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10 साल में 152 पेपर लीक...', राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा

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नीट पेपर लीक और इसे लेकर कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

लोकसबा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक बड़ी स्क्रीन पर 20 जुलाई के कुछ फुटेज दिखाए और कहा कि सुरक्षाबलों ने छात्रों के साथ बर्बरता की है। उन्होंने कहा, छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। वे सिर्फ एक निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का हक है कि उन्हें ऐसी व्यवस्था मिले, जहां मेहनत और योग्यता का सम्मान हो। लेकिन उन्हें सुरक्षा बलों की सख्ती का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने छात्रों पर अत्याचार किया है।

10 वर्षों में 152 बार पेपर लीक-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था कभी दुनिया की सबसे बेहतर व्यवस्थाओं में गिनी जाती थी, लेकिन अब यह पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 बार प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, यानी औसतन हर महीने एक पेपर लीक हुआ। उन्होंने कहा कि हर बार लाखों छात्रों को फिर से परीक्षा की तैयारी करनी पड़ती है और उन्हें दोबारा उसी मानसिक दबाव से गुजरना पड़ता है।

धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री के तौर पर फेल-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की इस परेशानी को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार इन घटनाओं से प्रभावित हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की है। नीट परीक्षा पर खर्च शिक्षा के बजट के बराबर। 1.32 लाख करोड़ रुपये नीट पर छात्र खर्च करते हैं। 1.4 लाख करोड़ रुपये शिक्षा बजट है। धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री के तौर पर फेल हैं।

राहुल गांधी की तीन प्रमुख मांगें

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने तीन मांगें रखी। उन्होंने कहा, 'पहली मांग- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। दूसरा- छात्रों पर बर्बरता करने वालों को सजा हो। ये आतंकवादी नहीं है, हमारे देश के छात्र हैं। तीसरी मांग- पीएम मोदी खेद जताएं।

प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका-खरगे सहित कई कांग्रेस सांसद, पीएम के इस्तीफे की मांग

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए हमले के विरोध और छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई शीर्ष नेताओं ने लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने युवा छात्रों पर हुए कथित अत्याचारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

पीएम और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, "हम कल छात्रों के खिलाफ हुई बर्बरताओं का जवाब मांगने प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च निकालकर आए हैं। सरकार न तो जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।"

कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस की ओर से हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद के सुरेश, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया है।

घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे राहुल-प्रियंका

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में हुए लाठीचार्ज के एक दिन बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरएमएल अस्पताल में घायल छात्रों से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने छात्रों का हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उस घायल युवती की मां से भी मुलाकात की, जो आरएमएल अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है।

अमेरिका के आज्ञाकारी नौकर की तरह कर रहे हैं काम”, राहुल गांधी की पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोराद हमला बोला है। राहुल गांधी ने खाड़ी क्षेत्र में हुए तीन भारतीय नाविकों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर पीएम मोदी की कूटनीति पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को अमेरिका का 'आज्ञाकारी नौकर' तक बता दिया।

आज्ञाकारी नौकर की तरह आदेश मान लेते हैं- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफसोस, न माफी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। उनके शब्द पढ़िए-अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें। कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे कंप्रोमाइज्ड पीए चुप साधे बैठे हैं। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं। कंप्रोमाइज्ड पीएम देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।

तीन भारतीयों की मौत के बाद भड़के राहुल गांधी

बता दें कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी खाड़ी में हुई घटना के बाद आई है। दरअसल, ओमान की खाड़ी (डुक्म) में एक कमर्शियल तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना का शिकार हो गया। हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। MT सेटेबेलो नाम का यह जहाज बुधवार को निशाना बना, क्योंकि अमेरिका ने आरोप लगाया था कि वह बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन नाविकों की बाद में मौत की पुष्टि हुई।

राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच अहम बैठक, TMC की अंदरूनी बगावत के बीच क्यों खास है ये मुलाकात

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर मचे घमासान ने सियासी तापमान बढ़ा रखा है। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच मुलाकात हुई है। करीब डेढ़ घंटे तक चली मुलाकात ने नई अटकलों को जन्म दिया है।

टीएमसी में सियासी खींचतान के बीच मुलाकात

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को नई दिल्ली में 10 जनपथ पर मुलाकात की।यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर कुछ नेताओं ने बगावती तेवर दिखाए हैं।

कांग्रेस-चीएमसी संबंधों पर चर्चा

सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के संबंधों को लेकर गंभीर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर भी चर्चा की कि भविष्य में दोनों दल भाजपा के खिलाफ किस तरह की रणनीति अपना सकते हैं। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में होने वाले संभावित उपचुनावों में तालमेल या सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। इंडिया गठबंधन को मजबूत करने और विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाने का मुद्दा भी बातचीत के केंद्र में रहा।

एक दिन पहले हुई थी ममता-सोनिया की मुलाकात

यह बैठक ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात के ठीक एक दिन बाद हुई है। मंगलवार को ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी के आवास पर जाकर उनसे बात की थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने विपक्षी गठबंधन को और ज्यादा मजबूत करने के रास्तों पर चर्चा की थी।

सरकार ईंधन के दाम किस्तों में बढ़ा रही है…’, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर राहुल गाधी का सरकार पर हमला

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पेट्रोल-डीजल के दामों में पिछले 10 दिनों में चौथी बार बढ़ोतरी हुई है। बढ़ती महंगाई पर विपक्ष केंद्र सरकार पर जमकर हमलावर है। नेता प्रतीपक्ष राहुल गांधी ने किस्तों में ईंधन के दाम बढ़ाकर सरकार पर आम लोगों की जेब पर डाका डालने का आरोप लगाया है।

चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने के आरोप

कांग्रेस सांसद ने सोमवार को चौथी बार पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ईंधन के दाम किस्तों में बढ़ा रही है, ताकि आम लोगों की जेब पर लगातार बोझ पड़ता रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से आर्थिक संकट की चेतावनी दी जा रही थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावों में व्यस्त थे और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दाम 8 रुपये तक बढ़ा दिए गए।

प्रियंका चतुर्वेदी का सरकार पर तंज

वहीं, शिवसेना (यूबीटी) नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने अंदाज में सरकार पर तंज कसा। प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'मुंबई में पेट्रोल की कीमत शगुन के 11 नंबर पर पहुंच गई है। उन्होंने दावा किया कि अगले 24 घंटों में महानगरों में डीजल की कीमत 100 रुपये तक पहुंच सकती है।'

पेट्रोल की कीमत 102 रूपये के पार

बता दें कि वैश्विक संकट के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। कीमतों में बढ़ोतरी से पहले दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपए प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था। लेकिन अब, राजधानी में पेट्रोल 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है।

आपका प्रधानमंत्री और गृहमंत्री गद्दार है...', राहुल गांधी का विवादित बयान

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लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को 'गद्दार' कहा है। राहुल के इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी ने कहा है कि राहुल पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं। उनकी सोच अर्बन नक्सल जैसी है।

पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह गद्दार हैं-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने रायबरेली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर विवादित बयान दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री लोगों से अपील करते हैं कि सोना मत खरीदो, पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करो और दूसरी तरफ खुद महंगी विदेश यात्राओं पर निकल जाते हैं। राहुल गांधी ने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह गद्दार हैं।

नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान के आर्थिक सिस्टम को बेच दिया-राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान के आर्थिक सिस्टम को बेच दिया है। फिर से बोलता हूं, नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान के आर्थिक सिस्टम को बेच दिया है। उसने अडानी को, अंबानी को और अमेरिका को हिंदुस्तान का आर्थिक सिस्टम पकड़ा दिया है। अब आर्थिक तूफान आ रहा है और नरेंद्र मोदी और हिंदुस्तान की सरकार आपको नहीं बचा पाएगी। देखना, दो-तीन महीने में आपको पता लग जाएगा। कैसा जबरदस्त झटका लगने वाला है। और आप याद रखना, नरेंद्र मोदी कहेंगे, आपसे कहेंगे, रोएंगे, जैसे कोविड के समय रोया था। जैसे नोटबंदी के समय रोया था। रोएंगे और कहेंगे मेरी गलती नहीं है। और मैं आपको बता रहा हूं कि गलती सिर्फ नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस की है। क्योंकि इन्होंने संविधान को खत्म किया है।

बीजेपी ने किया पलटवार

राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा है कि राहुल गांधी ने 140 करोड़ देशवासियों को गद्दार कहा है। राहुल का बयान पाकिस्तान जैसी है। राहुल गांधी का रिमोट कंट्रोल देश विरोधी तत्वों के हाथों में है। कांग्रेस नेता हर वक्त देशविरोधी बातें करते हैं। राहुल गांधी की भाषा माओवादी, मुस्लिम लीग और अर्बन नक्सल जैसी है।

राहुल मानसिक संतुलन खो बैठे हैं- राकेश त्रिपाठी

बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने उन्हें आदतन अपराधी करार दिया। त्रिपाठी ने कहा कि राहुल गांधी आदतन अपराधी हैं। वो कई बार कोर्ट से फटकार पा चुके हैं। राहुल गांधी का अपनी भाषा पर नियंत्रण नहीं है और वो मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। उन्होंने जो बयान दिया है इसका खामियाजा पूरी कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ेगा।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी नसीहत तो भड़के राहुल, बोले- ये नाकामी के सबूत हैं, अखिलेश यादव ने भी घेरा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीयों से खर्च में कटौती के उपाय अपनाने की अपील की। पीएम मोदी ने लोगों को सोने की खरीद से बचने, विदेश यात्रा टालने और घर से काम करने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने तेल, खाद और पेट्रोल डीजल के उपयोग में कटौती करने की अपील की। अब पीएम मोदी की इस अपील पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बुरी तरह भड़क गए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि देश चलाना अब कंप्रोमाइज्ड पीएम के वश की बात नहीं है।

देश चलाना कंप्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं-राहुल

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्‍ट कर कहा, ‘मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे। सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं, ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब कंप्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं’।

पीएम मोदी की अपील पर बिफरे अखिलेश

वहीं, दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने भी प्रधानमंत्री की अपील पर पलटवार किया है। अखिलेश ने एक्‍स पर पोस्‍ट करते हुए कहा कि ‘देश का सबसे बड़ा संकट खुद भाजपा सरकार बन चुकी है। पेट्रोल-डीजल के सीमित उपयोग, सोने की खरीद से बचने और अन्य प्रतिबंधात्मक अपीलों को सरकार की आर्थिक विफलता का संकेत बताया गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान भाजपा नेताओं ने हजारों चार्टर फ्लाइट्स और आलीशान सुविधाओं का उपयोग किया, लेकिन अब आम जनता से संयम बरतने की अपील की जा रही है’। बयान में कहा गया कि ‘सरकार की नीतियों के कारण महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक मंदी बढ़ी है। साथ ही भाजपा की विदेश नीति और आर्थिक प्रबंधन को भी निशाने पर लेते हुए कहा गया कि सरकार ने देश की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति से भटककर जनता पर आर्थिक बोझ डाला है’। 

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सिकंदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कह कि खाने के तेल की खपत कम करने से लोगों की सेहत भी बेहतर होगी और देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा, खाने के तेल के आयात पर देश को विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। अगर हर परिवार खाने के तेल का इस्तेमाल कम कर दे, तो यह देशभक्ति में बड़ा योगदान होगा। इससे देश के खजाने की सेहत भी सुधरेगी और परिवार के हर सदस्य की सेहत भी बेहतर होगी। उन्होंने रासायनिक खाद के आयात पर पड़ने वाले दबाव का भी जिक्र किया। प्रधानमत्री ने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में विदेश से रासायनिक खाद खरीदता है। उन्होंने किसानों से इसके उपयोग को कम करने की अपील की। उन्होंने कहा, कृषि क्षेत्र में भी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। हम विदेश से रासायनिक खाद आयात करते हैं। हमें इसका उपयोग आधा करना चाहिए और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और हमारी जमीन व धरती माता भी सुरक्षित रहेंगी।

बीजेपी का हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता, राहुल गांधी का गंभीर आरोप, हरियाणा सरकार को बताया घुसपैठिया

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कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में भाजपा के हर छठे सांसद ने वोट चोरी के जरिए जीत हासिल की है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं तो बीजेपी 140 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।

राहुल ने पूछा- क्या उन्हें ‘घुसपैठिए’ कहें?

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 बीजेपी सांसदों में से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं। क्या उन्हें बीजेपी की भाषा में ‘घुसपैठिए’ कहें? और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही ‘घुसपैठिया’ है। जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं। वो ख़ुद “remote controlled” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।’

बंगाल और असम के नतीजों पर भी बोला हमला

राहुल गांधी ने इससे पहले पश्चिम बंगाल और असम के नतीजों के बाद भी बीजेपी पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि असम और पश्चिम बंगाल में 'जनादेश की चोरी' देश के लोकतंत्र को नष्ट करने के भारतीय जनता पार्टी के 'मिशन' के तहत उठाया गया बड़ा कदम है। कांग्रेस के 'कुछ लोगों' और उन दूसरे लोगों को अच्छी तरह समझने की जरूरत है जो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार से खुश हो रहे हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा था कि क्षुद्र राजनीति को किनारे रखें, यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी के बारे में नहीं है, यह भारत के बारे में है।

क्या है ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट? सरकार बता रही रणनीतिक और आर्थिक लाभ, राहुल ने कह डाला ‘सबसे बड़ा घोटाला’

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देश में इन दिनों भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार परियोजना राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार के ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को प्राकृतिक और जनजातीय विरासत के ख़िलाफ सबसे बड़े घोटालों और सबसे गंभीर अपराधों में से एक बताया है। वहीं, केंद्र इसे देश की सुरक्षा और विकास के लिए जरूरी मान रहा है।

राहुल गांधी का ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर बहस, उस वक्त शुरू हुई, जब राहुल गांधी ने सरकार के इस प्रोजेक्ट की आलोचना करते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा करते हुए कहा कि वहां के पेड़ लोगों की "यादों से भी पुराने" है।

जंगलों की कटाई पर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता ने अपने वीडियो संदेश में कहा, ''सरकार इसे एक 'प्रोजेक्ट' कहती है। लेकिन मैंने जो देखा, वह प्रोजेक्ट नहीं है। यहां लाखों पेड़ों को काटने के लिए उन्हें चिह्नित किया गया है। यह 160 वर्ग किलोमीटर में फैले वर्षावन को ख़त्म करने का फ़ैसला है। यह उन समुदायों की अनदेखी है, जिनके घर उनसे छीन लिए गए हैं।"

द्वीप का हर व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, ''इस द्वीप पर रहने वाला हर एक व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ है, लेकिन उनसे इस परियोजना के बारे में पूछा ही नहीं गया है। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी जमीन के बदले उन्हें क्या मुआवजा मिलेगा। और अब मुझे समझ में आ रहा है कि सरकार मुझे यहां आने क्यों नहीं देना चाहती थी और मुझे यहां पहुंचने से रोकने के लिए सरकार ने इतना बड़ा प्रयास क्यों किया।" राहुल गांधी ने इसे "खुलेआम लूट" बताया और कहा कि द्वीप के निवासियों ने उनसे इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए कहा है।

क्या कह रही केन्द्र सरकार?

वहीं, केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय सुरक्षा, समुद्री रणनीति और आर्थिक विकास के लिहाज से बेहद अहम मान रही है। यह परियोजना अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की मौजूदगी मजबूत करेगी। इससे हिंद महासागर में समुद्री निगरानी और रक्षा क्षमता बढ़ेगी। सरकार इसे चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स रणनीति के जवाब और भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का हिस्सा बता रही। सरकार का ये भी कहना है कि दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग मलक्का स्ट्रेट के पास बन रही इस परियोजना से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

क्या है ग्रेट निकोबार परियोजना?

ग्रेट निकोबार परियोजना भारत की एक महत्वाकांक्षी रणनीतिक और आर्थिक पहल है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में देश की मौजूदगी को सशक्त करना है। इस परियोजना के तहत अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, पावर प्लांट और आधुनिक टाउनशिप विकसित किए जाने की योजना है। यह सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को ग्लोबल समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एक अहम केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके जरिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापारिक क्षमता और सामरिक महत्व तीनों को एक साथ मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्या है इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य?

इस परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में एक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। अभी तक देश को ट्रांसशिपमेंट के लिए कोलंबो और सिंगापुर जैसे विदेशी बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ते हैं। ग्रेट निकोबार में विकसित होने वाला ट्रांसशिपमेंट हब इस निर्भरता को कम करेगा और भारत को क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में प्रमुख स्थान दिलाएगा। इसके साथ ही यह परियोजना व्यापारिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, निर्यात क्षमता सुधारने और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की आर्थिक व रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

संसद में पीएम मोदी और राहुल गांधी की मुलाकात, काफी देर तक हुई बातचीत

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संवाद लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। सियासत में वैचारिक मतभेद का मतलब संवाद की कमी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, ऐसा होता नहीं है। इसलिए तो आज देश की संसद के अंदर से आई एक तस्वीर चर्चा का विषय बन गई है। ये तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज संसद परिसर में अचानक ही आमने-सामने आ गए। इस दौरान राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने भी हाथ जोड़कर उनके अभिवादन को स्वीकार किया। यही नहीं दोनों ही नेताओं के बीच फिर काफी देर तक बातचीत होती रही।

दरअसल, आज महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती है। इस मौके पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर खास आयोजन रखा गया। इसी मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद और लोकसभा स्पीकर समेत सियासी दिग्गज पहुंचे थे। इसी समारोह में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात हुई।

इस मुलाकात का एक वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। 1 मिनट 34 सेकेंड के इस वीडियो में पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। पहले तो पीएम ने बाकी खड़े सांसदों का अभिवादन किया फिर पीछे मुड़कर राहुल गांधी के पास आए। इसके बाद काफी देर तक आपस में बातचीत करते दिखे।

10 साल में 152 पेपर लीक...', राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा

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नीट पेपर लीक और इसे लेकर कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

लोकसबा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक बड़ी स्क्रीन पर 20 जुलाई के कुछ फुटेज दिखाए और कहा कि सुरक्षाबलों ने छात्रों के साथ बर्बरता की है। उन्होंने कहा, छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। वे सिर्फ एक निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का हक है कि उन्हें ऐसी व्यवस्था मिले, जहां मेहनत और योग्यता का सम्मान हो। लेकिन उन्हें सुरक्षा बलों की सख्ती का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने छात्रों पर अत्याचार किया है।

10 वर्षों में 152 बार पेपर लीक-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था कभी दुनिया की सबसे बेहतर व्यवस्थाओं में गिनी जाती थी, लेकिन अब यह पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 बार प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, यानी औसतन हर महीने एक पेपर लीक हुआ। उन्होंने कहा कि हर बार लाखों छात्रों को फिर से परीक्षा की तैयारी करनी पड़ती है और उन्हें दोबारा उसी मानसिक दबाव से गुजरना पड़ता है।

धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री के तौर पर फेल-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की इस परेशानी को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार इन घटनाओं से प्रभावित हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की है। नीट परीक्षा पर खर्च शिक्षा के बजट के बराबर। 1.32 लाख करोड़ रुपये नीट पर छात्र खर्च करते हैं। 1.4 लाख करोड़ रुपये शिक्षा बजट है। धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री के तौर पर फेल हैं।

राहुल गांधी की तीन प्रमुख मांगें

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने तीन मांगें रखी। उन्होंने कहा, 'पहली मांग- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। दूसरा- छात्रों पर बर्बरता करने वालों को सजा हो। ये आतंकवादी नहीं है, हमारे देश के छात्र हैं। तीसरी मांग- पीएम मोदी खेद जताएं।

प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका-खरगे सहित कई कांग्रेस सांसद, पीएम के इस्तीफे की मांग

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए हमले के विरोध और छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई शीर्ष नेताओं ने लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने युवा छात्रों पर हुए कथित अत्याचारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

पीएम और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, "हम कल छात्रों के खिलाफ हुई बर्बरताओं का जवाब मांगने प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च निकालकर आए हैं। सरकार न तो जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।"

कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस की ओर से हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद के सुरेश, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया है।

घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे राहुल-प्रियंका

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में हुए लाठीचार्ज के एक दिन बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरएमएल अस्पताल में घायल छात्रों से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने छात्रों का हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उस घायल युवती की मां से भी मुलाकात की, जो आरएमएल अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है।

अमेरिका के आज्ञाकारी नौकर की तरह कर रहे हैं काम”, राहुल गांधी की पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोराद हमला बोला है। राहुल गांधी ने खाड़ी क्षेत्र में हुए तीन भारतीय नाविकों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर पीएम मोदी की कूटनीति पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को अमेरिका का 'आज्ञाकारी नौकर' तक बता दिया।

आज्ञाकारी नौकर की तरह आदेश मान लेते हैं- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफसोस, न माफी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। उनके शब्द पढ़िए-अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें। कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे कंप्रोमाइज्ड पीए चुप साधे बैठे हैं। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं। कंप्रोमाइज्ड पीएम देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।

तीन भारतीयों की मौत के बाद भड़के राहुल गांधी

बता दें कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी खाड़ी में हुई घटना के बाद आई है। दरअसल, ओमान की खाड़ी (डुक्म) में एक कमर्शियल तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना का शिकार हो गया। हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। MT सेटेबेलो नाम का यह जहाज बुधवार को निशाना बना, क्योंकि अमेरिका ने आरोप लगाया था कि वह बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन नाविकों की बाद में मौत की पुष्टि हुई।

राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच अहम बैठक, TMC की अंदरूनी बगावत के बीच क्यों खास है ये मुलाकात

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर मचे घमासान ने सियासी तापमान बढ़ा रखा है। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच मुलाकात हुई है। करीब डेढ़ घंटे तक चली मुलाकात ने नई अटकलों को जन्म दिया है।

टीएमसी में सियासी खींचतान के बीच मुलाकात

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को नई दिल्ली में 10 जनपथ पर मुलाकात की।यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर कुछ नेताओं ने बगावती तेवर दिखाए हैं।

कांग्रेस-चीएमसी संबंधों पर चर्चा

सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के संबंधों को लेकर गंभीर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर भी चर्चा की कि भविष्य में दोनों दल भाजपा के खिलाफ किस तरह की रणनीति अपना सकते हैं। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में होने वाले संभावित उपचुनावों में तालमेल या सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। इंडिया गठबंधन को मजबूत करने और विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाने का मुद्दा भी बातचीत के केंद्र में रहा।

एक दिन पहले हुई थी ममता-सोनिया की मुलाकात

यह बैठक ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात के ठीक एक दिन बाद हुई है। मंगलवार को ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी के आवास पर जाकर उनसे बात की थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने विपक्षी गठबंधन को और ज्यादा मजबूत करने के रास्तों पर चर्चा की थी।

सरकार ईंधन के दाम किस्तों में बढ़ा रही है…’, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर राहुल गाधी का सरकार पर हमला

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पेट्रोल-डीजल के दामों में पिछले 10 दिनों में चौथी बार बढ़ोतरी हुई है। बढ़ती महंगाई पर विपक्ष केंद्र सरकार पर जमकर हमलावर है। नेता प्रतीपक्ष राहुल गांधी ने किस्तों में ईंधन के दाम बढ़ाकर सरकार पर आम लोगों की जेब पर डाका डालने का आरोप लगाया है।

चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने के आरोप

कांग्रेस सांसद ने सोमवार को चौथी बार पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ईंधन के दाम किस्तों में बढ़ा रही है, ताकि आम लोगों की जेब पर लगातार बोझ पड़ता रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से आर्थिक संकट की चेतावनी दी जा रही थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावों में व्यस्त थे और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दाम 8 रुपये तक बढ़ा दिए गए।

प्रियंका चतुर्वेदी का सरकार पर तंज

वहीं, शिवसेना (यूबीटी) नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने अंदाज में सरकार पर तंज कसा। प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'मुंबई में पेट्रोल की कीमत शगुन के 11 नंबर पर पहुंच गई है। उन्होंने दावा किया कि अगले 24 घंटों में महानगरों में डीजल की कीमत 100 रुपये तक पहुंच सकती है।'

पेट्रोल की कीमत 102 रूपये के पार

बता दें कि वैश्विक संकट के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। कीमतों में बढ़ोतरी से पहले दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपए प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था। लेकिन अब, राजधानी में पेट्रोल 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है।

आपका प्रधानमंत्री और गृहमंत्री गद्दार है...', राहुल गांधी का विवादित बयान

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लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को 'गद्दार' कहा है। राहुल के इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी ने कहा है कि राहुल पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं। उनकी सोच अर्बन नक्सल जैसी है।

पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह गद्दार हैं-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने रायबरेली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर विवादित बयान दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री लोगों से अपील करते हैं कि सोना मत खरीदो, पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करो और दूसरी तरफ खुद महंगी विदेश यात्राओं पर निकल जाते हैं। राहुल गांधी ने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह गद्दार हैं।

नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान के आर्थिक सिस्टम को बेच दिया-राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान के आर्थिक सिस्टम को बेच दिया है। फिर से बोलता हूं, नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान के आर्थिक सिस्टम को बेच दिया है। उसने अडानी को, अंबानी को और अमेरिका को हिंदुस्तान का आर्थिक सिस्टम पकड़ा दिया है। अब आर्थिक तूफान आ रहा है और नरेंद्र मोदी और हिंदुस्तान की सरकार आपको नहीं बचा पाएगी। देखना, दो-तीन महीने में आपको पता लग जाएगा। कैसा जबरदस्त झटका लगने वाला है। और आप याद रखना, नरेंद्र मोदी कहेंगे, आपसे कहेंगे, रोएंगे, जैसे कोविड के समय रोया था। जैसे नोटबंदी के समय रोया था। रोएंगे और कहेंगे मेरी गलती नहीं है। और मैं आपको बता रहा हूं कि गलती सिर्फ नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस की है। क्योंकि इन्होंने संविधान को खत्म किया है।

बीजेपी ने किया पलटवार

राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा है कि राहुल गांधी ने 140 करोड़ देशवासियों को गद्दार कहा है। राहुल का बयान पाकिस्तान जैसी है। राहुल गांधी का रिमोट कंट्रोल देश विरोधी तत्वों के हाथों में है। कांग्रेस नेता हर वक्त देशविरोधी बातें करते हैं। राहुल गांधी की भाषा माओवादी, मुस्लिम लीग और अर्बन नक्सल जैसी है।

राहुल मानसिक संतुलन खो बैठे हैं- राकेश त्रिपाठी

बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने उन्हें आदतन अपराधी करार दिया। त्रिपाठी ने कहा कि राहुल गांधी आदतन अपराधी हैं। वो कई बार कोर्ट से फटकार पा चुके हैं। राहुल गांधी का अपनी भाषा पर नियंत्रण नहीं है और वो मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। उन्होंने जो बयान दिया है इसका खामियाजा पूरी कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ेगा।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी नसीहत तो भड़के राहुल, बोले- ये नाकामी के सबूत हैं, अखिलेश यादव ने भी घेरा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीयों से खर्च में कटौती के उपाय अपनाने की अपील की। पीएम मोदी ने लोगों को सोने की खरीद से बचने, विदेश यात्रा टालने और घर से काम करने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने तेल, खाद और पेट्रोल डीजल के उपयोग में कटौती करने की अपील की। अब पीएम मोदी की इस अपील पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बुरी तरह भड़क गए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि देश चलाना अब कंप्रोमाइज्ड पीएम के वश की बात नहीं है।

देश चलाना कंप्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं-राहुल

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्‍ट कर कहा, ‘मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे। सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं, ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब कंप्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं’।

पीएम मोदी की अपील पर बिफरे अखिलेश

वहीं, दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने भी प्रधानमंत्री की अपील पर पलटवार किया है। अखिलेश ने एक्‍स पर पोस्‍ट करते हुए कहा कि ‘देश का सबसे बड़ा संकट खुद भाजपा सरकार बन चुकी है। पेट्रोल-डीजल के सीमित उपयोग, सोने की खरीद से बचने और अन्य प्रतिबंधात्मक अपीलों को सरकार की आर्थिक विफलता का संकेत बताया गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान भाजपा नेताओं ने हजारों चार्टर फ्लाइट्स और आलीशान सुविधाओं का उपयोग किया, लेकिन अब आम जनता से संयम बरतने की अपील की जा रही है’। बयान में कहा गया कि ‘सरकार की नीतियों के कारण महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक मंदी बढ़ी है। साथ ही भाजपा की विदेश नीति और आर्थिक प्रबंधन को भी निशाने पर लेते हुए कहा गया कि सरकार ने देश की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति से भटककर जनता पर आर्थिक बोझ डाला है’। 

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सिकंदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कह कि खाने के तेल की खपत कम करने से लोगों की सेहत भी बेहतर होगी और देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा, खाने के तेल के आयात पर देश को विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। अगर हर परिवार खाने के तेल का इस्तेमाल कम कर दे, तो यह देशभक्ति में बड़ा योगदान होगा। इससे देश के खजाने की सेहत भी सुधरेगी और परिवार के हर सदस्य की सेहत भी बेहतर होगी। उन्होंने रासायनिक खाद के आयात पर पड़ने वाले दबाव का भी जिक्र किया। प्रधानमत्री ने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में विदेश से रासायनिक खाद खरीदता है। उन्होंने किसानों से इसके उपयोग को कम करने की अपील की। उन्होंने कहा, कृषि क्षेत्र में भी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। हम विदेश से रासायनिक खाद आयात करते हैं। हमें इसका उपयोग आधा करना चाहिए और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और हमारी जमीन व धरती माता भी सुरक्षित रहेंगी।

बीजेपी का हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता, राहुल गांधी का गंभीर आरोप, हरियाणा सरकार को बताया घुसपैठिया

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कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में भाजपा के हर छठे सांसद ने वोट चोरी के जरिए जीत हासिल की है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं तो बीजेपी 140 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।

राहुल ने पूछा- क्या उन्हें ‘घुसपैठिए’ कहें?

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 बीजेपी सांसदों में से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं। क्या उन्हें बीजेपी की भाषा में ‘घुसपैठिए’ कहें? और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही ‘घुसपैठिया’ है। जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं। वो ख़ुद “remote controlled” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।’

बंगाल और असम के नतीजों पर भी बोला हमला

राहुल गांधी ने इससे पहले पश्चिम बंगाल और असम के नतीजों के बाद भी बीजेपी पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि असम और पश्चिम बंगाल में 'जनादेश की चोरी' देश के लोकतंत्र को नष्ट करने के भारतीय जनता पार्टी के 'मिशन' के तहत उठाया गया बड़ा कदम है। कांग्रेस के 'कुछ लोगों' और उन दूसरे लोगों को अच्छी तरह समझने की जरूरत है जो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार से खुश हो रहे हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा था कि क्षुद्र राजनीति को किनारे रखें, यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी के बारे में नहीं है, यह भारत के बारे में है।

क्या है ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट? सरकार बता रही रणनीतिक और आर्थिक लाभ, राहुल ने कह डाला ‘सबसे बड़ा घोटाला’

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देश में इन दिनों भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार परियोजना राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार के ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को प्राकृतिक और जनजातीय विरासत के ख़िलाफ सबसे बड़े घोटालों और सबसे गंभीर अपराधों में से एक बताया है। वहीं, केंद्र इसे देश की सुरक्षा और विकास के लिए जरूरी मान रहा है।

राहुल गांधी का ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर बहस, उस वक्त शुरू हुई, जब राहुल गांधी ने सरकार के इस प्रोजेक्ट की आलोचना करते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा करते हुए कहा कि वहां के पेड़ लोगों की "यादों से भी पुराने" है।

जंगलों की कटाई पर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता ने अपने वीडियो संदेश में कहा, ''सरकार इसे एक 'प्रोजेक्ट' कहती है। लेकिन मैंने जो देखा, वह प्रोजेक्ट नहीं है। यहां लाखों पेड़ों को काटने के लिए उन्हें चिह्नित किया गया है। यह 160 वर्ग किलोमीटर में फैले वर्षावन को ख़त्म करने का फ़ैसला है। यह उन समुदायों की अनदेखी है, जिनके घर उनसे छीन लिए गए हैं।"

द्वीप का हर व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, ''इस द्वीप पर रहने वाला हर एक व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ है, लेकिन उनसे इस परियोजना के बारे में पूछा ही नहीं गया है। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी जमीन के बदले उन्हें क्या मुआवजा मिलेगा। और अब मुझे समझ में आ रहा है कि सरकार मुझे यहां आने क्यों नहीं देना चाहती थी और मुझे यहां पहुंचने से रोकने के लिए सरकार ने इतना बड़ा प्रयास क्यों किया।" राहुल गांधी ने इसे "खुलेआम लूट" बताया और कहा कि द्वीप के निवासियों ने उनसे इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए कहा है।

क्या कह रही केन्द्र सरकार?

वहीं, केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय सुरक्षा, समुद्री रणनीति और आर्थिक विकास के लिहाज से बेहद अहम मान रही है। यह परियोजना अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की मौजूदगी मजबूत करेगी। इससे हिंद महासागर में समुद्री निगरानी और रक्षा क्षमता बढ़ेगी। सरकार इसे चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स रणनीति के जवाब और भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का हिस्सा बता रही। सरकार का ये भी कहना है कि दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग मलक्का स्ट्रेट के पास बन रही इस परियोजना से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

क्या है ग्रेट निकोबार परियोजना?

ग्रेट निकोबार परियोजना भारत की एक महत्वाकांक्षी रणनीतिक और आर्थिक पहल है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में देश की मौजूदगी को सशक्त करना है। इस परियोजना के तहत अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, पावर प्लांट और आधुनिक टाउनशिप विकसित किए जाने की योजना है। यह सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को ग्लोबल समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एक अहम केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके जरिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापारिक क्षमता और सामरिक महत्व तीनों को एक साथ मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्या है इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य?

इस परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में एक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। अभी तक देश को ट्रांसशिपमेंट के लिए कोलंबो और सिंगापुर जैसे विदेशी बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ते हैं। ग्रेट निकोबार में विकसित होने वाला ट्रांसशिपमेंट हब इस निर्भरता को कम करेगा और भारत को क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में प्रमुख स्थान दिलाएगा। इसके साथ ही यह परियोजना व्यापारिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, निर्यात क्षमता सुधारने और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की आर्थिक व रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

संसद में पीएम मोदी और राहुल गांधी की मुलाकात, काफी देर तक हुई बातचीत

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संवाद लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। सियासत में वैचारिक मतभेद का मतलब संवाद की कमी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, ऐसा होता नहीं है। इसलिए तो आज देश की संसद के अंदर से आई एक तस्वीर चर्चा का विषय बन गई है। ये तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज संसद परिसर में अचानक ही आमने-सामने आ गए। इस दौरान राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने भी हाथ जोड़कर उनके अभिवादन को स्वीकार किया। यही नहीं दोनों ही नेताओं के बीच फिर काफी देर तक बातचीत होती रही।

दरअसल, आज महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती है। इस मौके पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर खास आयोजन रखा गया। इसी मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद और लोकसभा स्पीकर समेत सियासी दिग्गज पहुंचे थे। इसी समारोह में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात हुई।

इस मुलाकात का एक वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। 1 मिनट 34 सेकेंड के इस वीडियो में पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। पहले तो पीएम ने बाकी खड़े सांसदों का अभिवादन किया फिर पीछे मुड़कर राहुल गांधी के पास आए। इसके बाद काफी देर तक आपस में बातचीत करते दिखे।