/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1669637829452659.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1669637829452659.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1669637829452659.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1723855722219762.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1723855722219762.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1723855722219762.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1723855722219762.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1723855722219762.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1723855722219762.png StreetBuzz s:pm
विभाजन विभीषिका दिवस पर पीएम मोदी का भावुक पोस्ट, बोले-लोगों ने अपनों को खोया, भारी पीड़ा सही*

#pmmodionpartitionhorrorsremembranceday

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 के विभाजन से प्रभावित लोगों के साहस, संघर्ष और जिजीविषा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन करता हूं, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया।

पीएम मोदी का भावुक पोस्ट

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि आज हम 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मना रहे हैं। हम उन सभी लोगों के साहस को याद करते हैं जो विभाजन से प्रभावित हुए थे। यह इतिहास का वह दौर था जिसने कई जिंदगियां तहस-नहस कर दीं, परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खो दिया और भारी पीड़ा सही।

एकजुटता का दिया संदेश

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इन मुश्किलों से उबरते हुए लोगों ने शून्य से अपनी जिंदगी फिर से बनाई, चुनौतियों को कामयाबी में बदला और देश की प्रगति में बड़ा योगदान दिया। उनकी जीवन-यात्राएं हमें इंसानी जब्जे की ताकत की याद दिलाती हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि यह दिन हमारे देश में आपसी सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को अधिक मजबूत करे और हम सब मिलकर 'विकसित भारत' के निर्माण की दिशा में काम करें।

14 अगस्त को मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

भारत 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाता है, ताकि 1947 में देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले और विस्थापित हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी जा सके। भारत को 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली। हर साल 15 अगस्त को मनाया जाने वाला स्वतंत्रता दिवस किसी भी देश के लिए खुशी और गर्व का अवसर होता है। हालांकि, आजादी की इस खुशी के साथ विभाजन का गहरा दर्द भी जुड़ा था। नए आजाद भारतीय राष्ट्र के जन्म के साथ ही विभाजन की हिंसा और त्रासदी सामने आई, जिसने लाखों लोगों के मन पर गहरे और कभी न मिटने वाले घाव छोड़ दिए।

कल 3 बजे विरोधियों को जवाब दूंगा', विपक्ष की मांग पर बोले शाह, राहुल गांधी ने कहा- हम नहीं सुनेंगे*

#amitshahiwillanswerallquestionsthursday3pmopposition_demand

20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन के बाद से ही इस मुद्दे पर विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह को लगातार निशाना बनाता रहा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मामले में कई बार गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग चुके हैं। राहुल गांधी ने कई बार सवाल किया है कि छात्रों की पिटाई और प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था। ऐसे में अमित शाह ने इस मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए पहली बार बयान दिया है। उनका कहना है कि आइए सदन में बहस शुरू करते हैं और इसके बाद मैं सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हूं। दूसरी तरफ, विपक्ष की तरफ से कहा गया कि हम नहीं सुनेंगे।

'लापता', 'भगोड़े जैसे शब्दों पर क्या कहा?

पिछले दो-तीन दिनों से विपक्ष संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। इस पर अमित शाह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सबसे पहले तो 'लापता', 'भाग गए', 'भगोड़े हैं', इस प्रकार की भाषा भारत की सार्वजनिक जीवन में और संसदीय जीवन में अभी-अभी सुनाई पड़ती है। जब से संसद सत्र शुरू हुआ तब से लगातार मैं संसद में आता हूं, मेरी चैंबर में बैठा हूं। चूंकि संसद भवन के अंदर विपक्ष संसद को चलने ही नहीं दे रहा है दोनों गृहों में तो कोई जाकर क्या करेगा? जहां तक चर्चा का सवाल है, सरकार की ओर से किरण रिजिजू ने, जो हमारे पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर हैं, बहुत स्पष्ट कर दिया है कि जो NEET आंदोलन के छात्र प्रदर्शन पर सभी प्रकार की चर्चा करने के लिए सरकार तैयार है। चर्चा के लिए समय सुनिश्चित किया जाए और विपक्ष तैयार हो जाए।

किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार-शाह

गृह मंत्री ने आगे कहा कि पहले तो ये यही मांग (चर्चा की) कर रहे थे, हमने 'हां' बोल दिया। मेरी ओर से भी मैंने कह दिया है कि मैं किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार हूं। मगर वो चर्चा ही नहीं होने देना चाहते। अब जनता तय करे कौन भाग रहा है? आज भी मैं कहता हूं, आज 3 बजे तक स्पीकर साहब को वो पत्र दे दें, 3 बजे से लेकर कल 3 बजे तक सभी प्रकार की चर्चा के लिए हम तैयार हैं। मैं सदन में ही बैठूंगा, सबको सुनूंगा और सब चीजों का जवाब दूंगा। सरकार के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है।

हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का साफ कहना है कि हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते। मेरा 'हम' से मतलब देश की युवा पीढ़ी से है। संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'हम बस जानना चाहते हैं कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोलियां किसने चलवाईं? किसने इसके आदेश दिए? लाठीचार्ज के आदेश किसने दिए? वो आदेश गृह मंत्रालय से दिए गए। क्या अमित शाह ने आदेश दिए या नहीं। अगर उन्होने इसके आदेश दिए तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे दोषी हैं और अगर उन्होंने आदेश नहीं दिए तो भी उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे पद के योग्य नहीं हैं।

कल 3 बजे विरोधियों को जवाब दूंगा', विपक्ष की मांग पर बोले शाह, राहुल गांधी ने कहा- हम नहीं सुनेंगे

#amitshahiwillanswerallquestionsthursday3pmopposition_demand

20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन के बाद से ही इस मुद्दे पर विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह को लगातार निशाना बनाता रहा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मामले में कई बार गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग चुके हैं। राहुल गांधी ने कई बार सवाल किया है कि छात्रों की पिटाई और प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था। ऐसे में अमित शाह ने इस मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए पहली बार बयान दिया है। उनका कहना है कि आइए सदन में बहस शुरू करते हैं और इसके बाद मैं सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हूं। दूसरी तरफ, विपक्ष की तरफ से कहा गया कि हम नहीं सुनेंगे।

'लापता', 'भगोड़े जैसे शब्दों पर क्या कहा?

पिछले दो-तीन दिनों से विपक्ष संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। इस पर अमित शाह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सबसे पहले तो 'लापता', 'भाग गए', 'भगोड़े हैं', इस प्रकार की भाषा भारत की सार्वजनिक जीवन में और संसदीय जीवन में अभी-अभी सुनाई पड़ती है। जब से संसद सत्र शुरू हुआ तब से लगातार मैं संसद में आता हूं, मेरी चैंबर में बैठा हूं। चूंकि संसद भवन के अंदर विपक्ष संसद को चलने ही नहीं दे रहा है दोनों गृहों में तो कोई जाकर क्या करेगा? जहां तक चर्चा का सवाल है, सरकार की ओर से किरण रिजिजू ने, जो हमारे पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर हैं, बहुत स्पष्ट कर दिया है कि जो NEET आंदोलन के छात्र प्रदर्शन पर सभी प्रकार की चर्चा करने के लिए सरकार तैयार है। चर्चा के लिए समय सुनिश्चित किया जाए और विपक्ष तैयार हो जाए।

किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार-शाह

गृह मंत्री ने आगे कहा कि पहले तो ये यही मांग (चर्चा की) कर रहे थे, हमने 'हां' बोल दिया। मेरी ओर से भी मैंने कह दिया है कि मैं किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार हूं। मगर वो चर्चा ही नहीं होने देना चाहते। अब जनता तय करे कौन भाग रहा है? आज भी मैं कहता हूं, आज 3 बजे तक स्पीकर साहब को वो पत्र दे दें, 3 बजे से लेकर कल 3 बजे तक सभी प्रकार की चर्चा के लिए हम तैयार हैं। मैं सदन में ही बैठूंगा, सबको सुनूंगा और सब चीजों का जवाब दूंगा। सरकार के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है।

हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का साफ कहना है कि हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते। मेरा 'हम' से मतलब देश की युवा पीढ़ी से है। संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'हम बस जानना चाहते हैं कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोलियां किसने चलवाईं? किसने इसके आदेश दिए? लाठीचार्ज के आदेश किसने दिए? वो आदेश गृह मंत्रालय से दिए गए। क्या अमित शाह ने आदेश दिए या नहीं। अगर उन्होने इसके आदेश दिए तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे दोषी हैं और अगर उन्होंने आदेश नहीं दिए तो भी उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे पद के योग्य नहीं हैं।

एनडीए के 'मंगल मिलन' में पीएम नरेंद्र मोदी ने लहाराया तिरंगा, एकजुटता का दिया संदेश

#ndamangalmilanpmnarendramodivandemataramwave_tiranga

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों की मंगल बैठक 'वंदे मातरम' नारे के साथ शुरू हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए के अन्य नेता तिरंगा लहराते नजर आए।

नई दिल्ली में मंगलवार को संसद पुस्तकालय में ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एनडीए की मंगल मिलन बैठक में अलग ही नजारा देखने को मिला। पीएम मोदी की अगुवाई में वहां मौजूद सभी सांसदों ने तिरंगा लहराया। गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, नितिन गडकरी समेत तमाम नेता तिरंगा लहराते नजर आए।

वंदे मातरम् के नारे लगाए गए

इस दौरान वहां वंदे मातरम् के नारे लगाए गए। 15 अगस्त से पहले आखिरी मंगलवार को हुई बैठक में सभी सांसदों ने एक साथ तिरंगा लहराया और वंदे मातरम् के नारे लगाए। पूरा हॉल देशभक्ति से सराबोर दिखाई दे रहा था। बता दें कि देशभर में दस से सत्रह अगस्त तक तिरंगा यात्रा का आयोजन हो रहा है। इस दौरान मंगल मिलन बैठक में भी अनोखा नजारा देखने को मिला।

'मंगल मिलन' बैठक का मकसद क्या है?

'मंगल मिलन' बैठक वास्तव में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीति बैठक का बदला हुआ नाम है। इसका मकसद रचनात्मक चर्चा को बढ़ावा देना और गठबंधन के सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना है। संसद सत्र के दौरान रोजाना सदन की रणनीति तैयार करने और अलग-अलग दलों के बीच सहमति बनाने के अलावा, 'मंगल मिलन' बैठक एनडीए के सहयोगी दलों के साथ समन्वय बढ़ाने का माध्यम भी है।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर 2000 से अधिक बच्चों ने खाई एल्बेंडाजोल की गोली
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई।राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (NDD) अभियान के तहत सोमवार को सेंट जेम्स स्कूल, लखनऊ रोड, हरदोई में कार्यक्रम आयोजित किया गया। नोडल अधिकारी एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान स्कूल के 2000 से अधिक बच्चों ने कृमिनाशक दवा का सेवन किया।
डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि पेट में कृमि होने से बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कृमि संक्रमण के कारण शरीर में खून की कमी (एनीमिया) सहित कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। बच्चों में एनीमिया होने पर पढ़ाई में पिछड़ना, थकान, आलस्य और चक्कर आने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वस्थ रहने से भावी पीढ़ी भी स्वस्थ होगी। सरकार की मंशा है कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और सभी लोग स्वस्थ जीवन जी सकें। उन्होंने सभी लक्षित बच्चों एवं अभिभावकों से अभियान के तहत एल्बेंडाजोल की दवा का सेवन सुनिश्चित कराने की अपील की।
बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने और उनके पोषण स्तर में सुधार के उद्देश्य से 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को वर्ष में दो बार एल्बेंडाजोल की दवा दी जाती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अभियान के दौरान अपने बच्चों को दवा का सेवन अवश्य कराएं। अभियान में किसी कारणवश दवा खाने से छूटे बच्चों के लिए 14 अगस्त 2026 को मॉपअप राउंड आयोजित किया जाएगा, जिसमें छूटे हुए बच्चों को दवा खिलाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि जनपद में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान के तहत 3930 आंगनबाड़ी केंद्रों तथा 5445 सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में 22 लाख 60 हजार से अधिक बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।कार्यक्रम में स्कूल के प्रिंसिपल फादर लैंसी एवं अन्य अध्यापकगण के अलावा RKSK जिला कोऑर्डिनेटर मोहम्मद एहसान, DCPM शिव कुमार सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
11 अगस्त की देर रात से 12 अगस्त 2026 की भोर तक दिखाई देगा 6 ग्रहों का आकाशीय संरेखण/परेड

12 अगस्त 2026 क्यों है खास? 11 अगस्त की रात से 13 अगस्त की भोर तक मिलेगा ख़ास खगोलीय नजारों का सिलसिला।

जानिए सही समय और तरीका।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस बार यह अगस्त 2026 खगोल प्रेमियों को बहुत बड़ी एवं कुछ विशेष सौगात लेकर आई है।  खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि वैसे तो सम्पूर्ण अगस्त 2026 का महीना की विशेष होने वाला है लेकिन 12 अगस्त 2026 खगोल-विज्ञान की दृष्टि से महत्वपूर्ण दिन है। छह ग्रहों का दृश्य संरेखण 11 अगस्त की देर रात से 12 अगस्त की भोर में दिखाई देगा, जबकि 12 अगस्त की रात से 13 अगस्त की भोर तक पर्सिड उल्का-वर्षा अपने अधिकतम सक्रिय चरण में होगी, और 12 अगस्त 2026 की इसी तारीख को वैश्विक स्तर पर पूर्ण सूर्य ग्रहण भी होगा, हालांकि वह सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा।


*क्या है छह ग्रहों का पूर्व-सूर्योदय दृश्य संरेखण।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 12 अगस्त 2026 की भोर में छह ग्रह, शनि, वरुण, अरुण, मंगल, बुध और बृहस्पति, क्रांतिवृत्त के आसपास आकाश में एक विस्तृत पट्टी में दिखाई देंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह कोई भौतिक सीधी रेखा नहीं, बल्कि पृथ्वी से दिखाई देने वाला आकाशीय परिप्रेक्ष्य है। इनमें बृहस्पति, शनि और मंगल नग्न आंखों से अपेक्षाकृत आसानी से दिख सकते हैं, जबकि बुध ग्रह को क्षितिज के निकट होने के कारण देखना थोड़ा सा कठिन होगा, लेकिन प्रयास करने पर दिखाई दे सकता है जबकि अरुण और वरुण को अति विशेष (binoculars) विनोकुलर  या अच्छी दूरबीन से ही देखना पड़ेगा, खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस खगोलीय संरेखण का भारत में सर्वोत्तम अवलोकन स्थानीय सूर्योदय से लगभग 30 से 60 मिनट पहले, खुले और कम प्रकाश-प्रदूषित स्थान से अच्छा हो सकता है। *क्या होती है ग्रहों की परेड या संरेखण।*
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ग्रहों की परेड या संरेखण (Planetary Alignment) वह खगोलीय स्थिति है जब सौरमंडल के कई ग्रह पृथ्वी से देखने पर आकाश के एक ही हिस्से में एक सीधी रेखा या चाप (Arc) में नजर आते हैं। अंतरिक्ष में ये ग्रह वास्तव में एक सीध में नहीं होते, बल्कि अपनी अलग कक्षाओं में घूमते हुए पृथ्वी के दृष्टिकोण से एक कतार में दिखते हैं। या कुछ यूं कहें कि प्लैनेट परेड खगोल विज्ञान का औपचारिक तकनीकी शब्द नहीं है बल्कि यह लोकप्रिय नाम उस स्थिति के लिए प्रयोग किया जाता है जब पृथ्वी से देखने पर कई ग्रह क्रांतिवृत्तीय पट्टी के आसपास एक साथ दिखाई देते हैं। ग्रह अंतरिक्ष में भौतिक रूप से एक सीधी रेखा नहीं बनाते, लेकिन कतार जैसा दृश्य पृथ्वी के दृष्टिकोण और सौरमंडल के लगभग समतलीय कक्षीय विन्यास के कारण दिखाई देता है।

*ग्रहों की परेड के कितने प्रकार होते हैं।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सामान्य बोलचाल की भाषा में ग्रहों की परेड या संरेखण चार प्रकार की होती हैं,जैसे कि-
1.मिनी संरेखण (Mini)- जब 3 ग्रह एक साथ दिखाई देते हैं तो इसे मिनी संरेखण कहा जाता है।
2.छोटा संरेखण (Small)- जब 4 ग्रह एक कतार में आते हैं तो इसको छोटा संरेखण कहा जाता है।
3.बड़ा संरेखण (Large)- जब 5 या 6 ग्रह एक साथ दिखते हैं तब इसे बड़ा संरेखण कहा जाता है।
और 12 अगस्त 2026 को यही बड़ा संरेखण घटित होने जा रहा है इसीलिए देखना न भूलें।
4.महान संरेखण (Great)- जब सौरमंडल के लगभग सभी मुख्य ग्रह (8 ग्रह) एक साथ एक ही दिशा में नजर आते हैं तब एक महान संरेखण घटित होता है जोकि एक बहुत ही बड़ी खगोलीय घटनाओं में से एक होती है एवं ऐसा संरेखण अत्यंत ही ज्यादा दुर्लभ संरेखण होता है।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह एक आभासी दृश्य होता है जिसे प्लैनेटरी अलाइनमेंट भी कहा जाता है और यह अंतरिक्ष में कोई भौतिक रेखा नहीं बनाता, बल्कि यह पृथ्वी के दृष्टिकोण और परिप्रेक्ष्य का परिणाम होता है, इसके दौरान नग्न आंखों से दिखाई देने वाले ग्रहों की दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि हमारे सौर मण्डल के पांच ग्रहों को साधारण आँखों से देखा जा सकता है जैसे कि उनमें से कुछ इस प्रकार हैं जैसे कि बृहस्पति, शुक्र, बुध, मंगल और शनि ग्रह जैसे चमकीले ग्रह बिना किसी दूरबीन के केवल थोड़ा सा नियमित प्रयास करने भर से आसानी से देखे एवं पहचाने जा सकते हैं, जबकि यूरेनस और नेप्च्यून के लिए किसी विशेष अच्छी दूरबीन की जरूरत होती ही है। *कब और कितने बजे से दिखाई देना शुरू होगा इस परेड/संरेखण में कौन कौन सा ग्रह।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 12 अगस्त की भोर में बुध ग्रह लगभग 04:28 (AM) बजे पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू कर देगा और सूर्योदय तक दिखाई देगा, इस दौरान बुध ग्रह कर्क तारामंडल क्षेत्र में स्थित होगा एवं इसका मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 0.89 होगा जो थोड़ी मेहनत करने एवं खोजने पर इसको साधारण आंखों से देखने योग्य बनायेगा और 12 अगस्त की भोर में ही बृहस्पति ग्रह भी लगभग 4:50 (AM) बजे पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू कर देगा एवं सूर्योदय तक दिखाई देगा इस दौरान बृहस्पति ग्रह भी कर्क तारामंडल क्षेत्र में ही स्थिति होगा एवं इसका दृश्य मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.63 होगा, जो इसे साधारण आंखों से आसानी से देखने योग्य बनायेगा। और अब बात करें शनि ग्रह की तो पाते हैं कि शनि ग्रह 11 अगस्त की रात्रि में लगभग 9:30 (PM) बजे पूर्वी क्षितिज पर मीन तारामंडल क्षेत्र के साथ ही ऊपर आना शुरू करेगा और  पूरी रात भर अपने दृश्य मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 0.58 की चमक साथ लिए हुए 12 अगस्त 2026 की भोर/सूर्योदय तक दिखाई देगा, इसे भी साधारण आंखों से ही देखा जा सकता है, अब अगर हम बात करें हमारे सौर मण्डल के लाल ग्रह की तो हम पाते हैं कि मंगल ग्रह 11 अगस्त 2026 की मध्य रात्रि के बाद लगभग 1:50 (AM) पर पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू करेगा इस दौरान मंगल ग्रह,वृषभ तारामण्डल क्षेत्र में स्थित होगा और इसका मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 1.29 के क़रीब होगा जो इसे साधारण आंखों से देखने योग्य बनायेगा और 12 अगस्त की भोर सुबह तक दिखाई देगा,अगर अब हम बात करें हमारे सौर मण्डल के सातवें ग्रह अरुण ग्रह की तो पाते हैं कि 11 अगस्त की रात्रि में लगभग 12 बजकर 15 मिनट (AM) बजे यह पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू करेगा और इस दौरान यह वृषभ तारामण्डल क्षेत्र में स्थित होगा और इसका मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 5.74 के क़रीब होगा जो इसको किसी साधारण विनोकुलर एवं दूरबीन से भी देखना मुश्किल बनायेगा इसीलिए इसको देखने के लिए आपको किसी विशेष विनाकुलर एवं अच्छी दूरबीन/टेलीस्कोप की आवश्यकता होगी ही क्योंकि यह साधारण आंखों से दिखाई नहीं देता है। और अब हम बात करें हमारे सौर मण्डल के सबसे ज्यादा दूर के ग्रह वरुण ग्रह की तो पाते हैं कि वरुण ग्रह 11 अगस्त 2026 की रात्रि में लगभग 9:00 (PM) IST से पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू करेगा और पूरी रात भर आकाश में रहते हुए 12 अगस्त 2026 की भोर तक बना रहेगा एवं इस दौरान यह मीन तारामंडल क्षेत्र में स्थित होगा और इसका मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 7.83 होगा, इसीलिए वरुण ग्रह को इतने अधिक मैग्नीट्यूड के कारण,साधारण आंखों से देखना हमेशा ही नामुमकिन ही नहीं बल्कि असंभव ही है। इसीलिए इसको देखने के लिए साफ़ मौसम एवं पूर्णतः प्रकाश प्रदूषण से दूर होते हुए आपको किसी विशेष अच्छी दूरबीन की आवश्यकता होगी। तभी वरुण ग्रह को देखा जा सकता है अन्यथा नहीं। *आसानी से कैसे देखें यह ग्रहीय संरेखण।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर,उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष खगोलीय सलाह देते हुए बताया कि सबसे पहले पूर्वी क्षितिज को देखें, यहीं पर बृहस्पति और बुध सूर्योदय के समय से कुछ पहले दिखाई देंगे और मंगल ग्रह को देखने के लिए और ऊपर देखें एवं शनि ग्रह को खोजने के लिए आकाश में क्रांतिवृत्त का अनुसरण करें क्योंकि इस दौरान यह सभी ग्रह उत्तरी गोलार्ध में यह दक्षिण-पश्चिम की ओर जाते हुए दिखाई देंगे, खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष ज़ोर देते हुए कहा है कि यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए किसी सटीक स्काई चार्ट या उच्च आकाश मानचित्र के साथ ही किसी अच्छी एवं विशेष  टेलीस्कोप/ दूरबीन का उपयोग करें।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ये ग्रह आकाश के एक बड़े हिस्से में दिखाई देंगे, इसलिए ऐसी जगह चुनें जहाँ से खुला और विस्तृत दृश्य दिखाई दे। पूर्वी क्षितिज सबसे महत्वपूर्ण है और सूर्योदय से ठीक पहले बुध और बृहस्पति बहुत नीचे दिखाई देंगे, और उन्हें देखने का समय भी सीमित ही होगा इसलिए साथ ही यह भी विशेष ध्यान देने योग्य बात है कि दृश्य संयोजन के सामने,प्रकाश प्रदूषण, आंधी, पानी, बरसात, तूफ़ान, या अन्य आकस्मिक स्थितियों या इमारतें, पेड़, पहाड़ियाँ या धुंध आकाश के उस हिस्से को कहीं ढक न लें, अगर दृश्य संयोजन के दौरान ऐसा कुछ भी विघ्न उत्पन्न होता है तो इन ग्रहों को देखना मुश्किल हो सकता है,इसीलिए पूर्व दिशा की ओर स्पष्ट दृश्य वाले खुले मैदान, समुद्र तट, पहाड़ियों की चोटियाँ, छतें और बालकनियाँ जैसी जगहों पर पूर्ण सावधानीपूर्वक रहते हुए अवलोकन के लिए अच्छी जगहें हो सकती हैं, साथ ही सूर्योदय की दिशा के निकट पेड़ों, इमारतों, पहाड़ियों या धुंध एवं प्रकाश प्रदूषण वाले स्थानों से पूर्णतः बचें।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि दूरबीन/टेलीस्कोप या ज़ूम लेंस को बिना अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणित सोलर फ़िल्टर्स के कभी भी सूर्य के सीधे सामने न रखें, यह भी जानना आवश्यक है कि यदि 12 अगस्त 2026 की भोर में आसमान में बादल छाए हों, तो उससे पहले या बाद की भोर सुबह में भी इन ग्रहों को देखने की कोशिश कर सकते हैं क्योंकि यह ग्रहीय अलाइनमेंट थोड़ा दूर एवं इधर उधर होते हुए भी आप देख सकते हैं।

*12 अगस्त 2026 को और क्या ख़ास है*
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इसी तारीख के आसपास दो अन्य प्रमुख खगोलीय घटनाएँ भी घटित होंगी। जो इस प्रकार हैं।

1.बर्ष भर की सबसे ज्यादा मशहूर एवं बहुप्रतीक्षित  उल्का वर्षाओंं में से प्रमुख जिसे पर्सिड उल्का वृष्टि भी कहा जाता है,उसी पर्सिड उल्का वर्षा का चरम समय भी 12-13 अगस्त 2026 की दरम्यानी रात में देखना सबसे अच्छा होगा।

2.12 अगस्त, 2026 को दिन में पूर्ण सूर्य ग्रहण भी घटित होने वाला है लेकिन अफ़सोस कि यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, यह सूर्य ग्रहण केवल दुनियां के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों से ही पूर्ण सूर्य ग्रहण एवं आंशिक सूर्य ग्रहण आदि के रूप में दिखाई देगा।
राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस के अर्न्तगत स्वस्थ बचपन - उज्जवल भविष्य और छोटा कदम, बड़ा स्वास्थ्य लाभ कार्यक्रम का हुआ  शुभारंभ
      
सुल्तानपुर, 10 अगस्त/पेट के कीड़ों से बच्चों को मुक्त कर उन्हें सेहतमंद और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज GD Goenka School Sultanpur Campus में राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल Albendazole की दवा खिलाकर कृमि मुक्त करना है।
      
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वस्थ बचपन - उज्जवल भविष्य और छोटा कदम, बड़ा स्वास्थ्य लाभ थीम के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में  मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय एवं उप जिला विद्यालय निरीक्षक उपस्थित रहे।
       मुख्य अतिथियों ने बच्चों को कृमि संक्रमण के दुष्प्रभाव और उससे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पेट के कीड़ों से छुटकारा, सेहतमंद, सशक्त एवं भविष्य हमारा इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूल, अभिभावक और स्वास्थ्य विभाग को मिलकर काम करना होगा।
      कार्यक्रम के दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं को मंच पर एल्बेंडाजोल की गोली वितरित की गई। साथ ही हाथ धोने, साफ पानी पीने और स्वच्छता अपनाने पर जोर दिया गया। बड़ी संख्या में बच्चे, शिक्षक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी (ACMO, Dy- CMO, DIO, DPM, DCPM, DMHC, DEIC, FPLMIS, MOIC, BPM, BCPM ) उपस्थित रहे।
      जनपद में कुल 3521 विद्यालयों एवं 2511 आंगनबाड़ी केन्द्रो के माध्यम से 1120828 बच्चों को एल्बेंडाजोल/ डिवर्मिंग की टेबलेट खिलाई जाएगी।
झारखंड में छात्रों के विधानसभा घेराव के बीच पीएम मोदी ने सीएम हेमंत सोरेन को दी बधाई, जानें क्या लिखा

#pm_modi_birthday_wishes_to_cm_hemant_soren_amidst_jpsc_protests

झारखंड में इन दिनों छात्रों का प्रदर्शन जारी है। विरोध प्रदर्शन के बीच आज राज्यभर से हजारों की संख्या में आए छात्र विधानसभा का घेराव कर रहे हैं। छात्र प्रदर्शन के बीच राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोरेन को जन्मदिन की बधाई दी है।

हेमंत सोरेन को दी बधाई

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा- झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं। ईश्वर उन्हें लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।

रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च शुरू

इधर, JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विधानसभा मार्च शुरू हो गया है। पुराने विधानसभा मैदान से बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं। मार्च के दौरान छात्र पहले बैरियर तक पहुंचे और प्रदर्शनकारियों ने पहला बैरियर तोड़ दिया। छात्रों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है।

25 जुलाई है जारी है धरना-प्रदर्शन

बता दें कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ 25 जुलाई को रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना शुरू हुआ था, जो अब तक जारी है। यहां प्रदर्शन कर रहे छात्र अब सरकार के साथ आर-पार के मूड में हैं। सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच एक बार बातचीत का दौर चल चुका है, हालांकि दोनों के बीच हुई चर्चा बेनतीजा निकली है। दरअसल, छात्र अनियमितताओं के खिलाफ CBI जांच की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर छात्र अड़ गए हैं।

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर JFDCL की ओर से विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन*


विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान में 9 एवं 10 अगस्त को आयोजित आदिवासी महोत्सव के तहत आज अमर शहीद चाँद-भैरव मुर्मू मंडप में Jharkhand Film Development Corporation Limited (JFDCL) की ओर से विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के हेड ऑफ डिपार्टमेंट श्री शुक्रांतो मजूमदार, श्री शिलाजीत सान्याल, श्री नीलांजन बनर्जी,अभिनेत्री सुश्री कल्याणी खत्री तथा झारखंड के प्रतिष्ठित फिल्म निर्देशक श्री बीजू टोप्पो एवं श्री निरंजन कुजूर की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।

इस अवसर पर आदिवासी जीवन, संस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक सरोकारों पर आधारित अनेक उत्कृष्ट शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इनमें EPIL, PANCHABHUTA, PAHADA KUDUK, BURO GHAR, THE GIRL WHO LIVED IN THE LOO, LONG LOST HOME, SONDHAYNI, ANGEN, PAPAYA, SARI SARJOM, LADY TARZEN, EDPA KANA, MAN MELODY तथा DOLLS शामिल रहीं।

फिल्म स्क्रीनिंग में बड़ी संख्या में युवाओं एवं विभिन्न महाविद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान फिल्म मेकिंग में करियर विषय पर एक विशेष पैनल डिस्कशन का भी आयोजन किया गया।

इस अवसर पर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के श्री शुक्रांतो मजूमदार ने साउंड प्रोडक्शन के क्षेत्र में उपलब्ध करियर संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को संस्थान में संचालित विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, तकनीकी प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसरों की जानकारी देते हुए इस क्षेत्र में कौशल विकास के महत्व पर बल दिया।

वहीं, श्री शिलाजीत सान्याल ने कहा कि फिल्म मेकिंग से जुड़े व्यावसायिक पाठ्यक्रम युवाओं के लिए अपने सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा इस क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं और झारखंड का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर रहे हैं।

फिल्म निर्देशक श्री निरंजन कुजूर ने फिल्म निर्माण से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को रचनात्मकता, समर्पण और निरंतर सीखने की भावना के साथ इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

अभिनेत्री सुश्री कल्याणी खत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में सफलता का आधार अनुशासन, समर्पण और निरंतर कड़ी मेहनत है। उन्होंने अपने संघर्ष और अनुभव साझा करते हुए युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया।

पैनल डिस्कशन में विशेषज्ञों ने युवाओं को फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों, करियर के अवसरों और इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

गौरतलब है कि 10 अगस्त को युवाओं के लिए एक विशेष मास्टर क्लास का आयोजन किया जाएगा, जहाँ उन्हें फिल्म निर्माण संबंधी विषय पर अनुभवी विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और सीखने एवं फिल्म निर्माण की बारीकियों को समझने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा।

सुलतानपुर में कल से चलेगा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान*
जनपद के CHC,PHC व जिला महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं को मिलेंगी निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं।

सुलतानपुर,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के निर्देशन में गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित मातृत्व सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) का आयोजन जनपद के विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों पर किया जाएगा। अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच, स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक माह निर्धारित 1, 9, 16 एवं 24 तारीख को आयोजित किया जाता है।
जनपद में अभियान के अंतर्गत 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC), 46 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC), 100 बेड वीरसिंहपुर अस्पताल तथा जिला महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं को विशेष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इन सुविधाओं का मिलेगा लाभ PMSMA दिवस पर गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क प्रसवपूर्व जांच (ANC) के साथ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक परामर्श दिया जाएगा।
इस दौरान हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, वजन, रक्त समूह, यूरिन सहित अन्य आवश्यक जांच की जाएगी। अभियान के दौरान हाई रिस्क प्रेगनेंसी (HRP) वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं लाइन लिस्टिंग कर उनका विशेष फॉलोअप किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा केन्द्रों पर रेफर किया जाएगा।
महिलाओं को आयरन-फोलिक एसिड एवं कैल्शियम के सेवन, पोषण, संस्थागत प्रसव और प्रसव की पूर्व तैयारी के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी। निजी महिला चिकित्सक भी देंगी स्वैच्छिक सेवाएं PMSMA दिवस को प्रभावी बनाने के लिए जनपद की निजी क्षेत्र की महिला चिकित्सकों द्वारा वालंटियर के रूप में स्वैच्छिक सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उनके सहयोग से गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
ई-रूपी वाउचर से निःशुल्क अल्ट्रासाउंड आवश्यकता के अनुसार पात्र गर्भवती महिलाओं को ई-रूपी वाउचर के माध्यम से निःशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान करने में सहायता मिलेगी। गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराए जाएंगे फल PMSMA दिवस पर स्वास्थ्य केन्द्रों पर आने वाली गर्भवती महिलाओं को पोषण एवं संतुलित आहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से फल भी उपलब्ध कराए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन्हें गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी दी जाएगी। 102 एंबुलेंस सेवा का मिलेगा सहयोग अभियान में 102 एंबुलेंस सेवा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुंचाने तथा आवश्यकता पड़ने पर CHC/PHC से 100 बेड वीरसिंहपुर, जिला महिला चिकित्सालय अथवा उच्च चिकित्सा केन्द्र तक निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वे निर्धारित PMSMA दिवस—1, 9, 16 एवं 24 तारीख को अपने निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचकर निःशुल्क जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श का लाभ उठाएं। समय पर स्वास्थ्य जांच से गर्भावस्था की जटिलताओं एवं उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान कर मां और शिशु दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। सुरक्षित मातृत्व—स्वस्थ मां, स्वस्थ शिशु, समृद्ध सुलतानपुर।
विभाजन विभीषिका दिवस पर पीएम मोदी का भावुक पोस्ट, बोले-लोगों ने अपनों को खोया, भारी पीड़ा सही*

#pmmodionpartitionhorrorsremembranceday

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 के विभाजन से प्रभावित लोगों के साहस, संघर्ष और जिजीविषा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन करता हूं, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया।

पीएम मोदी का भावुक पोस्ट

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि आज हम 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मना रहे हैं। हम उन सभी लोगों के साहस को याद करते हैं जो विभाजन से प्रभावित हुए थे। यह इतिहास का वह दौर था जिसने कई जिंदगियां तहस-नहस कर दीं, परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खो दिया और भारी पीड़ा सही।

एकजुटता का दिया संदेश

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इन मुश्किलों से उबरते हुए लोगों ने शून्य से अपनी जिंदगी फिर से बनाई, चुनौतियों को कामयाबी में बदला और देश की प्रगति में बड़ा योगदान दिया। उनकी जीवन-यात्राएं हमें इंसानी जब्जे की ताकत की याद दिलाती हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि यह दिन हमारे देश में आपसी सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को अधिक मजबूत करे और हम सब मिलकर 'विकसित भारत' के निर्माण की दिशा में काम करें।

14 अगस्त को मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

भारत 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाता है, ताकि 1947 में देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले और विस्थापित हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी जा सके। भारत को 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली। हर साल 15 अगस्त को मनाया जाने वाला स्वतंत्रता दिवस किसी भी देश के लिए खुशी और गर्व का अवसर होता है। हालांकि, आजादी की इस खुशी के साथ विभाजन का गहरा दर्द भी जुड़ा था। नए आजाद भारतीय राष्ट्र के जन्म के साथ ही विभाजन की हिंसा और त्रासदी सामने आई, जिसने लाखों लोगों के मन पर गहरे और कभी न मिटने वाले घाव छोड़ दिए।

कल 3 बजे विरोधियों को जवाब दूंगा', विपक्ष की मांग पर बोले शाह, राहुल गांधी ने कहा- हम नहीं सुनेंगे*

#amitshahiwillanswerallquestionsthursday3pmopposition_demand

20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन के बाद से ही इस मुद्दे पर विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह को लगातार निशाना बनाता रहा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मामले में कई बार गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग चुके हैं। राहुल गांधी ने कई बार सवाल किया है कि छात्रों की पिटाई और प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था। ऐसे में अमित शाह ने इस मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए पहली बार बयान दिया है। उनका कहना है कि आइए सदन में बहस शुरू करते हैं और इसके बाद मैं सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हूं। दूसरी तरफ, विपक्ष की तरफ से कहा गया कि हम नहीं सुनेंगे।

'लापता', 'भगोड़े जैसे शब्दों पर क्या कहा?

पिछले दो-तीन दिनों से विपक्ष संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। इस पर अमित शाह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सबसे पहले तो 'लापता', 'भाग गए', 'भगोड़े हैं', इस प्रकार की भाषा भारत की सार्वजनिक जीवन में और संसदीय जीवन में अभी-अभी सुनाई पड़ती है। जब से संसद सत्र शुरू हुआ तब से लगातार मैं संसद में आता हूं, मेरी चैंबर में बैठा हूं। चूंकि संसद भवन के अंदर विपक्ष संसद को चलने ही नहीं दे रहा है दोनों गृहों में तो कोई जाकर क्या करेगा? जहां तक चर्चा का सवाल है, सरकार की ओर से किरण रिजिजू ने, जो हमारे पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर हैं, बहुत स्पष्ट कर दिया है कि जो NEET आंदोलन के छात्र प्रदर्शन पर सभी प्रकार की चर्चा करने के लिए सरकार तैयार है। चर्चा के लिए समय सुनिश्चित किया जाए और विपक्ष तैयार हो जाए।

किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार-शाह

गृह मंत्री ने आगे कहा कि पहले तो ये यही मांग (चर्चा की) कर रहे थे, हमने 'हां' बोल दिया। मेरी ओर से भी मैंने कह दिया है कि मैं किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार हूं। मगर वो चर्चा ही नहीं होने देना चाहते। अब जनता तय करे कौन भाग रहा है? आज भी मैं कहता हूं, आज 3 बजे तक स्पीकर साहब को वो पत्र दे दें, 3 बजे से लेकर कल 3 बजे तक सभी प्रकार की चर्चा के लिए हम तैयार हैं। मैं सदन में ही बैठूंगा, सबको सुनूंगा और सब चीजों का जवाब दूंगा। सरकार के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है।

हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का साफ कहना है कि हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते। मेरा 'हम' से मतलब देश की युवा पीढ़ी से है। संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'हम बस जानना चाहते हैं कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोलियां किसने चलवाईं? किसने इसके आदेश दिए? लाठीचार्ज के आदेश किसने दिए? वो आदेश गृह मंत्रालय से दिए गए। क्या अमित शाह ने आदेश दिए या नहीं। अगर उन्होने इसके आदेश दिए तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे दोषी हैं और अगर उन्होंने आदेश नहीं दिए तो भी उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे पद के योग्य नहीं हैं।

कल 3 बजे विरोधियों को जवाब दूंगा', विपक्ष की मांग पर बोले शाह, राहुल गांधी ने कहा- हम नहीं सुनेंगे

#amitshahiwillanswerallquestionsthursday3pmopposition_demand

20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन के बाद से ही इस मुद्दे पर विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह को लगातार निशाना बनाता रहा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मामले में कई बार गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग चुके हैं। राहुल गांधी ने कई बार सवाल किया है कि छात्रों की पिटाई और प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था। ऐसे में अमित शाह ने इस मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए पहली बार बयान दिया है। उनका कहना है कि आइए सदन में बहस शुरू करते हैं और इसके बाद मैं सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हूं। दूसरी तरफ, विपक्ष की तरफ से कहा गया कि हम नहीं सुनेंगे।

'लापता', 'भगोड़े जैसे शब्दों पर क्या कहा?

पिछले दो-तीन दिनों से विपक्ष संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। इस पर अमित शाह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सबसे पहले तो 'लापता', 'भाग गए', 'भगोड़े हैं', इस प्रकार की भाषा भारत की सार्वजनिक जीवन में और संसदीय जीवन में अभी-अभी सुनाई पड़ती है। जब से संसद सत्र शुरू हुआ तब से लगातार मैं संसद में आता हूं, मेरी चैंबर में बैठा हूं। चूंकि संसद भवन के अंदर विपक्ष संसद को चलने ही नहीं दे रहा है दोनों गृहों में तो कोई जाकर क्या करेगा? जहां तक चर्चा का सवाल है, सरकार की ओर से किरण रिजिजू ने, जो हमारे पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर हैं, बहुत स्पष्ट कर दिया है कि जो NEET आंदोलन के छात्र प्रदर्शन पर सभी प्रकार की चर्चा करने के लिए सरकार तैयार है। चर्चा के लिए समय सुनिश्चित किया जाए और विपक्ष तैयार हो जाए।

किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार-शाह

गृह मंत्री ने आगे कहा कि पहले तो ये यही मांग (चर्चा की) कर रहे थे, हमने 'हां' बोल दिया। मेरी ओर से भी मैंने कह दिया है कि मैं किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार हूं। मगर वो चर्चा ही नहीं होने देना चाहते। अब जनता तय करे कौन भाग रहा है? आज भी मैं कहता हूं, आज 3 बजे तक स्पीकर साहब को वो पत्र दे दें, 3 बजे से लेकर कल 3 बजे तक सभी प्रकार की चर्चा के लिए हम तैयार हैं। मैं सदन में ही बैठूंगा, सबको सुनूंगा और सब चीजों का जवाब दूंगा। सरकार के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है।

हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का साफ कहना है कि हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते। मेरा 'हम' से मतलब देश की युवा पीढ़ी से है। संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'हम बस जानना चाहते हैं कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोलियां किसने चलवाईं? किसने इसके आदेश दिए? लाठीचार्ज के आदेश किसने दिए? वो आदेश गृह मंत्रालय से दिए गए। क्या अमित शाह ने आदेश दिए या नहीं। अगर उन्होने इसके आदेश दिए तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे दोषी हैं और अगर उन्होंने आदेश नहीं दिए तो भी उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे पद के योग्य नहीं हैं।

एनडीए के 'मंगल मिलन' में पीएम नरेंद्र मोदी ने लहाराया तिरंगा, एकजुटता का दिया संदेश

#ndamangalmilanpmnarendramodivandemataramwave_tiranga

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों की मंगल बैठक 'वंदे मातरम' नारे के साथ शुरू हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए के अन्य नेता तिरंगा लहराते नजर आए।

नई दिल्ली में मंगलवार को संसद पुस्तकालय में ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एनडीए की मंगल मिलन बैठक में अलग ही नजारा देखने को मिला। पीएम मोदी की अगुवाई में वहां मौजूद सभी सांसदों ने तिरंगा लहराया। गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, नितिन गडकरी समेत तमाम नेता तिरंगा लहराते नजर आए।

वंदे मातरम् के नारे लगाए गए

इस दौरान वहां वंदे मातरम् के नारे लगाए गए। 15 अगस्त से पहले आखिरी मंगलवार को हुई बैठक में सभी सांसदों ने एक साथ तिरंगा लहराया और वंदे मातरम् के नारे लगाए। पूरा हॉल देशभक्ति से सराबोर दिखाई दे रहा था। बता दें कि देशभर में दस से सत्रह अगस्त तक तिरंगा यात्रा का आयोजन हो रहा है। इस दौरान मंगल मिलन बैठक में भी अनोखा नजारा देखने को मिला।

'मंगल मिलन' बैठक का मकसद क्या है?

'मंगल मिलन' बैठक वास्तव में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीति बैठक का बदला हुआ नाम है। इसका मकसद रचनात्मक चर्चा को बढ़ावा देना और गठबंधन के सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना है। संसद सत्र के दौरान रोजाना सदन की रणनीति तैयार करने और अलग-अलग दलों के बीच सहमति बनाने के अलावा, 'मंगल मिलन' बैठक एनडीए के सहयोगी दलों के साथ समन्वय बढ़ाने का माध्यम भी है।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर 2000 से अधिक बच्चों ने खाई एल्बेंडाजोल की गोली
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई।राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (NDD) अभियान के तहत सोमवार को सेंट जेम्स स्कूल, लखनऊ रोड, हरदोई में कार्यक्रम आयोजित किया गया। नोडल अधिकारी एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान स्कूल के 2000 से अधिक बच्चों ने कृमिनाशक दवा का सेवन किया।
डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि पेट में कृमि होने से बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कृमि संक्रमण के कारण शरीर में खून की कमी (एनीमिया) सहित कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। बच्चों में एनीमिया होने पर पढ़ाई में पिछड़ना, थकान, आलस्य और चक्कर आने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वस्थ रहने से भावी पीढ़ी भी स्वस्थ होगी। सरकार की मंशा है कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और सभी लोग स्वस्थ जीवन जी सकें। उन्होंने सभी लक्षित बच्चों एवं अभिभावकों से अभियान के तहत एल्बेंडाजोल की दवा का सेवन सुनिश्चित कराने की अपील की।
बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने और उनके पोषण स्तर में सुधार के उद्देश्य से 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को वर्ष में दो बार एल्बेंडाजोल की दवा दी जाती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अभियान के दौरान अपने बच्चों को दवा का सेवन अवश्य कराएं। अभियान में किसी कारणवश दवा खाने से छूटे बच्चों के लिए 14 अगस्त 2026 को मॉपअप राउंड आयोजित किया जाएगा, जिसमें छूटे हुए बच्चों को दवा खिलाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि जनपद में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान के तहत 3930 आंगनबाड़ी केंद्रों तथा 5445 सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में 22 लाख 60 हजार से अधिक बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।कार्यक्रम में स्कूल के प्रिंसिपल फादर लैंसी एवं अन्य अध्यापकगण के अलावा RKSK जिला कोऑर्डिनेटर मोहम्मद एहसान, DCPM शिव कुमार सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
11 अगस्त की देर रात से 12 अगस्त 2026 की भोर तक दिखाई देगा 6 ग्रहों का आकाशीय संरेखण/परेड

12 अगस्त 2026 क्यों है खास? 11 अगस्त की रात से 13 अगस्त की भोर तक मिलेगा ख़ास खगोलीय नजारों का सिलसिला।

जानिए सही समय और तरीका।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस बार यह अगस्त 2026 खगोल प्रेमियों को बहुत बड़ी एवं कुछ विशेष सौगात लेकर आई है।  खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि वैसे तो सम्पूर्ण अगस्त 2026 का महीना की विशेष होने वाला है लेकिन 12 अगस्त 2026 खगोल-विज्ञान की दृष्टि से महत्वपूर्ण दिन है। छह ग्रहों का दृश्य संरेखण 11 अगस्त की देर रात से 12 अगस्त की भोर में दिखाई देगा, जबकि 12 अगस्त की रात से 13 अगस्त की भोर तक पर्सिड उल्का-वर्षा अपने अधिकतम सक्रिय चरण में होगी, और 12 अगस्त 2026 की इसी तारीख को वैश्विक स्तर पर पूर्ण सूर्य ग्रहण भी होगा, हालांकि वह सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा।


*क्या है छह ग्रहों का पूर्व-सूर्योदय दृश्य संरेखण।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 12 अगस्त 2026 की भोर में छह ग्रह, शनि, वरुण, अरुण, मंगल, बुध और बृहस्पति, क्रांतिवृत्त के आसपास आकाश में एक विस्तृत पट्टी में दिखाई देंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह कोई भौतिक सीधी रेखा नहीं, बल्कि पृथ्वी से दिखाई देने वाला आकाशीय परिप्रेक्ष्य है। इनमें बृहस्पति, शनि और मंगल नग्न आंखों से अपेक्षाकृत आसानी से दिख सकते हैं, जबकि बुध ग्रह को क्षितिज के निकट होने के कारण देखना थोड़ा सा कठिन होगा, लेकिन प्रयास करने पर दिखाई दे सकता है जबकि अरुण और वरुण को अति विशेष (binoculars) विनोकुलर  या अच्छी दूरबीन से ही देखना पड़ेगा, खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस खगोलीय संरेखण का भारत में सर्वोत्तम अवलोकन स्थानीय सूर्योदय से लगभग 30 से 60 मिनट पहले, खुले और कम प्रकाश-प्रदूषित स्थान से अच्छा हो सकता है। *क्या होती है ग्रहों की परेड या संरेखण।*
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ग्रहों की परेड या संरेखण (Planetary Alignment) वह खगोलीय स्थिति है जब सौरमंडल के कई ग्रह पृथ्वी से देखने पर आकाश के एक ही हिस्से में एक सीधी रेखा या चाप (Arc) में नजर आते हैं। अंतरिक्ष में ये ग्रह वास्तव में एक सीध में नहीं होते, बल्कि अपनी अलग कक्षाओं में घूमते हुए पृथ्वी के दृष्टिकोण से एक कतार में दिखते हैं। या कुछ यूं कहें कि प्लैनेट परेड खगोल विज्ञान का औपचारिक तकनीकी शब्द नहीं है बल्कि यह लोकप्रिय नाम उस स्थिति के लिए प्रयोग किया जाता है जब पृथ्वी से देखने पर कई ग्रह क्रांतिवृत्तीय पट्टी के आसपास एक साथ दिखाई देते हैं। ग्रह अंतरिक्ष में भौतिक रूप से एक सीधी रेखा नहीं बनाते, लेकिन कतार जैसा दृश्य पृथ्वी के दृष्टिकोण और सौरमंडल के लगभग समतलीय कक्षीय विन्यास के कारण दिखाई देता है।

*ग्रहों की परेड के कितने प्रकार होते हैं।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सामान्य बोलचाल की भाषा में ग्रहों की परेड या संरेखण चार प्रकार की होती हैं,जैसे कि-
1.मिनी संरेखण (Mini)- जब 3 ग्रह एक साथ दिखाई देते हैं तो इसे मिनी संरेखण कहा जाता है।
2.छोटा संरेखण (Small)- जब 4 ग्रह एक कतार में आते हैं तो इसको छोटा संरेखण कहा जाता है।
3.बड़ा संरेखण (Large)- जब 5 या 6 ग्रह एक साथ दिखते हैं तब इसे बड़ा संरेखण कहा जाता है।
और 12 अगस्त 2026 को यही बड़ा संरेखण घटित होने जा रहा है इसीलिए देखना न भूलें।
4.महान संरेखण (Great)- जब सौरमंडल के लगभग सभी मुख्य ग्रह (8 ग्रह) एक साथ एक ही दिशा में नजर आते हैं तब एक महान संरेखण घटित होता है जोकि एक बहुत ही बड़ी खगोलीय घटनाओं में से एक होती है एवं ऐसा संरेखण अत्यंत ही ज्यादा दुर्लभ संरेखण होता है।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह एक आभासी दृश्य होता है जिसे प्लैनेटरी अलाइनमेंट भी कहा जाता है और यह अंतरिक्ष में कोई भौतिक रेखा नहीं बनाता, बल्कि यह पृथ्वी के दृष्टिकोण और परिप्रेक्ष्य का परिणाम होता है, इसके दौरान नग्न आंखों से दिखाई देने वाले ग्रहों की दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि हमारे सौर मण्डल के पांच ग्रहों को साधारण आँखों से देखा जा सकता है जैसे कि उनमें से कुछ इस प्रकार हैं जैसे कि बृहस्पति, शुक्र, बुध, मंगल और शनि ग्रह जैसे चमकीले ग्रह बिना किसी दूरबीन के केवल थोड़ा सा नियमित प्रयास करने भर से आसानी से देखे एवं पहचाने जा सकते हैं, जबकि यूरेनस और नेप्च्यून के लिए किसी विशेष अच्छी दूरबीन की जरूरत होती ही है। *कब और कितने बजे से दिखाई देना शुरू होगा इस परेड/संरेखण में कौन कौन सा ग्रह।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 12 अगस्त की भोर में बुध ग्रह लगभग 04:28 (AM) बजे पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू कर देगा और सूर्योदय तक दिखाई देगा, इस दौरान बुध ग्रह कर्क तारामंडल क्षेत्र में स्थित होगा एवं इसका मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 0.89 होगा जो थोड़ी मेहनत करने एवं खोजने पर इसको साधारण आंखों से देखने योग्य बनायेगा और 12 अगस्त की भोर में ही बृहस्पति ग्रह भी लगभग 4:50 (AM) बजे पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू कर देगा एवं सूर्योदय तक दिखाई देगा इस दौरान बृहस्पति ग्रह भी कर्क तारामंडल क्षेत्र में ही स्थिति होगा एवं इसका दृश्य मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.63 होगा, जो इसे साधारण आंखों से आसानी से देखने योग्य बनायेगा। और अब बात करें शनि ग्रह की तो पाते हैं कि शनि ग्रह 11 अगस्त की रात्रि में लगभग 9:30 (PM) बजे पूर्वी क्षितिज पर मीन तारामंडल क्षेत्र के साथ ही ऊपर आना शुरू करेगा और  पूरी रात भर अपने दृश्य मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 0.58 की चमक साथ लिए हुए 12 अगस्त 2026 की भोर/सूर्योदय तक दिखाई देगा, इसे भी साधारण आंखों से ही देखा जा सकता है, अब अगर हम बात करें हमारे सौर मण्डल के लाल ग्रह की तो हम पाते हैं कि मंगल ग्रह 11 अगस्त 2026 की मध्य रात्रि के बाद लगभग 1:50 (AM) पर पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू करेगा इस दौरान मंगल ग्रह,वृषभ तारामण्डल क्षेत्र में स्थित होगा और इसका मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 1.29 के क़रीब होगा जो इसे साधारण आंखों से देखने योग्य बनायेगा और 12 अगस्त की भोर सुबह तक दिखाई देगा,अगर अब हम बात करें हमारे सौर मण्डल के सातवें ग्रह अरुण ग्रह की तो पाते हैं कि 11 अगस्त की रात्रि में लगभग 12 बजकर 15 मिनट (AM) बजे यह पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू करेगा और इस दौरान यह वृषभ तारामण्डल क्षेत्र में स्थित होगा और इसका मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 5.74 के क़रीब होगा जो इसको किसी साधारण विनोकुलर एवं दूरबीन से भी देखना मुश्किल बनायेगा इसीलिए इसको देखने के लिए आपको किसी विशेष विनाकुलर एवं अच्छी दूरबीन/टेलीस्कोप की आवश्यकता होगी ही क्योंकि यह साधारण आंखों से दिखाई नहीं देता है। और अब हम बात करें हमारे सौर मण्डल के सबसे ज्यादा दूर के ग्रह वरुण ग्रह की तो पाते हैं कि वरुण ग्रह 11 अगस्त 2026 की रात्रि में लगभग 9:00 (PM) IST से पूर्वी क्षितिज पर ऊपर आना शुरू करेगा और पूरी रात भर आकाश में रहते हुए 12 अगस्त 2026 की भोर तक बना रहेगा एवं इस दौरान यह मीन तारामंडल क्षेत्र में स्थित होगा और इसका मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 7.83 होगा, इसीलिए वरुण ग्रह को इतने अधिक मैग्नीट्यूड के कारण,साधारण आंखों से देखना हमेशा ही नामुमकिन ही नहीं बल्कि असंभव ही है। इसीलिए इसको देखने के लिए साफ़ मौसम एवं पूर्णतः प्रकाश प्रदूषण से दूर होते हुए आपको किसी विशेष अच्छी दूरबीन की आवश्यकता होगी। तभी वरुण ग्रह को देखा जा सकता है अन्यथा नहीं। *आसानी से कैसे देखें यह ग्रहीय संरेखण।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर,उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष खगोलीय सलाह देते हुए बताया कि सबसे पहले पूर्वी क्षितिज को देखें, यहीं पर बृहस्पति और बुध सूर्योदय के समय से कुछ पहले दिखाई देंगे और मंगल ग्रह को देखने के लिए और ऊपर देखें एवं शनि ग्रह को खोजने के लिए आकाश में क्रांतिवृत्त का अनुसरण करें क्योंकि इस दौरान यह सभी ग्रह उत्तरी गोलार्ध में यह दक्षिण-पश्चिम की ओर जाते हुए दिखाई देंगे, खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष ज़ोर देते हुए कहा है कि यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए किसी सटीक स्काई चार्ट या उच्च आकाश मानचित्र के साथ ही किसी अच्छी एवं विशेष  टेलीस्कोप/ दूरबीन का उपयोग करें।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ये ग्रह आकाश के एक बड़े हिस्से में दिखाई देंगे, इसलिए ऐसी जगह चुनें जहाँ से खुला और विस्तृत दृश्य दिखाई दे। पूर्वी क्षितिज सबसे महत्वपूर्ण है और सूर्योदय से ठीक पहले बुध और बृहस्पति बहुत नीचे दिखाई देंगे, और उन्हें देखने का समय भी सीमित ही होगा इसलिए साथ ही यह भी विशेष ध्यान देने योग्य बात है कि दृश्य संयोजन के सामने,प्रकाश प्रदूषण, आंधी, पानी, बरसात, तूफ़ान, या अन्य आकस्मिक स्थितियों या इमारतें, पेड़, पहाड़ियाँ या धुंध आकाश के उस हिस्से को कहीं ढक न लें, अगर दृश्य संयोजन के दौरान ऐसा कुछ भी विघ्न उत्पन्न होता है तो इन ग्रहों को देखना मुश्किल हो सकता है,इसीलिए पूर्व दिशा की ओर स्पष्ट दृश्य वाले खुले मैदान, समुद्र तट, पहाड़ियों की चोटियाँ, छतें और बालकनियाँ जैसी जगहों पर पूर्ण सावधानीपूर्वक रहते हुए अवलोकन के लिए अच्छी जगहें हो सकती हैं, साथ ही सूर्योदय की दिशा के निकट पेड़ों, इमारतों, पहाड़ियों या धुंध एवं प्रकाश प्रदूषण वाले स्थानों से पूर्णतः बचें।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि दूरबीन/टेलीस्कोप या ज़ूम लेंस को बिना अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणित सोलर फ़िल्टर्स के कभी भी सूर्य के सीधे सामने न रखें, यह भी जानना आवश्यक है कि यदि 12 अगस्त 2026 की भोर में आसमान में बादल छाए हों, तो उससे पहले या बाद की भोर सुबह में भी इन ग्रहों को देखने की कोशिश कर सकते हैं क्योंकि यह ग्रहीय अलाइनमेंट थोड़ा दूर एवं इधर उधर होते हुए भी आप देख सकते हैं।

*12 अगस्त 2026 को और क्या ख़ास है*
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इसी तारीख के आसपास दो अन्य प्रमुख खगोलीय घटनाएँ भी घटित होंगी। जो इस प्रकार हैं।

1.बर्ष भर की सबसे ज्यादा मशहूर एवं बहुप्रतीक्षित  उल्का वर्षाओंं में से प्रमुख जिसे पर्सिड उल्का वृष्टि भी कहा जाता है,उसी पर्सिड उल्का वर्षा का चरम समय भी 12-13 अगस्त 2026 की दरम्यानी रात में देखना सबसे अच्छा होगा।

2.12 अगस्त, 2026 को दिन में पूर्ण सूर्य ग्रहण भी घटित होने वाला है लेकिन अफ़सोस कि यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, यह सूर्य ग्रहण केवल दुनियां के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों से ही पूर्ण सूर्य ग्रहण एवं आंशिक सूर्य ग्रहण आदि के रूप में दिखाई देगा।
राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस के अर्न्तगत स्वस्थ बचपन - उज्जवल भविष्य और छोटा कदम, बड़ा स्वास्थ्य लाभ कार्यक्रम का हुआ  शुभारंभ
      
सुल्तानपुर, 10 अगस्त/पेट के कीड़ों से बच्चों को मुक्त कर उन्हें सेहतमंद और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज GD Goenka School Sultanpur Campus में राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल Albendazole की दवा खिलाकर कृमि मुक्त करना है।
      
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वस्थ बचपन - उज्जवल भविष्य और छोटा कदम, बड़ा स्वास्थ्य लाभ थीम के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में  मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय एवं उप जिला विद्यालय निरीक्षक उपस्थित रहे।
       मुख्य अतिथियों ने बच्चों को कृमि संक्रमण के दुष्प्रभाव और उससे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पेट के कीड़ों से छुटकारा, सेहतमंद, सशक्त एवं भविष्य हमारा इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूल, अभिभावक और स्वास्थ्य विभाग को मिलकर काम करना होगा।
      कार्यक्रम के दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं को मंच पर एल्बेंडाजोल की गोली वितरित की गई। साथ ही हाथ धोने, साफ पानी पीने और स्वच्छता अपनाने पर जोर दिया गया। बड़ी संख्या में बच्चे, शिक्षक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी (ACMO, Dy- CMO, DIO, DPM, DCPM, DMHC, DEIC, FPLMIS, MOIC, BPM, BCPM ) उपस्थित रहे।
      जनपद में कुल 3521 विद्यालयों एवं 2511 आंगनबाड़ी केन्द्रो के माध्यम से 1120828 बच्चों को एल्बेंडाजोल/ डिवर्मिंग की टेबलेट खिलाई जाएगी।
झारखंड में छात्रों के विधानसभा घेराव के बीच पीएम मोदी ने सीएम हेमंत सोरेन को दी बधाई, जानें क्या लिखा

#pm_modi_birthday_wishes_to_cm_hemant_soren_amidst_jpsc_protests

झारखंड में इन दिनों छात्रों का प्रदर्शन जारी है। विरोध प्रदर्शन के बीच आज राज्यभर से हजारों की संख्या में आए छात्र विधानसभा का घेराव कर रहे हैं। छात्र प्रदर्शन के बीच राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोरेन को जन्मदिन की बधाई दी है।

हेमंत सोरेन को दी बधाई

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा- झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं। ईश्वर उन्हें लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।

रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च शुरू

इधर, JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विधानसभा मार्च शुरू हो गया है। पुराने विधानसभा मैदान से बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं। मार्च के दौरान छात्र पहले बैरियर तक पहुंचे और प्रदर्शनकारियों ने पहला बैरियर तोड़ दिया। छात्रों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है।

25 जुलाई है जारी है धरना-प्रदर्शन

बता दें कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ 25 जुलाई को रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना शुरू हुआ था, जो अब तक जारी है। यहां प्रदर्शन कर रहे छात्र अब सरकार के साथ आर-पार के मूड में हैं। सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच एक बार बातचीत का दौर चल चुका है, हालांकि दोनों के बीच हुई चर्चा बेनतीजा निकली है। दरअसल, छात्र अनियमितताओं के खिलाफ CBI जांच की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर छात्र अड़ गए हैं।

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर JFDCL की ओर से विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन*


विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान में 9 एवं 10 अगस्त को आयोजित आदिवासी महोत्सव के तहत आज अमर शहीद चाँद-भैरव मुर्मू मंडप में Jharkhand Film Development Corporation Limited (JFDCL) की ओर से विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के हेड ऑफ डिपार्टमेंट श्री शुक्रांतो मजूमदार, श्री शिलाजीत सान्याल, श्री नीलांजन बनर्जी,अभिनेत्री सुश्री कल्याणी खत्री तथा झारखंड के प्रतिष्ठित फिल्म निर्देशक श्री बीजू टोप्पो एवं श्री निरंजन कुजूर की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।

इस अवसर पर आदिवासी जीवन, संस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक सरोकारों पर आधारित अनेक उत्कृष्ट शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इनमें EPIL, PANCHABHUTA, PAHADA KUDUK, BURO GHAR, THE GIRL WHO LIVED IN THE LOO, LONG LOST HOME, SONDHAYNI, ANGEN, PAPAYA, SARI SARJOM, LADY TARZEN, EDPA KANA, MAN MELODY तथा DOLLS शामिल रहीं।

फिल्म स्क्रीनिंग में बड़ी संख्या में युवाओं एवं विभिन्न महाविद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान फिल्म मेकिंग में करियर विषय पर एक विशेष पैनल डिस्कशन का भी आयोजन किया गया।

इस अवसर पर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के श्री शुक्रांतो मजूमदार ने साउंड प्रोडक्शन के क्षेत्र में उपलब्ध करियर संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को संस्थान में संचालित विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, तकनीकी प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसरों की जानकारी देते हुए इस क्षेत्र में कौशल विकास के महत्व पर बल दिया।

वहीं, श्री शिलाजीत सान्याल ने कहा कि फिल्म मेकिंग से जुड़े व्यावसायिक पाठ्यक्रम युवाओं के लिए अपने सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा इस क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं और झारखंड का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर रहे हैं।

फिल्म निर्देशक श्री निरंजन कुजूर ने फिल्म निर्माण से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को रचनात्मकता, समर्पण और निरंतर सीखने की भावना के साथ इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

अभिनेत्री सुश्री कल्याणी खत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में सफलता का आधार अनुशासन, समर्पण और निरंतर कड़ी मेहनत है। उन्होंने अपने संघर्ष और अनुभव साझा करते हुए युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया।

पैनल डिस्कशन में विशेषज्ञों ने युवाओं को फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों, करियर के अवसरों और इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

गौरतलब है कि 10 अगस्त को युवाओं के लिए एक विशेष मास्टर क्लास का आयोजन किया जाएगा, जहाँ उन्हें फिल्म निर्माण संबंधी विषय पर अनुभवी विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और सीखने एवं फिल्म निर्माण की बारीकियों को समझने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा।

सुलतानपुर में कल से चलेगा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान*
जनपद के CHC,PHC व जिला महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं को मिलेंगी निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं।

सुलतानपुर,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के निर्देशन में गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित मातृत्व सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) का आयोजन जनपद के विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों पर किया जाएगा। अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच, स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक माह निर्धारित 1, 9, 16 एवं 24 तारीख को आयोजित किया जाता है।
जनपद में अभियान के अंतर्गत 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC), 46 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC), 100 बेड वीरसिंहपुर अस्पताल तथा जिला महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं को विशेष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इन सुविधाओं का मिलेगा लाभ PMSMA दिवस पर गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क प्रसवपूर्व जांच (ANC) के साथ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक परामर्श दिया जाएगा।
इस दौरान हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, वजन, रक्त समूह, यूरिन सहित अन्य आवश्यक जांच की जाएगी। अभियान के दौरान हाई रिस्क प्रेगनेंसी (HRP) वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं लाइन लिस्टिंग कर उनका विशेष फॉलोअप किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा केन्द्रों पर रेफर किया जाएगा।
महिलाओं को आयरन-फोलिक एसिड एवं कैल्शियम के सेवन, पोषण, संस्थागत प्रसव और प्रसव की पूर्व तैयारी के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी। निजी महिला चिकित्सक भी देंगी स्वैच्छिक सेवाएं PMSMA दिवस को प्रभावी बनाने के लिए जनपद की निजी क्षेत्र की महिला चिकित्सकों द्वारा वालंटियर के रूप में स्वैच्छिक सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उनके सहयोग से गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
ई-रूपी वाउचर से निःशुल्क अल्ट्रासाउंड आवश्यकता के अनुसार पात्र गर्भवती महिलाओं को ई-रूपी वाउचर के माध्यम से निःशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान करने में सहायता मिलेगी। गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराए जाएंगे फल PMSMA दिवस पर स्वास्थ्य केन्द्रों पर आने वाली गर्भवती महिलाओं को पोषण एवं संतुलित आहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से फल भी उपलब्ध कराए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन्हें गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी दी जाएगी। 102 एंबुलेंस सेवा का मिलेगा सहयोग अभियान में 102 एंबुलेंस सेवा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुंचाने तथा आवश्यकता पड़ने पर CHC/PHC से 100 बेड वीरसिंहपुर, जिला महिला चिकित्सालय अथवा उच्च चिकित्सा केन्द्र तक निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वे निर्धारित PMSMA दिवस—1, 9, 16 एवं 24 तारीख को अपने निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचकर निःशुल्क जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श का लाभ उठाएं। समय पर स्वास्थ्य जांच से गर्भावस्था की जटिलताओं एवं उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान कर मां और शिशु दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। सुरक्षित मातृत्व—स्वस्थ मां, स्वस्थ शिशु, समृद्ध सुलतानपुर।