क्या अखिलेश यादव खुद वोट चोरी कराकर BJP को जिता रहे थे : दयाशंकर सिंह

- जब अखिलेश CM थे तब 2014 में 73 और 2017 में 330 सीटें कैसे जीता NDA , दयाशंकर सिंह ने सपा को घेरा

- दयाशंकर बोले - 2027 में हारेंगे अखिलेश इसलिए अभी से वोट चोरी का अलाप रहे राग 

लखनऊ, 15 अक्टूबर 2026।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के चुनाव आयोग पर फर्जी वोट बनवाने और भाजपा पर फर्जी वोट डालने के आरोपों पर योगी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ही हार का बहाना तैयार करने में जुट गए हैं। इसलिए वो चुनाव आयोग पर भ्रामक आरोप लगा रहे हैं। दयाशंकर सिंह ने 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का हवाला देते हुए सवाल किया कि उस समय अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तब क्या उन्होंने खुद वोट चोरी करवाकर भाजपा को जिताया था?

- '2027 में हारेंगे, इसलिए अभी से बना रहे बहाना'

मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव चुनाव आयोग पर आरोप लगाकर अपनी हार छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख को पहले से ही 2027 के चुनाव में हार का डर सता रहा है, इसलिए वह अभी से ऐसी भूमिका तैयार कर रहे हैं कि चुनाव परिणाम उनके खिलाफ आए तो उसे वोट चोरी का नाम दिया जा सके। दयाशंकर सिंह ने कहा कि चुनाव हारने की खीझ में इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़कर पहले से ही जनता और मीडिया के सामने सफाई तैयार करना चाहते हैं।

- अखिलेश मुख्यमंत्री थे, तब भाजपा कैसे जीती?

दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव के आरोपों पर सवाल उठाते हुए 2014 और 2017 के चुनावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के समय अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ने प्रदेश की 80 में से 73 सीटें जीती थीं। उन्होंने सवाल किया कि अगर चुनाव में वोट चोरी हो रही थी, तो उस समय भाजपा को इतनी बड़ी जीत कैसे मिली? दयाशंकर सिंह ने 2017 के विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय भी अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे और भाजपा गठबंधन को 330 सीटें मिली थीं। मंत्री ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या उस समय भी अखिलेश यादव ने वोट चोरी करवाकर भाजपा को जिताया था?

- कांग्रेस पर भी साधा निशाना, इमरजेंसी का किया जिक्र

दयाशंकर सिंह ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के मुद्दे पर कांग्रेस को भी घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को सबसे ज्यादा कांग्रेस ने बदनाम किया है। इमरजेंसी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में आपातकाल कांग्रेस ने लगाया था और उसके शासनकाल में संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज पर राजनीतिक प्रभाव रहता था।

दयाशंकर सिंह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में सभी संस्थाएं स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अपना काम कर रहा है, लेकिन विपक्षी दलों को यह रास नहीं आ रहा है। मंत्री के मुताबिक, अखिलेश यादव और कांग्रेस चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर अपनी राजनीतिक परेशानी जाहिर कर रहे हैं।

विरासत में सत्ता मिल सकती है, बुद्धि नहीं’, ओपी राजभर का अखिलेश पर निशाना

- सपा में नाई, गोंड, पाल, प्रजापति और राजभर समाज की इज्जत कहां: राजभर

- अखिलेश पर ओपी राजभर और राकेश त्रिपाठी का हमला, PDA से लैपटॉप योजना तक उठाए सवाल

- योगी सरकार में बांटे गए 62 लाख टैबलेट, दो करोड़ वितरण का है लक्ष्य: राजभर

- सपा ने युवाओं को लैपटॉप के नाम पर दिया लॉलीपॉप: राकेश त्रिपाठी

- अखिलेश के PDA में परिवारवाद, धन्ना सेठ और अपराधी की पूछ: राकेश त्रिपाठी

लखनऊ, 15 अक्टूबर 2026।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने लैपटॉप वितरण, महिला आरक्षण, राम मंदिर और PDA की राजनीति को लेकर सपा पर निशाना साधा। ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की राजनीति में परिवार और दौलतमंदों को प्राथमिकता दी जाती है। वहीं राकेश त्रिपाठी ने PDA को परिवार, धन्ना सेठ और अपराधियों को संरक्षण देने वाला बताया।

- राजभर बोले - विरासत में सत्ता मिल सकती है, बुद्धि नहीं’

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की सरकार के दौरान लैपटॉप वितरण योजना पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अखिलेश यादव की सरकार थी तो उस समय लैपटॉप घोटाला चर्चित रहा था। राजभर ने कहा कि मौजूदा सरकार में 62 लाख टैबलेट बांटे जा चुके हैं और दो करोड़ वितरण का लक्ष्य है। उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि मौजूदा वितरण में गड़बड़ी का कोई मामला सामने लाकर दिखाएं।

भाजपा से सपा में शामिल हुए भवानी शुक्ला को अखिलेश यादव द्वारा ब्लॉक प्रमुख संबोधित करने पर ओम प्रकाश राजभर ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ब्लॉक प्रमुख भवानी शुक्ला नहीं, बल्कि उनकी पत्नी हैं। अखिलेश यादव लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। राजभर ने इस मुद्दे को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस पर विरोध करने का आरोप लगाया।

राजभर ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव का विरोध करना महिलाओं को अधिकार और राजनीतिक भागीदारी देने से वंचित करने जैसा है। इसको लेकर राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा, “विरासत में सत्ता मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिलेगी बबुआ।”

- PDA में पिछड़ों और दलितों की पूछ कहां : राजभर

ओम प्रकाश राजभर ने राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए अखिलेश यादव पर परिवार और धनवानों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा ने नाई, गोंड, पाल, प्रजापति, बिंद, केवट, मल्लाह, राजभर, चौहान, यादव और पटेल समेत कई वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया। राजभर ने कहा कि इन वर्गों के लोगों ने सपा विधायकों को जिताया, लेकिन राज्यसभा में मौका देने के समय पार्टी ने दूसरे विकल्पों को प्राथमिकता दी। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में सामाजिक प्रतिनिधित्व के बजाय धनवानों की पूछ अधिक है।

- लैपटॉप की जगह लॉलीपॉप दिया: राकेश त्रिपाठी

राकेश त्रिपाठी ने लैपटॉप वितरण योजना को लेकर अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा की सरकार में युवाओं को लैपटॉप देने के नाम पर लॉलीपॉप दिया गया था। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि उस समय अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए लाभार्थियों को चुनकर लैपटॉप बांटे गए।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा उस दौर को भूले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने दो करोड़ टैबलेट वितरण का लक्ष्य रखा है और 65 लाख से अधिक टैबलेट बांटे जा चुके हैं। उनके मुताबिक, योगी सरकार विद्यार्थियों को बिना भेदभाव तकनीकी सहायता देकर उनकी पढ़ाई में लगातार सहयोग कर रही है।

- परिवार और धन्ना सेठों तक सिमटी सपा: राकेश त्रिपाठी

अखिलेश यादव के PDA पर निशाना साधते हुए राकेश त्रिपाठी ने इसे परिवार, धन्ना सेठ और अपराधियों से जोड़कर तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में परिवार और धनवानों को प्राथमिकता दिए जाने से समाजवादी पार्टी की राजनीति पर सवाल खड़े हुए हैं।

माफियागिरी करने वाले मिट्टी में मिलने को तैयार रहें: योगी आदित्यनाथ

- कसारी-मसारी अब श्री कृष्णपुरी के रूप में होगा विकसित, मुख्यमंत्री योगी ने की बड़ी घोषणा

- मुख्यमंत्री योगी बोले- महाराजा बिजली पासी के नाम पर बनेगा आईटीआई

- माफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई भूमि पर पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 आवासों का किया भूमि पूजन, पीपलगांव के 556 आवासों की सौंपीं चाबियां

प्रयागराज, 15 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज में माफिया और समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए चेतावनी दी कि अब कोई माफियागिरी करने का दुस्साहस करेगा तो मिट्टी में मिलने की तैयारी भी कर ले। उन्होंने कहा कि सपा आती है तो माफिया और बदमाश लेकर आती है, जबकि भाजपा विकास और बदलाव लेकर आती है। मुख्यमंत्री योगी ने कसारी-मसारी में माफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई भूमि पर पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 आवासों का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कसारी-मसारी को श्रीकृष्णपुरी के रूप में विकसित करने और महाराजा बिजली पासी के नाम पर राजकीय आईटीआई बनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री योगी ने 9,811 वर्ग मीटर भूमि पर 191 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले आवासों का मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से भूमि पूजन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत पीपलगांव में निर्मित 556 आवासों की चाबियां भी लाभार्थियों को वितरित कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रयागराज विरासत और विकास की नई पहचान बना रहा है।

- अतीक-अशरफ के सामने घुटने टेकती थीं पिछली सरकारें

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कभी प्रयागराज में माफिया अतीक और अशरफ जिस जमीन पर पैर रख देते थे, वह उनकी हो जाती थी। तत्कालीन सरकारें उनके सामने घुटने टेककर मौन रहती थीं। माफिया सड़कों पर असलहे लहराते थे और बेटियों की सुरक्षा खतरे में थी। इसी धरती पर विधायक राजू पाल की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। उन्होंने कहा कि असुरक्षित वातावरण में न विकास हो सकता है, न निवेश आ सकता है और न युवाओं को रोजगार मिल सकता है।

- माफिया के अस्तबल की जमीन पर बसेंगे 1200 परिवार

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कसारी-मसारी की करीब 15 बीघा जमीन पर अतीक अहमद और उसके गुंडों ने कब्जा कर अस्तबल और अय्याशी का केंद्र बना रखा था। सरकार ने उसके अवैध साम्राज्य को ध्वस्त कर जमीन मुक्त कराई। अब यहां पहले चरण में 602 और दूसरे चरण में 598 आवास बनाए जाएंगे। कुल 1200 परिवारों के करीब छह से साढ़े छह हजार लोगों के लिए आधुनिक टाउनशिप विकसित होगी। इसमें बाजार, पार्क, खेलकूद, जिम और अन्य आवश्यक सुविधाएं होंगी। प्रयागराज विकास प्राधिकरण इसकी व्यवस्था करेगा। इससे पहले लूकरगंज में भी माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर 86 गरीब परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

- कब्जा किया तो बाप-दादों की कमाई भी जब्त कर लेंगे

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब कोई किसी की संपत्ति पर कब्जा नहीं कर सकता। यदि किसी ने ऐसा किया तो उसकी बाप-दादों की कमाई भी जब्त कर ली जाएगी। उस संपत्ति पर भी गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले इस इलाके में पुलिस की गाड़ी तक नहीं आ पाती थी। आज यहां सात से 14 मीटर तक चौड़ी सड़कें हैं और आवागमन सुगम हुआ है।

- सपा ने यूपी की पहचान पर खड़ा किया था संकट

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के लोगों के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था। पहले यूपी का नाम सुनकर लोग सौ कदम दूर भागते थे। आज उत्तर प्रदेश का नाम सुनकर गले लगाने आते हैं। प्रयागराज, काशी और अयोध्या की पहचान सम्मान का विषय बन गई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और सुशासन के कारण उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।

- कसारी-मसारी अब श्रीकृष्णपुरी के रूप में होगा विकसित

मुख्यमंत्री योगी ने विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह के आग्रह पर कसारी-मसारी को श्रीकृष्णपुरी के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यहां बनने वाले गरीबों के आवास और आधुनिक टाउनशिप सहित पूरे क्षेत्र को श्रीकृष्णपुरी के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे पूरे क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

- महाराजा बिजली पासी के नाम पर बनेगा राजकीय आईटीआई

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाराजा बिजली पासी 12वीं सदी के प्रतापी राजा थे। उन्होंने लखनऊ और आसपास 12 किलों का निर्माण कराया था। वह विदेशी आक्रांताओं के काल में सनातन धर्म के प्रबल रक्षक थे। उनके नाम पर राजकीय आईटीआई का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इससे पहले तेलियरगंज में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। उन्होंने बताया कि मसुरियादीन पासी स्वतंत्र भारत में विधायक और चार बार सांसद रहे। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

- 65 लाख गरीबों को मिले पक्के मकान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में 65 लाख गरीबों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। डबल इंजन सरकार बिना भेदभाव गरीबों, दलितों और वंचितों को आवास, राशन कार्ड, बिजली, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और आयुष्मान भारत के अंतर्गत पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से सरकारी नौकरी के अवसर उनके नजदीक आए हैं।

- प्रयागराज को मिल रही विकास की नई पहचान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रयागराज में गंगा नदी पर बड़े पुल का निर्माण कराया जा रहा है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है। महाकुंभ के दौरान सड़कों का चौड़ीकरण हुआ। गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज और दिल्ली के बीच सफर का समय कम होकर करीब सात घंटे होगा। उन्होंने जनता से जनप्रतिनिधियों पर आशीर्वाद बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि विकास और सुरक्षा की चिंता सरकार करेगी।

- माफिया के समूल नाश का संकल्प लेकर आगे बढ़े मुख्यमंत्री योगी : नंदी

औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली हैं। प्रदेश को लेकर देश और दुनिया की धारणा में बड़ा बदलाव आया है। मुख्यमंत्री योगी ने सत्ता संभालते ही गुंडों और माफिया के समूल नाश का बीड़ा उठाया था, जिसका परिणाम आज सामने है। पद्मलोक आवास योजना गरीबों की प्रगति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

- प्रदेश में केवल योगीवाद होना चाहिए : स्वतंत्र देव सिंह

कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में बेटियां निर्भय होकर आवागमन कर रही हैं। गरीब परिवारों के बच्चे पुलिस में दरोगा और सिपाही बन रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं लखपति दीदी बनकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में न जातिवाद, न क्षेत्रवाद, न व्यक्तिवाद, न परिवारवाद और न वंशवाद, केवल योगीवाद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा फिर आई तो माफिया जमीनों पर दोबारा कब्जा कर लेंगे।

- पहले माफिया से हाथ मिलाते थे मुख्यमंत्री, आज गरीबों को मिल रहे घर : सिद्धार्थ नाथ सिंह

विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री इसी परिसर में आकर माफिया के लोगों से हाथ मिलाते थे। आज भगवाधारी मुख्यमंत्री योगी उसी जमीन पर गरीब परिवारों के आवासों का भूमि पूजन कर रहे हैं। यही सुशासन और विकास का अंतर है। उन्होंने कहा कि कभी इस क्षेत्र में महिलाओं और बेटियों का निकलना मुश्किल था। आज यहां गरीबों के घर बन रहे हैं।

- मुख्यमंत्री ने 10 लाभार्थियों को सौंपीं आवास की चाबियां

मुख्यमंत्री योगी ने पीपलगांव के 556 आवासों के लाभार्थियों में से ममता, सिंधु श्रीवास्तव, कंचन सोनी, बसंती देवी, निरुपम चक्रवर्ती, शंकर लाल कुशवाहा, प्रियंका सोनकर, ललिता पांडेय, रंजीता सोनकर और हरिशंकर मिश्रा को स्वयं चाबियां सौंपीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंटकर सम्मानित किया गया।

- कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सांसद प्रवीण पटेल, विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह, हर्षवर्धन बाजपेयी, गुरु प्रसाद मौर्य, दीपक पटेल, पीयूष रंजन निषाद, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक पूजा पाल, महापौर गणेश केसरवानी, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी और पूर्व सांसद विनोद सोनकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

राहुल याद रखें, आजादी के लिए नेहरू ही नहीं, मसुरियादीन पासी भी गए थे जेल : मुख्यमंत्री योगी
- प्रयागराज में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण कर मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
- मुख्यमंत्री योगी बोले- मसुरियादीन ने नौ वर्ष जेल में रहकर लड़ी आजादी की लड़ाई, इतिहास ने भुला दिया उनका योगदान
- महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं, वंचितों और दलितों के लिए संघर्ष करने वालों को भी मिलना चाहिए सम्मान
- नेहरू के साथ 1952 में संसद पहुंचे थे मसुरियादीन, चार बार बने सांसद, जरायम पेशा कानून के खिलाफ उठाई आवाज
- मसुरियादीन के नाम पर होगा प्रयागराज का चौराहा और एक प्रमुख संस्था, मुख्यमंत्री ने महापौर से मांगा प्रस्ताव

प्रयागराज, 15 । स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और महापुरुषों के सम्मान के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी जी, एक बात नोट करना। जेल में देश की आजादी के लिए केवल और केवल नेहरू जी नहीं गए थे, देश की आजादी के लिए महाशय मसुरियादीन पासी जी भी जेल गए थे।' मुख्यमंत्री ने कहा कि मसुरियादीन ने एक-दो महीने या चार-छह महीने नहीं, बल्कि 1932 से 1944 के बीच नौ वर्ष जेल में रहकर आजादी की लड़ाई लड़ी। इतिहास के कालचक्र में उनके जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी को विस्मृत कर दिया गया। विरासत और विकास में विश्वास करने वाली भाजपा की डबल इंजन सरकार अपने महापुरुषों को भुला नहीं सकती। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं है। जिन्होंने वंचितों और दलितों को सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष किया, उन्हें भी उनका उचित सम्मान मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी तेलियरगंज स्थित महाशय मसुरियादीन स्मारक इंटर कॉलेज और टीवी कॉलोनी चौराहे के पास में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो अक्टूबर 1911 को जन्मे मसुरियादीन की जयंती महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के दिन ही पड़ती है। इसके बावजूद उनके योगदान को इतिहास में भुला दिया गया। आज उनकी भव्य प्रतिमा की स्थापना कर सरकार ने उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाने का कार्य किया है।
*नेहरू के साथ संसद पहुंचे, फिर भी भुला दिए गए मसुरियादीन*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाशय मसुरियादीन ने अपना जीवन देश की स्वतंत्रता और समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। अपने लगभग 66-67 वर्ष के जीवन में उन्होंने नौ वर्ष जेल में बिताए। जेल से बाहर रहकर भी स्वतंत्रता आंदोलन के लिए जनजागरण करते रहे। जनता के बीच उनके प्रति सम्मान का परिणाम था कि वर्ष 1946 में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने। स्वतंत्र भारत में वर्ष 1952 से 1972 के बीच चार बार लोकसभा के लिए चुने गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1952 में एक ही सीट से दो सांसद चुने जाते थे। उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू और महाशय मसुरियादीन पासी एक साथ चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में ऐसे अनेक महापुरुषों ने योगदान दिया, जिनकी स्मृतियों को सम्मान मिलना चाहिए।
*जरायम पेशा कानून के खिलाफ आंबेडकर और मसुरियादीन ने लड़ी लड़ाई*
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अंग्रेजों को चुनौती देने वाली कई जातियों को अपमानित करने के लिए अंग्रेजी हुकूमत ने 1871 में जरायम पेशा कानून बनाया था। पासी समाज सहित कई जातियों को इसकी श्रेणी में रखा गया। वर्ष 1952 में संसद पहुंचने के बाद महाशय मसुरियादीन ने इस कानून के खिलाफ आवाज उठाई।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और महाशय मसुरियादीन पासी ने इस काले कानून को समाप्त कराने की लड़ाई लड़ी। इस संघर्ष से पासी, सोनकर और अन्य वंचित समाजों को सम्मानजनक जीवन जीने तथा राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महापुरुषों का योगदान आने वाली पीढ़ियों को बताया जाना चाहिए।
*महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश और समाज के लिए जीवन समर्पित करने वाले हर महापुरुष को सम्मान मिलना चाहिए। यह सम्मान किसी एक परिवार तक सीमित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वंचितों और दलितों की आवाज उठाई, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष किया, उनकी स्मृतियों को जीवंत रखना आवश्यक है। महापुरुषों को सम्मान देकर ही समाज आगे बढ़ सकता है। अतीत को सम्मान देने से वर्तमान संवरेगा और वर्तमान संवरेगा तो भविष्य भी उज्ज्वल होगा।
मुख्यमंत्री ने महाशय मसुरियादीन की पुत्री कमला कुमारी और पौत्र सचिन कुमार को आश्वस्त किया कि उनके सम्मान पर किसी प्रकार की आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि महाशय मसुरियादीन का सम्मान भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान है।
*मसुरियादीन के नाम पर होगा चौराहा, संस्था को भी मिलेगी पहचान*
मुख्यमंत्री योगी ने महाशय मसुरियादीन की स्मृतियों को स्थायी बनाने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने महापौर से कहा कि जिस चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है, उसका नाम महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर रखने का प्रस्ताव भेजें। प्रयागराज की किसी एक प्रमुख संस्था का नाम भी उनके नाम पर रखा जाएगा। उस संस्था में उनकी भव्य प्रतिमा भी स्थापित होगी, ताकि वर्तमान और भावी पीढ़ियां उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें।
*महाराजा बिजली पासी के किले का पुनरुद्धार करा रही सरकार*
मुख्यमंत्री ने पासी समाज के शौर्य और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराजा बिजली पासी ने 12वीं शताब्दी में लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में 12 गढ़ बनवाए थे। विदेशी आक्रांताओं से मुकाबले के लिए इन किलों का निर्माण कराया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2000 में महाराजा बिजली पासी की प्रतिमा स्थापित कराई थी। अब डबल इंजन सरकार उनके लखनऊ स्थित किले का पुनरुद्धार करा रही है और इसके लिए धन उपलब्ध कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने मक्का पासी और वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान को भी याद किया। कहा कि मक्का पासी के बलिदान के बाद उनकी पत्नी ऊदा देवी ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा संभाला और लड़ते हुए बलिदान हो गईं। लखनऊ में गठित होने वाली महिला पीएसी बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर रखा जा रहा है। उनकी भव्य अश्वारोही प्रतिमा भी स्थापित की जा रही है।
*गरीबों और महापुरुषों के सम्मान के लिए समर्पित है डबल इंजन सरकार : केशव मौर्य*
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महाशय मसुरियादीन पासी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्होंने चार बार लोकसभा में इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और गरीब से गरीब व्यक्ति की बात सुनकर उसकी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया। ऐसे महान व्यक्तित्व की प्रतिमा का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अनावरण किया जाना उनके योगदान के प्रति सम्मान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार गरीबों के लिए समर्पित है। डबल इंजन सरकार महापुरुषों को आदर और सम्मान देने का काम कर रही है।
*जरायम पेशा कानून समाप्त कराने में मसुरियादीन का अहम योगदान : सचिन कुमार*
महाशय मसुरियादीन स्मारक समिति के मंत्री एवं उनके पौत्र सचिन कुमार ने कहा कि अंग्रेजी शासन में दलित जातियों को जरायम पेशा घोषित कर उनका उत्पीड़न किया गया था। इस कानून को समाप्त कराने में महाशय मसुरियादीन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों को सम्मान देने के लिए मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों की सराहना की।
समारोह में कार्यक्रम के आयोजकों ने मुख्यमंत्री को हनुमान जी की प्रतिमा भेंटकर स्वागत किया गया। सचिन कुमार ने उन्हें भगवान बुद्ध की प्रतिमा और पुष्पगुच्छ भेंट किए।
*कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
समारोह में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', सांसद प्रवीण पटेल, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, गुरु प्रसाद मौर्य, दीपक पटेल, पीयूष रंजन निषाद, वाचस्पति पासी, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, सुरेंद्र चौधरी, महापौर गणेश केसरवानी, भाजपा गंगापार जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और महाशय मसुरियादीन पासी के परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
सैफई सिंडिकेट ने अयोग्य व्यक्ति को आयोग का अध्यक्ष बनवाकर युवाओं के साथ किया अन्याय : मुख्यमंत्री योगी

- प्रयागराज में इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी अशोक राठौर के समर्थन में आयोजित मतदाता सम्मेलन को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित

 - सपा सरकार में नौकरी का विज्ञापन निकलते ही वसूली पर निकल पड़ती थी चाचा-भतीजे की जोड़ी, परीक्षा देने वालों के बजाय दूसरों को मिलते थे नियुक्ति पत्र

 - योग्य गुरु ही निखारता है प्रतिभा, शिक्षा बने राष्ट्र निर्माण का माध्यम, मुख्यमंत्री योगी ने याद दिलाई प्रयागराज की गौरवशाली गुरु परंपरा

 - माफिया मिट्टी में मिले तो प्रयागराज की प्रतिभाओं पर लगा ग्रहण हटा, अब माफिया की जमीन पर गरीबों के लिए बन रहे आवास

 - 23 अक्टूबर को स्नातक चुनाव के लिए अवकाश घोषित, भाजपा प्रत्याशी अशोक राठौर को विजयी बनाने की अपील

प्रयागराज, 15 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। कहा कि सपा सरकार ने अपने सैफई सिंडिकेट के ऐसे व्यक्ति को आयोग का अध्यक्ष बनाया, जो स्वयं उस पद के योग्य नहीं था। इससे युवाओं के साथ घोर अन्याय हुआ। नौकरी का विज्ञापन निकलते ही चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी। परीक्षा की तैयारी करने वाले नौजवान नौकरी पाने के लिए पैसे की व्यवस्था करने की चिंता में पड़ जाते थे। जिन्होंने परीक्षा तक नहीं दी, उन्हें नियुक्ति पत्र मिल जाते थे और मेहनत करने वाले युवा ठगा हुआ महसूस करते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हक के साथ खिलवाड़ करने वालों को अब उनसे समर्थन मांगने का नैतिक अधिकार नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को प्रयागराज के गवर्नमेंट प्रेस मैदान में इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी अशोक राठौर के समर्थन में आयोजित स्नातक मतदाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के रोजगार संबंधी सवालों पर पलटवार करते हुए अगले छह महीने में एक लाख से अधिक सरकारी नौकरियां देने की बात कही। स्नातक मतदाताओं से 23 अक्टूबर को भाजपा प्रत्याशी को विजयी बनाने की अपील भी की।

- अखिलेश गिनते रहें, छह महीने में एक लाख से ज्यादा नौकरियां देंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पूछते थे कि नौकरी कहां है। अब वह गिनते रहें, अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी। पुलिस भर्ती में 32 हजार युवाओं को नौकरी दी जा रही है। चार हजार उपनिरीक्षकों की भर्ती पूरी हो चुकी है। इनके नियुक्ति पत्र जल्द वितरित होंगे। इसके अलावा 42 हजार होमगार्ड की भर्ती पूरी हो चुकी है। लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और शिक्षा सेवा चयन आयोग की आगामी भर्तियों से 30 से 35 हजार युवाओं को नौकरी मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब तक साढ़े छह लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। सभी भर्तियां आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए मेरिट के आधार पर की जा रही हैं।

- योग्य गुरु ही निखारता है प्रतिभा, शिक्षा बने राष्ट्र निर्माण का माध्यम

मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज की शैक्षिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया का पहला गुरुकुल महर्षि भारद्वाज ने इसी धरती पर प्रारंभ किया था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय कभी पूरे उत्तर भारत को नई रोशनी देता था। आज भी लाखों युवा यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्होंने कहा कि योग्य स्नातकों की प्रतिभा को उजागर करने का काम योग्य गुरु ही करता है। भगवान राम के पीछे गुरु वशिष्ठ, भगवान कृष्ण के पीछे गुरु संदीपनी, चंद्रगुप्त मौर्य के पीछे आचार्य चाणक्य और स्वामी विवेकानंद के पीछे रामकृष्ण परमहंस जैसे गुरु थे। शिक्षक का सम्मान तभी बढ़ता है, जब शिक्षा राष्ट्र और लोक कल्याण का माध्यम बनती है। उन्होंने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन का भी उल्लेख किया।

- सपा के लिए परिवार ही प्रदेश था, हमारे लिए प्रदेश ही परिवार

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लिए परिवार ही प्रदेश था, जबकि भाजपा सरकार के लिए पूरा प्रदेश ही परिवार है। प्रदेश की 25 करोड़ जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में भर्तियों में गड़बड़ी के कारण न्यायालय को रोक लगानी पड़ती थी। इसके विपरीत भाजपा सरकार ने पारदर्शी नियुक्तियों की व्यवस्था की है। वर्ष 2017 से 2024 के बीच ही सपा के चार कार्यकाल की तुलना में चार गुने से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई।

- 120 से बढ़कर 24 हजार हुए स्टार्टअप

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे। अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। युवा नौकरी मांगने वाले ही नहीं, नौकरी देने वाले भी बन रहे हैं। सरकार स्टार्टअप के लिए आर्थिक सहायता और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के माध्यम से ब्याज मुक्त तथा गारंटी मुक्त ऋण उपलब्ध करा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की सुविधा भी दी जा रही है।

- शिक्षामित्रों का मानदेय तीन हजार से बढ़कर 18 हजार हुआ

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षकों को 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक सामाजिक सुरक्षा की गारंटी और पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी गई है। शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी इन सुविधाओं से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में शिक्षामित्रों को तीन हजार रुपये मानदेय मिलता था, जबकि अब 18 हजार रुपये दिया जा रहा है।

- माफिया मिट्टी में मिले तो प्रतिभाओं पर लगा ग्रहण हटा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक समय प्रयागराज की पहचान पर माफिया का ग्रहण लग गया था। व्यापारी, बेटियां और आम नागरिक ही नहीं, प्रशासन तथा न्यायपालिका तक के सामने चुनौती थी। डबल इंजन सरकार में माफिया मिट्टी में मिल चुके हैं और प्रयागराज की प्रतिभाएं फिर अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले अतीक और अशरफ जिस जमीन पर कब्जा कर लेते थे, वह उनकी हो जाती थी। अब माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए बहुमंजिला आवास बनाए जा रहे हैं। महाकुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन प्रयागराज की बदली व्यवस्था का उदाहरण है।

- 23 अक्टूबर को अवकाश, पहले मतदान फिर दूसरा काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक मतदान होगा। इस दिन मतदाताओं के लिए अवकाश घोषित किया गया है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अशोक राठौर को भारी बहुमत से विजयी बनाने की अपील करते हुए स्नातक मतदाताओं की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।

- बैलेट पेपर से चुनाव, अब वोट चोरी का आरोप कैसे लगाएगा विपक्ष: केशव मौर्य

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विपक्षी नेता चुनाव हारने पर चुनाव आयोग को दोष देते हैं। यह चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से होगा, इसलिए आरोप लगाने का अवसर नहीं रहेगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा प्रदेश की सभी 11 सीटों पर जीतेगी। सपा की साइकिल को पंचर कर सैफई पहुंचाने और वर्ष 2027 में तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का संकल्प लेने की अपील की।

- माफियाराज से निकलकर विकास की राह पर बढ़ा प्रदेश: नंदी

औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में माफियाराज था। आज मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में आम नागरिक सुरक्षित है। उत्तर प्रदेश हाईवे, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसरों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अशोक राठौर को विजयी बनाने की अपील की।

- कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

सम्मेलन में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पशुधन राज्यमंत्री कृष्णा पासवान, सांसद प्रवीण पटेल, राज्यसभा सदस्य राधाकांत ओझा, महापौर गणेश केसरवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह, विधान परिषद सदस्य मानवेंद्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।

जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते का बैरियर है सपा : योगी आदित्यनाथ

- मीरजापुर में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी ने भरी हुंकार, भाजपा प्रत्याशियों के लिए मांगा समर्थन

- शिक्षकों को पांच लाख का स्वास्थ्य कवर, दुर्घटना पर डेढ़ करोड़ तक की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी

 - सपा शासन में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा, अब साढ़े नौ लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

 - जो कभी माफिया के सामने नाक रगड़ते थे, वे आज कानून-व्यवस्था पर दे रहे उपदेश : मुख्यमंत्री योगी

- चुनाव के बाद फिर बंटेंगे टैबलेट, अब तक 62 लाख युवाओं को मिले, दो करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य

मीरजापुर, 15 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी को विकास और जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते का बैरियर करार दिया। उन्होंने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने से आधी से अधिक समस्याओं के समाधान का रास्ता खुल जाता है, जबकि गलत प्रतिनिधि चुनने से समाधान के मार्ग में बाधा खड़ी हो जाती है। समाजवादी पार्टी ऐसा ही बैरियर है। सपा ने मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों, पुलों और घाटों के निर्माण में रोड़े अटकाए। इनका काम ही विकास में बाधा डालना है। ऐसे लोगों को बैरियर ही बने रहने दीजिए, चुनकर मत भेजिए। इनके बैरियर को एक झटके में उखाड़कर बाहर कर देंगे।

मुख्यमंत्री योगी मीरजापुर में वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षक सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा और स्नातक सीट से केदारनाथ सिंह के समर्थन में आयोजित सम्मेलन में कहा कि दोनों प्रत्याशी पिछला चुनाव नहीं जीतने के बावजूद शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं को लेकर लगातार उनके पास आते रहे। उन्होंने 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक होने वाले मतदान में भागीदारी का आह्वान किया। कहा कि इनके माध्यम से आने वाली शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं के समाधान का रास्ता सरकार निकालेगी।

 - पीडीए का नारा, टिकट परिवार और धन्ना सेठ को

मुख्यमंत्री योगी ने सपा के पीडीए के नारे पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में इसका वास्तविक चेहरा सामने आ गया। दो प्रत्याशी बनाने थे तो एक टिकट अपने चाचा को और दूसरा मुंबई के धन्ना सेठ को दे दिया। न दलित को टिकट दिया, न पिछड़े को और न ही मुसलमान को। दूसरी ओर भाजपा ने आठ टिकटों में तीन सामान्य वर्ग, तीन पिछड़े वर्ग और दो अनुसूचित जाति को दिए। सभी आठ प्रत्याशी जीते। सपा ने परिवार और धन्ना सेठ को प्राथमिकता दी तो पीडीए की हवा निकल गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने खुद को नेहरू परिवार और सपा ने सैफई परिवार तक सीमित रखा। दोनों ने प्रदेश को बेगाना बनाया तो जनता ने भी इन्हें बेगाना बना दिया।

- माफिया के सामने नाक रगड़ने वाले दे रहे उपदेश

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन लोगों ने प्रदेश के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जो माफिया के सामने गिड़गिड़ाते, घुटने टेकते और नाक रगड़ते थे, वे आज कानून-व्यवस्था पर उपदेश दे रहे हैं। सपा शासन में न सड़क थी, न बिजली, न पानी और न शिक्षा की समुचित व्यवस्था। नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के लिए भी श्रद्धालुओं को मशक्कत करनी पड़ती थी। मंदिरों में गंदगी और अव्यवस्था रहती थी। आज सरकार जनता के साथ खड़ी है। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रत्येक ब्लॉक में शिविर लगाकर पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया।

- सैफई सिंडिकेट के कब्जे से मुक्त हुई नौकरियां

मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा शासन में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। जिसे सिंडिकेट चाहता था, उसी को नौकरी मिलती थी। तत्कालीन आयोग अध्यक्ष अनिल यादव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अयोग्य व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया गया, जिसे हाई कोर्ट ने पद से हटाया। नौजवान सड़कों पर आंदोलन करते थे और अखिलेश सरकार उनकी आवाज अनसुनी करती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। 65 लाख लोगों को रोजगार मिला और एक जिला एक उत्पाद योजना से तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर विकसित हुए। अब युवा स्टार्टअप के माध्यम से नौकरी देने वाला भी बन रहा है।

- चुनाव के बाद फिर शुरू होगा टैबलेट वितरण

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विधान परिषद चुनाव संपन्न होने के बाद बड़े कार्यक्रम आयोजित कर स्नातक युवाओं को फिर टैबलेट वितरित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य दो करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराना है। अब तक 62 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं। डिजिटल अभियान को और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत नीट, आईआईटी-जेईई, यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जा रही है। युवा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से इसका लाभ उठा सकते हैं।

- 15 लाख शिक्षकों को स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षकों को न सम्मान मिलता था, न स्वास्थ्य सुविधाएं। अब बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों के 15 लाख शिक्षकों को परिवार सहित प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर दिया गया है। दुर्घटना की स्थिति में 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक सामाजिक सुरक्षा की गारंटी है। प्रोजेक्ट अलंकार से माध्यमिक विद्यालयों में नए भवन, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और सपा को शिक्षा विरोधी बताते हुए कहा कि इनके शासन में शिक्षण संस्थानों की उपेक्षा हुई और युवाओं को पलायन करना पड़ा।

- तीन जिलों में न मेडिकल कॉलेज था, न विश्वविद्यालय

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपा को चार बार प्रदेश में सरकार चलाने का अवसर मिला, लेकिन विकास उसके एजेंडे में नहीं था। वर्ष 2017 से पहले मीरजापुर मंडल के तीनों जिलों में न मेडिकल कॉलेज था, न विश्वविद्यालय। अब मीरजापुर और सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्र आर्थिक समृद्धि का माध्यम बन रहे हैं। प्रयागराज महाकुंभ, काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या इसके उदाहरण हैं। राम मंदिर का विरोध करने वाले आज अयोध्या पर उपदेश दे रहे हैं।

- पहले जमीनों पर कब्जे में होता था धन का दुरुपयोग

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर और त्रिकोण क्षेत्र के विकास से श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिली हैं। प्रतिदिन दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर पा रहे हैं। गंगा के पक्के घाट बनने से दुर्घटनाओं की समस्या दूर हुई है। पहले विकास की यही धनराशि गरीबों की जमीनों पर कब्जे के लिए दुरुपयोग की जाती थी। उन्होंने नवरात्र की पंचमी पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए और विकास कार्यों तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं की समीक्षा भी की।

- नंदी बोले- माफिया की जगह उत्पाद से पहचान

कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में यूपी की पहचान और परसेप्शन बदले हैं। पहले एक जिला एक माफिया की पहचान थी, अब एक जिला एक उत्पाद से प्रदेश जाना जाता है। परिवारवाद और तुष्टीकरण की जगह चुस्त कानून-व्यवस्था तथा औद्योगिक विकास ने ली है। विकास अब सैफई और रायबरेली तक सीमित नहीं है। प्रत्येक जनपद और गांव विकास की नई कहानी लिख रहा है।

- आशीष पटेल बोले- निष्पक्ष भर्ती सरकार की पहचान

कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव महत्वपूर्ण है। यह सरकार के कार्यों पर मुहर लगाने का अवसर है। हाल में पुलिस और होमगार्ड भर्ती के परिणाम आए, लेकिन धांधली का कोई सवाल नहीं उठा। पारदर्शी भर्ती व्यवस्था ही सरकार की पहचान है।

- कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

सम्मेलन में राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड, सांसद डॉ. विनोद बिंद, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली, भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षक और स्नातक उपस्थित रहे।

माफिया की जगह सिर्फ मिट्टी, कब्जाई जमीन पर गरीबों की बनेंगी हवेलियां: मुख्यमंत्री योगी

- वाराणसी में विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान के समापन एवं स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित

- स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय की व्यवस्था

- परिवार को ही प्रदेश मानने वालों की दुर्गति तय, मुख्यमंत्री योगी का सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज

 - 403 विधानसभा क्षेत्रों में जनप्रतिनिधि चलाएं ऐसा अभियान, जनता से संवाद कर समस्याओं का कराएं समाधान

 - 2014 से पहले गंदगी, जाम और भू-माफिया से परेशान थी काशी, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुआ कायाकल्प

वाराणसी, 15 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माफिया की जगह सिर्फ मिट्टी में है। जिन जमीनों पर कभी माफिया का कब्जा था, वहां अब गरीबों की हवेलियां बनेंगी। प्रयागराज में माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए बहुमंजिला आवासीय इमारतों के निर्माण का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'अब माफिया नहीं, माफिया की जगह मिट्टी में है, अब गरीबों के लिए बड़ी-बड़ी हवेलियां बनेंगी।' मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों के हितों के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने स्वच्छता कर्मियों के मानदेय में कटौती करने वालों को भी चेताया। कहा कि उत्तर प्रदेश में तय कर दिया गया है कि कोई भी व्यक्ति स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान के समापन एवं स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अभियान के चौथे संस्करण की सराहना करते हुए इसे अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणादायक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता के बीच रहकर उसकी समस्याओं का समाधान करें, सरकारी निर्माण कार्यों का संरक्षण सुनिश्चित करें और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दस स्वच्छता कर्मियों को अंगवस्त्र पहनाकर और बैग भेंटकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री योगी ने जनप्रतिनिधियों की सक्रियता का उल्लेख करते हुए परिवारवाद पर तंज कसा। उनका इशारा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरफ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि ही दोपहर 12 बजे सोकर उठेगा, नेतृत्व देने वाला भी 12 बजे सोकर उठेगा, अपने परिवार के बीच मस्त रहेगा और परिवार को ही समाज व प्रदेश मानने की भूल करेगा तो दुर्गति होनी ही है। उन्होंने कहा कि जो समाज, प्रदेश और देश को अपना परिवार मानते हैं, वही परिवर्तन ला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने उन जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा, जो एक बार चुने जाने के बाद लखनऊ में पड़े रहते हैं और दोबारा अपने क्षेत्र में झांकने नहीं पहुंचते।

 - स्वच्छता कर्मियों का मानदेय काटा तो होगी कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले स्वच्छता कर्मियों से काम लेने के बाद उनकी मजदूरी और मानदेय में कटौती कर दी जाती थी। कई बार पूरा पैसा भी नहीं दिया जाता था। अब ऐसी मनमानी नहीं चलेगी। सरकार ने मानदेय में कटौती पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स कॉरपोरेशन के माध्यम से कर्मियों को न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय देने की व्यवस्था की गई है। उन्हें ईएसआई के तहत अस्पतालों में उपचार, सुरक्षा बीमा और पीएफ का लाभ भी मिलेगा। दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सहायता मिल सकेगी। पीएफ की व्यवस्था से सेवानिवृत्ति के बाद कर्मियों के पास अपनी पूंजी होगी और उन्हें दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

 - स्वच्छता मित्र नींव के पत्थर, उन्हीं पर टिकी भव्य व्यवस्था

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वच्छता कर्मी तब सड़कों और मोहल्लों की सफाई करते हैं, जब अधिकांश लोग सो रहे होते हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात, आंधी और त्योहारों में भी वे पहले दूसरों के लिए स्वच्छ वातावरण तैयार करते हैं। प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद स्वच्छता की प्रशंसा हुई। इसके पीछे स्वच्छता कर्मियों का परिश्रम था। उन्होंने कहा कि नींव का पत्थर दिखाई नहीं देता, लेकिन पूरी भव्य इमारत उसी पर खड़ी होती है। स्वच्छता कर्मियों का योगदान भी ऐसा ही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नगर निगमों के कार्यक्रमों में स्वच्छता मित्रों का सम्मान कराने पर विशेष जोर देते हैं।

 - 403 विधानसभा क्षेत्रों में चले ऐसा अभियान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि डॉ. नीलकंठ तिवारी का 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है। प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जनप्रतिनिधि इसी जागरूकता के साथ कार्य करें तो जनता के मन में नकारात्मकता पैदा नहीं होगी। लोकप्रिय जनप्रतिनिधि वही है, जिसकी पहुंच हर घर तक हो। शासन की योजनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कई पात्र लोगों को उनकी जानकारी तक नहीं होती। ऐसे में जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि शिविर लगवाकर वृद्धों, निराश्रित महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान गाली-गलौज या मारपीट से नहीं, संवाद से निकलता है। प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जनहित के काम कराए जा सकते हैं।

 - प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदली काशी की तस्वीर

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले काशी की गलियों में गंदगी, सड़कों पर जाम और बिजली का संकट आम बात थी। निराश्रित गोवंश सड़कों पर घूमते थे। भू-माफिया गरीबों और व्यापारियों की जमीन-मकान पर कब्जा कर भय का वातावरण बनाते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी का कायाकल्प हुआ है। अब यह अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए नई आभा के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य सरकार करा सकती है, लेकिन उनके संरक्षण की जिम्मेदारी जागरूक समाज की है। समय पर सफाई और मरम्मत से सार्वजनिक सुविधाओं की उपयोगिता बढ़ती है।

 - 76 दिनों में 24 वार्डों तक पहुंचा अभियान

विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि लगातार चौथे वर्ष आयोजित वार्ड प्रवास अभियान में दक्षिणी विधानसभा के सभी 24 वार्ड शामिल किए गए। 19 जुलाई से दो अक्टूबर तक चले अभियान में प्रत्येक वार्ड में तीन से चार दिन प्रवास किया गया। इस दौरान 11 रविवार को जनकल्याण शिविर लगाए गए। अभियान में 800 से अधिक पौधे रोपे गए। करीब दो हजार लोगों की निशुल्क जांच कर चश्मे वितरित किए गए। पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा सहित विभिन्न योजनाओं से लाभार्थियों को जोड़ा गया। पेयजल, सीवर और सफाई संबंधी समस्याओं के समाधान की भी पहल हुई।

 - दस स्वच्छता मित्रों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री योगी ने समारोह में वसीम, रोहित रावत, राजकुमार, पुनवासी, आशुतोष, दिनेश, सुनील, रेखा, अल्पना और चिंता देवी को अंगवस्त्र पहनाकर तथा बैग भेंटकर सम्मानित किया। 

कार्यक्रम में आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम और भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अखिलेश बताएं, सपा जीते तो चुनाव निष्पक्ष और हारे तो बेईमानी कैसे : राजभर

- 2017, 2019 और 2022 में सपा हारी तो चुनाव गलत, 2024 में 37 सांसद जीत गए तो सब 'ऑल इज वेल' हो गया

- राजभर का तंज- 2024 में एक ही परिवार के पांच सांसद जीते, तब चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल क्यों नहीं उठाए?

- 2027 में साइकिल का टायर पंचर नहीं, फटेगा, अभी से हार के बहाने तलाश रहे अखिलेश : राजभर

लखनऊ, 15 अक्टूबर, 2026। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राजभर ने अखिलेश से पूछा कि 2024 का लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुआ था या नहीं? उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव, 2019 के लोकसभा चुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा को हार मिली, लेकिन 2024 में उसके 37 सांसद जीतकर दिल्ली पहुंच गए। ऐसे में चार में से तीन चुनाव गलत और एक चुनाव सही कैसे हो सकता है?

राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि केंद्र में 2014 से अब तक भाजपा की ही सरकार है। फिर ऐसा कैसे हो सकता है कि जिन चुनावों में सपा हारी, वे गलत हो गए और जिस चुनाव में जीत मिली, वह सही हो गया? उन्होंने सवाल किया कि 2024 में समाजवादी पार्टी के 37 सांसद जीतकर दिल्ली कैसे पहुंच गए? इनमें पांच सांसद तो अखिलेश के अपने परिवार से थे। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि जब सपा को उसकी हैसियत से ज्यादा सीटें मिल गईं, तब सब 'ऑल इज वेल' हो गया।

कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि या तो 2024 के चुनाव में उनके वोटर फर्जी थे या फिर वह आज सरेआम अफवाहबाजी कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसा कि एसी, पीसी और ट्विटर ने अखिलेश को बहका दिया है।

2027 में साइकिल का रिम-फ्रेम भी टेढ़ा होगा

राजभर ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अब नवाबी के दिन हवा हो गए हैं। 2027 में सपा की साइकिल का टायर पंचर नहीं, बल्कि फटने जा रहा है। इस बार साइकिल का रिम और फ्रेम भी टेढ़ा होने वाला है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव आगामी विधानसभा चुनाव में हार की आशंका से अभी से भूमिका बनाने और बहाने तलाशने में जुट गए हैं। राजभर ने कहा कि अखिलेश यह बात अच्छी तरह समझ चुके हैं, इसलिए पहले से बहाना खोजकर रख रहे हैं ताकि बाद में अपने समर्थकों के सामने जवाब देने से बच सकें। उन्होंने पोस्ट के अंत में तंज कसते हुए लिखा, 'कुछ आंसू बचाके रखिए। सत्ताइस में सपा साफ है अखिलेश जी।'

पंचायत चुनाव पर न्यायालय के निर्णय का पूरा सम्मान, आदेश के अध्ययन के बाद तय होगी आगे की दिशा : ओम प्रकाश राजभर

- पंचायतीराज मंत्री बोले- न्यायपालिका के प्रति सरकार का पूरा विश्वास, निर्णय का सम्मान करना हम सभी का दायित्व

- बिना आदेश पढ़े कोई टिप्पणी करना उचित नहीं, सभी पहलुओं के अध्ययन के बाद होगा आगे की प्रक्रिया पर विचार

लखनऊ, 14 अक्टूबर 2026। पंचायत चुनाव को लेकर न्यायालय के निर्णय पर प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि न्यायपालिका के प्रति सरकार का पूरा सम्मान और विश्वास है। न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। हालांकि, अभी उन्होंने न्यायालय का आदेश पढ़ा नहीं है। ऐसे में आदेश का अध्ययन किए बिना इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

राजभर ने कहा कि पंचायत चुनाव एक महत्वपूर्ण विषय है। इससे जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। पहले न्यायालय के आदेश का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा और उसमें दिए गए निर्देशों को समझा जाएगा। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया को लेकर विचार होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय में जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। न्यायालय के आदेश और संवैधानिक प्रावधानों का पूरा सम्मान करते हुए ही आगे की दिशा तय की जाएगी।

गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा है कि राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग 3 महीने में पंचायत चुनाव कराए और तब तक ग्राम प्रधान प्रशासक बने रहेंगे।

धन के लिए धर्म नहीं त्यागूंगा, छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा : योगी आदित्यनाथ

- वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा के शताब्दी समारोह को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित, संन्यासियों के त्याग और राष्ट्रसेवा को सराहा

- धर्म की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष के लिए भी तैयार रहना चाहिए : सीएम योगी

- काशी विश्वनाथ मंदिर, राम जन्मभूमि और श्रीकृष्ण जन्मभूमि का किया उल्लेख, कहा- आपसी बंटवारे से विदेशी आक्रांताओं को मिला अवसर

 - गोरक्षपीठ से जुड़ी स्वामी प्रणवानंद की साधना का सुनाया प्रसंग, आध्यात्मिक साधना को बनाया राष्ट्र जागरण का माध्यम

 - 100 परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, मुख्यमंत्री योगी ने अपने हाथों से पांच परिवारों को प्रदान कीं सिलाई मशीनें

 वाराणसी, 14 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'याद रखना, एक संन्यासी के जीवन का ध्येय ही होना चाहिए कि धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा। धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा और छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा।' उन्होंने कहा कि देश और धर्म के लिए किया गया हर त्याग महान है। शांति के समय धर्म का स्वरूप संयम, सौहार्द और लोककल्याण है, लेकिन राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष के लिए भी तैयार रहना चाहिए। भारत सेवाश्रम संघ ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। राष्ट्रोन्नति को आत्मोन्नति का माध्यम बनाकर संस्था ने आध्यात्मिक साधना को राष्ट्र जागरण और लोककल्याण से जोड़ा है।

मुख्यमंत्री योगी बुधवार को वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्वामी प्रणवानंद महाराज के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर आरती की। मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना भी की। संघ के प्रधान सचिव स्वामी विश्वात्मानंद ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1926 में स्थापित काशी शाखा ने सेवा और राष्ट्र जागरण की अपनी परंपरा के सौ वर्ष पूरे किए हैं। यह संस्था भारत ही नहीं, दुनिया के अनेक देशों में सनातन मूल्यों और ऋषि परंपरा को आगे बढ़ा रही है।

- आपसी बंटवारे से विदेशी आक्रांताओं को मिला अवसर

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब राष्ट्र संकट में होता है तो उसकी आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत भी संकट में पड़ जाती है। उन्होंने सवाल किया कि विदेशी आक्रांता सफल नहीं होते तो क्या काशी विश्वनाथ मंदिर को अपवित्र और क्षतिग्रस्त करने का दुस्साहस होता। क्या राम जन्मभूमि पर पांच सौ वर्षों तक गुलामी का कलंक रहता या श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर ऐसा संकट खड़ा होता। उन्होंने कहा कि आपसी बंटवारे का दुष्परिणाम देश को भुगतना पड़ा। इसी पाप के परिमार्जन के लिए संतों ने आध्यात्मिक साधना को राष्ट्रीय जागरण का माध्यम बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण इसी राष्ट्रीय चेतना और संकल्प का परिणाम है।

- गोरक्षपीठ में स्वामी प्रणवानंद को मिली थी दीक्षा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज का गोरक्षपीठ से गहरा संबंध रहा है। वर्ष 1912-13 में वह गोरखपुर पहुंचे और सिद्ध योगी बाबा गंभीरनाथ के सानिध्य में साधना की। उन्होंने स्वामी प्रणवानंद के बचपन का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि लगभग 12-13 वर्ष की आयु में वह अपने शिक्षक के साथ गुरु की खोज में गोरखपुर पहुंचे थे। बाबा गंभीरनाथ ने उन्हें देखकर जन्म से सिद्ध योगी बताया था। साधना के दौरान वह तीन घंटे तक अखंड समाधि में रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर से प्राप्त आध्यात्मिक प्रेरणा को स्वामी प्रणवानंद ने पूरे देश में राष्ट्र जागरण का माध्यम बनाया। इसी ऐतिहासिक संबंध के कारण भारत सेवाश्रम संघ से उनका विशेष लगाव है।

- स्वाधीनता और हिंदू जागरण में संघ का योगदान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 1926 में स्वामी प्रणवानंद ने काशी शाखा की स्थापना की थी। देश की पराधीनता के समय वह स्वाधीनता और हिंदू जागरण की अलख जगाते रहे। आज भारत सेवाश्रम संघ देश के साथ दुनिया के अनेक देशों में सनातन मूल्यों और ऋषि परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि संघ ने राष्ट्रवाद को जीवन का ध्येय बनाया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को कांग्रेस की तुष्टीकरण नीति के विरुद्ध नए राजनीतिक संगठन के निर्माण की प्रेरणा भी स्वामी प्रणवानंद से मिली थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ के संन्यासियों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। यही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।

- 100 परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

शताब्दी समारोह में भारत सेवाश्रम संघ की ओर से 100 परिवारों को सिलाई मशीनें प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री योगी ने स्वयं पांच परिवारों को सिलाई मशीनें सौंपीं। उन्होंने कहा कि संघ का यह प्रयास सौ परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना है। उन्होंने प्रयागराज कुंभ में संघ की अन्नक्षेत्र सेवा और देशभर में संचालित लोककल्याणकारी गतिविधियों की भी सराहना की। कहा कि शांति के समय सेवा और लोककल्याण के माध्यम से समाज को समर्थ बनाना ही आध्यात्मिक साधना की सार्थकता है।

- धर्म को मानवता और अध्यात्म को सेवा से जोड़ा : स्वामी विश्वात्मानंद

भारत सेवाश्रम संघ के प्रधान सचिव स्वामी विश्वात्मानंद ने कहा कि काशी शाखा की स्थापना धर्म को मानवता, अध्यात्म को सेवा और तीर्थ को राष्ट्रीय जागरण से जोड़ने के संकल्प के साथ हुई थी। संघ पीड़ितों की सहायता, तीर्थयात्रियों की सेवा, चिकित्सा, शिक्षा, जनजाति कल्याण और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है। विकसित भारत के निर्माण के लिए शिक्षित, चरित्रवान और संवेदनशील समाज आवश्यक है।

- कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

समारोह में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल, राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, सुनील पटेल तथा भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी विश्वात्मानंद, स्वामी धनेशानंद, स्वामी अम्बरीशानंद और स्वामी आत्मज्ञानानंद सहित देश-विदेश से आए संन्यासी और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।