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रयोटो इलेक्ट्रिक्स के फ्रैंचाइजी शोरूम का मंत्री ने किया उद्घाटन





पटना। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर निर्माता कंपनी रयोटो इलेक्ट्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड के नए फ्रैंचाइज शोरूम का उद्घाटन शुक्रवार को मुख्य अतिथि बिहार सरकार के डॉ. अशोक चौधरी, बिहार राज्य धार्मिक न्यास समिति के अध्यक्ष डॉ. रणवीर नंदन, शोरूम के डायरेक्टर सुमित कुमार ने किया। मौके पर कंपनर के सीईओ संदीप रल्लन मौजूद थे। यह शोरूम कंपनी के राइड द ड्रैगन थीम के तहत देशव्यापी ईवी फ्रैंचाइजिंग विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि यह राज्य के परिवहन एवं आर्थिक विकास एजेंडे में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है। वहीं डायरेक्टर सुमित कुमार ने बताया कि शोरूम में बेस से लेकर टॉप मॉडल के ईवी टू-व्हीलर उपलब्ध हैं, जिसकी कीमत 55 हजार से एक लाख तक है। उन्होंने बताया कि यह बिहार का पहला फ्रैंचाइजी स्टोर है। यहां से इच्छुक व्यक्ति डीलरशिप भी ले सकते हैं। आज से रयोटो ईवी की बुकिंग शुरू हो गई है।
संख्या-cm-46524/07/2026 प्रत्येक पंचायत में विशेष अभियान चलाकर होगी खेल प्रतिभा की खोज,






पटना
.बिहार के खिलाड़ियों को मिलेगा विश्वस्तरीय मंच - मुख्यमंत्री मुख्य बिंदु :- 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ योजना के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों को नियुक्ति-पत्र एवं खेल छात्रवृत्ति के चयन-पत्र वितरित किए गए। विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित कर बिहार के खिलाड़ियों को ओलंपिक, विश्व कप, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और आई०पी०एल० जैसे बड़े मंचों तक पहुँचाने का लक्ष्य । राष्ट्रीय स्तर के खेलों में बिहार नम्बर-1 बने, हमलोगों को ऐसी तैयारी करनी है। पटना 24 जुलाई 2026 मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज ऊर्जा ऑडिटोरियम, राजवंशीनगर, पटना में खेल विभाग द्वारा आयोजित बिहार के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना के तहत नियुक्ति पत्र एवं खेल छात्रवृत्ति हेतु चयन पत्र वित्रण समारोह का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान मेडल लाओ, नौकरी पाओ योजना' के तहत अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों श्री आकाश दीप एवं श्री मुकेश कुमार सहित कुल 19 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया और उन्हें शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में खिलाड़ियों के लिए सुनहरे भविष्य का एक नया अध्याय प्रारंभ हुआ है। सरकार ने खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति देकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान और प्रोत्साहन हर स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बिहार के लिए गौरव का विषय है कि पहली बार किसी खिलाड़ी को डी०एस०पी० जैसे उच्च पद पर नियुक्ति प्रदान की गई है। इससे राज्य के युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ेगा तथा वे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए और अधिक प्रेरित होंगे। राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने तथा उन्हें सम्मानजनक अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाओं और खेल अवसंरचना के विकास पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर से पंचायत स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान एवं खोज अभियान प्रारंभ किया जाएगा। चयनित प्रतिभाओं को व्यवस्थित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा निखारने का समान अवसर मिल सके। पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने पूरे बिहार में 5,000 खेल मैदानों के निर्माण का कार्य शत-प्रतिशत पूरा किया है। इसका उद्देश्य गांव-गांव तक खेल संस्कृति का विस्तार करना तथा युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है। पटना स्थित मोइनुल हक स्टेडियम का पुनर्विकास कराया जा रहा है तथा इसके संचालन की जिम्मेदारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बी०सी०सी०आई०) को सौंपी गई है। लगभग 40 हजार दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित होगा और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में सक्षम होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में खेलों को नई पहचान देने के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल किये गये हैं। नालंदा में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है तथा राज्य में तीन अलग-अलग खेलों के विश्व कप स्तर के आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न कराए गए हैं, जिसमें बिहार की धरती पर भारत ने तीनों विश्व कप जीता। उन्होंने कहा कि इन पहलों से बिहार की खेल क्षमता को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। राष्ट्रीय स्तर के खेलों में बिहार नम्बर-1 बने, हमलोगों को ऐसी तैयारी करनी है। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि आपका लक्ष्य केवल पदक जीतना ही नहीं होना चाहिए, बल्कि बिहार को राष्ट्रीय खेलों में देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि बिहार में भी विश्व स्तरीय खेल आयोजन हों और खिलाड़ियों को अपने ही राज्य में उत्कृष्ट सुविधाएँ उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में बिहार के खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, विश्व कप तथा आई०पी०एल० जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर राज्य और देश का गौरव बढ़ाएंगे। राज्य सरकार का संकल्प है कि बिहार को देश की अग्रणी खेल शक्ति बनाया जाए, जहाँ प्रतिभा को अवसर, संसाधन और सम्मान तीनों समान रूप से उपलब्ध हों। ज्ञातव्य है कि आज आयोजित कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी श्री मुकेश कुमार एवं श्री आकाश दीप को पुलिस उपाधीक्षक, एथलेटिक्स खिलाड़ी श्री पियूष राज को पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान की गयी। इसके अतिरिक्त पाँच पैरा खिलाड़ियों सहित विभिन्न खेल विधाओं के अन्य उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए। खेल सम्मान योजना के अंतर्गत श्री सेतु मिश्रा को एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चौंपियनशिप, 2026 में स्वर्ण एवं रजत पदक अर्जित करने तथा एथलेटिक्स में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने वाले बिहार के प्रथम खिलाडी बनने पर 37.50 लाख, श्री विभास्कर कुमार को उक्त प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर 2. लाख तथा शतरंज खिलाड़ी सुश्री मरियम फातिमा को कॉमनवेल्थ यूथ शतरंज चौंपियनशिप, 2026 की ब्लिट्ज स्पर्धा में कांस्य पदक अर्जित करने पर 9 लाख रूपये की पुरस्कार राशि का सांकेतिक चेक मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल विधाओं में उत्कर्ष स्कॉलरशिप योजना, सक्षम स्कॉलरशिप योजना तथा प्रेरणा स्कॉलरशिप योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया। बहार खेल छात्रवृत्ति योजना, 2026 के अंतर्गत खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, पोषण, खेल सामग्री, प्रतियोगिताओं में सहभागिता एवं खेल विज्ञान संबंधी सहायता उपलब्ध कराने हेतु उत्कर्ष (20 लाख प्रतिवर्ष), सक्षम (5 लाख प्रतिवर्ष) एवं प्रेरणा (3 लाख प्रतिवर्ष) छात्रवृत्तियाँ प्रदान की जा रही हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में कुल 637 खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जिनमें उत्कर्ष के अंतर्गत 21, सक्षम के अंतर्गत 184 तथा प्रेरणा के अंतर्गत 432 खिलाड़ी शामिल हैं। प्रेरणा छात्रवृति के अंतर्गत 432 में से 269 खिलाड़ियों का चयन राज्यव्यापी मशाल प्रतिभा खोज कार्यक्रम के माध्यम से किया गया है। समारोह को उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह, खेल विभाग के सचिव श्री दीपक आनंद तथा बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक श्री रविंद्रन शंकरण ने भी संबोधित कियाl कार्यक्रम के दौरान खेल विभाग के सचिव श्री दीपक आनंद ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक श्री विनय कुमार, खेल विभाग के सचिव श्री दीपक आनंद, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक श्री रविंद्रन शंकरण, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह सहित खेल विभाग से जुड़े अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं खिलाड़ी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य विभाग *स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल जारी, इन्हीं पर जारी सूचना होगी मान्य*






पटना। बिहार सरकार के माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत से संबंधित सूचनाओं, वक्तव्यों, कार्यक्रमों एवं जनहित से जुड़े संदेशों की प्रमाणिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आमजन, मीडिया प्रतिनिधियों तथा संबंधित सभी पक्षों से अनुरोध है कि वे केवल स्वास्थ्य मंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जारी सूचनाओं को ही आधिकारिक एवं प्रामाणिक मानें। सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी अपुष्ट, भ्रामक अथवा फर्जी सूचना पर विश्वास करने से पूर्व कृपया आधिकारिक हैंडल पर उपलब्ध जानकारी का अवश्य सत्यापन करें। स्वास्थ्य मंत्री कार्यालय समय-समय पर विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों, विभागीय गतिविधियों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा महत्वपूर्ण घोषणाओं की जानकारी इन्हीं आधिकारिक माध्यमों से साझा करता है। माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल निम्नलिखित हैं— X (Twitter): https://x.com/Nishantjdu81 Facebook: https://www.facebook.com/Nishantjdu81 Instagram: https://www.instagram.com/nishantjdu81 सभी नागरिकों एवं मीडिया प्रतिनिधियों से अनुरोध है कि वे इन्हीं आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का अनुसरण करें तथा केवल इन्हीं पर जारी सूचनाओं को अधिकृत एवं विश्वसनीय मानें।
पीके (प्रशांत किशोर ) पहले बिहार की जनता से ठगे हुए पैसे वापस करें : ऋतुराज सिन्हा






पटना बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री श्री ऋतुराज सिन्हा ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो व्यक्ति बिहार की जनता से कथित तौर पर लिए गए 20 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं दे सकता,उसे दूसरों पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार लाभअभियान के नाम पर प्रशांत किशोर ने बिहार की लगभग एक करोड़ जनता से पीला कार्ड के नाम पर 20-20 रुपये लेकर करोड़ों रुपये जुटाए,लेकिन आज तक यह नहीं बताया कि इस अभियान से किसी एक भी परिवार को क्या लाभ मिला। श्री सिन्हा ने कहा कि यह पैसा बिहार के गरीब और मेहनतकश लोगों की गाढ़ी कमाई का है। प्रशांत किशोर पहले बिहार की जनता से कथित तौर पर ठगे हुए पैसे वापस करें और हर रुपये का सार्वजनिक हिसाब दें। जनता अब खोखले दावों से नहीं, बल्कि जवाबदेही से संतुष्ट होगी। उन्होंने कहा कि अगर परिवार लाभअभियान वास्तव में जनहित का अभियान था, तो प्रशांत किशोर को यह भी बताना चाहिए कि पीला कार्ड लेने वाले कितने परिवारों को क्या लाभ मिला। जनता के पैसे लेकर केवल वादे करना और फिर जवाबदेही से बचना बिहार की जनता के साथ विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनता ऐसे लोगों को करारा जवाब देगी, जो पारदर्शिता का दावा तो करते हैं, लेकिन अपने ही अभियान और जनता से लिए गए पैसों का हिसाब देने से बचते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत के निर्देश के बाद कैंसर सहित एनसीडी स्क्रीनिंग अभियान को मिला नया बल*
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*राज्यभर में कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सीओपीडी, एनीमिया सहित अन्य बीमारियों की विशेष स्क्रीनिंग के लिए विभाग ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश* राज्यभर में कैंसर सहित गैर-संचारी रोगों (NCD) की समय पर पहचान एवं उपचार को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत द्वारा हाल ही में की गई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। माननीय मंत्री के निर्देशों के अनुपालन हेतु राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार ने राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान के सफल संचालन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। *असंयमित खानपान, तंबाकू एवं धूम्रपान के सेवन तथा अन्य जोखिम कारकों से होने वाले नुकसान के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए, स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रारंभिक चरण में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसे आगे और अधिक सघन बनाया जाएगा।* जारी आदेश के अनुसार राज्य के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल एवं जिला अस्पतालों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत कैंसर के साथ-साथ उच्च रक्तचाप, मधुमेह, सीओपीडी, एनीमिया सहित अन्य गैर-संचारी रोगों की जांच एवं समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता लोगों को इलाज उपलब्ध कराने के साथ ही, राज्य के प्रत्येक नागरिक तक स्क्रीनिंग की सुविधा को पहुंचाकर बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में पहचान सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि कैंसर एवं अन्य गैर-संचारी रोगों का समय पर पता चलने से मरीजों का उपचार अधिक प्रभावी ढंग से हो पाएगा। राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी निर्देशों में सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दवाओं, डायग्नोस्टिक किट, रिएजेंट्स एवं कंज्यूमेबल्स की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आवश्यक जांच सुविधाओं को मजबूत करते हुए स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित मरीजों को शीघ्र उपचार एवं रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया है। अभियान की सफलता के लिए आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, जिला कार्यक्रम समन्वयक, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी, जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका एवं जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई हैं। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर लोगों को स्क्रीनिंग के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा चिन्हित मरीजों का नियमित फॉलो-अप भी सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के दौरान स्क्रीनिंग से संबंधित सभी आंकड़ों की नियमित प्रविष्टि एनपी-एनसीडी (NP-NCD) पोर्टल पर की जाएगी। राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक प्रतिदिन अभियान की प्रगति की समीक्षा की जाएगी तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सतत अनुश्रवण एवं निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि विशेष अभियान के दौरान कोई भी पात्र व्यक्ति स्क्रीनिंग से वंचित न रहे। उन्होंने विशेष रूप से मुख, स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच को व्यापक स्तर पर संचालित करने, तंबाकू नियंत्रण एवं जनजागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सभी चिन्हित मरीजों को समयबद्ध उपचार से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार रोकथाम, समय पर पहचान एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार की रणनीति पर कार्य कर रही है। विभाग द्वारा जारी यह विशेष अभियान राज्य में कैंसर सहित अन्य गैर-संचारी रोगों के नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा तथा आमजन को उनके घर के निकट बेहतर जांच एवं उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पारस हेल्थ में नाक के रास्ते बिना चीरा लगाए निकाला ब्रेन ट्यूमर, 8 साल के बच्चे को मिली नई जिंदगी*



पटना। भोजपुर के पीरो निवासी 8 वर्षीय मास्टर अज़मत पिछले छह महीने से लगातार सिरदर्द से परेशान था। बीच-बीच में उसे उल्टी भी होती थी और उसकी आंखों की रोशनी भी कमजोर होने लगी थी। परिजनों ने जब जांच कराई तो एमआरआई में पता चला कि बच्चे के मस्तिष्क में बड़ा पिट्यूटरी ट्यूमर है, जो मस्तिष्क पर दबाव बना रहा था। स्थिति गंभीर होने के कारण तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। पारस हेल्थ, पटना के *न्यूरोसर्जन डॉ. वीर अभिमन्यु पंडित* ने एंडोस्कोपिक तकनीक से नाक के रास्ते बिना कोई बाहरी चीरा लगाए ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया। इस अत्याधुनिक प्रक्रिया में दूरबीन (एंडोस्कोप) की मदद से ट्यूमर तक पहुंचकर उसे हटाया गया, जिससे बच्चे को बड़ी सर्जरी और लंबे रिकवरी समय से बचाया जा सका। सर्जरी के बाद बच्चे की स्थिति लगातार बेहतर होती गई। सिरदर्द और उल्टी की समस्या पूरी तरह खत्म हो गई तथा उसकी दृष्टि में भी सुधार आया। हाल ही में ऑपरेशन के बाद फॉलोअप के लिए अस्पताल पहुंचे बच्चे की जांच में उसकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य पाई गई। डॉ. वीर अभिमन्यु पंडित ने बताया कि समय पर एमआरआई और सही इलाज मिलने से इस तरह के जटिल ब्रेन ट्यूमर का भी सफल उपचार संभव है। शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और लगातार सिरदर्द, उल्टी या दृष्टि में कमी होने पर तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। पारस हेल्थ के *जोनल डाइरेक्टर एंव वाइस-प्रेसिडेंट डॉ. दीपक सिंह* ने बताया कि अस्पताल बिहार में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। मरीज का सही इलाज हमारी प्राथमिकता है और इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं। न्यूरोसर्जरी विभाग के डाइरेक्टर डॉ. अम्बुज कुमार, चीफ कंसल्टेंट डॉ. निरज झा एंव एनिस्थिसिया के डॉ. श्री नारायण का ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालने में योगदान रहा। *पारस हेल्थ के बारे में* पारस हेल्थ पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है।
साइकिल प्योर अगरबत्ती ने 77 वर्षों की सुगंधमयी विरासत का जश्न मनाया, त्योहारी सीजन के लिए नए उत्पाद लॉन्च






पटना,
भारत की नंबर 1 अगरबत्ती निर्माता और दुनिया के सबसे बड़े अगरबत्ती ब्रांडों में से एक साइकिल प्योर अगरबत्ती ने अपनी 77 वर्षों की सुगंधमयी उत्कृष्टता का जश्न मनाते हुए त्योहारी सीजन के लिए बांस-रहित सॉलिड धूप और मेदिनी जुदवा प्रीमियम कप समब्राणी की नई श्रृंखला लॉन्च की है। कंपनी हर वर्ष 12 अरब से अधिक अगरबत्तियों का निर्माण करती है और 75 से अधिक देशों में अपने उत्पादों की पहुंच रखती है। परंपरा और आधुनिक नवाचार के संतुलन के साथ कंपनी भारतीय आध्यात्मिक विरासत को नए स्वरूप में उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही है। 1948 से शुरू हुई विश्वास की यात्रा 1948 में दूरदर्शी उद्योगपति श्री एन. रंगा राव द्वारा स्थापित साइकिल प्योर अगरबत्ती आज वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय ब्रांड बन चुकी है। वर्षों से कंपनी ने गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार, जिम्मेदार विनिर्माण और भारतीय संस्कृति से जुड़े मूल्यों के आधार पर अपनी अग्रणी पहचान बनाई है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता साइकिल प्योर अगरबत्ती दुनिया की पहली कार्बन-न्यूट्रल अगरबत्ती निर्माता कंपनी होने का गौरव रखती है। कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा, वनीकरण और जिम्मेदार उत्पादन प्रक्रियाओं के माध्यम से इस उपलब्धि को बनाए हुए है। साथ ही, प्लास्टिक उपयोग की भरपाई करते हुए कंपनी प्लास्टिक-न्यूट्रल दर्जा भी हासिल कर चुकी है। बांस-रहित सॉलिड धूप की तीन नई सुगंधें 1. दसारा (Dasara) मैसूर दशहरा की भव्यता से प्रेरित यह सुगंध चंदन और मसाला मिश्रण का अनूठा मेल है, जो उत्सव, परंपरा और शाही अनुभव का एहसास कराती है। 2. यज्ञ (Yagna) 1940 के दशक की पारंपरिक वैदिक परंपराओं से प्रेरित यह सुगंध प्राकृतिक सामग्री और वैदिक अनुष्ठानों की दिव्यता को दर्शाती है। यह पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक शांति के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है। 3. वुड्स (Woods) प्रकृति की हरियाली और शांत वातावरण से प्रेरित यह सुगंध चंदन, एम्बर, ऐलैंथस मलाबारिका और प्राकृतिक तेलों के मिश्रण से तैयार की गई है, जो मानसिक शांति, संतुलन और ताजगी का अनुभव कराती है। मेदिनी जुदवा कप समब्राणी भारतीय परंपरा में मेदिनी पृथ्वी माता का प्रतीक मानी जाती हैं। इसी भावना से प्रेरित मेदिनी जुदवा कप समब्राणी में गुलाब और चमेली की दो सुगंधें शामिल हैं, जो घर में पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक पवित्र बनाती हैं। कंपनी का बयान कंपनी के मुख्य बिक्री एवं विपणन अधिकारी (Chief Sales & Marketing Officer) अमरनाथ दत्ता ने कहा: "पिछले 77 वर्षों से हमारी यात्रा का उद्देश्य परंपरा का सम्मान करते हुए उपभोक्ताओं की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप लगातार नवाचार करना रहा है। गुणवत्ता, विश्वास और आधुनिक तकनीक हमारी सफलता की आधारशिला हैं।" उन्होंने आगे कहा कि पर्यावरण संरक्षण भी कंपनी की प्राथमिकता है। कार्बन-न्यूट्रल और प्लास्टिक-न्यूट्रल बनने के साथ-साथ कंपनी महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर भी सृजित कर रही है। उपभोक्ताओं की बदलती पसंद कंपनी के अनुसार आज उपभोक्ता प्रीमियम पूजा उत्पादों, प्रामाणिक सुगंध और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए नई त्योहारी श्रृंखला विकसित की गई है। कंपनी के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) द्वैपायन दास ने कहा: "त्योहारी मौसम भारतीय परिवारों के लिए आस्था और भावनात्मक जुड़ाव का समय होता है। हमारी नई श्रृंखला गुणवत्ता, प्रामाणिकता और स्थिरता (Sustainability) को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। बिहार हमारे लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और यहां प्रीमियम सुगंध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।" आगे की रणनीति कंपनी ने हाल ही में सात्विक (Satvik) ब्रांड के अधिग्रहण का भी उल्लेख किया, जिससे पूजा और आध्यात्मिक उत्पादों के क्षेत्र में उसकी मौजूदगी और मजबूत होगी। कंपनी का लक्ष्य नवाचार, टिकाऊ विकास और उपभोक्ता-केंद्रित उत्पादों के माध्यम से अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करना है। एनआर ग्रुप के बारे में एनआर ग्रुप की स्थापना 1948 में मैसूर में श्री एन. रंगा राव ने की थी। यह समूह साइकिल प्योर अगरबत्ती के अलावा IRIS (होम फ्रेगरेंस), Lia (एयर केयर उत्पाद), NESSO (फ्लोरल एक्सट्रैक्ट्स) और Rangsons (एयरोस्पेस इंजीनियरिंग) जैसे क्षेत्रों में भी कार्यरत है। समूह आज भारत सहित 75 से अधिक देशों में अपनी सेवाएं और उत्पाद उपलब्ध करा रहा है।
माननीय अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने अपने आज कार्यालय कक्ष में सदस्यों की नव निर्मित विधायक आवास परिषद में हो रही समस्या पर चर्चा की





बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम
कुमार ने आज अपने कार्यालय कक्ष में वीरचंद पटेल पथ स्थित नवनिर्मित विधायक आवासीय परिसर तथा अन्य विषयों के संबंध में भवन निर्माण विभाग की माननीय मंत्री श्रीमती लेशी सिंह के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में माननीय सदस्यों को नवनिर्मित विधायक आवासीय परिसर में हो रही समस्याओं एवं परिसर में अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सभा सचिवालय के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु विधान सभा पुल में अतिरिक्त आवास उपलब्ध कराने एवं नए आवासीय परिसर के निर्माण के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। माननीय अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार ने माननीय मंत्री को माननीय सदस्यों के लिए नवनिर्मित विधायक आवासीय परिसर की विभिन्न समस्याओं एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी से अवगत कराया। बैठक में सभा सचिवालय के कार्यबल के अनुरूप गर्दनीबाग, पटना स्थित आवासीय परिसर के ब्लॉक ए, बी, सी एवं डी में अतिरिक्त आवास उपलब्ध कराने पर भी विचार–विमर्श हुआ। साथ ही, सभा सचिवालय के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु आवास की कमी को देखते हुए नए आवासीय परिसर के निर्माण पर चर्चा हुई । माननीय मंत्री श्रीमती लेशी सिंह ने माननीय अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि नवनिर्मित विधायक आवासीय परिसर की विभिन्न समस्याओं को शीघ्र दूर कर दिया जायेगा एवं परिसर में मूलभूत सुविधाओं को भी शीघ्र बहाल किया जायेगा। उन्होंने गर्दनीबाग, पटना स्थित आवासीय परिसर के ब्लॉक ए, बी, सी एवं डी में अतिरिक्त आवास उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही, उन्होंने सभा सचिवालय के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु आर ब्लॉक के समीप नए बहुमंजिले आवासीय परिसर के निर्माण पर सहमति व्यक्त की। इस बैठक में भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री प्रणव कुमार एवं सभा सचिवालय के वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। *जनसंपर्क पदाधिकारी* *बिहार विधान सभा, पटना ।*
सूर्यमुखी की खेती एवं मधुमक्खी पालन का एकीकृत मॉडल किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रभावी पहल*




: विजय कुमार सिन्हा पटना, 7 जुलाई। बिहार के कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य तेल–तिलहन मिशन (NMEO-OS) के अंतर्गत राज्य में सूर्यमुखी की खेती के साथ मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण रोजगार सृजित करने तथा खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है। और इसके काफी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं l कृषि मंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में जब फूलों की उपलब्धता कम हो जाती है, तब सूर्यमुखी की फसल मधुमक्खियों के लिए प्राकृतिक अमृत (नेक्टर) एवं पराग का महत्वपूर्ण स्रोत बनती है। इससे मधुमक्खी कॉलोनियों का संरक्षण होता है तथा उच्च गुणवत्ता वाले शहद के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलता है। दूसरी ओर मधुमक्खियों द्वारा प्राकृतिक परागण से सूर्यमुखी की फसल में दानों का भराव बेहतर होता है, बीजों की गुणवत्ता में सुधार आता है तथा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। यह मॉडल किसानों और मधुमक्खी पालकों दोनों के लिए समान रूप से लाभकारी सिद्ध हो रहा है। श्री सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार केवल तिलहन उत्पादन बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कटाई उपरांत प्रसंस्करण (Post-Harvest Processing) एवं मूल्य संवर्धन (Value Addition) पर भी विशेष बल दे रही है। योजना के अंतर्गत तेल मिलों की स्थापना एवं आधुनिकीकरण के लिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे किसानों को अपनी उपज का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण कराने की सुविधा मिलेगी, परिवहन लागत घटेगी, शुद्ध खाद्य तेल का स्थानीय उत्पादन बढ़ेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि "उत्पादन से प्रसंस्करण तक (Production to Processing)" की अवधारणा को साकार करने वाला यह एकीकृत मॉडल बिहार की कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा तथा किसानों की आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित होगी। कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत बांका जिले के धोरैया प्रखंड, शिवहर जिले के पिपराही प्रखंड तथा सारण जिले में 25-25 एकड़ के क्लस्टर में सूर्यमुखी की खेती के साथ मधुमक्खी पालन का कार्य किया जा रहा है। इन मॉडलों से प्राप्त सकारात्मक परिणामों के आधार पर इसे राज्य के अन्य जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से विस्तारित किया जाएगा। श्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से आह्वान किया कि वे सूर्यमुखी की खेती, मधुमक्खी पालन एवं मूल्य संवर्धन आधारित कृषि मॉडल को अपनाकर अपनी आय बढ़ाएँ तथा विकसित एवं आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में सहभागी बनें।
पारस हेल्थ, पटना में पहली बार सफल लिवर एवं किडनी का संयुक्त प्रत्यारोपण* •
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एक ही मरीज का एक साथ हुआ लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट, बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि • अंगदाता: माता - किडनी दाता, पुत्र - लीवर दाता पटना। पारस हेल्थ, पटना ने अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए अस्पताल का पहला सफल लिवर ट्रांसप्लांट किया है। इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाते हुए चिकित्सकों की टीम ने एक ही मरीज का लिवर और किडनी का संयुक्त (सिमल्टेनियस) प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया। यह अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण सर्जरी मानी जाती है और इसके सफल निष्पादन ने बिहार में उन्नत चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। 42 वर्षीय पुरुष मरीज, जो ईएसआरडी- ईण्ड स्टेज रिनल डिजीज यानी अंतिम चरण की किडनी फेल और सीएलडी- क्रोनिक लिवर डिजीज यानी लीवर सिरोसिस से पीड़ित थे। डायलिस और दवाओं के बाद भी दोनों अंग काम नहीं कर रहे थे। संयुक्त अंग प्रत्यारोपण देश के गिने-चुने केंद्रों में ही संभव है। इसमें एक साथ दो दाता सर्जरी और एक मरीज की सर्जरी, लगभग 15-18 घंटे तक टीम वर्क से की जाती है। इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में ट्रांसप्लांट सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, हेपेटोलॉजी, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, ओटी, आईसीयू नर्सिंग, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेशन, माइक्रोबायोलॉजी, रेडियोलॉजी, ब्लड बैंक, फार्मेसी एवं अस्पताल प्रशासन सहित सभी विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




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