आईजीआरएस पर फर्जी रिपोर्ट लगाने वालों की अब खैर नहीं, सीएम योगी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

- लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में पहुंचे सीएम योगी, करीब 200 लोगों की सुनीं समस्याएं; जमीन कब्जाने वालों पर भी कार्रवाई के आदेश

गोरखपुर, 2 नवंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और गलत रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन आयोजित जनता दर्शन के दौरान कुछ फरियादियों ने शिकायत की कि उनकी समस्याओं के समाधान के बिना ही आईजीआरएस पोर्टल पर गलत निस्तारण रिपोर्ट लगा दी गई। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई करने को कहा।

गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सभी की समस्याओं का प्रभावी समाधान कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। मुख्यमंत्री ने फरियादियों से प्राप्त प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता पूरी न की जाए, बल्कि पीड़ित को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। कुछ लोगों ने जमीन पर जबरन कब्जे की शिकायत की। इस पर सीएम योगी ने संबंधित अधिकारियों को कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में पीड़ित को लगातार परेशानी उठानी पड़ी है, उनकी जांच कराई जाए और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए।

- इलाज के लिए आर्थिक मदद का भरोसा

जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि धन की कमी इलाज में बाधा नहीं बनने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल से इलाज का इस्टीमेट प्राप्त करने और अन्य औपचारिकताएं पूरी कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। प्रस्ताव जल्द शासन को भेजा जाए, ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मरीजों को इलाज के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

- दिव्यांग युवती ने मांगा भाई के लिए रोजगार

जनता दर्शन में एक दिव्यांग युवती ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इंटरमीडिएट पास भाई के लिए रोजगार की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को युवती के प्रार्थना पत्र पर उचित कार्रवाई और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दोहराया कि जनता की शिकायतों का निस्तारण शासन की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, मनमानी या शिकायतों के फर्जी निस्तारण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

26 नवंबर को संविधान दिवस पर ‘कांग्रेस: संविधान की संहारक’ विषय पर होगा संगोष्ठी का आयोजन

- लोकतंत्र सेनानी संघ की दिल्ली प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया निर्णय, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

नई दिल्ली। लोकतंत्र सेनानी संघ 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन करेगा। संगोष्ठी का विषय ‘कांग्रेस: संविधान की संहारक’ रखा गया है। इसमें भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, केंद्र सरकार का समर्थन करने वाले राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा।

उक्त आशय की जानकारी एक विज्ञप्ति के माध्यम से प्रशांत शेखर मिश्रा, जनसंपर्क अधिकारी, लोकतंत्र सेनानी संघ ने देते हुए बताया कि इस संबंध में रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय सह संरक्षक अश्विनी कुमार चौबे के नई दिल्ली स्थित आवास पर संघ की दिल्ली प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से संगोष्ठी आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में दिल्ली के लोकतंत्र सेनानियों को अन्य राज्यों की तर्ज पर समुचित सम्मान, सुविधाएं और पेंशन उपलब्ध कराने की मांग पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सदस्यों को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय संपर्क प्रमुख नागेंद्र और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के साथ हुई बैठकों तथा इस दिशा में हुई प्रगति की जानकारी दी गई।

बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से चुनाव प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों और वोट चोरी के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के शासनकाल में बूथ कब्जाने, मतपेटियां लूटने और चुनाव के दौरान हिंसा की घटनाएं होती थीं, वे आज खुद को निर्दोष बताकर दूसरों पर वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं।

चौबे ने सवाल उठाया कि यदि चुनाव में बड़े पैमाने पर वोट चोरी हो रही है तो कांग्रेस उपचुनावों में जीत कैसे हासिल करती है और विभिन्न राज्यों में सरकारें कैसे बनाती है? उन्होंने कहा कि विपक्ष के जीतने पर चुनाव परिणाम स्वीकार करना और हारने पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना जनता को भ्रमित करने जैसा है।

बिहार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के शासनकाल में बूथ कैप्चरिंग का दौर रहा है। उनके मुताबिक, आज की कांग्रेस न तो श्रीकृष्ण बाबू के आदर्शों पर चल रही है और न ही अनुग्रह बाबू के सिद्धांतों पर, बल्कि एक परिवार तक सीमित होकर रह गई है।

अश्विनी चौबे ने 1975 में लगाए गए आपातकाल का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश लगाया, वही आज संविधान की बात कर रही है। संघ की ओर से 26 नवंबर को आयोजित संगोष्ठी में आपातकाल और कांग्रेस के कथित दोहरे रवैये को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

बैठक में संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओपी बब्बर, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष राजन ढींगरा और प्रदेश महामंत्री राजकुमार सपरा सहित अशोक आहूजा, इंदर तोमर, चमन लाल मौला, विजय कौशिक, हरीश असरी, डॉ. अनिल, अशोक महाजन समेत कई लोकतंत्र सेनानी मौजूद रहे।

दीपोत्सव का एक दशक, अयोध्या के गौरव का नया अध्याय

- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'योगी की पाती' के माध्यम से प्रदेशवासियों को सात नवंबर को अयोध्या आने का दिया निमंत्रण

- 2017 में 1.71 लाख दीयों से शुरू हुआ दीपोत्सव, दस वर्षों में विश्वपटल पर स्थापित हुई रामनगरी की नई पहचान

- भरत के त्याग से समझाया सत्ता का अर्थ, अधिकार नहीं बल्कि दायित्व है शासन का वास्तविक आधार

- आस्था से अर्थव्यवस्था को मिल रही गति, कुम्हारों, पुष्प विक्रेताओं और होटल कारोबारियों के लिए बढ़े अवसर

- जहां प्रकाश है वहां सुरक्षा, सुरक्षा से निवेश और निवेश से विकास व रोजगार: मुख्यमंत्री योगी

- वंचित परिवारों के साथ त्योहार की खुशियां बांटने और स्थानीय कारीगरों के उत्पाद खरीदने की अपील

लखनऊ, 02 नवंबर। अयोध्या का दीपोत्सव अपने दसवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। वर्ष 2017 में शुरू हुआ यह आयोजन दस वर्षों की यात्रा में रामनगरी के सांस्कृतिक गौरव और सनातन परंपरा की वैश्विक पहचान बन चुका है। दीपोत्सव ने न केवल अयोध्या को विश्वपटल पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी गति दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सात नवंबर को होने वाले दीपोत्सव से पहले 'योगी की पाती' के माध्यम से प्रदेशवासियों को संदेश दिया है। उन्होंने लोगों को परिवार और मित्रों के साथ अयोध्या पहुंचकर आयोजन का साक्षी बनने का निमंत्रण दिया है।

मुख्यमंत्री ने 'योगी की पाती' में लिखा कि प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति से जुड़ा दीपोत्सव अंधकार से प्रकाश, निराशा से आशा और आस्था से विकास की यात्रा का प्रतीक है। यह केवल दीप प्रज्वलन का आयोजन नहीं, बल्कि सनातन चेतना के पुनर्जागरण और भारत के सांस्कृतिक गौरव का महापर्व है। दीप की छोटी सी लौ भी गहन अंधकार में नई आशा जगाने का संदेश देती है।

- दीपोत्सव ने दी उत्सव प्रदेश की पहचान

मुख्यमंत्री योगी ने पत्र में आस्था और अर्थव्यवस्था के संबंध को रेखांकित किया। उन्होंने लिखा कि आस्था और जनभागीदारी को विकास की शक्ति बनाकर उत्तर प्रदेश ने 'उत्सव प्रदेश' के रूप में नई पहचान स्थापित की है। जहां प्रकाश है, वहां सुरक्षा का वास है। जहां सुरक्षा है, वहां निवेश के अवसर हैं। निवेश से विकास होता है और विकास से रोजगार तथा सुख-समृद्धि आती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव से स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिल रहा है। कुम्हारों के बनाए दीयों की मांग बढ़ रही है। पुष्प विक्रेताओं, होटल व्यवसायियों और अन्य स्थानीय व्यापारियों के लिए आय तथा रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। इस प्रकार सांस्कृतिक आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहा है।

- भरत के त्याग से दिया शासन का संदेश

मुख्यमंत्री ने रामायण के प्रेरक प्रसंग के माध्यम से सत्ता और शासन के आदर्शों का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि प्रभु श्रीराम के वनवास के दौरान भरत ने 14 वर्षों तक राजसुख का त्याग किया। श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर प्रतिष्ठित रखकर अयोध्या का शासन संचालित किया। मुख्यमंत्री के अनुसार यह प्रसंग सिखाता है कि सत्ता का वास्तविक अर्थ अधिकार नहीं, बल्कि दायित्व है। अयोध्या का दीपोत्सव त्याग, मर्यादा और समर्पण की इसी भावना को विश्वपटल पर प्रतिष्ठित कर रहा है। यह आयोजन लोगों को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के साथ जीवन मूल्यों से भी जुड़ने का अवसर देता है।

- सरयू तट पर दीपमालाएं, आकाश में ड्रोन की छटा

सात नवंबर को होने वाले दीपोत्सव में सरयू तट और राम की पैड़ी पर भव्य दीपमालाएं सजाई जाएंगी। पारंपरिक दीपों के साथ आधुनिक ड्रोन प्रस्तुतियां और कलाकारों की सहभागिता आयोजन को भव्य बनाएगी। मुख्यमंत्री ने पत्र में सरयू तट की दीपमालाओं का वर्णन करते हुए लिखा कि राम की पैड़ी पर लाखों दीपों की जगमगाहट से ऐसा प्रतीत होता है, मानो अयोध्या में स्वयं आकाशगंगा उतर आई हो। उन्होंने इस आयोजन को परंपरा और आधुनिकता के सुंदर संगम के रूप में प्रस्तुत किया है।

- वंचित परिवारों के घर भी रोशन करने की अपील

मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेशवासियों से त्योहार की खुशियां जरूरतमंद परिवारों के साथ बांटने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आसपास कोई वंचित परिवार हो तो अपने सामर्थ्य के अनुसार उसे दीये, मिठाइयां और नए वस्त्र भेंट कर उसकी दीपावली भी आलोकित करें। यही दीपोत्सव की सच्ची भावना है। उन्होंने स्थानीय कारीगरों के बनाए दीप और अन्य उत्पाद खरीदकर उनके परिश्रम को प्रोत्साहन देने की अपील भी की। युवाओं से सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने, नकारात्मकता से दूर रहने और आसपास स्वच्छता बनाए रखने को कहा। मुख्यमंत्री ने लिखा कि स्वच्छता में ही श्री अर्थात लक्ष्मी जी का वास है।

- दीपोत्सव के नाम लगातार दर्ज होते रहे विश्व कीर्तिमान

अयोध्या में वर्ष 2017 में पहली बार 1.71 लाख दीयों से दीपोत्सव की शुरुआत हुई थी। वर्ष 2018 में 3.01 लाख, 2019 में 4.04 लाख और 2020 में कोरोना प्रतिबंधों के बीच 6.06 लाख दीये जलाए गए।

वर्ष 2021 में 9,41,551 दीयों के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना। इसके बाद वर्ष 2022 में 15,76,955 और 2023 में 22.23 लाख दीयों से नए कीर्तिमान स्थापित हुए। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद वर्ष 2024 के पहले दीपोत्सव में 25.12 लाख दीये प्रज्वलित किए गए। वर्ष 2025 में 26.17 लाख दीयों से पिछला रिकॉर्ड तोड़ा गया। इसी आयोजन में 2,128 लोगों ने एक साथ आरती कर एक और विश्व कीर्तिमान बनाया। इस तरह दस वर्षों में दीपोत्सव ने अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाई दी है।

टेंपल डिवाइसः जानिए कैसे काम करती है यह खास तकनीक

- अमरेश द्विवेदी

क्रिकेट में खिलाड़ियों की तैयारी अब केवल बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फिटनेस तक सीमित नहीं रह गई है। आधुनिक तकनीक की मदद से खिलाड़ी अपने शरीर की प्रतिक्रियाओं और शारीरिक प्रदर्शन को बेहतर ढंग से समझने की कोशिश कर रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण भारतीय वनडे और टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल हैं, जो न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में अभ्यास के दौरान माथे पर एक खास डिवाइस लगाए नजर आए। इस डिवाइस का नाम टेंपल (TEMPLE) है, जिसे जाेमैटाे (Zomato) के सह-संस्थापक दीपिंदर गोयल की कंपनी ने विकसित किया है।

बता दें कि, भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज आगामी 4 नवंबर, 2026 से शुरू होने वाली है। इससे पहले गिल के माथे पर लगे छोटे-से उपकरण ने क्रिकेट प्रशंसकों और तकनीक में रुचि रखने वाले लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। आमतौर पर खिलाड़ी फिटनेस बैंड और स्मार्टवॉच के जरिए हृदय गति, नींद और शारीरिक गतिविधियों पर नजर रखते हैं लेकिन टेंपल का उद्देश्य मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से जुड़े संकेतों और शरीर की शारीरिक प्रतिक्रियाओं का आकलन करना है।

हालांकि, गिल ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया है कि उन्होंने इस डिवाइस का इस्तेमाल किस खास उद्देश्य से किया। इसलिए उनके डिवाइस पहनने को किसी बीमारी की जांच या विशेष चिकित्सकीय जरूरत से जोड़ना उचित नहीं होगा। इसकी संभावित कीमत लगभग ₹84,999 से ₹85,000 के आसपास है और इसके प्री-ऑर्डर 1 नवंबर 2026 से शुरू होने वाले हैं। यह कोई प्रमाणित मेडिकल या डायग्नोस्टिक डिवाइस नहीं है बल्कि एक वेलनेस और रिसर्च आधारित गैजेट है।

गाैरतलब है कि, इसका इस्तेमाल भारतीय क्रिकेटर शुभमन गिल के अलावा स्टार भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और जाेमैटाे के सह-संस्थापक दीपिंदर गोयल करते देखे गए हैं। टेंपल एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जिसे सिर के कनपटी वाले हिस्से में, माथे और कान के बीच लगाया जाता है। इसे त्वचा पर चिपकाने के लिए विशेष एडहेसिव स्ट्रिप्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसका डिजाइन ऐसा है कि इसे रोजमर्रा की गतिविधियों और शारीरिक अभ्यास के दौरान पहना जा सके। सामान्य फिटनेस ट्रैकर मुख्य रूप से कलाई या उंगली से मिलने वाले संकेतों के आधार पर शरीर की गतिविधियों का विश्लेषण करते हैं। इसके विपरीत, टेंपल सिर के पास से ऑप्टिकल संकेत एकत्र करता है और उनका विश्लेषण करके कुछ विशेष मापदंड प्रस्तुत करता है। इस डिवाइस के दो प्रमुख फीचर हैं- ब्रेनफ्लो और एंट्रॉपी स्कोर। पहला मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से संबंधित बदलावों के संकेतों पर केंद्रित है, जबकि दूसरा शरीर की शारीरिक सक्रियता और उस पर पड़ने वाले दबाव से जुड़े संकेतों को एक संख्यात्मक स्कोर के रूप में दिखाता है।

टेंपल का पहला प्रमुख फीचर ब्रेनफ्लो है। इसका उद्देश्य मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से संबंधित बदलावों को ट्रैक करना है। मस्तिष्क को सामान्य रूप से काम करने के लिए पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। इसलिए मस्तिष्क में रक्त संचार से जुड़े बदलावों का अध्ययन चिकित्सा विज्ञान और न्यूरोसाइंस में महत्वपूर्ण माना जाता है।

ब्रेनफ्लो के माध्यम से टेंपल सिर की कनपटी के पास स्थित ऊतकों और रक्त वाहिकाओं से मिलने वाले संकेतों का विश्लेषण करता है। इसके बाद सॉफ्टवेयर इन संकेतों के आधार पर मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से जुड़े बदलावों का अनुमान लगाने का प्रयास करता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ब्रेनफ्लो को मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से संबंधित संकेतों का आकलन करने वाला मापदंड समझना चाहिए। इसे मस्तिष्क तक पहुंचने वाले रक्त की वास्तविक मात्रा का प्रत्यक्ष और पूर्ण माप नहीं माना जा सकता। त्वचा, खोपड़ी और आसपास के ऊतकों में रक्त प्रवाह भी सेंसर के परिणामों को प्रभावित कर सकता है।

कंपनी ने इस तकनीक की तुलना स्थापित चिकित्सा मापन विधियों से करने वाले शुरुआती अध्ययन भी साझा किए हैं। हालांकि, इसकी सटीकता और अलग-अलग परिस्थितियों में विश्वसनीयता का आकलन करने के लिए व्यापक तथा स्वतंत्र वैज्ञानिक सत्यापन जरूरी है। टेंपल का दूसरा प्रमुख फीचर एंट्रॉपी स्कोर है। यह 1 से 250 के बीच एक संख्यात्मक स्कोर देता है और इसे शरीर की शारीरिक सक्रियता तथा ऊर्जा की मांग में होने वाले बदलावों को समझने के लिए विकसित किया गया है।

कंपनी के अनुसार, नींद, तनाव, व्यायाम, कैफीन का सेवन और ध्यान जैसी गतिविधियां इस स्कोर को प्रभावित कर सकती हैं। कम स्कोर अपेक्षाकृत आराम की स्थिति से जुड़ा हो सकता है, जबकि अधिक स्कोर शारीरिक सक्रियता या बढ़ी हुई शारीरिक मांग के दौरान दिखाई दे सकता है। यह स्कोर लगातार अपडेट होने के लिए बनाया गया है।

उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति आराम करने के दौरान और कठिन व्यायाम के बाद अपने स्कोर की तुलना कर सकता है। इसी तरह, वह अलग-अलग दिनों में नींद और शारीरिक गतिविधियों के साथ अपने आंकड़ों में होने वाले बदलावों को देख सकता है। हालांकि, एंट्रॉपी स्कोर एक कंपनी-विशिष्ट मापदंड है। इसे तनाव, थकान या किसी बीमारी का निश्चित माप नहीं मानना चाहिए। इसकी गणना किस तरह की जाती है और यह शरीर की अलग-अलग अवस्थाओं को कितनी सटीकता से दर्शाता है, यह स्वतंत्र वैज्ञानिक प्रमाणों से स्थापित होना आवश्यक है।

टेंपल की कार्यप्रणाली में पीपीजी यानी फोटोप्लेथिस्मोग्राफी तकनीक की भूमिका बताई जाती है। इस तकनीक का इस्तेमाल कई स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड में भी किया जाता है। पीपीजी में सेंसर त्वचा पर प्रकाश डालता है और ऊतकों से वापस आने वाले प्रकाश में होने वाले बदलावों को मापता है। रक्त वाहिकाओं में रक्त की मात्रा बदलने पर प्रकाश के अवशोषण और परावर्तन में भी बदलाव आ सकता है। सेंसर इन परिवर्तनों को रिकॉर्ड करता है और सॉफ्टवेयर प्राप्त संकेतों का विश्लेषण करता है।

टेंपल में सिर के कनपटी वाले हिस्से से संकेत एकत्र किए जाते हैं। इसके बाद डिवाइस का सिस्टम इन संकेतों को संसाधित करके ब्रेनफ्लो और एंट्रॉपी जैसे मापदंड तैयार करने में मदद करता है।

यह समझना जरूरी है कि पीपीजी अपने आप मस्तिष्क की विद्युत गतिविधियों को रिकॉर्ड नहीं करता। यह EEG यानी इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राफी से अलग तकनीक है, जिसमें मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि मापी जाती है। इसी तरह, प्रकाश आधारित संकेतों से मस्तिष्क में रक्त प्रवाह का सटीक आकलन करने के लिए विशेष एल्गोरिदम और वैज्ञानिक सत्यापन की आवश्यकता होती है।

टेंपल से प्राप्त संकेतों का विश्लेषण करने के बाद संबंधित जानकारी मोबाइल ऐप पर दिखाई जाती है। इससे उपयोगकर्ता समय के साथ अपने आंकड़ों में होने वाले बदलावों को देख सकते हैं और अलग-अलग गतिविधियों के दौरान प्राप्त परिणामों की तुलना कर सकते हैं।

इस प्रक्रिया को तीन चरणों में समझा जा सकता है। डेटा संग्रह- सेंसर त्वचा और रक्त वाहिकाओं से संबंधित ऑप्टिकल संकेत रिकॉर्ड करता है। डेटा विश्लेषण- डिवाइस का सिस्टम इन संकेतों का विश्लेषण करके संबंधित मापदंड तैयार करता है। वहीं, प्राप्त परिणाम ऐप के जरिए उपयोगकर्ता को माेबाइल पर दिखाए जाते हैं। इस तरह का लगातार डेटा व्यक्ति को अपनी शारीरिक प्रतिक्रियाओं के पैटर्न समझने में मदद कर सकता है। हालांकि, आंकड़ों में बदलाव का कारण केवल एक गतिविधि को मान लेना सही नहीं होगा क्योंकि शरीर की प्रतिक्रिया कई कारकों से प्रभावित हो सकती है।

क्रिकेट जैसे प्रतिस्पर्धी खेल में खिलाड़ियों को शारीरिक क्षमता के साथ-साथ आराम, रिकवरी और लगातार अभ्यास के बीच संतुलन बनाए रखना पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय दौरों में लंबी यात्रा, मौसम में बदलाव, समय क्षेत्र का अंतर और व्यस्त कार्यक्रम भी खिलाड़ियों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकते हैं। टेंपल जैसे उपकरण भविष्य में खेल वैज्ञानिकों और खिलाड़ियों को शारीरिक प्रतिक्रियाओं का अध्ययन करने में सहायता दे सकते हैं। इनके आंकड़ों से यह समझने की कोशिश की जा सकती है कि अलग-अलग गतिविधियों, आराम और अभ्यास के दौरान शरीर के संकेत किस तरह बदलते हैं। लेकिन यह दावा करना जल्दबाजी होगी कि टेंपल पहनने से किसी खिलाड़ी की एकाग्रता, बल्लेबाजी या प्रदर्शन अपने आप बेहतर हो जाएगा। इसकी उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसके मापदंड कितने विश्वसनीय हैं और उनका खेल प्रदर्शन से क्या संबंध स्थापित होता है।

टेंपल जैसी उभरती तकनीक के लिए वैज्ञानिक सत्यापन सबसे महत्वपूर्ण है। कनपटी के पास मौजूद त्वचा, खोपड़ी और रक्त वाहिकाओं से मिलने वाले संकेतों को अलग-अलग पहचानना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए डिवाइस की रीडिंग को सीधे मस्तिष्क के स्वास्थ्य का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके अलावा, एंट्रॉपी स्कोर को भी किसी बीमारी की पहचान करने या चिकित्सकीय निर्णय लेने का विकल्प नहीं समझना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को लगातार सिरदर्द, चक्कर या अन्य चिंताजनक लक्षण हों, तो उसे डिवाइस के आंकड़ों पर निर्भर रहने के बजाय योग्य चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।

खिलाड़ियाें के माथे पर दिखाई देता टेंपल डिवाइस खेल और आधुनिक तकनीक के बीच बढ़ते संबंध का एक दिलचस्प उदाहरण है। ब्रेनफ्लो एंट्रॉपी स्कोर और प्रकाश आधारित सेंसरों के जरिए यह उपकरण शरीर की शारीरिक प्रतिक्रियाओं को समझने का एक नया तरीका प्रस्तुत करने का प्रयास करता है। फिलहाल, इसे व्यक्तिगत वेलनेस और अनुसंधान की संभावनाओं वाले उपकरण के रूप में देखना अधिक उचित है। इसकी सटीकता, उपयोगिता और वास्तविक लाभों का आकलन आगे होने वाले स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययनों से ही किया जा सकेगा। यदि यह तकनीक विश्वसनीय साबित होती है तो भविष्य में यह फिटनेस, खेल विज्ञान और शरीर की प्रतिक्रियाओं के अध्ययन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

(लेखक, हिन्दुस्थान समाचार से संबद्ध हैं।)

सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को लिखी 49वीं पाती, दीपोत्सव पर अयोध्या आने का दिया न्योता

 

- बोले- दीपोत्सव सनातन चेतना के पुनर्जागरण और सांस्कृतिक गौरव का महापर्व, त्याग, मर्यादा और समर्पण का देता है संदेश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम अपनी 49वीं पाती लिखकर दीपोत्सव की शुभकामनाएं दी हैं। इस बार उनकी पाती का केंद्र अयोध्या का भव्य एवं दिव्य दीपोत्सव है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से परिवार और मित्रों के साथ प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या पहुंचकर दसवें भव्य दीपोत्सव की दिव्य छटा का साक्षी बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्री अयोध्या धाम अपने दसवें दीपोत्सव के स्वागत के लिए पुलकित है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में दीपोत्सव को केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन चेतना के पुनर्जागरण और सांस्कृतिक गौरव का महापर्व बताया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति से जुड़ा यह पर्व हमारी परंपराओं के साथ जीवन-मूल्यों को भी आत्मसात करने की प्रेरणा देता है। दीपोत्सव से हमारा सनातन संबंध केवल परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह त्याग, मर्यादा, सेवा और समर्पण जैसे जीवन-मूल्यों से भी जुड़ा है।

सीएम योगी ने भरत जी के त्याग और समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने 14 वर्षों तक राजसुख का त्याग किया और प्रभु श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर प्रतिष्ठित रखकर शासन किया। उनका जीवन सिखाता है कि सत्ता का वास्तविक अर्थ अधिकार नहीं, बल्कि दायित्व और समर्पण है। दीपोत्सव इन्हीं आदर्शों को विश्वपटल पर प्रतिष्ठित करने का माध्यम बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने अयोध्या के दीपोत्सव की भव्यता का वर्णन करते हुए कहा कि मां सरयू के तट पर सजी दीपमाला और राम की पैड़ी पर लाखों दीपों की जगमगाहट ऐसा दृश्य प्रस्तुत करती है, मानो धरती पर आकाशगंगा उतर आई हो। यह आयोजन आस्था, संस्कृति और जनभागीदारी का अद्भुत संगम बन चुका है।

उन्होंने दीपोत्सव के आर्थिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे कुम्हारों, पुष्प विक्रेताओं, होटल व्यवसायियों और स्थानीय व्यापारियों को रोजगार एवं आय के नए अवसर मिलते हैं। आस्था और जनभागीदारी को विकास की शक्ति बनाकर उत्तर प्रदेश ने उत्सव प्रदेश के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित की है। दीपोत्सव अब आस्था के साथ अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने वाला आयोजन बन रहा है। सीएम योगी ने प्रदेश की विकास यात्रा को प्रकाश, सुरक्षा, निवेश और रोजगार से जोड़ते हुए कहा कि जहां प्रकाश है, वहां सुरक्षा है। जहां सुरक्षा है, वहां निवेश के अवसर हैं। निवेश से विकास और विकास से रोजगार एवं सुख-समृद्धि के रास्ते खुलते हैं। समृद्धि से उत्सव और उत्सव से उत्तर प्रदेश की पहचान उत्सव प्रदेश के रूप में मजबूत होती है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से दीपावली पर सामाजिक सहभागिता और सेवा का संकल्प लेने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि अपनी सामर्थ्य के अनुसार वंचित परिवारों को दीये, मिठाइयां और नए वस्त्र भेंट करें, ताकि उनके जीवन में भी खुशियों का उजाला पहुंचे। वंचित परिवारों की दीपावली रोशन करना ही दीपोत्सव की सच्ची भावना है।

युवाओं को संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे दीपक के प्रकाश की तरह सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ें और नकारात्मकता से दूर रहें। साथ ही स्थानीय कारीगरों के बनाए दीये और अन्य उत्पाद खरीदकर उनके परिश्रम को प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री की 49वीं पाती का संदेश स्पष्ट है कि दीपोत्सव केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा, स्वदेशी, सांस्कृतिक गौरव और समृद्ध उत्तर प्रदेश के संकल्प को आगे बढ़ाने का अवसर भी है।

गुंडे-माफियाओं को मंत्री बनाने वाले अखिलेश आज लोकतंत्र पर ज्ञान दे रहे, बीजेपी ने सपा पर बोला तीखा हमला

‘वोट चोरी का भ्रम फैलाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं अखिलेश’, बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह का सपा प्रमुख पर निशाना

‘2027 में सपा का सूपड़ा साफ होगा’, बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश सिंह ने अखिलेश को घेरा

सपा राज में था अपराधियों का बोलबाला, अब मिट्टी में मिल गए माफिया: बीजेपी प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी

‘सपा शासन में गुंडाराज, योगी सरकार में सुरक्षित हैं बेटियां’, अखिलेश यादव पर बीजेपी नेताओं ने साधा निशाना

लखनऊ, 01 नवंबर। बीजेपी नेताओं ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। यूपी बीजेपी के उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने अपने शासनकाल में सिर्फ कामचोरी की, वो आज वोट चोरी की बात कर रहे हैं। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब 2027 में जनता सपा का सूपड़ा साफ कर देगी, तब अखिलेश का भ्रम टूटेगा। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने कहा कि जिनकी सरकार में माफिया, गुंडे, अपराधी और बलात्कारी मंत्री पद पाते थे, वो आज लोकतंत्र की बात कर रहे हैं। 

नीरज सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव और कांग्रेस वोट चोरी का मुद्दा उठाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश, उत्तम प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है और आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता सपा के षड्यंत्रों का मुंहतोड़ जवाब देगी।

‘सपा राज में डर के साये में रहती थीं बहन-बेटियां’

दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि योगी सरकार में युवाओं को बिना पर्ची और खर्ची के नौकरियां मिल रही हैं। प्रदेश में 9.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सपा शासन में बहन-बेटियां स्कूल जाने में डरती थी। प्रदेश में गुंडराज था और सरकार माफियाओं और अपराधियों को संरक्षण देती थी। उन्होंने सपा-कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि ये एकजुटता की बात तो करते हैं, लेकिन ये तय नहीं कर पा रहे हैं कि कौन बड़ा भाई है और कौन छोटा? जिस तरह से इनमें आपस में ही सिर फुटौव्वल चल रहा है, उससे साफ है कि 2027 के चुनाव में इन्हें अपनी हार नजर आ गई है। 

‘अपनी नाकामी को वोट चोरी बता रहा है विपक्ष’

डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस अपनी हार को वोट चोरी बताकर जनादेश का अपमान कर रही है। हकीकत ये है कि बार-बार देश और प्रदेश की जनता इन्हें नकार चुकी है और ये अपनी नाकामी को पचा नहीं पा रहे हैं। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि यूपी की जनता भूली नहीं है कि अखिलेश के शासनकाल में किस तरह प्रदेश में दंगे होते थे, अपराधियों का बोलबाला था और सपाई जमीन पर कब्जा करते थे। आज माफियाओं का कोई वजूद नहीं है। उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन को ठगबंधन बताते हुए कहा कि इनमें आपस में ही जूतमपैजार हो रही है। फिर किस मुंह से ये एकजुटता की बात कर रहे हैं।

कुत्ते की पूंछ की तरह हैं सपाई, कभी सीधे नहीं हो सकते: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

- मुख्यमंत्री ने 495 करोड़ रुपये के गोड़धोइया नाला फेज-1 का किया लोकार्पण

- 880 करोड़ रुपये की लागत वाली फेज-2 और सीवरेज परियोजनाओं की रखी आधारशिला

- मच्छर और माफिया से मुक्त हुआ गोरखपुर, बेटियों को छेड़ने वाले सीधे गए जहन्नुम: मुख्यमंत्री

- मुख्यमंत्री ने लोगों से की दीपावली पर शहीदों के नाम एक दीया जलाने और स्वदेशी अपनाने की अपील 

- मुख्यमंत्री ने कहा- बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को विशेष पैकेज देगी सरकार

गोरखपुर, 01 नवंबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी, माफिया प्रवृत्ति की पार्टी है, उन्हें जब भी मौका मिलता है जमीन कब्जा करने निकल पड़ते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि, जिस प्रकार कुत्ते की पूंछ कभी सीधी नहीं हो सकती, ठीक उसी प्रकार समाजवादी पार्टी के लोग भी कभी सीधे नहीं हो सकते हैं। जब भी इन्हें मौका मिलता है, गरीबों और व्यापारियों की जमीन पर कब्जा करना इनकी प्रवृत्ति रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को बिछिया पुल के पास 495 करोड़ रुपये के गोड़धोइया नाला फेज-1 के लोकार्पण और 880 करोड़ रुपये की लागत वाली फेज-2 और सीवरेज परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया।

- दीपावली से पूर्व गोरखपुर को मिली बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री ने दीपावली से पूर्व गोरखपुर महानगर के 17 वार्डों को जलभराव से स्थायी मुक्ति दिलाने के लिए बिछिया पुल के निकट 495 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले गोड़धोइया नाला परियोजना के प्रथम चरण का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने 880 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले परियोजना के द्वितीय चरण, सीवरेज योजना जोन ए तीन तथा समानांतर सर्विस रोड का शिलान्यास किया। उन्होंने रेलवे लाइन के उत्तरी क्षेत्र के सभी निवासियों को इस बड़ी सौगात की बधाई दी।

- सपा के आतंक में अपनी ही हवेलियां गिराने को मजबूर थे लोग: मुख्यमंत्री

पूर्ववर्ती सपा सरकार की अराजकता को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दस वर्ष पहले गोरखपुर में केंचुए की चाल की तरह रेंगते हुए चलना पड़ता था। चारों ओर जाम, गंदगी, जल जमाव और माफिया व मच्छर का आतंक था। उन्होंने बताया कि गोरखपुर जेल बाईपास रोड पर एक प्रतिष्ठित और रईस परिवार ने सपा सरकार के समय माफियाओं के डर से अपनी जमीन बचाने के लिए रातोंरात खुद ही अपनी दोनों हवेलियां गिरा दीं ताकि कम से कम जमीन उनके कब्जे में रहे। इसी तरह आर्यनगर में भी एक माफिया ने प्रतिष्ठित परिवार की हवेली कब्जाने का प्रयास किया था। तब बतौर सांसद वे स्वयं मौके पर गए थे और जनता से कहा था कि इन गुंडों को पकड़ पकड़कर मारो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आज किसी गरीब, व्यापारी या सम्मानित नागरिक की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने से पहले कोई भी दस बार सोचेगा क्योंकि उसे मालूम है कि अगले ही पल उसका क्या हिसाब होने वाला है।

- अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले असुरक्षा के वातावरण के कारण बेटी स्कूल नहीं जा पाती थी और व्यापारी सुरक्षित माहौल में व्यापार नहीं कर पाता था। जब सुरक्षा नहीं थी तो कोई निवेश भी नहीं करता था और शहर की सड़कें गड्ढों में खो चुकी थीं। जो समाज अपनी बेटियों और बहनों को सुरक्षा न दे सके, उसके लिए इससे ज्यादा नारकीय स्थिति दूसरी नहीं हो सकती। इसीलिए सरकार ने ऐसे अपराधों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति तय की है। आज किसी युवा के जीवन के साथ खिलवाड़ करने या राह चलती बेटी के साथ जबरन छेड़खानी करने का दुस्साहस कोई नहीं कर सकता। अगर किसी ने ऐसा किया तो उसका रास्ता तय है, उसे जेल या जहन्नुम में से किसी एक जगह जाना ही पड़ेगा।

- बिना मकान तोड़े बना साढ़े सात किलोमीटर का नाला

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले बीमारू मानसिकता की सरकारों के कारण गंदगी, जल जमाव और अशुद्ध पेयजल से इंसेफेलाइटिस, मलेरिया व डेंगू जैसी बीमारियां फैलती थीं, जिनसे हजारों बच्चे असमय काल कवलित होते थे। गोड़धोइया नाले के निर्माण से हमने गोरखपुर को मच्छर और माफिया से समाप्त करने की पहली परियोजना भी पूर्ण कर दी है। जब शहर मच्छर और माफिया से मुक्त होता है तो विकास तेजी से दौड़ता है। जब विधान परिषद सदस्य डॉ धर्मेंद्र सिंह ने नाला निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों की पीड़ा सामने रखी, तो हमने अवैध कब्जे हटाते हुए पहले से बने मकानों को नुकसान पहुंचाए बिना 7 किलोमीटर 750 मीटर लंबा और चौड़ा आरसीसी नाला तैयार किया। इसके दोनों ओर सीवर लाइन बिछ चुकी है और अब ट्रीटमेंट के बाद ही पानी रामगढ़ ताल में जाएगा, जिससे ताल की स्वच्छता और सुंदरता बनी रहेगी। नाले के दोनों ओर वैकल्पिक मार्ग के रूप में सड़क बनेगी और वृक्षारोपण होगा। इसके अलावा धर्मशाला बाजार से सुमेर सागर होते हुए जाने वाले नाले को भी पक्का आरसीसी नाला बनाने के लिए नगर निगम को धनराशि स्वीकृत कर दी गई है।

- रेलवे कॉलोनी और राप्तीनगर समेत 17 वार्डों की जल भराव से मिलेगी राहत

मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं का ब्योरा देते हुए बताया कि पहले चरण में लगभग 500 करोड़ रुपये की योजना से आरसीसी नाले के साथ साढ़े सत्रह किलोमीटर इंटरसेप्टिंग ट्रंक सीवर लाइन, 38 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 61 एमएलडी मेन पंपिंग स्टेशन और 14 ब्रिज कल्वर्ट का कार्य पूरा किया गया है। दूसरे फेज में लगभग 794 करोड़ रुपये से 17 वार्डों के कैचमेंट एरिया से जुड़ी 342 किलोमीटर सीवर लाइन, 45 हजार सीवर कनेक्शन तथा 27 एमएलडी और साढ़े सैंतीस एमएलडी के दो इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन बनेंगे। इससे रेलवे कॉलोनी बिछिया, शाहपुर, सेमरा, बशारतपुर, राप्तीनगर और रामजानकी नगर सहित उत्तरी क्षेत्र के मोहल्लों की ढाई से तीन लाख की आबादी लाभान्वित होगी।

- मुंबई से आकर गोरखपुर में बसे रवि किशन

नए उत्तर प्रदेश के नए गोरखपुर की तस्वीर प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले रामगढ़ ताल की तरफ कोई जाने का नाम नहीं लेता था। पहले लोग घूमने के लिए मुंबई जाते थे, लेकिन अब मुंबई से सांसद रवि किशन ने भी गोरखपुर में रामगढ़ ताल के किनारे अपना ठिकाना बना लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, पहले यहां का युवा नौकरी के लिए बाहर जाता था, आज सुरक्षा और स्वच्छता के कारण बाहर का व्यक्ति गोरखपुर में रोजगार के लिए आ रहा है। आज गोरखपुर में चारों ओर फोरलेन कनेक्टिविटी, फर्टिलाइजर कारखाना, एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, चार विश्वविद्यालय, सैनिक स्कूल, आयुष विश्वविद्यालय और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क है। गीडा निवेश का बेहतरीन स्थल बना है जहां पिछले 10 वर्ष में 50 हजार नौजवानों को नौकरी और रोजगार मिला है। वहां नई चीनी मिल, डिस्टिलरी, डेयरी, इथेनॉल प्लांट, स्टील प्लांट और सीमेंट फैक्ट्री जैसे बड़े उद्योग लग रहे हैं।

- दीपावली पर शहीदों के नाम एक दीया जलाने और स्वदेशी अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश वासियों को दीपावली और छठ महापर्व की मंगलमय शुभकामनाएं देते हुए सभी नागरिकों से एक विशेष आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज हम सब जिस उन्मुक्त और सुरक्षित वातावरण में अपने पर्व और त्योहार हर्षोल्लास के साथ मना रहे हैं तथा बाजारों में रौनक है, उसके पीछे हमारे पूर्वजों का आशीर्वाद और देश के अमर क्रांतिकारियों व वीर जवानों का सर्वोच्च बलिदान है। मुख्यमंत्री ने अपील की कि इस दीपावली पर जब हर घर में उत्सव के दीप जलें, तब प्रत्येक नागरिक देश की स्वाधीनता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों और सीमा पर राष्ट्र की रक्षा कर रहे वीर सैनिकों के सम्मान में एक दीया अवश्य जलाए। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय कारीगरों, कुम्हारों और हस्तशिल्पियों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए मिट्टी के दीयों व स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी कर वोकल फॉर लोकल के मंत्र को साकार करने का भी आह्वान किया।

- वर्षा,ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए विशेष मुआवजा पैकेज

अन्नदाता किसानों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में दो बार चक्रवात के कारण असमय बरसात, अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। हर जिला प्रशासन को समय पर सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं और सरकार किसानों को राहत देने के लिए एक विशेष मुआवजा पैकेज उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि, आज गरीब को मकान, उज्ज्वला कनेक्शन और आयुष्मान भारत की सुविधा मिल रही है। युवा अब स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़कर केवल जॉब सीकर नहीं रह गया है, बल्कि जॉब क्रिएटर बनकर दूसरों को रोजगार देने की क्षमता अर्जित कर रहा है।

- सालाना नौ लाख यूनिट बिजली की बचत

कार्यक्रम में एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई जिसके अनुसार, अमृत योजना में 262 किलोमीटर पेयजल पाइपलाइन व 50 हजार से अधिक घरेलू कनेक्शन पूरे हो चुके हैं तथा अमृत दो के तहत सवा दो लाख लोगों के लिए पेयजल कार्य शुरू हो गया है। गोड़धोइया नाला स्थित एसटीपी में लगे अत्याधुनिक टर्बो ब्लोअर से सालाना नौ लाख यूनिट बिजली की बचत हो रही है और नाले से प्रति सेकंड 42 हजार लीटर वर्षा जल की निकासी हो रही है। 

- गणमान्य रहे मौजूद

समारोह में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, सांसद रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, महेंद्र पाल सिंह, राजेश त्रिपाठी, प्रदीप शुक्ला, श्रवण निषाद, महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्त और पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्त सहित भारी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

भाजपा सांसद बृजलाल ने सिख दंगों की विभिषिका को याद करते हुए कांग्रेस-सपा को घेरा

- 01 नवंबर 1984 का सिख-नरसंहार, भारतीय इतिहास का कभी न मिटने वाला काला अध्याय: बृजलाल

- बृज लाल बोले ; नानावती आयोग की जांच में आए कई कांग्रेस नेताओं के नाम, नहीं हुई कार्रवाई

- कहा - मोदी और योगी सरकार में सिख दंगों के मामलों की जांच को मिली रफ्तार

- 'दिल्ली में 2,733 और देशभर में 3,350 सिखों की हत्या’, 1984 के नरसंहार को लेकर कांग्रेस पर बरसे बृजलाल

लखनऊ, 01 नवंबर। उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी और भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल ने 1984 के सिख नरसंहार की बरसी पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 3 नवंबर तक देशभर में सिखों का सामूहिक नरसंहार हुआ। हजारों निर्दोष लोगों की हत्या की गई और उनके घरों, दुकानों और गुरुद्वारों को जलाकर लूटपाट की गई। यह भारतीय इतिहास का कभी न मिटने वाला काला अध्याय है।

बृजलाल ने कहा कि सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर, कमलनाथ, एचकेएल भगत, अर्जुन दास, धर्मदास शास्त्री और ललित माकन जैसे कांग्रेस के कद्दावर नेताओं के नाम नानावती आयोग की जांच में सामने आए थे। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बयान 'जब विशाल पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है' का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने पीड़ितों के दर्द को समझने और समय रहते दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी नहीं निभाई।

- ’दिल्ली में 2,733 और देशभर में 3,350 सिखों की हुई हत्या’

बृजलाल के मुताबिक दिल्ली में 2,733 और पूरे देश में 3,350 सिखों की हत्या हुई थी। वहीं, गैर-सरकारी मानवाधिकार संगठनों ने मृतकों की संख्या 8,000 से 17,000 तक बताई थी। कानपुर में भी सरकारी आंकड़ों के अनुसार 127 सिखों की हत्या की गई। घरों और प्रतिष्ठानों को लूटा गया और आग के हवाले कर दिया गया।

- ’मोदी सरकार में एसआईटी गठन के बाद तेज हुई कार्रवाई’

बृजलाल ने कहा कि 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 1984 के मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया। इसके बाद 17 दिसंबर 2018 को दिल्ली हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं, महिपालपुर में सरदार हरदेव सिंह और सरदार अवतार सिंह की हत्या के मामले में 20 दिसंबर 2018 को यशपाल सिंह को मृत्युदंड और नरेश सहरावत को आजीवन कारावास की सजा मिली।

- ’कानपुर दंगों के 1,251 मामले किए चिह्नित’

बीजेपी सांसद ने बताया कि यूपी में वर्ष 2019 में पूर्व डीजीपी अतुल की अगुवाई में कानपुर सिख दंगों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने 1,251 मामलों को चिह्नित किया, जिनमें 40 मामले गंभीर और जघन्य पाए गए। कुल 96 मुख्य आरोपियों की पहचान की गई, जिनमें 22 की मृत्यु हो चुकी थी। आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में कार्रवाई चल रही है। 

- रामलीला मैदान की रैली पर उठाए सवाल

एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाते हुए बृजलाल ने कहा कि जिस दिन हजारों सिख परिवारों के दर्द को याद किया जाना चाहिए, उस दिन कांग्रेस नेतृत्व रैली कर रहा है। उन्होंने कहा कि 42 वर्ष बाद भी पीड़ित परिवारों के घाव हरे हैं। बृजलाल ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से 1984 के सिख नरसंहार के पीड़ित परिवारों से सामूहिक माफी मांगने की मांग की।

सपा ने 10 लाख गुंडे पाले, हमने 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी: मुख्यमंत्री योगी

- चौरी चौरा के विकास को मिली नई रफ्तार, मुख्यमंत्री ने रेल ओवरब्रिज सहित ₹287 करोड़ की 84 परियोजनाओं की दी सौगात

- सपा की सरकार में हुए 1500 दंगे, यही है उनकी उपलब्धि: मुख्यमंत्री योगी

- नक्सलवाद, आतंकवाद और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ लड़नी होगी निर्णायक लड़ाई: मुख्यमंत्री

- गिरगिटों से सावधान रहें, जिन्होंने यूपी की पहचान और सुरक्षा पर संकट खड़ा किया: योगी आदित्यनाथ

- अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को पूरा मुआवजा देंगे: मुख्यमंत्री

- चौरी-चौरा के क्रांतिकारियों के सम्मान में बनेगा शहीद स्मारक ओवरब्रिज: मुख्यमंत्री योगी

- चौरी चौरा के क्रांतिकारियों की पैरवी जवाहरलाल नेहरू ने नहीं बल्कि महामना मदन मोहन मालवीय ने की थी: मुख्यमंत्री

गोरखपुर, 1 नवंबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को क्रांतिधरा चौरी चौरा से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा प्रहार किया। 287 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 84 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी की यही उपलब्धि है कि उसने अपनी चार बार की सरकार में प्रदेश के भीतर 1500 दंगे करवाए थे। सपा ने अपनी सरकारों में 10 लाख गुंडे पाले हुए थे जो हर जिले में लूटपाट करते थे, गरीबों की जमीनों पर कब्जा करते थे और बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे। इसके विपरीत भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 10 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है और माफिया को मिट्टी में मिलाने का काम किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोड़धोइया नाला परियोजना के 495 करोड़ रुपये के प्रथम चरण का लोकार्पण और 880 करोड़ रुपये के द्वितीय चरण, गोरखपुर सीवरेज योजना के जोन ए तीन एवं प्रस्तावित सर्विस रोड की आधारशिला भी रखी।

- साजिशकर्ताओं और अराजक तत्वों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का आह्वान

देश में माहौल बिगाड़ने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में 46 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और 55 करोड़ लोगों को जनधन खातों व आयुष्मान भारत का लाभ मिला है। बिचौलियों का खेल खत्म होने से परेशान भ्रष्टाचारी तत्व आज सड़कों पर अराजकता पैदा कर रहे हैं। ये लोग किसान, महिला, युवा और राष्ट्र की सुरक्षा के विरोधी हैं तथा नक्सलवाद, आतंकवाद व अलगाववाद के समर्थक हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जब देश अपनी आजादी के शताब्दी महोत्सव की ओर बढ़ रहा है, तब हमें इन साजिशकर्ताओं और अराजकतावादियों को माहौल बिगाड़ने की छूट नहीं देनी है। इनके खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने की तैयारी करनी होगी और इनके दुष्प्रचार का मुकाबला करने के लिए आम जनमानस को स्वयं खड़ा होना पड़ेगा।

- सपा का मतलब बदमाश को बुलावा, भाजपा का मतलब विकास और बदलाव

सपा के शासनकाल की याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तब देख सपाई बिटिया घबराई का नारा चलता था। बेटियां स्कूल जाने से डरती थीं और पर्व व त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे, महीनों कर्फ्यू लगा रहता था। सपा का मतलब बदमाश को बुलाना था जबकि भाजपा का मतलब बदलाव का सारथी बनना है। हमारी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बेटी के साथ छेड़खानी करने वाले और व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए केवल दो ही जगह होंगी, या तो जेल या फिर जहन्नुम। पहले की सरकारों ने वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया दिया था, जबकि हमने वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन देकर उत्तर प्रदेश को उत्सव और प्रगति की धरती बना दिया है।

- अन्नदाता किसानों के लिए जल्द आएगा नया आर्थिक पैकेज

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अन्नदाता किसानों को आश्वस्त करते हुए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि चक्रवात, असमय बरसात, अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को जो नुकसान हुआ है, डबल इंजन की सरकार उसकी पूरी भरपाई करेगी। पहले दिया गया मुआवजा नाकाफी है, इसलिए सभी जिला प्रशासनों को तत्काल सर्वे कर राहत देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार किसानों के लिए जल्द ही एक नया पैकेज लेकर आएगी जिससे हर किसान के नुकसान की पूरी भरपाई सुनिश्चित की जा सके।

- चौरी चौरा के क्रांतिकारियों की पैरवी नेहरू ने नहीं, मालवीय जी ने की थी

शहीदों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों का उल्लेख किया और कांग्रेस के झूठ को बेनकाब किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग हाय तौबा मचाते हैं कि पंडित जवाहरलाल नेहरू बहुत बड़े अधिवक्ता थे, लेकिन 4 फरवरी 1922 की ऐतिहासिक चौरी चौरा घटना में जब अंग्रेजों ने 172 किसानों, श्रमिकों और व्यापारियों को फांसी की सजा सुनाई, तब नेहरू पैरवी करने नहीं आए थे। उस समय पंडित मदन मोहन मालवीय ने क्रांतिकारियों की मजबूत पैरवी कर 151 देशभक्तों को फांसी के फंदे से बचाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने महामना मालवीय को भारत रत्न देकर उन क्रांतिकारियों और युवाओं का सम्मान किया है। मुख्यमंत्री ने अमर शहीद बाबू बंधु सिंह के बलिदान और मां तरकुलहा देवी की महिमा का भी स्मरण किया।

- शहीद स्मारक ओवरब्रिज से जाम से मुक्ति, किसी व्यापारी की दुकान नहीं टूटेगी

मुख्यमंत्री ने भोपा बाजार रेलवे क्रॉसिंग पर बने नए ओवरब्रिज का नाम शहीद स्मारक ओवरब्रिज रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पहले यहां घंटों जाम लगता था, लेकिन अब दो रेलवे ओवरब्रिज बनने से आवागमन सुगम हो गया है। इस मार्ग के निर्माण से अधिक पैसा मुआवजे में दिया गया है और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश हैं कि बाजार में किसी भी व्यापारी की दुकान तोड़े बिना सड़क का नक्शा बनाया जाए, क्योंकि व्यापारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। उन्होंने नगर पंचायत कार्यालय के लिए जमीन मिलने पर तत्काल बजट देने की भी घोषणा की, जहां एक ही छत के नीचे सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल लाइब्रेरी और सभी प्रमाण पत्रों की इंटीग्रेटेड सुविधा मिलेगी।

- विपक्ष के षड्यंत्रों से सावधान रहे जनता: कमलेश पासवान और संजय निषाद

समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि आरओबी बनने से 30 हजार लोगों का आवागमन सुगम होगा। देश और प्रदेश के विकास से घबराया विपक्ष सड़क पर उपद्रव कर रहा है, लेकिन सरकारें उपद्रव से नहीं बल्कि ईवीएम से बदलती हैं। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि योगी और मोदी ने प्रदेश से राजनीतिक लुटेरों को भगाने का काम किया है। पिछली सरकारों ने 67 साल में मछुआरों को एक रुपया नहीं दिया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने साढ़े 61 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं दी हैं और गोरखपुर में वर्ल्ड फिशरीज सेंटर खुल रहा है। चौरी चौरा के विधायक श्रवण कुमार निषाद ने क्षेत्र में साढ़े चार साल में 504 सड़कों का जाल बिछाने और फायर स्टेशन देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

- लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और कृषि यंत्रों की चाबी दी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र और कृषि यंत्रों की चाबी प्रदान की। ब्रह्मपुर के मठिया गांव निवासी रामबचन को कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए चाबी और प्रमाणपत्र दिया गया। भैंसही, ब्रह्मपुर के किसान अशोक सिंह को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। सरैया, सरदारनगर के राजमंगल को सुपर सीडर यंत्र का प्रमाणपत्र दिया गया।

मुख्यमंत्री आवास योजना की लाभार्थी शीला देवी, उषा देवी, गुंजा देवी और सुनीता देवी को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। वहीं, प्रगतिशील किसानों रामप्रीत मौर्य, देवेंद्र प्रताप, खैराबाद के रामभजन मौर्य और लालजी को प्रशस्ति पत्र और बीज किट देकर सम्मानित किया गया।

- कार्यक्रम रहे उपस्थित

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान, कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, राज्यसभा सांसद संगीता यादव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह, चौरी-चौरा विधायक श्रवण कुमार निषाद, विधायक श्रीराम चौहान, विधायक जयप्रकाश निषाद, विधायक प्रदीप शुक्ला, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, भाजपा जिला प्रभारी अजय सिंह गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, ब्लॉक प्रमुख ब्रह्मपुर सुमन यादव, चौरी-चौरा नगर पंचायत अध्यक्ष सनी जायसवाल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दीपक जायसवाल और मंडल अध्यक्ष तारकेश्वर जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

आज ही के दिन भड़के थे सिख विरोधी दंगे, आप दिल्ली में ‘बड़के भइया’ की सेवा में पहुंच गए', ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश पर निशाना

मुलायम सिंह की पंरपरा भूले अखिलेश, कांग्रेस के लिए दरी बिछाने दिल्ली पहुंचे: मंत्री ओपी राजभर

पिता मुलायम की परंपरा और चाचा शिवपाल की इज्जत का तो ख्याल रखिए, ओपी राजभर की अखिलेश को नसीहत

लखनऊ, 01 नवंबर। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने एक नवंबर 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव को घेरा और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी को अखिलेश का ‘बड़का भइया’ बताते हुए सवाल किया कि क्या अखिलेश अपने पिता और सपा के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की परंपरा और विचारों को भूल गए हैं।

राजभर ने कहा कि आज ही के दिन 1984 में राहुल गांधी के पिता यानी राजीव गांधी के इशारे पर दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर सिख-विरोधी हिंसा और दंगे भड़के थे। इसमें हजारों सिखों की हत्या हुई थी। उन्होंने इस दुखद दिन पर सिख समाज के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव भी इस दिन को शोक के रूप में मनाते थे। लेकिन अखिलेश यादव सारी संवेदनाएं भूल गए और दिल्ली में ‘बड़के भइया’ की सेवा करने पहुंच गए।

राहुल के लिए झंडा उठाने और दरी बिछाने पहुंचे अखिलेश

राजभर ने दिल्ली में इंडी गठबंधन की आयोजित रैली को अराजकता फैलाने के लिए बुलाई गई रैली बताते हुए कहा कि अखिलेश वहां कांग्रेस के लिए झंडा उठाने और दरी बिछाने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने अखिलेश की एक पुरानी तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी वह राहुल गांधी का झंडा ढोते नजर आए थे। अगर इतनी मेहनत उन्होंने अपनी पार्टी के लिए की होती तो आज समाजवादी पार्टी की स्थिति कुछ और होती।

राजभर ने अखिलेश यादव के कृष्णवंशी होने के दावे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश को अपने पिता मुलायम सिंह यादव की कुछ तो लाज रखनी चाहिए और चाचा शिवपाल सिंह यादव की भी इज्जत का ख्याल करना चाहिए। उन्होंने अखिलेश से सवाल किया कि इतने दबाव में रहकर कोई राजनीति कैसे कर सकता है।