साइबर धोखाधड़ी में प्रयुक्त म्यूल बैंक खाते के मामले में वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, 01 मोबाइल फोन बरामद

*घटना का संक्षिप्त विवरणः-*
गोगो गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित एनसीआरपी पोर्टल, समन्वय, प्रतिबिम्ब एवं अन्य डिजिटल इंटेलिजेंस माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं के परीक्षण में अभियुक्त दिवाकर शुक्ला पुत्र विजय कुमार शुक्ला निवासी ग्राम सेवरही सेवराहा, थाना खरगूपुर, जनपद गोण्डा से संबंधित कैनरा बैंक खाते एवं लिंक मोबाइल नंबरों के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों से साइबर अपराध की 02 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी प्राप्त हुई। जांच में प्रकाश में आया कि संबंधित बैंक खाते का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि के लेन-देन हेतु म्यूल बैंक खाते के रूप में किया जा रहा था। उक्त प्रकरण में दोनों शिकायतकर्ताओं को कुल लगभग ₹5,04,800 की आर्थिक क्षति होने का उल्लेख है। इस संबंध में थाना खरगूपुर पर अभियोग पंजीकृत किया गया था।*कार्यवाहीः *
दिनांक 11.10.2026 को उपनिरीक्षक शंकर सोनकर मय हमराह कांस्टेबल गौरव सिंह क्षेत्र में वांछित अभियुक्त की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि अभियुक्त दिवाकर शुक्ला सेवरहा तिराहे पर मौजूद है तथा कहीं भागने की फिराक में है। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्त के कब्जे से 01 अदद मोबाइल फोन बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरूद्ध थाना खरगूपुर पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया जाय समय-समय पर प्रशिक्षण : केशव प्रसाद मौर्य

- उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रशासनिक व विधिक दक्षता बढ़ाने पर दिया जोर

- विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश

- अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा नियमों, न्यायालयीन प्रकरणों तथा वित्तीय प्रक्रियाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

लखनऊ, 11 अक्टूबर, 2026।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रशासनिक और विधिक दक्षता को सुदृढ़ बनाने के लिए उन्हें नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभागीय नियमों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं, न्यायालयीन प्रकरणों तथा वित्तीय प्रबंधन से संबंधित विषयों पर समय-समय पर प्रशिक्षण दिलाया जाए, जिससे विभागीय कार्यों का निष्पादन अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित हो सके।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में ग्राम्य विकास विभाग के मुख्यालय तथा दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रशासनिक व विधिक दक्षता संवर्धन के उद्देश्य से शनिवार को एक दिवसीय स्थापना संबंधी प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जवाहर भवन स्थित आयुक्त, ग्राम्य विकास कार्यालय के दसवें तल के सभागार में आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा संबंधी नियमों, अनुशासनात्मक कार्यवाही, न्यायालयीन प्रकरणों के निस्तारण, अभिलेखों के रखरखाव तथा वित्तीय एवं सेवा संबंधी प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में अपर आयुक्त सुश्री नेहा बन्धु (वीबी-जी राम जी), संयुक्त आयुक्त प्रशासन जंग बहादुर यादव, उपायुक्त ग्राम्य विकास राकेश रंजन तथा दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के उपनिदेशक अनुज श्रीवास्तव, वरिष्ठ सलाहकार रमेश चन्द्र शुक्ला एवं सहायक निदेशक और सत्र निदेशक डॉ. राज किशोर सहित प्रशिक्षण टीम के सदस्य तथा विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने विभागीय कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रथम सत्र में सेवानिवृत्त विशेष सचिव श्री डी.पी. सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 तथा उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों से संबंधित शासकीय प्रक्रियाओं पर प्रकाश डालते हुए प्रति शपथ पत्र, प्रत्युत्तर शपथ पत्र, स्थगन आवेदन, कैविएट, शीघ्र सुनवाई आवेदन तथा अनुपालन शपथ पत्र तैयार करने की विधिक प्रक्रियाओं एवं आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया।
इसके बाद सेवानिवृत्त अपर निदेशक नरेन्द्र भूषण ने वादों से संबंधित अभिलेखों के व्यवस्थित रखरखाव तथा वित्तीय प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया। अंतिम विषयगत सत्र में सेवानिवृत्त लेखा परीक्षा अधिकारी अनिल कुमार श्रीवास्तव ने अवकाश नियमों, यात्रा भत्ता नियमों तथा वेतन एवं पेंशन निर्धारण से संबंधित प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को विभागीय दायित्वों के निर्वहन में नियमों के उचित अनुपालन तथा प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
कार्यशाला के समापन सत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मूल्यांकन किया गया। प्रतिभागी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस पहल को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से विभागीय नियमों की बेहतर समझ विकसित होती है तथा प्रशासनिक एवं विधिक प्रकरणों के निस्तारण में तेजी और कार्यकुशलता आती है।
दिल्ली के हिंसक प्रदर्शन के लिए यूपी के लोगों को जिम्मेदार ठहराने पर घिरे अखिलेश, भाजपा ने बताया प्रदेश का अपमान
*यूपी के लोगों का अपमान कर रहे अखिलेश, विधानसभा चुनाव में जनता सपा को सबक सिखाएगी: भाजपा प्रवक्ता*
*'अखिलेश में अयोध्या से लड़ने का साहस नहीं, सीएम योगी से माफी मांगें', राकेश त्रिपाठी का तीखा हमला*
*'JPNIC के जरिए अखिलेश ने अपनी तिजोरी भरी', बीजेपी प्रवक्ता ने सपा को घेरा*

लखनऊ, 11 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। रविवार को अखिलेश यादव ने दिल्ली में जारी हिंसक प्रदर्शन के पीछे उत्तर प्रदेश के लोगों का हाथ बताया था। उनके इस बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख ने प्रदेश के लोगों और नौजवानों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इसके अलावा राकेश त्रिपाठी ने अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती और जेपीएनआईसी के मुद्दे पर भी अखिलेश को घेरा।
*अखिलेश ने यूपी के लोगों का अपमान किया*
राकेश त्रिपाठी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में संभावित हार को देखते हुए अखिलेश यादव बौखलाहट में बयान दे रहे हैं। हताशा और निराशा में वह ऊल-जुलूल बातें कर उत्तर प्रदेश के लोगों को अपमानित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश अब तक अपराधियों और आरोपियों की जाति और मजहब के आधार पर बयान देते थे, लेकिन अब क्षेत्र के आधार पर भी लोगों को अपमानित कर रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश के नौजवान इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने अपने पैर पर खुद कुल्हाड़ी मार ली है। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई पूर्व मुख्यमंत्री अपने ही प्रदेश के लोगों को बदनाम कैसे कर सकता है।
*अयोध्या से चुनाव लड़ें अखिलेश, नहीं तो मांगें माफी*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देने के मुद्दे पर राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव अपने ही बड़बोलेपन में फंस गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी, जिसे योगी आदित्यनाथ ने स्वीकार करते हुए अखिलेश को भी अयोध्या से मैदान में उतरने का न्योता दे दिया।
राकेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अयोध्या से चुनाव लड़ने का साहस नहीं है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को या तो मुख्यमंत्री योगी की चुनौती स्वीकार कर अयोध्या से चुनाव लड़ना चाहिए या सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए कि गलती से उनके मुंह से यह बात निकल गई थी।
*जेपीएनआईसी पर अखिलेश को घेरा*
लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर अखिलेश यादव द्वारा जेपीएनआईसी का मुद्दा उठाए जाने पर राकेश त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी पर जेपी के सिद्धांतों, व्यवहार और आदर्शों को भुलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण ने आपातकाल के खिलाफ आंदोलन किया और कांग्रेस के विरोध में अपनी राजनीति की, लेकिन आज समाजवादी पार्टी उनके सिद्धांतों को भुला चुकी है।
त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि जेपी के नाम पर अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाने के बहाने अखिलेश यादव ने अपनी तिजोरी भरी।  संचालन समिति में अपने परिवार के सदस्यों को रखा ताकि जीवन भर भ्रष्टाचार किया जा सके। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि आखिर 200 करोड़ में बनने वाला जेपीएनआईसी 850 करोड़ खर्च करने के बाद अधूरा क्यों छोड़ा गया।
बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई समस्या,गोमती मित्रों के लिए स्वच्छता बनी तपस्या
*नालों की गंदगी तट पर जमा होने से सफाई चुनौतीपूर्ण, नवरात्रि में श्रद्धालुओं की सुरक्षा का भी रखना है ध्यान*
सुलतानपुर:-
सीताकुंड धाम में रविवार को गोमती मित्र मंडल का साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान बढ़ते जलस्तर और नदी के तेज बहाव के बीच संपन्न हुआ। प्रातः छह बजे से ही गोमती मित्रों ने धाम पहुंचकर साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया।
नालों का पानी सीधे गोमती नदी में गिरने के कारण तेज बहाव की वजह से नालों की गंदगी तट पर जमा हो रही है जिससे सफाई चुनौतीपूर्ण हो गई है। इसके बावजूद गोमती मित्रों ने स्वच्छता अभियान जारी रखते हुये श्रमदान किया।
नवरात्रि के चलते धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ रही है ऐसे में गोमती मित्रों के सामने स्वच्छता बनाए रखने के साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ध्यान रखने की जिम्मेदारी भी है ।
साथ ही जिलाध्यक्ष अजीत शर्मा के नेतृत्व में कुछ गोमती मित्रों ने बंधुआ कलां स्थित श्री विंध्यवासिनी माता मंदिर में श्रमदान कर श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
सुबह छह बजे शुरू हुआ श्रमदान प्रातः दस बजे तक चला जिसमें प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,प्रदेश प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी,दिनकर सिंह,राजेश पाठक,राकेश सिंह दद्दू,मुन्ना सोनी,रामु सोनी,आलोक तिवारी,अजीत शर्मा,अभय मिश्रा,आशु उपाध्याय, अशोक,अरुण अग्रहरि,दीपू आदि उपस्थित रहे।
दशहरा-दीपावली के मद्देनजर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने की विभागीय समीक्षा, अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश
*मंदिरों, पूजा पंडालों और विसर्जन मार्गों पर विशेष सफाई, गड्ढामुक्ति एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के निर्देश*
*फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में जल निकासी के लिए युद्ध स्तर पर कार्यवाही करें अधिकारी : एके शर्मा*
*मंत्री ने कहा - त्योहारों के दौरान रात्रि में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित रहे

लखनऊ, 11अक्टूबर, 2026।
आगामी दशहरा और दीपावली सहित अन्य त्योहारों के दौरान प्रदेशवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों को त्योहारों के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने तथा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए।
नगर विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने नगरीय क्षेत्रों में व्यापक साफ-सफाई, गड्ढामुक्ति, जल निकासी, कूड़ा निस्तारण, फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और प्रकाश व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दशहरा और दीपावली प्रकाश, उल्लास एवं उत्सव के पर्व हैं। ऐसे में सभी नगरीय निकायों में साफ-सफाई और प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंत्री श्री शर्मा ने विशेष रूप से मंदिरों, पूजा पंडालों तथा मूर्ति विसर्जन वाले मार्गों पर गड्ढामुक्ति अभियान चलाने और व्यापक साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी नगर आयुक्तों से उनके क्षेत्रों में त्योहारों की तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की आवाजाही सुगम एवं सुरक्षित रहनी चाहिए। इसके लिए सड़कों की मरम्मत, कूड़े का नियमित उठान, जलभराव की समस्या का समाधान और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था समय से सुनिश्चित की जाए।
लखनऊ में फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री शर्मा ने जल निकासी के कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी के बाद व्यापक स्तर पर फॉगिंग कराई जाए और एंटी लार्वा का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए, ताकि मच्छरजनित बीमारियों के प्रसार की आशंका को कम किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने आगामी त्योहारों में विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय समय से पूरे कर लिए जाएं। पूजा पंडालों का निरीक्षण कर विद्युत सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
उन्होंने जुलूस एवं शोभायात्राओं के निर्धारित मार्गों का सर्वेक्षण कराने और वहां से गुजरने वाले विद्युत तारों की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जुलूस मार्गों पर बिजली के तार ढीले या नीचे लटके हुए नहीं होने चाहिए। जहां भी ऐसी स्थिति मिले, उसे तत्काल ठीक कराया जाए। विद्युत सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में त्योहार मना सकें।
मंत्री श्री शर्मा ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहारों के दौरान रात के समय भी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने कुशल संविदा कर्मियों को पुनः सेवा में रखने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए, ताकि विद्युत व्यवस्था के संचालन और रखरखाव में अनुभवी कर्मियों की सेवाएं ली जा सकें।
बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरु प्रसाद, प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद, अपर निदेशक नगरीय निकाय श्रीमती ऋतु सुहास सहित प्रदेश के सभी संबंधित नगर आयुक्त तथा नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।
नारी का सम्मान और स्वावलंबन ही रामराज्य का आधार : सीएम योगी

2017 से पहले हर पांचवीं बेटी छोड़ देती थी पढ़ाई, स्कूलों में नहीं थीं बुनियादी सुविधाएं : मुख्यमंत्री

देवीपाटन मंदिर प्रांगण में 'शिक्षा की उड़ान' पहल के तहत मुख्यमंत्री योगी ने बांटे स्टडी टेबल और आशीर्वाद पत्र

नवरात्रि के पहले दिन नौ कन्याओं का तिलक कर ओढ़ाई चुनरी, अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर किया सम्मानित

पहले 60 से 70 प्रतिशत बेटियां नंगे पैर जाती थीं स्कूल, अब 1.60 करोड़ बच्चों को मिल रही सुविधाएं

सीएम बोले- महिलाओं को आवास का मालिकाना हक, एक करोड़ से अधिक घरौनियों में भी मिला अधिकार

कहा - भारतीय नारी ने हर कालखंड में साबित किया अपना सामर्थ्य, नारी सम्मान हमारी संस्कृति की पहचान

बिना भेदभाव हर वर्ग तक विकास पहुंचने से ही पूरा होगा विकसित भारत का संकल्प : मुख्यमंत्री योगी

 बलरामपुर, 11 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नारी को सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन मिलेगा तो रामराज्य की स्थापना को कोई ताकत नहीं रोक सकती। मां भगवती की आराधना का वास्तविक अर्थ भी यही है कि समाज हर महिला के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में हर पांचवीं बेटी स्कूल में दाखिला लेने के बाद बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती थी। स्कूलों में शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं नहीं थीं। आज प्रदेश के 1.60 करोड़ बच्चों को हर साल दो यूनिफॉर्म, बैग, पुस्तकें, स्वेटर और जूते-मोजे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बेटियों की शिक्षा और महिलाओं का स्वावलंबन सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री योगी रविवार को देवीपाटन मंदिर प्रांगण में शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित 'शिक्षा की उड़ान' पहल के तहत स्टडी टेबल एवं आशीर्वाद पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवदुर्गा स्वरूप नौ कन्याओं का तिलक किया, चुनरी ओढ़ाई और चॉकलेट भेंट की। बेटियों को सम्मानित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की उपासना की परंपरा रही है। नवरात्रि इसी संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और विजयदशमी पर भगवान राम के विजय उत्सव को भव्यता से मनाने की बात कही।

स्कूल छोड़ने वाली बेटियों की जांच कराई तो सामने आई हकीकत

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद उन्होंने बड़ी संख्या में बेटियों के स्कूल छोड़ने की वजह पूछी। पहले विद्यालयों की दूरी को कारण बताया गया। जांच के लिए टीम गठित की तो सामने आया कि स्कूलों में शौचालय और पेयजल तक की व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय बनवाने, पेयजल उपलब्ध कराने और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। उस समय 60 से 70 प्रतिशत बेटियां नंगे पैर स्कूल जाती थीं। कई बच्चों के पास सर्दियों में स्वेटर तक नहीं होते थे। सरकार ने बच्चों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और अन्य सुविधाएं देने की व्यवस्था शुरू की।

सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प से सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदली जा रही है। स्कूलों में बेहतर फर्श और फर्नीचर के साथ स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित हो रही हैं। जिन बच्चों की पहुंच कभी कंप्यूटर तक नहीं थी, वे भी आधुनिक शिक्षा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने आकांक्षी जनपद में मंडलायुक्त और जिला प्रशासन की स्टडी टेबल वितरण पहल की सराहना की। कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और स्वावलंबन का लाभ बिना भेदभाव हर वर्ग तक पहुंचेगा।

घर की मालकिन के नाम जाएगी आवास की धनराशि

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना में धनराशि घर की महिला मुखिया के नाम जाएगी। मकान का मालिकाना अधिकार भी उसी का होगा। उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन महिलाओं के नाम दिए जा रहे हैं। एक करोड़ से अधिक परिवारों को मिली घरौनी में महिला सदस्यों को मालिकाना अधिकार मिला है। तीन करोड़ से अधिक घरों में शौचालय निर्माण नारी गरिमा की रक्षा का भी अभियान है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 1.10 करोड़ परिवारों को वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन के तहत सालाना 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।

अहिल्याबाई से लक्ष्मीबाई तक नारी शक्ति के उदाहरण

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि माता कौशल्या, जानकी, शबरी, देवकी, यशोदा, द्रौपदी, मैत्रेयी और गार्गी भारतीय नारी के सामर्थ्य की प्रतीक हैं। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और केदारनाथ सहित अनेक मंदिरों का पुनरुद्धार कराया। रानी लक्ष्मीबाई ने 25 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध किया और 26 वर्ष में बलिदान हो गईं। अवंतीबाई लोधी, ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई ने भी देश के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि भारत में संविधान निर्माण के साथ ही महिलाओं को पुरुषों के बराबर मतदान का अधिकार मिला।

फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन, किसानों को सौंपे उपकरण

मुख्यमंत्री योगी ने फीता काटकर विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कृषि, उद्यान, रेशम विकास, पराग मिल्क और कृषि विज्ञान केंद्र के स्टॉलों का अवलोकन किया। विराट किसान मेले में कस्टम हायरिंग सेंटर के तहत किसानों को चाबियां सौंपीं और कीटनाशक छिड़काव यंत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सरयू नहर परियोजना पूरी हो चुकी है। इसकी शाखाओं का विस्तार कृषि विकास को गति देगा। कृषि मेले से किसानों को नई तकनीक और नवाचार समझने का अवसर मिलेगा।

बच्चों को स्टडी टेबल, आशीर्वाद पत्र और स्टेशनरी किट

मुख्यमंत्री योगी ने बेसिक और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के बच्चों को स्टडी टेबल देकर प्रोत्साहित किया। हीरालाल, अर्चना, काजल, प्रभु जायसवाल, निसफा, गणेश, चांदनी, शालू, बेबी, रुद्राणी, सानिया और सुधा को आशीर्वाद पत्र तथा स्टेशनरी किट दी। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं को ट्रैक सूट वितरित किए। बच्चों ने अपनी लिखी कविताओं की प्रकाशित पुस्तक भी मुख्यमंत्री योगी को भेंट की।

बेटियों का सम्मान सनातन परंपरा का उदाहरण : कैलाश नाथ शुक्ला

तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने कहा कि देवीपाटन मंदिर प्रांगण में नवरात्रि पर कन्याओं का पूजन और प्रतिभावान बच्चों का सम्मान सनातन परंपरा का उदाहरण है। मुख्यमंत्री योगी ने बच्चों को प्रोत्साहित कर उनका उत्साह बढ़ाया है। उन्होंने क्षेत्र और जनपद की ओर से मुख्यमंत्री योगी का आभार जताया।

* कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

देवीपाटन मंदिर के महंत मिथलेश नाथ, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधायक पलटू राम, राम प्रताप वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, नगरपालिका परिषद अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू सहित प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

उपद्रव प्रदेश से उत्सव प्रदेश बना यूपी, नारी शक्ति बनी विकास की धुरी : मुख्यमंत्री योगी
*शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस पर मुख्यमंत्री योगी ने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर साझा की प्रदेश की उपलब्धियां*
*मुख्यमंत्री योगी बोले- 2017 से पहले बेटियों के लिए घर की चौखट पार करना था चुनौतीपूर्ण, आज नाइट शिफ्ट में काम कर अर्थव्यवस्था को दे रहीं गति*
*यूपी के 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व कर रहीं महिलाएं, महिला कार्यबल भागीदारी दर 12 से बढ़कर 36 प्रतिशत के पार*
*प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में नारी सशक्तीकरण को मिली नई दिशा, शिक्षा से रोजगार तक महिलाओं के लिए बढ़े अवसर*

लखनऊ, 11 अक्टूबर 2026। शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के क्षेत्र में आए बदलाव को रेखांकित किया है। मुख्यमंत्री ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को उपद्रव प्रदेश से उत्सव प्रदेश बनाने के साथ ही नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा प्रदान की है। वर्ष 2017 से पहले जिन बेटियों के लिए घर की चौखट पार करना भी चुनौती थी, आज वही बेटियां नाइट शिफ्ट में काम करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व आज नारी शक्ति कर रही है। वहीं, महिला कार्यबल भागीदारी दर 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। यह महिलाओं के बढ़ते विश्वास और उनके लिए उपलब्ध अवसरों के विस्तार का स्पष्ट प्रमाण है।
*माताओं के स्वास्थ्य से बेटियों के भविष्य तक सरकार की योजनाओं का संबल*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मातृशक्ति के स्वास्थ्य से लेकर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य तक डबल इंजन सरकार की कल्याणकारी योजनाएं नारी सशक्तीकरण को निरंतर मजबूती प्रदान कर रही हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान से माताओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण को संबल मिला है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही हैं।
*मिशन शक्ति से सेफ सिटी तक, महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मिशन शक्ति, ऑपरेशन कायाकल्प, कस्तूरबा बालिका विद्यालय, सेफ सिटी, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर वर्किंग वुमन हॉस्टल जैसी पहलें महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, गतिशीलता और आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खोल रही हैं।
*सशक्त नारी से समृद्ध उत्तर प्रदेश का संकल्प होगा साकार*
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संदेश में भारतीय संस्कृति के आदर्श 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः' का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी भावना को आत्मसात कर प्रदेश की डबल इंजन सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 'सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश' के माध्यम से 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को साकार करने की दिशा में सरकार निरंतर अग्रसर है।
अखिलेश बताएं, जेपीएनआईसी के 865 करोड़ में से उनकी जेब में कितना गया : राजभर
*जयप्रकाश नारायण की जयंती पर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव से मांगा हिसाब*
*राजभर का सवाल- जेपीएनआईसी की संचालन समिति में सैफई परिवार को क्यों बैठाया*
*होटल, क्लब और जिम की कमाई किसकी जेब में जानी थी, अखिलेश से पूछा सवाल*
*अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती पर बोले- पीछे मत भागिए, आइए और नामांकन भरिए*

लखनऊ, 11 अक्टूबर 2026। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जेपीएनआईसी के निर्माण पर खर्च हुए 865 करोड़ रुपये का हिसाब मांगते हुए सवाल किया कि इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने के बावजूद परियोजना अधूरी क्यों रह गई। राजभर ने अखिलेश से यह भी पूछा कि इस रकम में उनकी जेब में कितना पैसा गया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती स्वीकार किए जाने का जिक्र करते हुए अखिलेश को स्वयं चुनाव मैदान में उतरने के लिए कहा।
रविवार को सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव को संबोधित पोस्ट में राजभर ने सबसे पहले भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण को उनकी जयंती पर नमन किया। इसके बाद उन्होंने लिखा कि अखिलेश ने लोकनायक के नाम पर जेपीएनआईसी जैसा लूट का अड्डा बनाने का सपना पाला था। उन्होंने सवाल किया कि 865 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी परियोजना अधूरी क्यों छोड़ दी गई।
राजभर ने जेपीएनआईसी की संचालन समिति को लेकर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने पूछा कि समिति में अखिलेश ने खुद को, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और सैफई परिवार के लोगों को क्यों शामिल किया था। जनता के पैसों से बनी इमारत के संचालन में परिवार की क्या भूमिका थी? राजभर ने जेपीएनआईसी में प्रस्तावित होटल, क्लब और जिम से होने वाली कमाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इन सुविधाओं से होने वाली आमदनी आखिर किसकी जेब में जानी थी।
कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश की चुनौती स्वीकार कर ली है। अब उन्हें पीछे नहीं हटना चाहिए। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा न हो कि उनके समर्थक ही कहने लगें कि उनका नेता एसी, पीसी और ट्विटर से बाहर नहीं निकलता।
राजभर ने अखिलेश से अयोध्या से नामांकन करने और चुनाव लड़ने को कहा। उन्होंने कहा कि इसी बहाने अखिलेश को इटावा-मैनपुरी के यादव बाहुल्य क्षेत्र से बाहर अपनी राजनीतिक स्थिति का पता चल जाएगा। पोस्ट के अंत में राजभर ने अखिलेश को अपनी चुनौती से पीछे नहीं हटने की बात कही।
नए साल से पहले 1.20 करोड़ से अधिक लोगों की पेंशन बढ़ाने की तैयारी में योगी सरकार
*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सैद्धांतिक सहमति, तीसरी तिमाही से बढ़ी पेंशन देने की तैयारी*
*बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन 1000 से बढ़कर होगी 1500 रुपये*
*नवंबर के दूसरे पखवाड़े में कैबिनेट के समक्ष आएंगे तीनों प्रस्ताव, अनुपूरक बजट में होगा धनराशि का प्रावधान*
लखनऊ। योगी सरकार नए साल से पहले प्रदेश के 1.20 करोड़ से अधिक बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन बढ़ाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सैद्धांतिक सहमति के बाद तीनों योजनाओं की पेंशन 1000 से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह करने के प्रस्ताव नवंबर के दूसरे पखवाड़े में कैबिनेट के समक्ष लाए जाने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य तीसरी तिमाही से बढ़ी हुई पेंशन देने का है। इसके लिए अनुपूरक बजट में धनराशि का प्रावधान किया जाएगा। प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर लाभार्थियों को हर महीने 500 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। तीन महीने की पेंशन 3000 से बढ़कर 4500 रुपये और सालाना राशि 12 हजार से बढ़कर 18 हजार रुपये हो जाएगी। इस तरह प्रत्येक लाभार्थी को सालाना छह हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
*तीनों योजनाओं में 1.20 करोड़ से अधिक लाभार्थी*
वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत दूसरी तिमाही में 67 लाख से अधिक बुजुर्गों को पेंशन का भुगतान किया जा रहा है। पहली तिमाही में यह संख्या 65.60 लाख से अधिक थी। निराश्रित महिला पेंशन योजना में दूसरी तिमाही के लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 42,35,911 हो गई है, जबकि पहली तिमाही में 41,37,176 महिलाओं को पेंशन मिली थी। इस तरह एक तिमाही में 98,735 महिला लाभार्थी बढ़ी हैं। दिव्यांगजन पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या भी 12 लाख से अधिक है। तीनों योजनाओं में कुल लाभार्थियों की संख्या 1.20 करोड़ से अधिक है।
*2017 के बाद बढ़ी पेंशन, अब 1500 रुपये करने की तैयारी*
वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार ने वृद्धावस्था और दिव्यांगजन पेंशन की राशि पहले 500 रुपये और फिर 1000 रुपये प्रतिमाह की। निराश्रित महिला पेंशन भी 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये की गई। अब तीनों योजनाओं में पेंशन 1500 रुपये प्रतिमाह करने की तैयारी है। प्रस्ताव लागू होने पर वृद्धावस्था, दिव्यांगजन और निराश्रित महिला पेंशन की राशि 2017 के मुकाबले तीन गुना हो जाएगी।
*बढ़ी पेंशन से बुजुर्गों को मिलेगा आर्थिक संबल : असीम अरुण*
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बुजुर्गों को आर्थिक संबल देने के लिए प्रतिबद्ध है। पेंशन बढ़ने से 67 लाख से अधिक बुजुर्गों को सीधा लाभ मिलेगा।
*दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तीकरण में मददगार होगी पेंशन वृद्धि : नरेंद्र कुमार कश्यप*
दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि पेंशन में बढ़ोतरी दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी। सरकार उन्हें आर्थिक संबल देने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पिकअप व डंपर की भिडन्त में बच्चे सहित मां की मौत कई घायल*

अमृतपुर फर्रुखाबाद 10 अक्टूबर। राजेपुर थाना क्षेत्र में इटावा-बरेली हाईवे पर जैनापुर के निकट शनिवार को शाम ढलते ढलते पिकअप और डंपर की भिड़ंत में चार वर्षीय बच्ची समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक शरीफ वाहन के अंदर फंस गया। जानकारी पर पहुँची पुलिस ने करीब 10 मिनट की मशक्कत के बाद ग्राइंडर से पिकअप की खिड़की कटवाकर ड्राइवर को बाहर निकलवाया।जानकारी के अनुसार, पांचाल घाट निवासी विमलेश अपनी पत्नी पूजा और चार वर्षीय बेटी के साथ शाहजहांपुर स्थित अपनी ससुराल से फर्रुखाबाद लौट रहा था। जैनापुर के पास उनकी पिकअप की डंपर से टक्कर हो गई। हादसे में विमलेश के परिवार के तीन सदस्यों समेत कुल पांच लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायलों को राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। सीएचसी में चिकित्सक डॉ. हिमांशु राजपूत ने 25 वर्षीय पूजा और उनकी चार वर्षीय बेटी को मृत घोषित कर दिया। हादसे में घायल विमलेश का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। करीब 55 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति और पिकअप चालक शरीफ की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। मौके पर सैकड़ो लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। इतनी बड़ी दुर्घटना कैसे हो गई और इसके पीछे क्या कारण रहा इसको लेकर पुलिस हादसे के संबंध में जानकारी जुटा रही है।