सीजेपी के सौरव दास और आशुतोष रांका 5 दिन की न्यायिक हिरासत में, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पड़ा भारी

#cjpleaderssauravdasashutoshrankajudicialcustodyjantarmantarprotest

जंतर-मंतर पर जबरन घुसकर प्रदर्शन के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को बड़ा झटका लगा है। सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है। स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने आज यानी बुधवार को सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। वहीं, तीसरे नेता अजिंक्य शिंदे को मजिस्ट्रेट ने जमानत दे दी।

सीजेपी नेताओं पर क्या है आरोप?

आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य जंतर-मंतर से मंगलवार को गिरफ्तार हुए थे। इन्हें जंतर-मंतर क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने के आरोप में आज यानी बुधवार को एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। सीजेपी के तीनों नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने बैरिकेड तोड़कर उस इलाके में प्रवेश किया, जिसे हाल ही में निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया गया था। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए थे।

सीजेपी के वकील का गंभीर आरोप

दूसरी तरफ, सीजेपी नेताओं का पक्ष रखते हुए उनके वकील अभिष्ट हेले ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने केवल इस बेबुनियाद आशंका के आधार पर नेताओं को हिरासत में भिजवाया कि वे कोई अपराध कर सकते हैं। वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अदालत के समक्ष यह सरासर झूठ बोला कि तीनों नेताओं ने आम जनता से उस स्थान पर जुटने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि सीजेपी नेताओं ने न तो ऐसी कोई अपील की थी और न ही किसी भी तरह से बेल बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया है।

पहले भी हिरासत में लिए गए थे दास और रांका

सौरव दास और आशुतोष रांका को शनिवार को दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान भी हिरासत में लिया गया था। उस समय दोनों ने एक साल तक शांति बनाए रखने का बांड भरा था। इसके बावजूद मंगलवार को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में उन्हें फिर हिरासत में लिया गया।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति

बता दें कि जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को विरोध प्रदर्शन और सभाओं के लिए निर्धारित स्थान घोषित किया था। इस आदेश के तहत जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े इस विवाद के बीच नेताओं की हिरासत ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।

*नेमरा में सीएम हेमंत सोरेन से मिले मंत्री, सांसद और विधायक, स्व. रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि, सीएम ने दशकर्म की तैयारियों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज उनके पैतृक आवास पर झारखंड के मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद, चतरा सांसद श्री काली चरण सिंह, विधायक श्री डॉ. कुशवाहा शशि भूषण मेहता, विधायक श्री नागेंद्र महतो, विधायक श्री सुदीप गुड़िया, बिहार के दरभंगा के एम.एल.सी श्री सुनील चौधरी, पूर्व मंत्री श्री सत्यानंद भोक्ता, पूर्व राज्यसभा

सांसद श्री दीपक प्रकाश, पूर्व सांसद श्री रविंद्र कुमार राय, पूर्व विधायक श्री देवेन्द्र कुमार सिंह उर्फ बिट्टू सिंह एवं श्री जानकी यादव, श्री दिनेशानंद गोस्वामी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति व आगंतुकों ने मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। साथ ही मुख्यमंत्री की पूजनीय माता स्व. रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्पांजलि कर श्रद्धसुमन अर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण कर तैयारियों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने निरीक्षण कर अपनी पूजनीय माता स्व. रूपी सोरेन के दशकर्म एवं संस्कार भोज की चल रही तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने लगाये जा रहे पंडाल, पार्किंग, बैरिकेडिंग सहित अन्य सुविधाओं की वस्तुस्थिति से अवगत हुए।

माता के श्राद्धकर्म के बीच जनसेवा में जुटे सीएम हेमंत सोरेन, नेमरा में सुनी लोगों की समस्याएं, दशकर्म की तैयारियों की समीक्षा की

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, दिशोम गुरू एवं पद्मभूषण स्मृति-शेष शिबू सोरेन की धर्मपत्नी तथा मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की पूजनीय माताजी स्व. रूपी सोरेन का श्राद्धकर्म उनके पैतृक गांव नेमरा में चल रहा है ।मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जहां पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुरूप श्राद्धकर्म एवं पारिवारिक अनुष्ठान पूर्ण कर रहे हैं वहीं व्यक्तिगत रूप से जनसरोकार से भी जुड़े हैं एवं सरकारी कार्यों का निष्पादन भी करने में भी जुटे हैं।

मुख्यमंत्री आमलोगों की समस्याएं भी सुन रहे हैं। मुख्यमंत्री से मिलने व अपनी व्यक्तिगत एवं क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर नेमरा में आज अलग-अलग बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। आमलोगों ने मुख्यमंत्री से मिलकर उनके समक्ष अपनी समस्याएं रखी। साथ ही समस्याओं से संबंधित लिखित आवेदन भी दिए। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता पूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

आज गिरीडीह के केश्वरी गांव निवासी माधो पासवान अपनी दृष्टि दिव्यांग पुत्री कालो कुमारी के साथ पहुंचे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग रखी। वहीं रांची जिले के सिल्ली हाकेदाग के विश्राम बेदिया ने बीमार पत्नी एतवारी देवी का समुचित इलाज कराने संबंधी बातों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। रामगढ़ जिले के ही हेठबरगा निवासी राज बेदिया रोजगार उपलब्ध कराने एवं शारीरीक दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने, ग्राम सॉंकी निवासी युवक ने अपने भाई अनू कुमार बेदिया की मृत्यु के बाद मुआवजा भुगतान का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया। इसी तरह से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से लोग नेमरा पहुंचकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखी, जिसका जांचोपरांत आवश्यक समाधान का निर्देश दिया गया।

नेमरा में शोक और संवेदना का माहौल

मुख्यमंत्री के पूजनीय माता के निधन से नेमरा गांव में शोक और संवेदना का माहौल है। दिवंगत स्व. रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के आम से लेकर खास लोग पहुंच रहे हैं। लोग उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं उनकी धर्म पत्नी श्रीमती कल्पना सोरेन से मिलकर उनके प्रति संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सभी लोगों से आत्मीयता के साथ मुलाकात कर रहे हैं।

अधिकारियों के साथ की बैठक मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज नेमरा स्थित अपने पैतृक आवास में पुलिस पदाधिकारी व प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अपनी पूजनीय माता स्व० रूपी सोरेन के श्राद्ध (दशकर्म) तथा संस्कार भोज कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दशकर्म तथा संस्कार भोज में हजारों-हजार लोगों के आगमण की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारी की जाए। आगंतुकों की सुरक्षा, उनके वाहनों की पार्किंग, यातायात व्यवस्था से लेकर अन्य सभी आवश्यक सुविधाओं से संबंधित तैयारी किए जाने से किसी को कोई असुविधा नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने रामगढ़ के गोला चौक पर एक छोटा गोलंबर की तरह सर्किल बनाने का निर्देश दिया, ताकि चारों तरफ से आने वाली वाहनों को घूमने में सहुलियत हो, यातायात व्यवस्था में व्यवधान नहीं हो और यहां की सड़क दुर्घटनाओं को समाप्त किया जा सके।

राहुल गांधी पहले खुद और अपनी पार्टी के सांसद-विधायकों से इस्तीफा मांगें, फिर CEC ज्ञानेश कुमार से इस्तीफ़ा माँगे: अशोक बड़ाईक

भाजपा झारखंड के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि राहुल गांधी का दावा है कि देश के सभी चुनावों में वोट चोरी हुई है, तो उन्हें पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि झारखंड, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, केरल और कर्नाटक में कांग्रेस की जीत क्या वोट चोरी से हुई है?

अशोक बड़ाईक ने कहा कि अगर राहुल गांधी अपने आरोपों को लेकर इतने ही गंभीर हैं, तो सबसे पहले अपनी लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देने का नैतिक साहस दिखाएं। साथ ही, जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां के कांग्रेस विधायकों से भी इस्तीफे की मांग करें।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपनी पार्टी की जवाबदेही तय करनी चाहिए। कांग्रेस की जीत हो तो सब सही और दूसरी पार्टी की जीत हो तो वोट चोरी का आरोप, यह दोहरा रवैया नहीं चलेगा।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि राहुल गांधी पहले अपने आरोपों के प्रमाण देश के सामने रखें और अपनी पार्टी के भीतर जवाबदेही सुनिश्चित करें। उसके बाद ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करें।

लोकतंत्र में आरोप लगाने से नहीं, बल्कि तथ्यों और प्रमाणों से बात साबित होती है। राहुल गांधी को जनता को बताना चाहिए कि वे चुनाव व्यवस्था में सुधार चाहते हैं या सिर्फ राजनीतिक आरोपों के जरिए सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं।

*मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पश्चिमी सिंहभूम में SIR कार्यों की समीक्षा की, हेल्पडेस्क का किया निरीक्षण, प्रचार वाहन को दिखाई हरी झंडी

सरायकेला/चाईबासा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड श्री के. रवि कुमार ने पश्चिमी सिंहभूम जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत संचालित कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रहे कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने हेल्पडेस्क का निरीक्षण कर मतदाताओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं जानकारी की व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही, एसआईआर के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इससे पूर्व, सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित अर्का जैन विश्वविद्यालय में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने ELC FEST 2026 के जिला स्तरीय ग्रैंड फिनाले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा लोकतंत्र की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि वे स्वयं मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूक रहें और अपने आसपास के पात्र नागरिकों को भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें।

श्री के रवि कुमार ने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आगे आएं। युवाओं की सहभागिता से मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और पात्र नागरिकों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

चाईबासा में एसआईआर कार्यों की समीक्षा के दौरान श्री के रवि कुमार ने कहा कि मतदाता बनने के लिए तीन प्रमुख अर्हताएं हैं—18 वर्ष की आयु पूर्ण करना, पात्र भारतीय नागरिक होना तथा संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र का सामान्य निवासी होना। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर के तहत सुनवाई की प्रक्रिया इन्हीं निर्धारित अर्हताओं के आधार पर की जा रही है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुनवाई की प्रक्रिया निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न की जाए, साथ ही हेल्पडेस्क, ELC कार्यक्रम एवं वृहत प्रचार प्रसार के माध्यम से मतदाताओं को आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराई जाए जिससे कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से छुटे नहीं कोई भी अपात्र अथवा विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।

ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल बनाए जाने पर झारखंड भाजपा ने दी बधाई

पलामू के पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर झारखंड भाजपा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। प्रदेश के सभी नेताओं ने उनकी नियुक्ति पर हर्ष जताते हुए उनके सफल एवं मंगलमय कार्यकाल की कामना की।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने बधाई देते हुए कहा कि ब्रज मोहन राम को ओडिशा जैसे महत्वपूर्ण राज्य का राज्यपाल नियुक्त किया जाना झारखंड के लिए गौरव का विषय है। उनके लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभव, कुशल मार्गदर्शन और जनसेवा के प्रति समर्पण से महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की पावन भूमि ओडिशा को नई दिशा एवं गति मिलेगी।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बधाई देते हुए कहा कि ब्रज मोहन राम अपने अनुभव और मार्गदर्शन से ओडिशा में संवैधानिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की पावन भूमि ओडिशा में उनका कार्यकाल जनकल्याण एवं राज्य के विकास के लिए सार्थक हो, ऐसी मंगलकामना है।

इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चम्पाई सोरेन, मधु कोड़ा, राष्ट्रीय मंत्री डॉ प्रदीप कुमार वर्मा, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी एवं संजय सेठ, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, रवींद्र कुमार राय, दिनेशानंद गोस्वामी एवं यदुनाथ पाण्डेय, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानु प्रताप शाही, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू, गीता कोड़ा, महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी, मनोज सिंह, सीपी सिंह, नवीन जयसवाल, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेंद्र सिंह, सरोज सिंह, सुनीता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव, शालिनी बैसिखियार, दीपक बंका, कार्यालय मंत्री हेमन्त दास, सूरज चौरसिया, प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव, सोशल मीडिया प्रभारी राहुल अवस्थी, सीमा सिंह, मनोज महतो वाजपेयी, शशांक राज, सन्नी टोप्पो, अर्जुन सिंह, रंजय भारती, ताजदार आलम, अमित मंडल, रणधीर सिंह, अभय सिंह,अजय शाह , मृतुन्जय शर्मा, शोभा यादव, संदीप वर्मा, अशोक बड़ाईक, के के गुप्ता, अजय राय, सतीश सिन्हा, तारिक इमरान, नीरज सिंह, सूरज शाहदेव सहित अन्य नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भी बधाई देते हुए उनके उज्जवल एवं सफल कार्यकाल की मंगलकामना की है।

*नशामुक्त झारखंड के लिए रोकथाम को जनआंदोलन बनाना होगा: सचिव उमाशंकर सिंह, एमडीआई में राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित*

रांची:- श्री उमाशंकर सिंह , सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग सह महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने कहा कि नशे की चुनौती केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि युवाओं, परिवारों और समाज के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। हमारी सफलता गतिविधियों की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से मापी जानी चाहिए कि हम कितने लोगों को नशे से बचा सके और उनके जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव ला सके।" उन्होंने कहा कि नशा रोकथाम को पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, समुदायों और विभिन्न विभागों की साझा जिम्मेदारी बनाना होगा, ताकि इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके”।वे मंगलवार को एमडीआई बिल्डिंग प्रोजेक्ट भवन में आयोजित एक कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे । उन्होंने नशा मुक्ति को केवल जागरूकता तक सीमित न रखकर रोकथाम, व्यवहार परिवर्तन और सामुदायिक नेतृत्व आधारित जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मंगलवार को एमडीआई बिल्डिंग प्रोजेक्ट भवन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार झारखंड सरकार द्वारा नशीले पदार्थों की मांग में कमी (Drug Demand Reduction) एवं रोकथाम आधारित रणनीतियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला “Reimagining Prevention and Drug Demand Reduction in India” का आयोजन किया गया था ।

निदेशक, सामाजिक कल्याण श्रीमती किरण कुमारी पासी ने कहा कि नशे की रोकथाम में परिवार और समुदाय की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। समय पर सही जानकारी, उचित मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराकर हजारों युवाओं को नशे की चपेट में आने से बचाया जा सकता है। "नशे के खिलाफ लड़ाई की सबसे बड़ी ताकत हमारा समाज, परिवार और समुदाय हैं। यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, सहिया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और युवा संगठनों को नशा रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, परामर्श एवं सामुदायिक जागरूकता के प्रमुख साझेदार के रूप में सशक्त बनाने पर बल दिया । उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, सहिया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और युवा संगठनों को नशा रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, परामर्श एवं सामुदायिक जागरूकता के प्रमुख साझेदार के रूप में सशक्त बनाने पर बल दिया।

कार्यशाला में विभिन्न विभागों, development partners, एवं विशेषज्ञों ने साक्ष्य आधारित, result oriented और समुदाय केंद्रित नशा रोकथाम मॉडल पर चर्चा की। जिला, प्रखंड और ग्राम स्तर पर समन्वित कार्ययोजना विकसित करने तथा रोकथाम, परामर्श, उपचार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्समेकन को एकीकृत रूप से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

कार्यशाला में पंचायती राज, नगर विकास, गृह विभाग के नारकोटिक्स प्रकोष्ठ, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, आई.सी.पीएस तथा जे.एस.एल.पी.एस सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने विचार साझा किए। सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति के लिए सामाजिक समावेशन एवं विभागीय convergence को आवश्यक बताते हुए नशा मुक्त हेल्पलाइन 14446 तथा उपलब्ध परामर्श, उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया ।

कार्यशाला के अंत में झारखंड में नशीले पदार्थों की मांग में कमी लाने हेतु राज्य की प्रतिबद्धता के तहत एक कार्ययोजना तैयार की गई, जिसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को प्रेषित किया जाएगा।

रंका सीएचसी में एक्स-रे केंद्र का उद्घाटन, अब स्थानीय स्तर पर होगी जांच-डॉ.असजद अंसारी

गढ़वा :- रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दशहरा के पावन अवसर पर एक्स-रे केंद्र का उद्घाटन किया गया। चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. असजद अंसारी ने फीता काटकर केंद्र का शुभारंभ किया। इस सुविधा के शुरू होने से रंका सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी राहत मिलेगी। अब मरीजों को एक्स-रे जांच के लिए गढ़वा सदर अस्पताल या दूर स्थित निजी जांच केंद्रों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों का समय और आने-जाने का खर्च भी बचेगा।

उद्घाटन के अवसर पर डॉ. असजद अंसारी ने कहा कि उनका उद्देश्य रंका अनुमंडल के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को जांच और इलाज के लिए अनावश्यक रूप से दूर नहीं जाना पड़े, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य से रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्स-रे मशीन की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए अस्पताल में जल्द ही अल्ट्रासाउंड और ब्लड बैंक जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इन सुविधाओं के शुरू होने से क्षेत्र के मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी और उन्हें छोटी-बड़ी जांच के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

एक्स-रे केंद्र की शुरुआत को रंका क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषकर ग्रामीण इलाकों के मरीजों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा मिलने से समय पर बीमारी की पहचान और उपचार में भी मदद मिलेगी।

उद्घाटन समारोह में डॉ. सोनल सागर, डॉ. सोनम प्रिया, डॉ. सुष्मिता सिंह, डॉ. हर्षिता सिंह, प्रधान सहायक ललन सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभी स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।

*सीएम हेमंत सोरेन ने माता स्व. रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म की निभाई पारंपरिक रस्में, दातून-पानी और भोजन परोस कर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपनी पूजनीय दिवंगत माता स्व. रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के तहत पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित अपने पैतृक आवास पर अपनी पूजनीय माता स्व. रूपी सोरेन की स्मृति में उन्हें दातून, पानी और भोजन परोसने की पारंपरिक रस्म निभाई।

उन्होंने अपने स्थानीय पारिवारिक, सामाजिक परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुरूप अपने परिवारजनों के साथ यह रस्म निभाई। साथ ही माता स्व. रूपी सोरेन के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धा व सम्मानपूर्वक याद किया।

सुप्रीम कोर्ट से राहुल गांधी को बड़ी राहत, निचली अदालत की कार्यवाही पर लगाई रोक, जानें पूरा मामला

#rahulgandhisupremecourtreliefcriminaldefamationcasepmmodiremarks

राहुल गांधी चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं। इस बीच उन्हें सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ट्रायल पर रोक लगा दी है। ये मामला महाराष्ट्र की एक ट्रायल कोर्ट से जुड़ा है।

यह मामला राहुल गांधी के उस कथित बयान से जुड़ा है जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के लिए कथित अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी को लेकर बीजेपी के एक कार्यकर्ता ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मामला निचली अदालत तक पहुंचा और राहुल गांधी को समन जारी किया गया। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ट्रायल कोर्ट में आगे की कार्यवाही फिलहाल नहीं होगी। हालांकि यह राहत अभी अंतरिम है। मामले में अंतिम फैसला आना बाकी है।

चार सप्ताह में मांगा जवाब

मंगलवार को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने इस मामले में महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता महेश श्रीश्रीमल को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा। राहुल ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 8 सितंबर के आदेश को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए मानहानि केस रद्द करने से इनकार कर दिया था।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज की थी याचिका

राहुल गांधी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आठ सितंबर 2026 के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने राहुल गांधी को 2019 में जारी समन रद्द करने से इनकार कर दिया था। यह समन मुंबई की गिरगांव मजिस्ट्रेट अदालत ने 28 अगस्त 2019 को शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जारी किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट को शिकायत पर सुनवाई छह सप्ताह तक टालने का अपना 2021 का आदेश जारी रखने को कहा था, जिससे राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट जा सकें।

पीएम मोदी पर लगाया था आरोप

याचिका श्रीमाल नाम के एक शख्स ने लगाई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने 20 सितंबर 2018 को राजस्थान में एक सार्वजनिक भाषण में पीएम मोदी की बदनामी की थी। दावा किया गया था कि राहुल गांधी के बयानों का मतलब बीजेपी के सभी सदस्यों और पीएम मोदी से जुड़े भारतीय नागरिकों पर सीधे आरोप लगाना था।