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में सरकार ने देश के हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद मानती है कि दुनिया इस समय अस्थिर दौर से गुजर रही है, जहां ऊर्जा और वित्त को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद, उनके मुताबिक, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों में अमेरिका को ज्यादा प्रभाव दिया है। उन्होंने मार्शल आर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले पकड़ बनाई जाती है, फिर गला दबाया जाता है और अंत में सामने वाला हार मान लेता है।

राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी सरकार, जानें क्या है मामला

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संसद के बजट सत्र में हंगामे का दौर जारी है। केंद्र सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने जा रही है। इस संबंध में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को शाम 5 बजे तक जवाब देना है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने सदन की गरिमा को ताक पर रखकर प्रधानमंत्री और सरकार के खिलाफ सफेद झूठ बोला है, जिसके लिए बीजेपी उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने जा रही है। उन्होंने कहा, लोकसभा और राज्यसभा में प्रोसीजर और कंडक्ट ऑफ बिजनेस के बहुत साफ नियम हैं। जब कोई सदस्य दूसरे सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो आपको नोटिस देना होगा और आरोप को साबित भी करना होगा।

किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर पलटवार

किरेन रिजीजू ने राहुल गांधी के उन दावों पर कड़ा ऐतराज जताया है जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री ने देश के राष्ट्रीय हितों को बेच दिया है। रिजीजू ने तीखे अंदाज में कहा, सदन के पटल पर मैंने खुद राहुल गांधी से अनुरोध किया था कि वे जो आरोप लगा रहे हैं, उनके आवश्यक प्रमाण पेश करें। लेकिन उन्होंने बिना किसी तथ्यात्मक आधार के निराधार और भ्रामक बातें कहीं। यह केवल प्रधानमंत्री का अपमान नहीं, बल्कि पूरे सदन को गुमराह करने की कोशिश है।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का भी लिया नाम

विवाद केवल प्रधानमंत्री तक सीमित नहीं रहा। रिजीजू के अनुसार, राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेकर उन पर जो व्यक्तिगत और गंभीर आरोप लगाए हैं, वे विशेषाधिकार का खुला उल्लंघन हैं। रिजीजू ने कहा कि किसी मंत्री के खिलाफ बिना किसी ठोस दस्तावेज के इस तरह की बयानबाजी करना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस मामले को हल्के में नहीं लेंगे। रिजीजू ने कहा, मैं स्पीकर के समक्ष इस गंभीर उल्लंघन के खिलाफ आवश्यक नोटिस दाखिल करने जा रहा हूं।

संसद में क्या बोले राहुल गांधी?

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया है और देश का विदेशी ताकतों के सामने 'समर्पण' कर दिया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करते समय भारत के हितों को शर्मनाक तरीके से गिरवी रख दिया। उन्होंने इसे 'नॉनसेंस' कदम बताते हुए कहा कि सरकार ने कृषि, आईटी, डेटा और लोगों के हितों से जुड़े कई मामलों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकाव दिखाया है।

संसद के बाहर क्या बोले राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने संबोधन के बाद मीडिया से बात की, जहां उन्होंने कहा कि मेरे पास डाटा है और मैंने कहा कि मैं प्रमाणित कर दूंगा, एप्सटीन में डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस फाइल्स है जिसमें हरदीप पुरी का नाम है, अनिल अंबानी का नाम है, अडानी का केस चल रहा है, प्रधानमंत्री पर सीधे दबाव है यह सब जानते हैं। बिना दबाव के कोई प्रधानमंत्री यह नहीं कर सकता। जो हुआ है, जो किसानों के साथ, डाटा के साथ, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा के साथ हुआ है कोई प्रधानमंत्री सामान्य परिस्थिति में नहीं कर सकता। वह तभी करेगा जब किसी ने जकड़ रखा हो।