अखिलेश बताएं, सपा जीते तो चुनाव निष्पक्ष और हारे तो बेईमानी कैसे : राजभर

- 2017, 2019 और 2022 में सपा हारी तो चुनाव गलत, 2024 में 37 सांसद जीत गए तो सब 'ऑल इज वेल' हो गया

- राजभर का तंज- 2024 में एक ही परिवार के पांच सांसद जीते, तब चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल क्यों नहीं उठाए?

- 2027 में साइकिल का टायर पंचर नहीं, फटेगा, अभी से हार के बहाने तलाश रहे अखिलेश : राजभर

लखनऊ, 15 अक्टूबर, 2026। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राजभर ने अखिलेश से पूछा कि 2024 का लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुआ था या नहीं? उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव, 2019 के लोकसभा चुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा को हार मिली, लेकिन 2024 में उसके 37 सांसद जीतकर दिल्ली पहुंच गए। ऐसे में चार में से तीन चुनाव गलत और एक चुनाव सही कैसे हो सकता है?

राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि केंद्र में 2014 से अब तक भाजपा की ही सरकार है। फिर ऐसा कैसे हो सकता है कि जिन चुनावों में सपा हारी, वे गलत हो गए और जिस चुनाव में जीत मिली, वह सही हो गया? उन्होंने सवाल किया कि 2024 में समाजवादी पार्टी के 37 सांसद जीतकर दिल्ली कैसे पहुंच गए? इनमें पांच सांसद तो अखिलेश के अपने परिवार से थे। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि जब सपा को उसकी हैसियत से ज्यादा सीटें मिल गईं, तब सब 'ऑल इज वेल' हो गया।

कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि या तो 2024 के चुनाव में उनके वोटर फर्जी थे या फिर वह आज सरेआम अफवाहबाजी कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसा कि एसी, पीसी और ट्विटर ने अखिलेश को बहका दिया है।

2027 में साइकिल का रिम-फ्रेम भी टेढ़ा होगा

राजभर ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अब नवाबी के दिन हवा हो गए हैं। 2027 में सपा की साइकिल का टायर पंचर नहीं, बल्कि फटने जा रहा है। इस बार साइकिल का रिम और फ्रेम भी टेढ़ा होने वाला है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव आगामी विधानसभा चुनाव में हार की आशंका से अभी से भूमिका बनाने और बहाने तलाशने में जुट गए हैं। राजभर ने कहा कि अखिलेश यह बात अच्छी तरह समझ चुके हैं, इसलिए पहले से बहाना खोजकर रख रहे हैं ताकि बाद में अपने समर्थकों के सामने जवाब देने से बच सकें। उन्होंने पोस्ट के अंत में तंज कसते हुए लिखा, 'कुछ आंसू बचाके रखिए। सत्ताइस में सपा साफ है अखिलेश जी।'

पंचायत चुनाव पर न्यायालय के निर्णय का पूरा सम्मान, आदेश के अध्ययन के बाद तय होगी आगे की दिशा : ओम प्रकाश राजभर

- पंचायतीराज मंत्री बोले- न्यायपालिका के प्रति सरकार का पूरा विश्वास, निर्णय का सम्मान करना हम सभी का दायित्व

- बिना आदेश पढ़े कोई टिप्पणी करना उचित नहीं, सभी पहलुओं के अध्ययन के बाद होगा आगे की प्रक्रिया पर विचार

लखनऊ, 14 अक्टूबर 2026। पंचायत चुनाव को लेकर न्यायालय के निर्णय पर प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि न्यायपालिका के प्रति सरकार का पूरा सम्मान और विश्वास है। न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। हालांकि, अभी उन्होंने न्यायालय का आदेश पढ़ा नहीं है। ऐसे में आदेश का अध्ययन किए बिना इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

राजभर ने कहा कि पंचायत चुनाव एक महत्वपूर्ण विषय है। इससे जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। पहले न्यायालय के आदेश का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा और उसमें दिए गए निर्देशों को समझा जाएगा। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया को लेकर विचार होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय में जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। न्यायालय के आदेश और संवैधानिक प्रावधानों का पूरा सम्मान करते हुए ही आगे की दिशा तय की जाएगी।

गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा है कि राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग 3 महीने में पंचायत चुनाव कराए और तब तक ग्राम प्रधान प्रशासक बने रहेंगे।

धन के लिए धर्म नहीं त्यागूंगा, छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा : योगी आदित्यनाथ

- वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा के शताब्दी समारोह को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित, संन्यासियों के त्याग और राष्ट्रसेवा को सराहा

- धर्म की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष के लिए भी तैयार रहना चाहिए : सीएम योगी

- काशी विश्वनाथ मंदिर, राम जन्मभूमि और श्रीकृष्ण जन्मभूमि का किया उल्लेख, कहा- आपसी बंटवारे से विदेशी आक्रांताओं को मिला अवसर

 - गोरक्षपीठ से जुड़ी स्वामी प्रणवानंद की साधना का सुनाया प्रसंग, आध्यात्मिक साधना को बनाया राष्ट्र जागरण का माध्यम

 - 100 परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, मुख्यमंत्री योगी ने अपने हाथों से पांच परिवारों को प्रदान कीं सिलाई मशीनें

 वाराणसी, 14 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'याद रखना, एक संन्यासी के जीवन का ध्येय ही होना चाहिए कि धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा। धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा और छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा।' उन्होंने कहा कि देश और धर्म के लिए किया गया हर त्याग महान है। शांति के समय धर्म का स्वरूप संयम, सौहार्द और लोककल्याण है, लेकिन राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष के लिए भी तैयार रहना चाहिए। भारत सेवाश्रम संघ ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। राष्ट्रोन्नति को आत्मोन्नति का माध्यम बनाकर संस्था ने आध्यात्मिक साधना को राष्ट्र जागरण और लोककल्याण से जोड़ा है।

मुख्यमंत्री योगी बुधवार को वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्वामी प्रणवानंद महाराज के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर आरती की। मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना भी की। संघ के प्रधान सचिव स्वामी विश्वात्मानंद ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1926 में स्थापित काशी शाखा ने सेवा और राष्ट्र जागरण की अपनी परंपरा के सौ वर्ष पूरे किए हैं। यह संस्था भारत ही नहीं, दुनिया के अनेक देशों में सनातन मूल्यों और ऋषि परंपरा को आगे बढ़ा रही है।

- आपसी बंटवारे से विदेशी आक्रांताओं को मिला अवसर

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब राष्ट्र संकट में होता है तो उसकी आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत भी संकट में पड़ जाती है। उन्होंने सवाल किया कि विदेशी आक्रांता सफल नहीं होते तो क्या काशी विश्वनाथ मंदिर को अपवित्र और क्षतिग्रस्त करने का दुस्साहस होता। क्या राम जन्मभूमि पर पांच सौ वर्षों तक गुलामी का कलंक रहता या श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर ऐसा संकट खड़ा होता। उन्होंने कहा कि आपसी बंटवारे का दुष्परिणाम देश को भुगतना पड़ा। इसी पाप के परिमार्जन के लिए संतों ने आध्यात्मिक साधना को राष्ट्रीय जागरण का माध्यम बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण इसी राष्ट्रीय चेतना और संकल्प का परिणाम है।

- गोरक्षपीठ में स्वामी प्रणवानंद को मिली थी दीक्षा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज का गोरक्षपीठ से गहरा संबंध रहा है। वर्ष 1912-13 में वह गोरखपुर पहुंचे और सिद्ध योगी बाबा गंभीरनाथ के सानिध्य में साधना की। उन्होंने स्वामी प्रणवानंद के बचपन का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि लगभग 12-13 वर्ष की आयु में वह अपने शिक्षक के साथ गुरु की खोज में गोरखपुर पहुंचे थे। बाबा गंभीरनाथ ने उन्हें देखकर जन्म से सिद्ध योगी बताया था। साधना के दौरान वह तीन घंटे तक अखंड समाधि में रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर से प्राप्त आध्यात्मिक प्रेरणा को स्वामी प्रणवानंद ने पूरे देश में राष्ट्र जागरण का माध्यम बनाया। इसी ऐतिहासिक संबंध के कारण भारत सेवाश्रम संघ से उनका विशेष लगाव है।

- स्वाधीनता और हिंदू जागरण में संघ का योगदान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 1926 में स्वामी प्रणवानंद ने काशी शाखा की स्थापना की थी। देश की पराधीनता के समय वह स्वाधीनता और हिंदू जागरण की अलख जगाते रहे। आज भारत सेवाश्रम संघ देश के साथ दुनिया के अनेक देशों में सनातन मूल्यों और ऋषि परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि संघ ने राष्ट्रवाद को जीवन का ध्येय बनाया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को कांग्रेस की तुष्टीकरण नीति के विरुद्ध नए राजनीतिक संगठन के निर्माण की प्रेरणा भी स्वामी प्रणवानंद से मिली थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ के संन्यासियों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। यही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।

- 100 परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

शताब्दी समारोह में भारत सेवाश्रम संघ की ओर से 100 परिवारों को सिलाई मशीनें प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री योगी ने स्वयं पांच परिवारों को सिलाई मशीनें सौंपीं। उन्होंने कहा कि संघ का यह प्रयास सौ परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना है। उन्होंने प्रयागराज कुंभ में संघ की अन्नक्षेत्र सेवा और देशभर में संचालित लोककल्याणकारी गतिविधियों की भी सराहना की। कहा कि शांति के समय सेवा और लोककल्याण के माध्यम से समाज को समर्थ बनाना ही आध्यात्मिक साधना की सार्थकता है।

- धर्म को मानवता और अध्यात्म को सेवा से जोड़ा : स्वामी विश्वात्मानंद

भारत सेवाश्रम संघ के प्रधान सचिव स्वामी विश्वात्मानंद ने कहा कि काशी शाखा की स्थापना धर्म को मानवता, अध्यात्म को सेवा और तीर्थ को राष्ट्रीय जागरण से जोड़ने के संकल्प के साथ हुई थी। संघ पीड़ितों की सहायता, तीर्थयात्रियों की सेवा, चिकित्सा, शिक्षा, जनजाति कल्याण और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है। विकसित भारत के निर्माण के लिए शिक्षित, चरित्रवान और संवेदनशील समाज आवश्यक है।

- कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

समारोह में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल, राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, सुनील पटेल तथा भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी विश्वात्मानंद, स्वामी धनेशानंद, स्वामी अम्बरीशानंद और स्वामी आत्मज्ञानानंद सहित देश-विदेश से आए संन्यासी और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाएं :  केशव प्रसाद मौर्य
रोजगार सृजन से ग्रामीण आजीविका को मिलेगी नई गति, पात्रों तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ : उपमुख्यमंत्री

लखनऊ: 14 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनपद जालौन में ग्राम्य विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने, ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने तथा पात्र लाभार्थियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है। विकास योजनाओं का क्रियान्वयन स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ लोगों की आजीविका भी सुदृढ़ हो सके।
उप मुख्यमंत्री  ने विकसित भारत जी राम जी के अंतर्गत रोजगार सृजन की प्रगति की समीक्षा करते हुए 12 अक्टूबर को आयोजित विशेष रोजगार सृजन दिवस के परिणामों की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप रोजगार सृजन की प्रगति से अवगत कराया। श्री मौर्य ने निर्देश दिए कि श्रमिकों की मांग के अनुरूप उन्हें लगातार रोजगार उपलब्ध कराया जाए और रोजगार सृजन की गति को बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उनकी आजीविका को स्थायी आधार प्रदान करने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाएं।
श्री मौर्य ने ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि कच्चे मार्गों से जुड़े सार्वजनिक स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर पक्के मार्गों से जोड़ा जाए।  ग्राम पंचायतों में कम्युनिटी हॉल के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे ग्रामीणों को सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन तथा स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी जाए।
उप मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि गांव-गांव तक योजना की जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र युवा इसका लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने, विभागीय योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा महिलाओं के लिए आयवर्धक गतिविधियों का विस्तार करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम हैं। इनके जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री आवास योजना -ग्रामीण एवं प्रधानमंत्री आवास योजना -ग्रामीण की समीक्षा करते हुए श्री मौर्य ने निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित परिवारों, विधवा महिलाओं तथा अन्य विशेष श्रेणियों के पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के लाभ से कोई भी पात्र परिवार वंचित नहीं रहना चाहिए। सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता के साथ निर्धारित समयसीमा में सुनिश्चित किया जाए तथा पात्रता के आधार पर लाभार्थियों को लाभान्वित करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
उप मुख्यमंत्री ने टेक होम राशन (टीएचआर) प्लांट के आसपास महिलाओं के लिए लघु एवं कुटीर उद्योगों की संभावनाएं विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से मसाला उद्योग स्थापित करने तथा टीएचआर प्लांट में आपूर्ति की जाने वाली अन्य सामग्रियों से संबंधित स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर महिलाओं के लिए रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर विकसित किए जा सकते हैं। इससे स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला विकास अधिकारी निशांत पाण्डेय सहित समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
केले पकाने वाले 25 केंद्र बिना लाइसेंस संचालित, एफएसडीए की प्रदेशव्यापी जांच में खुली पोल
- 311 राइपनिंग चौंबरों का निरीक्षण, 132 से अधिक प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस
- 15 हजार से अधिक मूल्य के पांच क्विंटल से ज्यादा घटिया केले नष्ट कराए गए

लखनऊ: 14 अक्टूबर, 2026। प्रदेश में फलों को पकाने की प्रक्रिया में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने केले पकाने वाले केंद्रों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाया। प्रदेशभर में कुल 311 राइपनिंग चौंबरों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 25 प्रतिष्ठान बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित होते पाए गए। अधिकारियों ने नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करते हुए 132 से अधिक प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए। वहीं, गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले पांच क्विंटल से अधिक केले नष्ट कराए गए।
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने राइपनिंग चौंबरों में साफ-सफाई, फलों के रखरखाव, इस्तेमाल में लाई जा रही ट्रे की स्वच्छता और विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुपालन की जांच की। इस दौरान कई केंद्रों पर स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। गंदगी, बिना साफ की गई ट्रे और परिसर के रखरखाव में लापरवाही जैसी कमियां सामने आईं। खाद्य पदार्थों को पकाने और भंडारित करने वाले केंद्रों पर स्वच्छता के मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संचालकों को सुधार के निर्देश दिए गए।
- 20 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता की जांच के लिए कुल 20 नमूने एकत्र किए। इन नमूनों की जांच के जरिए खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन का आकलन किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान पांच क्विंटल से अधिक घटिया गुणवत्ता वाले केले नष्ट कराए गए। नष्ट किए गए केलों का मूल्य 15 हजार रुपये से अधिक था।
- बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों पर कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत खाद्य कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों के लिए आवश्यक लाइसेंस या पंजीकरण संबंधी प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। इसके बावजूद निरीक्षण में 25 प्रतिष्ठान बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित होते पाए गए। ऐसे प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त 132 से अधिक प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए, ताकि वे पाई गई कमियों को दूर कर निर्धारित मानकों के अनुरूप कारोबार करें।
- केले पकाने की प्रक्रिया में भी जरूरी है सावधानी
व्यावसायिक स्तर पर केले पकाने के लिए एथिलीन गैस का नियंत्रित परिस्थितियों में इस्तेमाल किया जाता है। इसके विपरीत कैल्शियम कार्बाइड से निकलने वाली एसिटिलीन गैस का इस्तेमाल खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत प्रतिबंधित है। एथेफोन भी पौधों में फल पकाने की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला एक रसायन है, जिसका उपयोग संबंधित नियमों और अनुमतियों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के दौरान इस्तेमाल होने वाले पदार्थों, उपकरणों और परिसर की स्वच्छता का विशेष महत्व है। गलत रसायनों का इस्तेमाल, गंदे उपकरण और अस्वच्छ परिस्थितियां उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। ऐसे में राइपनिंग चौंबरों का नियमित निरीक्षण और निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है।
सपा को माफिया की कब्र पर आंसू बहाने की फिक्र, शिक्षकों के हितों की नहीं : मुख्यमंत्री योगी
- वाराणसी में शिक्षक-स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित महासम्मेलन को सीएम योगी ने भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में किया संबोधित
- मुख्यमंत्री योगी बोले- राज्यसभा चुनाव में कहां चला गया सपा का पीडीए, एक सीट चाचा को दी और दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को
- शिक्षकों की समस्याएं उठाने वाला हो विधान परिषद में प्रतिनिधि, कोई मुद्दा शेष रहा तो उसका भी निकालेंगे समाधान
- सीएम बोले- यूपी की पहचान अब दंगा, कर्फ्यू और माफिया नहीं, काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या और महाकुंभ से होती है

वाराणसी, 14 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी पर शिक्षा, शिक्षकों और युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं, जो माफिया के पिछलग्गू हैं और माफिया के मरने पर उसकी कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं, उनसे शिक्षकों के हितों की उम्मीद कैसे की जा सकती है। सपा सरकार में शिक्षकों के पद खाली रहे, भर्ती आयोगों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ होता था। भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल छात्र का भविष्य नहीं बनाता, बल्कि समाज, राष्ट्र और युग का निर्माण करता है।
मुख्यमंत्री योगी वाराणसी में शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक समाज के सजग प्रहरी हैं। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षक युवाओं को दिशा देता है और युवा राष्ट्र का भविष्य तय करते हैं। शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं का समाधान किया गया है। कोई मुद्दा शेष रह जाएगा तो सरकार उसका भी समाधान निकालेगी।
मुख्यमंत्री योगी ने राज्यसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि दस में आठ सीटें भाजपा और दो सपा को मिलीं। भाजपा ने विभिन्न समाजों को प्रतिनिधित्व दिया, लेकिन पीडीए की बात करने वाली सपा ने एक सीट अपने चाचा रामगोपाल यादव को दे दी और दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को। उन्होंने सवाल किया कि सपा को काशी, गाजीपुर या बलिया का कोई यादव, दलित या मुस्लिम प्रत्याशी क्यों नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने पीडीए को परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी और 'पराया धन अपना' बताते हुए सपा पर कथनी और करनी में अंतर होने का आरोप लगाया।
- सपा पर भरोसा करना मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसा
मुख्यमंत्री योगी ने सपा पर वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस पर विश्वास करना मगरमच्छ से नदी पार कराने की उम्मीद करने जैसा है। मगरमच्छ नदी के बीच में ले जाकर क्या करेगा, यह सभी जानते हैं। उन्होंने सपा नेताओं पर बार-बार रंग बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन्हें देखकर गिरगिट भी खुश होता होगा कि मनुष्य में उसकी जाति का कोई पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि सपा को प्रदेश की नहीं, केवल अपने परिवार की चिंता रही है। समाज में भेदभाव और बंटवारा पैदा करने वाली राजनीति से सावधान रहना चाहिए।
- सैफई सिंडिकेट ने युवाओं के भविष्य से किया खिलवाड़
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में भर्ती आयोगों और बोर्डों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकलती थी। वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 1.60 लाख पद खाली थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नियुक्तियां कीं और सेवानिवृत्ति से रिक्त होने वाले पदों पर भी भर्ती जारी है। प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियां देने का संकल्प है। बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 32 हजार युवाओं का परिणाम घोषित हुआ है।
- शिक्षकों की समस्याएं उठाने वाला हो प्रतिनिधि
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विधान परिषद में ऐसा प्रतिनिधि होना चाहिए, जो शिक्षकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रख सके। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के टीईटी संबंधी निर्णय के बाद पुराने शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी की व्यवस्था करने का उल्लेख किया। कहा कि बेसिक से विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों को पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी इसमें शामिल हैं। वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक के बीमा कवर का भी उन्होंने उल्लेख किया।
- नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे युवा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे, जबकि आज 24 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं। प्रदेश का युवा अब केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला बन रहा है। निजी क्षेत्र में 65 लाख युवाओं को नौकरी मिली है और तीन करोड़ से अधिक लोग रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़े हैं। प्रदेश के 62 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन दिए गए हैं। सरकार ने दो करोड़ युवाओं तक यह सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
- अब यूपी की पहचान दंगा-कर्फ्यू नहीं, धार्मिक पर्यटन
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में त्योहारों से पहले दंगे शुरू हो जाते थे। उत्सव से पहले उपद्रव प्रदेश की पहचान बन गया था। खराब कानून-व्यवस्था के कारण निवेशक नहीं आते थे। आज काशी विश्वनाथ धाम में औसतन एक लाख श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। प्रदेश की पहचान अब दंगा, कर्फ्यू और माफिया नहीं, बल्कि काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम जन्मभूमि, प्रयागराज महाकुंभ और मथुरा-वृंदावन से हो रही है।
- पेंशन खातों के लिए दस हजार करोड़ की व्यवस्था
मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2005 से 2017 तक शिक्षकों और कर्मचारियों की नई पेंशन योजना की राशि जमा नहीं की गई। खाते तक नहीं खोले गए थे। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद 14 लाख कार्मिकों के खाते खुलवाने के लिए दस हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। नई पेंशन योजना में सरकार का अंशदान भी दस से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया।
- शिक्षित मतदाताओं का रुख देगा संकेत : सुरेश खन्ना
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का रुख महत्वपूर्ण संकेत देगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश में हुए बदलावों का उल्लेख किया। अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के जवाब के बाद सपा प्रमुख की ओर से कोई उत्तर नहीं आया।
- कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
सम्मेलन में मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, रवींद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अशोक चौरसिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर गिरि, महापौर अशोक तिवारी, जिला अध्यक्ष राम सकल पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि और अरुण पाठक सहित शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर पर कसा तंज, कहा - सत्ताइस में सपा साफ
*कुर्सी की ख्वाहिश पाले दिल्ली में दरी बिछा रहे हैं, ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर कसा व्यंग्य*

*'इंडी गठबंधन में लोडर बन गए हैं अखिलेश यादव', दिल्ली प्रदर्शन की तस्वीर शेयर कर सपा पर बरसे राजभर*

*दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों से तिरस्कार के सिवा कुछ नहीं मिलेगा, राजभर ने अखिलेश को दी नसीहत*

लखनऊ, 14 अक्टूबर। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर सोशल मीडिया पर तीखा पोस्ट किया है। राजभर ने दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन की एक तस्वीर शेयर करते हुए अखिलेश को 'पिछलग्गू' बताया। उन्होंने लिखा कि विपक्षी गठबंधन में अखिलेश की असली हैसियत उनके दिल्ली वाले दोस्तों ने सबके सामने दिखा दी है। दरअसल, इंडी गठबंधन की भीड़ वाली इस तस्वीर में अखिलेश यादव सबसे पीछे नजर आ रहे है।
ओमप्रकाश राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा,'प्रिय अखिलेश यादव जी, दिल्ली में पिछलग्गू बनके घूमने में मजा आ रहा है कि नहीं?' उन्होंने विपक्षी गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि गठबंधन में अखिलेश की असली हैसियत उनके दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों ने सबके सामने दिखा दी है।
राजभर ने लिखा कि अखिलेश की स्थिति ऐसी लग रही है, जैसे उन्हें बारात वाले ट्रैक्टर में जबरन ठूंस दिया गया हो। उन्होंने आगे तंज कसा कि अखिलेश दूल्हे के दोस्त के ममेरे भाई के नाराज फूफा जैसे दिखाई दे रहे हैं।
*अवतारी भैया जी अब भीड़ में खो जा रहे हैं*
राजभर ने अखिलेश यादव के समर्थकों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि जो समर्थक अखिलेश को 'अवतारी भैया जी' बताते नहीं थकते थे, अब वही देख रहे होंगे कि उनके भैया जी सबके सामने 'लोडर' बनकर भीड़ में खो जा रहे हैं।
राजभर ने अखिलेश की राजनीतिक महत्वाकांक्षा पर तंज कसते हुए लिखा, 'कुर्सी की ख्वाहिश पाले दरी बिछाने में लगे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि गठबंधन की नैया की पतवार राहुल गांधी के हाथ में चली गई है।
*दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे महाराज?*
राजभर ने अखिलेश यादव के दिल्ली दौरे पर सवाल उठाते हुए लिखा कि चुनाव उत्तर प्रदेश में होना है, लेकिन अखिलेश दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं। उन्होंने तंज कसा, 'और जाइए, भाग-भाग के दिल्ली! करा लिये न घनघोर बेइज्जती?' राजभर ने आगे लिखा, 'आप भी गजब करते हैं! चुनाव यूपी में है और आप दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं...! दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे महाराज?'
*दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों से तिरस्कार के सिवा कुछ नहीं मिलेगा*
राजभर ने अखिलेश यादव को आगाह करते हुए लिखा कि दिल्ली के मतलबी दोस्तों से उन्हें तिरस्कार के अलावा कुछ नहीं मिलने वाला। उन्होंने कहा कि जिस तरह अखिलेश दिल्ली की भीड़ में खो गए हैं, उसी तरह इस बार उत्तर प्रदेश में भी विपक्ष की भीड़ में उनका पता नहीं चलेगा।
*सत्ताइस में सपा साफ होने जा रही है*
राजभर ने अपने पोस्ट के अंत में अखिलेश यादव की राजनीतिक गतिविधियों पर निशाना साधते हुए लिखा, आपके आजकल के लच्छनों से तो यही समझ में आ रहा है कि 'सत्ताइस में सपा साफ' होने जा रही है।
मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के तहत अब किसानों को मिलेंगी कृषि उपयोगी मशीनें : जितेंद्र प्रताप सिंह

- मंडी परिषद की प्रस्तावित व्यवस्था में 43 इंच टीवी की जगह मिलेगी चारा काटने की मशीन, अन्य उपहारों में भी किया गया बदलाव

- पावर स्प्रेयर और आठ हॉर्स पावर के पंपिंग सेट को रखा गया बरकरार, उपहारों की उपयोगिता बढ़ाने पर जोर

लखनऊ, 14 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत देने और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के तहत दिए जाने वाले उपहारों में बदलाव किया गया है। इसी के तहत लकी ड्रॉ के माध्यम से किसानों को दिए जाने वाले उपहारों की सूची में संशोधन का किया गया है। प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऐसे उपकरण उपलब्ध कराना है, जिनका इस्तेमाल वे खेती-किसानी और कृषि से जुड़े कार्यों में कर सकें।

    निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के अंतर्गत वर्तमान में दिए जा रहे कुछ उपहारों के स्थान पर कृषि उपयोगी मशीनें और उपकरण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए गठित समिति की बैठक में उपहारों की उपयोगिता और वितरण व्यवस्था पर विचार-विमर्श किया गया। नवीनतम बदलाव के अनुसार 43 इंच के एलईडी टीवी के स्थान पर तीन हॉर्स पावर की चारा काटने वाली मशीन दी जाएगी। इससे किसानों को पशुपालन संबंधी कार्यों में भी मदद मिलेगी।

 इस योजना के तहत वर्तमान में द्वितीय उपहार के रूप में 43 इंच का टीवी दिया जाता है। इसके स्थान पर तीन हॉर्स पावर की चारा काटने की मशीन दी जाएगी। इसकी अनुमानित कीमत 30 हजार रुपये प्रति उपहार है। प्रत्येक संभाग में ऐसे तीन उपहार दिए जाने की व्यवस्था होगी। इससे किसानों को पशुओं के लिए चारा तैयार करने में सुविधा मिलेगी और श्रम की बचत भी होगी।

प्रथम उपहार के रूप में आठ हॉर्स पावर का पंपिंग सेट पहले की तरह ही दिया जाएगा। इसकी अनुमानित कीमत 55 हजार रुपये प्रति उपहार है और प्रत्येक संभाग में दो उपहार दिए जाने का प्रावधान है। वहीं, पावर स्प्रेयर को भी उपहारों की सूची में शामिल रखा गया है। इसके लिए प्रति उपहार अनुमानित कीमत पांच हजार रुपये है।

- उपहारों की श्रेणियों में भी किया गया बदलाव

योजना के अंतर्गत उपहारों की विभिन्न श्रेणियों के लिए निम्नलिखित व्यवस्था की गई है—

- प्रथम उपहार: 35 हॉर्स पावर का ट्रैक्टर

- द्वितीय उपहार: वर्तमान में 900 लीटर क्षमता वाले पावर टिलर (11 किलोवाट) तथा 13.7 एचपी क्षमता के उपकरणों के स्थान पर छोटे ट्रैक्टर (20 हॉर्स पावर से कम) को शामिल किया गया है।

- तृतीय उपहार: पावर टिलर/रीपर जैसे उपकरणों के स्थान पर 100 सीसी क्षमता वाली मोटरसाइकिल को शामिल किया गया है।

- चतुर्थ उपहार: सोलर पावर पैक संयंत्र को उपहार के रूप में शामिल किया गया है।

- समिति की संस्तुति के आधार पर लिया गया निर्णय

 गठित समिति ने उपहार वितरण के दौरान आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर विचार किया है। समिति की संस्तुति के आधार पर प्रथम उपहार के रूप में ट्रैक्टर को यथावत रखते हुए अन्य उपहारों की खरीद एवं वितरण की व्यवस्था में बदलाव करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के छमाही ड्रॉ और बंपर ड्रॉ के अंतर्गत वितरित किए जा रहे उपहारों की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए संशोधित व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।किसानों और कृषि उपज के व्यापारियों को राहत देने के लिए राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की विभिन्न योजनाओं में कृषि उपयोगी संसाधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। परिषद के दस्तावेज में किसानों को निःशुल्क प्लास्टिक कैरेट और व्यापारियों को प्लास्टिक शीट वितरित करने की योजना है। इसके साथ ही कृषि शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और मंडी परिसर में दुर्घटना या अग्निकांड की स्थिति में आर्थिक सहायता देने की भी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि संस्थान तथा कृषि महाविद्यालय से स्नातक करने वाले छात्रों की छात्रवृत्ति रुपए 3000 से बढ़ाकर रूपये 5000 की गयी है।

- किसानों को मिलेंगे निःशुल्क प्लास्टिक कैरेट

मंडी परिषद की योजना के तहत किसानों को कृषि उपज की तुड़ाई और परिवहन के दौरान उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्लास्टिक कैरेट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सब्जियों और फलों की तुड़ाई के समय से ही कैरेट का इस्तेमाल करने वाले किसानों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था है। मंडी समितिवार किसानों की संख्या के आधार पर कैरेट वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 'क' श्रेणी की मंडियों में 500 किसानों को चार-चार कैरेट देने का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल 2,000 कैरेट वितरित किए जाने हैं। 'ख' श्रेणी की मंडियों में 250 किसानों को चार-चार कैरेट यानी कुल 1,000, 'ग' श्रेणी की मंडियों में 200 किसानों को कुल 800 और 'घ' श्रेणी की मंडियों में 150 किसानों को कुल 600 कैरेट देने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह इन चार श्रेणियों के लिए कुल 4,400 प्लास्टिक कैरेट का वितरण प्रस्तावित है।

परिषद की इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों, व्यापारियों और कृषि शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को अलग-अलग स्तर पर सहयोग देना है। प्लास्टिक कैरेट और शीट वितरण से जहां कृषि उपज के रखरखाव में सहूलियत मिल सकती है, वहीं छात्रवृत्ति और दुर्घटना सहायता जैसी योजनाएं लाभार्थियों को आर्थिक संबल प्रदान कर सकती हैं। योजनाओं का लाभ लेने के लिए संबंधित मंडी समिति से पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

बाढ़ प्रभावित सैंथा क्षेत्र में राहत कार्यों का जायजा लेने पहुंचे नगर विकास मंत्री, नागरिकों से किया संवाद

- इस चुनौतीपूर्ण समय में हम जनता के साथ खड़े हैं : एके शर्मा

- जलभराव के बाद स्वच्छता, दवा छिड़काव और बीमारियों की रोकथाम पर विशेष जोर

- ड्रोन तकनीक से दवा छिड़काव का निरीक्षण कर अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी इसके उपयोग के दिए निर्देश

- बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री वितरित की, सफाईकर्मियों का बढ़ाया उत्साह

लखनऊ,14 अक्टूबर 2026। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बाढ़ राहत कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से आज लखनऊ की मलिहाबाद विधानसभा के अंतर्गत सैंथा ग्रामीण क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का पुनः स्थलीय निरीक्षण किया। नगर निगम के नवविस्तारित क्षेत्र में शामिल सैंथा में उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों, साफ-सफाई तथा प्रभावित नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि जैसे-जैसे बाढ़ का पानी उतर रहा है, वैसे-वैसे मक्खी-मच्छरों के प्रकोप तथा प्रदूषित जल और वायु से मनुष्यों एवं पशुओं में बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, दवा छिड़काव और जलनिकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बीमारियों की रोकथाम हो सके।निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री शर्मा ने ड्रोन तकनीक से किए जा रहे दवा छिड़काव का जायजा लिया और अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी आवश्यकता के अनुसार इस तकनीक से दवा छिड़काव कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कार्यों में पूरी तत्परता बरतने को कहा।

मंत्री श्री शर्मा ने बाढ़ राहत शिविर एवं राहत चिकित्सा शिविर का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और आवश्यक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने पानी निकल चुके क्षेत्रों में साफ-सफाई का जायजा लिया और सफाईकर्मियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाकर सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। उन्होंने निर्देशित किया के नगर निगम के अधिकारी, सफाईकर्मी और अन्य संबंधित कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाएं।

इस दौरान मंत्री श्री शर्मा ने बाढ़ प्रभावित नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत सामग्री एवं आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जाएं तथा चिकित्सा, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।स्थानीय निवासियों ने बताया कि लखनऊ नगर निगम एवं प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों, नागरिकों और पशुओं तक राहत एवं बचाव कार्य पहुंचाने तथा साफ-सफाई के लिए सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं।

मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में सरकार और प्रशासन जनता के साथ खड़े हैं। बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाना और जनजीवन सामान्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। इस अवसर पर नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री योगी ने सुशासन से यूपी के विकास को दी नई गति : रामनाथ कोविन्द

- लोकभवन में अपनी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह में पूर्व राष्ट्रपति ने अतिथियों का जताया आभार

 - मोदी-योगी सरकार ने करोड़ों गरीबों को पक्की छत के साथ दी गरिमा, टपकती छत के नीचे बीता था मेरा बचपन : पूर्व राष्ट्रपति

- यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मुख्यमंत्री योगी के संकल्प को सराहा

 लखनऊ, 14 अक्टूबर 2026। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों और सुशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को नई ऊर्जा दी है। उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के प्रयासों को अभूतपूर्व गति मिली है। एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और मेट्रो जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से आवागमन सुगम हुआ है। सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से गरीब परिवारों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मुख्यमंत्री योगी के संकल्प की भी प्रशंसा की।

पूर्व राष्ट्रपति बुधवार को लोकभवन सभागार में अपनी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने समारोह में उपस्थित अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह उनके लिए भावनात्मक अवसर है। इससे पहले अनेक मंचों से लोगों को संबोधित किया, लेकिन आज चर्चा का विषय उनका अपना जीवन है। इसी प्रदेश में जन्मे, यहीं की मिट्टी में पले-बढ़े और शिक्षा प्राप्त की। उत्तर प्रदेश ही उनकी कर्मभूमि भी बना।

- भाजपा में राष्ट्र सर्वोपरि, राजनीति का उद्देश्य राष्ट्रसेवा

पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि राजनीति के लिए भाजपा को चुनने का प्रमुख कारण पार्टी में राष्ट्र सर्वोपरि की भावना है। यहां जातिवाद, क्षेत्रवाद और वंशवाद से ऊपर उठकर समावेशी विकास पर बल दिया जाता है। इसी पार्टी में साधारण शिक्षक का पुत्र अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री, कल्याण सिंह मुख्यमंत्री, गरीब परिवार में जन्मे योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं। समाज के कमजोर वर्ग से आने वाला व्यक्ति भी राष्ट्रपति बन सकता है। यही भारतीय गणतंत्र की सच्ची विजयगाथा है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने उनके जीवन पर गहरी छाप छोड़ी। उनसे राजनीति को सत्ता प्राप्त करने के बजाय राष्ट्रसेवा का माध्यम मानने की प्रेरणा मिली।

- टपकती छत के नीचे बीता बचपन, आज गरीबों को मिल रहे पक्के घर

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि कानपुर देहात के छोटे से गांव में उनका साधारण घर था। बरसात में छत टपकती थी। वर्ष 2017 में राष्ट्रपति चुने जाने पर वे स्मृतियां फिर ताजा हो गई थीं। तब उन्होंने कहा था कि देश के किसी गांव में आज भी कोई छोटा-सा रामनाथ टपकती छत के नीचे खड़ा होकर बेहतर भविष्य के सपने देख रहा होगा। आज मोदी और योगी सरकार ने करोड़ों गरीबों को पक्के मकान के साथ गरिमा और सुरक्षा का एहसास कराया है। उन्होंने कहा कि उनके पिता शिक्षा को जीवन बदलने का माध्यम मानते थे। जमीन दान करने के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया। गांव से मिले भाईचारे, संवेदना और बड़ों के सम्मान के संस्कार जीवनभर उनके साथ रहे।

- यूपी से राष्ट्रपति बनना करोड़ों लोगों के सपनों का सम्मान

पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने देश को कई प्रधानमंत्री दिए, लेकिन यहां जन्मे किसी व्यक्ति को राष्ट्रपति बनने का अवसर पहली बार मिला। इसे वह अपनी उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश के करोड़ों लोगों के सपनों और आकांक्षाओं का सम्मान मानते हैं। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन ने दुनिया को भारत की आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता की शक्ति दिखाई। उन्होंने बताया कि उनकी आत्मकथा आने वाले दिनों में देश की सभी क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित की जाएगी।