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योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मदद
-योगी सरकार ने आपदा राहत के मानकों में किया बड़ा बदलाव, फसलों के नुकसान पर 30 फीसदी तक बढ़ा मुआवजा-राहत शिविरों में 30 दिन तक भोजन, कपड़े और अस्थायी आवास की मिलेगी सुविधा, विशेष परिस्थितियों में 60 दिन तक बढ़ाई जा सकेगी अवधि

लखनऊ। योगी सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (एनडीआरएफ) के तहत दी जाने वाली आर्थिक सहायता के मानकों में बदलाव करते हुए मुआवजे की राशि में बढ़ोतरी की है। अब प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को चार लाख रुपये के स्थान पर आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही फसल नुकसान, पशुधन की क्षति और मकान के नुकसान पर मिलने वाली सहायता राशि में भी बढ़ोतरी की गई है। नए मानक वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी रहेंगे। योगी सरकार का उद्देश्य आपदा प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक संबल देने के साथ उनकी आजीविका को दोबारा पटरी पर लाना है।

मृतकों के परिजनों को दोगुनी सहायता, पशुधन पर भी बढ़ा मुआवजा

राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद ने बताया कि प्राकृतिक आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को मिलने वाली सहायता राशि को दोगुना कर दिया गया है। पहले चार लाख रुपये की सहायता दी जाती थी। उसे बढ़ाकर अब आठ लाख रुपये कर दिया गया है। इसी तरह प्राकृतिक आपदा में गाय, भैंस, घोड़े या ऊंट जैसे बड़े पशुओं की मृत्यु होने पर मिलने वाली सहायता राशि 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है। बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं के लिए यह राशि चार हजार से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है। वहीं, मुर्गीपालकों को भी राहत देते हुए प्रति मुर्गी सहायता राशि 100 से बढ़ाकर 130 रुपये कर दी गई है। भार ढोने वाले पशुओं की क्षति पर सहायता राशि 20 हजार से बढ़ाकर 25 हजार 400 रुपये की गई है।

फसल नुकसान पर 30 फीसदी तक बढ़ा मुआवजा

योगी सरकार ने किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान की भरपाई के लिए भी सहायता राशि बढ़ाई है। अब सिंचित क्षेत्र में फसल नुकसान पर मिलने वाली सहायता 17 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 22 हजार रुपये कर दी गई है। इसी तरह वर्षा आधारित क्षेत्रों में फसल नुकसान की सहायता राशि आठ हजार 500 रुपये से बढ़ाकर 11 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है। बागवानी और कृषि वानिकी से जुड़ी फसलों के नुकसान पर मिलने वाली सहायता राशि 22 हजार 500 रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की गई है। रेशम उत्पादन से जुड़ी फसलों के लिए सहायता छह हजार से बढ़ाकर सात हजार 800 रुपये प्रति हेक्टेयर और गन्ने की फसल के लिए सात हजार 500 से बढ़ाकर नौ हजार 800 रुपये प्रति हेक्टेयर की गई है। इसके अलावा कृषि भूमि के कटान और भूस्खलन जैसी आपदाओं से होने वाले नुकसान पर भी सहायता राशि के मानकों में बढ़ोतरी की गई है।

10 लाख से अधिक किसानों को मिली राहत

राहत आयुक्त ने शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया कि एक अप्रैल से चार नवंबर-26 तक प्रदेश के 10 लाख दो हजार 684 किसानों की करीब 52 लाख 14 हजार हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों को राहत देने के लिए निर्धारित मानकों के तहत सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं आपदा प्रभावित किसानों को समयबद्ध तरीके से मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए जिलों से नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है। इसके लिये सभी जिलाधिकारियों को एक अप्रैल से चार नवंबर तक हुए नुकसान का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्राकृतिक आपदाओं में मकानों और सार्वजनिक संस्थानों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए भी नए मानक तय किए गए हैं। मैदानी क्षेत्रों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए अब 1.85 लाख रुपये और पहाड़ी क्षेत्रों में 2.06 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है। मैदानी क्षेत्रों में पक्के मकान के आंशिक नुकसान पर 93 हजार रुपये और पहाड़ी क्षेत्रों में 1.03 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त प्राथमिक विद्यालयों के लिए 15 लाख 50 हजार रुपये की सहायता निर्धारित की गई है। वहीं, माध्यमिक विद्यालयों, छात्रावासों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के नुकसान की भरपाई के लिए 26 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के पुनर्निर्माण के लिए भी अलग-अलग मानक निर्धारित किए गए हैं।

राहत शिविरों में 30 दिन तक भोजन और आवास की सुविधा

आपदा प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार ने राहत शिविरों में मिलने वाली सुविधाओं के मानक भी तय किए हैं। सामान्य परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को 30 दिनों तक भोजन, कपड़े, अस्थायी आवास और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए सहायता दी जा सकेगी। विशेष परिस्थितियों में यह अवधि 60 दिन या आवश्यकता के अनुसार बढ़ाई जा सकती है। पेयजल की आपात व्यवस्था के लिए सामान्य स्थिति में 30 दिन और सूखे की स्थिति में 90 दिनों तक सहायता का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग, विस्फोट या दुर्घटना से होने वाले नुकसान को इस सहायता के दायरे से बाहर रखा गया है। योगी सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों और किसानों तक सहायता पहुंचाने में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। व्यक्तिगत लाभार्थियों को मिलने वाली सहायता राशि अनिवार्य रूप से सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। इसके लिए लाभार्थियों की सूची और पात्रता का आधार सार्वजनिक करने की व्यवस्था की गई है, ताकि सहायता वितरण में पारदर्शिता बनी रहे और वास्तविक प्रभावितों को इसका लाभ मिल सके।
आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ में संयुक्त राष्ट्र संघ के आदर्श प्रारूप का भव्य आयोजन

फर्रुखाबाद।आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ में आयोजित संयुक्त राष्ट्र संघ के आदर्श प्रारूप ( मॉडल यूनाइटेड नेशंस) के अन्तर्गत विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अमेरिका, जापान , चीन,  रूस, ईरान, लेबनान, तुर्की,  भारत और स्वीटजरलैंड सहित 16 देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए ' मध्य पूर्व में तनाव कम करने, क्षेत्रीय संघर्षों के समाधान और स्थायी शान्ति के लिए कूटनीतिक सम्वाद व अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग ' पर अपने-अपने देशों पक्ष रखते हुए प्रभावी बहस और कूटनीतिक कौशल का परिचय दिया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्यालय के चेयरमैन सिखलाई रेजीमेंट सेण्टर के कमाण्डेण्ट ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन रहे। यह प्रतियोगिता सदनश: सम्पन्न हुई ‌। इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान पटेल सदन और द्वितीय स्थान अशोका सदन को दिया गया। सर्व श्रेष्ठ प्रतिनिधि के रूप में कक्षा 9 ब की मेधा मिश्रा को सर्वश्रेष्ठ रिसर्चर के रूप में कक्षा 11 अ की त्रिशा को पुरस्कृत किया गया। मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन ने सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से विद्यार्थियों में वैश्विक समझ, कूटनीति, भाषण कला और विश्लेषणात्मक क्षमता कला विकसित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों के उच्च स्तरीय शोध और आत्मविश्वास की भूरि - भूरि प्रशंसा की। विद्यालय की प्रधानाचार्या सोनिया शर्मा ने मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर मेजर राकेश राघव, उप प्रधानाचार्य नितिन चतुर्वेदी सहित कई विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
बस चालकों को दी गई शराब पीकर बस न चलाने की नसीहत

फर्रुखाबाद। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात पुलिस द्वारा शुक्रवार को रोडवेज बस अड्डा, फर्रुखाबाद पर यातायात माह नवम्बर-2026 के अंतर्गत रोडवेज बस चालकों एवं यात्रियों को धनतेरस व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सुरक्षित वाहन संचालन एवं यातायात नियमों के पालन हेतु जागरूक किया गया।
चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने एवं वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने की अपील की गई। साथ ही यात्रियों को भी सुरक्षित यात्रा हेतु यातायात नियमों के पालन एवं सतर्कता के प्रति जागरूक किया गया।
रंगोली प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बिखेरे आकर्षक रंग, प्रतिभा का किया शानदार प्रदर्शन  

मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। क्षेत्र के सिगाड़ी स्थित सनबीम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को धनतेरस एवं दीपावली की पूर्व संध्या पर रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

प्रतियोगिता में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए एक से बढ़कर एक आकर्षक रंगोलियां बनाईं।

विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगे फूलों, अबीर, गुलाल और विभिन्न रंगों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता एवं कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। रंगोली की मनमोहक कलाकृतियों से विद्यालय परिसर दीपावली के रंगों में सराबोर नजर आया। छात्र-छात्राओं की कलाकारी और मेहनत ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को विद्यालय के प्रबंधक पंकज सिंह युवराज ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर प्रबंधक पंकज सिंह युवराज ने कहा कि इस तरह की रचनात्मक प्रतियोगिताओं से बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को निखरने का अवसर मिलता है।
साथ ही उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और आपसी सहयोग की भावना विकसित होती है।

उन्होंने सभी विद्यार्थियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मऊ पांच कुंतल रंगों से उकेरी भारत की तस्वीर, रंगोली में दिखी 28 राज्यों की संस्कृति

किताबों से हटकर बच्चों ने रंगों के जरिए जानी भारत की विविधता और सांस्कृतिक विरासत, 289 छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा

मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। दीपावली के अवसर पर तहसील क्षेत्र के मकरी गांव स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल में अनूठी रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी कला और रचनात्मकता के जरिए भारतीय संस्कृति की अद्भुत झलक प्रस्तुत की। बच्चों ने रंगों से भारत का विशाल नक्शा तैयार कर उसमें देश के 28 राज्यों की संस्कृति, भाषा, रहन-सहन, खानपान और प्रमुख विशेषताओं को उकेरा।

प्रतियोगिता में कक्षा एक से नौ और कक्षा 11 तक के लगभग 289 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस विशाल रंगोली को तैयार करने में करीब पांच कुंतल विभिन्न रंगों का इस्तेमाल किया गया। बच्चों ने अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक पहचान को इतनी खूबसूरती से दर्शाया कि पूरा नक्शा भारत की अनेकता में एकता का संदेश देता नजर आया।           

विद्यालय के प्रबंधक संजय पाठक एवं प्रधानाचार्य शिल्पा सिंह ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों को देश की संस्कृति, कला और परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलता है।

साथ ही उनमें व्यावहारिक ज्ञान, सामूहिक सहभागिता और रचनात्मक क्षमता का विकास होता है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षिका सावित्री सिंह, अनुपम, विवेक, तृषा, प्रिय, शिखा, नीलम, आकाश, अर्पित, सृष्टि और अंकित सहित अन्य शिक्षकों का विशेष योगदान रहा।

वहीं छात्र-छात्राओं में काषिका, गीतांजलि, वीरभद्र, अंशिका और खुशबू सहित अन्य बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
विद्यालय का यह आयोजन दीपावली के उत्सव को खास बनाने के साथ ही नई पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता से जोड़ने की एक सराहनीय पहल साबित हुआ।
चक्रवात तूफान के कारण प्रतियोगिता स्थगित, किट का वितरण नहीं हुआ
फर्रुखाबाद। 11 से 16 नवंबर तक हैदराबाद तेलंगाना राज्य में आने वाले चक्रवात-तूफान के कारण प्रतियोगिता को स्थगित करना एoएफoआईo का एकदम सही निर्णय है । सचिव योगेश शुक्ला ने कहा कि खिलाड़ियों की सुरक्षा हमारा पहला दायित्व है,ऐसी स्थिति मे फर्रुखाबाद एसोसिएशन द्वारा आयोजित किट बितरण कार्यक्रम जो  10 नवंबर 2026 को होने जा रहा स्थगित कर दिया गया है, उन्होंने कहा कि जा रहा है afi से नवीन सूचना आने पर एसोसिएशन द्वारा किट बितरण कार्यक्रम किया जायेगा ।
युवती के बुलाने पर घर से निकला युवक, सुबह नहर किनारे मिला शव


शरीर पर मिले चोटों के निशान, पास में खड़ी मिली मोटरसाइकिल; परिजनों ने लगाया हत्या कर शव फेंकने का आरोप

रायबरेली। शिवगढ़ थाना क्षेत्र में युवती के बुलाने पर घर से निकले युवक का शव शुक्रवार को नहर की पटरी पर पड़ा मिला है। युवक के शरीर पर चोटों के निशान थे। उसकी मोटरसाइकिल भी घटनास्थल पर खड़ी मिली। परिजनों ने युवक की हत्या कर शव नहर किनारे फेंके जाने का आरोप लगाया है। जबकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर घटना की जांच शुरू कर दी।

पूरन खेड़ा मजरे बहादुर नगर गांव निवासी हरिश्चंद्र का बेटा बृजेश कुमार (25) गुरुवार की रात घर से निकला था। शुक्रवार सुबह बछरावां क्षेत्र के नया पुरवा गांव के पास नहर की पटरी पर उसके शव को ग्रामीणों ने देखा। शव के पास ही बृजेश की मोटरसाइकिल भी खड़ी मिली। युवक के शरीर पर चोटों के निशान थे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की छानबीन शुरू कर दी।

परिजनों के अनुसार, बृजेश की शादी बछरांवा के सेहंगों में सलोनी से तय हुई थी, लेकिन बाद में सहमति नहीं बन सकी। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच अनबन चल रही थी, जबकि बृजेश और सलोनी के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत होती रहती थी। परिजनों का कहना है कि गुरुवार रात सलोनी ने बृजेश को अपने घर बुलाया था। उसके बुलाने पर ही वह घर से निकला था। इसके बाद वापस नहीं लौटा। शुक्रवार सुबह नहर की पटरी पर बृजेश का शव मिलने के बाद परिजनों ने उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई है। मृतक के पिता हरिश्चंद्र ने पुलिस को तहरीर देकर बेटे की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।

बछरांवा के थाना प्रभारी श्यामलाल पाल के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। मृतक के पिता की ओर से तहरीर दी गई है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
इस दीपावली, स्वास्थ्य का उपहार: ‘परंपरा से पोषण’ के माध्यम से गोंडा में माताओं और बच्चों तक पहुँचा पारंपरिक पोषण

*मंडलायुक्त  दुर्गा शक्ति नागपाल की पहल से गोंडा में 250 कुपोषित माताओं एवं बच्चों को मिला पोषण का उपहार। ‘परंपरा से पोषण’ अभियान देवीपाटन मंडल के सभी चार जिलों में संचालित होगा।*

*परंपरा से पोषण’ अभियान को लागू करने से बच्चों एवं महिलाओं को मिल रहा लाभ: प्रियंका निरंजन*


गोंडा, 6 नवंबर 2026: दीपावली की तैयारियों के बीच गोंडा में शुक्रवार को 250 कुपोषित माताओं एवं बच्चों को स्वास्थ्य और पोषण का उपहार दिया गया। दोपहर 12:30 बजे जिला पंचायत सभागार में आयोजित वितरण कार्यक्रम के साथ गोंडा ‘परंपरा से पोषण’ अभियान को लागू करने वाला पहला जिला बन गया।

मण्डलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंडल में एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती में महिलाओं एवं बच्चों के कुपोषण की समस्या से निपटना है। इसी प्रकार के वितरण कार्यक्रम अन्य तीन जिलों में भी आयोजित किए जाएंगे।

पूरे मंडल में 10,842 बच्चों की पहचान गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) अथवा मध्यम तीव्र कुपोषण (MAM) से प्रभावित बच्चों के रूप में की गई है। इस पहल का लक्ष्य इनमें से प्रत्येक बच्चे तक पहुँचना है।

यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु पोषण को मजबूत करने तथा प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ शुरुआत सुनिश्चित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाती है।

*पारंपरिक खानपान से पोषण की ओर वापसी*

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की अपनी पारंपरिक खाद्य परंपराओं को फिर से प्रोत्साहित करना है।

माताओं को पारंपरिक लोहे की कड़ाही भेंट की गई। भारतीय रसोई में लंबे समय से उपयोग की जाने वाली लोहे की कड़ाही भोजन में आयरन की मात्रा बढ़ाने में सहायक होती है, जिससे एनीमिया (खून की कमी) से बचाव के प्रयासों को मजबूती मिलती है।

इसके साथ ही परिवारों को गुड़, भुना चना और सत्तू भी वितरित किए गए। ये सभी खाद्य पदार्थ सस्ते, पौष्टिक तथा क्षेत्र में पीढ़ियों से उगाए और खाए जाते रहे हैं।

इसके अतिरिक्त कैल्शियम तथा ओआरएस-जिंक के पैकेट भी दिए गए।

माताओं और बच्चों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए फोर्टिफाइड टेक होम राशन (पोषक तत्वों से युक्त घर ले जाने वाला राशन) के रूप में तैयार-करने-योग्य पौष्टिक मिश्रण भी उपलब्ध कराया गया।

*वितरण तक सीमित नहीं, निरंतर निगरानी भी*

मंडलायुक्त  दुर्गा शक्ति नागपाल की परिकल्पना से शुरू हुआ ‘परंपरा से पोषण’ अभियान केवल एक दिन के वितरण कार्यक्रम तक सीमित नहीं है।

इसके अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रत्येक माता और बच्चे की प्रगति पर नजर रखेंगी। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित रूप से घरों का भ्रमण किया जाएगा।

इसके साथ ही वजन, बच्चों की वृद्धि तथा हीमोग्लोबिन स्तर की नियमित अंतराल पर जांच और निगरानी की जाएगी, ताकि इस अभियान की सफलता का आकलन परिवारों के वास्तविक स्वास्थ्य सुधार के आधार पर किया जा सके।

*इस अवसर पर मंडलायुक्त  दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा:*

“देवीपाटन मंडल का स्वस्थ भविष्य उसकी माताओं और बच्चों से शुरू होता है। ‘परंपरा से पोषण’ हमारी पारंपरिक ज्ञान-परंपरा और सरकारी व्यवस्था की पहुंच को एक साथ जोड़ता है। दीपावली के अवसर पर इन पोषण किटों का वितरण केवल पहला कदम है। हम प्रत्येक परिवार के साथ तब तक जुड़े रहेंगे, जब तक उनके बच्चों का समुचित विकास नहीं होने लगता और माताएं स्वस्थ नहीं हो जातीं।”

*गोंडा से शुरू हुई पहल, अब अन्य जिलों तक पहुँचेगा अभियान*

मंडलायुक्त ने इस अभियान के अंतर्गत प्रथम वितरण कार्यक्रम की योजना बनाने और सफलतापूर्वक आयोजन करने के लिए गोंडा की जिलाधिकारी  प्रियंका निरंजन एवं उनकी पूरी जिला टीम के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा:

“गोंडा प्रशासन ने यह दिखाया है कि एक सुनियोजित और जन-केंद्रित प्रयास के माध्यम से उन परिवारों तक पहुंचा जा सकता है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। गोंडा ने इस अभियान की अच्छी शुरुआत की है। अब इसे बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती में भी आगे बढ़ाया जाएगा। हमारा उद्देश्य सभी 10,842 कुपोषित बच्चों और उनके परिवारों तक पहुंचना है।”

इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं का भी विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके द्वारा क्षेत्र में प्रतिदिन किए जाने वाले कार्यों से इस प्रकार की जनकल्याणकारी पहल सफल हो पाती हैं।

उन्होंने कहा की परंपरा से पोषण’ अभियान को लागू करने से बच्चों एवं महिलाओं को मिल रहा लाभ

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी  मौजूद रहे।
वनटांगिया परिवारों के साथ धूमधाम से मनाया गया दीपोत्सव, उपहार पाकर खिले परिवारों के चेहरे


*ग्राम महेशपुर में नवीन प्राथमिक विद्यालय का मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी ने किया लोकार्पण*


*जिलाधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित हुआ 2100 दीपों का दीपोत्सव कार्यक्रम, अधिकारियों ने वनटांगिया परिवारों के साथ साझा की दीपावली की खुशियां*


*प्रशासन की पहल से वनटांगिया परिवारों में दिखा उत्साह, अधिकारियों ने साझा की दीपावली की खुशियां*


*नवीन प्राथमिक विद्यालय का हुआ लोकार्पण, बच्चों को मिलेगी बेहतर शिक्षा की सुविधा*


*गोण्डा 06 नवम्बर,2026*।
जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी तहसील तरबगंज के अंतर्गत ग्राम महेशपुर एवं रामगढ़ में वनटांगिया परिवारों के साथ दीपावली के पावन अवसर पर 2100 दीपों का दीपोत्सव कार्यक्रम हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वनटांगिया परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनके साथ दीपावली की खुशियां साझा करना तथा उनमें अपनत्व एवं सामाजिक समरसता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना रहा।


दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान दोनों ग्रामों में दीप प्रज्ज्वलित कर दीपावली का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर आतिशबाजी के माध्यम से उत्सव की खुशियां साझा की गईं। साथ ही वनटांगिया परिवारों के सभी सदस्यों को दीपावली के शुभ अवसर पर उपहार स्वरूप दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया गया। उपहार प्राप्त कर वनटांगिया परिवारों के चेहरे खुशी से खिल उठे। अधिकारियों ने परिवारों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं तथा उनके सुखमय एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के क्रम में वन ग्राम महेशपुर में नवनिर्मित नवीन प्राथमिक विद्यालय का मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद एवं अपर जिलाधिकारी प्रमोद झा द्वारा विधिवत लोकार्पण किया गया। विद्यालय के निर्माण से ग्राम के बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्र में शैक्षिक वातावरण को बढ़ावा मिलने के साथ ही बच्चों को अपने ही गांव में गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। अधिकारियों ने विद्यालय को ग्रामीण विकास एवं शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

कार्यक्रम के माध्यम से जिला प्रशासन ने वनटांगिया परिवारों के साथ दीपावली की खुशियां साझा करते हुए सामाजिक सहभागिता, समावेशी विकास एवं शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया। इस आयोजन से वनटांगिया परिवारों में विशेष उत्साह एवं प्रसन्नता देखने को मिली।

इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी आदित्य तिवारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, खण्ड विकास अधिकारी नवाबगंज, खण्ड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज, ग्राम प्रधान सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
उपराष्ट्रपति होंगे अयोध्या दीपोत्सव के मुख्य अतिथि, 30 लाख दीयों से रोशन होगी रामनगरी

लखनऊ। अयोध्या दीपोत्सव-2026 के मुख्य अतिथि भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन होंगे। उप राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री योगी की उपस्थिति में अयोध्या की छटा इस बार देश की सीमाओं से परे वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक वैभव का संदेश देगी।

दीपोत्सव के दसवें संस्करण में रामनगरी को 30 लाख से अधिक दीपों से रोशन कर अविस्मरणीय बनाने की तैयारी है। प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति में राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर एक साथ दीप प्रज्ज्वलित होंगे। वहीं, सरयू तट पर 2,151 वेदाचार्यों और अर्चकों के मंत्रोच्चार के बीच होने वाली महाआरती उत्सव की दिव्यता को विस्तार देगी।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जारी बयान में कहा कि 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से वर्ष 2017 में जब दीपोत्सव की शुरुआत हुई थी, तब अयोध्या में करीब 1.71 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए गए थे। पहले आयोजन से लेकर दसवें संस्करण तक दीपों की संख्या में लगातार कई गुना वृद्धि हुई। इस वर्ष रामनगरी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप जलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दीपों की बढ़ती संख्या केवल आयोजन के विस्तार का प्रमाण नहीं, यह जन-जन की अटूट आस्था और प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा व सम्मान का प्रतीक भी है।'

मंत्री जयवीर सिंह ने विश्वास जताया कि 'दीपोत्सव-2026 भव्यता और जनभागीदारी के लिहाज से प्रकाश पर्व का नया शिखर स्थापित करेगा। आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी 56 घाटों पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके तहत 35 हजार स्वयंसेवकों के साथ 900 घाट समन्वयक, 112 घाट प्रभारी और 27 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम, थीम आधारित सजावट, अंतरराष्ट्रीय रामलीला, दीपोत्सव मेला और प्रदर्शनी जैसे आयोजन उत्सव की छटा बढ़ाएंगे। इनके जरिए देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपरा से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।'

ड्रोन से आसमान में साकार होंगे रामायण के प्रसंग

दीपावली की पूर्व संध्या पर दीपोत्सव में पर्यटन विभाग की ओर से अयोध्या के आसमान में भव्य एरियल ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आकाश में एक साथ 2,100 रंग-बिरंगे ड्रोन रोशनी की छटा बिखेरते हुए रामायण के प्रमुख प्रसंगों को साकार करेंगे। पिछले वर्ष के मुकाबले करीब दोगुनी संख्या में ड्रोन के जरिए आस्था, अध्यात्म और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। ड्रोन से बनने वाली विभिन्न आकृतियों में वीर मुद्रा में प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान, रावण वध, पुष्पक विमान और राम दरबार जैसे दृश्य आकर्षण का केंद्र होंगे। इसके अलावा महर्षि वाल्मीकि, गोस्वामी तुलसीदास और हनुमान के विभिन्न स्वरूप भी आकाश में जीवंत होंगे।

विभिन्न राज्यों के 1,000 कलाकारों की प्रस्तुति

देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 1,000 कलाकारों का दल अयोध्या के अलग-अलग स्थलों पर लोक नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, भव्य शोभायात्रा में रामायण के सातों कांडों पर आधारित आकर्षक झांकियां सजेंगी, जो प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र और रामकथा के विविध प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी।

जेन-जी को लुभाएगा नवाचार

दीपोत्सव-2026 में परंपरा और आधुनिकता का संगम खासतौर पर युवाओं यानी जेन-जी को आकर्षित करेगा। सरयू के घाटों पर पारंपरिक दीपों की आभा के साथ आधुनिक तकनीक और मनोरंजन का अनूठा मेल देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से राम की पैड़ी पर मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन और लेजर शो का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही 100 से अधिक कलाकारों की लाइव प्रस्तुतियां उत्सव में चार चांद लगाएंगी।

अंतरराष्ट्रीय रामलीला मंचन अयोध्या के रामकथा पार्क में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशी कलाकार भी रामलीला के मंचन से रामकथा को जीवंत करेंगे। असम, केरल और बंगाल के कलाकार दल अपनी सांस्कृतिक शैली में प्रस्तुतियां देंगे। वहीं, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और इंडोनेशिया के बाली से आए कलाकार प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों का मंचन करेंगे। विभिन्न देशों की कला और परंपराओं के संगम से रामलीला का मंच अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता का संदेश देगा।

दीपोत्सव मेला एवं प्रदर्शनी

अयोध्या के क्वीन हो मेमोरियल पार्क में पांच दिवसीय (05-09 नवंबर) दीपोत्सव मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन हो रहा है। इसमें आगंतुकों को उत्सव के रंगों के साथ विविध उत्पादों, कला और संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है।