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Mirzapur: चौबेटोला राजगद्दी के पास लगा मलबे का अंबार, पंचमी का ऐतिहासिक भरत मिलाप निकलने में बचे है मात्र तीन दिन



मीरजापुर। ज़िले सहित नगर के प्राचीन धरोहरों को लेकर नगर पालिका से लगाए स्थानीय प्रशासन कितना गंभीर है, इसे यदि देखना हो तो आपको कहीं दूर नहीं बल्कि नगर के पुरानी दशमी रामलीला के ऐतिहासिक भरत मिलाप स्थल को ही देख सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। जिसकी दुर्दशा और उपेक्षा खुद-ब-खुद इसकी हकीकत बयां किए जा रही है कि ऐतिहासिक धरोहरों को कितना संरक्षित किया जा रहा है?
नगर के अति प्राचीन पुरानी दशमी रामलीला कमेटी का ऐतिहासिक भरत मिलाप 30 अक्टूबर को निकलेगा इसके लिए जहां लोगों में उत्साह देखा जा रहा है, वहीं चौबेटोला राजगद्दी रामटेक के पास जमा मलबा, अतिक्रमण उपेक्षा की कहानी कह रहा है। आश्चर्य कि बात है कि मौके पर गोदाम का मलबा निकाल कर रखने वाले न इसे हटाने का नाम ले रहे हैं ना ही नगर पालिका इसे हटाने की सुधि ले रहा है।
रामलीला कमेटी के लोगों का कहना है कि महीनों से यह मलबा पड़ा हुआ है विगत दिनों इस गोदाम में आग लग गया था उसके बाद मकान, गोदाम के मालिक ने सफाई कराके मलबा बाहर फेंक दिया। अब मेले को मात्र तीन दिन ही बचा है, मकान मालिक या प्रशासन ने मलबा को हटाने की अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की है। जिससे लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।
अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर की अदालत का फैसला
सुल्तानपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में बड़ी राहत मिली है। सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने सोमवार को उन्हें मामले में बरी कर दिया। फैसले के दौरान राहुल गांधी अदालत में मौजूद रहे। इससे पहले वह दिल्ली से सुल्तानपुर पहुंचे और अदालत के निर्देश पर निजी बंधपत्र भी दाखिल किया। 

राहुल गांधी सोमवार सुबह करीब 11:12 बजे सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत पहुंचे। उनकी पेशी को देखते हुए दीवानी न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। अदालत में प्रवेश करने से पहले फरियादियों को परिसर के बाहर कतार में खड़ा किया गया। राहुल गांधी के अदालत कक्ष में पहुंचने के बाद सुरक्षा कारणों से कक्ष का दरवाजा बंद कर दिया गया।

इस दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कूरेभार के पास कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी के स्वागत के लिए जुटे रहे। पूर्व मंत्री ओपी सिंह भी करीब 400 गाड़ियों के काफिले और लगभग चार हजार लोगों के साथ पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और समर्थकों की मौजूदगी चर्चा में रही।

यह मामला मई 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी की ओर से बेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा है। आरोप है कि राहुल गांधी ने उस दौरान भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी को मानहानिकारक बताते हुए भाजपा नेता और सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने चार अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई पहले सिविल कोर्ट में हुई और बाद में इसे एमपी-एमएलए अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया।

अदालत ने सुनवाई के बाद 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को समन जारी किया था। इसके बाद 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी पहली बार व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हुए थे। उस दौरान उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत मिली थी। राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए इसे सत्ता पक्ष की साजिश बताया था। शिकायतकर्ता की ओर से राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेने के लिए भी अदालत में आवेदन दिया गया था, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद सेशन कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी इस मांग को स्वीकार नहीं किया था।

सोमवार को फैसले के लिए राहुल गांधी की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। अदालत ने फैसला सुनाए जाने से पहले निजी बंधपत्र और जमानतनामा दाखिल करने को भी कहा था। राहुल गांधी ने सुल्तानपुर पहुंचने के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी की। अदालत के फैसले से इस मामले में राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। मामले में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में सड़क हादसा, चार की मौत, आठ घायल
लखनऊ /फिरोजाबाद।  उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में थाना नसीरपुर क्षेत्र के गांव छटनपुर में रविवार देररात टेशू-झिझियां की शादी के बाद विसर्जन के लिए जा रहे ग्रामीणों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे में दो किशोरियों सहित चार लोगों की मौत हो गई। जबकि करीब 8 लोग घायल है। उनका अस्पताल में उपचार हो रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव छटनपुर में शरद पूर्णिमा के अवसर टेशू-झिझियां की शादी के बाद देररात सड़क किनारे स्थित कुएं में गांव की लड़कियां टेशू-झिझियां का विसर्जन कर रही थी। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़ी लड़कियों व ग्रामीणों को रौंद दिया। हादसे के बाद चालक कार लेकर मौके से भाग निकला। ग्रामीणों ने कार का पीछा किया और घेरकर उसे रोकने का प्रयास किया तो कार चालक ने फिर लोगों को टक्कर मार दी। इसके बाद चालक कार को लेकर फिर भागने लगा। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर कार रोक ली और उसमें सवार चार लोगों को पकड़ लिया। गुस्साए ग्रामीणों ने उनकी पिटाई की। इस हादसे में कई लोग घायल हो गए।

इधर सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सक ने आकांक्षा (15), अंजली (15), दीपिका (19) व हरीश उर्फ सोनू (25) को मृत घोषित कर दिया । हादसे में करीब 8 लोग घायल हुए हैं। घायलों में चंद्रवीर, उमाशंकर, धीरज, सोनू, मयंक, पूजा, मोहिनी, सुमन अन्य लोग शामिल हैं। कार में दिल्ली निवासी इरफान, गुफरान, देवेश और जगदीश सवार थे। उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांघे सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल के साथ अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार को मदद और समुचित उपचार का भरोसा दिया है। जिलाधिकारी का कहना है हादसे में चार लोगों की मौत हुई और आठ लोग घायल है। मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद का प्रयास किया जायेगा। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का कहना है कि हादसे में दो वयस्कों और दो बच्चों सहित कुल चार लोगों की मृत्यु हो गई व आठ अन्य घायल हुए हैं।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां आपस में टकराईं
लखनऊ। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां आपस में टकरा गयी हैं। राहलु गांधी सोमवार को कोर्ट में पेशी के लिए जनपद सुलतानपुर जा रहे थे।मिली सूचना के मुताबिक राहुल गांधी सुरक्षित हैं। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन पार्टी के कई कार्यकर्ता इस हादसे में घायल हुए हैं। इलाज के लिए उन्हें अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी का एक न्यायिक मामला सुलतानपुर एमएमएलए कोर्ट में चल रहा है। उस प्रकरण में आज फैसला आने वाला है।
बाबूभाई भवानजी तथा आनंद दुबे को बड़ी जिम्मेदारी देकर शिंदे सेना ने दिया संकेत
मुंबई। मुंबई, ठाणे समेत समूचे महाराष्ट्र में अपना जनाधार मजबूत करने में जुटी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को गुजराती समाज के कद्दावर हिंदूवादी व कामगार नेता बाबूभाई भवानजी, तथा हाल ही में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के प्रवक्ता रहे आनंद दुबे के पार्टी में शामिल होने से बड़ी ताकत मिली है। बता दें कि बाबूभाई भवानजी एशिया के सबसे बड़े नगर निगम बृहन्मुंबई महानगरपालिका के उपमहापौर रहे हैं। वे भाजपा के हॉकर्स प्रकोष्ठ के मुंबई अध्यक्ष, गुजराती प्रकोष्ठ, व्यापार प्रकोष्ठ के मुंबई महामंत्री का दायित्व पूरी निष्ठा और मजबूती से संभाल चुके हैं। प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दिवंगत रावजी भाई छेड़ा के सुपुत्र क्लीन छवि वाले बाबूभाई भवानजी की पहचान स्नातनी जैन, बुद्ध धर्म से जुड़े हुए एक कर्मठ समाजसेवक की है। स्वतंत्रता सेनानी के सुपुत्र, किसान, उद्यमी, मुंबई के पूर्व उपमहापौर,  युवक कांग्रेस, एनएसयूआई, कांग्रेस सेवादल में मुंबई अध्यक्ष के अहम पदों पर काम करते हुए बाबूभाई भवानजी बीएमसी में 4 बार नगरसेवक रहे हैं। आरएसएस के शाखा प्रचारक भवानजी भ्रष्टाचार, नशामुक्त भारत अभियान समेत अनेक संस्थाओं से जुड़े हैं। भवानजी शिवसेना प्रमुख हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, राजीव गांधी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री वसंतदादा पाटिल, विलासराव देशमुख, मनोहर जोशी, भाजपा नेता प्रमोद महाजन, गोपीनाथ मुंडे, वेदप्रकाश गोयल, श्रीमती चंद्रकांता गोयल के साथ काम कर चुके हैं। आरपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले से उनके व्यक्तिगत संबंध हैं, और  उनके  दक्षिण मध्य मुंबई के चुनाव में  जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सर्व-समावेशी नेतृत्व तथा उनके विकास के विजन से प्रभावित होकर शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हुए बाबूभाई भवानजी को पार्टी ने गुजराती विभाग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है, जो भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। माना जा रहा है कि बाबूभाई भवानजी तथा आनंद दुबे के शिंदे सेना में शामिल होने से गुजराती तथा हिंदीभाषी समुदाय के कारण पार्टी की ताकत बढ़ेगी। गौरतलब हो कि भाजपा मुंबई में गुजराती और हिंदीभाषी वोटबैंक के जरिए मजबूत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजराती, हिंदीभाषी मतदाता पूरी मजबूती से भाजपा के साथ रहा है, और इस वोटबैंक का लाभ भाजपा तथा एनडीए में शामिल सहयोगी दलों को मुंबई समेत समूचे महाराष्ट्र में भरपूर रूप से मिलता रहा है। इस वोटबैंक पर अपना एकाधिकार मान बैठी भाजपा द्वारा गुजराती तथा हिंदीभाषी समाज की कुछ चुनिंदा लोगों को छोड़कर बड़े वर्ग की उपेक्षा की जा रही है, जिससे यह समाज खुद को उपेक्षित समझते हुए पार्टी से बेहद नाराज है। बाबूभाई भवानजी के मुताबिक एनडीए की सरकार आने के बाद गुजराती, व्यापारी कौम शासन-प्रशासन की कार्यशैली से बेहद नाराज है। भ्रष्टाचार से तंग है।  बिना लेन-देन के कोई भी काम नहीं हो रहा है, लोक प्रतिनिधि का कोई सुनता ही नहीं। महंगाई से, बेरोजगारी से मध्यम वर्ग परेशान है, रिश्वत दो काम कराओ। बस अमीरों का काम होता है, हर कुर्सी पर अंग्रेज बैठे हैं, गरीबों की कोई भी सुनवाई नहीं है। भवानजी ने कहा कि ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) की अच्छी पकड़ है, मुंबई में कमजोर है। लिहाजा मुंबई में मजबूती बढ़ाने के लिए गुजराती और उत्तर भारतीय समाज के साथ नजदीकियां बनानी होगी। कुल मिलाकर एकनाथ शिंदे द्वारा गुजराती तथा व्यापारी समाज के अनुभवी नेता पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी और उतर भारतीय समाज के नेता आनंद दुबे को लेने से मुंबई में शिंदेसेना मजबूत होगी, ऐसा राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक बाबूभाई भवानजी तथा आनंद दुबे को प्रमोट करने के साथ ही इन्हें भरपूर सहयोग और ताकत दी गई तो इसका परिणाम 2029 के लोकसभा व महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना के अच्छे प्रदर्शन के रूप में दिखाई देगा, इसमें रंच मात्र भी संदेह नहीं है।
बटावली में केमिकल फैक्ट्री बंद कराई, प्रदूषण बोर्ड ने लिए नमूने
15 परिवारों के नलों का पानी दूषित होने का आरोप, ग्रामीणों ने कैंसर से कई मौत होने की कही बात
दुर्गंध से परेशान ग्रामीणों ने किया हंगामा, जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
बहसूमा। थाना क्षेत्र के गांव बटावली में केमिकल फैक्ट्री से उठ रही दुर्गंध और नलों का पानी दूषित होने की शिकायत पर रविवार को ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने फैक्ट्री से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी से भूजल प्रदूषित होने की आशंका जताते हुए फैक्ट्री को स्थायी रूप से बंद कराने की मांग की। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने फैक्ट्री तथा ग्रामीणों के घरों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे।
प्रशासन ने फिलहाल फैक्ट्री बंद करा दी है।

15 परिवारों के नलों का पानी दूषित होने का आरोप

ग्राम प्रधान गुरु वचन के आवास पर एकत्रित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के समीप संचालित केमिकल फैक्ट्री से लगातार दुर्गंध उठती है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री के आसपास रहने वाले करीब 15 परिवारों के नलों से आने वाला पानी भी दूषित हो गया है। उन्होंने आशंका जताई कि फैक्ट्री से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी जमीन में जाने से भूजल प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर फैक्ट्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

ग्रामीणों ने कैंसर से मौत होने का लगाया आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले चार-पांच वर्षों से गांव में दूषित पानी की समस्या बनी हुई है। उनका दावा है कि इस अवधि में गांव के कई लोग कैंसर की चपेट में आए हैं और बीमारी के कारण महिलाओं समेत कई लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि दूषित पानी के कारण गांव में गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। उन्होंने प्रशासन से पानी की गुणवत्ता की विस्तृत जांच कराने और कैंसर से प्रभावित परिवारों की स्थिति की जांच कराने की मांग की। हालांकि, दूषित पानी और कैंसर के मामलों के बीच संबंध की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

ग्रामीणों के हंगामे की सूचना पर तहसीलदार मवाना निरंकार सिंह और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने फैक्ट्री परिसर और ग्रामीणों के नलों से पानी के नमूने एकत्र किए तथा जांच के लिए भेज दिए। तहसीलदार निरंकार सिंह ने बताया कि मौके पर गैस रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है। दुर्गंध की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नमूने लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना एनओसी के फैक्ट्री संचालित नहीं होने दी जाएगी। फिलहाल फैक्ट्री बंद करा दी गई है।
जौनपुर में श्रीराम कथा  का पांचवा दिन, राम वनवास का वर्णन सुनकर भावुक हुए श्रद्धालु
जौनपुर। नगर के बीआरपी इंटर कॉलेज मैदान में भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह की ओर से आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामकथा के पांचवें दिन कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने अयोध्या कांड, सीता स्वयंवर, भगवान परशुराम-लक्ष्मण संवाद, माता सीता की विदाई और भगवान श्रीराम के वनवास समेत कई प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान महाराज ने भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, माता-पिता के प्रति सम्मान, पारिवारिक रिश्तों की पवित्रता और बहू को बेटी के समान मानने का संदेश दिया। माता सीता की विदाई और राजा दशरथ के दुख का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे। शांतनु महाराज ने श्रीराम कथा के मुख्य आयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह के बारे में कहा कि वह एक ऐसे इंसान हैं जो किसी भी कार्य को बड़े ही मनोयोग से करते हैं इसका अंदाजा श्रीराम कथा में व्यवस्थाओं से लगाया जा सकता है। आचार्य शांतनु जी महाराज ने सीता स्वयंवर के बाद भगवान परशुराम के आगमन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम की नजर जब दो खंडों में टूटे भगवान शिव के धनुष पर पड़ी तो उनका क्रोध बढ़ गया। इसी दौरान लक्ष्मण जी के साथ उनका तीखा संवाद हुआ। भगवान परशुराम के क्रोध को शांत करने के लिए भगवान श्रीराम ने विनम्रता का परिचय देते हुए कहा कि धनुष तोड़ने वाला कोई सेवक ही रहा होगा। महाराज ने इस प्रसंग के माध्यम से बताया कि भगवान श्रीराम का स्वभाव करुणा, विनम्रता और मर्यादा से परिपूर्ण था। उनका व्यवहार हर परिस्थिति में लोगों को संयम और सद्भाव की सीख देता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र और उनकी भक्ति निराली है। गोवंश की रक्षा सहित धर्म और मर्यादा की स्थापना के लिए भगवान का अवतार हुआ। श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाकर समाज में प्रेम, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
महाराज ने सीता स्वयंवर के बाद जनकपुर में विवाहोत्सव और बारात के एक महीने तक ठहरने का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि राजा जनक ने महाराज दशरथ और पूरी बारात का विशेष आतिथ्य-सत्कार किया। इसके बाद जब माता सीता की विदाई का समय आया तो राजा जनक भावुक हो उठे। अपनी पुत्री को विदा करते समय उनके आंसू छलक पड़े। माता सीता भी पिता जनक से लिपटकर रोने लगीं। पिता-पुत्री के इस भावपूर्ण दृश्य ने पूरे जनकपुर को भावविभोर कर दिया। आचार्य शांतनु जी महाराज ने बताया कि विदाई के समय राजा जनक ने महाराज दशरथ से अपनी पुत्री का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जानकी को किसी प्रकार का कष्ट नहीं होना चाहिए। विदाई के समय राजा जनक ने जब महाराज दशरथ के सामने सिर झुकाया तो दशरथ जी ने उन्हें सम्मान देते हुए कहा कि आप बड़े हैं, क्योंकि दाता बड़ा होता है। आपने मुझे अपनी बेटी सौंपी है। महाराज ने इस प्रसंग के माध्यम से पिता और बेटी के रिश्ते की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि संसार में पिता-पुत्री का रिश्ता अत्यंत पवित्र होता है। पिता अपनी बेटी के जीवन में सुरक्षा, विश्वास और आत्मसम्मान का आधार होता है। बेटी के मायके से जुड़े रिश्तों में पिता का स्थान विशेष होता है। उन्होंने कहा कि परिवार के प्रत्येक सदस्य को बेटी के सम्मान और उसके भावनात्मक जुड़ाव को समझना चाहिए।
आचार्य शांतनु जी महाराज ने बताया कि जब बारात अयोध्या पहुंची तो माता कौशल्या ने बहू जानकी का स्वागत किया। इस दौरान तीनों माताओं ने अपने-अपने भाव के अनुसार माता सीता को उपहार दिए। माता कौशल्या ने भगवान श्रीराम को ही अपना उपहार बताया। माता कैकेयी ने कनक भवन देने की बात कही, जबकि माता सुमित्रा ने कहा कि उनका पुत्र लक्ष्मण आज से सीता की सेवा में रहेगा और माता सीता ही उसकी मां के समान होंगी। इस प्रसंग के जरिए महाराज ने परिवार में आपसी प्रेम, त्याग और समर्पण की भावना को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय परिवार व्यवस्था की मजबूती आपसी सम्मान और रिश्तों की मर्यादा में निहित है। जिस घर में बहू को बेटी का सम्मान मिलता है, वहां प्रेम और सद्भाव का वातावरण बना रहता है। उन्होंने कहा कि राजा दशरथ ने अपनी बहुओं को बेटी के समान स्नेह और सम्मान दिया। समाज के लोगों को भी उनके आदर्शों से सीख लेनी चाहिए। जिस दिन बहू अपने ससुर को पिता और सास को मां के समान समझने लगेगी तथा ससुराल के लोग भी उसे बेटी की तरह अपनाएंगे, उस दिन परिवारों की अनेक समस्याओं का समाधान अपने आप होने लगेगा।
कथा के दौरान आचार्य शांतनु जी महाराज ने गुरु विश्वामित्र की विदाई का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने बताया कि जब गुरु विश्वामित्र के जाने का समय आया तो राजा दशरथ भावुक हो गए। उन्होंने गुरु के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने उनके परिवार पर बहुत बड़ा उपकार किया है। गुरु विश्वामित्र की विदाई के समय राजा दशरथ का भावुक होना गुरु-शिष्य और श्रद्धा के रिश्ते की गहराई को दर्शाता है। महाराज ने कहा कि जीवन में कभी खुशियों का माहौल रहता है तो कभी ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं, जिनसे पूरा परिवार दुख में डूब जाता है। इसलिए सुख के समय विनम्रता और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना चाहिए। जीवन की अनिश्चितता को समझते हुए मनुष्य को अपने कर्तव्यों और मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। अयोध्या कांड के सबसे मार्मिक प्रसंग का वर्णन करते हुए आचार्य शांतनु जी महाराज ने बताया कि एक ओर अयोध्या में भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारियां चल रही थीं, वहीं दूसरी ओर माता कैकेयी कोपभवन में बैठी थीं। जब राजा दशरथ को इसकी जानकारी मिली तो वह व्याकुल होकर उनके पास पहुंचे और उनसे नाराजगी का कारण पूछा। माता कैकेयी ने राजा दशरथ को उनके द्वारा दिए गए दो वरदानों की याद दिलाई। राजा दशरथ ने प्रसन्नता के साथ उनसे वरदान मांगने को कहा। लेकिन जब कैकेयी ने अपने पुत्र भरत के लिए राजगद्दी और भगवान श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगा तो राजा दशरथ के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस अयोध्या में राज्याभिषेक की खुशियां मनाने की तैयारी थी, वहां अचानक शोक छा गया। महाराज ने बताया कि यह प्रसंग राजा दशरथ के लिए असहनीय था। एक ओर उन्हें अपने वचन का पालन करना था, तो दूसरी ओर पुत्र श्रीराम से बिछड़ने का दुख सहना था। भगवान श्रीराम ने पिता के वचन और परिवार की मर्यादा की रक्षा के लिए वनवास स्वीकार किया। यह प्रसंग त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादा पालन का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, व्यक्ति को अपने कर्तव्यों, वचनों और संस्कारों से पीछे नहीं हटना चाहिए। परिवार में प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे के प्रति सम्मान बना रहे तो कठिन से कठिन समय का सामना किया जा सकता है। श्रीरामकथा में राज्यमंत्री गिरीश चन्द्र यादव, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राकेश सिंह, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय सचिव शैलेंद्र सिंह गुड्डू, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह, डॉ. मनोज मिश्रा, चेयरमैन मनोरमा मौर्या, राम सूरत मौर्या, माउंट लिट्रा जी स्कूल के निदेशक अरविंद सिंह, पूर्व विधायक दिनेश चौधरी, पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. रणजीत सिंह, अमित सिंह, सुमित सिंह, महंत तपसी धाम जय बक्श दास महाराज, जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के राकेश उपाध्याय, सेवा भारती के प्रांत प्रमुख एवं संत अतुलानंद कॉन्वेंट के निदेशक राहुल सिंह, पुरेव के रिंकू महाराज, रजनीकांत मिश्र अमरावती ग्रुप, राजन सिंह, पंकज, महेंद्र सिंह, राधेश्याम सिंह मुन्ना, विनोद मिश्रा, शैलेन्द्र सिंह गुड्डू, शैलेन्द्र सिंह, यादवेंद्र प्रताप सिंह लवकुश, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, दयाल सिंह, मनोज मिश्रा, कुंवर ज्ञानंजय सिंह, मीनाक्षी सिंह, राजेश सिंह, अमरेश सिंह, आदित्य सिंह, मनोज सिंह, डॉ. अरुण मिश्रा, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद सिंह, डॉ. अजय दुबे और डॉ. सुधीर श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
बुद्ध पूर्णिमा पर संकिसा में निकाली गई धम्म यात्रा, बुद्ध स्तूप पर हुआ पूजन


फर्रुखाबाद।  बुद्ध पूर्णिमा पर सोमवार को संकिसा में सुबह 7 बजे बड़ी धूमधाम से धम्म यात्रा निकाली गई। सैकड़ो की संख्या में भिक्षुओं ने स्तूप पर बौद्ध परंपरा से पूजन किया। महोत्सव के सह संयोजक आयोजक एवं भिक्षु संघ के अध्यक्ष डॉ. धम्मपाल महाथैर ने झांकी में स्थापित भगवान बुद्ध की प्रतिमा की पूजा अर्चना की। बुद्ध महोत्सव के आयोजन के कर्मवीर शाक्य ने फीता काटकर एवं पंचशील ध्वज लहराकर भगवान बुद्ध की झांकी सहित धम्म यात्रा को बुद्ध स्तूप के लिए रवाना किया। डॉक्टर धम्मपाल महाथैरो एवं भिक्षु चेतसिक बोध के नेतृत्व में दर्जनों भिक्षु एवं बुद्ध अनुयाई यात्रा में रवाना हुए।
यात्रा के दौरान भिक्षुगण धम्मम शरणम् गच्छामि, संघम शरणम् गच्छामि, संघम शरणम् का उच्चारण करते रहे जबकि अनुयायी पंचशील ध्वज लहराते हुए जब तक सूरज चांद रहेगा भगवान बुद्ध का नाम रहेगा, बौद्ध धर्म की क्या पहचान मानव मानव एक समान आदि के जोरदारी से नारे लगाते रहे। स्तूप पहुंचने पर भिक्षुओं एवं अनुयायियों ने तीन बार बुद्ध स्तूप की परिक्रमा की। बाद में सभी ने स्तूप के किनारे मोमबत्ती व अगरबत्ती जलायी, डा. धम्मपाल महाथैरो ने विधि विधान से परित्राण पाठ कर पूजन कराया। संकिसा भिक्षु एसोसिएशन के अध्यक्ष भिक्षु डॉ धम्मपाल महाथैरों ने भगवान बुद्ध के उपदेशों की जानकारी देते हुए यात्रा को आगे बढ़ाये जाने का आवाहन किया।
इस दौरान कार्यक्रम में कुशीनगर के पूर्व मंत्री  नव रत्न महाथैरो, भिक्षु आलोक थैरो, भिक्षु चेतसिक बोधी, भंते नागसेन, डॉ नवल शाक्य, रघुवीर शाक्य नागेंद्र शाक्य, अवनीश शाक्य, प्रधान लौहरे शाक्य, प्रधान अनंगपाल सिंह कुशवाहा, डा0 देवेश शाक्य, सुधीर शाक्य एडवोकेट, संतोष बौद्ध, प्रधान पवन शाक्य, कमल सिंह उर्फ ठाकुर, कुलदीप कठेरिया आदि हजारों लोग शामिल रहे। भीड के कारण स्तूप परिसर में लगी बेरीकेटिंग टूट गई, बौद्ध अनुयायियों को स्तूप की परिक्रमा कराने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। परिक्रमा के लिए अनुयायियों को रोक-रोक कर आगे बढ़ने दिया गया। धम्म यात्रा के दौरान संकिसा तिराहे से स्तूप तक सड़क पर काफी भीड़ देखी गई। इस बार बौद्ध अनुयाई की अधिक भीड़ रही
महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों से ही साकार होगा समरस समाज का सपना : योगी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का जो संदेश दिया, वह युगों-युगों तक मानवता का मार्गदर्शन करता रहेगा।

उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को आत्मसात करके ही समाज में समरसता, समानता और बंधुत्व की भावना को मजबूत किया जा सकता है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि महर्षि वाल्मीकि केवल भारतीय संस्कृति ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के महान मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत हैं। क्रौंच पक्षी के वध से उपजी करुणा महर्षि वाल्मीकि के मुख से प्रथम श्लोक के रूप में प्रकट हुई, जिसने रामायण की रचना का मार्ग प्रशस्त किया। भगवान श्रीराम के चरित्र को जीवंत करते हुए उन्होंने ऐसे आदर्श समाज की कल्पना प्रस्तुत की, जिसमें प्रेम, न्याय, समरसता और बंधुत्व सर्वोपरि हों।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीराम ने निषादराज गुह को अपना घनिष्ठ मित्र बनाया। वाल्मीकि रामायण में इस प्रसंग का उल्लेख है। यह प्रसंग बताता है कि सामाजिक पहचान से ऊपर उठकर आत्मीयता, सम्मान और समानता की भावना ही समाज को जोड़ती है। रामराज्य की परिकल्पना भी प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण पर आधारित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। महर्षि वाल्मीकि के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनसे जुड़े पावन स्थलों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। चित्रकूट स्थित उनके साधना स्थल के विकास की पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है, ताकि श्रद्धालु और युवा पीढ़ी उनके जीवन-दर्शन से प्रेरणा प्राप्त कर सकें। इसी प्रकार, बिठूर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम के पर्यटन विकास और संरक्षण के लिए भी विभिन्न कार्य किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को महर्षि वाल्मीकि का नाम दिया जाना उनकी विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान प्रदान करता है। प्रदेश में वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करना भी उनके प्रति सम्मान का प्रतीक है। सरकार वंचित और पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर मिलेंगे। इसी भावना के अनुरूप सरकार ने सफाईकर्मियों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं। वनटांगिया समाज के गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने के साथ ही मुसहर, कोल, थारू और घुमंतू समुदायों तक आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही वंचित समाज के पात्र परिवारों को भूमिधरी अधिकार प्रदान कर उन्हें सम्मानजनक जीवन का आधार उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करें और किसी भी प्रकार के भेदभाव को स्वीकार न करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि जब मन से ऊंच-नीच की दीवार टूटेगी, तभी समरस समाज का सपना साकार होगा।
बूथ संख्या 131 पर सुनी गई ‘मन की बात’,राष्ट्र निर्माण में सहभागिता का लिया संकल्प।
                      
                                            
बलरामपुर। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के अंतर्गत आज बूथ संख्या 131 स्थित आदर्श नगर पालिका परिषद कार्यालय में नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. शधीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ के नेतृत्व में कार्यक्रम का श्रवण किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री जी के विचारों एवं प्रेरणादायी मार्गदर्शन को सुना।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ‘मन की बात’ राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने तथा सामाजिक चेतना को जागृत करने का सशक्त माध्यम बन चुका है। प्रधानमंत्री जी ने इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के कोने-कोने में रहने वाले लोगों को जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है। यह कार्यक्रम समाज के प्रति उत्तरदायित्व का बोध कराने के साथ ही राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक सरोकारों, जनभागीदारी और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री जी के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज एवं राष्ट्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ नेता शिव प्रसाद द्विवेदी,जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैस,पूर्व नगर अध्यक्ष कृष्ण गोपाल गुप्ता,संजय शुक्ला,संजय शर्मा,झूमा सिंह,सुशील साहू ‘बंटी’,आनंद किशोर,शक्तिकेंद्र संयोजक विजय साहू,बूथ अध्यक्ष सुरेश कुमार,प्रेम मोदनवाल,डॉ.विमल त्रिपाठी,अजीत ओझा,गौरव मिश्रा,अंशुमाली सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।