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जनपद न्यायाधीश ने मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

*01 नवंबर को कार्पेट एक्सपो मार्ट, कार्पेट सिटी में आयोजित होगा वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही । उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार माननीय जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भदोही के अध्यक्ष श्री दिनेश चन्द के कुशल मार्गदर्शन में दिनांक 01 नवंबर 2026 को प्रातः 10:00 बजे से कार्पेट एक्सपो मार्ट, कार्पेट सिटी, जनपद भदोही में मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा।

शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के निर्बल वर्गों, दिव्यांगजनों, महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों तथा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना तथा उन्हें विधिक रूप से सशक्त बनाना है।

उक्त शिविर के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु आज दिनांक 24 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10:00 बजे माननीय जनपद न्यायाधीश श्री दिनेश चन्द ने जनपद न्यायालय परिसर, ज्ञानपुर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य जनपद के अधिकाधिक पात्र लाभार्थियों तक शिविर की जानकारी पहुँचाना तथा उन्हें शिविर में प्रतिभाग करने के लिए जागरूक करना है।

इस अवसर पर डॉ. अमित वर्मा, अपर जिला जज प्रथम; श्रीमती पुष्पा सिंह, अपर जिला जज/नोडल अधिकारी, मेगा शिविर; आनन्द मिश्र, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट; श्रीमती हरकिरन कौर, प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा न्यायालय के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
सुजियामऊ के विशाल भंडारा में शामिल होंगे राजेंद्र नाथ त्रिपाठी
जौनपुर। बक्शा विकास खंड के सुजियामऊ गांव में 26 अक्टूबर को विशाल भंडारा कार्यक्रम श्रीमद् भागवत कथा उपरांत गया जी का भात का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा रा. के राष्ट्रीय अध्यक्ष यूपी रत्न पं. राजेंद्र नाथ त्रिपाठी मुख्य रूप से शामिल होंगे। आयोजन दोपहर दो बजे महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं बक्शा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रीपति उपाध्याय के आवास पर होगा।कार्यक्रम में भोजपुरी फिल्मों के चर्चित अभिनेता सी.पी. भट्ट उर्फ ढेला ढकेलू और बिरहा सम्राट चंद्र किशोर पाण्डेय भी शिरकत करेंगे। उनके आगमन की सूचना से क्षेत्र के लोगों में उत्साह है। आयोजकों की ओर से कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही हैं। विशाल भंडारे के माध्यम से लोगों को एकजुट करने और आपसी प्रेम, भाईचारे एवं सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने क्षेत्रवासियों, समाज के लोगों और श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सभी लोगों को सादर आमंत्रित करते हुए आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया है। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्रा, रत्नाकर चौबे जिलाध्यक्ष, अजय त्रिपाठी, अवध नारायण तिवारी, संजीव पाठक, रविंद्र मिश्रा, माताफेर मिश्र, अरविंद मिश्र सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहकर राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत करेंगे।
योगी सरकार ने PET-2026 के लिए ने कसी कमर, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के निर्देश
प्रदेश में 25 व 30 अक्टूबर और 01 नवंबर को होने वाली परीक्षा में करीब 37 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल

परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और परिवहन सुविधाएं बढ़ाने पर जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 में शामिल होने वाले करीब 37 लाख अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को व्यापक तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने पर विशेष जोर दिया है। साथ ही, दूसरे जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों के आवागमन और ठहरने की समुचित व्यवस्था करने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर अव्यवस्था न होने पाए। इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रहकर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की निगरानी करें। परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का पहले से सर्वे कराया जाए और संभावित जाम वाले स्थानों को चिह्नित कर यातायात संचालन की प्रभावी योजना तैयार की जाए।

परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती के साथ अभ्यर्थियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने की व्यवस्था करने को कहा गया है। जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया है।

बसों और रेलवे के साथ समन्वय पर जोर

परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने के मद्देनजर परिवहन विभाग के साथ समन्वय कर पर्याप्त बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से रेलवे के साथ भी संपर्क बनाए रखने और अभ्यर्थियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया है। परीक्षा के दिनों में बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर संभावित भीड़ को देखते हुए भी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने पर जोर दिया गया है।

बाहरी जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों के ठहरने की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने दूसरे जनपदों से परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों के लिए रैन बसेरों में सम्मानजनक ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन को अभ्यर्थियों की जरूरतों के अनुरूप व्यवस्थाएं करने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।

तीन तिथियों में होगी परीक्षा

उत्तर प्रदेश प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (UPPET-2026) का आयोजन 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 01 नवंबर को किया जाएगा। परीक्षा में करीब 37 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों की भागीदारी को देखते हुए प्रदेशभर में सुरक्षा, यातायात, परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए अहम चुनौती होगी। सरकार का जोर परीक्षा को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने और अभ्यर्थियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराने पर है।
दीपावली के दृष्टिगत आतिशबाजी की दुकानों एवं क्लस्टरों में अग्निशमन और विद्युत सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें : जिलाधिकारी
*स्थायी एवं अस्थायी आतिशबाजी के थोक एवं फुटकर विक्रेताओं तथा निर्माताओं के साथ बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश*

फर्रुखाबाद ।  दीपावली एवं आगामी त्योहारों के दृष्टिगत रखकर जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर की अध्यक्षता में जनपद में स्थायी एवं अस्थायी रूप से आतिशबाजी के थोक एवं फुटकर विक्रेताओं तथा आतिशबाजी निर्माताओं के साथ अग्निशमन सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा एवं आतिशबाजी दुकानों के क्लस्टर निर्धारण संबंधी निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आतिशबाजी की दुकानों के संचालन, लाइसेंस की शर्तों, अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता तथा विद्युत सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि दीपावली के दौरान आतिशबाजी की बिक्री एवं भंडारण के लिए विस्फोटक नियमावली, 2008 तथा समय-समय पर जारी संशोधित प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी परिस्थिति में निर्धारित सुरक्षा मानकों की अनदेखी न की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

*आतिशबाजी दुकानों के क्लस्टर निर्धारण में अग्निशमन संसाधनों को दें प्राथमिकता*


जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आतिशबाजी की अस्थायी दुकानों के क्लस्टर का निर्धारण केवल उपलब्ध अग्निशमन संसाधनों एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं के आधार पर किया जाए। प्रत्येक क्लस्टर में अधिकतम 50 दुकानों की सीमा का पालन करते हुए प्रत्येक क्लस्टर के लिए कम से कम दो फायर टेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जनपद में उपलब्ध एवं क्रियाशील फायर टेंडरों की वास्तविक संख्या का आकलन करते हुए ही दुकानों एवं क्लस्टरों की अधिकतम संख्या निर्धारित की जाए।

उन्होंने कहा कि क्लस्टरों का निर्धारण करते समय भीड़भाड़ वाले स्थानों, आबादी, गलियों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, रेलवे लाइनों, हाईटेंशन विद्युत लाइनों, बाजारों तथा फैक्ट्रियों आदि से निर्धारित सुरक्षित दूरी का विशेष ध्यान रखा जाए। पूर्व वर्षों की व्यवस्था के आधार पर बिना आवश्यक संसाधनों का आकलन किए दुकानों की अनुमति न दी जाए। यदि उपलब्ध अग्निशमन संसाधनों की तुलना में दुकानों की संख्या अधिक हो, तो आवश्यकतानुसार दुकानों एवं क्लस्टरों की संख्या सीमित की जाए।

*विद्युत सुरक्षा मानकों का अनिवार्य अनुपालन*

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि आतिशबाजी की दुकानों एवं शेड में खुले तारों, लटकते अथवा असुरक्षित विद्युत तारों तथा अन्य जोखिम पूर्ण विद्युत व्यवस्थाओं का प्रयोग न होने दिया जाए। दुकानों में उचित विद्युत वायरिंग, सुरक्षित स्विच एवं आवश्यक विद्युत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रहें। प्रत्येक दुकान एवं क्लस्टर में विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।

उन्होंने कहा कि अस्थायी दुकानों के निर्माण के बाद क्लस्टर को संचालित करने से पूर्व विद्युत सुरक्षा विभाग के सक्षम अधिकारियों से निरीक्षण कराकर विद्युत सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाए। बिना आवश्यक प्रमाणपत्र एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों की पूर्ति के विद्युत संयोजन चालू न किया जाए। दुकानों में किसी भी प्रकार की ऐसी व्यवस्था न हो, जिससे शॉर्ट सर्किट अथवा आग लगने की आशंका उत्पन्न हो।

*दुकानों के निर्माण एवं संचालन में बरतें विशेष सावधानी*

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आतिशबाजी की दुकानें केवल निर्धारित एवं अनुमोदित स्थल पर ही स्थापित की जाएं। दुकानों के निर्माण में ज्वलनशील सामग्री का प्रयोग न किया जाए तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित निर्माण कराया जाए। दुकानों के बीच आवश्यक दूरी रखी जाए और सामने-सामने दुकानें स्थापित न की जाएं। प्रत्येक क्लस्टर का निर्धारित लेआउट तैयार कर उसी के अनुरूप दुकानों का आवंटन एवं संचालन सुनिश्चित कराया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि दुकानों के सामने किसी प्रकार का अस्थायी शेड अथवा प्लेटफॉर्म बनाकर आवागमन बाधित न किया जाए। दुकान के अंदर आतिशबाजी अथवा ग्राहकों की अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए। आतिशबाजी के भंडारण एवं बिक्री के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जाए तथा दुकान में खुली आतिशबाजी प्रदर्शित करने से बचा जाए।

*अग्निशमन उपकरण एवं आपातकालीन व्यवस्था रखें तैयार*

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक आतिशबाजी विक्रय स्थल पर पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र, रेत एवं पानी से भरी बाल्टियां तथा अन्य आवश्यक अग्निशमन संसाधन उपलब्ध रखे जाएं। संबंधित विक्रेताओं एवं कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि आतिशबाजी दुकानों के आसपास ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण न किया जाए तथा आग से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरती जाएं। सभी दुकानदार आपातकालीन निकास एवं आवागमन के मार्ग खुले रखें, जिससे आवश्यकता पड़ने पर अग्निशमन वाहन एवं राहत दल मौके पर आसानी से पहुंच सकें।

*लाइसेंस एवं अनुमति की शर्तों का पालन अनिवार्य*

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आतिशबाजी की दुकानों एवं क्लस्टरों के लिए निर्धारित लाइसेंस और अनुमति की शर्तों का सत्यापन किया जाए। लाइसेंस में उल्लिखित स्थल से अलग स्थान पर आतिशबाजी का निर्माण, भंडारण अथवा बिक्री करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बिना वैध लाइसेंस के आतिशबाजी का कारोबार करने वालों पर विशेष निगरानी रखी जाए।

उन्होंने कहा कि स्थायी एवं अस्थायी आतिशबाजी विक्रय स्थलों का निरीक्षण केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों, विद्युत व्यवस्था, दुकानों के बीच दूरी, अग्निशमन उपकरणों तथा लाइसेंस की शर्तों की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

*प्रतिबंधित आतिशबाजी एवं ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण*

जिलाधिकारी ने आतिशबाजी विक्रेताओं को निर्देशित किया कि प्रतिबंधित आतिशबाजी का निर्माण, भंडारण एवं बिक्री न की जाए। केवल अधिकृत एवं वैध आतिशबाजी की ही बिक्री की जाए। माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं सक्षम प्राधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप पर्यावरण अनुकूल ग्रीन पटाखों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए तथा निर्धारित ध्वनि एवं समय संबंधी प्रतिबंधों का पालन कराया जाए।

उन्होंने कहा कि बच्चों को आतिशबाजी का विक्रय करते समय विशेष सावधानी बरती जाए तथा आतिशबाजी का प्रयोग वयस्कों की निगरानी में ही किया जाए। आतिशबाजी जलाने के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।

*संयुक्त निरीक्षण एवं निगरानी के निर्देश*

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्लस्टर निर्धारण एवं दुकानों को अनुमति देने से पूर्व अग्निशमन विभाग, विद्युत सुरक्षा विभाग, स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर आवश्यक निरीक्षण कराया जाए। निरीक्षण के दौरान उपलब्ध फायर टेंडरों, अग्निशमन उपकरणों, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक संसाधनों का आकलन करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपावली पर जनपद में जनसामान्य की सुरक्षा सर्वोपरि है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि आतिशबाजी की बिक्री एवं भंडारण के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के प्रति नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा आमजन को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

*जिलाधिकारी ने सभी आतिशबाजी विक्रेताओं एवं निर्माताओं से अपील की कि वे निर्धारित नियमों एवं सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करें और प्रशासन को सुरक्षित एवं दुर्घटनामुक्त दीपावली सुनिश्चित कराने में सहयोग प्रदान करें।*

बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुभाष कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका विनोद कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मतदेय स्थलों के सम्भाजन के संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न*

*मतदाताओं की सुविधा, मतदेय स्थलों की भौतिक स्थिति एवं निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप मतदेय स्थलों के सम्भाजन की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश*



फर्रुखाबाद ।आज मतदेय स्थलों के सम्भाजन के संबंध में जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, इस दौरान विधायक भोजपुर नागेन्द्र सिंह राठौर एवं विधायक अमृतपुर श्री सुशील कुमार शाक्य भी उपस्थित रहे। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जनपद के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में वर्तमान मतदेय स्थलों की स्थिति, मतदाताओं की संख्या, मतदेय स्थलों के भौतिक सत्यापन, आवश्यकतानुसार नए मतदेय स्थलों के निर्धारण तथा मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची पर प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों के निस्तारण के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदेय स्थलों के सम्भाजन की कार्यवाही निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अंतर्गत मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निर्धारण, नए मतदेय स्थलों के प्रस्ताव तैयार करना, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श करना तथा प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों का निस्तारण करते हुए अंतिम सूची तैयार किया जाना है।

*विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रवार मतदेय स्थलों की स्थिति*

जनपद के चारों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में वर्तमान मतदेय स्थलों की संख्या 1,642 है। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रवार विवरण

*192 कायमगंज (अजा)* में वर्तमान मतदेय स्थलों की संख्या 470 है। भौतिक सत्यापन के पश्चात् 02 मतदेय स्थलों के संबंध में पुनर्विचार/समायोजन का विवरण प्रस्तुत किया गया है तथा सम्भाजन के उपरांत मतदेय स्थलों की प्रस्तावित संख्या 470 दर्शाई गई है।

*193 अमृतपुर* में वर्तमान मतदेय स्थलों की संख्या 379 है। मतदाताओं की संख्या कम होने के कारण 07 मतदेय स्थलों को समायोजित किए जाने तथा भौतिक सत्यापन के दौरान 10 मतदेय स्थलों के संबंध में कार्यवाही का विवरण प्रस्तुत किया गया है। सम्भाजन के उपरांत प्रस्तावित मतदेय स्थलों की संख्या 372 है।

*194 फर्रुखाबाद* में वर्तमान मतदेय स्थलों की संख्या 413 है। 1,200 मतदाताओं के मानक के आधार पर 01 अतिरिक्त मतदेय स्थल का प्रस्ताव, मतदाताओं की संख्या कम होने के कारण 24 मतदेय स्थलों के समायोजन तथा भौतिक सत्यापन के दौरान 01 मतदेय स्थल के संबंध में कार्यवाही का विवरण प्रस्तुत किया गया है। सम्भाजन के उपरांत प्रस्तावित मतदेय स्थलों की संख्या 390 है।

*195 भोजपुर* में वर्तमान मतदेय स्थलों की संख्या 380 है। 1,200 मतदाताओं के मानक के आधार पर 01 अतिरिक्त मतदेय स्थल का प्रस्ताव तथा मतदाताओं की संख्या कम होने के कारण 08 मतदेय स्थलों के समायोजन का विवरण प्रस्तुत किया गया है। सम्भाजन के उपरांत प्रस्तावित मतदेय स्थलों की संख्या 373 है।
इस प्रकार प्रस्तुत विवरण के अनुसार जनपद में वर्तमान 1,642 मतदेय स्थलों के सापेक्ष सम्भाजन के उपरांत कुल 1,605 मतदेय स्थल प्रस्तावित हैं। मतदेय स्थलों की अंतिम संख्या आपत्तियों एवं सुझावों के निस्तारण तथा सक्षम स्तर से अनुमोदन की प्रक्रिया के उपरांत निर्धारित की जाएगी।

*मतदेय स्थलों के भौतिक सत्यापन एवं पुनर्निर्धारण के निर्देश*

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि मतदेय स्थलों के सम्भाजन की कार्यवाही में निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक मतदेय स्थल के भवन का भौतिक सत्यापन करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि भवन की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं, मतदाताओं की संख्या तथा मतदाताओं के आवागमन की सुविधा उपयुक्त हो।

उन्होंने कहा कि मतदेय स्थल के भवन के सत्यापन के साथ-साथ उस मतदेय स्थल से संबंधित निर्वाचक नामावली में अंकित मतदाताओं के निवास स्थान का भी परीक्षण किया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मतदाताओं को मतदान करने के लिए अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े और मतदेय स्थल का निर्धारण व्यावहारिक एवं सुविधाजनक हो।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एक पोलिंग स्टेशन लोकेशन पर मतदेय स्थलों की निर्धारित एवं अनुमन्य संख्या का ध्यान रखा जाए। परिवार के सदस्यों के मतदेय स्थल अलग-अलग न हों तथा परिवार के सभी सदस्यों को यथासंभव समान स्थान पर मतदान की सुविधा उपलब्ध हो। मतदाताओं को मतदान के लिए अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े, इसके लिए मतदेय स्थलों का निर्धारण स्थानीय परिस्थितियों एवं मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाए।

*जर्जर भवनों एवं अन्य स्थानों पर स्थित मतदेय स्थलों के संबंध में निर्देश*

बैठक में निर्देश दिए गए कि अत्यधिक पुराने एवं जर्जर भवनों में संचालित मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र के अंतर्गत उपलब्ध उपयुक्त स्थायी भवनों में स्थानांतरित करने की कार्यवाही की जाए। ऐसे मतदेय स्थल, जिनके भवन सुरक्षित हैं और जहां मतदाताओं को दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ती है, उनकी स्थिति में अनावश्यक परिवर्तन न किया जाए।

यह भी निर्देशित किया गया कि यदि किसी मतदेय स्थल का भवन पूर्व में मतदान क्षेत्र से बाहर होने अथवा उपयुक्त भवन उपलब्ध न होने के कारण निर्धारित किया गया था, लेकिन अब संबंधित मतदान क्षेत्र के भीतर उपयुक्त भवन उपलब्ध हो गया है, तो ऐसे मतदेय स्थल को मतदान क्षेत्र के भीतर स्थित उपयुक्त भवन में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए।

विशेष परिस्थितियों में 300 से कम मतदाताओं वाले मतदेय स्थलों को बनाए रखना आवश्यक होने पर प्रस्ताव में उसका स्पष्ट एवं तर्कसंगत कारण अंकित किया जाए। मतदेय स्थलों का निर्धारण करते समय यह भी ध्यान रखा जाए कि किसी राजनीतिक दल अथवा लेबर यूनियन के कार्यालय से 200 मीटर के भीतर कोई मतदेय स्थल स्थापित न किया जाए।

*राजनीतिक दलों से प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों का निस्तारण*

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से प्राप्त आपत्तियों तथा सुझावों की गंभीरता से जांच की जाए। प्रत्येक आपत्ति एवं सुझाव पर नियमानुसार विचार करते हुए उसका उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मतदेय स्थलों के निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी एवं नियमानुसार पूरी की जाए। प्राप्त सुझावों के आधार पर जहां आवश्यक हो, वहां स्थलीय सत्यापन कराते हुए प्रस्तावों में संशोधन किया जाए। सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मतदेय स्थलों के सम्भाजन में किसी प्रकार की अनावश्यक असुविधा उत्पन्न न हो।

जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने कहा कि वर्ष 2027 में विधानसभा निर्वाचन प्रस्तावित होने के दृष्टिगत मतदेय स्थलों के सम्भाजन की प्रक्रिया को विशेष सावधानी एवं दूरदर्शिता के साथ पूर्ण किया जाए। मतदेय स्थलों के निर्धारण के उपरांत उनके स्थान में अंतिम समय पर परिवर्तन की आवश्यकता उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रत्येक प्रस्ताव का भौतिक सत्यापन एवं आवश्यक परीक्षण समय रहते पूरा किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रवार मतदेय स्थलों को रनिंग सीरियल नंबर प्रदान किए जाएं तथा नई सूची में किसी  भी मतदेय स्थल को सहायक मतदेय स्थल के रूप में सम्मिलित न किया जाए। मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची एवं अंतिम प्रकाशित सूची को जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर नियमानुसार अपलोड करने की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदेय स्थलों के सम्भाजन की पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों, निर्धारित मानकों तथा मतदाताओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संपन्न कराई जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन संबंधी कार्यों में समयबद्धता, पारदर्शिता एवं शुद्धता बनाए रखना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

बैठक में विधायक भोजपुर नागेन्द्र सिंह राठौर, विधायक अमृतपुर  सुशील शाक्य, फर्रुखाबाद सदर विधायक सुनील दत्त द्विवेदी, कायमगंज विधायक प्रतिनिधि डॉ अजीत जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी सुभाष चंद्र शाक्य, जिलाध्यक्ष आम आदमी पार्टी अचल प्रताप, बीएसपी प्रभारी रामरतन गौतम ,बीजेपी जिला संयोजक चुनाव प्रबंधन मुकेश गुप्ता ,अपना दल एस विधानसभा अध्यक्ष सदर आयुष गुप्ता ,जिला मंत्री सीपीएम सुनील कुमार कटियार , आम आदमी पार्टी जिला सचिव अंकुश सिंह उप जिलाधिकारी सदर संजय कुमार, उप जिलाधिकारी अमृतपुर स्वेता साहू, उप जिलाधिकारी कायमगंज अभिषेक वर्मा, उप जिलाधिकारी न्यायिक सदर दीपक माथुर, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव बिसारिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
विभिन्न जानलेवा बीमारी के रोकथाम को चला अभियान

मऊ मुहम्मदाबाद गोहना मऊ शासन के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत गुरुवार एवं शनिवार को नगर पंचायत की भिन्न-भिन्न मोहल्ले में विभिन्न जानलेवा बीमारी के रोकथाम हेतु टीकाकरण का कार्य

अलग-अलग स्थान पर किया जा रहा है यह टीका 0 से 5 वर्ष तक के नन्हे मुन्ने बच्चों को टिटनेस डिप्थीरिया काली खांसी एवं अन्य जानलेवा बीमारी हेतु टीकाकरण लगाया जा रहा है

अधीक्षक डॉक्टर फैयाज अहमद ने बताया कि नगर पंचायत के मोहल्ला सैदपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर के निकट एएनएम द्वारा लगभग 38 नन्हे मुन्ने बच्चों को विभिन्न जानलेवा बीमारी की रोकथाम हेतु टीका लगाए गए |

जिसके लग जाने से बच्चों में होने वाली विभिन्न बीमारियों से छुटकारा मिलेगा और बच्चा स्वस्थ रहेगा इसी प्रकार भिन्न-भिन्न मोहल्ले में भी टीकाकरण का कार्य किया गया चल रहे टीकाकरण के दौरान अस्पताल की अधीक्षक डॉक्टर फैयाज अहमद ने विभिन्न स्थानों पर जाकर जांच की और स्वच्छता के प्रति संदेश भी दिया
मऊ समाधान दिवस में एसडीएम ने सुनीं फरियादें, दो मामलों का मौके पर निस्तारण
मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। कोतवाली परिसर में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस की अध्यक्षता उप जिलाधिकारी अर्चना अग्निहोत्री ने की।

इस दौरान उन्होंने फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मामलों का निस्तारण गुणवत्ता एवं निष्पक्षता के साथ करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में कुल 17 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से दो मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया।

प्राप्त शिकायतों में दो मामले पुलिस विभाग से संबंधित थे, जबकि 15 प्रार्थना पत्र राजस्व विभाग से जुड़े थे।
इस दौरान वलीदपुर के काजी टोला निवासी राशिद अंसारी ने जमीन पर कब्जेदारी को लेकर शिकायत दर्ज कराई।

वहीं, सादोपुर निवासी मुन्नीलाल ने जमीन संबंधी विवाद के निस्तारण के लिए प्रार्थना पत्र दिया। उप जिलाधिकारी अर्चना अग्निहोत्री ने दोनों मामलों की सुनवाई करते हुए मौके पर निस्तारण कराया।

समाधान दिवस के दौरान प्रभारी निरीक्षक, वरिष्ठ उपनिरीक्षक, तहसील के राजस्व निरीक्षक, लेखपाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
पटाखों के अवैध कारोबार पर पुलिस का बड़ा प्रहार, 2653 किलो पटाखे बरामद, पिता-पुत्र गिरफ्तार


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के गोपीगंज में दीपावली से पहले अवैध पटाखों के कारोबार पर पुलिस ने बड़ा शिकंजा कसा है। महज 450 किलो पटाखे रखने का लाइसेंस, लेकिन ठिकानों से बरामद हुए 2653 किलो बारूद युक्त पटाखे यानी लाइसेंस की निर्धारित मात्रा से कई गुना ज्यादा पटाखों का भंडारण। पुलिस ने सोनखरी स्थित आरबी ट्रेडर्स और छोटी चौराहा के बरनवाल बुक डिपो पर छापेमारी कर भारी मात्रा में पटाखे बरामद किए हैं।  बता दें की मामले में अंकुर बरनवाल और उसके पिता कृष्ण मुरारी बरनवाल को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि त्योहार पर मोटा मुनाफा कमाने के लिए निर्धारित सीमा से अधिक पटाखे जमा किए गए थे और बुक डिपो में भी बिना वैध लाइसेंस बिक्री के लिए पटाखे रखे गए थे। बरामद पटाखों में बुलेट बम, मीना बम, हाइड्रो बम, रॉकेट और मिसाइल जैसे कई खतरनाक आतिशबाजी के सामान शामिल हैं। पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर की गई है, वहीं मीडिया से बात बातचीत के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि इसकी कुल कीमत लाखों में बताई जा रहे है।




*गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम*
*टीम - 1* उ०नि० अजय कुमार ओझा , उ०नि० रामध्यान यादव, कां० मनोज कुमार यादव, कां० सुनील वर्मा, कां० अतुल कुमार एवं म०कां० आकांक्षा देवी थाना गोपीगंज, भदोही।
*टीम - 2* उ0नि0 राजकुमार पाण्डेय प्रभारी स्वाट/सर्विलांस सेल, हे0कां0 राधेश्याम कुशवाहा, हे0कां0 धीरेन्द्र श्रीवास्तव, हे0कां0 बृजेश सूर्यवंशी, कां0 गोपाल खरवार, कां0 नीरज यादव, कां0 राघवेन्द्र कुशवाहा,कां0 मन्नू सिंह, कां0 सुनील पाल, कां0 सुनील कन्नौजिया,कां0 हिमांशु सिंह, कां0 दीपक यादव, कां0 प्रत्युष पाठक समस्त सर्विलांस/स्वाट टीम
1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवा अवश्य कराएं मतदाता पंजीकरण: जिलाधिकारी

*विशेष अभियान दिवस पर डीएम व पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न मतदेय स्थलों का निरीक्षण कर बीएलओ को दिए आवश्यक निर्देश*



रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 01 जनवरी 2027 के आधार पर निर्वाचक नामावली के विशेष अभियान के अंतर्गत को जनपद के सभी 705 मतदान केंद्रों के 1404 मतदेय स्थलों पर विशेष अभियान दिवस आयोजित किया गया। अभियान के दौरान पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने, छूटे हुए मतदाताओं का पंजीकरण कराने तथा निर्वाचक नामावली को शुद्ध, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्यवाही की गई।

इसी क्रम में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र भदोही के विभिन्न मतदेय स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम व एसपी ने उच्च प्राथमिक विद्यालय हरियाव, मदरसा अरबिया मदीतुल इल्म पीरखानपुर सहित अन्य मतदेय स्थलों पर पहुंचकर विशेष अभियान की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा मतदाता सूची एवं संबंधित अभिलेखों का अवलोकन किया।

जिलाधिकारी ने संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने की कार्यवाही पूरी गंभीरता एवं तत्परता के साथ की जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे।

मृतक, स्थानांतरित एवं दोहरे पंजीकरण का करें सत्यापन
जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाए रखने के लिए मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा दोहरे पंजीकरण वाले मतदाताओं का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन किया जाए। सत्यापन के उपरांत नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि निर्वाचक नामावली में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।

उन्होंने बीएलओ को अपने निर्धारित दायित्वों का गंभीरता, निष्पक्षता एवं समयबद्धता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए। साथ ही राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) से भी अपील की कि वे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग करें तथा पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें।

01 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवा अवश्य कराएं पंजीकरण
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेष कुमार ने जनपदवासियों से अपील की कि जिन युवाओं की आयु 01 जनवरी 2027 को 18 वर्ष पूर्ण हो रही है, वे अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक मत का महत्वपूर्ण योगदान है। मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बाद ही पात्र नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं सहित सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे मतदाता पंजीकरण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी जिम्मेदार भूमिका निभाएं।

पात्र नागरिक आवश्यक अभिलेखों के साथ करें आवेदन
मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदक का भारत का नागरिक होना, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना तथा निर्धारित अर्हता तिथि को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करना आवश्यक है। आवेदक का नाम किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज नहीं होना चाहिए तथा वह कानून के तहत मतदाता बनने के लिए अयोग्य न हो। आवेदन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आयु एवं निवास संबंधी मान्य दस्तावेज तथा निर्धारित प्रारूप में फोटो की आवश्यकता हो सकती है। आवेदन एवं दस्तावेजों से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित बीएलओ से संपर्क किया जा सकता है।

विशेष अभियान के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी शुभांगी शुक्ला सहित समस्त उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर अभियान की निगरानी करते रहे।

जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने जनपद के सभी पात्र नागरिकों से पुनः अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं, अपने परिवार एवं आसपास के पात्र नागरिकों को भी मतदाता पंजीकरण के लिए प्रेरित करें तथा जागरूक एवं जिम्मेदार मतदाता के रूप में लोकतंत्र को सशक्त बनाने में अपना योगदान दें।
करनैलगंज चौराहे पर परिवहन विभाग की संयुक्त टीम का अभियान, दो टूरिस्ट बसों का हुआ चालान*

*यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए बसों की जांच, चालकों एवं परिचालकों को यातायात नियमों के पालन के दिये निर्देश:- एआरटीओ*


*गोण्डा 24 अक्टूबर,2026*।
जनपद में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के उद्देश्य से परिवहन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा करनैलगंज चौराहे पर टूरिस्ट बसों की सघन जांच का अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान बसों में सुरक्षा संबंधी उपायों की जांच की गई तथा यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन के मामलों में दो बसों का चालान किया गया।

अभियान का मुख्य उद्देश्य टूरिस्ट बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम करना तथा वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना रहा। संयुक्त टीम द्वारा बसों की जांच के दौरान सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान दिया गया और बस संचालन में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी गई।

इस दौरान बस चालकों एवं कंडक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे किसी भी परिस्थिति में शराब का सेवन कर वाहन न चलाएं। नशे की हालत में वाहन चलाना न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे यात्रियों सहित सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। इसके साथ ही चालकों को तेज गति से वाहन चलाने तथा खतरनाक तरीके से ड्राइविंग करने से बचने के निर्देश दिए गए।
टीम ने बस चालकों एवं परिचालकों को यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, वाहन चलाते समय सतर्कता बरतने और सभी आवश्यक सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया। उन्हें यह भी समझाया गया कि सुरक्षित एवं जिम्मेदार वाहन संचालन से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

अभियान के दौरान बसों में सफर करने वाले यात्रियों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। यात्रियों से अपील की गई कि वे यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का ध्यान रखें तथा वाहन संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही दिखाई देने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को सूचित करें।

परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने तथा यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए इस प्रकार की जांच एवं जागरूकता गतिविधियां महत्वपूर्ण हैं। वाहन चालकों, परिचालकों और यात्रियों की सामूहिक जिम्मेदारी से ही सुरक्षित यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है।