अखिलेश को योगी की खुली चुनौती, अयोध्या में चेलों से क्यों लड़ना, आमने-सामने हो मुकाबला
*बलरामपुर में 803 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, लाभार्थियों को बांटे चेक व प्रमाणपत्र*
*सीएम योगी बोले - सपा के बबुआ बौखला गए हैं, अभी तो विकास की शुरुआत हुई है, आगे बहुत कुछ होना बाकी*
*माफिया और अपराधियों को संरक्षण देने वालों पर बरसे मुख्यमंत्री, बेटियों से खिलवाड़ करने वालों को जेल या जहन्नुम की चेतावनी*
*विधानसभा चुनाव में 80 प्रतिशत सीटें जीतने का दावा, विपक्ष के हिस्से अधिकतम 20 प्रतिशत सीटें आने की बात कही*

बलरामपुर, 10 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी। कहा कि अखिलेश यादव अयोध्या से नामांकन करें, वह भी वहीं से चुनाव मैदान में उतरेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, 'लड़ाई चेलों से क्यों? लड़ाई तो आमने-सामने होनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि अयोध्या उनकी आस्था की स्थली है और वहां हो रहे विकास कार्यों की निगरानी के लिए वह लगातार जाते हैं। अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में चुनावी मुकाबला भी आमने-सामने हो जाए। मुख्यमंत्री बलरामपुर के रेहरा बाजार विकासखंड के बिलरिया गांव में 803 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री योगी ने सपा अध्यक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सपा के बबुआ अभी से बौखला गए हैं। अभी तो विकास की शुरुआत हुई है, आगे बहुत कुछ होना बाकी है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में अयोध्या को तीन-चार घंटे बिजली मिलती थी। विकास में बाधाएं खड़ी की जाती थीं। आज वही अयोध्या रामराज्य के नए उदाहरण के रूप में त्रेतायुग का स्मरण करा रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में 80 प्रतिशत सीटों पर भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए जीतेगा। विपक्ष के हिस्से अधिकतम 20 प्रतिशत सीटें ही आएंगी। *सीमावर्ती क्षेत्र में छांगुर जैसे लोगों को नहीं पनपने देंगे*
मुख्यमंत्री योगी ने सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी और अवैध गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां किसी छांगुर जैसे व्यक्ति को पनपने नहीं दिया जाएगा। किसी को डेमोग्राफी बदलने की छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सपा सरकार में यह क्षेत्र तस्करी और अपराधियों की गतिविधियों का केंद्र बन गया था। अब वही क्षेत्र विकास की नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।
*माफिया को संरक्षण देने वालों पर बरसे मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में माफिया और अपराधियों को संरक्षण मिलता था। अपराधियों के हौसले बुलंद थे और आम नागरिक भय के माहौल में रहते थे। अब प्रदेश में कानून का राज है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी माफिया को कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जाएगी। बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा तीसरा रास्ता नहीं है।
*सपा का पीडीए परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी*
सपा पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उसका पीडीए वास्तव में 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' है। इसका दूसरा अर्थ 'प्रदेश डुबाऊ अलायंस' भी है। राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने दलितों, पिछड़ों और अन्य वर्गों की उपेक्षा की। एक सीट परिवार के सदस्य को दी गई, जबकि दूसरी धनबल के आधार पर बांटी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के एजेंडे में परिवार के बाहर किसी के लिए स्थान नहीं है।
*जीत पर पुरुषार्थ, हार पर ईवीएम को दोष*
मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव जीतने पर ये दल इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, जबकि हारने पर ईवीएम को दोष देते हैं। चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हैं और न्यायालय पर टिप्पणी करते हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर भ्रष्टाचार, दंगों और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए। कहा कि प्रदेश में अब कोई दंगा नहीं कर सकता। *आपदा और वन्यजीव संघर्ष में 24 घंटे में मुआवजा*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। मानव-वन्यजीव संघर्ष में जनहानि अथवा पशुहानि होने पर भी अगले 24 घंटे में मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
*बलरामपुर में दस हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में बलरामपुर के लिए दस हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की धनराशि भेजी गई है। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का सत्र शुरू हो चुका है। भवन तैयार होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। रिंग रोड, चीनी मिल विस्तार, थारू संग्रहालय और मथुरा घाट पुल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बलरामपुर को विकास के मामले में पिछड़ने नहीं दिया जाएगा।
*लाभार्थियों को लैपटॉप, चेक और स्वीकृति पत्र*
मुख्यमंत्री योगी ने विभागीय प्रदर्शनियां देखीं और छात्रा के विज्ञान मॉडल की सराहना की। एक बच्चे का अन्नप्राशन कराया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में विकास यादव और मोहम्मद शादाब को लैपटॉप दिए। किरण वर्मा और हिमांश यादव को कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए चार-चार लाख रुपये की सहायता से संबंधित चाबियां सौंपीं। अजय कुमार पाल, हसन रजा और गुफरान अंसारी को युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत पांच-पांच लाख रुपये के चेक दिए। किसना देवी और ननका देवी को आवास स्वीकृति पत्र तथा गुड़िया वर्मा और पिंकी को आजीविका मिशन के तहत 45 लाख रुपये का चेक दिया।
*जनप्रतिनिधियों ने गिनाईं उपलब्धियां*
बलरामपुर विधायक पल्टूराम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश विकास के रास्ते पर है। उन्होंने 2027 में सभी 403 विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत का दावा करते हुए लोगों से योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने का आह्वान किया। उतरौला विधायक रामप्रताप वर्मा ने कहा कि 2017 से पहले व्यापारी और महिलाएं भय के माहौल में रहते थे। योगी सरकार ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर प्रदेश में शिक्षा और विकास को गति दी है।
*कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्रा और अवधेश कुमार सिंह उर्फ मंजू सिंह, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू तथा उतरौला नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सविता गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
यूपी रेरा ने QPR दाखिल करने की समयसीमा 21 अक्टूबर तक बढ़ाई

- डिजिटल हस्ताक्षर की नई व्यवस्था के चलते प्रमोटर्स को मिली अतिरिक्त मोहलत, तीनों प्रमाणपत्रों पर DSC अनिवार्य

लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर, 10 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही की त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (QPR) दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी है। डिजिटल हस्ताक्षर आधारित नई व्यवस्था को पहली बार लागू किए जाने के मद्देनजर प्राधिकरण ने प्रमोटर्स को यह अतिरिक्त समय दिया है। अब QPR के साथ वास्तुविद, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट के निर्धारित प्रमाणपत्रों पर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) के माध्यम से हस्ताक्षर कर उन्हें यूपी रेरा पोर्टल पर जमा करना अनिवार्य होगा।
प्राधिकरण की ओर से जारी आदेश में 30 सितंबर 2026 के कार्यालय ज्ञापन का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया गया है कि चालू तिमाही की QPR के साथ संबंधित पेशेवरों द्वारा जारी निर्धारित प्रमाणपत्रों को डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित करके पोर्टल पर अपलोड करना होगा। नई प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने और प्रमोटर्स सहित सभी संबंधित पक्षों को तकनीकी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से समयसीमा में विस्तार किया गया है।
- तीनों प्रमाणपत्रों पर DSC से हस्ताक्षर जरूरी
यूपी रेरा की नई व्यवस्था के तहत वास्तुविद (Architect) को REG-1, इंजीनियर (Engineer) को REG-2 और चार्टर्ड अकाउंटेंट (Chartered Accountant) को REG-3 प्रमाणपत्र पर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के माध्यम से हस्ताक्षर करने होंगे। इन तीनों प्रमाणपत्रों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार QPR के साथ यूपी रेरा पोर्टल पर जमा करना होगा।
इस व्यवस्था के तहत केवल रिपोर्ट दाखिल करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसके साथ संलग्न अनिवार्य प्रमाणपत्रों को भी निर्धारित प्रारूप और प्रक्रिया के अनुरूप डिजिटल रूप से प्रमाणित करना होगा। ऐसे में प्रमोटर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित पेशेवरों से आवश्यक प्रमाणपत्र समय पर तैयार कराकर डिजिटल हस्ताक्षर सहित पोर्टल पर जमा किए जाएं।
- पहली बार लागू हो रही डिजिटल प्रक्रिया
प्राधिकरण ने डिजिटल हस्ताक्षर और प्रमाणपत्रों को ऑनलाइन जमा करने की संशोधित प्रक्रिया पहली बार लागू किए जाने को समयसीमा बढ़ाने का प्रमुख कारण माना है। नई व्यवस्था के तहत प्रमोटर्स, वास्तुविदों, इंजीनियरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट को तकनीकी प्रक्रिया से परिचित होने के साथ निर्धारित औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी।
इसी को ध्यान में रखते हुए यूपी रेरा ने अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है, ताकि नई प्रणाली को अपनाने के दौरान रिपोर्ट दाखिल करने में अनावश्यक परेशानी न हो और सभी संबंधित पक्ष निर्धारित प्रक्रिया का सही ढंग से पालन कर सकें।
- 21 अक्टूबर तक पूरी करनी होगी रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया
यूपी रेरा ने सभी प्रमोटर्स से 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही की QPR के साथ REG-1, REG-2 और REG-3 प्रमाणपत्रों को डिजिटल हस्ताक्षर सहित 21 अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से जमा करने को कहा है। विस्तारित समयसीमा के तहत रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया निर्धारित अवधि में पूरी करनी होगी।
प्राधिकरण के अनुसार, DSC आधारित प्रमाणपत्रों को जमा करने की विस्तृत प्रक्रिया और चरणबद्ध तकनीकी मार्गदर्शन यूपी रेरा पोर्टल पर उपलब्ध है। प्रमोटर्स और संबंधित पेशेवर पोर्टल पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए रिपोर्ट तथा आवश्यक प्रमाणपत्र समयसीमा के भीतर जमा कर सकते हैं।
बलरामपुर में 803 करोड़ से विकास का नया अध्याय, गांवों से शहर तक बदलेगी तस्वीर
*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 78 परियोजनाओं की दी सौगात, 30 का लोकार्पण और 48 का शिलान्यास*

*श्रावस्ती और गोंडा लोकसभा क्षेत्रों में फैले जनपद में सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई और शहरी विकास पर जोर*

*292 करोड़ से बनेगा रेलवे ओवरब्रिज, गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ेंगे संपर्क मार्ग*

*सीवरेज, पेयजल और शिक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को रफ्तार, विश्वविद्यालय तक फोरलेन सड़क समर्पित*

बलरामपुर, 10 अक्टूबर। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलरामपुर को 803.19 करोड़ रुपये की 78 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। श्रावस्ती और गोंडा लोकसभा क्षेत्रों में फैले जनपद में 273.42 करोड़ की 30 परियोजनाओं का लोकार्पण और 529.77 करोड़ की 48 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ। गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने, रेलवे फाटक के जाम से निजात दिलाने और शहर में पेयजल व सीवरेज व्यवस्था सुधारने पर जोर रहा। सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई और शिक्षा से जुड़े इन कार्यों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। चुनावी सरगर्मी बढ़ने से पहले विकास परियोजनाओं की यह सौगात राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
*292 करोड़ के ओवरब्रिज से मिलेगी जाम से राहत*
राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर गोंडा-बलरामपुर रेलखंड के बलरामपुर और झारखंडी स्टेशनों के बीच समपार संख्या-136 पर 292 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से दो लेन का रेलवे ओवरब्रिज बनेगा। इससे रेलवे फाटक बंद होने पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। बलरामपुर से श्रावस्ती और बहराइच की ओर जाने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों का आवागमन सुगम होगा।
*गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ेंगे संपर्क मार्ग*
अहिरनडीह, प्रतापपुरवा-सेमरहना और रमवापुर-गुलरालीडीह संपर्क मार्गों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण से गांवों का मुख्य सड़कों से संपर्क बेहतर होगा। कुआनो नदी पर चोरघटा क्षेत्र में आरसीसी बॉक्स कल्वर्ट और कटरा सोनार जिला मार्ग पर गोपियापुर नाले के पास लघु सेतु व पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। इससे बरसात में आवागमन की बाधाएं कम होंगी। किसानों को उपज बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी। उतरौला-चंदनपुर मार्ग के शेष हिस्से के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर 75 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।
*176 करोड़ से मजबूत होंगी शहरी सुविधाएं*
बलरामपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में 123 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार सीवरेज सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के प्रथम चरण का लोकार्पण हुआ। इससे गंदे पानी के निस्तारण और शोधन की व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही 53 करोड़ रुपये से अधिक की पेयजल पुनर्गठन योजना भी जनता को समर्पित की गई। इससे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी।
*विश्वविद्यालय तक फोरलेन सड़क, शिक्षा सुविधाओं का विस्तार*
मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय तक 26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी फोरलेन सड़क का लोकार्पण किया गया। जिले में 24 करोड़ रुपये से अधिक से नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय का भवन बनेगा। जिला ग्राम्य विकास संस्थान के आवासीय और अनावासीय भवनों पर लगभग 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पुलिस लाइन में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार जी+8 ट्रांजिट हॉस्टल भी समर्पित किया गया।
*सिंचाई और बाढ़ से बचाव के कार्यों पर जोर*
नहरों और जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी। राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदियों के किनारे बाढ़ से बचाव के कार्य भी कराए गए हैं। नदी कटान से प्रभावित 72 परिवारों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 'मां पाटेश्वरी विला' का निर्माण हुआ है। कुल 78 परियोजनाओं में सर्वाधिक 39 लोक निर्माण विभाग और 23 सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की हैं। नगर विकास विभाग की पांच, गृह विभाग की तीन और बेसिक शिक्षा विभाग की तीन परियोजनाएं शामिल हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की दो तथा माध्यमिक शिक्षा, पर्यटन और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की एक-एक परियोजना है।
68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंत्री डॉ. संजय निषाद का आवास घेरा
- आरक्षण विसंगति दूर करने और नियुक्ति की मांग, मुख्यमंत्री से वार्ता कर संयुक्त बैठक कराने का आश्वासन

लखनऊ। 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 में आरक्षण विसंगति दूर करने, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन कराने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने शनिवार सुबह ‘दस्तक दो अभियान’ के तहत कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के आवास पर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी पिछले 40 दिनों से लखनऊ के ईको गार्डन धरना स्थल पर आंदोलनरत हैं। प्रदर्शन के दौरान मंत्री ने अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मुख्यमंत्री से वार्ता कर संबंधित पक्षों की संयुक्त बैठक कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी तूफान सिंह ने कहा कि 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगति को लेकर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से आदेश जारी किया गया है। अभ्यर्थियों की मांग है कि आयोग के आदेश के अनुरूप अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के पात्र अभ्यर्थियों को आरक्षित श्रेणी का लाभ देते हुए भर्ती परिणाम में आवश्यक संशोधन किया जाए और उन्हें नियुक्ति प्रदान की जाए। इसके साथ ही कथित आरक्षण विसंगति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अभ्यर्थी आशुतोष वर्मा ने कहा कि आयोग का आदेश जारी होने के बावजूद उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण अभ्यर्थियों को लगातार आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों और संबंधित अधिकारियों से मिलकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
- मुख्यमंत्री से वार्ता कर संयुक्त बैठक कराने का आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और मांगों को सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह इस प्रकरण पर मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे और अभ्यर्थियों, संबंधित अधिकारियों तथा विभागीय मंत्री की संयुक्त बैठक कराने का प्रयास करेंगे, ताकि मामले पर विचार कर समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
मंत्री ने आरक्षण को संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा कि आरक्षण किसी की भीख नहीं, बल्कि अधिकार है। उन्होंने अभ्यर्थियों की समस्याओं के प्रति सहानुभूति जताई और कहा कि आरक्षण व्यवस्था का सही तरीके से अनुपालन होना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह अभ्यर्थियों की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे और उनके साथ हो रहे अन्याय के समाधान के लिए प्रयास करेंगे।
- पुलिस ने बसों से अभ्यर्थियों को ईको गार्डन भेजा
मंत्री से वार्ता के बाद अभ्यर्थियों को कोल्ड ड्रिंक भी पिलाई गई। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को बसों में बैठाकर वापस ईको गार्डन स्थित धरना स्थल भेज दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार के सामने रख रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें ठोस समाधान नहीं मिल सका है। धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने कहा कि आंदोलन की प्रमुख मांगों में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन, भर्ती परिणाम में आवश्यक संशोधन, पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई कर न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
- बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रहे मौजूद
प्रदर्शन में तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल कुमार, रंजना जायसवाल, राकेश साहनी, मनीष पटवा, सच्चिदानंद, आरती वर्मा सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल रहे। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के स्तर पर वार्ता और प्रस्तावित संयुक्त बैठक के जरिए लंबे समय से लंबित प्रकरण का समाधान निकल सकेगा।
नगर विकास मंत्री ने लखनऊ के बाढ़ प्रभावित फैजुल्लागंज-दाउदनगर क्षेत्र का लिया जायजा, वितरित की राहत सामग्री
*प्रभावित परिवारों को भोजन, पानी और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश, राहत शिविरों में चिकित्सा सुविधाओं का भी किया निरीक्षण*
*संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को हर जरूरी मदद पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता, राहत एवं अन्य जरूरी सुविधाओं में न हो कोई कमी: एके शर्मा*

लखनऊ,10 अक्टूबर 2026।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आज लखनऊ के बाढ़ प्रभावित फैजुल्लागंज-दाउदनगर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थानीय लोगों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें राहत सामग्री वितरित की। मंत्री श्री शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों सहित दैनिक आवश्यकताओं की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की जरूरतों का ध्यान रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि संकट की इस घड़ी में उन्हें समय पर राहत मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखने और स्थानीय लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के भी निर्देश दिए।
मंत्री श्री शर्मा ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली और चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम को निर्देशित किया कि राहत शिविरों में आवश्यक दवाइयों, चिकित्सा सुविधाओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने और लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने पर भी जोर दिया।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप राहत सामग्री एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रहकर स्थिति की निरंतर निगरानी करें और लोगों को राहत पहुंचाने के कार्यों में तत्परता बरतें।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मंत्री शर्मा द्वारा राहत सामग्री वितरित की गई। राहत सामग्री मिलने पर स्थानीय निवासियों ने उनका धन्यवाद दिया। प्रभावित परिवारों ने संकट की इस घड़ी में सहायता उपलब्ध कराने के लिए मंत्री श्री शर्मा एवं सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित नगर निगम एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
यूपी की मंडियों में चलेगा 15 दिवसीय ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’

- सफाई, जल निकासी और यातायात व्यवस्था होगी दुरुस्त, किसानों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

लखनऊ, 10 अक्टूबर, 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की कृषि उत्पादन मंडियों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने की दिशा में पहल की है। इसके तहत राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने अक्टूबर माह में प्रदेश की सभी मंडी एवं उपमंडी स्थलों पर 15 दिवसीय विशेष ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ संचालित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान के दौरान साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, नालियों की सफाई, जलभराव की समस्या के समाधान और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष जोर रहेगा।
अभियान का उद्देश्य मंडियों में स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के साथ किसानों, व्यापारियों और अन्य आगंतुकों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था सुनिश्चित करना है। इसके लिए मंडी समितियों को सफाई व्यवस्था प्रभावी बनाने और परिसर के प्रत्येक हिस्से की नियमित साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- मंडियों में युद्धस्तर पर होगी सफाई
अभियान के तहत मंडी समितियों के अनुबंधित सफाई ठेकेदारों को सभी सफाई कर्मियों की तैनाती कर व्यापक स्तर पर सफाई कराने को कहा गया है। मंडी परिसरों में लंबे समय से जमा कूड़े, नालियों में फंसे अपशिष्ट और जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित कर उनकी सफाई कराई जाएगी। प्रवेश एवं निकास द्वारों, संपर्क मार्गों, चहारदीवारी के आसपास जमा कूड़े और दिशा-संकेतकों की भी सफाई होगी। परिसर में लगे पेड़ों के तनों के निचले हिस्से पर चूने अथवा गेरू से पुताई कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
- धान की आवक के मद्देनजर यातायात प्रबंधन पर जोर
अक्टूबर में धान और अन्य कृषि उत्पादों की आवक बढ़ने तथा आगामी त्योहारों को देखते हुए मंडियों में यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उपलब्ध स्थान के अनुसार खाली वाहनों की पार्किंग के लिए स्थल चिह्नित किए जाएंगे, जिससे अनावश्यक जाम की स्थिति न बने और किसानों एवं व्यापारियों को आवागमन में परेशानी न हो। धान की अधिक आवक वाली मंडियों में संबंधित संभागीय उप निदेशक यातायात व्यवस्था का आकलन कर आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करेंगे। जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन के समन्वय से अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी की जा सकेगी। यातायात व्यवस्था में लापरवाही अथवा प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित अधिकारियों और मंडी समिति के सचिव की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- नीलामी चबूतरों, दुकानों और नालियों की होगी सफाई
मंडी परिसरों में नीलामी चबूतरों के आसपास की नालियों, चबूतरों और उनसे संबंधित संरचनाओं की सफाई कराई जाएगी। दुकानों, भवनों तथा जीआई शीट पर लगे जालों की सफाई के साथ दुकानों के पीछे जमा गंदगी, कूड़े और झाड़ियों को हटाया जाएगा। नमी वाले स्थानों पर कूड़ा हटाने के बाद निर्देशानुसार चूना पाउडर अथवा गैमक्सीन का छिड़काव कराया जाएगा। प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े का शत-प्रतिशत उठान सुनिश्चित करते हुए उसे निर्धारित कूड़ा संग्रहण अथवा डंपिंग स्थल तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही कचरे के व्यवस्थित संग्रहण के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित कर आवश्यकतानुसार हरे और नीले रंग के कूड़ेदान रखवाए जाएंगे।
- शौचालयों और किसान विश्राम गृहों में मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
अभियान के दौरान शौचालयों, प्रसाधनों और यूरिनल की सफाई के साथ जलापूर्ति एवं जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। शौचालयों के आसपास जलभराव वाले स्थानों की सफाई कर नियमित रूप से चूने का छिड़काव कराया जाएगा। कार्यालय भवनों और किसान विश्राम गृहों की साफ-सफाई तथा आवश्यक साज-सज्जा पर भी ध्यान दिया जाएगा। किसान विश्राम गृहों में किसानों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ किसान कल्याणकारी योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। मंडी परिसर में प्रकाश व्यवस्था के बिंदुओं के आसपास सफाई तथा विद्युत खंभों के निचले हिस्से की पुताई भी कराई जाएगी।
- निर्माण स्थलों से सफाई व्यवस्था नहीं होगी प्रभावित
मंडी परिसरों में चल रहे सिविल, विद्युत और मरम्मत संबंधी कार्यों वाले स्थलों को अलग से चिह्नित किया जाएगा। निर्माण स्थलों के आसपास जाली अथवा तिरपाल लगाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि धूल और गर्द के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बची अनुपयोगी सामग्री और मलबे को भी हटाया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी संबंधित उप निदेशक (निर्माण/विद्युत यांत्रिक) को सौंपी गई है। इसके अलावा खुले नालों और नालियों को स्थायी रूप से ढकने तथा पूरे परिसर में समुचित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, जिससे जलभराव और गंदगी की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
- मरम्मत के लिए मुख्यालय से मांगी जा सकेगी धनराशि
जहां सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए छोटे-मोटे मरम्मत अथवा अनुरक्षण कार्यों की जरूरत होगी, वहां संबंधित संभाग के उप निदेशक (प्रशासन/विपणन) के माध्यम से मंडी परिषद मुख्यालय से धनराशि की मांग की जा सकेगी। इससे आवश्यक कार्यों को समय पर पूरा कराने में मदद मिलेगी।
निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने संबंधित अधिकारियों और मंडी समितियों को अभियान के निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। अभियान के माध्यम से मंडियों में नियमित सफाई, कूड़े का उचित निस्तारण, जलभराव से मुक्ति, बेहतर यातायात प्रबंधन और किसानों के लिए सुविधाजनक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया है। साथ ही सफाई व्यवस्था को केवल 15 दिवसीय अभियान तक सीमित न रखकर पूरे वर्ष बनाए रखने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
रामविलास पासवान को बिहार जैसा सम्मान देगा यूपी: मुख्यमंत्री योगी
*रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान रहे मौजूद*
*मुख्यमंत्री योगी ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, हरे राम-हरे कृष्ण भजन से भक्तिमय हुआ माहौल*

लखनऊ, 8 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर कहा कि उन्हें बिहार में जो सम्मान मिला है, वही सम्मान उत्तर प्रदेश में भी दिया जाएगा। रामविलास पासवान ने सामाजिक न्याय के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने तथा समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया। उनके योगदान को उत्तर प्रदेश में भी पूरा सम्मान मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को सुशांत गोल्फ सिटी स्थित दयाल बाग एन ईको रिजॉर्ट में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की मौजूदगी में रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
*सामाजिक न्याय की लड़ाई को दिया जीवन*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि करीब 50 वर्ष पहले बिहार की राजनीति में एक युवा नेता के रूप में रामविलास पासवान का उदय हुआ था। वह दलितों और वंचितों की प्रखर आवाज बने। बिहार की जनता ने उन्हें भारी मतों से संसद पहुंचाया। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों का भारत बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। समाज के वंचित वर्गों को न्याय और सम्मान दिलाना उनका संकल्प था।
उन्होंने कहा कि बिहार में रामविलास पासवान की पुण्यतिथि राष्ट्रीय समारोह के रूप में मनाई जा रही है। इसके लिए बिहार सरकार का आभार जताते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामविलास पासवान ने जो कहा, उसी के अनुरूप जीवन जिया। बिना किसी भेदभाव के सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाया।
*भारतीय परंपराओं के प्रति थी गहरी श्रद्धा*
मुख्यमंत्री योगी ने संसद में रामविलास पासवान के साथ बिताए दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक उनके साथ काम करने का अवसर मिला। राजनीतिक विचारों में अंतर हो सकता था, लेकिन भारतीय परंपराओं के प्रति उनके मन में उतनी ही श्रद्धा थी, जितनी दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता। वह चाहते थे कि समाज के प्रत्येक वर्ग को मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान मिले।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामविलास पासवान का व्यवहार बेहद सहज और स्नेहपूर्ण था। अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल में काम करने के दौरान भी उनका यही स्वभाव रहा। सार्वजनिक कार्यक्रमों और चुनावी सभाओं में उनकी सदाशयता लोगों के हृदय को छू लेती थी।
*पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे चिराग*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामविलास पासवान की भौतिक अनुपस्थिति आज भी महसूस होती है। उनकी स्मृतियां हमेशा साथ रहेंगी। संतोष इस बात का है कि उनके पुत्र चिराग पासवान पिता के मिशन को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री के रूप में वह विभिन्न मंचों से सामाजिक न्याय की आवाज उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए चिराग पासवान का आभार व्यक्त किया।
*भजनों के बीच दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि*
श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री योगी के संबोधन के बाद हरे राम-हरे कृष्ण भजन का गायन हुआ। भजन की प्रस्तुति से कार्यक्रम स्थल का वातावरण भक्तिमय हो गया। उपस्थित लोगों ने रामविलास पासवान को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके योगदान को याद किया।
*कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
श्रद्धांजलि सभा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, रामविलास पासवान के परिवार के सदस्य, शुभचिंतक और अनुयायी मौजूद रहे।
इंडी गठबंधन की बैठक में अखिलेश को बुलाया तक नहीं गया, कांग्रेस-सपा की कलह पर सुभाष यदुवंश का तंज
- 'इनको वोट देना अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद करना है’, सुभाष यदुवंश का अखिलेश-राहुल पर हमला
- बीजेपी MLC ने कहा- 'राजतंत्र और परिवारतंत्र में विश्वास करते हैं राहुल और अखिलेश’

लखनऊ, 08 अक्टूबर। बीजेपी के विधान परिषद सदस्य (MLC) सुभाष यदुवंश ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली में बुधवार को कांग्रेस की ओर से आयोजित इंडी गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव को नहीं बुलाए जाने का जिक्र करते हुए यदुवंश ने दोनों नेताओं को ‘राजकुमार’ बताया और कहा कि वे एक-दूसरे को बर्दाश्त नहीं कर सकते।
सुभाष यदुवंश ने कहा, 'इंडी गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव जी को बुलाया ही नहीं गया।' उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यादव लखनऊ आ गए, तब राहुल गांधी के किसी ‘शिष्य’ का फोन उनके पास आया। यदुवंश ने कहा कि कुछ दिन पहले अखिलेश यादव के इशारे पर ही एक सपाई सांसद ने कहा कि कांग्रेस की हैसियत तो 10 सीटों की भी नहीं है।
*'चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए दोनों राजकुमार'*
यदुवंश ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, 'ये जो चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए दोनों राजकुमार हैं, ये सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।' यदुवंश ने कहा कि इन दोनों नेताओं में अनुशासन नहीं है, टीम भावना नहीं है और समन्वय नहीं है। अखिलेश और राहुल दोनों ही किसी व्यवस्था को चला नहीं सकते।
*'डेढ़ साल मंच पर पूरा परिवार लड़ता रहा'*
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए सुभाष यदुवंश ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के ‘युवराज’ को सत्ता मिली, तो डेढ़ साल तक मंच पर पूरा परिवार लड़ता रहा। उन्होंने कहा कि इस दौरान उत्तर प्रदेश को 'सिरफुटौव्वल का अड्डा' बना दिया गया।
*'राजतंत्र पर भरोसा करते हैं राहुल गांधी'*
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए यदुवंश ने कहा कि जब कांग्रेस के ‘युवराज’ को सत्ता मिली थी, तब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का तैयार किया हुआ मसौदा राहुल गांधी ने फाड़ दिया था। उन्होंने कहा, 'युवराज ने मसौदा फाड़ करके बताया कि देखो, मैं राजतंत्र में बिलीव करता हूं, संविधान मानता नहीं हूं, संविधान को जेब में रख करके चलता हूं।'
बता दें कि 2013 में मनमोहन सिंह सरकार द्वारा दोषी सांसदों-विधायकों को तत्काल अयोग्यता से बचाने के लिए लाए गए जनप्रतिनिधित्व संशोधन अध्यादेश को राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘पूरी तरह बकवास’ बताते हुए सार्वजनिक रूप से फाड़ दिया था।
अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर हमला करते हुए सुभाष यदुवंश ने कहा कि इन पर भरोसा करना, इनको वोट देना अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद करना है। ये दोनों परिवारतंत्र पर भरोसा करने वाले नेता हैं।
'12 बजे तक अखिलेश करते हैं अली-अली, उसके बाद बजरंगबली’- सपा प्रमुख पर ओपी राजभर का बड़ा हमला
*‘इसलिए कर रहे प्रदर्शन ताकि बाद में वोट चोरी का आरोप लगा सकें’- विपक्ष के हंगामे पर ओपी राजभर का बयान*
*'सपा में शिवपाल की हालत झुनझुना बजाने वाले जैसी': अखिलेश पर ओपी राजभर का निशाना*
*ओपी राजभर ने 2027 को लेकर कहा- NDA के साथ मिलकर लड़ेंगे चुनाव, 350 सीटें जीतने का किया दावा*

लखनऊ, 8 अक्टूबर।
योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के चुनाव में हम 350 सीट जीतने जा रहे हैं। वहीं अयोध्या में हो रही कथा में अखिलेश यादव के जाने को लेकर राजभर ने कहा, “उनको ना तो राम प्यारे हैं और ना ही कृष्ण प्यारे हैं, अखिलेश यादव खुद को कृष्ण का वशंज बताते हैं लेकिन वो मथुरा और अयोध्या नहीं जाते। उन्हें डर लगा रहता है कि मुस्लिम सपा का साथ न छोड़ दें।”
राजभर ने कहा, “अखिलेश यादव 12 बजे तक अली-अली करते हैं। उसके बाद बजरंगबली करते हैं। अखिलेश यादव का हाल माया मिली ना राम वाला है।” उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव कांग्रेस को चालू पार्टी बता चुके हैं। कांग्रेस सपा को भाजपा की बी टीम बता चुकी है। 2027 में कोई लड़ाई नहीं है।” वहीं सपा में शिवपाल यादव की स्थिति को लेकर ओपी राजभर ने कहा, “शिवपाल की स्थिति बैंड पार्टी में झुनझुना बजाने वाले जैसी हो गई है जिसे सुर-ताल से कोई मतलब नहीं होता। वही हाल उनका भी है।”
उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव शिवपाल यादव को फूटी आंख से भी नहीं देखना चाहते हैं। अभी उनको लोहिया ट्रस्ट से भी हटा दिया। अभी मैंने सुना कि अब कार्यालय में भी शिवपाल जाएंगे तो अखिलेश से पूछकर जाएंगे। यह सब अविश्वास ही तो है। अखिलेश यादव हमेशा शिवपाल यादव को अपमानित करने का काम करते हैं।”
*ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रोटेस्ट पर राजभर का बयान*
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रोटेस्ट पर ओपी राजभर ने कहा, “कांग्रेस-सपा को तो ज्ञानेश कुमार को धन्यवाद देना चाहिए कि निष्पक्ष चुनाव करवाया। जिसमें 37 सीट सपा को, 6 सीट कांग्रेस को मिली।” उन्होंने कहा, “अगर चोरी होती, तो 2019 में लोकसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 303 सीट जीती। चोरी करती, तो बढ़ता न। और 2024 में 240 ही आई। यह क्या साबित करता है?”
राजभर ने कहा, “2014 के पहले पूरे देश के सिस्टम पर कब्जा कांग्रेस का था। चुनाव आयोग कांग्रेस का था। तो क्या कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मिलकर के मोदी जी को प्रधानमंत्री बना दिया? 2012 से 2017 तक समाजवादी पार्टी का कब्जा उत्तर प्रदेश के सारे सिस्टम पर था। तो क्या अखिलेश जी ने योगी जी को मुख्यमंत्री बना दिया?
उन्होंने आगे कहा, “अब मोदी जी और योगी जी दोनों लोग मिलकर के जनता का काम करने लगे, तो जनता उन पर विश्वास करने लगी और राहुल-अखिलेश को छोड़ दिया। तो अब यह लोग सोच रहे हैं कि अब प्रदर्शन करें कि आगामी चुनाव के बाद जनता से हम लोग कह सकें कि भाई वोट चोरी हो गई। बस इसी नाते लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। और कोई बात नहीं है।”
*2027 को लेकर क्या बोले राजभर?*
2027 को लेकर ओम प्रकाश राजभर से सवाल हुआ कि क्या सुभासपा भाजपा के साथ रहेगी या कहीं जाएगी? इस पर राजभर ने कहा, “अखिलेश यादव भी तो 8 बार समझौता किए, बसपा से, आरएलडी से, कांग्रेस से, सुभासपा से। उनसे नहीं कोई पूछता है।” राजभर ने कहा कि हम लोग NDA के साथ हैं। समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए राजभर ने कहा, “सपा डूबती हुई नैया है, जिसे डूबना हो वही उस पार्टी में जाए।"
नाना पाटेकर के निधन की खबर से शोक में सिनेमा जगत

- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख

मुंबई/लखनऊ, 8 अक्टूबर 2026।

हिंदी और मराठी सिनेमा के चर्चित अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है। बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मामले में एमएलसी दर्ज किए जाने और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराए जाने की बात कही जा रही है।

नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शुमार रहे, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय और अलग अंदाज से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। उन्होंने गंभीर भूमिकाओं से लेकर अलग-अलग तरह के किरदारों तक अपनी अभिनय क्षमता का प्रभाव छोड़ा। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘तिरंगा’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा।

अभिनय के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए नाना पाटेकर को तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था। सिनेमा के साथ-साथ वे सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों के लिए भी जाने जाते रहे।

# CM योगी ने नाना पाटेकर के निधन पर जताया शोक

नाना पाटेकर के निधन की खबर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में उनके निधन को कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। सीएम योगी ने कहा कि नाना पाटेकर एक प्रख्यात अभिनेता होने के साथ-साथ रंगमंच के सशक्त कलाकार थे। उन्होंने अपने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी विभिन्न माध्यमों से सामने रखा। मुख्यमंत्री ने दिवंगत अभिनेता के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

नाना पाटेकर के निधन की खबर से उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत में गहरा शोक है। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके यादगार अभिनय को याद कर रहे हैं।