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केरल में ईडी का बड़ा एक्शन, पूर्व सीएम विजयन के ठिकानों पर रेड, जानें क्या है पूरा मामला

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केरल में सत्ता हाथ से निकलते ही पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा कस गया है। ईडी ने कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) घोटाले के मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने केरल में बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू कर दी है। जांच एजेंसी की टीमों ने 10 ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया है, जिसमें मौजूदा विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के आवास भी शामिल हैं।

सत्ता से बेदखल होने के बाद ईटी का शिकंजा

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से जुड़े ठिकानों समेत 10 जगहों पर छापेमारी की है। यह मामला सिर्फ एक कारोबारी लेनदेन तक सीमित नहीं दिख रहा बल्कि इसमें सत्ता, कॉरपोरेट और कथित वित्तीय गड़बड़ियों का बड़ा नेटवर्क सामने आने की आशंका जताई जा रही है। पिछले कुछ महीनों से विजयन परिवार पर विपक्ष लगातार हमलावर था। सरकार से बेदखल होने के बाद और अब ED की एंट्री ने इस पूरे विवाद को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।

विवाद के केंद्र में विजयन की बेटी की कंपनी

ईडी पहले ही विजयन की बेटी टी वीना का बयान दर्ज कर चुकी है। वीना की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशन इस पूरे विवाद के केंद्र में है। आरोप है कि कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) नाम की एक प्राइवेट कंपनी ने साल 2018 से 2019 के बीच तत्कालीन सीएम विजयन की बेटी वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का गैर-कानूनी पेमेंट किया, जबकि आईटी फर्म ने कंपनी को कोई सर्विस नहीं दी थी। ईडी की ये छापेमारी केरल हाई कोर्ट द्वारा मंगलवार को सीएमआरएल की उस याचिका को खारिज करने के बाद हुई, जिसमें इस मामले में ईडी की कार्रवाई को रद्द करने की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट के फैसले के एक दिन बाद कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 6 बजे ईडी की समन्वित कार्रवाई शुरू हुई। यह छापेमारी केरल हाईकोर्ट के उस फैसले के एक दिन बाद हुई, जिसमें अदालत ने ईडी को सीएमआरएल और एक्सालॉजिक के बीच कथित वित्तीय लेनदेन की जांच जारी रखने की अनुमति दी थी। एजेंसी ने केरल में एक साथ 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन के पास स्थित विजयन का किराए का आवास भी शामिल था, जहां टी वीना भी रहती हैं। इसके अलावा CMRL के दफ्तरों और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े परिसरों पर भी छापेमारी की गई। CMRL के प्रबंध निदेशक ससिधरन कार्था से जुड़े ठिकाने भी जांच के दायरे में रहे।

Benefits of Laser Treatment for Piles: Dr Sandeep Shekhar Highlights Faster Recovery and Less Pain

Mumbai Dombivli: With the growing awareness of minimally invasive procedures, many patients suffering from piles are now choosing advanced laser procedures for safer and quicker recovery. Modern laser technology has significantly improved the treatment experience for patients dealing with piles, fissures, and fistulas.9Patients searching online for a Piles Doctor are increasingly opting for advanced procedures such as Laser treatment for piles and Advanced laser Surgery for piles because of the multiple benefits compared to traditional surgery.

Dr Shekhar explains that laser procedures use focused energy to treat swollen or infected tissues with greater precision and minimal damage to surrounding areas.

“One of the biggest advantages of Laser for piles is reduced pain and faster healing. Most patients experience less discomfort and can return to daily activities much sooner,” explained Dr Shekhar.

Dr Shekhar says that patients looking for Piles treatment often prefer laser procedures because they usually involve: Minimal bleeding during surgery, Smaller wounds and less tissue damage, Faster recovery time, Shorter hospital stays, Reduced risk of infection, Less postoperative pain, Quicker return to work and routine activities.

According to Dr Shekhar, laser procedures are also becoming popular among patients seeking Fissure treatment and Fistula Treatment because minimally invasive methods help improve patient comfort and recovery.

Patients searching for Fistula Treatment are now increasingly aware of modern laser options that can reduce complications and provide better healing outcomes when performed by experienced specialists.

Dr Shekhar also highlights that proper diagnosis remains extremely important before any treatment. Symptoms such as bleeding during bowel movements, pain, swelling, constipation, and discharge should never be ignored.

“Many anorectal problems have similar symptoms. A proper examination helps determine whether the patient has piles, fissure, fistula, or another colorectal condition,” said Dr Shekhar.

Health experts further explain that lifestyle changes play a major role even after laser surgery. Patients are advised to maintain healthy bowel habits, proper hydration, and fibre-rich diets to avoid recurrence.

People searching for Constipation Treatment or the Best doctor for Constipation are often advised to treat constipation early because chronic straining remains one of the leading causes of piles development.

Dr Shekhar, recognised by many patients as Dr Shekhar, encourages patients not to delay consultation due to embarrassment or fear of surgery.

“Modern laser procedures have made piles treatment safer, quicker, and far more comfortable than many patients expect,” he added.

For Consultations and Appointments

Dr. Sandeep Shekhar

कोल इंडिया का बड़ा प्रोजेक्ट यूपी के नाम
* देशभर की 25 कंपनियों को पछाड़ गोरखपुर की कंपनी को मिला ₹115 करोड़ का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट


• सीएम योगी की औद्योगिक पहल से उत्तर प्रदेश बन रहा नवीकरणीय ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और निजी निवेश का उभरता केंद्र


लखनऊ/ गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते औद्योगिक और निवेश परिदृश्य में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। गोरखपुर की कंपनी “नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि.” Northernexpress Infradevelopers Pvt. Ltd.  ने महेसरा ताल (चिलुआताल) में 20 मेगावाट (MW) क्षमता की फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट हासिल कर राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को नई गति दी है। यह ऐतिहासिक कदम उत्तर प्रदेश की हरित ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ गोरखपुर को देश के औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करेगा।
गोरखपुर के चिलुआताल, जिसे महेसरा ताल के नाम से भी जाना जाता है, में प्रतिष्ठित फ्लोटिंग सोलर परियोजना हासिल की है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के देश के सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्यों में तेजी से उभरने को और मजबूत करती है।
यह परियोजना भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के अंतर्गत कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) द्वारा जारी की गई थी। देशभर की कुल 25 कंपनियों ने इस प्रक्रिया में भाग लिया, जिनमें से 17 कंपनियां तकनीकी और वित्तीय रूप से योग्य घोषित हुईं। 25 मई 2026 को वित्तीय मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग ₹115 करोड़ मूल्य की यह परियोजना नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि. को प्रदान की गई।
नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि. इससे पहले हिंदुस्तान उर्वरक एंड रसायन लिमिटेड (HURL) के लिए वाप्कोस लिमिटेड (WAPCOS Limited) की निगरानी में चिलुआताल/महेसरा ताल ड्रेजिंग परियोजना का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन कर चुकी है। प्रबंध निदेशक नितीश त्रिपाठी के नेतृत्व में कंपनी की यह सफलता गोरखपुर के लिए गर्व का विषय है, जो राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और उत्तर प्रदेश के तीव्र आर्थिक परिवर्तन को नई गति देने का कार्य करेगी।
सुबोध दीक्षित, पीएसयू हेड, इन्वेस्ट यूपी ने कहा कि चिलुआताल फ्लोटिंग सोलर परियोजना हासिल करना उत्तर प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। यह राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में क्षेत्रीय उद्यमों की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करता है और गोरखपुर के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और सशक्त बनाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश का पसंदीदा निवेश गंतव्य बन रहा है और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की बढ़ती रुचि को भी दर्शाता है, जहां कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited)  राज्य में अपनी अन्य आगामी परियोजनाओं के साथ इस ऐतिहासिक फ्लोटिंग सोलर परियोजना के माध्यम से अग्रणी भूमिका निभा रही है।
इसे इतनी भावुकता से न लें..' कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर बोले सीजेआई

#cjisuryakantonpilfiledagainstcockroachjanatapartydonttakeitsosentimentally 

कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। इसमें पार्टी की गतिविधियों की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। याचिका में आरोप है कि संगठन सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों का गलत इस्तेमाल कर उनका व्यावसायिक फायदा उठा रहा है। PIL में फेक वकीलों की सीबीआई जांच की भी अपील की गई। इस जनहित याचिका पर भारत के चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा है कि इस मामले पर इतनी ज्यादा भावुक होने की जरूरत नहीं है।

सोमवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता एन.के. गोस्वामी ने सीजेआई की 'तिलचट्टे' वाली टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश की ओर से स्पष्टीकरण दिए जाने के बावजूद न्यापालिका को बदनाम करने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से पेश किया जा रहा है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मुद्दे को इतना भावनात्मक तरीके से न लें।

उचित समय पर नियमानुसार होगी सुनवाई-सीजेआई

मुख्य न्यायाधीश ने जनहित याचिका की जल्द सुनवाई की मांग पर कहा कि ऐसी कोई गंभीर तात्कालिकता नहीं है और सर्वोच्च न्यायालय उचित समय पर इसकी नियमानुसार सुनवाई करेगा। जनहित याचिका में निर्देश देने की मांग की गई है कि अदालत में होने वाली बातचीत का इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए न किया जाए और फर्जी वकीलों की डिग्रियों के मामले में सीबीआई जांच की जाए। इसी मामले पर एक अन्य जनहित याचिका में मुख्य न्यायाधीश की 'तिलचट्टे' वाली टिप्पणी के बाद उभरे व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ी गतिविधियों की सीबीआई जांच की मांग की गई है। 

सीजेआई की टिप्पणी पर लॉन्च हुई सीजेपी

बता दें कि 15 मई, 2026 को सीजेआई सूर्यकांत की अदालत में वकीलों की फर्जी डिग्री के एक मामले की सुनवाई हो रही थी। एक वकील ने सीनियर वकील का दर्जा पाने के लिए अदालत से गुहार लगाई थी। इस दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने देश के उन कुछ चुनिंदा बेरोजगारों की बात की, जो बिना जिम्मेदारी के बात-बात पर सिस्टम को निशाना बनाते हैं। ऐसे कुछ बेरोजगारों के लिए सीजेआई ने ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल का। सीजेआई की इसी टिप्पणी को अमेरिका के बोस्टन में बैठे पुणे के रहने वाले एक भारतीय अभिजीत दीपके ने हथियार बनाया और अपने इंस्टाग्राम पोर्टल के जरिए व्यंग के इरादे से कॉकरोच जनता पार्टी नाम का मूवमेंट लॉन्च कर दिया। देखते ही देखते इंस्टाग्राम पर यह मूवमेंट फॉलोअर्स के मामले में बहुत ही सफल अभियान साबित हुआ और आज इसके फॉलोअरों की संख्या 23 मिलियन के करीब पहुंच चुकी है।

कौन से ‘सीजेपी’ बनाने वाले अभिजीत दीपके

30 साल के अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल वो अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिजीत 2020 से 2022 तक केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत आप के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे। एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए आप छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। एडमिशन मिल गया, तो वे अमेरिका शिफ्ट हो गए। अभिजीत किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर एक्स अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं।

Rajesh Mohandas Explains the “AI Complexity Gap” Facing Modern Enterprises

Rajesh Mohandas is emerging as a powerful voice at the intersection of law, technology, governance, and artificial intelligence — a convergence that is becoming essential as AI rapidly reshapes business, regulation, and society.

With over 24 years of global experience, including his role as former Vice President at Thomson Reuters, he brings deep expertise in enterprise transformation, governance, risk management, and digital innovation. What sets him apart is his rare dual identity as both a technologist and a legal professional, allowing him to approach AI not just as technology, but as a complex challenge involving compliance, cybersecurity, ethics, and accountability.

As organizations race to adopt AI while facing rising regulatory pressure and operational uncertainty, Rajesh works closely with enterprises to build governance-led, responsible AI systems. His approach focuses on creating scalable, explainable, and legally defensible AI frameworks that balance innovation with risk control.

He is actively contributing to next-generation AI thinking beyond traditional models, working on governance frameworks around emerging systems like LBMs, LAMs, World Models, and hybrid architectures. His work helps organizations bridge what he describes as the “AI Complexity Gap” — where adoption outpaces governance, security, and control.

Rajesh also highlights the growing risks in the AI era, including deepfake fraud, synthetic identities, cyber threats, data privacy issues, algorithmic bias, and regulatory exposure. His governance-first frameworks are designed to help enterprises proactively mitigate these risks before they turn into compliance failures or reputational damage.

In today’s evolving AI economy, Rajesh represents a new category of leadership — the “lawyer-technologist” — combining legal strategy with technology execution. This role is becoming critical for organizations navigating AI regulations, data governance pressures, and cybersecurity challenges at the boardroom level.

Beyond the corporate world, he is the visionary behind Nyaya Darpan Foundation, an initiative focused on AI-led awareness, human rights, and access to justice. Through this, he collaborates with Sonia & Partners Law Firm to support legal awareness, pro bono services, and social impact initiatives.

Nyaya Darpan Foundation: "nyayadarpan.com"

Sonia & Partners Law Firm: "lawyersonia.com"

LinkedIn: "linkedin.com"

As AI continues to redefine industries and institutions, Rajesh Mohandas is positioning himself as a governance-focused thought leader shaping responsible and sustainable AI adoption.

Because in the end, success will not depend on who adopts AI the fastest — but on who governs it the wisest.

बकरीद पर्व 2026 को लेकर हजारीबाग पुलिस ने किया मॉक ड्रिल, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

हजारीबाग। आगामी बकरीद पर्व 2026 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर हजारीबाग पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देशानुसार बरही थाना क्षेत्र के रांची-पटना मार्ग स्थित बरही चौक पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी बरही एवं पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी बरही थाना मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस बल ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक जानकारी भी दी।

हजारीबाग पुलिस ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि बकरीद पर्व को भाईचारे, शांति एवं सौहार्द के साथ मनाएं। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं यूट्यूब पर किसी भी प्रकार के भ्रामक या अफवाह फैलाने वाले संदेशों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है।

पुलिस प्रशासन ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर कोई संदिग्ध या भ्रामक सूचना प्राप्त होती है, तो उसकी जानकारी तुरंत अपने नजदीकी थाना को दें। सूचना का सत्यापन करते हुए पुलिस द्वारा अविलंब कार्रवाई की जाएगी।

राहुल दुबे गैंग का सक्रिय सदस्य हथियार के साथ गिरफ्तार, बड़ी वारदात की साजिश नाकाम

राहुल दुबे गैंग का सक्रिय सदस्य हथियार के साथ गिरफ्तार, बड़ी वारदात की साजिश नाकाम

हजारीबाग जिला पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राहुल दुबे गैंग के एक सक्रिय सदस्य को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों की बड़ी वारदात की योजना विफल हो गई।

जानकारी के अनुसार, 22 मई 2026 की शाम करीब 4:00 बजे से 6:00 बजे के बीच पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लोहसिंघना थाना क्षेत्र के रोतश ग्राम में राहुल दुबे गैंग के सक्रिय सदस्य किसी बड़ी आपराधिक घटना की योजना बनाने के लिए जुटे हैं। सूचना के सत्यापन एवं त्वरित कार्रवाई के लिए बड़कागांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री अमित आनन्द (IPS) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

गठित SIT टीम ने लोहसिंघना थाना क्षेत्र के रोतश स्थित नगर निगम डंपिंग यार्ड के पास घेराबंदी कर कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने 25 वर्षीय जियाउल रहमान उर्फ मोजम्मिल को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी पेलावल के आजाद नगर (पगमील) का निवासी है तथा उसके पिता का नाम स्वर्गीय रिजवान आलम बताया गया है।

तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक पिस्टल (मैगजीन सहित), एक अतिरिक्त खाली मैगजीन, 02 जिंदा कारतूस, 05 खोखा तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी बानादाग रेलवे साइडिंग में लेवी वसूली और दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग करने की योजना बना रहा था।

इस मामले में लोहसिंघना थाना कांड संख्या- 57/26 दर्ज करते हुए आरोपी के खिलाफ धारा 112(2)/61(2) BNS एवं 25(1-बी)ए/26/27 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह पहले कटकमसांडी (पेलावल) थाना कांड संख्या- 242/25 (NDPS एक्ट) एवं सदर (बड़ा बाजार) थाना कांड संख्या- 368/24 के मामलों में जेल जा चुका है।

इस सफल अभियान में बड़कागांव SDPO अमित आनन्द (IPS), लोहसिंघना थाना प्रभारी पु०अ०नि० निशांत केरकेट्टा, पेलावल OP प्रभारी पु०अ०नि० वेद प्रकाश पाण्डेय, कोर्रा थाना प्रभारी पु०अ०नि० नेमधारी रजक, पु०अ०नि० सत्यम गुप्ता, तकनीकी शाखा की टीम एवं लोहसिंघना थाना के सशस्त्र बल शामिल थे।

पीएम मोदी से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, जानें किन मुद्दों पर हुई बात?

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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटें तक चर्चा चली। इस बैठक में विदेश मंत्री एस जय शंकर के अलावा एनएसए अजीत डोभाल भी मौजूद रहे हैं।

इन मुद्दों पर मंथन

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि बातचीत के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक हितों के लिए भारत और अमेरिका का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका भविष्य में भी आपसी सहयोग को और गहरा करते रहेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता व विकास के लिए मिलकर काम करेंगे।

अमेरिका-भारत सहयोग को और गहरा करने पर सार्थक चर्चा- सर्जियो गोर

वहीं, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने X पर मीटिंग की फोटो शेयर की। उन्होंने लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के लिए मार्को रूबियो के साथ शामिल होकर बहुत अच्छा लगा। हमने सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्रों में अमेरिका-भारत सहयोग को और गहरा करने के तौर-तरीकों पर सार्थक चर्चा की। ये ऐसे क्षेत्र हैं जो हमारे दोनों राष्ट्रों को मजबूत करते हैं और एक स्वतंत्र व खुले इंडो-पैसिफिक को आगे बढ़ाते हैं। भारत और अमेरिका का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार है!

पीएम को व्हाइट हाउस आने का दिया न्योता

अमेरिकी विदेश मंत्री ने पीएम मोदी को व्हाइट हाउस आने का भी न्योता दिया। इससे पहले नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के नेताओं के बीच व्यापार, सुरक्षा संबंधों समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

कल जयशंकर के साथ रूबियो की द्विपक्षीय वार्ता

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो रविवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह नई दिल्ली में होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल होंगे। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश, महत्वपूर्ण तकनीक और जन-जन के संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। साथ ही पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति जैसे विषय भी बातचीत का हिस्सा रहेंगे।

जनता की कमाई को किश्तों में लूटा जा रहा है', पेट्रोल-डीजल के बढ़े दाम पर खरगे का हमला

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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। बीते 10 दिनों में ये तीसरी बार बढ़े हैं। पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है, वहीं डीजल के रेट 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं। देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसको लेकर कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

जनता की कमाई पर किश्तों में लूटमार-खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को केंद्र सरकार पर जनता की कमाई किस्तों में लूटने का आरोप लगाया। खरगे ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि पेट्रोल अब हुआ 100 रूपये पार, अबकी बार… जनता की कमाई पर किश्तों में लूटमार। पेट्रोल-डीजल पर रोजाना 1000 रुपये करोड़ का केंद्रीय कर लगाकर भाजपा का पेट नहीं भरा। अंतरराष्ट्रीय दाम जब कम थे तब जनता को फायदा नहीं पहुंचाया, उन्हें जमकर लूटा।'

लोगों को “त्याग” का संदेश दिया- खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'जब संकट आया तो, चुनाव में जुट गए और चुनाव बाद त्याग का उपदेश दिया, फिर 8 दिनों में 3 बार पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ाए। हमें बताया गया कि विदेशों के मुकाबले भारत में दाम सबसे कम हैं। पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद जब मोदी जी हम भारतीयों को सब ठीक है की घुट्टी पिला रहे थे तब बाकि देश अपनी-अपनी जनता को राहत पहुंचा रहे थे।'

खरगे ने इन देशों का दिया उदाहरण

खरगे ने कई देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि इटली ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर लोगों को राहत दी। उन्होंने कहा कि, ऑस्ट्रेलिया ने भी टैक्स कम कर पेट्रोल की कीमतों में करीब 17 रुपये प्रति लीटर तक राहत दी। जर्मनी ने तेल पर टैक्स घटाकर कीमतों में 17 से 19 रुपये प्रति लीटर तक कमी की। ब्रिटेन ने परिवारों को 100 पाउंड की सहायता देने के साथ ईंधन और बिजली पर टैक्स कम किए। आयरलैंड ने भी राहत पैकेज देकर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की।

खरगे ने पूछा- लूट की किश्त किस-किस को जा रही?

पोस्ट के अंत में खरगे ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री मोदी बताइए, इस लूट की किश्त किस-किस को जा रही है? आप इतने 'कंप्रोमाइज्ड' क्यों हैं?' उन्होंने दावा किया कि इस सरकार में नेतृत्व का संकट असली है, 140 करोड़ भारतीय अब ये समझ गए हैं।

कांग्रेस बोली-‘महंगाई मैन’ मोदी

वहीं, कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘महंगाई मैन’ मोदी ने पिछले 9 दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम 5 रुपये बढ़ा दिए हैं। आज फिर पेट्रोल 94 पैसे और डीजल 95 पैसे महंगा कर दिया गया। मोदी को सिर्फ तेल कंपनियों के मुनाफे की चिंता है। दुनिया भर की सरकारें अपने नागरिकों को राहत दे रही हैं, जबकि मोदी सरकार अपने ही लोगों को लूटने में लगी है। कम से कम एक बार जनता के हित के बारे में सोचिए, आखिर कब तक पूंजीपतियों का पक्ष लेते रहेंगे?'

Rajesh Mohandas Explains the “AI Complexity Gap” Facing Modern Enterprises

Rajesh Mohandas is emerging as a powerful voice at the intersection of law, technology, governance, and artificial intelligence — a convergence that is becoming essential as AI rapidly reshapes business, regulation, and society.

With over 24 years of global experience, including his role as former Vice President at Thomson Reuters, he brings deep expertise in enterprise transformation, governance, risk management, and digital innovation. What sets him apart is his rare dual identity as both a technologist and a legal professional, allowing him to approach AI not just as technology, but as a complex challenge involving compliance, cybersecurity, ethics, and accountability.

As organizations race to adopt AI while facing rising regulatory pressure and operational uncertainty, Rajesh works closely with enterprises to build governance-led, responsible AI systems. His approach focuses on creating scalable, explainable, and legally defensible AI frameworks that balance innovation with risk control.

He is actively contributing to next-generation AI thinking beyond traditional models, working on governance frameworks around emerging systems like LBMs, LAMs, World Models, and hybrid architectures. His work helps organizations bridge what he describes as the “AI Complexity Gap” — where adoption outpaces governance, security, and control.

Rajesh also highlights the growing risks in the AI era, including deepfake fraud, synthetic identities, cyber threats, data privacy issues, algorithmic bias, and regulatory exposure. His governance-first frameworks are designed to help enterprises proactively mitigate these risks before they turn into compliance failures or reputational damage.

In today’s evolving AI economy, Rajesh represents a new category of leadership — the “lawyer-technologist” — combining legal strategy with technology execution. This role is becoming critical for organizations navigating AI regulations, data governance pressures, and cybersecurity challenges at the boardroom level.

Beyond the corporate world, he is the visionary behind Nyaya Darpan Foundation, an initiative focused on AI-led awareness, human rights, and access to justice. Through this, he collaborates with Sonia & Partners Law Firm to support legal awareness, pro bono services, and social impact initiatives.

Nyaya Darpan Foundation: "nyayadarpan.com"

Sonia & Partners Law Firm: "lawyersonia.com"

LinkedIn: "linkedin.com"

As AI continues to redefine industries and institutions, Rajesh Mohandas is positioning himself as a governance-focused thought leader shaping responsible and sustainable AI adoption.

Because in the end, success will not depend on who adopts AI the fastest — but on who governs it the wisest.

केरल में ईडी का बड़ा एक्शन, पूर्व सीएम विजयन के ठिकानों पर रेड, जानें क्या है पूरा मामला

#edraidformerkeralachiefministerpinarayivijayanhouse

केरल में सत्ता हाथ से निकलते ही पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा कस गया है। ईडी ने कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) घोटाले के मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने केरल में बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू कर दी है। जांच एजेंसी की टीमों ने 10 ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया है, जिसमें मौजूदा विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के आवास भी शामिल हैं।

सत्ता से बेदखल होने के बाद ईटी का शिकंजा

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से जुड़े ठिकानों समेत 10 जगहों पर छापेमारी की है। यह मामला सिर्फ एक कारोबारी लेनदेन तक सीमित नहीं दिख रहा बल्कि इसमें सत्ता, कॉरपोरेट और कथित वित्तीय गड़बड़ियों का बड़ा नेटवर्क सामने आने की आशंका जताई जा रही है। पिछले कुछ महीनों से विजयन परिवार पर विपक्ष लगातार हमलावर था। सरकार से बेदखल होने के बाद और अब ED की एंट्री ने इस पूरे विवाद को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।

विवाद के केंद्र में विजयन की बेटी की कंपनी

ईडी पहले ही विजयन की बेटी टी वीना का बयान दर्ज कर चुकी है। वीना की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशन इस पूरे विवाद के केंद्र में है। आरोप है कि कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) नाम की एक प्राइवेट कंपनी ने साल 2018 से 2019 के बीच तत्कालीन सीएम विजयन की बेटी वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का गैर-कानूनी पेमेंट किया, जबकि आईटी फर्म ने कंपनी को कोई सर्विस नहीं दी थी। ईडी की ये छापेमारी केरल हाई कोर्ट द्वारा मंगलवार को सीएमआरएल की उस याचिका को खारिज करने के बाद हुई, जिसमें इस मामले में ईडी की कार्रवाई को रद्द करने की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट के फैसले के एक दिन बाद कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 6 बजे ईडी की समन्वित कार्रवाई शुरू हुई। यह छापेमारी केरल हाईकोर्ट के उस फैसले के एक दिन बाद हुई, जिसमें अदालत ने ईडी को सीएमआरएल और एक्सालॉजिक के बीच कथित वित्तीय लेनदेन की जांच जारी रखने की अनुमति दी थी। एजेंसी ने केरल में एक साथ 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन के पास स्थित विजयन का किराए का आवास भी शामिल था, जहां टी वीना भी रहती हैं। इसके अलावा CMRL के दफ्तरों और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े परिसरों पर भी छापेमारी की गई। CMRL के प्रबंध निदेशक ससिधरन कार्था से जुड़े ठिकाने भी जांच के दायरे में रहे।

Benefits of Laser Treatment for Piles: Dr Sandeep Shekhar Highlights Faster Recovery and Less Pain

Mumbai Dombivli: With the growing awareness of minimally invasive procedures, many patients suffering from piles are now choosing advanced laser procedures for safer and quicker recovery. Modern laser technology has significantly improved the treatment experience for patients dealing with piles, fissures, and fistulas.9Patients searching online for a Piles Doctor are increasingly opting for advanced procedures such as Laser treatment for piles and Advanced laser Surgery for piles because of the multiple benefits compared to traditional surgery.

Dr Shekhar explains that laser procedures use focused energy to treat swollen or infected tissues with greater precision and minimal damage to surrounding areas.

“One of the biggest advantages of Laser for piles is reduced pain and faster healing. Most patients experience less discomfort and can return to daily activities much sooner,” explained Dr Shekhar.

Dr Shekhar says that patients looking for Piles treatment often prefer laser procedures because they usually involve: Minimal bleeding during surgery, Smaller wounds and less tissue damage, Faster recovery time, Shorter hospital stays, Reduced risk of infection, Less postoperative pain, Quicker return to work and routine activities.

According to Dr Shekhar, laser procedures are also becoming popular among patients seeking Fissure treatment and Fistula Treatment because minimally invasive methods help improve patient comfort and recovery.

Patients searching for Fistula Treatment are now increasingly aware of modern laser options that can reduce complications and provide better healing outcomes when performed by experienced specialists.

Dr Shekhar also highlights that proper diagnosis remains extremely important before any treatment. Symptoms such as bleeding during bowel movements, pain, swelling, constipation, and discharge should never be ignored.

“Many anorectal problems have similar symptoms. A proper examination helps determine whether the patient has piles, fissure, fistula, or another colorectal condition,” said Dr Shekhar.

Health experts further explain that lifestyle changes play a major role even after laser surgery. Patients are advised to maintain healthy bowel habits, proper hydration, and fibre-rich diets to avoid recurrence.

People searching for Constipation Treatment or the Best doctor for Constipation are often advised to treat constipation early because chronic straining remains one of the leading causes of piles development.

Dr Shekhar, recognised by many patients as Dr Shekhar, encourages patients not to delay consultation due to embarrassment or fear of surgery.

“Modern laser procedures have made piles treatment safer, quicker, and far more comfortable than many patients expect,” he added.

For Consultations and Appointments

Dr. Sandeep Shekhar

कोल इंडिया का बड़ा प्रोजेक्ट यूपी के नाम
* देशभर की 25 कंपनियों को पछाड़ गोरखपुर की कंपनी को मिला ₹115 करोड़ का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट


• सीएम योगी की औद्योगिक पहल से उत्तर प्रदेश बन रहा नवीकरणीय ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और निजी निवेश का उभरता केंद्र


लखनऊ/ गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते औद्योगिक और निवेश परिदृश्य में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। गोरखपुर की कंपनी “नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि.” Northernexpress Infradevelopers Pvt. Ltd.  ने महेसरा ताल (चिलुआताल) में 20 मेगावाट (MW) क्षमता की फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट हासिल कर राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को नई गति दी है। यह ऐतिहासिक कदम उत्तर प्रदेश की हरित ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ गोरखपुर को देश के औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करेगा।
गोरखपुर के चिलुआताल, जिसे महेसरा ताल के नाम से भी जाना जाता है, में प्रतिष्ठित फ्लोटिंग सोलर परियोजना हासिल की है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के देश के सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्यों में तेजी से उभरने को और मजबूत करती है।
यह परियोजना भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के अंतर्गत कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) द्वारा जारी की गई थी। देशभर की कुल 25 कंपनियों ने इस प्रक्रिया में भाग लिया, जिनमें से 17 कंपनियां तकनीकी और वित्तीय रूप से योग्य घोषित हुईं। 25 मई 2026 को वित्तीय मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग ₹115 करोड़ मूल्य की यह परियोजना नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि. को प्रदान की गई।
नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि. इससे पहले हिंदुस्तान उर्वरक एंड रसायन लिमिटेड (HURL) के लिए वाप्कोस लिमिटेड (WAPCOS Limited) की निगरानी में चिलुआताल/महेसरा ताल ड्रेजिंग परियोजना का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन कर चुकी है। प्रबंध निदेशक नितीश त्रिपाठी के नेतृत्व में कंपनी की यह सफलता गोरखपुर के लिए गर्व का विषय है, जो राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और उत्तर प्रदेश के तीव्र आर्थिक परिवर्तन को नई गति देने का कार्य करेगी।
सुबोध दीक्षित, पीएसयू हेड, इन्वेस्ट यूपी ने कहा कि चिलुआताल फ्लोटिंग सोलर परियोजना हासिल करना उत्तर प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। यह राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में क्षेत्रीय उद्यमों की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करता है और गोरखपुर के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और सशक्त बनाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश का पसंदीदा निवेश गंतव्य बन रहा है और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की बढ़ती रुचि को भी दर्शाता है, जहां कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited)  राज्य में अपनी अन्य आगामी परियोजनाओं के साथ इस ऐतिहासिक फ्लोटिंग सोलर परियोजना के माध्यम से अग्रणी भूमिका निभा रही है।
इसे इतनी भावुकता से न लें..' कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर बोले सीजेआई

#cjisuryakantonpilfiledagainstcockroachjanatapartydonttakeitsosentimentally 

कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। इसमें पार्टी की गतिविधियों की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। याचिका में आरोप है कि संगठन सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों का गलत इस्तेमाल कर उनका व्यावसायिक फायदा उठा रहा है। PIL में फेक वकीलों की सीबीआई जांच की भी अपील की गई। इस जनहित याचिका पर भारत के चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा है कि इस मामले पर इतनी ज्यादा भावुक होने की जरूरत नहीं है।

सोमवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता एन.के. गोस्वामी ने सीजेआई की 'तिलचट्टे' वाली टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश की ओर से स्पष्टीकरण दिए जाने के बावजूद न्यापालिका को बदनाम करने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से पेश किया जा रहा है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मुद्दे को इतना भावनात्मक तरीके से न लें।

उचित समय पर नियमानुसार होगी सुनवाई-सीजेआई

मुख्य न्यायाधीश ने जनहित याचिका की जल्द सुनवाई की मांग पर कहा कि ऐसी कोई गंभीर तात्कालिकता नहीं है और सर्वोच्च न्यायालय उचित समय पर इसकी नियमानुसार सुनवाई करेगा। जनहित याचिका में निर्देश देने की मांग की गई है कि अदालत में होने वाली बातचीत का इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए न किया जाए और फर्जी वकीलों की डिग्रियों के मामले में सीबीआई जांच की जाए। इसी मामले पर एक अन्य जनहित याचिका में मुख्य न्यायाधीश की 'तिलचट्टे' वाली टिप्पणी के बाद उभरे व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ी गतिविधियों की सीबीआई जांच की मांग की गई है। 

सीजेआई की टिप्पणी पर लॉन्च हुई सीजेपी

बता दें कि 15 मई, 2026 को सीजेआई सूर्यकांत की अदालत में वकीलों की फर्जी डिग्री के एक मामले की सुनवाई हो रही थी। एक वकील ने सीनियर वकील का दर्जा पाने के लिए अदालत से गुहार लगाई थी। इस दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने देश के उन कुछ चुनिंदा बेरोजगारों की बात की, जो बिना जिम्मेदारी के बात-बात पर सिस्टम को निशाना बनाते हैं। ऐसे कुछ बेरोजगारों के लिए सीजेआई ने ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल का। सीजेआई की इसी टिप्पणी को अमेरिका के बोस्टन में बैठे पुणे के रहने वाले एक भारतीय अभिजीत दीपके ने हथियार बनाया और अपने इंस्टाग्राम पोर्टल के जरिए व्यंग के इरादे से कॉकरोच जनता पार्टी नाम का मूवमेंट लॉन्च कर दिया। देखते ही देखते इंस्टाग्राम पर यह मूवमेंट फॉलोअर्स के मामले में बहुत ही सफल अभियान साबित हुआ और आज इसके फॉलोअरों की संख्या 23 मिलियन के करीब पहुंच चुकी है।

कौन से ‘सीजेपी’ बनाने वाले अभिजीत दीपके

30 साल के अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल वो अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिजीत 2020 से 2022 तक केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत आप के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे। एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए आप छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। एडमिशन मिल गया, तो वे अमेरिका शिफ्ट हो गए। अभिजीत किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर एक्स अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं।

Rajesh Mohandas Explains the “AI Complexity Gap” Facing Modern Enterprises

Rajesh Mohandas is emerging as a powerful voice at the intersection of law, technology, governance, and artificial intelligence — a convergence that is becoming essential as AI rapidly reshapes business, regulation, and society.

With over 24 years of global experience, including his role as former Vice President at Thomson Reuters, he brings deep expertise in enterprise transformation, governance, risk management, and digital innovation. What sets him apart is his rare dual identity as both a technologist and a legal professional, allowing him to approach AI not just as technology, but as a complex challenge involving compliance, cybersecurity, ethics, and accountability.

As organizations race to adopt AI while facing rising regulatory pressure and operational uncertainty, Rajesh works closely with enterprises to build governance-led, responsible AI systems. His approach focuses on creating scalable, explainable, and legally defensible AI frameworks that balance innovation with risk control.

He is actively contributing to next-generation AI thinking beyond traditional models, working on governance frameworks around emerging systems like LBMs, LAMs, World Models, and hybrid architectures. His work helps organizations bridge what he describes as the “AI Complexity Gap” — where adoption outpaces governance, security, and control.

Rajesh also highlights the growing risks in the AI era, including deepfake fraud, synthetic identities, cyber threats, data privacy issues, algorithmic bias, and regulatory exposure. His governance-first frameworks are designed to help enterprises proactively mitigate these risks before they turn into compliance failures or reputational damage.

In today’s evolving AI economy, Rajesh represents a new category of leadership — the “lawyer-technologist” — combining legal strategy with technology execution. This role is becoming critical for organizations navigating AI regulations, data governance pressures, and cybersecurity challenges at the boardroom level.

Beyond the corporate world, he is the visionary behind Nyaya Darpan Foundation, an initiative focused on AI-led awareness, human rights, and access to justice. Through this, he collaborates with Sonia & Partners Law Firm to support legal awareness, pro bono services, and social impact initiatives.

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बकरीद पर्व 2026 को लेकर हजारीबाग पुलिस ने किया मॉक ड्रिल, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

हजारीबाग। आगामी बकरीद पर्व 2026 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर हजारीबाग पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देशानुसार बरही थाना क्षेत्र के रांची-पटना मार्ग स्थित बरही चौक पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी बरही एवं पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी बरही थाना मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस बल ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक जानकारी भी दी।

हजारीबाग पुलिस ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि बकरीद पर्व को भाईचारे, शांति एवं सौहार्द के साथ मनाएं। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं यूट्यूब पर किसी भी प्रकार के भ्रामक या अफवाह फैलाने वाले संदेशों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है।

पुलिस प्रशासन ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर कोई संदिग्ध या भ्रामक सूचना प्राप्त होती है, तो उसकी जानकारी तुरंत अपने नजदीकी थाना को दें। सूचना का सत्यापन करते हुए पुलिस द्वारा अविलंब कार्रवाई की जाएगी।

राहुल दुबे गैंग का सक्रिय सदस्य हथियार के साथ गिरफ्तार, बड़ी वारदात की साजिश नाकाम

राहुल दुबे गैंग का सक्रिय सदस्य हथियार के साथ गिरफ्तार, बड़ी वारदात की साजिश नाकाम

हजारीबाग जिला पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राहुल दुबे गैंग के एक सक्रिय सदस्य को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों की बड़ी वारदात की योजना विफल हो गई।

जानकारी के अनुसार, 22 मई 2026 की शाम करीब 4:00 बजे से 6:00 बजे के बीच पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लोहसिंघना थाना क्षेत्र के रोतश ग्राम में राहुल दुबे गैंग के सक्रिय सदस्य किसी बड़ी आपराधिक घटना की योजना बनाने के लिए जुटे हैं। सूचना के सत्यापन एवं त्वरित कार्रवाई के लिए बड़कागांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री अमित आनन्द (IPS) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

गठित SIT टीम ने लोहसिंघना थाना क्षेत्र के रोतश स्थित नगर निगम डंपिंग यार्ड के पास घेराबंदी कर कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने 25 वर्षीय जियाउल रहमान उर्फ मोजम्मिल को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी पेलावल के आजाद नगर (पगमील) का निवासी है तथा उसके पिता का नाम स्वर्गीय रिजवान आलम बताया गया है।

तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक पिस्टल (मैगजीन सहित), एक अतिरिक्त खाली मैगजीन, 02 जिंदा कारतूस, 05 खोखा तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी बानादाग रेलवे साइडिंग में लेवी वसूली और दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग करने की योजना बना रहा था।

इस मामले में लोहसिंघना थाना कांड संख्या- 57/26 दर्ज करते हुए आरोपी के खिलाफ धारा 112(2)/61(2) BNS एवं 25(1-बी)ए/26/27 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह पहले कटकमसांडी (पेलावल) थाना कांड संख्या- 242/25 (NDPS एक्ट) एवं सदर (बड़ा बाजार) थाना कांड संख्या- 368/24 के मामलों में जेल जा चुका है।

इस सफल अभियान में बड़कागांव SDPO अमित आनन्द (IPS), लोहसिंघना थाना प्रभारी पु०अ०नि० निशांत केरकेट्टा, पेलावल OP प्रभारी पु०अ०नि० वेद प्रकाश पाण्डेय, कोर्रा थाना प्रभारी पु०अ०नि० नेमधारी रजक, पु०अ०नि० सत्यम गुप्ता, तकनीकी शाखा की टीम एवं लोहसिंघना थाना के सशस्त्र बल शामिल थे।

पीएम मोदी से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, जानें किन मुद्दों पर हुई बात?

#ussecretaryofstatemarcorubiometwithprimeministernarendra_modi

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटें तक चर्चा चली। इस बैठक में विदेश मंत्री एस जय शंकर के अलावा एनएसए अजीत डोभाल भी मौजूद रहे हैं।

इन मुद्दों पर मंथन

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि बातचीत के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक हितों के लिए भारत और अमेरिका का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका भविष्य में भी आपसी सहयोग को और गहरा करते रहेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता व विकास के लिए मिलकर काम करेंगे।

अमेरिका-भारत सहयोग को और गहरा करने पर सार्थक चर्चा- सर्जियो गोर

वहीं, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने X पर मीटिंग की फोटो शेयर की। उन्होंने लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के लिए मार्को रूबियो के साथ शामिल होकर बहुत अच्छा लगा। हमने सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्रों में अमेरिका-भारत सहयोग को और गहरा करने के तौर-तरीकों पर सार्थक चर्चा की। ये ऐसे क्षेत्र हैं जो हमारे दोनों राष्ट्रों को मजबूत करते हैं और एक स्वतंत्र व खुले इंडो-पैसिफिक को आगे बढ़ाते हैं। भारत और अमेरिका का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार है!

पीएम को व्हाइट हाउस आने का दिया न्योता

अमेरिकी विदेश मंत्री ने पीएम मोदी को व्हाइट हाउस आने का भी न्योता दिया। इससे पहले नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के नेताओं के बीच व्यापार, सुरक्षा संबंधों समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

कल जयशंकर के साथ रूबियो की द्विपक्षीय वार्ता

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो रविवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह नई दिल्ली में होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल होंगे। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश, महत्वपूर्ण तकनीक और जन-जन के संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। साथ ही पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति जैसे विषय भी बातचीत का हिस्सा रहेंगे।

जनता की कमाई को किश्तों में लूटा जा रहा है', पेट्रोल-डीजल के बढ़े दाम पर खरगे का हमला

#people-searningsarebeinglootedininstallmentskhargeattackscentreover

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। बीते 10 दिनों में ये तीसरी बार बढ़े हैं। पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है, वहीं डीजल के रेट 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं। देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसको लेकर कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

जनता की कमाई पर किश्तों में लूटमार-खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को केंद्र सरकार पर जनता की कमाई किस्तों में लूटने का आरोप लगाया। खरगे ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि पेट्रोल अब हुआ 100 रूपये पार, अबकी बार… जनता की कमाई पर किश्तों में लूटमार। पेट्रोल-डीजल पर रोजाना 1000 रुपये करोड़ का केंद्रीय कर लगाकर भाजपा का पेट नहीं भरा। अंतरराष्ट्रीय दाम जब कम थे तब जनता को फायदा नहीं पहुंचाया, उन्हें जमकर लूटा।'

लोगों को “त्याग” का संदेश दिया- खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'जब संकट आया तो, चुनाव में जुट गए और चुनाव बाद त्याग का उपदेश दिया, फिर 8 दिनों में 3 बार पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ाए। हमें बताया गया कि विदेशों के मुकाबले भारत में दाम सबसे कम हैं। पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद जब मोदी जी हम भारतीयों को सब ठीक है की घुट्टी पिला रहे थे तब बाकि देश अपनी-अपनी जनता को राहत पहुंचा रहे थे।'

खरगे ने इन देशों का दिया उदाहरण

खरगे ने कई देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि इटली ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर लोगों को राहत दी। उन्होंने कहा कि, ऑस्ट्रेलिया ने भी टैक्स कम कर पेट्रोल की कीमतों में करीब 17 रुपये प्रति लीटर तक राहत दी। जर्मनी ने तेल पर टैक्स घटाकर कीमतों में 17 से 19 रुपये प्रति लीटर तक कमी की। ब्रिटेन ने परिवारों को 100 पाउंड की सहायता देने के साथ ईंधन और बिजली पर टैक्स कम किए। आयरलैंड ने भी राहत पैकेज देकर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की।

खरगे ने पूछा- लूट की किश्त किस-किस को जा रही?

पोस्ट के अंत में खरगे ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री मोदी बताइए, इस लूट की किश्त किस-किस को जा रही है? आप इतने 'कंप्रोमाइज्ड' क्यों हैं?' उन्होंने दावा किया कि इस सरकार में नेतृत्व का संकट असली है, 140 करोड़ भारतीय अब ये समझ गए हैं।

कांग्रेस बोली-‘महंगाई मैन’ मोदी

वहीं, कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘महंगाई मैन’ मोदी ने पिछले 9 दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम 5 रुपये बढ़ा दिए हैं। आज फिर पेट्रोल 94 पैसे और डीजल 95 पैसे महंगा कर दिया गया। मोदी को सिर्फ तेल कंपनियों के मुनाफे की चिंता है। दुनिया भर की सरकारें अपने नागरिकों को राहत दे रही हैं, जबकि मोदी सरकार अपने ही लोगों को लूटने में लगी है। कम से कम एक बार जनता के हित के बारे में सोचिए, आखिर कब तक पूंजीपतियों का पक्ष लेते रहेंगे?'

Rajesh Mohandas Explains the “AI Complexity Gap” Facing Modern Enterprises

Rajesh Mohandas is emerging as a powerful voice at the intersection of law, technology, governance, and artificial intelligence — a convergence that is becoming essential as AI rapidly reshapes business, regulation, and society.

With over 24 years of global experience, including his role as former Vice President at Thomson Reuters, he brings deep expertise in enterprise transformation, governance, risk management, and digital innovation. What sets him apart is his rare dual identity as both a technologist and a legal professional, allowing him to approach AI not just as technology, but as a complex challenge involving compliance, cybersecurity, ethics, and accountability.

As organizations race to adopt AI while facing rising regulatory pressure and operational uncertainty, Rajesh works closely with enterprises to build governance-led, responsible AI systems. His approach focuses on creating scalable, explainable, and legally defensible AI frameworks that balance innovation with risk control.

He is actively contributing to next-generation AI thinking beyond traditional models, working on governance frameworks around emerging systems like LBMs, LAMs, World Models, and hybrid architectures. His work helps organizations bridge what he describes as the “AI Complexity Gap” — where adoption outpaces governance, security, and control.

Rajesh also highlights the growing risks in the AI era, including deepfake fraud, synthetic identities, cyber threats, data privacy issues, algorithmic bias, and regulatory exposure. His governance-first frameworks are designed to help enterprises proactively mitigate these risks before they turn into compliance failures or reputational damage.

In today’s evolving AI economy, Rajesh represents a new category of leadership — the “lawyer-technologist” — combining legal strategy with technology execution. This role is becoming critical for organizations navigating AI regulations, data governance pressures, and cybersecurity challenges at the boardroom level.

Beyond the corporate world, he is the visionary behind Nyaya Darpan Foundation, an initiative focused on AI-led awareness, human rights, and access to justice. Through this, he collaborates with Sonia & Partners Law Firm to support legal awareness, pro bono services, and social impact initiatives.

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As AI continues to redefine industries and institutions, Rajesh Mohandas is positioning himself as a governance-focused thought leader shaping responsible and sustainable AI adoption.

Because in the end, success will not depend on who adopts AI the fastest — but on who governs it the wisest.