भाजपा सांसद बृजलाल ने सिख दंगों की विभिषिका को याद करते हुए कांग्रेस-सपा को घेरा

- 01 नवंबर 1984 का सिख-नरसंहार, भारतीय इतिहास का कभी न मिटने वाला काला अध्याय: बृजलाल

- बृज लाल बोले ; नानावती आयोग की जांच में आए कई कांग्रेस नेताओं के नाम, नहीं हुई कार्रवाई

- कहा - मोदी और योगी सरकार में सिख दंगों के मामलों की जांच को मिली रफ्तार

- 'दिल्ली में 2,733 और देशभर में 3,350 सिखों की हत्या’, 1984 के नरसंहार को लेकर कांग्रेस पर बरसे बृजलाल

लखनऊ, 01 नवंबर। उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी और भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल ने 1984 के सिख नरसंहार की बरसी पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 3 नवंबर तक देशभर में सिखों का सामूहिक नरसंहार हुआ। हजारों निर्दोष लोगों की हत्या की गई और उनके घरों, दुकानों और गुरुद्वारों को जलाकर लूटपाट की गई। यह भारतीय इतिहास का कभी न मिटने वाला काला अध्याय है।

बृजलाल ने कहा कि सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर, कमलनाथ, एचकेएल भगत, अर्जुन दास, धर्मदास शास्त्री और ललित माकन जैसे कांग्रेस के कद्दावर नेताओं के नाम नानावती आयोग की जांच में सामने आए थे। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बयान 'जब विशाल पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है' का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने पीड़ितों के दर्द को समझने और समय रहते दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी नहीं निभाई।

- ’दिल्ली में 2,733 और देशभर में 3,350 सिखों की हुई हत्या’

बृजलाल के मुताबिक दिल्ली में 2,733 और पूरे देश में 3,350 सिखों की हत्या हुई थी। वहीं, गैर-सरकारी मानवाधिकार संगठनों ने मृतकों की संख्या 8,000 से 17,000 तक बताई थी। कानपुर में भी सरकारी आंकड़ों के अनुसार 127 सिखों की हत्या की गई। घरों और प्रतिष्ठानों को लूटा गया और आग के हवाले कर दिया गया।

- ’मोदी सरकार में एसआईटी गठन के बाद तेज हुई कार्रवाई’

बृजलाल ने कहा कि 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 1984 के मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया। इसके बाद 17 दिसंबर 2018 को दिल्ली हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं, महिपालपुर में सरदार हरदेव सिंह और सरदार अवतार सिंह की हत्या के मामले में 20 दिसंबर 2018 को यशपाल सिंह को मृत्युदंड और नरेश सहरावत को आजीवन कारावास की सजा मिली।

- ’कानपुर दंगों के 1,251 मामले किए चिह्नित’

बीजेपी सांसद ने बताया कि यूपी में वर्ष 2019 में पूर्व डीजीपी अतुल की अगुवाई में कानपुर सिख दंगों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने 1,251 मामलों को चिह्नित किया, जिनमें 40 मामले गंभीर और जघन्य पाए गए। कुल 96 मुख्य आरोपियों की पहचान की गई, जिनमें 22 की मृत्यु हो चुकी थी। आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में कार्रवाई चल रही है। 

- रामलीला मैदान की रैली पर उठाए सवाल

एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाते हुए बृजलाल ने कहा कि जिस दिन हजारों सिख परिवारों के दर्द को याद किया जाना चाहिए, उस दिन कांग्रेस नेतृत्व रैली कर रहा है। उन्होंने कहा कि 42 वर्ष बाद भी पीड़ित परिवारों के घाव हरे हैं। बृजलाल ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से 1984 के सिख नरसंहार के पीड़ित परिवारों से सामूहिक माफी मांगने की मांग की।

सपा ने 10 लाख गुंडे पाले, हमने 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी: मुख्यमंत्री योगी

- चौरी चौरा के विकास को मिली नई रफ्तार, मुख्यमंत्री ने रेल ओवरब्रिज सहित ₹287 करोड़ की 84 परियोजनाओं की दी सौगात

- सपा की सरकार में हुए 1500 दंगे, यही है उनकी उपलब्धि: मुख्यमंत्री योगी

- नक्सलवाद, आतंकवाद और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ लड़नी होगी निर्णायक लड़ाई: मुख्यमंत्री

- गिरगिटों से सावधान रहें, जिन्होंने यूपी की पहचान और सुरक्षा पर संकट खड़ा किया: योगी आदित्यनाथ

- अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को पूरा मुआवजा देंगे: मुख्यमंत्री

- चौरी-चौरा के क्रांतिकारियों के सम्मान में बनेगा शहीद स्मारक ओवरब्रिज: मुख्यमंत्री योगी

- चौरी चौरा के क्रांतिकारियों की पैरवी जवाहरलाल नेहरू ने नहीं बल्कि महामना मदन मोहन मालवीय ने की थी: मुख्यमंत्री

गोरखपुर, 1 नवंबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को क्रांतिधरा चौरी चौरा से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा प्रहार किया। 287 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 84 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी की यही उपलब्धि है कि उसने अपनी चार बार की सरकार में प्रदेश के भीतर 1500 दंगे करवाए थे। सपा ने अपनी सरकारों में 10 लाख गुंडे पाले हुए थे जो हर जिले में लूटपाट करते थे, गरीबों की जमीनों पर कब्जा करते थे और बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे। इसके विपरीत भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 10 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है और माफिया को मिट्टी में मिलाने का काम किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोड़धोइया नाला परियोजना के 495 करोड़ रुपये के प्रथम चरण का लोकार्पण और 880 करोड़ रुपये के द्वितीय चरण, गोरखपुर सीवरेज योजना के जोन ए तीन एवं प्रस्तावित सर्विस रोड की आधारशिला भी रखी।

- साजिशकर्ताओं और अराजक तत्वों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का आह्वान

देश में माहौल बिगाड़ने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में 46 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और 55 करोड़ लोगों को जनधन खातों व आयुष्मान भारत का लाभ मिला है। बिचौलियों का खेल खत्म होने से परेशान भ्रष्टाचारी तत्व आज सड़कों पर अराजकता पैदा कर रहे हैं। ये लोग किसान, महिला, युवा और राष्ट्र की सुरक्षा के विरोधी हैं तथा नक्सलवाद, आतंकवाद व अलगाववाद के समर्थक हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जब देश अपनी आजादी के शताब्दी महोत्सव की ओर बढ़ रहा है, तब हमें इन साजिशकर्ताओं और अराजकतावादियों को माहौल बिगाड़ने की छूट नहीं देनी है। इनके खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने की तैयारी करनी होगी और इनके दुष्प्रचार का मुकाबला करने के लिए आम जनमानस को स्वयं खड़ा होना पड़ेगा।

- सपा का मतलब बदमाश को बुलावा, भाजपा का मतलब विकास और बदलाव

सपा के शासनकाल की याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तब देख सपाई बिटिया घबराई का नारा चलता था। बेटियां स्कूल जाने से डरती थीं और पर्व व त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे, महीनों कर्फ्यू लगा रहता था। सपा का मतलब बदमाश को बुलाना था जबकि भाजपा का मतलब बदलाव का सारथी बनना है। हमारी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बेटी के साथ छेड़खानी करने वाले और व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए केवल दो ही जगह होंगी, या तो जेल या फिर जहन्नुम। पहले की सरकारों ने वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया दिया था, जबकि हमने वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन देकर उत्तर प्रदेश को उत्सव और प्रगति की धरती बना दिया है।

- अन्नदाता किसानों के लिए जल्द आएगा नया आर्थिक पैकेज

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अन्नदाता किसानों को आश्वस्त करते हुए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि चक्रवात, असमय बरसात, अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को जो नुकसान हुआ है, डबल इंजन की सरकार उसकी पूरी भरपाई करेगी। पहले दिया गया मुआवजा नाकाफी है, इसलिए सभी जिला प्रशासनों को तत्काल सर्वे कर राहत देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार किसानों के लिए जल्द ही एक नया पैकेज लेकर आएगी जिससे हर किसान के नुकसान की पूरी भरपाई सुनिश्चित की जा सके।

- चौरी चौरा के क्रांतिकारियों की पैरवी नेहरू ने नहीं, मालवीय जी ने की थी

शहीदों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों का उल्लेख किया और कांग्रेस के झूठ को बेनकाब किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग हाय तौबा मचाते हैं कि पंडित जवाहरलाल नेहरू बहुत बड़े अधिवक्ता थे, लेकिन 4 फरवरी 1922 की ऐतिहासिक चौरी चौरा घटना में जब अंग्रेजों ने 172 किसानों, श्रमिकों और व्यापारियों को फांसी की सजा सुनाई, तब नेहरू पैरवी करने नहीं आए थे। उस समय पंडित मदन मोहन मालवीय ने क्रांतिकारियों की मजबूत पैरवी कर 151 देशभक्तों को फांसी के फंदे से बचाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने महामना मालवीय को भारत रत्न देकर उन क्रांतिकारियों और युवाओं का सम्मान किया है। मुख्यमंत्री ने अमर शहीद बाबू बंधु सिंह के बलिदान और मां तरकुलहा देवी की महिमा का भी स्मरण किया।

- शहीद स्मारक ओवरब्रिज से जाम से मुक्ति, किसी व्यापारी की दुकान नहीं टूटेगी

मुख्यमंत्री ने भोपा बाजार रेलवे क्रॉसिंग पर बने नए ओवरब्रिज का नाम शहीद स्मारक ओवरब्रिज रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पहले यहां घंटों जाम लगता था, लेकिन अब दो रेलवे ओवरब्रिज बनने से आवागमन सुगम हो गया है। इस मार्ग के निर्माण से अधिक पैसा मुआवजे में दिया गया है और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश हैं कि बाजार में किसी भी व्यापारी की दुकान तोड़े बिना सड़क का नक्शा बनाया जाए, क्योंकि व्यापारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। उन्होंने नगर पंचायत कार्यालय के लिए जमीन मिलने पर तत्काल बजट देने की भी घोषणा की, जहां एक ही छत के नीचे सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल लाइब्रेरी और सभी प्रमाण पत्रों की इंटीग्रेटेड सुविधा मिलेगी।

- विपक्ष के षड्यंत्रों से सावधान रहे जनता: कमलेश पासवान और संजय निषाद

समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि आरओबी बनने से 30 हजार लोगों का आवागमन सुगम होगा। देश और प्रदेश के विकास से घबराया विपक्ष सड़क पर उपद्रव कर रहा है, लेकिन सरकारें उपद्रव से नहीं बल्कि ईवीएम से बदलती हैं। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि योगी और मोदी ने प्रदेश से राजनीतिक लुटेरों को भगाने का काम किया है। पिछली सरकारों ने 67 साल में मछुआरों को एक रुपया नहीं दिया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने साढ़े 61 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं दी हैं और गोरखपुर में वर्ल्ड फिशरीज सेंटर खुल रहा है। चौरी चौरा के विधायक श्रवण कुमार निषाद ने क्षेत्र में साढ़े चार साल में 504 सड़कों का जाल बिछाने और फायर स्टेशन देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

- लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और कृषि यंत्रों की चाबी दी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र और कृषि यंत्रों की चाबी प्रदान की। ब्रह्मपुर के मठिया गांव निवासी रामबचन को कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए चाबी और प्रमाणपत्र दिया गया। भैंसही, ब्रह्मपुर के किसान अशोक सिंह को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। सरैया, सरदारनगर के राजमंगल को सुपर सीडर यंत्र का प्रमाणपत्र दिया गया।

मुख्यमंत्री आवास योजना की लाभार्थी शीला देवी, उषा देवी, गुंजा देवी और सुनीता देवी को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। वहीं, प्रगतिशील किसानों रामप्रीत मौर्य, देवेंद्र प्रताप, खैराबाद के रामभजन मौर्य और लालजी को प्रशस्ति पत्र और बीज किट देकर सम्मानित किया गया।

- कार्यक्रम रहे उपस्थित

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान, कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, राज्यसभा सांसद संगीता यादव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह, चौरी-चौरा विधायक श्रवण कुमार निषाद, विधायक श्रीराम चौहान, विधायक जयप्रकाश निषाद, विधायक प्रदीप शुक्ला, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, भाजपा जिला प्रभारी अजय सिंह गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, ब्लॉक प्रमुख ब्रह्मपुर सुमन यादव, चौरी-चौरा नगर पंचायत अध्यक्ष सनी जायसवाल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दीपक जायसवाल और मंडल अध्यक्ष तारकेश्वर जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

आज ही के दिन भड़के थे सिख विरोधी दंगे, आप दिल्ली में ‘बड़के भइया’ की सेवा में पहुंच गए', ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश पर निशाना

मुलायम सिंह की पंरपरा भूले अखिलेश, कांग्रेस के लिए दरी बिछाने दिल्ली पहुंचे: मंत्री ओपी राजभर

पिता मुलायम की परंपरा और चाचा शिवपाल की इज्जत का तो ख्याल रखिए, ओपी राजभर की अखिलेश को नसीहत

लखनऊ, 01 नवंबर। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने एक नवंबर 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव को घेरा और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी को अखिलेश का ‘बड़का भइया’ बताते हुए सवाल किया कि क्या अखिलेश अपने पिता और सपा के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की परंपरा और विचारों को भूल गए हैं।

राजभर ने कहा कि आज ही के दिन 1984 में राहुल गांधी के पिता यानी राजीव गांधी के इशारे पर दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर सिख-विरोधी हिंसा और दंगे भड़के थे। इसमें हजारों सिखों की हत्या हुई थी। उन्होंने इस दुखद दिन पर सिख समाज के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव भी इस दिन को शोक के रूप में मनाते थे। लेकिन अखिलेश यादव सारी संवेदनाएं भूल गए और दिल्ली में ‘बड़के भइया’ की सेवा करने पहुंच गए।

राहुल के लिए झंडा उठाने और दरी बिछाने पहुंचे अखिलेश

राजभर ने दिल्ली में इंडी गठबंधन की आयोजित रैली को अराजकता फैलाने के लिए बुलाई गई रैली बताते हुए कहा कि अखिलेश वहां कांग्रेस के लिए झंडा उठाने और दरी बिछाने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने अखिलेश की एक पुरानी तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी वह राहुल गांधी का झंडा ढोते नजर आए थे। अगर इतनी मेहनत उन्होंने अपनी पार्टी के लिए की होती तो आज समाजवादी पार्टी की स्थिति कुछ और होती।

राजभर ने अखिलेश यादव के कृष्णवंशी होने के दावे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश को अपने पिता मुलायम सिंह यादव की कुछ तो लाज रखनी चाहिए और चाचा शिवपाल सिंह यादव की भी इज्जत का ख्याल करना चाहिए। उन्होंने अखिलेश से सवाल किया कि इतने दबाव में रहकर कोई राजनीति कैसे कर सकता है।

गोरखपुर में सीएम योगी का जनता दर्शन, दूर-दराज से पहुंचे फरियादियों की सुनीं समस्याएं

- अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश, पीड़ितों को दिया समाधान का भरोसा

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित कर विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों से मुख्यमंत्री ने सीधे संवाद किया और उनकी शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उसका त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीड़ितों को न्याय दिलाने और उनकी समस्याओं का समाधान करने में संवेदनशीलता के साथ प्रभावी कार्रवाई की जाए।

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने एक-एक कर लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा और किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता की अपेक्षाओं को समझना, उनकी समस्याओं का संज्ञान लेना और समाधान की प्रक्रिया को गति देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से जनता दर्शन के माध्यम से लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनके निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है।

यूपी में बदलेगा मौसम, दिन में बढ़ेगी गर्मी तो रात में गिरेगा पारा, सुबह कोहरे के आसार

- चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के अवशेष कमजोर पड़ने से मौसम में बदलाव, दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री तक हो सकती है बढ़ोतरी

लखनऊ। चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के अवशेषों के प्रभाव से पिछले तीन दिनों से प्रदेश में जारी बारिश का दौर अब थमने के संकेत हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश पर केंद्रित निम्न दबाव क्षेत्र के कमजोर पड़ने के साथ ही बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार से प्रदेश में मौसम साफ होने की संभावना है। हालांकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की छिटपुट बारिश हो सकती है।

मौसम में बदलाव का असर तापमान पर भी दिखाई देगा। अगले तीन से चार दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। वहीं, रात के न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंड का एहसास होने लगेगा।

मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी दिनों में सुबह के समय प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाने की भी संभावना है। हालांकि, धूप निकलने और दिन चढ़ने के साथ ही कोहरा तेजी से छंट जाएगा। कुल मिलाकर प्रदेश में बारिश से राहत मिलने के साथ मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने के आसार हैं।

त्योहारों पर यूपी पुलिस अलर्ट, बाजारों में पैदल गश्त और रात में सायरन से होगी निगरानी
डीजीपी राजीव कृष्ण ने धनतेरस से छठ तक सुरक्षा के दिए निर्देश

पटाखा दुकानों की जांच, महिला सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर

लखनऊ। धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने ऑनलाइन बैठक के माध्यम से प्रदेश के सभी जोन, परिक्षेत्र और जिलों के पुलिस अधिकारियों को त्योहारों के दौरान सतर्कता बरतने और अपराध नियंत्रण के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप हुई इस बैठक में बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों, धार्मिक स्थलों और प्रमुख मार्गों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने को कहा गया है। डीजीपी ने निर्देश दिए कि शाम के समय वरिष्ठ अधिकारी और थाना प्रभारी स्वयं संवेदनशील बाजारों तथा महत्वपूर्ण स्थानों पर गश्त करें। गश्त के दौरान केवल भ्रमण करने के बजाय दुकानदारों और आम लोगों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं भी सुनी जाएं और संभव हो तो मौके पर ही समाधान किया जाए।

शाम छह बजे के बाद सायरन बजाकर दिखेगी पुलिस की मौजूदगी

पुलिस अधिकारियों को प्रभावी और सूचना आधारित गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में हुई आपराधिक घटनाओं, अपराध के तरीकों और स्थानीय समस्याओं का पहले से विश्लेषण किया जाएगा। संवेदनशील इलाकों में जरूरत के अनुसार पुलिस पिकेट और अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा।

यूपी-112 की गाड़ियों को आपातकालीन सेवाओं के साथ सामान्य परिस्थितियों में भी अपने निर्धारित क्षेत्रों में धीमी गति से लगातार गश्त करने को कहा गया है। विशेष रूप से शाम छह से सात बजे के बाद निर्धारित अंतराल पर सायरन बजाकर पुलिस की मौजूदगी प्रदर्शित की जाएगी।

बीट पुलिसकर्मियों को अपने क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों के निर्माण और तस्करी, अवैध हथियारों तथा संगठित अपराधियों के नेटवर्क से संबंधित विश्वसनीय सूचनाएं जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त सूचनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने को भी कहा गया है।

पटाखा दुकानों और भंडारण स्थलों की होगी जांच

दीपावली को देखते हुए पटाखों की दुकानों और उनके भंडारण स्थलों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पटाखा दुकानें खुले और सुरक्षित स्थानों पर, मुख्य बाजार से अलग निर्धारित स्थलों पर ही लगाई जाएं। सभी दुकानों के लिए अस्थायी लाइसेंस अनिवार्य होगा।

दुकानों पर पानी, रेत और अग्निशमन यंत्र सहित जरूरी सुरक्षा इंतजाम उपलब्ध कराने होंगे। प्रदेश में अस्थायी पटाखा दुकानों और भंडारण स्थलों की जांच शीघ्र पूरी कर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। पिछले पांच वर्षों में पटाखों से जुड़ी दुर्घटनाओं में हुई मौतों को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

दीपावली से पहले से लेकर छठ पर्व तक अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को अलर्ट रखा जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

भैयादूज पर महिला सुरक्षा और यातायात पर विशेष ध्यान

भैयादूज पर महिलाओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन और प्रमुख मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा नियमित गश्त कराने को कहा गया है। महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए भी प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।

त्योहारों के दौरान बाजारों और प्रमुख मार्गों पर बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए यातायात ड्यूटी का नए सिरे से निर्धारण किया जाएगा। अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों का उपयोग करते हुए भीड़भाड़ वाले स्थानों और प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त बल तैनात किया जाएगा, ताकि जाम की स्थिति न बने और लोगों का आवागमन सुचारु रहे।

संगठित अपराधियों के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई के निर्देश

अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने अपराध नियंत्रण को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी आपराधिक घटना का खुलासा होने के बाद कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे। संबंधित गिरोह के पूरे नेटवर्क, उसके विस्तार और दूसरे जिलों से जुड़े संपर्कों की भी गहन जांच की जाए।

अभियुक्तों से पूछताछ के दौरान अवैध हथियारों की आपूर्ति के स्रोत और पूरी आपूर्ति शृंखला का पता लगाया जाए। इसी तरह मादक पदार्थों की तस्करी और उनके वितरण नेटवर्क पर भी प्रभावी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि किसी गिरोह का खुलासा होने के बाद उसकी गतिविधियों की जांच केवल संबंधित जिले तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। दूसरे जिलों में सक्रिय सदस्यों और नेटवर्क का पता लगाने के लिए एसटीएफ तथा संबंधित जिलों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्रवाई की जाए।

डीजीपी और एडीजी कानून-व्यवस्था ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान आमजन की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन को प्राथमिकता दी जाए। पुलिस की प्रभावी गश्त, सटीक सूचना संकलन और अपराधियों के नेटवर्क के खिलाफ समन्वित कार्रवाई के माध्यम से सभी पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराए जाएं।
यूपी में 15 आईएएस अफसरों का तबादला, अनुराग श्रीवास्तव बने कृषि उत्पादन आयुक्त
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 15 आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। इनमें पांच अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है, जबकि 10 अधिकारियों के मौजूदा कार्यभार में फेरबदल किया गया है। इस प्रशासनिक बदलाव में सात वरिष्ठ अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 

अपर मुख्य सचिव वित्त, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) और अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन दीपक कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के बीच विभागों का पुनर्वितरण किया गया है। शासनादेश के मुताबिक, मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल को अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति अनुराग श्रीवास्तव को कृषि उत्पादन आयुक्त बनाया गया है। उनके पास नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल, ग्रामीण पेयजल मिशन और राज्य स्वच्छ गंगा मिशन का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।

अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार-2 को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) नियुक्त किया गया है। उन्हें अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, एनआरआई और पिकप के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज को राज्य सतर्कता आयोग और प्रशासनाधिकरण-1 के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. एमकेएस सुंदरम को प्रमुख सचिव समन्वय और परियोजना निदेशक, यूपी डास्प की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रमुख सचिव नियोजन, कार्यक्रम कार्यान्वयन और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार-3 को प्रमुख सचिव वित्त, संस्थागत वित्त तथा बाह्य सहायतित परियोजना का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

इसके साथ ही प्रमुख सचिव लोक निर्माण अजय चौहान को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) का मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है। प्रमुख सचिव बाह्य सहायतित परियोजना एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पंधारी यादव को बाह्य सहायतित परियोजना विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक योगेश कुमार को पीसीडीएफ का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक अमित कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन कृष्ण कुमार को झांसी मंडल का मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है।

सचिव प्रशासनिक सुधार भूपेंद्र एस. चौधरी को उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग का सचिव बनाया गया है। वहीं, प्रतीक्षारत चल रहे देवेंद्र सिंह कुशवाहा को विशेष सचिव, प्रशासनिक सुधार की जिम्मेदारी दी गई है। विशेष सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन चंद्रशेखर को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का मुख्य कार्यपालक अधिकारी और ग्रेटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र विकास प्राधिकरण का प्रशासक नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा विशेष सचिव समाज कल्याण एवं सचिव, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग प्रवीण मिश्रा को उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का प्रबंध निदेशक तथा निदेशक जनजाति विकास का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण: स्थायी लोक अदालतों के अध्यक्षों व सदस्यों हेतु राज्य स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित
- जन उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के त्वरित, सुलभ व किफायती निस्तारण में स्थायी लोक अदालतों की भूमिका महत्वपूर्ण: न्यायमूर्ति आलोक माथुर
- सुलह-समझौते और संवाद के जरिए बिना कोर्ट फीस के आमजन को न्याय दिलाना मूल उद्देश्य; निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाएं सदस्य
- विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम-1987 के तहत कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने और व्यवहारिक चुनौतियों पर हुआ गहन मंथन

लखनऊ, 31 अक्टूबर 2026। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश  न्यायमूर्ति  सूर्यकान्त तथा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं कार्यपालक अध्यक्ष (राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण-नालसा)  न्यायमूर्ति  विक्रम नाथ के संरक्षण में, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा मुख्य संरक्षक (उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण)  न्यायमूर्ति अरूण भंसाली एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश तथा कार्यपालक अध्यक्ष (उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण)  न्यायमूर्ति  अरिन्दम सिन्हा के कुशल मार्गदर्शन में शनिवार को राजधानी के स्पंदन सभागार में राज्य स्तरीय अभिमुखीकरण (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम उत्तर प्रदेश की समस्त स्थायी लोक अदालतों के अध्यक्षों एवं सदस्यों की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (UPSLSA) द्वारा आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ के न्यायाधीश  न्यायमूर्ति  आलोक माथुर ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति  आलोक माथुर ने अपने संबोधन में वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) संस्थाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्थायी लोक अदालतें आम नागरिकों के जीवन से सीधे जुड़ी जन उपयोगी सेवाओं (Public Utility Services) के विवादों को सुलझाने का एक सशक्त और प्रभावी माध्यम हैं।
न्यायमूर्ति माथुर ने रेखांकित किया कि सुलह (Conciliation) की प्रक्रिया किसी तयशुदा अथवा औपचारिक खांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निरंतर संवाद, आपसी समझ और सौहार्दपूर्ण समाधान की भावना पर टिकी है। उन्होंने स्थायी लोक अदालतों के अध्यक्षों एवं सदस्यों का आह्वान किया कि वे अनिवार्य सुलह की प्रक्रिया का निर्वहन करते समय पूरी तरह निष्पक्ष, संवेदनशील और पारदर्शी दृष्टिकोण अपनाएं, जिससे पक्षकारों का न्याय व्यवस्था पर अटूट विश्वास बना रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव डॉ. मनु कालिया ने अतिथियों का स्वागत किया। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने कहा  कि स्थायी लोक अदालतों का प्राथमिक दायित्व नियमित न्यायालयों की भांति केवल न्यायिक निर्णय पारित करना भर नहीं है, बल्कि दोनों पक्षों के मध्य सार्थक संवाद स्थापित कराकर सहमति और सुलह के आधार पर विवादों का सर्वमान्य हल निकालना है। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के प्राविधानों के अंतर्गत इन संस्थाओं में सुलह की मानवीय भावना के साथ त्वरित न्याय निर्णयन की व्यवस्था अंतर्निहित है।
अभिमुखीकरण सत्र के दौरान वक्ताओं ने रेखांकित किया कि स्थायी लोक अदालतें न्याय व्यवस्था का ऐसा अनूठा मंच हैं, जहां आम नागरिकों को बिना किसी कोर्ट फीस और बिना जटिल अदालती प्रक्रियाओं के त्वरित, सुलभ व किफायती न्याय प्राप्त होता है। दिन भर चले तकनीकी सत्रों में प्रदेश भर से आए स्थायी लोक अदालतों के अध्यक्षों और सदस्यों ने अपने व्यवहारिक अनुभव साझा किए। इस दौरान स्थायी लोक अदालतों की मिश्रित प्रकृति यानी समाधान एवं न्यायनिर्णयन और उनके क्षेत्राधिकार से संबंधित विधिक प्राविधानों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, सुलह की कार्यवाही के दौरान अपनाई जाने वाली प्रभावी प्रक्रियाओं, उपयुक्त वादों के चिन्हांकन तथा पक्षकारों के साथ सार्थक व सकारात्मक वार्ता को बढ़ावा देने के व्यवहारिक उपायों पर विचार-विमर्श किया गया और फील्ड स्तर पर आने वाली विभिन्न प्रशासनिक व प्रक्रियात्मक चुनौतियों के त्वरित समाधान की रूपरेखा तैयार की गई।
दिव्यांगजनों के राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए आवेदनों की जांच जल्द पूरी करें : नरेंद्र कश्यप
- 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांगता दिवस पर आयोजित होगा पुरस्कार वितरण समारोह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी होंगे शामिल
- पुरस्कार राशि 5 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की गई, सभी 12 श्रेणियों और 30 उपश्रेणियों में पात्रों का चयन करने के निर्देश

लखनऊ। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने दिव्यांगजनों को दिए जाने वाले राज्य स्तरीय पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी 12 श्रेणियों और 30 उपश्रेणियों में प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटिनी का काम शीघ्र पूरा किया जाए। जिन श्रेणियों में आवेदन नहीं मिले हैं, उनमें जिला दिव्यांगजन अधिकारियों और जिलाधिकारियों के माध्यम से पात्र लोगों के आवेदन मंगाए जाएं, ताकि कोई भी श्रेणी खाली न रह जाए। समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। राज्य स्तरीय पुरस्कार भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य दिव्यांगजनों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें यह भरोसा दिलाना है कि सरकार उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने दिव्यांगजन पुरस्कार की राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी है। इसके लिए पर्याप्त बजट की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित धनराशि का सदुपयोग करते हुए सभी पात्र लोगों का चयन सुनिश्चित किया जाए।
राज्य स्तरीय पुरस्कारों के तहत सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग कर्मचारी एवं स्वनियोजित दिव्यांगजन, दिव्यांगजनों के लिए उत्कृष्ट नियोक्ता और प्लेसमेंट अधिकारी या एजेंसी, दिव्यांगजन के क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्ति एवं संस्थान, प्रेरणास्रोत, नवीन अनुसंधान एवं उत्पाद विकास, बाधामुक्त वातावरण तैयार करने, पुनर्वास सेवाएं देने वाले सर्वश्रेष्ठ जिले, सृजनशील दिव्यांग वयस्क एवं बालक-बालिका, ब्रेल प्रेस, दिव्यांग खिलाड़ी तथा दिव्यांगजन सशक्तीकरण के लिए कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी को सम्मानित किया जाएगा। इन सभी वर्गों में कुल 12 श्रेणियों और 30 उपश्रेणियों के अंतर्गत पुरस्कार निर्धारित हैं।
बैठक में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांगता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी औपचारिकताएं समय से पूरी कर ली जाएं। आयोजन में किसी भी तरह की लापरवाही या अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। इसके लिए अभी से कार्ययोजना तैयार कर उस पर अमल सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की निदेशक अस्मिता लाल, संयुक्त निदेशक अमित सिंह, उप निदेशक अमित राय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
एफएसडीए ने 6 महानगरों में चलाया विशेष अभियान, 9 खाद्य प्रतिष्ठानों का कारोबार कराया बंद
- 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत मिठाई निर्माण में गंदगी और प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल पर लिया गया एक्शन
- 69 टीमों ने 116 खाद्य प्रतिष्ठानों का किया निरीक्षण, 149 नमूने संग्रहित और 96 सुधार नोटिस जारी
- 655 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त, 537 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई

लखनऊ, 31 अक्टूबर। त्योहारों के दौरान आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने प्रदेशव्यापी निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत विभाग की 69 टीमों ने 6 महानगरों (कानपुर, गोरखपुर, गाजियाबाद, मेरठ, अयोध्या और प्रयागराज) में मिठाई एवं अन्य खाद्य निर्माण प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई। कहीं तैयार मिठाइयां सीधे गंदे फर्श पर रखी मिलीं तो कहीं निर्माण स्थलों पर कॉकरोच, मक्खियां, चूहों की गंदगी और मकड़ी के जाले पाए गए। कुछ प्रतिष्ठानों में प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल और बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार संचालित किए जाने के मामले भी सामने आए। गंभीर अनियमितताओं पर विभाग ने नौ खाद्य प्रतिष्ठानों का कारोबार बंद कराया।
अभियान के तहत कुल 116 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 149 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। अनियमितताएं पाए जाने पर 96 सुधार नोटिस जारी किए गए। कार्रवाई के दौरान 655 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसका मूल्य 4,07,176 रुपये है, जबकि 537 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई, जिसका अनुमानित मूल्य 1,98,230 रुपए है।
- कानपुर में फर्श पर रखी मिलीं मिठाइयों की ट्रे, निर्माण स्थल पर गंदगी
कानपुर नगर में न्यू तिवारी स्वीट्स के निर्माण स्थल पर अत्यधिक गंदगी और दुर्गंध मिली। खाद्य पदार्थों का भंडारण भी अस्वच्छ परिस्थितियों में किया जा रहा था। तैयार मिठाइयों की ट्रे सीधे फर्श पर रखी मिलीं। वहीं, लाला दयाराम स्वीट्स के परिसर में मकड़ी के जाले और कालिख पाई गई। कारखाने में समुचित सफाई के बिना मिठाइयों का निर्माण किया जा रहा था। ड्रेनेज व्यवस्था भी जाम मिली, जिससे खाद्य पदार्थों में बाहरी तत्वों से संदूषण की आशंका थी। यहां 12 टीमों ने 20 में से 19 इकाइयों का निरीक्षण कर 26 नमूने लिए और 16 सुधार नोटिस जारी किए।
- गोरखपुर में बिना लाइसेंस संचालित हो रहा था मिठाई कारखाना
गोरखपुर के धर्मशाला बाजार स्थित कामधेनु स्वीट्स के कारखाने में अत्यधिक गंदगी पाई गई। निर्माण स्थल की दीवारें टूटी हुई थीं और परिसर में मकड़ी के जालों के साथ कूड़े का ढेर मिला। जांच में प्रतिष्ठान के पास खाद्य कारोबार का लाइसेंस भी नहीं पाया गया। गोरखपुर में 15 टीमों ने 27 में से 23 इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान 17 नमूने लिए गए और 20 सुधार नोटिस जारी किए गए।
- मेरठ में प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल का मामला आया सामने
मेरठ स्थित सम्राट स्वीट्स के निरीक्षण में प्रतिबंधित सैकरिन, कॉस्टिक सोडा और रंग के साथ गैर-खाद्य श्रेणी के सोडियम बाइकार्बोनेट के इस्तेमाल का मामला सामने आया। इसके अलावा प्रतिष्ठान की ड्रेनेज व्यवस्था खराब मिली और कीट नियंत्रण के लिए भी समुचित इंतजाम नहीं पाए गए।
- गाजियाबाद में कच्चा माल और तैयार मिठाइयां गंदे फर्श पर मिलीं
गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्र स्थित तिरुपति फूड्स में कच्चा माल सीधे गंदे फर्श पर रखा मिला। साहिबाबाद स्थित अग्रवाल फूड्स में भंडारण स्थल पर कॉकरोच और कीड़े पाए गए। निर्माण स्थल की दीवारें भी टूटी हुई थीं और उनसे सीमेंट झड़ रहा था। तैयार खाद्य पदार्थ भी सीधे फर्श पर रखे मिले। वहीं, नेहरू नगर स्थित शगुन स्वीट्स में पूरे परिसर में गंदगी, टूटा फर्श, अव्यवस्थित कच्चा माल और खराब ड्रेनेज सिस्टम पाया गया। गाजियाबाद में 18 टीमों ने 25 इकाइयों का निरीक्षण कर 49 नमूने लिए और 20 सुधार नोटिस जारी किए। यहां तीन प्रतिष्ठानों का कारोबार बंद कराया गया।
- अयोध्या में गंदगी और दूषित पानी के बीच हो रहा था मिठाइयों का भंडारण
अयोध्या के भेलसर चौराहा स्थित राम नरेश स्वीट्स में अत्यधिक गंदी परिस्थितियों में मिठाइयों का निर्माण किया जा रहा था। परिसर में मक्खियां मौजूद थीं और खाद्य पदार्थों के भंडारण की स्थिति भी खराब मिली। मोहम्मदपुर स्थित संजय यादव स्वीट हाउस में भी अत्यधिक गंदगी, कीड़े-मकोड़े और चूहों की गंदगी पाई गई। फर्श पर गंदा पानी जमा था और उसी स्थान पर खाद्य सामग्री रखी हुई थी। डीप फ्रीजर से निकलने वाला गंदा पानी भी परिसर में मौजूद था। इसी गंदे पानी वाले डीप फ्रीजर में मिठाइयों का भंडारण किया जा रहा था। पूरे परिसर में दुर्गंध फैली हुई थी। अयोध्या में आठ टीमों ने 18 इकाइयों का निरीक्षण कर 14 नमूने लिए और 13 सुधार नोटिस जारी किए।
- प्रयागराज में 18 खाद्य इकाइयों का निरीक्षण
प्रयागराज में एफएसडीए की आठ टीमों ने 18 खाद्य कारोबार इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान 14 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए और अनियमितताओं पर 15 सुधार नोटिस जारी किए गए। यहां किसी भी इकाई का लाइसेंस निलंबित नहीं किया गया।
- खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई जारी
'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के माध्यम से एफएसडीए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ-साथ उनके निर्माण, भंडारण और बिक्री की पूरी प्रक्रिया में स्वच्छता एवं सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करा रहा है। विभागीय टीमें निर्माण स्थलों की साफ-सफाई, कच्चे माल के सुरक्षित भंडारण, तैयार खाद्य पदार्थों को फर्श से दूर रखने, कीट नियंत्रण, जल निकासी और खाद्य श्रेणी के अनुमोदित पदार्थों के इस्तेमाल की जांच कर रही हैं।
विभाग की ओर से कमियां पाए जाने पर कारोबारियों को सुधार नोटिस जारी कर निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। वहीं, गंभीर अनियमितताओं और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कारोबार बंद कराने जैसी कठोर प्रवर्तन कार्रवाई भी की जा रही है। त्योहारों के दौरान आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।