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इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने में माहिर है हमारा पड़ोसी', यूएन में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा

#indiainunslampakistanoverislamofobia

भारत ने पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर जमकर लताड़ लगाई है। यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथानेनी हरीश ने कहा, नई दिल्ली का पश्चिमी पड़ोसी अपनी धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है और अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों का इस्तेमाल कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस्लामोफोबिया से निपटने के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर बोलते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने कहा, 'भारत एक ऐसा देश है जहां दुनिया के लगभग सभी प्रमुख धर्मों को मानने वाले लोग शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहते हैं। साथ ही, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म जैसे चार प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति भी भारत में ही हुई है। ऐसे में भारत किसी भी अन्य देश की तुलना में धार्मिक भेदभाव से मुक्त दुनिया की जरूरत को ज्यादा बेहतर समझता है।'

“पाकिस्तान इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने में माहिर”

हरीश ने कहा, 'भारत का पश्चिमी पड़ोसी इस्लामोफोबिया की काल्पनिक कहानियां गढ़ने का बेहतरीन उदाहरण है।' हरीश ने कहा कि यह सोचने वाली बात है कि पाकिस्तान अपने ही देश में अल्पसंख्यक अहमदिया समुदाय के साथ जो क्रूर व्यवहार करता है, या रमजान में दूसरों पर बमबारी करता है, तो उसे क्या कहा जाएगा?

ओआईसी इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करने का आरोप

भारत ने इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी को लेकर कहा कि पाकिस्तान इस मंच का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता है और पाकिस्तान के मनगढ़ंत दावों के आधार पर इस मंच से भारत के खिलाफ झूठे और निराधार आरोप लगाए जाते हैं। पी. हरीश ने कहा कि भारत में सभी धर्मों के लोग अपना प्रतिनिधि खुद चुनते हैं और वे प्रतिनिधि उनकी आवाज बनते हैं। भारत ने यूएन से अपील की कि वे अपना समय और संसाधन समावेशी समाज के निर्माण में लगाएं, जहां हर धर्म के व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।

भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र को भी दिखाया आईना

भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र को भी आईना दिखाते हुए कहा, 'संयुक्त राष्ट्र की परिकल्पना एक ऐसे संस्थान के रूप में की गई थी जो धर्म, संस्कृति और राजनीति से ऊपर उठकर काम करे। इसलिए हम ऐसे किसी भी ढांचे को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर देते हैं, जो केवल एक धर्म पर ध्यान दे और धार्मिक भय (रिलिजियोफोबिया) की व्यापक समस्या पर ध्यान न दे।'

संयुक्त राष्ट्र को भारत की सलाह

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र को धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने और संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उसका गलत इस्तेमाल किए जाने के प्रति आगाह रहना चाहिए और इन खतरों की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।'

पाकिस्तान ने काबुल में एयर स्ट्राइक कर ले ली 400 निर्दोष लोगों की जान, हमले के बाद गुस्‍से में तालिबान

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धू-धू कर उठती आग की लपटें और हर तरफ चीख-पुकार। ये मंजर दिखा अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में। जहां रमजान के महीने में पाकिस्तान ने 400 निर्दोष मुसलमानों एकसाथ मार दिया। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने एक नशा मुक्ति अस्पताल समेत 5 जगहों पर हमला किया गया। पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में 400 से ज़्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी और 250 से ज़्यादा घायल हो गए।

पाकिस्तान की नापाक हरकत, आम लोगों को निशाना बनाया

अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान की सेना ने काबुल में जिस जगह को निशाना बनाया, वह नशा मुक्ति केंद्र था। अफगान तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि पाकिस्तानी आर्मी ने अस्पताल में आम लोगों को निशाना बनाया है। इसमें 400 मौतें अब तक कंफर्म हो चुकी हैं और 250 से ज्यादा घायल हुए हैं। पाकिस्तानी की बमबारी में नशा मुक्ति अस्पताल तबाह हो गया है

नशा मुक्ति हॉस्पिटल पर हमला

तालिबान की सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान ने सोमवार रात करीब 9 बजे काबुल में हवाई हमला किया। इस हमले में 2,000 बेड वाले उम्मीद नशा मुक्ति हॉस्पिटल को निशाना बनाया गया। तालिबान के उपप्रवक्ता मुल्ला हमदुल्ला फितरत ने बताया कि हमले में हॉस्पिटल की इमारत का ज्यादातर हिस्सा तबाह हो गया। फितरत ने बताया है कि मरने वालों की संख्या 400 के आंकड़े को पार कर गई है। राहत का काम जारी है, ऐसे में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि मरने वाले आम लोग थे। इनमे ज्यादातर संख्या यहां भर्ती नशे के मरीजों और मेडिकल स्टाफ की है।

इस हमले का जवाब देगा तालिबान

पाकिस्तान के काबुल में नशा मुक्ति अस्पताल पर हवाई हमले के बाद अफगान तालिबान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हमले में 400 से ज्यादा मौतें होने के बाद अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने कहा है कि अब बातचीत का कोई मतलब नहीं रह गया है, हम इस हमले का जवाब देंगे। तालिबान के शीर्ष अधिकारी सुहेल शाहीन ने पाकिस्तान के उन दावों को भी पूरी झूठा कहा है कि उसकी आर्मी ने अस्पताल नहीं बल्कि आतंकी ठिकाने पर बम गिराए हैं।

और बढ़ेगा तनाव

पाकिस्तान की इस एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच पहले से चला आ रहा तनाव और बढ़ गया है। पाकिस्तानी हमले के बाद अब आशंका जताई जा रही है कि तालिबान भी चुप नहीं बैठेगा और जल्द ही पाकिस्तान से इस हमले का बदला लेगा।

भारत-पाक तनाव पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- मैं दखल न देता तो खतरे में थी शहबाज शरीफ की जान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आए दिन भारत-पाकिस्तान संघर्ष रूकवाने का दावा करते रहे हैं। ट्रंप ने एक बार फिर दोनों देशों को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। कांग्रेस के जॉइंट सेशन में भारत और पाकिस्तान संघर्ष पर ट्रंप ने फिर कहा कि भारत और पाकिस्तान का युद्ध उन्होंने रुकवाया है। यह न्यूक्लियर वॉर हो सकती थी, करीब साढ़े तीन करोड़ लोग मारे जाते। अगर मैं इसमें शामिल नहीं होता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मारे जाते।

10 महीनों में आठ युद्ध रोकने का दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद में संबोधन देते हुए फिर भारत और पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र किया। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अपने कार्यकाल के पहले 10 महीनों में उन्होंने आठ युद्ध समाप्त किए।

‘35 मिलियन लोग मारे गए होते’

ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालात इतने गंभीर हो गए थे कि स्थिति परमाणु संघर्ष तक पहुंच सकती थी। उन्होंने देश की संसद में दावा किया कि शहबाज़ शरीफ ने उनसे कहा था कि अगर वह दखल नहीं देते तो पिछले साल के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में 35 मिलियन लोग मारे गए होते।

बार-बार भारत-पाक जंग रूकवाने का दावा

ये पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारत-पाक संघर्ष को लेकर इस तरह का दावा किया है। हां, शहबाज शरीफ को लेकर ये दावा बिल्कुल नया है। हाल के महीनों में डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कहा है कि उन्होंने ही भारत-पाकिस्तान टकराव को रोका है। उन्होंने लगातार कहा है कि उनके एडमिनिस्ट्रेशन ने दोनों देशों को तनाव बढ़ाने से रोकने के लिए ट्रेड एग्रीमेंट और टैरिफ़ उपायों का इस्तेमाल किया।

भारत ने हमेशा ट्रंप के दावों को नकारा

हालांकि, भारत ने हमेशा से डोनाल्ड ट्रंप के दावों को नकारा है। जबकि पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप को भारत-पाकिस्तान युद्ध रूकवाने के लिए क्रेडिट दिया है। पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया है। शहबाज शरीफ ने पिछले दिनों बोर्ड ऑफ गाजा पीस के दौरान भी ट्रंप की तारिफ की थी और कहा था कि ट्रंप की वजह से 35 मिलियन लोगों की जान बच गई।

अफगानिस्तान में पाकिस्तान ने किया एयरस्ट्राइक, फाइटर जेट से कई जगहों पर बमबारी, 28 की मौत

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पाकिस्तान ने रविवार तड़के अफगानिस्तान सीमा से सटे इलाकों में कथित आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले करने का दावा किया है। सरकार के मुताबिक यह इंटेलिजेंस आधारित, चयनित ऑपरेशन था, जिसमें प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और उसके सहयोगी गुटों के सात ठिकानों को निशाना बनाया गया।

सात कैंप और ठिकाने को बनाया गया निशाना

जियो न्यूज ने पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय के हवाले से बताया कि इन हमलों में फिटना अल खवारिज (FAK), उसके सहयोगी संगठनों और दाएश खुरासान प्रांत (DKP) के सात कैंप और ठिकानों को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने दावा किया कि हाल के आत्मघाती हमलों के जवाब में यह कार्रवाई “पूरी सटीकता और सावधानी” के साथ की गई। रिपोर्ट के अनुसार इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में रमजान के दौरान हुए आत्मघाती हमलों के पीछे अफगानिस्तान में बैठे नेतृत्व और उनके सहयोगियों का हाथ बताया गया है।

28 टीटीपी लड़ाकों के मारे जाने की खबर

सूत्रों का कहना है कि इन हमलों में कम से कम 28 टीटीपी लड़ाके मारे गए हैं। हालांकि, अभी काबुल के तालिबान प्रशासन ने इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अफगानिस्तान के मीडिया आउटलेट टोलो न्यूज ने बताया कि पाकिस्तानी फाइटर जेट ने सुबह तड़के सीमावर्ती प्रांत पक्तिका के बरमल और उरगुन जिले में हवाई हमले किए हैं। इसके अलावा नंगरहार प्रांत के खोगयानी जिले में भी हवाई हमले किए गए हैं।

आम लोगों के घरों को निशाना बनाने का आरोप

टोलो न्यूज ने बताया कि पाकिस्तान ने हवाई हमलों में आम लोगों के घरों के साथ ही एक मदरसे को भी निशाना बनाया है। रिपोर्टों में बताया गया है कि पक्तिका के बरमल जिले में बानुसी मदरसे पर एयरक्राफ्ट से मिसाइलें दागी गई हैं। स्थानीय रिपोर्ट बताती हैं कि कुल आठ टारगेट पर हमला किया गया है।

हालिया आत्मघाती हमलों के बाद कार्रवाई

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में पाकिस्तान में आतंकी हमलों में तेजी आई है। बाजौर जिले में एक आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा चौकी को निशाना बनाकर 11 सैनिकों और एक बच्चे की जान ले ली थी। इसके अलावा बन्नू जिले में भी एक और आत्मघाती हमले में दो सैनिक मारे गए। पाकिस्तानी सेना ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह जिम्मेदार लोगों के खिलाफ स्थान की परवाह किए बिना कार्रवाई करेगी। इस बयान से इस्लामाबाद और काबुल के बीच बढ़ते तनाव के संकेत मिले थे।

बंगाल को पश्चिमी बांग्लादेश बनाने की कोशिश…मिथुन चक्रवर्ती का ममता सरकार पर बड़ा आरोप

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भारतीय जनता पार्टी के नेता और फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। कूचबिहार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि बंगाल में हालात जानबूझकर ऐसे बनाए जा रहे हैं, जो फिल्म द कश्मीर फाइल्स में दिखाए गए घटना की याद दिलाते हैं।

ममता बनर्जी की शाह पर की गई टिप्पणी की तीखी आलोचना

कूच बिहार की रैली में मिथुन ने ममता बनर्जी कर जमकर हमला बोला। मिथुन ने कहा कि बांकुड़ा जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भारत के गृह मंत्री को धमकी दी और कहा कि उन्होंने ही उन्हें कोलकाता के उस होटल से बाहर आने दिया जहां वे ठहरे हुए थे। काश वे स्पष्ट रूप से कह देतीं कि गृह मंत्री को बंगाल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। वह दिन विनाशकारी होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह कोई अलग देश नहीं है जैसा कि वह सोच रही होंगी।

पश्चिम बंगाल को ‘वेस्ट पाकिस्तान’ में बदलने की साजिश-मिथुन

मिथुन चक्रवर्ती ने कहा 'क्या आपने ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखी है? क्या आपने देखा कि कश्मीरी पंडितों को कैसे वहां से खदेड़ा गया? आज बंगाल में भी वैसी ही स्थिति पैदा की जा रही है। एक साजिश के तहत पश्चिम बंगाल को ‘वेस्ट पाकिस्तान’ में बदलने की कोशिश हो रही है।'

भ्रष्टाचार के अलावा इस राज्य में और कुछ नहीं-मिथुन

भाजपा नेता ने कहा कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का एकमात्र तरीका यह है कि सभी लोग एक साथ आएं। उन्होंने कांग्रेस, वामपंथी और तृणमूल के विवेकशील समर्थकों से आगामी चुनावों में सरकार बदलने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया। मिथुन चक्रवर्ती ने दावा किया कि राज्य में कोई उद्यम, उद्योग, रोजगार या उचित स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के अलावा इस राज्य में और कुछ नहीं है।

लक्ष्मी भंडार योजना खराब नहीं-मिथुन

भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने आगे कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना खराब नहीं है और लोगों को इसका लाभ लेना चाहिए, क्योंकि यह उनका ही पैसा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केवल योजनाओं से विकास नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत योजना से देशभर में लोग लाभान्वित हो रहे हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसे लागू नहीं होने दे रहीं, क्योंकि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रचार होगा। मिथुन ने आरोप लगाया कि बंगाल में न नौकरियां हैं, न कारखाने, न विकास- हर तरफ सिर्फ भ्रष्टाचार है।

बलोच नेता ने भारत को लिखा खुला पत्र, चीन-पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर जताई चिंता

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बलूचिस्तान को आजाद देश बनाने की लड़ाई लड़ रहे बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर को खुला पत्र लिखा है। मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया एक्स पर इस लेटर को जारी करते हुए पाकिस्तान से बलूचिस्तान को आजाद कराने में भारत की मदद और ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ करते पाक से आतंकियों के खात्मे की बात कही है। साथ ही चीन-पाकिस्तान गठजोड़ को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है।

मीर यार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है। मीर यार बलोच ने पत्र में कहा कि वह रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के 6 करोड़ देशभक्त नागरिकों की ओर से भारत के 140 करोड़ लोगों, संसद के दोनों सदनों, मीडिया, सिविल सोसाइटी और सभी सम्मानित नागरिकों को नववर्ष 2026 की हार्दिक बधाई देते हैं।

भारत-बलूचिस्तान संबंधों का जिक्र

पत्र में भारत और बलूचिस्तान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक, कूटनीतिक और रक्षा संबंधों का उल्लेख किया गया। मीर यार ने खुद को रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान का प्रतिनिधि बताया है। नए साल की बधाई देते हुए मीर यार ने लिखा, यह शुभ अवसर हमें उन गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, वाणिज्यिक, आर्थिक, राजनयिक, रक्षा और बहुआयामी संबंधों पर जश्न मनाने का मौका देता है।भारत और बलूचिस्तान के स्थायी संबंधों का उदाहरण हिंगलाज माता मंदिर जैसे पवित्र स्थल हैं, जो हमारी साझा विरासत और आध्यात्मिक संबंधों के शाश्वत प्रतीक हैं।

ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ

बलोच नेता ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ की और मोदी सरकार की साहसिक और दृढ़ कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने लिखा, बलूचिस्तान के लोग बीते 69 वर्षों से पाकिस्तान का दमन झेल रहे हैं। अब समय आ गया है कि इस गंभीर समस्या को जड़ से उखाड़ फेंका जाए और हमारे देश की संप्रभुता सुनिश्चित की जाए।

चीन-पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर चिंता

चिट्ठी में चीन और पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर चिंता जताई गई है और कहा गया है कि अगर बलूचिस्तान की स्वतंत्र सेनाओं को जल्द ही मजबूत नहीं किया गया तो हो सकता है कि चीन यहां अपने सैनिक तैनात कर दे। बलूचिस्तान में चीनी सैनिकों की उपस्थिति भविष्य में भारत और बलूचिस्तान दोनों के लिए खतरा और चुनौती होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि बीजिंग ने इस्लामाबाद के सहयोग से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को अपने अंतिम चरणों में पहुंचा दिया है।

भारत-पाकिस्तान युद्ध पर अमेरिका के बाद चीन का बड़ा दावा, कहा-हमने संघर्ष रुकवाया

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब चीन ने दावा है कि भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम में उसने अहम भूमिका निभाई है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को बीजिंग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हालात और चीन के विदेश संबंधों पर एक संगोष्ठी में कहा कि इस साल चीन ने कई संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में मध्यस्थता की है। हालांकि, भारत ने चीन के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को दावा किया कि इस साल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उन गरमागरम मुद्दों में शामिल था, जिनमें चीन ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। विदेश मंत्रालय ने 13 मई को प्रेस ब्रीफिंग में कहा था कि समझौते की तारीख, समय और शब्दावली दोनों देशों के डीजीएमओ ने 10 मई 2025 को फोन पर हुई बातचीत के दौरान तय की, जो 15:35 बजे शुरू हुई थी।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे अस्थिर दौर- वांग

बीजिंग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हालात और चीन के विदेश संबंधों पर संगोष्ठी में वांग ने कहा, इस साल, द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद से किसी भी समय की तुलना में स्थानीय युद्ध और सीमा पार संघर्ष अधिक बार भड़के। भू-राजनीतिक उथल-पुथल लगातार फैलती जा रही है। उन्होंने कहा, स्थायी शांति स्थापित करने के लिए, हमने एक वस्तुनिष्ठ और तर्कसंगत रुख अपनाया है, और लक्षणों और मूल कारणों दोनों को संबोधित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।

इन तनावों की मध्यस्थता का दावा

चीनी विदेश मंत्री ने आगे कहा कि 'टकराव वाले मुद्दों को सुलझाने के लिए इसी चीनी नजरिए को अपनाते हुए हमने उत्तरी म्यांमार, ईरान के परमाणु मुद्दे, पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव, फिलिस्तीन और इजरायल के बीच मुद्दों और कंबोडिया और थाईलैंड के बीच हालिया संघर्ष में मध्यस्थता की।

भारत ने लगातार मध्यस्थता के दावों को खारिज किया

भारत ने लगातार मध्यस्थता के दावों को खारिज किया है और कहा है कि 88 घंटे तक चला सैन्य टकराव किसी तीसरे पक्ष के दखल के बिना सीधे दोनों देशों के मिलिट्री कम्युनिकेशन के जरिए सुलझाया गया था। 13 मई को एक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय ने बाहरी मध्यस्थता के दावों को खारिज कर दिया था। नई दिल्ली ने बार-बार कहा है कि भारत और पाकिस्तान के मामलों में किसी तीसरे पक्ष के दखल की कोई गुंजाइश नहीं है।

इमरान खान और बुशरा बीबी को 17 साल की सजा, तोशाखाना मामले में आया फैसला

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई संस्थापक इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को उन्हें एक और मामले में दोषी ठहराते हुए 17 साल जेल की सजा सुनाई गई है। पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को तोशाखाना के दूसरे मामले में दोषी ठहराते हुए 17-17 साल जेल की सजा सुनाई।

80 सुनवाई करने के बाद फैसला

जियो न्यूज के मुताबिक, शनिवार को एक स्पेशल कोर्ट ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को तोशाखाना 2 मामले में 17-17 साल की कड़ी कैद की सज़ा सुनाई। स्पेशल जज सेंट्रल शाहरुख अरजुमंद ने अडियाला जेल में 80 सुनवाई करने के बाद यह फैसला सुनाया। बता दें कि इमरान खान अडियाला जेल में ही कैद हैं।

इमरान और बुशरा बीबी को 17-17 सालों की सजा

इमरान खान को पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 34 (सामान्य इरादा) और 409 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत 10 साल की कड़ी कैद और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 5(2) (सरकारी कर्मचारियों द्वारा आपराधिक कदाचार) के तहत सात साल की सजा दी गई। बुशरा बीबी को भी इन्हीं प्रावधानों के तहत कुल 17 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई।

क्या है तोशाखाना का मामला?

तोशाखाना का यह मामला एक महंगी ज्वैलरी से जुड़ा है, जिसे सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने मई 2021 में आधिकारिक दौरे पर इमरान खान को बतौर तोहफे में दी थी। आरोप था कि इमरान खान ने उस ज्वैलरी को बेहद कम कीमत पर खरीद लिया था। सुनवाई के दौरान कहा गया कि करीब 8 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की ज्वैलरी को इमरान खान ने सिर्फ 29 लाख पाकिस्तानी रुपये देकर खरीद लिया था।

जेल में इमरान खान के साथ दुर्व्यवहार की चर्चा

पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान को यह नई सजा ऐसे समय में मिली है जब पाकिस्तान सरकार पर जेल के अंदर इमरान खान के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर आलोचना हो रही है। यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र ने भी खान को एकांत कारावास से रिहा करने की मांग की है।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को लगाई लताड़, बताया आतंकवाद का वैश्विक केंद्र

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लीडर फॉर पीस पर खुली बहस में भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। भारत के जवाब से भरी सभा में पाकिस्तान की खूब फजीहत हुई। भारत ने जहां पाकिस्तान को आतंक का ग्लोबल सेंटर बताया वहीं कश्मीर और लद्दाख को भारत का अविभाज्य अंग करार दिया। इतना ही सिंधु समझौते पर भी भारत ने खुलकर कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पर आतंक को अपना समर्थन देना बंद नहीं करेगा तब तक यह संधि बहाल नहीं होगी।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत का अभिन्न अंग बताया

संयुक्त राष्ट्र में आयोजित ‘लीडर फॉर पीस’ डिबेट में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश परवथनेनी ने पाकिस्तान की तरफ से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। हरीश पी ने सोमवार को खुली बहस के दौरान कहा, मैं आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि द्वारा दिए गए बयान का जिक्र कर रहा हूं। भारत दोहराना चाहता है कि जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं। वे थे, हैं और हमेशा रहेंगे।

संयुक्त राष्ट्र के मंच का दुरुपयोग करने का आरोप

पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र के मंच का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि 'एक सेवारत गैर-स्थायी सुरक्षा परिषद सदस्य से अपनी जिम्मेदारियों और दायित्वों को पूरा करने की उम्मीद नहीं की जा सकती, जो अपने विभाजनकारी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र की सभी बैठकों और मंचों पर इस जुनून को बढ़ावा देना चाहता है।

पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर कड़ा प्रहार

भारत ने सिंधु जल संधि का भी जिक्र करते हुए पाकिस्तान की पोल खोली। भारतीय राजदूत ने कहा कि भारत ने 65 साल पहले इस संधि पर अच्छे विश्वास और दोस्ती की भावना से हस्ताक्षर किए थे, लेकिन पाकिस्तान ने इस दौरान भारत पर तीन युद्ध थोपे और हजारों आतंकी हमले कराए। उन्होंने बताया कि पिछले चार दशकों में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के कारण हजारों भारतीयों की जान गई।

पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र

भारतीय राजदूत ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इस हमले में धर्म के आधार पर चुन-चुनकर 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या की गई। उन्होंने कहा कि यह हमला पाकिस्तान के आतंकवाद को समर्थन देने के रवैये का ताजा उदाहरण है। इसी पृष्ठभूमि में भारत ने फैसला किया है कि सिंधु जल संधि को तब तक स्थगित रखा जाएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद समेत हर तरह के आतंकवाद को विश्वसनीय और स्थायी रूप से समाप्त नहीं करता।

इमरान खान को जेल में डालने पर साधा निशाना

भारत ने पाकिस्तान की घरेलू राजनीतिक स्थिति पर निशाना साधा और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में डालने की आलोचना की। भारतीय दूत ने कहा, पाकिस्तान का अपने लोगों की मर्जी का सम्मान करने का एक अनोखा तरीका है- एक प्रधानमंत्री को जेल में डालकर, सत्ताधारी राजनीतिक पार्टी पर बैन लगातार और अपनी सेना को 27वें संशोधन के जरिए संवैधानिक तख्तापलट करने देकर और अपने रक्षा बलों के प्रमुख को जिंदगी भर की छूट देकर।

UN में तालिबान के समर्थन में खुलकर आया भारत, पाकिस्तान को जमकर धोया

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भारत ने अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों की पाकिस्तान द्वारा कड़ी निंदा की है और इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा के दौरान बिना नाम लिए पाकिस्तान पर सीधा हमला बोला। साथ ही इस बार खुलकर तालिबान सरकार के समर्थन में बोला।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने सुरक्षा परिषद में पाकिस्तानी हमलों में अफगान नागरिकों की मौत का मुद्दा उठाया और इसे अफगान संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन कहा है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत अफगानिस्तान के लोगों और क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए गहराई से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि भारत ने लगातार लाखों जरूरतमंत अफगानों को मानवीय सहायता प्रदान की है और अभी भी कर रहा है।

भारत-अफगानिस्तान साझेदारी का जिक्र

संयुक्त राष्ट्र में भारतीय दूत ने कहा कि अफगानिस्तान के साथ भारत की विकास साझेदारी 3 अरब डॉलर से अधिक है, जो अफगान लोगों के लिए नई दिल्ली के अटूट समर्थन को दिखाती है। उन्होंने आगे 17 अक्टूबर 2025 को पक्तिका प्रांत में पाकिस्तान के हवाई हमले का जिक्र किया और कहा कि 'दुखद रूप से निर्दोष महिलाओं, बच्चों और तीन होनहार युवा क्रिकेटरों- कबीर आगा, सिबगतुल्लाह और हारून- की जान चली गई, जो अफगान संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का गंभीर उल्लंघन है।

व्यापार और पारगमन आतंकवाद पर चिंता

भारत ने पाकिस्तान द्वारा 'व्यापार और पारगमन आतंकवाद' की प्रथा पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की, जिसमें अफगानिस्तान के लिए महत्वपूर्ण पहुंच मार्गों को बंद करना शामिल है। एक भू-आबद्ध देश होने के नाते, अफगानिस्तान आवश्यक आपूर्ति के लिए सीमा पार आवागमन पर बहुत अधिक निर्भर है। भारत ने कहा कि इस तरह के प्रतिबंध विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के मानदंडों का उल्लंघन करते हैं और पुनर्निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे एक कमजोर राष्ट्र के खिलाफ "खुली धमकियां और युद्ध के कृत्य" के समान हैं।

आतंकी संगठनों के खिलाफ एकजुटता की अपील

भारत ने कहा कि हम अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और स्वतंत्रता का भी मजबूती से समर्थन करते हैं। भारत ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर काम करना चाहिए ताकि ISIL, अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और उनके प्रॉक्सी जैसे आतंकी संगठनों को सीमा पार आतंक फैलाने से रोका जा सके।

इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने में माहिर है हमारा पड़ोसी', यूएन में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा

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भारत ने पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर जमकर लताड़ लगाई है। यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथानेनी हरीश ने कहा, नई दिल्ली का पश्चिमी पड़ोसी अपनी धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है और अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों का इस्तेमाल कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस्लामोफोबिया से निपटने के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर बोलते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने कहा, 'भारत एक ऐसा देश है जहां दुनिया के लगभग सभी प्रमुख धर्मों को मानने वाले लोग शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहते हैं। साथ ही, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म जैसे चार प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति भी भारत में ही हुई है। ऐसे में भारत किसी भी अन्य देश की तुलना में धार्मिक भेदभाव से मुक्त दुनिया की जरूरत को ज्यादा बेहतर समझता है।'

“पाकिस्तान इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने में माहिर”

हरीश ने कहा, 'भारत का पश्चिमी पड़ोसी इस्लामोफोबिया की काल्पनिक कहानियां गढ़ने का बेहतरीन उदाहरण है।' हरीश ने कहा कि यह सोचने वाली बात है कि पाकिस्तान अपने ही देश में अल्पसंख्यक अहमदिया समुदाय के साथ जो क्रूर व्यवहार करता है, या रमजान में दूसरों पर बमबारी करता है, तो उसे क्या कहा जाएगा?

ओआईसी इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करने का आरोप

भारत ने इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी को लेकर कहा कि पाकिस्तान इस मंच का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता है और पाकिस्तान के मनगढ़ंत दावों के आधार पर इस मंच से भारत के खिलाफ झूठे और निराधार आरोप लगाए जाते हैं। पी. हरीश ने कहा कि भारत में सभी धर्मों के लोग अपना प्रतिनिधि खुद चुनते हैं और वे प्रतिनिधि उनकी आवाज बनते हैं। भारत ने यूएन से अपील की कि वे अपना समय और संसाधन समावेशी समाज के निर्माण में लगाएं, जहां हर धर्म के व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।

भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र को भी दिखाया आईना

भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र को भी आईना दिखाते हुए कहा, 'संयुक्त राष्ट्र की परिकल्पना एक ऐसे संस्थान के रूप में की गई थी जो धर्म, संस्कृति और राजनीति से ऊपर उठकर काम करे। इसलिए हम ऐसे किसी भी ढांचे को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर देते हैं, जो केवल एक धर्म पर ध्यान दे और धार्मिक भय (रिलिजियोफोबिया) की व्यापक समस्या पर ध्यान न दे।'

संयुक्त राष्ट्र को भारत की सलाह

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र को धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने और संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उसका गलत इस्तेमाल किए जाने के प्रति आगाह रहना चाहिए और इन खतरों की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।'

पाकिस्तान ने काबुल में एयर स्ट्राइक कर ले ली 400 निर्दोष लोगों की जान, हमले के बाद गुस्‍से में तालिबान

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धू-धू कर उठती आग की लपटें और हर तरफ चीख-पुकार। ये मंजर दिखा अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में। जहां रमजान के महीने में पाकिस्तान ने 400 निर्दोष मुसलमानों एकसाथ मार दिया। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने एक नशा मुक्ति अस्पताल समेत 5 जगहों पर हमला किया गया। पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में 400 से ज़्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी और 250 से ज़्यादा घायल हो गए।

पाकिस्तान की नापाक हरकत, आम लोगों को निशाना बनाया

अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान की सेना ने काबुल में जिस जगह को निशाना बनाया, वह नशा मुक्ति केंद्र था। अफगान तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि पाकिस्तानी आर्मी ने अस्पताल में आम लोगों को निशाना बनाया है। इसमें 400 मौतें अब तक कंफर्म हो चुकी हैं और 250 से ज्यादा घायल हुए हैं। पाकिस्तानी की बमबारी में नशा मुक्ति अस्पताल तबाह हो गया है

नशा मुक्ति हॉस्पिटल पर हमला

तालिबान की सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान ने सोमवार रात करीब 9 बजे काबुल में हवाई हमला किया। इस हमले में 2,000 बेड वाले उम्मीद नशा मुक्ति हॉस्पिटल को निशाना बनाया गया। तालिबान के उपप्रवक्ता मुल्ला हमदुल्ला फितरत ने बताया कि हमले में हॉस्पिटल की इमारत का ज्यादातर हिस्सा तबाह हो गया। फितरत ने बताया है कि मरने वालों की संख्या 400 के आंकड़े को पार कर गई है। राहत का काम जारी है, ऐसे में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि मरने वाले आम लोग थे। इनमे ज्यादातर संख्या यहां भर्ती नशे के मरीजों और मेडिकल स्टाफ की है।

इस हमले का जवाब देगा तालिबान

पाकिस्तान के काबुल में नशा मुक्ति अस्पताल पर हवाई हमले के बाद अफगान तालिबान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हमले में 400 से ज्यादा मौतें होने के बाद अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने कहा है कि अब बातचीत का कोई मतलब नहीं रह गया है, हम इस हमले का जवाब देंगे। तालिबान के शीर्ष अधिकारी सुहेल शाहीन ने पाकिस्तान के उन दावों को भी पूरी झूठा कहा है कि उसकी आर्मी ने अस्पताल नहीं बल्कि आतंकी ठिकाने पर बम गिराए हैं।

और बढ़ेगा तनाव

पाकिस्तान की इस एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच पहले से चला आ रहा तनाव और बढ़ गया है। पाकिस्तानी हमले के बाद अब आशंका जताई जा रही है कि तालिबान भी चुप नहीं बैठेगा और जल्द ही पाकिस्तान से इस हमले का बदला लेगा।

भारत-पाक तनाव पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- मैं दखल न देता तो खतरे में थी शहबाज शरीफ की जान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आए दिन भारत-पाकिस्तान संघर्ष रूकवाने का दावा करते रहे हैं। ट्रंप ने एक बार फिर दोनों देशों को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। कांग्रेस के जॉइंट सेशन में भारत और पाकिस्तान संघर्ष पर ट्रंप ने फिर कहा कि भारत और पाकिस्तान का युद्ध उन्होंने रुकवाया है। यह न्यूक्लियर वॉर हो सकती थी, करीब साढ़े तीन करोड़ लोग मारे जाते। अगर मैं इसमें शामिल नहीं होता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मारे जाते।

10 महीनों में आठ युद्ध रोकने का दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद में संबोधन देते हुए फिर भारत और पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र किया। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अपने कार्यकाल के पहले 10 महीनों में उन्होंने आठ युद्ध समाप्त किए।

‘35 मिलियन लोग मारे गए होते’

ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालात इतने गंभीर हो गए थे कि स्थिति परमाणु संघर्ष तक पहुंच सकती थी। उन्होंने देश की संसद में दावा किया कि शहबाज़ शरीफ ने उनसे कहा था कि अगर वह दखल नहीं देते तो पिछले साल के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में 35 मिलियन लोग मारे गए होते।

बार-बार भारत-पाक जंग रूकवाने का दावा

ये पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारत-पाक संघर्ष को लेकर इस तरह का दावा किया है। हां, शहबाज शरीफ को लेकर ये दावा बिल्कुल नया है। हाल के महीनों में डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कहा है कि उन्होंने ही भारत-पाकिस्तान टकराव को रोका है। उन्होंने लगातार कहा है कि उनके एडमिनिस्ट्रेशन ने दोनों देशों को तनाव बढ़ाने से रोकने के लिए ट्रेड एग्रीमेंट और टैरिफ़ उपायों का इस्तेमाल किया।

भारत ने हमेशा ट्रंप के दावों को नकारा

हालांकि, भारत ने हमेशा से डोनाल्ड ट्रंप के दावों को नकारा है। जबकि पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप को भारत-पाकिस्तान युद्ध रूकवाने के लिए क्रेडिट दिया है। पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया है। शहबाज शरीफ ने पिछले दिनों बोर्ड ऑफ गाजा पीस के दौरान भी ट्रंप की तारिफ की थी और कहा था कि ट्रंप की वजह से 35 मिलियन लोगों की जान बच गई।

अफगानिस्तान में पाकिस्तान ने किया एयरस्ट्राइक, फाइटर जेट से कई जगहों पर बमबारी, 28 की मौत

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पाकिस्तान ने रविवार तड़के अफगानिस्तान सीमा से सटे इलाकों में कथित आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले करने का दावा किया है। सरकार के मुताबिक यह इंटेलिजेंस आधारित, चयनित ऑपरेशन था, जिसमें प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और उसके सहयोगी गुटों के सात ठिकानों को निशाना बनाया गया।

सात कैंप और ठिकाने को बनाया गया निशाना

जियो न्यूज ने पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय के हवाले से बताया कि इन हमलों में फिटना अल खवारिज (FAK), उसके सहयोगी संगठनों और दाएश खुरासान प्रांत (DKP) के सात कैंप और ठिकानों को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने दावा किया कि हाल के आत्मघाती हमलों के जवाब में यह कार्रवाई “पूरी सटीकता और सावधानी” के साथ की गई। रिपोर्ट के अनुसार इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में रमजान के दौरान हुए आत्मघाती हमलों के पीछे अफगानिस्तान में बैठे नेतृत्व और उनके सहयोगियों का हाथ बताया गया है।

28 टीटीपी लड़ाकों के मारे जाने की खबर

सूत्रों का कहना है कि इन हमलों में कम से कम 28 टीटीपी लड़ाके मारे गए हैं। हालांकि, अभी काबुल के तालिबान प्रशासन ने इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अफगानिस्तान के मीडिया आउटलेट टोलो न्यूज ने बताया कि पाकिस्तानी फाइटर जेट ने सुबह तड़के सीमावर्ती प्रांत पक्तिका के बरमल और उरगुन जिले में हवाई हमले किए हैं। इसके अलावा नंगरहार प्रांत के खोगयानी जिले में भी हवाई हमले किए गए हैं।

आम लोगों के घरों को निशाना बनाने का आरोप

टोलो न्यूज ने बताया कि पाकिस्तान ने हवाई हमलों में आम लोगों के घरों के साथ ही एक मदरसे को भी निशाना बनाया है। रिपोर्टों में बताया गया है कि पक्तिका के बरमल जिले में बानुसी मदरसे पर एयरक्राफ्ट से मिसाइलें दागी गई हैं। स्थानीय रिपोर्ट बताती हैं कि कुल आठ टारगेट पर हमला किया गया है।

हालिया आत्मघाती हमलों के बाद कार्रवाई

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में पाकिस्तान में आतंकी हमलों में तेजी आई है। बाजौर जिले में एक आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा चौकी को निशाना बनाकर 11 सैनिकों और एक बच्चे की जान ले ली थी। इसके अलावा बन्नू जिले में भी एक और आत्मघाती हमले में दो सैनिक मारे गए। पाकिस्तानी सेना ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह जिम्मेदार लोगों के खिलाफ स्थान की परवाह किए बिना कार्रवाई करेगी। इस बयान से इस्लामाबाद और काबुल के बीच बढ़ते तनाव के संकेत मिले थे।

बंगाल को पश्चिमी बांग्लादेश बनाने की कोशिश…मिथुन चक्रवर्ती का ममता सरकार पर बड़ा आरोप

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भारतीय जनता पार्टी के नेता और फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। कूचबिहार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि बंगाल में हालात जानबूझकर ऐसे बनाए जा रहे हैं, जो फिल्म द कश्मीर फाइल्स में दिखाए गए घटना की याद दिलाते हैं।

ममता बनर्जी की शाह पर की गई टिप्पणी की तीखी आलोचना

कूच बिहार की रैली में मिथुन ने ममता बनर्जी कर जमकर हमला बोला। मिथुन ने कहा कि बांकुड़ा जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भारत के गृह मंत्री को धमकी दी और कहा कि उन्होंने ही उन्हें कोलकाता के उस होटल से बाहर आने दिया जहां वे ठहरे हुए थे। काश वे स्पष्ट रूप से कह देतीं कि गृह मंत्री को बंगाल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। वह दिन विनाशकारी होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह कोई अलग देश नहीं है जैसा कि वह सोच रही होंगी।

पश्चिम बंगाल को ‘वेस्ट पाकिस्तान’ में बदलने की साजिश-मिथुन

मिथुन चक्रवर्ती ने कहा 'क्या आपने ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखी है? क्या आपने देखा कि कश्मीरी पंडितों को कैसे वहां से खदेड़ा गया? आज बंगाल में भी वैसी ही स्थिति पैदा की जा रही है। एक साजिश के तहत पश्चिम बंगाल को ‘वेस्ट पाकिस्तान’ में बदलने की कोशिश हो रही है।'

भ्रष्टाचार के अलावा इस राज्य में और कुछ नहीं-मिथुन

भाजपा नेता ने कहा कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का एकमात्र तरीका यह है कि सभी लोग एक साथ आएं। उन्होंने कांग्रेस, वामपंथी और तृणमूल के विवेकशील समर्थकों से आगामी चुनावों में सरकार बदलने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया। मिथुन चक्रवर्ती ने दावा किया कि राज्य में कोई उद्यम, उद्योग, रोजगार या उचित स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के अलावा इस राज्य में और कुछ नहीं है।

लक्ष्मी भंडार योजना खराब नहीं-मिथुन

भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने आगे कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना खराब नहीं है और लोगों को इसका लाभ लेना चाहिए, क्योंकि यह उनका ही पैसा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केवल योजनाओं से विकास नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत योजना से देशभर में लोग लाभान्वित हो रहे हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसे लागू नहीं होने दे रहीं, क्योंकि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रचार होगा। मिथुन ने आरोप लगाया कि बंगाल में न नौकरियां हैं, न कारखाने, न विकास- हर तरफ सिर्फ भ्रष्टाचार है।

बलोच नेता ने भारत को लिखा खुला पत्र, चीन-पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर जताई चिंता

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बलूचिस्तान को आजाद देश बनाने की लड़ाई लड़ रहे बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर को खुला पत्र लिखा है। मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया एक्स पर इस लेटर को जारी करते हुए पाकिस्तान से बलूचिस्तान को आजाद कराने में भारत की मदद और ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ करते पाक से आतंकियों के खात्मे की बात कही है। साथ ही चीन-पाकिस्तान गठजोड़ को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है।

मीर यार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है। मीर यार बलोच ने पत्र में कहा कि वह रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के 6 करोड़ देशभक्त नागरिकों की ओर से भारत के 140 करोड़ लोगों, संसद के दोनों सदनों, मीडिया, सिविल सोसाइटी और सभी सम्मानित नागरिकों को नववर्ष 2026 की हार्दिक बधाई देते हैं।

भारत-बलूचिस्तान संबंधों का जिक्र

पत्र में भारत और बलूचिस्तान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक, कूटनीतिक और रक्षा संबंधों का उल्लेख किया गया। मीर यार ने खुद को रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान का प्रतिनिधि बताया है। नए साल की बधाई देते हुए मीर यार ने लिखा, यह शुभ अवसर हमें उन गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, वाणिज्यिक, आर्थिक, राजनयिक, रक्षा और बहुआयामी संबंधों पर जश्न मनाने का मौका देता है।भारत और बलूचिस्तान के स्थायी संबंधों का उदाहरण हिंगलाज माता मंदिर जैसे पवित्र स्थल हैं, जो हमारी साझा विरासत और आध्यात्मिक संबंधों के शाश्वत प्रतीक हैं।

ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ

बलोच नेता ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ की और मोदी सरकार की साहसिक और दृढ़ कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने लिखा, बलूचिस्तान के लोग बीते 69 वर्षों से पाकिस्तान का दमन झेल रहे हैं। अब समय आ गया है कि इस गंभीर समस्या को जड़ से उखाड़ फेंका जाए और हमारे देश की संप्रभुता सुनिश्चित की जाए।

चीन-पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर चिंता

चिट्ठी में चीन और पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर चिंता जताई गई है और कहा गया है कि अगर बलूचिस्तान की स्वतंत्र सेनाओं को जल्द ही मजबूत नहीं किया गया तो हो सकता है कि चीन यहां अपने सैनिक तैनात कर दे। बलूचिस्तान में चीनी सैनिकों की उपस्थिति भविष्य में भारत और बलूचिस्तान दोनों के लिए खतरा और चुनौती होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि बीजिंग ने इस्लामाबाद के सहयोग से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को अपने अंतिम चरणों में पहुंचा दिया है।

भारत-पाकिस्तान युद्ध पर अमेरिका के बाद चीन का बड़ा दावा, कहा-हमने संघर्ष रुकवाया

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब चीन ने दावा है कि भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम में उसने अहम भूमिका निभाई है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को बीजिंग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हालात और चीन के विदेश संबंधों पर एक संगोष्ठी में कहा कि इस साल चीन ने कई संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में मध्यस्थता की है। हालांकि, भारत ने चीन के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को दावा किया कि इस साल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उन गरमागरम मुद्दों में शामिल था, जिनमें चीन ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। विदेश मंत्रालय ने 13 मई को प्रेस ब्रीफिंग में कहा था कि समझौते की तारीख, समय और शब्दावली दोनों देशों के डीजीएमओ ने 10 मई 2025 को फोन पर हुई बातचीत के दौरान तय की, जो 15:35 बजे शुरू हुई थी।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे अस्थिर दौर- वांग

बीजिंग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हालात और चीन के विदेश संबंधों पर संगोष्ठी में वांग ने कहा, इस साल, द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद से किसी भी समय की तुलना में स्थानीय युद्ध और सीमा पार संघर्ष अधिक बार भड़के। भू-राजनीतिक उथल-पुथल लगातार फैलती जा रही है। उन्होंने कहा, स्थायी शांति स्थापित करने के लिए, हमने एक वस्तुनिष्ठ और तर्कसंगत रुख अपनाया है, और लक्षणों और मूल कारणों दोनों को संबोधित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।

इन तनावों की मध्यस्थता का दावा

चीनी विदेश मंत्री ने आगे कहा कि 'टकराव वाले मुद्दों को सुलझाने के लिए इसी चीनी नजरिए को अपनाते हुए हमने उत्तरी म्यांमार, ईरान के परमाणु मुद्दे, पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव, फिलिस्तीन और इजरायल के बीच मुद्दों और कंबोडिया और थाईलैंड के बीच हालिया संघर्ष में मध्यस्थता की।

भारत ने लगातार मध्यस्थता के दावों को खारिज किया

भारत ने लगातार मध्यस्थता के दावों को खारिज किया है और कहा है कि 88 घंटे तक चला सैन्य टकराव किसी तीसरे पक्ष के दखल के बिना सीधे दोनों देशों के मिलिट्री कम्युनिकेशन के जरिए सुलझाया गया था। 13 मई को एक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय ने बाहरी मध्यस्थता के दावों को खारिज कर दिया था। नई दिल्ली ने बार-बार कहा है कि भारत और पाकिस्तान के मामलों में किसी तीसरे पक्ष के दखल की कोई गुंजाइश नहीं है।

इमरान खान और बुशरा बीबी को 17 साल की सजा, तोशाखाना मामले में आया फैसला

#pakistanptifounderimrankhanbushrabibisentencedto17years_jail

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई संस्थापक इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को उन्हें एक और मामले में दोषी ठहराते हुए 17 साल जेल की सजा सुनाई गई है। पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को तोशाखाना के दूसरे मामले में दोषी ठहराते हुए 17-17 साल जेल की सजा सुनाई।

80 सुनवाई करने के बाद फैसला

जियो न्यूज के मुताबिक, शनिवार को एक स्पेशल कोर्ट ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को तोशाखाना 2 मामले में 17-17 साल की कड़ी कैद की सज़ा सुनाई। स्पेशल जज सेंट्रल शाहरुख अरजुमंद ने अडियाला जेल में 80 सुनवाई करने के बाद यह फैसला सुनाया। बता दें कि इमरान खान अडियाला जेल में ही कैद हैं।

इमरान और बुशरा बीबी को 17-17 सालों की सजा

इमरान खान को पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 34 (सामान्य इरादा) और 409 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत 10 साल की कड़ी कैद और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 5(2) (सरकारी कर्मचारियों द्वारा आपराधिक कदाचार) के तहत सात साल की सजा दी गई। बुशरा बीबी को भी इन्हीं प्रावधानों के तहत कुल 17 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई।

क्या है तोशाखाना का मामला?

तोशाखाना का यह मामला एक महंगी ज्वैलरी से जुड़ा है, जिसे सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने मई 2021 में आधिकारिक दौरे पर इमरान खान को बतौर तोहफे में दी थी। आरोप था कि इमरान खान ने उस ज्वैलरी को बेहद कम कीमत पर खरीद लिया था। सुनवाई के दौरान कहा गया कि करीब 8 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की ज्वैलरी को इमरान खान ने सिर्फ 29 लाख पाकिस्तानी रुपये देकर खरीद लिया था।

जेल में इमरान खान के साथ दुर्व्यवहार की चर्चा

पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान को यह नई सजा ऐसे समय में मिली है जब पाकिस्तान सरकार पर जेल के अंदर इमरान खान के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर आलोचना हो रही है। यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र ने भी खान को एकांत कारावास से रिहा करने की मांग की है।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को लगाई लताड़, बताया आतंकवाद का वैश्विक केंद्र

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लीडर फॉर पीस पर खुली बहस में भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। भारत के जवाब से भरी सभा में पाकिस्तान की खूब फजीहत हुई। भारत ने जहां पाकिस्तान को आतंक का ग्लोबल सेंटर बताया वहीं कश्मीर और लद्दाख को भारत का अविभाज्य अंग करार दिया। इतना ही सिंधु समझौते पर भी भारत ने खुलकर कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पर आतंक को अपना समर्थन देना बंद नहीं करेगा तब तक यह संधि बहाल नहीं होगी।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत का अभिन्न अंग बताया

संयुक्त राष्ट्र में आयोजित ‘लीडर फॉर पीस’ डिबेट में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश परवथनेनी ने पाकिस्तान की तरफ से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। हरीश पी ने सोमवार को खुली बहस के दौरान कहा, मैं आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि द्वारा दिए गए बयान का जिक्र कर रहा हूं। भारत दोहराना चाहता है कि जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं। वे थे, हैं और हमेशा रहेंगे।

संयुक्त राष्ट्र के मंच का दुरुपयोग करने का आरोप

पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र के मंच का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि 'एक सेवारत गैर-स्थायी सुरक्षा परिषद सदस्य से अपनी जिम्मेदारियों और दायित्वों को पूरा करने की उम्मीद नहीं की जा सकती, जो अपने विभाजनकारी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र की सभी बैठकों और मंचों पर इस जुनून को बढ़ावा देना चाहता है।

पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर कड़ा प्रहार

भारत ने सिंधु जल संधि का भी जिक्र करते हुए पाकिस्तान की पोल खोली। भारतीय राजदूत ने कहा कि भारत ने 65 साल पहले इस संधि पर अच्छे विश्वास और दोस्ती की भावना से हस्ताक्षर किए थे, लेकिन पाकिस्तान ने इस दौरान भारत पर तीन युद्ध थोपे और हजारों आतंकी हमले कराए। उन्होंने बताया कि पिछले चार दशकों में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के कारण हजारों भारतीयों की जान गई।

पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र

भारतीय राजदूत ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इस हमले में धर्म के आधार पर चुन-चुनकर 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या की गई। उन्होंने कहा कि यह हमला पाकिस्तान के आतंकवाद को समर्थन देने के रवैये का ताजा उदाहरण है। इसी पृष्ठभूमि में भारत ने फैसला किया है कि सिंधु जल संधि को तब तक स्थगित रखा जाएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद समेत हर तरह के आतंकवाद को विश्वसनीय और स्थायी रूप से समाप्त नहीं करता।

इमरान खान को जेल में डालने पर साधा निशाना

भारत ने पाकिस्तान की घरेलू राजनीतिक स्थिति पर निशाना साधा और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में डालने की आलोचना की। भारतीय दूत ने कहा, पाकिस्तान का अपने लोगों की मर्जी का सम्मान करने का एक अनोखा तरीका है- एक प्रधानमंत्री को जेल में डालकर, सत्ताधारी राजनीतिक पार्टी पर बैन लगातार और अपनी सेना को 27वें संशोधन के जरिए संवैधानिक तख्तापलट करने देकर और अपने रक्षा बलों के प्रमुख को जिंदगी भर की छूट देकर।

UN में तालिबान के समर्थन में खुलकर आया भारत, पाकिस्तान को जमकर धोया

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भारत ने अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों की पाकिस्तान द्वारा कड़ी निंदा की है और इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा के दौरान बिना नाम लिए पाकिस्तान पर सीधा हमला बोला। साथ ही इस बार खुलकर तालिबान सरकार के समर्थन में बोला।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने सुरक्षा परिषद में पाकिस्तानी हमलों में अफगान नागरिकों की मौत का मुद्दा उठाया और इसे अफगान संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन कहा है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत अफगानिस्तान के लोगों और क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए गहराई से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि भारत ने लगातार लाखों जरूरतमंत अफगानों को मानवीय सहायता प्रदान की है और अभी भी कर रहा है।

भारत-अफगानिस्तान साझेदारी का जिक्र

संयुक्त राष्ट्र में भारतीय दूत ने कहा कि अफगानिस्तान के साथ भारत की विकास साझेदारी 3 अरब डॉलर से अधिक है, जो अफगान लोगों के लिए नई दिल्ली के अटूट समर्थन को दिखाती है। उन्होंने आगे 17 अक्टूबर 2025 को पक्तिका प्रांत में पाकिस्तान के हवाई हमले का जिक्र किया और कहा कि 'दुखद रूप से निर्दोष महिलाओं, बच्चों और तीन होनहार युवा क्रिकेटरों- कबीर आगा, सिबगतुल्लाह और हारून- की जान चली गई, जो अफगान संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का गंभीर उल्लंघन है।

व्यापार और पारगमन आतंकवाद पर चिंता

भारत ने पाकिस्तान द्वारा 'व्यापार और पारगमन आतंकवाद' की प्रथा पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की, जिसमें अफगानिस्तान के लिए महत्वपूर्ण पहुंच मार्गों को बंद करना शामिल है। एक भू-आबद्ध देश होने के नाते, अफगानिस्तान आवश्यक आपूर्ति के लिए सीमा पार आवागमन पर बहुत अधिक निर्भर है। भारत ने कहा कि इस तरह के प्रतिबंध विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के मानदंडों का उल्लंघन करते हैं और पुनर्निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे एक कमजोर राष्ट्र के खिलाफ "खुली धमकियां और युद्ध के कृत्य" के समान हैं।

आतंकी संगठनों के खिलाफ एकजुटता की अपील

भारत ने कहा कि हम अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और स्वतंत्रता का भी मजबूती से समर्थन करते हैं। भारत ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर काम करना चाहिए ताकि ISIL, अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और उनके प्रॉक्सी जैसे आतंकी संगठनों को सीमा पार आतंक फैलाने से रोका जा सके।