/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif StreetBuzz अर्नब चक्रवात का असर: लखनऊ में बदला मौसम, ठंडी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट uttar pradesh
अर्नब चक्रवात का असर: लखनऊ में बदला मौसम, ठंडी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट
- 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शुक्रवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आसमान में घने बादल छाए हैं और ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। सुबह से धूप नहीं निकलने के कारण मौसम में ठंडक बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आज राजधानी में आंधी और बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को लखनऊ में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम का असर तापमान पर भी दिखाई देगा और अधिकतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने मौसम में इस बदलाव के पीछे अर्नब चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव को प्रमुख वजह बताया है। दोनों मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है। अगले 24 घंटों के दौरान लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी आने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और तेज हवाओं के बीच खुले स्थानों तथा कमजोर निर्माणों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 05 स्नातक तथा 06 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार विजयी घोषित

लखनऊ, 29 अक्टूबर, 2026। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 05 स्नातक व 06 शिक्षक द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के अंतर्गत मतगणना के उपरान्त उम्मीदवारों को विजयी घोषित कर दिया गया है।

- 05 स्नातक क्षेत्रों के घोषित परिणाम निम्नवत हैं :-

1. मेरठ स्नातक क्षेत्र- दिनेश कुमार गोयल (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 24,929 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी प्रमेन्द्र सिंह भाटी, एड. (समाजवादी पार्टी) रहे, जिनके द्वारा 12,073 मत प्राप्त किए गए।

2. आगरा स्नातक क्षेत्र- डा. मानवेंद्र प्रताप सिंह, गुरु जी (भारतीय जनता पार्टी) जिनके द्वारा ने कुल 42,743 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी शशांक यादव उर्फ शीटू (समाजवादी पार्टी) रहे, जिन्होंने मुकाबले से बाहर निकलने से पूर्व 27,734 मत प्राप्त किए।

3. इलाहाबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र- डा. मान सिंह यादव (समाजवादी पार्टी) ने कुल 60,358 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी अशोक कुमार राठौर (भारतीय जनता पार्टी) रहे, जिनके द्वारा 32,695 मत प्राप्त किए गए।

4. लखनऊ स्नातक क्षेत्र- कांति सिंह (समाजवादी पार्टी) ने कुल 56,905 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी इंजी. अवनीश कुमार सिंह (भारतीय जनता पार्टी) रहे, जिनके द्वारा 39,778 मत प्राप्त किए गए।

5. वाराणसी स्नातक क्षेत्र- आशुतोष सिन्हा (समाजवादी पार्टी) ने कुल 55,046 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी केदारनाथ सिंह (भारतीय जनता पार्टी) रहे, जिन्होंने मुकाबले से बाहर निकलने से पूर्व 35,114 मत प्राप्त किए।

- 06 शिक्षक क्षेत्रों के घोषित परिणाम निम्नवत हैं :-

1. लखनऊ शिक्षक क्षेत्र- उमेश द्विवेदी (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 13,179 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सुशील कुमार (समाजवादी पार्टी) रहे, जिन्होंने मुकाबले से बाहर निकलने से पूर्व 8,371 मत प्राप्त किए।

2. वाराणसी शिक्षक क्षेत्र- लाल बिहारी यादव (समाजवादी पार्टी) ने कुल 11,612 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी डा. प्रमोद कुमार मिश्र (भारतीय जनता पार्टी) रहे, जिनके द्वारा 6,597 मत प्राप्त किए गए।

3. आगरा शिक्षक क्षेत्र- डॉ. आकाश अग्रवाल (समाजवादी पार्टी) ने कुल 14,046 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी हरि किशोर तिवारी (भारतीय जनता पार्टी) रहे, जिन्होंने मुकाबले से बाहर निकलने से पूर्व 9,783 मत प्राप्त किए।

4. मेरठ शिक्षक क्षेत्र- श्रीचन्द शर्मा (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 18,099 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी डा. नितिन तोमर (समाजवादी पार्टी) रहे, जिनके द्वारा 4,858 मत प्राप्त किए गए।

5. बरेली-मुरादाबाद शिक्षक क्षेत्र- डा. हरी सिंह ढिल्लो (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 21,672 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी हाजी दानिश अख्तर (समाजवादी पार्टी) रहे, जिनके द्वारा 3,996 मत प्राप्त किए गए।

6. गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक क्षेत्र- ध्रुव कुमार त्रिपाठी (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 16,790 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजीव यादव (निर्दलीय) रहे, जिन्होंने मुकाबले से बाहर निकलने से पूर्व 14,580 मत प्राप्त किए।

माटीकला महोत्सव-2026: वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने किया खादी भवन का भ्रमण, शिल्पकारों का बढ़ाया उत्साह

- योगी सरकार में समृद्ध हो रहे पारंपरिक माटी शिल्पी; महोत्सव में उमड़ रही खरीदारों की भीड़

- दूसरे दिन ही ₹3 लाख से अधिक के उत्पादों की हुई बिक्री

लखनऊ, 29 अक्टूबर 2026। राजधानी लखनऊ के डालीबाग स्थित खादी भवन प्रांगण में आयोजित 11 दिवसीय 'माटीकला महोत्सव-2026' के दूसरे दिन गुरुवार को प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रदर्शनी का भ्रमण किया। वित्त मंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए माटी शिल्पकारों एवं कुम्हारों के स्टॉलों पर पहुंचकर उनके द्वारा निर्मित उत्कृष्ट उत्पादों का अवलोकन किया और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। 

प्रदर्शनी के भ्रमण के दौरान वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भगवान श्री गणेश एवं माता लक्ष्मी की प्रतिमाओं, पर्यावरण-अनुकूल डिजाइनर दीयों, टेराकोटा कलाकृतियों तथा दैनिक उपयोग के मिट्टी के बर्तनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के पारंपरिक शिल्प को आधुनिक तकनीक, वित्तीय संबल और सीधा बाजार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मिट्टी के उत्पादों का उपयोग न केवल पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से उत्तम है, बल्कि इनसे स्थानीय कारीगरों की आजीविका भी सशक्त हो रही है। उन्होंने राजधानीवासियों से अपील की कि वे इस प्रकाश पर्व पर अधिक से अधिक स्थानीय माटी उत्पाद खरीदकर प्रदेश के शिल्पकारों के जीवन को खुशहाल बनाएं।

खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के सीईओ शिशिर ने बताया कि माटीकला महोत्सव को लेकर राजधानी के नागरिकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन ही दोपहर तक ₹2 63 लाख से अधिक की बिक्री दर्ज की जा चुकी है, जो शाम तक ₹3 लाख के आंकड़े को पार कर गई।

चरित्र सत्यापन के इंतजार में नहीं अटकेगी सरकारी नौकरी

- योगी सरकार ने सरल की नियुक्ति प्रक्रिया, चयनित अभ्यर्थियों को सत्यापन पूरा होने से पहले ही मिल सकेगा नियुक्ति पत्र

 - पुलिस की रिपोर्ट आने तक नहीं रुकेगी नियुक्ति, शर्तों के साथ नौकरी देने और सत्यापन के बाद पुष्टि करने की व्यवस्था

 - 30 दिन में देनी होगी सत्यापन रिपोर्ट, देरी होने पर गृह विभाग सुनिश्चित कराएगा कार्रवाई

 - अभ्यर्थियों को नहीं लगाने पड़ेंगे पुलिस के चक्कर, सामान्य मामलों में न पूछताछ होगी और न ही मांगे जाएंगे अतिरिक्त दस्तावेज

 - केवल एफआईआर दर्ज होने या जांच लंबित रहने से नहीं छिनेगा नौकरी का अवसर, अपराध की श्रेणी और मामले की स्थिति के आधार पर होगा निर्णय

 - प्रतिकूल रिपोर्ट पर भी अभ्यर्थी को मिलेगा सुनवाई का अवसर, पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों का दोबारा नहीं होगा सत्यापन

लखनऊ, 29 अक्टूबर। सरकारी नौकरी के लिए चयनित होने के बाद अब युवाओं को चरित्र सत्यापन की रिपोर्ट आने तक नियुक्ति का इंतजार नहीं करना होगा। प्रदेश सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के लिए चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन की नई एकीकृत नीति जारी की है। इसके तहत पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया चलती रहने पर भी चयनित अभ्यर्थियों को शर्तों के साथ नियुक्ति पत्र दिया जा सकेगा। सत्यापन रिपोर्ट सही मिलने पर नियुक्ति की पुष्टि कर दी जाएगी। पुलिस और संबंधित अधिकारियों को 30 दिन के भीतर सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध करानी होगी। इससे नियुक्ति प्रक्रिया में अनावश्यक देरी दूर करने के साथ अभ्यर्थियों को बार-बार पुलिस और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों की पहली नियुक्ति से पहले चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर अब तक जारी शासनादेशों के स्थान पर एकीकृत दिशानिर्देश निर्धारित किए हैं। प्रमुख सचिव एम. देवराज की ओर से जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि केवल सत्यापन रिपोर्ट लंबित होने के कारण नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया नहीं रोकी जाएगी। नियुक्ति प्राधिकारी अभ्यर्थी से निर्धारित सत्यापन प्रपत्र और स्वघोषणा पत्र प्राप्त कर नियुक्ति पत्र जारी करेंगे। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील पदों पर विस्तृत सत्यापन पूरा होने के बाद ही नियुक्ति दी जाएगी। ऐसे विशेष मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुख्यमंत्री का पूर्व अनुमोदन लेना होगा।

- पुलिस नहीं बुलाएगी, अभिलेखों से होगा सत्यापन

नई नीति में अभ्यर्थियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। सामान्य परिस्थितियों में चरित्र सत्यापन के लिए पुलिस या स्थानीय अभिसूचना इकाई अभ्यर्थी के घर जाकर पूछताछ नहीं करेगी। उसे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए भी नहीं बुलाया जाएगा। अतिरिक्त दस्तावेज मांगने की भी आवश्यकता नहीं होगी। पुलिस उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर जांच कर रिपोर्ट देगी। विशेष परिस्थितियों में नियुक्ति प्राधिकारी के अनुरोध पर जिलाधिकारी मौके पर जांच करा सकेंगे। सत्यापन के लिए पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना) और जिलाधिकारियों को संदर्भ प्राप्त होने के 30 दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध करानी होगी। निर्धारित अवधि में रिपोर्ट नहीं मिलने पर नियुक्ति प्राधिकारी मामला गृह विभाग को भेजेंगे। गृह विभाग रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

- सिर्फ मुकदमा दर्ज होने से नहीं रुकेगी नियुक्ति

सरकार ने आपराधिक मामलों से संबंधित नियम भी स्पष्ट कर दिए हैं। केवल एफआईआर दर्ज होने, विवेचना लंबित होने या आरोपपत्र दाखिल होने से अभ्यर्थी स्वतः अयोग्य नहीं होगा। अपराध की प्रकृति और न्यायालय में मामले की स्थिति के आधार पर उसकी पात्रता तय होगी। गंभीर अपराधों की कुछ निर्धारित श्रेणियों में न्यायालय द्वारा आरोप तय होने या दोषसिद्धि पर अयोग्यता लागू होगी, जबकि अन्य श्रेणियों में दोषसिद्धि आवश्यक होगी। न्यायालय से अंतिम रूप से दोषमुक्त होने, कानून के अनुसार समझौते से मामला निस्तारित होने और कुछ मामूली अपराधों के मामलों में राहत के प्रावधान भी किए गए हैं। हालांकि, अभ्यर्थी को अपने विरुद्ध दर्ज मामलों की सही जानकारी देनी होगी। जानबूझकर तथ्य छिपाने या गलत घोषणा करने पर नियुक्ति निरस्त करने और कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था है।

- प्रतिकूल रिपोर्ट पर भी मिलेगा पक्ष रखने का मौका

किसी अभ्यर्थी के विरुद्ध पुलिस या स्थानीय अभिसूचना इकाई की रिपोर्ट प्रतिकूल आने पर भी उसे अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। जिलाधिकारी अपनी रिपोर्ट नियुक्ति प्राधिकारी को भेजने से पहले संबंधित अभ्यर्थी की सुनवाई करेंगे। यह सुनवाई ऑनलाइन भी हो सकेगी।

पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों का दोबारा चरित्र सत्यापन नहीं होगा। आवश्यकता पड़ने पर उनके पूर्व विभाग से जानकारी ली जा सकेगी। पिछले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश के बाहर एक वर्ष या उससे अधिक समय तक रहने वाले अभ्यर्थियों के संबंध में संबंधित राज्य की पुलिस से भी जानकारी ली जाएगी।

नई नीति सरकारी विभागों के साथ निगमों, परिषदों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वायत्त निकायों, उपक्रमों और स्थानीय निकायों में सीधी भर्ती से होने वाली नियुक्तियों पर लागू होगी। पहले से लंबित मामलों का निस्तारण भी नए दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा।

यूपी की बजट संबंधी जानकारी अब एक क्लिक पर, वित्त मंत्री ने किया नवीनीकृत बजट वेबसाइट का शुभारंभ
- बजट, वित्तीय आंकड़े, शासनादेश और महत्वपूर्ण वित्तीय जानकारियां एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध
- चैटबॉट की सुविधा से बजट संबंधी सवालों के जवाब पाना होगा आसान

लखनऊ, 29 अक्टूबर, 2026। उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज प्रदेश की नवीनीकृत बजट वेबसाइट https://budget.up.nic.in का शुभारंभ किया। इस वेबसाइट के माध्यम से राज्य सरकार ने बजट एवं वित्तीय सूचनाओं को आमजन, शोधकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों तथा अन्य हितधारकों के लिए अधिक सुलभ और व्यवस्थित बनाया है। वेबसाइट पर बजट संबंधी महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय आंकड़े, नियमावली, शासनादेश एवं अन्य उपयोगी जानकारियां एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गई हैं।
नवीनीकृत वेबसाइट की प्रमुख विशेषता चैटबॉट सुविधा है, जिसके माध्यम से उपयोगकर्ता बजट संबंधी प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर सकेंगे। वेबसाइट पर राज्य बजट के साथ एफआरबीएम अधिनियम, आकस्मिकता निधि नियमावली, विभिन्न रिजर्व फंडों में उपलब्ध शेष धनराशि तथा उत्तर प्रदेश कार्य नियमावली, 1975 की जानकारी भी उपलब्ध है।
वेबसाइट पर केंद्र सरकार से प्राप्त होने वाली धनराशि, केंद्रीय करों में राज्यांश तथा पंचायती राज संस्थाओं एवं नगरीय स्थानीय निकायों के लिए बजट में प्रावधानित अनुदान का विवरण भी देखा जा सकेगा। इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2014-15 से वित्तीय स्वीकृतियों से संबंधित शासनादेश उपलब्ध कराए गए हैं।
वित्तीय पारदर्शिता एवं सूचनाओं की सुगम उपलब्धता की दृष्टि से वेबसाइट पर उत्तर प्रदेश राज्य आर्थिक सर्वेक्षण, वित्त विभाग द्वारा प्रकाशित बजट की रूपरेखा तथा भारत का संविधान हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। बजट से संबंधित मीडिया वीडियो भी वेबसाइट पर देखे जा सकेंगे।
वेबसाइट पर चालू वित्तीय वर्ष के मूल बजट और पिछले वित्तीय वर्ष के प्रमुख वित्तीय संकेतकों का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत किया गया है। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के लिए बजट प्रावधानों तथा विगत 10 वर्षों के वित्त मंत्रियों के बजट भाषणों को भी उपलब्ध कराया गया है। नवीनीकृत बजट वेबसाइट से प्रदेश की वित्तीय व्यवस्था से संबंधित सूचनाओं तक पहुंच आसान होगी। यह पहल बजटीय पारदर्शिता, सूचना की सुलभता और डिजिटल सुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उद्घाटन के दौरान प्रमुख सचिव वित्त दीपक कुमार, सचिव श्रीमती संदीप कौर, पंधारी यादव, एवं विशेष सचिव आलोक दिक्षित सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
‘सीटें मांगें तो जीरो याद दिलाइएगा’, कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर राजभर ने अखिलेश को दी सलाह
*‘चुनाव सपा लड़े, कांग्रेस साथ न दे… फिर कैसा भाईचारा?’ राजभर ने गठबंधन पर अखिलेश को घेरा*
*‘200 सीटें मांगने वाली कांग्रेस ने सपा को क्या दिया?’ ओपी राजभर का अखिलेश से तीखा सवाल*

*लखनऊ, 29 अक्टूबर।* उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने एमएलसी चुनाव के नतीजों को लेकर सपा-कांग्रेस गठबंधन पर तंज कसा है। उन्होंने अखिलेश को बधाई देते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। राजभर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस 200 सीट मांग रही है, लेकिन एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशियों का समर्थन नहीं किया।
राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, “अखिलेश जी, एमएलसी चुनाव के नतीजों में आपकी पार्टी के प्रदर्शन की आपको बहुत बधाई। वैसे ये बताइए, अपने मित्र राहुल जी को बधाई दिए या नहीं?” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को प्रत्याशी तक नहीं मिला और जहां प्रत्याशी उतारे गए, वहां नतीजा ‘जीरो’ रहा। राजभर ने कर्नाटक का जिक्र करते हुए भी राहुल गांधी पर तंज कसा।
*सीटों की मांग पर कांग्रेस को घेरा*
सुभासपा प्रमुख ने कांग्रेस के खुद को सपा का ‘बड़ा भाई’ मानने पर सवाल उठाते हुए अखिलेश को नसीहत दी कि सीटों की मांग के समय कांग्रेस को एमएलसी चुनाव के नतीजे याद दिलाएं। उन्होंने पूछा कि जब सपा के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे, तब कांग्रेस ने उनका समर्थन क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हिस्सा चाहिए ‘आधा’ और समर्थन देंगे ‘जीरो’। बड़ी नाइंसाफी है।
*12 सीटों पर लड़ी कांग्रेस, केवल 1 जीती*
बता दें कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 सीटों पर हुए एमएलसी चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। पार्टी ने 12 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन मात्र एक सीट जीत सकी। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद पार्टी चारों सीटें हार गई। कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर तंज कसा है।
दीपोत्सव के लिए सजने लगी रामनगरी, 300 फीट की स्क्रीन पर पहली बार दिखेगी रामकथा

- 5 से 8 नवंबर तक होगा आयोजन, 100 विदेशी मेहमानों को न्योता; 30 लाख से अधिक दीप जलाने का लक्ष्य

अयोध्या। दीपों के महापर्व दीपोत्सव से पहले रामनगरी अयोध्या को भव्य और दिव्य स्वरूप देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। सरयू तट से लेकर प्रमुख मार्गों और सांस्कृतिक आयोजन स्थलों तक सजावट और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कहीं घाटों को संवारा जा रहा है तो कहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए विशाल मंच तैयार किए जा रहे हैं। इस बार दीपोत्सव में आधुनिक तकनीक के माध्यम से रामकथा का भव्य प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होगा। वहीं, करीब 100 विदेशी मेहमानों को आमंत्रित कर आयोजन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की भी तैयारी है।

राम की पैड़ी पर दीपोत्सव की तैयारियां अब स्पष्ट रूप से नजर आने लगी हैं। यहां लाल कारपेट बिछाया जा चुका है और सरयू तट के घाटों से सिल्ट हटाने का काम पूरा कर लिया गया है। लेजर शो और प्रोजेक्शन मैपिंग के लिए 300 फीट लंबी तथा 50 फीट ऊंची विशाल स्क्रीन तैयार की जा रही है। रामकथा पार्क के निकट विशिष्ट अतिथियों के आगमन के लिए अस्थायी हेलीपैड का निर्माण पूरा हो गया है। प्रमुख मार्गों और प्रवेश स्थलों पर तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं, जबकि रामपथ की रेलिंग को चमकाने का काम जारी है।

- पहली बार विशाल स्क्रीन पर साकार होगी रामकथा

इस बार दीपोत्सव में रामकथा के मंचन और प्रदर्शन को नया स्वरूप दिया जा रहा है। पहली बार 300 फीट लंबी और 50 फीट ऊंची स्क्रीन पर लेजर शो तथा प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिए रामकथा प्रस्तुत की जाएगी। पहले की तरह राम की पैड़ी के भवनों की दीवारों पर प्रोजेक्शन करने के बजाय इस बार अलग से विशाल स्क्रीन लगाई जा रही है। स्क्रीन के सामने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तीन मंच बनाए जा रहे हैं। इनकी ऊंचाई क्रमशः 10, 20 और 30 फीट होगी। इन मंचों पर कलाकार विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से रामायण की प्रसंगों और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करेंगे।

- 100 विदेशी मेहमानों को आमंत्रित करने की तैयारी

दीपोत्सव को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संपर्क किया जा रहा है। पांच से आठ नवंबर तक आयोजित होने वाले इस आयोजन में करीब 100 विदेशी मेहमानों को आमंत्रित करने की योजना है। इनमें 12 देशों के विशेष अतिथियों के साथ 30 से अधिक देशों के राजदूत और अन्य प्रतिनिधि शामिल होंगे। विभिन्न देशों में बसे प्रवासी भारतीयों को भी आमंत्रित किया जा रहा है।

भारतीय दूतावासों और राजदूतों के माध्यम से निमंत्रण भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभिन्न देशों के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रियों अथवा उनके प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करने की योजना है। विदेशी अतिथियों और प्रवासी भारतीयों की भागीदारी से अयोध्या की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देने का प्रयास किया जा रहा है।

- देश-विदेश की रामलीलाओं का होगा मंचन

दीपोत्सव के दौरान पांच, छह और सात नवंबर को देश-विदेश की रामलीला परंपराओं का मंचन किया जाएगा। इसके जरिए विभिन्न देशों में प्रचलित रामकथा की परंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विविधताओं को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।

इस बार सरयू तट पर 30 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष यहां 26 लाख 17 हजार 215 दीप जलाकर आयोजन को भव्य स्वरूप दिया गया था। इस बार दीपों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ आधुनिक तकनीक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विदेशी मेहमानों की भागीदारी के जरिए दीपोत्सव को और व्यापक बनाने की तैयारी है।

पत्रकारों की पेंशन के लिए उचित मंच पर पैरवी करेंगे अवनीश अवस्थी

- आईएफडब्ल्यूजे के 76वें स्थापना दिवस पर मिला आश्वासन, 60 वर्ष से अधिक उम्र के पत्रकारों को लाभ दिलाने का प्रयास

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने पत्रकारों की पेंशन का मुद्दा उचित मंच पर उठाने और इसके समाधान के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अपर मुख्य सचिव सूचना एवं निदेशक सूचना से भी वार्ता की जाएगी। साथ ही अगले सप्ताह यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पत्रकारों की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। उनका प्रयास होगा कि 60 वर्ष से अधिक आयु के पत्रकारों को पेंशन का लाभ दिलाने की दिशा में ठोस पहल हो।

अवनीश अवस्थी गुरुवार को यूपी प्रेस क्लब में यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन की ओर से आयोजित इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) के 76वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पत्रकार सुरक्षा के मुद्दे पर गोष्ठी भी आयोजित की गई। कार्यक्रम में पत्रकारों की समस्याओं से संबंधित प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन मुख्य अतिथि को सौंपा गया। अवनीश अवस्थी ने पत्रकारों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारों का रजिस्टर तैयार करने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों का एक राष्ट्रीय रजिस्टर बनने से उनकी पहचान सुनिश्चित करने और उन्हें सुविधाओं का लाभ दिलाने में मदद मिलेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पत्रकारों को लाभान्वित करने के लिए खेल विभाग से भी वार्ता की जाएगी। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उन्हें अन्य संस्थागत स्तंभों की तरह मजबूत होकर अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

- राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग

गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आईएफडब्ल्यूजे के अध्यक्ष गोपाल मिश्रा ने पत्रकारों का राष्ट्रीय रजिस्टर तैयार करने के साथ ही पत्रकार सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं को लेकर सरकार भी चिंतित है। उनकी मांगें जायज हैं और उनका समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकार तमाम कठिनाइयों, अभावों और आलोचनाओं के बावजूद समाज और जनता के हितों के लिए लगातार संघर्ष करते हैं। पत्रकारों की सुरक्षा हो या पेंशन का विषय, इन समस्याओं का समाधान आवश्यक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पत्रकारों की समस्याओं को सरकार के समक्ष रखकर उनके निराकरण के लिए प्रयास करेंगे।

- पत्रकार संगठनों के पदाधिकारियों ने भी रखे विचार

समारोह में यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी, यूपी प्रेस क्लब के अध्यक्ष रवीन्द्र कुमार सिंह, आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रीय महासचिव विश्वदेव राव, प्रदेश महामंत्री देवराज सिंह और लखनऊ इकाई के अध्यक्ष शिवशरण सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर महामंत्री नितिन श्रीवास्तव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रेम कांत तिवारी, विजय शंकर पंकज, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य रजा रिजवी, भास्कर दुबे, सुरेश यादव, सर्वेश तिवारी, अविनाश शुक्ला, अनिल सैनी, मोहम्मद जुबेर, पवन कुमार सिंह, रेनू निगम, नायला किदवाई, जेपी शुक्ला, सूर्य नारायण सिंह, कलानिधि मिश्रा, महिमा तिवारी, मुकुल मिश्रा, राकेश सिंह चौहान, अनिल त्रिपाठी, मोहम्मद जान तुर्की, विजय प्रकाश मिश्रा, आशीष कुमार सिंह, टीएन मिश्रा, भाजपा नेता प्रदीप सिंह बब्बू, सुमति सक्सेना, सुरेंद्र अग्निहोत्री, गंगेश मिश्रा, विजय मिश्रा और मोहम्मद तारिक फारुकी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

03 स्नातक तथा 06 शिक्षक क्षेत्र के उम्मीदवार विजयी घोषित

लखनऊ एवं वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना जारी

लखनऊ, 28 अक्टूबर, 2026। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 05 स्नातक व 06 शिक्षक द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के अंतर्गत 03 स्नातक तथा 06 शिक्षक क्षेत्रों के उम्मीदवारों को विजयी घोषित कर दिया गया है। लखनऊ तथा वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सायं 8:00 बजे तक की प्राप्त सूचना के अनुसार मतगणना जारी है।

घोषित परिणाम निम्नवत हैं :-

1. मेरठ स्नातक क्षेत्र- दिनेश कुमार गोयल (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 24,929 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की।

2. आगरा स्नातक क्षेत्र- डा० मानवेंद्र प्रताप सिंह, गुरु जी (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 42,743 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की।

3. इलाहाबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र- डा० मान सिंह यादव (समाजवादी पार्टी) ने कुल 60,358 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की।

4. लखनऊ शिक्षक क्षेत्र- उमेश द्विवेदी (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 13,179 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की।

5. वाराणसी शिक्षक क्षेत्र- लाल बिहारी यादव (समाजवादी पार्टी) ने कुल 11,612 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की।

6. आगरा शिक्षक क्षेत्र- डॉ० आकाश अग्रवाल (समाजवादी पार्टी) ने कुल 14,046 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की।

7. मेरठ शिक्षक क्षेत्र- श्रीचन्द शर्मा (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 18,099 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की।

8. बरेली-मुरादाबाद शिक्षक क्षेत्र- डा० हरी सिंह ढिल्लो (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 21,672 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की।

9. गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक क्षेत्र- ध्रुव कुमार त्रिपाठी (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 16,790 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की।

* लखनऊ एवं वाराणसी स्नातक क्षेत्र की रात्रि 8 बजे तक की गणना सूचना निम्नवत है:-

01. लखनऊ स्नातक क्षेत्र में आठवे चरण की गणना समाप्त, अगले चरण की गणना प्रारंभ।

02. वाराणसी स्नातक क्षेत्र में पांचवे चरण की गणना समाप्त, अगले चरण की गणना प्रारंभ।

सरकारी अस्पतालों में बेडशीट, पिलो कवर एवं गॉज-बैंडेज की आपूर्ति करेंगे राज्य हथकरघा निगम और यूपिका

- मंत्री राकेश सचान ने सरकारी चिकित्सालयों में हथकरघा उत्पादों की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

- सरकारी अस्पतालों में हथकरघा उत्पादों की खरीद प्रक्रिया होगी, एसओपी एवं समझौता ज्ञापन को शीघ्र अंतिम रूप देने की तैयारी 

लखनऊ, 28 अक्टूबर 2026। प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बुधवार को विधान भवन के प्रथम तल स्थित कक्ष संख्या-80 में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा हथकरघा विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम लिमिटेड (यूपिका / यूपी हैंडलूम्स) द्वारा उत्पादित बेडशीट, पिलो कवर, गॉज एवं बैंडेज क्लॉथ की प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सालयों में समयबद्ध एवं सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित कराने पर विस्तृत चर्चा हुई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश के स्थानीय बुनकरों एवं बुनकर सहकारी समितियों के आर्थिक स्वावलंबन के कटिबद्ध है। इसके तहत सरकारी चिकित्सालयों में उपयोग होने वाली बेडशीट, तकिया कवर तथा गॉज एवं बैंडेज की खरीद राज्य हथकरघा निगम और यूपिका के माध्यम से की जानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था से जहां एक ओर राज्य के बुनकरों की आय बढ़ाने में होगा, वहीं चिकित्सालयों को भी गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध होंगे।

मंत्री राकेश सचान ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्तमान में उपयोग किए जा रहे उत्पादों के मानक एवं नमूने तत्काल उपलब्ध कराए जाएं और हथकरघा निगम निर्धारित मानकों पर आधारित नए सैंपल तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपे। इसके साथ ही मंत्री राकेश सचान ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों से कहा कि वे यूपिका एवं यूपी हैंडलूम्स के साथ आपूर्ति संबंधी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया को शीघ्रता से अंतिम रूप दें तथा जेम पोर्टल पर राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित नियमों के तहत क्रय व्यवस्था को पारदर्शी व बाधा रहित बनाएं। 

इस अवसर पर हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर सहित राज्य हथकरघा निगम, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सालयों के प्रतिनिधि तथा तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।