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युवती के बुलाने पर घर से निकला युवक, सुबह नहर किनारे मिला शव


शरीर पर मिले चोटों के निशान, पास में खड़ी मिली मोटरसाइकिल; परिजनों ने लगाया हत्या कर शव फेंकने का आरोप

रायबरेली। शिवगढ़ थाना क्षेत्र में युवती के बुलाने पर घर से निकले युवक का शव शुक्रवार को नहर की पटरी पर पड़ा मिला है। युवक के शरीर पर चोटों के निशान थे। उसकी मोटरसाइकिल भी घटनास्थल पर खड़ी मिली। परिजनों ने युवक की हत्या कर शव नहर किनारे फेंके जाने का आरोप लगाया है। जबकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर घटना की जांच शुरू कर दी।

पूरन खेड़ा मजरे बहादुर नगर गांव निवासी हरिश्चंद्र का बेटा बृजेश कुमार (25) गुरुवार की रात घर से निकला था। शुक्रवार सुबह बछरावां क्षेत्र के नया पुरवा गांव के पास नहर की पटरी पर उसके शव को ग्रामीणों ने देखा। शव के पास ही बृजेश की मोटरसाइकिल भी खड़ी मिली। युवक के शरीर पर चोटों के निशान थे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की छानबीन शुरू कर दी।

परिजनों के अनुसार, बृजेश की शादी बछरांवा के सेहंगों में सलोनी से तय हुई थी, लेकिन बाद में सहमति नहीं बन सकी। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच अनबन चल रही थी, जबकि बृजेश और सलोनी के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत होती रहती थी। परिजनों का कहना है कि गुरुवार रात सलोनी ने बृजेश को अपने घर बुलाया था। उसके बुलाने पर ही वह घर से निकला था। इसके बाद वापस नहीं लौटा। शुक्रवार सुबह नहर की पटरी पर बृजेश का शव मिलने के बाद परिजनों ने उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई है। मृतक के पिता हरिश्चंद्र ने पुलिस को तहरीर देकर बेटे की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।

बछरांवा के थाना प्रभारी श्यामलाल पाल के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। मृतक के पिता की ओर से तहरीर दी गई है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
इस दीपावली, स्वास्थ्य का उपहार: ‘परंपरा से पोषण’ के माध्यम से गोंडा में माताओं और बच्चों तक पहुँचा पारंपरिक पोषण

*मंडलायुक्त  दुर्गा शक्ति नागपाल की पहल से गोंडा में 250 कुपोषित माताओं एवं बच्चों को मिला पोषण का उपहार। ‘परंपरा से पोषण’ अभियान देवीपाटन मंडल के सभी चार जिलों में संचालित होगा।*

*परंपरा से पोषण’ अभियान को लागू करने से बच्चों एवं महिलाओं को मिल रहा लाभ: प्रियंका निरंजन*


गोंडा, 6 नवंबर 2026: दीपावली की तैयारियों के बीच गोंडा में शुक्रवार को 250 कुपोषित माताओं एवं बच्चों को स्वास्थ्य और पोषण का उपहार दिया गया। दोपहर 12:30 बजे जिला पंचायत सभागार में आयोजित वितरण कार्यक्रम के साथ गोंडा ‘परंपरा से पोषण’ अभियान को लागू करने वाला पहला जिला बन गया।

मण्डलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंडल में एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती में महिलाओं एवं बच्चों के कुपोषण की समस्या से निपटना है। इसी प्रकार के वितरण कार्यक्रम अन्य तीन जिलों में भी आयोजित किए जाएंगे।

पूरे मंडल में 10,842 बच्चों की पहचान गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) अथवा मध्यम तीव्र कुपोषण (MAM) से प्रभावित बच्चों के रूप में की गई है। इस पहल का लक्ष्य इनमें से प्रत्येक बच्चे तक पहुँचना है।

यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु पोषण को मजबूत करने तथा प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ शुरुआत सुनिश्चित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाती है।

*पारंपरिक खानपान से पोषण की ओर वापसी*

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की अपनी पारंपरिक खाद्य परंपराओं को फिर से प्रोत्साहित करना है।

माताओं को पारंपरिक लोहे की कड़ाही भेंट की गई। भारतीय रसोई में लंबे समय से उपयोग की जाने वाली लोहे की कड़ाही भोजन में आयरन की मात्रा बढ़ाने में सहायक होती है, जिससे एनीमिया (खून की कमी) से बचाव के प्रयासों को मजबूती मिलती है।

इसके साथ ही परिवारों को गुड़, भुना चना और सत्तू भी वितरित किए गए। ये सभी खाद्य पदार्थ सस्ते, पौष्टिक तथा क्षेत्र में पीढ़ियों से उगाए और खाए जाते रहे हैं।

इसके अतिरिक्त कैल्शियम तथा ओआरएस-जिंक के पैकेट भी दिए गए।

माताओं और बच्चों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए फोर्टिफाइड टेक होम राशन (पोषक तत्वों से युक्त घर ले जाने वाला राशन) के रूप में तैयार-करने-योग्य पौष्टिक मिश्रण भी उपलब्ध कराया गया।

*वितरण तक सीमित नहीं, निरंतर निगरानी भी*

मंडलायुक्त  दुर्गा शक्ति नागपाल की परिकल्पना से शुरू हुआ ‘परंपरा से पोषण’ अभियान केवल एक दिन के वितरण कार्यक्रम तक सीमित नहीं है।

इसके अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रत्येक माता और बच्चे की प्रगति पर नजर रखेंगी। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित रूप से घरों का भ्रमण किया जाएगा।

इसके साथ ही वजन, बच्चों की वृद्धि तथा हीमोग्लोबिन स्तर की नियमित अंतराल पर जांच और निगरानी की जाएगी, ताकि इस अभियान की सफलता का आकलन परिवारों के वास्तविक स्वास्थ्य सुधार के आधार पर किया जा सके।

*इस अवसर पर मंडलायुक्त  दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा:*

“देवीपाटन मंडल का स्वस्थ भविष्य उसकी माताओं और बच्चों से शुरू होता है। ‘परंपरा से पोषण’ हमारी पारंपरिक ज्ञान-परंपरा और सरकारी व्यवस्था की पहुंच को एक साथ जोड़ता है। दीपावली के अवसर पर इन पोषण किटों का वितरण केवल पहला कदम है। हम प्रत्येक परिवार के साथ तब तक जुड़े रहेंगे, जब तक उनके बच्चों का समुचित विकास नहीं होने लगता और माताएं स्वस्थ नहीं हो जातीं।”

*गोंडा से शुरू हुई पहल, अब अन्य जिलों तक पहुँचेगा अभियान*

मंडलायुक्त ने इस अभियान के अंतर्गत प्रथम वितरण कार्यक्रम की योजना बनाने और सफलतापूर्वक आयोजन करने के लिए गोंडा की जिलाधिकारी  प्रियंका निरंजन एवं उनकी पूरी जिला टीम के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा:

“गोंडा प्रशासन ने यह दिखाया है कि एक सुनियोजित और जन-केंद्रित प्रयास के माध्यम से उन परिवारों तक पहुंचा जा सकता है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। गोंडा ने इस अभियान की अच्छी शुरुआत की है। अब इसे बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती में भी आगे बढ़ाया जाएगा। हमारा उद्देश्य सभी 10,842 कुपोषित बच्चों और उनके परिवारों तक पहुंचना है।”

इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं का भी विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके द्वारा क्षेत्र में प्रतिदिन किए जाने वाले कार्यों से इस प्रकार की जनकल्याणकारी पहल सफल हो पाती हैं।

उन्होंने कहा की परंपरा से पोषण’ अभियान को लागू करने से बच्चों एवं महिलाओं को मिल रहा लाभ

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी  मौजूद रहे।
वनटांगिया परिवारों के साथ धूमधाम से मनाया गया दीपोत्सव, उपहार पाकर खिले परिवारों के चेहरे


*ग्राम महेशपुर में नवीन प्राथमिक विद्यालय का मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी ने किया लोकार्पण*


*जिलाधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित हुआ 2100 दीपों का दीपोत्सव कार्यक्रम, अधिकारियों ने वनटांगिया परिवारों के साथ साझा की दीपावली की खुशियां*


*प्रशासन की पहल से वनटांगिया परिवारों में दिखा उत्साह, अधिकारियों ने साझा की दीपावली की खुशियां*


*नवीन प्राथमिक विद्यालय का हुआ लोकार्पण, बच्चों को मिलेगी बेहतर शिक्षा की सुविधा*


*गोण्डा 06 नवम्बर,2026*।
जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी तहसील तरबगंज के अंतर्गत ग्राम महेशपुर एवं रामगढ़ में वनटांगिया परिवारों के साथ दीपावली के पावन अवसर पर 2100 दीपों का दीपोत्सव कार्यक्रम हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वनटांगिया परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनके साथ दीपावली की खुशियां साझा करना तथा उनमें अपनत्व एवं सामाजिक समरसता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना रहा।


दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान दोनों ग्रामों में दीप प्रज्ज्वलित कर दीपावली का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर आतिशबाजी के माध्यम से उत्सव की खुशियां साझा की गईं। साथ ही वनटांगिया परिवारों के सभी सदस्यों को दीपावली के शुभ अवसर पर उपहार स्वरूप दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया गया। उपहार प्राप्त कर वनटांगिया परिवारों के चेहरे खुशी से खिल उठे। अधिकारियों ने परिवारों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं तथा उनके सुखमय एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के क्रम में वन ग्राम महेशपुर में नवनिर्मित नवीन प्राथमिक विद्यालय का मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद एवं अपर जिलाधिकारी प्रमोद झा द्वारा विधिवत लोकार्पण किया गया। विद्यालय के निर्माण से ग्राम के बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्र में शैक्षिक वातावरण को बढ़ावा मिलने के साथ ही बच्चों को अपने ही गांव में गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। अधिकारियों ने विद्यालय को ग्रामीण विकास एवं शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

कार्यक्रम के माध्यम से जिला प्रशासन ने वनटांगिया परिवारों के साथ दीपावली की खुशियां साझा करते हुए सामाजिक सहभागिता, समावेशी विकास एवं शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया। इस आयोजन से वनटांगिया परिवारों में विशेष उत्साह एवं प्रसन्नता देखने को मिली।

इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी आदित्य तिवारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, खण्ड विकास अधिकारी नवाबगंज, खण्ड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज, ग्राम प्रधान सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
उपराष्ट्रपति होंगे अयोध्या दीपोत्सव के मुख्य अतिथि, 30 लाख दीयों से रोशन होगी रामनगरी

लखनऊ। अयोध्या दीपोत्सव-2026 के मुख्य अतिथि भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन होंगे। उप राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री योगी की उपस्थिति में अयोध्या की छटा इस बार देश की सीमाओं से परे वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक वैभव का संदेश देगी।

दीपोत्सव के दसवें संस्करण में रामनगरी को 30 लाख से अधिक दीपों से रोशन कर अविस्मरणीय बनाने की तैयारी है। प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति में राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर एक साथ दीप प्रज्ज्वलित होंगे। वहीं, सरयू तट पर 2,151 वेदाचार्यों और अर्चकों के मंत्रोच्चार के बीच होने वाली महाआरती उत्सव की दिव्यता को विस्तार देगी।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जारी बयान में कहा कि 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से वर्ष 2017 में जब दीपोत्सव की शुरुआत हुई थी, तब अयोध्या में करीब 1.71 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए गए थे। पहले आयोजन से लेकर दसवें संस्करण तक दीपों की संख्या में लगातार कई गुना वृद्धि हुई। इस वर्ष रामनगरी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप जलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दीपों की बढ़ती संख्या केवल आयोजन के विस्तार का प्रमाण नहीं, यह जन-जन की अटूट आस्था और प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा व सम्मान का प्रतीक भी है।'

मंत्री जयवीर सिंह ने विश्वास जताया कि 'दीपोत्सव-2026 भव्यता और जनभागीदारी के लिहाज से प्रकाश पर्व का नया शिखर स्थापित करेगा। आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी 56 घाटों पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके तहत 35 हजार स्वयंसेवकों के साथ 900 घाट समन्वयक, 112 घाट प्रभारी और 27 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम, थीम आधारित सजावट, अंतरराष्ट्रीय रामलीला, दीपोत्सव मेला और प्रदर्शनी जैसे आयोजन उत्सव की छटा बढ़ाएंगे। इनके जरिए देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपरा से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।'

ड्रोन से आसमान में साकार होंगे रामायण के प्रसंग

दीपावली की पूर्व संध्या पर दीपोत्सव में पर्यटन विभाग की ओर से अयोध्या के आसमान में भव्य एरियल ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आकाश में एक साथ 2,100 रंग-बिरंगे ड्रोन रोशनी की छटा बिखेरते हुए रामायण के प्रमुख प्रसंगों को साकार करेंगे। पिछले वर्ष के मुकाबले करीब दोगुनी संख्या में ड्रोन के जरिए आस्था, अध्यात्म और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। ड्रोन से बनने वाली विभिन्न आकृतियों में वीर मुद्रा में प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान, रावण वध, पुष्पक विमान और राम दरबार जैसे दृश्य आकर्षण का केंद्र होंगे। इसके अलावा महर्षि वाल्मीकि, गोस्वामी तुलसीदास और हनुमान के विभिन्न स्वरूप भी आकाश में जीवंत होंगे।

विभिन्न राज्यों के 1,000 कलाकारों की प्रस्तुति

देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 1,000 कलाकारों का दल अयोध्या के अलग-अलग स्थलों पर लोक नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, भव्य शोभायात्रा में रामायण के सातों कांडों पर आधारित आकर्षक झांकियां सजेंगी, जो प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र और रामकथा के विविध प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी।

जेन-जी को लुभाएगा नवाचार

दीपोत्सव-2026 में परंपरा और आधुनिकता का संगम खासतौर पर युवाओं यानी जेन-जी को आकर्षित करेगा। सरयू के घाटों पर पारंपरिक दीपों की आभा के साथ आधुनिक तकनीक और मनोरंजन का अनूठा मेल देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से राम की पैड़ी पर मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन और लेजर शो का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही 100 से अधिक कलाकारों की लाइव प्रस्तुतियां उत्सव में चार चांद लगाएंगी।

अंतरराष्ट्रीय रामलीला मंचन अयोध्या के रामकथा पार्क में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशी कलाकार भी रामलीला के मंचन से रामकथा को जीवंत करेंगे। असम, केरल और बंगाल के कलाकार दल अपनी सांस्कृतिक शैली में प्रस्तुतियां देंगे। वहीं, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और इंडोनेशिया के बाली से आए कलाकार प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों का मंचन करेंगे। विभिन्न देशों की कला और परंपराओं के संगम से रामलीला का मंच अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता का संदेश देगा।

दीपोत्सव मेला एवं प्रदर्शनी

अयोध्या के क्वीन हो मेमोरियल पार्क में पांच दिवसीय (05-09 नवंबर) दीपोत्सव मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन हो रहा है। इसमें आगंतुकों को उत्सव के रंगों के साथ विविध उत्पादों, कला और संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है।
थाना कौडिया पुलिस द्वारा अवैध पटाखों का भण्डारण एवं बिक्री करने वाले अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार, भारी मात्रा में पटाखे बरामद


गोण्डा। आज दिनांक 06.11.2026 को थाना कौड़िया पुलिस के उ0नि0 अमन कन्नौजिया, चौकी प्रभारी आर्यनगर, मय हमराह पुलिस बल के साथ रात्रि गश्त मे रवाना थे कि मुखबिर खास की सूचना पर पृथ्वीनाथ मोड़ स्थित गोदाम पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान गोदाम से एक बोरी में 555 अदद पटाखे (सुतली बम) एवं 01 कार्टून थैले में विभिन्न प्रकार के अन्य पटाखे बरामद हुए। मौके पर मौजूद अभियुक्त फैयाज उपरोक्त से पटाखों के भण्डारण एवं बिक्री से सम्बन्धित वैध लाइसेंस मांगा गया, किन्तु वह कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। अभियुक्त द्वारा बिना वैध लाइसेंस के पटाखों का भण्डारण किए जाने एवं उनके असुरक्षित रख-रखाव के सम्बन्ध में थाना कौड़िया पर मु0अ0सं0 270/2026 धारा 9B विस्फोटक अधिनियम, 1884 एवं धारा 288 बीएनएस के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी।
पटाखा फोड़ते वक्त बच्चों पर रखें निगरानी


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही । आंख, हाथ व चेहरा को सुरक्षित रखकर ही दीपावली का पर्व मनाएं। पटाखा फोड़ते वक्त बच्चों का विशेष निगरानी रखें। वैध दुकान से ही पटाखा की खरीदारी करें। हंसी-खुसी के पर्व पर पटाखा फोड़ने में थोड़ी सी घातक हो सकता है। बच्चों को ऐसा पटाखा दें जिसमें विस्फोटक कम हो।

तेज आवाज का पटाखा बच्चों का कान खराब कर सकता है। सीएमओ डॉ. ओपी शुक्ला ने बताया कि आतिशबाजी करते समय शरीर का अंग जलता है तो तत्काल इलाज कराएं। जला हुआ स्थान पर ठंडा पानी व बर्फ नहीं लगाना है। आतिशबाजी का प्रदूषण आंख, नाक व गले के अलावां फेफड़ों को भी प्रभावित करता है।

प्रदूषण से सांस व एलर्जी की समस्या होती है। बच्चों को पटाखा से दूर ही रखें। वैध दुकान से ही पटाखा की खरीदारी करें। पटाखा फोड़ने वाले स्थान पर पानी व उपचार कीट रखना जरुरी है। एक समय में एक ही व्यक्ति एक पटाखा फोड़े। जला हुआ पटाखा कदापि न छूएं। हवा में उड़ने वाले पटाखा को जलाने से पूर्व सीधा कर लें।
Mirzapur: ट्रक-बाइक की टक्कर में दो की मौत एक गंभीर रुप से घायल, त्योहार की धमक में पड़ गई खलल, मचा कोहराम
मीरजापुर। जिले के हलिया थाना क्षेत्र के पंवारी कलां प्लांटेशन पुल के पास शुक्रवार को खाद उतार कर मीरजापुर की तरफ जा रही ट्रक और बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हलिया में प्राथमिक उपचार के बाद मंडलीय चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बंजारी कलां गांव निवासी बाइक चालक रामश्रृंगार वर्मा (25) अपने भाई नेता (20) और पड़ोसी साथी बबुलेश कोल (20) के साथ बाइक से गड़बड़ा पुल की ओर गए थे। वापस घर लौटते समय पवारी कलां प्लांटेशन पुल के पास सामने से सिकटा  साधन सहकारी समिति से खाद उतारकर आ रहे ट्रक व बाइक में जोरदार टक्कर हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक चालक रामश्रृंगार की ट्रक के टायर से कुचलने पर मौके पर ही मौत हो गई।हादसे की सूचना पर थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के सहयोग से घायल नेता और बबुलेश कोल को एम्बुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हलिया पहुंचाया गया। जहां चिकित्सक विमल कुमार ने बबुलेश कोल को मृत घोषित कर दिया। वहीं नेता की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद मंडलीय चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक राम श्रृगार की मौत के बाद पिता महादेव वर्मा तथा मृतक बबुलेश के पिता मुन्ना कोल का रो रो कर बेहाल हो रहे हैं । मृतक राम श्रृंगार के सगे भाई नेता को चिकित्सक ने रेफर कर दिया हैं।थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रक और बाइक की भिड़ंत में दो युवकों की मौत हुई है, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। ट्रक चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया है। शव को पीएम को भेजा गया है ट्रक की तलाश की जा रही है
भदोही में धमकी देकर खाते से 69 हजार रुपये ट्रांसफर किए: दुर्गागंज पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया; चार लोगों पर केस दर्ज


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। 24 अक्टूबर 2026 को भदोही के दुर्गागंज थाना क्षेत्र में बाबूराम से मारपीट कर धमकी दी गई और उनके Google Pay खाते से 69 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। पुलिस ने इस मामले में आनंद कनौजिया और शनी बिन्द को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, बाबूराम ने शिकायत में बताया कि रात करीब 8 बजे वह चौर चौराहे के पास मोबाइल पर बात कर रहे थे। तभी आरोपियों ने साथियों के साथ उन्हें घेर लिया, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देकर मोबाइल छीन लिया।

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने हाथ-पैर तोड़ने का डर दिखाकर Google Pay का पासवर्ड लिया और खाते से 69 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद मोबाइल फॉर्मेट कर दिया और सिम निकालकर फेंक दिया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपराध करना स्वीकार किया है।

मामले में आरिफ, राजा चौबे, आनंद कनौजिया और शनी बिन्द के खिलाफ दुर्गागंज थाने में केस दर्ज किया गया है। केस संख्या 0121/2026 में BNS की धारा 115(2), 352, 351(3) और 308(5) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों में आनंद कनौजिया (करीब 22), स्वर्गीय फूलचन्द कनौजिया उर्फ भट्टल के बेटे हैं। वह नीबी मिल्कीपुर, थाना दुर्गागंज, भदोही के निवासी हैं। शनी बिन्द (करीब 19), हंसराज बिन्द के बेटे हैं। वह ग्राम चौर (बौरी बोझ), थाना दुर्गागंज, भदोही के निवासी हैं।

पुलिस टीम में उपनिरीक्षक ओमप्रकाश यादव, उपनिरीक्षक रामलाल राय, कांस्टेबल घनश्याम, कांस्टेबल रमेश कुमार और कांस्टेबल रामप्रवेश गोस्वामी शामिल थे।
दशमेश पब्लिक स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया दीपावली उत्सव
रंगोलियों, आकर्षक दीपों और शुभकामना कार्डों के माध्यम से विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा

रामराज (मुजफ्फरनगर)। दशमेश पब्लिक स्कूल, रामराज में दीपावली का पर्व बड़े उत्साह, उमंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगी रंगोलियों और दीपों से सजाया गया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए आकर्षक रंगोलियां बनाईं तथा सुंदर दीये और शुभकामना कार्ड तैयार किए।

कार्यक्रम में गुनिका, रुमान, सीरत, समृद्धि, ज़ैनब, नमरा, अलीश, अनुषा, खुशी, मानवी, पूर्वी, आयुषी एवं साक्षी सहित अन्य विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। बच्चों की कलात्मक प्रतिभा और उत्साह ने विद्यालय परिसर को दीपावली के रंगों से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की डायरेक्टर डॉ. सिम्मी सहोता, प्रधानाचार्य श्री आमिर खान एवं कोऑर्डिनेटर स्वाति अरोड़ा का विशेष मार्गदर्शन और सहयोग रहा। वहीं हर्षिका, कोमल, गुरविंदर, मौनिका, अनुगामनी, चरनजीत एवं ज्योति सहित अन्य शिक्षकों ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर डायरेक्टर डॉ. सिम्मी सहोता ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में रचनात्मकता, आपसी सहयोग, सांस्कृतिक मूल्यों और त्योहारों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं।

अंत में विद्यालय परिवार ने सभी को प्रेम, खुशहाली, सुख-समृद्धि और प्रकाश के पावन पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
"दीपोत्सव के पर्व में 'पटाखा' ना.. बाबा.. ना..!

संतोष देव गिरि

'दीपावली' यानि दीपोत्सव का पर्व, प्रकाश उल्लास का पर्व, लेकिन कुछ वर्षों में इस पर्व के नाम पटाखों का जो समावेश हुआ है वह समूचे समाज के लिए घातक होता आया है. जिसका दायरा भी समाप्त होने की बजाए बढ़ता ही जा रहा है. आज यह करोड़ों के कारोबार का घातक रुप लेते हुए कितने ही लोगों के लिए जीवन भर न भूलने वाला दर्द भी दे चुका है, बावजूद इसके के इसका प्रकोप जारी है। हाल के दिनों में ही देश के विभिन्न हिस्सों में पटाखा कारखाने से लेकर अन्य स्थलों पर हुए विस्फोट ने एक बार फिर से इसकी उपयोगिता को लेकर बहस छेड़ दी है कि उल्लास के पर्व में भला इसकी क्या उपयोगिता?

"दीपावली दीयों का त्यौहार है। पटाखे जला कर हमें फायर ब्रिगेड विभाग का कार्य नहीं बढ़ाना है. पटाखे जला कर हमें अस्पतालों में भीड़ नहीं बढ़ानी है." यह संदेश दिया है वाराणसी की सुविख्यात संस्था 'सत्या फाउंडेशन' ने. बिना किसी सरकारी या विदेशी अनुदान के, प्रदूषण के खिलाफ अभियान चलाने वाली राष्ट्रीय संस्था, 'सत्या फाउंडेशन' के संस्थापक सचिव, चेतन उपाध्याय ने बताते हैं कि, "डीजे और पटाखे के कारण खुशी का हर उत्सव, मातम और दुःख में बदलता जा रहा है. चेतन उपाध्याय के मुताबिक पिछले वर्ष 2025 में वाराणसी के दारानगर इलाके में तेज आवाज के पटाखे से हृदय गति रुक जाने के कारण, एडवोकेट प्रहलाद तिवारी की मृत्यु हो गई थी और इस तरह की तमाम घटनाएं पूरे देश में होती रहती हैं, जिसकी जानकारी कई बार, पुलिस और आम जनता तक नहीं पहुंच पाती. आगजनी की घटनाओं के मद्देनजर, पड़ोसी देश चीन ने अपने सभी बड़े शहरों में आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है. सिक्किम राज्य से प्रेरणा लेते हुए पूरे भारत देश में पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर 365 दिन का पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए. और जब तक ऐसा प्रतिबंध नहीं लगता है, पुलिस-प्रशासन को इतना तो करना ही चाहिए कि रात 10 बजे के बाद पटाखा जलाने वालों की धरपकड़ और मुकदमा करने के लिए सभी थाना क्षेत्रों में उड़ाका दलों को सक्रिय किया जाए, ताकि प्रदूषण की मात्रा को कम किया जा सके.

पूर्वांचल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ. अजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि पटाखों से निकलने वाला वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण हम सभी के लिए बहुत नुकसानदायक है. अतः केवल दीपावली नहीं बल्कि शादी-विवाह या किसी भी खुशी के उत्सव या त्योहार में पटाखों के प्रयोग से बचना चाहिए.

बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, एडवोकेट विनोद कुमार शुक्ला ने कहा कि एक बार बाजार में पटाखा आने के बाद उसे नियंत्रित करना बहुत ही मुश्किल हो जाता है. अतः पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना ही समस्या का सही समाधान है. उन्होंने आगे कहा कि संविधान का अनुच्छेद 21 हर नागरिक को शांतिपूर्ण और स्वस्थ माहौल में रहने का अधिकार देता है. जानलेवा डीजे और जहरीले पटाखे का मुद्दा पार्टियों के चुनवी घोषणा पत्र में होना चाहिए और डीजे तथा पटाखा को बढ़ावा देने की बात करने वाले राजनेताओं का बहिष्कार होना चाहिए.

काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा ने कहते हैं कि 'सत्या फाउंडेशन' के इस अभियान में सभी को अपना योगदान करना पड़ेगा और त्याग की शुरुआत अपने घर से करनी होगी.

रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष, श्रीदेव भट्टाचार्य ने कहा कि हम सभी को अपने स्व-विवेक का उपयोग करते हुए पटाखों से खुद को और अपने बच्चों को बचाने के लिए प्रयास करना पड़ेगा. बारुद और गंधक वाले पटाखों और बमों के इस्तेमाल का अधिकार केवल देश की मिलिट्री (सेना) तक ही सीमित रहना चाहिए. आगे कहा कि काशी के लोग बहुत बुद्धिमान हैं और पटाखे पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध लगाने की माँग को स्वीकार करना देश के नेताओं की नैतिक जिम्मेदारी है.

किसी समय बनारस के एसपी रह चुके, पूर्व आईपीएस जुगुल किशोर बुंदेला ने कहा कि 'सत्या फाउंडेशन' के इस नि:स्वार्थ अभियान का सभी वर्ग के लोगों को समर्थन करना चाहिए. पर्यावरण को ठीक करने का जिम्मा केवल एक संस्था का नहीं है बल्कि यह कार्य पूरे समाज का है और सभी लोग धर्म में आ रही इन विकृतियों से मर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ग्रीन पटाखे के पीछे का काला सच सभी को जानना चाहिए. विभिन्न शोधों में यह बात सामने आई है कि ग्रीन पटाखे के जलने पर बेहद छोटे आकार के अल्ट्रा फाइन पार्टिकल्स (अत्यंत बारीक कण) निकलते हैं. सामान्य कणों की तुलना में ये बारीक प्रदूषक, सांस के जरिए फेफड़ों की गहराई तक और खून में बहुत आसानी से प्रवेश कर जाते हैं.

"त्यौहार के नाम पर विभीषिका न फैले फैले"

श्री गोवर्धन मठ, पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी भी अपना मत प्रकट करते हुए दीपोत्सव के इस पर्व पर ज्ञान का दीप, सद्भाव का दीप जलाकर समाज को जागृत करने का संदेश देते हुए

कह चुके हैं, "दीपावली के नाम पर दीपमालिका और यह दीपमालिका तो वातावरण के शोधन के लिए है, शास्त्र सम्मत पर्व है. उसका लौकिक फल- वायुमण्डल का शोधन है, लेकिन आजकल जितना वायुमंडल का दोहन किया जा रहा है, दीपावली के नाम पर वायुमंडल को विकृत किया जा रहा है. एक शिष्टमंडल होना चाहिए जो परम्परा प्राप्त, शास्त्रीय विधा के अनुसार हर पर्व-त्यौहार को मनायें. ऐसा न हो कि पर्व त्यौहार के नाम पर विभीषिका फैले. दीपावली के नाम पर कई व्यक्ति और बच्चे अंधे हो जाते हैं, कई लंगड़े हो जाते हैं और अंत में वातावरण बहुत ही मलिन (गंदा) हो जाता है. तो शुचिता और शास्त्र सम्मत शुद्धता, पूजन में और पर्व त्यौहार में बनी रहे, इसका ध्यान रखना चाहिए.

जबकि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी, ज्योतिष पीठ आश्चर्य प्रकट करते हुए कहते हैं कि, "मुझे आश्चर्य होता है कि सुप्रीम कोर्ट को केवल दिल्ली का प्रदूषण दिखाई पड़ता है, जबकि पटाखों के कारण केवल दिल्ली ही नहीं पूरे देश की आबो-हवा पर प्रभाव पड़ता है. पटाखों के जानलेवा प्रदूषण से जनता को बचाने के लिए सरकार और सुप्रीम कोर्ट को साहसिक कदम उठाने होंगे.

पटाखा किसी भी धर्म का हिस्सा नहीं हो सकता

पहले के जमाने में पटाखा जलाने से दमा रोगियों और आम जन को कम दिक्कत होती थी क्योंकि पेड़ पौधे सारे ध्वनि और वायु प्रदूषण को सोख लेते थे. मगर जनसँख्या नियंत्रण कानून के अभाव में कंक्रीट के जंगल बढ़ते गए और पेड़ पौधे कटते गए और आज हालत यह हो गयी कि वाराणसी जैसे शहर में हरियाली का प्रतिशत 1% से भी कम है और घर घर में लोग भयंकर बीमारियों से जूझ रहे हैं. एक दिन के शौक के चलते पूरे 4 दिनों तक अस्थमा के मरीज छटपटाते रहते हैं और पटाखों के चलते हर साल सभी अस्पतालों के आईसीयू और वार्ड फुल हो जाते हैं. जिस पटाखे के चलते इतनी अधिक तकलीफ और साल दर साल इतनी अधिक मौतें होती हैं, वह पटाखा किसी भी धर्म का हिस्सा नहीं हो सकता. लिहाजा पटाखे को धर्म से जोड़ने की भूल न करें.

सत्या फाउंडेशन वाराणसी के संस्थापक सचिव चेतन उपाध्याय बताते हैं, "पटाखों के चलते नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, वृद्धों और यहां तक कि पालतू पशु-पक्षी भी बुरी तरह से परेशान हो जाते हैं, ऐसे में वह समाज के सभी जनों से अपील करते हैं कि किसी भी निजी अथवा सार्वजनिक उत्सव में पटाखों का बिल्कुल प्रयोग न करें. साथ ही साथ अन्य लोगों को भी प्रेरित करने का आह्वान करते हैं, ताकि समाज से इस कुव्यवस्था को जड़ से और सभी के सुझबूझ से समाप्त किया जा सके.