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पीके (प्रशांत किशोर ) पहले बिहार की जनता से ठगे हुए पैसे वापस करें : ऋतुराज सिन्हा






पटना बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री श्री ऋतुराज सिन्हा ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो व्यक्ति बिहार की जनता से कथित तौर पर लिए गए 20 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं दे सकता,उसे दूसरों पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार लाभअभियान के नाम पर प्रशांत किशोर ने बिहार की लगभग एक करोड़ जनता से पीला कार्ड के नाम पर 20-20 रुपये लेकर करोड़ों रुपये जुटाए,लेकिन आज तक यह नहीं बताया कि इस अभियान से किसी एक भी परिवार को क्या लाभ मिला। श्री सिन्हा ने कहा कि यह पैसा बिहार के गरीब और मेहनतकश लोगों की गाढ़ी कमाई का है। प्रशांत किशोर पहले बिहार की जनता से कथित तौर पर ठगे हुए पैसे वापस करें और हर रुपये का सार्वजनिक हिसाब दें। जनता अब खोखले दावों से नहीं, बल्कि जवाबदेही से संतुष्ट होगी। उन्होंने कहा कि अगर परिवार लाभअभियान वास्तव में जनहित का अभियान था, तो प्रशांत किशोर को यह भी बताना चाहिए कि पीला कार्ड लेने वाले कितने परिवारों को क्या लाभ मिला। जनता के पैसे लेकर केवल वादे करना और फिर जवाबदेही से बचना बिहार की जनता के साथ विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनता ऐसे लोगों को करारा जवाब देगी, जो पारदर्शिता का दावा तो करते हैं, लेकिन अपने ही अभियान और जनता से लिए गए पैसों का हिसाब देने से बचते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत के निर्देश के बाद कैंसर सहित एनसीडी स्क्रीनिंग अभियान को मिला नया बल*
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*राज्यभर में कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सीओपीडी, एनीमिया सहित अन्य बीमारियों की विशेष स्क्रीनिंग के लिए विभाग ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश* राज्यभर में कैंसर सहित गैर-संचारी रोगों (NCD) की समय पर पहचान एवं उपचार को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत द्वारा हाल ही में की गई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। माननीय मंत्री के निर्देशों के अनुपालन हेतु राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार ने राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान के सफल संचालन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। *असंयमित खानपान, तंबाकू एवं धूम्रपान के सेवन तथा अन्य जोखिम कारकों से होने वाले नुकसान के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए, स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रारंभिक चरण में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसे आगे और अधिक सघन बनाया जाएगा।* जारी आदेश के अनुसार राज्य के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल एवं जिला अस्पतालों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत कैंसर के साथ-साथ उच्च रक्तचाप, मधुमेह, सीओपीडी, एनीमिया सहित अन्य गैर-संचारी रोगों की जांच एवं समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता लोगों को इलाज उपलब्ध कराने के साथ ही, राज्य के प्रत्येक नागरिक तक स्क्रीनिंग की सुविधा को पहुंचाकर बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में पहचान सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि कैंसर एवं अन्य गैर-संचारी रोगों का समय पर पता चलने से मरीजों का उपचार अधिक प्रभावी ढंग से हो पाएगा। राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी निर्देशों में सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दवाओं, डायग्नोस्टिक किट, रिएजेंट्स एवं कंज्यूमेबल्स की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आवश्यक जांच सुविधाओं को मजबूत करते हुए स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित मरीजों को शीघ्र उपचार एवं रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया है। अभियान की सफलता के लिए आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, जिला कार्यक्रम समन्वयक, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी, जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका एवं जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई हैं। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर लोगों को स्क्रीनिंग के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा चिन्हित मरीजों का नियमित फॉलो-अप भी सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के दौरान स्क्रीनिंग से संबंधित सभी आंकड़ों की नियमित प्रविष्टि एनपी-एनसीडी (NP-NCD) पोर्टल पर की जाएगी। राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक प्रतिदिन अभियान की प्रगति की समीक्षा की जाएगी तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सतत अनुश्रवण एवं निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि विशेष अभियान के दौरान कोई भी पात्र व्यक्ति स्क्रीनिंग से वंचित न रहे। उन्होंने विशेष रूप से मुख, स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच को व्यापक स्तर पर संचालित करने, तंबाकू नियंत्रण एवं जनजागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सभी चिन्हित मरीजों को समयबद्ध उपचार से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार रोकथाम, समय पर पहचान एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार की रणनीति पर कार्य कर रही है। विभाग द्वारा जारी यह विशेष अभियान राज्य में कैंसर सहित अन्य गैर-संचारी रोगों के नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा तथा आमजन को उनके घर के निकट बेहतर जांच एवं उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पारस हेल्थ में नाक के रास्ते बिना चीरा लगाए निकाला ब्रेन ट्यूमर, 8 साल के बच्चे को मिली नई जिंदगी*



पटना। भोजपुर के पीरो निवासी 8 वर्षीय मास्टर अज़मत पिछले छह महीने से लगातार सिरदर्द से परेशान था। बीच-बीच में उसे उल्टी भी होती थी और उसकी आंखों की रोशनी भी कमजोर होने लगी थी। परिजनों ने जब जांच कराई तो एमआरआई में पता चला कि बच्चे के मस्तिष्क में बड़ा पिट्यूटरी ट्यूमर है, जो मस्तिष्क पर दबाव बना रहा था। स्थिति गंभीर होने के कारण तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। पारस हेल्थ, पटना के *न्यूरोसर्जन डॉ. वीर अभिमन्यु पंडित* ने एंडोस्कोपिक तकनीक से नाक के रास्ते बिना कोई बाहरी चीरा लगाए ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया। इस अत्याधुनिक प्रक्रिया में दूरबीन (एंडोस्कोप) की मदद से ट्यूमर तक पहुंचकर उसे हटाया गया, जिससे बच्चे को बड़ी सर्जरी और लंबे रिकवरी समय से बचाया जा सका। सर्जरी के बाद बच्चे की स्थिति लगातार बेहतर होती गई। सिरदर्द और उल्टी की समस्या पूरी तरह खत्म हो गई तथा उसकी दृष्टि में भी सुधार आया। हाल ही में ऑपरेशन के बाद फॉलोअप के लिए अस्पताल पहुंचे बच्चे की जांच में उसकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य पाई गई। डॉ. वीर अभिमन्यु पंडित ने बताया कि समय पर एमआरआई और सही इलाज मिलने से इस तरह के जटिल ब्रेन ट्यूमर का भी सफल उपचार संभव है। शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और लगातार सिरदर्द, उल्टी या दृष्टि में कमी होने पर तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। पारस हेल्थ के *जोनल डाइरेक्टर एंव वाइस-प्रेसिडेंट डॉ. दीपक सिंह* ने बताया कि अस्पताल बिहार में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। मरीज का सही इलाज हमारी प्राथमिकता है और इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं। न्यूरोसर्जरी विभाग के डाइरेक्टर डॉ. अम्बुज कुमार, चीफ कंसल्टेंट डॉ. निरज झा एंव एनिस्थिसिया के डॉ. श्री नारायण का ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालने में योगदान रहा। *पारस हेल्थ के बारे में* पारस हेल्थ पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है।
साइकिल प्योर अगरबत्ती ने 77 वर्षों की सुगंधमयी विरासत का जश्न मनाया, त्योहारी सीजन के लिए नए उत्पाद लॉन्च






पटना,
भारत की नंबर 1 अगरबत्ती निर्माता और दुनिया के सबसे बड़े अगरबत्ती ब्रांडों में से एक साइकिल प्योर अगरबत्ती ने अपनी 77 वर्षों की सुगंधमयी उत्कृष्टता का जश्न मनाते हुए त्योहारी सीजन के लिए बांस-रहित सॉलिड धूप और मेदिनी जुदवा प्रीमियम कप समब्राणी की नई श्रृंखला लॉन्च की है। कंपनी हर वर्ष 12 अरब से अधिक अगरबत्तियों का निर्माण करती है और 75 से अधिक देशों में अपने उत्पादों की पहुंच रखती है। परंपरा और आधुनिक नवाचार के संतुलन के साथ कंपनी भारतीय आध्यात्मिक विरासत को नए स्वरूप में उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही है। 1948 से शुरू हुई विश्वास की यात्रा 1948 में दूरदर्शी उद्योगपति श्री एन. रंगा राव द्वारा स्थापित साइकिल प्योर अगरबत्ती आज वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय ब्रांड बन चुकी है। वर्षों से कंपनी ने गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार, जिम्मेदार विनिर्माण और भारतीय संस्कृति से जुड़े मूल्यों के आधार पर अपनी अग्रणी पहचान बनाई है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता साइकिल प्योर अगरबत्ती दुनिया की पहली कार्बन-न्यूट्रल अगरबत्ती निर्माता कंपनी होने का गौरव रखती है। कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा, वनीकरण और जिम्मेदार उत्पादन प्रक्रियाओं के माध्यम से इस उपलब्धि को बनाए हुए है। साथ ही, प्लास्टिक उपयोग की भरपाई करते हुए कंपनी प्लास्टिक-न्यूट्रल दर्जा भी हासिल कर चुकी है। बांस-रहित सॉलिड धूप की तीन नई सुगंधें 1. दसारा (Dasara) मैसूर दशहरा की भव्यता से प्रेरित यह सुगंध चंदन और मसाला मिश्रण का अनूठा मेल है, जो उत्सव, परंपरा और शाही अनुभव का एहसास कराती है। 2. यज्ञ (Yagna) 1940 के दशक की पारंपरिक वैदिक परंपराओं से प्रेरित यह सुगंध प्राकृतिक सामग्री और वैदिक अनुष्ठानों की दिव्यता को दर्शाती है। यह पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक शांति के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है। 3. वुड्स (Woods) प्रकृति की हरियाली और शांत वातावरण से प्रेरित यह सुगंध चंदन, एम्बर, ऐलैंथस मलाबारिका और प्राकृतिक तेलों के मिश्रण से तैयार की गई है, जो मानसिक शांति, संतुलन और ताजगी का अनुभव कराती है। मेदिनी जुदवा कप समब्राणी भारतीय परंपरा में मेदिनी पृथ्वी माता का प्रतीक मानी जाती हैं। इसी भावना से प्रेरित मेदिनी जुदवा कप समब्राणी में गुलाब और चमेली की दो सुगंधें शामिल हैं, जो घर में पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक पवित्र बनाती हैं। कंपनी का बयान कंपनी के मुख्य बिक्री एवं विपणन अधिकारी (Chief Sales & Marketing Officer) अमरनाथ दत्ता ने कहा: "पिछले 77 वर्षों से हमारी यात्रा का उद्देश्य परंपरा का सम्मान करते हुए उपभोक्ताओं की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप लगातार नवाचार करना रहा है। गुणवत्ता, विश्वास और आधुनिक तकनीक हमारी सफलता की आधारशिला हैं।" उन्होंने आगे कहा कि पर्यावरण संरक्षण भी कंपनी की प्राथमिकता है। कार्बन-न्यूट्रल और प्लास्टिक-न्यूट्रल बनने के साथ-साथ कंपनी महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर भी सृजित कर रही है। उपभोक्ताओं की बदलती पसंद कंपनी के अनुसार आज उपभोक्ता प्रीमियम पूजा उत्पादों, प्रामाणिक सुगंध और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए नई त्योहारी श्रृंखला विकसित की गई है। कंपनी के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) द्वैपायन दास ने कहा: "त्योहारी मौसम भारतीय परिवारों के लिए आस्था और भावनात्मक जुड़ाव का समय होता है। हमारी नई श्रृंखला गुणवत्ता, प्रामाणिकता और स्थिरता (Sustainability) को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। बिहार हमारे लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और यहां प्रीमियम सुगंध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।" आगे की रणनीति कंपनी ने हाल ही में सात्विक (Satvik) ब्रांड के अधिग्रहण का भी उल्लेख किया, जिससे पूजा और आध्यात्मिक उत्पादों के क्षेत्र में उसकी मौजूदगी और मजबूत होगी। कंपनी का लक्ष्य नवाचार, टिकाऊ विकास और उपभोक्ता-केंद्रित उत्पादों के माध्यम से अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करना है। एनआर ग्रुप के बारे में एनआर ग्रुप की स्थापना 1948 में मैसूर में श्री एन. रंगा राव ने की थी। यह समूह साइकिल प्योर अगरबत्ती के अलावा IRIS (होम फ्रेगरेंस), Lia (एयर केयर उत्पाद), NESSO (फ्लोरल एक्सट्रैक्ट्स) और Rangsons (एयरोस्पेस इंजीनियरिंग) जैसे क्षेत्रों में भी कार्यरत है। समूह आज भारत सहित 75 से अधिक देशों में अपनी सेवाएं और उत्पाद उपलब्ध करा रहा है।
माननीय अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने अपने आज कार्यालय कक्ष में सदस्यों की नव निर्मित विधायक आवास परिषद में हो रही समस्या पर चर्चा की





बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम
कुमार ने आज अपने कार्यालय कक्ष में वीरचंद पटेल पथ स्थित नवनिर्मित विधायक आवासीय परिसर तथा अन्य विषयों के संबंध में भवन निर्माण विभाग की माननीय मंत्री श्रीमती लेशी सिंह के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में माननीय सदस्यों को नवनिर्मित विधायक आवासीय परिसर में हो रही समस्याओं एवं परिसर में अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सभा सचिवालय के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु विधान सभा पुल में अतिरिक्त आवास उपलब्ध कराने एवं नए आवासीय परिसर के निर्माण के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। माननीय अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार ने माननीय मंत्री को माननीय सदस्यों के लिए नवनिर्मित विधायक आवासीय परिसर की विभिन्न समस्याओं एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी से अवगत कराया। बैठक में सभा सचिवालय के कार्यबल के अनुरूप गर्दनीबाग, पटना स्थित आवासीय परिसर के ब्लॉक ए, बी, सी एवं डी में अतिरिक्त आवास उपलब्ध कराने पर भी विचार–विमर्श हुआ। साथ ही, सभा सचिवालय के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु आवास की कमी को देखते हुए नए आवासीय परिसर के निर्माण पर चर्चा हुई । माननीय मंत्री श्रीमती लेशी सिंह ने माननीय अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि नवनिर्मित विधायक आवासीय परिसर की विभिन्न समस्याओं को शीघ्र दूर कर दिया जायेगा एवं परिसर में मूलभूत सुविधाओं को भी शीघ्र बहाल किया जायेगा। उन्होंने गर्दनीबाग, पटना स्थित आवासीय परिसर के ब्लॉक ए, बी, सी एवं डी में अतिरिक्त आवास उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही, उन्होंने सभा सचिवालय के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु आर ब्लॉक के समीप नए बहुमंजिले आवासीय परिसर के निर्माण पर सहमति व्यक्त की। इस बैठक में भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री प्रणव कुमार एवं सभा सचिवालय के वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। *जनसंपर्क पदाधिकारी* *बिहार विधान सभा, पटना ।*
सूर्यमुखी की खेती एवं मधुमक्खी पालन का एकीकृत मॉडल किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रभावी पहल*




: विजय कुमार सिन्हा पटना, 7 जुलाई। बिहार के कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य तेल–तिलहन मिशन (NMEO-OS) के अंतर्गत राज्य में सूर्यमुखी की खेती के साथ मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण रोजगार सृजित करने तथा खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है। और इसके काफी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं l कृषि मंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में जब फूलों की उपलब्धता कम हो जाती है, तब सूर्यमुखी की फसल मधुमक्खियों के लिए प्राकृतिक अमृत (नेक्टर) एवं पराग का महत्वपूर्ण स्रोत बनती है। इससे मधुमक्खी कॉलोनियों का संरक्षण होता है तथा उच्च गुणवत्ता वाले शहद के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलता है। दूसरी ओर मधुमक्खियों द्वारा प्राकृतिक परागण से सूर्यमुखी की फसल में दानों का भराव बेहतर होता है, बीजों की गुणवत्ता में सुधार आता है तथा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। यह मॉडल किसानों और मधुमक्खी पालकों दोनों के लिए समान रूप से लाभकारी सिद्ध हो रहा है। श्री सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार केवल तिलहन उत्पादन बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कटाई उपरांत प्रसंस्करण (Post-Harvest Processing) एवं मूल्य संवर्धन (Value Addition) पर भी विशेष बल दे रही है। योजना के अंतर्गत तेल मिलों की स्थापना एवं आधुनिकीकरण के लिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे किसानों को अपनी उपज का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण कराने की सुविधा मिलेगी, परिवहन लागत घटेगी, शुद्ध खाद्य तेल का स्थानीय उत्पादन बढ़ेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि "उत्पादन से प्रसंस्करण तक (Production to Processing)" की अवधारणा को साकार करने वाला यह एकीकृत मॉडल बिहार की कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा तथा किसानों की आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित होगी। कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत बांका जिले के धोरैया प्रखंड, शिवहर जिले के पिपराही प्रखंड तथा सारण जिले में 25-25 एकड़ के क्लस्टर में सूर्यमुखी की खेती के साथ मधुमक्खी पालन का कार्य किया जा रहा है। इन मॉडलों से प्राप्त सकारात्मक परिणामों के आधार पर इसे राज्य के अन्य जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से विस्तारित किया जाएगा। श्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से आह्वान किया कि वे सूर्यमुखी की खेती, मधुमक्खी पालन एवं मूल्य संवर्धन आधारित कृषि मॉडल को अपनाकर अपनी आय बढ़ाएँ तथा विकसित एवं आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में सहभागी बनें।
पारस हेल्थ, पटना में पहली बार सफल लिवर एवं किडनी का संयुक्त प्रत्यारोपण* •
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एक ही मरीज का एक साथ हुआ लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट, बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि • अंगदाता: माता - किडनी दाता, पुत्र - लीवर दाता पटना। पारस हेल्थ, पटना ने अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए अस्पताल का पहला सफल लिवर ट्रांसप्लांट किया है। इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाते हुए चिकित्सकों की टीम ने एक ही मरीज का लिवर और किडनी का संयुक्त (सिमल्टेनियस) प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया। यह अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण सर्जरी मानी जाती है और इसके सफल निष्पादन ने बिहार में उन्नत चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। 42 वर्षीय पुरुष मरीज, जो ईएसआरडी- ईण्ड स्टेज रिनल डिजीज यानी अंतिम चरण की किडनी फेल और सीएलडी- क्रोनिक लिवर डिजीज यानी लीवर सिरोसिस से पीड़ित थे। डायलिस और दवाओं के बाद भी दोनों अंग काम नहीं कर रहे थे। संयुक्त अंग प्रत्यारोपण देश के गिने-चुने केंद्रों में ही संभव है। इसमें एक साथ दो दाता सर्जरी और एक मरीज की सर्जरी, लगभग 15-18 घंटे तक टीम वर्क से की जाती है। इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में ट्रांसप्लांट सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, हेपेटोलॉजी, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, ओटी, आईसीयू नर्सिंग, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेशन, माइक्रोबायोलॉजी, रेडियोलॉजी, ब्लड बैंक, फार्मेसी एवं अस्पताल प्रशासन सहित सभी विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




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स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने एलएनजेपी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, मरीजों की सुविधाओं में सुधार के दिए सख्त निर्देश





पटना
एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत, साफ-सफाई, जांच व्यवस्था और इलाज में लापरवाही पर जताई नाराजगी स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने एलएनजेपी अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की, 24 घंटे पैथोलॉजी सेवा और स्टाफ बढ़ाने के दिए निर्देश पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने मंगलवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल का निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, साफ-सफाई, उपचार व्यवस्था तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री कुमार रवि भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण की शुरुआत स्वास्थ्य मंत्री ने ट्रॉमा सेंटर से की, जहां उन्होंने भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा इलाज और अस्पताल की सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों एवं उनके परिजनों की शिकायतें भी सुनीं और अस्पताल प्रशासन को साफ-सफाई की व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने वार्ड, ओपीडी और पुरुष शौचालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने मरीजों के ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और अन्य पैथोलॉजी जांच में हो रही देरी पर भी चिंता व्यक्त करते हुए पैथोलॉजी विभाग को 24 घंटे संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही लैब टेक्नीशियन और पैरामेडिकल कर्मियों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रस्ताव विभाग को भेजने को कहा। निरीक्षण के दौरान सामने आई विभिन्न कमियों और अव्यवस्थाओं पर स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश कुमार चौधरी को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों की सुविधा और उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था, डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव श्री कुमार रवि ने निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों को बिना एप्रन के कार्य करते पाया, जिस पर उन्होंने उन्हें निर्धारित ड्रेस कोड का अनिवार्य रूप से पालन करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने इमरजेंसी वार्ड के बाहर मरीजों के परिजनों से भी बातचीत कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया। इसके बाद उन्होंने दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन 400 बेड वाले नए अस्पताल भवन का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एमआरआई जांच केंद्र का जायजा लेकर वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक श्री सुब्रत कुमार सेन ने उन्हें बताया कि नए भवन का निर्माण कार्य अगस्त 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा तथा सितंबर 2026 से यह भवन पूरी तरह संचालित होने लगेगा। वहीं, माननीय मंत्री ने मरीज की शिकायत पर ओपीडी वार्ड में एयर कंडीशनर (AC) काम नहीं किये जाने पर उसे दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने वाली कैंटीन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, वितरण व्यवस्था तथा मरीजों को दिए जा रहे भोजन के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिया कि मरीजों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन समय पर उपलब्ध कराया जाए। अंत में स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत और स्वास्थ्य सचिव श्री कुमार रवि ने अस्पताल के निदेशक के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अस्पताल में प्राप्त शिकायतों, कमियों तथा पारा मेडिकल स्टाफ की कमी की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने निदेशक को निर्देश दिया कि अस्पताल में अनियमितताओं को शीघ्र दूर किया जाए तथा रेडियोलॉजिस्ट, लैब टेक्नीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की रिक्तियों की सूची तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक नियुक्ति एवं प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जा सके। निरीक्षण के दौरान बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए वरिष्ठ सर्जन डॉ. आर.के. रौशन से स्वास्थ्य मंत्री ने फोन पर बातचीत की लेकिन जवाब संतोषप्रद नहीं दिये जाने पर उन्हें विभागीय स्तर पर शो-कॉज किया गया है। वहीं, अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ श्याम किशोर द्वारा मरीज के पुर्जे पर बाहरी जांच लिखे जाने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री कुमार रवि, बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक श्री सुब्रत कुमार सेन, स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव श्री कौशलेंद्र कुमार, एलएनजेपी अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश कुमार चौधरी तथा स्वास्थ्य विभाग एवं अस्पताल प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आईजीआईएमएस (IGIMS) पटना परिसर पुनर्विकास कार्य का स्वास्थ्य सचिव श्री कुमार रवि ने किया स्थल निरीक्षण एवं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक






500 बेड टीचिंग अस्पताल का कार्य 3 माह में पूरा करने का दिया निर्देश* पटना । स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस), पटना का दौरा कर परिसर में चल रहे पुनर्विकास एवं विस्तार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन 500 बेड वाले टीचिंग अस्पताल, 1200 बेड वाले अस्पताल, हॉस्टल एवं आवासीय भवनों सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। स्थलीय निरीक्षण के उपरांत स्वास्थ्य सचिव ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। जिसमें संस्थान परिसर में निर्माणाधीन 500 बेड वाले टीचिंग अस्पताल, 1200 बेड वाले अस्पताल, हॉस्टल एवं आवासीय भवनों सहित विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से स्वास्थ्य सचिव को अवगत कराया गया। समीक्षा के दौरान सचिव महोदय ने 500 बेड वाले टीचिंग अस्पताल के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्माण एजेंसी को निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल का निर्माण कार्य अगले तीन माह के भीतर पूर्ण किया जाए। मीटिंग के दौरान श्री कुमार रवि ने कहा कि हर सप्ताह निर्माण कार्य प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। उन्होंने अस्पताल के आंतरिक एवं बाहरी एचवीएसी (HVAC) कार्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा करने का निर्देश दिया। इसके लिए 31 अगस्त 2026 की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की गई है। स्वास्थ्य सचिव ने साइट पर चिलर प्लांट, कूलिंग टावर, पंप, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना, पाइपिंग एवं डक्टिंग सहित सभी शेष कार्यों को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया। बैठक में निर्माणाधीन 1200 बेड वाले अस्पताल, हॉस्टल एवं आवासीय भवनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का 59.24 प्रतिशत कार्य अब तक पूर्ण हो चुका है। स्वास्थ्य सचिव ने निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्वक तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक के अंत में स्वास्थ्य सचिव श्री कुमार रवि ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करें, ताकि राज्य की जनता को शीघ्र आधुनिक एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता प्रमोद कुमार सिंह के द्वारा लिखित पुस्तक बेसिक नॉलेज फॉर क्रिमिनल प्रेक्टिस का आज विमोचन किया गया





पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता प्रमोद कुमार सिंह के द्वारा लिखित पुस्तक बेसिक नॉलेज फॉर क्रिमिनल प्रेक्टिस का आज विमोचन किया गया
पुस्तक जूनियर वकीलों के लिए लाभदायक है इसका सहारा लेकर जूनियर वकील कोर्ट में प्रैक्टिस कर सकते हैं प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि इसमें स्टेप बाय स्टेप कानून की जानकारी दी गई है fir दर्ज होने के बाद किस तरह से प्रोसेस बाय प्रोसेस बढ़ा जाए वह तमाम जानकारियां इसमें दी गई है।पुस्तक विमोचन समारोह में पटना उच्च न्यायालय एडवोकेट एसोसिएशन के अधिवक्ता सह महासचिव जयशंकर प्रसाद के अलावा अधिवक्ता अमित कुमार अधिवक्ता कमलेश कुमार राणा बलजीत सिंह ,भानु प्रिया मौजूद थे यह पुस्तक खासकर के नए अधिवक्ताओं के लिए लिखी गई है।