पंजीकरण धनराशि के लिए अब तीन बैंकों से मिलेगा लोन, एलडीए ने बैंक ऑफ इंडिया से साइन किया एमओयू

- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया एवं पीएनबी के बाद बैंक ऑफ इंडिया से भी मिलेगी लोन सुविधा

- वरुण विहार योजना में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा भी संचालित

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण की आवासीय एवं व्यावसायिक सम्पत्तियों के लिए पंजीकरण धनराशि जमा करना अब और भी आसान होगा। एलडीए ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के बाद अब बैंक ऑफ इंडिया के साथ भी एमओयू साइन किया है। इससे भूखण्ड, भवन, फ्लैट एवं व्यावसायिक सम्पत्तियों के आवेदकों को पंजीकरण धनराशि के लिए बैंक लोन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेेश कुमार ने बताया कि वरुण विहार योजना में बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा का संचालन भी किया जा रहा है। सुविधा का दायरा बढ़ने से आवेदकों को पंजीकरण धनराशि के लिए बैंक लोन लेना आसान होगा। इससे एकमुश्त पंजीकरण धनराशि जमा करने में असमर्थ नागरिकों के लिए एलडीए की विभिन्न योजनाओं में सम्पत्ति के लिए आवेदन करना अधिक सुगम होगा। साथ ही, आवेदकों को अपनी वित्तीय आवश्यकताओं के अनुरूप बैंकिंग सुविधा का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

- आर्थिक बाधा होगी दूरी

पहले की व्यवस्था के तहत बैंक सम्पत्ति आवंटित होने के बाद आवंटन पत्र के आधार पर शेष धनराशि के लिए लोन उपलब्ध कराते हैं, लेकिन पंजीकरण धनराशि के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। नयी व्यवस्था से इस आर्थिक बाधा को दूर करने में मदद मिलेगी।

- पेपर वर्क से मिलेगी राहत

वित्त नियंत्रक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि आवेदक को सम्पत्ति आवंटित होने पर आवंटन पत्र के आधार पर शेष धनराशि के लिए लोन लेने की प्रक्रिया भी सरल होगी। दोबारा विस्तृत कागजी औपचारिकताओं से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी। वहीं, आवंटन न होने की स्थिति में बैंक के माध्यम से जमा पंजीकरण धनराशि एलडीए द्वारा संबंधित बैंक को वापस कर दी जाएगी। इससे आवेदकों के हित सुरक्षित रहते हुए धनवापसी की प्रक्रिया पारदर्शी एवं आसान होगी।

आजाद समाज पार्टी के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन, डॉ. मसूद ने अनीस अहमद खान की जीत का भरा दम

अनीस ने बसपा प्रत्याशी से डील की अफवाहों को बताया साजिश, बोले: पूरी ताकत से लड़ूंगा चुनाव

सुल्तानपुर। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। सुल्तानपुर विधानसभा क्षेत्र 188 से पार्टी प्रत्याशी अनीस अहमद खान के मुख्य चुनाव कार्यालय का भव्य उद्घाटन पूर्व शिक्षा मंत्री एवं बसपा के संस्थापक सदस्य डॉ. मसूद अहमद ने फीता काटकर किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। जनसभा को संबोधित करते हुए डॉ. मसूद अहमद ने अनीस अहमद खान का समर्थन करते हुए उनके पक्ष में जीत की हुंकार भरी। उन्होंने भाजपा और करनी सेना पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में दलितों और पिछड़ों के आरक्षण एवं अधिकारों पर चोट की जा रही है। उन्होंने मंडल कमीशन के तहत 27 प्रतिशत आरक्षण के बावजूद पिछड़ों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलने का दावा किया और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर अपनी बात रखी।

प्रत्याशी अनीस अहमद खान ने डॉ. मसूद अहमद, उपस्थित लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता का मार्गदर्शन पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा। चंद्रशेखर आजाद की नीतियों पर चलते हुए उन्होंने 2027 के चुनाव में सफलता हासिल करने और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का भरोसा जताया। बसपा प्रत्याशी के साथ कथित समझौते की अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए अनीस अहमद खान ने कहा कि उनके खिलाफ पहले भी ऐसी भ्रामक बातें फैलाई गई थीं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2020 से वह पार्टी को मजबूत करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं और चुनाव में पूरी ताकत से उतरेंगे। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष भाईचारा आदिल खान, प्रदेश सचिव राहुल भारती, जिला अध्यक्ष राजकुमार भीम, मंडल प्रभारी शेर मोहम्मद समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

घर खरीदारों के भुगतान पर यूपी रेरा की अहम अपील, परियोजना के कलेक्शन अकाउंट में ही जमा करें धनराशि
- भुगतान से पहले यूपी रेरा पोर्टल पर खाते का विवरण जांचने की सलाह
- बिल्डर या प्रमोटर के दूसरे खाते में पैसा मांगे जाने पर प्राधिकरण को दें सूचना

लखनऊ। घर खरीदारों के हितों की रक्षा और रियल एस्टेट क्षेत्र में वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने खरीदारों से निर्धारित कलेक्शन अकाउंट में ही धनराशि जमा करने की अपील की है। प्राधिकरण ने सलाह दी है कि किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित परियोजना के कलेक्शन अकाउंट का विवरण यूपी रेरा के आधिकारिक पोर्टल से अवश्य सत्यापित कर लें।
यूपी रेरा ने घर खरीदारों को आगाह किया है कि संपत्ति की बुकिंग, किस्त अथवा अन्य देय राशि का भुगतान करते समय खाते के विवरण की पुष्टि करना बेहद जरूरी है। खरीदारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि धनराशि संबंधित परियोजना के निर्धारित कलेक्शन अकाउंट में ही जमा हो रही है। भुगतान से पहले आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध विवरण की जांच करने से लेन-देन में पारदर्शिता बनाए रखने और संभावित वित्तीय जोखिमों से बचने में मदद मिल सकती है।
- दूसरे खाते में भुगतान मांगे जाने पर यूपी रेरा को दें सूचना
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई बिल्डर या प्रमोटर घर खरीदार से परियोजना के निर्धारित कलेक्शन अकाउंट के बजाय किसी अन्य बैंक खाते में धनराशि जमा करने के लिए कहता है, तो खरीदार इसकी सूचना यूपी रेरा को दें। इसके लिए प्राधिकरण के पोर्टल पर विशेष लिंक उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से संबंधित जानकारी साझा की जा सकती है।
- सूचना देने के लिए आधिकारिक लिंक:
https://www.up-rera.in/frm_OtherAccount_DetailsofProject.aspx
- घर खरीदार इन तीन बातों का रखें ध्यान
1. निर्धारित खाते में भुगतान: संबंधित परियोजना के कलेक्शन अकाउंट में ही धनराशि जमा करें।
2. पहले करें सत्यापन: भुगतान से पूर्व यूपी रेरा के पोर्टल पर कलेक्शन अकाउंट के विवरण की पुष्टि करें।
3. अन्य खाते की जानकारी दें: बिल्डर या प्रमोटर द्वारा किसी दूसरे खाते में भुगतान मांगे जाने पर यूपी रेरा को सूचित करें।
यूपी रेरा की यह अपील घर खरीदारों को भुगतान संबंधी सतर्कता बरतने और आधिकारिक विवरण के आधार पर वित्तीय लेन-देन करने के प्रति जागरूक करती है। प्राधिकरण ने खरीदारों से अपील की है कि वे भुगतान करने से पहले खाते का सत्यापन अवश्य करें और किसी भी विसंगति की स्थिति में प्राधिकरण को इसकी जानकारी दें।
आजाद समाज पार्टी के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन, डॉ. मसूद ने अनीस अहमद खान की जीत का भरा दम

*अनीस ने बसपा प्रत्याशी से डील की अफवाहों को बताया साजिश, बोले: पूरी ताकत से लड़ूंगा चुनाव*

सुल्तानपुर। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। सुल्तानपुर विधानसभा क्षेत्र 188 से पार्टी प्रत्याशी अनीस अहमद खान के मुख्य चुनाव कार्यालय का भव्य उद्घाटन पूर्व शिक्षा मंत्री एवं बसपा के संस्थापक सदस्य डॉ. मसूद अहमद ने फीता काटकर किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। जनसभा को संबोधित करते हुए डॉ. मसूद अहमद ने अनीस अहमद खान का समर्थन करते हुए उनके पक्ष में जीत की हुंकार भरी। उन्होंने भाजपा और करनी सेना पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में दलितों और पिछड़ों के आरक्षण एवं अधिकारों पर चोट की जा रही है। उन्होंने मंडल कमीशन के तहत 27 प्रतिशत आरक्षण के बावजूद पिछड़ों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलने का दावा किया और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर अपनी बात रखी।

प्रत्याशी अनीस अहमद खान ने डॉ. मसूद अहमद, उपस्थित लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता का मार्गदर्शन पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा। चंद्रशेखर आजाद की नीतियों पर चलते हुए उन्होंने 2027 के चुनाव में सफलता हासिल करने और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का भरोसा जताया। बसपा प्रत्याशी के साथ कथित समझौते की अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए अनीस अहमद खान ने कहा कि उनके खिलाफ पहले भी ऐसी भ्रामक बातें फैलाई गई थीं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2020 से वह पार्टी को मजबूत करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं और चुनाव में पूरी ताकत से उतरेंगे। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष भाईचारा आदिल खान, प्रदेश सचिव राहुल भारती, जिला अध्यक्ष राजकुमार भीम, मंडल प्रभारी शेर मोहम्मद समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

एलडीए में रजिस्ट्री के लिए लगेगा विशेष कैम्प
- एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जारी किये आदेश, एक ही पटल पर होगी रजिस्ट्री की कार्यवाही
- 13 अक्टूबर से 15 अक्टूबर, 2026 तक प्राधिकरण भवन में लगेगा 03 दिवसीय शिविर
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण की विभिन्न आवासीय व व्यावसायिक सम्पत्तियों की रजिस्ट्री के लिए 13 अक्टूबर, 2026 से प्राधिकरण भवन में 03 दिवसीय विशेष निबंधन शिविर का आयोजन किया जाएगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस सम्बंध में आदेश जारी किये हैं।
एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर विभिन्न आवासीय एवं व्यवसायिक सम्पत्तियों का आवंटन किया गया है। इनमें कई सम्पत्तियों की रजिस्ट्री अभी नहीं हो पायी है। इसके दृष्टिगत प्राधिकरण व निबंधन विभाग के परस्पर सहयोग से विशेष निबंधन शिविर आयोजित किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत दिनांक- 13 अक्टूबर से 15 अक्टूबर, 2026 तक प्राधिकरण भवन के कमेटी हॉल में शिविर लगाया जाएगा। इसमें प्राधिकरण के सभी सम्बंधित अधिकारी व कर्मचारी एक ही पटल पर उपस्थित होकर निबंधन सम्बंधी दस्तावेज तैयार करेंगे। वहीं, निबंधन पंजीयन की कार्यवाही पटल पर ही सुनिश्चित करवायी जाएगी।
उप सचिव माधवेश कुमार ने बताया कि जिन आवंटियों ने सम्पत्ति का पूरा पैसा जमा कर दिया है। उन्हें कॉल सेंटर के माध्यम से रजिस्ट्री कराने के सम्बंध में सूचना भेजी जा रही है। इसके अलावा जो आवंटी सम्पत्ति की धनराशि का 80 प्रतिशत या उससे अधिक भुगतान कर चुके हैं, उन्हें भी पूर्ण धनराशि जमा करवाकर रजिस्ट्री कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
पंजीकरण धनराशि के लिए अब तीन बैंकों से मिलेगा लोन, एलडीए ने बैंक ऑफ इंडिया से साइन किया एमओयू


गेस्ट हाउस कांड से लेकर अंबेडकर पर टिप्पणी तक, सपा का इतिहास दागदार: अमरपाल मौर्य

- महापुरुषों और महिलाओं का अपमान सपा की पुरानी पहचान, अमरपाल मौर्य का अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार

- लोहिया जी की आत्मा रो रही होगी, राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला

- चुनाव जीतने की हिम्मत खो चुके लोग 'कॉकरोचों' के सहारे राजनीति कर रहे हैं: प्रकाश पाल

- 2024 लोकसभा चुनाव में सपा की सीटें बढ़ीं तब अखिलेश के लिए ईवीएम मुद्दा नहीं था: भाजपा प्रवक्ता अंकुश त्रिपाठी

- सपा सरकार में महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर था: भाजपा प्रवक्ता

लखनऊ, 12 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने समाजवादी पार्टी और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य, राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल और पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉक्टर अंकुश त्रिपाठी ने अखिलेश और सपा की नीतियों, इतिहास और बयानों पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। अमरपाल मौर्य ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार रही, तब-तब महापुरुषों का अपमान किया गया है। 

अमरपाल मौर्य ने सपा शासन की याद दिलाते हुए कहा कि तत्कालीन ताकतवर मंत्री आजम खान ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को भू-माफिया बताया था, लेकिन अखिलेश यादव ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। अमरपाल ने सवाल उठाया कि अखिलेश किस मुंह से महापुरुषों के सम्मान की बात करते हैं। 

- गेस्ट हाउस कांड और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार

महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के मुद्दे पर अमरपाल मौर्य ने कहा कि सपा शासन में उत्तर प्रदेश में दलित समाज की नेता मायावती के साथ गेस्ट हाउस कांड में चीरहरण की कोशिश की गई, जिसे पूरा देश और दुनिया जानती है। उन्होंने कहा कि सपा की नैतिकता तब कहां चली जाती है जब उनके खुद के नेता ऐसे कारनामों में शामिल होते हैं। अमरपाल मौर्य ने चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि जब सपा चुनाव जीत जाती है, तब उन्हें चुनाव आयोग बिल्कुल सही लगता है, लेकिन जब वे हार जाते हैं तो आयोग पर सवाल खड़ा करने लगते हैं। उन्होंने इसे समाजवादी पार्टी का दोहरा चरित्र और दोहरा मापदंड बताया। 

- लोहिया जी की आत्मा रो रही होगी: प्रकाश पाल

भाजपा से राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने सपा के समाजवाद पर तंज कसते हुए कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया जी ने जिस समाजवाद को आगे बढ़ाया था, आज अखिलेश यादव के नेतृत्व में वह केवल एक परिवार तक सिमट कर रह गया है। उन्होंने कहा कि सपा आज समाजवादी नहीं, बल्कि परिवारवादी पार्टी बन चुकी है। स्वर्ग से लोहिया जी की आत्मा यह सब देखकर रो रही होगी। 

प्रकाश पाल ने अखिलेश यादव और विपक्षी गठबंधन के नेताओं को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि जो भी आरोप लगाने हैं, वे सच्चे मुद्दों पर आधारित हों। आरोप लगाकर भागना नहीं चाहिए। केवल झूठे बयानों से माहौल खराब करने की राजनीति बंद होनी चाहिए। 

दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों और राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए प्रकाश पाल ने कहा कि जिन लोगों में अब चुनाव लड़कर जीतने की हिम्मत नहीं बची है, वे कॉकरोचों के सहारे राजनीति करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि कॉकरोच की तरह यदि ऐसे लोग खुद उलट जाएं तो सीधे भी नहीं हो पाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता महिला पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं को छुपाने और देश का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।

- लोकसभा चुनाव में ईवीएम कोई मुद्दा नहीं था : अंकुश त्रिपाठी

वहीं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूरा इंडी गठबंधन संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर भागने की राजनीति करता है। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा की सीटें बढ़ीं तो अखिलेश यादव के लिए ईवीएम मुद्दा नहीं था और चुनाव आयोग निष्पक्ष एवं पारदर्शी संस्था था। त्रिपाठी ने कहा कि अब 2027 के विधानसभा चुनाव में हार दिखाई देने के कारण अखिलेश यादव पहले से ही बहाने तलाश रहे हैं और इसके लिए चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं।

- सपा सरकार में महिला अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर था

डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि उनके मुंह से महिला सम्मान की बात अच्छी नहीं लगती। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर रहा और इनकी सरकार में दुष्कर्म के आरोपी नेता मंत्री पद पर आसीन रहते थे। 

भाजपा प्रवक्ता ने डॉ. राममनोहर लोहिया की जयंती पर अखिलेश यादव के बयानों को लेकर कहा कि विपक्षी नेता महापुरुषों की बातें तो करते हैं, लेकिन उनकी शिक्षाओं से सीख नहीं लेते। उन्होंने कहा कि जनता अखिलेश यादव की कथनी और करनी के अंतर को देख रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।

शारदीय नवरात्रि पर 26 शक्तिपीठों एवं देवी मंदिरों में गूंजेंगे देवी गीत
- महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन का दिया जाएगा संदेश
- तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर खर्च होंगे 28.08 लाख रुपये : जयवीर सिंह

लखनऊ, 12 अक्टूबर 2026। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश के 26 चयनित शक्तिपीठों एवं देवी मंदिरों में तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। 17, 18 और 19 अक्टूबर, 2026 को सप्तमी, अष्टमी एवं नवमी के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में पारंपरिक देवीगीत गायन के साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाएगा।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि शक्ति आराधना के अंतर्गत आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों का उद्देश्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा, सम्मान, स्वावलम्बन तथा आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत करना है। कार्यक्रमों के आयोजन, कलाकारों के मानदेय, यात्रा व्यय, स्वयंसेवकों (वालंटियर) पर होने वाले खर्च तथा प्रस्तुतियों से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं के लिए कुल 28 लाख 08 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
- प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों में होंगे आयोजन
मंत्री ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में स्थित प्रमुख शक्तिपीठों एवं देवी मंदिरों को इन कार्यक्रमों के लिए चयनित किया गया है। इनमें मिर्जापुर का मां विन्ध्यवासिनी देवी मंदिर, सोनभद्र का ज्वाला देवी मंदिर, भदोही का सीता समाहित स्थल, प्रयागराज का अलोपी देवी मंदिर, कौशाम्बी का कदवासिनी मंदिर तथा बलरामपुर स्थित देवीपाटन की मां पाटेश्वरी देवी का मंदिर प्रमुख हैं।
इसके अतिरिक्त सीतापुर के नैमिषारण्य स्थित ललिता देवी मंदिर, सहारनपुर का शाकुम्भरी देवी मंदिर, मथुरा का कात्यायनी देवी मंदिर, जौनपुर का मां शीतला चौकिया धाम, प्रतापगढ़ का बेलहा देवी मंदिर, वाराणसी का विशालाक्षी देवी मंदिर, उन्नाव का चंडिका देवी मंदिर तथा औरैया का देवी काली मंदिर भी इस आयोजन में शामिल हैं।
इसी क्रम में गोरखपुर के मां तरकुलहा धाम, मऊ के मां शीतला माता स्थल, प्रयागराज के ललिता देवी मंदिर, चित्रकूट के शिवानी देवी मंदिर, हमीरपुर के गायत्री शक्तिपीठ, जालौन के कोंच स्थित बैरागढ़ माता मंदिर, कानपुर देहात के घाटमपुर स्थित कुसमांडा देवी मंदिर, मैनपुरी के शीतला माता मंदिर, फिरोजाबाद के चामुंडा माता मंदिर, लखनऊ के चंद्रिका देवी एवं संकटा देवी मंदिर तथा फर्रुखाबाद के गुरुग्राम देवी मंदिर में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जागरूकता पर जोर
शारदीय नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले इन तीन दिवसीय कार्यक्रमों के माध्यम से देवी आराधना और लोक संस्कृति की समृद्ध परंपरा को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, देवीगीतों एवं धार्मिक आयोजनों के जरिए महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सम्मान, उनकी सुरक्षा तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का संदेश प्रसारित किया जाएगा। संस्कृति विभाग की इस पहल का उद्देश्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों को सामाजिक जागरूकता से जोड़ते हुए महिला सशक्तीकरण के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाना है।
जनता की पीड़ा का निवारण और हर पात्र व्यक्ति को न्याय दिलाना सरकार का संकल्प : केशव प्रसाद मौर्य
- जनता दर्शन में उप मुख्यमंत्री ने सुनीं नागरिकों की समस्याएं, अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

लखनऊ, 12 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान, पीड़ितों को न्याय और पात्र लाभार्थियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता के साथ सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही से कार्य कर रही है।
अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन के दौरान श्री मौर्य ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। भूमि विवाद, अवैध कब्जे, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली, पेयजल, पुलिस एवं प्रशासन सहित विभिन्न विषयों से संबंधित प्रकरणों पर उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पीड़ित व्यक्ति को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
श्री मौर्य ने भूमि विवाद एवं अवैध कब्जों से जुड़े मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम के माध्यम से मौके पर जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरीबों, कमजोर वर्गों और जरूरतमंदों का उत्पीड़न करने तथा अवैध कब्जे के माध्यम से दबंगई दिखाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके। उन्होंने समस्याओं के निस्तारण के बावत कई जिलो के उच्चाधिकारियों व शासन के अधिकारियों से  दूरभाष पर वार्ता भी की। उप मुख्यमंत्री ने महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंदों की शिकायतों के निस्तारण में विशेष संवेदनशीलता बरतने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता दर्शन सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। जनसमस्याओं का समाधान, पारदर्शी प्रशासन और नागरिकों के प्रति जवाबदेही सुशासन के मूल आधार हैं। प्रदेश सरकार का संकल्प है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
राजस्व, पंचायती राज, आयकर और रक्षा सेवाओं के अनुभवी अब संभालेंगे मंडियों की कमान

- मंडियों में नई पारी, किसानों के हितों की रक्षा की होगी जिम्मेदारी

- लखनऊ के आईआईसीएमआरटी में नवनियुक्त मंडी सचिवों का 45 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शुरू

- अखिल भारतीय अध्ययन भ्रमण में जानेंगे विभिन्न राज्यों की मंडियों की कार्यप्रणाली

लखनऊ, 12 अक्टूबर 2026।

प्रदेश की कृषि मंडियों में आधुनिक, पारदर्शी और किसान केंद्रित प्रबंधन व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सोमवार को नवनियुक्त मंडी सचिवों का 45 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की ओर से लखनऊ स्थित आईआईसीएमआरटी में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। प्रशिक्षण के दौरान सचिवों को अखिल भारतीय अध्ययन भ्रमण पर भी भेजा जाएगा, जहां वे देश की प्रमुख मंडियों और आधुनिक कृषि विपणन केंद्रों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करेंगे।

प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए प्रमुख सचिव कृषि डॉ. एम.के.एस. सुंदरम ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि विपणन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और किसान हितैषी बनाने के लिए निरंतर सुधार कर रही है। इन सुधारों का लाभ किसानों तक पहुंचाने में मंडी सचिवों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने नवचयनित सचिवों से पारदर्शिता, जवाबदेही और किसान हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करने का आह्वान किया।

मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि परिषद को विविध शैक्षणिक योग्यता और पूर्व सेवा अनुभव वाला नया कैडर मिला है। प्रशिक्षण का उद्देश्य इनकी दक्षता को मंडी प्रबंधन की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों की मंडियों का अध्ययन भ्रमण सचिवों को कृषि विपणन की विविध कार्यप्रणालियों से परिचित कराएगा, जिसका लाभ प्रदेश की मंडियों और किसानों को मिलेगा।

भारत सरकार के विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय (डीएमआई) के विशेषज्ञों के सहयोग से आयोजित 45 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंडी अधिनियम, वित्तीय प्रबंधन, ई-नाम और अन्य डिजिटल व्यवस्थाओं की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के अंतर्गत नवचयनित सचिव देश के विभिन्न राज्यों की प्रमुख मंडियों एवं आधुनिक कृषि विपणन केंद्रों का अध्ययन भ्रमण भी करेंगे। इस दौरान वे कृषि उपज की आवक, नीलामी एवं मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया, किसानों और व्यापारियों को उपलब्ध सुविधाओं, उपज की ग्रेडिंग, भंडारण, परिवहन तथा डिजिटल विपणन व्यवस्थाओं का अवलोकन करेंगे। प्रशिक्षण में केस स्टडी और व्यावहारिक कार्ययोजनाओं को भी शामिल किया गया है।

- राजस्व से रक्षा सेवाओं तक का अनुभव लेकर आए नए मंडी सचिव

कार्यभार ग्रहण कर चुके 116 नवचयनित मंडी सचिवों में 59 यानी लगभग 51 प्रतिशत को पूर्व सेवा का अनुभव है। उपलब्ध विभागवार विवरण के अनुसार सर्वाधिक 23 सचिव राजस्व विभाग में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वित्त, लेखा, कर एवं सहकारिता क्षेत्र से सात, पंचायती राज और जिला न्यायालय से छह-छह, रक्षा सेवाओं से पांच, रेलवे और पुलिस से तीन-तीन तथा बैंकिंग और वन विभाग से दो-दो सचिव शामिल हैं। शेष दो नवचयनित मंडी सचिव अन्य विभागों से संबंधित हैं। विभिन्न विभागों में कार्य कर चुके इन युवाओं के प्रशासनिक और व्यावहारिक अनुभव का लाभ मंडियों के संचालन एवं प्रबंधन में मिलेगा।

- 126 चयनित मंडी सचिवों में 84 विज्ञान स्नातक, 42 अन्य विषयों से स्नातक

नवचयनित मंडी सचिवों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी विविधता लिए हुए है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार कुल 126 चयनित अभ्यर्थियों में 84 विज्ञान स्नातक हैं, जबकि शेष 42 ने अन्य विषयों से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। इनमें परास्नातक, बीएड, डीएलएड तथा अन्य अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यताएं रखने वाले अभ्यर्थी भी शामिल हैं। रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस में पीजी डिप्लोमा तथा सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा जैसी तकनीकी योग्यता वाले युवा भी इस नए कैडर का हिस्सा हैं। कुल 126 चयनित अभ्यर्थियों में से अब तक 116 ने मंडी सचिव के पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया है।

- योगी सरकार के सुधारों से भर्ती में पारदर्शिता, योग्यता को मिला सम्मान

पहले मंडी परिषद एवं मंडी समितियों में भर्ती परिषद की सेवा विनियमावली के तहत परिषद स्तर से की जाती थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने भर्ती व्यवस्था में सुधार करते हुए स्वतंत्र चयन आयोगों के माध्यम से निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित चयन की प्रक्रिया अपनाई। उच्च श्रेणी के मंडी सचिवों की भर्ती उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से होती है, जबकि वर्तमान नवनियुक्त सचिवों का चयन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रतिस्पर्धी परीक्षा से हुआ है। इस बदलाव से प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी योग्यता के बल पर आगे बढ़ने का अवसर मिला है।