गया में 6 साल के बच्चे के पेट से निकाला गया अंडकोष, दूरबीन विधि से जटिल ऑपरेशन सफल, प्रकाश मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में हुई सर्जरी

समय पर इलाज नहीं होने पर भविष्य में प्रभावित हो सकती थी प्रजनन क्षमता

गया। गया के प्रकाश मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गई है। यहां छह वर्षीय बच्चे के पेट के अंदर स्थित अंडकोष का आधुनिक दूरबीन तकनीक से सफल ऑपरेशन किया गया। बच्चा जन्मजात बीमारी अनडिसेंडेड टेस्टिस (Undescended Testis) से पीड़ित था। इस बीमारी में अंडकोष अपने सामान्य स्थान यानी अंडकोष की थैली में नहीं उतर पाता है। जांच में बच्चे का एक अंडकोष पेट के अंदर पाया गया था।

इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन के लिए लेप्रोस्कोपी-असिस्टेड ऑर्किडोपेक्सी (Laparoscopy-Assisted Orchidopexy) तकनीक का इस्तेमाल किया गया। दूरबीन के माध्यम से पेट के अंदर स्थित अंडकोष की पहचान की गई। इसके बाद सावधानीपूर्वक उसे मोबिलाइज कर सफलतापूर्वक अंडकोष की थैली में स्थापित किया गया। आधुनिक तकनीक से किए गए इस ऑपरेशन को अस्पताल की चिकित्सा उपलब्धि माना जा रहा है।

ऑपरेशन का नेतृत्व अस्पताल के निदेशक एवं लेजर, लेप्रोस्कोपिक और एंडोस्कोपिक सर्जन डॉ. जे.पी. सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि पेट के अंदर स्थित अंडकोष का ऑपरेशन सामान्य सर्जरी की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। इसमें विशेष सावधानी और आधुनिक तकनीक की आवश्यकता होती है।

डॉ. सिंह ने बताया कि अनडिसेंडेड टेस्टिस एक जन्मजात समस्या है। समय पर इसका उपचार नहीं होने पर भविष्य में बच्चे की प्रजनन क्षमता प्रभावित होने के साथ अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं भी हो सकती हैं। इसलिए अभिभावकों को बच्चों में इस तरह की समस्या दिखने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

उन्होंने बताया कि प्रकाश मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में दूरबीन विधि से ऑपरेशन, मूत्र रोग एवं पथरी से संबंधित एंडोयूरोलॉजी सर्जरी, अपर जीआई एंडोस्कोपी, कोलोनोस्कोपी, ईआरसीपी, ब्रोंकोस्कोपी और लेजर सर्जरी जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य गया और मगध क्षेत्र के मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा एवं विशेषज्ञ सर्जरी की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़े।

हंसराज पब्लिक स्कूल की बिक्री के बाद 4 करोड़ का विवाद, 22 साल की मेहनत से खड़ा किया था स्कूल, 24 करोड़ 51 लाख में हुई थी रजिस्ट्री

पूर्व निदेशक ने धोखाधड़ी और जालसाजी का लगाया आरोप

गयाजी। गया शहर के समीर तकिया स्थित हंसराज पब्लिक स्कूल की बिक्री के बाद चार करोड़ रुपये के कथित वित्तीय विवाद ने तूल पकड़ लिया है। सोमवार को प्रेसवार्ता कर स्कूल के पूर्व निदेशक मनीष रुखियार ने स्कूल खरीदने वाले पक्ष पर धोखाधड़ी, जालसाजी और अमानत में खयानत का आरोप लगाया। मनीष रुरुखियार ने बताया की 22 वर्षों की मेहनत से स्कूल को स्थापित किया था। स्कूल की बिक्री 24 करोड़ 51 लाख रुपये में तय हुई थी, जिसका एग्रीमेंट और रजिस्ट्री 16 नवंबर 2025 को कराई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल के संचालन और अन्य खर्चों के नाम पर खरीदने वाले पक्ष ने उनसे चार करोड़ रुपये शॉर्ट टर्म लोन के रूप में लिए थे। छह महीने के भीतर यानी मई 2026 तक रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया था।

पूर्व निदेशक मनीष रुखियार ने धमकी देने और पूर्व कर्मचारियों पर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पूरे लेन-देन से संबंधित बैंक स्टेटमेंट, एग्रीमेंट और बातचीत का वीडियो उनके पास मौजूद है। उन्होंने बताया कि 30 दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और डीएसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।

वहीं, दूसरे पक्ष के प्रबंधन ने सभी आरोपों को मनगढ़ंत बताया है। प्रबंधन का कहना है कि यह ब्लैकमेल करने और संस्थान को बदनाम करने की कोशिश है। मामला पुलिस जांच के अधीन है और प्रबंधन जांच में पूरा सहयोग करेगा। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पति पर सरेआम फायरिंग! अनीता देवी ने लगाई गुहार, IG विकास वैभव और SSP सुशील कुमार से मांगा न्याय

डाक स्थान मूर्ति पंडाल के पास हुई गोलीबारी का आरोप, परिवार को दोबारा हमले का डर

गया शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के बैरागी डाकस्थान के पास मूर्ति पंडाल के पास बीते 22 अक्टूबर को रात में हुए पति पर जानलेवा हमले के बाद उनकी पत्नी अनीता देवी ने न्याय के लिए पुलिस के आईजी विकास वैभव और पुलिस कप्तान सुशील कुमार से गुहार लगाई है। पीड़िता ने आईजी विकास वैभव और पुलिस कप्तान सुशील कुमार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और अपने परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।

पीड़ित महिला अनीता देवी ने कहा की उनके पति शंकर पासवान डाक स्थान मूर्ति पंडाल के पास खड़े थे। इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और गोलीबारी करने लगे। इस घटना में शंकर पासवान बाल-बाल बच गए। घटना के बाद से परिवार भयभीत है और अनीता देवी को आशंका है कि उनके पति पर दोबारा हमला हो सकता है।

तीन आवेदन देने का दावा, कार्रवाई पर उठाए सवाल

पीड़ित महिला अनीता देवी का आरोप है कि वह पहले भी थाने में तीन आवेदन दे चुकी हैं, लेकिन उन्हें न्याय मिलने में देरी हो रही है। उनका कहना है कि ताजा मामले में प्राथमिकी दर्ज हुए चार दिन बीत चुके हैं, फिर भी कार्रवाई को लेकर उनके मन में सवाल हैं। पीड़ित महिला अनीता देवी ने उपेंद्र पासवान पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि भाजपा का नाम लेकर अपने ऊपर लगे आरोपों से बचने की कोशिश करते हैं। अनीता देवी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके घर के आसपास कुछ लोगों की मौजूदगी से परिवार में डर का माहौल है।

IG और SP से न्याय की गुहार

पीड़ित महिला अनीता देवी ने आईजी विकास वैभव और पुलिस कप्तान सुशील कुमार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों की भूमिका की पड़ताल करने और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित महिला का कहना है कि उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।

गया में जमीन विवाद को लेकर दर्जनों अपराधियों ने किया बमबाजी और फायरिंग, घरों पर चलाएं ईट पत्थर

घर के बाहर रखें कुर्सियों को भी तोड़ा, सीसीटीवी कैमरे में कैद पूरी घटना,जांच में जुटी पुलिस

गया में जमीन विवाद को लेकर बड़ी घटना सामने निकल कर आई है, जमीन विवाद को लेकर भूमाफियाओं के इशारे पर दर्जनो, मोहल्ले के बदमाशों ने कई घरों पर बमबाजी फायरिंग और ईट पत्थर से घर पर हमला किया गया है, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है मामला चंदौती थाना क्षेत्र के गांधीनगर मोहल्ले की है.

बमबाजी, तोड़फोड़ और ईट पत्थर चलाए जाने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है

सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि किस तरह सत्येंद्र नारायण के घर पर 50 से भी अधिक नकाबपोश बदमाश और हाथों में बम लेकर दौड़ते हुए पहुंच रहे हैं और घर पर बमबाजी कर रहे हैं, साथ ही कई बदमाश घर पर लगातार पत्थर फेंक रहे हैं जबकि कुछ अपराधी बदमाशों के द्वारा रखी गई कुर्सियों को तोड़ते हुए दिखाई दे रहा है

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर चंदौती थाना की पुलिस पहुंची और सीसीटीवी को देखते हुए आगे की कार्रवाई में जुट गई है. पीड़ित सत्येंद्र नारायण और मुन्ना कुमार बताते हैं कि मैं अपने निजी जमीन पर निर्माण कर रहा था तभी 50 की संख्या में रहे बदमाशों के द्वारा मेरे घर पर पहुंचे और बमबाजी करना शुरू कर दिया तीन से चार बम फेके गए जिसमें घर पर भी बम फेंका गया जिसका निशान भी दिखाई दे रहा है वही कुछ बदमाशों के द्वारा लगातार ईट पत्थर फेके गए, हम लोगों पर हमला किया गया कुर्सियों को तोड़ दिया गया

उन्होंने महावीर पासवान के पुत्रों के द्वारा हमला करने की बात कही है उन्होंने बताया कि यहां पर कुछ एकड़ जमीन पर उसने दखल कर रहे हैं और घर बनवाने के एवरेज में रंगदारी की मांग करते हैं, ओर यहाँ के जमीन को अपना बताते है,हालांकि हम लोग कोर्ट और आंचल से हम लोगों के पक्ष में आया है, साथ ही हम लोगों ने आईजी,एसपी, थानाध्यक्ष को आवेदन देकर आज हम लोगों ने काम लगाया, उन्होंने कहा कि आज महावीर पासवान के कुछ पुत्र सुबह में आए थे मौके पर पुलिस भी पहुंची थी,पुलिस ने आज शाम को ही दोनों पक्षों को थाना बुलाया था लेकिन दोपहर के बाद ही 50 की ज्यादा संख्या में रहे बदमाशों ने घर पर हमला कर दिया

वही, चंदौती थाना के एस.आई शिवनाथ कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है हम लोग जांच कर रहे हैं सीसीटीवी में कुछ बदमाश दिखे हैं बमबाजी की भी घटना सामने आई है पुलिस मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेगी.

₹25 लाख का जमीन कांड या पारिवारिक बंटवारे का विवाद? चिरैयाटांड़ में प्रेस वार्ता से गरमाया मामला, एसएसपी-डीएम से न्याय की गुहार

गया। गया शहर के चिरैयाटांड़ में शुक्रवार को हुई एक प्रेस वार्ता में जमीन के लेन-देन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। एक पक्ष ने जमीन देने के नाम पर करीब 25 लाख रुपये लेने, रजिस्ट्री नहीं करने, पैसे वापस मांगने पर गाली-गलौज व धमकी देने और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित पक्ष ने गया के पुलिस कप्तान और जिलाधिकारी से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। आरोप लगाने वाले पक्ष का कहना है कि रामपुर थाना स्तर से उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है और कार्रवाई के नाम पर लगातार टालमटोल की जा रही है।

प्रेस वार्ता में शिकायतकर्ता पक्ष ने बताया कि जमीन खरीदने के लिए बातचीत के दौरान उन्हें जमीन दिखाकर सौदा तय किया गया। उनके अनुसार, जमीन देने के आश्वासन पर अलग-अलग समय में करीब 25 लाख रुपये दिए गए। उनका दावा है कि शुरुआत में एक लाख रुपये नकद दिए गए, जबकि बाद में चेक समेत अन्य माध्यमों से भी रकम का भुगतान किया गया। आरोप है कि रकम लेने के बाद जमीन की रजिस्ट्री कराने का भरोसा दिया जाता रहा, लेकिन समय बीतने के साथ रजिस्ट्री की बात लगातार टाली जाती रही।

पहले जमीन दिखाई, फिर बदला हिस्सा—पीड़ित का आरोप

शिकायतकर्ता के मुताबिक, शुरुआत में जिस जमीन के हिस्से को लेकर बात हुई थी, बाद में उसमें बदलाव की बात कही जाने लगी। आरोप है कि पहले एक हिस्से की जमीन देने की बात कही गई, लेकिन पैसा लेने के बाद पीछे की जमीन देने की बात कही गई। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब उन्होंने रजिस्ट्री के संबंध में स्पष्ट जानकारी मांगी और अपनी रकम वापस करने की मांग की तो कथित तौर पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनका आरोप है कि उन्हें गाली-गलौज के साथ धमकी भी दी गई। विवाद के दौरान परिवार के एक सदस्य के साथ मारपीट और कुल्हाड़ी से हमला कर पैर में गंभीर चोट पहुंचाने का आरोप भी लगाया गया है। पीड़ित पक्ष ने स्पष्ट कहा कि अब उन्हें जमीन नहीं चाहिए। उनकी मांग है कि उनकी पूरी रकम वापस कराई जाए और दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद का समाधान कराया जाए।

रामपुर थाना पर कार्रवाई में टालमटोल का आरोप

शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, घटना और कथित लेन-देन को लेकर रामपुर थाना में मामला दर्ज कराया गया है, लेकिन अभी तक पुलिस की कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि थाना स्तर से उन्हें बार-बार आज-कल की बात कही जा रही है। इसी वजह से उन्होंने शुक्रवार को चिरैयाटांड़ में प्रेस वार्ता कर अपनी बात सार्वजनिक की और जिले के पुलिस कप्तान तथा जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई। उनका कहना है कि यदि लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, चेक, बैंक रिकॉर्ड और जमीन के कागजात की निष्पक्ष जांच की जाए तो पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

दूसरे पक्ष का पलटवार—‘25 लाख लेने का आरोप झूठा’

इधर, दूसरे पक्ष से दिनेश यादव ने शिकायतकर्ता के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने शिकायतकर्ता से 24 या 25 लाख रुपये नहीं लिए हैं और कथित रकम लेने की बात से उनका कोई संबंध नहीं है। उनका दावा है कि उल्टे उन्होंने संबंधित लोगों को पैसा दिया है। दिनेश यादव के अनुसार, पूरा विवाद भाई-बहनों के बीच जमीन के हिस्से और पारिवारिक बंटवारे से जुड़ा हुआ है। उनका आरोप है कि इसी पारिवारिक विवाद के कारण उनकी बहन को सामने रखकर उनके खिलाफ झूठा मामला बनाया जा रहा है।

चेक और बैंक लेन-देन की जांच का दावा

ब्लैंक चेक से जुड़े सवाल पर दिनेश कुमार ने कहा कि चेक में राशि उन्होंने स्वयं भरी थी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन खातों में पैसा जमा होने की बात कही जा रही है, उसकी जानकारी जांच के दौरान सामने आएगी। उनका कहना है कि पुलिस स्तर पर मामले की जांच और सुपरविजन चल रहा है तथा जांच में जो भी पक्ष दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

अब जांच पर टिकी निगाहें

एक तरफ शिकायतकर्ता करीब 25 लाख रुपये वापस कराने और पुलिस कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरे पक्ष ने रकम लेने से साफ इनकार करते हुए इसे पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे का विवाद बताया है। ऐसे में पूरे मामले में जमीन के दस्तावेज, भुगतान से जुड़े चेक और बैंक रिकॉर्ड, कथित लेन-देन का विवरण तथा मारपीट के आरोपों की जांच अहम होगी।

प्रेस वार्ता के जरिए पीड़ित पक्ष ने जिले के पुलिस कप्तान और जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में दोनों पक्षों के दावों में से कौन-सा तथ्य सामने आता है और कथित 25 लाख रुपये के लेन-देन की वास्तविकता क्या है।

गया में डांडिया की धुन पर झूमा प्रजापति समाज, एमएलसी शीला पंडित बोलीं- एकता की ताकत ऐसे आयोजनों से बढ़ती है

गया में ‘रंगीलो डांडिया नाइट्स 2026’ का भव्य आयोजन, 200 सदस्यों ने परिवार के साथ लिया हिस्सा

गया। डांडिया की खनकती धुन, रंग-बिरंगी रोशनी और पारंपरिक नृत्य के बीच गया में प्रजापति (कुम्हार) समाज का ‘रंगीलो डांडिया नाइट्स 2026’ उत्साह और उमंग के साथ आयोजित हुआ। रविवार को गया शहर के मगध मेडिकल चोवदारह रोड स्थित एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रजापति समाज के करीब 500 सदस्यों ने अपने परिवारों के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंगों के साथ सामाजिक एकता, भाईचारे और पारिवारिक सहभागिता का संदेश दिया गया।

प्रजापति समन्वय समिति, वार्ड संख्या 29, मगध मेडिकल, गया की ओर से आयोजित समारोह का उद्घाटन बिहार विधान परिषद की सदस्य (एमएलसी) श्रीमती शीला पंडित ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने डांडिया कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया और आयोजन समिति की पहल की सराहना की।

‘सिर्फ मनोरंजन नहीं, समाज को जोड़ने का माध्यम हैं ऐसे आयोजन’

मुख्य अतिथि एमएलसी शीला पंडित ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज के लोगों को एक मंच पर लाने और आपसी संबंधों को मजबूत करने का काम करते हैं। आज की व्यस्त जिंदगी में सामाजिक मेलजोल और पारिवारिक सहभागिता के लिए ऐसे कार्यक्रमों की विशेष आवश्यकता है। जब समाज के लोग एक साथ मिलकर अपनी संस्कृति और परंपराओं का उत्सव मनाते हैं, तो आपसी विश्वास, सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत होती है।

उन्होंने आयोजन समिति को इस अनूठी पहल के लिए बधाई दी और भविष्य में भी सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

डांडिया की धुन पर महिला-पुरुष और युवाओं ने दिखाया उत्साह

कार्यक्रम में डांडिया संगीत की धुन पर महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक गतिविधियों ने समारोह को यादगार बना दिया। परिवारों की सहभागिता आयोजन का खास आकर्षण रही। समाज के विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने एक-दूसरे के साथ समय बिताया और उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि समाज के सदस्यों के बीच आपसी परिचय, सहयोग और सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा देना भी था। आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने और समाज में सकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास किया गया।

एकजुटता ही समाज की असली ताकत : सुरेंद्र प्रजापति

प्रजापति समन्वय समिति, वार्ड संख्या 29 के अध्यक्ष सुरेंद्र प्रजापति ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, सहयोग और आपसी सम्मान में निहित है। ऐसे कार्यक्रम समाज के प्रत्येक परिवार को आपस में जोड़ने का काम करते हैं। जब सभी सदस्य मिलकर किसी आयोजन को सफल बनाने में योगदान देते हैं, तो इससे एकजुटता का संदेश जाता है और आने वाली पीढ़ियों को भी साथ मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों, महिलाओं, युवाओं और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक गतिविधियों और समाज के सर्वांगीण विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।

समाज के कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

समारोह में डॉ. विजेता प्रजापति, डॉ. आनंद गौरव, डॉ. प्रमोद, डॉ. संजय प्रजापति, यूको बैंक शाखा प्रबंधक जयप्रकाश, धर्मेंद्र जी, अजय, डॉ. आर. कुमार, ध्रुव प्रजापति, बलबीर प्रजापति, डॉ. ऋषिकेश पंडित, इंस्पेक्टर अरुण प्रजापति, युवा अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, पिंटू प्रजापति, अरविंद प्रजापति और भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक राजीव प्रजापति सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

उत्साह, उमंग और आपसी सद्भाव के माहौल में ‘रंगीलो डांडिया नाइट्स 2026’ का समापन हुआ। आयोजन ने मनोरंजन के साथ सामाजिक एकता, पारिवारिक सहभागिता और सामूहिक सहयोग का संदेश दिया।

गया में फैशन का धमाका! Pepe Jeans London ने खोला नया स्टोर, अब शहर में मिलेगा इंटरनेशनल स्टाइल

जीबी रोड पर यूको बैंक के पास ग्रैंड ओपनिंग, युवाओं को मिलेगा डेनिम और कैजुअल वियर का शानदार कलेक्शन

गया: गया शहर के फैशन बाजार में अब ब्रांडेड और इंटरनेशनल फैशन का नया विकल्प जुड़ गया है। गया शहर के जीबी रोड, यूको बैंक के पास समीप अंतरराष्ट्रीय फैशन ब्रांड Pepe Jeans London के नए स्टोर की शुक्रवार को गया में भव्य ग्रैंड ओपनिंग हुई। जीबी रोड स्थित यूको बैंक के पास खुले इस स्टोर से फैशन प्रेमियों को अब ब्रांडेड डेनिम, कैजुअल वियर और स्टाइलिश कपड़ों की खरीदारी के लिए शहर में ही बेहतर विकल्प मिलेगा।

स्टोर का उद्घाटन सैयद मोहम्मद गुफरान ने किया। उद्घाटन के मौके पर फैशन और डेनिम प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। नए स्टोर के शुरू होने से उन ग्राहकों को बड़ी सुविधा मिलेगी, जो आधुनिक डिजाइन, बेहतर क्वालिटी और आकर्षक फैशन कलेक्शन को पसंद करते हैं।

Pepe Jeans London दुनियाभर में अपने शानदार डेनिम कलेक्शन और ट्रेंडी कैजुअल वियर के लिए जाना जाता है। युवाओं के बीच जींस, जैकेट, टी-शर्ट और कैजुअल कपड़ों की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए गया में इस ब्रांड का स्टोर खुलना शहर के फैशन बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्टोर में ग्राहकों को ब्रांड के लेटेस्ट कलेक्शन, आकर्षक डिजाइन और बदलते फैशन ट्रेंड के अनुरूप कपड़ों की रेंज देखने को मिलेगी। अब ग्राहकों को ब्रांडेड खरीदारी के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

स्टोर का स्थान भी ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र जीबी रोड पर चुना गया है। यूको बैंक के पास स्थित यह स्टोर जल्द ही युवाओं और फैशन पसंद ग्राहकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

गया में लगातार बढ़ती ब्रांडेड स्टोर्स की मौजूदगी शहर के फैशन बाजार को नई पहचान दे रही है। Pepe Jeans London का यह नया स्टोर इसी दिशा में एक बड़ी शुरुआत है।

भाजपा एमएलसी शीला पंडित बोलीं—समाज की सेवा भावना पर गर्व; माटीकला बोर्ड के गठन, आरक्षण और धर्मशाला के विस्तार की उठी मांग

पितृपक्ष मेले में प्रजापति समाज का सेवा-संकल्प! 15 दिन में हजारों श्रद्धालुओं का मुफ्त इलाज, चिकित्सकों को किया सम्मानित

गयाजी। पितृपक्ष मेला महासंगम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति, जिला शाखा गया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समिति के चिकित्सा प्रकोष्ठ की ओर से बाईपास स्थित दांडी बाग प्रजापति धर्मशाला में 15 दिनों तक निःशुल्क चिकित्सा शिविर चलाया गया, जिसमें हजारों पिंडदानियों और श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। रविवार को शिविर के समापन समारोह के साथ गया दक्षिणी क्षेत्र के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भाजपा विधान पार्षद (एमएलसी) शीला पंडित रहीं। समारोह में शिविर के दौरान सेवा देने वाले चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार अजय और जदयू जिला सचिव विनोद कुमार जया ने की।

शीला पंडित बोलीं—प्रजापति समाज की सेवा भावना को सलाम

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एमएलसी शीला पंडित ने कहा कि गयाजी मोक्ष की भूमि है। यहां पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से श्रद्धालु अपने पूर्वजों के पिंडदान और तर्पण के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। प्रजापति समाज ने 15 दिनों तक निःशुल्क चिकित्सा शिविर चलाकर सराहनीय काम किया है। उन्होंने कहा कि शिविर में हजारों लोगों ने चिकित्सा लाभ लिया। सेवा देने वाले चिकित्सकों को सम्मानित करने का उद्देश्य उनका मनोबल बढ़ाना और समाज के दूसरे लोगों को भी जनसेवा के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने समाज की सोच और सेवा भावना पर गर्व है। समाज की यह पहल आगे भी जारी रहनी चाहिए। एमएलसी शीला पंडित ने माटीकला बोर्ड के गठन के मुद्दे पर भी पहल का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि समाज के विकास और पारंपरिक कारीगरों को प्रोत्साहन देने के लिए ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं।

कृष्ण कुमार अजय बोले—श्रद्धालुओं की सेवा करना समाज के लिए गौरव की बात

बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति, जिला शाखा गया के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार अजय ने कहा कि पितृपक्ष मेले में प्रजापति समाज का योगदान लंबे समय से रहा है। इस वर्ष भी चिकित्सा प्रकोष्ठ ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 15 दिनों तक निःशुल्क शिविर चलाया। देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से आए श्रद्धालुओं को जरूरत के समय चिकित्सा सुविधा देना समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पिंडदान करने आए श्रद्धालु कई दिनों तक गया में रहते हैं। इस दौरान उनकी तबीयत खराब होने पर समय पर इलाज मिलना आवश्यक है। समाज के चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं देकर मानवता का संदेश दिया है। उन्होंने धर्मशाला के दूसरे तल के निर्माण के लिए सहयोग देने की मांग भी उठाई और समाज के विकास से जुड़े मुद्दों पर पहल करने की अपील की।

विनोद कुमार जया ने उठाई कुम्हार जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग

जदयू जिला सचिव विनोद कुमार जया ने कहा कि कुम्हार समाज का सामाजिक जीवन और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए चिकित्सा शिविर चलाना समाज की जिम्मेदारी और सेवा भावना का उदाहरण है। उन्होंने बिहार में कुम्हार जाति को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव केंद्र सरकार को दोबारा भेजने की जरूरत है, ताकि समाज की मांग पर गंभीरता से विचार हो सके। इसके साथ ही उन्होंने माटीकला बोर्ड के गठन को जल्द धरातल पर उतारने की मांग की। समारोह में चिकित्सकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। आयोजन के माध्यम से प्रजापति समाज ने सामाजिक एकजुटता, जनसेवा और श्रद्धालुओं की सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

इस मौके पर पूर्व प्राचार्य सत्येंद्र प्रजापति, डॉक्टर राजाराम, उदय प्रजापति, विकास प्रजापति, विनोद कुमार, ज्ञान दत्त प्रजापति, नंदू प्रजापति, अशोक प्रजापति, गोलू कुमार, अटल प्रजापति, सूरज पंडित, दीपक कुमार, जयराम प्रजापति, सुमन कुमार, पिंटू प्रजापति समेत कई लोग मौजूद रहे.

कम खर्च में करियर, अपने क्षेत्र में रोजगार, बैंकिफा एकेडमी युवाओं को देगी बैंकिंग-फाइनेंस सेक्टर में आगे बढ़ने का मौका

4 महीने का प्रशिक्षण और 2 महीने की ऑन-जॉब ट्रेनिंग की व्यवस्था

गया: बेरोजगारी की चुनौती के बीच युवाओं को कम समय और कम खर्च में रोजगार के योग्य बनाने के उद्देश्य से बैंकिफा एकेडमी ने रोजगार पहल की दिशा में कदम बढ़ाया है। गया जिले के मानपुर स्थित नौरंगा मोड़, चिरी कोठी में आदित्य विजन के निकट संचालित बैंकिफा एकेडमी युवाओं को बैंकिंग, इंश्योरेंस और फाइनेंस सेक्टर से जुड़ा व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनके लिए रोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। संस्था में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान निदेशक सिद्धनाथ सिंह और सह निदेशक रितेश कुमार गुप्ता ने एकेडमी की कार्ययोजना, प्रशिक्षण व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य युवाओं को केवल प्रमाणपत्र या डिग्री तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल, कार्य-अनुभव और सही मार्गदर्शन के साथ रोजगार के लिए तैयार करना है। साथ ही, युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम करने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करना भी एकेडमी की प्राथमिकता है।

निदेशकों ने कहा कि आज अनेक युवा एमबीए जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए लाखों रुपये खर्च करते हैं। इसके बावजूद उन्हें रोजगार की तलाश में अपने घर और परिवार से दूर दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। कई बार अच्छी सैलरी मिलने के बावजूद किराया, भोजन, परिवहन और अन्य खर्चों के कारण उनकी वास्तविक बचत काफी कम रह जाती है।

ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बैंकिफा एकेडमी युवाओं के लिए कम खर्च वाला और व्यावहारिक करियर विकल्प विकसित करने की दिशा में प्रयासरत है। इस प्रेस वार्ता में संस्थान की ओर से मिस शिवानी कुमारी, प्रशांत, प्रियांशु कुमार और रौशन कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

पितृपक्ष मेला महासंगम : फल्गु देवघाट पर तीर्थयात्रियों की सेवा में जुटे वार्ड पार्षद, दिव्यांग-वृद्धों को पहुंचा रहे पिंड स्थल तक

गयाजी। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु गयाजी पहुंच रहे हैं। फल्गु देवघाट पर पिंडदान और तर्पण के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस बीच गयाजी नगर निगम के जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी तीर्थयात्रियों की सेवा में लगातार जुटे हुए हैं। मेला क्षेत्र में सेवा और सहयोग की ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जो श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

फल्गु देवघाट पर वार्ड संख्या 10 के पार्षद गोपाल कुमार एवं वार्ड संख्या 11 के पार्षद कुंदन कुमार तीर्थयात्रियों की सेवा में जुटे हैं। दोनों पार्षद विशेष रूप से दिव्यांग, वृद्ध और चलने में असमर्थ श्रद्धालुओं की मदद कर रहे हैं। जरूरतमंद श्रद्धालुओं को पिंडदान स्थल तक पहुंचाने में वे स्वयं सहयोग कर रहे हैं, ताकि उन्हें भीड़ और लंबी दूरी के बीच किसी तरह की परेशानी नहीं हो।

पार्षद गोपाल कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेला गयाजी की धार्मिक पहचान से जुड़ा है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करना सौभाग्य की बात है। खासकर बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को पिंडदान स्थल तक पहुंचाने में हरसंभव सहयोग किया जा रहा है।

वहीं पार्षद कुंदन कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते श्रद्धालुओं की सेवा हमारी जिम्मेदारी है। मेला अवधि में देवघाट पर आने वाले जरूरतमंद श्रद्धालुओं की परेशानी को देखते हुए मौके पर ही उनकी मदद की जा रही है। प्रयास है कि कोई भी श्रद्धालु असुविधा के कारण अपने धार्मिक अनुष्ठान से वंचित न रहे।

पार्षदों ने कहा कि नगर निगम के महापौर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, पूर्व डिप्टी मेयर एवं सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव और नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार भी मेला शुरू होने से पहले से ही लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। तीनों दिन-रात मेला क्षेत्र में घूमकर सफाई, पेयजल, प्रकाश, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं तथा तीर्थयात्रियों की समस्याओं को मौके पर ही दूर कराने का प्रयास कर रहे हैं।

पार्षदों ने कहा कि नगर निगम की पूरी टीम का उद्देश्य यही है कि गयाजी आने वाले तीर्थयात्रियों को बेहतर व्यवस्था और सेवा मिले। जनप्रतिनिधियों से लेकर निगम के अधिकारी और कर्मचारी तक मेला क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। फल्गु देवघाट पर दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की मदद की जा रही है, ताकि पितृपक्ष में आने वाले श्रद्धालु श्रद्धा और सुविधापूर्वक अपने पितरों का तर्पण एवं पिंडदान कर सकें।