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From Helping the Homeless to Inspiring a Community: The Story Behind Parramatta’s Citizen of the Year

On any given week in Western Sydney, it is not unusual to see volunteers handing out groceries, food and essential supplies to people doing it tough. At the heart of many of these efforts is community advocate Moses Vedamuthu, whose quiet dedication to helping others has now earned him the title of City of Parramatta’s Citizen of the Year.Presented during the city’s Australia Day celebrations at Parramatta Town Hall, the honour recognises Vedamuthu’s years of service supporting vulnerable members of the community through the organisation he founded, SOHAS Charity (Support Organisation for Homeless and Asylum Seekers).

What began as a simple mission to help those struggling has grown into a wide-reaching community initiative. Over the past six years, SOHAS has been delivering weekly food and grocery support to elders, homeless individuals, refugees, survivors of domestic violence, single parents and international students across six local government areas in Western Sydney, including Parramatta. The organisation has recently extended its work to communities in the Hunter Region, broadening its reach to help even more people in need.

But for Vedamuthu, providing food relief is only one part of the mission. His work has increasingly focused on creating opportunities that allow people to rebuild their lives with dignity and independence.

Through SOHAS initiatives, more than 30 students have received access to free Diploma education, while migrants and refugees have been supported with resume preparation, job training and employment guidance. These efforts have already helped 28 individuals secure jobs, giving them a pathway toward stability and a fresh start.

The charity also plays an active role in raising awareness about homelessness. During National Homelessness Week, Vedamuthu and his volunteers distributed over 100 blankets and sleeping bags to people sleeping rough, offering warmth and comfort during the colder months.

Despite the recognition, Vedamuthu remains focused on the purpose behind his work.

“This is an honour that fills me with pride and purpose,” he said. “I believe being a good citizen means taking responsibility for the wellbeing of our community. Even small acts of kindness can create meaningful change in someone’s life.”

Looking ahead, Vedamuthu hopes to establish a SOHAS Community Hub, which would provide free IT and digital skills training for First Nations students, creating new pathways to education and long-term empowerment.

His efforts have already been acknowledged with several honours, including the NSW Volunteer Team of the Year Award and the Australia Day Community Group Award, reflecting the growing recognition of SOHAS’s impact across New South Wales.

For many who have received support through the organisation, Vedamuthu’s work represents more than charity—it represents compassion, opportunity and hope.

And while the Citizen of the Year award celebrates one individual, Vedamuthu believes the recognition belongs to the volunteers and supporters who share the same belief: that communities grow stronger when people look out for one another.

कर्नाटक में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया होगा बैन, सिद्धरमैया सरकार की बड़ी घोषणा

#cmsiddaramaiahsaysbanonsocialmediauseforbelow16

कर्नाटक में सरकार ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने जा रहा है। कर्नाटक में बच्चे अब फेसबुक-इंस्टाग्राम नहीं चला पाएंगे। यह घोषणा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने बजट भाषण के दौरान की।

सोशल मीडिया बैन का क्या मकसद

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने आज 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा, बच्चों पर बढ़ते मोबाइल इस्तेमाल के बुरे असर को रोकने के मकसद से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल बैन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बैन का मकसद मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल से बच्चों पर पड़ने वाले बुरे असर को रोकना है।

सिद्धारमैया ने कुलपतियों से मांगी थी राय

पिछले महीने सिद्धारमैया ने बेंगलुरु में आयोजित कुलपति सम्मेलन में इस मुद्दे पर चर्चा की थी और कुलपतियों से राय मांगी थी। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने मोबाइल की लत, ऑनलाइन गेमिंग, बच्चों की शिक्षा और शारीरिक फिटनेस पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की थी।

आंध्र प्रदेश में भी बैन की तैयारी

ऑनलाइन लत, दुरुपयोग और डिजिटल हानि को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आंध्र प्रदेश सरकार बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर कड़ा कदम उठाए हैं। राज्य के मंत्री नारा लोकेश ने कहा था कि सोशल मीडिया पर भरोसा “टूट रहा है” और “बच्चे निरंतर उपयोग में फिसलते जा रहे हैं”, इसलिए सरकार कानूनी विकल्पों का अध्ययन कराने का निर्णय लिया है। लोकेश के मुताबिक, राज्य सरकार ने मेटा, गूगल, एक्स और शेयर चैट जैसी प्रमुख कंपनियों को आमंत्रित किया है, ताकि वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा कर प्रभावी मॉडल तैयार किया जा सके।

नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, अमित शाह की मौजूदगी में भरा पर्चा

#biharcmnitishkumarfilesnominationforrajyasabha

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्य की सत्ता छोड़कर दिल्ली जाने के लिए तैयार हैं। नीतीश कुमार ने आज राज्य सभा चुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन पेपर फाइल कर दिया है। नीतीश कुमार के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नामांकन पर्चा दाखिल किया है। इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचे थे।

एक ही गाड़ी से विधानसभा पहुंचे

पटना स्थित विधानमंडल परिसर में उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन दाखिल किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा नामांकन के मौके पर तीनों दिग्गज नेता एक साथ नजर आए। खास बात यह रही कि अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन एक ही गाड़ी से बिहार विधानसभा पहुंचे, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। इस दौरान जदयू और सहयोगी दलों के कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे।

नामांकन से पहले अमित शाह के साथ बैठक

राज्य सभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में पहले से ही हलचल थी। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह का पटना दौरा इस चर्चा को और तेज कर गया। गुरुवार सुबह अमित शाह सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां नीतीश कुमार ने उनका स्वागत किया और उन्हें शॉल भेंट किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच अहम बैठक हुई, जिसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में राज्य सभा चुनाव के साथ-साथ बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

भाजपा-जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर मंथन

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। एनडीए के अंदर नए सत्ता समीकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि भाजपा और जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन की बैठक में बिहार की भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी बातचीत हुई है। हालांकि इस बैठक में क्या फैसला हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

नीतीश कुमार ने खुद दी राज्यसभा वाली जानकारी

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज घोषणा की कि वो राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। कुमार ने राज्य के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। साथ ही उन्होंने ये बी भरोसा दिलाया कि राज्य में नए मुख्यमंत्री और राज्य की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।

नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा? बिहार को मिल सकता है पहला भाजपाई सीएम

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बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। पिछले 21 वर्षों से सूबे की सत्ता के केंद्र रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का मन बना लिया है।बिहार के सीएम नीतीश कमार आज सुबह 11 बजे राज्यसभा के लिए नामांकन करेंगे। हालांकि, अभी पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

नीतीश का दिल्ली जाना लगभग तय

बुधवार शाम को मुख्यमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई, जिसमें जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और कद्दावर नेता विजय चौधरी मौजूद रहे। बैठक के बाद विजय चौधरी ने कहा कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार को ही लेना है, लेकिन उनका दिल्ली जाना लगभग तय माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री आवास पर जुटने लगे समर्थक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर फैलते ही पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अपने नेता के दिल्ली जाने की चर्चाओं से व्याकुल और भावुक कार्यकर्ता धीरे-धीरे मुख्यमंत्री आवास पर जुटने लगे हैं, जिसके चलते इलाके में हलचल और पुलिस की चौकसी दोनों बढ़ गई है। हुए प्रशासन ने ‘एक अणे मार्ग’ के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनी रहे। 

पटना पहुंचे विधायक और बड़े नेता

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों ने जेडीयू के भीतर भारी हलचल पैदा कर दी है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गलियारों में मंथन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। जिसके चलते पार्टी के तमाम विधायक और बड़े नेताओं को आपात स्थिति में पटना तलब किया गया है।

बिहार में अगला मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा?

नीतीश कुमार अगर राज्यसभा जाते हैं, तो सबसे बड़ा प्रश्न ये होगा कि बाहिर का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? सूत्रों के मुताबिक अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि जदयू से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फॉर्मूला भी चर्चा में है।

बदलेगी बीजेपी और जदयू की भूमिका?

बिहार में सियासी सरगर्मी के बीच वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त ही सबकुछ तय हो चुका था। लेकिन चुनाव में नीतीश कुमार के नाम पर ही एनडीए को बड़ी सफलता मिली थी, इसलिए उन्हें 10वीं बार सीएम के रूप में शपथ दिलाई गई। लेकिन अब पावर ट्रांसफर की तैयारी पूरी हो चुकी है।नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए जाने के बाद बिहार में बीजेपी और जदयू की भूमिका पूरी तरह से बदल सकती है। अभी नीतीश कुमार की सरकार में बीजेपी कोटे से दो उपमुख्यमंत्री हैं, लेकिन किसी बीजेपी नेता के सीएम बनने पर नई सरकार में जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।

झारखंड का ₹1.58 लाख करोड़ का 'अबुआ दिशोम बजट' पेश; ग्रामीण और सामाजिक न्याय पर फोकस

राँची: झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,58,560 करोड़ का 'अबुआ दिशोम बजट' पेश किया। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत बड़ा है, जो राज्य के समग्र विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के संकल्प को दर्शाता है।

बजट की वित्तीय संरचना:

बजट में राजस्व व्यय के लिए ₹1,20,851.90 करोड़ और पूंजीगत व्यय के लिए ₹37,708.10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सरकार ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखते हुए इसे GSDP का 2.18% (₹13,595.96 करोड़) रहने का अनुमान लगाया है।

बड़ी घोषणाएं और आवंटन:

शिक्षा क्रांति: चतरा जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राज्य में 100 नए सीएम एक्सीलेंस स्कूल (CM Schools of Excellence) खोले जाएंगे।

स्वास्थ्य में सुधार: राज्य के दूर-दराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के लिए 750 अबुआ दवाखाने खोले जाएंगे। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए बजट में विशेष वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।

ऊर्जा विभाग: बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने ₹11,197.89 करोड़ आवंटित किए हैं।

आर्थिक लक्ष्य: वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में झारखंड की GSDP (जो वर्तमान में ₹5.16 लाख करोड़ है) को दोगुना करना है। इसके लिए 14% की विकास दर हासिल करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

पैसे का प्रबंधन (आय के स्रोत):

सरकार को सबसे बड़ी आय केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी (₹51,236.38 करोड़) और राज्य के अपने कर राजस्व (₹46,000 करोड़) से होने का अनुमान है।

भदोही में आधी रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़:5 हजार का इनामी संदीप यादव घायल, दो साथी भी गिरफ्तार

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के कोइरौना थाना क्षेत्र में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सन्नाटे को चीरते हुए गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। भेलसी रोड पर पुलिस और बदमाशों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ में अंतरजनपदीय गिरोह का कुख्यात अपराधी और 5 हजार का इनामी संदीप यादव पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने मौके से उसके दो अन्य साथियों को भी दबोच लिया है, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है।

क्या है पूरा मामला

घटना 11 फरवरी 2026 की रात करीब 12:35 बजे की है। कोइरौना पुलिस की टीम क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से एक पक्की सूचना मिली कि कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में भेलसी रोड की तरफ आ रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने टीवीएस एजेंसी पैग़हा के पीछे घेराबंदी कर दी। कुछ ही देर में एक यामाहा बाइक (UP 70 CM 4051) पर सवार तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब टॉर्च की रोशनी मारकर उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। खुद को घिरता देख बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर झोंक दिया।
जवाबी कार्रवाई में 'ढेर' हुआ इनामी

बदमाशों की फायरिंग के जवाब में पुलिस टीम ने भी अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ गोली चलाई। पुलिस की एक गोली मुख्य आरोपी संदीप यादव (उम्र 23 वर्ष, निवासी बिलारी, हंडिया, प्रयागराज) के दाएं पैर में घुटने के नीचे लगी, जिससे वह चीखते हुए वहीं गिर पड़ा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश कर रहे उसके साथी जय प्रकाश यादव (22 वर्ष) और एक 17 वर्षीय बाल अपचारी को भी पुलिस ने दौड़कर पकड़ लिया।
मीडिया कोषांग की बैठक आयोजित, नगरपालिका आम निर्वाचन–2026 को लेकर मुद्रक–प्रकाशकों को दिए गए दिशा-निर्देश

नगरपालिका आम निर्वाचन-2026 के सफल एवं पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नोडल पदाधिकारी, मीडिया कोषांग-सह-जिला जन संपर्क पदाधिकारी श्री रोहित कुमार हजारीबाग की अध्यक्षता में आज 6 फरवरी को मीडिया कोषांग की बैठक आयोजित की गई। 

इस दौरान सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी श्री परिमल कुमार मौजूद रहे।

बैठक में जिले के विभिन्न प्रिंटिंग प्रेस संचालक, मुद्रक एवं प्रकाशक उपस्थित थे।

बैठक की में नोडल पदाधिकारी द्वारा सभी उपस्थित मुद्रकों को निर्वाचन से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री के मुद्रण एवं प्रकाशन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति ऐसे निर्वाचन पैम्फलेट अथवा पोस्टर का मुद्रण या प्रकाशन नहीं करेगा, जिसके मुख्य पृष्ठ पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम एवं पता अंकित न हो। अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को छह माह का कारावास अथवा जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि कानून के तहत निर्वाचन से संबंधित किसी भी पंपलेट या पोस्टर का मुद्रण तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक कि प्रकाशक की पहचान की घोषणा उसके द्वारा हस्ताक्षरित न हो तथा दो ऐसे व्यक्तियों द्वारा सत्यापित न की गई हो, जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हों। सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को इन दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से अनुपालन करने को कहा गया।

इसके अतिरिक्त उन्होंने जानकारी दी कि निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्याशी यदि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, केबल नेटवर्क, बल्क एसएमएस अथवा वॉयस मैसेज के माध्यम से किसी राजनीतिक विज्ञापन का प्रकाशन या प्रसारण करना चाहते हैं, तो इसके लिए विहित प्रपत्र Annexure-A में जिला स्तरीय मीडिया एवं निगरानी समिति (MCMC) कोषांग को आवेदन समर्पित करना अनिवार्य होगा।

बैठक के अंत में नोडल पदाधिकारी ने सभी संबंधित पक्षों से निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने एवं निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिला NDC का 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल; बोले सीएम— "देश की अर्थव्यवस्था का पावरहाउस है झारखंड"


राँची, 04 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (NDC) के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दल में भारत सहित 5 देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल थे। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड की खनिज संपदा, खेल प्रतिभा, औद्योगिक विजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया।

"खनिज से लेकर खेल तक, हर क्षेत्र में बेमिसाल झारखंड"

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि झारखंड न केवल प्राकृतिक संसाधनों में धनी है, बल्कि यहाँ की जनजातीय संस्कृति और परंपराएं इसे विश्व में अनोखी पहचान दिलाती हैं।

खेल का हब: मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम की आधी खिलाड़ी झारखंड से हैं। महेंद्र सिंह धोनी और दीपिका कुमारी जैसे दिग्गजों का जिक्र करते हुए उन्होंने नई खेल नीति की सफलताओं को साझा किया।

अर्थव्यवस्था में योगदान: सीएम ने कहा कि रेलवे को सबसे अधिक राजस्व और देश को सबसे ज्यादा सिल्क, लाह व तसर झारखंड से ही मिलता है।

शिक्षा और उद्योग का नया विजन

मुख्यमंत्री ने 'शिक्षा' को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया:

CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस: निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों का अपग्रेडेशन।

गुरुजी क्रेडिट कार्ड: उच्च शिक्षा के लिए बिना गारंटी ₹15 लाख तक का ऋण।

औद्योगिक नीति: टाटा और HEC जैसे पुराने उद्योगों के साथ-साथ अब विश्व आर्थिक मंच (WEF) के माध्यम से नए निवेशकों को आकर्षित करने का कार्य।

झरिया की 'अंडरग्राउंड फायर' पर गंभीर चर्चा

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को धनबाद के झरिया का दौरा करने का सुझाव देते हुए कहा कि वहां दशकों से लगी भूमिगत आग (Underground Fire) एक बड़ी चुनौती है, जिसके समाधान के लिए अभी तक कोई ठोस वैश्विक मेकैनिज्म नहीं बन सका है।

सामाजिक योजनाओं की गूँज: मंईयां सम्मान योजना की सराहना

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' की विशेष रूप से सराहना की। मुख्यमंत्री ने बताया कि:

लगभग 53 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹2500 दिए जा रहे हैं।

आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को सप्ताह में 6 दिन अंडा व पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है, जिससे कुपोषण के खिलाफ जंग मजबूत हुई है।

सर्वजन पेंशन योजना लागू करने वाला झारखंड देश का अग्रणी राज्य है।

नक्सलवाद और पलायन पर नियंत्रण

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा के मोर्चे पर जानकारी दी कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विकास योजनाओं के धरातल पर उतरने से नक्सली घटनाओं में भारी कमी आई है। उन्होंने पलायन को एक चुनौती बताते हुए कहा कि कौशल विकास और स्थानीय रोजगार के जरिए इसे रोकने के प्रयास जारी हैं।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत चार स्थानों पर होंगे सामूहिक विवाह
देवरिया 28 जनवरी M N पाण्डेय। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जनपद में विकास खण्ड एवं नगर निकायवार सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर पाण्डेय ने बताया कि निर्धारित तिथियों पर अलग-अलग स्थानों पर वैवाहिक समारोह संपन्न कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि 02 फरवरी (सोमवार) को ओम मैरेज हॉल, तरकुलवा में पथरदेवा, तरकुलवा व देसही देवरिया क्षेत्र के जोड़ों का विवाह कराया जाएगा। 04 फरवरी (बुधवार) को प्रिंस पैलेस, कोटवा चौराहा, कसया रोड देवरिया में संबंधित क्षेत्रों के लाभार्थी सम्मिलित होंगे। 06 फरवरी (शुक्रवार) को उत्सव लॉन, सलेमपुर में रामपुर कारखाना, भटनी, सलेमपुर, लार, भाटपाररानी, बनकटा, भागलपुर व बरहज क्षेत्र के जोड़ों का विवाह संपन्न होगा। वहीं 10 फरवरी (मंगलवार) को केन्द्रीय विद्यालय, राजकीय आईटीआई परिसर देवरिया में देवरिया सदर, रुद्रपुर, गौरीबाजार, बैतालपुर व भलुअनी क्षेत्र के लाभार्थियों का विवाह कराया जाएगा। प्रत्येक स्थल पर अधिकतम 100 जोड़ों का विवाह कराया जाएगा। योजना केअंतर्गत प्रति जोड़े पर एक लाख रुपये व्यय किए जाएंगे, जिसमें 60 हजार रुपये कन्या के खाते में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए जाएंगे। 25 हजार रुपये गृहस्थी सामग्री, वस्त्र एवं आभूषण तथा 15 हजार रुपये विवाह आयोजन पर खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने पात्र आवेदकों से अपील की है कि वे cmsvy.upsdc.gov.in पोर्टल पर निर्धारित तिथि से कम से कम एक सप्ताह पूर्व आवेदन करें। जिनके आधार कार्ड में पुरानी फोटो है, वे समय से आधार अपडेट करा लें।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान क्रैश, बारामती में लैंडिंग के वक्त दुर्घटना

#ajit_pawar_death_maharashtra_deputy_cm_ncp_leader

महाराष्ट्र के बारामती में बड़ा विमान हादसा हो गया है। जिसमें उप मुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया। इस हादसे में चार अन्य लोगों की भी जान चली गई।

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की आज (28 जनवरी) बारामती में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए 5-6 मीटिंग थीं। बताया जा रहा है कि अजित पवार का प्लेन तब क्रैश हुआ जब वह इन मीटिंग के लिए जा रहे थे। निजी विमान एयरपोर्ट पर उतरते समय क्रैश हुआ है।

प्लेन क्रैश के बाद के विजुल्स में देखा जा सकता है कि प्लेन के परखच्चे उड़ गए और चारों तरफ धुआं-धुआं नजर आ रहा है। तस्वीरों में देखकर लग रहा है कि इस विमान में सवार कोई यात्री शायद ही जिंदा बचा हो। हादसे की जगह से भयावह विजुअल्स सामने आए हैं, जिसमें चारों तरफ धुआं-धुआं नजर आ रहा है।

अजित पवार बारामती से विधायक रहे हैं और यहां की जनता हमेशा उन्हें जिताती आई है। बारामती के लोगों को अजित पवार से खासा लगाव रहा है। वे इस बात का इंतजार कर रहे थे कि आज अजित दादा जनता को संबोधित करेंगे और उनसे बातचीत करेंगे, लेकिन बारामती एयरपोर्ट पहुंचने से पहले ही उनका प्लेन क्रैश हो गया और उसमें सवार सभी लोगों की जान चली गई।

From Helping the Homeless to Inspiring a Community: The Story Behind Parramatta’s Citizen of the Year

On any given week in Western Sydney, it is not unusual to see volunteers handing out groceries, food and essential supplies to people doing it tough. At the heart of many of these efforts is community advocate Moses Vedamuthu, whose quiet dedication to helping others has now earned him the title of City of Parramatta’s Citizen of the Year.Presented during the city’s Australia Day celebrations at Parramatta Town Hall, the honour recognises Vedamuthu’s years of service supporting vulnerable members of the community through the organisation he founded, SOHAS Charity (Support Organisation for Homeless and Asylum Seekers).

What began as a simple mission to help those struggling has grown into a wide-reaching community initiative. Over the past six years, SOHAS has been delivering weekly food and grocery support to elders, homeless individuals, refugees, survivors of domestic violence, single parents and international students across six local government areas in Western Sydney, including Parramatta. The organisation has recently extended its work to communities in the Hunter Region, broadening its reach to help even more people in need.

But for Vedamuthu, providing food relief is only one part of the mission. His work has increasingly focused on creating opportunities that allow people to rebuild their lives with dignity and independence.

Through SOHAS initiatives, more than 30 students have received access to free Diploma education, while migrants and refugees have been supported with resume preparation, job training and employment guidance. These efforts have already helped 28 individuals secure jobs, giving them a pathway toward stability and a fresh start.

The charity also plays an active role in raising awareness about homelessness. During National Homelessness Week, Vedamuthu and his volunteers distributed over 100 blankets and sleeping bags to people sleeping rough, offering warmth and comfort during the colder months.

Despite the recognition, Vedamuthu remains focused on the purpose behind his work.

“This is an honour that fills me with pride and purpose,” he said. “I believe being a good citizen means taking responsibility for the wellbeing of our community. Even small acts of kindness can create meaningful change in someone’s life.”

Looking ahead, Vedamuthu hopes to establish a SOHAS Community Hub, which would provide free IT and digital skills training for First Nations students, creating new pathways to education and long-term empowerment.

His efforts have already been acknowledged with several honours, including the NSW Volunteer Team of the Year Award and the Australia Day Community Group Award, reflecting the growing recognition of SOHAS’s impact across New South Wales.

For many who have received support through the organisation, Vedamuthu’s work represents more than charity—it represents compassion, opportunity and hope.

And while the Citizen of the Year award celebrates one individual, Vedamuthu believes the recognition belongs to the volunteers and supporters who share the same belief: that communities grow stronger when people look out for one another.

कर्नाटक में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया होगा बैन, सिद्धरमैया सरकार की बड़ी घोषणा

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कर्नाटक में सरकार ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने जा रहा है। कर्नाटक में बच्चे अब फेसबुक-इंस्टाग्राम नहीं चला पाएंगे। यह घोषणा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने बजट भाषण के दौरान की।

सोशल मीडिया बैन का क्या मकसद

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने आज 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा, बच्चों पर बढ़ते मोबाइल इस्तेमाल के बुरे असर को रोकने के मकसद से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल बैन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बैन का मकसद मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल से बच्चों पर पड़ने वाले बुरे असर को रोकना है।

सिद्धारमैया ने कुलपतियों से मांगी थी राय

पिछले महीने सिद्धारमैया ने बेंगलुरु में आयोजित कुलपति सम्मेलन में इस मुद्दे पर चर्चा की थी और कुलपतियों से राय मांगी थी। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने मोबाइल की लत, ऑनलाइन गेमिंग, बच्चों की शिक्षा और शारीरिक फिटनेस पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की थी।

आंध्र प्रदेश में भी बैन की तैयारी

ऑनलाइन लत, दुरुपयोग और डिजिटल हानि को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आंध्र प्रदेश सरकार बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर कड़ा कदम उठाए हैं। राज्य के मंत्री नारा लोकेश ने कहा था कि सोशल मीडिया पर भरोसा “टूट रहा है” और “बच्चे निरंतर उपयोग में फिसलते जा रहे हैं”, इसलिए सरकार कानूनी विकल्पों का अध्ययन कराने का निर्णय लिया है। लोकेश के मुताबिक, राज्य सरकार ने मेटा, गूगल, एक्स और शेयर चैट जैसी प्रमुख कंपनियों को आमंत्रित किया है, ताकि वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा कर प्रभावी मॉडल तैयार किया जा सके।

नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, अमित शाह की मौजूदगी में भरा पर्चा

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्य की सत्ता छोड़कर दिल्ली जाने के लिए तैयार हैं। नीतीश कुमार ने आज राज्य सभा चुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन पेपर फाइल कर दिया है। नीतीश कुमार के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नामांकन पर्चा दाखिल किया है। इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचे थे।

एक ही गाड़ी से विधानसभा पहुंचे

पटना स्थित विधानमंडल परिसर में उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन दाखिल किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा नामांकन के मौके पर तीनों दिग्गज नेता एक साथ नजर आए। खास बात यह रही कि अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन एक ही गाड़ी से बिहार विधानसभा पहुंचे, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। इस दौरान जदयू और सहयोगी दलों के कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे।

नामांकन से पहले अमित शाह के साथ बैठक

राज्य सभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में पहले से ही हलचल थी। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह का पटना दौरा इस चर्चा को और तेज कर गया। गुरुवार सुबह अमित शाह सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां नीतीश कुमार ने उनका स्वागत किया और उन्हें शॉल भेंट किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच अहम बैठक हुई, जिसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में राज्य सभा चुनाव के साथ-साथ बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

भाजपा-जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर मंथन

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। एनडीए के अंदर नए सत्ता समीकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि भाजपा और जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन की बैठक में बिहार की भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी बातचीत हुई है। हालांकि इस बैठक में क्या फैसला हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

नीतीश कुमार ने खुद दी राज्यसभा वाली जानकारी

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज घोषणा की कि वो राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। कुमार ने राज्य के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। साथ ही उन्होंने ये बी भरोसा दिलाया कि राज्य में नए मुख्यमंत्री और राज्य की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।

नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा? बिहार को मिल सकता है पहला भाजपाई सीएम

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बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। पिछले 21 वर्षों से सूबे की सत्ता के केंद्र रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का मन बना लिया है।बिहार के सीएम नीतीश कमार आज सुबह 11 बजे राज्यसभा के लिए नामांकन करेंगे। हालांकि, अभी पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

नीतीश का दिल्ली जाना लगभग तय

बुधवार शाम को मुख्यमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई, जिसमें जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और कद्दावर नेता विजय चौधरी मौजूद रहे। बैठक के बाद विजय चौधरी ने कहा कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार को ही लेना है, लेकिन उनका दिल्ली जाना लगभग तय माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री आवास पर जुटने लगे समर्थक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर फैलते ही पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अपने नेता के दिल्ली जाने की चर्चाओं से व्याकुल और भावुक कार्यकर्ता धीरे-धीरे मुख्यमंत्री आवास पर जुटने लगे हैं, जिसके चलते इलाके में हलचल और पुलिस की चौकसी दोनों बढ़ गई है। हुए प्रशासन ने ‘एक अणे मार्ग’ के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनी रहे। 

पटना पहुंचे विधायक और बड़े नेता

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों ने जेडीयू के भीतर भारी हलचल पैदा कर दी है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गलियारों में मंथन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। जिसके चलते पार्टी के तमाम विधायक और बड़े नेताओं को आपात स्थिति में पटना तलब किया गया है।

बिहार में अगला मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा?

नीतीश कुमार अगर राज्यसभा जाते हैं, तो सबसे बड़ा प्रश्न ये होगा कि बाहिर का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? सूत्रों के मुताबिक अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि जदयू से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फॉर्मूला भी चर्चा में है।

बदलेगी बीजेपी और जदयू की भूमिका?

बिहार में सियासी सरगर्मी के बीच वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त ही सबकुछ तय हो चुका था। लेकिन चुनाव में नीतीश कुमार के नाम पर ही एनडीए को बड़ी सफलता मिली थी, इसलिए उन्हें 10वीं बार सीएम के रूप में शपथ दिलाई गई। लेकिन अब पावर ट्रांसफर की तैयारी पूरी हो चुकी है।नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए जाने के बाद बिहार में बीजेपी और जदयू की भूमिका पूरी तरह से बदल सकती है। अभी नीतीश कुमार की सरकार में बीजेपी कोटे से दो उपमुख्यमंत्री हैं, लेकिन किसी बीजेपी नेता के सीएम बनने पर नई सरकार में जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।

झारखंड का ₹1.58 लाख करोड़ का 'अबुआ दिशोम बजट' पेश; ग्रामीण और सामाजिक न्याय पर फोकस

राँची: झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,58,560 करोड़ का 'अबुआ दिशोम बजट' पेश किया। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत बड़ा है, जो राज्य के समग्र विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के संकल्प को दर्शाता है।

बजट की वित्तीय संरचना:

बजट में राजस्व व्यय के लिए ₹1,20,851.90 करोड़ और पूंजीगत व्यय के लिए ₹37,708.10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सरकार ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखते हुए इसे GSDP का 2.18% (₹13,595.96 करोड़) रहने का अनुमान लगाया है।

बड़ी घोषणाएं और आवंटन:

शिक्षा क्रांति: चतरा जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राज्य में 100 नए सीएम एक्सीलेंस स्कूल (CM Schools of Excellence) खोले जाएंगे।

स्वास्थ्य में सुधार: राज्य के दूर-दराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के लिए 750 अबुआ दवाखाने खोले जाएंगे। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए बजट में विशेष वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।

ऊर्जा विभाग: बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने ₹11,197.89 करोड़ आवंटित किए हैं।

आर्थिक लक्ष्य: वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में झारखंड की GSDP (जो वर्तमान में ₹5.16 लाख करोड़ है) को दोगुना करना है। इसके लिए 14% की विकास दर हासिल करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

पैसे का प्रबंधन (आय के स्रोत):

सरकार को सबसे बड़ी आय केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी (₹51,236.38 करोड़) और राज्य के अपने कर राजस्व (₹46,000 करोड़) से होने का अनुमान है।

भदोही में आधी रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़:5 हजार का इनामी संदीप यादव घायल, दो साथी भी गिरफ्तार

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के कोइरौना थाना क्षेत्र में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सन्नाटे को चीरते हुए गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। भेलसी रोड पर पुलिस और बदमाशों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ में अंतरजनपदीय गिरोह का कुख्यात अपराधी और 5 हजार का इनामी संदीप यादव पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने मौके से उसके दो अन्य साथियों को भी दबोच लिया है, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है।

क्या है पूरा मामला

घटना 11 फरवरी 2026 की रात करीब 12:35 बजे की है। कोइरौना पुलिस की टीम क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से एक पक्की सूचना मिली कि कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में भेलसी रोड की तरफ आ रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने टीवीएस एजेंसी पैग़हा के पीछे घेराबंदी कर दी। कुछ ही देर में एक यामाहा बाइक (UP 70 CM 4051) पर सवार तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब टॉर्च की रोशनी मारकर उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। खुद को घिरता देख बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर झोंक दिया।
जवाबी कार्रवाई में 'ढेर' हुआ इनामी

बदमाशों की फायरिंग के जवाब में पुलिस टीम ने भी अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ गोली चलाई। पुलिस की एक गोली मुख्य आरोपी संदीप यादव (उम्र 23 वर्ष, निवासी बिलारी, हंडिया, प्रयागराज) के दाएं पैर में घुटने के नीचे लगी, जिससे वह चीखते हुए वहीं गिर पड़ा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश कर रहे उसके साथी जय प्रकाश यादव (22 वर्ष) और एक 17 वर्षीय बाल अपचारी को भी पुलिस ने दौड़कर पकड़ लिया।
मीडिया कोषांग की बैठक आयोजित, नगरपालिका आम निर्वाचन–2026 को लेकर मुद्रक–प्रकाशकों को दिए गए दिशा-निर्देश

नगरपालिका आम निर्वाचन-2026 के सफल एवं पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नोडल पदाधिकारी, मीडिया कोषांग-सह-जिला जन संपर्क पदाधिकारी श्री रोहित कुमार हजारीबाग की अध्यक्षता में आज 6 फरवरी को मीडिया कोषांग की बैठक आयोजित की गई। 

इस दौरान सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी श्री परिमल कुमार मौजूद रहे।

बैठक में जिले के विभिन्न प्रिंटिंग प्रेस संचालक, मुद्रक एवं प्रकाशक उपस्थित थे।

बैठक की में नोडल पदाधिकारी द्वारा सभी उपस्थित मुद्रकों को निर्वाचन से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री के मुद्रण एवं प्रकाशन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति ऐसे निर्वाचन पैम्फलेट अथवा पोस्टर का मुद्रण या प्रकाशन नहीं करेगा, जिसके मुख्य पृष्ठ पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम एवं पता अंकित न हो। अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को छह माह का कारावास अथवा जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि कानून के तहत निर्वाचन से संबंधित किसी भी पंपलेट या पोस्टर का मुद्रण तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक कि प्रकाशक की पहचान की घोषणा उसके द्वारा हस्ताक्षरित न हो तथा दो ऐसे व्यक्तियों द्वारा सत्यापित न की गई हो, जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हों। सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को इन दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से अनुपालन करने को कहा गया।

इसके अतिरिक्त उन्होंने जानकारी दी कि निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्याशी यदि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, केबल नेटवर्क, बल्क एसएमएस अथवा वॉयस मैसेज के माध्यम से किसी राजनीतिक विज्ञापन का प्रकाशन या प्रसारण करना चाहते हैं, तो इसके लिए विहित प्रपत्र Annexure-A में जिला स्तरीय मीडिया एवं निगरानी समिति (MCMC) कोषांग को आवेदन समर्पित करना अनिवार्य होगा।

बैठक के अंत में नोडल पदाधिकारी ने सभी संबंधित पक्षों से निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने एवं निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिला NDC का 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल; बोले सीएम— "देश की अर्थव्यवस्था का पावरहाउस है झारखंड"


राँची, 04 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (NDC) के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दल में भारत सहित 5 देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल थे। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड की खनिज संपदा, खेल प्रतिभा, औद्योगिक विजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया।

"खनिज से लेकर खेल तक, हर क्षेत्र में बेमिसाल झारखंड"

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि झारखंड न केवल प्राकृतिक संसाधनों में धनी है, बल्कि यहाँ की जनजातीय संस्कृति और परंपराएं इसे विश्व में अनोखी पहचान दिलाती हैं।

खेल का हब: मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम की आधी खिलाड़ी झारखंड से हैं। महेंद्र सिंह धोनी और दीपिका कुमारी जैसे दिग्गजों का जिक्र करते हुए उन्होंने नई खेल नीति की सफलताओं को साझा किया।

अर्थव्यवस्था में योगदान: सीएम ने कहा कि रेलवे को सबसे अधिक राजस्व और देश को सबसे ज्यादा सिल्क, लाह व तसर झारखंड से ही मिलता है।

शिक्षा और उद्योग का नया विजन

मुख्यमंत्री ने 'शिक्षा' को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया:

CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस: निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों का अपग्रेडेशन।

गुरुजी क्रेडिट कार्ड: उच्च शिक्षा के लिए बिना गारंटी ₹15 लाख तक का ऋण।

औद्योगिक नीति: टाटा और HEC जैसे पुराने उद्योगों के साथ-साथ अब विश्व आर्थिक मंच (WEF) के माध्यम से नए निवेशकों को आकर्षित करने का कार्य।

झरिया की 'अंडरग्राउंड फायर' पर गंभीर चर्चा

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को धनबाद के झरिया का दौरा करने का सुझाव देते हुए कहा कि वहां दशकों से लगी भूमिगत आग (Underground Fire) एक बड़ी चुनौती है, जिसके समाधान के लिए अभी तक कोई ठोस वैश्विक मेकैनिज्म नहीं बन सका है।

सामाजिक योजनाओं की गूँज: मंईयां सम्मान योजना की सराहना

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' की विशेष रूप से सराहना की। मुख्यमंत्री ने बताया कि:

लगभग 53 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹2500 दिए जा रहे हैं।

आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को सप्ताह में 6 दिन अंडा व पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है, जिससे कुपोषण के खिलाफ जंग मजबूत हुई है।

सर्वजन पेंशन योजना लागू करने वाला झारखंड देश का अग्रणी राज्य है।

नक्सलवाद और पलायन पर नियंत्रण

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा के मोर्चे पर जानकारी दी कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विकास योजनाओं के धरातल पर उतरने से नक्सली घटनाओं में भारी कमी आई है। उन्होंने पलायन को एक चुनौती बताते हुए कहा कि कौशल विकास और स्थानीय रोजगार के जरिए इसे रोकने के प्रयास जारी हैं।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत चार स्थानों पर होंगे सामूहिक विवाह
देवरिया 28 जनवरी M N पाण्डेय। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जनपद में विकास खण्ड एवं नगर निकायवार सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर पाण्डेय ने बताया कि निर्धारित तिथियों पर अलग-अलग स्थानों पर वैवाहिक समारोह संपन्न कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि 02 फरवरी (सोमवार) को ओम मैरेज हॉल, तरकुलवा में पथरदेवा, तरकुलवा व देसही देवरिया क्षेत्र के जोड़ों का विवाह कराया जाएगा। 04 फरवरी (बुधवार) को प्रिंस पैलेस, कोटवा चौराहा, कसया रोड देवरिया में संबंधित क्षेत्रों के लाभार्थी सम्मिलित होंगे। 06 फरवरी (शुक्रवार) को उत्सव लॉन, सलेमपुर में रामपुर कारखाना, भटनी, सलेमपुर, लार, भाटपाररानी, बनकटा, भागलपुर व बरहज क्षेत्र के जोड़ों का विवाह संपन्न होगा। वहीं 10 फरवरी (मंगलवार) को केन्द्रीय विद्यालय, राजकीय आईटीआई परिसर देवरिया में देवरिया सदर, रुद्रपुर, गौरीबाजार, बैतालपुर व भलुअनी क्षेत्र के लाभार्थियों का विवाह कराया जाएगा। प्रत्येक स्थल पर अधिकतम 100 जोड़ों का विवाह कराया जाएगा। योजना केअंतर्गत प्रति जोड़े पर एक लाख रुपये व्यय किए जाएंगे, जिसमें 60 हजार रुपये कन्या के खाते में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए जाएंगे। 25 हजार रुपये गृहस्थी सामग्री, वस्त्र एवं आभूषण तथा 15 हजार रुपये विवाह आयोजन पर खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने पात्र आवेदकों से अपील की है कि वे cmsvy.upsdc.gov.in पोर्टल पर निर्धारित तिथि से कम से कम एक सप्ताह पूर्व आवेदन करें। जिनके आधार कार्ड में पुरानी फोटो है, वे समय से आधार अपडेट करा लें।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान क्रैश, बारामती में लैंडिंग के वक्त दुर्घटना

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महाराष्ट्र के बारामती में बड़ा विमान हादसा हो गया है। जिसमें उप मुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया। इस हादसे में चार अन्य लोगों की भी जान चली गई।

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की आज (28 जनवरी) बारामती में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए 5-6 मीटिंग थीं। बताया जा रहा है कि अजित पवार का प्लेन तब क्रैश हुआ जब वह इन मीटिंग के लिए जा रहे थे। निजी विमान एयरपोर्ट पर उतरते समय क्रैश हुआ है।

प्लेन क्रैश के बाद के विजुल्स में देखा जा सकता है कि प्लेन के परखच्चे उड़ गए और चारों तरफ धुआं-धुआं नजर आ रहा है। तस्वीरों में देखकर लग रहा है कि इस विमान में सवार कोई यात्री शायद ही जिंदा बचा हो। हादसे की जगह से भयावह विजुअल्स सामने आए हैं, जिसमें चारों तरफ धुआं-धुआं नजर आ रहा है।

अजित पवार बारामती से विधायक रहे हैं और यहां की जनता हमेशा उन्हें जिताती आई है। बारामती के लोगों को अजित पवार से खासा लगाव रहा है। वे इस बात का इंतजार कर रहे थे कि आज अजित दादा जनता को संबोधित करेंगे और उनसे बातचीत करेंगे, लेकिन बारामती एयरपोर्ट पहुंचने से पहले ही उनका प्लेन क्रैश हो गया और उसमें सवार सभी लोगों की जान चली गई।