दिल्ली : जंतर-मंतर पर अब नहीं हो सकेंगे धरना- प्रदर्शन, जाने क्यों ?

- अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान में होंगे धरना-प्रदर्शन; दिल्ली पुलिस अलग से जारी करेगी नई SOP

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में धरना-प्रदर्शन और विरोध सभाओं के लिए निर्धारित स्थलों में बदलाव किया गया है। सरकार के नए फैसले के तहत जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने की अधिसूचना जारी की गई है। इसके स्थान पर अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली स्थित सीबीडी मैदान को प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। इस बदलाव के बाद विरोध कार्यक्रमों के आयोजन के लिए इन तीनों स्थलों की व्यवस्था लागू होगी।

- गृह मंत्रालय ने गठित की थी समिति
नागरिकों के विरोध प्रदर्शन और धरना देने के अधिकार को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थानों की पहचान करने के उद्देश्य से एक समिति का गठन किया था। समिति को ऐसे उपयुक्त स्थलों की तलाश करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जहां सार्वजनिक विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें। समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रदर्शन स्थलों में बदलाव का निर्णय लिया गया।

- तीन स्थानों पर होंगे विरोध कार्यक्रम
समिति की सिफारिशों के बाद जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल घोषित करने वाली अधिसूचना निरस्त कर दी गई है। इसके बदले रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को नए निर्धारित स्थलों के रूप में शामिल किया गया है। अब धरना, सभा और अन्य विरोध कार्यक्रमों के आयोजन के लिए इन स्थानों का उपयोग किया जाएगा।

- दिल्ली पुलिस जारी करेगी नई SOP
इन तीनों स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और संबंधित नियमों को स्पष्ट करने के लिए दिल्ली पुलिस विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अलग से जारी करेगी। इसमें प्रदर्शन की अनुमति, आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं और अन्य जरूरी दिशा-निर्देशों का विवरण दिया जाएगा। यह आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी स्थायी आदेश संख्या L&O/48/22 में आंशिक संशोधन के तहत जारी किया गया है। नई SOP जारी होने के बाद प्रदर्शन आयोजकों को निर्धारित प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित करने होंगे।
महिला सुरक्षा पर बोलने का सपा को नैतिक अधिकार नहीं; बीजेपी का अखिलेश पर निशाना
- 'जनता 2027 में अखिलेश को फिर सबक सिखाएगी’, डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने सपा पर बोला हमला'
- 'मीठा-मीठा गप, कड़वा-कड़वा थू', चुनाव आयोग पर अखिलेश के सवालों का भाजपा ने दिया करारा जवाब
- 'हारने पर ही EVM और चुनाव आयोग पर उठाते हैं सवाल', भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी का अखिलेश पर पलटवार
- 'लोहिया के आदर्शों से कोई तालमेल नहीं', राजेश चौधरी ने अखिलेश की राजनीति पर उठाए सवाल
- 'PDA के नाम पर समाज को बांट रही सपा', भाजपा विधायक राजेश चौधरी का आरोप

लखनऊ, 12 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी और भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी ने कहा कि महिलाओं के सम्मान का ढोंग करने वाले अखिलेश यादव की असलियत पूरे प्रदेश को पता है। उनका पीडीए महज एक छलावा है और 2027 में यूपी की जनता उन्हें फिर से सबक सिखाएगी।
महिला पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि महिला पत्रकारों का सम्मान होना चाहिए। हर महिला का सम्मान होना चाहिए। हमारी पार्टी (भाजपा) ने महिलाओं का हमेशा सम्मान किया है। मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपना दौर भूल गई है जब महिलाओं के साथ खुलेआम दरिंदगी होती थी। हर दिन प्रदेश में दंगा होता था। यूपी की जनता तीसरी बार अखिलेश यादव को सबक सिखाएगी।
*'महिला सुरक्षा पर बोलने का सपा को नैतिक अधिकार नहीं'*
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को महिला सुरक्षा पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ दुर्व्यवहार करने वालों को संरक्षण दिया जाता रहा। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज अखिलेश पत्रकारों के सम्मान की बात कर रहे हैं, जबकि अपनी हर प्रेस कॉन्फ्रेंस में वो पत्रकारों को अपमानित करते हैं।
*चुनाव आयोग पर अखिलेश के सवालों पर पलटवार*
चुनाव आयोग और EVM को लेकर अखिलेश यादव के सवालों पर राकेश त्रिपाठी ने सपा पर सुविधानुसार राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब सपा को चुनाव में अच्छे परिणाम मिलते हैं, तब उसे चुनाव आयोग से शिकायत नहीं होती, लेकिन नतीजे प्रतिकूल होने पर आयोग और EVM पर सवाल उठाए जाते हैं। त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता का दिल जीतना जरूरी है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग पर आरोप लगाना और EVM को दोष देना लोकतंत्र को मजबूत करने के बजाय कमजोर करने का प्रयास है।
*केवल लोहिया का नाम लेने के बजाय उनके आदर्शों पर चलें*
राकेश त्रिपाठी ने कहा कि लोहिया रामायण मेलों की बात करते थे, जबकि सपा नेताओं पर रामचरितमानस को फाड़ने और जलाने के आरोप लगे। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि लोहिया परिवारवाद की राजनीति के विरोधी थे, जबकि समाजवादी पार्टी आज परिवारवाद को समर्पित हो गई है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को केवल लोहिया का नाम लेने के बजाय उनके बताए आदर्शों पर चलकर दिखाना चाहिए।
*अखिलेश और लोहिया के आदर्शों में कोई तालमेल नहीं*
भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव और डॉ. राममनोहर लोहिया के आदर्शों में कोई तालमेल नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव लोहिया के नाम का दुरुपयोग करते हैं। चौधरी ने कहा कि लोहिया सद्भावना और सामूहिकता की बात करते थे, जबकि अखिलेश यादव की राजनीति समाज को जातियों में विभाजित करने वाली है। उन्होंने PDA के नारे को विभाजन का नारा बताते हुए आरोप लगाया कि सपा प्रमुख एक धर्म और एक जाति विशेष को ध्यान में रखकर राजनीति करते हैं और अपने राजनीतिक हितों के लिए दूसरे समाजों में भी विघटन और विद्रोह पैदा करना चाहते हैं।
ललकारकर भागने वाले को भगोड़ा कहते हैं, ओपी राजभर ने अखिलेश पर बोला तीखा हमला
*अयोध्या से चुनाव लड़ने की सीएम योगी की चुनौती पर राजभर ने अखिलेश को घेरा*
*अयोध्या और जहूराबाद आपको पुकार रहा है', ओपी राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना, बोले-उम्मीद है भगोड़े साबित नहीं होंगे*
*2027 में अखिलेश का बड़बोलापन और अहंकार मटियामेट हो जाएगा: ओपी राजभर*

लखनऊ, 12 अक्टूबर। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर राजभर ने सपा सुप्रीमो पर निशाना साधते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि ललकार कर भागने वाले को ‘भगोड़ा’ बोलते हैं!” उन्होंने कहा कि उम्मीद है अखिलेश भगोड़े साबित नहीं होंगे।
*‘जिस मुद्दे पर बोलना होता है, उस पर क्यों नहीं बोलते?’*
राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि जिन मुद्दों पर बोलना चाहिए, उन पर आप चुप क्यों रहते हैं? उन्होंने कहा, “क्यों बढ़-चढ़कर और बड़ी-बड़ी करते हैं महाराज? जिस मुद्दे पर बोलना होता है, उस पर क्यों नहीं कुछ बोलते?” राजभर ने सपा प्रमुख से कांग्रेस नेताओं से जुड़े विवाद पर खुलकर अपना पक्ष रखने की चुनौती दी।
कैबिनेट मंत्री ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, महिला नेता और इमरान मसूद से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए अखिलेश से पूछा कि इमरान मसूद के गिरेबान पर हाथ लगाना सही था या नहीं। उन्होंने कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के हाथ जोड़कर माफी मांगने के मामले पर भी सवाल उठाया। राजभर ने लिखा कि अखिलेश को यह भी बताना चाहिए कि कांग्रेस नेताओं की कथित गाली-गलौज उचित थी या नहीं।
*‘2027 में बड़बोलापन और अहंकार मटियामेट होगा’*
राजभर ने अपने पोस्ट में 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख और उनके सहयोगियों पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “खैर, आ रहा है 2027, इस बार आपका और आपके दोस्तों का बड़बोलापन और अहंकार दोनों मटियामेट हो जाएगा।” उन्होंने कहा, “यूपी का स्वाभिमान जीतेगा, 27 यूपी जीतेगा।”
पंजीकरण धनराशि के लिए अब तीन बैंकों से मिलेगा लोन, एलडीए ने बैंक ऑफ इंडिया से साइन किया एमओयू

- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया एवं पीएनबी के बाद बैंक ऑफ इंडिया से भी मिलेगी लोन सुविधा

- वरुण विहार योजना में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा भी संचालित

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण की आवासीय एवं व्यावसायिक सम्पत्तियों के लिए पंजीकरण धनराशि जमा करना अब और भी आसान होगा। एलडीए ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के बाद अब बैंक ऑफ इंडिया के साथ भी एमओयू साइन किया है। इससे भूखण्ड, भवन, फ्लैट एवं व्यावसायिक सम्पत्तियों के आवेदकों को पंजीकरण धनराशि के लिए बैंक लोन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेेश कुमार ने बताया कि वरुण विहार योजना में बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा का संचालन भी किया जा रहा है। सुविधा का दायरा बढ़ने से आवेदकों को पंजीकरण धनराशि के लिए बैंक लोन लेना आसान होगा। इससे एकमुश्त पंजीकरण धनराशि जमा करने में असमर्थ नागरिकों के लिए एलडीए की विभिन्न योजनाओं में सम्पत्ति के लिए आवेदन करना अधिक सुगम होगा। साथ ही, आवेदकों को अपनी वित्तीय आवश्यकताओं के अनुरूप बैंकिंग सुविधा का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

- आर्थिक बाधा होगी दूरी

पहले की व्यवस्था के तहत बैंक सम्पत्ति आवंटित होने के बाद आवंटन पत्र के आधार पर शेष धनराशि के लिए लोन उपलब्ध कराते हैं, लेकिन पंजीकरण धनराशि के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। नयी व्यवस्था से इस आर्थिक बाधा को दूर करने में मदद मिलेगी।

- पेपर वर्क से मिलेगी राहत

वित्त नियंत्रक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि आवेदक को सम्पत्ति आवंटित होने पर आवंटन पत्र के आधार पर शेष धनराशि के लिए लोन लेने की प्रक्रिया भी सरल होगी। दोबारा विस्तृत कागजी औपचारिकताओं से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी। वहीं, आवंटन न होने की स्थिति में बैंक के माध्यम से जमा पंजीकरण धनराशि एलडीए द्वारा संबंधित बैंक को वापस कर दी जाएगी। इससे आवेदकों के हित सुरक्षित रहते हुए धनवापसी की प्रक्रिया पारदर्शी एवं आसान होगी।

आजाद समाज पार्टी के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन, डॉ. मसूद ने अनीस अहमद खान की जीत का भरा दम

अनीस ने बसपा प्रत्याशी से डील की अफवाहों को बताया साजिश, बोले: पूरी ताकत से लड़ूंगा चुनाव

सुल्तानपुर। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। सुल्तानपुर विधानसभा क्षेत्र 188 से पार्टी प्रत्याशी अनीस अहमद खान के मुख्य चुनाव कार्यालय का भव्य उद्घाटन पूर्व शिक्षा मंत्री एवं बसपा के संस्थापक सदस्य डॉ. मसूद अहमद ने फीता काटकर किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। जनसभा को संबोधित करते हुए डॉ. मसूद अहमद ने अनीस अहमद खान का समर्थन करते हुए उनके पक्ष में जीत की हुंकार भरी। उन्होंने भाजपा और करनी सेना पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में दलितों और पिछड़ों के आरक्षण एवं अधिकारों पर चोट की जा रही है। उन्होंने मंडल कमीशन के तहत 27 प्रतिशत आरक्षण के बावजूद पिछड़ों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलने का दावा किया और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर अपनी बात रखी।

प्रत्याशी अनीस अहमद खान ने डॉ. मसूद अहमद, उपस्थित लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता का मार्गदर्शन पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा। चंद्रशेखर आजाद की नीतियों पर चलते हुए उन्होंने 2027 के चुनाव में सफलता हासिल करने और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का भरोसा जताया। बसपा प्रत्याशी के साथ कथित समझौते की अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए अनीस अहमद खान ने कहा कि उनके खिलाफ पहले भी ऐसी भ्रामक बातें फैलाई गई थीं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2020 से वह पार्टी को मजबूत करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं और चुनाव में पूरी ताकत से उतरेंगे। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष भाईचारा आदिल खान, प्रदेश सचिव राहुल भारती, जिला अध्यक्ष राजकुमार भीम, मंडल प्रभारी शेर मोहम्मद समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

घर खरीदारों के भुगतान पर यूपी रेरा की अहम अपील, परियोजना के कलेक्शन अकाउंट में ही जमा करें धनराशि
- भुगतान से पहले यूपी रेरा पोर्टल पर खाते का विवरण जांचने की सलाह
- बिल्डर या प्रमोटर के दूसरे खाते में पैसा मांगे जाने पर प्राधिकरण को दें सूचना

लखनऊ। घर खरीदारों के हितों की रक्षा और रियल एस्टेट क्षेत्र में वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने खरीदारों से निर्धारित कलेक्शन अकाउंट में ही धनराशि जमा करने की अपील की है। प्राधिकरण ने सलाह दी है कि किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित परियोजना के कलेक्शन अकाउंट का विवरण यूपी रेरा के आधिकारिक पोर्टल से अवश्य सत्यापित कर लें।
यूपी रेरा ने घर खरीदारों को आगाह किया है कि संपत्ति की बुकिंग, किस्त अथवा अन्य देय राशि का भुगतान करते समय खाते के विवरण की पुष्टि करना बेहद जरूरी है। खरीदारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि धनराशि संबंधित परियोजना के निर्धारित कलेक्शन अकाउंट में ही जमा हो रही है। भुगतान से पहले आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध विवरण की जांच करने से लेन-देन में पारदर्शिता बनाए रखने और संभावित वित्तीय जोखिमों से बचने में मदद मिल सकती है।
- दूसरे खाते में भुगतान मांगे जाने पर यूपी रेरा को दें सूचना
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई बिल्डर या प्रमोटर घर खरीदार से परियोजना के निर्धारित कलेक्शन अकाउंट के बजाय किसी अन्य बैंक खाते में धनराशि जमा करने के लिए कहता है, तो खरीदार इसकी सूचना यूपी रेरा को दें। इसके लिए प्राधिकरण के पोर्टल पर विशेष लिंक उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से संबंधित जानकारी साझा की जा सकती है।
- सूचना देने के लिए आधिकारिक लिंक:
https://www.up-rera.in/frm_OtherAccount_DetailsofProject.aspx
- घर खरीदार इन तीन बातों का रखें ध्यान
1. निर्धारित खाते में भुगतान: संबंधित परियोजना के कलेक्शन अकाउंट में ही धनराशि जमा करें।
2. पहले करें सत्यापन: भुगतान से पूर्व यूपी रेरा के पोर्टल पर कलेक्शन अकाउंट के विवरण की पुष्टि करें।
3. अन्य खाते की जानकारी दें: बिल्डर या प्रमोटर द्वारा किसी दूसरे खाते में भुगतान मांगे जाने पर यूपी रेरा को सूचित करें।
यूपी रेरा की यह अपील घर खरीदारों को भुगतान संबंधी सतर्कता बरतने और आधिकारिक विवरण के आधार पर वित्तीय लेन-देन करने के प्रति जागरूक करती है। प्राधिकरण ने खरीदारों से अपील की है कि वे भुगतान करने से पहले खाते का सत्यापन अवश्य करें और किसी भी विसंगति की स्थिति में प्राधिकरण को इसकी जानकारी दें।
आजाद समाज पार्टी के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन, डॉ. मसूद ने अनीस अहमद खान की जीत का भरा दम

*अनीस ने बसपा प्रत्याशी से डील की अफवाहों को बताया साजिश, बोले: पूरी ताकत से लड़ूंगा चुनाव*

सुल्तानपुर। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। सुल्तानपुर विधानसभा क्षेत्र 188 से पार्टी प्रत्याशी अनीस अहमद खान के मुख्य चुनाव कार्यालय का भव्य उद्घाटन पूर्व शिक्षा मंत्री एवं बसपा के संस्थापक सदस्य डॉ. मसूद अहमद ने फीता काटकर किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। जनसभा को संबोधित करते हुए डॉ. मसूद अहमद ने अनीस अहमद खान का समर्थन करते हुए उनके पक्ष में जीत की हुंकार भरी। उन्होंने भाजपा और करनी सेना पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में दलितों और पिछड़ों के आरक्षण एवं अधिकारों पर चोट की जा रही है। उन्होंने मंडल कमीशन के तहत 27 प्रतिशत आरक्षण के बावजूद पिछड़ों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलने का दावा किया और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर अपनी बात रखी।

प्रत्याशी अनीस अहमद खान ने डॉ. मसूद अहमद, उपस्थित लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता का मार्गदर्शन पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा। चंद्रशेखर आजाद की नीतियों पर चलते हुए उन्होंने 2027 के चुनाव में सफलता हासिल करने और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का भरोसा जताया। बसपा प्रत्याशी के साथ कथित समझौते की अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए अनीस अहमद खान ने कहा कि उनके खिलाफ पहले भी ऐसी भ्रामक बातें फैलाई गई थीं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2020 से वह पार्टी को मजबूत करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं और चुनाव में पूरी ताकत से उतरेंगे। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष भाईचारा आदिल खान, प्रदेश सचिव राहुल भारती, जिला अध्यक्ष राजकुमार भीम, मंडल प्रभारी शेर मोहम्मद समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

एलडीए में रजिस्ट्री के लिए लगेगा विशेष कैम्प
- एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जारी किये आदेश, एक ही पटल पर होगी रजिस्ट्री की कार्यवाही
- 13 अक्टूबर से 15 अक्टूबर, 2026 तक प्राधिकरण भवन में लगेगा 03 दिवसीय शिविर
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण की विभिन्न आवासीय व व्यावसायिक सम्पत्तियों की रजिस्ट्री के लिए 13 अक्टूबर, 2026 से प्राधिकरण भवन में 03 दिवसीय विशेष निबंधन शिविर का आयोजन किया जाएगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस सम्बंध में आदेश जारी किये हैं।
एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर विभिन्न आवासीय एवं व्यवसायिक सम्पत्तियों का आवंटन किया गया है। इनमें कई सम्पत्तियों की रजिस्ट्री अभी नहीं हो पायी है। इसके दृष्टिगत प्राधिकरण व निबंधन विभाग के परस्पर सहयोग से विशेष निबंधन शिविर आयोजित किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत दिनांक- 13 अक्टूबर से 15 अक्टूबर, 2026 तक प्राधिकरण भवन के कमेटी हॉल में शिविर लगाया जाएगा। इसमें प्राधिकरण के सभी सम्बंधित अधिकारी व कर्मचारी एक ही पटल पर उपस्थित होकर निबंधन सम्बंधी दस्तावेज तैयार करेंगे। वहीं, निबंधन पंजीयन की कार्यवाही पटल पर ही सुनिश्चित करवायी जाएगी।
उप सचिव माधवेश कुमार ने बताया कि जिन आवंटियों ने सम्पत्ति का पूरा पैसा जमा कर दिया है। उन्हें कॉल सेंटर के माध्यम से रजिस्ट्री कराने के सम्बंध में सूचना भेजी जा रही है। इसके अलावा जो आवंटी सम्पत्ति की धनराशि का 80 प्रतिशत या उससे अधिक भुगतान कर चुके हैं, उन्हें भी पूर्ण धनराशि जमा करवाकर रजिस्ट्री कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
पंजीकरण धनराशि के लिए अब तीन बैंकों से मिलेगा लोन, एलडीए ने बैंक ऑफ इंडिया से साइन किया एमओयू


गेस्ट हाउस कांड से लेकर अंबेडकर पर टिप्पणी तक, सपा का इतिहास दागदार: अमरपाल मौर्य

- महापुरुषों और महिलाओं का अपमान सपा की पुरानी पहचान, अमरपाल मौर्य का अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार

- लोहिया जी की आत्मा रो रही होगी, राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला

- चुनाव जीतने की हिम्मत खो चुके लोग 'कॉकरोचों' के सहारे राजनीति कर रहे हैं: प्रकाश पाल

- 2024 लोकसभा चुनाव में सपा की सीटें बढ़ीं तब अखिलेश के लिए ईवीएम मुद्दा नहीं था: भाजपा प्रवक्ता अंकुश त्रिपाठी

- सपा सरकार में महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर था: भाजपा प्रवक्ता

लखनऊ, 12 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने समाजवादी पार्टी और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य, राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल और पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉक्टर अंकुश त्रिपाठी ने अखिलेश और सपा की नीतियों, इतिहास और बयानों पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। अमरपाल मौर्य ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार रही, तब-तब महापुरुषों का अपमान किया गया है। 

अमरपाल मौर्य ने सपा शासन की याद दिलाते हुए कहा कि तत्कालीन ताकतवर मंत्री आजम खान ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को भू-माफिया बताया था, लेकिन अखिलेश यादव ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। अमरपाल ने सवाल उठाया कि अखिलेश किस मुंह से महापुरुषों के सम्मान की बात करते हैं। 

- गेस्ट हाउस कांड और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार

महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के मुद्दे पर अमरपाल मौर्य ने कहा कि सपा शासन में उत्तर प्रदेश में दलित समाज की नेता मायावती के साथ गेस्ट हाउस कांड में चीरहरण की कोशिश की गई, जिसे पूरा देश और दुनिया जानती है। उन्होंने कहा कि सपा की नैतिकता तब कहां चली जाती है जब उनके खुद के नेता ऐसे कारनामों में शामिल होते हैं। अमरपाल मौर्य ने चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि जब सपा चुनाव जीत जाती है, तब उन्हें चुनाव आयोग बिल्कुल सही लगता है, लेकिन जब वे हार जाते हैं तो आयोग पर सवाल खड़ा करने लगते हैं। उन्होंने इसे समाजवादी पार्टी का दोहरा चरित्र और दोहरा मापदंड बताया। 

- लोहिया जी की आत्मा रो रही होगी: प्रकाश पाल

भाजपा से राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने सपा के समाजवाद पर तंज कसते हुए कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया जी ने जिस समाजवाद को आगे बढ़ाया था, आज अखिलेश यादव के नेतृत्व में वह केवल एक परिवार तक सिमट कर रह गया है। उन्होंने कहा कि सपा आज समाजवादी नहीं, बल्कि परिवारवादी पार्टी बन चुकी है। स्वर्ग से लोहिया जी की आत्मा यह सब देखकर रो रही होगी। 

प्रकाश पाल ने अखिलेश यादव और विपक्षी गठबंधन के नेताओं को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि जो भी आरोप लगाने हैं, वे सच्चे मुद्दों पर आधारित हों। आरोप लगाकर भागना नहीं चाहिए। केवल झूठे बयानों से माहौल खराब करने की राजनीति बंद होनी चाहिए। 

दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों और राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए प्रकाश पाल ने कहा कि जिन लोगों में अब चुनाव लड़कर जीतने की हिम्मत नहीं बची है, वे कॉकरोचों के सहारे राजनीति करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि कॉकरोच की तरह यदि ऐसे लोग खुद उलट जाएं तो सीधे भी नहीं हो पाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता महिला पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं को छुपाने और देश का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।

- लोकसभा चुनाव में ईवीएम कोई मुद्दा नहीं था : अंकुश त्रिपाठी

वहीं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूरा इंडी गठबंधन संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर भागने की राजनीति करता है। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा की सीटें बढ़ीं तो अखिलेश यादव के लिए ईवीएम मुद्दा नहीं था और चुनाव आयोग निष्पक्ष एवं पारदर्शी संस्था था। त्रिपाठी ने कहा कि अब 2027 के विधानसभा चुनाव में हार दिखाई देने के कारण अखिलेश यादव पहले से ही बहाने तलाश रहे हैं और इसके लिए चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं।

- सपा सरकार में महिला अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर था

डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि उनके मुंह से महिला सम्मान की बात अच्छी नहीं लगती। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर रहा और इनकी सरकार में दुष्कर्म के आरोपी नेता मंत्री पद पर आसीन रहते थे। 

भाजपा प्रवक्ता ने डॉ. राममनोहर लोहिया की जयंती पर अखिलेश यादव के बयानों को लेकर कहा कि विपक्षी नेता महापुरुषों की बातें तो करते हैं, लेकिन उनकी शिक्षाओं से सीख नहीं लेते। उन्होंने कहा कि जनता अखिलेश यादव की कथनी और करनी के अंतर को देख रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।