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राँची नगर निगम: 'आधी आबादी' का पूरा दम; 33% से 50% आरक्षण और फर्श से अर्श तक का सफर

राँची नगर निगम के गठन के बाद से अब तक हुए तीन चुनावों (2008, 2013, और 2018) के आंकड़े गवाही देते हैं कि राजधानी की शहरी राजनीति में महिलाओं का कद लगातार बढ़ा है। महिलाओं ने न केवल आरक्षित सीटों पर जीत दर्ज की, बल्कि अनारक्षित सीटों पर भी पुरुष प्रत्याशियों को 'धूल चटाकर' अपनी जगह बनाई।

चुनावी दर चुनावी: बढ़ता महिलाओं का कुनबा

नगर निगम के चुनावों में महिला पार्षदों की संख्या में हुई वृद्धि को नीचे दिए गए टेबल से समझा जा सकता है:

चुनाव वर्ष विजयी महिला पार्षदों की संख्या आरक्षण का प्रतिशत मुख्य उपलब्धि

2008 15 33% राज्य का पहला निगम चुनाव, पहली महिला मेयर (रमा खलखो)

2013 27 33% पार्षदों की संख्या लगभग दोगुनी हुई

2018 32 50% अब तक की सर्वाधिक भागीदारी, आशा लकड़ा दूसरी बार मेयर

मेयर पद: 15 वर्षों से महिलाओं का 'अभेद्य किला'

राँची नगर निगम में मेयर का पद शुरुआत से ही महिला शक्ति का केंद्र रहा है।

2008: रमा खलखो राँची की पहली महिला मेयर बनकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हुईं।

2013 और 2018: आशा लकड़ा ने लगातार दो बार जीत हासिल की। विशेषकर 2018 में, जब उन्होंने कड़े मुकाबले में कई दिग्गज पुरुष उम्मीदवारों को शिकस्त दी, जो यह साबित करता है कि मतदाता अब जेंडर से ऊपर उठकर 'काम और विकास' के नाम पर महिला नेतृत्व को चुन रहे हैं।

आरक्षण का बदलता स्वरूप: 33% से 50% की छलांग

शहरी लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए झारखंड सरकार ने 2018 के चुनावों में ऐतिहासिक बदलाव किया।

शुरुआती दौर: 2008 और 2013 में संविधान के 74वें संशोधन के तहत एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं।

ऐतिहासिक मोड़: 2018 में आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया।

अनारक्षित सीटों पर कब्जा: महिलाओं की बढ़ती ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने न केवल अपनी आरक्षित 50% सीटों को जीता, बल्कि अनारक्षित (General) सीटों पर भी पुरुषों को हराकर अपनी पैठ बनाई।

विशेषज्ञों की राय: चुनौती और संकेत

विशेषज्ञ मानते हैं कि संख्या बढ़ना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है, लेकिन असली चुनौती 'निर्णय प्रक्रिया' (Decision Making) में है।

"संख्यात्मक बढ़त के बाद अब गुणात्मक सुधार की जरूरत है। महिलाओं को बोर्ड की बैठकों और नीति निर्धारण में अपनी स्वतंत्र भूमिका और मुखर करनी होगी।"

निष्कर्ष

राँची नगर निगम के ये आंकड़े बताते हैं कि यहाँ का शहरी मतदाता अब अधिक जागरूक है। महिलाओं की यह बढ़ती मौजूदगी स्थानीय मुद्दों जैसे— पानी, सफाई, और स्ट्रीट लाइट— पर उनकी पकड़ को मजबूत कर रही है।

पतरातू: स्पर्श ई-वॉइस ने बढ़ाया मदद का हाथ; SSC GD के जरूरतमंद छात्रों के बीच बांटी गई निःशुल्क पाठ्य सामग्री

पतरातू: स्थानीय वंचित युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सपनों को पंख देने के उद्देश्य से 'स्पर्श ई-वॉइस' द्वारा संचालित निःशुल्क SSC GD कोचिंग सेंटर में अध्ययन सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पीवीयूएनएल (PVUNL) कर्मियों एवं उनके परिजनों की इस पंजीकृत संस्था ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा ने दिया सफलता का मूल मंत्र

गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेनू सहगल उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने हाथों से छात्रों के बीच किताबों और अन्य पठन-सामग्री का वितरण किया। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:

"लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एकाग्रता सबसे जरूरी है। अपने उद्देश्य को केंद्र बिंदु मानकर कड़ी मेहनत करें, सफलता अवश्य कदम चूमेगी।"

संसाधनों के अभाव को दूर कर रही 'स्पर्श' की पहल

कार्यक्रम के दौरान संस्थान की सचिव नम्रता रघुवंशी और कार्यकारी सदस्य दिव्या गंगवार भी उपस्थित रहीं। अध्ययन सामग्री पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे। छात्रों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि संसाधनों की कमी के कारण जो पढ़ाई अधूरी लग रही थी, वह अब पीवीयूएनएल के कर्मचारियों और एक्सटर्नल फैकल्टी के सहयोग से पूरी हो रही है। छात्रों ने इस नि:स्वार्थ सेवा के लिए ‘पीवीयूऐनएल और स्पर्श ई-वॉइस' का आभार जताया।

स्पर्श ई-वॉइस: एक परिचय

यह संस्था पीवीयूएनएल कर्मियों और उनके परिवारों द्वारा संचालित है, जो सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्थानीय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC GD) के लिए तैयार करने हेतु निःशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन प्रदान करती है।

नगरपालिका चुनाव 2026: राँची और बुण्डू के लिए प्रेक्षकों की नियुक्ति; राजकीय अतिथिशाला में शिकायतों के लिए मिल सकेंगे उम्मीदवार

राँची, 06 फरवरी 2026: नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 के निष्पक्ष संचालन हेतु राज्य निर्वाचन आयोग ने राँची जिला के लिए सामान्य और व्यय प्रेक्षकों की तैनाती कर दी है। ये प्रेक्षक चुनावी प्रक्रियाओं की निगरानी के साथ-साथ उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर पैनी नजर रखेंगे।

प्रेक्षकों का विवरण और संपर्क सूत्र

निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त अधिकारियों का विवरण उनके मोबाइल नंबर और मिलने के समय के साथ नीचे दिया गया है:

क्षेत्र प्रेक्षक का प्रकार नाम मोबाइल नंबर कार्यालय/आवासन (राजकीय अतिथिशाला)

राँची नगर निगम सामान्य प्रेक्षक श्री संदीप कुमार दोराईबुरु 9431114834 कमरा संख्या - 210

राँची नगर निगम व्यय प्रेक्षक श्री धु्रव कुमार 7004490210 कमरा संख्या - 207

बुण्डू नगर पंचायत सामान्य प्रेक्षक श्री सत्यवीर रजक 7762824750 कमरा संख्या - 211

बुण्डू नगर पंचायत व्यय प्रेक्षक श्री अजय कुमार कच्छप - कमरा संख्या - 209

बैठक का समय: सभी प्रेक्षक राजकीय अतिथिशाला (सर्कुलर रोड) में अपराह्न 03:30 से 04:30 बजे तक आम जनता और उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

पारदर्शिता के लिए 'आंख और कान' की भूमिका

ये प्रेक्षक आयोग के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगे। सामान्य प्रेक्षक जहाँ मतदान केंद्रों की व्यवस्था और आचार संहिता के पालन की निगरानी करेंगे, वहीं व्यय प्रेक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से अधिक धन खर्च न करे।

राँची मेयर पद की रेस: स्क्रुटनी में सभी 19 नामांकन पत्र वैध; रमा खलखो और सुनील फकीरा कच्छप समेत कई दिग्गज मैदान में

राँची, 05 फरवरी 2026: नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 को लेकर आज समाहरणालय में महत्वपूर्ण प्रक्रिया संपन्न हुई। मेयर पद के लिए दाखिल किए गए सभी 19 नामांकन पत्रों की स्क्रुटनी (जांच) की गई, जिसमें सभी अभ्यर्थी योग्य पाए गए हैं। निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय में आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत दस्तावेजों की गहन जांच के बाद किसी भी उम्मीदवार का पर्चा खारिज नहीं हुआ।

मैदान में डटे हैं ये 19 चेहरे

जांच के बाद अब चुनावी रण में भाग्य आजमाने के लिए जो नाम फाइनल हुए हैं, उनमें प्रमुख रूप से रमा खलखो, सुनील फकीरा कच्छप, देवी दयाल मुण्डा, और रौशनी खलखो जैसे नाम शामिल हैं। 19 अभ्यर्थियों की सूची में अजीत लकड़ा, किरण कुमारी, और संजय कुमार टोप्पो जैसे उम्मीदवार भी मजबूती से डटे हुए हैं।

प्रशासन की पैनी नजर

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्क्रुटनी के दौरान शपथ पत्र, प्रस्तावक और समर्थकों के विवरणों की बारीकी से जांच की गई है। अब आगामी प्रक्रिया के तहत नाम वापसी और उसके बाद प्रतीक आवंटन (सिंबल अलॉटमेंट) की कार्रवाई निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार की जाएगी।

आचार संहिता का पालन अनिवार्य

प्रशासन ने सभी उम्मीदवारों से अपील की है कि वे आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन करें। निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मतदाताओं की सुविधा और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: 26 प्रस्तावों को मिली मंजूरी; बजट और असम के मुद्दे पर केंद्र पर बरसे मुख्यमंत्री

राँची, 05 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कुल 26 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। हालांकि, बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री का रुख केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर काफी हमलावर रहा।

केंद्रीय बजट पर सवाल: "महंगाई की भेंट चढ़ी आम जनता"

केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम सोरेन ने कहा कि इस बजट ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा:

"आप बजट को गौर से देखिए, किस तरह चीजों को बदला जा रहा है। कृषि हो या अन्य सेक्टर, प्रावधानों को जटिल बनाया गया है। आप कोयला और खनिज की बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इस बजट के बाद दाल और चावल जैसी रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो गई हैं।"

असम दौरे का जिक्र: "वहां आज भी अंग्रेजी गुलामी का एहसास"

हाल के असम दौरे से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने वहां के चाय बागान मजदूरों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने केंद्र और असम सरकार को घेरते हुए कहा कि असम के चाय बागानों में आज भी 'देश के अंदर देश' जैसी विचित्र स्थिति है। वहां मजदूरों को देखकर ऐसा लगता है जैसे वे आज भी अंग्रेजी हुकूमत के गुलाम हैं और गुलामी का जीवन जीने को विवश हैं।

कैबिनेट के मुख्य फैसले (26 प्रस्तावों का सारांश)

कैबिनेट की इस बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनका विस्तृत विवरण जल्द ही विभाग द्वारा जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य राज्य के संसाधनों का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।

झारखंड सरकार के खजाने से हुए 10हजार करोड़ के गबन की हो उच्च स्तरीय जांच....बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार के खजाने से ₹10,000 करोड़ की राशि गायब होने की खबर पर बड़ा निशाना साधा।

कहा कि वित्त मंत्री द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वित्त सचिव द्वारा सभी विभागों के सचिवों की बैठक बुलाकर विस्तृत हिसाब लिया जाए, लेकिन वित्त सचिव द्वारा मंत्री के आदेश का पालन करने के बजाय फाइल को मुख्य सचिव के पास भेज दिया गया, जहां वह पिछले तीन महीनों से लंबित पड़ी है। आखिर सरकार जांच से क्यों कतरा रही है?

कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरह मुख्य सचिव भी जमीन घोटाले के आरोपों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में संदेह उठना स्वाभाविक है कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव द्वारा जानबूझकर मामले को दबाने या टालने का प्रयास किया जा रहा है।

कहा कि मुख्य सचिव को यह स्पष्ट करना चाहिए कि तीन महीने से फाइल पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई और देरी के लिए कौन जिम्मेदार है?

श्री मरांडी ने कहा कि यह पूरा मामला गंभीर आर्थिक अपराध है। इसकी जांच होनी चाहिए कि यह राशि कहां गई, कहीं इसे निवेश के रूप में तो नहीं लगाया गया और क्या मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव ने इससे कोई लाभ उठाया है?

पलामू में ममता शर्मसार: कलयुगी मां ने 13 साल की बेटी को अधेड़ के हाथों बेचा; पुलिस ने आरोपी को दबोचा, मां फरार

मेदिनीनगर (पलामू): झारखंड के पलामू जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां ने ही अपनी ममता का सौदा कर दिया। आरोपी मां ने अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी को मेदिनीनगर के रहने वाले 55 वर्षीय प्रभाकर कुमार मिश्रा के हवाले कर दिया। आरोपी ने बच्ची से अवैध रूप से शादी की और उसे करीब दो महीने तक बंधक बनाकर रखा।

पिता के लौटते ही खुला साजिश का राज

इस घिनौनी साजिश का पर्दाफाश तब हुआ जब बच्ची के पिता सूरत (गुजरात) से मजदूरी कर वापस लौटे। घर पर बेटी को न पाकर उन्होंने खोजबीन शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद जब पिता अपनी बेटी तक पहुँचे और उसे घर लाए, तब मासूम ने अपनी आपबीती सुनाई। बच्ची ने बताया कि कैसे उसकी मां ने ही उसे अधेड़ व्यक्ति को सौंप दिया था, जिसके बाद उसके साथ दरिंदगी की गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए पलामू एसपी रीष्मा रमेशन के निर्देश पर सदर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।

गिरफ्तारी: पुलिस ने मेदिनीनगर के श्रीराम पथ इलाके में छापेमारी कर आरोपी प्रभाकर कुमार मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है।

गंभीर धाराएं: आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और अपहरण जैसी संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बच्ची का रेस्क्यू: नाबालिग को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति (CWC) को सौंप दिया गया है, जहां उसकी विशेष काउंसलिंग की जा रही है।

प्रेमी के साथ फरार है 'कलयुगी' मां

पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि अपनी ही बेटी का सौदा करने के बाद आरोपी मां अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

चुनाव आयोग का 'मिशन 2026': 1,444 केंद्रीय पर्यवेक्षकों को दी गई 'प्रकाश स्तंभ' बनने की जिम्मेदारी; निष्पक्ष चुनाव के लिए दिल्ली में दो दिवसीय ब्

नई दिल्ली, 05 फरवरी 2026: भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में आयोग ने आज नई दिल्ली स्थित IIIDEM में तैनात किए जाने वाले 1,444 केंद्रीय पर्यवेक्षकों के लिए दो दिवसीय विशेष ब्रीफिंग सत्र का आयोजन किया।

पर्यवेक्षकों की तैनाती का गणित

आयोग ने चुनावी शुचिता बनाए रखने के लिए तीन श्रेणियों में अधिकारियों को तैनात किया है:

714 सामान्य पर्यवेक्षक (General Observers)

233 पुलिस पर्यवेक्षक (Police Observers)

497 व्यय पर्यवेक्षक (Expenditure Observers)

मुख्य चुनाव आयुक्त का संबोधन: "आप आयोग के प्रकाश स्तंभ हैं"

मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने पर्यवेक्षकों को संबोधित करते हुए उन्हें निर्वाचन आयोग का 'प्रकाश स्तंभ' बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यवेक्षकों की उपस्थिति 824 निर्वाचन क्षेत्रों में पूरी चुनाव मशीनरी को ऊर्जावान बनाएगी और स्वतंत्र, निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करेगी।

चुनाव आयुक्तों के महत्वपूर्ण निर्देश

डॉ. एस.एस. संधू (चुनाव आयुक्त): उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षक अधिकारियों के लिए 'मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक' की भूमिका निभाएं। उन्होंने मतदाताओं के लिए पर्यवेक्षकों की सुलभता और शिकायतों के त्वरित निवारण पर जोर दिया।

डॉ. विवेक जोशी (चुनाव आयुक्त): उन्होंने निर्देश दिया कि मतदाता सूचना पर्चियां (VIS) समय पर वितरित की जाएं ताकि मतदान के दिन मतदाताओं को कोई असुविधा न हो। उन्होंने आयोग के निर्देशों का 'अक्षरश:' पालन सुनिश्चित करने को कहा।

तकनीक और सुविधाओं पर जोर

सत्र के दौरान पर्यवेक्षकों को आधुनिक IT एप्लिकेशन्स, चुनावी प्लेटफार्मों और मीडिया प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। आयोग ने विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:

AMFs (आश्वासित न्यूनतम सुविधाएं): मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए पानी, बिजली, शौचालय और रैंप जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना।

अनुच्छेद 324 का अनुपालन: संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत चुनावी प्रक्रिया के कुशल प्रबंधन की निगरानी।

मीडिया और शिकायत निवारण: राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध रहना और पक्षपात की किसी भी धारणा को समाप्त करना।

आयोग की 'आंख और कान'

केंद्रीय पर्यवेक्षकों को आयोग की 'आंख और कान' के रूप में संबोधित किया गया। उन्हें सीधे आयोग को इनपुट प्रदान करने और जमीनी स्तर पर चुनावी कानूनों का सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया है।

राँची: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया 'मीडिया कप 2026' का उद्घाटन; पहले दिन टीम भैरवी और अमानत का दबदबा

राँची, 04 फरवरी 2026: द राँची प्रेस क्लब की ओर से बहुप्रतीक्षित मीडिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट-2026 का शानदार शुभारंभ बुधवार को रातू के अगरु स्थित जेके इंटरनेशनल क्रिकेट अकादमी में हुआ। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने दीप प्रज्वलित कर और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

"लोकतंत्र के प्रहरी भी दिखाएं खेल का कौशल": राज्यपाल

उद्घाटन भाषण के दौरान राज्यपाल ने मीडिया को लोकतंत्र का 'चतुर्थ स्तंभ' बताते हुए कहा कि दिन-रात जनहित के कार्यों में व्यस्त रहने वाले पत्रकारों के लिए खेल का मैदान मानसिक तनाव दूर करने और आपसी सौहार्द बढ़ाने का बेहतरीन मंच है। उन्होंने कहा कि मीडिया जब खिलाड़ियों की उपलब्धियों को दिखाता है, तो वह समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है।

मैच राउंड-अप: विक्की पासवान और शमीम राजा चमके

टूर्नामेंट के पहले दिन दो रोमांचक मुकाबले खेले गए:

1. मैच - 1 (भैरवी बनाम कारो): टीम भैरवी ने विक्की पासवान की विस्फोटक शतकीय पारी (117 रन) के दम पर 13 ओवरों में 160 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में कारो की टीम 142 रन ही बना सकी।

परिणाम: भैरवी 18 रनों से जीता।

प्लेयर ऑफ द मैच: विक्की पासवान।

2. मैच - 2 (अजय बनाम अमानत): टीम अजय ने पहले बल्लेबाजी करते हुए राकेश सिंह के शानदार 83 रनों की मदद से 124 रन बनाए। जवाब में टीम अमानत ने शमीम राजा (52 रन) और रियाज आलम की पारियों की बदौलत केवल 10.3 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया।

परिणाम: अमानत 7 विकेट से जीता।

प्लेयर ऑफ द मैच: शमीम राजा।

विशेष उपस्थिति

समारोह में अदानी समूह के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स) संजीव शेखर, टाटा समूह के प्रतिनिधि अमृतांशु, राँची प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारी और बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे। राज्यपाल ने हाल ही में निर्वाचित प्रेस क्लब की नई कमेटी को भी बधाई दी।

एसडीओ कुमार रजत ने किया कांटाटोली–सिरमटोली प्रोजेक्ट का औचक निरीक्षण; निर्माण में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को दी 'डेडलाइन'

राँची, 04 फरवरी 2026: उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के कड़े रुख के बाद कांटाटोली–सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर के निर्माण कार्य को गति देने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में आज अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), सदर श्री कुमार रजत ने निर्माण स्थल का गहन निरीक्षण किया और कार्य की वर्तमान प्रगति का जायजा लिया।

धरातल पर बाधाओं की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान एसडीओ कुमार रजत ने उन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जो निर्माण की गति को धीमा कर रहे हैं। उन्होंने निम्नलिखित कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की:

भवन और यूटिलिटी शिफ्टिंग: बिजली के खंभों, पाइपलाइनों और चिन्हित भवनों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।

भू-अर्जन: लंबित भू-अर्जन मामलों को लेकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

ट्रैफिक प्रबंधन: निर्माण के दौरान आम जनता को जाम से राहत दिलाने के लिए सुचारू ट्रैफिक प्लान लागू करने पर जोर दिया।

आपसी समन्वय से पूरा होगा लक्ष्य

एसडीओ ने कार्यकारी एजेंसियों और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय तालमेल की कमी के कारण कार्य में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह शहर की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा करना है।

प्रशासन की सतत निगरानी

जिला प्रशासन द्वारा इस प्रोजेक्ट की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्माण कार्य में आने वाली किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दें, ताकि उसका त्वरित समाधान निकाला जा सके।