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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की मौत, दोस्तों के साथ कुल्लू गए थे वीर सोरेन

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत की खबर सामने आई है। यह घटना हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुई। सूचना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, उनके बेटे बाबूलाल सोरेन सहित उनके अन्य परिवारिक सदस्य शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।

तबीयत अचानक बिगड़ी

जानकारी के मताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ कुल्लू मनाली घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि बर्फ में खेलने और ठंड में समय बिताने के बाद वे अपने होटल लौटे थे। बताया जा रहा है कि होटल पहुंचने के कुछ ही समय बाद वीर सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उनके दोस्तों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

झारखंड में शोक की लहर

चंपई सोरेन झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और वह प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनके पोते की असमय मृत्यु की खबर से राजनीतिक जगत में भी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

झारखंड बजट 2026-27: 1.58 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश, 'नया झारखंड' बनाने का रोडमैप तैयार

रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट विधानसभा में पेश करते हुए राज्य के समग्र विकास का स्पष्ट रोडमैप रखा. 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये के इस बजट में बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को विकास का इंजन बताया गया है.

बजट का आकार और वित्तीय तस्वीर

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सकल बजट अनुमान पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक रखा गया है. राजस्व व्यय के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक और पूंजीगत व्यय के लिए 37,708 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया कि यह बजट विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को भी साधने का प्रयास है. राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो राज्य के GSDP का 2.18 प्रतिशत है.

निधि की व्यवस्था के लिए अपने कर राजस्व से 46,000 करोड़, गैर कर राजस्व से 20,700 करोड़, केंद्रीय सहायता से 18,273.66 करोड़, केंद्रीय करों में राज्य के हिस्सेदारी के रूप में 51,236.38 करोड़, लोक ऋण से 22,049.96 करोड़ और उधार तथा अग्रिम की वसूली से 300 करोड़ रु होने का अनुमान है.

GSDP दोगुना करने का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में झारखंड की अर्थव्यवस्था को दोगुना करना है. इसके लिए कृषि, उद्योग, भौतिक संरचना, वित्तीय क्षेत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष फोकस रखा गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा संसाधनों के बेहतर उपयोग और सूखे जैसे बाहरी कारकों के प्रभाव को कम कर 14 प्रतिशत की लक्षित विकास दर हासिल की जाएगी.

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल

महिला किसान खुशहाली योजना के जरिए महिला किसानों को आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा. नकदी फसलों के विस्तार, कोल्ड स्टोरेज युक्त कोऑपरेटिव मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स और लघु वन उत्पादों के उन्नयन से ग्रामीण आय बढ़ाने का प्रयास किया गया है.

शिक्षा और कौशल विकास

राज्य के सभी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को Jharkhand Institute of Technology के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना और चयनित ITI में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण की योजना पेश की गई है.

स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा निवेश

कैंसर की शुरुआती पहचान और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों में PET-CT, कैथलैब और जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें लगेंगी. 750 अबुआ दवाखानों के माध्यम से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है.

सड़क, पुल और पर्यटन को रफ्तार

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और सेतु योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पर्यटन के क्षेत्र में ग्लास ब्रिज, रोपवे, स्काइवॉक, सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी परियोजनाओं से राज्य को नया पर्यटन मानचित्र देने की तैयारी है.

निवेश और रोजगार

सरकार के अनुसार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से झारखंड को 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे करीब 45 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना है. इसके अलावा औद्योगिक नीतियों के तहत 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है.

बाल बजट और जेंडर बजट

इस बजट की खासियत आउटकम बजट के तहत तैयार किया गया बाल बजट और जेंडर बजट है. बच्चों से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल योजना आकार का 10.7 प्रतिशत और महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है.

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 को सरकार ने “विकास, निवेश और सामाजिक न्याय का संतुलित दस्तावेज” बताया है, जो झारखंड को अगले दशक में तेज आर्थिक वृद्धि की राह पर ले जाने का दावा करता है.

झारखंड की किशोरियों को मिल रहा है सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ

झारखंड सरकार किशोरियों एवं महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने हेतु निरंतर आगे बढ़ रही है ताकि झारखण्ड एक स्वस्थ और सशक्त प्रदेश बन सके। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच झारखंड की हर महिला को सम्मान और किशोरियों को बेहतर शिक्षा और बेहतर जीवन के साथ ऊँचाईयों तक पहुँचने के सभी अवसर मिले । इसी सोच के साथ झारखण्ड सरकार द्वारा बालिकाओं के शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की शुरूआत 2022-23 वित्तीय वर्ष में की गई है।

स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध मिलती है चालीस हजार रूपया की प्रोत्साहन राशि

इस योजना के अंतर्गत स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध चालीस हजार रूपया प्रोत्साहन राशि प्रदान कर शिक्षा में निरंतरता सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि वे सब अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और आर्थिक बाधाओं से मुक्त होकर उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ सकें।

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया की गई है शुरू

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा इस वित्तीय वर्ष से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया शुरू किया गया है।

आठवीं कक्षा से बारहवीं कक्षा के सभी बालिकाएं अपने विद्यालय से अबुआ सरकार की इस महत्वकांक्षी सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर जल्द से जल्द आवेदन कर के अपनी शिक्षा और सशक्तिकरण की उड़ान भरने की तैयारी करें।

अब तक 6,07,467 बालिकाओं का ऑनलाइन आ चुका है आवेदन

बता दें कि अब तक 6,07,467 बालिकाओं का आवेदन ऑनलाइन आ चुका है इनमें से 2,78,463 बालिकाओं को 104 करोड़ 65 लाख से अधिक राशि भुगतान की जा चुकी है एवं शेष लाभुकों की भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पूरे राज्य में अबतक ई विद्यावाहिनी में अंकित 15007 विद्यालय में से 13,469 विद्यालय से आवेदन प्राप्त हुआ है। शेष विद्यालय से आवेदन प्राप्त करने हेतु आवश्यक निर्देश शिक्षा विभाग में कार्यरत क्षेत्रीय कर्मियों को दी गई है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को ससमय निष्पादित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का संबंधित विभागीय पोर्टल (savitribaipksy.jharkhand.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का निष्पादन ससमय होनिया हेतु संबंधित पदाधिकारियो, कर्मियों, प्रधानाध्यापक, BEEO एवं प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को समाज कल्याण निदेशालय द्वारा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही समय समय पर तकनीकी सहयोग प्रदान भी किया जा रहा है।

योजना से लाभान्वित किये जाने संबंधी अधिक जानकारी या सहायता के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी या विद्यालयों के प्रधानाध्यापक / BEEO या प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

रिम्स अवैध निर्माण मामला: बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार के "भ्रष्ट सिस्टम" पर बड़ा हमला

"रजिस्ट्रार, अंचल अधिकारी, नगर निगम, रेरा के अधिकारी अविलंब निलंबित हों!"

रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रिम्स (RIMS) परिसर में हो रहे अवैध निर्माण पर राज्य सरकार के भ्रष्ट तंत्र को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण में शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निर्दोष फ्लैट खरीदारों को तत्काल राहत देने की मांग की है।

न्यायोचित कार्रवाई, पर भ्रष्ट तंत्र की जवाबदेही

श्री मरांडी ने माननीय उच्च न्यायालय के आदेश से अवैध निर्माण को तोड़े जाने को न्यायोचित और स्वागत योग्य बताया, लेकिन सवाल उठाया कि हेमंत सरकार के इस भ्रष्ट तंत्र की सजा आम जनता क्यों भुगते। उन्होंने याद दिलाया कि हेमंत सरकार में सेना की जमीन की हेराफेरी में आईएएस अधिकारी तक जेल जा चुके हैं।

भ्रष्टाचार के लिए सीधे अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार

बाबूलाल मरांडी ने रिम्स परिसर में अवैध निर्माण के लिए निम्नलिखित अधिकारियों और विभागों को सीधा जिम्मेदार ठहराया है, जिन्हें मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त होने का आरोप लगाया:

रजिस्ट्रार (Registrar):

जब जमीन रिम्स की थी, तो रजिस्ट्रार ने फ्लैटों की रजिस्ट्री कैसे कर दी? उनका काम ही रजिस्ट्री से पहले जमीन की वैधता सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी में बड़े भ्रष्टाचार और रिश्वत की लेनदेन से इनकार नहीं किया जा सकता।

अंचल अधिकारी (Circle Officer):

रजिस्ट्री के बाद जमीन का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) बड़ी आसानी से कैसे हो गया, जबकि आम आदमी वर्षों तक चक्कर काटता रहता है? इससे भ्रष्टाचार के तार नीचे से ऊपर तक जुड़े होने का संकेत मिलता है।

रांची नगर निगम (Ranchi Municipal Corporation):

रिम्स की जमीन पर फ्लैटों का नक्शा कैसे स्वीकृत और पास हुआ? यह तब हुआ जब हाईकोर्ट के आदेश से वर्षों तक निगम में नक्शा पास करने का काम स्थगित था।

रेरा (RERA, Jharkhand):

रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी) ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और आम जनता को परेशानी में डाल दिया।

राज्य सरकार से मरांडी की प्रमुख मांगें

श्री मरांडी ने कहा कि यह मामला सिर्फ अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र में जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार का परिणाम है। उन्होंने राज्य सरकार से निम्नलिखित त्वरित कार्रवाई की मांग की:

अधिकारियों का निलंबन: रजिस्ट्रार, अंचल अधिकारी, रांची नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी, रेरा के जिम्मेदार अधिकारियों को अविलंब निलंबित किया जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

वैकल्पिक आवास: फ्लैट खरीदने वाले निर्दोष लोगों को तत्काल वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए राज्य सरकार।

बैंक लोन की जिम्मेदारी: फ्लैट खरीदारों के बैंक लोन की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार वहन करे।

वसूली: भ्रष्ट अधिकारियों से पैसे की वसूली की जाए।

इस प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रवक्ता राफिया नाज, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

राज्य के 1,61,55,740 मतदाताओं का विगत एसआईआर के मतदाता सूची से मैपिंग सम्पन्न


रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में वर्तमान मतदाता सूची के मतदाताओं का विगत एसआईआर के मतदाता सूची से मैपिंग के क्रम में 1 करोड़ 61 लाख 55 हजार 740 मतदाताओं का मैपिंग किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब्सेंट, शिफ्टेड डेथ एवं एक से अधिक स्थान पर सूचीबद्ध श्रेणी के 12 लाख मतदाताओं को सूचीबद्ध किया गया है। इसके साथ ही मतदाता सूची के मैपिंग के अन्य कार्य प्रगति पर है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मंगलवार को निर्वाचन सदन से कम पैतृक मैपिंग करने वाले विधानसभा के ईआरओ एवं सभी उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि विगत के एसआईआर के बाद राज्य में अन्य राज्यों से आए मतदाता एवं जिन मतदाताओं का विगत के एसआईआर वाले मतदाता सूची से मैपिंग में कठिनाई आ रही है उनका संबंधित राज्य के सीईओ वेबसाईट अथवा भारत निर्वाचन आयोग के वेबसाईट का उपयोग करते हुए मैपिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि https://voters.eci.gov.in/ का प्रयोग करते हुए अन्य राज्य से आए मतदाताओं का पैतृक मैपिंग करें वहीं झारखंड के मतदाताओं के मैपिंग हेतु मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झारखंड के वेबसाइट https://ceo.jharkhand.gov.in/ का उपयोग करें।

श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि कम परफॉर्मेंस वाले बीएलओ को चिन्हित करते हुए बैचवार ट्रेनिंग दें। इसके साथ ही मतदाताओं को भी पैतृक मैपिंग की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि वैसे बीएलओ जो विगत के एसआईआर के मतदाता सूची से मतदाता का विवरण नहीं ढूंढ पा रहे वे अपने जिले मुख्यालय के हेल्पडेस्क मैनेजर से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने ईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारियों से कहा कि बीएलओ को कार्यक्षेत्र में आने वाले कठिनाइयों का आंकलन करते हुए उनकी सहायता करें जिससे वे पैतृक मैपिंग के कार्य को आसानी से कर पाएं ।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि मैपिंग करते समय एएसडी सूची से भी मिलान अवश्य करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान मतदाता सूची के मतदाताओं का पैतृक मैपिंग का कार्य को प्राथमिकता देते हुए करें। अधिक से अधिक पैतृक मैपिंग से एसआईआर के समय कम से कम मतदाताओं को दस्तावेज समर्पित करना पड़ेगा एवं प्रक्रिया में आसानी आएगी। उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची से छुटे नहीं इसे ध्यान में रखकर कार्य करें।

बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर सहित सभी जिलों के ईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित थे।

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The trial cultivation of China Millets has been successful.

These millets were grown at the Agricultural Research Centre located at the headquarters of Jai Dharti Maa Foundation.

Founder Ravi Kumar Nishad, Dhanbad, Jharkhand, said:

“The soil of Jharkhand has immense potential to grow highly valuable agricultural crops. What we lack is only the willingness to come forward and take up farming. I request all farmers and people from the business community to explore millet varieties like China Millets. These crops require very little cost and maintenance, yet provide good returns.”

China Millet is a type of coarse grain. It is also known as Punarva. It is not clearly known where it was first cultivated, but it has been grown as a crop in the Caucasus and China for more than 7,000 years. It is believed that the crop might have been domesticated independently in these regions.

Today, China Millets are grown extensively in India, Russia, Ukraine, the Middle East, Turkey, and Romania. The grain is considered highly beneficial for health. Since it is gluten-free, it can be consumed even by people who are allergic to wheat.

झारखंड हाईकोर्ट की रजत जयंती: CM सोरेन को कार्यक्रम में शामिल होने का मिला आमंत्रण

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को झारखंड हाइकोर्ट की "Silver Jubilee Celebration of High Court of Jharkhand" कार्यक्रम में सम्मिलित होने का आमंत्रण मिला है।

आज, 14 नवंबर 2025 को, मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में विधि (न्याय) के प्रधान सचिव-सह-विधि परामर्शी श्री नीरज कुमार श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें 15 नवंबर 2025 को हाइकोर्ट परिसर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम हेतु सादर आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कार्यक्रम की सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

मनिका विधायक रामचंद्र सिंह चुने गए उत्कृष्ट विधायक, झारखंड विधानसभा स्थापना दिवस पर होंगे सम्मानित|

Ranchi | 17-11-2023: झारखंड के लातेहार के मनिका से कांग्रेस विधायक रामचंद्र सिंह उत्कृष्ट विधायक के रूप में चयनित किए गए हैं. इसे लेकर शुक्रवार को स्पीकर रबींद्रनाथ महतो के कांके स्थित आवास पर उत्कृष्ट विधायक चयन समिति की बैठक हुई. इसमें इनका चयन किया गया. 22 नवंबर को झारखंड विधानसभा का स्थापना दिवस है.



झारखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: बाबा साहेब अंबेडकर आवास योजना में सहयोग राशि ₹2 लाख हुई; मांडर-चान्हो के लिए ₹236 करोड़ की लिफ्ट सिंचाई योजना को

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 03 नवंबर 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, सड़क, और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर पड़ेगा।

ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचा (Infrastructure)

आवास योजना में वृद्धि: बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आवास योजना के तहत सहयोग राशि ₹1.30 लाख/₹1.20 लाख से बढ़ाकर ₹2.00 लाख किए जाने को मंजूरी दी गई।

मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना: राँची जिले के मांडर एवं चान्हो प्रखंड के आंशिक भू-भाग में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कैम्बो मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के लिए ₹236 करोड़ से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

सड़क परियोजनाओं को मंजूरी: दुमका जिले में दो महत्वपूर्ण सड़कों—बरमसिया पीडब्ल्यूडी पथ से शहरघाटी पथ (8.130 कि.मी.) और करमाटांड से भोगतानडीह पथ (7.775 कि.मी.)—के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण हेतु क्रमशः ₹44.93 करोड़ और ₹35.81 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

चुनाव, खेल और प्रशासन

घाटशिला उपचुनाव फंड: 45-घाटशिला (अ.ज.जा.) विधानसभा उपचुनाव के संचालन हेतु ₹7 करोड़ 84 लाख झारखंड आकस्मिकता निधि से अग्रिम के तौर पर प्राप्त करने को स्वीकृति दी गई।

अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को सम्मान: अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सुश्री सलीमा टेटे और सुश्री निक्की प्रधान को झारखंड आवास बोर्ड द्वारा निःशुल्क आवंटित भूखंडों के निबंधन में मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क से विमुक्ति की स्वीकृति दी गई।

हेलिकॉप्टर सेवा विस्तार: VIP/VVIPs के सरकारी उड़ान कार्यक्रम के लिए 2+5 सीटर ट्विन इंजन Bell-429 Helicopter की वर्तमान सेवा को 6 माह के लिए विस्तारित करने पर सहमति बनी।

विधानसभा सत्र का सत्रावसान: षष्ठम झारखंड विधान सभा के तृतीय (मानसून) सत्र (01.08.2025 से 28.08.2025 तक) के सत्रावसान को मंजूरी दी गई।

नियमावली और अन्य निर्णय

स्वास्थ्य नियमावली: Jharkhand State Allied and Healthcare Council Rules, 2025 के गठन की स्वीकृति दी गई।

कार्मिक संवर्ग नियमावली: "झारखण्ड राज्य बहुद्देशीय कर्मी (Multi Purpose Staff) संवर्ग (भर्ती एवं सेवाशर्तें) नियमावली, 2025 के गठन को मंजूरी दी गई।

वेतनमान में संशोधन: माननीय झारखंड उच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका के याचिकाकर्ताओं (ग्रेन गोला चौकीदार से प्रखण्ड कल्याण पर्यवेक्षक पद पर प्रोन्नति पाए कर्मियों) को G.P. ₹1900/- के स्थान पर G.P. ₹2400/- अनुमान्य करने की स्वीकृति दी गई।

पेंशन पुनरीक्षण: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत राजकीय इंजीनियरिंग/पॉलिटेक्निक संस्थानों के 01.01.2016 के पूर्व सेवानिवृत/मृत सरकारी शिक्षकों के पेंशन/पारिवारिक पेंशन पुनरीक्षण की स्वीकृति दी गई।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की मौत, दोस्तों के साथ कुल्लू गए थे वीर सोरेन

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत की खबर सामने आई है। यह घटना हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुई। सूचना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, उनके बेटे बाबूलाल सोरेन सहित उनके अन्य परिवारिक सदस्य शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।

तबीयत अचानक बिगड़ी

जानकारी के मताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ कुल्लू मनाली घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि बर्फ में खेलने और ठंड में समय बिताने के बाद वे अपने होटल लौटे थे। बताया जा रहा है कि होटल पहुंचने के कुछ ही समय बाद वीर सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उनके दोस्तों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

झारखंड में शोक की लहर

चंपई सोरेन झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और वह प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनके पोते की असमय मृत्यु की खबर से राजनीतिक जगत में भी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

झारखंड बजट 2026-27: 1.58 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश, 'नया झारखंड' बनाने का रोडमैप तैयार

रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट विधानसभा में पेश करते हुए राज्य के समग्र विकास का स्पष्ट रोडमैप रखा. 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये के इस बजट में बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को विकास का इंजन बताया गया है.

बजट का आकार और वित्तीय तस्वीर

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सकल बजट अनुमान पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक रखा गया है. राजस्व व्यय के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक और पूंजीगत व्यय के लिए 37,708 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया कि यह बजट विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को भी साधने का प्रयास है. राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो राज्य के GSDP का 2.18 प्रतिशत है.

निधि की व्यवस्था के लिए अपने कर राजस्व से 46,000 करोड़, गैर कर राजस्व से 20,700 करोड़, केंद्रीय सहायता से 18,273.66 करोड़, केंद्रीय करों में राज्य के हिस्सेदारी के रूप में 51,236.38 करोड़, लोक ऋण से 22,049.96 करोड़ और उधार तथा अग्रिम की वसूली से 300 करोड़ रु होने का अनुमान है.

GSDP दोगुना करने का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में झारखंड की अर्थव्यवस्था को दोगुना करना है. इसके लिए कृषि, उद्योग, भौतिक संरचना, वित्तीय क्षेत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष फोकस रखा गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा संसाधनों के बेहतर उपयोग और सूखे जैसे बाहरी कारकों के प्रभाव को कम कर 14 प्रतिशत की लक्षित विकास दर हासिल की जाएगी.

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल

महिला किसान खुशहाली योजना के जरिए महिला किसानों को आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा. नकदी फसलों के विस्तार, कोल्ड स्टोरेज युक्त कोऑपरेटिव मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स और लघु वन उत्पादों के उन्नयन से ग्रामीण आय बढ़ाने का प्रयास किया गया है.

शिक्षा और कौशल विकास

राज्य के सभी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को Jharkhand Institute of Technology के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना और चयनित ITI में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण की योजना पेश की गई है.

स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा निवेश

कैंसर की शुरुआती पहचान और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों में PET-CT, कैथलैब और जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें लगेंगी. 750 अबुआ दवाखानों के माध्यम से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है.

सड़क, पुल और पर्यटन को रफ्तार

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और सेतु योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पर्यटन के क्षेत्र में ग्लास ब्रिज, रोपवे, स्काइवॉक, सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी परियोजनाओं से राज्य को नया पर्यटन मानचित्र देने की तैयारी है.

निवेश और रोजगार

सरकार के अनुसार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से झारखंड को 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे करीब 45 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना है. इसके अलावा औद्योगिक नीतियों के तहत 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है.

बाल बजट और जेंडर बजट

इस बजट की खासियत आउटकम बजट के तहत तैयार किया गया बाल बजट और जेंडर बजट है. बच्चों से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल योजना आकार का 10.7 प्रतिशत और महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है.

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 को सरकार ने “विकास, निवेश और सामाजिक न्याय का संतुलित दस्तावेज” बताया है, जो झारखंड को अगले दशक में तेज आर्थिक वृद्धि की राह पर ले जाने का दावा करता है.

झारखंड की किशोरियों को मिल रहा है सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ

झारखंड सरकार किशोरियों एवं महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने हेतु निरंतर आगे बढ़ रही है ताकि झारखण्ड एक स्वस्थ और सशक्त प्रदेश बन सके। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच झारखंड की हर महिला को सम्मान और किशोरियों को बेहतर शिक्षा और बेहतर जीवन के साथ ऊँचाईयों तक पहुँचने के सभी अवसर मिले । इसी सोच के साथ झारखण्ड सरकार द्वारा बालिकाओं के शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की शुरूआत 2022-23 वित्तीय वर्ष में की गई है।

स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध मिलती है चालीस हजार रूपया की प्रोत्साहन राशि

इस योजना के अंतर्गत स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध चालीस हजार रूपया प्रोत्साहन राशि प्रदान कर शिक्षा में निरंतरता सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि वे सब अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और आर्थिक बाधाओं से मुक्त होकर उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ सकें।

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया की गई है शुरू

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा इस वित्तीय वर्ष से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया शुरू किया गया है।

आठवीं कक्षा से बारहवीं कक्षा के सभी बालिकाएं अपने विद्यालय से अबुआ सरकार की इस महत्वकांक्षी सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर जल्द से जल्द आवेदन कर के अपनी शिक्षा और सशक्तिकरण की उड़ान भरने की तैयारी करें।

अब तक 6,07,467 बालिकाओं का ऑनलाइन आ चुका है आवेदन

बता दें कि अब तक 6,07,467 बालिकाओं का आवेदन ऑनलाइन आ चुका है इनमें से 2,78,463 बालिकाओं को 104 करोड़ 65 लाख से अधिक राशि भुगतान की जा चुकी है एवं शेष लाभुकों की भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पूरे राज्य में अबतक ई विद्यावाहिनी में अंकित 15007 विद्यालय में से 13,469 विद्यालय से आवेदन प्राप्त हुआ है। शेष विद्यालय से आवेदन प्राप्त करने हेतु आवश्यक निर्देश शिक्षा विभाग में कार्यरत क्षेत्रीय कर्मियों को दी गई है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को ससमय निष्पादित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का संबंधित विभागीय पोर्टल (savitribaipksy.jharkhand.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का निष्पादन ससमय होनिया हेतु संबंधित पदाधिकारियो, कर्मियों, प्रधानाध्यापक, BEEO एवं प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को समाज कल्याण निदेशालय द्वारा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही समय समय पर तकनीकी सहयोग प्रदान भी किया जा रहा है।

योजना से लाभान्वित किये जाने संबंधी अधिक जानकारी या सहायता के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी या विद्यालयों के प्रधानाध्यापक / BEEO या प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

रिम्स अवैध निर्माण मामला: बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार के "भ्रष्ट सिस्टम" पर बड़ा हमला

"रजिस्ट्रार, अंचल अधिकारी, नगर निगम, रेरा के अधिकारी अविलंब निलंबित हों!"

रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रिम्स (RIMS) परिसर में हो रहे अवैध निर्माण पर राज्य सरकार के भ्रष्ट तंत्र को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण में शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निर्दोष फ्लैट खरीदारों को तत्काल राहत देने की मांग की है।

न्यायोचित कार्रवाई, पर भ्रष्ट तंत्र की जवाबदेही

श्री मरांडी ने माननीय उच्च न्यायालय के आदेश से अवैध निर्माण को तोड़े जाने को न्यायोचित और स्वागत योग्य बताया, लेकिन सवाल उठाया कि हेमंत सरकार के इस भ्रष्ट तंत्र की सजा आम जनता क्यों भुगते। उन्होंने याद दिलाया कि हेमंत सरकार में सेना की जमीन की हेराफेरी में आईएएस अधिकारी तक जेल जा चुके हैं।

भ्रष्टाचार के लिए सीधे अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार

बाबूलाल मरांडी ने रिम्स परिसर में अवैध निर्माण के लिए निम्नलिखित अधिकारियों और विभागों को सीधा जिम्मेदार ठहराया है, जिन्हें मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त होने का आरोप लगाया:

रजिस्ट्रार (Registrar):

जब जमीन रिम्स की थी, तो रजिस्ट्रार ने फ्लैटों की रजिस्ट्री कैसे कर दी? उनका काम ही रजिस्ट्री से पहले जमीन की वैधता सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी में बड़े भ्रष्टाचार और रिश्वत की लेनदेन से इनकार नहीं किया जा सकता।

अंचल अधिकारी (Circle Officer):

रजिस्ट्री के बाद जमीन का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) बड़ी आसानी से कैसे हो गया, जबकि आम आदमी वर्षों तक चक्कर काटता रहता है? इससे भ्रष्टाचार के तार नीचे से ऊपर तक जुड़े होने का संकेत मिलता है।

रांची नगर निगम (Ranchi Municipal Corporation):

रिम्स की जमीन पर फ्लैटों का नक्शा कैसे स्वीकृत और पास हुआ? यह तब हुआ जब हाईकोर्ट के आदेश से वर्षों तक निगम में नक्शा पास करने का काम स्थगित था।

रेरा (RERA, Jharkhand):

रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी) ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और आम जनता को परेशानी में डाल दिया।

राज्य सरकार से मरांडी की प्रमुख मांगें

श्री मरांडी ने कहा कि यह मामला सिर्फ अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र में जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार का परिणाम है। उन्होंने राज्य सरकार से निम्नलिखित त्वरित कार्रवाई की मांग की:

अधिकारियों का निलंबन: रजिस्ट्रार, अंचल अधिकारी, रांची नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी, रेरा के जिम्मेदार अधिकारियों को अविलंब निलंबित किया जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

वैकल्पिक आवास: फ्लैट खरीदने वाले निर्दोष लोगों को तत्काल वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए राज्य सरकार।

बैंक लोन की जिम्मेदारी: फ्लैट खरीदारों के बैंक लोन की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार वहन करे।

वसूली: भ्रष्ट अधिकारियों से पैसे की वसूली की जाए।

इस प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रवक्ता राफिया नाज, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

राज्य के 1,61,55,740 मतदाताओं का विगत एसआईआर के मतदाता सूची से मैपिंग सम्पन्न


रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में वर्तमान मतदाता सूची के मतदाताओं का विगत एसआईआर के मतदाता सूची से मैपिंग के क्रम में 1 करोड़ 61 लाख 55 हजार 740 मतदाताओं का मैपिंग किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब्सेंट, शिफ्टेड डेथ एवं एक से अधिक स्थान पर सूचीबद्ध श्रेणी के 12 लाख मतदाताओं को सूचीबद्ध किया गया है। इसके साथ ही मतदाता सूची के मैपिंग के अन्य कार्य प्रगति पर है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मंगलवार को निर्वाचन सदन से कम पैतृक मैपिंग करने वाले विधानसभा के ईआरओ एवं सभी उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि विगत के एसआईआर के बाद राज्य में अन्य राज्यों से आए मतदाता एवं जिन मतदाताओं का विगत के एसआईआर वाले मतदाता सूची से मैपिंग में कठिनाई आ रही है उनका संबंधित राज्य के सीईओ वेबसाईट अथवा भारत निर्वाचन आयोग के वेबसाईट का उपयोग करते हुए मैपिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि https://voters.eci.gov.in/ का प्रयोग करते हुए अन्य राज्य से आए मतदाताओं का पैतृक मैपिंग करें वहीं झारखंड के मतदाताओं के मैपिंग हेतु मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झारखंड के वेबसाइट https://ceo.jharkhand.gov.in/ का उपयोग करें।

श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि कम परफॉर्मेंस वाले बीएलओ को चिन्हित करते हुए बैचवार ट्रेनिंग दें। इसके साथ ही मतदाताओं को भी पैतृक मैपिंग की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि वैसे बीएलओ जो विगत के एसआईआर के मतदाता सूची से मतदाता का विवरण नहीं ढूंढ पा रहे वे अपने जिले मुख्यालय के हेल्पडेस्क मैनेजर से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने ईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारियों से कहा कि बीएलओ को कार्यक्षेत्र में आने वाले कठिनाइयों का आंकलन करते हुए उनकी सहायता करें जिससे वे पैतृक मैपिंग के कार्य को आसानी से कर पाएं ।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि मैपिंग करते समय एएसडी सूची से भी मिलान अवश्य करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान मतदाता सूची के मतदाताओं का पैतृक मैपिंग का कार्य को प्राथमिकता देते हुए करें। अधिक से अधिक पैतृक मैपिंग से एसआईआर के समय कम से कम मतदाताओं को दस्तावेज समर्पित करना पड़ेगा एवं प्रक्रिया में आसानी आएगी। उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची से छुटे नहीं इसे ध्यान में रखकर कार्य करें।

बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर सहित सभी जिलों के ईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित थे।

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The trial cultivation of China Millets has been successful.

These millets were grown at the Agricultural Research Centre located at the headquarters of Jai Dharti Maa Foundation.

Founder Ravi Kumar Nishad, Dhanbad, Jharkhand, said:

“The soil of Jharkhand has immense potential to grow highly valuable agricultural crops. What we lack is only the willingness to come forward and take up farming. I request all farmers and people from the business community to explore millet varieties like China Millets. These crops require very little cost and maintenance, yet provide good returns.”

China Millet is a type of coarse grain. It is also known as Punarva. It is not clearly known where it was first cultivated, but it has been grown as a crop in the Caucasus and China for more than 7,000 years. It is believed that the crop might have been domesticated independently in these regions.

Today, China Millets are grown extensively in India, Russia, Ukraine, the Middle East, Turkey, and Romania. The grain is considered highly beneficial for health. Since it is gluten-free, it can be consumed even by people who are allergic to wheat.

झारखंड हाईकोर्ट की रजत जयंती: CM सोरेन को कार्यक्रम में शामिल होने का मिला आमंत्रण

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को झारखंड हाइकोर्ट की "Silver Jubilee Celebration of High Court of Jharkhand" कार्यक्रम में सम्मिलित होने का आमंत्रण मिला है।

आज, 14 नवंबर 2025 को, मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में विधि (न्याय) के प्रधान सचिव-सह-विधि परामर्शी श्री नीरज कुमार श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें 15 नवंबर 2025 को हाइकोर्ट परिसर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम हेतु सादर आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कार्यक्रम की सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

मनिका विधायक रामचंद्र सिंह चुने गए उत्कृष्ट विधायक, झारखंड विधानसभा स्थापना दिवस पर होंगे सम्मानित|

Ranchi | 17-11-2023: झारखंड के लातेहार के मनिका से कांग्रेस विधायक रामचंद्र सिंह उत्कृष्ट विधायक के रूप में चयनित किए गए हैं. इसे लेकर शुक्रवार को स्पीकर रबींद्रनाथ महतो के कांके स्थित आवास पर उत्कृष्ट विधायक चयन समिति की बैठक हुई. इसमें इनका चयन किया गया. 22 नवंबर को झारखंड विधानसभा का स्थापना दिवस है.



झारखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: बाबा साहेब अंबेडकर आवास योजना में सहयोग राशि ₹2 लाख हुई; मांडर-चान्हो के लिए ₹236 करोड़ की लिफ्ट सिंचाई योजना को

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 03 नवंबर 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, सड़क, और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर पड़ेगा।

ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचा (Infrastructure)

आवास योजना में वृद्धि: बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आवास योजना के तहत सहयोग राशि ₹1.30 लाख/₹1.20 लाख से बढ़ाकर ₹2.00 लाख किए जाने को मंजूरी दी गई।

मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना: राँची जिले के मांडर एवं चान्हो प्रखंड के आंशिक भू-भाग में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कैम्बो मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के लिए ₹236 करोड़ से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

सड़क परियोजनाओं को मंजूरी: दुमका जिले में दो महत्वपूर्ण सड़कों—बरमसिया पीडब्ल्यूडी पथ से शहरघाटी पथ (8.130 कि.मी.) और करमाटांड से भोगतानडीह पथ (7.775 कि.मी.)—के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण हेतु क्रमशः ₹44.93 करोड़ और ₹35.81 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

चुनाव, खेल और प्रशासन

घाटशिला उपचुनाव फंड: 45-घाटशिला (अ.ज.जा.) विधानसभा उपचुनाव के संचालन हेतु ₹7 करोड़ 84 लाख झारखंड आकस्मिकता निधि से अग्रिम के तौर पर प्राप्त करने को स्वीकृति दी गई।

अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को सम्मान: अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सुश्री सलीमा टेटे और सुश्री निक्की प्रधान को झारखंड आवास बोर्ड द्वारा निःशुल्क आवंटित भूखंडों के निबंधन में मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क से विमुक्ति की स्वीकृति दी गई।

हेलिकॉप्टर सेवा विस्तार: VIP/VVIPs के सरकारी उड़ान कार्यक्रम के लिए 2+5 सीटर ट्विन इंजन Bell-429 Helicopter की वर्तमान सेवा को 6 माह के लिए विस्तारित करने पर सहमति बनी।

विधानसभा सत्र का सत्रावसान: षष्ठम झारखंड विधान सभा के तृतीय (मानसून) सत्र (01.08.2025 से 28.08.2025 तक) के सत्रावसान को मंजूरी दी गई।

नियमावली और अन्य निर्णय

स्वास्थ्य नियमावली: Jharkhand State Allied and Healthcare Council Rules, 2025 के गठन की स्वीकृति दी गई।

कार्मिक संवर्ग नियमावली: "झारखण्ड राज्य बहुद्देशीय कर्मी (Multi Purpose Staff) संवर्ग (भर्ती एवं सेवाशर्तें) नियमावली, 2025 के गठन को मंजूरी दी गई।

वेतनमान में संशोधन: माननीय झारखंड उच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका के याचिकाकर्ताओं (ग्रेन गोला चौकीदार से प्रखण्ड कल्याण पर्यवेक्षक पद पर प्रोन्नति पाए कर्मियों) को G.P. ₹1900/- के स्थान पर G.P. ₹2400/- अनुमान्य करने की स्वीकृति दी गई।

पेंशन पुनरीक्षण: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत राजकीय इंजीनियरिंग/पॉलिटेक्निक संस्थानों के 01.01.2016 के पूर्व सेवानिवृत/मृत सरकारी शिक्षकों के पेंशन/पारिवारिक पेंशन पुनरीक्षण की स्वीकृति दी गई।