सैफई सिंडिकेट ने अयोग्य व्यक्ति को आयोग का अध्यक्ष बनवाकर युवाओं के साथ किया अन्याय : मुख्यमंत्री योगी

- प्रयागराज में इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी अशोक राठौर के समर्थन में आयोजित मतदाता सम्मेलन को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित

 - सपा सरकार में नौकरी का विज्ञापन निकलते ही वसूली पर निकल पड़ती थी चाचा-भतीजे की जोड़ी, परीक्षा देने वालों के बजाय दूसरों को मिलते थे नियुक्ति पत्र

 - योग्य गुरु ही निखारता है प्रतिभा, शिक्षा बने राष्ट्र निर्माण का माध्यम, मुख्यमंत्री योगी ने याद दिलाई प्रयागराज की गौरवशाली गुरु परंपरा

 - माफिया मिट्टी में मिले तो प्रयागराज की प्रतिभाओं पर लगा ग्रहण हटा, अब माफिया की जमीन पर गरीबों के लिए बन रहे आवास

 - 23 अक्टूबर को स्नातक चुनाव के लिए अवकाश घोषित, भाजपा प्रत्याशी अशोक राठौर को विजयी बनाने की अपील

प्रयागराज, 15 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। कहा कि सपा सरकार ने अपने सैफई सिंडिकेट के ऐसे व्यक्ति को आयोग का अध्यक्ष बनाया, जो स्वयं उस पद के योग्य नहीं था। इससे युवाओं के साथ घोर अन्याय हुआ। नौकरी का विज्ञापन निकलते ही चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी। परीक्षा की तैयारी करने वाले नौजवान नौकरी पाने के लिए पैसे की व्यवस्था करने की चिंता में पड़ जाते थे। जिन्होंने परीक्षा तक नहीं दी, उन्हें नियुक्ति पत्र मिल जाते थे और मेहनत करने वाले युवा ठगा हुआ महसूस करते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हक के साथ खिलवाड़ करने वालों को अब उनसे समर्थन मांगने का नैतिक अधिकार नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को प्रयागराज के गवर्नमेंट प्रेस मैदान में इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी अशोक राठौर के समर्थन में आयोजित स्नातक मतदाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के रोजगार संबंधी सवालों पर पलटवार करते हुए अगले छह महीने में एक लाख से अधिक सरकारी नौकरियां देने की बात कही। स्नातक मतदाताओं से 23 अक्टूबर को भाजपा प्रत्याशी को विजयी बनाने की अपील भी की।

- अखिलेश गिनते रहें, छह महीने में एक लाख से ज्यादा नौकरियां देंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पूछते थे कि नौकरी कहां है। अब वह गिनते रहें, अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी। पुलिस भर्ती में 32 हजार युवाओं को नौकरी दी जा रही है। चार हजार उपनिरीक्षकों की भर्ती पूरी हो चुकी है। इनके नियुक्ति पत्र जल्द वितरित होंगे। इसके अलावा 42 हजार होमगार्ड की भर्ती पूरी हो चुकी है। लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और शिक्षा सेवा चयन आयोग की आगामी भर्तियों से 30 से 35 हजार युवाओं को नौकरी मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब तक साढ़े छह लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। सभी भर्तियां आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए मेरिट के आधार पर की जा रही हैं।

- योग्य गुरु ही निखारता है प्रतिभा, शिक्षा बने राष्ट्र निर्माण का माध्यम

मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज की शैक्षिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया का पहला गुरुकुल महर्षि भारद्वाज ने इसी धरती पर प्रारंभ किया था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय कभी पूरे उत्तर भारत को नई रोशनी देता था। आज भी लाखों युवा यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्होंने कहा कि योग्य स्नातकों की प्रतिभा को उजागर करने का काम योग्य गुरु ही करता है। भगवान राम के पीछे गुरु वशिष्ठ, भगवान कृष्ण के पीछे गुरु संदीपनी, चंद्रगुप्त मौर्य के पीछे आचार्य चाणक्य और स्वामी विवेकानंद के पीछे रामकृष्ण परमहंस जैसे गुरु थे। शिक्षक का सम्मान तभी बढ़ता है, जब शिक्षा राष्ट्र और लोक कल्याण का माध्यम बनती है। उन्होंने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन का भी उल्लेख किया।

- सपा के लिए परिवार ही प्रदेश था, हमारे लिए प्रदेश ही परिवार

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लिए परिवार ही प्रदेश था, जबकि भाजपा सरकार के लिए पूरा प्रदेश ही परिवार है। प्रदेश की 25 करोड़ जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में भर्तियों में गड़बड़ी के कारण न्यायालय को रोक लगानी पड़ती थी। इसके विपरीत भाजपा सरकार ने पारदर्शी नियुक्तियों की व्यवस्था की है। वर्ष 2017 से 2024 के बीच ही सपा के चार कार्यकाल की तुलना में चार गुने से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई।

- 120 से बढ़कर 24 हजार हुए स्टार्टअप

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे। अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। युवा नौकरी मांगने वाले ही नहीं, नौकरी देने वाले भी बन रहे हैं। सरकार स्टार्टअप के लिए आर्थिक सहायता और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के माध्यम से ब्याज मुक्त तथा गारंटी मुक्त ऋण उपलब्ध करा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की सुविधा भी दी जा रही है।

- शिक्षामित्रों का मानदेय तीन हजार से बढ़कर 18 हजार हुआ

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षकों को 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक सामाजिक सुरक्षा की गारंटी और पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी गई है। शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी इन सुविधाओं से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में शिक्षामित्रों को तीन हजार रुपये मानदेय मिलता था, जबकि अब 18 हजार रुपये दिया जा रहा है।

- माफिया मिट्टी में मिले तो प्रतिभाओं पर लगा ग्रहण हटा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक समय प्रयागराज की पहचान पर माफिया का ग्रहण लग गया था। व्यापारी, बेटियां और आम नागरिक ही नहीं, प्रशासन तथा न्यायपालिका तक के सामने चुनौती थी। डबल इंजन सरकार में माफिया मिट्टी में मिल चुके हैं और प्रयागराज की प्रतिभाएं फिर अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले अतीक और अशरफ जिस जमीन पर कब्जा कर लेते थे, वह उनकी हो जाती थी। अब माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए बहुमंजिला आवास बनाए जा रहे हैं। महाकुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन प्रयागराज की बदली व्यवस्था का उदाहरण है।

- 23 अक्टूबर को अवकाश, पहले मतदान फिर दूसरा काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक मतदान होगा। इस दिन मतदाताओं के लिए अवकाश घोषित किया गया है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अशोक राठौर को भारी बहुमत से विजयी बनाने की अपील करते हुए स्नातक मतदाताओं की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।

- बैलेट पेपर से चुनाव, अब वोट चोरी का आरोप कैसे लगाएगा विपक्ष: केशव मौर्य

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विपक्षी नेता चुनाव हारने पर चुनाव आयोग को दोष देते हैं। यह चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से होगा, इसलिए आरोप लगाने का अवसर नहीं रहेगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा प्रदेश की सभी 11 सीटों पर जीतेगी। सपा की साइकिल को पंचर कर सैफई पहुंचाने और वर्ष 2027 में तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का संकल्प लेने की अपील की।

- माफियाराज से निकलकर विकास की राह पर बढ़ा प्रदेश: नंदी

औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में माफियाराज था। आज मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में आम नागरिक सुरक्षित है। उत्तर प्रदेश हाईवे, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसरों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अशोक राठौर को विजयी बनाने की अपील की।

- कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

सम्मेलन में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पशुधन राज्यमंत्री कृष्णा पासवान, सांसद प्रवीण पटेल, राज्यसभा सदस्य राधाकांत ओझा, महापौर गणेश केसरवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह, विधान परिषद सदस्य मानवेंद्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।

जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते का बैरियर है सपा : योगी आदित्यनाथ

- मीरजापुर में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी ने भरी हुंकार, भाजपा प्रत्याशियों के लिए मांगा समर्थन

- शिक्षकों को पांच लाख का स्वास्थ्य कवर, दुर्घटना पर डेढ़ करोड़ तक की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी

 - सपा शासन में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा, अब साढ़े नौ लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

 - जो कभी माफिया के सामने नाक रगड़ते थे, वे आज कानून-व्यवस्था पर दे रहे उपदेश : मुख्यमंत्री योगी

- चुनाव के बाद फिर बंटेंगे टैबलेट, अब तक 62 लाख युवाओं को मिले, दो करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य

मीरजापुर, 15 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी को विकास और जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते का बैरियर करार दिया। उन्होंने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने से आधी से अधिक समस्याओं के समाधान का रास्ता खुल जाता है, जबकि गलत प्रतिनिधि चुनने से समाधान के मार्ग में बाधा खड़ी हो जाती है। समाजवादी पार्टी ऐसा ही बैरियर है। सपा ने मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों, पुलों और घाटों के निर्माण में रोड़े अटकाए। इनका काम ही विकास में बाधा डालना है। ऐसे लोगों को बैरियर ही बने रहने दीजिए, चुनकर मत भेजिए। इनके बैरियर को एक झटके में उखाड़कर बाहर कर देंगे।

मुख्यमंत्री योगी मीरजापुर में वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षक सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा और स्नातक सीट से केदारनाथ सिंह के समर्थन में आयोजित सम्मेलन में कहा कि दोनों प्रत्याशी पिछला चुनाव नहीं जीतने के बावजूद शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं को लेकर लगातार उनके पास आते रहे। उन्होंने 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक होने वाले मतदान में भागीदारी का आह्वान किया। कहा कि इनके माध्यम से आने वाली शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं के समाधान का रास्ता सरकार निकालेगी।

 - पीडीए का नारा, टिकट परिवार और धन्ना सेठ को

मुख्यमंत्री योगी ने सपा के पीडीए के नारे पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में इसका वास्तविक चेहरा सामने आ गया। दो प्रत्याशी बनाने थे तो एक टिकट अपने चाचा को और दूसरा मुंबई के धन्ना सेठ को दे दिया। न दलित को टिकट दिया, न पिछड़े को और न ही मुसलमान को। दूसरी ओर भाजपा ने आठ टिकटों में तीन सामान्य वर्ग, तीन पिछड़े वर्ग और दो अनुसूचित जाति को दिए। सभी आठ प्रत्याशी जीते। सपा ने परिवार और धन्ना सेठ को प्राथमिकता दी तो पीडीए की हवा निकल गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने खुद को नेहरू परिवार और सपा ने सैफई परिवार तक सीमित रखा। दोनों ने प्रदेश को बेगाना बनाया तो जनता ने भी इन्हें बेगाना बना दिया।

- माफिया के सामने नाक रगड़ने वाले दे रहे उपदेश

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन लोगों ने प्रदेश के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जो माफिया के सामने गिड़गिड़ाते, घुटने टेकते और नाक रगड़ते थे, वे आज कानून-व्यवस्था पर उपदेश दे रहे हैं। सपा शासन में न सड़क थी, न बिजली, न पानी और न शिक्षा की समुचित व्यवस्था। नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के लिए भी श्रद्धालुओं को मशक्कत करनी पड़ती थी। मंदिरों में गंदगी और अव्यवस्था रहती थी। आज सरकार जनता के साथ खड़ी है। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रत्येक ब्लॉक में शिविर लगाकर पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया।

- सैफई सिंडिकेट के कब्जे से मुक्त हुई नौकरियां

मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा शासन में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। जिसे सिंडिकेट चाहता था, उसी को नौकरी मिलती थी। तत्कालीन आयोग अध्यक्ष अनिल यादव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अयोग्य व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया गया, जिसे हाई कोर्ट ने पद से हटाया। नौजवान सड़कों पर आंदोलन करते थे और अखिलेश सरकार उनकी आवाज अनसुनी करती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। 65 लाख लोगों को रोजगार मिला और एक जिला एक उत्पाद योजना से तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर विकसित हुए। अब युवा स्टार्टअप के माध्यम से नौकरी देने वाला भी बन रहा है।

- चुनाव के बाद फिर शुरू होगा टैबलेट वितरण

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विधान परिषद चुनाव संपन्न होने के बाद बड़े कार्यक्रम आयोजित कर स्नातक युवाओं को फिर टैबलेट वितरित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य दो करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराना है। अब तक 62 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं। डिजिटल अभियान को और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत नीट, आईआईटी-जेईई, यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जा रही है। युवा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से इसका लाभ उठा सकते हैं।

- 15 लाख शिक्षकों को स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षकों को न सम्मान मिलता था, न स्वास्थ्य सुविधाएं। अब बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों के 15 लाख शिक्षकों को परिवार सहित प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर दिया गया है। दुर्घटना की स्थिति में 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक सामाजिक सुरक्षा की गारंटी है। प्रोजेक्ट अलंकार से माध्यमिक विद्यालयों में नए भवन, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और सपा को शिक्षा विरोधी बताते हुए कहा कि इनके शासन में शिक्षण संस्थानों की उपेक्षा हुई और युवाओं को पलायन करना पड़ा।

- तीन जिलों में न मेडिकल कॉलेज था, न विश्वविद्यालय

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपा को चार बार प्रदेश में सरकार चलाने का अवसर मिला, लेकिन विकास उसके एजेंडे में नहीं था। वर्ष 2017 से पहले मीरजापुर मंडल के तीनों जिलों में न मेडिकल कॉलेज था, न विश्वविद्यालय। अब मीरजापुर और सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्र आर्थिक समृद्धि का माध्यम बन रहे हैं। प्रयागराज महाकुंभ, काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या इसके उदाहरण हैं। राम मंदिर का विरोध करने वाले आज अयोध्या पर उपदेश दे रहे हैं।

- पहले जमीनों पर कब्जे में होता था धन का दुरुपयोग

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर और त्रिकोण क्षेत्र के विकास से श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिली हैं। प्रतिदिन दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर पा रहे हैं। गंगा के पक्के घाट बनने से दुर्घटनाओं की समस्या दूर हुई है। पहले विकास की यही धनराशि गरीबों की जमीनों पर कब्जे के लिए दुरुपयोग की जाती थी। उन्होंने नवरात्र की पंचमी पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए और विकास कार्यों तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं की समीक्षा भी की।

- नंदी बोले- माफिया की जगह उत्पाद से पहचान

कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में यूपी की पहचान और परसेप्शन बदले हैं। पहले एक जिला एक माफिया की पहचान थी, अब एक जिला एक उत्पाद से प्रदेश जाना जाता है। परिवारवाद और तुष्टीकरण की जगह चुस्त कानून-व्यवस्था तथा औद्योगिक विकास ने ली है। विकास अब सैफई और रायबरेली तक सीमित नहीं है। प्रत्येक जनपद और गांव विकास की नई कहानी लिख रहा है।

- आशीष पटेल बोले- निष्पक्ष भर्ती सरकार की पहचान

कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव महत्वपूर्ण है। यह सरकार के कार्यों पर मुहर लगाने का अवसर है। हाल में पुलिस और होमगार्ड भर्ती के परिणाम आए, लेकिन धांधली का कोई सवाल नहीं उठा। पारदर्शी भर्ती व्यवस्था ही सरकार की पहचान है।

- कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

सम्मेलन में राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड, सांसद डॉ. विनोद बिंद, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली, भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षक और स्नातक उपस्थित रहे।

माफिया की जगह सिर्फ मिट्टी, कब्जाई जमीन पर गरीबों की बनेंगी हवेलियां: मुख्यमंत्री योगी

- वाराणसी में विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान के समापन एवं स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित

- स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय की व्यवस्था

- परिवार को ही प्रदेश मानने वालों की दुर्गति तय, मुख्यमंत्री योगी का सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज

 - 403 विधानसभा क्षेत्रों में जनप्रतिनिधि चलाएं ऐसा अभियान, जनता से संवाद कर समस्याओं का कराएं समाधान

 - 2014 से पहले गंदगी, जाम और भू-माफिया से परेशान थी काशी, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुआ कायाकल्प

वाराणसी, 15 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माफिया की जगह सिर्फ मिट्टी में है। जिन जमीनों पर कभी माफिया का कब्जा था, वहां अब गरीबों की हवेलियां बनेंगी। प्रयागराज में माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए बहुमंजिला आवासीय इमारतों के निर्माण का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'अब माफिया नहीं, माफिया की जगह मिट्टी में है, अब गरीबों के लिए बड़ी-बड़ी हवेलियां बनेंगी।' मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों के हितों के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने स्वच्छता कर्मियों के मानदेय में कटौती करने वालों को भी चेताया। कहा कि उत्तर प्रदेश में तय कर दिया गया है कि कोई भी व्यक्ति स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान के समापन एवं स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अभियान के चौथे संस्करण की सराहना करते हुए इसे अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणादायक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता के बीच रहकर उसकी समस्याओं का समाधान करें, सरकारी निर्माण कार्यों का संरक्षण सुनिश्चित करें और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दस स्वच्छता कर्मियों को अंगवस्त्र पहनाकर और बैग भेंटकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री योगी ने जनप्रतिनिधियों की सक्रियता का उल्लेख करते हुए परिवारवाद पर तंज कसा। उनका इशारा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरफ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि ही दोपहर 12 बजे सोकर उठेगा, नेतृत्व देने वाला भी 12 बजे सोकर उठेगा, अपने परिवार के बीच मस्त रहेगा और परिवार को ही समाज व प्रदेश मानने की भूल करेगा तो दुर्गति होनी ही है। उन्होंने कहा कि जो समाज, प्रदेश और देश को अपना परिवार मानते हैं, वही परिवर्तन ला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने उन जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा, जो एक बार चुने जाने के बाद लखनऊ में पड़े रहते हैं और दोबारा अपने क्षेत्र में झांकने नहीं पहुंचते।

 - स्वच्छता कर्मियों का मानदेय काटा तो होगी कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले स्वच्छता कर्मियों से काम लेने के बाद उनकी मजदूरी और मानदेय में कटौती कर दी जाती थी। कई बार पूरा पैसा भी नहीं दिया जाता था। अब ऐसी मनमानी नहीं चलेगी। सरकार ने मानदेय में कटौती पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स कॉरपोरेशन के माध्यम से कर्मियों को न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय देने की व्यवस्था की गई है। उन्हें ईएसआई के तहत अस्पतालों में उपचार, सुरक्षा बीमा और पीएफ का लाभ भी मिलेगा। दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सहायता मिल सकेगी। पीएफ की व्यवस्था से सेवानिवृत्ति के बाद कर्मियों के पास अपनी पूंजी होगी और उन्हें दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

 - स्वच्छता मित्र नींव के पत्थर, उन्हीं पर टिकी भव्य व्यवस्था

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वच्छता कर्मी तब सड़कों और मोहल्लों की सफाई करते हैं, जब अधिकांश लोग सो रहे होते हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात, आंधी और त्योहारों में भी वे पहले दूसरों के लिए स्वच्छ वातावरण तैयार करते हैं। प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद स्वच्छता की प्रशंसा हुई। इसके पीछे स्वच्छता कर्मियों का परिश्रम था। उन्होंने कहा कि नींव का पत्थर दिखाई नहीं देता, लेकिन पूरी भव्य इमारत उसी पर खड़ी होती है। स्वच्छता कर्मियों का योगदान भी ऐसा ही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नगर निगमों के कार्यक्रमों में स्वच्छता मित्रों का सम्मान कराने पर विशेष जोर देते हैं।

 - 403 विधानसभा क्षेत्रों में चले ऐसा अभियान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि डॉ. नीलकंठ तिवारी का 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है। प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जनप्रतिनिधि इसी जागरूकता के साथ कार्य करें तो जनता के मन में नकारात्मकता पैदा नहीं होगी। लोकप्रिय जनप्रतिनिधि वही है, जिसकी पहुंच हर घर तक हो। शासन की योजनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कई पात्र लोगों को उनकी जानकारी तक नहीं होती। ऐसे में जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि शिविर लगवाकर वृद्धों, निराश्रित महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान गाली-गलौज या मारपीट से नहीं, संवाद से निकलता है। प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जनहित के काम कराए जा सकते हैं।

 - प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदली काशी की तस्वीर

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले काशी की गलियों में गंदगी, सड़कों पर जाम और बिजली का संकट आम बात थी। निराश्रित गोवंश सड़कों पर घूमते थे। भू-माफिया गरीबों और व्यापारियों की जमीन-मकान पर कब्जा कर भय का वातावरण बनाते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी का कायाकल्प हुआ है। अब यह अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए नई आभा के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य सरकार करा सकती है, लेकिन उनके संरक्षण की जिम्मेदारी जागरूक समाज की है। समय पर सफाई और मरम्मत से सार्वजनिक सुविधाओं की उपयोगिता बढ़ती है।

 - 76 दिनों में 24 वार्डों तक पहुंचा अभियान

विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि लगातार चौथे वर्ष आयोजित वार्ड प्रवास अभियान में दक्षिणी विधानसभा के सभी 24 वार्ड शामिल किए गए। 19 जुलाई से दो अक्टूबर तक चले अभियान में प्रत्येक वार्ड में तीन से चार दिन प्रवास किया गया। इस दौरान 11 रविवार को जनकल्याण शिविर लगाए गए। अभियान में 800 से अधिक पौधे रोपे गए। करीब दो हजार लोगों की निशुल्क जांच कर चश्मे वितरित किए गए। पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा सहित विभिन्न योजनाओं से लाभार्थियों को जोड़ा गया। पेयजल, सीवर और सफाई संबंधी समस्याओं के समाधान की भी पहल हुई।

 - दस स्वच्छता मित्रों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री योगी ने समारोह में वसीम, रोहित रावत, राजकुमार, पुनवासी, आशुतोष, दिनेश, सुनील, रेखा, अल्पना और चिंता देवी को अंगवस्त्र पहनाकर तथा बैग भेंटकर सम्मानित किया। 

कार्यक्रम में आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम और भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अखिलेश बताएं, सपा जीते तो चुनाव निष्पक्ष और हारे तो बेईमानी कैसे : राजभर

- 2017, 2019 और 2022 में सपा हारी तो चुनाव गलत, 2024 में 37 सांसद जीत गए तो सब 'ऑल इज वेल' हो गया

- राजभर का तंज- 2024 में एक ही परिवार के पांच सांसद जीते, तब चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल क्यों नहीं उठाए?

- 2027 में साइकिल का टायर पंचर नहीं, फटेगा, अभी से हार के बहाने तलाश रहे अखिलेश : राजभर

लखनऊ, 15 अक्टूबर, 2026। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राजभर ने अखिलेश से पूछा कि 2024 का लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुआ था या नहीं? उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव, 2019 के लोकसभा चुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा को हार मिली, लेकिन 2024 में उसके 37 सांसद जीतकर दिल्ली पहुंच गए। ऐसे में चार में से तीन चुनाव गलत और एक चुनाव सही कैसे हो सकता है?

राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि केंद्र में 2014 से अब तक भाजपा की ही सरकार है। फिर ऐसा कैसे हो सकता है कि जिन चुनावों में सपा हारी, वे गलत हो गए और जिस चुनाव में जीत मिली, वह सही हो गया? उन्होंने सवाल किया कि 2024 में समाजवादी पार्टी के 37 सांसद जीतकर दिल्ली कैसे पहुंच गए? इनमें पांच सांसद तो अखिलेश के अपने परिवार से थे। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि जब सपा को उसकी हैसियत से ज्यादा सीटें मिल गईं, तब सब 'ऑल इज वेल' हो गया।

कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि या तो 2024 के चुनाव में उनके वोटर फर्जी थे या फिर वह आज सरेआम अफवाहबाजी कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसा कि एसी, पीसी और ट्विटर ने अखिलेश को बहका दिया है।

2027 में साइकिल का रिम-फ्रेम भी टेढ़ा होगा

राजभर ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अब नवाबी के दिन हवा हो गए हैं। 2027 में सपा की साइकिल का टायर पंचर नहीं, बल्कि फटने जा रहा है। इस बार साइकिल का रिम और फ्रेम भी टेढ़ा होने वाला है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव आगामी विधानसभा चुनाव में हार की आशंका से अभी से भूमिका बनाने और बहाने तलाशने में जुट गए हैं। राजभर ने कहा कि अखिलेश यह बात अच्छी तरह समझ चुके हैं, इसलिए पहले से बहाना खोजकर रख रहे हैं ताकि बाद में अपने समर्थकों के सामने जवाब देने से बच सकें। उन्होंने पोस्ट के अंत में तंज कसते हुए लिखा, 'कुछ आंसू बचाके रखिए। सत्ताइस में सपा साफ है अखिलेश जी।'

पंचायत चुनाव पर न्यायालय के निर्णय का पूरा सम्मान, आदेश के अध्ययन के बाद तय होगी आगे की दिशा : ओम प्रकाश राजभर

- पंचायतीराज मंत्री बोले- न्यायपालिका के प्रति सरकार का पूरा विश्वास, निर्णय का सम्मान करना हम सभी का दायित्व

- बिना आदेश पढ़े कोई टिप्पणी करना उचित नहीं, सभी पहलुओं के अध्ययन के बाद होगा आगे की प्रक्रिया पर विचार

लखनऊ, 14 अक्टूबर 2026। पंचायत चुनाव को लेकर न्यायालय के निर्णय पर प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि न्यायपालिका के प्रति सरकार का पूरा सम्मान और विश्वास है। न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। हालांकि, अभी उन्होंने न्यायालय का आदेश पढ़ा नहीं है। ऐसे में आदेश का अध्ययन किए बिना इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

राजभर ने कहा कि पंचायत चुनाव एक महत्वपूर्ण विषय है। इससे जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। पहले न्यायालय के आदेश का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा और उसमें दिए गए निर्देशों को समझा जाएगा। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया को लेकर विचार होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय में जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। न्यायालय के आदेश और संवैधानिक प्रावधानों का पूरा सम्मान करते हुए ही आगे की दिशा तय की जाएगी।

गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा है कि राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग 3 महीने में पंचायत चुनाव कराए और तब तक ग्राम प्रधान प्रशासक बने रहेंगे।

धन के लिए धर्म नहीं त्यागूंगा, छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा : योगी आदित्यनाथ

- वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा के शताब्दी समारोह को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित, संन्यासियों के त्याग और राष्ट्रसेवा को सराहा

- धर्म की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष के लिए भी तैयार रहना चाहिए : सीएम योगी

- काशी विश्वनाथ मंदिर, राम जन्मभूमि और श्रीकृष्ण जन्मभूमि का किया उल्लेख, कहा- आपसी बंटवारे से विदेशी आक्रांताओं को मिला अवसर

 - गोरक्षपीठ से जुड़ी स्वामी प्रणवानंद की साधना का सुनाया प्रसंग, आध्यात्मिक साधना को बनाया राष्ट्र जागरण का माध्यम

 - 100 परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, मुख्यमंत्री योगी ने अपने हाथों से पांच परिवारों को प्रदान कीं सिलाई मशीनें

 वाराणसी, 14 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'याद रखना, एक संन्यासी के जीवन का ध्येय ही होना चाहिए कि धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा। धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा और छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा।' उन्होंने कहा कि देश और धर्म के लिए किया गया हर त्याग महान है। शांति के समय धर्म का स्वरूप संयम, सौहार्द और लोककल्याण है, लेकिन राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष के लिए भी तैयार रहना चाहिए। भारत सेवाश्रम संघ ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। राष्ट्रोन्नति को आत्मोन्नति का माध्यम बनाकर संस्था ने आध्यात्मिक साधना को राष्ट्र जागरण और लोककल्याण से जोड़ा है।

मुख्यमंत्री योगी बुधवार को वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्वामी प्रणवानंद महाराज के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर आरती की। मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना भी की। संघ के प्रधान सचिव स्वामी विश्वात्मानंद ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1926 में स्थापित काशी शाखा ने सेवा और राष्ट्र जागरण की अपनी परंपरा के सौ वर्ष पूरे किए हैं। यह संस्था भारत ही नहीं, दुनिया के अनेक देशों में सनातन मूल्यों और ऋषि परंपरा को आगे बढ़ा रही है।

- आपसी बंटवारे से विदेशी आक्रांताओं को मिला अवसर

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब राष्ट्र संकट में होता है तो उसकी आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत भी संकट में पड़ जाती है। उन्होंने सवाल किया कि विदेशी आक्रांता सफल नहीं होते तो क्या काशी विश्वनाथ मंदिर को अपवित्र और क्षतिग्रस्त करने का दुस्साहस होता। क्या राम जन्मभूमि पर पांच सौ वर्षों तक गुलामी का कलंक रहता या श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर ऐसा संकट खड़ा होता। उन्होंने कहा कि आपसी बंटवारे का दुष्परिणाम देश को भुगतना पड़ा। इसी पाप के परिमार्जन के लिए संतों ने आध्यात्मिक साधना को राष्ट्रीय जागरण का माध्यम बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण इसी राष्ट्रीय चेतना और संकल्प का परिणाम है।

- गोरक्षपीठ में स्वामी प्रणवानंद को मिली थी दीक्षा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज का गोरक्षपीठ से गहरा संबंध रहा है। वर्ष 1912-13 में वह गोरखपुर पहुंचे और सिद्ध योगी बाबा गंभीरनाथ के सानिध्य में साधना की। उन्होंने स्वामी प्रणवानंद के बचपन का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि लगभग 12-13 वर्ष की आयु में वह अपने शिक्षक के साथ गुरु की खोज में गोरखपुर पहुंचे थे। बाबा गंभीरनाथ ने उन्हें देखकर जन्म से सिद्ध योगी बताया था। साधना के दौरान वह तीन घंटे तक अखंड समाधि में रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर से प्राप्त आध्यात्मिक प्रेरणा को स्वामी प्रणवानंद ने पूरे देश में राष्ट्र जागरण का माध्यम बनाया। इसी ऐतिहासिक संबंध के कारण भारत सेवाश्रम संघ से उनका विशेष लगाव है।

- स्वाधीनता और हिंदू जागरण में संघ का योगदान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 1926 में स्वामी प्रणवानंद ने काशी शाखा की स्थापना की थी। देश की पराधीनता के समय वह स्वाधीनता और हिंदू जागरण की अलख जगाते रहे। आज भारत सेवाश्रम संघ देश के साथ दुनिया के अनेक देशों में सनातन मूल्यों और ऋषि परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि संघ ने राष्ट्रवाद को जीवन का ध्येय बनाया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को कांग्रेस की तुष्टीकरण नीति के विरुद्ध नए राजनीतिक संगठन के निर्माण की प्रेरणा भी स्वामी प्रणवानंद से मिली थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ के संन्यासियों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। यही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।

- 100 परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

शताब्दी समारोह में भारत सेवाश्रम संघ की ओर से 100 परिवारों को सिलाई मशीनें प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री योगी ने स्वयं पांच परिवारों को सिलाई मशीनें सौंपीं। उन्होंने कहा कि संघ का यह प्रयास सौ परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना है। उन्होंने प्रयागराज कुंभ में संघ की अन्नक्षेत्र सेवा और देशभर में संचालित लोककल्याणकारी गतिविधियों की भी सराहना की। कहा कि शांति के समय सेवा और लोककल्याण के माध्यम से समाज को समर्थ बनाना ही आध्यात्मिक साधना की सार्थकता है।

- धर्म को मानवता और अध्यात्म को सेवा से जोड़ा : स्वामी विश्वात्मानंद

भारत सेवाश्रम संघ के प्रधान सचिव स्वामी विश्वात्मानंद ने कहा कि काशी शाखा की स्थापना धर्म को मानवता, अध्यात्म को सेवा और तीर्थ को राष्ट्रीय जागरण से जोड़ने के संकल्प के साथ हुई थी। संघ पीड़ितों की सहायता, तीर्थयात्रियों की सेवा, चिकित्सा, शिक्षा, जनजाति कल्याण और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है। विकसित भारत के निर्माण के लिए शिक्षित, चरित्रवान और संवेदनशील समाज आवश्यक है।

- कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

समारोह में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल, राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, सुनील पटेल तथा भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी विश्वात्मानंद, स्वामी धनेशानंद, स्वामी अम्बरीशानंद और स्वामी आत्मज्ञानानंद सहित देश-विदेश से आए संन्यासी और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाएं :  केशव प्रसाद मौर्य
रोजगार सृजन से ग्रामीण आजीविका को मिलेगी नई गति, पात्रों तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ : उपमुख्यमंत्री

लखनऊ: 14 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनपद जालौन में ग्राम्य विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने, ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने तथा पात्र लाभार्थियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है। विकास योजनाओं का क्रियान्वयन स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ लोगों की आजीविका भी सुदृढ़ हो सके।
उप मुख्यमंत्री  ने विकसित भारत जी राम जी के अंतर्गत रोजगार सृजन की प्रगति की समीक्षा करते हुए 12 अक्टूबर को आयोजित विशेष रोजगार सृजन दिवस के परिणामों की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप रोजगार सृजन की प्रगति से अवगत कराया। श्री मौर्य ने निर्देश दिए कि श्रमिकों की मांग के अनुरूप उन्हें लगातार रोजगार उपलब्ध कराया जाए और रोजगार सृजन की गति को बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उनकी आजीविका को स्थायी आधार प्रदान करने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाएं।
श्री मौर्य ने ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि कच्चे मार्गों से जुड़े सार्वजनिक स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर पक्के मार्गों से जोड़ा जाए।  ग्राम पंचायतों में कम्युनिटी हॉल के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे ग्रामीणों को सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन तथा स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी जाए।
उप मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि गांव-गांव तक योजना की जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र युवा इसका लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने, विभागीय योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा महिलाओं के लिए आयवर्धक गतिविधियों का विस्तार करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम हैं। इनके जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री आवास योजना -ग्रामीण एवं प्रधानमंत्री आवास योजना -ग्रामीण की समीक्षा करते हुए श्री मौर्य ने निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित परिवारों, विधवा महिलाओं तथा अन्य विशेष श्रेणियों के पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के लाभ से कोई भी पात्र परिवार वंचित नहीं रहना चाहिए। सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता के साथ निर्धारित समयसीमा में सुनिश्चित किया जाए तथा पात्रता के आधार पर लाभार्थियों को लाभान्वित करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
उप मुख्यमंत्री ने टेक होम राशन (टीएचआर) प्लांट के आसपास महिलाओं के लिए लघु एवं कुटीर उद्योगों की संभावनाएं विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से मसाला उद्योग स्थापित करने तथा टीएचआर प्लांट में आपूर्ति की जाने वाली अन्य सामग्रियों से संबंधित स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर महिलाओं के लिए रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर विकसित किए जा सकते हैं। इससे स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला विकास अधिकारी निशांत पाण्डेय सहित समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
केले पकाने वाले 25 केंद्र बिना लाइसेंस संचालित, एफएसडीए की प्रदेशव्यापी जांच में खुली पोल
- 311 राइपनिंग चौंबरों का निरीक्षण, 132 से अधिक प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस
- 15 हजार से अधिक मूल्य के पांच क्विंटल से ज्यादा घटिया केले नष्ट कराए गए

लखनऊ: 14 अक्टूबर, 2026। प्रदेश में फलों को पकाने की प्रक्रिया में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने केले पकाने वाले केंद्रों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाया। प्रदेशभर में कुल 311 राइपनिंग चौंबरों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 25 प्रतिष्ठान बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित होते पाए गए। अधिकारियों ने नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करते हुए 132 से अधिक प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए। वहीं, गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले पांच क्विंटल से अधिक केले नष्ट कराए गए।
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने राइपनिंग चौंबरों में साफ-सफाई, फलों के रखरखाव, इस्तेमाल में लाई जा रही ट्रे की स्वच्छता और विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुपालन की जांच की। इस दौरान कई केंद्रों पर स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। गंदगी, बिना साफ की गई ट्रे और परिसर के रखरखाव में लापरवाही जैसी कमियां सामने आईं। खाद्य पदार्थों को पकाने और भंडारित करने वाले केंद्रों पर स्वच्छता के मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संचालकों को सुधार के निर्देश दिए गए।
- 20 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता की जांच के लिए कुल 20 नमूने एकत्र किए। इन नमूनों की जांच के जरिए खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन का आकलन किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान पांच क्विंटल से अधिक घटिया गुणवत्ता वाले केले नष्ट कराए गए। नष्ट किए गए केलों का मूल्य 15 हजार रुपये से अधिक था।
- बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों पर कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत खाद्य कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों के लिए आवश्यक लाइसेंस या पंजीकरण संबंधी प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। इसके बावजूद निरीक्षण में 25 प्रतिष्ठान बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित होते पाए गए। ऐसे प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त 132 से अधिक प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए, ताकि वे पाई गई कमियों को दूर कर निर्धारित मानकों के अनुरूप कारोबार करें।
- केले पकाने की प्रक्रिया में भी जरूरी है सावधानी
व्यावसायिक स्तर पर केले पकाने के लिए एथिलीन गैस का नियंत्रित परिस्थितियों में इस्तेमाल किया जाता है। इसके विपरीत कैल्शियम कार्बाइड से निकलने वाली एसिटिलीन गैस का इस्तेमाल खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत प्रतिबंधित है। एथेफोन भी पौधों में फल पकाने की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला एक रसायन है, जिसका उपयोग संबंधित नियमों और अनुमतियों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के दौरान इस्तेमाल होने वाले पदार्थों, उपकरणों और परिसर की स्वच्छता का विशेष महत्व है। गलत रसायनों का इस्तेमाल, गंदे उपकरण और अस्वच्छ परिस्थितियां उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। ऐसे में राइपनिंग चौंबरों का नियमित निरीक्षण और निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है।
सपा को माफिया की कब्र पर आंसू बहाने की फिक्र, शिक्षकों के हितों की नहीं : मुख्यमंत्री योगी
- वाराणसी में शिक्षक-स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित महासम्मेलन को सीएम योगी ने भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में किया संबोधित
- मुख्यमंत्री योगी बोले- राज्यसभा चुनाव में कहां चला गया सपा का पीडीए, एक सीट चाचा को दी और दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को
- शिक्षकों की समस्याएं उठाने वाला हो विधान परिषद में प्रतिनिधि, कोई मुद्दा शेष रहा तो उसका भी निकालेंगे समाधान
- सीएम बोले- यूपी की पहचान अब दंगा, कर्फ्यू और माफिया नहीं, काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या और महाकुंभ से होती है

वाराणसी, 14 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी पर शिक्षा, शिक्षकों और युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं, जो माफिया के पिछलग्गू हैं और माफिया के मरने पर उसकी कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं, उनसे शिक्षकों के हितों की उम्मीद कैसे की जा सकती है। सपा सरकार में शिक्षकों के पद खाली रहे, भर्ती आयोगों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ होता था। भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल छात्र का भविष्य नहीं बनाता, बल्कि समाज, राष्ट्र और युग का निर्माण करता है।
मुख्यमंत्री योगी वाराणसी में शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक समाज के सजग प्रहरी हैं। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षक युवाओं को दिशा देता है और युवा राष्ट्र का भविष्य तय करते हैं। शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं का समाधान किया गया है। कोई मुद्दा शेष रह जाएगा तो सरकार उसका भी समाधान निकालेगी।
मुख्यमंत्री योगी ने राज्यसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि दस में आठ सीटें भाजपा और दो सपा को मिलीं। भाजपा ने विभिन्न समाजों को प्रतिनिधित्व दिया, लेकिन पीडीए की बात करने वाली सपा ने एक सीट अपने चाचा रामगोपाल यादव को दे दी और दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को। उन्होंने सवाल किया कि सपा को काशी, गाजीपुर या बलिया का कोई यादव, दलित या मुस्लिम प्रत्याशी क्यों नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने पीडीए को परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी और 'पराया धन अपना' बताते हुए सपा पर कथनी और करनी में अंतर होने का आरोप लगाया।
- सपा पर भरोसा करना मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसा
मुख्यमंत्री योगी ने सपा पर वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस पर विश्वास करना मगरमच्छ से नदी पार कराने की उम्मीद करने जैसा है। मगरमच्छ नदी के बीच में ले जाकर क्या करेगा, यह सभी जानते हैं। उन्होंने सपा नेताओं पर बार-बार रंग बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन्हें देखकर गिरगिट भी खुश होता होगा कि मनुष्य में उसकी जाति का कोई पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि सपा को प्रदेश की नहीं, केवल अपने परिवार की चिंता रही है। समाज में भेदभाव और बंटवारा पैदा करने वाली राजनीति से सावधान रहना चाहिए।
- सैफई सिंडिकेट ने युवाओं के भविष्य से किया खिलवाड़
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में भर्ती आयोगों और बोर्डों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकलती थी। वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 1.60 लाख पद खाली थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नियुक्तियां कीं और सेवानिवृत्ति से रिक्त होने वाले पदों पर भी भर्ती जारी है। प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियां देने का संकल्प है। बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 32 हजार युवाओं का परिणाम घोषित हुआ है।
- शिक्षकों की समस्याएं उठाने वाला हो प्रतिनिधि
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विधान परिषद में ऐसा प्रतिनिधि होना चाहिए, जो शिक्षकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रख सके। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के टीईटी संबंधी निर्णय के बाद पुराने शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी की व्यवस्था करने का उल्लेख किया। कहा कि बेसिक से विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों को पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी इसमें शामिल हैं। वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक के बीमा कवर का भी उन्होंने उल्लेख किया।
- नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे युवा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे, जबकि आज 24 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं। प्रदेश का युवा अब केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला बन रहा है। निजी क्षेत्र में 65 लाख युवाओं को नौकरी मिली है और तीन करोड़ से अधिक लोग रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़े हैं। प्रदेश के 62 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन दिए गए हैं। सरकार ने दो करोड़ युवाओं तक यह सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
- अब यूपी की पहचान दंगा-कर्फ्यू नहीं, धार्मिक पर्यटन
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में त्योहारों से पहले दंगे शुरू हो जाते थे। उत्सव से पहले उपद्रव प्रदेश की पहचान बन गया था। खराब कानून-व्यवस्था के कारण निवेशक नहीं आते थे। आज काशी विश्वनाथ धाम में औसतन एक लाख श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। प्रदेश की पहचान अब दंगा, कर्फ्यू और माफिया नहीं, बल्कि काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम जन्मभूमि, प्रयागराज महाकुंभ और मथुरा-वृंदावन से हो रही है।
- पेंशन खातों के लिए दस हजार करोड़ की व्यवस्था
मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2005 से 2017 तक शिक्षकों और कर्मचारियों की नई पेंशन योजना की राशि जमा नहीं की गई। खाते तक नहीं खोले गए थे। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद 14 लाख कार्मिकों के खाते खुलवाने के लिए दस हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। नई पेंशन योजना में सरकार का अंशदान भी दस से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया।
- शिक्षित मतदाताओं का रुख देगा संकेत : सुरेश खन्ना
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का रुख महत्वपूर्ण संकेत देगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश में हुए बदलावों का उल्लेख किया। अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के जवाब के बाद सपा प्रमुख की ओर से कोई उत्तर नहीं आया।
- कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
सम्मेलन में मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, रवींद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अशोक चौरसिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर गिरि, महापौर अशोक तिवारी, जिला अध्यक्ष राम सकल पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि और अरुण पाठक सहित शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर पर कसा तंज, कहा - सत्ताइस में सपा साफ
*कुर्सी की ख्वाहिश पाले दिल्ली में दरी बिछा रहे हैं, ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर कसा व्यंग्य*

*'इंडी गठबंधन में लोडर बन गए हैं अखिलेश यादव', दिल्ली प्रदर्शन की तस्वीर शेयर कर सपा पर बरसे राजभर*

*दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों से तिरस्कार के सिवा कुछ नहीं मिलेगा, राजभर ने अखिलेश को दी नसीहत*

लखनऊ, 14 अक्टूबर। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर सोशल मीडिया पर तीखा पोस्ट किया है। राजभर ने दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन की एक तस्वीर शेयर करते हुए अखिलेश को 'पिछलग्गू' बताया। उन्होंने लिखा कि विपक्षी गठबंधन में अखिलेश की असली हैसियत उनके दिल्ली वाले दोस्तों ने सबके सामने दिखा दी है। दरअसल, इंडी गठबंधन की भीड़ वाली इस तस्वीर में अखिलेश यादव सबसे पीछे नजर आ रहे है।
ओमप्रकाश राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा,'प्रिय अखिलेश यादव जी, दिल्ली में पिछलग्गू बनके घूमने में मजा आ रहा है कि नहीं?' उन्होंने विपक्षी गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि गठबंधन में अखिलेश की असली हैसियत उनके दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों ने सबके सामने दिखा दी है।
राजभर ने लिखा कि अखिलेश की स्थिति ऐसी लग रही है, जैसे उन्हें बारात वाले ट्रैक्टर में जबरन ठूंस दिया गया हो। उन्होंने आगे तंज कसा कि अखिलेश दूल्हे के दोस्त के ममेरे भाई के नाराज फूफा जैसे दिखाई दे रहे हैं।
*अवतारी भैया जी अब भीड़ में खो जा रहे हैं*
राजभर ने अखिलेश यादव के समर्थकों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि जो समर्थक अखिलेश को 'अवतारी भैया जी' बताते नहीं थकते थे, अब वही देख रहे होंगे कि उनके भैया जी सबके सामने 'लोडर' बनकर भीड़ में खो जा रहे हैं।
राजभर ने अखिलेश की राजनीतिक महत्वाकांक्षा पर तंज कसते हुए लिखा, 'कुर्सी की ख्वाहिश पाले दरी बिछाने में लगे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि गठबंधन की नैया की पतवार राहुल गांधी के हाथ में चली गई है।
*दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे महाराज?*
राजभर ने अखिलेश यादव के दिल्ली दौरे पर सवाल उठाते हुए लिखा कि चुनाव उत्तर प्रदेश में होना है, लेकिन अखिलेश दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं। उन्होंने तंज कसा, 'और जाइए, भाग-भाग के दिल्ली! करा लिये न घनघोर बेइज्जती?' राजभर ने आगे लिखा, 'आप भी गजब करते हैं! चुनाव यूपी में है और आप दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं...! दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे महाराज?'
*दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों से तिरस्कार के सिवा कुछ नहीं मिलेगा*
राजभर ने अखिलेश यादव को आगाह करते हुए लिखा कि दिल्ली के मतलबी दोस्तों से उन्हें तिरस्कार के अलावा कुछ नहीं मिलने वाला। उन्होंने कहा कि जिस तरह अखिलेश दिल्ली की भीड़ में खो गए हैं, उसी तरह इस बार उत्तर प्रदेश में भी विपक्ष की भीड़ में उनका पता नहीं चलेगा।
*सत्ताइस में सपा साफ होने जा रही है*
राजभर ने अपने पोस्ट के अंत में अखिलेश यादव की राजनीतिक गतिविधियों पर निशाना साधते हुए लिखा, आपके आजकल के लच्छनों से तो यही समझ में आ रहा है कि 'सत्ताइस में सपा साफ' होने जा रही है।