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यूपी में बड़े पैमाने पर IPS अधिकारियों के तबादले कई जिलों के पुलिस कप्तान बदले, बलिया की कमान ईरज राजा को
संजीव सिंह बलिया!लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस बदलाव के तहत बलिया, मऊ, बाराबंकी, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़, आजमगढ़ और बरेली समेत कई जिलों के पुलिस कप्तानों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। शासन के इस निर्णय को प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हाल के महीनों में प्रदेश में पुलिस विभाग के स्तर पर कई बड़े स्थानांतरण किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार, बलिया के पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह को बस्ती का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं, बस्ती के पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह को जौनपुर का पुलिस कप्तान नियुक्त किया गया है। इसके अलावा जौनपुर के पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह को पुलिस महानिदेशक मुख्यालय, लखनऊ से संबद्ध करते हुए पीएसी मुख्यालय लखनऊ भेजा गया है। गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक ईरज राजा को बलिया का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं, जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह को गाजीपुर जिले की पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय में अपने नए पदों का कार्यभार ग्रहण कर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा को प्राथमिकता दें। प्रशासनिक दृष्टि से अहम बदलाव पुलिस कप्तानों के इस व्यापक फेरबदल से जिलों में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निस्तारण, यातायात व्यवस्था और आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर नई उम्मीद जगी है। अब नए पुलिस कप्तानों के सामने अपने-अपने जिलों में पुलिसिंग को मजबूत करने और जनता का विश्वास बढ़ाने की चुनौती होगी।
हनुमान ध्वज पूजन के साथ नगरा में सार्वजनिक रामलीला महोत्सव का हुआ शुभारंभ 11 से 22 अक्टूबर तक चलेगा भव्य आयोजन
संजीव सिंह नगरा (बलिया) वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जनता इंटर कॉलेज प्रांगण में संपन्न हुआ धार्मिक समारोह; वृंदावन व उत्तराखंड के कलाकार करेंगे रामलीला का मंचन

सार्वजनिक रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाले श्रीरामलीला महोत्सव का मंगलवार को विधि-विधान से शुभारंभ हो गया। जनता इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित हनुमान ध्वज पूजन कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडित संतोष कुमार द्विवेदी ने पूजन संपन्न कराया। ध्वज पूजन के साथ ही नगर में रामलीला को लेकर श्रद्धा, उत्साह और उल्लास का माहौल बन गया। ध्वज पूजन का धार्मिक महत्व पूजन के दौरान समिति के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम और बजरंगबली का स्मरण करते हुए रामलीला के सफल एवं निर्विघ्न आयोजन की कामना की। हनुमान जी के ध्वज को स्थापित कर आयोजन की पूरी जिम्मेदारी बजरंगबली को सौंपते हुए लोगों ने विश्वास जताया कि अब उनके आशीर्वाद से रामलीला महोत्सव सकुशल और भव्य रूप से संपन्न होगा। रामलीला का कार्यक्रम और विशेषताएं समिति के अनुसार जनता इंटर कॉलेज के प्रांगण में 11 से 22 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम सात बजे से रात 12 बजे तक श्रीरामलीला का मंचन होगा। इसमें आदर्श राम-कृष्ण लीला संस्थान श्रीधाम वृंदावन तथा उत्तराखंड के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा रामलीला की जीवंत झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। नगरा की रामलीला अपनी परंपरा और भक्तिमय माहौल के लिए जानी जाती है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। गणमान्य व्यक्तियों की रही उपस्थिति इस अवसर पर चेयरमैन प्रतिनिधि उमाशंकर राम, पूर्व ब्लॉक प्रमुख निर्भय प्रकाश, समाजसेवी रामदरस यादव, क्रांति, राजेश गुप्ता, शशि प्रकाश कुशवाहा, केपी यादव, राजू सिंह चंदेल, डॉ. आरएस वर्मा, राजू सोनी, राजू चौहान, कृष्णा वर्मा, मुंशी यादव,  राजेश पांडेय,संजय पांडेय पत्रकार, मनन सोनी, हरे राम गुप्ता, सुनील गुप्ता, रामायण ठाकुर, मुन्ना गोंड,बलिराम प्रजापति पत्रकार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
खंड शिक्षा अधिकारी पंकज सिंह की पहल पर इंग्लिश स्कूलों जैसी यूनिफॉर्म से खिले अखरही के बच्चों के चेहरे
संजीव सिंह नगरा (बलिया)। खंड शिक्षा अधिकारी पंकज सिंह की पहल इंग्लिश स्कूलों की तर्ज पर यूनिफॉर्म पाकर खिले अखरही के बच्चों के चेहरे 120 छात्र-छात्राओं को वितरित की गई लाल टी-शर्ट और लोअर शिक्षा क्षेत्र नगरा के प्राथमिक विद्यालय अखरही, ग्राम पंचायत ताड़ी बड़ा गांव में 120 छात्र-छात्राओं को नई यूनिफॉर्म वितरित की गई। खंड शिक्षा अधिकारी पंकज सिंह की पहल पर बच्चों को इंग्लिश स्कूलों की तर्ज पर लाल रंग की टी-शर्ट और लोअर उपलब्ध कराया गया। नई पोशाक पहनकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। अभिभावकों और शिक्षकों के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, विद्यालय के प्रति अपनत्व और आत्मविश्वास की भावना विकसित करना था। यूनिफॉर्म मिलने के बाद बच्चे काफी उत्साहित नजर आए। खंड शिक्षा अधिकारी पंकज सिंह ने कहा कि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण देने के साथ उनमें अनुशासन और विद्यालयी पहचान की भावना विकसित करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के सहयोगात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रधानाध्यापक संजीव कुमार सिंह ने कहा कि एक जैसी यूनिफॉर्म से बच्चों में समानता और आत्मविश्वास की भावना बढ़ेगी। इससे विद्यालय के प्रति उनका लगाव बढ़ने के साथ उपस्थिति में भी सुधार आने की उम्मीद है। उन्होंने कार्यक्रम में सहयोग के लिए अभिभावकों और शिक्षकों के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर सहायक अध्यापिका सीमा सिंह, सहायक अध्यापक अंजनी यादव, बिपिन यादव, कृष्ण कुमार,अभिनंदन सिंह, शिक्षामित्र शिवकुमार, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रमेश यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। संचालन सहायक अध्यापिका सीमा सिंह ने किया। प्रबंध समिति अध्यक्ष राजेश कुमार और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रमेश यादव ने पहल का स्वागत करते हुए विद्यालय के विकास में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह फिर नहीं पहुंचे बलिया कोर्ट, ₹1,000 जुर्माना पत्नी ज्योति सिंह पेश, भरण-पोषण मामले में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को
संजीव सिंह बलिया: भोजपुरी अभिनेता एवं बिहार विधान परिषद सदस्य पवन सिंह सोमवार को पत्नी ज्योति सिंह से जुड़े भरण-पोषण मामले की सुनवाई में बलिया परिवार न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। उनकी पत्नी ज्योति सिंह अदालत में पेश हुईं। पवन सिंह की गैरहाजिरी पर न्यायालय ने ₹1,000 का जुर्माना लगाया। न्यायालय ने पवन सिंह को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का अंतिम अवसर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी। वहीं, सबूतों से संबंधित मामले में ज्योति सिंह पर भी ₹500 का जुर्माना लगाया गया है। पिछली सुनवाई के दौरान भी अदालत ने पवन सिंह को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था। ज्योति सिंह ने 22 अप्रैल 2022 को बलिया परिवार न्यायालय में अंतरिम भरण-पोषण के लिए याचिका दाखिल की थी। पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच विवाद उस समय सार्वजनिक हुआ, जब पवन सिंह ने आरा जिले में तलाक की अर्जी दाखिल की। इसके बाद ज्योति सिंह ने बलिया परिवार न्यायालय में भरण-पोषण की याचिका दायर की। दोनों पक्षों के बीच काउंसलिंग के माध्यम से विवाद सुलझाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन समाधान नहीं हो सका। फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
नगरा के 38 अनुदेशकों ने दिखाया संगठनात्मक बल, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह के सम्मान समारोह में लिया भाग
संजीव सिंह बलिया (नगरा)। प्रदेश अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह के स्वागत एवं ऐतिहासिक सम्मान समारोह में अनुदेशक संघ, नगरा ब्लॉक के समस्त सम्मानित साथियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर संगठनात्मक एकता और जनबल का संदेश दिया। इस अवसर पर नगरा ब्लॉक के कुल 38 अनुदेशक उपस्थित रहे।
समारोह में शामिल हुए अनुदेशकों में अमित बहादुर सिंह नरही, अर्चना सिंह नगरा, अपराजिता पाण्डेय खारी, रिंजी सुल्तानपुर, पूनम रनऊपुर, संतोष यादव कसेसर, शिवानन्द कसेसर, हीरालाल यादव कसेसर, योगेशचंद शर्मा खरूआँव अनु बस्ती, प्रमोद कुमार गौतम अषढीया, प्रिंसलता यादव मसूरिया, नागेन्द्र कुमार खरूआँव अनु बस्ती, पंकज कुमार अषढीया, रामसेवक यादव नगरा, विनय कुमार गुप्ता गौवापार, सुनील कुमार डिहवा, दुर्गेश प्रजापति अब्दुलपुर मदारी, रंदीप प्रजापति अब्दुलपुर मदारी, रेनू यादव परसिया, शैलेन्द्र रेड्डी परसिया, राधिका यादव परसिया, नूतन देवी जुड़नपुर, विवेकानंद चौबे गौवापार, ममता सिंह नरही, मीरा यादव खारी, देवीलाल यादव ताड़ीबड़ागांव, मनीष कुमार अब्दुलपुर मदारी, गीता वीरपुरा, भावनाथ पासवान ताड़ीबड़ागांव, सोनू सिंह खरूआँव, प्रमोद कुमार यादव इन्दासो, वीरेंद्र कुमार इन्दासो, पूनम पडरी, राजनाथ यादव रनऊपुर, प्रीतम कुमार, निशा सिंह, अनीता यादव तथा सुधाकर पासवान प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इस अवसर पर अनुदेशक संघ, नगरा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। समारोह में उपस्थित सभी साथियों ने अपनी उपस्थिति से यह स्पष्ट किया कि नगरा ब्लॉक केवल जनसंख्या की दृष्टि से ही बड़ा नहीं, बल्कि संगठनात्मक शक्ति और एकजुटता की दृष्टि से भी प्रदेश का एक प्रमुख ब्लॉक है।
ब्लॉक अध्यक्ष पंकज कुमार ने समारोह में शामिल होकर संगठन को बल देने वाले समस्त अनुदेशक साथियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस तरह की उपस्थिति नगरा की संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं के जुनून को दर्शाती है।
इस अवसर पर जिला संगठन मंत्री अमित बहादुर सिंह सप्पू जी का भी विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन रहा। समारोह के सफल आयोजन में अनुदेशक संघ, नगरा के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
11 हजार की लाइन कटने से फार्म हाउस की बिजली 10 दिन बाधित नगरा एसडीओ पर बिना सूचना लाइन कटवाने का आरोप, फसल को नुकसान का दावा
नगरा सलेमपुर। ग्राम सुल्तानपुर निवासी विद्युत उपभोक्ता संजय कुमार सिंह ने नगरा उपखंड अधिकारी (एसडीओ) पर बिना पूर्व सूचना 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन कटवाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 21 सितंबर को एसडीओ के मौके पर पहुंचने के बाद टांडी से उनके फार्म हाउस तक आने वाली विद्युत लाइन काट दी गई। इससे फार्म हाउस की बिजली आपूर्ति करीब 10 दिनों तक बाधित रही। संजय कुमार सिंह के अनुसार, उनके नाम से पांच किलोवाट का विद्युत कनेक्शन है। टांडी से आने वाली 11 हजार वोल्ट की लाइन उनके फार्म हाउस तक जाकर समाप्त होती है। आरोप है कि एसडीओ के निर्देश पर इसी लाइन को कटवा दिया गया। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से फसल को नुकसान हुआ और उन्हें आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। उपभोक्ता का कहना है कि बिजली कटने के बाद उन्होंने नगरा एसडीओ से कई बार फोन पर संपर्क कर आपूर्ति बहाल कराने की मांग की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। करीब 10 दिन बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई। संजय कुमार सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने बिना नोटिस अथवा लिखित सूचना लाइन काटे जाने का कारण पूछा तो उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ इस तरह की कार्रवाई पहले भी कई बार की जा चुकी है, जिसके चलते उन्हें बार-बार विद्युत संकट का सामना करना पड़ता है। कार्रवाई के आधार पर उठे सवाल मामले में उपभोक्ता ने विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने पूछा है कि 11 हजार वोल्ट की लाइन काटने का आधिकारिक कारण क्या था और क्या कार्रवाई से पहले उन्हें कोई नोटिस या लिखित सूचना दी गई थी। उपभोक्ता ने यह भी मांग की है कि विभागीय अभिलेखों में दर्ज शटडाउन, फॉल्ट अथवा लाइन कटिंग के विवरण की जांच की जाए। साथ ही, बिजली आपूर्ति बाधित रहने से फसल को हुए नुकसान का आकलन कर जिम्मेदारी तय की जाए। विद्युत अधिनियम की धारा 56 के तहत बकाया राशि के आधार पर आपूर्ति विच्छेदित करने से पहले लिखित नोटिस का प्रावधान बताया गया है। हालांकि, इस मामले में लाइन किन परिस्थितियों में काटी गई, इसकी पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
रसड़ा: जयपुरिया स्कूल में गांधी व शास्त्री जयंती श्रद्धा के साथ मनी
संजीव सिंह रसड़ा, बलिया — सेठ एम. आर. जैपुरिया स्कूल, रसड़ा में आज (2 अक्टूबर) गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर में ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से हुआ, जिसके बाद महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प व माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री संजीव सिंह चौहान ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की और विद्यार्थियों व स्टाफ को उनके जीवन-आदर्शों से प्रेरित होने की प्रेरणा दी। विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने अपने विचार साझा करते हुए सत्य, अहिंसा, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्यों पर प्रकाश डाला। प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में आपसी सम्मान, अनुशासन, एकता और सहयोग बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि केवल विद्यार्थियों का ही नहीं, बल्कि सहकर्मियों को भी निरंतर प्रेरित करना आवश्यक है, क्योंकि एकता और सामूहिक प्रयासों के कारण ही भारत को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त हुई। उन्होंने सभी से अपील की कि वे इन महापुरुषों के आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में उतारें और समाज में सद्भाव व राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करें। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और महापुरुषों को नमन किया।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियम हुए सख्त, अब विलंबित मामलों में बढ़ेगी प्रशासनिक प्रक्रिया नई व्यवस्था आज से लागू, समय पर पंजीकरण कराने पर जोर
अमर बहादुर सिंह नगरा बलिया। जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत विलंबित पंजीकरण के नियमों में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत एक वर्ष से अधिक पुराने जन्म या मृत्यु के मामलों में पंजीकरण के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक सत्यापन और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी। नियमों के अनुसार, जन्म या मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना चाहिए। निर्धारित अवधि के भीतर पंजीकरण नि:शुल्क किया जाता है। 21 दिन से 1 वर्ष तक यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण 21 दिन के बाद, लेकिन एक वर्ष के भीतर कराया जाता है, तो निर्धारित विलंब शुल्क के साथ रजिस्ट्रार की अनुमति से पंजीकरण किया जाएगा। 1 वर्ष से 2 वर्ष तक एक वर्ष से अधिक और दो वर्ष तक पुराने मामलों में पंजीकरण के लिए जिलाधिकारी (DM), उपजिलाधिकारी (SDM) अथवा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश एवं आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 2 वर्ष से अधिक पुराने मामले वहीं, दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म या मृत्यु के मामलों में पंजीकरण के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate) का आदेश अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था का मुख्य प्रभाव एक वर्ष से अधिक विलंब वाले पंजीकरण मामलों पर पड़ेगा। इसके माध्यम से जन्म एवं मृत्यु के रिकॉर्ड को अधिक प्रमाणिक और व्यवस्थित बनाने तथा विलंबित पंजीकरण में सत्यापन की प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म और मृत्यु का समय पर पंजीकरण नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है। जन्म प्रमाणपत्र का उपयोग शिक्षा, पहचान, सरकारी योजनाओं, पासपोर्ट सहित विभिन्न सेवाओं में किया जाता है, जबकि मृत्यु पंजीकरण कानूनी, उत्तराधिकार एवं विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण दस्तावेज है। नागरिकों से अपील है कि जन्म या मृत्यु की घटना का पंजीकरण निर्धारित समयसीमा के भीतर ही कराएं, ताकि भविष्य में विलंबित पंजीकरण की अतिरिक्त प्रक्रिया से बचा जा सके।
संगम तट पर भावुक हुए लोग, अस्थि कलश पहुंचते ही गूंजा ‘रामगोविन्द चौधरी अमर रहें’ का नारा प्रयागराज में स्व. चौधरी की अस्थियों का हुआ विसर्जन
संजीव सिंह बलिया “तुम गए क्या शहर सूना कर गए, दर्द का आकार दूना कर गए।” रामधारी सिंह दिनकर की ये पंक्तियां बुधवार को प्रयागराज के संगम तट पर उस समय चरितार्थ होती दिखाई दीं, जब पूर्व नेता प्रतिपक्ष व समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता स्व. रामगोविन्द चौधरी के अस्थि कलश को विसर्जन के लिए उनके अनुज पंचदेव चौधरी, रामबचन यादव, विश्राम चौधरी एवं शुभैक्षु लेकर संगम पहुंचे। अस्थि कलश के प्रयागराज पहुंचते ही संगम तट पर उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो प्रयागराज भी रामगोविन्द चौधरी के निधन के गम में उतना ही डूबा हो, जितना उनका गृह जनपद बलिया। उनके प्रति लोगों की आत्मीयता और सम्मान इस दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। अस्थि कलश के संगम तट पर पहुंचते ही उपस्थित जनसमूह ने भरे गले से “रामगोविन्द चौधरी अमर रहें” के नारे लगाए। नारों से संगम तट का वातावरण भावुक हो उठा। परिजनों, शुभैक्षुओं और समर्थकों ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी तथा उनकी स्मृतियों को नमन किया। स्व. रामगोविन्द चौधरी के निधन से समाजवादी विचारधारा, बलिया सहित पूर्वांचल की राजनीति और उनसे जुड़े असंख्य लोगों के बीच गहरा शोक है। संगम तट पर उमड़ा जनसमूह उनके प्रति लोगों के स्नेह, सम्मान और आत्मीय जुड़ाव का भावपूर्ण प्रमाण रहा। उपस्थित रहे प्रमुख नेता एवं गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष इफतिखार हुसैन, सपा नेता तारीक भोजपुरी, संगम पत्रिका के संपादक अजीत सिंह, बलिया जिला अध्यक्ष सुनील मौर्या, सुशील पाण्डेय कान्हजी, सईद अज्जू, युव जन सभा के अध्यक्ष रविंद्र यादव, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव, कृष्ण मूर्ति यादव, दिनेश यादव, छात्र नेता राहुल पटेल, अजीत यादव, आदिल हमजा, इलाहाबाद डिग्री कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष समीर पाण्डेय, शिव शंकर सरोज, हरेंद्र यादव, संदीप यादव आदि उपस्थित रहे।
ब्रिज कोर्स में पासिंग मार्क्स की बाध्यता खत्म करने की मांग 69000 शिक्षक भर्ती के बीएड शिक्षकों ने सांसद और विधायक को सौंपा ज्ञापन
संजीव सिंह बलिया। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत 69000 शिक्षक भर्ती के बीएड योग्यताधारी शिक्षकों ने छह माह के ब्रिज कोर्स में पासिंग मार्क्स की बाध्यता समाप्त करने की मांग की है। इस संबंध में शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा सांसद नीरज शेखर और बांसडीह विधायक केतकी सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों ने कहा कि ब्रिज कोर्स को परीक्षा आधारित न रखकर विभागीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण के रूप में पूरा कराया जाए। शिक्षकों ने प्रशिक्षण के लिए पासिंग मार्क्स की अनिवार्यता समाप्त करने के साथ ही विद्यालय समय में प्रशिक्षण कराने की बाध्यता से भी राहत देने की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि विद्यालयों में अध्यापन कार्य के अलावा जनगणना और अन्य विभागीय कार्य भी संचालित होते रहते हैं। ऐसे में इन सभी जिम्मेदारियों के साथ ब्रिज कोर्स का अनिवार्य प्रशिक्षण पूरा कराना व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने ब्रिज कोर्स की विसंगतियों को दूर कर इसे विभागीय प्रशिक्षण के रूप में संचालित करने का अनुरोध किया। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, सांसद नीरज शेखर ने ज्ञापन में उल्लिखित मांगों पर सहमति जताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर शिक्षकों को राहत दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं, विधायक केतकी सिंह ने मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री और शासन के उच्चाधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर समस्याओं के समाधान के लिए पैरवी करने का भरोसा दिलाया। ज्ञापन सौंपने वालों में अटेवा के जिला मीडिया प्रभारी संजीव कुमार सिंह, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, अग्निवेश तिवारी, प्रवीण कुमार पांडेय, सिद्धार्थ सिंह, संकेश यादव, अमित कुमार सिंह, प्रमोद, धीरज, निखिलेश, रौशन असगर, शिवजी, विनय, राकेश, संतोष सैयद, अशोक और अजय सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।