देर रात डीजे बजाने पर पाबंदी और प्रशासनिक रुख
झारखंड : 13 मार्च 2026
झारखंड में रामनवमी, सरहुल और ईद जैसे आगामी प्रमुख त्योहारों तथा शादी-ब्याह के सीजन के बीच देर रात 10 बजे के बाद तेज आवाज में डीजे और लाउडस्पीकर बजाने पर लगी रोक का मुद्दा राज्य की राजनीतिक और सामाजिक सुर्खियों में बना हुआ है। इस प्रतिबंध को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच जिला प्रशासन और राज्य सरकार ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय किसी व्यक्ति विशेष या चुनिंदा वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि माननीय उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण (Noise Pollution Regulation) संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत लिया गया है, और इसे किसी भी प्रकार का 'धार्मिक रंग' देना सर्वथा अनुचित है।
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इस प्रशासनिक आदेश, इसके कानूनी आधार और इससे जुड़ी प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं:
प्रतिबंध का कानूनी और संवैधानिक आधार
• सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का सख्त रुख: प्रशासन ने स्पष्ट किया कि 'ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000' तथा उच्चतम न्यायालय के वर्ष 2005 के ऐतिहासिक फैसले के तहत देश भर में रात 10:00 बजे से सुबह 06:00 बजे तक किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर, हाई-डेसिबल डीजे, प्रेशर हॉर्न या अन्य ध्वनि-विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। झारखंड हाई कोर्ट ने भी ज



5 hours ago
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