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लाल किले पर ध्वजारोहण से इस बार भी शामिल नहीं हुए राहुल गांधी, पूरा विपक्ष रहा नदारद

#rahulgandhiskipofficialindependenceday2026eventatthered_fort

देशभर में आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। देशभर में आज के दिन तिरंगा फहराया गया। स्वतंत्रता दिवस पर देश के प्रधानमंत्री लाल किले पर झंडा फहराते हैं और राष्ट्र को संबोधित करते हैं। लाल किले के समारोह में सरकार और विपक्ष दोनों ही नेता पहुंचते हैं। हालांकि, इस समारोह में लोकसभा मे नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी नहीं पहुंचे।

लगातार दूसरे साल समारोह में नहीं पहुंचे राहुल गांधी

इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुए 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लगातार दूसरे साल लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में हिसा नहीं लिया। कई अन्य विपक्षी नेता भी नदारद रहे।

साल 2024 के इस मामले पर नाराजगी?

रक्षा मंत्रालय द्वारा औपचारिक निमंत्रण भेजे जाने के बावजूद दोनों नेताओं ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। अब तक कांग्रेस की तरफ से दोनों नेताओं के लाल किले पर अनुपस्थित होने के पीछे की वजह नहीं बताई गई है। हालांकि, संभावना यह जताई जा रही है कि साल 2024 में सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर दोनों नेताओं में अभी तक नाराजगी है।

सिटिंग अरेंजमेंट पर हुआ था विवाद

बता दें कि साल 2024 में स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी को विपक्ष के नेता होने के बावजूद कथित तौर पर पांचवीं कतार (सिटिंग अरेंजमेंट) में सीट दी गई थी। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कैबिनेट मंत्री का दर्जा रखते हैं। विपक्ष ने कांग्रेस सांसद को ये सीट दिया जाना, देश की जनता का अपमान बताया था। जिसे लेकर कांग्रेस ने तीखा विरोध दर्ज कराया था। इसी विवाद को इस साल भी कार्यक्रम में न पहुंचने की वजह माना जा रहा है।

सरकार और विपक्ष के बीच खराब होते रिश्ते

इस बार का मानसून सत्र 13 अगस्त गुरुवार को खत्म हुआ। संसद के मैनसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच रिश्ते ने और खराब होने का संकेत दिया। सत्र के दौरान बारह बिल पास किए गए, लेकिन उनमें से सिर्फ एक, पेपर लीक रोकने वाले कानून पर ही विस्तार से चर्चा हुई। सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के बाद, स्पीकर ओम बिरला द्वारा आयोजित पारंपरिक चाय पार्टी का कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने बहिष्कार किया।

पीएम मोदी के खिलाफ राहुल के बयान पर भड़की भाजपा, निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी की तस्वीर शेयर कर पूछा सवाल

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बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। साथ ही उन पर ‘अभद्र और अशोभनीय’ भाषा का इस्तेमाल करने व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को कम करने का आरोप लगाया।

पीएम मोदी के विदेशी नेताओं को गले लगाने पर राहुल का बयान

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने रचनात्मक कांग्रेस सम्मेलन में विदेशी नेताओं को गले लगाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की। उन्होंने दावा किया कि यह नीति सिर्फ नेताओं को गले लगाने तक ही सीमित है। इसी दौरान कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने मेलोनी का जिक्र किया तो राहुल गांधी हंस पड़े। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीजेपी-आरएसएस को 'जोकरों का झुंड' भी कहा, जिन्हें भारत की कोई समझ नहीं है।

बांसुरी स्वराज ने बताया-एक फेल स्टैंड-अप कॉमेडियन

बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'राहुल गांधी ने जिस तरह की असभ्य, भद्दी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, उससे वे विपक्ष के नेता कम और एक फेल स्टैंड-अप कॉमेडियन ज्यादा लग रहे थे। वे हल्की और छिछोरी बातें कर रहे थे।'

इंदिरा गांधी के क्यूबा यात्रा की तस्वीर पर उठाया सवाल

वहीं, बीजेपी के झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर क्यूबा यात्रा के दौरान इंदिरा गांधी का एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में इंदिरा गांधी से क्यूबा के राष्ट्रपति फिडेल कास्त्रो गले मिल रहे हैं। निशिकांत दुबे ने इस वीडियो-फोटो को शेयर करते हुए पूछा कि राहुल गांधी आप बताएं इसे गले पड़ने को जठराग्नि कहते हैं कि कामाग्नि?

राहुल गांधी को बड़े होने की नसीहत

वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी को बड़े होने की नसीहत दी। जोशी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "राहुल गांधी, आप कब बड़े होंगे। भारत को चलाने के लिए परिपक्व नेतृत्व की जरूरत होती है न कि नौसिखिया ड्रामेबाजी की। लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को 'जोकर और मसखरे' कहना साबित करता है कि आप अपनी समझ से बाहर की बातें कर रहे हैं।

महिला आरक्षण पर सियासी घमासान, राहुल गांधी ने किया बिल का समर्थन तो रिजिजू का जोरदार पलटवार

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महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू आमने-सामने आ गए हैं। किरेन रिजिजू ने सबसे पहले एक बयान जारी कर राहुल गांधी को बिना शर्त महिला आरक्षण कानून को समर्थन करने के लिए कहा था। जिसके तुरंत बाद राहुल गांधी ने भी पलटवार कर दिया। राहुल गांधी ने कहा कि हां मैं बिना शर्त के समर्थन करने को तैयार हूं लेकिन 2023 वाले महिला आरक्षण बिल को लागू कीजिए। रिजिजू ने इसे सकारात्मक संदेश बताया और तंज कहा कि क्या उनका हृदय परिवर्तन हुआ है।

क्या कहा राहुल गांधी ने?

शुक्रवार के एक वीडियो में राहुल गांधी ने कहा था कि महिलाओं को बातचीत में वापस लाना और उन्हें वह करने देना जो वे करना चाहती हैं जरूरी है। राहुल ने कहा था कि महिलाओं एनर्जी फंसी हुई है, उन्हें खुद को एक्सप्रेस करने की इजाजत नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी देश तब तक सफल नहीं हो सकता है जब तक महिलाओं खुद को एक्सप्रेस न करें। भारत पुरुषों द्वारा महिलाओं पर लगाए गए कड़े कंट्रोल से आजादी चाहता है।

रिजिजू का राहुल गांधी पर तंज

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के महिला सशक्तिकरण पर वीडियो संदेश पर निशाना साधा। रिजिजू ने राहुल के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे सकारात्मक संदेश बताया। रिजिजू ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘यह कांग्रेस पार्टी की ओर से एक सकारात्मक संदेश लगता है। राहुल गांधी जी के महिलाओं को लेकर नजरिए में स्पष्ट रूप से हृदय परिवर्तन दिखाई दे रहा है। अब मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण विधेयक का बिना किसी शर्त के समर्थन करेगी।’

राहुल का पलटवार

रिजिजू की टिप्पणी पर राहुल गांधी ने भी तुरंत पलटवार किया। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते रिजिजू से बेहतर यह कौन जान सकता है कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही संसद से सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। राहुल ने कहा कि कांग्रेस ने उस विधेयक का पूरा समर्थन किया था। इसके बाद उन्होंने सरकार के सामने असली सवाल रख दिया कि अगर कानून तीन साल पहले पास हो गया था तो अब तक इसे लागू क्यों नहीं किया गया?

महिला आरक्षण पर कांग्रेस का क्या रुख?

कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया है, लेकिन वे परिसीमन की प्रक्रिया का विरोध करते रहे हैं। इसी प्रक्रिया के तहत संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है। विपक्षी दलों की मांग रही है कि महिला आरक्षण को परिसीमन की प्रक्रिया से अलग किया जाए, ताकि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने की शर्त से न जोड़ा जाए।

रांची में बैठे प्रदर्शनकारियों से राहुल गांधी ने की बात, मांगों पर सीएम हेमंत से बात करने का दिलाया भरोसा

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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ यह प्रदर्शन हो रहा है। आज 14वें दिन भी स्टूडेंट्स आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। बता दें कि कांग्रेस राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नीत गठबंधन का एक घटक दल है।

छात्रों को दिया हर संभव मदद का भरोसा

छात्र नेताओं ने दावा किया कि गुरुवार देर शाम राहुल गांदी से फोन पर बातचीत हुई। धरना दे रहे छात्र नेताओं की राहुल गांधी से बातचीत रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के मोबाइल फोन के माध्यम से कराई गई। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से अपनी मांगों का विवरण भेजने को कहा और उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनकी समस्याओं को लेकर राज्य सरकार से बात करेंगे। वो इस मामले को लेकर सीएम हेमंत सोरेन से भी बात कर सकते हैं।

मांगों की सूची व्हाट्सएप पर मंगाई

ये बातचीत लगभग 10 मिनट तक चली। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा कि वे अपनी सभी मांगों का विस्तृत ज्ञापन उन्हें व्हाट्सएप पर भेजें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पूरे मामले पर झारखंड सरकार से बात करेंगे और छात्रों की मांगों के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए।

क्या है छात्रों की मांगें?

प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि यह जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल से कराई जाए। उन्होंने जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधारों पर भी जोर दिया।

वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित

इधर, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार के साथ बातचीत करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक अधिवक्ता को शामिल किया गया। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि सरकार के समक्ष केवल छात्र प्रतिनिधि ही अपनी मांगें रखेंगे। पत्रकार और अधिवक्ता केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में मौजूद रहेंगे।

10 साल में 152 पेपर लीक...', राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा

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नीट पेपर लीक और इसे लेकर कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

लोकसबा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक बड़ी स्क्रीन पर 20 जुलाई के कुछ फुटेज दिखाए और कहा कि सुरक्षाबलों ने छात्रों के साथ बर्बरता की है। उन्होंने कहा, छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। वे सिर्फ एक निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का हक है कि उन्हें ऐसी व्यवस्था मिले, जहां मेहनत और योग्यता का सम्मान हो। लेकिन उन्हें सुरक्षा बलों की सख्ती का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने छात्रों पर अत्याचार किया है।

10 वर्षों में 152 बार पेपर लीक-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था कभी दुनिया की सबसे बेहतर व्यवस्थाओं में गिनी जाती थी, लेकिन अब यह पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 बार प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, यानी औसतन हर महीने एक पेपर लीक हुआ। उन्होंने कहा कि हर बार लाखों छात्रों को फिर से परीक्षा की तैयारी करनी पड़ती है और उन्हें दोबारा उसी मानसिक दबाव से गुजरना पड़ता है।

धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री के तौर पर फेल-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की इस परेशानी को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार इन घटनाओं से प्रभावित हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की है। नीट परीक्षा पर खर्च शिक्षा के बजट के बराबर। 1.32 लाख करोड़ रुपये नीट पर छात्र खर्च करते हैं। 1.4 लाख करोड़ रुपये शिक्षा बजट है। धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री के तौर पर फेल हैं।

राहुल गांधी की तीन प्रमुख मांगें

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने तीन मांगें रखी। उन्होंने कहा, 'पहली मांग- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। दूसरा- छात्रों पर बर्बरता करने वालों को सजा हो। ये आतंकवादी नहीं है, हमारे देश के छात्र हैं। तीसरी मांग- पीएम मोदी खेद जताएं।

प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका-खरगे सहित कई कांग्रेस सांसद, पीएम के इस्तीफे की मांग

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए हमले के विरोध और छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई शीर्ष नेताओं ने लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने युवा छात्रों पर हुए कथित अत्याचारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

पीएम और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, "हम कल छात्रों के खिलाफ हुई बर्बरताओं का जवाब मांगने प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च निकालकर आए हैं। सरकार न तो जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।"

कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस की ओर से हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद के सुरेश, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया है।

घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे राहुल-प्रियंका

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में हुए लाठीचार्ज के एक दिन बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरएमएल अस्पताल में घायल छात्रों से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने छात्रों का हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उस घायल युवती की मां से भी मुलाकात की, जो आरएमएल अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है।

अमेरिका के आज्ञाकारी नौकर की तरह कर रहे हैं काम”, राहुल गांधी की पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोराद हमला बोला है। राहुल गांधी ने खाड़ी क्षेत्र में हुए तीन भारतीय नाविकों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर पीएम मोदी की कूटनीति पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को अमेरिका का 'आज्ञाकारी नौकर' तक बता दिया।

आज्ञाकारी नौकर की तरह आदेश मान लेते हैं- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफसोस, न माफी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। उनके शब्द पढ़िए-अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें। कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे कंप्रोमाइज्ड पीए चुप साधे बैठे हैं। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं। कंप्रोमाइज्ड पीएम देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।

तीन भारतीयों की मौत के बाद भड़के राहुल गांधी

बता दें कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी खाड़ी में हुई घटना के बाद आई है। दरअसल, ओमान की खाड़ी (डुक्म) में एक कमर्शियल तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना का शिकार हो गया। हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। MT सेटेबेलो नाम का यह जहाज बुधवार को निशाना बना, क्योंकि अमेरिका ने आरोप लगाया था कि वह बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन नाविकों की बाद में मौत की पुष्टि हुई।

राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच अहम बैठक, TMC की अंदरूनी बगावत के बीच क्यों खास है ये मुलाकात

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर मचे घमासान ने सियासी तापमान बढ़ा रखा है। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच मुलाकात हुई है। करीब डेढ़ घंटे तक चली मुलाकात ने नई अटकलों को जन्म दिया है।

टीएमसी में सियासी खींचतान के बीच मुलाकात

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को नई दिल्ली में 10 जनपथ पर मुलाकात की।यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर कुछ नेताओं ने बगावती तेवर दिखाए हैं।

कांग्रेस-चीएमसी संबंधों पर चर्चा

सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के संबंधों को लेकर गंभीर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर भी चर्चा की कि भविष्य में दोनों दल भाजपा के खिलाफ किस तरह की रणनीति अपना सकते हैं। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में होने वाले संभावित उपचुनावों में तालमेल या सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। इंडिया गठबंधन को मजबूत करने और विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाने का मुद्दा भी बातचीत के केंद्र में रहा।

एक दिन पहले हुई थी ममता-सोनिया की मुलाकात

यह बैठक ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात के ठीक एक दिन बाद हुई है। मंगलवार को ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी के आवास पर जाकर उनसे बात की थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने विपक्षी गठबंधन को और ज्यादा मजबूत करने के रास्तों पर चर्चा की थी।

लाल किले पर ध्वजारोहण से इस बार भी शामिल नहीं हुए राहुल गांधी, पूरा विपक्ष रहा नदारद

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देशभर में आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। देशभर में आज के दिन तिरंगा फहराया गया। स्वतंत्रता दिवस पर देश के प्रधानमंत्री लाल किले पर झंडा फहराते हैं और राष्ट्र को संबोधित करते हैं। लाल किले के समारोह में सरकार और विपक्ष दोनों ही नेता पहुंचते हैं। हालांकि, इस समारोह में लोकसभा मे नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी नहीं पहुंचे।

लगातार दूसरे साल समारोह में नहीं पहुंचे राहुल गांधी

इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुए 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लगातार दूसरे साल लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में हिसा नहीं लिया। कई अन्य विपक्षी नेता भी नदारद रहे।

साल 2024 के इस मामले पर नाराजगी?

रक्षा मंत्रालय द्वारा औपचारिक निमंत्रण भेजे जाने के बावजूद दोनों नेताओं ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। अब तक कांग्रेस की तरफ से दोनों नेताओं के लाल किले पर अनुपस्थित होने के पीछे की वजह नहीं बताई गई है। हालांकि, संभावना यह जताई जा रही है कि साल 2024 में सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर दोनों नेताओं में अभी तक नाराजगी है।

सिटिंग अरेंजमेंट पर हुआ था विवाद

बता दें कि साल 2024 में स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी को विपक्ष के नेता होने के बावजूद कथित तौर पर पांचवीं कतार (सिटिंग अरेंजमेंट) में सीट दी गई थी। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कैबिनेट मंत्री का दर्जा रखते हैं। विपक्ष ने कांग्रेस सांसद को ये सीट दिया जाना, देश की जनता का अपमान बताया था। जिसे लेकर कांग्रेस ने तीखा विरोध दर्ज कराया था। इसी विवाद को इस साल भी कार्यक्रम में न पहुंचने की वजह माना जा रहा है।

सरकार और विपक्ष के बीच खराब होते रिश्ते

इस बार का मानसून सत्र 13 अगस्त गुरुवार को खत्म हुआ। संसद के मैनसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच रिश्ते ने और खराब होने का संकेत दिया। सत्र के दौरान बारह बिल पास किए गए, लेकिन उनमें से सिर्फ एक, पेपर लीक रोकने वाले कानून पर ही विस्तार से चर्चा हुई। सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के बाद, स्पीकर ओम बिरला द्वारा आयोजित पारंपरिक चाय पार्टी का कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने बहिष्कार किया।

पीएम मोदी के खिलाफ राहुल के बयान पर भड़की भाजपा, निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी की तस्वीर शेयर कर पूछा सवाल

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बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। साथ ही उन पर ‘अभद्र और अशोभनीय’ भाषा का इस्तेमाल करने व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को कम करने का आरोप लगाया।

पीएम मोदी के विदेशी नेताओं को गले लगाने पर राहुल का बयान

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने रचनात्मक कांग्रेस सम्मेलन में विदेशी नेताओं को गले लगाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की। उन्होंने दावा किया कि यह नीति सिर्फ नेताओं को गले लगाने तक ही सीमित है। इसी दौरान कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने मेलोनी का जिक्र किया तो राहुल गांधी हंस पड़े। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीजेपी-आरएसएस को 'जोकरों का झुंड' भी कहा, जिन्हें भारत की कोई समझ नहीं है।

बांसुरी स्वराज ने बताया-एक फेल स्टैंड-अप कॉमेडियन

बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'राहुल गांधी ने जिस तरह की असभ्य, भद्दी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, उससे वे विपक्ष के नेता कम और एक फेल स्टैंड-अप कॉमेडियन ज्यादा लग रहे थे। वे हल्की और छिछोरी बातें कर रहे थे।'

इंदिरा गांधी के क्यूबा यात्रा की तस्वीर पर उठाया सवाल

वहीं, बीजेपी के झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर क्यूबा यात्रा के दौरान इंदिरा गांधी का एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में इंदिरा गांधी से क्यूबा के राष्ट्रपति फिडेल कास्त्रो गले मिल रहे हैं। निशिकांत दुबे ने इस वीडियो-फोटो को शेयर करते हुए पूछा कि राहुल गांधी आप बताएं इसे गले पड़ने को जठराग्नि कहते हैं कि कामाग्नि?

राहुल गांधी को बड़े होने की नसीहत

वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी को बड़े होने की नसीहत दी। जोशी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "राहुल गांधी, आप कब बड़े होंगे। भारत को चलाने के लिए परिपक्व नेतृत्व की जरूरत होती है न कि नौसिखिया ड्रामेबाजी की। लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को 'जोकर और मसखरे' कहना साबित करता है कि आप अपनी समझ से बाहर की बातें कर रहे हैं।

महिला आरक्षण पर सियासी घमासान, राहुल गांधी ने किया बिल का समर्थन तो रिजिजू का जोरदार पलटवार

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महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू आमने-सामने आ गए हैं। किरेन रिजिजू ने सबसे पहले एक बयान जारी कर राहुल गांधी को बिना शर्त महिला आरक्षण कानून को समर्थन करने के लिए कहा था। जिसके तुरंत बाद राहुल गांधी ने भी पलटवार कर दिया। राहुल गांधी ने कहा कि हां मैं बिना शर्त के समर्थन करने को तैयार हूं लेकिन 2023 वाले महिला आरक्षण बिल को लागू कीजिए। रिजिजू ने इसे सकारात्मक संदेश बताया और तंज कहा कि क्या उनका हृदय परिवर्तन हुआ है।

क्या कहा राहुल गांधी ने?

शुक्रवार के एक वीडियो में राहुल गांधी ने कहा था कि महिलाओं को बातचीत में वापस लाना और उन्हें वह करने देना जो वे करना चाहती हैं जरूरी है। राहुल ने कहा था कि महिलाओं एनर्जी फंसी हुई है, उन्हें खुद को एक्सप्रेस करने की इजाजत नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी देश तब तक सफल नहीं हो सकता है जब तक महिलाओं खुद को एक्सप्रेस न करें। भारत पुरुषों द्वारा महिलाओं पर लगाए गए कड़े कंट्रोल से आजादी चाहता है।

रिजिजू का राहुल गांधी पर तंज

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के महिला सशक्तिकरण पर वीडियो संदेश पर निशाना साधा। रिजिजू ने राहुल के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे सकारात्मक संदेश बताया। रिजिजू ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘यह कांग्रेस पार्टी की ओर से एक सकारात्मक संदेश लगता है। राहुल गांधी जी के महिलाओं को लेकर नजरिए में स्पष्ट रूप से हृदय परिवर्तन दिखाई दे रहा है। अब मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण विधेयक का बिना किसी शर्त के समर्थन करेगी।’

राहुल का पलटवार

रिजिजू की टिप्पणी पर राहुल गांधी ने भी तुरंत पलटवार किया। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते रिजिजू से बेहतर यह कौन जान सकता है कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही संसद से सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। राहुल ने कहा कि कांग्रेस ने उस विधेयक का पूरा समर्थन किया था। इसके बाद उन्होंने सरकार के सामने असली सवाल रख दिया कि अगर कानून तीन साल पहले पास हो गया था तो अब तक इसे लागू क्यों नहीं किया गया?

महिला आरक्षण पर कांग्रेस का क्या रुख?

कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया है, लेकिन वे परिसीमन की प्रक्रिया का विरोध करते रहे हैं। इसी प्रक्रिया के तहत संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है। विपक्षी दलों की मांग रही है कि महिला आरक्षण को परिसीमन की प्रक्रिया से अलग किया जाए, ताकि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने की शर्त से न जोड़ा जाए।

रांची में बैठे प्रदर्शनकारियों से राहुल गांधी ने की बात, मांगों पर सीएम हेमंत से बात करने का दिलाया भरोसा

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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ यह प्रदर्शन हो रहा है। आज 14वें दिन भी स्टूडेंट्स आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। बता दें कि कांग्रेस राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नीत गठबंधन का एक घटक दल है।

छात्रों को दिया हर संभव मदद का भरोसा

छात्र नेताओं ने दावा किया कि गुरुवार देर शाम राहुल गांदी से फोन पर बातचीत हुई। धरना दे रहे छात्र नेताओं की राहुल गांधी से बातचीत रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के मोबाइल फोन के माध्यम से कराई गई। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से अपनी मांगों का विवरण भेजने को कहा और उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनकी समस्याओं को लेकर राज्य सरकार से बात करेंगे। वो इस मामले को लेकर सीएम हेमंत सोरेन से भी बात कर सकते हैं।

मांगों की सूची व्हाट्सएप पर मंगाई

ये बातचीत लगभग 10 मिनट तक चली। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा कि वे अपनी सभी मांगों का विस्तृत ज्ञापन उन्हें व्हाट्सएप पर भेजें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पूरे मामले पर झारखंड सरकार से बात करेंगे और छात्रों की मांगों के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए।

क्या है छात्रों की मांगें?

प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि यह जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल से कराई जाए। उन्होंने जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधारों पर भी जोर दिया।

वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित

इधर, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार के साथ बातचीत करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक अधिवक्ता को शामिल किया गया। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि सरकार के समक्ष केवल छात्र प्रतिनिधि ही अपनी मांगें रखेंगे। पत्रकार और अधिवक्ता केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में मौजूद रहेंगे।

10 साल में 152 पेपर लीक...', राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा

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नीट पेपर लीक और इसे लेकर कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

लोकसबा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक बड़ी स्क्रीन पर 20 जुलाई के कुछ फुटेज दिखाए और कहा कि सुरक्षाबलों ने छात्रों के साथ बर्बरता की है। उन्होंने कहा, छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। वे सिर्फ एक निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का हक है कि उन्हें ऐसी व्यवस्था मिले, जहां मेहनत और योग्यता का सम्मान हो। लेकिन उन्हें सुरक्षा बलों की सख्ती का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने छात्रों पर अत्याचार किया है।

10 वर्षों में 152 बार पेपर लीक-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था कभी दुनिया की सबसे बेहतर व्यवस्थाओं में गिनी जाती थी, लेकिन अब यह पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 बार प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, यानी औसतन हर महीने एक पेपर लीक हुआ। उन्होंने कहा कि हर बार लाखों छात्रों को फिर से परीक्षा की तैयारी करनी पड़ती है और उन्हें दोबारा उसी मानसिक दबाव से गुजरना पड़ता है।

धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री के तौर पर फेल-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की इस परेशानी को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार इन घटनाओं से प्रभावित हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की है। नीट परीक्षा पर खर्च शिक्षा के बजट के बराबर। 1.32 लाख करोड़ रुपये नीट पर छात्र खर्च करते हैं। 1.4 लाख करोड़ रुपये शिक्षा बजट है। धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री के तौर पर फेल हैं।

राहुल गांधी की तीन प्रमुख मांगें

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने तीन मांगें रखी। उन्होंने कहा, 'पहली मांग- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। दूसरा- छात्रों पर बर्बरता करने वालों को सजा हो। ये आतंकवादी नहीं है, हमारे देश के छात्र हैं। तीसरी मांग- पीएम मोदी खेद जताएं।

प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका-खरगे सहित कई कांग्रेस सांसद, पीएम के इस्तीफे की मांग

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए हमले के विरोध और छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई शीर्ष नेताओं ने लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने युवा छात्रों पर हुए कथित अत्याचारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

पीएम और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, "हम कल छात्रों के खिलाफ हुई बर्बरताओं का जवाब मांगने प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च निकालकर आए हैं। सरकार न तो जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।"

कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस की ओर से हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद के सुरेश, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया है।

घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे राहुल-प्रियंका

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में हुए लाठीचार्ज के एक दिन बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरएमएल अस्पताल में घायल छात्रों से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने छात्रों का हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उस घायल युवती की मां से भी मुलाकात की, जो आरएमएल अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है।

अमेरिका के आज्ञाकारी नौकर की तरह कर रहे हैं काम”, राहुल गांधी की पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोराद हमला बोला है। राहुल गांधी ने खाड़ी क्षेत्र में हुए तीन भारतीय नाविकों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर पीएम मोदी की कूटनीति पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को अमेरिका का 'आज्ञाकारी नौकर' तक बता दिया।

आज्ञाकारी नौकर की तरह आदेश मान लेते हैं- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफसोस, न माफी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। उनके शब्द पढ़िए-अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें। कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे कंप्रोमाइज्ड पीए चुप साधे बैठे हैं। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं। कंप्रोमाइज्ड पीएम देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।

तीन भारतीयों की मौत के बाद भड़के राहुल गांधी

बता दें कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी खाड़ी में हुई घटना के बाद आई है। दरअसल, ओमान की खाड़ी (डुक्म) में एक कमर्शियल तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना का शिकार हो गया। हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। MT सेटेबेलो नाम का यह जहाज बुधवार को निशाना बना, क्योंकि अमेरिका ने आरोप लगाया था कि वह बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन नाविकों की बाद में मौत की पुष्टि हुई।

राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच अहम बैठक, TMC की अंदरूनी बगावत के बीच क्यों खास है ये मुलाकात

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर मचे घमासान ने सियासी तापमान बढ़ा रखा है। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच मुलाकात हुई है। करीब डेढ़ घंटे तक चली मुलाकात ने नई अटकलों को जन्म दिया है।

टीएमसी में सियासी खींचतान के बीच मुलाकात

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को नई दिल्ली में 10 जनपथ पर मुलाकात की।यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर कुछ नेताओं ने बगावती तेवर दिखाए हैं।

कांग्रेस-चीएमसी संबंधों पर चर्चा

सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के संबंधों को लेकर गंभीर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर भी चर्चा की कि भविष्य में दोनों दल भाजपा के खिलाफ किस तरह की रणनीति अपना सकते हैं। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में होने वाले संभावित उपचुनावों में तालमेल या सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। इंडिया गठबंधन को मजबूत करने और विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाने का मुद्दा भी बातचीत के केंद्र में रहा।

एक दिन पहले हुई थी ममता-सोनिया की मुलाकात

यह बैठक ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात के ठीक एक दिन बाद हुई है। मंगलवार को ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी के आवास पर जाकर उनसे बात की थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने विपक्षी गठबंधन को और ज्यादा मजबूत करने के रास्तों पर चर्चा की थी।