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*महिलाओं को किया गया जागरूकः पुलिस ने चौपाल लगाकर बताए हेल्पलाइन नंबर,साइबर क्राइम से बचाव के टिप्स दिए*

रिपोर्ट -नितेश श्रीवास्तव

भदोही- भदोही में मिशन शक्ति अभियान के पांचवें चरण के तहत महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में महिला बीट पुलिस अधिकारियों ने विशेष जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस टीमों ने गांव,कस्बे, स्कूल,काॅलेज और मंदिरों में जाकर महिलाओं और बालिकाओं से संवाद किया।

चौपाल के माध्यम से उन्हें आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इसमें वूमेन पावर लाइन (1090), पुलिस आपातकालीन सेवा (112) , चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), एम्बुलेंस सेवा (108) और टोल फ्री (1076) शामिल हैं। विशेष रूप से साइबर अपराधों से बचाव के लिए महिलाओं को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई ऋ इसके साथ ही सरकार द्वारा संचालित महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी देते हुए पम्पलेट भी वितरित किए गए। यह अभियान कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूत करने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

*बोर्ड परीक्षा: 68 केंद्रों पर लगेंगे अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक, तीन जोन और 12 सेक्टर में बंटा भदोही जिला*

रिपोर्ट -नितेश श्रीवास्तव

भदोही- जिले में 24 फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा को पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग के साथ प्रशासन ने भी कमर कस लिया है‌। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए जिले को तीन जोन और 12 सेक्टरों में बांटा गया है। सभी 94 केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट को नामित कर लिया गया है। इसमें केंद्र बनाए गए 68 वित्तविहीन विद्यालयों में अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक लगाए जाएंगे।

माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से होने वाली बोर्ड परीक्षा में इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के करीब 55,182 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारी को लेकर विभाग जोर - शोर से लगा है। नकल कर नकेल लगाने के लिए विभाग की ओर से पूरी तैयारी की जा रही है। इसके लिए जिले को तीन जोन और 12 सेक्टरों में बांटा गया है। कक्ष निरीक्षकों की सूची को फाइनल किया जा रहा है। 193 माध्यमिक और इंटरमीडिएट में तीन राजकीय,23 वित्तपोषण और 68 वित्तविहीन को केंद्र बनाया गया है।

परीक्षा केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापक के साथ एक - एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई जा रही है। वित्तविहीन विद्यालयों में नकल पर अंकुश लगाने के लिए अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक की उपस्थिति रहेगी। वह परीक्षा केंद्र की हर गतिविधि पर नजर रखेगा। डबल अलमारी, जिसमें पेपर सुरक्षित और गोपनीय तरीके से रखा जाता है, उसकी एक चाबी भी केंद्र व्यवस्थापक के पास रहेगी। परीक्षा शुरू होने से पहले दोनों केंद्र व्यवस्थापकों की मौजूदगी में डबल लॉक को खोला जाएगा। इसके बाद प्रश्नपत्र का वितरण किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि नकल पर अंकुश लगाने के लिए पुख्ता इंतजाम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ स्टेटिक मजिस्ट्रेट नामित हो ग‌ए है। अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक की ड्यूटी लगाई जा रही है।

*राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रथम एकदिवसीय सामान्य शिविर का हुआ आयोजन*

रिपोर्ट -नितेश श्रीवास्तव

भदोही- केएनपीजी कॉलेज ज्ञानपुर भदोही में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक/ स्वयंसेविकाओं का शनिवार को प्रथम "एकदिवसीय सामान्य शिविर" का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य विषय "स्वच्छता अभियान" रहा। इस मौके पर स्वयंसेवक एवं सेविकाएं महाविद्यालय प्रांगण को प्लास्टिक एवं पेपर रहित बनाया तथा प्रांगण में फैले कूड़े– कचरे को एकत्रित किया। उसके बाद प्रत्येक इकाई के कार्यक्रम अधिकारियों की उपस्थिति में स्वयं सेवक एवं स्वयं सेविकाएं पंक्ति बद्ध हुए।

प्राचार्य ने स्वच्छता जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किए, यह रैली ज्ञानपुर बाजार एवं शीतल तिराहे से होते हुए चयनित गांव चकटोडर के मलिन बस्ती जाकर खत्म हुई। मलिन बस्ती में छात्र/छात्राओं ने साफ– सफाई की तथा वहां के लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किए तत्पश्चात यह रैली महाविद्यालय वापस हुई और यहां एक स्वच्छता अभियान पर एक बौद्धिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफेसर रमेश चंद्र यादव ने किया। मुख्य कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर संतोष कुमार आर्य ने राष्ट्रीय सेवा योजना में नव प्रवेशी पंजीकृत छात्र/छात्राओं को राष्ट्रीय सेवा योजना के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान किया तथा इसकी उपयोगिता एवं लाभ के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर श्रीश कुमार उपाध्याय ने छात्र-छात्राओं को माय भारत पोर्टल पर कैसे रजिस्ट्रेशन किया जाए के बारे में जानकारी प्रदान किए।

इसी क्रम में बौद्धिक संगोष्ठी में डॉक्टर प्रीति कुमारी ने छात्राओं को स्वच्छता के महत्व पर विस्तार से चर्चा किया तथा प्राचार्य प्रोफेसर रमेश चंद्र यादव ने स्वयंसेवक एवं सेविकाओं को अनुशासन में रहते हुए स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए स्वच्छ घर एवं विद्यालय प्रांगण में छात्रों के योगदान पर प्रकाश डाला तथा स्वच्छ भारत को बनाने में स्वयंसेवक एवं सेवकों की जिम्मेदारी का अहसास कराया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर मधु, डॉक्टर देवेश यादव तथा महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

*मंडल में पहला मियांवाकी पद्धति से वन निर्माण हेतु डीएम ने कलेक्ट्रेट में किया वृक्षारोपण*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌।विंध्याचल मंडल का पहला मियावाकीं पद्धति से प्राकृतिक वन निर्माण हेतु जिलाधिकारी विशाल सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर में वृक्षारोपण किया। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण और शहरी वनीकरण को बढ़ावा देने के लिए कार्यदाई संस्था बीडा की तरफ से शुरू की गई है। जिसका पर्यवेक्षण व अनुरक्षण वन विभाग द्वारा किया जाएगा।जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा, "मियावाकी पद्धति से वन बनाने का यह एक अनोखा प्रयास है। हमारा लक्ष्य है कि हम शहर में हरित क्षेत्र को बढ़ाएं और पर्यावरण को संरक्षित करें।मियावाकी पद्धति एक जापानी विधि है जिसमें पौधों को एक दूसरे से कम दूरी पर लगाया जाता है। यह पद्धति शहरी वनीकरण के लिए बहुत प्रभावी है और इसमें पौधों की वृद्धि 10 गुना अधिक तेजी से होती है ।

इस परियोजना में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे जो शहरी वातावरण में अनुकूल हैं। जिलाधिकारी ने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि हम शहर में एक सुंदर और हरित वातावरण बनाएं।डीएम ने बताया कि कलेक्ट्रेट में निर्धारित स्थान पर 5600 वृक्ष लगाए जाएंगे। मियांवाकी पद्धति में सबसे कम से बढ़ते हुए सबसे अधिक ऊंचाई के क्रम में 04 लेयर में वृक्षारोपण किया जाता है ।बढ़ते क्रम में अनार, अमरुद, शीशम, नीम या इसी श्रृंखला में अन्य प्रजातियों के पौधे लगाए जाते हैं।भारत के प्रधानमंत्री ने भी 'मन की बात' के अपने हालिया एपिसोड में मियावाकी वृक्षारोपण की अवधारणा पर चर्चा की। उन्होंने सीमित स्थानों में घने शहरी वन स्थापित करने की जापानी तकनीक पर प्रकाश डाला।

मियावाकी पद्यति के प्रणेता जापानी वनस्पति वैज्ञानिक अकीरा मियावाकी हैं। इस पद्यति से बहुत कम समय में जंगलों को घने जंगलों में परिवर्तित किया जा सकता है। जिसका मूल उद्देश्य भूमि के एक छोटे से टुकड़े के भीतर हरित आवरण को सघन बनाना था।

इस कार्यविधि में पेड़ स्वयं अपना विकास करते हैं और तीन वर्ष के भीतर वे अपनी पूरी लंबाई तक बढ़ जाते हैं। मियावाकी पद्धति में उपयोग किये जाने वाले पौधे ज़्यादातर आत्मनिर्भर होते हैं और उन्हें खाद एवं जल देने जैसे नियमित रख-रखाव की आवश्यकता नहीं होती है। स्थानीय वृक्षों का घना हरा आवरण उस क्षेत्र के धूल कणों को अवशोषित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है जहाँ उद्यान स्थापित किया गया है। साथ ही पौधे सतह के तापमान को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं। इन वनों के लिये उपयोग किये जाने वाले कुछ सामान्य स्थानीय पौधों में अंजन, अमला, बेल, अर्जुन और गुंज शामिल हैं। ये वन नई जैव-विविधता और एक पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहित करते हैं जिससे मृदा की उर्वरता में वृद्धि होती है। भदोही जैसे एक सीमित क्षेत्र वाले शहर में मियावाकी वृक्षारोपण पद्धति हरित आवरण को पुनर्प्राप्त करने में काफी मददगार साबित होगी।

जलवायु परिवर्तन से निपटने, प्रदूषण के स्तर को कम करने और शहर के हरित आवरण में वृद्धि करने के लिये जनपद के विभिन्न खाली भूमि क्षेत्रों में बीड़ा द्वारा मियावाकी वन दृष्टिकोण को लागू किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी नीरज आर्य भी उपस्थित रहे और उन्होंने कहा, "मियावाकी पद्धति से वन बनाने का यह एक अच्छा प्रयास है। हमें उम्मीद है कि यह परियोजना शहर के पर्यावरण को सुधारने में मदद करेगी।।इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक शिव नारायण सिंह,बीड़ा उप कार्यपालक अधिकारी अनीता देवी, जिला सूचना अधिकारी डॉ पंकज कुमार, ई डिस्टिक मैनेजर आशुतोष श्रीवास्तव, ओएसडी जगदीश,आशीष श्रीवास्तव व अन्य ने भी वृक्षारोपण किया।

*मरीजों को न लिखी जाए बाहर की दवाएं: प्रतिभा कुशवाहा*

नितेश श्रीवास्तव 

भदोही। उ.प्र. राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने शुक्रवार को जिला जेल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 5 महिला बंदी संरक्षित रही। महिला बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण, भोजन एवं कपडों की सुविधा के बारे में जानकारी ली गयी। जिला जेल में साफ-सफाई आदि की व्यवस्था उत्तम पाई गईं।

इस दौरान वें महाराजा चेतसिंह राजकीय चिकित्सालय में इमरजेंसी व विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। जहां उन्होंने कई मरीजों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। सीएमओ एवं समस्त डॉक्टर उपस्थित पाए गए। मरीजों से पूछने पर उनको जानकारी मिली कि डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवा लिखी जाती है। जिस पर उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर विषय है। कहा कि शासन मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए स्वास्थ्य सेवाएं ऐसी रखें कि मरीजों को बेवजह परेशान न होना पड़े। राज्य महिला आयोग की सदस्य वृद्धा आश्रम खरहटी मोहाल गोपीगंज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 70 वृद्धजन संरक्षित मिलें। उन्होंने वृद्धजनों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जाना। वृद्धों में भोजन एवं फल वितरित किया गया। इसके बाद सर्दी से बचने के लिए क्या उपाय किए गए है। वृद्धजनों से मुलाकात करने पर उनको पता चला किया सभी वृद्धों का वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही है। जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। हिदायत दी गई की एक माह के अंदर पेंशन से संबंधित समस्त कारवाई पूर्ण किया जाएं। उन्होंने विकास खंड डीघ के आंगनबाड़ी केंद्र दरवासी का औचक निरीक्षण किया गया। 5 गर्भवती महिलाओं को गोद भराई कर फल एवं मिठाई दी गई एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय वाहिदा नगर का निरीक्षण कर बच्चों को फल-मिठाई आदि दी गई। विद्यालय की छात्राओं से बातचीत की। साथ ही विद्यालय की व्यवस्था की जानकारी जी गई। साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक पाई।

इस मौके पर जेल अधीक्षक, समाज कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला प्रोबेशन कार्यालय से राजकुमार गुप्ता, सत्येंद्र पांडेय, वीरेंद्र कुमार एवं प्रधानाध्यापक व आंगनबाडी कार्यकत्री उपस्थिति रहें।

*भदोही में कांग्रेसियों का प्रदर्शन: NH-71B सड़क चौड़ीकरण में अधिग्रहण का विरोध, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन*

रिपोर्ट -नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 7318 के चौड़ीकरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र दुबे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बताया कि पहले राजमार्ग के दोनों तरफ से चौड़ीकरण का निशान लगाया गया था, लेकिन अब अचानक केवल एक तरफ से ही जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इस एकतरफा कार्रवाई से कई गांवों के दर्जनों परिवारों के मकान पूरी तरह से प्रभावित होंगे।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इससे प्रभावित परिवारों के सामने न केवल आवास की समस्या खड़ी होगी, बल्कि उनकी आजीविका भी प्रभावित होगी। जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच और गरीब परिवारों के हितों की रक्षा की मांग की गई है। प्रदर्शन में वसीम अंसारी, राजेश्वर दुबे, सुरेश उपाध्याय, ओम प्रकाश, राजेश, विद्याधर गुप्ता, राजकिशोर, महेंद्र सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता और प्रभावित परिवारों के लोग मौजूद रहे।

*महाकुंभ के दौरान भदोही में नहीं लगा एक भी जाम: एसपी - डीएम की सतर्कता, पुलिस की मेहनत से सफलता,टोल प्लाजा पर की गई विशेष व्यवस्था*

रिपोर्ट -नितेश श्रीवास्तव

भदोही। प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान भदोही जिले में यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने में पुलिस प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है। भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि कुंभ मेले को देखते हुए पुलिस विभाग ने पहले ही नेशनल हाईवे से अतिक्रमण हटा दिया था। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। नेशनल हाईवे पर स्थित ढाबों पर जब भी वाहनों की संख्या बढ़ती, उन्हें तुरंत आगे बढ़ने के लिए निर्देशित किया जाता था।

टोल प्लाजा प्रबंधन के साथ बेहतर समन्वय के कारण अधिक वाहनों के आने पर कुछ घंटों के लिए टोल को निःशुल्क कर दिया जाता था।मिर्जापुर-औराई मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग की चुनौती को भी रेलवे विभाग के सहयोग से सुलझाया गया। फाटक को लंबे समय तक बंद नहीं रखा जाता था, जिससे वाहनों की आवाजाही सुचारू रही।

जिलाधिकारी के साथ मिलकर पुलिस प्रशासन ने लगातार निगरानी की और किसी भी जाम की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस कर्मियों की मेहनत और समर्पण के कारण पूरे कुंभ मेले के दौरान भदोही जिला यातायात जाम की समस्या से मुक्त रहा। यह सफलता पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है।

आठ केंद्र संवेदनशील, तीन अति संवेदनशील

नितेश श्रीवास्तव,भदोही। जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षा की तैयारी धीरे-धीरे अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। 24 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए 94 केंद्र बनाए गए हैं। शिक्षा विभाग के पूर्व की गतिविधियों के मद्देनजर जिले के तीन केंद्रों को अति संवेदनशील और आठ को संवेदनशील की श्रेणी में रखा है। इन केंद्रों पर सुरक्षा की विशेष व्यवस्था रहेगी।

शासन की तरफ से पूर्वांचल के छह जिलों को परीक्षा के लिहाज से अति महत्वपूर्ण बनाया गया है। हालांकि भदोही उनमें शामिल नहीं नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए शासन के साथ ही प्रशासन तरफ से व्यापक स्तर पर तैयारी जा रही है। 24 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए मजिस्ट्रेट कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक दस्तों का गठन किया जा रहा है। 2022 से लेकर 2024 तक जिन परीक्षा केंद्रों पर मुन्ना भाई या अन्य तरह की गतिविधियां मिली थी, उनको संवेदनशील बनाया गया है। नकल की आशंका वाले काॅलेजों में सख्त पहरा रहेगा। शिक्षा विभाग की माने तो कोनिया, मोढ़ और गोपीगंज के एक -एक विद्यालय को अति संवेदनशील केंद्र बनाया गया है। वहीं सेमराध नाथ, चौरी, भदोही, आठ केंद्रों को संवेदनशील तय किया गया है।

इन केंद्रों पर पर्यवेक्षक भी तैनात किए जाएंगे। ऐसे केंद्रों पर अधिकारों का सख्त पहरा रहेगा। पुलिस फोर्स भी अतिरिक्त रहेंगी। एल‌आईयू भी इन केंद्रों पर निगाह रखेगी। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि तीन अति संवेदनशील और आठ संवेदनशील केंद्र चिन्हित हुए हैं। इन केंद्रों पर विशेष व्यवस्था रहेगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा को पारदर्शी एवं शांतिपूर्वक कराया जाएगा।

*स्थायी की जगह कंक्रीट का डिवाइडर रख बना दिया गोलंबर*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। गोपीगंज बड़ी चौहारे पर बिना काम कराए ही हाईवे प्राधिकरण ने जिला प्रशासन को गोलंबर निर्माण की जानकारी देकर गुमहार कर दिया। चौराहे अक्सर जाम की समस्या को देखते हुए वहां स्थायी गोलंबर बनाने का निर्देश था। बीते चार जनवरी को ही हाईवे प्राधिकरण ने लेकर जारी कर बताया कि निर्माण कार्य हो चुका है, जबकि हकीकत यह है कि वहां अस्थायी रुप से चार डिवाइडर रखकर कार्य की इतिश्री कर ली गई है। गोपीगंज जिले की सबसे प्रमुख व्यवसायिक नगरों में से एक है। वाराणसी -प्रयागराज हाईवे पर होने के कारण यहां वाहनों की अधिकता भी रहती है। नगर को देखते हुए हाईवे प्राधिकरण ने यहां फ्लाईओवर का निर्माण कराया गया था। यह फ्लाईओवर वाराणसी - प्रयागराज हाईवे के तीन बड़ी फ्लाईओवर में से एक है। फ्लाईओवर निर्माण के बाद से ही गोपीगंज नगर के बड़ी चौराह पर अक्सर जाम की समस्या देखने को मिलती हैं। चौराहे पर एक तरफ प्रयागराज तो दूसरी तरफ वाराणसी को भी जोड़ता है। इन जिलों के जाने वाले बड़े वाहन फ्लाईओवर के ऊपर से ही निकल जाते हैं, लेकिन नीचे छोटे वाहनों के दबाव के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती थी। प्रशासन की ओर से चौराहे पर बेरिकेडिंग लगाकर वन वे कर दिया जाता था। वहीं दूसरी लेन पर जाने के लिए लोगों को करीब 500 मीटर से एक किमी तक घूमकर जाना पड़ता था। प्राधिकरण की ओर से जिला प्रशासन को गलत सूचना देकर गुमहार करने का प्रयास किया गया।

हाईवे प्राधिकरण के निर्देश के बाद कंक्रीट डिवाइडर रखकर गोलंबर बनाया गया है। इससे जिला प्रशासन के साथ समन्वय रखकर बनाया गया है। इससे जो उद्देश्य है वह पूरा हो जा रहा है। प्राधिकरण की ओर से जैसा निर्देश उसी के अनुसार कार्य किया गया है।

शेषनाग यादव आर‌ई कार्यदयी संस्था हाईवे प्राधिकरण

माघी पूर्णिमा पर गंगा घाटों पर उमड़ी भीड़: हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। हिंदू धर्म में माघ महीने की पूर्णिमा तिथि को महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे माघी पूर्णिमा भी कहते हैं। इस दिन गंगा स्नान, विशेषकर तीर्थराज प्रयाग के संगम में करना शुभ माना जाता है। माघी पूर्णिमा पर गंगा स्नान के साथ-साथ दान-पुण्य और भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी की पूजा का भी विशेष महत्व है। इस तिथि पर गंगा स्नान और पूजा-अर्चना करने से जीवन में समृद्धि, सुख, और शांति की प्राप्ति होती है। इस वर्ष प्रयागराज में 144 वर्षों बाद महाकुंभ का आयोजन हो रहा है, जिससे माघी पूर्णिमा का महत्व और भी बढ़ गया है।

महाकुंभ 2025 में पहली बार यह देखा जा रहा है कि मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी जैसे प्रमुख स्नान के बाद भी माघी पूर्णिमा पर करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज संगम पहुंच रहे हैं।माघी पूर्णिमा के दिन गंगा नदी में स्नान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसलिए, इस दिन सुबह जल्दी उठकर ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। ऐसा करने से उन्नति, पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है, ऐसा विश्वास है। इस दिन अन्न, धन, तिल, गुड़ और घी का दान करना भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा, पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का आयोजन भी किया जाता है। इस दिन गरीबों को भोजन कराने से विशेष लाभ मिलता है। ऐसा करने से सभी प्रकार के कष्ट और पाप समाप्त होते हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है। भदोही जिले के विभिन्न गंगा घाटों पर माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर आज हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही बाबा सेमराधनाथ, सीतामढ़ी, रामपुर गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। माघी पूर्णिमा का विशेष महत्व है क्योंकि यह माघ मास का अंतिम स्नान होता है। इस दिन स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। एक माह से कल्पवास कर रहे श्रद्धालुओं के लिए यह दिन और भी खास था, क्योंकि इस स्नान के साथ उनका कल्पवास पूरा हो गया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की टीमें घाटों पर तैनात रही और व्यवस्था को सुचारू रूप से संभाला। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद दान-पुण्य भी किया और मंदिरों में पूजा-अर्चना की। यह आयोजन श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक बना, जहां हर आयु वर्ग के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और पवित्र गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।