किसानों का पैसा हजम कर गए सपाई, उसी का श्राप ले डूबा : सीएम योगी

- मुख्यमंत्री ने गोरखपुर से 9,18,091 किसानों के खातों में भेजे 493 करोड़ रुपये, आपदा प्रभावितों को सौंपे सहायता राशि के चेक

- अतिवृष्टि, बाढ़ और चक्रवात से फसल क्षति पर महज 10 दिन में मुआवजा, इस वर्ष अब तक आपदा प्रभावितों को करीब एक हजार करोड़ की सहायता

- हुदहुद चक्रवात में केंद्र ने भेजे 3200 करोड़, किसानों को सिर्फ 800 करोड़ बांट सकी थी सपा सरकार

गोरखपुर, 12 अक्टूबर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा राहत वितरण को लेकर पिछली सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि किसानों का पैसा हजम करने वाले सपाइयों को उन्हीं का श्राप ले डूबा। वर्ष 2014 में हुदहुद चक्रवात के दौरान केंद्र सरकार ने 3200 करोड़ रुपये भेजे थे, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार किसानों को महज 800 करोड़ रुपये ही बांट सकी। शेष धनराशि किसानों तक नहीं पहुंची। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद इसकी पड़ताल कराई और अलग से धनराशि की व्यवस्था कर किसानों को बकाया मुआवजा दिलाया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपाई जाति के नाम पर समाज को बांटते रहे, लेकिन किसानों के खून-पसीने की कमाई पर डकैती डालने से भी नहीं चूके। किसानों का पैसा हजम करने वालों को उन्हीं का श्राप ले डूबा।

सोमवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में मुख्यमंत्री योगी ने बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित प्रदेश के 9,18,091 किसानों के खातों में रिमोट का बटन दबाकर 493 करोड़ रुपये कृषि निवेश अनुदान हस्तांतरित किए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने महज आठ से दस दिन में किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया है। इस वर्ष बरसात के दौरान आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को करीब एक हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।

- कांग्रेस राज में 100 रुपये चलते थे, किसान तक पहुंचते थे 15

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस के शासन में 100 रुपये भेजे जाते थे तो लाभार्थी तक महज 15 रुपये पहुंचते थे। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी इसे स्वीकार किया था। बाकी पैसा कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के लोग हजम कर जाते थे। अब जिस किसान को 25 हजार रुपये स्वीकृत होते हैं, उसके खाते में पूरे 25 हजार पहुंचते हैं। न कोई बिचौलिया सेंध लगा सकता है और न किसी प्रकार की कटौती होती है।

- जनहानि पर 24 घंटे में चार लाख, दुर्घटना पर पांच लाख की सहायता

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर परिवार को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। आकाशीय बिजली समेत दुर्घटना के मामलों में पात्र किसान, बटाईदार और उनके परिवारों को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त आवासों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना से 1.20 लाख रुपये अलग से दिए जा रहे हैं। आंशिक मकान क्षति और पशुहानि पर भी सहायता मिलेगी। पूर्व में 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के लिए करीब 78 करोड़ रुपये तथा जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में 225.93 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।

- सड़कों की मरम्मत और कटान रोकने के लिए धन की कमी नहीं

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से कटान रोकने के कार्य तत्काल शुरू करें। सिंचाई विभाग को पर्याप्त धनराशि दी गई है। पीडब्ल्यूडी, नगर विकास विभाग और विकास प्राधिकरण मौसम साफ होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शुरू कराएं। आपदा राहत और आवागमन बहाल करने के लिए जितना धन चाहिए, सरकार उपलब्ध कराएगी। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम और वर्षा मापने के लिए रेन गेज लगाए गए हैं। नागरिकों को मोबाइल पर मौसम संबंधी अलर्ट भी भेजे जा रहे हैं।

- 15 अक्टूबर से प्रभावित जिलों में खुलेंगे धान क्रय केंद्र

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन जिलों में अतिवृष्टि हुई है, वहां 15 अक्टूबर से धान, ज्वार, बाजरा और मक्का के क्रय केंद्र खोले जाएंगे। अन्य जिलों में सोमवार से खरीद शुरू हो रही है। किसानों की उपज खरीदने की कोई सीमा नहीं होगी। भुगतान सीधे खाते में पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि सरकार 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये कर्ज माफ कर चुकी है। 16 लाख निजी नलकूपों की बिजली निशुल्क की गई है और 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

- मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को सौंपे सहायता राशि के चेक

मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में आपदा प्रभावित लाभार्थियों को सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक सौंपे। इनमें सदर क्षेत्र की रेशमा देवी, चंदन कुमार पासवान, इंद्रावती, सविता देवी, चुन्नी देवी और सीमा देवी, कैंपियरगंज के बहराइची, बेचन प्रसाद, जोकखन, संपत और परमहंस शामिल रहे। इसके अलावा सदर क्षेत्र के चंद्रप्रकाश द्विवेदी और धरणीधर तथा गोला क्षेत्र के गिरजापति त्रिपाठी, कमलेश, रामदरश, जनार्दन प्रसाद और राणा प्रताप सिंह को भी चेक प्रदान किए गए। सहायता राशि डीबीटी से सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई।

- कृषि मंत्री बोले- किसानों के लिए खोला सरकार ने खजाना

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता दी है। अब तक कृषि क्षेत्र में 69,163 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। गन्ना मूल्य 280 से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से नौ वर्षों में 6,125 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई है।

- सांसद रवि किशन बोले- संकट में किसानों के साथ सरकार

सांसद रवि किशन ने कहा कि पिछली सरकारों में किसान कर्ज और आर्थिक संकट से परेशान रहते थे। योगी सरकार ने कर्जमाफी, गन्ना भुगतान और आपदा राहत को प्राथमिकता दी। अब किसानों को सहायता के लिए भटकना नहीं पड़ता। संकट आने पर सरकार उनके साथ खड़ी रहती है।

 

- मिशन शक्ति की रैली को दिखाई हरी झंडी

 मुख्यमंत्री योगी ने मिशन शक्ति के छठे चरण के अंतर्गत जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्कूटी सवार महिला पुलिसकर्मियों और महिलाओं ने रैली में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कृषि, उद्यान, मत्स्य पालन और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन भी किया।

- कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

अराजकता से बाज आए कांग्रेस, वरना जो बचा है वह भी गंवा देगी : योगी आदित्यनाथ

- मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस के राजनीतिक आचरण पर उठाए सवाल, बोले- देश में अराजकता का पर्याय बन चुकी है सबसे पुरानी पार्टी

- अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर रही कांग्रेस

- कांग्रेस नेतृत्व को नसीहत, जनता और युवाओं को गुमराह करने के बजाय अपनी विफलताओं पर करे आत्ममंथन

लखनऊ, 12 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उसे देश में अराजकता का पर्याय बताया है। उन्होंने चेताया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए देश में अराजकता फैलाने से बाज नहीं आई तो जनता उसका बचा-खुचा राजनीतिक अस्तित्व भी समाप्त कर देगी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी अपनी गलतियों से सबक लेने के बजाय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर रही है। जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि देश उसे बार-बार क्यों ठुकरा रहा है। भारत की जनता लोकतांत्रिक दृष्टि से जागरूक है। वह अराजक और अलोकतांत्रिक आचरण को अधिक समय तक बर्दाश्त नहीं करेगी।

सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस ने गैर-जिम्मेदार राजनीतिक आचरण से देश में अराजकता का वातावरण पैदा किया है। पहले देश के भीतर पहचान का संकट खड़ा किया और फिर अपने भ्रष्ट मंसूबों के कारण जनता का विश्वास खो दिया। इसके बावजूद कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का रवैया नहीं बदला। जनता से लगातार मिल रही अस्वीकृति के कारणों पर विचार करने के बजाय कांग्रेस चुनी हुई सरकारों के खिलाफ अस्थिरता पैदा करने में जुटी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को अपनी राजनीतिक विफलताओं के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय स्वयं के आचरण पर विचार करना चाहिए।

41 वर्ष पहले यूपी की जनता ने कांग्रेस को कर दिया था विदा

मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस के सिमटते जनाधार का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने 41 वर्ष पहले ही कांग्रेस को सत्ता से विदा कर दिया था। वर्ष 1985 के बाद कांग्रेस प्रदेश में दोबारा सत्ता में नहीं लौट सकी। देश के अन्य राज्यों में भी एक-एक कर जनता का कांग्रेस से मोहभंग होता गया। इसके बावजूद कांग्रेस नेतृत्व यह समझने को तैयार नहीं है कि जनता उसे लगातार क्यों नकार रही है। अपनी विफलताओं को स्वीकार करने के बजाय कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ अस्थिरता का माहौल पैदा करने पर उतारू है।

दिल्ली में अराजकता फैलाकर आम लोगों को परेशान कर रही कांग्रेस

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले कई दिनों से देश की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस लगातार अव्यवस्था पैदा कर रही है। आम नागरिकों को परेशान किया जा रहा है। संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का कुत्सित प्रयास हो रहा है। कांग्रेस का यह आचरण बताता है कि वह राजनीतिक विरोध और अराजकता के बीच का अंतर भी भूल चुकी है। लोकतंत्र में असहमति और विरोध का स्थान है, लेकिन उसके नाम पर जनता को परेशान करना और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं हो सकता।

जीत गए तो पुरुषार्थ, हार गए तो ईवीएम और चुनाव आयोग दोषी

मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव जीत जाएं तो अपना पुरुषार्थ बताते हैं और हार जाएं तो ईवीएम तथा चुनाव आयोग को दोषी ठहराने लगते हैं। न्यायालय मेरिट के आधार पर फैसला दे तो न्यायपालिका को भी कटघरे में खड़ा करने और धमकाने का प्रयास किया जाता है। अन्य संवैधानिक संस्थाओं के प्रति भी कांग्रेस का यही रवैया है। गाली-गलौज करना, संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना और अव्यवस्था फैलाना उसकी राजनीतिक प्रवृत्ति बन गई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति इस प्रकार का आचरण उचित नहीं है।

कांग्रेस को बदलना चाहिए अपना नेतृत्व

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस के लोगों को अपने नेतृत्व की अकर्मण्यता और भ्रष्ट आचरण पर विचार करना चाहिए। जिस नेतृत्व पर जनता का विश्वास नहीं रह गया है, उसे बदलने की आवश्यकता है। अपनी राजनीतिक असफलताओं का ठीकरा लोकतांत्रिक संस्थाओं पर फोड़ने से कांग्रेस का खोया जनाधार वापस नहीं आएगा। उन्होंने कांग्रेस को देश में अराजकता फैलाने और जनता तथा युवाओं को गुमराह करने से बाज आने की नसीहत दी।

अराजकता जारी रही तो बचा-खुचा भी गंवाना पड़ेगा

मुख्यमंत्री योगी ने चेताया कि कांग्रेस को देश की जनता की लोकतांत्रिक चेतना को कम करके नहीं आंकना चाहिए। जनता अराजकता और असंवैधानिक कृत्यों को अधिक दिनों तक सहन नहीं करेगी। कांग्रेस ने अपना रवैया नहीं बदला और इसी प्रकार अलोकतांत्रिक तरीकों से अस्थिरता पैदा करती रही तो राजनीतिक रूप से जो कुछ बचा है, वह भी गंवाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अराजकता छोड़कर मुद्दों और मेरिट के आधार पर चर्चा करनी चाहिए। स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बनना ही उसके लिए उचित होगा। यही देश के लोकतंत्र और जनता के हित में भी है।

मातृशक्ति का सम्मान ही विकसित उत्तर प्रदेश का आधार : योगी आदित्यनाथ

शारदीय नवरात्र पर प्रदेशवासियों के नाम सीएम ने लिखी पाती, नारी सुरक्षा और स्वावलंबन को बताया आदिशक्ति की सच्ची आराधना

मुख्यमंत्री योगी का आह्वान, किसी बहन की सुरक्षा के लिए उसकी आवाज बनें, किसी बालिका की शिक्षा में करें सहयोग

यूपी पुलिस में 44 हजार से अधिक महिलाएं, भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण, वीरांगनाओं के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन

10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं एक करोड़ से ज्यादा महिलाएं, आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिल रही नई दिशा

लखनऊ, 12 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र पर प्रदेशवासियों के नाम पाती लिखकर मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प का आधार बताया है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि आदिशक्ति की आराधना तभी पूर्ण होगी, जब प्रदेश की हर महिला सुरक्षित, सम्मानित और स्वावलंबी बनेगी। नवरात्र केवल शक्ति की उपासना का पर्व नहीं, बल्कि अहंकार, दुराग्रह और नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विजय का संदेश भी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि किसी बहन की सुरक्षा के लिए उसकी आवाज बनें, किसी बालिका की शिक्षा में सहयोग करें और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में उनका संबल बनें।

मुख्यमंत्री योगी ने अपनी पाती में महिषासुरमर्दिनी की विजय और प्रभु श्रीराम की शक्ति साधना का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि देवताओं की सामूहिक ऊर्जा से प्रकट हुईं मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना की थी। लंका विजय से पूर्व प्रभु श्रीराम ने मां जगतजननी की आराधना की थी। 108 नीलकमलों में एक कम पड़ने पर उन्होंने अपना नयन अर्पित करने का निश्चय किया। उनकी अटूट भक्ति और संकल्प से प्रसन्न होकर मां ने विजय का वरदान दिया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि ममता और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति मां जगतजननी आवश्यकता पड़ने पर चंडी का रूप भी धारण करती हैं। उनके नौ स्वरूप विनम्रता, साहस, शक्ति, संकल्प और न्याय की प्रेरणा देते हैं।

मिशन शक्ति से महिलाओं को मिला सुरक्षा और सम्मान का संबल

मुख्यमंत्री योगी ने वर्ष 2020 में शारदीय नवरात्र पर शुरू किए गए मिशन शक्ति अभियान का उल्लेख करते हुए लिखा कि इसका उद्देश्य नारी सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को जनभागीदारी से जोड़ना है। प्रदेश सरकार बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 44 हजार से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। वीरांगना ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई कोरी और रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन गठित की गई हैं।

एक करोड़ से अधिक महिलाएं बन रहीं स्वावलंबी

मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में लिखा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बालिकाओं की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को प्रोत्साहन दे रही है। प्रदेश में 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर एक करोड़ से ज्यादा महिलाएं स्वावलंबन की नई गाथा लिख रही हैं। उन्होंने नारी सशक्तीकरण के लिए महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी महत्वपूर्ण बताया।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण का केंद्र बन रहा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी ने लिखा कि मां विंध्यवासिनी, मां पाटेश्वरी और मां शाकुम्भरी जैसे प्रमुख शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रमाण है। विशेष रूप से युवाओं की बढ़ती सहभागिता नई पीढ़ी के अपनी परंपराओं से जुड़ने का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश आस्था, संस्कृति और परंपरा के पुनर्जागरण का सशक्त केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की मंगलकामनाएं देते हुए लिखा कि मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से ही विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प की सिद्धि होगी।

उत्तर प्रदेश: अब 60 हजार ग्राम प्रहरियों का बढ़ेगा मानदेय

- मुख्यमंत्री योगी कल बरेली पुलिस लाइन में ग्राम प्रहरियों को सम्मानित कर एक हजार रुपये मानदेय बढ़ाने की करेंगे घोषणा 

- 2500 से बढ़कर 3500 रुपये होगा मासिक मानदेय, एकमुश्त 40 प्रतिशत की वृद्धि से सालाना मिलेंगे 12 हजार रुपये अतिरिक्त

- गृह विभाग से जुड़े ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि से सरकार पर सालाना करीब 84 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय

- रसोइयों, आंगनबाड़ी कर्मियों और पंचायत सहायकों के बाद अब ग्राम प्रहरियों की बारी, सामाजिक पेंशन भी बढ़ाने की तैयारी

लखनऊ, 12 अक्टूबर 2026।

प्रदेश के करीब 60 हजार ग्राम प्रहरियों को योगी सरकार बड़ी सौगात देने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 13 अक्टूबर को बरेली में उनका मानदेय एक हजार रुपये प्रतिमाह बढ़ाने की घोषणा करेंगे। इससे ग्राम प्रहरियों का मासिक मानदेय 2500 से बढ़कर 3500 रुपये हो जाएगा। एकमुश्त 40 प्रतिशत की इस वृद्धि से प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना 12 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। मुख्यमंत्री योगी बरेली पुलिस लाइन में ग्राम प्रहरियों को सम्मानित भी करेंगे। हाल के महीनों में रसोइयों, आंगनबाड़ी कर्मियों और पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाने के बाद अब सरकार ग्रामीण पुलिस व्यवस्था से जुड़े ग्राम प्रहरियों को आर्थिक राहत देने जा रही है।

गृह विभाग से जुड़े ग्राम प्रहरी गांवों में पुलिस के सूचना तंत्र की अहम कड़ी हैं। स्थानीय थानों से संबद्ध ये प्रहरी ग्रामीण क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों, आपसी विवादों और कानून व्यवस्था से जुड़ी सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाते हैं। गांवों और थानों के बीच संपर्क बनाए रखने वाले ग्राम प्रहरी लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रस्तावित घोषणा से उनकी यह मांग पूरी होने की उम्मीद है। प्रदेश में इनकी अनुमानित संख्या 60 हजार है। इस आधार पर मानदेय में बढ़ोतरी से सरकार पर प्रतिमाह करीब सात करोड़ और सालाना 84 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। इसके लिए अनुपूरक बजट में धनराशि का प्रावधान किए जाने की संभावना है।

- मानदेय बढ़ाने के फैसलों की अगली कड़ी

योगी सरकार ने हाल के महीनों में मानदेय पर कार्यरत विभिन्न वर्गों की आय बढ़ाने के निर्णय लिए हैं। परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन तैयार करने वाली करीब 3.53 लाख रसोइयों का मानदेय 2000 से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में चार हजार और सहायिकाओं के मानदेय में दो हजार रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई है। इसी तरह 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों का मानदेय 6000 से बढ़ाकर 9000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। प्रांतीय रक्षक दल के स्वयंसेवकों का दैनिक भत्ता भी 500 से बढ़ाकर 600 रुपये किया गया है। इसी क्रम में अब ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाने की तैयारी है।

- सवा करोड़ से अधिक लोगों की पेंशन भी बढ़ाने की तैयारी

मानदेय में वृद्धि के साथ ही सरकार सामाजिक पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को भी राहत देने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सैद्धांतिक सहमति के बाद वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन की राशि 1000 से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया जा रहा है। नवंबर के दूसरे पखवाड़े में इसे कैबिनेट के समक्ष लाए जाने की संभावना है। प्रदेश में 67 लाख से अधिक बुजुर्ग, 42 लाख से अधिक निराश्रित महिलाएं और 12 लाख से अधिक दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं के लाभार्थी हैं। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर प्रत्येक लाभार्थी को सालाना छह हजार रुपये अतिरिक्त पेंशन मिल सकेगी।

प्रथम एल्यूमिनाई मीट में मंत्री असीम अरुण ने दिया ‘गिव बैक टू सोसाइटी’ का संदेश

- चेन रिएक्शन व्यवस्था और डिजिटल पहल पर जोर

लखनऊ: 11 अक्टूबर 2026। गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में रविवार को पहली एल्यूमिनाई मीट का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के मंत्री असीम अरुण ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में विभिन्न प्रशासनिक एवं राज्य सेवाओं में चयनित पूर्व छात्रों (एल्यूमिनाई) और वर्तमान अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। गौरतलब है कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (UPPSC) में समाज कल्याण द्वारा संचालित कोचिंगों से 74 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।

- सफलता व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी

मुख्य अतिथि मंत्री असीम अरुण ने संबोधन में कहा कि भागीदारी भवन से सफलता प्राप्त करना कठिन परिश्रम और संकल्प का परिणाम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वास्तविक सफलता वही है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सके। मंत्री ने सभी सफल एल्यूमिनाई से अपील की कि वे जिस संस्थान और समाज से आगे बढ़े हैं, उसके प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने चयनित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे वर्तमान विद्यार्थियों के लिए नियमित ऑनलाइन/ऑफलाइन मेंटरशिप सत्र, मॉक इंटरव्यू और अध्ययन सामग्री मार्गदर्शन जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।

- चेन रिएक्शन व्यवस्था और डिजिटल पहल दूर-दराज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं, वीडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल संसाधनों की एक निरंतर श्चेन रिएक्शनश् व्यवस्था तैयार करने पर विशेष बल दिया गया। सार्वजनिक सेवाओं और प्रशासनिक पदों पर कार्यरत अधिकारियों को सलाह दी गई कि वे वंचित, ग्रामीण एवं जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझें और निष्पक्षता, पारदर्शिता तथा ईमानदारी को अपने कार्य का मूल मंत्र बनाएं।

- एल्यूमिनाई द्वारा लिए गए प्रमुख संकल्प

प्रत्येक चयनित छात्र कम-से-कम कुछ जरूरतमंद अभ्यर्थियों को निरंतर मेंटरशिप प्रदान करेगा। अध्ययन सामग्री, परीक्षा रणनीति और इंटरव्यू अनुभव साझा करने हेतु एक स्थायी नेटवर्क स्थापित किया जाएगा।

कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, एडिशनल एसपी संजय सागर, समाज कल्याण डीडी आनंद कुमार सिंह, जॉइंट कमिश्नर (राज्य कर) सुरेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी पवन कुमार यादव, तथा क्षेत्रीय अध्यक्ष (अनुसूचित जाति मोर्चा, काशी) शैलेश राम सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे तो अखिलेश की जब्त हो जाएगी जमानत : ओम प्रकाश राजभर
- 'अयोध्या में लग रहा डर तो जहूराबाद से लड़ें चुनाव अखिलेश यादव', ओम प्रकाश राजभर ने दी चुनौती
- 'लीज और बिक्री का अंतर नहीं पता?' जेपीएनआईसी के मुद्दे पर अखिलेश पर बरसे ओपी राजभर
- 'पहले अपने 5 साल का हिसाब दें अखिलेश', राजभर ने सपा सुप्रीमो पर साधा निशाना

लखनऊ, 11 अक्टूबर। सुभासपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने कहा कि अगर अखिलेश यादव अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे तो अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएंगे। जेपीएनआईसी के मुद्दे पर भी उन्होंने सपा प्रमुख को घेरते हुए कहा कि अखिलेश यादव को लीज और बिक्री का अंतर नहीं पता है।
- अयोध्या से डर लग रहा तो जहूराबाद से चुनाव लड़ें अखिलेश
राजभर ने कहा कि अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए अखिलेश यादव ने खुद चुनौती दी थी और अब  मुख्यमंत्री ने उसे स्वीकार कर लिया है। अब अखिलेश को अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए। राजभर ने दावा किया कि वहां चुनाव लड़ने पर अखिलेश यादव की जमानत जब्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश अयोध्या से चुनाव नहीं लड़ना चाहते तो जहूराबाद आकर उनसे मुकाबला कर सकते हैं।
- 200 करोड़ का प्रोजेक्ट 865 करोड़ तक पहुंचा, फिर भी अधूरा
जेपीएनआईसी को बेचने के आरोप पर राजभर ने अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि परियोजना की शुरुआती लागत 200 करोड़ रुपये थी, जो सपा सरकार के कार्यकाल में बढ़कर 865 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, लेकिन परियोजना पूरी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएनआईसी के आठ सदस्यों में सात अखिलेश यादव के करीबी थे और अखिलेश यादव खुद भी उसमें शामिल थे। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि संस्थान के होटल, क्लब और आय के अन्य स्रोतों पर अखिलेश यादव और उनके परिवार के लोगों का प्रभाव था।
राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने जेपीएनआईसी को 30 साल की लीज पर दिया है। उन्होंने अखिलेश यादव के इसे बेचे जाने के आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा कि लीज पर देने और संपत्ति बेचने में अंतर होता है।
- अखिलेश अपने पांच साल के कार्यकाल को देखें
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ और इस मामले में उत्तर प्रदेश के लोगों को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर राजभर ने कहा कि सपा प्रमुख को अपने पांच साल के शासनकाल को भी देखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई पुलिस के साथ बदसलूकी करेगा तो क्या पुलिस उस पर फूल बरसाएगी? राजभर ने कहा कि पुलिस को अपनी सुरक्षा के साथ-साथ देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी होती है।
साइबर धोखाधड़ी में प्रयुक्त म्यूल बैंक खाते के मामले में वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, 01 मोबाइल फोन बरामद

*घटना का संक्षिप्त विवरणः-*
गोगो गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित एनसीआरपी पोर्टल, समन्वय, प्रतिबिम्ब एवं अन्य डिजिटल इंटेलिजेंस माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं के परीक्षण में अभियुक्त दिवाकर शुक्ला पुत्र विजय कुमार शुक्ला निवासी ग्राम सेवरही सेवराहा, थाना खरगूपुर, जनपद गोण्डा से संबंधित कैनरा बैंक खाते एवं लिंक मोबाइल नंबरों के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों से साइबर अपराध की 02 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी प्राप्त हुई। जांच में प्रकाश में आया कि संबंधित बैंक खाते का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि के लेन-देन हेतु म्यूल बैंक खाते के रूप में किया जा रहा था। उक्त प्रकरण में दोनों शिकायतकर्ताओं को कुल लगभग ₹5,04,800 की आर्थिक क्षति होने का उल्लेख है। इस संबंध में थाना खरगूपुर पर अभियोग पंजीकृत किया गया था।*कार्यवाहीः *
दिनांक 11.10.2026 को उपनिरीक्षक शंकर सोनकर मय हमराह कांस्टेबल गौरव सिंह क्षेत्र में वांछित अभियुक्त की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि अभियुक्त दिवाकर शुक्ला सेवरहा तिराहे पर मौजूद है तथा कहीं भागने की फिराक में है। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्त के कब्जे से 01 अदद मोबाइल फोन बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरूद्ध थाना खरगूपुर पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया जाय समय-समय पर प्रशिक्षण : केशव प्रसाद मौर्य

- उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रशासनिक व विधिक दक्षता बढ़ाने पर दिया जोर

- विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश

- अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा नियमों, न्यायालयीन प्रकरणों तथा वित्तीय प्रक्रियाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

लखनऊ, 11 अक्टूबर, 2026।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रशासनिक और विधिक दक्षता को सुदृढ़ बनाने के लिए उन्हें नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभागीय नियमों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं, न्यायालयीन प्रकरणों तथा वित्तीय प्रबंधन से संबंधित विषयों पर समय-समय पर प्रशिक्षण दिलाया जाए, जिससे विभागीय कार्यों का निष्पादन अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित हो सके।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में ग्राम्य विकास विभाग के मुख्यालय तथा दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रशासनिक व विधिक दक्षता संवर्धन के उद्देश्य से शनिवार को एक दिवसीय स्थापना संबंधी प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जवाहर भवन स्थित आयुक्त, ग्राम्य विकास कार्यालय के दसवें तल के सभागार में आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा संबंधी नियमों, अनुशासनात्मक कार्यवाही, न्यायालयीन प्रकरणों के निस्तारण, अभिलेखों के रखरखाव तथा वित्तीय एवं सेवा संबंधी प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में अपर आयुक्त सुश्री नेहा बन्धु (वीबी-जी राम जी), संयुक्त आयुक्त प्रशासन जंग बहादुर यादव, उपायुक्त ग्राम्य विकास राकेश रंजन तथा दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के उपनिदेशक अनुज श्रीवास्तव, वरिष्ठ सलाहकार रमेश चन्द्र शुक्ला एवं सहायक निदेशक और सत्र निदेशक डॉ. राज किशोर सहित प्रशिक्षण टीम के सदस्य तथा विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने विभागीय कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रथम सत्र में सेवानिवृत्त विशेष सचिव श्री डी.पी. सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 तथा उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों से संबंधित शासकीय प्रक्रियाओं पर प्रकाश डालते हुए प्रति शपथ पत्र, प्रत्युत्तर शपथ पत्र, स्थगन आवेदन, कैविएट, शीघ्र सुनवाई आवेदन तथा अनुपालन शपथ पत्र तैयार करने की विधिक प्रक्रियाओं एवं आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया।
इसके बाद सेवानिवृत्त अपर निदेशक नरेन्द्र भूषण ने वादों से संबंधित अभिलेखों के व्यवस्थित रखरखाव तथा वित्तीय प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया। अंतिम विषयगत सत्र में सेवानिवृत्त लेखा परीक्षा अधिकारी अनिल कुमार श्रीवास्तव ने अवकाश नियमों, यात्रा भत्ता नियमों तथा वेतन एवं पेंशन निर्धारण से संबंधित प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को विभागीय दायित्वों के निर्वहन में नियमों के उचित अनुपालन तथा प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
कार्यशाला के समापन सत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मूल्यांकन किया गया। प्रतिभागी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस पहल को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से विभागीय नियमों की बेहतर समझ विकसित होती है तथा प्रशासनिक एवं विधिक प्रकरणों के निस्तारण में तेजी और कार्यकुशलता आती है।
दिल्ली के हिंसक प्रदर्शन के लिए यूपी के लोगों को जिम्मेदार ठहराने पर घिरे अखिलेश, भाजपा ने बताया प्रदेश का अपमान
*यूपी के लोगों का अपमान कर रहे अखिलेश, विधानसभा चुनाव में जनता सपा को सबक सिखाएगी: भाजपा प्रवक्ता*
*'अखिलेश में अयोध्या से लड़ने का साहस नहीं, सीएम योगी से माफी मांगें', राकेश त्रिपाठी का तीखा हमला*
*'JPNIC के जरिए अखिलेश ने अपनी तिजोरी भरी', बीजेपी प्रवक्ता ने सपा को घेरा*

लखनऊ, 11 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। रविवार को अखिलेश यादव ने दिल्ली में जारी हिंसक प्रदर्शन के पीछे उत्तर प्रदेश के लोगों का हाथ बताया था। उनके इस बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख ने प्रदेश के लोगों और नौजवानों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इसके अलावा राकेश त्रिपाठी ने अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती और जेपीएनआईसी के मुद्दे पर भी अखिलेश को घेरा।
*अखिलेश ने यूपी के लोगों का अपमान किया*
राकेश त्रिपाठी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में संभावित हार को देखते हुए अखिलेश यादव बौखलाहट में बयान दे रहे हैं। हताशा और निराशा में वह ऊल-जुलूल बातें कर उत्तर प्रदेश के लोगों को अपमानित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश अब तक अपराधियों और आरोपियों की जाति और मजहब के आधार पर बयान देते थे, लेकिन अब क्षेत्र के आधार पर भी लोगों को अपमानित कर रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश के नौजवान इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने अपने पैर पर खुद कुल्हाड़ी मार ली है। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई पूर्व मुख्यमंत्री अपने ही प्रदेश के लोगों को बदनाम कैसे कर सकता है।
*अयोध्या से चुनाव लड़ें अखिलेश, नहीं तो मांगें माफी*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देने के मुद्दे पर राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव अपने ही बड़बोलेपन में फंस गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी, जिसे योगी आदित्यनाथ ने स्वीकार करते हुए अखिलेश को भी अयोध्या से मैदान में उतरने का न्योता दे दिया।
राकेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अयोध्या से चुनाव लड़ने का साहस नहीं है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को या तो मुख्यमंत्री योगी की चुनौती स्वीकार कर अयोध्या से चुनाव लड़ना चाहिए या सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए कि गलती से उनके मुंह से यह बात निकल गई थी।
*जेपीएनआईसी पर अखिलेश को घेरा*
लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर अखिलेश यादव द्वारा जेपीएनआईसी का मुद्दा उठाए जाने पर राकेश त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी पर जेपी के सिद्धांतों, व्यवहार और आदर्शों को भुलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण ने आपातकाल के खिलाफ आंदोलन किया और कांग्रेस के विरोध में अपनी राजनीति की, लेकिन आज समाजवादी पार्टी उनके सिद्धांतों को भुला चुकी है।
त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि जेपी के नाम पर अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाने के बहाने अखिलेश यादव ने अपनी तिजोरी भरी।  संचालन समिति में अपने परिवार के सदस्यों को रखा ताकि जीवन भर भ्रष्टाचार किया जा सके। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि आखिर 200 करोड़ में बनने वाला जेपीएनआईसी 850 करोड़ खर्च करने के बाद अधूरा क्यों छोड़ा गया।
बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई समस्या,गोमती मित्रों के लिए स्वच्छता बनी तपस्या
*नालों की गंदगी तट पर जमा होने से सफाई चुनौतीपूर्ण, नवरात्रि में श्रद्धालुओं की सुरक्षा का भी रखना है ध्यान*
सुलतानपुर:-
सीताकुंड धाम में रविवार को गोमती मित्र मंडल का साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान बढ़ते जलस्तर और नदी के तेज बहाव के बीच संपन्न हुआ। प्रातः छह बजे से ही गोमती मित्रों ने धाम पहुंचकर साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया।
नालों का पानी सीधे गोमती नदी में गिरने के कारण तेज बहाव की वजह से नालों की गंदगी तट पर जमा हो रही है जिससे सफाई चुनौतीपूर्ण हो गई है। इसके बावजूद गोमती मित्रों ने स्वच्छता अभियान जारी रखते हुये श्रमदान किया।
नवरात्रि के चलते धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ रही है ऐसे में गोमती मित्रों के सामने स्वच्छता बनाए रखने के साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ध्यान रखने की जिम्मेदारी भी है ।
साथ ही जिलाध्यक्ष अजीत शर्मा के नेतृत्व में कुछ गोमती मित्रों ने बंधुआ कलां स्थित श्री विंध्यवासिनी माता मंदिर में श्रमदान कर श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
सुबह छह बजे शुरू हुआ श्रमदान प्रातः दस बजे तक चला जिसमें प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,प्रदेश प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी,दिनकर सिंह,राजेश पाठक,राकेश सिंह दद्दू,मुन्ना सोनी,रामु सोनी,आलोक तिवारी,अजीत शर्मा,अभय मिश्रा,आशु उपाध्याय, अशोक,अरुण अग्रहरि,दीपू आदि उपस्थित रहे।